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हरिया अंगूर मुंह में लिए अपना ज़बान अंगूर के चारो तरफ फिरने लगा जिसे अनीता अपनी नाभि के चारो तरफ पेट पर महसूस करने लगी. अपनी खूबसूरत चिकनी पेट पर हरिया का ज़बान महसूस करके अनीता को बदन में मस्ती की लहर दौड़ रही थी और वह हरिया के सर के बाल में ऊँगली फेरती हुयी उसका लुंड हिला रही थी.
हरिया कुछ सेकण्ड्स ऐसा करने के बाद वह अंगूर दांतों के बीच पकड़ कर उसे अनीता की नाभि में अंदर बाहर करने लगा. अनीता चुप चाप हरिया के बालों में ऊँगली फिरती और उसके लुंड को हिलती हुयी उसे अपनी नाभि में अंगूर अंदर बाहर करते देख रही थी. वह समझ रही थी हरिया ऐसा क्यों कर रहा था. वह समझ रही थी की हरिया उस अंगूर से उसकी नाभि को छोड़ रहा था जैसे वह अपने लुंड से उसे छोड़ना चाहता है. यह समझने और सोचने से अनीता की दिल धड़क रही थी और सांस तेज़ होने लगी थी. साथ hi उसकी बदन में एक अजीब सी मज़े की लहर दौड़ रही थी.
कुछ सेकण्ड्स बाद हरिया वह अंगूर दांतों के बीच दबाये अनीता की नाभि से निकल कर खा गया और कहते हुए अनीता की पेट और नाभि को चूमने लगा. अनीता बेशर्मी से उसके लुंड को हिलती हुयी उसे देखती रही. हरिया वह अंगूर कहते हुए एक नज़र अनीता को देखकर मुस्कुराया तो अनीता भी मुस्कुरा दी और अगले पल एक अंगूर गुच्छे से तोड़ कर कामुक अंदाज़ में हरिया को देखकर उसे अपनी नाभि में घुसा दी और फिर हरिया के बालों में उँगलियाँ फेरती हुई आँखों से अपनी नाभि के तरफ इशारा की तो हरिया फिर से वैसे hi अनीता की नाभि में अंगूर को मुंह में लेकर उसकी नाभि के आस पास चूमने लगा. कुछ सेकण्ड्स बाद वह उस अंगूर को खा लिया.
अगले 10 मिनट तक हरिया ऐसे hi अनीता की नाभि से अंगूर खाया और फिर उसकी नाभि और पेट को चूमते रहा. साथ hi वह अनीता की गांड भी दबाते रहा.
अनीता कुछ सेकण्ड्स हरिया को अपनी पेट और नाभि चूमते हुए देखि तो हरिया bola,"Memsaheb अपनी गांड दिखाइए न हुंका"
अनीता की दिल यह सुनकर धड़क गयी. वह धीरे से हरिया से boli,"Hariya जी यहाँ ऐसे कैसे? प्लीज वह नहीं होगा"
हरिया यह सुनकर अनीता की गांड दबाकर bola,"Are मेमसाहेब हम आपको अपनी गांड नंगा करके हुंका दिखने के लिए थोड़े बोल रहे हैं. ु तो इहाँ नहीं हो पायेगा हम जानत है. हमार मतबल ु दिन जब हम आपके घर से वापस आ रहे थे तो आप कैसे अपनी गांड हुंका दिखा रही थी वैसे hi. ससुरा बहोत दिन हो गवा आपका कातिल गांड को हिलते और मटकते देखे"
अनीता को अब समझ आया की हरिया चाहता है की वह अपनी गांड उसके तरफ करके थोड़ा हिला दे. उस दिन की बात याद आकर और हरिया का यूँ बोलने से की बहोत दिनों से वह उसकी गांड को हिलते और मटकते नहीं देखा है अनीता की चेहरे पर मुस्कान आ गयी. वह बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Offo हरिया जी पता नहीं आपको वहां देखने में इतना अच्छा क्यों लगता है"
हरिया यह सुनकर अनीता की गांड दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब हम आपकी गांड हिलते हुए देखते हैं तो हुंका समझ आता है की जब हम पीछे से आपको छोड़ेंगे तो आपकी गांड कैसे हिलेगी. उफ़ मेमसाहेब सच में कितना कातिल गांड है आपकी. चलते वक़्त इतना हिलता है. बहनचोद हम जब आपको पीछे से छोडूंगा तो हमरा हर एक चुदाई पर कितना मस्त तरीके से आपकी गांड हिलेगी. ससुरा सोचते hi लौड़ा बौखला जाता है"
अनीता की दिल धड़क रही थी यह सुनकर. हरिया खुलकर बोल रहा था की वह उसे छोड़ेगा. वह भी पीछे से और हर एक धक्के, हर चुदाई पर उसको गांड हिलेगी. अनीता एक पल के लिए इमेजिन करने लगी की वह झुकी हुयी है और हरिया सच में पीछे से उसे दाना दान छोड़ रहा है. यह सोचते hi उसकी छूट पर ऐसा एहसास हुआ जैसे चींटिया रेंग रही हो. जब हरिया आखरी बात bola,"Sasura सोचते hi लौड़ा बौखला जाता है" तो उसका लुंड लुंगी के अंदर से hi झटका मारा तो अनीता बेशर्मी से उसके लुंड के तरफ देखि.
अनीता को अपने लुंड के तरफ देखते हुए देख हरिया bola,"Dekhiye मेमसाहेब आपकी हिलती हुयी गांड के बारे में सोच कर सच में हमार लौड़ा कैसे बौखला गवा है"
अनीता यह सुनकर हरिया के लुंड को अच्छे से पकड़ कर हाथ ऊपर नीचे करके उसे हिलती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Haan हरिया जी आपका हथियार तो बौखलाया hi रहता है"
हरिया अगले पल bola,"Memsaheb ु आखिरी दिन जब आप बाजार आयी थी और हम आपको झुका कर पीछे से धक्का लगाकर दिखा रहे थे की हम आपको कैसे छोड़ेंगे. उस दिन भी धक्का लगाने पर जब आपकी गांड हिल रही थी तो हमरा लौड़ा और बौखला रहा था. आप तो अपनी गांड पर महसूस कर पा रही होगी की कैसे हमार लौड़ा बौखला रहा है"
अनीता अगले पल अपनी बेशर्मी का साबुत देती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Haan हरिया जी, मैं महसूस कर पा रही थी"
हरिया यह सुनकर अनीता की गांड दबाते हुए puchha,"Kahan महसूस कर पा रही थी आप मेमसाहेब? बोलिये न"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराकर बैठी हुयी hi अपनी गांड थोड़ा हिलाकर अपनी आँखों से उसके तरफ इशारा करके boli,"Yahan".
हरिया यह सुनकर अनीता की गांड दबाते हुए मुस्कुराकर puchha,"Kahan मेमसाहेब? अच्छे से बताइये न"
अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर हरिया के बालों में ऊँगली फेरकर उसके बीएड से उतर गयी और एक नज़र आस पास देखकर हरिया के तरफ अपनी गांड करके थोड़ा झुककर गांड हिलती हुयी कामुक अंदाज़ में हरिया को देखि तो वह उसे देखकर मुस्कुरा रहा था. अनीता बेशर्मी से हरिया को देखकर अपनी आँखों से अपनी गांड के तरफ इशारा की तो हरिया अपना नज़र उसकी गांड के तरफ ले गया.
अनीता जैसे hi देखि की हरिया उसकी गांड देखने लगा है तो अनीता अपनी गांड को हिलती हुयी धीरे से boli,"Dekh लीजिये हरिया जी यहीं महसूस कर रही थी मैं की कैसे आपका हथियार बौखला रहा था इसे देख कर"
अनीता अगले पल अपनी गांड पर हरिया का हाथ महसूस की और suni,"Haan मेमसाहेब इहे गांड देखकर तो हमार लौड़ा बौखलाता है"
अनीता हरिया को देखकर कामुक अंदाज़ में puchhi,"Abhi बौखला रहा है या नहीं आपका हथियार हरिया जी?"
