Incest Deewanapan... - Page 12 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Incest Deewanapan...

फ्रेंड्स पुलिस जॉब होने के कारन ..दिवाली में ड्यूटी बेहद सख्त है... तोह वख्त नै मिल रहा अपडेट लिखने का... कल वख्त निकल अपडेट करने की कोससिह करुगा...
 
अपडेट-37

अभ अग्गे..

रवि डरा सेहमा खड़ा था , सीमा का वोह चेहरा बार बार उसकी आँखों के सामने ा रहा था , और आँखों की वोह लाल रौशनी भी ,

"भइआ क्या हुआ , और यह क्या हुलिया बना रखा है , इतना खून , कहा मार पीट करके ा रहे हो अप्प..." रमा ने गुस्से में पेअर पटकते हुए बोलै ,

"सोना , बताओ न , अज्ज क्या क्या हुआ.." सीमा इक डैम से रवि के करीब आकर बोली , तभी उसके चेहरे ने अपना रंग बदला , उफ़ अभ वोह बेहद ब्यांक लग रही थी ,

zombie-woman-bloody-face-260nw-510653212.jpg


"अह्ह्ह्ह भट्ट.." रवि जोर से चिलता हुआ , रिमी और शूरति के गले लग गया ,

"भइआ सीमा देदी से क्यों दर रहे हो , हहै , लगता है भइआ ने बहार कुछ अजीब देख लिया होगा.." रिमी ने हस्ते हुए बोलै ,

"उफ़ ओह्ह सोना को मुज़से दर क्यों लग रहा है , मेरा चेहरा तोह ठीक है.." सीमा ने मन hi मन सोचते हुए बोलै ,

पर इसके पीछे लॉकेट का हाथ था , वोह रवि को इंसानो के असली चेहरे दिखा रहा था , शयद ऐसी लिए रवि को सीमा का चेहरा बेहद ब्यांक लग रहा था ,

"r..rr...rimi... c..ch..chale..." रवि ने रिमी का हाथ पकड़ उसे उसके रूम की तरफ खींचते हुए बोलै ,

"हाँ भइआ चलो , शूरति देदी अप्प भी ा जाओ .." रिमी तेज़ तेज़ चलते हुए शूरति की तरफ पलट कर बोली ,

फिर रवि , शूरति और रिमी के साथ उनके रूम में ा गया , रमा और सीमा अभ भी वही कड़ी थी ,

"माँ कोई बात तोह है , वार्ना , भाई किसी से नै डरता..." रमा ने थोड़ा चिंता में बोलै ,

"अरे मेरी बची , कई बार इंसान दर जाता है , तुम चिंता मत करो.." सीमा ने मुस्कराते हुए बोलै ,

"माँ अप्प बहुत अछि हो.." रमा ने सीमा के गले लगते हुए बोलै ,

"क्या सच में , मैं बहुत अछि हु..." सीमा प्यार से रमा के बाल सहलाते हुए बोली ,

"हाँ माँ , अप्प इस दुनिआ की बेस्ट माँ हो.. " रमा मुस्करा कर बोली ,

"खीयीकहींईईई , म्युज़िए पताआ हैईईई , मई बहुत्तत्त ाछीइ हूउउ..." सीमा ने बेहद भरी और ब्यांक आवाज़ में बोलै , रमा उसकी आवाज़ सुन दर गई ,

"m..mm...maa ...kk...kkyaaa... hhh...huuuaaa..." रमा दर से कंपते हकलाते हुए बोली ,

"खीयीकहींईईईई , तुममम जांतीयई होऊ , मी एस्सस दुनिआए कीईई सब्ज़ी ताक़तवरररर इंसानंन्न हूउउ खीयकहीईई...." सीमा बेइंतहा हस्ते हुए बोली , उसकी हसी वैसी थी , जैसी रवि ने सुनी थी ,

तभी बहार तेज़ हवा चलने लगी , जानवर चखने लगे , हवा भी शहाणणणण शाननंत्र की ब्यांक आवाज़ कर रही थी ,

"खटककककक... खाटाअक्कक्क... खट्टाककककक..." इक तेज़ आवाज़ ऐनी लगी , रमा यह आवाज़ सुन दर गई , उसका बदन अंदर से कम्पनी लगा , माथे पर दर से पसीना बहने लगा ,

रमा ने as-pas पलट कर देखा , सामने इक खिड़की खुली हुई थी , जो तेज़ हवा चलने से खट्टाकक खट्टाकक की आवाज़ करती , कभी बंद हो रही तोह कभी खुल रही थी ,

"mm...maaaaaaaaa ..." रमा अपने कनु पर हाथ रख जोर से चखी , और घुटनो के बल बेथ आँखें बंद किये रोने लगी ,

तभी इक डैम सब शांत हो गया , अभ इक सनता सा फैल चूका था , तेज़ चलती हवा शांत हो चुकी थी ,

"ओह्ह्ह मेरी बची क्या हुआ , उम्मा , मेरी जान , रो क्यों रही है , उम् , चुप हो जा.." सीमा ने निचे बेथ रमा को गले लगा , उसका माथा चूमते हुए बोलै ,

रमा ने दरी सेहमी सी अपनी भेजी आँखें खोल , अपनी माँ सीमा को देखा , जो अभ नार्मल थी ,

"y...yy...yeh...mm...maaa ...kkk..ko...kk...kya...hua था... mm...mmaaaa.." रमा मन hi मन यह सोचते हुए फिर से रोने लगी ,

"उम् , मेरी बची चुप हो जा , प्लस , मेरी जान , चुप हो जा , चल रूम में चलते हैं.." सीमा ने नाम आँखों से बोलै ,

फिर सीमा दरी सेहमी रमा को रूम में ले आयी और दोनों बीएड पर बेथ गई ,

"बीटा क्या हुआ , क्यों इतनी रो रही है , बोल न.." सीमा ने प्यार से रमा के बालो को सेहला कर बोलै ,

"मा... अगर अप्प को कुछ हुआ तोह में , में किसी को जिन्दा नै छोडूगी , सबको मर दूंगी , m..mm...me कुछ भी बर्दाश्त कर सकती हु , पर आपकी जुदाई नै सेह सकती , माँ , अप्प पहले जैसी नै हो , नै हो , आपके अंदर कोई और भी है , माँ , अगर आपको कुछ हुआ , तोह मेरे गुस्से को कोई शांत नै कर पायेगा , भइआ भी नै..." रमा ने बेइंतहा रट हुए बोलै , और सीमा के चेहरे को चूमने लगी ,

"उम् , शांत हो जा , में ठीक हु .. " सीमा ने प्यार से बोलै और रमा को अपने साथ सुला लिया ,

फिर रमा अपनी माँ से चिपक कर सोने लगी ,

"माँ , में पता लगा कर रहूगी , अप्प ऐसा क्यों कर रही हो , में कभी आपको कुछ नै होने दूंगी , अगर अप्प से लड़ना भी पढ़ा , तोह में लड़ुँगी , पर में , पर में , कैसे लड़ पयोगी आपसे..." रमा मन hi मन सोच रही थी , उसकी आँखों से असनु बह निकले , उसने कास कर सीमा को अपनी बहु में भर लिया , जैसे सीमा उससे दूर हो रही हो ,

कुछ वख्त बाद रमा घेरि नंद में सो चुकी थी , पर सीमा अभी भी जगी हुई थी , उसके होंठो पर इक मुस्कान थी , इक वहशी मुस्कान , और आँखें लाल रौशनी में चमक रही थी ,

रमा के सोते hi सीमा वह से गयाब हो गई , जैसे वह थी hi नै , आखिर कहा गई थी , और किसके पास ,

वही दूसरी तरफ ..

"भइआ , छोड़ू मुझे , कितना कास कर गले लगा रखा है , ोुछहहह , मेरी जान निकल डोज अप्प अह्ह्ह .." रिमी , रवि की बहु से छूटने की कोससिह करती बोली , वोह तीनो बीएड पर लेते हुए थे ,

रवि ने कास कर रिमी को अपनी बहु में भर रखा था , रिमी बेचारी को कैसे नंद ा जाती ,

"r...rr...rimi...s...ss...ssemaaa ...bb...bhuttt.." रवि हकलाते हुए बोलै ,

हलाकि वोह खुद इक वैम्पायर था , पर आत्मा जैसी चीज़ो से उसे बचपन से दर लगता था , अभ बचपन का दर जिंदगी भर साथ रहता है ,

"उफ्फ्फ देदी कुछ बोलो न अह्ह्ह्ह , भइआ अभ देदी को बहु में भर लो आईइइइइइइइ , तब तक में आराम कर लेती हु ोुछः.." रिमी मीठे मीठे दर्द से कसमसाते हुए बोली ,

रवि ने रिमी को छोड़ शूरति को अपनी बहु में भर लिया , शूरति तोह नजाने कब से इस पल का इंतज़ार कर रही थी ,

जैसे hi रवि ने उसे अपनी मज़बूत बहु में जकड़ा , वैसे hi शूरति की आँखें बंद हो गई , जैसे वोह मन hi मन सीमा का शुक्रिया ऐडा कर रही हो ,

शूरति सीधी लेती हुई थी , और रवि उससे चिपक कर सोया हुआ था , रवि ने शूरति को कास कर जकड रखा था और उसकी इक तंग शूरति की मोती जांगू पर रगड़ खा रही थी , शूरति ने इक निघ्त्य पहन राखी थी जो उसके घुटनो तक hi अति थी ,

रवि ने जैसे hi अपनी तंग उसकी जांगू पर राखी थी , उसकी निघ्त्य भी ऊपर उठ गई थी , और उसकी गोरी मखमली जंगे नंगी हो चुकी थी , उसकी सांसे तेज़ चल रही थी , और उसकी मखमली छूट अंदर से बेहद गरम और गीली हो चुकी थी ,

रिमी ने भी कुछ देर बाद रवि को पीछे से अपनी बहु में भर लिया , फिर नजाने कब तीनो को क्या सोचते हुए नंद ा गई ,

वही दूसरी तरफ बेबी और कैटलीन जब घर पहुंची , तब भी काट बेहद दरी हुई थी , वोह इक पल के लिए भी बेबी से दूर नै हो रही थी ,

जब दोनों फ्रेश होकर सोने लगी , तब भी काट ने बेबी को अपनी बहु में जकड रखा था ,

"काट , क्या बात है , प्लस बताओ न.." बेबी ने थोड़ा चिंता में बोलै ,

"bb..baby ...v..vv..voh....rr...ravi....b..bb..bhut...h...hai.." काट हकलाते हुए बोली ,

"ओह्ह हो , काट क्या तुम पागल हो गई हो.."

"नै बेबी , रवि ने खुद मुज़से कहा के वोह बहुत है , उसने हमारी गन्स गयाब की थी , बेबी वोह मुझे ले जायेगा , उसने बोलै है..." काट डरकर रट हुए बोली ,

"काट , तुम किसी से नै डर्टी , तुम अंदर से कितनी कहकर हो , दिखाओ दो उस बहुत को.." बेबी ने काट के गालो को चुम कर बोलै ,

"क्या खाक कहकर हु , बेबी वोह बहुत है , उससे नै लड़ सकती में , कही उसने मेरा रपे कर दिया तोह , हे भगवन , कहा फास गई में , क्यों गई वह पर..." काट नाम आँखों से खुद को खोलते हुए बोली ,

"काट में हु न.."

"बेबी तुम क्या कर लोगी , बेबी वोह बहुत है , में कल hi किसी तांत्रिक के पास जाती हु , कोई ताबीज़ पहन लुंगी तोह रवि और उसका बहुत मेरे करीब नै ा पायेगा .." काट ने मुस्कराते हुए बोलै ,

"हम्म , यह ाचा आईडिया है , वोह नकद वाले बाबा के पास जाना , वोह hi कुछ कर सकते हैं.."

"तुम कब गई उनके पास.." काट ने तीखी नज़रिओं से बेबी को घूरते हुए बोलै ,

"अरे पगली , मने उनके बड़े बड़े किस्से सुने हैं , वोह यू , बहुत भगा देते हैं , तुम चिंता मत करो..." बेबी मुस्कराते हुए बोली ,

"हैश्च , ठीक है , पर वैसे भी वोह रवि काम था जो अभ इक और ा गया , पता नै उस बहुत को मुज़मे दिखा क्या.." काट ने बेबी को देख आँख मर बोलै ,

"जान , तुम हॉट हो , उफ़ तुम्हारा खूबसूरत चेहरा , यह 36 साइज के बूब्स , तुम्हारी 38 साइज की अस्स , तुम देख कर तोह बुद्दू का भी खड़ा हो जाये , रवि तोह अभी जवान है..." बेबी ने कास कर काट के बूब्स दबाते हुए बोलै ,

"ोुछः , क्या इरादा है मेरी जान.." काट अपने गुलाबी होंठो पर जीभ फिरा बोली ,

"इरादे तोह नेक नै मेरे..." बेबी ने इतना बोल काट को सीधा लेता उसके ऊपर चढ़ उसके होंठो पर अपने होंठ रख दिए , फिर दोनों ने खूब प्यार किया , और आखिर थक कर सो गई ,

नेक्स्ट डे..

सुबह के 8 बज रहे थे , और रवि अभी भी सो रहा था , रिमी उठ चुकी थी , उठ तोह शूरति भी चुकी थी , पर रवि ने उसे कास कर अपनी बहु में भर रखा था ,

तोह शूरति ने रिमी को अकेले hi बहार बेहज दिया था , अज्ज कल वोह कुछ जायदा hi रवि की केयर करने लगी थी :डी

शूरति करवट बदल कर लेती हुई थी , और रवि भी करवट बदले उससे चिपक कर सो रहा था , शूरति की मखमली अस्स पर रवि का खड़ा लुंड टच हो रहा था , जिसे शूरति भी महसूस कर रही थी ,

आखिर आधे घंटे बाद रवि की आँख खुली , उसने शूरति की गर्दन को चुम कर बोलै ,

"अरे मिली वाइफ जी भी अभी सो रही हैं , कामचोर कही की , अज्ज कल बहुत आलसी हो गई है तू , चल छाए दे मुझे.." रवि ने मुस्कराते हुए बोलै तोह शूरति शर्माने लगी ,

शूरति उठी और अपने बालो को बाँड्ने लगी , रवि भी उठ कर बेथ गया , उसने देखा शूरति के गुलाबी होंठ मुस्कराते हुए बेहद हसीं लग रहे थे ,

"उम् मेरी जान..." रवि ने इतना बोल शूरति के होंठो को कास कर चुम लिया ,

"भइआ में छाए लती हु.." शूरति , रवि से नज़रियन चुरा मुस्करा कर बोली और उठ कर जाने लगी ,

"हम्म , बीवी साहिबा , अप्प बहुत क्यूट हो , और खूबसूरत भी.." रवि ने शूरति को आँख मर कर बोलै , शूरति जल्दी से उठ रूम से बहार भाग गई , उसे बेहद शर्म ा रही थी ,

"उफ़ अज्ज क्या करू , काश के ख़ुशी का फ़ोन ा जाता , और वोह मुज़से मिलने का कहती..." रवि ने मन hi मन यह बोलै तोह लॉकेट ब्लू रौशनी में चमक उठा , और िका इक उसका फ़ोन बजने लगा ,

"हलो .." रवि ने मुस्कराते हुए बोलै ,

"हलो जान , में खुशु बोल रही हु.."

"उम् , अभ तुम्हारी मीठी आवाज़ में कैसे न पहचान पाव , और क्या कर रही मेरी मोटू.."

"मोटू जी , में कल आपसे मिलने ायुगी , ठीक 10 बजे सोल्लगे पहुँच जाना , ok bye मोटू जी.." ख़ुशी ने हस्ते हुए बोलै और फ़ोन कट कर दिया ,

"अभी बस , साला मेरी जुबान सच में काली हो गई है , बस , क्या लफड़ा है बी..." रवि शॉक सा हुआ अपनी भाषा में बोलने लगा , शुद गाओं की देसी भाषा ,

रवि अभी सोच hi रहा था के शूरति छाए लेकर ा गई , रवि अभी फ्रेश नै हुआ था , वोह अभी बीएड पर बैठा हुआ था ,

"उफ़ ओह , उठो न भइआ , छाए ठंडी हो जाएगी..." शूरति ने अपने माथे पर हाथ मर कर बोलै ,

"उफ़ काश के छाए का कप खली हो जाता.." रवि ने मन hi मन बोलै तोह छाए का कप खली हो गया , लॉकेट अपनी शक्ति दिखा रहा था ,

"लाओ छाए दो.." रवि ने मुस्करा कर बोलै ,

"यह लूओ , अअअअअअअ , छाए किधर गई.." शूरति ट्रे से कप उठाते hi चीख कर बोली , कप खली था , जैसे उसमे छाए डाली hi न गई हो ,

"बीवी साहिबा , अभ हम hi मिले थे , सुबह सुबह मज़ाक करने को.." रवि ने थोड़ा घम्बिर होकर बोलै ,

"नै , mm...me छाए लायी थी.." शूरति हरिजन परेशान सी अपने बाल खुजाते बोली ,

"ाचा और ले ायो .." रवि उठ कर वाशरूम में घुसता हुआ बोलै ,

"में छाए लायी थी , मने खुद बनाई थी , फिर कप में डाली , कहा गई , ृमियी , में छोडूगी नै तुझे..." शूरति गुस्से से पेअर पटक कर बहार जाते हुए बोली ,

रवि नाहा कर नए कपडे पहन बहार हॉल में ा गया , उसने रहत की साँस ली , क्यों की सीमा अभ नार्मल लग रही थी ,

फिर रवि ने छाए पि , कुछ देर बतिअन की और फिर चल पढ़ा , काट को परेशान करने , लेकिन इक बात उसने नोटिस की , रिमी और शूरति इक दूसरे की तरफ गुस्से से देख रही थी ,

"काट , अभ आएगा मज़ा , मेरी काली जुबान , अभ काट की गोरी जुबान से खूब लड़ेगी , उम् सुररपपपप अह्ह्ह्ह , मज़ा आएगा.." रवि मन hi मन मुस्कराते हुए बोलै ,

फिर रवि कुछ hi देर में बेबी के घर पहुँच गया , रवि ने दरवाजा नॉक किया , कुछ hi देर बाद बेबी ने दरवाजा खोला ,

"हलो बेबी.." रवि मुस्करा कर बोलै ,

"हाय जणू , ायो न अंदर..." बेबी मुस्कराते हुए इक तरफ हैट कर बोली ,

फिर रवि ने अंदर घुस कर घर के हॉल में देखा , काट सोफे पर बैठी हुई थी , रवि के होंठो पर इक मुस्कान दौड गई ,

"रवि तुम बैठो , में अभी आयी.." बेबी इतना बोल किचन की तरफ चली गई ,

रवि अग्गे बाद काट के पास hi सोफे पर बेथ गया , काट ने रवि को थोड़ा चौंक कर देखा और फिर मुस्कराने लगी ,

"कट्ट्ट्ट , में ा गयाए मेरिइइइइ जांणण.." रवि ने काट के करीब होकर धीरे से बोलै ,

"अभ तुम मेरा कुछ नै भिगाड सकते बहुत जी , क्यों की मेरे पास यह चमत्कारी ताबीज़ है , मने सुबह hi उस नकद वाले बाबा से 2 हज़ार में ख़रीदा है , अभ तुम मुझे टच नै कर सकते..." काट ने अपना काळा रंग का ताबीज़ रवि को दिखते हुए बोली , जो उसकी दूध जैसी सफेद नरम गर्दन पर बेहद खूबसूरत लग रहा था ,

रवि को काट की बतिअन सुन हस्सी ा गई , वोह हसने लगा ,

"काश के काट का लॉकेट गयाब हो जाता ..." रवि ने आँखें बंद कर मन hi मन बोलै ,

"हम्म , मेरी जान , तुम्हारा ताबीज़ तोह बेहद चमत्कारी है..." रवि ने मुस्कराते हुए बोलै ,

"हाँ , वही तोह , में कहहह..." काट यह बोलती रुक गई , क्यों की जब यह बोलते हुए उसने अपने ताबीज़ को छुआ तोह ताबीज़ इक डैम से गयाब हो गया , काट कम्पनी लगी , उसे अभ पूरा यकीन हो गया था , रवि बहुत है , उसके बदन के साथ साथ उसके नरम गुलाबी होंठ भी कम्प रहे थे , जिनको देख रवि का मन कर रहा था , कास कर चुम ले....

"bb...bb...bhutttt ...jjjiiiiiiiiii..." काट दर से कंपते हुए नाम आँखों से बोली और फिर जोर से चीख padhi..."babyyyyyyyyyyy...."

"शहहहहह , चुप्प्प , अगर इक आवाज़ और निकली तोह , तोह , में , में तुम्हारी यह गुलाबी जीभ गयाब कर दूंगा , इक डैम खामोश..." रवि ने काट के होंठो पर ऊँगली रख उनको दबाते हुए बोलै ,

"huuu....bhut जीई प्लस..." काट ने नाम आँखों से थोड़ा घबराते हुए बोलै ,

"बहुत जीई , इतनी इजाजत..." रवि यह बोल हसने लगा , और फिर एकदम से खामोश होकर बोलै ,

"काट , उम् अह्ह्ह , अपने ें गुलाबी रसभरे होंठो से मुझे इक जोरदार किश करो..." रवि ने काट को आँख मरकर बोलै तोह काट और भी दर गई , वोह कम्प रही थी , तभी बेबी ा गई ,

"क्या हुआ काट , तुम चिलायी क्यों..." बेबी ने काट के करीब खड़े होकर बोलै ,

"बब्यीययययय..." काट चीखती हुई उठी और बेबी के गले लग गई ,

"रवि क्या हुआ काट को.." बेबी ने रवि की तरफ देख कर बोलै ,

"वोह , वोह कुछ नै , यह मुझे बहुत समाज रही है , अभ तुम hi बताओ , में क्या बहुत हु.." रवि मुस्कराते हुए बोलै ,

"ओह्ह नै मेरा जणू बहुत नै है.." बेबी मुस्करा कर बोली ,

"बेबी यह झूठ बोल रहा है , इसने उस नकद वाले बाबा का ताबीज़ भी गयाब कर दिया , ये देखो .." काट ने पीछे हैट अपनी गर्दन बेबी को दिखते हुए बोली ,

"उफ़ ओह्ह काट कहा गयाब हुआ है , नकद वाले बाबा का ताबीज़ अभी भी है , तुम खुद देख लो , में छाए लती हु रवि के लिए.." बेबी मुस्कराते हुए बोली और वापिस किचन में चली गई , क्यों की उसे पता था रवि को कॉफ़ी पसंद नै है ,

काट ने जैसे hi अपनी गर्दन को छुआ , उसकी टंगे दर से कम्पनी लगी , क्यों की नकद वाले बाबा का ताबीज़ अभ उसके गले में था , काट ने सेहमी नज़रिओं से रवि को देखा , रवि उसे आँख मर मुस्करा दिया , और अपने होंठो पर ऊँगली रख कुछ इशारा किया , तभी रवि का फ़ोन बज उठा ,

"हलो अनु , हाँ बोलो..." रवि ने काट के खूबसूरत चेहरे को निहारते फ़ोन उठा लिया ,

"रवि , इक मुसीबत ा गई है.." अनु ने बेहद घबराहट में बोलै ,

"क्यों , क्या हुआ .." रवि थोड़ा परेशानी में बोलै ,

"रवि , अभी अभी राजेश सर को इक ागायत फ़ोन आया था , उस फ़ोन कॉलर ने बोलै , के अज्ज वोह इस शहर का इक हॉस्पिटल बम्ब से उड़ाने वाले हैं , तुम बेबी और काट को लेकर जल्दी मेरे फ्लैट में ा जाओ.." अनु ने घबराते हुए जल्दी जल्दी में सब बोल दिया ,

"ओह्ह , शयद रेहमान उल्ला या असलम खान का काम होगा , में अत हु.." रवि ने इतना बोल फ़ोन कट कर दिया , और फिर काट को देखने लगा , जो अभ भी दरी सेहमी कड़ी थी ,

तो बे कुनिटेड ... फ्रेंड्स अभ डेली अपडेट आएगा... यार पुलिस जॉब .. फेस्टिवल्स में ड्यूटी सख्त होती है.. तोह इक पल के लिए भी वख्त न मिला.. में तोह दारू भी न पे सका .. भाई साब.. :डी
 
अपडेट-38

अभ अग्गे...

