ATTITUDE.....( MAGIC + ROMANCE ) - Page 9 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

ATTITUDE.....( MAGIC + ROMANCE )

अब तक आपने पढ़ा की विक्रम को अपने सपने के एक भाग में अवंतिका दिखती है और दूसरे भाग में अनलिए.

अब आगे:-

CHAPTER-2

( कर्स ऑफ़ थे स्वीट पाइजन )

अपडेट-72

PLANET-EARTH

प्लेस- ड्रीम लैंड

ये कौनसी जगह hai????aisa लग रहा है जैसे मई यहाँ पहले भी आ चुकी हूँ.......!!!!

अरे ये तोह...!!!!!!!!!

अवंतिका इस वक़्त अपने पिछले जनम के युग में अपने घर के पीछे कड़ी हुई थी जिससे उससे पहचान ने में थोड़ा वक़्त लगा पर उसने उस जगह को पहचान लिया....

अवंतिका- मई यहाँ kaise?????ye सब हो क्या रहा है????

कैसी हो पुत्री.............

ये आवाज़ अवंतिका के पीछे से आ रही thi.....awaaz सुन अवंतिका तुरंत पलटी......

अवंतिका- बबाआआ........

अपने सामने अपने पिता गुरु विशिष्ट को देखकर अवंतिका के आखों से आंसू निकलने लगा......

BABA......bas एक hi शब्द निकल पाया उसके मुँह से.......

अवंतिका दौड़ कर गयी और उसके पितः के गले लग गयी.........

बाबा- क्या हुआ putri?????mujhe तोह लगा था की मुझे पुनः अपने सामने देखकर तुम प्रस्सन हो जाओगी किन्तु तुम तोह रो रही हो????

अवंतिका- ये ख़ुशी के आंसू है baba.....aapko अपने सामने देखकर मुझे कितना ाचा लग रहा है ये मई आपको बता नहीं सकती.........

मुझे तोह उम्मीद hi नहीं थी की मई आपको फिरसे देख paaungi.......aur अब मई आपको कहीं भी नहीं जाने dungi...aap हमेशा मेरे साथ hi रहेंगे....

बाबा विशिष्ट- putri,kya तुम्हे यहाँ कुछ भी अजीब नहीं लग रहा????

अब तक अवंतिका नार्मल हो चुकी थी......

अवंतिका- हाँ baba,ye जगह तोह मेरे पिछले जनम की hai..wo सामने हमारा उस वक़्त का घर है......

बाबा विशिष्ट- हाँ putri........ye तुम्हारे पिछले जनम का hi गाओं है..

अवंतिका- किन्तु baba????hum यहाँ कैसे?????

बाबा विशिष्ट- किसने कहा की तुम यहाँ आयी हो????

अवंतिका को अपने पिता की बात का मतलब समझ नहीं आया....

अवंतिका- मई समझी नहीं बाबा????

बाबा विशिष्ट- तुम अभी एक स्वप्न में हो putri.......ye जो कुछ भी तुम देख रही ho,ye सब तुम्हारे मस्तिष्क में हो रही रचना है....

अवंतिका अपने पिता की बात को सुनकर पहले शॉकेड हुई पर फिर कुछ सोचकर एकदम उदास हो गयी......

बाबा विशिष्ट- क्या हुआ putri????tum उदास क्यों हो गयी?????

अवंतिका- अगर ये मेरा सपना hai,iska मतलब ये सब बस एक झूठ hai,aap सिर्फ मेरे सपने का एक हिस्सा हैं और मेरे आँख खुलते hi सब पहले जैसा हो जाएगा....

गुरु विशिष्ट अपनी पुत्री की बात को सुनकर मुस्करये और फिर कहा.....

गुरु विशिष्ट- putri,ye सपना ज़रूर है किन्तु सत्य भी hai...ye सच है की ये साड़ी चीज़ें तुम्हारे दिमाग में चल रही हैं पर ये भी उतना hi सच है की मई तुमसे मिलने आया हूँ........

अवंतिका तोह बस अपने पिता की बात को ठीक से समझने की कोशिश कर रही थी.....

अवंतिका- आप कह रहे हैं की ये सपना सपना होकर भी एक हक़ीक़त hai???par ये कैसे मुमकिन है???

गुरु विशिष्ट- परमेश्वर के लिए और उसके पुत्र के लिए कुछ भी असंभव नहीं है पुत्री.......

अवंतिका- मुझे आपकी कोई भी बात समझ में नहीं आ रही है बाबा........

गुरु विशिष्ट- धीरे धीरे सब समझ जाओगी putri....pehle अपने गाओं तोह घूम लो....

तुम्हे बोहोत ीचा हो रही थी न एक बार अपने पिछले जनम की मातृभूमि को फिर से देखने की...

अवंतिका- हाँ baba,par आपको कैसे pata????kya इसीलिए आपने इस सपने को मेरे दिमाग में डाला है ताकि मई अपने गाओं को एक बार फिर से देख सकूँ!!!!!!

गुरु विशिष्ट- putri,mera जीवन काल समाप्त हो चूका hai..ab मुझमे इतनी शक्ति या सामर्त्य नहीं है की मई ऐसा कुछ कर सकूँ......

तुम्हारी इच्छा को पूरा करने में किसी और का हाथ है और मई स्वयं भी उसी के आदेश के कारण मृत्यु के पश्चात भी तुमसे पुनः मिल पाया hun.....l

वैसे तोह अवंतिका को अभी तक काफी झटके लग चुके the,par ये बात उसके लिए सबसे बड़ा झटका था.....

अवंतिका- कौन baba???kaun है वो जिसने ये सब किया है और वो भी मेरे लिए....

गुरु विशिष्ट- मैंने कहा न putri...dheere धीरे सब समझ जाओगी....

chalo,apni ीचा पूरी कर लो.........

अवंतिका- जी बाबा....

अवंतिका अपने पिता के साथ अपने गाओं को एक और बार देखने निकल पड़ी.....

अपने गाओं को पुनः एक बार अपने सपने में hi sahi,par अपने आखों के सामने देखकर अवंतिका बोहोत खुश हो गयी थी......

और वहीँ गुरु विशिष्ट अपनी पुत्री को खुश देखकर खुश हो रहे थे.....

इधर उधर देखते हुए अवंतिका अपने पिछले जनम में किये गए सारे shararate,saare खेले गए खेल अपने पितः को बताती जा रही थी......

फिर एक जगह आकर अवंतिका रूक gayi....uske सामने जो था उससे देखकर उसके चेहरे पर khushi,excitement और निराशा, तीनो भाव एक साथ आ गए थे....

अवंतिका के चेहरे के इन बदलते भावों को उसके पिता ने देख लिया......

गुरु विशिष्ट- क्या हुआ putri???kya सोच रही हो???

अवंतिका ने कुछ कहा नहीं बल्कि अपनी एक ऊँगली सामने कर दी...

अवंतिका के सामने घास के बॉर्डर्स के बीच रथ राखी हुई थी जिसके तरफ उसने अपनी ऊँगली पॉइंट की थी....

गुरु विशिष्ट- मॉल मिटटी...........

अवंतिका- हाँ baba,MAL MITTI....ek ऐसी चमत्कारिक मिटटी जिससे बने घड़े या कटोरी के अंदर अगर गन्दा पानी भी रखा जाए तोह वो पानी भी साफ़ हो जाय करता है....

जिससे बने बर्तन या कढ़ाई में अगर गन्दा या सदा हुआ खाना भी रखा जाए तोह वो भी स्वच्छ हो जाता है....

गुरु विशिष्ट- हमें ये बातें ज्ञात हैं पुत्री....

अवंतिका- पता है baba,mai हमेशा से इस मॉल मिटटी के राज़ को सुलझाना चाहती थी...

मुझे पूरा यकीन था की इससे और भी बोहोत कुछ किया जा सकता है पर मई इस हक़ीक़त को बे पर्दा करने से पहले hi मर गयी.....

गुरु विशिष्ट- पिछले जनम के अधूरे कर्मो को याद करके अफ़सोस करने से कुछ प्राप्त नहीं होगा पुत्री......

अवंतिका ने बस अपनी मुंडी हाँ में हिला di,par तभी उससे कुछ याद आया....

अवंतिका- baba,aapne कहा था की ये सब मेरा सपना होने के बावजूद भी एक हक़ीक़त है.......!!!!!

गुरु विशिष्ट- हाँ पुत्री....

ये कहते वक़्त गुरु विशिष्ट के होंठों पर एक समझने और संतुष्टि भरी मुस्कराहट आ गयी जैसे की वो जानते हों की उनकी पुत्री आगे क्या कहने वाली है.....

अवंतिका- तोह क्या मई इस मॉल मिटटी को एक बार छू सकती हूँ..........??????

गुरु विशिष्ट- अवश्य पुत्री......

अवंतिका आगे बढ़ी और उसने एक हाथ में उस मॉल मीठी को उठा लिया

पर तभी..............

अवंतिका- arre,ye क्या hua?????aur ये कौन सी जगह है??????

हुआ ये की अवंतिका के मॉल मिटटी को उठाते hi अवंतिका के हाथ में एक रौशनी हुई और वो मिटटी गायब हो गयी....

इतना hi nahi,mitti के गायब होते hi एक और बार हर तरफ तेज़ रौशनी हुई और अवंतिका और उसके बाबा जहाँ खड़े the,wo जगह भी बदल गयी......

अब वो दोनों एक अंतहीन रौशनी से भरी जगह के बीच खड़े थे....

गुरु विशिष्ट- तुम तुम्हारे स्वप्न की दुनिया के सरहद पर हैं putri...kisi भी वक़्त तुम अपनी नींद से जाग सकती हो..

अपने बाबा की बात सुनकर अवंतिका की आँखों में एक बार फिरसे आंसू आ गए....

अवंतिका- कुछ कीजिये न baba...mai आपसे फिरसे अलग नहीं होना चाहती हूँ.......

गुरु विशिष्ट- putri,mai तोह कबका संसार त्याग चूका hun.tumhe तोह खुश होना चाहिए की मेरे मरने के बाद भी तुम मुझसे मिल पायी......

अवंतिका- तोह क्या आप फिरसे मुझसे मिलने नहीं आएंगे...

गुरु विशिष्ट- मैंने पहले भी कहा था पुत्री की मुझमे इतना सामर्थ्य नहीं है की खुद यहाँ तुमसे मिलने आ सकूँ..

गुरु विशिष्ट की बात सुनकर अचानक अवंतिका को कुछ याद आया......

अवंतिका- baba,agar आप अपनी मर्ज़ी से यहाँ मेरे पास नहीं आ सकते तोह फिर उस दिन दिग्विजय के घर में आपने मुझे कैसे बचाया?????

अपनी बेटी की बात सुनकर गुरु विशिष्ट के चेहरे पर एक मुस्कान आ गयी....

गुरु विशिष्ट- तुम्हे किसने कहा की मैंने तुम्हे दिग्विजय से बचाया था???

अवंतिका को तोह अभी तक यही लग रहा था की उस दिन उससे उसके

पिता ने hi बचाया था..

पर अपने पिता की बात सुनकर अवंतिका को एक झटका लगा.....

अवंतिका- kya????toh क्या आपने मुझे नहीं bachaya????toh फिर किसने????

गुरु विशिष्ट आगे बढे और उन्होंने अपनी पुत्री के सर के ऊपर हाथ रख diya....AVANTIKA के दिमाग के अंदर एक जगह की फोटो दिखने लगी...

अवंतिका- ये जगह तोह!!!!!!

गुरु विशिष्ट- अभी जब तुम्हारी नींद खुलेगी तोह तुम इस जगह पर चले jaana.tumhe सब पता चल जाएगा......

और जैसे hi अवंतिका ने हाँ में अपना सर hilaya,us जगह पर एक तेज़ रौशनी चमकी जिससे अवंतिका की आँखें बंद हो गयी.....

और अगले hi पल जैसे hi अवंतिका की आंखें khuli,toh वो अपने रूम में thi.....iska मतलब इस बार उसकी आँखें उसके सपने में नहीं बल्कि हक़ीक़त में खुली थी...

अवंतिका झट से उठकर बैठ गयी और अभी अभी जो भी hua,uske बारे में सोचने लगी....

अपने पितः को एक बार फिरसे मिलकर कभी उसके चेहरे पर मुस्कान आ जाती तोह कभी अपने बाबा से फिरसे बिछड़ने का एहसास होते hi वो मायूस हो जाती......

की तभी उससे अपने पिता की आखरी कही हुई बात याद आयी की नींद खुलते hi उससे एक जगह पर जाना है.....

अवंतिका झट से अपने बीएड से कूदि और फ्रेश होकर अपने पिता की बताई जगह पर निकल गयी........

प्लेनेट- एअर्थ

प्लेस- मैजिकल डायमेंशन

साले एक नंबर के ढीठ hain....hum जो भी सोचते hain,inhe पहले से hi पता चल जाता है......

क्लोन COMBAT.......pichle 10 दिनों से अंजलि और रोनित हर दिन 12 घंटे लगातार क्लोन कॉम्बैट फाइटिंग की ट्रेनिंग कर रहे हैं पर अभी तक अपने क्लोन्स को हारने में दोनों hi कामियाब नहीं हो पाए हैं....

मई दोनों से थोड़ी hi दूर बैठा उनकी हालत को देख कर मुस्कुरा रहा था.....

अंजलि- हां yaar.samajh hi नहीं आ रहा है की इनपे कौन सा डाव आज़माएँ.....

ये V.J भी naa,najaane इसके दिमाग में कैसे कैसे आइडियाज आते रहते हैं जिनका उसे ये हमारे ऊपर hi करता है...

रोनित- और उसके ऊपर बैठ कर है रहा है कमीना..........

मई- अब्बे असली फाइट में भी इतना टाइम लोगे kya?????tumhara दुश्मन तुम्हारे सोच को आईडिया में बदलने तक का वेट तोह करेगा नहीं...

असली फाइट में हर चीज़ रिफ्लेक्स होती hai.....har एक सेकंड जिससे तुम सोचने के लिए उसे कर रहे ho,asli लड़ाई में उतने hi बार तुम दोनों hi मर चुके होंगे.....

रोनित- bhai,bolna जितना आसान hai,karna उतना hi mushkil.....hume खुद से hi लड़ना पद रहा hai,aise में हम अपने क्लोन पर कैसे कोई भी वार सक्सेस्फुल्ली कर सकते हैं???

उसके पास तोह हमारे हर वार का जवाब तोह होगा hi ना....

रोनित की बात सुनकर में मुस्कुराया और खड़े हो गया.....

मई- ये बात तू नहीं तेरे अंदर का वो योद्धा बोल रहा है जिसने हार मान ली है...

युद्ध शारीरिक ho,ya maansik,ATTITUDE होना ज़रूरी है क्यूंकि इसी से हमारे लिए गए हर फैसले में निखार आता है......

स्वयं प्रतिकृति......

सेल्फ क्लोनिंग...........

मैंने अपने सर से एक बाल तोडा और स्पेल बोलकर बाल को फेक दिया.......

वो बाल हवा में लहराता हुआ ज़मीं की तरफ जाने लगा और जैसे hi वो बाल ज़मीं से takraya,us जगह पर धुआँ चा गया और जब धुआँ छत्ता तोह वहां मेरा क्लोन खड़ा था....

ऐसा hi एक क्लोन मैंने 1सत CHAPTER में गुरु विशाखत के साथ भेजा tha..is क्लोन के दिमाग में वो सारे डाव पेंच होते हैं जिनका उसे मई करता हूँ....

मई- तुम सब थोड़ा साइड हो जाओ...

मेरे कहते hi ओरिजिनल और फेक रोनित और अंजलि चरों एक साइड में हो गए.....

मई- प्रवाह अविद्याती.......

करंट स्विंग......

स्पांडोलिका..........

स्पिन बैकवर्डस & फॉरवर्ड......

जलम परिग्रह.........

वाटर फाॅर्स........

प्रतिलोमका अभिसार.....

रिवर्स अटैक.......

मैंने ये चार मंत्र एक के बाद एक लगातार बोले the...par पहले दो मंत्र का उच्चारित होना एक सा था वहीँ तीसरे और चौथे मन्त्रों का उच्चारित होना अलग...

वो इसीलिए क्यूंकि पहले दो मंत्र मैंने सोच कर बोले थे पर तीसरे और चौथे मंत्र मेरे मुँह से अपने आप निकले थे...

उन्हें उच्चारित करने से पहले मेरे दिमाग में बस यही ख्याल आया था की मुझे अपने क्लोन को नुक्सान पहुँचाना है.....

मेरे पहले मंत्र के बोलते hi मेरे शरीर से करंट की रेज़ निकलकर मेरे सामे खड़े क्लोन की तरफ जाने लगी...

मेरे क्लोन ने अपने हाथ आगे किये ताकि उसके पास आने से पहले hi रेज़ ख़त्म हो जाएँ पर तभी मेरे दूसरे स्पेल के प्रभाव में आकर वो करंट रेज़ आगे और पीछे दोनों तरफ से फ्लोट करते हुए मेरे क्लोन की तरफ जाने लगे....

मेरा हुम्ला और घातक हो चूका था पर मेरे क्लोन के लिए इससे हैंडल करना कोई बड़ी बात तोह थी नहीं...

मेरे क्लोन ने अपनी hi जगह पर गोल गोल घूमना शुरू कर दिया जिसकी वजा से उसके हर तरफ हवा का एक बवंडर उठ गया...

और जैसे hi मेरे द्वारा छोड़े गए दुररेंट रेज़ उस बवंडर के पास pahunche,us बवंडर ने करंट रेज़ को अपने अंदर खींच लिया....

करंट रेज़ के बवंडर के अंदर जाते hi बवंडर के घूमने की स्पीड और बढ़ गयी और कुछ hi पलों में उस बवंडर ने करंट की साड़ी ऊर्जा निचोड़ ली.....

पर तभी............

मेरे द्वारा बोले गए तीसरे स्पेल ने अपना आधे से ज़्यादा काम कर दिया था......

जैसा की मैंने बताया की मैंने आखरी के दोनों मंत्र को बिना सोचे बोलै था इसीलिए मेरा तीसरा स्पेल जो की वाटर फाॅर्स का tha,usne उस बवंडर को जो की लगभग ख़त्म हो hi गया tha,uske बीच से होते हुए मेरे क्लोन के बॉडी से टकराया....

ये हुम्ला बोहोत घातक tha,par क्यूंकि मेरे क्लोन का बॉडी भी मेरी hi तरह था इसीलिए उससे ज़्यादा कुछ हुआ नहीं...

बस उससे अपने शरीर में हल्का धक्का सा लगा और वो थोड़ा पीछे हो गया...

पर मई इतना hi चाहता tha..mere स्पेल को ना रोक पाने और पीछे की तरफ हटने की वजह से मेरे क्लोन का दिमाग घुमा और तभी मेरे 4तह स्पेल ने अपना काम कर दिया.....

मेरा चौथा स्पेल मेरे क्लोन के बोले गए स्पेल को वापस उसी की तरफ घूमने का था......

पीछे हतेहते hi मेरे क्लोन ने मुझपर एक एनर्जी रे से हुम्ला किया पर उसका छोड़ा गया रे थोड़ा आगे जाकर वापस घूम गया और जाकर उससे hi टकरा गया...

क्यूंकि ये रे उसकी खुद की शक्ति का एक रूप था इसीलिए उस रे के टकराते hi मेरा क्लोन दूर जाकर गिरा...

वहीँ मैंने जैसे hi मेरे क्लोन के छोड़े गए एनर्जी रे को वापस घूमते हुए dekha,mere हाथों में एक तलवार चमक गयी....

मई अपने स्थान से सामने की तरफ कूड़ा और रे के प्रभाव से मेरा क्लोन जहाँ जस्ट गिरा tha,mai उसी जगह पर पहुँच गया और अगले hi पल मेरी तलवार बिजली की स्पीड से चली....

मेरा क्लोन जो अभी तक ये समझ नहीं पाया था की हुआ क्या hai,wo मेरे इस हमले को संभल नहीं पाया और मेरे मेरा तलवार उसके आर पार हो गया....

उसके शरीर पर तलवार का स्पर्श होते hi वो धुआं बन कर गायब हो गया था और मेरा तलवार उसी धुंए के आर पार हुआ था...

मेरे क्लोन के गायब होने का मतलब था की मई जीत गया हूँ.....

अपने क्लोन को हराकर मैंने अपनी तलवार गायब की और जैसे hi पलटा तोह मुझे हसी आ गयी....

मुझसे कुछ hi दूर मेरे दोनों दोस्त मुझे आँखें फाड़े देख रहे थे.....

मई चलते हुए उनके सामने पहुँच गया...

अंजलि- तूने ये कैसे किया????

मई- नजरिया babes,ATTITUDE.jab तक ये नहीं badloge,kuch भी हासिल नहीं कर पाओगे.....

अपने दिमाग से इस बात को निकल दो की ये नहीं हो sakta,sab कुछ अपने आप हो जाएगा...

मैंने जो भी kiya,bina सोचे समझे किया....

इससे रिफ्लेक्स अटैक कहते hain...isme बस हमे इतना hi पता होता है की हमे सामने वाले पर हुम्ला करना है पर लास्ट मोमेंट तक ये नहीं पता होता की हम कैसा हुम्ला करने वाले हैं....

जब हमे hi नहीं मालुम होगा की हम क्या करने वाले hain,toh हमारे दुश्मनो को कैसे कुछ पता होगा????

उसने जितना भी हमारे ऊपर होम वर्क किया hoga,wo सब फ़ैल हो जाएगा......

रोनित- अमेजिंग DUDE..............aur अब मई भी सब समझ गया hun.........ab dekh,mai भी कैसे इससे हारता हूँ...

रोनित ने अपने साइड में खड़े अपने क्लोन को देखकर कहा.........

अंजलि- मई nahi,hum.....

मई- bilkul,par आज नहीं kal........aaj के लिए मेरा तुम दोनों को दिया गया ये डेमोंस्ट्रेशन hi काफी है.....

घर जाओ और आज मैंने जो भी kiya,uske बारे में ठीक से सोचो....

फिर कल तुम दोनों आकर अपनी प्रैक्टिस आगे बढ़ाना....

रोनित- ये भी ठीक hai.par एक second!!!!hum दोनों matlab?????tu नहीं आएगा क्या कल???

मई- nahi...........mujhe कहीं जाना है.......

दोनों- kyun????aur कहाँ?????

और जैसे hi मैंने दोनों को कल मेरे ना आने का कारण bataya,dono मेरे ऊपर कूद गए....

रोनित- saale,aaj तुझे नहीं छोड़ेंगे.....

अंजलि- और नहीं तोह kya...tu भूल gaya,tune क्या कहा था हम दोनों से???

मई- abbe,meri बात तोह सुनो..........

रोनित- नहीं सुनना तेरी कोई baat.tu फिर हम दोनों को अपनी बातों में लपेट लेगा.....

मई- नहीं bhai,aisa कुछ नहीं hoga..ek बार सुन तोह ले....

अंजलि- ाचा bol...par कोई डीएलओगे मारा न तोह तुझे छोड़ेंगे नहीं...

ये बोलकर अंजलि ने मुझे छोड़ diya.ab G.F ने कुछ बोलै हो और B.F न sune,aisa तोह होगा nahi,isliye अंजलि के मुझे छोड़ते hi रोनित ने भी मुझे छोड़ दिया...

फिर मई उन दोनों को आगे के बारे में कुछ कुछ बताता चला gaya.....meri बात सुनकर दोनों खुश हो गए.......

रोनित- तू सच बोल रहा है naa..kahin गोली तोह नहीं दे रहा है......

मई- नहीं भाई........

अंजलि- पर अभी hi क्यों नहीं........

मई- वही बताने जा रहा हूँ......

मैंने अपना हाथ आगे kiya,mere हाथों से एक रौशनी निकली और एक बार फिरसे हमारे सामने मेरा क्लोन आ गया...

अंजलि- अब इसकी क्या ज़रुरत है....

मई- मेरी जगह ये तुम दोनों एक साथ जाएगा......

इससे पहले की उन दोनों में से कोई इसकी वजह puchta,mai उन्हें कुछ बातें बताने लगा जिससे सुनकर वो शॉकेड हो गए...

रोनित- पर तूने ऐसा क्यों किया???

मई- हर बात मई तुम दोनों को अभी नहीं बता सकता yaar.par भरोसा rakho,ye ज़रूरी hai......aur सही वक़्त आने पर तुम दोनों को अपने आप पता चल जाएगा.....

रोनित फिर भी मुझसे कुछ पूछना चाहता था पर अंजलि ने उससे ऐसा करने से रोक दिया...

अंजलि- ठीक hai......toh अब क्या????

मई- और कुछ nahi..bas इससे लेकर जहाँ से मैंने बोलै hai,wahan से hi बाहर निकलना और फिर तुम्हे क्या करना hai,ye तोह तुम्हे बता hi चूका हूँ....

रोनित- ठीक hai.par हम इंतज़ार करेंगे.......

मैंने- पता है.......

और अगले hi पल मई गायब हो गया......

रोनित और अंजलि ने एक लम्बी सांस छोड़ी और मेरे क्लोन के साथ मिलकर एक जगह उन्होंने मैजिक दूर बनायीं और गायब हो गए.....

रोनित ने एक सुनसान जगह चुनी थी उस मैजिकल डायमेंशन से बाहर आने के लिए....

पर जैसे hi तीनो बहार aaye,unke सामने कोई खड़ा था जो उन तीनो को आँखें फाडे देख रहा था.....

