Anita Singh - Story of a Seductive Housewife - Page 5 - SexBaba
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Anita Singh - Story of a Seductive Housewife

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अपडेट 37

सब्जी मंडी में hi जैसे hi सब्जीवाले के नज़र से दोनों दूर हो गए, हरिया अनीता को देखा.

अनीता भी यह महसूस करके उसे देखि तो हरिया अपनी बीच की ऊँगली नाक के पास करके सूंघने लगा.

यह देखकर अनीता की दिल धड़क गयी क्यूंकि वह जानती थी की वह ऊँगली उसकी गांड की दरार का सैर करने के साथ साथ उसकी गांड की छेड़ से खेल रहा था. उसे यह थोड़ा अजीब भी लगा की कैसे हरिया जो ऊँगली उसकी गांड की छेड़ पर रगड़ रहा था वह अपने नाक के पास लेजाकर सूंघ रहा था मगर वह कुछ बोली नहीं क्यूंकि उसे अजीब लगने के साथ साथ एक अलग तरीके का मज़ा भी मिल रहा था हरिया को ऐसे वह ऊँगली सूंघते देख.

अनीता उसको देखती हुयी अपनी गांड मटकती चल रही थी. अगले पल हरिया अपना वो ऊँगली मुंह में दाल कर चूसने लगा तो अनीता को हैरत हुआ मगर पता नहीं क्यों साथ में उसका बदन सिहर गया और एक अजीब सा मस्ती का करंट उसे अपनी जवान बदन में महसूस हुआ.

अनीता हरिया को ऊँगली चुस्त देख अपनी गांड हिलती हुयी चलते हुए बिना शर्म के उसे देख कर boli,"Hariya जी यह क्या कर रहे हैं. वह ऊँगली तो गन्दी हो गयी होगी".

हरिया ऊँगली चूस कर मुस्कुराते हुए bola,"kyun मेमसाहब गन्दी क्यों होगी".

यह सुनकर अनीता का दिल थोड़ा धड़क गया मगर बिना झिझक और शर्म के वह boli,"Woh ऊँगली गन्दी जगह थी न इसलिए".

हरिया अगले पल उसकी गांड पर हाथ रखते हुए उसे दबोच कर उसके तरफ इशारा करते हुए bola,"are मेमसाहब गन्दी जगह कहाँ. हमरा ऊँगली तो आपकी मुलायम तरबूज की घाटी का सैर कर रहा था, वह भी मज़े से".

यह सुनते hi अनीता की बदन में मस्ती की लहर फिर दौड़ गयी और बदन में एक सनसनी महसूस होने क साथ hi उसकी छूट में भी हलचल होने लगी.

अनीता अपनी बेशर्मी का प्रदर्शन करती हुई हरिया को देखती हुयी मुस्कुराकर boli,"to हरिया जी वो गन्दी जगह hi तो हुयी न".

हरिया उसकी गांड मसलते हुए bola,"are मेमसाहब आपकी कोई जगह गन्दी नहीं. आप तो ऊपर से लेकर नीचे तक पूरी मस्त हो एकदम".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आपको तो बस मेरी तारीफ करने का बहाना चाहिए. लेकिन वह गन्दी जगह hi है".

हरिया यह सुनकर अनीता किसी गद्देदार गांड पर हाथ फिरते हुए bola,"Kaun सा जगह गन्दी है मेमसाहेब?"

अनीता यह सुनकर बिना शर्म के हरिया के आँखों में देखती हुयी boli,"Hariya जी अब आप अनजान मत बनिए. आप जानते हैं की आप की ऊँगली कहाँ थी वही जगह की बात कर रही हूँ की वह गन्दी है चाहे कोई जितना भी साफ़ रहे".

हरिया अनीता की गांड थप तपते हुए उसके तरफ आँखों से इशारा करते हुए bola,"Ohh हाँ आप अपनी यह बड़ी तरबूज का बात कर रही हैं".

यह सुनकर और हरिया को उसकी गांड थप तपते उधर इशारा करता देख अनीता की दिल धड़कने लगी और वह धड़कते दिल से बिना शर्म के उसके आँखों में देखती हुयी अपनी सर "हाँ" में हिला दी.

अनीता को सर हिलता देख हरिया मुस्कुराते हुए उसकी गांड को हिलता bola,"Are मेमसाहेब आपकी ी ततबूज कहाँ गन्दा है. ी कउनो गन्दा जगह नहीं बल्कि गद्दा जैसा जगह है. देखिये कैसे रुई जैसी मुलायम है. हमरे हिलने से हिल रहा है देखिये".

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप भी न. मैं इसकी नहीं जहाँ आप ऊँगली रगड़ रहे थे उसकी बात कर रहीं हूँ. खैर छोड़िये आप तो बस बातें बनाते रहेंगे".

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड की कमीज के ऊपर से hi उसकी गांड की दरार में ऊँगली फिरते हुए bola,"Ohh मेमसाहेब आप अपनी ी तरबूज का घाटी का बात कर रही हैं जहाँ हमरा ऊँगली सैर कर रहा था?".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप भी न. सब जानते हुए भी बातें बना रहे थे".

हरिया मुस्कुराकर अनीता की गांड को जोर से मसल कर bola,"are मेमसाहब हम तो सही बात बोलते हैं".

फिर वह अपना बीच का ऊँगली अनीता की कमीज के ऊपर से hi उसकी गांड की दरार में घुसाने लगा तो अनीता आस पास देखकर अपनी बेशर्मक का साबुत देती हुयी हरिया का ऊँगली अपनी गांड की दरार से हटाने के बजाय मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी फिर से आप शुरू हो गए".

हरिया अनीता का जवाब न देकर अपना ऊँगली उसकी गांड की घाटी में घुसा कर ऊँगली को थोड़ा हिलने लगा. अनीता यह महसूस करके जल्दी से आस पास देखि जिसके बाद हरिया वह ऊँगली निकाल कर अपने नाक के पास लेजाकर आँख बांध करके सूंघने लगा.

यह देखते hi अनीता का दिल धड़क गया और सांस फिर से तेज़ होने लगी. वह जल्दी से आस पास देखि और फिर जब हरिया के तरफ वापस देखि तो वह आँख खोल कर जोर का सांस लेकर मुस्कुराते हुए bola,"Kasam से मेमसाहेब आपकी तो तरबूज की घाटी की खुशबु भी एकदम कमल का है एक डैम नशा करने वाला.".

यह सुनकर अनीता की छूट फड़क गयी और थोड़ी सी गीली होने lagi.Use यक़ीन नहीं हो रहा था की हरिया जैसा गंवार मज़दूर उसके साथ इतनी खुल्लम खुल्ला छेड़छाड़ के साथ इतना खुल्लम खुल्ला बात भी कर रहा tha.Anita मैं hi मैं हरिया की हिम्मत की सराहना कर रही थी और उसे यह हरिया की मर्दानगी का सबूत भी लग रहा था. हरिया का यह मरदाना दबंग अंदाज़ उसे अच्छा लग रहा था.

अगले पल हरिया रुक कर अपने आँखों से अपने लुंड के तरफ इशारा करते हुए bola,"Dekhiye मेमसाहेब हमरा हथियार को भी आपकी तरबूज की घाटी का खुशबु पसंद आ रहा है".

अनीता यह सुनकर अपनी नज़र उसके लुंड के तरफ ले गयी तो देखि उसके पंत में जहाँ उभर था वह जगह थोड़ा सा हिल रहा था. यह देखकर अनीता खुद की सांस कण्ट्रोल करने के लिए एक बार जोर का सांस ली तो उसकी चूँचियाँ ऊपर के तरफ उठने लगी.

हरिया अनीता को खुद के लुंड के उभर के तरफ देखते हुए देख रहा था. अनीता बिना शर्म के उसके लुंड के तरफ देखने के बाद हरिया के चेहरे पर देखि तो हरिया पास में hi गुटखा थूककर गंदे तरीके से मुंह को पोंछकर अनीता की चूँचियाँ जो ऊपर नीचे हो रही थी उसे देखने लगा और अपना हाथ अपने लुंड के उभर पर रखकर पोंछने लगा.

हरिया जैसे hi अपने लुंड के उभर पर हाथ रखकर पोंछने लगा तो अनीता उसके उभर पर एक नज़र डालने के बाद उसके होंठ के तरफ इशारा करती हुई boli,"Wo हरिया जी थोड़ा सा पान अभी वहां लगा है".

हरिया यह सुनकर लुंड के उभार से हाथ हटाकर होंठ के पास हाथ लेजाकर पोंछते हुए puchha,"kahan मेमसाहब" तो अनीता उसकी आँख में देखती हुई खुद hi अपनी अंगूठे से उस गुटखे के रास को हरिया की होंठों के पास से पोंछ दी और मुस्कुराती हुयी boli,"maine पोंछ दिया हरिया जी".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता की हाथ पकड़ कर bola,"Are मेमसाहब आपकी ी प्यारी खूबसूरत ऊँगली में वह लग गया. दीजिये मैं साफ़ कर देता हूँ" और यह बोलकर हरिया अनीता की ऊँगली मुंह में लेकर चूसने लगा.

अनीता की धड़कन तेज़ हो गयी हरिया द्वारा ऊँगली चूसे जाने se.Maze से उसका बुरा हाल होने लगा और सांस तेज़ होने लगी जिसके कारण उसकी बड़ी बड़ी चूँचियाँ ऊपर नीचे होने लगी.

हरिया लगातार उसकी ऊँगली चूसे जा रहा था तो अनीता boli,"Hariya जी साफ़ हो गया होगा".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए उसकी अंगूठा बाहर निकाल diya.Anita देखि की उसकी अंगूठा साफ़ होने के बजाये उस में हरिया के मुंह का गुटखे का रास लग गया था और पता नहीं क्यों उसे हरिया का यह गन्दा अंदाज़ अच्छा लग रहा था.

हरिया उसकी अंगूठे को देखते हुए bola"Are मेमसाहब हम भी ससुरा कैसे साफ़ कर रहा tha.Saaf करने के जगह उल्टा और ज़्यादा लगा दिए इसमें".

यह बोलकर हरिया अनीता की हाथ अपने लुंड के ऊपर पंत पर पोंछने लगा.

अनीता का दिल हरिया के लुंड का उभर अपनी हाथ पर महसूस करके धड़कने लगा और उसकी सांस तेज़ होने लगी जिसके कारण उसकी बड़ी चूँचियाँ फिर से तेज़ी से ऊपर नीचे होने लगी.

हरिया अनीता का हाथ अपने लुंड के उभर के ऊपर पंत पर हाथ पोंछते हुए मुस्कुराकत अनीता को देखकर bola,"memsaahab आप अच्छे से पोंछ लीजिये अपनी हाथ हमारे पंत पर".

अनीता यह देखकर हरिया के लुंड के उभर के तरफ देखकर boli,"Hariya जी आपका पंत गन्दा हो जायेगा".

हरिया उसका हाथ अपना लुंड पर रगड़ते हुए bola,"are मेमसाहब हमारा पंत तो ऐसे भी गन्दा hi है. आपके हाथ पोंछने से का फ़र्क़ पड़ेगा".

हरिया फिर अनीता की हाथ छोर कर उसकी गांड को पकड़ कर सहलाने लगा और उसकी चूंकि देखते हुए bola,"aap की जैसे अच्छे कपडे थोड़े hi हैं मेमसाहब. आपके कपडे कितने अच्छे हैं. इतना achha,saaf और महंगा".

हरिया अनीता की गांड सलवार के ऊपर से सहलाते हुए bola",dekhiye आपकी सलवार की कपडे इतने मुलायम है. आपकी ी मुलायम तरबूज को आराम मिलता होगा इतना मुलायम कपडे में".

अनीता का दिल फिर से धड़क गया जब हरिया बोलै की उसकी मुलायम तरबूज को मुलायम सलवार के कपडे में आराम मिलता होगा. अनीता समझ रही है की हरिया उसकी गांड की बात कर रहा है.

अनीता धड़कते दिल से बिना शर्म के खुद अब हाथ साफ़ करने के बहाने हरिया का लुंड सहलाने लगी थी और उसका लुंड पंत के ऊपर से सहलाती हुयी boli,"Are हरिया जी आप भी मेरी तारीफ करते रहते हैं. ऐसे आपको मेरी यह सलवार कमीज अच्छी लग रही है?".

हरिया अनीता की आँखों में देखते हुए बात सुनने के बाद नज़र नीचे करके उसकी चूंकि देखने लगा और फिर ऊपर से नीचे देखते हुए bola,"haan मेमसाहब आपका तो कोई मुक़ाबला नहीं. सभी औरतें आपके सामने फींके hain.Aap कमाल की लग रही हो".

फिर वह अनीता की आखों में देखते हुए उसकी गांड को मसलते हुए bola,"Woh हमारे यहां बोलते हैं न. एक डैम कड़क और मस्त माल. पक्की माल लग रही हो आप मेमसाहेब ".

हरिया पहली बार अनीता की इस तरह से रफ़ भाषा में तारीफ किया था और अनीता का दिल यह सुनकर धड़कने लगा और सांस तेज़ होने लगी.

अनीता को हरिया का यूँ हिम्मत करके उसकी ऐसे लहज़े से तारीफ करना एक अलग मज़ा देने लगा था और उसकी छूट में भी थोड़ी हलचल होने लगी हरिया का लुंड के उभर को महसूस करते हुए यह बात सुनकर.

अनीता हरिया का लुंड पंत के ऊपर से सहलाती हुयी उसके आँखों में देखती हुयी बिना शर्म के बात सुन्न रही थी.

हरिया अनितकी गांड मसलते हुए अगले पल अनीता की चूँचियों को देखते हुए bola,"Bahot hi कड़क और मस्त माल हो आप मेमसाहेब".

अगले पल वह अनीता की आँखों में देखते हुए bola,"Woh एक गाना है न 'तेरी जवानी बड़ी मस्त मस्त है'.

फिर वह अनीता की चूँचियों को देखते हुए उसकी गांड दबाकर अपना हाथ ऊपर के तरफ ले जाते हुए उसकी अधनंगी पीठ पर हाथ फेरते हुए bola,"Aapki जवानी भी बड़ा मस्त मस्त है".

हरिया का बात सुनते हुए अपनी हाथ में उसका लुंड का उभर, अपनी चूँचियों पर पड़ते उसका गन्दा हवस भरा नज़र और अपनी अधनंगी पीठ पर उसका मजबूत खुरदुरा हाथ महसूस करके अनीता का भी दिल धड़क रहा था और उसकी बदन में एक मज़े की लहर दौड़ रही थी जिसके कारण उसकी छूट में भी हलचल हो रही थी. अनीता की छूट थोड़ी गीली होने लगी थी और सांस तेज़ होने के कारण उसकी पहाड़ जैसी उठी हुयी बड़ी बड़ी चूँचियाँ तेज़ी से ऊपर नीचे हो रही थी.

अनीता की ऊपर नीचे होती चूँचियों को देखकर हरिया का लुंड पंत में hi बेचैन हो रहा था और अनीता उसके लुंड की बेचैनी अपनी हाथों में महसूस करती हुयी बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप भी न घूम फिरकर मेरी hi तारीफ करने लगे. मैंने तो बस पूछा था की मेरी सलवार कमीज अच्छी लग रही है या नहीं, लेकिन आप मेरी तारीफ करने लगे"

हरिया यह सुनकर फिर अनीता की अधनंगी पीठ पर हाथ फिरते हुए उसकी ऊपरी नंगी चूंकि देखकर bola,"kamaal की डिजाइन है मेमसाहब आपकी कमीज की".

अनीता यह सुनकर हरिया का लुंड सहलाते हुए दूसरे हाथ को अपनी कमर पर रखकर अपनी चूंकि थोड़ी आगे करती हुयी boli"achha आपको मेरी कमीज की डिज़ाइन अच्छी लगी?".

जैसे hi अनीता अपनी चूंकि थोड़ा आगे की हरिया उसकी पीठ से हाथ हटाकर आगे उसकी चूंकि के ऊपर हाथ रख दिया.

हरिया का हाथ अपनी कमीज के ऊपर से चूंकि पर पड़ते hi अनीता का दिल और जोर से धड़कने लगा और बदन में मज़े की लहर और बढ़ गई. साथ hi उसकी छूट में भी हलचल होने लगी. इतने दिनों के छेड़ छड़ के बाद खासकर हर बार अपनी गांड, पीठ और कमर पर हरिया का मजबूत और खुरदुरा हाथ और उसके गंदे हवस भरे नज़र अपनी चूँचियों पर महसूस करने के बाद पहली बार अनीता उसके हाथ को अपनी चूंकि पर महसूस की थी.

अनीता बिना शर्म के वैसे hi कड़ी हुयी हरिया का लुंड पंत के ऊपर से सेहला रही थी.

हरिया उसकी कमीज के ऊपर से उसकी चूंकि पर हाथ फिरने लगा और फिर उसकी चूंकि को हलके से दबा कर bola,"haan मेमसाहब आपकी कमीज की डिजाइन अच्छी है. आपकी खबसूरत बदन पर ऐसे डिजाइन के कपडे अच्छे लगते हैं".

जैसे hi हरिया अनीता की चूंकि हलके से दबाया अनीता की छूट फड़कने लगी और गीलापन बढ़ने laga.Use हरिया की हिम्मत सराहना के काबिल और उसकी मर्दानगी और दबंगता का सबूत लग रहा था. उसका मजबूत हाथ में अपनी चूंकि दबते हुए महसूस करके अनीता का दिल धड़क रहा था और सांस तेज़ थी जिसके कारण उसकी चूंकि हरिया के हाथ में hi ऊपर नीचे हो रही थी. हालांकि उसकी चूंकि बड़ी थी तो हरिया के हाथ में पूरा नहीं आ रही थी.

हरिया का भी लुंड अनीता की चूंकि को मुठी में भरने से बौखलाने लगा था और पंत में hi हल्का झटका मारने के साथ बड़ा और कड़क होने लगा था जिसे अनीता अपनी नाजुक और गोरी हाथ में महसूस कर रही थी.

अनीता न hi हरिया का हाथ अपनी चूंकि से हटाने की कोशिश की और न hi उसके लुंड को पंत के ऊपर से सहलाना बांध की. वह एक पल के लिए भी नज़रे नहीं झुके और बिना शर्म के हरिया को देखती हुयी उसका लुंड सहलाती रही.

अनीता को हरिया का लुंड का आकर अपनी हाथ में बढ़ते हुए महसूस हो रहा था और उसका कड़कपन से हरिया की मर्दानगी झलक रहा था और हरिया का हिम्मत और मर्दानगी से अनीता प्रभावित हो रही थी.

हरिया अनीता की चूँचियों के तरफ देखते हुए अपना हाथ अनीता की बायीं चूंकि दबाने के बाद आराम से उसकी दायी चूंकि पर लेजाकर उस पर हाथ फिरने के बाद वह चूंकि को भी हलके से दबा कर बात जारी रखते हुए bola,"Memsaahab हमने आपकी कमीज की खबसूरत डिजाइन आगे से तो देख लिया मगर पीछे का डिजाइन नहीं देखा. क्या इसकी डिजाइन भी उस कमीज जैसी hi है जो आप पिछली बार पहनी थी?".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"nahin हरिया जी उसकी डिज़ाइन और इसकी डिज़ाइन में थोड़ा फर्क है. उस में सिर्फ कंधे पर एक थ्रेड था मगर इसमें थ्रेड्स ज़्यादा हैं".

हरिया थोड़ा कंफ्यूज लगा तो अनीता boli,"Aapko समझ नहीं आया हरिया जी?".

हरिया यह सुनकर अनीता की दायी चूंकि दबाते हुए bola,"nahin मेमसाहब आप औरतों को कपड़ो के बारे में हमें बहोत जानकारी नहीं हैं".

फिर वह उसकी चूँचियों को हवस भरे नज़र से देखते हुए उसे दबाते हुए bola,"Haan हम औरतों का मदद और सेवा करने में माहिर हूँ."

अगले पल वह अनीता की आँखों में देखते हुए उसकी चूंकि को थोड़ा और जोर से दबाते हुए bola,"Bahot hi अच्छे से मदद और सेवा करता हूँ औरतों का. और आपका तो और अच्छे से करूँगा"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया का लुंड सहलाती हुयी पहली बार अपनी आवाज़ में थोड़ी कामुकता या यूँ कहे रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uff आप भी न हरिया जी. बस मेरी मदद करने का hi सोचते हैं."

फिर वह एक ऐडा से उसे देखने के बाद घूमकर अपनी पीठ उसके तरफ करके बालों को सामने की तरफ करके boli,"Dekhiye कमीज के डिज़ाइन में फर्क है न?"

अनीता जैसे hi बाल आगे की उसकी आधी पीठ नंगी दिखने लगी. सभी कमीज की तरह उसकी यह कमीज भी पीछे से बहोत hi लौ कट था जो उसकी गोरी चिकनी पीठ ढंकने की बजाय दिखने का काम कर रही thi.Bas पिछली बार अनीता जो कमीज पेहेन कर बाजार आयी थी उस कमीज से यह कमीज पीछे से थोड़ा और ज़्यादा लौ कट थी मगर अनीता की ब्रा की स्ट्राप जिस जगह उसकी पीठ पर बांधती थी वहाँ क्रिस क्रॉस करके थ्रेड्स बांधने का डिज़ाइन था जिसे वहाँ बंधा गया था ताकि उसकी ब्रा की स्ट्राप न दिखे मगर थी तो वो थ्रेड hi,na की कपडे की पट्टी इसलिए ध्यान से देखने पर अनीता की ब्रा की ट्रांसपेरेंट स्ट्राप भी दिख रही थी.

हरिया देखा की अनीता की नंगी गोरी पीठ पसीने से चमक रही थी और कुछ बूंद पसीने की उसकी पीठ पर फिसल भी रही thi.Hariya का लुंड यह नज़ारा देखते hi अकड़ने लगा और धीरे धीरे और कड़क होने लगा. वह अपने दाए हाथ से अपना लुंड पकड़ कर मसलने लगा.

अनीता अगले पल वैसे hi उसके तरफ पीठ की हुयी गर्दन घुमाकर उसके तरफ देखि और एक नज़र उसके लुंड के तरफ लेजाकर हरिया को उसे मसलते देख बिना शर्म के वापस उसके आँखों में देखती हुयी poochhi,"Hariya जी है न इस कमीज की डिज़ाइन अलग?"

अगले पल वह बोलना जारी rakhi,"Woh सभी कमीज एक जैसी अच्छी नहीं लगेगी इसलिए थोड़ी बहोत अलग डिज़ाइन रहती है सबकी".

अनीता इतना बोलने के बाद अपनी नज़र फिर से नीचे करके हरिया के लुंड के तरफ देखि.
 
अपडेट 38

अनीता हरिया के लुंड के तरफ देख hi रही थी की हरिया उसके सब्जी का थैला नीचे रखकर बाए हाथ से अपने लुंड को पकड़ कर मसलने लगा और दया हाथ लुंड से हटाकर अनीता की पीठ पर हाथ रख दिया.

अनीता यह महसूस करके उसके लुंड से नज़र हटाकर हरिया के चेहरे पर देखि तो वह उसे देखते हुए बगल में गुटखा थूक कर अनीता की नंगी पीठ पर हाथ फिरने लगा.

