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- Dec 5, 2013
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अपडेट-27
अभ अग्गे..
[FRIENDS mane update me pics add ki hain.. agar uc browser par na dikhe toh chrome browser se read kar lena...pics ke bina apko update read karne ka maza nai ayega...
Abh Agge....
malika maya kuch soch kar phir se boli ...
"hasshhh , abh ravi or ham sab ki kismat , seema par nirbhar karti hai , agar seema nakam rehi toh ravi mar jayega , or sath me komal bhi , phir dayana azad ho jayegi , usse lad pana namumkin hoga , or agar dyana or joker mil gye , toh un dono ko es dunia me koi nai rok payega..." malika maya ne thoda chinta me bola ,
"me samazta hu , abh hamari umeed bus seema par tiki hai , lekin malika , me seema ke prem ko dekh herian hu , agar seema voh phool le ayi toh me use kuch inam jarur dunga , ravi mera beta , sach me ik kismat wala hai , uski kismat apne baap se kahi jayda achi hai , use aisa jevansathi mila hai , jo uske liye pal bhar me marne ko tyar ho jaye..." kaal ne dil se seema ke saman me bola ,
"hmm , sahi kaha apne , lekin kya seema us phool ko mana payegi , uske swalo ka jawab de payegi , voh amritmayi phool , kitne swal jawab karta hai , uski icha ke bina use koi chu bhi nai sakta , muze chinta hai , seema us phool ko mana payegi ya nai..."
"malika , har insan me ik aisa gun hota hai , jo use dusro se alag banata hai , seema ke pas ik gun hai , uski samazdari , voh har bat ko samazdari se bolti hai , voh hazarjawab hai , uska dimag behad tez hai , bation me usse jeet pana , namumkin hai , seema us phool ke kisi bhi swal ka jawab asani se de payegi , uska yahi gun ajj uske pati ki jaan bachayega , voh phool behad chalak hai , bar bar swal puch , insan ko gussa dilata hai , jab koi gusse me use chu deta hai , tab voh insan pathar ka ban jata hai , lekin seema kabhi koi kam jaladbazi me nai karti , muze vishwas hai , meri beti jarur us phool ko hasil karegi , jab se yeh dunia bani hai , seema ik matar voh pehli ladki hogi , jo amritmayi phool ko vaha se leker ayegi.." kaal ne seema ki parshansa karte hue bola ,
"han , par pehle seeme ko us buddi jadugarni se ladna hoga , jo alag alag roop dharan kar , logu ko mar deti hai , aisi kai badayian seema ke raste me ayegi .." maya ne kaal ki traf dekh kar bola ,
"hame bus us buddi jadugarni ka hi pata hai , uske agge ham sabki shakti jawab de jati hai , me bhagwan se dua karuga , meri bachi lot aye.." kaal etna bol khamosh ho gya , phir malika bhi khamoshi se beth gai , un dono ki umeed abh bus seema par thi ..
VAHI Dusri or...
seema jab us ring ke ander ghusi , tab uska sharir ik roshni me tabdel ho gya tha , seema ko pata hi nai tha , voh kaha pahunch chuki hai ,
jab seema ki kuch der bad akh khuli toh voh ik jungle ke bechu bech padhi hui thi , seema ka saar behad dard kar reha tha , seema apne saar ko dono hathion se pakade khadi hui ,
सीमा ने as-pas नज़र डाली , तोह वोह इक जंगल में थी , लेकिन यह कोई हरा भरा जंगल नै था , इस जंगल में जितनी दूर सीमा की नज़र जाती , बस सूखे हुए पेड़ , जो काळा रंग में नहाये हुए थे , वही दिखाई देते , उन सूखे हुए काळा पेडू को इक सफेद धुएं ने धक् रखा था ,
सीमा को समाज नै ा रहा था , इस डरावनी जगह में उसे किस तरफ जाना है , सीमा ने िका इक अपनी आँखों को बंद किया , और जब उसने अपनी आँखें खोली ,
तब अँधेरे में नहाये उन पेडू के बेच इक रास्ता सफेद रौशनी में चमक उठा , सीमा उस सफेद रौशनी में नहाये रस्ते पर चलने लगी ,
उस रस्ते के दोनों तरफ बस अँधेरा था , अभ पेड़ भी दिखाई नै दे रहे थे , सीमा काफी देर चलती रही , ऐसी तरह इक घंटा बीत गया ,
सीमा इक विश्वास के साथ अग्गे बढ़ती जा रही थी , उसे रवि की बेहद यद् सत्ता रही थी , अज्ज वोह अपने प्यार को बचा कर लौटना चाहती थी ,
