Incest Deewanapan... - Page 11 - SexBaba
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Incest Deewanapan...

अपडेट-27

अभ अग्गे..

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Abh Agge....

malika maya kuch soch kar phir se boli ...

"hasshhh , abh ravi or ham sab ki kismat , seema par nirbhar karti hai , agar seema nakam rehi toh ravi mar jayega , or sath me komal bhi , phir dayana azad ho jayegi , usse lad pana namumkin hoga , or agar dyana or joker mil gye , toh un dono ko es dunia me koi nai rok payega..." malika maya ne thoda chinta me bola ,

"me samazta hu , abh hamari umeed bus seema par tiki hai , lekin malika , me seema ke prem ko dekh herian hu , agar seema voh phool le ayi toh me use kuch inam jarur dunga , ravi mera beta , sach me ik kismat wala hai , uski kismat apne baap se kahi jayda achi hai , use aisa jevansathi mila hai , jo uske liye pal bhar me marne ko tyar ho jaye..." kaal ne dil se seema ke saman me bola ,

"hmm , sahi kaha apne , lekin kya seema us phool ko mana payegi , uske swalo ka jawab de payegi , voh amritmayi phool , kitne swal jawab karta hai , uski icha ke bina use koi chu bhi nai sakta , muze chinta hai , seema us phool ko mana payegi ya nai..."

"malika , har insan me ik aisa gun hota hai , jo use dusro se alag banata hai , seema ke pas ik gun hai , uski samazdari , voh har bat ko samazdari se bolti hai , voh hazarjawab hai , uska dimag behad tez hai , bation me usse jeet pana , namumkin hai , seema us phool ke kisi bhi swal ka jawab asani se de payegi , uska yahi gun ajj uske pati ki jaan bachayega , voh phool behad chalak hai , bar bar swal puch , insan ko gussa dilata hai , jab koi gusse me use chu deta hai , tab voh insan pathar ka ban jata hai , lekin seema kabhi koi kam jaladbazi me nai karti , muze vishwas hai , meri beti jarur us phool ko hasil karegi , jab se yeh dunia bani hai , seema ik matar voh pehli ladki hogi , jo amritmayi phool ko vaha se leker ayegi.." kaal ne seema ki parshansa karte hue bola ,

"han , par pehle seeme ko us buddi jadugarni se ladna hoga , jo alag alag roop dharan kar , logu ko mar deti hai , aisi kai badayian seema ke raste me ayegi .." maya ne kaal ki traf dekh kar bola ,

"hame bus us buddi jadugarni ka hi pata hai , uske agge ham sabki shakti jawab de jati hai , me bhagwan se dua karuga , meri bachi lot aye.." kaal etna bol khamosh ho gya , phir malika bhi khamoshi se beth gai , un dono ki umeed abh bus seema par thi ..

VAHI Dusri or...

seema jab us ring ke ander ghusi , tab uska sharir ik roshni me tabdel ho gya tha , seema ko pata hi nai tha , voh kaha pahunch chuki hai ,

jab seema ki kuch der bad akh khuli toh voh ik jungle ke bechu bech padhi hui thi , seema ka saar behad dard kar reha tha , seema apne saar ko dono hathion se pakade khadi hui ,

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सीमा ने as-pas नज़र डाली , तोह वोह इक जंगल में थी , लेकिन यह कोई हरा भरा जंगल नै था , इस जंगल में जितनी दूर सीमा की नज़र जाती , बस सूखे हुए पेड़ , जो काळा रंग में नहाये हुए थे , वही दिखाई देते , उन सूखे हुए काळा पेडू को इक सफेद धुएं ने धक् रखा था ,

सीमा को समाज नै ा रहा था , इस डरावनी जगह में उसे किस तरफ जाना है , सीमा ने िका इक अपनी आँखों को बंद किया , और जब उसने अपनी आँखें खोली ,

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तब अँधेरे में नहाये उन पेडू के बेच इक रास्ता सफेद रौशनी में चमक उठा , सीमा उस सफेद रौशनी में नहाये रस्ते पर चलने लगी ,

उस रस्ते के दोनों तरफ बस अँधेरा था , अभ पेड़ भी दिखाई नै दे रहे थे , सीमा काफी देर चलती रही , ऐसी तरह इक घंटा बीत गया ,

सीमा इक विश्वास के साथ अग्गे बढ़ती जा रही थी , उसे रवि की बेहद यद् सत्ता रही थी , अज्ज वोह अपने प्यार को बचा कर लौटना चाहती थी ,

जब कोई सच्चा प्रेमी इक मकसद के साथ चलने लगता है , तब दुनिआ की कोई ताकत उसे उसकी मंज़िल तक पहुँचने से नै रोक सकती ,

अभ सीमा उस अँधेरे से भरे जंगल से बहार ा चुकी थी , जब सीमा ने उस अँधेरे से भरे जंगल को पर किया , तब सीमा इक अजीब सी जगह पर पहुँच गई ,

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सीमा ने as-pas नज़र दाल देखा , वह अभ कुछ hi सूखे पेड़ बचे थे , लेकिन उन पेडू के निचे जमीन का रंग गहरा गुलाबी हो चूका था , लेकिन आसमान का रंग गहरा नीला हो चूका था ,

सीमा सब समाज रही थी , यह इक काल्पनिक दुनिआ है , इस लिए वोह अग्गे बढ़ती गई , अभ इक घंटा बीत चूका था , सीमा जानती थी , उसके पास वख्त बेहद काम है , और रास्ता बहुत अधिक लम्बा ,

सीमा चलती चलती रुक गई , उसकी नज़र इक बहुत बड़े घर पर पढ़ी , यह इक हवेली थी , जो शयद सदियों पुराणी थी , सीमा को न चाहते हुए भी इस हवेली में जाना पढता , क्यों की सपटरिषि चाकर उसे खींचता हुआ ले जा रहा था ,

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सीमा उस खण्डार जैसी हवेली की सामने आकर रुक गई , वह इक तरफ इक लड़की की मूरत बानी हुई थी , और दूसरी तरफ इक गहरा पानी का कुया था ,

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और सामने उस हवेली के मैं गेट तक सेड्यां बानी हुई थी , जो के बेहद पुराणी थी , कई जगह से टूटी हुई थी , हवेली में मैं गेट पर इक रौशनी थी ,

सीमा ने सोचा शयद वह कोई रहता हो , पर सीमा यह भी सोच रही थी , वह कोई शेतें hi न हो , कोई मायाजाल न रचा हो रिंग ने ,

लेकिन सीमा के पास कोई और रास्ता नै था , उसे जाना hi था , सीमा धीरे धीरे सेड्यां चढ़ते हुए हवेली के अंदर घुस गई ,

सीमा ने हवेली के अंदर घुस कर देखा , सिर्फ और सिर्फ अँधेरा hi था , कुछ भी दिखाई नै दे रहा था ,

"कोई है यहाँ पर..." सीमा ने जोर से छीलते हुए बोलै , उसकी आवाज़ कुछ देर उस शांत हवेली में गूंजती रही ,

फिर िका इक चारो तरफ कैंडल्स (मोमबतियां) जलने लगी , धीरे धीरे इस खौफनाक हवेली का बड़ा सा हॉल कैंडल्स की हलकी रौशनी में जगमगा उठा ,

सीमा ने चारो तरफ नज़र घुमा कर देखा , फिर िका इक सीमा को कुछ अहहत सुनाई दी , सीमा ने पीछे पलट कर देखा ,

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इक लकड़ी के टेबल पर इक बुध्दि औरत लकड़ी की कुर्सी पर बैठी हुई थी , उसकी आँखों का रंग सफेद था , और उसकी गालो के दोनों तरफ तीन निशान बने हुए थे , जो लम्बी लकीरो के रूप में थे , और वोह बुध्दि औरत अपने तेज़ से खेल रही थी , जो के मज़े के ऊपर पढ़ा हुआ था ,

"मेरा नाम सीमा है.." सीमा ने उसके करीब जाते हुए बोलै ,

वोह बुध्दि औरत काफी देर सीमा को घूरती रही , और फिर बोली ,

"सीमा , खीयीकहीई .." उसकी हस्सी बेहद डरावनी थी ,

सीमा उसकी डरावनी हस्सी सुन वही रुक गई , उसके मन में थोड़ा दर भी था , आखिर थी तोह वोह इक आम लड़की hi , सीमा बिना पालक जपकाये उस बुध्दि औरत को देखने लगी , उसका दिल धक् धक् कर रहा था ,

"सीमा , तुम यहाँ क्यों आयी हो , खीयीकहींईईई , जानती हो , ओह्ह तुम तोह इंसान हो , उम्म्म अह्ह्ह्हह तुम खाने का मज़ा hi अलग होगा ससुरररपपपपपपपप ससससीई खीयीकहींईईई , ायो मेरे पास , खीयकहीईई सुरररपपपपप उम्म्म्म , मेरी भूक शांत करो , में भरसो से भुकी हु..." वोह बुध्दि औरत अपने होंठो पर जीभ फिरती अपनी ब्यांक हस्सी हस्ते हुए बोली , उसके मोह से इक उलटी जैसी लर्र गिर रही थी , यह देख सीमा को भी उलटी आने को हो रही थी ,

"मुझे अमृतमयी कुंड जाना है..." सीमा ने थोड़ा डरते डरते बोलै ,

"खीयीकहींईईई , वोह तोह नामुमकिन है , खीयकहीईई पर मेरे पेट में तुम जा सकती हो , हीहीईई .." फिर वोह बुध्दि औरत इतना बोल वह से गयाब हो गई ,

सीमा डरते हुए as-pas देखने लगी , ऐसी चीज़ो से सीमा का पहले कोई वास्ता नै पढ़ा था ,

"ाआँह्ह्हह्ह..." इक तेज़ चीख सीमा के होंठो से निकल गई , वोह बुध्दि जादूगरनी इक सफेद लिबास में उसके सामने कड़ी थी , वोह कीथी ब्यांक थी , इसकी कल्पना भी नै की जक्ति थी ,



उसका चेहरा बेहद ब्यांक था , आँखें सफेद रंग में चमक रही थी , और होंठो के as-pas खून hi खून जमा हुआ था ,

सीमा डरते हुए थोड़ा पीछे हटी , तभी उसे इक चीख सुनाई दी , सीमा ने देखा वोह जादूगरनी अपने असली रूप में ा चुकी थी ,

उसके दन्त इतने नोकीले और ब्यांक थे , के किसी हठी जैसे जानवर की चमड़ी भी आसानी से फाड् डालते , उसकी गर्दन के निचे पोरे उसके मुर्दा शरीर पर बड़े बड़े नाख़ून ुग्गे हुए थे , उसकी गलो का मास्स तक नै था ,

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उसकी ब्यांक छवि देख सीमा की हालत और भी बुरी हो गई , हाला की उसके गले में कोमल का जादुई लॉकेट था , फिर भी ऐसी खौफनाक चीज़ सीमा ने जिंदगी में पहली बार देखि थी ,

"aieeeeennnnnnnnnnnnnnnn..." वोह जादूगरनी अपने नोकीले तीखे दांतो को पूरा खोल छिलाई , उसकी चीख बेहद ब्यांक और ुचि थी , उसके मोह उसके कनु तक खुल चूका था ,

"अह्ह्ह्हह .." सीमा उसकी तेज़ चीख को सेहन न कर पते हुए अपने कनु पर हाथ रख बेथ गई ,

अचानक से आवाज़ एना बंद हो गई , सीमा ने कनु से हाथ हटा आँखें खोल देखा , अभ वह कुछ नै था , बस था तोह हल्का हल्का अँधेरा hi ,

सीमा की सांसे तेज़ तेज़ चल रही थी , वोह चाहे अभ शक्ति हासिल कर चुकी थी , लॉकेट उसके गले में था , लेकिन फिर भी उसका जिस्म और दिल अभी इंसानो का था , वोह जादूगरनी के हाथिओं मर भी सकती थी ,

सीमा तेज़ तेज़ भगति हुई हवेली के गेट पर पहुंची , लेकिन गेट बंद हो चूका था ,

"ठप्प्प थप्प्प्प , खोलू ऐसे , खोलू प्लस..." सीमा तेज़ तेज़ उस लकड़ी के बड़े से दरवाजे को पत्ते हुए बोली ,

फिर सीमा तेज़ी से पलटी और हवेली के बेच से जाती सेड्यां चढ़ पहली मंज़िल पर पहुँच गई , वह इक गैलरी बानी हुई थी , जो गोल गोल होती हुई , इन्ही सेडीईओं से वापिस आकर मिलती थी , इस गोल घुमावदार रस्ते के साथ साथ बहुत सरे रूम बने हुए थे , जिनके दरवाजे लकड़ी के बने थे , और जो अभी बंद थे ,

"हे भगवन कहा फास गई में , मुझे यहाँ से निकलना होगा , इस जादूगरनी को हराना होगा , पर कैसे..." सीमा खुद से hi बोलती हुई वापिस सेड्यां उतर हवेली के हॉल में ा गई ,

फिर िका इक हवेली का मैं गेट खुल गया , सीमा बहार की तरफ भागी ,

पर जैसे hi सीमा बहार की तरफ पेअर रखने hi लगी थी , अचानक से वोह जादूगरनी उलटी लटकी उसके सामने ा गई ,

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"खीयीकहींईईईइखीई ..." वोह जादूगरी हसने लगी , उसका बाल उसके उल्टा लटकी होने के कारन निचे ज़ुल रहे थे , उसकी सफेद आँखें , और सफेद जिस्म , सीमा को और भी डरा रहा था ,

"अह्हह्ह्णणठ्हहहहहह..." सीमा चीखती हुई पीछे हटी , पीछे हट्टे हट्टे सीमा फर्श पर गिर गई ,

वोह जादूगरनी इक डैम से जमीन पर सीधी कड़ी हो गई ,

"खीयीकहीई सीमाआ , ायो मेरे पास , खीयीकहीए , मेरी भूक शांत कर दो..." जादूगरनी अपनी वहशी हस्सी हस्ते हुए बोली ,

और िका इक सीमा के ऊपर कूद गई , जादूगरनी ने सीमे के दोनों हाथिओं को उसकी कलायिओं से पकड़ उसके सार के पीछे कर दिया ,

जादूगरनी अभ अपने गन्दी गली सदी जीभ निकल सीमा के चेहरे को सुंग कर चाटने लगी , उसके मोह से गन्दी उलटी जैसी लर्र बह कर सीमे के चेहरे पर गिर रही थी , सीमा को बहुत घिन ा रही थी ,

उस जादूगरनी ने अपने इक हाथ को निचे लेजाकर अपने लम्बे तीखे नाख़ून से सीमा की गर्दन को चीयर दिया ,

"अह्ह्ह्हह्हह raaviiiiiiiiii..." सीमा तेज़ दर्द से चीखते हुए चिलये , उसकी गर्दन पर इक खून की पतली लेकर बन चुकी थी ,

िका इक जादूगरनी की नज़र सीमा के लॉकेट पर पढ़ गई , जादूगरनी लॉकेट को कुछ देर देखती रही ,

"यह , यह , लॉकेट तुम्हारे पास k..kk..kaise.." जादूगरनी ने जैसे hi लॉकेट को छुआ ,

"आइईईईन्न्ननेहहह....." वोह दर्द से चीखती हुई हवेली के दीवार से जा टकराई ,

सीमा ने उठ कर अपने लॉकेट को देखा , तोह उसने इक रहत की साँस ली ,

"यह लॉकेट से डर्टी है , पर में इसकी शक्ति का इस्तेमाल कैसे करू , मुझे तोह कुछ अत hi नै.." सीमा अपने मन में hi सोचते हुए बोली ,

तब तक जादूगरनी कड़ी हो चुकी थी , उसकी आँखों में इक गुस्सा था , जैसे अभी सीमा के बदन को चीयर कर , उसके मास्स की बोटी बोटी नोच डालेगी ,

"कैसे काम करता है , कैसे , इक बार मन में इस से कुछ बोलती हु.." सीमा जल्दी जल्दी सोचती हुई अपने मन से hi बतिअन कर रही थी ,

जादूगरनी अभ गुस्से से पागल सीमा की तरफ बढ़ने लगी थी , उसके हर बढ़ते कदम के साथ सीमा की सांसे तेज़ होती चली जा रही थी ,

"हर जादू की शक्ति को हमारा मन कण्ट्रोल करता है , शयद इस लॉकेट की शक्ति मेरे मन से जुडी हो , हाँ यही होगा , मेरा मन hi इस लॉकेट की ताकत को अपना सकता है , मेरी जुबान नै ..." सीमा ने यह सब सोचते सोचते अपनी आँखें बंद कर ली ,

"aaaieeeeeeeeeeeiiiiiiiiiiii..." वोह जादूगरनी अपने मोह को पूरा खोल तेज़ी से दहाड़ती हुई सीमा के ऊपर कूद गई ,

"अह्ह्ह्हहननंहह.." पर िका इक जादूगरनी इक तेज़ चीख के साथ फर्श पर जा गिरी , क्यों की सीमा वह से गयाब हो चुकी थी ,

"हूउउउणं , कहा गई , हूँण , तू बच नै सकती ोहूणंण , मर दूंगी तुझे , खीयीकहींईईई , हुण्णं , सामने ा मेरे..." जादूगरनी हवेली के हॉल में चारो तरफ देखती हुई चिल्ला कर बोली ,

तभी जादूगरनी की नज़र हवेली के दरवेज़े पर पढ़ी , यहाँ सीमा कड़ी हुई थी ,

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सीमा ने इक कला लिबास पहना हुआ था , उसके गले में लॉकेट नीले रंग में चमक रहा था , सीमा की गर्दन पर वैसे hi चोट का निशान था , जो अभी अभी जादूगरनी ने उसे दिया था ,

सीमा के चारो और बिजली कड़क रही थी , जो उसके बेइंतहा गुस्से में होने का सबूत दे रही थी ,

"जादूगरनी , में तुम मरना नै चाहती , मुझे जाने दो , मेरे और मेरी मंज़िल के बेच जो भी आएगा , में उसे तबाह कर दूंगी..." सीमा ने अपनी सफेद आँखें खोल गुस्से में बोलै , उसके गुस्से में होने के कारन , बिजली और तेज़ चमकने लगी , उसके लम्बे काळा बाल हवा में लहराने लगे ,

"खीयीकहीई , में अमर हु , मुझे कोई नै मर सकता , खिईखीई , हूंणंन्न , में तुझे अमृत कुंड तक नै जाने दूंगी..." इतना बोल जादूगरनी ने उड़द कर सीमा पर छलांग लगा दी ,

सीमा ने उड़द कर अपनी तरफ अति जादूगरनी को गले से पकड़ लिया , जादूगरनी चटपटा रही थी , उसकी टंगे हवा में ज़ुल रही थी ,

"ाहहननननन , ाहहननहहनन , मने कहा न , मेरे रस्ते में मत ायो , मुझे मेरा रवि चाहये , समाज गई..." सीमा ने गुस्से में जादूगरनी को गले से उठाये hi दूर फेंक दिया ,

"आयआईईईईईईईईईई ाहहनननननन.." जादूगरनी दर्द भरी चीख मरती सेडीईओं पर जा गिरी ,

वोह सीमा की तरफ देख घबरा रही थी , सीमा ने लॉकेट पर अभ पूरा कण्ट्रोल कर लिया था , उसके बढ़ते गुस्से के साथ , उसकी शक्ति भी अभ बढ़ती जा रही थी ,

"ाहूणंण ाहुण्णनं , नै छोडूगी , नै छोडूगी..." जादूगरनी इतना बोल कड़ी हो गई ,

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"aaaannnnnnnnnnnaaaaa..." वोह जादूगरनी तेज़ आवाज़ में चखने लगी , उसकी चीख इतनी ुचि और ब्यांक थी , के सीमा के हाथ अपने अप्प उसके कनु पर चले गए , वोह जादूगरनी पता नै कितनी देर तक चीखती रही ,

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फिर वोह जादूगरनी दिवार पर चलने लगी , दिवार पर चलते हुए वोह और भी ब्यांक लग रही थी , वोह सीमा को मरने के लिए उसकी और बढ़ने लगी , वोह फिर से चीखती हुई अग्गे बढ़ती गई , तेन की सीमा कुछ कर न पाए ,

"अह्ह्ह्ह ऐसे कैसे मरू , अह्ह्ह्ह , कैसे , हाँ पवितर अग्नि ..." सीमा ने कनु पर हाथ रखे अपनी आँखें बंद कर ली ,

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िका इक सीमा के दोनों हाथिओं से तेज़ रौशनी निकलने लगी , जो कुछ hi पलु में इक मैजिक बॉल बन गई ,

जैसे hi वोह जादूगरनी , सीमा पर हमला करने लगी , तभी सीमा ने वोह मैजिक बॉल जादूगरनी की तरफ फेंक दिया ,

वोह मैजिक बॉल इक जलती हुई अग्ग के रूप में जादूगरनी की तरफ बढ़ने लगा ,

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जैसे hi वोह अग्ग का गोला जादूगरनी के बदन से टकराया , तभी जादूगरनी जमीन पर गिर गई ,

"आयआईईईईईईईईईईन्न्नण... " जादूगरनी तेज़ दर्द से चिलाती हुई जलने लगी , वोह इक मुर्दा जीव थी , बरसो से रौशनी से दूर रही थी , लेकिन अगजनी की पवितरता ने उसके इस मुर्दा जिस्म को जला दिया था ,

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उसकी दर्द भरी चखे पूरी हवेली में गूंज रही थी , धीरे धीरे उस जादूगरनी का मुर्दा जिसम जल कर रख हो गया ,

सीमा ने अपनी मंज़िल का दूसरा पड़ाव भी पर कर लिया , सीमा ने रिंग की खास पहरेदार को मर कर , रिंग को अपनी शक्ति का एहसास दिला दिया था ,

सीमा ने जैसे hi जादूगरनी को मारा , हवेली का दरवाजा अपने अप्प खुल गया , सीमा हवेली से बहार निकल , अपनी मंज़िल की और अग्गे बढ़ गई ,

तीन घंटे बीत चुके थे , जादूगरनी से लड़ते हुए सीमा के दो घंटे बर्बाद हो चुके थे ,

रिंग के ऐसे पता नै कितने गुलाम थे , जो हर कदम पर सीमा को रोकने की कोससिह करने वाले थे , यह रिंग की दुनिआ थी , यहाँ की भगवन वोह खुद थी ,

सीमा वापिस जंगल में चलने लगी , लेकिन अभ उसके पास लॉकेट की असीम शक्ति थी , उसे पता लग गया था , लॉकेट की शक्ति का इस्तेमाल कैसे करना है ,

धीरे धीरे सीमा इस लाल रंग के जंगल को भी पर कर गई , जैसे hi सीमा ने जंगल पर कर सामने देखा , उसकी आँखें खुली की खुली रह गई ,

सीमा के सामने खौफनाक भेड़िये खड़े हुए थे , वोह गिनती में 5 या 6 होंगे , उनकी आँखें लाल रौशनी में चमक रही थी ,

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यह सीमा का तीसरा पड़ाव था , उसे 5 पड़ाव पर करने थे , तभी वोह अमृत कुंड तक पहुँच पति ,

ें भेड़ियों को मर कर hi सीमा इस तीसरे पड़ाव को पर कर पति , लेकिन भेड़ियों की घुराहट से सीमा का बदन कम्प सा रहा था ,

िका इक सीमा ने अपनी आँखें बंद कर ली , अभ उसके हाथिओं में इक तेज़ चमकती तलवार थी , और सामने पांच फ़ीट ुचे भेड़ए थे....

तो बे कुनिटेड....
 
अपडेट-28

अभ अग्गे...

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Abh agge...

Seema hathion me talwar liye , un bhedyion ke samne khadi thi , unki akhen lal roshni me tez tez chamak rehi thi , unki ghurahat se pora asman kampta partit ho reha tha ,

achank ik bhediye ne seema par chalang laga di , voh bhedyia hawa me uddta hua , seema par kuda , seema apne war ke liye tyar thi ,

seema ik bat nai janti thi , ke agar use yeh bhediye koi jakham dete , toh es ring ke ander uske yeh jakham kabhi bhar nai sakte the ,

yeh ik shetaini bhedyie the , jo sadyion se amirt kund ki raksha kar rehe the , enka diya koi bhi jakham kabhi bharta nai tha , jab tak voh insan ring ke ander rehta ,

us bhedyie ne jor se ghurate hue seema par chalang lagai , lekin seema ne tezi se agge ki traf zukte hue , us bhedyie ki gardan ko cheer diya ,

"ahuuuuuuunnn..." ik tez dard bhari chekh ke sath voh bhedyia jamen par gir gya , dhere dhere voh tadafta hua jal kar rakh ho gya ,

seema hafti hui dusre bhedyion ki traf dekhne lagi , voh yaha jayda wakht kharab nai karna chahti thi , uski manzil abhi bahut lambi thi ,

lekin seema tab herian reh gai , jab voh bhedyie apas me jud gye , unki takat ik ho gai , abh seema ke samne ik bahut bada bhediya khada hua tha , uske samne seema ik bachi si lag rehi thi ,



सीमा थोड़ा घबरा जरूर गई थी , पर अपनी मंज़िल का यद् करते , उसके मन से दर अभ निकल चूका था ,

सीमा जानती थी , अगर रवि मर गया , तोह उसका जिन्दा रहना या मर जाना , कोई मिएने नै रखता , उसे लड़ना था , अपने प्यार के लिए , अभ सीमा के दोनों हाथिओं में तलवार थी ,

"अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह..." सीमा तेज़ी से चीखती हुई अपने दोनों हाथिओं में तलवारे लिए उस भेड़िये की तरफ बड़ी ,

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सीमा ने तेज़ी से दोनों तलवारो का वॉर उस भेड़िये पर किया , लेकिन उस भेड़िये ने सीमा के इक हाथ को कलाली से पकड़ लिया ,

"अह्हह्ह्ह्हन्ह्ह्ह्ह..." इक तेज़ दर्द भरी चीख सीमा के होंठो से निकल गई , क्यों की उस भेड़िये ने सीमे को गर्दन से उठा , जोर से जमीन पर पटक दिया , उसका हाथ अभी भी सीमा की गर्दन पर hi था ,

सीमा जमीन के निचे धास्ति चली गई , क्यों की वोह इक दानव था , जिसमे बेइंतहा ताकत थी ,

सीमा अपने हाथ पांव पटकने लगी , तभी उसकी नज़र अपने बाये हाथ से थोड़ी दूर पढ़ी तलवार पर गई ,

सीमा की सांसे रूकती जा रही थी , वोह अपने उंगलियों से तलवार को अपने पास खींचने की कोससिह करने लगी ,

"अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह आअह्हह्ह्ह्ह रविइइइइइइइइ..." सीमा तेज़ी से चिलायी , क्यों की उसके हाथ में तलवार ा चुकी थी , सीमा ने तलवार का वॉर निचे लेते हुए hi उस भेड़िये की जंग पर कर दिया ,

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"ाययूननननननननन..." इक तेज़ दर्द भरी दहाड़ उस भेड़िये के मोह से निकल गई , सीमा ने अपनी बची खुची ताकत जूता खड़े होते hi , उस भेड़िये का कांडा अपनी तेज़ तलवार से चीयर दिया ,

अभ भेड़िया चिल्लाता हुआ दूर हैट गया , सीमा उसकी तरफ भाग उसके सीने पर तलवार का वॉर करने लगी , तभी उसने अपने बड़े से हाथ का पंजा , जो बहुत बड़े बड़े नाखुनो से भरा हुआ था , सीमा के चेहरे पर जड़ दिया ,

"आयआईईईईईईईईईई माआ..." सीमा दर्द भरी चीख मरती , उड़ती हुई इक , सूखे हुए पेड़ से टकरा कर जमीन पर गिर गई ,

"आउउउउय्यउऊउउनंनंन..." वोह भेड़िया चाँद की तरफ सार उठा , चखने लगा , और फिर सीमा की तरफ बढ़ने लगा ,



सीमा पेड़ का सहारा लेकर बहुत मुश्किल से कड़ी हुई ,

"अह्ह्ह्हह्हह , यह बहुत ताकतवर है अहहह्णह्ह..." सीमा अपने मन में दर्द से कहरहटी हुई बोली ,

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सीमा के माथे पर गहरी चोट आयी थी , सीमा को बेइंतहा दर्द हो रहा था , लेकिन उसे लड़ना था , और जीतना था ,

अभ सीमा के पास तलवार भी नै थी , सीमा ने अपनी आँखें बंद की , और किसी मंत्र का जप करने लगी ,

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िका इक सीमा के दोनों हाथिओं से इक रौशनी उत्पन होने लगी , धीरे धीरे वोह रौशनी मैजिक बॉल बन गई , सीमा ने वोह मैजिक बॉल उस भेड़िये पर छोड़ दी ,

वोह मैजिक बॉल इक बिजली के रूप में गोल गोल घूमती हुई उस भेड़िये से टकरा गई ,

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वोह भेड़िया बजिली की शक्ति लगती hi तडफने लगा , जब तक इस शक्ति का उस पर असर रहा , वोह भेड़िया दर्द सा चिलता रहा ,

सीमा की आँखें खुली की खुली रह गई , जब उसने देखा , के उसकी इस्तेमाल की साडी शक्ति उस भेड़िये ने अपने अंदर सोख ली थी ,

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उस भेड़िये का बदन अग्ग से फटने को हो रहा था , िका इक वोह भेड़िया सीमा पर जोर से चिलाय , और उसने अपने मोह से अग्ग की तेज़ लपटे सीमा पर छोड़ दी ,

"ाआनंणठ्हहह aaaieeeeeeeeeeeiiiiiiiiiiii...." सीमा का सरे कपडे उस अग्नि के तेज़ प्रभाव से जल कर रख हो गया , सीमा का बदन अग्नि की तेज़ तपश में जलने लगा ,

उसके पोरे बदन से खून बहने लगा , लेकिन गले में लॉकेट होने के कारन सीमा जिन्दा बच गई , लेकिन उस अग्ग ने सीमा की सरे कपडे जला दिए थे ,

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अभ सीमा नंगन अवस्था में उस भेड़िये के सामने कड़ी थी , उसका पूरा बदन खून से लथपथ था , लेकिन उसकी हिमेट ने अभी जवाब नै दिया था ,

िका इक उस भेड़िये के मोह से आवाज़ सुनाई दी ,

"कहीएकहिई सीमा तुम मुझे हरा नै सकती , में रवि की आत्मा को पाकर रहूगी..." उस भेड़िये के मोह से रिंग खुद बोल रही थी ,

"नै , नईईई ..." सीमा आँखों में तेज़ गुस्सा भरते हुए चिलायी और उस भेड़िये की तरफ भागी ,

इस से पहले वोह भेड़िया कुछ कर पता , सीमा ने भागते हुए निचे से अपनी तलवार उठाई , और उस भेड़िये का बदन उसकी कमर से काट कर अलग कर दिया , लेकिन मरते वख्त उस भेड़िये ने अपने नाखुनो से सीमा के पेट को चीयर कर रख दिया था ,

इक दर्द भरी चीख मरता वोह भेड़िया जमीन पर गिर गया , उसके बदन के दोनों टुकड़े जलने लगे , और कुछ hi पलु में उसके बदन की रख वह पढ़ी थी ,

"आह्ह्ह्हह्ह..." सीमा तेज़ दर्द से चीखती हुई वही गिर गई , उसके आँखें बंद होने लगी , उसका बदन अभ उसका साथ नै दे रहा था , वोह बहुत कमज़ोर हो चुकी थी ,