अनीता चुप चाप कड़ी हुयी हरिया का खुरदुरा हाथ अपनी पीठ पर महसूस करती हुयी उसे गुटखा थूकते देखने लगी. उसे गुदगुदी भी होने लगी.

हरिया फिर गंदे तरीके से बाये हाथ से मुंह पोंछ कर अनीता की पीठ पर दया हाथ फिरने लगा तो अनीता बिना शर्म के खिलखिलाने lagi,"Hehehe हरिया जी यह आप क्या कर रहे हैं? गुदगुदी हो रही है".

हरिया भी मुस्कुराते हुए उसकी पीठ पर ऊपर से लेकर नीचे तक जितनी पीठ नंगी थी सभी जगह हाथ फिरते हुए अनीता की स्किन को महसूस करता हुआ bola,"Waah मेमसाहब कितनी मुलायम और चिकनी है आपकी पीठ. बिलकुल मक्खन जैसा".

अनीता मुस्कुराती हुयी हरिया के आँखों में देखती हुयी एक ऐडा से boli,"Hariya जी कितनी बार आप मेरी तारीफ करेंगे".

अगले पल हरिया अनीता की गांड की तरफ देखने लगा. अनीता समझ गयी की हरिया का नज़र उसकी कमीज के ऊपर से उसकी गांड पर है. अनीता वैसे hi बिना शर्म के कड़ी हुयी हरिया को देख रही थी.

हरिया अनीता की कमीज पीछे से उसकी गांड के पास से हटा कर वह हाथ वापस अपने पंत के ऊपर से लुंड पर रखकर उसके उभर को ऐसे पकड़ा जिससे उसके लुंड का आगे का हिस्सा सामने के तरफ पॉइंट करे और वैसे hi पकडे हुए लुंड के आगे का हिस्सा पंत के अंदर से hi अनीता की सलवार के बीच में लेजाकर थोड़ा प्रेशर बना कर अपना लुंड का आगे का हिस्सा अनीता की गांड की दरार में सलवार के ऊपर से hi घुसकर पीछे से अनीता से सत् गया.

हरिया जब यह सब कर रहा था तब अनीता की सांस तेज़ होने लगी थी और छूट में हलचल भी होने लगी थी. वह एक नज़र जल्दी से आस पास दौड़ाई मगर सब्जी मंडी में कोई नहीं था.

अनीता की सांस हरिया का लुंड अपनी गांड की दरार में महसूस करते hi फिर तेज़ होने lagi.Ab अनीता की गांड और हरिया के लुंड के बीच केवल अनीता की पंतय और सलवार और हरिया का पंत और अंडरवियर hi tha.Hariya जब उसकी गांड से सत्ता तो अनीता वैसे hi कड़ी हुयी गर्दन घुमाकर हरिया को देख रही थी जिससे दोनों के चेहरे के बीच केवल कुछ इनचेस के hi फैसले थे.

हरिया उसकी गांड की दरार में लुंड घुसकर उसकी गांड से सटने के बाद जब वहां से नज़र हटाकर अनीता को वापस देखा तो अनीता बिना शर्म के उसके आँखों में देखती हुयी boli,"Hariya जी अब हमें चलना चाहिए".

हरिया मुस्कुराते हुए अनीता की आँखों में देखते हुए hi कमर हिला कर अपना लुंड उसकी गांड की दरार में घुसाने की कोशिश करते हुए bola,"jee मेमसाहब चलते हैं. ी ससुरा हमारा हथियार बेचैन हो रहा है बहोत".

अनीता यह सुनकर हरिया के आँखों में देखती हुयी अपनी गांड की दरार में उसके लुंड को महसूस करती हुयी boli,"Hariya जी आपका हथियार क्या हर वक़्त बेचैन रहता है?".

हरिया अपना कमर हिलाकर लुंड अनीता की गांड की दरार में घुसाने का कोशिश करते हुए bola,"Kaa करें मेमसाहब आप हैं hi इतनी मस्त. हम बोलै हूँ न की आप एक दम कड़क और मस्त माल लगती हैं. अब हमरा हथियार ससुरा आपके जैसी कड़क और मस्त माल को देखकर पूरा बेचैन तो होगा hi. ी हमरा हथियार ससुरा आपका प्यार चाहता है अब. आप को छूकर इसे ख़ुशी मिलता hai,dekhiye न कैसे अभी आपकी गोल gol,badi और मुलायम पिछवाड़ा से सत्कार खुश हो रहा है".

यह सुनते hi अनीता की सांस और तेज़ हो गयी और उसकी छूट फड़क gayee.Saath hi उसकी बदन में मस्ती और बढ़ gayee.Hariya उसकी गांड को पहले "तरबूज" और अब सीधा "पिछवाड़ा" बोल दिया था और वो भी की उसकी पिछवाड़ा बड़ा, मुलायम और गोल है. उसकी छूट में हलचल हो रही थी और गीलापन बढ़ता hi जा रहा था.

अनीता को समझ नहीं आया की वह क्या करे हरिया का बात सुनकर तो वह बिना शर्म के उसे देखती हुयी boli,"Hariya जी गर्मी बहोत है. चलिए आइस क्रीम खाते हैं".

हरिया अनीता की बात सुनकर खुद के और अनीता के बीच हाथ घुसकर उसकी पीठ पर हाथ फिरते हुए bola,"Haan मेमसाहब गर्मी बहोत है."

फिर वह पीछे से अनीता की गांड से सटे हुए hi अपना दाया हाथ आगे लेजाकर अनीता को दिखते हुए bola,"Dekhiye आपकी गोरी मुलायम पीठ पसीना पसीना हो गया है. हम थोड़ा सा पोंछ दिया हूँ"..

अनीता हरिया के हाथ के तरफ देखि जो थोड़ा सा भीगा था और उसे देखकर मुस्कुराती हुयी boli,"Thank यू हरिया जी."

हरिया वैसे hi कमर हिलाते हुए अनीता की गांड की दरार में लुंड घुसाने का कोशिश करता हुआ अगले पल अनीता की कंधे के ऊपर से उसकी चूंकि की तरफ देखकर हाथ को अनीता की चूंकि पर हल्का सा रखकर अपना अंगूठा उसकी क्लीवेज की शुरुआत से एक इंच अंदर तक फिरते हर पसीना को पोंछते हुए bola,"Ee ससुरा पसीना आपकी आगे की पहाड़ को भी नहीं छोरता है. ससुरा आपके दोनों पहाड़ो के बीच का घाटी में ऐसे घुस रहा है जैसे नदी दो पहाड़ो के बीच बेहटा है."

अनीता जानती थी की पहाड़ से हरिया का क्या मतलब है और उसका इस तरह बात करने से उसे एक अलग hi मज़ा मिल रहा था. वह हरिया के हिम्मत के साथ साथ उसके बात बनाने के अंदाज़ से भी प्रभावित थी और चुप चाप धड़कते दिल, तेज़ सांस और गीली छूट में मस्ती की लहर महसूस करती हुयी वह उसका बात सुन्न रही थी.

हरिया अगले पल bola,"Woh तो आप थोड़ा आरामदायक कमीज पहनी है जिसमे आपकी पहाड़ के अंदर भी हवा जाती है वर्ण ऐसे गर्मी में तो और पसीना पसीना हो जाती आप memsaahab.Sasura आपके दोनों पहाड़ की घाटी के बीच पसीना नदी बना देता".

अनीता यह सुन्नते हुए अपनी चूँचियों पर हरिया का हाथ देख रही थी और जब हरिया आखिरी बात नदी बनाने वाला बोलै तो अनीता की चेहरे पर मुस्कराहट आ गयी उसके बात बनाने के अंदाज़ से.

वह बिना शर्म के मुस्कुराती हुयी boli,"Haan हरिया जी थोड़ा आरामदायक कपडे पहनती हूँ नहीं तो गर्मी से हालत ख़राब हो जाती. नदी का तो पता नहीं लेकिन हाँ पसीना पसीना ज़रूर हो जाती".

हरिया अब लगातार अपना कमर हिला कर अनीता की गांड की दरार में अपना लुंड रगड़ रहा tha.Anita हरिया का लुंड का अकार बढ़ते हुए अपनी गांड की दरार में महसूस कर रही थी. उसकी छूट में गीलापन बढ़ते जा रही थी. भले hi उसकी चूँचियों के बीच पसीने की नदी नहीं बह रही थी मगर ऐसे hi हरिया छेड़ते रहता तो उसकी छूट से नदी ज़रूर बहने लगती थोड़ी देर में.

एहि सोच कर अनीता खुद को संभालती हुयी हरिया के आँखों में देखती हुयी boli,"Hariya जी हम बाजार में हैं. आप अपना हथियार को बोलिये कण्ट्रोल में रहने के लिए. अभी मुझे आइस क्रीम खानी hai,garmi बहोत है".

हरिया उसको देखते हुए bola,"memsaahab आप आइस क्रीम बाद में चूस लीजियेगा. आप हमारे साथ चलिए न. हमारा हथियार बाहर आना चाहता है. आपको हम अपना हथियार दिखाऊंगा".

हरिया यह बोलकर अनीता की गांड पर जोर से अपना लुंड का दबाओ बनाया जिसके कारण उसका लुंड पंत में होने से मुद कर अनीता की गांड की दरार से फिसल कर बाहर निकल कर उसकी गांड पर रगड़ गया.

ऐसा होने से अनीता "आउच हरिया जी" करके हरिया को dekhi.Anita की चूँचियाँ अब हरिया के कब्जे में thi.Hariya आराम से कमर हिलाते हुए उसकी चूँचियों पर हाथ फिरा रहा था.

वह अनीता से poochha,"Kaa हुआ मेमसाहब?".

अनीता बिना शर्म के boli,"Hariya जी आपका हथियार चुभ रहा है".

हरिया अपना लुंड अनीता की गांड पर रगड़ते हुए poochha,"memsaahab कहाँ चुभ रहा है?"

अनीता आस पास देखि मगर पूरा सुनसान tha.Woh हरिया को देखती हुयी boli,"Woh मेरे पीछे".

हरिया अनीता की चूंकि कमीज के ऊपर से hi सेहला रहा था और कमर हिलाते bola,"peechhe कहाँ memsaahab?aapki गोरी गोरी पीठ पर?".

अनीता "ना" में सर हिलाई तो हरिया फिर poochha,"to फिर कहाँ मेमसाहब?".

अनीता हरिया की आँखों में देखकर बिना शर्म के boli,"wo हरिया जी मेरी a..ass पर".

हरिया यह सुनकर bola,"Memsaheb कहे हमरा मज़ाक बना रही हैं आप. हम तो जाहिल गंवार हूँ आपकी जितनी अंग्रेजी नहीं आती हमें की समझ आये. आप हिंदी में बोलिये न".

अनीता का मज़े से बुरा हाल tha.Hariya उसे बेधड़क खुलेआम छेड़ रहा था और अनीता का हरिया का यह बेबाक अंदाज़ अच्छा लग रहा था मगर उसे बुरा भी लगा की हरिया से वह इंग्लिश में कुछ बोली जो उसे समझ नहीं आया.

वह अपनी सांस कण्ट्रोल करती हुयी boli,"Maaf कीजियेगा हरिया जी मैं आपका मज़ाक नहीं उदा रही थी."

हरिया यह सुनकर अनीता की चूँचियों को हलके से दबाकर पीछे से उसकी गांड पर लुंड का प्रेशर बढ़ाते हुए bola,"Are कउनो बात नहीं मेमसाहेब. आप माफ़ी मांग कर हुंका शर्मिंदा मत कीजिये. आप हमरी मेमसाहेब हैं. अब बस ी बताइयॉ की हमरा हथियार कहाँ चुभ रहा है आपको".

अनीता तेज़ सांस लेती हुयी अपनी चूँचियों को ऊपर नीचे करके boli,"woh हरिया जी आपका हथियार मेरी तरबूज पर चुभ रहा है".

अनीता जैसे hi यह बोली उसकी बदन में एक अलग मज़े की लहर दौड़ने लगी और उसकी बदन में गुदगुदी जैसी महसूस होने लगी. उसकी मज़े में अगले पल इज़ाफ़ा हो गया जब उसकी बात सुनकर हरिया का लुंड झटका मारने लगा और अनीता यह अपनी गांड पर महसूस की.

हरिया अनीता की बात सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Kaa करेगा ससुरा हमरा हथियार मेमसाहब. कभी कभी इसका मैं करता है कहीं घुसने का वही कोशिश में लगा रहता है और जब वहां घुसने का जगह नहीं मिलता तो इधर उधर हो जाता है. एक मिनट रुकिए".

अनीता यह सुनकर वैसे hi कड़ी रही और अगले पल हरिया का एक हाथ अपनी गांड के पास महसूस की. अनीता को एहसास हो गया की हरिया क्या कर रहा है. हरिया अपना लुंड फिर से पकड़ कर अनीता की गांड की दरार में थोड़ा सा घुसा कर प्रेशर बनाने लगा.

हरिया उसकी गांड की दरार में पंत के ऊपर से hi थोड़ा लुंड घुसा कर puchha,"Ab ठीक है तो मेमसाहेब? अब चुभ नहीं रहा न हमरा हथियार आपकी तरबूज पर?".

अनीता की मज़े से बुरा हालत था और छूट गीली हो रही थी. वह हरिया का बात सुनकर बिना शर्म के उसके आँखों में देखती हुयी boli,"Hariya जी चलिए मुझे आइस क्रीम खानी है".

अनीता जैसे तैसे खुद को कण्ट्रोल कर रही thi.Use मज़ा तो आ रहा था मगर यूँ बाहर ज़्यादा कुछ करना उसे सही नहीं लग रहा tha.Uski गाला भी सुख रही थी तो वो चाहती थी की आइस क्रीम खाकर पहले खुद को शांत करे और बाकी चीज़ बाद में सोचे.

हरिया यह सुनकर धक्का लगते हुए bola,"memsaahab चलिए न हमारे साथ. हम आपको वहाँ अपना हथियार भी अच्छे से दिखाएंगे और ऐसी चीज़ चुसाएँगे की आप आइस क्रीम को भूल जाइएगा. आइस क्रीम बाद में चूस लीजियेगा. अभी चलिए न हमारे साथ. हमारा हथियार आपको अपना ताक़त दिखने के लिए बेचैन है".

अनीता की सांस यह सुनकर और तेज़ होने lagi.Woh जब भी सांस कण्ट्रोल करने की कोशिश कर रही थी कुछ न कुछ हो रहा था जिससे उसकी सांस बढ़ जा रही थी. उसकी बदन तो पूरी तरह से मस्ती में डूबा हुआ था और छूट भी अब गीली होने लगी थी.

वो खुद को कण्ट्रोल करके घूम कर हरिया का लुंड पंत के ऊपर से पकड़ ली और बिना शर्म के उसके आँखों में देखती हुयी boli,"nahin हरिया जी फिलहाल तो मुझे आइस क्रीम hi चुसनी है. गर्मी बहोत है तो आपको भी तो प्यास लगी होगी और आइस क्रीम चाटने का दिल कर रहा होगा. चलिए मैं आइस क्रीम चूसूंगी और आप चटियेगा".

फिर अनीता हरिया के लुंड को देख कर उसे सहलाते हुए उसके तरफ इशारा करती हुयी boli,"Aap अपना हथियार को बोलिये की थोड़ा सब्र रखे. अभी आप इसे कण्ट्रोल में रखियेगा तो आपको मीठा फल मिलेगा, मीठा मीठा आइस क्रीम चाटने को मिलेगा आपको".

अनीता वह बोलकर खिलखिलाने lagi,"Hehehe".

हरिया भी यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता की बायीं चूंकि पर हाथ रखकर दबाते हुए bola,"Jaisa हमरी मेमसाहब कहे. चलिए मेमसाहब".

अनीता अपनी चूंकि दबाये जाने पर बिना शर्म के हरिया को देखकर मुस्कुराती रही वहीँ हरिया यह बोलकर अनीता की सब्जी का थैला उठा लिया और अनीता की गांड पकड़ कर दोनों चलने लगे. हरिया चलते वक़्त अनीता की गांड को पकडे हुए थोड़ा अपने और करीब उसे खिंच लिया. अनीता आस पास देखि मगर सुनसान गली था तो वह भी हरिया से लगभग चिपकी हुयी गांड हिलती हुयी चलने लगी.

"सुन्न एक चूसने वाला और एक चाटने वाला आइस क्रीम de",Hariya आइस क्रीम वाले के पास जाकर बोलै.

आइस क्रीम वाला थोड़ा अजीब तरीके से हरिया को देखा तो अनीता मुस्कुराती हुई आइस क्रीम वाले से boli,"jee एक आइस क्रीम बार और एक कप आइस क्रीम दीजिये".

अनीता यह बोलकर बैग से पैसे निकलने लगी और आइस क्रीम वाला आइस क्रीम निकलने लगा तो हरिया bola,"Sunn वह एक चूसने वाला आइस क्रीम होता है न जो बाहर से काला और उसके अंदर सफ़ेद क्रीम रहता है जिसको चूसने से अंदर से सफ़ेद क्रीम निकलता है. वही देना".

अनीता यह सुनकर बैग से पैसे निकलकर हरिया के तरफ देखने लगी. हरिया का बात सुनकर आइस क्रीम वाला थोड़ा कन्फ्यूज्ड हुआ लेकिन क्यूंकि वह रेगुलरली आइस क्रीम बेचता था तो कुछ सेकण्ड्स के बाद उसे ध्यान आया की हरिया कौन सा आइस क्रीम मांग रहा था.

जैसे hi आइस क्रीम वाले को ध्यान आया अनीता boli,"Ek चोकोबर दीजियेगा".

अगले पल हरिया bola,"Aur जो सबसे बड़ा और मोटा होगा वही निकलना".

अनीता हरिया का बात सुनकर उसके तरफ देखि तो हरिया मुस्कुरा दिया. इससे पहले की अनीता कुछ रियेक्ट करती आइस क्रीम वाला bola,"Are भाई जो साइज होता है वहीँ दूंगा हम".

आइस क्रीम वाला इतना बोलते hi एक चोकोबर निकलकर bola,"Ee देख लो भाई ेहे साइज आएगा".

हरिया उसे देखकर bola,"Ee ससुरा तो छोटा है".

आइस क्रीम वाला यह सुनकर bola,"Are भाई स्टिक आइस क्रीम का जो साइज होता है वही न साइज आएगा. ज़्यादा चाहिए तो..."

आइस क्रीम वाला आगे बोलता इससे पहले अनीता उसके हाथ से आइस क्रीम लेकर हरिया से boli,"Sab चीज़ तो बड़ा और मोटा नहीं होगा. सभी चीज़ बड़ा और मोटा होने लगे तो फिर जिस ख़ास चीज़ को बड़ा और मोटा होना चाहिए उसमे क्या ख़ास रह जायेगा?"

हरिया यह सुनकर आइस क्रीम का ठेले के पास सत्ता हुआ चुपके से अपना लुंड मसलते हुए bola,"Haan ी बात तो सही है".

अनीता भी चुपके से उसके लुंड के तरफ देखि और फिर आइस क्रीम वाले से boli,"Woh कप आइस क्रीम तवो इन ओने दीजियेगा, वह पिंक और वाइट वाला".
 
अपडेट 39

आइस क्रीम वाला तवो इन ओने आइस क्रीम दे दिया तो अनीता उसे पैसे देकर हरिया के साथ वहां से चली गयी. आइस क्रीम वाला अनीता जैसी खूबसूरत और मॉडर्न औरत को हरिया जैसे आदमी के साथ देखकर थोड़ा आश्चर्य हुआ लेकिन फिर सोचा की वह अनीता का नौकर होगा जिसे अनीता बैग उठाने के लिए साथ राखी थी और अमीर होने के कारण उसे भी आइस क्रीम खिला रही थी.

अनीता अपनी दोनों हाथों में आइस क्रीम लेकर चलने लगी वहीँ हरिया सब्जी का थैला पकडे हुए चलने लगा. थोड़ा आगे जाने के बाद हरिया अनीता से bola,"Are मेमसाहेब हुंका दीजिये हम पकड़ लेता हूँ. आप तकलीफ क्यों कर रही हैं".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी इसमें तकलीफ की क्या बात हैं. आप तो भरी सब्जी का बैग पकडे हुए हैं. यह तो बस छोटे छोटे आइस क्रीम के पैकेट्स हैं".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया और आइस क्रीम के तरफ देखने के बाद अनीता को देखते हुए अपने दूसरे हाथ से पंत के ऊपर से लुंड सहलाते हुए bola,"Haan मेमसाहेब ससुरा आइस क्रीम बहोत छोटा है. आपको कोई बड़ा चीज़ चूसना चाहिए. असली मज़ा कोई बड़ा और तगड़ा चीज़ चूसने में hi मिलेगा आपको".

अनीता हरिया का बात सुनती हुयी बिना शर्म के उसके लुंड के तरफ देख रही थी जिसे हरिया सेहला रहा था. अनीता उसका बात सुनकर बिना शर्म के मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी बड़ा छोटा का बात छोड़िये. इतनी गर्मी में तो मैं आइस क्रीम hi चूसूंगी".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए लुंड सहलाना जारी रखते हुए bola,"Theek है मेमसाहेब, जैसा आपको अच्छा लगे. मगर कोई और चीज़ चूसने का मैं करे तो बेझिझक चूस लीजियेगा. आपके hi चूसने के लिए है".

अनीता हरिया के लुंड के तरफ देखने के बाद हरिया के चेहरे पर देखती हुयी मुस्कुरा कर boli,"Hariya जी आप भी न. मैं आइस क्रीम चूसना चाहती हूँ और आप है की पता नहीं क्या चूसना चाहते हैं मुझे हेहेहे".

अनीता को बिना शर्म के खिलखिलाता देख हरिया अपना हाथ से अपने लुंड के उभर को पकड़ कर bola,"Memsaheb वही चुसाएँगे जिसको चूसने से आपको मज़ा मिलेगा".

अनीता उसके लुंड के तरफ देखि और बेशर्मी से वापस हरिया के तरफ देख कर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी गर्मी में तो बस आइस क्रीम hi चूसना चाहिए".

हरिया यह सुनकर अपना हाथ अनीता की गांड पर लेजाकर उसे पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Are मेमसाहेब चूसने का चीज़ तो आप कभी भी चूस सकती हैं. दूसरा चीज़ चूस कर तो देखिये, आपको मजा आ जायेगा इसका हम फुल्ल गारंटी देते हैं".

हरिया यह बोलकर अनीता की गांड जोर से मसल दिया.

अनीता अपनी गांड जोर से मसले जाने पर बुरा नहीं मानी और गांड को और मटकती हुयी चलती हुयी boli,"Hariya जी आप भी न".

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड दबाते हुए मुस्कुरा दिया. अनीता भी हरिया को देखकर मुस्कुरा दी तो हरिया गली के तरफ अनीता को ले जाते हुए bola,"Chaliye मेमसाहेब वही गली में आराम से आप मज़े से चुसियेगा".

अनीता भी मुस्कुराती हुयी boli,"Haan हरिया जी चलिए".

हरिया अनीता के साथ गली में घुस कर एक पेड़ के पीछे उसके छाओं में चला गया. अब कोई भी आदमी को समझ नहीं आता की उस गली में कोई है. एक तो उस गली में कोई आता जाता नहीं था ऊपर से पेड़ के पीछे होने से कोई रास्ता से आते जाते हुए भी हरिया और अनीता को देख नहीं सकता था.

