Anita Singh - Story of a Seductive Housewife - Page 7 - SexBaba
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Anita Singh - Story of a Seductive Housewife

अपडेट 54

उसकी धड़कन तेज़ हो गयी मगर यह जान्ने के बाद भी की वह आदमी अपना जगह बदल कर उसकी नंगी गांड को देख रहा था अनीता को गुस्सा नहीं आया. वह जानती थी की वह इसीलिए वहां से जाना नहीं चाहता था और वहां खड़ा था.

अनीता को बस इस बात का ख्याल था की अगर वह आदमी अगर नहीं आता तो वह खुले में पेशाब नहीं करती और लाइन में लगी रहती. ऐसे में सच में शायद वह अपनी सलवार में hi पेशाब कर देती. उस आदमी ने एक तरह से उसकी मदद hi किया था वहां आकर और वह अब पेशाब करके बहोत रिलैक्स्ड फील कर रही थी.

इसके अलावा अनीता को इस बात की ख़ुशी थी की वह दूसरी तरफ मुंह करके पेशाब कर रही थी. अगर वह ढाबे के तरफ मुंह करके पेशान करती तो शायद वह आदमी उसकी छूट से निकलती हुयी पेशाब की धार और छूट देख लेता. इससे अच्छा हुआ की वह बस उसकी गांड hi देख पाया. अनीता यह सब सोचती हुयी उस आदमी के तरफ गयी.

वह चुप चाप थी. उसे पता था की वह उससे पूछेगी की वह जगह बदल कर उसकी तरफ क्यों देख रहा था तो वह ज़रूर कोई बहाना बनता और बात का बतंगड़ बनता और वह भी गंदे वर्ड्स इस्तेमाल करके. उसे लगा की इससे अच्छा था की वह जो हो गया उसके बारे में सोचे न. वह तो उसकी नंगी गांड देख चूका था तो बात को बढ़ने से जो हो चूका वह बदल थोड़े hi सकता था, उसकी नंगी गांड जो वह देख चूका था वह अनदेखा थोड़े hi हो जाता.

अनीता एहि सोचती हुयी चुप चाप उधर गयी तो वह आदमी bola,"Araam मिला तोहका मूतकार? बेवजह का चिंता कर रही थी. अब अच्छा लग रहा है न मूट निकल जाने से?"

अनीता इस बात का जवाब नहीं दी और न hi उसे शर्म आयी उसका बात सुनकर. हाँ उसे थोड़ा अजीब ज़रूर लग रहा था उसका ऐसे खुलकर बोलना मगर अब वह साथ में यह भी सोच रही थी की उसका बात करने का अंदाज़ hi वही है.

अगले पल जब अनीता खेत के किनारे पहुंची तो वह आदमी उसके तरफ हाथ बढ़ाया. अनीता उसका हाथ पकड़ कर ऊपर उठ गयी और उस आदमी से "थैंक यू" बोलकर उसके बगल से जाने लगी तो वह bola,"Are गोरी मेम रुको, अब हम मूट कर आता हूँ".

अनीता यह सुनकर बिना शर्म के उसके तरफ देखकर boli,"To यह मुझे बोलने की क्या ज़रुरत है. आप जाइये कीजिये."

यह बोलकर अनीता फिर से वहां से जाने लगी तो वह bola,"Are जिस तरह से तोहरे मोटे वक़त हम देख रहे थे, वैसे hi हमरा मोटे वक़्त तुम भी देखो."

अनीता यह सुनकर अजीब तरीके से उसे देखती हुयी boli,"main क्यों देखूं. मुझे कुछ नहीं देखना है".

वह आदमी यह सुनकर bola,"Are हमरा मूट नहीं देखने बोल रहा हूँ तोहका, कउनो इधर आये नहीं ु देखो"

अनीता यह सुनकर boli,"Par आप तो ऐसे hi कर सकते हैं. आप कीजिये मैं जा रही हूँ".

वह आदमी यह अनसुना करते हुए bola,"Tum रूककर देखो हम अभी मूट कर आता हूँ".

यह बोलकर वह आदमी नीचे उतारकर थोड़ा आगे चला गया, मगर अनीता जिधर पेशाब की उतना दूर नहीं गया. बस कुछ कदम आगे जाकर वह आदमी दूसरी तरफ मुंह करके पंत का ज़िप खोला और खड़ा होकर पेशाब करने लगा.

अनीता जैसे hi पेशाब की धार की आवाज़ सुनी उसकी नज़र उस आदमी के टैंगो के बीच से उसके सामने की ज़मीन पर पड़ी जहाँ पेशाब की धार गिरते हुए उसे दिखाई दिया.

अनीता जैसे hi पेशाब की धार देखि वह दूसरी तरफ घूम गयी और आस पास देखने लगी की कोई यह सब देख तो नहीं रहा है.

वह आदमी पेशाब करते हुए एक बार गर्दन घुमा कर अनीता के तरफ देखा तो उसे दूसरे तरफ देखते हुए पाया. वह अनीता की अध् नंगी पीठ देखने लगा जो चांदनी रौशनी में चमक रही thi.Woh देखकर वह आदमी एक बार अपने ज़बान पर होंठ फिराया.

कुछ सेकण्ड्स बाद अनीता को आवाज़ सुनाई diya,"Kauno आ तो नहीं रहा?".

अनीता यह सुनकर boli,"Koi नहीं आ रहा hai.Aap जल्दी कीजिये प्लीज".

अनीता यह बोलकर चुप चाप कड़ी रही. कुछ सेकण्ड्स बाद अंकित का फ़ोन आने लगा. अनीता फ़ोन रिसीव की तो अंकित उससे पूछा की वह किधर है. अनीता उसको बोल दी की वह थोड़ी देर में आ रही है.

कॉल डिसकनेक्ट करने के बाद अनीता उससे boli,"please जल्दी कीजिये हमें लेट हो रही है".

यह सुनकर वह आदमी bola,"Haan हो गवा. ु रुमाल हुंका भी दो जिससे तुम अपना पेशाब साफ़ की".

यह सुनकर अनीता को अजीब लगा मगर आश्चर्य नहीं हुआ. वह आदमी इसी तरीके से बेबाक होकर उससे बातें कर रहा था. वह जानती थी की उससे वह कुछ भी बोलेगी तो वह अपना तरीक़ा बदलने वाला नहीं था तो वह बेवजह का उससे कुछ बोलकर बात का बतंगड़ नहीं बनाना छह रही थी.

अनीता अपनी बैग से टिश्यू पेपर निकाल कर उसके तरफ हाथ बढाती हुयी boli,"Yeh लीजिये और जल्दी कीजिये प्लीज".

वह आदमी यह सुनकर bola,"Are हम इधर से उधर कैसे आऊंगा. तुम आकर दो हुंका".

अनीता यह सुनकर मैं hi मैं boli,"Offo क्या मुसीबत है. कहाँ फँस गयी मैं".

अनीता उसका बात सुनकर मैं hi मैं यह बात बोलकर उसके तरफ घूमी तो उसका दिल धड़क गया. वह आदमी उसी के तरफ घुमा हुआ था और उसका पंत का ज़िप खुला हुआ था जिससे उसका लुंड पंत के बहार निकला हुआ था. अनीता की नज़र जैसे hi उसके लुंड पर पड़ी उसका दिल जोर से धड़क गया और वह एक नज़र उसके चेहरे पर देखि तो वह उसे hi देख रहा था.

अनीता उसके चेहरे पर एक नज़र देखकर फिर वापस घूम गयी और boli,"Yeh क्या कर रहे हैं आप?"

अनीता को अगला आवाज़ उस आदमी का सुनाई diya,"Kaa किये हम मतबल? पेशाब hi तो किया हूँ हम"

उसका जवाब सुन्न अनीता धीरे से boli,"Offo मैं क्या पूछ रही हूँ और यह क्या बोल रहा है. जान बूझकर ऐसा कर रहा है. मैं सीधा पूछती हूँ".

अनीता फिर boli,"Aap इधर क्यों घूमे?"

वह आदमी यह सुनकर bola,"Atna देर से जल्दी करने बोल रही थी तुम और अब खुद देर कर रही हो. अब रुमाल माँगा हूँ हम तोहार से तो उधर तो घूमूँगा न. तोहार से हम रुमाल कैसे लूंगा अगर इधर घूमूँगा नहीं तो".

अनीता समझ गयी की बेवजह का बहस करने से कुछ नहीं होगा. वह आदमी अगले पल bola,"jaldi दो हुंका रुमाल. हमरा पंत खुला हुआ है".

अनीता भी सोची की जल्दी से जल्दी वह टिश्यू पेपर देकर बात को ख़तम करे. वह वापस घूमी मगर उसके लुंड के तरफ नहीं देखि. वह उसके चेहरे के तरफ देखि और फिर थोड़ा आगे बढ़कर खेत के किनारे पहुँच कर boli,"Ab मैं नीचे कैसे aaun?Agar मैं नहीं रहती तो क्या करते आप? बिना टिश्यू पेपर का hi काम चलते. अभी भी वही कीजिये. मैं उधर नहीं आ सकती".

यह सुनकर वह आदमी bola,"Ruko हम hi उधर आता हूँ. तोहार इतना नखरा है ससुरा".

अनीता यह सुनकर उसके तरफ देखती रही और वह आदमी चलने लगा. उसके चलते वक़्त अनीता की नज़र थोड़ा नीचे गया तो देखि की वह लुंड बाहर किये hi चल रहा था जिससे उसका बड़ा और मोटा लुंड हिल रहा था.

अनीता उसका लुंड को हिलते हुए देख तुरंत दूसरे तरफ घूम गयी और सोचने lagi,"Main भी न, क्या ज़रूरत थी नीचे देखने की. लेकिन मुझे क्या पता की वह ज़िप नहीं लगाया है और वैसे hi आने लगेगा. कोई ऐसे करता है क्या?"

फिर अनीता उसके लुंड के बारे में सोचने lagi,"Kaise बाहर निकल कर आराम से चल रहे हैं. और है भी कितना मोटा और बड़ा की सामने लटक कर चलने पर हिल रहा है. ऐसा लग रहा था की कोई काला सांप उनके पंत से बाहर निकल कर देख रहा हो".

यह सोचकर अनीता का गाला सूखने लगा और वह खुद की थूक को घोंट कर अपनी होंठों पर ज़बान फिरकर खुद को शांत करने का कोशिश करती हुयी मैं hi मैं boli,"Main भी क्या क्या सोच रही हूँ".

अनीता इतना सोच hi रही थी की उसे कोई उधर आते हुए दिखाई दिया और वह घबराकर उस आदमी के तरफ देखकर खेत के किनारे जाकर धीरे से boli,"Koi आ रहा है".

वह आदमी यह सुनते hi अनीता का हाथ पकड़ लिया और अनीता भी उसका हाथ पकडे नीचे उतर गयी. वह आदमी अनीता का हाथ पकडे एक पेड़ के पीछे ले गया और अनीता भी चुप चाप साथ में चली गई.

अनीता भले hi बेशर्म औरत थी मगर ऐसा नहीं था की उसे एक आदमी के साथ ऐसे ढाबे के पीछे खेत में कोई देखे और वह भी जब उसका लुंड खुले में था और उसे कुछ फ़र्क़ नहीं पड़ता. वह अकेली रहती या वह आदमी पंत पहने हुए रहता तो शायद उसे कुछ फ़र्क़ नहीं पड़ता. लेकिन दोनों में से कोई भी बात नहीं थी इसलिए वह वहां से हट कर छुप गयी उस आदमी के साथ.

पेड़ के पीछे जाने के बाद अनीता का ध्यान उधर आये एक आदमी के तरफ गया जो वहां खेत के किनारे दूसरे तरफ घूमकर पेशाब करने लगा. ऐसा होते hi अनीता उधर से नज़र हटा ली और नीचे के तरफ साइड में देखि तो उस आदमी का लुंड दिखा जो अभी भी पंत के बाहर था. उसका लुंड इतने करीब से देखने से उसकी दिल की धड़कन तेज़ हो गयी और छूट में हलचल होने लगी.

अनीता उसका लुंड एक पल के लिए देखने के बाद खुद को सँभालने के लिए वहां से नज़र हटाकर सोचने lagi,"Abhi तक पंत नहीं पहना यह आदमी. पता नहीं ऐसे कैसे अभी तक पंत खोलकर hi हैं".

अनीता फिर सोची की वह उसे टिश्यू पेपर दी hi नहीं लुंड साफ़ करने के लिए तो वह अपना लुंड कैसे पंत में डालता और टिश्यू पेपर देने से पहले hi वह दूसरा आदमी आ गया था तो उन्हें इधर आना पड़ा. अनीता को लगा की वह टिश्यू पेपर दे देगी उसे तो वह अपना लुंड साफ़ करके पंत में दाल लेगा.

अनीता यह सोच hi रही थी की वह आदमी का आवाज़ suni,"Sasura सबको मूट लगा है".

अनीता यह सुनकर उसके तरफ टिश्यू पेपर बढाती हुयी धीरे से boli,"Yeh लीजिये आप साफ़ कर लीजिये".

यह सुनकर वह आदमी उसके तरफ आँखों में देखकर धीरे से bola,"kaa?"

अनीता यह सुनकर धीरे से boli,"Wahi जो आप साफ़ करना चाहते थे".

वह आदमी अगले पल bola,"Achha मूट?".

अनीता इस बार बिना कोई प्रतिक्रिया दिए उसके आँखों में देखती हुयी अपना सर "हाँ" में हिला दी.

यह सुनकर वह आदमी धीरे से bola,"Tum hi साफ़ कर दो".

अनीता यह सुनकर अपनी आंखें बड़ी करके बिना शर्म के उसके आँखों में देखती हुयी धीरे से boli,"Kaisi बात कर रहे हैं आप? प्लीज यह सब मत बोलिये. यह लीजिये खुद साफ़ कीजिये".

वह आदमी अगले पल अनीता की गांड पर अपना बाय हाथ रखकर उसे मुट्ठी में भरने का नाकाम कोशिश करके उसे दबाते हुए bola,"Are कर डौगी तो का हो जायेगा. खुद का तो मूट तो तुम साफ़ की".

उसका कठोर हाथ अपनी गांड पर पड़ते hi अनीता की बदन में एक अजीब सा सनसनी फैल गया मगर वह वैसे hi बिना शर्म के उसे देखती हुयी boli,"To आप भी अपना साफ़ कीजिये. मैं क्यों करू? और अपना हाथ हटाइये वहां से".

वह आदमी उसकी गांड पर हाथ फेरते रहा और अनीता की बात सुनकर वैसे hi उसकी गांड दबाते हुए bola,"Are तो बोलो तो बदले में हम भी तोहरा साफ़ कर देता हूँ".

अनीता यह सुनकर फिर से उसके तरफ देखती हुयी अपनी आँखें बड़ी करके boli,"Please ऐसी बात मत कीजिये".

फिर वह उस दूसरे आदमी के तरफ देखि जो पेशाब कर चूका था और अपना ज़िप लगा रहा था. हालांकि उसका पीठ अनीता के तरफ था मगर वह समझ सकती थी की वह पेशाब करने के बाद ज़िप लगा रहा था.

वह देखकर अनीता बेशर्मी से उस आदमी से boli,"Dekhiye वह भी तो साफ़ नहीं किया. आप को भी साफ़ नहीं करना है तो मत कीजिये. मैं नहीं करुँगी".

फिर वह देखि की वह आदमी वापस जाने लगा तो अनीता boli,"Main जा रही हूँ. यह लीजिये टिश्यू पेपर. साफ़ करना है तो कीजिये नहीं तो मत कीजिये. मैं चली".

यह बोलकर अनीता उसका दया हाथ पकड़ कर उसमे टिश्यू पेपर दी और वहां से जाने लगी तो वह आदमी बाये हाथ से उसकी गांड की एक भाग को जोर से पकड़ कर रोकने का कोशिश करते हुए bola,"Are ी का बात हुआ".

उसके कोशिश के बावजूद अनीता की बड़ी गांड उसके हाथ में नहीं समां पायी जिसे वह पकड़ कर उसे रोक सकता था. अनीता थोड़ी आगे बढ़ गयी तो वह उसका उसकी गांड को पकड़ कर नाकाम कोशिश पर मुस्कुरा दी की उसकी बड़ी गांड उसके हाथ के पकड़ में नहीं आयी.

वह आदमी अनीता को मुस्कुराता हुआ नहीं देख सका क्यूंकि वह आगे बढ़ चुकी थी और उसकी पीठ उसके तरफ था. अनीता उसके नाकाम कोशिश पर मुस्कुराती हुयी अपनी गांड की नाटक बढाकर चलने लगी जिसे देखकर वह आदमी अपने लुंड को टिश्यू पेपर से साफ़ करते हुए सहलाने लगा और अनीता की अधनंगी पीठ और मटकती बड़ी गांड को देखकर होंठों पर ज़बान फिरा दिया.
 
अपडेट 55

अनीता कुछ दूर जाकर घूम गयी और उसे अपनी गांड पर देखते हुए टिश्यू पेपर से अपना लुंड साफ़ करते हुए देख ली मगर बिना शर्म के उसे देखती हुयी boli,"Aap थोड़ा देर बाद आइयेगा".

वह आदमी समझ गया की अनीता ऐसा क्यों बोल रही hai.Woh आदमी यह सुनकर bola,"Theek है. ऐसे तोहार गांड बड़ा मस्त लग रहा है चलते वक़त"

अनीता यह सुनकर उसे देखकर boli,"Please ऐसी बात मत कीजिये" मगर उसे मैं hi मैं अपनी गांड पर गर्व होने लगा की उसकी गांड ऐसी है की मर्द उसे देखकर बेचैन हो जाते हैं और वह घूमकर अपनी गांड को मटकती हुयी चली गयी.

अनीता ढाबे पर पहुंची तो अंकित खटिया पर बैठा खाना खा रहा था. वह अनीता को देखकर puchha,"Bhabhi आप कहाँ चली गयी थी? मैं तो घबरा गया था. वह आदमी कहाँ गया? मुझे डर लग रहा था की कहीं वह आपके साथ भी गुंडा गर्दी तो नहीं कर रहा था किसी बात पर. भाभी वह आदमी अच्छा नहीं है".

अनीता यह सुनकर खटिया पर बैठती हुयी boli,"Offo अंकित छोरो न. क्या वही बात लेकर बैठे हो अभी तक. एन्जॉय योर डिनर. अपना मूड उसके वजह से ख़राब मत करो".

अंकित यह सुनकर "हाँ" में सर हिलाते हुए bola,"Theek है भाभी. आप कुछ खाएंगी नहीं क्या?".

अनीता ज़िन्दगी में कभी भी ऐसे ढाबे पर नहीं खायी थी. उसे हाइजीन को लेकर नहीं कहती थी. वह "न" में सर हिलती हुयी boli,"Nahin अंकित मुझे भूख नहीं तुम खाओ".

इतने में वह आदमी भी आता हुआ दिखाई दिया. अनीता की नज़र उस आदमी पर गयी मगर वह फिर दूसरे तरफ देखने लगी. अंकित का नज़र उस पर गया तो वह अनीता से धीरे से bola,"Bhabhi वह गुंडा इधर hi आ रहा है".

अनीता यह सुनकर उससे धीरे से boli,"Offo अंकित छोरो न. चुप चाप खाना खाओ. बात बढ़ने की ज़रूरत नहीं है. जो हो गया सो हो गया".

अनीता यह बोलकर उस आदमी के तरफ देखि तो वह उसके hi खटिया पर आकर उसके बगल में डेट तरफ बैठ गया और अंकित को धीरे से पीछे से मारते हुए bola,"Kyun बे चिकना हमार बारे में कुछो बोल रहा था का?".

अंकित यह सुनकर bola,"Nahin मैं क्यों बोलूं आपके बारे में".

फिर वह आदमी अनीता को देखकर उससे puchha,"Kaa हुआ तुम कुछो खा नहीं रही हो?".

अनीता यह सुनकर उसके तरफ देखकर boli,"Ji मुझे भूख नहीं है".

वह आदमी यह सुनकर bola,"Lag रहा है तुमका कउनो और चीज़ का भूख है".

अनीता यह सुनती हुयी उसे देखि और वह आदमी अपना आँख से लुंड के तरफ इशारा किया तो अनीता एक नज़र उसके लुंड के तरफ देखि.

अनीता उसके लुंड के तरफ देखकर दूसरे तरफ देखने लगी तो वह आदमी पीछे से उसकी कमर पर बया हाथ रखकर सहलाते हुए धीरे से bola,"Iska भूख है तो बोलो".

अनीता जिस खटिया पर बैठी थी वह एक साइड में था और पीछे से कोई देख नहीं सकता था की उसकी कमर पर उस आदमी का हाथ है.

कमर पर हाथ महसूस करके और उसका बात सुनकर अनीता उसके तरफ देखि और कुछ बोलती इस पहले वेटर आया तो वह आदमी अनीता की कमर पर हाथ रखे अपने लिए खाने का आर्डर देकर अनीता को देखकर उसकी कमर सहलाते हुए उससे puchha,"Tumko कुछो नहीं खाना है?"

अनीता यह सुनकर उसके तरफ देखकर boli,"Ji नहीं".

फिर वह वेटर को देखकर boli,"ek बोतल मिनरल वाटर लाइयेगा प्लीज?"

वेटर सर हिलाकर वहां से चला गया तो वह आदमी अनीता से bola,"Bahot प्यासी लग रही हो".

अनीता यह सुनकर उसके तरफ देखि और boli,"Aap भी बहोत भूखे लग रहे हैं. बहोत सारा खाना आर्डर किया है आपने. ऐसा लग रहा है बहोत दिनों के भूखे हैं".

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराया और एक नज़र अनीता की बदन को ऊपर से नीचे देखकर उसकी कमर सहलाते हुए bola,"Are हुंका भूख बहोत लगता है. अब चाहे खाने का हो या".

यह बोलकर वह अनीता की क्लीवेज पर देखकर अपने होंठों पर ज़बान फिरा दिया.

यह देखकर अनीता एक नज़र अंकित के तरफ देखि जो चुप चाप खा रहा था और फिर सामने जल्दी से आस पास नज़र दौड़ा कर आस पास का जायज़ा ली. सब लोग खाने में लगे हुए थे या टॉयलेट के लाइन में थे.

वहीँ अंकित मैं hi मैं गुस्सा था की अनीता उस आदमी से बात कर रही थी, मगर वह कुछ बोल भी नहीं सकता था इसलिए वह नज़र खाने के तरफ करके अपना ध्यान खाने पर लगाया हुआ था.

अनीता अंकित को खाने पर ध्यान लगाए देख थोड़ा राहत महसूस की. अगले पल वह आदमी bola,"Aese हुंका प्यास भी लगता है."

अनीता यह सुनकर उसके तरफ देखि तो वह मुस्कुराया और अगले पल उसको चूँचियों को देखते हुए bola,"Doodh का प्यास. दूध भी बहोत पीटा हूँ हम".

अनीता उसका नज़र अपनी चूँचियों पर पड़ने के बाद बिना कुछ बोले वापस सामने देखि और तिरछी नज़र से अंकित को देखि जो खाने में लगा हुआ था.

अनीता अंकित से boli,"Aur कुछ खाना है?".

अंकित यह सुनकर "न" में सर हिला diya.Agle दो मिनट में वह आदमी का खाना आ गया. साथ में अनीता का पानी का बोतल भी आ गया.

अनीता पानी पीकर चुप चाप बैठी हुयी थी. वह आदमी खाना खाने लगा. अनीता चुप चाप बैठी हुयी thi.Ankit अपना खाना ख़तम करके उठा और हाथ धोने चला गया.

अंकित के जाने पर वह आदमी अनीता की कमर को सहलाते हुए उसे देखकर puchha,"Kuchh भी नहीं खाओगी का तुम?"

अनीता यह सुनकर उसके तरफ देखकर boli,"Ji नहीं मुझे भूख नहीं है".

वह आदमी यह सुनकर सर हिलाते हुए bola,"Agar किसी और चीज़ का भूख हो तो बोलो. हम इंतज़ाम करूँगा".

अनीता यह सुनकर "न" में सर हिलाकर boli,"Ji नहीं मुझे किसी चीज़ की भूख नहीं है. आप अपना खाना खाइये".

वह आदमी एक निवाला खाने के बाद अपने लुंड के तरफ इशारा करते हुए bola,"Iska भी नहीं?"

अनीता एक नज़र उसके लुंड के तरफ देखकर आस पास देखि तो वह आदमी bola,"Are कउनो नहीं देख रहा है".

अनीता यह सुनकर उसके तरफ देखकर boli,"Aap भी न. यह सब क्या लगा रखा है आपने? कोई ऐसे करता है क्या?"

वह आदमी उससे puchha,"Are क्या कर दिया हूँ हम? एहि तो पूछा हूँ की तुमको भूख है या नहीं?"

अनीता बिना शर्म के उसे देखती हुयी उससे boli,"Aur यह जो इशारे कर रहे हैं? "

यह सुनकर वह आदमी मुस्कुराते हुए bola,"Are तो का ग़लत किया हूँ हम? इतनी खबसूरत और जवान हो. अब ी मत बोलना की तुमको इसका भूख नहीं लगता".

अगले पल वह आदमी अनीता की कमर से हाथ ऊपर ले जाकर उसकी नंगी पीठ पर रखकर उसकी गोरी चिकनी पीठ के नंगेपन को महसूस करते हुए उसे गन्दी नज़र से देखकर bola,"Hum जानत हूँ तोहरे जैसा खबसूरत और जवान शहर की औरत को बिना"

फिर वह अपने लुंड के तरफ आँखों से इशारा करते हुए बोलना जारी rakha,"eeka नींद नहीं आवत है".

अनीता यह सुनकर बिना शर्म के एक नज़र उसके लुंड के तरफ देखि मगर फिर कुछ बोले बिना आस पास देखने लगी और उस आदमी का बात suni,"Har रात तोहका ी चाहिए होता है."

अनीता यह सुनकर उसे देखने लगी की तभी अंकित आया. उसके आने पर अनीता उसके तरफ देखकर boli,"Waiter को बुलाओ मैं पैसे दे देती हूँ".

यह सुनकर वह आदमी bola,"Are हम दे दूंगा. चिकना बचुआ का सीट ले लिया हूँ हम तो बदले में खाने का दावत हमरे तरफ से".

अंकित यह सुनकर थोड़ा गुस्से से bola,"Mujhe नहीं चाहिए कोई दावत".

वह आदमी यह सुनकर bola,"Abe ज़्यादा गर्मी मत दिखा हमरा को".

अनीता फिर से बीच में boli,"Offo क्यों बार बार दोनों झगड़ा कर रहे हैं".

यह सुनकर दोनों अनीता के तरफ देखने लगे. अनीता अंकित को boli,"Ankit मैं हूँ न तो तुम क्यों बेवजह का बात बढ़ा रहे हो".

अंकित यह सुनकर चुप हो गया वहीँ वह आदमी अनीता की कमर पर हाथ फेरते हुए अंकित से bola,"Tohka अभी तक समझ नहीं आया बचुआ की मरद और औरत के बीच बच्चा लोगन को नहीं बोलना चाहिए और नहीं आना चाहिए"

अनीता यह अंकित को बोलकर वह आदमी के तरफ देखकर कुछ बोलने वाली थी की उसका बात सुनकर चुप चाप उसे देखने लगी. उसका बात ख़तम होने पर वह boli,"Aur आप भी क्यों बेचारे को बुली कर रहे hain?Yeh आपको अच्छा लग रहा है kya?Aapko इस में मज़ा आ रहा है क्या?".

वह आदमी यह सुनकर अनीता की कमर को सहलाते हुए bola,"Humra को तो ज़्यादा मज़ा किसी और चीज़ में आवत है".

यह बोलकर वह आदमी एक निवाला खा लिया.

अनीता यह सुनकर boli,"To इसे तंग करने में मज़ा नहीं आ रहा आपको तो क्यों कर रहे हैं?"

अंकित को अच्छा लग रहा था की अनीता आख़िरकार उस आदमी को कुछ तो बोल रही है.

वह आदमी यह सुनकर bola,"Are तो ी ससुरा बचुआ हमसे ज़बान लड़ायेगा तो हम का कुछो बोलूंगा नहीं. ी हमसे ज़बान नहीं लड़ाई और बड़ा लोग के बीच में न बोले तो हम भी कुछो नहीं बोलूंगा. हुंका का बोल रही हो. ीका बोलो, ीका समझाओ".

अगले पल वह आदमी अनीता की नंगी पीठ पर हाथ फिरते हुए उसकी आँखों में देखकर bola,"Humka कबाब में हड्डी पसंद नाही है".

अनीता यह सुनकर उस आदमी से कुछ नहीं बोली मगर अंकित थोड़ा गुस्से में bola,"Haddi तो आप हैं जो मेरा सीट ले....."

यह सुनकर वह आदमी भी थोड़ा गुस्से में उसे देखकर अनीता की कमर को सहलाते हुए बीच में bola,"Tum ससुरा बचुआ को ऐसे समझ नहीं आएगा".

अंकित यह सुनकर उसे देख रहा था और अगले पल उसका ध्यान अनीता के तरफ गया जब वह boli,"Ankit बस भी करो. इसके बाद तुम कुछ भी नहीं बोलोगे. तुमको कुछ परेशानी है मुझे बोलना. मैं बात का बतंगड़ नहीं चाहती."

अंकित चुप चाप सर "हाँ" में हिला दिया फिर अगले पल bola,"Agar यह कुछ नहीं बोलेंगे तो मैं भी नहीं बोलूंगा".

अनीता यह सुनकर अंकित से boli,"To यह तो बोल hi रहे हैं की तुम तमीज से रहोगे तो यह कुछ नहीं बोलेंगे. थोड़ी सी बात के लिए बात इतना बढ़ने की क्या ज़रूरत?"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की कमर सहलाते हुए bola,"Abe हमरा को तेरे को कुछ बोलने में कउनो दिलचस्पी नहीं है. मगर फालतू का मच मच नहीं करने का हमरे सामने. बचुआ हो तो बचुआ के तरह रहो".

अनीता यह सुनकर उसके तरफ देखि और boli,"Theek है मैंने समझा दिया न, अब आप भी बात मत बढ़ाइए".

वह आदमी अनीता से bola,"Achha नहीं बढ़ाऊंगा हम अगर ी तमीज से रहे".

अनीता यह सुनकर अंकित से boli,"Aur तुम भी बात नहीं बढ़ाओगे".

अंकित यह सुनकर "हाँ" में सर हिलाया और अगले पल bola,"Main वेटर को पैसे देकर आता हूँ भाभी".

यह सुनकर वह आदमी bola,"Sasura फिर वही बात. हूँ बोलै हूँ न की हम पैसा दूंगा".

अनीता यह सुनकर boli,"Na अंकित देगा न आप denge.Main दूंगी पैसा".

वह आदमी bola,"Are तुम कहे डौगी. हम खा रहा हूँ तो हम दूंगा न".

अनीता यह सुनकर boli,"Ab आप मुझसे बहस करने लगे. कितने ज़िद्दी हैं आप भी सच में".

वह आदमी यह सुनकर अनीता की कमर को सहलाते हुए bola,"Achha ठीक है तुम दे do.Lekin बदले में अगर हम कुछ दूंगा तो तुमको लेना पड़ेगा".

अनीता यह सुनकर उसे देखती हुयी boli,"Woh बाद की बात है. अभी पैसे मैं दूंगी".

यह सुनकर वह आदमी "हाँ" में सर हिलाकर bola,"Theek है".

अंकित यह सुनकर bola,"Achha भाभी पैसे दे दीजिये और चलिए बस में आराम करते हैं".

यह सुनकर वह आदमी bola,"Abe टोका जाना है तो जाना. कहे को अपनी भाभी को परेशां कर रहा है"

अंकित यह सुनकर bola,"Main परेशां कर रहा हूँ या आप... "

इससे पहले की वह बात आगे बोलता अनीता बीच में उसे आँख दिखती हुयी boli,"Offo फिर शुरू हो गए. मेरी बात एक दम नहीं मानोगे तुम है न?".

अंकित यह सुनकर बोलै," पर भाभी शुरू तो इन्होने hi.... "

अनीता यह सुनकर बीच में boli,"To मैं हूँ न जवाब देने के लिए".

अंकित यह सुनकर सर झुका लिया. अनीता मुस्कुरा कर boli,"Tum बेवजह का परेशां हो रहे हो. तुम जाओ बैठो मैं आती हूँ. मैं पैसे देकर अभी चली जाउंगी और इनको अगर और कोई चीज़ आर्डर करना हो तो? जब ट्रीट दे रहे हैं तो फुल ट्रीट देना चाहिए न. Isn't तहत ा गुड मन्नेर?".

अंकित यह सुनकर "हाँ" में सर हिलाकर bola,"Achha भाभी मैं जाकर बैठता हूँ. आप जल्दी आइयेगा".

अंकित यह बोलकर चला गया. अनीता उसको जाते हुए देखती रही. वह आदमी एक पल उसके तरफ देखा और bola,"Sasura कबाब में हड्डी. ी बचुआ को समझ नहीं है की मरद और औरत के बीच में हड्डी नहीं बनना चाहिए".

अनीता यह सुनकर उसके तरफ देखि और puchhi,"Aur कुछ चाहिए क्या आपको?"

वह आदमी यह सुनकर उसके तरफ देखा और फिर उसकी क्लीवेज देखकर bola,"Sab कुछ चाहिए हम का. तुम दो तो".

अनीता यह सुनकर boli,"Mera कहने का मतलब है खाने में कुछ और आर्डर करना है क्या?"

वह आदमी अनीता की चूँचियों को देखते हुए bola,"Doodh चाहिए हम का, ताज़ा ताज़ा दूध के थांन से निकला हुआ".

यह सुनते hi अनीता का दिल जोर से धड़क गया. वह आस पास देखने लगी तो वह आदमी मुस्कुराकर उसकी कमर सहलाते हुए bola,"Kauno नहीं आस पास".

अनीता यह सुनकर boli,"Please ऐसी बातें मत कीजिये".

वह आदमी bola,"Tum hi तो पूछी की हुंका का चाहिए"

फिर वह उसकी चूँचियों को देखकर bola,"to हुंका दूध के थांन से निकला हुआ ताज़ा ताज़ा दूध चाहिए"

अनीता यह सुनकर बिना शर्म के उसे देखती हुयी boli,"Mujhe नहीं लगता की वह चीज़ आपको milegi.Mujhe तो यहाँ कोई गए दिख नहीं रही".

