अब तक आपने पढ़ा की एक तरफ VIKRAM,AVANTIKA और दूसरी तरफ रोनित & फ्रेंड्स अपने पहली चुनौती को पार करने में कामियाब हो जाते हैं
अब आगे:-
फाइनल CHAPTER
(एंगेल्स सैक्रिफाइस & डेविल्स डेमोलिशन)
मेगा अपडेट-106
PART-3
PLANET-MIRRORS वर्ल्ड
एडवेंचर कॉन्टिनोस
अब्बे ये तोह वही मिरर है ना जिससे होकर हम इस दुनिया के अंदर आये थे......
HAAN,YE वही HAI....DEKHO मिरर के निचे बुद्धि मथन लिखा है.....
पर ये यहाँ क्या कर रही है.....????
रोनित ने एक सवाल से अपनी बात शुरू की थी जिससे शैला ने एक नए सवाल के साथ आगे बढ़ा दिया....
तोह दोस्तों हुआ यूँ की जैसे hi रोनित और बाकी तीनो ने अपने अपने नाम की आकृतियों को चुने के लिए हाथ आगे kiya,un रौशनी नुमा आकृतियों ने मेरे दोस्तों को अपने अंदर खींच लिया और उन्हें उस जगह पर ला खड़ा किया जिस जगह पर मेरे दोस्त इस वक़्त खड़े थे....
इस वक़्त जहाँ मेरे दोस्त खड़े थे वो जगह हरी भरी घास के लेयर से बानी एक बोहोत बड़ी फील्ड थी....
और उस मैदान के जिस पॉइंट पर मेरे दोस्त खड़े the,unse थोड़ी hi आगे एक बड़ा सा मिरर हवा में लटका हुआ था...
ये वही मिरर था जिससे होकर मेरे दोस्त इस दुनिया के अंदर पहुंचे थे.....
उस मिरर को देख अपना अपना आशय बता सब अपनी अपनी सोच में गम थे...
वहीँ मेरे दोस्तों के गायब होते hi धनुर के आगे एक बार फिरसे एक बड़ा सा पर्दा बन गया जिससे वो मेरे दोस्तों को और उनके आगे टंगे मिरर को देख पा रहे थे..
पर इस बार धनुर को कुछ फर्क लग रहा tha..aur वो ये की पिछली बार उस परदे पर वो मेरे दोस्तों की आवाज़ बस सुन पा रहे the,par इस बार उन्हें मेरे दोस्तों की आवाज़ उनके कानो में गूंजती हुई सी महसूस हो रही थी..
उन्हें ऐसा लग रहा था मानो मेरे दोस्त उनके पास hi खड़े होकर बात कर रहे हों..
और इस बात के दिमाग में क्लिक करते hi धनुर को एक ख्याल aaya..apne ख्याल की सचाई परखने के लिए.....
DHANUR-kya आप सब मुझे सुन सकते हैं???
ये आवाज़ जो धनुर ने मैजिकल डायमेंशन में खड़े होकर कही thi,wo मैदान में खड़े मेरे दोस्तों के कानो में गूंज उठी.....
जिससे सुनकर मेरे दोस्त शॉकेड होकर इधर उधर देखने लगे...
जहाँ मेरे दोस्त शॉकेड थे वहीँ धनुर असली माजरा समझ गए थे......
वो समझ गए थे की चुनौती के इस पड़ाव पर उन्हें अपने दोस्तों का सूत्रधार बनाना है और इसीलिए इस जगह ने उनकी आवाज़ मेरे दोस्तों तक पहुंचाई है...
और इसका रीज़न ये था की अगली चुनौती को शुरू करने के लिए जो की उन्हें उनसे कुछ दूर कड़ी मिरर से मिलने वाली thi,mere दोस्तों को उसी प्रोसेस से गुज़ारना पड़ेगा जिससे इस दुनिया में आने वाला हर व्यक्ति गुज़रता है...
और इसीलिए......
धनुर- यहाँ वहां मत dekho..tumhe कुछ नहीं दिखेगा क्यूंकि मई वहां हूँ hi nahi..mai उसी डायमेंशन में हूँ जहाँ से तुम सब गायब हुए थे.....
और पिछले बार की hi तरह इस बार भी मई तुम सब को देख सकता हूँ....
धनुर की आवाज़ और बातों को सुन मेरे दोस्तों ने इधर उधर देखना बंद कर diya........par सवाल तोह अब भी उनके अंदर थे और इसीलिए.....
रोनित- अगर आप डायमेंशन में hi हैं तोह फिर हमे आपकी आवाज़ कैसे सुनाई दे रही है!!!!
धनुर- ये फैसला भी इस जगह का hi hai..ye चाहती है की तुम्हारी अगली चुनौती को शुरू करने के लिए मई तुम लोगों की मदद करूँ....
जो मिरर तुम देख रहे ho,tum सब उस मिरर के ठीक सामने जाकर खड़े हो जाओ.....
धनुर की बात सुन मेरे दोस्त ों ने वैसा hi किया जैसा करने को धनुर ने कहा था..
सभी आगे बढे और मिरर से कुछ 10 फ़ीट दूर उसके सामने खड़े हो गए..
मिरर की चौड़ाई इतनी ज़्यादा थी की मेरे चारों दोस्तों के एक साथ खड़े होने के बाद भी मिरर उनसे चौड़ा लग रहा था....