हरिया वहां पहुँच कर सब्जी का थैला नीचे रखा तो अनीता उसे कप आइस क्रीम देने लगी तो हरिया bola,"Ek मिनट रुकिए मेमसाहेब".

अनीता यह सुनकर हरिया को एक पल के लिए देखि की तभी अगले पल उसकी नज़र हरिया के हाथ पर गया जो उसके पंत के ज़िप पर चला गया था. अनीता का दिल यह देखकर धड़क गया मगर वह कुछ बोले बिना एक नज़र आस पास दौड़ाई और उसे यक़ीन हो गया की वहां कोई देख नहीं सकता था.

आस पास नज़र दौड़ने के बाद अनीता वापस हरिया के पंत के तरफ नज़र ले गयी तो वह ज़िप को नीचे कर चूका था. वह ज़िप नीचे करके अनीता के तरफ देखा तो उसे अपने पंत के तरफ देखता हुए मुस्कुरा दिया.

अनीता को भी जब एहसास हुआ की हरिया उसकी तरफ देख रहा है तो वह उसके ज़िप के तरफ से नज़र हटाकर उसके चेहरे पर देखि तो उसे मुस्कुराता देख खुद भी बिना शर्म के मुस्कुराकर boli,"Hariya जी अब लीजिये यह अपना आइस क्रीम और इसे चाहिए".

हरिया मुस्कुराता हुआ bola,"Haan मेमसाहेब एक मिनट बस ी ससुरा हमरा हथियार बाहर आना चाहता है. आप इसे बाहर निकल दीजिये".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी हथियार आपका है तो इसे बाहर तो आप को hi निकलना चाहिए."

हरिया मुस्कुराते हुए अनीता की गांड पर हाथ रखकर दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब हथियार हमरा है मगर आपकी सेवा के लिए hi है और आपको देखकर खुश रहता है. आप इसे निकालिएगा तो इसे अच्छा लगेगा".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप भी न बस बातें बनाते हैं. ठीक है मैं निकल देती हूँ आपके हथियार को बाहर नहीं तो आप बस बातें बनाते रहेंगे और आइस क्रीम मेरे चूसने से पहले hi पिघल जाएगी".

फिर वह हरिया के तरफ उसका कप आइस क्रीम बढाती हुयी boli,"Mere दोनों हाथों में आइस क्रीम है. यह आप अपना आइस क्रीम लीजिये और इसे चाटिये मैं आपके हथियार को बहार निकल देती हूँ".

हरिया मुस्कुराते हुए कप आइस क्रीम अनीता की हाथ से ले लिया. अनीता उसे कप आइस क्रीम देने के बाद उसके खुले ज़िप से उसके पंत के अंदर हाथ घुसकर उसके अंडरवियर पर हाथ रखकर उसके लुंड को पकड़ कर दो बार सहलाकर उसके अंडरवियर को नीचे करके उसके लुंड को पकड़ कर बाहर निकल दी तो हरिया अपने लुंड के तरफ देखने के बाद अनीता को देखकर मुस्कुराता हुआ bola,"Memsaheb अब आप आराम से आपके हाथ में जो काला चीज़ है उसे चूसिये".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया को देखि और फिर बिना शर्म के हरिया के लुंड के तरफ देखती हुयी उसे हिलती हुयी अपनी होंठों पर ज़बान फेरकर boli,"Haan हरिया जी अब मैं आराम से मेरे हाथ में जो यह चॉकलेट आइस क्रीम है उसे चूसूंगी".

हरिया अनीता की गांड सहलाते हुए bola,"Aapke हाथ में जो काला चीज़ है उसे मज़े से चूस चूस कर उसके अंदर का पूरा सफ़ेद मलाई पी जाइये मेमसाहेब".

अनीता भी हरिया का लुंड हिलती हुयी उसके लुंड के तरफ देखकर अपनी होंठों पर ज़बान फिरकर हरिया के तरफ देखकर मुस्कुराती हुयी boli,"Haan हरिया जी मेरे हाथ में जो चॉकलेट आइस क्रीम है उसे मैं चूस चूस कर उसके अंदर का सफ़ेद क्रीम पी जाउंगी. आपने इतने प्यार से मेरे लिए यह इतना ख़ास आइस क्रीम चुना है जो बाहर से चॉकलेट का मज़ा दे और अंदर से सफर क्रीम का मज़ा दे तो मैं उसके अंदर का सफ़ेद क्रीम ज़रूर पियूँगी".

हरिया अनीता की गांड से हाथ उसकी कमर पर ले गया हुए उसे सहलाते हुए बेझिझक अपना हाथ ऊपर उसकी बायीं चूंकि के तरफ लेजाकर उस पर फिरकर उसकी चूंकि को दबाते हुए bola,"Memsaheb आपके बदन में बहोत गर्मी है और आप बहोत प्यासी हैं. देखिये आप कैसे अपने होंठों पर ज़बान फिरा रही हैं. आपकी यह गर्मी और प्यास काला चीज़ चूसकर उसके अंदर का सफ़ेद मलाई पीकर hi बुझेगा. इसलिए हम वैसा चीज़ आपके हाथ में दिया हूँ ताकि आप उसे चूस कर उसके अंदर का सफ़ेद मलाई पीकर अपना यह बदन का गर्मी और प्यास बुझा सके".

अनीता हरिया का लुंड हिलती हुयी बेशर्मी से मुस्कुराकर boli,"Haan हरिया जी इतनी गर्मी है तो मुझे प्यास लगेगी hi. सच में आपको मेरे प्यास का भी कितना ख्याल है की मेरा प्यास बुझाने के लिए यह ख़ास आइस क्रीम चुने हैं, मगर प्यास तो किसी भी आइस क्रीम से बुझ सकती है. ज़रूरी नहीं की वह आइस क्रीम चॉकलेट कलर का हो और उसके अंदर से सफ़ेद क्रीम निकले".

हरिया अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"Haan मेमसाहेब चूसने वाला चीज़ तो बहोत हैं, अलग अलग रंग और साइज का मगर आपकी प्यास यह काला चीज़ से hi बुझेगा जब इसे चूस चूस कर आप इसके अंदर का सफ़ेद क्रीम पियेंगी".

अनीता यह सुनकर मुस्कुरा कर boli,"Hariya जी आप भी न बस बातें बनाते हैं".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता की चूंकि दबाकर bola,"Ek बार चूसकर तो देखिये मेमसाहेब. आपको समझ आ जायेगा की हम बात नहीं बना रहा हूँ. सच बोल रहा हूँ".

अनीता यह सुनकर मुस्कुरा दी और हरिया के लुंड को हिलती हुयी उसके तरफ देखने लगी.

हरिया अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"Memsaheb चूसना शुरू कर दीजिये आपको बहोत मज़ा आएगा चूसने में".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Theek है हरिया जी मैं चूसना शुरू करती हूँ".

और यह बोलकर वह हरिया के लुंड से हाथ हटाकर स्टिक आइस क्रीम के पैकेट को फाड़ने hi जा रही थी तो हरिया उसकी हाथ पकड़ कर bola,"Are मेमसाहेब आप हमरा हथियार बाहर निकलने में मदद किये हैं तो हम भी आपका यह आइस क्रीम निकलने में मदद कर देता हूँ."

अगले पल हरिया अनीता की वह हाथ को नीचे के तरफ करता हुआ bola,"Aap यह चूसने वाला काला चीज़ को एक हाथ से पकडे रहिये हम पैकेट फाड़ता हूँ".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी अपनी वह हाथ वापस हरिया के लुंड पर रखकर उसे मुट्ठी में भरकर हिलती हुयी दूसरे हाथ से आइस क्रीम का पैकेट उसके सामने करती हुई boli,"Lijiye हरिया जी मैं चूसने वाला चीज़ को पकड़ ली अब आप इसे बाहर निकल दीजिये ताकि मैं इसे चूस कर अपनी प्यास बुझाउन".

हरिया आइस क्रीम का पैकेट फाड़ते हुए मुस्कुराकर bola,"Are मेमसाहेब चूस कर नहीं, बोलिये की चूस चूस कर उसके अंदर का सफ़ेद मलाई पीकर प्यास बुझाइयेगा आप".

हरिया आइस क्रीम का पैकेट पहाड़ चूका था. अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी अब बोलने का वक़्त नहीं चूसने का वक़्त है नहीं तो मेरी आइस क्रीम पिघल जाएगी और सफ़ेद मलाई मेरे मुंह में जाने के जगह ज़मीन पर गिर जाएगी".

अनीता यह बोलकर हरिया को देखती हुयी अपनी ज़बान बाहर निकली और उसके नोक को आइस क्रीम के ऊपर फिरती हुयी मुस्कुराकर खिलखिलाने lagi,"Hehehehe".

अनीता को खिलखिलाता देख हरिया मुस्कुराते हए bola,"sach में मेमसाहेब आपका चूसने के जवाब नहीं".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया का लुंड हिलाकर एक ऐडा से boli,"Hariya जी आप अभी न. अभी मैंने चूसा भी नहीं और आप मेरे चूसने का तारीफ करने लगे".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहेब तो चूसिये न और चूसकर अंदर का सफ़ेद मलाई पीजिये".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया के आँख में देखती हुयी आइस क्रीम पर फिर से ज़बान फिरने लगी और वैसे hi देखती हुयी होंठों को खोलकर आइस क्रीम को मुंह में लेकर होंठो को थोड़ा बाहर के तरफ निकलकर वैसे hi होंठों को किये हुए आइस क्रीम के स्टिक को मुंह से बाहर निकलने लगी.

यह देखकर हरिया का लुंड हिलने लगा तो अनीता उसके लुंड के तरफ देखकर आइस क्रीम को मुंह से बाहर निकलकर हरिया के लुंड के तरफ देखती हुयी अपनी होंठों पर ज़बान फिरा दी.

हरिया यह देखकर मुस्कुराते हुए अपना कमर थोड़ा आगे पीछे करने लगा तो अनीता अपनी मुठी में उसके लुंड को पकडे हिलने लगी. हरिया अपना कमर हिलता हुआ bola,"Bahot प्यासी हैं आप मेमसाहेब. आप का यह प्यास आपके हाथ में जो काला चीज़ है उसके चूसने से hi बुझेगा जब आप इसे चूस चूस कर उसके अंदर का सफ़ेद मलाई पीजिएगा. आपको अब यक़ीन है न की हम सही बोल रहा हूँ मेमसाहेब".

अनीता यह सुनकर हरिया के चेहरे पर देखि मगर बिना कुछ बोले हुए वापस उसके लुंड को देखती हुयी मुंह खोल दी तो हरिया अपना कमर आगे कर दिया. अनीता वह देखकर आइस क्रीम का स्टिक अपनी मुंह के पास करके हरिया के तरफ देखि और उसे अपनी मुंह के तरफ आगे करके अंदर डालकर होंठों से उसे मुंह के गिरफ्त में ले ली.

हरिया का लुंड यह देखकर फिर से हिलने लगा जिसे अनीता अपनी हाथ में महसूस करके वापस उसके लुंड के तरफ देखि. हरिया अनीता की चूंकि पर हाथ वापस लेजाकर उसे दबाया और अपना कमर पीछे कर लिया.

हरिया को कमर पीछे करता देख अनीता उसके चेहरे पर देखि और अपनी मुंह से आइस क्रीम बाहर निकलकर उसके टिप पर ज़बान फिरने लगी.

हरिया फिर अपना कमर आगे किया तो अनीता हरिया के आँखों में देखती हुयी आइस क्रीम को फिर अपनी मुंह में घुसा दी. हरिया यह देखकर मुस्कुराया और अपना कमर पीछे कर दिया तो अनीता आइस क्रीम को मुंह से निकल ली. हरिया यह देखकर मुस्कुराते हुए अपना कमर धीरे धीरे आगे पीछे करने लगा तो अनीता भी उसी तरह से आइस क्रीम अपनी मुंह में अंदर बाहर करने लगी.
 
अपडेट 40

जैसे जैसे हरिया अपना कमर आगे पीछे करके अपना लुंड अनीता की मुट्ठी में आगे पीछे कर रहा था वैसे hi अनीता आइस क्रीम बार को अपनी मुंह में अंदर बाहर करके चूस रही थी.

ऐसा 5-6 बार होने के बाद हरिया मुस्कुराता हुआ अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"waah मेमसाहब चूसने में तो आप माहिर लगती है. क्या मस्त तरीके से आप ी कला चीज़ चूस रही हैं".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया को देखते हुए आइस क्रीम एक बार और चूसकर मुंह से निकलकर boli,"aap भी खाइये न आइस क्रीम हरिया जी".

हरिया मुस्कुराते हुए अपना कमर हिलाते हुए bola,"are मेमसाहब हम चाटेंगे".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Theek है हरिया जी आप चाटिये".

हरिया मुस्कुराते हुए bola,"Haan मेमसाहब".

अगले पल हरिया कप आइस क्रीम को खोलकर अनीता को देखते हुए आइस क्रीम को पिछली बार की तरह कप के एक छोर से जबान फिरते हुए दूसरे छोर तक ले जाकर एक लकीर बना दिया और फिर अनीता को दिखते हुए bola,"memsaahab देखिये हम ने कितना अच्छा लाइन बना दिया अब इसे चाटने में मज़ा आएगा"

अनीता यह सुन्न्नार मुस्कुराती हुयी boli,"Haan हरिया जी. अब चाटिये इसे और आप भी इसके अंदर से जो सफ़ेद क्रीम निकलेगा उसे पि जाइएगा".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए अपना जबान बाहर निकला और उस लाइन पर ज़बान फिराया जिससे आइस क्रीम का भाग जबान पर लग गया. हरिया वह ज़बान अनीता के तरफ करके ज़बान को हिलने लगा.

अनीता हरिया को देखकर मुस्कुराकर अपनी मुंह खोली और ज़बान थोड़ा बाहर निकलकर उस पर आइस क्रीम बार रखकर उसके लुंड के तरफ देखि तो हरिया अपना कमर आगे करने लगा. हरिया जैसे जैसे कमर आगे करने लगा अनीता वैसे hi वह आइस क्रीम बार मुंह में घुसाने लगी और जब हरिया आगे होने के बाद रुका तो अनीता भी आइस क्रीम बार को वैसे hi रोककर हरिया के तरफ देखकर मुस्कुराती हुयी मुंह बांध करके आइस क्रीम चूसने लगी.

हरिया अपना मुंह बांध करके ज़बान पर लगा आइस क्रीम खाकर अनीता को देखकर उसकी चूंकि दबाते हुए bola,"Waah मेमसाहेब सच में आप क्या मस्त चुस्ती है. सच में आप चूसने में माहिर हैं".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी आइस क्रीम मुंह से निकल कर अपनी होंठों पर ज़बान फिरकर boli,"Hariya जी आप भी न बस मेरी तारीफ hi करते हैं. आप भी चाटने में एक्सपर्ट हैं. आपको यह पिंक आइस क्रीम चाट कर उसमे से सफ़ेद क्रीम पीना अच्छा लगा?".

हरिया यह सुनकर अनीता की चूंकि दबाते हुए अपना कमर धीरे धीरे हिलाते हुए bola,"Haan मेमसाहेब हुंका भी चाट कर सफ़ेद मलाई निकलकर पीना अच्छा लग रहा है. अपने भी हमरे लिए सही आइस क्रीम चुना है, गुलाबी और सफ़ेद वाला आइस क्रीम. वाह मेमसाहेब आपका पसंद का जवाब नहीं".

अनीता यह सुनकर मुस्कुरायी और एक बार हरिया के लुंड के तरफ देखकर उसे हिलती हुयी boli,"Aapne जब मेरे लिए सोच समझकर काला आइस क्रीम चुना जिससे सफ़ेद क्रीम निकले तो मुझे भी लगा की आपको भी कोई गुलाबी चीज़ जिससे सफ़ेद क्रीम निकले वही चाट कर मज़ा आएगा".

अनीता यह बोलकर वापस हरिया के तरफ देखकर मुंह खोली और आइस क्रीम चूसने लगी. हरिया यह देखकर मुस्कुराया तो अनीता मुस्कुराती हुयी आइस क्रीम बार मुंह में लिए हुए hi आँखों से उसके कप आइस क्रीम के तरफ इशारा की तो हरिया भी मुस्कुरा कर उसमे ज़बान डालकर हिलने लगा.

अनीता यह देखकर मुस्कुराती हुयी आइस क्रीम मुंह से निकल कर होंठों पर ज़बान फिरकर boli,"Hariya जी आप मेरी तारीफ करते रहते हैं की मैं चूसने में माहिर हूँ, लेकिन आप भी चाटने में माहिर हैं".

हरिया यह सुनकर ज़बान हिलना बांध करके उस आइस क्रीम कप के बीचो बीच एक तरफ से दूसरे तरफ ज़बान फिरकर अनीता के तरफ देखकर ज़बान दिखाया तो अनीता मुस्कुराती हुयी अपना ज़बान बाहर निकली और आइस क्रीम बार पर नीचे से ऊपर तक ज़बान फिरकर मुस्कुरा दी.

हरिया यह देखकर मुस्कुराया और bola,"Waah मेमसाहेब आपका जवाब नहीं".

अनीता यह सुनकर मुस्कुरा दी तो हरिया उसकी चूंकि दबाते हुए उसकी बदन को एक बार फिर से ऊपर से नीचे तक गन्दी नज़र से देखकर उसकी आँखों में देखते हुए bola,"Bahot गर्मी है आपके बदन में मेमसाहेब. बहोत प्यासी है आप काला चूसने वाला चीज़ के लिए. आपको सच में लम्बा, मोटा और तगड़ा काला चीज़ चाहिए प्यास बुझाने के लिए".

अनीता यह सुनकर हरिया को देखि और मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी गर्मी है hi इतनी की प्यास और गर्मी तो लगेगी hi. यह चोको बार चूसने से थोड़ी प्यास तो बुझी hi है मेरी".

हरिया यह सुनकर अनीता की चूंकि दबाकर bola,"Are मेमसाहेब असली प्यास तब बुझेगी आप जब इसके अंदर का सफ़ेद मलाई पियेंगी आप".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई और हरिया के लुंड के तरफ एक नज़र देखने के बाद boli,"Hariya जी सफ़ेद मलाई तो अंदर है. उसे बाहर निकलने के लिए तो मुझे यह काला चीज़ पहले अच्छा से चूसना होगा तभी तो अंदर से सफ़ेद क्रीम निकलेगा".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Haan मेमसाहेब एक दम सही बोल रही हैं आप. तो चूसिये न मेमसाहेब यह काला चीज़. आपके लिए hi है. अच्छे से चूस चूस कर ससुरा के अंदर से क्रीम निकल कर पी जाइये और अपनी प्यास बुझा लीजिये"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर अपनी मुंह खोली और आइस क्रीम चूसने लगी. अनीता को आइस क्रीम चुस्त देख हरिया उसकी बायीं चूंकि से हाथ दायी चूंकि के तरफ लेजाते हुए उसकी चूंकि को देखते हुए दबाकर bola,"Bahot प्यासी हैं आप मेमसाहेब".

अनीता यह सुनकर आइस क्रीम मुंह से निकलकर boli,"Hariya जी इतनी गर्मी में तो आप भी प्यासे होंगे. आप भी यह गुलाब चीज़ चाट कर उसके अंदर का सफ़ेद क्रीम पीकर अपनी प्यास बुझाइये. आपको भी गुलाबी चीज़ चाटने का बहोत प्यास है".

हरिया यह सुनकर अनीता की आँखों में देखते हुए bola,"Haan मेमसाहेब जब हमरे बदन में गर्मी लगती है तो गुलाबी चीज़ चाटने का तो मैं होता hi है. ससुरा ी आधा गुलाबी और आधा सफ़ेद है. अगर ऊपर में पूरा गुलाबी होता और नीचे में सफ़ेद तो मज़ा आता. गुलाबी चीज़ चाटने के बाद जब उसके अंदर से सफ़ेद मलाई निकलता है तो उसको चाटने में अलग hi मज़ा मिलता है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Hariya जी अब वैसी आइस क्रीम तो मिलती नहीं है. लेकिन जब आपको वैसी आइस क्रीम चाटने का मैं है तो हाँ वैसी होती तो अच्छा होता. आपको चाटने में मज़ा मिलता".

हरिया अनीता की बात सुनकर मुस्कुराया और उसकी चूंकि दबाकर नज़र नीचे करके उसकी पेट के नीचे देखकर उसकी चूंकि से हाथ नीचे के तरफ लेजाकर उसकी सामने से कमीज उठाने लगा तो अनीता उसका हाथ झटकती हुयी बिना शर्म के मुस्कुराती हुयी अपनी आँखें बड़ी करके थोड़ी नाराज़गी जताती हुयी boli,"Hariya जी यह क्या कर रहे हैं आप. आइस क्रीम चाटिये आप".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"memsaheb बस देख रहे थे की कहीं कउनो गुलाबी चीज़ मिल जाये जिसको चाटने से सफ़ेद क्रीम निकले".

अनीता मुस्कुराती हुयी आइस क्रीम को मुंह में लेकर चूसी ए फिर उसे निकलकर boli,"To उसके लिए तो आइस क्रीम वाले के पास जाकर देखना होगा".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता भी मुस्कुरा कर boli,"Hariya जी चाटिये अपनी आइस क्रीम. पूरी पिघल रही है".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए आइस क्रीम चाटने laga.Hariya और अनीता एक दूसरे को देखते हुए वैसे hi आइस क्रीम खाने लगते hain,Anita आइस क्रीम को चुस्ती और कभी कभी जबान को आइस क्रीम पर फिरकर चाट टी और हरिया आइस क्रीम को चाट ता और कभी कभी एक hi जगह लगातार जबान फिरकर चाट ते रहता.

हरिया फिर कमर को लगातार हिलाते हुए अपना लुंड अनीता की मुट्ठी में लगातार रगड़ने लगा.

अनीता कुछ बोली नहीं है और आस पास देखकर वापस उसके लुंड को देखते हुए अपनी मुट्ठी को हिलने लगी.

हरिया का नंगा लुंड को धीरे धीरे बड़ा होते देख अनीता की छूट फड़कने लगी थी और सांस तेज़ हो रही thi.Uski बदन में भी करंट जैसे मस्ती की लहर दौड़ रही थी. हरिया का लुंड पूरी तरह से खड़ा नहीं हुआ था फिर भी बहोत मोटा और लम्बा लग रहा था.

हरिया का लुंड देखते हुए hi अनीता आइस क्रीम चूस रही थी.

हरिया यह देखकर puchha,"kaisa लग रहा है मेमसाहब?".

अनीता यह सुनकर हरिया को देखकर puchhi,"kya?"

हरिया कप आइस क्रीम चाटकर bola,"Kaala चीज़ चूसने में".

अनीता यह सुनकर उसके लुंड को देखने लगी और उसके लुंड को देखती हुयी hi एक बार आइस क्रीम चूस कर होंठों को ज़बान पर फिरकर boli,"Achha लग रहा है"

हरिया अगले पल puchha,"Aur हमरा हथियार?"

अनीता यह सुनकर हरिया के तरफ देखि और फिर आस पास देखकर बिना कुछ बोले आइस क्रीम चूसने लगी.

