Incest Kahani Chudai ki sabki - Page 10 - SexBaba
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Incest Kahani Chudai ki sabki

अपडेट 74

जैसे की अपने लास्ट अपडेट में पढ़ा था मेरे होश में आने के बाद सब से मिला फिर संगीता रूही को लेके मुझसे मिलने आई रूही को प्यार दिया और मनाया वही मुझे निकिता मम से पता चला सिमु गाओ गई क्यों इसके पापा को हैरतटक आया है वही 3 दिन बाद मुझे हॉस्पिटल से लीव मिल गया तो मई बुआ के साथ घर आ गया

अब आगे

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मई अपनी बहनो के साथ रूम में था तो माँ मेरे लिए लंच लेके आई ...

माँ - चलो सब के सब निचे जाओ मेरे बाबू को परेशां मत करो ...

आरती - मौसी हम कहा कुछ करर रहे है हम तो बस भाई के साथ है ...

माँ- मुझे पता है सब मेरे बाबू को अपनी बातो से पका दिया होगा ...

मई - क्या माँ मेरी प्यारी बहनो को कुछ मत बोलो आप लंच लाओ मई अपनी बहनो के साथ खाऊंगा ...

माँ- ठीक है बाबा पैर मई अपने हाथो से खिलाऊंगा ...

मेरी बहने - हमे भी खाना आपके हाथो से...

माँ ने अपनी हाथो से खिलाया सबको और मुझे भी उसके बाद माँ ने सबको निचे भेज दिया ये बोलके की मुझे आराम करने दे ...

माँ मेरे पास बैठ गई और मेरे सर को अपनी गोद में रख लिया और धीरे धीरे मेरे बालो में उंगलिया फिरने लगी ...

मई - माँ अब आगे क्या करना है ...

माँ - मुझे भी कुछ समझ नहीं आ रहा है बाबू एक तरफ मेरा बीटा है तू वही दूसरी तरफ मांग भी भर दी है तूने ..

मई - हमे इस बात को अपनाने में टाइम लगेगा ...

माँ - हां पैर अभी चोर इस बात को चल आराम से सू जा मेरी गोद में मेरे सर पे किश करती हुई बोली ...

मई उनकी गोद में सू गया कुछ देर में hi..

मेरे सोते hi मुझे माँ दिखने लगी पैर वो बहोत जवान लग रही थी ऐसे लग रहा था जैसे माँ 25 साल की हो उस वाथ मई एक कमरे में था माँ तैयार हो रही थी उन्होंने सही कपडे पहने थे पैर ऐसे लग रहा था मई वह सिर्फ ये देख पा रहा हु पैर हो किसी और के साथ रहा है ...

मई चलते हुए माँ के पास आया और उनके होंठो पे किश करर दिया कुछ देर तक हम दोनों ने किश किया ...

तब पता नहीं क्यों मुझे बहोत प्यार आ रहा था माँ पे सच में कितनी हॉट और सेक्सी लग रही थी यंग आगे में ...

इतने में किसी ने मुझे ज़ोर से हिलाया ...

प्रिय - भाई उठो साम हो गई है कितना सू रहे हो आप ...

मैंने जब अपनी आंखे खोली तो देखा सामने प्रिय थी और उसके बूब्स लटके हुए थे उसके मध्यम साइज के बूब्स बहोत प्यारे लग रहे थे ...

मैंने उसको अपनी बहो में खींच लिया ...

प्रिय - भाई ी लव यू भाई ऐसे hi अपनी बहो में रखो अपनी प्रिय को प्लीज ....

मई- सॉरी प्रिय मई तुझे टाइम नहीं दी पता हु ....

प्रिय - कोई बात नहीं भाई मुझे बस थोड़ा सा hi प्यार करर लिया करो मई उतने से hi अपनी जिंदगी काट लुंगी. ..

मई - चुप पागल कही की मई तो अपनी प्रिय को बहोत सारा प्यार दूंगा और अपने बचे की माँ भी बनाऊंगा बोल बनेगी न ... प्रिय शर्मा के अपना फेस छुपा लिया ...

मई - वह मेरी गर्लफ्रेंड सरमाती भी है ज़रा इधर देख मेरी जान ... प्रिय ने मेरी तरफ देखा उस वक़्त उसके दोनों गाल लाल हो गए थे मुझे वो बहोत हॉट और क्यूट लग रही थी ...




मैंने उसके थोड़ा और ऊपर लिया और किश करने लगा उसके होंठ बहोत सॉफ्ट थे और राश से भरे भी ...

प्रिय - सलुपपपप सलुपपपप सलुपपपप उनममममम भाई सलुपपपप ी लव यू भाई उम्म्म सलुपपप ी रियली लव उम्म्म मई बनूँगी माँ आपके बचे की सलुपपप ....

मई उसके मुँह से निकलने वाला सारा तहत पी रहा था और प्रिय की झिव से भी खेल रहा था ...

मई - सलुपपप कितने मीठे है तेरे होंठ सलुपपप उम्म्म प्रिय बोलना मेरा लुंड लेगी अपनी छूट में सलुप्प उम्म्म ....

प्रिय - उम्म्म्म सलुपपप हां भाई लुंगी आपका लुंड मई अपनी छोटी से छूट में आप सलुपपप छोड़ छोड़ के मुझे सलुपपप और हॉट उम्म्म करर देना ....

मई - ठीक है मेरी जान अब निचे चले वैसे माँ कहा है ... मैंने प्रिय की मुँह को साफ़ करते हुए पूछा ...

प्रिय - भाई ममी तो निचे है सबके साथ चलो मई आपके ले चलती हु ...

मई - मेरी पगली बहन मई चल सकता हु बुद्धू चोट मेरे सर पे लगी है न की पेअर में..

प्रिय - नहीं आप मेरा हाथ पकड़ के चलो मुझे नहीं सुन्ना कुछ भी जब तक आप ठीक नहीं हो जाते हम सब बहने आपकी सेवा करेंगे . ....

मई - पेरी प्यारी बहन और गफ भी उम्म्म उसके सर पे किश करते हुए बोलै ...

प्रिय - मेरे प्यारे भाई चलो अब उसने मेरा हाथ पकड़ा और निचे ले जाने लगी ऐसे करर रही थी जैसे मई कोई बचा हु ...

मई प्रिय के साथ निचे आया तो वह मेरी फॅमिली बैठी थी और मेरे आने के बाद जस्ट ज्योति चची भी निचे आई ..

मई - माँ आप चची को अपने रूम में रख लो जब तक बेबी नहीं हो जाता ऐसे ऊपर निचे करने में कतरा भी है और प्रॉब्लम हो सकती है ...

दादी - बिलकुल सही कहा मेरे पोते है ज्योति तू आज से सुबि के साथ रहेगी जब तक बेबी नहीं हो जाता ...

अनु बुआ - हां ज्योति माँ और रोहित बिलकुल सही बोल रहे है ...

ज्योति चची - ठीक जैसा आप सब बोलो ...

उसके बाद ऐसे दिन निकलने लगी 10 दिन तक इन्होने मुझे कही जाने नहीं दिया एंड तब तक मेरी चोट जो थी वो भर चुकी थी ...


2 दिन बाद सिमु का बर्थडे था इस बिच मेरा उससे कोई बात नहीं हुआ था मैंने कॉल करने की कोसिस की थी पैर उसका कॉल नहीं लग रहा था मुझे दर भी लग रहा था कही कुछ हुआ तो नहीं सिमु के साथ गाओ में ...

इस बिच ममी और मौसी भी चली गई मैंने एक दिन मौसी से बात की अकेले में मिलते मौसी मेरे गले लग गई और मुझे चूमने लगी उन्होंने मुझे बताया ये बचे मेरा है मई बहोत खुश हुआ उनकी बात सुनके फिर नेक्स्ट वो चले गई पैर मैंने जैसे वडा किया था अपनी दोनों बहनो को डिम्पी और स्वाति को की उनका एडमिशन कॉलेज में करवा दूंगा उन दोनों को बुला की 10 दिन बाद मई गाओ आऊंगा कार से दोनों को लेने क्यों हमारा सोल्लगे 15 दिन बाद खुलने वाला था और नई एडमिशंस चालू दोने वाला था ...

सिमु के बर्थडे के दिन पहले मई अपने रूम में सोया हुआ था मेरे साथ आरती सू रही थी और सोने से पहले उसने मेरे साथ बहोत मस्ती की थी जिससे वो थक के सू गई थी ...

अचानक से मेरी नींद खुली और मेरे सामने देव खड़ा था उस वक़्त हम वही थी जब मई उससे पहली बार मिला था ...

देव - मुझे तुम कुछ देना है जिसकी तुम्हे बहोत ज़रूरत पड़ने वाली है ...

मई - ारे यार तुम एक बार सब कुछ क्यों नहीं बता देते ...

देव - बकवास मत करो रोहित वैसे लास्ट टाइम तुमने जो देखा था अपनी माँ के साथ वो मेरी रूबी थी और इस बार मई तुम्हे तुम्हारी पिछले जनम की सब कुछ दिखने वाला हु यही मेरी यादे तुम्हे देने वाला हु जिससे तुम्हे अपनी माँ के साथ पति पत्नी बांके रहने अशनि होगी ...

मई - पैर मई अपने पिछले जनम के याद से ये सब नहीं करना चाहता हु मई उनके साथ धीरे धीरे आगे भड़ना चाहता हु ...

देव - मई समझ सकता हु रोहित पैर ये ज़रूरी है इससे तुम पावर्स का सहिस इ इस्तेमाल क्र सकोगे और रही बात तुम्हारी जिंदगी की उसमे कोई चेंज नहीं आएगा मेरे कारन बस तुम्हारी फीलिंग्स चेंज हो जाएँगी रूबी के साथ ...

मई - ठीक है वैसे देखा जाये तो हम दोनों एक hi है तो इसमें कोई बुराई भी नहीं है ..

देव - पैर एक और बात तुम्हे और जयदा म्हणत करनी होगी जिससे इन शक्तियों का अचे से इस्तेमाल करर सको ...

मई - ठीक है जैसा तुम कहो उसके बाद जैसे मैंने ये कहा उसके अगले hi पल देव मेरी बॉडी से आ जुड़ा जिससे मेरी पिछले जनम का दृश्य दिखने लगा वो सब कुछ जो मेरे साथ और बाकियों के साथ हुआ था कैसे रूही की डेथ हुई थी कैसे रूबी की डेथ हुई थी और कैसे मेरी बाकि परिवार को मारा था लेकिन उन दोनों देव ने जो कहा था मेरे अलावा दो और भी इस धरती पे जिनके साथ मिलके मुझे ुसस्स बुरी सकती से लड़ना उसके बारे कुछ नहीं दिखा...

देव - अब मेरे जाने का समय हो गया है तुम्हे वो सब कुछ मिल गया हो मेरा था यानि तुम्हारा था पिछले जनम में और रही उन दोनों की वो बस चुने गए है मेरे बाकि दोनों दोस्तों के द्वारा ...


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( गाइस तो आप लोग समझ गए होंगे और जिसने थे पावर पढ़ी है उससे पता उस रोहित को पावर्स के लिए चुना गया है मैंने उसमे लिखा भी है कैसे मास्टर मोंक की रिंग ने रोहित( थे पुनिशेर) को चुना था ) और रही था दूसरे हीरो की उसका जिक्र इसमें नहीं होगा अभी क्यों वो स्टोरी मैंने स्टार्ट नहीं की (थे लार्ड ऑफ़ थे टाइम)

गुयर एक और बात जो इन तीनो हीरो थे पुनिशेर और रोहित एंड ( अननोन हीरो) का मैं वेल्लिअन है जिसके कहने इन तीनो के सात ये सब हो रहा है वो थे लार्ड ऑफ़ थे टाइम में hi आएगा उससे पहले नहीं इस इस स्टोरी का वेल्लिअन कोई और है जो उसका गुलाम है ....

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देव - एक और बात बता दू मई अब तुम्हे सावधान रहना होगा क्युकी खतरे भड़ने वाले है ...

फिर अचानक से मेरी नींद खुल गई अभी सुबह के 4 बज रहे थे मैंने साइड में देखा तो आरती बड़े प्यार से सू रही थी बिलकुल नुदे वैसे मई नुदे hi था ...

मैंने उसके होंठो को चूमा फिर फ्रेश हुआ और ऊपर चला गया जहा मेरा गयम तब वैसे ऊपर इस बिच 2 रूम्स बना दिए गए थे डिम्पी आरती प्रिय और स्वाति के लिए और वैसे मुझे पता था ये सब मेरे साथ सोने वाली है तो बस वो रूम इनके नार्मल उसे क्र लिए hi है ...

ऊपर जेक मैंने 1 जानते गयम किया गयम करते वक़्त मई वी सब चीजे आराम से उठा ले रहा था जैसे वो मेरे लिए कुछ है hi नहीं शायद ये सब पावर्स की वजह से हो रहा था ...

गयम करने के बाद मई निचे आया क्यों मुझे आज कही जाना था जो मैंने अपने विशन में देखा था और वो जगह सिमु के गाओ के पास hi तह तो मैंने सोचा सिमु के घर चला जाऊंगा और पता करूँगा क्या हुआ है ...

मई अपने रूम में आके तैयार हुआ उस वक़्त आरती भी उठ के कोमल के रूम में चली गई ,,

जब मई निचे आया तो निचे बस ज्योति चची अनु बुआ और माँ थी दादी अपने कमरे में थी...

माँ - बाबू इतना तैयार होक कहा जा रहा है ...

मई - माँ मेरे बात से काम बाकि है उसके लिए hi जा रहा हु शायद रात में आऊंगा या फिर कल आऊंगा ...

माँ - ऐसा कोनसा काम है जिसके लिए इतना टाइम लगेगा ..

मई - मेरी प्यारी माँ शॉप का hi काम है और कुछ मेरा भी ...

ज्योति चची - भाभी इतना परेशां मत हो वो बचा नहीं है अब उसकी hi तो घर चलना है तो काम तो होंगे hi न और देखो अब रोहित ठीक भी हो गया है ...

माँ - ठीक है पैर तू मुझे कॉल करेगा ...

मई - ठीक है माँ आप जल्दी से अपने हाथो से ब्रेकफास्ट करवा दो ..

माँ मेरे लिए ब्रेकफास्ट निकलने लगी .. मई सीधी के पास गया और जोर से चिल्लाया ...

मई - कोमल रिया जिया जल्दी सब के सब निचे आओ ब्रेकफास्ट करने उसके बाद मई जा रहा हु .. सब मेरी आवाज सुनके निचे आ गई ..

माँ मुझे अपने हाथो से ब्रेकफास्ट खिलने लगी ..

जिया - भाई कहा जा रहे हो ..

मई - काम से तो आज रात को आऊंगा या कल ...

कोमल - हम भी चले ..

मई- नहीं गुड़िया काम है मुझे और तुम सब घर पे रहो मई वापस आके तुम सबको शॉपिंग करवाने ले चलूँगा ..

प्रिय - सच्ची में ...

मई - हां बाबू क्यों तुम सबको कॉलेज भी जाना है न उसके लिए नई कपडे खरीद दूंगा...

आरती - और मेरे लिए भाई ...

मई - तेरे किया क्यों तुझे थोड़ी कॉलेज जाना है तेरे लिए स्कूल ड्रेस ला दूंगा ... उसमे मेरी बात पे मुँह बना लिया ...

आरती - मौसी देखो न भाई को बोल रहे है मेरे लिए नहीं खरीदेंगे क्या मई इनकी बहन नहीं हु ... मैंने उसकी इस बात पे उसका नाक पकड़ लिया ज़ोर से ...

आरती - आठ भाई दर्द हो रहा है चोरो न ...

मई - तो ऐसा क्यों बोलै की तू मेरी बहन नहीं है हां मई तो बस मजाक करर रहा था ...

आरती - सॉरी भाई मुझे लगा आप सच में बोल रहे हो ...

मैंने उसको थोड़ा खिलते हुए बोलै चुटकी तुम सब मेरे लिए एक बराबर हो बीटा ऐसा थोड़ी सब की खरीदूंगा और एक को नहीं मई तो बस मजाक करता हु चुटकी ...

आरती रट हुए गले लग गई ...

मई- ाचा चल रू मत हैश अब्ब मई आने के बाद तेरे लिए एक एक्स्ट्रा खरीद दूंगा अब खुश ...

आरती - नहीं मेरे लिए सबके लिए आरती की बात पे सही बहने हमसे चिपक गई .. ये सब के सब खुश हो गए ...

अनु बुआ - किसी को नज़र न लगे हमारे परिवार को ...

मई - ाचा ब्यय मई चल हु वो सब अपना ख्याल रखना उसके बाद मैंने अपने 1 कपडे लिए इमरजेंसी के लिए और कुछ पैसे फिर अपनी कार लेके निकल गया संगीता से घर दोनों से मिलने के लिए वह मई रूही से मिला फिर संगीता को प्यार किया और निकला गया सिमु की गाओ की तरफ ...

मैंने अपने पिछले जनम जहा मई रहता है अब वो जगह खली पड़ी है वो एक राज्य था जो मेरे मरने के बाद जबह हो गया और वही से कुछ दुरी पे सिमु का गाओ है तो मई वही जाने वाला था क्यों वो एक महल था और वह पे कुछ सीक्रेट्स जगह जहा पे बहोत सी होने के सिक्के और बहोत से डायमंड है और भी बहोत कुछ जिसका मई इस्तेमाल करने वाला है पैर उससे पहले मई सिमु के घर जाने वाला था...

2 गांठे की ड्राइविंग के बाद मई गाओ में पहुंच गया मई सरप्राइज देना चाहता था सिमु के बर्थडे के दिन पैर मुझे क्या लगा मुझे सी सरप्राइज मिलने वाला है ...

सिमु ने पहले से मुझे बता रखा था गाओ में सबसे बड़ा घर उसी का है ...

जब मई उसके घर के सामने पंहुचा तो वो बंद था मैंने कॉल करने की कोसिस क्र पैर कॉल नहीं लगी ...

अभी मई सिमु के घर के सामने खड़ा था तभी एक औरत आई मेरे पास ...

औरत - किस्से मिलने है बीटा तुम यहाँ एक नहीं लगते हो ...

मई - हां आंटी मई सहर से आता हु मुझे सिमरन से मिलना है पैर यहाँ तो घर बंद पड़ा है क्या आप मुझे बताओगी वो लोग कहा गए है ...

औरत - तुम्हे नहीं पता इनके साथ क्या हुआ ...

मई - नहीं आंटी वो तो आज सिमरन का बर्थडे था वो मई आया था उससे मिलने मैंने कॉल क्या पैर नहीं लग रहा है वैसे आप मुझे बताओगी क्या हुआ है ...

औरत - सब कुछ बर्बाद हो गया था इनका पहले बेचारो से सब कुछ खो दिया उनके बाद सिमरन बेटी ने अपने पिता को भी खो दिया बेचारी बहोत बुरा हाल है उनका ...

मई वो सुन्न के शॉकेड हो गया इतना सब कुछ हो गया सिमु के साथ और उसने कॉल तक नहीं क्या फिर मुझे याद आया बेचारी को तो पता भी मुझे होश आ गया है ... आंटी ने मुझे हिलाते हुए लगाया अपनी सोच से ...

मई - ये सब कैसे हुआ आंटी और आप कहा है वो लोग ...

औरत - बीटा गाओ के बहार एक खेत है जो एक आखिरी निशानी बचा है वो सिर्फ इसीलिए क्यों वो जमीन सिमरन के नाम पे था तो वो वही बने एक झोपड़ी में रह रहे है मुझे इससे जयदा नहीं पता बीटा ....

मई - सुक्रिया आंटी मई जाता हु उनसे मिलने ...

औरत - बीटा वो लोग अचे लोग है पैर अभी बहोत ढक में है हो सके तो उनकी मदद के देना ...

मई - वही करने आया हु आंटी सिमरन मेरी होने वाली बीबी है इसीलिए किये मई उनके अपने साथ ले जाऊंगा सहर ...

औरत - बहोत ाचा किया बीटा तुम जिस रस्ते से आये हो उसी तरफ से चले जाना गाओ से निकलते hi बैई तरफ उनका खेत होगा ...

मई - सुक्रिया आंटी फिर मई अपने कार लेके निकल गया जैसे आंटी बताया था मई वह पहुंच तो एक खेत था वह पे एक झोपड़ी बही थी छोटा सा उसके बहार एक लड़की थी जो शायद कपडे धो रही थी मैंने अपनी कार रोकी और चल दिया उसकी तरफ ...

जब मई उसके पास पंहुचा तो वो उठ कड़ी हुई ...

लड़की - अगर आप भी हमसे पैसे लेने आये हो तो हमारे पास कुछ नहीं बचा आपको देने के लिए उसने उदास होक बोलै शायद उसने मुझे गलत इंसान समाज लिया था ...

इतने में अंदर से सिमु की आवाज आई ...