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराकर अनीता की चूँचियों को देखते हुए bola,"Lekin हुंका तो दूध का थांन दिखाई दे रहा है. वह भी दो बड़ा बड़ा थांन".

अनीता यह सुनकर उसकी आँखों में देखती रही और boli,"Jaldi खाना ख़तम कीजिये नहीं तो बस छूट जाएगी ".

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराकर खाने laga.Anita उसके बगल में बैठी rahi.Sab लोग खाकर बस में बैठ चुके the.Conductor उनके पास आकर बोलै," सर थोड़ा जल्दी कीजिये. बस खुलने का टाइम हो गया है".

वह आदमी यह सुनकर थोड़ा गुस्से से bola,"Abe ससुरा चैन से खाने तो दे हुंका. चलना तो है hi. चल जा और इंतज़ार कर हमरा".

अनीता चुप चाप यह सुन्न रही थी. वह कंडक्टर एक पल अनीता को देखकर उस आदमी से bola,"Sir पांच मिनट और रुक जाएगी बस. मेहेरबानी करके थोड़ा जल्दी कीजिये".

वह आदमी यह सुनकर bola,"Chup चाप जा इहाँ से और हमरा इंतज़ार कर. हुंका आराम से खाने दे".

कंडक्टर अनीता को एक नज़र देखा. वह इतनी खूबसूरत औरत को उस आदमी के साथ लगभग चिपकी हुयी बैठा देख सोच में पद गया. वह एक पल अनीता को देखने के बाद उसे ध्यान आया की कहीं वह आदमी उसे अनीता को देखते हुए देख लेगा तो कुछ ग़लत सोचकर गुस्सा होकर उसे पीट न दे. वह ऐसे हट्टे कत्थे दबंग आदमी से भिड़ना नहीं चाहता था.

अगले पल अनीता उसके तरफ देखि तो वह कंडक्टर का दिल धड़क गया और हालत ख़राब हो गया यह सोचकर की कहीं अनीता उस आदमी को बोल न दे की वह उसे देख रहा था. कंडक्टर जैसे तैसे खुद को संभाला और चुप चाप वहां से चला गया.

अनीता कंडक्टर को जाते हुए देखने लगी और उसके जाने के बाद अनीता उस आदमी के तरफ देखकर puchhi,"Aur कुछ आर्डर करना है क्या आपको?"

वह आदमी कहते हुए अनीता की कमर पर हाथ फेरते हुए "न" में सर हिलाया तो अनीता boli,"Waiter को बुलाइये मैं पैसे दे देती हूँ".

वह आदमी यह सुनकर अनीता के तरफ देखा और अपना हाथ उसकी कमर से ऊपर उसकी नंगी पीठ पर ले जाकर उसकी नंगी चिकनी और मुलायम पीठ को महसूस करते हुए puchha,"Tumko कुछ हो नहीं खाना है का?"

अनीता यह सुनकर "न" में सर हिलती हुयी boli,"Jee नहीं".

वह आदमी यह सुनकर अनीता की चूँचियों को देखने लगा वहीँ अनीता उसके नज़र को अपनी चूँचियों पर महसूस करके कुछ नहीं बोली.

वह आदमी उसकी चूँचियों को देखने के बाद अनीता की चेहरे पर देखकर bola,"Tohra जिस चीज़ का भूख है ु हमरे पास है. पूरा रात हुंका बस में hi रहना है. तुम का मैं हो तो अपना भूख और प्यास मिटा लेना".

अनीता यह सुनकर थोड़ा सुरप्रीसेड एक्सप्रेशन से उसे देखती हुयी boli,"Jee, मुझे किसी चीज़ की भूख नहीं है".

वह आदमी यह सुनकर अनीता की कमर से हाथ हटाकर अपने लुंड पर पंत के ऊपर से रखकर उसके तरफ इशारा करते हुए bola,"Are ीका तो भूख होगा तोहका. ऐसा जवानी में तोहरा मैं नहीं है का ी लेने का? ी लिए बिना तोहका नींद आएगा?"

अनीता यह सुनकर थोड़ी नाराज़गी से boli,"Kaisi बातें कर रहे हैं आप. प्लीज ऐसी बातें मत कीजिये. वेटर को बुलाइये प्लीज. हमें लेट हो रही है".

वह आदमी यह सुनकर अनीता की आँखों में देखने के बाद उसकी चूँचियों को देखा और फिर वेटर के तरफ इशारा किया.

जब वेटर आया तो वह आदमी bola,"Ek बियर पैक कर और बिल लेकर आ".

वेटर यह सुनकर bola,"Jee साहब" और जाने वाला hi था की वह आदमी वापस पीछे से अनीता की कमर पर हाथ रखकर उसकी चूँचियों को देखकर bola,"Pehle हम बियर पियूँगा फिर दूध पियूँगा".

वेटर को उस आदमी के दुबारा बोलने से लगा की शायद वह कुछ और भी आर्डर करेगा तो वह रुक गया मगर फिर वह उस आदमी को अनीता की चूँचियों को देखकर ऐसा सुना तो उसका दिल धड़क गया और गाला सूखने लगा. वह न चाहते हुए भी एक नज़र अनीता की चूँचियों के तरफ ले गया और उसके सामने खड़े होने से उसकी क्लीवेज के अंदर उसे अच्छा से दिखाई दे रहा था.

अनीता यह सुनी तो उसे ध्यान आया की वेटर वहीँ खड़ा था. वह एक नज़र उस वेटर के तरफ देखि तो वह वेटर घबरा कर वहां से जाने लगा मगर अनीता उसे अपनी क्लीवेज में झांकते हुए देख ली थी.

उसके जाने के बाद अनीता उस आदमी के तरफ देखकर धीरे से boli,"Kaisi बातें करते हैं आप?".

वह आदमी यह सुनकर bola,"Are बियर hi तो आर्डर किया हूँ हम".

अनीता समझ गयी की उससे बेहेस करके फायदा नहीं है. ऐसे भी उसे शर्म तो आ नहीं रही थी बस थोड़ा ावक्वार्ड लग रहा था यह सब सिचुएशन तो वह इग्नोर करने hi बेहतर समझी. वह उसका जवाब सुनकर दूसरे तरफ देखने लगी. अगले पल उसे अपनी कमर पर कमीज के नीचे हाथ महसूस हुआ तो वह उस आदमी के तरफ देखि. वह अपना लुंड सहलाते हुए puchha,"Tohra प्यास तो सिर्फ पानी से नहीं बुझा होगा. तुमको किसी और चीज़ का भूख और प्यास लगा होगा".

अनीता बिना शर्म के उसके लुंड के तरफ एक बार देखि और फिर उसके तरफ देखि तो वह आदमी मुस्कुरा दिया. अनीता बिना कुछ बोले वापस दूसरे तरफ देखने लगी.

वह आदमी अगले पल अनीता की सलवार में हाथ घुसाने लगा तो अनीता उसके तरफ देखकर धीरे से boli,"Yeh क्या कर रहे हैं आप? वहां से हाथ हटाइये".

वह आदमी धीरे से bola,"Are तोहार गांड को छूने का कोशिश कर रहा हूँ हम. बड़ा मस्त, चिकना और गोरा गांड है तोहार".

यह सुन्नते hi अनीता की दिल अचानक से धड़कने लगी और सांस तेज़ होने लगी. साथ hi उसकी छूट में अजीब सा मज़ा महसूस हुआ. अनीता बिना कोई जवाब दिए बिना शर्म के उसे देखती रही वहीँ वह आदमी जैसे hi थोड़ा सा हाथ उसकी सलवार में घुसाया अनीता को वेटर आते दिखाई दिए तो वह धीरे से boli,"Waiter आ रहा है".

वह आदमी यह सुनकर उसकी सलवार से हाथ निकल लिया मगर कमर पर हाथ रखे रहा.

वेटर वापस एक बियर पैक करके और साथ में बिल लेकर आया. अनीता अपनी बैग से पैसे निकल कर वेटर को दी और "कीप थे चेंज" बोलकर उठ गयी.

वह आदमी भी उठा. अनीता फिर बस के तरफ जाने लगी और पीछे पीछे वह आदमी चलने लगा. वेटर यह सब देख रहा था. उसका दिल धड़क गया जब वह उस आदमी को बस में चढ़ते वक़्त अनीता की गांड पर हाथ रखते हुए देखा.

वह वेटर इतनी खूबसूरत औरत को उस आदमी जैसे बदमाश के साथ देखकर थोड़ा आश्चर्य किया, खासकर शुरू में उसका हाथ उसकी कमर पर देखकर और कुछ देर पहले उसकी चूँचियों को देखकर दूध पीने का बात सुनकर जिसके जवाब में अनीता कुछ नहीं बोली.

शुरू में वह बात सुनकर जब वह उसकी गहरी क्लीवेज देखा और जवाब में अनीता कुछ नहीं बोली तो उसे लगा की अनीता कोई रंडी है जिसे उस बदमाश ने एक रात के लिए खरीदा हो मगर जब वह उसके सामने खड़ा होकर बिल दिया तो उसका नज़र अनीता की मांग में छोटी सी सिंदूर पर पड़ा तो वह समझ गया की अनीता शादी शुदा है और अनीता देखने से hi अमीर और पढ़ी लिखी लग रही थी तो वह यह तो समझ रहा था की वह आदमी उसका पति हो नहीं सकता. खासकर उम्र का भी बहोत फ़र्क़ था दोनों में.

जब वेटर का ध्यान में यह आया की अनीता एक अमीर घर की पढ़ी लिखी शादी शुदा औरत है और इसके बावजूद वह वैसे उस आदमी से चिपकी हुयी बैठी थी और वह आदमी उसकी चूँचियों को भूखे नज़र से देख रहा था जिस पर अनीता को ऐतराज़ नहीं था तो उसका दिल फिर धड़क गया था और अब वह उस आदमी को उसकी गांड पर हाथ रखा देखा तो उसका दिल फिर धड़क गया.

वह सोचने लगा की अनीता उसके साथ इसलिए है क्यूंकि उनके बीच कुछ चल रहा है. वह वेटर उस ढाबे पर इससे पहले कई बार ऐसा सिचुएशन देख चूका था जब कोई जवान औरत किसी बदमाश टाइप आदमी के साथ खाने आई हो मगर ज़्यादातर रंडियां hi रहती थी.

वह दो बार ऐसा देखा था की कोई जवान औरत जो शादी शुदा लग रही हो किसी बदमाश के साथ वहां रात में खाना खाई हो और दोनों बार वह लोग ऐसे बस से hi उतरे थे. उनमे से एक बार तो वह शादी शुदा औरत को ढाबे के पीछे एक बदमाश से चुड़ते हुए भी देख चूका था.

वह ऐसे hi एक बार बाथरूम में बस के पैसेंजर्स के लाइन में लगे होने के कारन जब ढाबे के पीछे पेशाब करने गया था तो एक औरत को झुके हुए देखा था और उसके पीछे एक आदमी खड़ा होकर अपना कमर आगे पीछे कर रहा था. उस आदमी का पंत उसके कदमो में गिरा हुआ था और उस औरत की साड़ी कमर तक उठी हुयी थी.

वह उस औरत का गोरा और चिकना पेअर देखकर समझ गया था की वह अमीर घर की होगी इसलिए ऐसा गोरा और चिकना पेअर था. साथ hi वह हील भी पहनी हुयी थी.

कुछ देर बाद जब वह वापस ढाबे के सामने खाना पड़ोस रहा था तब दो लोगो को चुपके से ढाबे के पीछे से आते हुए देखा और कपडे का रंग से समझ गया की वह वही दोनों थे जो चुदाई कर रहे थे. वह दोनों को देखा तो चौंक गया क्यूंकि वह औरत लगभग 35 साल की लग रही थी और देखने से अमीर घर की लग रही थी. उसकी मांग में सिंदूर था. वह बहोत ज़्यादा फिट नहीं थी मगर बॉडी फिर भी थोड़ा मैनटैनेड था. वहीँ वह आदमी लगभग 50 साल का था और देखने से hi गुंडा बदमाश लग रहा था. वह जाकर एक तरफ खटिया पर बैठ गया और वहीँ वह औरत एक दूसरे खटिया पर एक आदमी के बगल में बैठकर मुस्कुरा और उसके गॉड से किसी को लेकर अपनी गॉड में बैठा ली.

वह वेटर यह सब देखते हुए उस औरत के बगल वाले खटिये तक खाना लेकर पहुँच चूका था तो वह उस औरत के बगल में बैठे उस आदमी का बात suna,"Bahot देर लग गई".

वह औरत यह सुनकर जवाब di,"Haan वाशरूम में बहोत भीड़ थी".

वह आदमी जवाब में bola,"achha" तो वह औरत puchi,"khane का आर्डर दे दिए?"

वह आदमी जवाब में bola,"Nahin अभी तक नहीं. तुम्हारा इंतज़ार कर रहा था".

वह औरत जवाब में boli,"Mera इंतज़ार क्यों कर रहे थे? मैं यहाँ खाउंगी नहीं. तुमको जो खाना है जल्दी से आर्डर करो".

यह सुनकर वह आदमी वेटर के तरफ इशारा किया तो वह उसके सामने गया. वह औरत उसकी गॉड में जो था उसे दुलारने में बिजी थी. वह आदमी आर्डर दे दिया तो वह वेटर उस औरत से puchha,"Memsaahab आपके लिए क्या लॉन?"

वह औरत बिना उसके तरफ देखे boli,"Kuchh नहीं".

जवाब में वह वेटर मैं hi मैं bola,"Abhi कुछ देर पहले एक गुंडे से छुड़वा रही थी और अभी अमीरी की नखरे दिखा रही है की यहाँ खायेगी नहीं. साली रंडी पति से भी झूठ बोल रही है की मूट रही थी जबकि लुंड ले रही थी".

अनीता को देखकर उस वेटर को वही इंसिडेंट याद आ गया और अनीता को बस में चढ़ते हुए देख वह धीरे से bola,"Yeh अमीर घर की औरतें बहोत बड़ी रंडी होती है. ऐसे नखरे बहोत होते हैं मगर गुंडे बदमाश से मज़े से चुदवाती है साली सब. पता नहीं कितनी अमीर औरतें तो पति के पीठ के पीछे गुंडे बदमाशों की रखैल होगी. साला इतनी खबसूरत औरत सब कैसे इन् बदमाशों की रंडियां बन जाती है पता नहीं. ी बुद्धा भी बहोत किस्मत वाला है. मज़ा है साले का आज रात".

वहीँ अनीता बिना कुछ बोले चुप चाप बस में चढ़ गयी. बस में थोड़ा अँधेरा था. एक नाईट बल्ब जल रही थी. ज़्यादातर लोग आँख बांध किये थे. वह आदमी अनीता की गांड से हाथ नहीं hataya.Anita भी आँखों के कोने से देखि की सब पैसेंजर्स आँख बांध किये हुए थे तो वह चुप चाप चल रही थी. वह आदमी उसकी सलवार के ऊपर से उसकी गांड की दरार में दो उंगलियां घुसाने लगा और उसकी सलवार इसके वजह से गांड की दरार में घुसने लगी.

वह दोनों अपने सीट पर पहुंचे तो वह आदमी अंकित को सीट पर बैठा देख bola,"Are बचुआ तू इहाँ का कर रहा है? अपने सीट पर जा".

अनीता आते वक़्त hi देख ली थी की अंकित का सीट खली है और वह अंदाजा लगा चुकी थी की वह ज़रूर इसी सीट पर होगा. जब वह आदमी अपना बात बोलने लगा तो अनीता को पता था की हो सके की आस पास के लोग आँख खोल दे इसलिए वह चुप चाप अपनी हाथ पीछे लेजाकर उस आदमी का हाथ पकड़ कर अपनी गांड से हटा दी. वह आदमी भी दुबारा उसकी गांड पर हाथ नहीं डाला.

अंकित उसका बात सुनकर bola,"Uncle अब तो मुझे यहाँ बैठने dijiye.Aap इतनी देर से बैठे हैं यहाँ. अब आप अपने सीट पर चले जाइये".

वह आदमी यह सुनकर bola,"Abe कहे को हमरा मूड ख़राब कर रहा है. चल उठ और जा उधर".

अंकित यह सुनकर अनीता के तरफ देखा तो वह उसको आँखों से उधर जाने के लिए इशारा कर दी. अंकित अनीता के इशारा करने पर चुप चाप उठा और उठकर वापस पहले जहाँ बैठा था चला गया.

वह आदमी अनीता को देखकर बैठने का इशारा किया. अनीता अंदर वाली सीट पर बैठ गयी. अगले पल वह आदमी उसके बगल में बैठ गया और अपने दाए हाथ का कोहनी अनीता की चूंकि से सत्ता दिया. अनीता उसे देखि तो वह मुस्कुरा दिया.

वह धीरे से अनीता से bola,"Sasura बड़ा ज़िद्दी है. तोहार वजह से छोर दिए हूँ. औरो कउनो रहता तो जान के नीचे बजे देता हम".

अनीता यह सुनकर उसके तरफ देखकर धीरे से boli,"ek तो आप उसे बच्चा बोलते हैं जो वह आपके सामने है भी ऊपर से उसे मारने का भी सोच रहे हैं. आपको एक बच्चे को मारने में अच्छा लगेगा क्या?"

वह आदमी यह सुनकर धीरे से bola,"Are हुंका तो तोहरे जैसा जवान और खबसूरत औरत का मारने में मज़ा आवत है. लेकिन ससुरा कउनो कबाब में हड्डी बनेगा तो हम का करूँगा? ".

अनीता यह सुनकर उसे देखती रही तो वह आदमी अपने आँखों से लुंड के तरफ इशारा किया. अनीता यह देखकर वापस सीधा देखने लगी. अगले पल वह आदमी अनीता का बयां हाथ पकड़ कर अपने पंत के ऊपर से लुंड पर रख दिया.

यह होते hi अनीता अपनी हाथ खिंच ली और आस पास देखने लगी तो वह आदमी धीरे से bola,"Kauno नहीं देख रहा है".
 
अपडेट 56

अनीता यह सुनकर बिना कुछ बोले वापस सामने देखने lagi.Woh आदमी अब अनीता को देखने लगा. उसकी चेहरे को, फिर उसकी क्लीवेज और चूंकि को. अनीता को यह महसूस हुआ तो वह उसके तरफ देखि तो वह मुस्कुरा दिया. अनीता चुप चाप वापस सामने देखने लगी.

अगले पल अनीता को उस आदमी का आवाज़ सुनाई दिया. वह धीरे से bola,"Humka दूध पीने का मैं कर रहा है".

यह सुनते hi अनीता का दिल जोर से धड़कने laga.Woh चुप चाप बैठी रही. कुछ सेकण्ड्स बाद वह आदमी फिर bola,"Humka दूध पीने का मैं कर रहा है".

अनीता यह सुनकर उसके तरफ देखकर धीरे से boli,"To मैं क्या करूँ?".

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराने लगा और अनीता की चूँचियों को देखकर अपने होंठों पर ज़बान फिरा दिया. उसको ऐसा करता देख अनीता का दिल धड़कने लगा. वह चुप चाप वापस सामने देखने लगी.

वह आदमी वापस से अनीता से bola,"Sab कुछ कर सकती हो तुम".

अनीता यह सुनकर वापस उसके तरफ देखि तो वह आदमी मुस्कुरा दिया.

अनीता उसको मुस्कुराता देख boli,"Main कुछ नहीं कर सकती. रात हो गयी है सो जाइये. मैं भी सोने जा रही हूँ".

वह आदमी अनीता के तरफ देखकर थोड़ा उसके तरफ झुका और अपने लुंड को पंत के ऊपर से पकड़ कर धीरे से bola,"Tohka ी लिए बिना नींद आएगा?"

अनीता बिना शर्म के उसके लुंड के तरफ देखि और फिर उससे boli,"Main सोने जा रही hoon.Good नाईट"

अरे तुम इतनी जवान और खबसूरत हो. अपुन भी जवान और जोशीला मरद है. ऐसे में रात को सोने का बात कहे को कर रैली हो. साला जवान लोग को तो मस्ती करने का रात में".

उस जाहिल आदमी के लिए "गुड नाईट" का कोई मायने नहीं था और वह अनीता को बात सुनकर जवाब देने के बजाय उसकी बदन देखने लगा. अनीता को पता था की वह उसकी जिस्म को गन्दी नज़र से देखते रहेगा तो वह कोई रिएक्शन नहीं दी और फिर से खिड़की के तरफ सर को करके आँख बांध कर ली.

वह आदमी अनीता को चूंकि देखने लगा मगर कुछ किया नहीं.

लगभग आधा घंटा बाद अनीता को कुछ महसूस हुआ तो वह आँख खोली और अपनी बायीं चूंकि पर दबाओ महसूस करके उसके तरफ देखि तो वह आदमी का हाथ देखि. वह आदमी उसकी बायीं चूंकि को अपने मुट्ठी में लेकर दबा रहा था.

अनीता यह देखकर उस आदमी का हाथ अपनी चूंकि से हटाने के बजाय आस पास देखि तो बस को पहले से भी ज़्यादा सन्नाटा पायी. पहले से ज़्यादा अँधेरा भी हो गया था, बस एक लाइट जल रहा था जिसका मकसद बस में रौशनी फैलाना नहीं बस में पूरा अँधेरा न हो यह सुनिश्चित करना था.

वह आदमी यह देखकर अनीता से धीरे से bola,"Are कउनो नहीं देख रहा है".

अनीता यह सुनकर धीरे से boli,"Yeh आप क्या कर रहे हैं. हाथ हटाइये. कोई ऐसा करता है क्या?"

वह आदमी अनीता की बायीं चूंकि दबाते हुए bola,"Are हम बस देखत हूँ की कितना दूध भरा है तोहरे दूध के थांन में. इतना बड़ा बड़ा है तोहार चूंकि".

अनीता का दिल यह सुनकर धड़क गया और साथ hi एक अजीब सा सिहरन महसूस हुआ उसके बदन में. वह बिना शर्म के उस आदमी का बात सुनकर भी उसे देखती रही और देखते हुए उसका हाथ पकड़ कर अपनी चूंकि से हटती हुयी boli,"Please हाथ हटाइये".

वह आदमी अनीता का हाथ पकड़ लिया तो अनीता उसके तरफ देखि. वह आदमी उसकी हाथ देखकर bola,"Kitna खबसूरत हाथ है तोहार. तुम शहरी औरत का हाथ भी काटना खबसूरत होता है".

अनीता यह सुनकर जवाब देने के बजाय puchhi,"Aapko नींद नहीं आ रही है क्या?".

वह आदमी अपने लुंड के तरफ आँखों से इशारा करके bola,"Jab लौड़ा जाएगा हुआ रहेगा तो नींद कैसे आएगा".

अनीता यह सुनकर आस पास देखने लगी तो वह आदमी अनीता के नज़दीक मुंह करके धीरे से bola,"Sab सो गया है. चिंता नहीं करो".

अनीता यह सुनकर boli,"Aap ऐसी बातें क्यों कर रहे हैं? ऐसे गंदे तरीके से कोई बात करता है क्या?".

वह आदमी अनीता का हाथ पकडे हुए उस पर अपना हाथ फेरते हुए bola,"Ganda नहीं सच बोल रहा हूँ हम. ी तोहार जवानी और ऐसा बड़ा बड़ा चूंकि देख कर हमरा लौड़ा कैसे खड़ा नहीं होगा. तुम का हुंका नामर्द समझी हो जो तोहार जवान और खबसूरत बदन देखकर हमरा लौड़ा खड़ा नहीं होगा?"

अनीता का धड़कन और सांस उसके शुरू का बात जिसमे वह उसकी जवानी और चूंकि के बारे में बोल रहा था वह सुनकर तेज़ हो गयी मगर उसे थोड़ा बुरा लगा की वह बात को अपने मर्दानगी से जोड़ने लगा. अनीता का इंटेंशन उसके मर्दानगी को चुनौती देना नहीं था मगर वह वैसा hi समझने लगा. अनीता को बुरा लगा की उसके बात से उस आदमी का मर्दानगी के अहंकार को चोट लगा जो वह नहीं चाहती थी.

अनीता के दिल में उसके जैसे हिम्मत वाले दबंग मर्दों के लिए बस इज़्ज़त hi थी क्यूंकि उनमें इतना हिम्मत और कॉंफिडेंट रहता है जो उससे ऐसे खुलकर बात hi नहीं करता था बल्कि छेड़ता भी था.

ऐसा नहीं था की अनीता चाहती थी की मर्द उसे छेड़े, मगर कोई मर्द उसे छेड़ने की हिम्मत करता था और अपनी मर्दानगी पर कॉन्फिडेंस रखता था तो वह भी उनके मर्दानगी का इज़्ज़त करती थी की सच में जैसा एक मर्द हिम्मत वाला होना चाहिए वैसा hi है और उनके जैसे मर्दों का दबंगई देखकर भी उसे उनके मर्दानगी का साबुत लगता था.

अनीता को पता था की वह उसके बातों का ग़लत मतलब निकल रहा है और वह यह नहीं चाहती थी. यह सोचकर वह उसे सफाई di,"Ji मेरा मतलब वह नहीं था. आप कुछ और hi सोचने लगे".

वह आदमी अनीता की हाथ अपने दये हाथ में पकडे हुए अपना दये हाथ के ऊपरी भाग को उसकी चूंकि पर सताते हुए bola,"Kaa मतबल? हम का ग़लत सोच रहा हूँ? तुम्हारा खबसूरत और जवाब बदन देखकर हमरा लौड़ा खड़ा हो रहा है तो इसमें ग़लत सोच का है? ससुरा कउनो नामर्द hi होगा जो तोहार ी गरम जवान बदन और ी बड़ा बड़ा चूंकि देखकर कुछो न सोचे तो".

अनीता की दिल और सांस यह सब सुनने से तेज़ होने लगी थी और साथ hi उसे अपनी ख़ूबसूरती और जवानी पर गर्व भी होने लगा था की कैसे एक लगभग 50 साल के आदमी का भी उसे देखकर जोश आ रहा है वह अलग बात थी की उसका लुंड बहोत बड़ा और मोटा था. लुंड लम्बा और मोटा होना अलग बात थी और उसमे जोश रहना अलग बात. अनीता को गर्व होने लगा की उसकी जवानी और ख़ूबसूरती से उस 50 साल के आदमी में भी जोश आ रहा है.

वह बिना शर्म के उसे देखती हुयी धीरे से boli,"Ji मेरा मतलब वह नहीं है. मैं आपके मर्दानगी पर सवाल नहीं उठा रही हूँ. मैं समझ रही हूँ की आप मर्द हैं तो आपके साथ वैसा होगा hi. लेकिन प्लीज ऐसे गंदे तरीके से बातें मत कीजिये. इस तरीके से बातें करना अच्छा नहीं है".

वह आदमी यह सुनकर उसकी बदन को एक बार फिर देखने लगा. अनीता चुप चाप उसे देख रही थी और उसकी हाथ उस आदमी के हाथ में hi थी. वह अपनी हाथ छुड़ाने की कोशिश नहीं कर रही थी.

वह आदमी उसकी चूंकि को देखा और फिर उसकी आखों में देखते हुए bola,"Are गन्दा बात का. लौड़ा और चूंकि में का गन्दा है. ी का इहे तो बोलत जाट है".

अनीता को उसका यह बात सुनकर हरिया का याद आ गया की वह भी एहि बोलै करता है की जिसको जो बोलै जाता है वह उसे वैसा hi बोलेगा. वह मैं में सोचने लगी की एक तरह से बात तो सही hi है. पढ़े लिखे और अच्छे घरो से खुद को मैंने वाले लोग भी उन चीज़ों को वैसे hi बोलते हैं फिर ऐसे में हरिया या इस आदमी जैसे अनपढ़ लोगो से वैसा न बोलने की उम्मीद करने उनके साथ ज़्यादती hi होगी. काम से काम यह आदमी या हरिया hi दिखावा तो नहीं करते हैं. जो भी बात होता है बेझिझक बोल देते हैं.

अनीता उसका बात का जवाब देकर बात को बढ़ाना ज़रूरी नहीं समझी. वह बिना शर्म के उसके आँखों में देखती हुई boli,"Achha अब रात हो गयी है. मुझे नींद आ रही है. आप सो जाइये".

अनीता यह बोलकर सर दया घुमा कर खिड़की के तरफ करके आँख बांध कर ली लेकिन वह आँख 15 सेकंड बाद फिर खोली जब वह अपनी चूंकि पर हाथ महसूस की.

वह आँख खोलकर बिना घबराये बाये तरफ देखि तो वह आदमी उसकी चूंकि को देखते हुए उसे अपने बाये हाथ में लेकर दबा रहा था. अनीता की बायीं हाथ उस आदमी के दये हाथ में अभी भी था.

अनीता जब उसके तरफ देखि तो वह आदमी उसे देखते हुए उसकी चूंकि दबाते हुए bola,"Tohar चूंकि देखके हुंका नींद कैसे आएगा. और तोहका भी ी जवानी में लौड़ा के बिना कैसे नींद आ रहा है? तोहका लौड़ा लेने का मैं नहीं होवत है का?"

अनीता का दिल फिर से यह सुनकर धड़कने लगा जिसे वह आदमी अपने हाथ पर महसूस किया क्यूंकि उसके मुट्ठी में अनीता की बायीं चूंकि थी. अनीता बिना शर्म के उसे देखती हुयी boli,"Aap फिर से शुरू हो गए ऐसी बातें करना. यह सही नहीं है".

वह आदमी उसकी चूंकि दबाते हुए bola,"Are का सही ग़लत. बोलो न तोहका रोज़ लौड़ा लेने का मैं नहीं होता का ी जवानी में".

अनीता को यह सुनकर लगा की बेवजह का वह भी क्यों उसे समझने का कोशिश कर रही है. वह वैसे hi बात करते रहेगा तो सही एहि होगा की वह भी जवाब सीधा सीधा दे. जवाब देने में क्या जाता है और वैसे भी सब सोये थे तो कोई सुनने वाला भी नहीं था. सच तो यह भी था की उसे भी इस छेड़छाड़ से नींद नहीं आ रही थी और सोने का कोशिश कर रही थी लेकिन सो नहीं पा रही थी.

अनीता सोची की जब तक नींद नहीं आती वह बात hi कर ले उससे. इतनी हिम्मत से और दबंगई से वह उसके बगल में सीट न होने पर भी बैठ गया क्यूंकि उसे उसके साथ वक़्त बीतने था और सच तो यह था की उसके साथ बैठने से उसे भी फायदा हुआ था की वह उसके पेशाब करने का इंतज़ार कर दिया था जो अगर वह नहीं होता तो शायद वह सोचती भी नहीं की खेत में पेशाब करके वह हल्का हो सके.

साथ hi जैसा भी था एक मर्द था जिसके बातों से उसे कहीं न कहीं थोड़ा एंटरटेनमेंट भी मिल रहा था. गंदे तरीके से hi सही थोड़ा उसकी ख़ूबसूरती की तारीफ भी कर दिया था. अंकित साथ में बैठता तो वह गाने सुनने में लगा रहता और फिर सो जाता. काम से काम इस आदमी के होने से थोड़ी बहोत छेड़छाड़ से उसका भी दिल बहल रहा है. थोड़ी बहोत छेड़छाड़ में क्या ग़लत है. मर्द है तो उसके जैसी खूबसूरत औरत देखकर तो छेड़ने का मैं तो करेगा hi उसका भी. हरिया भी तो उसे इसलिए छेड़ता है क्यूंकि वह खूबसूरत और जवान है. छेड़ा भी उसी को जाता है जो छेड़ने लायक हो और वह उतनी खूबसूरत और जवान थी इसलिए तो हरिया हो या यह मर्द उसे छेड़ रहे हैं.

अनीता यह सब पहले hi सोच चुकी थी इसलिए वह उस आदमी को अपने साथ बैठने से मन नहीं की. हालांकि शुरू में वह यह जान्ने के बावजूद भी की वह उसे छेड़ेगा वह इसी लिए उसे साथ बैठने नहीं दी थी. वह तो उसे दूसरा सीट पर बैठने का रिक्वेस्ट भी की थी मगर जब वो नहीं माना तो कहीं न कहीं बात का बतंगड़ नहीं बनने देना चाहती थी इसलिए यह सोचकर की वह बगल में बैठकर थोड़ा छेड़ छड़ कर भी देगा तो क्या हो जायेगा, काम से काम बात का बतंगड़ तो नहीं बनेगा उसे बैठने दी.

लेकिन ढाबा के बाद अनीता इसलिए कोई आपत्ति नहीं की क्यूंकि उसे भी थोड़ा एंटरटेनमेंट मिल रहा था. उसके जैसी जवान और खूबसूरत औरत जो नेचर से hi बेशर्म थी और मर्दों की गन्दी नज़र का बुरा मैंने के बजाय खुद की तारीफ समझती थी उसके लिए उस आदमी जैसा दबंग मर्द साथ बैठने में क्या आपत्ति हो सकती थी.

लेकिन इसके बावजूद भी एक अच्छे संस्कारी परिवार में पलने के कारण पूरी बेशर्म होने के बावजूद भी वह किसी बदचलन औरत के तरह खुल कर रान्दीपना नहीं करती थी. शायद अच्छे परिवार में वह नहीं पलटी तो जितनी बेशरम औरत वह थी शायद वह रणदीपाने में रंडियों को भी शर्मशार कर देती इतनी बेशर्म थी अनीता.

अनीता सोच hi रही थी की वह उससे थोड़ा बात कर लेगी तो वही सही होगा और मैं hi मैं उसके छेड़छाड़ को सही ठहरा hi रही थी की वह आदमी अनीता को सोचता हुआ देखकर puchha,"Kaa हुआ? बोलो न तोहका लौड़ा लेने का मैं नहीं होता का?"

अनीता यह सुनकर उसे देखते हुए boli,"Aap बस अपनी ज़िद्द पर अड़े रहेंगे है न? बार बार वही पूछते रहेंगे"

वह आदमी यह सुनकर उसकी चूंकि दबाते हुए bola,"To जवाब नहीं डौगी तो हम का करू. जवाब डौगी तो हम बार बार नहीं पूछूंगा. बोलो न"

अनीता यह सुनकर आस पास देखि और फिर उसे देखकर boli,"Ji रोज़ थोड़े मैं करेगा. ऐसा थोड़े होता है. ज़िन्दगी में सिर्फ एहि चीज़ करने का है क्या?"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"Magar सबसे ज़रूरी तो इहे है. दुनिया में मरद और औरत इसलिए hi तो बना है. और तोहार जैसी इतनी खबसूरत और गरम औरत तो और खासकर इसलिए hi बानी है ताकि लौड़े का मज़ा ले सके. इसलिए तो तोहरे जैसी औरत को देखकर ससुरा कउनो मरद का लौड़ा खड़ा हो जाट है ताकि तोहार लिए लौड़ा का कमी नहीं हो और जब लौड़ा का कमी नहीं है तो रोज़ लेना चाहिए न".

