Doctor Sahab Desi Hindi Sex Kahani - Page 5 - SexBaba
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Doctor Sahab Desi Hindi Sex Kahani

Episode 35ज़रा को ऐसे हालत में देख कर मेरा बहोत मन कर रहा था की मई अभी hi ज़रा के ऊपर चढ़ जाऊ लेकिन मई जनता हूँ साबरा का फल मीठा होता है. मेरा एक गलत कदम सबकुछ बर्बाद कर सकता है. इधर ज़रा जोर जोर से हाफ रही थी उसका पूरा बदन पसीने से भीग गया था.

मई ज़रा की आँखों में देखा जहाँ अब शर्म था और शर्म से कुछ ज्यादा भी था मेरे लिए.

मई अब थोड़ा सीरियस होकर गंभीर आवाज़ में bola-Dekho ज़रा... आज जो हुआ वो तोह सिर्फ रास्ता साफ़ करने के लिए था. मई जो दवा लगाया हूँ वो अपना काम शुरू कर दिया है लेकिन तुम्हारा तकलीफ पुराण है. अगर तुम चाहती हो की ये दर्द और दिक्कत हमेशा के लिए ख़तम हो जाये, तोह तुम्हे काम से काम 4-5 बार और इसी तरह मेरे पास आना पड़ेगा इलजा के लिए.

ज़रा मेरा बात सुनते hi एक गहरा सांस ली और अपने कांपते हाथों से अपना नंगा जाँघों को ढकने की कोशिश कर रही थी.

ज़रा boli-Dakter साहब... अगर आप बोल रहे है तो ठीक hi होगा. आप मुझे बता दीजियेगा कब कब आना है.

फिर ज़रा boli-ye ठीक तो हो जायेगा न.

मई bola-bilkul हो जायेगा देखो तुम्हे आराम लग रहा होगा.

ज़रा boli-ji...

ज़रा को आज तक ऐसा सुकून और इतना गर्मी कभी महसूस नहीं हुआ था. वैसे भी उसे लगता था की मेरे पास डॉक्टर की डिग्री के अलावा तंत्र मंत्र का भी शक्ति है. उसको तो अब इस बात पे यकीं होने लगा.

मई bola-Theek है. अभी के लिए ये कपडे पहन लो और घर जाओ आराम करो. पर याद रखना, ये बात किसी को पता नहीं चलना चाहिए, वर्ण तुम गाओ के लोगों को तो जानती hi हो हर बात का 10 बात बना देते है.

ज़रा boli-ji डाक्टर साब.

फिर मई कमरे से निकला तो ज़रा धीरे से उठी, उसका पेअर अभी भी dag-maga रहा था. वो अपना कपडा ठीक की थोड़ा देर बैठी और अभी जो हुआ उसके बारे में सोची. उसे लग रहा था उसका बीमारी ठीक हो जायेगा. फिर वो भी कमरे से बहार आयी और अपने घर चली गयी.

मई सोचा नगमा से एक बार मिल लेते है. ये सोच कर मई चल दिया हाकिम सरीफ के दरबार की तरफ. रस्ते में जा रहे थे की मेरा कोई कॉल आया और मेरा ध्यान मोबाइल पे चला गया इतने में मई चलते हुए एक लड़के से टकरा गया.

वो लड़का दिखने में ठीक थक दुमदार दिख रहा था. बाल छोटा छोटा लेकिन चेहरा बड़ा सा. रंग हल्का कला.

लड़का bola-ankh में लौड़ा घुसा हुआ है देख के नहीं चल सकता.

तभी उसके साथ एक और लड़का था वो bola-bhaiya ये गांव का नया डाक्टर है...

ये सुनते hi वो bola-sale गांड में ज्यादा खुजली है तुमको जो यहाँ चला आया.

फिर वो लड़का bola-sala पहले वाली डॉक्टरवा माल थी उसका बुर छोड़ने का मौका hi नहीं मिल पाया पहले hi पागल हो गयी. सुना है पगलिया भाग गयी.

ये सुन का तो मेरा सर घूम गया.

मई गुस्से में bola-suna है तेरी माँ भी तो माल है एक बार देगा क्या...

ये सुन कर वो लड़का गुस्से में मेरा गाला पकड़ लिया और bola-sale माधरचोद गांव में किसी से भी लड़ लेना लेकिन मंटू से बच के रहना यही गाड़ देंगे.

मंटू नाम सुनते hi मुझे याद आया मौसी एक बार बोली थी हाकिम सरीफ का दो चार कुत्ता पाल रखा है इस गांव में उनमे से एक है ये मंटू.

मेरा गाला वो पकड़ रखा था फिर भी मई bola-beta अपने बाप से नहीं लगते. हाकिम बाबा को पता चला न की तू मुझे छुआ है तो सोच लेना.

हाकिम बाबा का नाम सुनकर उसका हाथ मेरा गाला पे ढीला तो पद गया लेकिन अभी भी मेरा गाला पकड़ रखा था.

मंटू bola-saale बाबा का नाम लेकर उनको बदनाम करता है चल तू मेरे साथ. ये बोलकर वो मेरा गाला छोड़ा और मेरा हाथ जोर से पकड़ कर बाबा के दरबार की तरफ ले गया. फिर दरबार के पीछे वाले रस्ते से वो मुझे सीधा अंदर ले गया जहाँ जहाँ बाबा बैठा हुआ था.

मंटू गुस्से में bola-baba ये आपका नाम बदनाम कर रहा है. आप हुकुम करो इसको मई यही मार के गाड़ दूंगा.

हाकिम बाबा bola-shant हो जा मंटू.

मंटू शांत हुआ.

मई सोचा साला बहार गांव में तो ये मंटू शेर बना फिरता है यहाँ आते hi आ गया कुत्ते वाला औकात में.

हाकिम bola-bolo क्या बात है.

मंटू bola-baba ये मेरी माँ के बारे में गन्दा गन्दा बोल रहा है.

ये सुनते hi हाकिम bola-thik है तू दो मिनट के लिए बहार जा.

मंटू को गुस्सा तो आया लेकिन वो बहार गया.

हाकिम bola-kyun रे डॉक्टर क्या हुआ.

मई लगाया दिमाग और bola-dekhiye बाबा आपने बोलै था न गांव की जो भी औरत 40 से ऊपर है वो मेरी.

हाकिम bola-haan तो क्या हुआ.

मई bola-wahi कुछ नहीं मई एक औरत को थोड़ा देख रहा था. मुझे नहीं पता था वो इसकी माँ है.

हाकिम bola-arey ये मेरा आदमी है इसका घर तो बक्श दे.

मई bola-baba मुझे अगर पता होता की ये आपका आदमी है तो मई क्या पागल हूँ जो ये सब करता. वैसे hi गांव में बहुत से हरामी लोग है जो आपका नाम ले ले कर अपना इज्जत बढ़ता है.

मई फिर bola-ek काम कीजिये बाबा आप बता दो कौन कौन आपका आदमी है उसके घर के औरतों के तरफ नजर नहीं डालूंगा.

हाकिम बाबा दो मिनट सोचा फिर bola-dekh गांव में वैसे तो बहुत लोग है लेकिन ये तीन लोग के घर से दूर रहना. ये मंटू है. एक है कल्लू. एक है चन्दर. ये तीनो मेरा काफी खाश है.

फिर बाबा bola-arey तू आया है तो यहीं मजा करके जा न. वैसे भी आज सही दिन सही समय पे आया है.

फिर बाबा रम्य को ईशर किया तो वो मंटू को लेकर आ गयी.

बाबा bola-dekh मंटू मई इसे समझा दिया. और तू भी सुन ये डॉक्टर बाबू खाश है अपना इसे कोई परेशानी नहीं होना चाहिए. ये भी तुमको परेशां नहीं करेगा अब तू जा.

मई मंटू को देख कर मुस्कुरा रहा था जैसे मई उसका मजाक बना रहा हूँ. वो भी मैथ माल्टा हुआ चला गया.

अब एक बात अच्छा ये हुए की मुझे पता चल गया गांव में इसके कुत्ते कौन कौन है. पहले इसके कुत्तो को अपना कुत्ता बनता हूँ फिर हरामी हाकिम सरीफ को कुत्ता बनाया जायेगा.

मई bola-baba एक और बात बोलना था.

हाकिम bola-bol क्या बात है.

मई bola-aise गांव में धुंध धुंध के औरत जुगाड़ करने में थोड़ा गड़बड़ी हो जाता है जैसे आज हुआ. एक काम कीजिये न कुछ दो औरत को इलाज के लिए मेरे पास भेज दीजिये जो औरत आपको बिलकुल नहीं पसंद है. जैसे कोई मोती हो काली हो या उम्रदराज की हो या कोई दुखियारी ताइपे की हो.

हाकिम बाबा जोर से ठाहक लगाया है है है हाआआआ. तू साला एक नंबर का ठरकी है. बस तुमको छेद से मतलब है. डॉक्टर है तू थोड़ा तो स्टैण्डर्ड रख.

मई bola-baba मुझे बस दो चाहिए. औरत होने चाहिए और चलती फिरती होनी चाहिए...

हाकिम फिर हँसा और bola-thik है... जा मजे कर....

मई वहां से निकल गया और हाकिम हस्ते हुए खुद से bola-ye भी न पूरा ठरकी है sala....koi इज्जत कोई स्टंडर्ड कुछ नहीं....

फिर वो रम्य के कान में कुछ कुछ बोलै और निकल गया.

इधर मई भी वहां से फिर घर की तरफ आ गया.
 
Episode 36हाकिम शरीफ के दरबार से निकल कर मई अपने घर की तरफ आ रहा था. मेरे दिमाग में तीन नाम घूम रहा था एक था मंटू, दूसरा कल्लू और तीसरा चन्दर. साला ये तीनो hi वो हरामी है जिन्होंने मेरी प्यारी मौसी पे हाथ उठाया था. इन तीनो से बदला लेना hi पड़ेगा वो भी अच्छे से. मई ये सब सोचते सोचते आ hi रहा था की देखा मल्टी किसी औरत के साथ बात कर रही थी. मई भी उधर से गुजरा तो मुझे देखते hi मल्टी बड़े hi इज्जत से boli-pranam डाक्टर साब.

फिर मल्टी उस औरत को boli-achha बबिता दीदी बात में बात करते है. और फिर वो उसके पास से मेरे पास आ गयी.

मई bola-tabiyat कैसा है.

मल्टी boli-achha है.

मई pucha-wp औरत कौन थी.

मल्टी बोली- वो बबिता दीदी है मंटू की माँ. मंटू है न हाकिम बाबा के यहाँ काम करता है. बबिता बड़े दिन से उसकी शादी की कोसिस कर रही है हो नहीं पा रहा है अभी hi सब ठीक चल hi रहा था लग रहा था शादी हो जायेगा लेकिन कल hi शादी टूट गया फिर से.

मल्टी फिर धीरे से boli-wo क्या है मंटू थोड़ा खता पिता ज्यादा है न इसलिए दिक्कत हो रहा है.

ये सुनते hi मेरा दिमाग एक बार में hi दौड़ गया.

मई मल्टी को bola-malti चलो तुमसे कुछ बात करना है यहाँ नहीं घर पे करते है.

मल्टी मेरा बात सुनते hi एक दम पतिव्रता नारी की तरह मेरे साथ उनके घर आ गयी. आंगन में मई उनके साथ बैठा.

मई bola-ek बात बोलूं मुझे लगता है की जो कला शक्ति हम आपके घर से हटा रहे है वैसा hi कुछ कला साया बबिता पे भी है तभी तो उसका कुछ भी भला नहीं हो रहा है.

मई चाहता हूँ तुम ये बात बैठा को बताओ लेकिन याद रहे ये बात गांव में किसी और को न बताना.

मल्टी boli-bilkul नहीं डाक्टर साब.

मई फिर bola-achha मई चलता हूँ थोड़ा काम है हमको.

और मई घर से निकल गया.

फिर जब आगे बढ़ रहे थे तो हमको शमीमा का घर दिख गया. मई सोचा क्या पता सिर्फ मल्टी के बात से बबिता न मने तो एक और प्लान तैयार किया. मई गया सीधा शमीमा के पास.

शमीमा अपने कमरे में आराम कर रही थी. मुझे द्केहते hi वो भी उठ के बैठ गयी. मई भी पहले उसका हाल चल पूछा फिर मई वही कला साया वाला बात यहाँ भी सुरु किया.

मई bola-Shamima, तुम्हारे घर से तो कला साया धीरे धीरे निकल रहा है, पर मई देख पा रहा हूँ वैसा hi एक काला शया बबिता पे भी मंडरा रहा है. मई नहीं चाहता की गाओं में हंगामा हो और सब लोग दर जाये इसलिए तुम धीरे से बबिता को समझा देना की अगर उसे अपने शरीर में कुछ अजीब लगे, तोह तुरंत चिकित्सा केंद्र आ जाये.