रवि ने अनु का फ़ोन कट होते hi , थोड़ा चिंता में काट की तरफ देखा , काट तोह पहले hi दरी सेहमी उसे देख रही थी ,

"भट्ट जीई , प्लस ...छोड़ दो मुझे..." काट ने दर से कंपते हुए बोलै ,

"काट मेरी बात सुनो , मज़ाक बहुत हो गया , अनु का फ़ोन आया था..." रवि अभी बोल hi रहा था काट बेच में hi बोल पढ़ी ,

"ओह्ह तोह तुम मुज़से मज़ाक कर रहे थे , उम् , में तुम जान से मर दूंगी..." काट ने बेहद गुस्से में लाल होते हुए बोलै ,

"ः , तुम मुझे मृगी , तुम्हारे कपडे अभी गयाब कर दूंगा , वैसे भी तुम नंगी देखने के लिए मारा जा रहा हु में .." रवि ने काट को डरते हुए बोलै ,

"ss...sorry...bb...bhut...jj...jiii.." काट ने दर से हकलाते हुए बोलै ,

"ाचा तोह काट में तुमसे कह रहा था , अभी अभी अनु का फ़ोन आया है , उसने बोलै के हमारे शहर में किसी ागायत इंसान ने धमकी दी है , वोह अज्ज इक हॉस्पिटल बम्ब से उड़ने वाले हैं..." रवि ने इक hi साँस में सब कुछ बोल दिया ,

"ओह्ह माय गॉड , बेबी जल्दी ायो.." काट ने शॉकेड होते हुए बोलै ,

तभी बेबी भी किचन से बहार ा गई , उसने रवि को छाए दी , और काट को कॉफ़ी, और खुद भी कॉफ़ी का कप लेकर सोफे पर बेथ गई ,

"बेबी मेरी बात सुनो..." फिर काट ने बेबी को धमकी भरे फ़ोन कॉल की पूरी डिटेल दे दी ,

"ओह्ह , फिर तोह जल्दी चलते हैं.." बेबी ने थोड़ा चिंता में बोलै ,

"काट , तुम और बेबी 5 मिंट में रेडी हो जाओ , अभी वख्त नै है , जल्दी करो.." रवि ने थोड़ा घम्बिर होकर बोलै ,

फिर काट और बेबी ने अपनी कॉफ़ी ख़तम की , और जल्दी से बैडरूम में घुस त्यार होने लगी ,

"उफ़ यह रवि अभ कितना नार्मल है , लगता है , मेरे साथ कोई गेम खेल रहा है , पर इस तरह चीज़े गयाब कैसे हो गई , उफ़ मेरी तोह कुछ समाज नै ा रहा..." काट ने मन hi मन सोचते हुए बोलै ,

"क्या हुआ , क्या सोच रही है मेरी जान.." बेबी ने कपडे चेंज करते हुए मुस्करा कर बोलै ,

"वोह , वोह , कुछ नै , में रवि के बारे में सोच रही थी , रवि बहुत है या नै..." काट ने थोड़ा चिंता में बोलै ,

"हहै , काट तुम न मुझे भी पागल कर डौगी , जल्दी से रेडी हो जाओ.." बेबी ने कपडे चेंज कर बहार रवि के पास जाते हुए बोलै ,

फिर 5 मिंट में hi बेबी और काट रेडी हो गई , फिर तीनो बेबी की गाड़ी में बेथ , ारवती नगर , अनु के घर की तरफ जाने लगे ,

"रवि यह किसका काम हो सकता है..." बेबी ने थोड़ा चिंता में बोलै , वोह गाड़ी ड्राइव कर रही थी ,

"बेबी कुछ कह नै सकता , मेरे ख्याल से असलम खान या रेहमान उल्ला का प्लान हो , या फिर कोई नया दुश्मन , कोससिह यही है के उसे रोक ले , वार्ना कई मासूम लोग ब्लास्ट में मरे जायेगे..." रवि ने बेहद घम्बिर होकर बोलै ,

"रवि शहर में कितने हॉस्पिटल होंगे.." काट ने पीछे बैठे हुए पूछा ,

"काट कुछ कह नै सकता , अनु से सब पता चल जायेगा..." रवि ने धीरे से बोलै ,

"उफ़ यह रवि अभ कितना नार्मल है , यह बहुत है या नै , उफ़ में तोह पागल हो जोगी , लगता है नकद वाले बाबा का ताबीज़ काम कर गया , रवि के अंदर से बहुत भाग गया ..." काट ने मन hi मन खुश होते हुए बोलै , और अपने ताबीज़ को चुम लिया ,

वही दूसरी तरफ घर में...

सुबह के 9 बज रहे थे , रमा घर के हॉल में सोफे पर बैठी कुछ सोच रही थी , अज्ज वोह कुछ जायदा hi सीरियस थी ,

रमा अपनी माँ सीमा के बारे में सोच रही थी , उसकी माँ की आवाज़ कितनी भरी और ब्यांक थी , रमा को वोह पल यद् एते hi , उसका अंदर तक कम्प गया ,

रमा का पूरा दयँ अपनी माँ सीमा पर था , जो किचन में खाना बना रही थी , शूरति भी उसकी मदद कर रही थी , और रिमी अपने रूम में सीमा के साथ बतिअन कर रही थी ,

"सीमा देदी , उम् , खाना तोह बेहद टेस्टी बनाया अपने , लाजवाब .." शूरति ने थोड़ा सा खाना टास्ते कर मुस्कराते हुए बोलै ,

"हम्म , में इस दुनिआ में सबसे अछि हु , इसमें कोई शक नै , मुज़से बेहतर कोई नै , में जो भी करती हु , मुज़से ाचा कोई नै कर सकता.." सीमा ने थोड़ा घम्बिर होकर बोलै , शूरति चौंक कर सीमा की तरफ देखने लगी , क्यों की पहले कभी सीमा अपनी तारीफ खुद नै करती थी ,

"देदी , यह बात तोह सही कही अपने , आपसे ाचा इस दुनिआ में और कोई नै..." शूरति ने मुस्करा कर बोलै ,

"हाँ , में बेहद अछि हु , अपने पति को तुम सबके साथ बाँट रही हु , ऐसा कोई नै कर सकता , कोई पत्नी ऐसा नै कर सकती , में सबसे अछि हु ..." सीमा ने शूरति के चेहरे को देख कर बोलै , शूरति हरिजन सी हो गई , उसे कुछ समाज नै ा रहा था , वोह क्या कहे ,

"सीमा देदी , वोह , वोह , में अति हु.." शूरति नज़रियन झुकाये किचन से बहार ा गई , उसकी आँखें नाम हो गई , इस वख्त उसका मन बेहद उदास था ,

रमा ने शूरति को किचन से एते देखा तोह उसने शूरति को आवाज़ लगा दी ,

"शूरति देदी , मेरे पास एना.." रमा ने थोड़ा सीरियस होकर बोलै ,

शूरति अपने रूम में जाना चाहती थी , पर फिर कुछ सोच कर रमा के साथ hi बेथ गई ,

"क्या हुआ देदी , आपकी आँखें क्यों नाम है.." रमा ने और भी उदास लहजे में पूछा ,

"वोह , वोह... कुछ नै..." शूरति ने अपनी आँखों से निकलते असनु साफ कर बोलै ,

"देदी , माँ ने कुछ बोलै आपको.." रमा ने आँखें नाम कर पूछा ,

"नै , हाँ , सीमा देदी ने मुज़से कहा , के वोह इस दुनिआ में सबसे अछि है , क्यों की वोह अपने पति को हम सबके साथ बाँट रही है , पर रमा , मने कभी रवि भइआ से जिद्द नै की , वोह मुज़से शादी करे , में क्या इतनी बुरी हु.." शूरति ने रट हुए बोलै ,

"उफ़ देदी , प्लस चुप हो जाओ , पता नै माँ को क्या हो गया है.." रमा ने भी रट हुए बोलै ,

"रमा , मेरी क्या गलती है , के मुझे रवि से प्यार है , मेरा दिल , उनके बिना नै लगता , क्या करू में , मैं कुछ नै कर सकती , में उनसे दूर चली जोगी , सीमा देदी की इस बात ने मेरा दिल , चलनी चलनी कर दिया है , उफ्फ्फ में भइआ से बहुत दूर चली जोगी..." शूरति और भी सिसक सिसक कर रट हुए बोली ,

"देदी , ऐसा मत कहो , भइआ आपको बहुत चाहते हैं , उनके दिल पर क्या बीतेगी.."

"रमा , जब सीमा देदी ने यह बोल दिया , के वोह अपने पति को हम सबके साथ बाँट रही है , फिर पीछे क्या रह गया , में उनका हुक कैसे चीन सकती हु , में मम्मी - पापा के पास चली जोगी , में अकेले अपनी जिंदगी गुजर लुंगी , पर यह इलज़ाम मुज़से सेहन न होगा , के में किसी का पति उनसे चीन रही हु.." शूरति इतना बोल रट हुए अपने रूम में भाग गई , उसका दिल अज्ज सच में टूट गया था ,

यह बात जितनी छोटी लगती है , पर उतनी थी नै , इक पत्नी जब किसी से यह बोल दे , तोह सामने वाले इंसान पर , बहुत गहरा असर होता है ,

"शूरति देदी रुको न , मेरी बात सुनो.." रमा ने रट हुए जोर से बोलै , पर तब तक शूरति जा चुकी थी ,

अभ तोह रमा को पूरा विश्वास हो गया था , उसकी माँ बिलकुल बदल गई है , यह उसकी माँ नै थी , कोई और था , पर कैसे , रमा का सर दर्द कर रहा था , सोच सोच कर ,

रमा उठी और सीमा के पास चली गई , उसे अपनी माँ पर बेहद गुस्सा था , वोह किचन में पहुँच अपनी माँ के साथ hi कड़ी हो गई ,

"क्या हुआ मेरा बचा , भूक लगी है तुम , बस खाना त्यार है.." सीमा ने प्यार से रमा के गालो पर हाथ फिरा बोलै ,

"माँ , वोह , वोह , अपने शूरति देदी से ऐसा क्यों बोलै , के अप्प भइआ को उनके साथ बाँट रही हो.." रमा ने थोड़ा गुस्से में बोलै ,

"ओह्ह , रमा मने सच hi बोलै है , में अपने पति को हर इक के साथ बाँट रही हु , उफ़ ऐसा कोण कर सकता है , लेकिन इसमें गुस्सा करने वाली कोनसी बात , मने तोह इतना hi बोलै के में इस दुनिआ में सबसे अछि हु.." सीमा ने मुस्कराते हुए बोलै ,

"माँ , इसका मतलब , अप्प मुज़से भी अपने पति को बाँट रही हो.." रमा ने रट हुए बोलै ,

"नै मेरा बचा , तू तोह मेरे दिल का टुकड़ा है , तेरे लिए में इस पूरी दुनिआ को जला कर खाक कर सकती हु , तेरे लिए में इक पति तोह क्या , ऐसे हज़ारो पति कुर्बान कर सकती हु , शूरति ने मुज़से कहा के में अछि हु , मने बस उसी का जवाब दिया था.." सीमा ने घम्बिर होकर रमा की आँखों में देख कर बोलै ,

"माँ अप्प अछि नै हो , अप्प पहले ऐसा नै कहती थी , अप्प मेरी माँ नै हो , कोण हो अप्प .." रमा ने गुस्से में रट हुए चिल्ला कर बोलै ,

"में अछि हु , एस्सस दुनिआए... meee..sabseeee..takatwarrrr..huuuu...meee...samaziii...tummm.." सीमा ने बेहद ब्यांक और भरी आवाज़ में बोलै , उसकी आवाज़ ने रमा को अंदर तक हिला दिया ,

"में भइआ को बता दूंगी , अप्प मेरी माँ नै हो , में भइआ को बता दूंगी..." रमा इतना बोल रट हुए किचन से बहार भाग गई ,

"हम्म्म , शहहह , मेरिइइइ... बेटीईईई , तुममम.. aisaaa...kuchhhhh...naiiiii...karrrr...paugiiiii...khiiiiiikhiiiiiiiikhiiiii..." सीमा ने अपनी आँखें लाल रोशनी में चमकते हुए बोलै , उसका चेहरा बेहद ब्यांक हो गया था ,

"meeee...raviiiii...kiiii....huuuuu....mereeee...sonaaaaa...koooo...muzseeee...koiiiii...alagggg...naiiii...karrrrr...saktaaaaa...khiiiiikhiiiii...meriiiii...betiiiiii...tume.....khudkhusiiiii.. karniiiiii....hogiiiiiii...khiiiiiikhiiiiiii..." सीमा ने बेहद ब्यांक आवाज़ में बोलै , उसकी आँखें वैसे hi लाल रौशनी में और भी तेज़ चमकने लगी , और वोह जोर से चिलायी , उसकी आँखें सफेद हो गई , उसके नोकीले दन्त बहार को निकल ए , उसका रूप सच में बेहद ब्यांक था ,

bb6aa83150795e43db5b66056ed443d0.jpg


वही दूसरी तरफ....

"बिमान भाई , जैसा अपने बोलै , हमने कर दिया..." रेहमान उल्ला ने सोफे पर बैठते हुए बोलै , वोह और असलम खान दोनों बिमान शाह के फ्लैट में उससे मिलने ए थे ,

असलम खान कुछ परेशान और गुस्से में था , कल रत उसका करोड़ो का नुकसान हो गया था , और उसे पता भी नै , के कोण था , किसने किया था ,

"क्या हुआ असलम खान , तुम्हारा सारा माल , रत को पुलिस ने जबत कर लिया , किसी ने तुम्हारे आधा से जायदा अद्मयों को मर दिया , बाकि अद्मयों के हाथ पेअर तोड़ दिए , जानते हो कोण था वोह..." बिमान शाह ने अपनी फेवरेट रेड वीने के सिप लेते हुए बोलै ,

"नै पता बिमान बहु , इक बार पता चल जाये , सेल को जिन्दा जमीन में दफ़न कर dunga..."aslam खान ने गुस्से में चीख कर बोलै ,

"ः , तुम उसका कुछ नै भिगाड सकते , वोह रवि था , हम सबका इकलौता दुश्मन , और में तुम दोनों को बता दू , वोह इक वैम्पायर है , उसे तुम मर नै सकते..." बिमान शाह ने हस्ते हुए बोलै ,

"क्याआ , फिर तोह हम मर जायेगे.." रेहमान उल्ला ने डरते हुए बोलै ,

"खीयकहीईईई , उसी रवि को रोकने का इंतज़ाम कर रहा हु , उसे पकड़ना अभ आसान नै है , उस "ग्रोथ" फॉर्मूले से में इक ऐसा फार्मूला त्यार करुगा , के रवि मेरा मुकाबला नै कर पायेगा , उसे में कैद करके , उससे उस मैप के बारे में सब पता लगा लूंगा , इक बार उस जगह का नक्शा मुझे मिल जाये , फिर इस दुनिआ पर मेरा hi राज़ होगा , ः..." बिमान शाह ने बेहद ब्यांक आवाज़ में बोलै , जैसे जैसे उसका गुस्सा बढ़ता जा रहा था , उसकी आँखों का रंग लाल होता जा रहा था ,

"हम्म , यह बात तोह है बिमान भाई , पर हमें बचा लेना उस रवि से , हम उससे लड़ नै सकते..." असलम खान ने दर से कंपते हुए बोलै ,

"तुम पुलिस को बिजी रखो , हर 2 घंटे बाद , उनको जगह बदल बदल कर धमकी देते रहो , मैं इक हॉस्पिटल को अपनी शक्ति से जला दूंगा , ऐसा लगेगा , जैसे बम्ब विस्फोट हुआ हो , अभ रवि इस शहर के चाकर कट्टा रहेगा , और में उस लैब में घुस कर , वोह फार्मूला चुरा लूंगा..." बिमान शाह इतना बोल हसने लगा , और साथ में रेहमान उल्ला और असलम खान भी...

वही दूसरी तरफ...

करीब 10 बजे रवि , काट और बेबी अनु के फ्लैट के सामने पहुँच गए , फिर रवि ने बेल्ल बजे और कुछ hi वख्त में अनु ने मैं गेट खोल दिया , उसके चेहरे पर उदासी साफ झलक रही थी ,

"रवि , ायो अंदर जल्दी..." अनु ने इक तरफ होते हुए बोलै , बेबी और काट भी जल्दी से अंदर ा गई ,

"अनु कुछ पता chala..."ravi ने थोड़ा चिंता में बोलै ,

"ायो मेरे पीछे..." अनु इतना बोल अग्गे अग्गे चलने लगी ,

उसने अपने बैडरूम में पहुँच , सामने वाली देवर पर इक अपनी बड़ी सी पेंटिंग के राइट साइड इक छोटे से रेड बोटों को दबा दिया , देवर इक दरवाजे की तरह इक तरफ को सरक गई ,

रवि , बेबी और काट तोह हरिजन रह गए , फिर अनु उन सब को अपनी लैब में ले आयी , वोह सब और भी चौंक गए , अनु की लैब देखकर , वह बहुत सरे कम्प्यूटर्स रखे हुए थे , और सामने बहुत बड़े बड़े लेद टीवी लगे हुए थे , जिन पर अलग अलग स्क्टी कामर्स दिखाई पढ़ रहे थे , मतलब अनु इस पोरे शहर पर नज़र रखे हुए थी , इक इक नगर पर अलग अलग नज़र बनाई थी अनु ने ,

"ओह्ह मय्यै गॉडडडड ..." बेबी चौंक कर बोली , उसे अनु पर जैसे विश्वास hi नै हो रहा था ,

"रवि हमारे शहर के 7 नगरों में , कुल मिला कर 15 हॉस्पिटल हैं , और यह हॉस्पिटल्स , बेहद बड़े हैं , मतलब , हज़ारो लोग , ें हॉस्पिटल्स में एते जाते होंगे , अभ मुसीबत यह है के , हमें पता लगाना है , आम लोगो की तरह बनकर , क्यों की अगर पुलिस वह जाएगी तोह लोग दर जायेगे , पर हम करेंगे कैसे , कुछ समाज नै ा रहा , हमें तक़रीबन 11 लोगो की और जरुरत पड़ेगी..." अनु ने बेहद परेशानी में बोलै ,

"उफ़ में भी न , मेरे पास लॉकेट है , में अभी पता लगा लेता हु , किस हॉस्पिटल में बम्ब है..." रवि में मन hi मन मुस्कराते हुए बोलै ,

"काश के मुझे दिख जाता , किस हॉस्पिटल में बम्ब है.." रवि ने आँखें बंद कर बोलै , पर उसे कुछ न दिखा , वैसे भी बिमान शाह ने बम्ब कही नै लगाया था , तोह लॉकेट कुछ नै दिखा रहा था ,

"उफ़ मुझे कुछ दिखा क्यों नै , ओह्ह , कही ऐसा तोह नै , अभी बम्ब लगाया न गया हो , मुझे भी यही लगता है , उस आदमी का पता करता हु , फिर वही सच बताएगा.." रवि ने इक बार फिरसे आँखें बंद कर , उस आदमी के बारे में सोचते हुए लॉकेट से मन hi मन बोलै ,

"रवि क्या सोच रहे हो.." अनु ने परेशानी में पूछा , रवि अभ उस फ़ोन कॉल करने वाले के बारे में सोचने hi जा रहा था , के अनु ने उसे रोक दिया था ,

"अनु , अभी कही बम्ब नै रखा गया , तुम लोग सिर्फ और सिर्फ , हॉस्पिटल्स पर नज़र रखो , देखो हॉस्पिटल में कोई अनजान गाड़ी या अनजान इंसान , घुसता है या नै , तुम तीनो , हर हॉस्पिटल पर नज़र रखना..." रवि ने सामने लगे बड़े बड़े टीवी स्क्रीन पर नज़र डालते हुए बोलै ,

"पर , रवि कैसे , हम 15 हॉस्पिटल्स पर नज़र रखे , वह तोह हज़ारो लोग आएंगे दिन भर , हमें कैसे शक होगा उन पर..." काट ने थोड़ा परेशानी में बोलै ,

"काट , तुम बस नज़र रखनी है , बाकि में खुद सम्बल लूंगा , तुम खुद बा खुद पता चल जायेगा , में बता दूंगा , ाचा अनु , उस फ़ोन कॉल का कुछ पता चला , किसने किया था.."

"हम्म , रवि जायदा कुछ तोह नै पता चला , बस इतना पता है , फ़ोन जमुना नगर में ****** सिनेमा हॉल के बहार राइट साइड में जो पीसीओ है , वही से आया था..." अनु ने रवि को यद् कर बताते हुए कहा ,

"हम्म , उस सिनेमा हॉल के बहार स्क्टी कैमरा लगा होगा , उसे प्ले करो , जब फ़ोन आया था , उस वख्त से कुछ देर पहले.." रवि ने मुस्करा कर बोलै ,

"ोकककक.." अनु भी खुश होते हुए बोली ,

फिर अनु कंप्यूटर पर उस सिनेमा हॉल के गेट पर लगे स्क्टी कामर्स को हैक करने लगी , अनु ने ऐसा डिवाइस त्यार किया था , जिस से वोह किसी पर भी नज़र रख सकती थी , या उसे किसी ने दिया था यह डिवाइस ,

"हम्म , यह लो रवि , देखो स्क्रीन पर.." अनु ने उस कैमरा को प्ले करते हुए बोलै ,

जब पुलिस को फ़ोन आया , उस वख्त करीब 5 लोग उस पीसीओ से बात कर निकले थे , उन 5 लोग ने जायदा देर बात भी नै की , मतलब पोरे प्लान के साथ कॉल किया गया था ,

"रवि ें 5 लोग में से कोई इक होगा , पर कोण.." बेबी ने घोर से उन 5 लोग को बार बार देखते हुए बोलै ,

रवि ने अपनी आँखें बंद की , और लॉकेट से पूछा , तब जो जवाब उसे मिला , रवि बेहद खुश हो गया ,

"अनु यह जो 3रद आदमी है , यही है वोह.."

