अपडेट-41
अभ अग्गे...
रवि ने गाड़ी से उतारते hi बिल्डिंग की तरफ देखा , यह वही बिल्डिंग थी , यहाँ से रवि की इस खौफनाक दुनिआ में चलने कì शुरुआत हुई थी ,
यही से बेबी और काट , रवि की जिंदगी में आयी थी ,
अज्ज रवि फिर से वही खड़ा था , लेकिन यह अंतिम लड़ाई थी , वोह जनता था , इस लड़ाई के बाद , या तोह वोह जिन्दा रहेगा या फिर यह लोग ,
"क्या सोच रहे हो , मेरे पीछे ायो.." लारा थोड़ा गुस्से में बोली और तेज़ तेज़ चलने लगी ,
"पता नै बस , यह बिमान शाह ऐसी लड़कियाँ लता ķअहा से है , यह तोह है बी , बेहद ताकतवर , उफ़ , पता नै क्या होगा मेरा..." रवि ने खुद से hi बोलै और लारा के पीछे पीछे चल पढ़ा ,
रवि ने बिल्डिंग के अंदर घुस कर देखा , कोई आदमी नै था , इक डैम सुनसान , चारो तरफ शांति थी , लेकिन हल्का हल्का अँधेरा था ,
फिर लारा और रवि लिफ्ट से उस फ्लैट तक पहुँच गए , यहाँ बिमान शाह अभ रहता था , दोनों उस फ्लैट के अंदर घुस गए ,
फ्लैट के अंदर एते hi रवि ने चारो तरफ देखा , पर वह कोई नै था , न सीमा और न hi बिमान शाह ,
"यहाँ तोह कोई नै है..." रवि ने बेहद गुस्से में बोलै ,
"हहै , इतनी जल्दी क्या है , अभी आएंगे बॉस.." लारा ने वोह फार्मूला जो छोटे से बैग में था , उसे इक टेबल पर रखते हुए बोलै ,
रवि वही खड़ा उसे देखता रहा , तभी चारो तरफ हल्का अँधेरा हो गया , और रवि ने सामने की तरफ देखा , वोह थोड़ा चौंक गया ,
उसकी आँखों के सामने इक खिड़की की दूसरी तरफ जोकर खड़ा था , वोह बेहद ख़ामोशी से रवि को घर कर देख रहा था ,
कुछ देर वोह वही खड़ा रहा , और फिर अचानक से गयाब हो गया , रवि जनता था , यह बस डरने की इक चल है , रवि वैसे hi शांत खड़ा रहा ,
फिर िका इक रूम में अँधेरा हो गया , और तभी , अचानक से इक डैम से जोकर उसके सामने ा गया ,
उसकी आँखें लाल रौशनी में चमक रही थी , और दन्त बेहद ब्यांक और नोकीले लग रहे थे , जैसे अभी रवि के जिस्म को नोच नोच कर फाड् देंगे ,
रवि वैसे hi शांत रहा , वोह डरा नै था , क्यों की अभ उसके पास बेइंतहा ताकत थी , इस लिए जोकर की कोई भी मृंदगामे उसे डरा नै प् रही थी ,
"जोकररररर , सीमा कहा हैई ..." रवि ने बेहद गुस्से में बोलै , उसकी आँखें भी लाल रौशनी में चमक उठी , जोकर थोड़ा विचलित सा हो गया और फिर बिमान शाह के रूप में ा गया , और फिर सोफे पर जाकर बेथ गया ,
"मने पूछा , सीमा कहा हैई..." रवि ने इक बार और गुस्से में चीला कर बोलै ,
"अहहाहाहाहा .." बिमान शाह हसने लगा , उसकी हस्सी जैसे रवि के गुस्से का मज़ाक उड़ा रही थी ,
"ेहठ , सेल , बोल सीमा कहा है , वर्णा.." रवि ने उसकी तरफ बढ़ते हुए गुस्से से बोलै ,
"रुको , सीमा , उम् , सीमा , बेहद कमल की चीज़ , लाजवाब , तुम जानते हो , जब से मने उसे देखा था , तभी से उसे पाना चाहता था , और मने उसे प् लिया.." बिमान शाह ने मुस्कराते हुए बोलै , जैसे वोह रवि को और गुस्सा दिलाना चाहता हो ,
"भोक मत कुत्ते , यह बता सीमा कहा है.." रवि ने बेइंतहा गुस्से में बोलै , उसका मन कर रहा था , बिमान शाह के चेहरे को अभी नोच डेल ,
"सीमा , बहररर आयु मेरीए जांणण , ाहाःहाहूऊऊऊआआआ..." बिमान शाह ने सीमा को आवाज़ देने के बाद बेइंतहा हस्ते हुए बोलै ,
longfellow the arrow and the song