हरिया यह सुनकर अनीता की गांड को दबाते हुए bola,"are मेमसाहेब खुद देख लीजिये न" और हरिया यह बोलकर अपने लुंड के तरफ इशारा किया.
अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में हरिया के लुंड के तरफ देखि जो लुंगी के अंदर खड़ा होकर लुंगी में तम्बू जैसा बनाया हुआ था. वह खुद बीएड से उतरने से पहले वह लुंड को पकडे हिला रही थी. अनीता देखि की हरिया का लुंड लुंगी के अंदर hi झटके मार रहा था.
अगले पल अनीता लुंगी के ऊपर से उसका लुंड फिर से पकड़ कर हरिया को देखकर कामुक अंदाज़ में boli,"Uhhm हरिया जी सच में कितना बौखला रहा है आपका हथियार"
हरिया अनीता की गांड पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Aisan गांड देखकर तो बौखलायेगा hi मेमसाहेब. उफ़ मेमसाहेब आपकी गांड को हिलते हुए देखकर हुंका आपको छोड़ने का मैं करने लगा है"
अनीता यह सुनकर अपनी गांड हिलती हुयी बेशर्मी से मुस्कुराकर कामुक अंदाज़ में boli,"Offo हरिया जी. अब बस कीजिये. आपको तो अब बस मेरी ठुकाई hi करने का मैं करता है"
हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Are मेमसाहेब आपके जइसन जवान और खबसूरत औरत को छोड़ने का मैं हुंका कैसे नहीं करेगा. अब आपको छोड़ने का मैं कर रहा है तो हम बोल रहा हूँ. कउनो ग़लत बात बोल रहा हूँ का?""
अनीता अपनी गांड हिलती हुयी धीरे से boli,"Nahin हरिया जी कुछ भी ग़लत नहीं बोल रहे हैं आप. जैसा मैं हमेशा कहती हूँ की मुझे ख़ुशी होती है की आपके मैं में जो है वह आप साफ़ साफ़ बोल देते हैं. अगर आपको मुझे ठोकने का दिल करता है तो वही तो बोलेंगे hi. मैं तो एहि सोच रही हूँ हरिया जी की कितना खुलकर आप हर वक़्त अपने मैं का बात बोलते हैं. आप इतना खुलकर बोलते हैं तो ऐसा लगता है जैसे अब तो हर वक़्त आप मेरी ठुकाई करने का hi सोचते हैं की बस मौक़ा मिले तो मैं मेमसाहेब की ठुकाई कर दूँ?"
हरिया अनीता की गांड हिलाते हुए धीरे से bola,"Haan मेमसाहेब मैं तो एहि करता है. बस पहली बार हम आपको रगड़ कर छोड़ना चाहते हैं इसलिए फुर्सत में छोड़ेंगे. आपको मैं नहीं करता है की आप हमार तगड़ा लौड़ा से छुड़वाए"
अनीता की दिल तो ऐसे hi हरिया से इस तरह से बात करते हुए, उसका लुंड हिलाते हुए, खुद अपनी गांड हिलाते हुए और हरिया का हाथ अपनी गांड पर महसूस करके धड़क रही थी और उसे मज़ा आ रहा था मगर जब हरिया उससे पूछा की उसको हरिया के तगड़े लुंड से छुड़वाने का मैं करता है या नहीं तो उसकी दिल अचानक से तेज़ धड़कने लगी.
अनीता खुद को संभालती हुयी धीरे से boli,"Offo हरिया जी अब बस कीजिये. हम हॉस्पिटल में है. मैं बस चाहती हूँ की मेरे हरिया जी जल्द से जल्द ठीक हो जाये और फिर से मेरी हर तरह से मदद करने लगे"
अनीता फिर कामुक अंदाज़ में हरिया से boli,"Har तरह से मतलब हर तरह से"
हरिया मुस्कुराकर अपने लुंड के तरफ इशारा करते हुए puchha,"Apna लौड़ा से भी?"
अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर कामुक अंदाज़ में उसके लुंड को देखि तो हरिया उसे देखने लगा. अनीता वापस हरिया को देखि की वह उसे देखकर मुस्कुरा रहा है तो अनीता अपनी गांड हिलती हुयी आँखों से अपनी गांड के तरफ इशारा की तो हरिया मुस्कुराते हुए अपना बीच का ऊँगली अनीता की गांड की दरार में घुसाने का कोशिश करने लगा मगर अनीता गांड पर साड़ी टाइट बांधती थी तो हरिया के लिए उसकी गांड की दरार में ऊँगली घुसना मुश्किल हो रहा था.
हरिया अगले पल अनीता की गांड पकडे पीछे खिंचा तो अनीता थोड़ा पीछे हो गयी और अगले पल हरिया का मुंह अपनी गांड पर महसूस की. हरिया का मुंह अपनी गांड पर महसूस करते hi अनीता की चेहरे पर मुस्कराहट आ गयी और वह अपनी गांड हरिया के चेहरे पर रगड़ने लगी. कुछ सेकण्ड्स बाद गांड रगड़ने के बाद अनीता पीछे देखि तो जल्दी से गांड हिलना बांध करके सीधे हो गयी.
हरिया यह महसूस करके उसे देखकर धीरे से puchha,"Ka हुआ मेमसाहेब?"
अनीता धीरे से boli,"Woh बुद्धा फिर से देख रहा था"
हरिया यह सुनकर puchha,"Woh आपको अपनी गांड हमार मुंह पर रगड़ते हुए देख रहा था क्या?"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से "हाँ" में सर हिलती हुयी boli,"Haan".
हरिया यह सुनकर bola,"Dekhne दीजिये ससुरा को. ु सिर्फ देख hi सकत है"
अनीता यह सुनकर हरिया को देखि तो हरिया अपने लुंड के तरफ इशारा किया. अनीता यह देखकर बिना शर्म और झिझक के उसका लुंड पकड़ कर हिलने लगी और धीरे से boli,"Ab मुझे चलना चाहिए हरिया जी. लेट हो रहा है"
हरिया यह सुनकर bola,"Theek है मेमसाहेब. आपके आने से हुंका अच्छा लगा लेकिन हम समझ सकत हूँ की आपका यहाँ और देर तक रुकना ठीक नहीं है"
हरिया अगले पल अनीता की कमर पकडे अपने नज़दीक खींचकर धीरे से bola,"Aap हम ग़रीब को देखने आयी..."
अनीता उसका पूरा बोलने से पहले उसके होंठ पर अपनी पतली गोरी और खूबसूरत ऊँगली रखकर धीरे से boli,"sssshhhh हरिया जी. कितनी बार बोलै है मैंने की मेरे लिए आप ग़रीब नहीं है. अब जल्द से जल्द ठीक हो जाइये और अपनी मेमसाहेब की अच्छे से सेवा कीजिये जैसे आप करना चाहते हैं"
हरिया अनीता की कमर सहलाते हुए bola,"Haan मेमसाहेब हम जल्द से जल्द ठीक होकर आपको छोड़ेंगे. साहेब बीजी रहते हैं और आपको ी जवानी में रोज़ लौड़ा नहीं मिल रहा होगा"
अनीता यह सुनकर अपनी आंखें बड़ी करके boli,"Offo हरिया जी फिर से वही बात"
हरिया अनीता की कमर से नीचे हाथ लेजाकर गांड दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब का ग़लत बोल रहा हूँ हम. साहेब तो बीजी रहते hi हैं और ी जवानी में आपको लौड़ा का ज़रूरत होगा. हम ठीक होने के बाद अपने लौड़ा से अच्छे से सेवा करेंगे"
अनीता को समझ नहीं आया की वह क्या जवाब दे तो वह बेशर्मी से boli,"Main चलती हूँ हरिया जी. यह फल खा लीजियेगा"
हरिया यह सुनकर अपना सर उठाकर अनीता की पेट और न अभी को चूमने लगा तो अनीता अपनी हाथ उसके सर पर रख कर उसे सहारा दी. हरिया दो तीन बार अनीता की पेट और नाभि चूमा और हर बार अनीता की बदन में बिजली दौड़ रही थी. हरिया जब चुम लिया तो ज़बान निकाल कर अनीता की नाभि में घुसा दिया. अनीता यह महसूस करके कामुक सिसकारी chhodi,"Ssiiii ुहहममम" और उसके बाल में उँगलियाँ फेरती रही. हरिया कुछ सेकण्ड्स तक उसकी नाभि में ज़बान घुसा कर उसे अपनी ज़बान से छोड़ा और फिर छोड़ दिया.
