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- Dec 5, 2013
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नीलम : (रजीयाकी ओर मुस्कुराते) दीदी.. आज मे भी आपके साथ मम्मीके रुममे सोजाउगी..
रजीया : (मुस्कुराते) हां.. चेन्ज करके आजाना.. आज हम दोनो मम्मीके पास ही सो जायेगे..
कहातो राधीका बहुत ही सर्मसार होते मुस्कुराने लगी.. फीर डीनर खतम होते ही रजीया दोनोके लीये दुध गरम करके उपर रखने चली गइ.. तो साथमे नीलम भी चेन्ज करने जाने लगी.. ओर राधीका कीचनका काम समेटने लगी.. तो लखन राधीकाकी मम्मीके पास चला गया.. ओर वहा उनका हालचाल पुछा.. फीर थोडी देर वही बैठकर वो भी उपर अपने रुममे चला गया.. तबतक रजीया ओर नीलम भी चेन्ज करके नीचे आ चुकी थी..
तो दुसरी ओर धिरेन भी अपने घरपे पहोंच चुका था.. फीर फ्रेस होकर वापस होलमे आगया.. ओर अपनी मम्मीको फोन करने लगा.. तो उधर चंदा अपने रुममे अकेली विजयको लेकर बैठी थी.. बाकी सब लोग होलमे बैठकर गपे लगा रहे थे.. तभी धिरेनका फोन देखते ही चंदाका पारा सातवे आसमानपे चला गया.. वो पहेले धिरेनको बोलनेका मैका देना चाहती थी.. तो उसने सीर्फ इतना ही कहा..
चंदा : (गुस्सेमे) हां बोल.. अब तुजे फोन करनेका टाइम मीला..? बोल.. क्या कहेना चाहता हे तु..?
धिरेन : (धीरेसे डरते) मोम.. वो.. वो मे पुनोसे अलग हो गया हु.. मेने उसे डीवोर्स देदीया हे..
चुदा : (गुस्सेमे) हां तो..? पता चला मुजे.. कमीने इस बात कहेनेसे पहेले तेरी जुबान कट क्यु नही गइ.. क्या मे जान सकती हु..? तुमने इतना बडा कदम क्यु उठाया..?
धिरेन : (थोडा नीडर होते) हां.. अब आप भी गालीया दो मुजे.. क्युकी आपने उस खानदानमे जानेके लीये मेरा इस्तमाल कीया.. ओर पुनोको मेरे पले बांध दीया.. मोम.. मे कीसी ओरको प्यार करता हु.. ओर वैसे भी मेरी ओर पुनोकी लाइफ अच्छी नही थी.. तो हम अलग हो गये..
चंदा : (जोरोसे चीलाते) कमीने.. मेने तेरा क्या इस्तमाल कीया..? ये बात कहेनेसे पहेले तेरी जुबानको लकवा क्यु नही मार गया.. ओर अेक मासुमकी जींदगीसे खीलवाड करके तुजे क्या मीला..? अगर तुम कीसी ओरसे प्यार करते थे.. तो फीर मुजे बताया क्यु नही..? मे पुनोकी सादी तुमसे कभी नही करवाती.. करलेते उस लडकीसे सादी.. कमीना.. कहीका.. ओर मेने देवुसे सादी करनेसे पहेले तुमसे पुछा थानां..?
धिरेन : (थोडा चीडते जोरोसे चीलाते) हां.. पुछा था.. लेकीन ये नही बताया थाकी तुम मेरी पीठ पीछे उनके साथ गुलछने उडाती थी.. आपको सरम नही आइ घरमे अेक जवान लडका होते हुअे भी अेक पराये मर्दके साथ.. छी.. मेने तुम दोनोको दो बार देख लीया था.. तबसे मे बदला लेना चाहता था.. इसीलीये मेने पुनोके साथ सादी की..
ताकी मे भी सादीसे पहेले उनके साथ वोही सब करते उनको सबक सीखाउ.. समजी..? लेकीन वो तो अपने भाइसे भी ज्यादा सातीर नीकली.. मुजे सादीसे पहेले छुने तक नही दीया.. वरना मे उनसे सादी ही नही करता.. बस.. उसे प्रेगनेन्ट करके छोड देता.. मोम.. ये लोगोकी यही सजा हे..