"पर कैसे , तुम कैसे पता चला.." अनु ने मुस्करा कर रवि को देख बोलै ,

"देखो , जब यह बात कर जा रहा है , इसके माथे पर कितना पसीना बह रहा है , और यह कितना डरा और सेहमा हुआ है , ऐसा तभी होता है , जब इंसान कोई बुरा काम करने जा रहा हो , यही है , हमारा टारगेट , इसका पता लगाओ , में जमुना नगर जा रहा हु.." रवि ने बेबी से गाड़ी की कीस लेते हुए बोलै ,

"रवि में भी साथ चलती हु.." बेबी ने थोड़ा चिंता में बोलै ,

"नै बेबी , तुम और काट को यही रुक कर अनु की हेल्प करनी होगी , वैसे भी में ऐसे सम्बल लूंगा , अगर जरुरत हुई तोह फ़ोन कर दूंगा..." रवि ने जल्दी से बेबी को बोलै और जल्दी से फ्लैट से बहार निकल , गाड़ी में बेथ जमुना नगर की तरफ गाड़ी डोडा दी , अभ उसे लॉकेट का इस्तेमाल कर उस आदमी तक पहुंचना था , रवि को यह आसान लग रहा था , पर क्या बिमान शाह ऐसा होने देता ,

रवि को सीमा पर अभी इतना शक नै हुआ था , उसे यह भी नै पता था , के सीमा रत को कहा जाती है , और तोह और , सीमा शयद घर पर भी किसी को भी नुकसान , पहुंचा सकती थी , इस बात से भी , रवि पूरी तरह अनजान था , और दूसरी तरफ बिमान शाह उर्फ़ जोकर , अपना खेल खेलता जा रहा था , उसने अभी अपने कार्ड्स में बस गुलामो की मदद ली थी , पर उसका हुकम का इक्का अभी पढ़ा था , अगर वोह इस कार्ड गेम का किंग था तोह रानी कोण थी , सीमा या कोई और....

तो बे कुनिटेड... फ्रेंड्स स्पेलिंग मिस्टेक्स हुई... तोह माफ़ करना... बेहद तेज़ी से अपडेट टाइप किया HAI...DUTY से आकर बस यही कर रहा था.. शुक्रिया...
 
अपडेट-39

अभ अग्गे...

रवि जमुना नगर की तरफ जा रहा था , जो उतर दिशा की तरफ था , रवि फुल स्पीड पर गाड़ी डोडा रहा था , क्यों की वह पहुँचने में काम से काम डेढ़ घंटा लग जाता , और रवि के पास वख्त बेहद काम था ,

"उफ़ पता नै यह किसका प्लान होगा , काश के मुझे पता चल जाता , असली मास्टरमाइंड कोण है .." रवि ने आँखें बंद कर मन hi मन बोलै ,

पर रवि को कुछ न दिखा , हाँ , रेहमान उल्ला और असलम खान के चेहरे दिख गए , इक बात तोह रवि जान गया था , रेहमान उल्ला और असलम खान दोनों hi किसी तीसरे के कहने पर यह सब कर रहे हैं , लेकिन वोह तीसरा आदमी कोण था , जिसके बारे में लॉकेट कुछ नै दिखा रहा था ,

"ओह्ह no , कैसे भूल गया में..." रवि ने मन hi मन खुद को खोलते हुए बोलै ,

अचानक हॉस्पिटल से रवि को यद् ा गया था , उसे कल dr.anju से मिलना था , अंजू कल पूरा दिन घर पर उसका इंतज़ार करती रही होगी ,

"उफ़ अंजू को मन लूंगा , पर उसकी जान को भी खतरा होगा , मुझे जल्द से जल्द उन लोग को रोकना होगा..." रवि ने मन hi मन यह सोचा और गाड़ी और तेज़ स्पीड पर डोडा दी ,

रवि अभी गाड़ी चला hi रहा था के उसका फ़ोन बज उठा , रवि ने नंबर देखा तोह रमा का कॉल था , रवि ने फ़ोन उठा लिया ,

"हलो सेक्सी , क्या बात है.." रवि ने मुस्करा कर बोलै ,

"भइआ , मुझे आपको कुछ बताना है , मेरी बात दयँ से सुन्ना , माँ के बारे में , भइआ

माँ...." रमा अभी बता hi रही थी के उसका फ़ोन उसके हाथो से निकल हवा में उड़ने लगा ,

"हाँ रमा बोलो में सुन रहा हु , रमा , रमा , उफ़ यह लड़की भी न..." रवि बहुत देर तक बोलता रहा , फिर उसने सोचा शाम को रमा से बात कर लेगा , रवि ने फ़ोन कट कर दिया ,

वही दूसरी तरफ

रमा का फ़ोन उड़ता हुआ देवर से टकरा जमीन पर गिर गया , फ़ोन की बैटरी निकल कर दूर जा गिरी , अभ फ़ोन स्विच ऑफ हो चूका था ,

रमा रूम से बहार भागने लगी , पर .."खड़दायककककक.." की आवाज़ करता रूम का दरवाजा बंद हो गया ,

"नयी , नयी , भइआएए बचावू , भइआए..." रमा ने दर से कंपते पीछे हट्टे हुए रट हुए बोलै , उसकी आवाज़ अभ बहार कोई नै सुन रहा था ,

रमा फिर धड़ड़ड़ड़ड़ड़ धड़ड़ड़ड़ड़ड़ दरवाजे को हाथ पेअर मरने लगी , पर न तोह दरवाजा खुल रहा था और न hi उसका लॉक काम कर रहा था ,

"थप्प्प्पप्प थप्प्प्पप्प थप्प्प्पप्प , शूरति डेडीईई , रीमिइइइइइ , सीमा डेडीईईई , प्लसससससससस , दरवाजायआ खोललल्लुओ ..." रमा दर से चीखते छीलते रट हुए गेट पर हाथ मरते हुए बोली ,

"khiiiiiiiiikhiiiiiiiiiiii , अहहाआहहहाहा..." एक तेज़ ब्यांक , दिल को कंपा देने वाली , हसने की आवाज़ रमा को अपने पीछे सुनाई देने लगी , रमा तोह दर से कंपते हुए पसीने से भेज गई थी ,

"remmaaaaaaaaaaaaaaaaa..." इक बहुत hi धीमी आवाज़ , जैसे कोई अपनी संसू में hi बोलै हो , रमा को सुनाई दी , रमा और भी दर गई ,

"भय्याहा bachaoooo...thapppppppp थपप्पपपपप , प्लसससससस बचाए थप्प्प्पप्प थप्प्प्पप्पू लूओ , प्लससससस..." रमा दरवाजे पर जोर जोर से हाथ मरती रट हुए बोली ,

"रेमाआ , khiiiiiiiikhiiiiiiiiii , meriiiiiiiiiii bachiiiiiiiiiiiiieee , कोइइइइइइइइइ तुमरीइइइइइइइ ावज़ज़्ज़ज़्ज़ज़ naiiiiiiiiii सुननननन पयेग्गाहा , आआअह्हह्हआआ..." बेहद ब्यांक आवाज़ में कोई बहुत जोर से हस्ता हुआ बोलै , उसकी आवाज़ ऐसी लग रही थी , जैसे इक नै बल्कि 3 या 4 औरतीं इक साथ बोल रही हो , रमा और भी दर गई ,

रमा की हालत बेहद बुरी थी , उसका पूरा जिस्म पसीने से भेजा हुआ था , उसका खूबसूरत चेहरा पसीने से भेजा हुआ था , माथे से पसीने की बूंदे , टप्प तप्प्प गिरती जा रही थी , उसके गुलाबी होंठ , उसके हाथ , पेअर , बल्कि पूरा शरीर कंपकंपा रहा था ,

"remaaaaaaaaaaaaaaaa ..." इक बेहद दिल को कंपा देने वाली आवाज़ , रमा को सुनाई दी ,

रमा ने दर से थर्र थर्र कंपते हुए पीछे पलट कर देखा , उसके रूम में अभ हल्का हल्का अँधेरा छाए गया था , इक तुबे जल रही थी , जिसकी रौशनी बेहद हलकी थी ,

रमा ने पोरे रूम में चारो तरफ दर से कंपते हुए देखा , पर कोई नै था , इतना सनता था के घडी की टीककक टीककक तिकककक , की आवाज़ भी बेहद शोरर करती हुई सुनाई दे रही थीई ,

"kk....kkk...konnnnnn ...haiiiiiiiiii..." रमा ने अपने माथे का पसीना साफ करते हुए हकला कर पूछा ,

अचानक रूम की ऊपरी चाट पर , इक कोने पर रमा को किसी की परछाई दिखाई दी , जैसे वह कोई था , अचानक से रमा इतना तेज़ चखी के ऐसा लगा जैसे उसका गाला अंदर से फैट गया हो ,

"aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa..." एक बहुत लम्बी चीख रमा के होंठो से निकल गई , रमा की पीठ दरवाजे पर लगी हुई थी , पूरा बदन ऐसे कम्प रहा था , जैसे बर्फ का पहाड़ उस पर गिरा दिया गया हो ,

क्यों की सामने मंज़र hi कुछ ऐसा था , चाट के इक कोने पर , इक बेहद ब्यांक , दिल को कंपा देने वाली , इक औरत बैठी , किसी चमगादड़ की तरह उसे देख रही थी ,

bf06cb4e99c8a407a0b361ce5e9e9815.jpg


उसकी आँखों का रंग सफेद और हल्का हल्का लाल था , उसके बाल भीकरें हुए थे , जैसे सालो से धोये न गए हो , हवा में उड़ते बेहद ब्यांक लग रहे थे , चेहरे का मास्स गला हुआ था , उसके होंठ पोरे खुले हुए थे , अंदर से उसके नोकीले दन्त , किसी तेज़ चाकू की तरह चमक रहे थे ,

उसके हाथो का मास्स , सदा हुआ था और सिर्फ हाथ की हड्डीयाँ hi दिख रही थी , गर्दन से निचे , उसका बदन जैसे था hi नै , उसके सफेद कपडे अग्गे से , गले , सादे हुए थे , जैसे वोह सदियों बाद किसी कबर से निकली हो , उसकी गर्दन के निचे मास्स का कोई नामोनिशान तक नै था ,

"aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa , bhyiaaaaaaaaaa बचाआंओओओओओओओओ..." रमा उसके खौफनाक रूप को देख गाला फाड़ते हुए चीख पढ़ी ,

"khiiiiiikhiiiiiiiiiiiiiiikhiiiiiiiiii , तुमईई badiiiiiiiiiiiiii jaldiiiiiiiiiiii haiiiiiiiiiiii , सोनाआआआ को बतनईईईई kiiiiiiiiiii , khiiiiiiiikhiiiiiiiiiiii , जाआआ बताआआ डीईईई , भगगगगगगगग जाआआ , आआहाहाहाहाआअहूऊऊऊहूऊऊ..." वोह आत्मा बेहद ब्यांक आवाज़ में बोली , उसके मोह से काळा रंग का खून जैसा कुछ गिरररर रहा था , उसके काळा खून में बेहद बदबूदार कड़े रेंग रेंग कर बहार को निकल रहे थे , उसके दन्त इतने गंदे और उसकी जीभ , जो जगह जगह से फटी हुई थी , और जीभ के ऊपर छोटे छोटे गंदे कड़े रेंगते हुए बहार गिर जमीन पर गिर रहे थे ,

" maaaaaaaaaaaaaa बच्चाआऊवो..." रमा ऐसा खौफनाक मंज़र देख रोह कंपा देने वाली आवाज़ में चखी , और अचानक से दरवाजा " tiiiiiiiiieeeeeeeennnnnnnnnnnnn..." की आवाज़ करता खुल गया ,

रमा बहार को भागने लगी , वोह भगति जा रही थी , उसे कुछ दिखाई नै दे रहा था , चारो तरफ घोर अँधेरा था , वोह हाफति हुई भाग रही थी , लेकिन उसे ऐसा लग रहा था , के वोह घर में किसी रूम तक नै पहुँच प् रही थी ,

"कोइई ऑर्डर रूमम क्योऊ नैई आए रहा..." रमा ने भागते भागते हफ्ते हुए इक डैम से रुकते हुए खुद से hi बोलै ,

और अचानक हलकी हलकी रौशनी हो गई , जब रमा ने as-pas दर से कंपते हुए देखा , उसकी ब्यांक चीख निकल गई ,

"aaaaaaaaaaaaaannnnnnnaaa , भ्याआआआ , एहहह , कहा आआ गईइइइइइ मीटी..." और रमा दर से कंपते हुए वही जमीन पर गिरकर बेहोश हो गइईईई ,

वही दूसरी तरफ

रवि जमुना नगर पहुँच चूका था , इस बात से बेखबर , के उसकी , रमा , अभ किस हालत में है , और उसकी जान को बेहद खतरा बना हुआ है ,

रवि ने आँखें बंद कर उस आदमी का पता पूछा , लॉकेट ने उसी वख्त ब्लू रौशनी में चमकते हुए , रवि को उस आदमी का पता बता दिया ,

रवि गाड़ी में बेथ वह से जल्दी जल्दी उस आदमी के पास जाने लगा , अभी दुपहर का 1 बज रहा था , आधा दिन hi बचा था , मासूम लोग की जिंदगी बचने के लिए ,

तभी अचानक रवि के सार में तेज़ दर्द उठने लगा , रवि ने इक डैम से ब्रेक लगा गाड़ी रोक ली , लॉकेट बेहद तेज़ लाल रौशनी में चमक रहा था ,

"भ्याआआ रमा कोऊ बचाआ लूओ..." अचानक इक आवाज़ , जैसे कोई बेहद धीमी आवाज़ में अपनी संसू में hi बोलै हो , रवि को सुनाई दी ,

"aaaaaaaaaaaa , कोननननन हैईईईई , अह्ह्ह्हह , शह्ह्हह्ह्ह्ह , मेराआ साररर..." रवि ने दर्द से कहरहते हुए अपना सार दोनों हाथो में दबा लिया ,

"कोमलललललललल , अपकीइइइइइ कोमलललललल , भय्याहा जल्दीईईई रमा कोऊ बचाऔओ.." फिर से कोमल की बेहद धीमी आवाज़ सुनायी डीई , रवि अपना सार हाथो में पकड़ जोर से चीख पढ़ा "अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह , शह्ह्ह्ह , कोमललललललल..."

लॉकेट बेहद तेज़ लाल रौशनी में चमक उठा , इतना तेज़ के उसकी रौशनी पूरी कार में फैल गई , रवि ने इतनी तेज़ रौशनी से बचते अपनी आँखें बंद कर ली , और देखते hi देखते वोह रौशनी रवि की बंद आँखों में घुसने लगी ,

"aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaashhhhhhhaaa..." रवि उस रौशनी के तेज़्ज़ को सेहन न करते हुए दर्द से कंपता चीला उठा , उस रौशनी का तेज़्ज़ज़ रवि की आँखों को जला रहा था , और साथ hi उसके चेहरे को भी ,

24972005-vampire-face.jpg


धीरे धीरे वोह रौशनी रवि की आँखों में घुसती गई ..."aaaaaaaaaannnnnaaaaaa , komallllllllllllll , aaaaaaaaaaaaaaaa ..." रवि की आँखों में वोह रौशनी धीरे धीरे घुसती जा रही थी , रवि की आँखों से खून की पतली धार बहने लगी थी , उसके दन्त नोकीले होते जा रहे थे , होंठो से भी खून बहने लगा था , रवि को इतना तेज़ दर्द हो रहा था , के वोह दर्द सेहन न कर पते हुए पगलू की तरह चिल्ला रहा था , हाथ पेअर पटक रहा था ,

धीरे धीरे पूरी कार में फली रौशनी रवि की आँखों में समां गई , रवि को इतना तेज़ दर्द हुआ के वोह "komaalllllllllllllllllllllllllll..." पूरी जान लगा चिलता हुआ चीख पढ़ा , उसकी आवाज़ इतनी ुचि थी ,

"तीईशःह्ह्ह्हआआईनंनंन्न... की आवाज़ करते गाड़ी के सरे मिरर टूट कर चकना चोरर हो गए , रवि बेहोश हो गया , उसका फ़ोन बज रहा था , पर वोह गहरी नंद में सो चूका था ,

लॉकेट की रौशनी अभ ख़तम हो चुकी थी , अभ वोह इक आम लॉकेट जैसे था , जैसे उसमे कोई ताकत hi न बची हो , अभ रवि वैसा बन चूका था , जैसी पहले कोमल थी , क्या वोह कोमल की तरह बन चूका था ,

fbf214b316071843700330caa6389f41.jpg


वही दूसरी तरफ

अनु परेशानी में लैब में ेहडेर ोहडेर घूम रही थी , वोह रवि को बार बार फ़ोन कर रही थी , पर कुछ जवाब नै मिल रहा था ,

"उफ्फ्फ यह , रवि फ़ोन क्यों नै उठा रहा , कितनी बार तरय कर चुकी हु..." अनु ने बेहद परेशानी में बोलै ,

"क्या , रवि किसी मुसीबत में तोह नै फास गया , ओह्ह्ह गोड़ .." काट ने बेहद उदासी में बोलै , उसका चेहरा मायूस हो चूका था , उसे रवि की बेहद चिंता हो रही थी , उसे रवि से इक लगाव सा हो चूका था ,

"कुछ नै होगा उसी , क्या पता वोह अपना मोबाइल गाड़ी में hi भूल गया हूँ , थोड़ी देर वेट करलो..." बेबी ने दोनों को समझते हुए बोलै , क्यों की वोह जानती थी , रवि इक वैम्पायर है , उसे कुछ नै हो सकता ,

वही दूसरी तरफ

बिमान शाह के फ्लैट के सामने दो ब्लैक गाड़यां कड़ी थी , कोण आया था उससे मिलने ,

"आअहाहाहा , कैसी हो तुम दोन्यू .." बिमान शाह ने अपने पास बैठी दो वदेशी लड़कयों से बात करते हस्ते हुए कहा ,

यह लड़कियाँ भी बेहद बुरी थी , इक लैब साइंटिस्ट थी , और दूसरी बेहद कहकर किलर ,

20191031_201557.jpg


साइंटिस्ट लड़की का नाम था एलिज़ा बेथ , उम्र 29 साल , बेहद चालक , कभी यह वर्ल्ड की बेस्ट लैब की साइंटिस्ट थी , लेकिन इसकी जिंदगी में कुछ ऐसा हुआ , के इसने बुराई का रास्ता अपना लिया , वर्ल्ड के कई देश , कई जासूस agency's, ऐसे दंड रही थी , इसने अपने देश में हज़ारो लोग को मौत के घाट उतर दिया था , कमरेइअ देश , सबसे जायदा इसको तलाश कर रहा था ,

पर बिमान शाह ने ऐसे पैसो के डैम पर खरीद लिया था , क्यों की उसे , "ग्रोथ" फार्मूले को थोड़ा चेंज करना था , और यही लड़की इस बेहद बुरे काम में उसकी मदद कर सकती थी ,

दूसरी लड़की का नाम लारा सेल्विन था , उम्र 30 साल , यह इक निंजा थी , यह भी कमरेइअ देश की एलिज़ाबेथ के साथ hi काम करती थी , यह हमेशा नकाब पहन कर रखती थी , ब्लैक कपडे पहनती थी , और तोह और , लड़ने में इससे कोई मुकाबला नै कर सकता था , निंजा की हर तकनीक इसने सीखी हुई थी ,

एलिज़ा के साथ मिलकर इसने पोरे देश में खोरहम मचा दिया था , यह वर्ल्ड की मोस्ट वांटेड लड़कियाँ थी , इनको दुनिआ की बहुत साडी लैंग्वेज में बात करनी अति थी , जब से यह दोनों खुफ़िया ेगेंक्यों की लिस्ट में टॉप पर आयी थी , तब से यह दुनिआ में अलग अलग बहस बनाकर अपने बुरे कामो को अंजाम दे रही थी ,

"एलिज़ाबेथ कैसी हो तुम , कैसा लगा यह शहर..." बिमान शाह ने मुस्कराते हुए बोलै ,

"हम्म , कुछ खास नै , मुझे दुगनी कीमत चाहये , इतने गंदे और घटिया शहर में काम करने के लिए , युकककककक .." एलिज़ा ने बुरा सा मोह बना कर बोलै , वैसे वोह थी बेहद खूबसूरत , इक कांच का चश्मा उसकी खूबसूरती को और बड़ा देता था , नरम गुलाबी होंठ , वोह सच में अप्सरा थी ,

"हुऊ , में जनता हु , तुम जैसी खूबसूरती की मलिका को यह गन्दा , बदबूदार शहर पसंद नै आएगा , पर मुझे तुम्हारी जरुरत है , तुम hi मेरा काम कर सकती हूँ.." बिमान शाह ने अपनी वीने के छोटे छोटे सिप भरते हुए बोलै ,

"मुझे क्या करना है.." लारा जो बहुत काम बोलती थी , बस अपने काम के वख्त hi ,

"लारा तुम , इस शहर की साइंटिफिक लैब से डॉ. L.K.Batra का नई एक्सपेरिमेंट चुरा कर लाना है , जिसका नाम है "ग्रोथ" ..." बिमान शाह ने लारा की आँखों में देख कर बोलै , क्यों की उसके पोरे बदन में से , उसकी आँखें hi दिखाई दे रही थी ,

20191031_201506.jpg


"बहुत खून बहेगा फिर तोह..." लारा ने अपनी तलवार निकलते हुए बिमान शाह की आँखों में देख कर बोलै ,

"अह्ह्हींहहाआअहा , कोई बात नै , जो भी तुम्हारे रस्ते में ए , मर दो उसे , किसी पर भी रेहम मत करना , खून की नाड्यां बहा दो , मुझे बस वोह एक्सपेरिमेंट चाहये , खली हाथ मत लौटना..." बिमान शाह ने बेइंतहा हस्ते हुए बोलै , उसकी हस्सी में इक वेशीपन था ,

"तुम जाओ अभी और रेडी हो जाओ , 4 बजे तुम निकलना है..." बिमान शाह ने दोनों की तरफ देख कर बोलै ,

वोह दोनों चली गई और बिमान शाह कुछ सोचने लगा , उसका सदियों पुराण सपना , अभ पूरा होने की कगार पर था , पर क्या वोह रवि को रोक सकता था ,

वही दूसरी तरफ...