लेकिन उसने तीसरा पड़ाव भी पर कर लिया था , अभ चौथा पड़ाव पर करना था , फिर सीमा अमृत कुंड तक पहुँच जाती ,

करीब दो गहते सीमा बेहोश रही , फिर िका इक उसकी आँखें खुली , वोह अभ भी उसी सुनसान जगह पर लेती हुई थी ,

"अह्ह्ह्ह..." सीमा अपने सार को दोनों हाथिओं में पकड़े उठ बैठी ,

"उफ्फ्फ मेरा सर , हशः मुझे चलना होगा अह्ह्ह्ह लेकिन मेरा शरीर अह्ह्ह्ह बेहद दर्द कर रहा है .." सीमा उठने की बेजान कोससिह करते हुए अपने अप्प से hi बोली ,

"उम् शठ अह्ह्ह्हह मेरा रवि मर जायेगा अह्ह्ह मुझे चलना होगा ेहठ अह्ह्ह..." सीमा दर्द से तेज़ तेज़ सिस्कियाँ भरते कड़ी होती हुई खुद से hi बोली ,

सीमा कड़ी हुई तोह उसे अपनी हालत का एहसास हुआ , उसका पूरा बदन नग्न था और पोरे जिस्म पर खून जमा हुआ था ,

सीमा ने इक बार आँखें बंद की और जब उसकी आँखें खुली , तब वही कला लिबास उसने पहन रखा था ,

"एहहहह सपटरिषि चाकर अठ्न्न मुझे रास्ता दिखाओ.." सीमा अपनी आँखें बंद कर , हर दर्द को सेहती हुई बोली ,

फिर सीमा अपनी अगली मंज़िल की तरफ चलने लगी , उसका बदन दर्द से फटा जा रहा था , उसके यह जखम भर नै सकते थे ,

सीमा चलती चलती उस सुनसान जगह को भी पर कर गई , जब सीमा ने उसके सामने उठे सफेद धुएं के गुबार को पर किया , तब उसके सामने इक विशाल बर्फ की चादर में लिपटी जमीन थी ,

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यहाँ यहाँ तक सीमा की नज़र जाती , बस उसे सफेद बर्फ की चादर hi दिखाई देती , बड़े बड़े पहाड़ , जो बदलू में छुपे हुए थे ,

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इस बारफली जमीन पर जो पेड़ ुग्गे थे , उन पर गहरी बर्फ जमी हुई थी , सीमा ने इक लम्बी साँस भरी , वोह जानती थी , यह आखरी पड़ाव हो सकता है , इसके बाद अमृत कुंड तक वोह पहुँच जाती ,

सात घंटे बीत चुके थे , इस लिए सीमा उस बर्फ में तेज़ तेज़ चलने की कोससिह करने लगी ,

लेकिन जितना भी तेज़ वोह चलने की कोससिह करती , उसके पेअर उतने hi बर्फ में धसने लगते , उसे चलने में बेहद दिखत हो रही थी ,

फिर सीमा रुक गई , सीमा ने अपनी आँखें बंद की , तेन की किसी जादू के सहारे वोह इस बर्फीले पहाडू को पर कर सके , पर सीमा को निराशा hi हाथ लगी , उसका कोई जादू यहाँ काम नै कर रहा था , अभ साफ था , उसे चलना था , और चल कर यहाँ से निकलना है ,

सीमा चलती गई , वख्त बीत रहा था , सीमा करीब 4 घंटे लगातार चलती रही , उसकी टंगे अभ जवाब दे रही थी , पूरा जिस्म ठण्ड से थार थार कम्प रहा था ,

जैसे जैसे सीमा अग्गे बढ़ रही थी , उतनी अधिक ठण्ड भी बढ़ती जा रही थी , सीमा के हाथ पेअर सुन्न पढ़ चुके थे , उससे साँस भी नै लायी जा रही थी ,

लेकिन इक बात अजीब थी , 12 घंटे बीतने के बाद भी रत नै हुई थी , मतलब साफ था , रिंग की दुनिआ में रत नै होती थी ,

अभी सीमा के पास बस आधा वख्त बचा था , लेकिन अभी वोह इस बर्फीली घाटी को आधा hi पर कर पायी थी ,

चलते चलते सीमा को दूर इक इंसान दिखाई दिया , सीमा ने सोचा , शयद उससे कुछ पता चल जाये ,

सीमा उसकी तरफ बढ़ने लगी , लेकिन सीमा जब उस के पास पहुंची , तब सीमा हरिजन रह गई , वोह इक स्नोमैन था , जो बेहद बड़ा और डरावना था , उसकी नज़रिओं में भूक थी ,

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"ओह्ह्ह मर गई..." सीमा ने मन hi मन बोलै ,

"शह्ह्हह्ह्ह्ह तुम कोण हो.." उस बर्फीले आदमी ने सीमा से बात करते हुए कहा , वोह ऊपर से निचे तक बर्फ का बना हुआ था ,

"में सीमा हु , मुझे अमृत कुंड तक जाना है , और कितनी दूर है.." सीमा ने ठण्ड से थार थार कंपते हुए अपने दोनों हाथिओं को रगड़ते हुए पूछा ,

"ः , तुम वह नै , मेरे पेट में जोगी खोई खिइइइइ , में यहाँ का राजा हु , और रिंग का पहरेदार भी..." वोह स्नोमैन गुस्से में चिलता हुआ बोलै ,

सीमा जानती थी , इस जगह उसका कोई जादू काम नै करेगा , इस लिए वोह भागने लगी , उस बर्फ पर सीमा से तेज़ भगा भी नै जा रहा था ,

िका इक सीमा ने भागते हुए देखा , वह की साडी बर्फ खून जैसी लाल हो चुकी थी , सीमा के कदमो के निशान भी लाल पढ़ चुके थे ,

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सीमा जानती थी यह स्नोमैन का मायाजाल होगा , वोह भगति रही , अचानक सीमा किसी कांच जैसी चीज़ से टकरा गिर गई ,

सीमा ने खड़े होकर देखा , उसके सामने पानी जमी पतली कांच की दिवार थी , सीमा उस पर हाथ लगा , उस कांच की दिवार को महसूस करने लगी ,

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वोह बेहद घबरा गई थी , ऐसा मंज़र उसने पहले कभी नै देखा था , सीमा के हाथ खून से लाल थे , वोह कोससिह कर रही थी , यहाँ से बच जाने की ,

"ेहठ शिव भगवन , मेरी मदद करो , मेरी पति की जान खतरे में है , मुझे बचा लो , या फिर मर दो , प्लस भगवन , कोई रास्ता दिखाओ..." सीमा ने दोनों हाथ जोड़ रट हुए बोलै ,

सीमा के लॉकेट की शक्ति इस बर्फीली दुनिआ में कोई काम नै कर रही थी , यह आखरी पड़ाव था , इसके बाद , बस अमृतमयी फूल के सवाल थे , लेकिन वह तक पहुंचना सीमा के लिए अभ नामुमकिन सा हो चूका था ,

सीमा की शक्ति काम नै कर रही थी , अभ वोह इक आम लड़की थी , उसके सामने इक बर्फ का दानव था ,

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जो धीरे धीरे उसकी तरफ बढ़ रहा था , सीमा उस कांच की देवर पर हाथ मरती , उस दानव को देख रही थी ,

"रवीए , में तुमसे बहुत प्रेम करती हु , तुम्हारे बिना किसी को अज्ज तक देखा तक नै , रावी , अगर में मर गई , तोह यह समाज लेना , सीमा बस तुम्हारे लिए मरी , उसकी आखरी साँस बस तुम्हारे नाम की थी , रवीए , ी लव ु , रावी , ी लव उउउउउ..." सीमा ने बेइंतहा रट हुए बोलै ,

अभ वोह बर्फीला दानव सीमा के बेहद करीब पहुँच चूका था , उसके होंठो पर इक मुस्कान थी , क्यों की उसने रिंग के दुश्मन को रोक लिया था ,

"रमा , मेरी बची , मुझे माफ़ कर देना , तुम्हारी माँ , हार गई , हार गई तुम्हारी माँ , तुम तुम्हारा प्यार न दिला पायी , मुझे माफ़ कर देना , मेरी बची , में हार गई..." सीमा बेइंतहा रट हुए उस कांच की दिवार के साथ hi बेथ गई ,

अभ वोह बर्फीला दानव , यानि के स्नोमैन , सीमा के पास पहुँच चूका था , सीमा आँखों में असनु लिए उसकी तरफ देख रही थी ,

सीमा जीना चाहती थी , अपने रवि के साथ , अपनी बेटी रमा के साथ , अपने परिवार के साथ ,

सीमा समाज गई थी , वोह मरने वाली है , पर उसने फ़ासिला किया वोह रो कर नै मारेगी , वोह हस्ते हुए अपनी जान देगी ,

"रवि , बचपन से तुम hi चाहा मने , 7 सालो तक गुमनामी की जिंदगी गुजारी , बस तुम चाहा मने , मुझे अज्ज अपने अप्प पर गर्व है , में मर भी रही हु , तोह तुम्हारे साथ , मेरी जान , मेरी यह पवितर जिंदगी , मने तुम्हारे कदमो में अर्पण की , में मरने के बाद भी तुम hi चाहुगी , मेरी आत्मा भी तुम्हारे नाम , रवीए , में दुआ करुँगी , अपने शिव से , अगले जनम में भी , तुम hi मेरा पहला प्यार हो , तुम hi मेरे पति हो , रवि , में हर जनम में , बस तुम्हारी हु , चाहे किसी भी रूप में पैदा हो जाऊ , रविइइइ , काश के में तुमसे आखरी बार मिल पति , काश मेरी जान , में तुम आखरी बार देख पति , काश मेरी आखरी सांसे , तुमसे लिपटे हुए निकलती , रविइइइइ , ी लव उउउउउ..." सीमा ने रट हुए ुचि आवाज़ में बोलै और अपनी आँखें बंद कर ली ,

वोह बर्फीला दानव अभ सीमा के पास hi खड़ा था , सीमा आँखें बंद किये अपनी मौत का इंतज़ार कर रही थी ,

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वोह मर नै सकता था , वोह मिट नै सकता था , क्यों की उसकी ताकत बर्फ से जुडी थी , और सीमा इस वख्त बस इक आम सी लड़की थी , जिसने बिना किसी भेद भाव के अपनी जिंदगी , अपने प्रेमी के लिए त्याग दी थी ,

कोण करता है अज्ज कल ऐसा , अज्ज का प्यार बस दिखावा है , किसी के दिल में प्यार नै , किसी के दिल में हमदर्दी नै , प्यार , हम्म , यह शब्द , बस इक जिस्म की भूक शांत करने का जरिया मटर रह गया है ,

प्यार , यह शब्द , कोण समज़ता है , किसी की जिंदगी में इक लड़की होती है , किसी की जिंदगी में इक से जायदा , लेकिन कभी , किसी ने , किसी लड़की या लड़के की भावनायिओं को समझा है , नै , बस जिस्म की भूक , सब यही करते हैं , इस दुनिआ में ,

लेकिन सीमा , इक पवित्र प्यार की मूरत , अपने प्यार के लिए , लड़ती रही , उसकी आखरी सांसे , बस अपने प्यार को यद् कर रही थी , मरना कोण चाहता है , सब जीना चाहते हैं ,

"खीयीकहींईईई , सीमा , मेरी भूक शांत करो खीयकहीईईई , ायो मेरी भूक शांत करो..." वोह बर्फीला दानव हस्ते हुए बोलै ,

"तुम बुज़दिल हो , हाँ , तुम बुज़दिल हो , मेरी ताकत ख़तम हो चुकी है , में इक आम लड़की हु , हेहीहे , तुम्हारा मायाजाल है यह , तुम इक निकम्मे , बुज़दिल , कायर , बेहद बदसूरत , इक बर्फ के टुकड़े हो , अगर हिमेट है , तोह अपना मायाजाल ख़तम कर , मेरा मुकाबला करो , में इक आम लड़की हु , ल्यो , मर दो मुझे , पर मेरी नज़रिओं में तुम , इक कायर hi रहोगे हहै.." सीमा ने उठ कर बेइंतहा हस्ते हुए बोलै ,

"खिईखीई , मुझे क्यार कहा नादाँ लड़की..." वोह स्नोमैन गुस्से से चीखते हुए बोलै ,

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और जैसे hi उसने गुस्से में अपना मोह खोला , उसके तीखे ब्यांक नोकीले दन्त सीमा को दिखने लगे ,

"रवीए , ी लव ु..." सीमा ने िका इक अपनी आँखें बंद कर ली , और अपना खूबसूरत चेहरा अग्गे कर दिया ,

उस स्नोमैन ने इक दरिंदे का रूप ले लिया और सीमा के चेहरे के करीब अपने नोकीले दन्त कर दिए , सीमा की आँखें बंद थी , और उसके सामने इक दरिंदा अपना नोकीले दन्त खोले , उसके मास्स को नोचने के लिए त्यार खड़ा था ,

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जैसे hi स्नोमैन ने सीमा को छुआ , तभी आसमान में इक तेज़ धुप खिल उठी , और देखते hi देखते साडी बर्फ गयाब हो गई ,

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सीमा ने अपनी आँखें खोल देखा , यहाँ पहले वोह बर्फ में बैठी हुई थी , अभ वह बस इक बंजर जमीन थी , और स्नोमैन उस बंजर जमीन पर धुप में खड़ा हुआ था ,

सीमा को कुछ समाज नै ा रहा था , यह सब क्या हो रहा है , सीमा चका चांद हुई , अपने as-pas देख रही थी ,

"अह्हह्ह्ह्ह तुम कोण हो , आह्ह्हह्ह्ह्ह में पिगल रहा हु , तुम इतनी पवितर औरत हो अस्स्सह्ह्ह्हह्ह्ह्ह में मर रहा हु आह्ह्हह्ह्ह्ह तुम इतनी पवितर कैसे हो सकती हो aaaieeeeeeeeeeeiiiiiiiiiiii अह्ह्ह्हह तुम्हारी पवितरता ने मुझे पिग्ला दिया है..." वोह स्नोमैन पिगलता हुआ बोलता गया , और आखिर में पानी बन कर उस बंजर जमीन में बह गया ,

सीमा समाज गई , के उसकी पवितरता ने उसे इक नया जीवनदान दे दिया था ,

यह स्नोमैन इक दरिंदा था , यह तभी उसे छुआ सकता था , जब वेब अपवीतर होती , पर उसके जिसम को अज्ज तक , उसके प्रेमी के बिना , किसी ने छुआ तक नै था ,

"ओह्ह्ह रवि , हमारे पवितर प्यार ने अज्ज हमें बचा लिया , में जीत गई , मेरे प्यारे , अभ बस कुछ पड़ाव बाकि हैं , में तुम बचा लुंगी , और फिर , में तुम्हारी बहु में आराम से सो सकुंगी , मेरे प्यारे , बस कुछ देर और , फिर तुम मेरी बहु में होयुगे.." सीमा मन hi मन , रवि को यद् कर मुस्कराई और उस बंजर जमीन पर , उस तेज़ तीखी धुप में , अग्गे बढ़ने लगी ,

अज्ज सीमा ने यह साबित कर दिया , बुराई चाहे कितनी भी ताकतवर क्यों न हो , पर पवितर इंसान के अग्गे , उसकी हर शक्ति , नाकाम रहती है , बुराई कभी , पवितर इंसान को छू नै सकती , जिसका तन , जिसका मन , जिसका पूरा जिस्म , पवितर हो , उसे बुराई कभी छू नै सकती ,

सीमा को अज्ज अपने प्यार पर गर्व था , वोह रिंग के चौथे पहार्डर को मर कर , आखरी पड़ाव की तरफ बढ़ चली थी , लेकिन क्या था , अंतिम पड़ाव ....

तो बे कुनिटेड....
 
अपडेट-29

अभ अग्गे...

सीमा ने स्नोमैन को मर दिया , चाहे इस लड़ाई में सीमा ने कुछ नै किया था ,

लेकिन सीमा के पवितर प्यार ने अज्ज उसकी जान बचा ली थी , प्रेम , इक ऐसा शब्द , जो इंसान को दुनिआ से जोड़ता है , प्रेम , जो इंसान को भगवन से जोड़ता है ,

सीमा अज्ज बेहद खुश थी , रवि के लिए उसके दिल में जो बेइंतहा मोह्हबत थी , अभ और भी बढ़ चुकी थी ,

15 घंटे बीत चुके थे , सीमा इस बेपनाह गर्मी को जलती , अग्गे बढ़ती जा रही थी , उसे प्यास लगी थी , पर पानी नै था , होंठ सुख चुके थे , लेकिन वोह हार न मानती हुई अग्गे बढ़ती जा रही थी ,

सीमा दो घंटे और चलती रही , जब इंसान ऐसी अवस्था में फास जाता है , तब उसके मन में हज़ारो विचार उत्पन होने लगते हैं ,

सीमा को प्यास लगी थी , लेकिन वोह अपनी प्यास से दयँ हटा कर , अपनी बीती जिंदगी के बारे में सोच रही थी ,

रमा , उसकी जिंदगी का सबसे खुशनुमा पल था , उसकी बेटी , कभी कभी , सीमा को यह महसूस होता था , के रमा उसकी ham-umar है , फिर भी वोह उसकी माँ है ,

"पगली , कितना चाहती है मुझे , सारा दिन बस , माँ , माँ , चिलाती रहती है , पर मने उसे प्यार भी तोह इतना दिया है , कभी कभी , मुझे ऐसा लगता है , मने इक बची को पल कर बड़ा किया हो.." सीमा चलते चलते मन hi मन रमा को यद् कर हस्ते हुए बोली ,

यह बात भी सच थी , कुणाल ने जब रमा को दिमागी चोट पहुंचे , तब शयद वोह दर कर सिसक सिसक कर मर जाती , उस वख्त सीमा इक माँ बन कर उसकी जिंदगी में आयी थी ,

ऐसा प्रेम , न तोह कभी कही होगा , और न शयद ऐसा हो पाए , बात अभ यह थी , के सीमा अभ अपनी बेटी रमा के बिना इक पल भी जिन्दा नै रह सकती थी ,

फिर सीमा की सोच कोमल पर जैम गई , उस जैसी लड़की , इस दुनिआ में शयद hi पैदा हो , सीमा को कभी यह महसूस hi नै हुआ था , के वोह अपने पति को कोमल से बाँट रही है ,

रवि , उसका पति , उसका हमसफ़र , कितना भोला है वोह , हर किसी को प्यार देना चाहता है , अपनी बहनो को , अपनी प्रेमिका को , अपनी पत्नी को ,

रवि इक ऐसा मर्द था , जो जिससे भी प्रेम करता , उसे अपना बना लेता ,

गाओं में जब सीमा उसे पहली बार मिली थी , तब वोह खेतो में काम कर घर जा रहा था , उसका मिटटी से सना बदन , पोरे बदन पर बेहटा पसीना ,

सीमा ने उसे देखते hi अपना बना लिया था , वोह इतनी शिदत से काम करता था , लेकिन खुद के लिए नै , अपने परिवार के लिए , अपनी बहिन कोमल के लिए ,

सीमा चलते चलते रवि के बारे में सोच मुस्करा रही थी ,

लेकिन रवि की माँ , वोह अपने अप्प में इक पहेली थी , कितना काम बोलती है , न हस्ती है , सारा दिन इक hi कमरे में बंद रहती है , सीमा ने उसकी कितनी सेवा की थी , पोरे घर को सम्बल लिया था ,

लेकिन वोह कभी सीमा से भी जायदा बात नै करती थी , कितने साल बेट गए होंगे , शयद hi वोह कभी सीमा के पास आकर बैठी हो , वोह सच में इक रहस्मयी औरत थी ,

जब सीमा ने उसे कहा था , के वोह hi शालिनी है , तब भी उसके चेहरे पर कोई पर्तिकिर्या नै आयी थी , न गुस्सा , न दर्द , वोह शांत थी ,

रवि की बड़ी बहिन रेखा , कहा है , कैसी है , उसकी माँ कभी नै बताती , रवि ने कई बार , उसकी मिंटियन की होंगी , अपनी बहिन से मिलने के लिए , पर उसकी माँ ने कभी नै बताया ,

सीमा बस इतना जानती थी , रेखा की शादी हो चुकी है , लेकिन कहा , किस गाओं में , किस शहर में , कुछ पता नै था ,

सीमा यह सब सोचते सोचते अपनी प्यास भूल चुकी थी , अभ वोह इस बंजर खेतर को पर करने की कगार पर थी ,

बस कुछ दूरी का रास्ता बचा था , हाँ , यह बात अलग थी , सीमा का बदन बेहद दर्द कर रहा था , भेड़िये के दिए जखम अभी भरे नै थे ,

फिर िका इक सीमा की सोच अपने माता पिता की और चली गई , सीमा को कभी कभी लगता था , उसने गुनाह किया है , उसे अपने माँ बाप को नै छोड़ना चाहिए था ,

प्यार , अपनी जगह ठीक है , पर माँ बाप का प्यार , हमारे प्यार से कही ऊपर होता है , उनकी निगाहो में , हमारी चिंता रहती है , इक माँ कितनी चिंता करती है अपने बच्चू की ,

इक बाप , अपनी पूरी जिंदगी , म्हणत , मज़दूरी करके , पैसे जोड़ता है , तेन की उसकी बेटी , अपनी अछि जिंदगी बसा सके , उफ़ क्यों करता है वोह ऐसा , अपने बच्चू के लिए नए कपडे लता है , उनको ाचा खाना खिलता है , न दिन देखता है , न रत देखता है ,

फिर भी कई बार बचे , अपने उसी बाप का अपमान करते हैं , उसकी इजाजत को पैरो में रोले देते हैं , उफ़ यह चोट हमारे माँ बाप को कोई बाहरी जखम नै देती , पर उनका मन , उनका दिल , टूट कर चकना चुर्र कर देती है ,

सीमा भी इस गुनाह के निचे दबी हुई थी , अपने माँ बाप को जो कष्ट , जो तकलीफ , उसने दी थी , कई बार अकेले में वोह बहुत रोटी थी ,

अगर रवि से प्यार था , तोह अपने माँ बाप से जिद्द करके उनसे अपना प्यार मांग लेती , उनसे भेख मांग लेती , पर उनको छोड़ देना , 4 सालो तक , उनसे मिलने न जाना ,

अगर उसने रवि के बिना 4 साल मर मर कर गुजरे थे , तोह उसके माँ , बाप ने भी वही , दर्द सहा होगा , इक ऐसा जखम जो दीखता नै है , पर उसका दर्द जिंदगी भर होता रहता है ,

हर लड़की को आज़ादी मिलती है , इस लिए नै के वोह अपना जिस्म , किसी को भी बेच दे , हाँ , प्यार करना गुनाह नै , पर प्यार की अध् में , जिस्म का सोडा करना , यह गुनाह है ,

अपने माता पिता की दी आज़ादी का नाजायज फिदा उठाना यह भी गुनाह है , लड़की की इजाजत अनमोल होती है ,

हासष्ठ सीमा की सोच उसे बहुत दूर तक ले गई थी , लेकिन उसका रास्ता अभ पूरा हो चूका था ,

सीमा ने कड़कती धुप में देखा , इक फूलु से भरी दुनिआ उसका इंतज़ार कर रही थी , सीमा ने देखा , उस फूलु के जंगल के दरवाजे पर , इक तेज़ रौशनी चमक रही थी ,

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सीमा मुस्कराते हुए अग्गे बढ़ती गई , और उस चमकती रौशनी को पर कर , उस अमृतमयी कुंड के पास पहुँच गई ,

वह हज़ारो फूल थे , जिनकी खुशबु दिल को मोह लेने वाली थी , सीमा को दिल से बेहद ख़ुशी हुई ,

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वोह अपनी मंज़िल तक पहुँच गई थी , अभ बस अमृतमयी फूल को पाना था , पर सीमा यह नै जानती थी , के उस फूल के सवालों के जवाब दे पाना नामुमकिन था ,

सीमा कुछ वख्त के लिए उस स्थान को देख मोहित सी हो गई , वोह वह घूम फिर कर , इस मनमोहक जगह का आनंद उठाने लगी ,

लेकिन कुछ देर बाद उसे होश आया के उसे जल्दी लौटना है ,

सीमा तेज़ तेज़ चलते हुए अमृत कुंड की तरफ जाने लगी , कुछ hi वख्त बाद सीमा उस अमृत कुंड के पास कड़ी थी ,

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उसका पानी इतना साफ और चमकदार था के सीमा फिर से मोहित सी हो गई , नीले रंग का पानी चमक रहा था , पर उस पानी में कही भी अमृतमयी फूल दिखाई नै दे रहा था ,

सीमा थोड़ी परेशान सी हो गई , क्यों की वह इक भी फूल नै था , सिर्फ और सिर्फ पानी hi था ,

अचानक सीमा उस कुंड के पास बेथ गई , उसने जैसे hi अपने हाथिओं से पानी को छुआ , तभी तेज़ रौशनी चारो तरफ फैल गई ,

सीमा थोड़ा दर कर कड़ी हो गई , और तभी इक बड़ा सा फूल गोल गोल घूमता , पानी से बहार ा गया ,

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सीमा उस फूल को कुछ पल देखती रही , उसे समाज ा गया के यही अमृतमयी फूल है ,

वोह फूल गोल गोल घूम रहा था , उसमे से नीले रंग की रौशनी बहार निकल रही थी ,

सीमा ने सोचा भी नै था , के इस तरह का फूल उसे लेकर जाना होगा , वोह पानी के बेचू बेच था , और उसे चुना नामुमकिन था , और ऊपर से वोह आकाश में ुचा घूम रहा था ,

सीमा को यु सोचु में डूबा देख वोह फूल बोल पढ़ा ,

"सीमा , आखिर तुम यहाँ पहुँच hi गई , तुम मुझे लेकर जाना चाहती हो , पर उससे पहले तुम मेरे कुछ सवालों के जवाब देने होंगे , अगर सही जवाब डौगी , तभी तुम्हारे साथ चलुगा..." वोह फूल वैसे hi तेज़ रौशनी में चमकता हुआ बोलै ,

सीमा कुछ सोचने लगी , उसके पास अभी भी पांच घंटे बाकि थे , लेकिन उसका बदन बेहद दर्द कर रहा था , इतना लम्बा सफर चल कर कटा था उसने , वोह बेहद कमज़ोर हो गई थी , पर और कोई रास्ता भी नै था ,

"हाँ , में आपके सवालों के जवाब दूंगी , फिर तोह अप्प मेरे साथ चलोगे न.." सीमा ने अपने हाथ जोड़ते हुए बोलै ,

"हाँ , पर मेरे सवाल इतने आसान नै होंगे , तुम्हारा इक गलत सवाल , फिर में ऐसी पानी में अलोप हो जाउगा , और तुम यही कैद हो जोगी , अभी में तुम इक जीवनदान देता हु , तुम तुम्हारी दुनिआ में वापिस बेहज सकता हु.." उस फूल ने सीमा की हिमेट तोड़ने की कोससिह करते हुए बोलै ,

"में नै जोगी , मेरे रवि की जान खतरे में है , आपको साथ लेकर hi जोगी , अप्प सवाल पुछु , मेरे पास वख्त पहले hi काम है.." सीमा ने थोड़ा घम्बिर होकर बोलै ,

"तुम्हारा पति रवि , वोह तुम्हारा पति कैसे हुआ , तुमसे शादी नै की उसने , तुम उसकी पत्नी कैसे हो सकती हो.." फूल ने सीमा से पहला सवाल किया ,

"इंतज़ार , 7 सालो का इंतज़ार , वैसे भी अगर हम दोनों शादी करते , तोह हम दोनों 7 फेरे लेते , अग्नि के सामने , पर हमने 7 साल इक दूसरे का इंतज़ार किया , और अभ इक दूसरे के हो चुके हैं , 7 सालो में हमारा प्यार और पवितर हो गया , हम शादी शुदा हैं , दुनिआ को बताने की जरुरत नै है.." सीमा ने मुस्कराते हुए बोलै ,

"सच क्या है.."

"सच , कुछ भी नै , यह इक विश्वास है , जो दूसरे लोग हमारे ऊपर करते हैं , जो हम बोलते हैं , लेकिन जो विश्वास नै करते , उनके लिए सच का कोई अर्थ नै होता.."

"प्यार क्या है.."

"जब जिस्म से जायदा आत्मिक प्रेम सुखदायी लगे , जब जिस्म की ीचा ख़तम हो जाये , और अपने प्रेमी के बिना हम बेचैन रहे , वही प्यार है.."

"तुमने कभी किसी से नफरत की है.."

"हाँ , मने खुद से नफरत की है , क्यों की मने अपने माता , पिता को छोड़ दिया था , अपने प्यार के लिए.."

"ाचा , अगर तुम्हारा पति तुम छोड़ दे , तब क्या करुँगी.."

" में रवि से प्यार करती हु , चाहे वोह मेरे पास रहे , या मुज़से दूर रहे , में उसकी हर ख़ुशी में खुश हु.."

"तुम्हारा पति तुमसे अधिक किसे प्यार करता है.."

"किसी से नै , उसका प्यार इक जैसा है , जो प्यार वोह मुझे करता है , वही प्यार अपनी बहनो से करता है , और वही प्यार दूसरी लड़कयों के साथ.."

"तुम पवितर हो , पर तुम्हारा पति वोह पवितर नै है , इसका मतलब वोह तुम प्यार नै करता है.."

"मेरा पति इक मर्द है , और मर्द का मन चंचल होता है , वोह कभी इक चीज़ पर नै टिक सकता , वैसे भी जब वोह मुझे प्यार करता है , तब कई बार उसकी आँखों से असनु बहते मने महसूस किये हैं.."

"हम्म , ाचा इक बात बताओ , रवि की बहाने , क्या वोह जिंदगी भर कुवारी रहेगी , क्या वोह शादी नै करेगी , क्या वोह सिर्फ तुम्हारे पति की हवस पूरी करती रहेगी.."

"गलत , आपकी सोच गलत है , रवि ने जब घर छोड़ा और 7 साल उनसे दूर गया , तब मेरे साथ उनहोनु भी रवि का इंतज़ार किया , मेरा पति हवसी नै है , कितनी बार प्यार किया होगा उसने , इक बार या दो बार , उसकी बहाने , उससे जुडी हैं , कोई छह कर भी उनको , मेरे पति से अलग नै कर सकता , ाचा , इक बात बताती हु , 7 सालो तक , बिना किसी से जिस्मानी सम्बंद बनाये , क्या कोई लड़की अपनी जिंदगी गुजर सकती है , अप्प बताओ.."

"हाँ , जब कोई लड़की , किसी से आत्मिक रूप से प्रेम करती है , तब वोह सदियों तक , अपने प्रेमी का इंतज़ार कर सकती है , उसके लिए , दुनिआ का कोई भी मर्द , उसके प्रेमी की जगह नै ले सकता.." फूल ने सीमा के सवाल का जवाब दिया ,

"बस , यही हवस है मेरे पति की , उसकी बहाने , उसके दो पल के प्यार के लिए , अपनी पूरी जिंदगी उसका इंतज़ार कर सकती हैं , तोह अप्प hi बताओ , यह मेरे पति की हवस है , या उसका प्यार.."

