Erotica मोहे रंग दे - Page 65 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Erotica मोहे रंग दे

  • 6.png

  • Mar 13, 2022
  • Add bookmark
  • #2,575
एक्जाम का टेंशन और गुड्डो की मम्मी

Teej-peticoat-malavika-mohanan-hot-photo.jpg


" भाभी, कुछ समझ में नहीं आ रहा है. सर भन्ना रहा है, लग रहा है सब भूल गया हूँ, इत्ते दिनों की मेहनत,... बहुत परेशानी लग रही है "

" लाला, सो जाओ थोड़ी देर, इत्ते दिन से तो रात रात भर जग के, ... ठीक हो जाएगा " मेरे गाल सहलाते हुए दुलार से वो बोलीं।

" नहीं, भाभी, दो घंटों से कोशिश कर रहा था, नींद भी नहीं आ रही है, बस सर भन्ना रहा है, कुछ समझ में नहीं आ रहा है " मैंने उनके सीने पर अपने सर को रखे रखे अपनी परेशानी बतायी। मैं बस मुंह उठा के उनकी ओर देख रहा था.

वो भी थोड़ी देर मेरी ओर देखती रहीं, फिर मेरे पास से उठीं, और वहीँ पास में एक चटाई बिछाई फिर गुड्डो को आवाज लायी।

मेरी परेशान चेहरे को देख वो भी समझ गयी कुछ सीरियस है,...

भाभी ने गुड्डो को कुछ समझाया, और थोड़ी देर में गुड्डो तेल की एक बोतल, और एक छोटी सी कटोरी में कोई तेल हल्का गर्म कर के, ...

भाभी ने गुड्डो के जाते ही दरवाजा बंद किया, मेरी बनयाईन खींच कर उतारी, अपनी साड़ी भी उतारी, वो सिर्फ ब्लाउज पेटीकोट , ... लेकिन मेरे ऊपर कुछ असर नहीं हो रहा था, उनको ब्लाउज पेटीकोट में देख कर. तबतक मेरी नेकर उन्होंने खींच कर उतार दिया और अपनी साड़ी लुंगी की तरह मेरे चारों ओर लपेट दिया, और मुझे पेट के बल चटाई पर लेटा दिया, और वो कटोरी वाला तेल मेरे पैर के तलुवें में,….

…......and ...after some more ,.....and....

भाभी ने अब ; उसको,.. मुझको लग रहा था शायद वो सुपाड़ा खोलेंगी, लेकिन उन्होंने चमड़े को पकड़ के उसका मुंह एकदम बंद कर दिया और कटोरी का बचा खुचा तेल,जैसे उसे नहला रही हों, तेल से एकदम चपाचप, बहुत अच्छा लग रहा जब तेल धीरे धीरे सरकता, सोखता, बूँद बूँद उस खड़े तने,... पर से एकदम नीचे तक, बस भाभी ने एक हाथ की मुट्ठी में, मुश्किल से उनकी भी मुट्ठी आ पा रहा था, लेकिन उन्होंने मुठीयाना नहीं शुरू किया, बस थोड़ी देर तक मुट्ठी हलके हलके खोलती बंद करती रहीं, फिर दो उँगलियों की टिप से मेरे उसके बेस पर हलके हलके, फिर कस के दबाना शुरू किया,... बहुत अच्छा लग रहा था, पूरी देह ढीली हो रही थी, तेल से इतना चिकना हो गया था की, बस हलके हलके सरकाते हुए अपनी मुट्ठी से उन्होंने मुठियाना शुरू किया, पहले हलके हलके , फिर जोर जोर से , उनके हाथ का टच बहुत अच्छा लग रहा था,

पूरा टेंशन एकदम जैसे घुल के उनके हाथों में जा रहा था , लेकिन वो वैसे का वैसे ही कड़ा, अब भाभी ने स्टाइल बदली,

जैसे कोई जवान ग्वालन दोनों हाथों से मथनी चलाये, दही बिलोडे, बस उसी तरह, दोनों हाथों के बीच उस मोटे मोटे चर्मदण्ड को, चार पांच मिनट तक बिना रुके,...

फिर वो रुक गयीं, उस मथानी को उन्होंने छोड़ दिया , एक हाथ मेरी बॉल्स को हलके हलके टच कर रहा था , कभी मुट्ठी में लेकर उसे वो हलके से दबा देतीं, तो कभी बस सहलाती रहतीं, और उनका दूसरी हथेली, अब मुट्ठी से तो उन्होंने ' उसे' छोड़ दिया था लेकिन उनकी चार उँगलियाँ बस हलके हलके कभी मेरे शिश्न को छू के रगड़ देतीं , कभी बस टैप कर देतीं, जैसे कोई कुशल सितार वादिका सितार के तारों को छेड़ रही हो,

अचानक उन्होंने डबल अटैक शुरू कर दिया, जो हाथ मेरे बॉल्स पकडे था वो अब उसे कस कस के सहला रहा था और उनकी तर्जनी मेरे पिछवाड़े की दरार भी सहला रही थी,... और दूसरे हाथ से वो जोर जोर से मुठियाने लगीं, बहुत अच्छा लग रहा था, लेकिन अभी भी नहीं लग रहा था की मैं किनारे पर पहुंचूंगा।

अब उन्होंने अपने दोनों हाथों से कटोरी में बचे खुचे तेल को निकाल के अपने उभारों पर लगा के, दोनों खूब कड़े कड़े बड़े बड़े उभारों के बीच मेरे चर्म दंड को लेकर , जोर जोर से, और पहले झटके में ही मेरा मोटा सुपाड़ा खुल गया. लेकिन वो अपने दोनों जोबन के बीच मेरे लंड को लेकर मसलती रगड़ती रहीं, फिर साथ साथ अपनी जीभ की टिप से कभी मेरे पी होल, वाले पेशाब के छेद को छू कर हटा लेतीं, तो कभी बार बार उस पेशाब के छेद में अपनी जीभ की टिप को ठेलने की कोशिश करतीं,