मिरर के सामने खड़े होकर मेरे दोस्त कुछ कहने hi वाले थे की तभी....
अरे ये सब क्या HAI????ISNE हमे बाँधा क्यों है????
ये बात मेरे चारों दोस्तों के मुँह से एक साथ निकली thi.....aur वो इसिलए क्यूंकि जैसे hi मेरे दोस्त उस मिरर एक सामने खड़े hue,tabhi उस मिरर से चार रौशनी से बानी हुई रस्सियां निकली जिसने मेरे दोस्तों को कास कर लपेट लिया जिससे मेरे दोस्त शॉकेड हो गए.....
सभी उस बंधन से आज़ाद होने की कोशिश करने लगे पर वो कामियाब नहीं हो पाए...
ताकत के काम ना आते देख मेरे दोस्त स्पेल बोलने जा hi रहे थे की....
धनुर- स्पेल बोलने की कोशिश भी मत karna...jis जादुई रस्सी से तुम सब इस वक़्त बंधे हुए ho,wo कोई मामूली रस्सी नहीं है..
जिस मिरर से वो रस्सी बाहर निकली hai,usme उसी मिरर को ताकत है जो बोहोत ज़्यादा hai....agar तुम सब ने स्पेल बोलै तोह उन रस्सियों में बिजली दौड़ने लगेगी जिसकी शक्ति इतनी ज़्यादा होगी की तुम सब एक शान में hi जल कर राख हो jaaoge..isiliye शान्ति से खड़े रहो....
धनुर की बात सुन मेरे सारे दोस्तों का हिलना डुलना बंद हो गया और वो सब शांत खड़े हो गए....
MOKALSAR-par इस रस्सी ने हमे बाँधा hi क्यों है???
धनुर- अस्त्र शाश्त्र की लड़ाई तोह तुमने लड़ ली और जीत भी li,par अब तुम्हे दिमाग की लड़ाई लड़नी है...
जो मिरर तुम्हारे सामने है उससे तुम्हे बुद्धि बल की चुनौती मिलने वाली है...
क्कुह सवाल तुम्हारे सामने रखकर मिरर तुम सब की परीक्षा legi,uske पूछे गए सवालों के जवाब देने के लिए तुम्हे चुनौती देगी....
अगर तुमने उसके पूछे गए सवालों के जवाब दे दिए तोह ठीक hai,warna तुम ये चुनौती हार जाओगे और उस सूरत में जिस रस्सी से तुम सब बंधे हुए ho,wo रस्सी तुम सब की शक्तियों को सोख कर मिरर के हवाले कर देगी.....
शैला- क्या हम सबसे अलग अलग सवाल पूछे जायेंगे????
शैला की बात का धनुर कुछ जवाब देते
की तभी......
कड़कड़कड़कड़..................
एक तेज़ आवाज़ मेरे दोस्तों के सामने मौजूद मिरर से हुई जिससे मेरी दोस्तों की नज़र उसकी तरफ हो गयी और तभी.......
एक की चोट से बाकी तीनो
को भी क्षति होगी....
एक का जवाब बाकी सब
की भी नियति होगी....
RONIT-iski माँ का साकी naaka......toh ये गणित hai....thik है fir,ab कर भी क्या सकते hain...jawab कोई भी de,usse फायदा भी हम सभी का और नुक्सान भी हम सभी का....
चल भाई MIRROR,sawalon की उलटी कर और जवाब दे देकर उससे साफ़ करते हैं....
मिरर की बात सुनकर सभी एक चित होकर चुनौती के रूप में मिलने वाले सवालों को सुननने के लिए सामने मिरर की तरफ देखने लगे की तभी......
मिरर के बीच वाली जगह पर एक शब्द लिखना लगा जिससे मेरे चरों दोस्तों ने एक साथ पढ़ा.....
CHETAWANI......yahi वो शब्द था जो इस वक़्त मिरर के बीचो बीच लिखा हुआ था...
और इससे पहले की मेरे दोस्तों में से कोई और कुछ kehta,MIRROR के बीच से एक बार फिरसे आवाज़ गूंज उठी....
पांच सवालों के जवाब
हल करने होंगे...
हर गलत जवाब पर जुर्माने
भरने होंगे...
हर सवाल के जवाब के लिए
तीन मौके मिलेंगे....
जो तीनो जवाब गलत निकले
तोह आंसू चारों के निकलेंगे.....
पांच में से कमसेकम
तीन जवाब को सही
होना होगा....
जो तीन गलत दे दिए,
तोह ज़िन्दगी भर
रोना होगा......
मिरर द्वारा दी गयी चेतावनी मेरे चारों दोस्तों के समझ में आ गयी थी....
वो जान गए थे की मिरर उनसे कुल पांच सवाल puchegi..har सवाल के जवाब के लिए उन सब को कुल तीन मौके मिलेंगे और अगर उन तीन मौको में भी उनका जवाब गलत निकला तोह उन्हें इसकी सजा मिलेगी...
मिरर द्वारा उनसब से पूछे गए 5 में से कुल 3 सवाल का सही जवाब उन्हें देना होगा और अगर वो ऐसा नहीं कर पाए तोह वो हार जाएंगे जिसका सीधा सा मतलब है की उनकी शक्तियां उनसे छीन ली जाएंगी.....