अनीता की सांस और धड़कन यह सुनकर तेज़ होने लगी. उसे उसके बात में पूरी सच्चाई लगी की उसके जैसी खूबसूरत औरत को देखकर किसी भी मर्द का लुंड खड़ा होना hi है और सच में उसके लिए लौडो का कमी नहीं है अगर वह लेना चाहे तो.

लेकिन हर चीज़ जितनी आसान लगती है उतनी होती नहीं है. बहोत सारे चीज़ कुछ आसान लगने वाली चीज़ को भी मुश्किल बना सकती थी.

एहि सोचकर अनीता बिना शर्म के अपनी चूंकि उसकी मुट्ठी में दबाये जाने पर भी उसके आँखों में देखकर boli,"Aapko ऐसा लगता होगा, मगर दुनिया में सिर्फ एहि नहीं है और मेरा वैसा मैं नहीं होता जो रोज़ का आप बोल रहे हैं"

वह आदमी उसे देखते हुए bola,"U इसलिए की तोहका ऐसा वैसा लौड़ा नहीं, एक दम तगड़ा लौड़ा चाहिए. तोहार जैसी इतनी खबसूरत औरत के लिए ख़ास लौड़ा होवत है और तोहार मैं वैसा लौड़ा देखकर hi लेने का मैं होगा. एक दम तगड़ा, मोटा और लम्बा लौड़ा hi तोहार लिए है, जैसे हमार लौड़ा".

अनीता यह सुनकर बिना शर्म के उसके पंत के बीच देखि जहाँ थोड़ा उभर था.

वह आदमी अनीता को उसका लुंड देखते हुए देख लिया. वह अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"Ka देख रही हो. तोहार हमरे मर्दानगी पर यक़ीन नहीं है का. हमरा लौड़ा वैसा hi है जैसे तोहका लेने का मैं करता है, एक दम लम्बा, मोटा और तगड़ा. तोहका यक़ीन नहीं है तो हम लौड़ा बहार निकलकर दिखाऊं?".

अनीता का दिल यह सुनकर धड़क गया. वह उसे देखकर धीरे से boli,"Ji आप ग़लत समझ रहे हैं. मैं तो बोल hi चुकी हूँ की आप मर्द हैं और मैं यह भी जानती हूँ की आप ऐसे वैसे मर्द नहीं है, खासकर जब.."

अनीता यह बोलकर चुप हो गयी और एक गहरी सांस ली. वह आदमी यह सुनकर उसे देखते हुए उसकी चूंकि दबाकर puchha,"Khaskar जब का? रुक कहे गयी. बोलो न".

अनीता यह सुनकर एक गहरी सांस ली और विल नज़र आस पास देखने के बाद धीरे से boli,"Khaskar जब मैं आपका"

अनीता फिर उसके लुंड के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"yeh देखि".

वह आदमी यह सुनकर उसकी चूंकि दबाते हुए bola,"Kaa देखि? हमरा लौड़ा?"

अनीता यह सुनकर बिना झिझके "हाँ" में सर हिला दी.

वह आदमी puchha,"Tum हमरा लौड़ा कब देखि?"

अनीता यह सुनकर तुरंत boli,"Aap भूल गए? वह आप पेशाब कर रहे थे और टिश्यू पेपर लेने के लिए वैसे hi घूम गए थे".

वह आदमी अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"Achha हाँ. हम तो भूल hi गवा था की हम ऐसे hi अपना लौड़ा बहार निकले तोहार तरफ घूम गया था".

अनीता यह सुनकर boli,"Aur फिर वैसे hi आप मेरे तरफ आने भी लगे थे".

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Oh हाँ ससुरा हम लौड़ा को बाहर निकले hi तोहार तरफ आने लगा था हाहाहा"

उस आदमी को हस्ता देख अनीता धीरे से boli,"Sssshhh धीरे".

हालाँकि वह आदमी भी सिचुएशन समझकर धीरे hi है रहा था मगर अनीता नहीं चाहती थी की इस वक़्त कोई जाग जाये इसलिए वह उसे शांत होने के लिए इशारा की.

वह आदमी सिचुएशन समझ कर हंसना बांध कर दिया मगर मुस्कुराते हुए अनीता की कान के तरफ चेहरा लेजाकर धीरे से bola,"Are ु बात hi ऐसा है की हुंका हसी आ गया. ससुरा कैसा लग रहा होगा जब हम अपना लौड़ा पंत के बाहर निकले hi चल रहा होऊंगा".

अनीता को भी वह दृश्य अभी याद आया तो उसके चेहरे पर मुस्कान आ गयी और वह खिड़की के तरफ चेहरा करके मुस्कुराने लगी.

वह आदमी उसका मुस्कुराता देखकर puchha,"Tum तो हमार लौड़ा देख रही थी वैसे चलते वक़्त. बोलो न कैसा लग रहा था जब हम ऐसे लौड़ा निकले चल रहे थे".

अनीता यह सुनकर मुस्कराहट कण्ट्रोल करके उसके तरफ देखकर boli,"Aap भी न. वैसे कोई चलता है क्या और अब पूछ भी रहे हैं की आप कैसे लग रहे थे वैसे चलते वक़्त"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए puchha,"Are हमरे बारे में नहीं, हमर लौड़ा के बारे में पूछ रहा हूँ".

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके उसे देखि और मुस्कुरा कर अपना सर हिलती हुयी boli,"Aap भी न" और वैसे hi मुस्कुराती हुयी खिड़की के तरफ देखने लगी.

वह आदमी अगले पल अनीता की बायीं हाथ जो उसके दये हाथ में था उसे पकड़ कर अपने पंत के ऊपर से लुंड के ऊपर रख दिया तो अनीता बिना शर्म के ऊके तरफ देखकर आश्चर्य से अपनी आँखें बड़ी करके उसे देखि तो वह आदमी मुस्कुरा दिया.

अनीता अपनी हाथ खींची और उसके लुंड से हटाकर वापस खिड़की के तरफ देखने लगी.

वह आदमी उसके तरफ देखते हुए धीरे से bola,"Are बोलो न. याद नहीं है तो हमरा लौड़ा छूलो याद आ जायेगा"

अनीता यह सुनकर बिना शर्म के उसके तरफ देखती हुयी फिर से अपनी आँखें बड़ी कर ली और मुस्कुराती हुयी boli,"Aap भी न. कैसी कैसी बातें करते हैं"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are तो तुम बोलो न की हमरा लौड़ा चलते वक़्त कैसा लग रहा था".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Kaisa lagega?Chalte वक़्त जब वह आपके पंत से बाहर निकले हुए हिल रहा था तो ऐसा लग रहा था मनो कोई काला नाग बिल से बाहर निकल कर फुंफ्कार रहा हो"

अनीता इतना बोलकर चुप होकर गहरी सांस ली. वह आदमी अनीता को गहरी सांस लेते हुए देखकर मुस्कुराते हुए bola,"Kaala नाग? हाहाहा"

वह आदमी फिर हंसने लगा तो अनीता उसके तरफ नाराज़गी से देखती हुयी boli,"Sssshhh धीरे".

फिर वह आस पास देखकर वैसे hi नाराज़गी से boli,"Sabko जगा देने का मैं है क्या आपका?"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are तो तुम बोलोगी की ससुरा हमरा लौड़ा काला नाग लग रहा था तो हसी आवेगा न हुंका"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Aur नहीं तो क्या. इतना काला, मोटा और लम्बा है आपका तो वैसे hi लगेगा न"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Phir से देखना है का हमरा लौड़ा?"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराना बांध करके "न" में सर हिलती हुयी boli,"Nahin".

वह आदमी यह सुनकर अनीता की आँखों से नज़र उसकी चूंकि के तरफ ले गया और उसे देखते हुए दबाने लगा. अनीता उसका नज़र जब अपनी चूंकि पर जाते हुए देखि तो वापस खिड़की के तरफ देखने लगी.

10 सेकंड बाद वह आदमी अनीता की कान के तरफ झुककर धीरे से bola,"Aese तोहार गांड भी बड़ा मस्त है".

अनीता का दिल यह सुनकर धड़क गयी और वह बिना शर्म के आदमी क्व तरफ एक नज़र डालने के बाद एक नज़र आस पास दौड़ाई तो वह आदमी धीरे से bola,"Are सब सो गवा है".

अनीता यह सुनकर उसके तरफ देखकर boli,"Please अब चुप भी कीजिये".

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are का हुआ. तुम हमार लौड़ा का तारीफ की तो हम तोहार गांड का तारीफ कर रहा हूँ".

अनीता यह सुनकर उसे देखती हुयी boli,"Maine जो देखा वह बोलै इसका मतलब यह नहीं की आपको भी कुछ बोलना है".

वह आदमी यह सुनकर उसकी चूंकि दबाते हुए bola,"To हम भी तो तोहार गांड देखा हूँ, पूरा नंगा गांड".

अनीता की दिल यह सुनकर धड़क गयी मगर वह बिना शर्म के उसे देखती हुयी boli,"Lekin मैंने पूछा तो नहीं".

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Isliye तो हम बोल दे रहा हूँ".

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके उसे देखि तो वह मुस्कुरा दिया. अनीता भी जवाब में मुस्कुरा दी और अपनी सर हिलती हुयी boli,"aap भी न" और फिर खिड़की के तरफ देखने लगी मगर दो तीन सेकण्ड्स बाद वापस उस आदमी के तरफ देखती हुयी puchhi,"Aesa आप जान बुझ कर जगह बदले थे है न".

वह आदमी यह सुनकर bola,"Are तोहार जैसी खबसूरत जवान औरत के साथ बैठने का मौक़ा मिला तो हम इहाँ बैठ गवा".

अनीता यह सुनकर थोड़ी कन्फ्यूज्ड होकर उसे देखि फिर मुस्कुरा कर boli,"Main सीट की बात नहीं कर रही हूँ".

वह आदमी इस बार कंफ्यूज होकर अनीता को देखा और फिर puchha,"To?"

अनीता उसे देखती हुयी boli,"Wahi जिस इंसिडेंट मेरा मतलब है जिसके बारे में हम बात कर रहे थे"

वह आदमी यह सुनकर bola,"Tohaar गांड?".

अनीता 'इंसिडेंट' इसलिए नहीं बोली क्यूंकि उसे लगा वह आदमी को इंग्लिश समझ नहीं आएगा मगर उसके जगह 'चीज़' बोलने से उसे अपनी घालतो का एहसास हुआ. सच में जिस इंसिडेंट का बात हो रहा था उसमे चीज़ तो उसकी गांड hi थी.

अनीता यह सोच रही थी की वह आदमी दुबारा bola,"Tohaar गांड जब हम देखा उसके बारे में बोल रही हो?"

अनीता यह सुनकर अपनी सोच से बाहर आयी और बिना शर्म के उसके आँखों में देखती हु तू "हाँ" में सर हिलती हुयी boli,"Haan. आप जान बुझ कर जगह चेंज किये थे न?"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are तो तोहार जैसी खबसूरत जवान औरत का नंगा गांड देखने का मौक़ा कौन मरद छोर सकता है. बाकी लोगो का पता नहीं, लेकिन हम तो तोहार जैसी औरत का गांड देखने का मौक़ा नहीं छोर सकत हूँ. सच में बड़ा मस्त गांड है तोहार. एक दम गोरा, गोल मटोल और बड़ा बड़ा. ससुरा तोहार चूंकि जैसा तोहार गांड भी मस्त है, बड़ा बड़ा".

अनीता यह सुनकर अपनी आंखें बड़ी करके उसे देखि तो वह मुस्कुराते हुए bola,"Are तो तुम भी तो हमरा लौड़ा को काला, लम्बा और मोटा बोली. अब तुम सच बोलो तो हम कहे झूठ बोलूंगा. जैसा तोहार गांड वैसा हम बोलै हूँ".

अनीता यह सुनकर हल्का मुस्कुरा दी तो वह आदमी भी उसे देखकर मुस्कुरा दिया. अनीता एक ऐडा से उसे देखि और boli,"Ab बहोत बातें हो गयी. हमें सोना चाहिए".

इससे पहले वह आदमी कुछ बोलता अनीता अपनी सीट को पीछे करने लगी तो वह आदमी उसे मदद किया. अनीता की सीट जब पीछे हो गयी तो वह उसे देखकर मुस्कुराती हुयी boli,"Thank यू. गुड नाईट".

वह आदमी यह सुनकर उसकी चूंकि को देखा तो अनीता चुप चाप उसे देखती रही और जब वह उसकी चेहरे पर वापस देखा तो वो मुस्कुराकर boli,"Aap भी सो जाइये".

अनीता यह बोलकर अपनी सीट पर पीछे के तरफ पीठ करके लेट गयी.

वह आदमी यह सुनकर अपने लुंड के तरफ इशारा करते हुए bola,"Ee तो जगा हुआ है".

अनीता यह सुनकर उसके तरफ देखि और उसके बात बोलने पर उसके लुंड के तरफ देखि तो वह आदमी अपने पंत का ज़िप खोलने लगा. अनीता यह देखकर आस पास देखि तो सब सोये हुए थे.

अनीता धीरे से boli,"Yeh क्या कर रहे हैं आप".

वह आदमी bola,"Lauda निकल रहा हूँ. देख नहीं रही कितना अकड़ रहा पंत में".

अनीता यह सुनकर कुछ नहीं बोली. वह जानती थी की अब वह आदमी अपना लुंड बाहर निकलेगा hi क्यूंकि उसका लुंड पंत में अकड़ रहा था और ऐसे में पंत में रहना मुश्किल था खास्का इतना बड़ा और मोटा लुंड का.

अनीता आस पास देखकर धीरे से boli,"Aap थोड़ा इधर घूम जाइये नहीं तो कोई देख लेगा".

वह आदमी यह सुनकर उसे देखा और अपना कमर थोड़ा घुमाकर पंत के सामने वाले भाग को अंदर के दिशा में कर दिया.

वह आदमी ऐसा करने के बाद bola,"tum hi निकाल दो हमरा लौड़ा".

अनीता यह सुनकर आश्चर्य से अपनी आँखें बड़ी करके boli,"Nahin आप hi कीजिये. मुझे नहीं करना".

वह आदमी अनीता के उम्मीद के उल्टा दुबारा नहीं पूछा और खुद ज़िप के अंदर हाथ निकल कर अपने लुंड को बाहर निकला. इस पूरा वक़्त अनीता कभी आस पास देखती तो कभी उसके लुंड के तरफ और जब उसका लुंड बाहर निकला तो वह एक बार आस पास देखने के बाद उसके लुंड को hi देखने लगी जो फिर से काले नाग के तरह पंत से बाहर निकला हुआ था.

वह आदमी अनीता के तरफ देखा और मुस्कुराकर धीरे से bola,"Kaala नाग लग रहा है का?"

अनीता यह सुनकर उसे देखकर बिना शर्म के मुस्कुरा दी.

वह आदमी धीरे से bola,"Chhukar देखो न हमरा लौड़ा".

अनीता यह सुनकर उसके तरफ देखकर "न" में सर हिला दी तो वह bola,"Are देखो न. तोहका अच्छा लगेगा. ी तोहार लायक hi लौड़ा है. छोकड़ देख लो एक बार".

यह बोलकर वह आदमी अनीता की बायीं हाथ पकड़ कर अपने लुंड के तरफ खिंचा तो अनीता आस पास देखि और देखने के बाद उसके लुंड के तरफ देखि तब तक वह आदमी उसका हाथ अपने लुंड पर रख दिया.

उसका लुंड पर हाथ पड़ते hi अनीता को हरिया के लुंड का याद आ गया की उसके लुंड भी छूने से ऐसे hi लगता था, बड़ा, मोटा और तगड़ा. वह धीरे धीरे अपना हाथ उसके लुंड पर फेरने लगी.

वह आदमी यह देखकर अपना सीट भी थोड़ा पीछे किया मगर अनीता जितना पीछे नहीं. सीट पीछे करने के बाद वह उस पर पीठ करके आराम से आँख बांध कर लिया.

अनीता उसे देखि तो उसके चेहरे पर एक सुकून का भाव था. अनीता उसके चेहरे पर देखती हुयी उसके लुंड पर हाथ थोड़ा सा फेरने के बाद उसे मुट्ठी में भर ली और धीरे धीरे ऊपर नीचे करने लगी. अनीता देखि की उसके चेहरे पर सुकून के साथ एक मज़ा का भी भाव था.

अनीता यह देखकर अच्छे से उसका लुंड पकड़ कर धीरे धीरे ऊपर नीचे करने लगी.

लगभग 2 मिनट बाद अनीता का मोबाइल विबरते किया. यह महसूस करके अनीता जल्दी से अपनी बैग में हाथ दाल कर मोबाइल निकली. वह वाइब्रेशन के आवाज़ से कोई जाग जाये यह नहीं चाहती थी.

वहीँ वह आदमी अपने लुंड से अनीता का हाथ हट्टे हुए महसूस करके उसके तरफ देखा तो उसे मोबाइल निकलते हुए पाया.

मोबाइल तब तक विबरते करना बांध हो गया था. अनीता दये हाथ से मोबाइल पकड़ी हुयी थी तो वह आदमी उसकी बायीं हाथ पकड़ कर अपने लुंड पर रख दिया. अनीता कोई विरोध नहीं की और उसका लुंड पकड़ कर ऊपर नीचे करने लगी.

वह कुछ सेकंड बाद अपना हाथ उसके लुंड से हटाई तो वह आदमी फिर अनीता के तरफ देखा तो वह आँखों से सामने के तरफ इशारा की.

वह आदमी यह देखकर सामने के तरफ देखा तो अंकित को तीन चार रौ आगे से (वह बाये वाले रौ में बैठा था और अनीता दये वाले रौ में) पीछे मुद कर देखते हुए पाया और जैसे hi वह आदमी का नज़र उस पर पड़ा वह सीट पर सामने देखते हुए सीधा लेट गया.

वह आदमी उसके तरफ देखते रहा और अनीता की हाथ पकड़ कर वापस अपने लुंड पर रख दिया. अनीता भी बेझिझक उसका लुंड पकड़ कर ऊपर नीचे करने लगी.

अनीता के मोबाइल में अंकित का मैसेज आया था और वह यह मैसेज नींद से जागने के बाद पीछे देखा तब किया जब वह आदमी को आँख बांध करके मज़े से मुस्कुराते हुए देखा और उसे हसी आ गया की वह आदमी नींद में मुस्कुरा रहा था.

वह उस आदमी का मज़ाक बनाने के लिए अनीता को मैसेज किया tha,"Bhabhi आप ठीक तो हो? अगर जाएगी हो तो देखो वह गुंडा कैसे नींद में मुस्कुरा रहा है".

अनीता उसका मैसेज पढ़ने के बाद समझ गयी की वह उस आदमी को मज़े से मुस्कुराते हुए देख रहा था जब वह उसका लुंड हिला रही थी. इसलिए जब वह आदमी दुबारा उसका हाथ पकड़ कर अपने लुंड पर रखा तब वह एक पल उसे हिलने के बाद हाथ हटा ली यह सोचकर की कहीं अंकित उसकी हाथ को उसके लुंड पर न देख ले.

अपना लुंड से अनीता का हाथ हटा हुआ महसूस होने के बाद जब वह आदमी अनीता के तरफ देखा तो अनीता अंकित के तरफ आँखों से इशारा की और वह आदमी उधर देखा तो वह डर से सामने देखने लगा.

उसके सामने देखने के बाद वह आदमी अनीता का हाथ पकड़ कर फिर से अपने लुंड पर हाथ रखा तो अनीता बेझिजक उसके लुंड को मुठी में भर कर ऊपर नीचे करने लगी क्यूंकि जिस तरह से वह आदमी सामने देखा था अनीता को पूरा यक़ीन था की अंकित डर से सामने देखने लगा होगा और अनीता को इस बात पर तब यक़ीन हो गया जब वह आदमी मुस्कुराने लगा.

न जाने क्यों अनीता की चेहरे पर भी मुस्कान आ गयी और अगले पल वह आदमी उसे देख कर धीरे से bola,"Sasura डर से सामने देखने लगा".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Aap भी न बस लोगो को डरते रहते हैं".

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता जो सीट पर बैठी हुयी थी अपनी बात बोलने के बाद उस आदमी को मुस्कुराता देख वापस मोबाइल देखकर कुछ टाइप करने लगी.

वह आदमी सीट इंक्लिनेड करके लेता हुआ था और अनीता की सीट भी इंक्लिनेड थी मगर वह बैठी हुयी थी तो उसका पीठ उस आदमी के सामने था. वह आदमी अनीता की बैकलेस कमीज जिसमे उसकी पीठ आधी नंगी थी और जहाँ क्रिस क्रॉस करके स्ट्रिंग्स थी उसे देखा.

अनीता की बाल थोड़ा सा पीछे था वह आदमी उसकी बाल को पकड़ा और सामने के तरफ कर दिया.

अनीता बायीं हाथ से उसका लुंड हिलती हुयी दायी हाथ से अंकित को रिप्लाई ki,"What इस थिस अंकित? सो जाओ. बेवजह का तुम उसी के पीछे पड़े हो. ऐसा न हो की वह फिर से तुम पर गुस्सा हो जाये".

अंकित रिप्लाई diya,"Bhabhi वह फिर से जाग गया और मेरे तरफ गुस्से से देख रहा था गुंडा"

अनीता समझ गयी की अंकित कुछ देर पहले की बार कर रहा था जब वह आदमी उसके तरफ गुस्से से देख रहा था.

अनीता रिप्लाई ki,"Haan तुम मुझे तो जगाये, उसे भी जगा दिए. थिस इस आल अननेसेसरी. सो जाओ और हमें भी सोने दो".

अनीता यह टाइप करने के बाद अपनी पीठ पर हाथ महसूस करके उस आदमी के तरफ देखि तो वह फिर से आँख बांध करके मज़े से मुस्कुरा रहा था. उसको मुस्कुराता देख अनीता उसके लुंड को और अच्छे से हिलने लगी.

इतने में अंकित का मैसेज aaya,"Bhabhi वह गुंडा गुस्सा तो करता है मगर सोते हुए फनी लगता है. देखिये कैसे फिर से सोते हुए मुस्कुरा रहा है".

अनीता समझ गयी की अंकित पीछे hi देख रहा है मगर वह तब तक अंदाजा लगा ली थी की वहां से उस आदमी का चेहरा hi दिखेगा, लुंड नहीं. यह सोचकर अनीता उसका लुंड हिलना बांध नहीं की और रिप्लाई टाइप करने लगी.

अनीता जवाब di,"Ankit थिस इस वैरी बाद. लेट हिम स्लीप होवेवेर हे वांट्स. एक रात की तो बात है फिर वह कहाँ रहेगा और हम कहाँ रहेगा कोई नहीं जानता. व्हाई अरे यू वेस्टिंग योर टाइम एंड माइन अस वेल. ी दो नॉट एक्सपेक्ट थिस टाइप ोड बिहेवियर फ्रॉम यू. जो तो स्लीप."

"ी ऍम सॉरी भाभी. गुड नाईट".

अनीता जवाब दी," गुड नाईट एंड no लुकिंग बैक. जस्ट जो तो स्लीप".

अंकित जवाब diya,"Sure भाभी. सॉरी अगेन".

अनीता जवाब में थम्ब्स उप सेंड की और फिर मोबाइल बैग में रखने लगी.

वह आदमी को पता नहीं क्या हुआ वह आँख खोल कर अंकित के सीट के तरफ देखा मगर वह नहीं दिखा. इसके बाद वह अनीता के तरफ देखा जो बैग का ज़िप लगा रही थी.

अनीता ज़िप लगाकर उसके तरफ देखि तो वह उसे अपने लुंड के तरफ इशारा किया. अनीता उसका इशारा देखकर थोड़ी कन्फ्यूज्ड होकर अपना सर हिलायी जैसे पूछ रही हो "क्या".

वह आदमी धीरे से बोलै," हमरा लौड़ा चुसो".

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके उसे देखि तो वह आदमी उसे देखते हुए आँखों से अपने लुंड के तरफ इशारा किया.
 
अपडेट 57

अनीता उस आदमी के लुंड के तरफ देखने के बाद उसके तरफ देखकर "न" में सर हिलायी तो वह आदमी धीरे से bola,"Are चूस कर देखो तो".

अनीता यह सुनकर फिर से "न" में सर हिलाकर धीरे से boli,"Kaisi बात कर रहे हैं आप. यह सब मैं नहीं करुँगी".

यह सुनकर वह आदमी एक बार अनीता को ऊपर से नीचे गन्दी नज़र से देखा मगर कुछ नहीं बोलै. अनीता चुप चाप अपनी सीट पर पीछे के तरफ होकर सीट पर इंक्लिने करके लेट गयी और वैसे hi लेती हुयी उसका लुंड हिलती रही.

वह आदमी आराम से खुद इंक्लिनेड सीट पर लेता हुआ आराम से अनीता की मुलायम हाथ का स्पर्श अपने लुंड पर महसूस करके मज़ा कर रहा था. अनीता लेती हुयी उसके चेहरे को देखने के बाद उसके लुंड को देखती हुयी उसे हिलती रही. न चाहते हुए भी वह उसके लुंड को देखकर एक बार अपनी होंठों पर ज़बान फिरकर निचली होंठ को दांतों के नीचे भींच ली.

कुछ सेकण्ड्स बाद वह आदमी उसकी चूंकि पर हाथ रखकर हलके से मसलते हुए धीरे से bola,"Tohaar पास तेल है का?".

अनीता एक पल के लिए उसे देखकर सोचने लगी की वह आदमी फिर से उसकी चूंकि दबाते हुए धीरे से bola,"Dekh का रही हो? तोहार पास तेल नहीं है का?"

अनीता का ध्यान फिर से उसके बात पर गया और वह उसके आँखों में देखती हुयी "हाँ" में सर हिलाकर धीरे से boli,"Haan है".

वह आदमी उसकी चूंकि मसलते हुए bola,"Nikalkar हमरा लौड़ा का मालिश करो. चूस नहीं सकती तो काम से काम तेल hi लगाकर मालिश कर दो".

अनीता यह सुनकर आस पास देखि तो वह आदमी धीरे से bola,"Are सब सो गवा है. तुम आराम से हमरे लौड़े का मालिश करके हुंका भी मज़ा दो और खुद भी मज़ा लो".

अनीता का दिल यह सुनकर धड़क गया. वह उसके लुंड को छोर कर अपने बैग से तेल का छोटा बोतल निकलने लगी. वह आदमी अनीता की चूंकि दबाते रहा.

अगले पल अनीता तेल का बोतल निकलकर उसका ढक्कन खोलकत उसके लुंड पर तेल गिराने लगी तो वह आदमी धीरे से bola,"Tum का हमरा जैसा लौड़ा फिर नहीं मिलेगा. असली लौड़ा इहे है, लम्बा और मोटा जो ससुरा पूरा चिर कर अंदर घुसे और तहलका मचा दे".

अनीता का दिल यह सुनकर फिर से धड़क गया और उसकी सांस तेज़ हो गयी. वह उसके लुंड पर तेल गिरती हुयी उसके आँखों में देखकर धीरे से boli,"Please ऐसी बातें मत कीजिये".

वह आदमी उसकी चूंकि दबाते हुए bola,"Are का ग़लत बोलै हूँ. देखो हमरा लौड़ा का लम्बा और मोटा नहीं है?"

अनीता यह सुनकर बिना झिझक एक नज़र उसके लुंड पर ले गयी. वह आदमी उसको अपने लुंड पर देखते हुए उसकी चूंकि दबाते हुए bola,"Tohaar जइसन औरत को ऐसा लौड़ा का प्यास है ी हम जानत हूँ. मगर फिर भी हमरा लौड़ा तुम चूस नहीं रही हो."

अनीता यह सुनकर कुछ नहीं बोली और उसके लुंड पर तेल गिराने के बाद अपने बैग में तेल का बोतल रखने लगी. वह रखने के बाद बिना शर्म के उसके लुंड को पकड़ कर उसपर तेल मलने लगी और उसके तरफ देखकर एक ऐडा से boli,"Meri जैसी औरत के मतलब?"

अनीता यह बोलकर एक ऐडा के साथ वापस सीट पर लेट कर थोड़ा उसके तरफ घूम गयी ताकि अच्छे से लुंड को हिला सके.

वह आदमी अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"Tohaar जैसी औरत मतबल तोहार जैसी जवान, खबसूरत शहर की औरत."

फिर वह अनीता की चूंकि से हाथ नीचे लेजाकर कमीज के ऊपर से hi उसकी पतली कमर और फिर ऊपर के तरफ हाथ लेजाकर उसकी गांड के साइड वाले भाग पर रखकर उसकी बदन का कटाव महसूस करके bola,"Ek तो तुम शहर की औरत सबका ऐसा गरम बदन होता है जो ऊपर वाले ने दिया है ऊपर से अपनी जवानी और ख़बसूरती को बनाकर रखती हो ताकि तगड़ा लौड़ा का मज़ा ले सको. तुम शहरी औरत sab,khaaskar जो तोहार जैसी खबसूरत औरत है जवानी में खूब मज़ा करती हो. अपनी जवानी और ख़बसूरती से तगड़ा लौड़ा वाला मरद लोग को अपना जाल में फंसा कर खूब रंगरेलियां मानती हो तुम शहर की गोरी मेम सब हम सब जानत हूँ. तुम लोगन को लौड़ा बिना रात में नींद नहीं आवत hai.Tum का भी हमरा लौड़ा हिलने में बहोत मज़ा आ रहा है हम जानत हूँ".

अनीता का दिल उसका बात सुनकर धड़कने लगा था मगर इससे पहले वह कुछ कहती वह आदमी उसकी गांड के साइड से हाथ सड़क कर सलवार के ऊपर से उसकी बड़ी मंडल गांड पर हाथ रखकर उसे दबोचते हुए धीरे से bola,"Aur ी में कउनो ग़लत थोड़े है. जब ऊपर वाला इतना खबसूरत बनाया है तो जवानी में रंगरेलियां मानना hi चाहिए. ससुरा तगड़ा लौड़ा वाला मरद लोग को भी तो तोहार जैसी खबसूरत और गरम औरत का ज़रूरत है अपना लौड़ा शांत करने के लिए."

अनीता का दिल तेज़ी से धड़क रहा था और सांस भी तेज़ हो रही थी जो वह आदमी महसूस कर सकता था. अनीता की छूट में भी हलचल शुरू हो गयी थी और उसे उसका तगड़ा और मोटा लुंड को तेल से मालिश करने में भी थोड़ा मज़ा आ रहा था. उसका लुंड का मोटाई अपने हाथों में महसूस करके उसे अच्छा लग रहा था.

अनीता को उसका लुंड का मालिश करने में अच्छा तो लग रहा था मगर उसका यह कहना की शहर की औरतें तगड़ा लौड़ा लेने के लिए बेचैन रहती है और उन्हें रोज़ तगड़ा लौड़ा चाहिए होता है यह बात सुनकर अटपटा लगा.

वह उसे थोड़ी नाराज़गी से देखती हुयी boli,"Ji वैसी बात नहीं है. ज़रूरी थोड़ी है की सबको हर रात वही चाहिए और उसके बिना नींद hi न ए. पता नहीं आपने यह कैसे सोच लिया. हाँ हो सकता है कुछ औरतें वैसी हो लेकिन गेनेरलीज़े तो नहीं कर सकते न."

अनीता यह बोलते हुए भी उसका लुंड का मालिश कर रही थी. वह आदमी उसकी गांड मसलते हुए bola,"Are तो हम कउनो ग़लत थोड़े बोल रहा हूँ. जब ऊपर वाला गरम जवानी दिया है तो जवानी का मज़ा तो लेना hi चाहिए. अब हुंका इतना तगड़ा लौड़ा दिया है ऊपर वाला तो हम भी तो मज़ा करता हूँ. वैसे hi तोहार जैसी खबसूरत औरत को इतना गरम जवानी मिला है तो मज़ा करना hi चाहिए. ी में का ग़लत है. अब ससुरा जवानी में मज़ा नहीं करेगा तो कब करेगा. तुम भी तो गरम जवान औरत हो. तुमका अगर हमरे जैसा तगड़ा लौड़ा चाहिए तो ी में का ग़लत है. तोहार मैं है तो हमरा लौड़ा चूस लो".

अनीता का दिल यह सुनकर धड़क गया. वह समझ गयी की उससे बहस करके कोई फायदा नहीं तो वह बस "न" में सर हिला दी.

वह आदमी यह देखकर वापस आँख बांध कर लिया और अनीता की खूबसूरत हाथ से लुंड की मालिश का मज़ा लेने लगा.

अनीता उसका लुंड का मालिश करती हुयी उसे एक पल के लिए देखने लगी. हालांकि अनीता को उसका गेनेरलीसे करने वाला बात अच्छा नहीं लगा मगर उसका यूँ खुल्लम खुल्ला अपने सोच को व्यक्त करना बिना कोई दिखावा का यह अच्छा लगा.

जिस कॉन्फिडेंस से वह अपना बात रखा था अनीता को यह अच्छा लगा था और उसका गेनेरलीसे करने के बावजूद भी की उसके जैसी खूबसूरत शहर की औरतों को तगड़ा लुंड चाहिए होता है और शायद वह आदमी उसे भी वैसा hi औरत समझ रहा था अनीता उसके लुंड को मालिश करना नहीं छोरी.

अनीता को यह भी अच्छा लगा की गेनेरलीसे करने के बावजूद की उसके जैसी शहर की खूबसूरत औरतों को तगड़ा लौड़ा चाहिए होता है वह आदमी इस बात को ग़लत नहीं समझ रहा था और इसे सही hi ठहरा रहा था. अनीता को उसके बात में एक मॉडर्न ख्याल झलक रहा था की जिसका जो मर्ज़ी वह करे उसमे कुछ ग़लत नहीं है.

फिर अनीता उसके गेनेरलीसाशन पर सोचने लगी की शायद वह आदमी कुछ शहरी औरतों से मिला होगा और उनके साथ सोया होगा इसलिए ऐसा सोच रहा होगा की सब शहर की औरतें वैसे hi होती है और फिर वह खुद भी तो उसके लुंड की मालिश कर रही है तो यह तो उसे यक़ीन दिलाएगा hi की उसके जैसी शहर की जवान और खूबसूरत औरतों को उसके जैसा तगड़ा लौड़ा चाहिए होता है.

