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अपडेट 37 उसस्के बाद.....
चावला साहब ने फ़ास्ट ड्राइव किया और 2 घंटे का सफर 1.5 घंटे में तय कर दिया क्यूंकि रास्ता क्लियर था चरों तरफ सुबह के 4.30 से 6 बजे घर पहुंचा. सान्वी तो सुबह 5 बजे उठ जाती है हर रोज़ और आज तो 3 बजे से फ़िक्र कर रही थी क्यूंकि चावला साहब ने उस्सको रिप्लाई नहीं किया था.
घर एते hi सान्वी उंनसे मिली तो झूट का सहारा लेकर चावला साहब ने कहा के फोरेइग्नेर्स के साथ बड़े होटल में बिज़नेस मीटिंग था, उसे और नाइजीरिया के क्लाइंट्स थे सान्वी को कहा. और कहा के बिल्कुल सोया नहीं है बहोत थका है और नींद आरही है. सान्वी से कहा उस्सको बिल्कुल डिस्टर्ब नाह करने को और उठाने को भी नहीं चाहे दिन के बारह बजे या 2 वो अपना नींद पूरा करके hi उठेगा.
सान्वी उनको शक की नज़र से देख रहे थे क्यों के इस से पहले ऐसा तो कभी नहीं हुआ था के इतने रात को अकेले बिज़नेस मीटिंग के लिए जाये वो.
जब चावला साहब अपने कमरे के तरफ जाने लगे तो सान्वी उनके पीछे पीछे गयी उस्सको सोने के लिए हेल्प करने को, मगर चावला साहब ने सोचा जब वो कपडे उतरेगा तो सान्वी को वो लोवेबिट्स नज़र आजायेंगे इस लिए सान्वी से कहा, “तुम फ़िक्र मत करो मैं सो जाऊंगा तुम छाए बनाओ उन् सब के लिए, मुझे आराम चाहिए अभी. उठूंगा तो मिलते हैं, दीप्ति से कहना के दादा सो रहे हैं तो वो शोर नाह करें और चिल्लाये तो बिल्कुल भी नहीं तुम उस्का ख्याल रखना okay?”
सान्वी ज़्यादा हैरान हुए क्यूंकि हर बार जब वो सोने जाते हैं तो सान्वी उसस्के पास उनको तक़रीबन सुलाकर बाहर जाते हैं और आज चावला साहब उनको भगा रहे थे, यह सान्वी को कुछ अजीब लगा और शक ज़्यादा बढ़ गया, तो उस्सने बुसस इतना पूछा, “आप नहाओगे नहीं? एक वाश लार लीजिये आराम मिलेगा आप को थकान दूर हो जाएगी.” मगर चावला साहब ने कहा, “नहीं उठूंगा तब नहाऊंगा. Okay अब सोने दो प्लीज.”
सान्वी को रुकना पड़ा और वापस किचन में चली गयी सोच में डूबे. उस्सने सोचा के विवान उठेगा तो पूछेगी के कौन सी फॉरेउगनेरस क्लिंट्स आये हुए हैं. उधर चावला साहब ने अंदर से अपना कर्मा लॉक किया और कपडे उतार कर आईने के सामने अपन छाती पर संजना के किये हुए लव बिट्स को देखते हुए उस्सको याद करने लगे और व्हाट्सअप किया यह लिख कर संजना को.
“मैं घर पहुँच गया स्वीटहार्ट और अब सोने जा रहा हूँ. दिन के बारह या एक बजे तक उठूंगा तो तुम मत ढूंढ़ना मुझे, बहोत नींद आरही है. तुम्हारे बनाये हुए लोवेबिट्स को देख रहा हूँ, बहोत गहरा है यह एक दो दिन में मिटने वाला नहीं, बहोत संभल कर रहना होगा मुझे हेहेहे. चाह bye स्वीटहार्ट, स्लीप वेल. लव यू लोड्स मुऊआआह.”
मैसेज सेंड किया और वो सो गए. उधर संजना तो गहरी नींद में थी, अपने पापा को हेल्प करने के बाद वो सोने चली गयी क्यूंकि वो भी तो थकी हुई थी रात भर चावला साहब के साथ. उस्सकी विर्जिनिटी खोयी थी उस रात को उस्सने, तो संजना के लिए यह एक बहोत बड़ी रात थी और अपने जीवन की बड़ी यादगार रात थी.
