Incest Kamuk Alka - Page 3 - SexBaba
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Incest Kamuk Alka

Part-15

आज की ये रात विशाल के लिए बहुत लम्बी होने वाली thi...kyunki जिस छूट के लिए वो रुका था वो उसे मिली नहीं और उसके लुंड पे सारिका के छुवन से आग पहले से कल से रही थी वो और ज्यादा भड़क गयी थी...

वो दुबारा से सारिका को मैसेज करता है..

विशाल- Hello मासी कारन गया क्या...?

पर सामने से कोई जवाब नहीं आता ... सारिका नींद के आगोश में चली गयी थी और जाये भी क्यों न उसका काम तो उसके भांजे ने जीभ से hi कर दिया था...

लास्ट में कोई जवाब न मिलने पैर और साडी उमीदे ख़तम हो जाने से विशाल लुंड मसलते हुवे निचे आ गया और करवट बदलते बदलते लास्ट में वो भी सो गया...

सुबह सारिका दोनों को जगती है.. तब उसकी नज़र विशाल पे पड़ती है जो उसे गुस्से से देख रहा था... विशाल का चेहरा देख के सारिका की हसी छूट जाती है... आज सारिका को विशाल से शर्म भी आ रही थी क्यूंकि जो विशाल अब तक उसके बेटे सामान था वही विशाल कल उसकी छूट का पानी निकल दिया था और अपना लुंड तक उसके मुँह में दाल दिया tha...wo तो कारन के जाग जाने से प्रोग बिच में hi रोकना पद गया ..

सारिका दोनों को फ्रेश होने का बोलके किचन में चली नाश्ता बनाने आ जाती hai..karan उठ के वाशरूम चला जाता है... उसे फ्रेश होने में अमूमन आधा घंटा तो लग hi जाता है और इतना टाइम विशाल के लिए काफी था अपनी मासी के करीब जाने के लिए...

विशाल सीधा किचन में जाता है और अपने मासी के दोनों कूल्हों के बिच क्र बने दरार में अपना मुँह दाल के दोनों चूतड़ों को मसल देता है ..






सारिका इस अचानक हुवे हमले से चिहुँक जाती है...

सारिका- आआह्ह्ह्ह क्या कर रहा है कारन आ जायेगा..

विशाल बिना टाइम गवाए सारिका के तो कोई उसके कंधे से खिसका देता है और उसके गर्दन को चूमने लगता है और साथ hi अपना एक हाथ उसकी पंतय के अंदर दाल देता है और छूट को रगड़ने लगता है...






सारिका इस दोहरे हमले को झेल नहीं पति और उसके मुँह से आअह्ह्ह्हह निकल जाती है

सारिका- मत कर वो देख लिया तो गज़ब हो जायेगा... सारिका इस वक़्त ऊपर से ऑलमोस्ट नंगी थी उसके चुके बहार थे और टॉप कमर पे आ के फांसी हुई थी...

विशाल- क्या गज़ब हो जायेगा फिर तुझे एक साथ दो दो लुंड मिलेंगे ...

सारिका- चुप कर कुछ भी बोलता है.

विशाल के एक के बाद एक हमले से सारिका बहुत ज्यादा गरम होने लगती है उसकी छूट की धार उसके जांघो से बहते हुवे फर्श पे फैलना सुरु कर देता है....

विशाल पे हवस इतना भरी था की वो इस आधे घंटे में hi सब पा लेना चाहता था ...

वो सारिका को वही प्लेटफार्म पे झुका के उसके गांड में झटके मरने लगता hai....agar सारिका ने पंतय न पहनी होती तो विशाल का लोहे का रूप ले चूका उसका लुंड सारिका की छूट फाड़ता हुआ अंदर जरूर घुस जाता






सारिका- आआह्ह्ह्हह आअह्ह्ह्हह धीरे

विशाल- बहुत गरम माल है तू मासी..

सारिका को उसके लुंड को लेना तो चाहती थी पर ये समय सही नहीं था और न hi पर्याप्त था.. कारन कभी भी आ सकता था हलाकि अभी भी उन्दोनो के पास 15-20 मिंट थे

विशाल सारिका का सर पकड़ के उसे अपने दुनो घुटनो के बिच निचे बिठाता है...

सारिका समझ जाती है की उसे क्या करना है और वो विशाल के पंत का ज़िप खोल के उसका लुंड निकलने लगती है..






विशाल के तने हुवे भीमकाय लुंड देख के सारिका की आँखों में चमक आ जाती है ..

सारिका- बाप रे ये क्या है...

विशाल- इसे लुंड बोलते है जो अभी तेरे मुँह में जायेगा फर तेरे इस गुलाबी छूट में...






सारिका- विशु ये बहुत बड़ा है ये मेरे मुँह में नहीं जायेगा...

विशाल- सब जायेगा मासी तू बस कोशिश कर...

सारिका डरते हुवे उसके को पहले चेतना फर धीरे धीरे चूसना सुरु कर देती hai...itne में बहार बेल्ल बजता है..

विशाल- साला जब इसके मुँह में लुंड डालता हु कोई न कोई टपक पड़ता है

सारिका- विशाल की बेचैनी देख है देती है .

विशाल की नज़र जब सारिका की पंतय पे जाती है तो वो पूरी गीली हो चुकी होती है...

Vishal-;ruko मई देख के आता हु..

सारिका- ऐसे जाओगे....!?? विशाल के विकराल रूप ले चुके लुंड किणतर्फ इशारा करते हुवे लगती है...

रुको मई जाती हु ...

और






और अपनी पतली झिल्लीदार गाउन में दरवाजे पे चली जाती है ... गाउन इतना पारदर्शी था की सारिका की गांड छूट यह तक की उसके निपल का कलर तक दिख रहा था...

बहार दूध वाला दूध देने आया था... सारिका के इस रूप को देख कर बेचारे को आंखे hi फैट gayi...vasna के नशे और जल्दबाजी में सारिका ये भूल hi गयी थी की जो गाउन वो पहनी है वो बिलकुल पारदर्शी है और उसने अंदर कुछ नहीं पहना है ..

सारिका जब दूधवाले के नजरो का पीछा करती है तो पाती है की वो उसके कामुक जिस्म का सराय कर रहा है...

सारिका जब ये देखती है तो उसकी धड़कने बढ़ जाती है वो मन में बोल पड़ती है ..( ो गॉड मैंने ये गाउन डाला पर गाउन के अंदर तो पूरी नंगी hi हु और ये मुझे इसलिए इतना घर रहा है ..) सारिका जल्दी से दूध ले के अंदर आने लगती है…


विशाल- वह मासी तूने तो दूध वाले का hi पानी निकल दिया

Sarika-blush करने लग जाती है…..

इतने में कारन आ जाता hai……fir सभी लोग बैठ के चाय नाश्ता करने लग जाते hai…par विशाल के दिमाग में एक hi बात चल रही थी और वो ये की सारिका की कैसे ली jaye….lekin कहते है न किसी चीज को सच्चे दिल से चाहो तो वो मिल hi जाता है.. कुछ इसी तरह विशाल की किसमय भी आज मेहरबान thi…aaj उसे सारिका की छूट मिलनी hi थी जिसमे उसकी हेल्प खुद कारन के पापा करते hai…hua ये की जब सभी लोग नाश्ता कर रहे होते है तभी कारन के डैड की कॉल आती है.. जिसमे वो कारन से किसी फाइल और कुछ पैसे अपने पार्टनर को भेजने को कहते है जो की जयपुर में जा के डिलीवर करना था.. और दिल्ली से जयपुर की डिलीवरी यानि पुरे दिन की chutti….sarika ने अपने पति के कहे अनुसार पैसे और फाइल कारन को दे दिया और कारन उन्हें ले के जयपुर को जाने लगता है हालाँकि वो विशाल से भी साथ चलने को कहता है पर विशाल ऐसा मौका चोर के फाइल देने जयपुर जाये इतना बेवकूफ थोड़े न है….

विशाल के जाने के बाद घर में केवल सारिका और विशाल hi the..aur दोनों के लिए मैदान पूरा खली था.. सारिका भी कही न कही विशाल को अब अपने अंदर लेना चाहती थी क्यूंकि विशाल उसे कितना सुकून देने वाला है इस बात का टीज़र उसे कल रात hi मिल गया था… सारिका वापस किचन में जाने लगती है विशाल भी उसके पीछे पीछे किचन की और चल देता है..






विशाल- मासी…..

विशाल की आवाज सुनते सारिका का दिल जोरो से ढकने लगता है… उसकी बॉडी में सेंसशनट्स होने लगती है…

सारिका- हाँ बोल

विशाल- सुरु करे…

सारिका- कुछ जवाब नहीं देती बस शर्मा रही होती है…

विशाल से अब और बर्दाश्त का पाना मुश्किल था ो सिद्ध सारिका पे झपटा मरता है और उसे अपनी बहो में भर लेता hai…sarika भी बिना किसी विरोध के खुद को विशाल को सौंप देती हिअ…

सारिका- विशाल यहां नहीं bête…. बैडरूम में षाले है… विशाल सारिका के कूल्हों में हाथ दाल के गोदी में उठा लेता है और वैसे किश करते हुवे उसे बैडरूम में ले के जाने लगता है…

बैडरूम पे पहुंचते hi विशाल सारिका को बीएड पे लिटा देता है और दोनों में एक जबरदस्त वाइल्ड किश सुरु हो जाती है..

विशाल उसके ड्रेस जो पहले से इतनी लूसे थी जिस से उसकी चुचिओ की झलक मिल जाती थी उसे खिसका के निचे कर देता hai…aur उसके उरोजों को मसलना चूमना सुरु कर देता है..