"हम्म , यह उसका प्यार है , तुम बेहद चालक हो , लेकिन तुम्हारा पति , उनको समाज में क्या स्थान दे सकता है , उसकी बहाने , रिमी , शूरति , रमा , कोमल , कविता , सोनल , ें सबसे क्या वोह शादी करेगा , या इनको अपने साथ बिना किसी रिश्ते के रखेगा.." फूल के इस सवाल से सीमा थोड़ा सोचने लगी ,

"क्या जवाब दू , इक समाज के नज़रिये से देखु , तोह यह पाप है , और इक प्रेमी की नज़र से देखु , तोह मेरा पति अपनी जगह ठीक है , उसने आज़ादी दी है अपनी बहनो को , यह जरुरी नै है , के शादी करके , अपनी पहचान समाज को बताई जाये , ाचा समाज क्या है.." सीमा ने सवाल का जवाब देते देते उस मायावी फूल से सवाल कर दिया ,

"समाज इस दुनिआ के लोग का इक समूह होता है , अलग अलग जतयों का , अलग अलग समाज होता है .."

"बस , फिर , रवि और उसकी बहनो का इक अलग समाज है , उनकी अपनी इक दुनिआ है , यह दुनिआ है प्यार की , अगर बहरी समाज की दुनिआ देखि जाये , तोह वह बस , धोका , पाप , छलकपट , हिंसा , लालच , यही सब होगा , पर मेरे पति और उसकी बहनो का जो समाज है , उसमे प्यार है , हमदर्दी है , इसके बिना कुछ नै , में अपने पति के साथ , इस समाज से जुडी हु , और उसकी बहाने अपने बनाये समाज में रहती हैं , मुझे इस समाज के नियज्मो का पालन करना पढता है , चाहे में किसी को धोका दे रही हु , या किसी को मर रही हु , पर उसकी बहनो के बनाये समाज में उनका इक निज़ाम है , अपने भाई से प्यार करना..." सीमा लगातार बोल कर रुक गई , वोह बेहद थकी हुई थी ,

"लेकिन दुनिआ , रवि की बहनो के बनाये समाज को कभी नै मानती , अगर समाज में पता चला तोह रवि और उसकी बहनो को पापी कहकर उनको समाज से बहार फेंक दिया जायेगा.."

"पर क्यों , ओह्ह , लेकिन रवि और उसकी बहाने , इस बात को समाज में क्यों बताएगी , वोह प्रेम चाहती हैं , अपने भाई से , वोह उनको मिल रहा है , उनको समाज से कुछ नै चाहये , जिंदगी उनका hi साथ देती है , जो प्यार के लिए जीते हैं , न के फज़ूल के सामाजिक निजमो का पालन करना.." सीमा कमज़ोर होकर वही घास पर गिर पढ़ी ,

वोह लगातार 4 घंटो से मायावी फूल के सवालों का जवाब दे रही थी , वोह बेहद थक चुकी थी , बस इक घंटा बाकि रह गया था ,

"रमा तुम्हारी बेटी नै है , पर तुम उसे अपनी बेटी मानती हो , और दूसरी तरफ अपने पति के साथ उसे प्रेम करने दे रही हो , क्यों , इक माँ , ऐसा कैसे कर सकती है."

"अह्ह्ह्ह रमा मेरी बेटी है , पर मेरी बेटी होने से पहले वोह मेरे पति की बहिन है , वोह बहिन , जिसने अपनी जिंदगी का पहला प्यार भरा अनुभव अपने भाई के साथ प्रपात किया था , वोह अपने भाई से शारीरक सम्बंद बना चुकी थी , में तोह उसे बाद में मिली हु , अहहह्णहह , हाँ वोह मुझे माँ मानती है , पर उसका प्रेमी , उसका भाई है , में उन दोनों को छह कर भी अलग नै कर सकती , अगर में ऐसा करुँगी , तोह मेरी ममता डैम तोड़ देगी , और मेरा पति टूट कर भीकर जायेगा..." सीमा की आँखें बंद होती जा रही थी , वोह बेहद कमज़ोर होती चली जा रही थी , अभ बस आधा घंटा बचा था ,

"हम्म , तुम ठीक बोल रही हो , ाचा , यह बताओ , कोमल का प्यार जायदा है या तुम्हारा.."

"अह्ह्ह्ह कोमल का .." सीमा अपनी आँखों को बंद होने से रोकने की कोससिह करते हुए बोली ,

"वोह कैसे.."

"उम् शठ कोमल जब छोटी सी बची थी , तब से रवि ने उसे पला था , रवि उसकी माँ था , रवि उसका बाप था , और रवि hi उसका भाई था , धीरे धीरे कोमल की नज़रिओं में , उसके भाई का प्यार , बढ़ता गया , जैसे जैसे कोमल बड़ी होती गई , यह प्यार भी जवान होता गया , कोमल को लगा , के वोह अपने भाई के बिना अधूरी है , ऐसी लिए कोमल का प्यार , मुज़से कही जायदा गहरा और विशाल है , में कोमल जैसा प्यार रवि को नै कर सकती , क्यों की वोह अज्ज भी पवितर है , अज्ज भी कुवारी है , जब की रवि की सभी बहनो ने उसके साथ सम्बंद बना लिए हैं , पर कोमल ने कभी ऐसा नै किया , वोह बेहद पवितर लड़की है..." सीमा ने अपनी आँखें हलकी हलकी बंद करते हुए बोलै ,

"जिंदगी क्या है , मौत क्या है , दर्द , असनु , ख़ुशी , ें सभी बातिओं को इक hi लाइन में पूरा करो.."

"अपनों के लिए जीना जिंदगी है , अपनों से दूर हो जाना मौत है , अपनों से धोका मिलना दर्द है , अपनों से नाराज़ होना असनु है , अपनों की ख़ुशी देखना ख़ुशी है.."

"हम्म , बहुत खूब , मन लो , अगर इक तरफ तुम्हारे पति की जिंदगी दांव पर लगी हो , और दूसरी तरफ तुम्हारी पवितरता, किसे चुनुँगी तुम.."

"अपनी पवितरता को , क्यों की अगर में पवितर हु , मेरा प्यार पवितर है , तोह मेरे पति की जिंदगी बहुत लम्बी रहेगी.."

"में तुमसे बेहद प्रभावित हुआ हु , तुम्हारा पति भावनायिओं में क्यों बह जाता है , जिंदगी भर उसे दुःख मिले हैं , क्या उसका दिल लड़कयों जैसा है , उसकी भावनायें औरशन जैसी क्यों हैं , ऐसी कारन , वोह हमेशा हारता रहा है , तुम बताओ ऐसा क्यों है..."

"हम्म , यह सवाल मुश्किल है , लेकिन में इसका जवाब दूंगी , मेरा पति भावनायिओं में बह जाता है , ऐसी लिए , उसकी बहाने , और में , हम सब उस पर जान देती हैं , दुनिआ में इक बात सच है , जो मर्द अपनी भावनायिओं से सोच कर फ़ासिले लेने लगता है , वोह कभी बुराई का रास्ता नै पकड़ता , बिना भावनायिओं के इंसान , इक माँ का पुतला है , मुझे गर्व है , मेरा पति ऐसा है..."

"लेकिन क्यों , उसका दिल और मर्दो जैसा क्यों नै हो सकता.."

"जरुरी नै है , दिल क्या है , यह हमारी सोच है , मन की आवाज़ , जिसे दिल से जोड़ा जाता है , मेरे पति का दिल बेहद मज़बूत है , उसकी जिंदगी में उसकी 7 बहाने हैं , जिनकी अलग अलग सोच है , उसकी नजाने कितनी प्रेमिकयाँ है , उनकी भी सोच अलग अलग है , लेकिन फिर भी , वोह सब , मेरे पति से खुश रहती हैं , अभ अप्प hi बताओ , मेरे पति का दिल कैसा है , उन सब की आँखों में कभी असनु नै ऐनी देता , उनको हर ख़ुशी देनी चाहता है..." सीमा ने वैसे hi बैठे बैठे बोलै ,

अभ वख्त बस 5 मिंट का बचा था , लेकिन फूल को देख लग नै रहा था , वोह सीमा के साथ चलने को त्यार है ,

"मौत के बाद क्या है.."

"नै पता , में झूठ नै बोलती , जब में मर जोगी , तब hi बता पाउगी.."

"बहुत खूब , ाचा अगर में तुम्हारे साथ न जाऊ , तोह , क्या करुँगी तुम.."

"कुछ नै , में क्या कर सकती हु , लेकिन मुझे ख़ुशी होगी , के मैं यहाँ तक पहुँच पायी , और दुःख इस बात का रहेगा , के आपको खुश न कर पायी , वह मेरे पति मर जायेगे , उनकी बहाने पूरी जिंदगी , दर्द में गुजर देंगी , कोमल मर जाएगी , और में भी यही डैम तोड़ दूंगी.."

"इक मर्द से इतनी जिन्दगियां जुडी हैं .."

"औरत का मन बेहद विशाल होता है , वोह मर्द को पहचान पाने में बेहद शक्तिशाली होती हैं , रवि की साडी बहनो ने उसे दिल से प्यार किया है , उनके लिए जिस्म की वासना अभ , बेहद पीछे रह चुकी है , वासना का उनकी जिंदगी में कोई स्थान नै , वोह बस अपने भाई के साथ रहना चाहती हैं , ऐसी लिए वोह सब उससे आत्मिक रूप से इस कदर जुड़ चुकी हैं , के उनको बस मौत hi अलग कर सकती है.."

"सीमा में तुमसे बेहद प्रभावित हुआ हु , मने सोचा है , में तुम्हारे साथ चलुगा , पर , उसके लिए तुम , इक शरत पूरी करनी होगी.."

"मुझे हर शरत मंज़ूर है.."

"पहले सुन लो , अगर तुम चाहती हो , के में तुम्हारे साथ जाऊ , तोह तुम अपनी जान देनी होगी , में तभी जा सकता हु , जब कोई इक कीमत चूका पाए , क्या तुम यह कीमत चूका पाउगी..."

"हाँ में त्यार हु , मेरी जान देकर , अगर मेरे पति की और उसकी सभी बहनो की जिंदगी बच सकती है , तोह मुझे मंज़ूर है , बताओ क्या करना है मुझे.."

"इस पानी में कूद जाओ , यह पवितर पानी , तुम पल भर में जला देगा , और में तुम्हारे पति के पास पहुँच जाउगा , जल्दी करो , तुम्हारे पास बस 1 मिंट बचा है..." फूल ने और भी तेज़ रौशनी में चमकते हुए बोलै ,

"रवि , मुझे हमेशा यद् रखना , हमारा साथ यही तक का था , मुझे ख़ुशी है , मने तुमसे प्यार किया , अलविदा मेरे प्यारे..." सीमा ने आँखें बंद कर , अपने प्यारे रवि को यद् किया , और बिना फूल की तरफ देखे , उस पानी में कूद गई...

पानी में कूदते hi सीमा उस पानी में दुब कर अलोप हो गई , और फूल भी गयाब हो गया , सीमा ने अज्ज यह साबित कर दिया था , यहाँ प्यार होता है , वह जिस्म की कोई महत्ता नै रहती ,

अभ सब खामोश हो चूका था , क्या था अग्गे के वख्त में , इक जिंदगी के बदले कितनी जिन्दगियां बचा गई थी seema....voh सच में इक ानोःकी लड़की थी...

"उफ्फ्फ , ओह्ह्ह , मेरा सार , अह्ह्ह , कितना दर्द कर रहा है..." िका इक रवि ने उठते हुए अपने अप्प से hi बोलै ,

लेकिन वोह हरिजन रह गया , जब उसने अपने अप्प को , घर में सोया देखा ,

"उफ्फ्फ , में तोह कुणाल से लड़ रहा था , अह्ह्ह में यहाँ कैसे , शठ मेरी गाड़ी टूट गई थी , उम् शह्ह्ह्ह में घर कैसे पहुँच गया.." रवि खुद से hi बोलता हुआ उठा , और सेड्यां उतर घर के हॉल में पहुँच गया , तभी उसे किचन से बर्तन खटकने की आवाज़ सुनाई दी ,

रवि ने किचन में जाकर देखा , तोह वोह मन hi मन मुस्करा दिया , और उसे पीछे से अपनी बहु में भर लिया ,

"उम् उठ गया मेरा सोना , अभ कैसा लग रहा है..." सीमा ने मुस्कराते हुए बोलै ,

"मेरी जान , अह्ह्ह में यहाँ कैसे आया.." रवि ने सीमा का चेहरा अपनी तरफ करते हुए बोलै ,

"हम्म , में लायी तुम यहाँ , उफ़ में दर गई थी , मेरी जान को कुछ हो जाता तोह , ी लव ु मेरे जणू , उम् , तुम ठीक देख कर , दिल को सकूं मिल गया , मेरे रवि , मेरे प्यारे , तुम कितने खूबसूरत हो.." सीमा ने रवि के चेहरे पर अपने नरम हाथ फिरते उसके होंठो को चूमते हुए बोलै ,

"सीमू , तुमने मुझे बचा लिया , ओह्ह मेरी जान , ी लव ु तू , मेरी सीमू , मेरी सीमू , उम्मा , में तुम्हारे बिना कैसे जी पता.." रवि ने सीमा को कास कर अपनी बहु में भरते हुए बोलै , सीमा उसके सीने से लगी हुई थी , उसकी आँखें लाल रौशनी में चमक रही थी , शयद फूल ने जो कीमत मांगी थी , वोह सीमा ने चूका दी थी , पर वोह कीमत क्या थी , जो सीमा भर कर भी जिन्दा थी....

तो बे कुनिटेड...[Friends maf karna kal update nai kar paya.. par yeh update bahut mushkil se likha hai.. story ka plot soch kar.. hope app sabko pasand aye.. ]
 
अपडेट-30

अभ अग्गे...

रवि कुछ देर सीमा को अपनी बहु में भरे खड़ा रहा , उफ़ अज्ज उसका मन शांत था , ऐसा महसूस हो रहा था , जैसे उसके सार से बहुत बड़ा बोझ हल्का हो गया हो ,

रवि ने सीमा को थोड़ा पीछे कर , उसकी आँखों में देखा , इक डैम शांत , मुस्कराती आँखें थी उसकी , उसका मासूम चेहरा , गुलाबी नरम होंठ ,

रवि ने कास कर सीमा के नरम होंठो को चुम लिया , सीमा मुस्कराने लगी ,

"अभ अप्प आराम करो , में वोह , में खाना बना देती हु , मेरे सोना को भूक लगी होगी , हाँ न सोना..." सीमा ने मुस्कराते हुए रवि के दोनों गाल खींचते हुए बोलै ,

"हाँ , सीमू , बहुत भूक लगी है , ाचा में , अपनी बहनो से मिल कर अत हु.." रवि इतना बोल वह से जाने लगा ,

तभी उसकी नज़र अपने हाथिओं पर गई , वोह चौंक गया , उसके दिल की धड़कने बढ़ गई ,

"सीमा , वोह रिंग कहा गई , मेरे हाथ में थी , कहा गई वोह.." रवि ने हड़बड़ाते हुए सीमा से बोलै ,

"मुझे नै पता , जब तुम हॉस्पिटल में मुझे मिले , तब कोई रिंग नै थी तुम्हारे हाथिओं में , और देखो मेरे हाथ भी खली हैं , रवि छोड़ू उन बातिओं को , सोना वोह रिंग तुम पर हावी हो रही थी , ाचा हुआ निकल गई , ाचा अपने गले में देखो क्या है..." सीमा ने अपने दोनों खली हाथ , रवि को दिखते हुए बोलै ,

"हम्म , तुम ठीक बोल रही हो , अरे , यह लॉकेट कैसा है , यह , कहा देखा है मने , इक मिंट , हाँ , यद् आया , यह कोमल के पास देखा था मने..." रवि ने अपने गले में पहने लॉकेट को प्यार से अपने हाथ में लेते हुए बोलै , उसकी आँखें नाम थी ,

"ओह्ह मेरा सोना , यह कोमल का लॉकेट तुम इंसानो के बेच मेहफ़ूज़ रखेगा , रिंग की तरह तुम पर हावी नै होगा , मेरा सोना , ाचा सोना , तुम टेंशन फ्री हो जाओ , और अपने बहनो से मिलो , जाओ सोना.." सीमा ने रवि के बालो पर प्यार से हाथ फिरा कर हस्ते हुए बोलै ,

रवि ने सोचा जो हुआ ाचा हुआ , वैसे भी रिंग ने उसे पागल कर रखा था, यह लॉकेट उसे इंसान बना कर रखेगा ,

रवि यही सोचता सोचता रमा के पास पहुँच गया , जो अभी भी बीएड पर सो रही थी , रवि उसके साथ जाकर लेट गया ,

रमा सो रही थी , तोह रवि सोचने लगा , उसे क्या करना है अज्ज के दिन , हम्म , हाँ पहले वोह ख़ुशी से मिलेगा , फिर अंजू से , और शाम को बेबी से , वैसे भी , बेबी को उसके हिस्से का प्यार भी देना है , वोह बोल रही थी , उसे प्यार की जरुरत है ,

कुणाल , हम्म , उसका क्या हुआ होगा , मारा होगा या नै , हाँ , अगर न भी मारा , तोह अगली बार मर दूंगा , मेरी कोमल को रुलाया , अभ से जब भी वोह मेरे सामने आएगा , कुत्ते की मौत मरुँगा ,

रवि अभी अपनी सोचु में घूम था के रमा के बदन में थोड़ी हलचल हुई , रमा अपना सार दोनों हाथिओं में लिए उठ कड़ी हुई ,

"ओह्ह मेरा सार शठ .." रमा अपने सार को दबती रही और फिर अचानक उसकी नज़र अपने भाई पर गई ,

"मेरी जणू उठ गई , कितना सोती है , मोती कही की..." रवि ने रमा को अपनी तरफ खींच , अपने करीब करते हुए बोलै ,

"क्या भइआ अप्प भी , माँ कहा है , उफ़ मेरा सार दर्द कर रहा है..." रमा ने अपना सार दबाते हुए कहा ,

"उम् , मेरी जान , में अभी ठीक कर देता हु .." रवि ने मुस्कराते हुए रमा को बीएड पर लिटा दिया , और उसके चेहरा अपनी और कर लिया , रमा अपने गुलाबी नरम होंठो पर जीभ फिरा उनको गीला कर रही थी ,

"उफ़ रमा , तुम्हारा हुसैन लाजवाब है , रमा अभ तोह टाइट हो गई होगी , कितने साल हो गए हैं , इक बार दिखा दो न.." रवि ने रमा के होंठो को कास कर चूमते हुए बोलै ,

"अह्ह्ह्ह क्या टाइट हो गई है , किसकी बात कर रहे हो अप्प.." रमा ने मुस्करा कर पूछा ,

"ओह्ह , इसकी जानेमन , तुम्हारी माखन जैसी छूट की , कितने साल हो गए , हाँ , यद् आया , 10 साल बीत गए , आखरी बार , मने तुम और रिमी को इक साथ छोड़ा था , उसके बाद , इतने साल बीत गए , ओह्ह रमा.." रवि ने कास कर रमा को अपनी बहु में भरते हुए बोलै ,

"ोुछः , मुझे कुछ यद् नै.." रमा ने शरमाते हुए बोलै ,

"रमा , तुम मुज़से इतना प्यार करती हो , 10 साल बीत गए , तुमने किसी और को अपने करीब नै ऐनी दिया , जानती हो , मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा खुशनुमा पल क्या था.." रवि ने रमा को पीछे कर उसकी आँखें में ज़कते हुए बोलै ,

"क्या.." रमा ने बेहद धीमी आवाज़ में बोलै ,

"जब पहली बार मने तुम अपनी खेतो की उस झोपड़ी में छोड़ा था , उफ़ उस जैसा एहसास और मज़ा , मुझे अज्ज तक नै मिला , मेरे अपने खेत , यहाँ में दिन रत काम करके , दो वख्त की रोटी का अनाज उग्गता था , तुम सबका पेट भरता था , कितना सकूं था , उस जिंदगी में , जब तुम मेरे लिए खाना लेकर अति थी , पसीने से भीगी हुई , चोली और घागरा पहने हुए , तुम्हारे चेहरे पर बेहटा वोह पसीना , तुम्हारे बदन से अति , वोह भेणी भेणी खुशबु , तुम्हारे शरबती लाल होंठो की वोह मुस्कान , सब कुछ कही खो सा गया है , और अज्ज , हम कहा पहुँच चुके हैं , अपने गाओं से दूर , अपने खेतो से दूर , अपने उस टूटे फोटे झोपड़े से दूर , यहाँ बेथ कर , कड़ी धुप से बचता था में , इक छोटी सी खटिया पढ़ी रहती थी , जिस पर उस कड़ी धुप में , उस झोपड़े की चयो में सोता था , रमा तुम मुझे वोह सब यद् दिलाती हो , तभी तोह , में तुम इतना चाहता हु.." रवि ने दिल की गहराई से उन बीती यादिओं को रमा के सामने खोला , तोह रमा की आँखों से असनु चालक पढ़े ,

"उम्मा , भइआ , में वही रमा हु , में भी , उन प्यार भरी यादिओं को कभी नै भूल पायी , उस दिन झोपड़े से जो हमारी नयी जिंदगी की शुरुआत हुई , मने आपको hi सब कुछ मन लिया , अप्प मेरे हमसफ़र हो , मेरा जिस्म बस आपका है , इस पर किसी का कोई हुक नै , खुद मेरा भी नै , 10 साल तोह क्या , में अपनी पूरी जिंदगी आपका इंतज़ार कर सकती हु , जिस्म की वासना , मेरे प्यार के अग्गे बहुत फेकि हो चुकी है , ी लव ु भइआ , हम इक दिन जायेगे , गाओं में , अपने खेतो में , तब में आपके लिए खाना लेकर ायुगी , और बेपनाह प्यार करुँगी आपसे , जैसे उस दिन किया था..." रमा ने रट हुए अपने भाई के पोरे चेहरे को चूमते हुए बोलै ,

"ओह्ह रमा.." रवि ने रमा के होंठो को अपने होंठो में कैद कर लिया , और दोनों इस प्यार भरे लम्हे को महसूस करने लगे , रवि अपनी बहिन रमा के होंठो को बड़ी शिदत से चूस रहा था , रमा के नरम होंठ , अपने भाई के कठोर होंठो में पिस्टे चले जा रहे थे , काफी देर दोनों इक दूसरे के होंठो को चूसते रहे ,

"सोना , अगर तुम दोनों का प्यार हो गया , तोह ा जाओ , खाना खा लो.." सीमा ने मुस्कराते हुए बोलै , वोह कब से दोनों की बतिअन सुन रही थी , उसकी आँखें नाम थी ,

रमा अपनी माँ की आवाज़ सुन , इक डैम से कड़ी हो गई , उसका चेहरा शर्म से लाल हुआ पढ़ा था ,

फिर रवि , और रमा डाइनिंग टेबल पर ा गए , शूरति और रिमी , और सीमा , अपना अपना सार हाथिओं में लिए वह बैठी हुई थी , सबका सार दर्द से फटा जा रहा था , लेकिन क्यों , यह बात बस सीमा जानती थी ,

"सोना , मने तुम्हारी पसंद का खाना बनाया है , ल्यो खाओ सोना.." सीमा बेहद ख़ुशी में प्लेट में खाना डालते हुए बोली ,

"शूरति कैसी हो तुम.." रवि ने खाना कहते हुए पूछा ,

"ठीक हु.." शूरति ने मुस्करा कर बोलै , वोह बेहद शर्मा रही थी , जब से रवि ने उसे अपनी वाइफ बोलै था ,

"रिमी , कल सोल्लगे जाना है तुम , कितने दिन हो गए हैं.."

"जी भाई , जोगी.." रिमी ने हड़बड़ा कर बोलै ,

रवि समाज चूका था , कुछ बात ऐसी थी जो रिमी उससे छुपा रही है , उसने सोचा रत को रिमी से अकेले में बात करेगा..

फिर सभी खाना खाने लगे , सीमा बेहद खुश थी , वोह रवि को बार बार खाना खिलाती जा रही थी , जब के रवि का पेट भर गया था ,

"सोना , और खाओ न , तुमने कितना काम खाया है.." सीमा ने जबरदस्ती रवि की प्लेट में और खाना डालते हुए बोलै ,

"सीमू , 4 लोग का खाना अकेला hi खा चूका हु , मेरे मासूम से पेट पर थोड़ा रेहम करो , फैट जायेगा बेचारा.." रवि ने बड़ी मुश्किल से और खाने की कोससिह करते हुए बोलै ,

रवि की बात सुन , उसकी बहाने हसने लगी , और साथ में समीअ भी , उनको बहुत मज़ा ा रहा था , अपने भाई की इस हालत पर ,

"ओह्ह मेरा सोना , कुछ नै होगा , सोना , खाना खाओगे , तभी ताकत आएगी , देखो , मेरा सोना कितना कमज़ोर हो गया है , ाचा सोना , बस यही खा लो , और नै बोलूगी .." सीमा इतना बोल किचन में चली गई ,

रवि ने बड़ी मुश्किल से अपनी प्लेट खली की , फिर रवि किचन में सीमा के पास चला गया ,

"सीमू.."

"हाँ सोना , क्या बात है.." सीमा ने मुस्कराते हुए बोलै ,

"सीमू , मुझे कुछ पैसे चाहये थे , वोह मेरी गाड़ी ब्लास्ट हो गई , अभ नयी गाड़ी लेनी पड़ेगी , वही पैसे जो मने तुम दिए थे.." रवि ने सीमा के करीब होते हुए बोलै ,

"सोना वोह पैसे , जो पहले तुम 5 क्रूर्रे लाये थे , फिर सोना 1 क्रूर्रे तुम ले गए , 10 लाख उस टैक्सी ड्राइवर को दे दिए , 20 लाख अनु को दे दिए , 70 लाख तुम हवेली में छोड़ ए , और जंगल में रहते 50 लाख तुम फिर ले गए गाड़ी लेने के लिए , 80 लाख फिर ले गए बेबी के साथ गाड़ी लेने , सोना तुम्हारे 2.70 क्रूर्रे रुपए मेरे पास सेफ पढ़े हैं.." सीमा ने मुस्कराते हुए बोलै , रवि बस आँखें फाडे और मोह खोले सीमा की बतिअन सुनता रहा ,

"सीमू.." रवि हेरियनि से बस इतना hi बोल पाया ,

"सोना , वोह पैसे तुम्हारे हैं , ाचा सोना अभ कितने चाहये.." सीमा ने रवि के करीब होकर बोलै ,

"50 लाख देदू , और पैसो का इंतज़ाम करना होगा , कभी भी जरुरत पढ़ सकती है , यह बात मने कभी सोची hi नै.." रवि ने थोड़ा सोचते हुए बोलै ,

"सोना , तुम रुको में अभी लती हु.." सीमा इतना बोल किचन से बहार चली गई ,

जब सीमा वापिस आयी , उसके हाथिओं में इक छोटा सा बैग था ,

"यह लो सोना , अछि सी गाड़ी लेना , सोना मुझे भी कही घूमने लेकर जाना , कभी में घूमने hi नै गई , कितने साल बीत गए हैं.." सीमा ने मुस्कराते हुए बोलै ,

"सॉरी सीमू , गलती मेरी है , मने तुम्हारे बारे में कभी इतना सोचा hi नै , तुम पोरे परिवार को सम्बल रही हो , इतने सालो से , अभ से में तुम वोह हर ख़ुशी दूंगा , जो इक पति अपनी पत्नी को देता है , वादा करता हु.." रवि ने सीमा को गले लगा , थोड़ा नाम आँखों से बोलै ,

"अरे , मेरा सोना , रोने लग गया , सोना में मज़ाक कर रही थी , मेरे पास इतना टाइम hi कहा होता है , सोना तुम जाओ , अभी रोये , तोह में नाराज़ हो जोगी तुमसे.." सीमा ने हस्ते हुए बोलै , और रवि का माथा चुम लिया ,

"में शाम को लोट ायुगा सीमू.." रवि ने बहार की तरफ जाते हुए बोलै ,

"सोना , अपना ख्याल रखना , मर पीट मत करना.." सीमा ने किचन में से hi ुचि आवाज़ में बोलै , फिर वोह खुद खाना खाने लगी , अभी उसे बहुत से काम और करने थे ,

रवि घर से निकला और टैक्सी में बेथ पहले इक कार शोरूम में पहुंचा , वह रवि ने इक नयी गाड़ी ली , और फिर सीधा हॉस्पिटल पहुँच गया , पिछले 24 घंटो से वोह ख़ुशी से मिला तक नै था , उसे चिंता थी ख़ुशी की...

रवि हॉस्पिटल पहुँच पहले dr.anju के केबिन में पहुँच गया , रवि ने दूर नॉक किया तोह अंदर से आवाज़ आयी "के इन.."

रवि जैसे hi अंदर घुसा , उसने देखा अंजू कुछ फाइल्स चेक कर रही थी , रूम का सारा सामान नया था , जो उसकी और कुणाल की लड़ाई में टूट गया था ,

"अंजू.." रवि ने थोड़ा धीमी आवाज़ में बोलै ,

"ओह्ह रावी.." अंजू चेयर से उठी और भाग कर रवि के गले लग गई , उसकी आँखें नाम हो गई , उसे बेहद चिंता थी रवि की , अंजू अभ रवि से बेहद जुड़ चुकी थी ,

"अरे रो क्यों रही हो जणू.." रवि ने अंजू के असनु साफ करते हुए पूछा ,

"रवि , में दर गई थी , उस दिन तुम्हारी हालत देख कर , मने सोचा , कही तुम , ओह्ह्ह , ..." अंजू इतना बोल फिर से रवि के सीने से लग गई , वोह काफी देर तक रवि को महसूस करती रही , फिर वोह थोड़ी शांत हो गई और पीछे हैट कर बोली ,

"रावी , तुम ठीक तोह हो न , अभी आराम करते , वैसे भी ठाकुर के आदमी तुम हर जगह दंड रहे हैं , कुणाल मर चूका है , पर इक बात अछि हुई.." अंजू ने रवि को अपने पास चेयर पर बिठाते हुए बोलै ,

"वोह क्या.."

"रवि तुम्हारा चेहरा किसी ने नै देखा , तुम खून से लथपथ थे , जिन लोग ने तुम्हारा नाम ठाकुर को बताया , ठाकुर उनकी बात नै मन रहा , उनको लगता है तुम पहले hi मर चुके हो , और इक बुरी खबर है.."

"हम्म , वोह क्या है.."

"ख़ुशी के पिता उसे हवेली ले गए हैं , उसका इलाज अभ वही चल रहा है , ठाकुर साब कुणाल की मौत की वजह , बस ख़ुशी को hi मानते हैं , बेचारी बहुत रो रही थी , उस दिन , मने उसे समझा दिया था , के रवि को सब बता दूंगी , में तुम्हारी बात करवा देती हु.." अंजू ने इतना बोल अपने मोबाइल से ख़ुशी को फ़ोन कर दिया , रवि का फ़ोन तोह ब्लास्ट में hi जल गया था ,

कुछ रिंग्स गई होंगी के ख़ुशी ने फ़ोन पिचकूप कर लिया ,

"हलो ख़ुशी.."

"हाँ अंजू जी , बोलिये.." ख़ुशी जो के अपने रूम में बीएड पर बैठी हुई थी , थोड़ी टेंशन में बोली ,

"रवि जिन्दा है , ल्यो बात करलो.." अंजू ने मुस्कराते हुए फ़ोन रवि को पकड़ा दिया ,

"हलो खुशु.."

