Incest Baadshah ~ The Tales of Debauchery - Page 16 - SexBaba
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Incest Baadshah ~ The Tales of Debauchery

अपडेट - 101 ~ एक्सपोज्ड (1)

[Note : Contains gore and blood elements.]

अब तक...

माइक : वेयर इस हे?

टॉमी : हे टोल्ड में हे विल लुक आउटसाइड.

माइक : Let's जो एंड चेक हिज रूम!

वह सभी चेस्टर के रूम में पहुचे तोह चेस्टर का रूम बंद था. मतलब कोई अंदर था. चेस्टर hi तोह था.

उन्होंने दरवाज़ा पीटा और आवाज़ लगाई.

पर...

अंदर से कोई आवाज़ न आयी!!!!


अब आगे...

"चेइसससससटटटटीएरररररररर!!!!!!"

"ओपन थे गॉड्डैम दूर!!!!"

*बायंमममम* *बायंममममम*

दरवाज़े को वीर, माइक और टॉमी बाहर से पीट रहे थे. पर अंदर से अभी भी कोई जवाब नहीं आया.

"सीईट्टत्त!!!"

वह तीनो दूर पे हाथ मारते रहे. लेकिन कोई हलचल होने की आवाज़ भी नहीं सुनाई दी उन्हें भीतर से.

माइक (बॉहे सिकोड़ते हुए) : समथिंग इस रॉंग.

टॉमी : िफ़ थे दूर इस लॉक्ड फ्रॉम थे इनसाइड. थें it's ऑब्वियस समवन इस इनसाइड. एंड हु ेल्स कुड आईटी बे इतर थान चेस्टर?

वीर : Let's ब्रेक आईटी!

टॉमी : Wh-Whaaaattttt??? अरे यू किडिंग में?

वीर : No! I'm नॉट! जस्ट हेल्प में आउट.

बस यही एक उपाय बचा था उनके पास. अंदर कोई न कोई तोह मौजूद था. वर्ण दरवाज़ा अपने आप कैसे बंद हो सकता था? तोह उपाय यही था की दरवाज़े को hi तोड़ दिया जाए.

टॉमी ने वीर को hairat-angez में देखा. जैसे वह किसी बेवक़ूफ़ को देख रहा था. इतना भारी दूर, भला धक्का देने से कैसे टूट सकता था?

माइक : वे don't हैवे अन्य इतर ऑप्शन. वे कैन तरय ात लीस्ट. It's 3:30 आलरेडी. Nightwalker's टाइम है स्टार्टेड. वे शुड हुर्री उप.

वो ये नहीं जानते थे की वीर के पास क्या था. इसलिए उन्हें ये दरवाज़ा तोडना असंभव सा लग रहा था. उन्हें नहीं पता था की वीर के अकेले में कितने लोगो का बल था.

पर वो सरे आम अकेले दरवाज़ा नहीं तोड़ सकता था. ऐसा करने से उस पर कई सवाल खड़े हो जाते. एक आध लेने की ज़रुरत थी उससे. और इसलिए, वीर ने उन् दोनों को भी धक्का देने कहा.

माइक को लगेगा की वीर और टॉमी ने जोरर से धक्का दिया है. टॉमी को लगेगा की वीर और माइक ने जोरर से धक्का दिया है. पर सच तोह यही है की...

वीर के अकेले के hi वार से दरवाज़ा खुलना था. उनकी मदद लेना तोह केवल अपनी काबिलियत को छुपाने का एक जरिया था.

वह सभी जैसे hi धक्का देने के लिए तैयार हुए,

*डिंग*

[Beowulf's Blessings has been turned ON]

अपनी आँखों की लाली छुपाने के लिए वीर ने अपनी पलके बंद कर ली.

उसके संग माइक, टॉमी पीछे रन लेके दौड़े और तीनो ने साथ मिलकर जोरर से दरवाज़े पर धक्का मारा.

*Baaaaaammmmmmmmmmmm*

कुछ तोह हुआ. दरवाज़े का एक हिन्ज ढीला पद गया.

*Baaaaaaaaaammmmmmmmmm*

इस बार दरवाज़े का पहला हिन्ज पूरी तरह से निकल गया.

और,

*Baaaaaaammmmmmmmmmmmm*

*Baaaaaaaammmmmmmmmmmm*

4-5 और धक्को में पूरा का पूरा दरवाज़ा hi हिन्ज से उखड गया. आल थैंक्स तो Beowulf's ब्लेस्सिंग्स एंड Veer's स्टैट्स.

*धङामममममम*

तीनो hi कमरे के अंदर धक्का देने के कारण फ्लोर पर गिर पड़े. उन् सबकी नज़रे सबसे पहले बीएड पर गयी.

टॉमी : उग्गहह!!! व्हाट थे फ़क? थिस मोथेरफुकेर इस स्लीपिंग हेरे???

टॉमी गुस्से में गुर्राया. इतनी चिंता लिए वह सभी पागलो की तरह उससे पुकार रहे थे और वह था की यहाँ चेन्न से सो रहा था? हिम्मत कैसे हुई उसकी?

चेस्टर आराम से बीएड पर डाला हुआ था. एक कम्बल ओढ़े. बाहर से उसका सर्र, परर और हाथ hi दिखाई पद रहे थे कम्बल के.

तभी माइक की बॉहे कस उठी, माथे पर सिलवटें छ गयी. शायद कुछ...

माइक : ी स्मेल समथिंग...!?

पर इस से पहले की वह अपनी बात पूरी रख पाटा, टॉमी गुस्से में उठ के अपने दोस्त के ऊपर से कम्बल हटा दिया,

टॉमी : यू फुकेर, गेट उप थिस इंस्टा-- हहह???

*फलललललाहाआआप्प्पपप्पप्प*

कम्बल जैसे hi हटा...

सामने का मंज़र देख तीनो के बदन ठन्डे पद गए. शरीर के रौंगटे खड़े हो गए. दिल की धड़कन ऐसा लगा जैसे पल भर के लिए वही रुक गयी. घुटनो में कमज़ोरी आ गयी,

टॉमी के अंदर जैसे आत्मा ने शरीर का त्याग कर दिया. वह तोह देखते hi बेचारा उसी पल लड़खड़ा के बेहोश हो गया. वो पीछे लुढ़का,

माइक : शीत्तत्त!!!

और इधर, माइक ने फ़ौरन आगे बढ़ उससे अपने हाथो से पकड़ संभाला. और उससे साइड में दीवार से टिकाया. उसने सर्र उठा के वीर को देखा,

माइक : वीर! वे मस्ट- हहहह???

पर जब उसने वीर को देखा तोह भांपा की वीर को उसने ऐसे पहले कभी नहीं देखा था. वीर खौफ के मारे सामने नज़रे गड़ाए हुए था. उसकी आँखों में एक चमक नमी के कारण जन्म ले चुकी थी.

अचानक hi उससे अकबकाई आयी. मुँह पर एक हाथ रख वह तुरंत hi पीछे मुदा और दीवार पर अपना दूसरा हाथ टिकाये लम्बी लम्बी सांसें लेने लगा.

*बेदुम्प* *बेदुम्प* *बेदुम्प*

दिल इतनी जोरर से धड़क रहा था की वीर को खुद धड़कनो की आवाज़ सुनाई दे रही थी.

माइक : V-Veeeerrr???

वीर : It's... It's okay!!! I'm फाइन! J-Just गिव में ा सेकंड.

माइक : ऑलराइट! बूत मेक आईटी क्विक. ओनली यू एंड ी कैन दो थिस. टुगेदर!

वीर : Y-Yeaahhh!

[Maaaasttttteerrrrr~]

ऐसा कैसे हो सकता था की वीर परेशानी में हो और पारी को चिंता न होये? बेशक! वीर के इस रवैय्ये पर तुरंत hi पारी उसके मैं में उससे पुकारने लगी.

'It's okay पारी!!!'

[It's not... :angrysad: ]

पारी जानती थी वीर किन हालातो से गुज़र रहा था. क्युकी बीएड पर...

बीएड पर चेस्टर लेता तोह हुआ था. पर...

उसका शरीर...

उसका शरीर दो हिस्सों में बता हुआ था. पूरी की पूरी तरह से कटा हुआ था. पेट से उसकी अतड़िया बाहर को निकली हुई थी और पूरा बीएड नीचे लहू लुहान हो चूका था. अंधरुनि मॉस और अंगो को आँखों के सामने देख अच्छे से अच्छे इंसान को उलटी आ जाए और उसके परर लड़खड़ा जाए. कोई हैरत की बात नहीं थी.

*स्क्छ्ल्लीीिंणनगगगगगगग*

*क्लल्लीीिंणनगगगगगगगग*

वीर को निघतवलकेर की वह हाथ में पकड़ी हसिया याद आयी. न जाने कैसे काट के अलग किया होगा उसने चेस्टर को. ारी से लकड़ी की तरह उसने चेस्टर को काटा होगा. सोच के hi वीर के बदन के रौंगटे खड़े हो गए.

पर उस से भी बड़ी बात थी. वह कुछ और थी. वीर को वह मंज़र याद आ गया. वह भी तोह कुछ इसी प्रकार मारा गया था न?

गोलू!!!! उसकी मौत भी बेहद दर्दनाक थी.

और अब चेस्टर. ये पहली बार था जो वीर निघतवलकेर के द्वारा बिछायी गयी लाशो को अपनी आँखों के सामने देख रहा था. कोई इंसान इतनी दरिंदगी से कैसे मार सकता था किसी को? वीर को जो बात सबसे ज़्यादा दर्रा रही थी वह ये थी की,

निघतवलकेर ने एक शान भी नहीं सोचा किसी के बदन को दो टुकड़ो में काटने से पहले. सीधा काट डाला. जैसे इंसान नहीं, कोई सब्ज़ी हो.

आईटी वास् ान अब्सोलुटे ब्रूटलिटी.

माइक : वीरररर?

माइक की पुनः आवाज़ से वो अपने होश में आया.

[Maaaasttteeerrrr~ don't worry. I'm with you!]

पारी की बात सुन्न, और अपनी हिम्मत वापस बाँध वह पलटा, माइक को देख उसने हामी भरी. और उन् दोनों ने टॉमी को थामा. वीर और माइक उससे अपने रूम की ऑर्डर ले गए. चेस्टर का रूम उन्होंने वैसे hi चोरर दिया. वह कुछ भी नहीं कर सकते थे इस मामले में.

इधर जोए और एमा ने रूम खोला और टॉमी को बेहोश देख वह दोनों टेंशन में आ गयी. जब चेस्टर की मौत की खबर उन्हें मिली तोह एमा तोह पूरी तरह से रो पड़ी.

एक डर बैठ गया उसमे. की जैसे अब वह नहीं बचेगी. अगला शिकार जैसे अब वही होने वाली थी.

वह चिल्लाने लगी, जैसे तैसे वीर और माइक ने उससे शांत किया. जोए खुद अंदर तक हिली हुई थी. पर अंततः वह चुप थी.

और माइक गुस्से में. एक डिटेक्टिव था वह. चेस्टर के रूम में घुसते hi जो दास उसने हवा में सूंघी...

लोहा!!! यानी आयरन. जो हमारे खून में मौजूद होता है. इतने साल काम करने के बाद माइक को काफी तजुर्बा हो चूका था. खून की गंध वातावरण में जो फैली हुई थी, उसने एक बार में पकड़ ली थी. यहाँ तक की वीर को भी पहले hi पता लग चूका था.

जैसे hi उसने बोवुल्फ़ एक्टिवटे किया था. अंदर से खून की गंध उससे पहले hi आ गयी थी.

पर अब जो हो चूका था उससे बदला नहीं जा सकता था. उनके बीच से, एक और शख्स मारा जा चूका था. यदि ऐसे hi चलता रहा तोह...

"दमन आईटी! दमन आईटी! दाम्मणमन ित्त्त!!!"

*बाआआआंमम्मम्म*

माइक ने गुस्से में आके दीवार पर जोरर से हाथ मारा. एक डिटेक्टिव होक, उसकी नाक के नीचे से निघतवलकेर उसके बन्दों को मार रहा था और वह यहाँ हाथ पर हाथ धरे बैठा हुआ था.

वीर और वह एक दूसरे के बगल से खड़े हुए थे उसके hi रूम में. टॉमी बेहोश हालत में बीएड पर वाल से टिक के बैठा था. और उसके hi बगल से एमा और जोए जो एक दूसरे से चिपकी एक दूसरे को संभालने की कोशिश कर रही थी. जोए तोह फिर भी ठीक थी, पर एमा का हाल बेहाल था.

माइक ने जेब से सिगरेट निकाली,

*क्लीनककक*

लाइटर से सिगरेट जलाई और एक काश लगाया और सिगरेट का पैकेट वीर की तरफ आगे बढ़ाया,

माइक : यू स्मोक?

वीर ने पैकेट को देखा और एक सिगरेट उसमे से निकाली,

वीर : ी कैन!

डेटोक्सिफिकेशन ों थी. वीर को कोई टेंशन नहीं थी.

लाइटर से सिगरेट जलाते हुए वो दोनों खिड़की की तरफ पहुचे, जिसके शीशे पर बाहर से बारिश की बड़ी बड़ी बूंदे पद रही थी. और अंदर से सिगरेट का धुआँ. साथ hi बिजली की चमक शीशे से होते हुए कमरे में आ रही थी.

उन्होंने दोनों लड़कियों को ये नहीं बताया था की चेस्टर किस तरीके से मर्रा था. ये मौत अलग थी. इसमें सर्र नहीं कटा था. बल्कि पूरा का पूरा पेट hi चीयर दिया था निघतवलकेर ने. ऐसा रूह झंझोर कर रख देने वाला काम किया था.

इधर वीर ने माइक को बगल से देखा,

वीर : चेस्टर गोत किल्ड.

माइक (काश लगाते हुए) : यस!

वीर : व्हाट नाउ?

माइक : वे मस्ट फंड थे किलर. बिफोर डौन. ोथेरविसे वे विल आल दिए हेरे.

वीर : सीनियर कोन्नोर मेंशनएड समथिंग इन हिज वीडियो राइट? थे कामर्स! वे अरे बीइंग रिकार्डेड.

माइक : फाउंड 4 ऑफ़ थम.

वीर : हहहह??

वीर ने हैरत में माइक को देखा. स्तब्ध होना स्वाभाविक था. कोन्नोर ने मेंशन किया था वीडियो में की यहाँ पर लोगो की एक्टिविटीज रिकॉर्ड करि जाती थी. इसका मतलब कही न कही कामर्स लगे हुए थे. और माइक ने सीधे सीधे hi वीर को जवाब दे दिया की उसने 4 कामर्स आलरेडी धुंध लिए थे.

वीर : वेयर?

माइक : फाउंड ओने ों थे ग्राउंड फ्लोर, सेकंड इन माय रूम, थर्ड ओने इन थे कॉरिडोर, एंड फोर्थ ओने...

वीर : ???

माइक : ... इस राइट अबोवे आवर हेड. बिटवीन थे फैन.

उसके शब्द सुन्न वीर को एक झटका लगा. एक कैमरा ऊपर पंखे के बीच में लगा हुआ था. वीर ने खुद इस पर गौर नहीं किया था. वह अभी देखने hi वाला था ऊपर की,

माइक : D-Don't!!!! Don't लुक.

माइक के कहने पर उसने सर्र झुका लिया.

वीर : बूत चेस्टर वास् किल्ड व्हेन थे रूम वास् लॉक्ड फ्रॉम थे इनसाइड.

माइक : यस!

वीर : हाउ इस तहत इवन पॉसिबल?

माइक : That's व्हाट I'm नॉट गेटिंग.

ऐसा कैसे हो सकता था? अंदर आने जाने का रास्ता एक था. तोह जब कमरा अंदर से लॉक्ड था तोह चेस्टर मर्रा कैसे भला? दोनों वीर और माइक का दिमाग घूम चूका था.

माइक : दीद यू नोटिस ओने मोरे थिंग?

वीर : तहत हे गोत किल्ड दूरिंग थे सर्च टाइम?

माइक : एक्साक्ट्ली!

और चेस्टर की हत्या भी कई सवाल खड़े कर रही थी. बाँदा सर्च टाइम में मारा गया. आखिर कैसे????

वीर ने एक लम्बी आह छोर्री पर तभी उसके मस्तिष्क से एक झकझोर कर रख देने वाला विचार होक गुज़रा. जिसके चलते उसके हाथ से सिगरेट फिसल कर नीचे गिर गयी.

माइक : ???

वीर : N-Noooo!

माइक : व्हाट?

वीर ने माइक को देखा,

वीर : थे वौइस्!!!! थे वौइस् टोल्ड उस तहत सर्च टाइम विल बे ाललटेड तो उस. बूत... बूत आईटी नेवर साइड तहत निघतवलकेर won't किल उस दूरिंग ठोस हॉर्स.

माइक (झेपते हुए) : That's... N-Nooo... बूत Nightwalker's टाइम इस डिफरेंट थें हाउ कैन हे...!?

वीर : यू फॉरगॉट ओने थिंग!!

माइक : हहहह?

वीर : आईटी आल्सो साइड... िफ़ थे निघतवलकेर सॉ यू रोमिंग, हे विल किल यू.

तोह ये बात थी. वीर की बात जब माइक ने सुनी तोह वह अंदर से हिल गया. वीर ने एक राज़ से पर्दा उठा दिया था.

उस आवाज़ ने ये ज़रूर कहा था की सर्च टाइम दिया जाएगा. पर आवाज़ ने ऐसा तोह कही नहीं बोलै था की उस सर्च के दौरान निघतवलकेर किसी को भी नहीं मारेगा? ये तोह वीर और उसकी टीम ने अपने आप ासुमे कर लिया था की इस टाइम निघतवलकेर नहीं मारेगा.

आवाज़ ने तोह सिर्फ यही बताया था की निघतवलकेर अपने टाइम पर घूमेगा. पर इसका ये मतलब नहीं था की वह सर्च के टाइम में मारेगा नहीं. बेशक, वह उस दौरान घूमेगा नहीं. पर उस दौरान छिपेगा भी नहीं.

दूसरे शब्दों में, निघतवलकेर ने उन् सभी को चुटिया बनाया था. अपने शब्दों के इस्तेमाल से.

"डायमंत्र ित्तत्त!!!! थिस बास्टारडडडड!!!!"

और माइक का गुस्सा और बेकाबू हो गया. ये तोह लाज़मी था.

इसका मतलब साफ़ था. चेस्टर ने घुमते वक़्त निघतवलकेर को ज़रूर देखा होगा. नतीजा? उसकी मौत!!!

पर सवाल जो उन्हें सबसे ज़्यादा परेशां कर रहा था वह था रूम का अंदर से बंद होना.

वीर : I'm गोइंग आउट.

वीर ने एक तक जवाब दिया,

माइक : "वे" अरे गोइंग आउट वीर. यू एंड में. बोथ!!!

[Maaasteeerrr ~ Hum Mike ke saath nahi reh sakte. Hume Nightwalker se akele me bhidna hoga. Mission khatam hone ke liye bhi zyada samay nahi bacha hai.]

'ी क्नोव पारी!!!'

वीर : वे विल जो सेपरटेली. वे बोथ हैवे आवर वल्की टॉकी. िफ़ समथिंग हप्पेंस, वे कैन जस्ट कॉल एच इतर आउट.

माइक ने कुछ शान तक वीर को देखा और फिर हामी भरी. वह वीर की बात से सहमत था. भले hi ये तरीक़ा रिस्की था पर यही सही एप्रोच थी.

अलग अलग होने से निघतवलकेर की तलाश जल्दी होने वाली थी, और निघतवलकेर अकेले आदमी को देख ज़रूर खुद को बाहर निकालने वाला था. यही सही तरीक़ा था.

माइक, एमा और जोए को जाता के वह से बाहर निकला,

माइक : यू टेक लेफ्ट. I'll टेक थे राइट.

वीर : ऑलराइट!

और वह दायी कॉरिडोर की तरफ चल दिया.

इधर वीर ने भी एमा और जोए को जब जताया की वह भी जा रहा है तोह दोनों व्याकुल हो उठी,

एमा : Nooooooooooooo~ यू can't!!! हे विल किल यू. हे विल...

जोए : Th-That's राइट... यू shouldn't जो आउट तेरे. It's डेंजरस. वे आल कैन जस्ट स्पेंड थे नाईट हेरे इन ओने रूम. थें वे कैन लीव टुमारो.

वीर : दो यू रियली बिलीव हे विल लेट उस लीव? जस्ट लिखे तहत?

वीर के सवाल पर जोए की बोलती बंद हो गयी. जोए का कहना था की वो सभी एक hi रूम में साड़ी रात रुक जाए और सुबह होते hi वह निकल जाएंगे. पर... पर क्या निघतवलकेर वाक़ई उन्हें जाने देने वाला था?

वीर : I'm गोइंग.

एमा : Nooooooooooo~

जोए : S-Stay सेफ... एंड...

वीर : ???

जोए : यू विल के अलाइव...

वीर (स्माइल्स) : ी विल!

और एक आखिरी बार उन् दोनों को पीछे मुद के देख वीर वह से पलटा, जोए ने रूम अंदर से लॉक किया और वीर कॉरिडोर में आ गया.

***

अब आर या पार की लड़ाई थी. आँख मिचोली, और लुकान छुपाई का ये खेल बोहत हो चूका था. अब सीधा भिड़ंत थी.

या तोह वीर सही सलामत निकलने वाला था या फिर निघतवलकेर.

वीर के कदम बढ़ने तोह लेफ्ट कॉरिडोर की ऑर्डर चाहिए थे, पर वो राइट कॉरिडोर में जाने लगा,

[Huh? M-Master?? O-Ohhhhhhh!!!! I see~]

पारी भी पल भर के लिए कन्फ्यूज्ड रह गयी. पर वीर के मैं में उसने जब झाँक के देखा तोह वो सब समझ गयी.

निघतवलकेर वीर से भीड़ चूका था. वह जान गया था की वीर को यदि उसने फिरसे फेस किया तोह वीर सीधे लड़ाई पर उतर आएगा.

तोह ऐसे में जब 2 इंसान, माइक और वीर अकेले अकेले मेन्शन में घूम रहे हो तोह किस पर पहले हमला करना ठीक रहेगा?

जवाब साफ़ था.

माइक!!!

और इसलिए,

वीर ने अपनी रफ़्तार बधाई, तेज़्ज़ कदमो के साथ वो माइक का पीछा करने लगा.

बेशक, उसका अनुमान एकदम सटीक था.

माइक ऊपर के फ्लोर से छान बीन कर जब बेसमेंट की ऑर्डर बढ़ा. बेसमेंट में घुसते hi उसकी बॉहे चिंता में सिकुड़ गयी.

ज़मीन पर पहले के मुक़ाबले पानी कुछ ज़्यादा hi था. माइक के तलवे पानी में डूब चुके थे.

और वीर ठीक उसके पीछे था.

[Master~ Apne shoes utaar dijiye, paani me chalne se awaaz kam hogi aise me.]

'ऑलराइट!'

शूज को उतार वीर पीछे पीछे माइक के चलता रहा और अभी कुछ hi दूर तक वह आया होगा की...

सामने बेसमेंट के हॉलवे में से अँधेरे में हलकी रौशनी आयी, धुँआ उठने लगा...

और धुए में से...

एक डरावना मास्क निकल के आया... फिर एक हाथ दिखाई दिया... जिसमे खून से लटपट हसिया थी...

निघतवलकेर!

माइक : सो it's यू!!!!

माइक ने अपनी कमर से एक हैंडगन निकाली और सामने निघतवलकेर की ऑर्डर एआईएम की,

माइक : ड्राप योर एक्ट नाउ. यू हैवे बीन चरगेद अंडर थे वायलेंट कमिटमेंट्स ऑफ़ ब्रूटल मर्डर्स. रेज योर हैंड्स, ड्राप योर वेपन, एंड हैंड योरसेल्फ ओवर.

ये टैक्टिक काम नहीं आने वाली थी. माइक भी ये जानता था. और वही हुआ,

निघतवलकेर सडनली, बगल के हॉलवे में घुसा...

माइक : शीट्ट्ट्ट!

माइक उससे पकड़ने आगे दौड़ा,

*छपपप* *छहपपप* *छहहाआपपपप*

पानी में उसके दौड़ने की आवाज़ बेसमेंट में गूंजने लगी,

पीछे से वीर भी दबे पाँव लिए आगे बढ़ा.

पर जैसे hi माइक उस हॉलवे में आया, उससे निघतवलकेर कही नज़र नहीं आया.

माइक : फुककक!!! वेयर दीद हे जो?

वह गन को दोनों हाथो से पकड़ आगे बढ़ता रहा. अब नीचे पानी भी ख़तम हो चूका था. इस एरिया में सूखा था.

और अभी वह धुंध hi रहा था जब,

*थुड़*

अचानक hi उसके सर्र पर एक जोरर का फटका आके लगा.

माइक के मुँह से कुछ भी नहीं निकल पाया और वह बेहोश होक वही गिर पड़ा. उसके बगल से, निघतवलकेर अपनी हसिया लिए खड़ा था.

हसिया को हवा में उठा वो माइक के शरीर को देखने लगा. पहले कौन सा अंग काटा जाए? मुंडी? या पेट? या हाथ परर? या जीभ? या फिर कान?

उसका हाथ जोरर से नीचे आया hi था माइक की मुंडी काटने के लिए की तभी,

*वहूऊऊससस्शह्ह्ह*

*कललललललाहाणणगगगगगगगगग*

हाथ पर जोरर से कुछ आके लगा और उसके हाथ से हसिया छूठ के दूर जा गिरी.

फ़ौरन hi उसने मुद के आग बबूला आँखों से देखा...

सामने वीर खड़ा हुआ था. और उसी ने एक बोतल फेक के उसके हाथ से हसिया गिरायी थी.

वीर भागा... निघतवलकेर की तरफ... फुल स्पीड में...

हव्कये ने अपना काम कर दिया था. अब बारी थी...

*डिंग*

[Beowulf's Blessings has been turned ON.]

वीर को तेज़्ज़ी से अपनी ऑर्डर आता देख निघतवलकेर दूसरी दिशा में भागा. वह वापस से उस एरिया में आ गए जिधर फ्लोर पर पानी मौजूद था.

*छपपप* *छप्प* *छपपप*

बेसमेंट में उनके कदमो की आवाज़ गूंजने लगी.

"I'm गोंना कैच यू बास्टर्ड!! इस बार तू कही नहीं भाग पायेगा."

वीर गुर्राया और एकदम निघतवलकेर के पीछे पहुँच उसने हाथ आगे बढ़ा के पकड़ा hi था की,

*वहूऊऊससस्शह्ह्ह*

निघतवलकेर अचानक पलटा, उसने अपना हाथ उल्टा कर वीर के चेहरे पर चलाया. और इधर रेफ्लेक्सेस के चलते वीर ने तुरंत डक कर लिया.

*स्वोुस्सस्स्स्शह्ह्हह्ह*

दोनों आमने सामने थे अब.

और बिना कहे hi,

*छाप* *छहपपपप* *छहपपप*

उन् दोनों ने दौड़ के एक दूसरे की मुट्ठी आपस में कस्सी, निघतवलकेर ने लात भी उठायी साथी hi, वीर के पेट पर मारना चाहा पर...

*डेफ्लेक्ट*

वीर ने अपने हाथ से उसकी लात डेफ्लेक्ट कर दी.

"ओने इंच पंच!!!!!"

और वीर की फिस्ट निघतवलकेर के अपने पेट पर आके पड़ी.

*Baaaaaaaammmmmmmmmm*

क्या hi इम्पैक्ट था. हवा में उछालते हुए वह पीछे की ऑर्डर जा गिरा,

*छहपाठककककककक*

पानी में उसके कपडे गीले हो चले.

[Nice one Master!!!]

निघतवलकेर की आँखें एकदम गुस्से से लाल हो चुकी थी. पर eka-ek वह उठा, और वही रखे लकड़ी के बॉक्सेस पर चढ़ा. उसका हाथ पीछे गया और उसने कही से एक वायर खींच के निकाला,

[Maaaasttteerrrr~ N-Noooo!!!! Jump on the box!!!!! Quick!!]

और वह वायर निघतवलकेर ने सीधा नीचे पानी से भरे फ्लोर पर फेक दिया.

*ज़ाआपपपपपप* *जापपपपप* *ज़प्पप्प*

बिजली और पानी का जब मिलान होता है तोह क्या होता है ये बताने की ज़रुरत नहीं थी.

एक तेज़्ज़ करंट पूरे पानी से भरे फ्लोर में फेल गया. क्या hi शातिर था साला ये निघतवलकेर.

पर पारी ने वीर को पहले hi सचेत कर दिया था.

*थुड़*

बैक फ्लिप मार के वीर खुद एक बॉक्स पर चढ़ चूका था.

"यौऊ फुककररर!!!!" वीर जोरर से चिल्लाया और,

*वहूऊऊससस्शह्ह्ह*

उसने निघतवलकेर के पास मौजूद बॉक्सेस की ऑर्डर छलांग लगाई.

*बायंमममम*

और शुरू हो गयी उनकी हाथापाई. एक दूसरे के कपडे पकड़, दोनों hi एक दूसरे को करंट से भरे पानी में फेकने की कोशिश कर रहे थे.

वीर स्टैट्स के अकॉर्डिंग ज़्यादा स्ट्रांग था. और इसलिए,

निघतवलकेर वीर को धकेल नहीं पा रहा था. वीर ने उससे धक्का देते हुए बॉक्स की एज तक किया और,

निघतवलकेर : ी WON'T फ़ैल... नेवर...

वीर : हैः~ सो यू कैन टॉक हँ?

निघतवलकेर ने वीर को अपने संग उसके कपडे पकड़ खींचा तोह वीर ने एक झटके अपने शरीर से वह स्वीत्शिर्त hi निकाल दी,

और...

*छहपाठककककककक*

"Aaaaaaaaaaaaarrrrgggghhhhhhhhh"

पूरे बेसमेंट में एक ज़ोरदार दर्द से भरी चींख गूँज गयी. निघतवलकेर उस करंट से फैले पानी में धपाक से जा गिरा.

करंट इतना नहीं था की उसकी मौत हो जाए पर इतना ज़रूर था की आदमी बेहोश हो जाए.

करंट लगने के कुछ hi सेकण्ड्स के अंदर वीर ने वायर खींच लिया. और निघतवलकेर बेहोश उधर hi पानी में डाला रहा.

[Phew~ We did it Master!]

वीर लम्बी लम्बी सासें लेते हुए खुद को दुरुस्त करने लगा. उसके गाल पे एक कट लगा था जिस से हल्का खून बह रहा था. बाकी और कोई खरोच नहीं आयी थी उससे.

आखिर कार, हत्याओं के इस खेल को विरहां लग चूका था.

*डिंग*

[Beowulf's Blessings has been turned OFF.]

*डिंग*

[Mission : Capture The Nightwalker has been completed.]

[1000 Points have been rewarded.]

[500 Fame points have been rewarded.]