एक एक लम्बी सांस छोड़ते हुए मेरे दोस्तों ने एक दूसरे की तरफ देखा और फिर सामने मिरर में देखते हुए एक साथ कहा...
सब- हम तैयार हैं......
जैसे hi मेरे दोस्तों ने इस मिरर की चुनौती को swikara,MIRROR में एक बार तेज़ रौशनी हुई और अगले hi पल मिरर की आवाज़ हर तरफ गूंज उठी.....
पहला SAWAL-aisa कौन सा सवाल है जिससे तुम पुरे दिन पूछ सकते हो और इसका जवाब हर बार अलग अलग हो सकता है पर सवाल एक hi होगा?????
परफॉरमेंस ANXIETY.....yahi वो चीज़ थी जो इस वक़्त मेरे दोस्त फील कर रहे थे...
मिरर के सवाल पूछने से पहले तक तोह सब नार्मल थे पर जैसे hi मिरर की आवाज़ उनके कानो में gunji,unke माथे पर बेचैनी की सिलवटें तैरने लगी....
चुनौती से जीत से मिलने वाले इनाम से ज़्यादा उनसब को हार से मिलने वाली सजा का दर सताने लगा था....
और ये सब उस मायावी रोप की वजह से हो रहा था जिसने इस वक़्त मेरे दोस्तों को लपेटा हुआ था..
वो रोप उस चाक़ू की तरह थी जिससे हलाल होने वाले के गर्दन पर रखा जाता है...
सारे अपने अपने दर को hi टटोले जा रहे थे की इतने में रोनित के दिमाग ने एक झटका मारा..
ये झटका वो वकेउप कॉल था जिसकी उससे और मेरे बाकी के दोस्तों को बेहद ज़रुरत थी...
RONIT-doston,is वक़्त हमे अपना पूरा ध्यान मिरर के सवालों पर केंद्रित करना होगा....
वर्ण हम चुनौती से नहीं बल्कि खुदसे hi हार जाएंगे....
रोनित की आवाज़ और उसकी बात सुनकर बाकी के तीनो जैसे होश में aaye..apne दिमाग में पनप रहे दर को हटा सभी मिरर द्वारा पूछे गए सवाल के बारे में सोचने लगे की तभी.....
MIRROR-ek सवाल पर तुम सब इतना समय नहीं ले sakte....agar जवाब नहीं पता तोह हार मान jaao,apni सजा भुगतो ताकि तुम्हारे सामने दूसरा सवाल रखा जाए???
रोनित- ऐसे कैसे हार मान जाए अंकल...????
आपके सवाल का जवाब है WAQT,SAMAY....
वक़्त कितना हुआ है ये हम सारा दिन कितने भी बार पूछ सकते हैं और हर बार हमे अलग अलग जवाब मिलेगा पर सवाल हमेशा वही रहेगा की वक़्त कितना हुआ है????
रोनित के जवाब को सुन SHAILA,AKSHAANT और मोकलसर ने पहले उसकी तरफ देखा और फिर सामने मिरर की तरफ...
वहीँ रोनित के जवाब देने के बाद कुछ सेकण्ड्स की ख़ामोशी रही पर उसके बाद.....
मिरर- सही जवाब......
मिरर के मुँह से सही जवाब सुनकर जहाँ रोनित के चेहरे पर स्माइल आ गयी वहीँ बाकी के तीनो का तोह ख़ुशी का ठिकाना hi नहीं रहा...
अगर इस वक़्त वो सब उस मायावी रोप से बंधे नहीं होते तोह अब तक रोनित के ऊपर कूद चुके होते...
तीनो रोनित को शाबाशी दे hi रहे थे की एक बार फिरसे हर तरफ मिरर की आवाज़ गूंज उठी....
दूसरा सवाल-
बिना छुए सब खाते हैं,
खाकर भी पछताते हैं,
बोलो ऐसी चीज़ है क्या???
जो कहते हुए सब शर्माते हैं....
अब ये एक ट्रिकी क्वेश्चन था जिससे जैसे hi मिरर ने pucha,mere चारों दोस्तों का दिमाग अलग अलग दिशा में दौड़ उठा...
सभी के दिमाग में अलग अलग जवाब आ रहे थे पर सभी अपने आंसर को सवाल से मैच करने में लगे हुए हैं और तभी....
मोकलसर- मुझे लगता है की मुझे जवाब पता है...
मोकलसर की आवाज़ सुन सभी उसकी तरफ देखने लगे...
रोनित- सिर्फ लग्न नहीं चाहिए MOKALSAR..kyunki लगने का मतलब है की जवाब सही भी हो सकता है और गलत भी..
पर हमे हर जवाब देने से पहले उस जवाब के लिए पूरी तरह से अश्वस्थ होना चाहिए...
शैला- पर मिरर ने तोह कहा है ना की हमे हर सवाल का जवाब देने के लिए तीन मौके मिलेंगे....
अक्षांत- हाँ पर तीन मौके ज़्यादा नहीं होते SHAILA...aur मत भूलो की अगर तीनो जवाब गलत निकले तोह क्या hoga!!!!!teeno जवाब के गलत होते hi मिरर के द्वारा हमे सजा मिलेगी...