सिमु - कोण है आया है दिया बहार आते हुए बोली ... ू तो मेरी साली साहिबा का नाम दिया है ...

दिया - पता नहीं दीदी शायद कोई पैसे मांगने आया .. जैसे सिमु ने मुझे देखा वो भाग के आके मेरे गले लग गई ये देख के दिया की आंखे बड़ी हो गई की उसकी दीदी किसी अनजान लड़के से चिपकी पड़ी है ...

दिया - दीदी आप क्या करर रही हो ये कोण है माँ ने देख लिया तो बहार मार पड़ेगी आपको ...

सिमु ने उसको बातो का जवाब नहीं दिया ...

मई - सिमु मेरी जान ऐसे रट नहीं तू तो मेरी स्ट्रांग बेबी है न फिर ऐसे रू क्यों रही है देख मई आ गया हु चुप हो जाए ...

मेरी बात सुनके दिया की आंखे बड़ी हो गई ...

सिमु- मुझे पता था तुम ज़रूर आओगे बाबू देखो न पापा हमे चोर के चले गए मई मेरी माँ और बहन रूड पे आ गए बाबू अब तुम भी मुझसे साडी नहीं करोगे ..

मई - कुछ भी बोलती है तू सिमु किसने बोलै की मई तुझसे साडी नहीं करूँगा हां एक तप्पड़ में दोनों गाल लाल करर दूंगा तेरे जयदा बोली तो...

सिमु - पैर जान अब तो हमारे पास कुछ नहीं हम गरीब है तो क्या तुम फिर भी मुझसे साडी करोगी ..

मई - तू सच में पागल है क्या सिमु ये बता क्या तूने मुझसे प्यार पैसो के लिए किया था मैंने तुझसे प्यार पैसो के लिए किया था ...

सिमु - नहीं मुझे तुम पसंद थे मई तुम्हे..

मई - चल अब चोर मूड सही करर क्यों की आज मेरी जान का बर्थडे है सू हैप्पी बर्थडे मेरी सिमु ...

सिमु - थैंक यू जान तुम्हे मेरा जान का दिन बना दिया मुझे मेरा सबसे बेस्ट बर्थडे गिफ्ट मिल गया ... उसने मुझे काश के लगे लगा लिया ...

मई - वैसे अपनी बहन से नहीं मिलवाएगी तू..

सिमु - हां सॉरी तुम्हे देख के सब कुछ भूल गई आप मिलवाती हु ...

सिमु - जान ये दिया है मेरी छोटी बहन और दिया ये रोहित है जिसके बारे में मैंने तुझे बताया था ..

दिया - नमस्ते जीजू और माफ़ करना मैंने आपसे सुरु ये ऐसे बात की ...

मई - कोई बात नहीं दिया तुम्हे थोड़ी पता है की मई तुम्हारा जीजू हु वैसे आंटी कहा है..

सिमु - वो माँ घर का सामान लेने गई है आओ न मई चाय बनती हु ...

दिया - पैर दी ना दूध है और न चाय पट्टी है घर में तो कुछ भी नहीं है ...

मई - मेरी प्यारी सिमु जा तू मेरे लिए पानी लेके आ ... सिमु अपना सर झुका के घर के अंदर चली गई ...

मई - दिया इधर आना वो मेरे पास आई चलते हुए ...

दिया - हां जीजू ...

मई - तूने कुछ खाया है या नहीं ...

दिया - अभी तक तो नहीं पैर माँ गई है लेन ..

मई - तो मेरी साली साहिबा भुकी है सुबह से...

दिया - हां वो कल हमे घर चूर्ण पड़ा और सब कुछ चूर्ण पड़ा पैसे भी ख़तम हो गए तो रात से किसी ने कुछ नहीं खाया..

इतने में सिमु पानी लेके आई मेरे लिए मैंने पानी पिया ...

इथे में एक औरत चलती हुई हमारे पास आई शायद ये सिमु और दिया की माँ थी जैसे दिया ने बोलै था की आंटी गई है सामान लेन पैर उस औरत के हाथ में तो कुछ नहीं था और उनका चहेरा भी लटका हुआ था...

दिया - क्या हुआ माँ आप ऐसी उदास क्यों लग रही हो ...

Simu(maa) - माफ़ करना बीटा पैर मई कुछ नहीं का पाई अपनी बच्चियों के खाने के लिए..

सिमु - कोई बात नहीं माँ पैर आप ऐसे उदास मत हो हमे भूक नहीं लगी है आप बेकार में चिंता करर रागी हो ... वही इस बात पे दिया का पेट बज उठा उसने अपना चहेरा निचे करर लिया ...

तभी आंटी की नज़र मुझपे पड़ी ...

S'mom- ये कोण है सिमरन बीटा ...

सिमु - माँ ये मेरे सोल्लगे पे पड़ता है .. इतने में मई बोल बड़ा ..

मैंने उनके पेअर छुए और प्रणाम किया ...

मई - आंटी मई सिमरन से प्यार करता हु और सिमरन भी मुझसे प्यार करती है ...

मेरी बात पे सिमु का चहेरा लाल हो गया और दर भी गई ...

मई - सॉरी आंटी पैर मुझे लेट हो गया अगर मुझे पहले पता होता तो इतना सब कुछ नहीं होने देता मई ....

S'mom- बीटा मुझे पता है तुम्हारे बारे मई मैंने इन दोनों को बात करते हुमा है पहले भी तुम्हारा बारे में पैर बीटा अब मेरे पास कुछ नहीं है अपनी बेटी को देने के लिए यहाँ तक मई तो उनको खाना भी नहीं खिला पा रही हु और तुम अचे घर से लगते हो फिर इतनी दूर आ गए ...

मई - आंटी हे सब बेकार की बाते है मई सिमु से बहोत प्यार करता हु न की पैसो से आप चिंता मत करो मई आ गया हु अब आप लोगो की साडी प्रॉब्लम दूर करर दूंगा और सॉरी थोड़ा लेट से आने के लिए ...

तीनो इमोशनल हो गए थोड़ा इन्होने सब कुछ खो दिया था और मई यहाँ के माँ को समझ सकता हु कैसे वो अपनी बेटी को खाना खिलने के लिए कितना कुछ करर रागी है ...

मई - देखो अब आप सब चुप हो जाओ और सिमु ये ले चाभी जा कार में एक लङ्क बॉक्स है वो लेके है ... ये कूंच बॉक्स माँ ने मेरी लिए बेजा है था सिमु वो लेने चली गई ..

s'mom- बीटा सुक्रिया इतना कुछ करने के लिए ..

मई - आंटी अब आप सब मेरी फॅमिली हो चलो अंदर चलते है और आप बताओ ये सब कैसे हुआ..

मई दोनों के साथ जेक बैठ गया ..

s'mom- बीटा सिमु के पापा ने बिज़नेस के लिए बैंक से लोन ले रखा था पैर उसने हमे कोई दिक्कत नहीं थी पैर कुछ दिन पहले जो हमारा गोदाम तह उसमे आग लग गई और सब जल के रख हो गया उसमे लोन से लिया हुआ सामान था उसके कारन सिमु के पापा को हैरतटक आ गया और वो चल बेस इसीलिए हमे सब कुछ बेच करर सब क़र्ज़ चुकाना पड़ा ...

मई - बहोत बुरा हुआ आंटी पैर अब आप लोग परेशां न हो आप सब मेरे साथ चलो आप मेरी माँ जैसे हो और ये मेरी छोटी बहन जैसे पैर दिया तो मेरी साली है और आप मेरी सास तो क्या आंटी सिमु का हाथ मेरे हाथ में डौगी साडी के लिए ..

सिमु की माँ की आँखों में अंशु आ गए ...

s'mom- पैर बीटा क्या तुम्हारे घर वाले मानेंगे इस रिश्ते के लिए ...

मई - हां आंटी मेरे घर पैर सबको पता है की सिमु से मई प्यार करता है और साडी भी करूँगा आप उसकी चिंता न करो हम वैसे लोग नहीं की अपनों के ढक में उनका हाथ चोर दे और सिमु तो मेरी जान है उसके लिए मई कुछ भी करर सकता हु ...

सिमु दरवाज़े पे कड़ी रू रही थी ...

मई - अंदर आजा तू कितना रट है चल लंच बॉक्स ला और आप सब खाना खाओ फिर मई सिमु के साथ जेक होटल से खाना ले आऊंगा उसके पाद मुझे यहाँ काम है उसको निपटा के हम रात को सहर चलेंगे ाअब से आप सब वही रहना ...

सिमु - पैर रेंट भी तो देना पड़ेगा फ्लैट का ...

मई - तू सच में पागल है सिमु मई यहाँ क्यों खड़ा हु ुसस्स वक़्त से तो बोल रहा हु तू मेरी होने वाली बीबी है तो क्या मई अपनी बीबी की फॅमिली को नहीं संभल सकता ...

उसके बाद तीनो ने लंच किया पैर मुझे पता था इतना ख़फ़ी नहीं है मई तीनो को लेके निकल गया सबसे पहले हम होटल गए वह अचे से खाना खाया फिर मई कार लेके निकल गया उस महल की तरफ ......




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कंटिन्यू

अपडेट ाचा लगे तो लिखे क्र देना और कमेंट करना कोनसा part जयदा ाचा लगा
 
अपडेट 75

जैसे की अपने लास्ट अपडेट में पढ़ा था ठीक होने के बाद मई सब बहनो को प्यार दिया उसके बाद संगीता और रूही से मिला फिर मई सिमु के गाओ निकल गया वह मुझे महल भी जाना था जो की मेरी पिछली जनम की थी वही मुझे पता चला सिमु के डैड के बारे की वो हैरतटक से मार गए उसके बाद उनकी फॅमिली एक खेत में रह रही है छोटी सी झोपडी में वह मई सिमु से मिला उसकी माँ और दिया से ...

अब आगे

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मई सिमु दिया और उसकी माँ के साथ महल के तरफ जा रहा था ...

S'mom- बीटा हम इधर क्यों जा रहे है इधर तो भूत रहते है कोई भी गाओ वाला इधर नहीं आता ...

मई - क्या आंटी आप भी सब बेकार की बाते है हम अभी मेरी नई वाली प्रॉपर्टी देखने जा रहे है वह से मुझे कुछ चीजे भी लेनी है ...

आंटी थोड़ी दरी हुई थी वही दिया और सिमु भी..

मई - डरो मत आओ लोग मई हु तो और वैसे भी आप लोग सेफ हो कार में ...

कुछ देर बाद हम वह पहुंच गए हमारे सामने एक पड़ा सा महल था जो की बहोत पुराण लग रहा था ...

S'mom-beta ये महल भूतिया है बहोत से लोगो ने इससे अपनाने की कोसिस की पैर वो या तो मत जाते या भी कभी दीखते hi नहीं ...

मई - कोई भूत वहूत नहीं है मई अभी गया और अभी आय 5 मं में तब तक आप लोग कार से मत निकलना ...

सिमु - अकेले मत जाओ मई भी चलती हु ...

मई - नहीं सिमु तुम यही रोको और दिया और आंटी का ख्याल रखो ..

जिया - जीजू संभल के और प्लीज जल्दी आना मुझे दर लग रहा है ...

मई - डरो मत साली साहिबा मई हु न ... फिर मैंने उसका सर सहलाया और उनको कार में चोर के अंदर चल्या आया ...

पहले मैंने मैं गेट खोला जो ग्रिल का था उसके बाद अंदर गया तो बड़ा सा गेट था जो बंद पड़ा था मैंने अपना हाथ आगे कर जैसे गेट खोलने के लिए छुआ वो अपने आप hi खुल गई ...

मुझे अब दर लगा पैर की किये हुआ फिर मुझे याद आया अब तो मई थंडर गॉड हु फिर क्यों डरना ...

जब मई अंदर गया तो चारो तरफ धुप hi धुप हर जगह मकड़ी के जले लगे पड़े थे..

इतने में एक चेयर उड़ती हुई दूर जा गिरी जोकि मेरे पास थी ...

सच बोलू तो वह मेरे फैट गई थी ..

तभी मेरे गले में जो लॉकेट थी वो चमकने लगी और एकदम से एक रौशनी फै गई जो मेरे लॉकेट से निकली थी उसके बाद मेरे सामने बहोत साडी आत्माये कड़ी थी सब अपने घुटनो पे थी ....

मई सबको देखने लगा धीरे धीरे मुझे याद आने लगी की ये लोग कोण है ...

मई आगे भाड़ा एक लड़की के पास गया और उससे बोलै ...

मई - कैसी है है रे तू शानवी ... उसने नज़र उठा के मेरी तरफ देखा और बोलै रट हुए ..

शानवी - माफ़ करना मैंने अप्पे हमला किया..

मई - चूर्ण तुझे थोड़ी पता था मई कोण हु वैसे वो सैतान कहा है...

शानवी - उसकी आत्मा को मुक्ति मिल गई ...

मई - तो तुम सब यहाँ क्या करर रहे हो...

शानवी - इस हवेली की रक्षा और आपने आने में बहोत देर क्र दी है देव ...

मई - अब मेरा नाम रोहित है पागल लड़की और अब तो आप मत बोल चल अब पैसे जैसी होक बात करर और अपने अंशु पॉच और सब के सब खड़े हो जाओ ....

शानवी उठ कड़ी हुई और बाकि सब भी वह काम से काम 15 आत्माये थी ..

फिर मैंने उनसब से बात की फिर मैंने सबको एक दूसरे का हाथ पकड़ के खड़े होने की बात कही और एक सर्किल बनाने को कहा ...

वो सब एक साथ खड़े हो गए सर्किल बना के मैंने सिर्फ शानवी को अलग रहने को कहा उसके बाद सब बिच में जेक खड़ा हो गया और योग मुद्रा में बैठ गया तभी मेरी लॉकेट चमकने लगी और उसकी रौशनी उन सभी आत्माओ पे पड़ी जिससे वो मुक्त होने लगे...

जब मई वापस खड़ा हुआ तो वह कोई नहीं था सिर्फ मई और शानवी थे ...

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शानवी पिछले जनम में मेरी सबसे खाश दोस्त थी जो मुझसे प्यार भी करती थी पैर वो मेरी नौकर भी हो रूही की केयरटेकर थी पैर मैंने उससे कवी नौकर नहीं मन वो हमेशा से मेरी दोस्त थी ...

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शानवी - देव क्या उन सबको मुक्ति मिल गई ...

मई - हां शानवी अब वो चले गए सोल वोउल्ड में और अब मेरा नाम रोहित है पागल लड़की ...

शानवी - मई पागल नहीं हु समझे तुम और तुमने मुझे मृतक क्यों नहीं किया ...

मई - पता नहीं शायद मेरे दिल ने ये करने से मन करर दिया और सकता है आगे चल तुम्हारे साथ उससे भी ाचा हो ...

शानवी - हहह अभी नहीं बदले तुम अपनी चिकनी चुपड़ी बातो में फसा रहे हो मुझे...

मई - देख तो तू कहा बदली है बस भूतनी बन गई है और अब मेरे सर पे बैठ के घूमेगी ...

शानवी - हां देखना मई अब हर वक़्त तेरे साथ रहूंगी ...

मई - ाचा बाबा चल एक चीज लेनी है जिसकी मुझे अभी ज़रूरत है उसके बाद चलते हुए अपने रूम की तरफ आ गया जहा मई पिछले जनम में रहता था ...

शानवी जान गई मई क्या लेने आया हु ...

शानवी - तुमने जैसे रखा था वो अब्भी वैसे hi है ...

फिर मई आगे जेक मेरा हो बीएड था उसके बगल में एक मूर्ति थी उसको मैंने 4 बार सीधा घुमाया फिर 4 बार उल्टा घुमाया उसके कारन मेरे बीएड एक ज़ोर दार आवाज के साथ साइड जो गई ...

मई - बेंचो ऐसा लग रहा है पूरा महल गिर जायेगा ...

शानवी - ये बेंचो क्या होता है ...

मई - उसकी इस बात पे हशने लगा ...

शानवी - देखो हषो मत मुझे नहीं पता ये सब्द अब इतने साल से मई यहाँ थी बहार क्या हो रहा है मुझे क्या पता ...

मई - मेरी जंगली बिल्ले वो एक गली है मतलब बुरा सब्द जो बहोत आजम बात है अभी के ज़माने में ....

शानवी - ची ची तुम गंदे हो गए हो ...

मई - चल चल तुझे भी बना दूंगा बस तू देखती जा ...

शानवी - जाओ जाओ मई नहीं बनने वाली ...

मई - चोर अभी चल निचे चलते है उसके बाद मैंने अपनी फ़ोन की लाइट ोंन की और निचे जाना लगा जो की बीएड के निचे एक खुफ़िआ रास्ता था ...

निचे जेक एक दूर था जो की लॉक्ड था तो और उस दूर पे एक पजल था तो मैंने उसको शनि से सोल्वे करर दिया और जैसे hi वो दूर ओपन हुआ और मई अंदर गया तो पूरा रूम चमकने लगा जो अंदर से बहोत बड़ा था और गिलास का बना था ...

शानवी - इसके लिए हम यहाँ रूखे था अब तक वर्ण शायद हम भी मुक्त हो चुके होते...

मई - हां मुझे पता है धीरे धीरे मुझे साब याद आ रहा है ...

अंदर का नज़ारा कुछ ऐसे था जैसे hi मेरी फ़ोन की फ़्लैश लाइट पड़ी वह राखी सब चीजे चमकने लगी ...

उस रूम में बहोत जयदा सोने के सिक्के और सोने की मूर्तियों से भरी पड़ी थी वही बहोत सी ज्वेल्लेरी भी थी और डायमंड्स और भी बैत कुछ थी वह ...

मैंने वह से 2 डायमंड की पोटली उठा के और अपनी जेब में दाल लिया और एक सोने के सिक्को की संदूक उठा ली जो पूरी तरह से भरी पड़ी थी...

शानवी - लाओ दो मई उठा लेती हु ...

मई - रहने दो इतना भी कमज़ोर नहीं हो गया हु ...

शानवी - वो बात नहीं है तुम न अभी भी बहोत ज़िद्दी हो दो मुझे ये बोलके उसने वो संदूक मुझसे ले ली पहर मैं और शानवी वह से बहार आ गए मैंने उस रूम को फिर से बंद करर दिया आगे जब मुझे ज़रूरत पड़ेगी तब मई अपने चीजे लेने आ जाऊंगा ...

फिर जब मई अपने रूम में आया वापस तब मुझे कुछ याद आया मैंने तुरंत वह पे पड़ी एक बहोत बड़ी अलमारी ( वॉर्डरोब) को खोला उसको चेक करने लगा बहोत ढेर खोजने के बाद मुझे वो चीज मिल गई ...

वो और कोई चीज नहीं पिछले जनम की मंगलसूत्र थी और वो माँ की मतलब पिछले जनम में रूबी की थी ...

मैंने उससे अपनी पॉकेट में रख लिया और उस अलमारी को बंद करने लगा तभी मेरी नजर एक और चीज पे पड़ी तो एक लॉकेट थी तो मैंने उससे भी उठा लिया ...

फिर हम वापस बड़े से हॉल में आ गए ...

शानवी - रोहित मई यहाँ से बहार नहीं जा सकती ...

मई - अब जा सकती है और तू मेरे साथ चल रही है ...

शानवी - पैर यहाँ की देख भल कोण करेगा किसी ने आके ये सब सोने और आभूसन चुरा के गया तो ...

मई - तू न शानवी किसको पता नहीं चल जायेगा और वैसे सबको लगता है यहाँ भूत है जो सच भी था ...

शानवी - हां तुमसे पहले बहोत लोगो ने यहाँ आने की कोसिस की पैर सब देर के भाग गए तो कोई वही दिल के रुक जाने से मार गया ..

मई - फिर इतना क्यों सोच रही है और वैसे तू भूत है जब तुझे लगे यहाँ कोई आया है तो तू यहाँ आ जाना और उसको भगा देना ...

शानवी - हां ये भी हो सकता है ...

मई - चल फिर मई तुझे रूही से मिलवाऊंगा...

शानवी- क्या रूही का भी पुनर जनम हुआ है और रूबी दीदी का भी ...

मई - हां और भी लोगो का हुआ तुम्हे खुद पता चल जायेगा ...

शानवी - फिर तो मई ज़रूर उस नन्ही सैतान को देखना चाहूंगी उसने और मेरी बहन ने कितनी सैतानी की है इस महल में रोहित ...

मई - हां यार कितने अचे दिन थे न वो ...

शानवी - हां पैर पता नहीं मेरी छोटी कहा पे होगी ...

मई - जहा भी होगी बहोत अछि होगी वो ... उसके बाद मैंने उसके हाथ से वो संदूक ले लिया क्यों मई नहीं चाहता था अभी सिमु और उसकी फॅमिली को पता चले ये सब ...

महल से बहार निकलते hi गेट शानवी ने भांड करर दिया जिससे कोई खोल न सके उसके बाद मई मैं गेट से बहार आ गया जहा मेरी कार थी ..