सान्वी ने दिन के साढ़े नव बजे विवान और आरव को ब्रेकफास्ट सर्वे करते वक़्त उन् दोनों से पूछा के कौन सी फोरेइग्नेर्स आये हुए हैं जिनको रात भर उनके पापा अटेंड करने गए थे किसी बड़े होटल में. दोनों भाइयों ने कहा के उनको कुछ भी नहीं पता. तो सान्वी ने दोनों को बताया के कल रात को आरव के वापस आने के बाद चावला साहब घर से निकले और आज सुबह के 6 बजे घर वापस आये और कहा के फोरेइग्नेर्स से मिलने गए थे किसी बड़े होटल में मीटिंग थी! तब विवान ने कहा, “अरे डैड हमको कभी नहीं बताता जब वो बड़े डील करते हैं तो हमको बाद में पता चलेगा जब सब फाइनल हो जाएगा. यह उस्सकी आदत है हमेशा से.” बुसस उस बात पर भी समझो ताला लग गया मगर सान्वी के दिल और दिमाग़ के अंदर कोई ताला नहीं लगा था. वो कभी नाह कभी इस बात को ज़रूर उठाने वाली थी.
उस दिन को तक़रीबन 2 बजे चावला साहब सोकर उठे और बात लेने गए तो आदत के मुताबिक सान्वी उनके पीछे उनके टॉवल और बाकी सामान चेक करने को गयी मगर आज चावला साहब ने एक टीशर्ट पहना हुआ था जबकि हमेशा सिर्फ अपने बॉक्सर में बाथरूम में जाते थे. सान्वी को आदत थी उसस्के छाती के बालों पर अपने हाथ मलने को याद है नाह? तो आज जब सान्वी उनके करीब हुए तो मुस्कुराते हुए गुडमॉर्निंग कहा और पूछा, “आज यह टीशर्ट क्यों?” और उनके छाती पर अपने दोनों हाथों के रखते हुए थोड़ा सा प्यार किया. चावला साहब ने उस्सको बाहों में भरते हुए कहा, “अरे भूल गया निकलने को, बहोत देर से जो जगा हूँ. तो सान्वी ने अपने हाथों को उनके कमर पर निचे करते हुए टशैर्ट को निकलना चाहा यह कहते हुए, “चलो मैं उतार देती हूँ,” टीशर्ट आधा उठ गया था निकलने के लिए तो झट से चावला साहब ने अपना पीठ घुमा लिए सान्वी से और कहा “अरे मैं उतार लूंगा नाह क्यों तकलीफ कर रही हो तुम?” शुक्र है सान्वी ने ज़िद नहीं की यह सोचते हुए के उनको शर्म आरहे हैं और सान्वी मुस्कुराते हुए बाथरूम से निकल गयी और चावला साहब ने चैन की सांस लिया.
चावला साहब ने थोड़ा वक़्त दीप्ति के कंपनी में बिताया उसस्के साथ खेलते हुए. फिर मोबाइल में देखा के संजना ने कहा था के वो भी बारह बजे सोकर उठी और उस्का बदन चुर्र चुर्र हो रहा है बुसस और ज़्यादा सोने को मैं कर रहा है सिर्फ. और यह भी लिखा था संजना ने के उस्का पापा घर पर है काम पर नहीं गया आज. चावला साहब ने उस्सको आराम करने को कहा और कहा के बाद में बात करेंगे. मगर तुरंत संजना ने रिप्लाई किया के वो उनको मिस कर रहे हैं.
तब चावला साहब अपने कमरे में गया दीप्ति को गॉड में लिए हुए और सज्नना से टेक्स्ट्स के ज़रिये थोड़ी देर चाट किया. बात कुछ ऐसे हुए,
चावला साहब: “तुम्हारा निचे का जलन ख़तम हुआ के अब भी है? अगर है तो दोबारा चीलेंड वाटर से धोना, और अगर आनंद घर पर है तब तो मैं आज तुमको वो ज्ञानी क्रीम नहीं ला सकता नाह आनंद सोचेगा के क्यों वापस आया हूँ?!”
संजना: “हाँ ठीक हो गयी, मैं सुसु करने गयी थी तो बुसस थोड़ी से जलन महसूस हुई फिर रुक गयी. नहीं चाहिए कोई क्रीम ठीक हो जायेगा मेरे ख्याल से.”