"रावी , ओह्ह , मेरी जान , मने सोचा , मने तुम फिर खो दिया.." ख़ुशी ने रट हुए बोलै ,

"खुशु में ठीक हु , तुमसे मिलने आया था , पर तुम हवेली वापिस जा चुकी हो , में ायुगा तुमसे मिलने.."

"नै , रवि यहाँ मत एना , मेरे पिता पागल हो गए हैं , कुणाल की मौत का बदला लेना चाहते हैं , में 3-4 दिन बाद रमा के सोल्लगे में तुमसे मिलूगी , प्लस , तुम यहाँ मत एना , में पका तुमसे मिलने ायुगी.." ख़ुशी ने थोड़ा नाम आँखों से बोलै ,

"ओह्ह ठीक है , पर मुझे तुम्हारी चिंता है , प्लस , इक बार मिल लो , प्लस.." रवि ने थोड़ा घम्बिर होकर बोलै ,

"रवि तुम मेरी कसम , में सोल्लगे में तुमसे मिलूगी , तुम यहाँ नै ायुगे , में तुम खोना नै चाहती , ाचा कोई ा रहा है , अपना ख्याल रखना , और मुझे फ़ोन जरूर करना , bye जान.." ख़ुशी ने इतना बोल फ़ोन कट कर दिया ,

रवि ने फ़ोन वापिस अंजू को दे दिया , और कुछ देर खामोश होकर बेथ गया , अंजू उसकी हालत समाज रही थी ,

"रवि हिमेट से काम लो , दो तीन दिन की बात है , फिर मिल लेना ख़ुशी से , और रवि तुम अभ यहाँ मत आया करो , वोह लोग तुम यही ढूंढ़ने आएंगे .." अंजू ने थोड़ा नाम आँखों से बोलै ,

"शयद तुम ठीक बोल रही हो , ाचा अपने घर का एड्रेस देदो , में कल ायुगा तुमसे मिलने , और कल तुम यहाँ मत एना.." रवि ने अंजू के होंठो को चूमते हुए बोलै , वोह जनता था , अंजू को उसके प्यार की जरुरत है ,

"यह लो मेरा एड्रेस , अभ जाओ जल्दी , कोई तुम देख न ले , कल में घर पर hi रहूगी .." अंजू ने मुस्कराते हुए बोलै ,

रवि ने कुछ देर अंजू के होंठो को चूसा और फिर हॉस्पिटल से बहार ा गया , ाचा हुआ किसी की नज़र उस पर नै पढ़ी थी ,

दुपेर के 11 बज रहे थे , रवि ने पहले इक नया मोबाइल लिया , फिर अपना वही नंबर भी निकलवा लिया ,

"अभ क्या करू , हाँ , प्रिय देदी ने बोलै था , राजेश सर से मिलना है , वही जाता हु पहले , फिर बेबी से मिल लूंगा.." रवि ने अपने मन में बोलै और गाड़ी कमिश्नर राजेश के ऑफिस की तरफ डोडा दी ,

आधे घंटे बाद रवि राजेश के ऑफिस के बहार खड़ा था , वोह नै जनता था , अभ उसकी जिंदगी कितनी बदलने वाली है ,

आम लोग जो बुरे लोग से बेहद परेशान थे , जिनकी हालत बेहद नाज़ुक थी , गरीब लड़कियाँ , जिनका बलात्कार , उनका शोषण हो रहा था , इस शहर की हालत बेहद बुरी थी ,

रवि कुछ नै जनता था , जिसे वोह मटर पुलिस की जॉब समाज रहा था , वोह उसकी जिंदगी बदलने वाली थी ,

रवि पुलिस स्टेशन के अंदर घुसा और , इक हवलदार से उसने राजेश को मस्सगे बिझवा दिया ,

राजेश जो खुद रवि से मिलने को बेक़रार था , उसने जल्दी से जल्दी रवि को अपने पास बुलवा लिया , रवि अग्गे बढ़ा और जैसे hi राजेश के केबिन में घुसा , राजेश उसे देख बेहद खुश हो गया ,

"ओह्ह mr.ravi , में तुमसे मिलने को बेक़रार था , माय बॉय , कैसे हो तुम , ायो बैठो.." राजेश से अपनी ख़ुशी सम्बली नै जा रही थी , आखिर रवि ने उसे जंगल में बचाया था , इक नयी जिंदगी दी थी ,

"सर में ठीक हु , शुक्रिया.." रवि राजेश के सामने चेयर पर बैठते हुए बोलै ,

"हम्म , रवि मुझे अज्ज भी वोह दिन यद् है , जब हम दोनों ने मिलकर R.K को पकड़ा था , तुम्हारी बहिन को बचाया था , में नै जनता था , अग्गे भी इक दिन तुमसे मुलाकात होगी.." राजेश ने मुस्कराते हुए बोलै ,

"हाँ सर , में भी नै जनता था , मने सोचा था , में अपने परिवार के साथ गाओं में इक नयी जिंदगी सुरु करुगा , पर वख्त और हालत ने कभी रुकने hi नै दिया , अज्ज भी भगा फिर रहा हु.." रवि ने उस वख्त को यद् कर घम्बिर होकर बोलै ,

"रवि , मने तुम क्यों यद् किया है , जानते हो.."

"हाँ , प्रिय देदी ने बोलै , अप्प शहर से बुराई ख़तम करना चाहते हो , मुझे पुलिस जॉब देकर.."

"रवि , तुम पुलिस जॉब करोगे , मगर इक एजेंट के रूप में , अंडरकवर रहकर , तुम उन सब बुरे लोग को जान से मर डोज , जो मासूम लोग पर अतय्चार करते हैं , जो मासूम लड़कयों की इजाजत से खेलते हैं , बोलो बनोगे अंडरकवर एजेंट.." राजेश ने अपनी तीखी निगाहे रवि पर डालते हुए बोलै ,

"ः , ऐसे मत देखो सर , अगर अप्प सोचते हो , मुझे मौत से दर लगता है , तोह ऐसा कुछ भी नै , मने अपनी बहिन से वादा किया है , उसका पति , जो भी मुज़से कहेगा , में वही करुगा , आखिर राखी का कारज मुझे चुकाना है.." रवि ने हस्ते हुए बोलै ,

"रवि तुम वैसे hi हो , इक डैम वैसे , बहिन के लिए जान देने वाले , मने तुम जैसा इंसान कभी नै देखा , ाचा , तुम्हारा इक पार्टनर होगा.." राजेश अभी बोल रहा था के रवि बेच में बोल पढ़ा ,

"सर , सॉरी , पर में कुछ कहना चाहता हु , मेरे पास मेरी टीम है , मेरी दो हमसफ़र , बेबी और कैटलीन , बेहद चालक , ताकतवर , में उनके साथ hi काम करुगा.."

"मुझे मंज़ूर है , बूत , इक और लड़की भी तुम्हारी टीम में होगी , अनु , वोह भी बेहद चालक , इक हैकर है , उसका दिमाग बेहद तेज़ है , वोह तुम्हारी मदद करेगी , हमेशा .." राजेश ने मुस्करा कर बोलै ,

"हम्म , ok , अनु , में उससे मिलना चाहुगा , कब मिल सकता हु , और कब से काम सुरु करना है मुझे.." रवि ने थोड़ा घम्बिर होकर बोलै ,

"कल तुम उससे मिल लेना , अपना नंबर मुझे देदू , में उसे दे दूंगा , वही डीडे करेगी , पहले कोनसा मिशन सुरु करना है .." राजेश ने रवि का नंबर लेकर उसे अनु का नंबर देते हुए बोलै ,

फिर कुछ देर रवि और राजेश ने बतिअन की , और फिर रवि वह से सीधा अपने घर ा गया , वोह बेहद खुश था , आखिर शहर से बुराई ख़तम करने का उसका सपना पूरा होने वाला था , पर क्या जोकर ऐसा होने देता ...

रवि घर पहुँच जैसे hi घर के हॉल में आया , तब सीमा अकेली वह बैठी हुई थी , वोह रवि को देख खुश होती हुई बोली ,

"सोना , ा गए तुम , नयी गाड़ी लेली , ायो मेरे पास बैठो न.." सीमा ख़ुशी में चहकती हुई बोली ,

रवि भी सीमा के साथ बेथ गया और बोलै ,

"सीमू , नयी गाड़ी भी लेली , और नयी जॉब भी मिल गई , प्रिय देदी ने जो पुलिस की जॉब के बारे में बताया था , वोह मिल गई मुझे..." रवि ने सीमा का हाथ अपने हाथिओं में लेते हुए बोलै ,

"अरे वह , मेरे सोना को पुलिस जॉब मिल गई , सोना अभ तुम दिल लगा कर काम करना , बुराई को जड़ से मिटा देना , में बहुत खुश हु सोना , तुम बहुत अचे हो.." सीमा ने रवि के गालो को चूमते हुए बोलै ,

"अरे सीमू , बस गालो पर पप्पी , मने कुछ और सोचा था.." रवि ने मुस्कराते हुए बोलै ,

"सोना , तुम भी न , अगर किसी ने देख लिया तोह , ाचा वैसे मेरे सोना को कहा पप्पी चाहये थी.." सीमा ने मुस्करा कर पूछा ,

"यहाँ होंठो पर.." रवि ने अपने होंठो पर ऊँगली रखते हुए बोलै ,

"क्या सोना तुम भी , मुझे शर्म अति है , सोना तुम कितने खूबसूरत हो , मेरे प्यारे सोना , ी लव ु सोना.." सीमा ने रवि को बहु में भरते हुए बोलै ,

"हम्म , मेरी किसी मुझे दो , वोह भी होंठो पर.." रवि ने नाराज़ होते हुए बोलै ,

"सोना तुम बहुत जिद्दी हो , अपनी बीवी से किसी मांगते हो , सोना में तुम किसी दूंगी , सोना , मुझे छोड़ कर मत जाना , में तुम्हारे लिए जी रही हु.." सीमा ने रवि के होंठो को चूमते हुए बोलै , सीमा के नरम होंठो की रगड़ से रवि पागल सा हो गया , वोह कास कास कर सीमा के गुलाबी नरम होंठो को चूसने लगा ,

"बस करो सोना , मेरे होंठ खा जाओगे क्या , उम् श सोना बस न , कोई देख लेगा सोना , बस करो..." सीमा ने रवि के होंठो से होंठ हटा कर बोलै और मुस्कराने लगी ,

"उम् वह मज़ा ा गया , मेरी सीमू के होंठ , उम् शहद से भी मीठे हैं.." रवि ने होंठो पर जीभ फिरा कर बोलै , तोह सीमा हसने लगी ,

"सोना , तुम आराम करो , में तुम्हारे लिए छाए बना कर लती हु .." सीमा मुस्कराते हुए उठी और किचन की और चली गई , रवि भी मुस्कराते हुए सीमा को देखता रहा , उसे बेहद ाचा महसूस हो रहा था , उसकी बीवी कितनी अछि थी , उसे कितना चाहती थी , कितना ख्याल रखती थी , उसका hi नै , उसके पोरे परिवार का , सभी का..

फिर रवि ने सोचा बेबी और कैटलीन को बता दे , उनकी नई जॉब के बारे में , फिर उसने सोचा सीमा के साथ छाए पीकर , फिर वोह उनके पास जा आएगा...

रवि से टाइम पास नै हो रहा था तोह वोह उठ कर सीमा के पास किचन में चला गया , उसने देखा सीमा छाए बना रही थी , रवि ने as-pas देखा और फिर सीमा को पीछे से बहु में भर लिया ,

"अरे सोना , कोई देख लेगा , छोड़ू न , सोना , प्लस.." सीमा कसमसाते हुए बोली ,

"शठ , कोई नै है बहार , मेरी सीमू , अज्ज रत को मेरे साथ सो जाना , में तुमसे प्यार करना चाहता हु , ी लव सीमू , उम्.." रवि ने सीमा की गर्दन को चूमते छत्ते हुए बोलै ,

"अह्ह्ह उम् सोना बस करो न अह्ह्ह्ह रत को प्यार कर लेना , अहह अभी मत करो न , सोना , उम् , तुम जिद्दी हो , मेरे सोना को इतनी बेताबी है , सोना रुको , छाए बन गई है , रुको न सोना , बस करो , सोना अह्ह्ह ोुछहहह मेरे कण मत काटो ोुछः सोना ..." सीमा ने मुस्कराते हुए बोलै , उसकी आँखें लाल रौशनी में चमक रही थी , लेकिन उनमे बेपनाह प्यार था , जो सिर्फ और सिर्फ रवि के लिए था , इतना अधिक प्यार के उन लाल चमकती आँखों की तपश कोई भी बर्दाश्त न कर पता , जो भी करता , शयद जल कर रख हो जाता....

तो बे कुनिटेड...
 
अपडेट-31

अभ अग्गे..

रवि को बेहद मज़ा ा रहा था , सीमा की नरम गदरायी गांड पर उसके लुंड की चुंबन उसे बेहद अछि लग रही थी , सीमा के मोठे नरम चूतड़ों की रगड़ से , रवि का लुंड पूरा अकड़ कर खड़ा हो चूका था , जिसे सीमा भी बखूबी महसूस कर रही थी ,

"उफ्फ्फ सीमू , तुम्हारी गांड , अहह कितनी नरम है , इक डैम श रोई जैसी नरम..." रवि ने अपने लुंड को पेण्ट के ऊपर से hi सीमा की गदरायी नरम मोती गांड पर दबाते हुए बोलै ,

"ओह्ह्ह ममम शहहह सोना , रुक जाओ न अह्ह्ह्ह कोई देख लेगा सोना , प्लस..." सीमा वासना में डूबती हुई बोली , उसकी आँखों की चमक हर पल बढ़ती उसकी वासना के साथ और भी बढ़ती जा रही थी , उसका दिल कर रहा था , अपने कपड़ो को फाड् डेल , और यही नंगी होकर रवि से छुड़वा ले ,

तभी उन दोनों को कुछ अलाहट सुनाई दी , रवि थोड़ा पीछे हैट कर खड़ा हो गया , सीमा अपनी तेज़ चलती संसू को कण्ट्रोल करने लगी , उसकी आँखों की लाल चमक काम होती गई , इक वख्त आया जब उसकी आँखें काळा रंग की हो गई , अभ वोह नार्मल थी ,

"हे माँ , मुझे कॉफ़ी बना दो.." रमा ने अपने भाई की तरफ देख मुस्कराते हुए बोलै ,

"अरे मेरे बचे को कॉफ़ी पेनी है , तुम सबके लिए बना कर लती हु , मेरी प्यारी बेटी.." सीमा ने रमा की तरफ प्यार से देख बोलै ,

"थैंक्स माँ.." रमा इतना बोल वापिस रिमी और शूरति के पास चली गई , अभ लड़कियाँ हैं तोह उनकी बतिअन भी होंगी , जो कभी ख़तम नै हो सकती ,

"सीमू , में बेबी से मिलने जा रहा हु , शाम को तुमसे मिलुंगा.." रवि ने अपनी छाए ख़तम कर किचन से बहार जाते हुए बोलै ,

"ठीक है सोना , अपना ख्याल रखना , खाने के वख्त ा जाना , bye सोना..." सीमा ने रवि के गालो को चुम कर बोलै , और फिर कॉफ़ी बनाने लग गई ,

रवि कॉफ़ी बहुत काम पता था , गाओं की हर चीज़ से उसे प्यार था , इक छाए hi बची थी , जो उसे गाओं की यद् दिलाती थी , क्यों की गाओं ने वोह इतनी छाए पता था के पूछो hi मत ,

रवि घर से निकला और पैदल hi बेबी के घर की तरफ चल पढ़ा , अज्ज बेबी को प्यार करना था , और उन दोनों को इक खुशखबरी भी देनी थी , उनकी नई जॉब के बारे में ,

रवि होंठो पर इक मुस्कान लिए बेबी के घर पहुँच गया , रवि ने बेल्ल बजे तोह कैटलीन ने दरवाजा खोला ,

वोह रवि को देख हड़बड़ा गई , और फिर नज़रियन ज़ुका शर्माने लगी ,

"हाय काट.."

"हाय रवि , वोह , वोह बेबी अंदर है.." काट हड़बड़ाहट में बोली , उसकी जुबान , उसका साथ नै दे रही थी , लेकिन बात यह थी , के रवि के होंठो की तपश उसे अभ भी महसूस हो रही थी , जब से रवि ने उसे कास कर चूमा था , उसके नरम होंठो का रास निचोड़ा था , कैटलीन के निचे के दोनों होंठ भी रास छोड़ने लग गए थे , छूट में उठती मीठी मीठी खुजली उसे चैन से बैठने नै दे रही थी , उस दिन के बाद , पता नै कितनी बार काट अपनी छूट को मसल चुकी थी , पर रवि के होंठो का स्पर्श यद् एते hi , छूट फिर से गीली हो जाती ,

रवि , काट को इतना शर्माता देख मुस्करा दिया , रवि ने घर में देखा , हॉल खली थी , बेबी शयद बैडरूम में आराम कर रही थी , और फर्जी स्कूल गई थी ,

रवि सीधा बैडरूम में बेबी के पास चला गया , बेबी आँखें बंद किये सो रही थी , रवि ने बिना दरवाजा बंद किये , बेबी के साथ लेटते हुए उसे अपनी बहु में भर लिया ,

"काट , सोने दो न , प्लस..." बेबी ने वैसे hi सोये हुए बोलै ,

रवि कुछ नै बोलै , वोह बस मुस्करा दिया , रवि ने अपने तपते होंठ बेबी की नरम गर्दन पर रख दिए , दूध से भी सफेद गर्दन पर होंठ पड़ते hi बेबी की सिसकारी निकल गई ,

रवि धीरे धीरे बेबी की गर्दन चूमने लगा , और फिर िका इक रवि ने बेबी के गुलाबी होंठ देखे , जो रोई से भी नरम थे , रवि से सेहन न हुआ , और उसने कास कर बेबी के दोनों होंठो को चूस लिया ,

"ोुछःह , काट तुम्हारी छूट बहुत पानी छोड़ने लगी है , उम्म्म लगता है रवि का मोटा लुंड तुम दिलवाना hi पड़ेगा , न तोह मुझे सोने देती हो न खुद सोती हो.." बेबी आँखें बंद किये बोलती गई , उसे नै पता था , रवि ख़ामोशी से उसके हुसैन का रास निचोड़ रहा था ,

बेबी ने इक पतला सा टॉप और इक लोर पहनी हुई थी , रवि ने बिना देरी किये , बेबी की लोर की इलास्टिक में अपनी उँगलियाँ फसा लोर को निचे खींच दिया ,

"ोूछहः मम्मीयी ..." बेबी इक डैम से आँखें खोल उठ बैठी , रवि को अपने इतना करीब देख , वोह शर्मा गई ,

उसकी लोर उसके घुटनो से निचे हो चुकी थी , लाल रंग की पेंटी में छुपी उसकी कमसिन छूट अभ रवि को दिख रही थी , बेबी शरमाते हुए बीएड पर उलटी लेट गई , उसने अपना चेहरा दोनों हाथिओं में छुपा लिया ,

इसमें नुकसान बेबी का hi हुआ , उसके मोठे मोठे दूध जैसे सफेद चूतड़ रवि की आँखों के सामने ा गए , हद से जायदा मुलाम और नरम चूतड़ों को देख , रवि का लुंड फटने को हो पढ़ा ,

रवि , बेबी के पीछे बेथ गया और इक हाथ से उसकी कमर थम , दूसरे हाथ से उसकी लोर पकड़ ली , जो बेबी ऊपर खींच रही थी , रवि ने अपने प्यासे होंठ बेबी के नंगे चूतड़ों पर रख दिए , और उनको चूमने चाटने लगा ,

"ओह्ह्ह्हह रवीए क्या कर रहे हो , हटो न.." बेबी अपना सार बीएड पर ेहडेर ोहडेर पत्कात्ते हुए बोली , अपने नंगे चूतड़ों पर रवि के होंठो को महसूस कर उसकी आँखें बेताबी में बंद होने लगी थी ,

रवि अपने होंठो में उसके नंगे चूतड़ों का मास्स को लेकर हलके हलके दन्त गदा , उसके नरम मुलाम माखन जैसे चिकने चूतड़ों को बेताबी से चूमने लगा ,

"अह्ह्ह्हह्हह उफ्फ्फ मत करो रविइइइ..." बेबी का मस्ती में बुरा हाल था , वोह अपना सर बीएड पर दबा रही थी , वोह उठने की कोससिह कर रही थी , पर रवि इक हाथ उसकी कमर पर दबाये , अपनी जीभ निकल उसकी पेंटी से बहार निकले चूतड़ों को चाट रहा था , गरम गरम जीभ नंगे चूतड़ों पर घूमती बेबी को बेचैन करने लगी , उसे समाज नै ा रहा था वोह कैसे रवि को रोके ,

अभ रवि बेबी की पेंटी को थोड़ा साइड में कर , उसके इक चूतड़ को पूरा नंगा कर अपने होंठो में भर भर कर चूसने लगा , जीभ घुमा कर चाटने लगा , अभ बेबी के लिए सेहन करना मुश्किल हो रहा था , बेबी ने अपनी मस्तानी गांड को थोड़ा ऊपर उठा दिया , अभ बेबी के दोनों गोल गोल चूतड़ और ऊपर उठ गए ,

रवि अपनी जीभ चूतड़ों को छत्ते हुए उसके दोनों चूतड़ों की दरार में फिरने लगा , नरम नरम हैप्लीने की अंदर की दीवारों पर रगड़ कहती रवि की जीभ ने बेबी के बदन में और अग्ग लगा दी , उसने अपनी गांड और ऊपर उठा दी , रवि अभ उसके दोनों चूतड़ों को अलग कर गहराई तक उसके चूतड़ों की दरार को चाटने लगा ,

"ओह्ह्ह रवि प्लस मत करो न.." बेबी सिसकते हुए बोली , पर उसके गदराये चूतड़ मस्ती में रवि से और चटवाने के लिए दोल रहे थे , रवि ने दांतो में उसकी लाल पेंटी पकड़े निचे को खींचने लगा , बेबी ने हाथ पीछे कर रवि की मदद कर दी , अभ उसकी पेंटी भी उसकी लोर के पास उसके घुटनो तक उतर चुकी थी ,

रवि पेंटी उतारते hi , वापिस अपनी जीभ दोनों चूतड़ों की दरार में दाल , उनको चूमने चाटने लगा , रवि दोनों हाथिओं से चूतड़ों को छोड़ा कर ऊपर से निचे तक जीभ घुमा घुमा कर चाट रहा था , बेबी की सांसे तेज़ थी , छूट पानी से लपलप गीली थी , उसका दिल कर रहा था , रवि उसकी छूट को हाथ लगाए , उसकी छूट को जीभ से कहते , पर रवि उसकी गांड की दरार को hi जीभ से चाट रहा था , हर बार जीभ का नोकीला सिरा बेबी के गांड के कुंवारे छेद पर रगड़ खा जाता ,

"ओह्ह्ह्ह रावी मत करो..." आखिर बेबी सिसकार उठी , और सीधी होकर लेट गई , रवि ने उठ कर उसका चेहरा देखा , जो वासना में लाल हुआ पढ़ा था ,

"ओह्ह्ह रविइइइ कितने शरती हो तुम .." इतना बोलते हुए बेबी ने रवि का सर पकड़ा और उसके होंठो को चूसने लगी , रवि तोह उससे भी जायदा बेचैन था , वोह अपनी जीभ बेबी के होंठो से रगड़ते उसके मोह में डालने लगा ,

बेबी ने अपने होंठ खोले और उसकी जीभ अपने मोह में लेकर चूसने लग गई , दोनों बेचैन , मस्त होकर , कितनी देर तक इक दूसरे के होंठो को चूसते रहे ,

"अह्हह्ह्ह्ह raviiiiiiiiiiiiii...." बेबी सिसक उठी , जब रवि ने अपना हाथ उसकी नंगी छूट के ऊपर रख , उसकी छूट के दोनों होंठो को अपनी उंगलियों में पकड़ कर आपस में रगड़ दिया तोह , छूट पूरी गीली और गरम थी , उंगलियाँ छूट के पानी से भीग गई , उसकी छूट के पानी से भीगी उँगलियों को रवि ने मोह में दाल चूस लिया , बेबी यह देख बुरी तरह शर्मा गई ,

रवि ने बेबी को अपनी जांगू पर दोनों तरफ पेअर कर बिठा लिया , और अपना चेहरा टॉप के ऊपर से hi उसके मोठे मोठे मम्मो पर रख दिया ,

"ओह्ह्ह्हह रवीए मत करूओ..." बेबी सिसक कर उसके गले में बाले दाल उसको अपने सीने से कस्ती हुई बोली , रवि बेताब सा होता हुआ , उसके गुदाज़ चुचु को अपने होंठो में भर भर कर चूसने लगा ,

"ओह्ह्ह्हह्हह रविइइइ मत करो न..." बेबी ने उसका मोह अपने टॉप पर दबा दिया , रवि ने बेबी का टॉप कमर से पकड़ ऊपर खींच निकल दिया , उफ्फ्फ बेबी के कयामत ढाते उसके कैसे हुए चुके अभ लाल रंग की ब्रा में किसी कैद पंछी की तरह मचल रहे थे ,

रवि का हाथ उसकी नंगी पीठ पर घूम रहा था , और दूसरा हाथ ब्रा के कप में अंदर तक घुसा उसकी गुलाबी निप्पलों को मसल रहा था ,

बेबी बिन पानी की मछली की तरह तड़प रही थी , रवि ने उसकी ब्रा के हुक खोल उसके कण्डु से ब्रा निकल , उसके मदमस्त कबूतरो को आज़ाद कर दिया , ब्रा उतारते hi दोनों मम्मी उछाल कर अपनी आज़ादी की खुशियाँ मानाने लगे ,

रवि दोनों नंगे मम्मो को हाथो से मसलते हुए उसकी गर्दन को जीभ फिरा चाटने लगा , बेबी पीछे को झुक गई , उसने अपने हाथ बीएड पर टिका दिए , उसके सीने पर लगे उसके मोठे मोठे गदराये मम्मी , और उनकी सख्त निप्प्लें , रवि को अपनी तरह खींच रही थी ,

रवि इक हाथ से इक चुके को मसलते हुए दूसरे चुके को मोह में भर चूसने लगा , होंठो में निप्पल को कट्टा , वोह पोरे चुके को मोह में भरने की कोससिह कर रहा था , बेबी अपने सीने को ऊपर उठा , अपने पोरे चुके को उसके मोह में डालने की कोससिह कर रही थी ,

फिर रवि ने बेबी को बीएड पर सीधा लेता दिया , और उसकी कमर को पकड़ उसके पेट को जीभ फिरा कर चाटने लगा , उसकी गोल खूबसूरत नाभि में जीभ डालने लगा ,

"अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह ufffffffffff रवीए अभ बस करूऊ ना..." बेबी उसका सर अपने पेट पर दबती हुई बोली , पर रवि की जीभ उसके पेट पर घूमते घूमते उसकी नंगी मोती जांगू को चाटने लगी , गरम जीभ बेबी की छूट में और अग्ग लगा रही थी , उसकी जंगे अपने अप्प खुलती जा रही थी , रवि से कास कर अपनी छूट चटवाने के लिए , रवि ने भी उसकी बेताबी देख उसके घुटनो पकड़ उसकी जांगू को पूरा खोल , अपना मोह उसकी जांगू में दाल , उसकी छूट पर अपने होंठ रख दिए ,

"ufffffffffffffffff माआ..." बेबी बस इतना hi बोल पायी और रवि का सर अपने जांगू में दबा लिया , रवि की छूट पर घूमती जीभ और छूट के होंठो पर जीभ की नोकीली रगड़ , अभ बेबी से बर्दाश्त नै हो रहा था ,

वोह अपनी कमर उठा उठा कर रवि से अपनी छूट चटवाने लगी , उसकी ुचि ुचि सिस्कियाँ अभ रूम में गूंज रही थी , जब के कैटलीन बहार बैठी यह सब सुन रही थी , रवि भी अपनी जीभ छूट में अंदर तक घुसा गोल गोल घूमने लगा ,

"अह्हह्ह्ह्ह heyyyyyyyyyyyyyy uffffffffffffffff ahhhhhhhhhhh , रावी में मर गइईईई ahhhhhhhhhh मेरा पानी निकल गया अह्ह्ह"

बेबी ने रवि का सर अपने जांगू में दबा लिया ,

"अह्ह्ह बेबी निकल दो अपना पानी , उफ्फ्फ बेहद मीठा है मेरी जान उम् सुररपपपपप सुररपपपपप.." रवि पहली बार कुछ बोलै था , वोह उसकी छूट से निकलते पानी को अपनी जीभ फिरा फिरा कर चाटने लगा ,

"हाय रविइइइइ चाट लू , उम् अह्ह्ह.." बेबी काफी देर जटके खा खा कर जड़ती रही , रवि उसकी जांगू को दोनों हाथो में कैसे , उसकी छूट से निकलते पानी की इक इक बूँद तक चाट गया ,

फिर रवि बेबी के साथ hi लेट गया , बेबी की आँखें बंद थी , वोह तेज़ तेज़ सांसे भर रही थी ,

रवि कुछ देर लेटने के बाद खड़ा हुआ और अपनी पेण्ट और तशीलत उतर दी , अभ इक मटर अंडरवियर hi बचा था , जो रवि ने खुद hi उतर दिया , और नंगा hi बेबी के साथ लेट गया ,

तो बे कुनिटेड....
 
अपडेट-32

अभ अग्गे..

"उम् , रवि तुमने जान निकल दे मेरी.." बेबी ने रवि की तरफ करवट बदल उसके सीने से लगते हुए बोलै ,

"हम्म , कहा से निकली जान , तुम्हारी माखन जैसी छूट में से , है न.." रवि ने बेबी की नरम पीठ पर हाथ फिरते हुए बोलै ,

"धत्त्त , गंदे कही के.." बेबी ने शर्मा कर अपना चेहरा रवि के सीने में छुपाते हुए बोलै ,

"बेबी में पानी पीकर अत हु , इक टॉवल देदो यार.." रवि ने बीएड से उठते हुए बोलै , बेबी उसके काळा लुंड को आँखें फाडे देखने लगी , जो जटके पर जटके खा रहा था , बेबी को यु हसरत भरी न्यागु से लुंड की तरफ घूरते देख रवि उसे बोलै..