बिमान शाह के आवाज़ देते hi सीमा इक रूम से बहार आयी , और रवि के साथ बैठने की बजाये , बिमान शाह के साथ बेथ गई ,
"अरे मेरे सोना आया है , चले सोना घर , तुम भूक लगी होगी..." सीमा ने अपनी आँखों का रंग लाल करते हुए बोलै , और िका इक उसके चेहरे का रंग बदल गया , अभ वोह बेहद ब्यांक लग रही थी ,
"tum...tum , सीमा नै होऊ..." रवि ने गुस्से में चीख कर उठते हुए बोलै ,
"यह सीमा hi है रवि , वार्ना तुम्हारा लॉकेट तुम सच दिखा देता , काशः , के यह लॉकेट में पहन सकता , पर , पर , तुम्हारी बहिन ने ऐसे तुम्हारे लिए hi बनाया है .." बिमान शाह ने मुस्कराते हुए बोलै ,
"मेरीए , कोमलललललल , का नाम भी मत लेना.." रवि ने बेइंतहा गुस्से में चीख कर बोलै ,
"अहहहहआ , कोमल , उम् , रवि , वोह तुम नै चाहती थी , वोह इक मतलबी लड़की थी , भूल जाओ उसे , हम साथ मिलकर इस दुनिआ पर राज़ कर सकते हैं , क्या है कोमल , इक जिस्म और मास्स का शरीर , इस दुनिआ में सभी लड़कियाँ कोमल hi हैं , बस उसका नाम hi तोह है कोमल , तुम मेरे साथ..." बिमान शाह अभी बोल hi रहा था के रवि बेच में hi बोल पढ़ा ,
"मेरी कोमल मास्स का शरीर नै है , और न hi वोह इक नाम है , जो मुझे ाचा लगता है , वोह मेरी आत्मा का इक हिस्सा है , मेरी अर्धाग्नि है वोह , मेरा आधा शरीर , वोह मेरे लिए , हर पल अग्ग में जल रही है , और तुम कहते हो , वोह मुज़से प्यार नै करती , ः , इक बात सुन लो , पहले में तुम मरुँगा , और फिर उस दयना को , लेकिन उससे भी पहले , में अपनी कोमल को वापिस लयुगा , अज्ज तुम देखते जाना , दिमाग बस तुम लोगो के पास नै है , मेरे पास भी है..." रवि ने बेहद घम्बिर होकर बोलै ,
"कोमल , इक बदचलन लड़की थी , अपने hi भाई से प्यार , शह्ह्ह्हह्हियी , वोह बेवकूफ लड़की , उसे इतना समैया , हवेली में , पर साली , मणि hi नै , में भइआ से प्यार करती हु , भइआ से प्यार करती हु , चिलाती गई , चिलाती गई , उफ्फ्फ , तुम जानते हो , मेरी मौत तुम्हारी बहिन के हाथो लिखी है , तोह , तुम hi बताओ , में उसे वापिस ऐनी दूंगा , ाःहाहाहूऊऊआ , नै रवीए , कोमल कैद रहेगी , न वोह जी पायेगी , न मर पायेगी , दर्द में तड़फेगी , रोयेगी , चिलायेगी , तुम यद् करेगी , लेकिन , लेकिन , कभी वापिस न ा पायेगी , अहहहहहहउ..." बिमान शाह ने बेहद घम्बिर होकर हस्ते हुए बोलै ,
"में तुम्हारे पोरे साम्राजय का विनाश कर दूंगा , कोमल और मेरे बेच कोई आया तोह उसे मौत की नंद सुला दूंगा , चाहे वोह मेरा अपना hi क्यों न हो , कोमल आएगी , जरूर आएगी , न तुम रोक पाओगे , और न hi कोई और , कोई मुझे नै रोक सकता , न किसी का प्यार , न किसी के असनु , और न किसी की मौत , क्यों की यहाँ सवाल मेरी कोमल का है , में तुम चैलेंज करता हु , तुम मुझे रोकते रहना , में चलता रहुगा , जितने मायाजाल रचने है , रच लो , चाहे इतनी हज़ारो सीमा और पैदा कर लो , लेकिन मेरी आँखों में किसी के लिए कोई प्यार नै , मेरी आँखों में बस कोमल है , मेरी आखरी मंज़िल , और तुम्हारी मौत..." रवि ने बेहद गुस्से और गम में बोलै ,
"हम्म , अज्ज से तुम्हारी और मेरी जुंग सुरु , अज्ज से अभी से , में तुम्हारे परिवार को इतना दर्द दूंगा , के तुम कोमल को लेन का सोचना तोह दूर , उसका नाम तक यद् करते कंपोगे..."