जब कोई सच्चा प्रेमी इक मकसद के साथ चलने लगता है , तब दुनिआ की कोई ताकत उसे उसकी मंज़िल तक पहुँचने से नै रोक सकती ,
अभ सीमा उस अँधेरे से भरे जंगल से बहार ा चुकी थी , जब सीमा ने उस अँधेरे से भरे जंगल को पर किया , तब सीमा इक अजीब सी जगह पर पहुँच गई ,
सीमा ने as-pas नज़र दाल देखा , वह अभ कुछ hi सूखे पेड़ बचे थे , लेकिन उन पेडू के निचे जमीन का रंग गहरा गुलाबी हो चूका था , लेकिन आसमान का रंग गहरा नीला हो चूका था ,
सीमा सब समाज रही थी , यह इक काल्पनिक दुनिआ है , इस लिए वोह अग्गे बढ़ती गई , अभ इक घंटा बीत चूका था , सीमा जानती थी , उसके पास वख्त बेहद काम है , और रास्ता बहुत अधिक लम्बा ,
सीमा चलती चलती रुक गई , उसकी नज़र इक बहुत बड़े घर पर पढ़ी , यह इक हवेली थी , जो शयद सदियों पुराणी थी , सीमा को न चाहते हुए भी इस हवेली में जाना पढता , क्यों की सपटरिषि चाकर उसे खींचता हुआ ले जा रहा था ,
सीमा उस खण्डार जैसी हवेली की सामने आकर रुक गई , वह इक तरफ इक लड़की की मूरत बानी हुई थी , और दूसरी तरफ इक गहरा पानी का कुया था ,
और सामने उस हवेली के मैं गेट तक सेड्यां बानी हुई थी , जो के बेहद पुराणी थी , कई जगह से टूटी हुई थी , हवेली में मैं गेट पर इक रौशनी थी ,
सीमा ने सोचा शयद वह कोई रहता हो , पर सीमा यह भी सोच रही थी , वह कोई शेतें hi न हो , कोई मायाजाल न रचा हो रिंग ने ,
लेकिन सीमा के पास कोई और रास्ता नै था , उसे जाना hi था , सीमा धीरे धीरे सेड्यां चढ़ते हुए हवेली के अंदर घुस गई ,
सीमा ने हवेली के अंदर घुस कर देखा , सिर्फ और सिर्फ अँधेरा hi था , कुछ भी दिखाई नै दे रहा था ,
"कोई है यहाँ पर..." सीमा ने जोर से छीलते हुए बोलै , उसकी आवाज़ कुछ देर उस शांत हवेली में गूंजती रही ,
फिर िका इक चारो तरफ कैंडल्स (मोमबतियां) जलने लगी , धीरे धीरे इस खौफनाक हवेली का बड़ा सा हॉल कैंडल्स की हलकी रौशनी में जगमगा उठा ,
सीमा ने चारो तरफ नज़र घुमा कर देखा , फिर िका इक सीमा को कुछ अहहत सुनाई दी , सीमा ने पीछे पलट कर देखा ,
इक लकड़ी के टेबल पर इक बुध्दि औरत लकड़ी की कुर्सी पर बैठी हुई थी , उसकी आँखों का रंग सफेद था , और उसकी गालो के दोनों तरफ तीन निशान बने हुए थे , जो लम्बी लकीरो के रूप में थे , और वोह बुध्दि औरत अपने तेज़ से खेल रही थी , जो के मज़े के ऊपर पढ़ा हुआ था ,
"मेरा नाम सीमा है.." सीमा ने उसके करीब जाते हुए बोलै ,
वोह बुध्दि औरत काफी देर सीमा को घूरती रही , और फिर बोली ,
"सीमा , खीयीकहीई .." उसकी हस्सी बेहद डरावनी थी ,
सीमा उसकी डरावनी हस्सी सुन वही रुक गई , उसके मन में थोड़ा दर भी था , आखिर थी तोह वोह इक आम लड़की hi , सीमा बिना पालक जपकाये उस बुध्दि औरत को देखने लगी , उसका दिल धक् धक् कर रहा था ,
"सीमा , तुम यहाँ क्यों आयी हो , खीयीकहींईईई , जानती हो , ओह्ह तुम तोह इंसान हो , उम्म्म अह्ह्ह्हह तुम खाने का मज़ा hi अलग होगा ससुरररपपपपपपपप ससससीई खीयीकहींईईई , ायो मेरे पास , खीयकहीईई सुरररपपपपप उम्म्म्म , मेरी भूक शांत करो , में भरसो से भुकी हु..." वोह बुध्दि औरत अपने होंठो पर जीभ फिरती अपनी ब्यांक हस्सी हस्ते हुए बोली , उसके मोह से इक उलटी जैसी लर्र गिर रही थी , यह देख सीमा को भी उलटी आने को हो रही थी ,
"मुझे अमृतमयी कुंड जाना है..." सीमा ने थोड़ा डरते डरते बोलै ,
"खीयीकहींईईई , वोह तोह नामुमकिन है , खीयकहीईई पर मेरे पेट में तुम जा सकती हो , हीहीईई .." फिर वोह बुध्दि औरत इतना बोल वह से गयाब हो गई ,
सीमा डरते हुए as-pas देखने लगी , ऐसी चीज़ो से सीमा का पहले कोई वास्ता नै पढ़ा था ,
"ाआँह्ह्हह्ह..." इक तेज़ चीख सीमा के होंठो से निकल गई , वोह बुध्दि जादूगरनी इक सफेद लिबास में उसके सामने कड़ी थी , वोह कीथी ब्यांक थी , इसकी कल्पना भी नै की जक्ति थी ,

उसका चेहरा बेहद ब्यांक था , आँखें सफेद रंग में चमक रही थी , और होंठो के as-pas खून hi खून जमा हुआ था ,
सीमा डरते हुए थोड़ा पीछे हटी , तभी उसे इक चीख सुनाई दी , सीमा ने देखा वोह जादूगरनी अपने असली रूप में ा चुकी थी ,
उसके दन्त इतने नोकीले और ब्यांक थे , के किसी हठी जैसे जानवर की चमड़ी भी आसानी से फाड् डालते , उसकी गर्दन के निचे पोरे उसके मुर्दा शरीर पर बड़े बड़े नाख़ून ुग्गे हुए थे , उसकी गलो का मास्स तक नै था ,
उसकी ब्यांक छवि देख सीमा की हालत और भी बुरी हो गई , हाला की उसके गले में कोमल का जादुई लॉकेट था , फिर भी ऐसी खौफनाक चीज़ सीमा ने जिंदगी में पहली बार देखि थी ,
