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सृती : (धीरेसे फुसफुसाते) भाइ.. मुजे आपसे अेक बात कहेनी हे..
लखन : (होठको चुमते धीरेसे) हां दीदी.. बोलो.. इतनी रात..? जरुरी बात हे क्या..?
सृती : (कामे फुसफुसाते) हां भाइ.. बहुत जरुरी हे.. अच्छा हे कमरेमे सीर्फ हम तीनो ही हे..
लखन : (बातकी गंभीरता समजते) दीदी.. कोइ चीन्ताकी बात तो नही..? बोलो..
सृती : (सामने देखते धीरेसे) भाइ.. सायद चीन्ताकी बात ही हे.. खाना खानेके बाद हम सोनेके लीये उपर आये.. भावुतो हमारे कमरेमे चली गइ थी.. लेकीन आज नीलु कुछ परेसान दीख रही थी.. जब मे उनके कमरेमे गइ तो अेक अजीबसी आवाज सुनी वो बाथरुममे थी.. मेने वहा जाकर देखा तो वो उल्टीया कर रही थी..
लखन : (थोडी चीन्तासे) ओह गोड.. कुछ गडबड हे क्या..? क्युकी आजकल वो कुछ ज्यादा ही हमारे साथ सोने लगी हे..
सृती : (सामने देखते धीरेसे) वही तो.. भाइ.. मुजे भी उनकी टेन्शन होने लगी हे.. मेने उसे पुछा भी.. तो कहा हर बार आपसे मीलनके बाद वो आइपील लेती हे.. ओर वो आइपील लेना कभी नही भुलती.. मेने उनकी आइपील देखी.. तो उनके पास ढेर सारी आइपीलकी स्ट्रीप थी.. उनकी डेट देखी तो सब अेक्सपायर होचुकी थी..
लखन : ओह गोड क्या मुसीबत हे..? आपने उसे चेक कीया क्या..?
सृती : (सामने देखते धीरेसे) हां भाइ.. मेने उसे हाथ देखकर चेक कीया.. तो उनकी पल्स कुछ असामान्य लगी.. जैसे प्रेटनेन्ट लेडीकी होती हे.. भाइ.. सायद नीलु प्रेगनेन्ट हो गइ हे.. पका तो क्लीनीकपे रीपोर्टके बाद ही होगा..
लखन : (थोडा डरते धीरेसे) दीदी.. तब तो गडबड होजायेगी.. क्या इस बारेमे कीसी ओरको पता हे..?
सृती : (सामने देखते) नही भाइ.. ये सब अभी कुछ देर पहेले ही हुआ हे.. इस बारेमे हम दोनोके अलावा कीसीको नही पता..
लखन : (सामने देखते धीरेसे) अच्छा हुआ.. अभी कीसीको बताना भी मत.. दीदी.. तो अब हम क्या करे..? इसे तो अभी ओर पढना हे.. उनकी सादी भी धिरेनसे हो चुकी हे.. ओर अभी उनके पास भेजना भी ठीक नही.. तो आपने कुछ सोचा हे..?
सृती : (सामने देखते) भाइ.. मेने उनकी आइपीलकी स्ट्रीप देखी.. उनके पास ढेर सारी थी.. लेकीन आउट ओफ डेटकी.. अक्सपायर हो चुकी थी.. पुछा तो कहा मे जब यहा आइ तब मेरी मम्मीने दी थी.. पता नही उनकी मम्मीने उसे यहा पढनेके लीये भेजाहे की चुदवानेके लीये.. आप समज गयेनां..?
लखन : (थोडा जोरोसे मुस्कुराते) दीदी.. पहेले वो यहा आइ तब कुछ ओर मक्सदसे आइ थी.. आपको सब पता हे.. ये लडकी भीनां.. मेने कहाथा हप्तेमे सीर्फ अेक बार.. लेकीन आपने ही उनकी आदत बीगाडी हे.. क्या जरुरत थी उनको हमारे साथ सामील करनेकी..? अब उसे हर रात हमारे साथ सोना हे.. अब क्या करे..?
सृती : (सरमे हाथ घुमाते धीरेसे) भाइ..मुजे क्या पता वोभी अपनी मांकी तराह चुदकड होगी.. कल मे उसे कोलेज तो भेजुगी.. लेकीन उसे कहुगीकी वो कोलेज नही.. सीधे मेरी क्लीनीकपे आजाये.. वहा उनकी रीपोर्ट करुगी.. अगर रीपोर्ट पोजीटीव आइ तो इस कमीनी(भावीका)को कहुगी.. ये कुछ करदेगी.. इस काममे ये कमीनी माहीर हे..