"हम्म , मुझे मंज़ूर है , पर तुमने , मेरी सीमा को किया क्या है..." रवि ने गुस्से में चीला कर बोलै ,
"मने कुछ नै किया , जो किया , खुद सीमा ने hi किया , उस अमृतमयी कुंड में कूदने के बाद , मुझे नै पता क्या हुआ , जो जानती है , यही जानती है ..." बिमान शाह ने सीमा की तरफ देख घम्बिर होकर बोलै ,
"अमृतमयी कुंड , क्या बकवास कर रहे हो तुम.." रवि ने चौंकते हुए बोलै , उसे कुछ पता नै था ,
"अहहहहआ , तुम क्या पता होगा , तुम कुछ पता नै है , सीमा तुम hi बता दो.." बिमान शाह ने हस्ते हुए बोलै ,
"सोना तुम क्या बोल रहे हो , ऐसा कुछ भी नै है , सोना हम घर चलते हैं , मुझे दर लग रहा है..." सीमा ने थोड़ा घम्बिर होकर बोलै ,
"में यही पूछ रहा हु के तुम कोण हो , तुम सीमा नै हो , यह बात में समाज चूका हु , पर तुम हो कोण , और मेरी सीमा कहा है..." रवि ने बेहद गुस्से में सीमा की तरफ देख कर बोलै ,
"अहहहहाहूऊऊ , यह सीमा hi है , पर मेरे कब्जे में है , यह वही करेगी जो में कहुगा , और तुम भी वही करना होगा जो में कहुगा ..." बिमान शाह ने रवि की आँखों में आँखें दाल बोलै ,
"पहले मुझे मेरी वही सीमा वापिस चाहये , लेकिन तुम क्या चाहते हो मुज़से.." रवि ने बिमान शाह की तरफ देख कर बोलै ,
"मुझे , मुझे , कुछ खास नै , बस वोह मैप देदो , जो तुम उसदिन चुरा कर भागे थे , और बाद में , झरने में गिर गए थे , अभ बताओ वोह मैप कब डोज.." बिमान शाह ने मुस्करा कर बोलै , उसे अपना मकसद पूरा होता हुआ नज़र ा रहा था ,
"हम्म , तोह यह बात है , सब समाज गया , यह तुम्हारा प्लान है , सीमा को कैद करके , उसके जैसी यह शेतीअन लड़की मेरे सामने बैठा दी , तेन की मुज़से मैप ले सको , पर तुम्हारा सपना , बस सपना hi रहेगा..." रवि ने मुस्कराते हुए बोलै ,
"खीयीकहींईईई , अभी तुमने मेरा प्लान देखा hi कहा है , मेरे पास कुछ ऐसा है , जिसे तुम देख लोगे तोह , तोह , अहहहहहा , तोह , तुम खुद मुज़से भेख मांगोगे , और खुद मुझे वोह मैप डोज..." बिमान शाह ने अपनी वहशी हस्सी हस्ते हुए बोलै ,
बिमान शाह का इतना कहना hi था के रूम में अँधेरा चा गया , जब रौशनी हुई तब लारा , बेबी को पकड़े कड़ी थी ,
"रविइइइइ..." बेबी ने बेहद घबरा कर बोलै ,
"उफ्फ्फ , ओह्ह्ह , बेबी तुम यहाँ क्यों आयी , मने क्या बोलै था अनु से , तुमने सुना नै था..." रवि ने बेबी की तरफ देख बेहद गुस्से में बोलै ,
"रवीए , में तुम कैसे छोड़ देती , में भी लड़ुँगी तुम्हारे साथ..." बेबी ने थोड़ा नाम आँखों से बोलै ,
"लारा..." बिमान शाह ने लारा की तरफ देख कर बोलै , लारा , बेबी को वही छोड़ , बिमान शाह के पीछे कड़ी हो गई ,
"हम्म , तोह अभ बोलो रवि , वोह मैप कहा है , उस जगह का नक्शा मुझे बना कर दो , वार्ना बेबी को मर दूंगा..."