हरिया मुस्कुराया और थोड़ा आगे बढ़कर हाथ अनीता की चूंकि से पीछे लेजाकर उसकी गांड पकड़ कर गूंथते हुए bola,"aap ने बोलै नहीं मेमसाहब की आपको हमारा हथियार कैसा लगा".

अनीता की सांस हरिया के करीब होने से थोड़ी तेज़ हो गयी जिसके कारण उसकी नाक में हरिया के बदन से आ रही बदबू जाने लगी. अनीता को अजीब सा मज़ा मिला इसके कारण.

वह हरिया को देखती हुयी एक बार फिर आइस क्रीम चूसी और फिर उसके लुंड के तरफ देखकर boli,"jee अच्छा है".

हरिया अनीता की गांड मसलते हुए आइस क्रीम चाटकर bola,"humra हथियार छूकर कैसा लग रहा है मेमसाहब".

अनीता यह सुनकर आस पास देखि तो हरिया bola,"Koi नहीं है मेमसाहब और इस गली में कोई आता भी नहीं. खासकर इस वक़्त. आप खुल कर बोलिये हमारे हथियार को छूकर कैसा लग रहा है".

अनीता यह सुनकर एक बार और आइस क्रीम चूसी और फिर हरिया का लुंड को हिलती हुयी मुस्कुराकर boli,"Hariya जी आप भी न. आइस क्रीम चाटिये नहीं तो पिघल जाएगी".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Aap भले नहीं बताये मेमसाहेब मगर हुंका यक़ीन है की आपको हमरा हथियार छूकर अच्छा लग रहा है. आराम से मज़े से छूकर देखिये हमरे हथियार को मेमसाहेब. आपकी सेवा के लिए hi है हमरा हथियार".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई और बिना कुछ बोले hi आइस क्रीम चूसने लगी.

हरिया अनीता को देखते हुए मुस्कुराकर आइस क्रीम चाटने लगा और फिर उसकी गांड गूंथते हुए bola,"badi hi मुलायम है आपकी पिछवाड़ा मेमसाहब".

यह सुनकर अनीता का दिल धड़क गया मगर वह बिना शर्म के मुस्कुराकर boli,"Hariya जी आप क्या बोल रहे हैं?".

हरिया उसकी सलवार में हाथ घुसाने लगा और फिर अंदर घुसकर bola,"kaa हुआ मेमसाहब का ग़लत बोलै हूँ. यह सच है की आपकी पिछवाड़ा बहोत चिकनी और मुलायम है".

अनीता यह सुनकर हरिया का लुंड सहलाते हुए आइस क्रीम चूसकर boli,"Aap यह क्या बोल रहे हैं हरिया jee,waise कोई बोलता है क्या?".

अनीता की पंतय का पीछे का भाग बहोत छोटा था जो सिकुड़ कर उसकी गांड की दरार के दोनों तरफ थोड़ा सा hi ढंके हुआ था. हरिया जब अनीता की सलवार में हाथ घुसाया तो उसका हाथ सीधा उसकी नंगी गांड पर hi गया था.

हरिया उसकी नंगी गांड को सहलाते हुए bola,"are मेमसाहब इसमें ग़लत का hai?Achha मेमसाहब तो हम पिछवाड़ा को पिछवाड़ा नहीं बोलेंगे तो क्या बोलेंगे? इतनी बड़ी और गुद्देदार पिछवाड़ा है आपकी".

अनीता का दिल यह सब सुनकर तेज़ी से धड़क रहा था. वह एक बार आस पास देखकर हरिया के तरफ बड़ी आँखें करके देखती हुयी boli,"Hariya जी फिर आप वही बोल रहे हैं".

हरिया अनीता की ऊपर नीचे होती चूँचियों को देखा और फिर उसकी गांड दबाते हुए bola,"are मेमसाहब पीछे है तो पिछवाड़ा hi तो हुआ न और का बोले".

अनीता यह सुनकर उसका लुंड सहलाती हुई hi आइस क्रीम चूसकर आवास में थोड़ा रान्दीपना लाकर boli,"aap भी न हरिया जी बोलते hi रहेंगे".

अनीता की आवाज़ में बदलाव मेहसुआ करके हरिया मुस्कुराया और उसकी नंगी गांड को दबोच कर गूंथते हुए आइस क्रीम को चाटकर bola,"aese मेमसाहब पिछवाड़ा को और भी कुछ बोलै जाता है".

अनीता की सांस ऐसे hi तेज़ thi,woh सांस लेती हुई पूछ padi,"kya?".

हरिया अनीता की नंगी गांड सलवार के अंदर hi हिलाते हुए bola,"gaand बोलते हैं memsaahab,gaand".

यह सुनते hi अनीता की सांस और तेज़ हो गयी और छूट में हलचल होने lagi.Woh उम्मीद कर रही थी की हरिया कुछ और bolega,gaand का कुछ और नाम देगा मगर हरिया ने सीधा गांड hi बोल दिया था.

उसे पता नहीं क्यों मगर हरिया का यूँ बेबाक तरीके से ऐसे शब्द बोलना अच्छा लग रहा tha.Anita तेज़ सांस लेते हुए hi बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी अपनी आँखें बड़ी करके boli,"Hariya जी यह क्या बोल रहे हैं आप?".

हरिया अपना कप आइस क्रीम चाट कर मुस्कुराया और उसकी गांड दबाते हुए bola,"memsaahab गांड को गांड बोल रहे हैं और kya?Kasam से मेमसाहब आपकी जैसी gori,gol,mulayam और चिकनी गांड हमने आज तक नहीं chhua,kasam से".

अनीता मुस्कुराते हुए आइस क्रीम चूसकर boli,"Hariya जी आप भी न क्या क्या बोलते रहते हैं और जैसे भी हो घूम फिर कर आप मेरी तारीफ hi करने लगते हैं".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर अनीता की गांड को दबाते हुए अनीता की चूँचियों को देखकर अपने होंठों पर ज़बान फिरते हुए bola,"Are मेमसाहेब आप है hi तारीफ के लायक".

हरिया का लुंड खड़ा हो रहा था तो अनीता एक नज़र उसके लुंड को देखि और फिर आवाज़ में रान्दीपना लाकर boli,"aese आपका यह हथियार भी काफी मोटा और लम्बा है हरिया जी".

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड की दूसरी भाग को हाथ में पकड़ कर दबोचते हुए bola,"mota लम्बा hi तो सही से सेवा करता है मेमसाहब. अच्छे से ज़बरदस्त तरीके से सेवा करता है. आपने कभी हमारा जैसा हथियार देखा नहीं है मेमसाहब. एक बार सेवा करवा कर देखिये आपको हमारे हथियार में कितना दम है पता चल जायेगा".

यह सब सुनकर अनीता की सांस तेज़ी से hi चल रही थी. उसे अपना सांस काबू करने का मौक़ा नहीं मिल रहा था. वह एक बार जोर से सांस लेकर खुद को काबू करने को कोशिश की तो उसकी चूँचियाँ ऊपर हो गयी.

हरिया अनीता की उठती चूँचियों को देखने के बाद फिर अनीता को ऊपर से नीचे देख कर bola,"Memsaheb आपको हमरा हथियार का सेवा का ज़रूरत हैं. हमारे हथियार से सेवा करवा लीजिये मेमसाहेब. कसम से मेमसाहब आप हमारे हथियार की और भी तारीफ करेंगी सेवा करने के बाद."

अनीता यह सुनकर कुछ नहीं बोली और हरिया का लुंड हिलती हुयी मुस्कुराकर मुंह खोलकर आइस क्रीम चूसने लगी और बहरी चॉकलेट का लेयर खाने के बाद जब अंदर का सफ़ेद क्रीम उसकी मुंह में गया तो बिना शर्म के अपनी ज़बान निकलकर हरिया को सफ़ेद क्रीम दिखाई.

हरिया यह देखकर खुश हो गया और अनीता की गांड को मसल दिया. अनीता बिना शर्म के आइस क्रीम के बार के नोक जो सफ़ेद था उस पर ज़बान फिराई और फिर अपनी मुंह खोलकर थोड़ा सा सफ़ेद क्रीम चूस कर मुंह में पहले से गयी हुयी सफ़ेद क्रीम और अभी चूसने के बाद गयी हुयी क्रीम दोनों को हरिया को दिखा कर निगल गयी.

यह देखते hi हरिया का लुंड अनीता के हाथ में झटका मारने लगा और अगले पल अनीता जो की उसे देखकर हरिया का लुंड अनीता की मुट्ठी में थोड़ा प्रे छुम छोर दिया. अनीता क्रीम निगलने के बाद अपनी मुंह खोल कर हरिया को दिखने लगी.

अनीता अपनी मुट्ठी में हरिया का प्रे छुम मेहसुआ करके उसके लुंड के तरफ देखकर boli,"Hariya जी आखिरकार मैं काले चीज़ को चूस चूस कर उसके अंदर का सफ़ेद क्रीम निकल hi दी और पी गयी".

अनीता यह बोलकर खिलखिलाने lagi,"Hehehehe".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Haan मेमसाहेब आप चूस चूस कर काले चीज़ के अंदर का सफ़ेद क्रीम निकल दी. सच में मेमसाहेब आप बहोत अच्छा चुस्ती है."

अनीता यह सुनकर मुस्कुरा रही थी. हरिया आगे bola,"Lekin मेमसाहेब अभी तो बस शुरू का मलाई निकला है."

फिर हरिया कमर हिलाकर लुंड अनीता की मुट्ठी में रगड़ते हुए bola,"Dekhiye भी तो काला चीज़ पूरा तन्न कर खड़ा है".

अनीता यह सुनकर एक नज़र हरिया के लुंड के तरफ ले गयी और फिर आइस क्रीम को देखकर boli,"Haan हरिया जी".

हरिया आगे bola,"Abhi तो आपको और चूसना है और पूरा मलाई निकलकर पीना है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Haan हरिया जी अभी आइस क्रीम में बहोत क्रीम बाकी है".

अनीता यह बोलकर मुंह खोलकर आइस क्रीम चूसने लगी. हरिया भी कप आइस क्रीम चाटने के बाद अपना लुंड हिलाते रहा. अनीता एक नज़र उसके लुंड के तरफ देखि तो हरिया उसकी गांड मसलते हुए bola,"Aese ससुरा हमरा हथियार से भी लग रहा है थोड़ा मलाई निकल गया है".

अनीता यह सुनकर बड़ी आंखें करके हरिया को देखती हुयी बिना शर्म के मुस्कुराकर boli,"Hariya जी आप भी न".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराने लगा तो अनीता एक ऐडा से boli,"Aap आइस क्रीम चाटिये हरिया जी".

हरिया मुस्कुराकर "जी मेमसाहेब" बोलकर अपना कमर हिलाते हुए आइस क्रीम को चाटने लगा. अनीता उसको चाटते हुए देख मुस्कुराकर खुद भी आइस क्रीम बार मुंह में लेकर उसे देखती हुयी चूसने लगी.

वह आइस क्रीम चूस कर उसे मुंह से निकलकर एक पल के लिए नज़र हरिया के लुंड के तरफ लेजाकर अपनी होंठों पर ज़बान फिरने लगी.

हरिया भी कप आइस क्रीम चाटकर अनीता को अपने लुंड पर देखकर होंठों पर ज़बान फिरते हुए देखकर bola,"Aap अब भी बहोत प्यासी लग रही हैं memsaheb.Lag रहा है मेमसाहेब आपका प्यास ी आइस क्रीम से नहीं कोई और काले चीज़ चूसने से hi बुझेगी जो लम्बा, मोटा और तगड़ा हो और जिसके अंदर से गधा गधा सफ़ेद मलाई निकले. आपको गधा मलाई का ज़रूरत है मेमसाहेब".

अनीता यह सुनकर हरिया को देखकर मुस्कुराई और एक ऐडा से आइस क्रीम चूस कर उसके मलाई को हरिया को दिखा कर निगल कर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी पता नहीं आप क्या चूसने की बात करने लग रहे हैं बार बार. मुझे बस आइस क्रीम hi चुसनी है".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता भी मुस्कुराकर boli,"Hariya जी आप चाटिये न. बार बार आप रुक जा रहे हैं".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया और आइस क्रीम चाटने लगा. अनीता उसे चाट ते हुए देख मुस्कुराने लगी.

हरिया आइस क्रीम चाटकर आगे bola,"Aese मेमसाहब हमरा हथियार से जो मलाई निकला है वह कैसा लग रहा है आपके हाथ में".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Hariya जी आप भी न बार बार अपना हथियार का बात करने लगते हैं."

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर अनीता की गांड को मसलते हुए bola,"Aese मेमसाहेब जैसे आपके पिछवाड़े को गांड कहते हैं वैसे hi हमारे हथियार को भी कुछ और कहते हैं".

अनीता की सांस और तेज़ हो गयी और गाला सूखने लगा यह सुनकर. वह हरिया के तरफ देखकर आइस क्रीम चूसी और उसकी मुंह से खुद बा खुद "क्या?" निकल पड़ा.

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया और अनीता को ऊपर से नीचे देखने लगा. अनीता भी बिना शर्म के उसे देखने लगी.

हरिया उसे पूरा देखने के बाद उसकी सलवार को थोड़ा नीचे सदका दिया और उसकी नंगी गांड को बेरहमी से दबोचा तो अनीता की मुंह से सिसकारी निकल gayi,"siiiii"

अनीता जैसे hi सिसकारी ली हरिया उसकी आँखों में देखता हुआ bola,"lund कहते है इसे memsaahab,lund".

अनीता गांड जोर से मसले जाने पर कोई नाराज़गी नहीं दिखाई और हरिया के आँखों में देखती हुयी उसका बात सुन्न रही थी.
 
अपडेट 41

अनीता की बुरी हालत होने लगी हरिया के मुंह से 'लुंड' शब्द sunnkar.Uski छूट गीली होते जा रही थी और बदन में मस्ती hi मस्ती भर गयी thi.Anita को हरिया का हिम्मत देख अच्छा लग रहा था की कैसे वो गंवार मजदूर उसकी जैसी खूबसूरत और पढ़ी लिखी अमीर घर की औरत को इतना खुलेआम छेड़ रहा था और गन्दी गन्दी बातें कर रहा tha.Anita के साथ इतनी गन्दी गन्दी बातें आज तक किसी ने नहीं किया tha,magar हरिया न सिर्फ गन्दी बातें कर रहा था बल्कि अनीता की आँखों में देखते हुए कर रहा था.

अनीता यह सुनकर तेज़ साँसों से boli,"Hariya जी आज आप क्या क्या बोल रहे hain,aap भी न".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता की दोनों गांड के बीच हाथ रखकर उसकी गांड की दरार में बीच का ऊँगली घुसा कर बोलता hai,"are मेमसाहब जैसे गांड को गांड बोलते हैं वैसे hi लुंड को लुंड hi बोलेंगे न"

अनीता बिना शर्म के हरिया के आँखों में देखती हुयी उसका तर्क सुन्न रही थी.

हरिया अनीता की आँखों में देखते हुए उसकी गांड की दरार में ऊँगली घुसते हुए आगे bola,"Aur लुंड जितना तगड़ा हो उतना hi अच्छे से सेवा करता है मेमसाहेब. देखिये हमरा लुंड लम्बा और मोटा होने के साथ तगड़ा भी है. कसम से मेमसाहेब जहां घुसता है हलचल मचा देता है" और यह कहकर हरिया अपनी ऊँगली अनीता की गांड की दरार में ऊपर नीचे करने लगा.

अनीता की तो हालत ख़राब हो रही थी इस तरह से हरिया का ऊँगली अपनी गांड की दरार में घुसते और ऊपर नीचे होते महसूस करके और तो और हरिया अब खुलकर गन्दी बातें कर रहा tha.Hariya की ऊँगली अभी भी अनीता की गांड की छेड़ के पास नहीं पहुंचा था.

अपना बात बोलने के बाद हरिया अपने कप आइस क्रीम को अपने अंगूठे और बाकी तीन उँगलियों से पकड़ कर इंडेक्स फिंगर को आइस क्रीम के बीच बानी लकीर के ऊपर रखकर अंदर घुसा दिया और फिर बाहर निकाल कर वापस अंदर घुसा दिया.

अनीता की छूट में उथल पुथल मच रही थी यह सब से और अब हरिया आइस क्रीम के साथ जो कर रहा था उसका मतलब उसे समझने में देर नहीं लगी और यह देखकर उसकी बदन में मज़े की लहर और जोर से हिलोरे मारने lagi,uska गाला सूखने लगा और वो आइस क्रीम को मुंह में लेकर उसे चुस्ती हुयी हरिया को देखने लगी.

हरिया अपना ऊँगली आइस क्रीम से निकाल कर अनीता को दिखते हुए bola,"dekhiye न मेमसाहब हमारी कोई भी चीज़ कहीं घुसती है तो रास से भींग जाती है".

अनीता यह देखकर मुस्कुराई और अपना आइस क्रीम बार मुंह से निकलकर "हाँ" बोलकर अपना आइस क्रीम फिर से चूसने लगी.

हरिया यह देखकर bola,"kamaal की चुस्ती हैं आप मेमसाहेब. चूसने में आपका कोई मुक़ाबला नहीं".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आपको मेरी हर चीज़ अच्छी लगती है".

अनीता हरिया का लुंड को अभी भी हिला रही thi.Hariya अनीता की बात सुनकर मुस्कुराते हुए अपने आँखों से नीचे के तरफ इशारा करके bola,"Ise भी चूस लीजिये मेमसाहेब. आप इतना अच्छा चुस्ती हैं आपको भी अच्छा लगेगा और हुंका भी".

अनीता यह सुनकर हरिया के लुंड के तरफ देखि और आइस क्रीम मुंह से निकलकर अपने होंठो पर ज़बान फिरकर हरिया को देखती हुयी boli,"Hariya जी मैं बस आइस क्रीम चूसना चाहती हूँ".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए अपना ऊँगली अनीता की और करते हुए bola,"memsaahab वही तो बोल रहे हैं हम. ज़रा इसे भी चूसकर इसमें लगे आइस क्रीम को साफ़ कर दीजिये. आप बहोत अच्छा चुस्ती हैं.".

अनीता हरिया की बढ़ती हिम्मत से प्रभावित हो रही थी. वह मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी यह आपका आइस क्रीम है. आप खाइये न".

हरिया मुस्कुरा कर bola,"Memsaheb हम चाटेंगे".

हरिया यह बोलकर कप आइस क्रीम में ज़बान चलने लगा और फिर एक छोर से दूसरे छोर के तरफ ज़बान फिरकर आइस क्रीम चाटकर अनीता को देखते हुए मुस्कुराने लगा.

अनीता यह देखकर boli,"Aap भी बहोत अच्छा चाट ते है हरिया जी".

हरिया मुस्कुराते हुए bola,"Haan मेमसाहेब हम भी अच्छे से चाट ता हूँ. और मेमसाहब आप चूसने में माहिर हैं इसलिए हम आपको अपना ऊँगली में लगा आइस क्रीम चूसना चाहता हूँ. चूसिये न हमारा ऊँगली मेमसाहेब. आपको अच्छा लगेगा और हमरा ऊँगली भी साफ़ हो जायेगा".

अनीता हरिया का लुंड को ऊपर नीचे करके हिलती हुयी उसके ऊँगली को देखि और फिर बिना कुछ बोले मुंह आगे करके उसका ऊँगली मुंह में लेकर उसके आँखों में देखती हुयी चूसने lagi.Woh हरिया के ऊँगली को पूरा मुंह में लेकर बाहर निकलकर उसके नाख़ून तक चूसकर वापस जड़ तक अंदर ले ली.

हरिया यह देख कर बोलता hai,"waah मेमसाहब आप तो चूसने में सच में माहिर है".

वो अपना आइस क्रीम का कप उसी हाथ में पकड़ा था था तो अनीता को भी सही से चूसने में मुश्किल हो रही thi.Wo हरिया के ऊँगली को चूसना बांध करके मुस्कुराती हुयी उसे देखकर boli,"Hariya जी मैंने आपका ऊँगली साफ़ कर दिया अब आप आइस क्रीम खाइये".

अनीता को हरिया का ऊँगली चूसने में एक अलग hi मज़ा मिल रहा tha.Uska ऊँगली पूरा साफ़ नहीं था और अनीता यह उसका ऊँगली चूसते हुए महसूस कर चुकी थी मगर बुरा लगने के बजाय की वो एक गन्दा ऊँगली चूस रही है उसकी मस्ती में और इज़ाफ़ा हो गयी थी और उसकी छूट फड़कने लगी यह सोचकर की कैसे वो एक गंवार गंदे मजदुर का गन्दा ऊँगली से आइस क्रीम चूस रही है और वो भी खुले में.

अनीता की छूट का बुरा हाल था मगर वो जैसे तैसे खुद को कण्ट्रोल कर रही थी. वह बेशरम ज़रूर थी मगर कोई रंडी नहीं थी जो सबसे चुदती फिर इसलिए हरिया के साथ छेड़छाड़ खुल कर तो कर रही थी मगर इससे आगे बढ़कर आखिरी पड़ाव में जाने से अभी भी खुद को रोक रही thi.Use पूरी बेशर्मी से छेड़छाड़ में कोई परेशानी नहीं थी मगर बात चुदाई तक पहुंचे यह अनीता शायद सोच भी नहीं रही थी.

एक तो भले hi उसे मर्द गन्दी और हवस की नज़र से देखते तो थे मगर ज़्यादा पहल नहीं करते थे यह कारण था और दूसरा को उसे घर से अच्छे संस्कार मिले थे. एहि कारण था की मॉडर्न बदन दिखाऊ कपडे पेहेन्ने और पूरी बेशरम होने के बावजूद भी अनीता शादी से पहले कुंवारी hi रही और शादी के बाद भी खुद को कण्ट्रोल करके hi रखती है.

हरिया hi ऐसा मर्द था जो इतना खुल कर उसके साथ छेड़छाड़ कर रहा था और बेशर्म होने के कारण और हरिया का दबंग अंदाज़, और मर्दानगी देखकर अनीता उसे खुल कर छेड़ने तो दे रही थी मगर चुदाई तक का वह सोची भी नहीं थी. वह यह पूरा सिचुएशन को बस हलकी फुल्की छेड़ छड़ hi समझ रही थी जो उसके हिसाब से हरिया जैसा मर्द उसके जैसी खूबसूरत औरत को देखकर थोड़ा अपना मैं बेहला रहा था.

वह भी हरिया का लुंड बस हलकी फुल्की छेड़छाड़ समझ कर hi हिला रही थी. उसे पता था की हरिया जैसा मर्द उसकी जैसी खूबसूरत औरत को इतने करीब से शायद hi कभी देखा होगा ऐसे में जब वह इतनी हिम्मत और मर्दानगी दिखा कर उसे छेड़ रहा था तो उसे वैसा करने देने में उसे कोई बुराई नहीं लग रही थी.

साथ में वह भी हरिया जैसा लुंड सामने से पहली बार देख रही थी. इतना मोटा, लम्बा और तगड़ा लुंड आँखों के सामने होने पर थोड़ा उसे छूकर देखने, उसे सहलाने, उसे हिलने में उसे कोई बुराई नहीं लग रही थी.