शमीमा boli-Aap चिंता मत कीजिये डॉक्टर साब, बबिता चची मेरी भी अपनी जैसी hi है. मई उसे आज hi बता दूंगी की उसके ऊपर काले साये का असर हो रहा है.

मई फिर वहां स हस्ते हुए निकला और मन में bola-saale मंटू मई जल्दी किसी के फॅमिली पे हाथ नहीं डालता लेकिन तेरी करतूत का सजा तो तुमको मिल कर hi रहेगा. वो भी कई तरीके से.

मई फिर बाजार की तरफ चल दिया कुछ खरीदने वही दोपहर का धुप ढलते ढलते मल्टी पहुंच गयी बबिता के पास. मंटू खेत की तरफ गया हुआ था, और बबिता अपने आंगन में बैठी अनाज साफ़ कर रही थी. बबिता एक भरी पूरी बदन की मालकिन थी थोड़ा भोलापन लेकिन पैसे की थोड़ी लालच भी. उसके बेटे की हरकतों की वजह से वो हमेशा थोड़ी सेहमी रहती थी लेकिन लड़का पैसे भी लाकर देता था इसलिए थोड़ी खुश भी रहती थी.

मल्टी बबिता के घर पहुंची और boli-Babita दीदी... ो बबिता दीदी. तुम यहाँ बैठी हो और तुम्हे खबर भी नहीं की तुम्हारे सर पर क्या मंडरा रहा है?

बबिता मल्टी का बात सुनते hi थोड़ा घबराई थोड़ा कंफ्यूज हो गयी. वो अनाज का थाली साइड राखी और बोली- क्या हुआ मल्टी? इतना डर क्यों रही हो?

मल्टी अपने गले पर हाथ रखा और धीरे से boli-Didi, आप तो देख hi रही हो पहले के मुकाबले हम अब कितने खुश रहने लगे है तुम हमेशा पूछती थी क्या राज है. क्या बात है इतना खुश रहती हो.

बबिता boli-haan पूछती रहती हूँ लेकिन तू बताती कहाँ है हर बार बात ताल देती है.

मल्टी boli-baat दरअसल ये है की मेरे घर पे एक कला साया था जो मुझे और बेटे को परेशां करता था फिर वो बेटे से बहु पे आ गया लेकिन एक दिन डाक्टर बाबू आये और वो साड़ी बुरी शक्ति को धीरे धीरे हमारे घर से मरने लगे और शक्ति ख़त्म होने लगा हम खुश रहने लगे.

बबिता boli-ye डाक्टर को तंत्र मंत्र आता है क्या???

मल्टी इस बात पे एकदम जोश में boli-arey आता है मतलब kya..hakim बाबा के वो शिस्य है लेकिन मई यकीं से बोलती हूँ हाकिम बाबा से ज्यादा शक्ति है डाक्टर बाबू के पास. डाक्टर बाबू मेरा इलाज किये लेकिन उनका शर्ट यही था की मई किसी को न बताऊ. वो क्या है न उन्हें दर था की कही बात फ़ैल गया तो कोई हमारा दुसमन हमपे कला जादू करवा देगा.

बबिता boli-arey लेकिन ये बात तुम हमको बता दी. डाक्टर ने तो मन किया था न.

मल्टी boli-didi इज्जत से नाम लो उनका. वो डाक्टर साब है और वो hi मुझे बोले है की आपके घर में भी वैसा hi एक काला साया है जिसके चलते आपके घर में ख़ुशी नहीं आ प् रहा है. मई तो कहती हूँ आज से hi इलाज करवा लीजिये और हाँ ये बात किसी को बताइयेगा नहीं. हम तो आपको अपना समझ के बता दिए बाकी जैसी आपकी मर्जी.

फिर मल्टी होने सर पे हाथ रख कर boli-arey माँ गाय को तो चारा hi देना मई भूल गयी. चलती हूँ दीदी फिर कभी आउंगी.

मल्टी तो चली गयी लेकिन बबिता का रंग उड़ गया. उसे मंटू का शादी का बात याद आ रहा था जो बार बार टूट जा रहा था.

बबिता बेचारी अपने सोच में गम hi थी थोड़े देर में शमीमा वहां आ पहुंची. शमीमा की बातों में एक अलग hi वज़न था क्यूंकि वो गाओं में थोड़ी समझदार मानी जाती थी.

शमीमा बोली- बबिता चची मई झूट नहीं बोलूंगी, पर डॉक्टर बाबू वाक़ई कोई साधारण इंसान नहीं हैं वो बता रहे थे की कला साया आपके पीछे है.

शमीमा boli-aapko पता है एक बार वो कला साया घुस जाये तोह इंसान dhire-dhire अंदर से खोखला हो जाता है.

बबिता ये सुनकर बहुत दर गयी.

बबिता boli-Toh अब मैं क्या करून शमीमा? हाकिम बाबा के पास जॉन?

शमीमा तुरंत boli-Nahi!... हाकिम बाबा के पास तोह वो साया और भड़क जायेगा. इसका इलाज सिर्फ और सिर्फ डॉक्टर साब hi अच्छे से कर सकते हैं. उनके पास वो गुप्त tantra-mantra और खाश दवा है जो इस साये को जिस्म से बहार खिंच लेती है. आप जितना जल्दी हो सके उनसे मिलो वर्ण बहुत देर हो जायेगा.

शमीमा फिर घोड़े देर मेरा बड़ाई की और वहां से चली आयी.

शमीमा के जाने के बाद बबिता वही पत्थर की मूर्ती बनकर बैठी रही. उसका बदन अब डर के मारे काँप रहा था. उसे ऐसा लगने लगा जैसे उसके कन्धों पर वाक़ई कोई बोझ है, जैसे कोई उसे अँधेरे से घर रहा हो.

वो baar-baar अपने hath-pair देख रही थी, उसे लग रहा था की उसकी खाल नीली पद रही है. वो बेचारी नहीं जानती थी की ये काला साया कुछ नहीं बल्कि सिर्फ एक भ्रम और मेरा साजिश है.

बबिता मन में sochi-malti भी बोल रही है शमीमा भी बोल रही है दोनों लोग तो झूठ नहीं बोल रहे होंगे. एक बार डॉक्टर बाबू से मिल hi लेती हूँ. शमीमा बता रही थी फ्री में इलाज करते है तो मिलने में क्या दिक्कत है.
 
Episode 37मई गांव से बाजार चला गया. मुझे अपनी प्यारी मौसी के लिए कुछ खरीदना था. गांव के बाजार में बहोत सारा सामान तो नहीं था लेकिन मेरा नजर सिर्फ वैसा सामान ढून्ढ रहा था जो मौसी का अच्छा लगे. मई एक कपडे का दुकान पर गया जहाँ शहर से आया नया माल रखा था. दुकान का एक कोना में देखा दो सेक्सी निघ्त्य रखा हुआ था. एक गहरी काली और एक बिलकुल जालीदार लेकिन उसमे लाल फूल बना हुआ. ऐसे निघ्त्य में मौसी को सोच कर hi मेरा मन मचलने लगा.







निघ्त्य का कपडा इतना नरम था की ऊँगली लगते hi फिसल जाये. मई सोचा मौसी का गोरा बदन इस काली निघ्त्य के निचे से झांकेगा, तोह रात में तन बदन में आग और भी भड़क जायेगा. मई उनके लिए ये दोनों निघ्त्य खरीद लिया फिर उनके लिए दो लाल साड़ी भी लिया. लाल रंग उनपर खिलता बहुत है. मैं दुकान वाले से कपडा अच्छे से पैक करवा लिया.

वहां से निकल कर मई रस्ते में आते वक़्त कुछ फूल भी तोड़ लिया और एक चलते भी ले लिया था. मई आज सोच रखा था मौसी के साथ अच्छे से प्यार करूँगा उन्हें पत्नी होने का सुख दूंगा और बरसो से जो उनका बदन इस तड़प रहा है उसे भी ठंडा करूँगा.

ऐसा नहीं था की मई मौसी को सिर्फ उनके बदन के लिए अपना पत्नी बनाया था. मई उनके साथ एक ऐसी ज़िन्दगी चाहता था जहाँ कोई डर न हो. मई सेक्सी निघ्त्य और बाकि सामान को भी अपने झोले में छुपा लिया और अपने कमरे में छुपा कर रख दिया. शाम हो चूका था मुझे बस रात का इंतजार था.

शाम का करीब अभी 5 से थोड़ा ज्यादा हो रहा था. धीरे धीरे सूरज ढल रहा था और मेरे अंदर अरमान जाग रहा था तभी मेरा दरवाजा बजा. कोई बहार से कुण्डी बजाय.

मई जैसे hi दरवाजा खोला तो देखा सामने बबिता थी. थोड़ी घबराई हुई थोड़ी परेशां सी.

मई तो मौसी के चक्कर में ये बात भूल hi गया था की मंटू के लिए भी मई जाल बिछा कर गया था.

मई जल्दी से अपना दरवाजा बंद किया और बबिता को लेकर बगल वाले ऑफिस में ले आया.

मई एक बार बबिता के बदन को देखा.
 
Episode 37ऑफिस के अंदर धुंधला रौशनी था. बबिता मेरे सामने कड़ी thar-thar काँप रही थी, वो अपने सदी के पल्लू को दोनों हाथों से कास के पकड़ राखी थी.

मई नरम आवाज़ में bola-Boliye बबिता जी, इतनी शाम को आप यहाँ? सब ठीक तो है न?

बबिता एक गहरा सांस ली और थोड़ा आगे बढ़कर boli-Dakter साब... मई बहुत परेशां हूँ. मल्टी और शमीमा जो बताई वो सुनके बहुत दर लग रहा है. वो कह रही थी की मेरे घर पे काला साया है... और अब मुझे भी लगने लगा है की ये सच है.

मई bola-ji हाँ ये बात बिलकुल सच है.

बबिता boli-Dakter साब... मेरे घर में बरसो से कोई ख़ुशी नहीं आया. मेरा बीटा मंटू... बड़ा हो गया है, पर उसका शादी कहीं टिक्क hi नहीं रहा. जहाँ बात बनता है, वहां कुछ न कुछ गड़बड़ हो जाता है. पहले तो समझ hi नहीं आता था की ये क्यों हो रहा है लेकिन अब समझ आया की वो साया hi है जो मेरे बेटे की ज़िन्दगी बर्बाद कर रहा है.

मई मन hi मन मुस्कुराया फिर कुछ सोचने का नाटक करके bola-Babita जी, आपने देर कर दी आने में. आप 5-6 दिन पहले मेरे पास आते तो बहुत hi आसानी से इलाज हो जाता लेकिन अब वो कला साया आपके घर से अंदर घुस चूका है.

बबिता जैसे hi ये सुनी वो बहुत घबरा गयी.

बबिता जी boli-Dakter साब, आप hi अब हमारा सहारा हैं. बस किसी तरह ये साया हटा दीजिये, मई कुछ भी करने को तैयार हूँ.

अब मेरा खेल सुरु होने वाला था.

मई खड़ा हुआ और बबिता जी के बिलकुल करीब आ गया.

मई bola-dekhiye अगर आपको उस काळा साये से आजादी चाहिए तो मुझे आपके सरीर और कपडा सोनो की शुद्धि करना पड़ेगा. उसके लिए मुझे आपका कपडा उतरना पड़ेगा क्यूंकि पहले कपड़ो का शुद्धि होगा फिर आपके बदन का.

ये सुनते hi बबिता जी काफी दर गयी.

बबिता जी अब शर्म और डर के बिच झूल रही थी. मई देखा की वो दुविधा में है, इसलिए मैंने अपना खेल आगे सुरु किया क्यूंकि मई तो मन बना चूका था आज बबिता जी को अपना सीकर बना के hi रहूँगा. वैसे भी गांव की बहुत सी औरतों की तरह बबिता जी भी प्यासी है. उन्हें भी आज वो सुख मिलेगा जो उनको कभी नहीं मिला है.

मई फिर आगे का काम सुरु किया. मई चुपके से पहले एक बार पीछे टेबल की तरफ गया और अपना मोबाइल ों कर दिया ताकि वीडियो बन सके फिर मई धीरे से टेबल के निचे हाथ ले जा कर अपना उंगली पे वो ठंडा वाला क्रीम लगा लिया.

मई bola-Babita जी, अगर आपको लगता है की मई झूट बोल रहा हूँ तो अभी खुद महसूस कर लीजिये की वो साया आपके बदन में kahan-kahan घर कर चूका है.

मई फिर बिना मौका दिए अपना हाथ बढ़ाया और बबिता के गले को छुआ. जैसे hi मेरा ठंडा उंगली उसका नरम गले के चमड़े को छुआ, वो झटके से पीछे होने लगी. पर मई हाथ हटाया नहीं, बल्कि उंगली को फिसलते हुए निचे की तरफ ले गया उनके दोनों चुचो के बिच की घाटी के पास और कुछ क्रीम उनके चुचो की घाटी में गिरा दिया जो सरकते हुए उनके ब्लाउज के अंदर जाने लगा. क्रीम का वो अजीब ठंडक उनके गले से होते हुए उसके दोनों भरा हुआ दूध के बिच जा कर ठहर गया.