मुझे देखते hi सिमु और दिया भाग के मेरे पास आई ...

सिमु - हम कितने दर गए थे रोहित क्यों इतना देर लगा दिया तुमने चलो अब यहाँ से मुझे दर लग रहा है ...

मई - हां चलो जान शानवी मुझे आंखे दिखा रही थी मैंने हैश दिया उसको ऐसे देख क्र वो क्या है वो बहोत पोस्सेस्सिवे थी मुझे लेके और वो बात मुझे भी पता थी ...

हम कार में आके बैठ गए और मैंने वो संदूक डिक्की में रख दिया ...

दिया - जीजू उस संदूक में क्या है जो अपने अभी डिक्की में रखा ...

मई - दिया उसमे रुक सामान है और कुछ पेप्पेर्स भी इस महल के वही लेने आया था मई यहाँ. ...

सिमु- पैर तुमने ये कब किया और बहोत मेहेंगा भी होगा ...

मई - नहीं सिमु ये महल मुझे बहोत सस्ते में पढ़ा है इसका एक कारन ये था लोगो ने फैला दिया था की यहाँ भूत है और ये उसके कारन भिक नहीं था तो मैंने खरीद लिया सस्ते में ...

दिया - जीजू आप तो कमल हो वही शानवी पहली बार बैठी थी कार में वो आंटी और दिया के बिच में बैठ हमारी साडी बाते सुन रही थी और बहार का नज़ारा देख रही थी ...

ऐसे hi बात करते करते हम सहर आ गए मैंने कार को सिमु की फ्लैट की तरफ ले लिया उनको वह ड्राप किया और सिमु को कुछ पैसे दिया और बोलै कल आता हु उसके बाद शॉपिंग पे चलेंगे ...

वह से मई शानवी को लेके संगीता के घर की तरफ जाने लगा ...

शानवी - ये क्या चीन है रोहित ये तो घोडा गाड़ी से भी तेज चल रही है ...

मई - शानवी इससे कार कहते है ...

शानवी - वैसे वो बंदरिया कोण थी अपन मुँह फूलते हुए बोली ...

मई - होने वाली पैंटी थी वो ....

शानवी - तो रूबी दीदी का क्या हुआ उसने साडी नहीं की तुमने ...

मई - शानवी पूरी बात तो सुनले ...

शनवी गुस्से से बोली - हां बोलो क्या बोलना है...

फिर मैंने अपना अंगूठा उसके माथे के बिच में रखा और अपनी लाइफ के बारे में बताने लगा कुछ hi देर मई उसने सब कुछ जान लिया ...

शानवी - हहहह देखो पहले कितना सरीफ बनता था अब कितनी गर्लफ्रेंड और बिबिया लेके घूम रहा है ....

मई - अब क्या करू मई किसी का दिल तो तोड़ नहीं सकता मई इसीलिए सबको खुश रखने की कोसिस करता हु ...

शानवी - कितने खुश किस्मत है वो और एक माई हु ...

मई - शानवी ऐसे उदास मत हो यार देख जो होता है अचे के लिए होता तेरे साथ भी ाचा हो होगा और वैसे भी अब तो तू मेरे साथ hi रहने वाली है ...

शानवी - हां पैर मुझे भी मेरा प्यार चाहिए था तब ...

मई - और अब क्या अब नहीं चाहिए मेरी शानवी को उसका प्यार ....

शानवी - अब क्या फ़ायदा अब तू मई मर चुकी हु ...

मई - शानवी इधर देख मेरी तरफ मैंने उसके सर को सहलाने लगा ...

शानवी - रोहित मेरा क्या होगा अब ...

मई - वैसे मुझे पता है तेरे साथ क्या होने वाला है तभी तो तू नहीं गई वर्ण उन लोगो के साथ चली जाती ...

शानवी- तो तूने बताया क्यों नहीं मुझे हां बोल इतने देर से मुझे क्यों सत्ता रहा है क्या तुझे ाचा लगता है मुझे रुलाना हां बोल न ...

मई - ओहो गुस्सा हो गई मेरी शानवी ाचा चल तुझे एक बात बताता तू हमारी नन्ही सैतान यानि तेरी बहन का भी पुनर जनम हो गया है ...

शानवी रट हुए मुझसे पूछी ...

शानवी - बता रोहित प्लीज मुझे अपनी गुड़िया को देखना है कैसी दिखती है वो बता न प्लीज मुझे ऐसे न सताओ ...

मई - ाचा बाबा कल सुबह उसके पास चलेंगे और तेरे किये सरप्राइज है मेरे पास... वो बहोत जयदा खुश हो गई थी की उसके चक्केर में उसने कुछ भी नोटिस नहीं किया...

( शानवी का भी पुनर जनम हुआ था और वो और कोई नहीं स्वाति थी वो और उसकी बहन भूमि मतलब शानवी की छोटी बहन ) ( ये ट्विस्ट मैंने इसीलिए लाया क्यों दू नाम शामे हो जा रहे थे एक तो मेरी बहन स्वाति मसूई की बेटी और भूमि की बड़ी बहन स्वाति जो मेरी दोस्त है और उसकी तरफ से वो मेरी रैंडी भी है ) ( क्लियर तरीके से बताता हु जैसे मेरा हु और देव सोल वोउल्ड में था वैसे शानवी का हुआ पैर उसका पूछा सोल अभी यही था और उसका हाफ सोल का पुनर जनम स्वाति के रूप में हुआ )

घर पहुंच के मैंने बेल्ल बजे तो कुछ देर बाद संगीता ने दूर खोला मुझे बहार देखते चौंक गई ...

संगीता - आप इतनी रात को आप तो कल आने वाले थे न ...

मई - हां पैर मेरा काम अभी hi ख़तम हो गया ये बोलके मई कार से वो संदूक निकली और उससे अंदर लेके चला गया और ले जेक मैंने संगीता वाले रूम में रख दिया ...

वो मेरे पास आई ...

संगीता - कुछ खाने के लिए बना दू आपको भूक लगी होगी ...

मई - हां जान बना दे मेरे और अपने किये भी साथ में खाएंगे ...

संगीता - ठीक है आप फ्रेश हो जाओ मई किचन में जाती हु ... वो चली गई वही शनि मुझे देख रही थी ...

शानवी - तुम न सच में बहोत तेज़ हो गए हो और उससे जयदा अचे भी ...

मई - हां है पता है मुझे जा उस रूम में रूही सू रही है जेक देख ले ...

शानवी रूही वाले रूम में चली गई और मई बाथरूम चला गया नहाने के बाद मई एक लोअर और टीशर्ट पहन लिया और टेबल पे आके बैठ गया कुछ देर बाद संगीता डिनर लेके आ गई ...

मई - संगीता तूने पूछा नहीं उस संदूक में क्या है ...

संगीता - पहले आप खा लो वो साडी चीजे मई बात में पूछ लुंगी और आप बता देना ...

मई - आजा तुझे मई अपने हाथो से खिलाऊंगा उसके बाद हमने डिनर किया संगीता किचन में चली गई और मई रूही वाले रूम में ..

मई - तो शानवी है न रूही शामे तो शामे ...

शानवी अपने अंशु पोछते हुए ...

शानवी - हां एक दम शामे दिखती है रूही अब बस मुझे अपनी गुड़िया से मिला दो ...

मई - कल सुबह चलते है अभी घूम फिर लू सूना तो होगा नहीं तुम्हे ...

शानवी - भूत कभी सोते है क्या ...

मई- तू भूत थोड़ी है तू तो चुड़ैल है ...

शानवी - हहहह ज्यादा बोलै न तुमने तो सच में तुम्हारे घर जेक सबको डरने लगूंगी..

मई - ाचा जी फिर तो चली जा पका आरती तुझे रस्सी बांध देगी क्यों वो किसी से नहीं डर्टी जल्दी....

तभी संगीता उस रूम में आ गई ..

संगीता - यहाँ सोना है या हमरे वाले रूम में ...

मई - नहीं मई तो अपनी बेटी के साथ सोऊंगा तू आजा ...

एक तरफ मई सू आज्ञा दूसरी तरफ संगीता .. मैंने रूही को उठा के अपने ऊपर सुका दिया और सर मेरे साइन पे था वही संगीता मुझसे चिपक गई ...

रूही ने भी मुझे पकड़ लिया काश के और सोने लगी ...

सुबह मेरी नींद रूही के मेर गाल पे किश करने से खुली ...

मैंने आंखे खोली तो रूबी मेरे दोनों गाल पे किश करर रही थी ...

मई - गुड मॉर्निंग मेरा बचा ...

रूही - गुड मॉर्निंग डैडी उम्म्म उम्मा उम्मा आप कब आये आपको पता है जब मई उठी तो मई आपके बहो में थी हहै आपको देख मई बहोत खुश हो गई डैडी ...

मई - मेरा सोना बचा इसीलिए तो आया था मई रात को पैर आप सू गई थी तो मई आपको अपने बहो में लेके सू गया ...

रूही - ी लव यू डैडी आप वोउल्ड के बेस्ट डैडी हो उम्मम्मा मेरे गाल पे ज़ोर से किश करते हुए बोली ...

मई - उम्म्म्म मेरी रूही भी वोउल्ड की बेस्ट बेटी है मेरी ...

तभी संगीता रूम में आई उसने सलवार सूट बहन रखा था ...




संगीता - बहोत हो गया प्यार अब आप नाहा लीजिये और रूही तुम भी जाओ बाथरूम डैडी को काम भी होगा बहोत ...

मई - ाचा बाबा तू ब्रेकफास्ट लगा तब तक हम दोनों बाब बेटी आते है क्यों रूही ...

रूही - एस्सस डैडी आप जाओ मुम्मा हम आते है ... संगीता मुस्कुराते हुए चली गई वही शानवी भी हम तीनो का प्यार देख के स्माइल करर रही थी ...

मई - रूही जाओ नाहा लो उसके बाद ब्रेकफास्ट करते है हम फिर भूमि के घर चलेंगे ..

भूमि का नाम सुनते hi शानवी के काम खड़े हो गए और वो आंखे फाडे मुझे देखने लगी ...

रूही - ok डैडी अभी आती हु मई बूम बूम करर के ..

मई - बदमाश जा जल्दी वो भाग के चली गई..

शानवी - क्या जो मई सोच रही हो वो सच है रोहित ...

मई - तो तुमने तो ये बात नोटिस तक नहीं क्या मई तो अपनी पूरी लाइफ दिखा दी और न तुमने स्वाति को नोटिस किया ..

शानवी वही निचे बैठ के रोने लगी ...

मैंने उस उठा और चुप करवाया उसके बाद मई अपने रूम में आ गया नहाने के बाद रूम में आया तो संगीता मेरे कपडे लेके कड़ी थी ...

संगीता - जी आप ये पहन लो अप्पे अचे लगेंगे ...

मई - संगीता वो संदूक खोल और उसमे से एक ब्लू कलर की पोटली लोगो वो निकल ... मैंने कपडे लेके पहन लिया ...

जब संगीता ने वो संदूक खोली तो उसकी आंखे खुली की खुली रह गई फिर उसने अपने आप को संभल और मुझसे पूछा ...

संगीता - जी यहाँ 2 पोटली है तो क्या दोनों निकलू ...

मई - नहीं जान बस एक hi निकल .. वो पोटली लेके संदूक को बंद करर दिया ...

मई - तूने पूछा नहीं की ये सब कहा से आया...

संगीता - जी मुझे अप्पे भरोसा है की ये अपना hi होगा तभी आप यहाँ लेके आये है वर्ण आप इससे कही ऐसे जगह रखते जहा कोई जा न सके ...

मैंने उसके अपने गले लगा और फिर मैंने एक लॉकेट निकला अपने पॉकेट से जो मैंने कल उस महल से लिया था ...

मई - जा इसको संभल के रखना इससे हमारी साडी पे पहना दूंगा तुझे ...

संगीता - जी बहोत सूंदर है ये ी लव यू जी...

मई - ी लव यू तू मेरी संगीता और हां शायद हम कल नहीं तो परसो साडी करेंगे ठीक है...

संगीता - आप बस बोलते हो जी अपना चहेरा लटका के बोली ...

मई - सॉरी न संगीता इस बार पक्का देख न तुझे भी लगा हार बार कुछ न कुछ हो hi जाता है ..

संगीता - जी कोई बात नहीं जब साडी होगा तब का तब देखेंगे ... फिर मैंने उसको किश किया तभी रूही आ गई तो मई हैट गया ...

मई - चलो सब ब्रेकफास्ट करते है ..

रूही ने मेरा हाथ पकड़ा और बोलै ...

रूही - जल्दी चलो डैडी जल्दी चलो जल्दी चलो उसके बाद मुझे भूमि के घर भी चला है आपके साथ ...

संगीता - रूही बदमाशी नहीं वर्ण तप्पड़ मार दूंगी तुम्हे देख रही हु मई बहोत बदमाश हो गई हो तुम ...

रूही का चहेरा रोने जैसा हो गया ...

मई - संगीता ऐसे दातो नहीं मेरी बेटी को जाने दो बची है अभी ...

संगीता - आपको ये बची लगती है आपको पता है कितनी बदमाश है ये हां मुझे परेशां करर के रख देती है ...


रूही रोने लगी मुझे गले लगा के ...

मई - देख रुला दिया न बेचारी को ....

रूही - डैडी स्निफ्फ स्निफ्फ हहह स्निफ्फ ...

मई - रूही मेरा प्यारा बचा चुप हो जाओ रू नहीं न बीटा वर्ण मुझे रोना आएगा मेरा सोना बचा ...

संगीता हमारे पास आई क्र अपना हाथ रूही के सर पे रखते हुए बोली ...

संगीता - I'm सॉरी बीटा माफ़ करर दो अपनी मुम्मा को अब से नहीं डाटूंगी अपनी बेटी को...

रूही - नहीं आप फिर से डटगी मुझे पता है आप अब मुझे प्यार नहीं करती हु ...

संगीता इस बार रोने लगी रूही की बात पे ... जैसे रूही लगा संगीता रू रही है वो अपनी माँ की तरफ मुद करर देखने लगी ...

रूही मेरी गोद से उतर के भाग के संगीता के गले लग गई ...

रूही - मुम्मा आप रू रही हो प्लीज चुप हो जाओ प्लीज मुम्मा अब से मई बदमासी नहीं करुँगी मुम्मा ...

मई दोनों के पास गया और गले लगा लिया ...

मई - चलो अब चुप हो जाओ दोनों पहले hi गलत करती हो फिर रोने लगती हो ...

संगीता ने अपने अंशु पोछे और रूही को गले लगा लिया ...

रूही ने भी अपनी माँ को झोर से गले लगा किया और मैंने दोनों को ...

उसके बाद हमने ब्रेकफास्ट किया और मई रूही को लेके जाने लगा ...

रूही संगीता के पास गई और गाल किश किया ..

रूही - I'm सॉरी मुम्मा वो बोलने के लिए ...

संगीता - I'm सॉरी तू मेरा बचा आपको दत्तने के लिए ...

मई - रूही चले ...

रूही - एस डैडी चलो याहूऊओ ी लव यू बोठः ...

मई और संगीता - वे लव यू तू बचा ...

फिर मई रूही को लेके निकल गया उसकी पुराने वाली घर की तरफ क्यों वही भूमि और स्वाति का घर था ...

वह पहुंच के मैंने दूर बेल्ल बजे तो भूमि ने दूर खोला ...

भूमि मुझे और रूही को देख करर खुश हो गई..

भूमि - दिए भैया और रूही आये है ... भूमि भाग के मेरे गले लग गई ...

रूही - ाचा जी लगता कोई अपनी बेस्ट फ्रेंड को भूल गया ... भूमि मुझे चोर के रूही के गले लग गई दोनों बहने लग रही थी ... वही शानवी मेरे पीछे खड़े ये सब देख रही थी ...

तभी अंदर से स्वाति आई और मुझे देख वो बहोत खुश हो गई ...

मई - कैसी है तू स्वाति ...

स्वाति - तुम तो मुझे भूल hi गए भूमि के बर्थडे के बाद एक भी बार नहीं आये तुम...

मई- सॉरी न क्या बताओ बहोत बिजी हो गया था और मेरा एक्सीडेंट भी हो गया था..

भूमि - क्या भैया आपका एक्सीडेंट हो गया तह वो मेरे पास आई ..

मई - चिंता की कोई बात नहीं भूमि देखो अब मई ठीक हु ..

भूमि - पैर आपको पहले बताना चाहिए था भैया क्या आप हमे अपना नहीं मानते हो ...

मई - नहीं गुड़िया आप तो मेरी अपनी हो मेरी छोटी बहन की तरफ उसके सर को सहलाते हुए बोलै ...

स्वाति - थैंक गॉड तुम ठीक हो चलो अंदर चलते है ... फिर हम अंदर आ गए शानवी बस भूमि को hi देखे जा रही थी क्यों भूमि का चहेरा भी बिलकुल शामे तो शामे था और स्वाति का भी ..

रूही और भूमि दोनों रूम में चली गई खेलने...

उनके जाते hi वो मेरे गले लग गई ...

स्वाति - कितने दिन बाद आये हो प्लीज मुझे ऐसे hi अपनी बहो में रखो ...

मैंने उसके गले लगाए रखा वही शानवी हम दोनों को देख रही थी...

स्वाति - रोहित मुझे बहोत अजीब लग रहा है ...

मई - ाचा कही मेरी स्वाति की छूट तो गीली नहीं हो गई ...

स्वाति - वो है hi पैर अधूरा अधूरा आ लग रहा है ... वही शानवी मुझे गुस्से से देख रही थी उससे पता चल गया तह की स्वाति और कोई नहीं वो खुद है ...

शानवी - मई तुम्हारा मुँह तोड़ दूंगी रोहित हटो मेरे से दूर ...

मैंने उसकी तरफ देख करर स्वाति की गांड दबा दी ..

स्वाति - आह्हः रोहित मत करो कही ये दोनों सैतान न देख ले ..

मई - वो अभी नहीं आने वाली है उनको अभी टाइम लगेगा ...

स्वाति - पैर मुझे अधूरा सा क्यों लग रहा है ..

मई - चलो तुम्हारे रूम में बताता हु .. फिर मई शानवी और स्वाति के साथ उसके रूम में आ गया ...

मई उसके सामने बैठ गया और उसके दोनों हाथो को अपने एक हाथो में ले लिया ...

मई - देखो ये बात तुम्हे समझा पाना बहोत मुश्किल है शायद दिमाग का फै हो जायेगा इसीलिए मई तुम्हारे इस अधूरे पैन को मीठा दूंगा ...

स्वाति - मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा है...

मई - समझ जाओगी मेरी जान शानवी तुम मेरे सामने बैठ जाओ ...

स्वाति - किस्से बात करर रहे हो तुम ...

मई - तुम्हारी पिछले जनम की आत्मा से ...

स्वाति - शायद तुम पागल हो गए हो ...

मई - तुम्हे विश्वास नहीं हो रहा है न .. उसने जा में सर हिलाया ..

मई - शानवी जरा वो सरे बुक्स हवा में उठाना ज़रा ... मेरे इतना बोलते hi वो बुक्स हवा में उड़ने लगे ये देख करर स्वाति दर के मेरे गले लग गई ...

वो ज़ोर से चिल्लाने वाली थी तभी मैंने उसको किश करने लगा ...

शानवी - जब देखो तब ठरक चढ़ी रहती है तुम्हे ...

मई - मइके स्वाति के होंठ चोर दिया ...

मई - डरो नहीं पागल वो तुम्ही तो हु बस पिछले जनम की और दोनों पागल hi हो ...

स्वाति और शानवी - मई पागल नहीं हु ...

मई - देखा कैसे एक साथ बोलै दोनों ने अब तो कन्फर्म पागल हो चलो अब बैठो जल्दी से और मुझे अपना काम करने दो ...

फिर मैं एक हाथ में स्वाति के दोनों हाथ और एक हाथ शानवी के दोनों हाथ लिया और जैसे hi अपनी आंखे बंद की मेरा लॉकेट चमकने लगा और शानवी की पूरी सोल स्वाति की आधी सोल के साथ झड़ने लगी ...

कुछ hi देर में दोनों एक hi गए और उसी के बेहोश भी .. ( अब यहाँ से मई स्वाति नहीं शानवी कहूंगा )

मैंने शानवी के मुँह पे पानी मारा जिससे वो होश में आने लगी ... ( एक बात यहाँ बता दो मुझे स्वाति के बारे में देव से hi पता चला और शानवी की सोल के बारे बे उसने hi बोलै था दोनों को एक करने के लिए लॉकेट की मदद से और एक तरह से मई गॉड भी हु तो मेरे लिए आसान होगा )

शानवी - रोहित ये बोलते हुए मेरे गले लग गई...

शानवी - थैंक यू रोहित तुम्हारी वजह से मेरा जनम फिर हो गया अब और मई अपनी गुड़िया के साथ रह सकुंगी ...