"aieeeeennnnnnnnnnnnnnnn..." वोह जादूगरनी अपने नोकीले तीखे दांतो को पूरा खोल छिलाई , उसकी चीख बेहद ब्यांक और ुचि थी , उसके मोह उसके कनु तक खुल चूका था ,
"अह्ह्ह्हह .." सीमा उसकी तेज़ चीख को सेहन न कर पते हुए अपने कनु पर हाथ रख बेथ गई ,
अचानक से आवाज़ एना बंद हो गई , सीमा ने कनु से हाथ हटा आँखें खोल देखा , अभ वह कुछ नै था , बस था तोह हल्का हल्का अँधेरा hi ,
सीमा की सांसे तेज़ तेज़ चल रही थी , वोह चाहे अभ शक्ति हासिल कर चुकी थी , लॉकेट उसके गले में था , लेकिन फिर भी उसका जिस्म और दिल अभी इंसानो का था , वोह जादूगरनी के हाथिओं मर भी सकती थी ,
सीमा तेज़ तेज़ भगति हुई हवेली के गेट पर पहुंची , लेकिन गेट बंद हो चूका था ,
"ठप्प्प थप्प्प्प , खोलू ऐसे , खोलू प्लस..." सीमा तेज़ तेज़ उस लकड़ी के बड़े से दरवाजे को पत्ते हुए बोली ,
फिर सीमा तेज़ी से पलटी और हवेली के बेच से जाती सेड्यां चढ़ पहली मंज़िल पर पहुँच गई , वह इक गैलरी बानी हुई थी , जो गोल गोल होती हुई , इन्ही सेडीईओं से वापिस आकर मिलती थी , इस गोल घुमावदार रस्ते के साथ साथ बहुत सरे रूम बने हुए थे , जिनके दरवाजे लकड़ी के बने थे , और जो अभी बंद थे ,
"हे भगवन कहा फास गई में , मुझे यहाँ से निकलना होगा , इस जादूगरनी को हराना होगा , पर कैसे..." सीमा खुद से hi बोलती हुई वापिस सेड्यां उतर हवेली के हॉल में ा गई ,
फिर िका इक हवेली का मैं गेट खुल गया , सीमा बहार की तरफ भागी ,
पर जैसे hi सीमा बहार की तरफ पेअर रखने hi लगी थी , अचानक से वोह जादूगरनी उलटी लटकी उसके सामने ा गई ,
"खीयीकहींईईईइखीई ..." वोह जादूगरी हसने लगी , उसका बाल उसके उल्टा लटकी होने के कारन निचे ज़ुल रहे थे , उसकी सफेद आँखें , और सफेद जिस्म , सीमा को और भी डरा रहा था ,
"अह्हह्ह्णणठ्हहहहहह..." सीमा चीखती हुई पीछे हटी , पीछे हट्टे हट्टे सीमा फर्श पर गिर गई ,
वोह जादूगरनी इक डैम से जमीन पर सीधी कड़ी हो गई ,
"खीयीकहीई सीमाआ , ायो मेरे पास , खीयीकहीए , मेरी भूक शांत कर दो..." जादूगरनी अपनी वहशी हस्सी हस्ते हुए बोली ,
और िका इक सीमा के ऊपर कूद गई , जादूगरनी ने सीमे के दोनों हाथिओं को उसकी कलायिओं से पकड़ उसके सार के पीछे कर दिया ,
जादूगरनी अभ अपने गन्दी गली सदी जीभ निकल सीमा के चेहरे को सुंग कर चाटने लगी , उसके मोह से गन्दी उलटी जैसी लर्र बह कर सीमे के चेहरे पर गिर रही थी , सीमा को बहुत घिन ा रही थी ,
उस जादूगरनी ने अपने इक हाथ को निचे लेजाकर अपने लम्बे तीखे नाख़ून से सीमा की गर्दन को चीयर दिया ,
"अह्ह्ह्हह्हह raaviiiiiiiiii..." सीमा तेज़ दर्द से चीखते हुए चिलये , उसकी गर्दन पर इक खून की पतली लेकर बन चुकी थी ,
िका इक जादूगरनी की नज़र सीमा के लॉकेट पर पढ़ गई , जादूगरनी लॉकेट को कुछ देर देखती रही ,
"यह , यह , लॉकेट तुम्हारे पास k..kk..kaise.." जादूगरनी ने जैसे hi लॉकेट को छुआ ,
"आइईईईन्न्ननेहहह....." वोह दर्द से चीखती हुई हवेली के दीवार से जा टकराई ,
सीमा ने उठ कर अपने लॉकेट को देखा , तोह उसने इक रहत की साँस ली ,
"यह लॉकेट से डर्टी है , पर में इसकी शक्ति का इस्तेमाल कैसे करू , मुझे तोह कुछ अत hi नै.." सीमा अपने मन में hi सोचते हुए बोली ,
तब तक जादूगरनी कड़ी हो चुकी थी , उसकी आँखों में इक गुस्सा था , जैसे अभी सीमा के बदन को चीयर कर , उसके मास्स की बोटी बोटी नोच डालेगी ,
"कैसे काम करता है , कैसे , इक बार मन में इस से कुछ बोलती हु.." सीमा जल्दी जल्दी सोचती हुई अपने मन से hi बतिअन कर रही थी ,
जादूगरनी अभ गुस्से से पागल सीमा की तरफ बढ़ने लगी थी , उसके हर बढ़ते कदम के साथ सीमा की सांसे तेज़ होती चली जा रही थी ,
"हर जादू की शक्ति को हमारा मन कण्ट्रोल करता है , शयद इस लॉकेट की शक्ति मेरे मन से जुडी हो , हाँ यही होगा , मेरा मन hi इस लॉकेट की ताकत को अपना सकता है , मेरी जुबान नै ..." सीमा ने यह सब सोचते सोचते अपनी आँखें बंद कर ली ,
"aaaieeeeeeeeeeeiiiiiiiiiiii..." वोह जादूगरनी अपने मोह को पूरा खोल तेज़ी से दहाड़ती हुई सीमा के ऊपर कूद गई ,
"अह्ह्ह्हहननंहह.." पर िका इक जादूगरनी इक तेज़ चीख के साथ फर्श पर जा गिरी , क्यों की सीमा वह से गयाब हो चुकी थी ,
"हूउउउणं , कहा गई , हूँण , तू बच नै सकती ोहूणंण , मर दूंगी तुझे , खीयीकहींईईई , हुण्णं , सामने ा मेरे..." जादूगरनी हवेली के हॉल में चारो तरफ देखती हुई चिल्ला कर बोली ,