पर RONIT,ANJALI और मेरे क्लोन को अपने सामने वाले को देखकर नार्मल hi रहे मानो उन्हें पहले से पता था की यही होने वाला है......

रोनित ने अपने पीछे खुले मैजिक दूर को बंद कर दिया........

अंजलि- what's उप अवंतिका.......????????

प्लेनेट- ************

प्लेस- ************

मई- उठ जाइये.............

मेरे सामने जो अपने घुटनो के बल बैठा हुआ tha,mere बोलने पर वो खड़ा हो गया पर अब भी उसका सर नीचे hi था........

मैंने एक लम्बी सांस छोड़ी और अपने सामने के नज़ारे को देखने लगा........

मई- तोह फाइनली मेरा सफर शुरू हो GAYA.....AUR मेरे सामने है मेरे सफर का पहला पड़ाव........

थे वर्ल्ड ऑफ़ वारियर्स.......

आज के लिए इतना HI........

आपका अपना V..J.......
 
बरोथेर, supense,confusion सब इसीलिए फील हो रहा है क्यूंकि किसी को भी कहानी का मैंने एजेंडा याद नहीं hai...ye कहानी ना तोह लव स्टोरी पे बेसिस है और नहीं मैजिक इसका मैं क्राइटेरिया hai....ye कहाँ है ास्मोडियस और विक्रम के आटीटुडे की.....

ास्मोडियस और विक्रम दोनों के hi किरदारों के बारे में मैंने कई जगह लिखा है पर अभी तक किसीने उस तरफ ध्यान hi नहीं दिया.. ास्मोडियस एक पहेली है और विक्रम पहेली सुलझाने वाला...

ये कहानी इसी बात के उर्द गिर्द घूम रही है..

और रही बात अस्मोदएस के कुछ करने की तोह ये ास्मोडियस या तोह पहले कुछ करता है या बाद me....sidhe वो विक्रम से नहीं टकराता यही इस कहानी की ुस्प भी hai...dono अपनी अपनी चाल चकते hain...WARRIORS वर्ल्ड में ास्मोडियस ने अपनी चाल कैवा के रूप में चल दी hai,ab विक्रम की बारी है... रही बात हेरोइन की तोह विक्रम का कुछ भी करना बिना वजह नहीं hota...uske बारे में भी आपको पता चल hi जाएगा.......
 
अब तक आपने पढ़ा की विक्रम अपने चुनौतिओं के पहले PADHAV,THE वर्ल्ड ऑफ़ वारियर्स में पहुँच चूका है...

अब आगे:-

CHAPTER-2

( कर्स ऑफ़ थे स्वीट पाइजन )

मेगा अपडेट-73

PART-1

PLANET-EARTH.........

मैजिकल डायमेंशन

WOW............WHAT ा प्लेस YAAR!!!!BUT हैंग ON,MUJHE ऐसा क्यों लग रहा है की मैंने इस जगह को कहीं देखा है...!!!!!!

सुबह का वक़्त hai...har दिन की तरह रोनित और अंजलि आज भी मैजिकल डायमेंशन में क्लोन कॉम्बैट की ट्रेनिंग करने आये हैं.....

पर आज उन दोनों के साथ एक एडिशनल पैक भी आया hai,ya यूँ कहूं की आयी है....

और ये एडिशनल पैक और कोई नहीं हमारी प्यारी अवंतिका है........

कल अवंतिका को अपने सामने देखने के बाद से अब तक क्या क्या हुआ tha,ye जानने के लिए chaliye,thoda पीछे चलते हैं....

ा स्माल फ्लैशबैक नररातिओं:-

कल अवंतिका ने VIKRAM,ANJALI और रोनित को मैजिक दूर से बाहर आते हुए देख लिया था..

पर विक्रम ने पहले hi रोनित और अंजलि को ये बात बता दिया था की आज बहार जाते hi उनका सामना अवंतिका से होगा.

पर RONIT,ANJALI और विक्रम के क्लोन ने अवंतिका के सामने शॉकेड होने का नाटक किया...

विक्रम ने उन्हें उससे क्या क्या बताना hai,ye भी बता दिया tha......dono ने विक्रम से इसका रीज़न भी पूछ जिससे विक्रम ने बाद में बताने का कह कर ताल दिया था......

khair,AVANTIKA तोह तीनो को यूँ एक जादुई दरवाज़े से बाहर आते देख कर शॉकेड हो गयी थी...

थोड़ी देर बाद जब वो अपने शॉक से उभरी तोह उसने तीनो के ऊपर अपने सवालों की झड़ी छोड़ना शुरू कर दिया.....

अंजलि ने उससे सब कुछ बताने का वादा किया पर कॉलेज में....

कॉलेज में तीनो फर्स्ट लेक्चर के वक़्त hi कैंटीन में बैठ गए क्यूंकि एक यही वक़्त था जब शनाया उनके साथ नहीं हो सकती थी.....

अवंतिका ने सबसे पहले विक्रम (क्लोन) से ये पूछा की क्या उसने hi उससे दिग्विजय से बचाया था.......

तब विक्रम ने उससे बताया की उससे पहले से hi दिग्विजय पर शक था की वो कोई सही लड़का नहीं है इसीलिए उसकी नज़र शुरू से hi उसपर थी.....

फिर जब उस दिन अवंतिका उसके साथ फार्म हाउस गयी तोह वो भी उसके पीछे पीछे वहां पहुँच गया और मौका मिलते hi वो अवंतिका को लेकर गायब हो गया.....

पर उसके बाद क्या hua,DIGVIJAY के फार्म हाउस में आग कैसे lagi,DIGVIJAY कैसे मारा gaya,ye उससे भी नहीं मालुम....

अवंतिका ने जब तीनो से पूछा की उनके पास सुपरनैचरल पावर्स कहा से आयीं तोह रोनित ने उससे ये बताया की V.J के पास शुरू से hi सुपर नेचुरल पावर्स थी और उसी से उन दोनों को भी कुछ सुपरनैचरल गिफ्ट्स मिले हैं....

उन्होंने अवंतिका को जब ये बताया की वो डेली एक जादुई जगह पर जाकर हर दिन ट्रेनिंग करते हैं तोह अवंतिका ने भी उनके साथ जाने की ज़िद की जिससे उन्होंने मान लिया........

पर अवंतिका ने रोनित और अंजलि को भी एक झटका दे दिया था....

अवंतिका ने रोनित और अंजलि को ये कहा की उससे विक्रम कुछ अलग लग रहा hai..usse ऐसा लग रहा है जैसे उसके सामने V.J नहीं बल्कि उसका हमशकल खड़ा है.......

रोनित और अंजलि ने अवंतिका से कुछ कहा नहीं बस है diye.AVANTIKA ने भी ज़्यादा गौर नहीं किया...

आज मैजिकल डायमेंशन में सिर्फ AVANTIKA,RONIT और अंजलि hi आये थे....

रोनित ने अवंतिका को बताया था की आज उनका कोई टेस्ट है इसीलिए विक्रम नहीं आया है..

और जैसे hi तीनो मैजिकल डायमेंशन में pahunche,pehle तोह अवंतिका इस जादुई जगह को देखकर खुश हो गयी पर फिर उससे ऐसा लगने लगा जैसे वो इस जगह को पहले भी देख चुकी है इसीलिए उसने रोनित और अंजलि से इस जगह को लेकर सवाल किया था......

फ्लैशबैक नररातिओं एंड्स:-

रोनित- पहले भी आ चुकी ho....arre ये जगह असली नहीं hai,kaalpanik है जिससे V.J ने हमारे ट्रेनिंग के लिए बनाया है.....

अंजलि- exactly.....tumne कोई सपना देखा होगा.......

अंजलि की बोली गयी बात से अवंतिका के दिमाग का बल्ब जला......

अवंतिका- sapna.....exactly...sapna....maine ये जगह अपने सपने में देखि hai.......aur वो भी कल......

कल मेरे सपने में मई अपने पितः के साथ आखरी में यहीं तोह आयी थी......

जहाँ इस जगह की असलियत जानकार अवंतिका शॉकेड हो गयी थी वहीँ रोनित और अंजलि भी काफी के चेहरे पर भी अजीब से भाव थे...

दोनों ये तोह समझ गए थे की ये अब V.J का किया धरा है पर वो समझ नहीं पा रहे थे की V.J ने ऐसा क्यों किया है????

पर वो दोनों ये भी जानते थे की V.J कोई भी काम बिना वजह नहीं करता है......

अंजलि- अरे तुमने अपने सपने में इससे मिलती जुलती कोई जगह देखि होगी....

रोनित- exactly...aur ऐसा होना कॉमन hai..ab बाकी की बातें बाद में करते hain,abhi फटाफट ट्रेनिंग स्टार्ट करते हैं.....

अंजलि- राइट...........

वहीँ अवंतिका का दिमाग अब भी पूरा शांत नहीं हुआ था पर फ़िलहाल के लिए उसने भी अपने दिमाग को झटक दिया......

रोनित- क्लोन कॉम्बैट ट्रेनिंग के लिए हम तैयार हैं.......

रोनित के ऐसा बोलते hi उनसे थोड़ी दूर पर उनके सामने उन दोनों के क्लोन्स प्रकट हुए....

जहाँ अपने क्लोन्स को देखकर अंजलि और रोनित एक्ससिटेड दिख रहे the,wahin अवंतिका का तोह दिमाग hi फ्यूज हो गया था...

की तभी अंजलि की नज़र अवंतिका पर गयी जो मुँह फाड़े उनके क्लोन्स को देख रही थी.....

अंजलि- AVANTIKA,ye हमारे क्लोन्स hain.inhi के साथ हमे क्लोन कॉम्बैट फाइटिंग की ट्रेनिंग करनी है.....

अवंतिका- वाओ yaar...........bada मज़ा आने वाला hai....mai तोह बोहोत एक्ससिटेड हूँ ये देखने के लिए की तुम दोनों कैसे लड़ते हो!!!!

अंजलि- ठीक है fir.....shuru करें......

रोनित ने हाँ में मुंडी हिलाड़ी और अगले hi पल दोनों के हाथों में एक एक तलवार चमकने लगी....

आज दोनों की आँखों में एक अलग hi कॉन्फिडेंस दिख रहा tha.......dono ने एक दूसरे की आँखों में देख कर कुछ इशारा किया और अगले hi पल रोनित ने एक ऊँची जम्प ली......

रोनित के जम्प लेने के अगले hi पल अंजलि ने भी ठीक उसी की तरह एक जम्प ली....

दोनों ने hi अपने अपने जम्प्स में शामे फाॅर्स अप्लाई किया tha....RONIT हवा में कलाबाज़ी खाता हुआ अपने क्लोन से कुछ 6 फ़ीट दूर अपने घुटनो के बल लैंड हुआ.......

और जस्ट उसके अगले hi सेकंड अंजलि भी कलाबाज़ी खाते हुए ठीक रोनित के पीठ के ऊपर लैंड हुई......

पर ये उन दोनों के पहले डाव का एन्ड नहीं बल्कि एक स्टार्ट था.....

रोनित के बैक पे अंजलि के पेअर जमते hi रोनित ने अपनी बॉडी को ऊपर की तरफ एक झटका दिया और उसी वक़्त अंजलि ने भी अपनी शक्ति अपने पंजो में दाल अपने आप को सामने की तरफ धकेल दिया....

अंजलि की बॉडी एक तीर की तरह सामने की तरफ बढ़ी बस तीर और अंजलि में बस फर्क बस इतना hi था की तीर सीधा जाता है जबकि अंजलि का बॉडी तेज़ी से गोल गोल घूमते हुए आगे जा रहा था......

रोनित और अंजलि के क्लोन्स एक साथ hi खड़े the...ANJALI ने ठीक उनके बीच अपनी तलवार कर दी......

दोनों क्लोन्स एक एक साइड हो गए......

पर तभी........

एक साथ दो चीज़े हुईं..........

अंजलि ने अपने दोनों हाथों से तलवार के मूठ को पकड़ा और बीच से खींच दिया...

अंजलि के हाथ में एक तलवार थी .अंजलि के खींचते hi वो दो हो गयी और अब अंजलि के दोनों हाथों में एक एक तलवार थी...

अंजलि ने अपने दोनों हाथों को अपने दाएं बाएं ghumaya,aur

तन्न.............

अंजलि के जैसे hi उसके और रोनित के क्लोन्स के हाथों में भी एक एक तलवार thi.ANJALI के दोनों तलवार उन दोनों के तलवारों से टकराये....

पर ये एक वार था.......

अभी क्लोन्स ने एक वार को रोका hi था की तभी रोनित उड़ता हुआ आया और अपने क्लोन के हाथ को निशाना बनाकर अपनी तलवार चला दी............

और बिना ये देखे या जाने की उसके क्लोन ने उसके वार को रोका या नहीं रोनित ने अपनी जगह बदल दी..

वो दुगनी तेज़ी से अंजलि के क्लोन की तरफ पलटा और अपनी तलवार चला di..thik उसी वक़्त अंजलि ने भी अपनी जगह बदली और रोनित के क्लोन के ऊपर हुम्ला कर दिया...

ये साड़ी चीज़े न तोह रोनित सोच रहा था और नाही अंजलि....

बस एक अपने फ्लो में एक हुम्ला करता तोह दूसरा उसी फ्लो को फॉलो कर दूसरे पर हुम्ला कर देता....

क्यूंकि ये सारे अटैक्स बिना सोचे समझे हो रहे the,isisliye रोनित और अंजलि के क्लोन्स को इन वारों को रोकने में बोहोत मुश्किल हो रही थी.........

की tabhi...............ek नयी चीज़ हुई.....

रोनित और अंजलि अपनी जगह बदल बदल कर दोनों क्लोन्स पर बिजली की तेज़ी से हुम्ला कर रहे थे....

पर अचानक उन्होंने अपने अटैक की क्रिया बदल दी...

दोनों अपने अपने क्लोन्स पर वार करने के बाद तेज़ी से दूसरी तरफ घूमे ज़रूर पर आधे रास्ते से hi वो दुबारा घूम गए और वापस अपने अपने क्लोन्स के ऊपर तलवार चला दी.....

ये सब सेकंड के 100तह हिस्से में हुआ था.....

सायंत्र..............

बस यही आवाज़ आयी और फिर सब शांत....

अंजलि और रोनित दोनों के तलवार अपने अपने क्लोन्स के आर पार हो गए और कल hi की तरह आज भी दोनों क्लोन्स धुआं बनकर गायब हो गए.......

अपना आखरी वार करने के बाद अंजलि और रोनित खुद शॉकेड हो गए the.unhe यकीं hi नहीं हो रहा था की उन्होंने क्लोन कॉम्बैट फाइट जीत ली है......

दोनों ने कास के एक दूसरे को हुग कर लिया....

की तभी...........

बोहोत बढ़िया................

दोनों के कानो में ये आवाज़ गूंज gayi.pehle तोह आवाज़ सुनकर दोनों hi शॉकेड हो गए पर अगले hi पल उनके चेहरे पर मुस्कान आ गयी....

दोनों- V.J............

ये आवाज़ अपने हीरो की hi thi...ANJALI और रोनित दोनों ये अछि तरह जानते थे की भले hi V.J उनके साथ नहीं था पर उसकी नज़र हर वक़्त हर जगह होती है.......

दोनों ने अपने हाथ में पकड़ी तलवार को गायब किया और अवंतिका की तरफ चल दिए....

अवंतिका तोह आँखों में हैरत और ख़ुशी लिए अब भी दोनों की तरफ देख रही थी.....

अवंतिका- ुंबलीवबले guyzzz...i mean,tum दोनों तोह मुझे ठीक से दिख भी नहीं रहे थे......

रोनित- haan,competition भी तोह टफ था....

अंजलि- मुझे तोह अब भी यकीं नहीं हो रहा है की हमने इन्हे फाइनली हरा दिया है...

रोनित- हम नाजाने कब से इन दोनों को हारने की कोशिश कर रहे the,aaj जाकर कामियाब हुए हुए हैं......

अवंतिका- पर guyz,tumne बिलकुल मैजिक उसे नहीं किया.......!!!!!

अंजलि- हाँ वो हमने सोचा की मैजिक से तोह V.J ने हमे कल क्लोन कॉम्बैट फाइट जीत कर दिखाया था तोह क्यों न हम फाइट से इन्हे हारने की कोशिश करें.....

अवंतिका- एंड ु गाइस दीद it.........maza आ gaya...par अब क्या?????

अंजलि- अब ghar........college में मिलते हैं...

अवंतिका- हमारे तोग कमसेकम 3 लेक्टर्स अभी तक ख़त्म हो गए होंगे...

अंजलि और रोनित ावनतिका की बात सुनकर मुस्कुरा दिए.......

रोनित- chalo,tumhe कुछ दिखते हैं......

रोनित ने एक मैजिक दूर खोल दिया जिससे होकर तीनो बाहर आ गए....

अंजलि- एक बार टाइम देखो.....

अवंतिका ने अपना मोबाइल जोकि उसने मैजिकल डायमेंशन में आने से पहले बंद कर दिया tha,usse ों किया और जैसे hi स्क्रीन पर टाइम डिस्प्ले hua,AVANTIKA शॉकेड हो गयी.....

अवंतिका- ये कैसे हो सकता hai......!!!!hum 6.30 ऍम को मैजिकल डायमेंशन में गए थे और अभी 6.31 हो रहे hain...i mean,howz तहत पॉसिबल.......

रोनित- वो इसीलिए की मैजिकल डायमेंशन में टाइम रूक जाता है......

अवंतिका- क्या क्या राज़ छुपे हुए हैं इस वर्ल्ड के अंदर.......

अंजलि- वर्ल्ड नहीं यूनिवर्स के andar.aur अब तोह हम साथ hain,sab कुछ जान जाओगी....

रोनित- haan,par वो सब बाद me,filhal के लिए अपने अपने घर जाते हैं वर्ण कॉलेज के लिए लेट हो जाएंगे......

अवंतिका अपनी कार से आयी thi.........wo रोनित और अंजलि को bye बोलकर निकल गयी और रोनित और अंजलि अपने घर की तरफ निकल गए.......

प्लेनेट- वर्ल्ड ऑफ़ थे वारियर्स....

PLACE-ODRIDGE माउंटेन......

UNIVERSE.....GOD ने इतने सारे ख़ूबसूरत वर्ल्डस की रचना ki,aur वो चीज़े जो सिर्फ चमकती hain,jinme कोई जान नहीं hai,unhe भी कितना मनमोहक आकर दिया है....

क्या उन्होंने कभी सोचा होगा की अपने दिल से उनके बनाये गए इस ब्रम्हांड में भी नुक्स निकल आएंगे......

और उस नुक्स को और बड़ा कर खुद का एक अलग साम्राज्य बनाने वाला और कोई नहीं बल्कि खुद उनका बीटा होगा.....

पता है DEFENDER,hamare गृह में एक्चुअली हमारे कंट्री में एक कहावत बोहोत मशहूर hai,DIYA टेल अँधेरा........

गॉड और उनके बेटे ास्मोडियस को ये कहावत बोहोत सूट करती है......

सन के स्टार्ट की हैडिंग को पढ़कर आप लोग समझ hi गए होंगे की इस वक़्त हम ऑड्रिज माउंटेन के सामने खड़े हैं.....

हम का मतलब है मई और इस गृह का डिफेंडर........

ऑड्रिज माउंटेन.... उन दो कारणों में से एक कारण है जिसकी वजह से मई यहाँ आया हूँ......

सदियों पहले मेरे भाई की शक्तियों को पाने की तलाश इसी माउंटेन से शुरू हुई थी...

और आज मुझे भी अपने सफर की शुरुआत के लिए यहीं पर आना पड़ा.....

सबसे पहले यहीं पर आने का भी एक कारण है जो आपको थोड़ी देर में पता चल जाएगा.......

खैर तब तक के लिए स्टोरी में वापस चलते हैं.........

डिफेंडर- अगर आप इजाज़त दें तोह क्या मई आपसे कुछ पूछ सकता हूँ?????

मैंने डिफेंडर की तरफ देखा जो मेरे उसके तरफ देखते hi अपने हाथ बाँध कर और सर झुका कर खड़ा हो गया.....

मई- आप दर की वजह से मुझे इतना सम्मान दे रहे हैं या फिर सम्मान की वजह से इतना दर रहे हैं....????

डिफेंडर- नहीं वो मई!!!!!!!!!

मई- मुझे दोनों hi चीज़ें नहीं chahiye.....na hi dar,naahi sammaan.......mai बस वही कर रहा हूँ जिसकी मुझे ज़िम्मेदारी दी गयी है...

और उस ज़िम्मेदारी को निभाने के लिए एक ओहदा और कुछ shaktiyan.......aur भाड़े में ली हुई चीज़ों का अभिमान करना मेरे भाई का काम hai,mera नहीं......

आप कुछ पूछना चाहते थे naa,puchiye....

वहीँ मेरी बातों को सुनते हुए डिफेंडर सोच रहा था की की एक सी awaaz,ek सा vyaktiv,fir भी लहजा और दृष्टिकोण कितना अलग है दोनों भाइयों में.......

मई- अक्सर जो दीखता है वैसा होता नहीं DEFENDER...khair,aap अपना सवाल पूछिए...

मेरी आवाज़ से डिफेंडर अपनी सोच से बाहर आ गया.....

डिफेंडर- ास्मोडियस को आप अपना भाई कहकर बुलाते हैं जबकि आप गॉड को गॉड hi कहते हैं जबकि वो आपके फादर हैं.....

मई डिफेंडर की बात को सुन कर मुस्कुरा दिया.......

मई- पिता के बनाये कानून की वजह से hi तोह आज दो बेटे एक दूसरे के रस्ते को काटने की कोशिश में लगे हैं........

डिफेंडर- पर गॉड तोह........

मई- जनता hun,janta हूँ की गॉड सहीं hai.....par तकलीफ ये है की ास्मोडियस भी अपनी जगह सही है......

khair,ye सब बातों ka,unke बाद निकले दूसरे तर्क का कोई अंत नहीं है....

और जहाँ तक बात मेरे गॉड को पितः कहने की बात का hai,toh सही वक़्त आने पर वो भी कहूंगा......

डिफेंडर- एक बात और है.....

मई- यही ना की कोई नकारात्मक शक्ति हमारे आस पास है.......

डिफेंडर- जी.......

मई- वो नकारात्मक शक्ति अभी से nahi,balki जबसे मई इस गृह में आया hun,tabse hi मेरे आस पास है......

डिफेंडर- फिर आपने कुछ किया क्यों नहीं....???

मई- उससे मिलने में अभी वक़्त है..........

फ़िलहाल के लिए जो करने आये hain,wo कर लें...

मैंने अपने दोनों हाथ फैलाये और......

गृह अभेद्य कवच प्रकटम.........

प्लेनेट अनब्रेकेबल शील्ड

मैंने ये स्पेल ज़ोर से bola.......SPELL के उच्चारित होते मेरे दोनों हाथों से नीली रौशनी निकली और पुरे WARRIOR'S वर्ल्ड में फैलने लगी..........

और कुछ hi पलों में पूरा प्लेनेट मेरे कवच से धक् गया......

मई- तुम चाहो तोह जा सकते हो DEFENDER.........tumhe ये करने की कोई ज़रुरत नहीं है....

डिफेंडर- अनजाने में hi sahi,par मुझसे अपने hi गृह के लोगों को काल द्रव पिलाने का पाप तोह हुआ है......

और मेरे पापों का प्रश्स्यित मुझे होने वाला दर्द hi है.....

मई- इससे तुम्हारी जान भी जा सकती है डिफेंडर.........

डिफेंडर- पर मेरे लोग तोह बच जाएंगे naa....mere लिए यही काफी है.........

मैंने एक लम्बी सांस छोड़ी और आगे की और चल पड़ा.....

मेरे पीछे पीछे डिफेंडर और डिफेंडर से थोड़ी दूरी बनाकर एक काला साया आने लगा.....

जैसे जैसे मई उस गुफा के करीब जा रहा tha,us गुफा में एक कम्पन सी हो रही थी...

और ये कम्पन सिर्फ उस गुफा में hi नहीं हो रहा tha,balki मेरे सीने के बीच भी हो रहा था.....

मई अपने धड़कते दिल के साथ चलते हुए उस गुफा के सामने पहुँच गया जो मेरी मंज़िल थी......

मई आगे बढ़ा और उस गुफा के पहरेदार को मतलब उस पत्थर को जिसने उस गुफा के मुहाने को धक् रखा tha,uspe सर रख कर नमन किया....

और तभी.......................

एक साथ दो चीज़ें हुईं.............

1सत- मेरे सर से उस पत्थर को छूटे hi वो पत्थर गायब हो gaya.......pathar के गायब होते hi उस गुफा के अंदर से एक रौशनी निकली और हर तरफ फैले गयी.......

वो रौशनी सूर्य की रौशनी से भी अधिक तेज़ थी.....

जहाँ वो रौशनी मेरे आँखों को ठंडक पहुंचा रही thi,wahin डिफेंडर की आँखें उस ऊर्जा को बर्दाश्त नहीं कर पायीं और उससे अपनी आँखें बंद कर लीन....

2ंद- वो काला साया जो हमारे पीछे पीछे आ रहा tha,us रौशनी के बहार निकलते hi उससे एक तेज़ दर्द हुआ और वो दूर जाकर गिरा........

एक साया होने के बावजूद भी वो बेहोश हो चूका था.......