पॉइंट्स काम थे. वाक़ई! पर वीर का इंटरेस्ट अभी किसी और चीज़ में hi था,

'चेक!!'

*डिंग*

वीर ने निघतवलकेर को चेक किया. पर कुछ ख़ास न मिला उससे. जो jaan'na था वह तोह नहीं मिला.

निघतवलकेर को उसने रस्सी धुंध पूरी तरह से बाँध दिया की वह कही भी भाग न पाए. माइक को उसने अपनी पीठ पर उठाया.

और वह चल दिया ऊपर की ऑर्डर,

उसने एक कमरे में माइक को लिटाया. और अभी वह जोए और एमा को जताने hi जा रहा था की अब सब कुछ सुरक्षित है की वह चेस्टर के रूम के बाहर से पुनः गुज़रा...

नीचे दरवाज़ा पड़ा हुआ था वैसी hi हालत में, और अंदर चेस्टर की लाश जो देखि तक नहीं जा सकती थी. वह सब वैसे का वैसा hi मौजूद था.

'हम्म?'

वीर ने कुछ अकस्मात् hi नोटिस किया,

'ये... वेट ा मिनट... पहले तोह ये ऐसा नहीं था? थें व्हाई इस आईटी...'

और फिर उसकी नज़र कही और गयी...

'हहहहहह???????'

[Maaasssttterrrrr!!!!!!!!!!]

उसके बाद... वीर के रौंगटे ऐसे खड़े हुए की वह लड़खड़ा के वही ज़मीन पर गिर पड़ा.

ऐसे गूसबम्प्स तोह उससे स्लोगन से लड़ते टाइम भी नहीं आये थे.

यहाँ तक की पारी का दिमाग भी काम करना बंद कर चूका था. वह खुद जैसे सदमे में जा चुकी थी. और मौन रह गयी.

वीर का तोह जैसे अस्तित्व hi हिल के रह गया था.

'N-Noooooooo!!!! I-It can't बे!!!!! H-How दीद हे...!!????'

वह दौड़ा, जोए और एमा की ऑर्डर. अपने कमरे की तरफ. उसने उन् दोनों को बाहर निकाल नीचे ग्राउंड फ्लोर पर जाने को कहा.

और फिर वह भाग के जोए के रूम में गया. जैसे वह कुछ तलाश रहा हो...

और अगले hi पल,

*Craaaaaaasssshhhhhhhhhhhh*

[This... Mastterrrrr!!!!!]

पारी झेप गयी.

'सो ी वास् राइट!!!!! तहत मोथेरफुकेर...!!!!'

***

आफ्टर फ्यू हॉर्स...

मेन्शन में हो रहा ये मौत का नंगा नाच ख़तम हो चूका था. सुबह हो चुकी थी, बारिश थम चुकी थी और आसमान से बादल हट चुके थे. ऐसा लग रहा था वाक़ई बुराई पर अच्छे की जीत हुई थी.

माइक, वीर और अन्य को लेने इन्वेस्टीगेशन डिपार्टमेंट से कोप्तेर आया हुआ था.

वह सभी उसमे बैठ वह से रवाना हुए और वापस पहुचे.

हेलीकाप्टर जैसे hi लैंड किया, वीर को उतारते hi दूर कड़ी सुहाना और दिव्या नज़र आयी.

यहाँ तक की निक भी खड़ा था.

सुहाना अचानक से दौड़ के बेचैनी में आगे आयी. पल भर के लिए वीर भी हैरत में रह गया.

लेकिन अचानक hi सुहाना को जैसे ध्यान आया और उसके कदम धीरे हो गए. वह वीर के पास पहुची, और जो हाथ वह पहले उसके गालो पर रखने वाली थी वह हाथ उसके सीने पर जाके टिक गया.

सुहाना : T-Tum ठीक तोह हो न?

वीर (सुरप्रीसेड) : वेल! हम्म!

सुहाना : Th-That's गुड!!!

पहली बार सुहाना को इस क़दर देख वीर सच में दांग था. ऐसा उसने पहले कभी नहीं किया था. फिर आज क्यों?

वही दिव्या को झटका सबसे बड़ा तब लगा था जब उससे ये खबर लगी थी की वीर ने पूरा का पूरा केस सोल्वे कर डाला है.

और अब उससे अपनी आँखों के सामने देख वो दुविधा में थी.






अब तोह और 100 सवाल उसके मैं में उठ चुके थे. फिलहाल उन्हें साइड में रख वह आगे बढ़ी,

और उसने मुस्कुराते हुए वीर को वेलकम किया,






दिव्या (स्माइल्स) : It's गुड तो सी यू रेतुर्न.

वीर : ...

दिव्या : डिपार्टमेंट वांट्स ान एक्सप्लनेशन.

वीर : ऑलराइट!!!

कुछ देरर बाद...

इन्वेस्टीगेशन डिपार्टमेंट के ऑफिस में एक बड़े से रूम में वह मौजूद थे.

सब के सब. नोलन से लेके माइक, जोए, एमा, टॉमी... सब! सब उधर मौजूद थे.

और सामने प्रोजेक्टर के लिए बड़ी सी स्क्रीन लगी हुई थी.

वीर एकदम सामने खड़ा हुआ था. और उसने बोलना शुरू किया,

वीर : ी हैवे डोडेड एवरीथिंग!!!

टॉमी : Okay! तेल्ल उस!

वीर ने हामी भर सीधे एक पिक्चर दिखाई प्रोजेक्टर के जिससे देख वह बैठे सबके माथो पर सिलवटें कन्फूसिओं के मारे आ पड़ी,

टॉमी अपनी जगह से उठ खड़ा हुआ,

टॉमी : अरे यू किडिंग में??? इस थिस ा जोके?

पर वीर ने उससे कोई जवाब न दिया.

.

.

.

.

.

.

आज के लिए इतना hi गाइस!

मॉडरेशन हुआ फिरसे यहाँ पर. ये अपडेट 6क वर्ड्स के ऊपर जाना था. पर मेने इससे दो भाग में विभाजित किया है. क्युकी नेक्स्ट part में में दो मटर और समाप्त कर सकूंगा. बाकी, लाइक्स ठोकने का और रेवोस रखने का गाइस.

धन्यवाद! ✨
 
क्या चल रहा है बस यहाँ? साला थोड़ी देरर के लिए थ्रेड से गायब क्या हो, नया काण्ड शुरू हो जाता है. कौन बकचोदी पेल रिया है? :हँ:
 
Ashwathama ऐसा न बोलो मन. वह अभी नया है. यहाँ नया नया आया है. बातें पता नहीं उससे ज़्यादा. एडिट करलो अपना कमेंट मन. :शाय:
 
Btw ये भी बता hi देता हु गाइस की अपडेट 102 लिखना शुरू कर दिया है. :शाय: आज संडे भी है. इत्मीनान से समय दूंगा इसमें. शायद कल रात्रि में आपको ये अपडेट देखने मिल जाए.

कल शाम तक क्लियर कर दूंगा में.
 
चेंज्ड थे फर्स्ट पेज कवर ऑफ़ थे स्टोरी. ✨
 
अपडेट - 102 ~ एक्सपोज्ड (2)

अब तक...

वीर : ी हैवे डोडेड एवरीथिंग!!!

टॉमी : Okay! तेल्ल उस!

वीर ने हामी भर सीधे एक पिक्चर दिखाई प्रोजेक्टर के जिससे देख वह बैठे सबके माथो पर सिलवटें कन्फूसिओं के मारे आ पड़ी,

टॉमी अपनी जगह से उठ खड़ा हुआ,

टॉमी : अरे यू किडिंग में??? इस थिस ा जोके?

पर वीर ने उससे कोई जवाब न दिया.


अब आगे...

इन्वेस्टीगेशन डिपार्टमेंट ~

वेगास के इस डिपार्टमेंट में, डिपार्टमेंट के हेड नोलन, अथवा वह काम करने वाले सभी प्रमुख सदस्य, सब के सब वह मौजूद थे और अपनी अपनी जगह पर बैठे हुए थे. बीच में hi एक बेहद बड़ी सी राउंड टेबल राखी हुई थी, जिस पर कुछ फाइल्स बिखरी हुई थी और उनके लिए पानी की कुछ पर्सनल बॉटल्स भी राखी हुई थी.

निक, दिव्या और सुहाना जो डिपार्टमेंट का हिस्सा नहीं थे, वह भी उन्ही सब के बीच बैठे थे. और केवल यही नहीं, विराजमान लोगो में hi एमा, टॉमी और जोए भी साथ थी.

और उन् सब के सामने प्रोजेक्टर के पास खड़ा हुआ था...

वीर!!!

जिसकी नज़रे वह बैठी तमाम जनता पर तिकी हुई थी. और उनकी वीर पर.

निघतवलकेर के मेन्शन का पूरे chapter को एक फुल स्टॉप लग चूका था. पर हाउस ऑफ़ थे किलर्स को नहीं. साथ hi निघतवलकेर का सच बाहर आना बाकी था अभी. और इसी के लिए वीर यहाँ था. उसने न सिर्फ निघतवलकेर को पकड़ा था बल्कि मेन्शन और निघतवलकेर से जुड़े सभी राज़ भी हासिल कर लिए थे.

अब समय था, उन् सभी राज़ो को ek-ek कर के खोलने का और लोगो के सामने लाने का...

दिव्या कुर्सी पर बैठे वीर पर hi निगाहें गड़ाई हुई थी.






तोह वही सुहाना भी वीर को जिज्ञासा भरी नज़रो से देख रही थी.





और फिर वीर ने ख़ामोशी तोड़ी,

वीर : I'm हेरे तो डिस्क्लोसे आल थे सीक्रेट्स तहत I've फाउंड.

नोलन (नॉड्स) : जो ों!

वीर : वे आल क्नोव व्हाट हप्पेनेड विथ उस, राइट?

मेन्शन की पूरी घटना माइक ने अपनी ज़ुबानी में डिपार्टमेंट को सुना दी थी. सब ये जान गए थे वह मौत का केसा नंगा नाच खेला गया था. कितनी hi खतरनाक स्थिति रही होगी वह पर.

वीर के सवाल पर सभी ने वह सर्र हाँ में हिलाया.

पर टॉमी जो काँप रहा था वह रट हुए अचानक hi खड़ा होक चिल्लाने लगा,

टॉमी : फूकिंग हैंग तहत मोथेरफुकींग बास्टर्ड... *स्निफ्फ* ाअरररह्ह्ह्हह्ह!!! ी विल किल हिम. हे किल्ड चेस्टर, माय बडी... *स्निफ्फ* व्हाट विल ी से तो हिज पेरेंट्स? *स्निफ्फ* I'm स्क्रेवेद... *स्निफ्फ*

वह एकदम से बेकाबू हो उठा, उसका इमोशनल ब्रेकडाउन हो गया अचानक. माइक जो उसके बगल से बैठा था उसने टॉमी को पकड़ उसकी पीठ पर हाथ फेरर उससे शांत कराया और कुछ सेकण्ड्स के बाद जब शान्ति फिर से छा गयी तोह वीर ने पुनः अपनी बातें राखी,

वीर : चेस्टर वास् किल्ड ब्रुटली.

टॉमी : *स्निफ्फ* *स्निफ्फ*

माइक : बूत it's नॉट पॉसिबल तो दो ा किल लिखे तहत विथ जस्ट ा मेरे सिकल वीर.

वीर : हे मिगहत हैवे ुसेड सम इतर वेपन, सीनियर माइक.

माइक : तहत... ी सी. It's पॉसिबल!

नोलन : हम्म! वे विल लुक ईंटो तहत लेटर. आवर टीम एंड फॉरेंसिक ओनेस कैन टेक केयर ऑफ़ ठोस थिंग्स. यू तेल्ल उस व्हाट इनफार्मेशन यू ाचेवेद अबाउट निघतवलकेर? हाउ दीद चेस्टर डीएड व्हेन थे रूम वास् लॉक्ड फ्रॉम थे इनसाइड? एंड हाउ दीद यू फंड थे त्रैझ?

नोलन के सवाल से सभी की नज़रे एक बार फिर वीर पर टिक गयी. वीर ने ऐसा नामुमकिन काम जो कर दिखाया था. उसने ये भी पता लगा लिया था की कैसे चेस्टर रूम के अंदर मारा गया था, कहा और कैसे उससे त्रैझ जो की 10 मिलियन डॉलर्स की वर्थ का था वह मिला, निघतवलकेर क्यों और कैसे इन् कामो को अंजाम दे रहा था ये भी. और न जाने क्या क्या उससे मालुम था जिसके लिए शायद वह बैठे लोग तैयार भी नहीं थे.

निघतवलकेर भी पकड़ा जा चूका था. इन्वेस्टीगेशन डिपार्टमेंट वाले उससे साथ hi लेकर आये थे. और अब वह पुलिस की कस्टडी में था. उसका असली चेहरा भी सामने आ चूका था जहा दिखने में वह बिलकुल hi एक नार्मल इंसान की hi तरह था. कोई भी देख के ये नहीं बता सकता था की वह इतना बड़ा खूंखार हत्यारा था. शायद सही कहते है लोग,

नेवर जज ा बुक बी इतस कवर.

वीर ने नोलन को देखा और पूछा,

वीर : व्हाट दो यू वांट तो क्नोव फर्स्ट?

नोलन : तेल्ल में, हाउ हे गोत किल्ड व्हेन थे दूर वास् लॉक्ड फ्रॉम थे इनसाइड??

वीर ने एक लम्बी सांस ली और बड़ी hi आसानी से जवाब दिया,

वीर : It's सिंपल! निघतवलकेर चामे इनसाइड, किल्ड चेस्टर एंड वेंट आउटसाइड.

*साइलेंस*

लोग वह ऐसे हो गए जैसे उन्हें सांप सूंघ गया. क्या कहा वीर ने अभी अभी? निघतवलकेर अंदर कमरे में आया, चेस्टर को मारा, और फिर वापस निकल गया? हँ? मज़ाक चल रहा था क्या? वीर पगला गया था क्या? वह सभी वीर को ऐसे देखने लगे जैसे सामने खड़े किसी नमूने को देख रहे हो.

और सबसे पहले तोह टॉमी hi बहका,

टॉमी : No No No No!!! लेट में तेल्ल यू थे ट्रुथ. चेस्टर वास् किल्ड बी ा घोस्ट गाइस. यू क्नोव... घोस्ट कैन ट्रेवल थ्रू थे वाल्स. यूप! That's आईटी गाइस. थिस गाए, वीर इस जस्ट ट्रॉल्लिंग एवरीवन. हाहाहाहा~

वो हिस्सा और अकस्मात् hi,

टॉमी : यू फुकेररर!!! दो यू हैवे अन्य आईडिया व्हाट थे हेलल यू अरे स्पॉटिंग??? वे अरे हेरे तो हेअर थे सीक्रेट हाउ तहत मोथेरफुकेर किल्ड माय फ्रेंड, नॉट तो हेअर यू टॉकिंग बुलशिट. िफ़ यू स्पेंड ओने मोरे सेक् दोंग तहत, I'M टेलिंग यू, I'M गोंना बीट थे सहित ोुट्टा यू... यू... ुघ्हहह!!

इस से पहले की वह उठ के अपना गुस्सा वीर पे निकाल पाटा, माइक ने उससे पकड़ वापस से सीट पर पटक के बैठा दिया.

माइक : कलम डाउन! एंड बेहवे प्रॉपरलय, थिस ain't योर होम.

सब टॉमी को घूरने लगे और हर्र एक की आँखें अपने ऊपर पा कर टॉमी को न चाहते हुए भी शांत होना पड़ा.

नोलन : एक्सप्लेन प्रॉपरलय!

वीर : It's जस्ट अस ी साइड. हे चामे इनसाइड, किल्ड चेस्टर, एंड वेंट आउटसाइड.

और निक जो वही बैठा हुआ था उससे जैसे मौका मिल गया, वीर की सबके सामने धोने का,

निक : हां~ बुलशिट! हाउ कैन समवन जस्ट के इनसाइड विथाउट ओपनिंग थे दूर? तेरे इस ओनली ओने वे तो एंटर थे रूम. No ओने कैन एंटर तहत रूम विथाउट ओपनिंग थे दूर. माइक टोल्ड उस एवरीथिंग आफ्टर आल. सर, हे इस जस्ट वेस्टिंग आवर टाइम. ी बेट हे didn't फंड एनीथिंग--

निक नोलन की तरफ झुकते हुए बोलै. उसकी बात सही भी थी. बिना कमरे को खोले अंदर जाय hi नहीं जा सकता था. क्युकी एक hi रास्ता था बस अंदर जाने का. माइक ने बताया था सभी को की कही कोई भी सीक्रेट पैसेज नहीं था. तोह चेस्टर का यु मर्डर जाना? वह भी निघतवलकेर का अंदर आके मारना? नामुमकिन था ये पूरी तरह से.

पर...

वीर : व्हेन दीद ी से हे didn't ओपन थे दूर?

निक : हहहह??

निक हैरानी में वीर की ऑर्डर देखा.

वीर : हे ोपेनेड थे दूर, वेंट इनसाइड, किल्ड चेस्टर, एंड चामे आउटसाइड. सिंपल!

अब तोह वह बैठी दिव्या की भी बॉहे सिकुड़ने लगी थी कन्फूसिओं के मारे. यहाँ तक की माइक भी थोड़ा चिंतित नज़र आ रहा था. कही नोलन वीर को लताड़ न दे.

वीर का कहना था की निघतवलकेर ने दरवाज़ा खोला, अंदर गया और चेस्टर को मार के वापस बाहर आ गया.

ये तोह सरासर बकवास थी.

सुहाना भी वीर को देख रही थी. कुछ चिंता में भी थी वह...

निक : अरे यू इवन लिसनिंग तो थे सहित यू अरे सयिंग?

वीर : I'm टेलिंग थे ट्रुथ.

दिव्या : V-Veer!? Don't स्ट्रेच थिस तू लॉन्ग. वे रियली वांट तो क्नोव. जस्ट तेल्ल उस.

वीर ने दिव्या को देखा, जैसे मानी वो उससे तैसे कर रहा था. फिर उसने नोलन को देखा,

वीर : ओह्ह्ह! यू वांनै क्नोव!?

निक भी बैठे हुए जैसे वीर को प्रश्न भरी निगाहो से देखने लगा. वह तोह बस मौका धुंध रहा था की कब वीर कोई बचकानी हरकत करे और वह फिरसे उसकी उड़ा सके.

'ये नौसीखिया भला क्या hi राज़ जान पाया होगा?'

निक अपने मैं में यही सोच रहा था.

पर इधर वीर इन् सब बचकानी हरकतों से ऊपर उठ चूका था.

'व्हाट I'm अबाउट तो तेल्ल थम, विल ब्लो थेइर माइंडस.'

सोचते हुए उसने अपने हाथ को देखा, उसके बदन के रुए खड़े हुए थे.

[You're still getting goosebumps, Master! Sach me... Ye log taiyaar nahi hai. Aur ye Nightwalker toh sirf dusra hi killler tha Master! Kya ye log aane waali musibato ke liye taiyaar bhi hai ya nahi? I'm getting scared.]

'Don't क्नोव!'

वीर ने नोलन से इशारे में परमिशन मांगी तोह नोलन ने सर्र हामी में भरा, और उस से स्वीकृति मिलते hi, वीर ने अपने बगल में कुर्सी पर बैठे एक व्यक्ति को देखा जो लैपटॉप पर काम कर रहा था.

वीर का इशारा जैसे hi उससे मिला, उसने गैलरी से एक इमेज खोल दी, जो सामने प्रोजेक्टर पर उजागर हो गयी.

और उससे देखते hi, सभी के माथो पर रेखाएं सज्ज गयी.

वीर : थिस इस थे आंसर तो योर क़ुएस्तिओन्स. एंड नाउ ी विल ुनरवेल थे ट्रुथ.

नोलन : !!??

माइक : That's...!!!

जोए / एमा : ...

दिव्या : थिस इस.. व्हाट अरे यू िम्पल्यिंग वीर?

सुहाना : V-Veer...!!!

टॉमी : अरे यू किडिंग में??? थिस इस नॉट ा जोके.

पर इधर, टॉमी को चोरर सभी सीरियस थे.

वीर : एवरीवन!!! तेरे इस ा रीज़न व्हाई ठोस रूम नंबर्स वेरे नॉट इन आर्डर.

नोलन : व्हाट दो यू मैं?

वीर : ठोस रूम नंबर्स weren't जस्ट रूम नंबर्स...

उसके इतना कहते hi, सबसे पहले दिव्या ने रियेक्ट किया,

दिव्या : N-No!!! It's can't बे... थिस...!!!

वह अपनी सीट तक से उठ गयी. उसके शरीर के रौंगटे खड़े हो चुके थे. क्युकी सामने जो पिक्चर स्क्रीन पर मौजूद थी,

वो थी...






दिव्या : T-They वेरे....

वीर : यस! एटॉमिक नंबर्स!!!!

*Booooooooooommmm*

मानो एक विस्फोट हुआ वह बैठे सभी लोगो के मस्तिष्क में.

माइक का मुँह खुला का खुला रह गया तोह वही नोलन हैरत अंगेज़ में वही जम्म के रह गया. पर ये तोह अभी कुछ नहीं था.

टॉमी : व्हॉट? व्हाट थे फ़क अरे यू टॉकिंग आबो--

लेकिन उसकी बात को वीर ने बीच में hi काट दिया, जब उसकी नज़र सीधे जोए पर गयी,

वीर : व्हाट वास् Chester's रूम नंबर?

जोए (झेपते हुए) : H-Huh!! तहत... आईटी... आईटी वास् 50.

और जोए के मुँह से इतना निकलते hi वीर ने स्क्रीन पर दूसरी स्लाइड पेश कर दी.






दिव्या ने कुछ बात पकड़ ली थी. पर उससे अभी और झटका लग्न बाकी था.

टॉमी : बूत... बूत... व्हाट डस तहत हैवे तो दो विथ चेस्टर गेटिंग किल्ड?

ठीक है की वीर ने ये राज़ खोल दिया था की वह रूम नंबर्स एटॉमिक नंबर्स थे पर चेस्टर का मार्र्ण इस सब से कैसे मेल खा रहा था भला?

और इस सवाल का उत्तर भी वीर ने अगली स्लाइड दिखा के दे दिया.

जैसे hi उन्होंने वह देखा, वह बैठे सब के अंदर के तार हिल के रह गए. दिव्या की तोह रूह hi काँप गयी.

टॉमी, जोए और एमा सब हक्के बक्के होक बस स्क्रीन देख रहे थे. वह कुछ कहने लायक hi नहीं बचे थे.

स्क्रीन पर लिखा था~






नोलन : तहत... तहत मीन्स...

वीर : यस!!!! हे मेल्टेड आईटी.

*Booooooooooommmm*

एक और विस्फोट हुआ उनके दिमाग के अंदर.

माइक : B-But हाउ....!???

वीर : तीन! मेल्टिंग पॉइंट ऑफ़ तीन इस अप्प्रोक्स 232° स. हे मेल्टेड आईटी बी ुसिंग गैस बर्नर. थे ओनेस व्हिच वे उसे इन केम्पिंगस.

वीर की बात सुन्न उनके पूरे जिस्म में रौंगटे खड़े हो गए. रीढ़ की हड्डी तक एक सिहरन दौड़ गयी.

निघतवलकेर ने दरवाज़े के एक मेटल बार की बाउंड्री को गैस बर्नर के सामने एक नोजल लगा के पिघलाया...

और पिघलते hi, उसने उस बार को खींच के बाहर निकाला. अंदर हाथ दाल के उसने कमरे की चटकनी को खोला...

*क्लिक*

और वह चेस्टर के रूम में हथियार लेके घुसा.

*Slaaaaaaaaashhhhhhhhhh*

*Hhhhaaacccckkkkkkkkkkkk*

चेस्टर को काटता रहा जब तक वह दो टुकड़ो में न बैठत गया. आस पास बिखरा खून पोछा,

कम्बल से उसके शरीर को ढाका, और बाहर आया.

वापस से हाथ दाल के अंदर से कुण्डी बंद की और गैस बर्नर से दुबारा उस मेटल बार को पिघला के वेल्ड कर दिया.

*Booooooooooommmm*

एक और ज़ोरदार झटका उनको लगा जब वीर के मुँह से ये सब विस्तार में सुना. ऐसा लग रहा था जैसे उन्होंने भूत देख लिया था कोई अपनी आँखों के सामने.

जैसे बिलकुल मातम सा छा गया था. कोई आवाज़ नहीं निकल रही थी उनके मुँह से. आँखें भय के मारे फैली हुई थी, शरीर खौफ और डर के मारे काँप रहा था. और होंठ आपस में कैसे हुए थे. एकदम बंद.

अब उन्हें इस बात का अंदाजा लगा था की वह कितने बड़े क्रिमिनल्स के साथ डील कर रहे थे. और ये हाउस ऑफ़ किलर्स कोई छोटी मोती गैंग का हिस्सा नहीं थी. अब जाके इस बात से वह ढंग से अवगत हुए थे.

दिव्या लड़खड़ा के अपनी सीट पर गिर पड़ी. डर के मारे उसकी आँखें फेल चुकी थी.

जितने भी रूम नंबर्स थे. मेटल्स में तीन हो था वह जिसका मेल्टिंग पॉइंट सबसे काम था. और गैस कैन बर्नर से उससे मेल्ट करना कोई भारी काम नहीं था.

चेस्टर की मौत तभी तय हो गयी थी. जिस वक़्त उसने रूम नंबर 50 चुना था.

हे डीएड तेरे ओनली.

वीर ने जब निघतवलकेर को बाँधने के बाद चेक किया था तोह,

*डिंग*

[Name : Noah White.]

अलियास नाम : निघतवलकेर.

आगे : 34

बायो : नूह वाइट अक निघतवलकेर इस ा मेंबर ऑफ़ थे हाउस ऑफ़ थे किलर्स. हे लाइक्स पेंटिंग्स. हे टैक्स ड्रग्स फ्रॉम जिम, एक्सचैंजेस थम विथ थे एक्सपेंसिव विन्स एंड बीयर्स. हे है ा फेटिश तो किल पीपल एंड सी थेइर ब्लड किंग आउट. है किल्ड हिज ओन फॅमिली मेंबर्स, एंड ओठेर्स विथ ा टोटल काउंट ऑफ़ 93 पीपल. हिज mansion's के कार्ड्स सेल्स फॉर ओनली 8 पीपल ट्वाइस इन ा रौ पैर मंथ. हे वास् ा तकनीशियन एंड ा वेल्डर बिफोर.

फवौराबिलिटी : -45

रिलेशनशिप : एनएमईएस.]

जब वीर ने ये पढ़ा था तब उसने इन् डिटेल्स पर कुछ ख़ास ध्यान नहीं दिया था. वह से निकलते वक़्त उससे खाली गैस बर्नर्स के कैन्स भी दिखे थे. पर उसने ध्यान नहीं दिया था.

और वह माइक को अपनी पीठ पर लाड के ऊपर ले गया था.

परन्तु माइक को एक कमरे में लिटाने के बाद जब वह चेस्टर के कमरे से गुज़र रहा था. तोह नीचे पड़े हुए दरवाज़े पर जैसे hi उसकी नज़र गयी,

'चेक'

*डिंग*

[A metal door with a welded metal bar.]

'हँ? ये पहले तोह नहीं था!'

जब वीर ने अपने कमरे के दरवाज़े को चेक किया था तब तो डिस्क्रिप्शन में लिख के आया था,

[A metal door.]

और अब...

लेकिन तभी...!

'हहहह???'

वीर के मैं में निघतवलकेर का बायो एक बार पुनः सामने आया.

'हे वास् ा तकनीशियन एंड ा वेल्डर बिफोर.'

वेल्डर... वेल्डर... मेटल दूर विथ वेल्डेड मेटल बार ....

'थिस...!!!!'

और इसलिए... वीर के बदन में रुए खड़े हुए थे. उससे इतने ज़्यादा गूसबम्प्स आये थे.

वह लड़खड़ा के गिर गया था वही. जिस शातिर दिमाग से निघतवलकेर ने चेस्टर को मारा था. वीर के सोच के hi रौंगटे खड़े हो गए थे.

'एक सेकंड... तकनीशियन...! हँ??'

और तभी उससे निघतवलकेर के साथ लड़ाई का सन याद आया. कैसे निघतवलकेर ने करंट की तारो का इस्तेमाल उस पर किआ था.

'N-Noooo!!!'

नाउ, एवरीथिंग वास् मेकिंग सेंस.

'सो हे वास् प्लानिंग थिस आल.'

वीर अपनी साड़ी बातो को बता के जब शांत हुआ तोह वह पर लोगो के चेहरे देखने लायक थे. वह सब बेसुध से बैठे वीर को देख रहे थे. केवल उनकी सासो की hi आवाज़ आ रही थी.

माइक : बूत where's थे त्रैझ???

वीर ने माइक के सवाल का जवाब नहीं दिया. बल्कि उसने जोए को देखा और पूछा,

वीर : एंड योर रूम नंबर वास्...

जोए : M-My... माइन वास्... 79... हँ??

बोलने के बाद उसकी नज़रे तुरंत hi उस पीरियाडिक टेबल पर गयी. और जैसे hi उसने देखा...

उसका बदन ठिठुर उठा. कांपते हुए उसने अपने हाथ से सीने पर अपने टॉप को कस के भींच लिया.

क्युकी अगली स्लाइड में सामने था...






जोए (कापते हुए) : Th-This....

79, एटॉमिक नंबर ऑफ़ गोल्ड!!! यानी सोना... जोए के रूम में था? जिस रूम में वह इतनी देरर तक थी उसी रूम में 10 मिलियन डॉलर्स का सोना छिपा हुआ था!???

वीर को जब पता चला था की निघतवलकेर में ऐसे चेस्टर को मारा था तोह वह फ़ौरन hi जोए के कमरे की ऑर्डर भागा था.

यदि चेस्टर का रूम दूर तीन से बना था तोह फिर, जोए के रूम का दरवाज़ा तोह..

79!!!! गोल्ड से बना होना चाहिए था.

अपने रूम से तीनो लोगो को नीचे भेज वह जोए की रूम की ऑर्डर भागा,

और...

'चेक'

*डिंग*

[A Metal door.]

पर कोई फायदा नहीं. वीर ने स्क्रैच कर ऊपर की परत हटानी चाहि. कही ऐसा तोह नहीं इस स्वर्ण पर कोई कोटिंग चढ़ी हुई थी? पर कोई फायदा नहीं. ये मेटल दूर सोने का नहीं था.

एक अंतिम बार सर्च करने के लिए वह रूम में गया.

और घुसते hi जैसे hi उसने सामने देखा...

*डिंग*

'No... सो ी वास् राइट!!!!!!'

"वीर??? वीएररर???"

वीर अपने होश में फिरसे आया जब माइक ने उससे पुकारा.

माइक : थे त्रैझ?