बबिता जी शिशकते हुए बोली- अह्ह्ह... डाक्टर साब... ये... ये क्या है? इतनी ठंडा... जैसे कोई बर्फ रख दिया हो.

मई बोलै- ये मई नहीं हूँ बबिता जी, ये वही साया है जो मेरे छूटे hi ठंडक छोड़ रहा है. वो आपके चेहरे पे था जैसे hi मई मंत्र से छुआ वो भागने लगा देखिये अब वो आपके बदन में निचे की तरफ भाग रहा है.

बबिता जी बिलकुल घबरा गयी. मई तुरंत मौके का फायदा उठाया और उनके पीछे जा कर खड़ा हो गया. मई अपना हाथ धीरे से उसकी साड़ी के निचे घुसा दिया. मई उनके घुटने से लेकर ऊपर जांघ तक अपना ठंडा उंगली को फेरा और धीरे धीरे अपना हाथ का उंगली उनके बड़े बड़े गांड के दरार से फिसलकर उनके गांड के छेद पे रख दिया.

बबिता का पूरा बदन कांटे की तरह खड़ा हो गया. Jahan-jahan मेरा उंगली लग रहा था, वहां वहां उनका रोम रोम खड़ा हो जा रहा था. उनका निप्पल कसने लगा हाथ पेअर में बिजली सा लगने लगा.

मई तुरंत टेबल पे रखा रुमाल लिया और निचे गिरा दिया उनके पेअर के बिच में.

मई bola-dekhiye अब मई उसे आपके पीछे के रस्ते से भगाऊंगा और वो आपके आगे के रस्ते सुद्धा होकर जमीं पे गिरता जायेगा.

ये बोलकर मई अपना उंगली बबिता जी के गांड में घुसा दिया.

बबिता जोर से siski-ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh.........................





मई रुका नहीं और उंगली उनके गांड में तीन चार बार अंदर बहार किया और इधर उनके बुर से गिला गिला रास का 3-4 बून्द तप तप करके निचे रुमाल पे गिरा. ये देखकर तो बबिता जी को यकीं हो गया की मई सचमे बाबत बहुत बड़ा तांत्रिक हूँ. उसके पहले थोड़ा दर भी था की कही मई उनके साथ कुछ गलत न करू लेकिन अब तो उनको मुझपे अँधा भरोसा हो गया.

मई एक हाथ से बबिता जी का कमर पकड़ा और दूसरे हाथ का उंगली बबिता के गांड में अंदर बहार करने लगा. पीछे का छेद उसका एकदम तीग़ था. वो जोर जोर से umhhhhhhhhhhhhh umhhhhhhhhhhhhhhh umhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh काटके सिसक रही थी.





मई धीरे धीरे आगे का काम सुरु किया. बबिता जी का पल्लू तो कब का गिर चूका था. मई उनका गांड में उंगली करते करते एक हाथ से dhere-dheere पीछे से उनका ब्लाउज का हुक खोला. जैसे hi ब्लाउज ढीला हुआ उनका भरा हुआ दूध साफ़ साफ़ दिखने लगा. बबिता जी ब्रा नहीं पहनी थी तो ब्लाउज का आखरी हुक जैसे hi खुला ब्लाउज सरक के जमीं पे आ गया.

बबिता जी थोड़ा शर्मा गयी.

मई धीरे से bola-Babita जी, डर को बहार निकलने दीजिये. शर्म करेंगी तो साया वही छुप जायेगा.

मेरा आवाज़ सुनकर वो एक गहरा सांस ली. फिर मई हाथ आगे लेजाकर साड़ी और पेटीकोट का गांठ खोला.

साड़ी उनका चिकना मोटा जांघ से फिसलता हुआ निचे ढेर हो गया.

अब बबिता मेरे सामने सिर्फ अपनी छोटी सी अंडरवियर में कड़ी थी. मैंने देखा की उसका बदन वाक़ई किसी naye-naveli दुल्हन की तरह दुमदार tha—bhara हुआ कमर, नरम पेट और मोटा मोटा जांघ.

मई bola-babita जी अब आपको बिस्तर पे लेटना होगा. और बबिता जी को बिस्तर पे लेता दिया फिर मई बड़े प्यार से उनका पंतय भी निकल दिया. वो शर्म के मारे आंख बंद कर ली.

मई समझ गया था की ये तो अब मेरे चंगुल में आ चुकी है.

मई टेबल से क्रीम निकला और पुरे बदन का मालिश सुरु किया. मालिश का शुरुआत उनके गले से किआ.

मई bola-babita जी यही से वो कला साया भागना सुरु हुआ था और जैसे hi मेरी गर्म हाथ साथ में ठंडा क्रीम गले का नरम चमड़ा से लगा, बबिता का बदन अकड़ने लगा. उसका गाला डर और प्यास से सुख रहा था, वो baar-baar थूक निगल रही थी. मई गले से होते हुए हाथ उनका बड़ा बड़ा दूध पे लगा दिया. पहले तो अच्छे से क्रीम लगाया फिर अच्छे से मसल मसल के दूध को दबाया निप्पल को मरोड़ा ैथा.





बबिता तो बस पागल की तरह कभी हाथ पटकती कभी पेअर पटकती और umhhhhhhhhhhhhh umhhhhhhhhhhh umhhhhhhhhhhhhhhhhh करके सिसकती.

मई क्रीम लेकर उनके साइन के बाद नरम और थोड़े भरा हुआ पेट पे रखा और अपना उंगली उनके नाभि में घुसा दिया. वो तो तड़प hi उठी.

मई देखा उनका बुर तो पानी बहाये जा रहा था मई भी मौस्का का फायदा उठाया और अपना दो उंगली बबिता का गरम बुर में एक झटके में घुसा दिया.

बबिता जोश में अपना दोनों जांघ मेरे हाथ पे कास ली. और कमर उचका उचका कर ufffffffffffffffffffff ufffffffffffffffffffffffff ufffffffffffffffffffffff करके झड़ने लगी.

बबिता बीएड पे झाड़ रही थी उसको ऐसे देख कर मेरा लुंड मचल रहा था. वैसे तो मई सोचा नहीं था बबिता को आज hi छोड़ेंगे लेकिन अब मन बन गया था. मेरा दिमाग अब मंटू को एक और ज़ोरदार झटका देने की तयारी कर रहा था.

बबिता जैसे hi थोड़ा अपना सास संभाली मई अचानक से एक लम्बा और डरावना सांस लिए.

मई कांपने का नाटक करने लगा.

मई घबराने का नाटक करके बोलै- ये... ये क्या हो रहा है? बबिता जी... देखिये! ये क्या है?

बबिता डर के मारे अपना आँख ठीक से खोली और मुझे देखि, मेरा पूरा बदन thar-thar काँप रहा था.

बबिता दर गयी और बोली- डाक्टर साब... क्या हुआ? आप डर क्यों रहे हैं?

मई bola-Wo साया... वो साया तुम्हारे बदन से निकल कर मेरे कपडे के रस्ते मुझमे आने का कोसिस कर रहा है ये बोलकर मई एक झटके में अपना सारा कपडा उतरा और अपने से दूर फेक दिया.

मई अपना सारा कपडा तो फेक दिया और बबिता जी का नजर गया मेरा लुंड पे जो पूरा खड़ा था.

बबिता की जिंदगी का ये दूसरा लुंड था.

बबिता जी मन में sochi-dekho तो तांत्रिक बाबा के पास कितना शक्ति है तभी तो उनका लुंड भी इतना मोटा और लम्बा है.

मई तुरंत आगे बढ़ा और टेबल पे रखा खासी का दवा उठाया और उसका ढक्कन खोल कर जमीं पे गिरा के एक लाइन बना दिया.

मई बबिता जी को bola-babita जी आप उस लाइन के आगे खड़ा हो जाइये और उधर की तरफ देखिये.

बबिता जी वैसा hi की वो तुरंत कड़ी हुई और उस लाइन के दूसरी तरफ कड़ी हो गयी.

मई पीछे से बड़े अच्छे से बबिता के गांड को निहारा फिर अपना लुंड पकड़ा और पीछे से बबिता जी के गांड पे सत्ता दिया.

मई bola-babita जी अभी भी कुछ कला साया आपके अंदर है उसे निकलना होगा. ये बोलकर मई अपना लुंड का टोपा बबिता जी के गांड के छेद पे टिका दिया.
 
Episode 38बबिता के गांड के छेद पर मेरा लुंड का टोपा लगा हुआ था. बबिता को तो ये आईडिया भी नहीं था की गांड का भी चुदाई होता है. उसे लगा मई कोई तंत्र मंत्र करूँगा लेकिन मई धीरे से अपने लुंड का बबिता के गांड पे दबाया तो मेरे लुंड का टोपा बबिता के गांड के छेद में घुस गया.

बबिता जी मन में सोची-ोी मा... ये क्या हो रहा है... डाक्टर साब का ये कैसा औज़ार है? इतना मोटा और इतना गरम... ऐसा लग रहा है जैसे कोई गर्म सरिया मेरे अंदर घुस रहा हो. मई तो कभी सपने में भी नहीं सोची थी की पीछे से भी ऐसा हो सकता है. अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह माआ दर्द हो रहा है... पर मज़ा भी मिल रहा है.

मई धीरे से अपना कमर को और आगे झटका दिया. लुंड का आधा हिस्सा बबिता की टाइट गांड को चीरते हुए अंदर उतर गया.

मई बोलै- बबिता जी, हिलिए मत! कला साया बहुत अंदर छुपा है, मुझे पूरा अंदर जा कर उसको भागना पड़ेगा ये बोलके एक जोर दार धक्का लगाए और पूरा मोटा लुंड बबिता के गांड में ठूस दिए.

बबिता दर्द भरा चीख मारी—Ahhhhhhhhhhh... डाक्टर साब... बस कीजिये... पहात जाएगी मेरी... उफ्फफ्फ्फ़!

मई bola-babita जी थोड़ा दर्द होगा बस जोर जोर से सास लीजिये.

अब मई dhere-dheere अपना कमर चलना शुरू किया. पहले धीरे धीरे गांड मरना सुरु किया. जैसे जैसे बबिता जी को मजा आने लगा मई रफ़्तार तेज कर दिया.

Fattt-fatt-thapppp थप्प्प्प्प का आवाज़ पूरा केबिन में गूंजने लगा.





मई एक बार मोबाइल के तरफ देखा और कमीना मुस्कान है दिया ताकि जब ये मई मंटू को दिखाऊ तो उसका गांड जल जाये. अब मई बबिता जी को छोड़ते छोड़ते थोड़ा सा घुमा दिया ताकि मेरा लुंड बबिता जी के गांड के अंदर जाते हुए साफ़ साफ़ दिखे.

बबिता बेचारी तो अब होश खो रही थी. उसका बदन पसीने से lath-path हो चूका था. वो अब ajeeb-ajeeb आवाज़ निकल रही थी. ुंहःहःहःहः... हॉँण्णन... डाक्टर साब... और... और गहरा... अह्ह्ह... साया निकल रहा है... उफ्फफ्फ्फ़... मर गयी रीई! अह्हह्ह्ह्हहननन oooohhhhhhhhhh कर रही थी.

मई उनका बाल पकड़ा और पीछे खिंच कर कान में बोलै -देखिये बबिता जी, कैसे आपका पिछले रास्ता में दर्द काम हो रहा है. वो शक्ति आपके आगे के रस्ते निचे गिर रहा है.

मई चुदाई का स्पीड और बढ़ा दिया. बबिता का गांड के दोनों गप्पे मेरे पेट से zor-zor से टकरा रहे थे. वो कभी रोटी, कभी सिसकती, और कभी जोश में आकर अपनी गांड पीछे की तरफ झटकती. उसका पूरा बदन अब आग की तरह तप रहा था और उसकी बुर से निकलता पानी अब उसकी जाँघों से होते हुए जमीं पे गिर रहा था.

मई फिर bola-Babita जी, कला साया बहुत ज़िद्दी है, वो कोने में छुपा है. आप एक काम करिये बिस्तर पे घोड़ी बनिए, तभी मेरी शक्ति उसे जड़ तक भगा पायेगा.

बबिता जी बिना सवाल किये हल्का लंगड़ाते हुए बीएड पे घोड़ी बन गयी. उनका भरा हुआ बदन और उनकी गोरी, मोती गांड अब मेरे लुंड के सामने बिलकुल नंगा और तैयार था. मई मोबाइल का एंगल थोड़ा निचे किया ताकि मेरा हर एक झटका मंटू अच्छे से देख पाए.

मई पीछे से बबिता का मोटा चर्बीदार कमर पकड़ा और दोनों जांघ को फैलाया और पूरे ज़ोर से अपना लुंड एक झटके में hi बबिता के गर्म गर्म गांड में उतर दिया.