ज़रूर उस सजा से ना सिर्फ हमे तकलीफ होगी बल्कि उसके बाद भी और ये हमारे लिए अछि बात नहीं होगी और ख़ास कर इस चुनौती के वक़्त जहाँ हमे दिमागी कसरत करनी पढ़ रही है....
RONIT-AKSHAANT सही है MOKALSAR,tumhe अपने जवाब को लेकर थोड़ा सा भी शक है तोह एक बार और सोच लो और फिर जवाब दो...
अभी और कोई कुछ कहता की.......
मिरर- तुम सब को बताया जा चूका है की एक सवाल के लिए तुम्हे इतना वक़्त नहीं दिया जा सकता...
ये आखरी चेरतवानी hai..agar आगे से तुम सब ने सवाल का जवाब देने के बजाये यूँ एक दूसरे से बात में समय व्यर्थ किया तोह उस सूरत में तुम्हारे 3 मौको में से 1 को काट दिया जाएगा जिससे तुम्हे सजा मिलेगी....
अब बिना समय व्यर्थ करे पूछे गए सवाल का जवाब दो.....
मिरर की बात सुन मेरे दोस्त थोड़े टेंशन में आ गए थे क्यूंकि अभी तक वो सब किसी एक नतीजे पर नहीं पहुंचे थे..
पर मोकलसर के मन में मिरर के पूछे गए सवाल का जो जवाब उभर रहा tha,wo सही लग रहा था और इसीलिए.....
MOKALSAR-jawab है धोका.....
धोके को छुआ नहीं जा sakta,fir भी लोग इससे खाते hain,aur खाकर अक्सर पछताते hain,par धोका खाने के बाद भी इस बारे में बात करने से सब शर्माते हैं....
मोकलसर ने जवाब तोह दे दिया था पर अब उसका दिल धाड़ धाड़ करके बज रहा था...
शामे हालत बाकी सब की भी thi....wo सब ये तक भूल गए थे की अगर मोकलसर का जवाब अगर गलत भी हुआ तोह भी उनके पास और दो मौके हैं मिरर के सवाल का सही जवाब देने के लिए....
सभी धड़कते दिल के साथ मिरर की तरफ देखने लगे....
वहीँ रोनित के पहले जवाब के देने के बाद जिस तरह की शान्ति कुछ देर तक छायी thi,thik वैसी hi शांति इस बार भी अपनी बाहे पसरे हर तरफ फैली हुई थी और तभी.....
MIRROR-SAHI जवाब.....
मिरर के द्वारा बोले गए ये दो शब्द मेरे दोस्तों के रेगिस्तान बन चुके दिलों के ऊपर पानी की बौछार की तरह पड़ी...
सभी की ख़ुशी का ठिकाना hi नहीं raha..sabhi अपना अपना तुम्ब्सप करके मोकलसर को सही जवाब देने के लिए कॉंग्रट्स कहने लगे...
सभी अपनी ख़ुशी में मग्न hi थे की तभी...
MIRROR-TEESRA SAWAL........agar इस सवाल का जवाब तुम सब ने सही दे diya,toh तुम चारों इस चुनौती के विजेता बन जाओगे....
मिरर की आवाज़ एक बार फिरसे हर तरफ गूंज उठी जिससे सुनकर पहले तोह जो ख़ुशी की बौछार मेरे दोस्तों के दिलों पर हो रही thi,wo एक झटके में रूक गयी और वो एरिया एक बार फिरसे नर्वस्नेस के रेगिस्तान में बदल गया..
पर जैसे hi मिरर ने अपनी बात आगे बधाई तोह सबके चेहरे पर ख़ुशी की चमक आ गयी...
सभी के कॉन्फिडेंस वापस आने lage..ek सवाल और चुनौती paar,is ख्याल के मन में उभरते hi सब रोमांचित भी हो उठे और थोड़े नर्वस भी....
सभी धड़कते दिल से एक बार फिरसे मिरर के सवाल का इंतज़ार करने लगे....
तीसरा SAWAL-us चीज़ का नाम batao,chize आग जला नहीं sakti,shashtra उससे काट नहीं sakte,paani उससे भिगो नहीं सकती और मौत उससे मार नहीं सकती......
SHAILA-hawa.......
शैला ने बिना एक पल गवाए मिरर के द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे दिया...
शैला को इतनी जल्दी जवाब देते सुन बाकी के तीनो एक तरफ शॉकेड भी हुए और साथ hi खुश भी...
शॉकेड इसीलिए क्यूंकि जवाब देने में शैला ने एक सेकंड भी नहीं लगाया था और खुश इसीलिए क्यूंकि उन्हें लगा की ये सवाल शायद शैला ने पहले भी कहीं सुना होगा और इसीलिए उसने इतनी जल्दी जवाब दे दिया......
सब ख़ुशी ख़ुशी मिरर द्वारा सही जवाब सुननने के लिए बेताबी से मिरर को देख hi रहे थे की तभी मिरर से आवाज़ गुंजी.....
MIRROR-GALAT जवाब.......
एक सेकंड से भी काम समय में चारों की कृषि दुःख और टेंशन में बदल gayi..teeno कभी मिरर की तरफ देखते तोह कभी शैला की तरफ...
कहते है की कभी कभी कॉन्फिडेंस कब ओवर कॉन्फिडेंस में बदल jaaye,pata hi नहीं chalta..thik ऐसा hi कुछ अभी हुआ..
