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Episode 35ज़रा को ऐसे हालत में देख कर मेरा बहोत मन कर रहा था की मई अभी hi ज़रा के ऊपर चढ़ जाऊ लेकिन मई जनता हूँ साबरा का फल मीठा होता है. मेरा एक गलत कदम सबकुछ बर्बाद कर सकता है. इधर ज़रा जोर जोर से हाफ रही थी उसका पूरा बदन पसीने से भीग गया था.
मई ज़रा की आँखों में देखा जहाँ अब शर्म था और शर्म से कुछ ज्यादा भी था मेरे लिए.
मई अब थोड़ा सीरियस होकर गंभीर आवाज़ में bola-Dekho ज़रा... आज जो हुआ वो तोह सिर्फ रास्ता साफ़ करने के लिए था. मई जो दवा लगाया हूँ वो अपना काम शुरू कर दिया है लेकिन तुम्हारा तकलीफ पुराण है. अगर तुम चाहती हो की ये दर्द और दिक्कत हमेशा के लिए ख़तम हो जाये, तोह तुम्हे काम से काम 4-5 बार और इसी तरह मेरे पास आना पड़ेगा इलजा के लिए.
ज़रा मेरा बात सुनते hi एक गहरा सांस ली और अपने कांपते हाथों से अपना नंगा जाँघों को ढकने की कोशिश कर रही थी.
ज़रा boli-Dakter साहब... अगर आप बोल रहे है तो ठीक hi होगा. आप मुझे बता दीजियेगा कब कब आना है.
फिर ज़रा boli-ye ठीक तो हो जायेगा न.
मई bola-bilkul हो जायेगा देखो तुम्हे आराम लग रहा होगा.
ज़रा boli-ji...
ज़रा को आज तक ऐसा सुकून और इतना गर्मी कभी महसूस नहीं हुआ था. वैसे भी उसे लगता था की मेरे पास डॉक्टर की डिग्री के अलावा तंत्र मंत्र का भी शक्ति है. उसको तो अब इस बात पे यकीं होने लगा.
मई bola-Theek है. अभी के लिए ये कपडे पहन लो और घर जाओ आराम करो. पर याद रखना, ये बात किसी को पता नहीं चलना चाहिए, वर्ण तुम गाओ के लोगों को तो जानती hi हो हर बात का 10 बात बना देते है.
ज़रा boli-ji डाक्टर साब.
फिर मई कमरे से निकला तो ज़रा धीरे से उठी, उसका पेअर अभी भी dag-maga रहा था. वो अपना कपडा ठीक की थोड़ा देर बैठी और अभी जो हुआ उसके बारे में सोची. उसे लग रहा था उसका बीमारी ठीक हो जायेगा. फिर वो भी कमरे से बहार आयी और अपने घर चली गयी.
मई सोचा नगमा से एक बार मिल लेते है. ये सोच कर मई चल दिया हाकिम सरीफ के दरबार की तरफ. रस्ते में जा रहे थे की मेरा कोई कॉल आया और मेरा ध्यान मोबाइल पे चला गया इतने में मई चलते हुए एक लड़के से टकरा गया.
वो लड़का दिखने में ठीक थक दुमदार दिख रहा था. बाल छोटा छोटा लेकिन चेहरा बड़ा सा. रंग हल्का कला.
लड़का bola-ankh में लौड़ा घुसा हुआ है देख के नहीं चल सकता.
तभी उसके साथ एक और लड़का था वो bola-bhaiya ये गांव का नया डाक्टर है...
ये सुनते hi वो bola-sale गांड में ज्यादा खुजली है तुमको जो यहाँ चला आया.
फिर वो लड़का bola-sala पहले वाली डॉक्टरवा माल थी उसका बुर छोड़ने का मौका hi नहीं मिल पाया पहले hi पागल हो गयी. सुना है पगलिया भाग गयी.
ये सुन का तो मेरा सर घूम गया.
मई गुस्से में bola-suna है तेरी माँ भी तो माल है एक बार देगा क्या...
ये सुन कर वो लड़का गुस्से में मेरा गाला पकड़ लिया और bola-sale माधरचोद गांव में किसी से भी लड़ लेना लेकिन मंटू से बच के रहना यही गाड़ देंगे.
मंटू नाम सुनते hi मुझे याद आया मौसी एक बार बोली थी हाकिम सरीफ का दो चार कुत्ता पाल रखा है इस गांव में उनमे से एक है ये मंटू.
मेरा गाला वो पकड़ रखा था फिर भी मई bola-beta अपने बाप से नहीं लगते. हाकिम बाबा को पता चला न की तू मुझे छुआ है तो सोच लेना.