मई - मुँह बंद पागल कही की अब समझ में आया पैर शानवी तू इस लाइफ में स्वाति hi है दुनिया के लिए और मेरे लिए शानवी ...

शानवी - अब तुमने मुझे किश किया न तो देख लेना वैसे भी मुझे सब पता है...

मई - मई तो करूँगा क्यों स्वाति भी मेरी है और शानवी भी समझी मिस स्वाति शर्मा ...

शानवी - हां समझ गई मरस रोहित सिंह गधे..

मई - पता है शानवी तुझे संभालना बहोत मुश्किल है ...

शानवी - संभालना तो तुझे hi पड़ेगा क्यों की मई इस लाइफ में तुझे नहीं चोर्ने वाली ...

मई - चल जा अपनी बहन से मिल ले . इतना सुनते hi वो भाग के भूमि के रूम में घुसी मई भी उसके पीछे रूम में आ गया ...


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कंटिन्यू
 
अपडेट 76

जैसे की अपने लास्ट अपडेट में पढ़ा था महल पहुंच के अंदर गया तो वह शानवी से मिला हो मेरी सबसे अछि दोस्त थी पिछली जनम में फिर वह के बाकि आत्माओ को मुक़्त करवाने के बाद मैंने एक संदूक लिया और डायमंड फिर वापस सिमु और उसकी फॅमिली को फ्लैट पे चोर्ने के बाद रात को संगीता के घर रुका फिर सुबह रूही को लेके स्वाति के घर गया जहा मैंने शानवी की आत्मा और और स्वाति की बॉडी एक करर दी ...

अब आगे

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इस वक़्त रूम में शानवी ने भूमि को गले लगा रखा था ...

भूमि - दी क्या हुआ आप रू क्यों रही हो ...

शानवी - कुछ नहीं बचा मुझे लगा तुमने चिल्लाया तो भागते हुए आ गई ...

भूमि - नहीं दी मैंने नहीं चिल्लाया और आप रोना बंद करो वर्ण मई रोने लग जाउंगी ...

शानवी भूमि की गलो को चूमते हुए बोली..


शानवी - नहीं रोटी मई चलो अब ब्रेकफास्ट करर लो तुम ...

मई - ाचा हम चलते है रूही चले बीटा ...

भूमि - भाई इतनी जल्दी चलो न ब्रेकफास्ट करलो...

मई - भूमि रूही को घर चोर उसके बाद अपने घर जाऊंगा क्यों मुझे कुछ काम भी है ...

शानवी - जाने दो भूमि रोहित को बहोत से काम है ...

मई - ोू हां याद आया क्या तुमने अपनी जॉब चोर दी क्यों की कुछ दिन में पार्लर में तुम्हारी ज़रूरत पड़ेगी ...

शानवी - हां चोर दूंगी आज hi बात करर लेती हु मई ...

मई - ठीक है फिर मई रात को कॉल करर एक बताता हु ओपनिंग की डेट ...

शानवी - ठीक है ...

मई- रूही चलो मई तुम्हे घर ड्राप करर दूंगा ...

फिर मई रूही को लेके निकला गया रस्ते में ...

रूही - डैडी मुझे घर नहीं जाना मुझे आपके साथ आपके घर जाना है ...

मई - ठीक है बीटा चलो आज तुम मेरे घर hi रहना ...

रूही - थैंक यू डैडी ... फिर कार को अपने घर की तरफ ले लिया ...

जब घर पंहुचा तो मेरी साडी बहने हॉल में बैठी गप्पे मार रही थी ...

मई - क्या बाते हो रही है मेरी बहनो ...

जिया - भाई आप आ गए आप न हम सब शॉपिंग की लिस्ट बना रहे थे की कोण क्या लेगा...

इतने में बुआ सीधी से निचे आई ...

बुआ - हां बना लो और मेरे बीटा की जेब ढीली करर देना तुम सब ...

इथे में रूही मेरे पीछे से निकली ...

रूही - सरप्राइज मई आई हु साथ में ... कोमल रूही को देख करर भाग के मेरे पास आई और रूही के दोनों गाल पे किश किया ...

कोमल - आज तो और मजा आएगा क्यों आज रूही आई है ...

डिम्पी - भाई ये कोण है ..

प्रिय - रूही हमारी मम की बेटी है और हमारी दोस्त काम बेहेन भी ...

बुआ - रूही बीटा तुमने ब्रेकफास्ट किया ..

रूही - हां बुआ जी ...

मई - रूही जाओ तुम इन् सब के साथ मस्ती करो और हां सैतानी नहीं ...

आरती - भाई अब सैतानी तो होगी hi ना जहा हम रहे वह सैतानी ना हो एशिया कभी हो hi नहीं सकता ...

माँ- ाचा बाबा सब के सब ऊपर जाओ और हां साम को तैयार रहना शॉपिंग पे चलने के लिए उसके बाद मेरी साडी बहने सेकंड फ्लोर पे चली गई निचे सिर्फ बुआ और मई hi थे ...

मई - बुआ पार्लर का काम पूरा हो गया क्या...

बुआ - हां जणू हो गया है बस इनॉगरेशन करना है तू डेट बता दे ...

मई - एक मं सोचने दो फिर मुझे याद आया कुछ दिन बाद तो प्रिय का बर्थडे भी है...

मई - याद आया बुआ 5 दिन बाद प्रिय का बर्थडे है तो उसी दिन करते है प्रिय के हाथ से हे ...

बुआ - हां ये ाचा रहेगा पैर प्रिय का साथ तू भी रेबों कटेगा ...

मई - ok मेरी सेक्सी बुआ उनके होंठो को चूमते हुए ...

बुआ - चोर ना जणू सब घर पे कोई हमे देख सकता है ..

इतने में ऊपर से कोमल के आवाज आई ...

कोमल - भाई पिज़्ज़ा माँगा दो न हम सबके लिए ...

मई - बीटा निचे आके मेरा फ़ोन लेजा और खुद माँगा लो जो तुम सबको पसंद हो ...

तभी माँ अपने रूम से निकली ...

माँ - बाबू तूने बिगड़ रखा सबको ...

मई - जाने दो ना माँ मई नहीं करूँगा तो कोण करेगा और वो किस्से बोले आप hi बताओ ...

तभी कोमल दौड़ते हुए निचे आई और मेरा फ़ोन ली गई ...

माँ - वैसे क्या बाते हो रही थी बुआ और बांझे के बिच .. दोनों चची भी आते हुए बोली ...

मई - वो मई और बुआ पार्लर की इनॉगरेशन के बारे बात करर रहे थे की किस दिन करे और कोण रेबों कटेगा ...

ज्योति चची - तो क्या देसीडे हुआ ...

बुआ - जणू बोल रहा है की प्रिय के बर्थडे की दिन करे और प्रिय hi रेबों कटेगी तो मैंने बोल दिया की साथ में तू भी रेबों कटेगा ...

बच्ची - हां ये सही रहेगा ... तभी कोमल फिर से निचे आई और उसने मुझे फ़ोन दिया...

कोमल - भाई वो पुलिस वाले अंकल का कॉल आया है आप बात करर लो ...

मैंने फ़ोन किया तो उधर से रक सर का फ़ोन था जो की सप भी है ...

सप - hello रोहित कैसी तबियत है तेरी मैंने सुना तू कोमा में था ...

मई- ठीक हु सर मई अभी आप बताओ कैसे याद किया ...

सप - या एक केस में मुझे हेल्प चाहिए तेरी आजा ज़रा तू मेरे ऑफिस में ...

मई - आता हु 20 मं में .. उसके बाद मैंने कॉल कट करर दिया ...

माँ - जिसका कॉल था बाबू ...

मई - माँ वो सप सर का कॉल था जिन्होंने बुआ की डिवोर्स पप्पेर बनवाना में हेल्प की थी उनको कुछ हेल्प चाहिए इसीलिए बुलाया है ...

बुआ - उनको जो हेल्प चाहिए हो करर देना पैर कोई खतरे वाला काम मत करना जणू ...

मई - ठीक है मेरी अनु ऐसे कोई काम नहीं करूँगा जिससे मुझे खतरा हो ...

माँ - बदमाश बुआ को नाम से बुलाता है ...

बुआ - जाने दो भाभी मेरा जणू मुझे कुछ भी बोल सकता है ..

ज्योति चची - देख रही हो देदे बुआ और भांजे की बिच का प्यार लगता है दोनों साडी hi करर लेंगे ...

मई - आप लोग एक दूसरे को छेड़ो मई तो चला फिर मई ऊपर गया कोमल को पैसे दिए फिर मैंने रूम में जेक लैपटॉप लिया उसके बाद अपनी कार से निकल गया सप एक पास ...

जहा मई जा रहा था वो उनका सीक्रेट ऑफिस था और वह में पहले भी जा चूका था ...

वह पहुंच के मैंने दूर नॉक किया कुछ देर बाद एक लेडी ऑफिस ने दूर खोला मैंने इस लेडी ऑफिस को पहले नहीं देखा था आगे में लग भाग 25 की लग रही थी और दिखने में भी बहोत सेक्सी थी ...




लेडी ऑफिस - आओ सर तुम्हारा hi इंतज़ार करर रहे है ...

मई ( बेंचो क्या मस्त माल है सर के तो मज़े है रोज ये नज़ारे देखने को मिलते होंगे )

मई उसके साथ अंदर चला गया ...

वह वो सर थे और उनकी टीम थी ...

मई - तो सर बोलिये आज कैसे ज़रूरत पद गई मेरी फिर से ...

सप - कुछ दिनों से 18 से 30 के बिच की लड़किया गायब हो रही है सिटी में और बाद में उनकी सर बॉडी मिल रही है पोस्टमार्टम से पता चला है उन लड़किये के साथ बहोत बुरे तरीके से रपे किया जा रहा है और रिपोर्ट के आधार पे एक लड़का या आदमी करर रहा है ...

मई - मतलब कोई पागल सनकी रेपिस्ट है जिसको रपे करना पसंद है ...

सप - हां और इन 15 दिनों में 4 लड़कियों की बॉडी

मिली है और इनमे एक कॉमन बात है ये लड़किया सिर्फ आमिर घरो से hi है ...

मई - और कुछ कॉमन है इनमे ...

सप - हां जिन जिन लड़कियों की लाशे मिली है उनके फ़ोन में उनके साथ मिल रहा है जिसमे एक फोटो मिल रही है और वो फोटो उन लड़कियों की रह रही है रपे के बाद का बिलकुल नुदे ...

मेरे अलावा वह पे एक वो लेडी ऑफिस एक लेडी कांस्टेबल और दो मेल कांस्टेबल और सप सर ..

मई - आपकी बातो से लगता हमारे पास सर एक क्लू है वो फोटोज और उनका फ़ोन ...

सप - हां पैर मेरी टीम ने चेक करि है उनको कुछ नहीं मिल रहा है फ़ोन से ...

मई - ok फिर उन लड़कियों को जहा से उठाया जा रहा होगा या तो वह कैमरा नहीं होगा या फिर वो काम hi नहीं करर रहा होगा ..

मेल कांस्टेबल - बिलकुल सही हमने हर जगह के कामर्स चेक करर किये पैर अभी तक कोई साबुत नहीं मिला ...

मई - क्या मुझे उनके फ़ोन्स और डिटेल्स मिलेंगे जिन लड़कियों की बॉडी मिली है ...

लेडी अफसर - तुम फ़ोन क्या करोगे मैंने कोसिस करर के देख लिया है मुझे तो कुछ नहीं मिला ..

मई - क्या पता मुझे मिल जाये जो आपको नहीं मिला क्यों सर ...

सप - इसीलिए तो तुम्हे बुलाया है वैसे ये मेरी टीम की हैकर है जो गवर्नमेंट की तरफ से भेजी गई है ...

मई - फिर मजा आएगा इस क़ातिल और रेपिस्ट को पकड़ने में वैसे मिस हैकर मैडम आपके पास तो फ़ोन का सारा डाटा होगा तो क्या मई ये फ़ोन ले जा सकता हु ...

सप - हां क्यों नहीं पैर मुझे 2 दिन के अंदर उस क़ातिल का कोई भी सुराग चाहिए ..

मई- सर आप चिंता मत करो मई आपको कल साम तो बताता हु ...

फिर मई वो सामान लेके निकला गया अपने घर मुझे पता था ये कोई इंटेलिजेंट बाँदा जो ये सब पैर अब ये पता करना था की ये करर क्यों रहा है ...

घर पहुंच करर अपने रूम में आज्ञा और उन् 4 लड़कियों का फ़ोन चेक करने लगा उनके फ़ोन में सिर्फ एक फोटो थी वो नुदे बाकि का सब कुछ रिसेट करर दिया था ...

फिर मैंने उन चारो फ़ोन को अपने लैपटॉप से कनेक्ट किया और उनका डाटा निकलने लगा अपनी एप्लीकेशन से जो मैंने खुद बनाया था ...

वो सब होने में 5 से 6 जानते लगने वाले थे उसके बाद चारो फ़ोन का सारा डाटा आ जाते मेरे पास ..

तभी मुझे सप सर का फ़ोन आया ...


मई- हांजी सर बोलिये ...

सप - एक लड़की किडनैप हुई है जो की बहोत अंडे बिज़नेस मन की बेटी है सिटी में उनका बहोत सी ज्वेल्लेरी की शॉप्स है ऊपर से उनका कनेक्शन कम से है तो हमे जल्दी ढूंढ़ना होगा उस किडनैपर को ...

मई - आप मुझे और डिटेल्स भेजो कब और कहा से किडनैप हुई है ...

सप - ये तो नहीं पता कब और कहा से किडनैप हुई है पैर क्सक्सक्स के से लेके क्सक्सक्स तक इसी के बिच से किडनैप हुई है वो ...

मई - आप मुझे आधे जानते का टाइम तो मई चेक करर के बताता हु वैसे आप अपनी हैकर मैडम को भी बोल दो वो क्या सर्कार का सिर्फ पैसा खाने लिए बैठी है ....

सप - ारे बीटा अभी वक़्त नहीं है इन सब चीजों का प्लीज मेरी हालत को समझो वर्ण मेरी नौकरी चली जाएगी. ...

मई - करता हु उसके बाद मैंने उस एरिया के सरे कैमरा चेक करने लगा कही भी कुछ गलत नहीं दिख रहा है मैंने उस लड़की डिटेल चेक किया वो अपने घर से निकली फिर उसके कुक देर बाद उसका फ़ोन बंद हो गया ...

मैंने एक बात नोटिस की उसका फ़ोन एक अपार्टमेंट के पास बंद हुआ था फिर मैंने इन चारो का जो नंबर था उसके ट्रेस किये उससे पता चला आखिरी बार उस अपार्टमेंट के पास hi बंद हुआ था तो मैंने अपने लैपटॉप लिया और फ़ोन्स वो लेके निकला गया घर से जल्दी ...

आधे जानते में मई उस अपार्टमेंट के पास पंहुचा देखा तो वो अभी कंस्ट्रक्शन में था....

मैंने अपना लैपटॉप चेक किया अभी कुछ फोटोज hi रिकवर हो पाए थे मैंने वैसे चोर के कार से निकल गया तभी मुझे कुछ याद आया मैंने वो लैपटॉप लिया और उन् फोटोज को देखने लगा उसमे एक ग्रुप फोटो थी जिसमे बाकि मरी 4 लड़कियों और अभी जो 5 किडनैप hi थी उसकी भी फोटो थी बाकि लड़के थे ...

मैंने ये फोटो ली और सर को भेज दिया ..

तभी सर का कॉल आया...

मई - इतना बड़ा कनेक्शन आप लोग कैसे मिस करर सकते हो...

सप - क्यों क्या हुआ ...

मई - आप वो फोटो देखो मैंने जो भेजी है जिन जिन का रपे हुआ वो दोस्त है और वो सब एक hi सोल्लगे में भी पढ़ती है ...

सप - हां हमे ये बात पता है ..

मई - तो पहले क्यों नहीं बताया ये भी तो हो सकता है इनके क्लास का hi कोई दोस्त हो उनका...

सप - हमने सब चेक करवा लिया है पैर हमे कुछ नहीं मिला ये सब दोस्त ज़रूर है पैर ये पाछो किसी से मतलब नहीं रखती है और देखा जाये तो उनके फॅमिली भी एक दूसरे को जानती है ...

मई - ये सब पहले बताना चाहिए था आपको मई फ़ोन रखता हु थोड़ी देर में बताया हु...

फिर मई कार में बैठ के लैपटॉप देखने लगा उनके बारे में और पता करने लगा उनकी फॅमिली के बारे में वो सब क्या करते है कही कोई गलत काम तो नहीं करते ऐसे मेरे 1 जानते निकल गए ...

तभी मुझे मेरी बहनो का कॉल आया ...

कोमल - भाई आप कहा हो आपके बोलै था शॉपिंग करवाने ले चलोगे ...

मई - गुड़िया काम से बहार आया हु टाइम लगेगा ...

कोमल - भाई ये गलत बात है अपने वडा किया था ...

मई - ाचा बाबा आता हो 1 जानते तुम सब तैयार हो जाओ ...

कुछ देर खोज बिन करने के बाद मैंने एक चीज नोटिस की इन पांचो लड़कियों के बाद दोस्त थे पहले से थोड़ी बहोत हिस्ट्री निकलने बाद पता चला इनका एक 6 दोस्त भी था जो की एक्ससीडेंट में मारा गया और उसकी फॅमिली भी मर गई ...

अभी मुझे एक नोटिफिकेशन आया और वो जो पांचवी लड़की थी उसका फ़ोन ों हुआ था...

मई अपने काम में लग रहा कैसे भी करके मुझे लोकेशन निकलना था पैर उस फ़ोन के साथ कुछ किया जा रहा था कुछ देर बाद वो फ़ोन फिर से बंद हो गया पैर मुझे लोकेशन मिल गई ...

मैंने सप सर को कॉल किया ...

सप - हां रोहित कुछ पता चला ...

मई - हां सर मई आपके एक लोकेशन भेजता हु अब जल्द से जल्द अपने टीम से साथ उस लोकेशन पे पहुँचो ...

मई अपने कार से निकला अब मुझे कन्फर्म हो गया था की वो किडनैपर इसी बिल्डिंग में है...

वह पे 3 बिल्डिंग बन रही थी और सब 15 15 फ्लोर का था और वो किडनैपर इनमे से किसी एक में था ...

मई तुरंत अपनी लॉकेट को अपने मुट्ठी में पकड़ा और आँखे बंद करर के अपना ध्यान एकत्रित करने लगा जिससे हुआ ये की मौसम बिगड़ने लगा और बारिश चालू हो गई और बिजली भी कदने लगी तभी एक ज़ोरदार बिजली रोहित और आके गिरी ...

एक पल के लिए ऐसा लग रहा था की वह की बिल्डिंग गिर जाएगी ...

वाही उस बिल्डिंग में वो किडनैपर कुछ अपलोड करर रहा था इंटरनेट पैर लेकिन तभी मौसम बिगड़ने के कारन उस एरिया का इंटरनेट काम करना बंद करर दिया जिससे वो बिच में hi रोक गया ...

वही वो लड़की ज़ोर ज़ोर से चिल्ला के उस किडनैपर को चोर्ने के किये बोल रही थी ...

लड़की - प्रतिक प्लीज चोर दो मुझे मैंने क्या बिगाड़ा है तुम्हारे तुम तो मुझसे प्यार करते थे ...

प्रतिक - प्यार और तुमसे मई बस तुम्हारा उसे करर रहा था तुम्हारी दोस्तों को मरने के लिए ये सब एक प्लान था ...

लड़की - पैर क्यों हमने क्या बिगाड़ा है तुम्हारा जो तुम हमे मार रहे हो और रपे करर रहे हो की कितने गिरी हुए हो तुम....

प्रतिक - गिरा हुआ ाचा मजाक है बहनचोद ये नेटवर्क को भी अभी जाना था ...

लड़की - प्लीज प्रतिक ऐसा मत करो तुम्हे पहले hi उनका रपे करर के मार दिया है अब उनकी तस्वीरें और वीडियो इंटरनेट पैर मत डालो....

प्रतिक - अभी मेरा बदला बाकि है मई तुमस्कि फॅमिली को बर्बाद करूँगा और मुझे कोई रोक नहीं पायेगा ...

मई - अछि हैकिंग करर लेते हो तुम पैर अभी बचे हो थोड़ा शिख लेते ...

प्रतिक - तू कोण है बे माधरचोद ...

मई - तेरा बाप hi बसड्क के और ये जो तू करर रहा है एक बाप के नाते अपने बेटे को समझने आया हु ...

लड़की - प्लीज मुझे बचा लो इस कमीने से...

मई - वही करने आया हु ...

प्रतिक - ची बे एक और जान लेनी पड़ेगी हे भगवन कितना पाप करवाओगे मुझसे ...

मई - पाप तो तुम करर रहे हो कारन .... ये नाम सुनते hi उसके होश उड़द गए ....