अनीता उसे मुस्कुराकर देख कर उसके सर के बाल में उँगलियाँ फेरती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Main चलती हूँ हरिया जी. अपना ख्याल रखियेगा"
हरिया जवाब में उसकी दोनों चूँचियों को दबाकर bola,"Theek है मेमसाहेब. आप भी अपना ख्याल रखियेगा. हम ठीक हो जाऊंगा तो आपका ी गरम जवानी का हम अच्छे से ख्याल रखूँगा"
अनीता जवाब में कुछ नहीं बोली. बस एक नज़र अपनी दोनों चूँचियों पर देखि जिसे हरिया अपने दोनों हाथ से दबा रहा था.
हरिया अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"Jaate हुए ीका भी bye बोल दीजिये मेमसाहेब"
अनीता उसके लुंड के उभर को देखि और कामुक अंदाज़ में boli,"Uhhm हरिया जी इसको तो ख़ास अंदाज़ में bye बोलना होगा.
अनीता यह बोलकर एक नज़र आस पास देखि और झुक कर लुंगी के ऊपर से उसके लुंड के उभर को चुम ली.
हरिया का लुंड अनीता की होंठ, भले hi लुंगी के ऊपर से महसूस करके झटका मारा तो अनीता को अपनी चेहरे पर उसका लुंड का झटका महसूस हुआ. अनीता यह देखकर मुस्कुरा दी और हरिया को कामुक अंदाज़ से देखती हुयी उसके लुंड एक बार और चुम ली और मुस्कुरा कर कड़ी होकर उसके लुंड को पकड़ कर हिलती हुयी boli,"Hariya जी इसका भी ख्याल रखियेगा"
हरिया यह सुनकर अनीता की गांड पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Are मेमसाहेब ीका तो ख्याल रखेंगे hi तभी तो आपको रगड़ कर छोड़ेंगे"
अनीता की दिल चुदाई की बात सुनकर फिर से धड़कने लगी मगर वह कुछ नहीं बोली बस एक बार कामुक अंदाज़ से हरिया के लुंड को देखि जैसे उसके अंदर भी हरिया के लुंड का प्यास हो. हरिया अनीता को देखा की कैसे वह उसके लुंड को देख रही है. वह अपने लुंड को झटका मार कर हिलाया तो अनीता हलकी मुस्कुराकर एक कामुक अंदाज़ में हरिया को देखि तो वह भी मुस्कुराया और धीरे से bola,"memsaheb अच्छे से bye बोलिये न हमार लौड़ा को"
अनीता यह सुनकर सवालिए नज़र से हरिया को देखि तो वह अपने लुंड के तरफ आँखों से इशारा किया. अनीता उसके लुंड के तरफ फिर से देखि तो हरिया लुंगी का गाँठ खोलकर थोड़ा नीचे सड़क दिया और उसका लुंड स्प्रिंग के तरह तन्न कर नंगा हवा में लहराने लगा.
हरिया का नंगा लुंड देखते hi अनीता की दिल धड़कने लगी और वह जल्दी से आस पास देखि, खाकर परदे के कोने में जहाँ से वह बुद्धा बार बार देख रहा था. मगर वह बुद्धा अभी नहीं देख रहा था.
हरिया अनीता को देखकर अपने लुंड के तरफ इशारा किया तो अनीता झुक गयी और उसके नंगे लुंड को चुम ली.
हरिया का लुंड फिर से अनीता जी चेहरे पर झटका मारा मगर अनीता कुछ रियेक्ट किये बिना उसके लुंड को एक नज़र देखकर उसके टोपे पर थूक गिरा दी और फिर हरिया को देखती हुयी होंठों से उस थूक को ऊपर नीचे उसके लुंड पर मलने लगी. अगले पल वह उसके लुंड के जड़ से लेकर ऊपर तक चूमती हुयी पहुंची. इस दौरान वह उसके लुंड पर 6-7 चुम्बन जड़ दी.
जब वह ऊपर पहुंची तो हरिया bola,"Memsaheb हमार लौड़ा चूमने से आपका लिपस्टिक ख़राब हो गवा. एक मिनट"
यह बोलकर हरिया दये हाथ से अनीता की सर का बाल पकड़ा और बाये हाथ से अपना लुंड और लुंड के टोपे को अनीता की होंठों से सटाकर उसपर रगड़ते हुए bola,"Hum ख़ास लिपस्टिक लगा डेट हूँ"
अनीता अपनी होंठों को बांध की हुयी हरिया को अपनी होंठों पर लुंड को रगड़ने दे रही थी. हरिया तीन चार बार उसकी होंठों पर एक छोर से दूसरे छोड़ तक लुंड रगड़ा और फिर अनीता को छोड़ दिया तो वह कड़ी हो गयी.
हरिया अनीता को देखकर bola,"Memsaheb आप ज़बान से होंठों पर यह ख़ास लिपस्टिक मिला लीजिये"
अनीता की दिल धड़क रही थी यह सब होने से, मगर हरिया का यह अंदाज़ उसे अच्छा लगा. हरिया का मर्दानगी और कॉन्फिडेंस से वह इम्प्रेस्सेड थी और उसके बोलने पर वह उसे देखकर अपनी ज़बान निकलकर कामुक अंदाज़ में होंठों पर फिरने लगी. जैसे hi वह ऐसा की उसकी छूट में बेचैनी होने लगी और बदन में मस्ती की लहर दौड़ने लगी. उसे अपनी मुंह में हरिया के pre-cum का स्वाद जाने लगा. आज पहली बार वह हरिया के लुंड से निकला कोई भी चीज़ का स्वाद महसूस कर रही थी जिससे उसकी दिल धड़क रही थी मगर उसे अच्छा लगा.
अनीता अगले पल अपनी बैग से एक लिपस्टिक निकल कर आईने में देखकर अपनी होंठों पर अप्लाई की तो आँखों के कोने से वह बुद्धा फिर से देखते हुए देखि. अनीता की दिल धड़कने लगी यह सोचकर की कहीं वह बुद्धा हरिया के लुंड को उसको होंठों पर रगड़ते हुए न देख लिया हो. मगर अनीता को न जाने क्यों एक अजीब सा मज़ा महसूस हुआ और वो बुड्ढे के तरफ देखे बिना चुप चाप अपनी होंठों पर लिपस्टिक अप्लाई की और एक नज़र आईने में देखकर अपनी बालों को ठीक करके आँखों के कोने से बुड्ढे को देखि तो उसे थूक घोंटते हुए देखि. अनीता को न जाने क्यों यह देखकर थोड़ा मज़ा आया की बुद्धा कैसे अपना थूक घोंट रहा है.
अनीता की चेहरे पर यह देखकर हलकी मुस्कराहट आ गयी की तभी उसे ध्यान आया की बुद्धा तो उसे लिपस्टिक लगते हुए देख रहा था मगर जब वह थूक घोंटा तो उसका ध्यान कहीं और था. तभी अनीता को ध्यान आया की उसका नज़र कहाँ था और वह तिरछी आँख से दये तरफ देखि तो हरिया का लुंड तन्न कर नंगा खड़ा हुआ था और अनीता की थूक से चमक रहा था.
अनीता की दिल यह सुनकर धड़कने लगी जिससे उसकी चूँचियाँ ऊपर नीचे होने लगी. अनीता अब सोचने लगी की भले hi वह बुद्धा हरिया को उसके होंठों पर लुंड रगड़ते हुए नहीं देखा हो मगर ऐसे हरिया का नंगा लुंड पर थूक लगा देख और अनीता को अपनी होंठों पर लिपस्टिक लगते देख पक्का एहि सोचेगा की वह हरिया का लुंड चूस रही थी.