लखन : (मुस्कुराते) दीदी.. अब तो इस गाली मत दो.. आपकी सौतन होगइ हे..
सृती : (मुस्कुराते) सौतन होगइ हे इसीलीयेतो गालीया सुनती हे.. कमीनी आपके पीछे तो पागल होगइ हे.. सारा दिन आपके नामकी माला ही जपती रहेती हे.. हमारा लखन अैसा.. हमारा लखन वैसा हे..
लखन : (मुस्कुराते) दीदी.. वो सचमे मुजे बहुत प्यार करने लगी हे.. ओर हो सके तो ये कीसीको बताना नही.. आप दोनो ही इसे नीपटालो.. अब हमे नीलुका भी कुछ करना पडेगा.. आइपील लेनेके बाद भी वो प्रेगनेन्ट होगइ हे.. अब ध्यान रखना पडेगा.. बस.. खासकर चंदा भाभीको इनका पता ना चले..
दुसरे दिन सुबह सबलोग चाइ नास्तेपे बैठे थे तब नीलम थोडी चींतीत थी.. ओर सबके सामने जबरदस्ती मुस्कुराने नाटक करते नोर्मल होनेकी कोसीस करती रही.. अब चंदाका दिन बहुत ही नजदीक था.. तो सृती गभरा रही थी.. की चंदा वहा क्लीनीकपे आये इनसे पहेले ही नीमलका नीपटारा होजाये.. तभी..
लखन : (मुस्कुराते) नीलु.. तेरी मम्मीका फोन आया था.. वो लोग हमारे गांवमे सीफ्ट हो रहे हे.. ओर सब सामान पेकींग कर रहे हे.. तो तुजे अेक दो दिन मददके लीये बुलाया हे..
चंदा : (मुस्कुराते) हां नीलु.. वैसे भी रमा पेटसे हे.. उसे काम करनेके दिकत होगी.. चली जाओ..
नीलम : (सरमाकर मुस्कुराते) जी.. आज ही चली जाती हु.. जीजु.. छोडने आओगेनां..?
लखन : (सृतीकी ओर मुस्कुराते) हां.. नास्ता करले.. फीर चेन्ज करके आजा..
राधीका : आज मेभी घरपे बहुगी.. अब चंदादीदी ओर भावनादीदी का खयाल रखना बहुत जरुरी हे.. वहा अब रजुदीदी ओर दया बहेनने सबकुछ अच्छेसे सम्हाल लीया हे.. अब होस्टेलकी चीन्ता नही हे..
सृती सबकुछ समज गइ.. वो कुछ नही बोली.. ओर फटाफट चाइ नास्ता करके वो भावीकाको लेकर क्लीनीक पे चली गइ.. राधीका घरका काम करने लगी.. तो चंदा ओर भावना बच्चेको लेकर होलमे बैठ गइ.. नीलम चेन्ज करने उपर चली गइ.. तो लखनने कीचनमे जाकर राधीकाको अपनी बाहोमे भर लीया..
तो वो पलटके लखनकी बाहोमे समा गइ.. ओर दोनोके होठ मील गये.. अब अैसी बाते सामान्य हो गइ थी.. फीर लखन होलमे चला गया.. ओर भावनाकी बच्ची ओर विजयके साथ खेलने लगा.. फीर लखनने बारी बारी चंदा ओर भावनाके होठोको भी चुम लीया.. जीसे दोनोही सरमा गइ.. ओर अेक दुसरेके सामने देखकर हसने लगी...
तभी नीलु चेन्ज करके ओर अेक कपडेकी छोटी बेग लेकर नीचे आगइ.. वो राधीका चंदा ओर भावनाके गले मीली.. फीर दोनो कार लेकर घरसे नीकल गये.. बहार नीकलते ही नीलम कारमे ही लखनसे लीपट गइ.. ओर आंसु बहाने लगी.. लखनने कारको अेक सुमसान जगाहपे खडी करदी.. तो..
नीलम : (लीपटर रोते) लखन.. आइ अेम सोरी.. मुजसे गलती होगइ.. आइ अेम प्रेगनेन्ट..