चंदा : (जोरोसे चीलाते) चु..प.. चुप होजा कमीने.. तु अैसा घरटीया सोच वाला होगा मुजे नही पता था.. कुते.. कमीने.. मे प्यार करती हु देवुसे.. समजे..? सुन.. अब तुमने सारी हदे पार करली हे.. तुजे हमारी जायदासे अेक फुटी कोडी भी नही मीलेगी.. मे सबकुछ पुनो दीदीके नाम कर रही हु.. तुजे जीनके साथ सादी करनी हे करले.. तेरी यही सजा हे.. ओर सुन.. आजके बाद मुजे कभी फोन भी मत करना.. समजलेना तेरी मां तेरे लीये मर गइ हे.. हरामी साला.. फोन रख..
कहेते चंदा जोरोसे फुट फुटके रोने लगी.. चंदा जोरोसे चीलाके बोल रही थी तो मंजुला पुनम भुमीका भावना लता ओर नीर्मला सबलोग चंदाके पास आकर खडे हो गये थे.. ओर समज गये थेकी चंदा धिरेनके साथ बात कर रही हे.. तो सबलोग वही खडे रहेते चंदाकी बातको सुन रहे थे.. जैसे ही चंदा रोने लगी.. मंजुने उसे अपनी बाहोमे थाम लीया.. तो चंदा मंजुके कंधेपे सर रखते जोरोसे रो रही थी.. नीर्मला ओर भुमीका भी उसे चुप करा रहे थे..
मंजुला : (आंसु पोछते) दीदी.. अब बस भी करो.. कीतना रोओगी..?
चंदा : (रोते हुअे) दीदी.. देखा.. मुजे क्या क्या बोल रहा था.. वो पुनो दीदीकी जींदगी खराब करना चाहता था.. सीर्फ मेरी वजहसे.. अैसा बेटा होनेके बजाये मर जाना बहेतर हे.. मुजे नही जीना..
नीर्मला : (गुस्सेमे अेक जोरोसे चाटा मारते) चुप.. अेक दम चुप.. उस कमीनेके लीये तुम मरोगी..? अब भुलजा उसे वो तेरा बेटा नही हे.. समजी..? ये विजय तेरा बेटा हे.. इसे सम्हाल.. आजके बाद मरनेकी बात कीनां तो मुजसे बुरी कोइ नही होगी..
चंदा : (नीर्मलाको गले लगते रोते) दीदी.. तो फीर मे क्या करु..? इसमे इस मासुमकी क्या गलती थी..? जो इनकी जींदगी खराब करदी.. ये भी नही देखा ये पेटसे हे.. अब ये इस बच्चेका क्या करेगी..?
पुनम : (चंदाको गले लगते) भाभी.. रोइअे मत.. आपको मेरी कसम.. मे इस बच्चेका कुछ नही करुगी.. इसे जन्म देकर इस दुनीयामे लाउगी..
चंदा : (रोते हुअे) नही दीदी.. आपकी उमर अभी बहुत छोटी हे.. अगर बच्चा होगा तो आपसे कौन सादी करेगा..? कुछ तो अपने बारेमे सोचीये.. गीरा दीजीये ये बच्चा..
मंजुला : (सही मौका देखते ही) दीदी.. क्या बोल रही हो..? मेने हमारी पुनोके बारेमे सोचलीया हे.. वो इस बच्चेको जन्म भी देगी.. ओर उनकी सादी भी होगी.. आप फीकर मत करो..
चंदा : (थोडा सांत होते) मंजुदी.. अैसा कौन लडका होगा जो हमारी पुनोको बच्चेके साथ अपनायेगा.. आज कल अैसा लडका मीलना बहुत मुस्कील हे.. आपतो सब जानती हे..
मंजुला : (मुस्कुराते) हां जानती हु.. अब पुनोका डीवोर्स हो गया हे.. अब हमे डीसीजन लेना हेकी पुनोकी सादी कीधर करनी हे.. ओर मेने डीसीजन लेलीया हे.. दीदी.. मेरे ध्यानमे हे अेक लडका.. जो पुनोको बच्चेके साथ अपना लेगा..
