Anita Singh - Story of a Seductive Housewife - Page 10 - SexBaba
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Anita Singh - Story of a Seductive Housewife

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अपडेट 78

अनीता के हसने और खुद से अपनी चूँचियाँ हिलने से उस पर से ब्लाउज थोड़ी और खिसक गयी थी और अब उसकी चूँचियों थोड़ी सी hi ढंकी हुयी थी. रामु और हरिया तो कब से उसकी चूँचियों का नंगा हिस्सा hi पकडे हुए दबा रहे थे.

अनीता बेशर्मी से कभी रामु तो कभी हरिया तो कभी उनके लुंड को देखती हुयी खिलखिला रही थी की तभी हरिया अनीता की चूँचियों को दबाकर हिलाते हुए bola,"Samajh गवा न रामु की मेमसाहेब अपना ी दोनों दूध हुंका नहीं पिलाएगी".

अनीता बेशर्मी से अपनी चूँचियों के तरफ देखि जिसे पकडे हुए दोनों रामु और हरिया हिला रहे थे और फिर हरिया के आँखों में देखने के बाद रामु को कामुक नज़र से देखि तो वह भी हरिया के साथ अनीता की चूँचियों को दबाते हुए हिलाकर bola,"Haan ससुरा समझ गवा की मेमसाहेब अपना ी दोनों बड़ा बड़ा दूध को हुंका पीने नहीं देगी".

अनीता यह सुनकर रामु को देखती हुयी मुस्कुराकर कामुकता से boli,"Uhhm लेकिन आप दोनों को दूध पीना है तो फ्रिज में रखा दूध पी सकते हैं".

हरिया यह सुनकर अनीता की चूँचियों को दबाते और हिलाते हुए उसकी आँखों में देखते हुए bola,"Lekin आपका ी दोनों दूध का करे का मेमसाहेब. उफ्फ्फ इतना बड़ा बड़ा दो दूध का भण्डार है आपके पास फिर भी हुंका और रामु को आप अपना ी दूध नहीं पीला रही हैं आप. काटना अच्छा होता जब हम और रामु आपका ी दोनों दूध में मुंह लगाकर आपका दूध पीते"

अनीता भी यह सब बातें पूरी बेशर्मी से हरिया के आँखों में देखती हुयी सुनी और फिर कामुक अंदाज़ में boli,"Uhmm हरिया जी इतनी देर से आप मुझे बोल रहे थे की मुझे प्यास लगी है"

फिर वह अपनी गाल को धीरे से हरिया के तन तनये लुंड पर रगड़ती हुयी वैसे hi कामुक या रणदीपाने वाली अदा में boli,"Aur मुझे चूस कर अपनी प्यास बुझानी चाहिए. लेकिन मुझसे ज़्यादा तो आप और रामु जी प्यासे लग रहे हैं, मेरी दूध के"

अनीता यह बोलकर कामुक नज़र से रामु को देखि, फिर उसके लुंड को, फिर हरिया के लुंड को और वापस हरिया को देखि तो वह उसकी चूँचियों को दबाते और हिलाते हुए bola,"Haan मेमसाहेब अब बताइये न हमरा और रामु जैसे असली मर्दों के सामने" फिर वह अपने आँखों से अनीता की चूँचियों के तरफ इशारा करते हुए bola,"aapka ी बड़ा बड़ा दो दूध रहेगा तो कैसे मैं नहीं करेगा पीने का".

अनीता यह सुनकर हरिया के गले में अपनी हाथ डाले hi कामुकता से उसे देखती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhmmm हरिया जी अब बस भी कीजिये. आप और रामु जी तो अब बस मेरी" इसके बाद वह अपनी दोनों चूँचियों के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी आगे boli,"in दोनों दूध को पीने की hi बात कर रहे हैं और मुझे लग रहा था की आप दोनों मेरी अच्छे से रगड़ कर मालिश करके मुझे आराम देंगे".

हरिया यह सुनकर अनीता की चूँचियों को दबाकर हिलाते हुए bola,"Kaun दोनों दूध का हम और रामु पीने का बात कर रहा हूँ मेमसाहेब?".

अनीता यह सुनकर कामुकता से boli,"Uhmm हरिया जी अभी तो मैंने बताया".

रामु यह सुनकर उसकी चूँचियों को नीचे से पकडे हुए दबाकर हिलाते हुए bola,"Are मेमसाहेब तो एक बार और बता दीजिये न. का हो जायेगा"

अनीता यह सुनकर रामु को कामुक अंदाज़ में देखकर boli,"Offo एक hi चीज़ कितनी बार करू मैं".

फिर वह हरिया को देखती हुयी कामुक अंदाज़ में puchhi,"Bataiye हरिया जी कितनी बार एक hi चीज़ बताऊँ मैं?"

हरिया उसकी चूँचियों को हिलाते हुए bola,"Jitni बार आपका दूध का बात होगा उतनी बार मेमसाहेब. हुंका कैसे पता चलेगा की आप कौन सा दूध का बात कर रही हैं"

अनीता यह सुनकर उसे देखकर बेशर्मी से आँखें बड़ी करके मुस्कुराती हुयी boli,"Offo हरिया जी जैसे आपको और रामु जी को पता hi नहीं है".

रामु और हरिया दोनों यह सुनकर मुस्कुराने लगे तो अनीता भी मुस्कुराती हुयी कामुकता से दोनों को एक एक बार देख कर अपनी सीने को थोड़ा उठाकर फिर से चूँचियों को हिलती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Dekh लीजिये मैं कौन सी दूध की बात कर रही हूँ" फिर वह अपनी चूँचियों को हिलती हुयी कामुक ऐडा से उसके तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Meri इन दोनों दूध की बात कर रही हूँ."

रामु और हरिया यह सुनकर अनीता को देखकर मुस्कुराने लगे तो अनीता रान्दीपना दिखती हुयी अपनी चूँचियों को हिलती हुयी उसकी तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Aap दोनों अपनी नज़र इधर कीजिये मेरी दूध इधर है. पूरी नज़र मेरी इन दोनों दूध पर होनी चाहिए ताकि बाद में कोई बहाना नहीं कर पाए की मैं कौन सी दूध की बात कर रही हूँ"

अनीता का रान्दीपना और उसकी रणदीपाने वाली बात सुनकर हरिया और रामु दोनों का लुंड बौखला कर फिर से हिलने लगा जिससे हरिया का लुंड अनीता की गाल से रगड़ते हुए उसकी होंठ और चीन के ऊपर हिलने लगा. रामु का लुंड भी अनीता की दायी जांघ से सत्ता हुआ हिलने लगा. अनीता दोनों का लुंड अपनी गाल और जांघ से रगड़ते हुए महसूस की तो वह उन दोनों का लुंड एक एक करके देखने लगी.

वह एक नज़र उन दोनों का लुंड देखने के बाद वापस उनके चेहरों पर देखि तो दोनों को अपनी और देख मुस्कुराते पाई. दोनों अनीता को अपने लुन्डों को देखते हुए देख मुस्कुरा रहे थे और यह बात अनीता भी समझ गयी की वह दोनों उसे उनका लुंड देखते हुए hi देखकर मुस्कुरा रहे थे तो वह भी बेशर्मी से उन्हें देखकर मुस्कुराने लगी और अपनी रान्दीपना दिखती हुयी कामुकता से boli,"Offo नज़र इधर कीजिये" और यह बोलती हुयी वह अपनी आँखों से चूँचियों के तरफ इशारा की.

अनीता जब देखि की दोनों उसकी चूँचियों को देखने लगे तो वह अपनी चूँचियों को हिलती हुयी boli,"Uhhmm अब आप दोनों को समझ में आया तो मैं अपनी कौन सी दूध की बात कर रही हूँ, बताइये क्यूंकि अब अगली बार मैं नहीं बताने वाली इसीलिए आप लोग बताइये आपको समझ आया की नहीं".

हरिया और रामु यह सुनकर उसकी चूँचियों को हिलने लगे और हरिया bola,"Haan मेमसाहेब आप अपनी इन दो दूध की बात कर रही हैं"

अनीता यह सुनकर अपनी उँगलियों से फ्रिज के तरफ इशारा करती हुयी boli,"Udhar फ्रिज में जो दूध है वह या कोई और दूध?"

हरिया और रामु दोनों का लुंड अनीता की रान्दीपना देखकर हिल रहा था. हरिया यह सुनकर उसकी चूँचियों को मसल दिया तो अनीता की मुंह से "सीई आअह्ह्ह ुह्ह्हम्म" निकल गयी और वह अपनी निचली होंठ को कामुक अंदाज़ में दांतों के बीच दबती हुयी हरिया को देखि तो वह उसकी चूँचियों को वैसे hi मसलते हुए bola,"Nahin मेमसाहेब ी दोनों दूध जो आपके ब्लाउज में है और जिसको हम अभी खूब मसल रहे हैं".

अनीता की चेहरे पर एक गर्व की भाव आ गयी हरिया का बात सुनकर और वह बेशर्मी से उसके आँखों में देखने के बाद रामु के तरफ देखती हुयी puchhi,"Ramu जी आप कुछ नहीं बोले. आपको समझ नहीं आया क्या?"

रामु यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Haan मेमसाहेब हुंका समझ आ गवा की आप ु फ्रिज वाले दूध का बात कर रही हैं इसलिए उधर दिखा रही थी".

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके रामु को देखती हुयी boli,"Ramu जी?" तो हरिया हस्ते हुए अनीता की चूँचियों को मसलते हुए bola,"Hahaha साला ससुरा".

अनीता रामु को देखती हुयी आश्चर्य से अपनी सर हिला रही थी और फिर हरिया का बात सुनकर उसको देखकर मुस्कुराती हुयी boli,"Ramu जी तो जान बूझकर अनजान बन्न रहे हैं लेकिन ठीक हैं जब बोल hi रहे हैं तो हम दोनों एक आखरी बार उन्हें समझा देते हैं".

रामु और हरिया यह सुनकर हसने लगे तो अनीता भी खिलखिलाने लगी "हेहेहे" और लिविंग रूम में फिर से तीनो के हसने की आवाज़ गूंजने लगी. आवाज़ नहीं थी तो अनीता की चूँचियों के मसले जाने का जिसे दो मर्द अपने चार मज़बूत हाथो से मसल रहे थे और अनीता पूरी बेशर्मी से अपनी चूँचियाँ उसने मसलवटी हुयी हस्स रही थी.

अनीता अपनी हसी रोकती हुयी कामुक अंदाज़ में हरिया से boli,"Aapko तो समझ आ गया न हरिया जी तो आप रामु जी को समझने में मेरी मदद कीजिये" और यह बोलकर वह फिर से हरिया के गले में हाथ डाली हुयी अपनी चूँचियों को हिलती हुयी हरिया से रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी रामु जी को बताइये अब" और यह बोलने के बाद वह रामु को देखती हुयी अपनी चूँचियों के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Ab पूरा ध्यान इधर" तो हरिया अनीता की चूँचियों को साइड से और ऊपर से जोर से मसल कर हिलाते हुए bola,"Ee देख ससुरा मेमसाहेब अपना ी दोनों दूध का बात कर रही हैं जिसको हम दबा रहा हूँ और मेमसाहेब खुद हिला रही है ताकि तुमका समझ आये"

हरिया अनीता को चूँचियों को इतनी जोर से मसल कर हिलाया की अनीता की मुंह से सिसकारी निकल gayi,"Siiii ुह्ह्हम्म सीईईई" और अनीता सिसकारती हुयी hi अपनी चेहरे पर एक गर्व का भाव लायी रामु को देखि. रामु एक नज़र अनीता की चेहरे पर देखा की कैसे वह सिसकारती हुयी पूरी बेशर्मी से उसके आँखों में देख रही थी वह भी चेहरे पर एक गर्व का भाव लायी और वह बेशर्मी से रामु को देखती हुयी अपनी चूँचियों के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी रणदीपाने वाली अंदाज़ में boli,"Ab समझ आया आपको रामु जी?"

रामु नीचे से पकडे उसकी चूँचियों को मसलते हुए उसकी चूँचियों के तरफ आँखों से इशारा करते हुए उसे हिलाते हुए bola,"Haan मेमसाहेब अब समझ आ गवा आप अपनी इन दोनों दूध की बात कर रही हैं जिसको हरिया दबा रहा है".

अनीता अगले पल फिर से अपनी रणदीपाने की साबुत देती हुयी रामु के आँखों में देखती हुयी puchhi,"To बताइये रामु जी हरिया जी क्या और कहाँ दबा रहे हैं?"

अनीता की बात सुनकर दोनों का लुंड फिर से हिलने लगा. अनीता एक नज़र आँखों के कोने से जल्दी से दोनों के लुंड को देखि और फिर हरिया के तरफ देखु तो वह उसकी चूँचियों को दबाते और हिलाते हुए मुस्कुरा रहा था तो अनीता भी मुस्कुरा दी.

अनीता जब मुस्कुराती हुयी हरिया को देखि तो वह भी मुस्कुराते हुए अनीता की चूँचियों को फिर से जोर से पकड़ कर मसलते हुए हिलने लगा. अनीता की मुंह से फिर से सिसकारी निकल गयी मगर इस बार वह अपनी रान्दीपना दिखती हुयी अपनी हाथ हरिया के गले में डाली हुयी hi सिसकारती हुयी चूँचियों को ऊपर के तरफ करके हरिया को देखती हुयी अपनी निचली होंठ को दांतों में दबती huyi,"Uhhhmm" की आवाज़ निकली.

हरिया अनीता को देखा और फिर रामु को देखते हुए bola,"Are ससुरा हम hi दबा रहा हूँ तो तुम भी दबा कर बताओ की मेमसाहेब कौन सी दूध को बात कर रही है. मेमसाहेब को दबा कर दिखाओ".

रामु यह सुनकर अनीता के तरफ देखा तो अनीता वैसे hi अपनी हाथ हरिया के गले में डाली हुयी अपनी चूँचियों को ऊपर के तरफ उठाई चेहरे पर गर्व और कामुकता का भाव ले boli,"Haan हरिया जी ठीक कहा आपने नहीं तो रामु जी फिर से फ्रिज की दूध की बात करने लगेंगे इससे बेहतर है वह खुद बताये" और यह बोलकर वह रामु को देखती हुयी अपनी चूँचियों के तरफ इशारा की.

बाहर बारिश थोड़ी काम हो गयी थी और बिजली चमक रही थी. साथ hi मोमबत्ती को हलकी रौशनी थी. अनीता की गोरी बदन में तेल लगे होने से उसको बदन और चमक रही थी. ऐसे में जब वह हरिया के गले में हाथ डाले अपनी चूँचियों को ऊपर के तरफ उठायी हुयी थी तो उसको बदन बहोत कामुक लग रही थी जो किसी भी मर्द का लुंड खड़ा कर सकता था और उसे छोड़ने के लिए बेचैन कर सकता था.

वैसे कमर आर्च करके अपनी चूँचियों को ऊपर करने से अनीता की सपाट पेट अंदर धंस गयी थी, उसके ऊपर उसकी छाती की हड्डियां और फिर उसके ऊपर उसकी बड़ी बड़ी दो चूँचियाँ, ऐसे पोजीशन में उसकी बदन बहोत hi कामुक लग रही थी, खाकर तेल लगे होने से उसकी बदन चमक रही थी वह उसकी जिस्म की कामुकता को और बढ़ा रही थी. और इसके साथ उसका रान्दीपना उसकी कामुकता को हज़ारो गुना बढ़ा रही थी.

हरिया और रामु अपने ऊपर काबू किये हुए थे क्यूंकि वह असली मर्द थे, नहीं तो कोई कमज़ोर मर्द अनीता का यह कामुक रूप देखकर कब्ज़ा जहर चूका होता और शायद अनीता के सामने शर्मिंदा होना पड़ता, मगर हरिया और रामु जैसे असली मर्द ठीके हुए थे और शायद अनीता उनके मर्दानगी का इम्तेहान hi ले रही थी अपनी रान्दीपना दिखा कर.

हरिया अनीता को रामु को देखती हुयी अपनी चूँचियों के तरफ इशारा करते हुए देख उसे देखकर मुस्कुराने लगा तो अनीता भी यह महसूस करके ऊपर हरिया के तरफ देखती हुयी बेशर्मी से मुस्कुरा दी. अनीता का बेशर्मी और रान्दीपना देख दोनों का लुंड फिर से बौखला का हिलने लगा और हरिया का लुंड हिलते हुए अनीता की गाल पर थप्पड़ मारने लगा जिसे अपनी गाल पर महसूस करती हुयी अनीता बेशर्मी से हरिया के आँखों में देख रही थी. रामु का लुंड भी अनीता अपनी जाँघों पर महसूस की.

अगले पल अनीता अपनी चूँचियों पर चार हाथों का पकड़ मजबूत होते महसूस की मगर इससे पहले वह अपनी चूँचियों के तरफ देखती हरिया उसकी आँखों में देखते हुए bola,"Memsaheb आप अपनी दूध देखिये की रामु सही समझ गवा तो अब".

अनीता यह सुनकर अपनी चूँचियों के तरफ देखि और फिर मुस्कुराती हुयी रामु के तरफ देखि तो हरिया और रामु अनीता की दोनों चूँचियों को साइड से और ऊपर और नीचे से जोर से पकडे हुए जोर से दबा कर हिलने लगे तो अनीता की मुंह से कामुक सिसकारी निकल gayi,"Siiii ुहह्म्म".

रामु अनीता को सीसकरते हुए देखकर bola,"Memsaheb आपका ी दोनों दूध को हरिया दबा रहा था और अब हम भी दबा कर बता रहा हूँ की हम समझ गवा की आप अपनी इन दोनों दूध की बात कर रही हैं. आप बताइये हम ठीक समझा हूँ तो अब?".

अनीता यह सुनकर रामु को देखती हुयी मुस्कुराकर अपनी चूँचियों को हिलती हुयी boli,"Uhhhmm हाँ रामु जी अब आप समझ गए की मैं अपनी इन दोनों दूध की बात कर रही हूँ की आप दोनों तो बस मेरी इन दोनों दूध को पीने की hi बात करने लगे. जबकि आप दोनों बोल रहे थे की आप दोनों मेरी अच्छे से रगड़ कर मालिश करेंगे"

रामु यह सुनकर उसकी चूँचियों को मसलते हुए bola,"Are मेमसाहेब अब का करे. जइसन हरिया बोलै, आपका इतना बड़ा बड़ा दूध देखकर का हमरा और हरिया जइसन मरद का मैं नहीं करेगा की ीमे मुंह लगा कर दूध पिए?"

अनीता यह सुनकर कामुकता से boli,"Offo रामु जी अब क्या hi बोलूं मैं आप दोनों को, अब क्या मुझे रगड़ कर मालिश करने का मैं नहीं है आप दोनों को? मैं तो एहि सोच रही थी की आप और हरिया जी जैसे दो दुमदार असली मर्द जब साथ हैं तो आज की रात आप दोनों से अपनी जिस्म को अच्छे से रगड़वाउंगी, मगर आप दोनों तो दूध के लिए प्यासे हो गए हैं".

हरिया अगले पल अनीता की चूँचियों को मसलते हुए bola,"Are मेमसाहेब दूध के लिए प्यासे नहीं हुए हैं हम दोनों, आपके दूध के लिए प्यासे हो गए हैं"

अनीता यह सुनकर हरिया के तरफ देखकर अपनी चूँचियों को हिलती हुयी रणदीपाने से boli,"Haan हाँ हरिया जी मेरी दूध के प्यासे" और फिर वह अपनी आँखों से चूँचियों के तरफ इशारा करती हुयी boli,"Meri इन दोनों दूध के प्यासे".

हरिया यह सुनकर हसने लगा और रामु भी साथ में हसने लगा तो अनीता उनको हस्ते हुए देख खुद भी बेशर्मी से मुस्कुराने लगी.

अनीता का रान्दीपना देख दोनों का लुंड लगातार हिल रहा था और हरिया का लुंड अनीता को गाल से रगड़ते हुए उसकी होंठ और चीन के ऊपर खड़ा हिल रहा था. अनीता उसके लुंड को हिलता महसूस करके मुस्कुराती हुयी उसके तरफ देखि और न जाने क्यों अपने आप hi ज़बान होंठों पर फिरकर अपनी निचली होंठ दांतों के बीच दबा दी.

अनीता को ऐसा करते देख हरिया अपने लुंड को खुद से तनाव देकर हिलाते हुए हसी रोककर bola,"Hahaha प्यासी तो आप भी हैं मेमसाहेब. देखिये कैसे हमरा ी मोटा और बड़ा चीज़ देखकर आप का गाला सुख रहा है और आप होंठो पर ज़बान फेर रही हैं".

अनीता यह सुनकर आँखों बड़ी करके हरिया को देखकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी" तो हरिया हसने लगा. रामु भी हसने लगा तो अनीता बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी रामु को भी देखि और उससे आंखें मिलाने के बाद अपनी नज़र नीचे करके उसके लुंड को देखि तो वह अपने लुंड में तनाव लाकर हिलने लगा.

अनीता यह देखकर मुस्कुराती हुयी hi उसके लुंड को देखने के बाद वापस ऊपर देखि तो रामु मुस्कुराते हुए उसे देखकर अपने लुंड के तरफ इशारा किया तो अनीता मुस्कुराती हुयी उसके लुंड के तरफ वापस देखकर अपनी होंठों पर ज़बान फेरती हुयी निचली होंठ को दांतों के बीच दबा दी.

अगले पल वह रामु का आवाज़ सुनकर उसके लुंड से नज़र हटाकर उसके तरफ एक ऐडा से dekhi,"memsaheb आपको तो हमरा भी मोटा और लम्बा चीज़ देखकर प्यास लगने लगा".

अनीता यह सुनकर आंखें बड़ी करके उसके तरफ मुस्कुराकर देखकर अपनी अंदाज़ में boli,"Offo रामु जी अब आप भी".

हरिया और रामु दोनों यह सुनकर हसने लगे तो अनीता भी मुस्कुराने के बाद बेशर्मी से खिलखिलाने lagi,"hehehe"

तीनो है रहे थे और इस बीच हरिया और रामु अनीता की दोनों चूँचियों को आराम से मसल रहे थे. अनीता पूरी बेशर्मी दिखती हुयी बस खिलखिला रही थी, उसे इस बात से ज़रा भी फ़र्क़ नहीं पद रहा था की दो ग़ैर मर्द उसकी चूँचियों को लगातार मसल रहे हैं, वह भी एक नहीं दो मर्द एक साथ और वह भी चूँचियों का नंगा हिस्सा पकड़ कर.

थोड़ी खिलखिलाने के बाद अनीता हसी रोकती हुयी boli,"Hehehehe ओह माय गॉड, आप दोनों तो बस एक hi बात पर अटक गए हैं, बस अपनी प्यास की hi बातें कर रहे हैं"

हरिया यह सुनकर bola,"Are मेमसाहेब आपका प्यास का भी तो बात कर रहे हैं" और यह बोलकर वह अपने लुंड के तरफ इशारा किया तो अनीता बेशर्मी से उसके लुंड के तरफ देखने लगी.

हरिया अगले पल bola,"Memsaheb आप अपना ी दोनों दूध हुंका और रामु का नहीं पिलाइयेगा तो ठीक है, लेकिन आप हमरा और रामु दोनों का बड़ा और मोटा चीज़ चूस कर अपनी प्यास बुझा लीजिये. हुंका कउनो परेशानी नहीं है"

अनीता यह सुनकर उसका लुंड से नज़र हटाकर हरिया के तरफ फिर से अपने अंदाज़ में बड़ी आँखें करके देखि जैसे वह उसकी बात से सुरप्रीसेड हो और वह देखती हुयी boli,"Hariya जी बस भी कीजिये"

हरिया यह सुनकर हसने लगा तो अनीता भी बेशर्मी से खिलखिलाने लगी. रामु भी हसने लगा तो अनीता खिलखिलाती हुयी उसके तरफ भी देखि.

रामु उसके देखने पर हस्ते हुए bola,"Hahaha मेमसाहेब जैसे आपके पास हम दोनों के लिए दो बड़ा बड़ा दूध है वैसे hi हम दोनों के पास आपके लिए दो बड़ा बड़ा और मोटा चीज़ है".

यह बोलकर वह अपना लुंड हिलने लगा तो अनीता खिलखिलाती उसके लुंड के तरफ देखती हुयी boli,"Hehehe ओफ्फो अब बस भी कीजिये" की तभी उसे अपनी गाल पर हरिया का लुंड हिलते हुए टकराते हुए महसूस हुयी तो वह बेशर्मी से उसके लुंड के तरफ देखि और फिर हरिया के तरफ देखती हुयी खिलखिलाती हुयी अपनी सर हिलने lagi,"Offo आप दोनों भी सच में" और फिर वह रान्दीपना दिखती हुयी अपनी गाल हलके से उसके लुंड पर रगड़ती हुयी रणदीपाने वाली अंदाज़ में boli,"uhhmm अब बस भी कीजिये. आप दोनों अब मुझे रगड़ना नहीं चाहते हैं क्या?"