"बेबी को , अगर किसी ने बेबी को छुआ भी , तोह में उसे ऐसी मौत दूंगा , जैसी तुमने कभी सोची भी न हो.."
"हमें तुम मर सकते हो , पर उसे नै.." बिमान शाह ने मुस्कराते हुए बोलै ,
तभी रवि ने देखा बेबी के पीछे इक औरत की परछाई थी , धीरे धीरे वोह परछाई , इक जिस्म में बदल गई , इक औरत के जिस्म में ,
"रेखाआआ डेडीईई..." रवि ने चौंक कर बोलै , क्यों की बेबी के पीछे रेखा कड़ी हुई थी , पर इस हालत में , पर कैसे ,
रवि की आँखें खुली की खुली रह गई , क्यों की उसकी बड़ी बहिन रेखा , उफ़ वोह इतनी खौफनाक थी के उसे देखते hi रवि का अंदर तक कम्प गया ,
वही दूसरी तरफ....
रमा करीब 1 घंटा उसी पेड़ के निचे बैठी रही , उसे कुछ समाज नै ा रहा था वोह क्या करे , किस तरफ जाये ,
"उफ्फ्फ , कहा फास गई में , भइआए बचावूओ , प्लसस..." रमा ने अपनी आँखों से बहते असनु साफ करते चीला कर बोलै ,
रमा फिर हिमेट जूता उठी , और उठ कर चलने लगी , धीरे धीरे वख्त कट्टा गया , और िका इक रमा की आँखें खुली की खुली रह गई ,
क्यों की चारो तरफ रौशनी खिल उठी थी , ऐसा महसूस हो रहा था , जैसे रत के बाद इक नयी सुबह खिली हो ,
रमा को बेहद ख़ुशी महसूस हुई , आखिर अँधेरा ख़तम हो गया था , दिन की रौशनी में जंगल बेहद हरा भरा लग रहा था ,
"शुक्र है भगवन का , उफ़ , वोह खम्बख्त अँधेरा तोह गयाब हुआ..." रमा ने होंठो पर मुस्कान लेट दिल hi दिल बोलै ,
फिर रमा जंगल में अग्गे बढ़ने लगी , तभी उसकी नज़र दूर कड़ी इक औरत पर गई ,
"उफ़ , यह कोण है , दिखने में तोह बुढ़िआ लग रही है , इनसे पुछु या रहने दू , पूछ hi लेती हु , और कोई है भी तोह नै..." रमा ने कुछ देर अपने मन से बात की और फिर उस बुढ़िआ की तरफ चल पढ़ी ,
वोह बुढ़िआ भी अपने माथे पर हाथ रखे उसे hi देख रही थी , जैसे उसकी नज़र कमज़ोर हो ,
रमा अभ उस बुढ़िआ के पास पहुँच गई , रमा ने उस बुढ़िआ को ऊपर से निचे तक देखा , वोह बुढ़िआ दिखने में थोड़ी अजीब लग रही थी , सफेद मास्स , जो उम्र ढलने के साथ , ढलका हुआ था , उसकी बड़ी सी नक् , लम्बे लम्बे सफेद बाल , उसकी उम्र जैसे हज़ारो साल थी ,
"b...beti..kk...kon...hh...ho...tt..tum..." उस बुढ़िआ ने लड़खड़ाती आवाज़ में बोलै ,
"माँ जी , मेरा नाम रमा है , में इस जंगल में फास गई हु , मुझे घर जाना है , प्लस , मुझे कोई रास्ता बताओ..." रमा ने थोड़ा नाम आँखों से बोलै ,
"खीयकहीईई , r...remaaa , बेटीईईई , t..tum...nn...naiiii...jj..jaa...ss...saktiii...hh....hoo.." उस बुढ़िआ ने मुस्कराते हुए बोलै , उसकी आँखों में इक अजीब कससिह थी , वोह बार बार रमा के बदन को ऊपर से निचे तक घर घर कर देख रही थी , उसकी आँखों में इक चमक थी , कुछ पाने की ,
"नईईई , मुझे जाना है , में अपने भाई के बिना नै जी सकती , में जोगी , मेरा भाई , मेरा इंतज़ार कर रहा होगा , मेरा प्यारा भैई , प्लस , अप्प बताओ न मुझे , कैसे घर जाऊ में..." रमा ने थोड़ा गुस्से में बोलै ,