चंदा : (आंसु पोछते सामने देखते) मंजुदी.. बताओ कौन हे वो लडका..? मे वादा करती हु.. मे खुद देवुके साथ बैठकर हमारी पुनोका कन्यादान करुगी.. बताइअे कोन हे वो लडका..?
मंजुला : (मुस्कुराते) हां.. आपही इनका कन्यादान करना.. ओर वो लडका कोइ ओर नही.. खुद हमारा लखन हे.. मे लखनसे बात करुगी.. मुजे पता हे वो मेरी बात नही टालेगा.. वैसे भी हमारे खानदानमे भाइ बहेनकी सादी तो होती ही हे.. तो उस परंपरा भी कायम रहेगी.. कहो.. क्या कहेना चाहते हे सब..?
चंदा : (सामने देखते) दीदी.. अगर लखन भैया हां कहेते हे तो मुजे मंजुर हे.. अगर कीसी ओरको अेतराज ना होतो.. बस.. अेक बार पुनो दीदीको भी पुछलो..
सबलोग : (जानते थे फीर भी) हां.. हम सबको भी ये रीस्ता मंजुर हे..
मंजुला : (पुनमकी ओर मुस्कुराते) क्यु पुनो..? करोगीना मेरे बेटेसे सादी..? फीर देखना मेरी ननंदसे मेरी बहु होजायेगी.. हें..हें..हें..
पुनम : (सरमसे पानी पाी होते) क्या दीदी.. आपभीनां..
कहेते पुनम सर्मसार होते मुस्कुराते वहासे दोडकर अपने रुममे चली गइ.. तो सबलोग उनको देखकर हसने लगे.. चंदा भी मुस्कुरा उठी.. ओर उसने मंजुकी ओर देखते दोनो हाथ जोड लीया.. तो मंजुने उसे कसके अपने गले लगा लेती हे.. चंदाकी आंख खुसीके मारे गीली होगइ.. ओर वो अचानक कांपने लगी.. मंजु कुछ समज पाये इनसे पहेले ही चंदा बेहोस होते जमीनपे गेरने लगी....
कन्टीन्यु
रजीया : (मुस्कुराते) हां.. चेन्ज करके आजाना.. आज हम दोनो मम्मीके पास ही सो जायेगे..
कहातो राधीका बहुत ही सर्मसार होते मुस्कुराने लगी.. फीर डीनर खतम होते ही रजीया दोनोके लीये दुध गरम करके उपर रखने चली गइ.. तो साथमे नीलम भी चेन्ज करने जाने लगी.. ओर राधीका कीचनका काम समेटने लगी.. तो लखन राधीकाकी मम्मीके पास चला गया.. ओर वहा उनका हालचाल पुछा.. फीर थोडी देर वही बैठकर वो भी उपर अपने रुममे चला गया.. तबतक रजीया ओर नीलम भी चेन्ज करके नीचे आ चुकी थी..
तो दुसरी ओर धिरेन भी अपने घरपे पहोंच चुका था.. फीर फ्रेस होकर वापस होलमे आगया.. ओर अपनी मम्मीको फोन करने लगा.. तो उधर चंदा अपने रुममे अकेली विजयको लेकर बैठी थी.. बाकी सब लोग होलमे बैठकर गपे लगा रहे थे.. तभी धिरेनका फोन देखते ही चंदाका पारा सातवे आसमानपे चला गया.. वो पहेले धिरेनको बोलनेका मैका देना चाहती थी.. तो उसने सीर्फ इतना ही कहा..
चंदा : (गुस्सेमे) हां बोल.. अब तुजे फोन करनेका टाइम मीला..? बोल.. क्या कहेना चाहता हे तु..?
धिरेन : (धीरेसे डरते) मोम.. वो.. वो मे पुनोसे अलग हो गया हु.. मेने उसे डीवोर्स देदीया हे..
चुदा : (गुस्सेमे) हां तो..? पता चला मुजे.. कमीने इस बात कहेनेसे पहेले तेरी जुबान कट क्यु नही गइ.. क्या मे जान सकती हु..? तुमने इतना बडा कदम क्यु उठाया..?