यह सोचते hi अनीता की दिल धड़क गयी की बुद्धा तो हरिया को उसकी चूंकि चूसते हुए और उसकी गांड में अपना मुंह रगड़ते हुए देख चूका था मगर वह सब ऊपर से था. न hi उसकी चूंकि नंगी थी न hi उसकी गांड, मगर हरिया का लुंड पूरा नंगा था और उस पर थूक लगा हुआ था तो अब बुद्धा एहि सोचेगा की हरिया न सिर्फ उसकी चूंकि चूसा और उसकी गांड में मुंह रगड़ा बल्कि वह हरिया का लुंड भी चूसी.
अनीता चुप चाप धड़कते दिल से अपनी बैग बांध करके आँखों के कोने से उस बुड्ढे के तरफ देखि तो वह फिर से ग़ायब था. अनीता को यह देखकर राहत मिली. वह नहीं चाहती थी की हरिया को यह बताये नहीं तो कहीं वह अपना दबंग अंदाज़ दिखते हुए उसके सामने hi अनीता की होंठों पर एक बार लुंड रगड़ कर अपना मर्दानगी दिखता तो बेवजह का बात बढ़ता. बुद्धा चुप चाप देखकर वापस अपने बीएड पर लेट गया था तो उसे बात को बढ़ाना अच्छा नहीं लगा.
अनीता सोची की बात बढ़ने से जो बुद्धा देख चूका था उसको अनदेखा तो नहीं किया जा सकता था. वह सोची की बुद्धा hi क्या, कोई भी हरिया के लुंड पर थूक देखता और अनीता को ऐसे अपनी होंठों पर लिपस्टिक लगते देखता तो एहि सोचता की वह हरिया का लुंड चूसने के बाद अपनी होंठों पर लिपस्टिक लगाकर उसे दुरुस्त कर रही थी. अब तो बुद्धा के दिमाग़ में एहि बात चल रहा होगा, उसके बोलने या हरिया के बोलने से उसके दिमाग़ में जो चल रहा है उसे बदला नहीं जा सकता था तो क्यों बेवजह का बात बढ़ाया जाये.
अनीता को वहां से अब चले जाना hi ठीक लगा तो वह हरिया को देखकर मुस्कुराकर boli,"Chalti हूँ हरिया जी"
हरिया जवाब में bola,"Theek है मेमसाहेब"
अनीता फिर अपने बैग से 2000 रुपये निकल कर उसे देती हुयी boli,"Hariya जी यह लीजिये आपको ज़रूरत पड़ेगा. किसी चीज़ की कमी होगी तोह बोलियेगा. आपके पास मेरा नंबर तो है hi"
हरिया यह सुनकर bola,"Are मेमसाहेब कहे हुंका शर्मिंदा कर रही हैं. आप तो ऐसे hi हमरा इतना ख्याल रखती हैं. ऊपर से यह पैसा"
अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Aap भी तो मेरा इतना ख्याल रखते हैं हरिया जी. अभी आपको पैसे की ज़रूरत होगी तो दे रही हूँ. मैं जानती हूँ हरिया जी की आप खुद्दार हैं. और यह भी तो एक बात हैं जो मुझे आप में अच्छा लगता है. मगर अभी आपको ज़रूरत हैं रख लीजिये. ऐसे भी आप घर की सफाई किये थे तो देना तो बनता hi था. यह आपके म्हणत की hi कमाई है, ले लीजिए"
हरिया यह सुनकर अनीता की हाथ से पैसे ले लिया तो अनीता boli,"Hariya जी और किसी चीज़ की ज़रूरत पड़ेगी तो बोलियेगा, फ़ोन कर लीजियेगा ज़रूरत पड़ने पर"
हरिया यह सुनकर bola,"Are मेमसाहेब ु एक्सीडेंट में हमार फ़ोन भी ख़राब हो गवा. बनाने के लिए रामु दिया है"
अनीता यह सुनकर boli,"Isliye मैं सोच रही थी की आपका फ़ोन क्यों नहीं लग रहा है. खैर कोई बात नहीं है. आप रामु से भी खबर भेजवा सकते हैं अगर आपको कोई ज़रूरत हो तो"
हरिया यह सुनकर "हाँ" में सर हिलाया तो अनीता मुस्कुराकर boli,"achha अब चलती हूँ" और घूमकर गांड मटकती हुयी वहां से जाने लगी. वह पर्दा से दूसरे तरफ जाने से पहले घूमकर हरिया को देखि तो वह उसकी गांड देखते हुए लुंड हिला रहा था. अनीता यह देखकर मुस्कुराई और थोड़ी झुककर गांड हिलने लगी. हरिया यह देखकर मुस्कुराया और बाये हाथ से अपना लुंड हिलाते हुए दये हाथ का बीच का ऊँगली उसे दिखाकर आगे पीछे करने लगा जैसे बोल रहा हो की वह उसे पीछे ी छोड़ेगा. अनीता उसके ऊँगली को धड़कते दिल से देखि और फिर मुस्कुराकर उसके लुंड को देखने के बाद सीढ़ी होकर वहां से चली गयी.
अनीता एक नज़र उस बुड्ढे के तरफ देखि तो उसे चादर के नीचे से अपना लुंड हिलाते हुए देखि. यह देखकर अनीता का दिल धड़क गया. वह एक नज़र बुड्ढे को देखि तो दोनों का नज़र मिला. अनीता बेशर्मी से बुड्ढे को कुछ सेकण्ड्स तक देखि और फिर एक नज़र उसके लुंड के तरफ देखने के बाद बिना कुछ रिएक्शन दिए दरवाज़े के तरफ एक कदम बधाई तो रामु अंदर आते दिखा.
रामु उसे देखकर रुक गया और धीरे से bola,"Memsaheb आप?"
अनीता की दिल रामु को देखकर धड़क गयी. वह हल्का मुस्कुराकर धीरे से boli,"Haan रामु जी वह मैं हरिया जी को देखने आयी थी. वह घर का सफाई किये थे और पैसा नहीं लिए थे. अब उनका एक्सीडेंट हो गया तो सोची पैसे की ज़रूरत होगी तो दे दूँ"
रामु यह सुनकर हल्का मुस्कुराकर bola,"Haan मेमसाहेब. लेकिन आप इहाँ आएंगे हम सोच भी नहीं सकत हैं. चंदा ठीक कहत है की आप बहोत अच्छी है, ग़रीबो का भी बहोत ख्याल रखती हैं"
अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Ramu जी ग़रीब इंसान नहीं होते हैं क्या? मैं तो बस सब को इंसान समझती हूँ"
रामु यह सुनकर हल्का मुस्कुराया और एक नज़र अनीता की क्लीवेज को देखने लगा. अनीता देखि की रामु उसकी क्लीवेज देख रहा है तू उसकी बदन में फिर से करंट जैसा महसूस हुआ. वह तिरछी आँखों से उस बुड्ढे को देखि जो उसी के तरफ देख रहा था. अनीता कुछ सेकण्ड्स चुप चाप बिना शर्म के वैसे hi कड़ी रही.
अनीता कुछ सेकण्ड्स बाद boli,"Ramu जी अब मुझे चलना चाहिए"
रामु यह सुनकर घबराकर अनीता की चूंकि से नज़र हटाया तो अनीता उसे देखकर मुस्कुरा दी. रामु भी थोड़ा घबराते हुए मुस्कुरा दिया तो अनीता boli,"Main जाती हूँ. हरिया जी या आपको किसी चीज़ की ज़रूरत होगी तो बेझिजक बोलियेगा."
रामु यह सुनकर सर हिलाया तो अनीता मुस्कुराई और गांड मटकती हुयी वहां से चली गयी. रामु अनीता की नंगी पीठ और मटकती गांड को देखने लगा. इतनी खूबसूरत औरत वह सिर्फ टीवी पर hi देखा था. ऊपर से अनीता की इतनी खूबसूरत, चिकनी और गोरी पीठ को नंगु देखकर उसका लुंड तन तना गया.
रामु घूमकर हरिया के बीएड के तरफ जाने लगा तो एक नज़र देखा की वह बुद्धा दरवाज़े के तरफ देखते हुए चादर के अंदर से अपना लुंड हिला रहा है तो वह उसे गुस्से से देखा. बुद्धा रामु को गुस्से ी उसके तरफ देखते हुए देख चुप चाप लुंड से हाथ हटा लिया. रामु फिर हरिया के बीएड के तरफ चल दिया.