लखन : (उनके आंसु पोछकर सांत करते) चुप होजा.. इसमे तेरी कोइ गलती नही हे.. लेकीन तुजे देखना चाहीये.. की ये दयाइ अेक्सायरी डेटकी तो नही.. नीलु.. तेरी मंजील अभी थोडी दुर हे.. वरना ये सब नही करना पडता..
नीलम : (आंसु पोछते) आइ नो लखन.. मे आपसे बहुत प्यार करती हु.. मेभी चाहती हु की हम दोनोकी अेक नीशानी हो.. लेकीन अभी नही.. क्युकी मेरे भी कुछ लक्सय हे.. बस.. अेक बार उसे हासील करलु.. फीर हम दोनो जरुर हमारा बच्चा पैदा करेगे..
फीर इसके बाद दोनो सृतीकी क्लीनीकपे पहोंच गये.. तो भावीकाकी रीसेपनीस्ट आरती लखनकी ओर देखकर मुस्कुराइ.. फीर लखन ओर नीलमको लेकर सृतीकी केबीनमे चली गइ.. वहा सृती ओर भावीका चाइ पी रही थी.. सृतीने आरतीको कहेकर लखनके लीये भी चाइ मंगवाइ.. जब आरती चली गइ तो..
भावीका : (आस्चर्यसे देखते) अरे नीलु.. गांव जानेकी तैयारीया करली..? लखन छोडने आ रहे हे..?
सृती : (थोडा जीजकते) भावु.. नीलु गांव नही जा रही.. वो चंदादीदीके सामने हमने जुठ बोला.. दरसल.. सा..य..द.. सी इस प्रेगनेन्ट.. अभी रीपोर्ट करते हे.. अगर पोजीटीव आया तो इनका अेबोर्सन करना पडेगा.. तु समज गइनां..
भावीका : (जोरोसे हसते) कमीनी अब ये काम फीरसे करना पडेगा..? चल ठीक हे घरका मामला हे.. (नीलुकी ओर देखते हसते) चुदकड कहीकी.. कैसे उछल उछलके हमारे पतीका ले रही थी.. प्रेगनेन्ट नही होगी तो क्या होगी.. इनकी वजहसे तो हमारी भी दुसरी बार कुटाइ होजाती थी..
लखन : (गरदन दबोचते) ओ.. इनका जो करना हे करो.. ज्यादा चपड बपड करनेकी जरुरत नही हे..
भावीका : (गरदन छुडाकर अेक मुका मारते) सालीकी बडी दया आ रही हे..? जब उनको ठोकते थे तब पता नही था..? तब तो उछल उछलके मजे ले रहे थे.. ओर ये कमीनी भी कैसी आवाज नीकालती थी.. हमे फीरसे आपके नीचे आना पडता था..
सृती : (हसते) ओ.. चुप होजाओ दोनो.. भावु.. सुन.. तुजे कुछ कहेना हे..
भावीका : (लखनकी ओर कातीलाना मुस्कुराते) बोल.. क्या..?
सृती : (मुस्कुराते धीरेसे) दरसल.. नीलु लखनकी सीक्रेट बीवी हे.. तेरी तराह इन दोनोने भी गांधर्व सादी करली हे.. बस.. धिरेनसे सादी तो सीर्फ दिखावेकी हे.. अेक औपचारीक.. ओर ये सब हमे चंदादीदीसे छुपाके रखना हे.. क्युकी इनके भी कुछ रीजन हे..
भावीका : (मुस्कुराते) अरे तु टेन्शन मतले.. मेतो मजाक कर रही थी.. ये सब बाते पुनोदीदीसे हो गइ हे.. बस.. इतना पता नही थाकी नीलु भी इनकी बीवी हे.. तु इनकी प्रेगनन्सी चेक कर तबतक मे हमारे पतीसे कुछ जरुरी बात करती हु..
फीर सृती नीलमको लेकर अंदर चली गइ.. तभी आरती लखनके लीये चाइ लेकर आगइ.. तो भावीकाने सरारतसे आंखे नचाते लखनको आरतीकी ओर इसारा कीया.. तो आरती सरमसे पानी पानी होगइ.. फीर भावीकाने धीरेसे लखनको आरतीका भी खयाल रखनेको कहा.. तो आरती सरमाकर मुस्कुराते बहार चली गइ..