हरिया यह सुनकर उसके तरफ देखते हुए bola,"Haan मेमसाहेब अभी तो आपको अच्छे से रगड़ना है. बस इहे बोलत है की आपको अगर चूसने का मैं है तो चूस लीजिये. आपके लिए hi है"

अनीता यह सुनकर एक नज़र उसके लुंड के तरफ देखि और फिर रामु के लुंड के तरफ देखने के बाद कामुक अंदाज़ में boli,"Nahin हरिया जी मुझे कुछ नहीं चूसना है".

हरिया यह सुनकर bola,"Theek है मेमसाहेब. लेकिन जब भी मैं करेगा आराम से चूस लीजियेगा. आपके लिए hi है"

अनीता यह सुनती हुयी हरिया के आँखों में देखि और फिर एक नज़र रामु के आँखों में देखने के बाद उसके लुंड के तरफ देखि तो रामु bola,"Humaar ी चीज़ भी आपके लिए hi है मेमसाहेब. जब भी मैं करे चूस लीजियेगा"

अनीता की चेहरे पर हरिया और रामु का बात सुनकर एक गर्व की भाई आ गयी. वह गर्व के भाव से दोनों के लुंड को एक एक करके देखि. जब वह रामु का लुंड देखि तो वह अपना लुंड हिलने लगा. वह उसका लुंड हिलता देख उसके चेहरे पर देखि तो रामु मुस्कुरा दिया. अनीता उसे देखकर गर्व की भाव चेहरे पर लिए hi मुस्कुरा दी और फिर अपने आँखों से अपनी चूँचियों के तरफ इशारा की.

रामु उसकी चूँचियों को देखकर अपने ज़बान पर होंठ फिरते हुए दबा कर हिलने लगा तो अनीता अपनी चेहरे पर गर्व का भाव लिए hi रामु के चेहरे पर देखि. रामु अनीता की आंखें अपने चेहरे पर महसूस करके एक नज़र उसके आँखों में देखा तो अनीता उसे वापस अपनी चूँचियों के तरफ आँखों से इशारा की वह भी चेहरे पर एक कम्प्लेन की भाव लिए जैसे कहना छह रही हो की वह उसकी चूँचियों से नज़र क्यों हटाया. अनीता का यह रान्दीपना देख रामु मुस्कुराया और वापस उसकी चूँचियों के तरफ देखने लगा. उसका लुंड अनीता का रान्दीपना देखकर ऊपर नीचे और साइड में हिलने लगा और अनीता की जांघ से टकराने लगा तो अनीता बेशर्मी से उसके लुंड के तरफ देखि.

अगले पल उसे हरिया का नज़र अपनी चेहरे पर महसूस हुयी तो वह ऊपर के तरफ नज़र करके हरिया को देखि तो वह अपना दांत दिखाए हुए मुस्कुराने लगा और अपने लुंड के तरफ इशारा करते हुए उसकी गालो पर लुंड हिलाकर थप्पड़ मारने लगा. अपनी गाल पर हरिया का लुंड से थप्पड़ का एहसास होकर अनीता मुस्कुराती हुयी वह हरिया के लुंड के तरफ देखि तो उसके टोपे पर देखि की pre-cum का बंध चमक रहा था.

अनीता यह देखने के बाद ऊपर हरिया के तरफ देखि जो उसे hi देखकर मुस्कुरा रहा था तो अनीता थोड़ी नाराज़गी दिखती हुयी अपनी आँखों से अपनी चूँचियों के तरफ इशारा की तो हरिया भी उसकी चूँचियों को देखकर अपने ज़बान को होंठो पर फिरकर उसकी चूँचियों को मसलने लगा.

यह देखकर अनीता की चेहरे पर फिर से गर्व का भाव आ गया और वह रणदीपाने वाली अंदाज़ में boli,"Hariya जी अब आप दोनों अच्छे से रगड़ कर मेरी मालिश कर दीजिये".

हरिया यह सुनकर अनीता को देखा और फिर उसकी चूँचियों को मसलते हुए bola,"Haan मेमसाहेब आप को अच्छे से रगड़ डेट हैं"

फिर वह आँखों से उसकी चूँचियों के तरफ इशारा करते हुए उसे हिलाते हुए bola,"Aapka इहाँ अच्छे से रगड़ डेट हैं. इतना बड़ा बड़ा दो दूध है आपका इहाँ, दो बड़ा दूध के कारण इहाँ सीना पर आपका बहोत बोझ है. मालिश करके आपका बोझ काम कर डेट हैं"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Offo हरिया जी अब बस भी कीजिये. बस आप दोनों तो घूम फिरकर उसी बात पर आ जा रहे हैं"

हरिया यह सुनकर puchha,"Kaun सी बात पर मेमसाहेब?"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी अपनी चूँचियों के तरफ आँखों से इशारा की तो हरिया bola,"Are मेमसाहेब बोलकर बताइये न"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी नखरे वाली अंदाज़ में boli,"Main नहीं बोलने वाली अब"

हरिया यह सुनकर दांत दिखते हुए उसे देखकर bola,"Ek बार बोल दीजिये न मेमसाहेब"

अगले पल रामु का भी वह आवाज़ suni,"Haan मेमसाहेब एक बार बोलिये न"

अनीता यह सुनकर उसे देखकर मुस्कुराती हुयी boli,"Ab आप भी ज़िद्द करने लगे रामु जी. ठीक है जब आप दोनों बोल रहे हैं तो बोल देती हूँ लेकिन इसके बाद इसकी बात नहीं कीजियेगा. बस मुझे अच्छे से रगड़ना है आप दोनों को"

अनीता यह बोलकर उन दोनों के कलाई को अपनी एक एक हाथ से पकड़ कर उसपर हाथ फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Aap दोनों के इन मजबूत हाथों से रगड़वाने में अच्छा लग रहा है मुझे ुहह्म्म"

हरिया यह सुनकर उसकी चूँचियों को मसलते हुए bola,"Wahin तो करने जा रहे हैं मेमसाहेब. आपका बोझ काम करना है रगड़ कर. अब बोलिये न आपका बोझ कहाँ और किस कारण है?"

अनीता यह सुनकर हरिया के आँखों में देखती हुयी अपनी दोनों हाथ ऊपर करके उसके गले में दाल दी और फिर एक नज़र रामु को देखती हुयी अपनी सीने को थोड़ा ऊपर करके चूँचियों को हिलती हुयी आँखों से उसके तरफ इशारा करती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Meri सीने पर बोझ है हरिया जी और रामु जी मेरे इन दोनों बड़े बड़े दूध के कारण जिसे आप दोनों मुंह में लेकर पीना चाहते हैं"

हरिया और रामु का ज़बान यह देखकर अपने होंठों पर फिरने लगा और उनका लुंड अनीता की बात सुनकर और उसको ऐसे रंडी के तरह अपनी चूँचियाँ हिलाते देख बौखला कर हिलने लगा और अनीता की जांघ और गाल पर थप्पड़ मारने लगा. अनीता यह महसूस करती हुयी भी अपना रान्दीपना दिखती हुयी चूँचियाँ हिला रही थी.

अनीता उनको होंठों पर ज़बान फेरती हुयी देख अपनी चूँचियों को हिलती हुयी boli,"Dekhiye आप दोनों कितने प्यासे हैं मेरी इन दोनों दूध को पीने के लिए की उन्हें देखकर अपने होंठों पर ज़बान फेर रहे हैं. मैंने बोल दिया है की मैं अपनी यह दोनों दूध को नहीं पीने दूंगी फिर भी प्यासे लग रहे हैं आप दोनों मेरी दूध के लिए"

हरिया अनीता की बात सुनकर उसकी चूँचियों को पकड़ कर मसलते हुए bola,"Are मेमसाहेब आपका दूध का प्यास ख़तम कैसे होगा, वह तो आप बोली की हम दोनों को अपना दूध नहीं पिलाइयेगा, ीका मतबल ी थोड़े है की हमरे अंदर आपका ी दोनों दूध के लिए प्यास ख़तम हो जायेगा. ससुरा ु असली मरद नहीं जो आपके जइसन जवान और खबसूरत औरत का दूध न पीना चाहे"

अनीता जवाब में boli"Offo हरिया जी फिर से आप बात बनाने लगे. अब तो मैंने बोल भी दिया तो आप रगडिये न"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Theek है मेमसाहेब" तो अनीता यह सुनकर मुस्कुरा दी. अगले पल हरिया अनीता को मुस्कुराता देख bola,"memsaheb आप अपना दूध तो हुंका पिलाइयेगा नहीं, तो एक एक घूँट शरण hi पी लेट हैं"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया के कलाई पर हाथ फेरती हुयी कामुकता से boli,"Hariya जी शराब पीने के लिए मैंने मन थोड़ी किया है. वह आप पीजिये न".

हरिया यह सुनकर अपना हाथ टेबल के तरफ बढ़ाया और शरण का बोतल उठाकर अपने गिलास में डाला. अनीता टेबल के तरफ hi देखने लगी. अगले पल हरिया टेबल के दूसरे तरफ जो रामु के करीब था उधर उसके गिलास में शराब डालने के लिए अपना बाय पेअर उठाकर थोड़ा आगे झुका तो अनीता की आँखों के ठीक ऊपर उसका अंडा झूलने लगा. अनीता यह महसूस करके ऊपर देखि और उसका दिल हरिया का बड़ा सा अंडा देख कर धड़कने लगा. उसके अंडे बालों से भरा हुआ था. अनीता बिना शर्म के धड़कते दिल से उसके अण्डों को देखने लगी.

हरिया फिर बर्फ का क्यूब रखने के लिए थोड़ा और आगे झुका तो उसका अंडा अनीता की नाक के पास झूलने लगा जिससे उसके अण्डों का गन्दा बदबू अनीता की नाक में घुसने लगा मगर अनीता को यह बदबू मदहोश करने वाली लग रही थी और वह जोर से सांस लेने लगी. अगले पल उसे महसूस हुआ की हरिया थोड़ा नीचे हो रहा है जिससे उसके अंडे अनीता की नाक के ठीक नीचे बैठ गया जिससे उसका बड़ा अंडा अनीता की होंठों पर भी महसूस हुआ.

इतना hi नहीं अनीता को हरिया के लुंड का टोपा अपनी ब्लाउज के शुरुआत में क्लीवेज पर महसूस हुयी जिससे अनीता को फिर एहसास हुआ की हरिया का लुंड कितना बड़ा है की उसका अंडा उसके होंठों पर होने के बावजूद उसका लुंड उसकी क्लीवेज तक पहुँच गया और उसकी क्लीवेज की शुरुआत में हरिया का लुंड सटने से उसे कुछ चिपचिपा सा महसूस हुआ जिससे वह समझ गयी की हरिया का प्रेकम उसकी क्लीवेज पर लग गया है.

यह सब होने से अनीता की छूट में हलचल होने लगी और गीलापन बढ़ने लगा. साथ hi अनीता की बदन में मस्ती की लहर दौड़ने लगी. अनीता जोर जोर से सांस लेकर हरिया के अण्डों का बदबू सूंघने लगी हालांकि वह अपनी होंठ बांध की हुयी थी. अनीता अपनी होंठ बांध की हुयी निचली होंठ को डेंटन के नीचे थोड़ा दबा दी.
 
वांटेड तो व्रिठे ा बिग्गेर अपडेट बूत थॉट ऑफ़ पोस्टिंग व्हाटएवर ी हैवे रिटेन सो तहत रीडर्स हैवे समथिंग तो रीड. विल पोस्ट एटलीस्ट ओने मोरे अपडेट थिस वीकेंड. दो प्रोवाइड कमेंट ों थे अपडेट. थैंक्स.
 
अपडेट 79

हरिया बर्फ डालने के बाद थोड़ा पीछे हुआ तो उसके अंडे अनीता की आँखों के नीचे गाल पर बैठ गया और उसका लुंड उसकी नाक के साइड से होते हुए उसकी होंठों के ऊपर बैठ गया. हरिया का लुंड एक तिहाई तक लम्बाई में hi अनीता की गाल से होंठों पर पहुँच गया था, बाकी का दो तिहाई चीन से होते हुए उसकी गर्दन के ऊपर खड़ा हुआ था. अनीता चुप चाप बेशर्मी से वैसे hi लेती हुयी हरिया के लुंड को देख रही थी. वह अपनी चेहरे को एडजस्ट करके हरिया के लुंड से अलग करने का सोच भी नहीं रही थी. उसे यह सब नार्मल बात लग रही थी की हरिया आगे सोफे के तरफ झुकेगा तो उसका लुंड का पोजीशन तो उसकी चेहरे पर आएगा hi अब इसके लिए क्या सोचना या बुरा मन्ना.

हरिया बर्फ डालने के बाद रामु से bola,"Ee लो ससुरा तोहार शराब" और रामु सोफे से गिलास उठाने के लिए आगे बढ़ा तो अनीता की टंगे जो रामु के कमर के दोनों साइड थी और उसकी जांघ जो रामु के जांघ पर थी उस पर प्रेशर बना और अनीता अपनी पेअर थोड़ा उठाकर अपनी घुटने को थोड़ा अपनी पेट के तरफ कर ली. ऐसा लग रहा था जैसे अनीता रामु से छुड़वाने के लिए अपनी टाँगे मोड़कर उसे जगह दे रही थी.

रामु यह देखकर अनीता के तरफ देखा जिसकी चेहरे पर हरिया का लुंड था. यह नज़ारा तो वह पिछले एक दो मिनट से देख रहा था की कैसे हरिया का लुंड और अंडे अनीता की चेहरे पर होने पर भी वह कितनी बेशर्मी से चुप चाप लेती हुयी थी और हरिया को कुछ नहीं बोल रही थी.

उसका लुंड झटका मारने लगा जब वह देखा की अनीता की चेहरे पर देखने से वह बिना शर्म के हरिया का लुंड अपनी चेहरे पर होते हुए भी रामु के देखने पर मुस्कुरा दी. रामु भी टेबल से शराब का गिलास उठाते हुए अनीता को देखकर मुस्कुरा दिया. हरिया अपना गिलास उठाने के बाद फिर से वापस नार्मल तरीके से सोफे पर बैठ गया मगर इस बार उसका लुंड अनीता की कान के पास से नहीं बल्कि उसकी बायीं आँख के ठीक कोने से होते हुए उसकी गाल से सत् कर उसकी नाक, होंठ और चीन के ऊपर तन्न कर खड़ा था. उसके अंडे अनीता की कान से सत्ता हुआ था.

हरिया बैठकर बाये हाथ से अनीता की बायीं चूंकि साइड से पकडे हुए रामु से bola,"Ee शराब hi पी ले ससुरा अभी. मेमसाहेब का यह दूध अभी पीने का नहीं मिलेगा"

हरिया यह बोलते हुए अनीता को देखा तो वह मुस्कुरा कर boli,"Offo हरिया जी अब बस भी कीजिये"

हरिया यह सुनकर है दिया तो अनीता भी मुस्कुरा दी. रामु भी हसने लगा तो अनीता मुस्कुराती हुयी एक ऐडा से उसे और हरिया को देखकर अपनी सर हिला दी. अगले पल वह अपनी दायी चूंकि पर रामु का हाथ महसूस करके उसके तरफ देखि तो वह bola,"Magar कसम से हरिया, शराब में नशा तो है, मगर जो नशा मेमसाहेब का ी दूध में मुंह लगाकर पीने में आता ु ी शराब में नहीं"

अनीता यह सुनकर इस बार सरप्राइज होने के अंदाज़ में अपनी आंखें बड़ी करके रामु को नहीं देखि बल्कि चेहरे पर गर्व की भाव लायी हुयी रणदीपाने वाली अंदाज़ में boli,"Tab तो आप दोनों शराब hi पिए तो अच्छा है नहीं तो ज़्यादा नशा चढ़ने पर आप लोग तो मुझे रगड़ने के लिए होश में hi नहीं रहेंगे"

हरिया और रामु यह सुनकर अनीता की चूँचियों को दबाते हुए हसने लगा तो अनीता भी बेशर्मी से खिलखिलाने lagi,"Hehehe". लोविंग रूम में फिर से तीनो के हसने का आवाज़ गूंजने लगा. अनीता पूरी बेशर्मी से खिलखिला रही थी और उसकी चूँचियों को रामु और हरिया दबाते हुए है रहे थे.

अगले पल हरिया और रामु हसी कण्ट्रोल करके एक घूंट में पूरा शराब गिलास से खली कर गए और अनीता को देखे तो अनीता मुस्कुराती हुयी उन्हें देखि. हरिया गिलास रखने के लिए फिर से थोड़ा आगे झुका तो उसका लुंड थोड़ा आगे होने से उसके अंडे अनीता की गाल पर और लुंड का एक तिहाई तक अनीता की होंठ से सत् गया. अनीता चुप चाप वैसे hi हरिया के लुंड को देखि और अपनी होंठ थोड़ी सी खोल कर वापस बांध कर दी.

हरिया वैसे hi झुके हुए टेबल से तेल का कटोरी उठाकर वापस बैठ गया और फिर से उसका लुंड अनीता की आँखों के कोने से होते हुए उसकी नाक के बगल से होते हुए उसकी होंठ और चीन के ऊपर तन्न कर खड़ा हो गया.

हरिया अनीता को देखकर bola,"Memsaheb आप तो ऐसे hi इतना खबसूरत जैन, लेकिन अभी ु अंग्रेजी में कहत है न, सेक्सी, हाँ सेक्सी लग रही हैं"

अनीता का दिल धड़क गया यह सुनकर मगर उसकी चेहरे पर गर्व की भाव थी और वह वैसे hi हरिया को देखती रही. अगले पल वह देखि की हरिया रामु से bola,"Ka रे रामु तू देख कर बोल अभी मेमसाहेब सेक्सी लग रही है न"

अनीता यह सुनकर रामु के तरफ देखि जो उसकी चेहरे पर hi देख रहा था. अनीता की चेहरे पर नाक की बायीं तरफ हरिया का लुंड था और वह वैसे hi उसका लुंड अपनी चेहरे पर होते हुए hi रामु के आँखों में देखि.

रामु अनीता की चेहरे पर देखते हुए bola,"Ek दम हरिया, पूरा सेक्सी लग रही है मेमसाहेब".

अनीता यह सुनकर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhhmm अब मेरी तारीफ बांध भी कीजिये. कितनी तारीफ करेंगे मेरी"

हरिया यह सुनकर bola,"Memsaheb आपको हमरा यक़ीन नहीं है तो खुद hi देख लीजिये ी मोबाइल में".

हरिया यह बोलकर अनीता को मोबाइल जो टेबल पर राखी थी उसके तरफ इशारा किया. अनीता यह देखकर boli,"Hariya जी अब इसकी कोई ज़रूरत नहीं है".

हरिया यह सुनकर अनीता से bola,"Are मेमसाहेब देख लीजिये न आप सच में अभी कितनी सेक्सी लग रही हैं"

अनीता यह सुनकर हरिया के तरफ देख hi रही थी की फिर रामु का आवाज़ aaya,"Haan मेमसाहेब देख लीजिये न एक बार"

अनीता यह सुनकर रामु को देखि और फिर एक नज़र हरिया को देखने के बाद अपनी दायी हाथ बढ़ा कर टेबल से मोबाइल उठाई और साथ hi हरिया भी टेबल से मोमबत्ती उठाकर अपने जांघ के करीब पकडे रहा ताकि अनीता की चेहरे पर रौशनी जाये.

अनीता मोबाइल के स्क्रीन में खुद की चेहरा देखने लगी की हरिया bola,"Are मेमसाहेब ु कैमरा में देखिये न. उसमे साफ़ साफ़ दिखेगा"

अनीता यह सुनकर आँखों को हरिया के चेहरे पर ले जाकर उसे देखि और फिर मोबाइल में देखती हुयी कैमरा ों करके फ्रंट कैमरा एक्टिव कर दी और जो देखि उसे देखते hi उसकी दिल धड़क गयी. अब तक तो वह नाक के नीचे वाले लुंड का हिस्सा को देख प् रही थी अब वह देख पा रही थी की कैसे हरिया का इतना बड़ा लुंड उसकी सर के शुरुआत से होते हुए उसकी आँख के कोने और नाक के बातो तरफ से होते हुए उसकी होंठ और चीन के ऊपर तन्न कर खड़ा हुआ था. अनीता की बदन में एक सिहरन सी पैदा हो गयी यह देखकर और छूट और जिस्म में हलचल होने लगी.

खुद की खूबसूरत चेहरे पर इतना बड़ा लुंड जो उसकी चेहरे के बराबर या उससे एक दो इंच बड़ा hi था उसको ऐसे देखकर पता नहीं उसे क्यों एक अजीब सा एहसास होने के साथ साथ अच्छा भी लग रहा था. उसे बुरा नहीं लगा खुद की चेहरे को कैमरा में देखकर बल्कि पता नहीं क्यों उसे अच्छा hi लगने लगा. उसे एक औरत होने का एहसास मिलने लगा यह देखकर और न जाने क्यों कैमरा में देखती हुयी hi उसकी चेहरे पर एक गर्व की भावना आ गयी.

हरिया उससे puchha,"Memsaheb देखिये कितना सेक्सी लग रही हैं आप"

अनीता यह सुनकर गर्व की भावना से हरिया के तरफ देखि मगर कुछ बोली नहीं तो हरिया bola,"Memsaheb फोटो ले लीजिये न. बाद में भी आप देख सकती हैं की आप कितना सेक्सी लग रही थी अभी. ऐसे सेक्सी तो आप हैं hi,magar अभी का ख़ास बात है"

अनीता यह सुनकर कैमरा देखकर फोटो क्लिक करने जा रही थी की तभी हरिया bola,"Are मेमसाहेब वह आप औरत लोग वह होंठ को बाहर निकल कर कैसे बनती हैं वैसे फोटू लीजिये न"

अनीता फिर से ऊपर के तरफ हरिया को देखि और अपनी होंठों को पोत कर दी तो हरिया अपने कमर को हल्का एडजस्ट करते हुए लुंड को थोड़ा नीचे कर दिया जिससे अनीता की होंठ पर सत् गया. अनीता उसका लुंड अपनी होंठ पर महसूस करके अपनी होंठों को एक दम थोड़ा सा खोल दी और उसके लुंड के थोड़े से हिस्से को अपनी होंठों के बीच जगह देकर वैसे hi पोत करके होंठों से उसके लुंड के उस हिस्से को गृप कर ली. अब ऐसा लग रहा था जैसे अनीता हरिया के लुंड को चुम रही है.

अनीता यह की तो हरिया का आवाज़ suni,"Waah मेमसाहेब अब तो पूरा सेक्सी लग रही हैं आप, उफ़ सच में आप के जइसन सेक्सी औरत हम आज तक नहीं देखा हूँ"

अनीता यह सुनकर आँखों से हरिया को देखि और फिर कैमरा के तरफ देखती हुयी एक फोटो क्लिक कर ली.

वह फोटो क्लिक करके खुद देखि तो उसे यक़ीन नहीं हुआ. फोटो में तो एहि लग रहा था की वह हरिया के लुंड को चुम रही है. मगर इसके बावजूद उसे शर्म नहीं आयी मगर एक औरत होने के एहसास हुआ और वही एहसास उस फोटो में भी था जिसमे उसको आँखों में गर्व झलक रहा था. जैसे वह फोटो में दिखाना छह रही हो की देखो मेरे पास इतना बड़ा लुंड है चूमने के लिए.

अनीता फोटो देख रही थी की हरिया bola,"Memsaheb हुंका भी दिखाइए न"

अनीता यह सुनकर अपनों होंठ को नार्मल करके हरिया के तरफ मोबाइल का स्क्रीन कर दी तो हरिया भी देखा की उस फोटो में ऐसा hi लग रहा था जैसे अनीता उसका लुंड चुम रही हो. इतनी खूबसूरत औरत को फोटो में ऐसे देखकर उसका लुंड बौखला कर हिलने लगा और अनीता की होंठों पर hi ऊपर नीचे होने लगा. अनीता यह महसूस करके अपनों होंठ थोड़ा पोत कर दी और हरिया का लुंड जब हिलते हुए नीचे उसकी होंठ से टकराता वह धीरे से होंठों को सत्ता कर उसे चुम लेती.

