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- Dec 5, 2013
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इसी दौरान गांवमे मुना बरखा ओर बसंती खाना खा रहे थे.. तभी बसंतीको कुछ अजीब लगने लगा.. उनको उबके आये.. ओर वो जटसे अपने मुहपे हाथ रखते खडी होकर बाथरुममे भाग गइ.. ओर अंदर जाकर उल्टीया करने लगी.. जीसे देखकर बरखा भी उनके पीछे चली गइ..
ओर मनमे खुस होते बसंतीकी पीठ सहेलाती रही.. फीर उल्टीया होगइ तो मुह साफ करते सरमाने लगी.. वो सरमके मारे बरखासे नजरे नही मीला पा रही थी.. ओर मंद मंद मुस्कुरा रही थी.. तभी बरखाने उनको कंधेसे पकडकर अपनी ओर कीया ओर मुस्कुराते बसंतीकी आंखोमे देखने लगी..
बरखा : (मुस्कुराते) मम्मी.. क्या सचमे..?
बसंती : (मुस्कुराते सरमाकर नजरे जुकाते) सायद.. पका तो सुबह पता चलेगा.. क्या तेरे पास प्रेगनन्सी चेक करनेकी कीट पडी हे..? अभी बहार कुछ मत कहेना.. पहेले पका होजानेदे.. फीर उनको सरप्राइज देगे..
बरखा : (धीरेसे फुसफुसाते) मोम.. पका ही समजो.. कमीनेका हथीयार हेही इतना दमदार की कीसीको अेक ही बारमे पेटसे करदे.. कीतना पानी नीकालता हे.. हमारी पुरी मुनीया भरदेता हे.. ठीक हे.. मेरे पास अेक कीट पडी हे.. सुबह पका करलीजीये.. अगर रीजल्ट पोसीटीव आया.. तो हम कल घरपे सेलीब्रेट करेगे..
बसंती : (सरमाकर मुस्कुराते) सुन.. तुजे अेक बात कहेनी हे..
बरखा : (मुस्कुराते) क्या..?
बसंती : (मुस्कुराते) वो.. ब्रीन्दा.. वोभी श्रीधरसे पेटसे हो गइ हे.. दोनो सहेली साथमे..
मुना : (अंदर आते थोडी चीन्तासे) बरखा क्या हुआ मम्मीको..? तबीयत ठीक नही हे क्या..?
बरखा : (मनमे) कमीने मम्मीको चोद चोदके उनका पेट फुला दीया.. अब तो मम्मी कहेना छोडदे.. सबके सब कमीने दोस्त अेक जैसे ही हे.. वहा श्रीधर भैया भी पीछे नही रहे.. उन्होने भी अपनी मांका पेट फुला दीया हे.. पता नही तुमने सबको कोनसी जडी बुटी पीलादी हे..
बसंती : (बातको सम्हालते) अरे कुछ नही हुआ.. लगता हे खानेमे कुछ आगया होगा.. आप चीन्ता मत करे.. चलीये बहार.. खाना खा लेते हे.. चल बरखा..
फीर तीनो बहार आगये ओर खानेके लीये बैठ गये..पुरे खानेके दोरान बसंती ओर बरखा अेक दुसरेकी ओर देखते मंद मंद मुस्कुराती रही.. ब्रीन्दाने बसंतीको बताया था.. की वो प्रेगनेन्ट हो गइ हे.. लेकीन उसने बसंतीसे ये बात छुपाइकी वो लखनसे चुद चुकी हे ओर उनसे पेटसे हुइ हे.. ये राज वो सीर्फ उनके ओर लखनके बीच ही रखना चाहती थी..
उघर जब खाना फीनीस हो गया तब राधीका नीलम ओर सृती कीचनका काम समेटने लगी.. तबतक लखन वीजयके साथ खेलता रहा.. तो चंदा उन दोनोको खेलते देखकर हस रही थी.. ओर खुस हो रही थी.. तभी सृतीने आकर वीजयको अपने पास लेलीया..