बबिता जोर से सिसकी -AHHHHHHHHHHH! डाक्टर साब... ohhhhhhhhhhhhhhhhhhh माआ..... uffffffffffffffffffffffffff"

मई उनका कमर पकड़ा और gupppppppppp guppppppppppp करके धक्का मारना शुरू किया. हर धक्का पे बबिता जी का पूरा बदन आगे की तरफ झटका खता और उनका गांड पीछे मेरे कमर से ज़ोर से takraata.maze के मरे उसके मुंह से सिर्फ सिसकियाँ निकल रहा था.





बबिता मस्ती में चुड़ते हुए मन में सोच रही थी-हे भगवन... ये कैसा तांत्रिक है. इसका लुंड तो किसी जानवर जैसा है. मेरा पिछले रास्ता पहात रहा है पर... पर ये मज़ा कैसा है? लगता है कला साया निकल रहा है.

मई चुदाई का रफ़्तार इतनी तेज़ कर दिया की बबिता अब पागलों की तरह चीखने लगी थी. उसका नंगा बदन पसीने से चमक रहा था. मई महसूस किया की अब मेरा लुंड भी अब पूरा अकड़ चूका है और उसका अब निकलने वाला है. मई बबिता जी के बाल को ज़ोर से मुट्ठी में जकड़ा और आखरी teen-chaar ज़ोरदार झटका मारा.

मई अपना लुंड पूरा गहराई तक उनका गांड में धसाया और अपना सारा माल बबिता के गांड में भरने लगा. बबिता जी का बदन एक दम से एकाध गया और उनका आँख बंद हो गया. उनको महसूस हो रहा था की उनके पिछले रस्ते में कोई गर्म धरा बह रहा है.

मई लुंड बहार निकला और देखा की उनका गांड का छेड़ जो पहले पूरा बंद था अब थोड़ा खुला रह गया था और वहां से मेरा माल dhere-dheere टपक कर निचे गिर रहा था.





मई तुरंत वही रुमाल उठाया जो उसकी बुर के पानी से पहले hi गीला था और वो बबिता जी को समेत के दे दिया.

मई बोलै- ये रुमाल अपने पास रखियेगा. देखिये मई आपका आज इलाज कर दिया है लेकिन ये इलाज काम से काम 5 बार करना पड़ेगा. ये रुमाल अपने पास रखिये और हर दिन सुबह शाम एक बार इसको द्केहियेगा और अभी जो हुआ उसको याद कीजियेगा. अगर आपका बदन फिर से तड़पने लगे तो इस रुमाल को धो कर इसके सूखने के पहले मेरे पास आ जाइएगा इलाज के लिए.

बबिता बेचारी हफ्ते हुए मेरा बात ध्यान से सुनी और वो रुमाल रख ली. फिर बबिता थोड़ा देर वही आराम की. मई उनको एक पैन किलर खिला दिया फिर प्यार से कपडा पहनकर घर भेज दिया. बबिता जब वहां से निकल गयी तब मई मोबाइल का रिकॉर्डिंग बंद किया और मोबाइल अपने पॉकेट में रखकर ख़ुशी खसुहि घर आया. मुझे पता था कल मंटू बाबत रोंबे वाला है. मुझे ये भी पता था की बबिता को चुदाई में मजा आया है तो वो भी आज नहीं तो कल फिर छोड़ने के लिए आएगी hi आएगी. ये चुदाई एक नशे की तरह है. जब तक जी भरके न मिले मन नहीं भरता.
 
Episode 39जब मई यहाँ बबिता की चुदाई में लगा था उसी समय मेरे घर में मेरी मौसी कमरे में इधर उधर भटक रही थी. करीब 20-25 मिनट कमरे में टहलने के बाद आखिरकार वो फ़ोन अपने दीदी को यानि मेरी माँ को लगाई. फ़ोन रिंग होने लगा और फिर जैसे hi उधर से मेरी माँ फ़ोन उठायी और boli-hello..

इधर से नीलम मौसी रोने लगी.

माँ घबरा गयी और boli-kya हुआ छोटी.... नीलम क्या हुआ???????

मौसी रट हुए boli-didi मुझे माफ़ कर देना दीदी.... मई ये नहीं चाहती थी की हो लेकिन ये हो गया.... ये बोलकर मौसी फिर रोने लगी.....

माँ घबरा के puchi-kya हुआ कुछ तो बता.... ये अंश कहाँ है????? क्या वो तेरी मदद नहीं कर रहा. तू रुक मई अभी अंश को फ़ोन करती हूँ...

मौसी बहुत हिम्मत करके रट हुए boli-didi मेरी बात सुनो.... मैंने अंश से शाद्दी कर लिया....

मौसी जैसे hi ये बोली एक पल के लिए पूरा सन्नाटा च गया न तो माँ कुछ बोली और ना hi मौसी.... मौसी बस रो रही थी रट हुए भी आप मुँह खुद से दबा रही थी ताकि उनके रोने की आवाज माँ तक न पहुंच जाये...

फिर उधर से माँ hi boli-tune ठीक किया नीलम... तूने बिलकुल ठीक किया ...

ये सुनते hi मौसी को सदमा सा लग गया. मौसी की आंख बड़ा बड़ा हो गया.

माँ boli-tujhe क्या लगता है मुझसे कोई बात छुपी हुई है. अंश मेरा बीटा है. बचपन से पला है मैंने उसे.

माँ फिर boli-dekho नीलम मई बचपन से चाहती थी की वो बात सच न हो वो बात सच न हो लेकिन वो बात सच हो hi गया. अब मई दिल से चाहती हूँ की वो बात सच हो जाये. जितना जुल्म उनलोगों ने तुमपे किया है , मुझपे किया है और दीदी पे किया है अब सब का बदला लेने का टाइम आ रहा है.

मेरे बेटे की पोस्टिंग उस पुराने से गांव में होना फिर वहां तुमसे मिलना फिर तुम्हारे पति का मौत हो जाना मेरे पति का भाग जाना ये सब सिर्फ एक संजोग नहीं है नीलम एक सोची समझी साजिश है. एक बड़ा चल है. लेकिन वो लोग ये भूल गए की किस्मत नाम की चीज भी होती है. देखो किस्मत अब किस तरह घूम रहा है. वो लोग जो चाहते थे वही होगा लेकिन बस फर्क ये है की तब हम कटपुतली थे वो लोग हमे नाचने वाले अब वो लोग कटपुतली बनेंगे और हमलोग उन्हें नाचने वाले.

फिर माँ boli-congratulation छोटी. सुहागरात मुबारक हो. बस ये मत भूलना की मई तुम्हारी सास भी बन चुकी हूँ लेकिन सास बन ने से पहले मई तुम्हारी दीदी भी हूँ. और तुम्हारी दीदी के अलावा तुम्हारी बचपन की हंसती तुम्हारी दोस्त भी.

मौसी मुस्कुराते हुए अपने ासनहु पोची और boli-sirf हंसती नहीं दीदी कुछ दिन में सौतन भी बनोगी...

माँ मुस्कुरायी और boli-sayad किस्मत में यही लिखा है..... मेरे बच्चे का ध्यान rakhna...jaise वो तुम्हारा रखता है...

ये बोलकर माँ फ़ोन रख दी. माँ का दिल एक दम तेज तेज धड़क रहा था.

माँ फ़ोन रख कर अपने कमरे में गयी ालमिरह से एक पुराण एल्बम निकली और उसमे एक फोटो के पीछे दूसरा फोटो छुपा कर रखा हुआ था उसे निकली और देख कर boli-kaisa किस्मत है न. मई यहाँ पिछले 15-20 सैलून से तड़प रही हूँ और तुम मजे कर रहे हो लेकिन अब पैसा पलटने वाला है. आने वाले दिन में मई मजे करुँगी और तुम तड़पने वाले हो बहुत तड़पने वाले हो.
 
Episode 40मई बबिता जी को अस्पताल से भेजने के बाद अपने घर आया तो देखा मौसी चुप चाप खिड़की के पास बैठे पीछे वाली खिड़की से बहार देख रही थी और किसी सोच में गम शूम सी थी.

अक्सर हमारा खिड़की बंद hi रहता था क्यूंकि मुझे दर था कोई गांव वाला उन्हें मेरे साथ घर में न देख ले लेकिन आज मौसी चुप चाप खिड़की से बहार चाँद को देख रही थी तो मई भी कुछ नहीं बोलै.

मई आराम से उनके पीछे जा कर बैठा और उनके कंधे पे हाथ रखा.

जैसे hi मेरा हाथ उनके कंधे पे गया वो अपने ख्यालों से वापस आ गयी.

मई bola-kya हुआ मौसी?

मौसी boli-aap भूल रहे हो मई अब आपकी मौसी नहीं आपकी पत्नी हूँ. हमारे संस्कार में पत्नी को नाम से बुलाते है.

मौसी का बात सुनके मई थोड़ा सा हँसा और bola-lekin हमारे संस्कारों में अपने से बड़े को नाम से नहीं बुलाते है.

मौसी मेरे बात पे है दी.

मई bola-ek काम करते है क्यों न मई आपको नीलम मौसी बोलकर बुलाऊ.

मौसी boli-nahi नहीं ये बहोत फॉर्मल सा लगता है.

मई bola-kyun न आपको नीलम डार्लिंग बोलकर बुलाऊँ..

देखिये इसमें मई आपका नाम भी ले रहा हूँ और प्यार से इज्जत से डार्लिंग भी बोल रहा हूँ. मेरे संस्कार भी बच गए और आपके भी.

मौसी boli-mujhe आप नहीं तुम बोलै कीजिये.

मई bola-ek शर्ट पे बोलूंगा मेरी डार्लिंग आप भी मुझे आप नहीं तुम बोलै कीजिये. जैसे पहले बोलते थे.

मौसी boli-bilkul जिद्दी हो अपनी माँ की तरह.

मौसी फिर तुरंत boli-aaj दीदी से बात हुआ मेरा.

मई pucha-kya बात हुआ है????

मौसी शर्मा के boli-mai उनको बता दी की उनका बीटा अब मेरा हो गया है.

मई bola-maa गुस्साई नहीं.

मौसी शर्मा के boli-nahi वो मुझे आशीर्वाद भी दी.

ये सुनते hi मई खुश हो गया और मौसी को पकड़ा और जोर से उनका होठ चुम लिया.

जैसे hi मेरा होठ उनके होठ से लगा हम दोनों गर्म हो गए और एक दूसरे के होठ जोश में चूमने लगे.





मई और मौसी दोनों जोश में आ hi रहे थे की हमे लगा कोई खिड़की के पास है.

हम दोनों तुरंत अलग हो गए और खिड़की के तरफ देखे तो उधर कोई नहीं था.

मई खिड़की बंद कर दिया.

मौसी बोली एक बात बलून.

मई bola-boliye

मौसी boli-mujhe वडा करो तुम समय आने पर अपनी उम्र की लड़की से शादी करोगे.

मई bola-mujhe अपनी उम्र की लड़की नहीं पसंद आयी तो????

मौसी boli-thik है वडा करो तुम दूसरी शादी करोगे...

मई जनता था मई जब तक वडा नहीं करूँगा मौसी मुझे नहीं अपना पायेगी क्यूंकि उन्हें लगता है मई उनके चलते खुद की जिंदगी एन्जॉय नहीं कर पाउँगा.

मई bola-wada है मौसी

मौसी boli-mousi नहीं नीलम.

मई बोलै- हाँ मेरी नीलम डार्लिंग और फिर मई उनको चूमने hi वाला था की कोई मेरे दरवाजे को बजाय.

मई दरवाजा के पास गया तो बहार से किसी औरत का वजा आया डाक्टर साब डाक्टर साब दरवाजा खोलिये.

मई दरवाजा खोला तो सामने देखा एक औरत कड़ी थी चेहरे पे पूरा पसीना. जोर जोर से हाफ रही थी.

मई pucha-kya हुआ

वो boli-dekhiye न साइन में बहुत दर्द है....

मई bola-rukiye मई अभी चेक करता हूँ और मई घुमा अस्पताल का चाभी लेने के लिए तभी मेरे पीठ पे एक डंडा पड़ा dhadddddddddddddd.

मई गिर गया.

मुझे तुरंत मौसी का ख्याल आया और माईगीरे हुए में hi फाटक से मौसी के तरफ देखा जो ये आवाज सुनकर कमरे से निकली hi थी किसी ने उनके चेहरे पे एक जोर का थप्पड़ मारा chattakkkkkkkkkkkkkkkkkkkkkkkk.

मई जब नजरे उठा कर देखा तो मेरे सामने मंटू मुस्कुरा रहा था और वही एक आदमी मौसी को पकडे हुए था.

वो मौसी को bola-sali कामिनी तू यहाँ इस लड़के के साथ आशिकी लड़ा रही है. तू भूल गयी मई तेरा पति हूँ पति...

अभी इतना हुआ था की मुझे एक और झटका लगा.

क्यूंकि वही सामने में हाकिम सरीफ खड़ा था.