हरिया वह फोटो देखकर bola,"waah मेमसाहेब कितना सेक्सी लग रही हैं आप" और यह बोलकर वह नीचे अनीता को देखा तो वह मुस्कुराती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Offo हरिया जी" और यह बोलते हुए hi हरिया का लुंड वापस उसकी होंठ से सत्ता तो वह हरिया को देखती हुयी hi होंठों को पोत करके उसके लुंड को थोड़ा चूमती हुयी boli,"Uhhm".

हरिया यह देखकर मुस्कुरा दिया तो अनीता स्क्रीन को रामु के तरफ करती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Ramu जी आप भी देखिये. फोटो ठीक आयी है तो?"

रामु का भी लुंड अनीता की फोटो देखकर फड़फड़ा गया जिसे अनीता अपनी जांघ पर महसूस की और अपनी नज़र उसके लुंड पर ले गयी. रामु का लुंड अनीता की फोटो देखकर लगातार हिल रहा था और अनीता की नज़र उसके लुंड पर hi थी.

रामु उसकी फोटो देखकर bola,"Bahot अच्छा आया है मेमसाहेब. सच में आप बहोत सेक्सी लग रही हैं. हम भी आपके जइसन सेक्सी औरत कभी नहीं देखा हूँ"

अनीता यह सुनकर मुस्कुरा तो हरिया bola,"Aur एक फोटो ले लीजिये मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर हरिया के तरफ देखि की तभी उसे अपनी होंठों से हरिया का लुंड घिसते हुए पीछे होते महसूस हुआ. हरिया अपना कमर थोड़ा सा पीछे किया जिससे उसके लुंड का आगे का हिस्सा अनीता की होंठों पर आ गया.

अनीता यह महसूस करती हुयी हरिया को देखि तो हरिया मुस्कुरा दिया. अनीता भी जवाब में मुस्कुरा कर उसको देखि और फिर एक नज़र रामु को देखि जो की खुद मुस्कुरा रहा था. अनीता उसे एक नज़र देखने के बाद कैमरा ों की और देखि की हरिया का लुंड का आगे का हिस्सा उसकी होंठो पर hi था. अनीता अपनी होंठ थोड़ा सा खोलकर थोड़ी चीन भी ऊपर कर दी और हरिया के लुंड को अपनी होंठ के गिरफ्त में लेकर होंठ को पोत करके एक अंदाज़ में कैमरा में देखती हुयी फोटो क्लिक कर ली.
 
अपडेट 80

अनीता फोटो क्लिक करके वैसे hi हरिया का लुंड अपनी होंठों पर महसूस करती हुयी फोटो को देखि और उसमे साफ़ लग रहा था की अनीता हरिया के लुंड को चुम रही है. अनीता की चेहरे पर शर्म ज़रा सर भी नहीं थी बल्कि गर्व था हरिया का इतना बड़ा, मोटा और तगड़ा लुंड को देखकर.

अनीता फोटो देखने के बाद स्क्रीन हरिया के तरफ करके रणदीपाने वाली आवाज़ में puchhi,"Theek आया है तो हरिया जी?"

हरिया स्क्रीन पर देखा तो उसका लुंड फिर से झटके मारने लगा अनीता की होंठों के ऊपर. फोटो में साफ़ साफ़ लग रहा था की अनीता उसका लुंड चुम रही है और अनीता की चेहरे और आँखों में एक गर्व का भाव देखकर तो हरिया का मैं जैसे खुश हो गया और वह अनीता की बातो चूंकि साइड से दबाते हुए bola,"Kya मस्त लग रही हैं आप मेमसाहेब. एक दम सेक्सी"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई और फिर स्क्रीन रामु के तरफ करके वैसे hi रणदीपाने वाली अंदाज़ में puchhi,"Ramu जी आपको अच्छी लग रही है यह फोटो?"

रामु का लुंड भी स्क्रीन पर अनीता को हरिया का लुंड चूमते हुए देख फड़फड़ाने लगा. वह भी देखा की अनीता की चेहरे पर हरिया का लुंड चूमते वक़्त एक गर्व का भाव था. रामु वह देखकर bola,"Waah मेमसाहेब सच में हरिया जइसन बोलै की आप मस्त लग रही हैं ऐसे. पूरा सेक्सी लग रही हैं"

अनीता यह सुनकर मुस्कुरा कर उसे देखि और फिर उसके लुंड के तरफ देखकर मुस्कुरा दी और मुस्कुराती हुयी hi एक बार अपनी होंठों को पोत करके हरिया के लुंड को हल्का सा चुम ली. यह देखकर रामु का लुंड झटका मारने लगा तो अनीता मुस्कुरा कर रामु को देखि तो वह bola,"Memsaheb हम थोड़ा और पास आ जाट हैं"

अनीता यह सुनकर उसके लुंड के तरफ देखि की कैसे उसका लुंड उसकी टांगों के नीचे तो था मगर उसका टोपा hi टैंगो के बीच वाले जगह पर था और बाकी लुंड पीछे था. अनीता यह सुनकर अपनी टंगे थोड़ा मोड़ ली और रामु को देखती हुयी उसके लुंड के तरफ इशारा करके थोड़ा आगे खिसकने का इशारा की.

अनीता जब यह इशारा की तो रामु मुस्कुरा कर उसकी दोनों जांघों को पकड़ कर आगे खिसकने लगा तो अनीता को महसूस हुआ की हरिया उसे hi देख रहा है तो वह बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी ऊपर के तरफ देखि. जब वह हरिया को देख hi रही थी की उसे वापस अपनी होंठ पर उसका लुंड महसूस हुआ तो वह हरिया को देखती हुयी hi होंठ पोत करके उसे हल्का सा चुम ली. हरिया यह देखकर मुस्कुरा दिया. अगले पल अनीता रामु के तरफ देखि की कैसे वह अपना लुंड लहराते हुए थोड़ा आगे खिसक गया और उसका आधा लुंड उसकी दोनों जांघों के बीच आ गया. अनीता तंग फैली थी तो जांघों के बीच गैप था और उसी गैप के बीच हवा में रामु का लुंड लहराने लगा.

हरिया यह देखकर bola,"Ramu तुम मेमसाहेब को थोड़ा सा अपने तरफ खिंच तो"

अनीता यह सुनकर हरिया के तरफ देखि जो तेल का कटोरी वापस टेबल पर रखकर उसकी गर्दन के नीचे हाथ डालकर पकड़ लिया और फिर अगले पल वह रामु के तरफ देखि जो उसकी जांघों को पकड़ कर अपने तरफ नीचे खिंच लिया.

ऐसा होने से अनीता की गांड रामु के दोनों जांघों के बीच आ गयी और वह पहले से hi पेअर मोड हुए अपनी दोनों जांघों को रामु के जांघों पर डालकर अपनी पेअर को उसके पीछे सोफे पर राखी हुयी थी. साथ hi रामु का अंडा ठीक उसकी पंतय के ऊपर लटक रहा था और लुंड तन्न कर ऊपर के तरफ खड़ा था.

खींचते वक़्त अनीता की सर हरिया के दोनों जांघों के बीच आ गया और होंठों से हरिया का लुंड सटे हुए hi उसकी नाक, गाल से होते हुए उसकी मांग के ऊपर आ गया और लुंड का टोपा ठीक उसकी बायीं आँख के ऊपर लहरा रहा था. अनीता अपनी आंखें ऊपर करके हरिया के लुंड को देखि और फिर बेशर्मी से रामु के लुंड को देखि जब उसे एहसास हुआ की उसका अंडा उसकी पंतय के ऊपर लटक रहा है तो.

अगले पल अनीता को एहसास हुआ की हरिया सोफे से अपना गांड थोड़ा उठा रहा है तो वह ऊपर देखि तो हरिया bola,"Memsaheb यह तौली लेकर आप अपना सर के नीचे रख लीजिये"

अनीता यह सुनकर अपनी दोनों हाथ पीछे लेजाकर हरिया के कमर पर फिरै और फिर उसके गांड के नीचे से तौली खींचने लगी. अनीता के तौली खींचने पर हरिया थोड़ा सामने के तरफ झुक गया जिससे उसका अंडा अनीता की मांग पर आ गया और लुंड उसकी चेहरे पर नाक से होते हुए होंठ और चीन के ऊपर लहराने लगा.

अनीता चुप चाप वह तौली खिंच ली और हरिया को देखती हुयी boli,"Hariya जी बैठ जाइये आप"

हरिया यह सुनकर वैसे hi बैठ गया और उसका अंडा थोड़ा सा पीछे अनीता की बालों पर आ गया और लुंड का पोजीशन वैसे hi अनीता की मांग और चेहरे पर hi था. अनीता कुछ नहीं बोली और तौली को सामने लाकर मोड़ने लगी की तभी हरिया उसकी गर्दन पकडे सर ऊपर के तरफ किया तो उसका लुंड अनीता की नाक से फिसल कर उसकी बायीं साइड में आ गया और लुंड का आगे का हिस्सा अनीता की होंठो से सत् गया.

अनीता बिना शर्म के उसका लुंड अपनी होंठों पर महसूस करती हुयी तौली को हरिया के जांघों के बीच रख दी और हरिया को देखकर मुस्कुरा दी. हरिया यह देखकर उसका गर्दन धीरे धीरे नीचे करके वहां से हाथ फिरते हुए उसकी गर्दन के आगे वाले हिस्से पर ले आया.

अब अनीता की सर हरिया के जांघों के बीच था और उसका लुंड अनीता की चेहरे पर मांग से लेकर चीन तक, वह भी उसकी नाक के ऊपर से होते हुए. मतलब हरिया का लुंड अनीता की चेहरे के दो हिस्से में बाँट रहा था. हरिया उसकी गर्दन के आगे वाले हिस्से पर हाथ फेरते हुए ऊपर उसकी क्लीवेज के तरफ ले गया और उसके अंदर दोनों अंगूठा घुसकर बाकि चाट उँगलियों को उसकी चूँचियों के ऊपर वाले हिस्से को पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Ab आपकी यह दोनों दूध को अच्छे से रगड़ कर मालिश कर डेट हैं"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी स्व मुस्कुराई तो हरिया अपने हाथ को वहां से हटते हुए उसकी दोनों बांह पर फिरते हुए bola,"Memsaheb ी बांह से ब्लाउज निकल देती आप तो हम आपका हाथ भी मालिश कर देते"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई और फिर अपनी ब्लाउज की स्लीव को निकलने लगी. दोनों बांह की स्लीव निकलने के बाद अब कुछ भी ऐसा नहीं था जो ब्लाउज को अनीता की बदन से चिपकाये रखती. अब ब्लाउज का आगे का हिस्सा बस उसकी चूँचियों पर पड़ी थी, बिना किसी सपोर्ट के.

हरिया यह देखकर उसकी चूँचियों के ऊपर से ब्लाउज हटाने लगा तो अनीता अपनी दायी हाथ चूँचियों पर रखकर आंखें बड़ी करके हरिया को मुस्कुराती हुयी देखकर boli,"Offo हरिया जी आप भी. इतना काफी है"

अनीता के बोलने से उसकी होंठों के ऊपर खड़े हरिया के लुंड पर उसकी गरम सांस पद रही थी जिससे उसका लुंड बौखला कर हिलने लग रहा था.

हरिया यह सुनकर मुस्कुराने लगा तो अनीता भी एक ऐडा से उसे देखती हुयी मुस्कुराई. हरिया रामु को देखकर bola,"Memsaheb अपना दूध न hi दिखाएगी हुंका और न hi पिलाएगी"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया को देखि और फिर रामु को देखने के बाद boli,"Offo हरिया जी फिर से वही सब बातें"

हरिया यह सुनकर हसने लगा तो रामु भी हसने लगा. अनीता भी दोनों को हस्ता हुआ देख मुस्कुरा दी और हाथ बढ़ा कर टेबल से तेल का कटोरी उठाकर boli,"Ab चलिए मेरी अच्छे से मालिश कर दीजिये. बस कब से एक hi बात पर अटके हुए हैं आप दोनों"

अनीता जब भी बोल रही थी उसकी गरम सांस हरिया के लुंड पर पद रही थी जिससे उसका लुंड हिलने लग रहा था.

हरिया यह सुनकर हसी रोककर अनीता की चूँचियों को साइड से दबाते हुए puchha,"Kaun सा बात मेमसाहेब?"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Offo हरिया जी फिर से शुरू हो गए आप" फिर अगले पल वह कटोरी हरिया को देती हुयी boli,"Chaliye अब मेरी मालिश कीजिये".

हरिया मुस्कुराते हुए उसकी हाथ से कटोरी ले लिया तो अनीता अपनी हाथ ऊपर करके उसके गले में डालकर अपनी चीन थोड़ी ऊपर करके उसे कामुक तरीके से देखि. ऐसा करने से उसको होंठ और हरिया के लुंड के बीच का फैसला काम हो गया तो हरिया भी अपना लुंड थोड़ा नीचे करके उसकी होंठो से सत्ता दिया. अनीता अपनी होंठ पर जैसे hi उसके लुंड को महसूस की अपनी होंठ को पोत करके उसे चूमती हुयी कामुक अंदाज़ में आँखों से अपनी चूँचियों के तरफ इशारा की.

अगले पल वह वैसे hi हरिया के लुंड को चूमती हुयी रामु को देखि और उसके लुंड के तरफ देखने के बाद अपनी टैंगो को थोड़ा और मोड़ कर उसे आगे खिसकने का इशारा की. अनीता का रान्दीपना देखकर दोनों का लुंड फिर से हिलने लगा और थोड़ा प्रेकम आने लगा.

रामु थोड़ा और आगे खिसका तो उसका अंडा अनीता की पंतय पर hi सत् गया. अनीता यह महसूस करके उसके लुंड को देखि जो अब उसकी पंतय से होते हुए नाभि तक हवा में लहरा रहा था.

अनीता उसके लुंड को हिलते हुए देख अपनी हाथों को हरिया के गर्दन पर फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Ab मुझे अच्छे से रगडिये आप दोनों"

हरिया यह सुनकर bola,"Ramu तुम मेमसाहेब का पेट और जांघ को रगड़ो हुए हम हाथ को रगड़ता हूँ. फिर दोनों मिलकर मेमसाहेब के दूध को रगड़ेंगे".

यह बोलकर दोनों अनीता की चूँचियों को देखने लगे तो अनीता की चेहरे पर गर्व की भाव आ गयी. वह चुप चाप लेती हुयी दोनों को अपनी चूँचियों को देखते हुए देखने लगी.

हरिया फिर अनीता की पेट पर चूँचियों के नीचे से लेकर उसकी नाभि तक तेल गिराने लगा. वह उसकी नाभि को तेल से भर दिया और फिर कटोरा को टेबल पर रख दिया.

कटोरा टेबल पर रखने के बाद अनीता की नंगी पेट पर चार कड़क हाथ घूमने लगे. हरिया उसकी पेट से तेल अपने हाथों में लगा कर उसकी दायी हाथ की कलाई से लेकर उसकी बांह तक मालिश करने लगा. रामु उसकी पेट से तेल लेकर उसकी बायीं जांघ की मालिश करने लगा. अनीता बस कभी रामु तो कभी हरिया के चेहरे पर देखती तो कभी उनके लुंड को. हरिया का लुंड उसकी चेहरे के बीचो बीच मांग और नाक से होते हुए होंठों और चीन के ऊपर खड़ा लहरा रहा था. रामु का लुंड उसकी पंतय से होते हुए नाभि तक लहरा रहा था.

दोनों 3-4 मिनट चुप चाप अनीता की दोनों हाथ और जांघ की मालिश किये उसके बाद हरिया तेल लेकर अनीता की गोरी चिकनी आर्मपिट पर तेल गिराने लगा.

अनीता को इससे गुदगुदी लगी तो वह बेशर्मी से मुस्कुराने लगी.

हरिया यह देखकर bola,"Sab जगह मालिश कर डेट हैं मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर देखि. हरिया उसकी दोनों आर्मपिट पर तेल गिराने के बाद उसकी आर्मपिट से लेकर उसकी कोहनी तक उसकी बांह की मालिश करने लगा.

आर्मपिट पर मालिश होने से अनीता खिलखिलाने lagi,"Hehehe हरिया जी हेहेहे".

हरिया भी यह देखकर हसने लगा और bola,"Are मेमसाहेब आपको इहाँ गुदगुदी लगती है का मेमसाहेब?"

अनीता यह सुनकर खिलखिलाती हुयी "हाँ" में सर हिला दी. हरिया अगले दो मिनट तक उसकी आर्मपिट और बांह मालिश किया और अनीता दो मिनट तक रुक रुक कर हस्ती रही. हरिया फिर उसकी आर्मपिट से लेकर नीचे उसकी दोनों चूँचियों के साइड में मालिश करने लगा, खुली हुयी ब्लाउज के अंदर हाथ डालकर. वह उसकी आर्मपिट से हाथ नीचे लेजाकर दोनों चूँचियों को ब्लाउज के अंदर से साइड से पकड़ कर दाना कर मालिश करता और वापस हाथ उसकी आर्मपिट तक ले आता.

अनीता चुप चाप अपनी हाथ हरिया के गले से नीचे करके पीछे उसके कमर पर रखकर उसके कमर पर हाथ फेरने लगी. वह अब अपनी हसी कण्ट्रोल कर चुकी थी. रामु उसकी जांघ को घुटने से लेकर उसकी पंतय के दोनों साइड तक हाथ लाकर मालिश करने लगा. अब अनीता चुप चाप देख रही थी की कैसे उसकी दोनों चूँचियों के साथ उसकी छूट के दोनों साइड पंतय के पास भी मालिश हो रही थी. उसकी छूट पूरी गीली हो चुकी थी जिससे उसकी पंतय भी आगे से भीग कर गीली हो चुकी थी.

हरिया और रामु दोनों उसकी गीली पंतय देखने लगे. अनीता जब दोनों की नज़र देखि की कैसे दोनों उसकी छूट के ऊपर पंतय देख रहे हैं तो उसकी दिल धड़क गयी और छूट की पंखुरिया थोड़ी फड़की, साथ hi सुने हलचल भी हुई मगर वह बिना शर्म के वैसे hi मालिश करवाती रही और हरिया के कमर पर हाथ फेरने के साथ साथ वह पेअर को मोड़ कर पेअर से रामु के कमर पर फेरने लगी. रामु का तौली पीछे उसकी कमर पर थोड़ी सी सटी हुयी थी क्यूंकि दोनों साइड के तौली का कोना उसकी पेट और जांघ के बीच वाले हिस्से में कोने में अटका हुआ था. हालांकि रामु का पूरा जांघ और आगे का हिस्सा नंगा था मगर दोनों साइड के तौली का कोना वही कोने में अटका था.

रामु यह महसूस करके की अनीता अपनी पेअर उसके कमर पर फेर रही है तो अपना गांड थोड़ा उठाया जिससे उसके पेट और जांघ के बीच गैप बन गया और अनीता को देखते हुए दोनों तरफ से तौली पकड़ कर खींचकर नीचे फ़ेंक दिया. अनीता यह देखि तो रामु अनीता की जांघ पकडे थोड़ा और आगे हुआ और उसकी दायी जांघ से लुंड सत्ता कर उसके ऊपर वाले हिस्से को मालिश करने लगा.

अनीता यह देखकर अपनी चीन थोड़ा ऊपर करके होंठों को पोत करके हरिया के लुंड को चुम ली. अगले दो मिनट तक हरिया अनीता की चूँचियों को दोनों साइड से पकडे हुए उसकी मालिश कर रहा था और अनीता अपनी दोनों हाथों को ऊपर पीछे के तरफ की हुयी उसके कमर को सेहला रही थी. वहीँ रामु उसकी जांघ से लुंड सताए उसकी जांघ और पेट की मालिश करते रहा. अनीता इस बीच कभी कभी हरिया के लुंड को चुम लेती.

दो मिनट बाद हरिया कटोरा टेबल से उठाया और अनीता से bola,"Memsaheb आप अपना दूध थोड़ा ऊपर उठाइये न"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से अपनी चूँचियों को उठा दी तो हरिया उसकी क्लीवेज पर तेल गिराने लगा. अपनी क्लीवेज पर तेल गिरने से अनीता की बदन में एक मस्ती की लहर दौड़ने लगी और फिर से छूट में हलचल बढ़ गयी. अनीता अपनी हाथों को हरिया के पुरे पीठ पर फेरती हुयी उसे उसके गर्दन में लपेट कर कामुक अंदाज़ में अपनी कंधे को थोड़ा ऊपर कर दी ताकि एक ढलान बने और कुछ सेकण्ड्स बाद ढलान से उसकी क्लीवेज से होते हुए ब्लाउज के अंदर उसकी दोनों चूँचियों के बीच से होते हुए तेल उसकी पेट के तरफ फिसलने लगी.

अनीता थोड़ा कन्धा ऊपर की तो चेहरा भी ऊपर हुआ जिससे हरिया का लुंड उसकी होंठ से सत् गया और वह होंठों को पोत करके उसके लुंड को चूमती हुयी उसे कामुक अंदाज़ में देखि और फिर रामु को देखि. रामु का लुंड अनीता का रान्दीपना और उसकी होंठों को हरिया के लुंड पर देखकर बौखला गया और वह हिलने लगा तो वह अपने लुंड के तरफ इशारा किया. अनीता कामुक ऐडा से उसके लुंड को देखि और अपनी निचली दांत को भींच ली.

हरिया उसकी क्लीवेज में तेल डालने के बाद उसकी दोनों चूँचियों के ऊपरी भाग जो ब्लाउज के बाहर hi थी उसपर तेल डालने लगा और जब वह तेल डालकर टेबल पर रखने लगा तो अनीता उसके हाथ से तेल लेकर उसके लुंड को अपनी होंठों से सटे रहे देने पर hi boli,"Ramu जी तो मेरी जांघ मालिश कर रहे हैं उनको भी तेल की ज़रूरत होगी"

अनीता के बोलने से फिर से उसकी गरम सांस हरिया के लुंड पर पड़ा और उसका लुंड बौखला कर हिलने लगा.

अनीता तेल का कटोरी लिए अपनी जांघ पर ठीक रामु के लुंड के ऊपर तेल गिराने लगी जिससे थोड़ा तेल उसकी जांघ पर और थोड़ा तेल उसके लुंड पर गिरने लगा. अपने लुंड पर तेल गिरने से रामु का खून और गरम होने लगा और उसका लुंड बौखला कर हिलने लगा. दोनों हरिया और रामु के लुंड पर pre-cum का बूंद का आकर बढ़ गया.

अनीता जब तेल को थोड़ा गिरा ली तो वह कटोरी को वापस टेबल पर रख दी. रामु यह देखकर मुस्कुराया तो अनीता रणदीपाने वाली अंदाज़ में boli,"Ramu जी रगडिये न"

रामु यह सुनकर अपना लुंड उसकी जांघ पर रगड़ने लगा जिसे देखकर अनीता मुस्कुरा दी. वह मुस्कुराती हुयी हरिया के तरफ देखि तो वह भी मुस्कुराते हुए उसे देखने लगा.

इसी बीच अनीता को अपनी चीन पर कुछ चिप छिपा महसूस हुआ और जैसे वह कोई धागे का लड़ी हो.

अनीता देखि तो वह pre-cum हरिया के लुंड से टपक कर उसकी चीन पर गिरा था और उसके लुंड से धागे जैसा लटका हुआ था.

हरिया का लुंड एक बार झटका लिया तो वह लड़ी हिलते हुए उसकी होंठ तक आ गई और उसे अपनी होंठों पर वह चिपचिपा चीज़ महसूस हुआ. अनीता यह महसूस करके अपनी होंठों के तरफ देखि तो अगले पल हरिया अपना कमर थोड़ा पीछे करके लुंड के टोपे को अनीता की होंठों के ऊपर कर दिया और अगले hi पल अनीता को अपनी होंठ पर pre-cum का एक बंध महसूस हुआ. अनीता देखु की उसकी होंठों पर pre-cum गिरा हुआ था जो एक लड़ी के तरह ऊपर हरिया के लुंड तक जा रहा था.

अनीता यह देख रही थी की हरिया bola,"Amrit है मेमसाहेब, चाट जाइये"

अनीता यह सुनकर हरिया को देखकर boli,"Hariya जी"

हरिया हल्का मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहेब चाट जाइये"

फिर वह अपने लुंड के तरफ इशारा करते हुए bola,"Ee में से जो भी निकलता है ु औरत के लिए अमृत होता है, उसे चाट और पी जाना चाहिए"

अनीता का दिल यह सुनकर धड़कने लगा और वह हरिया के लुंड को देखि.

अनीता एक नज़र वापस हरिया के तरफ देखि तो वह आँखों से उसे इशारा किया की उसमे कोई खराबी नहीं है. अगले पल अनीता हरिया को देखती हुयी अपनी ज़बान बाहर निकली और होंठो पर फिरती हुयी वहां से pre-cum चाट गयी. ऐसा होते hi अनीता की तन्न बदन में आग लग गयी. उसकी दिल जोर से धड़कने लगी और छूट और बदन में मज़े की लहर दौड़ने लगी.