सारिका को ये सब बहुत आनंद दे रहा था ो गरम सिसकारियां लेना सुरु कर देती है

सारिका- aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhh vvvvvvvvvviiiiiiiiiiiiiiihhhhhhhhhhhhhhsssssssssssh ddddddddddhhhhhhhirrrrreeeeeeeeeeeeeee bbbbbbbbeeeeeettttttttteeeeeeeeeeeeeee

पर विशाल को सारिका के किसी भी बात का ख्याल नहीं था उसे ख्याल था तो बस कैसे सारिका के छूट नमे घुसा जाये….. वो सारिका की बड़ी बड़ी कासी हुई गोल गोल चूचियों को देखते हुवे मसलने लगता है….






विशाल- आआह्ह्ह्हह्ह maaaaaaaasssssssssiiiiiiiiii कितना टाइट है मौसा ने कभी दबाया और पिया नहीं है क्या………..???

सारिका- तू खुद पिले फिर बाकि को चोर किसने क्या किया..

विशाल- पियुंग नहीं मेरी जान निचोड़ूंगा तेरे इन कैसे हुवे चूचियों को ……और दन्त से उसके निपल्स पकड़ के काटने लगता है जिस से सारिका के दर्द के साथ मजा दोनों का अनुभव हो रहा था….

सरिक- aaaaaahhhhhhhhhhhhhhh काट मत निशान पद जायेंगे oooohhhhhhhhhhh माआआआआ






विशाल- निशान तो पांडा चाइये न मासी मेरे प्यार का तेरे इस मखमली जिस्म पे…..

सारिका- फिर तेरे मौसा को क्या बोलूंगी..

विशाल- बोल देना अब कोई और ा गया है उनकी बीवी छोड़ने के लिए….

सारिका- हसने लगती है….

विशाल उसके निपल्स को चुटकी में दबा के मसल देता है






सारिका के लिए ये सब एक नया अनुभव था सेक्स केन ऍम पिउ ो बस चुड़ते आयी आयी थी ये जिस्म के साथ खेलवाड़ पहली बा रो रहा था इस लिए उसे बहुत मजा आ रहा था और दर्द गुदगुदी भी हो रही थी

सारिका- aaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhh uuuuuuuuuuuuuiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii मममममअअअअअअअअ

फिर विशाल उसके पेट के पास आ जाता है और उसके चुचिओ से बने घातिओ के बिच अपनी जुबान रख देता है और फिर उन घाटियों को छत्ते हुवे उसके मुँह में अपना जीभ दाल के किश करने लगता है जिसमे सारिका भी उसका पूरा पूरा साथ देती है और दोनों के जीभ आपस में टकरा जाते है और वो एक दूसरे के होंठो को चूसने लग जाते है...






सारिका- aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh ooooooooohhhhhhhhhhh

फिर विशाल एक डैम से सारिका को पलट देता है और खुद निचे हो जाता है और सारिका उसके ऊपर आ जाती hai…sarika के कूल्हे विशाल के खड़े लुंड के ठीक ऊपर रहा.. वो निचे झुक के विशाल को किश करने लगती है और साथ hi जोश जोश में अपने छूट को विशाल के लुंड पे रगड़ने लगती है..






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लुंड के अपने छूट पे एहसास मात्रा से सारिका का शरीर अकड़ने लग जाता है और वो विशाल के ऊपर hi झाड़ जाती है.. उसकी पंतय और विषक का जीन्स दोनों सारिका के छूट से निकले पानी से भीग जाता है…..

विशाल- मसि

सारिका किश करते हुवे- ….. ह्म्म्मम्म्म्म

Vishal-Dard हो रहा है… पंत उतर दू….

सारिका- रुक कह के उसके पंत की तरफ झुकने लगती है जिसका मतलब था सारिका खुद से अपने भांजे विशाल को पंत उतर के उसे नंगा करना छह रही थी…

सारिका जैसे hi विशाल का पेंट उतरती है विशाल का लुंड किसी स्प्रिंग की तरह उछाल के बहार आ जाता है…






इतने बड़े और मोठे लुंड को देख के सारिका के मुँह से चीख निकल जाती है….

सारिका- ओह माय godddddddddddddddddddddd ये क्या है इतना बड़ा…………..






विशाल के चेहरे पे एक प्राउड वाली मुस्कान आ जाती है ….. सारिका का विशाल के लुंड को देख के शॉकेड होने का मतलब था की उसका लुंड कारन और उसके बाप के लुंड से बड़ा था…..

Sarika-itna बड़ा नहीं ले पाऊँगी ये बहुत बड़ा है ये टी मेरे कलाई जितना बड़ा और मोटा है…. वो सरो बाटे बोल भी रही थी और विशाल के लुंड को मसल भी रही थी उसकी आँखों में देखते हुवे….

विशाल- औरत के छूट से बड़ा कोई लुंड नहीं होता मासी….. आदमी का चाहे जितना बड़ा हो औरत समां hi लेती है और हजम कर hi जाती है…

विशाल अपना अंगूठा सारिका के मुँह में दाल देता है और सारिका भी उसके इशारे को समझते देर नहीं लगाती और बहुत प्यार से उसे चूसने लगती है…






विशाल सारिका के मुँह के गर्माहट में खो सा जाता hai….aur सारिका दोनों आँखे बंद किये उसके अंगूठे को ऐसे चूस रही थी मनो विशाल का लुंड हो और उसे वो अंदर लेने के लिए तैयार कर रही हो…. विशाल भी मुँह में अंगूठा तो निचे सारिका की छूट में अपनी दो उंगलिया दाल देता hai….vishal के इस हमले से सारिका जन्नत के मजे लेने लगती है…

सारिका- aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh fuuuuuuuukkkkkkkkkkkkkkk hhhhhhhuuuuuuuuuuu और गहरी सांसे लेते हुवे विशाल के अंगूठे को अपने गले के और गहराई में उतरने लगती है

अपनी मासी के चेहरे के भाव पढ़ते विशाल को देर नहीं लगती वो सारिका के मजे को और दोगुना करने के सोचता है और जो करता है वो सारिका के सोच और ख्याल से परे था…

विसाहल का अंगूठा सारिका के मुँह में जिसे वो बड़े इंटेंस हो के चूस रही थी और ऊँगली जो सारिका के छूट में थे उसे निकल के अपना बिच वाले ऊँगली को सारिका के गांड में दाल देता है और दूसरे हाथ का अंगूठा भी सारिका के छूट में दाल देता है बनो वो अब चुटकी बजाना छह रहा हो…… इसके साथ hi वो सारिका के चूचियों को भी चूसना सुरु कर देना है

गांड तो तो गांड सारिका की छूट भी काम टाइट नहीं थी....






ये तीन तरफा हमला सारिका से बर्दाश्त नहीं होता….. उसके पुरे शरीर में सिहरन दौड़ जाती है मनो छूट में करंट लगा हो और झटका उसकी गांड ने महसूस किया… उसकी आँखे बड़ी बड़ी हो गयी उसने जोश में विशाल के अंगूठे को भी काट लिया…

सारिका- aaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh kkkkaaaaaaaaaammmmmmmmmiiineeeeeeeeeeee yeyyeeeeeeeeeee kkyyyyyyyyyyyaaaaaaaaaahhhhhhhh काआर्डरररररर रआआआअह्हह्ह्ह्हह्हआआआ haaaaaaaaaaaiiiiiiiii uuuuuuuuuuuuiiiiiiiiiii mmmmmmmmaaaaaaaaaaaaaaaaa mmmmmmaaaaaaaiiiiiiiiiii maaaaaaaaarrrrrrrrrr gagyyiiiiiiiiiiiiiiiiiiii

सारिका के छूट से पेशाब की धार फुट padi…uska शरीर झटका लेने लगा मनो वो फिर से झड़ने वाली हो.. पर अभी तो झड़ी थी फिर इतनी जल्दी कैसे… लेकिन विशाल जो एक के बाद एक हमले कर रहा र्था उसने झेलना भी कोई मजाक तो था नहीं उस के ऊपर सारिका के लिए ये सब नया अनुभव था.






सारिका के छूट चुकी और गांड तीनो के साथ विशाल एक साथ खेलने लगा था … और सारिका की छूट अभी से hi बहने लगी थी..

सारिका विशाल को रोकना चाहती है पर विशाल को सारिका को मुत्ते देख एक सटिस्फैक्शन मिलता है और वो और जोर जोर से फिंगरिंग करता जाता है...






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औरत को खुश करने के मामले में विशाल मनो जादूगर था.. अभी तक विशाल ने अपना लुंड ना सारिका के मुँह में डाला था न छूट या न उसके गांड में फिर भी सारिका का 2 बार पानी निकल दिया आगे जाने क्या hi हल करेगा आज इस औरत का….
 
Part-16

सारिका को इतने वर्षो में पहली बार योनसुख का आनंद मिल रहा था लेकिन ये तो बस ट्रेलर मात्रा था अभी उसे वासना के सिखर पर सवार होना बाकि hi था और फिर विशाल तो न सिर्फ सिखर पैर पहुंचने में बल्कि उसपे उड़न उड़ने में भी माहिर था…





सारिका- aaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhh vvvvvvvviiiiishhhhhhhhhhuuuuuuuuuu मैं तो जैसे हवा में उड़ रही हु रे क्या मजा दिया है तूने मेरे पुरे वागिना में सेंसेशन होने लगा है …ये बात कहते हुव सारिका अपने एक हाथ की ऊँगली मुँह में दाल के चूस रही थी और दूसरे हाथ से अपने छूट को बड़े अदाओ के साथ सेहला रही थी मनो कोई गिरफरेन्द अपने बॉयफ्रेंड को अपने अदाओ से दीवाना बना रही हो.. सामने लेता विशाल जिसका लुंड आसमान को सलामी दे रहा था ये सब देख के उत्तेजित होता जा रहा था….