तभी सृती ओर नीलम बहार आ गये.. ओर रीपोर्टका इन्तजार करने लगे.. तो कुछ ही देरके बाद रीपोर्ट आगइ.. तो पता चला नीलुको अभी दुसरा महीना चल रहा था.. फीर भावीका नीलुको लेकर ओपरेशन थीअेटरमे चली गइ.. तो सृती लखनको चेक करने वाली केबीनमे खीचकर चली गइ..
अंदर भावीकाने नीलुको कुछ दवाइ पीलाइ.. जीसे नीलु थोडा बेहोसीमे चली गइ.. फीर कुछही देरके बाद उसे नीचेसे ब्लीडींग होने लगी.. बाकीका काम भावीकाकी दो नर्सोने सम्हाल लीया जो अपने साथ लेकर आइ थी ओर इस काममे माहीर थी.. भावीका हाथ साफ करके फीरसे केबीनमे आगइ..
तब उसे पेसन्ट चेक करनेकी जगाहसे हल्कीसी सीसकारीया सुनाइ दी.. वो अंदर देखने गइ तो लखन वही टेबलपे सृतीको चोद रहा था.. जब भावीका आइ तो सृती उनकी ओर देखकर सरमा गइ.. फीर हसने लगी.. तो भावीकाने दांत पीसते जुठे गुस्सेसे लखनकी पीठमे मुका मारदीया ओर बहार चली गइ..
दो पहोर तक नीलुको अेक स्पेसीयल रुममे सीफ्ट करदीया.. लखन नीलुके पास ही रुक गया.. ताकी घरपे चंदा ओर भावीकाको लगेकी लखन नीलुको गांव छोडने गया हे.. भावीका आरतीको नीलमका खयाल रखनेको कहेकर सृतीको लेकर घर चली गइ.. नीलु कमजोरीकी वजहसे सो गइ थी..
दो पहोरके समय ज्यादातर स्टाफ भी खानेके लीये चला गया था.. तभी लखन आरतीके पास चला गया तो आरती सरमा गइ.. फीर दोनोने बाते करते मीलनेक तैय कर लीया.. ओर आरती लखनको लेकर उपरकी मंजीलपे अेक खाली रुममे चली गइ.. ओर अंदर जातेही लखनने आरतीको अपनी बाहोमे दबोच लीया..
फीर दोनोके होठ मील गये.. ओर प्यारका खेल खेलने लगे.. जब आरतीने लखनका लंड देखा तो अेक पलके लीये तो वो गभरा गइ.. फीर लखनने उसे तसली दीकी वो दोनो अभी नही मीलेगे.. क्युकी लखनको पता था की अेक बार मीलनके बाद आरतीकी हालत खराब हो जायेगी..
फीर आरतीने लखनको वही ब्लुजोब दीया ओर लखनने भी आरतीकी चुतके रसको मुह लगाकर नीकाल दीया.. दोनोने अेक दुसरेको संतुस्ट कीया.. आरती बहुत खुस होगइ.. फीर दोनोने कंपलीट होते कपडे पहेन लीये तब आरती लखनकी बाहोमे समा गइ.. ओर दोनोने मीलनके लीये समय तैय करलीया..
फीर दोनोने साथमे खाना खाया.. खाना खाते आरतीने अपने बारेमे सबकुछ लखनको बता दीया.. फीर सृती भावीकाके आनेके बाद देर साम लखन घर चला गया.. तीनोने नीलमका मामला बखुबी सम्हाला.. नीलमको तीन दिन तब वहा आराम करने दीया.. जब नीलम आखीर घर आइ तो वो बीमारीका बहाना बनाकर अेक हप्ते तक आराम करती रही.. जब नोर्मल होगइ तो उसने फीरसे कोलेज जाना सुरु करदीया..
इसी बीच साहील कइ बार सहेरमे सायराको मीलने चला जाता.. तो कभी कादीर ही उसे टुरकी वजहसे दो तीन दिनके लीये बुला लेता.. तब साहील ओर सायराका मीया बीवीकी तराह रहेते ओर खुब जमकर चुदाइ करते.. सायरा अब साहीलके साथ दोहरी जींदगी जीने लगी थी.. सायराकी प्रेगनन्सीकी वजहसे साहीलने सायराकी पीछवाडेका भी उद्घाटन करलीया था ओर आजतक सायरा ओर साहीलनेअपने बारेमे कादीरको पता नही चलने दीया....