एहि सब कारण था की वह हरिया की छेड़छाड़ को ना hi रोक रही थी और न hi बात को आगे बढ़ा रही थी और हरिया के बोलने के बावजूद उसके साथ जाने से अभी भी खुद को रोक रही थी मगर उसे हरिया के लुंड का ताक़त देखकर कण्ट्रोल धीरे धीरे काम होती जा रही थी.

हरिया मुस्कुराता हुआ अपना ऊँगली देखकर bola,"waah मेमसाहब आपने क्या चूसा है. पूरा साफ़ कर दी आप".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई और अपनी आइस क्रीम मुंह में लेकर चूसने लगी.

वहीँ हरिया अपना बात बोलकर वह आइस क्रीम खाकर कप फ़ेंक दिया और अनीता के थोड़ा और करीब होकर उसकी नंगी गांड गूंथते हुए उसे देखने लगा.

अनीता भी उसे देखती हुई आइस क्रीम खाने के लिए आइस क्रीम को मुंह के पास ले गई की तभी हरिया bola,"aese मेमसाहब आप हमारा लुंड भी चूस सकती है. आपको मज़ा आएगा".

अनीता यह सुनकर रुक गई और हरिया का लुंड सहलाते हुए हरिया को देखने लगी की तभी आइस क्रीम बार से थोड़ा आइस क्रीम पिघल कर अनीता की सीने पर गिर गया और उसकी क्लीवेज में घुसने लगा.

अनीता यह महसूस करके नीचे क्लीवेज की तरफ देखि की तभी एक बंध आइस क्रीम पिघल कर फिर उसकी सीने पर गिर गया.

अनीता यह देखकर "उफ़" की और आइस क्रीम को एक बार चूसकर खुद को सँभालने वाली hi थी की हरिया bola,"rukiye मेमसाहब हम साफ़ कर देते हैं".

इससे पहले की अनीता कुछ समझती हरिया अपने दोनों हाथों से अनीता की दोनों नंगी गांड की भागों को पकड़ कर उसे अपने करीब करके झुक कर उसकी क्लीवेज में मुंह सत्ता दिया और जबान को क्लीवेज में घुसा दियस.

यह सब इतनी जल्दी हुआ की अनीता को कुछ समझ नहीं आया मगर फिर वह खुद को संभालती हुयी बिना शर्म के वैसे hi कड़ी हुयी हरिया का लुंड सहलाती हुयी boli,"are हरिया जी यह क्या कर रहे हैं आप. टिश्यू पेपर से मैं पोंछ लेती आप बेकार में ऐसे साफ़ कर रहे hain,paseena लग जायेगा आपकी मुंह में".

हरिया उसकी गांड की दोनों भागो को पकडे हुए मसल रहा था और वैसे hi पकडे हुए दोनों भागो को दये और बायीं तरफ एक साथ खिंच कर उसकी गांड की दरार को खोल दिया.

अनीता अपनी गांड की दरार खुलती हुयी महसूस की मगर चुप चाप कड़ी रही वहीँ हरिया अपना दाए हाथ का ऊँगली अनीता की गांड की दरार में रखकर फिरने लगा.

अनीता को ध्यान आया की हरिया उसकी गांड में वही ऊँगली फिरा रहा था जिसे वह चूसी थी. उस ऊँगली पैट उसके थूक का थोड़ा गीलापन अभी भी थी.

यह महसूस होते hi अनीता की धड़कन तेज़ हो गई और उसकी चूँचियाँ ऊपर नीचे होने लगी.

जैसे hi अनीता की चूँचियाँ ऊपर नीचे होने लगी उसे अपनी गांड से हरिया का बाय हाथ हट्टे हुए महसूस हुआ और अगले पल दायी चूंकि पर उसका वह हाथ महसूस हुआ.

हरिया अपना बया हाथ अनीता की दायी चूंकि पर रखकर हल्का सा दबाते हुए उसकी क्लीवेज में जबान फिरते raha,"ummmmm उम्म्म्म मेमसाहब आपकी पसीना भी अच्छी है मेमसाहब उम्मम्मम उनममममम".

अपनी गांड की दरार में खुद की hi गीली की हुयी हरिया का ऊँगली, अपनी चूंकि पर उसका हाथ और क्लीवेज में उसका ज़बान महसूस करके अनीता की मज़े का ठिकाना नहीं था. वह एक बार आस पास देखि मगर कोई नहीं था तो वो हरिया का लुंड को हिलती हुयी थोड़ा रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी साफ़ हो गयी होगी अब छोर दीजिये" की तभी हरिया की ऊँगली अनीता को अपनी गांड की छेड़ पर महसूस हुई और उसकी छूट का गीलापन बढ़ने laga.Woh जैसे तैसे खुद को कण्ट्रोल कर रही थी.

अनीता अगले कुछ सेकण्ड्स कुछ नहीं बोलती बस हरिया का लुंड हिलती रही और हरिया को जो करना था करने दे रही thi.Hariya अनीता की गांड से खेलते खेलते उसकी इलास्टिक की सलवार थोड़ा और नीचे सड़क दिया था और अनीता की गांड का ऊपरी भाग केवल उसकी कमीज से ढकी हुयी थी.

अनीता की सांस एक डैम तेज़ हो गयी थी और उसे समझ नहीं आ रहा था की वो क्या kare.Use समझ नहीं रहा था की अब क्या kare.Aesa नहीं था की अनीता को शर्म आ रही थी. शर्म तो उसे ज़रा भी नहीं आ रही थी मगर यह सिचुएशन थोड़ा अजीब लग रहा था क्यूंकि वो एक गली में थी और हरिया उसकी सलवार में हाथ घुसकर अच्छे से गांड गूंथने के बाद अब उसकी गांड की छेड़ पर ऊँगली फिरा रहा था और साथ hi उसकी सावज चाट रहा था और तो और उसकी सलवार भी कमर से सड़क कर गांड पर आ गयी थी.

हरिया उसकी क्लीवेज में मुंह रगड़ने लगा तो अनीता को गुदगुदी होने lagi.Woh आइस क्रीम चूसकर फ़ेंक दी और boli,"Hariya जी क्या कर रहे हैं aap?gandi जगह ऊँगली लगा रहे हैं".

हरिया उसकी क्लीवेज पर दाढ़ी रगड़ते हुए bola,"ummmm मेमसाहब आपकी गांड भी तो आपके जैसी hi साफ़ सुथरी है वो कोई गन्दी जगह थोड़ी है. मेमसाहब आपकी गांड बहोत कमाल की hai.Puri रुई जैसी मुलायम hai"......aur यह बोलकर हरिया अनीता की गांड की एक भाग को पकड़ कर जोर से मसल दिया.

गांड जोर से मसले जाने पर अनीता की मुंह से सिसकारी निकल gayi,"Siiii" मगर वह नाराज़ नहीं हुयी बल्कि उसकी छूट पूरी पानी पानी हो गयी थी. अगले पल हरिया उसकी गांड की छेड़ पर फिर से ऊँगली फिरने लगा.

एक तो अनीता हरिया का मोटा लम्बा लुंड हाथ में पकडे हिला रही थी और वहीँ हरिया उसकी गांड की छेड़ पर ऊँगली फिरा रहा था. इतना hi नहीं वो उसकी क्लीवेज को चाट भी रहा था और उसके ऊपर गन्दी गन्दी बातें कर रहा tha.Yeh सब के वजह से अनीता की जिस्म की आग बढ़ रही थी.

अनीता को समझ नहीं आ रहा था की वो क्या करे. एक तो उसे मज़ा मिल रहा था यह सब में और उसकी जिस्म की आग भड़क रही थी. ऊपर से उसे हरिया की हिम्मत उसकी मर्दानगी का सबूत दे रही थी ऐसे में उसे रोकना अनीता को उसकी मर्दानगी की बेइज़्ज़ती लग रही thi.Use हरिया की मर्दानगी देख अच्छा लग रहा था और उसे जो मर्ज़ी करने देना सही लग रहा था ताकि वो अपना दिल को बेहला सके मगर अनीता बात बढ़ने नहीं देना चाहती थी क्यूंकि उसे ख्याल था की वह शरीफ और इज़्ज़तदार घर की पढ़ी लिखी शादी शुदा औरत है और वो पब्लिक जगह थी जहां कोई भी आ सकता था.

अनीता खुद को कण्ट्रोल करती हुई boli,"Hariya जी हो गया आइस क्रीम साफ़. खुद को sambhaliye".Hariya का भी सांस तेज़ होने लगा था और उसका लुंड सख्त होते जा रहा था जो अनीता महसूस कर सकती थी. हरिया अपना कमर आगे पीछे करके लुंड से अनीता की हाथ छोड़ने laga.Woh उसकी क्लीवेज चाटने के बाद उसपर दाढ़ी रगड़ते हुए उसकी चूंकि दबाते हुए bola"memsaahab अच्छा लग रहा है आपकी मुलायम चूंकि को चाटना और दबाना".

यह सुनकर अनीता की छूट फड़क गयी और उसकी रास लगभग उसकी छूट से बहने की कगार पर थी मगर अभी भी जैसे तैसे उसकी छूट में hi अटकी rahi.Hariya ने उसकी सीने को "चूंकि" भी कह दिया था अब.

अनीता को यह भी सुनकर अच्छा लगा और हरिया का खुला अंदाज़ से फिर प्रभावित हो गयी की वह कैसे खुल कर दबंग अंदाज़ में गन्दी बातें कर रहा था.

अनीता उसका बात सुनकर boli,"Theek है हरिया जी आपको मेरा सीना अच्छ लग रहा है मगर अपने आपको सम्भालिये. हम गली में हैं".

हरिया अनीता की बात नहीं मानता और उसकी चूंकि को जोर से दबा दिया जिससे अनीता की मुंह से "आउच" निकल गया.

इससे पहले की अनीता कुछ बोलती या रियेक्ट करती उसका मोबाइल बजने laga.Woh हरिया को नहीं रोकती और मोबाइल को बैग से निकाल कर देखि तो राज का कॉल था.

अनीता हरिया को हटाने की कोशिश करती है मगर हरिया नहीं मानता उल्टा उसकी सलवार थोड़ा नीचे सड़क दिया और उसकी गांड को मसलने लगा. अब हरिया एक हाथ से उसकी गांड को मसल रहा था और दूसरे हाथ से उसकी चूंकि को और साथ hi उसकी क्लीवेज पैट ज़बान फिरा रहा था.

अनीता आस पास देखि और फिर boli,"Hariya जी कुछ बोलियेगा मत अभी".

अनीता एक हाथ से हरिया का लुंड सहलाती हुई दूसरे हाथ से कॉल रिसीव ki,"hello".

राज puchha,"hello अनीता. तुम कहाँ हो अभी?".

अनीता आस पास देखि और boli,"wo मैं मार्किट में हूँ बस घर जाने hi वाली हूँ".

राज तुरंत bola,"ok,ghar थोड़ा जल्दी जाओ. एक फाइल है उससे कुछ इंफॉर्मेशंस चाहिए मुझे. तुम घर जाकर मुझे कॉल करना मैं बताऊंगा".

अनीता "ok" बोली तो राज कॉल ख़तम कर दिया. कॉल ख़तम हुआ तो अनीता चैन की सांस ली मगर उसकी सांस तेज़ थी.

हरिया अब उसकी गर्दन चुम रहा tha.Anita आस पास देखि और बिना हरिया को रोके अपना मोबाइल बैग में रखने वाली hi थी की राज का कॉल दुबारा aaya,"Hello अनीता वो कंपनी से मुझे मैट्रेस्स चेंज करने की मंज़ूरी मिल गयी है. तुम अभी मार्किट में हो तो किसी अच्छे दुकान में आर्डर दे दो. मैं कंपनी में बिल दे दूंगा मुझे रैम्बुरसेमेन्ट मिल जाएगी".

अनीता मुस्कुराती हुयी "ok" बोली और कॉल ख़तम हो gaya.Anita खुश थी क्यूंकि पहले का मैट्रेस्स उतना आरामदायक नहीं था जितना उसे चाहिए था. बड़े घर की पहले बेटी और फिर बहु होने के कारण उसे हमेशा महंगे और आरामदायक मैट्रेस्स पर सोने की आदत थी. ऊपर से शादी शुदा होने के कारण उसे आरामदायक मैट्रेस्स की और ज़्यादा ज़रूरत थी.

क्यूंकि घर कंपनी का था तो राज ने कंपनी में ख़राब मैट्रेस्स की शिकायत की थी और अब उसे मंज़ूरी मिल गयी थी चेंज करने की.

अनीता फ़ोन बैग में रखकर हरिया को फिर samjhai,"Hariya जी लेट हो रही है घर जाना है".

आखिरकार हरिया अनीता की चूंकि से मुंह उठा लिया और अनीता की और देखते हुए मुस्कुराकर अपना जबान को होंठों पर फिराया तो अनीता boli,"Hariya जी लेट हो रही है अब घर जाना है मुझे".

हरिया अनीता की चूंकि पर हाथ अभी भी रखा था और वो उसकी चूंकि को धीरे से दबाते हुए bola,"memsaahab हमारा लुंड बहोत बेचैन है. रुकिए न ज़रा देर और. आपके पास रहकर ख़ुशी मिलता है हमरे लुंड को".

अनीता एक नज़र उसके लुंड को देखकर boli,"Hariya जी लेट हो रही है. घर पर कुछ काम है".

हरिया bola,"memsahab हमारा लुंड बौखलाया है. कह रहा है मेमसाहब की गांड और चूंकि से मुझे खेलता देख इसे अच्छा लग रहा है और आपकी हाथ में इसे चैन मिल रहा है. बोल रहा है की मेमसाहब आइस क्रीम की तरह इसे भी प्यार कर दे तो इसे ख़ुशी होगा".

अनीता उसके लुंड को देखकर ऊपर से नीचे तक हिलने के बाद boli,"Hariya जी फिर कभी आप मेरी t..t..tarbuj और संतरे से खेल लीजियेगा और मैं भी आपका हथियार को अच्छे से देखूंगी और प्यार कर दूंगी. अभी मुझे जाना है".

हरिया यह सुनकर अनीता को ऊपर से नीचे देखकर bola,"theek है मेमसाहब. हम आपकी सेवा करने के लिए है. आपका बात मान लेते हैं".

यह बोलकर वह अनीता की चूंकि को जोर से दबा कर अनीता को देखा और फिर उसकी गांड पर दूसरा हाथ ले जाकर गांड की दोनों भागो को अपने हाथों में पकड़ liya.Anita की सलवार उसकी आधी गांड पर अटकी थी और ऊपरी गांड सिर्फ कमीज से ढकी थी.

हरिया उसकी नंगी गांड को मसलते हुए उसे अपनी तरफ करके अपना चेहरा उसकी चेहरे के पास करके bola,"Lekin मेमसाहब कसम से जिस दिन आपने हमें सेवा का मौका diya,uss दिन हम आपकी ऐसी सेवा करेंगे जैसी आपकी किसी ने नहीं किया है".

अनीता की नाक में हरिया के मुंह की बदबू जा रही थी जो की आइस क्रीम और गुटखा का मिला जुला बदबू tha.Anita को पता नहीं क्यों यह अच्छा लग रहा था और वो हरिया का लुंड हिलती हुयी boli,"Hariya जी मैं भी देखूंगी की आप सच में मेरी सेवा वैसे तरीके से कर पाते हैं की नहीं".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया और अनीता की चूंकि को दबाते हुए bola,"memsaahab आपने अभी सही से हमारा लुंड देखा कहाँ hai,aur इसका कमाल तो देखना बाकी hi है".

अनीता यह सुनकर उसका लुंड को हिलती हुयी boli,"Hariya जी वो मुझे एक मैट्रेस्स लेनी hai,koi अच्छी दूकान है यहां?".

हरिया यह सुनकर दांत दिखते हुए bola"kya हुआ मेमसाहब उसी पर हमसे सेवा करनी है क्या आपको?".

अनीता यह सुनकर उसका लुंड छोर दी और मुस्कुराती हुयी आंखें बड़ी करके boli,"Hariya जी आप भी न. बताइये मैट्रेस्स कहाँ मिलेगी".

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड को दबाते हुए bola,"Memsaahab हम हैं न. हम मैट्रेस्स की दूकान में hi काम करते हैं. आप बस कौन सी मैट्रेस्स चाहिए वो बता दीजिये और आपका घर का पता दे दीजिये हम पहुंचा देंगे आज hi".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"are हरिया जी आप मैट्रेस्स की दूकान में hi काम करते हैं. वाओ! तब तो मुश्किल ख़तम. रुकिए मैं ब्रांड और मॉडल के साथ साथ एड्रेस लिख देती हूँ".

यह बोल कर अनीता आँखों से अपनी गांड की तरफ इशारा करती हुयी हरिया से boli,"Hariya जी वो आप अपना हाथ मेरी तरबूज पर से हटाइये न अब".

हरिया मुस्कुराते हुए उसकी गांड से हाथ हटते हुए bola,"Are मेमसाहब आपकी गांड इतनी मुलायम और चिकनी है की मैं करता है इससे खेलते rahun,sehlate रहूँ".

अनीता चुप चाप हरिया को देखि और अपनी सलवार ऊपर करती हुयी मुस्कुरा कर boli,"Hariya जी आपने तो मेरा सलवार भी नीचे कर दिया tha,koi देख लेता तो".

यह बोलकर वह एक नोटपैड और पेन बैग से निकाल कर जो जो डिटेल्स लिखना था लिखने लगी तो हरिया bola,"Are क्या होता देख लेता तो. साला जल कर खाक हो जाता की हम इस शहर की सबसे खूबसूरत औरत की खूबसूरत गांड सेहला रहे हैं".

अनीता उसे देखकर मुस्कुराती हुयी boli,"aap भी न हरिया जी".

अनीता यह बोलकर हरिया को मैट्रेस्स का डिटेल और अपना एड्रेस देती हुई boli,"Yeh लीजिये हरिया जी. कल पहुंचा दीजियेगा".

हरिया मुस्कुराकर उसके हाथ से वह पेपर लेते हुए bola,"are मेमसाहब आज hi पहुंचा देता हूँ" तो अनीता boli,"nahin हरिया जी कल hi सही होगा".

हरिया मुस्कुराकर अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"theek है मेमसाहब हम कल पहुंचाएंगे".

अनीता फिर हरिया को देखती हुयी puchhi,"kitne बजे आइयेगा?".

हरिया अनीता की बदन ऊपर से नीचे देखने लगता तो अनीता अपनी चूंकि थोड़ा ऊपर कर दी.

हरिया अनीता की चूंकि को ऊपर होता देख उसे फिर से दबा कर अनीता की आँखों में देखते हुए puchha,"memsaahab साहब बाहर कितने बजे जाते हैं?".

अनीता यह सुनकर सांस ली और चूंकि को ऊपर करके फिर नीचे करती हुयी boli,"wo 10 बजे जाते hain,magar आप 1 बजे तक आइये".

हरिया यह सुनकर अपना खुला लुंड सहलाते हुए bola,"jee मेमसाहब हम उसी वक़्त आएंगे".

अनीता उसका लुंड देखकर boli,"Hariya जी अब इसे अंदर कर लीजिये नहीं तो कोई इसे देखकर जलेगा की उसका इतना मोटा और लम्बा हथियार क्यों नहीं है".

यह सुनकर हरिया मुस्कुराने लगा तो अनीता भी मुस्कुरा di.Hariya अपना लुंड अंदर करके ज़िप लगाया और अनीता की सब्जी का थैला उठाकर bola,"memsaahab उसे लुंड कहते हैं लुंड".

अनीता यह सुनकर हरिया को देखि और मुस्कुराकर boli,"chaliye हरिया जी अब लेट हो रहा है".

दोनों वहां से चलने लगे तो हरिया अनीता की गांड पर हाथ रखकर उसे दबाते हुए bola,"Aese आपको लुंड नहीं कहना है तो इसे लौड़ा कह सकती हैं आप. लौड़ा".

अनीता यह सुनकर बेशर्मो से मुस्कुराती हुयी हरिया को देखकर अपनी आँखें बड़ी करके boli,"Hariya जी आप भी न. चुप चाप चलिए अब".

हरिया मुस्कुराकर अनीता की गांड थपथपाते हुए bola,"Theek है मेमसाहेब चलिए". अनीता हरिया की थपथपाहट अपनी गांड पर महसूस करके उसे मटकती हुयी चलने लगी और हरिया उसे गूंथते हुए चलने लगा. दोनों वहां से ऑटो स्टैंड की तरफ चल पड़े.
 
अपडेट 42

घर आने के बाद अनीता बड़ी hi मुश्किल से खुद को संभाली. वह किचन में सब्जियां रखकर फ्रिज से पानी का बोतल लेकर वहीँ किचन काउंटर के पास कड़ी होकर पानी पीने लगी.

थोड़ा पानी पीने के बाद थोड़ा सा पानी उसकी क्लीवेज में गिर गया तो उसे ध्यान आया की कैसे आइस क्रीम कहते वक़्त भी थोड़ा आइस क्रीम उसकी क्लीवेज में गिर गया था और हरिया बेझिजक उसकी क्लीवेज में ज़बान घुसकर उसकी क्लीवेज साफ़ कर रहा था.

यह ध्यान आते hi अनीता मुस्कुराने लगी और मुस्कुराती हुयी hi खुद से boli,"Hariya जी तो मेरे पूरे दीवाने हैं. मेरी क्लीवेज साफ़ करते करते वहां का पसीना भी चाट गए. सच में उनका अलग hi बात है. पुरे बेबाक और निदारर हैं वह. कैसे बोलते हैं की मेरी जैसी कोई नहीं. कैसे बेबाकी से मेरी तारीफ करते हैं और पुरे मज़े से मेरी बदन के साथ खेलते हैं और मेरी अस्स को तो मसले बिना उन्हें चैन नहीं मिलता है. कितना खुश होते हैं मेरी अस्स को मसलकर."

अनीता मुस्कुराती हुयी एक घूंट पानी पीकर आगे सोचने lagi,"Aaj तो उन्होंने पूरा मज़े से मेरी अस्स. नहीं हरिया जी क्या बोलते हैं हाँ तरबूज को मसला और तो और मेरी तरबूज को आधा नंगा कर दिया उन्होंने. सच में हरिया जी का अलग hi बात है. कितने हिम्मत वाले हैं जो बेझिजक मेरी अस्स, नहीं मेरी तरबूज हेहेहे. हाँ मेरी तरबूज को आधा नंगा hi कर दिया उन्होंने".

अनीता मुस्कुराती हुयी सोचती rahi,"Unhe मेरी नंगी अस्स को छूने का मैं कर रहा था तो मेरी अस्स को आधा नंगा hi कर दिया उन्होंने और नंगा करके मेरी अस्स को मसलते हुए कैसे बोल रहे थे की मेरी अस्स कितनी चिकनी और मुलायम है. हरिया जी भी न सच में जितनी बेबाकी से मेरी बदन से खेलते हैं उतनी hi बेबाकी से बात भी करते हैं. कैसे बेबाकी से बोल रहे थे की उन्हें मैं इस शहर की सबसे अच्छी औरत लगती हूँ. उनकी भाषा में बोलूं तो वो वो m.m.maal हाँ माल लगती हूँ मैं जिसे कोई भी छूना chahega,masalna चाहेगा तो फिर हरिया जी जैसे मर्द मेरी जिस्म को छुए या मसले बिना कैसे रह सकते हैं."

