- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 148,735
रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती
अध्याय - ५८
दोनोही सांत होगये तब देवायत पुनमके बुब्सपे सर रखके ढेर होके पडाथा तब पुनम उनके सरको सहेलाते नजर चुराते इधर उधर देखती मुहको घुमाती रही.. तब उसे नही मालुम थाकी जीस तराह दोनो बहार सांत होकर पडेथे तब अंदर देवायतके सेंकडो बीज रतीके अंसको मीलनेके लीये धमासान मचाते दौड रहेथे.. ओर आखीर अेक बीज पुनमके गर्भके अंडेमे घुसने मे कामयाब होगया.. आखीर वो बीज कमका जो था.. ओर पुनमके गर्भके अंडेमे जाकर रतीके बीजसे मील गया....अब आगे
पुनम : (धीरेसे मुस्कराते सरमाते) भाइ आज आपको क्या हो गयाथा.. मेरी इतनी जबरदस्त चुदाइतो आपने हमारी सुहागरातमे भी नहीकी थी.. आपने तो अेकही बारमे मुजे नीचोड लीया.. मेरी अेक अेक नब्स आपने चोद चोदके ढीली करदी.. कोइ अपनी बहेनको इतनी बहेरमीसे चोदता हे..?
देवायत : (पुनमकी ओर देखते हसते) हां जब तेरे जैसी हसीन बहेना होतो मे तुजे अैसेही चोदुगा.. हें..हें..हें.. पुनो पता नही मुजे कुछ होस ही नही था.. मेने तुजे कैसे चोदाहे वोभी मुजे नही पता.. क्या बहुत दर्द हो रहा हे..? तो आइ अेम सोरी..
पुनम : (सरमाते) भाइ सोरी मत बोलो.. मेतो अैसेही केह रहीथी लेकीन मजा बहुत आया.., जो हाल आपका था वोही मेरा था.. पता नही मे कीतनी बार पानी छोड चुकी हु.. अैसा लगता हे आपने मुजे पुरी नीचोडली..
देवायत : (धीरेसे हसते) पुनो जो भी हो अब ये लंड सुबहसे पहेले बहार नीकलने वाला नही हे.. हें..हें..हें..
पुनम : (सरमसे पानीपानी होते) भाइ तबतो जोसमे हम दोनो क्या क्या वादे कर चुकेथे लेकीन अब लगता हे बहुतही मुस्कील होगा.. क्या मे आपको सुबह तक जेल पाउगी..? आपनेतो अभी से मुजे थका दीया हे..
देवायत : (हसते) बेबी जोभी हो मे तुजे सुबह तक छोडने वाला नही हु.. क्या मस्त चुत हे तेरी जी चाहता हे तुजे दीन रात चोदता ही रहु.. कास तुजे प्यारका इजहार पहेलेही कर दीया होता.. अब तकतो मे तुजे कीतनी बार चोद चुका होता..
पुनम : (सर्मसार होते हसते) भाइ तबतो मे कबकी कुआरी मां बन चुकी होती.. ओर वोभी छोटी उमरमे.. जोभी हुआ हे सही टाइमपे हुआ हे.. आपके गधे जैसे हथीयारको जेलना बहुतही मुस्कील हे.. पता नही पुरी रात कैसे अंदर रख पाउगी.. देखना वो चौडी ना होजाये..
देवायत : (होंठ चुमते) पुनो अब तो मे तुजे जींदगी भर अेसेही चोदता रहुगा.. फीर भलेही तेरी सास से मेरी सादी होजाये.. फीरभी मे तुजे अेसेही सुख देता रहुगा आइ प्रोमीस.. आइ लव यु बेबी..
पुनम : (सरमाते हसते) लव यु टु.. भाइ वोतो मेभी आपको छोडने वाली नहीहु.. हमजे सादीजो कीहे.. मेरे पहेले पती आपही रहोगे.. ओर हर जन्ममे आपही मेरे पती बनके आये हो ओर आपही मेरे पती होगे.. मे इश्वरसे यही प्रार्थना करती हु.. भाइ पता हे मुजे कोनसा स्वपन आता था..?
देवायत : नही पुनो वो सबतो तुम बाबाको बतातीथी मुजे कहा कुछ बताया हे..? बता कोनसा स्वप्न आता था..
पुनम : भाइ बार बार बस अेकही स्वप्न आता था की मे परी हु ओर आप हमारे राजा थे ओर मुजे पाने के लीये बार बार मुजे लेके हवामे उडके सैर करने लेजाते तो कभी अेकही कस्तीमे सवार होकर सीर्फ हम दोनो नदीके बीच जाकर हम दोनो प्यार करते.. फीर वहा आप मेरे साथ प्यारका खेल खेलते संभोग कर लेते.. फीर हम दोनो वापस आजाते थे.. तब आप मेरे प्यारमे ओर मे आपके प्यारमे बीलकुल दीवाने हो चुकेथे..
ओर यही स्वप्न बार बार मुजे आके परेसान कर रहाथा की जो राजा थे वो आपकी सकलकाथा तो मे सोचमे डुबी रहेती की आप तो मेरे भाइ हो फीर मुजे ये स्वप्न क्यु आरहा हे.. बस यही सोचते मे परेसानीमे रहेने लगी ओर धीरे धीरे आपके बारेमे सोचते आपकी ओर ढलने लगी.. फीरतो आपकी कसरती बोडी.. ओरअपका आकर्सण मुजे आपकी ओर खीचताही गया.. ओर आखीर अेक दीन बाबाको सब पुछही लीया..
देवायत : (हसते) तो फीर बाबाने क्या कहा..?
पुनम : बस भाइ अेक बार उन्होने मुजे सब कुछ ज्ञात करा दीयाकी हम दोनो कोन थे ओर कोन हे.. ओर आगे क्या होगे.. लेकीन वो मे आपको अभी नही बता सकती.. क्युकी बाबाके सामने मेने कुछ कसम खाइ हे.. बस इतना जानलो हम दोनो कही जन्मोसे साथ जुडे हे ओर हमेसा जुडे रहेगे.. बस इतना ही केह सकती हु.. हम दोनो भाइ बहेन होते हुअे भी हर जन्ममे पती पत्नीका सुख भोगते आये हे..
देवायत : (हसते) अच्छा.. तबतो तु हमेसा मुजे अेसेही मीलती रहेगी ओर में तुजे चोदता रहुगा हें..हें..हें..
पुनम : (सर्मसार होते) भाइ आप बहुत गंदे हो कीतना खुलके बोलते हो.. क्या सचमे पुरी रात अेसेही मेरे उपर रहोगे..?
देवायत : हां डार्लींग आजतो तेरे साथ कुछ नया अनुभव करना हे.. देखु तो सही हम कहा तक कर पाते हे..
पुनम : (सरमाते हसते) भाइ तबतो मेरी हालत बीगड जायेगी आपतो थकते ही नही.. ओर मेरा बार बार पानी नीकाल देते हो.. पता नही सुबह तक मेरी क्या हालत होजायेगी.. देखना फीर आपको ही मुजे सम्हालना पडेगा..
