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जब दोनो अपने कमरेमे चले गये तब दोनो ओरतोका सर्बका बांध टुट चुका था.. सबाना साहीलकी बाहोमे थी.. ओर उनके चहेरेको पागलोकी तराह चुम रही थी.. तो यही हाल श्रीधरके रुममे भी था.. श्रीधर र्बीन्दाके उरोजोको मसलते उनके होठोका रसपान कर रहा था..
ओर ब्रीन्दा श्रीधरके नीतंबपे हाथ रखते उनकी चुतकी ओर दबा रही थी.. जैसे अकेह रही होकी मुजे अभी के अभी चोदलो.. फीर चारो फ्रेस होने चले गये.. ओर खाना वही रुममे मंगवा लीया.. जब खाना आगया तो साहीलने श्रीधरको अपने रुममे बुला लीया.. ओर दोनो आगये..
तो सबाना ब्रीन्दाको देखती ही रही.. क्युकी ब्रीन्दाने सारीको त्यागकर अेक बहुत ही खुबसुरत मोर्डन ड्रेस पहेनलीया था.. ओर सबानाने अभी भी अेक सलजार कमीज पहेना हुआ था.. चारो खानेकी मेजपे बैठ गये.. सबाना अबभी ब्रीन्दासे बहुत सरमा रही थी..
ब्रीन्दा : (मुस्कुराते) सबाना.. कहो आपकी पढाइ कैसी चल रही हे..?
सबाना : (सरमाकर मुस्कुराते) भाभी.. बहुत अच्छी.. अभी अेक अेक्क्षाम खतम हुइ हे.. बहुत अच्छे माक्र्स मीले.. आप बताइअे वहा सबलोग कैसे हे..?
ब्रीन्दा : (श्रीधरकी ओर कामुक मुस्कानसे) सब मजेमे हे.. सबलोग अपनी लाइफ खुलकर जी रहे हे.. अैसी लाइफ मेने जींदगीमे कभी नही देखी.. बस.. आप भी डोक्टर बनके जल्दीसे आजाओ.. सबलोग आपका इन्तजार कर रहे हे..
सबाना : (मुस्कुराते साहीलकी ओर देखते) अब तो वही आना ही हे.. मेभी वहा आनेके लीये बेताब हु.. बस.. अपनी पढाइ खतम करलु.. लगता हे वहा सब लोग कुछ ज्यादा ही खुस हे..
ब्रीन्दा : (मुस्कुराते) हां.. बहोत.. क्युकी वहा सब लोगोने रीस्तेके नये नीयमको स्वीकार कर लीया हे.. अब वहा रीस्तेके कोइ मायने ही नही हे.. आज हमारा पहेला गांव अैसा होगया हे जहा अब कोइ वीधवा या त्यक्ता नही रही.. सबने आपसी रीस्तोमे सादीया करली हे..
साहील : (मुस्कुराते) सबु.. श्रीधरके मम्मी पापाके बीच डीवोर्स हो चुका हे.. इनकी मम्मी त्यक्ता थी तो गांवमे रीस्तोमे बदलावके नीयमके तहेत श्रीधरने उनकी मम्मीसे सादी करली.. ओर आंटी अब हमारी भाभी होगइ..
ब्रीन्दा : (मुस्कुराते) हां सबाना.. ओर ये रीस्तोसे मे बहुत खुस भी हु..
साहील : (मुस्कुराते) सबु.. ये बता अब यहा ओर आजु बाजु देखने जैसा क्या हे..?
सबाना : (मुस्कुराते) अभी हम गार्डन चले..? क्युकी उनकी रोनक रातमे ही ज्यादा होती हे.. बहुत खुबसुरत गार्डन हे.. रातमे लोग ज्यादा वहा घुमने जाते हे.. कुछ कपल तो कुछ पुरी फेमीलीके साथ..
ब्रीन्दा : (खुस होते) तो जानु आज वही घुमने चले..? फीर कलका कुछ सोचेगे..
साहील : (हसते) भाभी.. आप तो हनीमुन मनाने आइ हो.. तो कही ओर घुमेगी..? हें..हें..हें..