हरिया यह देखकर मुस्कुराने लगा. रामु भी मुस्कुरा रहा था. अनीता उसे चाटने के बाद हरिया को देखि तो वह मुस्कुरा रहा था. अनीता उसे देखती हुयी अपनी निचली होंठ दांतों के बीच दबाकर सामने रामु को देखि और उसे भी मुस्कुराते पाई.

अगले पल अनीता अपनी बायीं चूंकि से हरिया का हाथ हट्टे महसूस की तो उसके हाथ के तरफ देखि. हरिया अपना नया हाथ लेजाकर अपने लुंड को पकड़ कर उसका टोपा अनीता के होंठो के तरफ करके तीन चार बार लुंड पर हाथ आगे पीछे किया तो अनीता की होंठ पर फिर से pre-cum गिरा मगर पिछली बार से थोड़ा ज़्यादा. हरिया उसके लुंड में जितना pre-cum निकलने के लिए तैयार था वह लुंड को हिलाकर निकल दिया.

अनीता अपनी आँखों को होंठों के तरफ लेजाकर pre-cum देखने लगी की तभी हरिया bola,"Amrit है मेमसाहेब चाट जाइये"

अनीता अपनी आँखें हरिया के आँखों के तरफ लेजाकर उसे देखि तो वह अपने आँखों से अनीता को pre-cum चाटने का इशारा किया तो अनीता उसके आँखों में देखती हुयी hi ज़बान बाहर निकलकर अपनी होंठों पर फिरा दी.

हरिया यह देखकर मुस्कुराया तो अनीता कामुकता से उसे देखती हुयी उसके लुंड को थोड़ा चुम ली की तभी उसे अपनी नाभि पर कुछ महसूस हुआ तो वह उधर देखि. उसकी नाभि में अब रामु के लुंड से निकला pre-cum गिर रहा था.

अनीता उसके लुंड को देखि तो उससे लड़ी बने हुए उसकी नाभि तक जा रहा था. हरिया अगले पल bola,"Dekhiye मेमसाहेब रामु का ु बड़ा और मोटा चीज़ से भी आपके लिए अमृत निकलने लगा.

अनीता एक नज़र हरिया को देखि और फिर रामु को देखि तो हरिया bola,"Abe ससुरा मेमसाहेब को अपना अमृत भी चखा ऊँगली में लेकर. इतना कीमती अमृत बर्बाद नहीं होना चाहिए. यह सब मेमसाहेब के लिए hi है"

रामु अगले पल अनीता की नाभि में ऊँगली डालकर थोड़ा pre-cum स्कूप करके अनीता की होंठों के तरफ बढ़ाया तो अनीता बिना कुछ बोले मुंह खोल दी. रामु अपना ऊँगली अनीता की मुंह में डाला तो वह उस पर होंठो की गिरफ्त बनाकर चूसने लगी.

हरिया उसकी चूँचियों पर लगा तेल अपने हाथों में लगा कर वापस उसकी चूँचियों को पकडे हुए मसलते हुए मालिश करते हुए bola,"Sabash मेमसाहेब. ी अमृत आपके लिए hi है. बहोत कीमती अमृत है"

अगले पल हरिया अपना हाथ अनीता की ब्लाउज के अंदर पूरा घुसकर उसकी चूँचियों को ऊपर से पकड़ लिया जिससे उसकी निप्पल्स उसके उँगलियों के बीच में आ गयी. ऐसा होने से अनीता की मुंह से कामुक सिसकारी nikli,"Uhhhmm" तो हरिया उसकी चूँचियों को पकडे उसकी मालिश करते हुए bola,"Aap अपना ी दोनों दूध हुंका नहीं पीला रही ीका मतबल ी थोड़े है की हम दोनों अपना अमृत आपको नहीं पिलायेंगे"

अनीता यह सुनकर रामु का ऊँगली चुस्ती हुयी कामुक अंदाज़ में siskari,"Siii ुहह्म्म" और फिर

चूसना बांध करके रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Offo हरिया जी फिर से वही बात?" और यह बोलकर वह उसके लुंड को हलके से चुम ली.

हरिया अनीता की नंगी चूँचियों की मालिश करते हुए puchha,"Kaun सा बात मेमसाहेब?".

अनीता कामुकता से boli,"Offo हरिया जी जैसे आपको नहीं पता"

हरिया अनीता की चूँचियों को ब्लाउज के अंदर से मसलते हुए puchha,"Are मेमसाहेब बताइये न"

अगले पल अनीता देखि की रामु उसकी ब्लाउज के नीचे से हाथ घुसा कर नीचे से उसकी नंगी चूँचियों को पकडे मसलने लगा और मसलते हुए bola,"Haan मेमसाहेब बताइये न कौन सा बात का बात कर रही हैं आप".

अपनी दोनों बड़ी बड़ी चूँचियों पर दो मर्दों का चार मजबूत और कठोर हाथ महसूस करके अनीता की बदन में पूरी मस्ती भर गयी थी. वह बेशर्मी से रामु का बात सुनकर उसके तरफ देखि और मुस्कुराती हुयी अपनी चूँचियों के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Inki".

हरिया और रामु एक साथ bole,"Are मेमसाहेब अच्छे से बताइये न".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Offo आप दोनों भी न" और फिर से हरिया के गर्दन में अपनी हाथ डाले चूँचियों को हिलती हुयी रणदीपाने वाली अंदाज़ में boli,"Meri इन दोनों दूध की बात".

हरिया और रामु हसने लगे वहीँ अनीता मुस्कुराती हुयी उन्हें देखने लगी. हरिया उसकी नंगी चूँचियों को पकडे हिलाते हुए puchha,"In दोनों दूध का बात मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी अपनी दोनों चूँचियों को हिलती हुयी boli,"haan हाँ मेरी इन दोनों दूध की बात".

हरिया और रामु यह सुनकर उसकी चूँचियों को मसलते हुए है रहे थे और अनीता भी अपनी बात बोलकर पूरी रंडी की तरह खिलखिलाकर हसने लगी. उसे ज़रा सा भी शर्म नहीं थी की दो ग़ैर मर्द उसकी ब्लाउज में हाथ घुसाए उसकी नंगी चूँचियों को मसल रहे हैं. वह खुद किसी रंडी की तरह अपनी चूँचियों हिलाकर उन्हें दिखा रही थी और बेशर्मी से हंस रही थी.

हस्ते हुए में hi अनीता की ब्लाउज जिसके पास न डोरियों की सपोर्ट थी और न hi स्लीव्स की, वह उसकी चूँचियों से खिसक कर पेट पर गिर गयी जिसे देखकर हरिया हस्ते हुए bola,"Are मेमसाहेब आपका दोनों दूध तो अब पूरा दिख गवा, अब हम भी आपका ी दूध में मुंह लगाकर पिएंगे"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से खिलखिलाती हुयी अपनी आँखें बड़ी करके अपनी चूँचियों के तरफ देखि जो अब पूरी नंगी थी और उसकी चूँचियों का पूरा उभार और दोनों निप्पल दिख रही थी. यह देखते hi वह आँखें बड़ी करती हुयी boli,"Oh माय गॉड हरिया जी" और वह अपनी हाथ पेट के पास लेजाकर अपनी ब्लाउज उठाई

अनीता की बदन में अजीब सा मज़े का लहर दौड़ने लगा और उसकी छूट फड़कने लगी की अगले पल हरिया उसकी दोनों निप्पल को उँगलियों के बीच दबाकर bola,"Ee में मुंह लगाकर हम अब आपका दूध पियूँगा".

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Nahin हरिया जी" और वह अपनी ब्लाउज को पकड़ी हुयी बस चूँचियों को ढँक कर उसे पकड़ी रही की तभी हरिया उसकी दोनों निप्पल को उँगलियों के बीच दबा दिया तो अनीता की मुंह से "ुहहममम आआह्ह्ह ससीईई" करके सिसकारी निकली और वह सिसककृति हुयी आपकी निचली होंठ को दांतों के बीच दबाकर कामुक अंदाज़ से हरिया को देखि तो वह bola,"Ab हम ी में मुंह लगाकर दूध पियूँगा"

अनीता अपनी दायी हाथ में चूँचियों के ऊपर ब्लाउज पकड़ी हुयी थी और कुछ बोलती इससे पहले हरिया उसकी एक निप्पल से ऊँगली हटाया तो अनीता उसके तरफ देखि.

हरिया वह हाथ से अनीता की दायी हाथ पकडे नीचे कर दिया जिससे उसकी ब्लाउज भी उसकी हाथ के साथ नीचे चला गया और उसकी दोनों चूँचियाँ फिर से नंगी हो गयी.

अनीता की जो निप्पल खली थी उसकी रामु अपने उँगलियों के बीच दबा लिया और हरिया और रामु दोनों अनीता की एक एक निप्पल को पकडे हुए सामने के तरफ खींचने लगे तो अनीता की मुंह से सिसकारी nikli,"uhhmmm आअह्ह्ह्हह सीईई उफ्फ्फ्फ़" और वह दोनों अनीता की दोनों निप्पल्स को सामने के तरफ खींचते हुए निप्पल को पकडे hi उसकी चूँचियों को हिलाते हुए हरिया puchha,"Eehe दूध की बात कर रही हैं न आप मेमसाहेब"

अनीता सिसकारी लेती हुयी अपनी निचली होंठ को दांतों के बीच दबाकर सर हिलती हुयी boli,"uhhmm हाँ हरिया जी ुह्ह्हम्म सीईई" की तभी अनीता को अपनी होंठ पर कुछ चिपचिपा महसूस हुआ और वह होंठों के तरफ देखि तो वह हरिया के लुंड से प्रेकम का लड़ी था.

अनीता अपनी होंठों पर ज़बान फेरी तो हरिया bola,"Are मेमसाहेब खुल कर बोलिये न"

अनीता रामु और हरिया को एक एक करके देख कर boli,"Haan हाँ मैं अपनी एहि दोनों दूध की बात कर रही हूँ"

हरिया उसकी निप्पल को दबाते हुए bola,"Hum दोनों ीका खूब अच्छे से रगड़ डेट हूँ मेमसाहेब फिर आप खुद हुंका अपना दूध पिलाइयेगा"

अनीता यह सुनकर रामु और हरिया के कलाई को पकड़ कर उसपर अपनी हाथ फेरती हुयी रणदीपाने वाली अंदाज़ में boli,"Pehle अच्छे से रगडिये तो आप दोनों"

हरिया और रामु दोनों उसकी क्लीवेज से गिरकर उसको पेट पर गए तेल को उसकी पेट पर मलते हुए अनीता की चूँचियों तक लाये और उसकी दोनों चूँचियों को अच्छे से रगड़ रगड़ कर मालिश करने लगे. अनीता अब चुप चाप अपनी नंगी चूँचियों को देख रही थी की कैसे दो मर्द उसकी मालिश कर रहे थे.

थोड़ी देर उसकी चूँचियों के मालिश करने के बाद हरिया bola,"Ab आखरी और ख़ास जगह हम दोनों मालिश कर डेट हूँ"

हरिया यह बोलकर थोड़ा गांड खिसका कर थोड़ा आगे बढ़ा और अनीता की दोनों जांघ पकड़ लिया. हरिया के आगे बढ़ने से उसका अंडा अनीता की आँखों के ऊपर लटकने लगा. हरिया अगले पल उसकी दोनों जंघे पकड़ कर थोड़ा उठाया तो पीछे से अनीता की गांड सोफे से उठने लगी.

अगले पल वह रामु का हाथ अपनी गांड पर महसूस की और रामु उधर से उसकी गांड उठा रहा था. कुछ सेकंड बाद अनीता को अपनी दोनों घुटना दोनों चूँचियों के बगल में महसूस हुयी और उसकी गांड ऊपर हवा में उठ गयी थी. अनीता चुप चाप यह सब देख रही थी. वह दे कहि की उसकी गांड ऊपर के तरफ होने से उसकी छूट का हिस्सा ऊपर उसके आँखों के सामने आ गयी थी. हरिया अगले पल उसकी दोनों पेअर को उसकी कानो के बगल से लेजाकर सर के पीछे करके दोनों टैंगो को अपने पेअर के नीचे दबाकर पेअर को मोड hi घुटने के बल बैठ गया. अनीता फिर अपनी पीठ पर रामु का लुंड महसूस की जो की उसके पेट और अनीता की पीठ के बीच डाब गया था.

अब अनीता की गांड और छूट ऊपर के तरफ थी और उसे यक़ीन हो गया की वह उसी पोजीशन में आराम से रहेगी क्यूंकि पीछे से रामु उससे सत्ता हुआ था तो उसकी पीठ नीचे नहीं होती और इधर हरिया उसकी पैरों पर थोड़ा दबाओ डाले बैठा था तो उसकी पेअर के भी सीधा होने का उम्मीद नहीं थी जिससे वह सीधा हो पति.

हरिया का अंडा अनीता की बालों पर था और उसका लुंड फिर से उसकी मांग, नाक से होते हुए होंठों के ऊपर था. हरिया नीचे देखकर pucchha,"memsaheb आप ठीक हैं तो?"

अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में boli,"Haan हरिया जी मैं ठीक हूँ"

अनीता फिर अपनी दोनों टैंगो के ठीक बीच पंतय पर तेल गिरते हुए महसूस की. अनीता यह महसूस करके अपनी निचली होंठ भींच ली और उसकी सांस तेज़ हो गयी. वह तेल को पंतय के कपडे से होते हुए अंदर घुसते महसूस की फिर वह अपनी छूट और गांड की दरार में महसूस की. अनीता महसूस की की वहां हरिया बहोत तेल गिराया था जिससे उसकी पूरी पंतय गीली हो गयी और कुछ तेल उसकी गांड की दरार से होते हुए पीठ पर और छूट की दरार से होते हुए पेट पर आने लगी थी.

अनीता फिर महसूस की की दोनों उसकी टांगों के जोर के पास hi मालिश करने लगे थे. अनीता की सांस तेज़ हो रही थी जिसे हरिया अपने लुंड पर महसूस करके लुंड को थोड़ा नीचे कर दिया तो वह अगले पल अपने लुंड पर अनीता का होंठ महसूस किया और सिर्फ महसूस hi नहीं चुम्बन का भी एहसास हुआ. हरिया थोड़ा कमर हिलाकर उसकी होंठों पर लुंड रगड़ने लगा और अगले पल अनीता अपनी पीठ पर भी लुंड का घिसन महसूस की. अनीता यह महसूस करके टेबल के तरफ हाथ बढाकर वहां से तेल का कटोरी उठाई और अपनी पीठ के तरफ लेजाकर थोड़ा गिरा दी और वह महसूस की की वह तेल उसकी पीठ के साथ रामु के लुंड पर भी गिरा तो वह कटोरी वापस रख दी. अनीता अब रामु के लुंड का फिसलन अपनी गोरी चिकनी पीठ पर महसूस करती हुयी हरिया के लुंड को चूमने लगी.

कुछ सेकण्ड्स बाद उसे अपनी गांड के हिस्से वाले पंतय के अंदर चार हाथ घुसते महसूस हुआ. हालांकि अनीता थोंग पंतय पहनी हुयी थी तो पीछे ज़यादा कपडा नहीं था मगर उस थोड़े से कपडे और गांड की दरार में घुसे पंतय के अंदर वह हाथ महसूस की और अब उसकी पूरी गांड की मालिश होने लगी. पूरी गांड मतलब गांड की दरार भी क्यूंकि ऐसे पीछे की गांड की भाग देखा जाये तो अनीता की गांड को दोनों भाग तो वह थोंग पंतय में ऐसे भी 90% बाहर hi थी.

अनीता चुप चाप बेशर्मी से अपनी गांड की मालिश करवा रही थी और साथ hi पीठ पर रामु का लुंड का घिसाई महसूस करती हुयी हरिया का लुंड चुम रही थी. अनीता की बदन में अब आग लग चुकी थी. छूट में गीलापन बहोत बढ़ गया था और उसकी सामने की पंतय तेल के साथ साथ छूट की पानी से भी भींग गयी थी.

अनीता धीरे धीरे कामुक आहें भरने lagi,"Uhhhmm आआह्ह्ह्ह ुह्ह्हम्म्म"

लगभग दो मिनट तक ऐसे hi मालिश चलते रहा तो अनीता अपनी चीन पर फिर से pre-cum महसूस की. Pre-cum महसूस करके अनीता अपनी सर थोड़ा एडजस्ट करने के कोशिश की तो अगले पल हरिया अपना गांड एडजस्ट करके लुंड का टोपा अनीता की होंठों के पास कर दिया. अगले पल अनीता अपनी होंठ खोली और ज़बान निकल कर हरिया के लुंड से pre-cum चाट गयी.

अनीता वह लुंड अगले पल थोड़ा नीचे महसूस की तो वह अपनी होंठो को खोलकर लुंड के टोपे को मुंह में लेकर चूसने लगी और सही हाथ ऊपर लेजाकर पंतय में घुसकर बीच की ऊँगली अपनी छूट में घुसकर छूट का गीलापन महसूस करके उसकी आंखें फैल गयी.

अगले पल अनीता अपनी छूट के तरफ देखि तो वह पंतय के अंदर बाय हाथ घुसाई हुयी ऊँगली कर रही थी और उसे ध्यान आया की वह दये हाथ के अंगूठे को चूस रही है.

अपनी मुंह में अंगूठा देखकर अनीता को ख्याल आया की क्या चल रहा था. वह जल्दी से अपनी पंतय से हाथ निकली और मुंह से अंगूठा. वह महसूस की की उसकी छूट वाले हिस्से पर की पंतय पूरी गीली थी. उसकी पंतय का सामने का हिस्सा पूरा भीगा हुआ था. यहाँ की उसकी छूट भी नार्मल से ज़्यादा गीली थी.

अनीता को एहसास हुआ की वह सपना देखा रही है तो वह मुस्कुरा दी और खुद से boli,"main भी कैसा सपना देख रही थी" और यह बोलकर वह अपनी इंडेक्स फिंगर दांतों के बीच दबाकर मुस्कुरा दी.

वह ऊँगली को दांतों के बीच दबाई हुयी मुस्कुराकर सोचने lagi,"Bahot hi अजीब सपना tha,magar मज़ेदार था". अनीता यह सोच कर अपनी खूबसूरत दांत दिखती हुयी मुस्कुराने लगी.

वह वैसे hi ऊँगली को दांतों के बीच दबाई आगे sochi,"Hariya जी भी सपने में अपने अंदाज़ में hi थे. पूरा कॉन्फिडेंस और अपने दबंद अंदाज़ में. और उनका हथियार, उफ़ सपने में भी पूरा वैसा hi जैसा हकीकत में है, एक दम मोटा, लम्बा और तगड़ा".

अनीता यह सोच कर दांत दिखती हुयी मुस्कुरा दी. उसकी मुस्कराहट बता रही थी की उसे हरिया का लुंड सपने में भी अपने असली रूप में देखकर अच्छा लगा. फिर वह sochi,"Hariya जी तो ठीक है रामु जी को मैं क्यों देखि सपने में".

फिर उसे एक चीज़ का ध्यान आया तो वह मुस्कुराकर sochi,"Haan यह हो सकता है. आज हरिया जी जब सामान लेकर आये थे तो दूध पीने की बात कर रहे थे और उसी वक़्त रामु का भी फ़ोन आ गया था. तो शायद इसलिए सपना में लिंक हो गया क्यूंकि सपना में भी तो हरिया जी दूध की hi बात कर रहे थे तो शायद इसलिए रामु जी भी सपने में आ गए".

अनीता यह सुनकर और मुस्कुराने लगी और अपनी नज़र अपनी चूँचियों पर ले गयी तो उसे अपनी चूँचियों को देखकर गर्व हुआ. अनीता को यह भी ध्यान आया की हरिया के घर से जाने के बाद वह नाहा कर ब्रा पंतय में hi सो गयी थी.

वह दांत के बीच ऊँगली दबाकर आगे sochi,"Uff हरिया जी तो आज मेरे सपने में भी आ गए वह भी अपने असली अंदाज़ में hi. सच में कुछ तो ख़ास बात हैं उनमे. ख़ास तो है hi, इतने भरपूर और दुमदार मर्द हैं तो ख़ास कैसे नहीं हुए, और हिम्मत, सबसे ख़ास बात तो उनकी हिम्मत है. ओफ्फो हरिया जी सच में उम्म्म्म"

फिर वह sochi,"Main भी न सपना काम नहीं था की अब हरिया जी के बारे में सोचने लगी. सपना में hi उन्होंने मेरी पंतय का यह हालत कर दिया जैसा कभी नहीं हुआ था. पता नहीं हकीकत में. ओफ्फो मैं क्या सोचने लगी सच में. एक तो हरिया जी का अंदाज़ देखकर मैं भी सपने में कैसी बातें कर रही थी और अब यह सब सोचने लगी की हकीकत में क्या होगा. ओफ्फो बाद की बात बाद में. मुझे फ्रेश हो जाना चाहिए"

अनीता यह सब अपनी ऊँगली दन्त के बीच दबाई सोच रही थी और जब वह उठने लगी तो उसे एहसास हुआ की वह ऊँगली नयी हाथ का है जो उसकी पंतय में थी. अनीता को यह एहसास हुआ तो वह जल्दी से वह ऊँगली डेंटन के बीच से निकल कर boli,"yuck, मैं भी न. हरिया जी तो सच में हकीकत में मुझसे क्या करवा दिए वह भी सपना में आकर. ध्यान hi नहीं रहा की मैं क्या कर रही हूँ. ओफ्फो हरिया जी सच में हहहहए" अनीता यह सोच कर खिलखिलाने लगी हुए बीएड से उतर कर गांड मटकती हुयी आईने के पास जाकर अपनी चूँचियों और गांड को गर्व से देखि की कैसे सपने में रामु और हरिया सबसे ज़्यादा उसकी चूँचियों और गांड की hi मालिश कर रहे थे.

अपनी जिस्म को गर्व से देखने के बाद अनीता गांड मटकती हुयी बाथरूम में नहाने चली गयी. वह यह सपना जिस दिन हरिया उसके लिए ग्रोसरी का सामान लाया था और उसकी चूँचियों को मुंह में डालकर चूस रहा था उसी दिन उसके जाने के बाद जब वह नहाकर ब्रा पंतय पहने hi उस दिन हरिया का उसकी चूँचियों को मुंह में लेकर पीना और अनीता का उसके लुंड की मालिश करने को लेकर सोचते हुए hi अनीता सो गयी थी उसी सोने के टाइम वह उसका और रामु का उसकी चूँचियों में इंटरेस्ट लेना और हरिया के लुंड के जगह खुद का पुरे बदन की मालिश करना सपने में देखि. अनीता का सपना उस दिन हरिया के साथ हुयी घटना के ऊपर hi था (उसकी चूँचियाँ और मालिश के ऊपर).

थे एन्ड

ऑफ़ थिस EPISODE
 
अपडेट 81

अनीता सपना देखने वाले दिन शाम में नहाकर एक सलवार कमीज पहनकर छत पर कपडे सूखने के लिए दाल रही थी की तभी उसे पानी पूरी वाला आता दिखाई दिया. वह पानी पूरी वाले को देखकर मुस्कुराने लगी और उसकी मुंह में पानी आने लगा. पानी पूरी वाला अनीता को नहीं देखा था.

अनीता जो कमीज पेही थी वह स्लीवलेस थी जिससे उसकी गोरी बाहें दिखाई दे रही थी. साथ hi पीछे उसकी आधी पीठ नंगी थी और डोरी से बंधी हुयी थी. आगे से भी उसकी अच्छी खासी क्लीवेज और चूँचियों का ऊपर का हिस्सा साफ़ साफ़ दिख रही थी. उसकी नीचे की चूँचियाँ कमीज के अंदर तो थी मगर टाइट होने से उभर साफ़ साफ़ पता चल रहा था. दुपट्टा तो वह इस्तेमाल करती थी नहीं. उसकी बदन से बहोत hi अच्छी खुशबु आ रही थी.

पानी पूरी वाला अनीता के घर के सामने आकर थोड़ा रुक कर चिल्लाते हुए bola,"Paani पूरी, पानी पूरी" और चिल्लाते हुए hi घर के तरफ देखने लगा तो अनीता छत से hi chillai,"paani पूरी वाले रुकिएगा"

अनीता की आवाज़ सुनकर पानी पूरी वाला का ध्यान छत पर गया तो अनीता उसे मुस्कुराती हुयी देखि और boli,"Aap पानी पूरी बनाइये मैं आती हूँ".