हाकिम सरीफ कमीने मुस्कान के साथ मेरे पास आया और bola-dakter तू सिर्फ ठरकी hi नहीं बेवकूफ भी है. तुझे क्या लगता है मेरी बुद्धि झट बराबर है. तू इस गांव में काण्ड करेगा और मुझे पता भी नहीं चलेगा.

हाकिम सरीफ मेरे पास आया और मेरा बाल पकड़ कर खींचते हुए bola-beta मेरा नाम है हाकिम सरीफ. हाकिम गांव वालो के लिए सरीफ दुनिया के लिए. तेरे जैसा कल का पैदा हुआ लड़का की औकात hi क्या है.

फिर हाकिम मंटू को बोलै- रात का टाइम है मुझे गांव में कोई हल्ला चिल्ला नहीं चाहिए ले चलो इसको और इसकी रांड को दरबार में हिसाब करेंगे.

फिर मंटू के साथ एक और आदमी आया जो जबरन मेरा हाथ और मुँह बांध दिया वही मेरा हरामी मौसा जो साला पता नहीं कैसे जिन्दा है वो मौसी का मुँह बांध दिया और हम दोनों को स्कोपिओ में बिच वाले सीट पे धक्का दे कर बैठा दिया और जबरन दरबार ले आने लगे.

ले चलो रे इसको अच्छे से सबक सीखना पड़ेगा. फिर वो मुझे bola-arey झतु पीछे क्या देख रहा है तेरे पीछे जो आदमी है न वो तेरा अपना मौसा है मौसा. तेरी मौसी का पति.

हम दोनों को दरबार में ले आया गया.

हाकिम के साथ मंटू मेरा मौसा और एक गुंडा था. वो लोग मिलकर पहले मुझे एक लकड़ी के कुर्सी पे बैठा कर बांध दिया फिर दूसरे कुर्सी पर मेरी मौसी को बांध दिया.

हाकिम भी एक बड़े से राजगादी पे बैठ गया और हम सबके सामने hi अपना पेंट खोल दिया. और दरवाके की तरफ इशारा किया तो मई देखा नगमा और रम्य आयी और दोनों मिलकर हाकिम के लुंड को सहलाने लगी और चूसने लगी.





हाकिम बोलै तू क्या देख रहा है मंटू मार सेल को.

हाकिम इतना बोलै hi था की मंटू साला पास में पड़ा एक लकड़ी उठाया और धड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ से मेरे साइन पे मारा लड़की जोर से मेरे साइन पे लगा और मई कुर्सी पे बंधा हुआ hi पीछे गिरा धम्म्म्म... लकड़ी का डंडा भी टूट गया .

हाकिम bola-is कमीने को फिर से उठाओ.

मुझे फिर से मंटू कुर्सी समेत उठाया.

हाकिम कमीने की तरह मुस्कुराते हुए bola-tune अपने मौसी से शादी किया है न सेल मौसी छोड़.

देख शादी तो तू किया है लेकिन सुहाग रात हम सब मनाएंगे पहले एक एक करके फिर एक साथ फिर वो कमीने की तरह हसने लगा. फिर वो कमीना हाकिम नंगे hi लुंड खड़ा किये मौसी की तरफ बढ़ा और एक झटके में उनका निघ्त्य गले के पास से फाड़ दिया. मौसी बेचारी रोने लगी और बड़ी मुश्किल से फाटे हुए निघ्त्य से अपना साइन को छुपाने की कोसिस करने लगी.

हाकिम फिर मेरे पास आया और बोलै- बीटा ये गांव मेरा है मेरा और ये गांव के लोग भी मेरे है.

हाकिम bola-sale आज पूरी रात जैम के तेरी पिटाई करेंगे और और इस रांड डॉक्टर की चुदाई फिर कल सुबह पुरे गांव के सामने तुझे मरेंगे और तेरी इस रांड डॉक्टर को अपने पास रख लेंगे रंडी बनाकर. वैसे भी गांव वालो के लिए ये एक पागल औरत थी जो इस गांव से भाग चुकी है.

हाकिम मंटू को bola-dekh क्या रहा है मार सेल को.

इस बार फिर मंटू दूसरा डंडा उठाया और मुझे मारने के लिए चलने hi hi था की इस बार जोर से दो आवाज आया dhadddddddddddddddddd............... dhadddddddddddddddddd.

मंटू गिरा मेरे बगल में और हाकिम सरीफ गिरा मेरे गॉड में.

ये डंडा कोई और नहीं नगमा और रम्य ने मारा था. ये देख कर एक और जो गुंडा था वो दौड़ा रम्य की तरफ और मेरा मौसा दौड़ा नगमा की तरफ.

रम्य से वो गुंडा लड़ने hi वाला था की फिर से एक डंडा चल धड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ ये डंडा वो औरत मारी थी जो मेरे घर आयी थी अभी रात में दरवाजा खुलवाने. वही नगमा के हाथ में जो डंडा था उसी से मौसा को पेल दी वो भी गिर गया.

फिर क्या था तीनो औरतों में जैसे भूत आ गया था धड़ड़ड़ धड़ड़ड़ धड़ड़ड़ धड़ड़ड़ड़ड़ 10-12 डंडा चला कितना हाकिम के गांड पे पड़ा कितना मंटू के और कटना बाकी दोनों पे उसका हिसाब नहीं था.

नगमा मेरा हाथ पेअर खोल दी वही रम्य मौसी का.

अब हम सब मिलके इन चारो को बांध दिए.

हाकिम गुस्से में गाली दे रहा था नगमा और रम्य को की साली कुट्टी हरजादि मैंने तुझे पला पोसा इस लायक बनाया और तू रंडी.... अभी वो इतना hi बोलै की चटककककक chattakkkkkkkkkkk

नगमा दो थप्पड़ और जड़ दी.

हाकिम अब बंधा हुआ था फिर भी कमीने की तरह मुक्सुरा के bola-sale डाक्टर खिलाडी तो तू बड़ा है लेकिन मुझसे बड़ा नहीं. हिम्मत है तो दरबार से बहार निकल के देख. चन्दर, कल्लू समेत मेरे 5-6 और लड़के आते hi होंगे. कितनो से लड़ेगा तू.

मेरा छाती दर्द कर रहा था फिर भी हाकिम पे मुझे हसी आ गया.

मई bola-sale जब तेरे घर में तेरे गांव में तेरे दरबार में तेरे से ज्यादा लोग मेरे वफादार है तो सोच इस गांव में कितने लोग मेरे वफादार होंगे.

मई फिर उस औरत के तरफ दिखते हुए bola-ise तो मई ठीक से जनता भी नहीं हूँ फिर भी ये मेरे तरफ से लड़ रही है.

ये सुनते hi वो औरत बोली- आप मुझे नहीं जानते तो क्या हुआ डाक्टर साब हम आपको जानते है. मेरे बच्चे के सर भूत का साया था उसका बदन हमेशा गर्म रहता था. मई 4-5 बार यहाँ दरबार में आयी लेकिन मेरा बच्चा ठीक नहीं हुआ. मई आपके पास एक दिन आयी. आपने सुअभ मंतर मारा शाम को मेरा बच्चा ठीक हो गया.

ये सुनकर मुझे याद आया की दो दिन पहले मई एक बच्चे का इलाज किया था जिसको हाई फीवर था.

मई bola-dekha. अच्छी काम करोगे तो अच्छा hi होगा.

रही बात कल की तो देखो मई क्या करता हूँ कल.

मई उस कमरे से निकला और इशारा से नगमा को बहार बुलाया.

नगमा बहार आयी.

जैसे hi नगमा बहार आयी मई जोर से नगमा के गले लग गया.

मई bola-thank यू थैंक यू नगमा. थैंक यू. अगर तुम न होती तो सायद मई आज अपनी मौसी को न बचा पता.

नगमा boli-mujhe थैंक यू क्यों बोल रहे हो डॉक्टर साहब. मैंने तो सिर्फ सौदा किया है. तुमने वडा किया था की तुम मेरे कोख में बच्चा डोज और मई वडा की थी मई तुम्हारी मदद करुँगी.

मई रनग्मा को bola-mai जो तुम्हे एक पैकेट दिया था वो राखी हो.

नगमा boli-haan राखी हूँ.

और वो मुझे वो पैकेट दे दी. इसमें दो तीन बेहोश करने वाला दवा और दो तीन लोकल एनेस्थेसिया था.

नगमा boli-iske गुंडों से कैसे निपटोगे.

मई bola-gunde है तो क्या हुआ है तो इस पागल के hi गुंडे.

एक काम करो तुम गेट खोलो और उन गुंडों को अंदर आने दो.

नगमा boli-nahi नहीं तुम ये क्या कर रहे हो.

मई bola-bas तुम देखते जाओ आज क्या मजा आता है.

एक काम करो उस दरबार में बिच में 5-6 लकड़ी ला कर जला दो.

नगमा वैसा hi की.

मई फिर हाकिम के कान में bola-tujhe बड़ा घमंड है न अपने पालतू कुत्तो पर आज वो hi तुम्हारा हिसाब करेंगे देखना. फिर मई उसके मुँह पे कपडा बांध दिया. और बाकी तीनो के भी मुँह पे कपडा बांध दिया.

फिर मई नगमा को bola-ek काम करो बहार इसके जितने लोग है 5-6 सबको ले आओ.

नगमा बहार गयी दरवाजा खोली और boli-baba बुला रहे है. बाबा पे चुड़ैल आत्मा ने हमला किया है. एक दूसरे बाबा उनका झाड़ फुक कर रहे है.

वो लोग जैसे hi कमरा में घुसा मई फाटक से चुपके से एक लोकल अनिष्ठेसिया हाकिम को लगा दिया.

हाकिम अब कुछ बोल hi न पाए. मई वो गुंडा लोग को देख कर bola-ye डुडैल डॉक्टर की चुड़ैल आत्मा इसके अंदर से निकल कर बाबा में घुस आगयी है. बाबा इसका उपचार कर रहे थे उसी में ये हुआ है.

फिर मई आग के चारो तरफ उछाल उछाल के नाचने लगा और जोर जोर से बोलने लगा ऐ चुड़ैल छोड़ मेरे बाबा को. ऐ चुड़ैल छोड़ मेरे बाबा को ये बोलते बोलते मई हाकिम के पास गया और पीछे से भुककक से कंधे पे एक सुई घुसा दिया जो लोकल अनिष्ठेसिअ था उसका असर काम करने लगा.

मई बाबा का चेरा पकड़ा और chattakkkkkkkkkkkkkk chattakkkkkkkkkkk chattakkkkkkkkkkkkkk 3-4 थप्पड़ मारा. साला का मुँह बंधा हुआ था वो बस गूऊ गऊ गऊ गऊ कुछ बोलने का कोसिस कर रहा था फिर मई एक एनेस्थीसिया उसके कंधे पे घुसा दिया. वो फिर से बेहोश होने लगा.

मई चन्दर को bola-tumhe देना होगा बलिदान. और उसका हाथ में सुई चुभा के खून निकल लिया जिसको आग में गिराया फिर एक डंडा पे थोड़ा सा खून लगाया और bola-agar तुम बाबा को बचाना चाहते हो तो मेरा तीन गिनते hi जोर से एक डंडा मरना इसके साइन पे.

फिर मई उसके पीछे गया पीठ में थोड़ा सा सुई घुसाया चुभहह और फिर से हाकिम होश में आने लगा. जैसे hi हाकिम होश में आया मई गिना एकककक... दो,... तीन....... और चन्दर मारा dhadakkkkkkkkkkkkkk और वो लकड़ी लगा हाकिम को. सेल के आंख से आंशूं आ गया उसको मुँह बंधा था वो बस गूऊ गूऊऊऊ बोल पा रहा था. ऐसे hi एक एक करके चन्दर के बाद कल्लू फिर बाकी चार गुंडा सबसे बाबा को पिलवाया. बेचारा के सरीर का कितना हड्डी टूटा वो तो मुझे पता नहीं लेकिन लास्ट में मई bola-lagta है बाबा के सरीर से चुड़ैल भाग गया है. तुमलोग सुबह आना अभी जाओ.

ये सुनते hi वो सब वहां से चला गया.

मई हस्ते हुए bola-sale और गुंडा बुलाना है. रुक जा तू रुक जा आज से हर रात तेरा गुंडा लोग आएगा तुमको ऐसे hi पेल के जाएगा.

ये सब हो रहा था मई देखा मौसी गुस्से से सिर्फ और सिर्फ मौसा को देख रही थी.

अब तो ये मामला भी सुलझाना था. बाबा का इलाज के बाद मई मौसी को लेकर और अपने मौसा को लेकर दूसरे कमरे में गया. मौस्का हाथ अभी भी बांध के रखा था.

जैसे hi हम दूसरे कमरे में गए मौसी रट हुए boli-kyun किया ऐसा. क्यों... मेरे प्यार में क्या कमी था...