दोनो ही अेक दुसरेके होंठ चुमते प्यारभरी बाते कर रहेथे तब देवायत अबभी पुनमकी चुतमे लंड डालके उनसे बाते कर रहाथा तब बीच बीचमे उनके गले ओर बुब्सभी चुम लेताथा अबतो पुनमकोभी मजा आरहा था.. वो अपने भाइके लंडको अपनी चुतमे अभीभी सख्त महेसुस कर रहीथी.. तो वोभी बीच बीचमे अपने भाइको बाहोमे भीच लेतीथी ओर उनके होंठ चुम लेतीथी.. दोनोही कामुक्ता भरी बाते करते फीरसे धीरे धीरे गरम होने लगे तब पुनमकी चुत फीरसे फडफडाते हरकतमे आने लगी तो देवायतके होंठ जोरोसे चुसने लगी..
तभी देवायतभी पुनमके होठोको अपनी गीरफ्तमे लेके चुसने लगता हे ओर धीरे धीरे कमर हीलाने लगता हे ओर कुछही देरमे दोनो अेक बार फीर अपनी रफ्तार पकड लेते हे.. दोनोके बीच होले होले चुदाइ होने लगती हे इस बारभी पुनम दो बार जड चुकीथी फीरभी देवायत उसे चोदे ही जारहा था.. अब देवायतने पुनमको जोरोसे चोदना सुरु कर दीयाथा तब पुनम आंधी आंख चडाके मदहोसीकी आलममे चली गइ ओर देवायतके नीतंबपे हाथ रखते अपनी चुतकी ओर दबाव बनाते उनसे चुदवाने लगी..
दोनोही कामाग्नीमे जलते अेक बार फीरसे चुदाइके बवंडरमे खो गये.. अेक बार फीर दोनोके बीच फीरसे घमासान चुदाइ होने लगी.. काफी धकापैनी चुदाइके बाद अेक बार फीरसे देवायत पुनमकी चुतको भरने लगा तब पुनमने देवायतको कसके अपनी बाहोमे भीचलीया ओर दोनो होठो लीपलोक करते साथमे जडने लगे.. अेसेही देवायत बीना नीचे उतरे पुनमको लगातार चोदता रहा ओर पुनमकी चुतको भरते हरी भरी करता रहा.. आज पुनम तृप्त हो चुकीथी.. फीरभी अपने भाइका लंड अपनी चुतमे अंदर रखके लेटीथी..
अबतक देवायत पुनमकी चुतको तीन बार भर चुकाथा ओर जब भी पुनम जडनेको आती तब देवायतको कसके अपनी बाहोमे भीच लेती.. जब दोनो ही जड जाते तब बीचमे दोनो प्यार भरी बाते करते आराम करते रहे.. अब देवायत आखरी वार करते पुनमको जोरोसे चोद रहाथा.. अबतक पुनम कीतनी बार जड चुकीथी उसेभी पता नहीथा आज पुनमकी चुदवा चुदवाके सारी कसर पुरी होचुकी थी.. वो थक कर चकनाचुर हो चुकी थी.. उनके सरीरका अेक अेक अंग दर्द कर रहाथा..
तभी देवायत हाथके बल उचा होते उसे जोरोसे चोदने लगा.. वो कमर हीलाते लंबे लंबे सोट मारने लगा.. तब देवायतका लंड पुरा जडतक घुस जाता ओर पुनमकी बच्चेदानीपे ठोकर मारते उनके मुखको खोल देता तब पुनम दर्दके मारे हल्केसे चीखने लगी अब पुनमसे बरदास्त करना मुस्कील होने लगा.. वो दर्दके मारे मुह बीगाडते चुदवाती रही ओर देवायतने उनकी चुतमे जडतक घुसा दीया.. ओर अचानक रुक गया..
तभी पुनमने अेक पैर देवायतके कंधेपे रख दीया ताकी चुत थोडी खुल जाये ओर उसे कम दर्द हो.. ओर उसने देवातके गलेमे हाथ डालके उसे अपनी उपर खीचलीया ओर अपने तनसे चीपका लीया.. तभी देवायत पुनमके गलेमे मुह डालते कीस करते जडने लगा.. तब पुनमकी चीख नीकल गइ ओर वो करवट लेके छटपटाने लगी तभी देवायत जडतेही पुनमकी चुतसे लंड नीकाल लेता हे..
तो पुनम चुतमे जलनकी वजहसे करवट लेते साइडमे होजाती हे ओर दर्दसे सीसकारीया करने लगती हे.. आज वाकइ देवायतने उसे चोद चोदके उनकी चुतकी धजीया उडा दीथी.. पुनमको चुतमे बहुतही जलन महेसुस होरही थी..
तब देवायत बेडसे उतर गया ओर पुनमको सोते हुअे ही अपनी गोदमे उठा लीया फीर बाथरुममे ले गया.. वहा पुनमको नहेलाके उनकी चुतकी सीकाइ करदी फीर खुदनेभी नहालीया तबतक पुनम दर्दसे मुह बीगाडते अेसेही बेठी रही.. फीर दोनोही बहार आगये ओर पुनमको उनका गाउन पहेना दीया ओर अच्छेसे सुलाके उनके उपर चदर डालदी तब पुनम बेहोस जेसे होगइ थी ओर नींदकी आगोस मे चली गइ..
फीर देवायतभी अपना नाइग गाउन पहेनके बहार आगया ओर धीरेसे पुनमके रुमका दरवाजा बंध कर दीया.. अपने रुममे जाके वोभी सो गया.. तब सुबहके साडे चार बजनेको आयेथे.. आज पुनमकी हर इच्छा पुरी हो चुकीथी फीरभी उनके पास मंजुके आने तब देवायतसे मीलके प्यार करनेका पुरा मौकाथा वो अपनी हर रात देवायतके साथ चुदवाकर रगींन करना चाहती थी..
जब आज दोनो मीलन करने जा रहेथे तब उनकी सांस यानी चंदाके धरभी कुछ नया हुआ.. जो अेकना अेक दिन होना ही था.. वहा आज चंदा रातको मंजुके पास सोने आगइ तब बच्चेको बीचमे सुलाके मंजुने चंदाको जबरदस्तीसे अपने साथ सुला दीया ओर मंजु करवट लेके अपना ब्लाउस उचा करके बच्चेको दुध पीलाने लगी.. तब चंदाभी अपना गाउन पहेनके मंजुकी ओर करवट लेके सोइथी ओर मंजुको बच्चेको दुध पीलाते देखती रही..
मंजुला : (हसते) दीदी मे चाहती हु धिरेन ओर पुनमके पहेले आप दोनोकी सादी होजाये..
चंदा : (सरमाते हसते) नही मंजु बच्चोके सामने बडी सरम आयेगी.. तुम क्यु इतना जल्दी कर रही हे..? बस कुछ दीनोकी तो बात हे फीर मे खुद तेरे पास चली आउगी.. आइ प्रोमीस..
मंजुला : (हसते) दीदी क्या फर्क पडता हे कुछ दीन बाद आओ या अभी.. कमसे कम हमारे देवुकोतो आप सम्हाल सकोगी.. पता नही मेरे बीना रहे पाता होगा या नही..