लड़की - कोण कारन ये तो प्रतिक है जिसमे मेरी दोस्ती का रपे किये और मार दिया अब मेरे साथ भी ये यही सब करने वाला था...

मई - नहीं ये तुम्हारा साथ ये सब नहीं करता क्यों कारन तू अपनी बहन के साथ तो ये सब नहीं करर सकता ....

लड़की - क्या बहन मई उसकी बहन नहीं हु ये तो मेरा बॉयफ्रेंड है नहीं था ....

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कंटिन्यू
 
अपडेट 77

जैसे की अपने लास्ट अपडेट में पढ़ा था शानवी और स्वाति को एक किया वह से रूही को लेके अपने घर आया और बुआ से डिसकस किया इनॉगरेशन के बारे में तो वो प्रिय के बर्थडे पे होगा उसके बाद सप सर कॉल आया एक केस के लिए वह जेक उनसे मिला 4 लड़कियों का रपे केस था और बाद में एक का किडनैप हुआ था मेरे आने के बाद कुछ गान्तो की म्हणत के बाद मैंने ढूंढ hi किया लड़की और किडनैपर को जो और कोई नहीं उसका भाई hi था पैर सागा नहीं ....

अब आगे

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मई - ये तो बस एक साइको है जिसको मल्टीप्ल आइडेंटिटी डिसऑर्डर है क्यों सही कहा न प्रतिक बोलू या कारन ....

लड़की - नहीं ये कारन हो hi नहीं सकता वो तो मर गया था न ये कारन नहीं है इसका तो फेस भी नहीं मिलता कारन से.

कारन - तुम्हे कैसे पता चला मेरे बारे में वैसे चोरो इन बातो को अब पता चल गया है तो तुम्हे मरना hi होगा ...

लड़की - क्या सच में ये कारन है पैर इनसे तो सबके सामने उस पधादि से खुद के जान दे दी थी अपनी ...

मई - नाह सब नाटक था इसका ताकि नहीं नहीं इसका नाटक नहीं इसके दूसरे वाले आइडेंटिटी का जो इसके अंदर है क्यों प्रतिक...

कारन - बहोत इंटेलिजेंट हो तुम मेरे बारे इतना सब कुछ कैसे पता चला...

मई - तुमने उन्ही को मारा जो उस दिन वह पहाड़ी पे थे जैसे वो चारो लड़किया और ये और क्यों सिर्फ इसीलिए क्यों ये तुमने प्यार नहीं करती और उन चारो ने बस एक छोटा सा मजाक करर किया था तुम्हारे साथ ...

कारन - मजाक तुम उससे मजाक कहते हो उनके ये इसके कारन मेरी जिंदगी बर्बाद हो गई और इसने क्या किया मुझे रिजेक्ट करर दिया क्यों क्युकी मई इसका कजिन था ारे एक मौका तो देती ....

मई - सरे तेरा दिमाग ख़राब हो गया है इसने इस्सलिये मन नहीं किया क्युकी तू इसका भाई था इसने इस लिए मन क्युकी इससे तुमसे प्यार था hi नहीं और मई ये नहीं मन करर रहा एक भाई बहन के बिच का प्यार गलत है पैर फाॅर्स करना ये तो बहोत गलत है ...

कारन - तो फिर इसके दोस्तों ने मुझे क्यों कहा की ये मुझसे प्यार करती है और इसने मेरा नुदे पिछ माँगा है ...

मई - तू पागल है क्या दुनिया की ऐसे कोण लड़की होगी जो अपने दोस्तों से बोलेगी की मेरे भाई का पिछ लेक दो अगर इससे तुझे प्यार होता तो ये तुझसे खुद न बोलती हां मंटा हु इसके दोस्तों ने गलती की पैर इस्सके लिए तू आपके बहन से बात करर सकता था ...

कारन - नै नै नै मई ऐसा थोड़ी hi जो इस बात की इतनी आसानी से ख़तम करर देता उनकी सबसे बड़ी गलती थी मेरे फोटो को इंटरनेट पे डालना ...

मई - तू सच साइको है प्यार के चक्कर में तू अँधा हो गया था तुझे ये है याद रहा की तू हैकर है डिलीट करर देता अपनी फोटो इंटरनेट से या फिर पुलिस के पास जाता ...

लड़की - सब मेरी गलती है ना मई ी कर करती न ये सब होता मुझे नहीं पता था मेरी दोस्त ऐसे करेंगज तुम्हारा साथ कारन वो शयद मुझसे प्रैंक करना चाहती थी पैर वो तुम्हारे साथ इतना गलत करर बैठी की तुमने उनका रपे करर दिया के बार तुम मुझसे बात करर लेते ...

मई - नहीं करता क्यों इसको तो बचपन से hi मल्टीप्ल आइडेंटिटी डिसऑर्डर था इसके अंदर का वो सैतान बहोत पहले से पनप रहा था इसके माँ बाप के मरने के बाद क्यों मैंने सही कहा न फोटो तो बस एक जरिया था इसकी को बास खून करना था और अपनी अंदर की प्यास बुझानी थी ...

मेरे इतना बोलते hi उसने मेरे ऊपर गोली चला दी पैर उसको थोड़ी पता था मई कोण हु मई थोड़ा सा लेफ्ट की तरफ झुका मेरे और निचे ने एक रोड उठाया जो पहल से पड़ी थी वह उसके दे मारा उसके हाथ पे जिससे वो गन उसके हाथ से सीधे बिल्डिंग से निचे जा गिरी...

मई - देखा मैंने बोलै था न एक तरफ से तुमसे प्यार भी करता था वही इसका दूसरा पर्सनालिटी लोगो को मरना भी चाहता है क्यों ...

लड़की - पैर मेरी दोस्त hi क्यों ..

मई - ारे बोलै तो इसके एक जरिया चाहिए तब ये सब सुरु करने के लिए तो वो तुम्हारे चारो दोस्त बानी इसके जो अंदर के प्रतिक को बहार निकलने के लिए वो मेरे तरफ दौड़ के आया मुझे मरने के लिए उसने मेरे मुँह पे मरने की कोसिस करो पैर उससे पहले hi मेरा पैर सीधा उसके पेट पे लगी जिससे वो सीधा दिवाली से जा लगा ..

मई - कारन तेरे ये पागल पैंटी वाला खेल ख़तम हो चूका है मैंने उस लड़के का हाथ खोला ..

कारन - किरण मेरे साथ मिल जाओ हम साथ में मिलके बहोत मजे करेंगे सेक्स करेंगे दुनिया घूमेंगे और मर्डर करेंगे लोगो का ...

मई - देखा किरण तुम्हे इसका साइको पैन....

किरण - अगर चची जिन्दा होती तो तुम्हे ऐसे देख क्र hi मार जाती ...

कारन - मर जाती हाहाहा मर तो पहले hi चुकी है मेरे हाथो हाहाहा ...

किरण- व्हॉट इसका मतलब चाचू और चची को तुमने मारा था ...

कारन - हाहाहा हां मैंने मारा था मैंने उन्हें दक्का दिया था जब हम पिकनिक और गए थे ...

किरण - पैर क्यों उन्होंने तुम्हारा क्या बिगाड़ा था ...

कारन - कुछ नहीं मुझे तो बस किसी की जान लेनी तो सोचा उनसे hi सुरु करते है....

किरण- तुम पागल हो गए हो तुम्हे तो मार देना चाहिए ... वो फिर से उठा और इस उसने वही रोड उठाया जिससे मैंने उसके हाथ पे मारा था ...

वो मेरी तरफ आया मरने के लिए...

पैर मेरे पास आने से पहले hi मैंने एक बार फिर से मारा जिससे वो वापस जेक दीवाल पे लगा और इस बार उसके सर से खून निकलने लगा ...

मैंने उसका लैपटॉप लिया और उसमे से साडी वीडियो डिलीट करर दी और लैपटॉप में वायरस दाल दिया जिससे वो ख़राब हो सके ...

कारन - ये तूने ाचा नहीं किया मई तुझे नहीं छोड़ूंगा वो अपना सर पकड़ते हुए उठा ...

इतने में सप सर और उसकी टीम आ गई ...

मई - क्या सर लोग सही hi बोलते है पुलिस हमेशा से लेट से आती है अब सम्भालो अपने केस को मई चला अपने घर ...

किरण - थैंक्स आपका मेरी जान बचने के लिए ...

मई - कोई बात नहीं आगे से ध्यान रखना अपना और जो सच है वो सब बता देना सर को उसके बाद मई अपने घर की तरफ निकल गया मैंने देखा तो लेट हो चूका है मैंने 2 जानता बोलै था कोमल को पैर 2 गांठे हो गए थे ...

घर पहुंच करर जब मई अंदर गया तो माँ हॉल में hi बैठी थी उनके साथ ज्योति चची भी थी ...

माँ - कहा था बाबू तू देख तेरी बहने नाराज होक बैठ है आज तो तू गया ...

मई - क्या करू माँ थोड़ा इम्पोर्टेन्ट काम था अब लेट हो गया हु तो करर भी क्या सकता हु जाता उनके पास थोड़ी बहोत मीठी बाटे करूँगा सब मान जाएँगी ..

ज्योति चची - हां रोहित तुम्हारी बहने तुमसे जयदा ढेर तक नाराज नहीं रह सकती है ...

मई सेकंड फ्लोर पे आ गया मुझे पता था सब कोमल के रूम में hi होंगी ...

मई अंदर गया तो सब रेडी थी रूही तो वैसे hi थी पैर शायद कोमल ने उसके फेस पे हल्का make-up लगा दिया था...

मई - चले मेरी परियो या ऐसे hi नाराज रहना है ...
 
अपडेट 78

जैसे की अपने लास्ट अपडेट में पढ़ा था किरण को उसके कजिन से बचाया जिसका नाम कारन था और वो एक साइको था जिसने अपने माँ बाद को भी मारा था और उससे मल्टीप्ल आइडेंटिटी डिसऑर्डर भी था उसको सप सर को सौपने के बाद घर आ गया जहा मेरी बहने नाराज होक बैठी थी मुझसे .

अब्ब आगे

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मई - अब चलो भी कब तक अपने भाई से नाराज रहोगी तुम सब माफ़ करर दो इम्पोर्टेन्ट काम था ...

रिया - तो हमने कब मन किया है जाओ काटो अपना इम्पोर्टेन्ट काम ...

मई - ाचा बीटा इतनी नाराजगी ठीक है मत चलो रूही तुम चलो घर पे ड्राप करर दूंगा ...

रूही - नहीं आज मई दी लोग के साथ हु अपने वडा किया था पैर आप लेट हो वो भी बहोत ...

मई - वह बीटा तुमने भी साइड बदल लिया ...

रूही - हेहेहे मैंने साइड नहीं बदला है मई रेफरी हु ...

मई - बदमाश कही की ाचा सॉरी सॉरी सॉरी लो अब मई अपना काम पकड़ लेता हु .. मैंने अपने कान पकड़ के घुटनो पे बैठ गया ...

डिम्पी भाग ले मेरे पास आई ...

डिम्पी - भाई ऐसे मत करो आप वर्ण मुझे बुरा लगेगा आप घुटनो पे मत बैठी ... उसकी बात पे मेरी साडी बहने मेरे पास आए गई ...

कोमल - भैया हम इतने भी नाराज नहीं है चलो उठो मई उठ गया सबने मुझे गले लगा लिया ...

रूही - ारे मुझे भी जगह दो मुझे क्यों साइड करर दिया रूही की बात पे सब हशने लगे ...

मई - आजा मेरे पास पागल कही की वो भाग के मेरे ऊपर खुद गई मई उसको लेके लेट गई फ्लोर पे ...

कोमल - भाई चलो अब रूही उठो वर्ण और लेट हो जायेगा ...

रूही - ok दी और हां भाई गुस्सा हम सब अब्भी है आपको मूवी दिखानी पड़ेगी तभी मानेंगे ...

मई - ok मेरा बचा अब चलो उसके बाद मई सब लेके मॉल निकल गया कार से थोड़ा बहोत एडजस्ट करना पड़ा बैठने में पैर काम चल गया ...

मॉल पहुंच करर मैंने कार पार्क की तभी मुझे सप सर का फिर से कॉल आया ..

मई - गुड़िया तू सबको लेके अंदर चल मई अभी आया ...

रिया - अब कोण सा काम है भाई ....

मई - बस 2 मं बीटा तू चल मई पीछे से आए रहा हु ...

वो लोग आगे चल दिया और मई पीछे पीछे थोड़ा डिस्टेंस पे था ..

मैंने कॉल पिछ किया ...

सप - थैंक्स बीटा तूने बहोत हेल्प की इस्सस बार ...

मई - क्या अंकल ये तो मेरा फ़र्ज़ है और आपकी हेल्प करर के तो मुझे खुसी मिलती है...

सप - वैसे किरण के डैड तुमसे मिलना छाते है ...

मई - मिल लूंगा वैसे मुझे काम है उनसे आप एड्रेस दे देना ...

सप - ठीक है और हां आंटी तुम्हारे बारे में पूछ रही थी और मेरी बेटी भी ..

मई - आपको पता है न मई कितना बिजी हो तो आप ऐसा करो न 5 दिन बाद आओ न विथ फॅमिली मेरी बहन का बर्थडे भी है और उसी दिन हमारे नई पार्लर का इनॉगरेशन भी है ...

सप - मई तो नहीं आ पाउँगा पैर उन दोनों को भेज दूंगा ...

मई - ये गलत बात है हां फिर देख लेना मई कोई हेल्प वेलप नहीं करने वाला आगे से...

सप - ाचा भाई ठीक है वैसे भी तेरी आंटी मुझे अपने साथ लेक hi रहेंगी...

मई - ठीक फिर मई पार्लर का एड्रेस भेज दूंगा आप आ जाना और हां वही ले मेरी बहन का बर्थडे सेलिब्रेशन भी होगा ..

सप - ok मई रखता हु ज़रा उस साइको की धुलाई भी करनी है...

मई - ज़रा देख करर भाग न जाये बहोत खतरनाक है साला वो . कॉल कट करने के बाद मई अपनी बहनो के पास आ गया वो अंदर अपने अपने कपडे ली रही थी वही रूही उनके साथ घूम रही थी ...

मैंने रूही को अपने पास बुलाया ...

मई - रूही तुमने कुछ नहीं लिया ...

रूही - ओफ़्फ़्फ़ो डैडी मेरे पास तो पहले से hi बहोत सरे कपडे है इतना लेके क्या करुँगी मई आप hi बताओ ...

मई - मेरा प्यारा बचा चलो मई आज अपनी बेटी के लिए एक बहोत अछि चीज खरीद दूंगा ...

रूही - नहीं डैडी मत खरीदो पैसे बर्बाद हो जायेंगे अभी मेरे अब कुछ है और मेरे डैडी भी जब कुछ चाहिए होगा तो मई बोल दूंगी न आपसे...

मई - मेरी बेटी इतनी बड़ी कब हो गई हां...

रूही - हेहेहे अब मई नेक्स्ट क्लास में जाऊंगा न तो बड़ी हो गई हु ...

मई - ाचा जी अब इससे जयदा बड़ी मत होना वर्ण मुझे ाचा नहीं लगेगा ..

रूही - क्यों डैडी ..

मई - क्यों मुझे मेरी नाटक बेटी है चाहिए समझदार नहीं मुझे मेरी मस्ती करने वाली रूही hi चाहिए जो मेरे पास सैतानी करे मिलके ...

रूही - पैर डैडी मई अपने आप hi बड़ी हो रही हु पैर मई आपकी हमेशा नटखट सैतान और मस्ती करने वाली बेटी hi रहूंगी ...

मई - ये हुई न बात तो बताओ अब मेरा बचा को क्या चाहिए ...

रूही - हहै आपको कैसे पता मुझे कुछ चाहिए ...

मई - क्यों तुम मेरी बेटी हो इसीलिए लता चल गया ...

रूही - मेरे वोउल्ड बेस्ट डैडी मुझे न एअर रिंग चाहिए ...

मई- ये हुई न बात आपके एअर रिंग मई कल खरीद दूंगा ठीक है अचे वाला क्यों इस मॉल में नहीं मिलते अचे वाले ...

रूही - ok डैडी अभी चलो दी लोग के पास वर्ण वो लोग गुस्सा करेंगी अप्पे और मुझे ाचा नहीं लगता कोई मेरे डैडी पे गुस्सा करे ...

मई - आव मेरा प्यारा बचा उनका हक़ है मुझपे रूही जैसे आप मेरी बेटी हो वैसे hi वो मेरी बहने है ...

रूही - फिर भी डैडी मुझे नहीं पसंद कोई मेरे डैडी पे गुस्सा करे ...

मैंने उसके गले लगा लिया ...

मई - मेरी एंजेल ये उनका प्यार है बीटा चोरो इन् बातो को और चलो फिर मई रूही को लेके कोमल और मेरी बाकि बहनो के पास आ गया ..

वो मुझे पूछ पूछ करर ड्रेसेस ले रही थी की कोनसी अछि है और कोण सी नहीं ...

मई - कोमल तुम सबके साथ रखना मई अभी आया हु मूवी टिकट्स लेके ...

कोमल - ok भाई जल्दी आना. . उसके बाद मई रूही के साथ मूवी टिकट्स लेने आ गया वह टिकट्स लेने के बाद रूही के साथ फिर अपनी बहनो के पास आया उन्होंने अपनी शॉपिंग करर ली थी तो मैंने बिल पाय किया जिसका बिल देख करर मेरी बहनो शॉकेड हो गई जब हम बहार आये क्युकी उन् सब चीजों को कार में रखनी थी ...

प्रिय - सॉरी भाई इतने एक्सपेंसिव कपडे लेने के लिए ...

बाकि सब भी - हां भाई हमने कुछ जयदा hi ले लिए ...

मई - चल रहो सब के सब वर्ण सबके गाल लाल करर दूंगा कुछ जयदा नहीं हुआ और मेरे पास जो भी है वो तुम सबका hi है न चलो अब्ब चलो वर्ण मूवी के लिए लेट हो जायेंगे ...

सब ने मुझे चलो तरफ से गले लगा किया ...

सब के साथ - वे लव यू भाई आप बेस्ट भाई हो ...

मई - ी लव आल मेरे परियो चलो अब वर्ण मूवी के लिए लेट हो जायेंगे ...

फिर हम मूवी देखने गए वह सबने पॉपकॉर्न कोल्डड्रिंक और भी खाने वही चीजे भी फिर मूवी देखने के बाद हमने बहार डिनर किये और वापस घर आ गए रात तो बहोत हो चुकी थी तो सब सू गए थे सिर्फ माँ और बुआ को चोर के घर आने के बाद हमने सोने चले गए माँ रूही को अपने पास और जब मई अपने रूम में आया तो पीछे पीछे डिम्पी और स्वाति आ गई ...

मई उन दोनों में साथ सू गया क्यों मुझे कल बहोत इम्पोर्टेन्ट काम थे...


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कंटिन्यू

नेक्स्ट अपडेट रात को आएगा और शायद नेक्स्ट अपडेट जो आने वाला है उसका सबको इंतज़ार रहेगा चलो गेस कर के बताओ क्या होने वाला है
 
अपडेट 79

जैसे की अपने लास्ट अपडेट में पढ़ा था पहले अपनी बहनो को मनाया फिर उनके साथ शॉपिंग की मूवी देखि और डिनर करने के बाद घर आ गए फिर डिम्पी और स्वाति के साथ सू गया ...

अब आगे ..

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सुबह जब मई उठा तो स्वाति एक तरफ होक सू रही थी तो वही डिम्पी मुझे चिपक के सू रही थी मैंने डिम्पी अपने से अलग किया और फ्रेश हुआ फिर चाट पे चला गया गयम करने वह गयम किया 1 जानते योग शदना की फिर निचे अपने रूम में आ गया तैयार होक के बाद निचे आ गया साथ में अपना फिर और वही डायमंड वाली पोटली ले ली जो मैंने महल से ले थी और बाकि का गोल्ड और डायमंड संगीता के पास hi रखा था ...

मई जब निचे आया तो मेरी बेहेने पहले से hi ब्रेकफास्ट करने के लिए बैठी थी ...

मई - गुड मॉर्निंग परियो आज इतनी जल्दी कैसे उठ गई तुम सब ...

आरती - भाई आप मजाक न उद्धव हम सबकी .. आरती की नक् खीचते हुए बोलै ..

मई - तेरी नाक काट लूंगा मई चुटकी ...

आरती - आह्हः भाई चोरो न दर्द हो रहा है ... ये देख करर सब हैश रहे थे ...

तभी दादी आई अपने रूम से ..

मई - गुड मॉर्निंग मेरी डार्लिंग दादी उनको अपनी बहो में लेते हुए बोलै ..

दादी - चल चोर मुझे मई कोई डार्लिंग नहीं हु तेरी ...

मई - ूहो तो नाराज हो मुझसे उम्म्म्म उनके दोनों गाल पे किश करर दिया ..