धिरेन : (थोडा नीडर होते) हां.. अब आप भी गालीया दो मुजे.. क्युकी आपने उस खानदानमे जानेके लीये मेरा इस्तमाल कीया.. ओर पुनोको मेरे पले बांध दीया.. मोम.. मे कीसी ओरको प्यार करता हु.. ओर वैसे भी मेरी ओर पुनोकी लाइफ अच्छी नही थी.. तो हम अलग हो गये..
चंदा : (जोरोसे चीलाते) कमीने.. मेने तेरा क्या इस्तमाल कीया..? ये बात कहेनेसे पहेले तेरी जुबानको लकवा क्यु नही मार गया.. ओर अेक मासुमकी जींदगीसे खीलवाड करके तुजे क्या मीला..? अगर तुम कीसी ओरसे प्यार करते थे.. तो फीर मुजे बताया क्यु नही..? मे पुनोकी सादी तुमसे कभी नही करवाती.. करलेते उस लडकीसे सादी.. कमीना.. कहीका.. ओर मेने देवुसे सादी करनेसे पहेले तुमसे पुछा थानां..?
धिरेन : (थोडा चीडते जोरोसे चीलाते) हां.. पुछा था.. लेकीन ये नही बताया थाकी तुम मेरी पीठ पीछे उनके साथ गुलछने उडाती थी.. आपको सरम नही आइ घरमे अेक जवान लडका होते हुअे भी अेक पराये मर्दके साथ.. छी.. मेने तुम दोनोको दो बार देख लीया था.. तबसे मे बदला लेना चाहता था.. इसीलीये मेने पुनोके साथ सादी की..
ताकी मे भी सादीसे पहेले उनके साथ वोही सब करते उनको सबक सीखाउ.. समजी..? लेकीन वो तो अपने भाइसे भी ज्यादा सातीर नीकली.. मुजे सादीसे पहेले छुने तक नही दीया.. वरना मे उनसे सादी ही नही करता.. बस.. उसे प्रेगनेन्ट करके छोड देता.. मोम.. ये लोगोकी यही सजा हे..
चंदा : (जोरोसे चीलाते) चु..प.. चुप होजा कमीने.. तु अैसा घरटीया सोच वाला होगा मुजे नही पता था.. कुते.. कमीने.. मे प्यार करती हु देवुसे.. समजे..? सुन.. अब तुमने सारी हदे पार करली हे.. तुजे हमारी जायदासे अेक फुटी कोडी भी नही मीलेगी.. मे सबकुछ पुनो दीदीके नाम कर रही हु.. तुजे जीनके साथ सादी करनी हे करले.. तेरी यही सजा हे.. ओर सुन.. आजके बाद मुजे कभी फोन भी मत करना.. समजलेना तेरी मां तेरे लीये मर गइ हे.. हरामी साला.. फोन रख..
कहेते चंदा जोरोसे फुट फुटके रोने लगी.. चंदा जोरोसे चीलाके बोल रही थी तो मंजुला पुनम भुमीका भावना लता ओर नीर्मला सबलोग चंदाके पास आकर खडे हो गये थे.. ओर समज गये थेकी चंदा धिरेनके साथ बात कर रही हे.. तो सबलोग वही खडे रहेते चंदाकी बातको सुन रहे थे.. जैसे ही चंदा रोने लगी.. मंजुने उसे अपनी बाहोमे थाम लीया.. तो चंदा मंजुके कंधेपे सर रखते जोरोसे रो रही थी.. नीर्मला ओर भुमीका भी उसे चुप करा रहे थे..
मंजुला : (आंसु पोछते) दीदी.. अब बस भी करो.. कीतना रोओगी..?
चंदा : (रोते हुअे) दीदी.. देखा.. मुजे क्या क्या बोल रहा था.. वो पुनो दीदीकी जींदगी खराब करना चाहता था.. सीर्फ मेरी वजहसे.. अैसा बेटा होनेके बजाये मर जाना बहेतर हे.. मुजे नही जीना..