दो सवालों के बैक तो बैक जवाब देने के बाद शैला का न सिर्फ कॉन्फिडेंस badha,balki उस कॉन्फिडेंस ने कुछ ज़्यादा hi आगे बढ़कर ओवर कॉन्फिडेंस का रूप ले लिया था.....
और उसी कवर कॉन्फिडेंस में आकर बिना सवाल और उसके जवाब को अनीलीज़े किये शैला ने जवाब दे दिया था जिसका खामियाजा उसके साथ साथ उसके दोस्तों को भी उठाना पढ़ा था...
उनके तीन मौकों में से एक मौका ख़त्म हो चूका था.....
जहाँ एक तरफ शैला अपनी जल्दबाज़ी और उसके परिणाम की वजह से सर नीचे किये कड़ी थी वहीँ मेरे बाकी के तीनो दोस्त कुछ देर तक तोह शैला की तरफ ग़ुस्से से देखते रहे पर फिर उन सब ने अपना दिमाग मिरर के जवाब की तरफ लगा दिया..
अब भी उनके पास दो मौके और थे इस सवाल का जवाब देने के लिए इसीलिए सभी लग गए अपने अपने दिमाग के घोड़े दौड़ने....
और सबसे पहले नतीजे पर पहुंचे मोकलसर भाई साहब.......
MOKALSAR-kawach.......
मोकलसर के जवाब को सुन एक बार फिसरे बाकी के तीनो ने उसकी तरफ देखा और फिर मिरर की तरफ देखने लगे..
व्याकुल तोह सभी थे पर सबसे ज़्यादा दरी हुई पर उम्मीद किये हुई की जवाब सही हो शैला थी...
वो एक तक मिरर की तरफ देख रही थी और तभी......
MIRROR-GALAT जवाब........
जैसे hi मिरर की आवाज़ ने मोकलसर को फ़ैल bataya,MOKALSAR के साथ साथ बाकी के तीनो को एक तेज़ झटका लगा और सभी एक दूसरे की तरफ देखने लगे..
वहीँ मोकलसर सभी की तरफ देख आखों hi आखों में सभी को सॉरी बोल रहा tha..par अब सॉरी बोलने से क्या फायदा होना tha..jo हो गया सो हो गया...
अब मेरे दोस्तों के पास बस एक hi मौका बाकी tha....SHAILA और मोकलसर ने आलरेडी गलत जवाब दे दिए थे इसीलिए और एक बार जवाब देने की उन दोनों में बिलकुल भी हिम्मत नहीं बची थी..
इसका मतलब था की जो भी जवाब अब सामने aayega,ya तोह वो अक्षांत की थ्रू आएगा या फिर रोनित के थ्रू...
दोनों hi एक दूसरे को देख hi रहे थे की...
मिरर- अगर अगले कुछ hi पलों में तुम सब में से किसी ने जवाब नहीं दिया तोह तुम्हारा तीसरा मौका भी तुमसे छीन लिया जाएगा...
मिरर की बात सुन अक्षांत झट से बोल पड़ा..
अक्षांत- मेरे दिमाग में अभी तक इस सवाल का जवाब नहीं आया....
रोनित- मेरे दिमाग में भी कुछ ख़ास आईडिया नहीं आया hai,bas एक गेस है पर वो कितना सही है इसके बारे में मई कुछ नहीं कह सकता....
AKSHAANT-agar हमने और विलम्ब किया तोह वैसे भी हुमारतीसरा एवम अंतिम कोका हमसे चीन लिया जाएगा तोह इससे ाचा है की जो भी जवाब तुम्हारे मस्तिष्क में उभरा hai,wo तुम बोल दो...
अक्षांत की बात रोनित को ठीक लगी और इसीलिए.....
RONIT-BHAAVNA......
यहाँ रोनित ने जवाब diya,wahan बाकी के तीनो एक बार फिरसे आँखों में उम्मीद लिए मिरर की तरफ देखने लगे...
और अगले hi पल.........
MIRROR-GALAT JAWAB.........SAHI जवाब है परछाई.........
तुम सब इस सवाल के अपने तीनो मौके गावं चुके ho...isiliye सजा के लिए तैयार हो जाओ....
मिरर की बात तोह जैसे मेरे दोस्तों ने सुनी hi nahi..un सब को तोह जैसे यकीं hi नहीं हो रहा था की उनके तीनो जवाब गलत थे....
भले hi चारों ने मिरर की आवाज़ और उसकी बात नहीं सुनी ho,par जो मिरर ने बोलै tha,wo तोह होना hi था...
मिरर की बात ख़त्म होने के अगले hi पल....
AAHHHHHHHHHHHHHHHH.................
AHHHHHHHHHHHHHHHHH.................
AHHHHHHHHHHHHHHHHH.................
AHHHHHHHHHHHHHHHHH.................
चार दर्द भरी आवाज़ फ़िज़ाओं में गूंज uthi..ab बताने की ज़रुरत तोह है नहीं की ये दर्द भरी चीखें किसकी थी...
पर बताने वाली बात ये थी की जो दर्द इस वक़्त मेरे चारों दोस्तों को हो रहा tha,wo सिर्फ शारीरिक दर्द नहीं tha,balki मानसिक भी था....