दादी - हां हु नाराज कितने से तू मेरे साथ न बात की है ठीक से और ना सोया है मेरे साथ ...

मैंने दादी के कान बोलै ...

मई - ाचा तो मेरी रैंडी दादी की छूट में खुजली हो रही है...

दादी - हां बहोत बोल कब मीठा रहा है मेरी खुजली ...

मई - डार्लिंग दादी कुछ दिन का वक़्त दे दो क्यों बहोत बिजी हो ...

दादी - ठीक है दिया पैर जयदा देर न करना तेरी रैंडी दादी तेरे लिए बहोत तड़प रही है ...

बुआ - ये क्या काना फुंसी हो रही है दादी और पोते के बिच में ...

मई - मेरी जणू बुआ उम्म्म उनके गाल पे किश करते हुए बोलै ...

मई - ये दादी और मेरे बिच की पर्सनल बाते है जो किसी को नहीं बताते है ...

बुआ - मुझे भी नहीं बताएगा मेरा जणू ...

मैंने धीरे से बोलै - कभी अकेले में माटुंगा बुआ जब मेरा लुंड आपकी छूट में होगा ...

बुआ शर्मा गई मेरी बात पे ...

मई - माँ ब्रेकफास्ट दो भूक लगी है फिर मुझे जाना भी है रूही को चोर्ने उसके और भी काम है शॉप पे भी जाना है ...

दादी - शॉप पे कोनसा काम है रोहित ...

मई - दादी मई सोच रहा हु थोड़ा एक्सपैंड करो शॉप लो उसमे और सनाम लाओ और जो ऊपर वाला फ्लोर है उसपे सिर्फ एप्पल के प्रोडक्ट्स लाओ उसके लिए थोड़ा बात देखना है ...

कोमल - भाई सच में इसका मतलब अब हमारे शॉप पे भी ीफोने िपद मकबूक ये सब भी मिलेगा भाई ..

मई - हां गुड़िया पैर उसके लिए अभी टाइम है ...

इतने में माँ और बड़ी चची सबके लिए ब्रेकफास्ट लेके आ गई साथ बुआ और ज्योति चची भी थी ...

ब्रेकफास्ट करने के बाद मई रूही को लेके निकल गया किरण से डैड से मिलने क्यों मुझे उनसे काम भी थी जैसे डायमंड को बेचना उसके सही प्राइज पैर और मुझे उसके डैड की कुछ सीक्रेट्स भी पता चली थी ...

रस्ते में ...

रूही - डैडी हम कहा जा रहे है हमे तो घर जाना था न ...

मई - हम जा रहे काम से उसके बाद मई आपके साथ घर चलूँगा वह से आपकी मुम्मा को पिक करूँगा फिर शॉपिंग पे जायेंगे उसके बाद घर आके तैयार होक मंदिर चलेंगे ...

रूही - मंदिर क्यों चलेंगे डैडी ...

मई - मंदिर इसीलिए चलेंगे क्यों आज मई आपकी मुम्मा से साडी करूँगा और वह पे सिर्फ मई आप और आपकी मुम्मा hi होंगे ....

रूही - सच्ची डैडी आज आपकी और मुम्मा की साडी होगी ...

मई - हां रूही इसीलिए आज आपके लिए एक नई ड्रेस और एक नई इयररिंग्स जैसा अपने रात को बोलै था वो खरीद दूंगा मई ...

रूही - थैंक यू डैडी एंड ी लव यू सू मच ...

मई - ी लव यू तू मेरा बचा ... कुछ देर के ड्राइविंग के बाद मई किरण के घर पहुंच गया उसका घर बहोत बड़ा था मतलब जैसे के बिज़नेस मन का होना चाहिए बंगलो था पैर उठा भी बड़ा नहीं बहार हमे गेटकीपर ने रोक लिए ...

मई - चाचा जेक किरण मैडम से बोलो रोहित आया है ...

गेटकीपर - ारे बीटा तो तुम hi हो जिसने मैडम को बचाया आओ अंदर मई बता के आता हु उसने मैं गेट खोला और अंदर चला गया मैंने कार को अंदर लिए बहार एक गार्डन था कुछ चेयर्स भी लगे थे ...

मई और रूही बहार आ गए कार से ...

कुछ hi देर में अंदर से किरण आई और उसके पीछे एक और औरत थी शायद उसकी माँ थी ..

किरण



उसके माँ रेशमा आगे 45 हाउस वाइफ है सीधी सधी औरत है ( कुछ खाश रोले नहीं है अभी आगे आएगा तो पता चलेगा बाकि इनके बारे में )



वो दोनों मेरे पास आई ...

किरण - थैंक यू मुझे बचने के लिए उस दिन ठीक से बात नहीं हो पाई आपसे और मम्मी और डैड आपसे मिलना चाहते तो आपसे ये मेरी माँ और माँ ये रोहित है इन्होने ने मेरी जान बचाई थी ...

रेशमा - अंदर चले बीटा इसके डैड आते hi होंगे ..

मई उनके साथ अंदर आ गया रूही भी मेरे साथ चल रही थी हाथ पकड़ करर...

हम अंदर जेक बैठ गए सोफे पे अंदर से घर बहोत ाचा था उनका ...

तभी एक 55 साल के करीब का आदमी चलते हुए हमारे पास आया ...

मई खड़ा होक नमस्ते किये वही रूही ने पेअर छुए सबके ...

वो आदमी और कोई नहीं इस सहर जाना मन बिज़नेस मन था बहोत से धंधे थे उसकी और कुछ कला धंदा भी पैर क्रिमिनल टाइप का नहीं ...

नाम विजय गोयल ...

विजय - थैंक यू बीटा तुमने हमारी जान से प्यारी बेटी को बचने के लिए..

मई - ारे सर ये तो मेरा काम था सप सर एक कहने पे hi किया ...

विजय - वैसे बीटा ये कोण है तुम्हारे साथ ...

मई - ये मेरी छोटी बहन है रूही ...

विजय - रेशमा ब्रेकफास्ट लगाओ हम सबके लिए ...

मई - ारे नहीं सर हम करर के आये है वो तो बस आपसे कुछ बिज़नेस की बाटे करनी थी और अपने भी बुलाया तो आ गया अभी निकलना भी है बहोत काम है आज...

विजय - ठीक है रेशमा जूस लेते आओ हमारे लिए ...

मई - किरण ज़रा रूही को लेके घुमा लाओ मुझे सर से बात करनी है ...

किरण रूही को लेके चली गई जिस तरफ उसकी माँ गई थी ...

विजय - हां तो बरखुरदार बताओ क्या बात करनी है ...

मई - आपको तो पता hi होगा नेचुरल डायमंड कितना रेयर होता है और 90 सेण्ट और 1 कैरट कितनी मुश्किल से मिलता होगा ..

विजय - बात तो तुम्हारी सही है शायद मेरे पास भी नहीं होगा हां स्माल साइज में होगा पैर उसका क्वालिटी 40 60 70 और 80 सेण्ट hi होगा और बहोत से स्माल साइज के भी है पैर तुम्हे कोनसी चाहिए ...

मई- मुझे चाहिए नहीं मुझे तो बेचना है वो भी अंडर थे टेबल और क्वालिटी अपने आज तक नहीं देखि होगी ...

विजय - मई अंडर थे टेबल काम नहीं करता ...

मई - क्या सर अब आप मुझसे भी छुपाओगे जिसको पुलिस न ढूंढ सकीय उसके मैंने कुछ गान्तो में ढूंढ दिया इससे आपको समझ जाना चाहिए मेरे नेटवर्क के बारे में ..

वो मेरी तरफ शॉक होक देख रहे थे ...

मई - जनता आप यही सोच रहे होंगे मुझे कैसे पता तो आपको बता दू आप जिसने गोल्ड लेते हो अपनी कग ज्वेल्लेरी के लिए उसने 70 परसेंट को 100 परसेंट शो करते हो बाकि 30 परसेंट तो ब्लैक में है क्यों तो अब बातो खरीदना चाहोगे या मई किसी और के पास जाओ क्यों आपके रिवल्स भी मार्किट में जो आपसे आगे निकलना चेंज और उनके लिए ये बहोत ाचा चांस होगा पुरे गोल्ड और डायमंड्स के लिए ....

विजय - बहोत जयदा रिसर्च करर के आये हो वैसे तो मई ये सब चीजे बहोत सीक्रेट रखता हु पैर तुम पहले ऐसे पर्सन जिसने ये खोज निकला है I'm इम्प्रेस्सेड ठीक है मुझे भी अपनी बिज़नेस प्यारी है और जबसे मेरी बेटी मेरी जिंदगी में आई है मेरा बिज़नेस और भाड़ा है और लगता आज उसके कारन हो और प्रॉफिट होगा ...

मई - लगता है सच में किरण बहोत लकी है आपके लिए भी और मेरे लिए भी तो बताओ बात पक्की हुई ...

विजय - हां पैर सेम्पले देख लेता तो और ाचा होता ...

मैंने अपनी पॉकेट में से सिंगल नेचुरल पिंक डायमंड निकल के उनके हाथ में रख दी ...

वो ये देख करर बहोत खुश हो गए ...

मई - आप चाहो तो ये चेक करवा सकते हो और ये मेरी तरफ से आपके लिए गिफ्ट है समझ लो ...

विजय - मुझे पता नहीं होगी तो किसको पता होगी बीटा ये तो पुरे डायमंड है वो 1 कैरट का और इसका प्राइस इसके साइज और कट्स पे देपेंद करता है और जो तुमने दिया इसका प्राइज तो 2.5 लक्स से काम का नहीं है ..

मई - मेरे पास और भी है ऐसा और इससे ाचा भी मिल सकता है अगर आप खरीदना चाहे तो पैर उसके बाद इसको आपको कैसे सेल्ल करना ये आपको अछि तरीके से पता है ...

विजय - वो सब मुझपे चोर दो तुम आज कग ज्वेल्लेरी के ऑफिस आ जाओ जितना तुम्हे बेचना है उतना लेके और मुझसे पैसे ले जाना और हां ...

मई - ठीक है वैसे मुझे कुछ ज्वेल्लेरी भी लेनी है तो आता हु मई आपके शॉप पे ...

विजय - हां हां ज़रूर मेरे पास एक भाड़ करर एक ज्वेल्लेरी मिलेंगी ..

तभी रेशमा आ गई किरण की माँ और उसके साथ रूही और किरण भी थी ...

फिर हमने जूस पिया और मई रूही को लेके निकल गया घर की तरफ चलो इसको तो बाटली में उतर लिया अब मुझे खुद बिज़नेस भी चालू करना पड़ेगा वर्ण दिक्कत हो सकती है सब सोचेंगे इतने पैसे कहा से आ रहे है ...

फिर मुझे याद आया आरिफ( मेरा दोस्त ) बोल रहा था उसको कार की शोरूम खोलनी है तो मैंने उसके कॉल लगा दिया...

आरिफ - कहा था बे सेल भूल गया क्या हमे ....

मई - थोड़ा बिजी हु बे तुझे तो पता hi है अब मुझे hi सब कुछ संभालना पड़ता है ाचा मेरी बात सुन्नन तू कुछ बोल रहा था शोरूम के बारे में ...

आरिफ - हां पैर पैसो की दिक्कत है पे अब्बू से इतने पैसे मांग नहीं सकता और उनके पास उतने है भी नहीं 10 लॅक तक तो वो दे सकते है पैर इतने से थोड़ी काम होगा इतना तो पेपर वर्क्स में hi लग जायेगा ...

मई - मेरे पास एक आईडिया है ये शोरूम मिलके खोलते है बोल क्या बोलता है मई पैसे दे दूंगा तुझे बाके तू संभालना पूरा शोरूम...

आरिफ - क्या तू सच बोल रहा है ...

मई - तो बसड्क तुझसे क्यों झूट बोलूंगा मई हम 2 किसी भी कंपनी से कांटेक्ट करर सकते है फ्रैंचाइज़ी लेने के लिए ...

आरिफ - तूने तो मेरी मुँह की बात चीन ली बोल कब से काम चालू करू ...

मई - तू जगह ढूंढ़ना चालू करर दे उसके बाद कॉल क्र मुझे फिर उसने कॉल कट करर दिया ...

रूही - डैडी क्या आप कार्स का शोरूम खोलने वाले हो ...

मई - हां रूही मई और मेरा दोस्त मिलके खोलेंगे ...

रूही- सच्चे फिर तो मुझे एक कार चाइये हेहेहे हस्ते हुए बोली ...

मई - बिलकुल आपके नाम पे एक कार लूंगा पैर अभी के लिए हमारे बिच का सीक्रेट है किसी को मत बताना अपनी मुम्मा को भी नहीं ...

रूही - प्रॉमिस डैडी मई किसी को नहीं बताउंगी ...

मई और रूही बाते करते करते घर पहुंच गए मैंने दूर बेल्ल बजे तो संगीता से दूर खोला ..

संगीता - आए गए आप और इसने जयदा परेशां तो नहीं क्या न सबको ...

मई - बिलकुल नहीं मेरी बेटी बहोत समझदार है ये सिर्फ मस्ती करती है परेशां नहीं करती किसी को ..

संगीता - हां हां पता है मुझे आपकी बेटी जितनी समझदार है ... मई दोनों के साथ अंदर आए गया ..

मई - रूही जाओ नए कपडे पहने लो उसके बाद चलेंगे ...

संगीता - अब कहा जाना है इससे सैतान की पुड़िया को ...

मई - सिर्फ उससे नहीं हम टाइम चलेंगे चलो तुम तैयार हो जाओ ... रूही अपने रूम में चली गई ..

संगीता - जी आप बताओ न कहा जाना है...

मई - ये सरप्राइज है मेरी जान संगीता के लिए ... सरप्राइज सुनते hi उसके चेहरे पे खुसी आ गई ..

संगीता - अभी जाती हु ाचा ब्रेकफास्ट करर लिया है या लगाऊं ..

मई - नहीं जान करर के आये और तूने किया...

संगीता - जी मैंने भी करर लिया है ..

मई - ठीक है फिर ज़रा जल्दी करर ऑर्डर बहोत से सरप्राइज है तेरे लिए ... फिर वो चली गई रूम में और मई टीवी देखने लगा ...

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कंटिन्यू
 
नेक्स्ट अपडेट में वही होगा भाई अब फोरस्फुल्ली कही भी सेक्स थोड़ी दाल दू मई इंसान हु हर समय सेक्स सेक्स सेक्स थोड़ी सोच सकता हु सेक्स वाली इस साइट पे बहोत सी स्टोरी है जब सिर्फ सेक्स hi पढ़ना है तो वो पढ़ो यहाँ सेक्स के साथ स्टोरी लाइन मिलेगी वैसे देख लो इस स्टोरी में कितने चरक्टेर्स है तो सोचो आगे चल के कितना सेक्स देखने को मिलेगा और मैंने पहले भी बोलै और अब्भी बोल रहा हु स्टोरी बहोत लॉन्ग चलने वही है मई बे 1500 पेजेज मेरे हिसाब से जो स्टोरी मई लिखूंगा वो बोल रहा हु कमैंट्स को हटा के तो सबर करो सब मिलेगा
 
अपडेट 80

स्पेशल ❤️ अपडेट

Part 1



जैसे की आपके लास्ट अपडेट में पढ़ा था सुबह उठने के बाद गयम किया योग सड़ना की फिर रूही को लेके निकल गया किरण के घर वह उसके डैड के बाद की डायमंड के बारे में उसके बाद रूही को लेके संगीता वाले घर पे आ गया...

अब आगे

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मई टीवी देख रहा था तभी रूही मेरे पास आई तैयार होक ...

रूही - मई कैसे लग रही हु डैडी ...

मई - मेरी एंजेल को किसी की नज़र न लगे उम्म्म उसके गाल पे किश करते हुए बोलै ...

रूही - थैंक यू डैडी वो मेरे पास बैठ गई और फ़ोन चलने लगी ...

मई - आंखे ख़राब हो जाएगी जयदा फ़ोन चलाओगी तो ...

रूही - नहीं होगी डैडी मैंने तो फ़ोन अभी लिया है कल तो वह दीदी लोग के साथ कब टाइम निकल गया पता नहीं चला और सुबह से तो अपने साथ hi हु ...

मई - बस मेरी माँ हो गया ...

रूही - हहै माँ नहीं हु मई आपकी बेटी हु आपकी प्यारी बेटी ...

मई - प्यारी भी और बदमाश भी ...

रूही - डैडी साडी के बाद हम बहार डिनर करने जाये ...

मई - ok बीटा जैसा आप बोलो और वैसे भी साडी होने में टाइम तो लगेगा hi काम से काम 3 जानते तो लगने वाले hi है उसके बाद हम चलेंगे आज ...

रूही - ऑर्डर मेरे इयररिंग्स हम्म बताओ बताओ ... रूही के दोनों गाल कीचते हुए बोलै

मई - उसी के लिए तो जा रहे मेरी दुफर बेटी ..

रूही - ओह्ह्हो सच में दुफर हु अपने बताया तो था कार में hi .. तभी रूम में से संगीता ने मुझे बुलाया ... ...

मई रूही को हॉल में चोर एक रूम में आए गया जहा वो तैयार हो गई थी...



संगीता - जी कैसी लग रही हु मई .. मई उसके पास गया और गले लगते हुए बोलै ...

मई - पता संगीता जब भी तुझे देखता हु तो एक अलग प्यार आता है मेरे दिल में तेरे लिए और हार बार तू मुझे से भी खूबसूरत लगती है ....

संगीता - जी इतनी भी खूबसूरत नहीं हु जितना आप तारीफ करते हो ...

मई - मेरी आँखों से देखना जान तू कितनी खूबसूरत है ...

संगीता - मुझे तो बस अपनी आँखों से मेरे हैंडसम हुब्बी hi दिख रहे हो जो अपनी पत्नी की इतनी टैरिफ करर रहे है ...

मई - ाचा वो लॉकेट निकल जो मैंने तुझे दिया था रखने के लिए ..

संगीता ने अलमारी खोला और उसमे से निकल लाइ ...

मई - इससे अपने हैंड बैग में रख ले और चल ...

मैंने संगीता और रूही को लेके निकल गया कग ज्वेल्लेरी के तरफ वह पहुंच के हम अंडर जाने लगे ...

संगीता - हम यहाँ क्यों आये है जी ...

मई - यहाँ मुझे थोड़ा सा काम है और मेरी बेटी के लिए इयररिंग्स और एक नई प्लैटिनम चैन लेंगे और तेरे किये भी वो सरे ज्वेल्लेरी लेंगे जो के दुल्हन के लिए चाहिए होता है ...

संगीता - दुल्हन वो क्यों जी इतना खर्चा क्यों करर रहे हो आप ...

मई - क्यों आज मई अपनी संगीता से साडी करने वाला हु और रोने मत लग्न यहाँ पैर जान क्यों सब देखने लगेंगे और बोलेंगे इतनी सूंदर बीबी को रुका दिया ...

संगीता ने जैसे सुना उसके आँखों में लगभग लगभग अंशु आ hi गए थे मई नहीं रोकता तो वो रोने लगती ....

मई उसका हाथ पकड़ा और रूही हाथ पकड़ा फिर अंदर आ गया अंडर उतनी भीड़ नहीं थी क्यों ये ज्वेल्लेरी शोरूम हमारे सिटी के सबने अछि शोरूम थी और यहाँ पे बहोत अचे और महंगे ज्वेलरीज मिलते है ...

एक स्टाफ ने हमारा वेलकम किया ...

स्टाफ मेंबर - आइए सर आइए मम बताइये क्या चाहिए आपको अभी उसने इतना hi बोलै था की तभी सामने से चलते हुए विजय गोयल आये हमारे पास ...

विजय - चलो मेरे ऑफिस में चलके बात करते है ...

मई - संगीता और रूही तुम दोनों ज्वेल्लेरी देखो तब तक मई आता हु ...

विजय - सुनो तुम इनको जो भी चाहिए होगा वो दिखाना तो कोई शिकायत नहीं आणि चाहिए क्यों हे हमारे स्पेशल कस्टमर है ...

मई उनके साथ ऑफिस में चला आया वो अपनी चेयर पे बैठ गए और मई उनके सामने बैठ गया ...

विजय - तो कए हो डायमंड वैसे मैंने तुम्हारे दिए हुए डायमंड को यहाँ लेक चेक किया और मैंने आज तक ऐसे डायमंड्स नहीं देखे बहोत पुरे और नेचुरल है नाकि लैब में बनाई हुई तो उसकी कीमत भी मार्किट में बहोत अछि है ...

मैंने अपनी पॉकेट से वो पोटली निकली और उसको खोल के टेबल पे सरे डायमंड्स को अचे से से दिया ...

मई - ये को चेक करर लो अगर अपने अछि प्राइज दी तो ये बिज़नेस आगे भी ाचा चलेगा ...