विशाल- अभी खान मजा दिया है रानी अभी तो तुम्हे मेरा ये लुंड अपने इस छूट में लेना बाकि है.. उसके बाद तुझे असली हवा में उड़न का मजा मिलेगा…

चल अब जल्दी से इसे मुँह में ले और रेडी कर अपने बिल में जाने के लिए…

सारिका अपने भांजे के मुँह से खुलमखुला ये सब सुन के शर्मा भी रही थी और उसे अजीब भी लग रहा था… लेकिन अब वक़्त शर्माने का गुज़र चुक्का था ये अब इस सफर में काफी आगे निकल चुके थे तो अब एक दूजे को मजा देना hi इकलौता उपाय था और समझदारी भी….

सारिका विशाल के लुंड को हाथ में भर के सहलाने लगती है जैसे कोई मस्सगे दे रही हो…





वो उसके लम्बे मोठे तने हुवे लोडे को अपने दोनों चुचिओ के बिच रख के हाथो से मलने लगती है..

विशाल- aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh mmmmmmmmmmmmmaaaaaaaaaasssssssssssssssssssiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii बहुत मुलायम हठहठ है तेरा meriiiiiiiiii jaaaaaaaaaaaaaannnnnnnnn..

विषा के मुँह से मेरी जान सुन्ना सारिका के लिए कुछ अजीब था किन्तु आज जैसे साडी अजीब चीजों को झेलना उसका मुक़दर था…

सारिका- aaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhh विशु कितना टाइट है तेरा डिक और गरम भी…..

विशाल- गरम hi तो तेरे छूट को ठण्ड करेगा मेरी जान ठंडा लुंड खान मजा देगा तेरे इस गदरायी जिस्म को……..

तभी सारिका विशाल के लुंड पे थप्पड़ लगा देती है…





विशाल- aaahhhhhhhhhhh क्या कर रही है बहनचोद….. चल मुँह में ले इसे जल्दी

सारिका विशाल के लुंड को अपनी जुबान बहार निकल के उसपे विशाल का लुंड मरने लगती है और इस दौरान वो विशाल को hi देख रही होती hai….is अवस्था में सारिका एक बेहद कामुक औरत लग रही थी…





और सारिका का ये रूप देख के विशाल का आप अपने आप से खोने लगा था….

विशाल- aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhh sssssssssssssssaaaaaaaaaaaarrrrrrrrrrrrrriiiiiiiiiiiiiiiiiiiikkkkkkkkkkkkkkkaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa मुँह में ले के हुस मेरी जान aaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh क्या अदाए है तेरी





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सारिका विशाल के लुंड के गोल मशरुम जैसे बड़े टोपे के चारो तरफ अपनी जुबान घूमने लगती है.. ये जुबान घूम बेशक लुंड पे रहा था पर इस से सेंसेशन विशाल के पुरे बॉडी में हो रही थी…

विशाल- fffuuuuuuuuuuuukkkkkkkkkkkkkkkkkk maaaaaaasssssssssssssiiiiiiiiiiiiiii aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhh

फिर सारिका विशाल के पुरे लुंड पे अपनी गरम गीली जुबान फेरने लगती है ….. विशाल का लुंड सारिका के लार से गिला हो के चमकने लगता है…





अगर विशाल चुदाई में एक्सपर्ट था तो सारिका भी एक माझी हुई खिलाडी थी…. उसे पता था की मर्द के लुंड को किस बहग में जुबान फेरना है जो उसे हाई पे ला देगा… और मर्द जितना गरम होगा औरत को बिस्तर उतना hi ज्यादा लूटेगा और रगड़ रगड़ के लाल कर देगा…

अब सारिका धीरे धीरे विशाल के लुंड को अपने मुँह में भरना सुरु कर देती hai….aur पहले hi राउंड में जिस लुंड को देख के वो दर रही थी उसे पूरा जड़ तक निगल लेती hai…jaise विशाल का लुंड का कोई अस्तित्व hi न हो वो सारिका के मुँह में गायब हो चुक्का tha…sayd विशाल ने सच hi खा था मर्द का लुंड कितना भी बड़ा क्यों न हो औरत हजम कर hi जाती है और ये बात सारिका ने अभी सच कर के दिखा दिया था…





सारिका ने जोश जोश में विशाल का पूरा लुंड जातक तो लिया पर उसका विशालकाय लुंड उसके गले के गहराई में जा के खलबली मशीन लगता है …. सारिका के सेल की गर्माहट विशाल को इतना पसंद आता है की विशाल सारिका का मुँह पकड़ पे अपने लुंड पे दबा देता है… इस हमले के लिए सारिका तैयार न थी उसकी साँस उसके गले में अटक गयी थी वो लुंड बहार निकलने की कोषसिंह करती है पर विशाल के मरदाना ताक़त के आगे उसकी बस नहीं चल रही थी… वो भोत तेज छटपटाती है उसकी आँखे पलटने लगती है मनो विशाल से कह रही हो निकल ले मर जाउंगी वर्ण…





पर विशाल को इन बातो से कहाँ फ़र्क़ पड़ता hai…use तो औरतो को तकलीफ दे के छोड़ने में hi मजा आता है… और सारिका को इस तरह से तड़पता देख उसे बहुत एक्ससिटेमेंट मिल रहा tha…jab सारिका से बिलकुल साँस नहीं ली जा रही थी उसकी आँखे पलटने लगती है मनो वो मर hi जाएगी तब विशाल उसके हलक से अपना लुंड बहार निकलता है… उसके लुंड के साथ ढेर सारा कुघ और लार बहार निकलने लगता hai…sarika को तेज खांसी होने लगती है उसके आंसू बहने लगते है.. वो तेज तेज हफ्ते हुवे विशाल को गालिया देने लगती है..

सारिका- माँ के लोडे मरेगा क्या…. मेरी सांसे अटक गयी थी बहनचोद ….





विशाल उसके गलो पे 2 कहते लगा देता है और वापस से अपना लुंड उसके मुँह में घुसा के मुँह छोड़ने लगता है …

सारिका वापस से विशाल का लुंड चूसना शुरू कर देती hai……aur विशाल अपना पूरा पूरा लुंड सारिका के मुँह में जड़ तक उतरे लग जाता है. विषला आईटीआई बुरी तरह से सारिका का मुँह छोटा है की उसे मुँह गले का बुरा हाल कर देता है….

विशाल- aaahhhhhhhhhhhhh maaassiiiiiiiiiii ट्राम मुँह में इतना मजा आ रहा है तू तेरी छूट कितनी मजा देने वाली hai….aaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhh साली क्या माल है तू……. कहते हुवे विशाल सारिका को उठा के बीएड पे लिटा देता है…. और उसकी छूट को सहलाने लागत है…





इधर सारिका भी उसके लुंड को नहीं चोरटी बालक मसलते सहलाते रहती है…. उसे दर और रोमांच दोनों का अनुभव एक साथ हो रहा तहत है जिस से उसकी छूट कुक ज्यादा hi पसीज रही टी..

विशाल- तू तो बहुत गिल हो रही है मेरी jaaannnnnnnnnnn…… तैयार है अपने छूट में मेरा लुंड लेने के लिए .. सरिए के अराफ़ से कोई जवाब नहीं आता वो बस ाठी भरते हुवे विशाल के लुंड को हाथ से सेहला रही thi….aur शर्मा रही थी..

सारिका- aaaaaaaaahhhhhhhhhhhh विशाल अब और नहीं रुक जार अहा है दाल दे bête…….aur मत तड़पा अपनी मासी को…

विशाल सारिका के ऊपर आ के उसके होतो को चूसना सुरु कर देता है जिसमे सारिका बह उसका पूरा पूरा साथ देती है…. सारिका के होंटो को चुस्त हुवे विशाल अपना लुंड सारिका के छूट पे रखता है और उसके छूट के मुहाने पे अपना लुंड रगड़ना सुरु कर देता है सारिका अपनी दोनों टंगे खोल के उसके लुंड का स्वागत करती है





सारिका- aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhh ooooooooooooooohhhhhhhh vivvvvvvvviiiiiiiiiisssssssssssshhhhhhhh

तभी विशाल एक झटका मरता है और उसका सूपड़ा सारिका के छूट के अंदर प्रवेश कर जाता है… विशाल के लुंड का टोपा बलकुल मशरूम के जैसे था जो अपनी जगह बनाते हुवे सारिका के कोमल मुलायम छूट के अंदर घुस जाता है..

सारिका- aaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhh aaaaaaarrrrrrraaaaaaaaammmmmmmmmm सीईईई

विशाल और सरका अपना किश जारी रखते है.. तभी विषा अपना लुंड बहार खींच क ीक जोर का झटका मरता है जिससे की उसका लुंड सारिका के गुलाब के पंखुडिओ जैसे नाजुक उसके छूट को फाड़ते हुवे अंदर घुस जाता है.. ये प्रहार से सारिका हिल जाती है और तेज़ चीख उसके मुँह से निकलने लगती है..

सारिका- aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh मारररर गईइइइइइइ

बहार निकल इसे बहुत दर्द हो रहा है प्लस बहार निकल….

विशाल को पता था ये बस सुरु में होगा इसलिए वो कुछ नाहीकेहता बस किश क्र रहा होता है और सारिका के चुचिओ को सहलाता और चुस्त रहता है…..





थोड़ी देर बाद सारिका को भी ाचा लगने लगता है और वो अपनी गांड उठा उठा के निचे से झटका देने लगती है…. विशाल के लिए ये एक इशारा था की उसे ए.बी.ए. आगे बढ़ना चाइये….

विशाल एक बार फिर से पूरा लुंड बहार निकल क ीक तेज झटका मरता है और एक hi बार में अपना पुआ लुंड सारिका के छूट में उतर देता है… ये झटका काफी जबरदस्त था जो सीधे सारिका के बच्चेदानी से जा टकरा hai….aur सारिका इ मुँह से एक जोर की चीख निकलती है जो पुरे घर में गूंज जाती जय…..

सारिका- aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh maaaaaaaaaaaaaaaaaaa faaaaaddddddddddddd diiiiiiiiiiiiiiiii meeeeeeeeeerrrrrrrrrrrriiiiiiiiiiiiiii छूट kutteeeeeeeeeeee धीरे कर कही भागी नहीं जा रही हु .