ब्रीन्दा : (सर्मसार होते हसते साहीलको अेक मुका मारते) साहील.. अेक मारुगी.. तो क्या आप सीर्फ मेरी देवरानीको मीलने आये हे..?
दोनोका जगडा देखकर श्रीधर ओर सबाना जोरोसे हसने लगे.. फीर खाना खाकर चारो गार्डनमे घुमने चले गये.. सबाना ओर र्ब्रीन्दा दोनोही धीरेसे हस हसके बाते करते आगे चल रही थी.. ओर श्रीधर साहील उनके पीछे चल रहे थे.. तभी साहीलका फोन बजा..
देखा तो फोनपे लखन था.. तो साहीलने फोन उठालीया.. तो लखन साहीलको सबकुछ बता देता हे.. साहीलने वापस आनेकी पेसकस की.. लेकीन लखनने उसे मना करदीया.. ओर कहाकी सबलोग आरामसे घुमकर ही आना.. बातकी गंभीरता समजके श्रीधरने पुछ लीया..
श्रीधर : (धीरेसे) साहील.. क्या हुआ..? कुछ प्रोबलेम हे क्या..?
साहील : (थोडा धीरेसे) श्रीधर.. वो लखनकी भाभी.. भुमीका भाभी गुजर गइ.. बाथरुममे गीर गइ थी.. तो बच्चा पेटमे ही मर गया.. ओर ओपरेशनके दौरान भाभीने भी दम तोड दीया..
श्रीधर : (थोडी चीन्तासे) ओह गोड.. बहुत बुरा हुआ.. क्या हम वापस चले..?
साहील : (सामने देखते धीरेसे) लखनने मना कीया हे.. सुबह इसी बातके लीये फोन कीया था.. हम फ्लाइटमे थे.. तो उसने हमे नही बताया.. ताकी हम घुमकर आ सके..
श्रीधर : (धीरेसे) ये लखन भी कुछ अजीब हे.. कीतना समजदार हे..
तो दुसरी ओर इस बातसे अनजान र्ब्रीन्दा ओर सबाना अब खुलकर हस हसके बाते करते आगे चल रही थी.. ब्रीन्दाने अपने ओर श्रीधरके बारेमे सबानाको सबकुछ बता दीया.. फीर उसने मुना ओर बसंतीके बारेमे भी सबानाको सबकुछ बता दीया.. ओर कहा की सब इस रीस्तेसे बहुत खुस हे..
फीर चारोने वहा खुब अेन्जोय कीया.. दोनोने ब्रीन्दा ओर सबानाको गोलगपे खीलाये.. फीर आइसक्रीम.. फीर श्रीधर सबके लीये वहाकी नीबुवाली सोडा लेने चला गया.. तब कीसीको पता नही थाकी श्रीधरने चुपकेसे सबकी सोडाने कामोतेजक गोलीया मीलादी हे..
फीर सब कुछ देर वही बैठकर बाते करते रहे.. ओर गोलीने अपना असर सुरु करदीया.. ब्रीन्दाने सबको वापस चलनेको कहा.. ओर देर रात वापस होटेलपे आगये.. आकर दोनो कपल अपने अपने कमरेमे अेक दुसरेको गुडनााइट कहेकर चले गये.. ओर चेन्ज करलीया..
तो आज सबानाने भी पहेली बार साहीलकी दीलवाइ ट्रान्सफरन्ट नाइटी पहीनली.. जीसे देखकर साहीलका हथीयार जटके मारने लगा.. दोनो ओरतोके उपर गोलीका असर पुरी तराह छा गया था.. दोनो वासनाकी आगमे जलने लगी.. फीर पुरी रात दोनोके कमरेमे घमासान चुदाका युध्ध हुआ..
दोनो कमरोमे चुदाइका अैसा दौर चला मानो चुदाइका भवंडर कमरेमे तबाही मचा रहा हो.. दोनो देर रात तक अपनी अपनी बीवीओकी चुदाइ अलग अलग अेन्गलसे करते रहे.. ओर सोने तक दोनोने अपनी बीवीओका अेक अेक अंग तोडके ढीला करदीया.. फीर दोनो कपलमे साथमे सावर लीया.. ओर सबानाने सावधानीके लीये अेक आइपीलकी गोली खाली.. फीर अेक दुसरेसे चीपकके सो गये....