अनीता का दिल यह सोच कर फिर से धड़क गया लेकिन उसे शर्म नहीं आयी. वह खुद को सही साबित करने के लिए सोचने लगी की वह आदमी तो जानबूझ कर उसके बगल में बैठा था, तब तो वह ऐसा कुछ नहीं की थी की उस आदमी को लगे की उसे उसका लौड़ा चाहिए.

वह तो खुद उसके बगल में बैठा था और उसे छेड़ रहा था. फिर वह अपना लुंड निकल कर उसे दिखने लगा और पकड़ा भी दिया. इसमें उसकी क्या ग़लती है. अगर वह उसका लुंड की मालिश नहीं करती तो वह बातें बनाते रहता और जब तक वह उसका लुंड नहीं पकड़ती वह वैसे hi मनमानी करता. बात बढ़ने से अच्छा है की वह थोड़ा उसके लुंड को सेहला दे. सब सो गए हैं और अँधेरा भी है ऐसे में वह थोड़ा उसका लुंड की मालिश कर देगी तो क्या hi हो जायेगा.

हरिया के तरह यह आदमी के पास भी तगड़ा लौड़ा है ऐसे में इसका भी तो दिल करता होगा की कोई खूबसूरत औरत इसके लौड़े को प्यार से सहलाये. शायद एहि सोच कर वह उसके बगल में बैठा था. वह उसे खूबसूरत और जवान औरत लगी थी इसीलिए तोह उसके बगल में बैठा है. यह सोचकर अनीता की चेहरे पर एक गर्व का भाव आ गया अपनी ख़ूबसूरती और जवानी पर.

अनीता को गर्व होने लगा अपनी जवानी और ख़ूबसूरती पर यह सोचकर की इस उम्र में भी उस आदमी का लौड़ा उसे देखकर बेचैन हो गया इसलिए तो वह उसके बगल में बैठा था. ऐसे में वह अगर उसके लौड़े का मालिश नहीं करेगी तो यह तो उसके मर्दानगी का तौहीन होगा. वह उसकी जवानी और ख़ूबसूरती का तारीफ कर रहा है तो बदले में वह उसकी मर्दानगी की तौहीन कैसे कर सकती है.

इस उम्र में भी वह कैसे दबंगई कर रहा है और चाहता तो अपने दबंगई से किसी और औरत के पास वह बैठ सकता था मगर वह उसके बगल में hi बैठा क्यूंकि वह जानता था की उसके जैसे मर्द को उसके जैसी मॉडर्न और पढ़ी लिखी औरत hi समझ सकती है. ऐसे में वह अगर उसके लौड़े को प्यार से थोड़ा मालिश नहीं करेगी तो बाकी पुराने ख्याल की औरतों और उसमें क्या फ़र्क़ रह जायेगा.

अनीता उसके दबंगई और हिम्मत से प्रभावित होने लगी थी और ऊपर से उसका तगड़ा लुंड को पकड़ने के बाद उसके मर्दानगी को भी मैंने लगी थी. उसे उसके तगड़े लुंड का मालिश करना अच्छा लगने लगा था, अच्छा क्या बल्कि गर्व हो रहा था उसे अपने ऊपर की इस पुरे बस में सिर्फ उसे वैसा तगड़ा लुंड का मालिश करने का मौक़ा मिला था. उसे उसका लुंड कहीं न कहीं हरिया का लुंड का भी याद दिला रहा था.

अनीता यह सब सोचते हुए उसके लुंड को देखि और उसे और भी अच्छे से पकड़ कर उसमे तेल मलते हुए मालिश करने लगी. वह आदमी आँख बांध किये उसकी चूंकि दबाते हुए लुंड की मालिश का मज़ा ले रहा था.

कुछ देर बाद वह आदमी आँख खोला और अनीता की आँखों में देखा. अनीता भी उसे देखती हुयी उसके लुंड को मालिश करती रही. वह आदमी उसकी चूंकि को देखा और अगले पल उस पर मुंह रखकर कमीज के ऊपर से hi उसकी चूंकि को मुंह में भरने का कोशिश करते हुए उस पर ज़बान फिरने लगे.

अनीता इस अचानक हमले के लिए तैयार नहीं थी और आस पास देखती हुयी उसका बाल पकड़ कर धीरे से boli,"please यह सब मत कीजिये".

वह आदमी उसकी चूंकि को मुंह से नहीं निकला तो वह उसका बाल पकड़ कर हटते हुए धीरे से boli,"Please मत कीजिये".

वह आदमी उसे देखा और धीरे से bola,"Are हुंका दूध पीना है".

अनीता यह सुनकर बिना शर्म के उसका लुंड को मालिश करती हुयी boli,"Yeh सब मत कीजिये प्लीज. आपको पीना है तो बियर पि लीजिये जो आप खरीदे हैं".

वह आदमी यह सुनकर bola,"U तो हम तोहार जाने के बाद पियूँगा. अभी तो तोहरा ी चूंकि का दूध पियूँगा हम".

इससे पहले अनीता कुछ बोलती या रियेक्ट करती वह आदमी वापस उसकी चूंकि को मुंह में भरने का कोशिश करते हुए उस पर ज़बान फिरने लगा. ऐसा होने पर अनीता आस पास देखि मगर उसका सर अपनी चूंकि से नहीं हटाई और उसका लुंड को मालिश करती रही.

लगभग 30-40 सेकण्ड्स बाद अनीता boli,"bas हो गया अब हटाइये अपना मुंह".

वह आदमी यह सुनकर नहीं हटा. अनीता एक बार और उससे बोली तो भी वह नहीं हटा तो अनीता फिर से उसका बाल पकड़ कर अपनी चूंकि से हटा दी और उसे थोड़ी सख्ती और नाराज़गी से देखि.

वह आदमी भी उसकी चूंकि मसलते हुए धीरे से bola,"Are कहे को इतना गुस्सा हो रही हो. तोहार दूध hi तो पी रहा हूँ हम".

अनीता यह सुनकर धीरे से boli,"Haan तो हो गया अब".

इससे पहले वह आदमी कुछ बोलता किसी का मोबाइल बजने लगा. यह सुनकर अनीता उसके लुंड से हाथ हटा ली और आस पास देखि तो बगल वाले सीट में मोबाइल बज रहा था. अनीता यह देखकर जल्दी से उस आदमी का लुंड पकड़ कर पंत में दाल दी और उसका ज़िप लगा दी तो वह आदमी bola,"Ee का करात हो? हमरा लौड़ा का मालिश करके पानी निकालो".

अनीता यह सुनकर अपनी आँखों बड़ी करके नाराज़गी से उसे देखि और फिर अपनी आँखों से बगल वाले सीट पर इशारा की तो वह आदमी देखा की बगल वाले सीट पर एक बूढ़ा आदमी अपने कुर्ते से मोबाइल निकल रहा था.

यह देखकर वह आदमी अनीता से bola,"Are तो ु मोबाइल में बात करके सो जायेगा. ऐसे भी अँधेरा है. ु तोहका हमरा लौड़ा का मालिश करते हुए देख नहीं पायेगा".

अनीता यह सुनकर उसके तरफ फिर से बड़ी आँख करके देखि और थोड़ी नाराज़गी वाले लहजे में boli,"Nahin अब हो गया. मैंने अच्छे से मस्सगे कर दिया है. अब सो जाइये और मुझे भी सोने दीजिये".

वह आदमी यह सुनकर अनीता को देखने लगा तो अनीता उसे boli,"Good नाईट" और फिर ऊपर के तरफ चेहरा करके आँख बांध करने hi वाली थी की वह उस आदमी के तरफ देखि जो उसकी चूंकि का उभार देख रहा था और देखते हुए अपने होंठों पर ज़बान फिराया.

अनीता उसे उसकी चूंकि को देखते हुए होंठों पर ज़बान फिरते हुए देख ली और देखने के बाद boli,"Aap भी सो जाइये".

वह आदमी उसे देखा तो अनीता मुस्कुराई और फिर से "गुड नाईट" बोलकर आँख बांध कर ली. वह आदमी अनीता की उभरी हुयी बड़ी चूंकि को देखने लगा.

वह बगल वाले सीट पर देखा तो वह बुद्धा धीरे धीरे आवाज़ में फ़ोन पर किसी से बात कर रहा था. लगभग आधे घंटे तक वैसे hi हुआ तब तक वह आदमी का खून भी थोड़ा ठंडा होने लगा था और नींद आने लगी थी. अनीता सो चुकी थी.

अनीता का जब नींद टुटा तो देखि की उसकी चूंकि उस आदमी के मुंह में है और वह भी सो रहा था. यह देखते hi अनीता थोड़ी घबरा गयी और आस पास देखि तो सब लोग सो रहे थे. अनीता अंदाज़ा लगायी की वह आदमी उसके सोने के बाद उसकी चूंकि को मुंह में लिया होगा और वैसे hi सो गया.

उसकी कमीज चूंकि के एरिया में उस आदमी के थूक से भींग गयी थी और एहि कारण है की उसकी नींद टूट गयी थी.

अनीता जब देखि की कोई जगा हुआ नहीं है तो वह अपनी चूंकि से उसका मुंह हटाने के बजाये अपनी मोबाइल निकाल कर टाइम देखि तो सुबह के 4:30 बजे थे.

अनीता मोबाइल रखने के बाद उस आदमी के तरफ देखि जो चैन से उसकी चूंकि को मुंह में लिए हुए सो रहा था. अनीता न जाने क्यों मगर यह देखकर मुस्कुरा दी और मैं hi मैं boli,"Mere सोने के बाद भी मुझे चैन से रहने नहीं दिए और मेरी बूब्स को मुंह में भरकर मेरी कमीज को गिला कर दिए. सच में यह मर्द भी न".

अनीता फिर एक नज़र आस पास देखने के बाद उसके बाल पर हाथ रखकर बहोत आराम से उसका सर अपने चूंकि से हटा दी. वह फिर टिश्यू पेपर निकल कर अपनी चूंकि के ऊपर का कमीज को पोंछ दी. हालांकि भीगा हुआ अभी भी लग रहा था मगर थूक पोंछ देने से जल्दी सूखने का चांस था.

अनीता एक नज़र फिर उसके पंत के उभर के तरफ देखि जो सुबह सुबह फिर से उभरा हुआ था. अनीता आस पास देखि और फिर एक बार खुद से उसके पंत के ऊपर से लुंड के ऊपर हाथ रखकर उसके सख्ती को महसूस की. सच में उसका लुंड बहोत मोटा, लम्बा और तगड़ा था, हरिया के जैसा.

उसका लुंड पर हाथ फेरने से अनीता का दिल धड़क गया और वह जल्दी से वहां से हाथ हटाकर मैं में sochi,"Main भी क्या कर रही हूँ. मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए".

और फिर वह एक बार आस पास देखकर अपनी बैग से वेट वाइप्स निकल कर अपनी खूबसूरत चेहरे को पोंछने लगी और अगले कुछ मिनट तक वह अपनी चेहरे को फ्रेश करने में hi लगी रही. अनीता की ख़ास बात यह थी की वह नार्मल ोक्सासिओं पर ज़्यादा मेक उप नहीं करती थी और उसकी ज़रूरत बुइ नहीं पड़ती थी उसे. वह नैचुरली hi बहोत गोरी थी और चेहरा पर कोई दाग भी नहीं था.

थोड़ी देर के बाद बस स्टैंड पर पहुँच गयी. सब पैसेंजर्स उतरने लगे. अनीता उस आदमी के तरफ देखि जो सोया हुआ था. वह कुछ सोचकर उसे कंधे पर हाथ रखकर उठा दी. अंकित उसे पहले hi मैसेज कर चूका था की वह आगे बैठा है तो उतर कर लगेज निकलवायेगा और अनीता आराम से भीड़ काम होने पर उतर सकती है.

वह आदमी उठा तो देखा की सब उतर रहे हैं. फिर वह आँख मलकर अनीता के तरफ देखा तो वह मुस्कुराती हुयी boli,"Good मॉर्निंग".

वह आदमी का आँख थोड़ा लाल हो चूका था. अनीता समझ गयी की वह देर सो सोया होगा इसीलिए आँख लाल है. अनीता यह भी समझ गयी की उसकी जवानी देखकर उसे नींद नहीं आ रही थी और उसका खून खौल रहा होगा उसे अपने बगल में सोये हुए देखकर. शायद इसलिए hi वह बाद में उसकी चूंकि मुंह में लेकर चूसने लगा होगा हुए चूसते चूसते सो गया होगा.

वह आदमी उसे देखकर कुछ बोलै नहीं और सर सहमति में हिलाया. अनीता उसे एक नज़र देखि और फिर पैसेंजर्स को उतारते हुए देखने लगी.

वह पैसेंजर्स को देख hi रही थी की वह आदमी धीरे से bola,"Jab कउनो मरद को उठाना हो तो लौड़ा पकड़ कर उठाना चाहिए. या तो लौड़ा चूसते हुए या हिलाते हुए".

अनीता का दिल यह सुनकर धड़क गया और वह उस आदमी के तरफ देखि. वह आदमी उसे देखते हुए धीरे से bola,"Aur तोहार जैसी जवान औरत को तो सोने से पहले और जागते hi लौड़ा का सेवा करना चाहिए".

अनीता का दिल और सांस यह सब सुनकर तेज़ हो रही थी और जब वह पूरा बात बोलै तो वह अपनी आँखें बड़ी करके उसे देखि और एक पल देखने के बार boli,"Humein उतरना चाहिए".

वह आदमी यह सुनकर bola,"Abhi बाकी लोग को उतरने दो. तब तक तुम हमरा लौड़ा को सेहलाओ".

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके देखि और धीरे से boli,"Ab जो हो गया सो हो गया. अब मैं कुछ नहीं करुँगी".

वह आदमी धीरे से bola,"Are तो हम कौन सा बोल रहा हूँ की चलकर हमरा बिस्तर गरम करो. थोड़ा सा लौड़ा को प्यार से सेहला दो जाने से पहले. कसम से तोहार जैसी गरम जवान औरत के साथ हुंका मज़ा आ गया".

अनीता को न जाने क्यों उसका गंदे तरीके से तारीफ करना अच्छा लगा और उसे लगा की जाने से पहले वह उसके लौड़े को थोड़ा सेहला hi देगी तो क्या हो जायेगा. अनीता यह सुनकर एक नज़र सामने देखि और फिर उसके लुंड पर पंत के ऊपर से हाथ रखकर सहलाने लगी.

वह आदमी भी उसकी चूंकि दबाने लगा और अनीता कुछ ऐतराज़ नहीं की. कुछ सेकण्ड्स ऐसे होने के बाद जब पूरा पैसेंजर उतर गया तो अनीता उठते हुई boli,"Ab हमें चलना चाहिए".

वह आदमी यह सुनकर अपना सर हिलाते हुए bola,"apna नंबर तो दे दो".

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके उसे देखती हुयी boli,"Ji जो हो गया सो हो गया. नंबर नहीं दे सकती मैं"

वह आदमी अनीता के उम्मीद के उल्टा मान गया और अपने पॉकेट से एक पेपर निकल कर उसे देते हुए bola,"Ee हमार नंबर है. अगर तोहार तगड़ा लौड़ा लेने का मैं करे तो हुंका फ़ोन करना".

अनीता यह सुनकर boli,"Ji मुझे कुछ नहीं चाहिए. जो हो गया सो हो गया".

अनीता यह बोलकर उठ चुकी थी. अगले पल वह आदमी उसकी गांड पर हाथ रखकर उसे दबाते हुए bola,"Are रख को. इतना बड़ा गांड है तोहार. हमरा जैसा लौड़ा hi ीका सेवा कर पायेगा. रख लो नंबर".

अनीता यह सुनकर उसे फिर से आंखें बड़ी करके देखि और सर हिलती हुयी boli,"Aap भी न हर चीज़ में मनमानी करते रहेंगे. ले लेती हूँ मगर कॉल की उम्मीद मत कीजियेगा".

वह आदमी उसे कागज़ देने के बाद उस हाथ से अपने पंत के ऊपर से लुंड मसलने लगा तो अनीता उसके लुंड के तरफ देखि. अब वह आदमी दये हाथ से अनीता की गांड मसल रहा था और बाए हाथ से अपना लुंड. अनीता बिना शर्म के उसके लुंड को देखने के बाद उसे देखि तो वह मुस्कुरा दिया.

अनीता भी बेशर्मी से मुस्कुराकर boli,"Ab बस से उतरना नहीं है क्या?"

यह सुनकर वह आदमी अनीता की गांड देखा और उसे मसलते हुए अनीता की आँखों में देखते हुए bola,"Ledij फास्ट" और मुस्कुरा दिया.

अनीता भी यह सुनकर मुस्कुरा दी और मुस्कुराती हुयी boli,"Aap भी न" और अपना सर हिलती हुयी उसके तरफ अपनी गांड करके सामने के तरफ देखती हुयी बाहर निकलने लगी.

अनीता जैसे hi उसके मुंह के सामने गयी उसकी चेहरे पर मुस्कराहट आ गयी और वह सामने देखती हुयी boli,"Aap भी न. जान बुझ कर लेडीज फर्स्ट बोलते है और फिर निकलने नहीं देते हैं".

अनीता की गांड को वह आदमी फिर से दोनों तरफ से पकड़ कर उस पर मुंह रगड़ने लगा था. अनीता सामने देख रही थी और बस में कोई नहीं था.

अनीता की मुस्कराहट के बाद उसकी आँखें बड़ी हो गयी और सांसें तेज़ हो गयी जब वह आदमी उसकी गांड के पास से कमीज हटाकर उसकी सलवार के ऊपर से उसकी गांड की दोनों भागो को पकड़ कर फैला कर उसकी गांड की दरार में अपना मुंह रगड़ने का कोशिश करने लगा.

अनीता एक बार गेट के तरफ देखने के बाद अपनी गांड हिलती हुयी धीरे से boli,"Yeh आप क्या कर रहे हैं? छोड़िये और मुझे जाने दीजिये".

वह आदमी यह सुनकर भी उसकी गांड नहीं छोड़ा और अनीता अपनी गांड हिलाकर हटने का कोशिश करने लगी मगर उस आदमी का पकड़ मज़बूत था. अनीता हटने के लिए गांड हिला रही थी तो वह आदमी भी साथ साथ अपना चेहरा उसकी गांड पर रगड़ रहा था.

अनीता पीछे घूमकर उसे देखि और धीरे से boli,"Ab हो गया. हमें बस से उतरना चाहिए".

वह आदमी अनीता की गांड की दोनों भागो को पकडे हुए अपना चेहरा उसकी गांड से हटाकर ऊपर के तरफ देखते हुए bola,"Are चलता हूँ, मगर जाने से पहले ी अपना गांड थोड़ा मटकाओ. इतना बड़ा गांड है, हमरे जैसा मरद के सामने नहीं हिलाओगी तो कउनो नामरद के सामने हिलाओगी का जिसका तोहार जवानी देखकर लौड़ा खड़ा भी न होये"

अनीता का दिल यह सुनकर धड़कने लगा. वह आदमी यह बोलकर वापस अनीता की गांड की दरार में घुसा दिया. अनीता देखि की गेट के पास कोई नहीं था तो वह सामने का सीट पकड़ ली और अपनी गांड को थोड़ा पीछे करके हिलने लगी.

अनीता अपनी कमर को थोड़ा आर्च कर दी और अपनी गांड को कभी दये बाए तो कभी ऊपर नीचे करके हिलने लगी. वह आदमी अनीता की गांड से हाथ हटा दिया और सर भी उसकी गांड से हटा दिया तो अनीता पीछे देखि.

वह आदमी अपना सर पीछे सीट पर रख दिया और अनीता की गांड की दोनों भागो को पकड़ कर थोड़ा हिलाकर अपने होंठों पर ज़बान फिरकर अनीता को देखा और उसके दोनों साइड से हाथ लेजाकर सामने वाले सीट के ऊपर रखे अनीता की दोनों हाथो को पकड़ लिया.

अनीता यह देखने के बाद सामने देखि और फिर अपनी गांड को पीछे करके उसके चेहरे पर सटाकर अपनी गांड हिलने लगी. धीरे धीरे अनीता उस आदमी के चेहरे पर गांड रगड़ती हुयी उसे अपनी गांड और सीट के बीच दबाने लगी और अनीता के चेहरे पर गर्व का भाव आ गया की अब उस आदमी का सांस उसकी गांड के रहमो करम पर है.

वह एहि सोच कर मुस्कुरा दी और आगे सीट पर उसके दोनों हाथों के ऊपर अपनी हाथों को रखकर उसके उँगलियों में अपनी उंगलियां लॉक कर दी और टाइट से पकड़ कर अपनी गांड को पूरा पीछे तेल कर उसके चेहरे को अपनी गांड और सीट के बीच दबा कर गांड को गोल गोल घूमने लगी और मुस्कुराने लगी. वहीँ उस आदमी को अपने चेहरे पर अनीता की गांड की मुलायम त्वचा महसूस होकर अच्छा लग रहा था और खून गरम होने लगा था.

अनीता अपनी गांड हिलना कुछ सेकण्ड्स बाद बांध की जब वह आदमी अपना चेहरा दाए बाये करने लगा. अनीता यह महसूस करके मुस्कुराती हुयी पीछे देखि और अपनी गांड को उसके चेहरे से हटा दी तो वह आदमी भी मुस्कुराते हुए bola,"Tohaar गांड में अजीब नशा है. ससुरा नशा चढ़ गया हमरा ऊपर तोहरे गांड का".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी अपनी चेहरे पर गर्व का भाई लाकर boli,"To अपने चेहरे को धोकर नशा उतर लीजिये. मैं चली अब" और अपनी बैग से वेट वाइप निकाल कर उसे देती हुयी boli,"Yeh लीजिये चेहरा पोंछ कर अपना नशा उतार लीजिये. पता नहीं मेरे सोने के बाद अपने बियर पीकर नशा कर लिया हो".

वह आदमी अनीता की हाथ से वेट वाइप लेकर bola,"Are हम तो तोहरा सोने के बाद तोहार दूध पिया हूँ. ससुरा ु भी बहोत नशीला है. तोहार गांड और चूंकि दोनों में बहोत नशा है".

अनीता यह सुनकर अपनी आंखें बड़ी करके उसे देखि तो वह मुस्कुराकर bola,"Ee ससुरा भीगा हुआ पेपर भी रखती हो तुम. मतलब मूतने के बाद और हगने के बाद पोंछने का इंतज़ार करके चलती हो".

अनीता का दिल यह सुन्न कर धड़क गया. वह आदमी बात कहाँ ले जायेगा वह सोची नहीं थी. वह तो उसे चेहरा पोंछने के लिए दी थी मगर बात कहीं और चला गया. अनीता यह सोच hi रही थी की वह आदमी आगे bola,"Jab सब इंतज़ाम राखी hi थी तो बाहर मूतने या हगने से क्यों मन कर रही थी. तुम का तो हगना भी होता तो इससे पोंछ लेती. सब तो तोहार पास इंतज़ाम था hi. हुंका बेवजह का नखरा करके परेशां कर रही थी तुम. तुम शहरी औरत लोग के पास सब होने के बाद भी नखरा रहता है. ससुरा गांड और छूट दोनों पोंछने का इंतज़ाम राखी थी तुम".

अनीता यह सब सुनकर थोड़ी परेशानी से उसे देख रही थी की वह बात को कहाँ से कहाँ ले गया मगर वह सफाई देने का ज़रूरत नहीं समझी. वह बातें बनाते रहेगा इससे अच्छा है वह अब चली जाये. जैसे hi वह आखरी बात पर छूट और गांड बोलै अनीता की छूट में अजीब सा सनसनी महसूस हुआ और लगा जैसे उसकी छूट में चींटिया रेंगने वाली हो.

अनीता जैसे तैसे खुद को संभाली और गहरी सांस लेकर उससे boli,"main चलती हूँ" और यह बोलकर वह अपनी गांड से उसके चेहरे को पीछे के तरफ धकेल दी और मुस्कुराती हुयी एक गहरी सांस लेकर अपनी गांड को नार्मल से ज़्यादा मटकती हुयी बस से बहार निकल गयी. आगे चलकर अंकित के साथ वह उसके हॉस्टल के गेट तक गई और फिर उसे छोड़ कर एक गाडी रिज़र्व करके दो घंटे का सफर करके अपनी घर पहुँच गयी.
 
अपडेट 58

अनीता जिस रात आयी उसी रात राज उसे छोड़ा और अनीता भी खुलकर अपने पति से चूड़ी. अनीता जाने से पहले hi चूड़ी थी जिसके कारण उसे चूड़े हुए 5 दिन हो चुके थे. आते वक़्त सफर में उस आदमी का इतना लम्बा और मोटा लुंड का मालिश करने के बाद उसे रात में छोड़ने का मैं था और राज भी उसे छोड़ा उस रात मगर खुलकर छोड़ने के बावजूद अनीता को बार बार उस आदमी और हरिया का मोटा और लम्बा लुंड याद आ रहा था की उन दोनों का लुंड कैसे इतना मोटा और लम्बा है. हालांकि राज का लुंड भी एवरेज से बड़ा और मोटा था मगर उन दोनों का लुंड कहीं ज़्यादा मोटा और लम्बा था.

अनीता जैसे तैसे उन दोनों के लुंड का ख्याल अपने मैं से निकलने का कोशिश की और कुछ हद्द तक सफल भी रही मगर फिर भी कभी कभी ख्याल में आ hi जा रहा था. अगले दिन अनीता नार्मल तरीके से दिन बीते.

उसके अगले दिन, मतलब वापस आने के दो दिन बाद अनीता मार्किट गयी. राज नोर्मल्ली दाल, चावल, आता यह सब संडे को महीने में एक बार मार्किट से लाकर रख देता था और अनीता को सिर्फ सब्जियां लानी होती थी मगर पिछले संडे को वह लोग इंगेजमेंट में चले गए थे और उसके बाद राज को टाइम नहीं मिला तो अनीता उससे बोली की वह दुकानदार से बोलकर खुद मंगवा लेगी इस बार.

एहि सोच कर अनीता मार्किट गयी थी मगर वह थोड़ी परेशां हो गयी की कोई दुकानदार घर तक aata,chawal,daal वगैरह पहुँचाने के लिए तैयार नहीं tha.Anita को लगा था की दूकानदार घर तक सामान पहुँचाने का सर्विस देते होंगे मगर वैसा नहीं था.

अनीता चुप चाप सब्जियां और बस थोड़ा सा आता और चावल लेकर ऑटो स्टैंड के तरफ चलने लगी की तभी उसे हरिया एक पान दूकान पर पान खता दिखाई diya.Anita को न जाने क्यों मगर हरिया के दिखने से थोड़ा अच्छा laga.Wo उधर देख hi रही थी की तभी हरिया पान को मुंह में ठूंस कर चुना खाने वाला hi था की उसे भी अनीता दिखाई दी और वो उसे देखकर मुस्कुराते हुए चुने को मुंह में रखकर अपने हाथ को गमछे में पोंछ कर अनीता को ऊपर से नीचे देखने लगा.

अनीता भी हरिया को देखकर मुस्कुरा दी और फिर जब हरिया उसे गन्दी नज़र से देखने के बाद उसके तरफ आने लगा तो उसे आता देख अनीता भी धीरे धीरे चलने लगी और अपनी गांड की नाटक बढ़ा दी.

हरिया तेज़ी से उसके पास आया और पान चबाते हुए poochha,"are मेमसाहब आप?" तो अनीता थोड़ा एक साइड में कोने में कड़ी होकर उसके तरफ देखकर मुस्कुराती हुयी boli,"haan हरिया जी मैं".

हरिया फिर अनीता को देखकर bola,"kaa बात है मेमसाहब आप थोड़ी परेशां दिख रही है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"are नहीं हरिया जी वैसी कोई बात नहीं".

हरिया एक बार अनीता को नीचे से ऊपर तक गन्दी नज़र से घूरकर वापस उसकी चेहरे पर देखा और उसकी कमर पर हाथ रखकर उसे सहलाते हुए bola,"memsaahab हुंका लग रहा है की आपको कउनो चीज़ का परेशानी है. हमरे होते हुए आपको कउनो चीज़ का परेशानी हो ी हुंका मंजूर nahin.Boliye न का बात है? हमसे मत छुपाइये. हम ग़रीब का बस में जो होगा हम करूँगा आपका परेशानी दूर करने के लिए"

अनीता को हरिया का यह बोलना की वह भले hi ग़रीब है मगर उसकी मदद करेगा यह अच्छा लगा और वह मुस्कुराती हुयी boli,"are नहीं हरिया जी कुछ ख़ास बात nahin.Wo दरअसल मेरे hubby,mera मतलब मेरे पति थोड़ा बिजी हो गए हैं काम mein.Unhe टाइम नहीं मिल रहा की आता चावल दाल यह सब खरीद कर रख de.Woh सुबह जाते हैं और रात में आते हैं तो मैंने उन्हें कह दिया की मैं दूकान से दुकानदार को बोलकर घर पहुँचाने बोल dungi,magar यहाँ कोई दुकानदार तो घर पहुँचाने को तैयार hi नहीं".

हरिया अनीता की बात सुनते हुए उसकी नंगी कमर को आराम से सेहला रहा था और अनीता भी बिना बुरा मने चुप चाप हरिया से बात कह रही थी.

हरिया यह सुनकर अनीता की कमर पकड़ कर उसको थोड़ा नज़दीक खींचते हुए bola,"Bas मेमसाहब इतनी सी बात के लिए आप परेशां हो gayi.Saahab बड़े आदमी हैं उनको काम रहता hai.Unko काम करने दीजिये".

हरिया अनीता की कमर से हाथ नीचे उसकी गांड पर ले जाकर उसे दबाते हुए अनीता की जिस्म को एक बार फिर गन्दी नज़र से देखते हुए उसकी गांड पकडे हुए अपने और करीब खींचते हुए bola,"aapka ख्याल रखने के लिए हम तो हूँ hi.Humre रहते हुए आपको कउनो चीज़ का परेशानी नहीं hogi.Hum हमेशा आपका मदद करूँगा memsaahab,bas बोलिये तो आपको कब और किस चीज़ की ज़रुरत है".

हरिया अनीता की गांड दबा रहा था और अनीता बिना शर्म के हरिया का बात सुनकर एक नज़र आस पास देखकर अपनी खूबसूरत गोरी हाथ को हरिया के शर्ट के खुले बटन से झांकता हुआ उसके सीने पर रखकर उसे सहलाती हुयी मुस्कुराकर boli,"Haan हरिया जी आपके रहते हुए मुझे चिंता करने की ज़रुरत नहीं. आप तो हमेशा मेरी मदद करना चाहते हैं."

हरिया यह सुनकर उसकी गांड दबाते हुए उसका दूसरे हाथ को पकड़ कर अपने पंत के ऊपर से लुंड पर रखकर bola,"haan मेमसाहब हम हर तरीके से आपका मदद करना चाहते hain,bus आप हमसे बोलकर तो dekhiye,magar आप हमसे खुल कर कुछ बोलती hi नहीं. माना की हम ग़रीब हूँ लेकिन जो बस में होगा वह तो आपके लिए हम कर hi सकता हूँ".

अनीता यह सुनकर हरिया के लुंड को सहलाती हुयी उसके सीने पर अपनी उँगलियों को फिरती हुयी मुस्कुराकर boli,"haan हरिया जी मुझे आपको बोलना चाहिए था की आप मेरी मदद kijiye,magar आप भी तो काम में बिजी रहते हैं na,to इसीलिए मैंने सोचा की बेवजह का आपको क्यों परेशां karu.Aap तो ऐसे hi वक़्त निकाल कर मेरी बाजार में मदद करते रहते hain,to फिर और मदद मांगना ठीक नहीं लगा मुझे. आपको काम भी तो रहता है".

हरिया आस पास देखकर पान थूककर मुंह गमछे से पोंछकर अनीता की गांड को दबाते हुए दूसरे हाथ को उसकी चूंकि पर रखकर उसको हलके से दबाते हुए bola,"are मेमसाहब हम साहब जितना बड़ा आदमी थोड़े हैं की दिन भर बीजी rahenge.Haan मालिक को बोले बिना कहीं आना जाना मुश्किल होता है मगर आप बोलकर तो dekhiye,hum वक़्त निकाल कर ज़रूर आपकी मदद करेंगे.".

हरिया फिर उसकी चूंकि दबाते हुए उसकी चूंकि को देखकर bola,"Aapka मदद करने के लिए हम टाइम तो निकल hi सकत हूँ. आपका मदद करना भी तो ज़रूरी है"

हरिया का बात सुनकर अनीता मुस्कुराती हुयी उसे देख hi रही थी की तभी कोई आता दिखाई दिया तो अनीता boli,"Hariya जी कोई आ रहा है".

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड और चूंकि से हाथ हटा लिया और उधर देखने लगा तो एक तीनगर आते हुए दिखाई दिया जो उनलोगो के तरफ देखे बिना थोड़ी दूर से hi दूसरे तरफ चला गया.

अनीता अपनी आँखों के कोने से उसके तरफ देखती रही और जब वह दूसरी तरफ चला गया तो वह हरिया से boli,"to हरिया जी चलिए दूकान पर मैं सामान खरीद लेती हूँ".

हरिया यह सुनकर अनीता को देखते हुए bola,"are मेमसाहब आप फिर क्यों परेशां hoiyega,humka बोल दीजिये का लेना है हम खरीद कर पहुंचा दूंगा".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई और boli,"theek है हरिया जी मैं आपको सामान के लिस्ट और पैसे दे देती हूँ".

यह अनीता बोली तो हरिया मुस्कुराते हुए bola,"theek है मेमसाहब".

अनीता मुस्कुराती हुयी हरिया को देखि और अपनी बैग से सामान के लिस्ट और पैसे निकलने lagi.Hariya अनीता की जिस्म को भूखी नज़र से देखने लगा तो अनीता एक नज़र हरिया को देखि तो हरिया उसकी चूंकि और क्लीवेज को देखकर अनीता को देखकर मुस्कुराते हुए bola,"Sasura पसीना फिर आपकी घाटी का सैर कर रहा है"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी अपनी क्लीवेज के तरफ देखि जहाँ पसीना का एक बंध उसकी क्लीवेज में घुसने का कोशिश कर रहा था.

अगले पल वह हरिया का ऊँगली वहां महसूस हुआ और वह अपना ऊँगली उसकी क्लीवेज में दो इंच तक अंदर घुसकर वह पसीना को उस ऊँगली पर लेकर अपने मुंह में लेकर चाट गया.