और फिर विशाल अपनी स्पीड बढ़ा देता है है और सारिका को गले से दबा के तज तेज झटके लगाना याय उन कहे उसकी छूट की गहराई नापना सुरु कर दता है….





विशाल- aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh माआआआसससीईईई कितनी टाइट और गरम वचत है तेरी मौसा ने कभी छोड़ा नहीं क्या ढंग से तुझे……..

सारिका- aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh तू छोड़ ले फिर अब तुझे मिल गे न मेरी छूट … तू खोल दे पूरा aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhh ऐसा hi और जोर से थोड़ा तेज़ aaaaaaaaaaahhhhh मायआ बहुत मजा आ रहा है ……

विशाल- हाँ साली अब तो मैं आ गया हु तुझे अपनी रंडी बना के छोडूंगा aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhh क्या टाइट maaaaaaaaaalllll है तू

सारिका भी पुरे जोश में गांड उठा उठा के विशाल का लुंड ले रही थी….. आआआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह और तज

सारिका- aaaaaaaaaahhhhhhhhh फ़ाड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ दे ेरी छूट बहुत खुजली होती है इसमें …. ाआज्जज्ज साडी खुजली ईटा दे अपनी मासी की bête

विशाल सृका के मुँह से मासी सुन के गुस्सा हो जाता है और उसके गाल पे जोर से थप्पड़ मरता है..





विशाल- साली मासी नहीं रंडी है तू मेरी आज से बोल कौन है तू…???????????? और छठा मरते जाता है……

सारिका को खड़ को रंडी बुलाना थोड़ा ावक्वर्ड ागता है इसलिए वो इस बात का जवाब नहीं देती बस विशाल के लुंड को अपने छूट में अंदर तक लेने की कोशिश करती है…. इस वजह से विशाल अपना लुंड बहार निकल के फिर से एक थप्पड़ मरता है और बोलता है…..

लुंड इ निकल जाने से सारिका वशाल की तरफ देखने लगती है…. उसे किसी भी हाल में इस वक़्त अपनी छूट में विशाल का लुंड चाइये था और विशाल इसी कमजोरी का फायदा उठा के अपनी मन मर्जी करने लगता है…..

विशाल- बोल साली रंडी ….. लुंड लेने में शर्म नहीं आ रही है बोलने में शर्मा रही है… जब तक नहीं बोलेगी खुद को मेरा रंडी मई ये लुंड नहीं डालूंगा….





सारिका- दाल दे न विशाल क्यों तड़पा रहा है… हूँ मैं तेरी रंडी…. बन गयी आज से मैं तेरी रांड खुश…??????? अब दाल और तेज तेज छोड़ मुझे आआआअह्ह माआआआ

विशाल के चेहरे पे अपनी जीत कीमुस्कान साफ़ झलक रही थी अब वो जो चाहे बो के सारिका को छोड़ सकता था …. मतलब की सारिका अब उसके बस में थी…..

विशाल- ये हुई न बात साली रांड अखरे कर रही थी अब देख कैसे तेरी छूट फाड़ता हु….

सारिका- तो फाड़ दे मादरचोद बकचोदी क्यों कररहा है बन गयी न रंडी तेरे लिए अब छोड़….

विशाल सारिका की बात सुन के अपनी स्पीड बादः देता है और तेज तेज झटको के साथ सारिका को छोड़ने लगता है





विशाल के हर झटके के साथ सारिका की दोनों बड़ी बड़ी चूचिया ऐसे हिल रही थी जैसे पानी से भरा बैलून हिलता है…..

शामे पोजीशन में काफी देर छोड़ने के बाद विशाल सारिका से पोजीशन बढ़ाने को कहता है…

विशाल- चल मेरी रैंड कुट्टी बन तेरी गांड देखते हुवे तेरी छूट करूंगा अब….

सारिका भी किसी घुलम की तरह बिना टाइम वास्ते किये कुटिया बन जाती है….. विशाल सारिका के पीछे उसके कमर पकड़ के सारिका की गांड सहलाते हुवे हुवे- aaaaahhhhhhhhhh सारिका मेरी रंडी क्या गांड है तेरी और 3,4 थप्पड़ मर देता है..

सारिका- aaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhh क्या कर रहा है …….

विशाल- तेरे इस गोर गोर मखमली गांड से प्यार मेरी jaan……kehte हुवे अपना लुंड सारिका की छूट में दाल देता है…





सारिका- aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhh मर gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii…

झटका ईटा जोरदार था की सारिका चीखते हुवे बीएड पे गिर जाती है … लुंड पुरे गहराई में उतर चुक्का था जो सारिका को दर्द और मजे का एहसास एक साथ दे रहा था….





सरका की गोल चिकनी गुमबद जैसी गांड विशाल को और ज्यादा उत्तेजित कर रही तह….

विशाल सारिका के बाल पकड़ के किसी घोड़ी की लगाम की तरह खींचता है… सारिका दर्द से चीख रही होती है पर विशाल को कोई [arwah nahi thi wo bas hawas aur chudai ke nashe me andha ho gaya tha…





सारिका का चेहरा रुवान सा होने लगता है वो दर्द और वासना में पूरी तरह से लाल हो जाती है… उसे समझ नहीं आ रहा था की किस वाले दर्द प ेरेक्ट करे ?????? बाल खसिहे जाने पे या विशाल के र उस झटके पे जो उसे अंदर तक हिला दे रही thi….par इन सब में मजा भी बहुत ज्यादा आ ारः था…

सारिका- ahhhhhhhhhhhhhhhh और जोर से छोड़ अपनी मासी को फाड् दे ेरी छूट मेरा ओने वाला है ohhhhhhhhhhhhh goooooooooodddddddddddddddd मैं गयी ओह्ह्ह्हह्ह हाहहहह हहहहह

अउ एक तस सिसकारी के साथ सारिका फिर से झड़ते हुवे वही बीएड पे गिर जाती है है………





किन्तु विशाल अभी भी अपने झटके जारी जारी रखता है…

विशाल- aaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh माआआ भट पानी उगली है तेरी छूट aaaaaaaaaahhhhhh

पुरे कमरे में फच फच की आवाज़ के साथ दोनों की गरम सांसे और चीखने छिलने की आवाज़ गूंज रही होती है…

सारिका- विशाल मेरे से अब और नहीं झुका जा ारः है मेरे कमर और घुटने दुखने लगे hai…aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhh मेरी छूट aaaaaaaaaaahhhhhhhhhh मममम आआअह्ह्ह्हह

विशाल फिर निचे लेट जाता है और सारिका उसके ऊपर आ जाती….. लेकिन इतनी बार झड़ने के बाद आज उसके शरीर में इतनी जान नहीं बची थी की वो विशाल के लुंड पे कूद सके. वो वैसे ह विशाल के ऊपर निढाल हो के लेते जाती है और सलौली सलौली अपनी गांड विशाल के लुंड पे हिलाते रहती है जिस से विशाल का जोश और दोगुना होने लगता है…..





विशाल उसे निढाल होता देख उसे फिर से कहते लगाना सुरु कर देता है… उठ बहन की यदि तेरा हो गया तो सो रही है …..

सारिका- 2 मं रुक जा बीटा मेरे में जान नहीं बची साँस तो लेने de..lekin विशाल अपने जुल्म सारिका पे जारी रखा है…. सारिका को भी ये चीजे गरम करे लगती है और वो पूरी तेजी से अपनी गांड हिलाते हुवे अपनी छूट विषा के लुंड पे पटकने लगती है.





विशाल- aaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhh मासी तू तो फिर से गरम होने लगी क्या बात है बड़ी आएग है तेरे और तेरे इस छूट में …

सारिका- aaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhh तित ु शांत कर दे न भड़वे अपनी मासी की छूट की आग…..





विशाल लुंड छूट में था उसके बावजूद उसने अपनी एक ऊँगली सृका के गांड में दाल di….is दोहरे हमले से सारिका और जोश में आ जाती है और विसल को चूमने काटने लगती है... वो वासना के नशे में इतना पागल हो जाती है खुद hi अपने गांड पे थप्पड़ बरसाने लगती है..

सारिका- aaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhh तू क्या क्या कर रहा है ….uuuuuuuuuuuuuuuuuffffffffffffff मुझे पागल कर देगा आज तू ahhhhhhhhhhhh maaaaaaaaaaa

विशाल निचे से तेज तेज झटके लगा रहा था ऊपर से सारिका जोर जोर से उछाल रही थी…..

सारिका की मोती मोती जंघे और उसके चूतड़ जैसे जैसे विषा के कमर से आकृति थे तेज थप थप की आवाज़ आने लगती है… पूरा कर्मा थप थप थप की शोर से गूंज रहा था…

विशाल सरिए के बाल खींच देता है जिस से उसकी गार्डन उठ जाती है और विशाल उसके छाती गाला सब चाटने लगता है….





दोनों वासना के सिखर पे थे और एक दूसरे को चरमसुख देने के लिए पुरे जोश से चुदाई कर रहे थे

सारिका- मैं फिर से आने वाली ह aaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh

विशाल- मेरा भी मासी बस होने वाला है uuuuuuuuuuffffffffffff तेरी छूट भाटी से काम नहीं मासी पूरा गरम गरम लग रहा है

सारिका- aaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhh viiiiiiiiiivvvvviiiiiiiisshhhhhhhhhhhhhhhhaaaaaaaalllllllllll maaaaaaaaaaiiiiiiiii gayyyyyyyyyyyyyyyyiiiiiiiii

विशाल- मइईईई bhhhhhhhhhhhhhiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maassssssssssssssssiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii





सारिका का पूरा जिस्म कैंप जाता है.... उसके पानी से विशाल का पूरा कमर गिला हो जाता है जो इस बात का साबुत था की सारिका ने इस चुदाई को कितना एन्जॉय किया है...