अनीता को देखकर उसका दिल धड़क गया. बहोत दिनों बाद वह उसे दिखी थी और ऐसे छत से उसे देखकर मुस्कुराकर रुकने के लिए और पानी पूरी बनाने के लिए बोल रही थी उससे उसका मैं खुश हो गया.

साथ hi जब वह देखा की अनीता जो कमीज पहनी थी उसमे उसकी गोरी क्लीवेज और चूँचियाँ अच्छी खासी दिख रही थी तो उसका लुंड धोती में hi हिलने लगा और तनाव बढ़ने लगा. वह थूक घोंट कर bola,"Haan मेमसाहेब हम बनावट हैं".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई और चेहरे पर मुस्कराहट लिए hi सीढ़ियों से उतरती हुयी नीचे गयी. वह अपनी पर्स से पैसे निकली और गार्डन से होती हुयी मैं गेट के पास जाकर छोटा वाला गेट खोलकर थोड़ी झुककर मुस्कुराती हुयी बाहर निकली तो झुकने से उसकी क्लीवेज और ज़्यादा दिखने लगी.

पानी पूरी वाला गेट के तरफ चेहरा किये hi खड़ा होकर मसाला बना रहा था. वह अनीता को जब गेट से झुककर निकलते देखा तो उसका नज़र उसकी क्लीवेज पर गया और देखते hi लुंड धोती में तनतना गया. वह उसकी क्लीवेज देख hi रहा था की अनीता गेट से बहार आकर सीढ़ी कड़ी होकर मुस्कुराती हुयी उसे देखकर 6-7 कदम चलकर उसके पास पहुंची. अनीता के सीधा होने से वह नज़र उसकी क्लीवेज से हटाकर चेहरे पर ले गया और मुस्कुराने लगा. अनीता तब तक देख चुकी थी की वह उसकी क्लीवेज देख रहा था मगर वह इसके बारे में नहीं सोची और चुप चाप आगे बढ़कर ठेले के पास पहुंची तो पानी पूरी वाला bola,"Namaste मेमसाहेब"

अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Namaste"

पानी पूरी वाला का लुंड अनीता के पास आने से फिर से फड़फड़ाने लगा जब उसके नाक में अनीता की बदन से आ रही खुशबु घुसी. वह जोर का सांस लेकर अनीता की बदन से आ रही खुशबु सुंघा और आलू छीलते हुए puchha,"Aap कैसी हैं मेमसाहेब?"

अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Haan मैं ठीक हूँ. आप कैसे हैं?"

पानी पूरी वाला आलू छीलते हुए bola,"Hum भी अच्छा हूँ मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर puchhi,"Aap बहोत दिनों से नहीं आ रहे थे. एक बार मुझे अपना स्पेशल पानी पूरी खिलने के बाद तो आप ग़ायब hi हो गए"

पानी पूरी वाला यह सुनकर थोड़ा शर्मिंदा होते हुए bola,"Maaf कीजियेगा मेमसाहेब. वह हमार तबियत सही नहीं था तो हम नहीं आ पा रहे थे कुछ दिन से"

अनीता की चेहरे से यह सुनकर मुस्कराहट चली गयी और वह थोड़ा अफ़सोस वाला एक्सप्रेशन चेहरे पर लाकर boli,"Ohh. लेकिन इसमें माफ़ी मांगने की क्या बात है. आपकी तबियत ठीक नहीं थी तो आप कैसे आते. मैं तो इसलिए पूछी क्यूंकि मुझे स्पेशल पानी पूरी खिलने के बाद आप दुबारा आये hi नहीं तो मुझे लगा की कहीं मैंने स्पेशल पानी पूरी के काम पैसे तो नहीं दिए की आपको नुक्सान हो गया और आप आना छोर दिए इधर."

पानी पूरी वाला यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are नहीं मेमसाहेब आप तो हुंका ज़्यादा hi पैसे देती हैं. आप तो हमरे लिए ख़ास ग्राहक हो गयी हैं"

अनीता यह सुनकर अपनी सफ़ेद दांत दिखाकर मुस्कुराने लगी और मुस्कुराती हुयी puchhi,"Aese आपका तबियत अब ठीक है तो?"

पानी पूरी वाला आलू छीलते हुए bola,"Haan मेमसाहेब सब आप लोगो का दुआ है"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई और फिर जिस बर्तन में खट्टा पानी रहता है उसमे थोड़ा झुककर देखकर boli,"Aapne सब तैयार कर लिया है"

अनीता के थोड़ा झुकने से उसकी क्लीवेज फिर थोड़ा ज़्यादा दिखने लगी. यह देखकर पानी पूरी वाला का लुंड फिर से तनतना कर धोती में हिलने लगा.

वह अनीता का बात का जवाब देते हुए bola,"Haan मेमसाहेब. लेकिन आपके लिए हम बोतल वाला पानी से स्पेशल वाला खट्टा पानी बनाऊंगा"

यह बोलकर वह एक मिनरल वाटर का बोतल दिखाया तो अनीता मुस्कुराकर boli,"Are इसकी क्या ज़रूरत थी"

पानी पूरी वाला आलू छीलते हुए bola,"Are मेमसाहेब ज़रूरत कइसन नहीं है. आप तो हमरा ख़ास ग्राहक है तो ख़ास पानी होना चाहिए न"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Achha तो मैं ख़ास कस्टमर हो गयी आपकी. ऐसा क्यों?'

यह सुनकर पानी पूरी वाला थोड़ा झेंप गया और मुस्कुराकर bola,"Woh मेमसाहेब आप कितनी अच्छी हैं. आप कभी पैसे के लिए कुछ नहीं बोलती. बस मज़े से खाती हैं और जितना हम बोलत है उससे ज़्यादा hi पैसे दे डेट हैं आप"

अनीता यह सुनकर अपनी दांत दिखती हुयी बहोत hi प्यारा अंदाज़ में मुस्कुराई और boli,"Are तो आप इतना स्पेशल पानी पूरी मुझे खिलाएंगे तो दाम भी तो स्पेशल होना चाहिए. आज तो आपको यह पानी का भी अलग से पैसा लेना होगा. इसमें भी तो पैसा लगा है"

पानी पूरी वाला bola,"Are मेमसाहेब हम जो भी दाम बोलत हूँ सब लेकर hi है"

अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Theek है. लेकिन आपको यह पानी का पैसा अलग से लेना होगा. जब आपने मुझे स्पेशल कस्टमर बना लिया है और मुझे स्पेशल पानी पूरी खिलाएंगे तो पैसे भी वैसा hi लेने होंगे"

पानी पूरी वाला यह सुनकर हस्ते हुए bola,"Hahaha अच्छा ठीक है मेमसाहेब. जब आप इतना प्यार से बोल रही है तो जितना भी पैसा देंगी आप हम रख लेंगे. आखिर इतना प्यार से आप बोल रही हैं तो हम कैसे मन करे"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"To आप भी बहोत प्यार से पानी पूरी बनाइये. आपकी स्पेशल कस्टमर को खाना है"

अनीता यह बोलकर खिखिलने lagi,"Hehehe" तो पानी पूरी वाला भी है diya,"Hahaha ठीक है मेमसाहेब बहोत hi प्यास से बनावट है आपके लिए"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Tab तक मैं यह खट्टा पानी में चम्मच चलौं?"

पानी पूरी वाला "हाँ" में सर हिलाते हुए bola,"Haan मेमसाहेब जैसा आपको अच्छा लगे. आपका hi है सब"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर उसे देखकर अपनी सर हिलती हुयी खट्टे पानी में रखा चम्मच पकड़ कर थोड़ी झुककर उस बर्तन के अंदर खट्टा पानी को देखती हुयी चम्मच हिलने लगी. वह ऐसा करते हुए मुस्कुरा रही थी जैसे कितना बड़ा या मज़ेदार काम कर रही हो. अनीता की एहि खासियत थी. वह इतनी पढ़ी लिखी, अमीर और खूबसूरत होने के बावजूद भी घमंड नहीं करती थी और छोटी छोटी चीज़ों में खुशियां धुंध लेती थी.

वह मुस्कुराती हुयी वैसे hi थोड़ी झुककर चम्मच चला रही थी तो फिर से उसकी क्लीवेज और ज़्यादा दिखने लगी जिसे देखकर पानी पूरी वाले का लुंड फिर से हिलने लगा. इतनी देर से अनीता जैसी बेहद खूबसूरत और जवान औरत जो उससे उम्र में आधा थी उसकी जिस्म से आ रही खुशबु और उसकी गहरी क्लीवेज और चूँचियों का ऊपरी एक तिहाई हिस्सा देखकर उस बूढ़े पानी पूरी वाले के लुंड में भी जोश आने लगा था. उसके बूढ़ा लुंड में जवानी आने लगा था.

उससे बर्दाश्त नहीं हुआ तो वह चुप चाप बया हाथ नीचे ठेले के पीछे लेजाकर धोती के ऊपर से अपना लुंड पकड़ कर उसे थोड़ा हिलाया और फिर धोती में एडजस्ट करके हाथ ऊपर ले जाकर उसी हाथ से दूसरा आलू पकड़ कर छिलने लगा. ऐसा नहीं था की वह जान बूझकर उसी हाथ से आलू पकड़ कर छिलने लगा बिना हाथ धोये. शायद कोई और दिन होता तो वह हाथ धो लेता मगर अभी अनीता की जवानी और इतनी गहरी क्लीवेज पर hi उसका ध्यान था इसलिए उसे हाथ धोने का ख्याल नहीं आया. वहीँ अनीता इससे बेखबर चुप चाप चम्मच चला रही थी.

पानी पूरी वाला वह आखिरी आलू छिलने के बाद एक छोटा बर्तन लेकर उसमे मिनरल वाटर डालते हुए bola,"Lagta है मेमसाहेब आपको ऐसे खट्टे पानी में चम्मच चलना अच्छा लग रहा है"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर उसे देखती हुयी boli,"Haan अब चुप चाप खड़े रहने से अच्छा है एहि कर लू हेहेहे"

यह सुनकर पानी पूरी वाला भी हसने laga,"Hahaha. मेमसाहेब हम आपका स्पेशल खट्टा पानी बना डेट हैं. आप इसमें चम्मच चलिएगा तब तक हम ी आलू का मसाला बना दूंगा"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी "हाँ" में सर हिलाई तो पानी पूरी वाला मिनरल वाटर डालकर उसमे सब तरह के मसाला डालने लगा. अनीता दूसरा नार्मल पानी वाले खट्टे में चम्मच चलती हुयी अपने लिए बन रही ख़ास खट्टे पानी में पानी पूरी वाले को मसाला डालते हुए देखने लगी. अनीता का पूरा ध्यान उसी पर था वहीँ पानी पूरी वाला का ध्यान उसकी क्लीवेज की गहराई में था.

अनीता एक पल अपनी आँख ऊपर करके देखि तो उसे खुद की क्लीवेज में देखते हुए देख ली इसके बावजूद वह कुछ रियेक्ट नहीं की बल्कि उल्टा मुस्कुरा दी जब पानी पूरी वाला को एहसास हुआ की अनीता उसे देख रही है और वह थोड़ा घबरा गया. अनीता उसे मुस्कुराकर देखती हुयी boli,"Ab मैं इसमें चम्मच चलौं?"

पानी पूरी वाला bola,"Ek मिनट मेमसाहेब" और वह कुछ और मसाला भी डालने लगा. अनीता वापस बर्तन के तरफ देखने लगी. पानी पूरी वाले को थोड़ा राहत मिला यह देखकर की अनीता कुछ नहीं बोली और वह आराम से फिर से उसकी क्लीवेज को देखने लगा.

कुछ सेकण्ड्स बाद वह उसको एक दूसरा चम्मच देते हुए bola,"Ee लीजिये मेमसाहेब ीका चलकर पानी में मसाला मिलाइये"

अनीता यह सुनकर उसके तरफ देखि और मुस्कुराकर उसके हाथ से चम्मच ले ली. ऐसा करते वक़्त उसकी हाथ पानी पूरी वाले के हाथ से थोड़ा छू गयी. ऐसा होते hi पानी पूरी वाले के बूढ़े बदन में करंट जैसा महसूस हुआ और लुंड में फिर से हरकत होने लगा. वहीँ अनीता चुप चाप पानी में चम्मच चलने लगी.

पानी पूरी वाले के लुंड में जब हरकत हुआ तो वह अनीता की क्लीवेज में फिर से देखने लगा. अनीता चुप चाप चम्मच चलती हुई एक बार उसके तरफ देखि तो फिर से उसे अपनी क्लीवेज में देखते हुए देखि मगर बिना कुछ बोले वापस बर्तन में देखने लगी.

पानी पूरी वाला दये हाथ से आलू वाले बर्तन में मसाला छिड़कने लगा और बाए हाथ को नीचे लेजाकर धोती के ऊपर से लुंड मसलने लगा. वह अनीता की क्लीवेज के साथ साथ उसकी चूँचियों की उभार भी देखने लगा. अनीता की बड़ी चूँचियाँ टाइट कमीज में अपना पूरा आकर साफ़ साफ़ दिखा रही थी. पानी पूरी वाला बाये हाथ से लुंड मसलते हुए दाए हाथ में आलू पकड़ कर उसे पुरे मुट्ठी में भरकर उसका भरता बनाने लगा और मैं में आलू को अनीता की चूंकि समझने लगा जिसे वह दबा रहा हो. यह सोचते hi उसके लुंड और बदन में मज़ा भरने लगा.

कुछ सेकण्ड्स बाद अनीता वापस उसे देखि तो तब भी अपनी चूँचियों पर hi देखते पायी. वह एक नज़र आलू वाले बर्तन में दौड़ाई तो देखि की वह आलू का भरता बना रहा था. अनीता के लिए एहि काफी था की काम से काम वह उसके लिए पानी पूरी का मसाला बना रहा है और काम नहीं रोका. यह देखकर वह वापस पानी में चम्मच चलने लगी की तभी उसे ध्यान आया की उसका बाय हाथ ठेले से नीचे है तो वह वापस उसके हाथ के तरफ देखि तो हाथ को ठेले के नीचे hi पायी. हालाँकि वह हाथ नीचे क्या कर रहा था अनीता वह देख नहीं पा रही थी मगर वह कोई बच्ची नहीं थी की समझ नहीं पाए.

यह सोचते hi अनीता का दिल धड़क गया और वह एक नज़र वापस पानी पूरी वाले के चेहरे पर देखि तो उसे खुद की चूँचियों पर hi नज़र गड़ाए देखि. अनीता फिर एक नज़र आस पास दौड़ाई तो हमेशा के जैसा अपनी घर के आस पास सन्नाटा hi पायी और किसी इंसान का नामोनिशान नहीं था.

अनीता आस पास देखकर वापस ठेले के तरफ देखि hi थी की पानी पूरी वाले का आवाज़ suni,"Ka हुआ मेमसाहेब कउनो परेशानी है का?"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी "न" में सर हिलायी तो पानी पूरी वाला अपना बाय हाथ ऊपर लाकर आलू वाला बर्तन पकड़ कर डेट हाथ से आलू और मसाले को मिलाने लगा. अनीता अपनी नज़र बर्तन को पकडे उसके हाय हाथ पर ले गयी तो पानी पूरी वाला bola,"bas मेमसाहेब आपके लिए ख़ास पानी पूरी का मसाला तैयार होने hi वाला है"

वह अगले पल वही बाये हाथ को चम्मच के तरफ बढ़ाते हुए bola,"Ek मिनट मेमसाहेब ी खट्टा पानी थोड़ा सा मसाला में दाल डेट हैं"

अनीता यह सुनकर चम्मच को न छोड़ते हुए खुद अपनी हाथ से चम्मच को उसके हाथ में देती हुयी boli,"Haan लीजिये".

ऐसा करने से उसकी गोरी, मुलायम और चिकनी हाथ फिर से एक बार पानी पूरी वाले के हाथ से थोड़ी छू गयी और पानी पूरी वाले के बदन और लुंड में मज़ा का लहर दौड़ने लगा. हालांकि अनीता जान बुझ कर उसे खुद को छूने का मौक़ा देने के लिए हाथ से चम्मच नहीं दी. वह तो बस नार्मल समझ कर उसके हाथ में चम्मच दी की चम्मच उसकी हाथ में है hi तो वही पानी पूरी वाले के हाथ में दे दे. अनीता को तो यह भी नहीं पता था की उसकी हाथ को थोड़ा छूने से पानी पूरी वाला का लुंड बेचैन हो गया है. वह बस यह जान रही थी की वह उसको चूँचियों को देख रहा था और शायद देखते हुए बाये हाथ से लुंड मसल रहा था मगर अनीता को यह अलग बात लगी और छूने वाले बात का उसे ध्यान भी नहीं था और न hi वैसा सोची. उसकी चूंकि देखने वाला बात भी उसे नार्मल लगी क्यूंकि वह जानती थी की मर्द लोग उसकी चूंकि और गांड देखते hi है और मर्द होने के नाते यह नार्मल बात थी की वह लोग उसकी चूंकि और गांड देखे. हालांकि यह भी बात थी की वह पानी पूरी वाले से यह उम्मीद नहीं कर रही थी खासकर उसकी उम्र को देखते हुए मगर अब जो था सो था.

पानी पूरी वाला एक चम्मच खट्टा डालकर चम्मच अनीता को देते हुए bola,"Lijiye मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी उसके हाथ से चम्मच ले ली और फिर से उसकी हाथ थोड़ी सी पानी पूरी वाले के हाथ से छू गयी. अनीता इसके बारे में सोची नहीं और चुप चाप चम्मच पकड़ कर मुस्कुराती हुयी चलने लगी तो पानी पूरी वाला puchha,"Teekha कइसन होगा मेमसाहेब?"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Tez तीखा. आज मुझे कहीं नहीं जाना तो ऐसा तीखा होना चाहिए की मेरी आँखों से आंसू आ जाये"

पानी पूरी वाला मुस्कुराते हुए bola,"Jaisan आपका मैं मेमसाहेब" और वह हाय हाथ में हरा मिर्च लेकर काटने लगा तो अनीता को ध्यान आया की वह तो कुछ देर पहले hi वही बाए हाथ से शायद अपना लुंड मसल रहा था. शायद वह इसलिए सोची क्यूंकि वह सिर्फ अंदाजा लगा सकती थी और सच में उसे लुंड मसलते हुए नहीं देखि थी.

अनीता का दिल यह सोचकर धड़कने लगा और सांस थोड़ी तेज़ हो गयी. वह कुछ बोले या न बोले उसे समझ नहीं आया. वह तेज़ सांस लेती हुयी यह सोच रही थी की तभी वह देखि की तेज़ सांस लेने से उसकी उठती बैठती चूँचियों को पानी पूरी वाला देख रहा था और उसकी चूँचियों को देखते हुए hi मिर्च काट रहा था. अनीता अगले पल देखि की पानी पूरी वाला जितना मोर्चा तीखा होने के लिए काटना था वह काट कर उसे आलू में मिलाने लगा. अब अनीता कुछ बोलती तो फिर से आलू का मसाला बनाना पड़ता और न जाने उसे क्या हुआ की वह कुछ नहीं बोली और एक नज़र वापस पानी पूरी वाले को देखि और उसका नज़र अपनी चूँचियों पर देखती हुयी तेज़ सांस लेकर अपनी चूँचियों को उठा दी.

अनीता तेज़ सांस लेने के बाद नार्मल होकर चम्मच चलने लगी. कुछ सेकण्ड्स बाद वह देखि की पानी पूरी वाला उसकी तरफ पत्ते की कटोरी बढ़ा रहा है और वह भी बाये हाथ में पकडे हुए क्यूंकि दये हाथ में आलू का मसाला लगा हुआ था. अनीता चुप चाप वह पत्ता पकड़ ली और पानी पूरी वाला दये हाथ से पूरी में आलू और खट्टा भरकर अनीता के पत्ते में देने लगा.

अनीता पहला पानी पूरी उठाई और थोड़ी झुककर उसे मुंह में रख ली तो उसकी बदन में एक अजीब सी मज़े की लहर दौड़ गयी. पानी पूरी पिछली बार की तरह स्वादिष्ट था hi मगर साथ hi अनीता को एहसास हुआ की उसके अंदर वही मिर्च है जिसको पानी पूरी वाला अपने हाय हाथ से पकड़ कर काटा था, वही बया हाथ जिससे वह अपना लुंड मसल रहा था. अनीता को न जाने क्यों इस पानी पूरी में एक अलग hi मज़ा मिलने लगा और वह मज़े से उसे खाने लगी.

पानी पूरी वाला अनीता को देखकर puchha,"Kaisan है मेमसाहेब?"

अनीता उसे देखि और अपनी दायी हाथ से परफेक्ट का सिग्न बनती हुयी boli,"Bahot अच्छा"

पानी पूरी वाला मुस्कुराते हुए अगला पानी पूरी दिया तो अनीता उसे उठाकर फिर से झुककर उसे मुंह में रखकर मज़े से खाने लगी. तीसरी पानी पूरी अनीता उठाई तो देखि की पानी पूरी वाला उसकी क्लीवेज देखते हुए hi वापस अपना बाय हाथ नीचे ले गया. अनीता पानी पूरी मुंह में रखती हुयी थोड़ी सी और झुक गयी और पानी पूरी मुंह में डालकर एक ऐडा से पानी पूरी वाले को देखती हुयी परफेक्ट का सिग्न बनाकर मज़े से पानी पूरी खाने लगी. पानी पूरी एक नज़र उसकी चेहरे पर देखकर मुस्कुराया और फिर उसकी क्लीवेज देखने लगा.

अनीता पानी पूरी वाले को अपनी चूँचियों पर देखते हुए देखकर puchhi,"Aapko देखकर कैसा लग रहा है?"

पानी पूरी वाला यह सुनकर थोड़ा घबराकर उसकी चूँचियों से नज़र हटाया तो अनीता एक ऐडा से मुस्कुराती हुयी puchhi,"Mujhe ऐसे आपका स्पेशल पानी पूरी मज़े से कहते हुए देखकर आपको कैसा लग रहा है? आप सोच रहे होंगे की चलो मुझे आपका स्पेशल पानी पूरी पसंद तो आ गया"

अनीता यह बोलकर खिलखिलाने lagi,"Hehehe".

अनीता की बात सुनकर पानी पूरी वाले को थोड़ा राहत मिला और उसे खिलखिलाता देखकर उसे और राहत मिला और वह भी मुस्कुराकर bola,"Achha लग रहा है मेमसाहेब. आप हमरी ख़ास ग्राहक है तो आपको हमरा स्पेशल पानी पूरी पसंद आ गवा ी तो हमरे लिए खुसी की बात है"

अनीता खिलखिलाना बांध करके पानी पूरी के तरफ आँखों से एक ऐडा से इशारा करती हुयी boli,"Aur खिलाइये न"

पानी पूरी वाला घबराते हुए एक और पानी पूरी में मसाला भरकर अनीता को दिया और वह उसे उठाकर झुककर मज़े से खाने लगी. पानी पूरी वाला फिर से अनीता की चूँचियों को देखने लगा और वही अनीता उसके बाए हाथ के तरफ.

अनीता खा रही थी की तभी पानी पूरी वाला puchha,"Teekha ठीक है तो मेमसाहेब?"

अनीता यह सुनकर कहती हुयी अपनी सर हाँ में हिला दी और फिर आँखों से पानी पूरी के तरफ इशारा की. पानी पूरी वाला फिर से पानी पूरी दिया. छठा पानी पूरी खाने के बाद अनीता की आँखों से आंसूं बहने लगी और उसकी गोरी नाक लाल होने लगी. वह मुस्कुराती हुयी पानी पूरी वाले को देखि तो वह एक टिश्यू पेपर निकल कर उसे दिया. अनीता टिश्यू पेपर लेकर पानी पूरी वाले को देखती हुयी hi आंसूं पोंछी लेकिन उससे पहले एक बंध आंसूं उसकी क्लीवेज पर गिर गया.

अनीता आँखों के नीचे गाल पर पोंछने के बाद बिना शर्म के अपनी क्लीवेज भी पोछने लगी पानी पूरी वाले के सामने hi.

यह देखकर पानी पूरी वाले का लुंड फिर से तनतना गया धोती में hi और वह बया हाथ से उसे पकड़ कर थोड़ा हिलने लगा.

अनीता अपनी क्लीवेज पोंछकर आंखें थोड़ी उठाकर पानी पूरी वाले को देखि तो उसे फिर से अपनी क्लीवेज पर देखते पायी. वह मुस्कुराती हुयी boli,"Kua हुआ रुक क्यों गए आप? खिलाइये न और"

पानी पूरी वाला हड़बड़ा कर वापस पानी पूरी अनीता को दिया तो वह मज़े से खाने लगी और पानी पूरी वाला फिर से उसकी चूँचियों को देखने लगा.