अनीता यह देखकर अपनी आँखें बड़ी करके हरिया को देखि तो वह मुस्कुराने लगा. अनीता भी मुस्कुराती हुयी हरिया को देखि मगर बिना कुछ बोले अपनी सर हिलाकर बैग से लिस्ट और पैसे निकाल कर हरिया को दे दी.

"यह लीजिये हरिया जी", अनीता उसे दोनों देती हुयी बोली.

हरिया उसकी चूंकि से नज़रे हटते हुए उसकी चेहरे पर देखा तो अनीता मुस्कुरा di.Hariya भी अनीता को देखकर मुस्कुराते हुए bola,"haan मेमसाहब दीजिये".

अनीता मुस्कुराती हुयी poochhi,"kab तक पहुंचा दीजियेगा हरिया जी".

हरिया अनीता को देखते हुए bola,"memsaahab हम मालिक से कउनो बहाना लगते hain.Agar मालिक मान गए तो अभी hi पहुंचा denge.Agar मालिक नहीं माने तो शाम को 6 बजे तक पहुंचा denge.Aapko कउनो परेशानी तो नहीं होगी अगर हम शाम में पहुंचाए".

अनीता मुस्कुराती हुयी थोड़ी सोचकर poochhi,"nahin शाम को आप पहुंचाएंगे तो मुझे परेशानी क्यों hogi.Aap सामान घर पर पहुंचा रहे है एहि बहोत hai,ab चाहे जितने बजे पहुंचाए".

हरिया यह सुनकर अनीता को ऊपर से नीचे तक घूरते हुए देखा और फिर अपने लुंड को सहलाते हुए आस पास देखकर वापस से उसके थोड़ा नज़दीक आते हुए उसकी चूंकि पर हाथ रखकर दबाते हुए bola,"are नहीं मेमसाहब हमरा मतलब था की अगर शाम को साहब रहेंगे to,aap समझ रही हैं न हम का कहना चाहते हैं".

अनीता यह सुनकर हरिया के लुंड के तरफ देखि और आस पास देखकर उसके लुंड को पंत के ऊपर से पकड़ कर मुस्कुराती हुयी boli,"aap उसकी चिंता मत कीजिये हरिया ji.Woh 8 बजे से पहले नहीं aate.Lekin कोशिश कीजियेगा 6 बजे से पहले पहुंचा दे".

हरिया मुस्कुराते हुए bola,"haan मेमसाहब हम कोशिश करूँगा की अभी hi पहुंचा dun,agar मालिक नहीं माने तो हम 6 बजे तक पहुंचा denge.Aur कउनो सेवा करना है तो बोलिये मेमसाहब".

अनीता मुस्कुराती हुयी उसके लुंड को सहलाती हुयी boli,"Nahin हरिया ji,filhaal तो इतना hi.Achha तो मैं चलती हूँ".

हरिया मुस्कुराते हुए bola,"Memsaahab हम आपको ऑटो िस्तानद छोर देते हैं".

अनीता जवाब में boli,"are नहीं हरिया जी मैं चली jaungi.Abhi आप ऑटो स्टैंड जाइएगा तो फिर आपका टाइम वास्ते होगा".

हरिया यह सुनकर अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"ka हुआ मेमसाहब आपको हमरे साथ ऑटो इस्टन्ड नहीं चलना?"

अनीता हरिया के लुंड के तरफ देखि और जवाब में boli,"are नहीं हरिया जी वैसी बात nahin.Main तो हमेशा आपके साथ ऑटो स्टैंड चलती hi hoon.Abhi मैं नहीं चाहती की आपका टाइम वास्ते ho.Aapko अपने मालिक से बहाना भी तो बनाना hai.Aap अगर मेरे साथ स्टैंड तक जायेंगे तो आपको दूकान जाने में लेट होगी और आप लेट से जायेंगे तो फिर आप किस चीज़ का बहाना करेंगे?"

हरिया यह सुनकर bola,",are हाँ मेमसाहब आप ठीक बोल रही हैं" और फिर आस पास देखकर अनीता की कमर पर वापस हाथ डालकर उसको अपने करीब खिंच कर उसकी चूंकि दबाते हुए bola,"Sach में मेमसाहब आप जितनी खबसूरत है उतना hi समझदार भी hain.Upar वाले ने सच में फुर्सत से बनाया है आपको".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया के शर्ट से झांकते उसके सीने पर हाथ रखकर उसपर हाथ फिरती हुयी दूसरे हाथ से उसके लुंड को सहलाती हुयी थोड़ा आवाज़ में रान्दीपना लाकर boli,"Hariya जी आप भी na.Meri तारीफ करने का बस मौक़ा चाहिए आपको".

हरिया मुस्कुराते हुए bola,"are मेमसाहब आप है hi तारीफ के लायक तो हम का करू".

अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप भी न. अच्छा लेट हो रही है अब चलना चाहिए".

हरिया यह सुनकर थोड़ा मायूस होते हुए bola,"haan memsaahab.Kaa करे बस आप को जब हम देखता हूँ तो ससुरा हमरा लौड़ा पूरा बौखला जाता है और हमरा मैं करता है की हम आपकी तारीफ करू और आपके पास रहकर आपकी गांड और चूंकि से खेलूं".

अनीता की धड़कन और सांस तेज़ हो गयी हरिया के मुंह से गांड और चूंकि सुन्न कर. वह यह सुनकर आस पास देखि और बिना शर्म के हरिया के और करीब होकर बाय हाथ से हरिया का लुंड पंत के ऊपर से मुट्ठी में भरकर हिलने लगी और दाया हाथ को उसके छाती पर रखे सहलाती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Haan हरिया जी मैं समझती हूँ आपका हथियार का हालत. लेकिन मैं फिर तो आउंगी hi.Agli बार मैं आउंगी तो मुझे ऑटो स्टैंड तक छोर दीजियेगा और मौक़ा देखकर मेरी तरबूज से खेल भी लीजियेगा."

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Haan मेमसाहब हम आपकी गांड और चूंकि दोनों से खूब खेलूंगा. और ऐसे भी हम सामान लेकर आपका घर तो आ hi रहा हूँ आज"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी आप भी न" तो हरिया उसकी जिस्म को ऊपर से नीचे तक गन्दी नज़र से घूरने laga.Anita भी हरिया का लुंड पंत के ऊपर से सहलाती हुयी अपनी चूंकि थोड़ा आगे कर di.Hariya आस पास देखा और फिर अनीता की बायीं चूंकि पर हाथ रखकर जोर से दबा diya.Anita बस अपनी निचली होंठ को दांत में दबा कर रह गयी.

हरिया अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"Sach में मेमसाहेब आपकी चूंकि और गांड का जवाब नहीं ससुरा पूरा लौड़ा खड़ा कर देता है"

अनीता कुछ जवाब नहीं दी और boli,"Chalti हूँ हरिया jee.Aap सामान लेकर आ जाइएगा".

हरिया यह सुनकर अनीता को देखकर bola,"Theek है मेमसाहब, हम सामान लेकर जितना जल्दी हो सके पहुँचने का कोशिश करूँगा".

फिर वह उसकी जिस्म को गन्दी नज़र से देखकर bola,"Aur आपकी कोई और सेवा है तो ु भी कर दूंगा"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप भी न बस मेरी सेवा hi करना चाहते हैं."

फिर वह उसके सीने पर ऊँगली फेरती हुयी उसके लुंड को हिलती हुयी boli,"Theek है आज आपको मेरी और कोई सेवा करना है तो कर dijiyega,lekin उसके लिए आपको जल्दी आना होगा और जल्दी तब आ पाइयेगा अगर अभी जल्दी जाइएगा. चलती हूँ मैं".

अनीता यह बोलकर उससे अलग हुयी तो हरिया उसकी चूंकि और गांड को एक बार दबाकर bola,"Theek है मेमसाहेब"

हरिया फिर अनीता की गांड थपथपाते हुए bola,"Jaiye आप. हम भी चलता हूँ"

अनीता को न जाने क्यों हरिया का यह नया अंदाज़ जब वह उसकी गांड थपथपाते हुए चलने के लिए बोलता है जो वह पिछले कई मुलाक़ातों से कर रहा था अच्छा लगने लगा था. उसे ऐसा लगता था जैसे हरिया उसे बोल रहा हो की चलना है तो अपनी गांड हिलाओ और चलो.

अनीता हरिया का बात सुनकर मुस्कुराई और वहां से जाने लगी. जाते वक़्त वह अपनी गांड की मटक को बढ़ा di.Hariya उसकी गांड को देखकर अपने लुंड पर हाथ रखकर सहलाकर छोर दिया और वहां से चला गया.

अनीता घर पहुंचकर ठंडा पानी पीकर लिविंग रूम में सोफे पर आराम कर रही थी. उसे घर पहुंचे हुए 20 मिनट हुआ था की तभी घर का दूर बेल्ल बजा. अनीता यह सुनकर सोचने लगी की इस वक़्त कौन होगा.

वह उठकर घर से बाहर निकली और गार्डन से होते हुए मैं गेट पर जाकर पीप होल से देखि तो हरिया दिखाई दिया जो गमछे से अपना पसीना पोंछ रहा था. ऐसे तेज़ धुप में ठेला चलने से उसका बदन पसीने से भींग गया था.

अनीता का दिल न जाने क्यों हरिया को देखकर धड़क गया और उसे ऐसे पसीना पोंछते हुए देख वह तुरंत दरवाज़ा खोल दी. हरिया अनीता को देखा तो मुस्कुरा दिया. अनीता भी जवाब में मुस्कुरा कर boli,"Hariya जी आप इतनी जल्दी?".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Haan मेमसाहेब. एक जगह माल पहुँचाना था तो सोचे की आपका भी सामान लेते चले".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी ठेले के तरफ देखि तो एक मैट्रेस्स रखा हुआ था. वह मुस्कुराती हुयी हरिया से boli,"Aaiye न हरिया जी. आप धुप में खड़े हैं और पसीना से भींग गए हैं"

हरिया यह सुनकर अपने गमछे से फिर से मुंह पोंछा और ठेला अंदर ले जाते हुए bola,"Are मेमसाहेब कउनो बात नहीं. हुंका तो आदत है ीका".

अनीता यह सुनकर मुस्कुरा कर गेट पकडे साइड में कड़ी थी. हरिया जब उसके बगल से गया तो उसके बदन से पसीने का महक अनीता की नाक में घुसा और उसे अजीब सा महसूस हुआ. अनीता को अच्छा लगा हरिया के पसीने का महक और अनीता को इस पर थोड़ा आचार्य हुआ मगर वह ज़्यादा नहीं सोची.

हरिया अंदर गया तो अनीता गेट बांध कर दी. हरिया उसे देखकर bola,"Memsaheb आप चलिए हम सामान लेकर आता हूँ. आप धुप में कड़ी रहिएगा तो आपका यह गोरा गोरा मुलायम बदन लाल हो जायेगा".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया को देखकर boli,"Hariya जे आप भी न. हर वक़्त बस मेरा hi ख्याल रहता है आपका".

हरिया मुस्कुराते हुए अनीता को देखकर अपने लुंड को पंत के ऊपर से मसलकर bola,"Are मेमसाहेब आप है hi ऐसी".

अनीता उसके लुंड के तरफ देखि और फिर मुस्कुराती हुयी उसे देखकर सर हिलती हुयी boli,"Aap भी न हरिया जी".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता अपनी गांड मटकाकर वहां से चल दी. वह जाकर स्टोर रूम का गेट खोल दी. वह गेट खोल कर घूमी hi थी की हरिया कंधे पर एक बोरा उठाये हुए आता दिखा. अनीता यह देखकर साइड हो गयी.

हरिया स्टोर रूम में जाकर आस पास देखने लगा तो अनीता उसे स्टोर रूम में रखे कंटेनर के तरफ इशारा करके बोली. हरिया जी उसमे रख दीजिये.

हरिया उसमे सामान रख दिया और फिर अनीता को देखकर bola,"Memsaheb ी स्टोर रूम पीछे ससुरा पूरा गन्दा हो गया है".

अनीता यह सुनकर थोड़ी चिंता से boli,"Haan हरिया जी. साफ़ सफाई के लिए तो एक लड़की राखी हूँ और वह इधर सामने साफ़ कर देती है मगर पीछे इतना भारी भारी सामान है की हटाए बिना साफ़ नहीं हो सकता. अब इतना भरी सामान तो उस लड़की से तो हटेगा नहीं की वह हटाकर साफ़ करे".

हरिया यह सुनकर एक नज़र स्टोर रूम में डालकर अपने गमछे से चेहरा पोंछकर bola,"Aisan बात है तो आप हुंका बोलती. हम मदद कर देते. हम तो आपका मदद करने के लिए है hi लेकिन आप तो हुंका मौक़ा hi नहीं देती".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी अब मैं क्या सब काम आपसे hi कराऊँ? आप मेरी मदद करने के लिए तैयार है तो इसका मतलब यह नहीं की मैं आपसे सब काम कराऊँ और आपको परेशां करू"

हरिया यह सुनकर अनीता के पास गया और उसकी कमर में हाथ डालकर उसे अपने करीब करके उसकी गांड पर हाथ रखकर bola,"Are मेमसाहेब ी तो हमरे लिए बड़ा बात होगा अगर आप हमसे सब काम कराये. हम तो आपका हर तरीके से मदद करना चाहते हैं. आप हुंका मौक़ा तो दीजिये"

अनीता यह सुनकर हरिया के सीने पर हाथ फेरने लगी. अनीता की गोरी साफ़ सुथरी हाथ में हरिया के बदन का पसीना लगने लगा मगर उसे ख़राब नहीं लगा.

अगले पल हरिया उसकी गांड को दबोच कर bola,"Hum हर तरीके से आपकी सेवा और मदद करेंगे".

अनीता यह सुनकर हरिया के सीने पर हाथ फेरती हुयी boli,"Hariya जी मेरी मदद करने के चक्कर में आपको धुप में आना पड़ा और कितना पसीना से भर गए हैं आप".

हरिया ये सुनकर अपने सीने के तरफ देखकर bola,"Are माफ़ कीजियेगा मेमसाहेब. आप इतना साफ़ सुथरा हैं और हम ससुरा पसीना वाला बदन लेकर आपके पास आकर बात कर रहे हैं".

अनीता यह सुनकर रणदीपाने वाली आवाज़ में उसके सीना पर हाथ फेरती हुयी boli,"Kaisi बात कर रहे हैं आप हरिया जी, एक तो आप मेरी मदद कर रहे हैं ऊपर से माफ़ी भी मांग रहे हैं. यह तो आपके म्हणत का पसीना है और म्हणत का पसीना गन्दा नहीं होता. माफ़ी तो मुझे माँगना चाहिए जो मेरी वजह से आपको धुप में आना पड़ा और मैं वहीँ बोल रही हूँ की मेरी वजह से आप पसीना पसीना हो गए हैं"

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब अब आप हुंका शर्मिंदा कर रही हैं. ी तो कुछो नहीं हैं मेमसाहेब. हमरा तो आदत है म्हणत करने का और आपका मदद और सेवा तो हम ऐसे hi पूरा दिल से करना चाहता हूँ, पूरा म्हणत और लगन से".

हरिया यह सुनकर अनीता की बदन को ऊपर से नीचे देखकर bola,"Aur आपका तो हम एक ऐसा ख़ास सेवा करूँगा जो अच्छा से सेवा तभी होगा जब हमरा पसीना निकलेगा और आपका भी हम पसीना निकलूंगा".

अनीता का दिल यह सुनकर धड़कने लगा. वह हरिया के सीने पर हाथ फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"To हरिया जी आप कोई ऐसा सेवा करना चाहते हैं मेरी जिससे मुझे भी धुप में निकलना पड़े?"

हरिया यह सुनकर उसकी गांड दबाकर bola,"Are नहीं मेमसाहेब ु सेवा तो ऐसा है की ससुरा एक में भी पसीना निकल जाये और असली मज़ा तभी आता है जब पसीना निकल जाये. ु सेवा में सेवा करने वाला और करवाने वाली दोनों का पसीना छूट जाता है ससुरा"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया के सीने पर हाथ फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Pata नहीं हरिया जी ऐसा कौन सा सेवा है जो करने में एक में भी पसीना निकल जाये."

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहेब जब आप हमसे ु सेवा करवाइयेगा तो आपको पता चल जायेगा".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप भी न बस बातें बनाते हैं"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया और bola,"Achha मेमसाहेब ु अभी ु आता और दाल बाहर hi है. हम लाकर रख देता हूँ पहले. नहीं तो आप बोलेंगी की सामान बाहर छोड़ कर हम बात बना रहा हूँ".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी वैसी बात नहीं है. लेकिन ठीक है पहले सामान रख दीजिये फिर बात बनाइयेगा".

और अनीता यह बोलकर खिलखिलाने lagi,"Hehehe"

हरिया भी मुस्कुरा दिया और वहां से चला गया. अनीता मुस्कुराती हुयी हरिया को जाते हुए देखती रही. कुछ सेकण्ड्स बाद हरिया एक बोरा कंधे पर और एक बड़ा सा थैला हाथ में लिए आया. अनीता उसे देखती रही.

हरिया वह बैग और थैला दोनों लाकर दो कंटेनर में रख दिया और फिर से गमछा से मुंह पोंछकर स्टोर रूम में देखता हुआ bola,"Memsaheb हम कउनो दिन ी स्टोर रूम का सफाई में मदद करूँगा. देखता हूँ कउनो दिन हमरा काम काम हुआ तो हम आ जाऊंगा"

फिर वह अनीता को देखकर bola,"Agar आपको कउनो ऐतराज़ न हो तो".

अनीता यह सुनकर boli,"Hariya जी मुझे क्या ऐतराज़ होगा. आप मेरी मदद करना चाहते हैं तो यह तो मेरे लिए अच्छी बात है. स्टोर रूम साफ़ हो जाएगी तो अच्छा hi होगा. मैं खुद सोच रही थी किसी को रखकर सफाई करवा लेती मगर मुझे क्या पता था की मेरे हरिया जी को जैसे hi पता चलेगा वह खुद मेरी मदद करने के लिए तैयार हो जायेंगे".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Memsaheb आप हुंका मेरे हरिया जी बोले?"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Haan हरिया जी. क्या मैंने ग़लत बोल दिया क्या? आप तो बस हर वक़्त मेरी मदद और सेवा करने के लिए तैयार रहते हैं तो मुझे तो ऐसे hi लगने लगा है की आप बस मेरे लिए hi हैं ताकि आप मेरी अच्छे से मदद कर सके और ख़ास तरीके से सेवा कर सके. ऐसी सेवा की मेरा एक में भी पसीना निकल जाये".

और फिर अनीता यह bolkar,"Aap भी न हरिया जी सच में" खिखिलने lagi,"Hehehe".

हरिया ये सुनकर और अनीता को खिखिलाते देख मुस्कुराया और अनीता के पास जाकर उसकी कमर में हाथ डालकर फिर से उसे करीब करके bola,"Haan मेमसाहेब पूरा पसीना निकल जायेगा हम दोनों का".

अनीता मुस्कुराती हुयी उसके सीने पर ऊँगली फेरती हुयी boli,"Hariya जी आप पसीना से भींग गए हैं और थक भी गए honge.Aaiye सोफे पर बैठकर थोड़ा आराम कर lijiye.Main आपके लिए ठंडा जूस लाती हूँ".

हरिया यह सुनकर अनीता की बदन को ऊपर से नीचे देखने के बाद हाथ उसकी कमर से नीचे उसकी गांड पर लेजाकर उसकी गांड को मसलकर bola,"Are मेमसाहब हुंका तो इतना म्हणत मजदूरी करने का आदत hai.Ee तो कुछो नहीं hai.Aapke लिए तो इतना हम कर hi सकता हूँ".

फिर वह अनीता की चूँचियों को देखकर उसकी गांड दबाकर bola,"Sasura हमरे अंदर अभी इतना ताकत है की हम आपका अच्छे से ख़ास सेवा कर सकता hoon.Bas हमसे करवा कर तो देखिये".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर हरिया के शर्ट से झांकता हुआ पसीने से भरे सीने पर अपनी दायी हाथ फिरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी आप थके नहीं है तो अच्छी बात hai.Lekin गर्मी तो है hi.Dekhiye न कितना पसीने से भींग चुके हैं aap.Thoda आराम करके ठंडा जूस पी लीजिये".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर अनीता की गांड को दबाते हुए bola,"Aisan बात है तो पीला दीजिये मेमसाहब"

फिर वह अनीता की चूँचियों को देखकर bola,"Aise हुंका तो कुछ और hi पीने का मैं है मगर आप जूस पिलाना चाहती है तो पीला दीजिये".

यह सुनकर अनीता अपनी चूँचियों को थोड़ा आगे करके हरिया के सीने को सहलाती हुयी boli,"Agar कुछ और पीने का मैं है आपको हरिया जी तो बोलिये na.Agar वह चीज़ मेरे पास होगी तो मैं आपको पीला dungi.Aap मेरी इतनी मदद करते हैं तो क्या मैं आपके लिए इतना भी नहीं कर sakti.Aap बोलिये तो की आपको क्या पीने का मैं है".

हरिया यह सुनकर अनीता की ऊपर नीचे होती चूँचियों को देखकर ज़ोर से सांस लिया. अनीता की दायी चूंकि ब्लाउज में कैद थी मगर उसके ऊपर साड़ी नहीं था. उसकी नयी चूंकि आधा साड़ी से धमकी हुयी थी.

हरिया अपना हाथ लेजाकर उसकी बायीं चूंकि पर से साड़ी को साइड कर दिया जिससे अनीता की दोनों चूँचियाँ सिर्फ ब्लाउज और ब्रा में कैद थी और पहाड़ जैसी उठी हुयी दिख रही थी. अनीता हरिया को अपनी चूंकि से साड़ी हटते हुए देखि मगर कुछ नहीं बोली.

अगले पल हरिया अपने दोनों हाथों को अनीता की दोनों चूँचियों पर रखकर उसे अपने मुट्ठी में भरने का नाकाम कोशिश करके उसे दबाते हुए अनीता की आँखों में देखकर bola,"Memsaahab हुंका दूध पीने का मैं है."

अनीता का दिल यह सुनकर धड़क गया और सांस तेज़ हो गयी. अनीता को दो दिन पहले बस में मिले उस आदमी का याद आया जब वह खुद दूध पीने का बात कर रहा था. यह सोचते hi उसकी दिल फिर से धड़क गयी.

अनीता खुद की सांस काबू करके हरिया का सीना सहलाती हुयी मुस्कुराकर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी इतनी गर्मी में अभी आप दूध पीना चाहते हैं? खैर जैसी आपकी मर्ज़ी. आप बैठिये मैं दूध गरम करती हूँ."

हरिया यह सुनकर अनीता की दोनों चूँचियों को दबाते हुए bola,"Are मेमसाहब जो मज़ा दूध के थांन में मुंह लगाकर पीने में है, ु और कउनो तरीके से पीने में नहीं है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी अपनी चूँचियों को थोड़ा आगे करके हरिया के सीने पर हाथ फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Lekin हरिया जी उसके लिए तो आपको गए के पास जाना होगा. फिलहाल तो गए है नहीं यहाँ तो ठंडा जूस hi पी लीजिये".

हरिया यह सुनकर अनीता की दोनों चूँचियों को एक साथ दबाकर bola,"Are मेमसाहब जब हमरे सामने ी दोनों बड़ा बड़ा दूध का थांन है तो गए का का ज़रूरत".

अनीता यह सुनकर अपनी आंखें बड़ी करके आश्चर्यता से हरिया को देखकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप भी न"

हरिया यह सुनकर हसने laga,"hahaha" तो अनीता बेशर्मी से वैसे hi उसके हाथों में अपनी दोनों चूँचियों को मसले जाने पर भी अलग नहीं हुयी और मुस्कुराकर उसके सीने पर हाथ फेरती हुयी boli,"Pata नहीं क्या क्या सोचते और बोलते रहते हैं आप भी".

हरिया यह सुनकर अनीता की चूँचियों को दबाते हुए bola,"Are मेमसाहब का ग़लत बोलै हूँ हम. ी आपका तो दोनों दूध का थांन hi तो है. कितना बड़ा बड़ा है आपका दूध का थांन".

अनीता का दिल यह सुनकर धड़क गया और उसे फिर से उस बस वाले आदमी का बात याद आया. वह हरिया का हाथ अपनी चूँचियों से नहीं हटाई और उसका बात सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप तो बस बातें बनाते रहेंगे. आप बैठिये मैं ठंडा जूस लाती हूँ"

इतना बोलने पर हरिया अनीता की चूँचियों से हाथ हटाकर उसकी गांड पर हाथ रखे उसे दबाते हुए bola,"Theek है मेमसाहेब चलिए".

फिर वह सोफे के तरफ जाने लगा अनीता की गांड दबाते हुए वहीँ अनीता उससे चिपकी हुयी अपनी गांड मटकती हुयी उसके साथ सोफे के पास गयी की तभी उसे अपनी मोबाइल रिंग करते हुए सुनाई दिया.

अनीता यह सुनकर हरिया को देखकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप baithiye,main फ़ोन चेक करके आती हूँ फिर आपको पिलाऊंगी जूस".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए उसकी चूंकि दबाकर bola,"Aur दूध?"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी आँखें बड़ी करके उसे देखकर boli,"Hariya जी आप भी न"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता अपनी सर हिलती हुयी boli,"Aap बैठिये हरिया जी मैं आती हूँ"

हरिया यह सुनकर bola,"Theek है मेमसाहब हम बैठता hoon,aap आइये फ़ोन देखकर"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई और अपनी गांड मटकती हुयी कमरे में चली gayi.Lagbhag एक मिनट बाद वह अपनी कमरे से आई तो हरिया के तरफ देखकर उसका दिल धड़क गया और वह एक पल के लिए रूककर उसे देखने लगी.

हरिया सोफे पर बैठा अपना शर्ट का पूरा बटन खोल शर्ट के दोनों भागो को दोनों तरफ खोलकर था जिससे उसका पूरा छाती और पेट नंगा दिख रहा tha.Sirf इतना hi नहीं वह अपना पंत खोलकर नीचे कदमो पर गिराया हुआ tha.Aesa करने से हरिया ऊपर से नीचे तक सामने से पूरा नंगा था और उसका लुंड उसके पेट पर लेता हुआ tha.Hariya ऐसे नंगा हुआ सोफे पर दोनों हाथों को सोफे के हेडरेस्ट पर फैलाकर किसी मालिक जैसा बैठा हुआ था और उसके पेट पर उसका बड़ा और मोटा काला लुंड किसी नाग की तरह लेता हुआ था.
 
Hi गाइस. ी विल अपडेट थे स्टोरी थिस वीकेंड. इन थे मैंवहीले ी हैवे बीन वर्किंग ों सेवेरल स्टोरीज व्हॅनवर ी गेट टाइम. ओने ऑफ़ थे स्टोरीज ी वांटेड तो पब्लिश हेरे तो गेट योर ओपिनियन. अनीता सिंह विल ऑब्वियस्ली बे थे प्रायोरिटी एंड ी विल व्रिठे थिस नई स्टोरी ओनली आफ्टर मूविंग अनीता सिंह स्टोरी फॉरवर्ड सिग्नीफिकांतली. जस्ट लेट में क्नोव योर ओपिनियन ों थे नई स्टोरी एंड व्हेदर थे प्रेमिसे ऑफ़ थे स्टोरी इस इंटरेस्टिंग (अलोंग विथ थे फैक्ट तहत व्हेदर थे फर्स्ट chapter इटसेल्फ वास् अबले तो ारोउसे योर फीलिंग्स).

ी आल्सो रिक्वेस्ट इतर writers/readers नॉट तो स्टार्ट थेइर ओन स्टोरी टेकिंग थे प्लाट फ्रॉम हेरे. रेस्पेक्ट ओठेर्स क्रिएशन. थैंक्स.

अतुल एंड हिज वाइफ निशा अलोंग विथ थेइर फ्रेंड्स रवि एंड प्रिय रीछेड ा कॉलोनी ों थे ऑउटस्कर्ट्स ऑफ़ नॉएडा. थे कॉलोनी वास् नेवली कंस्ट्रक्टेड एंड दीद नॉट हैवे मान्य रेसिडेंट्स अस आईटी वास् अवे फ्रॉम थे मैं सिटी. मोस्ट बुएरस वेरे नरिस हु हद बौह्त थे फ्लैट्स अस ान इन्वेस्टमेंट.

अतुल एंड रवि हद आल्सो बौह्त फ्लैट्स इन ओने ऑफ़ थे बिल्डिंग्स इन तहत कॉलोनी. थे वेरे थे फर्स्ट बुएरस तो शिफ्ट इन तहत बिल्डिंग. बोथ वेरे चाइल्डहुड फ्रेंड्स एंड हद डीडेड तो स्टार्ट ा बिज़नेस अंडर ा पार्टनरशिप. सीन्स थे हद इनवेस्टेड ा सिग्नीफिकेंट अमाउंट ऑफ़ मनी इन थेइर बिज़नेस, थे डीडेड तो बुय फ्लैट्स ों थे ऑउटस्कर्ट्स ऑफ़ थे सिटी बिकॉज़ थे दीद नॉट वांट तो स्पेंड तू मच मनी ों फ्लैट्स.

थेइर वाइव्स हु वेरे ुसेड तो सिटी लाइफ वेरे ऑब्वियस्ली नॉट हैप्पी विथ थिस डिसिशन बूत उलटिमटेली गावे उप आफ्टर विजिटिंग थे कॉलोनी ों ा फ्यू ोक्सासिओंस. थे तू बेलोन्गेद तो ा वेल तो दो मिडिल क्लास फैमिलीज़ एंड हद हेल्पेद थेइर होब्बीएस बी इन्वेस्टिंग इन थेइर बिज़नेस फ्रॉम थेइर पर्सनल सेविंग्स व्हिच थे गोत फ्रॉम थेइर पेरेंट्स.

सीन्स थेइर वाइव्स सपोर्टेड थेइर नोटः थे डिशन्स, तो स्टार्ट थे बिज़नेस एंड शिफ्ट तो नई फ्लैट तो थिस रिमोट लोकेशन, थे वांटेड तो मेक सूरे तहत थेइर वाइव्स अरे हैप्पी. थेरेफोरे, बोथ थे फ्रेंड्स डीडेड नॉट तो शिफ्ट अन्य ओल्ड आइटम्स फ्रॉम थेइर प्रीवियस फ्लैट्स एंड थे नई हाउस वास् फर्निश्ड विथ ब्रांड नई आइटम्स. सो आल थे हद तो दो वास् टेक थेइर पर्सनल बेलोंगिंग्स ओनली व्हिच थे हद आलरेडी शिफ्टेड.

बोथ थे फैमिलीज़ रीछेड थे डेस्टिनेशन इन थेइर रेस्पेक्टिवे कार्स ात थे शामे टाइम. थे वॉचमन, ा फैट मन इन हिज लेट 40स विथ ा ब्लैक कम्प्लेक्सीओं समिलेड ात थम एंड ोपेनेड थे गेट्स. व्हेन थे कार वास् क्रासिंग थे गेट थे वॉचमन समिलेड लुकिंग ात बोथ निशा हु वास् इन थे फर्स्ट कार विथ हेर हुब्बी एंड थें ात प्रिय हु वास् इन थे सेकंड कार विथ हेर हुब्बी. बोथ निशा एंड प्रिय रिटर्न्ड थे स्माइल ात हिम.

व्हेन थे फैमिलीज़ रीछेड थे कार पार्किंग एरिया थे सॉ तहत तेरे वास् no इतर कार अस थे वेरे थे फर्स्ट रेसिडेंट्स तो शिफ्ट तो तहत बिल्डिंग. होवेवेर, आईटी वास् नॉट कम्प्लीटली एम्प्टी. ों ओने साइड ऑफ़ थे कार पार्किंग स्पेस ा टेबल वास् प्लेस सुररौनडेड बी 4 चेयर्स व्हिच वेरे ओक्कुपेद बी 4 में.

बोथ निशा एंड प्रिय लुक्ड टुवर्ड्स तहत कार्नर एंड सॉ ठोस में वेरे प्लेइंग कार्ड्स. व्हेन थे कार वास् परकेड बोथ थे कपल्स गोत आउट एंड वेरे ग्रीटेड बी ा voice,"Namaste अतुल और रवि साहब. आख़िरकार आज शिफ्ट हो hi गए आप लोग (नमस्ते अतुल एंड रवि सर. फाइनली यू आल हैवे शिफ्टेड हेरे)".

बोथ थे कपल्स टर्न्ड टुवर्ड्स थे सोर्स ऑफ़ थे वौइस् एंड सॉ तहत आईटी वास् Shambhu's वौइस्, थे गाए रेस्पोंसिबल फॉर कीपिंग थे सोसाइटी क्लीन.

अतुल रेप्लीएड बैक विथ ा स्माइल ों हिज face,"Haan शम्भू. सामान तो पहले hi भेज दिए थे आज फाइनली आ गए (यस शम्भू. वे हद आलरेडी शिफ्टेड आवर बेलोंगिंग्स. टुडे वे हैवे आल्सो फाइनली शिफ्टेड हेरे)".

शम्भू तू समिलेड एंड रेप्लीएड back,"Haan अतुल साहब हमने देखा (यस अतुल सर, वे सॉ तहत)".

Shambhu's गाजे थें टर्न्ड टुवर्ड्स निशा एंड प्रिय एंड हे समिलिंगली ग्रीटेड बोथ ऑफ़ them,"Namaste मेमसाहब (नमस्ते मैडम).

बोथ निशा एंड प्रिय ग्रीटेड बैक विथ ा smile,"Namaste शम्भू".

थें बोथ निशा एंड प्रिय लुक्ड टुवर्ड्स थे इतर 3 में हु आल वेरे लुकिंग टुवर्ड्स थम ओनली. बोथ ऑफ़ थम कुड रेकग्निजे ओने ऑफ़ थे इतर थ्री पर्सन. हे तू लुक्ड टुवर्ड्स बोथ निशा एंड प्रिय एंड विथ ा स्माइल said,"Aap लोगो का यहाँ स्वागत है. अपन को यक़ीन है की आप लोगो को यहाँ रहने में अच्छा लगेंगे (वेलकम आल ऑफ़ यू. ी ट्रस्ट तहत यू आल विल एन्जॉय लिविंग हेरे)."