अपनी बाहें खोले उस रौशनी के ऊर्जा को महसूस करते हुए मई उस गुफा के अंदर चला गया.........

पर तभी.............

मेरे गुफा के अंदर जाते hi वो रौशनी काम होने लगी और धीरे धीरे बाहर का माहौल पहले जैसा हो गया....

गुफा के अंदर मौजूद सफ़ेद पत्थर ये फिर यूँ कहूं की एक पत्थर जिसपर एक सफ़ेद चादर सी बीचि हुई thi,wo अब भी चमक रहा था पर अब उसकी रौशनी की सीमा उस गुफा तक hi थी.....

वहीँ बाहर जैसे hi सब नार्मल hua,DEFENDER ने भी अपनी आखें खोल ली थी पर अब भी वो बाहर hi खड़ा था.......

वहीँ अंदर जैसे hi मेरी आखों ने उस सफ़ेद चादर से लिपटी पत्थर को dekha,toh मेरे सीने के अंदर की कम्पन और बढ़ गयी मानो मेरे अंदर से कोई बाहर आना चाहता हो.....

मई- तुम बाहर आ सकते हो..........

बस मेरे बोलने की देर थी..................

मेरे सीने के बीच एक रौशनी उभरी और उस रौशनी के बीच से मेरी बुक मेरे अंदर से बाहर निकल आयी और दोनों तरफ से खुल गयी.......

की तभी.............

एक नया चमत्कार हुआ..............

बुक के खुलते hi उसके सामने पड़ी पत्थर की सफ़ेद चादर एक बार फिरसे चमकने lagi...par चमत्कार ये नहीं tha,chamatkaar ये था की अब मई किसी गुफे के अंदर नहीं था...

गुफा chhodo,wo गुफा जिस ोर्डरीडगे माउंटेन के अंदर thi,wo पहाड़ भी गायब हो गया था.........

अब मई एक खुली जगह पर था और मुझसे थोड़ी hi दूर पे खड़ा डिफेंडर आँखें फाड़े ये सब चमत्कार होते हुए देख रहा था.......

डिफेंडर- वो माउंटेन कहाँ गयी!!!!!!

ये बात डिफेंडर ने अपने मन में बोली थी पर मैंने सुन ली...

मई- वो माउंटेन सिर्फ इस गुफा को शील्ड देने के लिए बनाया गया एक माया जाल tha.ab इस गुफा को किसी शील्ड की ज़रुरत नहीं है इसीलिए वो माउंटेन गायब हो गया...

यहाँ मैंने एक चमत्कार से पर्दा uthaya,wahan एक नया चमत्कार शुरू होने लगा...

वो वाइट चादर जो उस पत्थर पर लिपटी हुई thi,usne अपनी जगह छोड़ di.....aur धीरे धीरे आकाश में उठने लगी....

जैसे जैसे वो सफ़ेद चमकती हुई चादर हवा में ऊपर उठता gaya,uska साइज भी बढ़ता गया......

ये साइज दरअसल वो पावर थी जिससे उस चादर ने अब तक कण्ट्रोल और सिमित करके रखा हुआ था......

और कुछ hi पलों में उस चादर का साइज इतना बड़ा हो गया की उसने वारियर्स वर्ल्ड के वायु मंडल को घर लिया.....

उस चादर से इतनी तेज़ रौशनी निकल रही थी की पूरा वारियर्स वर्ल्ड चमक रहा था....

मई- तैयार हो.................

ये बात मैंने डिफेंडर से कहीं थी जो आँखें फाड़े आकाश में इस नए चमत्कार को देख रहा था.....

मेरी आवाज़ सुनकर वो होश में aaya...DEFENDER ने मेरे आगे हाथ जोड़े और कहा.......

डिफेंडर- मई तैयार हूँ...........

डिफेंडर चलते हुए आगे बढ़ा और उसने बुक को जो अभी भी हवा में खुली हुई तैर सी रही thi,usse छू लिया.........

और तभी...........

ऊपर आकाश में वो सफ़ेद चादर जो एक हाइट पर जाकर रुकी हुई thi,uske बीच में से तेज़ रौशनी निकलने लगी और डिफेंडर के शरीर के बीचो बीच लगने लगी...........

AAHHHHHHHHHH......................

AAHHHHHHHHHHH..........................

डिफेंडर की आँखें दर्द की अधिकता से बड़ी हो gayi...........wo घुटनो के बल बैठ गया........

उसका पूरा शरीर दर्द से छटपटाने laga....uske गले से लगातार निकल रही चीखें हर तरफ फैलने लगी...........

उसका शरीर जगह जगह से फटने laga.....par क्यूंकि उसके पास हीलिंग पावर्स thi,isiliye उसका शरीर वापस ठीक भी हो जा रहा था...

पर उस रौशनी से निकलने वाली ऊर्जा डिफेंडर की हीलिंग पावर्स से लाख गुना ज़्यादा स्ट्रांग थी.....

कुछ hi देर में डिफेंडर का शरीर थोड़ा थोड़ा गलने सा लगा था....

ये सब मई अपने सामने होता हुआ देख रहा tha.mujhe पता चल गया था की अगर ऐसा hi चलता रहा तोह डिफेंडर बच नहीं पायेगा.....

मई तुरंत अपनर घुटनो पर बैठ gaya.maine अपने हाथ jode,aankhen बंद की और प्रेयर करने लगा.....

मई- हे ISHWAR...........aaj आपके इस भक्त ने मेरे हिस्से के दर्द को पिया hai......agar मारना hi hai,toh मुझे मार de,par इससे बचाले..........

हक़ से मांगो..................

ये आवाज़ मेरे अंदर से आयी थी.......

एक ऐसी आवाज़ जिससे सुनकर मुझे ऐसा लगा जैसे मई पूरा हो गया हूँ.........

मई- फादर................

ये अल्फ़ाज़ मेरे मुँह से अपने आप निकल गए.......

और मेरे फादर बोलते hi उस चादर से निकलने वाली ऊर्जा का प्रभाव काम होने लगा...

और जैसे hi ऐसा hua,DEFENDER की हीलिंग पावर काम करने lagi....dard तोह उससे अब भी हो रहा tha,par ऊर्जा के प्रभाव के काम होने और हीलिंग पावर के एक्टिव होने की वजह से अब उससे काम दर्द हो रहा था...

कुछ मिनट्स तक ये सिलसिला चलता raha,aur फिर धीरे धीरे उस आकाश नुमा चादर से रौशनी निकालनी बंद होने लगी.....

और जैसे hi रौशनी निकलना कम्प्लीटली बंद hua,wo चादर गोल गोल घूमते हुए निचे आने लगी.......

जैसे जैसे वो चादर निचे आती gayi,uska आकर भी काम होने laga....aur उस चादर ने एक स्क्वायर शेप ले लिया.........

और आखिर में वो वाइट चादर काफी छोटी हो गयी और मेरी बुक के ऊपर आकर रूक गयी......

मेरे बुक्स में जितने भी पेजेज the,wo सब चिपक से गए और उन सब पेजेज ने जुड़कर दो मोठे से पेजेज की शक्ल ले ली........

और जो सफ़ेद चादर मेरे बुक के ऊपर रुकी हुई thi,book के पेजेज को दो पेजेज में बदलने के बाद उस चादर ने भी एक मोठे से पेज का रूप ले लिया और मेरे बुक में फिट हो गयी.......

तीनो पेजेज के फिट होते hi मेरी बुक बंद हो गयी......

सबसे पहले मैंने डिफेंडर को उठाया जो अब तक पूरी तरीके से ठीक तोह हो चूका था पर अब भी उसमे कमज़ोरी सी थी.......

मैंने उसके सर के ऊपर हाथ rakha...mere हाथों से एक सफ़ेद रौशनी निकली और उसमे समां गयी....

और अगले hi पल डिफेंडर फिट & फाइन हो गया था....

मई उससे लेकर अपनी बुक के पास गया जो अब भी हवा में रुकी हुई थी....

और जैसे hi मैंने उस बुक को khola,mai शॉकेड रह गया.....

क्यूंकि जो तीन पेजेज अभी अभी मेरे बुक में बानी thi,uske पहले पेज में 2 गोल से खांचे बने गए थे मानो उनमे कुछ रखना हो और दूसरे पेज पर भी एक वैसा hi गोल खांचा बना हुआ tha......teesre पेज पर मेरे स्पीयर की तस्वीर लगी हुई थी....

मई मन में- अब ये क्या राज़ है यार...?????

डिफेंडर- क्या सोच रहे हैं aap????aur ये खांचे kaise???kya अब मई जान सकता हूँ की उस गुफा में क्या था और उससे मुझे इतना दर्द क्यों हुआ??????

मैंने मेरी बुक को बंद कर diya..book के बंद होते hi वो फिरसे एक रौशनी में बदल मेरे अंदर समां गयी......

मई- तुम्हारे पहले सवाल का जवाब तोह फ़िलहाल मेरे पास नहीं है की ये खांचे क्या हैं और किसलिए hain,par हाँ तुम्हारे दूसरे सवाल का जवाब मई तुम्हे दे देता हूँ....

ये जो बुक तुम देख रहे the,aur वो जो सफ़ेद सी चादर गुफा में thi,ye दोनों एक hi hain...aur ये बने हैं गॉड के आंसुओं से...

मेरी बात सुनकर डिफेंडर शॉकेड हो gaya...par मैंने बोलना जारी रखा.....

मई- अपने पहले पुत्र को हेवन से निकलने के बाद गॉड को बोहोत तकलीफ हुई thi....waise तोह गॉड का कोई असली रूप नहीं hain,wo खुद एक ऊर्जा एक रौशनी hain,par तब भी जब उन्हें तकलीफ हुई थी तोह उनकी ऊर्जा एक पल के लिए असंतुलित हो गयी थी.....

और उसी असंतुलित ऊर्जा के प्रभाव से एक पानी की बून्द निकली जिससे हम इंसान आंसू कहते हैं.....

अगर वो आंसू ब्रम्हांड में किसी भी जगह पर सीधे गिरते तोह ब्रम्हांड का नाश हो jaata,par क्यूंकि गॉड अपने बनाये ब्रम्हांड से बोहोत प्यार करते the,isiliye उन्होंने अपने आंसू को गिरने से पहले hi उसका रूप बदल दिया....

पर ऊर्जा इतनी ज़्यादा थी की किसी एक चीज़ में वो पूरी नहीं समाती इसीलिए उस ऊर्जा ने दो रूप ले liye.......ek ने इस किताब का रूप लिया...

और क्यूंकि उस वक़्त वर्ल्ड ऑफ़ थे वारियर्स इस ब्रम्हांड का सबसे ताकतवर गृह tha,is गृह के नेचुरल रिसोर्सेज में इतनी ताकत थी की गॉड के ऊर्जा के एक part को संभल सके इसीलिए उस ऊर्जा ka,us आंसूं का दूसरा भाग यहाँ ठहर गया .

उसने इस जगह के सबसे बड़े और मज़बूत चट्टान के ऊपर चादर के रूप में खुद को बिछा लिया..

डिफेंडर- अद्भुधहहह.........

इसीलिए उस ऊर्जा से मुझे इतनी तकलीफ हुई क्यूंकि वो असल में गॉड की तकलीफ थी जो एक रौशनी का रूप लेकर मुझपे गिर रही थी........

मई- hmm.aur मई तुम्हे तहे दिल से शुक्रिया करता हूँ जो तुमने मेरे हिस्से के दर्द को अपना लिया.......

डिफेंडर- ये दर्द hi मेरे पापों का प्राश्चित था...........

मई- hmm,par अभी सब कुछ ठीक नहीं हुआ hai.........abhi सबसे ज़रूरी काम बाकी hai..tumhare लोगों को ठीक करना.....

डिफेंडर- haan,wo तोह hai..toh चलें!!!

मई- चलते hain,par उससे पहले तयारी तोह कर लें..

मैंने अपना हाथ नीचे कर ज़मीं को chua,apni आखें बंद की और

स्पर्जन सागकृमा....

कांटेक्ट ट्रांसफर.....

ये एक खास किस्म का स्पेल था जिसके बारे में आपको अगले अपडेट में पता चलेगा.....

मंत्र बोलने के बाद मैंने डिफेंडर को कुछ चीज़े बताई जिससे सुनकर वो विचलित हो गया.....

डिफेंडर कुछ कहने hi वाला था की मैंने उससे रोक दिया...

मई- ये ज़रूरी है डिफेंडर.........

अब डिफेंडर मेरी बात तोह काट नहीं सकता tha,isiliye चुप हो गया.....

मई- chalo,ye काम तोह हो गया अब मेरे पुराने दोस्त से तोह मिल लें........

ये कहकर मई आगे बढ़ गया और डिफेंडर मेरे पीछे हो लिया...

मई चलते हुए उसी काले साये के पास पहुंचा जो अब भी बेहोश पड़ा हुआ था....

मैंने अपना हाथ आगे किया और अगले hi पल वो साया होश में आ गया...

मुझे अपने सामने देखकर वो साया हड़बड़ा गया और उसने गायब होने की कोशिश की......

कोशिश इसीलिए क्यूंकि वो कामियाब नहीं हुआ......

मैंने उससे अदृश्य बंधन में बाँध रखा था.......

कुछ देर तक उसने खुद को छुड़ाने की कोशिश की फिर जब उससे लगा की वो कामियाब नहीं हो पायेगा तोह उसने कोशिश छोड़ दी और अपनी मौत का इंतज़ार करने लगा.....

मई- फ़िक्र मत kar........abhi तेरा वक़्त आने में थोड़ा वक़्त है.......

अभी के लिए तुझे आज़ाद करता हूँ....

मेरे ये बोलते hi उसके बंधन खुल गए और अगले hi पल वो गायब हो गया....

डिफेंडर- कौन था ये?????

मई- वालेफ़ोर उर्फ़ बलबीर सिंह बग्गा...

आज के लिए इतना HI......

आपका अपना V.J.....
 
थैंक्स बरोथेर 4 थे review......V.J ने अवंतिका को सपना 2 रेअसोंस से दिखाया tha.ek तोह अपने एडवेंचर में शामिल करने के लिए और उसका एक मैं रीज़न आपको आगे पता चलेगा और एक रीज़न थर्ड part me.....DEFENDER को V.J ने पहले hi बता दिया था की माउंटेन में जो पावर h,usse हासिल करने क लिए काफी दर्द सहना होगा जिसपे डिफेंडर ने रिक्वेस्ट की थी की अपने लोगों को काल द्रव पिलाने का पाप जो उससे हुआ है, उस दर्द को झेलकर वो उस पाप का प्रायश्चित करना चाहता है...
 
थैंक्स 4 थे रिव्यु बरोथेर..... अवंतिका सब दिखने के पीछे एक बोहोत बड़ा कारण hai,jiske बारे में इसी chapter में hi कहीं पता चल jaayega....dusri बात, अवंतिका को ट्रेनिंग की कोई ज़रुरत नहीं hai.future प्रकाप में ास्मोडियस के थ्रू ये बताया जा चूका है की जब तक विक्रम ज़िंदा ह, अवंतिका को मकर नहीं जा sakta....har ा

सवाल जो आपके दिमाग में उठ रहे hain,un सब का जवाब मैंने आलरेडी सोच लिया hai,bas सही वक़्त par,sahin अपडेट में आपको आपके जवाब मिल jaayenge....saath बने रहिये....
 
Frnzzzz,jaisa की आप सब जानते हैं की वारियर्स वर्ल्ड के लोग जिस काइआ और काल द्रव के प्रभाव में hain,uska तोड़ अवंतिका के पास है, राखत फूल....

राखत फूल से क्या होता HAI,YE तोह आपको पता है पर ये है क्या CHEEZ!!!KAISE इसमें ऐसे गन आये जो ये काइआ का इलाज बन GAYA...ISKE बारे में आपको आज के मेगा अपडेट में पता चल जाएगा....

मेगा अपडेट कुछ HI देर में...
 
अब तक आपने पढ़ा की विक्रम अपने बुक की पावर को पा लेता है...

अब आगे:-

CHAPTER-2

( कर्स ऑफ़ थे स्वीट पाइजन )

मेगा अपडेट- 74

PART-2

प्लेनेट- एअर्थ

प्लेस- कॉलेज कैंटीन...

यार आज V.J कॉलेज क्यों नहीं आया???

रोनित- उससे कुछ काम tha,toh वो उसी को निपटा रहा है???

अवंतिका- कैसा काम????

रोनित- वेट karo,pata चल जाएगा......

शनाया- V.J का कुछ काम है और तुम दोनों उसके साथ नहीं ho,strange!!!!

अंजलि- इसमें अजीब क्या hai,hum हर काम एक साथ थोड़ी ना करते हैं.....

अवंतिका- हाँ वो भी hai...waise एक बात batao,tum दोनों ने अभी तक क्या क्या किया है???

RONIT/ANJALI- मतलब!!!!!

अवंतिका- अरे matlab,couple बनाने के baad,tum दोनों ने क्या क्या रोमांटिक किया hai..i mean,candle लाइट dinner,long ड्राइव्स या ऐसा कुछ........

अवंतिका की बात सुनकर अंजलि शर्मा गयी.....

शनाया- आये haaye,sadhke जावन तेरे इस शर्मा हया par........par babes,ye सब तोह नार्मल बातें हैं naa,isse बताने में कैसी sharm...RONIT yaar,tu hi बता.....

रोनित- हाँ guys,candle लाइट dinners,long drives,gifts,sab कुछ हो चूका है अब तक...

अवंतिका- और हमे पता तक नहीं...

रोनित- अरे yaar,privacy भी कोई चीज़ है.....

शनाया- हाँ वह तोह है, पर अब हमे भी क्या पता की कौन सी चीज़ प्राइवेट राखी जाती है और कौन सी चीज़ बताई जाती hai..hum तोह अभी भी सिंगल हैं....

अंजलि- तोह तुझे रोका किसने hai!!!bana ले न कोई B.F....

शनाया- किसी को भी बना लूँ kya???aur वैसे bhi,mujhe इन सब में कोई इंटरेस्ट नहीं hai...par मई एक बात सोच सोच कर बोहोत एक्ससिटेड फील करती हूँ!!!!

सब- क्या????

शनाया- यही की जब V.J किसीके साथ रिलेशनशिप में आएगा तोह क्या क्या करेगा???

ी मैं जो बाँदा बिना किसी रिलेशनशिप में aaye,bina किसी लड़की को चाहे इतनी गहरी गहरी बातें करता hai,jab वो किसी लड़की को चाहेगा तोह उसके लिए क्या क्या करेगा...!!!

मुझे तोह लगता है की अपनी G.F के लिए V.J सब कुछ क्लासी और इंटरनेशनल hi करेगा....

लंदन में shopping,PARIS और स्विट्ज़रलैंड में हॉलिडे और पता नहीं क्या क्या!!!!!

शनाया की बात सुनकर अंजलि और रोनित दोनों मुस्कुरा दिए........

शनाया- kyun,sahi कहा ना???!!!!!!

RONIT/ANJALI- galat..bilkul गलत कहा तुमने.......

अवंतिका जो की शनाया के स्पेक्युलेशन्स सुनके साद सी हो गयी thi,RONIT और अंजलि के मुँह से गलत सुनकर वो फिरसे एक्ससिटेड हो गयी थी......

शनाया- galat.....!!!!!!aur वो भला कैसे???

रोनित ने एक बार अंजलि की तरफ देखा फिर बोलना शुरू किया....

रोनित- तुम्हे पता है ना की V.J लगभग हर पजल को सोल्वे कर देता है......

शनाया- हां toh,is बात का मेरी बात से क्या लेना देना.....!!!

रोनित- पुरु बात तोह सुन lo...haan तोह मेरे कहने का ये मतलब है की V.J खुद इतना बड़ा पजल है की बाकी सारे पजल उसके सामने इजी लगते हैं......

अंजलि- exactly...hum V.J के साथ बचपन से हैं पर वो और उसका ऐटिटूड अब भी हमारे लिए एक सवाल hi है...

रोनित- पर जितना हमने उससे समझा है उससे इतना तोह हमे मालुम है की उसे ये लॉन्ग drives,candle लाइट dinners,expensive holidays,zyada पसंद नहीं हैं.....

उससे ग्राउंडेड और सिंपल चीज़ें hi पसंद hai......usse छोटी छोटी चीज़ों में ख़ुशी ढूंढने की आदत है...

शनाया- और अगर उसकी G.F को मेरी बताई चीज़ें पसंद हुई तोह????

रोनित- ऐसी लड़की के साथ V.J कभी भी रिलेशनशिप में पड़ेगा hi नहीं.......

रोनित और अंजलि की बात सुनकर अवंतिका अंदर hi अंदर बोहोत खुश हो गयी क्यूंकि वो भी एक्साक्ट्ली V.J की hi तरह सोचती थी....

अभी रोनित और भी कुछ कहना चाहता था की तभी............

तुम दोनों के दिमाग में मई एक जगह की तस्वीर भेज रहा HUN.....AVANTIKA को लेकर तुरंत पहुंचो.........

ये आवाज़ रोनित और अंजलि के दिमाग में गुंजी थी जिससे सुनकर पहले तोह दोनों चौंक गए पर अगले hi पल दोनों नार्मल भी हो गए क्यूंकि वो दोनों तोह इसी आवाज़ का वेट कर रहे थे......

ANJALI-SHANAYA से कोई बहाना बना lo..hume कहीं जाना है...

ये बात अंजलि ने अवंतिका के दिमाग में कही थी....

अवंतिका भी पहले चौंकी पर फिर उससे भी सब समझ आ गया और वो नार्मल हो गयी....

अंजलि- RONIT,chal घर chalen.tujhe डैड ने बुलाया था याद है ना....

रोनित- ओह shit..mai तोह भूल hi gaya....chal चलते हैं...

दोनों अवंतिका और शनाया को bye बोलकर पार्किंग की तरफ निकल गए.....

शनाया- yaar,mujhe तोह अगला लेक्चर अटेंड करना hai.....mai आलरेडी बोहोत पीछे हूँ....

अवंतिका- तू कर le..mujhe भी कुछ काम hai,mai वो निपटा लेती हूँ...

शनाया- ok then..ghar पर मिलते हैं.

शनाया क्लास की तरफ निकल गयी और अवंतिका भी तेज़ी से चलते हुए पार्किंग में पहुँच गयी जहाँ रोनित और अंजलि उसका hi वेट कर रहे थे...

अवंतिका- क्या हुआ गुइज़्ज़ज़. कहा जाना है???

अंजलि- सब पता चल jaayega......tum अपनी कार में हमे फॉलो करो...

रोनित और अंजलि अपनी कार में बैठ आगे निकल गए और अवंतिका अपनी कार में उनका पीछे पीछे निकल गयी....

रोनित ने एक सुनसान जगह पर अपनी कार रोक di.AVANTIKA ने भी रोनित की साइड में hi अपनी कार रोकी और दोनों के पास आ गयी.....

रोनित ने अपना हाथ आगे किया और गोल गोल घुमाया...

रोनित के सामने hi एक वर्ल्ड दूर खुल गया....

रोनित- चलो......

तीनो उसमे से होते हुए दूसरी तरफ आ गए...

उनके दूसरी तरफ आते hi वर्ल्ड दूर गायब हो गया....

अवंतिका- ये कौन सी जगह hai....aur ये mahal...kahin हम किसी दूसरे स्टेट में तोह नहीं आ गए...

अंजलि- नहीं......

अवंतिका- तोह क्या ये कोई दूसरी कंट्री है!!!!!!

रोनित- ये दूसरी कंट्री नहीं दूसरा प्लेनेट है...

अवंतिका- व्हाट!!!!!?????

रोनित की बात सुनकर अवंतिका को एक तेज़ झटका लगा........

अंजलि- hmm.aur हमे यहाँ V.J ने बुलाया है.....

V.J का नाम सुनकर अवंतिका का दिमाग एक सेकंड में शांत हो गया........

अवंतिका- इस प्लेनेट का नाम क्या है???

रोनित- वर्ल्ड ऑफ़ थे वारियर्स...

प्लेस- लार्ड क्रूसेडर पैलेस....

हाँ sainik...bolo,jo जो मैंने कहा tha,wo हो गया......

सैनिक- जी SENAPATIJI.....aapne जैसा जैसा कहा tha,wo सब हो चूका है....

पुरे महल की सुरक्षा और कड़ी कर दी है....

और हमारे सैनिको की कुल चार टुकड़ी बनाकर चारो दिशाओं में भेज दिया गया है.....

हेन्सबर्ग- बोहोत ache...tum जा सकते हो...

सैनिक ने एक बार हेन्सबर्ग के आगे सर झुकाया और चला गया......

हेन्सबर्ग मन में- इतना कुछ हो गया और लार्ड क्रूसेडर अभी तक अपने कक्ष से बाहर नहीं aaye.......jaakar देखता हूँ....

हेन्सबर्ग लार्ड क्रूसेडर के रूम की तरफ निकल गया..

चलिए जब तक हेन्सबर्ग लार्ड क्रूसेडर के पास पहुँचते hain,aapko बता देता हूँ की हेन्सबर्ग सैनिक से आखिर किस चीज़ के बारे में बात कर रहा था....

जैसे hi चट्टान के ऊपर बिछी GOD'S टेअर की पावर हवा में उठ कर आकाश में फ़ैल gayi,toh उससे महल में मौजूद सभी ने देखा...