वीर ने माइक को देखा, और eka-ek,

उसने ताली बजायी,

तभी, दरवाज़ा खुला, और दो लड़के किसी भारी सी चीज़ को पकड़ के लेकर आये और टेबल पर रख दिए. पूरी चीज़ एक लाल कपडे से ढकी हुई थी.

नोलन : Don't तेल्ल में....

*फ्लाआआआप्पप्पपपपपप*

वीर ने एक बार में उस पर से वह लाल कपडा हटा दिया था. और उनके सामने था...

पूरा सोने का बना हुआ फ्लावर वैसे. उसकी चमकती रौशनी उनकी आँखों में पद इस बात का सबूत दे रही थी की वह एकदम असली और ुच्छ कोटि का सोना था.

जोए अपनी जगह से भौचक्की होक कड़ी हो गयी,

जोए : बूत थिस wasn't तेरे बिफोर...

दिव्या : वीर!! Don't यू फूकिंग तेल्ल में...

वीर (स्माइल्स) : ओह यस इनडीड...

दिव्या : *गुलप्स*

वीर (ग्रीन्स) : हे मेल्टेड आईटी!!!

*Booooooooooommmm*

और इस आखिरी विस्फोट के साथ वीर ने सब कुछ उनके सामने खोल के रख दिया.

निघतवलकेर ने सोने के बिस्किट्स भी पिघला के उससे वैसे के अंदर भर दिया था.

किसने कहा था की गोल्डन बार्स सिर्फ सॉलिड स्टेट में hi मौजूद थी मेन्शन में? वह अपने लिक्विफैड स्टेट में भी तोह हो सकती थी?

और यही था राज़. इसी कारण से उस पिघले हुए सोने ने फ्लावर वैसे का आकार ले लिया था. निघतवलकेर ने जान बूझ के उसके ऊपर फिर मिटटी डाली, और फिर एक दो फूल भी लगा दिए थे.

साथ hi उसने जान बूझ के दरवाज़े को गोल्ड से नहीं बनवाया था. वह बेवक़ूफ़ नहीं था. यदि वह ऐसा करता और वीर की तरह कली ये अंदाज़ा लगा लेता की बार्स दरवाज़े में है तोह वह सभी तब यु hi खज़ाना चुरा लेते.

और इसलिए उसने गोल्डन बार्स को इस तरह छुपाया. किसी का शक जाना hi नहीं था फ्लावर वैसे पे क्युकी इतने बड़े गोल्डन बार्स फ्लावर वैसे के मुँह के अंदर कैसे घुसते भला?

पर क्या यही कहना तब वाजिब होता जब सोना पिघला हुआ हो? शायद नहीं!?

माइक : बूत व्हाट अबाउट ठोस पेंटिंग्स???

वीर : ठोस वेरे जस्ट ा डिसेप्शन सीनियर माइक.

माइक : A-Ahhh!!!

एमा : व्हाट अबाउट आवर बॉट्स???

वीर : Isn't आईटी ऑब्वियस? हे हिद थम!!!

एमा : That's...

नोलन : तेरे वेरे कामर्स तू...

वीर : यस!!! व्होएवेर वेरे वाचिंग उस, थे हैवे प्रॉबब्ली बीन अलेर्टेड. सो ोिर नेक्स्ट टारगेट इस थम ओनली.

*क्लैप* *क्लैप* *क्लैप*

अगले hi पल, नोलन ने तालिया बजानी शुरू कर दी,

नोलन : इनक्रेडिबल!! इन आल माय इयर्स ऑफ़ ड्यूटी, I've नेवर सीन ा यंग मन लिखे यू ुनरवेलिंग मिस्ट्री लिखे थिस. यू हैवे ब्रौघत उस प्राइड एंड रेस्पेक्ट. यू विल गेट रिवॉर्ड फॉर थिस जेंटलमैन. थे फिंडिंग्स... You'll गेट सम परसेंटेज ऑफ़ थिस त्रैझ.

वीर (स्माइल्स) : नॉट जस्ट में. सीनियर मिले हेल्पेद में ा लोट तू. हे शुड बे एक्वाली रेवार्डेड.

माइक : अह्ह्ह!! V-Veer... There's no नीड तो--

नोलन : ा वाइज जेंटलमैन! ी लिखे आईटी. Okay थें. I'll हैंड ओवर बोथ ऑफ़ योर नेम्स.

इतना बोल नोलन वह से निकल गया और वीर और माइक दोनों के लिए hi तारीफों के पल बांधे जाने लगे.

वीर एक दिल का सच्चा इंसान था. उससे किसके साथ केसा बेहवे करना है ये बखूबी आता था. उससे रिवॉर्ड के रूप में धन राशि मिलने वाली थी. तोह उसने माइक का नाम भी आगे कर दिया.

और क्यों न करे? जब कोई नहीं था उसके साथ आइलैंड पर जाने के लिए, तब बिना किसी स्वार्थ के माइक ने अपना नाम आगे बढ़ाया था.

तोह जब इनाम बैठत रहा हो तोह माइक का नाम तोह उसमे आना hi था. इधर माइक hi नहीं, सभी के मैं में वीर के प्रति इज़्ज़त काफी बढ़ गयी.

पर ऐसे भी लोग थे जो एकदम hi जल भून गए थे इस बात पे... और उन्ही में से एक था हमारा बन्दर...

निक!!!

वह तोह दांत पीसे वीर और माइक को घूर रहा था. ऐसी गांड जल रही थी उसकी की चुनने काट रहे थे उससे पिछवाड़े में...

खर्र! अंत भला तोह सब भला.

ये डिस्कशन समाप्त हुआ, मृतक लोगो के माता पिता को इन्फॉर्म कर दिया गया था, उनके लिए तोह मातम बन्न गया था.

जोए बिना कुछ कहे hi वह से निकल चुकी थी. शायद ये सब हज़म करना उसके लिए कुछ ज़्यादा hi था. उससे अपने मैं को संभालने के लिए वक़्त चाहिए था.

वही एमा वीर के पास आयी और उस से सिर्फ इतना बोली,

"मीट में टुनाइट हेरे ओनली. आउटसाइड थे डिपार्टमेंट @ 8:30."

और वह चली गयी.

***

टाइम ~ 8:17 पं

रात्रि का समय हो चूका था. और कोई भी अभी घर नहीं गया था. वीर, सुहाना, दिव्या निक सब यही मौजूद थे डिपार्टमेंट में और बाकी की छान बीन में लगे हुए थे.

माइक के संग वीर बाहर आया और रास्ते पर दोनों टहलने लगे. इतना सब कुछ आज उन्होंने जाना था. न जाने आगे क्या होने वाला था उनके साथ.

माइक ने सिगरेट का डब्बा जेब से निकाला और वीर की ऑर्डर बढ़ाया,

तोह वीर ने मुस्कुराते हुए डब्बे से एक सिगरेट निकाल ली.

*क्लिक*

लाइटर जला के माइक ने वीर की सिगरेट को आंच दी और फिर उसने अपनी जलाई,

एक काश हवा में चोररटे हुए फिर वह बोलै,

माइक : आईटी वास् आउटस्टैंडिंग वीर! यू दीद ा स्प्लेंडिड जॉब.

वीर : यू अरे बीइंग तू हम्बल.

माइक : No! यू अरे बीइंग तू मॉडेस्ट.

वीर : ः~ That's यू over-praising में.

माइक : I'm जस्ट टेलिंग थे ट्रुथ.

वीर (स्माइल्स) : ऑलराइट! I'll टेक तहत...

माइक : यस! आफ्टर आल यू डिस्क्लोज़्ड एवरीथिंग...

वीर : डिस्क्लोसे हँ!!

माइक : हम्म्म?

वीर तभी अचानक आगे बढ़ने लगा, माइक को वही अकेला चोरर के,

माइक : वेयर अरे यू हैडिंग तो?

वीर ने बिना पीछे मुड़े hi जवाब दिया,

"तो डिस्क्लोसे समवन else's सीक्रेट."

माइक : हँ?!?

माइक की समझ नहीं आया की वीर और किसके राज़ खोलने की बात कर रहा था भला?

फिर भी, वह वीर को अकेला चोरर उससे उसकी प्राइवेसी देते हुए, अपनी सिगरेट फेक अंदर डिपार्टमेंट में चला गया.

***

मुंबई...

नाईट ~ 8:29 पं

एक औरत स्टाइलिश सी साड़ी पहने इधर से उधर हो रही थी. गुस्से में भी थी वह और थोड़ी व्याकुल भी.

सामने की सीट पर एक नौजवान लड़का बैठा हुआ था जो कंप्यूटर के कीबोर्ड पर अपने हाथ फटाफट चलाये जा रहा था.

तभी पीछे से उस औरत की आवाज़ आयी,

"हुआ????"

"तरय कर रहा हु मैडम. ये सही तोह है न?"

"बिलकुल!! सब सही है. तुम बस अपना काम फुर्ती में करो."

और जी हां, ये कोई और नहीं...

मर्दो से नफरत करने वाली, निहारिका hi थी.

और उसके सामने सीट पर बैठा वह लड़का था, एक हैकर!!!

जो वीर के फ़ोन को हैक करने की कोशिश कर रहा था.

निहारिका : कुछ हुआ?

लड़का : तरय कर रहा हु मैडम. यदि लोग इन क्रेडेंटिअल्स सही है तोह इतर देवीकेस से लोग इन करना पॉसिबल है. क्लाउड एंड आल... यू क्नोव...

निहारिका : Okay! जल्दी करो...

उसकी बेचैनी बढ़ती hi जा रही थी. पर साथ hi उसके अंदर जीतने का एक जूनून भी था. यदि वह वीर के फ़ोन से वह वीडियो ले लेती है तोह फिर तोह वह वीर से अपने तलवे चटवा सकती थी. सोच कर hi उसका एक्ससिटेमेंट और बढ़ रहा था.

उसने के लोगर इनस्टॉल किया था वीर के फ़ोन में. एक तरह का ऐसा अप्प जो आपकी कीस को रिकॉर्ड करता था. यानी आपके हाथ मोबाइल के कीबोर्ड पर कितनी बार कहा कहा चल रहे है, कौन सा शब्द ज़्यादा उसे हो रहा है, ोटप, या पिन वगैरह डालते समय कौन से नंबर्स को दबाया जा रहा है. इन् सब का रिकॉर्ड रखता था.

बेशक! एक खतरनाक अप्प था ये...

निहारिका के मैं hi मैं में लड्डू फूट रहे थे जब अचानक hi,

*रिंग* *रिंग*

उसका फ़ोन बजा,

'हँ?'

और उसने स्क्रीन देखि अपने फ़ोन की...

पर जैसे hi उसने स्क्रीन पर नज़रे गड़ाई, उसकी रूह काँप गयी. स्क्रीन पर लिखा था~

इनकमिंग कॉल

बास्टर्ड....

इसी नाम से उसने वीर का नंबर सेव किया हुआ था.

और वो पढ़ते hi... उसकी सिटी पित्ती गुल हो गयी.

'Th-This बास्टर्ड!!! व्हाई नाउ???'

कापते हुए उसने फ़ोन पिक किया,

निहारिका : H-Hello...!?

वीर : सो माय स्लेव इस गेटिंग नॉटी हँ?

निहारिका : Wh-Whaaattt?

वीर : हो गया हैक?

निहारिका (झेपते हुए) : हहहहहह!!!!

वीर : तुम्हे क्या लगता है? तुम मुझसे ज़्यादा स्मार्ट हो? यदि होती तोह मेरी स्लेव न होती... क्या हुआ? बोलती बंद हो गयी क्या?

निहारिका : ....

वीर : कन्फ्यूज्ड हो? की कैसे मुझे पता चला? माय डिअर स्लेव!!! जिस दिन तुमने मेरे फ़ोन के लोगर इनस्टॉल किया था न, उस दिन hi मुझे पता चल गया था. और जिस डाटा से तुम हैक करने की कोशिश कर रही हो.... It's फेक...

निहारिका : W-Wo...wo... वो...

अगले hi शान, वीर की आवाज़ अचानक hi एकदम बुलंद और इतनी इंटिमीडेटिंग हो गयी,

वीर : Don't प्ले विथ फायर! वह आऊंगा तोह भाग नहीं पाओगी....

*थुड़*

सुनते hi निहारिका के हाथ से उसका फ़ोन छुटक के गिरा और वह डगमगा के बिस्तर पर गिर पड़ी. पूरा चेहरा उसका पसीने से भीग गया डर के चलते...

और तभी, सामने बैठे हुए लड़के ने कहा,

लड़का : मैडम! डाटा सच में सही है न?

बेचारा लड़का. निहारिका ये सुनते hi इतनी आग बबूला हो गयी, उसका गुस्सा सातवे आसमान पर पहुँच गया और वह जोरर से चिल्लाई,

निहारिका : निकल जाओ!!! निकल जाओ यहाँ से!!!

लड़का : H-Huhh?? मैडम?

निहारिका : निकलते हो या नहीं??? यू बास्टर्ड!!!

इस से पहले की निहारिका उससे कुछ उठा के फेक के मारती, वह बेचारा लड़का गांड फटी के मारे भाग गया वह से.

'टच!!!! वॉर्टलेस में!!!!'

मर्दो को गाली बक, वह वही पड़ी पड़ी अपनी सासें दुरुस्त करने लगी. वीर के शब्द उसके मैं में गूंजते रहे...

***

लॉस वेगास

इन्वेस्टीगेशन डिपार्टमेंट

टाइम : 8:38 पं

इधर वीर ने जैसे hi निहारिका से बात कर फ़ोन काटा, बगल से उससे एक जाना माना शख्स आता हुआ नज़र आया,

एमा!!!

8:30 का मिलने का बोलै था उसने. लउकीली, वीर बाहर hi था.

एमा : It's गुड तहत you're हेरे.

वीर : सो? What's थे मटर?

एमा : ी वांटेड तो तेल्ल यू समथिंग.

वीर : फाइनली ओपनिंग उप हँ?

एमा : Y-Yeaahhh!!

वीर : !!!?

एमा : एक्चुअली... एक्चुअली, ी वेंट तेरे इल्लिगल्ली. ी... ी स्टॉले ा यॉट फ्रॉम ा रिच पर्सन. That's व्हाई ी didn't तेल्ल यू गियस एअरलिएर.

वीर : ओह्ह्ह्ह! That's आईटी?

एमा : Y-Yeah!

शर्मिंदगी के मारे एमा ने सर्र झुका लिया. बात ज़रा सी थी. पर शायद एमा के लिए बड़ी थी.

उसने एक अमीर व्यक्ति की यॉट चुराई थी मेन्शन में आने के लिए. और इसलिए वो ये किसी को बताना नहीं चाहती थी.

एमा (ब्लशेस) : कैन ी... कैन ी के विथ यू?

वीर : हँ? I'm नॉट फ्रॉम हेरे. I'm फ्रॉम इंडिया.

एमा : Wh-Whaaaattt???

वीर (स्माइल्स) : यस!

एमा : O-Okkaaayy!! सो यू don't नीड अन्य असिस्टेंट? व्हाट वर्क यू दो तेरे?






वीर : ी हैवे ा बिज़नेस.

एमा : थें हाउ अबाउट ा असिस्टेंट? ी... ी कैन वर्क फॉर यू ...

वीर कुछ कहता तभी उसने देखा की डिपार्टमेंट से नोलन बाहर निकल अपनी कार में बैठ रहा है. साथ hi एक ख़ूबसूरत महिल उसके लिए दरवाज़ा भी खोल रही थी. जो की उसके सेक्रेटरी थी.

वीर : मन! ी दो नीड ा प्रोफेशनल सेक्रेटरी थौघ.

वीर की निगाहो को फॉलो कर एमा ने उस ऑर्डर देखा.






एमा : ा प्रोफेशनल सेक्रेटरी हँ!? ी थिंक it's टाइम तो लीव थें...

वीर : हम्म? ओह्ह्ह!

एमा बिना कुछ कहे वीर को बस कुछ पालो के लिए देखि और वह से पलट के वह निकल गयी.

इधर वीर उसके जाते hi डिपार्टमेंट में जब अंदर आया... तोह सुहाना और दिव्या आपस में बहस कर रही थी,

सुहाना : यू फुकीणगगगग क्नोव समथिंग... तेल्ल में व्हाट थे फ़क यू अरे हिडिंग? हँ? बोलो! क्या छुपा रही हो मुझसे?

दिव्या : ुर्गघः! Jaan'na है तुम्हे? फाइन थें!!! ये लो!!! तुम्हे याद है न किस लिए बुलाया था मेने तुम्हे? ये लो फिर...

कहते हुए उसने एक कार्ड फेका जो सीधा सुहाना के मुँह पे लैंड किया,

हाथो में पकड़ जब उसने उस कार्ड को देखा तोह वह हैरानी के मारे हिल के रह गयी,

"Whaaaaaaattttttttttttt!!!????"

.

.

.

.

.

.

.

.

.

.

आज के लिए इतना hi गाइस!

थिस अपडेट कंसिस्ट्स ऑफ़ मोरे थान 4.8क वर्ड्स. थिस टूक ा लोट ऑफ़ माय टाइम. तोह लिखे ठोकने का दिल से और रेवोस रखने का.


धन्यवाद! ✨
 
अपडेट - 103 ~ ा डे तो ब्रेअथे आउट

अब तक...

सुहाना : यू फुकीणगगगग क्नोव समथिंग... तेल्ल में व्हाट थे फ़क यू अरे हिडिंग? हँ? बोलो! क्या छुपा रही हो मुझसे?

दिव्या : ुर्गघः! Jaan'na है तुम्हे? फाइन थें!!! ये लो!!! तुम्हे याद है न किस लिए बुलाया था मेने तुम्हे? ये लो फिर...

कहते हुए उसने एक कार्ड फेका जो सीधा सुहाना के मुँह पे लैंड किया,

हाथो में पकड़ जब उसने उस कार्ड को देखा तोह वह हैरानी के मारे हिल के रह गयी,

"Whaaaaaaattttttttttttt!!!????"


अब आगे...

मुंबई...

Purvi's होम...

मॉर्निंग ~ 8:32 ऍम

*क्लिंक*

"ये लो बीटा, चाय!"

सौसर प्लेट पर चाय से भरा कप रखते हुए पूर्वी ने कहा.

सामने सोफे पर बैठी हुई थी तेज, और उसके hi बगल से विराजमान थी, भावना.

उस दिन के बाद से, पूर्वी ने दोनों माँ बेटी को होटल से चेक आउट करवा के अपने घर में ठहरा लिया था.

पूर्वी के पति वही मुंबई में hi स्थित एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल थे. उन् दोनों की एक संतान भी है. एक बीटा, जिसका नाम आयुष है. आयुष वीर से केवल एक साल hi छोटा है और वह मेडिकल की पढ़ाई हेतु ाईम्स में दिल्ली में शिफ्ट हो चूका है.

उसने फिर एक कप चाय का भावना की सौसर प्लेट पर रखा, और फिर ट्रे में से एक कप अपने लिए उठाते हुए वही डाइनिंग टेबल की एक चेयर पर बैठ गयी.

पूर्वी : कुछ पता लगा क्या फिर?

उसके इस सवाल से भावना हैरत में उसकी ऑर्डर देखि. ये क्या पूछ रही थी वह? बगल में तेज बैठी हुई थी. फिर भी ऐसा सवाल? पूर्वी का सवाल वीर की खोज के लिए था. और उसने तेज के सामने hi ये प्रश्न पूछ लिया. ज़ाहिर था की भावना उससे अजीब नज़रो से देखे,

पूर्वी (बात संभालते हुए) : अहह! मेरा मतलब था की, कुछ पता लगा क्या काम के बारे में? तुमने कहा था न की काम चोरर के यहाँ पर आयी हो तुम. तोह कोई दिक्कत तोह नहीं यदि तुम यहाँ कुछ और दिन रुक जाओ तोह?

भावना : R-Right! नहीं! फिलहाल ऐसी कोई परेशानी नहीं है.

पूर्वी (नकली हस्सी लेते हुए) : ाहः~ Okay!

भावना (ावक्वार्डली) : हम्म!

*साइलेंस*

दोनों का यह नकली नाटक ख़तम हुआ और एक अजीब सी शान्ति फेल गयी कमरे में.

उन्हें लगा की आखिर कार वह तेजल से बात छुपाने में कामयाब हो गयी पर...

तेज : 2 पॉइंट्स फॉर योर एक्टिंग.

पूर्वी : हहह???

भावना : ???

वह दोनों उससे स्तब्ध नज़रो से देखि,

तेज : ी साइड तवो पॉइंट्स फॉर योर एक्टिंग. ये नाटक ख़तम कर दीजिये माँ, और मासी आप भी. आप दोनों की hi एक्टिंग बिलकुल भी नहीं जांच रही है.

*शव्वववऊऊऊप्प्प्पप*

उसने चाय की चुस्की लेते हुए कहा,

तेज : बी थे वे, चाय अच्छी है.

पूर्वी : T-Tej बीटा!

भावना : तेज! तुम...

तेज (दोनों को देखते हुए) : हम्म! सब पता है मुझे. वही बात जो आप मुझसे इतने सालो से छिपाते आ रही थी. सब जानती हु में. ी क्नोव की मेरा एक सागा छोटा भाई भी है. और वह भी इसी शहर में.

*साइलेंस*

पूर्वी का तोह पता नहीं, पर भावना को ज़रूर 440 वाल्ट का झटका लगा था. जिस राज़ को वह बरसो से छिपाते आयी, वह उसके बिना पता लगे hi खुल चूका था?

पूर्वी (फ्रोंस) : भावना...!

भावना ने एक लम्बी सास ली और चाय का कप वापस टेबल पर रख दिया,

भावना : K-Kab? कब पता चला तुम्हे ये?

राज़ पर से अब पर्दा चुकी खुल hi चूका था तोह उससे बेकार में फिरसे ढाक्ने की कोई ज़रुरत नहीं थी. इसलिए, भावना ने शान्ति से सवाल किया,

तेज : लास्ट ईयर!

भावना : ????

तेज : जब आप और में राजस्थान में थे. साइट पर...

तेज की नज़रे नीचे झुकी हुई थी. जैसे मानो वह अतीत को याद कर रही थी. वह लम्हा जब उससे अपने भाई के अस्तित्व के बारे में पहली बार पता चला था.

भावना : राजस्थान में? T-Tab कैसे!? में तोह...

तेज : सर्वे की एक रात... जब आप अपने कैंप में थी...

भावना : हँ!!!

तेज : में आपसे बात करने के लिए आ रही थी. पर, जब तक आपके कैंप तक पहुची, मेने देखा की...

भावना : !!??

तेज : आप रो रही थी. सीने से आप एक बच्चे के छोटे से कपडे को भींचे हुए थी. हाथो में एक फोटोग्राफ थी आपके. और, मुझे याद है आपके वह बोल. "मेरा बच्चा!" "केसा होगा तू अब?" "देख! तेरी माँ कैसे तड़प रही है यहाँ." "क्या तुझे याद नहीं आ रही अपनी माँ की?" "तुझे पता भी है तेरे बिना कैसे जी रही हु में?" "पर में मजबूर हु मेरे लाल. में मजबूर हु."

भावना अचंभव में तेज की साड़ी बातें सुन्न रही थी. उससे याद आया की उसने सच में उस रात यही वाक्य बोले थे. तोह क्या तेज ने वह सब सुन्न लिया था?

पर यहाँ तेज और भावना दोनों hi नहीं जानते थे की जब वह राजस्थान से वापसी कर रहे थे. उस रात hi...

तेज तोह अपनी बिरथ पर सो चुकी थी. उस रात hi भावना अपने बेटे वीर से मिली थी. जिसके बारे में उससे पता भी नहीं था. ये वही पल था, जब वीर सुहाना और सोनिआ की माँ की अंगूठी वाले चोर को पकड़ने ट्रैन पर सवार होक राजस्थान आया था. और जयपुर के स्टेशन से बैठ के वह सुमन, आभा और सोनाली को मुंबई लेके जा रहा था जब,

एक औरत दूसरे प्लेटफार्म पर अलग ट्रैन में बैठे पानी की बोतल के लिए रिक्वेस्ट कर रही थी. ये भावना hi तोह थी. जो सर्वे के बाद से अपने घर लौट रही थी.

पर न hi तेज और न hi भावना ये बात जानती थी की उनके रास्ते आपस में इस तरह भी मिल चुके है.

भावना खामोश रह गयी. क्या कहती अब? सब कुछ तोह सामने था.

पूर्वी (शिघ्स) : एक न एक दिन तोह ये होना hi था. बल्कि मुझे तोह ख़ुशी है की आखिर कार तेज बीटा तुम्हे इस बात का पता चला. वर्ण तुम्हारी ये माँ न जाने कब तक ये राज़ छिपाती रहती.

भावना : तेज में...

वह कहने के लिए दायी ऑर्डर मुड़ी पर अपने सामने उसने जो देखा वह देख के भावना दांग रह गयी,

तेज की आँखों से ासु बह रहे थे. कब देखा था उसने अपनी निडर बेटी को इस तरह नैनो से पानी की बूंदे बहाते हुए? शायद भावना को याद भी न होगा की आखिरी बार उसने कब तेज को इस क़दर रट देखा था. पर आज...

आज वह रो रही थी. वह जानती थी की उसकी बेटी तेज को ज़रा भी पसंद नहीं था की कोई उससे रोटा हुआ देखे. और आज तोह...

वह न केवल उसके सामने, बल्कि अपनी मासी पूर्वी के भी सामने रो रही थी. ये इशारा था की उसकी पीड़ा कितनी ज़्यादा थी.

तेज : K-Kyu?? क्यों किया आपने ऐसा?

भावना की खुद की आँखों से अनायास hi ासु निकल पड़े.

भावना : बीटा...!!!

तेज : कुछ पूछ रही हु में... *स्निफ्फ* हँ? बोलिये! क्यों किया आपने ऐसा?

पूर्वी : तेज! मेरी बात सुनो, में बताती हु...

पर इसके पहले की पूर्वी अपनी बात पूरी रख पाती, तेज अपनी जगह से उठी और,

तेज : वह सिर्फ आपका बीटा HI नहीं है!!!!! वह मेरा सागा भाई भी है!!!!!

वह इतनी जोरर से चिल्लाई की वह बैठी पूर्वी भी अवाक् रह गयी.

तेज : क्या सोच के आपने मुझसे ये सच छुपाया था??? हाआनं??? तेल्ल मई!!!!! आपकी हिम्मत कैसे हुई मुझसे मेरे hi भाई का अस्तिस्त्व छुपाने की???? बोलीईई!!!!

भावना की आँखों से आसुओ की धराये बहना शुरू हो चुकी थी. और उसका शरीर कांपने लगा,

पूर्वी ने जैसे hi ये देखा वह अगले hi पल आगे बढ़ भावना को थाम के उसके बगल से बैठ गयी.

पूर्वी (फ्रोंस) : तेज! मेरी बात सुनो...

तेज ने अपनी माँ की हालत जब देखि तोह उससे भी ये एहसास हुआ की वह कुछ ज़्यादा hi बोल गयी थी. अगले hi शान वह वह से पलटी और अपने कमरे में जाके,

*थूऊऊऊडड़डडडड*

उसने जोरर से दरवाज़ा बंद कर लिया,

पूर्वी : टीएईज्जज्ज!!!!

पूर्वी ने उससे पुकारा पर, भावना ने उसका हाथ थाम लिया.

भावना : रहने दो पूर्वी! रहने दो! उससे अकेला रहने दो थोड़ी देरर! में hi एक अच्छी माँ न बन्न सकीय. इसमें उस बेचारी का कोई दोष नहीं... *स्निफ्फ* कोई दोष नहीं!!!

पूर्वी (फ्रोंस) : भावना....!!!

इधर कमरे के अंदर तेज दरवाज़े से ठीके जोरर जोरर से रो रही थी. न जाने कब इसके पहले वह इस तरह रोई थी. उससे खुद भी याद नहीं था.

वह इतनी कमज़ोर तोह नहीं थी. फिर क्यों? हर्र बार जब भी बात उसके बिछड़े भाई से सम्बंधित आती थी तोह क्यों वह इस तरह टूट सी जाती थी? इतनी कमज़ोर पद जाती थी? वह तोह मिली भी नहीं थी उस से ठीक से.

खुद के भार को बीएड पर पटकते हुए उसने अपना फ़ोन खोला और सामने स्क्रीन पर एक तस्वीर देख, उसके ासु और जोरर से बहने लगे,

'क्योऊ??? ऐसा मेरे साथ hi क्यों होता है??? एंड व्हाई आईटी हद तो बे यू?? दो यू हैवे अन्य आईडिया तहत योर माँ एंड बिग सीस एक्सिस्ट्स तू?'

सिसकी भरते हुए उसने स्क्रीन पर कोमलता से हाथ फेर्रा.

स्क्रीन पर एक इमेज मौजूद थी. और ये किसी और की नहीं बल्कि वीर की hi थी.

ये फोटो तेज ने अपने फ़ोन से तब ली थी जब ेगीपत के सर्वे में वीर अंडरग्राउंड साइट में वह रखे गुप्त सामान को हाथ लगा रहा था.

इत्तेफ़ाक़ से तेज ने उससे तब देख लिया था. और फ़ौरन hi उसने अपना फ़ोन निकाल के ये फोटो क्लिक कर ली थी, ये सोच के की बाद में वह उससे चोरी के मामले में रेंज हाथ पकड़ लेगी.

पर... पर ये फोटो धरी की धरी रह गयी. क्युकी वीर ने उस सामान को छूने के बाद उससे वैसे hi चोरर दिया था. उसने कुछ भी नहीं चुराया था.

लेकिन किसने सोचा था की तेज अपनी खींची गयी इस तस्वीर को आज इस क़दर अपने सीने से लगा के रोएगी? उसने खुद भी ये नहीं सोचा था कभी.

'विक्रम... हँ...!!?? में तुम्हे ढूंढ के रहूंगी. चाहे कुछ भी हो जाए.'

वह खुद से बोल वही लेती रही. न जाने क्या चल रहा था उसके मैं में.

***

इधर मुंबई में hi, वीर के पुराने घर में आरोही और काव्य अपनी बातो में लगी हुई थी.

काव्य बीएड पर लेती सीलिंग की ऑर्डर अपने दोनों हाथ फैलाये अपनी शिकायते जाता रही थी, और वही आरोही काव्य के कॉलेज का वर्क कर रही थी.

काव्य : उग्गघठ!!! अगली बार का कम्पटीशन में hi जीतूंगी देखना आप.

आरोही : तुम जीत जाती, अगर वह प्रज्ञा पार्टिसिपेट नहीं करि होती तोह.

काव्य : वही!!!! हहहहए~ पर अपने लास्ट ईयर के बाद वो कॉलेज तोह लीव कर hi देंगी. तब में अपने लास्ट ईयर में फाइनली फर्स्ट प्लेस ले सकुंगी.

आरोही : स्टुपिड! अभी hi हारने की कोशिश क्यों नहीं करती तुम?

काव्य : बिकॉज़ she's बेटर थान में.

आरोही : एक्सक्यूसेस...!