हरिया अंगूर मुंह में लिए अपना ज़बान अंगूर के चारो तरफ फिरने लगा जिसे अनीता अपनी नाभि के चारो तरफ पेट पर महसूस करने लगी. अपनी खूबसूरत चिकनी पेट पर हरिया का ज़बान महसूस करके अनीता को बदन में मस्ती की लहर दौड़ रही थी और वह हरिया के सर के बाल में ऊँगली फेरती हुयी उसका लुंड हिला रही थी.
हरिया कुछ सेकण्ड्स ऐसा करने के बाद वह अंगूर दांतों के बीच पकड़ कर उसे अनीता की नाभि में अंदर बाहर करने लगा. अनीता चुप चाप हरिया के बालों में ऊँगली फिरती और उसके लुंड को हिलती हुयी उसे अपनी नाभि में अंगूर अंदर बाहर करते देख रही थी. वह समझ रही थी हरिया ऐसा क्यों कर रहा था. वह समझ रही थी की हरिया उस अंगूर से उसकी नाभि को छोड़ रहा था जैसे वह अपने लुंड से उसे छोड़ना चाहता है. यह समझने और सोचने से अनीता की दिल धड़क रही थी और सांस तेज़ होने लगी थी. साथ hi उसकी बदन में एक अजीब सी मज़े की लहर दौड़ रही थी.
कुछ सेकण्ड्स बाद हरिया वह अंगूर दांतों के बीच दबाये अनीता की नाभि से निकल कर खा गया और कहते हुए अनीता की पेट और नाभि को चूमने लगा. अनीता बेशर्मी से उसके लुंड को हिलती हुयी उसे देखती रही. हरिया वह अंगूर कहते हुए एक नज़र अनीता को देखकर मुस्कुराया तो अनीता भी मुस्कुरा दी और अगले पल एक अंगूर गुच्छे से तोड़ कर कामुक अंदाज़ में हरिया को देखकर उसे अपनी नाभि में घुसा दी और फिर हरिया के बालों में उँगलियाँ फेरती हुई आँखों से अपनी नाभि के तरफ इशारा की तो हरिया फिर से वैसे hi अनीता की नाभि में अंगूर को मुंह में लेकर उसकी नाभि के आस पास चूमने लगा. कुछ सेकण्ड्स बाद वह उस अंगूर को खा लिया.
अगले 10 मिनट तक हरिया ऐसे hi अनीता की नाभि से अंगूर खाया और फिर उसकी नाभि और पेट को चूमते रहा. साथ hi वह अनीता की गांड भी दबाते रहा.
अनीता कुछ सेकण्ड्स हरिया को अपनी पेट और नाभि चूमते हुए देखि तो हरिया bola,"Memsaheb अपनी गांड दिखाइए न हुंका"
अनीता की दिल यह सुनकर धड़क गयी. वह धीरे से हरिया से boli,"Hariya जी यहाँ ऐसे कैसे? प्लीज वह नहीं होगा"
हरिया यह सुनकर अनीता की गांड दबाकर bola,"Are मेमसाहेब हम आपको अपनी गांड नंगा करके हुंका दिखने के लिए थोड़े बोल रहे हैं. ु तो इहाँ नहीं हो पायेगा हम जानत है. हमार मतबल ु दिन जब हम आपके घर से वापस आ रहे थे तो आप कैसे अपनी गांड हुंका दिखा रही थी वैसे hi. ससुरा बहोत दिन हो गवा आपका कातिल गांड को हिलते और मटकते देखे"
अनीता को अब समझ आया की हरिया चाहता है की वह अपनी गांड उसके तरफ करके थोड़ा हिला दे. उस दिन की बात याद आकर और हरिया का यूँ बोलने से की बहोत दिनों से वह उसकी गांड को हिलते और मटकते नहीं देखा है अनीता की चेहरे पर मुस्कान आ गयी. वह बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Offo हरिया जी पता नहीं आपको वहां देखने में इतना अच्छा क्यों लगता है"
हरिया यह सुनकर अनीता की गांड दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब हम आपकी गांड हिलते हुए देखते हैं तो हुंका समझ आता है की जब हम पीछे से आपको छोड़ेंगे तो आपकी गांड कैसे हिलेगी. उफ़ मेमसाहेब सच में कितना कातिल गांड है आपकी. चलते वक़्त इतना हिलता है. बहनचोद हम जब आपको पीछे से छोडूंगा तो हमरा हर एक चुदाई पर कितना मस्त तरीके से आपकी गांड हिलेगी. ससुरा सोचते hi लौड़ा बौखला जाता है"
अनीता की दिल धड़क रही थी यह सुनकर. हरिया खुलकर बोल रहा था की वह उसे छोड़ेगा. वह भी पीछे से और हर एक धक्के, हर चुदाई पर उसको गांड हिलेगी. अनीता एक पल के लिए इमेजिन करने लगी की वह झुकी हुयी है और हरिया सच में पीछे से उसे दाना दान छोड़ रहा है. यह सोचते hi उसकी छूट पर ऐसा एहसास हुआ जैसे चींटिया रेंग रही हो. जब हरिया आखरी बात bola,"Sasura सोचते hi लौड़ा बौखला जाता है" तो उसका लुंड लुंगी के अंदर से hi झटका मारा तो अनीता बेशर्मी से उसके लुंड के तरफ देखि.
अनीता को अपने लुंड के तरफ देखते हुए देख हरिया bola,"Dekhiye मेमसाहेब आपकी हिलती हुयी गांड के बारे में सोच कर सच में हमार लौड़ा कैसे बौखला गवा है"
अनीता यह सुनकर हरिया के लुंड को अच्छे से पकड़ कर हाथ ऊपर नीचे करके उसे हिलती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Haan हरिया जी आपका हथियार तो बौखलाया hi रहता है"
हरिया अगले पल bola,"Memsaheb ु आखिरी दिन जब आप बाजार आयी थी और हम आपको झुका कर पीछे से धक्का लगाकर दिखा रहे थे की हम आपको कैसे छोड़ेंगे. उस दिन भी धक्का लगाने पर जब आपकी गांड हिल रही थी तो हमरा लौड़ा और बौखला रहा था. आप तो अपनी गांड पर महसूस कर पा रही होगी की कैसे हमार लौड़ा बौखला रहा है"
अनीता अगले पल अपनी बेशर्मी का साबुत देती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Haan हरिया जी, मैं महसूस कर पा रही थी"
हरिया यह सुनकर अनीता की गांड दबाते हुए puchha,"Kahan महसूस कर पा रही थी आप मेमसाहेब? बोलिये न"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराकर बैठी हुयी hi अपनी गांड थोड़ा हिलाकर अपनी आँखों से उसके तरफ इशारा करके boli,"Yahan".
हरिया यह सुनकर अनीता की गांड दबाते हुए मुस्कुराकर puchha,"Kahan मेमसाहेब? अच्छे से बताइये न"
अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर हरिया के बालों में ऊँगली फेरकर उसके बीएड से उतर गयी और एक नज़र आस पास देखकर हरिया के तरफ अपनी गांड करके थोड़ा झुककर गांड हिलती हुयी कामुक अंदाज़ में हरिया को देखि तो वह उसे देखकर मुस्कुरा रहा था. अनीता बेशर्मी से हरिया को देखकर अपनी आँखों से अपनी गांड के तरफ इशारा की तो हरिया अपना नज़र उसकी गांड के तरफ ले गया.
अनीता जैसे hi देखि की हरिया उसकी गांड देखने लगा है तो अनीता अपनी गांड को हिलती हुयी धीरे से boli,"Dekh लीजिये हरिया जी यहीं महसूस कर रही थी मैं की कैसे आपका हथियार बौखला रहा था इसे देख कर"
अनीता अगले पल अपनी गांड पर हरिया का हाथ महसूस की और suni,"Haan मेमसाहेब इहे गांड देखकर तो हमार लौड़ा बौखलाता है"
अनीता हरिया को देखकर कामुक अंदाज़ में puchhi,"Abhi बौखला रहा है या नहीं आपका हथियार हरिया जी?"