विशाल के लुंड का तेज़ फवारा सीधे सारिका के फेस पे जा गिरता है जिसे वो जीभ निकल के चाटने की कोशिस भी करती है और उसके चेहरे पे फ़ैल गए विशाल के पानी को वो अपने हाथो से पॉच पॉच के जुबान से अपन उंगलिया काटने लगती है...





इतने से भी जब उसका मन नहीं भरता तो वो विशाल का लुंड अपने मुँह में भर के चेतना शुरू कर देती है जिसमे विशाल का पानी तो था hi साथ hi उसके छूट का पानी भी सना हुआ था....





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औरत पे जब वासना का नशा चढ़ता है तो वो कितनी भी शर्मीली भोली क्यों न हो बिश्तर पर रंडी बन hi जाती है... और चुदाई का असली मजा तो रंडी बन के hi लेने में है .... आज ये बात सारिका को विशाल ने समझा दिया था.. और सारिका का इस भीषण चुदाई के बाद भी विशाल का लुंड न चूर्ण और उसके पानी को छत्ते रहना इस ात का साबुत है...
 
रेडी फॉर थे नेक्स्ट धमाका गाइस????



 
Part-17

वासना का तूफान शांत हो चुक्का था, दोनों मसि और भांजा अपने पहले मिलान के बाद पसीने से लथपथ एक दूसरे के आगोश में सोये हुवे एक दूसरे के अंगो के साथ खेलवाड़ कर रहे थे..

सारिका की उत्सुकता देख के ये तूफान के गुजर जाने के बाद हुई शांति का नहीं बल्कि तूफान के आने के पहले की शांति का संकेत लग रहा था.. उसके होंठ उसके भांजे विशाल के होंटो को चोर्ने को राजी hi नहीं था, वो अभी भी विशाल के लोडे को मसल रही थी मनो आगे राउंड के लिए तैयार कर रही हो






जाने कितनी बार जहर जाने के बावजूद सारिका में फिर से ये हिमत आ खान से रही थी.. या फिर इन दोनों बहनो में आग hi इतना है की एक बार में इन्हे शांति नहीं मिलती जब तक बिस्तर पर इन्हे कोई अचे से रगड़ के न चोदे…..





सारिका विशाल के गॉड में आ के बैठ जाती है और जिस से की विशाल का मुरझाया हुआ लुंड उसके दोनों कूल्हों के बिच में आ जाता है.. और सारिका की गांड किसी नागिन की विशाल के गॉड में मचलने लगती है.. विशाल भी सारिका इ इस रणदीपाने की आगे ज्यादा नहीं टिक पता और उसका लुंड फिर अंगड़ाई लेना सुरु कर देता hai…dono मासी भांजे पसीने से लथपथ हांफ रहे ते सांसे दोनों की चढ़ी हुई थी उसके बावजूद सोनो एक दूसरे से जैसे अलग होना चाहते hi न हो…

सारिका भी विशाल के गॉड में ऐसे बैठी थी मनो वो उसका बहन का बीटा न हो के उसका प्रेमी हो.. वैसे अब विशाल को सारिका का प्रेमी कहना गलत तो नहीं होगा…






सारिका की बहो में एक माँ की गोदिया की तरह पिघल रही थी…. वासना के मरे वोट क मछली की तरह उसके गॉड में मचलने लगती hai…vishal के मजबूत बहो में वो झूलने लग जाती है… एक बहुत hi कामुक और मनोरम दृश्य था इस वक़्त सारिका के बैडरूम का ….

दोनों माँ बेटो पैर हवस फिर से भरी होने लगा था… विशाल अब इस आग में हवा देने की सोचता है और वो अपनी मासी के दोनों टैंगो के बिच बने लकीर के बिच अपनी एक ऊँगली दाल देता है देता है और उसकी गीली हो रही छूट को कुरेदने लगता है..






अलका पे मनो एक साथ सेकड़ो बोतल शराब का नशा एक साथ चढ़ गया हो उसका सर बीएड के कोने से होते हुवे निचे की और झुक जाता है उसके काळा रेशमी बाल हवा में लहरा रहे होते है… अपने दोनों हाथो से वो अपने सर को पकड़ के वो सिसकारियां भरने लगती है

सारिका- oooooooooooohhhhhhhhhhhhhhhh विशु तूने ो मुझे पागल कर दिया रे मैं तो तेरी दीवानी हो गयी aaaaaaaaaaahhhhhhhhhhh mereeeeeeeeee लाललललललललल ऐसे hi कर और एक ऊँगली दाल बहुत ाचा लग रहा hai………uuuuuuuuuuuufffffffffffffff maaaaaaaaaaaaaaa मई मर न जाऊ आज इस मस्ती में

विशाल- ऐसे किए मर जाएगी तू मेरी जान अभी तो तुझे पुरे दिन मेरे लुंड पे उछलना hai…bol उछलेगी न???????????

सारिका- हाँ उछलूँगी कूदूंगी तेरे लुंड पे माई पुरे दिन पूरी रात aahhhhhhhhhh

विशाल- कैसा लगा तुझे मेरा लुंड ???

सारिका- बहुत ाचा मैं तो दीवानी हो गयी teri….uuuuffffff चाट अब मेरे छूट को बाटे काम बना ….

विशाल- अभी बाटे बनाऊंगा तब तो तू मेरे सामने गांड उठा के कुट्टी बनेगी मेरी चिनार मासी

सारिका- बनूँगी क्या ले बन जाती हु तू चाट अपने इस चिनार की छूट मेरे से बर्दाश्त नहीं हो रहा है चाट…..






ये बोलते हुवे सारिका विशाल की तरफ अपनी मोती बड़ी गांड लहरा देती है और उसका मुँह विशाल के लुंड की तरफ हो जाता है

विशाल- aaaaaaahhhhhhhhhhhh मासी कितनी अछि खुसबी है तेरे छूट की और दोनों कूल्हों को फैला कर वो सारिका के छूट में अपना जीभ दाल के अपने जीभ से hi सारिका की बुर को छोड़ने लगता है

सारिका की पुरे शरीर में मनो बिजली दौड़ रही हो उसके पूरा शरीर के रोंगटे खड़े होने लगते है..








उसकी चूचियों पे कुदरत के बांये चेरी जिसे हम निप्पल कहते है वो बिलकुल तन क खड़े हो गए थे… पसीने की बुँदे सारिका के गुलाबी शरीर पे मनो मोतियों के सामान चमक रही थी.. जिसकी ेके क बूंदो में कई बोतल शराब का नशा था और ये पूरा का पूरा मयखाना आज विशाल के लिए बिलकुल फ्री ता जितना मर्जी लूट ले





विशाल सारिका के हरे क अंग को चूमता चतत हुआ सारिका और खुद को वासना के सागर में डुबोये जा रहा था…

विशाल- सारिका ..

सारिका- हम्मम्मम्मम्म aaaaaaaaaaaahhhhhhh

विशाल- तेरे निप्पल तो कुछ ज्यादा hi जोश में तन के खड़ा है…

विशाल के इस तरह के बात से सारिका शर्मा सी जाती है

सारिका- पि ले तेरे लिए hi खड़ा है निचोड़ के शांत कर दे मेरे bête….. आआआआअह्हह्ह्ह्ह क्या जादू कर दिया तूने…






ये कहते हुवे सारिका अपनी गांड विशाल के मुँह पे जोर से दबाने लगती है और साथ hi उसके लुंड को ज्यादा से ज्यादा मुँह में भरने लगती है…. वो इतना कास के चिपक गए थे की सिमट के मनो वो दो जिस्म न हो के एक hi जिस्म हो और एक दूसरे में hi समां जाना चाहते हो….

और दोनों एक बार फिर से एक साथ झाड़ जाते है…… दोनों के जिस्म के उगलते हुवे आग एक दूसरे की प्यास बुझाने लगती है कोई किसी को चूर्ण न छह रहा था…..

होश आने पे जब सारिका की नज़र घडी पैर गयी तो दोपहर के 2 बज रहे थे…

सारिका एक वाइट गाउन डालती है और घर के छोटे मोठे काम निपटने लगती hai..karan को काल करती है तो प् चलता है की जिस काम से वो गया है वो सात सुन पद जाने के कारन अब मंडे को पूरा होगा… कोई और दिन होता तो सायद सारिका कारन को वापस बुला लेती और दुबारा से मंडे को जाने की सलाह देती लेकिन आज सारिका एक माँ नहीं क औरत बन के सोच रही थी वो भी प्यासी औरत.. कारन का मंडे तक न आने का मालाब है फ्री तो सुन वो विशाल के साथ पुरे घर में नंगा नाच कर सकती थी… उसे कोई रोकने वाला नहीं था ार न hi उसे किसी बात का डार्ट ha…isliye वो कारन को काम खत्म कर के मंडे तक आने का hi कह के कॉल कट कर के अपने बैडरूम की तरफ चल देती है.

बैडरूम के दूर पे पहुंच के वो विशाल की और हवस भरे नज़र देखते हुवे आवाज़ लगाती है…






विशाल मैं नहाने जा रही हूँ कुछ चाइये हो तो बता देना… मनो वो इनविटेशन देने आयी हो… उसके आँखों में वासना के लाल डोरे तैर रहे थे… चेहरा पर एक कामुक भाव था जिसे पढ़ते विशाल को देर न लगी…

साइका बाथरूम में जाते hi अपना गाउन एक झटके में उतर देती है और गाउन के अंदर छुपा उसका भरा कामुक बदन बिल्कु नंगा हो जाता है कारन के जाने के बाद उसे ब्रा पंतय पहनने का मौका भी नहीं िया था विशाल ने जिस वजह से वो गौ के अंदर नंगी hi thi…sarika बाथटब में लेट के इन खयालो में खोयी थी की विशाल को जो उसने इशारे से बुलाया है वो जरूर आएगा… लेकिन थोड़े टाई बिट जाने के बाद भी जब विशाल बाथरूम में नहीं आता तो सारिका से और बर्दाश्त नहीं होता है और वो विशाल को मैसेज करने लगती है..