काव्य : न्यूऊओ ~ मेने सच कहा. लेकिन वह सब चोरडिये. ये वीर भैया कब फॉरेन से लौटेंगे? कुछ बताया क्या आपको?

आरोही ने काव्य के सवाल पर सर्र ना में हिला दिया,

काव्य : उग्गघहहह!!! ये वीर भैया भी न. हर्र बार बिना बताये लम्बी ट्रिप्स पर निकल जाते है. हम्फ~ ी हेट हिम.

आरोही : अच्छा? कुछ दिन पहले वह कौन था जो अपने नेकलेस को बार बार देख के "ी लव यू वीर भैया" चिल्ला रहा था? ी गेस कोई तोह था. हम्म....!? पर कौन?

काव्य (ब्लशेस) : अह्ह्ह्ह!!! W-Wo तोह में ऐसे hi बस... वेट!!! आप भी तोह... आप भी तोह जान बूझ के बार बार अपने बालो को कान के पीछे करती हो न? उस दिन भी कृतिका के सामने जान बुझ के आपने किया था ताकि वह आपसे आपकी कान की बालियों के बारे में पूछे. जो की उसने पूछा भी था. Weren't यू शेविंग ऑफ दी???

आरोही (ब्लशेस) : Wh-Whaatttt???

वह अचानक hi झेप सी गयी,

आरोही (ब्लशेस) : Wh-Whaaat रब्बिश!!!???

काव्य : मुझसे झूठ नहीं बोल सकती आप. छोटी बहिन हु आपकी. सब पता है मुझे. में तोह एटलीस्ट... एटलीस्ट... *ब्लशेस* ओपनली सब कुछ करती हु. पर आप तोह... सबसे छिपते हुए शो ऑफ करती हो.

आरोही (ब्लशेस) : Y-Youuuu!!!! जाओ नहीं बना रही में तुम्हारी ये ड्राइंग वरविंग... स्टुपिड!!!

काव्य : क्याआआआ???? अब आप... अब आप उसका गुस्सा मेरी ड्राइंग पर निकालोगी?

आरोही : It's योर कॉलेज वर्क. मेक आईटी बी योर ओन.

काव्य : पर आप जानती हो की आपकी ड्राइंग मुझसे अच्छी है.

आरोही : हाँ तोह ये अभी अभी कहे गए शब्दों को बोलने से पहले ध्यान में रखना था.

काव्य : उग्गघहहहह!! सॉरी न...!

जब आरोही ने अपनी छोटी बहिन की रोंदू शकल देखि तोह एक लम्बी आह चोरर वह वापस से उसके काम में लग गयी.

आरोही (शिघ्स) : फाइन!

काव्य : ेहेहेहेहे~ ी क्नोव! यू अरे थे बेस्ट!

आरोही (खुसपुसाते हुए) : स्टुपिड....!

कहते हुए उसका हाथ अपने आप अनायास hi बालो को कान के पीछे करने के लिए चला गया और...

उसके कान की बालिया उसकी ऊँगली से जा टकराई. जो शर्म उसने छिपा ली थी, अगले hi शान गालो की वही लाली और भी बढ़ गयी.

'स्टुपिड...!'

फिरसे उसके अंदर से आवाज़ आयी. पर इस बार केवल मैं में, और किसी और के लिए...

***

लॉस वेगास...

फोरम शॉप्स ात कैंसरस...

इवनिंग ~ 5:46 पं

शाम का समय हो रहा था. मौसम भी हसीं था. कुल मिलाके घूमने फिररने के लिए एक परफेक्ट टाइम.

और आज वीर और सुहाना वही करने निकले थे.

इतने दिनों से जो कुछ भी मगज़मारी उन्होंने झेली थी, उस से बाहर निकालने के लिए एक ब्रेअथेर लेना ज़रूरी था.

और शॉपिंग से बेहतर और क्या hi हो सकता था. एक कारण और भी था शॉपिंग करने का. जो की दिव्या के द्वारा दिखाए गए उस कार्ड में मौजूद था.

सुहाना और वीर दिव्या की एक दूसरी कार लेके खुद hi यहाँ आये हुए थे. चुकी इन्वेस्टीगेशन डिपार्टमेंट में फिलहाल अभी कोई काम नहीं था उन्हें, और साथ hi तीसरे क्रिमिनल को लेकर कोई डिटेल्स नहीं मिल पायी थी, तोह दोनों hi शोप्पि के लिए आ गए.

फोरम शॉप्स ात कैंसरस. जो की वेगास की बेस्ट जगह थी khareed-dari के लिए. वैसे तोह और भी बेहद अच्छी अच्छी जगह थी वह पर ये सबसे मशहूर, और एक मस्ट विजिट प्लेस थी.

सुहाना hi गाडी चला रही थी और वीर बैठा हुआ था उसके बगल से. और कुछ hi देरर में वह जगह के सामने थे.

सुहाना : हम पहुँच गए.

वीर : हम्म? ओह्ह! ये जगह काफी...






वीर ने दूर से hi जगह को देखते हुए कहा,

सुहाना : बड़ी है?

वीर : हम्म! साथ hi महंगी भी लग रही है.

सुहाना : ऑफ़ कोर्स महंगी है. सबसे महंगी है ये शॉपिंग के लिए. ओने ऑफ़ थे फिनस्ट प्लेसेस तो शॉप. लास्ट टाइम में आयी थी तोह काफी कुछ खरीदा था मेने.

वीर : ी सी! तोह आप पहले यहाँ आ चुकी है?

सुहाना : ऑफ़ कोर्स! नाउ के! बे क्विक! Let's जो!

वह दोनों hi बाहर निकले, और एंट्रेंस पर पहुचे.

एंट्रेंस देखते hi वीर विस्मित सा होक वही स्थिर खड़ा रह गया.

और उसके मुँह से अपने आप hi निकल गया,

"W-Woooowwww!!!"






सुहाना (स्माइल्स) : लुक्स नीस राइट?

वीर : It's एक्चुअली अमेजिंग!

सुहाना : ः~ Let's जो! हमारे पास ज़्यादा वक़्त नहीं है. 8 बजे तक हमे वह भी पहुचना है.

वीर ने हामी भरी. और वह दोनों अंदर चल दिए. अंदर ब्रांड्स के शोरूम्स ऐसे मौजूद थे जैसे चौपाटी में अलग अलग खाने के ठेले लगे हो.






और ब्रांड्स भी ऐसे ऐसे की जिनका सिर्फ नाम hi काफी था अपनी वैल्यू बताने के लिए.

गुक्की, ह & म, वर्सस, न जाने क्या क्या...

ऐसी ऐसी ब्रांड्स मौजूद थी जो वीर अपने देश में शायद hi किसी मॉल में मुश्किल से देख पाटा था.

वीर : थिस...

सुहाना : ये कुछ भी नहीं है. आओ अंदर चले.






अभी वह आगे बढे hi थे की उससे वही ठहरना पड़ा,

*रिंग* *रिंग*

सुहाना का फ़ोन बज उठा.

और स्क्रीन पर नाम था,

गौरव!!!!

अपनी बॉहे सिकोड़ते हुए वह स्क्रीन को देखि और फिर वीर को,

सुहाना : उम्?!! गिव में ा सेकंड okay?

वीर : सूरे!!!

और इधर वह थोड़ा डिस्टेंस लेते हुए आगे आयी और बात करने लगी,

सुहाना : Hello??

गौरव : तुम लौटी नहीं अभी तक? और क्या बात है? इतनी बिजी हो गयी अपनी दोस्त के साथ की एक फ़ोन तक नहीं किया अपने हस्बैंड को?

बस! ये जैसे आखिरी शब्द थे जो सुहाना अभी इस वक़्त sunn'na चाहती थी. गांड घिस घिस के कैसे वह लोग यहाँ कुछ दिन सर्वाइव किये है उन् क्रिमिनल्स के बीच में, ये बात केवल वही जानते थे. और यहाँ उसका पति ये सोच रहा था की वह यहाँ मज़्ज़े कर रही है.

पल भर के लिए सुहाना के मुँह में गाली आयी थी. लेकिन उसने अपने आप को कण्ट्रोल कर लिया,

सुहाना : व्हाट दो यू मैं? में यहाँ कोई एन्जॉय करने नहीं आयी हु गौरव! I'm हेरे फॉर वर्क.

गौरव : अच्छा? ः! अरे भाई ऐसा क्या वर्क आ गया?

सुहाना (लम्बी सांस चोररटे हुए) : देखो! में अभी बिजी हु. हम बाद में बात करेंगे.

गौरव : बिजी? भला किस लिए? ऐसा क्या हो रहा है वह? और ज़रा अपनी फ्रेंड दिव्या से तोह बात कराओ. काफी समय से उस से बात नहीं हुई है.

सुहाना (मैं में) : थिस... थिस इडियट...

सुहाना : गौरव!!! वह यहाँ नहीं है. Okay? अब में रख रही हु.

गौरव : नहीं है? तोह तुम कहा हो?

सुहाना : में शॉपिंग के लिए आयी हु.

गौरव : अकेले?

सुहाना : नहीं! वीर है साथ में.

गौरव : वीर? कौन वीर?

सुहाना : हँ? मेने तुम्हे बताया था न? वीर! सोनू से जिसकी पहचान है? उसकी कार से जिसका एक्सीडेंट हुआ था? कुछ याद आया?

गौरव : हँ? ओह्ह्ह्हह! वह!!?? हाँ!!! एक मिनट!!! तोह तुम उसके साथ वह क्या कर रही हो?

सुहाना : व्हाट? आने से पहले बताया तोह था की एक फ्रेंड के साथ जा रही हु में वेगास.

गौरव : व्हाट थे हेलल सुहाना? वह कहा से तुम्हारा फ्रेंड बन गया? और तुमने ये तोह नहीं बताया था मुझे की तुम उसके साथ जा रही हो. मतलब तुम जबसे एक अनजान लड़के के साथ....

सुहाना : गौरववव!!!! तुम्हे मेरी बाते sunn'ne के लिए वक़्त रहे तब तोह जानोगे न.

गौरव : तुम...

सुहाना : तुम्हे बताने वाली थी. पर तुम्हारा तोह ध्यान hi नहीं था मेरी बातो पर. जब तुमसे कहा की में जा रही हु. योर रिस्पांस वास् ~ "येह येह! जो!"

गौरव : वह इसलिए क्युकी में मीटिंग में था सुहाना.

सुहाना : ी don't केयर गौरव!!! ी don't केयर!

गौरव : ोूउउ!!!!

सुहाना : और अब तुम फ्री हुए हो तोह अब याद आयी मेरी? सोचा की अब अपनी पत्नी से दो चार बाते तोह कर लू उसका दिल बहलाने के लिए,

गौरव : तुम जानती हो में बिजी था...

सुहाना : और में तोह पागलो की तरह यहाँ गांड घिस रही हु न?

गौरव सुहाना के मुँह से अभद्र शब्द सुनते hi थोड़ा झेप गया. ऐसा नहीं था की वह पहली बार उसके मुँह से गाली सुन्न रहा था. पर बस बात ये थी की सुहाना तभी ऐसी भाषा का प्रयोग करती थी जब वह बेहद hi गुस्से में होती थी.

गौरव : सुहाना...!

सुहाना : गौरव!! में अभी बिलकुल भी मूड में नहीं हु कुछ भी बात करने के लिए. I'm हेरे तो फ्रेशन उप माइसेल्फ ा बिट. सो लीव में अलोन. इस तहत क्लियर?

गौरव : सुहाना तुम...

पर इस से पहले की वह कुछ कह पाटा,

*कॉल एंड्स*

फ़ोन कट हो चूका था.

मैं में गालिया लिए सुहाना पीछे को आयी. उसमे देखा की वीर एक स्टेचू को निहार रहा था.






गुस्सा शांत कर वह वीर के पास गयी और उस से चलने के लिए बोली,

वीर : हो गयी बात?

सुहाना : Y-Yeah! चलो!

वीर : हम्म? सब ठीक तोह है न?

उसकी सवाल पर सुहाना ने वीर को शान भर के लिए देखा और फिर हाँ में सर्र हिला दिया.

वीर : ऐसा लगा की आप परेशान हो. सो ी जस्ट... यू क्नोव...

वीर का बस इतना कहना hi था की,

सुहाना : ारररह्ह्ह!!! फूकिंग हेलल!!!!! व्हाट डस हे थिंक ऑफ़ हिमसेल्फ?????? ऍम ी हिज सर्वेंट और व्हाटटटटट???? तहत स्टुपिड िडीओटिक रत.... ाअरररह्ह्ह्ह!!!!!

वीर : E-Ehhhhh!!??

उसका ये रूप देख वीर को प्टसड सा महसूस हो रहा था.

'ओह्ह्ह फुक्कककककक!!! Y-Ye इन्हे क्या हुआ?'

[Seems like Suhana ki dusri personality trigger ho rahi hai Master!]

'F-Fuuuccckkkkkk!!! वेट!!! वह ऐसे क्यों देख रही है मुझे? शीट्ट्ट्ट!!!! That's स्केरी!!!!'

सुहाना अजीब सी मुस्कान लिए वीर का हाथ पकड़ी और उससे घसीटते हुए अंदर ले गयी,

'ओह्ह्ह्ह फूऊकककककक!!!!'

[ :?: ]

वह जैसे hi एक शॉप में घुसी,

उसका गुस्सा सातवे आसमान पर था.

शॉप में मौजूद एम्प्लोयी उसके पास आया और विनम्रता से पूछा,

एम्प्लोयी : यस! Ma'am! व्हाट कैन ी दो फॉर यू?

सुहाना ने अपनी एक ऊँगली पीछे उस एम्प्लोयी की ऑर्डर पॉइंट की,

सुहाना : तहत!!!!

तोह पीछे जब एम्प्लोयी ने देखा तोह पाया की एक बड़ा सा टेडी वह लटका हुआ था.

एम्प्लोयी : ओह्ह्ह तहत? ः~ तहत विल कॉस्ट यू फॉर...

सुहाना : ब्रिंग में तहत!!!!

एम्प्लोयी : हँ? O-Okay!!!

वह एम्प्लोयी वह से टेडी निकाल के उसके पास लाया,

एम्प्लोयी : Ma'am! थिस इस क्रिएटेड बी आवर फिनस्ट ऑफ़ क्राफ्ट्समेन. थे क्वालिटी ऑफ़ थे फर इस...

सुहाना : हाउ दुर्बल इस थिस?

एम्प्लोयी : हँ???

सुहाना : हाउ मच पंचेस आईटी कैन सर्वाइव?

एम्प्लोयी : Wh-Whaaattttt???

'ओह्ह्ह्हह फुक्कखकक!!!!! फ़क फ़क फ़क....!!!!'

इधर वीर सुहाना के पीछे खड़े होक जब सब देख रहा था तोह बेचारे के शरीर में रौंगटे खड़े हो गए थे.

सुहाना की दूसरी पर्सनालिटी बाहर आ चुकी थी. शी वास् पिस्सेद. डेफिनिटेली पिस्सेद.

वह एक टेडी मांग रही थी. जहा एम्प्लोयी उससे ये समझा रहा था की टेडी का फर अच्छी क्वालिटी का था तोह सुहाना को इन् सब बातो से मतलब hi नहीं था.

वह तोह ये पूछ रही थी की ये टेडी कितने घुसे सेह सकता था? ज़रा सोचिये की आप की एक गिफ्ट की दूकान है. और कोई ख़ूबसूरत लेडी आपके पास आके आप से पूछे की आपकी शॉप का टेडी कितने घुसे ले सकता है? तोह आपका मुँह केसा होगा?

कुछ ऐसे hi भाव अभी उस एम्प्लोयी के चेहरे पर थे.

पर इसके पहले की वह कुछ कह पाटा,

वीर : We're लीविंग!!! थैंक यू फॉर योर टाइम!!!!

'फूऊखकककक!!!!'

वीर ने सुहाना के हाथ को थामा और उससे खींच के बाहर ले आया.

उसने उससे एक बेंच पर वही बैठाया और उसका गुस्सा शांत करने के लिए वह चल दिया वही पर लगी एक आइस क्रीम की बड़ी सी शॉप में,

पर जैसे hi वह आगे आया, सामने का नज़ारा देख के hi वह चका चौंध रह गया.






क्या खूबसूरती थी इस जगह की.

यदि मॉल हो तोह ऐसा...

[Ek din aapke paas iss se bhi accha mall hoga. A much bigger one!]

'पारी...!!!'

कुछ भी हो जाए, पारी कभी भी मोटिवेशन देना बंद नहीं करती थी.

वीर देख रहा था उन् जगहों को,






क्या खूब तरीके से सटटूएस का इस्तेमाल किया गया था.

'हम्म्म? वैसे आईडिया बुरा नहीं है. यदि इन् सटटूएस में हमारे देश के शूरवीरो की आकृति रहे तोह?'

[That's a nice idea Master! Isse sticky note me add kijiye. Hum apna khud ka mall banaenge iss theme par. I'll support you... Always! ❤️]

'हाहाहाहा~ वे स्टिल हैवे ा लॉन्ग वे तो जो. बी थे वे मेरे पॉइंट्स का क्या? इतने काम पॉइंट्स निघतवलकेर के मिशन के लिए क्यों?'

[Mene bataya tha na master. Mission jitne acche tareeqe se poora hoga, points uss hisaab se milenge.]

'तोह मेने इस बार क्या गलती कर दी?'

[3 people died.]

'ओह्ह्ह्हह्ह!!!'

[Mil gaya answer?]

'यूप अन्य्वयस! Let's जो!!!'

उसने आइस क्रीम खरीदी, और सुहाना के पास लेके गया. और वाक़ई, सुहाना का गुस्सा कुछ हद्द तक शांत हो चूका था.

सुहाना ने न केवल खुद धेरर साड़ी शॉपिंग की बल्कि वीर के लिए भी उसने काफी कुछ खरीद के उससे दिलवाया.

खासकर एक अच्छा सा सूट, जिससे वीर ने पेहेन के वही चेंज कर लिया था. और उसने खुद भी एक ख़ूबसूरत सी ड्रेस पहनी हुई थी.

क्युकी उन्हें यहाँ से अब जाना था अपनी दूसरी मंज़िल की ऑर्डर,

*थुड़*

कार का दरवाज़ा बंद हुआ,

सुहाना : चले?

वीर : हम्म!!!

और वह दोनों hi वह से निकल गए,

डाउनटाउन की ऑर्डर. क्युकी यही उनकी मंज़िल थी.

आखिर इसी के लिए तोह वह शॉपिंग करने भी आये थे. दिव्या ने जो कल स
ार्ड सुहाना को फेक के दिया था, उसके संग एक फ्लायर भी था.

जो था...





और आखिर में जो कार्ड उसने फेका था सुहाना के मुँह पे वह था, एक इनविटेशन कार्ड.

और, इनविटेशन था...






नतालया मार्टिन का...

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आज के लिए इतना hi गाइस!

थिस अपडेट वास् तो टोन डाउन थे गृत्त्य एंड इंटेंस सिचुएशन, अस थे नाम सुग्गेस्टस. नेक्स्ट अपडेट में आप जानते hi है की किस से मुलाक़ात होने वाली है हमारी. तोह लिखे ठोकने का और रेवोस रखने का गाइस.


धन्यवाद! ✨
 
अपडेट - 104 ~ थे ग्रैंड कॉन्सर्ट

अब तक...

आखिर इसी के लिए तोह वह शॉपिंग करने भी आये थे. दिव्या ने जो कॉल कार्ड सुहाना को फेक के दिया था, उसके संग एक फ्लायर भी था.

जो था...

और आखिर में जो कार्ड उसने फेका था सुहाना के मुँह पे वह था, एक इनविटेशन कार्ड.

और, इनविटेशन था...

नतालया मार्टिन का...


अब आगे...

लॉस वेगास...

डाउनटाउन...

इवनिंग ~ 7:54 पं

*Screeeeeeeeeeeccccchhhhhh*

कार आके सीधा रुकी. अंदर मौजूद थे वीर और सुहाना जो अभी अभी फोरम शॉप्स ात कैसेर्स से आ रहे थे. दोनों hi अच्छे कपडे पहने हुए थे.

*थुड़*

वह बाहर निकले और कार का दरवाज़ा बंद हुआ.

वीर : कहा है मिस दिव्या?

सुहाना : उसने कहा था की वह एंट्रेंस के बाहर एक क्लब है वह मिलेगी. देखो आस पास, कोई क्लब वगैरह दिख रहा है क्या?

वीर ने नज़रे घुमाई तोह पास hi उससे एक क्लब दिखाई दिया.

वीर : कॉल करना बेटर होगा ी गेस.

सुहाना : हम्म! वेट ा मिनट!

वीर की बात मान कर सुहाना ने दिव्या को कॉल लगाया और बात करते hi उन्हें पता चला की वह उसी क्लब में थी, जहा वीर देख रहा था.

सुहाना : अंदर hi है वह वह उस वाले क्लब में. Let's जो!

दोनों hi भीतर की ऑर्डर चल दिए. लगभग 8 बज रहे थे और क्लब के अंदर का माहौल मस्ती और जगमगाती दज लाइट्स से भरा पड़ा था.






थिरकते लोग, लाउड स्पीकर्स पर बजते अंग्रेजी गाने, कॉकटेल्स एन्जॉय करते लोग, सोफे पर बैठे विप्स और अध् नंगे कपड़ो में नाचती लड़किया.





वीर और सुहाना उन् लोगो के बीच से निकलने के लिए आगे बढे तभी इतने में एक नशे में धुत्त गोरी लड़की वीर की छाती से आके चिपक गयी.

अपनी पतली कमर को वह यु मटकाते हुए, अपनी नशीली आँखों से उससे रिझाने लगी,

वीर की नज़रे उस लड़की को ऊपर से नीचे तक स्कैन कर रही थी. लड़की ख़ूबसूरत तोह थी. पर, वीर के मैं में एक hi बात निकली,

'ी हैवे जीरो इंटरेस्ट इन यू, गर्ल!'

[Hahahaha~]

और उसकी इस बात पर पारी भी हस्स उठी. वीर को 36 काम थे. यदि वह ऐसी ऐसी हर्र एक लड़कियों पर गिरने लगा तोह वह कही का नहीं रह पाएगा. और वैसे भी, करा, सोनिआ, सुहाना, रागिनी जैसी लेडीज के मुक़ाबले इस लड़की की सुंदरता फीकी मालुम पद रही थी.

बस एक नज़र दाल उसने अपनी नज़रे मोड़ ली, और इधर सुहाना ने जब ये सब देखा तोह वह वीर की कलाई थाम उससे खींच कर आगे बढ़ गयी,

सुहाना : तुम्हे मज़्ज़ा तोह बड़ा आ रहा होगा, है न?

वीर : हम्म? क्यों भला?

सुहाना : सामने से लड़की आके चिपक रही थी. इतने भोले क्यों बन्न रहे हो?

वीर : उसकी जगह अगर कोई और आके चिपकता तोह शायद मज़्ज़ा आ जाता.

जैसे hi उसने ये कहा, सुहाना चलते चलते अचानक hi रुक गयी और पीछे पलट के उसकी आँखों में देखि.

कहना क्या चाह रहा था ये लड़का? कही वह...!?

कही वह ये तोह नहीं कहना चाह रहा था की उस लड़की की जगह सुहाना खुद होती तोह...!!

दोनों का ये ऑय कांटेक्ट 5 से 6 सेकण्ड्स के लिए बना रहा. न वीर ने कुछ कहा और न hi सुहाना ने. एक अजीब सा अट्मॉस्फेरे जन्म ले रहा था उन् दोनों के बीच.

लेकिन, सुहाना ने अगले hi पल उस अट्मॉस्फेरे को भांग कर दिया. वह वापस मुड़ी और वीर के हाथ को थाम अंदर की ऑर्डर उससे ले जाने लगी.

बिना कुछ कहे hi, उन् दोनों के बीच कुछ न कुछ बातें तोह ज़रूर हो चुकी थी. सिर्फ एक दूसरे के नैनो से. जैसे सुहाना परखना चाह रही थी की क्या वीर का इशारा उसकी ऑर्डर था? और वीर ये देखना चाह रहा था की क्या सुहाना ने उसकी बातो को अपने ऊपर लिया था? और यदि लिया था तोह वह क्या करने वाली थी? परन्तु, नैनो की कश्मकश ज़्यादा देरर न चली. दोनों hi एक रिक्त स्थान पर आ कर अटक चुके थे.

इस रिक्त स्थान को भरने के लिए दोनों को hi अपने मैं की बातें सामने रखने की ज़रुरत थी. जो दोनों hi नहीं करने वाले थे.

वह पुनः आगे बढे और अंदर जैसे hi वह पहुचे, वह एक नए हॉल में प्रवेश कर गए.

लाइट्स और भी डिम थी यहाँ, ये एक प्रकार से रेस्ट रूम की तरह था. बाहर का शोर यहाँ काम सुनाई दे रहा था. जगह जगह मिर्रोर्स लगे हुए थे जिधर अन्य लड़किया कड़ी होक अपना अपना make-up ठीक करने में लगी हुई थी.

और उन्ही में से एक जगह कड़ी हुई थी,

दिव्या!!!

वीर : वह रही आपकी डिअर फ्रेंड.

उसने इशारा करते हुए कहा. सुहाना ने नज़रे दौड़ाती हुए देखा तोह दिव्या वह कड़ी मिरर में खुद को सवार रही थी.










और वीर जैसे hi आगे बढ़ा, दिव्या ने मिरर में से उन् दोनों को आते देख लिया.

वह आईने में वीर को घूर रही थी.






सुहाना : चले भी अब?

दिव्या : हम्म! क्यों नहीं!? Let's जो!

सुहाना : तोह इसलिए तुमने मुझे यहाँ बुलाया था हाँ?

दिव्या : फ़ोन पर बताया तोह था न मेने.

सुहाना : तुमने कहा था की एक क्लाइंट ने तुम्हे कांटेक्ट किया है. तुमने ये नहीं बताया था की वह क्लाइंट कौन था. थे फैक्ट तहत आईटी टर्न्ड आउट तो बे हेर... अवा!!!!

दिव्या : अब उससे नतालया कहके बुलाओ सुहाना. सेलिब्रिटी से काम नहीं है अब वह. इस एक साल में पूरी म्यूजिक इंडस्ट्री पर केहर बरसा के रख दिया है उसने. जिधर देखो बस उसी के गाने छा रहे है आज कल.

सुहाना ये सुन्न एक चिंता में डूब गयी.

दिव्या : अब क्या सोचने लगी?

सुहाना : ी जस्ट don't गेट आईटी. लास्ट टाइम मेने उससे बचपन में hi देखा था. सोनू के संग. और मुझे तब ऐसा कुछ भी याद नहीं था की वह सिंगिंग में टैलेंटेड है. और अब...

दिव्या : पीपल चेंज दिव्या. उसने म्हणत तोह करि hi होगी. इस तरह की आवाज़ और इतनी फैन फोल्लोविंग. सिर्फ पैसा फेकने से नहीं मिल जाती.

सुहाना : ...

वीर : उम्! हम चल रहे है न?

दिव्या (स्माइल्स) : ऑफ़ कोर्स!

मुस्कुराते हुए वह वीर के बगल से आयी और तीनो hi बाहर की ऑर्डर निकलने लगे,

चलते चलते hi दिव्या धीरे से वीर के पास आयी और,

दिव्या : हे!!! कैसी लग रही हु में?

वीर ने उस पर ऊपर से नीचे नज़र डाली और उससे ये maan'na hi पड़ा की दिव्या की पर्सनालिटी भले hi कैसी भी थी, पर आज लग तोह एकदम पताका रही थी.

वीर : गुड!

दिव्या (स्माइल्स) : बस गुड? ऍम ी नॉट लुकिंग हॉट?

वीर : एहम! यू दो एक्चुअली...!

वीर की आनेस्टी पर वह उससे मुस्कुराते हुए देखि, ये मुस्कान सच में ऐसा लगा जैसे एकदम सच्ची थी.






'इस थिस थे रियल यू?' वीर के मैं में उसकी आवाज़ आयी.

यहाँ से रवाना होते hi वह पहुँच गए डाउनटाउन में, जहा नतालया का म्यूजिक कॉन्सर्ट रखा गया था.

बाहर लोगो की लाइन तोह ऐसे लगी थी, प्रतीत हो रहा था जैसे पूरा वेगास hi यहाँ उतर आया था.

वीर : व्हाट थे...!?

दिव्या : देख रही हो क्रेज सुहाना? ये वही अवा है जो सोनिआ के साथ बचपन में खेलती थी. फंस देख रही हो उसके? हाहाहा~ ी don't इवन रेमेम्बेर लास्ट टाइम मेने कब इतनी भीड़ देखि थी एक साथ.

सुहाना : अंदर चलो वर्ण और दिक्कत होएगी हमे.

जैसे hi वीर अंदर जाने के लिए हुआ तोह अचानक hi उसके पेरीफेरल विज़न में एक जाना माना शख्स दिखाई दिया.

'हहहहह!?? जोइययी??'

सुहाना : वीर??? कहा खो गए?

वीर : आप दोनों अंदर चलिए में आता हु.

सुहाना : अरे पर...!?

वीर इतना बोल वह से उस भीड़ में अलग दिशा में घुस गया और एक पल में hi तमाम जनता के बीच कही गायब हो गया.

दिव्या : वह आ जाएगा. Let's जो!

सुहाना : नहीं!!! उससे आ जाने देते है फिर...

दिव्या : अच्छा बाबा! एक काम करते है इस एंट्रेंस के अंदर तोह चल देते है? यहाँ बोहत भीड़ हो रही है. अंदर हम उसका वेट कर लेंगे.

सुहाना ने हामी भरी और वह दोनों hi अंदर चली गयी. वह वीर को यु अकेला नहीं चोरर्ण चाहती थी.

इधर वीर भारी भरकम भीड़ में जोए को पीछे पीछे फॉलो करते हुए उसके पास बड़ी मुश्किल से पहुचा और उसने पीछे से hi जोए का हाथ थाम उससे पलटा दिया,

वीर : व्हाट अरे यू दोंग हेरे?

जोए : वह-!?

वो पलटी और वीर को सामने देख हैरान रह गयी.

जोए : वीएररर!!!!!

वीर : येह! यू हेरे?

जोए : अह्ह्ह! ी...

उसका सर्र नीचे झुक गया.

वीर : व्हाट हप्पेनेड?

जोए : It's... ी जस्ट चामे हेरे तो रेतुर्न थे ड्रेस. There's ा फेमस शॉप हेरे. एंड व्हेन ी वास् पासिंग बी... ी गोत लॉस्ट! तू मान्य पीपल... यू क्नोव...

अपने कंधे उचकाते हुए वह थोड़ा उनकंफर्टबले वे में बोली,

वीर : रिटर्निंग ड्रेस? व्हाई सो?

जोए अपनी एक बेहद सुन्दर सी ड्रेस को रेतुर्न करने आयी थी. जो की यही एक शॉप से ली गयी थी.