और ना सिर्फ dekha,balki जैसे hi वो पावर उनके ऊपर महल में chaayi,uski पावर से निकले वाइट एनर्जी की वजह से इस महल के और प्लेनेट के सारे लोगों के बॉडी में तेज़ दर्द उठने लगा....

ये उनके शरीर में मौजूद काल द्रव की वजह से हुआ था....

वो वाइट एनर्जी से निकली ऊर्जा को बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी इसीलिए वो वारियर्स वर्ल्ड के लोगों के अंदर गर्म होने लगी जिससे यहाँ के सभी वासियों को असीम दर्द झेलना पद रहा था......

और जैसे hi GOD'S टेअर की पावर वापस अपने आधे स्वरुप सुपरगुप्त बुक में samayi,wo सब ठीक हो गए...

पर ठीक होते hI हेन्सबर्ग ने अपने सैनिकों को सारे महल को घेरने के लिए कह दिया...

और साथ hi अपनी सेना के चार प्रमुख टुकड़ियों को चारों दिशाओं में फैले कर अभी जो भी हुआ tha,uska सत्य जानने का आदेश दे दिया था...

लार्ड क्रूसेडर- तुम यहाँ क्या कर रहे ho??bhul गए हमने क्या आदेश दिया था???

हेन्सबर्ग लार्ड के कमरे के सामने

पहुँच कक्ष के दरवाज़े को खटखटाने hi वाला था की इतने में दरवाज़ा स्वयं hi खुल गया और लार्ड क्रूसेडर बाहर निकले...

HEINSBERG-shama करें maharaj,mujhe याद है की आपने आपके कमरे में किसी का भी आना निषेद किया हुआ hai,kintu बात hi इतनी बड़ी है की मुझे आना पड़ा........

लार्ड क्रूसेडर- ऐसी क्या बात हो गयी???

फिर हेन्सबर्ग ने लार्ड को जो कुछ भी अभी अभी हुआ था वो सबकुछ बता दिया....

लार्ड क्रूसेडर- hmm.ye तोह वाकई गंभीर बात hai..tum महल की सुरक्षा कड़ी कर do...kisi भी अज्ञात व्यक्ति को देखते hi मारने के लिए कह दो......

हेन्सबर्ग- ये आदेश मैंने पहले hi दे दिया है लार्ड...

लार्ड क्रूसेडर- बोहोत acche.hamare सभी सिपह सलाहकारों को तुरंत सभा में उपस्तिथित होने को कहो..

हेन्सबर्ग- जो आज्ञा लार्ड.

हेन्सबर्ग अपने लार्ड के आदेश का पालन करने निकल गया वहीँ लार्ड क्रूसेडर जो अपने आप को कब से कण्ट्रोल में किये हुए tha,wo अपने चेहरे पर वापस दर की रेखाओं को लिए सभा की तरफ निकल पड़ा....

और कुछ hi देर में सभा शुरू हो चुकी थी.....

लार्ड क्रूसेडर- आप सब भली भाति जानते हैं की ये सभा क्यों बुलाई गयी है....

अभी कुछ देर पहले जो कुछ भी hua,wo कोई छोटी मोती बात नहीं hai.hamare ऊपर जो संकट के बादल छाए हुए hain,agar किसीके पास उसका कोई हल है तोह वो बोल सकता है......

दोस्त को दुश्मन समझने की गलती ना करें लार्ड क्रूसेडर......

अभी कोई कुछ कहता उससे पहले hi ये आवाज़ पैलेस हॉल में गूंज उठी.....

सब हक्के बक्के होकर इधर उधर देखने लगे.......

हेन्सबर्ग- कौन hai???jo भी hai,saamne आये........

हेन्सबर्ग के बोलते hi उस हॉल के बीच एक तेज़ रौशनी फैले gayi.sabki आँखें कुछ पल के लिए बंद हो गयी....

थोड़ी देर बाद जब धीरे धीरे सबने आखें खोली तोह शॉकेड रह गए..

उनके सभा के बीच एक जवान लड़का अपने दोनों हाथों को अपनी कमर पर टिकाये मुस्कुराता हुआ खड़ा था.....

और ठीक उसके पीछे उनके प्लेनेट का डिफेंडर हाथ बांधे खड़ा था......

हेन्सबर्ग- डिफेंडर tum!!!....aur कौन hai...aur इस तरह से भरी सभा के बीच में आने की क्या वजह है???

मई- मेरे नाम विक्रम hai...mai यहाँ आप लोगों की मदद करने आया हूँ.....

मेरी बात सुनकर हेन्सबर्ग और वहां बैठे सारे लोग है दिए....

हेन्सबर्ग- bacche...tu हमारी मदद karega????shukra मन की इतना बड़ा दुस्साहस करने के बाद भी मेरी तलवार अभी तक तेरे गर्दन के पार नहीं हुई है....

ये बोलकर हेन्सबर्ग ने अपनी मियां में से तलवार को हल्का सा बहार निकला....

मई- chaliye,fulon से ना sahi,talwar से hi हमारा स्वागत कर दीजिये आप....

हम भी तोह देखें की आपकी तलवार भी आपके ज़ुबान की hi तरह तेज़ है या नहीं....

मेरी बात सुनकर हेन्सबर्ग को ग़ुस्सा आ gaya.....usne अपनी तलवार निकली और तेज़ी से मेरी तरफ आने लगा...

वहीँ मेरे पीछे खड़ा डिफेंडर हेन्सबर्ग की हरकत पर है दिया....

हेन्सबर्ग ठीक मेरे सामने ruka,aur एक बार मुझे घूर कर देखा...

मई अभी भी मुस्कुरा रहा था..

मेरे मुस्कुराने ने उसके ग़ुस्से पर घी का काम kiya...usne तेज़ी से अपनी तलवार मेरे गर्दन को निशाना बनाकर घुमा दी.....

सायययययय................

हेन्सबर्ग के तलवार ःघूमते hi ये आवाज़ हुई पर सिर्फ aadhi...kyunki तलवार बस आधी दूर hi तलवार रही...

मेरे गले तक पहुँचते पहुँचते तलवार ने फूलों का रूप ले लिया था....

ये करिश्मा देख हेन्सबर्ग के साथ साथ लार्ड क्रूसेडर और वाहन मौजूद सभी मंत्री मंडल अपनी जगह पर एक झटके में खड़े हो गए......

मई- आपका स्वागत हो गया हो तोह क्या अब मई जिस काम से आया hun,wo कर लूँ....

लार्ड क्रूसेडर- कौन हो tum???aur क्या चाहते हो..???

मई- मई कौन hun,ye जानना आप सब के लिए ज़रूरी नहीं hai....aap बस इतना जान लीजिये की मई आप सब को आपके अंदर मौजूद कैवा नाम के ज़हर से निजात दिलाने के लिए आया हूँ....

मेरी बात सुनकर सब एक बार फिर चौंके...

लार्ड क्रूसेडर- हमे तुम्हारी मदद की आवशयकता नहीं hai....tum जा सकते हो....

लार्ड क्रूसेडर के बोलने के बाद उन्ही की बोली हुई बात बाकी सब सभागन भी बोलने लगे...

मई- ये आप सब nahi,aapke अंदर मौजूद काल द्रव बोल रहा है........

लार्ड क्रूसेडर- इससे तुम्हे कोई मतलब नहीं होना chahiye......hum ऐसे hi ठीक hain.tum अभी के अभी यहाँ से चले जाओ वर्ण बंदी बना लिए जाओगे.....

मई- बिना मेरा काम ख़त्म किये मई तोह नहीं जाने waala.aap अपनी कोशिश कर लीजिये........

लार्ड क्रूसेडर- sipahiyon,is लड़के को बंदी बना लिया जाए......

मैंने अपना हाथ ऊपर किया और अपनी मुट्ठी बंद कर दी........

और अगले hi पल..............

लार्ड क्रुसडेर को छोड़ कर वहां जितने भी लोग मौजूद the,yahan तक की बहार पहरा देते sainik,sabhi एक साथ निचे गिर पड़े..

वो सभी बेहोश हो चुके थे......

अपने सभी मंत्री गैन और सिपाहियों को बेहोश होता देख लार्ड क्रूसेडर का दिमाग घूम गया....

उन्होंने अपनी आखें बंद की और अंतर्ध्यान होने की कोशिश की पर ये कामियाब नहीं हो पाए.....

मई- जब तक मई नहीं chahunga,tum गायब नहीं हो सकते......

लार्ड क्रूसेडर- ये तुम ठीक नहीं कर रहे ho......iske लिए उम्मम्मम्मम्मम............

इसके आगे लार्ड क्रूसेडर कुछ बोल नहीं paaye,kyunki उनके होंठों सील गए थे....

मई- तेरी बकवास सुनाने नहीं आया हूँ मई.......

डिफेंडर- आपने सबको बेहोश क्यों kiya??aisi हालत में इनका इलाज कैसे होगा????

मई- ऐसी हालत में hi इनका इलाज हो सकता hai..agar ये जागते रहे तोह मन karenge,us सूरत में मुझे इन्हे हानि पहुँचाना होगा जो मई नहीं चाहता......

डिफेंडर- तोह अब????

मई- डॉक्टर को तोह आजाने दो....

डिफेंडर- DOCTOR????mai समझा नहीं...

मई- सब समझ jaaoge..kuch देर वेट करो......

वहीँ बहार:-

अंजलि- yaar,inhone तोह पुरे महल को छावनी में बदल दिया है......

वारियर्स वर्ल्ड में आने के बाद तीनो के सामने जो सबसे पहला नज़ारा आया था वो था लार्ड क्रूसेडर का पैलेस........

तीनो आगे बढे hi थे की उन्हें लगातार कई सारे सैनिक महल को चारों तरफ से घेरते हुए दिखे.......

अवंतिका- पर V.J कहाँ है???

अंजलि- पैलेस के अंदर.......

अवंतिका- WHAT?????kahin उससे कुछ....

अवंतिका की बात पूरी होने से पहले hi रोनित और अंजलि है दिए......

रोनित- babes...ye पुरे प्लेनेट के लोग भी मिल जाए naa,toh भी V.J का कुछ नहीं बिगड़ sakta..tum रिलैक्स रहो और मुझे सोचने दो की हम अंदर कैसे जाएँ....

कुछ भी सोचने की ज़रुरत नहीं HAI....SIDHE अंदर आजाओ.........

ये आवाज़ रोनित और अंजलि के दिमाग में गुंजी thi.dono ने एक दूसरे की तरफ देखा और मुस्कुरा दिए...

अंजलि- chalo.raasta क्लियर है.....

अवंतिका- oye,kahan से रास्ता क्लियर हो gaya..dekh नहीं रहे हो कितने सारे सोल्डिएर्स खड़े हैं...

रोनित- ट्रस्ट उस yaar....aur चलो अंदर....

ये बोलकर रोनित और अंजलि आगे बढ़ gaye.AVANTIKA तोह अंदर hi अंदर बोहोत दर रही थी पर वो जानती थी की अंजलि और रोनित कितने कुशल योद्धा hain,isiliye उनके भरोसे वो उनके पीछे पीछे हो ली......

पर जैसे hi तीनो महल के पास pahunche,teeno को एक झटका laga....jahan अगले hi पल अंजलि और रोनित नार्मल हो gaye,wahin अवंतिका की हैरानी हर पल के साथ बढ़ती hi जा रही थी....

अवंतिका- ये सब क्या hai??ye सब लोग ासाहनक गिर कैसे गए......

रोनित- कहा था naa,kuch नहीं hoga..ab जल्दी चलो अंदर......

लार्ड क्रूसेडर का महल बोहोत खूबसूरत tha....teeno उससे देख देख कर आगे बढ़ रहे the.aise hi आगे बढ़ते बढ़ते कब वो राजसभा में आ gaye,unhe पता hi नहीं चला...

मई- देख lo,dekh lo.....sab तरफ अछि तरह से देख lo.aur कहीं कुछ गन्दगी दिखी तोह झाड़ू पोछा भी मार देना......

मेरी आवाज़ से तीनो होश में aaye.mujhpar नज़र पड़ते hi अंजलि और रोनित भाग कर आये और मेरे गले लग गए......

AVANTIKA-V.JJJJJ............

मेरा नाम अवंतिका ने दर कर लिया था पर अगले hi पल जो हुआ उससे देखकर अवंतिका की आँखें हैरत से बड़ी हो गयी....

हुआ ये की मुझे अपने दोस्तों से गले लगता देख लार्ड क्रूसेडर ने कुछ नुकीले धारधार औज़ारों का आवाहन किया और मेरी तरफ छोड़ दिया.....

और ये सब अवंतिका ने देख लिया......

और इसीलिए उसके मुँह से मेरे नाम की चीख निकल गयी.....

इधर वो सारे औज़ार मुझसे 2 फ़ीट दूर हवा में hi रूक gaye....isiliye अवंतिका की आँखें हैरत से फैले गयी....

मई- ये बचकानी हरकत बंद कीजिये लार्ड....

रोनित- इसकी तोह मई,

रोनित आगे बढ़ा hi था की मैंने उससे रोक कर कुछ कहा जिससे सुनकर उसकी भी आँखें बड़ी हो गयी......

मई- AVNI,aisa बोहोत कुछ है जो तुम नहीं जानती पर जान jaaogi.aisi छोटी मोती बातों पर हैरान होना बंद करो......

अवंतिका ने कुछ भी नहीं कहा और मेरे पास आकर कड़ी हो गयी....

मई- तुम जानना नहीं चाहोगी की मैंने तुम्हे यहाँ क्यों बुलाया है!!!!

अवंतिका ने इस बार भी कुछ नहीं kaha,bas अपनी मुंडी हाँ में हिला दी.....

MAI-RAKHT PHOOL........BLOOD FLOWER....mujhe उसकी ज़रुरत है......

अवंतिका मेरी बात सुनकर शॉकेड हो गयी वहीँ अंजलि और रोनित को तोह कुछ समझ भी नहीं आया.....

रोनित- ब्लड FLOWER!!!!ab ये क्या बाला है????

मई- सब बता dunga.rook ज़रा...

अवंतिका- पर तुम उसका क्या करोगे???

मैंने कुछ कहा nahi,bas तीनो के आगे हाथ घुमा diya...humse कुछ दूर hi एक बड़ा सा पर्दा बन गया जिसमे वारियर्स वर्ल्ड में क्या क्या हुआ hai,wo दिखने लगा..

बस ास्मोडियस के चेहरे को मैंने नहीं दिखाया था....

जैसे जैसे सीन्स आगे बढ़ते gaye,ANJALI,RONIT और अवंतिका की आँखों से आंसू गिरने लगे....

सब कुछ दिखने के बाद वो पर्दा खुद hi गायब हो गया......

अवंतिका ने अपने आंसूं पोछे और कहा...

अवंतिका- पर फ्लावर तोह घर में है....

मई- जानता हूँ और वो यहाँ आ भी jaayega...bas मई तुमसे इजाज़त लेना चाहता था..

उस फ्लावर को तुमने ढूंढा tha,toh उससे देने न देने का हक़ भी तुम्हारा hi है.....

अवंतिका मन में- इतनी taakat,itni shakti,fir भी इतनी saadgi........SAMAJH नहीं आता की तेरी चेहरे में डूब जाऊं या फिर तेरी बातों में......

मैंने ये साड़ी बात सुनी थी और मेरा दिल hi जानता है की अपने फेस को नार्मल रखने के लिए मुझे कितनी म्हणत करनी पड़ी थी....

मई- तुमने जवाब नहीं दिया अवनि.....???

AVANTIKA-arre वो फ्लावर इसी काम के लिए hi तोह hai......le लो.........

मैंने अपनी एक ऊँगली को एक बार गोल ghumaya..mere सामने एक छोटा सा वर्ल्ड दूर खुल gaya.....WORLD दूर के दूसरी तरफ अवंतिका का कमरा था.....

मेरी ऊँगली से एक नीली रे निकली और वर्ल्ड दूर से होते हुए अवंतिका के कमरे में चली gayi..aur कुछ hi पलों में उस रे ने ब्लड फ्लावर को ढूंढ लिया........

वो उससे हवा में तैरती हुई दूर से होते हुए मेरे हाथों में दे गयी.....

अवंतिका तोह आँखें फाड़े ये सब होते हुए देख रही थी....

मई- मैंने कहा न अवनि की ज़यादा शॉकेड मत ho..dheere धीरे सब पता चल जाएगा.....

ये बताओ की अब क्या करना है???

लार्ड CRUSEDER-mmmm..mmmmm......

रोनित- अब इस मामू को क्या हुआ????

मई- कुछ nahi,keh रहा है की उससे ठीक नहीं होना.....

रोनित- अब्बे तू क्या तेरे बाप को भी ठीक होना padega..bina ममम किये खड़े रह वर्ण सच में तेरी जुबां काट दूंगा....

अवंतिका- एक प्रॉब्लम है...

मई- क्या????

अवंतिका- ये फ्लावर पुरे प्लेनेट को ठीक नहीं कर paayega.....uske लिए काम से काम 10 ब्लड फ्लावर्स की ज़रुरत hai,jo मुझे नहीं लगता की हमे मिल पाएंगी......

मैंने एक लम्बी सांस छोड़ी.....10 राखत फूल मिल जाएंगे...

तीनो- कैसे????

मई- AVNI,RAKHT फूल का नाम कैसे pada,kya तुम जानती हो????

अवंतिका- haan....kaha जाता है की एक डेविल ने हज़ारों एंगेल्स को एक साथ एक वीरान प्लेनेट में बंदी बनाकर रखा हुआ था और फिर उन्हें एक साथ मार दिया था......

उन सारे एंगेल्स का सारा खून एक जगह पर इकठा होने laga..par उस प्लेनेट की धरती एंगेल्स के खून की गर्मी को सेहेन नहीं कर पायी और फैट गयी.......

उस प्लेनेट के हज़ारों टुकड़े हुए पर कुछ टुकड़ो में एंगेल्स का खून लगा हुआ tha...aur जहाँ जहाँ वो एंगेल्स के खून से साणे टुकड़े gire,wahan कुछ सालों बाद राखत फूल पैदा हुए....

मई- और इसीलिए ये फूल कैवा का और काल द्रव का जो की डेविल्स के खून से बनता hai,uska काट hai,kyunki इस फूल में एंगेल्स का खून है.....

रोनित- हाँ तोह isse...........ek second......kahin tu.......nahii...hargiz nahi.......mai तुझे ऐसा करने

ममममम.......

इससे आगे रोनित कुछ ना बोल पाया क्यूंकि मैंने उसके होंठ भी सील दिए थे और उसके बाद यही मैंने अंजलि के साथ भी किया क्यूंकि वो भी मेरी बात का मतलब समझ गयी थी....

और साथ साथ मैंने उन दोनों के हाथ और पेअर एक अदृष्ट रस्सी से भी बाँध दिए the...ab न तोह दोनों बोल सकते the,naahi hi कुछ कर सकते थे.....

अंजलि और अवंतिका के पास कड़ी अवंतिका ये सब देख कर दर गयी थी...

अवंतिका- RONIT,ANJALI,kya हुआ tumhe...???tumhare होंठ आपस में कैसे चिपक गए...

और ये तुम्हारे हाथ पेअर सात क्यों गए hain...V.J देखो ना ये क्या हो रहा है....???

मई- ये मैंने hi किया है अवनि......

मेरी बात सुनकर अवंतिका शॉकेड हो गयी...

अवंतिका- tumne!!!!par क्यों?????

मई चलते हुए अवंतिका के पास गया और उसके हाथों को थाम लिया...

मई- इनकी फ़िक्र मत karo.kuch hi देर में ये दोनों ठीक हो जाएंगे अवनि.

पर मेरे एक सवाल का जवाब डौगी सच सच......

ये सवाल मैंने अवंतिका की आँखों में देख कर पूछा था.....

अवंतिका ने हाँ में सर हिला दिया...

मई- मुझपे विश्वास करती हो......

अवंतिका- तुम्हे नहीं पता....

अवंतिका ने मेरे सवाल पर सवाल kiya,par उसका ये सवाल उसके जवाब से कई गुना बेहतर था....

मई- बस तोह fir,jo भी हो jaaye,jaise भी हालत hon,agle कुछ मिनटों तक अपना ये भरोसा बिना कोई सवाल पूछे मुझपे रख paaogi......aur मई जैसा कहूं वैसा कर पाओगी?????

अवंतिका जो मेरे आँखों में hi देखे जा रही thi,usne फिर से हाँ में सर हिला दिया...

मई- ऐसे nahi,mujhse वादा करो....

ये कहकर मैंने अपना हाथ आगे बढ़ा दिया जिससे अगले hi पल अवंतिका ने थाम लिया..

अवंतिका- वादा...

मई- रोनित मेरे bhai,yakin maan,iske अलावा मेरे पास और कोई चारा नहीं है....

sun,jab सही वक़्त आएगा तोह तुझे ये करना है.....

ये कह कर मैंने अपना हाथ आगे कर diya..mere हाथ में एक चित आ गयी जिसमे लिखा हुआ था की रोनित को क्या और कैसे करना है.....

मैंने उस चित को फोल्ड करके वहीँ हवा में छोड़ diya.wo चित वहीँ हवा में hi रूक गयी......

मई चलते हुए तीनो से थोड़ी दूर आ gaya....mere दूसरे हाथ को ऊपर किया जिसमे राखत फूल था......

वो राखत फूल वैसे hi हवा में झूल गया...

मैंने अपना हाथ नीचे की तरफ kiya..zamin पर एक बड़ा सा कटोरा आ गया....

अब वो वक़्त आ गया था जिसके लिए मैंने इतना कुछ किया था.......

मुझसे थोड़ी दूर खड़े रोनित और अंजलि की अनसमझी आवाज़ और तेज़ हो गयी थी वहीँ अवंतिका चेहरे पर ढेरों सवाल लिए मेरे तरफ देख रही थी.....

और अगले hi पल बिना मेरे कुछ कहे उससे उसके सवालों का जवाब भी मिल गया....

खच्हहहह.........

अवंतिका- nahiiiiiiiiii.........

और इस आवाज़ के साथ मेरे लेफ्ट हाथ की नस काट गयी और खून की तेज़ धार बहार निकलने लगी...

मैंने मेरे हाथ में ये कट मेरे hi अंदर मौजूद स्पीयर से की थी..

क्यूंकि मुझे किसी नार्मल chaaku,talwaar,ya किसी और औज़ार से नुक्सान नहीं पहुँचाया जा सकता था....

इसीलिए मैंने अपने स्पीयर का आवाहन किया और जैसे hi वो मेरे हाथ में आयी मैंने उससे अपनी कलाई पर घुमा दिया...

खून मेरे कलाई से बहार nikla...maine अपने दुसरे हाथ से मेरे सारे निकलते हुए खून को उस कटोरे की दिशा दे दी...

मेरे हाथों से निकलते हुए खून की स्पीड काम हो गयी और वो धीरे धीरे करके उस कटोरे में गिरने लगा.....

वहीँ अवंतिका भाग कर मेरे पास aayi.uski आँखों में से इस वक़्त उतना hi पानी निकल रहा था जितना मेरे कलाई से खून.......

अवंतिका- ये क्या कर दिया tumne.....ruko,mai कुछ करती हूँ.....

पर इससे पहले की वो कोई जड़ीबूटी ढूंढ़ने निकलती, मैंने उसका हाथ पकड़ लिया....

मई- तुमने वादा किया था....

अवंतिका- पर ये.......

मई- shhhhhhh......bharosa rakho..........aur कुछ भी हो jaaye,mere पास hi कड़ी रहना.....

वहीँ मेरे पीछे खड़े डिफेंडर के आँखों में इस वक़्त विस्मय और दर्द के भाव दोनों दिख रहे थे....

ये सब तोह अंदर का हाल tha.par बाहर का हाल बोहोत hi खतरनाक हो चूका था...

मेरे अपने कलाई को काटते hi पुरे वारियर्स वर्ल्ड में अँधेरा चा गया....

सिर्फ महल को chhodkar,kyunki वहां मई tha,baaki की हर जगह पर रह रह कर भूकंप आ रहे थे..

ऐसा लग रहा था मानो ये गृह ख़ुदकुशी करने को आमादा हो गयी थी.....

यहाँ मैंने अवंतिका से सब कुछ ठीक हो jaayega,aisa बोल तोह दिया था पर अब मुझे चक्कर आने लगे थे.......

कुछ देर तक मई खुदको संभालता raha,par फिर मई झूमते हुए निचे गिरने laga,par मेरे गिरने से पहले hi अवंतिका ने मुझे संभल लिया और अपनी गोद में लिटा दिया....

मेरा काफी ज़्यादा खून निकल चूका था और वो कटोरा जिससे मैंने अपना खून भरने के लिए कहा tha,wo भी भर चूका था......

वहीँ मेरे बेहोश होते hi अंजलि और रोनित की पैरों की बेड़ियाँ और होंठ दोनों खुल gaye...wo भागते हुए मेरे पास आये...

रोनित- ये क्या कर दिया मेरे bhai.......anjaan लोगों के लिए अपनी जान खतरे में दाल दी......

dekh,mai कुछ नहीं jaanta,abhi के अभी उठ jaa....nahi तोह तेरी kasam,is दुनिया के आखरी इंसान तक को मार डालूंगा मई.....

डिफेंडर- शांत हो जाईये आप...

रोनित- चुप be....saale,AVNI को तोह इस बेवकूफ ने कसम दी thi,par तू तोह इससे रोक सकता था ना.

डिफेंडर- उन्होंने मुझे आदेश दिए थे की मई ऐसा कुछ न करूँ....