अनीता सोचना जारी रखती hai,"Unka हथियार जैसा है, एकदम तगड़ा. उफ़ कितना मोटा, लम्बा और तगड़ा है उनका हथियार. वैसा हथियार होने पर तो उनका दिल करेगा hi खूबसूरत औरतों को देखने और उनके जिस्म से खेलने का."

अनीता आगे सोचती rahi,"Hariya जी भी न आज कितनी गन्दी बातें कर रहे थे. कैसे अपने हथियार को गंदे नाम से बोल रहे थे, वह भी एक नहीं दो अलग अलग गंदे नाम. और तो और वह मेरी अस्स और ब्रैस्ट को भी कैसे गंदे नाम दे रहे थे. हरिया जी भी सच में न जो मैं में आता है बोल देते हैं. लेकिन उन्होंने कुछ ग़लत भी तो नहीं बोलै. ऐसे गंदे तरीके से तो कितने पढ़े लिखे लोग भी बोलते हैं, हरिया जी तो फिर भी पढ़े लिखे नहीं है और उनका बैकग्राउंड भी तो वैसा hi है जैसा वह हैं. जैसा माहौल में वह पीला बढे हैं और रहते हैं वैसे माहौल में तो ऐसे गंदे शब्द बोलना तो आम बात होगी और हरिया जी भी ऐसे शब्द रेगुलरली बोलते होंगे फिर भी वह हमेशा मुझसे कितने अच्छे से बात करते हैं. आज वैसे गंदे शब्द बोल भी दिए तो क्या हो गया. देखा जाये तो उन्होंने ग़लत तो नहीं बोलै. उन चीज़ों को तो वैसे शब्दों से भी तो बोलै hi जाता है और हरिया जी ने वही किया. हरिया जी काम से काम दिखावा तो नहीं करते हैं. जो उनका मैं करता है बेझिझक करते हैं, जो उनके मैं में होता है वह बेझिझक बोलते हैं वह भी अपने अंदाज़ में. उनका बैकग्राउंड जैसा है वैसा रहना और उसी अंदाज़ में बातें करना तो उनके कॉन्फिडेंस को दिखता है की वह कौन क्या सोचेगा यह नहीं सोचते हैं और इंसान को ऐसा hi तो होना चाहिए. यह जानते हुए भी की मैं पढ़ी लिखी औरत हूँ इसके बावजूद भी उनका यूँ वैसा शब्द बोलना यह दिखता है की वह दिखावा नहीं करते हैं और अपने बैकग्राउंड से वह कितने कम्फर्टेबले हैं".

अनीता अगले पल मुस्कुराती हुयी सोचना जारी rakhi,"Sach में हरिया जी पढ़े लिखे नहीं हैं और ग़रीब मज़दूर हैं मगर कितना कॉन्फिडेंस हैं उनमे. कैसे दबंग अंदाज़ में रहते हैं और कैसे इतना कॉन्फिडेंस से खुलकर मुझे गंदे अंदाज़ में छेड़ते हैं और बातें बनाते रहते हैं".

अनीता अगले पल मुस्कुराती हुयी boli,"Sach में हरिया जी भी न एक अलग hi तरह के इंसान हैं, एक दम यूनिक और उनका हथियार भी यूनिक है".

और यह बोलकर अनीता हंसने lagi,"Hehehe" और हस्ते हुए हथियार के बारे में सोच कर अनीता को कुछ ख्याल आया और वह अपनी बातो हाथ को खोलकर उसे देखि. उसे अब ध्यान आया की उसकी हथेली पर एक रूखापन था और वह समझ गयी को वह रूखापन क्यों था.

अनीता एक पल अपनी हथेली को देखकर उसे अपनी नाक के पास लेजजर एक गहरी सांस ली. ऐसा करने से उसकी छूट में थोड़ी हलचल महसूस हुयी और साथ hi उसे ध्यान आया की उसकी छूट हरिया के छेड़छाड़ से गीली हो चुकी थी जिसके कारण पंतय भीगी हुयी है.

छूट का गीलापन महसूस करने से अनीता को हरिया का मोटा लम्बा और तगड़ा लुंड और कैसे वह उसे अपनी हाथ में लेकर हिला रही थी याद आने लगा. उसका लुंड का याद आते hi अनीता अपनी ज़बान निकली और अपनी हथेली पर ज़बान फिरा दी.

अपनी हथेली पर ज़बान फिरते hi उसकी बदन में बिजली जैसी मस्ती की लहर दौड़ने लगी और छूट में हलचल महसूस हुयी. साथ hi उसकी मुंह में एक अजीब सा मगर जाना पहचाना स्वाद महसूस हुआ और यह महसूस होते hi वह खुद से boli,"Ee मैं भी क्या कर रही हूँ. मुझे जाकर नाहा लेना चाहिए. बाजार में पूरा पसीना से मैं भीग गयी थी. नहाकर साफ़ हो जाती हूँ".

अनीता फिर खुद को शांत करके नहाने के लिए जाने लगी. वह बैडरूम में सलवार कमीज और ब्रा पंतय निकाल कर नंगी हो गयी. उसकी छूट के भाग पर गीलापन और चिपचिपापन था. वह अपनी पंतय देखि जिसका सामने का भाग पूरा भीगा हुआ था. वह पंतय लेकर नाक के पास ले गयी और सूंघने लगी और फिर अचानक से पंतय नीचे फ़ेंक कर boli,"Eew मैं भी क्या कर रही हूँ".

फिर वह अपनी छूट को दुबारा देखने लगी जहाँ रास से भीगा हुआ था. अनीता अपनी बायीं हाथ देखि जिसको वह थोड़ी देर पहले थोड़ा सा छाती थी. वह वही हाथ लेजाकर अपनी छूट पर रख दी और उस पर लगे चिपचिपे रास पर हाथ फेरने लगी. ऐसा करते hi अनीता की छूट फड़क गयी और बदन में करंट जैसा महसूस हुआ. अचानक से वह अपनी हाथ छूट से हटा कर boli,"Main भी न क्या क्या कर रही हूँ. मुझे नाहा लेना चाहिए. ऐसे भी बहोत लेट हो गयी है".

वह अगले पल बाथरूम की तरफ जाने hi वाली थी की उसे कुछ ख्याल आया तो वो ड्रेसिंग टेबल के पास जा कर कड़ी हो गयी और मुद कर आईने में अपनी नंगी गांड देखने लगी.

उसकी बड़ी सी गोल गोल मांसल और गोरी गांड गुलाबी हो गयी thi.Anita अपनी गांड देखकर उसे छूती हुयी मुस्कुरा दी और खुद से boli,"Hariya जी ने तो आज जैम कर मेरी बूम मसला है. पूरा पिंक कर दिया है मेरी गोरी बूम को हेहेहे".

अनीता वैसी hi अपनी गांड देखती हुयी आगे boli,"Pata नहीं क्यों हरिया जी को मेरी बूम से खेलना अच्छा लगता है. मेरे पास आते hi मेरी अस्स को छूने और मसलने लगते हैं. कितने हिम्मत वाले और दबंग हैं वह की आते hi बेझिझक पहले मेरी अस्स पर हाथ रखते हैं फिर बातें करते हैं. इतना hi नहीं जितना मर्ज़ी और जैसे मर्ज़ी वो मेरी अस्स से खेलते हैं जैसे मेरी अस्स उनके खेलने के लिए hi है. ऐसा लगता है जैसे हरिया जी मेरी अस्स को अपनी प्रॉपर्टी hi समझ लिए हैं की बेझिझक उस पर हाथ रखकर जितना मर्ज़ी मसलते रहते हैं और तो और मेरी अस्स को तरबूज बोलते हैं हेहेहे. हरिया जी भी न पुरे दबंग हैं".

फिर अनीता अपनी गांड की गोलाई देखने lagi.Uski पतली कमर के नीचे उसकी बड़ी और गोल गांड सच में तरबूज जैसी लग रही थी और पिंक हो जाने से तरबूज का रंग भी आ गया था.

अनीता अपनी गांड की गोलाई और लालिमा देखती हुई मुस्कुराकर boli,"tarbuj बोलकर तरबूज जैसे लाल भी कर दिया हरिया जी ने. कैसे हिम्मत करके वो मेरी सलवार में हाथ घुसकर मेरी अस्स को मज़े से मसल रहे थे और तो और जब उनका वैसा जी नहीं बेहला तो मेरी सलवार को भी नीचे कर दिए. सच में दबंग हैं वो. अपना दिल बहलाने के लिए मेरी जैसी औरत को हरिया जैसे दबंग मर्द hi खुलेआम छेड़ कर अपनी मर्दानगी दिखा सकता है. कोई और मर्द होता तो पहले दिन उनके छूने पर जब मैं थोड़ा दूर हटी तो वह छोर देता मगर हरिया जी ने मेरी अस्स को दुबारा छूकर बता दिया की उन्हें मेरी तरबूज में दिलचस्पी है और वो मेरी तरबूज छूकर अपना दिल बहलायेंगे चाहे जो भी हो. उन्हें मेरी अस्स बहोत पसंद hai,poori की पूरी लाल कर दिया उन्होंने हेहेहे"

अनीता खिलखिलाने के बाद अपनी गांड को एक बार और आईने में देखि और चेहरे पर गर्व का भाई लाकर अपनी हाथो से दोनों गांड की भाग को छूकर उसकी मुलायम त्वचा को महसूस करके अपनी गांड की दोनों भागो को पकड़ कर उसे बाहर के तरफ खिंच कर अपनी गांड की दरार देखने लगी और फिर उसके बीच अपनी गांड की छेड़ को देखकर याद करने लगी की कैसे हरिया उसकी गांड की छेड़ पर भी ऊँगली फेर रहा था.

यह याद करते hi अनीता गर्व से अपनी गांड की छेड़ देखती हुयी boli,"Hariya जी भी न पुरे दबंग हैं, जो भी मर्ज़ी आता है करने लगते हैं".

अनीता यह बोलने के बाद अपनी गांड को छोड़ दी और फिर गांड हिलती हुयी नहाने चली .

"Aaaaaaaaaahhhhhhh आआआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह आआआआहहहहहहह सीईईईई आआआह्ह्ह्हह्ह राज आआआअह्हह्ह्ह्हह" रात को राज अनीता को छोड़ रहा था और अनीता को थोड़ा सुकून मिल रहा था अपनी प्यासी छूट में लुंड जाने से. हरिया ने उसे छेड़ छेड़ कर बहोत गरम कर दिया था और ऐसे में उसे लुंड की ज़रूरत थी और उसे अपने पति का लुंड मिल रहा था मगर फिर भी कहीं न कहीं उसे कुछ कमी लग रही थी.

राज उसे बस मिशनरी पोजीशन में चोदे जा रहा था. न hi वो अनीता की गांड मसल रहा था और न hi उसकी चूंकि. वह कुछ बोल भी नहीं रहा था बस हाँफते हुए अनीता की छूट में लुंड अंदर बाहर किये छोड़ रहा tha.Anita की छूट की जो हालत थी दिन में हरिया के छेड़ छड़ के बाद उसके हिसाब से उसे लुंड मिलने पर सुकून मिल रहा था मगर उतना मज़ा नहीं मिल रहा था.

अनीता को बार बार हरिया का उसकी जोर से गांड मसल देना याद आ रहा था. कैसे हरिया उसे इतनी गन्दी हवस भरी नज़र से देखता है. कैसे वो जहाँ दिल करता है वहाँ अनीता को छू देता hai,chahe उसकी नंगी पतली कमर हो या उसकी नंगी पीठ. कैसे वह बेझिझक उसकी चूंकि दबा रहा था. कैसे वो उसकी क्लीवेज चाट रहा था और तो और वह तो उसकी गांड को नंगी करके जी भरकर मसला भी. उसे हरिया का बेबाक और दबंग अंदाज़ याद आ रहा था. कैसे वो अनीता को अपना बड़ा मोटा लुंड दिखाकर उसे छूने के लिए बोल रहा था और तो और अनीता खुद उसका लुंड बेझिझक सिर्फ छू hi नहीं रही थी बल्कि आराम से हिला भी रही थी."

हरिया का लुंड का ध्यान आते hi अनीता का गाला सूखने लगा और वह अपने पति से चुटिया हुयी उसके गले में अपनी बाहें डाले न चाहते हुए भी अपनी होंठों पर ज़बान फिरकर नीचे होंठ को दांतो के बीच दबा ली और खुद ऊपर की तरफ कमर करके अपने पति का चुदाई में साथ देने लगी.

अनीता भले hi नेचर से बेशर्म औरत थी और उसे मर्दों की गन्दी हवस भरी नज़र से कुछ फ़र्क़ नहीं पड़ता था और हरिया जैसे मर्द को खुलकर खुद के साथ छेड़ छड़ करने दे रही थी मगर इसके बावजूद भी वह अपने पति से प्यार करती थी और खुद को एक अच्छी पत्नी समझती थी. इसलिए वह हरिया के बारे में सोचना बांध करने के लिए अपने पति के होंठों को चूमने लगी और अपनी कमर ऊपर करके चुदाई में साथ देने लगी.

दोनों पति पत्नी एक में भी हल्का पसीना पसीना होने लगे थे. उस सुनसान जगह में उस बांध कमरे में चुदाई पुरे चरम पर थी जहाँ एक बेहद hi खूबसूरत और कामुक औरत एक अच्छी पत्नी होने का फ़र्ज़ निभाती हुयी अपने पति को अपनी जवानी का सुख पूरा खुल कर दे रही थी.

न चाहते हुए भी अनीता की सोच में हरिया का मोटा लम्बा और तगड़ा लुंड फिर आने लगा और वह चुम्बन तोड़ कर राज का सर अपनी कंधे पर रखकर चाट की तरफ चेहरा की हुयी आँखें बांध करके हरिया के लुंड के बारे में सोचती हुयी ाँहें भरकर छोड़ने लगी.

राज आख़िरकार अनीता को छोड़कर झरर गया और उसके बगल में सो gaya.Anita चुप चाप छत की तरफ देखती रही और हरिया का हरकत याद करती rahi.Thodi देर बाद वो बाथरूम में जाकर खुद को साफ़ की और सो गयी.
 
अपडेट 43

अगले दिन राज 10 बजे ऑफिस चला गया. जाते वक़्त वह अनीता की गाल पर चूमा तो अनीता नाराज़गी से boli,”Bas ऑफिस जाते वक़्त hi प्यार आता है”.

राज यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,”Are कल रात को hi तो इतना प्यार किया था”.

अनीता फिर भी नाराज़गी जताती हुयी boli,”Haan हफ्ते में एक दो बार प्यार कर लेते हो बस. बाकी दिन तो जैसे मैं नज़र hi नहीं आती तुम्हे”.

राज मुस्कुराते हुए जवाब diya,”Are जान इतना नाराज़ क्यों हो रही हो. जानती तो हो कितना काम रहता है. काम भी तो ज़रूरी है. अब चलो नाराज़गी दूर करो और मुझे एक किश दो ताकि मैं चैन से ऑफिस जा सकूँ”.

अनीता भी बेवजह का राज के ऑफिस जाते वक़्त उसे अपसेट करना नहीं चाहती थी तो वो भी नाराज़गी छोर कर मुस्कुराई और राज को एक किश दे कर boli,”Bye टेक केयर” और राज ख़ुशी ख़ुशी ऑफिस चला गया.

अनीता भी मुस्कुराती हुयी अपने पति को जाते देखने लगी.

चंदा लगभग 10:30 बजे आयी और 12 बजे तक पुरे घर का झाड़ू पोंछा करके चली गयी.

जब चंदा घर के काम कर रही थी तो अनीता नहाकर साड़ी पेहेन कर तैयार हो गयी. लगभग 12:30 में वह लिविंग रूम में जाकर सोफे पर बैठकर मैगज़ीन पढ़ने लगी.

कुछ देर मैगज़ीन पढ़ने के बाद दूर बेल्ल बजा तो अनीता पास में रखा अपनी मोबाइल में टाइम देखि तो 12:45 बजा था.

टाइम देखकर अनीता समझ गयी की हरिया मैट्रेस्स लेकर आया होगा और यह समझते hi उसकी बदन में सनसनी फैल गयी और दिल धड़क गया.

वह उठकर अपनी बैडरूम में गयी और आईने के सामने कड़ी होकर खुद को देखि. सामने देखने के बाद थोड़ा घूमकर अपनी पीछे के तरफ देखने के बाद वह बैडरूम से निकली और गार्डन से होती हुई मैं गेट की तरफ बढ़ी.

मैं गेट में जाली जैसा छोटा सा पीप होल से वो देखि तो हरिया को खड़ा देखि. हरिया को देखते hi अनीता का दिल फिर धड़कने लगा. वह एक गहरी सांस लेकर खुद की सांस और धड़कते दिल को काबू मैं करने की कोशिश की और गेट का छोटा दरवाज़ा खोली तो हरिया उसे देखकर मुस्कुराने लगा.

अनीता भी हरिया को देखकर मुस्कुराने लगी. हरिया अनीता को देखते हुए मुस्कुराकर bola,”Dekhiye मेमसाहब हम आ गए आपके घर”.

अनीता भी मुस्कुराती हुयी अपनी कान के पास के बाल को कान के पीछे करती हुयी boli,“haan हरिया जी”.

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया और अनीता को ऊपर से नीचे देखने लगा. अनीता का दिल फिर से धड़कने लगा हरिया को ऐसे उसकी बदन पर देखते हुए मगर वह चुप चाप नार्मल तरीके से कड़ी रही.

हरिया नज़र नीचे ले गया तो उसका नज़र अनीता की पेट में उसकी नाभि पर पड़ी जिसमे एक बेल्ली रिंग लटक रही thi.Hariya उसे देखते हुए अनीता के थोड़ा नज़दीक गया और अपना लुंड को पंत के ऊपर से मसल कर धीरे से bola,"Waah मेमसाहेब".

अनीता को हरिया के मुंह से शराब की गंध मिल रही थी और उसके कपडे से पसीने और शराब की मिली जुली बदबू आ रही thi.Anita को पता नहीं क्यों यह गंध मिलते hi एक अजीब सी सनसनी महसूस हुयी उसकी बदन में.

हरिया "वाह मेमसाहेब" बोलकर अनीता को देखा तो अनीता मुस्कुराकर अपनी कान के पास के बाल को फिर से कान के पीछे करके puchhi,”Hariya जी आने में कोई परेशानी तो नहीं हुयी?”.

हरिया अपना लुंड मसलते हुए अनीता को एक बार फिर ऊपर से नीचे देखा और धीरे से bola,"Are मेमसाहेब कैसी परेशानी. आपने बुलाया और हम चले आये".

फिर हरिया आँखों से अपने लुंड के तरफ इशारा करके bola,"Lauda हथेली में ले आये रे".

यह सुनते hi अनीता आश्चर्य से अपनी आँखें बड़ी करके हरिया को देखि मगर साथ hi बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप भी न".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराने लगा तो अनीता भी मुस्कुराती हुयी हरिया को देखती हुयी हरिया पर आश्चर्यता से अपनी सर हिलने लगी.

इतने में हरिया के पीछे से थोड़ा दूर से एक आवाज़ aaya,”are हरिया मेमसाहब का मैट्रेस्स ले चलो”.

अनीता यह आवाज़ सुनकर हरिया के तरफ देखि तो हरिया धीरे से bola,”memsaahab ी रामु है. हमारे साथ दूकान में काम करता है. वह मालिक ने बोलै तो साथ लाना पड़ा”.

अनीता यह सुनकर थोड़ा सोच में पद गयी की कहीं रामु हरिया को लुंड मसलते हुए देख और उनकी बातें तो नहीं सुन्न लिया लेकिन वह फिर अंदाज़ा लगायी की रामु का आवाज़ थोड़ा दूर से आ रहा था जहाँ उनकी धीरे आवाज़ में किये हुए बातें जाना मुश्किल था. हरिया भी जिस हिसाब से खड़ा था उस हिसाब से उसे लुंड मसलते हुए पीछे से कोई देख नहीं सकता था.

साथ hi अनीता को हरिया पर भरोसा था की वह दुसरो के सामने यह सब नहीं करेगा. उसे यह भी ध्यान आया की हरिया बातें करते वक़्त उसके करीब आ गया था और धीरे धीरे बोल रहा था. हरिया के इस समझदारी और साथ hi उसका हिम्मत की कुछ दुरी पर रामु के होते हुए भी वह उसे छेड़ रहा था, अनीता फिर प्रभावित हो गयी.

अनीता यह सुनकर हरिया को देखकर बस हल्का सा मुस्कुराई तो हरिया लुंड मसलते हुए bola,”Woh मेमसाहब पूरा खोलिये न अंदर घुसना है”.

अनीता यह सुनकर एक नज़र हरिया के लुंड के तरफ देखि तभी रामु का आवाज़ फिर aaya,"Are हरिया इतना टाइम क्यों लग रहा है गेट खुलवाने में. जल्दी करो हमको एक जगह और जाना है".

अनीता यह सुनकर हरिया के लुंड से नज़र हटाई तब तक हरिया पीछे के तरफ गर्दन करके गुटखा थूक कर थोड़ा झुंझलाहट से bola,"Abe खुलवा रहे hain,kahe गाला पहाड़ रहे हो".

हरिया वापस घूमकर अनीता की तरफ देखते हुए bola,”Woh पूरा गेट खोलिये न मेमसाहब मैट्रेस्स घुसना है”.

यह सुनकर अनीता मुस्कुराती हुयी boli,”ohhh हाँ” और फिर वो पूरा गेट खोल दी. गेट खोल कर अनीता देखि की ठेले पर दो मैट्रेस्स था.

अगले पल अनीता की नज़र ठेले के सामने पड़ा तो वो एक आदमी को ठेले की सीट पर बैठे देखि जो 45 साल के आस पास का था और उसके चेहरे पर हल्का हल्का दाढ़ी था जो कहीं कहीं से थोड़ा सफ़ेद हो गया था. वो एक धोती और पतला कुरता पहने हुए था जो पसीने से भीग चूका था.

वो गेट खुलने पर घूम कर अनीता के तरफ देखा तो उसे देखते hi रह गया.

अगले पल हरिया रामु को bola,”chalo रामु भाई आगे तुम गद्दा पकड़ पीछे से हम पकड़ता हूँ”.

अनीता हरिया का बात सुनकर उसे ठेले के तरफ जाते देखि.

अनीता फिर रामु को देखि तो उसे खुद की नाभि की तरफ देखते पाई और जैसे hi दोनों की नज़रे मिली तो रामु नज़रे फेर लिया. उसके नज़र फेरने पर भी अनीता उसे देखती रही और सोचने लगी की शायद वह उसे पहले कहीं देखि है.

अनीता यह सोच hi रही थी की दोनों मैट्रेस्स उठाकर अंदर लाने लगे. रामु आगे आगे था तो वह गेट के तरफ आते हुए अनीता की बदन को देखने लगा. अनीता बिना शर्म के वैसे hi कड़ी रही.

जब दोनों अंदर आ गए तो अनीता मैं गेट अंदर से बांध करके उनके पीछे से लिविंग रूम में गयी तो देखि की हरिया और रामु मैट्रेस्स रखकर घर को गौर से देख रहे थे. अनीता चुप चाप कड़ी होकर उन दोनों को लिविंग रूम की चारो और देखते हुए देखने लगी.