कन्टीन्यु
लखन : (होठको चुमते धीरेसे) हां दीदी.. बोलो.. इतनी रात..? जरुरी बात हे क्या..?
सृती : (कामे फुसफुसाते) हां भाइ.. बहुत जरुरी हे.. अच्छा हे कमरेमे सीर्फ हम तीनो ही हे..
लखन : (बातकी गंभीरता समजते) दीदी.. कोइ चीन्ताकी बात तो नही..? बोलो..
सृती : (सामने देखते धीरेसे) भाइ.. सायद चीन्ताकी बात ही हे.. खाना खानेके बाद हम सोनेके लीये उपर आये.. भावुतो हमारे कमरेमे चली गइ थी.. लेकीन आज नीलु कुछ परेसान दीख रही थी.. जब मे उनके कमरेमे गइ तो अेक अजीबसी आवाज सुनी वो बाथरुममे थी.. मेने वहा जाकर देखा तो वो उल्टीया कर रही थी..
लखन : (थोडी चीन्तासे) ओह गोड.. कुछ गडबड हे क्या..? क्युकी आजकल वो कुछ ज्यादा ही हमारे साथ सोने लगी हे..
सृती : (सामने देखते धीरेसे) वही तो.. भाइ.. मुजे भी उनकी टेन्शन होने लगी हे.. मेने उसे पुछा भी.. तो कहा हर बार आपसे मीलनके बाद वो आइपील लेती हे.. ओर वो आइपील लेना कभी नही भुलती.. मेने उनकी आइपील देखी.. तो उनके पास ढेर सारी आइपीलकी स्ट्रीप थी.. उनकी डेट देखी तो सब अेक्सपायर होचुकी थी..
लखन : ओह गोड क्या मुसीबत हे..? आपने उसे चेक कीया क्या..?
सृती : (सामने देखते धीरेसे) हां भाइ.. मेने उसे हाथ देखकर चेक कीया.. तो उनकी पल्स कुछ असामान्य लगी.. जैसे प्रेटनेन्ट लेडीकी होती हे.. भाइ.. सायद नीलु प्रेगनेन्ट हो गइ हे.. पका तो क्लीनीकपे रीपोर्टके बाद ही होगा..
लखन : (थोडा डरते धीरेसे) दीदी.. तब तो गडबड होजायेगी.. क्या इस बारेमे कीसी ओरको पता हे..?
सृती : (सामने देखते) नही भाइ.. ये सब अभी कुछ देर पहेले ही हुआ हे.. इस बारेमे हम दोनोके अलावा कीसीको नही पता..
लखन : (सामने देखते धीरेसे) अच्छा हुआ.. अभी कीसीको बताना भी मत.. दीदी.. तो अब हम क्या करे..? इसे तो अभी ओर पढना हे.. उनकी सादी भी धिरेनसे हो चुकी हे.. ओर अभी उनके पास भेजना भी ठीक नही.. तो आपने कुछ सोचा हे..?
सृती : (सामने देखते) भाइ.. मेने उनकी आइपीलकी स्ट्रीप देखी.. उनके पास ढेर सारी थी.. लेकीन आउट ओफ डेटकी.. अक्सपायर हो चुकी थी.. पुछा तो कहा मे जब यहा आइ तब मेरी मम्मीने दी थी.. पता नही उनकी मम्मीने उसे यहा पढनेके लीये भेजाहे की चुदवानेके लीये.. आप समज गयेनां..?
लखन : (थोडा जोरोसे मुस्कुराते) दीदी.. पहेले वो यहा आइ तब कुछ ओर मक्सदसे आइ थी.. आपको सब पता हे.. ये लडकी भीनां.. मेने कहाथा हप्तेमे सीर्फ अेक बार.. लेकीन आपने ही उनकी आदत बीगाडी हे.. क्या जरुरत थी उनको हमारे साथ सामील करनेकी..? अब उसे हर रात हमारे साथ सोना हे.. अब क्या करे..?
सृती : (सरमे हाथ घुमाते धीरेसे) भाइ..मुजे क्या पता वोभी अपनी मांकी तराह चुदकड होगी.. कल मे उसे कोलेज तो भेजुगी.. लेकीन उसे कहुगीकी वो कोलेज नही.. सीधे मेरी क्लीनीकपे आजाये.. वहा उनकी रीपोर्ट करुगी.. अगर रीपोर्ट पोजीटीव आइ तो इस कमीनी(भावीका)को कहुगी.. ये कुछ करदेगी.. इस काममे ये कमीनी माहीर हे..