कन्टीन्यु
ओर ब्रीन्दा श्रीधरके नीतंबपे हाथ रखते उनकी चुतकी ओर दबा रही थी.. जैसे अकेह रही होकी मुजे अभी के अभी चोदलो.. फीर चारो फ्रेस होने चले गये.. ओर खाना वही रुममे मंगवा लीया.. जब खाना आगया तो साहीलने श्रीधरको अपने रुममे बुला लीया.. ओर दोनो आगये..
तो सबाना ब्रीन्दाको देखती ही रही.. क्युकी ब्रीन्दाने सारीको त्यागकर अेक बहुत ही खुबसुरत मोर्डन ड्रेस पहेनलीया था.. ओर सबानाने अभी भी अेक सलजार कमीज पहेना हुआ था.. चारो खानेकी मेजपे बैठ गये.. सबाना अबभी ब्रीन्दासे बहुत सरमा रही थी..
ब्रीन्दा : (मुस्कुराते) सबाना.. कहो आपकी पढाइ कैसी चल रही हे..?
सबाना : (सरमाकर मुस्कुराते) भाभी.. बहुत अच्छी.. अभी अेक अेक्क्षाम खतम हुइ हे.. बहुत अच्छे माक्र्स मीले.. आप बताइअे वहा सबलोग कैसे हे..?
ब्रीन्दा : (श्रीधरकी ओर कामुक मुस्कानसे) सब मजेमे हे.. सबलोग अपनी लाइफ खुलकर जी रहे हे.. अैसी लाइफ मेने जींदगीमे कभी नही देखी.. बस.. आप भी डोक्टर बनके जल्दीसे आजाओ.. सबलोग आपका इन्तजार कर रहे हे..
सबाना : (मुस्कुराते साहीलकी ओर देखते) अब तो वही आना ही हे.. मेभी वहा आनेके लीये बेताब हु.. बस.. अपनी पढाइ खतम करलु.. लगता हे वहा सब लोग कुछ ज्यादा ही खुस हे..
ब्रीन्दा : (मुस्कुराते) हां.. बहोत.. क्युकी वहा सब लोगोने रीस्तेके नये नीयमको स्वीकार कर लीया हे.. अब वहा रीस्तेके कोइ मायने ही नही हे.. आज हमारा पहेला गांव अैसा होगया हे जहा अब कोइ वीधवा या त्यक्ता नही रही.. सबने आपसी रीस्तोमे सादीया करली हे..
साहील : (मुस्कुराते) सबु.. श्रीधरके मम्मी पापाके बीच डीवोर्स हो चुका हे.. इनकी मम्मी त्यक्ता थी तो गांवमे रीस्तोमे बदलावके नीयमके तहेत श्रीधरने उनकी मम्मीसे सादी करली.. ओर आंटी अब हमारी भाभी होगइ..
ब्रीन्दा : (मुस्कुराते) हां सबाना.. ओर ये रीस्तोसे मे बहुत खुस भी हु..
साहील : (मुस्कुराते) सबु.. ये बता अब यहा ओर आजु बाजु देखने जैसा क्या हे..?
सबाना : (मुस्कुराते) अभी हम गार्डन चले..? क्युकी उनकी रोनक रातमे ही ज्यादा होती हे.. बहुत खुबसुरत गार्डन हे.. रातमे लोग ज्यादा वहा घुमने जाते हे.. कुछ कपल तो कुछ पुरी फेमीलीके साथ..
ब्रीन्दा : (खुस होते) तो जानु आज वही घुमने चले..? फीर कलका कुछ सोचेगे..
साहील : (हसते) भाभी.. आप तो हनीमुन मनाने आइ हो.. तो कही ओर घुमेगी..? हें..हें..हें..
ब्रीन्दा : (सर्मसार होते हसते साहीलको अेक मुका मारते) साहील.. अेक मारुगी.. तो क्या आप सीर्फ मेरी देवरानीको मीलने आये हे..?