चंदा : तुजे देवुकी इतनीही चीन्ता थीतो इतना बडा रीस्क क्यु लीया..? नही करती बच्चा.. कमसे कम देवुके साथ रेह तो पाती.. बहुत प्यार करती हे अपने देवुसे..? फीरभी इतना बडा रीस्क ले लीया..?
मंजुला : (हसते चंदाकी आंखोमे देखते) तो दीदी क्या आप नही करती हमारे देवुसे प्यार..? क्या आप उनके बीना रेह पाती हो..? मेने देखीहे मेरे देवुके लीये आपकी आंखो वो तडप.. ओर मेरे लीये ये बच्चा पैदा करना बहुतही जरुरी था.. तभी तो मे इस दुनीयामे वापस आ सकुगी..
चंदा : (हसते) मंजु बस यही तेरी रहस्य भरी बाते मेरी समजमे नही आ रही.. क्या तुजे पता हे तु वापस आयेगी..? ओर आयेगी तो इसी घरमे आयेगी.. क्या जानती हे तु..जो हम नही जानते.. मुजे लगता हे तुम हमसे बुहत कुछ छुपा रही हे..
मंजुला : (सीरीयस होते) दीदी कुछ बाते हे जो सीर्फ मेही जानती हु.. ओर मेरे जानेसे पहेले मे आपको सब ज्ञात करवाके जाउगी.. असलमे हम सब कोन हे.. आप कोन हो.. वो मे अभी आपको नही बता सकती.. क्युकी मे बाबाके साथ वचनसे बंधी हु.. मेरा देवु ओर मेरा ये बच्चा फीर मेरा पौता.. मे सबके साथ रहुगी.. तब मेरा पोता आपकोभी सब ज्ञात करवा देगा.. की हम वास्तमे कोन हे.. बस अभी इतनाही बता सकती हु..
चंदा : (अेक नजरसे मंजुको देखते) अच्छा तभी तेरे मनमे मोतका भय नही हे.. तो फीर तु दुसरा जन्म लेके कहा आयेगी.. वोभीतो तुजे पता होगा..
मंजुला : (हसते) दीदी कहानां मे कुछ बात आपको अभी नही बता सकती.. क्युकी आप सब जानके वीचलीत हो सकती हे.. बस यही समजलो वो हीमाचलके राजाकी पुरी कहानी हमारे यहा सुरु हो चुकी हे.. जो आगे जाकर हवेलीपे आपको बहुत कुछ दीखनेको मीलेगा.. जो आप अभी सोचभी नही सकती..
चंदा : (कुछ सोचते) तो क्या यहाभी वो सब कुछ होगा? जो उन राजाके यहा हुआ था.. मतलब कोइ रीस्ते नातेको नही मानते होगे.. क्या वो सब यहा पोसीबल लगता हे..? तेरी कुछ बाते मेरी समजमे आ रही हे..
मंजुला : (हसते) जी दीदी तब सब पोसीबल होगा.. तब सब प्रकृतीकी ओर ढलने लगेगे.. हमारे गांवमेभी अेसे कइ रीस्ते अभीसे पनपते हे जो तब खुलके सामने आयेगे.. बस मे इतनाही केह सकती हु.. आपकी ओर हमारे देवुकी भी अेक बेटी होगी.. बस इनके आगे मे अभी कुछ नही बता सकती..
कहेते मंजु अपने बच्चेका प्यारसे गाल सहेलाने लगी.. तब चंदा उसे सोक्ट होते अेक नजरसे देखती ही रही.. आज उसे मंजु बहुतही रहस्यमयी लगने लगी.. तब बच्चा दुध पीते नींदकी आगोसमे चला गया तो मंजुने बच्चेको अपने स्तनसे दुध पीते हटा लीया ओर अपना ब्लाउस ठीक करते उसे जुलेमे डालने खडी होने लगी.. तब चंदा जटसे खडी होगइ ओर बच्चेको अपने हाथोमे लेके जुलेमे सुला दीया..
ओर मंजुको वापस बेडमे सुला दीया फीर खुदभी आके मंजुके पास सो गइ.. तब मंजु चंदाकी ओर करवट लेके चंदाको अेक नजरसे देखती रही.. तब चंदाभी उनकी ओर करवट लेके सोइथी तो मंजुको अपनी ओर अैसे देखते वो सरमा गइ.. तो मंजु हसके उनके नजदीक पासमे सरक गइ..
चंदा : (सरमाते हसते) अेसे क्या देख रही हो.. अब सोना नही हे क्या..? चल सोजा..
मंजुला : (हसते) दीदी सच बताना.. क्या हमारे देवुके बगैर आप सो पाती हे.. सच बताना.. हें..हें..हें..
चंदा : (सरमसे पानीपानी होते मुस्कराते) चल.. कैसा सवाल पुछती हे.. क्या तु सो पाती हे..?
मंजुला : नही दीदी मे मेरे देवुके बगैर अेक पलभी नही रेह सकती.. उनकी बाहोमे बडा सुकुन मीलता हे.. बस यही लगता हे हमेसा उनकी बाहोमेही सोती रहु.. क्या आपको नही लगता..? सच बताना..
चंदा : (सरमाते हसते) हां.. लगता हे.. मंजु आज सच कहु.. जबसे हम दोनो रीलेशनमे आये हे तबसे देवुके बीना रहेना मुस्कील होगया हे.. सच कहुतो मेभी ज्यादा वेइट करना नही चाहती.. जब वो हमे यहा छोडने आयेथे तब धिरेनको जाना पडा ओर हम दोनो मील गये.. तबसे इनके बीना रहेना मुस्कील होगया हे.. लेकीन बच्चोकी बहुत सरम आ रही हे.. मे कीसीसे केहभीतो नही सकती.. आज तुमने पुछ लीयातो बता दीया..
मंजुला : (हसते चंदाकी कमरमे हाथ डालते) दीदी मे जानती हु.. तभीतो आपको केह रही हुकी आकर मेरे देवुको सम्हाललो.. मे चाहती हु पुनम धिरेनकी सादीसे पहेले आपकी देवुके साथ सादी होजाये ओर आप वहा आजाओ.. फीर बच्चोकी सादी हम वहा मीलके कर देगे ओर उसे यहा भेज देगे.. क्या कहेती हो आप..?
चंदा : (अेकदम सर्मसार होते हसते) मंजु.. अब मे सब केसे कहु.. तु जो सोचती हे वही करना हे.. मे देवुके बगैर नही रेह सकती.. पता नही उनको देखतेही हमे क्या होजाता हे.. कीतना आकर्सण हे उनमे..
मंजुला : (हसते) हां दीदी तभीतो मे इनकी दीवानी होगइ थी.. ओर उनपे सब कुछ लुटानेको तैयार होगइ थी.. ओर उनपे सब लुटाभी दीया.. वोभी हमारी सादीसे पहेले.. हम सादीसे पहेले बहुत बार सेक्स कर चुकेहे.. अभीभी इनको याद कर रहीहु तो अभीभी मुजे कुछ होने लगता हे.. पर क्या करु मुजे दो तीन महीना कुछ नही करना.. वो सृतीने मना कीया हे.. तभी तो आपसे केह रही हु मेरे देवुको सम्हाललो.. हें..हें..हें..
