Episode 7
अब मई सोच लिया था की मौसी को अपने घर में रखूँगा इलाज करूँगा साथ hi हाकिम का उपाय करता हूँ. अगले दिन जब में घर से निकल कर ऑफिस आया तो आज रंजू नहीं आयी थी सिर्फ जरा आयी थी.
जरा मुझसे boli-sir वो रिपोर्ट बनाने का काम बहुत मुश्किल है. आप तो जानते hi है गांव में सब औरत के पास जा जा के पूछना पड़ता है बहुत से औरत गुस्सा जाती है बहुत से औरत लोगों के मर्द गुस्सा जाते है.
मई bola-jara वो सब छोड़ो डिटेल में कुछ नहीं भरना है. तुम तो इसी गांव की हो तुमको बस सब औरतो और लड़कीओ के नाम जो 18 साल से ज्यादा के है और जिन लोगों की शादी हो गयी है उनके कितने बच्चे है ये भरना है. तुम्हे कही जाना भी नहीं है. तुम बस बताते जाओ मई कंप्यूटर में भरता जाता हूँ.
ये सुनकर जरा खुश हो गयी. और एक एक करके हर घर में कितनी लड़किया है कितनी औरते है. किसके कितने बच्चे है वो सब बताती गयी मई भरता गया.
करीब दो घंटे में ये काम ख़त्म हो गया.
अब मई सबसे पहले कंप्यूटर में बने फाइल में चेक किया कितनी औरते ऐसी है जिनकी उम्र 30 या उस से ज्यादा है लेकिन बच्चे एक भी नहीं है.
मुझे लिस्ट में लगभग 10 नाम ऐसे दिखे.
मई जरा को pucha-jara इन 10 में से कोई भी हकीम बाबा के पास नहीं गया था क्या.
जरा boli-sab गए थे सर. लेकिन हाकिम बाबा बोले की इनलोगों के जन्म दोष है पिछले जन्म में इनलोगों ने बहुत बुरे काम किये है उसी की सजा है ये.
मई bola-jab हाकिम ने ये बोलै तो इसमें से किसी के मर्द ने कुछ बोलै नहीं.
जरा boli-sir ऐसा मत बोलिये. हाकिम बाबा की बहुत अहसान है इस गांव पे.
मई bola-fir भी.
जरा boli-haan सर एक रहीम है न वो बाबा से बहुत गुस्सा हो गया था लेकिन फिर वो भी क्या करता वापस आ गया.
मई pucha-is बात को कितने दिन हो गए.
जरा बोली-6 महीने.
जरा फिर boli-mai तो सुनी हूँ रहीम अब दूसरा निकाह का सोच रहा है. उसकी बेगम शमीमा बहुत दुखी रहने लगी है.
मई bola-jara तुम मुझे रहीम से मिलवाओगी.
जरा boli-ji सर क्यों नहीं चलिए मई उसका घर आपको दिखा देती हूँ. अगर वो घर पर होगा तो जरूर मिल जायेगा.
फिर मई जरा के साथ चल दिया. गांव में hi एक छोटा सा घर था जो रहीम का था. उसके घर के सामने जाकर जरा आवाज di-rahim भाई रहीम भाई...
अंदर से एक 35-36 साल का आदमी निकला दिखने में पतला दुबला. देख के hi लग रहा था बहुत दारू पिता है क्यूंकि घर के सामने hi एक कोने में बहुत सा देसी दारू का प्लास्टिक पाउच फेका हुआ था.
फिलहाल तो वो होश में था.
रहीम bola-tumhe पहली बार देख रहा हूँ गांव में नया आये हो क्या.
मई bola-ji मई कल hi आया हूँ.
मई फिर bola-baith के बात करें.
रहीम bola-haa क्यों नहीं. और हम दोनों सामने पेड़ के निचे एक खटिया लगा था उसपे बैठ गए.
मई bola-pahle मई हिमालय में था. वहीँ पे पला बढ़ा पढाई लिखे यन्त्र तंत्र विद्या ये सब सीखा. फिर कुछ साल अजमेर में रहा फिर दिल्ली में रहा. वहां भी यन्त्र तंत्र और भी बहुत पढ़ाई किया. मई इतना पढ़ाई किया की सरकार को भी मुझे इस यन्त्र तंत्र के लिए नौकरी देना पड़ा.
रहीम भाई मेरा हमेशा से मकसद रहा है जो दुखी है उनकी मदद करना. मई आपके घर के बगल से गुजर रहा था लेकिन आपके घर से एक अजीब सा रोने का आवाज मुझे आपके घर के तरफ खींच लिया.
रहीम bola-lekin हमारे घर तो कोई नहीं रो रहा.
मई bola-rahin भाई मेरे पास तंत्र मंत्र है. मई सिर्फ बहार की hi नहीं अंदर से रोने की आवाज भी सुन लेता हूँ.
रहीम bola-achha तो बताओ कल रात हमारे घर कौन रोया है.
मुझे रहीम की बात पे इतना हसी आया.
मई bola-tumhari बेगम रोई है.
वैसे भी सेल के घर कोई रोया होगा तो वो इसकी बेगम hi होगी. पक्का दारू पीकर उसको पिता होगा.