"जूही , यह तुम्हारा hi है , अभी आकर तुम देता हु.." रवि ने बेबी को आँख मर कर बोलै तोह बेबी बुरी तरह शर्मा गई , उसने अपनी निगाहे ज़ुका ली , और मंद मंद मुस्कराने लगी ,

रवि टॉवल लपेट रूम से बहार गया , उसने देखा काट सोफे पर बैठी हुई थी , उसने नज़रियन उठा कर रवि को देखा , दोनों की आँखें मिली , कुछ देर काट , इक तक रवि की आँखों में देखती रही , और फिर उसने नज़रियन ज़ुका ली , उफ़ उसके गुलाबी होंठ , दूध जैसा सफेद चेहरा , गोर , मुलाम गालो की लालिमा , उफ़ रवि तोह मदहोश सा हो गया , शराब की भरी हुई बोतल उसकी आँखों के सामने बैठी थी , जिसका नशा , कोई पूरा नै कर सकता था ,

रवि किचन के पास जाकर बोलै ,

"काट , पानी देना.." रवि ने मुस्करा कर बोलै , काट थोड़ा जीजाक्ति सी उठी और धीरे धीरे नज़रियन झुकाये रवि के पास से होकर किचन में घुस गई , जब वोह रवि के पास से गुजारी तोह उसके पोरे बदन में इक सिरहन सी दौड गई ,

काट किचन में आकर पानी का गिलास भरने लगी , अभी वोह पानी भर hi रही थी , के रवि ने उसे पीछे से अपनी बहु में भर लिया , और उसकी गर्दन को चूमने चाटने लगा ,

"अह्ह्ह रवि छोड़ू मुझे , क्या कर रहे हो , छोड़ू प्लस..." काट ने रवि की बहु से छूटने की कोससिह करते हुए बोलै , काट के कसमसाने से रवि का टॉवल ढेला होकर जमीन पर गिर गया , और रवि का कड़क लुंड , जो पहले hi तन कर खड़ा था , सीधा काट के गुदाज़ भरे हुए मोठे चूतड़ों पर मर करने लगा ,

"अह्ह्ह्ह.." काट को जब नंगे लुंड का एहसास अपनी उठी हुई छोड़ी मोती गांड पर हुआ , उसकी सांसे तेज़ हो गई , इक मस्ती भरी सिसकी उसके होंठो से निकल गई , उसने कभी जिंदगी में नंगे लुंड का एहसास अपने चूतड़ों पर नै किया था ,

"अह्ह्ह रवि मत करो , छोड़ो मुझे , प्लस , में यह नै करना चाहती , प्लस रवि , में बेबी से प्यार करती हु , प्लस रवि , प्लस..." काट ने आँखों में असनु भरते हुए बोलै , वोह सिसकने लगी , रवि को जब यह महसूस हुआ , वोह पीछे हैट गया ,

रवि ने अपना टॉवल वापिस पहन लिया , और गुस्से से काट को कण्डु से पकड़ अपनी तरफ कर दिया , काट की आँखों में असनु थे ,

"शठ , चुप हो जाओ , में तुम वोह प्यार देना चाहता हु , उसदिन चाहे मने बेबी को मन कर दिया , पर उसकी आँखों में असनु , में नै देख सकता , वोह तुम्हारे लिए यह कर रही है , पता है क्यों , क्यों की , उसे लगता है , वोह तुम धोका दे रही होती है , जब वोह मेरी बहु में होती है , वोह तुमसे कितना प्यार करती है , तुम नै समझुगी , इक बार उसकी निशा को उससे चीन चूका हु , दुबारा ऐसा कभी नै होगा , तुम पाने के लिए में किसी भी हद तक जाउगा , इक दिन , तुम खुद मेरी बहु में समां कर , मुज़से कहुगी , रवि मुज़से प्यार करो , प्लस.." रवि ने गुस्से में बोलै और वह से जाने लगा , काट खामोश हो चुकी थी , भीगी भीगी गालो में उसका चेहरा हद से जायदा खूबसूरत लग रहा था ,

िका इक रवि पीछे पलटा और काट का चेहरा पकड़ कास कर उसके होंठो के चूस लिया , रवि काफी देर काट के होंठो को चुस्त रहा , इतना कास कास कर काट के नरम होंठो का रास निचोड़ा के काट का पूरा बदन मीठे मीठे दर्द में कम्पनी लगा , इतनी शिदत से काट के होंठो की चूसै हुई , के काट कही मस्ती में खू सा गई , वोह इतनी मदहोश हो गई के रवि के बालो में हाथ फिरा , उसका साथ देने लगी ,

काट ने मदहोशी में अपनी जीभ रवि के होंठो से मिलायी तोह रवि ने होंठो को कास कर चूसते हुए अपना मोह खोल काट की नरम जीभ को अपने मोह में दाल लिया , फिर रवि ने उतनी hi शिदत और गुस्से में , काट की जीभ को चूसा , जितने शिदत से उसके गुलाबी नरम होंठो को चूसा था , फिर रवि ने काट को छोड़ दिया और किचन से बहार चला गया ,

काट अपनी संसू को काबू में करने लगी , उसके होंठो में जलन हो रही थी , होंठ बेहद लाल हो चुके थे , काट अपने लाल हुए होंठो पर जीभ फिरा उनकी जलन काम करने लगी , पर फिर उसके होंठो पर इक मुस्कान दौड गई , वोह रवि की मर्दानगी की ख्याल होती जा रही थी , पर वोह घम्बिर होकर रवि की बातिओं के बारे में सोचने लगी ,

िका इक वोह किचन से बहार ा गई और धीरे धीरे चलते हुए उस उस रूम के बहार खाद थोड़ा थोड़ा अंदर देखने लगी , यहाँ रवि , बेबी के ऊपर चढ़ा हुआ था ,

वही दूसरी और...

रवि किचन से बहार आकर सीधा बैडरूम में पहुँच गया और बीएड पर जेकर बेबी को अपनी बहु में भर लिया और उसके होंठो को चूमने लगा ,

बेबी भी रवि के गले में बहे दाल , उसके होंठो को बड़ी शिदत से चूसने लगी , रवि ने बेबी को पलटा कर अपने निचे कर लिया और उसके ऊपर लेट कर उसकी गर्दन को चूमने लगा ,

ऐसी वख्त काट रूम के बहार आयी , अभ वोह रवि और बेबी को देख रही थी , उसकी सांसे तेज़ चल रही थी ,

बेबी ने अपनी बहे रवि के गले में दाल उसे अपने ऊपर दबा लिया , बेबी के कैसे हुए मोठे चुके रवि के सीने में डाब गए , पेट से पेट जुड़ गया , और जांगू से जंगे , लुंड का मोटा टोपा छूट कस ऊपर रगड़ खाने लगा ,

"रावी बहुत मोटा है.." बेबी सिसकते हुए बोली , जब लुंड का टोपा उसकी छूट के डेन से रगड़ खा गया , रवि ने थोड़ा ऊपर उठ कर लुंड का टोपा छूट के ऊपर सेट किया और वापिस बेबी के ऊपर लेट गया , रवि जब हिलने लगा तोह , लुंड की रगड़ें छूट के होंठो को घिसने लगी , बेबी की आँखें मस्ती में बंद हो गई और वोह अपनी जांगू को पूरा खोल , रवि के मोठे लुंड का अपनी छूट में घुसने की उदेक करने लगी ,

रवि के हिलने से लुंड का टोपा गीली छूट के होंठो को खोलता हुआ अंदर घुसने लगा , बेबी ने अपने होंठो को दांतो में दबा लिया , और बीएड की चादर को मठों में भर लिया , लुंड का मोटा टोपा छूट में घुस गया ,

"ahhhhhhhhhhhhh raviiiiiiiiiiiiiii.. उम्म्म.." बेबी ने जोर से सिसकते हुए बोलै ,

रवि ने बेबी के चुचु पर अपना मोह रखा , और उसकी मोती गदरायी गांड के निचे हाथ रख , उसके गुदाज़ चूतड़ों को मसलते हुए धीरे धीरे ढके जड़ने लगा ,

"अह्ह्ह्हह्हह उफ्फ्फ्फ़ आईईए अह्ह्ह्हह.." हर ढके के साथ लुंड छूट को खोलता फिसल कर थोड़ा थोड़ा अंदर जाने लगा , बेबी की छूट को स्वाद ऐनी लगा था , अंदर लगते लुंड के ढको का , उसने रवि का सार कास कर अपने चुचु पर दबा लिया ,

बहार कड़ी काट की छूट पूरी गीली हो चुकी थी , खूब पानी बहा रही थी , काट अपनी छूट को लोर के ऊपर से hi मसलते हुए रवि और बेबी को देख रही थी ,

"ahhhhhhhhhh धीरे रविइइइइ..." बेबी सिसक उठी , जब रवि ने इक लम्बा ढाका जड़ दिया , पूरा लुंड छूट में जड़ तक समां गया , लुंड की गर्मी , उसका कड़ापन , उसकी मोटाई , लम्बाई ने , बेबी की छूट में हलचल मचा दी ,

वोह भी अपनी गदराये गांड को ऊपर उठा उठा कर मज़ा लेने लगी , छूट में पड़ता हर ढाका उसको पूरा मज़ा दे रहा था ,

"अह्ह्ह्ह उम्म्म्म रवीए अह्ह्ह्ह .." बेबी मज़े से सिसकते हुए रवि के कण्डु पर मीठे मीठे दन्त गाड़ने लगी ,

हर दन्तु की चुंबन रवि को और जोश में ला रही थी , वोह तेज़ी से लुंड अंदर बहार करने लगा था ,

"ahhhhhhhhhhhhhhhh रवि उफ्फ्फ्फ़ और तेज़ और तेज़ .." बेबी को पूरा स्वाद ा रहा था , अपने हमसफ़र रवि से छुड़वा कर ,

"अह्ह्ह्ह बेबी लव ु , उम् ..." रवि मदहोशी में छूट में लुंड के ढके जड़ता बेबी के होंठो को चुम कर बोलै ,

"अह्ह्ह्ह मय्यै बब्यीयीय , फ़क में हार्ड अह्ह्ह्हह्हह काट को भी ऐसे hi छोड़ो अह्हह्ह्ह्ह उसे भी छोड़ो रवि उम्म्म शहहहहह उसकी छूट फाड् दो अह्ह्ह्ह..." बेबी निचे से कमर उठा उठा कर छूट में लुंड लेती हुई बोली ,

"अह्ह्ह छोड़ूगा उसे भी अह्हह्ह्ह्ह उसकी छूट फाड् दूंगा उम् अह्ह्ह्हह तुम उसके साथ छूट फड़वाउगि न ..." रवि ने बेबी के चुचु को मसल उसे तेज़ तेज़ छोड़ते हुए बोलै ,

"अह्ह्ह्हह्हह माआ , हाँ छुडवाउगि अह्ह्ह्ह.." बेबी कास कर रवि के होंठो को चूसते हुए बोली ,

बहार उनकी बतिअन सुन रही काट अभ मदहोश हो चुकी थी , उसकी नशीली आँखें अधखुली थी , और वोह तेज़ी से लोर में हाथ दाल अपनी छूट को मसल रही थी , वोह जड़ने वाली थी ,

"अह्ह्ह्ह बेबी में जड़ने वाला हु अह्ह्ह.." रवि जो पिछले 15 मिंटो से बेबी की छूट फाड् रहा था , वोह इतनी जल्दी न जड़ता , पर काट का नशीला बदन , उसका चेहरा , उसके रसभरे होंठ ,

उफ्फ्फ रवि से सेहन न हुआ और वोह तेज़ तेज़ बेबी को छोड़ते हुए जड़ने लगा , बेबी दो बार पानी छोड़ चुकी थी ,

"अह्हह्ह्ह्ह रवीए मेई भीई गाइइइइइ शह्ह्ह्हह्ह उम्म्म अह्ह्ह..." अभ लुंड का गरम गरम पानी छूट में महसूस करते hi वोह तेज़ तेज़ सिसकते हुए इक बार और जड़ने लगी ,

रवि ने बेबी को कास कर अपनी बहु में भर लिया , पता नै कितनी देर दोनों ऐसी तरह इक दूसरे से कास कर चिपके रहे ,

कैटलीन भी जड़ कर दिवार के साथ लगी , तेज़ तेज़ सांसे ले रही थी , उसकी आँखों के अग्गे बस रवि का चेहरा और उसका लुंड घूम रहा था ,

दूसरी तरफ ...

"तुम लगता है , वही था.." दो आदमी इक बड़ी सी बिल्डिंग की लिफ्ट में फर्स्ट फ्लोर की तरफ जाते हुए थोड़ी चिंता में बतिअन कर रहे थे ,

"हाँ , आवाज़ तोह उसी की लगती थी , देखते हैं कोण था.." इक आदमी थोड़ा चिंता में बोलै ,

यह दोनों कोई और नै , रेहमान उल्ला और असलम खान थे , और यह बिल्डिंग बिमान शाह की थी , और जिस फ्लैट में यह लोग जा रहे थे , वोह वही फ्लैट था , यहाँ बेबी कैद रही थी , रवि और कोमल ने मिलकर उसे बचाया था ,

कुछ hi वख्त बाद दोनों उस फ्लैट के सामने पहुँच गए , असलम खान ने बेल्ल बजे तोह दरवाजा अपने अप्प खुल गया ,

दोनों थोड़ा दर गए , उनके माथे से पसीना बहने लगा था , जैसे hi दोनों फ्लैट के अंदर घुसे दरवाजा "काडड्डाकककक.." की आवाज़ करता बंद हो गया ,

फिर जैसे hi उन दोनों ने सामने सोफे पर बैठे शकस को देखा , मनो उनकी पेण्ट गीली होती होती रह गई ,

सोफे पर दोनों के सामने बिमान शाह बैठा हुआ , जिसके हाथ में उसकी पसंदीदा रेड वीने थी , जिसे वोह छोटे छोटे सिप भरता पे रहा था ,

रेहमान उल्ला और असलम खान दोनों डरे हुए थे , उनकी जुबान को लकवा मर गया था , पसीना तेज़ नदी की तरह उनके चेहरों से बह रहा था ,

"ा गए तुम दोनों , ायो बैठो..." बिमान शाह ने लाल चमकती आँखों से बोलै , रेहमान उल्ला और असलम खान और भी दर से कम्प गए ,

बिमान शाह हसने लगा , उसकी आँखें लाल रौशनी में चमकने लगी , उसका हसना इक वेशी दरिंदा जैसा था , बेहद ब्यांक...

तो बे कुनिटेड....
 
अपडेट-33

अभ अग्गे...

रेहमान उल्ला और असलम खान बेहद डरे हुए थे , दर से उनका बदन कम्प रहा था , उनका दर सही भी था , इक इंसान जिसे उनहोनु अपने हाथिओं से मारा था , वोह उनके सामने जिन्दा खड़ा , हस्स रहा था ,

"aa..aslam भाई , y...y..yeh ..k..k..kaise..." रेहमान उल्ला लड़खड़ाती जुबान में बोलै ,

"mm...mmuze.. ...kk..kya...p...pata.." असलम खान ने सेहमी आवाज़ में बोलै ,

दोनों बिमान शाह को देख रहे थे , कुछ देर बिमान शाह हस्ता रहा , और फिर शांत होकर उन दोनों की तरफ देखने लगा ,

"तुम लोग वह क्यों खड़े हो , यहाँ आकर बैठो.." बिमान शाह ने मुस्कराते हुए बोलै , पर उसकी नरम और धीमी आवाज़ में भी इक दर था ,

रेहमान उल्ला और असलम खान दोनों डरते डरते उसके करीब पहुंचे , और सोफे पर बेथ गए ,

"हम्म , डरने की जरुरत नै है , अभी में तुम लोग को नै मरुँगा , मुझे जरुरत है तुम सबकी.." बिमान शाह ने बड़े घोर से दोनों की तरफ देखते हुए बोलै , उसकी आँखें की लाल चमक अभ बाद चुकी थी ,

"वोह , वोह.. बिमान भाई , mm..mastani जी ने आपको मारा ,..हम्म लोग ने नै..." असलम खान ने बेहद डरते हुए बोलै ,

"ः , में मर नै सकता , यह बात मस्तानी बेगम अछि तरह से जानती थी , ाचा , वोह सब छोड़ू , अभ तुम लोग मेरा साथ डोज या नै.." बिमान शाह ने गुस्से भरी निगाहो से दोनों की तरफ देख कर बोलै ,

"हाँ , हाँ क्यों नै बिमान भाई , हम साथ देंगे , बोलो क्या करना है हमें .." रेहमान उल्ला ने असलम खान की तरफ देखते हुए बोलै ,

"जानते हो , में इस शहर में क्यों आया था , मुझे वोह मैप चाहये था , मस्तानी बेगम इसलिए इस शहर में आयी , क्यों की उसे रिंग चाहये थी..." बिमान शाह अभी बोल hi रहा था के रेहमान उल्ला बेच में बोल पढ़ा ,

"रिंग.."

"हाँ रिंग , उसमे बेअंत ताकत है , वोह वामपिरेस को इंसान बने रहने की शक्ति देती है और साथ में जब तक कोई उस रिंग को पहने रखे , उसे कोई मर नै सकता , लेकिन हम दोनों हार गए..." बिमान शाह ने बेहद गुस्से में बोलै ,

"वोह कैसे.."

"हैश्च , कोमल नाम की लड़की , जिसने हम दोनों की जिंदगी नाराज बना कर रख दी , वोह मैप , जो हम दोनों सालो से तलाश करते रहे , वोह कोमल को हवेली में कही मिल गया , और उसने भागते वख्त उसे छुपा दिया , कोमल , मस्तानी बेगम को भी कैद कर दिया उसने , बस अपने इक भाई के लिए , और तुम पता है वोह कोण है , रवि.." बिमान शाह ने सोफे से उठ कर चलते हुए बोलै ,

"हाँ भाई , उस रवि ने हमें बहुत बर्बाद किया है , करीम दादा को मर दिया , पाक़िआ को मर दिया , उसे मरने के लिए तड़प रहे हैं हम सब..." असलम खान ने बेहद गुस्से में चीखते हुए बोलै ,

"हम्म , बहुत जल्द यह मौका भी मिलेगा तुम दोनों को , ाचा इक बात सुनो , मुझे उस मैप का नक्शा चाहये , जो बस रवि के दिमाग में छापा हुआ है , मैप तोह जरने में hi कही बह गया , इक मिशन पूरा करने है तुम दोनों को.." बिमान शाह ने वापिस सोफे पर बैठते हुए बोलै ,

"जी बिमान भाई बोलो अप्प..."

"इस शहर की सबसे बड़ी साइंटिफिक लैब , उस लैब से तुम dr.L.k. बत्रा का नया एक्सपेरिमेंट चुरा कर लाना है , उस एक्सपेरिमेंट का नाम "ग्रोथ" है , मुझे वोह एक्सपेरिमेंट चाहये..." बिमान शाह ने मुस्करा कर बोलै ,

"भाई मिल जायेगा , हमारे आदमी यह काम कर देंगे , अप्प फिकर मत करो..." रेहमान उल्ला ने हस्ते हुए बोलै ,

"बेवकूफ , वोह लैब इस शहर की सबसे सेफ जगह है , उसकी सिक्योरिटी बेहद टाइट है , वह से वोह एक्सपेरिमेंट बस इक hi इंसान ला सकता है..."

"कोण..."

"में खुद , ः..." बिमान शाह इतना बोल हसने लगा , साथ में रेहमान उल्ला और असलम खान भी ,

"पर भाई उससे पहले उस रवि का कुछ करना होगा , कुणाल को मर दिया उसने..." रेहमान उल्ला ने गुस्से में बोलै ,

"हम्म , रवि का दयँ लैब वाले मिशन से हटा दो , इस शहर में खबर फैला दो , के तुम इक हॉस्पिटल बम्ब से उड़ाने वाले हो , तेन की सबका दयँ उस तरफ चला जाये , और में वोह एक्सपेरिमेंट उस लैब से चुरा सकू.."

"बिमान भौ , हॉस्पिटल उड़ाना है सच में.."

"हाँ , कुछ घंटो का वख्त देकर इक हॉस्पिटल उड़ा देना , ः , अभ तुम जाओ.." बिमान शाह इतना बोल हस्ता हुआ अपने बैडरूम में चला गया....

बिमान शाह का सहेतैनी दिमाग बेहद तेज़ था , उसका और रवि का मुकाबला , बेहद ब्यांक होने वाला था , इक तरफ दिल से फ़ासिले लेने वाला रवि था , तोह दूसरी तरफ , दिमाग से , फैसले लेने वाला बिमान शाह , थे ग्रेट जासूस ,

रवि पहले बिमान शाह से जीत चूका था , लेकिन तब उसके पीछे कोमल थी , लेकिन अभ वोह अकेला था , कोमल नै थी , लेकिन क्या वोह अपने भाई के लिए लोट कर अति , यह तोह ऐनी वाले वख्त में छुपा था...

वही दूसरी तरफ....

रवि और बेबी प्यार करने के बाद इक दूसरे की बहु में पढ़े सुस्ता रहे थे , दोनों ने कपडे पहन लिए थे , रवि बीएड पर सीधा लेता हुआ था और बेबी उसके कंडे पर सर रख उससे बतिअन कर रही थी ,

"बाबू , तुम कितने अचे हो , तुम पता था , मुझे प्यार की जरुरत है..." बेबी ने थोड़ा ऊपर होकर रवि के गालो को चूमते हुए बोलै ,

"हाँ , मेरी जणू , में तुमसे प्यार करता हु , तुम्हारे मन की , तुम्हारी हर भावना , में महसूस कर सकता हु , तुम क्या चाहये , ाचा , इक बात बतानी थी..." रवि ने बेबी की तरफ करवट बदल उसकी आँखों में ज़कते हुए बोलै ,

"हाँ बोलो न..." बेबी ने गुलाबी होंठो की मुस्कान भीकरते हुए बोलै ,

"बेबी वोह बात यह है के , काट..." फिर रवि ने बेबी को सब बता दिया , जो उसके और काट के बेच हुआ , और आखिर में उसका काट को किश करना भी ,

"ओह्ह , पर तुम मुझे यह क्यों बता रहे हो.."

"क्यों की , कही तुम यह न लगे , के में तुम्हारे प्यार को तुमसे चीन न लू .."

"ओह्ह रवि , गेट आउट , निकल जाओ मेरे रूम से.." बेबी ने रवि को ढाका देते हुए गुस्से में बोलै ,

"ाचा , ाचा सॉरी , मेरा वोह मतलब नै था , हशः , बेबी तुम काट को चाहती हो , और काट तुम , पर में तुम दोनों को चाहता हु , तुम खुश नै हो , और तुम यह बात मुज़से छुपा नै सकती , तुम क्या लगता है , तुम्हारे यु झूठा मुस्कराने पर , में तुम्हारी भावनायिओं को नै समाज पाउगा , बेबी मने तुमसे प्यार नै किया है , मने तुम तुम्हारे मन तक महसूस किया है , तुम भी चाहती हो , काट को वोह प्यार मिले , जिसके लिए वोह पूरी जिंदगी तड़पती रही है , अभ तुम hi कोई आईडिया बताओ..." रवि ने वापिस बीएड पर लेटते हुए बोलै ,

"me...me , क्या बताऊ , वैसे भी काट इस बारे में मेरी इक नै सुनती , वोह समज़ती है , के में उससे पीछा छुड़वाने के लिए यह सब कह रही हु , में नै जानती थी , हम दोनों का रिश्ता इतना गहरा हो जायेगा..." बेबी ने मुस्कराते हुए बोलै ,

"हम्म , मतलब जो करना होगा , मुझे hi करना होगा.."

"हाँ , तुम hi करना है सब , मेरी काट , जो इक मर्द के प्यार से कभी रूबरू नै हुई , जिसे कभी मर्द का प्यार नै मिला , न बाप का , न भाई का , न दोस्तों का , रवि , वोह अकेली लड़ती आयी है जिंदगी से , ें घिनोने लोग से , जिनकी गन्दी निगाहे कपडे के ऊपर से hi औरतु के जिस्म ताड़ती रहती हैं , मेरी काट , जिसने बस अतयाचार देखे हैं , मर्दो के , में तुम बताती हु..." फिर बेबी ने नाम आँखों से रवि को काट और उसकी माँ पर हुए अत्याचारो के बारे में बता दिया ,

"ओह्ह इतना कुछ सहा बेचारी ने , उफ्फ्फ कितनी छोटी उम्र में hi , काट ने लड़ना सीखा , खुद से , भूके लोगे से , बेबी , अभ अगर तुम भी मुझे रोकूंगी , तोह भी में नै रुकुंगा , में काट को जिंदगी भर प्यार दूंगा , इतना प्यार दूंगा , के जो जखम उसने जिंदगी में महसूस किये हैं , वोह मेरे प्यार से मिट जायगे..." रवि ने काट को यद् कर मुस्करा कर बोलै ,

"नै रोकूंगी , तुम बस काट को प्यार दो , हम दोनों उसे कभी अलग नै होने देंगे , उसे हमेशा खुश रखेंगे..." बेबी ने रवि के होंठो को चुम कर बोलै ,

"ाचा बेबी , मुझे तुम्हारे और काट के साथ इक जरुरी बात करनी है , चलो ायो बहार ..." रवि ने बेबी का हाथ पकड़ उसे खींच कर बीएड से उतारते हुए बोलै , फिर दोनों हाथो में हाथ थामे घर के हॉल में ा गए , यहाँ काट बैठी कोई किताब पढ़ रही थी ,

रवि और बेबी मुस्कराते हुए काट के साथ hi बेथ गए , अभ रवि , काट और बेबी के बेच बैठा हुआ था , रवि ने मुस्करा कर काट की आँखों में देखा , तोह काट ने शर्मा कर नज़रियन ज़ुका ली ,

"उम् , ाचा तोह बात यह है , के मुझे पुलिस जॉब मिल गई है , और तुम दोनों को भी..." रवि में मुस्करा कर बोलै , पर उसने देखा , दोनों को कुछ समाज नै आया था ,

"ाचा , सुनो .." फिर रवि ने बेबी और काट को , c.rajesh से उसकी मुलाकात , उसका एजेंट बनना , उन दोनों को अपनी टीम में रखना , सब कुछ बता दिया ,

"वाओ , यह तोह बहुत अछि बात है , है न काट.." बेबी ने मुस्करा कर काट की तरफ देखते हुए बोलै ,

"बेबी , हम दोनों ने वादा किया था , कभी उस दुनिआ में लोट कर नै जाएगी , यहाँ हम दोनों की जान को खतरा हो , और अभ तोह हम दोनों की इक बची भी है , फर्जी , बेबी में नै चाहती , जो प्यार में कभी जिंदगी में न प् सकीय , वोह प्यार मेरी बेटी भी न प् सके , सॉरी , पर में यह जॉब नै करुँगी , और तुम भी नै , रवि प्लस , में खुद को , और बेबी को , खोना नै चाहती..." काट ने थोड़ा नाम आँखों से बोलै ,

"काट यह तुम..." बेबी अभी बोल hi रही थी के रवि बेच में बोल पढ़ा ,

"बेबी , काट शयद ठीक बोल रही है , हाँ , पहले उसे अपनी जान की कीमत पता नै थी , लेकिन अभ उसे अपनी जान का एहसास हो चूका है , जानती हो उसकी जान तुम हो , और प्लस , अभ तुम जिद्द मत करना ..." रवि ने बेबी का हाथ अपने हाथो में लेते हुए बोलै ,

"ओह्ह रवि , तुम कितने अचे हो , पर मने तुमसे वादा किया था , जिंदगी भर साथ दूंगी , हर मिशन साथ पूरा करेंगे , भूल गए तुम , काट प्लस मन जाओ.." बेबी ने थोड़ा नाम आँखों से बोलै ,

"बेबी , प्लस , तुम मन जाओ , काट की कही हर बात सही है , प्लस तुम काट के साथ खुश रहूगी.." रवि ने नाम आँखों से बोलै ,

"ओह्ह रवि , यह कैसी अवस्था में फसा दिया तुमने , में न तुम छोड़ सकती हु और न काट को , क्यों दर्द दे रहे हो तुम दोनों , में क्या करू.." बेबी रट हुए बोली और बैडरूम में भाग गई ,

अभ वह काट और रवि hi बैठे हुए थे , काट की आँखें नाम थी ,

"काट वोह.."

"रवि यह सब तुम्हारे कारन हुआ है , तुम जॉब की बात नै करनी चाहये थी , तुमने रुला दिया मेरी जान को , रवि मेरे पास बस यही इक सहारा बचा है जीने का , प्लस , में हाथ जोड़ती हु , तुम मेरे करीब मत ायो , प्लस .." काट ने रट हुए बोलै ,

"नै , यह कभी नै होगा , में तुम्हारे करीब ायुगा , तुम अपना बना कर रहुगा , तुम जो करना है कर लो , बूत ी लव ु , ी रियली रियली लव ु , में तुम पाकर hi रहुगा.." रवि ने थोड़ा दर्द भरी आवाज़ में बोलै ,

"खवाब मत देखो रवि , तुम मुझे अचे लगते हो , क्यों की तुम मेरी जान की जान हो , पर इसका मतलब यह नै , के मेरे दिल में मर्दु के लिए जो बेइंतहा नफरत भरी है , vòh ख़तम हो जाएगी , तुम सब मर्द जालिम होते हो , मेरी माँ की इजाजत हर दिन , हर रत , तुम मर्दो ने लूटी थी , किसी ने उनका हाथ नै थमा , किसी ने मेरे सार पर हाथ नै रखा , मेरी माँ की जान लेली , और तुम लगता है , में तुम जैसे मर्द के साथ सोयुगी , वही सब करुँगी जो तुम जालिम , घिनोने मर्द , मेरी के साथ करते थे , भूल जाओ रवि , यह तुम्हारा खवाब hi रहेगा..." काट ने रट हुए बेहद गुस्से में बोलै , वोह उठ कर जाने लगी तोह रवि ने उसका हाथ पकड़ लिया ,

"अगर खवाब इतना खूबसूरत है , तोह ऐसा खवाब में हर दिन , हर रत , हर पल देखूगा , तुम पाकर hi रहुगा .." रवि ने उठ कर काट का हाथ मरोड़ कर उसकी पीठ से लगते हुए बोलै , अभ काट पूरी तरह रवि के सीने से लगी हुई थी ,

"इक बात यद् रखना , अगर तुम मेरी न हुई , तोह किसी और की भी नै होगी , जो लोग ने तुम्हारी माँ के साथ किया , मंटा हु वोह गलत था , पाप था , पर वोह बुरा वख्त बीत गया है , पर में तुम वोह हर ख़ुशी दूंगा , में तुम्हारे साथ बस सोना नै चाहता हु , में तुमसे शादी करुगा , जो तुम कहुगी , वही करुगा , मुझे तुम्हारा जिस्म नै , तुम्हारा प्यार चाहये , काट , इक दिन तुम , इस बात को जरूर समझुगी , तुम मेरी हो , मेरी hi रहूगी.." रवि ने काट का चेहरा अपनी तरफ करते हुए बोलै , रवि ने अपना चेहरा अग्गे किया तोह काट ने अपनी आँखें बंद कर ली ,

रवि ने काट के माथे को चुम लिया और उसे अपनी बहु में भर लिया , उसके बालो को प्यार से सहलाने लगा , काट कुछ देर रवि के प्यार को महसूस करती कही खो सा गई ,

"काट , तुम दोनों मेरा साथ देना , में वादा करता हु , चाहे मेरी जान hi क्यों न चली जाये , तुम दोनों पर कोई आंच नै ऐनी दूंगा , जाओ और बेबी से बोल दो , के तुम उसका साथ डौगी ..."रवि ने काट को थोड़ा पीछे कर उसकी आँखों में देखते हुए बोलै ,

"वादा रहा .."