अगला पानी पूरी खाने पर अनीता की आँखों से फिर आंसूं बहने लगी और दोनों आँखों से एक एक बंध उसकी चूँचियों के ऊपर टपक कर क्लीवजए की तरफ बहने लगी. उसकी नाक भी लाल हो चुकी थी.

अनीता फिर से अपनी आँख पोंछने के बाद अपनी चूँचियों और क्लीवेज को पोंछने लगी और पोंछती हुयी boli,"Bas अब और नहीं"

पानी पूरी वाला चुप चाप उसकी क्लीवेज देखते हुए bola,"Theek है मेमसाहेब. आपको अच्छा लगा तो खा कर"

अनीता अपनी क्लीवेज पोंछती हुयी boli,"Bahot मज़ा आया. सच में आपके हाथों में तो जादू है. कितना टेस्टी बनाते हैं पानी पूरी"

और फिर वह उसे देखती हुयी अपनी क्लीवेज की शुरुआत में टिश्यू पेपर से साफ़ करती हुयी puchhi,"Aur आपको कैसा लगा देखकर?"

पानी पूरी वाला हड़बड़ा कर उसकी चूँचियों से नज़र हटाया और बोलने laga,"Woh मेमसाहेब.."

जब वह आगे नहीं बोल पाया तो अनीता एक ऐडा से boli,"Haan बोलिये जो देख रहे हैं आप वह देखकर कैसा लग रहा है. मुझे ऐसे मज़े से आपका स्पेशल पानी पूरी खाते देख रहे थे आप वह देखकर कैसा लगा आपको?"

पानी पूरी वाला यह सुनकर थोड़ा फिर से राहत महसूस करके मुस्कुराते हुए bola,"Humka भी देखकर बहोत मज़ा आया मेमसाहेब"

अनीता मुस्कुराती हुयी अपनी क्लीवेज पोंछने के बाद boli,"Chaliye अच्छा है की आपको भी मज़ा आया".

अनीता वह टिश्यू पेपर और पत्ते की कटोरी फेंकने के लिए इधर उधर देखने लगी तो पानी पूरी वाला bola,"Humka दीजिये मेमसाहेब" तो अनीता दोनों उसे दे दी.

पानी पूरी वाला पत्ता ठेले से लटके गार्बेज बैग में दाल दिया मगर टिश्यू पेपर ठेले पर hi रहने दिया. अनीता एक नज़र टिश्यू पेपर पर डाली और फिर 100 रुपये उसे दे दी.

अनीता पैसे देने के बाद boli,"Achha चलती हूँ. इतना टेस्टी पानी पूरी खिलने के लिए थैंक यू"

पानी पूरी वाला 20 रुपये वापस करते हुए bola,"Are मेमसाहेब थेंकु तो हुंका आपको बोलन चाहिए की आपको हमरा पानी पूरी पसंद आ गवा. ी लीजिये छूटा पैसा"

अनीता मुस्कुराती हुयी उसे boli,"Are 8 पानी पूरी के 80 रुपये और 20 रुपये पानी के बोतल का. भूल गए मैंने कहा था की पानी के भी पैसे मैं दूंगी"

पानी पूरी वाला शर्मिंदा होकर मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहेब कहे हुंका शर्मिंदा कर रही हैं आप"

अनीता मुस्कुराती हुयी थोड़ी नाराज़गी जताकर boli,"Offo चलिए रखिये आप इसे. इसमें शर्मिंदा होने की कोई बात नहीं है. आप इतने प्यार से इतना टेस्टी पानी पूरी खिलाये हैं, वह भी स्पेशल पानी पूरी तो दाम भी स्पेशल होना चाहिए. रखिये आप इसे"

पानी पूरी वाला मुस्कुराकर वह पैसा रख लिया तो अनीता boli,"Achha मैं चलती हूँ. आपको भी लेट हो रहा होगा"

अनीता यह बोलकर घूमकर गांड मटकती हुयी जाने लगी. पानी पूरी वाला अनीता की गहरी क्लीवेज और चूँचियों का उभर तो देख hi चूका था अब वह उसकी अध् नंगी पीठ और उसके नीचे बड़ी गांड को मटकते देखने लगा और यह देखकर उसका लुंड फिर से धोती में बेचैन होने लगा. वह अनीता को देखते हुए अपने धोती के ऊपर से hi लुंड को पकड़ कर हिलने लगा.

अनीता गेट के पास पहुंची तो छोटे वाले गेट में एक ऐडा से झुककर गेट के अंदर घुसी जिससे उसकी गांड बाहर के तरफ उभर गयी. यह देखकर पानी पूरी वाले का लुंड और बेचैन हो गया. अनीता गेट के अंदर घुसकर झुककर घूमी तो उसे वह टिश्यू पेपर नाक के पास रखकर सूंघते देखि मगर वह उसे देखते hi घबराकर उसे मुठी में भरकर हाथ नीचे कर लिया और चुपके से टिश्यू पेपर ठेले पर रख दिया.

अनीता मुस्कुराकर झुककर उसे देखती हुयी अपनी हाथ हिला कर उसे bye की. यह देखकर पानी पूरी वाला खुश हो गया और मुस्कुराकर दये हाथ से उसे bye किया. अनीता इस बीच अपनी नज़र नीचे करके ठेले के नीचे देखि तो उसका अंदाजा सही निकला. वह देखि की पानी पूरी वाला बाये हाथ से अपना लुंड मसल रहा था. अनीता की चेहरे पर न जाने क्यों यह देखकर गर्व का भाव आ गया और वह अपनी आँख ऊपर करके देखि तो उसे अपनी क्लीवेज में देखती पायी. अनीता उसे देखकर मुस्कुराई और गेट बांध करके घर के तरफ जाने लगी. उसे ध्यान आया की सिर्फ मिर्च hi नहीं, आलू भी तो वह बाए हाथ में पकड़ कर छील रहा था. यह सोचते hi अनीता की दिल धड़क गयी और सांस तेज़ हो गयी. साथ hi न जाने क्यों उसकी गांड की नाटक बढ़ गयी और वह गांड मटकती हुयी घर में चली गयी. उसकी जवान बदन में ऐसा लग रहा था जैसे आज आग लगी हो. वह रात में खाना बनाने के बाद अच्छे से तैयार होकर अपने पति का इंतज़ार करने लगी.
 
अपडेट 82

"ुह्ह्हम्म आआह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्हह उफ्फ्फ्फ़ आअह्ह्ह्ह हाँ हर्डर जान, फ़क मेर हर्डर उफ्फ्फ्फ़ गिव आईटी तो में baby".Anita बिस्तर पर पूरी नंगी होकर टांगें फैलाई हुयी लेती थी और उसका पति भी पूरा नंगा हुए उसकी टांगों के नीचे आकर उसकी छूट में अपना लुंड घुसाए कमर हिलाकर छोड़ रहा था. अनीता अपनी टांगें उसके कमर में लपेटे अपनी दायी हाथ उसके पीठ पर और बायीं हाथ उसके बालों में फिरती हुयी आहें भर्ती हुयी गन्दी बातें करके उसे जोश दे रही थी.

राज भी हफ्ते हुए अपनी बीवी की आहें और गन्दी बात सुनकर जितना जोश में हो सकता था उतना जोश में कमर हिला कर उसे छोड़ रहा था.

रात में जब राज घर आया तो थका हुआ था. अनीता का दिल कर रहा था की वह उसे अच्छे से चोदे मगर वह थका हुआ था तो अनीता खुद उसे अपनी अदाओं से रिझाने लगी और आख़िरकार राज अपनी खूबसूरत और कामुक बीवी की अदाओं को देखकर उसे चूमने लगा और बाद में छोड़ने लगा.

राज लगभग 5 मिनट से अनीता को छोड़ रहा था और अनीता का दिल करने लगा की राज उसे घुमा कर डोगग्य स्टाइल में उसकी गांड पकडे हुए चोदे मगर राज अगले एक मिनट में मिशनरी में छोड़ते हुए hi जहर गया और अपने चेहरे को अनीता की कंधे पर रखकर जोर जो से सांस लेने लगा.

अनीता चुप चाप चेहरे पर उदासी का भाव ली हुयी छत पर देखने लगी की तभी उसे हरिया के लुंड का ख्याल आया की उसका लुंड कितना बड़ा, मोटा और तगड़ा है और न चाहते हुए भी उसके लुंड का ख्याल आते hi अनीता अपनी ज़बान को एक बार होंठ पर फेरकर निचली होंठ को दांत के नीचे दबा दी और हरिया के लुंड के बारे में सोचने लगी.

एक मिनट बाद राज जब अपना चेहरा उसकी कंधे से हटाया तो अनीता की और देखकर bola,"I ऍम सॉरी जान. ी क्नोव थोड़ा जल्दी हो गया बूत मैं थका हुआ था आज"

अनीता यह सुनकर हल्का मुस्कुरा तो राज उसकी होंठों को चूमने लगा. जवाब में अनीता भी अपने पति के होंठो को चूमने लगी. दोनों पति पत्नी लगभग 25-30 सेकण्ड्स तक एक दूसरे के होंठों को चुने और उसके बाद राज अपनी पत्नी की आँखों में देखकर गुड नाईट बोलकर उसकी बगल में ढेर हो गया.

अनीता एक नज़र अपने पति को देखि जो उसके बगल में आँख बांध किये लेता हुआ था. फिर वह अपनी नज़र उसके टांगों के बीच लेजाकर उसके मुरझाये लुंड को देखि जो की मुरझाने से छोटा हो गया था और तभी अनीता की सोच में हरिया का लुंड आ गया की खड़ा हुए बिना भी उसका लुंड कितना बड़ा और मोटा लगता है और खड़ा होने पर तो अलग hi बात थी. अनीता एक पल के लिए हरिया के लुंड के बारे में सोचकर अपनी सर झटक कर उसके लुंड के बारे में सोचना बांध करने की सोच कर अपने पति के लुंड से नज़र हटाई और उठकर वाशरूम में जा कर खुद को साफ़ करके वापस आ गयी.

वह छत पर देखती हुयी फिर से हरिया के लुंड के बारे में सोचने लगी और न चाहते हुए भी उसकी ज़बान उसकी होंठों पर आ गयी और वह एक बार होंठों को गीला करके दांतों के बीच दबा ली. अनीता ऐसे hi हरिया के लुंड के बारे में सोचती हुयी सो गयी.

अगले दिन अनीता खुद का ध्यान यह सब से हटाने के लिए घूमने चली गयी और लंच भी बाहर रेस्टोरेंट में hi की. साथ hi वह कुछ कपडे और बाकी चीज़ों की शॉपिंग भी की.

अनीता शाम के 6 बजे के करीब शॉपिंग करके ऑटो से स्टैंड पहुंची. वह घूमने गयी थी तो सनग्लास पहनी थी लेकिन शाम में उसे अपने बालों पर चढ़ा ली थी. कोई भी उसे देखकर कह सकता था की वह अमीर घर की पढ़ी लिखी औरत है.

वह ऑटो से उतर कर अपने घर के तरफ जाने वाले गली के तरफ आगे बढ़ी hi थी की उसे थोड़ी दूर पर एक पान दुकान पर हरिया खड़ा dikha.Hariya पान मुंह में ठूंस कर अपने हाथ को अपने कंधे पर लटके गमछे में पोंछकर वहां से जाने laga.Anita एक पल के लिए उसे जाते देखि और फिर वापस घूम कर घर के तरफ चलने लगी.

अनीता 30 सेकण्ड्स तक चलकर आगे बढ़ी hi थी की पीछे से उसे एक आवाज़ सुनाई diya,"memsaahab".

अनीता यह आवाज़ सुनकर पीछे घूमी तो हरिया को पीछे से आते हुए dekhi.Hariya पान चबाता हुआ मुस्कुराते हुए उसके पास आया तो अनीता मुस्कुराती हुयी poochhi,"are हरिया जी आप?".

हरिया पान चबाते हुए hi bola,"haan मेमसाहब हम". हरिया फिर एक नज़र अनीता की जिस्म को गन्दी नज़र से देखने लगा तो अनीता चुप चाप कड़ी हुयी आस पास देखि तो वह ऑटो स्टैंड से अपने घर जाने वाले रास्ते में इतना अंदर आ चुकी थी की कोई सही से उसे देख नहीं सकता था. ऊपर से उस रास्ते में अँधेरा था.

हरिया अनीता की जिस्म को देख रहा था तो वह मुस्कुराती हुयी poochhi,"Kya बात है हरिया जी आप इस वक़्त और इधर?".

हरिया मुस्कुराते हुए bola,"haan मेमसाहब. कहे हम इधर नहीं आ सकते क्या?".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"off हो हरिया ji,mera मतलब वह नहीं hai.Aapka मर्ज़ी आपको जहाँ जाना है jaiye.Main तो बस आपको इधर नोर्मल्ली कभी देखि नहीं और ख़ास कर इस वक़्त इसलिए पूछ रही हूँ. हमेशा मेरी ज़रूरत के हिसाब से घर आये हैं लेकिन ऐसा ऑटो स्टैंड पर कभी दिखे नहीं".

हरिया साइड में पान थूक कर गमछा से अपना मुंह पोंछकर मुस्कुराते हुए bola,"Haan मेमसाहब बिना काम के हम इधर आते नहीं हैं. आज एक काम से इधर आये थे तो ऑटो पकड़ने से पहले सोचे पान खा ले. पान खा कर जा hi रहे थे तो आप दिख गयी. आपके नाज़ुक हाथों में यह थैला देखा तो हम सोचे की हमरा होते हुए हमरी प्यारी मेमसाहब को थैला उठाने परे यह हमसे बर्दाश्त नहीं होगा. इसलिए हम आ गए की आपकी मदद भी कर दूंगा और साथ में आपसे मिल भी लूंगा".

अनीता हरिया को थूकते हुए देखि. आमतौर पर अनीता किसी को ऐसे थूकते हुए देखकर घृणा से उसे देखती थी. उसे यह सब पसंद नहीं था. मगर हरिया का बात अलग tha.Use न जाने क्यों हरिया के इस तरह का आदत में कोई बुराई नहीं लगता था.

वह मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप भी न. मेरी तारीफ करने से बाज नहीं आएंगे. हाथ तो हाथ होता है."

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"nahin मेमसाहब बिलकुल बाज नहीं aayenge.Hum तो सिर्फ सच बोलता hun.Ab सच बोलने से आपकी तारीफ हो जाये तो ठीक है वही सही."

अनीता यह सुनकर खिलखिलाने लगी "हेहेहे हरिया जी आपसे तो बातें बनाने में कोई जीत नहीं सकता"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Dijiye मेमसाहब हम थैला आपके घर तक पहुँचाने में मदद करते हैं".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"are नहीं हरिया जी इसकी कोई ज़रुरत नहीं. मैं उठा सकती हूँ".

हरिया यह सुनकर पान थूककर मुंह को गमछे में पोंछकर अनीता की जिस्म को गंदे तरीके से देखकर वापस उसकी चेहरे पर देखकर उसकी कमर में हाथ डालकर उसे सहलाते हुए हाथ नीचे लेजाकर उसकी गांड मसलते हुए bola,"kaa हुआ memsaahab?Humse कउनो ग़लती हुआ है का जो आप हमसे मदद नहीं करवाना चाहती".

अनीता यह सुनकर हरिया के थोड़ा करीब आयी और अपनी चूंकि को थोड़ा सा आगे के तरफ करके हरिया के शर्ट से झांकते पसीना से चमकते हुए उसके छाती पर हाथ रखकर boli,"are नहीं हरिया जी कैसी बात कर रहे हैं आप. मुझे तो ख़ुशी है की इस नए शहर में मेरी मदद करने के लिए कोई hai,aur वह भी आप जैसा मर्द. मैं तो बस सोच रही थी की आप काम करके थक गए होंगे, आपको आराम की ज़रुरत होगी"

हरिया यह सुनकर अनीता की जिस्म को एक बार फिर से ऊपर से नीचे देखकर उसकी आँखों में देखते हुए गांड दबाकर bola,"are नहीं memsaahab,itna भी नहीं थके हैं की आपकी मदद नहीं कर सके. हमरे अंदर इतना दम है की हम आपका मदद कर सके. बस बोलकर तो देखिये की आपको हमसे मदद करवाना है या नहीं"

अनीता यह सुनकर एक पल के लिए मैं रोड (ऑटो स्टैंड के तरफ) के तरफ देखकर अपने मोबाइल में देखि. शाम के 6:15 बज रहा था. वह टाइम देखने के बाद हरिया को देखती हुयी उसके सीने को सहलाती हुयी boli,"Haan हरिया जी मैं चाहती हूँ की आप मेरी मदद करे, वह भी हर तरीके से मदद करे. मगर शाम का वक़्त हो गया है न. आप समझ तो रहे होंगे"

हरिया यह सुनकर उसकी गांड दबाते हुए bola,"Haan साहेब का आने का वक़त हो गया है. लेकिन कउनो बात नहीं मेमसाहेब. हम दरवाज़े तक छोर डेट हूँ. और साहेब तो इहे रास्ते से आएंगे. हम आपको दूसरे रास्ते से ले चालत हूँ. साहेब गाडी से आएंगे तो हुंका पता चल जायेगा लेकिन हुंका वह देख नहीं पाएंगे"

अनीता का दिल यह सुनकर धड़क गया. वह एक नज़र ऑटो स्टैंड के तरफ देखि और फिर कुछ सोचकर boli,"Hariya जी रहने दीजिये. आप बेवजह का परेशान हो रहे हैं. मैं बाजार में आउंगी तो वहां मदद कर दीजियेगा. अभी मैं यह बैग्स खुद से ले जा सकती हूँ"

हरिया यह सुनकर उसकी गांड को दबाकर bola,"Are मेमसाहेब जब हम साथ हूँ तब आपका हाथ में ी बैग नहीं" फिर वह अनीता की बायीं हाथ पकड़ कर पंत के ऊपर से अपने लुंड पद रख कर bola,"Ee होना चाहिए. बैग तो पकड़ने के लिए हम हूँ hi"

अनीता का दिल हरिया का बात सुनकर और उसके लुंड पर हाथ पड़ने से धड़क गयी. हरिया अगले पल bola,"Baaki आपकी मर्ज़ी मेमसाहेब. हम तो बस आपका हर तरह से सेवा और मदद करना चाहता हूँ."

अनीता यह सुनकर एक तेज़ सांस ली और उसके लुंड को पंत के ऊपर से अपनी मुट्ठी में भरकर हिलती हुयी उसके और करीब होकर अपनी चूँचियों को उसके सीने से सटाकर उसके आँखों में देखती हुयी boli,"Haan हरिया जी सही कह रहे हैं आप. जब आप जैसे मर्द मेरी सेवा और मदद करने के लिए हैं तो फिर मैं सेवा और मदद क्यों न करवाऊं. चलिए हरिया जी मुझे घर तक छोर दीजिये"

हरिया यह सुनकर अनीता की आँखों में देखते हुए bola,"Jaisi आपकी मर्ज़ी मेमसाहब".

हरिया अनीता की हाथ से थैला ले लिया और दोनों अनीता की घर के तरफ चल दिए. थोड़ा आगे जाने पर एक रोड से सटे बाउंड्री से घिरे प्लाट में एक छोटा सा जगह गेट लगा था जैसा पार्क वगैरह में होता है. वह प्लाट भी राज जिस कंपनी में काम करता था उसी का था. वहां आसपास सब ज़मीन उसी कंपनी का था. हरिया अनीता की गांड पकडे bola,"Idhar चलिए मेमसाहेब"

अनीता चुप चाप हरिया के साथ वह गेट से होती हुयी बाउंड्री के अंदर घुस गयी. वह बाउंड्री के किनारे किनारे पतला कंक्रीट का रास्ता था और सड़क के लाइट से हल्का हल्का रौशनी आ रही थी. अंदर घुसते hi हरिया अनीता की गांड को जोर से मसलने लगा तो अनीता उसे देखि तो वह मुस्कुरा दिया और उसे अपने करीब खिंच कर अपने से चिपका लिया.

अनीता अपनी चेहरे पर गर्व का भाव लायी हुयी उसे देखि तो वह bola,"Uff मेमसाहेब का गांड है आपका"

अनीता यह सुनकर बिना शर्म के हरिया को देखती हुयी boli,"Hariya जी?"

हरिया मुस्कुराते हुए bola,"Sach में मेमसाहेब. आपका गांड देखकर और छूकर तो हमरा लौड़ा बेचैन हो जाता है. देखिये न"

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके हरिया के तरफ देखती हुयी boli,"Offo हरिया जी" और आस पास देखि तो हरिया bola,"Are कउनो नहीं है मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर उसके आँखों में देखि तो वह अपने लुंड के तरफ आँखों से इशारा किया तो अनीता बिना शर्म के उसके पंत के ऊपर हाथ रखकर उसका लुंड पर फिरै.

हरिया अनीता से puchha,"Hai न हमरा लौड़ा बौखलाया हुआ?"

अनीता बेशर्मी से हरिया को देखती हुयी उसके लुंड को पकड़ कर हिलती हुयी गर्व से boli,"Hariya जी आपका तो हथियार हर वक़्त बौखलाया hi रहता है"

हरिया यह सुनकर उसकी गांड को मसलते हुए bola,"Are मेमसाहेब वह लौड़ा hi का जो बौखलाए नहीं. लेकिन हमरा लौड़ा तो आपको देखकर और बौखला जाता है. खासकर जब आपकी हिलती हुयी गांड देखता है तो"

अनीता यह सुनकर आँखें बड़ी करके हरिया को देखती हुयी boli,"Hariya जी ओफ्फो"

हरिया यह सुनकर दांत दिखते हुए मुस्कुराया और फिर नज़र पीछे लेजाकर उसकी गांड को देखते हुए उसे पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Uff मेमसाहेब कितना कातिल गांड है आपका. हमरा लौड़ा का तो एक दम हाल बेहाल कर दिया"

अनीता जब हरिया को ऐसे पीछे अपनी गांड को देखते हुए हिलाते देखि तो वह अपनी गांड की मटक बढ़ा दी. हरिया उसकी गांड की मटक देखते हुए bola,"aaye हाय मेमसाहेब उफ़ क्या गांड है. ऐसे hi मटका कर चलिए"

अनीता अपनी चेहरे पर गर्व का भाव लिए अपनी गांड मटकती हुयी चलने लगी और हरिया उसकी गांड को देखते हुए हिलाते हुए चलने लगा.

अनीता वैसे hi अपनी गांड मटकती हुयी चलती हुयी हरिया का लुंड हिलती हुयी boli,"Hariya जी यह तो पार्क जैसा hi लग रहा है"

हरिया यह सुनकर bola,"Haan मेमसाहेब इसमें परक hi बना था मगर इस्तेमाल न होने से ऐसे hi पड़ा हुआ है, मगर एक काम में इस्तेमाल होता है"

अनीता हरिया का लुंड हिलती हुयी puchhi,"Kis काम में?"

हरिया अनीता की गांड मसलते हुए bola,"Sasura पियक्कड़ लोग का कभी कभी अड्डा बन जाट है. मगर इधर नहीं उधर दूर वाले कोने में"

अनीता दूसरे तरफ देखि तो अँधेरा था. हरिया उससे bola,"Are रात में आवत है सब. ससुरा अइसन जगह में ु भिखारी लोग hi दिन भर भीख मांग कर उस पैसा से शराब खरीद कर पीने आवत है"

अनीता यह सुनकर चुप चाप हरिया का लुंड हिलती हुयी चल रही थी. थोड़ा आगे दोनों गए तो हरिया bola,"memsaheb आपको हमरा लौड़ा पसंद नहीं आवत है का?".

अनीता का दिल यह सुनकर धड़क गया. वह धड़कते दिल से बेशर्मी से हरिया के तरफ देखकर boli,"Offo हरिया जी अब क्या हो गया?"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"memsaheb अगर आपको हमरा लौड़ा पसंद है तो बाहर निकल कर उसे प्यार कीजिये न. इहाँ कौन देखने वाला है"

अनीता यह सुनकर एक ऐडा से हरिया को देखकर boli,"Hariya जी आप भी बस बातें बनाते हैं" और फिर उसका पंत का ज़िप खोलकर उसके पंत के अंदर हाथ डालकर उसके लुंड को बाहर निकल कर उसे हिलने लगी.

थोड़ा आगे जाने के बाद हरिया एक दूसरे छोटे से गेट के पास से बाहर निकल गया. अनीता देखि की वह उसके घर से बाये तरफ जाने वाली एक सड़क जिधर से पानी पूरी वाला आकर ऑटो स्टैंड के तरफ जाता था उस सड़क पर निकली. वह सड़क बहोत काम इस्तेमाल होता था तो उस सड़क के किनारे की लाइट बहोत धीमी थी और कोई आने जाने वाला भी नहीं था. हरिया अनीता की गांड पर हाथ रखे उसकी घर के तरफ चलने लगा.