इधर विशाल सारिका के कमरे में लेता उसे छोड़ने का प्लान कर रहा था की तभी उसके मोब पे एक नोटिफिकेशन आता है मेसज सारिका के मोब से आया था जब वो मेसज ओपन करा है तो उसमे सारिका की एक तस्वीर होती है जिसे देख उसका मुरझाया लुंड वापस से हिलोरे मरने लगता है.

सारिका- विशाल क्या तुम ज्वाइन करना चाहोगे???

अब जो इनविटेशन विशाल को मिला तो वो कोई हिंट नहीं बल्कि खुलमखुआ न्योता था अउ ऐसे न्योते को कोई कैसे चोर सकता है… विशाल भी बीए देरी किये सारिका के बाथरूम की तरफ बढ़ जाता है..






विशाल वैसे hi नंगा बाथरूम की तरफ बढ़ gaya…darwaja अभी भी खुला hi था..

विशाल जैसे अंदर प्रवेश करता है उसकी नज़र बाथ टब में बिलकुल नानी लेती हुई सारिका दिखती है सारिका भी बड़े कामुक नज़रो से विशाल को घूरते हुवे कभी अपनी छूट तो कभी उसपे उगे उसकी रेशमी झांटो को सेहला रही थी..

वो विशाल को और ज्यादा गरम करने के लिए बाथटब से निकलती है और अपने पतली कमर लचकते हुवे शावर की तरफ बढ़ जाती है… इस तरह बाथरूम में नंगा चलने से उसके चुचिओ और गांड की थिरकन देखते बनती थी






वो वैसे hi नंगी जा के शावर के नीच कड़ी हो जाती है और इस बार वो अपनी गांड विशाल की तरफ कर देती है.. विशाल भी किसी कुत्ते की तरह लालच भरी निगाहो से सारिका के भरे गीले नंगे जिस्म को घर रहा था..





सारिका शावर के निचे बिलकुल नंगी कड़ी थी और पानी की बुँदे उसके बालो से होते हुवे उसके पुरे जिस्म को भिगो रहा था… कामवासना में वो इतनी लाल और गर्म हो गयी थी की पानी की बुँदे उसके बदन को छूटे hi भाप बन जा रहा था…

उसकी गोरी चिकनी पीठ जहां एक भी बाल न था बिलकुल माखन की तरह सफ़ेद और स्मूथ… ठीक उसके निचे उसकी लचकीली पतली कमर … 40 के उम्र होने के बाद भी ऐसी पतली नागिन जैसी कमर ज किसी का भी नज़र अपनी और आरक्षित कर ले.. और उसके निचे गोल तरबूज जैसी बहार को निकली हुई उसकी गोरी गोरी चिकनी गांड… आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह कामदेव भी आ जाये तो इस वक खुद को रोक नाप ए और यह ये सरे तीर विषा के ऊपर चल रहा था…

तभी बहार से विषा आवाज़ देता है

विशाल- मासी






सारिका मुस्कुराते हुवे पलटती है.. उसकी आँखे मनो कोई जादूगरनी की हो एक डैम नशीली जिसमे कामवासना साफ़ साफ़ दिख रहा था मनो वो आँखों से कह रही हो आ गया अपनी मासी के नंगे बदन को घूरने ..

उसकी तानी हुई गोल गोल चूचियों पे पानी की बुँदे मनो सोने जैसी चमक रही हो… सुचिओ से निचे आती पानी की बुँदे उसके गहरे गोल नाभि से होते हुवे उसके सपाट पेट और फिर वह से उसके दोनों मखमली जंघे और जांघो के बिच वो छेद जिसकी आग ये पानी भी शांत नहीं कर पा रही थी…

और करे भी कैसे जो आग इस छेद में लगी थी उसे विशाल के लुंड का पानी hi शांत कर सकता था ये साधारण पानी के बस की बात नहीं थी..






सारिका- हाँ विशु..

विशाल- मैं भी नाहा लू आपके साथ आंख मरते हुवे कहता है..

सारिका इस से पहले कुछ बोल पति विशाल सारिका की तरफ बढ़ पड़ता है






और पीछे से गले लगते हुवे उसके दोनों चुचिओ को थम लेता है…

सारिका- aaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh क्या कर रहा है

विशाल- नहाने आया हु

सारिका- तेरा वो चुभ रहा है मेरे पीछे

विशाल- वो क्या कुछ नाम तो होगा और खान चुभ रहा है ?

सारिका- मत कर bête नहाने दे (मन में अचे से दबा में चुके बेटे)

विशाल- पहले बता तो मेरी जान क्या और खान

सारिका- तेरा लोढ़ा मेरी गांड में सुन लिया अब खुस…. और फिर दोनों को hi और दुरी जैसे बर्दाश्त न थी वोट क दूसरे के होंटो पे टूट पड़े किसी प्यासे प्रेमी की तरह जो बरसो बाद मिले हो






विशाल लगातार सारिका के पुरे जिस्म के साथ खेल रहा था सारिका तो जैसे पागल hi हो गयी थी कभी वो विशाल को काट रही थी कभी उसका लोढ़ा मसल रही थी तो कभी उसके चूतड़… वो इस एक पल में मनो सब कर लेना छह रही हो..

विशाल उसकी छूट की आग को इतना भड़का दिया था की वो इस बार बिना कुछ बोले खुद नीच बैठ के विशाल का लुंड अपने मुँह में पूरा भर लेती है….






उसके इस जोश को देखते हुवे विशाल से भी नहीं रहा गया और वो सारिका के मुँह को तेज़ तेज़ छोड़ने लगता है





सारिका- aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh कितना बड़ा है तेरा मेरे गले को फाड़ देगा जैसा….

विशाल- aaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhh तेरा गाला भी तेरे छूट की तरह hi गरम है मेरी रंडी मासी

सारिका- तेरा लोढ़ा इतना बड़ा है की ऐसा लग रहा है जैसे बहार से तेरा हाथ और अंदर से तेरा लुंड मेरे छकुछो के सात खेल रहा hai………..iuuuuuuuuuuuuuuuuudfffffffffffffffffff मेरे से रहा नहीं जा रहा है तू अब दाल दे मेरे अंदर

विशाल सारिका के गाल पे एक जोरदार छठा लगता है जिसकी गूंज पुरे बाथरूम में गूंजने लगती है…






सारिका- aaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh mmmmaaaaaaaaaaaaaa क्या कर रहा है

विशाल- साली रंडी मुझे आर्डर देगी और फिर एक छठा और लगा देता है…

सारिका- आआह्ह्ह्ह प्लस फ़क में विशाल तेरे मासी की छूट में आग लगी है… अपना ये लुंड दाल दे मेरे छूट में और छोड़ अपने इस लुंड से ….. aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh ममममममअअअअअअअ

विशाल सारिका को घोड़ी बनने को कहता है सारिका भी विशाल के कहे अनुसार नल को पकड़ के झुक जाती है जिस से की उसकी गाल गांड बहार को निकल जाती है..






विशाल सारिका के कमर को पकड़ता है और एक तेज़ झटके के साथ अपना लुंड सारिका के छूट में उतर देता है.

सारिका- uuuuuuuuuuuuuuiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii mmmmmmmaaaaaaaaaaaaaaaaa mmmaaaaaaaarrrrrrrrrrrr गयी aaaaahhhhhhhhhhh धीरे धीरे दाल नहीं सकता था क्या एक hi बार में छूट फाड़ दी मेरी उफ्फ्फ

विशाल- aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhh मेरी रैंड धीरे धीरे में तेरी आग खान शांत होनेवाली है ….. इतनी कासी हुई बुर है तेरी उउउउउफफ्फफ्फ्फ़

विशाल के हर झटके के साथ साइका के चुके हवा में लहराने लगता है उसके चूतड़ों में थिरकन शुरू हो जाती है…..

साइका- aaaaaaaaaaaaahhhhhhhh थोड़ा ते कर ाचा लग रहा है aaaaaaaaaaaaahhhh जोर से bête और अपने हाथो से अपने छूट को मालने लगती है






विशाल- बढ़ने लगी न तेरी आएग अभी धीरे कह रही थी तू है hi रंडी नखरे बज और विशाल तेज़ तेज़ छोड़ने लगता है.. आआआह्ह्ह्ह अह्ह्ह

सारिका- आअह्ह्ह आआह्ह्ह आआआअह्ह्ह्ह फ़क फ़क फ़क और तज फाड़ दे मेरी छूट ाःह मायआ छोड़ जोर जोर से मेरे छूट को आअह्ह्ह्ह छोड़ छोड़

विशाल साइका के इस आग को देख के मन में कहता है दोनों बहने एक जैसी है साली पूरी गरम…

सारिका को इसी तरह काफी देर से छोड़ने के वजह से कमर में दर्द होने लगता है वो विशाल से कहती है तो विशाल उसकी एक तंग हवा में उठा के लुंड प्लेन सुरु कर देता है…






एक तंग जमी पे दूसरी हवा में और छूट की बिलकुल गहराई में विशाल का लुंड सारिका के तन बदन के आग को और भड़का रहा था उसे अब जबरदस्त ठुकाई की जरुरत महसूस होने लगती है…..

विशाल का जहां लुंड सारिका की छूट में था तो वही उसकी उंगलियासरिका के गड क भूरे छेद को कुरेदने लगती है….