लखन : (मुस्कुराते) दीदी.. अब तो इस गाली मत दो.. आपकी सौतन होगइ हे..
सृती : (मुस्कुराते) सौतन होगइ हे इसीलीयेतो गालीया सुनती हे.. कमीनी आपके पीछे तो पागल होगइ हे.. सारा दिन आपके नामकी माला ही जपती रहेती हे.. हमारा लखन अैसा.. हमारा लखन वैसा हे..
लखन : (मुस्कुराते) दीदी.. वो सचमे मुजे बहुत प्यार करने लगी हे.. ओर हो सके तो ये कीसीको बताना नही.. आप दोनो ही इसे नीपटालो.. अब हमे नीलुका भी कुछ करना पडेगा.. आइपील लेनेके बाद भी वो प्रेगनेन्ट होगइ हे.. अब ध्यान रखना पडेगा.. बस.. खासकर चंदा भाभीको इनका पता ना चले..
दुसरे दिन सुबह सबलोग चाइ नास्तेपे बैठे थे तब नीलम थोडी चींतीत थी.. ओर सबके सामने जबरदस्ती मुस्कुराने नाटक करते नोर्मल होनेकी कोसीस करती रही.. अब चंदाका दिन बहुत ही नजदीक था.. तो सृती गभरा रही थी.. की चंदा वहा क्लीनीकपे आये इनसे पहेले ही नीमलका नीपटारा होजाये.. तभी..
लखन : (मुस्कुराते) नीलु.. तेरी मम्मीका फोन आया था.. वो लोग हमारे गांवमे सीफ्ट हो रहे हे.. ओर सब सामान पेकींग कर रहे हे.. तो तुजे अेक दो दिन मददके लीये बुलाया हे..
चंदा : (मुस्कुराते) हां नीलु.. वैसे भी रमा पेटसे हे.. उसे काम करनेके दिकत होगी.. चली जाओ..
नीलम : (सरमाकर मुस्कुराते) जी.. आज ही चली जाती हु.. जीजु.. छोडने आओगेनां..?
लखन : (सृतीकी ओर मुस्कुराते) हां.. नास्ता करले.. फीर चेन्ज करके आजा..
राधीका : आज मेभी घरपे बहुगी.. अब चंदादीदी ओर भावनादीदी का खयाल रखना बहुत जरुरी हे.. वहा अब रजुदीदी ओर दया बहेनने सबकुछ अच्छेसे सम्हाल लीया हे.. अब होस्टेलकी चीन्ता नही हे..
सृती सबकुछ समज गइ.. वो कुछ नही बोली.. ओर फटाफट चाइ नास्ता करके वो भावीकाको लेकर क्लीनीक पे चली गइ.. राधीका घरका काम करने लगी.. तो चंदा ओर भावना बच्चेको लेकर होलमे बैठ गइ.. नीलम चेन्ज करने उपर चली गइ.. तो लखनने कीचनमे जाकर राधीकाको अपनी बाहोमे भर लीया..
तो वो पलटके लखनकी बाहोमे समा गइ.. ओर दोनोके होठ मील गये.. अब अैसी बाते सामान्य हो गइ थी.. फीर लखन होलमे चला गया.. ओर भावनाकी बच्ची ओर विजयके साथ खेलने लगा.. फीर लखनने बारी बारी चंदा ओर भावनाके होठोको भी चुम लीया.. जीसे दोनोही सरमा गइ.. ओर अेक दुसरेके सामने देखकर हसने लगी...
तभी नीलु चेन्ज करके ओर अेक कपडेकी छोटी बेग लेकर नीचे आगइ.. वो राधीका चंदा ओर भावनाके गले मीली.. फीर दोनो कार लेकर घरसे नीकल गये.. बहार नीकलते ही नीलम कारमे ही लखनसे लीपट गइ.. ओर आंसु बहाने लगी.. लखनने कारको अेक सुमसान जगाहपे खडी करदी.. तो..
नीलम : (लीपटर रोते) लखन.. आइ अेम सोरी.. मुजसे गलती होगइ.. आइ अेम प्रेगनेन्ट..