चावला साहब: “कल भी नहीं आ पाउँगा क्यूंकि आरव को एयरपोर्ट चौररने जाना है वो कनाडा जा रहा है नाहा?”
संजना: “हाँ, मैं ने कहा है नाह के 4 दिन तक चुहने नहीं दूंगी हीहीहीहीही तो आप 4 दिनों के बाद hi आना तब तक होप के मुझको वहां बिल्कुल आराम आजाएगा वार्ना तब भी उस जगह से आप को दूर hi रहना होगा हम्म्म्म!”
चावला साहब थोड़ा नॉटी हो गए और कहा, “क्यों उस जगह के इलावा कोई और जगह नहीं है किआ मुझे अपने आप को और तुमको खुश करने के लिए? उस से भी बेहतर जगह है!!”
संजना समझ गयी के वह किआ कहना चाहते हैं और हँस्ते हुए रिप्लाई किया, “हम्म्म्म बड़े नॉटी हो आप तो? अच्छी तरह से समझती हूँ आप किश जगह के बारे में बोल रहे हो मगर वहां no एंट्री होता है हीहीहीहीही नॉटी साहब, बेशरम!”
चावला साहब ने अपने होठ को दन्त में दबाते हुए लिखा, “हम्म्म मतलब तुम समझ गयी के मैं किश जगह की बात कर रहा हूँ, अरे बेबी तुम्हारे आराम के लिए तो कह रहा हूँ, मुझे खुद तुम्हारे साथ आगे को करने में तकलीफ होगी क्यूंकि मैं तुमको दुःख और दर्द नहीं देना चाहता, तो पीछे आराम से एन्जॉय कर सकते हैं दोनों क्यों है नाह?”
संजना ने लिखा, “वह जी वह, मुझको दर्द नहीं देना चाहते कहा आप ने और पीछे करना चाहते हो तो वहां किआ दर्द नहीं होता? ज़्यादा दर्द होता है वहां!”
चावला साहब ने जवाब देने से पहले सोचा उस्सको कैसे पता के वहां ज़्यादा दर्द होता है? कभी किया है किआ? तो लिखा, “हम्म तुमको तो सब कुछ पता है? कैसे पता के पीछे ज़्यादा दर्द होगा बोलो?”
संजना ने अपन जीब को डेंटन के बीच दबाया और सोचा के ग़लत लिख दिया लास्ट मैसेज तो तो सुधारते हुए लिखा, “बुसस किताबों में पढ़ी टी.”
चावला साहब को फिरसे लगा के यह लड़की बहोत चालू है और ज़रूर ज़्यादा कुछ एक्सपीरियंस है इस्सकी. यह पहली बार नहीं शुरू से hi चावला साहब फील करते आरहे हैं के संजना हालां के वर्जिन थी यह सेक्स के मामले में बहोत एक्सपेरिएंस्ड है…. अब पीछे की बात चली तो किआ पता पीछे तो वर्जिन नहीं है? और इस्सकी तो कोई प्रूफ भी नहीं क्यूंकि विर्जिनिटी टूटने से खून निकलते हैं मगर पीछे तो नहीं तो कैसे पता चलेगा के संजना पीछे लेती है किसी से? चावला साहब इस बारे में सोचता रहा और खुद से कहा यह उस्सकी दिमाग़ का सोच है सिर्फ.
अगले दिन सब आरव को एयरपोर्ट चौररने गए. आरव ने चुपके से और धीरे से अपने सान्वी भाबी को कहा के संजना को किसी तरह खबर भेज दें के वो जा रहा है और उस्सको बहोत मिस करेगा. सान्वी ने कहा करदेगी उस्का काम.
घर वापस आने पर चावला साहब को एक सुकून फील हुआ के 3 महीनों तक अब वो संजना के साथ आराम से गुज़रेगा जब तक आरव वापस नहीं अत. मतलब इन् तीन महीनों के लिए संजना सिर्फ उनके लिए थी. बहोत खुश थे वो और संजना को कॉल किया और बात किये दोनों ने दो प्यार में डूबे कबूतरों की तरह और चावला साहब ने कहा के कल वो संजना से मिलने आरहे हैं दिन में जब आनंद काम पर होंगे. संजना ने कहा के वो बेताबी के साथ उंनका वेट करेगी क्यूंकि वो बहोत मिस करने लगे हैं उनको.