तोह हुआ यूँ की मिरर की आवाज़ के गूंजने के अगले hi पल जिस मायावी रोप से मेरे चारों दोस्त बंधे हुए the,wo रोप और तेज़ चमकने लगी..
और ऐसा होते hi मेरे दोस्तों के पुरे शरीर से कुछ हलकी हलकी किरणे खींचते हुए उस रोप के अंदर सामने लगी...
ये किरणे और कुछ नहीं मेरे दोस्तों की शक्तियां थी जिनके कुछ कण उस रोप ने खींच लिया था....
वो शक्ति जो ना सिर्फ मेरे दोस्तों के पुरे शरीर में वास करती थी बल्कि उनके आत्मा तक उस शक्ति से जुडी हुई थी...
इतने गहरे बंधन से खींचते हुए जब कोई आपकी शक्ति को आपसे दूर कर दे तोह जो दर्द महसूस हो रहा hoga,us दर्द की बस कल्पना मात्र की जा सकती है.....
शक्ति के कण निकलने की वजह से मेरे दोस्त अपने घुटनो पर आ gaye..naa सिर्फ उन सब को असीम दर्द की अनुभूति हो रही thi,balki उनका दिमाग उन्हें थका हुआ सा महसूस हो रहा था...
जैसा की मिरर ने कहा tha,dard की अत्यधिकता की वजह से ना चाहते हुए बजी मेरे दोस्तों के आँखों से आंसू चालक पड़े...
उन्हें ऐसा लग रहा था जैसे वो सब कुछ भूलते जा रहे hain.....aur कुछ chhodiye,is वक़्त उन सबको अपना नाम तक याद नहीं था और ऐसी हालत को और बद्द्तर बनाने के लिए........
मिरर- चौथा सवाल......??????
बैक तो हीरो:-
श्वेतता पर लाल रंग
रचेगा.....
आगे तभी बढ़ पायेगा जब इस
चुनौती में ज़िंदा बचेगा.....
स्वांस को रोके तू आगे बढ़ेगा....
अपनी परछाई के दूसरे स्वरुप से
देखना है तू कैसे लड़ेगा!!!!!?????
वाह क्या पहेली है????
पहेली को दोहराने के बाद जैसे hi मैंने अपने कदम आगे बढ़ाये....
मई- oh...toh इस श्वेतता की बात हो रही थी...
मई अपने दोनों हाथ अपने वैस्ट पर रख सामने से आ रही चीज़ को अपनी तरफ आते हुए देखने लगा जो की और कुछ नहीं बल्कि एक बड़ी सी लेहेर उठाये मुझे रौंदने के इरादे से मेरी तरफ आ रही पानी थी....
वो पानी जो इस वक़्त एक समंदर का रूप इख़्तियार किये हुए thi..itna hi नहीं मेरे आस पास का माहौल और नज़ारा भी अब पूरी तरीके से बदल चूका था...
जहाँ कुछ देर पहले तक मई एक खुली हुई जगह पर खड़ा था वहीँ अब मई एक सूखे हुए समंदर के भाग में खड़ा था...
पर बोहोत hi जल्द वो सूखा हुआ जगह वापस भरे हुए समंदर में बदलने वाला था...
अगर मई चाहता तोह हवा में उठ उस भयंकर लहर से ऊपर उठ सकता था पर मैंने ऐसा कुछ नहीं किया..
वो पानी का लेहेर अब मेरे बेहद करीब आ चूका tha..aur जैसे hi वो पानी का लेहेर मुझे छूने को hua,maine अपने दोनों पेअर ज़मीं पर धसा से दिए......
और अगले hi पल.......
चिस्स्सह्ह्ह्हह्ह्ह्ह..............
एक बोहोत hi तेज़ आवाज़ hui..is तेज़ आवाज़ का कारण सिर्फ ये नहीं था की वो पानी की लहर मुझसे टकराई thi,balki इस आवाज़ का रीज़न था की लेहेर के मुझसे टकराने के बावजूद मई अपनी जगह से हिला तक नहीं...
और इसी वजह से लेहेर मुझसे टकराने के बाद मेरे दोनों साइड से होती hi क्रॉस हो गयी...
पर शायद मुझे हिला तक ना पाना उस पानी के माया को ाचा नहीं लगा..
इसीलिए उस लेहेर के पीछे आने वाली पानी ने भी बोहोत बड़े लेहेर का रूप ले लिया और सीधे आकर मुझसे टकराई....
पर नतीजा वही nikla..mai हल्का सा भी पीछे नहीं हुआ पर इस बार एक चीज़ बदल गयी थी...
क्यूंकि अब वो समंदर का सूखा एरिया लललब पानी से भर चूका tha,isiliye मई पानी के कई फ़ीट अंदर जा चूका था....
अब पानी के नीचे तोह मुझसे कोई लेहेर टकराने से रही इसीलिए मेरा शरीर पानी के सतह से ऊपर उठने लगा पर तभी........
MAI-LO....SWHETATA पर लाल रंग चढ़ने लगा.......
पहेली का पहला भाग पूरा हो चूका tha...kaise???to वो ऐसे की श्वेतता जिसका मतलब पानी था अब वो पानी धीरे धीरे लाल रंग में बदलने लगा था...