चंदा : (सरमाते हसते) तेरे पतीकी तराह तुभी बीलकुल पागल हे हें..हें..हें.. सब खुलके कहेती हे..
मंजुला : (हसते) दीदी अब हम दोनोके बीच क्या पर्दा.. आगे देखती जाओ हमे हमारे रुममे रातको अेक साथ बहुत कुछ देखनेको मीलेगा.. तब आप क्या करोगी..? मेरा देवु आपको छोडने वाला नही हे हम दोनोको अेक साथ अेही बीस्तरमे पटक पटकके चोदेगा.. हें..हें..हें..
चंदा : (सर्मसार होते हसते अेक मुका मारते) छी.. तु बीगड गइ हे.. हें..हें..हें.. कीतना गंदा बोलती हे.. मुजेतो बहुत सर्म आ रही हे..
मंजुला : (जोरोसे हसते) दीदी अेक बात बताउ.. होसकता हे हम दोनोको देवु आपसमे प्यार करनेको कहे.. तब आप क्या करोगी..? हें..हें..हें..
चंदा : (सरमाते अेक मुका मारते) नही.. मे मना करदुगी.. हें..हें..हें.. तु बहोत बेसर्म हो गइ हे.. हें..हें..हें..
कहातो मंजु चंदाके उपर जुकके उनके होठोपे अपना होंठ रख देती हे तो चंदा छटपटाते उनसे छुटनेकी कोसीस करने लगी.. ओर मंजुने होंठ चुमते उनके बुब्सको मसल दीया तब चंदा आंख बंध करते मंजुको मना करने लगी.. लेकीन उनका वीरोध लेसमात्र रेह गया.. क्युकी तबतक मंजुने चंदाकी चुतको अपनी मुठीमे भीच लीयाथा तब चंदा सरसे पांव तक हील गइ ओर छटपटाते सीसकारीया करते मदहोस होने लगी.. वो मंजुसे छुटनेकी नाकाम कोसीस करने लगी.. तब वो कामुह होने लगी ओर उसे इस खेलमे मजा आने लगा..
चंदा : (मदहोसीमे आंख बंध करते) मंजुजुउउउ क्यायाआआ कररर रहीही हेहेहे.. छोडडड मुजेजेअेअे....
मंजुला : हुंममम बुचचच बुचचच हंमममम.. दीदीइइइइ करररनेनेने दोदोओओओ.. बहुत.. मन कर रहा हेहे..
दोनोही कामुक हो चुकीथी तभी मंजुने खुदके ओर चंदाके सब कपडे नीकाल दीये तब चंदाभी मदहोस होते मंजुको वासना भरी नजरोसे देखती रही ओर अपने कपडे नीकालनेमे साथ देने लगी.. तब थोडीही देरमे दोनो नंगी हो चुकीथी तब मंजु फीरसे चंदाके उपर चड गइ ओर देवायतकी माफीक चंदाके गले होंठ ओर गाल बुब्सको चुमने लगी तब चंदा पागल जेसे होगइ ओर छटपटाते मंजुके बुब्सको मसलने लगी..
तभी अचानक मंजु चंदाकी नाभीकी ओर सरक गइ ओर नाभीमे जीभ डालके चाटने लगी ओर पैरके बीच आगइ ओर सीधाही चंदाकी चुतमे मुह लगाके हमला बोलदीया.. ओर चंदाकी चुतको अपनी जीभसे खरोदते चाटने लगी.. तो चंदा पागल जैसी होगइ ओर चदर पकडते छटपटाने लगी.. फीर मंजुका सर पकडलीया ओर अेक हाथ अपनी चुतके पास लेजाते सहेलाने लगी ओर अपनी कमरको आगे पीछे करते जोरोसे जटके मारते हीलाने लगी..
तो मंजु चुतको चाटते वापस उपर सरक गइ ओर चंदाके उपर चडके अेक हाथकी उंगलीको चंदाकी चुतमे घुसा दीया.. ओर जोरोसे अंदर बहार करने लगी तब चंदा छटपटाते जोरोसे सीसकारीया करने लगी.. ओर आंख बंध करते देवायतको इमेजींग करने लगी जेसे अभी देवायत उनकी चुतको जोरोसे चोद रहा हो.. तभी अचानक उनकी चुतसे अेक जोरदार पानीका फवारा नीकल गया ओर मंजुके हाथको भीगोने लगा..
तब मंजुके चहेरेपे स्माइल आगइ तो चंदा धडामसे अपनी कमरको पटकाते सांत होगइ.. तब दोनोकी सांसे तेज चल रहीथी तब मंजु साइडमे लुढकके सोगइ.. दोनोही अपनी सांसे दुरस्त करते अेसेही सांत पडी रही.. फीर मंजु धीरेसे करवट लेके चंदाकी ओर लेट गइ तो चंदाभी मंजुकी ओर मुह घुमाके देखने लगी ओर दोनोके चहेरेपे हसी आगइ तब चंदा करवट लेते मंजुकी पीठमे मुके मारते हसने लगी..
चंदा : (सरमाते हसते) तुम बहोत कमीनी हो.. कोइ अेसेभी करता हे.. हें..हें..हें..
मंजुला : (हसते) दीदी क्या आपको मजा नही आया? मेरे देवुके लीये आपकी तडपको नही देख सकती इसीलीये आपको सांत कीया.. हो सकता हे आगे हमे अेक दुसरेका अेसेही खयाल रखना पडे..
चंदा : (सरमाते हसते) क्यु..? हमारे साथ देवु नही होगा क्या..?
मंजुला : (कुछ सोचते) दीदी वोतो होगे.. लेकीन कइ बार हमे अेसेही अेक दुसरेकी आगको ठंडी करना पडेगा.. आपतो जानती हो देवुको कइ बार दुसरे सहेरमे रातको दुसरी जगाह रुकना पडता हे..
चंदा : (हसते) हंममम.. ठीक हे अब सोजा.. देख तेरा हाथ गंदा होगया हे ठहेर मे अभी साफ करवाती हु..
कहेते चंदा बेडसे उतर गइ ओर बाथरुममे चली गइ फीर अेक बाल्टीमे पानी लेके मंजुका हाथ साफ करवाया फीर वोभी चुतको पानीसे साफ करके वापस आके मंजुके पास लेट गइ.. तो मंजु अेक पैर उनके उपर डालते उनसे बाते करते सोचते सोचते सोने लगी तब चंदाभी धीरे धीरे बाते करते नींदकी आगोसमे चली गइ..
इधर मंजु ओर चंदा प्यारका खेल खेल रहीथी.. तब चंदाको नही पताथा की हवेलीपे आज देवायत पुनमकी जमकर चुदाइ कर रहाथा.. देवायत ओर पुनम पती पत्नी होनेके बावजुद अेक भाइ बहेन होकर अपनी फेन्टासी पुरी करते जबरदस्त चुदाइमे मसगुल थे.. आज दोनोके सरीरपे काम ओर रतीने कब्जा करलीया था ओर घमासान चुदाइ मे काम ओर रतीने अपना अंस पुनमके गर्भमे स्थापीत करदीया था.. इस बातसे देवायत पुनम दोनोही अन्जान थे लेकीन इस बातको मंजु अच्छी तराहसे जानती थी क्युकी....