तो बे कॉन्टिनोएड……………… (1650 वर्ड्स)
चावला साहब ने फ़ास्ट ड्राइव किया और 2 घंटे का सफर 1.5 घंटे में तय कर दिया क्यूंकि रास्ता क्लियर था चरों तरफ सुबह के 4.30 से 6 बजे घर पहुंचा. सान्वी तो सुबह 5 बजे उठ जाती है हर रोज़ और आज तो 3 बजे से फ़िक्र कर रही थी क्यूंकि चावला साहब ने उस्सको रिप्लाई नहीं किया था.
घर एते hi सान्वी उंनसे मिली तो झूट का सहारा लेकर चावला साहब ने कहा के फोरेइग्नेर्स के साथ बड़े होटल में बिज़नेस मीटिंग था, उसे और नाइजीरिया के क्लाइंट्स थे सान्वी को कहा. और कहा के बिल्कुल सोया नहीं है बहोत थका है और नींद आरही है. सान्वी से कहा उस्सको बिल्कुल डिस्टर्ब नाह करने को और उठाने को भी नहीं चाहे दिन के बारह बजे या 2 वो अपना नींद पूरा करके hi उठेगा.
सान्वी उनको शक की नज़र से देख रहे थे क्यों के इस से पहले ऐसा तो कभी नहीं हुआ था के इतने रात को अकेले बिज़नेस मीटिंग के लिए जाये वो.
जब चावला साहब अपने कमरे के तरफ जाने लगे तो सान्वी उनके पीछे पीछे गयी उस्सको सोने के लिए हेल्प करने को, मगर चावला साहब ने सोचा जब वो कपडे उतरेगा तो सान्वी को वो लोवेबिट्स नज़र आजायेंगे इस लिए सान्वी से कहा, “तुम फ़िक्र मत करो मैं सो जाऊंगा तुम छाए बनाओ उन् सब के लिए, मुझे आराम चाहिए अभी. उठूंगा तो मिलते हैं, दीप्ति से कहना के दादा सो रहे हैं तो वो शोर नाह करें और चिल्लाये तो बिल्कुल भी नहीं तुम उस्का ख्याल रखना okay?”
सान्वी ज़्यादा हैरान हुए क्यूंकि हर बार जब वो सोने जाते हैं तो सान्वी उसस्के पास उनको तक़रीबन सुलाकर बाहर जाते हैं और आज चावला साहब उनको भगा रहे थे, यह सान्वी को कुछ अजीब लगा और शक ज़्यादा बढ़ गया, तो उस्सने बुसस इतना पूछा, “आप नहाओगे नहीं? एक वाश लार लीजिये आराम मिलेगा आप को थकान दूर हो जाएगी.” मगर चावला साहब ने कहा, “नहीं उठूंगा तब नहाऊंगा. Okay अब सोने दो प्लीज.”
सान्वी को रुकना पड़ा और वापस किचन में चली गयी सोच में डूबे. उस्सने सोचा के विवान उठेगा तो पूछेगी के कौन सी फॉरेउगनेरस क्लिंट्स आये हुए हैं. उधर चावला साहब ने अंदर से अपना कर्मा लॉक किया और कपडे उतार कर आईने के सामने अपन छाती पर संजना के किये हुए लव बिट्स को देखते हुए उस्सको याद करने लगे और व्हाट्सअप किया यह लिख कर संजना को.
“मैं घर पहुँच गया स्वीटहार्ट और अब सोने जा रहा हूँ. दिन के बारह या एक बजे तक उठूंगा तो तुम मत ढूंढ़ना मुझे, बहोत नींद आरही है. तुम्हारे बनाये हुए लोवेबिट्स को देख रहा हूँ, बहोत गहरा है यह एक दो दिन में मिटने वाला नहीं, बहोत संभल कर रहना होगा मुझे हेहेहे. चाह bye स्वीटहार्ट, स्लीप वेल. लव यू लोड्स मुऊआआह.”
मैसेज सेंड किया और वो सो गए. उधर संजना तो गहरी नींद में थी, अपने पापा को हेल्प करने के बाद वो सोने चली गयी क्यूंकि वो भी तो थकी हुई थी रात भर चावला साहब के साथ. उस्सकी विर्जिनिटी खोयी थी उस रात को उस्सने, तो संजना के लिए यह एक बहोत बड़ी रात थी और अपने जीवन की बड़ी यादगार रात थी.