लखन : (उनके आंसु पोछकर सांत करते) चुप होजा.. इसमे तेरी कोइ गलती नही हे.. लेकीन तुजे देखना चाहीये.. की ये दयाइ अेक्सायरी डेटकी तो नही.. नीलु.. तेरी मंजील अभी थोडी दुर हे.. वरना ये सब नही करना पडता..
नीलम : (आंसु पोछते) आइ नो लखन.. मे आपसे बहुत प्यार करती हु.. मेभी चाहती हु की हम दोनोकी अेक नीशानी हो.. लेकीन अभी नही.. क्युकी मेरे भी कुछ लक्सय हे.. बस.. अेक बार उसे हासील करलु.. फीर हम दोनो जरुर हमारा बच्चा पैदा करेगे..
फीर इसके बाद दोनो सृतीकी क्लीनीकपे पहोंच गये.. तो भावीकाकी रीसेपनीस्ट आरती लखनकी ओर देखकर मुस्कुराइ.. फीर लखन ओर नीलमको लेकर सृतीकी केबीनमे चली गइ.. वहा सृती ओर भावीका चाइ पी रही थी.. सृतीने आरतीको कहेकर लखनके लीये भी चाइ मंगवाइ.. जब आरती चली गइ तो..
भावीका : (आस्चर्यसे देखते) अरे नीलु.. गांव जानेकी तैयारीया करली..? लखन छोडने आ रहे हे..?
सृती : (थोडा जीजकते) भावु.. नीलु गांव नही जा रही.. वो चंदादीदीके सामने हमने जुठ बोला.. दरसल.. सा..य..द.. सी इस प्रेगनेन्ट.. अभी रीपोर्ट करते हे.. अगर पोजीटीव आया तो इनका अेबोर्सन करना पडेगा.. तु समज गइनां..
भावीका : (जोरोसे हसते) कमीनी अब ये काम फीरसे करना पडेगा..? चल ठीक हे घरका मामला हे.. (नीलुकी ओर देखते हसते) चुदकड कहीकी.. कैसे उछल उछलके हमारे पतीका ले रही थी.. प्रेगनेन्ट नही होगी तो क्या होगी.. इनकी वजहसे तो हमारी भी दुसरी बार कुटाइ होजाती थी..
लखन : (गरदन दबोचते) ओ.. इनका जो करना हे करो.. ज्यादा चपड बपड करनेकी जरुरत नही हे..
भावीका : (गरदन छुडाकर अेक मुका मारते) सालीकी बडी दया आ रही हे..? जब उनको ठोकते थे तब पता नही था..? तब तो उछल उछलके मजे ले रहे थे.. ओर ये कमीनी भी कैसी आवाज नीकालती थी.. हमे फीरसे आपके नीचे आना पडता था..
सृती : (हसते) ओ.. चुप होजाओ दोनो.. भावु.. सुन.. तुजे कुछ कहेना हे..
भावीका : (लखनकी ओर कातीलाना मुस्कुराते) बोल.. क्या..?
सृती : (मुस्कुराते धीरेसे) दरसल.. नीलु लखनकी सीक्रेट बीवी हे.. तेरी तराह इन दोनोने भी गांधर्व सादी करली हे.. बस.. धिरेनसे सादी तो सीर्फ दिखावेकी हे.. अेक औपचारीक.. ओर ये सब हमे चंदादीदीसे छुपाके रखना हे.. क्युकी इनके भी कुछ रीजन हे..
भावीका : (मुस्कुराते) अरे तु टेन्शन मतले.. मेतो मजाक कर रही थी.. ये सब बाते पुनोदीदीसे हो गइ हे.. बस.. इतना पता नही थाकी नीलु भी इनकी बीवी हे.. तु इनकी प्रेगनन्सी चेक कर तबतक मे हमारे पतीसे कुछ जरुरी बात करती हु..
फीर सृती नीलमको लेकर अंदर चली गइ.. तभी आरती लखनके लीये चाइ लेकर आगइ.. तो भावीकाने सरारतसे आंखे नचाते लखनको आरतीकी ओर इसारा कीया.. तो आरती सरमसे पानी पानी होगइ.. फीर भावीकाने धीरेसे लखनको आरतीका भी खयाल रखनेको कहा.. तो आरती सरमाकर मुस्कुराते बहार चली गइ..