कन्टीन्यु
अध्याय - ५८
दोनोही सांत होगये तब देवायत पुनमके बुब्सपे सर रखके ढेर होके पडाथा तब पुनम उनके सरको सहेलाते नजर चुराते इधर उधर देखती मुहको घुमाती रही.. तब उसे नही मालुम थाकी जीस तराह दोनो बहार सांत होकर पडेथे तब अंदर देवायतके सेंकडो बीज रतीके अंसको मीलनेके लीये धमासान मचाते दौड रहेथे.. ओर आखीर अेक बीज पुनमके गर्भके अंडेमे घुसने मे कामयाब होगया.. आखीर वो बीज कमका जो था.. ओर पुनमके गर्भके अंडेमे जाकर रतीके बीजसे मील गया....अब आगे
पुनम : (धीरेसे मुस्कराते सरमाते) भाइ आज आपको क्या हो गयाथा.. मेरी इतनी जबरदस्त चुदाइतो आपने हमारी सुहागरातमे भी नहीकी थी.. आपने तो अेकही बारमे मुजे नीचोड लीया.. मेरी अेक अेक नब्स आपने चोद चोदके ढीली करदी.. कोइ अपनी बहेनको इतनी बहेरमीसे चोदता हे..?
देवायत : (पुनमकी ओर देखते हसते) हां जब तेरे जैसी हसीन बहेना होतो मे तुजे अैसेही चोदुगा.. हें..हें..हें.. पुनो पता नही मुजे कुछ होस ही नही था.. मेने तुजे कैसे चोदाहे वोभी मुजे नही पता.. क्या बहुत दर्द हो रहा हे..? तो आइ अेम सोरी..
पुनम : (सरमाते) भाइ सोरी मत बोलो.. मेतो अैसेही केह रहीथी लेकीन मजा बहुत आया.., जो हाल आपका था वोही मेरा था.. पता नही मे कीतनी बार पानी छोड चुकी हु.. अैसा लगता हे आपने मुजे पुरी नीचोडली..
देवायत : (धीरेसे हसते) पुनो जो भी हो अब ये लंड सुबहसे पहेले बहार नीकलने वाला नही हे.. हें..हें..हें..
पुनम : (सरमसे पानीपानी होते) भाइ तबतो जोसमे हम दोनो क्या क्या वादे कर चुकेथे लेकीन अब लगता हे बहुतही मुस्कील होगा.. क्या मे आपको सुबह तक जेल पाउगी..? आपनेतो अभी से मुजे थका दीया हे..
देवायत : (हसते) बेबी जोभी हो मे तुजे सुबह तक छोडने वाला नही हु.. क्या मस्त चुत हे तेरी जी चाहता हे तुजे दीन रात चोदता ही रहु.. कास तुजे प्यारका इजहार पहेलेही कर दीया होता.. अब तकतो मे तुजे कीतनी बार चोद चुका होता..
पुनम : (सर्मसार होते हसते) भाइ तबतो मे कबकी कुआरी मां बन चुकी होती.. ओर वोभी छोटी उमरमे.. जोभी हुआ हे सही टाइमपे हुआ हे.. आपके गधे जैसे हथीयारको जेलना बहुतही मुस्कील हे.. पता नही पुरी रात कैसे अंदर रख पाउगी.. देखना वो चौडी ना होजाये..
देवायत : (होंठ चुमते) पुनो अब तो मे तुजे जींदगी भर अेसेही चोदता रहुगा.. फीर भलेही तेरी सास से मेरी सादी होजाये.. फीरभी मे तुजे अेसेही सुख देता रहुगा आइ प्रोमीस.. आइ लव यु बेबी..
पुनम : (सरमाते हसते) लव यु टु.. भाइ वोतो मेभी आपको छोडने वाली नहीहु.. हमजे सादीजो कीहे.. मेरे पहेले पती आपही रहोगे.. ओर हर जन्ममे आपही मेरे पती बनके आये हो ओर आपही मेरे पती होगे.. मे इश्वरसे यही प्रार्थना करती हु.. भाइ पता हे मुजे कोनसा स्वपन आता था..?
देवायत : नही पुनो वो सबतो तुम बाबाको बतातीथी मुजे कहा कुछ बताया हे..? बता कोनसा स्वप्न आता था..
पुनम : भाइ बार बार बस अेकही स्वप्न आता था की मे परी हु ओर आप हमारे राजा थे ओर मुजे पाने के लीये बार बार मुजे लेके हवामे उडके सैर करने लेजाते तो कभी अेकही कस्तीमे सवार होकर सीर्फ हम दोनो नदीके बीच जाकर हम दोनो प्यार करते.. फीर वहा आप मेरे साथ प्यारका खेल खेलते संभोग कर लेते.. फीर हम दोनो वापस आजाते थे.. तब आप मेरे प्यारमे ओर मे आपके प्यारमे बीलकुल दीवाने हो चुकेथे..
ओर यही स्वप्न बार बार मुजे आके परेसान कर रहाथा की जो राजा थे वो आपकी सकलकाथा तो मे सोचमे डुबी रहेती की आप तो मेरे भाइ हो फीर मुजे ये स्वप्न क्यु आरहा हे.. बस यही सोचते मे परेसानीमे रहेने लगी ओर धीरे धीरे आपके बारेमे सोचते आपकी ओर ढलने लगी.. फीरतो आपकी कसरती बोडी.. ओरअपका आकर्सण मुजे आपकी ओर खीचताही गया.. ओर आखीर अेक दीन बाबाको सब पुछही लीया..
देवायत : (हसते) तो फीर बाबाने क्या कहा..?
पुनम : बस भाइ अेक बार उन्होने मुजे सब कुछ ज्ञात करा दीयाकी हम दोनो कोन थे ओर कोन हे.. ओर आगे क्या होगे.. लेकीन वो मे आपको अभी नही बता सकती.. क्युकी बाबाके सामने मेने कुछ कसम खाइ हे.. बस इतना जानलो हम दोनो कही जन्मोसे साथ जुडे हे ओर हमेसा जुडे रहेगे.. बस इतना ही केह सकती हु.. हम दोनो भाइ बहेन होते हुअे भी हर जन्ममे पती पत्नीका सुख भोगते आये हे..
देवायत : (हसते) अच्छा.. तबतो तु हमेसा मुजे अेसेही मीलती रहेगी ओर में तुजे चोदता रहुगा हें..हें..हें..
पुनम : (सर्मसार होते) भाइ आप बहुत गंदे हो कीतना खुलके बोलते हो.. क्या सचमे पुरी रात अेसेही मेरे उपर रहोगे..?
देवायत : हां डार्लींग आजतो तेरे साथ कुछ नया अनुभव करना हे.. देखु तो सही हम कहा तक कर पाते हे..
पुनम : (सरमाते हसते) भाइ तबतो मेरी हालत बीगड जायेगी आपतो थकते ही नही.. ओर मेरा बार बार पानी नीकाल देते हो.. पता नही सुबह तक मेरी क्या हालत होजायेगी.. देखना फीर आपको ही मुजे सम्हालना पडेगा..