सान्वी ने दिन के साढ़े नव बजे विवान और आरव को ब्रेकफास्ट सर्वे करते वक़्त उन् दोनों से पूछा के कौन सी फोरेइग्नेर्स आये हुए हैं जिनको रात भर उनके पापा अटेंड करने गए थे किसी बड़े होटल में. दोनों भाइयों ने कहा के उनको कुछ भी नहीं पता. तो सान्वी ने दोनों को बताया के कल रात को आरव के वापस आने के बाद चावला साहब घर से निकले और आज सुबह के 6 बजे घर वापस आये और कहा के फोरेइग्नेर्स से मिलने गए थे किसी बड़े होटल में मीटिंग थी! तब विवान ने कहा, “अरे डैड हमको कभी नहीं बताता जब वो बड़े डील करते हैं तो हमको बाद में पता चलेगा जब सब फाइनल हो जाएगा. यह उस्सकी आदत है हमेशा से.” बुसस उस बात पर भी समझो ताला लग गया मगर सान्वी के दिल और दिमाग़ के अंदर कोई ताला नहीं लगा था. वो कभी नाह कभी इस बात को ज़रूर उठाने वाली थी.
उस दिन को तक़रीबन 2 बजे चावला साहब सोकर उठे और बात लेने गए तो आदत के मुताबिक सान्वी उनके पीछे उनके टॉवल और बाकी सामान चेक करने को गयी मगर आज चावला साहब ने एक टीशर्ट पहना हुआ था जबकि हमेशा सिर्फ अपने बॉक्सर में बाथरूम में जाते थे. सान्वी को आदत थी उसस्के छाती के बालों पर अपने हाथ मलने को याद है नाह? तो आज जब सान्वी उनके करीब हुए तो मुस्कुराते हुए गुडमॉर्निंग कहा और पूछा, “आज यह टीशर्ट क्यों?” और उनके छाती पर अपने दोनों हाथों के रखते हुए थोड़ा सा प्यार किया. चावला साहब ने उस्सको बाहों में भरते हुए कहा, “अरे भूल गया निकलने को, बहोत देर से जो जगा हूँ. तो सान्वी ने अपने हाथों को उनके कमर पर निचे करते हुए टशैर्ट को निकलना चाहा यह कहते हुए, “चलो मैं उतार देती हूँ,” टीशर्ट आधा उठ गया था निकलने के लिए तो झट से चावला साहब ने अपना पीठ घुमा लिए सान्वी से और कहा “अरे मैं उतार लूंगा नाह क्यों तकलीफ कर रही हो तुम?” शुक्र है सान्वी ने ज़िद नहीं की यह सोचते हुए के उनको शर्म आरहे हैं और सान्वी मुस्कुराते हुए बाथरूम से निकल गयी और चावला साहब ने चैन की सांस लिया.
चावला साहब ने थोड़ा वक़्त दीप्ति के कंपनी में बिताया उसस्के साथ खेलते हुए. फिर मोबाइल में देखा के संजना ने कहा था के वो भी बारह बजे सोकर उठी और उस्का बदन चुर्र चुर्र हो रहा है बुसस और ज़्यादा सोने को मैं कर रहा है सिर्फ. और यह भी लिखा था संजना ने के उस्का पापा घर पर है काम पर नहीं गया आज. चावला साहब ने उस्सको आराम करने को कहा और कहा के बाद में बात करेंगे. मगर तुरंत संजना ने रिप्लाई किया के वो उनको मिस कर रहे हैं.
तब चावला साहब अपने कमरे में गया दीप्ति को गॉड में लिए हुए और सज्नना से टेक्स्ट्स के ज़रिये थोड़ी देर चाट किया. बात कुछ ऐसे हुए,
चावला साहब: “तुम्हारा निचे का जलन ख़तम हुआ के अब भी है? अगर है तो दोबारा चीलेंड वाटर से धोना, और अगर आनंद घर पर है तब तो मैं आज तुमको वो ज्ञानी क्रीम नहीं ला सकता नाह आनंद सोचेगा के क्यों वापस आया हूँ?!”
संजना: “हाँ ठीक हो गयी, मैं सुसु करने गयी थी तो बुसस थोड़ी से जलन महसूस हुई फिर रुक गयी. नहीं चाहिए कोई क्रीम ठीक हो जायेगा मेरे ख्याल से.”