नीर्मला : (गुस्सेमे अेक जोरोसे चाटा मारते) चुप.. अेक दम चुप.. उस कमीनेके लीये तुम मरोगी..? अब भुलजा उसे वो तेरा बेटा नही हे.. समजी..? ये विजय तेरा बेटा हे.. इसे सम्हाल.. आजके बाद मरनेकी बात कीनां तो मुजसे बुरी कोइ नही होगी..
चंदा : (नीर्मलाको गले लगते रोते) दीदी.. तो फीर मे क्या करु..? इसमे इस मासुमकी क्या गलती थी..? जो इनकी जींदगी खराब करदी.. ये भी नही देखा ये पेटसे हे.. अब ये इस बच्चेका क्या करेगी..?
पुनम : (चंदाको गले लगते) भाभी.. रोइअे मत.. आपको मेरी कसम.. मे इस बच्चेका कुछ नही करुगी.. इसे जन्म देकर इस दुनीयामे लाउगी..
चंदा : (रोते हुअे) नही दीदी.. आपकी उमर अभी बहुत छोटी हे.. अगर बच्चा होगा तो आपसे कौन सादी करेगा..? कुछ तो अपने बारेमे सोचीये.. गीरा दीजीये ये बच्चा..
मंजुला : (सही मौका देखते ही) दीदी.. क्या बोल रही हो..? मेने हमारी पुनोके बारेमे सोचलीया हे.. वो इस बच्चेको जन्म भी देगी.. ओर उनकी सादी भी होगी.. आप फीकर मत करो..
चंदा : (थोडा सांत होते) मंजुदी.. अैसा कौन लडका होगा जो हमारी पुनोको बच्चेके साथ अपनायेगा.. आज कल अैसा लडका मीलना बहुत मुस्कील हे.. आपतो सब जानती हे..
मंजुला : (मुस्कुराते) हां जानती हु.. अब पुनोका डीवोर्स हो गया हे.. अब हमे डीसीजन लेना हेकी पुनोकी सादी कीधर करनी हे.. ओर मेने डीसीजन लेलीया हे.. दीदी.. मेरे ध्यानमे हे अेक लडका.. जो पुनोको बच्चेके साथ अपना लेगा..
चंदा : (आंसु पोछते सामने देखते) मंजुदी.. बताओ कौन हे वो लडका..? मे वादा करती हु.. मे खुद देवुके साथ बैठकर हमारी पुनोका कन्यादान करुगी.. बताइअे कोन हे वो लडका..?
मंजुला : (मुस्कुराते) हां.. आपही इनका कन्यादान करना.. ओर वो लडका कोइ ओर नही.. खुद हमारा लखन हे.. मे लखनसे बात करुगी.. मुजे पता हे वो मेरी बात नही टालेगा.. वैसे भी हमारे खानदानमे भाइ बहेनकी सादी तो होती ही हे.. तो उस परंपरा भी कायम रहेगी.. कहो.. क्या कहेना चाहते हे सब..?
चंदा : (सामने देखते) दीदी.. अगर लखन भैया हां कहेते हे तो मुजे मंजुर हे.. अगर कीसी ओरको अेतराज ना होतो.. बस.. अेक बार पुनो दीदीको भी पुछलो..
सबलोग : (जानते थे फीर भी) हां.. हम सबको भी ये रीस्ता मंजुर हे..
मंजुला : (पुनमकी ओर मुस्कुराते) क्यु पुनो..? करोगीना मेरे बेटेसे सादी..? फीर देखना मेरी ननंदसे मेरी बहु होजायेगी.. हें..हें..हें..
पुनम : (सरमसे पानी पाी होते) क्या दीदी.. आपभीनां..
कहेते पुनम सर्मसार होते मुस्कुराते वहासे दोडकर अपने रुममे चली गइ.. तो सबलोग उनको देखकर हसने लगे.. चंदा भी मुस्कुरा उठी.. ओर उसने मंजुकी ओर देखते दोनो हाथ जोड लीया.. तो मंजुने उसे कसके अपने गले लगा लेती हे.. चंदाकी आंख खुसीके मारे गीली होगइ.. ओर वो अचानक कांपने लगी.. मंजु कुछ समज पाये इनसे पहेले ही चंदा बेहोस होते जमीनपे गेरने लगी....
कन्टीन्यु