ये लाल रंग खून का नहीं था बल्कि ास्मोडियस की ब्लैक एनर्जी का था पर उस ब्लैक एनर्जी के लाल होने का रीज़न वो पानी था जिसके अंदर मई इस वक़्त tha,jo की असल में ास्मोडियस की एंगेल्स की शक्ति से जिससे हम वाइट एनर्जी के नाम से जानते hain,uske कानो से बना था...
ये दोनों hi शक्तियां जब तक असमदोटूस के अंदर रहती hain,tab तक ये मिक्स नहीं होती पर अब जब इस मायाजाल में ास्मोडियस ने इन दो शक्तियों को बाहर छोड़ दिया था तोह वाइट एनर्जी जो की ास्मोडियस के शरीर को बाहर से घेरती hai,usne श्वेत पानी का रूप ले लिया..
पर उसके अंदर की ब्लैक एनर्जी ने जैसे hi यहाँ आने की वजह से उसकी स्वेत एनर्जी को chua,toh उससे अपनी ताकत से ब्लैक करने की कोशिश करने लगी पर वाइट एनर्जी इसके लिए तैयार नहीं थी...
और कोई वक़्त होता तोह ये दोनों शक्तियां एक दूसरे से hi लड़ने लगती पर क्यूंकि अभी उनका सबसे बड़ा दुश्मन मई हूँ इसीलिए उन्होंने आपस में एक संधि कर लिया...
natija,dono hi एक दूसरे से मिक्स होकर एक नए कलर में जोकि लाल tha,usme कन्वर्ट हो गयी.....
अब तक मई पानी के जिस छोर पर खड़ा tha,us जगह को छोड़ पूरा पानी लाल रंग में बदल चूका था...
जिसकी वजह से जिस पानी के अंदर कुछ देर पहले तक साफ़ साफ़ दिख रहा tha,ab वहां लाल रंग के कुछ नहीं दिख रहा था...
और एक बात थी जो अजीब भी थी और खतरनाक भी...
और वो ये की पानी के अंदर भी मई हर चीज़ स्मेल कर सकता हूँ पर ब्लैक और वाइट ेनेर्गीएस के साथ मिलने की वजह से जो ये लाल रंग के पानी के रूप में जो नया परिवर्तन मेरे सामने आया tha,uski वजह से मई अब कुछ भी स्मेल नहीं कर पा रहा था....
और ये बोहोत ख़तरकनाक बात thi....is बात का अर्थ ये था की उस लाल पानी में ऐसे कण थे या फिर ये कहूं की ऐसे शील्ड थे जो मुझे कुछ भी महसूस करने से रोक रहे थे और साथ hi मुझे चैलेंज भी कर रहे थे की मई उस लाल पानी को स्मेल कर आगे जो होने वाला hai,usse महसूस करूँ...
पर ऐसा करते hi वो लाल पानी नुमा शक्ति मेरे सेंसेस को कमज़ोर कर सकती थी जिससे मुझे आगे बढ़ने और अपनी चुनौती को पार करने में बोहोत तकलीफ होती....
एक बात और थी की अब तक हर जगह पर उस लाल पानी ने अपना कब्ज़ा बना लिया था बस उस जगह को छोड़कर जहाँ इस वक़्त मई खड़ा था..
इसका मतलब था की वो पानी चाहती थी की मई खुद आगे बढूं और उस लाल पानी को टच करूँ....
और इसके सिवा अब मेरे पास कोई चारा भी नहीं था क्यूंकि ऐसा करे बिना नाही मई आगे बढ़ सकता था और नाही इस चुनौती को पार कर सकता था....
और इसका मतलब था की पहेली के दूसरे चरण जिसमे लिखा हुआ था की "स्वांस रोके तू आगे बढ़ेगा" के शुरू होने का टाइम आ गया था और इसीलिए.......
MAI-lets जो.....
एक push,ek झटका और इसीके साथ मई अपनी स्वांस रोके आगे की तरफ तैरते हुए बढ़ने लगा.....
मुझे सामने कुछ दिख नहीं रहा था और नाही है अपनी दिव्या दृष्टि का प्रयोग मुझपर आक्रमण होने से पहले कर सकता था....
मेरे तैरने की स्पीड बोहोत ज़्यादा thi...dikh तोह कुछ रहा नहीं था इसीलिए मैंने अपनी आखें बंद राखी हुई थी..
मई सोच hi रहा था की आगे क्या होने वाला होगा की अचानक.......
बूमम.................
एक तेज़ धमाका hua..dhamake के इम्पैक्ट से मेरा शरीर जो लगातार तेज़ गति से आगे बढ़ रहा tha,mujhe हल्का झटका लगा और पानी के उलटे फाॅर्स की वजह से मई पीछे की तरफ फेकता चला गया पर जल्दी hi मैंने खुदको संभल लिया जिससे मेरा शरीर एक जगह पर रूक गया...
तोह हुआ ये की आगे बढ़ते हुए ासाहनक मेरे कानो में पानी के बुलबुलों की हलकी सी आवाज़ उभरी जो की मेरे सामने से आयी थी...
उस आवाज़ के उभरते hi मैंने अपने शरीर को एक झटके में रोक लिया और तभी मेरे आगे की जगह पर एक तेज़ धमाका हुआ...
अगर मैंने खुदको आगे तैरने से रोका नहीं होता तोह उस धमाके की चपेट में आ चूका होता....
