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अपडेट 29 संजना विथ आरव part 2
संजना ने कहा, “हाँ तुम्हारे डैड ने बताया था, ट्यूसडे को जा रहे हो नाह?” और उस वक़्त संजना ने सोचा 3 महीनों तक उस्सको चावला साहब के साथ फ्री टाइम मिलेगा स्पेंड करने के लिए और वो बहोत खुश होते हुए कड़ी हुई और ख़ुशी के मारे आरव को झुक कर गले लगाते हुए उसस्के गाल पर किश किया!!”
आरव समझा के क्यूंकि वो कुछ शर्मीला है संजना को एप्रोच नहीं कर रहा और कनाडा चला जाएगा इस लिए संजना ने खुद फर्स्ट स्टेप किया और उस्सको किश किया. तो थोड़ा हिम्मत जुटते हुए वो भी खड़ा हुआ और संजना को अपने बाहों में भरके उसस्के मुंह पर किश करना चाहा. मगर संजना ने अपना चेहरा एक तरफ करते हुए कहा, “हम्म्म नहीं इस से ज़्यादा कुछ नहीं, अभी हम इतना नहीं खुल के मिले हैं, धीरे धीरे आदत पड़ना चाहिए इतस तू अर्ली तो दो आल थिस!”
संजना ने उस्सको किश नहीं करने दिया और बात को टालते हुए किसी और टॉपिक पर बात करने लगी. आउट ठीक तभी अंदर से मोबाइल की रिंगटोन सुनाई दिए. और दोनों ने एक दूसरे के चेहरे में देखा और आरव बोलै, “मोबाइल बज रही है तुम्हारे कमरे में!” तो संजना ने कहा, “हाँ मेरा hi मोबाइल है मैं अभी आयी प्लीज वेट.”
संजना ने अपने कमरे के अंदर कॉल लिया जो चावला साहब का था. और बहोत धीरे से धीमी आवाज़ में संजना ने बात की ताके आरव को बाहर सुनाई नहीं दे.
संजना: “जी बोलिये”
चावला साहब: “कहाँ है वो?”
संजना: “लाउन्ज में बैठा है”
चावला साहब: “मत बताना के मेरा कॉल था”
संजना: “बिल्कुल नहीं बताउंगी. आप कहाँ हो जी?”
चावला साहब: “अपने कमरे में”
संजना: “कहीं सान्वी भाबी आप को सुनेगी तो नहीं वो हम दोनों को बहोत देख रही थी यहाँ आप ने देखा किआ?”
चावला साहब: “नहीं मैं ने तो कुछ नहीं देखा था, और यहाँ नहीं सुनेगी वो किचन में है, मेरा कमरा दूर है किचन से और कर्मा बांध है.”
संजना: “सान्वी भाबी हमको घुर्र रहे थे. पूरा वक़्त उस्सकी नज़रें हम दोनों पर थे इंगेजमेंट में, उस ने आप से कुछ कहा तो नहीं?”
चावला साहब: “नहीं विवान साथ में था तो कुछ नहीं कहा जब अकेली होगी तो शायद कुछ कहेगी. मैं ने कुछ भी नहीं ख्याल किया के वो हमको देख रही थी वहां!”
संजना: “आप तो सिर्फ मुझे देख रहे थे, मैं ऊपर पोडियम पर थी तो मुझे सब दिख रहा था, उस्सकी नज़र सिर्फ हम दोनों पर थी! मुझे लगता है उस्सको हम पर शक हो गयी है. आप होशियारी से रिप्लाई करना अगर उस्सने आप से कोई सवाल किया तो okay?”
चावला साहब: “तुम उस्सकी फ़िक्र चोर्रो यह बताओ के तुम्हारे पापा तो पिने गया होगा नाह और तुम आरव के साथ अकेली हो इस वक़्त सही है नाह?”
संजना: “बिल्कुल सही है, मगर मैं ने आरव को लाउन्ज में बिठाया है उस्सको अपने करीब भी नहीं आने दिया”
चावला साहब: “वैरी गुड. गुड गर्ल मऊवः. लव यू.”
संजना: “मुउउउउउह लव यू तू.”
चावला साहब: “तुमको हद से ज़्यादा मिस कर रहा हूँ इस वक़्त मैं तुम्हारे कपडे उतार रहा होता नाह और हम लव करते अभी”
संजना: “हम्म्म मैं भी आप को बहोत मिस कर रही हूँ, कुछ देर पहले कपडे चेंज कर रही थी तो आप को याद कर रही थी”
चावला: “तुम ने चेंज कर भी लिया?”
संजना: “हाँ और किआ करती!”
चावला: “अभी कौन सी ड्रेस में हो?”