सृती : (चंदाकी ओर देखते) भाभी.. आज आप थोडा आराम करलो.. मे वीजयको अपने साथ उपर लेजाती हु.. लखन भी यही आराम करलेगा.. क्युकी ये उपर आये तो हो गया हमारा आराम..
कहेते सृती चंदाकी ओर देखते मुस्कुराते सबसे छुपकर आंख मारती हे.. तो चंदा समज जाती हे.. ओर सर्मसार होजाती हे.. वो जटसे खडी होते अपने रुममे चली गइ.. सृती नीलम राधीका ओर भावीकाको लेकर उपर चली गइ.. तब नीलम ओर राधीकाको पता थाकी अब चंदाकी कुटाइ होगी..
चंदा यहा आकर बहुत ही खुस थी.. क्युकी सभी लोग उनका ओर उनकी भावनाओका अच्छी तराह खयाल रख रहे थे.. जैसे ही सबलोग उपर चले गये लखन मेइन गेइट बंध करके चंदाके रुममे चला गया.. तो चंदा पहेलेसे ही लखनका इन्तजार करते हल्कासा शींगार कर रही थी..
जैसे ही लखन आया वो दोडके लखनकी बाहोमे समा गइ.. ओर उनके चहेरेको पागलोकी तराह चुमने लगी.. लखन उनको अपनी गोदमे उठमकर बेठकी ओर चला गया.. फीर कुछ ही देरमे रुममे चंदाकी मादक सीसकारीयाकी आवाज गुंजने लगी.. वो अपनी कमर उछाल उछालके लखनसे चुदवा रही थी..
लखनने लगातार बीना नीचे उतरे तीन बार चंदाकी मुनीयाको भरदीया.. ओर चंदाको पुरी तराह ठंडी करदी.. उनके खुले बाल बेडपे बीखरे हुअे थे.. वो अब भी सरमाकर कामुक नजरोसे लखनकी ओर देखते उनकी पीठ सहेला रही थी.. लखनका लंड अबभी उनको चुतमे सख्त महेसुस हो रहा था..
चंदा : (बाहोमे भीचते सरमाकर धीेसे) जानु.. बस.. अैसे ही मेरा खयाल रखना.. अब तो हम दोनोके बारेमे सबको पता चल गया हे.. बडी दीदीको भी.. उनको मेने सब सच बता दीया हे.. सृती भी अब पुनोदीकी तराह मेरा खयाल रखने लगी हे..
लखन : (होंठ चुमते) चंदा.. अब मुजे भाइकी सभी बीवीयोका अैसे ही खयाल रखना पडेगा.. भाइ बहुत टुट चुके हे.. कास मोम हमारे बीच होती..
चंदा : (सरमाकर कमर हीलाते) जानु.. मुजे उनकी दुसरी बीवीओका नही पता.. बस मुजे इतना पता हे की में आपसे प्यार करने लगी हु.. ओर आपको मेरा अैसे ही खयाल रखना पडेगा.. ओर जरुरत पडी तो मे आपसे सादी भी करलुगी.. ओर आप चाहोतो हमारा बच्चा भी.. अब मुजे कीसीकी परवा नही हे..
लखन : (उतेजनामे कमर हीलाते धीरेसे चोदते) सादी करोगी मुजसे..? ठीक हे.. आजसे तु मेरी सीक्रेट बीवी.. लेकीन तुजे चोदुगा तो भाभी मानकर..
चंदा : (सर्मसार होते मुस्कुराते कमर हीलाते) तो फीर सादी करनेका क्या भायदा.. अपनी ओरीजनल भाभीको ही खुस रखा करो.. प्लीज.. थोडा जोरोसे.. अेक रंडीकी तराह.. आप कीतना मस्त चोदते हो..
लखन : (जोरोसे कमर हीलाते) भाभी.. तु बहुत होट हे.. जीतो चाहता हे तुजे अैसे ही जींदगी भर चोदता रहु..