मौसा bola-kami तेरे प्यार में नहीं नीलिमा तुझमे है. तू मुझसे प्यार करती है फिर भी आज तक तू कभी भी मेरा लुंड नहीं चूसी. मई कितनी बार तुझे बोलै की मई तुमको बांध के पटक पटक के चढ़ना चाहता हूँ तू नहीं मणि. तूने आज तक अपना गांड भी मुझे नहीं मरने दिया. सछहा प्यार वो प्यार होता है जिसमे औरत बिस्तर पे कुटिया की तरह होती है और मर्द एक शेर की तरह लेकिन तुझे तू प्यार चाहिए था कोमल कोमल. मुझसे नहीं हो पाया ये सब. तू जानती है शादी के तीन साल बाद मुझे तेरा चचेरा भाई मिला. उसने तेरे hi गांव में मेरी फिर से शादी कराई एक जवान लड़की से. इतना hi नहीं तेरे भाई ने मेरी 3 साल पहले फिर से शादी कराई एक और जवान लड़की से. तू तो अब बूढी हो गयी है लेकिन वो जवान है. एक दम कड़क माल.

उसने बस एक hi शर्त राखी है मुझे तुझे और तेरी बेटी को बस किसी तरह उसके पास भेजना है. पिछली बार भी सब प्लान तैयार था तू hi पागल की तरह करने लगी चीखने चिल्लाने लगी.

मौसी boli-meri कोई इज्जत लूटेगा और मई चिल्लाऊंगी भी नहीं. कैसे पति हो तुम.

मौसा bola-isme क्या गलत है. तू जवान तो है नहीं.

वैसे भी तुझे क्या लगता है मैंने तुझसे शादी क्यूंकि तू क्या हूर की पारी है क्या. मुझे पता था तेरे पास बहुत पैसे है लेकिन बाद में पता चला साली तू तो घर से hi भाग गयी. घर से एक रुपया भी नहीं लायी.

मौसी ये सुनके और रोने लगी.

मेरा मौसा bola-sach बोलूं तो मई तुमसे कभी प्यार hi नहीं किया प्यार तो मैंने अपनी दूसरी और तीसरी बीवी से hi किया है तू तो मेरा टाइम पास थी.

मई अपने मौसा का हाथ खोल दिया और bola-tu चला जा यहाँ से नहीं तो जैसे हाकिम की खातिरदारी हुआ है वैसे hi तेरा भी होगा. और जाते जाते सुन जा आज से ये तेरी नहीं मेरी बीवी है. जा बोल देना इसके भाई को और ये भी बोल देना अगर गार्डन में दम है आये इस गांव में छू के दिख दे इसको.

मौसा bola-bachha तू बहुत पचाएगा. ये बोलके मुदा और गेट से बहार निकल hi रहा था की मई उसके पिछवाड़े पे एक लात दिया वो गिर गया. लेकिन फिर उठा और बेशरम की तरह वहां से चला गया.

मई मौसी को गले लगाया और bola-aap चिंता मत िजिये आज से सिर्फ और सिर्फ मई hi आपका पति हूँ. आपको मुझसे कोई नहीं चीन सकता.

मौसी मेरे गले लग के रोने लगी.
 
Episode 41मई मौसी को 10-15 मिनट गले लगाए रखा वो रोटी रही फिर वो चुप हुई.

मई bola-dekha न नीलम डार्लिंग... तुम कोई बदलूक नहीं हो तुम सिर्फ मासूम हो जिसका फायदा ये दरिंदा उठा रहा था. इन सबके पीछे तुम्हारा कोसाइन भाई hi है लेकिन चिंता मत करो तुम अब आजाद हो.

मौसी boli-tumne उसे जाने क्यों दिया. वो अब मेरे भाई को ले आएगा. उस दरिंदे को ले आएगा जिस से मई इतने सालों तक बचने का कोसिस करती रही.

मई मन में bola-yahi तो मई चाहता हूँ. आप लोगों ने मुझे वडा दे रखा है की मई आपलोग के गांव खुद से नहीं जा सकता लेकिन अगर वो लोग hi मुझे बुलाये तब तो मुझे जाना पड़ेगा और एक बार मई आपके घर पहुंच गया फिर देखना एक एक से चुन चुन के बदला लूंगा.

मौसी मुझे अपने ख्यालों में खोते देख रही थी तभी मई जल्दी से bola-mousi आप hi बोलती हो न लड़ाई झगड़ा अच्छी बात नहीं है. वो ऐसे hi डरपोक है वो भाग गया है अब उसकी हिम्मत नहीं की वो दोबारा यहाँ आये.

मई मौसी को फिर pucha-darling कही चोट तो नहीं आयी है न.

मौसी boli-nahi बस थोड़े कपडे फैट गए है.

मई bola-chinta मत करो डार्लिंग मई तुम्हे सिर्फ नए कपडे hi नयी कल से एक ऐसी जिंदगी दूंगा की तुम्हे इस गांव वालों से चुप के नहीं रहना पड़ेगा.

मई फिर मौसी को गले लगाया और के बार गाल चुम कर bola-aap नगमा के साथ बैठो मई थोड़ा बात करके आता हूँ.

फिर मई उस कमरे में गया जहाँ हाकिम सरीफ मंटू और एक गुंडा बंधा हुआ था.

मई सबसे पहले उस गुंडे को कुर्सी से खोला लेकिन उसका हाथ नहीं खोला और उसे पकड़ के कमरे से बहार लाया.

मई उस गुंडे को bola-dekh तुझे सायद पता नहीं है लेकिन मेरे पास हाकिम बाबा से कई गुना ज्यादा शक्ति है. इतना hi नहीं अब मेरे हाकिम बाबा से कई गुना ज्यादा पावर भी है. तेरे पास दो hi रस्ते है. पहले ये की चुप चाप गांव जा किसी को कुछ मत बोल और मेरे लिए काम कर और दूसरा रास्ता ये hi की गांव जा सबको यहह जो हुआ बता. वैसे भी गांव में बहुत लोग है मुझे मन ने वाले. वो सब मिलकर तुमको hi मरेंगे और गांव से भी निकल देंगे.

मई उस गुंडे के आंख में दर देख सकता था. आखिर डरे भी क्यों न अभी उसने मुझे पागल की तरह आग के चारो और कूदते हुए देखा था हाकिम सरीफ को बार बार होश में आते और बेहोश होते देखा था. हाकिम को पिट ते हुए देखा था.

वो तुरंत मेरे पेअर पे आ गया और bola-aap जो बोलेंगे मई वही करूँगा बस मेरे ऊपर कोई कला जादू मत कीजिये जैसा बाबा पे किया है.

मई उसके सर पे हाथ फेरा और bola-chala जा यहाँ से.

मेरा इतना बोलते hi वो जोर से बहार भगा.

अब बारी था मंटू को झटका देने का.

मेरे पास मंटू के लिए एक सॉलिड उपाय था एक ऐसा उपाय जो न केवल मंटू बल्कि चन्दर और कल्लू को भी मेरा गुलाम बना देगा ताकि वो बाद में भी कभी मुझपे हाथ उठाने का जुर्रत न करे.

मई मंटू को कुर्सी से खोला लेकिन उसका हाथ बंधे रखा था. उसे दूसरे कमरे में लाया और बांध दिया फिर bola-dekh मंटू तेरे बाबा पर तो अब मौसी का चुड़ैल चढ़ चूका है.

मंटू bola-ye सब ढोंग है डाक्टर मुझे मत सीखा.

मई bola-tujhe सायद नहीं पता मई तेरे बाबा जैसा कोई नकली तांत्रिक नहीं सच का तांत्रिक हूँ यकीं नहीं होता न मई तुझे कुछ दिखता हूँ.

मई फिर अपना मोबाइल निकला और उसे एक वीडियो dikhaya-ye वीडियो देखते देखते मंटू का खून खोल गया.

मंटू लाल लाल आंख करके मझे घूरने लगा और जोर जोर से सास लेने लगा.

मई bola-gussa करके कोई फायदा नहीं है. मैंने तो फिर भी तेरे माँ के साथ कोई जबजस्ती नहीं की है लेकिन तूने इसी दरबार में न जाने कितने महिलाओ को बेहोश करके उसकी इज्जत लूटी है. मंटू दुसरो की माँ बहने सबको अच्छी लगती है लेकिन बात जब अपनी माँ बहन पे आता है तब पता चलता है. दर्द क्या होता है.

मई जनता था मंटू भले hi कितना शेर जैसा रहे वो था तो हाकिम का कुत्ता hi. अब ये मेरा कुत्ता बनेगा. इतना hi नहीं ये hi चन्दर और कल्लू को भी मेरा कुत्ता बनाएगा.

मई bola-tu मुझे मरना चाहता है न तो बेसक मार दे लेकिन याद रखना मई इतना जरूर कर चूका हूँ की जिस दिन मई मरूंगा ये वीडियो गांव के काम से काम 10-20 लोगों को तो दे कर hi जाऊंगा और तुझे पता है धीरे धीरे गांव वाले मुझे भी मन ने लगे है और अब हाकिम की जगह मई hi लूंगा. या फिर नगमा लेगी जो मेरी hi बात मानेगी. तुझे तो गांव वाले hi मार देंगे फिर तेरी माँ पुरे गांव की हो जाएगी. तेरे पास अब एक hi रास्ता है या तो मेरी बात मान मई जैसा बोलता हूँ वैसा कर या फिर तुझे कोई नहीं बचा सकता.

मंटू वही रोने लग गया क्यूंकि वो मजबूर था. उसके पास अब कोई चारा नहीं था. जिस अकड़ के साथ वो घूमता था गांव में आज वो अकड़ चकना चूर हो चूका था.

मई मंटू का हाथ पाँव खोल दिया.

जैसे hi उसका हाथ खुला वो गुस्से से मेरे ऊपर लपका लेकिन मई भी तैयार hi था मई उसका हाथ पकड़ा और धोबी पछाड़ स्टाइल में धडामममम से जमीं पे पटक दिया.

मई उसे bola-is ग़लतफ़हमी में न रहना की मई कमजोर हूँ. अगर तू मुझसे अकेल में भीड़ जायेगा न तेरा वो हसरा कर दूंगा की तू खुद को भी नहीं पहचान पायेगा. चल दफा हो जा यहाँ से. तेरे पास 24 घंटे का वक़्त है. या तो मेरे लिए काम करो या फिर मई तुम्हे मरवा दूंगा. और मेरा यकीं कर तुझे कोई नहीं बचा सकता. कोई नहीं मतलब कोई नहीं.

ये बोलकर मई मंटू को उठाया और उस दरबार के दरवाजे से बहार धकेल दिया.

रात हो चूका था सब लोग थक भी रहे थे तो सबलोग सो गए.

सुबह का सूरज का पहला किरण दरबार में पड़ा और गांव के लोग जमा होने लगे. धीरे धीरे काफी गांव वाले दरबार के आंगन में आ गए. बीच में वही ऊंचा raj-gaddi रखा था. हाकिम शरीफ जो बेहोश हालत में था उसको नया कपडा पहनकर एक कोने में ध्यान' की मुद्रा में बैठा दिया गया था.

नगमा स्टेज पर आयी. उसके साथ नीलम मौसी भी थी जो एक suto-resham की सफ़ेद साड़ी पहनी थी, उनका चेहरा सुकून से भरा था. नगमा अपना हाथ उठायी और भीड़ शांत हो गया.

नगमा बुलंद आवाज़ में बोली- सुनो गाओं वालों! कल रात इस दरबार में शक्तियों का भयंकर युद्ध हुआ. चुड़ैल ने बाबा पे हमला किया, पर बाबा ने उसे गाओं से निकाल फेंका! लेकिन इस युद्ध में बाबा का शक्ति कमजोर पद गया. वो अब मौन व्रत में है और अपना शक्ति वापस जमा कर रहे है.

भीड़ में गुनगुनाहट शुरू हुआ. सब लोग हाकिम की तरफ देख रहे थे, जो होश में न होने की वजह से मूर्ति की तरह बैठा था.

नगमा मौसी का हाथ पकड़ी और उन्हें आगे लायी.

नगमा boli-Ye देखिये! चुड़ैल ने इनके शरीर को अपना घर बनाया था, पर बाबा ने उसे हमेशा के लिए भगा दिया है. अब ये बिलकुल ठीक है. बाबा ने ध्यान में जाने से पहले ये सन्देश दिया है की आज से पूरा गाओं इन्हे इज्जत देगा. अगर किसी ने भी इनके बारे में बुरा सोचा या चुड़ैल कहा, तोह बाबा को दुःख होगा और उनकी शक्ति गाओं की रक्षा नहीं कर पायेगी.

गाओं के लोग, जो कल तक मौसी से डर रहे थे, अब उनके आगे सर झुकाने लगे.

नगमा भीड़ की तरफ देखि और मुस्कुरा कर मेरी तरफ इशारा करते हुए boli-gaav के कुछ लोगों को पता है ये डाक्टर साब गांव में नया नया आये है ये भी अच्छा खासा तंत्र मंत्र जानते है और जिनको इनपे भरोसा न भी हो उनके लिए ये दरबार तो है hi और मई इलाज करुँगी जब तब बाबा ठीक नहीं हो जाते.