बोथ थे कपल्स समिलेड हियरिंग थिस बूत बोथ थे मैरिड वीमेन समिलिंगली रेप्लीएड back,"Thank यू उस्मान".

हियरिंग थिस उस्मान लुक्ड ात बोथ थे वीमेन फ्रॉम टॉप तो बॉटम व्हिच वास् ऑब्वियस तो एव्री ओने प्रेजेंट तेरे. इवन तो अतुल एंड रवि. थे कनेव तहत उस्मान वास् लुकिंग ात थेइर वाइव्स कर्तव्य बॉडीज बूत थे didn't रियेक्ट. निशा एंड प्रिय आल्सो लुक्ड ात उस्मान बूत साइड नथिंग.

आल ऑफ़ ा सुद्दीन उस्मान said,"Bhabhiji तुम दोनों को कोई तकलीफ नहीं होएंगा यहाँ. एक दम आराम से मस्त होकर रहने का. कोई तकलीफ हो तो अपन को ज़रूर बताना. वह अतुल और रवि बाबू तो बड़े बिजनेसमैन हैं. यह तो अपने काम में बिजी रहेंगे. ऐसे में तुम दोनों को किसी भी बात का परेशानी होएंगा तो बेझिझक अपन को बोलने का (Sister-in-law यू बोथ won't हैवे अन्य प्रॉब्लम स्टेइंग हेरे. यू कैन स्टे हेरे कम्फर्टेबली. लेट में क्नोव िफ़ यू हैवे अन्य प्रॉब्लम. अतुल एंड रवि अरे बिग बुसिनेस्स्में सो थे वोउल्ड रेमें बिजी विथ थेइर बिज़नेस. इन सुच ा सिचुएशन यू कैन एप्रोच में विथाउट हेसिताशन िफ़ यू हैवे अन्य प्रॉब्लम)".

बोथ प्रिय एंड निशा समिलेड हियरिंग थिस व्हेन थे सॉ थे इतर तवो में से समथिंग तो उस्मान. उस्मान लुक्ड ात बोथ ऑफ़ थम हियरिंग थिस एंड थें विथ ा स्माइल लुक्ड ात बोथ निशा एंड प्रिय एंड said,"Aur हाँ यह बबलू है और यह छोटन. दोनों अपन का ख़ास दोस्त है, अपन का लंगोटिया यार (ओह्ह एंड थिस इस बबलू एंड तहत इस छोटन. बोथ अरे माय डिअर चाइल्डहुड फ्रेंड्स)".

हियरिंग थिस बोथ निशा एंड प्रिय समिलेड, ेस्पेशलय हियरिंग "लंगोटिया यार". थे नेक्स्ट मोमेंट बोथ ऑफ़ थम greeted,"Namaste भाभीजी".

निशा एंड प्रिय बोथ समिलेड एंड ग्रीटेड back,"Namaste".

बबलू said,"Bhabhiji तुम दोनों का स्वागत है यहाँ. जैसा उस्मान बोलै, आप दोनों यह मत समझना की यहाँ कोई नहीं है तो आप दोनों अकेला हैं. अपन लोग है आपके लिए. किसी चीज़ का ज़रूरत होएंगा तो अपन लोग हाज़िर रहेंगे. बस बेझिझक बोलकर देखने का (वे वेलकम यू बोथ. अस उस्मान साइड, यू बोथ don't थिंक तहत जस्ट बिकॉज़ तेरे अरे no रेसिडेंट्स हेरे यू बोथ अरे अलोन. वे आल अरे हेरे फॉर यू. वे विल बे प्रेजेंट व्हॅनवर यू नीड एनीथिंग. यू जस्ट नीड तो लेट उस क्नोव विथाउट अन्य हेसिताशन)".

बोथ निशा एंड प्रिय समिलेड ात थिस एंड थें छोटन समिलिंगली said,"Kisi भी चीज़ मतलब की कोई भी चीज़. अपन लोग तो यहीच पड़ा रहता है ज़्यादातर वक़त तो कोई बात होने पर अपन लोग को बोल सकती हो".

निशा एंड प्रिय बोथ समिलेड हियरिंग थिस एंड नोडेड पोसिटीवेली. ठोस फोर में अगेन लुक्ड ात थेइर बॉडीज फ्रॉम टॉप तो बॉटम एंड इवन निशा एंड प्रिय लुक्ड ात थम. आल ऑफ़ ठोस 3 में वेरे इन थेइर मिड तो लेट 40स. थे वेरे आल वेल बिल्ट बूत हद डेवलप्ड ा सलीगत पांच. थे आल वेरे ब्लैक इन कम्प्लेक्सीओं एंड क्लेअर्ल्य लुक्ड लिखे रूफियन्स विथ सलीगत फेसिअल हेयर्स व्हिच हद पार्टिकल्ल्य टर्न्ड ग्रे.

निशा एंड प्रिय ऑब्सेर्वेद तहत बोथ बबलू एंड छोटन वेरे वेअरिंग शॉर्ट्स एंड शर्ट्स विथ तवो ऑफ़ थे उप्पेर बटन्स ओपन, व्हेरास उस्मान वास् वेअरिंग ा पठान सूट. शम्भू वास् वेअरिंग ा लुंगी एंड ा शर्ट. हे वास् यंगर थान ठोस थ्री में एंड लुक्ड लिखे इन अर्ली 30स, बूत हे तू लिखे ठोस थ्री वास् ब्लैक इन कम्प्लेक्सीओं.

अतुल एंड रवि वेरे म्यूट स्पेक्टेटर्स. थे didn't क्नोव व्हाट तो से. थे कनेव तहत उस्मान वास् ा लोकल गुण एंड वास् एसोसिएटेड विथ ा पोलिटिकल पार्टी एंड थे गेस्सेड तहत शामे मस्ट बे थे केस विथ बबलू एंड छोटन अस थे लुक्ड लिखे हिम एंड आल्सो वेरे हिज चाइल्डहुड फ्रेंड्स. थे वेरे ग्लैड तहत थे स्टार्टेड ों गुड टर्म्स विथ थम, बूत didn't लिखे थे वे थे वेरे लुकिंग ात थेइर वाइव्स.

बोथ ऑफ़ थम वेरे ग्लैड व्हेन निशा said,"Achha हम चलते हैं. अभी तो शिफ्ट हुए हैं, बहोत सारा काम है. (Okay वे हैवे तो जो. वे हैवे शिफ्टेड जस्ट नाउ एंड तेरे अरे लॉट्स ऑफ़ थिंग्स तो दो)".

ठोस 4 में समिलेड हियरिंग थिस एंड थें बोथ थे कपल्स वेंट टुवर्ड्स थे एलीवेटर. व्हेन इन एलीवेटर प्रिय said,"I didn't क्नोव उस्मान शताय॑ष हेरे मोस्ट ऑफ़ थे टाइम".

रवि रेप्लीएड this,"What इतर वर्क थी टाइप्स ऑफ़ पीपल हैवे? थे जस्ट वास्ते थेइर टाइम प्लेइंग कार्ड्स एंड आल".

हियरिंग थिस निशा replied,"Guys let's नॉट बे पर्सनल okay. व्हाट थे दो इस थेइर बिज़नेस बूत ी ऍम ग्लैड तहत थी गाइस विल बे स्टेइंग हेरे मोस्ट ऑफ़ थे टाइम्स".

हियरिंग थिस बोथ अतुल एंड रवि लुक्ड ात निशा विथ ा सुरप्रीसेड एक्सप्रेशन बूत बिफोर ऐथेर ऑफ़ थम कुड से एनीथिंग, निशा continued,"This इस ा नई लोकैलिटी एंड तेरे इस हार्डली एनीवन हेरे. थिस मस्ट बे ा सॉफ्ट टारगेट फॉर थीव्स एंड रोब्बेर्स. ी ऍम सूरे विथ उस्मान एंड हिज में अराउंड no थीफ विल डरे तो एंटर थे बिल्डिंग.".

प्रिय तू जुम्पेद इन विथ हेर पॉइंट ऑफ़ view,"I एग्री विथ निशा कम्प्लीटली. उस्मान एंड हिज में अरे काइंड ऑफ़ बोडीगार्ड्स ऑफ़ थिस बिल्डिंग एंड isn't थिस व्हाई हे इस अल्लोवेद तो बे हेरे बी थे बिल्डर्स? ी हैवे आल्सो हर्ड तहत हे इस एसोसिएटेड विथ ा पोलिटिकल पार्टी एंड है क्वाइट ा रेपुटेशन इन थी एरियाज ऑफ़ बीइंग ा "दबंग" एंड ी ऍम सूरे no थीफ विल डरे तो एंटर ा बिल्डिंग गार्डेड बी ा दबंग लिखे उस्मान".

निशा कॉन्टिनोएड थे conversation,"And that's अबाउट उस्मान ओनली. वे don't क्नोव एनीथिंग अबाउट बबलू एंड छोटन. हु कनौस थे मिगहत बे हैविंग थे शामे रेपुटेशन. विथ थ्री "दबंग" में अराउंड, नॉट ओनली थीफ बूत वे विल बे सेफ फ्रॉम इतर काइंड ऑफ़ थ्रेट्स अस वेल".

प्रिय replied,"Yeah यार निशा, ी एग्री (यस डिअर निशा, ी एग्री विथ यू)".

अतुल फाइनली गोत ा चांस तो जम्प इन थे conversation,"Guys ी एग्री विथ योर पॉइंट्स बूत let's नॉट फॉरगेट तहत थी गाइस अरे गूंस एंड ी ऍम नॉट बीइंग पर्सनल जस्ट स्टाटिंग ा फैक्ट".

निशा क्विकली रेबुकेद him,"So? व्हाट दो यू वांट तो प्रोवे विथ योर फैक्ट?".

अतुल replied,"Just तहत थी गाइस अरे गूंस एंड सीन्स व्हेन हैवे गूंस बिकम ा नेसेसिटी फॉर सेफ्टी?".

निशा रेप्लीएड quickly,"In सर्टेन सीटुएशन्स थे अरे नेसेसिटी अतुल. Let's नॉट बे चिलदिश एंड तरय तो एक्ट लिखे एवरीथिंग इस परफेक्ट इन थिस वर्ल्ड".

प्रिय अगेन जुम्पेद in,"Again ी एग्री विथ निशा. गाइस व्हेदर यू लिखे आईटी और नॉट बूत में लिखे उस्मान, बबलू एंड छोटन अरे आल्सो रिक्वायर्ड इन थिस वर्ल्ड. थे आल्सो हैवे थेइर पर्पस. एंड it's मोरे ऑफ़ ा पॉइंट ऑफ़ व्यू. फॉर सम थे मिगहत बे गूंस बूत फॉर सम थे मिगहत बे गुड में. थे हैवे बीन रिस्पेक्टफुल टुवर्ड्स उस सो let's बे रिस्पेक्टफुल टुवर्ड्स थम अस वेल. ी ऍम सूरे थे विल प्रोवे तो बे उसेफुल सम डे".

निशा continued,"Yeah ी ऍम सूरे तू. गाइस थी में विल ट्रीट यू थे वे यू ट्रीट थम. थे अरे स्ट्रैट फॉरवर्ड इन तहत रेगार्ड. अगेन अस प्रिय साइड, it's थे पॉइंट ऑफ़ व्यू. Let's कंसीडर थम गुड में, शो रेस्पेक्ट एंड ी ऍम सूरे थे विल प्रोवे तो बे गुड में इन योर आईज अस वेल. बूत ऑब्वियस्ली िफ़ यू तरय तो बे ासशोलेस टुवर्ड्स थम थे विल नॉट वाच यू लिखे सम कावर्ड एंड लेट आईटी जो बी. सो it's आल ुप्तो उस, व्हेदर वे वांट में लिखे उस्मान, बबलू एंड छोटन तो बे ों आवर साइड सो तहत वे लाइव हेरे पैसफुल्ली और दो थे अपोजिट".

प्रिय ेचुएड Nisha's sentiments,"Yeah यार एंड थे हैवे बीन सो नीस तो ऑफर थेइर हेल्प तो में एंड निशा इससे वे एवर नीड हेल्प. यू गाइस विल बे बिजी इन योर वर्क एंड ऑफिस एंड it's में एंड निशा हु हैवे तो स्टे हेरे थे व्होले डे, सो isn't आईटी गुड तो हैवे समवन अराउंड इन केस वे नीड हेल्प".

थे गोत ऑफ ात थे इलेवेंथ फ्लोर एंड तेरे वास् साइलेंस अस थे गोत ऑफ थे एलीवेटर एंड निशा अगेन continued,"Yes ट्रू प्रिय".

थें शी ाड़ड्रेस्सेड थे men,"You तवो डीडेड तो बुय फ्लैट्स ात सुच ा रिमोट लोकेशन एंड वे एग्रीड लिखे गुड वाइव्स. नाउ तहत वे अरे फीलिंग सिक्योर विथ में लिखे उस्मान बीइंग अराउंड तो हेल्प उस व्हेन यू गाइस विल बे बिजी विथ योर वर्क, काइंडली don't दो एनीथिंग तहत विल मेक उस रिग्रेट आवर डिशन्स तो सपोर्ट यू".

प्रिय अगेन सपोर्टेड Nisha,"Yes गाइस. वे हैवे बीन गुड वाइव्स तो सपोर्ट योर डिसिशन एंड नाउ it's योर टर्न तो बे गुड हस्बैंड्स. िफ़ यू don't लिखे उस्मान एंड हिज फ्रेंड्स that's फाइन, ी मैं यू गाइस विल बे बिजी विथ योर वर्क एनीवे, बूत एटलीस्ट don't स्पोइल एनीथिंग फॉर उस लेडीज हु मिगहत रेक्विरे थेइर हेल्प इन अर्जेंट सीटुएशन्स".

बोथ अतुल एंड रवि हद फ्लैट्स ों थे शामे फ्लोर. तेरे वेरे ओनली कपल ऑफ़ फ्लैट्स ों एच फ्लोर एंड थे वेरे ग्लैड तो हैवे थे फ्लैट्स नेक्स्ट तो एच इतर. थिस वास् ओने ऑफ़ थे रेअसोंस व्हाई थे वेरे हैप्पी तो गेट थे फ्लैट्स इन थिस बिल्डिंग. लुकिंग ात थेइर फ्लैट्स रेमिन्डेड थम ऑफ़ थेइर ब्रिलियंट डिसिशन ऑफ़ बाइंग थे फ्लैट्स.

बीइंग प्राउड ऑफ़ हिज डिसिशन तो बुय थे फ्लैट्स इन थिस लोकैलिटी, अतुल साइड विथ ा smile,"Okay गर्ल्स. वे गेट योर पॉइंट. नाउ शॉल वे एंटर आवर फ्लैट्स विथ ा स्माइल ों आवर फेसेस एंड होल्डिंग एच ओठेर्स हैंड्स? और दो यू वांट तो कंटिन्यू अगुंग".

हियरिंग थिस निशा साइड विथ ा smile,"Shut उप अतुल. वे वेरे नॉट अगुंग, बूत जस्ट ट्राइंग तो सपोर्ट यू गाइस ओनली".

अतुल एंड रवि बोथ लुक्ड ात एच इतर विथ कन्फूसिओं. सेंसिंग थिस निशा continued,"What वे वेरे ट्राइंग तो से इस तहत वे सपोर्ट यू गाइस डिसिशन ऑफ़ बाइंग थे फ्लैट्स हेरे एंड वे वांट तो लाइव हैप्पिली हेरे. थेरेफोरे, let's बे फ्रेंडली टुवर्ड्स व्हाटएवर नेइबोर्स वे हैवे. Isn't तहत करेक्ट?".

अतुल एंड रवि बोथ हेल्ड थेइर ेअर्स एंड साइड together,"Okay बाबा."

थें रवि साइड तो Priya,"Ab फ्लैट में चलें या अंग्रेजी में और भी कुछ कहना है मेमसाहब?"

एवरीवन समिलेड ात थिस व्हेरास प्रिय फ्लिर्टिंगली स्लैपेड रवि ों हिज back,"Shut उप".

थे आल लौघड़ एंड इंटरएड थेइर रेस्पेक्टिवे फ्लैट्स. थे रेस्ट ऑफ़ थे डे वेंट बी विथ थे कपल्स पुटिंग थेइर पर्सनल बेलोंगिंग्स तो वेयर एवर थे वांटेड तो पूत थम.

थे नेक्स्ट डे वास् संडे मॉर्निंग. बोथ प्रिय एंड रवि हद जोइनेड निशा एंड अतुल इन थेइर फ्लैट फॉर ा संडे ब्रंच. थे कपल्स वेरे हैविंग ा गुड टाइम ात थे डाइनिंग टेबल वेयर थे वेरे सिटींग चित चैटिंग अलोंग विथ हैविंग कॉफ़ी आफ्टर थे ब्रंच.

थे वेरे आल लाफिंग एंड हैविंग ा गुड टाइम व्हेन थे दूर बेल्ल रंग. निशा गोत उप हियरिंग थिस एंड थे इतर थ्री टर्न्ड थेइर अटेंशन टुवर्ड्स थे दूर अस थे didn't क्नोव व्होम तो एक्सपेक्ट अस सुच ा रिमोट लोकेशन व्हेन थेइर फ्रेंड्स एंड रिलेटिव्स वेरे येत तो आस्क फॉर थे एक्सएक्ट एड्रेस ऑफ़ थेइर नई फ्लैट्स.

निशा वेंट तो थे दूर एंड आफ्टर लुकिंग थ्रू थे पीप होल ोपेनेड थे दूर एंड विथ ा स्माइल ग्रीटेड समवन ात थे दूर. थे नेक्स्ट मोमेंट शी नोडेड हेर हेड एंड चामे बैक टुवर्ड्स थे डाइनिंग टेबल एंड प्रोसेडेड टुवर्ड्स थे किचन व्हेन अतुल अस्केद her,"Kaun है निशा दरवाज़े पर (हु इस ात थे दूर निशा?)"

निशा replied,"It's शम्भू. बोल रहा है की आज संडे है तो उस्मान और उसके दोस्त नीचे पार्किंग स्पेस में पीने बैठे हैं और थोड़े आइस चाहिए उन्हें (हे सेक्स तहत उस्मान एंड हिज फ्रेंड्स हैवे गाथेरेद इन थे पार्किंग स्पेस तो एन्जॉय ड्रिंक्स ों संडे. हे अस्केद फॉर सम आइस कुबेस)".

बिफोर अतुल और रवि कुड रियेक्ट और से एनीथिंग थे हर्ड Priya,"Dost नहीं लंगोटिया दोस्त बोलो यार (नॉट फ्रेंड्स, से चाइल्डहुड फ्रेंड्स)".

हियरिंग थिस निशा लौघड़ आउट "हाहाहा" एंड प्रिय तू जोइनेड इन थे लाफ्टर. अतुल एंड रवि जस्ट लुक्ड ात एच इतर एंड नोडेड थेइर हेड्स बूत साइड नथिंग.

निशा ोपेनेड थे रेफ्रीजिरेटर एंड व्हिले पुल्लिंग आउट थे आइस कुबेस लुक्ड ात प्रिय एंड साइड विथ ा smile,"Langotiya दोस्त नहीं, लंगोटिया यार समझी (नॉट चाइल्डहुड फ्रेंड्स, बूत चाइल्डहुड डिअर फ्रेंड्स)"

प्रिय नोडेड हेर हेड एंड थें बोथ ऑफ़ थम अगेन बरसत आउट इन लाफ्टर. थे में वेरे जस्ट म्यूट स्पेक्टेटर्स, सिप्पिंग थेइर कोफ्फीस. निशा स्टार्टेड पुटिंग थे आइस कुबेस इन ा कंटेनर व्हेन प्रिय said,"Nisha let's गिव हिम थे लेफ्टओवर ऑफ़ थे ब्रंच. वे हद कुक्ड मोरे थान रिक्वायर्ड".

रवि ोपेनेड हिज माउथ तो से समथिंग व्हेन निशा replied,"Yeah सूरे. आईटी बेटर तो शेयर थान तो लेट आईटी जो वास्ते".

थे नेक्स्ट मोमेंट रवि सॉ हिज वाइफ प्रिय गेट उप फ्रॉम थे चेयर एंड वाक टुवर्ड्स थे किचन saying,"Let में पैक थम एंड वे कैन गिव आईटी तो शम्भू".

निशा नोडेड हेर हेड इन अफ्फर्मटिव. प्रिय वेंट तो थे किचन एंड पैक्ड थे फूड्स. बोथ थे में लुक्ड ात थेइर वाइव्स पैकिंग आइस कुबेस फॉर ा फ्यू गूंस सो तहत थे कैन एन्जॉय थेइर संडे ड्रिंक्स एंड आल्सो पैकिंग थेइर ब्रंच अस थे वांट तो शेयर थम विथ ठोस गूंस राथेर थान लेट आईटी जो तो वास्ते.

बोथ थे वीमेन पैक्ड व्हाटएवर वास् रिक्वायर्ड तो बे पैक्ड एंड थें टुगेदर प्रोसेडेड टुवर्ड्स थे दूर एंड विथ ा स्माइल ों थेइर फेस, हैंडेड थे पैकेट्स तो शम्भू. बोथ ऑफ़ थम साइड समथिंग तो शम्भू बूत निथर में कैन हेअर व्हाट थेइर वाइव्स टोल्ड तो थे क्लीनर ऑफ़ थे सोसाइटी. थे थें क्लोज्ड थे दूर एंड जोइनेड बैक ात थे डाइनिंग टेबल.
 
अपडेट 59

अनीता उसको देखकर रुकी हुयी hi थी की तभी हरिया का लुंड थोड़ा झटका मारा जैसे खड़ा होने के टाइम होता है.

हरिया अपने लुंड को देखने के बाद अनीता को देखकर मुस्कुराया तो अनीता भी एक नज़र उसके लुंड को देखने के बाद हरिया को देखकर मुस्कुरा दी.

जैसे hi वह मुस्कुराई तो हरिया मुस्कुराता हुआ bola,"Maaf कीजियेगा मेमसाहब वह हम पसीना से भींग गए थे तो सोचा की एक में बैठा हूँ तो थोड़ा बदन को अच्छा से सूखा लूँ".

अनीता हरिया का बात सुनकर मुस्कुराती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Are नहीं हरिया जी इसमें माफ़ी मांगने की क्या बात hai.Aapko जैसा ठीक लगे आप baithiye.Aap मेरे लिए इतना कुछ करते है तो इसके बदले आपका इतना हक़ तो है hi की आप आराम से आपको जैसा दिल करे वैसा baithe.Itni गर्मी में मेरे लिए सामान लाने के कारण आप पसीना से भींग गए थे तो आपने तो ठीक hi किया hai.Aese बैठने से आपका पसीना सुख जायेगा. मुझे कोई सफाई देने की ज़रूरत नहीं है आपको. आप आराम से जैसा दिल करे वैसे बैठिये मैं जूस लेकर आती हूँ".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया और अनीता को मुस्कुराते हुए देखते हुए अपने पेट में सिकन लाया जिससे उसका लुंड फिर से हल्का झटका मारा.

हरिया को मुस्कुराते हुए देख अनीता भी मुस्कुरा दी और फिर एक नज़र वह हरिया के टांग के बीच नज़र दाल कर उसे लुंड झटकते हुए देख वापस उसके चेहरे पर देखि तो हरिया को खुद के तरफ दांत दिखते हुए मुस्कुराते हुए देखि.

अनीता उसको मुस्कुराता देख खुद भी मुस्कुराई और एक नज़र फिर से उसके लुंड पर डाली तोह वह फिर से अपना लुंड झटक दिया. अनीता उसके लुंड को झटका मार देख मुस्कुराई और बिना कुछ बोले या हरिया को देखे अपनी गांड मटकती हुयी किचन के तरफ चली गयी.

अनीता किचन के तरफ जाती हुयी अपनी गांड को नार्मल से ज़्यादा मटका रही थी और हरिया उसकी गांड को नार्मल से ज़्यादा मटकता देख जोर से गाने laga,"Tohri गांड बड़ी है मस्त मस्त, तोहरी गांड बड़ी है मस्त".

अनीता इतना सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके पीछे घूमकर हरिया को देखि तो वह दांत दिखते हुए मुस्कुराते हुए गाना जारी rakha,"Tohre गांड को देख हमरे लौड़ा में आये जोश जोश".

हरिया यह लाइन जब गाय तो उसका लुंड फिर झटका मारने लगा जिसे अनीता देखि और देखकर बेशर्मी से मुस्कुराने लगी और आश्चर्य से अपनी आँखें बड़ी किये हुए मुस्कुराती हुयी सर हिलने लगी.

हरिया आगे गाते raha,"Humre लौड़ा को नहीं रहे कोई होश होश".

अनीता की चेहरे पर यह सुनकर मुस्कराहट के साथ एक गर्व की भाव भी आ गई थी अपनी जवानी और ख़ूबसूरती को लेकर और वह मुस्कुराती हुयी गर्व के भाव से हरिया के चेहरे तो कभी उसके लुंड को देख रही थी.

हरिया आगे गाते raha,"Tohri गांड हिले, हाँ तोहरी गांड हिले, जब तू मटक के चले. तोहरी हिलती गांड को देख होये हमरा लौड़ा खड़ा खड़ा".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी अपनी सर हिलती रही और फिर हरिया आगे gaya,"Tohri गांड बड़ी है मस्त मस्त तोहरी गांड बड़ी है मस्त" और साथ hi वह अपने लुंड को झटका दे रहा था. अनीता बेशर्मी से अपनी चेहरे पर गर्व की भाव लिए मुस्कुराती हुयी हरिया के लुंड को झटका मारते हुए देख रही थी और उसके गाने को सुन्न रही थी.

हरिया उतना गाना गाकर दांत निकल कर मुस्कुराने लगा तो अनीता भी मुस्कुराती हुयी अपनी सर हिलाकर उसे देखती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी आप भी न. सच में".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया और फिर उसकी गांड को देखने लगा तो अनीता वापस घूम गयी और अपनी गांड को वैसे hi नार्मल से ज़्यादा मटकती हुयी किचन में चली गयी.

अनीता किचन में जा कर एक ट्रे में जूस का बोतल और एक गिलास रखती हुयी हरिया के तरफ देखि जो वापस सोफे पर आराम से हाथ और टांग फैलाये बैठा उसे hi देख रहा था.

अनीता उसके चेहरे के देखने के बाद उसके लुंड को देखि तो उसका लुंड फिर झटका मार दिया. हरिया का लुंड देखने के बाद अनीता वापस उसके चेहरे पर देखकर puchhi,"Hariya जी कुछ और लेंगे क्या? मेरा मतलब है कुछ खाइयेगा?"

हरिया उसे देखकर अपना लुंड झटकते हुए bola,"Nahin मेमसाहब जूस ठीक है".

अनीता यह सुनकर उसके लुंड के तरफ देखि और फिर वह ट्रे उठाकर सोफे के तरफ जाने लगी.

हरिया उसको किचन से आते हुए देखकर अपना हाथ और तंग फैलये हुए बैठा अनीता को देखकर मुस्कुरा रहा tha.Anita भी उसको देखकर मुस्कुरा रही थी और एक नज़र उसके लुंड पर दाल कर वापस उसके चेहरे पर देखकर मुस्कुराती रही.

वह जाकर हरिया के सामने झुककर टेबल पर जूस का बोतल और ट्रे rakhi.Aesa करने से उसकी क्लीवेज जो छोटी सी ब्लाउज में अच्छा ख़ासा दिख रहा था और ज़्यादा दिखने laga.Uski क्लीवेज देखकर हरिया अपना लुंड झटकते हुए bola,"Waah मेमसाहेब हुंका जो पीना है वह कितना अच्छा लग रहा है".

अनीता यह सुन्न कर मुस्कुराई और वैसी hi झुकी हुयी बोतल खोलने लगी तो हरिया उसको bola,"Are मेमसाहेब बोतल तो खुलेगा hi,lekin इहाँ हमरे पास आकर बैठकर आराम से खोलिये न".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी कड़ी हो गयी और हरिया के लुंड के तरफ एक बार देखकर सोफे पर जाकर उसके बगल में उसके बाए तरफ बैठ gayi.Uske और हरिया के बीच एक फ़ीट का फैसला tha.Yeh कोई ज़्यादा दुरी नहीं था मगर हरिया अनीता से bola,"Memsaahab हमसे कउनो ग़लती हो गवा का?"

अनीता यह सुनकर आश्चर्य से हरिया को देखकर boli,"Nahin हरिया जी, क्यों?"

हरिया उसको देखकर bola,"To आप हमसे इतना दूर कहे बैठी हैं. आइये न हमरे पास".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Offo हरिया जी आप भी न. ऐसे बोलते हैं की मैं भी सोच में पद जाती हूँ की आखिर क्या हुआ. सीढ़ी बात को भी बातें बना कर कहना कोई आपसे सीखे सच में."

हरिया आराम से नंगा बैठा अनीता को देखते मुस्कुरा रहा था.

अनीता आगे boli,"Main कोई बहोत ज़्यादा दूर थोड़ी बैठी हूँ आपसे".

फिर वह रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"aur अगर आपको ऐसा लग भी रहा था तो मुझे पकड़ कर अपने पास खिंच लेते. इतना तो ताक़त आप में है hi की मुझे अपने पास खिंच सके".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता मुस्कुराती हुयी उसके करीब खिसक गयी मगर हरिया उसकी कमर पकड़ कर अपने तरफ खिंच कर उसे अपने से पूरा चिपका लिया.

ऐसा करने पर अनीता की मुंह से "ाः हरिया जी" निकल गयी और वह खिलखिलाने lagi,"Hehehe आप भी न हरिया जी".

हरिया के खींचने से अनीता उससे पूरी चिपक गयी थी, ऐसे की अनीता की दायी चूंकि हरिया के सीने से सत् गयी और हरिया अपना बया हाथ उसकी कमर से ऊपर लेजाकर उसकी बायीं चूंकि को मुट्ठी में भरकर bola,"Are मेमसाहेब अभी तो हमरे अंदर इतना ताक़त है की आपका रगड़ कर सेवा कर दे, बस बोलकर देखिये तो हुंका"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया के सीने पर बायीं हाथ रखकर फेरती हुयी boli,"Hariya जी आप भी न. सेवा कोई रगड़ कर किया जाता है क्या? सेवा तो प्यार से करना चाहिए".

हरिया यह सुनकर अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब हम जो सेवा करेंगे ु तो रगड़ कर hi किया जाता है".

फिर वह अनीता की बदन को गन्दी नज़र से देखते हुए bola,"Aur आपकी सेवा तो रगड़ कर hi हम करूँगा तो आपको हमरे सेवा का असली मज़ा मिलेगा."

अनीता यह सुनकर उसके सीने को सहलाती हुयी boli,"Hariya जी पता नहीं कौन सा ऐसा ख़ास तरीके से आप मेरी सेवा करना चाहते हैं की वह सेवा रगड़ कर hi करेंगे तो मुझे अच्छा लगेगा. खैर अब आपकी मर्ज़ी की आप कैसे सेवा करना चाहते हैं".

हरिया यह सुनकर दांत दिखते हुए मुस्कुराकर अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"Kaise का".

फिर वह अनीता की चूंकि दबाते हुए hi अपने आँखों से लुंड के तरफ इशारा करते हुए bola,"Ee से hi सेवा करूँगा रगड़ कर".

अनीता यह सुनकर हरिया के लुंड के तरफ देखि तो वह झटका मारा. अनीता यह देखकर मुस्कुराती हुयी हरिया के सीने पर अपनी बायीं हाथ फिरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी आप भी न. ऐसे अब ठीक से आपके साथ बैठी हूँ या और भी कुछ कम्प्लेन बाकी है?".

हरिया अनीता की बायीं चूंकि को अपने बाए हाथ से दबाते हुए bola,"Ab ठीक है मेमसाहब. ऐसे कउनो शिकायत तो नहीं है लेकिन एक और चीज़ है मेमसाहब जो हम कहना चाहता हूँ."

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया को देखती हुयी उसके सीने पर अपनी khoobsurat,nazuk,gori,lambi और पतली उँगलियाँ फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"To बोलिये न हरिया जी क्या बात है?"

हरिया यह सुनकर अनीता की उँगलियों के तरफ आँखों से इशारा करते हुए bola,"Aapka ी खूबसूरत हाथ हमरे सीने से ज़्यादा अच्छा".

अगले पल हरिया अपने लुंड के तरफ आँखों से इशारा करते हुए bola,"humre लुंड पर रखने से लगेगा. ी आपका खबसूरत हाथ का अभी सही जगह यहां hi है, हमरा लौड़ा पर".

अनीता यह सुनकर अपनी आंखें बड़ी करके मुस्कुराती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी आप भी na.Koi ऐसे बोलता है क्या?".

हरिया यह सुनकर हसने laga,"Hahaha" तो अनीता उसे देखती हुयी उसके सीने पर उंगलियां फेरती हुयी मुस्कुराती रही.

हरिया हसने के बाद bola,"Are मेमसाहेब का ग़लत बोलै हूँ हम. देखिये न कैसे आपको देखकर हमरा लुंड खुश है. आप थोड़ा हाथ रख दीजियेगा तो ससुरा और खुश हो जायेगा".

अनीता मुस्कुराती हुयी उसके लुंड के तरफ देखि तो वह फिर से झटका मारने लगा. अनीता उसके लुंड को एक नज़र देखने के बाद सामने टेबल के तरफ अपनी दोनों हाथों को लेजाकर जूस का बोतल खोलती हुयी boli,"Pehle आप जूस पीजिये हरिया जी नहीं तो यह गरम हो जाएगी".

यह बोलकर वह बोतल खोलकर गिलास में जूस भर कर हरिया के मुंह के तरफ गिलास लेजाती हुयी boli,"Yeh लीजिये हरिया ji.Yeh पीकर अपना प्यास बुझाइये".

हरिया अपना मुंह खोला तो अनीता हरिया को अपने हाथ से एक घूंट जूस पिलाकर उसके तरफ देखने लगी तो हरिया bola,"Are मेमसाहब ी तो हमरा गाला का प्यास बुझायेगा. लेकिन ससुरा हमरा लौड़ा भी तो प्यासा है. ीका भी तो प्यास बुझाना है हुंका".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप भी na.Phir से वही baat.Koi ऐसा बोलता है क्या? हथियार भी तो बोल सकते हैं आप इसे" और यह बोलकर वह गिलास को हरिया के होंठों के तरफ बढ़ा दी.