हाकिम बाबा का नाम सुनकर उसका हाथ मेरा गाला पे ढीला तो पद गया लेकिन अभी भी मेरा गाला पकड़ रखा था.
मंटू bola-saale बाबा का नाम लेकर उनको बदनाम करता है चल तू मेरे साथ. ये बोलकर वो मेरा गाला छोड़ा और मेरा हाथ जोर से पकड़ कर बाबा के दरबार की तरफ ले गया. फिर दरबार के पीछे वाले रस्ते से वो मुझे सीधा अंदर ले गया जहाँ जहाँ बाबा बैठा हुआ था.
मंटू गुस्से में bola-baba ये आपका नाम बदनाम कर रहा है. आप हुकुम करो इसको मई यही मार के गाड़ दूंगा.
हाकिम बाबा bola-shant हो जा मंटू.
मंटू शांत हुआ.
मई सोचा साला बहार गांव में तो ये मंटू शेर बना फिरता है यहाँ आते hi आ गया कुत्ते वाला औकात में.
हाकिम bola-bolo क्या बात है.
मंटू bola-baba ये मेरी माँ के बारे में गन्दा गन्दा बोल रहा है.
ये सुनते hi हाकिम bola-thik है तू दो मिनट के लिए बहार जा.
मंटू को गुस्सा तो आया लेकिन वो बहार गया.
हाकिम bola-kyun रे डॉक्टर क्या हुआ.
मई लगाया दिमाग और bola-dekhiye बाबा आपने बोलै था न गांव की जो भी औरत 40 से ऊपर है वो मेरी.
हाकिम bola-haan तो क्या हुआ.
मई bola-wahi कुछ नहीं मई एक औरत को थोड़ा देख रहा था. मुझे नहीं पता था वो इसकी माँ है.
हाकिम bola-arey ये मेरा आदमी है इसका घर तो बक्श दे.
मई bola-baba मुझे अगर पता होता की ये आपका आदमी है तो मई क्या पागल हूँ जो ये सब करता. वैसे hi गांव में बहुत से हरामी लोग है जो आपका नाम ले ले कर अपना इज्जत बढ़ता है.
मई फिर bola-ek काम कीजिये बाबा आप बता दो कौन कौन आपका आदमी है उसके घर के औरतों के तरफ नजर नहीं डालूंगा.
हाकिम बाबा दो मिनट सोचा फिर bola-dekh गांव में वैसे तो बहुत लोग है लेकिन ये तीन लोग के घर से दूर रहना. ये मंटू है. एक है कल्लू. एक है चन्दर. ये तीनो मेरा काफी खाश है.
फिर बाबा bola-arey तू आया है तो यहीं मजा करके जा न. वैसे भी आज सही दिन सही समय पे आया है.
फिर बाबा रम्य को ईशर किया तो वो मंटू को लेकर आ गयी.
बाबा bola-dekh मंटू मई इसे समझा दिया. और तू भी सुन ये डॉक्टर बाबू खाश है अपना इसे कोई परेशानी नहीं होना चाहिए. ये भी तुमको परेशां नहीं करेगा अब तू जा.
मई मंटू को देख कर मुस्कुरा रहा था जैसे मई उसका मजाक बना रहा हूँ. वो भी मैथ माल्टा हुआ चला गया.
अब एक बात अच्छा ये हुए की मुझे पता चल गया गांव में इसके कुत्ते कौन कौन है. पहले इसके कुत्तो को अपना कुत्ता बनता हूँ फिर हरामी हाकिम सरीफ को कुत्ता बनाया जायेगा.
मई bola-baba एक और बात बोलना था.
हाकिम bola-bol क्या बात है.
मई bola-aise गांव में धुंध धुंध के औरत जुगाड़ करने में थोड़ा गड़बड़ी हो जाता है जैसे आज हुआ. एक काम कीजिये न कुछ दो औरत को इलाज के लिए मेरे पास भेज दीजिये जो औरत आपको बिलकुल नहीं पसंद है. जैसे कोई मोती हो काली हो या उम्रदराज की हो या कोई दुखियारी ताइपे की हो.
हाकिम बाबा जोर से ठाहक लगाया है है है हाआआआ. तू साला एक नंबर का ठरकी है. बस तुमको छेद से मतलब है. डॉक्टर है तू थोड़ा तो स्टैण्डर्ड रख.
मई bola-baba मुझे बस दो चाहिए. औरत होने चाहिए और चलती फिरती होनी चाहिए...
हाकिम फिर हँसा और bola-thik है... जा मजे कर....
मई वहां से निकल गया और हाकिम हस्ते हुए खुद से bola-ye भी न पूरा ठरकी है sala....koi इज्जत कोई स्टंडर्ड कुछ नहीं....