जोए : बिकॉज़ ी रेंटेड आईटी... ाहः~

वह शर्मिंदा होते हुए बोली. बात साफ़ थी. वह वैसे hi पैसो को लेकर तंगी में थी. मेन्शन में भी उसने अपनी किस्मत आज़माना चाहा था पर उसके हाथ कुछ न लगा. उल्टा जान और गवा बैठी थी वह.

जोए ने एक ड्रेस यहाँ से रेंट पर ली थी, ये सोच के की फैशन मॉडलिंग के फोटोशूट के दौरान, उसकी ये फोटोज बड़े बड़े मैगज़ीन फोटोग्राफर्स तक शायद पहुँच जाए और वह उससे अपने साथ काम करने के लिए बुलाये.

पर जैसा उसने सोचा था वैसा कुछ न हुआ. उन् फोटोग्राफर्स ने जोए को काम से काम सेमि नुदे होने का कह दिया था. जोए उन् चाँद लड़कियों में से एक थी जो नुदितय में अपना हाथ नहीं डालना चाहती थी. अक्सर उससे लोग ताने मारते थे की मॉडल bann'ne के सपने देखना वह चोरर दे.

जो लड़की नुदितय एक्सेप्ट नहीं कर सकती वह क्या ख़ाक मॉडल बनेगी. सच कहा जाए तोह फैशन की दुनिया में ऐसी नग्नता को नार्मल hi माना जाता है. जोए एक ऐसी मॉडल bann'na चाहती थी जो बिना नुदितय के भी, केवल अपनी खूबसूरती और फिगर के बल पर पूरी फैशन इंडस्ट्री को डोमिनाते कर के रख दे.

पर अफ़सोस, हम जैसा चाहते है ज़रूरी नहीं की वैसा hi हो. उससे एक पुश की ज़रुरत थी बस. बस थोड़ा पैसा खर्च करने की ज़रुरत hi. लेकिन दिक्कत भी तोह यही थी. उसके पास पैसा नहीं था.

वीर जोए का स्टेटस जानता था. और उसने एक बार में hi सब भांप लिया था.

जोए : ी... ी मस्ट जो नाउ! ी कन्नोत मिस माय ट्रैन. ोथेरविसे ी won't बे अबले तो अफ़्फोर्ड अन्य मोरे टिकट्स. ाहः~

वो फिरसे नकली हस्सी देते हुए हस्सी और मुड़ी,

वीर : वेट!!!

जोए : हँ?

वीर ने उससे रोक लिया. पीछे मुद जब उसने वीर को देखा तोह...

वीर अपनी ब्लेजर की जेब से कुछ निकाल रहा था.

उसने एक कागज़ का पन्ना निकाला और जोए के हाथ में थमा दिया.

[Ehhhh? M-Maasterrrr???]

कुछ पल तोह जोए इधर वीर को hi देखती रही लेकिन जब उसने नीचे उस कागज़ पर गौर किया तोह उसकी आँखें अचंभव के मारे फेल उठी,

जोए : Wh-Whaaatttt??? N-Noooo!!! व्हाट अरे यू दोंग?

वह कागज़ कोई ऐसा वैसा कागज़ नहीं था. चेक था वह. वही चेक जो वीर को रिवॉर्ड के रूप में इन्वेस्टीगेशन डिपार्टमेंट से मिला था. निघतवलकेर को जो पकड़ाया था उसने.

कई हज़ारो डॉलर्स का चेक था वह. और ये रिवॉर्ड वीर का था.

वीर : हैवे आईटी!! यू नीड आईटी मोरे थान में.

जोए : व्हाट?? No!!! ी can't टेक थिस. नॉट ात आल!!!

और उसने वह वापस उससे थमाने की कोशिश करि, पर वीर न माना. जब उसकी एक न चली तोह वह वीर की ज़िद्द के आगे हार hi गयी,

जोए : B-But... No! ी जस्ट can't...

जोए की अपनी एक प्राइड थी. यदि वो पैसे चाहती तोह नुदितय में घुस कर न जाने कितने कमा लेती. पर उसने ऐसा नहीं किया. तोह भला वह वीर के हाथ से ये पैसे फ्री में कैसे ले सकती थी? इस बात को वीर समझ चूका था. इसलिए,

वीर (स्माइल्स) : थें यू कैन रपय में. ओने डे व्हेन you'll बिकम ा फेमस मॉडल. ात तहत टाइम थिंक ऑफ़ में... You'll फंड में इन मुंबई, इंडिया. ी होप बी तहत टाइम, ी वोउल्ड हैवे मेड ा नाम ऑफ़ माइसेल्फ.

वीर ने उसकी साड़ी प्रॉब्लम एक सेंटेंस में सोल्वे कर दी. उसने जोए को उधार के रूप में ये पैसे दिए. बेशक, अब जोए की प्राइड को उतना धक्का नहीं लगा था. उसके ज़हन में भी यही बात थी अब की वह उधार ले रही थी. न की फ्री में उससे ये पैसे तरस खा के दिए जा रहे थे.

आसुओ की कोमल कोमल बूंदे अपने आप उसकी आँखों से निकल पड़ी, वो रट हुए धुंधली आँखों से अपने हाथ में उस चेक को देख रही थी.

जोए : I'll रेमेम्बेर थिस. I'll डेफिनिटेली रपय यू बैक सम डे. ी प्रॉमिस...!

पर जब तक उसने अपनी नज़रे ऊपर कर वीर को देखा, तब तक वीर पलट के दूर जा चूका था. उसने बिना मुड़े hi अपना हाथ हवा में उठाया और गुडबाय का इशारा कर वह दुबारा से उस भीड़ में खो गया.

जोए अपनी आँखों से ासु पॉच एक अंतिम बार वीर जिस ऑर्डर गया उस दिशा में देखि और अपनी सूटकेस उठा के वह पलट के निकल गयी.

***

इधर वीर जैसे hi कुछ क़दम hi आगे बढ़ा था जब,

*डिंग*

[Zoey's favourability has been increased by 40.]

[Master! Pehle mein surprised thi. Par at the end, aapne ek sahi kaam kiya. She needed that cheque.]

'पारी! कई बार हमे रिश्ते भी बनाने पड़ते है.'

[Par Master agar future me Zoey aapka kiya hua ye favour bhul gayi aur kabhi bhi aapko repay nahi kiya toh?]

'तोह क्या? तोह कुछ नहीं पारी! वह कहावत तोह सुनी hi होगी. नेकी कर, दरिया में दाल.'

[Thats... Indeed! Master!]

वीर मुस्कुराया और आगे बढ़ कॉन्सर्ट के वेन्यू की एंट्रेंस में घुस गया.

***

"कहा रह गए थे तुम???"

घुसते hi उससे बगल से सुहाना की आवाज़ सुनाई दी. दोनों दिव्या और वह उसका hi इंतज़ार कर रही थी.

वीर (स्माइल्स) : इमरजेंसी!!!

सुहाना : क्याआ?? और पियो धेरर सारा पानी कार में बैठे बैठे... अरे मॉल में भी तोह...

दिव्या : एनफ!!!! सुहाना! हम पहले hi लेट है. Let's जो!

दिव्या उससे खींच के लेते हुए आगे बढ़ी, और इधर सुहाना पीछे पलट के वीर को अपनी आँखें सिकोड़ते हुए देखि जैसे कहना चाह रही हो की ये लेक्चर वह बाद में सुनाएगी उससे.

वीर अंदर hi अंदर मंद मंद मुस्कुराया. कभी कभी ये सुहाना एकदम बच्चियों जैसे बेहवे करने लगती थी. ऐसा लगता था जैसे उसकी दूसरी पर्सनालिटी मानो बाहर आ रही हो.

वीर, दिव्या और सुहाना जैसे hi वेन्यू में एंटर किये, वह अंदर का नज़ारा देख के hi दांग रह गए.

कॉन्सर्ट इतना भव्य था की कहने के लिए शब्द नहीं थे उनके पास.






धेरर साड़ी जगमगाती लाइट्स, आसमान तक उनकी रेज़ फैली हुई थी, स्मोक पाइप्स से धुआँ उठ रहा था, भारी मात्रा में लोग थिरक रहे थे, सामने बेहद बड़ी सी स्क्रीन में नतालया दिखाई दे रही थी जो स्टेज के बीचो बीच बेहद ख़ूबसूरत ड्रेस पहने कड़ी हुई थी.

शायद वह गाना शुरू करने hi वाली थी.

वीर और बाकी सब एक्ससिटेड लोगो के बीच से अपना रास्ता खोजते हुए आगे बढे. विप सीट्स की ऑर्डर, जो सबसे आगे मौजूद थी. वह लेट थे. वर्ण उन्हें ऐसे भीड़ के बीच में से नहीं आना पड़ता.

पर वीर उन् लोगो के बीच से गुज़रते वक़्त...

*डिंग*

उसकी आँखों में अचानक पल भर के लिए लाली छायी. और उसने आस पास इधर से उधर नज़रे फिराते हुए देखा. उसकी आँखें बाज की तरह लोगो को स्कैन करने लगी.

वह एक पल भी बेकार नहीं जाने देना चाहता था. निघतवलकेर के मेन्शन में होक आने के बाद उसने सिस्टम को और एफ्फिसेंटली और फ़ास्ट उसे करना शुरू कर दिया था. वह जानता था ये कितना ज़रूरी था.

सुहाना जो आगे चल रही थी वह अचानक से पीछे मुड़ी, और जैसे hi उसने वीर को देखा,

वीर की आँखें वापस से नार्मल हो चुकी थी.

सुहाना : हम्म? इस समथिंग रॉंग?

वीर : नथिंग! कीप मूविंग!

सुहाना : हम्म!

और सुहाना के फिरसे मुड़ते hi,

*डिंग*

उन् आँखों में लाली फिरसे जन्म ले उठी.

सब कुछ इतनी तेज़्ज़ी से हुआ की सुहाना को पता भी नहीं चला की वीर ने अभी अभी उसके बगल से खड़े होक बोवुल्फ़ एक्टिवटे करके इन् चाँद सेकण्ड्स में hi अपने आस पास का जायज़ा भी ले लिया था. ये सब कुछ सेकण्ड्स में हुआ. वह इतना तेज़्ज़ हो चूका था सिस्टम उसे करने में. पारी भी जैसे उसकी साड़ी मैं की बाते समझती थी. एक पल नहीं लगा उससे वीर के थॉट्स को पूरा करने में.

वीथिन सेकण्ड्स, पारी ने बोवुल्फ़ एक्टिवटे किया और वापस से डीएक्टिवेट कर दिया. और सुहाना के मुड़ने के बाद फिरसे एक्टिवटे कर दिया. वीर और पारी के बीच कोई बात भी नहीं हुई. जैसे पारी अब अपने मास्टर के लिए और फ़ास्ट और एफ्फिसिएंट हो चुकी थी. सब कुछ बिना कहे hi हो गया. उन्हें आपस में बात करने की ज़रुरत hi नहीं पड़ी.

फिलहाल, वीर को आस पास से ऐसा कुछ भी नहीं सुनाई दिया जो चर्चा या चिंता का विषय बने और न hi उससे कुछ ऐसा दिखाई दिया. जो की एक राहत वाली बात थी. और इसलिए उसने बोवुल्फ़ डीएक्टिवेट कर दिया.

वह जैसे तैसे उस भीड़ से निकल आगे आये. एकदम आगे. सामने लम्बे लम्बे वाइट सोफे रखे हुए थे. केवल विप लोगो के लिए. और कई सारे विप पहले से hi वह बैठे थे. वह वीर, सुहाना और दिव्या को hi देख रहे थे.

बाहर दो गार्ड्स थे जो विप इन्विताशंस चेक कर रहे थे. दिव्या ने इनविटेशन कार्ड उन् गार्ड्स को थमाया और गार्ड्स ने उन्हें अंदर जाने दे दिया.

दिव्या अपने सोफे के ऊपर लगे टैग में अपने नाम के पास पहुची और वीर और सुहाना को इशारा कर उसने आगे बुलाया.

तीनो उस सोफे पर बैठ गए.

और उधर ऊपर बड़े से स्टेज पर गिटारिस्ट, ड्रमर और अन्य मुसिशन्स नतालया के इर्द गिर्द अपनी जगह पर बैठे इंस्ट्रूमेंट्स सेट करना शुरू करने लगे.

*Booooooooooommmm*

स्टेज के सामने से फिरवर्क्स ऊपर हवा में उड़े, जनता का शोर तथा हूटिंग शुरू हुई,

और वीर ने जैसे hi नज़दीक से ा

नतालया को देखा, वह वही जम्म के रह गया.

'हहहह!!!'

[Okay! I admit. She's gorgeous!]

और पारी ने भी अपनी हामी भर दी.

नतालया बेहद ख़ूबसूरत थी. वीर ने कभी नहीं सोचा था की उससे करा और सोनिआ जैसी के लेवल की कोई लड़की इतनी जल्दी उससे इसी जन्म में देखने को मिल जाएगी.

*बेदुम्प*

उसका दिल एक धड़कन जैसे फांद गया.

और अगले hi शान,

'चेक!'

वीर ने नतालया को चेक किया. लेकिन जैसे hi उसने चेक किया, नतालया की आँखें तुरंत hi वीर पर टिक्क गयी. वह स्टेज से सीधा उससे घूर रही थी.

'हहहहह??? व्हॉट??'

पर फिर वीर ने ध्यान दिया, की नतालया ने सिर्फ उससे hi नहीं, दिव्या और सुहाना को भी देखा. और एक हलकी सी नोद दी बस.

उसके बाद उसने फिर गाना शुरू किया.


ी क्नोव it's फडिंग, गोइंग अवे फ्रॉम माय हैंड्स,

आईटी नेवर वास् तेरे, हद फूलड़ में टिल थे एन्ड.

फीलिंग्स ऑफ़ माइन.... येत कीपिं' मेई ालईईईईवी!

नोबडी वांट्स तो सी थे पैन बेहीईईईन्न्नद...

क्लोज्ड माय हार्ट, एंड नाउ I'm ों माय मीईईइंड...

स्लीपपिन' अवे फ्रॉम माय गृप...

तेरे गोज माय विश...


एंड, लेट्टिंग जो ी no लॉन्गर नीड तहत वीले पाआसससटटटटटटट....

नतालया की आवाज़ पूरे वेन्यू में गूँज उठी.





जनता का शोर उमड़ उठा.

कोई इंस्ट्रूमेंट्स नहीं बजे थे. सिर्फ और सिर्फ उसकी आवाज़ hi थी. और जिस तरह से उसने ये गाय था. उस आवाज़ के पीछे एक अलग hi दर्द था. और क्या hi कमाल की पावरफुल वौइस् थी. पर साथ hi उतनी hi मधुर.

उसकी आवाज़ इतनी अलग थी की सुनते hi वीर के शरीर के रौंगटे खड़े हो गए. उसकी आँखें अपने आप बंद हो गयी. और सिर्फ वीर hi नहीं था. सुहाना और दिव्या का भी यही हाल था.

सुहाना ये भी जान गयी थी अब की क्यों इतनी ज़्यादा भीड़ थी नतालया के लिए. शी वास् तू गुड! लाइव स्टेज पर ऐसे लाइव गाना. कोई नोट्स मिस नहीं हो रहे थे. हर्र एक हाई नोट एकदम सही लगा था उसका. और आवाज़ ज़रा भी नहीं लड़खड़ाई उन् हाई नोट्स को लगाने में.

कितनी प्रैक्टिस चाहिए होती थी इसके लिए ये बात सुहाना भली भाति जानती थी. आखिर उसकी कांटेक्ट में भी कई बड़े सिंगर्स थे. पर नतालया की आज इस आवाज़ लाइव sunn'ne के बाद जैसे वह सारे सिंगर्स अब फीके मालुम पद रहे थे.

ये गाना नतालया ने अभी रिलीज़ नहीं किया था. ये सिर्फ आने वाले गाने की कुछ पंक्तिया थी जो उसने कॉन्सर्ट शुरू करने से पहले गयी और एक्ससिटेमेंट के चलते जनता उधर उतने में hi पागल हो उठी.

सुच वास् हेर क्रेज!!!

उसके बाद फिर म्यूजिक आयी, फिर जाके थोड़ा माहौल पार्टी जैसा हुआ और विबे बानी.

सुहाना : एक घंटे के ऊपर हो गया है. हम कब तक यहाँ बैठे रहेंगे?

दिव्या : मेरी बात हो चुकी है उस से. उसने कहा था की... कॉन्सर्ट के बाद hi डिनर में हमे उसके साथ ज्वाइन करना है. और उधर hi वो साड़ी बातें बताएगी.

सुहाना : मतलब पूरा कॉन्सर्ट भर यहाँ बैठना होगा?

दिव्या : व्हाट इस आईटी? तुम्हे तोह ग्लैड होना चाहिए. फिनॉल गेटिंग तो विटनेस नतालया. फुफुफु~ शुड ी कॉल सोनिआ? बताऊ उससे उसकी बचपन की फ्रेंड के कॉन्सर्ट में बैठे है हमलोग. हम्म?

सुहाना (आँख दिखाते हुए) : यू बेटर नॉट!!!

दिव्या : हाहाहाहा~

सुहाना बीच में थी. वीर और दिव्या उसके बगल से बैठे हुए थे और अपने आप hi उसका हाथ वीर की जांघ पर अनायास hi चला गया.

वीर पर उसका ध्यान नहीं था. ऐसा लग रहा था जैसे वह किसी बात को केकर चिंतित थी.

वीर : What's उप?

सुहाना : ????

वीर : मेने पूछा क्या हुआ? क्या सोच रही हो आप?

सुहाना : अहह! वो में...

वीर : हम्म?

सुहाना : ी जस्ट... तुम जानते हो की अवा... ी मैं नतालया सोनू की चाइल्डहुड फ्रेंड रही है. पर उसके जाने के बाद से हमारे और उसके बीच कांटेक्ट जैसे ख़तम सा hi हो गया है. आज उससे यहाँ ऐसे देख के बस शॉकेड हु थोड़ा. ी नेवर सॉ हेर सिंगिंग इन थे पास्ट...

वीर : तब वह बोहत छोटी रही होंगी... मय्बे इंडिया से जाने के बाद उन्होंने अपने पैशन को फॉलो किया हो?

सुहाना : येह!!! मय्बे...

***

समय गुज़रा और देखते hi देखते ये विशाल कॉन्सर्ट अपने अंत के क़रीब पहुचा.

देखते hi देखते साड़ी जनता अपने अपने घर के लिए जल्दबाज़ी में निकलने लगी. कॉन्सर्ट बेहद हिट था. पर वीर और दोनों सुन्दरिया वापस जाने की बजाये वेन्यू के बगल वाले गेट से बाहर गए.

उधर hi एक बेहद बड़ी 5 स्टार होटल थी. और उसके hi कैंपस में धेरर साड़ी भीड़ इखट्टा हुई पड़ी थी.

फोटोग्राफर्स से लेके रिपोर्टर्स तोह वही हाथो में फ़ोन लिए नतालया के फंस...

नतालया होटल से बाहर निकल रही थी. उसकी काली चम् चमकती ड्रेस स्टैर्स पर लथड़ते हुए पीछे पीछे आ रही थी.






वह कैंपस तक आयी तोह उसके चेहरे पर फ्लैशेस की बौछार शुरू हो गयी.





*क्लिक* *क्लिक* *क्लिक*

पर वह सीधा अपनी वैनिटी वन की ऑर्डर चली गयी.

और इधर बोडीगार्ड्स ने साड़ी जनता और तमाम रिपोर्टर्स अथवा फोटोग्राफर्स को वही रोक लिया.

नतालया ने अपने कपडे चेंज किये और एक टॉप और उसके ऊपर ब्लैक जैकेट दाल वह होटल में वापस चली गयी.

***

इधर वीर की टोली अंदर जाने का वेट कर रहे थे. नतालया के बोडीगार्ड्स ने उन्हें बाहर ठहरा के रखा हुआ था क्युकी तब तक नतालया चेंज करने में लगी हुई थी.

सुहाना : व्हाट थे हेलल?? सोनू की चाइल्डहुड फ्रेंड है वह. और देखो तोह... हमको अनजान समझ के वेट करवा रही है. ी जस्ट...

दिव्या : पीपल चेंज सुहाना... पीपल चेंज...

सुहाना : जस्ट लिखे यू, राइट?

दिव्या : उग्गहह!! Y-Youuuu...

सुहाना : हम्फ!!!

वीर बस मुस्कुरा रहा था. उससे पता था सुहाना ऐसी सीटुएशन्स में पक्के से ट्रिगर हो जाती है. और वही हुआ. सुहाना का ईगो हर्ट हुआ था. कैसे नहीं बड़बड़ाएगी वह?

कुछ देरर के इंतज़ार के बाद hi उन्हें अंदर जाने के किये अल्लोवेद कर दिया गया.

और जैसे hi वह अंदर पहुचे...

नतालया वही बैठी हुई थी. एक टेबल के पास एक सीट पर. डिनर यही होना था.

उसने तीनो को आते हुए देखा और बस एक हलकी सी मुस्कान के साथ बोली,

"वेलकम!!! हैवे ा सीट!!!"






.

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आज के लिए इतना hi गाइस!

सम उपदटेस टैक्स टाइम. रेमेम्बेर थिस वेल. ी हद तो मेक माय ओन लिरिक्स फॉर तहत Natalia's सांग. सर्चिंग फॉर एक्यूरेट रिलेवेंट इमेजेज टैक्स टाइम अस वेल. तोह लाइक्स थोक के जाने का और रेवोस रखने का. ✨


धन्यवाद! ✨
 
अपडेट - 105 ~ थे पिचर (1)

अब तक...

कुछ देरर के इंतज़ार के बाद hi उन्हें अंदर जाने के किये अल्लोवेद कर दिया गया.

और जैसे hi वह अंदर पहुचे...

नतालया वही बैठी हुई थी. एक टेबल के पास एक सीट पर. डिनर यही होना था.

उसने तीनो को आते हुए देखा और बस एक हलकी सी मुस्कान के साथ बोली,

"वेलकम!!! हैवे ा सीट!!!"


अब आगे...

गोल्डन नगेट होटल & कैसिनो,

डाउनटाउन, लॉस वेगास.

नाईट ~ 11:38 पं

ये थी डाउनटाउन की काफी मशहूर होटल में से एक, गोल्डन नगेट होटल.






जिधर कैसीनोस का भी प्रबंध था. अंदर का नज़ारा भी एकदम ख़ूबसूरत था. होटल चीख चीख के ये बतला रही थी की कितना पैसा लगा हुआ था उसमे.





और इसी आलिशान होटल के विप एरिया में, फ़ूड कोर्ट में बैठी हुई थी नतालया. कॉन्सर्ट के बाद डिनर का प्लान था जो की उसने दिव्या के संग रखा हुआ था. डाउनटाउन में hi उसका कॉन्सर्ट हुआ था. और उधर पर hi ये होटल भी मौजूद थी. तोह समय की बचत और नज़दीकी के लिए नतालया ने अपना रिजर्वेशन इस होटल में करवा लिया था.

दिव्या, सुहाना और वीर को जब बाहर से परमिशन मिली तब जा कर वह अंदर विप एरिया में प्रवेश किये.

और अंदर आते hi, नतालया ने उन्हें बैठने के लिए कहा. उसकी नज़रे सामने खड़े तीनो लोग पर गाड़ी हुई थी.






"वेलकम! हैवे ा सीट!"

एक हलकी मुस्कान के साथ वह बोली. पर अपनी जगह से वह टास से मास्स नहीं हुई. सुहाना की बॉहे ऊपर चढ़ उठी नतालया के इस रवैय्ये को देख. तोह उसका अंदाजा सही था मतलब.

नतालया उस मुक़ाम पर आ चुकी थी जहा अब वह सुहाना और बाकी सब के लिए खड़े होकर उनका स्वागत भी नहीं करने वाली थी.

'व्हाट चेंज्ड यू सो मच?' मैं में सुहाना ने खुद से सवाल किया.

परन्तु, उसने कुछ बोलै नहीं. तीनो नतालया के सामने मौजूद चेयर्स पर विराजमान हो गए.

दिव्या : सो? What's थे मटर?

दिव्या ने सीधे सीधे hi पूछ लिया. आखिर ऐसी क्या बात हो गयी थी जो इतनी बड़ी स्टार नतालया ने खुद उससे कॉल कर के उससे बुलाया? साफ़ था की किसी इन्वेस्टीगेशन से सम्बंधित hi काम था. पर क्या?

नतालया : Let's हैवे आवर डिनर फर्स्ट. यू गाइस मस्ट बे स्टार्विंग तू. आर्डर एनीथिंग यू वांट.

दिव्या : ओह्ह्ह!

नतालया ने पहले डिनर करने का फैसला लिया. और वाक़ई इस बात से दिव्या भी सहमत थी. कॉन्सर्ट में बैठे बैठे भूक तोह उन् सभी को लग आयी थी. पहले पेट पूजा फिर काम दूजा वाली बात उन्हें सही लगी.

और सभी वह लज़ीज़ खाने पर टूट पड़े.

नतालया खाते समय किसी से बात नहीं कर रही थी. उसका पूरा ध्यान अपने खाने पर था. जिस कारण से दिव्या और सुहाना ने भी अपनी बोलती बंद कर ली. वही वीर पल पल अपनी नज़रे उठा के नतालया को देखता. पास से तोह और भी क़यामत लग रही थी वह. नतालया ने बस एक hi नज़र डाली थी वीर पे, उसके बाद से उसने वीर को नहीं देखा जैसे मानो वह उसमे एकदम ुनींतेरेस्टेड थी.

तोह वही सुहाना भी पल दो पल नतालया को चोरी छिपे देखती, मैं में उसके धेरर सारे सवाल उठ रहे थे. नतालया उसके साथ ऐसा बेहवे क्यों कर रही थी? कही ऐसा तोह नहीं की वह उससे भूल गयी हो? सुहाना एक भारी चिंता में डूबी हुई थी.

और अंत में आखिर वाली कुर्सी पर दिव्या के माथे पर भी सिलवटें छायी हुई थी. खाना तोह वह खा रही थी, पर उसका ध्यान खाने पर काम और नतालया ने उससे क्यों बुलाया उस पर ज़्यादा था.

नतालया और दिव्या एक दूसरे को जानते थे. नतालया जानती थी की दिव्या सुहाना की दोस्त है और एक प्राइवेट डिटेक्टिव है वेगास में. बल्कि, सोनिआ और करा भी ये बात जानती थी. यहाँ तक की बचपन में hi वह सभी दिव्या से मिली चुकी थी. आखिर दिव्या और सुहाना स्कूल, कॉलेज से hi एक साथ थे.

जब सभी का खाना पीना हो गया तोह दिव्या से और रहा न गया.

अपने बालो के बन को खोल, उसने हवा में अपनी काली ज़ुल्फ़े लहराई और कुर्सी पर अदब के साथ बैठते हुए बोली,

दिव्या : डिनर इस दोने. What's थे डील नाउ?





सुहाना : राइट? सुच ा बिग सेलिब्रिटी मिस नतालया मार्टिन. व्हाई दीद यू कॉल उस पुअर सोल्स हेरे?

सुहाना ने एक टॉन्ट मारा. भला हम जैसे गरीब लोगो की क्या ज़रुरत पद गयी इन् महारानी साहिबा को? वह नकली मुस्कान के साथ नतालया को चिढ़ाने के लिए बोली.





नतालया : कॉल में नट!

सुहाना : ओह्ह्ह! ी थॉट 'अवा' वोउल्ड बे मच प्रिफर्ड बी यू!? हम्म?

उसके मुँह से 'अवा' शब्द निकलते hi नतालया के माथे पर लकीरें छा गयी और उसकी आँखें सुहाना को घूर कर देखने लगी.

नतालया : नट! ी प्रेफर नट!!! योर मूड इस ऑफ! लुक्स लिखे यू didn't एन्जॉय माय शो.

और इस बार एक वार यहाँ से नतालया ने किया. उसका कहना था की सुहाना ने लगता है उसका शो एन्जॉय नहीं किया इसलिए काफी बेकार मूड में थी.

सुहाना : हँ?

इसके पहले की दोनों के बीच कोई युद्ध शुरू होता...

वीर : एहम...!

वीर के बीच में आवाज़ करते hi सभी की नज़रे उस पर टिक गयी. और दिव्या को तभी ध्यान आया,

वह वीर के दायी ऑर्डर बैठी हुई थी. वीर के कंधे पर हाथ रख नतालया को समझाते हुए वह बोली,

दिव्या : राइट! थिस इस वीर. वीर! She's नतालया. Sonia's चाइल्डहुड फ्रेंड.

वीर ने नोद करते हुए हाथ आगे बढ़ाया तोह नतालया ने भी हाथ आगे कर उसका हाथ थामा और हैंडशेक किया.

हाथ आपस में स्पर्श होते hi...

'सॉफ्ट...!'

[Hehe~ :heh: ]

नतालया : नीस तो मीट यू!

वीर : It's ा प्लेअसुरे!

दिव्या : आल्सो... यू क्नोव व्हाट?

नतालया : हम्म?

दिव्या (स्माइल्स) : He's ा म्यूच्यूअल फ्रेंड ऑफ़ सोनिआ एंड करा.

*साइलेंस*

दिव्या की बात सुनते hi नट की आँखों में पल भर के लिए जैसे एक चमक सी आयी. उसने वीर को पुनः घूरा और एक हलकी मुस्कान उसके होंठो पर सज्ज गयी.

वीर : उम्... अबाउट कॉन्सर्ट. थे वे यू स्टार्टेड...

नतालया (स्माइल्स) : हिंदी आती है मुझे! हम हिंदी में बात कर सकते है. जस्ट बिकॉज़ I'm हाफ वाइट doesn't मैं ी हैवे फॉरगॉटन माय नेटिव लैंग्वेज. इन फैक्ट, ी प्रेफर हिंदी मोरे थान इंग्लिश.

वीर : यह!! ी सी!

वीर ये नहीं भूल सकता था. थोड़ी देरर पहले hi उसने नट को चेक किया था. कॉन्सर्ट के दौरान. तब उसने देखा था...

*डिंग*

[Name : Ava Martin

Stage/Alias Name : Natalia Martin

Age : 26

Status : Singer/ Businesswoman/ Celebrity

Bio : Ava Martin! Jayesh aur Grace Martin ki eklauti beti. Aur Sonia, Kaera ki childhood friend. Pita hindustani the. Par dedh saal pehle hi unka dehaant ho gaya. Grace Martin head injury ke chalte coma me hai. Maa ke prati Ava ka sabse zyaada jhukaav raha hai. Aur isliye woh apna naam apni maa ke surname ke saath poora karti hai. Unhi ke liye woh gaati hai, Grace hi uska sab kuch hai ab. Pita ki maut ke baad usne singing ki duniya me qadam rakha. Aur dedh saal me hi usne khud ka label 'Blue' records khada kar liya hai.

Favourability : 7

Relationship : Strangers.]