हरिया यह सुनकर अनीता की गांड को दबाते हुए bola,"are मेमसाहेब खुद देख लीजिये न" और हरिया यह बोलकर अपने लुंड के तरफ इशारा किया.
अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में हरिया के लुंड के तरफ देखि जो लुंगी के अंदर खड़ा होकर लुंगी में तम्बू जैसा बनाया हुआ था. वह खुद बीएड से उतरने से पहले वह लुंड को पकडे हिला रही थी. अनीता देखि की हरिया का लुंड लुंगी के अंदर hi झटके मार रहा था.
अगले पल अनीता लुंगी के ऊपर से उसका लुंड फिर से पकड़ कर हरिया को देखकर कामुक अंदाज़ में boli,"Uhhm हरिया जी सच में कितना बौखला रहा है आपका हथियार"
हरिया अनीता की गांड पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Aisan गांड देखकर तो बौखलायेगा hi मेमसाहेब. उफ़ मेमसाहेब आपकी गांड को हिलते हुए देखकर हुंका आपको छोड़ने का मैं करने लगा है"
अनीता यह सुनकर अपनी गांड हिलती हुयी बेशर्मी से मुस्कुराकर कामुक अंदाज़ में boli,"Offo हरिया जी. अब बस कीजिये. आपको तो अब बस मेरी ठुकाई hi करने का मैं करता है"
हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Are मेमसाहेब आपके जइसन जवान और खबसूरत औरत को छोड़ने का मैं हुंका कैसे नहीं करेगा. अब आपको छोड़ने का मैं कर रहा है तो हम बोल रहा हूँ. कउनो ग़लत बात बोल रहा हूँ का?""
अनीता अपनी गांड हिलती हुयी धीरे से boli,"Nahin हरिया जी कुछ भी ग़लत नहीं बोल रहे हैं आप. जैसा मैं हमेशा कहती हूँ की मुझे ख़ुशी होती है की आपके मैं में जो है वह आप साफ़ साफ़ बोल देते हैं. अगर आपको मुझे ठोकने का दिल करता है तो वही तो बोलेंगे hi. मैं तो एहि सोच रही हूँ हरिया जी की कितना खुलकर आप हर वक़्त अपने मैं का बात बोलते हैं. आप इतना खुलकर बोलते हैं तो ऐसा लगता है जैसे अब तो हर वक़्त आप मेरी ठुकाई करने का hi सोचते हैं की बस मौक़ा मिले तो मैं मेमसाहेब की ठुकाई कर दूँ?"
हरिया अनीता की गांड हिलाते हुए धीरे से bola,"Haan मेमसाहेब मैं तो एहि करता है. बस पहली बार हम आपको रगड़ कर छोड़ना चाहते हैं इसलिए फुर्सत में छोड़ेंगे. आपको मैं नहीं करता है की आप हमार तगड़ा लौड़ा से छुड़वाए"
अनीता की दिल तो ऐसे hi हरिया से इस तरह से बात करते हुए, उसका लुंड हिलाते हुए, खुद अपनी गांड हिलाते हुए और हरिया का हाथ अपनी गांड पर महसूस करके धड़क रही थी और उसे मज़ा आ रहा था मगर जब हरिया उससे पूछा की उसको हरिया के तगड़े लुंड से छुड़वाने का मैं करता है या नहीं तो उसकी दिल अचानक से तेज़ धड़कने लगी.
अनीता खुद को संभालती हुयी धीरे से boli,"Offo हरिया जी अब बस कीजिये. हम हॉस्पिटल में है. मैं बस चाहती हूँ की मेरे हरिया जी जल्द से जल्द ठीक हो जाये और फिर से मेरी हर तरह से मदद करने लगे"
अनीता फिर कामुक अंदाज़ में हरिया से boli,"Har तरह से मतलब हर तरह से"
हरिया मुस्कुराकर अपने लुंड के तरफ इशारा करते हुए puchha,"Apna लौड़ा से भी?"
अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर कामुक अंदाज़ में उसके लुंड को देखि तो हरिया उसे देखने लगा. अनीता वापस हरिया को देखि की वह उसे देखकर मुस्कुरा रहा है तो अनीता अपनी गांड हिलती हुयी आँखों से अपनी गांड के तरफ इशारा की तो हरिया मुस्कुराते हुए अपना बीच का ऊँगली अनीता की गांड की दरार में घुसाने का कोशिश करने लगा मगर अनीता गांड पर साड़ी टाइट बांधती थी तो हरिया के लिए उसकी गांड की दरार में ऊँगली घुसना मुश्किल हो रहा था.
हरिया अगले पल अनीता की गांड पकडे पीछे खिंचा तो अनीता थोड़ा पीछे हो गयी और अगले पल हरिया का मुंह अपनी गांड पर महसूस की. हरिया का मुंह अपनी गांड पर महसूस करते hi अनीता की चेहरे पर मुस्कराहट आ गयी और वह अपनी गांड हरिया के चेहरे पर रगड़ने लगी. कुछ सेकण्ड्स बाद गांड रगड़ने के बाद अनीता पीछे देखि तो जल्दी से गांड हिलना बांध करके सीधे हो गयी.
हरिया यह महसूस करके उसे देखकर धीरे से puchha,"Ka हुआ मेमसाहेब?"
अनीता धीरे से boli,"Woh बुद्धा फिर से देख रहा था"
हरिया यह सुनकर puchha,"Woh आपको अपनी गांड हमार मुंह पर रगड़ते हुए देख रहा था क्या?"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से "हाँ" में सर हिलती हुयी boli,"Haan".
हरिया यह सुनकर bola,"Dekhne दीजिये ससुरा को. ु सिर्फ देख hi सकत है"
अनीता यह सुनकर हरिया को देखि तो हरिया अपने लुंड के तरफ इशारा किया. अनीता यह देखकर बिना शर्म और झिझक के उसका लुंड पकड़ कर हिलने लगी और धीरे से boli,"Ab मुझे चलना चाहिए हरिया जी. लेट हो रहा है"
हरिया यह सुनकर bola,"Theek है मेमसाहेब. आपके आने से हुंका अच्छा लगा लेकिन हम समझ सकत हूँ की आपका यहाँ और देर तक रुकना ठीक नहीं है"
हरिया अगले पल अनीता की कमर पकडे अपने नज़दीक खींचकर धीरे से bola,"Aap हम ग़रीब को देखने आयी..."
अनीता उसका पूरा बोलने से पहले उसके होंठ पर अपनी पतली गोरी और खूबसूरत ऊँगली रखकर धीरे से boli,"sssshhhh हरिया जी. कितनी बार बोलै है मैंने की मेरे लिए आप ग़रीब नहीं है. अब जल्द से जल्द ठीक हो जाइये और अपनी मेमसाहेब की अच्छे से सेवा कीजिये जैसे आप करना चाहते हैं"
हरिया अनीता की कमर सहलाते हुए bola,"Haan मेमसाहेब हम जल्द से जल्द ठीक होकर आपको छोड़ेंगे. साहेब बीजी रहते हैं और आपको ी जवानी में रोज़ लौड़ा नहीं मिल रहा होगा"
अनीता यह सुनकर अपनी आंखें बड़ी करके boli,"Offo हरिया जी फिर से वही बात"
हरिया अनीता की कमर से नीचे हाथ लेजाकर गांड दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब का ग़लत बोल रहा हूँ हम. साहेब तो बीजी रहते hi हैं और ी जवानी में आपको लौड़ा का ज़रूरत होगा. हम ठीक होने के बाद अपने लौड़ा से अच्छे से सेवा करेंगे"
अनीता को समझ नहीं आया की वह क्या जवाब दे तो वह बेशर्मी से boli,"Main चलती हूँ हरिया जी. यह फल खा लीजियेगा"
हरिया यह सुनकर अपना सर उठाकर अनीता की पेट और न अभी को चूमने लगा तो अनीता अपनी हाथ उसके सर पर रख कर उसे सहारा दी. हरिया दो तीन बार अनीता की पेट और नाभि चूमा और हर बार अनीता की बदन में बिजली दौड़ रही थी. हरिया जब चुम लिया तो ज़बान निकाल कर अनीता की नाभि में घुसा दिया. अनीता यह महसूस करके कामुक सिसकारी chhodi,"Ssiiii ुहहममम" और उसके बाल में उँगलियाँ फेरती रही. हरिया कुछ सेकण्ड्स तक उसकी नाभि में ज़बान घुसा कर उसे अपनी ज़बान से छोड़ा और फिर छोड़ दिया.