फिर वो रम्य के कान में कुछ कुछ बोलै और निकल गया.
इधर मई भी वहां से फिर घर की तरफ आ गया.
मई ज़रा की आँखों में देखा जहाँ अब शर्म था और शर्म से कुछ ज्यादा भी था मेरे लिए.
मई अब थोड़ा सीरियस होकर गंभीर आवाज़ में bola-Dekho ज़रा... आज जो हुआ वो तोह सिर्फ रास्ता साफ़ करने के लिए था. मई जो दवा लगाया हूँ वो अपना काम शुरू कर दिया है लेकिन तुम्हारा तकलीफ पुराण है. अगर तुम चाहती हो की ये दर्द और दिक्कत हमेशा के लिए ख़तम हो जाये, तोह तुम्हे काम से काम 4-5 बार और इसी तरह मेरे पास आना पड़ेगा इलजा के लिए.
ज़रा मेरा बात सुनते hi एक गहरा सांस ली और अपने कांपते हाथों से अपना नंगा जाँघों को ढकने की कोशिश कर रही थी.
ज़रा boli-Dakter साहब... अगर आप बोल रहे है तो ठीक hi होगा. आप मुझे बता दीजियेगा कब कब आना है.
फिर ज़रा boli-ye ठीक तो हो जायेगा न.
मई bola-bilkul हो जायेगा देखो तुम्हे आराम लग रहा होगा.
ज़रा boli-ji...
ज़रा को आज तक ऐसा सुकून और इतना गर्मी कभी महसूस नहीं हुआ था. वैसे भी उसे लगता था की मेरे पास डॉक्टर की डिग्री के अलावा तंत्र मंत्र का भी शक्ति है. उसको तो अब इस बात पे यकीं होने लगा.
मई bola-Theek है. अभी के लिए ये कपडे पहन लो और घर जाओ आराम करो. पर याद रखना, ये बात किसी को पता नहीं चलना चाहिए, वर्ण तुम गाओ के लोगों को तो जानती hi हो हर बात का 10 बात बना देते है.
ज़रा boli-ji डाक्टर साब.
फिर मई कमरे से निकला तो ज़रा धीरे से उठी, उसका पेअर अभी भी dag-maga रहा था. वो अपना कपडा ठीक की थोड़ा देर बैठी और अभी जो हुआ उसके बारे में सोची. उसे लग रहा था उसका बीमारी ठीक हो जायेगा. फिर वो भी कमरे से बहार आयी और अपने घर चली गयी.
मई सोचा नगमा से एक बार मिल लेते है. ये सोच कर मई चल दिया हाकिम सरीफ के दरबार की तरफ. रस्ते में जा रहे थे की मेरा कोई कॉल आया और मेरा ध्यान मोबाइल पे चला गया इतने में मई चलते हुए एक लड़के से टकरा गया.
वो लड़का दिखने में ठीक थक दुमदार दिख रहा था. बाल छोटा छोटा लेकिन चेहरा बड़ा सा. रंग हल्का कला.
लड़का bola-ankh में लौड़ा घुसा हुआ है देख के नहीं चल सकता.
तभी उसके साथ एक और लड़का था वो bola-bhaiya ये गांव का नया डाक्टर है...
ये सुनते hi वो bola-sale गांड में ज्यादा खुजली है तुमको जो यहाँ चला आया.
फिर वो लड़का bola-sala पहले वाली डॉक्टरवा माल थी उसका बुर छोड़ने का मौका hi नहीं मिल पाया पहले hi पागल हो गयी. सुना है पगलिया भाग गयी.
ये सुन का तो मेरा सर घूम गया.
मई गुस्से में bola-suna है तेरी माँ भी तो माल है एक बार देगा क्या...
ये सुन कर वो लड़का गुस्से में मेरा गाला पकड़ लिया और bola-sale माधरचोद गांव में किसी से भी लड़ लेना लेकिन मंटू से बच के रहना यही गाड़ देंगे.
मंटू नाम सुनते hi मुझे याद आया मौसी एक बार बोली थी हाकिम सरीफ का दो चार कुत्ता पाल रखा है इस गांव में उनमे से एक है ये मंटू.
मेरा गाला वो पकड़ रखा था फिर भी मई bola-beta अपने बाप से नहीं लगते. हाकिम बाबा को पता चला न की तू मुझे छुआ है तो सोच लेना.
हाकिम बाबा का नाम सुनकर उसका हाथ मेरा गाला पे ढीला तो पद गया लेकिन अभी भी मेरा गाला पकड़ रखा था.