"हाँ , वादा रहा , तुम दोनों को मेहफ़ूज़ रखुगा.." रवि ने मुस्करा कर बोलै तोह काट भी मुस्कराने लगी ,

"शुक्रिया रवि , तुम बेहद अचे हो , पर मुज़से दूर रहने का वादा भी करो.." काट नस मुस्कराते हुए बोलै ,

"हम्म , यह वादा तोह मुश्किल होगा , क्यों की अगर तुम जैसी , हसन , बाला की खूबसूरत लड़की , हर मिशन में मेरे साथ होगी , उफ़ , काट कैसे कण्ट्रोल करुगा में , फिर भी इक कच्चा वादा कर लेता हु , कोससिह करुगा , अपने नादाँ दिल को तुमसे दूर रखने की , कितनी जालिम हो तुम काट..." रवि ने मसोमीयत से बोलै , तोह काट हसने लगी ,

"उम् , यह तोह करना hi होगा , ाचा में बेबी के पास जा रही हु , हम दोनों को बता देना , कब एजेंट बन कर मिशन पर जाना है..." काट इतना बोल बेबी के पास चली गई , पर उसके होंठो की दिलकश मुस्कान यह बयान कर रही थी , के वोह बेहद खुश थी ,

रवि भी ख़ुशी में बेबी के घर से निकल अपने घर की तरफ निकल गया , उसका अज्ज का दिन बेहद ाचा बीता था ,

अभ उसका इक काम रह गया था , उसकी नादाँ रिमी , जो पिछले कुछ दिनों से , कोई बात अंदर hi अंदर दबाये , उदास सा हुई पढ़ी थी ,

रवि , रिमी को बहुत चाहता था , यह बात सिर्फ सेक्स की नै थी , यह बात रिमी के पवितर प्यार की थी , नजाने रवि ने कितनी बार उसे कहा था , शादी कर लो , पर रिमी , कभी उसकी बात नै मानती थी , उससे वादा तोह कर लेती , पर किसी और लड़के को आँख उठा कर देखती तक नै थी ,

और सेक्स के लिए भी तोह नै कहती थी , उसे चाहे कितने hi महीनो बाद रवि प्यार करता , उसके मन उसी प्यार से त्रिपत हो जाता , ऐसा प्यार , शयद hi कही दिखा हो , या किसी ने देखा हो ,

अभ रिमी परेशान थी , तोह यह बात रवि से चुप नै सकती थी , इसलिए रवि ने अज्ज रिमी से बात करने का सोचा था ,

वही दूसरी और...

रवि के जाने के बाद , काट , बेबी के पास पहुँच गई , उसने देखा , बेबी बीएड पर लेती रो रही थी ,

काट भी बेबी के साथ लेट गई , और उसे अपनी बहु में भर लिया , काट उसके चेहरे को बेइंतहा चूमती हुई नाम आँखों से बोली ,

"बस जान , चुप हो जाओ , हम मिशन पर जाएगी , रवि का साथ देंगी , उसे मेहफ़ूज़ रखेगी , वादा करती हु जान , उसे कुछ नै होने दूंगी..." काट ने नाम आँखों से बेबी की असनुईओं से भीगी गालो को छत्ते हुए बोलै ,

"सच में काट , ओह्ह मेरी जान , ी लव ु.." बेबी ने काट को कास कर अपनी बहु में भर लिया ,

"लव ु तो जान.." काट भी मुस्कराती हुई बेबी को बहु में भरे लेती रही , दोनों का प्यार अनोखा था ,

कभी यही बेबी और काट , इक दूसरे के खून की प्यासी थी , और अज्ज वख्त ने दोनों को इक दूसरे से इस कदर जोड़ दिया था , के दोनों में इस इक भी अलग होता तोह दूसरा उसके दर्द में डैम तोड़ देता , लेकिन दोनों नै जानती थी , उनका सबसे बड़ा दुश्मन बिमान शाह , उनकी जिंदगी में वापिस ा गया था , उनका हर मिशन , बस बिमान शाह से जुड़ा हुआ था..

वही दूसरी तरफ...

रवि घर पहुंचा तोह उसने देखा सभी लड़कियाँ हॉल में सोफे पर बैठी बतिअन कर रही थी , रमा , रिमी , शूरति , सीमा , पर सीमा कहा थी , ओह्ह , वोह किचन में काम कर रही थी ,

रवि सीधा अपनी बहनो के पास बेथ गया , रवि ने रिमी के चेहरे की तरफ देखा , कुछ पल वोह देखता रहा , रवि समाज गया , उसके चेहरे की मुस्कान झूठी है , रिमी ने जब अपने भाई की नज़रिओं में देखा तोह उसने अपनी नज़रियन ज़ुका ली ,

"में अति हु.." रिमी इतना बोल अपने रूम में चली गई , और किसी को कुछ पता न लगा हो , पर रवि समाज चूका था ,

"भइआ , कहा थे अप्प.." रमा ने मुस्करा कर पूछा ,

"बस , यही , बेबी के पास गया था.." रवि ने रमा की आँखों में देखते हुए बोलै ,

"वोह.. वोह शूरति देदी आपको यद् कर रही थी , सुबह से मेरा दिमाग चाट गई , कहा गए हैं , कब आएंगे , अभ बात कर लो.." रमा ने हस्ते हुए बोलै , तोह सीमा भी हसने लगी ,

"कामिनी , मने कब बोलै था .." शूरति शरमाते हुए बोली ,

"शूरति , क्या बात थी , मेरी जणू , कोई काम था.." रवि ने शूरति के करीब होते हुए बोलै ,

"नै.." शूरति ने वैसे hi नज़रियन झुकाये बोलै , उसे बेहद शर्म ा रही थी ,

"अरे , मेरा सोना ा गया , सोना तुम फ्रेश हो जाओ , में खाना लगाती हु.." सीमा किचन से बहार आकर मुस्कराते हुए बोली ,

"हाँ सीमू , बस कुछ देर रुक जाओ , में रिमी से मिल कर अत हु.." रवि इतना बोल रिमी के रूम की तरफ चला गया , उसे चिंता थी रिमी की , पिछले कुछ दिनों से , वोह उदास थी ,

रवि जैसे hi रिमी के रूम में घुसा , वोह बीएड पर बैठी कुछ सोच रही थी , रवि भी ख़ामोशी से उसके साथ बेथ गया...

"रिमी , क्या मुज़से कोई गलती हो गई है , अगर हुई है तोह बता दो न , प्लस , क्यों उदास हो तुम , देख तू जानती है , जब तक तू हस्ती , खिलखिलाती , शरारतीयं करती , सबको परेशान नै करेगी , तब तक मेरा मन उदास रहेगा , बता न , क्या बात है.." रवि ने प्यार से रिमी के बालो को सहलाते हुए बोलै , रिमी अपने भाई के चेहरे को देखने लगी ,

"बोल न , किसी लड़के ने कुछ कहा तुमसे , कोई परेशान कर रहा है , बता न , प्लस , देख मुझे गुस्सा ा रहा है अभ , रिमी अगर किसी ने तुम बुरी नियत से देखा , तोह में उसकी सांसे उसके सीने में दफ़न कर दूंगा..." रवि ने बेइंतहा गुस्से में बोलै ,

"भइआ नई.." रिमी रट हुए रवि के गले लग गई , वोह काफी देर सिसक सिसक कर रोटी रही , रवि प्यार से उसके बालो में हाथ फिरा उसे शांत करता रहा , काफी देर बाद रिमी का रोना बंद हुआ , लेकिन वोह अभी भी हल्का हल्का सिसक रही थी ,

"मेरी प्यारी जणू , तू नै जानती , में तुझे कितना चाहता हु , तेरी ख़ुशी के लिए कुछ भी कर सकता हु , अगर कोई लड़का तुझे पसंद है तोह बोल दे , उसे कैसे भी करके तेरे लिए मन लूंगा , क्यों उदास है तू बोल न.."

"नै , नै , कोई और लड़का नै है , भाई , में आपके बिना किसी और के बारे में सपने में भी नै सोच सकती , शठ , इससे ाचा तोह मेरी जान निकल जाती , सॉरी भाई , मने दुखी कर दिया आपको , बहुत बुरी हु में , ऐसा ख्याल अपने दिल में कभी मत लाना , में बस आपकी hi रहूगी , नै कोई पसंद अत मुझे , क्या करू इस दिल का , अपनी नादाँ उम्र से , अभ तक , यह बस आपके लिए धड़कता रहा है , सॉरी , अपने ऐसा सोचा , में उदास नै हु , में ठीक हु भाई , में ठीक हु.." रिमी ने बेइंतहा रट हुए बोलै , लेकिन सच क्या था , अभ भी वोह छुपा रही थी , लेकिन रवि जनता था , कैसे सच पता करना है...

तो बे कुनिटेड...
 
अपडेट-34

अभ अग्गे..

रिमी रट हुए अपने भाई के गले लगी रही , जिंदगी कभी नै रूकती , पहले दिन जब रवि ने रिमी को देखा था , तब वोह स्कूल ड्रेस पहने इक बची थी , लेकिन अज्ज वोह इक औरत बन चुकी थी , जिसके अंदर भावनायिओं का विशाल सागर था ,

"रिमी , मेरी जान , शांत हो जाओ , और बोलो क्या बात है , क्यों उदास रहती हो.." रवि ने प्यार से रिमी के बालो को सहलाते हुए पूछा ,

"भाई कोई बात नै है , में कहा उदास रहती हु.." रिमी ने जबरन मुस्कराते हुए बोलै ,

"ाचा , अभ तू मुज़से झूठ भी बोलेगी , जब के तुझे पता है , तू मुज़से झूठ नै बोल सकती , चल अभ बता , क्या बात है , देख तुझे मेरी कसम..." रवि ने रिमी का हाथ अपने सर पर रखते हुए बोलै ,

"भैई , क्यों जिद्द कर रहे हो , कसम क्यों दी अपने .." रिमी ने थोड़ा नाम आँखों से बोलै ,

"ाचा , सॉरी , चल बता , बात क्या है , फिर में मेरी जान को बेहद प्यार करुगा , बता अभ..." रवि ने रिमी के गीले गुलाबी होंठो को चूसते हुए बोलै ,

"भाई , बात यह है , मेरी इक फ्रेंड है , नित्य , वोह बहुत अछि लड़की थी , वोह मेरी बचपन की फ्रेंड थी , लेकिन अभ वोह ड्रग्स लेने लगी है , मने कई बार उसे रोका , लेकिन वोह मेरी बात सुनती hi नै , में उसे खोना नै चाहती , बस ऐसी कारन परेशान हु.." रिमी ने अपनी उदासी का कारन रवि को बताते हुए बोलै ,

"हम्म , बस यही बात है न , कुछ और तोह नै छुपा रही तू.."

"भाई , पिछले वीक में सोल्लगे गई थी , तब मने नित्य को बहुत समझाया , तभी वह कुछ लड़के ए , जो कलागेस में ड्रग्स सप्लाई करते हैं , उन लड़को ने मेरे साथ बतमीज़ी की , में वह से भाग आयी , भाई में बहुत दर गई थी , और अगर आपको बताती , तोह अप्प उनको जान से मर देते..." रिमी ने फिर से रट हुए बोलै ,

"अह्ह्ह्हह , तुमने इतनी बड़ी बात मुज़से छुपा कर राखी , कोण थे वोह , जल्दी बताओ , जान से मर दूंगा सबको .." रवि ने बेहद गुस्से में बोलै , उसके गले में पहना लॉकेट तेज़ तेज़ लाल रौशनी में चमकने लगा ,

"भाई , शांत हो जाओ , मने ऐसी लिए आपको नै बताया , अप्प गुस्से में उन सबको मर देते , अप्प पहले भी ऐसा कर चुके हो , जब रमा को कुछ लड़को ने परेशान किया था , भाई प्लस , शांत हो जाओ , में ठीक हु , मुझे कुछ नै हुआ है.." रिमी ने रवि के होंठो को बेइंतहा चूमते हुए बोलै ,

"उम् , ठीक है , ठीक है , ाचा , रिमी तुम चिंता मत करो , में तुम्हारी फ्रेंड को इस दलदल से बहार निकल लयुगा , वादा रहा , और उन लड़को को पुलिस सजा देगी , तुम अभ बिलकुल भी ढुकि मत होना , मेरी स्वीटू.." रवि ने इतना बोल रिमी को अपनी बहु में भर लिया ,

"भाई , अप्प बहुत अचे हो , मेरा कितना ख्याल रखते हो , ी लव ु भाई.." रिमी ने मुस्कराते हुए बोलै तोह रवि के होंठो पर भी मुस्कान ा गई , अज्ज कितने दिनु बाद रिमी मुस्करा रही थी , वोह खुश थी ,

"लव ु तू , मेरी मोटू , तू इस तरह मुस्कराते हुए बहुत खूबसूरत लगती है , ाचा , अभ खाना कहते हैं .." रवि ने रिमी के होंठो को चुम कर बोलै , और फिर दोनों रूम से बहार ा गए ,

अभी रत के 8 बज रहे थे , रवि ने देखा , शूरति , रमा और सीमा , डाइनिंग टेबल पर बैठी , उनका hi इंतज़ार कर रही थी , वोह दोनों भी उनके साथ hi बेथ गए ,

"सोना ा गए तुम , चलो खाना खाओ .." सीमा प्यार से रवि की प्लेट में खाना डालते हुए बोली ,

सभी लड़कियाँ रवि की तरफ देख हस्स रही थी , क्यों की सुबह भी सीमा ने जबरदस्ती रवि को ढेर सारा खाना खिलाया था ,

फिर ऐसे hi कुछ वख्त बाद सबका खाना हो गया , और सब अपने अपने रूम की और चले गए , रवि ने घोर किया , सीमा जाते जाते उसे बड़ी हसरत भरी निगाहो से देख रही थी ,

रवि सोफे पर बैठा था , कुछ देर बाद सीमा अपने काम निपटा उसके साथ आकर बेथ गई , और बोली ,

"सोना , क्या सोच रहे हो.."

"सीमू , कल जॉब स्टार्ट करुगा , उसके बारे में hi सोच रहा हु.."

"अरे चिंता मत करो , में हु न.." सीमा ने मुस्कराते हुए बोलै ,

"मतलब.."

"mm...mera मतलब , सोना , में घर पर सबका ख्याल रख लुंगी , तुम शहर का ख्याल रखना , सोना , तुम चिंता मत करो.." सीमा ने बात घूमते हुए बोलै ,

"हम्म , वोह तोह में जनता हु , मेरी सीमू , सब का ख्याल रख लेगी , सीमू , तुम इस दुनिआ की सबसे अछि बीवी हो.." रवि ने सीमा का हाथ पकड़ते हुए बोलै ,

"सच सोना , में सबसे अछि हु , ओह्ह सोना , तुम भी बहुत अचे हो.." सीमा ने ख़ुशी में रवि के गालो को चुम कर बोलै ,

"हाँ , तुम जैसी कोई और नै , तुम माँ भी हो , बीवी भी हो , और दोस्त भी हो , मेरे पोरे परिवार की.."

"सोना , बस करो , कितनी तारीफ करते हो , सोना , अभ सो जाते हैं , कल तुम जल्दी जाना होगा.." सीमा उठते हुए बोली , और रवि के गालो को चुम , रमा के पास चली गई ,

रवि बहुत देर तक वही बैठा , कुछ सोचता रहा , लेकिन क्या , अभ यह तोह रवि hi जनता था ,

अगला दिन...

"सोना उठो न , देखो 8 बज गए हैं , उठो सोना..." सीमा अपनी पूरा ताकत लगा , रवि को उठा रही थी , पर रवि आदत से मज़बूर था , और ादश्यां जिंदगी भर साथ रहती हैं ,

रवि को सोते हुए उठाने में न जाने कितने शहद हो चुके थे , कितनो ने अपना डैम ख़म लगाया था ,

"उम् , सोना दो न सीमू.." रवि थोड़ा सा हिला और फिर करवट बदल कर सो गया ,

"सोना , इक मिंट के अंदर अंदर उठ जाओ , वार्ना यह गरम छाए तुम्हारे ऊपर दाल दूंगी..." सीमा ने मुस्कराते हुए बोलै , उसकी आँखें लाल रौशनी में चमकने लगी , उसकी आवाज़ में इक भारीपन था ,

"नयी..." रवि इक डैम से उठ बैठा , उसकी सांसे तेज़ चल रही थी ,

"हम्म , सोना , मेरे प्यारे सोना , जल्दी से फ्रेश हो जाओ , में छाए बना कर लती हु , फिर तुम जॉब पर भी जाना है.." सीमा इतना बोल जाने लगी तोह रवि ने उसका हाथ पकड़ लिया , वोह सीमा की आँखों में देखने लगा ,

"तुमने जो धमकी दी थी , छाए डालने की.." रवि ने घबरा कर पूछा ,

"सोना , वोह तोह में तुम उठाने के लिए मज़ाक कर रही थी , सोना तुम तोह मेरी जान हो , तुम पर कैसे छाए दाल देती , उम्मा , सोना जल्दी से फ्रेश हो जाओ..." सीमा प्यार से रवि के गालो को चुम रूम से बहार चली गई ,

"यह सीमा कुछ बदल सी गई है , या मेरा वहां होगा , यह सीमा का दिमाग , उफ़ जान निकल दे मेरी.." रवि अपने सीने पर हाथ रखे हफ्ता हुआ बोलै , और वाशरूम में घुस गया ,

कुछ देर बाद रवि रेडी होकर घर के हॉल में ा गया , उसकी नज़रिओं ने एते hi पहले रिमी को डुंडा , रिमी को देखते hi उसका मन खुश हो गया ,

रिमी मुस्कराते हुए सीमा से बतिअन कर रही थी , उसकी नज़रियन जब अपने भाई की नज़रिओं से मिली , तोह रिमी ने मुस्करा कर अपनी नज़रियन ज़ुका ली ,

रवि सीधा सीमा और रिमी के पास सोफे पर बेथ गया ,

"रिमी कैसी हो तुम , अज्ज सोल्लगे जा रही हो.." रवि के इस सवाल पर रिमी खामोश हो गई , पर फिर मुस्कराते हुए बोली ,

"भाई जोगी , लेकिन अज्ज नै , जब तक अप्प मेरी प्रॉब्लम सोल्वे नै कर देते.." रिमी ने अपनी काली आँखें मटका कर बोलै ,

"हम्म , जल्द hi कर दूंगा.." रवि घम्बिर होकर बोलै ,

"और साली साहिबा , कैसी हो अप्प , कभी हमारे लिए भी वख्त निकल लिया करो..." रवि ने सीमा की तरफ मुस्करा कर देखते हुए बोलै ,

"voh...voh..j..jeju , ऐसी कोई बात नै है.." सीमा ने हकलाते हुए बोलै ,

"ाचा शाम को तुम घुमा कर लोग , किसी अचे से प्लेस में .." रवि मुस्करा कर बोलै , तोह सीमा ने शर्मा कर नज़रियन ज़ुका ली ,

"अरे सोना , यह तोह अछि बात है , मेरी बहिन बोर हो जाती होगी , अपने जेजु के साथ खूब मज़े करना.." सीमा ने छाए का कप रवि को पकड़ते हुए सीमा की तरफ देख कर बोलै ,

"सीमा तुम भी न..." सीमा शरमाते हुए बोली ,

"सीमू , में जॉब पर जा रहा हु , जल्द hi वापिस आकर मिलता हु , तुम सबसे.." रवि ने जल्दी जल्दी छाए ख़तम की और घर से बहार ा गया ,

रवि ने गाड़ी में बेथ C.rajesh को फ़ोन किया , कुछ hi रिंग्स के बाद राजेश ने फ़ोन पिकप कर लिया ,

"हाँ रवि बोलो.."

"सर , वोह मुझे अनु से मिलना था , में जल्द से जल्द काम स्टार्ट करना चाहता हु.." रवि ने गाड़ी स्टार्ट कर घर से बहार निकलते हुए बोलै ,

"वैरी गुड़ रवि , में अभी अनु से बात कर तुम बैक कॉल करता हु.." राजेश ने मुस्कराते हुए फ़ोन कट किया ,

रवि गाड़ी लेकर शहर के भेटेर जाने लगा , अभी 5 मिंट hi हुए थे के रवि का फ़ोन बज उठा , रवि ने नंबर देखा , कोई अननोन नंबर था , रवि ने फ़ोन पिक कर लिया ,

"हलो..."

"हाय , में अनु बात कर रही हु , ु mr.ravi.." अनु ने अपनी लैब में चलते फिरते बोलै , वोह रूम में कभी ेहडेर चल रही थी , कभी ोहडेर ,

"हम्म , में रवि बात कर रहा हु ."

"गुड़ , रवि तुम ऐसा करो ारवती नगर पहुँच कर मुझे कॉल करो , में वह से तुम पिकप कर लुंगी.." अनु ने इतना बोल फ़ोन कट कर दिया ,

"अरे सुनो , मेरे पास गाड़ी..." रवि बोलता hi रह गया , लेकिन तब तक कॉल कट हो चूका था ,

"यह अनु , पता नै कैसी होगी , वैसे मुझे अज्ज तक कोई सीधी लड़की नै मिली , हे भगवन , बस ऐसे भी मर्दो से नफरत न हो , अज्ज तक जितनी लड़कियाँ मिली , सबको मर्दो से नफरत hi रही है , चाहे वोह ख़ुशी हो , बेबी हो और अभ काट भी..." रवि ने अपने माथे पर हाथ मरते हुए गाड़ी रोक बोलै ,

"ओह्ह सहित , कैसे भूल गया , बेबी और काट , वोह भी मेरी टीम का हिस्सा हैं , उनको भी साथ लाना था , हम्म , ऐसा करता हु , पहले इस अकड़ू अनु से अकेला मिल अत हु , कही यह मुझे कुछ उल्टा सीधा न बोल दे , और बेबी और काट ऐसे वही गिरा कर पीट दे , नै , नै , अकेले hi जाता हु.." रवि मुस्करा कर खुद से hi बोलै और गाड़ी तेज़ी से ारवती नगर की तरफ डोडा दी ,

[Friends.. niche shehar ki jankari di hai.. agge story me eske bare me likhuga.. bad me app shehar ke nagrau ke namo se cofuse na ho jao... ]

यह शहर 7 नगरों में बनता हुआ था , ारवती नगर , कोहेनूर नगर , जमुना नगर , गंगा नगर , हीराकुंड नगर , मुल्ला नगर , खान नगर , इस शहर का नाम मिथली था , और आबादी 3 क्रूर्रे से ऊपर थी ,

मिथली शहर काफी हिस्टोरिक शहर था , बहुत सदियों पहले किसी वदेशी राजा ने इस शहर की नव राखी थी , उसके राजवंश का नाम मिथली था , तब से इस शहर का नाम भी मिथली शहर पढ़ गया ,

इस शहर के बहार 4 बड़ी रोड्स निकलती थी , जो इस शहर को दूसरे शहरों से जोड़ती थी , पर वोह शहर छोटे थे , इक बड़ा जंगल भी इस शहर के साथ जुड़ा हुआ था , जिसे अप्प जानते hi हो , वंश जंगल , जो 500 से जायदा किलोमीटर एरिया तक फैला हुआ था ,

ारवती नगर , इस शहर के बेचू बेच था , यहाँ रवि अभी जा रहा था , वैसे यह शहर था भी बेहद बड़ा , रवि अपनी फॅमिली के साथ ारवती नगर में hi रहता था , लेकिन वह से यह नगर स्टार्ट hi होता था ,

करीब इक घंटे बाद रवि ारवती नगर के बेचू बेच गाँधी चौंक में पहुँच चूका था , रवि ने गाड़ी इक तरफ रोक कर अनु को कॉल कर दिया ,

"हलो , हाँ अनु में पहुँच गया ..."

"गुड़ , दो मिंट वेट करो , हम्म , अभ अपने मोबाइल का जीपीएस ों करो , मेरी लैब की लोकेशन ऐड है , सीधे वही ा जाओ , bye..." अनु ने इतना बोल फ़ोन कट कर दिया ,

"बस , क्या लड़की है बे , मेरा hi फ़ोन हैक कर दिया .." रवि अपने मोबाइल पर शो हो रही लोकेशन देख , गाँधी चौंक से राइट को जाती रोड पर अग्गे की तरफ बढ़ने लगा , यह काफी भीड़ वाला एरिया था , इस लिए रवि गाड़ी धीरे धीरे चला रहा था ,

करीब आधे घंटे बाद , रवि इक क्लब के सामने आकर रुका ,

"यह अनु क्लब में तोह नै हो सकती..." रवि ने गाड़ी से उतर उस क्लब के पास खड़े होकर सोचते हुए बोलै ,

फिर रवि की नज़र क्लब के साथ वाली बिल्डिंग पर गई , रवि उस बिल्डिंग में घुस गया , और लिफ्ट से ऊपर जाने लगा , 10 मंज़िला इस बिल्डिंग पर रवि को 5 फ्लोर पर जाना था ,

कुछ hi पल बीते होंगे , रवि अनु के फ्लैट की बेल्ल बजा रहा था , कुछ देर बाद इक लड़की ने दरवाजा खोला ,

वोह लड़की कुछ देर तक रवि को देखती रही और फिर इक तरफ हो गई , रवि फ्लैट के अंदर घुस गया , बहुत hi शानदार फ्लैट था ,

"यह लड़की , कुछ जनि पहचानी लग रही है , कहा देखा है , कही यह वही अनु तोह नै... " रवि ने घम्बिर होकर सोचते हुए बोलै ,

"हाय mr.ravi , राजेश सर आपकी बहुत तारीफ करते हैं , आपसे मिल कर ख़ुशी हुई..." अनु ने हैंडशेक करते हुए बोलै ,

"मुझे भी , क्या मने आपको कही देखा है.."

"no , ऐसा हो hi नै सकता , में आपसे जिंदगी में पहली बार मिल रही हु.." अनु ने मुस्करा कर बोलै ,

रवि फिर कुछ न बोलै और अग्गे बढ़ सोफे पर बेथ गया , अनु किचन की तरफ चली गई ,

"उफ्फ्फ यह वही है , हाँ यही था , उस दिन हॉस्पिटल में मेरी मदद ऐसी ने की थी , ओह्ह्ह रवि , तुमने मुझे और मेरी माँ को नयी जिंदगी दी है , उफ्फ्फ पर में नै चाहती के तुम यह महसूस हो के में तुमसे दोस्ती इस लिए कर रही हु , क्यों की तुमने मेरी हेल्प की थी , रवि तुमने पाक़िआ को मर कर मुज़से किया वादा पूरा किया ..." अनु ने जूस का गिलास भरते हुए अपनी आँखों में ए असनु साफ कर मन में hi बोलते हुए कहा ,

"लेकिन रवि , में तुम बहुत परेशान करुँगी , बहुत सतयुगी , जितना तुमने मुझे किया , कभी मिलने तक नै ए , अभ से मिशन रवि को परेशान करना सुरु..." अनु अपने गुलाबी होंठो पर मुस्कान लती , खुद से hi बोली और फिर रवि के पास ा गई ,

"रवि प्लस जूस लो न.." अनु ने मुस्कराते हुए बोलै ,

रवि ने जूस का गिलास उठा लिया , वैसे भी उसे भूक लगी थी , अभ अंधे को क्या चाहये दो बूब्स ,

"हम्म , तोह mr.ravi , अप्प एजेंट बनना चाहते हो.." अनु ने रवि के सामने सोफे पर बैठते हुए बोलै ,

"पहले तोह मुझे बस रवि कहो , और रही बात एजेंट बनने की , तोह राजेश सर चाहते हैं , में इस शहर की बुराई ख़तम करू , ाचा वैसे अप्प किस चीज़ में स्पेशलिस्ट हो.." रवि ने अनु के खूबसूरत दूडिया चेहरे पर नज़र गाड़ते हुए बोलै ,

"में इक हैकर हु ..."

"क्या , क्या हैक कर लेती हो , कही दिल तोह नै.." रवि ने मुस्करा कर बोलै तोह अनु शर्मा गई , पर बाद में अनु को यद् आया के उसे सख्त लौंडी बनना है , वोह बड़े रोहब से बोली ,

"ओह्ह रवि , तुम हर जगह फ़्लर्ट hi करते हो क्या , ाचा , मने सुना है , हम दोनों के साथ दो और भी लोग होंगे ."

"हाँ , मेरी फ्रेंड बेबी और कैटलीन , पहले वोह कॉन्ट्रैक्ट किलर्स थी , लेकिन अभ वोह मेरे साथ काम करती हैं , इक अछि जिंदगी गुजर रही हैं..."

"हम्म , बेबी और कैटलीन, में जानती हु इनके बारे में , छोड़ू ें बातिओं को , रवि हमारा पहला मिशन क्या है , यह सुनो..." अनु ने थोड़ा घम्बिर होकर बोलै , रवि भी दयँ से सुनने को त्यार था ,

"रवि मने इक ड्रग फैक्ट्री की डिटेल निकली है , खान नगर में , इक S.K नाम की फैक्ट्री है , उसमे असलम खान का बहुत बड़ा ड्रग्स का डंडा चल रहा है , हमें उस फैक्ट्री पर अटैक करके , उसका सारा ड्रग्स अपने कब्जे में करना है..." अनु ने मिशन की डिटेल रवि को देते हुए बोलै ,

"हम्म , पर वह कितने आदमी होंगे , और फैक्ट्री की लोकेशन किस जगह है..."

"रवि , फैक्ट्री खान नगर के भीड़ भाड़ वाले एरिया से दूर है , और मेरे ख्याल से , वह कोई 50 से जायदा लोग काम करते होंगे , यह सब असलम खान के आदमी है , अभ हम रत को वह अटैक करेंगे , तुम बेबी और काट को अपने साथ लेकर खान नगर पहुँच जाना , में वही तुमसे मिलूगी..." अनु ने अपना प्लान बता सोफे से उठते हुए बोलै ,

"हम्म , ok , में बेबी और काट से बात करता हु , ाचा यार मुझे अभ भी लग रहा है , मने तुम कही देखा है , शयद तुम वही हो.."

"ाचा कोण हु में..."

"अज्ज से कुछ साल पहले , गोवत हॉस्पिटल में इक लड़की एडमिट हुई थी , उसका रपे हुआ था , पाक़िआ ने उसका रपे किया था , इतफ़ाक़ की बात यह है के उसका नाम भी अनु था , मने उसे 20 लाख रुपए दिए थे , में उससे मिलने भी गया , लेकिन उसने मुज़से ठीक से बात भी नै की , पैसे देकर कोई एहसान नै किया था मने , बस में चाहता था , वोह जिंदगी में अग्गे बड़े और कुछ ाचा काम करे..." रवि ने अनु को यद् कर थोड़ा उदास होते हुए बोलै ,

"ओह्ह्ह , सो साद , बूत में वोह अनु नै हु , कभी न कभी तुम वोह मिल जाएगी..." अनु ने बड़े घोर से रवि को देख कर बोलै ,

"यार मिले या न मिले , बस इतना पता चल जाता के वोह ठीक है या नै , जिंदगी में क्या किया उसने , दिल को सकूं सा रहता , और मने पाक़िआ को मर दिया था , उसे यह बताना था , उसका बदला ले लिया मने ..." रवि ने थोड़ा नाम आँखों से बोलै ,

"उफ्फ्फ कैसा इंसान है रवि , उस लड़की की इतनी चिंता कर रहा है , जिसका उसे कुछ पता तक नै , कहा होगी , कैसी होगी , उफ्फ्फ रवि बेहद ाचा इंसान है , इस दुनिआ में सबसे ाचा.." अनु ने मन hi मन बोलै ,

"ओह्ह कोई बात नै रवि , ाचा अभ तुम जाओ , यह मेरी सीक्रेट जगह है , किसी को शक न हो जाये..." अनु जो खुद अंदर से दुखी थी , बस रवि को वह से बेहजना चाहती थी , तेन की अकेले में रो सके ,

"ok , रत को मिलते हैं , तुम भी साद कर दिया मने , bye अनु..." रवि इतना बोल बिल्डिंग से बहार ा गया और गाड़ी में बेथ वापिस घर की तरफ निकल पढ़ा ....