विशाल वो तीसरा मर्द था जो सारिका की जवानी का भोग लगा रहा था जो उसके छूट की गेहराइओ को नाप रहा था लेकिन उस से पहले के दोनों मर्द यानि उसका पति राजीव और उसका बीटा कारन दोनों ने सारिका को इस तरह बेरहमी से नहीं छोड़ा था.. और सारिका को भी आज विशाल के बेरहमी में hi मजा आ रहा था … और ये बेरहमी से चुदाई का नतीजा hi है की सारिका की छूटे क बार फिर से बहने लगी है…

सारिका- विशु मैं झड़ने वाली हु थोड़ा तेज कर aaaaaaaaaaaaahhhhhhh

विशाल- तो ये ले मेरी जान आआह्ह्ह्हह आअज तेरे बुर में hi घुस जाऊंगा मई

सारिका- तो घुस जा मादरचोद आआह्ह्हह्ह्ह्ह छूऊऊडड़ड जोर से फाड् दे मेरी छूट आआह्ह्ह्हह्ह म्मम्माआआ मई गयी आह्हः uuuuuuuhhhhooooooooooooooooffffffffffffffff

और सारिका की छूट से लावा फुट पड़ता है जिसकी गर्माहट विशाल को अपने लुंड पे महसूस होती है…

सारिका तेज तेज हांफने लगती है उसका पूरा शरीर अकड़ जाता hai..ab उसका एक तंग पे खड़ा रह के विशाल के लुंड को लेना मुश्किल हो रहा था…

सारिका- bête अब नहीं खड़ा हुआ जाता है ….. मेरे पेअर कंपराहे है…

विशाल अगल hi पल सारिका को फिर से घुमा के घोड़ी बना देता है और अपना लुंड वापस से पेलने लगता है… छूट से पानी बहने की वजह से काफी चिकनः आ गयी थी जिस से की एक hi झटके में लुंड सारिका के बच्चेदानी तक पहुंच जाता है…






विशाल के हमले सारिका को पागल किये जा रहा था ो वासना के नशे में इतनी अंधी और पागल हो गयी थी अपने बाथरूम में लगे गिलास के दूर को अपना जीभ निकल के चाटने लगती है उसकी इस हालत को देख के विशाल भी उत्तेजित होने लगता है और उसे कास कास के छोड़ने लगता है सारिका की चुके शीशे से चिपक के पिचक से गयी यही….. बाथरूम का नजारा बेहद कामुक हो गया था

Sarika-aaaaaaaaaaaaaaahhhhhh और तेज़ आअह्ह्ह्ह छोड़ अपनी मासी को छोड़ आआह्ह्ह्ह

विशाल- हाँ मेरी जान आज तेरे छूट का भोसड़ा बना दूंगा

एहते हुवे विशाल सारिका को उठा के वाशबेसिन के बने स्लैब पे रख देता है जहां से सारिका खुद को चुड़ते हुवे देख सकती थी






विशाल सारिका के बाल को किसी लगाम की तरह खींच की घुड़सवारी सुरु कर देता है…. सारिका को डैड में मजा आने लगा था

सारिका- uuuuuuuuuuuuuuffffffffffffff तू मुझे पागल कर देगा आज

विशाल बिना कुछ बोले झटका जारी रखता है और गांड पे थप्पड़ मरने लगता है तो कभी पीठ को मसलने लगता है

वो छूट छोड़ते हुवे सारिका के गुलाबी तने हुवे निप्पल को अपनी चुटकी से मससलने लगता है






सारिका- aaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhh निचोड़ दे पि जा इसका सारा दूध बहुत तंग करती है मुझे ये ाअजज्जजज तू मसल दे अपनी मासी को आआह्ह्हह्ह्ह्ह विशु

विशाल- साली मासी नहीं रंडी है टी मेरी कहते हुवे एक जोर का थप्पड़ मर देता है…… बता कौन है तू मेरी?

सारिका- मैं तेरी रंडी सारिका ….. छोड़ अपने रंडी को फाड् दे मेरी छूट…. सारिका बहुत तेज़ तेज़ चिल्लाने लगती है… घर में पहले से कोई नहीं था तो उसे किसी बात का दर भी नहीं था ो खुल के अपने भांजे से अपनी जवानी लुटवा रही थी

विशाल को भी झटके देते देते कमर में दर्द होने लगता है वो लुंड बहार निकल लेता हैतो सारिका उसे घूरने लगती है…

सारिका- क्या हुआ निकला क्यों?

विशाल उसके मुँह पे दुबारा थप्पड़ जड़ देता है










विशाल- साली चिनार मेरे कमर में दर्द होने लगा है चल अब पोजीशन बदल के छोडूंगा तुझे…

साइका- aaaaaaaaaaahhhhhhh ठीक है मेरे राजा अब तू लेट जा और तेरी ये रंडी मसि तुझे अब छोड़ेगी..

विशाल वही फ्लोर पे लेट जाता है और सारिका उसके ऊपर आ जाती है और उसके खड़े हुवे लुंड पे अपना छूट रगड़ने लगती है..






विशाल सारिका के पुरे बदन पे अपने हाथ चलने ागता है… सारिका इतने लम्बी चुदाई से बिलकुल ला हो गयी थी उसे शरीर का ऐसा कोई अंग नहीं था जहां विशाल के मसलने की या थपडो के नीसाण न हो …लेकिन वासना के नशे में उसे दर्द का कोई एहसास hi नहीं था… उसे ख्याल था तो बस अपनी छूट का….

सारिका के इस तरह से उकसाने से विशाल का खुद पे कण्ट्रोल नहीं हो पा रहा था था…

विशाल- मासी कब तक रगड़ेही अब बैठ भी जा न मेरे लुंड पे बर्दाश्त नहीं हो रहा है मुझसे…

सारिका भी किसी अछि बचिकि तरह विशाल के लुंड पे बैठने लगती है.. और देखते hi देखते विषा का लुंड सारिका के छूट में गायब हो जाता है…






सारिका वापस से जोश में आने लगती है और तेज तेज विशाल के लुंड पे कूदने लगती है.. ा

सरिए- कैसा लग रहा है विशाल…?

विशाल- बहुत ाचा मासी बहुत गरम छूट है तेरी आआह्ह्हह्ह्ह्ह

सारिका तेरा लुंड मेरे बिलकुल भीतर खलबली मचा रहा है थोड़ा तेज झटके लगा uuuuuffffffffff

दोनों की चुदाई काफी लम्बे समय से चल रही थी दोनों अब अपने मंजिल के करीब आ गए थे विशाल ने अपने झटको किप सीड बादः दी थी तो सारिका भी तेज तेज अपनी गांड विशाल के लुंड पेपटाकणे लगती है

सारिका- aaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh maaaaaaaaaaaaaa कितना मोटा है तेरा मेरी छूट फाड् दी तूने आआआ ह्ह्हह्ह्ह्ह

विशाल- आआह्ह्ह मसि कितनी गरम है तू साली रंडी मैं आने लगा हु मेरी चिनार

सारिका – मैं भी आए रहे हु रे ह्ह्ह्हह्हआआआआ aaaaaaaaaaahhjhhhhhh

और दोनों का सरीर अकड़ने लगता है और एक तेज़ चीख के साथ सारिका के छूट का बांध एक बार फिर से टूट जाता है और उसके छूट से सैलाब बहने लगता है…






सारिका का पूरा शरीर कंपनी लगता है और वो निढाल हो की विशाल पे hi गिर पड़ती है…. पुरे बाथरूम में दोनों के हाफने की आवाज़ गूंज रही थी….

विशाल को अपनी मासी सारिका के दमदार चुदाई से हुवे लाल चेहरे को देख के जाने क्या होता है की वो अपने लुंड को हाथ में पकडे खड़ा होता है और सारिका के चेहरे पे मूतने लग जाता है ताजुब उसे तब हुई जब सारिका ने इसका विरोध करने की जगह मुँह खोल के उसके पेशाब को अपने मुँह में भरने लगती है






हालाँकि वो पीती नहीं है सारा बहार hi निकल देती है पर विशाल को उत्तेजित करने के लिए उसका ये रिएक्शन काफी था.. सायद वो विशाल को खुश करना छह रही थी उसे नाराज़ नहीं करना छह रही थी क्यूंकि आगे बह तो उसे इस लुंड की जरुरत पड़ने वाली थी...

विशाल सारिका के इस रूप को देख के खुश हो जाता है और उसके मुँह पे थूक के एक जोर का छठा लगा देता है..






सारिका भी विशाल के थूक को चाट जाती है.. आज पहली बार सारिका ने किसी का मूत पिया था उसका थूक छठा .... जिसका मतलब साफ़ था की विशाल ने उसे अपने लुंड का गुलाम बना लिया था और सारिका उसे किसी भी चीज के लिए सायद रोकने वाली नहीं थी....

अपने पहली चुदाई में hi विशाल ने सारिका को एक शर्मीली औरत से रंडी बना दिया था जो गन्दी बात तक नहीं कर पति थी आज एक hi दिन में वो ऐसी बदली की ना सिर्फ गालिया देने लगी बल्कि चुदाई के बाद मूत और थूक भी गटकने लगी है... ये सारिका के अंदर छुपी रंडी hi तो थी जिसे विशाल ने बहार निकला है और जाने आगे अभी और क्या क्या करएगा...
 
Part-18



अगले 3 दिन कारन के वापस आने तक विशाल उसकी माँ सारिका को अछि तरह से रगड़ता hai…uski शर्म तो विशाल ने गायब hi कर दी थी.

घर का ऐसा कोई कोना न था जहां विशाल ने सारिका क छोड़ा न हो या अपना मुठ न पिलाया हो.. सारिका भी एक अहा से विशाल की रंडी hi बन गयी थी… न विशाल ने कोई कपडे पहने न सारिका ने.. पुरे घर में मासी भांजे का नंगा नाच चलता रहा जो कारन के आने के बाद hi रुक पाया था……

विशाल भी आज 3 दिन बाद अपने घर आया था…3 से लगातार चुदाई करने से वो भी थक सा गया था और घर आ के उसने ज्यादा कुछ नहीं किया बस अपने कमरे में आ के सो गया ता…

उधर आज अलका के ऑफिस की पार्टी दिल्ली क एक बहुत बड़े क्लब में है… और अलका भी वहां मौजूद है…

पार्टी अपने पुरे श्वाब पे थी बाकि सब के साथ अलका ने भी 2 पेग लगा लिए थे और बार अपने दोस्तों के साथ डांस एन्जॉय कर रही है तभी अलका किन अजर बार टेंडर पर पड़ती है जो उसे hi घूरे जा रहा था अलका को पहले थोड़ा अजीब लगा पर थोड़ा ध्यान देने पर वो चेहरा जाना पहचाना सा लगने लगा… सामने से बारटेंडर भी उसे देख के मुस्कुरा रहा था ये बात उसे अजीब लगी और उसे बार टेंडर के पास जाने को मजबूर कर दिया वो बड़े अदाओ के साथ बार काउंटर पे जाती है और उसे अपने ऊँगली के इशारे से अपने पास बुलाती है

अलका- हे मिस्टर क्या ताड़े जा रहे हो कब से देख रहा हु…?