कोई 1 घंटे बाद रवि को होश आया , उसने अपना चेहरा ऊपर किया , अभी भी रवि को तेज़ जलन अपनी आँखों पर हो रही थी , उसका सार दर्द से फटा जा रहा था , पूरा बदन जल रहा था ,

"ओह्ह्ह्ह मेरा बड़नननन , शह्ह्ह्ह , इतना ड़ड़ड़ड़ड़ड़ , अह्हह्ह्ह्ह , उफ्फफ्फ्फ़ , ओह्ह्ह कोमलललललल , मेरिइइइ कोमललललल , इतनी बुरीय हलतततततत मई , कोमललललल ..." रवि ने आँखें बंद कर अपने शरीर का दर्द बर्दाश्त करते हुए बोलै , पर जैसे hi उसने अपनी आँखें बंद की , उसकी आँखों के सामने कोमल उसे दिखाई देने लगी , वीरान सी जगह पर , उसका खूबसूरत जिस्म अग्ग में जल रहा था ,

जब रवि आँखें बंद किये उसे देख रहा था , तब कोमल भी उसे देख रही थी , लॉकेट की साडी ताकत रवि में समां चुकी थी , अभ वोह बेजान लॉकेट था ,

"कोमललललललल .." रवि ने दर्द भरी आवाज़ में बोलै ,

"भइआएए , आअह्ह्ह्हहस्ससष्हीईई , भइआ कैसी होऊ अप्प्प..." कोमल ने ख़ामोशी से अपने मन की आवाज़ में बोलै , उसके मन की आवाज़ अपने भाई के कनु तक पहुँच रही थी ,

"कोमलललललल , क्यों किया तुमनेई ऐसा , क्यूँउउ , कितना चाहा मानी तुमई , पारर तुमनेई मेरी प्याररर का मज़ाककक बनाए दियाए .." रवि ने रट हुए बोलै , उसकी आँखों से खून बह रहा था ,

"भइआए , म्युज़िए बचाए लूओ , भइआए बहुतत्त ड़ड़ड़ड़ड़ होऊ रहा हीी , अह्ह्ह्हह मई मर्डरर जोगीइइइइइ..." कोमल ने अग्ग की तपश बर्दाश्त न कर पते हुए बोलै ,

"मी भी तोहह मर्डर रहा हूँ , मरना तोहह सबकोऊ हैईईई , मई मरूउउ यहा ना मरूउउ , लेकिननं कोमलललल तुमनेई हीईई मारा थाआ , जिस दिन्नं तुमनेई म्युज़िए छोड़ा था , ूसीई दिन्नं सीए मई मरना चाहताऑ था , मी तुमई बचाऊगा , परररर तुमनेई अपनी अप्प से वादा किया थाआ , ागरररर मई तुम्हारी सामनेई आया , तुममम अपनीई जाननं दी डोगीइइइइ..." रवि ने बेइंतहा दर्द में बोलै , उसके यु रोने से उसकी आँखों से लगातार खून बेहटा जा रहा था ,

"भइआएए , aa...aa..aapkiiiiii...jaa...nnn , ba...chaneee की लियी किया थाआ , ीी लोवीएए उउउउउ भइआएए , अह्ह्ह्हह्ह्शह्ह्ह्हह्ह , भइआएए..." कोमल ने बेइंतहा दर्द में कहरहते हुए बोलै , क्यों की जैसे जैसे वोह अपनी शक्ति का इस्तेमाल कर रवि से बात कर रही थी , वैसे वैसे अग्नि उसके बदन को और भी जलाकर दर्द दे रही थिई ,

"में ायुगा कोमललललल , बहुतत्त जलद्द्ड ायुगा , मेरा इंतजाररर करना..." रवि ने इतना बोल अपनी आँखें खोल ली , उफ़ उससे कोमल की वोह दर्द भरी हालत देखि नै जा रही थी ,

"कोमल , मेरी जान , क्यों किया तुमने वोह सब , मेरे लिए क्यों अपनी जान जोखिम में दाल दी , क्या दिया तुम जिंदगी भर , न तोह प्यार दे सका , और न तुम बचा सका , में किसी लियाक नै हु , मुझे माफ़ कर देना , कोमळळ , में तुम कभी समाज hi नै पाया , तुम्हारे चेहरे की हर मुस्कान झूठी थी , कितना दर्द था तुम्हारी आँखों में , क्यों नै समाज पाया तुम , क्योऊ , में मर क्यों न गया , अगर में मर जाता , तब तुम यह दर्द तोह न सहना पढता , कोमललललल , कैसे वापिस लयू तुम , हाँ , पिता जी से पूछना होगा , उनके पास जरूर कोई रास्ता होगा...." अभी रवि खुद से बतिअन करता रो रहा था के तभी उसका फ़ोन बज उठा , रवि ने अभी फ़ोन नै उठाया था ,

"ाभः उन लोग को ऐसी मौत दूंगा के जिंदगी भर यद् रखेंगे , अभ मुझे मेरी ताकत का एहसास हो गया है , अभ किसी मासूम की जान नै जाएगी , अभ होगी जंग की शुरुआत बुराई और सचाई के बेच , और में जेतुंगा भी , जिंदगी भर हारता रहा हु , अभ नै , बहुत हो गया , बहुत दिखा लिया अपना भोलापन , अभ वख्त है डेविल बनने का , बुरे लोग को बुरा बनकर मरुँगा , jokerrrrrrrrrrrr मई आ रेहाआआ हूउउउउउउ..." रवि ने इतना बोल अपनी गाड़ी मोड़ कर फिर से ारवती नगर की तरफ डोडा दी ,

तो बे कुनिटेड....
 
अपडेट-40

अभ अग्गे...

रमा उस वीरान और सुनसान जगह पर बेहोश पढ़ी हुई थी , उस जगह पर दूर दूर तक इंसानो का कोई वजूद तक नै था ,

रमा को इक घंटे बाद होश आया , उसने अपना सार , अपने हाथो से दबाते हुए , जब उठ कर अपनी आँखों को थोड़ा सा खोल , as-pas नज़र दुदै तोह , उसकी सांसे , उसके हलक से तेज़ तेज़ अंदर बहार होने लगी ,

"भ्याआआआआ , भ्याआआआ ..." रमा दर से कम्पटी रट हुए जोर जोर से छिलने लगी , लेकिन उसकी आवाज़ कोई जैसे सुन hi नै रहा था ,

रमा कड़ी हुई , और as-pas देखने लगी , वोह इक जंगल में कड़ी थी , जंगल के बड़े बड़े पेड़ , जो अँधेरे में नहाये हुए थे , वोह पेड़ बिलकुल सूखे हुए थे , उनका रंग इक डैम कला था , इक भी पेड़ ऐसा नै था , जिस पर कोई पत्ता , या कोई हरियाली का चीन मज़द हो , ऐसा लग रहा था , जैसे पूरा जंगल सूखा हुआ था ,

ba235679fe0273c378063c40ef4c5477.jpg


उन सूखे , अँधेरे से नहाये पेडू पर , चमगादड़ उलटे लटके रमा को घर घर कर देख रहे थे ,

इतना hi नै , रमा जिस जमीन पर कड़ी थी , उसकी मिटटी भी काली थी ,

"yyy...yyehhhh...mm...mm..me....kk...kk..kaha....aaaa...g...gg...gaiiiii..." रमा ने दर से थार थार कंपते हुए हकलाते हुए बोलै , उसकी आवाज़ भी उसके बदन के साथ कम्प रही थी ,

रमा धीरे धीरे अग्गे चलने लगी , इस खौफनाक जगह पर चलते हुए , उसकी टंगे कंपकंपा रही थी , िका इक रमा की जोरदार चीख निकल गई ,

"aaaaaaaaaaaaaaannnnnnhhhhhh..." रमा इतनी जोर से चिलायी के जैसे उसकी आवाज़ पोरे जंगल में गूंज गई हो ,

रमा की चीख का कारन था , चमगादड़ो का इक झुंड , जो इक पेड़ से उड़कर , उसके बेहद करीब से गुजरा था , और रमा डरकर चीख पढ़ी थी ,

"bb..bhyiaaaaa , बचा लो ..." रमा थार थार कंपते हुए बहुत धीरे से बोली , उसकी आँखों से असनु बह निकले थे ,

धीरे धीरे उस जंगल में इक धुँआ सा फैलने लगा था , अभ रमा को कुछ भी साफ दिखाई नै दे रहा था , रमा अग्गे बढ़ hi रही थी , के वोह किसी चीज़ से टकरा कर निचे गिर गई ,

"एआईईईई माआआ..." रमा दर्द से कहरहटी हुई बोली , उसके गिरने से , उसका घुटना शील गया था , और वह से खून बहने लगा था ,

"उफ्फ्फ आइईईईएसीईईई..." रमा ने अपने जख्मी घुटने से उठते दर्द को बर्दाश्त करते हुए बोलै , पर जैसे hi रमा ने उस चीज़ को देखा , जिससे टकरा कर वोह गिरी थी , उसकी आँखें खुली की खुली रह गई , उसके मोह से इक जोरदार चीख निकल गई ,

क्यों की वह जमीन पर कुछ भी नै था , यहाँ तक वोह काली मिटटी से सनी जमीन बिलकुल साफ थी ,

"आआह्ह्ह्हह्हह्हूऊऊऊह्हआ..." इक बेहद ब्यांक चखने की आवाज़ रमा को सुनाई दी ,

"aaaaaaaaaaaaaaaaa..." रमा जोर से चीखती हुई वह से उठी और भागने लगी , उसका बदन कम्प रहा था , दर का पूरा प्रभाव उसके चेहरे पर महसूस हो रहा था ,

"kk...ka...ha....fass ..gaaiiiii....mmm..eee.." रमा ने बेहद हकलाते हुए बोलै , वोह काफी देर से भाग रही थी , लेकिन घूम फिर कर रमा वही उसी पेड़ के सामने ा जाती , यहाँ वोह गिरकर बेहोश हुई थी ,

4569e13bfb97f5664503b43ad85cbc64.jpg


वोह पेड़ था भी बहुत बड़ा , और उसका रंग पूरा कला था , रमा बार बार घूम कर उसी जगह पर वापिस ा रही थी , िका इक रमा रुक गई ,

उसकी सांसे तेज़ चल रही थी , अभ उससे और चला नै जा रहा था ,

"ye...h...mm...me...i...kkk...hiiii...jagah...par..vapis....ahhhh...kyu...a ...jati...huuu..." रमा ने तेज़ तेज़ हफ्ते हुए रुक कर खुद से hi बोलै ,

"रीमम्माआआआ..." इक बहुत धीमी आवाज़ रमा को सुनाई दी , रमा ने as-pas नज़र डाली पर कोई नै था , सिर्फ घोर अँधेरा और बड़े बड़े सूखे डरावने पेड़ hi दिख रहे थे ,

"kk....kk...kon...hh...ha...iiii..." रमा ने हकला कर बोलै , उसे अभ ठण्ड लगने लगी थी , क्यों की अभ सफेद सा धुँआ बहुत जायदा बढ़ चूका था ,

"remmaaaaaaaaaaa....meeeriiiiiii...bachiiiiii.." इक बेहद धीमी आवाज़ , जैसे कोई अपनी संसू में hi बोलै हो , रमा को अपने पीछे सुनाई दी ,

रमा इक डैम से पलट गई , पर वह कुछ नै था , जब रमा वापिस पलटी , तोह वोह जोर से चीखती हुई कुछ कदम पीछे हैट गई ,

a5200f95ce434927d51288568ef6eabc.jpg


रमा की आँखों के सामने इक बहुत बड़ा , इक लड़की का चेहरा था , जो मुस्करा रही थी , उसकी आँखों का रंग सफेद था , उसके गलो और माथे पर चोट का निशान था ,

"ाआनंणठ्हहहहहह .." रमा उसका ब्यांक चेहरा देख जोर जोर से चखने लगी , वोह धीरे धीरे पीछे हैट रही थी , आखिर रमा की पीठ इक पेड़ से टकरा गई ,

"अहहहहहाहा , रएमाआआ ...tummm...mereee...sonaaaa...koooo....kyaaaaa...bataooogiiiiiiii....khiiiiikhiiiiiiii...." सीमा ने बेहद ब्यांक आवाज़ में बोलै , उसकी आँखों में इक वहशीपन था ,

"mm...meeee....kkk...kissiiii...kk...koo...kk...kkuccchhhhh....naaaiiii...kahugggiiiiii...plssssss....ch...chodddd...dddooo...muzeeee..." रमा ने बेइंतहा रट हुए हकला कर बोलै ,

"ahhaaahhhhaaahuuu.....bhagggg...jaaooo..." सीमा ब्यांक आवाज़ में हस्ते हुए वह से गयाब हो गई ,

रमा वही पेड़ से पीठ टिकाये थार थार कंपते हुए दरी सेहमी कड़ी रही , कुछ वख्त बीटा , तब रमा रोने लगी , उसी पेड़ के निचे बेथ कर ,

"भइआए , कहा हूँ , मुझे बचावू , में मर्डर जोगीई..." रमा बेइंतहा चीखते हुए रट हुए बोली , उसका आत्मविश्वास काम हो रहा था , उसका दिल कर रहा था , इस दर से ाचा , वोह खुदखुशी कर ले ,

वही दूसरी तरफ...

रवि बेहद तेज़ रफ़्तार से गाड़ी चला रहा था , अभी 3 बज रहे थे , उसे जल्द से जल्द , जोकर को रोकना था ,

रवि अभी गाड़ी चला hi रहा था के उसका फ़ोन बज उठा , रवि ने नंबर देखा तोह फ़ोन अनु का था , रवि ने फ़ोन उठा लिया ,

"हलो , अनु.."

"हाँ , रवि कहा हो तुम , फ़ोन क्यों नै उठा रहे..." अनु ने थोड़ा नाम आँखों से बोलै ,

"अनु , मुझे सब पता चल गया है , यह काम किसका है , अभी किसी हॉस्पिटल में बम्ब नै रखा गया , तुम तीनो , जल्द से जल्द गोवत हॉस्पिटल को खली करवा दो , बिमान शाह उसी हॉस्पिटल को बम्ब से उड़ाने वाला है , जल्दी करो.." रवि ने बेहद घम्बिर होकर बोलै ,

"क्या , हम अभी निकलती हैं , तुम कहा हो.." अनु ने चौंकते हुए बोलै ,

"अनु में शहर के मैं साइंटिफिक लैब की तरफ जा रहा हु , इनका प्लान इक फार्मूला चुराने का है , तुम लोगो की जान बचाओ में उनको रोकता हु.." रवि ने इतना बोल फ़ोन कट कर दिया ,

अनु ने फ़ोन कट किया तोह बेबी और काट उसकी तरफ देखने लगी , वोह रवि के बारे में पूछना छह रही थी ,

"बेबी , काट , रवि ने बोलै है , शहर के गोवत हॉस्पिटल को खली करवा दो , वह बम्ब रखा जायेगा..." अनु ने तेज़ी से बोलते हुए कहा ,

"ओह्ह , पर इसके पीछे कोण है , रवि ने कुछ बताया.." बेबी ने थोड़ा चिंता में पूछा ,

"हाँ , बिमान शाह.." अभी अनु बोल hi रही थी के काट चीला पढ़ी ,

"क्याआआ , वोह , वोह , तोह मर चूका है , mm...meriii आँखों के सामने..." काट ने बेहद घबराते हुए बोलै ,

"इम्पॉसिबल , रवि क्यों झूठ बोलेगा.." अनु ने रवि की तरफदारी करते हुए बोलै ,

"अनु , काट ठीक बोल रही है , बिमान शाह मर चूका है , उसका केस भी चला था , पर मस्तानी बेगम ने उस केस को दबा दिया , उन सब ने मिलकर बिमान शाह को मारा था.." बेबी ने काट की तरफ देख कर बोलै ,

"पर रवि , उफ्फ्फ्फ़ , पर रवि ने मुझे बिमान शाह hi बोलै था.." अनु ने चौंकते हुए बोलै ,

"ओह्ह छोड़ो ें बातिओं को , हमें जो काम रवि ने दिया है वही करते हैं .." बेबी ने दोनों को समझते हुए बोलै ,

वोह तीनो बहार जाने लगी , फिर तीनो लिफ्ट के अंदर घुस गई , तब काट ने इस ख़ामोशी को तोडा ,

"अनु , रवि खुद कहा है , उसने कुछ बताया.." काट ने रवि की चिंता में बोलै ,

"काट , रवि , इस शहर की मैं साइंटिफिक लैब की तरफ गया है , उसने बताया के बिमान शाह , इक फार्मूला चुराने वाला है , वोह उसे रोकने जा रहा है..." अनु ने ग्राउंड फ्लोर पर पहुँच कर बोलै ,

"ओह्ह , यह बात है..." काट ने बेहद उदास आवाज़ में बोलै ,

"उफ़ , रवि अकेला क्यों गया वह पर , कही उसकी जान को खतरा न हो , मुझे वह जाना होगा , में उसे कुछ नै होने दूंगी .." बेबी ने मन hi मन रवि के बारे में सोचते हुए बोलै ,

"बेबी क्या सोच रही हो , जल्दी ायो न.." अनु और काट जो बहार गाड़ी के पास पहुँच उसका इंतज़ार कर रही थी , उसको आवाज़ देते हुए बोली ,

"अनु , काट , तुम दोनों जाओ , में यही रुक कर , हॉस्पिटल पर नज़र रखती हु , क्या पता रवि की बात गलत हो , में यही से तुम सब बता दूंगी , तुम दोनों जाओ.." बेबी ने अनु और काट से झूठ बोलते हुए कहा ,

"हम्म , यह ठीक है , चलो काट.." अनु ने गाड़ी स्टार्ट करते हुए बोलै , काट वापिस पलट कर बेबी के पास ा गई और बोली ,

"पता नै क्यों , दिल में कुछ अजीब सा महसूस हो रहा है , दिल करता है , तुम यु छोड़ कर न जाऊ.." काट ने बेहद उदासी में बोलै ,

"उफ़ , ओह्ह , मेरी जान , में तुम्हारे साथ हु , और हमेशा रहूगी , तुम जाओ अनु के साथ.." बेबी ने काट के होंठो को चुम कर बोलै ,

"तुम कही अकेले मत जाना , मुझे फ़ोन कर देना , में जल्द hi मिलूगी , उफ्फ्फ , पर , पर , ओह्ह , में चलती हु ..." काट ने कास कर बेबी को अपने गले लगा बोलै , फिर वोह बेबी के होंठो को चुम वापिस गाड़ी की तरफ चली गई ,

काट गाड़ी में बेथ गई , लेकिन वोह बेबी की तरफ लगातार देखे जा रही थी , उसकी आँखों में इक गहरी उदासी थी , उसे कुछ अजीब सा महसूस हो रहा था , पता नै यह रवि के लिए था या बेबी के लिए ,

अनु और काट वह से चली गई , बेबी ने आँखों में ए असनु साफ करते हुए बोलै.." सररययीय , कट्ट्ट्ट , म्युज़िए माफ कररर देना.." बेबी खुद से रट हुए बोली , और फिर रोड से इक टेक्सी में बेथ , उस लैब की तरफ जाने लगी , यहाँ रवि जा रहा था ,

वही दूसरी तरफ...

रवि उस लैब के सामने पहुँच चूका था , अभी 4 बज रहे थे , और रवि को इंतज़ार था , जो यहाँ ऐनी वाला था , उस फॉर्मूले को चुराने के लिए ,

करीब 1 घंटा और बीत चूका था , पर अभी तक कोई नै आया था , रवि गाड़ी में बैठा इंतज़ार कर रहा था , फिर रवि इक डैम से वह से गयाब हो गया ,

रवि ने जब अपनी आँखें खोली , वोह उस साइंटिस्ट के रूम में था , यहाँ बेहद चेमिकल्स पढ़े हुए थे , वोह लैब थी , यहाँ पर hi वोह फार्मूला हो सकता था ,

लेकिन इस लैब की हालत देख ऐसा महसूस नै हो रहा था , के किसी ने यहाँ से कुछ चुराया हो ,

"हम्म , अभी तक कोई नै आया , मतलब वोह ऐनी वाला है , पर कोण होगा.." रवि ने खुद से hi बोलै , फिर उसे इक आवाज़ सुनाई दी ,

"मुझे दंड रहे हो..." इक बेहद धीमी आवाज़ रवि को सुनाई दी , यह आवाज़ इक लड़की की थी ,

रवि ने पीछे पलट कर देखा , इक लड़की ब्लैक ड्रेस पहने , हाथ में ताकवर लिए कड़ी हुई थी , उसका चेहरा इक ब्लैक नकाब से ढाका हुआ था ,



"वोह फार्मूला कहा है , जो तुमने चुराया है..." रवि ने बेहद गुस्से में बोलै ,

"हहै , मेरा नाम भी नै पूछा , सीधा फार्मूला , क्या बात है , इतना ऐटिटूड , किस बात का..." लारा ने रवि की आँखों में घर कर बोलै ,

"हहआआ , फार्मूला कहा है , जल्दी बताऊउ , वार्ना जान से मर्डर डूंगाआआ.." रवि ने इतनी जोर से चीला कर बोलै के कांच की कई चीज़ो टूट कर चकना चुर्र हो गई , लारा चौंकते हुए रवि को देखने लगी ,

930fa9df806c0b44ec5aa2da11c14f83.jpg


"हम्म , वह , में तुम्हारी ताकत देख , बेहद खुश हुई , हहै , फार्मूला तोह अभ में बॉस को hi दूंगी , और तुम भी..." लारा ने अपनी तलवार को जीभ से छत्ते हुए बोलै ,

"बिमान शाहहहहह , उसे भी ख़तम कर दूंगा , मेरी कोमललललल को रुलायाआ था उसनेयी , फ़ॉर्मूलायआ दोऊ..." रवि गुस्से में चीखता हुआ बोलै ,

"ok , ok , देती हु , पर पहले बॉस से बात तोह कर लो , वोह क्या है न , हम दोनों की बतिअन वोह सुन रहे थे , उफ्फ्फ , जल्दी बात करो , हहै , तुम्हारा कोई चाहने वाला , क्या पता खतरे में हो , हहै..." लारा ने हस्ते हुए बोलै , फिर लारा ने अपना मोबाइल रवि की तरफ फेंक दिया , रवि ने फ़ोन कण पर लगा लिया ,

"ओह्ह रवि , तोह तुमसे मुलाकात हो hi गई , तुम मुझे मर नै सकते , सीमा अगले 5 मिंट में मरने वाली है , हाहाहा..." जोकर ने बेइंतहा हस्ते हुए बोलै

"eehhhhhhhhhhhhh , ागररररर मेरिइइइ सीएमआए कोऊ कुछःह हुआए टोह्हह्ह मर्डरर दूंगा सब्कोवू..." रवि ने अपनी पूरी जान से चीखते हुए बोलै ,

"अह्हह्हह्हआ , रविइइइइइइइ , मई मर्डरर नयी साक्ताआ , ओह्ह्हुउउउउउ अहहहहहहआ , िक्क्क बैठत ऑर्डर , बैठत कारु सीमा सीए.. " जोकर ने बेइंतहा हस्ते हुए बोलै ,

"हलो , ss...ssonaaaa....m..mm...muzeee...bb...bacha ...ll...loo...pp...pl...sss..." सीमा ने बेहद रट हुए बोलै ,

"सीमू , तुम डरो मत , में अभी अत हु , तुम डरना मत ..." रवि अभी बोल hi रहा था के फ़ोन कट हो गया , रवि ने मोबाइल वापिस लारा की तरफ फेंक दिया ,

"हम्म , तोह चले मेरी जान..." लारा मुस्कराते हुए बोली ,

"अअअअअअअ , इक बार सीमा को बचा लू , उसके बाद , तेरी गर्दन , अपने इन्ही हाथो से उखड दूंगा..." रवि ने बेहद गुस्से में बोलै ,

"हहै , इतना आसान न होगा , चलो अभ.." लारा ने थोड़ा गुस्से में बोलै और फिर दोनों वह से बहार की तरफ चल पढ़े , रवि ने देखा लैब के सरे गार्ड्स बेहोश पढ़े हुए थे ,

"अह्ह्ह , तुमने सबको मर दिया , जालिम कही की.." रवि ने अपने अग्गे चल रही लारा को गुस्से से बोलै ,

"मरे नै है , बस बेहोश हुए हैं , मुझे मचार मरना पसंद नै , में तोह शेर का शिकार करती हु ..." लारा ने अपनी काली आँखें मटका कर बोलै ,

रवि फिर कुछ न बोलै , दोनों लैब से बहार ा गए , बहार आकर लारा अपनी गाड़ी में बेथ गई और रवि भी उसके साथ , जब दोनों वह से निकल रहे थे , तभी बेबी ने दोनों को देख लिया था , वोह भी ख़ामोशी से दोनों का पीछा करने लगी ,

"उफ़ , यह सीमा वह कैसे पहुँच गई , और , और , मुझे सीमा महसूस भी तोह हो रही है , जो मने महसूस किया , सीमा कितना रो रही है वोह , उफ्फ्फ , इस जोकर को जान से मर दूंगा , पहले सीमा को बचाना होगा.." रवि ने मन hi मन सोचते हुए गुस्से में बोलै ,

"क्या सोच रहे हो , यही न , के तुम्हारी सीमा वह कैसे पहुँच गई , हम्म , तुम्हारी ताकत कितनी है , में सब जानती हु.." लारा ने मुस्कराते हुए बोलै ,

"एहहहहहा , शुत्टट उपपपप , अपना मोह बंद राखू , वरना यही मर दूंगा.." रवि ने बेहद गुस्से में बोलै ,

"में कोई आम लड़की नै हु , जो तुम मुझे मर डोज , में इक मैजिकल निंजा हु , इस दुनिआ की इकलौती मैजिकल निंजा , तुम क्या लगता है , बॉस ने मुझे ऐसे hi काम पर रख लिया , में जितना दिखती हु , उतनी हु नै , किसी को मरना , मतलब मचार मरना , बेहद आसान , हहै.." लारा ने पहले गुस्से में और फिर मुस्करा कर बोलै , उसने अभी भी नकाब पहन रखा था , उसका चेहरा रवि देख नै प् रहा था ,

"शहहह , कहा फास गया में , तुम निंजा हो या नै , मुझे इससे कोई मतलब नै , पर में इतना जनता हु , तुम्हारी मौत मेरे हाथो लिखी है..." रवि ने बेहद गुस्से में बोलै ,

"हहै , यह खवाब मत देखो , क्यों की जल्द hi तुम्हारी जिंदगी बदलने वाली है.." लारा ने रवि को आँख मर बोलै ,

फिर न तोह लारा कुछ बोली और न hi रवि , ऐसे hi वख्त निकलता गया , और सामने ा गई , बिमान शाह की बिल्डिंग , यहाँ सीमा कैद थी , या कोई खेल था , जोकर का...