रवि के जाते hi अनु रोने लगी , फिर उसने किसी को कॉल कर दिया , और रट हुए बोली ,

"माँ रवि मिल गया , मने दंड लिया उसे , माँ जल्द hi आपसे भी मिलावुगी , माँ वोह पहले जैसा hi है , उतना hi ाचा , जितना तब था , bye माँ..." अनु ने अपनी माँ वंदना से रट हुए बोलै , वंदना , अनु की माँ थी , रवि ने हॉस्पिटल में वेदना को hi 20 लाख रुपए दिए थे , कही दूर जाकर इक नयी जिंदगी सुरु करने के लिए ,

वही दूसरी और रवि , बेबी और काट के पास पहुँच चूका था , तीनो सोफे पर बैठे बतिअन कर रहे थे ,

"ाचा सुनो तुम दोनों , अज्ज रत ठीक 8 बजे , तुम दोनों रेडी रहना , वैसे भी लड़कियाँ बहुत टाइम ख़राब करती है त्यार होने में..." रवि ने मुस्करा कर बोलै ,

"रवीए.." बेबी ने थोड़ा गुस्से में बोलै ,

"और में लड़की नै हु , जो इतना टाइम लगोगी , लड़की तोह बेबी है..." काट बेहद नखरे के साथ बोली ,

"रवि , इसके कपडे उतर कर ऐसे चेक करो , यह लड़का है या लड़की..." बेबी ने रवि को आँख मर कर बोलै ,

"रवि तुम मेरी कसम , अगर मुझे छुआ तोह.." काट ने उदास सा चेहरा करते हुए बोलै ,

"रवि ऐसे नंगी करके निचोड़ डालो , बहुत नखरीली हो गई है अज्ज कल यह.." बेबी ने मुस्कराते हुए बोलै ,

"रवि प्लस तुम इसकी बातिओं में मत ायो , प्लस.." काट ने रवि की तरफ रोनी सी शकल बना बोलै ,

"रवि यह ऐसे hi नखरे कर रही है , ऐसे प्यार दो , बाबू , ऐसे प्यार दो..," बेबी ने मासूम सी बनते हुए बोलै ,

"रवि , तुम इसकी बातिओं में मत एना , यह तुम बहका रही है , ऐसे अग्ग लगी है , तुम इसकी अग्ग शांत करो..." काट ने बेबी की तरफ देख कर बोलै ,

"नै रवि मेरी अग्ग कल बुज गई , इसकी अग्ग ठंडी करू , ऐसे कल से अग्ग लगी है.." बेबी ने मुस्कराते हुए बोलै ,

"मेरा रवि तुम्हारी अग्ग शांत करेगा.." काट ने मुस्कराते हुए बोलै ,

"तुम्हारी.." बेबी ने चीला कर बोलै ,

"तुम्हारी..." काट भी चीला कर बोली ,

"शहहह चुप हो जाओ , हे भगवन , ें दोनों के साथ , मेरा कोनसा मिशन पूरा होगा..." रवि ने चीला कर बोलै और अपने माथे पर हाथ रख लिया , जब के काट और बेबी अभ भी लड़ रही थी ,

"देखना इक दिन तुम्हारी अस्स फाड् देगा रवि..." बेबी ने गुस्से में मुस्करा कर बोलै ,

"उम् , में रवि का पेनिस काट कर फेंक दूंगी , अगर उसने कुछ ऐसा किया तोह .." काट ने मुस्करा कर बोलै ,

काट की बात सुन रवि के हाथ अपने अप्प उसकी जांगू के बेच पहुँच गए , कही सच में कैटलीन काट कर न फेंक दे ,

"हूँ.. , मुज़से बात मत करना.." बेबी ने मोह फुल्ल कर बोलै ,

"तुम भी.." काट भी मोह फुल्ल कर बोली ,

"यह दोनों पागल हैं , रवि , तू वैसे तोह नै मरेगा , पर इनकी बतिअन सुन सुन कर जरूर मर जायेगा , भाग जा , भाग जा.." रवि जल्दी से उठा और बेबी के घर से निकल गया ,

उसके जाते hi काट और बेबी ने गुस्से में इक दूसरे की तरफ देखा , और फिर दोनों इक साथ बोल padhi..."sorry..." काट ने बेबी को अपनी बहु में भर लिया , दोनों इक दूसरे के होंठ चूसने lagi....enka गुस्सा और प्यार ,

वैसे मने कहा था , लड़कयों को कोई नै समाज सकता , मेरी बात कोई सुनता hi नै.....

तो बे कुनिटेड...
 
अपडेट-35

अभ अग्गे...

रत के 8 बज रहे थे , और रवि बेबी के घर के बहार , बेबी और काट का इंतज़ार कर रहा था ,

करीब 15 मिंट इंतज़ार करने के बाद बेबी और काट इक साथ बहार निकली , बेबी ने फर्जी को सीमा के पास छोड़ दिया था ,

"उफ्फ्फ तुम दोनों इतना टाइम कोई लगता है क्या.." रवि ने थोड़ा गुस्से में बोलै ,

"चुप चाप गाड़ी चलाओ.." बेबी ने मुस्कराते हुए उसके साथ बैठते हुए बोलै , काट पीछे की सीट पर बेथ चुकी थी , दोनों ने ब्लैक ड्रेस पहन राखी थी , जैसे कोई स्पेशल स्क्वाड का हिस्सा हो ,

"हम्म , ठीक है.." रवि ने मुस्करा कर बोलै , और गाड़ी तेज़ी से खान नगर की तरफ डोडा दी ,

रवि गाड़ी चला रहा था , बेबी और काट खामोश बैठी थी , लेकिन काट ने hi इस ख़ामोशी को तोड़ते हुए बोलै ,

"रवि तुम्हारी वोह दूसरी फ्रेंड कहा है , मतलब अनु..." काट ने बेबी की तरफ देख मुस्करा कर पूछा ,

"काट वोह हमें , खान नगर में मिल जाएगी .." रवि ने गाड़ी के मिरर से काट की तरफ देख कर बोलै ,

"हम्म , रवि वैसे अनु बेहद खूबसूरत होगी , मेरे और बेबी से भी जायदा , क्यों , सही बोलै न मने.."

"वोह खूबसूरत तोह है , पर मेरी बेबी और , मेरी काट जितनी नै .." रवि ने मुस्करा कर बोलै तोह , बेबी पीछे पलट कर काट को जीभ दिखने लगी ,

"ओह्ह , फिर भी , अनु हॉट हुई तोह मज़ा ा जायेगा.." काट ने बेबी को आँख मर कर बोलै , यह बात उसने मज़ाक में बोली थी , पर बेबी को यह बेहद बुरा लगा , वोह उदास सा चेहरा लिए सीधी होकर बेथ गई ,

काट को अपने अप्प पर बेहद गुस्सा आया , पर फिर बेबी का उसके लिए प्यार देख , उसके होंठो पर इक मुस्कान दौड गई ,

फिर कोई कुछ न बोलै , और करीब इक घंटे बाद खान नगर पहुँच गए , रवि ने वही चौंक पर गाड़ी रोक अनु को फ़ोन किया ,

कुछ hi देर बाद अनु इक ब्लैक गाड़ी में वह पहुँच गई , उसने रवि और उसकी फ्रेंड्स को अपनी गाड़ी में बुला लिया , क्यों की यह इक स्पेशल गाड़ी थी , कुछ एडवांस फीचर्स के साथ , ऊपर से बुलेटप्रूफ भी थी ,

रवि , अनु के साथ अग्गे बेथ गया , काट और बेबी पीछे बेथ गई ,

"हाय , बेबी , हाय काट.." अनु ने मुस्करा कर दोनों को हलो किया ,

"हाय अनु.." बेबी और काट इक साथ बोल पढ़ी ,

फिर अनु उस फैक्ट्री की तरफ जाने लगी ,

"रवि , कुछ प्लान सोचा तुमने , वह उन लोग को कैसे पकड़ना है.." अनु ने घम्बिर होकर बोलै ,

"हम्म , हम दो , दो की टीम बना लेते हैं , फिर अग्गे और पीछे दोनों तरफ से हमला करेंगे , ाचा इक बात सुन लो , जिसके हाथ में गन हुई उसी को शॉट करना , जिसके हाथ खली हों , उसे शॉट मत करना.."

"पर क्यों.." अनु ने सबकी तरफ से सवाल किया ,

"अनु , क्या पता वोह मज़दूर हों , कई बार 40 लोग के में भी इक ाचा इंसान होता है , बस उसी को नै मरना हमें.." रवि ने मुस्करा कर बोलै ,

"जणू अज्ज कितने सालो बाद , हम साथ में मिशन करेगी..." काट ने बेबी का हाथ अपने हाथो में लेते हुए बोलै ,

"हाँ जणू , तुम ठीक बोल रही हो.." बेबी भी मुस्करा कर बोली ,

अनु ने दोनों की तरफ पीछे पलट कर देखा , और धीरे से रवि के कण में बोली ,

"यह प्यार के पंछी कहा से उठा लाये तुम.." : लोटपोट:

"voh..voh.. इनके अंदर का जानवर जागेगा , तुम c...ch...chinta मत करो.." रवि ने अपने माथे पर हाथ मरते हुए बोलै ,

"रवि अगर मिशन पूरा न हुआ तोह , तोह तुम्हारी बंद बजा दूंगी me..."anu ने बेहद गुस्से में बोलै ,

रवि ने पीछे पलट कर देखा , काट और बेबी आपस में सात कर बैठी हुई थी , हाथो में हाथ डेल ,

"क्या हुआ रवि.." काट ने मुस्करा कर पूछा ,

"काट , बेबी , तुम इक बहुत खतरनाक मिशन पर जा रही हो , यहाँ चारो तरफ मौत होगी , तुम लड़ना होगा , अपने अंदर के जानवर को बहार निकालो , चीयर दो सबको , फाड् डालो सबको..." रवि अभी बोल hi रहा था के बेबी बेच में hi बोल पढ़ी ,

"इक मिंट , यह तुम हमें क्यों बता रहे हो , हमने इससे भी बड़े बड़े मिशन पोरे किये हैं , है न जणू..." बेबी ने पहले रवि को और आखिर में काट के चेहरे को देख कर बोलै ,

"हाँ जणू.." काट भी बेबी का हाथ चुम कर बोली ,

"एहहहहह , ाचा , सुनो तुम दोनों , मेरे कहने का मतलब है , तुम दोनों यह सब वह मत करना , मतलब , तुम समाज रही हो न , यह जो तुम दोनों अभी कर रही हो..." रवि ने थोड़ा गुस्से में बोलै ,

"जणू , यह किस बारे में बात कर रहा है.." बेबी ने काट की तरफ देख कर बोलै ,

"पता नै जणू.." काट भी थोड़ा चिंता में बोली ,

रवि सीधा होकर बेथ गया , फिर उसने अनु की तरफ देखा , वोह खा जाने वाली नज़रिओं से उसे घर रही थी ,

"अनु तुम टेंशन मत लो , में सब सम्बल लूंगा.." रवि ने अनु के पास होकर उसके कण में बोलै ,

"हम्म , तुम यही मिली थी , यह तोह कितनी गुस्से वाली और खुखार हुआ करती थी , अभ तोह जणू के बिना कुछ बोल hi नै रही..." अनु ने बेहद गुस्से में बोलै ,

"नै , आ ..अनु.. यह अभी भी उतनी hi गुस्से वाली और कहकर हैं ,..t...tum.. ch...chinta मत करो... " रवि ने हकलाते हुए बोलै , और वह अटैक करने का प्लान सोचने लगा ,

फिर ऐसे hi वख्त कटा और रवि और उसकी टीम , उस फैक्ट्री के पास पहुँच गई , यह इक सुनसान सा इलाका था , यहाँ रवि और उसकी टीम कड़ी थी , वह इक ग्राउंड जितना खुला मदिआं था , और दूर उस बंद पढ़ी फैक्ट्री की जलक भी नै मिल रही थी , पर कुछ धीमी लाइट के बल्ब जल रहे थे ,

"वाओ , कितनी रोमांटिक जगह है .." काट ने बेबी को अपनी बहु में भरते हुए बोलै ,

"हाँ जणू , बहुत शांति है यहाँ..." बेबी मुस्कराते हुए बोली ,

"ेहठ , रवि प्लान बताओ जल्दी , मुज़से और बर्दाश्त नै हो रहा ..." अनु ने पेअर पटकते हुए बोलै ,

"सिंपल प्लान है , में अटैक करुगा , बेबी मुझे कवर देगी , ऐसी तरह तुम अटैक करना.. और काट तुम कवर देगी..." रवि ने अपना प्लान बताते हुए कहा ,

"बेबी नै में तुम कवर दूंगी , अगर मेरी जान को कुछ हो गया तोह.." काट ने बेबी की तरफ प्यार से देख कर बोलै ,

"ओह्ह काट , ी लव ु.." बेबी ने अग्गे बढ़ काट को अपनी बहु में भर बोलै ,

"लव ु तो जणू.." काट भी बेबी को बहु में कस्ते हुए बोली , फिर दोनों इक दूसरे के होंठ चूसने लगी ,

"शःह्हीईई , युकककक..." अनु ने उनकी तरफ पीठ कर बुरा सा मोह बना कर बोलै , उसने पहले कभी दो लड़कयों को ऐसे किश करते नै देखा था , उसे थोड़ा अजीब लग रहा था ,

रवि ने अपना माथा पीट लिया और वही बेथ गया , कुछ देर बाद बेबी और काट ने अपनी किश ख़तम की और रवि की तरफ देखने लगी ,

"न , कर लो , कर लो , में तोह कहता हु , यही कपडे उतर कर सुरु हो जाओ , मिशन , उसका क्या , वोह फिर पूरा कर लेंगे , तुम दोनों का रोमांस करना जरुरी है..." रवि ने थोड़ा जज्बाती होकर बोलै ,

"सॉरी रवि , हम बहक गई थी..." काट और बेबी ने कण पकड़ माफ़ी मांगते हुए बोलै ,

"हम्म , ठीक है , काट तुम अनु के पास जाओ.." रवि ने उठते हुए बोलै ,

"नै.. नै , में ..में ..इसके साथ नै जोगी , mm....me इस जैसी बन गई तोह , नै में तुम्हारे साथ जोगी..." अनु ने काट और बेबी को देख हकलाते हुए बोलै ,

"उम् , में अपनी बेबी के साथ जोगी , तुम इतनी भी खूबसूरत नै हो.." काट फिर से बेबी के पास जाकर बोली ,

"r...ravi चले क्या..." अनु ने वैसे hi कंपते हुए बोलै , मिशन से जायदा तोह उसे बेबी और काट से दर लग रहा था ,

फिर सभी पैदल hi अपनी गन्स लेकर फैक्ट्री की तरफ बढ़ने लगे , 500 मेटर का एरिया था , जो उनको चल कर पर करना था ,

रवि और अनु साथ साथ कुछ अग्गे चल रहे थे , उनके पीछे बेबी और काट ा रही थी , उनके लिए तोह जैसे पिकनिक थी , हाथो में हाथ डेल , इक दूसरे से बतिअन करती हुई ा रही थी ,

"रवि इक बात कहु..." अनु ने पीछे पलट बेबी और काट को देख बोलै ,

"हाँ बोलो न.."

"रवि तुम इनसे दूर रहा करो , कही तुम भी ें जैसे हो गए , मतलब , तुम लड़कियाँ पसंद है न , मेरा मतलब , तुम लड़के तोह पसंद नै.." अनु बात को गोल गोल घूमते हुए बोली ,

"तुम्हारा मतलब कही में गे तोह नै.." रवि ने मुस्करा कर बोलै ,

"हाँ , नै , नै , ाचा , हाँ , मेरा वही मतलब था , यह दोनों लेस्बियन हैं , और तुम्हारी फ्रेंड्स भी हैं , कही तुम भी किसी लड़के से प्यार करते हुए , अह्ह्ह , मुझे उलटी ा रही है सोच कर..." अनु ने बुरा सा मोह बनाते हुए बोलै ,

"ः , अनु , यार ऐसी बात नै है , में गे नै हु , ाचा कही तुम शमले तोह नै , जो बार बार इस टॉपिक पर बतिअन कर रही हो.." रवि ने अनु की खूबसूरत आँखों में देख पूछा ,

"ओह्ह नै , नै , में इक लड़की हु , मतलब परफेक्ट लड़की , यू क्नोव, ऊपर से निचे तक , जैसी बाकि लड़कियाँ होती हैं , वैसे रवि , अगर यह लड़ते वख्त भी रोमांटिक हो गई तोह , मतलब , तुम समाज रहे हो न..." अनु ने मुस्कराते हुए बोलै ,

"समाज रहा हु , पर अभ कुछ नै हो सकता , हाँ अगर तुम बेबी या काट , किसी को अपने साथ रख लो ..."

"युककक ... नै , अगर में उनके साथ रही तोह , उन जैसी हो जोगी , नै , में... में तुम्हारे साथ hi रहूगी..." अनु ने घबराते हुए बोलै ,

"ः , अनु तुम्हारी तोह बंद बजी हुई है , यह बहुत अछि हैं , कभी इक दूसरे के खून की प्यासी थी , और अभ , अभ इक पल भी , इक दूसरे के बिना नै रह सकती , वैसे अनु तुम मेरे बारे में क्या क्या पता है.." रवि ने मुस्करा कर पूछा ,

"हम्म , तुम्हारे बारे , तोह सुनो , तुम्हारी इक क्यूट सी वाइफ है , जिसका नाम सीमा है , और तुम्हारे सिस्टर्स , रमा , रिमी , शूरति , और इक तुम्हारी सबसे खास तुम्हारी बहिन कोमल , तुम अपनी फॅमिली से बहुत प्यार करते हो , मतलब , तुम अपने परिवार को hi अपना सब कुछ मानते हो..." अनु ने मुस्कराते हुए बोलै , रवि बस आँखें फाडे उसे देख रहा था ,

"t...tt..tume सब पता है.."

"हहै , रवि , में इक एजेंट हु , इसलिए आदत से मज़बूर हु , सबकी खबर रखती हु , और पूरी डिटेल में , पर यार , तुम्हारी बहिन कोमल कहा है , राजेश सर ने बताया था , उसके लिए तुम इक बार अपनी जान पर खेल गए थे , उफ़ इतना चाहते हो उसे..." अनु ने रवि की आँखों में घर कर देखते हुए बोलै ,

"कोमल , मेरा सब कुछ वही तोह थी , मेरा वजूद , मेरी जिंदगी , मेरा साँस लेना , सब उससे जुड़ा था , तुम जानती हो , बचपन से मुझे कोमल से सबसे जायदा प्यार था , जिस चीज़ की वोह जिद्द करती , वोह उसे में लेकर देता , इक बार पता है क्या हुआ.." रवि ने पुराणी यादिओं में खोते हुए बोलै ,

"हाँ , बताओ न.." अनु जो रवि के लिए पता नै कितना तदफी थी , अज्ज उसका दिल कर रहा था , यह रत कभी न गुजरे , और बस रवि बोलता रहे ,

"इक बार कोमल बहुत छोटी थी , दस साल की होगी , तब उसने पता नै कहा से , इक एंजेल की ड्रेस के बारे में सुन लिया , वोह जो वाइट कलर की होती है , में तब उससे तीन साल बड़ा था , उसने मुज़से कहा के मुझे वोह ड्रेस लेकर दो.." रवि अभी बता रहा था के अनु बेच में बोल पढ़ी ,

"तोह क्या लेकर दी तुमने.."

"हाँ , मने उसका प्राइस पता किया , दो हज़ार से ऊपर था , उफ्फ्फ मेरे पास इतने पैसे नै थे , लेकिन फिर मने , माँ से चोरी मज़दूरी करनी सुरु कर दी , में स्कूल नै जाता था , दो हफ्ते में लगातार मज़दूरी करता रहा , फिर पैसे जोड़ कर मने कोमल को वोह ड्रेस लेकर दी , वोह बहुत खुश हुई , लेकिन जब उसने मेरे हाथिओं को देखा , तब वोह बहुत रोई , इतना रोई , क्या बताऊ , इक घंटा लग गया था उसे चुप करवाने में , वोह दस साल की थी , लेकिन उसे मेरी चिंता थी , उसने ड्रेस फेंक दी , तुम इक बात बता दू , उसने वोह ड्रेस कभी नै पहनी.." रवि ने थोड़ा नाम आँखों से बोलै ,

"अभ कहा है वोह.." अनु ने नाम आँखों से पूछा ,

"नै जनता , मेरा दिल कहता है , वोह मुझे सुन सकती है , मुझे देख सकती है , वोह रूत गई है मुज़से , पर देखना तुम , इक दिन वोह आएगी , जरूर आएगी , क्यों की उसे पता है , उसका भाई उसके बिना जी नै सकता..." रवि ने बेहद दर्द भरी आवाज़ में बोलै , तब तक दोनों फैक्ट्री के बेहद करीब पहुँच चुके थे ,

"हम्म , रवि वोह वापिस आएगी , मेरा भी दिल यही कहता है , ाचा सुनो , तुम मिशन पर कंसन्ट्रेट करो .." अनु ने फैक्ट्री की देवर के पास रुक कर बोलै ,

( कटाई जहर इंग्लिश अति है.. भाई साब :डी )

"ok , तुम सब यही रुको , में देख कर अत हु , कितने आदमी हैं और कहा कहा हैं.." रवि इतना बोल देवर कूद गया और फैक्ट्री के अंदर की तरफ जाने लगा ,

अनु , वही कड़ी होकर रवि का इंतज़ार करने लगी , फिर वोह बेबी और काट की तरफ देखने लगी , उसे थोड़ा अजीब लग रहा था ,

रवि फैक्ट्री के मैं गेट की तरफ बढ़ने लगा , रवि ने सामने देखा , इक बड़ा सा ट्रक खड़ा था , जिससे कुछ लोग समान उतर रहे थे , वह कोई 10 -12 लोग थे , रवि समाज गया के यह लोग ड्रग्स उतर रहे होंगे ,

रवि वापिस गया और अनु से बोलै ,

"तुम सब ा जाओ , गेट पर hi ट्रक खड़ा है , अभ मेरा प्लान सुनो..." रवि ने फिर अनु , बेबी और काट को अपना नई प्लान बता दिया , जिसे

"मस्त प्लान है , में यही करुँगी..." अनु मुस्करा कर बोली ,

फिर रवि ने अपने चेहरे को ब्लैक नकाब से धक् लिया , बाकि तीनो ने भी यही किया ,

"यार में कितना मस्त लग रहा हु ें कपड़ो में..." रवि उन ब्लैक कपड़ो में खुद को देख कर बोलै ,

"हाँ बाबू , तुम बहुत प्यारे लग रहे हो , ी लव ु बाबू..." बेबी , रवि के गले लग बोली ,

"लव ु तो , बाबू.." रवि भी कास कर बेबी को गले लगते बोलै ,

फिर रवि ने अनु को देखा , जिसने हाथिओं की मुथियों को गुस्से में बंद कर रखा था ,

"रवि , तुम यह संभालने की बात कर रहे थे , ाचा , मुझे पहले इक बताओ , तुम में से कोण किसको प्यार करता है.." अनु , बेबी का रवि को गले लगने का सोच कर बोली ,

"में बताता हु , बेबी और काट इक दूसरे से प्यार करती हैं , में बेबी को प्यार करता हु , और तोह और में काट को भी प्यार करता हु , लेकिन काट बस बेबी को प्यार करती है , मुज़से नै , मतलब , यह दोनों इक दूसरे से प्यार करती हैं , और में ें दोनों को..." रवि मुस्करा कर बोलै , पर अनु मोह फाडे उसे देख रही थी ,

"कोण किसको प्यार करता है भाई , ओह्ह्ह मेरा सार दर्द करने लगा है , बाद में बताना , अभ चलो मिशन कम्पलीट करते हैं .." अनु ने अपने सर हाथो से दबा बोलै ,

रवि धीरे धीरे अग्गे बढ़ने लगा , रवि के पीछे काट उसे कवर देती हुई ा रही थी , और दूसरी साइड बेबी थी , अनु बेबी के पीछे ा रही थी ,

रवि और बेबी इक दूसरे के सामने चल रहे थे , इक साइड बेबी और वही उससे कुछ दूर दूसरी साइड रवि ,

"फिरी.." रवि ने चीला कर बोलै , और उन लोग को हिलने तक का मौका भी न दिया ,

4 आदमी गन्स लेकर खड़े थे , बाकि 6 आदमी माल उतर रहे थे , रवि और उसकी टीम ने पहले गन्स वाले अद्मयों को उड़ा दिया ,

फिर जो माल निकल रहे थे ट्रक से , उनको चांस hi नै दिया के वोह अपनी गन्स निकल पाए , कुछ hi देर में दरवाजे के पास सभी आदमी गिरे पढ़े थे , रवि और उसकी टीम दरवाजे तक पहुँच गई ,

"अरे यार , मुझे बस गन्स वाले लोग को मरना था.." रवि ने अपने माथा पत्ते हुए बोलै ,

"रवि , शहर की आबादी 3 क्रूर्रे क्रॉस कर गई है , तुम भगवन मत बनो , जो हो रहा है , होने दो , और वैसे भी तुम्हारे पास बहुत लड़कियाँ हैं , तुम मज़े करो..." काट रवि के कंडे पर हाथ रखते हुए बोली ,

"अनु , जोऊ.." रवि ने चीला कर बोलै , तोह अनु ने ट्रक में बेथ उसे फैक्ट्री से बहार डोडा दिया ,

"बस , यह ट्रक भी चला लेती है.." रवि हरिजन सा हुआ बोलै और फिर फैक्ट्री के अंदर घुसने लगा ,

जब धीरे से अंदर चेहरा कर रवि ने देखा , सामने दुर्गस्य hi ड्रग्स पढ़ा हुआ था , और करीब 30 आदमी हाथेरो से लेस्स उनका इंतज़ार कर रहे थे ,

"कितने आदमी हैं.." काट जो रवि के पीछे थी धीरे से बोली ,

"30 से जायदा होंगे.." रवि ने घम्बिर आवाज़ में बोलै ,

"ाचा सुनो , हम इक जगह रुक कर शॉट नै कर सकते , हमें अकेला अकेले शॉट करना होगा , साथ रेह्गे तोह गोली लग सकती है , कोई सेफ जगह दंड लो , उसके पीछे चुप कर शॉट करेंगे.. " काट ने अपना प्लान बताते हुए कहा ,

"हाँ , यह ठीक कहा तुमने .. वोह सामने इक बड़ी सी लोहे की मशीन दिख रही है , बेबी तुम उसके पास पहले जाओ..." रवि ने कोई दरवाजे से 20 कदम दूर इक मशीन बेबी और काट को दिखते हुए बोलै ,

"बेबी तुम जाओ , हम उनका दयँ तुमसे हटते हैं , जब में 1 , 2 और 3 बोलू , तब भाग कर वह पहुँच जाना , रवि हम दोनों 3 पर लगातार फायर करेंगे , समाज गए.." काट ने अपनी दोनों गन्स लोड करते हुए बोलै ,

"ओह्ह जणू , अपना ख्याल रखना.." बेबी उसके गले लग उसके होंठो को चुम कर बोली ,

"तुम भी.." काट ने मुस्करा कर जवाब दिया ,

"ok , रवि में त्यार हु.." बेबी ने अपनी नज़रियन उस मशीन पर गडडे हुए बोलै , वोह भागने की पोजीशन पर ा चुकी थी ,

"1 , 2 अंदड़ 3..." काट ने गिनती पूरी की , और िका इक गेट के बेच में आकर , इक घुटना जमीन पर टिकाये उन गुंडों पर फायर करना सुरु कर दिया ,

रवि भी उसके साथ आकर वैसे hi बेथ गया , और धड़ा धड़ फायर करने लगे ,

"बेबी जाओ.." रवि ने चीला कर बेबी से बोलै ,

"हम्म..." बेबी ने इक बार काट और रवि को देखा और फिर पूरी जान लगा उस जगह तक पहुँच गई , और तेज़ तेज़ हाफति , उस मशीन के साथ पीठ टिकाये बेथ गई , उसने अपने अंगूठे के इशारे से ok का जवाब दिया ,

उन गुंडु पर जैसे hi फायर होना सुरु हुआ , वोह भी किसी न किसी चीज़ का कवर लेने लगे , उनमे से 4 या 5 गुंडे तोह फायरिंग में मर चुके थे , फिर वोह भी फायर करने लगे , क्यों की अभ वोह छुपे हुए थे , और अचानक से सामने आकर फायर कर देते ,

रवि ने काट का हाथ पकड़ उसे वापिस दरवाजे के पीछे खींच लिया ,

"उफ़ काट , मज़ा ा रहा है.." रवि ने मुस्कराते हुए बोलै ,

"मज़ा , इस चीज़ के लिए में तरस गई थी , यही तोह वजूद है मेरा और मेरी जान बेबी का .."

"और मेरा वजूद तुम दोनों से है , इस लिए कोई रिस्क मत लेना.." रवि ने काट की आँखों में देख कर बोलै ,

"हम्म , नै लुंगी.." काट मुस्करा कर बोली , उसने नकाब पहना था , रवि को उसकी मुस्कान दिखी नै ,

ोहडेर बेबी भी अभ फायर कर रही थी , वोह इक सेफ जगह थी , फैक्ट्री में बारिश हो रही थी गोलईओं की ,

"रवि ऐसे तोह रत निकल जाएगी , हमें कुछ और करना होगा.." काट ने लगातार हो रही फायरिंग को देख कर बोलै ,

"उफ़ , काट अगर मेरे बस में होता तोह इनके सरे हथयार गयाब हो जाते , और इनको हाथो से हमसे लड़ना पड़ता.." रवि ने बेबस सा होकर बोलै , पर तभी उसका लॉकेट ब्लू रंग में तेज़ी से चमका और उसकी हलकी रौशनी पूरी फैक्ट्री में फैल गई , और फिर अलोप हो गई ,

"शहहह , इतनी काली जुबान , मेरी गन गयाब हो गई..." काट ने चीख कर बोलै ,

"शुक्र करो यह नै बोलै , के तुम्हारे कपडे गयाब हो जाये..." रवि हस्ता हुआ बोलै ,

"कमीना कही का.." काट उसके सीने पर मुक्के जड़ते बोली , वही बेबी गोली पर गोली चलाये जा रही थी ,

"अह्ह्ह यह लो..." बेबी ने उन गुंडों को फायर करने को उठी , पर तभी उसके हाथ खली थे , उसकी गन गयाब हो गई थी ,

"रवि मेरी गन कहा गई , और तुम्हारी भी , यह कोनसी भूतिया फैक्ट्री में ले ए तुम , अगर हमें कुछ हो गया तोह.." काट ने थोड़ा दर कर बोलै ,

"शठ , चुप , अगर हमारी गन्स गयाब हुई हैं तोह उनकी भी गयाब हुई होंगी , अभ फाइट , हाथो से होगी .." रवि मुस्कराते हुए फैक्ट्री के अंदर जाता बोलै , लेकिन उसे अभ भी समाज नै ा रहा था , उसके बोलने मटर से hi गन्स कैसे गयाब हो गई ,

दूसरी तरफ अनु ने वोह ट्रक अपनी गाड़ी के पास खड़ा किया और वापिस फैक्ट्री की तरफ भाग पढ़ी , उसे रवि की चिंता हो रही थी , उसने कुछ पुलिस वालो को फ़ोन कर लोकेशन बता दी थी , तेन की ट्रक अपने कब्जे में कर सके....