चंदा : (सीसकारीया करते) तो चोदोनां.. कीसने मना कीया हे.. जबसे हम मीले हे.. उनके बाद मेने कभी आपको मना कीया हे क्या..? मे यहा आपसे चुदवानेके लीये ही आइ हु.. इसीलीये आपकी भाभी हमेसा आपके लीये चुदवानेको तैयार रहेती हे.. लखन.. मे बहुत कामी हु.. मुजे अैसे ही चुदाइ चाहीये.. मे जींदगीभर अैसे ही चुदवानेके लीये रेडी रहुगी..
दोनो अैसे ही कामुक बाते करते चुदाइ करते रहे.. आज बाते करते लखनने चंदाको चौथी बार लगातार चोद लीया.. ओर अबतकके सारे दीनकी चंदाकी प्यास बुजादी.. फीर दोनो सावर लेकर वही सो गये.. सृतीने भी चंदाको दीनमे ही नीपटा दीया.. ताकी आजकी रात वो सब लखनके साथ पुरी रात मोज मस्ती करती रहे..
साम चार बजे सृतीने फटाफट नीचे आकर लखनको जगा दीया.. देखा तो चंदा अभी भी नंगीही अपने उपर चदर डालते गहेरी नींद सो रही थी.. सृतीने दांत पीसकर हसते हुअे लखनको मुका मारदीया.. ओर उनका हाथ पकडर कीचनमे चली गइ.. ओर लखनकी बाहोमे समा गइ.. तो लखन उनके बुब्सको मसलते होठ चुमने लगा..
सृती : (होंठ चुमते) भाइ.. अब पुनोदीने मुजे यहाकी कुछ जीम्वेवारी दीहे.. अभी हम यहा जीतनी हे.. हम सबका आपको अैसेही खयाल रखना पडेगा..
लखन : (हसते धीरेसे) लेकीन यहा तो भावीका भी हे.. क्या उनका भी..? हें..हें..हें..
सृती : (हसते सामने देखते) हां.. उनका भी.. क्युकी मुजे पता हे अब वोभी हमारी सौतन होने वाली हे.. ओर साथमे नीलुका भी खयाल रखना पडेगा.. अब मुजे सब पता चल गया हे.. आप भावु पहेली बार होटेलमे मीले थेनां..? फीर दो बार उनकी क्लीनीकपे.. भावुने मुजे सब बतादीया हे.. बस.. कुछ दीन ठहेर जाओ.. हम आप दोनोकी सादी हमारे मंदीरमे करवा देगे.. जहा हमने कीथी..
लखन : (मुस्कुराते) ठीक हे.. इस बारेमे मेरी मोमसे बात हुइ थी..
सृती : (मुस्कुराते) भाइ.. आज रात तैयार रहीयोे.. आज तो आपको चार चारको सम्हालना हे..
लखन : (सामने देखते) तु राधु ओर भावुही तो हे.. चौथा कौन..?
सृती : (मुस्कुराते) आपकी सबसे छोटी रानी.. हमारी नीलु.. मुजे पता हे आप दोनोने यहा गांधर्व सादी करली हे.. इसीलीये तो चंदाभाभीका अभी नीपटा दीया.. ताकी पुरी रात सोती रहे.. इन्हीके डरकी वजहसे बेचारी नीलुकी बारी भी नही आती.. बस.. अेक आस लेके आपकी ओर देखती रहेती हे.. ओर याद रहे.. इस बारेमे चंदा भाभीको पता ना चले..
तभी भावीका राधीका ओर नीलम भी नीचे आजाते हे.. तीनो लखन ओर सृतीको कीचनमे अेक दुसरेकी बाहोमे देखकर हसने लगती हे.. राधीका सृती चाइ नास्ता बनाते हे.. तब भावीका ओर लखन फेक्टरीकी फाइल ओर उनकी मम्मीका दीया हुआ लेटर नीकाल रहे थे..