विजय की आंखे खुली की खुली रह गई फिर उसने एक करर के सरे डायमंड्स देखो उसने एक अलग तरीके के चस्मा पहला था वो एक आँख में जिससे वो डायमंड देख रहा था उससे उतरने के बाद ...

विजय - सरे ओरिजिनल और पुरे डायमंड है इनके टोटल कोमल 3 कर की है और इससे जयदा मई नहीं दे सकता क्यों मुझे भी कुछ प्रॉफिट चाइये तुम्हे तो पता hi सब मुझे पैसे भी खिलने पड़ते है बड़े बड़े लोगो को ...

मई - मुझे मंजूर है पैर मैंने जो प्राइज छोड़ो है उसके बदले मुझे ज्वेल्लेरी चाहिए ...

विजय - हां क्यों नहीं तुम आराम से 15 लाख तक के ली सकते हो मुझे उसमे कोई दिक्कत नहीं और आगे जब भी तुम आओगे मई तुम्हे ाचा डिस्काउंट दूंगा..

मई - ठीक है वो आप वो पैसे इस अकाउंट में डलवा दीजिये ...

मैंने जो अकाउंट दी थी वो पहले पापा के नाम पे थी क्युकी उनका अकाउंट बिज़नेस अकाउंट था तो उसपे सक नहीं होगा और उनके जाने के बाद मैं उस अकाउंट को अपने नाम से करवा लिया था ...

विजय - ठीक है तुम तब तक ज्वेल्लेरी देखो तब तक मई अपने मैनेजर को बैंक भेज के अमाउंट ट्रांसफर करवाता हु ...

फिर मई बहार आके दोनों के साथ देखने लगा मैंने रूही के लिए इयररिंग्स किये और नेकलेस लिए उसकी पसंद का फिर संगीता के लिए वो सरे ज्वेल्लेरी लिए जो दुल्हन के लिए किया जाता है टोटल बिल 13 लाख तक का आया था संगीता बिल देख करर शॉक हो गई थी मैंने एक बार में इतना खर्चा करर दिया ...

मई अभी वो सब पैक करवा रहा तभी मेरे फ़ोन पे मस्सगे आया जिससे देख करर मई खुश हो गया ..

मैसेज ये था की क्सक्सक्सक्स अकाउंट से मेरे अकाउंट में 3 करोड़ रूपए क्रेडिट हो गए थे ...

तभी विजय आये मेरे पास मैंने उनसे बात की फिर से मिलने का बोलके बहार आ गया और बहार आते समय मैंने कुछ ऐसे बोलै जिससे सुन्न करर उनके चेहरे का रंग उड़द गया ..

कार मई बैठ ते hi उनका कॉल आया मैंने उठाया ..

सामने से - ये बात किसी को पता नहीं चलनी चाहिए ...

मई - बिलकुल भी नहीं पता चलेगी किसी को आप बेफिक्र रहिये मई तो बस बता रहा था ... फिर मई कॉल कट करर दिया और अपनी कार लेके करर मई सहर की सबसे बेस्ट लहंगे वाली शोरूम पे लेली वह जेक मैंने संगीता और रूही के किये लहंगा किया वही men's सेक्शन भी था वह से अपने लिए एक शेरवानी की फिर बिल पाय करने के बाद दोनों को लेके ब्यूटी पार्लर आ गया ताकि दोनों का मेकओवर करवा सकू ...

उन् दोनों को लहंगे और ज्वेल्लेरी के साथ अंदर भेज दिया उसके बाद hi मई भी ऊपर बने men's पार्लर में चला गया हलके हिर्कुटस हुए बियर्ड बे सेट करवाए फिर तैयार हुए हल्का make-up भी हुआ उसके बाद मई निचे आ गया कुछ देर वेट करने के बाद अंडर से संगीता और रूही आई दोनों बहोत खूबसूरत लग रही थी और संगीता को देख करर तो ऐसे बिलकुल नहीं लग रहा था वो की उसकी एक बेटी भी है ...

वो दोनों मेरे पास आई मैंने संगीता एक आँखों के कार्नर से काजल लेके दोनों के कान के पीछे लगा दिए ये देख करर स्टाफ तकिये बजने लगे मैंने वह बिल पाय किया और टिप्स भी दिए ...

संगीता



फिर दोनों को लेक मई सिटी के बहार एक मंदिर था जहा सिर्फ सादिया hi होती थी वही निकल गया ...

मई - आज बहोत खूबसूरत लग रही हो साडी के जोड़े में संगीता तुम ...

संगीता - थैंक यू जी आप बहोत हैंडसम लग रहे हो ...

रूही - और डैडी मई कैसी लग रही हु आपको देखो न ये नेकलेस और इयररिंग्स कितने अचे काग रहे है मुझपे ..

मई - मेरी रूही पैर सब कुछ ाचा लगता है क्यों वो तो एक एंजेल है ...

रूही - और आप भी एंजेल हो मेरी तरह ...

हम ऐसे hi बाते करते हुए मंदिर पहुंच गए ...

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कंटिन्यू

भाई लोग थके होने के कारन बाकि अपडेट कल दूंगा अभी इतने से hi काम चला लो और कही रॉंग वर्ड्स लिखे हो तो मार्क करर दिए करो तनु मई एडिट करर सकू वो और हां जितने भी फोटोज मई उसे करता हु वो सब इंटरनेट से उठाया हु अगर किसी को उससे प्रॉब्लम हो बता दिया करना मई हटा दूंगा
 
अपडेट 81

स्पेशल ❤️ अपडेट

part2

जैसे की अपने लास्ट अपडेट में पढ़ा था मई संगीता और रूही के साथ कग ज्वेल्लेरी के शोरूम गया वह पहले डायमंड्स बेचे फिर रूही और संगीता के लिए ज्वेल्लेरी किया और वह से पार्लर गए वह से रेडी होक हम मंदिर के लिए निकल गए जो सहर से बहार थी और वह पे सिर्फ सादिया hi होती है ...

अब आगे

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मंदिर के अंदर जेक मैंने पंडित जिनसे बात की साडी के लिए जो सामान लगने उन्होंने लिस्ट दिए वो सब खरीद के फिर से मई अंदर गया उसके बाद पंडित जे मेरी और संगीता की साडी करवाई और उसमे बहोत टाइम लगा उसके बाद हमने अषिर वाद किया पंडित जी का और गॉड का और बहार आ गए ...

कार में बैठने के बाद जब मैंने टाइम देखा तो 8 बज रहे थे रात के ...

पीछे मुद करर देखा तो रूही कार में hi सू गई थी ...

मई और संगीता रूही को देख करर स्माइल करने लगे ...

मई - तो कैसा लगा रहा है मरस सिंह बन करर मेरी बीबी संगीता ...

संगीता - जी बहोत ाचा लग रहा है आपकी बीबी बन करर अब लग रहा जैसे मई पूरी हो गई हु आपके नाम की सिंदूर लगा करर आपके हाथो से मंगलसूत्र पहन करर मुझे सब कुछ मिल गया ...

मई - पैर अभी एक चीज बाकि है संगीता...

संगीता - जी अब क्या बाकि है क्या मई कुछ भूल गई हु ...

मई - हां फिर मैंने वही लॉकेट निकला जो और उसको पहनाने लगा ...

संगीता - हां मुझे ये याद hi आई एक्ससिटेमेंट के वजह से ...

मई - अभी तो अपनी सुहागरात बाकि है संगीता...

संगीता - धत्त आप भी पीछे रूही है सुन्न लेगी वो ..

मई - सू रही है जान देखो सोते हुए कितनी प्यारी लग रही है .. मैंने वो लॉकेट पहना दिए ( आगे पता चलेगा पास्ट लाइफ में वो लॉकेट किसका था वैसे तो एक मगलसूत्र भी था जो अभी संगीता वाले घर पे राखी है वो माँ का था मतलब पिछले जनम में रूबी का )

संगीता - मई भी बहोत थक गई हु क्यों न हम बहार से डिनर क्र क्र चले ..

मई - मैंने और रूही ने पहले hi देसीडे करर किया था आज डिनर हम बहार करेंगे ... फिर मैंने अपनी कार सिटी की तरफ मोड़ ली और बहार का मौसम भी बहोत मस्त था मतलब ठंडी हवाएं बह रही थी ...

सिटी पहुंच करर मैंने कार एक 5 स्टार होटल के सामने रोकी ...

संगीता - जी आप रूही को उठाओ वर्ण मेरे से तो लड़ने लगेगी ...

मई - रूही मेरा बचा उठ जाओ देखो हम पहुंच गए ...

रूही अपनी आंखे मलते हुए उठी ...

रूही - इतनी जल्दी हम घर पहुंच गए डैडी ...

मई - नहीं बाबा अभी डिनर नहीं करना आपको अपने hi तो बोलै था डिनर हम होटल से hi करेंगे ...

रूही - हां याद आया चलो ... फिर मई रूही और संगीता अंदर गए जहा बहोत से लोगो हमे देख रहे थे क्यों हम सदी क्र के आगे थे ...

एक वेटर हमारे पास आया ..

वेटर - hello सर आपका होटल किंग में स्वागत है...

मई - मैंने एक केबिन बुक किया था मर एंड मरस सिंह के नाम से ...

वेटर - हां जैसे अपने बोलै था रेडी है ... वो हमे केबिन में लेके गया वो बहोत अचे से डेकोरेटेड था ...

रूही देख करर खुश हो गए फिर हम दोनों बैठ गए ...

मई - देसीडे करर के हम तुम्हे बुला लेंगे ... फिर वो वेटर बहार चला गया ...

रूही - थैंक योय डैडी देखो न कितना ब्यूटीफुल है मई कवी नहीं आई ऐसे जगह ..

मई - अब जब आप बोलोगी तब आएंगे हम ठीक है ...

संगीता - जी आप बहोत खर्चा करते हो...

मई - अब अपनी साडी के दिन पैसे खर्चे नहीं करूँगा तो कब करूँगा हां रूही तुम hi बताओ अपनी मुम्मा को..

रूही - एस आज आप दोनों की साडी थी अगर मई पैसे कमेटी न तो मैंने करती...

संगीता - पहले बड़ी तो हो जा दादी अम्मा ...

रूही - डैडी देखो न मुम्मा को ...

मई - मेरा बचा संगीता कुछ मत बोल मेरी बेटी को ...

संगीता - ठीक है नहीं बोलती अब बातो क्या खाओगे आप ...

मई - जो तुम दोनों बोलो ...

रूही - मुझे बटर चिकन खाना है नान और लास्ट में रस्गुल्ले ...

मई - ok फिर हम भी यही खाएंगे क्यों संगीता...

संगीता - जी सही कहा अपने फिर मैंने आर्डर करर दिया खाना कुछ देर बाद आ भी गया ..

डिनर करने के बाद मैंने उस वेटर को टिप भी दिया फिर घर आ गया बिच में मुझे माँ का कॉल आया था तो मैंने बोल दिया आरिफ के घर रुका हु उससे कुछ काम भी था ...

घर आने के बाद मैंने कार को पार्क किया देखा तो रूही फिर से सू गई थी..

संगीता - मई दूर ओपन करती हु आप रूही को उसके रूम में सुला दू..

मई - ठीक है मई रूही को सुला के आता हु रूम में और हां बीएड तैयार रखा आज बहोत हिलने वाली है ...

संगीता - जी बहोत बदमाश हो ये बोल के वो चली गई फिर रूही को अपनी गोद में उठा लिया और उसके रूम में ले जेक सुका दिया जब वापस आने के लिए मुदा तो रूही ने मेरा हाथ पकड़ लिया वो नींद में थी ...

रूही - डैडी मत जाओ न प्लीज यही सू जाओ ...

मई - सूजा मेरा बचा यही हु मई .. उसके पास कुछ देर रुकने का देसीडे किया उसके अचे से सुला के मई उठा और अपने रूम में आ गया देखा तो लाइट ऑफ थी ...

मई - संगीता कहा हो तुम और ये लाइट ऑफ क्यों किया है ...

संगीता - जी सरप्राइज है आपके लिए ..

मैंने लाइट ों किया तो देखा बीएड पे संगीता ने गुलाब के पत्ते बिखेर रखे थे और वो बिच में बैठी थी मैंने रूम का दूर बंद किया और संगीता के पास आके बैठ गया ...

मई - संगीता तू खुश है मुझसे साडी करर के ... संगीता आगे बढ़ क्र झट से मेरे गले लग गई ...

संगीता - जी मई बहोत खुश हु इस पल का कब से इंतज़ार था मुझे ...

मई - मुझे भी मेरी संगीता ाचा चल बता क्या गिफ्ट चाहिए तुझे ...

संगीता - हो मांगूंगी डोज आप ...

मई - हां मेरी जान जो तू मांग ...

संगीता - एक बचा दे दो बस अपने पहले सब कुछ करर दिया हमारे किये अब बस मुझे अपने बचे की माँ बना दो जी ये बोलके वो मुझसे और चिपक गई ...

मई - हाय मेरी जान तो शर्मा गई ठीक है आज मई अपना वीर्य तेरी बचे दानी में दाल के अपने बचे की माँ बना दूंगा ...

संगीता - धत्त ऐसे बोलते है क्या मुझे सरम आ रही है ...

मई - अब तू अपने पति से सरमाये संगीता इधर देख मेरी आँखों में बोल क्या दिख रहा है ...

संगीता ने अपना फेस मेरी तरफ किया और मेरी आँखों में देखने लगी ...

संगीता - जी आपकी आणखी में मेरे लिए बहोत सारा प्यार दिख रहा है जो कवी ख़तम नहीं होगा ..

मई - और मेरी संगीता की आँखों में भी अपने पति के लिए बेइंतेहा प्यार दिख रहा है ... मैंने ये बोलते हुए अपना होठ संगीता के होंठो पे रखने की कोसिस करि पैर उसने अपना फेस पीछे कीच लिया...

मई - क्या हुआ मेरा किश करता ाचा नहीं लगा क्या तुम्हे ...

संगीता - जी ऐसी कोई बात नहीं उसने पीछे मुद करर एक गिलास उठाया जिसमे दूध रखा था ..

संगीता - पहले ये पियो आप मुस्कुराते हुए बोली ...

मई - ाचा जी तो दूध पीला के मेरे अंदर ताकत लाना चाहती हो ताकि अचे से ले सकू तुम्हारी ...

संगीता - आप न बहोत गंदे हो जी पियो ना अब देर मत करो ...

मई- ः सबर नहीं है मेरी जान में फिर मैंने दूध किये और आधा पी किये पाकी अपने हाथो से संगीता को पिलाया...

गिलास को साइड में रखते हुए मैंने फिर से संगीता को अपने तरफ खींचा और उसके होठो पे जो हलकी सी दूध की लॉयर लगी थी उसके चाट गया ....

संगीता - बदमाश कही के उसने अपने दोनों हाथो को मेरे गले में दाल लिया और मेरे गोद में बैठ गई ...

संगीता - आज मुझे भी नॉटी होना है जी हेहेहे हस्ते हुए बोली ...

मई - तो हो जा न जान मेरी विफय संगीता....

मैंने उसके घूँघट तो हटा दिया और एक एक करर के सरे ज्वेल्लेरी निकल दिए ....

जैसे hi मैंने उसके लास्ट ज्वेल्लेरी निकल के साइड में रखा उसने मुझे कीचते हुए बीएड पे गिरा दिया और अपने होंठो को मेरे होंठ पे रख दिया उसके ऐसे करने से मई शॉक हो गया जो कुछ देर पहले शर्मा रही थी वही अभी शेरनी बन गई है ...

हम दोनों एक दूसरे के आँखों में देखते हुए किश करने लगे ...

संगीता मेरे ऊपर थी और मुझे लगातार किश करे जा रही थी मैंने भी उसके अपनी बहो में काश रखा था ..



जब हम दोनों की सषे फूलने लगी तो हम दोनों अलग हुए ...

मई - वह संगीता तू तो साडी के शेरनी बन गई है हां हफ्ते हुए बोलै ...

संगीता - जी जब हुब्बी शेर हो तो बीबी को भी शेरनी बनना पड़ता है जी ...

मई - ाचा तो ये साडी के अक्षर है कही ऐसा तो नहीं शेरनी बन के मुझे काट खाने का इरादा है ...

संगीता - जी मई काट खाउंगी आपको मेरे गलो पे डाट गाड़ते हुए बोली...

मई - बदमाश मुझे कटेगी अब देख मई क्या करता हु मेरी शेरनी के साथ उसके पलट दिया और संगीता के ऊपर आ गया...

संगीता - आराम से हेहेहे देखो लग जाएगी जी ..

मई - नहीं लगने दूंगा मई मैंने घूँघट को हटा दिए जिससे उसके बूब्स तन के मेरे सामने आ गए ...

उसने फिर से कीचा जिससे मई उसके ऊपर आ गिरा और उसके बड़े बड़े बूब्स सीधा मेरे साइन से आ लगे ...

संगीता - आह्ह्ह्ह मा लग गई ...

मई - देख मुझे बोल रही थी और शेरनी बनने के चक्केर तुझे लग गई ...

संगीता - जी कोई बात नहीं जहा लगनी चाहिए वही लगी है हुब्बी ...

मई - वैसे बाटे काम करे और मजे जयदा करे क्या बोलती है तू ...

संगीता - आपके साथ बाते करते हुए मजे करने का अलग मजा है जी ... उसके इतना बोलते hi इस बार मैंने उसके होंठो को चूसने लगा ...

संगीता - उम्म्म्म सलुपपपपप हुब्बी उम्म्म slupppp......sluppppppp सलुपपपपप उसने मुझे कहा के पकड़ रखा था उसके दोनों बड़े बड़े मुम्मे मेरे साइन से चिपके पड़े थे जिससे मुझे बहोत मज़ा आ रहा था...



मैंने उसके ब्लाउज़ का बोटों खोल दिया बिना उसके पता चले ...
 
अपडेट 82

स्पेशल ❤️ अपडेट

part3

जैसे की अपने लास्ट अपडेट में पढ़ा था साडी करने के बाद हम डिनर करने गए वह से घर आ गए रूही को मैंने उसके रूम में सुला दिया और जब अपने रूम में आया तो संगीता बीएड पे बैठ थी सुहागरात के लिए ...

अब आगे

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किश करते हुए मैंने कब संगीता का ब्लाउज निकल दिया उसके पता नहीं चल उसके बाद मैंने निचे से उसका लहंगा भी निकल दिया ...

संगीता - सलुपपपप आप बहोत गंदे हो मेरे कपडे निकल के खुद कपडे बहन के मुझे प्यार करर रहे हो ...

मई - सलुपपपपपपप....... उम्मम्मम इन् कपडे पे तेरा हुक है तो तुहि निकल मेरे कपडे ....

संगीता ने मेरी आँखों मेरे देखते हुए मेरे सरे कपडे निकला दिया उसने जैसे hi मेरे अंडरवियर निकला मेरा लुंड तन के उसके मुँह के सामने आ गया ....

मई - इससे प्यार करर संगीता यही है जो तुझे माँ बनाने वाला है ...

संगीता - जीता पड़ा और प्यारा है जी इससे तो मेरी छूट hi प्यार करेगी ....

मई - और मुँह से कोण प्यार करेगा जान...

संगीता ने मेरे लूँ को चूसते हुए बोलै ...

संगीता - उम्म्म्म ग्लूपप्प्प उम्म्म्म gluppppp.......ummmmglupll जी मई hi करुँगी हुब्बी ...

वो मेरे लुंड को बड़े आराम से चूस रही थी ...




मई - आह्ह्ह्ह संगीता सच में यार तू बहोत मस्त लुंड चुस्ती है मेरी प्यारी संगीता अह्ह्ह्हह्ह ...

संगीता - उम्मम्मम सलुपपपप सलुपपपप हुब्बी आपके खुसी के लिए hi सीखा है पोर्न वीडियोस देख करर उम्म्म सलुपपप...

मई - आह्हः इतना प्यार करती है मुझे जान ....

संगीता सलुपपप मेरे लुंड को गले तक लेते हुए ...

संगीता - ग्लूपपपपप ग्लूपपपपप ग्लूपपपपप आह्हः बहोत बड़ा है जान ये और रही प्यार की बात तो मई कुछ करर सकती हु आपके लिए ...

मई- आह्ह्ह्ह संगीता ऐसे करेगी तो मई जयदा देर टिक नहीं पाउँगा तेरे सामने काम ज़ोर पद जाऊंगा ....

संगीता - नहीं जी आप अपना पहला वीर्य मेरी बच्चेदानी में डालोगे उससे पहले आपका नहीं गिरना चाहिए वर्ण मई आपसे बात नहीं करुँगी अपनी लिपस्टिक लगी होंठो से मेरे लुंड के टोपे को चूसते हुए बोली ...




मई - ऐसे करेगी तो मेरा सच वीर्य निकल जायेगा संगीता आह्ह्ह्ह उसने प्रेकम को बड़े प्यार से कहते हुए मेरे लुंड को गिला करने लगी अपने थूक से ...