वीर ये जानता था की अवा का जन्म इंडिया में hi हुआ था. यदि वह बचपन में इंडिया में थी और उसके पिता इंडिया में hi काम करते थे तोह ज़ाहिर है की वह इंडिया में hi पैदा हुई थी. एक अनुमान तोह लगा hi सकते थे.

शायद यही एक कारण था जो उससे हिंदी, इंग्लिश दोनों hi बड़ी अच्छे से आती थी.

वीर ताजुब था ये जान के की बाहर जाने के बावजूद, अवा अपनी नेटिव लैंग्वेज भूली नहीं थी.

वीर : तोह... आपके शो की स्टार्टिंग के कुछ पल... जब आपने बिना किसी इंस्ट्रूमेंट्स के वह चाँद पंक्तिया गयी थी. ख़ास कर अंतिम पंक्तिया... एंड लेट्टिंग जो, ी no लॉन्गर नीड तहत वीले पास्ट. जिस तरह आपने धीरे धीरे शब्दों को उठा के हाई नोट्स पर पोहचाया. वह मेरा सबसे फवौरीते part था.

वीर ने दिल से मुस्कुराते हुए कहा. नट ने उससे जब इस तरह देखा तोह वह जैसे कुछ कहना hi भूल गयी. शान भर के लिए वीर को देखि और फिर उसने गइल करते हुए वीर पर से नज़रे फेरर ली,

नट (गिगल्स) : ोहकाय! थैंक यू...!






इधर सुहाना और दिव्या कभी नट को देखती तोह कभी वीर को. उन्हें ऐसा महसूस हो रहा था जैसे वह फ़ालतू में यहाँ बैठी हुई थी. हाँ भाई. आपस में hi मौज कर लो. हम तोह जैसे चूतिये है यहाँ. कुछ ऐसे hi थॉट्स उनके मैं में आ रहे थे.

नट : यू हैवे ा कीं परसेप्शन!

वीर : No! नॉट अस मच अस योर्स.

नट (स्तारेस) : ओह्ह! *स्माइल्स*

पर तभी...

वीर : फूऊक्ककककककककक!!!!

नट : ??

वीर को जांघ में एक हल्का दर्द महसूस हुआ. उसने नज़रे नीचे कर देखा तोह उसकी बायीं जांघ पर... सुहाना चिकोटी काट रही थी.

'हँ?'

सुहाना उससे टेबल की नीचे से जोरर से चिमटी काटने में लगी हुई थी और उसकी आँखें? उसकी आँखें जैसे वीर को खा जाने वाली नज़रो से देख रही थी.

बोहत फ्लिर्टिंग सूझ रही है हाँ? ये ले अब!

मैं में यही सोच रही थी वह.

'शीत्तत्त!'

दिव्या : एहम!!! सो? इंट्रोडक्शनस हो गए! क्या अब हम जान सकते है? क्या मटर है?

दिव्या ने मैं टॉपिक को फिरसे उठाया. उसके बगल से वीर और सुहाना खुसपुसाते हुए एक दूसरे से झगड़ रहे थे पर दिव्या ने नट की ऑर्डर फोकस रखना चाहा.

नट : राइट!

एक हामी भर नट ने अपने आस पास बैठे स्टाफ को वह से बाहर जाने का इशारा किया. और अब वह पर केवल वही 4 लोग मौजूद थे.

एक लम्बी सांस लेते हुए नट ने उन् तीनो को देखा और फिर बोली,

नट : ी नीड योर हेल्प!

दिव्या : हम्म? वह तोह मैं समझ गयी थी जब तुमने कॉल किया था. से ओपनली.

नट (फिर एक लम्बी सास लेते हुए) : I'm बीइंग थ्रीटेनेड.

वीर : हँ?

दिव्या : क्या?

सुहाना : ....!!!?

नट : यस!!! I'm बीइंग थ्रीटेनेड.

कहते हुए उसने एक कार्ड टेबल पर हाथो से सरकाते हुए आगे कर दिया.

दिव्या ने उससे थामते हुए पढ़ा,

दिव्या : हम्म? यू अरे बीइंग इन्वितेद तो थे रॉयल क्लिंक? तोह इसमें बुरा क्या है? ये तोह इनविटेशन है.

नट : इनविटेशन है. पर मौत का.

वीर : क्या मतलब?

नट : मतलब ये की... लुक! यू गाइस मस्ट हैवे हर्ड अबाउट शेर्लोट?

दिव्या : शेर्लोट? वेट! ये तोह वही इमर्जिंग पॉप सिंगर है न? जिसकी अभी रीसेंट में डेथ हो गयी? सुसाइड कर लिया था उसने?

नट : यस एंड no!

सुहाना : व्हाट दो यू मैं?

नट : शेर्लोट और में कांटेक्ट में थे. वो एक इमर्जिंग सिंगर ज़रूर थी. एंड ा वैरी प्रोमिसिंग ओने ात तहत. पर उसने सुसाइड नहीं किया था. जितना में उससे जानती हु. वह ऐसा कभी कर hi नहीं सकती. नेवर! उसने खुद मुझे मैसेज किया था की वह एक नई एल्बम रिलीज़ करने वाली है. पर उसके पहले hi वह...

दिव्या : सो यू अरे सुग्गेस्टिंग की ये एक मर्डर है? एक कांस्पीरेसी?

नट : यस!!!

सुहाना : हाउ? तुम इतनी यकीन के साथ कैसे कह सकती हो? मेने आर्टिकल पढ़ा था नेवसपपेर में शेर्लोट का. इन्वेस्टीगेशन हुई थी उसकी सुसाइड को लेकर. लेकिन फॉरेंसिक रिपोर्ट्स में साफ़ साफ़ सामने आया था की उसने पाइजन लेके सुसाइड किया है. टॉक्सिन्स से hi उसकी मौत हुई है.

नट : ऐसा भी तोह हो सकता है की किसी ने उससे पाइजन दिया हो? वह कभी ऐसा नहीं कर सकती. ी बिलीव की पुलिस ने उसके केस को डेथ बी सुसाइड का नाम देके बंद कर दिया है.

वीर ताजुब में सब कुछ देख सुन्न रहा था. हैरान वह इसलिए था की सुहाना को इन् सब बातो की भी खबर थी. फ्लाइट के दौरान तोह वह मैगज़ीन पढ़ने में लगी हुई थी. ये सब पढ़ने का समय कब मिला उससे?

तोह वही वह नट की बातो से भी अचंभव में था. शायद मामला गंभीर और बोहत hi उलझा हुआ था.

दिव्या : वह सब चोर्रो. अवा... ी मैं नट! मुझे ये बताओ की ये इनविटेशन तुम्हे कैसे मिला और तुम ये क्यों कह रही हो की ये मौत का इनविटेशन है? क्या मतलब है तुम्हारा इस बात से?

नट : It's जस्ट अस आईटी साउंड्स. दो यू वांट तो क्नोव व्हाई?

दिव्या : ???

नट : क्युकी डेथ के पहले... शेर्लोट को भी ये इनविटेशन आया था.

सुहाना : हँ? हाउ दीद यू कण--!?

नट : बिकॉज़ शी शोवेद में ा फोटो. उससे भी शामे इनविटेशन आया था.

सुहाना : सो व्हाट? इस से ये प्रोवे नहीं होता की शेर्लोट की मौत से इसका कोई कनेक्शन है. राइट?

सुहाना की बात पर नट एक मज़ाकिया मुस्कान में उससे देखते हुए सर्र हिलायी जैसे मानो सुहाना की इन्वेस्टीगेशन स्किल्स की खिल्ली उड़ा रही हो.






सुहाना : Wh-Whaaatttt? Y-You थिंक में बकवास कर रही हु? हहहह? ी कैन रीड गेस्टुरेस वेल okay? अरे यू मॉकिंग में? हहह?

इस से पहले की वह और भड़कती, अचानक hi उससे अपनी दायी जांघ पर एक हाथ का स्पर्श हुआ.

'????'

देखा तोह पाया की वीर का हाथ था. जैसे वह कंसोल कर रहा था उससे शांत रहने के लिए. हैरानी की बात ये थी की ये तरीक़ा काम भी कर गया. सुहाना एकदम शांत हो गयी. कही न कही, उससे ये एहसास अच्छा लग रहा था. वीर का उससे ऐसे सपोर्ट करना. वह खुश थी की नट जैसी ख़ूबसूरत लड़की को देखने के बाद भी वीर ने अपनी टीम नहीं बदली थी. वह अभी भी उसकी टीम में था. नहीं तोह अक्सर ऐसे मौके पर लड़के पलटी मार के सुन्दर लड़कियों की चाटने लग जाते है.

पर वीर अलग था.

वह बगल से वीर के चेहरे को निहारने लगी.






और इधर वीर की निगाहें तिकी ज़रूर नट पर थी पर अंदर hi अंदर वह मैं में,

'पारी!!!'

[Got it!]

*डिंग*

[Basic Enemy Tracker is in use...]

[Tracking...]

*डिंग*

[No enemies were found.]

'हम्म्म!!! ी सी!'

दिव्या : अभी भी डॉट्स को कनेक्ट करने में मुझे प्रॉब्लम हो रही है. तुम कहना क्या चाहती हो?

नट : व्हाट ी मैं तो से इस... शेर्लोट को ये इनविटेशन आया था. शी टूक ा फोटो ऑफ़ आईटी एंड थें सेंत में. लेकिन उसके नेक्स्ट दिन hi उसकी डेथ हो गयी. पुलिस सेअर्चेद फॉर थे डिटेल्स. बूत एन्ड में एक सुसाइड केस बना के उससे एन्ड कर दिया. अब शामे इनविटेशन मुझे आया है.

दिव्या : तोह तुम्हारा मतलब है की ये एक डेथ ट्रैप है?

नट : एक्साक्ट्ली!!!!

सुहाना : बकवास! हम्फ~ I'm सॉरी तो से. बूत तुम्हारी बातो का कोई सेंस नहीं बन्न रहा है.

दिव्या (फ्रोंस) : क्या तुम इस रॉयल क्लिंक के बारे में और बता सकती हो कुछ?

नट : मेने jaan'ne की कोशिश की. ी हैवे सम कनेक्शंस तू. पर मुझे बस एक hi डिटेल मिल पायी है.

दिव्या : I'm आल ेअर्स. फइलल में उप!

नट : एक तरह की पार्टी होती है. उससे hi रॉयल क्लिंक का नाम दिया गया है. यू क्नोव? वाइन ग्लासेज को आपस में चियर्स करते हुए... तहत काइंड ऑफ़ पार्टी... लोग मास्क्स पेहेनते है इधर. अपनी आइडेंटिटी हाईड करने के लिए. That's आईटी. बस इतना hi मुझे पता है.

दिव्या : हम्म!!! वाइन पार्टी... रॉयल... हँ!???? वेट!!!! क्या कहा तुमने??

नट : ???

दिव्या : वाइन पार्टी???

दिव्या अचानक hi हड़बड़ाते हुए वीर को देखि. और बेशक, वीर की आँखें भी हैरानी के मारे फैली हुई थी.

दिव्या : V-Veeerrrr!!!!! क्या तुम भी वही सोच रहे हो जो में सोच रही हु?

वीर (नॉड्स) : थे थिर-

दिव्या : एसससससससस!!!! थे थर्ड ओने!!!! थे थर्ड ओने!!!! वीररररर!!!!

सुहाना : हँ? ये तुम दोनों...!?

दिव्या : थर्ड क्रिमिनल सुहाना!!!! थर्ड फूकिंग क्रिमिनल....!!! जिम, निघतवलकेर एंड नाउ थिस.... फुकककक!!!

सुहाना : अह्ह्ह!!!?

दिव्या ने जैसे कुछ भांप लिया था. और उसका अंदाजा गलत नहीं था. क्युकी वीर ने भी ये भांप लिया था.

वाइन!!! रॉयल!!! इन् दो शब्दों से hi वीर को एक अंदाजा लग गया था.

निघतवलकेर क्या करता था? ड्रग्स बेच के महंगी महंगी विन्स का बिज़नेस. और वह विन्स वह किसी और जगह भेजता था.

महंगी विन्स... और अब ये रॉयल क्लिंक...

कुछ न कुछ कनेक्शन तोह ज़रूर था. शायद पहेली की दो डॉट्स का यही जुड़ाव था.

लेकिन तभी,

दिव्या : No no no no न्यूऊओ!!! न्यूऊओ!!!!

दिव्या सर्र हिलाते हुए टेंशन में आ गयी.

नट : व्हाट इस आईटी?

दिव्या : अगर ऐसा है तोह... शीट्ट्ट्ट!!!! इसका मतलब ये सीधा हाउस ऑफ़ थे किलर्स से जुड़ा हुआ है.

नट : वह-!? हाउस ऑफ़ थे किलर्स?

दिव्या : हाँ!!! दमन ित्त्त!!! फिर अब ये एक प्राइवेट केस नहीं रहा. नट!! हम पहले से hi एक बोहत बड़ी गैंग ऑफ़ सीरियल किलर्स के पीछे इन्वेस्टीगेशन में लगे हुए है. और जिस हिसाब से तुमने डिटेल्स दी है. I'm प्रीटी सूरे ये हाउस ऑफ़ थे किलर्स का कोई थर्ड मेंबर hi है. व्हाट दो यू थिंक वीर?

वीर (नॉड्स) : हम्म! ी एग्री! निघतवलकेर विन्स किसी को सेल्ल करता था. नॉट तो मेंशन की उनमे सबसे महंगी से महंगी विन्स मौजूद थी. और रॉयल क्लिंक के नाम से तोह यही मालुम पद रहा है की... थर्ड मेंबर इधर से हो सकता है.

दिव्या : That's राइट!!!! नट! अब ये केस प्राइवेट नहीं रहा. पब्लिक हो चूका है. सो, you'll हैवे तो co-operate वी--

नट : नॉट ात आल!!!!

दिव्या : हँ?

नट : मुझे अपना नाम क्रिमिनल केसेस में नहीं लाना है. That's थे व्होले रीज़न व्हाई ी कॉल्ड यू. वर्ण में कॉप्स को hi इन्फॉर्म नहीं कर देती सीधा? ी कॉल्ड यू सो तहत यू कुड डील विथ आईटी इन प्राइवेट.

दिव्या : B-But... थिस मटर इस हूजे नट... ऐसे में...

नट : ी कैन गिव यू ा हेफ्टी अमाउंट!

नट ने एक तक जवाब दिया. अमाउंट शब्द सुनते hi दिव्या भी चुप रह गयी.

दिव्या : हाउ मच?

नट : ान अमाउंट व्हिच won't डिसअप्पोइंट यू!

*साइलेंस*

और एक मिनट तक बस सन्नाटा सा छ गया.

नट : जस्ट don't इन्वॉल्व माय नाम इन अन्य ऑफ़ आईटी. That's थे ओनली कंडीशन. सो? डील और नॉट?

सुहाना दिव्या को hi घूर के देख रही थी. इधर दिव्या ने एक लम्बी सांस ली और बोली,

दिव्या : दोने थें! It's ा डील!!!

और उसने इतना बोलै hi था की...

"यू बीट्सकछहहहहहह!!!!"

सुहाना जोरर से बगल से चिल्लाई,

दिव्या : Wh-What???

सुहाना : फायदा दिखा नहीं की...

दिव्या : शट उप सुहाना! हम्फ! देखो तोह कौन बोल रहा है? खुद तोह हर्र समय प्रॉफिट होते hi अपनी गए-- ी मैं... अपनी जेबो में ठूस लेती हो पैसे. और अब मुझे कह रही हो? हम्फ!

सुहाना : Y-Youuuu!!!! क्या कहा तुमने?? M-Mein इस तरह किसी के कहने पर...

दिव्या : व्हाट? अब मिर्ची लग गयी हाँ?

सुहाना : फ़क ऑफ बितछःह!!!

दिव्या : ओह्ह शट थे फ़क उप...!!!

इन् दोनों की बहस जैसे hi शुरू हुई तोह वीर दोनों के बीच बैठे जैसे चक्की में गेहू की तरह पीस रहा था. उसने एक लम्बी आह छोर्री,

'पारी!!!'

*डिंग*

[Intimidating Presence has been equipped.]

और ये इक्विप होते hi,

वीर : THAT'S एनफ!!!!!!!

वीर ने जोरर से बुलंद आवाज़ में कहा.

*साइलेंस*

एक घनघोर ख़ामोशी छा गयी. दोनों सुहाना और दिव्या सन्न होक रह गयी. इंटिमीडेटिंग प्रजेंस! जैसा नाम वैसा काम. वीर की प्रजेंस ऐसी हो गयी थी जैसे मानो वह सभी एक राजा के सामने बैठे हो.

आँखों में तेज, बैठने का ढंग, उसके चेहरे के भाव, बुलंद आवाज़ और उसका और.

सब जैसे उन्हें हैरत में दाल दिया. उसका करेज, विजडम, विलपॉवर, और कॉन्फिडेंस सब 200% बढ़ चूका था.

सुहाना : ी... ी...

सुहाना के मुँह से कुछ निकल hi न पाया. वह एकदम बकरी की तरह सीढ़ी बन्न के बैठ गयी.

वीर : अगर सब कुछ हो गया है तोह हमे अब चलना चाहिए.

दिव्या : R-Right!!!

दिव्या भी थोड़ी सेहमी हुई हाँ में गर्दन हिलायी और नट से डील फाइनल कर वह सभी वह से उठ के बाहर के लिए जाने लगे.

नट खुद हैरत में सब कुछ देख रही थी. ये हुआ क्या था अभी अभी?

खर्र! जो भी था, बड़ा hi विचित्र था.

तीनो होटल के बाहर आ चुके थे. और सुहाना दिव्या दोनों hi वीर को चोरी छिपे देख रही थी बार बार.

उन्हें अंदर से ऐसा महसूस हो रहा था जैसे वीर में अचानक hi कोई नया शख्स घुस आया था. जैसे कोई एक राजा का... या एक बडशाह का... एक सुप्रीम किंग की पर्सनालिटी जैसे...

पर हर्र फायदे के साथ साथ उसके नुक्सान भी थे.

इंटिमीडेटिंग प्रजेंस ऑफ नहीं हो सकता था. एक बार लगाया तोह इसका इफ़ेक्ट पूरे समय रहता था. और साथ hi अब वीर 24 घंटे के लिए Beowulf's ब्लेस्सिंग्स इक्विप नहीं कर सकता था. ये एक दुविधा ज़रूर थी.

वीर : व्हाट नाउ?

दिव्या : R-Right!!! नट ने इनविटेशन कार्ड मुझे दिया है. एड्रेस दिया हुआ है यहाँ. मुझे अभी hi एक काम करना पड़ेगा.

सुहाना : अब क्या??

दिव्या : किसी से मिलने जाना है. यू कैन लीव िफ़ यू वांट. टेक माय कार.

सुहाना : फाइन थें!!! मैं जा रही हु घर. मुझे वैसे hi नींद आ रही है. आईटी वास् तू तिरिंग फॉर में. I'm लीविंग...!

दिव्या : हम्म! ये लो कीस! वीर!! के विथ में! हमे एक जगह और चलना है.

सुहाना : K-Kyaaa??? V-Veer?? वीर को क्यों? कहा जा रही हो तुम.

दिव्या : क्या हुआ? मेने कहा न एक काम है. उससे अभी hi करना है.

सुहाना : हाँ! P-Par वीर को क्यों...!?

दिव्या : अरे? वीर रहेगा साथ में तोह अच्छा रहेगा न. वैसे भी... ा यंग हॉट वुमन... स्ट्रॉलिंग अलोन इन लॉस वेगास... यदि मुझे कुछ हो गया तोह? हाँ? कौन जवाब दार रहेगा?

सुहाना : Y-Youuuu!!!! बीच...!!!!

दिव्या : हम्फ! जो अवे नाउ बीच! निक भी डिपार्टमेंट से लौट hi रहा होगा. घर पर कोई रहना चाहिए दरवाज़ा खोलने के लिए. C'mon! Let's जो वीर!

कहते हुए दिव्या अपनी गांड मटकाते हुए मुद के चली गयी. और इधर सुहाना अपना मुँह फुला के उससे बस गुस्से में देखती रह गयी.

जब उसने वीर को देखा तोह बस उसके नज़दीक आयी और उसके कानो में धीरे से बोली,

"Don't लेट हेर बात यू उप!!!"

और बस, इतना बोल वह दिव्या की कार लेके वह से रवाना हो गयी.

वीर मुस्कुराते हुए वह से मुद दिव्या के पास आया और दोनों कैब कर किसी जगह चल दिए.

वीर : सो?

दिव्या : क्या?

वीर : आपने मिस नतालया की डील एक्सेप्ट कर ली है. तोह अब इन्वेस्टीगेशन डिपार्टमेंट से इन् बातो को कैसे छिपाओगी आप?

दिव्या : मुझे करना क्या है? ी कैन से एनीथिंग! कह दूंगी की मुझे थर्ड क्रिमिनल के बारे में पता लग गया है. और मेने एक्शन भी लेना शुरू कर दिया है.

वीर : अगर वह पूछे कैसे और कहा से पता लगा तोह?

दिव्या : कह दूंगी की मुझे किसी ने बताया था. गवाही देने के लिए मेरे पास बोहत से लोग है. तुम और सुहाना भी तोह हो उनमे से. ः~

वीर : यू...!!

दिव्या : अब तुम भी उस नकचीदी सुहाना की तरह बीच बोलने वाले थे क्या मुझे?

वीर : No!!! ी वास् जस्ट... सुरप्रीसेड ा बिट.

दिव्या (स्माइल्स) : मुझे बस डिपार्टमेंट में इतना hi बताना है की थर्ड क्रिमिनल की खबर मिल चुकी है. डिटेक्टिव्स इन्वेस्टीगेशन में लग जायेंगे. मेरे पास उन्हें घुमाने के लिए कई तरीके है. ात थे शामे टाइम, हम नतालया की प्रॉब्लम भी सोल्वे कर देंगे. मुझे मेरा फायदा भी हो जायेगा. डिपार्टमेंट की तरफ से फिर अलग पैसा. That's व्हाट वे कॉल हिटिंग तवो बर्ड्स विथ ओने स्टोन.

वीर उसकी हर्र बात सुन्न बस मुस्कुरा रहा था. तोह ऐसे इन् मोहतरमा ने इतना बड़ा घर बनाया था. वाक़ई! दिमाग तोह था दिव्या में बोहत.

*स्क्रीईएक्सक्कछहः*

गाडी रुकी, और दोनों वीर और दिव्या बाहर निकले.

एक बार था ये. कोई ज़्यादा बड़ा नहीं था. लेकिन स्लॉट मचिनेस एक के बाद एक लगी हुई थी. और कुछ लोग अभी भी लाटरी निकालने में लगे हुए थे.

दिव्या : तुम यहाँ मेरा इंतज़ार करो. में अभी आती हु.

वीर : यू सूरे यू don't वांट में इन तेरे?

दिव्या (विंक्स) : ी दो वांट यू इनसाइड! हाहाहा~

वीर को चेररते हुए वह अंदर चली गयी. डबल मीनिंग जोक्स तोह कोई दिव्या से करवा ले.

अंदर जाते hi दिव्या की नज़र एक लड़के पर पड़ी. करीब 28-29 की उम्र का प्रतीत हो रहा था.

दिव्या उसके समीप गयी और उसने उसके कंधे पर थप तपाते हुए उससे उठाया. शायद थोड़ी बियर पी राखी थी उसने.

वह लड़का उठा और दिव्या को सामने देख वह मुस्कुराया,

"ओह्ह्ह!!! लुक who's हेरे? हाहाहाहा!!! M-My डिअर दिवि!!! हेहेहे~"

दिव्या : Don't फ़क विथ में फ्रेड!!! ी हैवे ा जॉब फॉर यू! अरे यू इंटरेस्टेड और नॉट?

फ्रेड : इंटरेस्टेड? ऑफ़ कोर्स!! O-Of कोर्स I'm इंटरेस्टेड! हैः~

उसने दिव्या को ऊपर से नीचे तौलती हुई नज़रो से देखा. दिव्या की बॉहे सिकुड़ी, पर वह बोली कुछ नहीं.

उसके बाद दिव्या ने पूरी बातें बतायी और पूछा,

दिव्या : नाउ तेल्ल में? कैन यू दो आईटी?

फ्रेड : हाउ मच दिवि? हेहेहे~ यू क्नोव ी चार्ज ा लोट!!!

दिव्या : मच बेटर थान थे लास्ट टाइम. नाउ से?

फ्रेड (सुरप्रीसेड) : ओह्ह्ह्ह!!! ऑलराइट! यू गोत में! हहै~

दिव्या : गुड!

अभी वो पलटने hi वाली थी की तभी फ्रेड ने उसके गोर गोर कंधे पर अपने हाथ रख दिए.

दिव्या : व्हाट अरे यू दॉईंणगगग????

फ्रेड : हैः~ Let's हैवे सम फन बेबी!

दिव्या : यू फुकेर!!!! गेट अवे यू बास्टर्ड!!!! *किक्स*

फ्रेड : ारर्घः!

और एक टांग फ्रेड के परर पर मार वह वह से पलट के बाहर निकल आयी.

दिव्या : फूकिंग मोरोन... बास्टर्ड...!!! दिक्खीद...!!! हम्फ!!!

वह बड़बड़ाते हुए बाहर निकली तोह वीर उससे सवालिया नज़रो से देखा,

वीर : क्या हुआ?

दिव्या : उम्... N-Nothing!

दोनों टहलते हुए कैब का वेट करने लगे. और चलते चलते hi,

दिव्या अचानक hi अपनी पीठ वीर के आगे कर कड़ी हुई,

दिव्या : कैन यू... कैन यू फिक्स थिस?

उसकी गोरी मखमली पीठ वीर के सामने थी. वह अपने गले में पहनी हुई चैन को फिक्स करने की बात कर रही थी.

वीर ने अपने हाथ आगे बढाए. पर जैसे hi उसके हाथ दिव्या की पीठ से स्पर्श हुए,

*डिंग*

[Mystic Touch has been triggered.]

'ेहठ!?'

"ननननहहहहहहहगग्गहह!!!!"

एक लाउड मोअन दिव्या के मुँह से निकली.

"अह्ह्ह्ह!!!!" एकदम भौचक्की सी होते हुए उसने अपने मुँह पर दोनों हाथ रख अपनी आवाज़ रोकी. पर वीर ने सब कुछ सुन्न लिया था.

'ओह्ह्ह!!! फुककक!!! मिस्टिक टच? इस समय? फुखखक्क!!! व्हाई नाउ?'

[Enjoy! Hahaha~ 😆 ]

इस बार दिव्या के गाल सुर्ख लाल हो रखे थे. ऊपर से वीर ने इंटिमीडेटिंग प्रजेंस भी इक्विप कर रखा था.

वह वीर से अलग होने के लिए पलटी, पर उससे धकेलते समय जैसे hi उसका हाथ वीर के सीने पर पड़ा...

"ननननघःहःहः!!!!!"

सीने की गर्माहट उससे मदहोश कर बैठी. उसका हाथ वीर के सीने से अलग hi न हुआ.

दिव्या : What's... What's हप्पेनिंग तो में?

उसकी आँखें एकदम नशीली हो राखी थी. और वह झुकते झुकते वीर के चेहरे के क़रीब आती जा रही थी.

दिव्या : N-Nooo! ी... ी can't... ी can't लेट थिस हैपन... V-Veeeerrr!!!

वह उसके गाल से लग गयी.






और अगले hi पल,

"मममममपहह्ह्ह्हह्ह्ह्ह!!!!!!?!!"

दिव्या के गुलाबी रसीले होंठ वीर के होंठो से जा लगे. लबो का लबो से स्पर्श होते hi दिव्या का पूरा जिस्म ठिठुर उठा.






वीर ने भी फिर एक पल न गवाया, उसकी पतली कमर को अपने हाथो में जकड उसने दिव्या को पूरी तरह से अपनी बाहो में जकड लिया.

*स्लुर्प* *सल्लूररररपपपपप*

"ममममममम~ ननननघःहः!!!! आआआहहहहहहह!!! स्स्स्सस्स्स्स~"

और दोनों इस मीठे और थोड़े गीले चुम्बन में खो गए. हाथ में जब दिव्या जैसी माल आ रही हो तोह वीर कैसे पीछे रह सकता था?

उसके हाथ भी दिव्या के बदन की मशहूर जगहों को खोजने में निकल पड़े.

पर तभी,

*डिंग*

[Mission : Assassinate the Pitcher.

Rewards : 1) ???? points.

2) ??? Fame Points.

3) 1 Random scroll.

Time Limit : 2 days.

Mission Failure Penalty : 1) ??? Points deduction.

2) Mystic Touch will be removed.]

और वीर के मैं से बस यही निकला,

'यह!!! शीट्ट्ट्ट!!! हेरे वो जो अगेन!!!!'

.

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.

.

.

.

.

आज के लिए इतना hi गाइस!

अपना अपना काम करने के जाने का में. लाइक्स ठोकने का और रेवोस रखने का. और साथ बने रहने का.

धन्यवाद! ✨
 
मेगा अपडेट

अपडेट - 106 ~ थे पिचर (2)


अब तक...

उसके हाथ भी दिव्या के बदन की मशहूर जगहों को खोजने में निकल पड़े.

पर तभी,

*डिंग*

[Mission : Assassinate the Pitcher.

Rewards : 1) ???? points.

2) ??? Fame Points.

3) 1 Random scroll.

Time Limit : 2 days.

Mission Failure Penalty : 1) ??? Points deduction.

2) Mystic Touch will be removed.]

और वीर के मैं से बस यही निकला,

'यह!!! शीट्ट्ट्ट!!! हेरे वो जो अगेन!!!!'


अब आगे...

सुबह के 6:48 हो रहे थे. दिव्या का घर सुबह की सूर्य की किरणों में रोशन हो रहा था.

और वह एक काला साटन का व्रैप ओढ़े चिंता में घर के लॉन में कड़ी हुई थी.






मैं एकदम विचलित था उसका. कल जो कुछ भी हुआ, वह नहीं होना चाहिए था.

सोचते हुए उसका हाथ अपने आप खुद के गुलाबी होंठो पर चला गया. उससे कल देरर रात का मंज़र याद आया,

कैसे वीर उसके होंठ चूस रहा था. और वह खुद कैसे उस से लिपटी हुई थी. ये जानते हुए भी की वह एक शादी शुदा औरत है. अब जैसे उससे पछतावा हो रहा था. पर न जाने क्यों, कल पता नहीं वीर में ऐसा क्या था जो वह खुद को रोक hi न पायी.

वीर का हर्र स्पर्श उससे मदहोश कर रहा था. ये क्या हो गया था उससे कल?

'ये क्या कर दिया मेने? में कैसे वीर के साथ? उघ! दिव्या! ये क्या कर दिया तुमने? शादी शुदा औरत हो तुम एक. और फिर भी तुमने? एक 21 साल के लड़के के साथ? छी!!! लेकिन... लेकिन कल... जस्ट व्हाट वास् आईटी? में ऐसा कैसे कर बैठी?'