तो बे कुनिटेड...
 
अपडेट-41

अभ अग्गे...

रवि ने गाड़ी से उतारते hi बिल्डिंग की तरफ देखा , यह वही बिल्डिंग थी , यहाँ से रवि की इस खौफनाक दुनिआ में चलने कì शुरुआत हुई थी ,

यही से बेबी और काट , रवि की जिंदगी में आयी थी ,

अज्ज रवि फिर से वही खड़ा था , लेकिन यह अंतिम लड़ाई थी , वोह जनता था , इस लड़ाई के बाद , या तोह वोह जिन्दा रहेगा या फिर यह लोग ,

"क्या सोच रहे हो , मेरे पीछे ायो.." लारा थोड़ा गुस्से में बोली और तेज़ तेज़ चलने लगी ,

"पता नै बस , यह बिमान शाह ऐसी लड़कियाँ लता ķअहा से है , यह तोह है बी , बेहद ताकतवर , उफ़ , पता नै क्या होगा मेरा..." रवि ने खुद से hi बोलै और लारा के पीछे पीछे चल पढ़ा ,

रवि ने बिल्डिंग के अंदर घुस कर देखा , कोई आदमी नै था , इक डैम सुनसान , चारो तरफ शांति थी , लेकिन हल्का हल्का अँधेरा था ,

फिर लारा और रवि लिफ्ट से उस फ्लैट तक पहुँच गए , यहाँ बिमान शाह अभ रहता था , दोनों उस फ्लैट के अंदर घुस गए ,

फ्लैट के अंदर एते hi रवि ने चारो तरफ देखा , पर वह कोई नै था , न सीमा और न hi बिमान शाह ,

"यहाँ तोह कोई नै है..." रवि ने बेहद गुस्से में बोलै ,

"हहै , इतनी जल्दी क्या है , अभी आएंगे बॉस.." लारा ने वोह फार्मूला जो छोटे से बैग में था , उसे इक टेबल पर रखते हुए बोलै ,

रवि वही खड़ा उसे देखता रहा , तभी चारो तरफ हल्का अँधेरा हो गया , और रवि ने सामने की तरफ देखा , वोह थोड़ा चौंक गया ,

उसकी आँखों के सामने इक खिड़की की दूसरी तरफ जोकर खड़ा था , वोह बेहद ख़ामोशी से रवि को घर कर देख रहा था ,



कुछ देर वोह वही खड़ा रहा , और फिर अचानक से गयाब हो गया , रवि जनता था , यह बस डरने की इक चल है , रवि वैसे hi शांत खड़ा रहा ,

फिर िका इक रूम में अँधेरा हो गया , और तभी , अचानक से इक डैम से जोकर उसके सामने ा गया ,



उसकी आँखें लाल रौशनी में चमक रही थी , और दन्त बेहद ब्यांक और नोकीले लग रहे थे , जैसे अभी रवि के जिस्म को नोच नोच कर फाड् देंगे ,

रवि वैसे hi शांत रहा , वोह डरा नै था , क्यों की अभ उसके पास बेइंतहा ताकत थी , इस लिए जोकर की कोई भी मृंदगामे उसे डरा नै प् रही थी ,

"जोकररररर , सीमा कहा हैई ..." रवि ने बेहद गुस्से में बोलै , उसकी आँखें भी लाल रौशनी में चमक उठी , जोकर थोड़ा विचलित सा हो गया और फिर बिमान शाह के रूप में ा गया , और फिर सोफे पर जाकर बेथ गया ,

"मने पूछा , सीमा कहा हैई..." रवि ने इक बार और गुस्से में चीला कर बोलै ,

"अहहाहाहाहा .." बिमान शाह हसने लगा , उसकी हस्सी जैसे रवि के गुस्से का मज़ाक उड़ा रही थी ,

"ेहठ , सेल , बोल सीमा कहा है , वर्णा.." रवि ने उसकी तरफ बढ़ते हुए गुस्से से बोलै ,

"रुको , सीमा , उम् , सीमा , बेहद कमल की चीज़ , लाजवाब , तुम जानते हो , जब से मने उसे देखा था , तभी से उसे पाना चाहता था , और मने उसे प् लिया.." बिमान शाह ने मुस्कराते हुए बोलै , जैसे वोह रवि को और गुस्सा दिलाना चाहता हो ,

"भोक मत कुत्ते , यह बता सीमा कहा है.." रवि ने बेइंतहा गुस्से में बोलै , उसका मन कर रहा था , बिमान शाह के चेहरे को अभी नोच डेल ,

"सीमा , बहररर आयु मेरीए जांणण , ाहाःहाहूऊऊऊआआआ..." बिमान शाह ने सीमा को आवाज़ देने के बाद बेइंतहा हस्ते हुए बोलै ,



longfellow the arrow and the song

बिमान शाह के आवाज़ देते hi सीमा इक रूम से बहार आयी , और रवि के साथ बैठने की बजाये , बिमान शाह के साथ बेथ गई ,

"अरे मेरे सोना आया है , चले सोना घर , तुम भूक लगी होगी..." सीमा ने अपनी आँखों का रंग लाल करते हुए बोलै , और िका इक उसके चेहरे का रंग बदल गया , अभ वोह बेहद ब्यांक लग रही थी ,



"tum...tum , सीमा नै होऊ..." रवि ने गुस्से में चीख कर उठते हुए बोलै ,

"यह सीमा hi है रवि , वार्ना तुम्हारा लॉकेट तुम सच दिखा देता , काशः , के यह लॉकेट में पहन सकता , पर , पर , तुम्हारी बहिन ने ऐसे तुम्हारे लिए hi बनाया है .." बिमान शाह ने मुस्कराते हुए बोलै ,

"मेरीए , कोमलललललल , का नाम भी मत लेना.." रवि ने बेइंतहा गुस्से में चीख कर बोलै ,

"अहहहहआ , कोमल , उम् , रवि , वोह तुम नै चाहती थी , वोह इक मतलबी लड़की थी , भूल जाओ उसे , हम साथ मिलकर इस दुनिआ पर राज़ कर सकते हैं , क्या है कोमल , इक जिस्म और मास्स का शरीर , इस दुनिआ में सभी लड़कियाँ कोमल hi हैं , बस उसका नाम hi तोह है कोमल , तुम मेरे साथ..." बिमान शाह अभी बोल hi रहा था के रवि बेच में hi बोल पढ़ा ,

"मेरी कोमल मास्स का शरीर नै है , और न hi वोह इक नाम है , जो मुझे ाचा लगता है , वोह मेरी आत्मा का इक हिस्सा है , मेरी अर्धाग्नि है वोह , मेरा आधा शरीर , वोह मेरे लिए , हर पल अग्ग में जल रही है , और तुम कहते हो , वोह मुज़से प्यार नै करती , ः , इक बात सुन लो , पहले में तुम मरुँगा , और फिर उस दयना को , लेकिन उससे भी पहले , में अपनी कोमल को वापिस लयुगा , अज्ज तुम देखते जाना , दिमाग बस तुम लोगो के पास नै है , मेरे पास भी है..." रवि ने बेहद घम्बिर होकर बोलै ,

"कोमल , इक बदचलन लड़की थी , अपने hi भाई से प्यार , शह्ह्ह्हह्हियी , वोह बेवकूफ लड़की , उसे इतना समैया , हवेली में , पर साली , मणि hi नै , में भइआ से प्यार करती हु , भइआ से प्यार करती हु , चिलाती गई , चिलाती गई , उफ्फ्फ , तुम जानते हो , मेरी मौत तुम्हारी बहिन के हाथो लिखी है , तोह , तुम hi बताओ , में उसे वापिस ऐनी दूंगा , ाःहाहाहूऊऊआ , नै रवीए , कोमल कैद रहेगी , न वोह जी पायेगी , न मर पायेगी , दर्द में तड़फेगी , रोयेगी , चिलायेगी , तुम यद् करेगी , लेकिन , लेकिन , कभी वापिस न ा पायेगी , अहहहहहहउ..." बिमान शाह ने बेहद घम्बिर होकर हस्ते हुए बोलै ,

"में तुम्हारे पोरे साम्राजय का विनाश कर दूंगा , कोमल और मेरे बेच कोई आया तोह उसे मौत की नंद सुला दूंगा , चाहे वोह मेरा अपना hi क्यों न हो , कोमल आएगी , जरूर आएगी , न तुम रोक पाओगे , और न hi कोई और , कोई मुझे नै रोक सकता , न किसी का प्यार , न किसी के असनु , और न किसी की मौत , क्यों की यहाँ सवाल मेरी कोमल का है , में तुम चैलेंज करता हु , तुम मुझे रोकते रहना , में चलता रहुगा , जितने मायाजाल रचने है , रच लो , चाहे इतनी हज़ारो सीमा और पैदा कर लो , लेकिन मेरी आँखों में किसी के लिए कोई प्यार नै , मेरी आँखों में बस कोमल है , मेरी आखरी मंज़िल , और तुम्हारी मौत..." रवि ने बेहद गुस्से और गम में बोलै ,

"हम्म , अज्ज से तुम्हारी और मेरी जुंग सुरु , अज्ज से अभी से , में तुम्हारे परिवार को इतना दर्द दूंगा , के तुम कोमल को लेन का सोचना तोह दूर , उसका नाम तक यद् करते कंपोगे..."

"हम्म , मुझे मंज़ूर है , पर तुमने , मेरी सीमा को किया क्या है..." रवि ने गुस्से में चीला कर बोलै ,

"मने कुछ नै किया , जो किया , खुद सीमा ने hi किया , उस अमृतमयी कुंड में कूदने के बाद , मुझे नै पता क्या हुआ , जो जानती है , यही जानती है ..." बिमान शाह ने सीमा की तरफ देख घम्बिर होकर बोलै ,

"अमृतमयी कुंड , क्या बकवास कर रहे हो तुम.." रवि ने चौंकते हुए बोलै , उसे कुछ पता नै था ,

"अहहहहआ , तुम क्या पता होगा , तुम कुछ पता नै है , सीमा तुम hi बता दो.." बिमान शाह ने हस्ते हुए बोलै ,

"सोना तुम क्या बोल रहे हो , ऐसा कुछ भी नै है , सोना हम घर चलते हैं , मुझे दर लग रहा है..." सीमा ने थोड़ा घम्बिर होकर बोलै ,

"में यही पूछ रहा हु के तुम कोण हो , तुम सीमा नै हो , यह बात में समाज चूका हु , पर तुम हो कोण , और मेरी सीमा कहा है..." रवि ने बेहद गुस्से में सीमा की तरफ देख कर बोलै ,

"अहहहहाहूऊऊ , यह सीमा hi है , पर मेरे कब्जे में है , यह वही करेगी जो में कहुगा , और तुम भी वही करना होगा जो में कहुगा ..." बिमान शाह ने रवि की आँखों में आँखें दाल बोलै ,

"पहले मुझे मेरी वही सीमा वापिस चाहये , लेकिन तुम क्या चाहते हो मुज़से.." रवि ने बिमान शाह की तरफ देख कर बोलै ,

"मुझे , मुझे , कुछ खास नै , बस वोह मैप देदो , जो तुम उसदिन चुरा कर भागे थे , और बाद में , झरने में गिर गए थे , अभ बताओ वोह मैप कब डोज.." बिमान शाह ने मुस्करा कर बोलै , उसे अपना मकसद पूरा होता हुआ नज़र ा रहा था ,

"हम्म , तोह यह बात है , सब समाज गया , यह तुम्हारा प्लान है , सीमा को कैद करके , उसके जैसी यह शेतीअन लड़की मेरे सामने बैठा दी , तेन की मुज़से मैप ले सको , पर तुम्हारा सपना , बस सपना hi रहेगा..." रवि ने मुस्कराते हुए बोलै ,

"खीयीकहींईईई , अभी तुमने मेरा प्लान देखा hi कहा है , मेरे पास कुछ ऐसा है , जिसे तुम देख लोगे तोह , तोह , अहहहहहा , तोह , तुम खुद मुज़से भेख मांगोगे , और खुद मुझे वोह मैप डोज..." बिमान शाह ने अपनी वहशी हस्सी हस्ते हुए बोलै ,

बिमान शाह का इतना कहना hi था के रूम में अँधेरा चा गया , जब रौशनी हुई तब लारा , बेबी को पकड़े कड़ी थी ,

"रविइइइइ..." बेबी ने बेहद घबरा कर बोलै ,

"उफ्फ्फ , ओह्ह्ह , बेबी तुम यहाँ क्यों आयी , मने क्या बोलै था अनु से , तुमने सुना नै था..." रवि ने बेबी की तरफ देख बेहद गुस्से में बोलै ,

"रवीए , में तुम कैसे छोड़ देती , में भी लड़ुँगी तुम्हारे साथ..." बेबी ने थोड़ा नाम आँखों से बोलै ,

"लारा..." बिमान शाह ने लारा की तरफ देख कर बोलै , लारा , बेबी को वही छोड़ , बिमान शाह के पीछे कड़ी हो गई ,

"हम्म , तोह अभ बोलो रवि , वोह मैप कहा है , उस जगह का नक्शा मुझे बना कर दो , वार्ना बेबी को मर दूंगा..."

"बेबी को , अगर किसी ने बेबी को छुआ भी , तोह में उसे ऐसी मौत दूंगा , जैसी तुमने कभी सोची भी न हो.."

"हमें तुम मर सकते हो , पर उसे नै.." बिमान शाह ने मुस्कराते हुए बोलै ,

तभी रवि ने देखा बेबी के पीछे इक औरत की परछाई थी , धीरे धीरे वोह परछाई , इक जिस्म में बदल गई , इक औरत के जिस्म में ,



"रेखाआआ डेडीईई..." रवि ने चौंक कर बोलै , क्यों की बेबी के पीछे रेखा कड़ी हुई थी , पर इस हालत में , पर कैसे ,

रवि की आँखें खुली की खुली रह गई , क्यों की उसकी बड़ी बहिन रेखा , उफ़ वोह इतनी खौफनाक थी के उसे देखते hi रवि का अंदर तक कम्प गया ,

वही दूसरी तरफ....

रमा करीब 1 घंटा उसी पेड़ के निचे बैठी रही , उसे कुछ समाज नै ा रहा था वोह क्या करे , किस तरफ जाये ,

"उफ्फ्फ , कहा फास गई में , भइआए बचावूओ , प्लसस..." रमा ने अपनी आँखों से बहते असनु साफ करते चीला कर बोलै ,

रमा फिर हिमेट जूता उठी , और उठ कर चलने लगी , धीरे धीरे वख्त कट्टा गया , और िका इक रमा की आँखें खुली की खुली रह गई ,

क्यों की चारो तरफ रौशनी खिल उठी थी , ऐसा महसूस हो रहा था , जैसे रत के बाद इक नयी सुबह खिली हो ,

रमा को बेहद ख़ुशी महसूस हुई , आखिर अँधेरा ख़तम हो गया था , दिन की रौशनी में जंगल बेहद हरा भरा लग रहा था ,

"शुक्र है भगवन का , उफ़ , वोह खम्बख्त अँधेरा तोह गयाब हुआ..." रमा ने होंठो पर मुस्कान लेट दिल hi दिल बोलै ,

फिर रमा जंगल में अग्गे बढ़ने लगी , तभी उसकी नज़र दूर कड़ी इक औरत पर गई ,



"उफ़ , यह कोण है , दिखने में तोह बुढ़िआ लग रही है , इनसे पुछु या रहने दू , पूछ hi लेती हु , और कोई है भी तोह नै..." रमा ने कुछ देर अपने मन से बात की और फिर उस बुढ़िआ की तरफ चल पढ़ी ,



वोह बुढ़िआ भी अपने माथे पर हाथ रखे उसे hi देख रही थी , जैसे उसकी नज़र कमज़ोर हो ,

रमा अभ उस बुढ़िआ के पास पहुँच गई , रमा ने उस बुढ़िआ को ऊपर से निचे तक देखा , वोह बुढ़िआ दिखने में थोड़ी अजीब लग रही थी , सफेद मास्स , जो उम्र ढलने के साथ , ढलका हुआ था , उसकी बड़ी सी नक् , लम्बे लम्बे सफेद बाल , उसकी उम्र जैसे हज़ारो साल थी ,

"b...beti..kk...kon...hh...ho...tt..tum..." उस बुढ़िआ ने लड़खड़ाती आवाज़ में बोलै ,

"माँ जी , मेरा नाम रमा है , में इस जंगल में फास गई हु , मुझे घर जाना है , प्लस , मुझे कोई रास्ता बताओ..." रमा ने थोड़ा नाम आँखों से बोलै ,

"खीयकहीईई , r...remaaa , बेटीईईई , t..tum...nn...naiiii...jj..jaa...ss...saktiii...hh....hoo.." उस बुढ़िआ ने मुस्कराते हुए बोलै , उसकी आँखों में इक अजीब कससिह थी , वोह बार बार रमा के बदन को ऊपर से निचे तक घर घर कर देख रही थी , उसकी आँखों में इक चमक थी , कुछ पाने की ,

"नईईई , मुझे जाना है , में अपने भाई के बिना नै जी सकती , में जोगी , मेरा भाई , मेरा इंतज़ार कर रहा होगा , मेरा प्यारा भैई , प्लस , अप्प बताओ न मुझे , कैसे घर जाऊ में..." रमा ने थोड़ा गुस्से में बोलै ,

"उम् , शहहह , इक रास्ता हैई , अगर तुम यह सेब (एप्पल) खा लो तोह , लाओ खा लो.." उस बुढ़िआ ने अपने हाथ में पकड़ा लाल रंग का सेब रमा की तरफ बड़ा कर बोलै ,

"mm..me , मुझे भूक नै हैई..." रमा ने मुस्कराते हुए बोलै ,

"खीयकहीईई , तोह रमा , तुम घर नै जा सकती , यह इक मायावी दुनिआ है , तुम यही रहोगी , हमेशा के लिए..." उस बुढ़िआ ने हस्ते हुए बोलै , उसके हसने से उसके मोह से गन्दा सा लिसलिसा पानी बह रहा था , जिसे देख , रमा को उलटी ऐनी को हो रही थी ,



"mm...me घर जोगी , आपका शुक्रिया , अभ में चलती हु..." रमा ने दोनों हाथ जोड़ कर बोलै , और फिर अग्गे बढ़ने लगी ,

"रम्माआआअह्ह्ह्ह..." इक बेहद धीमी आवाज़ सुन रमा रुक गई ,

लेकिन जैसे hi रमा ने पीछे पलट कर देखा , "aaaaaaaaaaaaaaaaa , भ्याआआ..." उसकी दिल को कंपा देने वाली चीख निकल गई ,

उसकी आँखों के सामने इक चुड़ैल कड़ी थी , यह वही बुढ़िआ थी जो अपने असली रूप में ा चुकी थी , उसका बदन पूरा हरा था , पोरे बदन पर घास ुग्गी हुई थी , नाख़ून बेहद बड़े बड़े और तीखे थे ,



उसका बदन पर पेड़ू की तरह ढलियाँ ुग्गी हुई थी , उफ़ उसका बदन इतना डरवाना और ब्यांक था के रमा की सांसे उसके हलक में hi कही खो गई थी ,

"अह्ह्ह्हह बचावूओ , बचावूओ..." रमा जोर जोर से चिलाती हुई वह से भागने लगी , वोह दिन भी उसके पीछे पीछे ऐनी लगी , उसका मोह खुला हुआ था , आँखें बिलकुल सफेद थी ,



रमा भगति जा रही थी , पर उस चुड़ैल से पीछा नै छुड़ा प् रही थी , उसे समाज नै ा रहा था वोह क्या करे , क्यों की वोह जीना चाहती थी , अपने भाई के साथ ,

"उफ़ कैसे बच्चू इस चुड़ैल से..." रमा ने भागते भागते खुद से हे बोलै ,

रमा भगति भगति पीछे पलटी तोह अभ वह कोई नै था , जंगल में धुप इतनी तेज़ थी के रमा का पूरा बदन पसीने से लथपथ हो चूका था , उसे बेहद प्यास लगी थी , पर पानी तोह जैसे था hi नै ,

रमा अग्गे बढ़ती गई , उसे भूक भी लगी थी , आखिर कुछ देर चलने के बाद , उसे पानी गिरने की आवाज़ सुनाई दी , तब रमा ने देखा , वोह इक पहाड़ की छोटी पर कड़ी थी , और उसकी आँखों के सामने , इक पानी का झरना , पहाड़ से निचे गिर रहा था ,

"उफ़ , पनीइ.." रमा खुश होते हुए अपने अप्प से hi बोली , और भाग कर उस जरने के पास चली गई , रमा घुटनो के बल बेथ निचे झुक गई , और पानी पीने लगी ,

"रएमाआआअह्ह्ह..." इक बेहद धीमी आवाज़ रमा को सुनाई दी , रमा ने जल्दी से उठ कर पीछे देखा , तोह उसकी सांसे थम सी गई ,

"kk...kkk...komalllllllll...d...dd...dediiii..." रमा ने अपने गुलाबी होंठो से कंपते हुए बोलै ,

"ahhhhhhhhhhhh..." रमा की तेज़ चीख निकल गई और वोह झरने में गिर गई , अभ वह कुछ नै था , चारो तरफ शांति थी , और झरने का पानी , उसके गिरने की आवाज़ सुनाई दे रही थी ,

वही दूसरी तरफ....