संगीता - उम्म्म्म सलुपपप मुझे इसका टेस्ट बहोत ाचा लगता है जी उम्म्म सलुपपप ...

मई - अब कुछ मुझे भी रेस्ट करने दे मेरी जान ...

संगीता - मई पूरी आपकी हो जी आपको जो करना करर लो ...

मैंने उसके पंतय निकल फेकि फिर उसकी ब्रा भी फाड़ दिया ...




संगीता - ये क्या किया जी नई ब्रा थी अपने फाड़ डीई ...

मई - नई ला दूंगा मेरी सेक्सी वाइफ मई उसके मुम्मो को दबाते हुए चूसने लगा ..

संगीता - आह्ह्ह्ह जी ऐसे चुसो मेरे मुम्मे इन्हे और बड़ा क्र दो जी आह्ह्ह्ह....

मई - उम्म्म्म सलुपपपप क्या चूचिया है तेरी संगीता उम्म्म्म सलुपपपप उसके निप्पल्स को चूसते हुए बोलै ....




संगीता - ाः ऐसे चुसो जान अभी तो दूध नहीं आ रहा पैर 9 महीने बाद आपको ज़रूर पिलाऊंगा जी आह्हः ....

मई - उम्म्म जरूर पिऊंगा मेरी संगीता रानी उम्म्म सलुपपपप ये ब्राउन निप्पल्स बहोत सॉफ्ट और जूसी है जान ...

संगीता मेरे बालो को सहलाते हुए आवाजे करर यही थी उसको बहोत मज़ा आ रहा था शायद इसी पल का इंतज़ार था उसको .....

मैंने संगीता की जंगो को सहलाते हुए उसकी छूट पे जा पंहुचा तो अभी बहोत गरम महसूस हो रही थी मुझे और उसकी छूट बहोत गीली भी हो गई थी ...




मैंने अपना सेर उठा क्र निचे देखा तो संगीता की पूरी क्लीन शेव थी फिर मैंने उसके तरफ देखा तो संगीता भी मुझे देख करर शर्मा गई ...

संगीता - ऐसे मत देखो आपने hi मुझे पार्लर में भेजा था वही उन्होंने मेरी पूरी बॉडी पे के बाल हटाए ...

मई - तभी मई बोलू मेरी जणू की बॉडी आज इतनी सॉफ्ट सॉफ्ट क्यों लग रही है ...

संगीता झूठा गुस्सा दिखते हुए बोली..

संगीता - तो इससे पहले मई सॉफ्ट नहीं थी क्या जाओ मई आपसे बात नहीं करती ...

मई उसके किश करते हुए बोलै ...

मई - उम्मम्मम सलुपपपप गुस्सा न हो जान पहले मेरी संगीता सॉफ्ट थी और आज उसे भी जयदा सॉफ्ट हो गई है ...




संगीता - उम्म्म्म सलुपपपप सलुपपपपपप सलुपपपपप मई तो आपके साथ मजाक करर रही थी उम्मम्मम....

मई - तो इस मजाक की सजा भी मिलेगी मेरी जान ...

संगीता - आप जो सजा डौगी मुझे मंजूर है जी ...

मैंने संगीता की दोनों टंगे फैला दी और उसके बिच में आ गया और सीधा उसकी उसकी छूट को अपने मुद में भर लिया और चूसने लगा जिससे वो बहोत तेज़ जिसकी ...




संगीता - आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह बहोत ाचा लग रहा है ओह्ह्ह्हह माआ जी ऐसे hi उम्मम्मम्म आह्ह्हह्ह्ह्ह.....

मैंने अपने झिव से उसकी छूट को पड़े प्यार से चाटने लगा जिससे उसकी छूट और राश चोर्ने लगी ....

ममी- संगीता तेरी छूट में तो बहोत पानी भरा है उम्मम्मम सलुपपपपपल....

संगीता मेरे बालू को सहलाते हुए मेरे सर को अपनी छूट में दबाने लगी...




संगीता - आअह्ह्ह पीए जाओ मेरे साजन अपनी संगीता की छूट का रहा आह्ह्ह्ह उम्म्म जी ऐसे अपनी झिव से छोड़ो मेरी छूट ....

मैंने धीरे अपने डाट उसकी छूट पे गदा दिए जिससे वो जोर से चिल्लाई ...

संगीता - माआआआ जो सात क्यों रहे हो ाः .....

मई - जयदा दर्द हुआ क्या जणू मैंने उसकी छूट सहलाते हुए पूछा ....

संगीता - जी जयदा नहीं पैर काटो मत न दर्द होता है कही लग न जाये ...

मैंने ऊपर आते हुए उसकी होंठो को चूसने लगा और बोलै ...

मई - सॉरी मेरी जान वो बस जोश में आके सात लिया ...

संगीता - कोई बात नहीं पैर अब मुझे रहा नहीं जा रहा जिस पल का मुझे कल इंतज़ार है वो करे क्या मेरे लुंड को पकड़ लिया और सेह लेट हुए बोली ...




मई - क्या करना है संगीता खुल के बोल न ....

संगीता - जी अपना ये बड़ा सा मेरी छूट में दाल लो छोड़ो न मुझसे अब बर्दाश्त नहीं हो रहा मान करर रहा है इससे अपने छूट में दाल के सील करर लू ....

मई - चल ऐसे बात है तो अपनी संगीता की तमन्ना पूरी करता हु और तुझे छोड़ के अपने बचे की माँ बाउंगा ...

संगीता - दाल दो जान मेरी छूट में अपना लुंड और बना दो मुझे गाभिन ..

मैंने हाथ आगे बढ़ा करर वही पे राखी क्रीम उठा ली वो शायद बॉडी लोशन था मैंने भल के उसको अपने लुंड पे लगा लिए जिससे संगीता अपने हाथ से मलने लगी और थोड़ा सा उसकी छूट पे लगाने लगा मैंने एक ऊँगली उसकी छूट में दाल दिया ...

संगीता - आअह्ह्ह्ह जान एक ऊँगली से इतना मज़ा आ रहा है तो पूरा लुंड लेके तो मई जन्नत में पहुंच जाउंगी ...

मैंने क्रीम को साइड में रखा और अपना लुंड उसकी छूट पे घिसने लगा ...

संगीता - देर मत करो न दाल दो अपना लुंड जान ...

मई - संगीता फील करने से जान अपनी बीबी की छूट को ाः सच में बहोत सॉफ्ट है तेरी छूट ...

संगीता की आंखे बंद थी वो बस फील करर रही थी और मेरे पीठ पे अपना हाथ फिर रही थी ...

मई अपना लुंड उसकी छूट पे सेट किया और धीरे धीरे डालने लगा जैसे जैसे मेर अलुंड उसकी छूट में जा रहा था वैसे वैसे संगीता की आंखे बड़ी होती जा रही थी ...

संगीता - जान इससे जयदा नहीं ली पाऊँगी मई आह्ह्ह्हह्ह रुको न आअह्ह्ह मा मई मर जाउंगी ....

मैंने देखा तो उसके चहेरे पे डर साफ़ दिख रहा था मैंने निचे देखा तो मेरा लुंड सिर्फ आधा हो गया था अभी आधा जाना बाकि था ....




संगीता ज़ोर ज़ोर से ससे ली रही थी ...

मई - संगीता मेरी आँखों में बीटा इधर देख ...

वो मेरी तरफ देख रही थी उसकी आँखों से अंशु गिरने लगे ...

संगीता - आठ उम्म्म जी आठ बहोत दर्द हो रहा है जी ...

मई - निकल को क्या संगीता मई उसकी आशु को छत्ते हुए बोलै ...

संगीता - जी नहीं आह्हः निकलना मत वर्ण मुझे ाचा नहीं लगेगा प्लीज थोड़ा रुको ...

मैंने अपना एक हाथ से उसकी नंगी जंगो को सहलाने लगा और धीरे धीरे अपना कमर हिलने लगा...

संगीता - आह्ह्ह्ह दर्द हो रहा है आह्ह्ह्ह ...

मई - जान बस अब नहीं होगा दर्द मई धीरे धीरे संगीता की छूट छोड़ने लगा जिससे उसकी छूट से पानी बहने लगा ...

कुछ देर तक मई ऐसे धीरे धीरे आपका लुंड उसकी छूट में अंदर बहार करर रहा था और उसकी निप्पल को मुँह लेके चूस रहा था ...

धीरे धीरे संगीता को भी मज़ा आने लगा वो अपनी कमर बिच बिच में उठा के मेरा लुंड अपनी छूट में ली रागी थी...

मई- अब दर्द नहीं हो रहा है न संगीता...

संगीता - आह्ह्ह्ह जी नहीं उठा नहीं हो रहा पैर मज़ा बहोत आ रहा है जी आह्हः मा ओह्ह्ह्हह्ह....

मई - अब्बी तो और मज़ा आना बाकि है संगीता आह्ह्ह्ह तेरी छूट बहोत गरम है अंदर से ....

संगीता - जी सालो से ये भट्टी झेल रही है जी आप इससे संत करर दो अपने इस मोठे लुंड से .ओह्ह्ह्हह्ह अह्हह्ह्ह्ह ...

मैंने अपने स्पीड बढ़ा दी जिससे मेरा लुंड थोड़ा और अंडर चला गया ...

संगीता- आअह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह ऐसे जान धीरे धीरे पूरा लुंड दाल दो मेर छूट में आह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह उफ्फफ्फ्फ़......

दम दोनों का सरीर पसीने में पूरा भेज गया था एक में भी ...

मैंने देखा अब सही मौका पूरा लुंड दाल देता हु ..

मैंने अपना लुंड बहार कीचा और संगीता की होंठो को चूसते हुए पूरा लुंड के बार में hi दाल दिए उसकी छूट को चीरते हुए मेरा लुंड उसकी बच्चेदानी से जा लगा जिससे उसको बहोत जयदा दर्द हुआ वो चिल्लाना तो बहोत चाहती थी पैर मई उसको लगातार किश करर रहा था ताकि उसको जयदा दर्द ना हूँ ...

संगीता - उम्मम्मम्म आह्ह्ह्हह्ह उम्म्म्म अह्ह्ह्ह उसमे मेरे पीठ पे अपने नाख़ून गदा दिए जिससे मुझे भी बहोत दर्द हुआ पैर उसके दर्द के सामने मेरा बार्ड बहोत काम था ...

मई कुछ देर वैसे hi रहा और फिर से मई उसकी छूट छोड़ने लगा ...




कुछ देर तक संगीता को दर्द हुआ फिर उसको भी मज़ा आने लगा ...

संगीता - आअह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह आप बहोत गंदे हो जी पहले इतना मज़ा फिर बिना बताये पूरा लुंड दाल दिए मेरी छूट में...

मई - आह्ह्ह्ह संगीता ऐसे नहीं करते तो और जयदा दर्द होता बीटा तुझे आह्हः अब देख कैसे तेरी छूट पानी चोर रही है...

संगीता - आअह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह्ह ुम उफ्फफ्फ्फ़ सब आपके लुंड का कमल है जी ऐसे छोड़ो मेरी छूट को आह्ह्ह्ह मा...

मैंने संगीता का पूरा चहेरा थूक से गिला करर दिया था कवी उसको नाक को चुस्त तो कवी उसकी गलो को छत्ता ...

संगीता - आह्हः जान आपका लुंड मेरी बच्चेदानी से टकरा रहा है आअह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ ...

मैंने उसको अपनी गोद में बैठा दिया और छोड़ने लगा ...

संगीता भी अपनी कमर को ऊपर निचे करने लगी ...




मई- मज़ा आए रहा है न संगीता अपने पति का लुंड लेके अपनी छूट में ...

संगीता - जी बहोत मज़ा आ रहा है अपनी मुझे पूरा करर दिया अब मुझे कुछ नहीं चाहिए जी बस आपका साथ चाहिए जिंदगी भर आअह्ह्ह्ह...... उफ्फ्फफ्फ्फ़..... ओह्ह्ह्हह........ संगीता मेरे बालो सहलाते हुए अपनी बड़ी बड़ी चूचिया मेरे साइन में रगड़ रही थी और कमर हिला हिला करर मेरा लुंड ली रही थी छूट में ....




संगीता - आह्ह्ह्ह जान कहा से सीखा आह्हः ऐसे हिला अपनी कमर मेरी प्यारी बीबी ....

संगीता - आह्ह्ह्ह जान मुझसे अब बर्दाश्त नहीं हो रहा आअह्ह्ह्ह मेरा झड़ने वाली हु जी आअह्ह्ह्ह माँ

मई - मेरी प्यारी बीबी झाड़ जा अपने पति के लुंड पे संगीता रुकना मात मेरी जान मई हु तेरे साथ ...

संगीता - आअह्ह्ह्ह जी आप भी दाल अपना लुंड मेरी छूट में निकलना मत जी आह्ह्ह्हह उफ्फ्फ्फ़ माआ जी मई गईई आअह्ह्ह्ह ...

संगीता झटके कहते हुए झड़ने लगी उसकी छूट से बहोत सारा पानी निकलने लगा उससे बर्दाश्त नहीं हुआ तो उसमे मेरे कंधे पे अपना डाट गदा दिया...

मैंने उसको काश के पकड़ रखा था और अपना लुंड उसकी छूट में पूरा गुशा रखा था ...

कुछ देर वैसे hi रहने के बाद मैंने संगीता को घोड़ी बनने को कहा वो बड़े प्यार मेरे गलो पे किश किये और घोड़ी बन गई ...

संगीता - जी देखो न पूरा बीएड गिला हो गया ....

मई- सब तेरी छूट का कमल है जान जो तूने इतनी सालो से बचा रखा तह वो सब आज hi nikal.diya ....

संगीता - अभी तो और बाकि है जी आप आज फाड़ देना मेरी छूट मार मार के बहोत सरारती हो गई है देखो कैसे बीएड गिला करर दिया ...

मई - हां संगीता रुक अभी इसी सबक सिखाता हु मैंने अपना लुंड संगीता की छूट पे लगाया और दाल दिया एक बार में दिया ...

संगीता - आआह्ह मा अपने तो सच में इससे सबक सीखा दिया आअह्ह्ह ऐसे बता दो इसको इसके मालिक आप हो जी बिना आपकी परमिशन के इसने ये किये है ...

संगीता की इन प्यारी प्यारी बातो में मुझे बहोत प्यार आए रहा था उसपे मान करर रहा था उसको अपने अंदर समां लू हमेशा हमेशा के लिए ...

मई संगीता की बाल पकड़ के पीछे से उसकी छूट ज़ोर ज़ोर से छोड़ने लगा संगीता भी अपनी कमल पीछे की तरफ धकेल रही थी ...




मई- आह्हः संगीता मेरी सेक्सी बीबी तेरी गांड बहोत मस्त है जान ...

संगीता - ाःह जी आज मत छोड़ना क्यों मेरी छूट बहोत दर्द करर रही है मुझसे बर्दाश्त नहीं होगा जी आअह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह अपनी छूट को मेरे लुंड पे मरते हुए बोली ...

मई - नहीं जान बस बोल रहा था आज नहीं मरूंगा पैर मरूंगा ज़रूर मेरी संगीता आअह्ह्ह्ह उसको छोड़ते हुए बोलै ....

संगीता - hi मार लेना ाः मेरे मुझे ऐसे घोड़ी नहीं बना जा रहा है मुझे अपनी गोद में लेके छोड़ो न उसमे जयदा मज़ा आ रहा था जी ...

मई - मेरी प्यारी बीबी आजा मेरा बचा मैंने उसको अपनी तरफ घुमाया और और खुद में बैठा लिए जिससे मेरा लुंड फिर से उसकी बच्चेदानी से जा लगा ...

संगीता - आअह्ह्ह जी आअह्ह्ह्ह अब मज़ा आ रहा है आह्ह्ह्हह उफ्फफ्फ्फ़ ओह्ह्ह्हह्ह आपका उठा बड़ा है की मेरे पेट तक जाता है ...

मई - ाः जान ऐसा लग रहा है अंडर लावा उबाल रहा है ...

संगीता ने अपनी छूट को कशते हुए बोलै ...

संगीता - जान आपका लुंड भी बहोत बड़ा मोटा और गरम है आआह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ ओह्ह्ह्ह देखो मेरी छूट में कैसे जा रहा है ...

मई अब जोश में आ गया उसको काश के पकड़ किये और निचे में ज़ोर ज़ोर से छोड़ने लगा ....




संगीता - ाः क्या हो गया जी आपको आअह्ह्ह माआ धीरे करो ना जी रूही के पापा आह्ह्ह्ह माआ ...

मई - जान अब रोको मत मेरी संगीता करने दो छोड़ने दो तेरी इस राश भरी छूट को ...

संगीता - आअह्ह्ह मा नहीं रोकूंगी आपको रूही के पापा आअह्ह्ह ....

मई - ाः मेरी प्यारी बीबी आअह्ह्ह संगीता मई आने वाला hi जान तेरी छूट में आठ ...

संगीता - आअह्ह्ह अंदर दाल दो रूही के पापा आअह्ह्ह हुब्बी आअह्ह्ह्ह मेरे प्यारे पति देव आअह्ह्ह डाल अपना वीर्य अपनी पैंटी की छूट में आअह्ह्ह

मई - रूही की मम्मी आए रहा हु मई मेरी संगीता संभल अपने पति के विरए को अब तेरी अमानत है जान ...

संगीता - जी दाल दो आअह्ह्ह्ह उफ्फफ्फ्फ़ .... उम्मम्मम आह्ह्ह्हह मई संभल लुंगी जी आपके विरए को आअह्ह्ह और आपके बचे को जनम दूंगी जी आअह्ह्ह दाल रूही के पापा ...

संगीता जब जब मुझे रूही के पापा बोल रही थी मेरे सरीर में और जोश आ रहा था ....




मई - संगीता लिए जान मैंने उसको काश के पकड़ा और के ज़ोरदार शॉट मारा जिससे मेरा लुंड उसकी बच्चेदानी से जा चिपका मई संगीता को लेके बीएड पे गिर गया ...

संगीता ने मुझे काश के पकड़ रखा था ताकि मेरा सारा विरए उसकी छूट में गिरये एक बून्द भी बहार ना आये ...

हम दोनों एक दूसरे को पकड़ रखा था दोनों हिल नहीं रहा था बस संगीता मेरे पीठ को सेहला रही थी वही मई उसको गर्दन पे किश करर रहा था ...

5 मं तक हम ऐसे hi रहे फिर मैंने अपना सर उठा के संगीता की आँखों में देखा ...

संगीता - ी लव यू जी प्लीज मुझे चोर के मत जाना रूही के पापा ...

मई - लव यू तू मेरी संगीता नहीं जाऊंगा जान ये सब बाटे न किया करर तू और रूही मेरी जान है तुम दोनों को कवी नहीं छोड़ूंगा ...

मैंने आगे भाड़ करर संगीता को किश किया उसका चहेरा चमक रहा था जैसे पूरी दुनिया की खुसी अभी मिल गई हो ...

संगीता जी अभी हिलना मत अभी ऐसे रहेंगे हम दोनों वर्ण आपका विरए निकल जायेगा मेरी छूट से ...

मई उसकी बात पे हैश दिया ...

संगीता - जी हषो मत न ...

मई - ाचा ाचा नहीं हैश रहा ये बात भी मैंने हस्ते हुए बोलै ...

संगीता - देखो आप अभी भी हैश रहे हो बातो मैंने क्या गलत बोलै हां देखो कैसे मेरी पेट फुल गई है आपके विरए से आपको पता अंदर मुझे ऐसा महसूस हो रहा जैसे एक गिलास पानी भल गया हो ...

मैंने उसके माथे किश किया और वैसे लेट रहा उसकी बहो में ...

30 मं तक हम दोनों बस ऐसे hi प्यार भरी बाते करते रहे ...

मई - संगीता अब फ्रेश हो जाये देखो 3 बज्ज रहे है ...

संगीता - क्या सच में इतना टाइम हो गया हमे ..

मई - हां मेरी प्यारी बीबी चलो मई ले चलता हु बाथरूम तुम्हे ...

संगीता - गिरा मत देना जी ...

मई - क्या अपने पति को इतना कमज़ोर समझती है ...

संगीता - आप न हमेशा मुझे तंग करते हो हार बात पे बस यही सोचते हो कैसे अपनी मासूम बीबी को तंग करू. .

मई हशते हुए उसको अपनी गोद में उठा लिया और बाथरूम में आ गए हम दोनों फिर मैंने शावर ों किया हम दोनों ने अचे से एक दूसरे को नहलाया फिर हम रूम में आके सू गए एक दूसरे को गले लगा के ...


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कंटिन्यू

गाइस बहोतो को इंतज़ार था संगीता के साथ सेक्स का तो मैंने दे दिया है अब मुझे चाहिए लाइक्स इस अपडेट पे तो जितना हो सके लिखे करर के जाना और कमेंट क्र के बताना अपडेट कैसा लगा
 
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