तभी जादूगरनी की नज़र हवेली के दरवेज़े पर पढ़ी , यहाँ सीमा कड़ी हुई थी ,
सीमा ने इक कला लिबास पहना हुआ था , उसके गले में लॉकेट नीले रंग में चमक रहा था , सीमा की गर्दन पर वैसे hi चोट का निशान था , जो अभी अभी जादूगरनी ने उसे दिया था ,
सीमा के चारो और बिजली कड़क रही थी , जो उसके बेइंतहा गुस्से में होने का सबूत दे रही थी ,
"जादूगरनी , में तुम मरना नै चाहती , मुझे जाने दो , मेरे और मेरी मंज़िल के बेच जो भी आएगा , में उसे तबाह कर दूंगी..." सीमा ने अपनी सफेद आँखें खोल गुस्से में बोलै , उसके गुस्से में होने के कारन , बिजली और तेज़ चमकने लगी , उसके लम्बे काळा बाल हवा में लहराने लगे ,
"खीयीकहीई , में अमर हु , मुझे कोई नै मर सकता , खिईखीई , हूंणंन्न , में तुझे अमृत कुंड तक नै जाने दूंगी..." इतना बोल जादूगरनी ने उड़द कर सीमा पर छलांग लगा दी ,
सीमा ने उड़द कर अपनी तरफ अति जादूगरनी को गले से पकड़ लिया , जादूगरनी चटपटा रही थी , उसकी टंगे हवा में ज़ुल रही थी ,
"ाहहननननन , ाहहननहहनन , मने कहा न , मेरे रस्ते में मत ायो , मुझे मेरा रवि चाहये , समाज गई..." सीमा ने गुस्से में जादूगरनी को गले से उठाये hi दूर फेंक दिया ,
"आयआईईईईईईईईईई ाहहनननननन.." जादूगरनी दर्द भरी चीख मरती सेडीईओं पर जा गिरी ,
वोह सीमा की तरफ देख घबरा रही थी , सीमा ने लॉकेट पर अभ पूरा कण्ट्रोल कर लिया था , उसके बढ़ते गुस्से के साथ , उसकी शक्ति भी अभ बढ़ती जा रही थी ,
"ाहूणंण ाहुण्णनं , नै छोडूगी , नै छोडूगी..." जादूगरनी इतना बोल कड़ी हो गई ,
"aaaannnnnnnnnnnaaaaa..." वोह जादूगरनी तेज़ आवाज़ में चखने लगी , उसकी चीख इतनी ुचि और ब्यांक थी , के सीमा के हाथ अपने अप्प उसके कनु पर चले गए , वोह जादूगरनी पता नै कितनी देर तक चीखती रही ,
फिर वोह जादूगरनी दिवार पर चलने लगी , दिवार पर चलते हुए वोह और भी ब्यांक लग रही थी , वोह सीमा को मरने के लिए उसकी और बढ़ने लगी , वोह फिर से चीखती हुई अग्गे बढ़ती गई , तेन की सीमा कुछ कर न पाए ,
"अह्ह्ह्ह ऐसे कैसे मरू , अह्ह्ह्ह , कैसे , हाँ पवितर अग्नि ..." सीमा ने कनु पर हाथ रखे अपनी आँखें बंद कर ली ,
िका इक सीमा के दोनों हाथिओं से तेज़ रौशनी निकलने लगी , जो कुछ hi पलु में इक मैजिक बॉल बन गई ,
जैसे hi वोह जादूगरनी , सीमा पर हमला करने लगी , तभी सीमा ने वोह मैजिक बॉल जादूगरनी की तरफ फेंक दिया ,
वोह मैजिक बॉल इक जलती हुई अग्ग के रूप में जादूगरनी की तरफ बढ़ने लगा ,
जैसे hi वोह अग्ग का गोला जादूगरनी के बदन से टकराया , तभी जादूगरनी जमीन पर गिर गई ,
"आयआईईईईईईईईईईन्न्नण... " जादूगरनी तेज़ दर्द से चिलाती हुई जलने लगी , वोह इक मुर्दा जीव थी , बरसो से रौशनी से दूर रही थी , लेकिन अगजनी की पवितरता ने उसके इस मुर्दा जिस्म को जला दिया था ,
उसकी दर्द भरी चखे पूरी हवेली में गूंज रही थी , धीरे धीरे उस जादूगरनी का मुर्दा जिसम जल कर रख हो गया ,
सीमा ने अपनी मंज़िल का दूसरा पड़ाव भी पर कर लिया , सीमा ने रिंग की खास पहरेदार को मर कर , रिंग को अपनी शक्ति का एहसास दिला दिया था ,
सीमा ने जैसे hi जादूगरनी को मारा , हवेली का दरवाजा अपने अप्प खुल गया , सीमा हवेली से बहार निकल , अपनी मंज़िल की और अग्गे बढ़ गई ,
तीन घंटे बीत चुके थे , जादूगरनी से लड़ते हुए सीमा के दो घंटे बर्बाद हो चुके थे ,
रिंग के ऐसे पता नै कितने गुलाम थे , जो हर कदम पर सीमा को रोकने की कोससिह करने वाले थे , यह रिंग की दुनिआ थी , यहाँ की भगवन वोह खुद थी ,
सीमा वापिस जंगल में चलने लगी , लेकिन अभ उसके पास लॉकेट की असीम शक्ति थी , उसे पता लग गया था , लॉकेट की शक्ति का इस्तेमाल कैसे करना है ,
धीरे धीरे सीमा इस लाल रंग के जंगल को भी पर कर गई , जैसे hi सीमा ने जंगल पर कर सामने देखा , उसकी आँखें खुली की खुली रह गई ,
सीमा के सामने खौफनाक भेड़िये खड़े हुए थे , वोह गिनती में 5 या 6 होंगे , उनकी आँखें लाल रौशनी में चमक रही थी ,
यह सीमा का तीसरा पड़ाव था , उसे 5 पड़ाव पर करने थे , तभी वोह अमृत कुंड तक पहुँच पति ,
ें भेड़ियों को मर कर hi सीमा इस तीसरे पड़ाव को पर कर पति , लेकिन भेड़ियों की घुराहट से सीमा का बदन कम्प सा रहा था ,
िका इक सीमा ने अपनी आँखें बंद कर ली , अभ उसके हाथिओं में इक तेज़ चमकती तलवार थी , और सामने पांच फ़ीट ुचे भेड़ए थे....