दोनो ही अेक दुसरेके होंठ चुमते प्यारभरी बाते कर रहेथे तब देवायत अबभी पुनमकी चुतमे लंड डालके उनसे बाते कर रहाथा तब बीच बीचमे उनके गले ओर बुब्सभी चुम लेताथा अबतो पुनमकोभी मजा आरहा था.. वो अपने भाइके लंडको अपनी चुतमे अभीभी सख्त महेसुस कर रहीथी.. तो वोभी बीच बीचमे अपने भाइको बाहोमे भीच लेतीथी ओर उनके होंठ चुम लेतीथी.. दोनोही कामुक्ता भरी बाते करते फीरसे धीरे धीरे गरम होने लगे तब पुनमकी चुत फीरसे फडफडाते हरकतमे आने लगी तो देवायतके होंठ जोरोसे चुसने लगी..
तभी देवायतभी पुनमके होठोको अपनी गीरफ्तमे लेके चुसने लगता हे ओर धीरे धीरे कमर हीलाने लगता हे ओर कुछही देरमे दोनो अेक बार फीर अपनी रफ्तार पकड लेते हे.. दोनोके बीच होले होले चुदाइ होने लगती हे इस बारभी पुनम दो बार जड चुकीथी फीरभी देवायत उसे चोदे ही जारहा था.. अब देवायतने पुनमको जोरोसे चोदना सुरु कर दीयाथा तब पुनम आंधी आंख चडाके मदहोसीकी आलममे चली गइ ओर देवायतके नीतंबपे हाथ रखते अपनी चुतकी ओर दबाव बनाते उनसे चुदवाने लगी..
दोनोही कामाग्नीमे जलते अेक बार फीरसे चुदाइके बवंडरमे खो गये.. अेक बार फीर दोनोके बीच फीरसे घमासान चुदाइ होने लगी.. काफी धकापैनी चुदाइके बाद अेक बार फीरसे देवायत पुनमकी चुतको भरने लगा तब पुनमने देवायतको कसके अपनी बाहोमे भीचलीया ओर दोनो होठो लीपलोक करते साथमे जडने लगे.. अेसेही देवायत बीना नीचे उतरे पुनमको लगातार चोदता रहा ओर पुनमकी चुतको भरते हरी भरी करता रहा.. आज पुनम तृप्त हो चुकीथी.. फीरभी अपने भाइका लंड अपनी चुतमे अंदर रखके लेटीथी..
अबतक देवायत पुनमकी चुतको तीन बार भर चुकाथा ओर जब भी पुनम जडनेको आती तब देवायतको कसके अपनी बाहोमे भीच लेती.. जब दोनो ही जड जाते तब बीचमे दोनो प्यार भरी बाते करते आराम करते रहे.. अब देवायत आखरी वार करते पुनमको जोरोसे चोद रहाथा.. अबतक पुनम कीतनी बार जड चुकीथी उसेभी पता नहीथा आज पुनमकी चुदवा चुदवाके सारी कसर पुरी होचुकी थी.. वो थक कर चकनाचुर हो चुकी थी.. उनके सरीरका अेक अेक अंग दर्द कर रहाथा..
तभी देवायत हाथके बल उचा होते उसे जोरोसे चोदने लगा.. वो कमर हीलाते लंबे लंबे सोट मारने लगा.. तब देवायतका लंड पुरा जडतक घुस जाता ओर पुनमकी बच्चेदानीपे ठोकर मारते उनके मुखको खोल देता तब पुनम दर्दके मारे हल्केसे चीखने लगी अब पुनमसे बरदास्त करना मुस्कील होने लगा.. वो दर्दके मारे मुह बीगाडते चुदवाती रही ओर देवायतने उनकी चुतमे जडतक घुसा दीया.. ओर अचानक रुक गया..
तभी पुनमने अेक पैर देवायतके कंधेपे रख दीया ताकी चुत थोडी खुल जाये ओर उसे कम दर्द हो.. ओर उसने देवातके गलेमे हाथ डालके उसे अपनी उपर खीचलीया ओर अपने तनसे चीपका लीया.. तभी देवायत पुनमके गलेमे मुह डालते कीस करते जडने लगा.. तब पुनमकी चीख नीकल गइ ओर वो करवट लेके छटपटाने लगी तभी देवायत जडतेही पुनमकी चुतसे लंड नीकाल लेता हे..
तो पुनम चुतमे जलनकी वजहसे करवट लेते साइडमे होजाती हे ओर दर्दसे सीसकारीया करने लगती हे.. आज वाकइ देवायतने उसे चोद चोदके उनकी चुतकी धजीया उडा दीथी.. पुनमको चुतमे बहुतही जलन महेसुस होरही थी..
तब देवायत बेडसे उतर गया ओर पुनमको सोते हुअे ही अपनी गोदमे उठा लीया फीर बाथरुममे ले गया.. वहा पुनमको नहेलाके उनकी चुतकी सीकाइ करदी फीर खुदनेभी नहालीया तबतक पुनम दर्दसे मुह बीगाडते अेसेही बेठी रही.. फीर दोनोही बहार आगये ओर पुनमको उनका गाउन पहेना दीया ओर अच्छेसे सुलाके उनके उपर चदर डालदी तब पुनम बेहोस जेसे होगइ थी ओर नींदकी आगोस मे चली गइ..
फीर देवायतभी अपना नाइग गाउन पहेनके बहार आगया ओर धीरेसे पुनमके रुमका दरवाजा बंध कर दीया.. अपने रुममे जाके वोभी सो गया.. तब सुबहके साडे चार बजनेको आयेथे.. आज पुनमकी हर इच्छा पुरी हो चुकीथी फीरभी उनके पास मंजुके आने तब देवायतसे मीलके प्यार करनेका पुरा मौकाथा वो अपनी हर रात देवायतके साथ चुदवाकर रगींन करना चाहती थी..
जब आज दोनो मीलन करने जा रहेथे तब उनकी सांस यानी चंदाके धरभी कुछ नया हुआ.. जो अेकना अेक दिन होना ही था.. वहा आज चंदा रातको मंजुके पास सोने आगइ तब बच्चेको बीचमे सुलाके मंजुने चंदाको जबरदस्तीसे अपने साथ सुला दीया ओर मंजु करवट लेके अपना ब्लाउस उचा करके बच्चेको दुध पीलाने लगी.. तब चंदाभी अपना गाउन पहेनके मंजुकी ओर करवट लेके सोइथी ओर मंजुको बच्चेको दुध पीलाते देखती रही..
मंजुला : (हसते) दीदी मे चाहती हु धिरेन ओर पुनमके पहेले आप दोनोकी सादी होजाये..
चंदा : (सरमाते हसते) नही मंजु बच्चोके सामने बडी सरम आयेगी.. तुम क्यु इतना जल्दी कर रही हे..? बस कुछ दीनोकी तो बात हे फीर मे खुद तेरे पास चली आउगी.. आइ प्रोमीस..
मंजुला : (हसते) दीदी क्या फर्क पडता हे कुछ दीन बाद आओ या अभी.. कमसे कम हमारे देवुकोतो आप सम्हाल सकोगी.. पता नही मेरे बीना रहे पाता होगा या नही..