"थप्प्प्प्प थपप्पपपपप , रमा , दरवाजा खोलु..." यह शूरति थी , जो लगातार रमा के रूम का दरवाजे हाथो से पीट पीट कर उसे आवाज़ दे रही थी ,

"अह्हह्ह्ह्ह , मेरा सररर , उफ्फ्फ ..." रमा अपने बीएड से उठी और अपना सार पकड़े , रूम के दरवाजे के पास पहुँच गई , रमा ने दरवाजा खोला तोह शूरति अंदर घुसते hi उस पर बरस पढ़ी ,

"रमा , शाम होने वाली है , और तू सुबह से रूम में बंद बैठी है , क्या कर रही थी..." शूरति ने रूम में चारो तरफ नज़र दौड़ते हुए बोलै ,

"उफ्फ्फ , में रूम में थी , पर , ओह्ह , लेकिन में तोह , उफ्फ्फ , कुछ समाज नै ा रहा ..." रमा ने मन hi मन सोचते हुए बोलै , उसे कुछ समाज नै ा रहा था के वोह अपने रूम में कैसे ा गई , उस खौफनाक जंगल से....

"हळू , क्या सोच रही हो , मने क्या पूछा तुमसे..." शूरति ने रमा के चेहरे के सामने चुटकी बजाते हुए बोलै ,

"डीडीई , माँ कहा है..." रमा ने शूरति के सवाल का जवाब देने की बजाये अपना सवाल कर दिया ,

"मुझे नै पता..." शूरति ने रमा से नज़रियन चुरा कर बोलै , रमा के होंठो पर इक मुस्कान दौड गई , उसे पता था , शूरति अभ भी सीमा से नज़र है...

रमा मुस्कराते हुए बोली ,

"डीडीई , में जानती हु अप्प माँ से नाराज़ हो , पर , ाचा छोड़ो , देदी , वोह में सो गई थी ..." रमा ने शूरति को सीमा के बारे में कुछ न बताते हुए बोलै , वोह नै चाहती थी , शूरति की जान को कोई खतरा हो ,

"इतना कोण सोता है , उफ़ , ाचा अभ मत सो जाना , जाओ और फ्रेश होकर बहार ायो.." शूरति इतना बोल वह से चली गई ,

रमा जल्दी से अपने रूम में वापिस घुस गई , रमा ने रूम का दरवाजा अंदर से लॉक किया , और वाशरूम की तरफ भाग गई , रमा ने अपने कपडे जल्दी जल्दी उतर दिए ,

रमा ने वाशरूम में लगे बड़े से मिरर में खुद को देखा , उफ़ उसकी चीख निकल गई ,



उसे अपना hi चेहरा बेहद ब्यांक लग रहा था , उसकी आँखें पेले (येलो) रंग की थी , और दन्त किसी कटे की तरह तीखे , उसके दांतो में मास्स और खून लगा हुआ था , जैसे अभी अभी उसने कच्चा मास्स नोच खाया हो ,

रमा जब चीख कर रुकी और उसने कंपते हुए धीरे धीरे अपनी आँखें खोली , सब कुछ नार्मल था , उसका असली चेहरा उसे दिखाई दे रहा था , लेकिन उसकी आँखें अभ बदल चुकी थी , उसकी आँखों का रंग अभ कला पढ़ चूका था , रमा ऊपर की तरफ चेहरा कर जोर से चिलायी , वोह बेहद ब्यांक लग रही थी , लेकिन रमा को हुआ क्या था.....



कुछ देर बाद रमा शांत हो गई , अभ वोह शांत अपनी आँखें खोले चाट की तरफ घर रही थी , फिर रमा ने अपना चेहरा निचे किया और सामने की तरफ देखने लगी ,



रमा अपने गालो पर हाथ रखे खुद को महसूस करने लगी , उसकी उंगलियाँ आधी काली थी , और आँखों का रंग भी कला पढ़ चूका था , यह क्या था , उसकी ताकत जागने की शुरुआत , या फिर सीमा की कोई नयी चाल...

तो बे कुनिटेड...
 


अपडेट-42

अभ अग्गे...

रमा कुछ देर वैसे hi खुद को महसूस करती रही , उसे अपने अंदर कुछ अजीब सा महसूस हो रहा था , जैसे उसके अंदर कुछ था ,

"उफ्फ्फ , मेरा सार दर्द कर रहा है , ओह्ह शहहह , क्या करू..." रमा अपने सार को दोनों हाथो में कास कर दबाते हुए खुद से hi बोली ,

रमा की आँखों का रंग वैसा hi कला था , जो और भी गहरा होता जा रहा था , रमा बिना नहाये hi वाशरूम से बहार ा गई , वोह धीरे धीरे अग्गे बढ़ बीएड पर लेट गई , उसे अभ डुंडला डुंडला सा hi दिख रहा था ,

रमा ने अपनी आँखें बंद कर ली , अभ उसे कुछ रहत सी महसूस हो रही थी ,

"रेमाआहहहह..." इक बेहद धीमी आवाज़ ने रमा की सोच पर विराम लगा दिया , रमा ने आँखें खोल as-pas देखा , पर कुछ नै था ,

"अह्ह्ह्हह , मेरा सररर..." रमा तेज़ दर्द से कहरहटी हुई अपना सार पकड़ कर उठ बैठी ,

"रेमाहहहह..." फिर से इक धीमी आवाज़ रमा को सुनाई दी , रमा ने फिर से चेहरा ेहडेर ोहडेर कर देखा , पर उसे कुछ दिखाई न दिया ,

"उफ्फफ्फ्फ़ , कोण हैई ..." रमा ने आँखें बंद कर चीला कर बोलै , जैसे hi रमा ने आँखें बंद की , उसे कुछ दिखाई देने लगा ,

इक बेहद सुनसान और वरन जगह , चारो तरफ अग्ग hi अग्ग , उस अग्ग की ुचि ुचि लपटों के बेच , उसे इक लड़की दिखाई दी , उफ़ यह कोमल थी , जो अग्ग में जल रही थी , अपने hi मायाजाल में फांसी हुई ,

"ओह्ह कोमळळ डेडीईई , अप्प इस हालत मी..." रमा ने आँखों में असनु भरते हुए बोलै , वोह कोमल की छवि को साफ देख प् रही थी ,

"रएमाआहहहहह , भइआ का सठह देना.." कोमल ने अग्ग में जलते हुए अपने मन में hi बोलै , उसके मन की आवाज़ रमा साफ सुन प् रही थी ,

"डीडीई , में भइआ का ख्याल रखुगीय , पररर , डीडीई , अप्प्प भी आ जोऊ , प्लसस.." रमा ने रट हुए बोलै , उससे अपनी बहिन की यह हालत देखि नै जा रही थी ,

"रेमाहहहह , में n..naaii.. aa..s...ss...saktiiii.." कोमल ने दर्द में कहरहते हुए बोलै , और िका इक अग्ग की लपटे तेज़ हो गई और कोमल उस दर्द में चखने लगी , रमा से कोमल की यह हालत और देखि न गई , उसने अपनी आँखें खोल ली ,

रमा कुछ देर रोटी रही , और फिर उठ कर रूम से बहार चली गई , अभ रमा , वोह रमा नै रही थी , वोह बदल चुकी थी ,

वही दूसरी तरफ...

रवि आँखें फाडे उस खौफनाक औरत को घूरे जा रहा था , वोह औरत और कोई नै , उसकी बहिन रेखा थी ,

"आहहहहआ , रवि , यह है , मेरा हुकम का इक्का , अभ तुम ऐसे मर नै सकते , क्यों की , यह तुम्हारी बहिन है , लेकिन यह तुम मर सकती है , क्यों की यह इक शेतें है..." बिमान शाह ने हस्ते हुए थोड़ा घम्बिर होकर बोलै ,

रवि सोफे से उठ खड़ा हुआ , और रेखा की तरफ बढ़ने लगा , बरसो बाद , अपनी बहिन से मिल रहा था , वोह भी इस हालत में ,

जो प्यार रवि ने रमा को दिया था , वही प्यार उसने अपनी बड़ी बहिन रेखा को भी दिया था , पर घर छोड़ने के बाद , तक़रीबन 9 सालो बाद , अज्ज वोह रेखा को देख रहा था ,

यहाँ रवि की आँखों में प्यार और नमी थी , वही रेखा की आँखों में , बस वेशीपन था , उसका जिस्म इतना ब्यांक था , के रवि अपनी hi बहिन से नज़रियन नै मिला प् रहा था ,

बेबी अभी सामने की तरफ देख रही थी , उसने अभी पीछे पलट कर नै देखा था , वोह बस रवि के चेहरे को देख रही थी , उसकी हिमेट नै हो रही थी के वोह पीछे पलट जाये ,

"रेखा डीडीई..." रवि ने बेहद प्यार में बोलै ,

रेखा ने वैसे hi ख़ामोशी से रवि को घर कर देखा , और फिर पालक झपकते hi बेबी के करीब पहुँच गई ,

"रुकू डीडीई..." रवि चीला कर बोलै , पर तभी रेखा ने अपना इक हाथ बेबी के कंडे पर रख दिया , फिर वोह जोर से चखी , उसकी वेशी ब्यांक दन्त , दिखने लगे , जिनको देख रवि भी कम्प सा गया ,

बेबी भी किसी का हाथ अपने कंडे पर महसूस कर , अंदर तक कम्प गई , उसकी आँखें और खुल गई और गुलाबी होंठ कम्पनी लगे ,

"डीडीई , रुकोऊ , बेबी को छोड़ दू , आपका गुस्सा मुझ पर हीी , म्युज़िए मर्डर दू.." रवि ने रेखा की तरफ बढ़ते हुए बोलै ,

पर तभी रेखा इक बार और जोर से चिलायी , उसकी ब्यांक चीख सुन , रूम में मज़द सभी लोग दर से कम्प सा गए ,

बेबी ने हिमेट जूता जैसे hi पीछे पलट कर देखा , रेखा का ब्यांक रूप देख , बेबी तोह जैसे सुन सी पढ़ गई , रेखा जेटी जगती , शेतीअन की मूरत थी ,

"aaaaaaaaaannnnhhhhhhhhh..." बेबी आँखें बंद कर दर से कंपते हुए जोर से चखी , उसकी चीख इतनी तेज़ थी के लग रहा था जैसे उसका गाला फैट गया हो ,

रेखा ने बेबी को गर्दन से पकड़ ऊपर उठा लिया , बेबी के पेअर अभ हवा में ज़ुल रहे थे , उसकी गर्दन को रेखा ने हाथ में कास रखा था ,

"नई डीडीई..." रवि गुस्से से चिलता हुआ रेखा की तरफ भगा ,

रेखा , बेबी को ऊपर उठाये hi , रवि की तरफ देख जोर से चखी , और बेबी को हाथ से ऊपर उठाये hi , इक तरफ को फेंक दिया , बेबी उड़ती हुई कांच की खिड़की से जा टकराई , पूरी कांच और लकड़ी की वोह खिड़की टूट कर चकना चूर हो गई , बेबी बेसुध होकर देवर के साथ hi निचे गिर गई ,

रवि इक डैम से रेखा के सामने खड़ा था , उन दोनों के बेच बहुत काम फैसला था , रेखा अपनी वहशी नज़रिओं से रवि की आँखों में देख रही थी ,

"चली जाओ , वर्णा , आपको मर दूंगा मी.." रवि ने हाथ की मुथियों को कास कर बोलै ,

"yeehiaaaannnnnnnnnnnnnn..." रेखा जोर से चखी और रवि को साथ लेकर गयाब हो गई , वह से गयाब होते hi दोनों इक अँधेरे से नहाये जंगल में पहुँच गए ,

रवि सीधा उस जंगल में जमीन पर जा गिरा , और उठ कर as-pas देखने लगा , क्यों की रेखा वह नै थी ,

"देदी , सामने आयु..." रवि ने चीला कर बेहद गुस्से में बोलै , और तभी रेखा उसके सामने ा गई , अँधेरे में उसका रूप और भी खौफनाक लग रहा था ,

फिर रेखा ने बिजली से भी तेज़ उड़ते हुए , रवि को गर्दन से पकड़ लिया , और उठा कर , दूर फेंक दिया , रवि उड़ता हुआ , इक पेड़ से जा टकराया ,

रवि की पीठ उस पेड़ से लगते hi , पेड़ भी जड़ से उखड कर , रवि के साथ hi गिर पढ़ा ,

"अह्ह्ह्हह , शठ..." रवि दर्द से कहरहटा हुआ खड़ा हो गया , लेकिन अभ वह कोई नै था , उस खौफनाक जंगल में अभ शांति थी ,

रवि ने अपनी आँखें बंद की , फिर जब उसने अपनी आँखों को खोला तोह , वोह लाल रौशनी में चमक रही थी , और उसका पूरा बदन अग्ग में जल रहा था ,

"रेखा डेडीईई , सामने आयु..." रवि ने बेहद गुस्से में बोलै , उसका बदन अभ बेहद लाल हो चूका था , पूरा बदन अग्ग की तेज़ लपटों में नहाया हुआ था ,

तभी रेखा फिर से रवि के सामने ा गई , इक अजीब बात थी , वोह अभ तक कुछ नै बोली थी , बस खामोश थी ,

रवि गुस्से में पागल हुआ , रेखा की तरफ भगा , और उसके पास जाकर , उड़द कर , इक जोरदार पंच रेखा के चेहरे पर कर दिया , पंच जड़ते hi रवि जमीन पर इक घुटने के बल बेथ गया ,

रवि ने पीछे पलट कर देखा , तब वोह हरिजन रह गया , क्यों की रेखा पर उसके पंच का कोई असर नै हुआ था ,

"उफ्फ्फ देदी , इतनी ताकतवर , ओह्ह्ह , क्या करूण..." रवि ने वापिस उठते हुए खुद से hi बोलै ,

"yaaaeeiiiinnnnnnnnnnnn..." रेखा इक बार और जोर से चीखते हुए रवि के पास आयी ,

"ahhhhhhhhhh..." रवि ने गुस्से में कुछ पंच रेखा के चेहरे पर जड़ दिए , पर रेखा को कुछ असर न हुआ , फिर रेखा ने रवि की गर्दन को दोनों हाथो में पकड़ उसे ऊपर उठा लिया , और वह से गयाब हो गई ,

"अह्ह्ह्ह शह्ह्ह्ह..." रवि वापिस उसी फ्लैट में फर्श पर ा गिरा ,

"अहहहहआ , देख ली ताकत , यह मेरा मकसद पूरा करेगी , जो कोमल न कर पायी..." बिमान शाह ने हस्ते हुए बोलै ,

रवि जमीन से उठा और घुटनो के बल बैठते हुए बोलै ,

"mm...me , अकेला नै हुऊ..." रवि ने दर्द से कहरहते हुए मुस्करा कर बोलै , और तभी रूम में इक बार अँधेरा चा गया , जब दुबारा हलकी रौशनी हुई , तब बिमान शाह की आँखें खुली की खुली रह गई ,

"पिता जीई ..." रवि ने लगड़ाते हुए काल के करीब पहुँच कर बोलै ,

रेखा , काल को देख वह से गयाब हो गई , जैसे वह थी hi नै , अभ वह बस जोकर , और लारा hi बचे थे ,

.

"में भी आयी हु , रवि..." इक औरत ने अँधेरे से बहार एते हुए बोलै ,

"माया ..." रवि थोड़ा घम्बिर होकर बोलै , रवि को विश्वास नै हो रहा था के माया उसकी मदद के लिए आएगी , क्यों की माया , कभी हवेली से बहार नै निकलती थी ,

"हम्म , रवि , एना पढ़ा , तुम जैसा इंसान नै देखा मने , इतना प्यार करने वाला , और तुम्हारी बहिन कोमल , उफ्फ्फ , उस जैसी लड़की , सदियों तक नै देखि मने , में तोह क्या , मेरे साथ कोई और भी आया है..." माया ने घम्बिर होकर मुस्करा कर बोलै ,

तभी माया के पीछे से दो लड़कियाँ और सामने ा गई , यह काया और शया थी , जिनसे रवि हवेली में मिला था , अभ वोह भी रवि की मदद करने आयी थी ,

"काया , शया , तुम दोनों.." रवि हरिजन सा होता हुआ बोलै , क्यों की ें दोनों को काल ने हवेली में कैद कर रखा था ,

रवि बेहद खुश था , आखिर उसका प्लान काम कर गया था , जोकर को उलझा कर , काल को वह लाना था ,

जब तक रवि ने बिमान शाह को उलझा रखा था , तब तक काल ने अपनी शक्ति से , इक मायाजाल रच दिया था , अभ बिमान शाह इस बिल्डिंग से बहार नै जा सकता था ,

"ाहाःहाहा , काल , तुमसे मिलकर ाचा लगा , तुम अज्ज भी वैसे hi हो , जैसे पहले थे , कुछ नै बदला वख्त ने , न तुम और न मुझे , पर , पर , इक बात यह है , में बदल चूका हु , और तुम मुझे रोक नै सकते..." बिमान शाह ने अपने असली रूप में एते हुए बोलै , अभ वोह जोकर बन चूका था ,

"जोकर , तुमने अपनी मरियड़ा को तोडा है , हम इंसानो से दूर रहते हैं , तुम इसकी सजा मिलेगी..." काल ने बेहद गुस्से में बोलै ,

"ओह्ह , मने अपनी मर्यादा को तोडा , तोह तुमने कोनसा पालन किया है , तुमने , तुमने उस कोमल को मरने नै दिया , उसे वैम्पायर बना दिया , क्यों , इंसान का जनम hi मरने के लिए होता है , पर तुमने , उस भगवन के बनाये निज़ाम को तोड़ डाला , फिर तुम कैसे सही हुए..." जोकर ने बेहद घम्बिर होकर बोलै ,

"कोमल , वोह मेरी बेटी है , वोह इंसान नै थी , अगर वोह मरती , तब वोह रेखा जैसी शेतीअन बन जाती , उसे वैम्पायर बना , इक नयी जिंदगी दी , जैसे तुम दी थी , कोमल ने अपनी उस नयी जिंदगी को अपने जीने का जरिया बना लिया , उसने अपने भाई में , अपनी पूरी दुनिआ देख ली , पर तुम्हारी भूक बढ़ती गई , तुम इस दुनिआ पर अधिकार करना था , अभ तुम बताओ , तुम और कोमल , कैसे इक हो सकते हो..." काल ने बेहद शांत होकर बोलै ,

"ाहाहाःहाहा , कोमल तुम्हारी बेटी है , रवि तुम्हारा बीटा है , इस लिए ें दोनों को तुमने इक नयी जिंदगी दी , पर इक है , जिसे मने नयी जिंदगी दी , रेखा , नाम है उसका..." जोकर ने हस्ते हुए बोलै ,

"सेल , में तुझे जान से मर दूंगा , बोल , मेरी बहिन के साथ क्या किया तूने..." रवि ने बेइंतहा गुस्से में बोलै ,

"रवि शांत हो जाओ , अभी सवाल रेखा का नै , इस जोकर का है , ऐसे रोकना जरुरी है..." काल ने बेहद शांत आवाज़ में बोलै ,

"मुझे , अहहहहहा , मुझे , रोकने से पहले , रवि , अगर तुम अपने घर पर नज़र दाल लेते , क्यों की , जानते हो रेखा कहा गई है , नै जानते , में बता देता हु , वोह तुम्हारे घर गई है..." जोकर ने बेइंतहा हस्ते हुए बोलै ,

"क्याआ , पिता जी मुझे घर जाना होगा , मेरी बहाने इंसान है , रेखा देदी , उनको मर देगी..." रवि ने काल की तरफ देख कर बोलै ,

"नै , अभ तुम नै जा सकते , अगर मने मायाजाल तोडा , तोह जोकर भाग जायेगा , तुम नै जा सकते..." काल ने थोड़ा घम्बिर होकर बोलै ,

"पर पिता जी , रेखा देदी भी तोह गई न , में क्यों नै जा सकता , मेरी बहाने मासूम हैं , इंसान है वोह , अगर रेखा देदी का ब्यांक रूप उनहोनु देख लिया , नै नै , मुझे जाना होगा..." रवि ने अपनी आँखें बंद करते हुए बोलै ,

"रुको सोना , पिता जी ठीक बोल रहे हैं , तुम नै जा सकते..." सीमा ने सोफे से उठते हुए बोलै ,

"पिता जी , अप्प इसकी बातिओं में मत एना , यह सीमा नै है .." रवि ने काल की तरफ देख कर बोलै ,

"रवि , में जनता हु , जो कुछ हो रहा है , सीमा क्या है , यह बाद में देख लेंगे , पहले जोकर से निपट लेते हैं..." काल ने अपनी आँखों का रंग लाल करते हुए बोलै , जिसे देख जोकर भी कम्प सा गया .... क्या काल सच में इतना ताकतवर था...

"अह्ह्ह्हह rr...raviiii..." बेबी ने अपने खून से लथपथ चेहरे को दोनों हाथो में दबाये दर्द से कहरहते हुए बोलै ,

रवि भाग कर बेबी के पास चला गया , रवि ने घुटनो के बल बैठते हुए , बेबी का सार अपनी जांगू पर रख लिया ,

"अह्ह्ह्हह.. rr...raviii...t..tt..tumari...jj..juhi...kk..ka...aa...antim....w...wakh...tt...aa..gyaa...bb..babuu." बेबी ने आँखों में असनु भरते हुए बोलै ,

"ेहठ जूही , ऐसा मत बोल , में , में , तुम कुछ नै होने दूंगा , में बचा लूंगा तुझे , में कैसे , कैसे , भूल गया तुझे..." रवि ने बेइंतहा चीखते रट हुए बोलै ,

"उम्म्म , सससससष्ठ , b..bbabu..k..kk...kat...kkaa...kk...khyal...r..rakhnaaaaa..." बेबी ने इतना बोल अपनी आँखें बंद कर ली , रवि जोर से चिलता हुआ , उसके चेहरे को चूमने लगा , लेकिन बेबी , वोह तोह जा चुकी थी ,

"जूही , जूही , तुम मेरी आत्मा का वोह हिस्सा है , जिसे कोई मुज़से अलग नै कर सकता , जुहीई , उठो जुहीईई , में मर्डर जाउगा , उठाऊ , juhiiiiiiiiiii , देख , मुझे तेरा हाथ चाहये , मुझे खेलना है इससे , उठना जुहीई , में पागल हो जाउगा , जुहीईई , ेहठ , जूही मेरी जान , मने मारा था , तेरी निशा को , मर मुझे , मर्डर , ारी मारतीय क्योऊ नयी , जुहीई प्लसस , मुझे छोड़ कर मत जाए , पहले कोमल चली गई , अभ tumm...juhiiiiiiii " रवि ने सदमे में जाते हुए रट हुए बोलै , वोह पागल हो चूका था , उसे कुछ होश नै था , सब बस उसी को देख रहे थे , जोकर उदास था ,

"बेचरीय , उफ्फ्फ , रवि तुम हो इसके कातिल , तुमने मारा है जूही को , तुमने , अहहहहहाऊऊऊ ..." जोकर ने बेइंतहा हस्ते हुए बोलै ,

"रेखा डीडीई , में तुझे ऐसी मौत दूंगा , तू यद् रखेगी मुझे , मेरी मासूम जूही को मर दिया , मुझे मर देती..." रवि ने बेइंतहा गुस्से में बोलै ,

"ाहाःहाहा , रेखा को कैसे मरोगे , वोह तोह पहले hi मर चुकी है , ाहाःहाहाहाहू..." जोकर ने बेइंतहा हस्ते हुए बोलै , जब की रवि चौंकते हुए उसे देख रहा था , उसके कदमो में बेजान बेबी का जिस्म पढ़ा हुआ था....