ये सुनते hi गांव के लोग थोड़ा दुखी हुए बाबा जी के लिए लेकिन वो फिर भी खुश थे की नगमा इलाज करेगी नगमा बहुत सैलून से बाबा के साथ है तो उसपे सबको भरोसा है और कुछ लोग जिनका इलाज मैंने किया था वो लोग भी खुश थे.

फिर नगमा दिन में बहुत लोगों का इलाज की.

मंटू भी भीड़ में खड़ा ये सब देख रहा था. उसका बाप (हाकिम) नंगा होकर पीटने के बाद अब मूर्ति बना बैठा था, और वो खुद मेरे वीडियो की वश में था.

आज दिन भर ऐसा hi चला. शाम ढलते ढलते मई मौसी को लेकर घर आ गया साथ hi नगमा से वडा करके आया की मई उसकी कोख जल्द hi भरूंगा.

जब हम घर आ गए तब मई bola-Nilam डार्लिंग... देखा आपने? अब कोई आपको पागल या चुड़ैल नहीं कहेगा. आज से आप मेरी रानी हो और मैं आपका राजा.

आप गांव में घूम सकते हो फ्री हो. इस घर में अब चुप के रहने की कोई जरुरत नहीं है.

मौसी मेरे आँखों में देखि. उन्हें यकीन नहीं हो रहा था की जो दरबार उनकी मौत का कुआँ था जहाँ से उन्हें घसीट कर जलने के लिए जिन गांव वालों ने लाया था वही आज उन्हें इज्जत दे रहे थे.
 
Episode 42

हम और मौसी अब दोनों घर में थे.

मौसी बड़े प्यार से मेरे तरफ देखि और boli-thank यू अंश...... थैंक यू तुम आज मुझे एक नया जिंदगी दी है.

मई bola-ye तो मेरा फर्ज था न नीलम डार्लिंग.

मई आपका पति हूँ और पति का फर्ज होता है पत्नी की देखभाल करना उसको खुश रखना.

मौसी बोली- तुम्हे पता है कल जब वो हाकिम अपने गुंडों के साथ आया था तब मई बहुत दर गयी थी. मुझे लगा था मेरा बदलूक तुम पर भी आ गया है.

मौसी फिर boli-ek बात बोलूं एक काम करते है हम शादी नहीं करते है. मुझे पता है इस गांव के पानी में खराबी है मुझे सेक्स की जरुरत है तो हम सीधे टूर पे सेक्स कर लेंगे इसमें शादी की क्या जरुरत है.

ये बात मौसी बहोत hi शांत होकर बोल रही थी लेकिन मुझे पता था मौसी के दिल में तूफान है. मौसी उसे कण्ट्रोल कर रही है.

मई कुछ सोचा और मुस्कुरा कर bola-thik है.

मेरा ठीक है सुनते hi मौसी का आंख भर आया लेकिन वो अपने आशुओं को रोक रही थी.

मुझे पता था मौसी कैसा फील कर रही है. वो दर रही है की मुझे कही कुछ हो न जाये........ इसमें उनकी गलती नहीं है उनके साथ जिंदगी ने इतना बुरा किया है की वो खुद को एक पनोती या कहे बदलूक समझती है. वो मन hi मन सोच रही है की अगर वो मुझसे शादी कर लेंगी तो उनका बदलूक मुझपे आ जायेगा.

मई बड़े प्यार से मौसी के एकदम करीब आकर बैठा और bola-mousi जिंदगी में ये बात याद रखियेगा आप मेरी बदलूक नहीं गुडलुक हो.

मौसी ये बात सुनके मुझे देखने लगी.

मई bola-aapko पता है जब मेरा पोस्टिंग इस गांव में हुआ था तो मई खुद को कोस रहा था की कहाँ गांव जंगल में मेरा पोस्टिंग हो गया है लेकिन फिर मुझे इस गांव में आप मिले.

आपको पता है सहर मेरी एक भी गिरफरैंड नहीं थी जबकि मई एक दो लड़कीओ के पीछे बहुत भगा भी हूँ मेडिकल कॉलेज में. यहाँ आते hi सबसे पहले आप मिली फिर देखो प्यार करने के लिए गांव की तीन चार मस्त मस्त लड़की मिली. वो सब तो कुछ भी नहीं इतना केयर करने वाली मौसी मिली. सच्चाई तो ये भी है की आपसे मिलने के बाद hi मुझे पता चला मेरी कोई मौसी भी है. आपसे मिलने के बाद मुझे आपके और माँ के जिंदगी के उस हिस्से के बारे में जान ने का मौका मिला जिस से मई अनजान था.

मई फिर bola-dekhiye मुझे हाकिम को तो सबक सीखना hi था मई कितने दिनों से सोच रहा था . लेकिन किस्मत देखो कल आपने मेरे प्यार को काबुल किया और एक दिन में hi हाकिम का काम तमाम.

मई फिर bola-mousi मई आपको कभी भी जिंदगी में जबरन अपनी पत्नी नहीं बनाऊंगा ये मेरा आपसे हमेशा का वडा था लेकिन मई ये भी जानता हूँ अगर आप पूरी जिंदगी मेरे साथ देंगे तो देखना आपके नसीब से मेरा ासिब चमकेगा और जितना तरक्की कर सकता हूँ उस से हज़ारो लाखों गुना तरक्की करूँगा.

मौसी मेरा बात सुनते जा रही थी और उनके आंख का पानी झरने की तरह बहता जा रहा था.

मई फिर बोलै- मौसी भूल कर भी अपने नसीब को मत कोसना वो क्या है न जिंदगी में जब बहुत अच्छा कुछ मिलने वाला होता है तो उसके पहले थोड़ा बहुत छोटा मोटा बुरा तो होता है. जरा आप सोचिये आपके साथ जिंदगी ने कितना कुछ बुरा किया है तो अब जब अच्छा होगा तो कितना कुछ अच्छा होगा.

मेरा बात सुनते hi मौसी जोर से मेरे गले लग गयी.

मौसी रट हुए boli-kya करे अंशु मई दर जाती हूँ मई दर जाती हूँ. मैंने बहुत कुछ खोया है अब तुझे खोना नहीं चाहती.

मई bola-jab आप मुझे खोना नहीं चाहती तो मुझसे दूर क्यों रहना चाहती हो. क्या आपको मुझपे भरोसा नहीं है.

मौसी मेरा बात सुनते hi boli-tujhpe तो मुझे अपने जान से ज्यादा भरोसा है बस खुद से hi मई दर जाती हूँ.

मई प्यार से मौसी का आंख पोछा और फिर उठा और अपने कमरे में गया और वो साड़ी ले आया जो मई बाजार से खरीद के लाया था.

मई वो साड़ी मौसी को देते हुए bola-agar भरोसा है नीलम डार्लिंग तो मई चाहता हूँ आज तुम मेरी दुल्हन बनो.

साडी का जोड़ा देकते hi मौसी का आंख फिर से भर आया और दो बून्द अनशन उस लाल जोड़े पे पड़ा.

मई bola-mousi ये अनशन नहीं मोती है बहुत hi कीमती इसे अब मत बहाओ.

इतना सुनते hi मौसी अचानक से मेरा चेहरा पकड़ी और जोर से चूमना सुरु कर दी.





मई भी मउसके का मस्त फायदा उठाया और अपना हाथ धीरे से मौसी के चुकी के पे ले गया और एक तरफ का निघ्त्य हल्का निचे कर दिया जिस से एक निप्पल बहार आ गया. मई तुरंत अपना होठ मौसी के होठ से निचे उनके निप्पल पे ले आया और जैसे निप्पल को मुँह में भरा मौसी जोर से सिसकने लहि ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh....... umhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh.

मई बिना रुके मौसी का निप्पल चूसने लगा.





मौसी बस ाह्णणणणणण ahnnnnnnnnnnnn सिसकने लगी तभी मौसी का फ़ोन रिंग हुआ और मौसी तुरंत हफ्ते हुए मुझसे अलग हो गयी.

मौसी अपना सास को धीरे धीरे कण्ट्रोल कर की और boli-hello दीदी.

मई समझ गया उधर से माँ का फ़ोन था.

माँ boli-aur छोटी कैसी रही सुहागरात....

अब माँ को तो पता नहीं था की यहाँ कल रात क्या हुआ था.

मौसी boli-didi प्लान में थोड़ा चेंज हो गया था. सुहागरात कल नहीं आज होगा.

माँ उधर से मौसी को चिढ़ाते हुए boli-kya बात है सुहागरात के लिए लगता है कल तयारी नहीं हो पाया था क्या.

इधर मई जैसे hi सुना आज सुहागरात है मेरा लुंड पूरा तन गया.

मई तुरंत मौसी को पीछे से पकड़ा और उनके बड़े बड़े दूध को मसल दिया.

मौसी जोर से सिसकी ahnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn





माँ boli-kya हुआ छोटी....

मौसी boli-kkk कुछ नहीं दीदी वो छोटा कीड़ा था.

माँ हास्के boli-chota कीड़ा था या बड़ा कीड़ा था.

पता नहीं क्यों लेकिन माँ फ़ोन पे है ये सिच कर hi मुझे और जोश आ राह था. ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था. मई खुद को रोक hi नहीं पाया और मई मौसी के पंतय में हाथ घुसा के उनके बुर को सहलाने लगा. मौसी के हाथ से मोबाइल छूट कर बिस्तर पे गिर गया और गिरते समय लाउडस्पीकर वाला बटन भी डाब गया. अब इधर से मौसी की आवाज उधर जा रहा था तो उधर से माँ का आवाज इधर अच्छे से आ रहा था.

मौसी तो जोर जोर से ाह्णणणणणणण ahnnnnnnnnnnnnnn anshuuuuuuuuuuuuuuuuuuuu .............................. आवाज निकलने लगी.

मौसी बोलने लगी ाहहनननननननन रुक जा अंशु.......... umhhhhhhhhhhhhhhhhh uuuuiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa रुक्खक्क jaaaaaaaaaaaaaaaa..........ahnnnnnnnnnnnnnnn





उधर वही आवाज माँ के भी कान में जा रहा था. एक तरफ इधर मौसी का बुर जो पूरा गिला होकर पानी छोड़ने लगा. वही माँ भी बहुत सैलून बाद ऐसा कसीस भरा सेक्सी आवाज सुन रही थी. उनके जहाँ में ये बात आ गया की मई उनकी बहन को अभी छोड़ रहा हूँ और ये सोचते hi अचानक से एक ख्याल आया की इसी तरह एक दिन मई उनका भी चुदाई करूँगा.

और चुदाई का पूरा फिल्म उनके दिमाग में चलने लगा की कैसे मई उन्हें घोड़ी बनाऊंगा कैसे मई उनकी बुर में मोटा लुंड डालकर चुदाई karunga....kaise वो मजे में चिल्लायेगी.....





जैसे hi ये सब उनके दिमाग में आया वो अपना होश खो बैठी. उनका भी बुर तो बहुत सैलून से प्यासा था. वो खड़े खड़े hi अपना साड़ी उठायी और अपने गीले बुर को जोर जोर से मसलने लगी. एक हाथ से बुर को सहलाये जा रही थी वही दूसरे हाथ से अपना दूध मसले जा रही थी. वो भी सिसक सिसक कर बोलने लगी ahnnnnnnnnnnnnnnnn अंश बीटा.................................... बुझदे प्यास beta......uffffffffffffffffffffffffff अंश............................





ये सब सुनकर मेरा कान खड़ा हो गया. एक तरफ इधर मुसुई झड़ने लगी वही दूसरी तरफ माँ भी झाड़ रही थी. माँ को पता नहीं था फ़ोन अभी भी ों है और सबसे बड़ी बात उनकी ये बाते मई भी सुन रहा हूँ.

जैसे माँ जेहड़ी उनको होश आया और वो जल्दी से फ़ोन काट दी.

इधर मौसी तो बेचारी झाड़ गयी और हाफ रही थी.

जब ये सब हो गया तब मुझे भी थोड़ा बुरा लगा क्यूंकि मई खुद को कण्ट्रोल नहीं कर पाया. मुझे मौसी से बात करने में भी थोड़ा शर्म आ रहा था और ऐसा hi हाल मौसी का भी था.

मई bola-aap तैयार हो जाओ मई बहार से आता हूँ. ये बोलकर मई घर से निकल गया अपने खड़े लुंड को अच्छे से पेंट में दबाकर.
 
Episode 43

मई बाजार गया और वहां से कुछ सामान खरीदने में लग गया. इधर मौसी मेरे जाते hi भाग कर बाथरूम गयी फिर अच्छे से नहायी और फिर मेरा दिया हुआ लाल जोड़ा पहन ली. जैसे hi मौसी वो लाल जोड़ा पहनी और खुद को देखि तो उन्हें थोड़ा दर लगा लेकिन दिल में एक उम्मीद था की अब जो कुछ भी होगा अच्छा होगा.

वो तुरंत अपनी दीदी यानि मेरी माँ को फ़ोन लगा दी.