अनीता उसे मुस्कुराकर देख कर उसके सर के बाल में उँगलियाँ फेरती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Main चलती हूँ हरिया जी. अपना ख्याल रखियेगा"
हरिया जवाब में उसकी दोनों चूँचियों को दबाकर bola,"Theek है मेमसाहेब. आप भी अपना ख्याल रखियेगा. हम ठीक हो जाऊंगा तो आपका ी गरम जवानी का हम अच्छे से ख्याल रखूँगा"
अनीता जवाब में कुछ नहीं बोली. बस एक नज़र अपनी दोनों चूँचियों पर देखि जिसे हरिया अपने दोनों हाथ से दबा रहा था.
हरिया अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"Jaate हुए ीका भी bye बोल दीजिये मेमसाहेब"
अनीता उसके लुंड के उभर को देखि और कामुक अंदाज़ में boli,"Uhhm हरिया जी इसको तो ख़ास अंदाज़ में bye बोलना होगा.
अनीता यह बोलकर एक नज़र आस पास देखि और झुक कर लुंगी के ऊपर से उसके लुंड के उभर को चुम ली.
हरिया का लुंड अनीता की होंठ, भले hi लुंगी के ऊपर से महसूस करके झटका मारा तो अनीता को अपनी चेहरे पर उसका लुंड का झटका महसूस हुआ. अनीता यह देखकर मुस्कुरा दी और हरिया को कामुक अंदाज़ से देखती हुयी उसके लुंड एक बार और चुम ली और मुस्कुरा कर कड़ी होकर उसके लुंड को पकड़ कर हिलती हुयी boli,"Hariya जी इसका भी ख्याल रखियेगा"
हरिया यह सुनकर अनीता की गांड पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Are मेमसाहेब ीका तो ख्याल रखेंगे hi तभी तो आपको रगड़ कर छोड़ेंगे"
अनीता की दिल चुदाई की बात सुनकर फिर से धड़कने लगी मगर वह कुछ नहीं बोली बस एक बार कामुक अंदाज़ से हरिया के लुंड को देखि जैसे उसके अंदर भी हरिया के लुंड का प्यास हो. हरिया अनीता को देखा की कैसे वह उसके लुंड को देख रही है. वह अपने लुंड को झटका मार कर हिलाया तो अनीता हलकी मुस्कुराकर एक कामुक अंदाज़ में हरिया को देखि तो वह भी मुस्कुराया और धीरे से bola,"memsaheb अच्छे से bye बोलिये न हमार लौड़ा को"
अनीता यह सुनकर सवालिए नज़र से हरिया को देखि तो वह अपने लुंड के तरफ आँखों से इशारा किया. अनीता उसके लुंड के तरफ फिर से देखि तो हरिया लुंगी का गाँठ खोलकर थोड़ा नीचे सड़क दिया और उसका लुंड स्प्रिंग के तरह तन्न कर नंगा हवा में लहराने लगा.
हरिया का नंगा लुंड देखते hi अनीता की दिल धड़कने लगी और वह जल्दी से आस पास देखि, खाकर परदे के कोने में जहाँ से वह बुद्धा बार बार देख रहा था. मगर वह बुद्धा अभी नहीं देख रहा था.
हरिया अनीता को देखकर अपने लुंड के तरफ इशारा किया तो अनीता झुक गयी और उसके नंगे लुंड को चुम ली.
हरिया का लुंड फिर से अनीता जी चेहरे पर झटका मारा मगर अनीता कुछ रियेक्ट किये बिना उसके लुंड को एक नज़र देखकर उसके टोपे पर थूक गिरा दी और फिर हरिया को देखती हुयी होंठों से उस थूक को ऊपर नीचे उसके लुंड पर मलने लगी. अगले पल वह उसके लुंड के जड़ से लेकर ऊपर तक चूमती हुयी पहुंची. इस दौरान वह उसके लुंड पर 6-7 चुम्बन जड़ दी.
जब वह ऊपर पहुंची तो हरिया bola,"Memsaheb हमार लौड़ा चूमने से आपका लिपस्टिक ख़राब हो गवा. एक मिनट"
यह बोलकर हरिया दये हाथ से अनीता की सर का बाल पकड़ा और बाये हाथ से अपना लुंड और लुंड के टोपे को अनीता की होंठों से सटाकर उसपर रगड़ते हुए bola,"Hum ख़ास लिपस्टिक लगा डेट हूँ"
अनीता अपनी होंठों को बांध की हुयी हरिया को अपनी होंठों पर लुंड को रगड़ने दे रही थी. हरिया तीन चार बार उसकी होंठों पर एक छोर से दूसरे छोड़ तक लुंड रगड़ा और फिर अनीता को छोड़ दिया तो वह कड़ी हो गयी.
हरिया अनीता को देखकर bola,"Memsaheb आप ज़बान से होंठों पर यह ख़ास लिपस्टिक मिला लीजिये"
अनीता की दिल धड़क रही थी यह सब होने से, मगर हरिया का यह अंदाज़ उसे अच्छा लगा. हरिया का मर्दानगी और कॉन्फिडेंस से वह इम्प्रेस्सेड थी और उसके बोलने पर वह उसे देखकर अपनी ज़बान निकलकर कामुक अंदाज़ में होंठों पर फिरने लगी. जैसे hi वह ऐसा की उसकी छूट में बेचैनी होने लगी और बदन में मस्ती की लहर दौड़ने लगी. उसे अपनी मुंह में हरिया के pre-cum का स्वाद जाने लगा. आज पहली बार वह हरिया के लुंड से निकला कोई भी चीज़ का स्वाद महसूस कर रही थी जिससे उसकी दिल धड़क रही थी मगर उसे अच्छा लगा.
अनीता अगले पल अपनी बैग से एक लिपस्टिक निकल कर आईने में देखकर अपनी होंठों पर अप्लाई की तो आँखों के कोने से वह बुद्धा फिर से देखते हुए देखि. अनीता की दिल धड़कने लगी यह सोचकर की कहीं वह बुद्धा हरिया के लुंड को उसको होंठों पर रगड़ते हुए न देख लिया हो. मगर अनीता को न जाने क्यों एक अजीब सा मज़ा महसूस हुआ और वो बुड्ढे के तरफ देखे बिना चुप चाप अपनी होंठों पर लिपस्टिक अप्लाई की और एक नज़र आईने में देखकर अपनी बालों को ठीक करके आँखों के कोने से बुड्ढे को देखि तो उसे थूक घोंटते हुए देखि. अनीता को न जाने क्यों यह देखकर थोड़ा मज़ा आया की बुद्धा कैसे अपना थूक घोंट रहा है.
अनीता की चेहरे पर यह देखकर हलकी मुस्कराहट आ गयी की तभी उसे ध्यान आया की बुद्धा तो उसे लिपस्टिक लगते हुए देख रहा था मगर जब वह थूक घोंटा तो उसका ध्यान कहीं और था. तभी अनीता को ध्यान आया की उसका नज़र कहाँ था और वह तिरछी आँख से दये तरफ देखि तो हरिया का लुंड तन्न कर नंगा खड़ा हुआ था और अनीता की थूक से चमक रहा था.
अनीता की दिल यह सुनकर धड़कने लगी जिससे उसकी चूँचियाँ ऊपर नीचे होने लगी. अनीता अब सोचने लगी की भले hi वह बुद्धा हरिया को उसके होंठों पर लुंड रगड़ते हुए नहीं देखा हो मगर ऐसे हरिया का नंगा लुंड पर थूक लगा देख और अनीता को अपनी होंठों पर लिपस्टिक लगते देख पक्का एहि सोचेगा की वह हरिया का लुंड चूस रही थी.