रोनित- aadesh...kamine को बस आर्डर देना hi तोह आता hai....saale एक बार ठीक hoja,fir बताता हूँ तुझे...

अरे कोई तोह कुछ करो......

रोनित ये सब रट हुए बोल रहा था वहीँ अंजलि को तोह जैसे कुछ सुध hi नहीं thi.wo मेरे कटे हुए कलाई को घूरे जा रही थी......

RONIT-AVNI.....tum तोह कुछ करो yaar...tumhe तोह मेडिसिन का शौक है naa....kuch भी करके बचा लो मेरे भाई को...

डिफेंडर- कोई फायदा nahi.....ye कोई साधारण व्यक्ति नहीं हैं जिनके ऊपर साधारण औषदीयां काम आएँगी......

डिफेंडर की बात सुनकर अवंतिका के आंसू और बढ़ गए वहीँ अंजलि मेरा वही कटे हुए कलाई वाला हाथ पकड़कर रोने लगी......

की तभी.........

रोनित को कुछ याद आया...

उसने पीछे मुद कर dekha.wo चित जो मैंने छोड़ी thi,wo अभी भी वहीँ हवा में रुकी हुई थी...

रोनित झट से गया और उस चित को खोल पढ़ने लगा.

चित- जब मेरे खून से कटोरा भर जाए तोह राखत फूल को उसमे डूबोना और इस मंत्र को उच्चारित करना.....

प्रति राखत फूलह विबजूति......

कॉपी ब्लड फ्लावर पावर......

इससे जो भी बहार आएगा उससे फिरसे मेरे खून में डुबोकर इस मंत्र को फिर dohrana..ye काम कुल दस बार करना.......

और sun,mujhe तुम लोग ठीक नहीं कर sakte.agar मुझे ठीक होना होगा तोह मई हो जाऊँगा पर अगर तूने मेरा कहा नहीं माना तोह मई तुम लोगों के पास वापस नहीं आऊंगा.....

रोनित- साला फिरसे आर्डर दे gaya......teri तोह mai........pehle जो बोलै है वो कर लेता हूँ.....

फिर रोनित ने मैंने जैसा कहा tha,waise करने laga..usne राखत फूल को मेरे खून में डुबाया और मेरे द्वारा लिखा हुआ मंत्र उच्चारित किया......

प्रति राखत फूलह विबजूति........

मंत्र के उच्चारित होते hi राखत फूल चमकने लगा और देखते hi देखते उस फ्लावर के अंदर से एक और ब्लड फ्लावर निकला और साइड में गिर गया....

ये देखकर अवंतिका और अंजलि के नाम आँखों में विस्मय के भाव आ गए...

उसके बाद रोनित ने लगातार और 9 बार ये क्रिया दोहराई और देखते hi देखते वहां 10 +1 अवंतिका का मिलकर 11 राखत फूल हो गए...

रोनित- अब??????

डिफेंडर- अब आपकी बारी है अवंतिका....

अवंतिका- हाँ पर अब भी एक प्रॉब्लम hai...RAKHT फूल से कैवा और काल द्रव का काट तोह बन जाएगा पर पुरे गृह के लोगों को पिलाओगे कैसे...

रोनित- उसमे क्या प्रॉब्लम hai.....yahan के मैं लोगों को हम ठीक कर denge.fir वो सब इस दवाई को हर जगह पहुंचा देंगे...

अवंतिका- वही तोह मैंने प्रॉब्लम hai....is फूल से जो टॉनिक तैयार होगा उससे 12 घंटे के अंदर पीड़ित को पिलाना है.12 घंटे के बाद इससे बने टॉनिक का असर ख़त्म हो जाएगा.....

रोनित- यार ये तोह सबसे पड़ा पन्गा है...

अंजलि- तोह क्या V.J की इतनी बड़ी कुर्बानी बेकार jaayegi..ye बोलते वक़्त अंजलि क अगला रुंध सा गया था.....

डिफेंडर- nahi........unhone इसका हल पहले hi निकल लिया था.....

सब- मतलब.......

स्पर्जन सागकृमा....

कांटेक्ट ट्रांसफर.....

डिफेंडर- मतलब विक्रम ने इस गृह के ज़मीं को यहाँ के लोगों से जोड़ दिया hai....jo द्रव आप banayengi,usse हमे बस यहाँ की धरती से छुवना है....

वो सारा द्रव अपने आप धरती से होता हुआ यहाँ के हर बाशिंदे के शरीर में पहुँच जाएगा....

डिफेंडर की बात सुनकर अवंतिका फिर शॉकेड हो गयी....

अवंतिका- ऐसा भी होता है!!!!!

रोनित- ये जहाँ होता है वहां सबकुछ होता है पर अभी वो सब chhodo...jaldi से इस फूल का रास निकालों.....

अवंतिका ने 10 राखत फूल लिए और लग गयी उसका रास निकलने....

राखत फूल हमेशा गीले hi रहते hain..aur हर फूल से काफी ज़्यादा मात्रा में रास निकलता hai,isiliye अवंतिका के एक फ्लावर को घिसते hi तुरंत रास निकलना शुरू हो गया...

डिफेंडर ने एक ऐसा मंत्र बोलै जिससे फूल का सारा रास हवा में hi ठहर जा रहा था..

चलिए जब तक अवंतिका राखत फूल से रास निकल रही है तब तक हम..........

उसी वक़्त किसी दूसरे जहाँ में:-

हर तरफ बादल hi baadal.yahan तक की ज़मीं भी सफ़ेद बादलों की चादर ओढ़े हुए थी....

एक साया हवा में तैरता सा एक तरफ चला जा रहा था की तभी उसके कानो में एक मधुर संगीत की आवाज़ gunji...wo उसी दिशा में उड़ने लगा...

जैसे hi वो साया उस आवाज़ के पास पहुंचा तोह उसने देखा की हज़ारों एंगल्स अपने वाइट पोशाकों में अपने हाथ जोड़े उसी की तरफ देख रहे हैं...

वो साया जब उनके पास गया तब.......

आज हमारा इंतज़ार ख़त्म हुआ लार्ड ऑफ़ एंगेल्स......

जी हाँ doston,ye साया और कोई नहीं मई hi था....

मई- आप सब????

एंजेल1- हम सब वही एंगेल्स हैं जिससे आपके भाई ास्मोडियस ने सदियों पहले मार दिया था....

हमने मरते वक़्त ये कसम ली थी की जब तक हम उसके पापों के अंत करने वाले को नहीं देख lete,hum हेवन नहीं loutenge...aur आज हमारी तलाश ख़त्म हुई......

पर जाते जाते हम आपको कुछ देना चाहते हैं.....

मई- mujhe!!!!kya???

एंजेल2- आपकी ज़िन्दगी......

ये बोलकर सभी एंगेल्स ने अपने हाथ आगे कर diye...unke हाथों से वाइट ेनेर्गीएस निकली और मेरे उसी कलाई पर पड़ी जिससे मैंने काटा था....

और अगले hi पल मई तेज़ी से पीछे की तरफ उड़ने लगा और...............

अवंतिका- हो gaya..........ab क्या करना है???

मई बताऊँ?????

इससे पहले की डिफेंडर कुछ kehta.......meri आवाज़ सबके कानो में गुंजी.....

मेरा सर इस वक़्त अंजलि के गोद में था.......

मेरी आँखें खुली देख सबके सुख चुके आंसूं एक बार फिरसे बहने लगे...

अंजलि ने मेरा माथा चुम लिया..

मई झट से खड़ा हो गया और

चटाख

चटाख

चटाख

ये तीन थप्पड़ तीन हाथों से मेरे गालों पर अपने निशान बनाने की नाकाम कोशिश करने लगे.....

मई- saalon..sequence में मार रहे हो...

रोनित- बीटा एक शब्द भी और बोलै ना तोह अबकी बार मुक्का खायेगा......

अंजलि- और अब कोई आर्डर दे के dekh......batati हूँ तुझे...

मई- तुम्हे भी कुछ कहना है??

मैंने अवंतिका से कहा पर वो कुछ ना बोली और दूसरी तरफ मुँह करके सुबकने लगी......

मई- यार एक दो थप्पड़ और मार le,par प्ल्ज़ रो मत.......

पर अवंतिका न कुछ boli,na मेरी तरफ पलटी....

मानना तोह मई उससे चाहता tha,par अभी यहाँ का काम अधूरा था.....

मैंने अपने हाथ आगे किये और......

जैसे hi मेरा हाथ निचे aaya,wo पूरा राखत द्रव जो इस वक़्त हवा में hi रुका हुआ tha,wo एक झटके में ज़मीं की तरफ गिरा...

पर ज़मीं में टकराने के bajaaye,wo द्रव ज़मीं के अंदर चला गया......

और अगले hi पल.........

ज़मीन से होता हुआ वो राखत द्रव इस गृह के हर व्यक्ति के पैरों से होता हुआ उसके सारे शरीर में फैले गया....

और जैसे hi ये hua,ek काल धुंआ यहाँ के हर व्यक्ति के शरीर से खिंचाते हुए बाहर आने लगा.....

ये काला धुआं वो काली शक्ति थी जो यहाँ के बासिंदों के अंदर थी.....

महल के सभी लोगों को तोह मैंने बेहोश कर दिया tha,par इतना सब कुछ एक साथ होने की वजह से इस गृह के बाकी के सारे बाशिंदे खुद को संभल नहीं पाए और वो सब भी बेहोश हो गए......

पर तभी.......

aahhhhhhhhhhhhhh...................

ये आवाज़ हमारे आमने से आ रही thi.....baaki सब तोह समझ नहीं पाए बस मेरे चेहरे पर सामने का नज़ारा देखकर मुस्कान नाच गयी......

RONIT-abbe इससे क्या हुआ है.....???

मई- इससे कुछ नहीं हुआ hai,iske अंदर जो काल साया है naa,usse राखत द्रव की वजह से तकलीफ हो रही है....

सब- काला साया....!!!!

डिफेंडर- तोह क्या यही......!!!!!!!!

मई- haan.........LORD क्रूसेडर के अंदर hi छुपे बैठे है हमारे प्रिय वालेफ़ोर उर्फ़ बलबीर सिंह बग्गा......

मेरी बात सुनकर AVANTIKA,ANJALI और रोनित तीनो को झटका लगा....

रोनित- क्या बोल रहा है bhai????par वो तोह मर गया था ना.....

मई- हाँ भी और नहीं bhi.......iske बेटे ने इसके डेविल शरीर को जला दिया tha...par इसकी रूह आज़ाद थी...

इससे पूरी तरह मरने के लिए इसके मालिक के अंदर जाना पड़ता.( ास्मोडियस )....

पर ास्मोडियस ने इसकी रूह को दिग्विजय को दे दिया.....

पर दिग्विजय के मरते hi इसकी रूह फिरसे आज़ाद हो गयी जिससे इसके मार्किक ने यहाँ भेज diya...jahan इसने लार्ड क्रूसेडर के शरीर पर कब्ज़ा कर लिया....

रोनित- पर क्यों????

मई- इसके मालिक को पता था की इस गृह में आते hi मई इस गृह को बाँध दूंगा इसीलिए उसने पहले से hi इससे यहाँ भेज दिया ताकि जब ये लार्ड क्रूसेडर के शरीर पर कब्ज़ा करे तोह इसके आँखों के ज़रिये वो यहाँ जो कुछ भी हो रहा है उससे देख सके....

डिफेंडर- ADBHUDH.....toh अब???

मई- अब!! अब पिक्चर ख़त्म.....

और इसी के साथ मेरे हाथों से एक तेज़ सफ़ेद रौशनी निकली और वालेफ़ोर के साये पर पड़ी.....

और अगले hi पल उसकी चीख हर तरफ गूंजने लगी और कुछ hi पलों में एक काले साये का समूह अस्तित्व ख़त्म हो गया.....

मई- अवनि मई जानता हूँ की इस वक़्त तुम्हारे मन में बोहोत से सवाल hain,par यकीं maano,jab सहीं वक़्त aayega,tumhe सब कुछ अपने आप पता चल जाएगा.....

अवंतिका मेरे बातों का मतलब तोह नहीं समझ पायी पर फिर भी उसने अपनी पलकें हाँ में झुका दी........

मई- DEFENDER....mera यहाँ का काम ख़त्म hua.....ab ये गृह पुनः पाप मुक्त hai.....aur इससे पहले की तरह सशक्त बनाने की ज़िम्मेदारी आपकी.......

डिफेंडर कुछ बोलै नहीं और मेरे आगे झुक गया......

मैंने उससे उठाया और गले लगा लिया....

मई- अब हमे चलना चाहिए......

डिफेंडर- मई सभी को होश में ले आता hun....wo आपके एक बार दर्शन तोह कर लें..

मई- नहीं nahi....sadiyon बाद पाप मुक्त नींद में हैं ये sab...sone do.....mulakat फिर कभी हो जायेगी......

मई थोड़ा पीछे hata..mere शरीर से एक रौशनी निकली और मेरे दोस्तों पर पड़ी और अगले hi पल हम सब गायब हो चुके थे......

कुछ HI दिनों में हमारी मुलाकात होगी

निष्कलिका......

आज के लिए इतना HI....

आपका अपना V.J....
 
अब तक आपने पढ़ा की काफी तकलीफ झेलने के बाद आखिर में विक्रम अपने सफर के पहले पड़ाव को पार कर लेता है.

अब आगे:-

CHAPTER-2

( कर्स ऑफ़ थे स्वीट पाइजन )

अपडेट- 75

प्लेनेट- इस्ला

प्लेस- माउंटेन पॉइंट......

कितना सुन्दर नज़ारा है मेरी दीदी के गृह ka...har तरफ हरियाली और ऊँचे ऊँचे पहाड़.......

अरे waah..itna छोटा pahad..par सुन्दर hai...aaj यही जाय जाए......

सुबह का वक़्त hai.....BHUVIKA हर सुबह की तरह आज भी सैर पर निकली है........

हर दिन भुविका अलग अलग दिशा me,raston पर घूमने निकलती थी....

आज जिस रास्ते पर वो निकली thi,usse वहां से कुछ hi दूर एक छोटा सा पहाड़ दिखा जिसकी और वो निकल गयी.........

और कुछ hi दूर में वो पहाड़ की छोटी पर थी.

भुविका- waah...apratim...kitna सुन्दर नज़ारा hai............aisa लग रहा है जैसे प्रकृति ने हरी चादर ओढ़ ली है....

अरे ये यहाँ.....!!!!!!!

भुविका जो की एक दिशा में आगे बढ़ रही thi,uski नज़र अचानक उससे कुछ hi दूर पहाड़ के साइड में बने एक बड़े से पत्थर पर पड़ी जिसपर ध्यान की मुद्रा में मैडोक्स बैठा हुआ था.....

भुविका उसकी तरफ चल पड़ी......

वहीँ ध्यान की अवस्था में बैठे मैडोक्स के काल चक्र ने उससे बता दिया था की भुविका उसके पास आ रही है...

और ये जानकार मैडोक्स के चेहरे पर एक मुस्कान नाच गयी......

मैडोक्स- अब तोह मुझे लगता है की आप मेरा पीछा करती हैं.........

भुविका जो की मैडोक्स के आस पास फैले काल चक्र को गौर से देख रही thi,MADDOX की आवाज़ सुन हड़बड़ा गयी....

भुविका- क्या मतलब है aapka???hum आपका कोई पीछा विचा नहीं कर रहे हैं और नाही हमे ऐसा करने का कोई शौक hai........hum तोह...........

मैडोक्स- अरे रिलैक्स yaar....mai तोह बस मज़ाक कर रहा था.....

भुविका- acha...par एक बात bataiye,aap सच में ध्यान में बैठते हैं या ऐसे hi आँख बंद किये होते हैं....

मैडोक्स- hahaha...mai तोह ध्यान में hi बैठता hun...par आपको जो सहीं लगे वो समझ लीजिये.........

अब अगर आप की इजाज़त हो तोह क्या मई आपसे कुछ पूछ सकता हूँ???

भुविका- पूछिए?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


मैडोक्स- आप उस दिन बोल रही थी ना की अभी तक आपको अपना मनचाहा लड़का नहीं मिला...

तोह आपको कैसा लड़का पसंद है विवाह के लिए.....

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


??

भुविका- और ये आपको क्यों जानना है?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


इन्हे शौक है दुसरो की पसंद नापसंद जानने का........

ये आवाज़ मैडोक्स और भुविका के पीछे की तरफ से आयी thi.....awaaz सुनते hi दोनों पीछे घूम गए.....

जहाँ अपने पीछे खड़े शक्श को देखकर भुविका खुश हो गयी वहां मैडोक्स का मुँह बन गया......

भुविका- अरे वाह didi..aap आज सुबह सुबह यहाँ...!!!!!!

निष्कलिका- haan,aaj मैंने भी सोचा की अपनी गुड़िया की hi तरह थोड़ी सैर कर लूँ....

भुविका- बोहोत ाचा सोचा aapne.par सैर पर आना hi था तोह मुझे क्यों नहीं बताया aapne..mai थोड़ी देर रूक jaati,fir हम दोनों एक साथ आते.....

निष्कलिका- मई तुम्हारे कक्ष गयी थी पर तुम निकल चुकी thi..toh मई तुम्हारे पीछे पीछे आ गयी......

भुविका- चलिए fir,thoda आगे से घूम कर आते हैं......

निष्कलिका- आप chaliye,mai ज़रा मैडोक्स से कुछ बात कर के आती हूँ.....

भुविका- तोह उन्हें भी अपने साथ ले चलते हैं ना........

भुविका की बात सुन मैडोक्स खुश हो गया था पर इससे पहले की वो कुछ कहता निष्कलिका बोल उठी......

निष्कलिका- मैडोक्स को अभी कुछ काम से जाना होगा BHUVIKA.....wahi तोह मुझे उन्हें समझाना hai..tum आगे chalo,mai आती हूँ...

भुविका- ठीक hai,par जल्दी आना......

ये बोलकर भुविका आगे निकल गयी.....

वहीँ उन दोनों के सामने खड़ा मैडोक्स अंदर hi अंदर निष्कलिका से कुढ़ रहा था पर वो कर भी क्या सकता था.....

निष्कलिका- बोहोत ग़ुस्सा आ रहा होगा न तुम्हे मुझपर........

मैडोक्स निष्कलिका के सवाल पर हड़बड़ा गया......

मैडोक्स- नही ttoh.........mujhe भला क्यों ग़ुस्सा आने लगा तुमपे......

निष्कलिका- मेरे आने से मेरी बेहेन की पसंद जो ना जान पाए तुम...

मैडोक्स- नहीं वो तोह मई............

निष्कलिका- मैंने पहले hi कहा था मैडोक्स की मेरी बेहेन से दूर raho...mai तुम्हारी गुस्ताखियां सिर्फ डेविल लार्ड की वजह से झेल रही हूँ.....

वर्ण तुम निष्कलिका के केहर से बच नहीं सकते.........

मैडोक्स- अपना ये घमंड अपने पास रखो NISHKALIKA..mat भूलो की अगर तुम्हारे अंदर अलौकिक शक्तियां है तोह मेरे अंदर भी हैं......

एक बार तोह आज़मा चुकी ho,agar दिल नहीं भरा तोह दोबारा कोशिश कर लो.....

निष्कलिका- अपने ताकत को उच्चित वक़्त के लिए बचा कर रखो MADDOX.apne भाई के मौत के बदले के बारे में socho,meri बेहेन के बारे में नहीं.....

मैडोक्स- हो गया तुम्हारा.......

ये बोल कर मैडोक्स जाने लगा....

निष्कलिका- अब यहाँ हो तोह कुछ काम भी कर lo.yaa फिर सिर्फ एक बोझ की तरह पड़े रहोगे....

निष्कलिका की बात सुनकर मैडोक्स का दिमाग ख़राब हो गया.........

मैडोक्स- तूने मुझे समझा क्या hai???mai यहाँ डेविल लार्ड की वजह से आया हूँ....

वर्ण तेरी शक्ल देखने का मुझे कोई शौक नहीं..........

एक baar,bas एक बार और ताना मार के dekh..tere गुरूर और तेरे इस गृह को तबाह न कर दिया तोह मेरा भी नाम मैडोक्स नहीं..

ये साड़ी बातें मैडोक्स ने बोहोत ग़ुस्से में कही thi,uske काल चक्र उसके शरीर से निकल कर आस पास फैलने लगे..

उस माउंटेन के आस पास के सारे पेड़ पौदे उन काल चक्र के चपेट में आकर काले पड़ने लगे....

निष्कलिका को भी एहसास हो गया की उसने कुछ ज़्यादा hi बोल दिया hai...wo चाहती तोह मैडोक्स से लड़ सकती थी पर वो ऐसा करना नहीं चाहती थी...

एक तोह उससे डेविल लार्ड से ऐसा करने की इजाज़त नहीं मिली थी और दूसरा उससे पता था की उसकी और मैडोक्स की लड़ाई में सबसे ज़्यादा नुकसान उसके प्लेनेट को पहुंचेगा.....

निष्कलिका- इन पेड़ और पौधों को अपना क्रोध दिखाकर क्या फायदा MADDOX.....maine पहले भी कहा है की अपने सारे ग़ुस्से को बचा कर रखो अपने दुश्मन के लिए...

और अगर फिर भी तुम्हारा दिल नहीं मान रहा है तोह मई तुमसे युद्ध करने को तैयार hun,par सोच lo,isse तुम डेविल लार्ड की नज़रों में गुनेहगार कहलाओगे.....

डेविल लार्ड का नाम सुनते hi मैडोक्स का ग़ुस्सा शांत पड़ने लगा......

और जैसे जैसे उसका ग़ुस्सा शांत होने laga,uske काल चक्र वापस उसके शरीर के अंदर वापस चला गया.....

निष्कलिका- हर साल की तरह इस साल भी हमारे गृह में युद्ध प्रतियोगिता का आयोजन होने वाला hai.hum चाहते हैं की इस प्रतियोगिता की तयारी तुम देखो......

मैडोक्स- मई क्यों?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


निष्कलिका- ताकि इस प्रतियोगिता का स्टार और बढ़ाया जा सके........

मैडोक्स ने कुछ भी नहीं बोलै और गायब हो गया......

निष्कलिका- एक बार तुम्हारा काम हो jaaye,DEVIL लार्ड का आदेश पूरा हो jaaye,fir तुम्हे बताउंगी की निष्कलिका क्या चीज़ है.....

निष्कलिका ने ये बात अपने मन में बोली और उसकी बेहेन के पास जाने के लिए गायब हो गयी.....

प्लेनेट- मांसलिकेल

PLACE-ASMODEUS पैलेस

सदियों के बाद आपके चेहरे पर इस तरह की मुस्कान देख रहा हूँ फादर.....

ये बात बिल्जेबब ने अपने पिता ास्मोडियस को देखकर कहीं थी जिसके चेहरे पर इस वक़्त एक गहरी मुस्कान थी.....

ास्मोडियस- इस तरह की मुस्कान से तुम्हारा क्या मतलब है बिल्जेबब........

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?

बिल्जेबब- ऐसी मुस्कान जिसमे ना तोह कोई मकसद hai,naa कोई और baat.aisi मुस्कान जिसमे सिर्फ ख़ुशी झलकती है.....

ास्मोडियस- hmm.baat तोह तुम्हारी सच hai.aaj काफी वक़्त के बाद मई सच में खुश हूँ.....

बिल्जेबब- क्या मई इसका कारण जान सकता हूँ....

ास्मोडियस- जिस तरह का पराक्रम कल मेरे भाई ने dikhaya,wo वाकई काबिले तारीफ़ है....

ऐसे जोहर को देख कर खुश होना लाज़मी है....

बिल्जेबब को अपने पिता द्वारा विक्रम की तारीफ़ करना पसंद नहीं आया.....

बिल्जेबब- khush!!!!aapko ग़ुस्सा नहीं आ रहा की आपके भाई ने आपका तिलिस्म तोड़ दिया...

उसने वारियर्स वर्ल्ड के जड़ों से पाप को ख़त्म कर दिया...

वारियर्स वर्ल्ड इस ब्रम्हांड का सबसे शक्तिशाली गृह hai,usse आपकी काली ताकतों में हर पल अत्यधिक मात्रा में निखार आता था जो अब नहीं आ पायेगा...

और ये सब आपके भाई की वजह से हुआ है....

ास्मोडियस- सूर्य का काम होता है प्रकाश देना..

उसकी गर्मी किसीको अछि लगती है तोह किसी को बुरी पर किसी की महत्वाकांक्षा के अनुसार वो चमकना तोह नहीं छोड़ सकता ना.

ये उसका काम है जो उससे निरंतरता से करना hai..thik वैसे hi रात का काम है अँधेरा फैलाना....

वो अँधेरा जो सूर्य के इतने तेज के बावजूद ना सिर्फ अपना साम्राज्य स्थापित करता है बल्कि उसे लगातार बढ़ता भी जाता है.....

मेरा भाई सूर्य की तरह है और मई अँधेरे की tarah.uska अपना काम है और मेरा अपना.....

उससे अपना काम करने से मई रोक नहीं सकता और ना hi उसमे इतना सामर्थ्य है की वो मेरे काम को रोक sake.....samjhe.....

बिल्जेबब- कुछ kuch....par मई.......

ास्मोडियस- इजाज़त hai....par अपनी सीमा मत लांघना...

इससे पहले की बिल्जुजुब अपनी बात अपने फादर के सामने rakhta,ASMODEUS ने अपनी बात केहड़ी....