मेरी हालत ख़राब हो रही थी, उनकी जीभ, मेरे मोटे सुपाड़े पर बार बार अब सपड़ सपड़ , और गप्प से उन्होंने पूरा सुपाड़ा मुंह में भर लिया और लगी पूरी ताकत से चूसने
 
xf192.png


Erotica - मजा पहली होली का ससुराल में

मजा पहली होली का, ससुराल में ( इस कहानी के सभी पात्र वयस्क हैं और सभी चित्र इंटरनेट से लिए गए हैं यदि किसी को कोई आपत्ति हो तो टिप्पणी कर सकता है। अंडर एज सेक्स न सिर्फ इस फोरम के नियमों के खिलाफ है बल्कि वैधानिक रूप से भी निषिद्ध है , और मैं वयक्तिगत रूप से भी इसे नहीं पसंद करती।) मुझे...

favicon.ico


exforum.live

मजा पहली होली का, ससुराल में

उम्मीद है आप को अच्छी लगेगी ,

एक इरोटिक होली की कहानी है ससुराल में पहली होली की,

सजनी की भी

साजन की भी

थोड़ी हॉट हॉट ,

मुझे उम्मीद है आप को पंसद आएगी , प्लीज इस बार की तरह कमेंट जरूर दीजियेगा
 
भास्करस्य यथा तेजो मकरस्थस्य वर्धते।

तथैव भवतां तेजो वर्धतामिति कामये॥

जैसे मकर राशी में सूर्य का तेज बढता है, उसी तरह आपके स्वास्थ्य और समृद्धि की हम कामना करते हैं। मकरसंक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं।

Makar-sankrati-wishes-in-hindi-with-greeting-card.jpg
 
xf192.png


Erotica - जोरू का गुलाम उर्फ़ जे के जी

जोरू का गुलाम भाग २५८- एम् ३ पृष्ठ १६२३ अपडेट पोस्टेड, कृपया पढ़ें लाइक करें और कमेंट जरूर करें

favicon.ico


exforum.live

जोरू का गुलाम भाग १६७

कैसे फटी हो कैसे फटी

उर्फ़

ननदिया की भैया के साथ सुहागरात
 
जोरू का गुलाम भाग १६९

गुड्डी की सुहागरात, भैया के साथ,

मज़ा पलंग तोड़ जोड़ा पान का

xf192.png


Erotica - जोरू का गुलाम उर्फ़ जे के जी

जोरू का गुलाम भाग 254 गुड्डी की कहानी, गुड्डी की जुबानी- ----किस्सा गुड्डी बाई के गैंगबैंग का पृष्ठ १५८३ अपडेट पोस्टेड, कृपया पढ़ें, लाइक करें और कमेंट जरूर करें

favicon.ico


exforum.live

 
जोरू का गुलाम अपडेट पोस्टेड

नया दिन नया सबेरा

xf192.png


Erotica - जोरू का गुलाम उर्फ़ जे के जी

छुटकी - होली दीदी की ससुराल में - भाग ११६ बुच्ची और बुआ की लावा भुजाइ बुच्ची 2... लो खाओ खीर, अपनी बहिनिया के दूध के कटोरों से लो खाओ खीर, अपनी बहिनिया के दूध के कटोरों से इमरतिया ने दोनों को अलग किया, थोड़ी देर में बुच्ची हंसती खिलखिलाती फर्श पर लेटी थी, अपने उभारों को उचकाती और...

favicon.ico


exforum.live
 
Update posted

xf192.png


Erotica - जोरू का गुलाम उर्फ़ जे के जी

भाग 255 रात बाकी, बात बाकी, पृष्ठ १५९६ अभी तो पार्टी शुरू हुयी है अपडेट पोस्टेड, कृपया पढ़ें, लाइक करें, और कमेंट करें एक मेगा अपडेट

favicon.ico


exforum.live

जोरू का गुलाम



भाग १७१



ननदिया मांगे नेग
 
भाग १७३ -

दिन भर - सासू माँ,....

xf192.png


Erotica - जोरू का गुलाम उर्फ़ जे के जी

जोरू का गुलाम भाग २४२, 'कीड़े' और 'कीड़े पकड़ने की मशीन, पृष्ठ १४९१अपडेट पोस्टेड, कृपया पढ़ें, लाइक करें और कमेंट जरूर दें

favicon.ico


exforum.live

please do read, like, enjoy and share your comments
 
xf192.png


Adultery - छुटकी - होली दीदी की ससुराल में

भाग ११७ - बुच्ची, इस्तेमाल के बाद कुल १४,००० से अधिक शब्द, आठ पोस्ट्स ५० से अधिक चित्र, बुच्ची -- भैया से मिलन के बाद कोई दूर से भी देख के कह सकता है, ये छोरी चोदी नहीं गयी है कचरी गयी है और वो भी कस के। एरोटिक भी बुच्ची की चूत में अभी भी जैसे कोई मोटा लकड़ी का लंड घुसा हुआ हो, हर...

favicon.ico


exforum.live

अपडेट पोस्टेड -

भाग ४७ -रोपनी
 
Thanks so much, aap aise kuch hi Rasik, Rassidh readers hote hain aur ye kahani unhi ke liye hai, jinhe dhimi aanch ka khana pasand ho, rishton men garmaahat pasand ho, sirf aap aise kuch readers ke karan is story ke views thode bahoot hote hain,... apka kitana bhi abhaar karungi to kam hi hoga,:thanks::thanks::thanks::thanks::thanks::thanks::thanks:
 
Back
Top