चंदा : तुजे देवुकी इतनीही चीन्ता थीतो इतना बडा रीस्क क्यु लीया..? नही करती बच्चा.. कमसे कम देवुके साथ रेह तो पाती.. बहुत प्यार करती हे अपने देवुसे..? फीरभी इतना बडा रीस्क ले लीया..?
मंजुला : (हसते चंदाकी आंखोमे देखते) तो दीदी क्या आप नही करती हमारे देवुसे प्यार..? क्या आप उनके बीना रेह पाती हो..? मेने देखीहे मेरे देवुके लीये आपकी आंखो वो तडप.. ओर मेरे लीये ये बच्चा पैदा करना बहुतही जरुरी था.. तभी तो मे इस दुनीयामे वापस आ सकुगी..
चंदा : (हसते) मंजु बस यही तेरी रहस्य भरी बाते मेरी समजमे नही आ रही.. क्या तुजे पता हे तु वापस आयेगी..? ओर आयेगी तो इसी घरमे आयेगी.. क्या जानती हे तु..जो हम नही जानते.. मुजे लगता हे तुम हमसे बुहत कुछ छुपा रही हे..
मंजुला : (सीरीयस होते) दीदी कुछ बाते हे जो सीर्फ मेही जानती हु.. ओर मेरे जानेसे पहेले मे आपको सब ज्ञात करवाके जाउगी.. असलमे हम सब कोन हे.. आप कोन हो.. वो मे अभी आपको नही बता सकती.. क्युकी मे बाबाके साथ वचनसे बंधी हु.. मेरा देवु ओर मेरा ये बच्चा फीर मेरा पौता.. मे सबके साथ रहुगी.. तब मेरा पोता आपकोभी सब ज्ञात करवा देगा.. की हम वास्तमे कोन हे.. बस अभी इतनाही बता सकती हु..
चंदा : (अेक नजरसे मंजुको देखते) अच्छा तभी तेरे मनमे मोतका भय नही हे.. तो फीर तु दुसरा जन्म लेके कहा आयेगी.. वोभीतो तुजे पता होगा..
मंजुला : (हसते) दीदी कहानां मे कुछ बात आपको अभी नही बता सकती.. क्युकी आप सब जानके वीचलीत हो सकती हे.. बस यही समजलो वो हीमाचलके राजाकी पुरी कहानी हमारे यहा सुरु हो चुकी हे.. जो आगे जाकर हवेलीपे आपको बहुत कुछ दीखनेको मीलेगा.. जो आप अभी सोचभी नही सकती..
चंदा : (कुछ सोचते) तो क्या यहाभी वो सब कुछ होगा? जो उन राजाके यहा हुआ था.. मतलब कोइ रीस्ते नातेको नही मानते होगे.. क्या वो सब यहा पोसीबल लगता हे..? तेरी कुछ बाते मेरी समजमे आ रही हे..
मंजुला : (हसते) जी दीदी तब सब पोसीबल होगा.. तब सब प्रकृतीकी ओर ढलने लगेगे.. हमारे गांवमेभी अेसे कइ रीस्ते अभीसे पनपते हे जो तब खुलके सामने आयेगे.. बस मे इतनाही केह सकती हु.. आपकी ओर हमारे देवुकी भी अेक बेटी होगी.. बस इनके आगे मे अभी कुछ नही बता सकती..
कहेते मंजु अपने बच्चेका प्यारसे गाल सहेलाने लगी.. तब चंदा उसे सोक्ट होते अेक नजरसे देखती ही रही.. आज उसे मंजु बहुतही रहस्यमयी लगने लगी.. तब बच्चा दुध पीते नींदकी आगोसमे चला गया तो मंजुने बच्चेको अपने स्तनसे दुध पीते हटा लीया ओर अपना ब्लाउस ठीक करते उसे जुलेमे डालने खडी होने लगी.. तब चंदा जटसे खडी होगइ ओर बच्चेको अपने हाथोमे लेके जुलेमे सुला दीया..
ओर मंजुको वापस बेडमे सुला दीया फीर खुदभी आके मंजुके पास सो गइ.. तब मंजु चंदाकी ओर करवट लेके चंदाको अेक नजरसे देखती रही.. तब चंदाभी उनकी ओर करवट लेके सोइथी तो मंजुको अपनी ओर अैसे देखते वो सरमा गइ.. तो मंजु हसके उनके नजदीक पासमे सरक गइ..
चंदा : (सरमाते हसते) अेसे क्या देख रही हो.. अब सोना नही हे क्या..? चल सोजा..
मंजुला : (हसते) दीदी सच बताना.. क्या हमारे देवुके बगैर आप सो पाती हे.. सच बताना.. हें..हें..हें..
चंदा : (सरमसे पानीपानी होते मुस्कराते) चल.. कैसा सवाल पुछती हे.. क्या तु सो पाती हे..?
मंजुला : नही दीदी मे मेरे देवुके बगैर अेक पलभी नही रेह सकती.. उनकी बाहोमे बडा सुकुन मीलता हे.. बस यही लगता हे हमेसा उनकी बाहोमेही सोती रहु.. क्या आपको नही लगता..? सच बताना..
चंदा : (सरमाते हसते) हां.. लगता हे.. मंजु आज सच कहु.. जबसे हम दोनो रीलेशनमे आये हे तबसे देवुके बीना रहेना मुस्कील होगया हे.. सच कहुतो मेभी ज्यादा वेइट करना नही चाहती.. जब वो हमे यहा छोडने आयेथे तब धिरेनको जाना पडा ओर हम दोनो मील गये.. तबसे इनके बीना रहेना मुस्कील होगया हे.. लेकीन बच्चोकी बहुत सरम आ रही हे.. मे कीसीसे केहभीतो नही सकती.. आज तुमने पुछ लीयातो बता दीया..
मंजुला : (हसते चंदाकी कमरमे हाथ डालते) दीदी मे जानती हु.. तभीतो आपको केह रही हुकी आकर मेरे देवुको सम्हाललो.. मे चाहती हु पुनम धिरेनकी सादीसे पहेले आपकी देवुके साथ सादी होजाये ओर आप वहा आजाओ.. फीर बच्चोकी सादी हम वहा मीलके कर देगे ओर उसे यहा भेज देगे.. क्या कहेती हो आप..?
चंदा : (अेकदम सर्मसार होते हसते) मंजु.. अब मे सब केसे कहु.. तु जो सोचती हे वही करना हे.. मे देवुके बगैर नही रेह सकती.. पता नही उनको देखतेही हमे क्या होजाता हे.. कीतना आकर्सण हे उनमे..
मंजुला : (हसते) हां दीदी तभीतो मे इनकी दीवानी होगइ थी.. ओर उनपे सब कुछ लुटानेको तैयार होगइ थी.. ओर उनपे सब लुटाभी दीया.. वोभी हमारी सादीसे पहेले.. हम सादीसे पहेले बहुत बार सेक्स कर चुकेहे.. अभीभी इनको याद कर रहीहु तो अभीभी मुजे कुछ होने लगता हे.. पर क्या करु मुजे दो तीन महीना कुछ नही करना.. वो सृतीने मना कीया हे.. तभी तो आपसे केह रही हु मेरे देवुको सम्हाललो.. हें..हें..हें..