बिलजुबूब एक बार अपने पितः के आगे झुका और गायब हो गया......

प्लेनेट- एअर्थ.....

प्लेस- कॉलेज.....

हे guyz..........kya बात hai???aaj सब साथ hi पहुंचे.....

SHANAYA-hey V.J.......

ANJALI-hey V.J........

RONIT-haan yaar....aaj तोह सबकी टाइमिंग मैच कर गयी.....

मई जस्ट कॉलेज पहुंचा tha..mai जब पार्किंग में पहुंचा तोह अवंतिका और शनाया भी अपनी कार पार्क कर रहे थे...

मुझे देख कर वो मेरी तरफ आने लगे....

और मेरे बाइक स्टैंड करते hi मेरे बाज़ू में एक और बाइक रुकी जिसमे रोनित और अंजलि थे........

मेरी hi का जवाब सभी ने दिया था सिवाए अवंतिका के....

कल वारियर्स वर्ल्ड से लौटने के बाद से hi अवंतिका ने मुझसे बात नहीं की थी...

कल हमें वापस आते आते काफी लेट हो गया tha...RONIT & पार्टी के वारियर्स वर्ल्ड आते hi मैंने मेरी hi तरह उन तीनो के भी क्लोन्स बना दिए थे इसीलिए हमारे घरों में सब कुछ नार्मल hi था.......

अवंतिका मेरे कल के फैसले के बाद से hi मुझसे नाराज़ थी और उसकी नाराज़गी अब तक कायम थी.....

पर अभी मई उससे कुछ बोल नहीं सकता था क्यूंकि शनाया भी हमारे साथ थी.....

शनाया- han,toh फिर कहा chalen,class या कैंटीन....!!!!!

अंजलि- क्लास hi चलते hain.first लेक्चर स्टार्ट होने hi वाला है......

रोनित- चलो फिर.......

मई- आज कल तू अंजलि की कुछ ज़्यादा hi बात नहीं मानने लग गया है....

रोनित- abbe,isme बात मानने वाली क्या बात hai...class का टाइम हो गया hai,toh पहले क्लास hi जाएंगे ना.....

मई- कैसा b.f है tu..ANJALI को प्यास लग रही hai,aur तूने ध्यान भी नहीं दिया..

वो कैंटीन जाना चाहती थी बस तेरे लिए hi वो पहले क्लास जाना चाहती है क्यूंकि उससे पता है की तू इकोनॉमिक्स में थोड़ा वीक है........

मेरी बात सुनकर रोनित तुरंत अंजलि की तरफ पलटा....

अंजलि कुछ बोलने hi वाली थी पर रोनित उसके कुछ कहने से पहले hi शुरू हो गया...

रोनित- ANJU,tumhe प्यास लगी थी और तुमने मुझे बताया भी nahi....chalo जल्दी canteen,class बाद में होती रहेगी....

अंजलि- अरे मेरी बात........

रोनित- जो भी कहना है पानी पीने के बाद कहना.....

अंजलि- अरे मुझे कोई प्यास नहीं लगी है...

रोनित- kya!!!!lekin V.J तोह.......

इधर मई और शनाया और मई हसे जा रहे the.hasi तोह अवंतिका को भी आ रही थी पर उसने खुदको कण्ट्रोल किया हुआ था....

और जैसे hi रोनित ने मेरी तरफ dekha,usse सब समझ में आ गया...

मई- क्यों beta,ab क्लास के लिए लेट नहीं हो रही है तुझे......

रोनित- तेरी तोह मई...........

पर इससे पहले की रोनित मुझ तक pahunchta,mai क्लास की तरफ भाग गया....

और मेरे पीछे पीछे रोनित भी भागने लगा. गर्ल्स हमारे पीछे हस्ते हुए आने लगी..

अब तक अवंतिका ने जो अपनी हसी दबा कर राखी thi,mere जाते hi वो भी खुलकर हसने लगी.......

फर्स्ट 3 लेक्टर्स हमने विथाउट ब्रेक अटेंड किये......

और थर्ड लेक्चर के बाद हम पाँचों की मण्डली ने कैंटीन में डेरा डाला....

रोनित - yaar,aaj तोह सारे लेक्टर्स बोहोत बोरिंग थे....

मई- abbe,tujhe किस दिन लेक्टर्स अचे लगते हैं.......

रोनित- देखना बीटा ा+ आएगा मेरा.....

मई- हाँ,3,4 साल लगातार फर्स्ट ईयर में म्हणत kar,A+ ज़रूर आएगा.....

मेरी बात सुनकर सब है दिए सिवाय ..........

khair,issi तरह हम कुछ देर तक एक दूसरे की टांग खींचते rahe.is दौरान अवंतिका ने मुझसे एक बार भी बात नहीं की थी और न hi मेरे जोक्स पर उसने कोई रिएक्शन दिया tha...aur इस बात को अंजलि और रोनित ने भी नोट किया था...

शनाया- guyz,mai क्या कहती hun,bohot दिनों से बहार डिनर नहीं किया hai??toh आज रात किसी रेस्टुरेंट में चलें क्या?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?

अंजलि- गुड आईडिया babes....chalte hain...what से गुइज़....

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?

मई- ठीक है चलते hain,par रेस्टुरेंट में nahi,dhaabe पर......

शनाया- ढाबे par.....par वहां का खाना हिगिंस नहीं होता....

रोनित- अरे कुछ नहीं hota.......balki रेस्टुरेंट से 100 टाइम्स ज़्यादा मज़ा ढाबे में आता है.....

हम तीनो तोह ज़्यादातर ढाबे में hi खाना खाते हैं.....

शनाया- ok then.dhaabe पर hi चलते हैं.....

अवंतिका- guys,mai नहीं आउंगी.....

शनाया- क्यों???

अवंतिका- ऐसे hi,man नहीं है......

शनाया- तेरा मन नहीं hai...!!!par तुझे तोह ढाबे का खाना बोहोत पसंद है ना....

अवंतिका- है तोह बस आज मूड नहीं है...

रोनित- तोह कौन सा हमें अभी जाना hai..raat को जाना है तब तक तुम्हारा मूड भी बन जाएगा....

पर अवंतिका मन करती रही और मेरे बाकी के दोस्त उससे मानते रहे....

मई- गुइज़ guyz,ab उससे नहीं जाना है तोह उससे फाॅर्स मत karo.aur yaar,dhaabe पे तोह हमे रात को जाना hai,par फ़िलहाल तोह कुछ पेट पूजा यहीं पर हो जाए....

रोनित- हाँ yaar,bhook तोह लगी hai....bolo sab,kya क्या खाओगे???

मैंने रोनित और अंजलि को देखकर कुछ इशारा किया जिससे वो दोनों समझ गए....

अंजलि- तुझे कुछ आर्डर करने नहीं aata...chal मई भी चलती hun.SHANAYA,tu भी चल न...

अंजलि शनाया और रोनित तीनो निकल गए फ़ूड कोर्ट की तरफ.......

मई- क्या हुआ अवनि....

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


??

अवंतिका ने मेरी तरफ घूर कर देखा..

अवंतिका- तुम्हे नहीं पता?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


मई- मैंने जो भी किया उसके लिए मुझे बिलकुल भी अफ़सोस नहीं है AVNI.......kisi एक निर्दोष के लिए भी मई जान की बाज़ी लगा सकता हूँ फिर वहां तोह बात पुरे प्लेनेट के लोगों की थी...

तुम्हे तोह खुश होना चाहिए की मैंने अपने लिए नहीं बल्कि इतने सारे लोगों के लिए रिस्क लिया था....

खुद के लिए तोह जानवर भी जीते hain,agar हम भी अपने बारे में hi सोचें तोह हममे और जानवरो में क्या फर्क???

मैंने जो भी kaha,usse एक बार ठन्डे दिमाग से सोचना AVNI.aur अगर मेरी बात सही लगे तोह आज डिनर पर आने के लिए हाँ कह देना....

इसके बाद हमारे बीच कोई बात नहीं hui.kuch देर बाद हमारे दोस्त आ गए...

शनाया- वैसे कौन सा ढाबा जाएंगे....

रोनित- निर्मल ढाबा...... साउथ मुंबई का फेमस ढाबा hai....wahin जाएंगे...

हम तीनो 8 बजे आ जायेंगे तुम्हारे ghar..tum दोनों रेडी रहना......

शनाया- दोनों kahan,ye तोह जा hi नहीं rahi..babes,chal ना yaar..tere बिना मज़ा नहीं आएगा...

अवंतिका- ठीक hai,mai आउंगी....

ये अवंतिका ने मुझे देखकर कहा था..

और उसके हाँ कहने के बाद रोनित और अंजलि भी मुझे देखकर मुस्कुराये...

शनाया- ये हुई ना baat...toh फिर ठीक hai...hum 8 बजे तक रेडी हो जाएंगे....

इसके बाद कुछ ख़ास नहीं hua...hum सब ने 2 लेक्टर्स और अटेंड किये और फिर अपने अपने घर निकल गए....

ात नाईट:-

AVANTIKA/SHANAYA-hey गुइज़्ज़.........

हम- हे......

अंजलि- वाओ yaar,u बोथ अरे लुकिंग सो प्रीटी.....

शनाया- शामे 2 ु darling..u तू अरे लुकिंग गोरगेउस.....

डिनर में जाने के लिए मैंने डैड से उनकी सुव मांग ली थी और उसी में हम तीनो शार्प 8 बजे अवंतिका के घर के बाहर पहुँच गए थे.....

अवंतिका और शनाया गेट पर hi खड़े थे...

क्यूंकि हम ढाबे पर जा रहे the,isliye तीनो ने hi लॉन्ग ऑउटफिट पहने the....aur इन ड्रेसेस में तीनो लड़कियां केहर धा रही थी.....

अवंतिका और SHANAYA,dono अंजलि के साथ पीछे बैठ गए....

मैंने गाडी भगा दी और कुछ hi देर में हम ढाबे के सामने थे....

ये ढाबा थोड़ा बाहरी इलाके में tha.yahan पर हर किस्म के लोग आते थे....

और आज भी ढाबे के बाहर खटिये पर काफी सारे बन्दे बन्दियाँ बैठे हुए थे...

मैंने कार पार्क की और हम सब उतर कर ढाबे में पहुँच गए....

जितने भी बन्दे वहां बैठे the,sabki नज़र हमारी तीनो गर्ल्स पर ठहर गयी थी....

कोई तारीफ़ की नज़र से देख रहा tha,toh कोई हवस के.....

उन्ही हवस भरी नज़रों में से कुछ नज़र एक 4 लड़कों के ग्रुप का भी था जो हमसे कुछ hi दूर पर बैठे हुए थे और लगातार हमारी गर्ल्स को चेक आउट कर रहे थे....

शनाया- ये जगह तोह फुल hai.....hum कहाँ बैठेंगे...

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


अभी शनाया ने बोलै hi था की 2 लड़के 2 खटिया लिए हमारे सामने आये और खटिया लगा गए....

शनाया- अरे ये कैसे???

रोनित- अरे बोलै तोह था ना की हम यहाँ आते रहते हैं....

यहाँ का सारा स्टाफ हमें अचे से जानता है......

शनाया - तभी......

हम सब दोनों खटिया पर बैठ गए.....

वहीँ हमसे कुछ hi दूर में जो 4 लड़कों का ग्रुप बैठा tha,wo अभी भी हमारी तरफ hi देख रहा था....

हमारे बैठते hi उन लड़कों में बात चित शुरू हो गयी....

1सत लड़का- यार क्या टूटते हैं ना.....

2ंद- हाँ yaar..ek दम राबड़ी हैं राबड़ी.....

3ंद- साली आज की दारु ने भी अभी तक अपना असर नहीं दिखाया पर इन्हे देखते hi सुरूर सा चा गया है.....

4तह- मेरा तोह मन कर रहा है की अभी उठा लूँ दोनों को.....

1सत- तोह रोका किसने hai???chal उठा लेते हैं....

2ंद- अब्बे बकवास बंद kar.dekh नहीं रहा क्या उनके साथ दो हट्टे काटते बोडीगार्ड्स भी हैं....

3रद- हाँ यार पर कुछ करो yaaron.mujhse तोह सबर hi नहीं हो रहा....

4तह- एक काम करते हैं.....!!!!

फिर उसने बाकी तीनो को कुछ कहा जिससे सुनकर उन्होंने हाँ में अपनी मुंडी हिलायी....

इधर हमने खाने का आर्डर दे दिया था.....

शनाया- यार पहले हैंड वाश वैगेरह तोह कर लें.....

यहाँ पर वाश रूम्स किस तरफ हैं???....

अंजलि- उसकी ज़रुरत नहीं है..

ये बोलकर अंजलि ने अपने पर्स में से हैंड सांइटिज़ेर निकल कर शनाया की तरफ बढ़ा दिया.....

शनाया- ये तोह ठीक है पर फिर भी वाशरूम तोह जाना hi पड़ेगा..

ये कहकर शनाया ने अंजलि के कान में बाथरूम लगने की बात कही...

अंजलि- वो dekho,us तरफ गर्ल्स का hai.ANJALI ने एक तरफ पॉइंट कर दिया.....

अंजलि ने जिस तरफ पॉइंट किया tha,wo ढाबे के साइड से होते हुए थोड़ा पीछे की और था...

अवंतिका- चल मई भी चलती हूँ......

दोनों उठ कर वाश रूम की तरफ निकल गए...

और उनके पीछे पीछे hi वो चारों लड़के भी एक के बाद एक उठकर चल पड़े....

पर कुछ hi देर में...........

अह्ह्ह........

अह्हह्ह्ह्ह........

अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह..........

AHHHHHHHHHHHHH............

अभी शनाया और अवंतिका को वाशरूम की तरफ गए हुए कुछ hi टाइम हुआ होगा की हमारे कानो में ये दर्द भरी आवाज़ पड़ी...

ये आवाज़ लड़कों की थी जिससे सिर्फ हमने hi नहीं वहां बैठे सभी ने सुनी थी....

अभी कोई उस तरफ जाकर मामले का पता लगता की तभी वो चार लड़के जो शनाया और ावनतिका के पीछे गए the,wo फटी टूटी हालत में लंगड़ाते पर फिर भी थोड़ा तेज़ भागते हुए आये...

वो चारों रुके नहीं और साइड ढाबे के बहार की तरफ भागे और अपनी कार में बैठ भाग निकले.....

उन चारों के पीछे पीछे hi शनाया और अवंतिका भी निकले पर वो दोनों अकेले नहीं the..unke साथ में एक लड़का भी था....

अंजलि- क्या हुआ babes...tum दोनों से जस्ट पहले 4 लड़के निकले थे जिनकी हालत ठीक नहीं थी और ये कौन है???

अवंतिका- अरे वो लड़के जो अभी भागे hain,humare वाशरूम से निकलते hi उन्होंने हमे घेर लिया था....

वो हमारे साथ बत्तमीज़ी करने की कोशिश कर रहे थे......

हमे तोह समझ hi नहीं आ रहा था की हम क्या करें पर तभी ये वहां पहुँच गए और इन्होने hi उन्हें मार मार कर भगा दिया.....

रोनित- उन सालों की toh.....thanks bhai,aapne हमारी फ्रंज की हेल्प की...

अननोन- अरे नहीं bhai,ye तोह मेरा फ़र्ज़ था.......

रोनित- बी थे way,i'm RONIT....she इस अंजलि और ये है विक्रम.......

अननोन- हे guyzz...i'm अक्षय.....

अक्षय ने हम सबसे बारी बारी हाथ मिलाया...

मई- कमाल hai...naam भी अक्षय है और काम भी अक्षय कुमार वाले hi करते हो....

मेरी बात पर हम सब है दिए....

जब उसने हमें बताया की वो अकेला hi है तोह हमने उससे ज्वाइन करने के लिए कहा जिससे उसने मान लिया....

बातों hi बातों में उसने बताया की वो मनाली से है........

और जब हमारा खाना आया तब..........

अक्षय- guyzzz..humari पहली मुलाकात को और ख़ास बनाने के लिए मेरे पास कुछ है...!!!

वेट एक सेक्......

ये कहकर वो उठा और कहीं चला गया और जब लौटा तोह उसके हाथों में एक बोतल थी....

उसने वो बोतल हमारे सामने रख दी.....

रोनित- ये क्या है?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


अक्षय- ये हमारी तरफ मिलने वाला एक ख़ास किस्म का ड्रिंक hai....aur इससे ख़ास मौकों पर hi पिया जाता है......

अक्षय की बात सुनकर मेरे फ्रंज एक दूसरे की तरफ देखने लगे....

अक्षय- क्या hua??any प्रॉब्लम...!!!

अंजलि- actually,humme से कोई भी ड्रिंक नहीं करता.....

अक्षय- ड्रिंक matlab???oh,i see.....u मैं अल्कोहल?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


अरे yaar,ye कोई हार्ड ड्रिंक नहीं hai,soft ड्रिंक है...

हमारे यहाँ एक कलोत नाम का फ्रूट होता hai,ussise बना है.....

रोनित- ओह ऐसा hai,fir तोह ज़रूर पिएंगे....

मई- दिखाओ तोह ज़रा......

मैंने अक्षय के हाथों से वो बोतल hi और उससे देखने लगा...

बोतल देखने के बाद मैंने वो बोतल सामने रख दी....

हमने कुछ गिलास mangwaaye,jisme उस ड्रिंक को सर्वे किया गया...

रोनित- अरे waah,iska टास्ते तोह बड़ा सही है.....

रोनित की बात पर सबने हामी भरी........

कुछ hi देर में हम सबने मिलकर वो पूरी बोतल ख़त्म कर दी.......

उसके बाद हम सबने खाना khaaya.is दौरान कुछ ख़ास नहीं हुआ....

अक्षय- ok guyss,kaafi लेट हो गया hai..mai चलता हूँ ab..kabhi मनाली aao,toh मिलेंगे....

अपना खाना ख़त्म करने के बाद अक्षय ने ये बात कही....

वैसे खाना तोह सभी का ख़त्म हो गया था बस रोनित भाई साहब अभी भी खा रहे थे..

सबने अक्षय से हाथ मिलकर bye कहा...

मई- chalo,mai तुम्हे बहार तक छोड़ कर आता हूँ......

अक्षय- इसकी क्या ज़रुरत है...

मई- बिलकुल ज़रुरत hai......tumne हमारे फ्रंज की मदद ki,itni अछि ड्रिंक pilayi,itna तोह बनता hi है...

रोनित- yaar,thodi देर रूक जा na,mai khaalun,fir मई भी साथ चलता हूँ...

मई- रहने de..tu khaa,mai छोड़ कर आता हूँ.....

मई और अक्षय पार्किंग की तरफ चल दिए...

अक्षय- थैंक्स buddy...ab मई चलता हूँ...

ये कहकर अक्षय ने मेरी तरफ हाथ बढ़ा दिया जिससे मैंने थाम लिया....

पर जब उसने हाथ वापस खींचने की कोशिश की तोह नहीं कर पाया क्यूंकि मैंने उसका हाथ छोड़ा नहीं था.....

अक्षय- क्या हुआ yaar.haath तोह छोडो....

मई- पहले अपनी चीज़ तोह वापस लेते जाओ...

अक्षय- मेरी चीज़?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?

मई- hmm....aur ये बोलकर मैंने अपना दूसरा हाथ आगे कर दिया और उसके अगले hi पल मेरे हाथ में जो आया उससे देखकर अक्षय चौंक गया....

मई- क्या hua,lo.........

अक्षय ने मेरी तरफ हैरत से देखते हुए मेरे दूसरे हाथ में जो चीज़ thi,wo ले ली....

अक्षय- पर इससे तोह अभी कुछ देर पहले...!!!!!

मई- नहीं पिया था.....

इससे तोह मैंने हाथ में पकड़ते hi गायब कर दिया था.....

वापस आ जाओ...........

मेरी बात सुन अक्षय कुछ बोले या kare,isse पहले hi उसके कानो में ये आवाज़ गूंज गयी...

अक्षय आखों में हैरत लिए हुए hi गायब हो गया......

मई- ये क्या है BHAI,itni जड़ली वापस बुला लिया उससे..

खैर मई जानता हूँ की तू अब भी मुझे सुन रहा hoga,toh सुन और अपनी हैरत से बाहर आ....

हमने जो piya,wo सच में मनाली की एक ख़ास ड्रिंक thi,KAAL द्रव नहीं मेरे नटखट भतीजे बिल्जेबब.........

आज के लिए इतना HI....

आपका अपना V..J....
 
अब तक आपने पढ़ा की विक्रम अपने भतीजे बिल्जेबब को पहचान लेता है और उसकी चाल को भी नाकामियाब कर देता है...

अब आगे:-

CHAPTER-2

( कर्स ऑफ़ थे स्वीट पाइजन )

अपडेट- 76

प्लेनेट- इस्ला

प्लेस- किंग्स पैलेस

आपका स्वागत है लार्ड क्रूसेडर..........

ये कहकर किंग सोलोमन लार्ड क्रूसेडर के गले लग गए.......

लार्ड क्रूसेडर- इतने लम्बे अंतराल के बाद हमे भी आपसे मिलकर जिस ख़ुशी की अनुभूति हो रही hai,usse हम शब्दों में नहीं बता सकते किंग सोलोमन......

विक्रम के वारियर्स वर्ल्ड के सभी लोगों को ठीक करके जाने के कुछ hi समय बाद वहां के सारे लोगों की चेतना लौट आयी थी....

वारियर्स वर्ल्ड के लोगों की सिर्फ चेतना hi नहीं लौटी thi,balki उनके अंदर की डाब चुकी अच्छाई भी लौट आयी थी.....

कैवा के रास और काल द्रव के असर में उन लोगों ने क्या क्या गलती की thi,wo सब भी उन्हें याद आ गया था....

अपने सामने डिफेंडर को खड़ा देख लार्ड क्रूसेडर और उनके सभासद अपने घुटनो पर आगये....

उनके सर सिर्फ इज़्ज़त से नहीं बल्कि शर्म से भी झुके हुए the..sabko याद जो आ गया था की उन सब ने डिफेंडर के साथ किस तरह का व्यवहार किया था...

डिफेंडर ने उन्हें खुद को दोषी न मानने के लिए कहा....

डिफेंडर ने ना सिर्फ सबको ये बताया की सब की जान किसने बचायी है बल्कि साथ में राखत फूल के बारे में भी बताया..

राखत फूल ने ना सिर्फ उन सब को ठीक किया tha,balki उसने उनके पापों को भी धोकर उनका पहले की hi तरह स्वच्छ बना दिया tha,ye जानकार सब बहुत खुश हुए....

लार्ड क्रूसेडर ने डिफेंडर से उनके जीवनदाता ( विक्रम ) से मिलने की रिक्वेस्ट की जिसपे डिफेंडर ने उनसे कहा की जब सही वक़्त aayega,toh लार्ड ऑफ़ एंगेल्स खुद ु उनके सामने आएंगे......

इस्ला से वारियर्स वर्ल्ड का पुराण गठबंधन था जो की उनके अंदर आये बदलाव के आने से ख़त्म हो गया था...

लार्ड क्रूसेडर उसी संधि को फिर से स्थापित करने के लिए hi इस्ला आये हुए थे.....

लार्ड क्रूसेडर- क्वीन , प्रिंसेस ALESANDRA,aap भी हमारा अभिवादन स्वीकार करें....

क्वीन और अलेसेन्द्र जो अपने पितः के बाजू में hi खड़े the,dono ने अपना सर हल्का सा झुककर लार्ड क्रूसेडर का अभिवादन स्वीकार किया....

किंग सोलोमन- आईये अंदर चलते हैं....

किंग सोलोमन उनकी पत्नी beti,LORD क्रूसेडर और उनके साथ जो कुछ ख़ास लोग आये हुए the,wo सब पैलेस के सभा की तरफ चल पड़े.....

किंग सोलोमन ने लार्ड क्रूसेडर को और उनके साथ आये लोगों को सम्मान पूर्वक मेहमानो के स्थान में बैठाया...

किंग सोलोमन- हाँ तोह बताईये लार्ड CRUSEDAR,sandhi पहले जैसी hi होगी या उसमे कुछ फेर बदल करना चाहते हैं आप????

लार्ड क्रूसेडर- नहीं किंग SOLOMON.hum कोई भी फेर बदल नहीं करना चाहते पर haan,humara एक सुझाव है और उसके साथ hi हम आपसे कुछ निवेदन भी करना चाहते हैं...

किंग सोलोमन का लार्ड क्रूसेडर द्वारा यूँ निवेदन शब्द का इस्तेमाल करना ाचा नहीं लगा पर वो ये भी जानते थे की लार्ड क्रूसेडर इस तरह क्यों बात कर रहे हैं.

लार्ड क्रूसेडर अभी तक अपने आप को छोटा और गलत hi मान रहे थे.....

किंग सोलोमन- मित्रता में निवेदन शब्द के लिए कोई जगह नहीं होती लार्ड क्रूसेडर...

हम जानते हैं की आप आज भी अपने आप को गलत मान रहे हैं और यही एक महँ इंसान की निशानी होती है....

जो हुआ उससे भूलकर एक नयी शुरुआत कीजिये LORD.....aur अपना सुझाव और साथ में आपके दिल में जो भी बात hai,usse दिल खोल कर बताइये....

अलेसेन्द्र- ये राज नीतिक बातें बाद me...sabse पहले चलकर भोजन ग्रहण कीजिये....