चंदा अबभी सो रही थी.. कीसीने उनको डीस्टर्ब नही कीया.. जब चाइ नास्ता करलीया तो भावीका लखनके साथ फेक्टरीके वकील.. ओर उनके पापाके दोस्त पंकजभाइकी ओफीसकी ओर चल पडे.. जहा पहेलेही उसने पंकजभाइसे बात करलीथी ओर उनका अेड्रेस लेलीया था..
ओर मनमे खुस होते बसंतीकी पीठ सहेलाती रही.. फीर उल्टीया होगइ तो मुह साफ करते सरमाने लगी.. वो सरमके मारे बरखासे नजरे नही मीला पा रही थी.. ओर मंद मंद मुस्कुरा रही थी.. तभी बरखाने उनको कंधेसे पकडकर अपनी ओर कीया ओर मुस्कुराते बसंतीकी आंखोमे देखने लगी..
बरखा : (मुस्कुराते) मम्मी.. क्या सचमे..?
बसंती : (मुस्कुराते सरमाकर नजरे जुकाते) सायद.. पका तो सुबह पता चलेगा.. क्या तेरे पास प्रेगनन्सी चेक करनेकी कीट पडी हे..? अभी बहार कुछ मत कहेना.. पहेले पका होजानेदे.. फीर उनको सरप्राइज देगे..
बरखा : (धीरेसे फुसफुसाते) मोम.. पका ही समजो.. कमीनेका हथीयार हेही इतना दमदार की कीसीको अेक ही बारमे पेटसे करदे.. कीतना पानी नीकालता हे.. हमारी पुरी मुनीया भरदेता हे.. ठीक हे.. मेरे पास अेक कीट पडी हे.. सुबह पका करलीजीये.. अगर रीजल्ट पोसीटीव आया.. तो हम कल घरपे सेलीब्रेट करेगे..
बसंती : (सरमाकर मुस्कुराते) सुन.. तुजे अेक बात कहेनी हे..
बरखा : (मुस्कुराते) क्या..?
बसंती : (मुस्कुराते) वो.. ब्रीन्दा.. वोभी श्रीधरसे पेटसे हो गइ हे.. दोनो सहेली साथमे..
मुना : (अंदर आते थोडी चीन्तासे) बरखा क्या हुआ मम्मीको..? तबीयत ठीक नही हे क्या..?
बरखा : (मनमे) कमीने मम्मीको चोद चोदके उनका पेट फुला दीया.. अब तो मम्मी कहेना छोडदे.. सबके सब कमीने दोस्त अेक जैसे ही हे.. वहा श्रीधर भैया भी पीछे नही रहे.. उन्होने भी अपनी मांका पेट फुला दीया हे.. पता नही तुमने सबको कोनसी जडी बुटी पीलादी हे..
बसंती : (बातको सम्हालते) अरे कुछ नही हुआ.. लगता हे खानेमे कुछ आगया होगा.. आप चीन्ता मत करे.. चलीये बहार.. खाना खा लेते हे.. चल बरखा..
फीर तीनो बहार आगये ओर खानेके लीये बैठ गये..पुरे खानेके दोरान बसंती ओर बरखा अेक दुसरेकी ओर देखते मंद मंद मुस्कुराती रही.. ब्रीन्दाने बसंतीको बताया था.. की वो प्रेगनेन्ट हो गइ हे.. लेकीन उसने बसंतीसे ये बात छुपाइकी वो लखनसे चुद चुकी हे ओर उनसे पेटसे हुइ हे.. ये राज वो सीर्फ उनके ओर लखनके बीच ही रखना चाहती थी..
उघर जब खाना फीनीस हो गया तब राधीका नीलम ओर सृती कीचनका काम समेटने लगी.. तबतक लखन वीजयके साथ खेलता रहा.. तो चंदा उन दोनोको खेलते देखकर हस रही थी.. ओर खुस हो रही थी.. तभी सृतीने आकर वीजयको अपने पास लेलीया..
सृती : (चंदाकी ओर देखते) भाभी.. आज आप थोडा आराम करलो.. मे वीजयको अपने साथ उपर लेजाती हु.. लखन भी यही आराम करलेगा.. क्युकी ये उपर आये तो हो गया हमारा आराम..