पर फिर भी उस धमाके के इम्पैक्ट के वजह से मेरा शरीर कुछ पीछे की तरफ तैरता चला गया था....
अभी अभी हुए धमाके से एक बात तोह क्लियर हो चुकी थी की मेरी चुनौती का वक़्त या फिर ये कहूं की पहेली की आखरी भाग जिसमे कहा गया था की अपनी परछाई के दूसरे स्वरुप से
देखना है तू कैसे लड़ेगा!!!!!?????
के पुरे होने का वक़्त आ गया है...
अपने आप को आने वाली चुनौती के लिए तैयार करते वक़्त दो और चीज़ें थी जो मेरे दिमाग में चल रही थी...
पहली ये की जब मेरे कानो में उस पानी के बुलबुले की आवाज़ gunji,ussi वक़्त मैंने अपनी बंद की हुई आखें खोल दी थी और जैसे hi धमाका हुआ तोह उस धमाके के इम्पैक्ट की वजह से उसके आस पास और पीछे का पानी कुछ देर के लिए तित्तर बित्तर हो गया था और इसी दौरान मुझे पानी के पीछे की तरफ ज़मीन नज़र आयी थी..
वही ज़मीन जिसमे मई इस चुनौती या फिर ये कहूं की पानी के भरने से पहले खड़ा था....
जिससे मई समझ गया था की ये जो माया है उसका कोई दायरा नहीं hai..aur मई जो लगातार तैर रहा tha,tab भी मई उस माया की वजह से आगे बढ़ने के बजाये उसी जगह पर गोल गोल घूम रहा था...
दूसरी ये की जब वो धमाका hua,toh उस धमाके वाली जगह से मुझे एक बोहोत ताकतवर एनर्जी का आभास हुआ था...
कुछ ऐसी hi एनर्जी जो मुझमे थी और ये कोई छोटी बात नहीं thi....aur उस एनर्जी को मई अब भी मई उसी जगह पर महसूस कर सकता था.....
मई इस बारे में सोच hi रहा था की तभी....
ज़्यादा सोचो मत VIKRAM....TUMHARE हर सवाल का जवाब मेरे सामने आते HI तुम्हे मिल जाएगा....
ये आवाज़ उसी धमाके वाली जगह से आयी थी जिसके मेरे कानो में गूंजते hi मई चौंका..
reason...ye आवाज़ और किसी की नहीं मेरी hi thi......mai कुछ कहने hi वाला था की तभी उस धमाके वाली जगह पर लाल रंग के पानी के बीच एक काली आकृति बनाने लगी और जैसे जैसे उस आकृति ने रूप लेना शुरू kiya,meri साड़ी shankaye,doubts क्लियर होती चली गयी.....
कुछ hi सेकण्ड्स में मेरे सामने की आकृति ने रूप ले लिया था....
और जो रूप मेरे सामने था उससे देखते hi मुझे पहेली का आखरी भाग का मतलब क्लियर हो गया क्यूंकि जो रूप
मेरे सामने था वो और किसी का नहीं बल्कि मेरा hi था.
बस एक फर्क tha,ek ऐसा फर्क जो उस पहेली ने बताया था और जो फर्क मेरे अस्तित्व की नीव है...
जहाँ मई एक एंजेल हूँ वही मेरे सामने खड़ा मेरा hi रूप धरा वो मायावी शक्श एक डेविल.......
दो बातें और क्लियर हो गयी थी...
pehli....mere इस लाल पानी को खुदके इच्छा से छूटे hi इस पानी ने मेरी शक्तियों को खुदमे कॉपी कर लिया और उस शक्ति को उस मायावी विक्रम में ट्रांसफर कर दिया जो इस वक़्त मेरे सामने था...
और इसीलिए hi मुझे उस धमाके वाली जगह से मेरे hi जैसी एनर्जी का आभास हो रहा था.....
अब मई समझ रहा था की ास्मोडियस ने खुदकी दोनों ेनेर्गीएस के कानों को क्यों आज़ाद छोड़ा क्यूंकि ास्मोडियस जानता था की सिर्फ उसकी hi ेनेर्गीएस के कानो के अंदर मेरी शक्तियों को कॉपी करने की क्षमता है...
ास्मोडियस ये भी जानता था की रियल वर्ल्ड में मेरी शक्तियों को कॉपी करने के बावजूद कोई फायदा नहीं होता क्यूंकि मई अपनी शक्तियों से भी ज़्यादा शक्तिशाली हूँ क्यूंकि मुझमे लार्ड ऑफ़ एंगेल्स की ऊर्जा है जिससे मई अपनी बाकी की शक्तियों को हरा सकता हूँ इसीलिए उसने इस काम को अंजाम देने के लिए इस माया जाल को बना...
क्यूंकि वो ये जानता था की इस मायाजाल में मई अपनी लार्ड ऑफ़ एंगेल्स की ऊर्जा का इस्तेमाल नहीं कर सकता क्यूंकि मेरे ऐसा करते hi उसका माया जाल टूट जाएगा और साथ hi ख़त्म हो जाएगा पूरा मिरर वर्ल्ड....
और दूसरी ये की इस चुनौती को पूरा करने के लिए.........
.........मुझे मुझिको हराना होगा..........
आज के लिए इतना HI......
आपका अपना V...J.....