वही फैक्ट्री में काट भाग कर बेबी के पास गई और उसे बहु में भरते हुए बोली ,

"j..jj..janu... y..yaha...b..bb..bhut ha...hai.." काट हकलाते हुए बोली ,

"हाँ जणू , मेरी गन गयाब हो गई , तुम्हारी भी.."

"हाँ जणू मेरी भी .." काट वैसे hi बेबी के गले लगी बोली ,

"हे भगवन , यह दोनों फिर सुरु हो गई , इनका यह जणू , बाबू , मुझे अज्ज पका पिटवायेगा..." रवि अपने माथे पर हाथ मर बोलै , तभी वह अनु भी पहुँच गई , उसने जब बेबी और काट को ऐसे चिपके देखा तोह वोह रवि के पास चली गई , और बोली ,

"यह प्यार के पंछी फिर लगे हुए हैं :लोटपोट:, और तुम सबकी गन्स कहा हैं , और वोह लोग भी फायर क्यों नै कर रहे.." अनु ने थोड़ा घबरा कर पूछा ,

"अनु , यार हम सबकी गन्स इक डैम से गयाब हो गई हैं , और मुझे लगता है उनकी भी , अभ हाथो से लड़ना होगा..." रवि ने मुस्कराते हुए बोलै ,

"गन्स गयाब हो गई , पर कैसे.." अनु ने शॉकेड होकर पूछा ,

"ऐसा करो , ें प्यार के पंचयिओं से पूछ लो , में चला उनकी बंद बजने ..." रवि ने मुस्करा कर बोलै और उन गुंडु से लड़ने अग्गे बढ़ गया ,

"इनसे पुछु , नै , नै , हाथ पेअर सलामत है , में लड़ुँगी..." अनु भी रवि के साथ चलते हुए बोली ,

"बेबी और काट , बाकि प्यार घर पर कर लेना , अभी ा जाओ.." रवि ने पीछे पलट कर बोलै और अग्गे बढ़ने लगा ,

तो बे कुनिटेड....
 
अपडेट-36

अभ अग्गे...

"कदीर भाई , हमारे हथियार कहा गए.." इक गुंडा बेहद घबराता हुआ बोलै ,

कदीर भाई , असलम खान का सबसे खास आदमी था , असलम खान का आधा बिज़नेस यही संबलता था , ड्रग डीलिंग , किडनेपिंग , मुंडेर , यह सब वही संबलता था ,

"अरे चुप कर , में खुद परेशान हु , इनको छोड़ूगा नै मैं.." कदीर भाई बेहद गुस्से में बोलै ,

"भाई यह तोह जादूगर लगता है.." इक और गुंडा रवि की तरफ देख कर बोलै ,

"अहह , चुप रहो तुम सब , ें पर अटैक करो , अभ लड़ाई हाथो से होगी , चलो इनको ख़तम करे.." कदीर भाई गुस्से में चीखता हुआ बोलै ,

वोह सब अपनी अपनी जगह से बहार निकल फैक्ट्री के बेच ा गए , वोह कोई 25 से जायदा होंगे ,

रवि उनके सामने खड़ा था , उसकी इक तरफ अनु कड़ी थी , और दूसरी तरफ , बेबी और काट , वोह सब लड़ने को त्यार थे ,

"रवि इक को भी जिन्दा मत छोड़ना , यह सब मौत का व्यापार करते हैं , मासूम लड़को को यह ड्रग्स की लत लगते हैं , सबको ख़तम कर देना..." अनु ने बेहद गुस्से में बोलै ,

"हम्म , बेबी और काट तुम त्यार हो.." रवि ने उन दोनों की तरफ देख कर बोलै ,

"हाँ , हम दोनों त्यार हैं.." बेबी मुस्करा कर बोली ,

"बेबी में अभ भी कह रही हु , यह फैक्ट्री भूतिया है , जल्दी जल्दी इनका काम निपटा , यहाँ से निकलती हैं.." काट ने as-pas देख डरते हुए बोलै ,

"जणू में हु न , तुम डरो मत.." बेबी काट के पास होकर बोली ,

"ओह्ह जणू .." काट भी प्यार से बोली ,

"बस , बंद करो यह जणू , जणू , पहले ें जणू लोग से निपट ले .." रवि गुस्से में बोलै और भाग कर उन गुंडों की तरफ बढ़ने लगा ,

"ेहः तू कोण है बे , साला जनता अपुन कोण है , अपणु इस शहर का बाप , कदीर भाई , सब मेरे को स्लैम ठोकते , और तू साला , कल का लूणदा , मुझ पर हमला कर रहा , और अपने साथ ें तीन चिकनी लड़कयों को लेकर..." कदीर भाई ने गुस्से में चीखते हुए बोलै ,

"तू इस शहर का बाप है , तोह में इस शहर का दादा हु , मतलब में तेरा बाप हुआ , अरे , अरे , बहुत घटिया शकल है री तेरी , माँ कसम , यह भाई इतना ख़राब चेहरा लेकर घूमते हो , शर्म नै अति..." रवि ने मुस्करा कर बोलै ,

"ओह्ह रवि , बहुत ाचा , चा गए मेरे हीरो.." अनु अपने मोह में उंगलियाँ दाल सेट्टी मरते हुए बोली ,

"थैंक ु अनु , शुक्रिया, शुक्रिया , सभी का..." रवि पीछे पलट हस्ते हुए बोलै ,

"बस , साला मज़ाक चल रहा क्या , मर दो इनको.." कदीर भाई गुस्से में पेअर पटक कर बोलै ,

फिर करीब सभी अद्मयों ने हमला कर दिया , वोह गिनती में करीब 25 होंगे ,

बेबी , काट और अनु भी भाग कर रवि के पास पहुँच गई ,

उन सबको , घेर लिया गया , अभ चारो उन गुंडों के बेच घिर चुके थे , हाथिओं की पोजीशन लड़ने की करते हुए सब लड़ने को त्यार थे ,

इक आदमी ने रवि को पंच मरना चाहा , रवि ने उसका हाथ बेच में रोक , कास कर इक पंच उसके चेहरे पर जड़ दिया ,

"अह्ह्ह्ह .." इक तेज़ दर्द भरी सिसकी भरता वोह आदमी जमीन पर गिर गया ,

फिर उन गुंडों ने इक साथ अटैक कर दिया , रवि तोह तेज़ी से पंच जड़ता जा रहा था , उसे कुछ होश नै था ,

अभ रवि और उसकी टीम अलग हो चुकी थी , इक इक को चार चार आदमी घेर कर उनसे लड़ रहे थे ,

"रवि के साथ लड़ने में मज़ा ा रहा , मेरी जान , ी लव ु.." अनु मन hi मन मुस्कराते हुए बोली ,

इक आदमी ने अनु को पीछे से आकर बहु में पकड़ लिया , तभी सामने से दो अद्मयों ने उसके चेहरे पर पंच जड़ने सुरु कर दिए ,

अनु ने अपनी तंग उनमे से इक के प्राइवेट part पर जड़ दी , "अह्ह्ह्हह माँ.." वोह तेज़ दर्द से चीखता हुआ जमीन पर गिर गया ,

"ोप्पस सॉरी..." अनु ने मुस्करा कर बोलै , और थोड़ा जोर लगा पीछे हैट , अपनी दोनों तंग को ऊपर उठा , उस दूसरे आदमी के सीने पर जड़ दिया , अनु पीछे गिर गई , उस आदमी के ऊपर ,

"यह ले कुत्ते.." अनु इक डैम से उठी और कुछ पंच लगातार उस आदमी के मोह पर जड़ दिए ,

तभी वोह दो आदमी और ा गए , अनु इक डैम से कड़ी हुई , और भागते हुए , उन पर जपत पढ़ी ,

"अह्ह्ह्हह..." अनु ने चीखते हुए भाग कर अपने टंगे उसकी गर्दन में फसा , उसको घुमा कर जमीन पर गिरा दिया , और उसका हाथ पकड़ सबमिशन मूव लगा दिया (ववे अल्बेर्तो दिल रेओ)

"अह्ह्ह बचा बे.." वोह गुंडा दर्द से चीखता हुआ बोलै , उसकी गर्दन पर अनु ने अपने पेअर कैसे हुए थे , और उसके हाथ को अपने दोनों हाथिओं में पकड़े खींच रही थी ,

तभी दूसरे आदमी ने अनु के पेट में किक जड़ दी , अनु को थोड़ा दर्द हुआ , अनु अपने घुटनो के बल बेथ गई , जब दुबारा उस आदमी ने किक जडनि चाही तोह अनु ने उसकी तंग पकड़ ली ,

"अह्ह्ह्हह..." उस आदमी की दर्द भरी चीख निकल गई , अनु ने उसे आँख मरते हुए , अपने हाथ को निचे से उसके प्राइवेट part पर जड़ दिया था ,

दूसरी तरफ काट भी सबकी धुलाई कर रही थी , काट तोह पहले hi कितनी कहकर थी , ऊपर से उसे मर्दो को पत्नी का मौका मिल रहा था , वोह भी फ्री में :डी , कैसे छोड़ देती वोह ,

काट तोह जुडु करते के सभी मूव्स इस्तेमाल कर रही थी , जैसे कोई इंडियन बीवी अपने पति पर करती है.. :डी

काट को तीन चार गुंडे घेर कर खड़े थे , उन में से इक गुंडे ने काट को पंच जड़ना चाहा , पर काट निचे बेथ गई ,

काट ने कास कर मुक्का उसके पेट में जड़ दिया , और फिर पगलू की तरह उसके पेट में मुक्के जड़ती रही , वोह आदमी दर्द से चीखता हुआ जमीन पर गिर गया ,

बाकि के तीन लोग में से दो ने काट को दोनों हाथो से पकड़ लिया , इक आदमी काट के सामने ा गया ,

"अभ बोल जानेमन , तेरा क्या होगा.." उस आदमी ने जीभ से इक चाकू निकल बोलै ,

"अह्ह्ह्ह..." उस आदमी की दर्द भरी चीख निकल गई , क्यों की काट ने उसके प्राइवेट part पर जोर से किक जड़ दी थी ,

काट ने जोर से जम्प कर उलटी छलांग लगा दी , और जिन गुंडों ने उसे पकड़ रखा था , उनके हाथ छूट गए , काट अभ उनके पीछे कड़ी थी ,

"अह्ह्ह यह ले..." काट ने गुस्से से चीखते हुए उसकी गर्दन को मरोड़ दिया , और दूसरे आदमी की गर्दन के बच्चू बच करते का जोरदार वॉर कर दिया , वोह दोनों आदमी जमीन पर गिर गए ,

"अह्ह्ह .." जिस आदमी के प्राइवेट part पर काट ने लत्त जड़ी थी , उसने चाकू का वॉर काट के कंडे पर किया , काट दर्द से कहरहते हुए थोड़ा पीछे हैट गई , वह से खून बहने लगा था ,

"अह्ह्ह यह ले साली..." उस आदमी ने काट के सीने पर चाकू का वॉर किया , पर काट ने उसके हाथ को कलाई से पकड़ , उसके पेट में इक घुटना जड़ दिया , वोह आदमी दर्द से कहराता हुआ थोड़ा निचे ज़ुका तोह काट ने उसकी गर्दन हाथो में पकड़ मरोड़ दी , वोह वही जमीन पर गिर गया ,

वही बेबी तोह लड़ाकू बिल्ली बानी हुई थी , वोह तोह गुंडों को हाथो से काम , तंग से उड़द उड़द कर जायदा पीट रही थी ,

थोड़ा ट्रेलर दिखा देता हु :डी

जब फाइट सुरु हुई तब पांच आदमी बेबी को घेर कर खड़े थे ,

उन में से दो लोग ने बेबी पर जोरदार हमला किया , बेबी ने थोड़ा पीछे हैट इक जोरदार किक उस आदमी के चेहरे पर जड़ दी , उस आदमी के मोह से खून की धार निकल पढ़ी ,

दूसरा आदमी बेबी को मरने डोडा , बेबी ने घूम कर इक फ्लाइंग किक उस आदमी के मोह पर जड़ दी , वोह भी जमीन पर गिर गया ,

बाकि तीनो अद्मयों ने इक साथ वॉर किया , बेबी ने भागते हुए इक ड्राप किक इक आदमी के सीने पर जड़ दी , वोह आदमी पीछे की तरफ गिर गया ,

बेबी इक डैम से कड़ी हुई , पर तभी इक जोरदार पंच बेबी के चेहरे पर ा पढ़ा ,

"अह्ह्ह.." बेबी इक तरफ को गिर गई ,

"साली ने दिमाग ख़राब कर रखा है , थोक दूंगा साली.." वोह आदमी ने बेबी को कण्डु से पकड़ खड़ा किया , पर तभी बेबी ने अपने हाथो की उंगलियों को कड़ा कर , उस आदमी की गर्दन के बेचू बेच जड़ दिया ,

"अह्ह्ह्हह..." वोह आदमी तेज़ दर्द से छेकता हुआ जमीन पर गिर गया , अभ इक आदमी बचा था , वोह बेबी की तरफ बड़ा , पर तभी बेबी भाग कर उसकी तरफ गई , और इक जोरदार घुटना उसके पेट में जड़ दिया , वोह आदमी दर्द से कहराता निचे ज़ुका , बेबी थोड़ा पीछे हटी , और भागते हुए इक और घुटना उसके मोह पर जड़ दिया , उसके मोह से खून बहने लगा ,

वही हमारा हीरो रवि :डी

वोह भी अपनी पूरी जान लगा लड़ रहा था , वार्ना लड़कयों के बेच क्या इजाजत रह जाती , लड़कियाँ साथ हो तोह , कमज़ोर इंसान भी हल्क की तरह मार पीट करता है ,

जब फाइट स्टार्ट हुई , तब 7 गुंडों ने रवि पर अटैक किया ,

इक गुंडे ने रवि पर अटैक किया , रवि ने उससे बचते हुए , उसके पीछे ा रहे आदमी को गर्दन से उठा जमीन पर फेंक दिया ,

और भागते हुए अपनी तरफ ा रहे , दो लोग पर छलांग लगा दी , रवि जल्दी से खड़ा हुआ ,

इक आदमी ने रवि को किक मारनी चाही , रवि ने उसकी तंग बेच में hi पकड़ ली , और तीन चार थपड कास कर उसके चेहरे पर जड़ दिए ,

"अह्ह्ह्हह भाई बस कर..." वोह आदमी थपड पड़ते hi बोलै , लेकिन रवि ने इक जोरदार पंच उसके गालो पर किया ,

"अह्ह्ह्ह.." इक तेज़ दर्द भरी चीख मरता वोह जमीन पर गिर तडफने लगा ,

तभी किसी आदमी ने पीछे से रवि को बहु में जकड लिया , रवि ने अपनी खोनी के कई वॉर उसकी पसलियों पर किये , उसकी पकड़ ढेली हो गई ,

रवि ने उसकी तरफ घूम कर , उसके चेहरे पर मुक्को की बरसात कर दी , जब रवि रुका तब वोह आदमी पेड़ की तरह जमीन पर गिर गया ,

तभी इक और आदमी ने रवि को पांच ज्यादा , रवि के चेहरे पर पंच लगते hi रवि गुस्से में लाल हो गया , उसके गले में पहना लॉकेट लाल रौशनी में तेज़ तेज़ चमकने लगा ,

रवि ने उसे गर्दन से पकड़ ऊपर उठा दिया , उसके पेअर कम्पनी लगे , और कुछ पलु में hi उसके सांसे थम गई , रवि ने जैसे hi उसकी गर्दन छोड़ी , वोह जमीन पर गिर गया ,

दो लोग जो रवि को मरने ा रहे थे वोह रुक गए , वोह यह देख दर गए , रवि इक डैम से उनकी तरफ पलटा , रवि की आँखें लाल रौशनी में चमक रही थी , वोह यह देख और भी कम्पनी लगे ,

"अह्ह्ह्ह bbb...bbb...bhut..." इक आदमी दर से हकलाते हुए बोलै , वोह दोनों बिना लाडे भागने लगे , पर तभी रवि ने उन दोनों को पीछे से पकड़ लिया ,

रवि ने उन्दोनो की गर्दन में बहे दाल दी ,

"भाग रहे हो , लेकिन कहा..." रवि उनके कनु के पास चेहरा कर बोलै ,

"भाई cc...ch...chod ..dd...de..h...hhme.." इक आदमी दर से कंपता हुआ बोलै ,

"नईईई..." रवि गुस्से से छेकता हुआ बोलै , और अपने बहे पूरी ताकत से उनके गले पर कास दी , वोह आदमी दर्द से छटपटाने लगे , और कुछ पलु बाद उनकी सांसे रुक गई , वोह मर चुके थे ,

"भय्याहा..." रवि को किसी की आवाज़ सुनाई दी , रवि ने हड़बड़ा कर as-pas देखा , बस उसे लड़ाई के बिना कुछ न दिखा , उसने देखा , अनु , बेबी और काट , उन गुंडों से लड़ रही थी , कदीर भाई दूर खड़ा सब देख रहा था ,

"भइआए , कहा हो अपपपप ..." इक बार फिर रवि को यह आवाज़ सुनाई दी , रवि ने अपने सार पर दोनों हाथ रख लिए ,

"शह्ह्ह्ह , अह्हह्ह्ह्ह , मेरा सार , अह्ह्ह्ह , कोण है , कोण है , अह्ह्ह्ह , सामने ायो , उफ्फ्फ , सामने ायो..." रवि दर्द से कहरहटा हुआ बोलै , लॉकेट रवि के जेहन में कोमल को जिन्दा कर रहा था ,

जैसे hi रवि ने गुस्सा किया था , वैसे hi लॉकेट की शक्ति बाद गई थी , क्यों की लॉकेट सीधा रवि के दिल और दिमाग से जुड़ा हुआ था , कोमल उसकी मालकिन थी , उसे कोमल वापिस चाहये थी , और रवि से बढ़कर , कोमल को कोई नै चाहता था , इस लिए लॉकेट रवि को कोमल की यादिओं में खींचता चला जा रहा था ,

"भइआए , में कोमलललल हु , आपकी कोमळळ..." इक बहुत hi धीमी आवाज़ रवि को सुनाई दी , जैसे कोई संसू में hi बोलै हो ,

"कोमल , मेरी कोमल , कहा हो तुम , कोमल प्लस वापिस ा जाओ..." रवि ने खड़े होकर as-pas पगलू की तरह देखते हुए बोलै ,

तभी रवि के चेहरे पर इक जोरदार पंच पढ़ा , रवि इक तरफ झुक गया , तभी उसके कनु में आवाज़ सुनाई दी ,

"भइआए बचावूओ... " रवि इक डैम से खड़ा हो गया , उसकी आँखों में बेइंतहा गुस्सा था ,

"कोमलललल..." रवि इतनी जोर से चखा के सभी रुक कर उसे देखने लगे , रवि ने उस आदमी को गर्दन से पकड़ अपने करीब खींचा और फिर उसकी गर्दन को मरोड़ कर उखड दिया , खून की नदी सी बह निकली , रवि के हाथ , उसका चेहरा , उसके कपडे , सब खून से लाल हो गए थे ,

रवि इक डैम से बाकि गुंडों की तरफ पलटा , उसके हाथ में उस गुंडे का सार था , बाकि धड़ पास hi गिरा हुआ था , रवि ने उस आदमी के सर को बालो से पकड़ रखा था ,

"उम्म्म , शठ , कोमलललललल...." रवि फिर गुस्से में चखा और उन गुंडों को मरने लगा , रवि को कुछ होश नै था , उसके रस्ते में जो ा रहा था , रवि उसे मरता जा रहा था , किसी की टंगे तोड़ दी , किसी के हाथ , किसी की गर्दन मरोड़ दी ,

अनु , बेबी और काट , इक साथ कड़ी , रवि के इस वेशीपन को देख रही थी , इतना गुस्सा उन तीनो ने कभी किसी को करते हुए नै देखा था , अनु तोह कम्प रही थी , रवि के इस रूप को देख कर ,

"कोमलललललल ..." रवि पगलू की तरह चिलता हुआ , उन गुंडों को मरता जा रहा था , उसे बस कोमल की आवाज़ सुनाई दे रही थी , लॉकेट लाल रौशनी में अभ भी तेज़ तेज़ चमक रहा था , मनो रवि के गुस्से को और बड़ा रहा हो ,

अभी कुछ वख्त hi बीता था , के कदीर भाई , वह अकेला खड़ा था , उसके सरे आदमी जमीन पर पढ़े दर्द से तड़फ रहे थे ,

रवि ने हफ्ते हुए उसकी तरफ देखा , रवि का चेहरा खून से लाल हुआ पढ़ा था , आँखों में इक वेशीपन था , वोह दिखने में इक दरिंदे जैसा लग रहा था ,

"यह रवि को क्या हुआ..." अनु ने दर से घबराते हुए बेबी से पूछा ,

"mm...m..main.. n...nai ...j..janti..." बेबी हकलाते हुए बोली , उसे भी कुछ समाज नै ा रहा था ,

"कितने वेशीपन से सबको मर दिया..." काट उन निचे पढ़े सब गुंडों की तरफ देख कर बोली , उसे भी रवि अजीब लग रहा था ,

"अह्ह्ह्हह कोमलललल , कहा हो तुममममम..." रवि गुस्से से as-pas देखते हुए बोलै , और फिर वोह कदीर भाई की तरफ बढ़ने लगा ,

"ेहः सेल रुक जा , तू कोण है बे , मेरे सरे अद्मयों को मर डाला , ेहः बस , तुझे पता है , कितनी मुश्किल से यह गुंडे बनते हैं , इक इक को बड़ी मुश्किल से त्यार किया मने , सब साला खलास हो गया..." कदीर भाई ने घबराते हुए बोलै ,

"कोमल , कहा है..." रवि ने कदीर भाई के पास जाकर बोलै ,

"कोण कोमल , तू किसकी बात कर रहा hai.."kadir भाई ने घबराते हुए बोलै ,

"तुझे सब पता है , बोल कोमल कहा है..." रवि ने उसे गले से पकड़ते हुए बोलै ,

"अभी बस , नै पता कोमल का , वैसे कोण है यह कोमल..." कदीर भाई रवि से छूटने की कोससिह करता हुआ बोलै ,

"भ्याआआ..." तभी फिर से इक आवाज़ रवि के कनु में गूंज गई , रवि नै जनता था , लॉकेट उसे कोमल का एहसास करवा रहा था , तेन की रवि का दिल कोमल से मिलने को तड़फ उठे , रवि खुद कोमल को वापिस लेन के लिए , त्यार हो जाये ,

"कोमललललल..." रवि गुस्से में चखा , और कदीर भाई की गर्दन दोनों हाथिओं में पकड़ मरोड़ दी , कदीर भाई किसी सूखे पत्ते की तरह जमीन पर गिर गया ,

रवि वही घुटनो के बल बेथ कर रोने लगा , उसकी आँखों से असनु बहने लगे , बार बार कोमल की आवाज़ , उसके दिल में दर्द भर रही थी , वोह अपने दिल के दर्द को सेहन नै कर प् रहा था , वोह दर्द आँखों से असनु बन बहने लगा था ,

"कोमळळ , प्लस लोट ायो , प्लस , में तुमसे प्यार करता हु , नै जी सकता , तुम्हारे बिना , कोमळळ.." रवि जोर जोर से चिलता रट हुए बोलै ,

तभी उसके कंडे पर किसी ने हाथ रखा , लॉकेट ने अपनी शक्ति खींच ली , रवि अभ नार्मल हो चूका था ,

"रावी , क्या हुआ बाबू..." बेबी आँखों में असनु भरते हुए बोली ,

"पता नै , अह्ह्ह , मेरा सार दर्द से फटा जा रहा..." रवि ने खड़े होते हुए बोलै , अभ उसे कोई आवाज़ सुनाई नै दे रही थी , सब शांत था ,

"तुम कोमल , कोमल , चीला रहे थे , तुमने सबको मर दिया .." बेबी रट हुए रवि के गले लग बोली ,

"उम् , शांत हो जाओ मेरी जान , बेबी , मुझे कोमल की आवाज़ सुनाई दी , वोह पुकार रही थी , बार बार , मुज़से कह रही थी , भइआ मुझे बचा लो..." रवि ने थोड़ा नाम आँखों से बोलै ,

"लेकिन रवि , हमें कोई आवाज़ सुनाई नै दी.." बेबी ने थोड़ा पीछे हैट रवि की आँखों में देख बोलै ,

"पर मुझे सुनाई दी , में झूठ नै बोल रहा हु , प्लस मेरी बात का यकीन करो..." रवि ने दर्द भरी आवाज़ में बोलै ,

"हम्म , रवि तुम सुनाई दी होगी कोमल की आवाज़ , हम इंसान हैं , पर तुम नै , ायो चले , में जानती हु , तुम इस बात का पता लगा लोगे , तोह चिंता मत करो , कोई न कोई रास्ता निकल आएगा.." बेबी ने रवि के होंठो को चुम कर बोलै ,

"थैंक्स बेबी , शायद तुम ठीक बोल रही हो , में जल्द hi पता लगा लूंगा.." रवि मुस्कराते हुए बोलै , फिर दोनों अनु और काट के पास ा गए ,

"रवीए , तुम क्या हो यार , मतलब , चा गए मेरे हीरो.." अनु ने ख़ुशी में चीखते हुए बोलै ,

"मुझे लगता है , रवि में वोह बहुत आया था , बेबी , जणू जल्दी से चलो यहाँ से , कही रवि में फिर वोह बहुत ा गया .." काट बेहद घबराती हुई बोली और भाग कर बेबी के पास चली गई ,

"हाँ , हाँ , डरो मत जणू , में हु न.. " बेबी , काट के चेहरे पर हाथ फिरती हुई बोली ,

"अनु चले..." रवि , अनु की तरफ देख कर बोलै ,

"हाँ , चलो..." अनु मुस्करा कर बोली , और सब फैक्ट्री से बहार ा गए , फिर सब बतिअन करते हुए गाड़ी तक पहुँच गए , अनु ने पुलिस को जानकारी दे दी थी ,

अनु ड्राइविंग सीट पर बेथ गई , बेबी भी गाड़ी में पीछे बेथ चुकी थी , जब काट दूसरी तरफ गाड़ी में बैठने लगी , तब रवि ने उसका हाथ पकड़ लिया , और उसके कनु के पास चेहरा कर बोलै ,

"में वही फैक्ट्री वाला बहुत हु , मुझे तुमसे प्यार हो गया है , ी लव ु , मने hi तुम सबकी गन्स गयाब की थी , ः , काट में तुम अपने साथ लिजने आया हु , ः.." रवि इतना बोल कर काट की तरफ देखने लगा ,

"bb...bh...bhutttt..." काट जोर से चखी , उसने चीखते हुए अपनी आँखें जोर से बंद कर ली ,

रवि भाग कर अनु के साथ अग्गे बेथ गया , काट की चीख गाड़ी में किसी ने नै सुनी थी , क्यों की मिरर लगे हुए थे ,

काट दर से कंपते हुए गाड़ी में बेथ गई , बेबी उसे ऐसे कंपते देख उससे बोली ,

"क्या हुआ जणू , इतना घबरा क्यों रही हो.." बेबी ने काट के करीब होकर बोलै ,

"bb..baby , मने उस बहुत को देखा , मतलब , रवि बहुत है , मतलब , फैक्ट्री वाला बहुत रवि है , मतलब ..." काट दर से घबराते हुए बोलते जा रही थी , तभी बेबी ने उसे रोका , उसके होंठो पर ऊँगली रख कर ,

"शहहह , चुप , तुम्हारे मन में दर बेथ गया है , ेहडेर ायो मेरे गले लग जाओ , शठ , बस शांत हो जाओ.." बेबी ने काट को अपनी बहु में भरते हुए बोलै ,

फिर अनु ने गाड़ी खान नगर के उस चौंक की तरफ डोडा दी , यहाँ रवि ने अपनी गाड़ी कड़ी की थी ,

"काट , अभ आएगा मज़ा , तुमसे खुद अगर प्यार न करवाया , तोह मेरा नाम भी रवि नै , कल तुम खुद मेरे होंठो को चुमुगी , अह्ह्ह , मज़ा ा जायेगा ..." रवि मन hi मन हस्ते हुए बोलै , उसे काट की हालत देख , बेहद हस्सी ा रही थी , वोह बस यही चाहता था , काट खुद इक मर्द के एहसास को महसूस करे ,

ऐसी तरह वख्त बेट्टा गया , काट , जब तक घर न ा गया , तब तक बेबी से लिपटी रही , उसे रवि से दर लग रहा था , बेबी बस यही बोलती गई ,

"अह्ह्ह , मेरे जणू को दर लग रहा , अह्ह्ह में हु न , तुम डरो मत .." बेबी प्यार से उसके बालो को सहलाती बोलती गई ,

रवि , बेबी की बतिअन , और काट की हालत पर हस्ता रहा , जब रवि ने उन दोनों को घर पर उतरा तोह रवि बोलै ,

"bye बेबी , bye कट्ट्ट्ट.." रवि , पहले तेज़ और फिर काट की आँखों में देख बेहद धीरे से बोलै और मुस्करा कर उसे आँख मर दी , जिससे काट और भी दर गई ,

"बाबीयीय , भुट्ट्ट्ट..." काट जोर से चीखते हुए गाड़ी से उतरी और बेबी के गले लग गई ,

"अह्ह्ह मेरी जान , में हु न , चलो घर चलते हैं..." बेबी , काट की आँखों में देख बोली , पर काट बेबी से चिपकी रही , जब तक दोनों घर के अंदर न घुस गए ,

रवि मुस्कराते हुए अपने घर पहुँच गया , रत के 11 बज रहे थे , रवि ने गाड़ी पार्क की और तेज़ी से घर के अंदर घुस गया ,

अंदर अँधेरा था , रवि जैसे hi घर के हॉल में आया , उसे सोफे पर कोई बैठा दिखाई दिया , वह कोई लड़की बैठी थी ,

"ा गए मेरे सोना..." तभी इक डैम से घर में रौशनी हो गई ,

रवि इक डैम चौंक गया , सामने सोफे पर सीमा सफेद कपड़ो में बैठी मुस्करा रही थी , उसके होंठो पर बेहद लाल लिपस्टिक लगी हुई थी , वोह किसी आत्मा की तरह ब्यांक लग रही थी ,

रवि दर से अंदर तक कम्प गया , कहा वोह काट को डरा रहा था , और अभ खुद दर से कंपते हुए पसीना बहा रहा था ,

"सोना , बहुत टाइम लगा दिया , में कब से तुम्हारा इंतज़ार कर रही थी , हहै , सोना भूक लगी है , सोना , मने खाना बना रखा है , ायो , सोना में तुम अपने हाथो से खिलाती हु..." सीमा बेहद धीरे धीरे रवि के पास एते हुए बोली , और फिर इक डैम करीब आकर हसने लगी , उसकी हस्सी बेहद ब्यांक थी ,

"bbb...bb...bhuttttt , भुत्तत्त..." रवि जोर जोर से चीखते हुए बोलै , पर तभी जब उसने आँखें खोली वह कोई नै था , हॉल इक डैम खली था, वह वोह अकेला खड़ा था ,

तभी उसकी आवाज़ सुन रमा , रिमी , शूरति , और सीमा रूम से इक साथ बहार ा गई , सीमा को उन सब के साथ देख रवि और भी दर गया , लेकिन सीमा ने तोह काळा रंग के कपडे पहने थे , पर वोह कोण थीई ,

तो बे कुनिटेड...
 
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