माँ थोड़ा घबराई लेकिन फिर फ़ोन उठायी और boli-kya हुआ छोटी.

मौसी boli-didi एक फोटो भेजी हूँ देखो.





मौसी का दुल्हन वाला फोटो देखकर माँ boli-kya बात है छोटी नजर न लगे तुम्हे. तुम तो पूरा तैयार हो गयी हो.

मौसी boli-didi ये जोड़ा आपके बेटे ने लेकर दिया है.

माँ boli-aaj से तू मेरी छोटी बहन hi नहीं मेरी बहु भी है.

इस बात पे मौसी boli-chinta क्यों करती हो दीदी सब ऐसे hi चलता रहा तो सौतन भी बन जाउंगी.

माँ ये सुन कर हसने लगी और boli-ek बात बोलूं छोटी अब तुझसे थोड़ा जलन होने लगा है.

मौसी इस बात पे तुरंत boli-waise दीदी आपकी हरकते ठीक नहीं है. आप जो वहां अपना बिसर गिला कर रही थी न वो सब यहाँ भी पता चल रहा था. अंश ने सब सुन लिया.

ये सुनते hi माँ घबरा गयी और boli-kya सचमे ........

मौसी boli-haan दीदी.

माँ boli-sab तेरी गलती है फ़ोन काट नहीं सकती थी. अब अंश मेरे सामने आएगा तो उसे क्या मुँह दिखाउंगी. कितना शर्म आएगा मुझे. उसे क्या लगेगा की एक माँ hi अपने बेटे पे बुरी नजर दाल रही है.

मौसी boli-didi अंश इतना भी बेवकूफ नहीं है की ऐसी बातों को दिल से लगाएगा.

फिर मौसी माँ को छेड़ते हुए boli-haan आप चाहो तो आपको दिल से लगा लेगा. मुझे तो लगता है किस्मत को ये hi मंजूर है. आप कल बोल रही थी न सायद हम लोगों के किस्मत में यही लिखा है.

ये सुनकर माँ सीरियस हो गयी और एक लम्बी सास लेते हुए boli-choti अगर हमारी किस्मत में यही लिखा है तो हमे बड़ी दीदी को भी ढूँढना होगा.

मौसी boli-janti हो दीदी मई दिल से चाहती हूँ की बड़ी दीदी की जिंदगी बहुत खुशहाल हो लेकिन पता नहीं क्यों दिल में कही न कही एक दर सा है की उनके जिंदगी में भी प्रोलेम है और हमे उनका मदद करना चाहिए.

माँ boli-mai भी बहुत बार सोचती तो हूँ लेकिन खुद को रोक लेती हूँ अब अगर किस्मत में लिखा होगा तो बिना ढूंढे भी वो मिल hi जाएगी. खैर तुम अपनी सुहागरात मनाओ और मई भी कुछ सोचती हूँ. मेरा आशीर्वाद हमेशा तेरे साथ है.

फिर माँ फ़ोन रख कर एक सोच में गम हो जाती है इधर मई बाजार से घूम कर घर आता हूँ तो देखता हूँ मौसी बिलकुल दुल्हन बनकर बैठी हुई थी.

मई फिर एक बार घर के पीछे गया और वहां से थोड़ा आम का लकड़ी लाया उसको घर के बिच में एक जगह रख कर उसमे आग जला दिया.

मौसी boli-kya कर रहा है अंश आग क्यों लगा रहा है घर में.

मई बड़े प्यार से मौसी का हाथ थमा और और घुटने के बल बैठ कर प्रोपोज़ करने वाले अंदाज में bola-nilam जी मई आपको अपना बनाना चाहता हूँ सिर्फ बिस्तर पे नहीं इस दिल में इस सरीर में इस आत्मा में सबमे आपको हक़ देना चाहता हूँ. आज से मुझपे मुझसे ज्यादा हक़ आपका होगा. बोलिये क्या आपको मंजूर है.

मौसी फिर से इमोशनल होने लगी.

मौसी कुछ बोली नहीं बस हाँ में सर हिला दी और मेरे गले लग गयी.

मई bola-abhi रुक जाओ नीलम जी हमारे मिलान में अभी समय है और फिर मई मोबाइल में शादी का मंत्र लगा दिया और मौसी का हाथ थम कर उस आग के चक्कर लगाने लगा.

मौसी का दिल आज झूम रहा था वो बस ख़ुशी ख़ुशी अग्नि के चक्कर लगा रही थी दिल से अपने वचन निभा निभाने की कस्मे खा रही थी जैसे hi 7 चक्कर हो गया मई अपने पॉकेट से मंगल सूत्र निकला जो मई बाजार से करोड़ के लाया था मौसी को पहना दिया और फिर उनके मांग में सिन्दूर भर दिया.

मौसी तुरंत झुक कर मेरा पेअर चुने वाली थी मई उनको रोक दिया और bola-aapka जगह यहाँ नहीं मेरे दिल में है और गले लगा लिया फिर उनको गॉड में उठाया और कमरे में ले गया.

मई बाजार से कुछ मिठाई लाया था उसका डब्बा खोला और bola-nayi जिंदगी की शुरुआत मीठे से करते है.

फिर मई मौसी को दो मिठाई खिलाया फिर मौसी मुझे भी दो मिठाई खिलाई.

अब मई मौसी के बिलकुल पास गया. उनके गाल को सहलाते हुए उनके माथे पे एक प्यार भरा चुम्बन दिया और धीरे से बोलै- नीलम. डार्लिंग .. मेरी जान... मेरी पत्नी... आज से आप पूरी तरह मेरी हो और मई आपका. कोई शर्म नहीं, कोई पर्दा नहीं. जो दिल में है बोल दो.

मौसी आंख झुकाई हुई थी उनका होठ काँप रहा था. वो एकदम धीरे से बोली- अंश... मुझे बहुत दर लग रहा है... कहीं मैं तुम्हे पूरा सुख न दे पाव.

मई bola-mujhe पता है आप अभी भी मौसा के बातें दिल से लगा कर बैठे हो. आप जानते हो सच्चाई ये है की कमी आपमें नहीं डार्लिंग उसमे थी. अगर वो सच में मर्द होता तो ये सब शिकायत कभी नहीं करता. यकीं न आये तो अपने इस पतिदेव जी को आजमा के देखलो.

मई फिर धीरे से हाथ आगे बढ़ाया और उनकी साड़ी का पल्लू पूरा हटा दिया. उनका बदन पे वो लाल ब्लाउज मेरे सामने चमक रहा था. मई उनके चूचियों को कपडे के ऊपर से hi दोनों हाथों से पकड़ा और सहला दिया.

मौसी siskai-ahnnnnnnnnnn

मई है दिया तो मौसी शर्मा गयी.

मई देख रहा था मौसी का सास तेज हो गया था क्यूंकि उनका सीना ब्लाउज में ऊपर निचे हो रहा था.

मई पहले उनके लाल लाल होठ को चूमा फिर मुलायम गर्दन को. मौसी तो बस पागल होने hi लगी थी. फिर मई एक बार ब्लाउज के ऊपर से hi मौसी के निप्पल को हल्का सा कटा फिर उनके पेट से साड़ी हटाकर उनके पेट को चूमने लगा. मई उनका नरम नरम पेट को आराम से दो तीन बार चूमा फिर नाभि में जीभ घुमाया. तो मौसी मचलने लगी.

फिर मई उनके दोनों पेअर फैलाये और साड़ी को जांघ तक उठा दिया और उनकी पंतय को एक तरफ सरकते हुए उनके बुर के ऊपर मुँह रख दिया.

जैसे hi मेरी गरम जीभ उनके क्लीट को छुआ, मौसी का पूरा बदन एक ज़ोर के झटके से उछाल पड़ा.

मौसी chikhi-Aaaahhhhhhhhhh... अंश... umhhhhhhhhhhhhhhh

उनका बुर गिला हो चूका था. उनके बुर से नमकीन पानी मेरे जीभ पे आने लगा.





मई उनके बुर को चाट ते चाट ते hi देखा उनके बुर से पानी उनकी गांड के तरफ जा रहा था. ये देख कर के मेरा लुंड भी पंत में झटका खाने लगा.

मई जोश में मौसी का बुर चाटने लगा. जीभ से उनका डेन को चूसने लगा फिर मई अपना जीभ मौसी के नमकीन बुर में घुसा कर andar-bahar करने लगा.

मौसी अब बिस्तर को दोनों हाथों से कास के पकड़ कर अपना कमर uchka-uchka कर सिसक रही थी.

मौसी अब मजे में बोलने लगी- उफ्फ्फ्फ़... मर गयी... Anshuuuuuuuuuuuu... अब बर्दास्त नहीं hota........andar डालो न... आआह्ह्ह... अंदर डालो naaaaaaaaaaaaa..........

मई समझ गया मौसी अब छोड़ने को बेचैन हो गयी है.

मई मौसी को बड़े प्यार से घुमाया और उनका गांड को सहलाते हुए अपना लुंड का टोपा मौसी के बुर के छेद पे टिका दिया.

मई फिर अच्छे से मौसी को अपने बाँहों में पकड़ा और एक जोर का धक्का मारा.

मौसी जोर से चीखी ahnnnnnnnnnnnnnnnn anshuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuu

मेरा आधा से ज्यादा लुंड मौसी के बुर में घुस चूका था. मौसी का बुर जितना टाइट था उतना hi गर्म भी. और जितना गर्म था उतना hi गिला.





मई तो मौसी पे चढ़ा hi हुआ था. मई मौसी के कान में bola-abhi तो शुरुआता है janeman....abi तो पूरी रात है....

ये बोलकर मई मौसी को पकड़ा और गपपपपपपप गपपपपपपपप गपपपपपपप gapppppppppppp उनके बुर में लुंड पेलना सुरु किया.

मौसी भी पागल की तरह ुंहःहःहःह ुंहःहःहः ुंहःहःहःहः ahhhhhhhhhhhhh ufffffffffffff करके आवाज निकल निकल के छोड़ने लगी.





मौसी का बुर पूरा गिला हो गया था. मई जोश में आ गया और मौसी को और जोर जोर से छोड़ना सुरु कर दिया. मेरा हर धक्के के साथ मेरा लुंड का टोपा मौसी के बच्चेदानी तक जाने लगा. मौसी के लिए ये बिलकुल नया अहसास था. वो एक दम से बिस्तर को मुँह में दबा कर जोर जोर ुंहःहःहःह umhhhhhhhhhhh umhhhhhhhhhhh umhhhhhhhhhhhhhhhh चीखने लगी.... और बोलने lagi-fukc में anshuuuuuuuuuuu फ़क में anshuuuuuuuuuuu ahhhhhhhhhhhh anshuuuuuuuuuuuuuuu और जोर से anshuuuuuuuuuuuuuuuuuu





मौसी का हालत खराब होने लगा उनके बुर से एक दम से तप तप करके पानी चुने लगा और तकिया मुँह में दबाये झड़ने लगी.

जैसे hi मौसी झाड़ गयी मई रुक गया. मेरा खड़ा लुंड पुकककककककक का आवाज के साथ मौसी के बुर से निकला. मौसी तो हफ्ते हुए बिस्तर पे लेट गयी वही मई भी उनके बगल में लेट गया. मौसी मेरे सीने पर सर रख कर लेट गयी. उनका पोस्टिंग जब से इस गांव में हुआ था तब से आज तक न जाने कितने दिनों से वो ऐसे hi जोरदार तरीके से चूंडना चाहती थी जो आज पूरा हुआ. उनके बदन से पसीना बाह रहा था और सांस तेज़ चल रहा था.

मई उनके बाल से खेलते हुए उनके माथे को चूमा और प्यार से बोलै - नीलम डार्लिंग .. अब बताओ... कैसा लगा? दर्द हुआ? मजा आया?

मौसी शरमाते हुए, आँख बंद किये हुए मेरे सीने में मुँह छुपा कर धीरे से boli-Bahut... बहुत दर्द हुआ पहले... लेकिन फिर... बहुत मज़ा आया अंशू. पहली बार ऐसा लगा की मैं पूरी औरत हूँ... तुम्हारे लिए मैं कुछ भी कर सकती हूँ... मई hi पागल थी जो इतने दिन तुमसे दूर रही.

मई उनको कास के गले लगाया और kaha-Ab से हर रात ऐसी hi होगी... मेरी रानी. तुम मेरी हो... पूरी तरह मेरी

मौसी भी मुझे और जोर से पकड़ ली और मेरे कान में धीरे से boli-Haan... मैं तुम्हारी हूँ... हमेशा... हमेशा...

मौसी फिर boli-ansh तुम्हारे लिए मेरे पास एक तोहफा है. तुम मुझे इतना कुछ दिए तो मई भी तुम्हे कुछ देना चाहती हूँ ये बोलकर शरमाते हुए मौसी मेरा हाथ का उंगली पकड़ी और अपने गांड के छेद पे रख दी.

ये होते hi मई मौसी के आंख में देखा तो वो शर्मा के अपना चेहरा मेरे साइन में छुपा ली.
 
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