हरिया जब ध्यान दिया की अनीता भी लिविंग रूम में आ चुकी थी तो उसे देखकर मुस्कुराते हुए bola,”Waah क्या घर है मेमसाहेब. एक डैम चमकदार और बड़ा” और यह कहते हुए वो अनीता की चूंकि पर नज़र डालकर आगे bola,"Aapka सब चीज़ बड़ा बड़ा hi है मेमसाहेब".

अनीता हरिया को उसकी चूंकि पर नज़र डालकर वह बात बोलते हुए सुनी और रामु की तरफ एक नज़र देखि जो अभी भी घर देखने में लगा व्यस्त था.

अनीता वापस हरिया की तरफ देखती हुयी मुस्कुराकर boli,”Aapko पसंद आयी यह घर?”.

हरिया मुस्कुराता हुआ अनीता की चूँचियों को देखते हुए bola,”kyun नहीं मेमसाहब ऐसा बड़ा बड़ा किसको पसंद नहीं आएगा".

हरिया का बात सुनकर रामु उसके तरफ देखा तो हरिया अनीता की चूंकि से नज़र हटाकर घर को देखते हुए bola,"Aesa बड़ा घर किसी को पसंद नहीं आये ऐसा हो hi नहीं सकता"

हरिया का नज़र अपनी चूँचियों पर से हटने पर अनीता एक नज़र रामु के तरफ देखि तो उसे हरिया के तरफ देखते पायी.

हरिया आगे बोलना जारी rakha,"Saamne इतना बड़ा बगीचा और इतना बड़ा घर और वो भी इतना अच्छा चमकदार वाह मेमसाहब घर हो तो ऐसा”.

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया को देखि और फिर एक नज़र रामु को देखि तो उसे अब खुद की नाभि की तरफ फिर देखते हुए pai.Anita समझ गयी की वो उसकी नाभि से लटकी 3 इनचेस की बेल्ली रिंग देख रहा tha.Wo जानती थी की वो शायद hi कभी अपने सामने किसी औरत को नाभि में बेल्ली रिंग पहने देखा होगा इसलिए वो बार बार उसकी नाभि देख रहा tha.Anita को उसका देखना बुरा नहीं लगा और अपनी नाभि को छुपाने की सोची भी नहीं.

यह सब कुछ पल के लिए hi हुआ तब तक हरिया आगे bola,"Memsaheb जैसे आगे बड़ा बड़ा है पीछे भी वैसे बड़ा बड़ा hi होगा".

अनीता यह सुनकर हरिया के तरफ देखि मगर इससे पहले को वह कुछ बोलती रामु हरिया के तरफ देखते हुए bola,”Are जल्दी करो हरिया भाई. एक जगह और भी माल पहुँचाना है”.

हरिया यह सुनकर झुंझलाहट से bola,"Achha ठीक है करते हैं जल्दी".

यह सुनकर अनीता हरिया के तरफ देखि तो हरिया लाचारी से देखते हुए bola,”memsaahab हमलोगो को मालिक ने दो जगह माल पहुँचाने के लिए बोलै hai,isliye हम कुछ नहीं कर सकते. जल्दी जाना hoga,warna हम अच्छे से आज आपकी सेवा karte,magar मालिक का हुकुम है कुछ कर नहीं सकते”.

अनीता यह सुनकर रामु के तरफ देखि तो हरिया तुरंत bola,”Woh मेरा मतलब है की हम आराम से आपका मैट्रेस्स सेट करते आपकी सुविधा के हिसाब se,magar थोड़ा जल्दी है".

अनीता यह सुनकर हल्का मुस्कुराई तो हरिया मुस्कुराते हुए bola,"Woh बिस्तर हटाइये न मेमसाहब ताकि हम मैट्रेस्स चेंज कर सके”.

अनीता यह सुनते हुए “हाँ” में सर हिलाई और हरिया का शर्ट से झांकते उसके सीने पर पसीना देखकर poochhi,”Aap लोगो को ठंडा पानी या ठंडा जूस chahiye?Itni गर्मी में आये हैं आप लोग”

यह पूछने के बाद वह रामु को भी देखि जो हरिया के तरफ देखने लगा.

हरिया मुस्कुराते हुए bola,”wo मेमसाहब तकलीफ की क्या जरूरत है. लेकिन ठंडा पानी दे दीजिये”.

अनीता हरिया को देखती हुयी मुस्कुराकर boli,”Are तकलीफ की कोई बात नहीं. जूस का बोतल तो राखी रहती है. रुकिए मैं ठंडा जूस लाती हूँ” और यह बोलकर अनीता किचन की तरफ जाने लगी.

रामु अनीता की साड़ी में कैद उसकी गांड को देखने लगा और उस टाइट साड़ी में चलते वक़्त उसकी मटकती गांड को देखकर उसका दिल धड़क गया.

अनीता की बाल उसकी पीठ पर लटकी थी इसलिए उसकी पीठ पूरी दिखाई नहीं दे रही थी मगर बाल के आस पास से दिख रही थोड़ी बहोत पीठ को देखकर रामु समझ गया की अनीता बैकलेस ब्लाउज पहनी है और फिर वो उसकी नंगी कमर को देखने लगा जो साड़ी लौ वैस्ट होने के कारण अच्छी खासी दिख रही थी.

रामु थोड़ी देर अनीता को देखने के बाद खुद को कण्ट्रोल करने के लिए अनीता की बदन से नज़र हटा लिया मगर वो मैं hi मैं अनीता की खूबसूरती की तारीफ किये बिना न रह सका.

सिर्फ अनीता को hi रामु को देखकर ऐसा नहीं लगा था की वह रामु को कहीं देखि हुयी है बल्कि रामु भी अनीता को गेट के पास देखा था तो उसे लगा था की वह अनीता को कहीं देखा है.

हालांकि अनीता को अब तक समझ नहीं आया था की वह रामु को कहाँ देखि है मगर रामु अनीता की ख़ूबसूरती और साड़ी का पहनावा देखकर अब समझ चूका था की वह अनीता को कहाँ देखा था. अनीता को पहचानना उसके लिए मुश्किल नहीं था क्यूंकि उसके जैसी खूबसूरत औरत और खासकर उसके जैसे तरीके से साड़ी का पहनावा वह अपनी आँखों के सामने सिर्फ एक hi बार देखा था जिसके कारण उसे समझने में आसानी हो गया की वह अनीता को कहाँ देखा था.

अनीता कुछ देर बाद ट्रे में दो गिलास में जूस लाकर ट्रे को पहले रामु के पास ले गयी तो रामु का दिल धड़क गया अनीता को इतने पास देखकर.

अनीता उसके पास जाकर मुस्कुराकर boli,”Juice लीजिये”.

अनीता को रामु के कुर्ते से भी पसीना और शराब की मिलीजुली बदबू मिल रही थी. पता नहीं क्यों उसे यह गंध अच्छा लग रहा था. वह रामु को एक पल के लिए उसकी क्लीवेज को देखते हुए देखि और फिर रामु गिलास उठाकर उसे “थेंकु मेमसाहेब” बोलै तो अनीता को उसके मुंह से भी शराब की गंध मिली.

अनीता कुछ सेकण्ड्स के लिए उसे देखि तो रामु भी उसे देखने laga.Anita रामु की आँखें देखि जो हल्का लाल tha.Anita समझ गयी की शराब पीने से उसकी आँखें लाल हो गयी थी.

अनीता को पता नहीं क्यों मगर रामु के बदन से आ रहे पसीने और शराब की गंध और उसका लाल आँख देखकर एक अजीब सा एहसास होता हुआ और वह फिर से सोचने लगी की ऐसा गंध वह कहाँ महसूस की थी की तभी उसे ध्यान आया की रामु वही आदमी है जो एक बार उसके बगल में ऑटो में बैठा हुआ गुटखा खा रहा था और ऑटो में जगह काम होने के कारण दोनों का बदन एक दूसरे से चिपका हुआ था जिसके कारण अनीता की साफ़ सुथरी बदन में उसके बदन का थोड़ा पसीना का चिपचिपाहट महसूस हो रही थी. इतना hi नहीं, जब भी वह गुटखा का थूक फेंकने के लिए ऑटो के दरवाज़े के तरफ झुक रहा था तो उसका कोहनी अनीता की चूँचियों से सत् जा रहा था.

यह याद आते hi अनीता रामु को एक नज़र देखकर एक गहरी सांस ली और उसके बाद हरिया के तरफ चल दी मगर इस बार अनीता की गांड की मटक बढ़ गयी थी. वह अपनी गांड मटकती हुयी हरिया के तरफ गयी तो रामी जूस पीते हुए अनीता की बड़ी गांड को मटकते हुए देखने लगा. हरिया के तरह वह भी अनीता जैसी खूबसूरत और ऐसे बदन दिखाऊ कपडे पहनने वाली औरत को सिर्फ टीवी और सोशल मीडिया पर hi देखा था जिसके कारण अनीता को देखकर उसका दिल ऐसे hi धड़क रहा था मगर उसकी बड़ी गांड को मटकते हुए देख उसका दिल धड़कने के साथ साथ थोड़ा खून भी गरम होने लगा था. वह अनीता को कस्टमर समझने के कारण खुद को सँभालने का कोशिश करने लगा और अनीता की गांड से नज़र हटाकर जूस पीने लगा.

अनीता हरिया के पास जूस लेकर गयी तो उसके बदन से भी पसीना और शराब का मिलाजुला गंध आ रहा tha.Anita को यह गंध अच्छा लग रहा tha.Use न जाने क्यों इस गंध में मर्दानगी लग रही थी. वह एक गहरी सांस लेकर हरिया से boli,"Juice लीजिये".

हरिया उसे गन्दी नज़र से देखकर मुस्कुराते हुए गिलास ले लिया तो अनीता मुस्कुराती हुई boli,”Aap लोग जूस pijiye,main बेडशीट हटा देती हूँ”.

यह बोलकर अनीता सोफे के पास जाकर झुक कर टेबल पर ट्रे रखने लगी तो रामु और हरिया दोनों उसकी गांड देखने लगे मगर यह 2-3 सेकण्ड्स के लिए hi हुआ और अनीता ट्रे रखकर बैडरूम की तरफ जाने लगी.

हरिया फिर रामु के तरफ देखते हुए bola,”abe रामु ठेला को लॉक करके तो आ नहीं तो कोई ठेला ले जायेगा तो मुश्किल हो जायेगा”.

दोनों अनीता के सामने एक दूसरे से सभ्य तरीके से बात कर रहे the.Ramu तो अनीता को एक ग्राहक समझ कर सही से उसके सामने बात कर रहा था और हरिया रामु को यह नहीं दिखाना चाहता था की वो अनीता को पहले से अच्छे से जानता था इसलिए वो भी सही से बात कर रहा था नहीं तो हरिया को अब अनीता के सामने दबंग तरीके से बात करने में कोई झिझक नहीं थी.

हरिया दूकान में एहि बोलै था की वो किसी औरत को मैट्रेस्स के बारे में किसी से पूछते हुए सुना तो उससे मैट्रेस्स के बारे में बात करके एड्रेस वगैरह ले लिया.

रामु हरिया को देखकर “हाँ” बोलै और एक सांस में hi जूस पीकर बाहर चला गया तो हरिया भी जूस ख़तम करके अनीता की बैडरूम की तरफ चल दिया.
 
अपडेट 44

अनीता बैडरूम में बीएड के पास झुककर बेडशीट हटा रही thi.Jhukne से टाइट साड़ी में उसकी बड़ी गांड पूरी आकर में बाहर की तरफ उभरी हुयी थी.

अनीता झुकी हुयी hi थी की उसे महसूस हुआ की उसके पीछे खड़ा होकर कोई पंत के ऊपर से hi लुंड उसकी गांड से सत्ता रहा है.

अनीता यह महसूस करके थोड़ा घबरा कर कड़ी होकर देखि तो उसकी उम्मीद के मुताबिक़ हरिया hi था जो उसे देखकर मुस्कुरा रहा था. अनीता बिना कोई रिएक्शन दिए उसको देखने के बाद बैडरूम के दरवाज़े के तरफ देखने लगी.

अनीता को दरवाज़े के तरफ देखकर हरिया bola,”Ramu बाहर ठेला को लॉक करने गया है मेमसाहब. आप आराम से बिस्तर हटाइये”.

अनीता एक नज़र दरवाज़े के तरफ देखने के बाद हरिया का बात सुनकर उसको देखि और फिर झुककर बेडशीट समेटने लगी.

अनीता के झुकने पर हरिया पीछे से उसकी गांड की दोनों भागो पर हाथ रखकर उसकी गांड पर साड़ी के ऊपर से hi हाथ फेरकर उसकी नरमी को महसूस करने लगा. हरिया ऐसे करते हुए अनीता की गांड को देख रहा था और फिर नज़र ऊपर ले जाकर उसकी नंगी कमर और उसके ऊपर बैकलेस साड़ी में लगभग पूरी नंगी पीठ देखने लगा. हरिया अनीता की गोरी पीठ को ऐसा नंगा बहोत बार देख चूका था क्यूंकि अनीता हमेशा ऐसे बैकलेस ब्लाउज hi पहनती थी मगर अभी जो नज़ारा था उसका बात hi अलग था क्यूंकि अनीता झुकी हुयी थी.

अनीता जैसी अमीर घर की पढ़ी लिखी और बेहद hi खूबसूरत औरत का गोरा जिस्म और झुके होने के कारण उसकी गांड को ऐसा बाहर के तरफ उभरा देख हरिया का खून खौलने लगा.

हरिया अगले पल अनीता की गांड को सहलाना छोर उसको पकड़ लिया और गांड गूंथते हुए अपना कमर आगे करके लुंड को उसकी गांड पर सटाकर कमर हिलाकर अपना लुंड उसकी गांड पर रगड़ने लगा.

हरिया जब अनीता की बैडरूम के दरवाज़े पर आया था तो तभी अनीता को ऐसे झुका हुआ देख उसका खून खौलने लगा था और अब जब वह उसकी गांड की नरमी को हाथों में महसूस करने के साथ साथ लुंड रगड़ रहा था तो उसका हवस बढ़ते जा रहा था.

वहीँ अपनी गांड पर वापस लुंड का छुअन महसूस होने से अनीता की दिल धड़कने के साथ साथ सांस भी तेज़ होने लगी मगर वह चुप चाप वैसी hi झुकी हुयी रही.

हरिया उसकी गांड को गूंथते हुए उस पर लुंड रगड़ते हुए bola,”memsaahab सच में आपकी जैसी गांड हमने कभी नहीं देखा है. आपकी गांड एक डैम गोल और मुलायम है”.

अनीता की सांस ऐसे hi तेज़ हो गयी थी हरिया का लुंड अपनी गांड पर महसूस करके और जब हरिया “गांड” शब्द बोलै तो अनीता की बदन में सनसनी फ़ैल गयी और धड़कन और तेज़ हो गयी.

वह चुप चाप झुकी हुयी बिस्तर समेत रही थी और एक नज़र वैसे hi झुकी हुयी hi दरवाज़े की तरफ देखकर वापस बिस्तर समेटने लगी.

हरिया फिर उसकी दोनों गांड पकड़ कर हिलने लगा और हिलाते हुए bola,”Waah मेमसाहब आपकी गांड को ऐसा हिलता देख हमारा लुंड भी खुश हो गया. वाह क्या मस्त तरीके से आपकी गांड हिल रही है. सच में मेमसाहेब आपकी गांड का जवाब नहीं”.

यह सुनकर अनीता की छूट फड़कने लगी और गाला सूखने laga.Uski सांस और तेज़ हो गयी और बदन में मज़े की लहर दौड़ने लगी.

वो सांस को काबू करके वैसे hi झुकी हुयी पीछे गर्दन करके boli,”Hariya जी आप भी न क्या क्या बोलते रहते हैं”.

हरिया यह सुनकर अनीता की दोनों गांड को मसलकर bola,”kya मेमसाहब हमने का ग़लत बोल diya?Gaand को गांड hi बोलेंगे न और लुंड को लुंड”.

अनीता वैसी hi झुकी हुयी हरिया की तरफ देखती हुयी आँखें बड़ी करके boli,"Hariya जी फिर से?"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता की गांड को मसलते हुए अपना लुंड उसकी गांड पर रगड़ते हुए puchha,”Achha मेमसाहब आप अपनी साड़ी को क्या बोलती है?”.

अनीता वैसे hi झुकी हुयी उसे देखती हुयी boli,”saree”.

हरिया मुस्कुराते हुए उसकी गांड को फिर से हिलाते हुए bola,”to मेमसाहब वैसे hi आपकी गांड को गांड hi न बोलेंगे”.

अनीता यह सुनकर सर को हिलती हुयी आवाज़ में थोड़ा रान्दीपना लाकर boli,”aap भी न हरिया जी. इसे आप तरबूज भी तो बोल सकते हैं जैसे आप पहले बोलते थे”.

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता की गांड को मसलकर उसकी गांड को देखते हुए अपने होंठों पर जबान फिरने लगा.

अनीता हरिया को उसकी गांड को भूखा हवस भरे नज़र से देखते हुए अपने होंठों पर ज़बान फेरते हुए देख रही थी. उसे ज़रा भी शर्म नहीं आ रही थी.

हरिया अनीता की गांड को देखते हुए अपना लुंड वापस उसकी गांड पर रगड़ते हुए अनीता को देखकर bola,”Tarbuj जैसा बड़ा तो आपकी गांड है hi मेमसाहेब, मगर है तो गांड hi न. तो गांड को गांड hi तो बोलै जायेगा”.

अनीता यह सुनकर मुस्कुराने लगी और फिर से अपना सर हिलती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,”Aap भी न हरिया जी. आप के पास हर चीज़ का तर्क है”.

हरिया यह सुनकर मुस्कुराने लगा और मुस्कुराते हुए अनीता की गांड दबाते हुए उस पर लुंड रगड़ने लगा तो अनीता एक नज़र दरवाज़े की तरफ देखकर हरिया के पंत के ऊपर से उसके लुंड के तरफ एक नज़र डालकर बिना कुछ बोले या रिएक्शन दिए वापस सामने देखते हुए बिस्तर समेटने लगी.

हरिया अपना लुंड अनीता की गांड पर रगड़ते हुए hi उसकी नंगी कमर पर हाथ रखकर उसकी नंगी कमर सहलाने लगा और फिर उसकी पीठ से थोड़ा सा बाल हटाकर साइड में लटका दिया जिससे अनीता की नंगी पीठ पूरी दिखने लगी.

अनीता बेडशीट समेत चुकी थी और कड़ी होने का सोच hi रही थी की तभी हरिया उसकी नंगी पीठ पर हाथ फिरते हुए bola,”uffffff मेमसाहब कितनी gori,chikni और मुलायम आपकी कमर और पीठ है. सच में ऊपर वाले ने बहोत फुर्सत से बनाया है आपको".

हरिया अनीता की गांड में लुंड रगड़ते हुए bola,"Aapka यह खूबसूरत बदन और यह उभरी हुयी बड़ी गांड देखकर ससुरा हमरा मैं कर रहा है आपकी सेवा कर दूँ".

यह बात बोलते hi हरिया पीछे से एक धक्का लगाया. हरिया इतनी देर से बस धीरे से कमर हिला कर अनीता की गांड पर अपना लुंड रगड़ रहा था. अनीता भी बेडशीट समेत कर थोड़ी रिलैक्स्ड हो गयी थी और हरिया उसकी गांड पर लुंड से ऐसे धक्का मरेगा उसकी वह उम्मीद नहीं कर रही थी जिसके कारण धक्का लगने पर अनीता की मुंह से "आअह्ह्ह" निकल गयी और वह थोड़ा आगे के तरफ हो गयी.

अनीता खुद को सँभालने के लिए मैट्रेस्स को दोनों हाथो से पकड़ ली और पीछे गर्दन करके हरिया के तरफ देखि जो आगे बोलना जारी rakha,"magar यह साला मालिक रामु को भेजकर गड़बड़ कर दिया".

अनीता पीछे गर्दन करके हरिया को देख रही थी और न जाने क्यों मैट्रेस्स को वैसे hi पकड़ो रही. अगले पल हरिया आगे bola,"warna हम आपकी सेवा करके hi दूसरी जगह माल पहुंचते”.

हरिया यह बोलते hi एक बार फिर अनीता की गांड में धक्का लगा दिया. अनीता जो झुकी हुयी हरिया को देखकर उसका बात सुन्न रही थी वह हरिया के धक्का लगाने से पहले उसे अपना कमर पीछे करते हुए देख ली. हरिया जैसे hi कमर पीछे किया अनीता अपनी पकड़ मैट्रेस्स पर बढाकर उसे जोर से पकड़ ली और हरिया के धक्का लगाने पर उसकी मुंह से "आअह्ह्ह्हह" निकल गयी.

हरिया अनीता की मुंह से आहे निकलता सुन्न उसको देखकर मुस्कुराया तो अनीता वैसी hi झुकी हुयी बिना शर्म के मुस्कुराती हुयी हरिया को देखकर आवाज़ में थोड़ा रान्दीपना लाकर boli,”To जाइये हरिया जी वहां कोई औरत होगी तो उसकी सेवा कर दीजियेगा हहहहए”.

हरिया अनीता को खिलखिलाते देख एक बार और धक्का लगा दिया जिससे अनीता की हसी रुक गयी और मुंह से "आअह्ह्ह्हह" निकल गयी.

हरिया अनीता की पीठ और कमर पर हाथ फिरते हुए और अपना लुंड उसकी गांड पर रगड़ते हुए bola,”Are मेमसाहब आपकी जैसी कोई और नहीं hai.Aapki सेवा करने में जो मज़ा है किसी और की सेवा करने में नहीं और हमारा हथियार".

अगले पल हरिया अपना बया हाथ अनीता की कमर से हटाकर पंत के ऊपर से अपना लुंड पकड़ कर उसका अकार अनीता को दिखते हुए आगे bola,"Humra मतबल है की ी हमारा लुंड सिर्फ आपकी hi सेवा करना चाहता है. ससुरा बोलता है मेमसाहब की hi सेवा करेगा वो भी अच्छे से दुमदार तरीके से”.

और अगले पल हरिया अपना लुंड को छोड़कर वापस उस हाथ से अनीता की गांड पकड़ कर एक और धक्का लगा कर bola,"Aese".

धक्का लगने पर अनीता मैट्रेस्स को जोर से पकड़ी हुयी हरिया को देखती हुयी "आआह्ह्ह्ह" की.

यह सब होने से और हरिया का बात सुनकर अनीता का मज़े से बुरा हाल tha.Uski पूरी बदन मस्ती की लहर में गोते लगा रही thi.Uski सांस और धड़कन तेज़ी से चल रही थी जिसके कारण से उसकी सपाट पेट अंदर की तरफ हो कर फिर से नार्मल हो जा रही थी और चूंकि ऊपर की तरफ होकर नीचे होकर नार्मल हो जा रही थी.

अनीता हरिया को वैसे hi झुकी हुयी देखती रही और जब हरिया अपना बात पूरा करके धक्का लगाया तो अनीता आआह्ह्ह भरने के बाद उसे देखती हुयी आवाज़ में कामुख्य या यूँ कहे की रान्दीपना लाकर poochhi,”Aese क्या ख़ास बात है मुझमे हरिया जी जो आपका हथियार पूरे शहर में सिर्फ मेरी hi सेवा करना चाहता है?”.