चावला साहब: “कल भी नहीं आ पाउँगा क्यूंकि आरव को एयरपोर्ट चौररने जाना है वो कनाडा जा रहा है नाहा?”
संजना: “हाँ, मैं ने कहा है नाह के 4 दिन तक चुहने नहीं दूंगी हीहीहीहीही तो आप 4 दिनों के बाद hi आना तब तक होप के मुझको वहां बिल्कुल आराम आजाएगा वार्ना तब भी उस जगह से आप को दूर hi रहना होगा हम्म्म्म!”
चावला साहब थोड़ा नॉटी हो गए और कहा, “क्यों उस जगह के इलावा कोई और जगह नहीं है किआ मुझे अपने आप को और तुमको खुश करने के लिए? उस से भी बेहतर जगह है!!”
संजना समझ गयी के वह किआ कहना चाहते हैं और हँस्ते हुए रिप्लाई किया, “हम्म्म्म बड़े नॉटी हो आप तो? अच्छी तरह से समझती हूँ आप किश जगह के बारे में बोल रहे हो मगर वहां no एंट्री होता है हीहीहीहीही नॉटी साहब, बेशरम!”
चावला साहब ने अपने होठ को दन्त में दबाते हुए लिखा, “हम्म्म मतलब तुम समझ गयी के मैं किश जगह की बात कर रहा हूँ, अरे बेबी तुम्हारे आराम के लिए तो कह रहा हूँ, मुझे खुद तुम्हारे साथ आगे को करने में तकलीफ होगी क्यूंकि मैं तुमको दुःख और दर्द नहीं देना चाहता, तो पीछे आराम से एन्जॉय कर सकते हैं दोनों क्यों है नाह?”
संजना ने लिखा, “वह जी वह, मुझको दर्द नहीं देना चाहते कहा आप ने और पीछे करना चाहते हो तो वहां किआ दर्द नहीं होता? ज़्यादा दर्द होता है वहां!”
चावला साहब ने जवाब देने से पहले सोचा उस्सको कैसे पता के वहां ज़्यादा दर्द होता है? कभी किया है किआ? तो लिखा, “हम्म तुमको तो सब कुछ पता है? कैसे पता के पीछे ज़्यादा दर्द होगा बोलो?”
संजना ने अपन जीब को डेंटन के बीच दबाया और सोचा के ग़लत लिख दिया लास्ट मैसेज तो तो सुधारते हुए लिखा, “बुसस किताबों में पढ़ी टी.”
चावला साहब को फिरसे लगा के यह लड़की बहोत चालू है और ज़रूर ज़्यादा कुछ एक्सपीरियंस है इस्सकी. यह पहली बार नहीं शुरू से hi चावला साहब फील करते आरहे हैं के संजना हालां के वर्जिन थी यह सेक्स के मामले में बहोत एक्सपेरिएंस्ड है…. अब पीछे की बात चली तो किआ पता पीछे तो वर्जिन नहीं है? और इस्सकी तो कोई प्रूफ भी नहीं क्यूंकि विर्जिनिटी टूटने से खून निकलते हैं मगर पीछे तो नहीं तो कैसे पता चलेगा के संजना पीछे लेती है किसी से? चावला साहब इस बारे में सोचता रहा और खुद से कहा यह उस्सकी दिमाग़ का सोच है सिर्फ.
अगले दिन सब आरव को एयरपोर्ट चौररने गए. आरव ने चुपके से और धीरे से अपने सान्वी भाबी को कहा के संजना को किसी तरह खबर भेज दें के वो जा रहा है और उस्सको बहोत मिस करेगा. सान्वी ने कहा करदेगी उस्का काम.
घर वापस आने पर चावला साहब को एक सुकून फील हुआ के 3 महीनों तक अब वो संजना के साथ आराम से गुज़रेगा जब तक आरव वापस नहीं अत. मतलब इन् तीन महीनों के लिए संजना सिर्फ उनके लिए थी. बहोत खुश थे वो और संजना को कॉल किया और बात किये दोनों ने दो प्यार में डूबे कबूतरों की तरह और चावला साहब ने कहा के कल वो संजना से मिलने आरहे हैं दिन में जब आनंद काम पर होंगे. संजना ने कहा के वो बेताबी के साथ उंनका वेट करेगी क्यूंकि वो बहोत मिस करने लगे हैं उनको.
तो बे कॉन्टिनोएड……………… (1650 वर्ड्स)