वह सोच hi रही थी जब अचानक hi,

"ओह्ह्ह!! सुबह सुबह आप यहाँ!?"

आवाज़ सुनते hi दिव्या का तन्न ठिठुर उठा. झट्ट से वह पलटी, देखा तोह वीर पिलर से ठीके हुए हाथ बाँध के खड़ा था.

उसके बदन पे सिर्फ एक वाइट शर्ट थी जिसकी साड़ी बटन्स खुली हुई थी. और उसकी सुडोल छथि दिव्या की आँखों के सामने थी.

वह कैसे हुए सिक्स पैक्स, और श्रेडेड मसल्स. दिव्या ने देखते hi अपने गले में थूक का निवाला गतका.

*धक्* *धक्*

उसका दिल ज़र्रों से धड़क रहा था.

वह पुनः पलटी और एक लम्बी सास लेते हुए बोली,

दिव्या : T-Tum यहाँ? इतनी सुबह?






वीर (स्माइल्स) : ये मेरा सवाल था. क्युकी में तोह रोज़ hi सुबह एक्सरसाइज करने आता हु यहाँ. और मुझे इतने दिनों में कोई भी सुबह नज़र नहीं आया. फिर आज...!?

दिव्या : W-Woh... वह... मेरी नींद आज जल्दी खुल गयी.

बात तोह सच थी. दिव्या की नींद जल्दी खुल गयी थी. पर क्यों? क्युकी रात भर उससे सोने में दिक्कत गयी. रात भर वीर के साथ वह चुम्बन उससे ठीक से सोना न दी.

दिव्या ने कह तोह दिया. पर वीर का कोई जवाब नहीं आया. कुछ सेकंड और गुज़र गए. ख़ामोशी अभी भी छायी हुई थी.

'हम्म?'

और jaan'ne के लिए अभी दिव्या मुड़ने hi वाली थी की तभी एक हाथ उसकी पतली कमर पर पीछे से आया और उससे जोरर से जकड लिया,

"आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह!!!!"

वह हड़बड़ाई!

वीर ने उससे कस के अपनी बाहो में भरा हुआ था.

दिव्या : वीइरररररररर???? ये क्या कर रहे हो? पागल हो क्या??? Ch-Chorro मुझे!!!

अपने नाज़ुक हाथो से वह वीर के हाथ अपनी कमर पे से हटाने की कोशिश करने लगी. लेकिन वीर तोह वीर था. भला उसकी पकड़ को ढीला करना, दिव्या के बस की बात कहा थी?

वह तोह सिर्फ कसमसाती हुई वीर की बाहो में उसका विरोध करती रही, उसका चेहरा शर्म के मारे पूरा लाल हो रहा था.

एक बार फिर, मिस्टिक टच ट्रिगर हो चूका था.

वीर ने उसकी ये हालत देख हस्सी उड़ाई. हवा में उड़ती चिड़िया कैसे उसके पंजो में आके फस्स चुकी थी अब.

उसके मज़बूत हाथ, किसी ज़ंज़ीर की तरह दिव्या के बदन को जकड़े हुए थे. वह जितना hi भागने की कोशिश करती, वीर के हाथो की पकड़ उतनी hi उसके जिस्म पर मज़बूत हो जाती.

एक ताज़ा फूल के सामान खुशबू दिव्या के बदन से आ रही थी, जो वीर के dil-o-dimaag में हलचल मचाये हुए थी. अभी अभी नाहा के जो आयी थी दिव्या. हलके हलके बाल भी उसके गीले थे. और नहाने के बाद उसका गोरा बदन Surya-uday की किरणों में जो चमक रहा था, वह किसी भी मर्द को अपना आप खोने पर मजबूर करने के लिए काफी था.

आज उसने जल्दी नाहा लिया था.

"Ch-Chorro वीर....!" उसकी पतली सी आवाज़ वीर के कानो में पड़ी.

वीर : वेल? आप hi थी जो बार बार शेर के मुँह में अपना हाथ दे रही थी. कहा था न मेने उस रात? Don't गेट तू क्लोज तो में. और you'll गेट बुर्नेद. लुक व्हाट यू मेड में दो नाउ.

वह हस्ते हुए बोलै, उसके हाथ दिव्या की कमर को जोरर से जकड के अपनी ऑर्डर खींचे. दिव्या की पीठ पूरी तरह से वीर की छथि से जा चिपकी. यहाँ तक की वीर का हथियार भी अब उसकी चुत्तड़ो में दखल देने लगा था.

दिव्या : अह्ह्ह!!! Y-Youuuu!!!! मेने कब... मेने कब कुछ किया? तुम्ही तोह मेरे पास आये न अभी? हाँ? L-Leave में नाउ!!! इस से पहले की कोई हमे देख ले. उघ!!!

वीर मुस्कुराते हुए उसके कान के पास झुका और बोलै,

वीर : कल मिस नतालया के साथ डिनर से आते वक़्त. जब आप मेरे पीछे चल रही थी. कौन था वह जो अपने होंठो को दातो से दबा के मेरी ऑर्डर देख अपने ब्रेअस्ट्स को मसलने में लगा हुआ था हाँ?

उसके मुँह से वह सब सुनते hi दिव्या के चेहरे का अचानक hi रंग उड़द गया. पर शर्म अब भी बरकरार थी.

दिव्या : अह्ह्ह्हह!!!! T-Tumne कब...!?

वीर (स्माइल्स) : मेने कब देखा? हुम्फ! गलती आपकी, जो आपने बगल में लगे शीशो पर ध्यान नहीं दिया. साड़ी हरकत आपकी में साइड में लगे शीशो में देख रहा था. यू वेरे थिरस्टिंग फॉर में. राइट?

दिव्या (ब्लशेस) : नननननंग्घहहह~ L-Leave में!!!

उसके गाल गुलाबी हो चले और विरोध के कारण, उसकी गोल मटोल गांड वीर की जांघ और उसके लुंड पर ज़र्रों से घिसने लगी, जिसके चलते वीर का मज़ा दुगुना हो गया.

वीर (स्माइल्स) : लेट में टीच यू ा फ्यू थिंग्स.

वीर ने अगले hi पल, दिव्या की कमर पकड़ उससे और जोरर से अपनी ऑर्डर खींचा और झुकते हुए उस सुगन्धित बदन के लम्बे गोर गले में अपना मुँह दे दिया.

"नननंग्ग्ग्हःहःहःहः!!!!!"

एक तेज़्ज़ सिसकी की आवाज़ आयी. दिव्या की आँखें फटी की फटी रह गयी. वीर उसके गले को बेतहाशा चूमने लगा. उसकी गीली जुबां उस मखमली त्वचा पर फिरती रही.

ऐसा लग रहा था जैसे एक वैम्पायर एक अमला नारी का शिकार कर रहा था उसके गले में अपने नुकीले दांत से गड़ाते हुए. दिव्या एक भेद की तरह प्रतीत हो रही थी जिससे मानो एक भूके शेर के सामने फेक दिया गया हो.

दिव्या : देखो! वीर! M-Mujhe चोर्रो... कल जो कुछ भी हुआ हमारे बीच, उससे में nazar-andaaz कर दूंगी... L-Leave में राइट नाउ!!!!

बड़ी हिम्मत कर के उसने कुछ शब्द निकाले मुँह से. सीना ज़र्रों से ऊपर नीचे हो रहा था. परन्तु, वीर तोह आज किसी और hi मूड में था. आज जैसे उसके अंदर की आग भी भड़क चुकी थी.

और अगले hi पल,

दिव्या : Nnnnnnhhhhhhhhhhhhhh!!!!

वीर ने दिव्या की काली ड्रेस के अंदर से सीधा हाथ दाल उसका एक दूध पकड़ कर बाहर कर दिया. दिव्या भौचक्की सी अपनी हालत को देखती रही बस.

वीर ने जैसे hi देखा तोह वह हैरान रह गया. अंदर कोई भी ब्रा नहीं थी दिव्या के. इसका मतलब...

उसका हाथ तुरंत hi पीछे उन् दो मुलायम चुत्तड़ो के बीच में गया और जैसे hi उसने वह छुआ,

"Aaaaaaaaaahhhhhhh!!!! Sssssssssss~"

दिव्या उछाल उठी.

'सहित!!!! She's नेकेड इनसाइड!?'

[Mujhe ek kaam yaad aaya Master. Mein aati hu thodi derr me.]

*डिंग*

[System has entered into the sleep mode.]

*डिंग*

[Divya's favourability : 74]

नीचे से भी दिव्या नग्न हालत में थी. इसका मतलब साफ़ था. वह सिर्फ यही कपडा खुद पर दाल के अपने हसीं जिस्म को छिपाए हुए थी.

वीर ने उससे जोरर से घुमाया और इसके पहले की दिव्या कुछ कह पाती, उसके होंठ वीर के होंठो की गिरफ्त में जा चुके थे.

"Mmmmmmmmmmmm~"

वह दिव्या को ऐसे मन हैंडल कर रहा था जैसे मानो कोई छोटी सी गुड़िया हो. उसकी छूछीयो को हाथ में लेके आटे की तरह गूंथ रहा था वीर. उन्हें नए नए अकार दे रहा था.

और इस गीली डीप किश से दोनों hi एकदम गरम हो चुके थे. आँखों में नशा साफ़ दिख रहा था.

"वीरररर!!!! जाने दो... जाने दो... देखो!!! ये सब गलत है. हम ये नहीं कर सकते. वे हैवे आलरेडी क्रॉस्ड ा लिमिट. W-We can't नाउ... मंममपहहहहहहहह~"

वीर ने उससे चूमा और उससे झट्ट से गॉड में उठा लिया. वह पल भर में hi दिव्या को उठा के दिव्या के hi पर्सनल रूम में उससे ले गया.

*धपपपप*

उसने जोरर से उसके क्वीन साइज बीएड पर पटका और,

*क्लिक*

दूर नॉब अंदर से घुमा के दूर लॉक कर दिया.

दिव्या : N-Noooo!!!!

बेचारी दिव्या की हालत ख़राब थी. बाल बिखरे हुए थे, होंठो पर थूक सजा हुआ था, पर फिर भी आँखों में खुमारी थी, उत्तेजना थी और एक लालसा भी.

वीर के जिस्म को खुद पर महसूस करने की.

एक जवान औरत और एक उस से भी जवान लड़का. दोनों एक दूसरे को खा जाने वाली नज़रो से देख रहे थे. दोनों जानते भी थे की वह हवस का शिकार हो रहे है. उसके बावजूद दोनों वह करना चाह रहे थे.

वीर उसके ऊपर आया और दिव्या की ड्रेस की वह डोरी उसने खींच के खोल दी. और एक hi झटके में उसके बदन से उसने वह ड्रेस अलग कर दी.

उफ्फफ्फ्फ़!!!

वीर की आँखों के सामने दिव्या का पहली बार पूरा नंगा शरीर सामने था. क्या hi तराशा हुआ जिस्म था.

दिव्या ने कोई विरोध नहीं किया इस बार. न hi बदन को ढाका और न hi वह कुछ बोली.

और उसके बाद शुरू हुआ दोनों का थूक से मेल मिलाप. यानी की डीप किसिंग. भूके जानवरो की तरह वह दोनों एक दूसरे के मुँह को खाने में जुट गए.






कभी वीर दिव्या के होंठो को काटता,





तोह कभी उसके लबो के संग खेलता.





कभी वह उसके दूध चूसता तोह कभी बदन को चूमता. और दिव्या बस निहाल सी हुई जा रही थी. न कोई होश न कोई शर्म अब.





"नाउ! I'll देवयर यू!!!"

वीर ने आहिस्ता से कहा. लेकिन, दिव्या के रौंगटे खड़े हो गए. वह अब उससे खाने आ रहा था.

अपना जोग्गेर नीचे कर उसने पूरा उतारा, अंडरवियर में hi उसका हथियार खतरनाक प्रतीत हो रहा था.

और जैसे hi अंडरवियर हटाई, झटके के साथ उसका लुंड उस से बाहर आया. फटी आँखों से दिव्या कभी उसके लुंड को देखती तोह कभी उसको..

उसकी मुनिया तोह पहले से hi रस चोरर रही थी. इस से अधिक फोरप्ले की कोई ज़रुरत नहीं थी.

वीर (स्माइल्स) : सिसकिया काम लेना. वर्ण वह जाग जाएंगे.

और इतना बोल, वीर ने अपना लुंड दिव्या की छूट की सिराहने रख दिया.

दिव्या : ननंग्ग्ग्ठ~

पिचर गया भाड़ में. वीर आज पहले इस पिच पर बैटिंग के लिए उतरने तैयार था. आज तोह वह हर्र शॉट बाउंड्री के पार मारने वाला था.

कुछ देरर तक दोनों एक दूसरे की आँखों में देखते रहे, वीर अपना लुंड लिए उसकी छूट के दाने पर घिसता रहा. जैसे उससे तैसे कर रहा था. हर्र गुज़रते पल दिव्या बेचैन होती जा रही थी. अपना निचला होंठ दातो में लिए वह जैसे इंतज़ार कर रही थी.

और वह घडी आ hi गयी,

एक बार में वीर का आधा लुंड सनसना के उसकी छूट में घुस गया.

"Aaaaaaaaahhhhhhnnnnnnnnnnnnn~"

खुद की सिसकी को उसने अपने हाथो से मुँह को धाक के रोका.

"फ़क!!! थिस फीलस गुड! दमन! मुझे नहीं लगा था आप अभी भी इतनी टाइट होगी. ुग्ग्ग्ठ!!!"

दिव्या की संतान नहीं थी. ज़ाहिर था की एक आम औरत के मुक़ाबले उसकी छूट में अभी भी तिघटनेस बरकरार थी. निक के साथ सेक्स उसने किया था कई बार. पर निक का लुंड भला वीर के लुंड से कैसे मुक़ाबला कर सकता था!?

100 के ऊपर का अपीयरेंस था वीर का. ज़ाहिर है काफी चंगेस उसके पप्पू पर भी किये थे सिस्टम ने. उसका लुंड दिव्या की छूट को और पहला रहा था. इसके पहले उसने इतने साइज का कभी नहीं लिया था.

उसके हाथ अपने आप वीर की पीठ और बाल पर मंडराने लगे.






बगल में स्टूल पर राखी उसकी और निक की शादी की फोटो फ्रेम को देख, उसने अपनी सिसकिया रोकी और हाथ आगे बढ़ा कर फोटो फ्रेम को गिरा के धक् दिया.

ताकि, ये दृश्य फोटो में मौजूद निक भी न देख पाए. शर्मिंदगी!!!

पर उस से भी ज़्यादा आनंद. जो दिव्या भरपूर उठा रही थी. न जाने कबसे ये फ़्रस्ट्रेशन भरा हुआ था उसमे. सेक्स की बेहद ज़रुरत थी उससे. और वीर ने उसकी उत्तेजना की चिंगारी को आग दे दी थी.

"ाःह्ह्णण!!!! ममममममम~ Y-Yessss!!!!! H-Haaannnnnnn!!!! ओह्ह्ह्हह्हह वीररररररररर!!! हनननननन हनननन हन्नन... ओह्ह्ह गॉडडडड!!! Ssssssssssss एससससस!!! Y-Yahiii नंनंगहःहः ऐसे हीईई.... रररररग्घहहहहह... "






और कमरे में दिव्या की आवाज़ें गूंजती रही. सुहाना और निक अपने अपने कमरे में सो रहे थे. दिव्या ने उनका ख़याल कर अपनी आवाज़ें दबायी.

इधर वीर पोसिशन्स बदल बदल के उससे भोग रहा था. कभी वह उससे उठा के छोड़ता, तोह कभी दीवार से भिड़ा के. धक्के ताबड़तोड़ इतने थे की दिव्या की छूट में दर्द शुरू हो चूका था.

और जैसे hi वीर अपनी सीमा पर पहुचा,

"ओह्ह्ह्ह!!! फुखकककक!!!"

दिव्या : N-Nahhhhiiiiiii!!!! वीर नाहीई!!!! अंदर नाहीई!!!

लेकिन बोहत देरर हो चुकी थी,

*स्पललल्लूऊऊररररत्तत्तत्त*

वीर ने अपना सारा वीर्य दिव्या की छूट में गिरा दिया.

दिव्या : Nooooooooooo!!!!!!!!

वह जोरर से चिल्लाई, पर उसका बदन खुद झटके पे झटके मारता रहा. बेचारी खुद अपना पानी चोरर चुकी थी.

कुछ शान बाद,

दिव्या पूरी तरह नंगी बिस्तर पर पेट के बल लेती हुई थी, तोह वही उसकी मुलायम गांड पर वीर अपना सर्र रख लेता हुआ था.

उसका हाथ जैसे hi दिव्या की मुलायम गांड पर गया तोह,

*चाताआगआकककक*

दिव्या ने उसके हाथ पर जोरर से चपेट मार के हाथ अलग कर दिया.

दिव्या : उधर के बारे में सोचना भी मत.

वीर (स्माइल्स) : ी वास् जस्ट टेस्टिंग थे ग्राउंड्स.

दिव्या : शट उप! और सुनो अब मेरी बात.

वीर : ??

दिव्या : यू इडियट, तुम ने अंदर क्यों गिराया?? मेने तुम्हे मन किया था न. तुम्हे पता भी है तुमने क्या किया?

वीर (स्माइल्स) : Don't वोर्री!! कुछ नहीं होगा!

दिव्या : कुछ नहीं होगा? तुम कोई विधाता नहीं हो जो कह दिया वही होगा. इडियट!!! इसका रिस्क पता भी है? ओह्ह्ह गॉड!! यदि में प्रेग्नेंट हो गयी तोह तुम्हे पता भी है कितनी बड़ी दिक्कत हो जाएगी?

वीर : नहीं होएगी. चिल!!!

दिव्या : Y-Youuuu!!!! देख लेना. अगर कुछ हुआ न, तोह में पूरा ब्लामे तुमपे डालने वाली हु.

वीर : बिलीव में! कुछ नहीं होगा.

दिव्या : T-Tummm! तुमसे तोह बात करना hi बेकार है. तुम इतने यकीन के साथ कैसे कह हो सकते हो हाँ? यहाँ मेरी ये सोच सोच के hi फटी पड़ी है और तुम हो की... एक मिनट! कही... कही तुम्हारे उसमे कोई कुछ गड़बड़ तोह नहीं न...!?

वीर : एक बार और रिफिल करू क्या?

दिव्या : N-Nahiii!!! और नहीं... बिलकुल नहीं...!!!

वीर (स्माइल्स) : जस्ट ट्रस्ट में!

दिव्या : F-Fine थें! और एक बात. हमारे बीच आज कुछ भी नहीं हुआ है. हम पहले की hi तरह है. प्रिटेंड करना की तुम्हारे और मेरे बीच कुछ भी ऐसा नहीं चल रहा. ये फर्स्ट एंड थे लास्ट टाइम था. किसी को भी इस बात की भनक भी नहीं लगनी चाहिए. ख़ास कर निक और सुहाना को. ोथेरविसे दिक्कत हो जाएगी. यू गेट आईटी?

वीर तोह बस उसके जिस्म को निहारने में लगा हुआ था. क्या खूब बदन था सच में दिव्या का. एकदम छोड़ने लायक.

वह इस कान से सुन्न उस कान से दिव्या की बाते निकाल रहा था.

उसने झट्ट से दिव्या को पलटाया और एक hi बार में उसके रस भरे होंठ अपने मुँह में भर लिए,

"मममममममपहहहहहहहह~"

दिव्या बेचारी बड़बड़ाती रही पर वीर तोह उससे सीरियसली ले hi नहीं रहा था. इस समय दिव्या एक ऐसी बिल्ली के सामान प्रतीत हो रही थी जो गुस्से में जोरर जोरर से अपने पंजे चला रही थी पर जैसे hi उसके सर्र को वीर ने थप तपाया यानी की उससे जकड के चूमा तोह अपने आप वह पुर्र करने लगी.

दोनों एक दुसरे से लिपटे नंगे लेते एक दूसरे को चूमने में लगे थे. जीभ से खेल रहे थे वह की तभी इतने में,

"दिव्य्य्यय्यआआआआ!!!!!"

दरवाज़े के बाहर से निक की आवाज़ आयी. सुबह के 8:05 हो रहे थे और तब से hi दिव्या और वीर चुदाई में लगे हुए थे.

आवाज़ सुनते hi दिव्या की सिटी पित्ती गुल हो गयी.

दिव्या : फूऊखककककक!! जल्दी... जल्दी... नीचे!!!

हड़बड़ा के वह उठी, उसने वही अपनी काली ड्रेस फ़ौरन hi ओढ़ के पहनी और वीर को इशारा किया.

वीर अपने कपडे लेते हुए सीधा बीएड के नीचे घुस गया और इधर दिव्या ने दरवाज़ा खोल दिया,

निक : हम्म? यू वेरे स्टिल स्लीपिंग?

दिव्या : Y-Yeah! ी वोके उप जस्ट नाउ.

निक : यू लुक टायर्ड. यू okay?

दिव्या (ब्लशेस) : I'm... I'm okay! Don't वोर्री!

निक : Okay! टुडे इस थे डे. यू थिंक हे कैन दो थे जॉब?

दिव्या : हु? ओह्ह्ह यू मैं फ्रेड? Y-Yess! हे कैन दो आईटी.

निक : Okay थें! लेट में रेमिंद यू, नोलन विल बे आस्किंग यू क़ुएस्तिओन्स. यू सूरे aren't हिडिंग एनीथिंग राइट? ोथेरविसे, माय रेपुटेशन विल जो--

दिव्या : Don't वोर्री! I'm नॉट हिडिंग एनीथिंग.

निक : हाहाहाहा~ That's लिखे माय गुड गर्ल. गेट फ्रेशन उप. वे can't बे लेट टुडे.

कहते हुए वह निकल गया.

दिव्या कह रही थी की वह कोई बात नहीं छिपा रही थी पर निक को क्या पता था की उसकी पत्नी बात तोह चोर्रो, इतना बड़ा जीता जागता इंसान अपने बीएड के नीचे छिपाए हुए थी.

*क्लिक*

इधर दिव्या ने निक के जाते hi दरवाज़ा बंद कर एक राहत की सांस ली, और नीचे से वीर भी निकल आया.

दिव्या : Y-Youuuu!!! बाल बाल बचे है हम. जाओ यहाँ से. जल्दी!!!!

वीर ने अपने कपडे पहने, दिव्या की नज़रे उसके हर्र एक्शन पे तिकी हुई थी. वीर जाने के लिए हुआ पर दरवाज़े तक आते hi, उसने एक बार फिर दिव्या को दीवार से जोरर से सताया और....

*किश*

उसके रसीले होंठो को फिरसे चूसने लगा. दिव्या बेचारी हर्र बार मदहोश सी हो जाती थी. Khud-ba-khud उसके हाथ वीर के बालो पर फिरने लगते थे.

और एक अंतिम लम्बी मीठी और थोड़ी डर्टी किश के बाद, वीर बस मुस्कुराया और वह से निकल गया. और निकलते hi,

*डिंग*

[200 points have been rewarded.]

इधर दरवाज़ा बंद कर, उस से टिक के दिव्या कड़ी रही. अपनी ड्रेस खोल उसने अपने नंगे बदन को घूरा, जिससे अभी अभी एक नौजवान भोग के गया था. छूट पर हाथ फरते hi उसका बदन काँप उठा. एक ऐसी hi चुदाई के लिए तरस रही थी उसकी बुर. और आज उससे वह मिल गयी.

'ी होप एवरीथिंग विल बे फाइन!'

सोचते हुए वह फिरसे वाशरूम में घुस गयी.

***

9:26 ऍम

नाश्ता रेडी था. और डाइनिंग टेबल पर बैठ वीर खाने में लगा हुआ था. सुहाना उससे सर्वे कर रही थी. निक खा चूका था पहले hi और वह टीवी पे न्यूज़ देखने में लगा था.

तभी अपने कमरे से दिव्या बाहर आयी. और वीर के सामने वाली चेयर पर बैठ गयी.

सुहाना : गुड मॉर्निंग!

दिव्या : मॉर्निंग!

सुहाना ने उससे भी सर्वे किया और दिव्या कॉफ़ी का मग लिए नाश्ते में जुट गयी. वह वीर को देख hi नहीं रही थी. तोह वही वीर उसकी साड़ी हरकतों पे ध्यान दे रहा था.

सुहाना को भी अजीब लगा. रोज़ तोह कैसे चिपक चिपक के दिव्या वीर से बाते करती थी. आज क्या हुआ फिर? हँ? कही रात में कल कुछ?

ये ध्यान आते hi सुहाना की आँखें फेल गयी.

वीर की तरफ वह फ़ौरन मुड़ी,

वीर : ??? व्हाट?

सुहाना (खुसपुसाते हुए) : कल रात... तुम्हारे और दिव्या के बीच कही कुछ...!?

वीर : बिलकुल नहीं! आपने ऐसा सोचा भी कैसे?

सुहाना : यू aren't लाइंग राइट?

वीर : में कभी झूठ बोलता हु?

सुहाना : *स्माइल्स*

वह अंदर किचन में जाने के लिए हुई पर जाते जाते, पलट के वीर को ज़रूर देखि.






किचन की एंट्रेंस पर भी कड़ी होक वह वीर को देख रही थी.





शायद उसने वीर पे भरोसा कर लिया था. और मैं hi मैं वह ये जान के खुश थी की दिव्या के चार्म्स पर वीर लट्टू नहीं हुआ.

पर बेचारी उसको क्या पता था. की यहाँ वीर नहीं, बल्कि दिव्या खुद उसके चार्म के आगे लट्टू हो राखी थी.

यहाँ तक की अभी उस से बैठना भी मुश्किल हो रहा था. छूट उसकी कुलबुला रही थी. दर्द भी था पर एक और घमासान चुदाई के लिए जैसे तड़प रही थी वह.

खर्र! ये ब्रेकफास्ट का समय ऐसे hi गुज़रा. डिपार्टमेंट के लिए सभी रावण हो गए.

दिन भर तोह दिव्या का समय यही समझाने में निकल गया की उससे तीसरे क्रिमिनल की जानकारी कहा से मिली.

बहाने बना बना के उसने जैसे तैसे नोलन को मनाया. और शाम होते hi सबकी नज़रे बड़े से प्रोजेक्टर पर पड़ गयी.

सुहाना, दिव्या, वीर और निक सभी बैठे हुए थे. नोलन और माइक अथवा बाकी सदस्य आगे विराजमान थे.

वीर के राइट में सुहाना थी और लेफ्ट में दिव्या. तोह वही दिव्या के लेफ्ट में निक.

दिव्या वीर से बाते करने में हिचकिचा रही थी और वीर बस मज़्ज़े ले रहा था.

और तभी, प्रोजेक्टर पर लाइव रिकॉर्डिंग दिखाई देने लगी.

वीर : तोह ये प्लान था आपका? हम्म?

दिव्या : हाँ!

सामने स्क्रीन पर उन्हें एक बेहद hi बड़ी सी होटल का दृश्य दिखाई दे रहा था.

ये फ्रेड hi था जो अपनी ऊपर की जेब में हिडन कैमरा लगाए उस होटल में प्रवेश किया था.

उसका काम था बस होटल में घुस के इन्फो लेना की आखिर हो क्या रहा है वह पर. क्या नट ने जो बताया वैसा hi कुछ सन था यहाँ? या फिर कुछ और?

और फिर दिखाई दिया एक मनमोहक दृश्य. भारी मात्रा में लोग अपने अपने चेहरे पर मास्क्स लगाए वाइन पी रहे थे और धीमी सी धुन पर नाच रहे थे. कोई बात कर रहा था तोह कही बड़ी सी डाइनिंग पर लोग टोस्ट कर रहे थे. कही शैम्पेन की बॉटल्स खोली जा रही थी तोह कही हस्सी मज़ाक चल रहा था.

दिव्या की नज़रे सामने स्क्रीन पर गाड़ी हुई थी.






सुहाना : फिलहाल तोह कुछ भी ऐसा उनुसुअल नहीं दिख रहा.

वीर : राइट!

और तभी, फ्रेड की आवाज़ सुनाई दी.

फ्रेड : नथिंग दौब्त्फुल हेरे.

दिव्या : कीप चेकिंग!!!

दिव्या ने इंस्ट्रक्ट किया. फ्रेड और दिव्या दोनों hi एक दूसरे की बाते सुन्न पा रहे थे. डिपार्टमेंट के बाकी लोग भी फ्रेड को क्लेअर्ल्य सुन्न पा रहे थे. वह कम्युनिकेशन के लिए एक दूसरे से कनेक्टेड थे.

थोड़ा और चेक करने पर भी फ्रेड को ऐसा कुछ भी अलग सा नहीं लगा. एक नार्मल पार्टी hi लग रही थी उससे जब,

उसके पीछे खड़े कुछ लोगो ने उससे बुलाया,

आदमी : हे!!! ज्वाइन उस!!! हैवे ा टोस्ट.

फ्रेड ने उन्हें देखा और धीरे से खुसपुसाते हुए पूछा, "शुड ी जो?"

दिव्या : यू कैन, िफ़ यू वांट. मय्बे you'll गेट ा नई इनफार्मेशन तेरे.

फ्रेड : ऑलराइट! I'm गोइंग.

और फ्रेड उन्हें हाथ दिखाते हुए उस बड़ी सी डाइनिंग टेबल की ऑर्डर चल दिया.

इधर डिपार्टमेंट में सभी नज़रे गड़ाए बैठे थे.

तोह वह होटल में डाइनिंग टेबल पर कुछ आदमी तोह कुछ महिलाये बैठी हुई थी. सभी के चेहरों पर डेकोरेटिव मास्क था जो उनके चेहरे को छुपाये हुए था.

Hi hello के बाद फ्रेड भी एक कुर्सी पकड़ बैठ गया और बातो hi बातो में उससे एक नयी जानकारी हाथ लग गयी.

यही की यह पार्टी कल और होने वाली थी. किसी दूसरी होटल में.

वीर : अगर इस थर्ड किलर का एआईएम बड़ी सेलिब्रिटीज को एआईएम करना है तोह शायद इन् मास्क्ड लोगो में से भी कोई न कोई सेलिब्रिटी भी मौजूद होगा hi वह. है न?

दिव्या : हम्म! नट होशियार थी जो पहले hi सचेत हो गयी. ी don't क्नोव वह अब किस पर एआईएम लगाने वाला है ये किलर. हमे क्लू ढूंढ़ना है बस.

सुहाना : अहह! वह देखो!!!

सुहाना के अकस्मात् बोलते hi सबकी निगाहें फिर स्क्रीन पर गड्ड गयी.

फ्रेड के बगल से एक आदमी बैठ था. उसने फ्रेड को देखा और उस से बात चीत शुरू की और फिर सभी की तरफ देख जोरर से ताली बजाते हुए उनका अटेंशन लिया,

"Let's हैवे ा टोस्ट फॉर आवर नई फ्रेंड जैक!!!"