अभी लार्ड क्रूसेडर कुछ कहते उससे पहले hi अलेसेन्द्र वहां आ गयी जिसकी बात सुनकर लार्ड क्रूसेडर मुस्कुरा दिए...

किंग सोलोमन- पर बेटी.....??????

लार्ड क्रूसेडर- माफ़ कीजियेगा किंग SOLOMON....par न हम हमारी बेटी की बात काट सकते हैं और नाही हम आपको ऐसा कुछ करने देंगे...

अगर अलेसेन्द्र ने कहा है की पहले भोजन hoga,toh अब हम आगे की बातें भोजन के बाद hi करेंगे....

लार्ड क्रूसेडर हमेशा से hi अलेसेन्द्र को अपनी बेटी hi मानते आये हैं....

इसीलिए उन्होंने किंग सोलोमन की बात का काटते हुए अपनी बात कही......

किंग सोलोमन- अब ये जताया ना आपने मित्रता वाला hak....chaliye,pehle भोजन hi कर लिया जाए.....

किंग सोलोमन और अलेसेन्द्र के साथ साथ लार्ड क्रूसेडर और उनके साथ आये लोग भोजन गृह में पहुँच गए..

भोजन गृह में सबके बैठने की जगह पहले hi सजा दी गयी थी....

सभी अपने अपने स्थान पर बैठ गए....

और जब भोजन परोसा गया तोह सबने आँख बंद कर पहले ईश्वर को याद किया पर लार्ड क्रूसेडर ने ईश्वर के साथ साथ विक्रम को भी याद कर भोजन ग्रहण करना शुरू किया.......

भोजन समाप्त कर लार्ड क्रूसेडर अपने लोगों और किंग सोलोमन के साथ वापस सभा में आकर बैठ गए....

किंग सोलोमन- हाँ तोह अब बताईये किंग CRUSEDAR,kya सुझाव है आपका.....???

लार्ड क्रूसेडर- हमारा सुझाव ये है की क्यों ना इस्ला और WARRIOR'S वर्ल्ड को एक गृह सेतु से बाँध दिया जाए.....

इससे दोनों गृह के लोग जब चाहें एक दूसरे के गृह में आ जा sakenge....isse व्यापार और अन्य लें दें में आसानी और विविधता आएगी.....

और साथ hi दोनों गृह के सैन्य बल की क्षमता भी कई गुना बढ़ जायेगी....

लार्ड क्रूसेडर की बात सुनकर किंग सोलोमन खुश हो गए पर अगले hi पल सोच में भी पद गए....

लार्ड क्रूसेडर- क्या हुआ किंग SOLOMON???kya आपको हमारा सुझाव पसंद नहीं आया????

किंग सोलोमन- हमे आपका सुझाव बोहोत पसंद आया है पर जो आप कह रहे hain,wo कोई छोटी मोती बात नहीं है.....

गृह सेतु बनाने के लिए जो शक्ति chahiye,wo न हमारे पास है और नाही hi हमारे किसी गृह वासी के पास है...

लार्ड क्रूसेडर- ऐसी शक्ति तोह हमारे पास भी नहीं है पर हम इसमें हमारे गृह के डिफेंडर की मदद ले सकते हैं....

किंग सोलोमन- अरे haan,ye हम कैसे भूल gaye.....DEFENDER तोह ये कर hi सकते हैं....

उसके बाद लार्ड क्रूसेडर ने अपने डिफेंडर का आवाहन किया और अगले hi पल सभा के बीच एक तेज़ बिजली के गड़गड़ाहट के बीच डिफेंडर प्रकट हुए...

लार्ड CRUSEDAR,KING सोलोमन और वहां मौजूद सभी डिफेंडर के सम्मान में झुक गए....

फिर लार्ड क्रूसेडर ने डिफेंडर के सामने अपनी बात राखी जिससे सुनकर डिफेंडर भी खुश हो गए पर अगले hi पल उनके चेहरे पर मायूसी चा गयी....

डिफेंडर- आप सब की सोच बोहोत अछि है किन्तु मई इसमें आपकी सहायता करने में असमर्थ हूँ.....

हमारा गृह अभी अभी पाप मुक्त हुआ है इसीलिए अभी हमारा गृह कमज़ोर है..

और आप सब को तोह ये पता hi होगा की किसी भी डिफेंडर की शक्तियां उसके गृह के ताकत के साथ hi जुडी होती है....

इसीलिए मेरे गृह के साथ साथ hi मेरी भी शक्ति अभी काफी सीमित है.....

गृह सेतु बनाने के लिए जितनी शक्ति chahiye,utni अभी मेरे अंदर नहीं है.....

डिफेंडर की बात सुनकर सभी मायूस हो गए........

की तभी..................

डिफेंडर जहाँ खड़े the,thik उसके ऊपर से एक तेज़ रौशनी की रे पैदा हुई और डिफेंडर के सीने के बीचो बीच आकर पड़ने लगी...

ये सब इतना अचानक हुआ था की किसीको कुछ भी करने का मौका hi नहीं मिला.....

जहाँ सभी हैरान परेशां से दिख रहे the,wahin डिफेंडर की आँखें बंद हो चुकी थी और वो हवा में सीधा लेता हुआ था.....

वो रौशनी कुछ देर तक डिफेंडर पर पड़ती रही फिर जैसे आयी thi,thik वैसे hi अचानक गायब हो गयी.....

रौशनी के गायब होते hi डिफेंडर क शरीर भी धीरे धीरे ज़मीं पर आ गया...

डिफेंडर ज़मीं पर तोह आ गया था पर अभी भी उसकी आँखें बंद थी और साथ hi उसकी साँसें भी पहली हुई थी....

धीरे धीरे डिफेंडर की साँसें भी कण्ट्रोल में आने लगीं और जैसे hi वो नार्मल hua,DEFENDER ने अपनी आँखें खोल दी....

अब डिफेंडर का पूरा शरीर ग्लो कर रहा था और उसके चेहरे पर असीमित ख़ुशी दिखाई दे रही थी.....

लार्ड क्रूसेडर- आप ठीक तोह हैं ना DEFENDER???aur ये सब क्या था???

जो रौशनी अभी अभी डिफेंडर के ऊपर पड़ी thi,uski चमक इतनी तेज़ थी की पूरा राजमहल उससे उज्वलित हो गया था...

इसीलिए अलेसेन्द्र और उसकी माता भी दौड़ती हुई सभा में आ गयी thi.unhone भी दीनदर के साथ जो भी हुआ tha,wo देखा था और इसके पीछे का रीज़न जानने के लिए एक्ससिटेड थे.....

डिफेंडर- मुझे मेरी साड़ी शक्तियां वापस मिल गयी......

ये बोलते वक़्त डिफेंडर के चेहरे की ख़ुशी और बढ़ गयी थी....

वहीँ डिफेंडर की बात सुनकर लार्ड क्रूसेडर और वहां मौजूद सभी लोग शॉकेड हो गए थे....

किसीको भी ये समझ नहीं आ रहा था की ये चमत्कार कैसे हुआ???

पर इससे पहले की लार्ड क्रूसदार या और कोई डिफेंडर से इसके बारे में कुछ puchta,DEFENDER के मुँह से उनके सवालों का jawaab,ya यूँ कहूं नाम निकल गया....

डिफेंडर अपने घुटनो के बल हाथ जोड़े बैठ गया.....

DEFENDER-hey लार्ड ऑफ़ ANGELS......tera लाख लाख धन्यवाद जो तूने मुझे पुनः शक्तिशाली बना दिया....

अपने लोगों की मदद ना कर पाने के कारण मई अपने आप को बोहोत लाचार और छोटा महसूस कर रहा था पर तेरे इस उपकार की वजह से अब मई फिरसे अपना दायित्व ठीक से निभा पाऊंगा......

मई- इस ब्रम्हांड में कोई भी चीज़ मुफ्त में नहीं मिलती है डिफेंडर....

हर चीज़ की कीमत होती है और तुमने अपने शक्ति को पाने की कीमत मेरे हिस्से के दर्द को खुद झेलकर पहले HI चूका दी है......

इसीलिए ऐसा सोचना बंद करो की मैंने तुमपे कोई EHSAAN,KOI उपकार किया है.....

मेरी ये आवाज़ डिफेंडर के दिमाग में गुंजी thi.meri बात सुनकर डिफेंडर की ख़ुशी दोगुनी हो गयी.....

मेरी आवाज़ के ख़त्म होते hi डिफेंडर खड़ा हो गया.....

लार्ड क्रूसेडर- DEFENDER,agar आपकी इजाज़त हो तोह क्या मई आपसे कुछ पूछ सकता हूँ???

डिफेंडर- पूछिए....

लार्ड क्रूसेडर- अभी आप लार्ड ऑफ़ एंगेल्स से hi बात कर रहे थे न???

DEFENDER-baat नहीं कर रहा tha,unki प्रभावशाली बातें सुन रहा था....

डिफेंडर की बात सुनकर लार्ड क्रूसेडर उदास हो गए...

डिफेंडर- क्या hua???aap इतने उदास क्यों हो गए???

लार्ड क्रूसेडर- मेरी भी तीव्र ीचा है की एक बार लार्ड ऑफ़ एंगेल्स के दर्शन कर sakun....unki आवाज़ सुन सकूँ....

किंग सोलोमन- ये ीचा तोह मेरी भी hai....najaane वो दिन कब आएगा जब हम उन्हें सामने से देख पाएंगे....???

डिफेंडर- बोहोत jald.......ab मई चलता hun..maana की मेरे पास अब एक गृह सेतु को बनाने जितनी शक्ति आ गयी hai,fir भी इसमें काफी वक़्त लगेगा.....

ये कहकर डिफेंडर गायब हो गया.....

डिफेंडर के गायब होने के बाद लार्ड क्रूसेडर और किंग सोलोमन वापस अपनी अपनी जगह पर बैठ गए...

किंग सोलोमन- chaliye,GRAH सेतु की परेशानी तोह दूर हुई..

लार्ड क्रूसेडर- haan,par मेरा एक निवेदन और है......

किंग सोलोमन- लार्ड CRUSEDAR,maine पहले hi कहा है की मित्रता में निवेदन नहीं hote..aap बेझिझक अपनी बात कहें.....

लार्ड क्रूसेडर- जैसा की आप जानते हैं की हम फिरसे अपनी सेना को तैयार कर आरहे हैं...

पर इसके लिए हमारे पास सिर्फ हेन्सबर्ग hi hain....hum आपसे आपके कुछ कुशल योद्धा चाहते हैं जो हमारे सैनकों को प्रशिक्षण दें.....

किंग सोलोमन- बात तोह आपकी ठीक है पर अभी हमारे गृह के सभी अचे योद्धा कहीं गए हुए हैं....

लार्ड क्रूसेडर- गए हुए hain,kahan???

किंग सोलोमन- एक युद्ध स्पर्धा में भाग लेने के liye....aur हम भी कल उस स्पर्धा को देखने के लिए जा रहे हैं....

अरे haan,aap एक काम kijiye,aap भी हमारे साथ chaliye.us स्पर्धा में बोहोत से ग्रहों के बोहोत से शूरवीर अपना युद्ध कौशल दिखने आते हैं....

आप उन योद्धाओं में से जो भी आपको उचित और सक्षम dikhe,usse अपने सैनिकों को निपुण बनाने के लिए रख लीजियेगा....

लार्ड क्रूसदार- अरे waah,ye तोह और भी ाचा हो gaya.isse हम ज़्यादा से ज़्यादा योद्धाओं को नियुक्त कर पाएंगे.....

वैसे ये युद्ध स्पर्धा किस गृह में आयोजित होने वाला है....

किंग सोलोमन- ग्लूटो................

प्लेनेट- एअर्थ.....

प्लेस- मैजिकल डायमेंशन.....

yaar,ab तोह हमने सारे लेवल्स पार कर लिए hain.....ab किस चीज़ का वेट कर रहे हैं hum.....chalte हैं ना.....

हैडिंग पढ़ कर आप सब समझ hi गए होंगे की इस वक़्त हम कहाँ हैं????

वारियर्स वर्ल्ड से वापस आने के बाद रोनित कुछ ज़्यादा hi एक्ससिटेड हो गया था.....

और जो वादा मैंने उससे किया tha,usse पूरा करने के लिए बार बार कह रहा था......

मई- अभी तुम दोनों ने लेवल्स पार किये hain,tests नहीं दिए????

एक बार तुम्हारे टेस्ट्स हो jaayen,unme तुम दोनों पास हो jaao,fir चलते हैं.....

रोनित- tests!!!yaar अभी 2 दिन पहले hi तोह क्लोन कॉम्बैट फाइट का टेस्ट दिया tha....ab और क्या टेस्ट देना बाकी है????!!!!!

मई- वो टेस्ट नहीं तुम्हारे ट्रेनिंग का अभी के लिए फाइनल लेवल था......

टेस्ट्स तोह तुम्हे अब देने हैं????

रोनित- ठीक है bhai,bata क्या टेस्ट देना पड़ेगा....!!!!

अंजलि- टेस्ट nahi,V.J ने टेस्ट्स कहा hai...matlab हमे एक से ज़्यादा टेस्ट देने हैं...

मई- बोहोत खूब अंजू........ तुम्हे कुल तीन टेस्ट्स देने the,jinme से एक हो चूका है जिसमे अंजू तू पास और रोनित तू फ़ैल हो चूका है.....

मेरी बात सुनकर दोनों शॉकेड हो गए...

रोनित- कौन सा test???aur मई फ़ैल कैसे हुआ????

MAI-SAMAJH....... यही था तुम दोनों का पहला test...har बात के अंदर एक बात होती है जिससे समझना बोहोत ज़रूरी होता है....

अंजू मेरी बातों को ध्यान से सुन रही थी इसीलिए उसने समझ लिया की टेस्ट एक nahi.ek से ज़्यादा होंगे..

जबकि तू अपनी hi तेल ताल रहा tha....RONIT,ladhai हमेशा तलवार और स्पेल्स से नहीं लड़ी jaati,dimag की लड़ाई सबसे बड़ी लड़ाई होती है...

हमे हमेशा अपने दिमाग और kaan,dono को खुला रखना चाहिए....

क्यूंकि एक ताकतवर दुश्मन से लड़ने से कई गुना मुश्किल है एक बुद्धिमान दुश्मन से लड़ना.....

इस बार रोनित मेरी बातों को ध्यान से सुन भी रहा था और समझ भी रहा था....

मई- khair,tum दोनों के दो टेस्ट होने हैं जो आज से hi शुरू होंगे....

अगर आज के टेस्ट में तुम सब ने ठीक किया तोह फिर अगला टेस्ट कल होगा....

उसमे भी तुमने ठीक परफॉर्म किया तोह मई अपना वादा पूरा कर दूंगा.....

रोनित- एक second,tune अभी कहा सब log...ye सब कौन हैं????

रोनित की बात सुनकर मेरे चेहरे पर एक गर्व से भरी स्माइल आ गयी....

क्यूंकि इस बार उसने मेरी बातों को ना सिर्फ सुना tha,balki समझा भी था.....

मई- बोहोत ache....ANJALI के साथ साथ तू भी फर्स्ट टेस्ट में पास हो गया....

और सब से मेरा मतलब है.......

इसके आगे मैंने कुछ कहा नहीं...

मेरे बाजू में hi एक वर्ल्ड दूर खुल गया और उससे जो लोग बहार निकले उन्हें देखकर रोनित और अंजलि खुश हो गए.....

ये तीनो और कोई नहीं बल्कि AKSHAANT,MOKALSAR और शैला थे....

हालांकि रोनित और अंजलि को सीखने के बाद तीनो hi उनके भी फ्रेंड्स बन गए थे पर फिर भी जैसे hi वो तीनो रोनित और शैला के सामने aaye,wo दोनों एक बार उन तीनो के आगे झुके फिर दोस्तों की तरह बारी बारी से सब गले मिले.....

वैसे कायदे से वो तीनो मेरे भी गुरु the,par मेरी पोजीशन अब ऐसी हो गयी थी की उन तीनो को मेरा उनके आगे झुकना बुरा लगता tha,isiliye मैंने भी तीनो को बारी बारी हुग किया.....

शैला- yaar,tum दोनों कितने लकी हो जो विक्रम तुम्हे ट्रेनिंग देता है....

मई- मेरी ट्रेनिंग तोह तुम्हे भी मिलती है....

अंजलि- एक second,tu इन्हे कब ट्रेनिंग देने चला गया.....????

रोनित- और हमे बताया तक नहीं????

MOKALSAR-arre विक्रम खुद हमे ट्रेनिंग देने नहीं gaya.jo भी ट्रेनिंग तुम यहाँ करते ho,wo हमे अपने गृह पर दिखाई देते हैं....

वही देख देख कर हम भी सीखते हैं...

तुम्हारी hi तरह हमने भी क्लोन कॉम्बैट फाइट की ट्रेनिंग ली है......

अंजलि- मतलब आज हम सब मिलकर टेस्ट denge...tab तोह मज़ा आ जायेगा....

मई- तुम सब टेस्ट तोह doge,par मिलकर नहीं बल्कि एक दूसरे के ॉपपोनेंट बांके....

सब- क्या!!!!

मेरी बात सुनकर पाँचों hi चौंक गए थे...

मई- haan.tum सभी ने एक सी ट्रेनिंग ली hai....ab मुझे ये देखना है की कौन कितनी अछि तरीके से अपने टेक्नीके में परफेक्ट हुआ है!!!

मई- और haa,tum में से कोई भी स्पेल्स का उसे नहीं करेगा...

शाश्त्र YUDH...........bas यही करना है तुम्हे आज.....

पाँचों कुछ देर तक एक दूसरे का चेहरा देखते rahe,ya यूँ कहूं अपने आप को इस टेस्ट के लिए रेडी करते rahe,fir एक दूसरे से कुछ दूर खड़े हो गए....

अब ये पाँचों एक राउंड एंगल बना कर खड़े थे....

क्यूंकि ये शाश्त्र फाइट thi,isiliye अपने अपने जगह पर पहुँचते hi सबके हाथ में एक एक तलवार आ गयी थी.....

सब कुछ देर तक एक दूसरे को देखते rahe,maano एक दूसरे की ताकत को नाप रहे हों,

और अगले hi पल.......

तेज़ taraar,aandhi की तरह एक शरीर अपने जगह से उछला या ये kahun,ucchli और अपने राइट वाले बन्दे की तरफ उड़ चली....

ये और कोई नहीं अंजलि थी जिसने इस युद्ध की शुरुआत एक अनोखे और नए डाव के साथ कर दी थी.....

और जिस पर अंजलि ने पहले हुम्ला किया था वो और कोई नहीं अक्षांत था...

पर अंजलि के शरीर को एक तीर की शक्ल ले कर अपने पास आते हुए देखते hi अक्षांत ने अपनी जगह से छलांग लगा दी......

और अगले hi पल वो अंजलि की पहली वाली जगह पर खड़ा था...

अपने वार को खाली जाता देखकर भी अंजलि रुकी नहीं और उसने हवा में hi अपनी तलवार को ज़मीं पर रखा या ये कहूं की ज़मीं पर अपने तलवार से प्रेशर बनाते हुए अपनी जगह से हल्का टर्न लेते हुए अपने दूसरे ॉपपोनेंट जो की उसका B.F hi tha,uski तरफ बढ़ चली......

पर अक्षांत की hi तरह रोनित भी चौंकाने tha...usne भी अक्षांत की hi तरह अपने जगह से छलांग लगायी और अगले hi पल वो अक्षांत की जगह पर खड़ा था...

पर रोनित ने जगह बदलते hi अक्षांत की तरफ छलांग लगायी और

तनननननननन....

अक्षन्त और रोनित की तलवार आपस में टकराये......

वहीँ अंजलि एक के बाद एक अपनी तलवार को ज़मीं में गाड़ते हुए अपनी जगह बदलते हुए पूरा राउंड घूम चुकी थी.....

मोकलसर ने भी अंजलि के पास आते hi जगह बदल दी थी पर अंजलि का शरीर जैसे hi शैला के पास pahuncha,toh शैला ने अपनी जगह नहीं बदली बल्कि उसने खुद भी एक तीर का आकार ले सामने छलांग लगा दी....

TANNNNNNNN.......NNNNNNNNNNN..............

ये दो आवाज़े एक के बाद एक हुई...........

हुआ ये की शैला और अंजलि के तलवार की नोक एक दूसरे के साथ टकराये और अगले hi पल दोनों तलवारे बीच से hi काट गए....

एक दूसरे के तलवारों को काटते हुए दोनों ने हवा में hi एक दूसरे के हाथों को थाम लिया और अपोजिट प्रेशर का उसे करते हुए दोनों ने अपने आप को पीछे पुल्ल किया.......

अगले hi पल दोनों एक दूसरे से कुछ दूर अपने पाऊँ में खड़े थे.....

वहीँ अक्षांत और रोनित के तलवारों के बीच से सायंत्र...... की आवाज़ के बीच से एक तलवार निकली....

दोनों ने अपने राइट की तरफ देखा जहाँ मोकलसर अपने कमर पर हाथ रखे खड़ा था.....

मोकलसर- मुझे भूल गए दोस्तों.....

और इसी के साथ मोकलसर ने एक छलांग लगायी....

हवा में hi उसके हाथों में दो तलवार आ गयी...

वहां अंजलि और शैला ने भी तलवार बाज़ी शुरू कर दी thi...dono के हाथ इतनी तेज़ी से चल रहे थे की देखने पर उनका जो वार एक बार दिख रहा था वो असल में उनका 10व वार होता था....

वहीँ दूसरी तरफ मोकलसर अक्षांत और रोनित के ऊपर अपने दोनों हाथों में पकड़ी तलवार चलने लगा.....

ये उसने कुछ देर hi किया था क्यूंकि कुछ hi देर में टीम बदल gayi...ab अक्षांत और मोकलसर साथ मिलकर रोनित के साथ युद्ध कर रहे थे और इसी तरह फिरसे टीम बदल गयी......

पुरे मैजिकल डायमेंशन में इस वक़्त बस ये पाँचों hi लड़ रहे थे पर इनकी स्पीड इतनी ज़्यादा थी की दूर से देखने पर ऐसा लग रहा था मानो हज़ारों लोगों की सेना लड़ रही हो......

इन पाँचों के बीच का युद्ध लगातार कई घंटों तक चलता रहा पर कोई भी नतीजा नहीं निकला.....

रूक जाओ.............

पुरे मैजिकल डायमेंशन में मेरी आवाज़ गूंज गयी और इसी के साथ मेरे पाँचों दोस्तों की तलवारें भी अपने आप गायब हो गयी......

अब तक हवा से तेज़ गति से लड़ने वाले मेरे दोस्त रुकते hi ज़ोर ज़ोर से हाफने लगे.....

वहीँ मई चलता हुआ उनके पास पहुंचा....

कुछ वक़्त लगा पर फिर सभी नार्मल हो गए...

रोनित- yaar,abhi तक हम में से कोई हारा नहीं है फिर रोका क्यों???

मई- मैंने ये कब कहा था की तुम्हे एक दूसरे से जीतना है!!!!

मैंने तोह बस तुम सब को एक दूसरे के साथ युद्ध लड़ने को कहा था जो तुम सबने लड़ लिया......

शैला- पर नतीजा!!!!!!!!

मई- नतीजे जीत या हार hi nikle,ye किसने कहा???

तुम सब अपने पुरे सामर्थ्य से लाडे और मुझे ये देखकर बोहोत ख़ुशी हुई की तुम सब की युद्ध क्षमता एक दूसरे के बराबर hi है...

अगर तुममे से कोई एक भी हार जाता तोह उसके साथ साथ तुम सब हार jaate....par क्यूंकि ऐसा नहीं हुआ इसीलिए तुम सब अपने पहले टेस्ट में पास हो गए हो.....

मेरी बात सुनकर सभी के चेहरे पर ख़ुशी की लेहेर दौड़ गयी...

रोनित अपनी आदत के अनुसार कुछ ज़्यादा hi एक्ससिटेड हो गया था......

मई- bhai,abhi से इतना एक्ससिटेड होने की ज़रुरत नहीं hai...abhi तुम सब का एक और टेस्ट बाकी है.....

RONIT-ek बात bata,agle टेस्ट में भी हम सब को तोह एक साथ नहीं लड़ना है ना.....

मई- नहीं.......

रोनित- तोह फिर आने दे bhai......jo भी hoga,nipat लेंगे उससे हम सब......

शैला- और नहीं तोह kya????waise अगले टेस्ट में भी फाइट hi करना है ना???

मई- हाँ......

शैला- मुझे लगा कोई दिमाग वाला काम hoga...fight hi करना है तोह फिर कोई टेंशन नहीं है.....

रोनित- और अगर हम वो फाइट जीत गए मतलब हम सब टेस्ट में पास ना...

मई- haan,bilkul......

अंजलि- एक मिनट RONIT....HUME किस्से लड़ना होगा V.J.....????

मई- मुझसे.........

आज के लिए इतना HI....

आपका अपना V..J.....
 
अब तक आपने पढ़ा की डिफेंडर को उसकी शक्ति वापस मिल जाती है वहीँ दूसरी तरफ विक्रम पाँचों के सामने 2 टेस्ट्स रखता है जिसमे से फस्र्ट टेस्ट में सब पास हो जाते हैं...

अब आगे:-

CHAPTER-2

( कर्स ऑफ़ थे स्वीट पाइजन )

अपडेट- 77

प्लेनेट- ग्लूटो......