संजना: “एक सलवार कमीज़ में”
चावला: “वैरी वैरी गुड डार्लिंग. सुनों मैं रात के बारह बजे तुमसे मिलने ारः हूँ बहोत मैं है तुमसे लव करने को.”
संजना: “इतनी रात को?”
चावला: “हाँ तुम रात को 11.30 को उसी इंगेजमेंट वाली ड्रेस फिर से पेहेन लेना मैं आकर उतारूंगा और लव करेंगे बेबी. बहोत मैं कर रहा है!”
संजना: “पापा होगा घर पर!”
चावला: “वो तो नशे में होगा नाह?”
संजना: “अगर ज़्यादा नहीं पिया तो?”
चावला: “तुम्हारे कप्बोर्ड में मैं ने आज एक बोतल व्हिस्की रखा है गिफ्ट दिया था तुम्हारे पापा को, जब वो वापस आये तो उस्सको पिलाना ताके वो गहरी नींद में सो जाये रात के 12 बजे तक.”
संजना: “okay. तरय करुँगी”
चावला: “अब आरव को जल्दी से डिनर करके वापस भेजो, जब वो घर आजाएगा तब मैं निकलूंगा.”
संजना: “अभी तो 5.30 बजे हैं वो तो रात के 8 बजे डिनर करेगा नाह?”
चावला: “आरी पुगली तुम उस से कहो के तुम 6 बजे डिनर करती हो तो उस्सको भी उसी वक़्त डिनर करना पड़ेगा जब तुम करोगी. तब वो 10 बजने से पहले यहाँ आजाएगा और मैं निकल पाउँगा!”
संजना: “आप किआ कहकर घर से निकलोगे रात को? कहीं सान्वी भाबी को पता नाह चल जाए?!”
चावला: “तुम उस्सकी फ़िक्र मत करो मुझे पता है किआ करना है!”
संजना: “ok थें. सी यू लव यू हॉट, लव यू वैरी मच मुउउउउउउह आप को वहां पर किश दिया मिली किआ?”
चावला: “आआआआहहह हाआआ मिला बहोत स्वीट है बिल्कुल खड़ा होगया बेबी.”
संजना: “हीहीहीहीही अब आरव पूछेगा किश से बात कर रही थी तो किआ बोलूं?”
चावला: “किसी सहेली का नाम लेलो बस!”
संजना: “ोकिए ोकिए bye! सी यू लेटर”
तो बे कॉन्टिनोएड…………………..
संजना ने कहा, “हाँ तुम्हारे डैड ने बताया था, ट्यूसडे को जा रहे हो नाह?” और उस वक़्त संजना ने सोचा 3 महीनों तक उस्सको चावला साहब के साथ फ्री टाइम मिलेगा स्पेंड करने के लिए और वो बहोत खुश होते हुए कड़ी हुई और ख़ुशी के मारे आरव को झुक कर गले लगाते हुए उसस्के गाल पर किश किया!!”
आरव समझा के क्यूंकि वो कुछ शर्मीला है संजना को एप्रोच नहीं कर रहा और कनाडा चला जाएगा इस लिए संजना ने खुद फर्स्ट स्टेप किया और उस्सको किश किया. तो थोड़ा हिम्मत जुटते हुए वो भी खड़ा हुआ और संजना को अपने बाहों में भरके उसस्के मुंह पर किश करना चाहा. मगर संजना ने अपना चेहरा एक तरफ करते हुए कहा, “हम्म्म नहीं इस से ज़्यादा कुछ नहीं, अभी हम इतना नहीं खुल के मिले हैं, धीरे धीरे आदत पड़ना चाहिए इतस तू अर्ली तो दो आल थिस!”
संजना ने उस्सको किश नहीं करने दिया और बात को टालते हुए किसी और टॉपिक पर बात करने लगी. आउट ठीक तभी अंदर से मोबाइल की रिंगटोन सुनाई दिए. और दोनों ने एक दूसरे के चेहरे में देखा और आरव बोलै, “मोबाइल बज रही है तुम्हारे कमरे में!” तो संजना ने कहा, “हाँ मेरा hi मोबाइल है मैं अभी आयी प्लीज वेट.”
संजना ने अपने कमरे के अंदर कॉल लिया जो चावला साहब का था. और बहोत धीरे से धीमी आवाज़ में संजना ने बात की ताके आरव को बाहर सुनाई नहीं दे.
संजना: “जी बोलिये”
चावला साहब: “कहाँ है वो?”
संजना: “लाउन्ज में बैठा है”
चावला साहब: “मत बताना के मेरा कॉल था”
संजना: “बिल्कुल नहीं बताउंगी. आप कहाँ हो जी?”
चावला साहब: “अपने कमरे में”
संजना: “कहीं सान्वी भाबी आप को सुनेगी तो नहीं वो हम दोनों को बहोत देख रही थी यहाँ आप ने देखा किआ?”