फ्रेड का hi नाम जैक था. एक फेक नाम जो उसने उन् सभी को बताया था. और वह लोग खुश होते हुए फ्रेड को चीयर उप करने लगे,

"याआयीयीयी!!!!"

"It's पार्टी टाइम जैक. गेट ड्रंक, एंड गेट लाईड."

"हाहाहाःहाहा~"

"हे लवली बोई!!! C'mon let's हैवे ा टोस्ट."

आकर्षक महिलाओ की नशीली बातें सुन्न फ्रेड भी पिघल गया.

फ्रेड : ाहः~ Okay! Okay!!

और उसके बगल वाले व्यक्ति ने वाइन की एक बोतल खोली, वाइन उसके गिलास में डाली और फिर वही वाइन उसने अपने गिलास में भरी.

गिलास को मुँह से लगाते हुए वह वाइन का लुत्फ़ लेने लगा और उसको ऐसा करते देख फ्रेड के अंदर का संकोच गायब हो गया.

उसने भी फिर वाइन बड़े hi चाव से पी. डोमेन लेरोय की ये बोतल 20 डॉलर से 500 डॉलर तक बिकती थी. ओने ऑफ़ थे कोस्ट्लीस्ट विन्स इन थे वर्ल्ड.

फ्रेड की तोह जैसे किस्मत चमक गयी थी यहाँ आने के बाद. ऐसी पार्टी और ऐसे मिशन अगर उससे रोज़ रोज़ करने को मिले तोह वह तोह फ्री में भी करने तैयार था.

"हाहाहाहाहा~"

हस्सी मज़ाक शुरू हुआ और माहौल एकदम एन्जॉयमेंट से भर गया.

इधर डिपार्टमेंट में सभी प्रश्न भरी नज़रो से सब देख रहे थे.

बहनचोद ये क्या चल रहा था? ये तोह पार्टी hi लग रही थी नार्मल एक. कहा है किलर? कौन है किलर? क्राइम कहा हो रहा है?

और उनकी शक की सुई आके दिव्या पर hi रुकी. सब उससे देखे...

कही दिव्या से कोई गलती तोह नहीं हो गयी? यदि ये झूठ था तोह इसके ऊपर कार्यवाही भी हो सकती थी दिव्या पर गलत इन्फो शेयर करने के लिए. बेफालतू में डिपार्टमेंट का वक़्त जाया नहीं कर सकते थे आप.

निक जो उसके बगल में बैठा था वह दिव्या से दुविधा में पूछा,

निक : यू टोल्ड उस थे राइट इनफार्मेशन करेक्ट?

दिव्या : ऑफ़ कोर्स!!!

निक : यू aren't लाइंग, राइट?

दिव्या : यौऊ!!! व्हाट दो यू थिंक ी ऍम? ऍम ी रिटार्डेड और व्हाट? व्हाई वोउल्ड ी दो सुच ा थिंग? I'm सूरे there's समथिंग रॉंग तेरे.

निक : बूत ान ऑवर है पास्ड एंड नथिंग हप्पेनेड.

दिव्या : थिस...

जिसका डर था वही हुआ. उधर कुछ हुआ hi नहीं. फ्रेड बड़े आराम से गया, एन्जॉय किया और वापस लौट आया.

और दिव्या को अब बुरी तरह लताड़ा जा रहा था. इतना समय बर्बाद किया उन्होंने किसके लिए? एक अनजान चूतिये को पार्टी एन्जॉय करते देखने के लिए.

वह सभी घर लौट आये. दिव्या अपने कमरे में चिंता में डूबी हुई थी. निक सो रहा था और सुहाना अपने पति से फिरसे तीखे बोल कहते हुए फ़ोन पे बातो में लगी थी.

पर वीर...

वीर की आँखें एकदम पहेली हुई थी. हे सॉ हिम. मिशन मिला था उससे, ास्सास्सिनाते थे पिचर.

दिव्या और बाकी सभी को ये नहीं पता था की किलर पिचर के नाम से जाना जाता था.

सिर्फ वीर को ये बात पता थी. क्युकी मिशन ने उससे बता दिया था.

और जब पार्टी में वह आदमी फ्रेड को वाइन दे रहा था. वही था पिचर!!!

पिचर उससे कहा जाता है जो बड़ा सा जग जैसा रहता है जिसमे अक्सर हम शराब या बियर रखते है और उस से लोगो को सर्वे करते है.

तोह यदि उस आदमी ने फ्रेड को सर्वे किया मतलब चान्सेस बोहत ज़्यादा थे की...

वही पिचर था.

***

अगली सुबह हुई, आज का रूटीन भी कुछ ख़ास समझ नहीं आया उनके.

जब शाम हो गयी तोह दोनों सुहाना और वीर उसके hi कमरे में बैठे हुए थे. दिव्या और निक डिपार्टमेंट में थे.

सुहाना अपने कपडे तेह कर के रख रही थी और वीर किसी सोच में डूबा हुआ था.

सुहाना : बस बोहत हो गया अब. वीर! अब बस हम एक दो दिन में hi निकल चलेंगे. अब यहाँ और रुकी में तोह मेरा सर्र पहात जाएगा.

वीर : ....

सुहाना : वीर?

वीर : हम्म?

सुहाना : कहा खो गए?

वीर : कुछ नहीं! कहिये!

सुहाना : मेने कहा की बस हो गया अब. हम जल्द hi यहाँ से वापस इंडिया चल देंगे.

वीर : ओह्ह! Okay! No प्रॉब्लम!

सुहाना : हम्म? एक्ससिटेड नहीं हो? वापस घर जाने के लिए? इधर ज़्यादा मैं लग रहा है? वेगास पसंद आ गया क्या? या फिर...!? कोई और...!? हँ!!!

सुहाना की डबल मीनिंग बात सुन्न वह बस मुस्कुरा दिया.

वीर : वेल!!! बोथ!

सुहाना : हँ???

अभी वह वीर से सवाल पूछने hi वाली थी की इतने में,

*थुड़*

जोरर से हॉल का गेट खोला और दिव्या भागते हुए अंदर आयी,

सुहाना : हँ?? तुम? अच्छा हुआ आ गयी. में ये बता रही हु की अब हम और वीर बस जाने वाले है एक दो दिन में.

दिव्या : N-Nahi!!! मेरी बात सुनो, तुम अभी नहीं जा सकते. समथिंग हूजे हप्पेनेड!!

सुहाना : व्हाट? क्या मतलब नहीं जा सकते?

दिव्या (तेज़्ज़ सासे लेते हुए) : हाँ अभी नहीं जा सकते!!!

सुहाना : व्हाटट??? दिव्या तुम्हे पता भी है तुम क्या बोल रही हो? इतने दिन से दिमाग पक्क गया है मेरा यहाँ रह रह के. जब से आयी हुई बस मौत hi मौत देख रही हु. तुम्हे पता है न मेरा हाल? फिर क्यों तुम...

दिव्या (चिल्लाते हुए) : फॉर फ़क सके मेरी बात सुनोगी सुहाना???

सुहाना : !!!??

दिव्या के जोरर से चिल्लाने पर एक ख़ामोशी छा गयी.

उसकी आँखों में नमी थी. जिससे देखते hi सुहाना शांत हो गयी.






कुछ बात थी. कुछ ज़रूर हुआ था. और दिव्या फिर लड़खड़ाती आवाज़ में बोली,

"फ्रेड इस डेड!!!"

*बोओओओओओओमममम*

मैं में जैसे एक धमाका हुआ उनके. वीर अपनी जगह से उछाल के खड़ा हो गया.

*बेदुम्प* *बेदुम्प*

उसका दिल ज़र्रों से धड़कने लगा,

सुहाना : क्याआ????

दिव्या : हाँ! F-Fred इस डेड. तुम दोनों जल्दी... जल्दी गाडी में बैठो. वे हैवे तो जो. नऊव्व!!!!!

गंभीर सिचुएशन को देखते hi...

*वरररररओओओओओओमममम*

उन्होंने एक पल भी जाया नहीं किया. ये कैसे हो गया बहनचोद? वफ चुटिया कल तोह मज़्ज़े कर रहा था. फिर अचानक आज कैसे मर्डर गया?

दिव्या की कार सरपट रास्ते में भाग रही थी और सभी के चेहरे लार टेंशन साफ़ झलक रही थी.

वीर : ये सब कैसे हुआ?

दिव्या : नहीं पता. बस इतना पता है की...

वह घबराते हुए वीर को देखि,

वीर : क्या?

दिव्या : U-Uski... उसकी मौत भी शेर्लोट की तरह हुई.

सुनते hi वीर और सुहाना के बदन में रौंगटे खड़े हो गए.

सुहाना : I-Iska मतलब....!!?

दिव्या : एसससस!!!! पोइज़निंग!!!

सुहाना : पर कैसे???? फ्रेड तोह प्रोटेक्शन में था न आज. डिपार्टमेंट ने उसके लिए 3 दिन तक सेफ्टी राखी थी. फिर कैसे?

दिव्या : तहत इस व्हाई it's इम्पोर्टेन्ट. बॉडी उसके घर पर hi मिली. न वह बाहर गया और न hi अंदर आया.

सुहाना : P-Par ऐसा कैसे हो सकता है? It's नॉट पॉसिबल. वेट!!! K-Kahi... कही वह वाइन में तोह नहीं कुछ...!?

दिव्या : मेने भी यही सोचा था. पर...

सुहाना : पर क्या? डेफिनिटेली वाइन में hi कुछ गड़बड़ थी.

दिव्या : पहली बात, वाइन पैक्ड थी. और... और हमने स्क्रीन में देखा था की जो वाइन फ्रेड को सर्वे किया वही... उसने भी वही वाइन पी थी.

वह दोनों hi आपस में जूझ रही थी जब,

"गिलास!!!"

वीर के मुँह से निकला. और वीर के बोल सुनते hi दिव्या की आँखें फटी की फटी रह गयी. बेचारी की रीढ़ की हड्डी तक एक सिहरन दौड़ गयी. उसने hairat-angez में वीर को देखा.

यदि वाइन में पाइजन नहीं था. तोह ऐसा हो सकता था की गिलास पर पाइजन लगा हो.

दिव्या : Y-Ye... इसके बारे में तोह मेने सोचा hi नहीं था. गुड जॉब वीर. सर्टेनली! ये पॉसिबल है. वेल दोने!!!

सुहाना : ये सब क्या चल रहा है. ी जस्ट वांट तो जो बैक. Can't डील विथ थिस अनिमोर.

*स्क्रीईएक्सक्कछहः*

गाडी डिपार्टमेंट के सामने आके जोरर से रुकी और,

*थुड़* *थुड़*

दिव्या समेत सभी कार से उतारते hi फुर्ती में डिपार्टमेंट में प्रवेश किये. मामला बोहत गंभीर था. कल तक जो डिपार्टमेंट दिव्या को दोष दे रहा था उन् सबके आज मुँह बंद हो चुके थे.

न केवल दिव्या की इन्फो सही थी बल्कि, दिव्या की टीम का बाँदा भी मारा गया था इस इन्फो को पाने के लिए. उनके मुँह पर ताले लगे हुए थे. दिव्या बेशक भयंकर गुस्से में थी.

फ्रेड के संग 4-5 बार वह काम कर चुकी थी. और अब वह भगवन को प्यारा हो चूका था.

*टक* *टक* *टक*

तेज़्ज़ गति में अपनी हील्स पहने चलते हुए वह डिपार्टमेंट में घुसी जहा माहौल बेहद सीरियस मालुम पद रहा था. इधर से उधर लोग जल्दबाज़ी में भाग रहे थे.

पुलिस भी इन्वोल्वेद हो चुकी थी अब और मामला शेरिफ तक भी पहुँच गया था.

वीर के अंदर आते hi निक की नज़र उस पर पड़ी और वह वीर को वही बैठे बुलाया,

"के हेरे वीर! वे नीड तो टॉक!!!"

दिव्या ने देखा तोह पाया की खुद शेरिफ आया हुआ था.

दिव्या : Sh-Sheriff???? शित्त्त!!!

सुहाना : क्या हुआ? व्हाई... व्हाई इस हे हेरे?

दिव्या : मटर बड़ा है सुहाना. मच बिग्गेर थान यू कैन इमेजिन. वीर!?

वीर : राइट! में होक आता हु.

सुहाना : W-Waaaiiittt!! T-Tumhe क्यों बुला रहे है वह?

उसने पीछे से वीर की कलाई पकड़ते हुए पूछा.

वीर (स्माइल्स) : ये तोह जा के hi पता लगेगा.

सुहाना : पर... पर...

सुहाना को अंदर से कुछ ठीक नहीं लग रहा था. लेकिन वीर ने अपने हाथ उस से चुर्राये और अंदर एक केबिन की ऑर्डर चल दिया.

*क्लिक*

दरवाज़ा बंद हुआ और करीब आधे घंटे तक कोई भी बाहर नहीं आया.

***

ाढे घंटे के बाद...

वीर जैसे hi बाहर आया, वह मौजूद पूरी की पूरी इन्वेस्टीगेशन टीम की नज़र उस पर ठहर गयी.

"क्या कहा शेरिफ ने?"

दिव्या ने वीर को बाहर आता देख उस से पूछा.

वीर : यही की में जाऊंगा.

सुहाना (घबराते हुए) : जाऊंगा से तुम्हारा क्या मतलब है?

वीर : नेक्स्ट होटल में. फ्रेड की तरह स्पाई बन कर.

सुहाना (चिल्लाते हुए) : व्हॉट???? यू can't-- !!!

वो अपनी चेयर से अचानक से उठ के कड़ी हो गयी और उसने आगे बढ़ वीर का रास्ता रोक लिया.

सुहाना : यू कन्नोत--!!! दिव्यआ!!!

दिव्या : R-Right! ये खतरे से खाली नहीं.

सुहाना (स्क्रीम्स) : तुम्हे कैसे भेज सकते है वह? फ़क थम ऑफ! देखती हु किसकी हिम्मत हो रही है तुम्हे भेजने की. दिव्या तुम निक से क्यों नहीं कहती?? जो एंड फूकिंग टॉक तो हिम.

दिव्या : वीर! निक ने क्या कहा अंदर?

वीर : वेल! मेरी तारीफे की ज़रुरत से ज़्यादा. जिसके चलते शेरिफ ने मुझे भेजा है. पर साथ hi पुलिस एंड डिटेक्टिव्स की टीम भी जाएगी जो होटल के बाहर रहेगी. इन केस ी नीड थम.

[Hmph~ Master! Mujhe uss Nik par boht zyada gussa aa raha hai. Aaarrghhhh~ I'm so pissed.]

'उससे हम बाद में देख लेंगे पारी. बूत ये लड़के लोग मुझसे इतना क्यों चिढ़ते है?'

[Kyuki woh aapki tarah kabhi bann hi nahi sakte Maaassttteerrrr~]

सुहाना : देखा तुमने? फिर से निक की कारिस्तानी है ये. एक नंबर का चुटिया हस्बैंड ढूंढा है तुमने. मादरचोद कही का... कहा है वह...!??

दिव्या : S-Suhana...!!

वीर आश्चर्य में सुहाना को देख रहा था. पर हो न हो, सुहाना के मुँह से निक के लिए ऐसी गाली सुनके उससे अंदर hi अंदर आनंद ज़रूर आया था.

[Dang!!! She's so bold. Hahaha~]

दिव्या : सुहाना! शेरिफ ने कहा है. में खुद वीर को भेजना नहीं चाहती... वीर! तुम अपना नाम वापस लेलो. केहदो की तुम वापस इंडिया जा रहे हो. इस केस से तुम्हारा कोई मतलब नहीं है. में संभाल लुंगी सब. में और जोखिम में नहीं दाल सकती तुम्हे. सुहाना इस राइट!!!

सुहाना : मेने पहले hi कहा था. अपने उस गांडू निक को समझाओ वर्ण किसी दिन मेरे हाथो बचेगा नहीं वह. में बता रही हु तुम्हे.... में उसकी...

वह और दो चार गन्दी गालिया देती उससे की उस से पहले hi एक हाथ उसके गाल पर आके थम गया.

सुहाना : !!!???

वीर (स्माइल्स) : Don't वोर्री! I'll बे फाइन!!

सुहाना (स्क्रीम्स) : व्हाटट??? बिलकुल भी नहीं! में तुम्हे यहाँ अपनी ज़िम्मेदारी पर लेके आयी हु. ी कन्नोत लेट थिस हैपन. वीर!! पागल मत बनो!!! जाओ अंदर जाओ और मुँह पे बोल के आओ, भाड़ में जाओ. के! We're लीविंग राइट नाउ.

एक बार फिर वह उसका हाथ पकड़ खींच के ले जाने के लिए हुई पर तभी, वह झटके के साथ वापस मुद गयी. वीर वही खड़ा था. कैसे जा सकता था वह? मिशन जो मिला था.

वीर (स्माइल्स) : हे~

सुहाना : T-Tum....!

वीर (स्माइल्स) : लुक ात में!

सुहाना : *ग्लान्सेस*

वीर : ट्रस्ट में!! I'll बे फाइन!! और आप jaan'na चाहती हो न? हाउ ी फिनिश्ड आतिश एंड स्लोगन? वेल, आपके पास एक और मौका है अब. यू कैन इन्वेस्टीगेट में लेटर. ः~

वीर ने उसका मैं हल्का करने के लिए कहा पर सुहाना एक नहीं sunn'na चाहती थी.

सुहाना : तुम्हे इस वक़्त मज़ाक सूझ रहा है वीर? अरे यू इंसाने?

वीर : तोह क्या करू फिर? चिल्लाओ की 'हे भगवान्! मुझे कुछ हो न जाए. मुझे बचा लो!' हम्म?

सुहाना (सबस) : T-Tum... उग्गघहहह~ तुम... तुम्हे अप्प्रेसियते करना आता hi नहीं है वीर. फ़क यू!!! और में यहाँ फ़ालतू में... ी हेट यू!!

और वो वीर से तंग आते हुए परर पटकते हुए वह से निकल गयी. पर आँखों में ासु भी थे. एक तोह वह उसकी जान बचाने की कोशिश कर रही थी और यहाँ ये वीर था की... खीजते हुए वह वह से बड़बड़ाते हुए निकल गयी. मैं में ये सोचते हुए, 'जब खुद मुसीबत में वह होगा तब याद आएगी मेरी बात उससे.'

भले hi सुहाना वीर से चिढ़ते हुए वह से निकली, पर उसके मैं में अभी भी चिंता थी बोहत. आखिर वह ऐसा क्या करे की वीर को वह जाने से रोक ले. वो वीर की आइडेंटिटी डिस्क्लोसे नहीं कर सकती थी. पहली बात तोह उसने दिव्या को वादा दिया था. दूसरी बात ऐसा करने से वीर एक्सपोज़ हो जाता और उसके खिलाफ कार्यवाही भी हो सकती थी. यदि ऐसा होता तोह वीर के चलते वह भी लपेटे में आ जाती और फिर उसकी भी छान बीन होती, और ऐसे में... उसका अतीत सामने आ जाता.

'ओह्ह्ह no!!! अब क्या करू?? ये किस मुसीबत में फस्स गयी में?'

एक प्रकार से वो वीर को मौत के घात hi उतार रहे थे.

***

नाईट ~ 11:36 पं

"यू रेडी?"

ड्राइवर सीट पर बैठे माइक ने पूछा. उसके बगल से वीर बैठा हुआ था.

बस हाँ में सर्र हिलाते हुए वीर कार से उतर गया.

*थुड़*

माइक : Don't ड्रिंक एनीथिंग तेरे. फ्रेड डीएड बिकॉज़ ऑफ़ थे टॉक्सिन्स. समथिंग इस रॉंग तेरे. यू कैन दो आईटी चैम्प!!

वीर : *स्माइल्स*

माइक (स्माइल्स) : जस्ट लिखे वे दीद थे लास्ट टाइम.

वीर : सूरे! थैंक्स!

माइक : जो नाउ! मेक सूरे कैमरा इस रिकॉर्डिंग एवरीथिंग.

वीर : एप!

माइक : We'll बे हेरे ओनली. िफ़ एनीथिंग हप्पेंस जस्ट स्पीड डायल उस. We'll बर्ज इन...

वीर ने हामी भरी और चल दिया वह.

ऊपर से नीचे तक वह एक स्टड लग रहा था. काला कोट, काला पंत, सफ़ेद शर्ट और काली बोटी. ये एक पार्टी थी तोह पार्टी की तरह hi ड्रेस उप करना ज़रूरी था.

[Lets go Master!!!]

'येअहहह!'

[I'll be on guard as well.]

'हम्म!'

और वीर अंदर दाखिल हो गया. अंदर आते hi उससे दुसरे फ्लोर पर भेज दिया गया.

लउकीली, जो नट ने इनविटेशन दिया था वह इधर भी चल गया. उस इनविटेशन की टाइम लिमिट 2 दिन की थी. यदि पहले दिन सेलिब्रिटी नहीं आ पाती है किसी रीज़न से तोह दूसरे दिन उन्हें आने का मौका मिले इसलिए दो दिन की लिमिट थी.

पहले दिन तोह फ्रेड मारा गया. आज आखिरी और दूसरा दिन था. यानी की रात थी. और अब उसी इनविटेशन के साथ वीर अब इस होटल में था.

ऊपर सेकंड फ्लोर पर आते hi जैसे hi वह एंट्रेंस से अंदर आया. अंदर का नज़ारा साक्षात आँखों के सामने देख उसके होश उड़द गए.






जगह जगह थिरकते लोग, सभी के चेहरों पर मास्क्स थे. और एक स्केरी और क्रिप्य विबे दे रहे थे लोग उससे.

वीर वही कुछ देरर खड़ा रहा. उसकी आँखें बाज की तरह लोगो को घूर रही थी. मास्क उसके चेहरे पर भी था.

गाने की धुन पर लोग नाच रहे थे.






वीर अब बोवुल्फ़ एक्टिवटे कर सकता था. और उसने वही किया,

*डिंग*

[Beowulf's Blessings has been turned ON.]

उसकी लालम लाल आँखें उन् लोगो के बीच से स्कैन करते हुए अपना टारगेट ढूंढ़ने में व्यस्त हो गयी.

उस भीड़ में से होते हुए वह आगे बढ़ा, अपना कोट निकाल उसने एक हाथ में पीछे पकड़ के टांग लिया. और मास्क के अंदर से उसकी आँखें अपने काम में लग गयी,

*म्यूजिक*






पर उससे नहीं पता था की इसी भीड़ में क्या कुछ हो रहा था. वेटर बड़ी सी प्लेट एक हाथ में पकड़ के वाइन के ग्लासेज लाया, लेकिन...

प्लेट नीचे करते hi, जिस व्यक्ति ने गिलास उठाया, प्लेट में गिलास के hi बगल से एक फोटोग्राफ रखा हुआ था.

उस व्यक्ति ने फोटोग्राफ उठाया और बड़े hi धीरे से सर्र हिला के वेटर को नोद किया.

फोटो देखते hi उसने वह फोटो हाथ की सफाई से अपने बगल वाले व्यक्ति को पास कर दी. उसने भी देखि और फिर उसने अपने पीछे वाले व्यक्ति को पास की...

वह एक फोटो इधर से उधर पास हो रही थी और इतनी सफाई से पास हो रही थी की किसी को कुछ पता नहीं चल रहा था.

आखिरी व्यक्ति जिसके पास फोटो आके रुकी, उसने देखा तोह वह हाँ में सर्र हिलाया.

और उसने वह फोटो अपने जेब में रख ली. और वह फोटो थी...

वीर की!!!!

ये सब कुछ ऊपर वाली बालकनी में हो रहा था. वीर नीचे सबको स्कैन किया पर उससे कुछ भी उनुसुअल न मिला.

और तभी,

*क्लैप* *क्लैप*

ऊपर की बालकनी से एक व्यक्ति निकल के तालिया बजाते हुए आया,

"Let's हैवे ा टोस्ट. एवरीवन!! के एंड हैवे ा सीट."

उसकी बात पर कुछ चुनिंदा लोग आके नीचे की डाइनिंग टेबल पर बैठने लगे.

वीर ने जैसे hi उससे देखा उससे पता लग गया था. ये वही व्यक्ति था जिसने फ्रेड को वाइन सर्वे की थी.

'चेक!!!'

*डिंग*

[Name : David Robinson.

Alias Name : Pitcher.

Age : 41

Bio : Third member of the House of the killers. Iss shaks ki koi family nahi hai. Ye ek heavy drinker hai. He does some secret practice. Nightwalker se wines leta hai. Ab wines ki supply badal dii gayi hai. Sundar celebrities ko maarna iski fetish hai. Kayi saari hastiyo se juda hua hai. Runs a dark web entertainment community.

Favourability : -40

Relationship : Enemies.]

और वह पढ़ते hi,

'शीट्ट्ट्ट!!!!!'

[Masterrr!!!!]

'पारी!!! सो, आईटी वास् हिम!!! सीक्रेट प्रैक्टिस? इसका क्या मतलब हुआ? कही काला जादू तोह नहीं करता ये?'

[I don't know master. Secret practice!? Shayad dark web se related toh nahi?]

'कुछ बात तोह है.'

वीर उससे घूर के दूर से देख hi रहा था जब उसके कानो में आवाज़ आयी,

"यू तेरे माय फ्रेंड! लुक्स लिखे यू अरे इंटरेस्टेड. व्हाई don't यू ज्वाइन उस?"

सामने खड़े उसी डेविड अक पिचर ने वीर से कहा.

वीर ने हामी भरी और आगे चल दिया,

[Noooo masssteeerrr!!!! Ye trap hai. Don't goooo!!!!]

पर वीर न माना,

"Nahhhhiiiiiiiiiiii!!!!!"

इधर डिपार्टमेंट में बैठी सुहाना भी बेचैन हो उठी जैसी hi उसने स्क्रीन पे देखा की वीर फ्रेड की तरह डाइनिंग टेबल पर जा रहा था.

सुहाना (घबराते हुए) : Y-Ye क्या कर रहा है ओह्ह्ह्ह??? दिव्यआआ!!!!!

दिव्या की बॉहे सिकुड़ी हुई थी. वह खुद दुविधा और चिंता में थी.

दिव्या : शहहह!!! J-Just वाच!!!

***

वीर आहिस्ता से बैठा. एक नज़र उसने अगल बगल डाली. कुछ ख़ास नज़र नहीं आया. Hi hello हो चुकी थी.

"हे हैंडसम!!! के एंड ज्वाइन उस. ेहेहे~"

"ओह्ह्ह!!! ी कैन तेल्ल यू अरे ा हॉट यंग लड़!!! Let's हैवे ा टोस्ट. ममममम~"

"Let's वेलकम आवर नई फ्रेंड, वीर!!!!"

ये सब कुछ पहले जैसा hi हो रहा था. जैसे फ्रेड के साथ हुआ था.

और, तभी डेविड ने वीर को ग्लास पकड़ाया.

गिलास हाथ में लेते hi,

'चेक!'

*डिंग*

[A normal wine glass.]

[So, it's not poisoned huh?]

पिचर ने फिर वाइन की एक बोतल खोली, और गिलास भरने लगा.

उसकी आँखें वीर को अजीब निगाहो से घूर रही थी.

पिचर : फॉर आवर नई फ्रेंड, वीर. हहहहए~ चियर्स!!!!!! एवरीवन!!!

"छहिएएरररससस!!!"

वीर ने भी गिलास ऊपर उठा के उनके सामने नोद किया और फिर उसने गिलास अपने होंठो से लगाया.

"पागल कही का... बेवक़ूफ़!!!! स्टुपिड!!!! थिस बस्तारड़द्द!!!!!! इडियट!!!! इतना समझाया मेने... बुद्धू कही का... ाआररह्ह्हह्ह!!!"

और सुहाना इधर स्क्रीन में वीर को ऐसे देखते hi पूरी तरह से बेचैन हो उठी.

अंदर से इतनी घबराई हुई थी वह की उसके मुँह से गालिया निकल रही थी वीर के लिए.

और बाद में तोह उसकी साँसे hi अटक गयी जब उसने वीर को गाठ गाठ करके वाइन को पीते हुए देखा.

सुहाना (शॉकेड) : अह्ह्ह्हह!!!!

दिव्या (शॉकेड) : H-He एक्चुअली...!!!!

समय गुज़रा और कही कुछ गड़बड़ समझ नहीं आयी. जब अचानक hi,

वीर : ी हैवे तो उसे थे वाशरूम. I'll बे राइट बैक.

कहते हुए वीर उठा और भागते हुए वाशरूम में जाने लगा.

सुहाना : K-Kyaaa हुआ? क्या हुआ उससे?

दिव्या : वाशरूम!!!

सुहाना : नहीं! वह भाग क्यों रहा है? K-Kuch हुआ तोह नहीं न?

और तभी,

*थुड़*

वीर जोरर से वाशरूम का दरवाज़ा खोल अंदर घुसा.

दिव्या ने फौरन मिछ पे बोलना शुरू किया,

दिव्या : वीएररर!!! वीर!!! What's रॉंग??? कैन यू हेअर में?

लेकिन तभी,

*गवाआखःह्ह्हह्ह्ह्ह*

सुहाना : Aaaahhhhhhhhhh!!!!

वीर के मुँह से खून की उलटी निकली, उसकी सासें इतनी बढ़ गयी की डिपार्टमेंट में सभी को सुनाई दे रही थी. और वह अगले hi पल,

लड़खड़ा के गिर पड़ा. और उसका कैमरा ज़मीन पर फोकस्ड था जिधर उसके मुँह से निकला खून पड़ा हुआ था.

"Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa!!!!!"

डिपार्टमेंट में सुहाना जोरर से चिल्लाते हुए अपनी सीट से गिर गयी. उसका बदन काँप रहा था.

और इधर नोलन ने अगले hi पल,

नोलन : टीम!!!! जो बर्ज इनसाइड...!!!

दिव्या ने जैसे hi वह देखा, तोह वह चीतः की तरह भागते हुए वह से निकली,

उसकी आँखों में ासु थे. मैं में न जाने क्या क्या बड़बड़ा रही थी.

कार में घुसते hi उससे ऐसा महसूस हुआ जैसे उसने कुछ खो दिया था. ऐसा लग रहा था जैसे उसके दिल में कोई सुई चुभो रहा था. पीड़ा!!!

जैसे वह हिम्मत hi हार चुकी थी.






'N-Nooooo!!!!'

एक्सेलरेटर पर परर रख उसने एक झटके में गाडी आगे भगा दी,

*वरररररओओओओओओमममम*

अभी अभी...

ये क्या हो गया था?

.

.

.

.

.

.

.

.

आज के लिए इतना hi गाइस.

ी क्नोव ये लेट है. बूत कल रात मेरे सर्र में काफी दर्द था. टाइपिंग बंद करनी पड़ी थी रात में hi. दिन में आराम से फ्रेश होक फिर बाकी का अपडेट कम्पलीट किया है. यू कैन आलरेडी तेल्ल हाउ मच टाइम I've गिवेन ों थिस ओने. तोह लिखे थोक के जाने का गाइस, और रेवोस रखने का.


धन्यवाद! ✨
 
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