अनीता एक नज़र आस पास दौड़ाई तो कोई नहीं था. वह वैसे hi हरिया का नंगा लुंड पकडे हुए उसे हिलती हुयी घर के तरफ जाने लगी. उसे बहोत hi मज़ा आ रहा था इसमें. एक अलग hi एडवेंचर महसूस हो रहा था. ऐसे सुननसँ जगह का उसे अपना अलग hi फायदा दिख रहा था आज की वह बेझिझक हरिया के साथ उसका लुंड हिलती हुयी, उसके लुंड का सख्ती महसूस करती हुयी आराम से चल सकती थी और साथ hi हरिया के कठोर मरदाना हाथ को अपनी मुलायम गांड पर महसूस कर सकती थी.

दोनों अनीता के घर तक पहुँच चुके थे. अनीता मैं गेट को खोलने लगी और खोलती हुयी हरिया से puchhi,"Aese हरिया जी आप इधर से जा रहे थे या आपको मेरी मदद करने का दिल कर रहा था इसलिए आप आये इधर."

हरिया अनीता की कमर पीछे से पकड़ कर उसपर दबाओ बनाया तो अनीता एक नज़र ऑटो वाले रास्ते के तरफ देखकर अपनी गांड को हरिया के तरफ उभर दी.

हरिया अनीता की गांड से अपना लुंड सटाकर हल्का धक्का लगते हुए bola,"Memsaahab मेरा तो हर वक़्त आपकी मदद करने का दिल करता hai,lekin इसका मतबल ी नहीं की हम अपना मर्ज़ी से कभी भी आकर आपको किसी तरह का परेशानी होने dun.Woh तो बस इहाँ से जा रहे थे तो आप दिख gayi.Shayad ऊपर वाला खुद चाहता है की हम आपका इस शहर में ख्याल रखूं इसलिए मुलाकात हो जाता है"

अनीता ताला खोलकर सीधे होकर वापस हरिया के तरफ घूमकर उसके सीने के बाल पर हाथ फिरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Pata नहीं हरिया जी. लेकिन सच में कहीं भी हो आप मेरी मदद करने ज़रूर पहुँच जाते हैं"

हरिया यह सुनकर उसकी चूंकि को देखने लगा. अनीता उसका नज़र अपनी चूँचियों पर पड़ने से चुप चाप कड़ी रही. हरिया उसकी चूँचियों को देखने के बाद उसकी बातो चूंकि को मुठी में भरकर bola,"Are मेमसाहेब आपके जइसन जवान औरत को हमरे जइसन मरद का इहाँ ज़रूरत है इसलिए ऊपर वाला मौक़ा डेट है मिलने के लिए"

फिर वह अनीता की चूंकि से नीचे हाथ उसकी कमर, गांड और फिर वापस चूंकि पकड़ते हुए bola,"Uff मेमसाहेब अइसन जवानी में आपको हमरा जइसन मरद का मदद का तो ज़रूरत पड़ेगा hi. साहेब तो काम में बिजी रहते हैं तो कोई तो चाहिए आपका ी जवानी का ख्याल रखने के लिए"

अनीता का दिल यह सुनकर धड़क गया और वह धड़कती दिल से बिना शर्म के हरिया के आँखों में देख रही थी की तभी हरिया झुककर उसकी ब्लाउज के ऊपर से उसकी दायी चूंकि मुंह में भरकर चूसने लगा.

ऐसा होने से अनीता जल्दी से आस पास देखकर हरिया से boli,"Hariya जी क्या कर रहे हैं आप. उहहं खुद को सम्भालिये"

हरिया यह सुनकर भी अनीता की चूंकि से मुंह नहीं हटाया बल्कि अनीता की गांड से ऊपर उसकी नंगी पीठ पर हाथ लेजाकर उसकी पीठ पर दबाओ बनाकर अनीता को अपने और करीब खींचकर उसकी चूँचियों को और ज़्यादा मुंह में भरकर चूसने लगा.

अनीता एक नज़र फिर से आस पास दौड़ाई. वह देखि की आस पास पूरा सन्नाटा है और थोड़ा अँधेरा भी है. ऑटो स्टैंड इतना दूर था की कुछ दिखाई नहीं देता वहां से तो वह अपनी दायी हाथ हरिया के सर पर रखकर अपनी सीने को थोड़ा और आगे कर दी. हरिया उसकी चूंकि को और मुंह में भरकर चूसने लगा. वह दये हाथ से अनीता की बातो चूंकि को मुट्ठी में भरकर मसल रहा था.

अनीता अपनी हाथ नीचे लेजाकर उसके लुंड को भी हिलने लगी. लगभग एक मिनट बाद अनीता फिर से boli,"Hariya जी हो गया"

हरिया उसके 10 सेकण्ड्स बाद उसकी दायी चूंकि को मुंह से निकला और फिर वैसे hi झुके हुए उसकी नयी चूंकि को मुंह में भर लिया. अनीता कुछ नहीं बोली और उसके बालों में ऊँगली फिरती हुयी अपनी बायीं चूंकि को थोड़ा आगे कर दी. हरिया बाये हाथ से उसकी दायी चूंकि को मसलने लगा. अनीता की दायी चूंकि के ऊपर का ब्लाउज थोड़ा भींग चूका था.

अगले एक मिनट तक हरिया अनीता की चूंकि को मुंह में भरे चुस्त और थोड़ा दांत काटते रहा वह भी ब्लाउज के ऊपर से और अनीता चुप चाप उसके बालों में उँगलियाँ फिरती हुयी अपनी चूंकि को उसके मुंह में पुश कर रही थी.

हरिया उसकी चूंकि मुंह से निकल कर खड़ा होकर उसे देखा तो अनीता उसके बालों में उँगलियाँ फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी अब मुझे जाना चाहिए". वह उसका लुंड भी छोड़ दी थी.

हरिया यह सुनकर "हाँ" में सर हिलाते हुए उसकी जिस्म को देखा और फिर बाये हाथ से उसकी दायी चूंकि और दये हाथ से उसकी गांड को मसलते हुए bola,"Haan मेमसाहेब साहेब का आने का वक़त हो गवा"

हरिया अनीता की गांड मसलते हुए bola,"Sach में मेमसाहेब, साहेब काटना किस्मत वाले है जो आपके जइसन अटना खबसूरत और ु अंग्रेजी में कहत है न सेक्सी, हाँ सेक्सी बीवी मिली".

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके मुस्कुराती हुयी हरिया को देखकर boli,"Hariya जी अब बस भी कीजिये".

हरिया मुस्कुराते हुए bola,"Maaf कीजियेगा मेमसाहेब, मगर जो सच है यही हम बोलत हूँ".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Theek है हरिया जी. मगर अब बस भी कीजिये. फिर से मेरी तारीफ करने लगे".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए उसकी गांड दबाकर bola,"Are मेमसाहेब तो का हुआ. आप है hi तारीफ के लायक".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी उसके सीने पर हाथ रखकर कामुकता से उसे देखि तो वह अनीता की गांड के तरफ देखते हुए उसे हिलाते हुए bola,"Uff मेमसाहेब सच में एक दम मस्त गांड है आपका".

अनीता को हरिया के मुंह से गांड शब्द सुनने में अब कोई बुराई नहीं लग रही थी और नहीं उसका ऐसे उसकी गांड हिलाते हुए गांड देखना. वह बेशर्मी से हरिया को देख रही थी जिसका नज़र उसकी गांड पर था.

हरिया उसे हिलाते हुए bola,"Sach में मेमसाहेब साहेब काटना किस्मत वाले हैं की वह रोज़ आपका ी gaand,u भी नंगा देखते हुए छोड़ते होंगे. आपका गांड हिलते हुए देख उनको तो छोड़ने में औरो मज़ा आता होगा और वह तो रोज़ आपको छोड़ते होंगे".

अनीता जानती थी की हरिया हिम्मत वाला है और खुल कर बोलने में झिझकता नहीं है मगर वह इस बात का उम्मीद नहीं कर रही थी की वह उसकी चुदाई का बात करेगा वह भी अपने पति से. अनीता की सांस और धड़कन यह सुनकर तेज़ हो गयी.

अनीता उसका बात सुनकर जल्दी से आस पास देखि और हरिया का ऐसा बात बोलने के बावजूद भी बिना शर्म के हरिया के आँखों में देखती हुयी तेज़ सांस से धीरे से boli,"Hariya जी आप भी न क्या क्या बोलते हैं. ऐसे कोई बोलता है क्या?"

हरिया अनीता की गांड दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब माफ़ कीजियेगा लेकिन का है की आप है hi ऐसी की ससुरा कउनो भी आपको छोड़ना चाहेगा इसलिए हुंका लगा की आप तो साहब की बीवी है तो वह तो रोज़ ज़रूर छोड़ते होंगे आपको इसलिए हम ऐसा पूछा हूँ. अगर ग़लत बोलै हूँ तो माफ़ कर दीजिये हुंका मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर आस पास देखि और हरिया के आँखों में देखती हुयी उसके सीने पर हाथ फेरती हुयी बेशर्मी से boli,"Hariya जी माफ़ी मांगने की कोई ज़रूरत नहीं है. लेकिन यह तो मेरी पर्सनल बात है न. ऐसे आप अचानक से यह सब बोल दिए वह भी ऐसे खुले में".

अनीता यह बोलते हुए एक नज़र आस पास दौड़ाई. हरिया यह सुनकर अनीता की गांड मसलते हुए bola,"Are मेमसाहेब अब का करे आपको देखकर जो हमरा मैं में आता है बोल डेट हैं. हम तो कउनो बात को घुमा फिरा कर नहीं बोलत हूँ आप तो जानत है हुंका".

अनीता यह सुनकर हरिया को देखकर उसके शर्ट से झांकते सीने पर हाथ फेरती हुयी boli,"Are कोई बात नहीं हरिया जी. अब माफ़ी मांगने की क्या बात है. सच में आपका यह सीधा बात बोलना hi तो आपको ख़ास बनता hai,lekin यह बात कोई बोलने की बात है?".

हरिया यह सुनकर उसकी गांड दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब तो साहेब तो आपके पति है तो वह तो छोड़ते hi होंगे न आपको. मरद और औरत के बीच चुदाई होना कउनो ग़लत बात है ka?Eeme ग़लत कौन सा बात है. मेमसाहेब बोलिये न की साहेब आपको रोज़ छोड़ते हैं तो पीछे से आपकी नंगी गांड को देखते हुए".

अनीता यह सुनकर उसका सीना सहलाती हुयी boli,"Offo हरिया जी प्लीज यह मेरी पर्सनल बात है न. यह सब कोई बोलने की चीज़ है".

हरिया यह सुनकर उसकी गांड दबाते हुए bola,"Haan मेमसाहेब. माफ़ कर दीजिये हुंका. लेकिन ी बात तो हम पक्का कह सकत हूँ की साहेब आपको रोज़ पीछे से छोड़ते होंगे"

फिर वह अनीता की गांड को हिलाते हुए bola,"aur आपकी ी बड़ा गांड को नंगा हिलते हुए देखकर तो वह और जोश में आपको छोड़ते होंगे. सच में साहेब को कितना मज़ा आता होगा रोज़ आपको छोड़ने में. वह अपना लौड़ा आपके अंदर घापा घापा अंदर बाहर करके खूब रोज़ रात छोड़ते होंगे आपको".

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके बेशर्मी से हरिया के आँखों में देखती हुयी उसके सीने को सहलाती हुयी boli,"Offo हरिया जी. बस भी कीजिये. वही बात बोले जा रहे हैं आप"

हरिया यह सुनकर bola,"Aese मेमसाहेब अगर आपको बुरा न लगे तो हम एक बात कहना चाहता हूँ".

अनीता का हरिया का ऐसे पूछने से अंदाज़ा लग गया की वह कोई गन्दा बात hi करेगा मगर उसे कोई ऐतराज़ नहीं था तो वह उसका सीना सहलाती हुयी boli,"Haan हरिया जी बोलिये न".

हरिया उसकी गांड हिलाते हुए bola,"Aapka ी गांड जब भी हम देखत हूँ हमरा मैं करता है की आपको झुका कर पीछे से आपको छोडूं. हम भी आपको खूब छोड़ना चाहता हूँ मेमसाहेब".

अनीता को पता था की हरिया गन्दी बात करेगा मगर ऐसे साफ़ साफ़ उसे छोड़ने को बोलेगा उसका यक़ीन नहीं था. हरिया तो उसे ठोकने का बात करता hi था मगर आज तो साफ़ साफ़ छोड़ने का बात कर रहा था.

अनीता यह सुनकर आस पास देखकर अपनी आँखें बड़ी करके धड़कते दिल और तेज़ सांस से बेशर्मी से हरिया के आँखों में देखती हुयी उसके सीना को सहलाती हुयी boli,"Hariya जी आप भी क्या क्या बोलते रहते हैं".

हरिया अनीता की गांड हिलाते हुए bola,"Maaf कीजियेगा मेमसाहेब लेकिन हमरा मैं में जो था ु हम बोल दिया हूँ. हम कउनो दिखावा करने वाला आदमी नहीं हूँ. साफ़ साफ़ दिल से बात करात हूँ. हुंका आपका गांड देखकर आपको छोड़ने का मैं करता है तो बोल दिए हम. हमरा मैं का बात आपको खुलकर बोलै हूँ".

अनीता यह सुनकर उसके सीने को सहलाती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी आपको माफ़ी मांगने की कोई ज़रूरत नहीं है. आपने तो बस अपने मैं का बात बोलै है. वह बस आप ऐसा बोलेंगे यह उम्मीद नहीं थी. लेकिन आप तो हरिया जी है, कोई ऐसे वैसे मर्द नहीं, आप अपने मैं की बात तो ऐसे hi खुल कर बोलेंगे यह तो होना hi था. एहि तो ख़ास बात है आपका की आप दिखावा नहीं करते हैं. जो मैं में होता है खुल कर बोलते हैं और खुलकर करते हैं. इसके लिए तो हिम्मत चाहिए जो आप में हैं और एहि आपको ख़ास बनता हैं".

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड हिलाते हुए bola,"Are हाँ मेमसाहेब हुंका गोल गोल बात घूमना अच्छा नहीं लागत है. मेमसाहेब अब जो मैं में था ु बोल दिया हूँ. हुंका आपको छोड़ने का मैं करता है तो वैसे hi बोल दिया हूँ. हम जानत हूँ की आप बहुते पढ़ी लिखी और अमीर है और हम ससुरा गंवार और ग़रीब, लेकिन ससुरा हूँ तो मरद hi न, आपका ी जवानी और मटकती गांड को देखूंगा तो छोड़ने का तो मैं करेगा hi हमरा"

अनीता यह सुनकर उसके और करीब होकर अपनी चूँचियों को उसके सीने से सत्ता कर हरिया के बदन से आ रहे पसीने की बंदु को सूंघती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Offo हरिया जी फिर से अमीरी ग़रीबी लाने लगे आप बीच में. आपने तो ठीक hi कहा न की आप मर्द हैं तो आपका मैं तो करेगा hi. और आप भले hi पैसे से ग़रीब है लेकिन आपको तो ऊपर वाले ने मर्दानगी दिया है. इतना तगड़ा हथियार दिया है आपको ऊपर वाले ने तो फिर मैं कैसे नहीं करेगा".

फिर वह अपनी हाथ से उसका लुंड पकड़ कर हिलती हुयी boli,"Aesa तगड़ा हथियार दिया है ऊपर वाले ने फिर भी आप बोलते हैं की आप ग़रीब है. बताइये कितने मर्दों के पास आपके जैसा खजाना है. हम्म बताइये?"

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड दबाते हुए bola,"Haan मेमसाहेब उहे तो. ससुरा हमरा लौड़ा hi तो असली दौलत है. आपको जब हम छोड़ेंगे तो अपना लौड़ा से hi तो छोड़ेंगे"

अनीता यह सुनकर उसके सीने पर हाथ फेरती हुयी दूसरे हाथ से उसके लुंड को हिलाकर गर्व से उसे देख रही थी. उसमे ज़रा सा भी शर्म नहीं थी की हरिया उसको छोड़ने का बात कर रहा है. उल्टा अनीता की चेहरे पर गर्व था.

फिर वह अपने लुंड के तरफ इशारा करते हुए bola,"Dekhiye न मेमसाहेब कइसन बौखलाया हुआ है हमार लौड़ा"

अनीता उसका लुंड सहलाती हुयी उसके आँखों में देखती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Dekhne की क्या बात है हरिया जी मैं तो महसूस कर प् रही हूँ की आपका हथियार कितना बौखलाया हुआ है. उफ़ सच में इतना तगड़ा हथियार है आपका"

हरिया आगे bola,"sasura जब भी आपको देखत है हमरा लौड़ा बेचैन हो जाट है और हुंका आपको छोड़ने का मैं करात लगत है. मैं करात है की आपको खूब रगड़ कर छोडूं हम".

अनीता यह सुनकर धड़कते दिल और तेज़ सांस से आस पास देखकर हरिया के आँखों में देखती हुयी बेशर्मी से धीरे से boli,"Offo हरिया जी अब बस भी कीजिये. बोल दिया आपने अपने मैं का बात. अब ऐसे खुले में बार बार मत बोलिये प्लीज"

हरिया यह सुनकर उसकी गांड दबाते हुए bola,"Humne तो बोल दिया मेमसाहेब. लेकिन आप भी तो बोलिये न की आपको हमरा बात सुनकर का लगा. मतबल हमरा मैं का बात सही से हम आपको बता पाए तो".

अनीता हरिया के सीने से अपनी चूँचियाँ सताए हुए उसके सीने को सहलाती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Haan हरिया जी आपने तो पूरा खुल कर बोलै है अपने मैं का बात तो कैसे समझ नहीं आएगा".

हरिया यह सुनकर उसकी गांड दबाते हुए puchha,"Ek बार बोलिये न मेमसाहेब का समझ में आया हमरे बात से"

अनीता बेशर्मी से वैसे hi हरिया के आँखों में देखती हुयी boli,"Yehi की आप जब भी मुझे देखते हैं तो आपका हथियार बेचैन हो जाता है अउ आपको मुझे पीछे से ठोकने का मैं करता है अपने तगड़े हथियार से"

हरिया अनीता की चूंकि और गांड मसलते हुए puchha,"To का ीमे कउनो ग़लत बात है का मेमसाहेब?"

अनीता हरिया का लुंड और सीना सहलाती हुई boli,"Kuchh भी ग़लत नहीं है हरिया जी. आप एक दुमदार और असली मर्द हैं तो आपका तो दिल करेगा hi वह करने का. ऊपर वाले ने आपको इतना तगड़ा हथियार दिया है तो मैं तो करेगा hi"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता भी मुस्कुरा दी और boli,"ab चलती हूँ हरिया जी. मुझे यहाँ तक छोड़ने के लिए थैंक यू"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए उसकी गांड दबाकर bola,"Are मेमसाहेब कहे शर्मिंदा कर रही हैं आप हुंका. आपका मदद और सेवा करना..."

अनीता बीच में hi एक ऐडा से बोल padi,"Haan हाँ हरिया जी आपका फ़र्ज़ है. उफ़ हरिया जी मेमसाहेब की मदद और सेवा करने के लिए आप सच में हर जगह पहुँच जाते हैं"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता उसके लुंड को पंत में रखने लगी तो हरिया bola,"Abhi रहने दीजिये मेमसाहेब. आप जाइये"

अनीता यह सुनकर हरिया को छेड़ती हुयी boli,"Hariya जी ऐसे hi घर जाने का मैं है क्या आपका हम्म?"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए puchha,"Kaise मेमसाहेब?"

अनीता उसके लुंड को हिलती हुयी boli,"Apna हथियार दिखते हुए"

हरिया यह सुनकर हसने laga,"Hahaha" तो अनीता भी खिलखिलाने lagi,"Hehehe".

हरिया हस्ते हुए bola,"Hahaha मेमसाहेब जब आप अभी गेट से जाइएगा तो झुकने से आपकी गांड की उभार देखकर हमरा लौड़ा खुश हो जायेगा इसलिए अभी बाहर रख रहे हैं"

अनीता यह सुनकर हस्ती हुयी hi आँखें बड़ी करके उसके सीने और लुंड को सहलाती हुयी boli,"Hariya जी हहहहए ुहह्म्म आप भी सच में हर वक़्त वही नज़र रहता है आपका"

हरिया puchha,"Kahan मेमसाहेब?"

अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Mujhe नहीं बोलना हरिया जी. अब मैं चलती हूँ. लेट हो जाएगी"

हरिया अनीता की गांड और चूंकि जोर से मसल दिया तो अनीता की मुंह से सिसकारी निकल gayi,"Siiii ुहहममम" और वह कामुक नज़र से हरिया को देखि. हरिया भी एक नज़र अनीता को ऊपर से नीचे तक देखा और उसकी गांड को थपथपाते हुए bola,"Theek है मेमसाहेब. आप अपना ख्याल रखियेगा"

अनीता यह सुनकर उसके सीने को सहमति हुयी boli,"Aap भी अपना ख्याल रखियेगा हरिया जी"

हरिया सर हिलाते हुए bola,"Haan मेमसाहेब. ऐसे हमरा मैं कर रहा है आपसे पूछे की आप बाजार अब कब आइयेगा लेकिन नहीं पूछेंगे. आपको अचानक देखने का अलग hi मज़ा आता है हुंका"

अनीता यह सुनकर उसके सीने को सहमति रही. हरिया आगे bola,"Lekin आपको जब भी हमरा मदद का ज़रूरत पड़े, कोई भी मदद तो हुंका फ़ोन कर दीजियेगा मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Theek है हरिया जी. अब मैं चलती हूँ"

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड की थप तपते हुए bola,"Theek है मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर वहां नीचे रखे अपनी शॉपिंग बैग्स उठाई और गांड घुमाकर दो कदम चलकर एक ऐडा से अपनी गांड को हरिया के तरफ उभरती हुयी गेट के अंदर घुसने लगी की तभी उसे अपनी कमर पर हरिया का हाथ और गांड पर उसका लुंड महसूस हुआ. हरिया उसकी कमर पकडे अपना कमर आगे पीछे करते हुए bola,"Hum अंदर जाने में मदद कर डेट हूँ मेमसाहेब"

हरिया यह बोलकर कमर हिलाते हुए आगे बढ़ने लगा और अनीता भी साथ में आगे बढ़ने लगी. आगे बढ़ने से अनीता गेट पकड़ नहीं सकती थी तो वह शॉपिंग बैग्स अंदर रखकर अपनी हाथों से दोनों गेट के साइड में पकड़ कर धीरे धीरे अंदर घुसने लगी. आखिरकार अनीता की पेअर गेट के अंदर पहुँच गयी तो हरिया उसकी गांड की दोनों भागो पर थप्पड़ मारकर bola,"Sach में मेमसाहेब का मस्त गांड हैं आपका"

अनीता यह सुनकर अंदर झुककर अपनी गांड गेट के तरफ उभरी हुयी शॉपिंग बैग उठती हुयी झुकी हुयी hi पीछे हरिया को देखती हुयी boli,"Offo हरिया जी अब बस कीजिये. हर वक़्त आपकी नज़र उसी पर रहती है?"

हरिया भी थोड़ा झुककर अंदर देखते हुए अनीता की आँखों में देखते हुए puchha,"Kis पर मेमसाहेब बोलिये तो?"

अनीता मुस्कुराती हुयी हरिया के आँखों में देखती हुयी वैसे hi झुककर अपनी गांड हिलती हुयी आँखों से गांड की तरफ इशारा करती हुयी boli,"Iss पर हरिया जी इस पर"

हरिया अनीता को गांड हिलाते देख मुस्कुराकर bola,"Aapki गांड पर?"

अनीता वैसे hi अपनी गांड हिलती हुयी आंखें बड़ी करके boli,"Hariya जी?"

तो हरिया मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहेब तो आप तो अपनी गांड hi हिला रही है न. का हमरा नज़र उस पर hi रहत है"

अनीता इस बार मुस्कुराती हुयी अपनी गांड के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Haan हाँ हरिया जी वही, इस पर."