चंदा : (सरमाते हसते) तेरे पतीकी तराह तुभी बीलकुल पागल हे हें..हें..हें.. सब खुलके कहेती हे..
मंजुला : (हसते) दीदी अब हम दोनोके बीच क्या पर्दा.. आगे देखती जाओ हमे हमारे रुममे रातको अेक साथ बहुत कुछ देखनेको मीलेगा.. तब आप क्या करोगी..? मेरा देवु आपको छोडने वाला नही हे हम दोनोको अेक साथ अेही बीस्तरमे पटक पटकके चोदेगा.. हें..हें..हें..
चंदा : (सर्मसार होते हसते अेक मुका मारते) छी.. तु बीगड गइ हे.. हें..हें..हें.. कीतना गंदा बोलती हे.. मुजेतो बहुत सर्म आ रही हे..
मंजुला : (जोरोसे हसते) दीदी अेक बात बताउ.. होसकता हे हम दोनोको देवु आपसमे प्यार करनेको कहे.. तब आप क्या करोगी..? हें..हें..हें..
चंदा : (सरमाते अेक मुका मारते) नही.. मे मना करदुगी.. हें..हें..हें.. तु बहोत बेसर्म हो गइ हे.. हें..हें..हें..
कहातो मंजु चंदाके उपर जुकके उनके होठोपे अपना होंठ रख देती हे तो चंदा छटपटाते उनसे छुटनेकी कोसीस करने लगी.. ओर मंजुने होंठ चुमते उनके बुब्सको मसल दीया तब चंदा आंख बंध करते मंजुको मना करने लगी.. लेकीन उनका वीरोध लेसमात्र रेह गया.. क्युकी तबतक मंजुने चंदाकी चुतको अपनी मुठीमे भीच लीयाथा तब चंदा सरसे पांव तक हील गइ ओर छटपटाते सीसकारीया करते मदहोस होने लगी.. वो मंजुसे छुटनेकी नाकाम कोसीस करने लगी.. तब वो कामुह होने लगी ओर उसे इस खेलमे मजा आने लगा..
चंदा : (मदहोसीमे आंख बंध करते) मंजुजुउउउ क्यायाआआ कररर रहीही हेहेहे.. छोडडड मुजेजेअेअे....
मंजुला : हुंममम बुचचच बुचचच हंमममम.. दीदीइइइइ करररनेनेने दोदोओओओ.. बहुत.. मन कर रहा हेहे..
दोनोही कामुक हो चुकीथी तभी मंजुने खुदके ओर चंदाके सब कपडे नीकाल दीये तब चंदाभी मदहोस होते मंजुको वासना भरी नजरोसे देखती रही ओर अपने कपडे नीकालनेमे साथ देने लगी.. तब थोडीही देरमे दोनो नंगी हो चुकीथी तब मंजु फीरसे चंदाके उपर चड गइ ओर देवायतकी माफीक चंदाके गले होंठ ओर गाल बुब्सको चुमने लगी तब चंदा पागल जेसे होगइ ओर छटपटाते मंजुके बुब्सको मसलने लगी..
तभी अचानक मंजु चंदाकी नाभीकी ओर सरक गइ ओर नाभीमे जीभ डालके चाटने लगी ओर पैरके बीच आगइ ओर सीधाही चंदाकी चुतमे मुह लगाके हमला बोलदीया.. ओर चंदाकी चुतको अपनी जीभसे खरोदते चाटने लगी.. तो चंदा पागल जैसी होगइ ओर चदर पकडते छटपटाने लगी.. फीर मंजुका सर पकडलीया ओर अेक हाथ अपनी चुतके पास लेजाते सहेलाने लगी ओर अपनी कमरको आगे पीछे करते जोरोसे जटके मारते हीलाने लगी..
तो मंजु चुतको चाटते वापस उपर सरक गइ ओर चंदाके उपर चडके अेक हाथकी उंगलीको चंदाकी चुतमे घुसा दीया.. ओर जोरोसे अंदर बहार करने लगी तब चंदा छटपटाते जोरोसे सीसकारीया करने लगी.. ओर आंख बंध करते देवायतको इमेजींग करने लगी जेसे अभी देवायत उनकी चुतको जोरोसे चोद रहा हो.. तभी अचानक उनकी चुतसे अेक जोरदार पानीका फवारा नीकल गया ओर मंजुके हाथको भीगोने लगा..
तब मंजुके चहेरेपे स्माइल आगइ तो चंदा धडामसे अपनी कमरको पटकाते सांत होगइ.. तब दोनोकी सांसे तेज चल रहीथी तब मंजु साइडमे लुढकके सोगइ.. दोनोही अपनी सांसे दुरस्त करते अेसेही सांत पडी रही.. फीर मंजु धीरेसे करवट लेके चंदाकी ओर लेट गइ तो चंदाभी मंजुकी ओर मुह घुमाके देखने लगी ओर दोनोके चहेरेपे हसी आगइ तब चंदा करवट लेते मंजुकी पीठमे मुके मारते हसने लगी..
चंदा : (सरमाते हसते) तुम बहोत कमीनी हो.. कोइ अेसेभी करता हे.. हें..हें..हें..
मंजुला : (हसते) दीदी क्या आपको मजा नही आया? मेरे देवुके लीये आपकी तडपको नही देख सकती इसीलीये आपको सांत कीया.. हो सकता हे आगे हमे अेक दुसरेका अेसेही खयाल रखना पडे..
चंदा : (सरमाते हसते) क्यु..? हमारे साथ देवु नही होगा क्या..?
मंजुला : (कुछ सोचते) दीदी वोतो होगे.. लेकीन कइ बार हमे अेसेही अेक दुसरेकी आगको ठंडी करना पडेगा.. आपतो जानती हो देवुको कइ बार दुसरे सहेरमे रातको दुसरी जगाह रुकना पडता हे..
चंदा : (हसते) हंममम.. ठीक हे अब सोजा.. देख तेरा हाथ गंदा होगया हे ठहेर मे अभी साफ करवाती हु..
कहेते चंदा बेडसे उतर गइ ओर बाथरुममे चली गइ फीर अेक बाल्टीमे पानी लेके मंजुका हाथ साफ करवाया फीर वोभी चुतको पानीसे साफ करके वापस आके मंजुके पास लेट गइ.. तो मंजु अेक पैर उनके उपर डालते उनसे बाते करते सोचते सोचते सोने लगी तब चंदाभी धीरे धीरे बाते करते नींदकी आगोसमे चली गइ..
इधर मंजु ओर चंदा प्यारका खेल खेल रहीथी.. तब चंदाको नही पताथा की हवेलीपे आज देवायत पुनमकी जमकर चुदाइ कर रहाथा.. देवायत ओर पुनम पती पत्नी होनेके बावजुद अेक भाइ बहेन होकर अपनी फेन्टासी पुरी करते जबरदस्त चुदाइमे मसगुल थे.. आज दोनोके सरीरपे काम ओर रतीने कब्जा करलीया था ओर घमासान चुदाइ मे काम ओर रतीने अपना अंस पुनमके गर्भमे स्थापीत करदीया था.. इस बातसे देवायत पुनम दोनोही अन्जान थे लेकीन इस बातको मंजु अच्छी तराहसे जानती थी क्युकी....
कन्टीन्यु