तो बे कुनिटेड....
अभ अग्गे..
[FRIENDS mane update me pics add ki hain.. agar uc browser par na dikhe toh chrome browser se read kar lena...pics ke bina apko update read karne ka maza nai ayega...
Abh Agge....
malika maya kuch soch kar phir se boli ...
"hasshhh , abh ravi or ham sab ki kismat , seema par nirbhar karti hai , agar seema nakam rehi toh ravi mar jayega , or sath me komal bhi , phir dayana azad ho jayegi , usse lad pana namumkin hoga , or agar dyana or joker mil gye , toh un dono ko es dunia me koi nai rok payega..." malika maya ne thoda chinta me bola ,
"me samazta hu , abh hamari umeed bus seema par tiki hai , lekin malika , me seema ke prem ko dekh herian hu , agar seema voh phool le ayi toh me use kuch inam jarur dunga , ravi mera beta , sach me ik kismat wala hai , uski kismat apne baap se kahi jayda achi hai , use aisa jevansathi mila hai , jo uske liye pal bhar me marne ko tyar ho jaye..." kaal ne dil se seema ke saman me bola ,
"hmm , sahi kaha apne , lekin kya seema us phool ko mana payegi , uske swalo ka jawab de payegi , voh amritmayi phool , kitne swal jawab karta hai , uski icha ke bina use koi chu bhi nai sakta , muze chinta hai , seema us phool ko mana payegi ya nai..."
"malika , har insan me ik aisa gun hota hai , jo use dusro se alag banata hai , seema ke pas ik gun hai , uski samazdari , voh har bat ko samazdari se bolti hai , voh hazarjawab hai , uska dimag behad tez hai , bation me usse jeet pana , namumkin hai , seema us phool ke kisi bhi swal ka jawab asani se de payegi , uska yahi gun ajj uske pati ki jaan bachayega , voh phool behad chalak hai , bar bar swal puch , insan ko gussa dilata hai , jab koi gusse me use chu deta hai , tab voh insan pathar ka ban jata hai , lekin seema kabhi koi kam jaladbazi me nai karti , muze vishwas hai , meri beti jarur us phool ko hasil karegi , jab se yeh dunia bani hai , seema ik matar voh pehli ladki hogi , jo amritmayi phool ko vaha se leker ayegi.." kaal ne seema ki parshansa karte hue bola ,
"han , par pehle seeme ko us buddi jadugarni se ladna hoga , jo alag alag roop dharan kar , logu ko mar deti hai , aisi kai badayian seema ke raste me ayegi .." maya ne kaal ki traf dekh kar bola ,
"hame bus us buddi jadugarni ka hi pata hai , uske agge ham sabki shakti jawab de jati hai , me bhagwan se dua karuga , meri bachi lot aye.." kaal etna bol khamosh ho gya , phir malika bhi khamoshi se beth gai , un dono ki umeed abh bus seema par thi ..
VAHI Dusri or...
seema jab us ring ke ander ghusi , tab uska sharir ik roshni me tabdel ho gya tha , seema ko pata hi nai tha , voh kaha pahunch chuki hai ,
jab seema ki kuch der bad akh khuli toh voh ik jungle ke bechu bech padhi hui thi , seema ka saar behad dard kar reha tha , seema apne saar ko dono hathion se pakade khadi hui ,
सीमा ने as-pas नज़र डाली , तोह वोह इक जंगल में थी , लेकिन यह कोई हरा भरा जंगल नै था , इस जंगल में जितनी दूर सीमा की नज़र जाती , बस सूखे हुए पेड़ , जो काळा रंग में नहाये हुए थे , वही दिखाई देते , उन सूखे हुए काळा पेडू को इक सफेद धुएं ने धक् रखा था ,
सीमा को समाज नै ा रहा था , इस डरावनी जगह में उसे किस तरफ जाना है , सीमा ने िका इक अपनी आँखों को बंद किया , और जब उसने अपनी आँखें खोली ,
तब अँधेरे में नहाये उन पेडू के बेच इक रास्ता सफेद रौशनी में चमक उठा , सीमा उस सफेद रौशनी में नहाये रस्ते पर चलने लगी ,
उस रस्ते के दोनों तरफ बस अँधेरा था , अभ पेड़ भी दिखाई नै दे रहे थे , सीमा काफी देर चलती रही , ऐसी तरह इक घंटा बीत गया ,
सीमा इक विश्वास के साथ अग्गे बढ़ती जा रही थी , उसे रवि की बेहद यद् सत्ता रही थी , अज्ज वोह अपने प्यार को बचा कर लौटना चाहती थी ,
जब कोई सच्चा प्रेमी इक मकसद के साथ चलने लगता है , तब दुनिआ की कोई ताकत उसे उसकी मंज़िल तक पहुँचने से नै रोक सकती ,