यह सोचते hi अनीता की दिल धड़क गयी की बुद्धा तो हरिया को उसकी चूंकि चूसते हुए और उसकी गांड में अपना मुंह रगड़ते हुए देख चूका था मगर वह सब ऊपर से था. न hi उसकी चूंकि नंगी थी न hi उसकी गांड, मगर हरिया का लुंड पूरा नंगा था और उस पर थूक लगा हुआ था तो अब बुद्धा एहि सोचेगा की हरिया न सिर्फ उसकी चूंकि चूसा और उसकी गांड में मुंह रगड़ा बल्कि वह हरिया का लुंड भी चूसी.
अनीता चुप चाप धड़कते दिल से अपनी बैग बांध करके आँखों के कोने से उस बुड्ढे के तरफ देखि तो वह फिर से ग़ायब था. अनीता को यह देखकर राहत मिली. वह नहीं चाहती थी की हरिया को यह बताये नहीं तो कहीं वह अपना दबंग अंदाज़ दिखते हुए उसके सामने hi अनीता की होंठों पर एक बार लुंड रगड़ कर अपना मर्दानगी दिखता तो बेवजह का बात बढ़ता. बुद्धा चुप चाप देखकर वापस अपने बीएड पर लेट गया था तो उसे बात को बढ़ाना अच्छा नहीं लगा.
अनीता सोची की बात बढ़ने से जो बुद्धा देख चूका था उसको अनदेखा तो नहीं किया जा सकता था. वह सोची की बुद्धा hi क्या, कोई भी हरिया के लुंड पर थूक देखता और अनीता को ऐसे अपनी होंठों पर लिपस्टिक लगते देखता तो एहि सोचता की वह हरिया का लुंड चूसने के बाद अपनी होंठों पर लिपस्टिक लगाकर उसे दुरुस्त कर रही थी. अब तो बुद्धा के दिमाग़ में एहि बात चल रहा होगा, उसके बोलने या हरिया के बोलने से उसके दिमाग़ में जो चल रहा है उसे बदला नहीं जा सकता था तो क्यों बेवजह का बात बढ़ाया जाये.
अनीता को वहां से अब चले जाना hi ठीक लगा तो वह हरिया को देखकर मुस्कुराकर boli,"Chalti हूँ हरिया जी"
हरिया जवाब में bola,"Theek है मेमसाहेब"
अनीता फिर अपने बैग से 2000 रुपये निकल कर उसे देती हुयी boli,"Hariya जी यह लीजिये आपको ज़रूरत पड़ेगा. किसी चीज़ की कमी होगी तोह बोलियेगा. आपके पास मेरा नंबर तो है hi"
हरिया यह सुनकर bola,"Are मेमसाहेब कहे हुंका शर्मिंदा कर रही हैं. आप तो ऐसे hi हमरा इतना ख्याल रखती हैं. ऊपर से यह पैसा"
अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Aap भी तो मेरा इतना ख्याल रखते हैं हरिया जी. अभी आपको पैसे की ज़रूरत होगी तो दे रही हूँ. मैं जानती हूँ हरिया जी की आप खुद्दार हैं. और यह भी तो एक बात हैं जो मुझे आप में अच्छा लगता है. मगर अभी आपको ज़रूरत हैं रख लीजिये. ऐसे भी आप घर की सफाई किये थे तो देना तो बनता hi था. यह आपके म्हणत की hi कमाई है, ले लीजिए"
हरिया यह सुनकर अनीता की हाथ से पैसे ले लिया तो अनीता boli,"Hariya जी और किसी चीज़ की ज़रूरत पड़ेगी तो बोलियेगा, फ़ोन कर लीजियेगा ज़रूरत पड़ने पर"
हरिया यह सुनकर bola,"Are मेमसाहेब ु एक्सीडेंट में हमार फ़ोन भी ख़राब हो गवा. बनाने के लिए रामु दिया है"
अनीता यह सुनकर boli,"Isliye मैं सोच रही थी की आपका फ़ोन क्यों नहीं लग रहा है. खैर कोई बात नहीं है. आप रामु से भी खबर भेजवा सकते हैं अगर आपको कोई ज़रूरत हो तो"
हरिया यह सुनकर "हाँ" में सर हिलाया तो अनीता मुस्कुराकर boli,"achha अब चलती हूँ" और घूमकर गांड मटकती हुयी वहां से जाने लगी. वह पर्दा से दूसरे तरफ जाने से पहले घूमकर हरिया को देखि तो वह उसकी गांड देखते हुए लुंड हिला रहा था. अनीता यह देखकर मुस्कुराई और थोड़ी झुककर गांड हिलने लगी. हरिया यह देखकर मुस्कुराया और बाये हाथ से अपना लुंड हिलाते हुए दये हाथ का बीच का ऊँगली उसे दिखाकर आगे पीछे करने लगा जैसे बोल रहा हो की वह उसे पीछे ी छोड़ेगा. अनीता उसके ऊँगली को धड़कते दिल से देखि और फिर मुस्कुराकर उसके लुंड को देखने के बाद सीढ़ी होकर वहां से चली गयी.
अनीता एक नज़र उस बुड्ढे के तरफ देखि तो उसे चादर के नीचे से अपना लुंड हिलाते हुए देखि. यह देखकर अनीता का दिल धड़क गया. वह एक नज़र बुड्ढे को देखि तो दोनों का नज़र मिला. अनीता बेशर्मी से बुड्ढे को कुछ सेकण्ड्स तक देखि और फिर एक नज़र उसके लुंड के तरफ देखने के बाद बिना कुछ रिएक्शन दिए दरवाज़े के तरफ एक कदम बधाई तो रामु अंदर आते दिखा.
रामु उसे देखकर रुक गया और धीरे से bola,"Memsaheb आप?"
अनीता की दिल रामु को देखकर धड़क गयी. वह हल्का मुस्कुराकर धीरे से boli,"Haan रामु जी वह मैं हरिया जी को देखने आयी थी. वह घर का सफाई किये थे और पैसा नहीं लिए थे. अब उनका एक्सीडेंट हो गया तो सोची पैसे की ज़रूरत होगी तो दे दूँ"
रामु यह सुनकर हल्का मुस्कुराकर bola,"Haan मेमसाहेब. लेकिन आप इहाँ आएंगे हम सोच भी नहीं सकत हैं. चंदा ठीक कहत है की आप बहोत अच्छी है, ग़रीबो का भी बहोत ख्याल रखती हैं"
अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Ramu जी ग़रीब इंसान नहीं होते हैं क्या? मैं तो बस सब को इंसान समझती हूँ"
रामु यह सुनकर हल्का मुस्कुराया और एक नज़र अनीता की क्लीवेज को देखने लगा. अनीता देखि की रामु उसकी क्लीवेज देख रहा है तू उसकी बदन में फिर से करंट जैसा महसूस हुआ. वह तिरछी आँखों से उस बुड्ढे को देखि जो उसी के तरफ देख रहा था. अनीता कुछ सेकण्ड्स चुप चाप बिना शर्म के वैसे hi कड़ी रही.
अनीता कुछ सेकण्ड्स बाद boli,"Ramu जी अब मुझे चलना चाहिए"
रामु यह सुनकर घबराकर अनीता की चूंकि से नज़र हटाया तो अनीता उसे देखकर मुस्कुरा दी. रामु भी थोड़ा घबराते हुए मुस्कुरा दिया तो अनीता boli,"Main जाती हूँ. हरिया जी या आपको किसी चीज़ की ज़रूरत होगी तो बेझिजक बोलियेगा."
रामु यह सुनकर सर हिलाया तो अनीता मुस्कुराई और गांड मटकती हुयी वहां से चली गयी. रामु अनीता की नंगी पीठ और मटकती गांड को देखने लगा. इतनी खूबसूरत औरत वह सिर्फ टीवी पर hi देखा था. ऊपर से अनीता की इतनी खूबसूरत, चिकनी और गोरी पीठ को नंगु देखकर उसका लुंड तन तना गया.
रामु घूमकर हरिया के बीएड के तरफ जाने लगा तो एक नज़र देखा की वह बुद्धा दरवाज़े के तरफ देखते हुए चादर के अंदर से अपना लुंड हिला रहा है तो वह उसे गुस्से से देखा. बुद्धा रामु को गुस्से ी उसके तरफ देखते हुए देख चुप चाप लुंड से हाथ हटा लिया. रामु फिर हरिया के बीएड के तरफ चल दिया.