तो बे कुनिटेड....[ इक बार बेबी की पूरी जिंदगी को यद् कर लेना... कुछ अजीब सा फील होगा.. जैसे बेबी सच में थी.. वोह कोई करैक्टर न होकर इक.. जिन्दा लड़की थी.. और हाँ कल रत को अपडेट आएगा.. )

 


अपडेट-43

अभ अग्गे..

रवि , जोकर की बात सुन चौंक सा गया , उसकी बड़ी बहिन मर चुकी है , पर कैसे , और उसकी माँ ने उसे कुछ बताया तक नै ,

"t..tt..tum , झूठ बोल रहे हो , मेरी बहिन मर नै सकती..." रवि ने थोड़ा नाम आँखों से बोलै ,

"अहहहहाहा , रेखा , वोह , वोह , मर चुकी है , और जानते हो , उसकी मौत , तुम्हारे कारन हुई थी , वोह तुम प्यार करती थी , शादी नै करना चाहती थी , इस लिए शादी के दिन वोह घर छोड़ कर चली गई , वोह चर्च में इक नूं बन गई , धीरे धीरे उसे तुमसे नफरत होने लगी , फिर उसके साथ कुछ ऐसा हुआ , के अभ वोह इक शेतें है , अहःअहः , तुम सब की मौत है , वोह.." जोकर ने थोड़ा घम्बिर होकर हस्ते हुए बोलै ,

"ओह्ह्ह , मेरी बहिन , में क्यों तुम समाज न पाया , में तुम रोकूंगा , और पहले जैसी कर दूंगा , पर पहले , इस मनहूस जोकर को ख़तम करुगा..." रवि ने मन hi मन सोचते हुए बोलै ,

"ाहः , क्या सोच रहे हो , यही न , के तुम , मुझे , मुझे , मर सकते हो , और फिर , रेखा को बचा लोगे , कितना बोरिंग सपना है , रवीए , न तोह तुम मुझे मर सकते हो , न hi काल , अहःअहः , मुझे तुम्हारी बहिन कोमल hi मर सकती है..." जोकर ने रवि के करीब जाते हुए बोलै ,

"तुम क्या भगवन से वरदान मिला है , तुम में hi मरुँगा , और रही बात रेखा देदी की , उनको बचा लूंगा में..." रवि ने भी जोकर के करीब होकर बोलै , अभ दोनों इक दूसरे के बेहद करीब थे , दोनों की आँखें इक दूसरे पर जमी हुई थी ,

"वरदान नै , तुम्हारी बहिन को खुद से बाँदा हुआ है मने , इक ऐसा रहस्मयी मंत्र , जिससे मेरी आत्मा , तुम्हारी बहिन से जुड़ गई , अभ , तुम्हारी बहिन कोमल hi मुझे मर सकती है , और वोह यहाँ है नै , ाःहाहा.." जोकर ने बेहद घम्बिर होकर बोलै ,

"आह्ह्ह्हह .." रवि ने जोकर के मोह पर इक जोरदार पंच जड़ते हुए चीला कर बोलै ,

पंच लगते hi जोकर इक तरफ हो गया , लेकिन फिर चेहरा सीधा कर मुस्कराने लगा ,

"आह्ह्ह्ह..." रवि ने जोर से छीलते हुए इक जोरदार पंच जोकर के पेट में जड़ दिया , फिर रवि रुका नै , वोह जोकर को मरता गया ,

"अहहहहहहआ , तुम्हारी , तुम्हारी साडी ताकत फ़ज़ल है , तुम , तुम , मेरा कुछ नै भिगाड सकते , अहहहहहा..." जोकर ने बेइंतहा हस्ते हुए बोलै ,



upload image

"आआआआआ..." रवि ने थोड़ा पीछे हैट , भाग कर इक किक जोकर के पेट में जड़ दी , किक लगते hi जोकर पीछे देवर से जा टकराया , उसके होंठो पर इक ब्यांक मुस्कान थी ,



"th...thak ...gye...tum..." जोकर ने अपने लाल होंठो को हाथ से साफ करते हुए बोलै ,

रवि थोड़ा पीछे हुआ , और फिर पूरी ताकत एकजुट कर , जोकर की तरफ भगा , रवि के पोरे बदन से अग्ग की तेज़ लपटे निकल रही थी ,



"अजा , अजा , को , मर दे मुझे , अजा , फ़ास्ट , फ़ास्ट , किल मई , किल में..." जोकर ने बेइंतहा हस्ते हुए बोलै ,

"आआआआआ..." रवि जोर से चिलता हुआ जोकर की तरफ आया , रवि ने करीब एते hi अपने कंडे का जोरदार वॉर जोकर के पेट में कर दिया , जोकर , रवि का कांडा लगते hi , पीछे देवर से जा टकराया , उन दोनों की ताकत वोह पत्थर की देवर सेह न पायी , और टूट कर भीकर गई ,

"धादाआंम्म्म..." इक तेज़ आवाज़ पोरे फ्लैट में गूंज गई , रवि और जोकर देवर के मलबे में दबे हुए थे ,

"बोससस.." लारा जोर से चिलायी और अपनी तलवार निकल रवि की तरफ भागी ,

अभी वोह रवि के पास पहुँच पति , काया और शया ने उसका रास्ता रोक लिया , वोह दोनों बेहद ब्यांक लग रही थी , उनकी रफ़्तार हवा से भी तेज़ थी ,

फिर काया और शया हवा से भी तेज़ फ्लैट में भागने लगी , वोह किसी को दिख भी नै रही थी ,

"ाआईईईईएसशह्ह्ह ..." इक दर्द भरी चीख लारा के होंठो से निकल गई , क्यों की काया और शया ने भागते हुए , उसके चेहरे पर नाखून का वॉर कर दिया था , लारा के लेफ्ट और राइट दोनों गाल , उनके लम्बे नाखुनो से चील चुके थे ,

"आअह्ह्ह्हह , उफ्फ्फ्फ़ ..." लारा फिर से दर्द से सिसकार उठी , जब काया और शया ने उसके बदन के हर हिस्से को घ्याल करना सुरु कर दिया ,

" बस्स्स , बहुत हुआ खेलना..." लारा गुस्से में पागल होती हुई बोली , अभ की बार , जैसे hi काया और शया उसे मरने आयी , लारा ने पालक झपकते hi , उनको गर्दन से पकड़ लिया , अभ दोनों की गर्दन लारा ने पकड़ राखी थी , उनके पेअर हवा में जुले रहे थे ,

"ऑर्डर , खेलना हीी..." लारा ने मुस्कराते हुए बोलै , और उन दोनों की गर्दन को और जोर से कास दिया , वोह दोनों दर्द से छटपटाने लगी ,

"मेरे साथ खेल कामिनी..." माया ने लारा के पीछे खड़े होकर उसके कनु में बोलै ,

लारा ने दोनों की गर्दन छोड़ दी , काया और शया जमीन पर गिर गई , लारा ने अपनी तलवार पकड़ घूम कर जोरदार वॉर , माया पर किया , लेकिन माया वह थी hi नै , वार्ना उसकी गर्दन धड़ से अलग हो जाती ,

"ओहूऊऊ , कहा गईई..." लारा ने गुस्से में चीला कर बोलै ,



पर तभी इक अग्ग का गोला उसके सीने से ा टकराया , लारा उस अग्ग के गोले के लगते hi , उड़द कर दूर फर्श पर जा गिरी , यह मैजिक काल ने किया था ,

वही दूसरी तरफ रवि और जोकर उस मलबे में से उठ रहे थे , रवि ने उठते hi जोकर को सार के बालो से पकड़ खड़ा किया और उसकी आँखों को में देख बोलै ,

"तुम्हारा खेल ख़तम , बेबी की मौत की कीमत चुकाने के लिए त्यार हो जाए..." रवि ने गुस्से से पागल होते हुए बोलै ,

"अहाहा अहूऊऊ अहूऊऊऊ (खासते हुए) , तुम लगता है , में हार गया हु , नै , नै , यह बस वहां है तुम्हारा , जानते हो , कार्ड्स गेम में इक्का तोह होता hi है , पर क्वीन भी होती है , और मेरी क्वीन , अह्हह्हुउउउ , तुम खुद hi देख लूओ..." जोकर ने बेहद घम्बिर होकर बेइंतहा हस्ते हुए बोलै ,

"रवीए , ऐसे कैद करना होगा , ऐसे मर नै सकते .." काल ने बेहद शांत आवाज़ में बोलै , पर सब सीमा को भूल गए थे , जो अभी भी सोफे पर बैठी हुई थी ,

"मुझे , अहहहआ , मुझे , कैद करोगे तुम , मेरी क्वीन ऐसा करने नै देगी , रवि तुमने कोमल के प्यार में , इक अनचाहा दुश्मन बना लिया , और तुम इक बात नै जानते , दुश्मन का दुश्मन , दोस्त होता है , अहहहहहा..." जोकर ने रवि की आँखों में घर कर देखते हुए बोलै ,

"ओह्ह्ह , क्या बकवास लगा राखी है , किसकी बात कर रहे हो तुम.." रवि ने जोकर की गर्दन को दोनों हाथिओं में पकड़ कास कर दबाते हुए बोलै ,

"ाहाःहाहूऊऊ , t..tt...tume...p..pata haii...mm..me...kk...kiskii...bat ...karrr...rehaaa...huuuu...ahahahaaa..." जोकर ने लड़खड़ाती जुबान से बोलै , क्यों की रवि ने उसकी गर्दन दोनों हाथिओं में दबा राखी थी ,

"रावी , इसकी बातिओं में मत एना , ऐसे पकड़ कर रखो , में मायाजाल रचुगा , तेन की ऐसे कैद किया जा सके..." काल ने बेहद खौफनाक आवाज़ में बोलै , उसकी बदन से लाल रोशनी निकलने लगी थी , वोह इक मायाजाल रच रहा था , जिस में जोकर को कैद किया जा सके ,

"अहहहहहहा , रावी , तुम कोमल से प्यार करते हो , वोह बर्दाश्त नै कर पायी , अभ वोह तुमसे बदला लेगी , तुमने उसे ठुकरा कर कोमल को अपना लिया , सोचु , अहहहहआ , सोचो , उसे कितना बुरा लगा होगा , वोह , वोह बेहद शक्तिशाली हैई , मिलोगे उसे..." जोकर ने हस्ते हुए आखिर में घम्बिर होकर बोलै ,

"ेहः तू चुप कर जा , वार्ना तेरी गर्दन उखड दूंगा..." रवि ने जोकर की बातिओं से तंग आकर गुस्से में बोलै ,

"ृंगगग , हाँ वही , पता नै उसने तुममे क्या देखा , तुम्हारे प्यार में पागल हो चुकी है , लेकिन तुम कोमल को चाहते हो , ाःहाहाःहाहू , इस बात से वोह इतनी गुस्सा हो गई है , के कोई उसे रोक नै सकता , तुम भी नै , अभ वोह तुमसे बदला लेगीइ , लेकिन तुम उसे छू भी नै पाओगे..." जोकर ने हस्ते हुए बोलै ,

"अपनी फ़ज़ल की बकवास बंद कररर , रूही कभी कुछ गलत नै करेगी..." रवि ने रूही को यद् कर बोलै ,

"अहहहहहा , रूही , क्या यह नाम है रिंग का , ओह्ह्ह , जानते हो , मने उससे इक डील की है , वोह मेरे लिए कोमल को ख़तम करेगी , और में उसे वोह दूंगा जो में सदियों से पाना चाहता हु , अभ कोमल मारेगी और साथ में तू भी , ाहाःहाहा , रिंग की ताकत का कोई अंत नै , उसे मिटा पाना नामुमकिन है , तुम भी उसे रोक नै पाओगे , अहहहहहहा.." जोकर ने बेहद घम्बिर होकर हस्ते हुए बोलै ,

वही दूसरी तरफ तभी सीमा इक डैम से उठ कड़ी हुई , उसकी आँखों का रंग बेहद लाल हो गया , बदन सफेद पढ़ गया ,

"अह्ह्हूँन , ाःहूंन , रविइइइइइइ..." वोह जोर जोर से हाफति हुई रवि का नाम लेकर चिलाती हुई बोली ,

रवि , जोकर को छोड़ सीमा की तरफ देखने लगा , जोकर बेइंतहा हसने लगा , काल आँखें बंद किये मायाजाल रच रहा था , माया , काया और शया भी सीमा की चीख से कम्प सी गई थी ,

"सीमा , क्या हुआए.." रवि ने सीमा के करीब पहुँच कर बोलै ,

सीमा के पैरो से इक लाल रौशनी निकल रही थी , जो धीरे धीरे उसके पोरे बदन को कवर कर रही थी ,



"अह्हह्ह्णण , मी सीमाआ नईईई हूउउउउ..." सीमा जोर से चीखते हुए बोली , और रवि के सीने पर दोनों हाथिओं से ढाका जड़ दिया , सीमा के हाथ लगते hi रवि पीछे की तरफ उड़ता हुआ दिवार से जा टकराया ,

सीमा के बदन से अग्ग की लपटे उठने लगी , आँखों पूरी सफेद हो गई , ऐसा लग रहा था , जैसे वोह अग्ग में जल रही हो ,



"मेई हुऊ मालिकायआ सुहानाआआ..." सीमा गुस्से में चीला कर बोली , उसके बदन के as-pas बस अग्ग hi अग्ग थी , सीमा का पूरा बदन ऐसा हो गया , जैसे अग्ग से hi बना हो , वोह इक फायर डेविल बन चुकी थी , पूरा बदन अग्ग से लथपथ था , उसके बदन का तेज़ इतना था , के काया , शया और माया , उस तेज़ को सेहन न कर पते हुए , दर्द से चीखती हुई , जमीन पर गिर चुकी थी , सीमा के इस रूप को देख , रवि चौंक सा गया था , उसे समाज नै ा रहा था , वोह क्या करे......



वही दूसरी तरफ....

रमा अपनी बहनो के साथ घर के हॉल में बैठी हुई थी , उसके चेहरे पर चिंता के भाव थे , पर वही रिमी , सीमा और शूरति , मुस्कराते हुए इक दूसरे से बतिअन कर रही थी ,

"शैयाआणण्णन..." इक बेहद धीमी आवाज़ रमा को सुनाई दी , जैसे कोई हवा से भी तेज़ उनके सामने से गुजरा हो , रमा उसे महसूस कर प् रही थी ,

पर बाकि तीनो को कुछ भी महसूस नै हो रहा था , रमा शांत होकर अपने कनु को महसूस करने लगी , उसे हर चीज़ जो किसी और कोई सुनाई न दे , बस उसे सुनाई दे रही थी ,

तभी रमा को देवर के पास कुछ दिखाई दिया , किसी की परछाई थी , रमा थोड़ा दर गई , उसे दर था , कही वोह आत्मा फिर से तोह नै ा गई ,

"उफ्फ्फ भइआ पता नै कब आएंगे..." रिमी ने थोड़ा गुस्से में बोलै , तोह शूरति और सीमा बस हस्स पढ़ी ,

"ओह्ह हो , बड़ी बेताब हो रही है , क्या बात है , कुछ plan-vlan तोह नै कर रखा तुम दोनों ने..." सीमा मुस्कराते हुए बोली , तोह रिमी ने नज़रियन ज़ुका ली ,

"हम्म , होगा कोई प्लान , उफ़ , तभी तोह इतनी बेताब हो रही है..." शूरति भी रिमी को छेड़ते हुए बोली ,

रमा तोह जैसे वह थी hi नै , वोह ख़ामोशी से पोरे घर को महसूस करने की कोससिह कर रही थी , उसे पता था , घर में कोई और भी है ,

"ारी , रमा , रमा..." शूरति ने रमा को पहले धीरे फिर जोर से आवाज़ देते हुए बोलै , इक डैम से तेज़ आवाज़ सुन रमा चौंक गई , उसके चेहरे पर दर के भाव उमड़ ए थे ,

"क्या हुआए तुम , इतनी दर क्यों रही हो.." शूरति ने रमा के दर से लथपथ चेहरे को घर कर देखते हुए बोलै ,

"वोह , वोह , कुछ नै देदी , बस ऐसे hi.. " रमा ने अपने मन की हालत को छुपाते हुए बोलै ,

"ाचा , कोण कोण , कॉफ़ी पियेगा , हाथ खड़े कारु.." रिमी ख़ुशी में मुस्कराती सोफे से उठते हुए बोली ,

"में , में , में भी .." फिर तीनो इक साथ बोल पढ़ी ,

"जस्ट वेट 5 मिन्ट्स..." रिमी इतना बोल मुस्कराते हुए किचन की तरफ चली गई , शूरति और सीमा बतिअन करने लगी , पर रमा फिर से कुछ अजीब सा महसूस करने लगी ,

रिमी किचन में आयी , और फ्रीजर से दूध निकल उसे गरम करने लगी , रिमी होंठो पर मुस्कान लिए कॉफ़ी बना रही थी , तभी ,

"khhhhiiiinnnnnnnnnnnnnnn..." आवाज़ करता किचन का दरवाजा अपने अप्प बंद हो गया , रिमी ने चौंक कर दरवाजे की तरफ देखा , फिर मुस्करा कर बोली ,

"डीडीई , में डरने वाली नै हु..." रिमी मुस्करा कर बोली ,

"कदायककककक कददायककककककककक..." दरवाजे का हैंडल जोर जोर से हिलने लगा ,

"उफ्फ्फ , तुम तीनो को समाज नै अत..." रिमी अभ थोड़ा गुस्से में दरवाजे की तरफ बढ़ी , पर तभी किचन में घोर अँधेरा हो गया ..."उफ्फ्फ , लाइट को क्या हुआ..." रिमी अँधेरे से परेशान होते हुए बोली ,

पर तभी इक डैम से रौशनी हो गई , रिमी ने किचन में as-pas देखते हुए जोर से चीख मर दी , क्यों की किचन में हर तरफ खून के ढग पढ़े हुए थे , ऐसा लग रहा था , जैसे यह किचन सालो से वरन पढ़ा हुआ हो ,



"यह , यह , कित्चेन्न्न को क्या हुआए..." रिमी ने दर से कंपते हुए बोलै , तभी दूध उबलने लगा , लेकिन जैसे hi रिमी ने देखा वोह दूध नै खून था , जो अभ उबाल कर डिब्बे से बहार ा रहा था ,

"aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa..." रिमी दर से कंपते हुए चीख उठी , और किचन से बहार भागने लगी , पर किचन का दरवाजा खुल hi नै रहा था ,



तभी रिमी को किसी का हाथ अपने कंडे पर महसूस हुआ , रिमी दर से और कम्पनी लगी , उसकी हिमेट नै हो रही थी , पीछे पलट कर देखने की , तभी किसी की आवाज़ सुनाई दी ,

"रिमी , जल्दी करो , और दरवाजा क्यों बंद कर रखा है..." बहार कड़ी शूरति ने चीला कर बोलै ,

और तभी इक डैम से रूम में रौशनी फैल गई , सब कुछ पहले जैसा हो गया , दरवाजा भी अपने अप्प खुल गया , शूरति जैसे hi अंदर आयी , रिमी रट हुए उसके गले लग गई , शूरति को कुछ समाज नै ा रहा था ,

"क्या हुआ रिमी तू रो क्यों रही है..." शूरति ने प्यार से रिमी के बाल सेहला कर बोलै ,

"dd...de..di...mm..mane...kk..kuch..ajeeb देखा.." रिमी ने रट हुए बोलै , फिर शूरति , रिमी को बहार ले आयी ,

शूरति ने रमा और सीमा को भी रिमी की हालत के बारे में बता दिया , और किसी ने यकीन किया हो या न , पर रमा को पूरा विश्वास था , रिमी पर ,

अभी चारो बैठी कुछ सोच hi रही थी , के उनको कॉरिडोर पर कोई खड़ा दिखाई दिया , चारो की सांसे तेज़ चलने लगी , और माथे पर दर का पसीना...

तो बे कुनिटेड...

 


अपडेट-44

अभ अग्गे...