अभ सीमा उस अँधेरे से भरे जंगल से बहार ा चुकी थी , जब सीमा ने उस अँधेरे से भरे जंगल को पर किया , तब सीमा इक अजीब सी जगह पर पहुँच गई ,
सीमा ने as-pas नज़र दाल देखा , वह अभ कुछ hi सूखे पेड़ बचे थे , लेकिन उन पेडू के निचे जमीन का रंग गहरा गुलाबी हो चूका था , लेकिन आसमान का रंग गहरा नीला हो चूका था ,
सीमा सब समाज रही थी , यह इक काल्पनिक दुनिआ है , इस लिए वोह अग्गे बढ़ती गई , अभ इक घंटा बीत चूका था , सीमा जानती थी , उसके पास वख्त बेहद काम है , और रास्ता बहुत अधिक लम्बा ,
सीमा चलती चलती रुक गई , उसकी नज़र इक बहुत बड़े घर पर पढ़ी , यह इक हवेली थी , जो शयद सदियों पुराणी थी , सीमा को न चाहते हुए भी इस हवेली में जाना पढता , क्यों की सपटरिषि चाकर उसे खींचता हुआ ले जा रहा था ,
सीमा उस खण्डार जैसी हवेली की सामने आकर रुक गई , वह इक तरफ इक लड़की की मूरत बानी हुई थी , और दूसरी तरफ इक गहरा पानी का कुया था ,
और सामने उस हवेली के मैं गेट तक सेड्यां बानी हुई थी , जो के बेहद पुराणी थी , कई जगह से टूटी हुई थी , हवेली में मैं गेट पर इक रौशनी थी ,
सीमा ने सोचा शयद वह कोई रहता हो , पर सीमा यह भी सोच रही थी , वह कोई शेतें hi न हो , कोई मायाजाल न रचा हो रिंग ने ,
लेकिन सीमा के पास कोई और रास्ता नै था , उसे जाना hi था , सीमा धीरे धीरे सेड्यां चढ़ते हुए हवेली के अंदर घुस गई ,
सीमा ने हवेली के अंदर घुस कर देखा , सिर्फ और सिर्फ अँधेरा hi था , कुछ भी दिखाई नै दे रहा था ,
"कोई है यहाँ पर..." सीमा ने जोर से छीलते हुए बोलै , उसकी आवाज़ कुछ देर उस शांत हवेली में गूंजती रही ,
फिर िका इक चारो तरफ कैंडल्स (मोमबतियां) जलने लगी , धीरे धीरे इस खौफनाक हवेली का बड़ा सा हॉल कैंडल्स की हलकी रौशनी में जगमगा उठा ,
सीमा ने चारो तरफ नज़र घुमा कर देखा , फिर िका इक सीमा को कुछ अहहत सुनाई दी , सीमा ने पीछे पलट कर देखा ,
इक लकड़ी के टेबल पर इक बुध्दि औरत लकड़ी की कुर्सी पर बैठी हुई थी , उसकी आँखों का रंग सफेद था , और उसकी गालो के दोनों तरफ तीन निशान बने हुए थे , जो लम्बी लकीरो के रूप में थे , और वोह बुध्दि औरत अपने तेज़ से खेल रही थी , जो के मज़े के ऊपर पढ़ा हुआ था ,
"मेरा नाम सीमा है.." सीमा ने उसके करीब जाते हुए बोलै ,
वोह बुध्दि औरत काफी देर सीमा को घूरती रही , और फिर बोली ,
"सीमा , खीयीकहीई .." उसकी हस्सी बेहद डरावनी थी ,
सीमा उसकी डरावनी हस्सी सुन वही रुक गई , उसके मन में थोड़ा दर भी था , आखिर थी तोह वोह इक आम लड़की hi , सीमा बिना पालक जपकाये उस बुध्दि औरत को देखने लगी , उसका दिल धक् धक् कर रहा था ,
"सीमा , तुम यहाँ क्यों आयी हो , खीयीकहींईईई , जानती हो , ओह्ह तुम तोह इंसान हो , उम्म्म अह्ह्ह्हह तुम खाने का मज़ा hi अलग होगा ससुरररपपपपपपपप ससससीई खीयीकहींईईई , ायो मेरे पास , खीयकहीईई सुरररपपपपप उम्म्म्म , मेरी भूक शांत करो , में भरसो से भुकी हु..." वोह बुध्दि औरत अपने होंठो पर जीभ फिरती अपनी ब्यांक हस्सी हस्ते हुए बोली , उसके मोह से इक उलटी जैसी लर्र गिर रही थी , यह देख सीमा को भी उलटी आने को हो रही थी ,
"मुझे अमृतमयी कुंड जाना है..." सीमा ने थोड़ा डरते डरते बोलै ,
"खीयीकहींईईई , वोह तोह नामुमकिन है , खीयकहीईई पर मेरे पेट में तुम जा सकती हो , हीहीईई .." फिर वोह बुध्दि औरत इतना बोल वह से गयाब हो गई ,
सीमा डरते हुए as-pas देखने लगी , ऐसी चीज़ो से सीमा का पहले कोई वास्ता नै पढ़ा था ,
"ाआँह्ह्हह्ह..." इक तेज़ चीख सीमा के होंठो से निकल गई , वोह बुध्दि जादूगरनी इक सफेद लिबास में उसके सामने कड़ी थी , वोह कीथी ब्यांक थी , इसकी कल्पना भी नै की जक्ति थी ,

उसका चेहरा बेहद ब्यांक था , आँखें सफेद रंग में चमक रही थी , और होंठो के as-pas खून hi खून जमा हुआ था ,
सीमा डरते हुए थोड़ा पीछे हटी , तभी उसे इक चीख सुनाई दी , सीमा ने देखा वोह जादूगरनी अपने असली रूप में ा चुकी थी ,
उसके दन्त इतने नोकीले और ब्यांक थे , के किसी हठी जैसे जानवर की चमड़ी भी आसानी से फाड् डालते , उसकी गर्दन के निचे पोरे उसके मुर्दा शरीर पर बड़े बड़े नाख़ून ुग्गे हुए थे , उसकी गलो का मास्स तक नै था ,
उसकी ब्यांक छवि देख सीमा की हालत और भी बुरी हो गई , हाला की उसके गले में कोमल का जादुई लॉकेट था , फिर भी ऐसी खौफनाक चीज़ सीमा ने जिंदगी में पहली बार देखि थी ,