"उम् , शहहह , इक रास्ता हैई , अगर तुम यह सेब (एप्पल) खा लो तोह , लाओ खा लो.." उस बुढ़िआ ने अपने हाथ में पकड़ा लाल रंग का सेब रमा की तरफ बड़ा कर बोलै ,
"mm..me , मुझे भूक नै हैई..." रमा ने मुस्कराते हुए बोलै ,
"खीयकहीईई , तोह रमा , तुम घर नै जा सकती , यह इक मायावी दुनिआ है , तुम यही रहोगी , हमेशा के लिए..." उस बुढ़िआ ने हस्ते हुए बोलै , उसके हसने से उसके मोह से गन्दा सा लिसलिसा पानी बह रहा था , जिसे देख , रमा को उलटी ऐनी को हो रही थी ,
"mm...me घर जोगी , आपका शुक्रिया , अभ में चलती हु..." रमा ने दोनों हाथ जोड़ कर बोलै , और फिर अग्गे बढ़ने लगी ,
"रम्माआआअह्ह्ह्ह..." इक बेहद धीमी आवाज़ सुन रमा रुक गई ,
लेकिन जैसे hi रमा ने पीछे पलट कर देखा , "aaaaaaaaaaaaaaaaa , भ्याआआ..." उसकी दिल को कंपा देने वाली चीख निकल गई ,
उसकी आँखों के सामने इक चुड़ैल कड़ी थी , यह वही बुढ़िआ थी जो अपने असली रूप में ा चुकी थी , उसका बदन पूरा हरा था , पोरे बदन पर घास ुग्गी हुई थी , नाख़ून बेहद बड़े बड़े और तीखे थे ,
उसका बदन पर पेड़ू की तरह ढलियाँ ुग्गी हुई थी , उफ़ उसका बदन इतना डरवाना और ब्यांक था के रमा की सांसे उसके हलक में hi कही खो गई थी ,
"अह्ह्ह्हह बचावूओ , बचावूओ..." रमा जोर जोर से चिलाती हुई वह से भागने लगी , वोह दिन भी उसके पीछे पीछे ऐनी लगी , उसका मोह खुला हुआ था , आँखें बिलकुल सफेद थी ,
रमा भगति जा रही थी , पर उस चुड़ैल से पीछा नै छुड़ा प् रही थी , उसे समाज नै ा रहा था वोह क्या करे , क्यों की वोह जीना चाहती थी , अपने भाई के साथ ,
"उफ़ कैसे बच्चू इस चुड़ैल से..." रमा ने भागते भागते खुद से हे बोलै ,
रमा भगति भगति पीछे पलटी तोह अभ वह कोई नै था , जंगल में धुप इतनी तेज़ थी के रमा का पूरा बदन पसीने से लथपथ हो चूका था , उसे बेहद प्यास लगी थी , पर पानी तोह जैसे था hi नै ,
रमा अग्गे बढ़ती गई , उसे भूक भी लगी थी , आखिर कुछ देर चलने के बाद , उसे पानी गिरने की आवाज़ सुनाई दी , तब रमा ने देखा , वोह इक पहाड़ की छोटी पर कड़ी थी , और उसकी आँखों के सामने , इक पानी का झरना , पहाड़ से निचे गिर रहा था ,
"उफ़ , पनीइ.." रमा खुश होते हुए अपने अप्प से hi बोली , और भाग कर उस जरने के पास चली गई , रमा घुटनो के बल बेथ निचे झुक गई , और पानी पीने लगी ,
"रएमाआआअह्ह्ह..." इक बेहद धीमी आवाज़ रमा को सुनाई दी , रमा ने जल्दी से उठ कर पीछे देखा , तोह उसकी सांसे थम सी गई ,
"kk...kkk...komalllllllll...d...dd...dediiii..." रमा ने अपने गुलाबी होंठो से कंपते हुए बोलै ,
"ahhhhhhhhhhhh..." रमा की तेज़ चीख निकल गई और वोह झरने में गिर गई , अभ वह कुछ नै था , चारो तरफ शांति थी , और झरने का पानी , उसके गिरने की आवाज़ सुनाई दे रही थी ,
वही दूसरी तरफ....