कहेते सृती चंदाकी ओर देखते मुस्कुराते सबसे छुपकर आंख मारती हे.. तो चंदा समज जाती हे.. ओर सर्मसार होजाती हे.. वो जटसे खडी होते अपने रुममे चली गइ.. सृती नीलम राधीका ओर भावीकाको लेकर उपर चली गइ.. तब नीलम ओर राधीकाको पता थाकी अब चंदाकी कुटाइ होगी..
चंदा यहा आकर बहुत ही खुस थी.. क्युकी सभी लोग उनका ओर उनकी भावनाओका अच्छी तराह खयाल रख रहे थे.. जैसे ही सबलोग उपर चले गये लखन मेइन गेइट बंध करके चंदाके रुममे चला गया.. तो चंदा पहेलेसे ही लखनका इन्तजार करते हल्कासा शींगार कर रही थी..
जैसे ही लखन आया वो दोडके लखनकी बाहोमे समा गइ.. ओर उनके चहेरेको पागलोकी तराह चुमने लगी.. लखन उनको अपनी गोदमे उठमकर बेठकी ओर चला गया.. फीर कुछ ही देरमे रुममे चंदाकी मादक सीसकारीयाकी आवाज गुंजने लगी.. वो अपनी कमर उछाल उछालके लखनसे चुदवा रही थी..
लखनने लगातार बीना नीचे उतरे तीन बार चंदाकी मुनीयाको भरदीया.. ओर चंदाको पुरी तराह ठंडी करदी.. उनके खुले बाल बेडपे बीखरे हुअे थे.. वो अब भी सरमाकर कामुक नजरोसे लखनकी ओर देखते उनकी पीठ सहेला रही थी.. लखनका लंड अबभी उनको चुतमे सख्त महेसुस हो रहा था..
चंदा : (बाहोमे भीचते सरमाकर धीेसे) जानु.. बस.. अैसे ही मेरा खयाल रखना.. अब तो हम दोनोके बारेमे सबको पता चल गया हे.. बडी दीदीको भी.. उनको मेने सब सच बता दीया हे.. सृती भी अब पुनोदीकी तराह मेरा खयाल रखने लगी हे..
लखन : (होंठ चुमते) चंदा.. अब मुजे भाइकी सभी बीवीयोका अैसे ही खयाल रखना पडेगा.. भाइ बहुत टुट चुके हे.. कास मोम हमारे बीच होती..
चंदा : (सरमाकर कमर हीलाते) जानु.. मुजे उनकी दुसरी बीवीओका नही पता.. बस मुजे इतना पता हे की में आपसे प्यार करने लगी हु.. ओर आपको मेरा अैसे ही खयाल रखना पडेगा.. ओर जरुरत पडी तो मे आपसे सादी भी करलुगी.. ओर आप चाहोतो हमारा बच्चा भी.. अब मुजे कीसीकी परवा नही हे..
लखन : (उतेजनामे कमर हीलाते धीरेसे चोदते) सादी करोगी मुजसे..? ठीक हे.. आजसे तु मेरी सीक्रेट बीवी.. लेकीन तुजे चोदुगा तो भाभी मानकर..
चंदा : (सर्मसार होते मुस्कुराते कमर हीलाते) तो फीर सादी करनेका क्या भायदा.. अपनी ओरीजनल भाभीको ही खुस रखा करो.. प्लीज.. थोडा जोरोसे.. अेक रंडीकी तराह.. आप कीतना मस्त चोदते हो..
लखन : (जोरोसे कमर हीलाते) भाभी.. तु बहुत होट हे.. जीतो चाहता हे तुजे अैसे ही जींदगी भर चोदता रहु..
चंदा : (सीसकारीया करते) तो चोदोनां.. कीसने मना कीया हे.. जबसे हम मीले हे.. उनके बाद मेने कभी आपको मना कीया हे क्या..? मे यहा आपसे चुदवानेके लीये ही आइ हु.. इसीलीये आपकी भाभी हमेसा आपके लीये चुदवानेको तैयार रहेती हे.. लखन.. मे बहुत कामी हु.. मुजे अैसे ही चुदाइ चाहीये.. मे जींदगीभर अैसे ही चुदवानेके लीये रेडी रहुगी..