दोनोका जगडा देखकर श्रीधर ओर सबाना जोरोसे हसने लगे.. फीर खाना खाकर चारो गार्डनमे घुमने चले गये.. सबाना ओर र्ब्रीन्दा दोनोही धीरेसे हस हसके बाते करते आगे चल रही थी.. ओर श्रीधर साहील उनके पीछे चल रहे थे.. तभी साहीलका फोन बजा..
देखा तो फोनपे लखन था.. तो साहीलने फोन उठालीया.. तो लखन साहीलको सबकुछ बता देता हे.. साहीलने वापस आनेकी पेसकस की.. लेकीन लखनने उसे मना करदीया.. ओर कहाकी सबलोग आरामसे घुमकर ही आना.. बातकी गंभीरता समजके श्रीधरने पुछ लीया..
श्रीधर : (धीरेसे) साहील.. क्या हुआ..? कुछ प्रोबलेम हे क्या..?
साहील : (थोडा धीरेसे) श्रीधर.. वो लखनकी भाभी.. भुमीका भाभी गुजर गइ.. बाथरुममे गीर गइ थी.. तो बच्चा पेटमे ही मर गया.. ओर ओपरेशनके दौरान भाभीने भी दम तोड दीया..
श्रीधर : (थोडी चीन्तासे) ओह गोड.. बहुत बुरा हुआ.. क्या हम वापस चले..?
साहील : (सामने देखते धीरेसे) लखनने मना कीया हे.. सुबह इसी बातके लीये फोन कीया था.. हम फ्लाइटमे थे.. तो उसने हमे नही बताया.. ताकी हम घुमकर आ सके..
श्रीधर : (धीरेसे) ये लखन भी कुछ अजीब हे.. कीतना समजदार हे..
तो दुसरी ओर इस बातसे अनजान र्ब्रीन्दा ओर सबाना अब खुलकर हस हसके बाते करते आगे चल रही थी.. ब्रीन्दाने अपने ओर श्रीधरके बारेमे सबानाको सबकुछ बता दीया.. फीर उसने मुना ओर बसंतीके बारेमे भी सबानाको सबकुछ बता दीया.. ओर कहा की सब इस रीस्तेसे बहुत खुस हे..
फीर चारोने वहा खुब अेन्जोय कीया.. दोनोने ब्रीन्दा ओर सबानाको गोलगपे खीलाये.. फीर आइसक्रीम.. फीर श्रीधर सबके लीये वहाकी नीबुवाली सोडा लेने चला गया.. तब कीसीको पता नही थाकी श्रीधरने चुपकेसे सबकी सोडाने कामोतेजक गोलीया मीलादी हे..
फीर सब कुछ देर वही बैठकर बाते करते रहे.. ओर गोलीने अपना असर सुरु करदीया.. ब्रीन्दाने सबको वापस चलनेको कहा.. ओर देर रात वापस होटेलपे आगये.. आकर दोनो कपल अपने अपने कमरेमे अेक दुसरेको गुडनााइट कहेकर चले गये.. ओर चेन्ज करलीया..
तो आज सबानाने भी पहेली बार साहीलकी दीलवाइ ट्रान्सफरन्ट नाइटी पहीनली.. जीसे देखकर साहीलका हथीयार जटके मारने लगा.. दोनो ओरतोके उपर गोलीका असर पुरी तराह छा गया था.. दोनो वासनाकी आगमे जलने लगी.. फीर पुरी रात दोनोके कमरेमे घमासान चुदाका युध्ध हुआ..
दोनो कमरोमे चुदाइका अैसा दौर चला मानो चुदाइका भवंडर कमरेमे तबाही मचा रहा हो.. दोनो देर रात तक अपनी अपनी बीवीओकी चुदाइ अलग अलग अेन्गलसे करते रहे.. ओर सोने तक दोनोने अपनी बीवीओका अेक अेक अंग तोडके ढीला करदीया.. फीर दोनो कपलमे साथमे सावर लीया.. ओर सबानाने सावधानीके लीये अेक आइपीलकी गोली खाली.. फीर अेक दुसरेसे चीपकके सो गये....
कन्टीन्यु