हरिया का लुंड यह देखकर हिलने लगा था तो अनीता अपनी गांड हिलती हुयी उसके लुंड के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,Dekhiye कैसे बौखला रहा है आपका हथियार"

हरिया अगले पल थोड़ा अंदर हाथ बढ़ा कर अनीता की दोनों गांड पर जोर से थप्पड़ मार दिया तो अनीता चीखती huyi,"Aaahh आउच" करके सीढ़ी हो गयी और बेशर्मी से खिलखिलाने lagi,"Hehehe"

हरिया उसकी गांड पर थप्पड़ मारते हुए bola,"Ab मेमसाहेब आप अपनी गांड हिलायेंगी तो ससुरा हमरा लौड़ा तो बौखलायेगा hi"

अनीता बेशर्मी से खिलखिलाती हुयी अपनी शॉपिंग बैग्स उठाई और गांड मटकती हुयी घर के तरफ जाती हुयी boli,"Khaas अंदाज़ में मुझे अंदर आने में मदद करने के लिए थैंक यू हरिया जी" और फिर वह रूककर थोड़ा झुककर अपनी गांड हिलती हुयी खिलखिलाने lagi,"Hehehe" और खिखिलाती हुयी घर के दरवाज़े के पास पहुँच गयी.

वह दरवाज़ा खोलकर वापस मुद कर देखि तो हरिया उसके तरफ hi देख रहा था और जैसे hi वह देखि तो वह अपना कमर हिलने लगा. उसका लुंड अभी भी बाहर था. अनीता एक ऐडा से उसे देखि और दरवाज़े के दोनों तरफ का दीवार पकड़ कर थोड़ी झुक कर अपनी गांड हिलने लगी. कुछ सेकण्ड्स ऐसा करने के बाद वह सीढ़ी हुयी और घर के अंदर जाकर हरिया को देखती हुयी hi दरवाज़ा बांध कर दी.
 
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थैंक्स!
 
अपडेट 83

अनीता जब घर में घुसी तो उसकी दिल धड़क रही थी और उसकी छूट गीली हो चुकी थी. कहाँ तो वह हरिया और उसका लुंड का ख्याल अपने सोच से निकलने और अपना मैं को शांत करने के लिए घूमने निकली थी और कहाँ शाम को घर आते आते हरिया hi उसे मिल गया और फिर से उसके साथ छेड़ छड़ में उसकी छूट गीली हो गयी.

लेकिन अनीता को इसमें कोई बुराई नहीं लगी. उसे ऐसा सोच नहीं आया की बेकार में hi हरिया से मुलाकात हो गयी. अनीता को हरिया से मिल कर अच्छा लगा और उसे ख़ुशी थी की हरिया उसे दरवाज़े तक सिर्फ छोड़ने hi नहीं आया बल्कि खुलकर उसे छेड़ा भी असली मर्द के तरह. घर के अंदर पहुँच कर भी अनीता की गांड की मटक बढ़ी हुयी hi थी.

वह फ्रिज से जूस निकल कर सोफे पर बैठकर पीने लगी और हरिया के लुंड के बारे में सोचने लगी और यह सोचकर की कैसे वह गेट में घुस रही थी तो हरिया उसकी गांड से अपना लुंड सटाकर पीछे से धक्का देते हुए उसे अंदर घुसाया अनीता की चेहरे पर मुस्कराहट आ गयी और वह मुस्कुराती हुयी खुद से boli,"Offo हरिया जी भी सच में पूरा अलग hi हैं. उनका अंदाज़ भी सबसे हट कर है. मुझे छेड़ने का भी अलग अलग तरीक़ा खोज लेते हैं. गेट में घुसते वक़्त भी मुझे कैसे छेड़ रहे थे उफ्फ्फ. सच में हरिया जी की बात hi अलग है"

अनीता मुस्कुराती हुयी हरिया के बारे में सोचती हुयी जूस पी और फिर कमरे में जा कर खुद को आईने में देखि तो उसे अपनी ब्लाउज की दोनों कप पर पान का निशाँ दिखा. यह देखकर अनीता की दिल धड़क गयी. उसे काम रौशनी में ध्यान hi नहीं रहा की हरिया के मुंह से उसकी ब्लाउज पर जो गीलापन आया था उसमे पान का थूक भी था.

अनीता एक पल अपनी ब्लाउज को देखि और फिर कपडा निकल कर आईने में अपनी गोरी और गोल गांड देखि जो हलकी गुलाबी हो चुकी थी. अपनी गोरी गांड का रंग देखकर अनीता मुस्कुराने लगी और चेहरे पर गर्व का भाव लाती हुयी उसे देखती हुयी याद करने लगी की कैसे वह अपनी गांड हिला रही थी तो हरिया उस पर थप्पड़ मारा था. अनीता आईने में खुद की गांड देखती हुयी थोड़ा हिलने लगी और कुछ देर हिलने के बाद मुस्कुराती हुयी boli,"Offo मैं भी क्या कर रही हूँ" और बेशर्मी से खिलखिलाने lagi,"hehehe" और फिर खिलखिलाती हुयी hi वह बाथरूम में जाकर नाहा ली.

हरिया से छेड़ छड़ के बाद रात में अनीता का फिर से छुड़वाने का मैं करने लगा मगर उसे ज़्यादा कुछ करना नहीं पड़ा क्यूंकि राज इतना थका हुआ नहीं था और वह भी पिछली रात के ख़राब परफॉरमेंस के बाद अपनी पत्नी को खुश करना चाहता था. उस रात राज अनीता को लगभग 10-12 मिनट तक छोड़ा.

अनीता को आज की रात डोगग्य स्टाइल में छुड़वाने का मैं करने लगा और वह 10-12 मिनट तक मिशनरी में छोड़ने के बाद राज को अपने ऊपर से हटाई तो राज उसे देखने लगा. अनीता बिस्तर से उठकर घुटने और हाथ के बल डोगग्य स्टाइल में होकर राज को देखकर अपनी गांड के तरफ इशारा करती हुयी boli,"Jaan फ़क में फ्रॉम बिहाइंड प्लीज. ी वांट यू तो टेक में फ्रॉम बिहाइंड"

राज अनीता की गांड को देखा और उसकी बड़ी गांड को दिल का आकर में अपने सामने देखकर उसका दिल धड़कने लगा. उसके लिए डोगग्य स्टाइल में अनीता की गांड का आकर देखकर देर तक छोड़ना मुश्किल होता था इसलिए वह उसे डोगग्य स्टाइल में छोड़ने से बचता था मगर जब वह खुद चाहती थी और उसके सामने डोगग्य स्टाइल में तैयार थी तोह उसे मन करना अच्छा नहीं लगा. वह आख़िरकार आगे बढ़कर अपनी बेहद hi खूबसूरत और कामुक पत्नी की छूट में पीछे से लुंड डालकर उसकी कमर पकड़ कर छोड़ने लगा. अनीता को इससे राहत मिली और वह कामुक आहें भर कर boli,"Uhhmmm सीईई यस जान हर्डर फ़क में हर्डर बेबी यस"

राज कोशिश के बावजूद डोगग्य स्टाइल में 30 सेकण्ड्स में hi जहर गया. अनीता का मैं ख़राब हो गया यह होने से मगर वह कुछ नहीं बोली. उसका दिल था की उसका पति उसकी गांड को पकड़ कर चोदे, उसकी गांड को मसले, और उसकी बाल को पकडे हुए उसकी गांड पर थप्पड़ मारते हुए उसकी सवारी करे जैसे वह उसकी घोड़ी हो मगर वह कुछ नहीं कर पाया.

राज उसके पीछे से हटकर उसके बगल में लेट गया मगर अनीता वैसे hi डोगग्य स्टाइल पोज़ में hi रही और उसकी छूट से उसके पति का वीर्य गिर रहा था.

राज जोर जोर का सांस लेने के बाद अनीता की बाहें पकडे अपने ऊपर लेता लिया और उसकी होंठों को प्यार से चूमने लगा. अपने पति की प्यार भरी चुम्बन से अनीता को थोड़ा अच्छा तो लगा मगर उसे कुछ कमी महसूस हो रही थी.

चुदाई के बाद दोनों पति पत्नी थोड़े देर तक ऐसे hi अपने होंठों को चुम्बन में कैद किये रखे और फिर राज अनीता को अपने ऊपर लेताये सोने लगा. अनीता चुप चाप अपने पति के सीने पर सर राखी उसके सीने को सहलाती हुयी फिर से हरिया के लुंड और उसके कठोर और मजबूत सीने के बारे में सोचने लगी. कुछ देर के बाद वह उठकर वाशरूम में जाकर खुद को साफ़ की और वापस आई तो राज सो चूका था.

अनीता उसके बगल में लेट गयी और छत को देखने लगी. अनीता की आँखों के सामने फिर से हरिया का तगड़ा लुंड आने लगा और वह फिर से उसके लुंड के बारे में सोचती हुयी सो गयी.

अगले दिन अनीता बाजार जाने के लिए तैयार हुयी. वह हमेशा के जैसे बैकलेस ब्लाउज पहनी थी और आज कड़क धुप के कारण अपनी आँखों पर एक सनग्लास भी चढ़ा ली. सनग्लास के वजह से अनीता और हाई क्लास लगने लगी थी. वह अपनी गांड मटकती हुयी ऑटो स्टैंड पर पहुंची तो देखि की एक hi ऑटो है. वह ऑटो के तरफ बढ़ी तो सीट से ड्राइवर उठकर ख़ुशी से उसे देखा और जल्दी से गमछा लेकर पीछे का सीट पोंछने लगा.

अनीता ड्राइवर को एक पल के लिए देखि और चुप चाप कड़ी होकर उसे सीट पोंछते देखने लगी. वह सीट पोंछकर अनीता को देखते हुए ख़ुशी से bola,"Baithiye मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर हल्का मुस्कुराकर boli,"Thank यू" तो वह ड्राइवर खुश हो गया. अनीता मुस्कुराकर ऑटो में बैठने लगी तो उसे ध्यान आया की ड्राइवर उसकी गांड देख रहा है. अनीता यह सोचकर चुप चाप ऑटो में बैठ गयी.

ड्राइवर का लुंड अनीता की लगभग पूरी नंगी पीठ और गांड का उभर देखकर पंत में बौखला गया. अनीता सीट पर बैठकर आँखों के कोने से उसके लुंड के तरफ देखि तो हल्का हलचल महसूस की उसके पंत में. अनीता का दिल यह देखकर धड़क गया तो वह चुप चाप अपनी दायी तरफ ऑटो के बाहर देखने लगी. ड्राइवर मौका देखकर अनीता की गोरी कमर देखा और आस पास देखकर अपने लुंड को एडजस्ट करके ड्राइवर सीट पर बैठ गया. उसका लुंड अनीता की इतनी गोरी, चिकनी और मुलायम पीठ को नंगी देखकर बौखला गया था इसलिए अनीता को भी उसके पंत में हलचल दिख गया था और ड्राइवर को भी पंत में लुंड एडजस्ट करना पद गया था.

ड्राइवर सीट पर बैठ कर ऑटो स्टार्ट करके आगे बढ़ गया तो अनीता puchhi,"Tum और पैसेंजर नहीं लिए?"

ड्राइवर आईने में अनीता को देखकर bola,"Are मेमसाहेब अभी जल्दी पैसेंजर नहीं मिलेगा. बेवजह का आपको इंतज़ार करना पड़ता और हम दोनों का टाइम बर्बाद होता. जल्दी पहुँच कर मार्किट का स्टैंड में लाइन में लग जायेंगे तो उधर से पैसेंजर मिल जायेगा"

अनीता आईने में ड्राइवर को देखती हुयी उसका बात सुनी और फिर बिना कुछ बोले या एक्सप्रेशन दिए बाहर देखने लगी. ड्राइवर एक नज़र उसकी क्लीवेज पर देखा और फिर सड़क पर देखकर ऑटो चलने लगा. अनीता कुछ देर के बाद आईने में उसे खुद की क्लीवेज देखते पकड़ ली तो वह घबराकर सामने देखने लगा.

अनीता उसे एक पल ध्यान से देखि तो उसे याद आया की यह वही ड्राइवर है जो एक दिन ऑटो स्टैंड पर एक दूसरे ड्राइवर से मार पीट कर रहा था और अनीता उन दोनों का मार पीट देखकर चुप चाप एक दूसरे रूट का ऑटो को रिज़र्व करके मार्किट चली गयी थी. अनीता एक पल उसे आईने में देखि और फिर बाहर देखने लगी.

अनीता और ड्राइवर के बीच कोई बात चित नहीं हुआ रास्ते भर. ऑटो स्टैंड पहुँच कर वह ऑटो से उत्तरी और उसे पैसे देकर अपनी गांड मटकती हुयी बाजार के तरफ चल दी. ड्राइवर फिर से उसकी गांड और पीठ देखने लगा.

अनीता बाजार में घुस कर आस पास नज़र दौड़ाई और पान दूकान पर भी देखि. एक मिनट वह धीरे धीरे चलती हुयी आस पास का जायज़ा ली और सब्जी मंडी में घुस गयी. अनीता चुप चाप कोने वाले सब्जी वाले के पास गयी जहाँ से वह सब्जी लिया करती थी और सब्जियां लेकर वह बाजार से निकली. वह बाजार से निकल कर फिर से एक बार आस पास देखि, पान दुकान पर भी देखि और फिर चुप चाप जिस गली से ऑटो स्टैंड जाती थी उधर से जाने लगी.

अनीता चुप चाप सब्जियां लेकर उस सुननसँ गली से जा रही थी की तभी उसे आवाज़ सुनाई diya,"Tohri गांड बड़ी है मस्त मस्त, तोहरी गांड बड़ी है मस्त".

अनीता जब "तोहरी गांड" सुनी तो थोड़ा उसे आचार्य हुआ मगर फिर जैसे hi एहसास हुआ की वह हरिया का आवाज़ है तो वह बिना पीछे घूमी आँखों के कोने से आस पास देखकर मुस्कुराने लगी और अपनी गांड की मटक को बढाकर चलने लगी. उसे पता था की उस गली में कोई आता जाता नहीं था और आस पास मकान भी नहीं था तो वह आराम से बिना चिंता के अपनी गांड हिलती हुयी चल रही थी.

हरिया अनीता की गांड की मटक बढ़ते हुए देखा तो वह और जोश से गाने laga,"Sasuri तोहरा गांड हुंका देख के मटक कर हिले हिले, तोहरा गांड को देखके लौड़ा हमरा झूमे झूमे. तोहरी गांड में, तोहरी गांड में है ऐसा नशा नशा उसे देखकर लौड़ा हमरा हुआ खड़ा खड़ा. तोहरी गांड बड़ी है मस्त मस्त, तोहरी गांड बड़ी है मस्त".

अनीता इसके बाद सब्जी का थैला रखकर झुक कर अपनी गांड को पीछे के तरफ उभर कर संदल ठीक करने लगी. वह संदल बैठ कर भी ठीक कर सकती थी मगर वह झुककर अपनी गांड पीछे के तरफ उभर कर ठीक कर रही थी.

हरिया उसे झुका देख आगे बढ़कर उसकी गांड को पकड़ कर उससे अपना कमर सटाकर लुंड को पंत के ऊपर से hi उसकी साड़ी के ऊपर से गांड पर रगड़ते हुए गाने laga,"Yeh जो तोहरी, गांड है उभरा, मैं करता है घुसेड़ दूँ लौड़ा" और यह बोलकर वह कमर हिलाकर धक्का देने लगा.

हरिया धक्का देते हुए आगे गाते raha,"Yeh जो तोहरी गांड है मटकता, मैं करता है पेल दूँ लौड़ा, नहीं हमरा लौड़ा को कोई होश होश, तोहरी गांड हिलकर इसे दे जोश जोश"

अनीता की चेहरे पर यह सुनकर एक गर्व की भाव आ गयी जैसे उसे अपनी गांड पर नाज़ है और वह अपनी कान के पीछे बाल करके सीढ़ी होकर घूमकर हरिया के एकदम करीब कड़ी होकर उसे देखकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप भी न" और फिर आसपास देखती हुयी boli,"Aese कोई जाता है क्या?"

हरिया अनीता की गांड पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Hum गाते हैं मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप hi तो गए रहे थे. मेरा मतलब है ऐसे क्या गाना चाहिए?"

हरिया अनीता की गांड दबाते हुए bola,"Kahe नहीं गाना चाहिए. आपकी गांड की तारीफ में हम कहे नहीं गए सकते. का इतना भी हक़ नहीं हैं हमरा की अपनी मेमसाहेब का मस्त और कातिल गांड का तारीफ में गाना गए?"

अनीता यह सुनकर अपनी आंखें बड़ी करके boli,"Hariya जी" और आस पास देखने लगी तो हरिया bola,"Are कउनो नहीं हैं मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर हरिया के सीने पर हाथ रखती हुयी boli,"Aur अगर कोई सुन्न लेता तो?"

हरिया अनीता की गांड दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब बोले तो कउनो नहीं है. और सुन्न लेते तो ससुरा सुन्न लेता. हम तो आपकी गांड का तारीफ करात है उसे ससुरा किसी का का जाट है"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया के सीने पर हाथ फेरती हुयी एक ऐडा से boli,"Offo हरिया जी आप भी न"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया और दूसरा हाथ अनीता की दूसरी गांड पर रखकर उसे अपने करीब करके उसकी चूंकि को अपने सीने से सताते हुए bola,"Aese मेमसाहेब आप बोले नहीं की का हमरा हक़ नहीं है की अपनी मेमसाहेब की गांड की तारीफ में गाना गए"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी जैसे मेरे नहीं बोलने से आप तारीफ नहीं करेंगे मेरी. हर वक़्त तो आपकी नज़र वहीँ रहती हैं"

हरिया यह सुनकर अपना दांत दिखा कर मुस्कुराने लगा तो अनीता भी एक ऐडा से मुस्कुराती हुयी उसके सीने पर हाथ फेरने लगी तो हरिया bola,"Kahan नज़र रहता है हमार मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी अब बस कीजिये. बस बातें बनाते रहते हैं"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए उसकी गांड दबाते हुए puchha,"Memsaheb बताइये न हमार नज़र कहाँ रहत है?"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया के सीने पर हाथ फेरती हुयी एक नज़र आस पास देखकर अपनी कमर को थोड़ा आर्च करके गांड को बाहर के तरफ करके गांड हिलती हुयी boli,"Yahan हरिया जी"

अनीता को गांड हिलाते देख हरिया का लुंड पंत में हलचल करने लगा और वह उसकी दोनों गांड पकडे खुद भी मसलते हुए उसे हिलाते हुए साइड से उसकी गांड को देखते हुए bola,"Uff मेमसाहेब का मस्त और कातिल गांड है आपका, सच में हमार लौड़ा पर तो कहर hi धता है आपकी यह गांड"

अनीता अपनी गांड हिलना बांध करके मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी अब बस कीजिये"

हरिया मुस्कुराते हुए bola,"memsaheb और थोड़ा हिलाइये न अपना गांड"

अनीता यह सुनकर आँखें बड़ी करके हरिया को देखती हुयी boli,"Hariya जी?" तो हरिया अपना दांत दिखते हुए मुस्कुराने लगा.

अनीता भी उसको मुस्कुराते देख मुस्कुराती हुयी boli,"Ab और नहीं हरिया जी. आपने जो पूछा वह मैंने बता दिया अब और कुछ नहीं करुँगी"

हरिया मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहेब आप बताइये कहाँ. आप तो सिर्फ दिखाई हुंका. ी भी तो बताइये की हमार नज़र कहाँ रहता है, उस जगह का नाम तो बताइये"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी मुझे कुछ नहीं बोलना है. आपको मैंने दिखा दिया की आपका नज़र कहाँ रहता है बस अब और कुछ नहीं"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए उसकी गांड दबाकर bola,"Achha मेमसाहेब आप नहीं बोलेंगी तो एक बार फिर से आप वैसे hi दिखा दीजिये और जब हम बोलूंगा ु जगह का नाम तो आप बस हाँ या न बोल दीजियेगा"

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके फिर से हरिया को देखती हुयी उसके सीने पर हाथ फेरती हुयी boli,"Offo हरिया जी आप भी न. बस अपनी मैं का hi करते हैं"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराने लगा तो अनीता भी मुस्कुराती हुयी एक ऐडा से अपनी कमर को फिर से आर्च की और हरिया के आँखों में देखती हुयी अपनी आँखों से अपनी गांड के तरफ इशारा की तो हरिया उसकी गांड के तरफ देखने लगा. अगले पल अनीता कड़ी हुयी hi कमर आर्च करके अपनी गांड बाहर के तरफ उभर कर हिलती हुयी boli,"Yahan नज़र रहता है आपका हरिया जी देख लीजिये"

हरिया उसकी गांड को पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Aapki गांड पर मेमसाहेब?"

अनीता का दिल यह सुनकर धड़क गया और सांस तेज़ हो गयी मगर उसे एक अलग hi मज़ा आया हरिया का बात सुनकर तो वह बेशर्मी से हरिया के आँखों में देखती हुयी boli,"Haan हरिया जी"

हरिया अगले पल उसकी गांड को हिलाते हुए bola,"Aap कहना चाहती हैं मेमसाहेब की आपकी ी बड़ी बड़ी गांड पर हमार नज़र रहता है हर वक़त"

अनीता भी गांड हिलती हुयी पूरी बेशर्मी से हरिया के आँखों में देखती हुयी अगले पल बेझिझक तुरंत boli,"Haan हरिया जी"

हरिया उसकी गांड हिलाते हुए उस पर हल्का हल्का थप्पड़ मारते हुए उसकी आँखों में देखते हुए bola"Memsaheb ी आपकी गांड है gaand.ka hai?gaand बोलिये मेमसाहेब गांड"

अनीता भी हरिया के आँखों में देखती हुयी अपनी गांड को हिलती हुयी boli,"Haan हाँ हरिया जी वही है जो आप बोल रहे हैं"

फिर अनीता पीछे अपनी गांड को देखकर नखरे वाली अंदाज़ में boli,"Uff हरिया जी पता नहीं कितना पसंद है आपको मेरी यह की हर वक़्त इस पर नज़र रखे रहते हैं और मसलते रहते हैं"

हरिया यह सुनकर puchha,"Ka पसंद है मेमसाहेब?"

अनीता थोड़ी नाराज़गी दिखती हुयी उसका सीना सहलाती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Offo हरिया जी वही जो आप बोल रहे हैं"

हरिया यह सुनकर तुरंत bola,"Gaand?"

अनीता भी सुनकर तुरंत हाँ में सर हिलती हुयी boli,"Uhhm हम्म"

हरिया यह सुनकर उसकी गांड मसलते हुए bola,"Uff मेमसाहेब कैसे पसंद नहीं आएगा आपकी गांड. हुंका तो आपका गांड देखकर आपको छोड़ने का मैं करता है"

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके boli,"Hariya जी? ओफ्फो आप भी न"

हरिया उसकी गांड मसलते हुए bola,"Are मेमसाहेब अब जो मैं में हैं उहे तो बोलेंगे न"

अनीता अपनी हाथ हरिया के सीने पर फिरती हुयी boli,"Hariya जी नज़र तो आपका वहीँ रहता हैं तो मैं तो करेगा hi आपका. वहीँ देखकर आपका हथियार बौखला जाता है तो फिर मुझे बोलने लगते हैं के मेरी वजह से हो गया"

हरिया यह सुनकर अपना दांत दिखने लगा तो अनीता भी बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी अपनी सर हिलने लगी. हरिया अगले पल puchha,"Aese मेमसाहेब कल रात साहेब आपको रगड़ कर चोदे तो आपकी गांड पकड़ कर?"

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके हैरानी दिखती हुयी boli,"Hariya जी फिर से? यह मेरी पर्सनल बात है न? आप भी न कैसी कैसी बातें करते हैं"

हरिया दांत दिखते हुए bola,"Maaf कीजिये मेमसाहेब. सच में हम भी कइसन बात पूछत है. आपके पति हैं तो आपको चोदे hi होंगे आपकी गांड पकड़ कर. खूब घपाघप लौड़ा पेले होंगे आपके अंदर"

अनीता अपनी आंखें फिर से बड़ी करती हुयी boli,"Offo हरिया जी आप भी न. बस कीजिये. ऐसे कोई बोलता है क्या?"

हरिया दांत दिखते हुए मुस्कुराकर bola,"Achha नहीं बोलेंगे मेमसाहेब. माफ़ कर दीजिये. ु हमरा मैं में जो आवत हैं हम बोल डेट हैं."

अनीता कामुकता से उसके सीने पर हाथ फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी माफ़ी मांगने की कोई ज़रूरत नहीं है. मैं जानती हूँ की आप खुलकर सब बोलते हैं और करते हैं एक असली मर्द की तरह. लेकिन ऐसी बातें आपको नहीं करनी चाहिए. यह आपकी मेमसाहेब की पर्सनल बात है न"

हरिया यह सुनकर उसकी गांड पर हल्का थप्पड़ मारते हुए bola,"Haan मेमसाहेब. लेकिन बताइये न मेमसाहेब हुंका अपनी प्यारी मेमसाहेब का गांड का तारीफ करने का हक़ है की नहीं?"

अनीता हरिया के आँखों में देखती हुयी यह सुनी की तभी...
 
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