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया और अनीता की गांड की तरफ देखते हुए उस पर हाथ फेरते हुए उस पर लुंड रगड़ कर bola,”memsaahab हम का बोले आप कितनी अच्छी हैं”.

अगले पल वह अनीता की गांड को हिलाते हुए bola,”Ee आपकी गोल गोल मुलायम तरबूज जैसी बड़ी गांड....”

यह सुनकर अनीता हरिया के पूरा बात बोलने से पहले hi तेज़ सांस में कामुक आवाज़ में बोल padi,”magar तरबूज तो सख्त होती है न हरिया जी”.

अनीता को अपनी बात पर यक़ीन नहीं हो रहा था की वह वैसे हरिया को बीच में टोक कर जाताना छह रही थी की उसकी गांड मुलायम है, तरबूज जैसी सख्त nahin.Uski बदन में सनसनी फ़ैल गयी अपनी बात sunnkar.Uska मज़े का तो पहले से hi ठिकाना नहीं tha,poora बदन मज़े से भर गया था और अब छूट में भी थोड़ी हलचल होने लगी उसकी.

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,”haan मेमसाहब तरबूज सख्त होता है मगर हम तो आपकी गांड की साइज को तरबूज जैसा बोले हैं. गांड तो आपकी बहोत मुलायम hai,bilkul रुई जैसी. इसलिए तो हमें आपकी गांड को सहलाने में अच्छा लगता है”

यह बोलकर हरिया अनीता की गांड को जोर से मसल दिया तो अनीता की मुंह se,”siiii आअह्ह्ह” निकल गया.

हरिया यह देखकर poochha,”kaa हुआ मेमसाहब?” तो अनीता “ना” में सर हिलाकर उसे जताती है की कुछ नहीं हुआ.

अनीता को यक़ीन नहीं हो रहा था की उसे हरिया का यूँ जोर से उसकी गांड मसल देना अच्छा लगा था.

हरिया यह सुनकर मुस्कुरा दिया. उसे भी यह जान कर अच्छा लगा की अनीता अपनी गांड जोर से मसले जाने का बुरा नहीं मानी.

हरिया फिर उसकी नंगी कमर पर हाथ फिरते हुए bola,”aapki बड़ी गांड के ऊपर यह इतनी चिकनी और पटकी कमर, उफ्फ्फ्फ़ ससुरा पूरा लुंड को खड़ा कर देने वाला है."

फिर हरिया नीचे उसकी पेट पर हाथ फिरते हुए bola,”pet तो क्या कहे मेमसाहब. इतनी सपाट और चिकनी पेट जैसे रेशम आआअह्हह्ह्ह्हह मेमसाहब सच में इतनी बड़ी गांड के ऊपर पतली कमर और सपाट पेट वाह मेमसाहब आप पूरी तारीफ के लायक है इसलिए तो हमरे मुंह से आपका तारीफ हमेशा निकलता है. और ी कउनो तारीफ भी नहीं है. ी तो सच्चाई है मेमसाहेब की आप हीरोइन जैसी हैं”.

अनीता बस झुकी हुयी गर्दन घुमाये तेज़ सांस लेती हुयी हरिया को देख रही थी और उसका बात सुन्न रही thi.Uski गर्दन थोड़ा दुखने लगी थी मगर मज़ा इतना आ रहा था की वो वैसी hi झुकी रही और गर्दन पीछे करके हरिया को देखती हुयी बात सुनती रही.

हरिया फिर अनीता की नाभि में ऊँगली घुसकर bola,”aapki सपाट पेट में यह गहरी नाभि वाह मेमसाहब”.

अनीता के झुके होने से उसकी लम्बी बेल्ली रिंग नीचे लटकी थी तो हरिया उसे पकड़ कर bola,”aur इस गहरी गोल नाभि में यह बुली रिंग आपकी ख़ूबसूरती पर चार चाँद लगा देता है”.

हरिया यह सब बोलते हुए अपना लुंड अनीता की गांड पर रगड़ते रहा. अनीता उसके मुंह से बेल्ली बटन रिंग को बुली रिंग सुन्न कर मुस्कुरा दी.

हरिया फिर उसकी नंगी पीठ पर हाथ फिरते हुए bola,”aur आपकी गोरी और चिकनी पीठ तो पूरा का पूरा रेशम है मेमसाहब पूरा रेशम".

हरिया फिर अपना दोनों हाथ थोड़ा नीचे सड़क कर अनीता की दोनों चूचियों को ब्लाउज के ऊपर से hi पकड़ लिया जिससे अनीता की छूट में हलचल होने लगी और सांस तेज़ होने से चूंकि नीचे की तरफ होकर हरिया के दोनों हाथों में अच्छे से समा गयी.

हरिया उसकी दोनों चूँचियों को दबाते हुए पीछे से उसकी गांड पर लुंड रगड़ते हुए bola,”aur आपकी चूँचियों का जवाब नहीं मेमसाहेब. पहाड़ जैसी ऊँची और तानी हुयी हैं आपकी चूँचियाँ मगर बहोत मुलायम है रुई जैसी. ससुरा आपकी चूँचियों को दबाने से ऐसा लगता है जैसे हम रुई दबा रहा हूँ. और आपकी दोनों चूँचियों के बीच गहरी खाई वाह मेमसाहब. ु खाई तो ऐसा मस्त है मेमसाहब की ससुरा पसीना भू हमेशा घुसने का कोशिश करता है और तो और ससुरा कल आइस क्रीम भी घुसने का कोशिश कर रहा था".

अनीता यह सुनकर मुस्कुरा दी. उसे याद आ रहा था की गर्मी के कारण कैसे कभी कभी पसीना उसकी क्लीवेज में घुसने लगती है और कल आइस क्रीम वहां गिर गयी थी. अनीता हरिया का ऐसे छोटे बात को भी उसकी तारीफ में बदल देने की कला पर मुस्कुराने लगी की कैसे वह अनपढ़ मज़दूर होकर भी कितना क्रिएटिव तरीके से उसकी क्लीवेज की तारीफ कर रहा था.

अनीता न चाहते हुए भी मुस्कराकर हरिये से थोड़ा रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी आप भी न. सच में बातें बनाना तो कोई आपसे सीखे."

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया और अनीता की दोनों चूँचियों को जोर से पकड़ कर फिर से पीछे से धक्का लगा दिया जिससे अनीता की मुंह से "आआह्ह्ह्ह" निकल गयी.

हरिया मुस्कुराते हुए उसकी चूँचियों को दबाते हुए bola,"Sach में मेमसाहब आपकी चूँचियों का भी जवाब नहीं. मुलायम होने के साथ साथ पहाड़ जैसी उठी हुयी भी है. ज़्यादातर औरतों की चूँचियों तो लटकी हुयी रहती है लेकिन आप की नहीं. सचमे आपकी जैसी कोई नहीं”.

अनीता सांस लेते हुए बस हरिया को देख रही थी.

हरिया फिर दये हाथ में अनीता की दायी चूंकि दबाते हुए बाते हाथ को नीचे उसकी कमर के तरफ लाते हुए bola,"Upar इतनी बड़ी बड़ी पहाड़ जैसी उठी हुयी दो चूँचियाँ, उसके नीचे आपकी पतली कमर".

फिर हरिया वह हाथ अनीता की बायीं गांड पर लाकर उसे दबाते हुए bola,"Patli कमर के नीचे यह बड़ा गांड. आपका बदन तो बिलकुल वो बोलते है न पहले के ज़माने की बालू की घडी जो होती थी वैसी है”.

अनीता यह सुनकर तुरंत बोल padi,”hourglass जैसी?”.

हरिया यह सुनकर मुस्कुरा कर bola,”haan मेमसाहब ‘व्होरेग्लास’ जैसी”.

अनीता यह सुनते hi मुस्कुरा padi.Hariya का प्रोनन्सिएशन उस शब्द को कुछ और hi बना दिया था मगर अनीता बिना कुछ बोले बस मुस्कुरा दी.

हरिया दये हाथ से अनीता की दायी चूंकि दबाते हुए बाये हाथ से उसकी गांड सहलाते हुए bola,"memsaahab आपका ी व्होरेग्लास वाला इतना खूबसूरत बदन किसी का भी लुंड खड़ा कर सकती हैं तो आपकी सेवा क्यों नहीं करना चाहेगा वो. हमरा लुंड भी आपका ी बदन देखकर खड़ा हो जाता है और आपकी सेवा करना चाहता है”.

यह बोलने से हरिया का लुंड पंत के अंदर झटका मारा जिसे अनीता अपनी गांड पर महसूस की तो हरिया मुस्कुराते हुए जोर का एक धक्का उसकी गांड पर अपने लुंड से मारा जिससे अनीता के मुंह से “आआआह्ह्ह्ह” निकल गई तो हरिया मुस्कुराते हुए bola,”dekhiye न मेमसाहब हमारा लुंड भी हमारी बात से सहमत है इसलिए झटका मार रहा है. आपने महसूस किया अपनी गांड पर?”.

अनीता यह सुनकर “हाँ” में सर हिला दी तो हरिया मुस्कुराते हुए वैसे hi लगातार दो बार जोर से लुंड से उसकी गांड पर धक्का लगा दिया और दोनों बार अनीता की मुंह से “आआह्ह” निकल गयी.

हरिया दोनों धक्का लगाने के बाद मुस्कुराते हुए bola”isliye तो आप इस्पेसल है मेमसाहब. आप हमरा लुंड खड़ा कर देती है. सच में आप जैसी कोई नहीं”.

हरिया फिर धीरे से उसकी गांड पर लुंड रगड़ते हुए bola,"Saheb सच में बहोत किस्मत वाले हैं की आपको ऐसे झुका हुआ रोज़ देखते होंगे और रोज़ आपको ऐसे झुककर आपकी गांड पकड़ कर पीछे से आपकी ठुकाई करते होंगे".

अनीता को हरिया से इस बात की उम्मीद नहीं थी. वह सोची नहीं थी की हरिया ऐसा कुछ बोलेगा इसलिए यह सुनकर वह अपनी आंखें बड़ी करके हरिया को देखि मगर बेशर्म होने के कारण वह बुरा मानने के बजाये बस हरिया के हिम्मत पर आश्चर्य होकर उसे देखकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप भी न सच में. ऐसे कोई बोलता है क्या?"

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड पर हल्का धक्का लगते हुए दये हाथ से उसकी चूंकि दबाकर और बाए हाथ से उसकी गांड पर हाथ फेरते हुए मुस्कुराकर bola,"Are मेमसाहब तो हम का ग़लत बोलै हूँ. आपकी गांड जैसी है तो साहेब तो खूब मज़े से आपको रोज़ ऐसे hi झुककर पीछे से ठोकते होंगे इसी गद्दे पर. और अब तो नया गद्दा भी आ गया है. इस नए गद्दे पर आज की रात साहेब आपको ऐसे hi झुककर पीछे से अच्छे से रगड़ कर ठोकेंगे. सच में साहेब कितने अच्छे किस्मत वाले हैं".

अनीता की सांस यह सब सुनकर तेज़ हो गयी थी. उसकी चूंकि तेज़ी से ऊपर नीचे हो रही थी जिसे हरिया अपने दये हाथ में महसूस कर रहा था. अनीता को यक़ीन नहीं हो रहा था की हरिया यह सब बोल रहा था मगर बुरा मानने के बजाये वह हरिया के हिम्मत का मैं hi मैं तारीफ करने लगी.

अनीता हरिया के बात को खुद की तारीफ hi मान रही थी की वह उसे इतना खूबसूरत और सेक्सी समझता है इसलिए hi बोल रहा है की उसके जैसी खूबसूरत और सेक्सी बीवी को उसका पति रोज़ तो छोड़ता hi होगा, खासकर जब उसके जैसी बड़ी गांड हो तो डोगग्य स्टाइल में तो उसका पति ज़रूर hi छोड़ता होगा.

अनीता मुस्कुरा कर हरिया से boli,"Bas बस हरिया जी बहोत हो गयी मेरी तारीफ. रामु कभी भी आ सकता hai,bahot देर हो गयी”.

यह सुनकर हरिया को भी थोड़ा होश आया तो अनीता को छोड़कर सीधा खड़ा हो गया और दरवाज़े की तरफ देखा.

अनीता भी बेडशीट लिए सीधा कड़ी हो गयी और एक नज़र दरवाज़े की तरफ देखकर हरिया का लुंड पर पंत के ऊपर से हाथ रखकर उसे सहलाते हुए उसकी सख्ती महसूस करके रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,”aese आपका हथियार भी स्पेशल है हरिया जी” और दोनों एक दूसरे की आँखों में देखने लगे की तभी रामु दरवाज़ा खोल कर लिविंग रूम में घुसा और अनीता दरवाज़ा खुलने का आवाज़ सुनकर हरिया का लुंड एक बार पंत के ऊपर से पकड़ कर उसका आकर महसूस करके उसके पास से हैट गयी.

हरिया अगले पल bola,”memsaahab वो अब मैट्रेस्स चेंज कर देते हैं” जिसे सुनकर रामु भी बैडरूम के दरवाज़े पर आकर अंदर देखने लगा.

वह अनीता को हाथ में बेडशीट लिए बास्केट में रखते हुए देख रहा था वहीँ हरिया अब मैट्रेस्स बीएड पर से हटाने की कोशिश कर रहा था. अनीता बेडशीट बास्केट में रखकर घूमी तो रामु हड़बड़ा कर अनीता की बैडरूम देखने लगा मगर अनीता तब तक समझ चुकी थी की रामु उसकी गांड देख रहा था. अनीता चुप चाप अपनी गांड मटकती हुयी चलकर बैडरूम के एक तरफ कड़ी हो गयी.

रामु अभी भी अनीता की घर hi देख रहा था. ऐसे तो वो और हरिया उस छोटे शहर के चाँद अमीरों के घर मैट्रेस्स पहुँचाने गए हुए थे मगर हर बार घर की चमक दमक देखना और सभी घरों की अलग अलग डिज़ाइन देखकर उन्हें अच्छा लगता था. बाकी जगह घर के लोग उसे घर देखते हुए टोक भी देते थे मगर यहाँ अनीता कुछ बोल नहीं रही थी तो वह थोड़ा निश्चिंत होकर देख रहा था.

वो घर देख hi रहा था की हरिया puchha,”are रामु भाई इतनी देर कहाँ लगा दिए थे?”.

रामु बैडरूम से नज़र हटाकर हरिया को देखते हुए bola,”woh मालिक का फ़ोन आया था पूछ रहे थे हम एड्रेस पर पहुंचे या नहीं”.

हरिया “ओह्ह” बोलकर उसे आगे bola,"Ab खड़ा hi रहेगा या आकर हमरा मदद भी करेगा".

रामु यह सुनकर "हाँ आते हैं" बोलकर हरिया के पास चला गया और दोनों मिलकर मैट्रेस्स हटाकर नया मैट्रेस्स बीएड पर लगा दिए.

अनीता खुश होकर नयी मैट्रेस्स देखती है तो हरिया बोलता hai,”memsaahab आपको इस गद्दी पर बहोत आराम milega,humare दूकान में एक डैम सही चीज़ बिकती है”.

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुई उसे देखकर boli,”haan यह मॉडल मुझे भी अच्छी लगी थी इसलिए मैंने इसे लाने बोलै tha,bahot आरामदायक है”.

हरिया यह सुनकर अनीता की और देखकर लुंड मसलते हुए bola,"Haan मेमसाहब आपको सही चीज़ की पहचान है की आपको किस चीज़ से मज़ा मिलेगा."

अनीता हरिया के लुंड को देखने के बाद रामु को देखि जो वापस अनीता की बैडरूम देखने में लग गया था. अनीता वापस हरिया के तरफ देखि तो वह अपना लुंड सहलाते हुए bola,"Iss पर बैठ कर देखिये मेमसाहेब. कितना मज़बूत है और इस पर बैठने में कितना मज़ा है आपको समझ आएगा".

अनीता हरिया के लुंड के तरफ देख रही थी. हरिया का बात सुनकर वह एक नज़र रामु के तरफ देखि तो वह भी अनीता की और देखा.

रामु एक नज़र वापस उसकी नाभि पर डालकर देखने लगा तो हरिया bola,"Baithkar देखिये इस पर मेमसाहेब".

अनीता यह सुनकर हरिया की तरफ देखि तो रामु bola,"Haan मेमसाहेब एक बार बैठकर देख लीजिये की सब ठीक है तो".

अनीता यह सुनकर रामु के तरफ देखि जो उसे hi देख रहा था. अनीता यह सुनकर मुस्कुराई और अपनी गांड मटकती हुयी बीएड के तरफ जाने लगी. रामु और हरिया दोनों अनीता की मटकती गांड और लगभग पूरी नंगी पीठ और कमर देखने लगे.

अनीता बीएड के पास जाकर घूमी और दोनों को अपनी गांड देखते हुए पकड़ ली. रामु तेज़ी से अपना नज़र उसकी गांड से हटा दिया मगर हरिया अनीता को देखते हुए मुस्कुरा रहा था. अनीता बिना कुछ बोले या रियेक्ट किये चुप चाप चेहरे पर नार्मल भाव लिए मैट्रेस्स पर बैठ गयी.

रामु यह देखकर puchha,"Woh मेमसाहेब गद्दा ठीक है तो? आरामदायक है?"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर उसे देखती हुयी boli,"Haan अच्छा है. आराम तो है".

हरिया अपना लुंड सहलाते हुए bola,"Memsaheb इस पर बैठकर थोड़ा ऊपर नीचे कीजियेगा तब असली मज़ा मिलेगा. एक बार ऊपर नीचे करके देखिये".

रामु अगले पल bola,"Haan मेमसाहेब एक बार देख लीजिये की गद्दे का स्प्रिंग सही है या नहीं".

अनीता यह सुनकर रामु के तरफ देखि और फिर हरिया के तरफ देखती हुयी अपनी गांड थोड़ा सा उठाकर दो बार ऊपर नीचे करके मुस्कुराकर हरिया के तरफ देखकर boli,"Haan इसका स्प्रिंग ठीक है और आरामदायक है".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Achha है तब मेमसाहेब. इतना खूबसूरत कमरे में इतने खबसूरत बीएड पर अच्छा गद्दा ज़रूरी है".

अनीता बीएड पर बैठी यह सुनती हुयी हरिया को देखती रही. हरिया एक नज़र बैडरूम में दौड़ने के बाद bola,”memsaahab वाक़ई बहोत hi खूबसूरत है आपकी बैडरूम”.

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी “थैंक यू” बोलकर poochhi,”aapko बैडरूम पसंद आयी?”.

हरिया यह सुनकर जवाब diya,”haan मेमसाहब बहोत अच्छी है. हमारा भी सपना है की हम भी कभी ऐसे बैडरूम में सोये और खासकर इस नए गद्दी जैसी गद्दी पर और इसमें लगा स्प्रिंग का पूरा इस्तेमाल करके मज़ा करे”.

रामु यह सुनकर खुद भी अनीता की बैडरूम को देखते हुए मैं hi मैं bola,"Ee ससुरा हरिया अपना बातोलापन हर जगह शुरू कर देता है. इहाँ तो कुछ ज़्यादा hi कर रहा है. मेमसाहेब अच्छी दिल की लग रही है तो बुरा नहीं मान रही है मगर फिर भी है तो कस्टमर hi. सोच समझ कर ससुरा बात नहीं करता है. जो मैं में आता है बकने लगता है. ससुरा जेब में पैसा नहीं और खाब रईसों वाला देखता है बतोलेबाज साला".

वहीँ हरिया अपना बात बोलकर अनीता को ऊपर से नीचे देखकर होंठों पर जबान फिरकर अनीता की आँखों में देखकर मुस्कुराते हुए लुंड सेहला दिया.

अनीता एक नज़र रामु की तरफ देखि जो अनीता की बैडरूम देख रहा था. अनीता वापस हरिया के लुंड के तरफ देखने के बाद उसके चेहरे पर देखकर मुस्कुराती हुयी boli,”hmmmm सही है. इंसान को बड़े सपने देखने चाहिए पता नहीं कब कौन सा सपना हकीकत हो जाये”.

और फिर वह बीएड से उठकर गांड मटकती हुयी थोड़ा आगे चलकर हरिया के आँखों में देखती हुयी boli,"Woh एक कहावत है न की भगवान् भी उसी की मदद करता है जो खुद की मदद करता है और अपने सपने को सच करने की हिम्मत रखता है".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराने लगा वहीँ रामु पुराण मैट्रेस्स की तरफ जाते हुए bola,”Hariya खुला आँख से सपना बाद में देखना अभी दूसरी जगह भी माल पहुँचाना है जल्दी चलो”.

अनीता जिसकी पीठ अब रामु की तरफ थी वह रामु का हरिया को बोलै हुआ बात सुनकर मुस्कुरा दी वहीँ हरिया झुंझलाते हुए धीरे से bola,"Sasura कबाब में हड्डी".

रामु हरिया का बात नहीं सुन्न पाया. वह पुराण मैट्रेस्स के पास जाकर अनीता की तरफ देखते हुए puchha,”memsaahab यह पुराणी गद्दी का क्या करे?”.

अनीता जो हरिया का कबाब में हड्डी वाला बात पर अब मुस्कुरा रही थी वह रामु के तरफ घूमकर मुस्कुराकर boli,"ise स्टोर रूम में रख दीजिये".

रामु को अनीता को उसकी बात पर मुस्कुराते हुए देखकर अच्छा लगा. वो अनीता की बातें सुनकर और व्यव्हार देखकर थोड़ा रिलैक्स्ड हो गया था. उसे अच्छा लगा की अनीता अमीर और खूबसूरत ज़रूर है मगर सबसे अच्छे से बात करती है और उनके मज़ाक पर मुस्कुरा भी रही है वर्ण जितने बड़े घरों में वह मैट्रेस्स पहुँचाया था उनमे से ज़्यादातर घरों की औरतें बात भी नहीं करती थी और अगर कोई बात करती भी थी तो बस काम की बात करती थी वो भी उन्हें नीच नज़र से देखते हुए. यहाँ अनीता उन सब औरतों से ज़्यादा जवान, खूबसूरत और पढ़ी लिखी होकर भी उनके साथ अच्छे से पेश आ रही थी.

रामु अनीता को एक नज़र देखा और फिर हरिया और रामु मिलकर उस गद्दे को प्लास्टिक में पैक करके स्टोर रूम में जिधर सफाई हुयी थी उधर रख दिए.

हरिया फिर बिल वगैरह पॉकेट से निकलते हुए रामु से bola,”Ramu भाई तुम ठेले का लॉक खोल कर रखो हम मेमसाहब को बिल देकर पैसा लेकर आता हूँ”.

अनीता स्टोर रूम की गेट के पास कड़ी थी. रामु स्टोर रूम से निकलते वक़्त एक नज़र अनीता की नंगी कमर और नाभि पर डाला और फिर अनीता की चेहरे पर एक नज़र डाला. अनीता भी उसे देखने लगी. दोनों की नज़रे कुछ सेकण्ड्स तक मिली फिर रामु नज़र हटा कर स्टोर रूम से निकल गया.
 
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