प्लेस- NISHKALIKA'S पैलेस.....

क्या बात है gudiya???aaj तू बड़ी खुश दिख रही है......

भुविका- ख़ुशी की hi तोह बात है ना didi....mai नजाने कबसे आपके गृह के वार्षिक युद्ध स्पर्धा को देखना चाहती थी...

और आखिर वो समय आ hi गया जब मेरी ये ख्वाहिश पूरी होने वाली है.....

ये कहकर भुविका फिर से उछलने लगी....

सुबह का वक़्त hai....aaj ग्लूटो के वार्षिक युद्ध प्रतियोगिता की तैयारियों को शुरू हुए एक हफ्ता हो चूका था.....

वैसे तोह ग्लूटो में ज़्यादातर तैयारियां मैजिक से hi होती हैं पर क्यूंकि इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए बोहोत से ग्रहों के राजघरों से भी लोग आते hain,isiliye उनके स्वागत के लिए विशेष तैयारियां की जाती है....

GLUTOSTAV.........jis वक़्त निष्कलिका ने पहली बार इस प्रतिस्प्रधा में भाग लिया tha,tab इस स्पर्धा का यही नाम हुआ करता था....

पर जबसे निष्कलिका ने इस स्प्रद्धा को जीतकर ग्लूटो में शाशन करना शुरू किया hai,tabse इस स्प्रद्धा का नाम बदल कर निष्कलिका उत्सव रख दिया गया है...

इस प्रतियोगिता में जितने भी प्रतिस्पधी ाचा परफॉरमेंस देते hain,unhe निष्कलिका अछि कीमत देकर अपनी hi सेना में रख लेती है....

निष्कलिका का जन्म वारियर्स वर्ल्ड की तबाही के काफी बाद हुआ था....

और ये कहना गलत नहीं होगा की एक वक़्त पर जो रुतबा वारियर्स वर्ल्ड की सैन्य ताकत का tha,aaj की तारीख में वैसा hi रुतबा निष्कलिका की सैन्य बल का है....

जैसा की मैंने बताया की प्रतियोगिता के बाद हर ाचा योद्धा निष्कलिका के सैन्य बल का सदस्य बन जाता hai,isiliye अगर किसी गृह के राज घरों को उनमे से कोई योद्धा पसंद आ जाता है और वो उससे अपने साथ ले जाना चाहते हो तोह इसकी उन्हें निष्कलिका को एक बोहोत भारी कीमत देनी होती है....

तोह यही है निष्कलिका उत्सव की कहानी और sach.....aur जैसे hi भुविका को इस स्प्रद्धा के आयोजित होने की खबर mili,wo बोहोत एक्ससिटेड हो गयी......

निष्कलिका- एक बात तोह bata..tujhe तोह मार kaat,ladhayi,jhagda बिलकुल भी पसंद nahi....fir युद्ध स्प्रद्धा के लिए तू इतनी उतावली क्यों है???

भुविका- अरे तोह ये कौन सी असली लड़ाई hai....ye तोह बस एक स्प्रद्धा hai....aur स्प्रद्धा वाली युद्ध देखने में क्या बुराई...

निष्कलिका- hmm...toh फिर तू यहाँ क्या कर रही hai....maidan में अभी बोहोत से प्रतियोगी अपना नाम लिखने के लिए आये honge....jaa,jaakar वहां के माहौल का लुत्फ़ उठा.....

भुविका- अरे haan,ye तोह मई भूल hi गयी thi..thik है didi..mai मैदान जाती हूँ...

ये बोलकर भुविका वैसे hi उछालते कूदते हुए बहार निकल गयी....

महारानी निष्कलिका की जय हो.....

अभी निष्कलिका अपने कक्ष में जाने के लिए उठी hi थी की इतने में वहां द्वारपाल आ गया....

निष्कलिका- बोलो dwarpaal,kya समाचार लाये हो.....????

द्वारपाल- आपसे भेट करने के लिए वारियर्स वर्ल्ड और इस्ला के महाराज अपने परिवार के साथ आये हुए हैं....

निष्कलिका- सम्मान पूर्वक अंदर ले आओ....

द्वारपाल ने एक बार अपना सर झुकाया और वापस चला गया...

और थोड़ी hi देर बाद निष्कलिका के सभा भवन के अंदर लार्ड क्रूसेडर और इस्ला के महाराज किंग सोलोमन अपनी फॅमिली के साथ उपस्थित हुए.....

निष्कलिका- आपको और आपके पुरे परिवार को पुनः देखकर बोहोत ाचा लगा किंग SOLOMON.....asha करती हूँ की हर बार की तरह इस बार भी आप योद्धाओं पर बोली अवश्य लगाएंगे....

निष्कलिका उत्सव में होने वाले युद्ध स्प्रद्धा को देखने आने वाले बोहोत से लोग योद्धाओं पर पैसे लगते थे जिसमे से एक नाम किंग सोलोमन का भी था....

इससे ग्लूटो के आया में बोहोत वृद्धि होती थी....

किंग सोलोमन- वो तोह हम लगाएंगे hi महारानी निष्कलिका और साथ hi अपने साथ इस साल के स्प्रद्धा में ाचा प्रदर्शन करने वाले कुछ योद्धाओं को भी साथ ले जाएंगे.....

निष्कलिका- अवश्य.....

किंग सोलोमन- पर हमारा अभी आपसे मिलने आने का मुख्या कारण है आपको इनसे milana...ye हैं वारियर्स वर्ल्ड के किंग लार्ड क्रूसेडर.....

निष्कलिका- आपका स्वागत है लार्ड क्रूसेडर ग्लूटो में.....

निष्कलिका के अभिवादन का जवाब लार्ड क्रूसेडर ने हलकी सी अपने सर को जुम्बिश देकर की...

लार्ड क्रूसेडर को निष्कलिका के अंदर एक बोहोत hi स्ट्रांग नेगेटिव एनर्जी फील हो रही थी...

वो यहाँ रहना नहीं चाहते थे पर मजबूरी वश रुके हुए थे....

किंग सोलोमन- महारानी NISHKALIKA,LORD क्रूसेडर भी हमारी hi तरह यहाँ से कुछ योद्धा अपने गृह में लेजाना चाहते हैं....

निष्कलिका- ये तोह बोहोत अछि बात hai...hume भी इनकी मांग पूरी करने में बोहोत ख़ुशी होगी किन्तु........

निष्कलिका के किन्तु पे अटकने से किंग सोलोमन और लार्ड क्रूसेडर चौंक गए...

किंग सोलोमन- किन्तु!!!

निष्कलिका- किन्तु इस बार योद्धाओं का मूल्याङ्कन करना थोड़ा मुश्किल होगा...

किंग सोलोमन- हम समझे नहीं.....

निष्कलिका- इस बार हर योद्धा के चुनाव की शुरुआती बोली 1 लाख सिक्के होंगे........

SAB-KYA....!!!!!!!!

अलेसेन्द्र- पर इतने अधिक kyun????har साल तोह शुरुआती बोली 10 हज़ार सिक्के हुआ करते the...ek साथ 10 गुना तक मूल्य बढ़ा dena,ye तोह अनुचित है....

निष्कलिका- तोह फिर आप बोली में भाग मत लीजियेगा....

निष्कलिका ने एक लालची मुस्कान के साथ शार्ट में अपनी बात बोल दी.....

निष्कलिका के जवाब को सुनकर लार्ड क्रूसेडर और किंग सोलोमन को ग़ुस्सा तोह बोहोत आया पर वो जानते थे की इस वक़्त वो निष्कलिका के गृह पर हैं...

और उसके ऊपर ज़रुरत भी उन्ही की है इसीलिए दोनों शांत hi रहे.....

निष्कलिका- आप सब हमारे ख़ास मेहमानो में से हैं....

आज का दिन हमारे इस सुन्दर गृह और हमारी मेहमान नवाज़ी का लुत्फ़ उठाईये और कल से शुरू होने वाली स्प्रद्धा का आनंद लीजिये...

हमे अपने महोत्सव के तैयारियों के निरसख्शन हेतु जाना padega....baad में मुलाकात होगी.....

ये बोलकर निष्कलिका बिना किसी की तरफ देखे या अभिवादन किये बाहर निकल गयी...

किंग सोलोमन- 1 लाख सोने के sikke..wo भी शुरुआती boli!!!!!hume नहीं लगता की ये सौदा कहीं से भी उचित है....

लार्ड क्रूसेडर- पर हमारे पास और कोई उपाय भी तोह नहीं है.....

हमे अचे योद्धाओं की अत्ति आवशयकता है...

अलेसेन्द्र- उपाय कैसे नहीं hai....DEFENDER.....aur अब तोह उनके पास उनकी शक्तियां भी लौट आयीं hain.....hum उनसे मदद ले लेंगे....

लार्ड क्रूसेडर- नहीं putri..ye सब राजनितिक मसले hain..aisi परेशानियों के लिए हम डिफेंडर की मदद नहीं लेते...

और वैसे भी इस वक़्त वो गृह सेतु जैसे महत्वपूर्ण कार्य में उलझे हुए hain...aise में उनसे और कुछ माँगना अनुचित होगा...

अलेसेन्द्र- तोह क्या हम निष्कलिका की मांगों को मान लें.....

लार्ड CRUSEDAR-hum और कर भी क्या सकते हैं....????

किंग सोलोमन- आप कबसे इतने नकारात्मक हो गए लार्ड CRUSEDAR....aap भूल रहे हैं की आपने अपने दम पर वारियर्स वर्ल्ड को इस ब्रम्हांड का सबसे ताकतवर गृह बनाया था....

अगर आप एक बार ये काम कर सकते hain,toh दोबारा भी कर सकते हैं....

लार्ड क्रूसेडर- पर उसमे काफी वक़्त लग jaayega....aap तोह जानते हैं की ऐसी बोहोत सी ब्लैक ेनेर्गीएस वाले गृह hain,jo कभी भी वाइट ेनेर्गीएस वाले ग्रहों पर आक्रमण कर देते हैं...

अगर अभी या निकट भविष्य में उन ग्रहों में से किसी गृह ने हमपे आक्रमण कर diya,toh हम हार जाएंगे....

किंग सोलोमन- ऐसा कुछ नहीं hoga.....aur ऐसा कुछ हुआ तोह उसके लिए हमारे पास डिफेंडर तोह हैं hi ना....

chalo,yahan से चलते hain....ab हम यहाँ से कोई भी योद्धा नहीं ले जायेंगे...

लार्ड क्रूसेडर को किंग सोलोमन की बात ठीक लगी और उन्होंने भी वापस जाने का निर्णय लिया...

अभी सभी ने अपने कदम आगे बढ़ाये hi थे की.......

कहीं जाने की ज़रुरत नहीं HAI...WAHIN RAHO....JO भी तुम्हे CHAHIYE,WO मिल जाएगा......

ये आवाज़ अलेसेन्द्र के कानो में गुंजी थी जिससे सुनकर एक पल के लिए तोह अलेसेन्द्र चौंक गयी पर जैसे hi उससे इस आवाज़ के मालिक के बारे में याद आया उसका चेहरा खिल उठा.....

अलेसेन्द्र मन में- विक्रमममम.......

ालेसनेद्र- हमे कहीं जाने की ज़रुरत नहीं है....

अलेसेन्द्र सबसे पीछे चल रही thi..ALESENDRA की आवाज़ और बात सुन सब चौंक गए और एक साथ पीछे पटलते....

किंग सोलोमन- क्या हुआ putri....???aur जाने की ज़रुरत क्यों नहीं है????

अलेसेन्द्र- वो आपको कल पता चल jaayega....filhal के लिए इतना बता देती हूँ की कल आप सब की 2 ख्वाहिशें पूरी हो जाएंगी...

अलेसेन्द्र की बात का मतलब किसीको भी समझ नहीं आया....

लार्ड क्रूसेडर- कौन सी दो ख्वाहिशें पुत्री???

अलेसेन्द्र- वो आपको कल पता चल jaayega...abhi के लिए मुझपे विश्वास कीजिये और जैसा उस निष्कलिका ने kaha,yahan की सुख सुविधाओं का आनंद उठाईये...

सबने अलेसेन्द्र से कुछ और देर तक उसकी बातों का मतलब पूछा पर उसने कल का बोल कर सबको ताल दिया...

आखिर में अलेसेन्द्र की बात मानते हुए सबने रूकने का फैसला कर लिया और अपने मेहमानखाना की तरफ निकल पड़े...

PLANET-EARTH

प्लेस- मैजिकल डायमेंशन

तोह तुम सब तैयार हो.......?????

मेरी इस बात पर सब जवाब देना छोड़ एक दूसरे की तरफ देखने लगे.....

जहाँ ये सब एक साथ मिलकर भी मुझसे युद्ध करने में घबरा रहे थे वहीँ अवंतिका ये सोच कर घबरा रही थी की मई अकेला इतने सारे लोगों से कैसे लडूंगा....

जी हाँ doston,AAJ मेरे दोस्तों के फाइनल टेस्ट को देखने के लिए अवंतिका मैडम भी आयी हुई है....

जैसा की आप सब को मालुम है की आज मेरे दोस्तों का फाइनल टेस्ट hai....aur वो टेस्ट है मेरे साथ युद्ध.....

अवंतिका को कल कॉलेज में जब अंजलि और रोनोट ने कल के ट्रेनिंग के बारे में बताया तोह वो हमसे काफी नाराज़ हुई..

इसकी ये वजह थी की मैंने उससे कल रेस्ट करने के लिए कहा था...

अंजलि और रोनित तो अब नार्मल नहीं रहे पर अवंतिका की बॉडी तोह नार्मल hi थी...

वारियर्स वर्ल्ड के एडवेंचर और झटको से उभरने के लिए अवंतिका को टाइम चाहिए था इसीलिए मैंने उससे कल आने से रोका था..

पर उसने आज आने की ज़िद की जिसके लिए मैं मान गया..

यहाँ आकर उसने जब शैला मोकलसर और अक्षांत को देखा और ये जाना की वो भी दूसरे गृह से हैं तोह उससे फिर झटका लगा..

और जब उससे ये पता चला की आज टेस्ट में मई अकेला उन पाँचों से लडूंगा तोह वो घबरा गयी क्यूंकि उसने अंजलि और रोनित को लड़ते हुए देखा था और रोनित ने उससे ये भी बता दिया था की बाकी के तीन भी उन्ही के जितने hi पावरफुल हैं....

मई- guyzz,mai जानता हूँ की तुम सब क्या सोच रहे ho...par तुम सबको टेंशन लेने की कोई ज़रुरत नहीं है क्यूंकि मई वैसे hi लडूंगा जैसा अपनी ट्रेनिंग के वक़्त लड़ता था...

जहाँ अवंतिका को मेरी बात का मतलब समझ नहीं आ रहा था और वो पूछ भी नहीं सकती थी क्यूंकि मैंने उससे कहा था की जब वक़्त आएगा तोह उससे सबकुछ अपने आप hi पता चल जाएगा....

वहीँ मेरी बात को सुनकर मेरे फ्रंज खुश हो गए....

रोनित- तोह ऐसा बोल ना bhai...chal ठीक hai,apni ज़िन्दगी में पहली बार हारने के लिए तैयार होजा....

मई रोनित की बात सुनकर मुस्कुरा दिया....

मई- तुम सबको मुझे हराना नहीं hai...bas मुझपे सफलतापूर्वक 1 वार करना है....

मेरी बात सुनकर सब फिर शॉकेड हो गए...

अंजलि- अरे ु सूरे.....

मई- दमन सूरे babes...chalo fir,shuru करते हैं.....

पाँचों ने मुझे एक राउंड शेप लेकर घेर लिया.....

अभी तक मेरे हाथों में कोई भी हथियार नहीं आया था जबकि उन सब के हाथों में तलवार थी.....

और अगले hi पल..........

साईंननं......

साईंनननन........

मुझपर दो हमले एक साथ hue.....aur ये दोनों हमले शैला और अंजलि ने किये थे.....

पहले हमले में उन्होंने अपने अपने तलवार मेरी तरफ फेके........

दोनों की hi तलवारे एक जैसी स्पीड के साथ मेरी तरफ बढ़ी और उसके अगले hi पल उन्होंने अपना दूसरा हुम्ला मुझपे किया....

इस हमले में उन्होंने खुद को hi हथियार बना लिया था...

अपनी तलवार के hi शेप में दोनों अपनी जगह से मेरी तरफ कूड़े.....

जैसे hi दोनों तलवार मेरे पास pahunche,maine अपने सर को हल्का सा पीछे कर लिया और........

तनननननननन............

मेरे जस्ट आँखों के सामने मुझसे 3 इंच दूर दोनों hi तलवारो की नोक आपस में टकराये.....

दोनों तलवारों के नोक से टकराते hi मैंने अपनी एक ऊँगली को सामने झटका सा दिया..

मेरी ऊँगली दोनों तलवारों के नोक से टकराई और ऐसा होते hi तलवार घूम गए और मेरे दोनों हाथों में दोनों तलवार की मूठ आ गयी.....

और अगले hi पल.........

एक साथ दो चीज़े हुईं......

मेरा शरीर अपनी hi जगह पर हवा में उछाल गया.... मैंने अपने दोनों पैरों को फुल स्ट्रेच कर दिया....

अंजलि और शैला जो अपने एक एक हाथ को मुट्ठी की शक्ल देकर उड़ते हुए मेरे तरफ आ रहे the,dono की मुट्ठी मेरे स्ट्रेच हो चुके पैरों के पीछे के हिस्से से टकराये....

और ठीक उसी वक़्त मैंने अपने दोनों हाथों में पकड़ी तलवार को सामने और पीछे तेज़ी से घुमाया जिससे हवा में इतनी ज़्यादा एनर्जी पैदा हुई की सामने और पीछे से उड़ते हुए आ रहे मोकलसर और अक्षांत के शरीर उसी एनर्जी के प्रभाव में आकर वहीँ गिर गए....

पर अभी हमले होने ख़त्म नहीं हुए थे...

मेरा भाई रोनित अभी बाकी था जो फ्रंट फ़्लिप्स मारता हुआ तेज़ी से मेरी तरफ आ रहा था...

और जैसे hi मेरे तलवारों के द्वारा पैदा हुई शक्ति से मोकलसर और अक्षांत, और मेरे पैरों से टकराकर अंजलि और शैला gire,tab तक रोनित मेरे पास पहुँच चूका था.....

पर जैसे hi उसके पेअर मेरे सर के पास pahunche,mai हल्का साइड हैट गया और वापस घूमने से पहले hi मैंने उसके पेअर को अपने पैरों के बीच जकड लिया....

वहीँ गिरने के बाद बाकी चारों तुरंत अपनी जगह पर खड़े हो गए थे और मेरी तरफ बढ़ रहे थे..

मैंने अपने दोनों हाथ ज़मीं पर टिकाये और मैंने रोनित को उसके पैरों के ज़रिये जिससे मैंने जकड रखा tha,tezi से गोल घूमना शुरू किया...

और कुछ स्पिंस के बाद मैंने रोनित को अक्षांत और मोकलसर की तरफ उछाल दिया और अगले hi पल मई अपने दोनों हाथ को जो की ज़मीं को पकडे से हुए the,unhe झटका दिया जिससे अगले hi पल मई अंजलि और शैला के सामने खड़ा था....

ये सब सेकंड के 10वे हिस्से में हुआ था जिसकी वजह से अंजलि और शैला को कुछ समझ नहीं आया...

और जब तक दोनों sambhalte,maine दोनों के बाज़ू को पकड़ पीछे धक्का दिया....

मेरे पीछे मोकलसर अक्षांत और रोनित जो एक दूसरे से उलझ कर गिर गए the,wo अब तक खड़े भी हो गए थे और मेरी तरफ बढ़ भी आगये थे....

क्यूंकि मेरी पीठ उनकी तरफ thi,isiliye वो तीनो थोड़े केयरलेस थे....

मैंने दोनों लड़कियों के बाज़ुओं को पकड़ कर जैसे hi धक्का diya,dono के शरीर तेज़ गति से पीछे की तरफ गए...

वहीँ तीनो लड़के अपनी तरफ यूँ अचानक लड़कियों को आते देख हड़बड़ा गए...

शैला अक्षांत के ऊपर गिरी वहीँ अंजलि रोनित के ऊपर...

पर इनसब के साथ साथ मोकलसर भी हड़बड़ा गया था और उसके सँभालने के पहले hi मई उसके सामने था...

उसने मेरे चेहरे को निशाना बनाकर अपना हाथ घुमाया पर मैंने उसका हाथ बीच में hi पकड़ लिया और साथ hi उसके बिस्केप के नीचे वाले हिस्से पर एक पंच किया....

इससे उसका हाथ पूरा सुन्न पढ़ gaya..usne अपना दूसरा हाथ घुमाया पर मैंने उससे भी एक पंच मारकर सुन्न कर दिया...

वहीँ दूसरी तरफ बाकी चार भी अब तक उठ चुके थे और सभी एक साथ मेरे तरफ लपके...

पर मेरा शरीर उनसे 10 गुना तेज़ी से चारों की तरफ घुमा और मैंने उन सब के वो पार्ट्स जिनमे से नस हलकी बाहर निकलकर दिखती hai,usse दबाता चला गया...

इससे उन सब की पूरी बॉडी में एक झुनझुनी सी पैदा हो गयी और वो सब गिर गए..

मुझे पता था की उन सब को रिकवर होने में थोड़ा वक़्त lagega...maine पीछे पलट कर देखा तोह मुझे हसी आ गयी...

अवंतिका मुझे फटी आँखों से देख रही thi.maine उससे इशारे से क्या हुआ पूछा??

अवंतिका- आखिर कौन हो तुम ??????

मई उसके सवाल पर बस है दिया....

मई- कॉमन guys...jaldi utho..real फाइट में इतना टाइम नहीं मिलता....

पर मेरी बातों का किसिपे भी कोई असर नहीं hua,wo सब अपने शरीर की झुनझुनी को काम करने में लगे हुए थे...

मई- ठीक है fir...bhul जाओ की मई तुम सब को अब कहीं लेकर जाने वाला hun...aur SHAILA,tum भी अपना बदला भूल जाओ.....

यहाँ मेरी बात ख़त्म hui,wahan दो लोग उठ गए...

एक था रोनित और दूसरी थी शैला........

और उन दोनों के पीछे पीछे hi बाकी सब भी खड़े हो गए....

और इस बार उन लोगों ने जो मुझपे हुम्ला kiya,wo पहले से 10 गुना ज़्यादा तेज़ और शक्ति से किया था...

वैसे तोह मई उन सब के हर वार को आसानी से रोक रहा tha,par उसका कारण ये था की भले hi मई उन सब से नोर्मल्ली लड़ रहा था पर मेरी शक्तियों की वजह से मेरी speed,movement और स्किल उन सब से सैकड़ों गुना आगे थी....

उनसब के वार करने के तरीके को देखकर मई अंदर hi अंदर बोहोत खुश हो रहा था क्यूंकि उनकी स्पीड और ताकत का शायद hi कोई योद्धा सामना कर सकता था.....

पर इन पाँचों में भी रोनित और शैला की स्पीड और सबसे ऊपर उनका जज़्बा काबिले तारीफ़ थी....

उन दोनों के हर वार लगातार और घातक होते जा रहे थे...

हमे लड़ते हुए काफी देर हो गया tha...un पाँचों के चेहरे पर थकन के भाव दिखने लगे थे पर रोनित और शैला hi ऐसे the,jinke वार की स्पीड और उसमे इस्तेमाल होने वाली शक्ति में ज़रा सी भी गिरावट नहीं आयी थी......

और जब मुझे लगा की अब हमे रुकना chahiye,toh मैंने अपनी रफ़्तार को 100 गुना तक बढ़ाते हुए एक hi झटके में उन चारों के कलाई को पकड़ कर झटक दिया...

पाँचों पीछे की तरफ गिर गए...

मई- बोहोत अचे doston...tum सब वाकई बोहोत अच्छे योद्धा बन चुके हो...

पर मेरी बात को सुनकर भी पाँचों के चेहरे उतरे हुए hi the...aur वो इसीलिए क्यूंकि उन्हें लग रहा था की वो अपनी चुनौती पर खरे नहीं उतर पाए थे...

मई- doston,tum सब अपने टेस्ट में पास हो गए....

मेरी बात सुनकर पाँचों एक झटके में खड़े हो गए....

सब- क्या!!!!!!

शैला- पर kaise??humne तोह एक भी वार ठीक से नहीं किया???

मई- किसने kaha??maine कहा था की तुम सब को मुझपर सफलतापूर्वक एक हुम्ला करना hai,maine तुम सब को मुझे घायल करने के लिए नहीं कहा था...

तुम सब की स्पीड इतनी ज़्यादा है की शायद hi कोई योद्धा तुम्हारे वारों को रोक पाए....

और मुहे यही देखना tha..tum सबकी गति.....

ख़ास करके रोनित और शैला तुम दोनों की गति बोहोत ज़्यादा निखरी है.....

मेरी बात सुनकर उन सब के मुरझाये चेहरे फिरसे खिल गए.....

शैला- तोह अब??????

शैला के सवाल पर सब मेरी तरफ उत्सुक नज़रों से देखने लगे.....

MAI-ab वक़्त आ गया है अपने पुराने दोस्तों से मिलने का....!!!

रोनित- dost!!!!kaun????

मई- मैडोक्स और निष्कलिका

आज के लिए इतना HI.....

आपका अपना V...J.....

 
Back
Top