तभी सृती ओर नीलम बहार आ गये.. ओर रीपोर्टका इन्तजार करने लगे.. तो कुछ ही देरके बाद रीपोर्ट आगइ.. तो पता चला नीलुको अभी दुसरा महीना चल रहा था.. फीर भावीका नीलुको लेकर ओपरेशन थीअेटरमे चली गइ.. तो सृती लखनको चेक करने वाली केबीनमे खीचकर चली गइ..
अंदर भावीकाने नीलुको कुछ दवाइ पीलाइ.. जीसे नीलु थोडा बेहोसीमे चली गइ.. फीर कुछही देरके बाद उसे नीचेसे ब्लीडींग होने लगी.. बाकीका काम भावीकाकी दो नर्सोने सम्हाल लीया जो अपने साथ लेकर आइ थी ओर इस काममे माहीर थी.. भावीका हाथ साफ करके फीरसे केबीनमे आगइ..
तब उसे पेसन्ट चेक करनेकी जगाहसे हल्कीसी सीसकारीया सुनाइ दी.. वो अंदर देखने गइ तो लखन वही टेबलपे सृतीको चोद रहा था.. जब भावीका आइ तो सृती उनकी ओर देखकर सरमा गइ.. फीर हसने लगी.. तो भावीकाने दांत पीसते जुठे गुस्सेसे लखनकी पीठमे मुका मारदीया ओर बहार चली गइ..
दो पहोर तक नीलुको अेक स्पेसीयल रुममे सीफ्ट करदीया.. लखन नीलुके पास ही रुक गया.. ताकी घरपे चंदा ओर भावीकाको लगेकी लखन नीलुको गांव छोडने गया हे.. भावीका आरतीको नीलमका खयाल रखनेको कहेकर सृतीको लेकर घर चली गइ.. नीलु कमजोरीकी वजहसे सो गइ थी..
दो पहोरके समय ज्यादातर स्टाफ भी खानेके लीये चला गया था.. तभी लखन आरतीके पास चला गया तो आरती सरमा गइ.. फीर दोनोने बाते करते मीलनेक तैय कर लीया.. ओर आरती लखनको लेकर उपरकी मंजीलपे अेक खाली रुममे चली गइ.. ओर अंदर जातेही लखनने आरतीको अपनी बाहोमे दबोच लीया..
फीर दोनोके होठ मील गये.. ओर प्यारका खेल खेलने लगे.. जब आरतीने लखनका लंड देखा तो अेक पलके लीये तो वो गभरा गइ.. फीर लखनने उसे तसली दीकी वो दोनो अभी नही मीलेगे.. क्युकी लखनको पता था की अेक बार मीलनके बाद आरतीकी हालत खराब हो जायेगी..
फीर आरतीने लखनको वही ब्लुजोब दीया ओर लखनने भी आरतीकी चुतके रसको मुह लगाकर नीकाल दीया.. दोनोने अेक दुसरेको संतुस्ट कीया.. आरती बहुत खुस होगइ.. फीर दोनोने कंपलीट होते कपडे पहेन लीये तब आरती लखनकी बाहोमे समा गइ.. ओर दोनोने मीलनके लीये समय तैय करलीया..
फीर दोनोने साथमे खाना खाया.. खाना खाते आरतीने अपने बारेमे सबकुछ लखनको बता दीया.. फीर सृती भावीकाके आनेके बाद देर साम लखन घर चला गया.. तीनोने नीलमका मामला बखुबी सम्हाला.. नीलमको तीन दिन तब वहा आराम करने दीया.. जब नीलम आखीर घर आइ तो वो बीमारीका बहाना बनाकर अेक हप्ते तक आराम करती रही.. जब नोर्मल होगइ तो उसने फीरसे कोलेज जाना सुरु करदीया..
इसी बीच साहील कइ बार सहेरमे सायराको मीलने चला जाता.. तो कभी कादीर ही उसे टुरकी वजहसे दो तीन दिनके लीये बुला लेता.. तब साहील ओर सायराका मीया बीवीकी तराह रहेते ओर खुब जमकर चुदाइ करते.. सायरा अब साहीलके साथ दोहरी जींदगी जीने लगी थी.. सायराकी प्रेगनन्सीकी वजहसे साहीलने सायराकी पीछवाडेका भी उद्घाटन करलीया था ओर आजतक सायरा ओर साहीलनेअपने बारेमे कादीरको पता नही चलने दीया....
कन्टीन्यु