मई फिर bola-mujhe ये भी पता है आपको कोई बच्चा नहीं है इसलिए आप बहुत दुखी रहते हो. मुझे ये भी पता है आप हाकिम के पास गए थे लेकिन कोई उपाय नहीं निकला. मुझे ये भी पता है आपके बेगम में पिछले जन्म का दोष है.
अब रहीम मेरी बात ध्यान से सुन रहा था.
मई bola-rahim भाई इतना hi नहीं मेरे पास वो शक्ति है मई आपकी बेगम का पिछले जन्म का दोष ख़त्म कर सकता हूँ.
रहीम का ये बात सुन आंख बड़ा बड़ा हो गया फिर वो bola-mujhe कैसे यकीं होगा की तुम सच बोल रहे हो.
मई bola-jab इतने साल में कुछ नहीं हुआ. हाकिम साहब भी हार मान गए तो एकबार मुझे आजमा के देख लो. मेरी लेकिन दो शर्ट है. पहला ये की इस बारे में तुम गांव में किसी को नहीं बताओगे नहीं तो नजर लग जायेगा. दूसरा तुम्हे मेरी बाते मन नई पड़ेगी जब मई तुम्हारी बेगम पे तंत्र विद्या अपनाउंगा. और हाँ ये बाते अगर तुमसे किसी और तक गयी तो तंत्र मंत्र कमजोर हो जायेगा.
मेरा फर्ज था तो मैंने बोल दिया बाकी मन न न मन न तुम्हारे ऊपर है. हाँ अगर तुम इस बारे में दूसरे से बात करोगे तब ये विद्या काम नहीं करेगी. मुझे लगा तुम्हारी मदद करनी चाहिए इसलिए एक छोटे भाई के हैसियत से आया हूँ. चलता हूँ रहीम भाई...
ये बोलकर मई जरा के साथ वहां से निकल गया.
मुझे कही न कही यकीं था की मेरा तीर निशाने पे जरूर लगेगा.
जब हम ऑफिस लौटे तो जरा मुझे घूर घूर के देख रही थी लेकिन बोल कुछ नहीं रही थी.
मई pucha-kya हुआ जरा तो वो बोली कुछ नहीं सर ...
फिर जरा भी चली गयी. मई भी ऑफिस बंद करके घर में आ गया.
मई मौसी को bola-mousi आप लेट जाओ मुझे आपके चोट चेक करने है.
मौसी boli-uski जरुरत नहीं है अंशु.
मई bola-mousi आप भी डॉक्टर हो मई भी डॉक्टर हूँ. आपको पता है डॉक्टर अपने काम अच्छे से करते है आप लेट जाओ.
मेरी बात सुन मौसी लेट गयी.
कल तो मौसी नींद में थी लेकिन आज होश में थी. मई धीरे से मौसी का निघ्त्य घुटने तक उठा दिया और फिर अपने डॉक्टर वाला कैची उठाया उसमे कॉटन लगाया और डेटोल में डूबा डूबा के मौसी के घुटनो के घाव को फिर से थोड़ा साफ़ किया क्रीम लगा दिया. अब एक चोट मौसी के घुटनो के थोड़ा ऊपर भी था तो मई इस बार निघ्त्य घुटना से थोड़ा और ऊपर उठा दिया.

आज जैसे hi मई निघ्त्य घुटने से थोड़ा ऊपर उठाया मौसी थोड़ा सा पेअर मोदी जिसके कारन अचानक से मेरे सामने मौसी का बुर और गांड आ गया. वैसे तो मई डॉक्टर हूँ फिर भी एक पल में hi मेरा लुंड पूरा खड़ा हो गया और जो मेरा हाल था वैसा hi हाल मौसी का भी था क्यूंकि वो भी शर्म से आंख बंद कर ली. कल जब मई मौसी के कपडे उतरे थे तब मौसी नींद में बेहोश थी और मुझे भी ऐसा कुछ नहीं हुआ था लेकिन आज तो मानो मेरा लुंड में तूफान आ गया. एक बात और भी था जो मई अब नोटिस किया. आज मौसी खुद से नहायी भी थी इसलिए मौसी कल के मुकाबले बहुत अच्छी दिख रही थी.
सायद नहाने में hi उनकी पंतय भीग गयी होगी और मौसी ने उसे खोल दिया होगा तब मुझे अहसास हुआ मौसी के पास सायद एक hi पंतय था. खैर मई मौसी के घुटने के ऊपर के जख्म की भी मरहम पट्टी किया फिर हाथ और पीठ के घाव को साफ़ किया क्रीम लगाया और मौसी को सो जाने को बोल दिया. जब मई वापस जाते जाते के बार मौसी को देखा तो फिर से मुझे उनका बुर और गांड के छेद दोनों दिख गए और उनका बुर और गांड का छेद दोनों न केवल गिला हो चूका था बल्कि जोर जोर से फड़क भी रहा था.

मौसी भले hi शांत होने का दिखावा कर रही थी लेकिन उनके अंदर आग लगा हुआ था ये बात मुझे साफ़ साफ़ पता चल रहा था और ये सब देख कर एक तरफ जहाँ मेरे अंदर जोश भर रहा था वही मई बहुत hi कंफ्यूज भी होता जा रहा था.