मंटू bola-saale बाबा का नाम लेकर उनको बदनाम करता है चल तू मेरे साथ. ये बोलकर वो मेरा गाला छोड़ा और मेरा हाथ जोर से पकड़ कर बाबा के दरबार की तरफ ले गया. फिर दरबार के पीछे वाले रस्ते से वो मुझे सीधा अंदर ले गया जहाँ जहाँ बाबा बैठा हुआ था.
मंटू गुस्से में bola-baba ये आपका नाम बदनाम कर रहा है. आप हुकुम करो इसको मई यही मार के गाड़ दूंगा.
हाकिम बाबा bola-shant हो जा मंटू.
मंटू शांत हुआ.
मई सोचा साला बहार गांव में तो ये मंटू शेर बना फिरता है यहाँ आते hi आ गया कुत्ते वाला औकात में.
हाकिम bola-bolo क्या बात है.
मंटू bola-baba ये मेरी माँ के बारे में गन्दा गन्दा बोल रहा है.
ये सुनते hi हाकिम bola-thik है तू दो मिनट के लिए बहार जा.
मंटू को गुस्सा तो आया लेकिन वो बहार गया.
हाकिम bola-kyun रे डॉक्टर क्या हुआ.
मई लगाया दिमाग और bola-dekhiye बाबा आपने बोलै था न गांव की जो भी औरत 40 से ऊपर है वो मेरी.
हाकिम bola-haan तो क्या हुआ.
मई bola-wahi कुछ नहीं मई एक औरत को थोड़ा देख रहा था. मुझे नहीं पता था वो इसकी माँ है.
हाकिम bola-arey ये मेरा आदमी है इसका घर तो बक्श दे.
मई bola-baba मुझे अगर पता होता की ये आपका आदमी है तो मई क्या पागल हूँ जो ये सब करता. वैसे hi गांव में बहुत से हरामी लोग है जो आपका नाम ले ले कर अपना इज्जत बढ़ता है.
मई फिर bola-ek काम कीजिये बाबा आप बता दो कौन कौन आपका आदमी है उसके घर के औरतों के तरफ नजर नहीं डालूंगा.
हाकिम बाबा दो मिनट सोचा फिर bola-dekh गांव में वैसे तो बहुत लोग है लेकिन ये तीन लोग के घर से दूर रहना. ये मंटू है. एक है कल्लू. एक है चन्दर. ये तीनो मेरा काफी खाश है.
फिर बाबा bola-arey तू आया है तो यहीं मजा करके जा न. वैसे भी आज सही दिन सही समय पे आया है.
फिर बाबा रम्य को ईशर किया तो वो मंटू को लेकर आ गयी.
बाबा bola-dekh मंटू मई इसे समझा दिया. और तू भी सुन ये डॉक्टर बाबू खाश है अपना इसे कोई परेशानी नहीं होना चाहिए. ये भी तुमको परेशां नहीं करेगा अब तू जा.
मई मंटू को देख कर मुस्कुरा रहा था जैसे मई उसका मजाक बना रहा हूँ. वो भी मैथ माल्टा हुआ चला गया.
अब एक बात अच्छा ये हुए की मुझे पता चल गया गांव में इसके कुत्ते कौन कौन है. पहले इसके कुत्तो को अपना कुत्ता बनता हूँ फिर हरामी हाकिम सरीफ को कुत्ता बनाया जायेगा.
मई bola-baba एक और बात बोलना था.
हाकिम bola-bol क्या बात है.
मई bola-aise गांव में धुंध धुंध के औरत जुगाड़ करने में थोड़ा गड़बड़ी हो जाता है जैसे आज हुआ. एक काम कीजिये न कुछ दो औरत को इलाज के लिए मेरे पास भेज दीजिये जो औरत आपको बिलकुल नहीं पसंद है. जैसे कोई मोती हो काली हो या उम्रदराज की हो या कोई दुखियारी ताइपे की हो.
हाकिम बाबा जोर से ठाहक लगाया है है है हाआआआ. तू साला एक नंबर का ठरकी है. बस तुमको छेद से मतलब है. डॉक्टर है तू थोड़ा तो स्टैण्डर्ड रख.
मई bola-baba मुझे बस दो चाहिए. औरत होने चाहिए और चलती फिरती होनी चाहिए...
हाकिम फिर हँसा और bola-thik है... जा मजे कर....
मई वहां से निकल गया और हाकिम हस्ते हुए खुद से bola-ye भी न पूरा ठरकी है sala....koi इज्जत कोई स्टंडर्ड कुछ नहीं....
फिर वो रम्य के कान में कुछ कुछ बोलै और निकल गया.
इधर मई भी वहां से फिर घर की तरफ आ गया.




