हरिया उसकी चूंकि दबाते हुए एक घूंट जूस पि लिया फिर bola,"Are मेमसाहब हम लौड़ा को लौड़ा hi न bolunga.Jis तरह से हम आपका चूंकि को चूंकि बोलता हूँ और ी गांड को गांड बोलता हूँ."

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी बेशर्मी से boli,"Theek है हरिया जी अब बस भी कीजिये. बस बातें hi बनाने लगते हैं आप".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता वापस जूस का गिलास उसके होंठों से लगा दी और वह उसकी चूंकि दबाते हुए जूस पीने लगा. अनीता हरिया के आँखों में देखती हुयी उसे जूस पीला रही थी.

थोड़ा जूस पिलाने के बाद अनीता गिलास हरिया के होंठों से हटाई तो हरिया का लुंड फिर झटका मारा जिसे देखकर अनीता मुस्कुरा दी.

अनीता को मुस्कुराते देख हरिया भी मुस्कुरा कर उसकी चूंकि दबाते हुए bola,"Sasura हमरा लौड़ा तो आपको देखकर hi बौखला जाता है मगर अभी आपका ी मुलायम चूंकि दबाने से एक दम बेचैन हो गया है हमरा लौड़ा. ी भी बहोत प्यासा है मेमसाहब".

अनीता यह सुनकर हरिया के लुंड के तरफ देखि तो वह धीरे धीरे जाग रहा था और खड़ा होते हुए थोड़ा झटके मार रहा tha.Hariya अपना लुंड को झटक कर bola,"Dekhiye मेमसाहब कितना बेचैन हो गया है हमरा लौड़ा".

अनीता उसके लुंड को देखकर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Haan हरिया ji.Sach में आपका हथियार तो पूरा बेचैन हो गया है".

हरिया यह सुनकर bola,"Are मेमसाहब का करे ससुरा आपको देखते hi बेचैन हो जाता है और जब आपकी ी बड़ा बड़ा गांड को मटकते और हिलते देखता है तो एक दम सा पगला जाता है, पूरा बौखला जाता है".

अनीता यह सुनकर गिलास का जूस एक बार हरिया के होंठों पर लगा कर उसे पीला कर उसे टेबल पर रखकर उसके सीने पर उँगलियाँ फिरती हुयी नीचे के तरफ लेजाकर लुंड के थोड़ा ऊपर उसके पेट पर उँगलियाँ फिरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी आप और आपका हथियार. दोनों को पता नहीं मुझे देखकर क्या हो जाता है. मुझे देखकर आपके मुंह से मेरे लिए बस तारीफ निकलने लगता है और आपका हथियार बस बौखला कर अकड़ने लगता है. मैं जब किचन में जा रही थी तो आपका हथियार तो पूरा बौखलाया हुआ था".

फिर अनीता उसके लुंड के टोपे पर हल्का प्रे छुम के तरफ इशारा करती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Aur आपके हथियार के मुंह से लार भी टपकने लगता है, जैसे कोई चीज़ को देखकर ललचा रहा हो और उसके लिए भूखा हो".

हरिया अपना लुंड झटक कर अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब का देखकर ललचाएगा. आपको hi देखकर तो ऐसा करता है. अब ललचा रहा है या जो भी है आपको देखकर hi ऐसा करता है. और रहा बात जब आप किचन में जा रही थी तो ु वक़त तो आपकी ी बड़ा बड़ा गांड ऐसे हिल रही थी की ससुरा आपका गांड को हिलता देख हमरा लौड़ा बेचैन हो गया. अब ससुरा के सामने अइसन बड़ा गांड हिलेगा तो ी चुप थोड़े रहेगा."

अनीता यह सुनकर उसके पेट पर हाथ फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Theek है हरिया जी आपका हथियार बौखला गया मेरी बूम देखकर लेकिन आप भी तो काम नहीं है. कैसा गाना गाने लगे आप मेरी बूम को देख कर."

हरिया यह सुनकर हसने laga,"Hahaha" तो अनीता बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप भी न. कोई ऐसे करता है क्या वह भी ऐसा गाना. सच में".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहब अब हम आपका गांड हिलते हुए देखा तो हुंका जो मैं में आया ु हम गए दिए. अब आपका गांड इतना बड़ा बड़ा और मस्त है जिसको हिलता देख हमरा लौड़ा बेचैन हो जाता है तो ऊपर जो मैं में आया ु हम गए दिए".

अनीता यह सुनकर हरिया के पेट पर हाथ फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी आप भी न. मैं नहीं सोची थी की आप में इतना टैलेंट भरा है की कोई चीज़ देखकर इतनी जल्दी गाना भी बना देंगे".

हरिया यह सुनकर अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"Are मेमसाहब हम भले hi ग़रीब हूँ, लेकिन बाकी चीज़ में हम में बहोत टेलेंट हैं".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी गिलास उठाकर उसे जूस पिलाती हुयी boli,"Haan वह तो मैं देख hi चुकी हूँ की कितना टैलेंट है आप में. जब भी मुझे मदद की ज़रूरत पड़ती है आप आ जाते हैं. यह भी तो एक टैलेंट hi हुआ और आज तो आपने मुझे देखकर गाना भी बना दिया. पता नहीं और कितना टैलेंट आप में भरा है".

हरिया जूस पीने के बाद bola,"Are मेमसाहब हम तो ठोकने में भी बहोत टेलेंटेड है. घंटो थोक सकते हैं. आप हमसे ठुकवा कर देखिये तो तब आपका समझ आएगा की हम कितना ज़बरदस्त ठुकाई करता हूँ. हम आपको झुका कर पीछे से अइसन ठोकूंगा की आपकी गांड हमरे ठुकाई से हिलने लगेगा".

अनीता का दिल यह यह सुनकर धड़कने लगा और वह अपनी आंखें बड़ी करके हरिया को देखती हुयी उसके सीने पर हाथ फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी आप भी न. बस घूम फिरकर मेरी तरबूज की hi बात करने लगते हैं".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहब का करे आपकी गांड है hi ऐसी की ससुरा हुंका ु देखने का, छूने का और उसका तारीफ करने का मैं करता है. सच बताये तो आपका गांड देखकर हमरा टेलेंट बढ़ जाता है".

अनीता यह सुनकर अपनी आंखें बड़ी करके हरिया को देखकर मुस्कुराकर boli,"Hariya जी आप भी न".

यह सुनकर हरिया हसने laga,"hahaha" तो अनीता भी मुस्कुराती हुयी अपनी सर हिलने लगी और फिर जूस का गिलास हरिया के मुंह के तरफ ले गयी तो वह एक सिप पि लिया.

अनीता यह गिलास टेबल पर रखकर हरिया के सीने से लेकर पेट तक हाथ फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में puchhi,"Hariya जी सच सच बताइये. मेरी पीछे देखकर आपको कैसा लगता है और क्या मैं करता है?"

हरिया यह सुनकर अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"Are मेमसाहब का बताये. आप तोह हमरा लौड़ा को देखि hi की आपकी गांड को देखकर कैसे बेचैन हो जाता है. ससुरा आपकी हिलती हुयी बड़ी गांड देखकर हमरा खून खौल जाता है और लौड़ा में ु गरम खून जाकर अइसन बौखलाता है हमरा लौड़ा का की हमरा मैं करता है की आपको झुका कर पीछे से रगड़ कर ठुकाई करू, आपको अच्छे से छोडूं".

अनीता की सांस यह सुनकर तेज़ होने लगी थी. हरिया के मुंह से छोड़ने वाला बात सुनकर वह बिना मुस्कुराये उसके पेट पर हाथ फेरती हुयी उसके लुंड के तरफ देखि और टेबल से गिलास उठाकर एक गर्व के भाव से हरिया के होंठों से लगा दी.

लिविंग रूम में अब ख़ामोशी थी और अनीता चुप चाप हरिया को जूस पीला रही थी और हरिया भी अनीता की चूंकि दबाते हुए उसके हाथ से जूस पी रहा था. वह बाकी का जूस एक साथ पी गया तो अनीता गिलास टेबल पर रखकर बोतल से गिलास फिर से भरने लगी तो हरिया bola,"Are मेमसाहब अब रहने दीजिये कितना जूस पिएंगे हम"

अनीता यह सुनकर हरिया के तरफ देखकर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी एक गिलास और पि लीजिये. मेरी वजह से इतनी धुप में आये हैं आप. कितना पसीने से भर गए थे आप. एक गिलास और पि लीजिये"

हरिया यह सुनकर अनीता की चूंकि दबाते हुए उसे अपने से और चिपका कर bola,"Katna ख्याल रखती हैं आप हमरा मेमसाहब. सच में हम बहोत किस्मत वाले हैं की हुंका आप जैसी मेमसाहब मिली".

अनीता गिलास में जूस भरकर हरिया को देखकर वापस उसके सीने पर उँगलियाँ फेरती हुयी boli,"Aap भी तो मेरा इतना ख्याल रखते हैं हरिया जी. बस आपको पता चलना चाहिए की मुझे किसी मदद की ज़रूरत है और आप हाज़िर हो जाते हैं. आप अपनी मेमसाहब का इतना ख्याल रखते हैं तो आपकी मेमसाहब क्या इतना भी नहीं कर सकती".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Sach में मेमसाहब आप कितना अच्छी है जो हमरा अटना ख्याल रखती है. हम भी आपका अच्छे से सेवा करना चाहता हूँ मेमसाहब मगर ससुरा अब तक नहीं कर पाया हूँ".

ानिया यह सुनकर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी आप तो मेरी सेवा और मदद करते hi हैं. बाजार में इतना खुल कर मेरी सेवा और मदद करते हैं आप तो फिर यह मत बोलिये की आप मेरी सेवा और मदद नहीं करते हैं".

हरिया अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"Are मेमसाहब उतना तो ठीक है लेकिन अभी तक हम आपका ी हमरा लौड़ा से सेवा कहाँ किये हैं."

अनीता यह सुनकर हरिया के सीने को सहलाती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी आप भी न".

हरिया अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब असली सेवा तो हमरे लौड़ा से hi होगा न और अब तक हम आपका अपने लौड़ा से सेवा कहाँ किया हूँ".

अनीता यह सुनकर अपनी उंगलियां हरिया के सीने से नीचे उसके पेट तक फिरती हुयी boli,"Hariya जी आप भी न. आप मेरी मदद करना नहीं भूलते और अब आपका हथियार मेरी सेवा करना चाहता है. आप और आपका हथियार सच में".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया और अपने पेट में सिकन लाकर लुंड को झटका दिया जिसे देखकर अनीता मुस्कुरा दी तो हरिया bola,"Dekhiye ससुरा हमरा लौड़ा आपकी सेवा करने के लिया कितना बेचैन है. एक बार छूकर देखिये न मेमसाहेब, बेचैनी और बौखलाहट से कइसन अकड़ रहा है. आपका खबसूरत हाथ महसूस करके थोड़ा शांत होगा".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी उसके लुंड को देखने के बाद हरिया को देखकर boli,"Hariya जी मुझे नहीं लगता की आपका हथियार बस मेरे छूने से hi शांत होगा. जैसा आपने कहा की यह प्यासा है और अकड़ रहा है. इसके लिए तो तेल से इसकी मालिश करनी होगी तभी जाकर इसका प्यास और अकड़ ख़तम होगा."

यह सब सुनकर हरिया का खून गरम होने लगा और अनीता की बात सुन्नते हुए उसकी चूंकि दबाने से उसका लुंड झटका मारने लगा. हरिया अपने लुंड के तरफ इशारा करते हुए bola,"Dekhiye हमरा लौड़ा आपके हाथ से मालिश का बात सुनकर ससुरा कैसे ख़ुशी से नाच रहा है. आप का सच में हमरा लौड़ा का अभी मालिश करेंगी".

अनीता यह सुननका हरिया के सीने पर हाथ फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में मुस्कुराती हुयी boli,"Aur नहीं तो क्या हरिया जी. जितना बौखलाया हुआ अकड़ रहा है आपका हथियार बिना मालिश के इसका अकड़ नहीं जायेगा."

फिर वह उठती हुयी boli,"Aap आराम से जूस पीजिये हरिया जी. मैं तेल लेकर आती हूँ"

हरिया अनीता के उठने से पहले एक बार जोर से उसकी चूंकि दबा दिया मगर अनीता चुप चाप वहां से उठकर किचन जाने लगी तो हरिया का आवाज़ फिर से suni,"Tohri गांड बड़ी है मस्त मस्त, तोहरी गांड बड़ी है मस्त".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी बिना पीछे देखे अपनी गांड को और मटकने लगी. हरिया गाते raha,"Nahin लौड़े को हमरा होश होश, तेरी गांड को देखके आये इसे जोश जोश. तुजो ऐसे चले, तुजो ऐसे चले यूँ नाटक नाटक, तेरी गांड हिले ज़बरदस्त ज़बरदस्त, तेरी गांड बड़ी है मस्त मस्त, तेरी गांड बड़ी है मस्त".

अनीता मुस्कुराती हुयी किचन में जा कर एक कटोरी निकल कर उसमे तेल दाल तो हुयी हरिया को देखि तो वह उसे देखकर मुस्कुराते हुए गाने laga,"Ee जो हमरा, बड़ा सा लौड़ा, देखके तुझको खड़ा हो जाये ससुरा, ी जो हमरा बड़ा सा लौड़ा देखके तुझको खड़ा हो जाये ससुरा. इसपर जो लगाए तू तेल तेल. तेल लगने के बाद तुझे मैं दू पेल पेल".

अनीता तेल डालती हुयी उसका गाना सुनकर मुस्कुराती रही और आखरी बात "पेल पेल" पर आँखें बड़ी करके हरिया को देखि तो वह मुस्कुरा दिया और गांड बांध कर दिया. अनीता तेल लेकर उसके तरफ आती हुई मुस्कुराकर boli,"Hariya जी आप भी न. आज तो आप अपना पूरा टैलेंट दिखा रहे हैं".

हरिया मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहेब आज हम आपको अपना पूरा लौड़ा भी तो दिखाए हैं".

अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी" और तेल का कटोरी टेबल पर रखकर मुस्कुराती हुयी उसके साथ चिपक कर बैठ गयी मगर हरिया उसकी चूंकि पकड़ कर अपने से और चिपका लिया और उसकी चूंकि दबाते हुए धीरे से puchha,"Boliye न मेमसाहेब हमरा लौड़ा आज पूरा देखकर आपको कैसा लग रहा है?".

अनीता सच में आज पहली बार हरिया का लुंड पूरा नंगा देख रही थी. अब तक हरिया पंत से लुंड निकल कर उसे दिखता था जिसके कारण लुंड का ऊपर का आधा भाग hi वह देख पाती थी. आज पहली बार वह उसका लुंड पूरा जड़ तक नंगा देखि थी और उसका बॉल्स भी पहली बार देख रही थी.

अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी क्या बोलूं. अच्छा है आपका हथियार".

हरिया अनीता की ब्लाउज में हाथ घुसते हुए उसकी ब्रा के ऊपर से उसकी चूंकि दबाकर puchha,"Bas अच्छा hi है हमरा लौड़ा?".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी उसके पेट पर उंगलियां फिरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Umm हरिया जी. बहोत बड़ा और मोटा है आपका हथियार".

और अनीता अगले पल अपनी उंगलियां उसके लुंड के ऊपरी भाग पर रखकर थोड़ा सहलाने लगी. हरिया के मुंह से "आअह्ह्ह" निकल गया ऐसा होने पर.

अनीता उसे देखि और फिर अगले पल तेल की कटोरी के तरफ हाथ बढाती हुयी रणदीपाने वाली अंदाज़ में boli,"Hariya जी अब आप जूस अपने से पीजिये. बहोत ख्याल रख ली मैं आपका. अब मैं चली आपके हथियार का ख्याल रखने".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए पूरा गिलास जूस एक साथ पीकर गिलास टेबल पर रख दिया और अपना दोनों टांग और फैलाकर थोड़ा सामने सड़क गया तो अनीता boli,"Hariya जी वह कुशिओं पीठ के पास रखकर आराम से बैठिये".

हरिया यह सुनकर कुशिओं पीठ के पास रख कर इंक्लिनेड करके टंगे फैलाकर सोफे पर बैठ गया और अपने शर्ट के पॉकेट से कुछ निकलने लगा.

अनीता उसके लुंड पर तेल गिराने लगी जिससे उसका लुंड झटका मारने लगा तो अनीता उसे देखकर मुस्कुराने लगी. तेल का कटोरी वह वापस ट्रे में रखकर उसके लुंड पर तेल मलने लगी.

अनीता की हाथ अपने लुंड पर पड़ने से हरिया के मुंह से "आअह्ह्ह्ह" निकला तो अनीता उसे देखती हुयी मुस्कुराई और देखि की हरिया अपने पॉकेट से बीड़ी और मैच बॉक्स निकला था. अनीता उसके लुंड की मालिश करती हुयी उसे देखने लगी और वह बीड़ी मुंह में डालकर उसे जलाकर मैच स्टिक को बुझा कर उसे कहीं रखने के लिए टेबल पर देखा तो अनीता अपनी दूसरी हाथ से जूस वाला गिलास उसके सामने कर दी.

हरिया उसमे मैच स्टिक डाला और फिर वापस अनीता की चूंकि पकड़ कर दबाने लगा और अनीता उसके लुंड को देखती हुयी मालिश करने लगी.
 
अपडेट 60

अनीता द्वारा लुंड के मालिश से हरिया के मुंह से "आआअह्ह्ह्हह" निकल गया तो अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया को देखि.

हरिया भी अनीता को देखकर मुस्कुराते हुए उसकी चूंकि को दबाते हुए bola,"Waah मेमसाहब कितना प्यार से आप हमरा लौड़ा का मालिश कर रही है".

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी अब आपका हथियार मुझे देखकर इतना बौखलाया हुआ है तो इसे शांत तो करना hi पड़ेगा na.Agar मैं इसे शांत नहीं करुँगी तो आप भी तो सोचेंगे की एक तो आप मेरे लिए इतनी धुप में सामान लेकर आये और जब आपका हथियार मुझे देखकर बौखला गया तो मैंने आपका मदद भी नहीं की इसे शांत करने में".

हरिया यह सुनते हुए अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"Are मेमसाहब हम कहे ऐसा कहूंगा. आप मेमसाहब कितना ख्याल रखते है आप हमरा और हमरे लौड़ा का तो ससुरा हम कैसे कह सकता हूँ की आप हमरा ख्याल नहीं रखती.".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई तो हरिया उसकी ब्लाउज में हाथ घुसाए उसकी ब्रा के ऊपर से चूंकि दबाते हुए bola,"Hum ग़रीब ज़रूर हूँ मेमसाहेब लेकिन ससुरा कउनो एहसान फरामोश नहीं हूँ. आप जइसन खबसूरत, जवान, अमीर और पढ़ी लिखी मेमसाहेब हमरे जइसन ग़रीब का अटना ख्याल रखती हैं ी तो हमरे लिए बहोत ख़ुशी का बात है".

अनीता यह सुनकर थोड़ी नाराज़गी से हरिया को देखती हुयी उसके लुंड की मालिश करती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी आप भी न. खबरदार जो आपने कहा की आप ग़रीब है. ग़रीबी अमीरी पढाई लिखे अपनी जगह है. सबसे बड़ी बात है की आप एक अच्छे इंसान हैं".

अनीता हरिया के आँखों में देखती हुयी वैसे hi रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Aur अगर मैं खूबसूरत और जवान हूँ तो आप भी क्या काम हैं".

हरिया यह सुनकर अनीता की चूंकि दबाते हुए बीड़ी का एक काश लेकर उसे देखा तो अनीता आगे boli,"aap भी तो पुरे मर्द है".

फिर अनीता उसके लुंड के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Aapke पास भी तो इतना लम्बा, मोटा और तगड़ा हथियार है. पैसे वाला अमीरी ग़रीबी तो आती जाती रहती है, लेकिन ऊपर वाले ने आपको जिस चीज़ में अमीरी दी है वह सबके पास थोड़े होता है. आपके जैसा अमीर बनने के लिए तो पैसे से अमीर लोग भी आपके जैसा पैसे से ग़रीब बनने के लिए तैयार हो जायेंगे".

अनीता यह बोलकर उसके लुंड को देखती हुयी उसे हिलती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uff हरिया जी इतना मोटा और बड़ा हथियार है आपका की इतना तेल डालने के बाद भी पूरा हथियार तेल से नहीं भीगा".

अनीता यह बोलकर तेल का कटोरी लेकर और तेल डालने लगी उसके लुंड पर जिसके कारण उसका लुंड फिर झटका मारा. हरिया आराम से बाए हाथ से अनीता की चूंकि उसकी ब्रा के ऊपर से दबाते हुए दये हाथ से बीड़ी पीते हुए अपने लुंड के तरफ देख रहा था.

अनीता उसके लुंड को झटकते देख रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Kitna बौखलाया हुआ है आपका हथियार हरिया जी. एक तो इतना बड़ा और मोटा है आपका हथियार ऊपर से ऐसे बौखला रहा है".

हरिया अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब आप इसका मालिश कर रही है तो खुश है ससुरा. अच्छा लग रहा है ीक इसलिए ख़ुशी से झूम रहा है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी तेल का कटोरी वापस टेबल पर रखकर उसके लुंड पर तेल मलकर मालिश करने लगी जिससे हरिया के मुंह से फिर "ाःह" निकल गया.

अनीता यह सुनकर उसे देखि और उसके लुंड को मालिश करती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी ऐसा बड़ा और मोटा खजाना आपको ऊपर वाले ने दिया है और आप है की बस पैसे की अमीरी ग़रीबी का बात करते हैं".

हरिया यह सुनकर अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"Haan मेमसाहब ी तो है. ससुरा हमरा असली दौलत तो ी हमरा लौड़ा है और हमरे जैसा लौड़ा तो ससुरा बहोत काम लोगो के पास hi होगा".

हरिया यह बोलकर बाये हाथ से अनीता की बायीं चूंकि दबाते हुए है diya,"Hahaha" तो अनीता भी खिलखिलाने lagi,"Hehehe" और हस्ते हुए hi हरिया अपना दया हाथ जिसमे बीड़ी था वह अनीता की दायी चूंकि के तरफ लेजाकर bola,"Aur मेमसाहेब आपके पास भी तो ी दो बड़ा बड़ा खजाना है, दूध का खजाना".

हरिया यह बोलते हुए अनीता की दोनों चूँचियों को एक साथ जोर से दबा दिया जिससे अनीता की मुंह से "आउच ाःह हरिया जी" निकल गया. हरिया यह सुनकर हस्ते रहा तो अनीता भी बेशर्मीसे खिलखिलाना जारी rakhi,"hehehe" और हरिया को देखती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी सच में आप भी न हेहेहे".

अनीता हरिया के लुंड को मालिश कर रही थी और हरिया उसकी दोनों चूँचियों को दबा रहा था और ऐसा करते हुए दोनों एक दूसरे के आँखों में देखते हुए हंस रहे थे की तभी अचानक हरिया का मोबाइल बजने लगा.

मोबाइल बजने का आवाज़ सुन्न अनीता खिलखिलाना बांध करके हरिया के शर्ट के पॉकेट के तरफ देखि तो हरिया अनीता की दोनों चूँचियों को दबाते हुए bola,"Ee ससुरा कौन फ़ोन करने लगा अभी".

हरिया यह बोलने के बावजूद अपने पॉकेट से फ़ोन नहीं निकला और फ़ोन रिंग करते रहा. अनीता यह देखकर उसके लुंड की मालिश करती हुयी boli,"Hariya जी फ़ोन उठा लीजिये. शायद आपके दूकान से होगा".

अनीता यह बोलकर सोची की हरिया को दोनों हाथ बिजी है और उसकी बायीं हाथ फ्री है तो वह उसके पॉकेट से खुद फ़ोन निकलकर उसके कान में लगाने का सोची ताकि वह आराम से बैठे हुए अपना काम करते हुए बात भी कर ले.

अनीता इतना सोची hi थी की हरिया अनीता की दायी चूंकि से हाथ हटाने लगा. अनीता को लगा की वह खुद फ़ोन उठाएगा तो वह चुप चाप उसके लुंड की मालिश करने लगी लेकिन हरिया दये हाथ को अपने मुंह के तरफ लेजाकर बीड़ी का एक काश लेकर अनीता की बायीं चूंकि दबाते हुए bola,"Chhoriye मेमसाहेब. हम अभी अपनी प्यारी मेमसाहेब के साथ हैं. हमरी मेमसाहेब इतनी प्यार से हमारा ख्याल रख रही है ी छोर के हम ससुरा फ़ोन कहे उठाये".

अनीता मुस्कुराती हुयी थोड़ा रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी आप भी न" और फिर उसके लुंड के तरफ देख कर कटोरी से थोड़ा सा और तेल लेकर उसके लुंड पर गिराकर उसे हिलती हुयी मुस्कुराकर वापस हरिया के तरफ देखि. हरिया का मोबाइल रिंग करना बांध हो चूका था. अनीता उसको देखकर उसके लुंड को अच्छे से ऊपर से नीचे हाथ में लेकर मालिश करने लगी.

अनीता अच्छा ख़ासा तेल डाली थी उसके लुंड पर इस बार जिससे उसका लुंड पूरा तेल में सन्न चूका था. ऐसे में जब अनीता उसके लुंड को मालिश करने लगी तो उसकी हाथ उसके लुंड पर अच्छे से फिसल रही थी जिससे हरिया के मुंह से "आअह्ह्ह्ह" निकल गया.

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया के चेहरे पर देखती हुयी उसके लुंड की मालिश करने लगी. हरिया "आआह्ह्ह्ह" करने के बाद bola,"Sach कहती हैं मेमसाहेब की हमरा असली दौलत तो ी हमरा लौड़ा है. बड़ा, मोटा और तगड़ा लौड़ा जो बहोत अमीर लोगन के पास भी नहीं"

हरिया फिर अनीता की बदन देखकर एक काश लिया और बीड़ी को गिलास में डालकर दये हाथ को उसकी ब्लाउज में घुसकर ब्रा के ऊपर से उसकी दायी चूंकि पकड़ लिया और दोनों चूँचियों को एक साथ ब्रा के ऊपर से दबाते हुए bola,"Aur हमरे पास एक तगड़ा लौड़ा हैं तो हमरा लौड़ा का ख्याल रखने के लिए आप जैसी जवान और खबसूरत मेमसाहेब भी हैं. ससुरा कौन कह सकता है की ऊके पास आप जैसी ऐसी जवान और खबसूरत मेमसाहब है जो ुका इतना प्यार से जूस पिलाकर ुका लौड़ा का मालिश करते हुए लौड़ा का तारीफ करे. ी भी तो सिर्फ हम hi कह सकत हूँ, हम हरिया".

अनीता को हरिया का यूँ गर्व से अपने बारे में बोलता देख अच्छा लगा. वह भी गर्व से हरिया के तरफ देखकर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी तारीफ नहीं कर रही बस सचाई बता रही हूँ".

फिर वह उसके लुंड के तरफ देखकर उसका मालिश करती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Itna बड़ा और मोटा आपका हथियार है वही तो बोल रही हूँ और अभी तोह बड़ा होते hi जा रहा है. उफ़ सच में आपका हथियार भी न".

अपनी चूंकि हरिया द्वारा दबाये जाने और उसके लुंड को मालिश करते हुए अनीता की गाला सूखने लगी थी. उसकी बदन में मस्ती की लहर दौड़ रही थी और सांस तेज़ हो रही थी. तेज़ सांस होने के साथ साथ उसकी गाला भी सुख रही थी. न चाहते हुए भी अनीता हरिया के लुंड को मालिश करती हुयी उसके लुंड को देखती हुयी अपनी सूखती होंठो को भीगने के लिए उस पर ज़बान फेर दी.

हरिया अनीता को ऐसे अपनी होंठों पर ज़बान फेरते हुए देखकर उसकी चूंकि दबाते हुए bola,"Aap भी बहोत प्यासी लग रही हैं मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर हरिया के तरफ देखि तो हरिया बात जारी रखते हुए अनीता की आँखों में देखते हुए bola,"Lag रहा है आपको कुछ चूसने का मैं कर रहा है. कुछ चूस कर आप अपना प्यास बुझाना छह रही हैं".

हरिया अनीता को देखकर उसकी चूंकि दबाते हुए आगे bola,"Memsaheb आपको प्यास लगा है तो बुझा लीजिये न. चूस लीजिये मेमसाहेब. इहाँ सब कुछ तो आपका hi है. जो भी चूसने का आपका मैं कर रहा है आराम से चूसकर अपना प्यास बुझाइये".

अनीता यह सुनकर हरिया के आँखों में देख hi रही थी की तभी हरिया बाए हाथ से उसकी चूंकि दबाते हुए दाए हाथ को उसकी सर के पीछे रखकर bola,"Aaiye मेमसाहेब चूस लीजिये. आपके लिए hi तो है सब कुछ. पूरा दिल खोल कर मज़े से चूसिये और अपना प्यास बुझाइये".

हरिया यह बोलकर अनीता की सर के पीछे दबाओ बनाया hi था की उसका मोबाइल फिर बजने लगा. मोबाइल बजते hi अनीता का ध्यान उसके पॉकेट के तरफ चला गया और हरिया झुंझला कर bola,"Behenchod कौन साला बार बार फ़ोन करके डिस्टर्ब कर रहा है".

अनीता यह सुनकर उसका लुंड मालिश करती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी उठा कर देख लीजिये न. शायद कोई ज़रूरी काम हो".

हरिया यह सुनकर अनीता को देखते हुए सर हिलाया और अपना दया हाथ उसकी सर के पीछे से हटाकर मोबाइल शर्ट के पॉकेट से निकलकर फ़ोन रिसीव करके "hello" किया तो दूसरी तरफ से कुछ आवाज़ आया.

हरिया जवाब में गर्व से bola,"Maal शाम तक पहुंचेगा."

और फिर वह अनीता को देखते हुए उसकी चूंकि दबाते हुए वैसे hi गर्व से bola,"Abhi हुंका और भी ज़रूरी काम है".

दूसरे तरफ से जवाब में कुछ बोलै गया तो हरिया bola,"Are भाई शाम तक पहुँच जायेगा माल. अभी हम बहोत ज़रूरी काम में बीजी हूँ. शाम को माल मिलेगा".

यह बोलकर हरिया फ़ोन काट कर बोलने laga,"Sasura लोग को थोड़ा सबर नहीं है, सामान अभी का अभी hi चाहिए. ससुरा सोयेगा रात में लेकिन गद्दा दिन में hi चाहिए".

फिर वह अनीता की तरफ देखकर उसकी चूंकि दबाते हुए bola,"Isliye कहते हैं हम मेमसाहेब की आपके जैसी कोई नहीं है. हुंका पूरा यक़ीन है की अगर इसके जगह हम आपका गद्दा लाते और लेट होता तो आप ऐसे चिल्ला चिल्ली नहीं करती. सच में मेमसाहेब आप बहोत अच्छी हैं"

अनीता यह सुनकर उसके लुंड की मालिश करती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी छोड़िये न. क्यों अपना मूड ख़राब कर रहे हैं. उसे थोड़े hi समझ आ रहा होगा की आप मेरे लिए इतनी धुप में सामान लाये हैं और अभी थोड़ा आराम कर रहे हैं."

हरिया यह सुनकर अनीता को देखकर उसकी चूंकि को मसलते हुए bola,"Aap कितनी अच्छी हैं मेमसाहेब. इतनी अमीर और पढ़ी लिखी हैं आप. हीरोइन जैसी खबसूरत भी हैं लेकिन फिर भी आप में घमंड नहीं है."

अनीता यह सुनकर हरिया को देखती हुयी मुस्कुरा कर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी आप भी न. घूम फिर कर मेरी तारीफ करने लगते हैं. ऐसे आप भी तो बहोत अच्छे हैं. मेरी कितनी मदद करते हैं. जब ज़रूरत पड़ता है मेरी मदद करने आ जाते हैं. अभी के ज़माने में कौन किसकी मदद करता है".

हरिया अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब ी तो हमरा फ़र्ज़ है".

अगले पल हरिया अनीता की बदन को गन्दी नज़र से देखकर bola,"Zamana चाहे जो भी हो, हमरे जैसा मर्द आपकी जैसी औरत का मदद करने के लिए रहेंगे hi. आपकी जैसी औरत का हम मदद कैसे नहीं करूँगा. अगर आपकी मदद और सेवा हम नहीं करूँगा तो हमरे मर्दानगी पर ठु है".

अनीता मुस्कुराती हुयी हरिया के लुंड का मालिश करती हुयी उसका बात सुन्न रही थी. उसका बात पूरा होने पर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी आप भी न अपनी मर्दानगी को क्यों बीच में ला रहे हैं".

हरिया यह सुनकर उसकी चूंकि दबाते हुए bola,"Are कहे नहीं मेमसाहेब. ससुरा अइसन बड़ा, मोटा और तगड़ा लौड़ा होते हुए भी अगर हम आपका अचे से मदद और रगड़ कर सेवा नहीं करूँगा तो हमरे मर्दानगी पर ठु hi तो होगा. अपना लौड़ा से आपका रगड़ कर सेवा करना और रगड़ कर ठोकना तो हमरा फ़र्ज़ है और हम तो बस अपना फ़र्ज़ hi निभाना छह रहा हूँ".

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी बस भी कीजिये अब"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराने लगा और अनीता की चूंकि पकडे हुए उसे अपने और करीब खींचने लगा जिससे अनीता का थोड़ा बैलेंस बिगड़ गया और वह बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"ouch हरिया जी" और फिर हसने lagi,"aaahh हाहाहा आराम से हरिया जी हेहेहे".

हरिये भी साथ में हसने लगा और लिविंग रूम दोनों के खिलखिलाहट से गूंज उठा.

हरिया हस्ते हुए उसकी चूंकि दबा रहा था की तभी हरिया का मोबाइल फिर बजने लगा. अनीता हसना बांध करके खुद को संभालती हुयी हरिया के शर्ट के पॉकेट के तरफ देखि तो हरिया bola,"Ee ससुरा बार बार डिस्टर्ब कर रहा है".

अनीता हरिया का लुंड का मालिश करती हुयी boli,"Hariya जी देखिये कौन है"

हरिया सर हिलाकर पॉकेट से फ़ोन निकला और स्क्रीन के तरफ देखकर bola,"Ee ससुरा मालिक को का हो गया. ी भी फ़ोन करने लगे".