रमा और बाकि सब बेहद दर सा गई थी , कॉरिडोर में बेहद अँधेरा था , लेकिन ऊपर जल रहे तुबेस की लाइट भी काम थी ,

"d..dd...dedi...v..vaha...kk...koiii...th..tha..." रिमी ने दर से कंपते हुए शूरति के गले लग बोलै ,

"नै रिमी , कोई नै है , तू दर मत..." शूरति ने रिमी के बालो को सेहला कर बोलै ,

पर रमा शांत बैठी , पोरे घर को महसूस कर रही थी , उसे बार बार इक लड़की का वह होना महसूस हो रहा था , और उसकी बेइंतहा ताकत भी ,

"रमा तू क्या सोच रही है..." शूरति ने रमा की तरफ देख कर बोलै ,

"kk..kuch..nn..nai...dd...dedi..." रमा ने हकलाते हुए बोलै ,

रमा ने अपनी आँखें बंद कर ली , और फिर पोरे घर की हर जगह को महसूस करने लगी , धीरे धीरे वोह महसूस करती गई , और आखिर में उसकी शक्ति ने उसे कॉरिडोर के आखिर में बने रूम में कुछ अजीब सा दिखा दिया , जैसे hi रमा ने उस अजीब चीज़ को देखा.. उसने अपनी आँखें इक डैम से खोल ली ,

"हूँण , हुन्न्न...." रमा तेज़ तेज़ हाफति हुई , अपने माथे पर ए पसीने को साफ करने लगी , उसके चेहरे पर उस खौफनाक दर के भाव उमड़ ए थे ,

"क्या हुआ रमा , तू ठीक तोह है..." सीमा ने अपना हाथ रमा के कंडे पर रखते हुए बोलै ,

"haa..han..mm..me...th...thik..hh..hu.." रमा ने दर से हकलाते हुए बोलै , उसके जुबान थार थार कम्प रही थी ,

रमा ने दर से कंपते हुए कॉरिडोर की तरफ देखा , इक डैम शांत , वह कुछ भी नै था , लेकिन तभी रमा को वह इक परछाई चलती हुई दिखाई दी , वोह कोई औरत थी ,

फिर िका इक वोह परछाई , कॉरिडोर के आखिर में दिवार के पास कड़ी हो गई , लेकिन रमा के बिना वोह परछाई किसी को दिखाई नै दे रही थी ,

रमा की सांसे तेज़ चलने लगी , वोह सोफे से उठी और कॉरिडोर के सामने कड़ी हो गई , उसका गाला सुख रहा था , वोह बार बार थूक अंदर निगलते हुए , अपने सूखे गले को गीला कर रही थी ,

िका इक रमा ने देखा , वोह परछाई अभ पूरी औरत बन चुकी थी , और कॉरिडोर में रौशनी फैल चुकी थी ,

"ओह्ह्ह , नू , माआ.." रमा दर से कंपते हुए अपने मन hi मन बोली ,

रमा ने कंपते हुए देखा , वोह लड़की इक नूं थी , और इस से भी बड़ी बात , वोह उसकी बहिन रेखा थी , जिसे रमा ने पहचान लिया था ,

"rrr...rr..rekhaaaa...ddd..dediiii..." रमा हकलाते हुए खुद से hi बोली ,



रेखा दूर कड़ी रमा को घर कर देख रही थी , उसने ब्लैक नूं के कपडे पहन रखे थे , होंठ इक डैम काळा , बदन बेहद सफेद , और आँखें सफेद रौशनी में चमक रही थी , उसके ब्यांक रूप को देख , रमा की हालत और भी ख़राब हो चुकी थी ,

तभी रेखा वह से स्टोर रूम में चली गई , जिसका दरवाजा उसके राइट साइड में था , रमा तोह पसीने से भीग गई थी , अभ रमा यह तोह जानती थी के रेखा स्टोर रूम में है , पर उसकी हिमेट नै हो रही थी , उस तरफ जाने की ,

"उफ्फ्फ , रेखा देदी..." रमा दरी सेहमी खुद से hi बोली , और फिर स्टोर रूम में न जाने का फ़ासिला कर , वापिस सबके साथ बेथ गई ,

लेकिन रेखा तोह कुछ और hi चाहती थी , उसने कुछ ऐसा किया की सबकी रूह तक कम्प गई ,

इक डैम से पोरे घर की लाइट्स ऑफ हो गई , अभ हर तरफ बस अँधेरा hi था , चारो सोफे पर इक दूसरे से चिपक कर बेथ गई , अभ बस उनकी तेज़ सांसो का शोरे hi उस अँधेरे शांत घर में गूंज रहा था ,

"yy...yeh...light...kkk...kyu...gg..gai..." रिमी ने रट हुए हकला कर बोलै , उसकी आवाज़ भी अभ कंपकपा रही थी , होंठ कम्प रहे थे ,

"pp...pp..pata...nn...nai..." रमा भी वैसे hi हकलाते हुए बोली ,

"aaaaaaaaaaaaaannnnn..." तभी सीमा के मोह से जोरदार चीख निकल गई ,

"kk..kya..hh..hua...sss...sa...imaaa.." शूरति उसके कंडे पर हाथ रख कंपते हुए बोली ,

सीमा कुछ न बोली , बस अपने कंपते हाथ को उठा कॉरिडोर की तरफ अपनी ऊँगली कर दी , फिर तीनो ने देखा , पोरे घर में अँधेरा था , लेकिन कॉरिडोर में हलकी हलकी रौशनी हो चुकी थी ,



"वह तोह कुछ नई.." शूरति ने सामने की तरफ देख कर बोलै , क्यों की अभ वह कोई नै था ,

"डीडीई था , मने उसकी परछाई देखि वह पर..." सीमा डरते हुए नाम आँखों से बोली ,

"aaaaaaaaaaaaaaaaanhhhhh.." सीमा इक बार और जोर से चीख उठी , इस बार जब तीनो ने सामने कॉरिडोर की तरफ देखा , तोह वोह तीनो भी चखने लगी ,



क्यों की सामने रेखा कड़ी थी , अपने ब्यांक , खौफनाक रूप के साथ , अँधेरे में उसकी आँखें और गले में पहना क्रॉस hi चमक रहा था ,

चारो बुरी तरह डरते हुए चखने लगी , इक दूसरे को बहु में जकड़ने लगी ,

कुछ देर रेखा वही कड़ी रही , और फिर उन चारो की तरफ ऐनी लगी , उसके पेअर तोह जैसे थे hi नै , वोह उड़ती हुई उनकी तरफ ा रही थी ,

"aaaaaaaaaaaaaaaaaa , डेडीईई बचावूओ..." रिमी दर से चीखते रट हुए शूरति को बहु में कस्ती हुई बोली , पर शूरति तोह खुद सदमे में जा चुकी थी , उसका बदन बुरी तरह कम्प रहा था , पसीना माथे से बेहटा हुआ उसके पोरे चेहरे को भिगो रहा था ,

रेखा अपने खौफनाक रूप के साथ उनके करीब अति जा रही थी , वोह वख्त भी आया , जब रेखा उनके बेहद करीब कड़ी हुई , उनको देख रही थी ,

"rrr..rr..rekhaaa...dd...dediiiii..." रमा दर से कंपते हुए हकला कर बोली , तोह बाकि तीनो उसकी तरफ देखने लगी ,



"aahunnnnnnnnnnnn..." तभी रेखा जोर से चीख उठी , उसके दन्त बेहद ब्यांक थे , दांतो के ऊपर बस खून hi खून लगा हुआ था , रेखा की खौफनाक चीख और उसके खून से साणे दांतो को देख , शूरति , रिमी और सीमा तोह बेहोश हो गई , लेकिन रमा अभ भी थार थार कंपते रेखा को देख रही थी ,

वही दूसरी तरफ...

रवि , सीमा के इस खौफनाक रूप को देख bhey-bheet हो चूका था , उसे विश्वास नै हो रहा था वोह सुहाना है ,

सुहाना कैसे , रिंग में तोह रूही थी , फिर सुहाना कैसे , रवि का दिमाग फटा जा रहा था , यह सब सोच कर , और सबसे बड़ी बात , अगर रिंग सुहाना थी , तोह रूही कहा थी , उसके साथ क्या हुआ ,

रवि देवर के सहारे खड़ा हुआ और सुहाना की तरफ देखने लगा , सुहाना अभ वापिस सीमा के रूप में ा चुकी थी , लेकिन उसके बदन से अभ भी अग्ग की तेज़ लपटे निकल रही थी ,



उसने काळा कपडे पहन रखे थे , बालो का रंग लाल हो चूका था , दोनों हाथो से अग्ग निकल रही थी , वोह रवि की तरफ गुस्से से देख रही थी ,

फिर सुहाना ने अपने हाथो से इक मैजिक बॉल , काल की तरफ छोड़ दी ,



जो बिजली की तरह कड़क रही थी , वोह बिजली की तरह चमकती हुई , काल के जिस्म से जा टकराई ,



बिजली का तेज़ इतना था के काल जो जोकर को कैद करने के लिए , मायाजाल रच रहा था , इक डैम से दर्द से चीख उठा , और जमीन पर गिर गया , बिजली ने उसके जिस्म को किसी सांप की तरह कास कर जकड लिया था ,

"पिता जीई ..." रवि , काल की तरफ भगा , पर तभी इक पानी की मैजिक बॉल उसके सीने से ा टकराई , रवि उड़द कर फिर पीछे गिर गया ,



" अह्ह्ह्हह , शहहहहह..." रवि दर्द से कहरहटा हुआ अपने घुटनो के बल बेथ गया , तभी जोकर हस्ता हुआ बोलै ,

"मने कहा था तुमसे , ाहाःहाहा , तुम रिंग के अग्गे कुछ भी नै हो , अभ सुहाना तुम ख़तम कर देगी , और फिर कोमल भी ख़तम हो जाएगी , अंत में हम राज़ करेंगे इस दुनिआ पर , ाहाःहाहा..." जोकर ने बेइंतहा हस्ते हुए बोलै ,

"ाहूणं , यह तुम्हारा वहां है , न तोह में मरुँगा और न hi मेरी कोमल ..." रवि अभी बोल hi रहा था के सुहाना बेच में बोल पढ़ी ,

"हुण्णनं , हुण्णं , माररिग्गीइ , कोमळळ , जरूर मारगीई ..." सुहाना ने रवि के करीब एते हुए बोलै ,

फिर वोह रवि के इक डैम सामने ा गई और उसके बालो को हाथ में पकड़ उसके चेहरे को देखते हुए बोली ,

"अह्हह्ह्ह्ह , तुम बेहद बुरी हूँ , ाचा हुआ , मने तुमसे प्यार नै किया.." रवि मुस्कराते हुए बोलै , तोह सुहाना को बेहद गुस्सा ा गया ,



image upload

उसने अपनी आँखों से बिजली की किरणे छोड़ी , जो रवि के चेहरे पर पढ़ने लगी , रवि दर्द से छटपटाने लगा ,

"आआआआअह्ह्ह्ह , शह्ह्हह्हह्हियी..." रवि दर्द से कहराते हुए बोलै ,

" सोना , तुम मेरे हो , में तुम अपना बना कर रहूगी , चाहे तुम्हारी ीचा हो या न हूँ..." सुहाना ने मुस्कराते हुए बोलै , फिर सुहाना ने बिजली की किरणे रोक दी , रवि हफ्ता हुआ निचे गिर गया ,

"हम्म , यह दुनिआ बेहद प्यारी है , हम मलिका सुहाना , इस दुनिआ पर भी राज़ करेंगे , और पारी लोग पर भी , और रवि तुम , मेरे गुलाम बन कर , मेरी हर ीचा की पूर्ति करोगे..." सुहाना बेइंतहा हस्ते हुए बोलै ,

"आआआ , शह्ह्ह्ह , रूही तुम रोकेगी.." रवि ने हाथो के बल घुटनो पर खड़े होते हुए बोलै ,

"सोना , मेरे प्यारे सोना , तुम पता है , रूही अभ कहा है , नै पता , सोना , मुझे पता है , रूही कहा है..." सुहाना ने मुस्कराते हुए बोलै ,

"ओह्ह , पर तुम्हारी मौत उसके हाथो hi होगी..." रवि ने मुस्करा कर बोलै , तोह सुहाना ने गुस्से में उसे इक थपड जड़ दिया ,

"सोना , हमसे ऐसी बतिअन मत किया करो , हम तुम बेइंतहा चाहते हैं , हम बस यही चाहते हैं , के तुम हमें प्यार करो , और सोना जानते हो , जो काम हम पहले नै कर पाए , वोह काम अभ हम करेंगे..." सुहाना ने अपने मलिका वाले अंदाज़ में थोड़ा गुस्से में बोलै ,

"कोनसा काम.." रवि भी उसका मकसद जानने की ीचा से बोलै ,

"सोना , तुम पता है , मैं अपने पिता से मिलना चाहती थी , में राजा ाबून और मलिका सोना को नदी किनारे मिली थी , पहले कुछ दिन तोह मैलका ने मुझे माँ का प्यार दिया , पर बाद में जब रूही ने जनम लिया , तब मलिका सोना ने मुझे प्यार करना छोड़ दिया , में तरस गई माँ और पिता के प्यार को , जब मुझे जादूगरनी ने बोलै के में शेतें की बेटी हु , तोह में अपने पिता से मिलने को तड़फ उठी ..." सुहाना अभी अपनी बीती जिंदगी के बारे में बता hi रही थी के रवि बेच में बोल पढ़ा ,

"अह्ह्ह यह कहानी झूठी ही..." रवि ने थोड़ा गुस्से में बोलै ,

"यह कहानी नई , मेरी जिंदगी में जो कुछ हुआ , जो मने तुम बताया था , उसका इक इक लफ़ज़ सच है..." सुहाना भी बेहद गुस्से में बोली ,

"अग्गे सुनो , अपने पिता से मिलने की , उनका प्यार पाने की , इक भूक सी जग उठी मेरे मन में , जादूगरनी के बताये रस्ते में चलती गई ,6 कुवारी लड़कयों की बलि अमावस की काली रत को अपने पिता को अर्पण कर दी , अभ इक बलि , मुझे अपनी बहिन रूही की देनी थी , लेकिन हमारी लड़ाई में उसकी जान चली गई , उसने मरते मरते मुझे श्राप दे दिया , और में रिंग में बदल गई , लेकिन अभ में उसकी बलि दूंगी , कोमल की बलि दूंगी..." सुहाना ने बेहद दर्द में नाम आँखों से बोलै ,

"क्याआ , कोमल की बालिई..." रवि इक डैम से खड़ा होता हुआ बोलै ,

"हाँ कोमल की..." सुहाना , रवि की आँखों में देख मुस्करा कर बोली ,

"लेकिन तुम तोह रूही की बलि देनी थी , फिर कोमल की , ओह्ह्ह शीट्ट्ट्ट , मतलब , ओह्ह्ह.." रवि अपने माथे पर हाथ मरता चौंक कर बोलै ,

"हाँ , तुमने ठीक सोचा , कोमल hi रूही है , उसकी बलि देते hi , में अपने पिता से मिलूगी , और फिर मेरा प्यार भी मेरे पास होगा और मेरे पिता भी..." सुहाना ने आँखें बंद कर उस पल को महसूस करते हुए बोलै ,

"क्या , बकवास कर रही हो , मेरी कोमल , रूही नै हो सकती , कभी नै.." रवि ने अभ भी यकीन न कर पते हुए बोलै ,

"कोमल hi रूही है , वार्ना वोह वैम्पायर बनते hi इतनी जल्दी , इतनी ताकतवर कैसे हो गई , वैम्पायर होते हुए भी , उन रहस्मयी मंत्रो का इस्तेमाल कैसे कर पायी , दयना को अपने अंदर कैद कैसे कर पायी , अग्ग भी उसे जला नै प् रही , वोह hi रूही है , यह बात , कोमल नै जानती अभ भी , और जानते हो मुझे कब पता चला..." सुहाना ने बेहद घम्बिर होकर बोलै ,

"कैसे..." रवि भी उदास मन से बोलै ,

"तोह सुनो रवि , उस दिन क्या हुआ.." सुहाना उस दिन की कहानी बताने लगी , जब कोमल ने उसे पहली बार छुआ था ,

फ्लैशबैक...

कोमल अभी अभी कुछ दिन पहले वैम्पायर बानी थी , उसकी उम्र अभी 15 साल थी , अभ इतनी उम्र कहा थी , वोह दरी , सेहमी सी काल के सामने कड़ी थी ,

"उफ्फ्फ , यह क्या हो गया मुझे , मेरा भाई कितना रोयेगा , कितना परेशान होगा , वोह तोह मुझ पर जान देता है , नै , नै , में उसे कभी नै बताऊगी , में क्या बन चुकी हु..." कोमल मन hi मन अपने भाई के बारे में सोच रही थी ,

एक तोह इतनी छोटी उम्र , ऊपर से काल , माया , शया और काया , जैसे ब्यांक वामपिरेस , कोमल तोह वैम्पायर बन कर भी उनसे दर कर कम्प रही थी , वोह बार बार अपने घर जाने का बोल रही थी ,

"कोमल , अभ तुम यही रहना होगा , अभ तुम हम सब में से इक हो , तुम इक वैम्पायर हो , इंसानो से अभ तुम्हारा कोई रिश्ता नै , भूल जाओ , इंसानो को , हमारे साथ इस नयी जिंदगी की शुरुआत करो..." काल न जाने कब से कोमल को यह बात समझा रहा था ,

"नै , नै , मेरा भाई , वोह इतनी म्हणत से मुझे शहर में पढ़ा रहा है , खुद भूका रहता है , खुद कितनी बेमतलब की जिंदगी जी रहा है , उसकी अपनी कोई ीचा नै , बस मेरी हर ीचा पूरी करने में लगा रहता है , में कैसे छोड़ दू अपने भाई को , नै , नै , में बेवफा नै बन सकती , इस से ाचा तोह में मर जाऊ , मुझे मर दू..." कोमल बेइंतहा रट हुए बोली ,

"बेवफा , तोह क्या तुम , अपने भाई से hi प्यार करती हो..." काल को विश्वास नै हो रहा था , उसकी अपनी बेटी , उसके बेटे से प्यार करती है , वोह भी प्रेमिका वाला , कोमल को यह बात पता नै थी के काल उसका पिता है ,

"हाँ , में अपने भाई से प्यार करती हु , बचपन से , और में उसके बिना इक पल भी नै जी सकती..." कोमल ने थोड़ा घम्बिर होकर बोलै ,

"क्या तुम्हारा भाई जनता है , तुम उसे इक प्रेमिका वाला प्यार करती हो..." माया ने कोमल के बेहद करीब होकर बोलै ,

"नै , उसके दिल में मेरे लिए क्या है , यह में नै जानती , पर में उसे इक दिन बता दूंगी , वोह भी मुझे जरूर अपना लेगा , इसलिए मुझे जाने दो , प्लस , कोई रास्ता होगा , मुझे जाने दो , प्लस..." कोमल ने रट हुए बोलै ,

"कोमल , अगर में तुम जाने भी दू , तब भी तुम अपने भाई के कभी करीब नै जा सकुंगी , वोह तुम्हारे करीब आएगा , तब क्या करुँगी , कैसे रोकूंगी उसे , मर्द हवसी होता है , जब औरत उसके करीब अति है , तब वोह खुद को रोक नै पता , तुम बेइंतहा खूबसूरत हो , इक दिन वोह तुम्हारी खूबसूरती से मोहित होकर तुम्हारे करीब आएगा , तब कैसे अपने से दूर कर पाउगी उसे , वोह उसी पल तुम छोड़ देगा , कभी तुम्हारा साथ नै देगा , बिना तुम्हारे जिस्म को भोगे , वोह तुम्हारे साथ कैसे जिंदगी बिता पायेगा , यह असंभव है..." काल ने बेहद घम्बिर होकर बोलै ,

"प्यार में बेहद ताकत होती है , मेरा भाई मुज़से प्यार करता है , न के मेरे जिस्म से , में यह बात आपको साबित करके दिखाउंगी , मेरा भाई , बिना मेरे साथ सेक्स किये , पूरी जिंदगी गुजर देगा , हाँ , वोह रूत जायेगा , लेकिन में प्यार से उसे मन लुंगी , अप्प मुझे बस जाने दो , प्लस , आपको उसकी कसम , जिससे अपने कभी प्यार किया हो , प्लस..." कोमल ने बेहद दुखी होकर बोलै ,

"कोमल , यह कभी नै हो सकता , सदियों से ऐसा मर्द पैदा hi नै हुआ , जो जिस्म को छोड़ कर किसी की आत्मा से प्यार करे , फिर भी में तुम इक मौका दूंगा , यह रिंग पहन लो , यह तुम इंसानो के बेच मेहफ़ूज़ रखेगी , यह रिंग में तुम क्यों दे रहा हु , इसके पीछे इक राज़ है , जो भी वैम्पायर, इंसानो का मोह , प्यार , त्याग नै सकता , उसे इंसानो के बेच रहने के लिए , इस रिंग को धारण करना पढता है , लो तुम भी इस रिंग को पहन लो..." काल ने वोह रहस्मयी रिंग कोमल को देते हुए बोलै ,

"भइआ , यह में आपके लिए कर रही हु , प्लस , मेरा साथ देना , जिंदगी के हर मोड़ पर ..." कोमल ने अपने भाई को यद् करते हुए रिंग को अपनी ऊँगली में धारण कर लिया , पर तभी रिंग लाल रौशनी में चमकने लगी ,

वोह लाल रौशनी कोमल को बेइंतहा दर्द देने लगी , आखिर कोमल ने उस रिंग को उतर कर फेंक दिया , काल और बाकि सब , यह देख हरिजन रह गए , क्यों की रिंग इक बार कोई पहन ले , तोह रिंग खुद अपनी ीचा से hi उसका साथ छोड़ती थी , जिसने उसे पहना हो ,

बैक तो स्टोरी....

"हम्म , तोह रवि , उस दिन जब कोमल ने मुझे इक पल में उतर फेंका , तब मुझे एहसास हो गया के कोमल hi मेरी बहिन रूही है..." सुहाना उस दिन की कहानी सुनते हुए बोली ,

"तोह क्या कोमल यह जानती है , के वोह hi रूही है..." रवि हर बात सुहाना से जान लेना चाहता था ,

"नै , उसे नै पता के वोह रूही है , यह उसका दूसरा जनम है , पिछले जनम उसे यद् नै , पर उसकी पवितरता उसे ताकत देती है , वोह तब भी पवितर थी और अज्ज भी है , उसके अंदर उसकी शक्तिअन जागृत है , वोह उनका इस्तेमाल करती ा रही है , उसे लगता है , वोह इक वैम्पायर बनने के बाद इतनी ताकतवर हुई है , लेकिन वोह रूही है , और रूही की हर शक्ति उसमे मज़द है..." सुहाना ने रवि को इक और सच बताते हुए बोलै ,

"तुम कुछ भी कर लो , में कोमल की बलि तुम नै देने दूंगा , अगर कोमल को छुआ भी तोह यद् रखना , तुम्हारे पिता के साथ साथ , तुम भी जला कर खाक कर दूंगा..." रवि ने बेहद गुस्से में लाल होते हुए बोलै ,

"हहै , रवि , रवि , पिछली बार भी मने तुम मारा था , क्यों की तुमने मुझे ठुकरा कर , उस रूही को अपना लिया था , इस बार भी ऐसा hi होगा , अगर मुझे न अपनाया , और मेरे मकसद के बेच ए , तोह कोमल से मिलने से पहले hi तुम ख़तम कर दूंगी , फिर कोमल खुद बा खुद अपनी जान दे देगी , जैसे पिछली बार दी थी ..." सुहाना ने बेइंतहा हस्ते हुए बोलै ,

"क्या , में पिछले जनम में रूही से प्यार करता था..." रवि ने चौंक कर बोलै ,

"हाँ बेवकूफ , जब तुमने मुझे पहना , में तुम पहचान गई थी , के तुम वही हो , रूही और मेरे आशिक़ , कितनी अजीब बात है , रूही को भी तुमसे प्यार हुआ और मुझे भी , तभी तोह तुमने मेरी शक्ति का इस्तेमाल किया , वार्ना कोई मेरी ीचा के बिना , मेरी शक्ति इस्तेमाल नै कर सकता , तुम मेरे सोना हो , मेरे राजकुमार..." सुहाना ने रवि के गालो को चुम कर बोलै ,

"दूर रहो मुज़से , शठ , में तुम जैसी लड़की से प्यार कर hi नै सकता , में कोमल को चाहता हु , उससे बढ़कर किसी को नै..." रवि ने बेहद गुस्से में चीला कर बोलै ,

"हहै , क्या कमी है मुज़मे , क्या मने अपनी माँ से कहा था के वोह शेतीअन की पूजा करे , क्या मने राजा ाबून और मलिका सोना से कहा था , के मुझे अपनी बेटी बना लो , और फिर कुछ दिनों बाद , दसियों के बेच फेंक दो , जो पत्थर दिल थी , उस रूही ने मुज़से मेरा सब कुछ चीन लिया , में बचपन से लेकर जवानी तक , घुट घुट कर रोटी रही , पर जब मने तुम पहली बार देखा , मुझे लगा , मेरा दुःख दर्द मिट गए , पर तुम भी उस रूही ने मुज़से चीन लिया , लेकिन इस बार नै , इस बार , कोमल को मर कर , में तुम पाकर रहूगी , वार्ना इस दुनिआ का इक भी इंसान मेरे गुस्से की तबाही से बच न पायेगा..." सुहाना ने बेइंतहा गुस्से में बोलै , उसका पूरा बदन अग्ग में जल उठा ,

तभी काल ने उस बिजली के जादू से खुद को आज़ाद कर लिया , और रवि और बाकि सब को लेकर वह से गयाब हो गया , इक बात अजीब थी , काल , बेबी को भी साथ ले गया था ,

सुहाना मुस्कराते हुए बोली... "भागो सोना , कहा तक भागोगे , आखिर रत को घर तोह ायुगे हीईई ..." सुहाना इतना बोल बेइंतहा हसने लगी....

तो बे कुनिटेड.... फ्रेंड्स इक बात क्लियर कर दू... मैं रवि , रूही और सुहाना का पिछले जनम का कोई अपडेट नै दूंगा.. ऐसे कोई फ्लैशबैक का प्लाट मने सोचा नै है...

 
Back
Top