"aieeeeennnnnnnnnnnnnnnn..." वोह जादूगरनी अपने नोकीले तीखे दांतो को पूरा खोल छिलाई , उसकी चीख बेहद ब्यांक और ुचि थी , उसके मोह उसके कनु तक खुल चूका था ,
"अह्ह्ह्हह .." सीमा उसकी तेज़ चीख को सेहन न कर पते हुए अपने कनु पर हाथ रख बेथ गई ,
अचानक से आवाज़ एना बंद हो गई , सीमा ने कनु से हाथ हटा आँखें खोल देखा , अभ वह कुछ नै था , बस था तोह हल्का हल्का अँधेरा hi ,
सीमा की सांसे तेज़ तेज़ चल रही थी , वोह चाहे अभ शक्ति हासिल कर चुकी थी , लॉकेट उसके गले में था , लेकिन फिर भी उसका जिस्म और दिल अभी इंसानो का था , वोह जादूगरनी के हाथिओं मर भी सकती थी ,
सीमा तेज़ तेज़ भगति हुई हवेली के गेट पर पहुंची , लेकिन गेट बंद हो चूका था ,
"ठप्प्प थप्प्प्प , खोलू ऐसे , खोलू प्लस..." सीमा तेज़ तेज़ उस लकड़ी के बड़े से दरवाजे को पत्ते हुए बोली ,
फिर सीमा तेज़ी से पलटी और हवेली के बेच से जाती सेड्यां चढ़ पहली मंज़िल पर पहुँच गई , वह इक गैलरी बानी हुई थी , जो गोल गोल होती हुई , इन्ही सेडीईओं से वापिस आकर मिलती थी , इस गोल घुमावदार रस्ते के साथ साथ बहुत सरे रूम बने हुए थे , जिनके दरवाजे लकड़ी के बने थे , और जो अभी बंद थे ,
"हे भगवन कहा फास गई में , मुझे यहाँ से निकलना होगा , इस जादूगरनी को हराना होगा , पर कैसे..." सीमा खुद से hi बोलती हुई वापिस सेड्यां उतर हवेली के हॉल में ा गई ,
फिर िका इक हवेली का मैं गेट खुल गया , सीमा बहार की तरफ भागी ,
पर जैसे hi सीमा बहार की तरफ पेअर रखने hi लगी थी , अचानक से वोह जादूगरनी उलटी लटकी उसके सामने ा गई ,
"खीयीकहींईईईइखीई ..." वोह जादूगरी हसने लगी , उसका बाल उसके उल्टा लटकी होने के कारन निचे ज़ुल रहे थे , उसकी सफेद आँखें , और सफेद जिस्म , सीमा को और भी डरा रहा था ,
"अह्हह्ह्णणठ्हहहहहह..." सीमा चीखती हुई पीछे हटी , पीछे हट्टे हट्टे सीमा फर्श पर गिर गई ,
वोह जादूगरनी इक डैम से जमीन पर सीधी कड़ी हो गई ,
"खीयीकहीई सीमाआ , ायो मेरे पास , खीयीकहीए , मेरी भूक शांत कर दो..." जादूगरनी अपनी वहशी हस्सी हस्ते हुए बोली ,
और िका इक सीमा के ऊपर कूद गई , जादूगरनी ने सीमे के दोनों हाथिओं को उसकी कलायिओं से पकड़ उसके सार के पीछे कर दिया ,
जादूगरनी अभ अपने गन्दी गली सदी जीभ निकल सीमा के चेहरे को सुंग कर चाटने लगी , उसके मोह से गन्दी उलटी जैसी लर्र बह कर सीमे के चेहरे पर गिर रही थी , सीमा को बहुत घिन ा रही थी ,
उस जादूगरनी ने अपने इक हाथ को निचे लेजाकर अपने लम्बे तीखे नाख़ून से सीमा की गर्दन को चीयर दिया ,
"अह्ह्ह्हह्हह raaviiiiiiiiii..." सीमा तेज़ दर्द से चीखते हुए चिलये , उसकी गर्दन पर इक खून की पतली लेकर बन चुकी थी ,
िका इक जादूगरनी की नज़र सीमा के लॉकेट पर पढ़ गई , जादूगरनी लॉकेट को कुछ देर देखती रही ,
"यह , यह , लॉकेट तुम्हारे पास k..kk..kaise.." जादूगरनी ने जैसे hi लॉकेट को छुआ ,
"आइईईईन्न्ननेहहह....." वोह दर्द से चीखती हुई हवेली के दीवार से जा टकराई ,
सीमा ने उठ कर अपने लॉकेट को देखा , तोह उसने इक रहत की साँस ली ,
"यह लॉकेट से डर्टी है , पर में इसकी शक्ति का इस्तेमाल कैसे करू , मुझे तोह कुछ अत hi नै.." सीमा अपने मन में hi सोचते हुए बोली ,
तब तक जादूगरनी कड़ी हो चुकी थी , उसकी आँखों में इक गुस्सा था , जैसे अभी सीमा के बदन को चीयर कर , उसके मास्स की बोटी बोटी नोच डालेगी ,
"कैसे काम करता है , कैसे , इक बार मन में इस से कुछ बोलती हु.." सीमा जल्दी जल्दी सोचती हुई अपने मन से hi बतिअन कर रही थी ,
जादूगरनी अभ गुस्से से पागल सीमा की तरफ बढ़ने लगी थी , उसके हर बढ़ते कदम के साथ सीमा की सांसे तेज़ होती चली जा रही थी ,
"हर जादू की शक्ति को हमारा मन कण्ट्रोल करता है , शयद इस लॉकेट की शक्ति मेरे मन से जुडी हो , हाँ यही होगा , मेरा मन hi इस लॉकेट की ताकत को अपना सकता है , मेरी जुबान नै ..." सीमा ने यह सब सोचते सोचते अपनी आँखें बंद कर ली ,
"aaaieeeeeeeeeeeiiiiiiiiiiii..." वोह जादूगरनी अपने मोह को पूरा खोल तेज़ी से दहाड़ती हुई सीमा के ऊपर कूद गई ,
"अह्ह्ह्हहननंहह.." पर िका इक जादूगरनी इक तेज़ चीख के साथ फर्श पर जा गिरी , क्यों की सीमा वह से गयाब हो चुकी थी ,
"हूउउउणं , कहा गई , हूँण , तू बच नै सकती ोहूणंण , मर दूंगी तुझे , खीयीकहींईईई , हुण्णं , सामने ा मेरे..." जादूगरनी हवेली के हॉल में चारो तरफ देखती हुई चिल्ला कर बोली ,