अनीता हरिया का लुंड मालिश करती हुयी उसका बात सुन्न रही थी. हरिया खुद उसकी घर में किसी मालिक की तरह सोफे पर नंगा हुए आराम से बैठा हुआ था और जूस पीते हुए अनीता की चूंकि दबाने के साथ साथ उसकी खूबसूरत मुलायम हाथ से अपने लुंड के मालिश का मज़ा ले रहा था.

हरिया वैसे hi आराम से बैठे हुए फ़ोन उठा कर गर्व से bola,"Hello".

अनीता हरिया को देख रही थी और समझ पा रही थी की हरिया अभी कितना कॉन्फिडेंस में था. हरिया को ऐसा देखकर उसे अच्छा लगा.

दूसरे तरफ से कुछ बोलने के बाद हरिया कॉन्फिडेंस से bola,"Are मालिक हम तो बोल hi दिए की शाम को माल पहुंचा देंगे तो फिर...."

हरिया के पूरा बोलने से पहले दूसरे तरफ से उसका मालिक कुछ बोलने लगा जिसके कारण वह रुक गया.

वह बात सुनने के बाद अनीता की तरफ देख कर उसकी चूंकि को दबाते हुए bola,"Abhi हम बहोत ज़रूरी काम कर रहा हूँ".

दूसरे तरफ से कुछ बोलने पर हरिया के चेहरे पर गुस्सा का भाव आने laga,"Are मालिक हम कभी काम में गड़बड़ी किया हूँ. ु ससुरा कस्टमर सही नहीं है. जान बुझ कर परेशां..."

अनीता चुप चाप हरिया से चिपकी हुयी उसका लुंड का मालिश करती हुयी खुद की चूंकि को उसके मुट्ठी में मसले जाते हुए उसका बात सुन्न रही थी. हरिया का बात पूरा होने से पहले फिर से दूसरी तरफ से कुछ बोलै गया और हरिया जवाब में जैसे hi "मालिक सुनिए" बोलै तो फ़ोन काट गया.

अनीता समझ गयी की उसका मालिक उस पर गुस्सा है और शायद जल्दी मैट्रेस्स पहुँचाने के लिए बोलकर फ़ोन काट दिया.

हरिया फ़ोन कटे जाने पर फ़ोन को देखकर bola,"Ee ससुरा लोग हुंका आज मेमसाहेब की सेवा नहीं करने देंगे. ससुरा ऐसा लग रहा है जान बुझ कर हुंका डिस्टर्ब कर रहे हैं. लेकिन ससुरा हम भी नहीं जाऊंगा मेमसाहेब की सेवा किये बिना आज".

अनीता जो चुप चाप हरिया का लुंड का मालिश कर रही थी वह यह सुनकर हरिया से boli,"Hariya जी अगर अर्जेंट है तो चले जाइये. ऐसे आप करेंगे तो कस्टमर ख़राब हो जायेगा. कस्टमर जैसा भी हो उसे तो बना कर रखना पड़ता है न. और अपने मालिक का भी तो सोचिये. उनका बिज़नेस ख़राब होगा तो आपका नौकरी भी तो खतरे में आएगा. क्या आप यह चाहेंगे?"

हरिया यह सुनकर अनीता के तरफ देखा और सहमति में bola,"Haan मेमसाहेब आप ठीक कह रही हैं लेकिन ससुरा हुंका आपका सेवा करने का मैं है अभी. देखिये हमरा लौड़ा कैसे बेचैन है आपकी सेवा करने के लिए. आपका सेवा किये बिना हुंका जाने का मैं नहीं है".

अनीता यह सुनकर हरिया के लुंड का मालिश करती हुयी अपनी चूँचियों को थोड़ा सा आगे करके रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी मैं कहीं भागी थोड़े जा रही हूँ. मेरी सेवा आप फिर कभी कर दीजियेगा. आज तो आपने मेरी इतनी मदद किया हैं फिर किसी और दिन सेवा कर दीजियेगा."

हरिया यह सुनते हुए अनीता को अपनी चूँचियों को आगे करते हुए देख थोड़ा झुक कर अनीता की बायीं चूंकि को ब्लाउज के ऊपर से hi मुंह में भर लिया.
 
ा रिक्वेस्ट तो आल थे रीडर्स: सीन्स रीडर्स अरे कम्प्लेनिंग अबाउट रेपेटिटिवेनेस्स ऑफ़ थे डायलॉग्स, ी रिक्वेस्ट यू तो टीच में व्हाट काइंड ऑफ़ डायलॉग्स कैन सूट ा पर्टिकुलर सिचुएशन. दो के उप विथ ा कपल ऑफ़ पैराग्राफ ऑफ़ स्टोरी नररातिओं एंड डायलॉग्स. ी वोउल्ड लव तो लर्न फ्रॉम थे रीडर्स/ इतर वरिटेरस.

आल्सो तेल्ल में व्हाई दो यू थिंक ी कीप थे डायलाग "आप भी न" बी अनीता फ्रीक्वेंट इन रिस्पांस तो सम ऑफ़ थे डायलॉग्स ऑफ़ हरिया. िफ़ अन्य रीडर कैन एक्सप्लेन आईटी थें तहत वोउल्ड बे ग्रेट. थैंक्स.
 
अपडेट 61

अपनी ब्लाउज के ऊपर से चूंकि पर हरिया का होंठ और ज़बान महसूस करके अनीता का दिल धड़क गया और बदन में एक अजीब सा मज़ा का लहर दौड़ गया. वह इस चीज़ का उम्मीद नहीं कर रही थी.

अनीता खुद को संभालती हुयी हरिया का लुंड को मालिश करती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में hi boli,"Hariya जी क्या कर रहे हैं. प्लीज सीधे बैठिये न".

हरिया अगले पल दायी हाथ से अनीता की बायीं चूंकि पकडे हुए उसको ब्लाउज के ऊपर से hi जितना हो सके उतना मुंह में में भरने लगा. अनीता की तन्न बदन में आग लगने लगी और उसकी छूट पर मानो चींटिया रेंगने लगी थी. वह बिना कुछ बोले hi चुप चाप हरिया का लुंड का मालिश करती रही.

कुछ सेकण्ड्स बाद अनीता फिर से खुद को सम्हालती हुयी boli,"Hariya जी प्लीज अब बस भी कीजिये. हो गया. आपको काम पर भी जाना है".

हरिया बिना कुछ बोले अनीता की चूंकि से मुंह हटाया तो अनीता को लगा की अब वह छोर देगा मगर वह उसकी बायीं चूंकि को पकड़ कर उसे मुंह में भर लिया. अनीता कुछ नहीं बोली और थोड़ा दये तरफ घूमकर हरिया के तरफ हो गयी जिससे हरिया अच्छे से उसकी चूंकि को मुंह में लेने लगा.

अनीता अगले पल कटोरी से तेल लेकर हरिया के लुंड पर गिराकर उसके लुंड को फिर से मालिश करने लगी. अब कोई कुछ नहीं बोल रहा था. हरिया अनीता की दायी चूंकि ब्लाउज के ऊपर से hi मुंह में लेकर चूस रहा था वहीँ अनीता हरिया के लुंड पर और तेल गिरा कर अच्छे से मालिश कर रही थी.

दोनों को होश तब आया जब हरिया का मोबाइल फिर से बजने लगा. हरिया इस बार मोबाइल के बजने पर भी फ़ोन नहीं उठाया तो अनीता boli,"Hariya जी हो गया अब फ़ोन उठा लीजिये.".

हरिया यह सुनकर उसकी चूंकि से मुंह हटाया और अनीता को देखकर उसकी चूंकि पकड़ कर दबाते हुए bola,"Memsaheb का करे ससुरा आपका ी दूध का थांन देखकर पीने का मैं करने लगा. हमसे रहा hi नहीं गया मगर ससुरा लग रहा है ी बहनचोद लोग नहीं चाहता की हम आपका दूध अच्छे से पिए".

अनीता यह सुनकर एक हाथ से उसके लुंड को मालिश करती हुयी दूसरे हाथ से उसके सीने के बाल पर हाथ फेरती हुई रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी सच में आप भी क्या क्या बोलते रहते हैं".

हरिया मुस्कुराकया फिर दूसरे हाथ से पॉकेट से मोबाइल फ़ोन निकल कर उसे देखकर bola,"Ee बहनचोद ससुरा रामु को अब का चाहिए".

हरिया अनीता की चूंकि दबाते हुए बॉस की तरह तंग फैलाये सोफे पर बैठे हुए अनीता की खूबसूरत हाथ से लुंड के मालिश का मज़ा लेते हुए bola,"Hello".

दूसरे तरफ से कोई बात पर हरिया जवाब में bola,"Haan हाँ आता हूँ. तुम जाओ वहां".

हरिया फ़ोन काट कर अनीता को देखकर bola,"Sasura मालिक रामु को भी भेज रहे हैं ु कस्टमर के पास. मैं तो नहीं है ससुरा मगर हुंका जाना होगा मेमसाहेब".

अनीता उसके लुंड को मालिश करना छोड़ कर boli,"main टिश्यू पेपर लाकर साफ़ कर देती हूँ".

हरिया अपना पंत अंडरवियर के साथ ऊपर करते हुए bola,"U का कउनो ज़रूरत नहीं है मेमसाहेब. आप इतने प्यार से हमरा लौड़ा का मालिश किये हैं तो हम इसे आज ऐसे hi रहने देंगे. हम ी तेल से सना हुआ अपना लौड़ा देखूंगा तो हुंका याद आएगा की कितना प्यार से आप हमरा लौड़ा का मालिश किये हैं".

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी अपना सर हिलाकर boli,"Uff हरिया जी आप भी न".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर खड़ा होकर गांड के ऊपर से पंत चढ़ाया और अनीता के तरफ घूम कर उसके चेहरे के पास खड़ा होकर पंत के बहार लटके लुंड को दिखाकर bola,"Ee हमरा लौड़ा ससुरा बहार hi रहना चाहता है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई और उसके लुंड को पकड़ कर पंत के अंदर डालकर ज़िप लगाकर boli,"Yeh चाहता है या आप चाहते हैं हरिया जी. देखिये अंदर करने से तो चुप चाप चला गया".

हरिया यह सुनकर हसने laga,"Hahaha" तो अनीता भी खिलखिलाने lagi,"hehehe".

अनीता खिलखिलाती हुयी उठी और हरिया के बगल में कड़ी होकर boli,"Chaliye हरिया जी मैं दरवाज़े तक छोर देती हूँ".

हरिया उसकी कमर पकड़ कर अपने से चिपका कर bola,"Chaliye मेमसाहेब".

अनीता उसे मुस्कुराकर देखि और वह भी उससे पूरी चिपक गयी. हरिया अनीता से चिपके हुए चलने लगा और हाथ उसकी कमर से नीचे लेजाकर उसकी थिरकती हुयी गांड पर रखकर bola,"Kasam से मेमसाहेब चलते वक़्त आपकी गांड हिलती है तो हमरा लौड़ा बेचैन हो जाता है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया को देखि. उसकी मुस्कराहट में एक गर्व था और वह गर्व से मुस्कुराती हुयी उसके पंत के ऊपर से लुंड को पकड़ कर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी आप और आपका हथियार. अब चलते वक़्त तो पीछे का हिलेगा hi, इसमें क्या है सच में".

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड दबोच कर हिलता हुआ bola,"Are मेमसाहेब गांड हिलने के लिए गांड वैसा होना चाहिए. आपकी गांड तो एक दम मस्त है. ससुरा सच में मैं कर रहा है की आपकी ठुकाई कर दूँ".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी उसके लुंड को हिलती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Umm हरिया जी आप भी न".

हरिया और अनीता धीरे धीरे चल रहे थे ऐसे में वह दोनों अब तक सोफे के साइड तक आये थे. अनीता की बात सुनकर हरिया अनीता की कमर पकड़ कर घुमाया और थोड़ा आगे करके उसकी कमर पर दबाओ दाल कर अनीता को झुका दिया.

ऐसा होने से अनीता की मुंह से आवाज़ nikli,"Aaah हरिया जी" मगर फिर सोफे के साइड में पकड़ कर झुक गयी.

अगले पल हरिया अनीता की गांड की दोनों भागो को पकड़ लिया और अपना लुंड पंत के ऊपर से hi अनीता की गांड से सत्ता कर हिलने लगा. कुछ सेकण्ड्स हिलने के बाद हरिया अनीता की गांड पकडे जोर से धक्का लगाया.

धक्का लगने से अनीता की मुंह से "आअह्ह्ह्ह" निकल गयी. हरिया अगले कुछ सेकण्ड्स तक वैसे hi धक्का लगते रहा और अनीता सोफे पकड़ कर झुकी हुयी थी.

कुछ सेकण्ड्स बाद अनीता को हरिया खुद से अलग होते हुए महसूस हुआ तो वह वैसे hi झुकी हुयी पीछे मुद कर देखि तो उसे अपना पंत खोलते हुए देखि.

हरिया अनीता को देखते हुए पंत खोल रहा था और अनीता वैसे hi झुकी रही. कुछ सेकण्ड्स बाद हरिया का पंत उसके कदमो में गिर गया और उसका लुंड फिर से आधा खड़ा हुआ हवा में लहराने लगा. आधा खड़ा होने पर भी उसका लुंड बहोत बड़ा और मोटा लग रहा था.

हरिया अगले पल अपना लुंड पकड़ कर आगे बढ़ा और अनीता की गांड से साड़ी के ऊपर से सत्ता दिया. अनीता बिना शर्म के वैसे hi झुकी हुयी पीछे घूम कर हरिया के लुंड को खुद की गांड से चिपके हुए देखने लगी.

हरिया अनीता की गांड की दरार में साड़ी को घुसाने लगा मगर टाइट साड़ी ज़्यादा अंदर नहीं घुस पायी. मगर जितना भी था अनीता की गांड की दरार में थोड़ा घुस गया जिससे साड़ी के ऊपर से भी दरार पता चल रहा था.

हरिया अपना लुंड उसकी दरार में घुसाने के बाद अनीता को देखकर bola,"Memsaheb थोड़ा अच्छे से झुक कर गांड को हमरे लौड़े के तरफ बाहर निकालिये न".

अनीता यह सुनकर अपनी कमर को आर्च करके अपनी गांड को बाहर के तरफ अच्छे से उभर ली. हरिया उसकी गांड के दोनों भागो को पकड़ कर उसके बीच अपना लुंड दो तीन बाद रगड़ा तो अनीता भी अपनी गांड ऊपर नीचे करके हरिया के लुंड में रगड़ने लगी.

हरिया यह देखकर bola,"aese hi मेमसाहेब अपनी गांड हिलाकर हमरा लौड़ा में रगडिये"

अनीता अपनी गांड हरिया के लुंड पर रगड़ती रही और हरिया उसकी गांड को पकडे हुए अपना कमर हिलाते रहा.

कुछ सेकण्ड्स बाद हरिया अनीता की कमर पकड़ कर जोर से धक्के लगाने लगा तो अनीता की मुंह से "आअह्ह्ह हरिया जी" निकलने लगी. हरिया अनीता की कमर पकडे हुए धक्के लगाने लगा और अनीता झुकी हुयी उसके लुंड का धक्का अपनी गांड पर महसूस करने लगी.

कुछ सेकंड बाद हरिया झुक कर अनीता की नंगी पीठ को चूमने लगा तो अनीता की मुंह से "उम्म्म हरिया जी आअह्ह्ह्ह" निकल गयी.

अनीता हरिया का लुंड का सख्ती बढ़ते हुए अपनी गांड की दरार में महसूस कर रही थी. हरिया के धक्के से उसकी साड़ी उसकी गांड की दरार में और घुसने लगी थी और साथ hi हरिया का लुंड भी उसकी गांड की दरार में और अंदर घुस रही थी.

अनीता की सांस और धड़कन हरिया का लुंड अपनी गांड और उसके होंठों को अपनी पीठ पर महसूस करके तेज़ हो रही थी. हरिया के धक्का से अनीता थोड़ा और आगे हो गयी थी और सोफे के एआरएम रेस्ट को पकड़ने के जगह उसकी पेअर उसके किनारे तक आ गयी थी.

ऐसा करने से अनीता की पेअर सोफे के साइड वाले भाग और पीछे हरिया के बीच हो गयी थी जिसके कारण वह न hi और आगे जा सकती थी और न hi पीछे.

हरिया के धक्के के कारण और उसके पीठ चूमने से वह थोड़ा नीचे झुकने लगी थी जिसके कारण उसकी पेट उस एआरएम रेस्ट पर टिक गयी और वह खुद को बैलेंस करने के लिए हाथ को सोफे के सीट पर रख दी. ऐसा होने से अनीता की गांड और उभर के हरिया के लुंड के तरफ निकल गयी थी.

अनीता के और नीचे झुकने के कारण उसकी पीठ से हरिया का होंठ अलग हो गया तो हरिया खड़ा हुए hi सोफे और उसके बदन के बीच अटकी हुयी अनीता की गांड या बदन पकडे बिना hi अच्छे से धक्के देने लगलगा और धक्के देते हुए हाथ बढाकर सोफे के सामने टेबल पर रखे तेल की कटोरी को उठाया जिसे अनीता नहीं देखि.

हरिया तेल की कटोरी को अनीता की पीठ के ऊपर करके उस पर तेल गिराने लगा तो उसे एहसास हुआ की उसकी पीठ पर कुछ गिर रही है. वह गाढ़ापन आउट फिसलन से समझ गयी की वह तेल hi होगा मगर वह घूमकर देखि तो उसका अंदाजा सही लगा.

वह घूमकर हरिया को अपनी पीठ पर कटोरी से तेल गिरते हुए देखकर रणदीपाने वाली आवाज़ में puchhi,"Hariya जी यह क्या कर रहे हैं आप?"

हरिया जवाब में अनीता को देखकर मुस्कुराया और थोड़ा तेल गिराने के बाद वह कटोरी वापस रखकर अपने दोनों हाथों से तेल को अनीता की पीठ पर मलते हुए bola,"Kuchho नहीं मेमसाहेब. आप हमरा लौड़ा का मालिश किये तो हम भी थोड़ा आपके पीठ का मालिश कर डेट हूँ".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई और हरिया को देखते हुए अपनी गांड को हिलाकर उसके लुंड पर रगड़ने लगी. वहीँ हरिया भी अपना कमर हिलाते हुए अनीता की गांड पर लुंड रगड़ते हुए उसकी पीठ पर तेल मलने लगा.

कुछ सेकण्ड्स तक उसकी पीठ पर तेल मलने के बाद वह कटोरी फिर उठाया और उसकी कमर पर तेल गिराने लगा. इस बीच वह अपना कमर हिलाते हुए अनीता की गांड पर लुंड रगड़ते रहा.

अनीता की कमर पर तेल गिराकर वापस कटोरी टेबल पर रखकर वह तेल को उसकी कमर पर मलने लगा. कुछ सेकण्ड्स बाद अनीता की पूरी बैक, गर्दन के नीचे से लेकर उसकी कमर जहाँ साड़ी बंधी हुयी थी तेल से चमकने लगी थी. अनीता की बदन में मज़े की लहर दौड़ रही थी और छूट में गीलापन बढ़ रहा था. वह बेशर्मी से अपनी गांड हिलाकर हरिया के लुंड पर रगड़ रही थी.

हरिया फिर से तेल की कटोरी उठाकर अनीता की कमर पर गिराया और कटोरी टेबल पर रखकर उसकी कमर से तेल को अपने हाथ में लेकर हाथ नीचे उसकी पेट के तरफ लेजाकर उसकी पेट पर तेल मलने लगा. अनीता की सांस तेज़ी से चल रही थी वहीँ हरिया का लुंड कड़क होते जा रहा था जिसे अनीता अपनी गांड की दरार में पोके करते हुए महसूस कर रही थी.

अनीता की पेट पर तेल लगाने के बाद वह हाथ ऊपर लेजाकर अनीता की दोनों चूँचियों को दोनों हाथ से जोर से पकड़ कर दबाते हुए अपना कमर का दबाओ उसकी गांड पर बढ़ा दिया और साथ hi एक बार उसकी दोनों चूँचियों को जोर से मसल दिया.

अपनी दोनों चूँचियाँ मसले जाने से अनीता की मुंह से सिसकारी निकल gayi,"Ssiiii".

अनीता की सिसकारी सुनकर हरिया उसकी दोनों चूँचियों को धीरे धीरे मसलते हुए अपना कमर थोड़ा तेज़ी से हिलाते हुए उसकी गांड पर लुंड रगड़ने लगा तो अनीता की मुंह से "आअह्ह्ह हरिया जी" निकल गयी.

हरिया उसकी चूँचियों को जोर से पकडे हुए धक्के तेज़ करने लगा तो अनीता अपनी दायी हाथ बगल टेबल पर लेजाकर उस पर रखे कटोरे से तेल हाथ में लेकर उस हाथ को पीछे लेजाकर हरिया के लुंड को पकड़ कर उस पर मल्टी हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी मेरी साड़ी से आपका हथियार में फ्रिक्शन हो रहा होगा.".

हरिया फ्रिक्शन का मतलब नहीं समझा मगर यह समझ गया की अनीता नहीं चाहती की उसका लुंड उसकी साड़ी की रगड़ से कहीं छील जाये.

हरिया यह सुनकर bola,"memsaheb सच में आप हमरा कितना ख्याल रखती हैं. आपकी मेहेंगी साड़ी तो ऐसे hi मुलायम और चिकना है फिर भी आपको हमरा लौड़ा का छील जाने का ख्याल है".

अनीता उसके लुंड पर तेल मल्टी हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी फिर भी जब तेल है hi तो लगा देती हूँ".

अनीता फिर एक बार कटोरी में फिर से हाथ लेजाकर हुए ज़्यादा तेल लेकर उसके लुंड को तेल से सराबोर कर दी और उसके लुंड को पकड़ कर अपनी गांड की दरार में अटका कर हरिया को देखि और अपनी गांड के तरफ आँखों से इशारा की तो हरिया उसकी दोनों चूँचियों को मुट्ठी में दबाये उसे ऊपर उठाया तो अनीता अपनी गांड को पीछे के तरफ उभरी और चूँचियों को सामने के तरफ निकली बदन को आर्च करके कड़ी हो गयी.

हरिया अपना कमर थोड़ा आगे करके अपना लुंड जितना हो सके अनीता की गांड की दरार में घुसा दिया जिससे उसकी मुंह से "ाःह हरिया जी" निकल गयी और वह अपनी दोनों हाथ पीछे लेजाकर हरिया के गले में दाल दी.

अब सिचुएशन ऐसा था की हरिया अनीता के पीछे खड़ा हुआ उसकी दोनों चूँचियों को मुठी में भरे हुए उसकी गांड की दरार में साड़ी के ऊपर से अपना नंगा लुंड घुसाए हुए था और अनीता उसके सामने कड़ी हुयी बॉडी को आर्च करके अपनी गांड को पीछे धकेली हुयी थी और चूँचियों को सामने के तरफ उभरी हुयी थी.

हरिया अनीता को ऐसे अपनी हाथ पीछे किये देख उसकी कान में bola,"Memsaheb आपका गांड बड़ा मस्त है. ससुरा लौड़ा खड़ा करने वाला".

हरिया यह बोलकर अपना कमर थोड़ा ऊपर नीचे करके लुंड अनीता की गांड में रगड़ने लगा तो अनीता भी वैसे hi बॉडी आर्च की हुयी अपनी गांड को हिलने लगी.

हरिया भी अपना कमर हिलाते हुए अनीता की गांड में लुंड रगड़ते हुए गाने laga,"Tohri गांड बड़ी है मस्त मस्त, तोहरी गांड बड़ी है मस्त".

अनीता यह सुनती हुयी वैसे hi अपनी हाथ पीछे करके हरिया के गर्दन में डाली अपनी गांड को एक ले में हिलाकर उसके लुंड पर रगड़ने लगी.

हरिया आगे गाते raha,"Tohra गांड हिले तो लुंड हो जाये खड़ा मेरा".

अनीता यह सुनकर एक ले में अपनी गांड को हरिया के लुंड पर रगड़ने लगी.

हरिया तेज़ी से लुंड ऊपर नीचे करते हुए उसकी गांड में रगड़ते हुए आगे gaya,"tohri गांड में डालने का मैं करे लौड़ा मेरा" तो अनीता भी अपनी गांड को तेज़ी से हिलती हुयी हरिया का साथ देने लगी.

अब हरिया गाना बांध करके अनीता की गांड में तेज़ी से लुंड रगड़ने लगा और अनीता भी वैसे hi बॉडी आर्च की हुयी तेज़ी से अपनी गांड उसके लुंड में रगड़ रही थी. अनीता की चूँचियाँ जो हरिया के मुट्ठी में कैद थी उसके नीचे उसकी गोरी, चिकनी और सपाट पेट तेल लगे होने के कारण से चमक रही थी और बॉडी आर्च होने के कारण बहोत hi कामुक लग रही थी. ऊपर से उसमे लटकी हुयी बेल्ली बटन रिंग भी लाइट पड़ने से चमक रही थी. यह दृश्य देखकर किसी भी मर्द का लुंड खड़ा हो जाता.

अनीता की सांस तेज़ चल रही थी और वह बिना शर्म के अपनी गांड हिलाकर हरिया के लुंड पर रगड़ रही थी. धीरे धीरे दोनों का खून गरम होने लगा था हुए हरिया का लुंड कड़क होने लगा तो वह अनीता की चूंकि पकडे हुए जोर से धक्का लगाया तो अनीता की मुंह से "आह" निकल गयी. हरिया अनीता की चूँचियों को वैसे hi पकडे हुए धक्के लगाने लगा और अनीता भी अपनी गांड को आर्च की हुयी पीछे के तरफ धकेल रही थी और आहें भर रही थी.

अब हरिया लगातार अनीता की चूँचियों को जोर से दोनों हाथों से पकडे हुए जोर से धक्के लगाने लगा और अनीता की मुंह से आहें निकलने lagi,"Aaahhh". बिना चुदाई के hi वहां दोनों का सांस तेज़ होने लगा था.

हरिया अनीता की कंधे को चूमने लगा था और कुछ सेकण्ड्स चूमने के बाद उसकी कान में bola,"Ise कहते हैं मेमसाहेब असली ठुकाई"

और हरिया जोर से धक्का लगाया तो अनीता की मुंह से आह निकल गयी. हरिया दो तीन बार वैसे hi बोलते हुए धक्का लगाया और फिर bola,"Humka तो एक बार पहले भी आप देख चुकी है की हम कैसे रगड़ कर ठोकता हूँ. आज फिर दिखा देता हूँ मेमसाहेब. बोलिये ी है न असली ठुकाई".

अनीता तेज़ सांस लेती हुयी अपनी गांड पीछे के तरफ धकेल कर boli,"Haan".

हरिया धक्का लगते हुए puchha,"boliye मेमसाहेब तो आप हमसे ठुकवाइयेगा तो".

अनीता की मुंह से जवाब में nikla,"aaah हाँ हरिया जी".

हरिया यह सुनकर धक्के लगते हुए bola,"Are मेमसाहेब इहाँ कउनो नहीं है खुल कर बोलिये".

अनीता तेज़ सांसों से boli,"Aaahh हाँ हरिया जी मैं आपसे ठुकवाऊंगी".

हरिया धक्का लगते हुए puchha,"Humra ी तगड़ा लौड़ा से ठुकवाइयेगा आप?"

अनीता अपनी गांड पीछे धकेलती हुयी तेज़ सांसों से boli,"Aaahh हाँ हरिया जी".

हरिया धक्का लगते हुए आगे puchha,"Wahi तगड़ा लौड़ा जो आपकी गांड में घुसने का कोशिश कर रहा है?"

अनीता अपनी गांड पीछे धकेलती हुयी तेज़ सांसों से boli,"Aaahh हाँ हरिया जी".

हरिया यह सुनकर अनीता की पेटीकोट में हाथ डालकर उसकी साड़ी खोलने वाला था की तभी फ़ोन आ गया जिसे सुनकर हरिया झुंझला कर bola,"behenchod ससुरा लोग हुंका मेमसाहेब का सेवा भी नहीं करने देगा".

वह फिर अपने शर्ट के पॉकेट से फ़ोन निकला तो bola,"Ee मालिक भी न बराबर फ़ोन कर रहे है आज"

फ़ोन आने से अनीता को भी थोड़ा होश आया तो वह अपनी हाथों को हरिया के गले से हटाकर सीढ़ी कड़ी होकर अपनी सांस को काबू करने लगी.

हरिया झुंझलाया हुआ फ़ोन उठाकर bola,"Haan मालिक बस पहुँचने hi वाले है".

हरिया दूसरे तरफ से कुछ सुना और फिर फ़ोन काट गया. वह फ़ोन जेब में रखकर नीचे झुक कर पंत उठाते हुए bola,"Memsaheb माफ़ कीजिये हम आपकी अच्छे से सेवा नहीं कर पाए".

अनीता भी घूम गयी और हरिया के सीने पर हाथ फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी कैसी बात कर रहे हैं आप. उल्टा तो मुझे अफ़सोस हो रहा है की आप इतनी धुप में मेरी मदद करने आये और अपने मैं के हिसाब से मेरी मदद नहीं कर पाए.

अनीता फिर हरिया के शर्ट के नीचे सब बटन लगाकर ऊपर के दो भुट्टो छोर कर उसके सीने पर हाथ फेरती हुयी boli,"Chaliye हरिया जी मैं दरवाज़े तक छोर देती हूँ".

हरिया अपना पंत पेहेन कर उसकी गांड पर हाथ रखकर bola,"Chaliye मेमसाहेब".

अनीता अपनी गांड मटकती हुयी दरवाज़े तक पहुंची तो वह boli,"Hariya जी मेरे लिए सामान लाने के लिए थैंक यू. सच में आप नहीं होते तो मैं क्या करती पता नहीं".

हरिया अनीता की गांड दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब कैसी बात कर रहे हैं. आपका मदद करना तो हमरा फ़र्ज़ है. अब बस हुंका बोल कर तो देखिये हम आपकी हर तरह से सेवा करेंगे. हमरा जैसा मरद होते हुए आपकी जैसी खबसूरत औरत को परेशानी हो ी ससुरा कैसे हो सकता है".

हरिया यह बोलते हुए अनीता की चूंकि और नंगी पेट को देखने लगा और देखते हुए bola,"Uff मेमसाहेब का ख़ूबसूरती और जवानी दिया है उपरवाले ने आपको".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी उसके सीने को सहमति हुयी boli,"Hariya जी तो आप भी काम हैं क्या. आपको भी तो ऊपर वाले ने भरपूर मर्द बनाया है".

फिर वह आँखों से उसके पंत के उभर के तरफ इशारा करती हुयी मुस्कुराकर boli,"Itna तगड़ा हथियार दिया है ऊपर वाले ने आपको".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता की गांड दबाये अपने से चिपका कर bola,"Are मेमसाहेब आपके लिए hi तो है हमरा लौड़ा. आपकी सेवा के लिए. सामान पहुंचे से आपकी ठुकाई तक हम सब सेवा करूँगा".

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी हरिया के सीने को सहमति हुयी boli,"Hariya जी आप भी न".

हरिया यह सुनकर हसने लगा तो अनीता भी खिलखिलाने लगी और फिर boli,"Are हरिया जी आप सामान लेकर आये मैंने आपको तो आपका भरा hi नहीं दिया".

हरिया अनीता की गांड दबाते हए bola,"Are कहे हुंका शर्मिंदा कर रही हैं आप. ठेला में का भरा. हम ग़रीब ज़रूर हूँ, लेकिन लालची नहीं हूँ".

अनीता यह सुनकर हरिया के सीने को सहमति हुयु boli,"Hariya जी फिर शुरू हो गए आप. मैंने क्या कहा की आपके पास तो ऐसा खजाना है जिसके लिए अमीर लोग अपना पैसा देने के लिए तैयार हो जायेंगे".

हरिया यह सुनकर puchha,"Haan मेमसाहेब आप सच कहती हैं. हमरा पास तो ऐसा तगड़ा लौड़ा है जिससे हम आपकी ठुकाई करेंगे".

अनीता यह सुनकर अपनी आंखें बड़ी करके उसे देखकर boli,"Hariya जी".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता भी मुस्कुरा दी और boli,"Ab जाइये हरिया जी नहीं तो फिर आप बोलने लगेंगे की मेरी वजह से आपका हथियार बौखला गया है और फिर आप शुरू हो जायेंगे".

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड को दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब अब आप है hi ऐसी तो हम का करू. आपको देखकर लौड़ा तो खड़ा होगा hi हमरा. हम मरद हूँ, असली मरद"

अनीता यह सुनकर उसके सीने को सहलाती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Haan हरिया जी आप जैसे असली मर्द का तो हथियार खड़ा होगा hi औरत को देखकर और जब हथियार खड़ा होगा तो उस औरत को ठोकने का भी मैं करेगा आपका. ऊपर वाले ने तो आपको तगड़ा हथियार ठोकने के लिए hi दिया है तो इसमें ग़लत क्या है. शेर के सामने खून रहेगा तो वह बौखलायेगा hi न. लेकिन शेर भी सही मौक़ा मिलने पर hi अपने खून का प्यास बुझाता है क्यूंकि असली मज़ा उसी में है, सही मौक़ा में ताकि आराम से मज़ा लिया जा सके".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Haan मेमसाहेब आप सही बोल रही हैं. अच्छा हम चलता हूँ नहीं तो ी ससुरा लोग फिर फ़ोन करने लगेगा".

अनीता मुस्कुराकर boli,"Theek है हरिया जी. मेरी मदद करने के लिए फिर से थैंक यू".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया और गेट खोलकर बाहर निकल गया. अनीता उसे जाते हुए देखने लगी. हरिया ठेला पर बैठकर मुस्कुराया तो अनीता हाथ हिलाकर bye बोली तो हरिया मुस्कुराकर अपने लुंड पर हाथ रख दिया तो अनीता बिना शर्म के उसके लुंड के तरफ देखकर सर हिलने लगी. हरिया मुस्कुराते हुए वहाँ से चला गया और अनीता दरवाज़ा बांध करके सीधा कमरे में जा कर नंगी होकर खुद को देखि और अपनी गीली छूट से टपकती रास को देखकर उसे हाथ से छूकर boli,"Uff हरिया जी भी न. जब भी मिलते हैं गीली कर देते हैं".

अनीता फिर अपनी पेट में लगे तेल को देखि जिससे उसकी गोरी सपाट पेट चमक रही थी. वह घूमकर अपनी गांड देखने के बाद बाथरूम में जाकर नहाकर खा न बनायीं और खा कर सो गयी.
 
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