"थप्प्प्प्प थपप्पपपपप , रमा , दरवाजा खोलु..." यह शूरति थी , जो लगातार रमा के रूम का दरवाजे हाथो से पीट पीट कर उसे आवाज़ दे रही थी ,
"अह्हह्ह्ह्ह , मेरा सररर , उफ्फ्फ ..." रमा अपने बीएड से उठी और अपना सार पकड़े , रूम के दरवाजे के पास पहुँच गई , रमा ने दरवाजा खोला तोह शूरति अंदर घुसते hi उस पर बरस पढ़ी ,
"रमा , शाम होने वाली है , और तू सुबह से रूम में बंद बैठी है , क्या कर रही थी..." शूरति ने रूम में चारो तरफ नज़र दौड़ते हुए बोलै ,
"उफ्फ्फ , में रूम में थी , पर , ओह्ह , लेकिन में तोह , उफ्फ्फ , कुछ समाज नै ा रहा ..." रमा ने मन hi मन सोचते हुए बोलै , उसे कुछ समाज नै ा रहा था के वोह अपने रूम में कैसे ा गई , उस खौफनाक जंगल से....
"हळू , क्या सोच रही हो , मने क्या पूछा तुमसे..." शूरति ने रमा के चेहरे के सामने चुटकी बजाते हुए बोलै ,
"डीडीई , माँ कहा है..." रमा ने शूरति के सवाल का जवाब देने की बजाये अपना सवाल कर दिया ,
"मुझे नै पता..." शूरति ने रमा से नज़रियन चुरा कर बोलै , रमा के होंठो पर इक मुस्कान दौड गई , उसे पता था , शूरति अभ भी सीमा से नज़र है...
रमा मुस्कराते हुए बोली ,
"डीडीई , में जानती हु अप्प माँ से नाराज़ हो , पर , ाचा छोड़ो , देदी , वोह में सो गई थी ..." रमा ने शूरति को सीमा के बारे में कुछ न बताते हुए बोलै , वोह नै चाहती थी , शूरति की जान को कोई खतरा हो ,
"इतना कोण सोता है , उफ़ , ाचा अभ मत सो जाना , जाओ और फ्रेश होकर बहार ायो.." शूरति इतना बोल वह से चली गई ,
रमा जल्दी से अपने रूम में वापिस घुस गई , रमा ने रूम का दरवाजा अंदर से लॉक किया , और वाशरूम की तरफ भाग गई , रमा ने अपने कपडे जल्दी जल्दी उतर दिए ,
रमा ने वाशरूम में लगे बड़े से मिरर में खुद को देखा , उफ़ उसकी चीख निकल गई ,
उसे अपना hi चेहरा बेहद ब्यांक लग रहा था , उसकी आँखें पेले (येलो) रंग की थी , और दन्त किसी कटे की तरह तीखे , उसके दांतो में मास्स और खून लगा हुआ था , जैसे अभी अभी उसने कच्चा मास्स नोच खाया हो ,
रमा जब चीख कर रुकी और उसने कंपते हुए धीरे धीरे अपनी आँखें खोली , सब कुछ नार्मल था , उसका असली चेहरा उसे दिखाई दे रहा था , लेकिन उसकी आँखें अभ बदल चुकी थी , उसकी आँखों का रंग अभ कला पढ़ चूका था , रमा ऊपर की तरफ चेहरा कर जोर से चिलायी , वोह बेहद ब्यांक लग रही थी , लेकिन रमा को हुआ क्या था.....
कुछ देर बाद रमा शांत हो गई , अभ वोह शांत अपनी आँखें खोले चाट की तरफ घर रही थी , फिर रमा ने अपना चेहरा निचे किया और सामने की तरफ देखने लगी ,
रमा अपने गालो पर हाथ रखे खुद को महसूस करने लगी , उसकी उंगलियाँ आधी काली थी , और आँखों का रंग भी कला पढ़ चूका था , यह क्या था , उसकी ताकत जागने की शुरुआत , या फिर सीमा की कोई नयी चाल...
तो बे कुनिटेड...