तभी जादूगरनी की नज़र हवेली के दरवेज़े पर पढ़ी , यहाँ सीमा कड़ी हुई थी ,
सीमा ने इक कला लिबास पहना हुआ था , उसके गले में लॉकेट नीले रंग में चमक रहा था , सीमा की गर्दन पर वैसे hi चोट का निशान था , जो अभी अभी जादूगरनी ने उसे दिया था ,
सीमा के चारो और बिजली कड़क रही थी , जो उसके बेइंतहा गुस्से में होने का सबूत दे रही थी ,
"जादूगरनी , में तुम मरना नै चाहती , मुझे जाने दो , मेरे और मेरी मंज़िल के बेच जो भी आएगा , में उसे तबाह कर दूंगी..." सीमा ने अपनी सफेद आँखें खोल गुस्से में बोलै , उसके गुस्से में होने के कारन , बिजली और तेज़ चमकने लगी , उसके लम्बे काळा बाल हवा में लहराने लगे ,
"खीयीकहीई , में अमर हु , मुझे कोई नै मर सकता , खिईखीई , हूंणंन्न , में तुझे अमृत कुंड तक नै जाने दूंगी..." इतना बोल जादूगरनी ने उड़द कर सीमा पर छलांग लगा दी ,
सीमा ने उड़द कर अपनी तरफ अति जादूगरनी को गले से पकड़ लिया , जादूगरनी चटपटा रही थी , उसकी टंगे हवा में ज़ुल रही थी ,
"ाहहननननन , ाहहननहहनन , मने कहा न , मेरे रस्ते में मत ायो , मुझे मेरा रवि चाहये , समाज गई..." सीमा ने गुस्से में जादूगरनी को गले से उठाये hi दूर फेंक दिया ,
"आयआईईईईईईईईईई ाहहनननननन.." जादूगरनी दर्द भरी चीख मरती सेडीईओं पर जा गिरी ,
वोह सीमा की तरफ देख घबरा रही थी , सीमा ने लॉकेट पर अभ पूरा कण्ट्रोल कर लिया था , उसके बढ़ते गुस्से के साथ , उसकी शक्ति भी अभ बढ़ती जा रही थी ,
"ाहूणंण ाहुण्णनं , नै छोडूगी , नै छोडूगी..." जादूगरनी इतना बोल कड़ी हो गई ,
"aaaannnnnnnnnnnaaaaa..." वोह जादूगरनी तेज़ आवाज़ में चखने लगी , उसकी चीख इतनी ुचि और ब्यांक थी , के सीमा के हाथ अपने अप्प उसके कनु पर चले गए , वोह जादूगरनी पता नै कितनी देर तक चीखती रही ,
फिर वोह जादूगरनी दिवार पर चलने लगी , दिवार पर चलते हुए वोह और भी ब्यांक लग रही थी , वोह सीमा को मरने के लिए उसकी और बढ़ने लगी , वोह फिर से चीखती हुई अग्गे बढ़ती गई , तेन की सीमा कुछ कर न पाए ,
"अह्ह्ह्ह ऐसे कैसे मरू , अह्ह्ह्ह , कैसे , हाँ पवितर अग्नि ..." सीमा ने कनु पर हाथ रखे अपनी आँखें बंद कर ली ,
िका इक सीमा के दोनों हाथिओं से तेज़ रौशनी निकलने लगी , जो कुछ hi पलु में इक मैजिक बॉल बन गई ,
जैसे hi वोह जादूगरनी , सीमा पर हमला करने लगी , तभी सीमा ने वोह मैजिक बॉल जादूगरनी की तरफ फेंक दिया ,
वोह मैजिक बॉल इक जलती हुई अग्ग के रूप में जादूगरनी की तरफ बढ़ने लगा ,
जैसे hi वोह अग्ग का गोला जादूगरनी के बदन से टकराया , तभी जादूगरनी जमीन पर गिर गई ,
"आयआईईईईईईईईईईन्न्नण... " जादूगरनी तेज़ दर्द से चिलाती हुई जलने लगी , वोह इक मुर्दा जीव थी , बरसो से रौशनी से दूर रही थी , लेकिन अगजनी की पवितरता ने उसके इस मुर्दा जिस्म को जला दिया था ,
उसकी दर्द भरी चखे पूरी हवेली में गूंज रही थी , धीरे धीरे उस जादूगरनी का मुर्दा जिसम जल कर रख हो गया ,
सीमा ने अपनी मंज़िल का दूसरा पड़ाव भी पर कर लिया , सीमा ने रिंग की खास पहरेदार को मर कर , रिंग को अपनी शक्ति का एहसास दिला दिया था ,
सीमा ने जैसे hi जादूगरनी को मारा , हवेली का दरवाजा अपने अप्प खुल गया , सीमा हवेली से बहार निकल , अपनी मंज़िल की और अग्गे बढ़ गई ,
तीन घंटे बीत चुके थे , जादूगरनी से लड़ते हुए सीमा के दो घंटे बर्बाद हो चुके थे ,
रिंग के ऐसे पता नै कितने गुलाम थे , जो हर कदम पर सीमा को रोकने की कोससिह करने वाले थे , यह रिंग की दुनिआ थी , यहाँ की भगवन वोह खुद थी ,
सीमा वापिस जंगल में चलने लगी , लेकिन अभ उसके पास लॉकेट की असीम शक्ति थी , उसे पता लग गया था , लॉकेट की शक्ति का इस्तेमाल कैसे करना है ,
धीरे धीरे सीमा इस लाल रंग के जंगल को भी पर कर गई , जैसे hi सीमा ने जंगल पर कर सामने देखा , उसकी आँखें खुली की खुली रह गई ,
सीमा के सामने खौफनाक भेड़िये खड़े हुए थे , वोह गिनती में 5 या 6 होंगे , उनकी आँखें लाल रौशनी में चमक रही थी ,
यह सीमा का तीसरा पड़ाव था , उसे 5 पड़ाव पर करने थे , तभी वोह अमृत कुंड तक पहुँच पति ,
ें भेड़ियों को मर कर hi सीमा इस तीसरे पड़ाव को पर कर पति , लेकिन भेड़ियों की घुराहट से सीमा का बदन कम्प सा रहा था ,
िका इक सीमा ने अपनी आँखें बंद कर ली , अभ उसके हाथिओं में इक तेज़ चमकती तलवार थी , और सामने पांच फ़ीट ुचे भेड़ए थे....
तो बे कुनिटेड....