चावला साहब: “नहीं मैं ने तो कुछ नहीं देखा था, और यहाँ नहीं सुनेगी वो किचन में है, मेरा कमरा दूर है किचन से और कर्मा बांध है.”
संजना: “सान्वी भाबी हमको घुर्र रहे थे. पूरा वक़्त उस्सकी नज़रें हम दोनों पर थे इंगेजमेंट में, उस ने आप से कुछ कहा तो नहीं?”
चावला साहब: “नहीं विवान साथ में था तो कुछ नहीं कहा जब अकेली होगी तो शायद कुछ कहेगी. मैं ने कुछ भी नहीं ख्याल किया के वो हमको देख रही थी वहां!”
संजना: “आप तो सिर्फ मुझे देख रहे थे, मैं ऊपर पोडियम पर थी तो मुझे सब दिख रहा था, उस्सकी नज़र सिर्फ हम दोनों पर थी! मुझे लगता है उस्सको हम पर शक हो गयी है. आप होशियारी से रिप्लाई करना अगर उस्सने आप से कोई सवाल किया तो okay?”
चावला साहब: “तुम उस्सकी फ़िक्र चोर्रो यह बताओ के तुम्हारे पापा तो पिने गया होगा नाह और तुम आरव के साथ अकेली हो इस वक़्त सही है नाह?”
संजना: “बिल्कुल सही है, मगर मैं ने आरव को लाउन्ज में बिठाया है उस्सको अपने करीब भी नहीं आने दिया”
चावला साहब: “वैरी गुड. गुड गर्ल मऊवः. लव यू.”
संजना: “मुउउउउउह लव यू तू.”
चावला साहब: “तुमको हद से ज़्यादा मिस कर रहा हूँ इस वक़्त मैं तुम्हारे कपडे उतार रहा होता नाह और हम लव करते अभी”
संजना: “हम्म्म मैं भी आप को बहोत मिस कर रही हूँ, कुछ देर पहले कपडे चेंज कर रही थी तो आप को याद कर रही थी”
चावला: “तुम ने चेंज कर भी लिया?”
संजना: “हाँ और किआ करती!”
चावला: “अभी कौन सी ड्रेस में हो?”
संजना: “एक सलवार कमीज़ में”
चावला: “वैरी वैरी गुड डार्लिंग. सुनों मैं रात के बारह बजे तुमसे मिलने ारः हूँ बहोत मैं है तुमसे लव करने को.”
संजना: “इतनी रात को?”
चावला: “हाँ तुम रात को 11.30 को उसी इंगेजमेंट वाली ड्रेस फिर से पेहेन लेना मैं आकर उतारूंगा और लव करेंगे बेबी. बहोत मैं कर रहा है!”
संजना: “पापा होगा घर पर!”
चावला: “वो तो नशे में होगा नाह?”
संजना: “अगर ज़्यादा नहीं पिया तो?”
चावला: “तुम्हारे कप्बोर्ड में मैं ने आज एक बोतल व्हिस्की रखा है गिफ्ट दिया था तुम्हारे पापा को, जब वो वापस आये तो उस्सको पिलाना ताके वो गहरी नींद में सो जाये रात के 12 बजे तक.”
संजना: “okay. तरय करुँगी”
चावला: “अब आरव को जल्दी से डिनर करके वापस भेजो, जब वो घर आजाएगा तब मैं निकलूंगा.”
संजना: “अभी तो 5.30 बजे हैं वो तो रात के 8 बजे डिनर करेगा नाह?”
चावला: “आरी पुगली तुम उस से कहो के तुम 6 बजे डिनर करती हो तो उस्सको भी उसी वक़्त डिनर करना पड़ेगा जब तुम करोगी. तब वो 10 बजने से पहले यहाँ आजाएगा और मैं निकल पाउँगा!”
संजना: “आप किआ कहकर घर से निकलोगे रात को? कहीं सान्वी भाबी को पता नाह चल जाए?!”
चावला: “तुम उस्सकी फ़िक्र मत करो मुझे पता है किआ करना है!”
संजना: “ok थें. सी यू लव यू हॉट, लव यू वैरी मच मुउउउउउउह आप को वहां पर किश दिया मिली किआ?”
चावला: “आआआआहहह हाआआ मिला बहोत स्वीट है बिल्कुल खड़ा होगया बेबी.”
संजना: “हीहीहीहीही अब आरव पूछेगा किश से बात कर रही थी तो किआ बोलूं?”
चावला: “किसी सहेली का नाम लेलो बस!”
संजना: “ोकिए ोकिए bye! सी यू लेटर”
तो बे कॉन्टिनोएड…………………..