दोनो अैसे ही कामुक बाते करते चुदाइ करते रहे.. आज बाते करते लखनने चंदाको चौथी बार लगातार चोद लीया.. ओर अबतकके सारे दीनकी चंदाकी प्यास बुजादी.. फीर दोनो सावर लेकर वही सो गये.. सृतीने भी चंदाको दीनमे ही नीपटा दीया.. ताकी आजकी रात वो सब लखनके साथ पुरी रात मोज मस्ती करती रहे..
साम चार बजे सृतीने फटाफट नीचे आकर लखनको जगा दीया.. देखा तो चंदा अभी भी नंगीही अपने उपर चदर डालते गहेरी नींद सो रही थी.. सृतीने दांत पीसकर हसते हुअे लखनको मुका मारदीया.. ओर उनका हाथ पकडर कीचनमे चली गइ.. ओर लखनकी बाहोमे समा गइ.. तो लखन उनके बुब्सको मसलते होठ चुमने लगा..
सृती : (होंठ चुमते) भाइ.. अब पुनोदीने मुजे यहाकी कुछ जीम्वेवारी दीहे.. अभी हम यहा जीतनी हे.. हम सबका आपको अैसेही खयाल रखना पडेगा..
लखन : (हसते धीरेसे) लेकीन यहा तो भावीका भी हे.. क्या उनका भी..? हें..हें..हें..
सृती : (हसते सामने देखते) हां.. उनका भी.. क्युकी मुजे पता हे अब वोभी हमारी सौतन होने वाली हे.. ओर साथमे नीलुका भी खयाल रखना पडेगा.. अब मुजे सब पता चल गया हे.. आप भावु पहेली बार होटेलमे मीले थेनां..? फीर दो बार उनकी क्लीनीकपे.. भावुने मुजे सब बतादीया हे.. बस.. कुछ दीन ठहेर जाओ.. हम आप दोनोकी सादी हमारे मंदीरमे करवा देगे.. जहा हमने कीथी..
लखन : (मुस्कुराते) ठीक हे.. इस बारेमे मेरी मोमसे बात हुइ थी..
सृती : (मुस्कुराते) भाइ.. आज रात तैयार रहीयोे.. आज तो आपको चार चारको सम्हालना हे..
लखन : (सामने देखते) तु राधु ओर भावुही तो हे.. चौथा कौन..?
सृती : (मुस्कुराते) आपकी सबसे छोटी रानी.. हमारी नीलु.. मुजे पता हे आप दोनोने यहा गांधर्व सादी करली हे.. इसीलीये तो चंदाभाभीका अभी नीपटा दीया.. ताकी पुरी रात सोती रहे.. इन्हीके डरकी वजहसे बेचारी नीलुकी बारी भी नही आती.. बस.. अेक आस लेके आपकी ओर देखती रहेती हे.. ओर याद रहे.. इस बारेमे चंदा भाभीको पता ना चले..
तभी भावीका राधीका ओर नीलम भी नीचे आजाते हे.. तीनो लखन ओर सृतीको कीचनमे अेक दुसरेकी बाहोमे देखकर हसने लगती हे.. राधीका सृती चाइ नास्ता बनाते हे.. तब भावीका ओर लखन फेक्टरीकी फाइल ओर उनकी मम्मीका दीया हुआ लेटर नीकाल रहे थे..
चंदा अबभी सो रही थी.. कीसीने उनको डीस्टर्ब नही कीया.. जब चाइ नास्ता करलीया तो भावीका लखनके साथ फेक्टरीके वकील.. ओर उनके पापाके दोस्त पंकजभाइकी ओफीसकी ओर चल पडे.. जहा पहेलेही उसने पंकजभाइसे बात करलीथी ओर उनका अेड्रेस लेलीया था..