बट- अब सामने जब आपके जैसी खूबसूरत औरत हो तो कोई अपना ध्यान कैसे हटाए ???????

अलका- तुम अपने सरे गेस्ट से ऐसे hi पेश आते हो??

बट- सरे नहीं पर कुछ खास लोगो से???

अलका- तो मैं कैसे खास हुई आपके लिए??

फिर उस बट ने अलका को नजदीक आने को कहा और उसने उसके कान में कुछ खा जिसे सुनते hi अलका के दिल की धड़कन फ1 कार बन गयी.. और उसके छूट के डेन खुद से फड़कने लगे…

बट- 1सत जनर्य की रात मेरे कार में आप अपना पंतय भूल आयी थी जो अभी भी डैशबोर्ड में पड़ा है….

अलका- ओह माय गॉड अमन तुम……???????? सॉरी मैंने तुम्हे पहचाना नहीं….

Aman-par मैं आपको नहीं भुला…

अलका- मैं भूलने वाली चीज भी नहीं हूँ मर बोलते हुवे आंख मार के उस के तरफ थोड़ा ज्यादा झुक गयी जिसके वजह से उसके मोठे मोठे चुचिओ के बिच बानी घाटी अमन को ललचाने लगती है..

Aman-wo तो है मैंने ढूंढा भी बहुत तुम्हे फिर आज जा के तुम मिली हो…?

अलका- ाचा जी वैसे क्यों धुंध रहे थे???

अमन- आपकी अमानत जो लौटानी थी??

अलका- कोण सी अमानत?

अमन- तुम्हारी काली पंतय बोलते हुवे जेब से उसकी काली पंतय निकल लेता है….

अलका- omg अमन ये क्या कर रहे हो अंदर रखो उसे

अमन- वैसे एक उधर आपके पास भी मेरा बाकि है

अलका- कैसा उधर मैंने तो तुमसे कुछ नहीं लिया जहां तक मुझे याद है

अमन- नई ईयर पे जो अधूरा काम चोर के भाग गयी थी उसे पूरा करने क अक उधर बोलते हुवे अपना एक स्पेसल ड्रिंक अलका की तरफ बढ़ा देता है

अलका- वो रात गयी बात गयी और मैंने पि राखी है और नहीं पि सकती.

अमन- ये पिलो ये अमन स्पेशल है..

अलका- रियली फिर तो तरय करना बनता hai..aur अलका ने जैसे hi गिलास उठाया अमन उसका हाथ पकड़ते हुवे बोलै

अमन- बूत एक कंडीशन है इस ड्रिंक की…?

अलका- ok फॉर यू ओनली और पूरा पेग एक बार में जातक जाती है…

टास्ते थोड़ा अजीब था लेकिन काफी भडकू था जो जुबान पे टच होते दिमाग को हिट कर गया…

अलका- ओह माय गोष ये क्यात है बड़ा टेस्टी सा और हार्ड भी…

अमन- फिर एक और हो जाये?

अलका- no no ये भी बस तुम्हारे लिए मैंने पि ली है वर्ण मेरा मुद नहीं था बिलकुल भी.. वैसे तुम यह कैसे तुम बारटेंडर तो नहीं लगते?

अमन- ये क्लब छुम रेस्त्रो मेरा hi है ौस से आने के बाद अभी यही हाथ जमा रहा हु..

अलका- वाओ ौस में तो मेरा बीटा आदित्य भी स्टडी करता है….

पर अमन को उसके bête में कोई इंट्रेस्ट नहीं था सो उसने उसके बारे में कुछ खा hi नहीं…..

तभी अलका के ऑफिस के कल्लेगे अलका से चलने को इशारा करते है क्यूंकि नेक्स्ट डे वापस ऑफिस भी तो आना था और पार्टी में बहुत देर हो चुकी थी…

अलका- ाचा मैं चलती हूँ तुमसे किसी और दिन मिलती हूँ तब अपना कुछ स्पेशल खिलाना..

अमन- तुम ये खाना पसंद करोगी अमन स्पेशल ये बात कहते हुवे उसने अपने लुंड की तरफ इशारा कर दिया जो इस वक़्त अलका के मौजदगी भर से hi हरकत में आ गया था





कही अगर कही अलका ने उसपे अपना हाथ रख दिया होता तो बेचारे का क्या होता...

पर उसपे गुस्सा या नाराज होने बदले अलका का जो जवाब होता है वो शॉकिंग होता है

अलका- वो तो देपेंद करता है..

अमन- किसपे...?

अलका- मेरे मूड पे और तुम्हारे इस्पे कहते हुवे वो थोड़ा झुक के उसके लुंड को दबा देती है..

ये साडी हरकते बगल में खड़ा दूसरा बट देख रहा था क्युकी अलका की पंतय अमन की गाड़ी से वही ले के आया था अमन के कहने पे

अमन- आआआअह्ह्ह्हह क्या कर रही हो ...

अलका- क्यों तुम तो खिलाना चाहते थे और अभी से दर गए...

अमन- वैसे आज किस कलर का पहना है....?

अलका पे अमन स्पेशल का जादू चढ़ने लगता है... और वो बहकने लगती है...

अलका- खुद hi देख लो सुन के वो क्या मजा आएगा... जो देख के आएगा😉

रेस्टरूम में किधर है btw

अमन- आगे से लेफ्ट...

अलका- आंख मार के अपनी गांड पे हाथ फेरते और मटकते हुवे आगे बढ़ जाती है... उसके मोठे मोठे चूतड़ आपस में टकरा रहे थे और फ़ैल रहे थे... ये थिरकन किसी को घायल करने के लिए काफी था...

अलका रेस्टरूम में चली जाती है पर उसने दूर बंद नहीं किया था...

थोड़ी देर में अमन एंटर करता है और बिना टाइम वास्ते किये दोनों के बिच इंटेंस किश शुरू हो जाता है मनो कितने जन्मो के प्यासे हो..





अमन उसके जानवरो की तरह कभी उसके मोठे चूतड़ों तो कभी चुचिओ को मसलने लगता है...

फिर अमन अलका के गांड में हाथ डालते हुवे उसे उठा के वाशरूम में बने ड्रेसिंग पे बिठा देता है इस दौरान उसकी दोनों चूचिया जम्प कर के उसके ड्रेस से बहार निकल जाती है





अमन उसके दूध पीना उसके चूचियों को रगड़ने लगता है और इस बिच उनकी किश रूकती hi नहीं वो लगे रहते एक दूसरे के होंटो का सारा रास पिने के लिए ..

अलका- आआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अमननननन बात में दंत स्टॉप दबाओ मेरे दोनों चुचिओ को पि जाओ सारा दूध...

अमन - आआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ायलल्कककककाआअ मेरी जाननं तुम बहुत हॉट हो bahut5ttt5tttttttt इन्तेजाररररर करवाया तुमनेईएएए और अपना लुंड बहार निकल के उसके हाथ में दे देता है...

अलका- ये तो बहुत हार्ड है ...आआआह्ह्ह्हह्ह ाअम्म्मम्मानननननन टूयममममहहहहाररररर लललललललूऊऊऊडड़डडडडडडआ है या लल्लूऊऊह्ह्हह्हह्हआआ...

मुझे इसे टास्ते करना है ी वांट तो बात योर डिक...





अलका उसका लुंड पकडे हुवे ड्रेसिंग से उतरती है और उसके आँखों में देखते हुवे अपने घुटनो पे उसके दोनों टैंगो के बिच बैठ जाती hai....Aur किश करते हुवे कहती है..





अलका- मुझे ये लुंड चाइये अमन...

ामा- ये तुम्हारा hi है आज से

अलका- मुझे अपने छूट में डालना है ये लुंड ..पर उस से पहले इसे मई अपने मुँह में लुंगी....





आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ककककीीीित्तत्ततण्णन्नआआआ गगगगगगगगायआररररररममममममम hhhhhhhhhaaaaaaiiiiiiiiiiiii

अमन- आआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह कककककककययययययआआआआ कक्कक्छःहुउउइउउंसससससससटटटटटीईई ह्ह्ह्हह्हूऊऊऊओ ी ऍम इन हेवन नाउ

अमन से बर्दाश्त नहीं होता वो उसे शीशे से टिका के घोड़ी बनता है और पीछे से अपना लुंड डालने के लिए





अमन- अपना लुंड अलका की छूट पे रगड़ना सुरु कर देता hai...alka को अपने छूट पे अमन के लुंड के टच होते hi उसके जिस्म में एक तीज सिहरन होने लगती है और वो खुद अपनी गांड पीछे फेकने लगती है... जिस से की अमन का लुंड उसकी छूट में घुस जाये और उसकी छूट की खुजली मिठे..

अमन अभी धक्का मरने hi वाला था की तभी बहार से कोई दूर नॉक करती है...





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दोनों जो वासना के नशे में ये भूल चुके थे की वो बैडरूम में नहीं रेस्टरूम में है वो भी पब्लिक..

लेकिन अमन अभी भी उसके कमर पकड़ के लुंड डालने की कोशिश करता है और बहार वाला बंदा कंटिन्यू दूर नॉक करता रहता है...

अलका- आआह्ह्ह्हह्ह अमन बहार कोई है आआअह्ह्ह्ह अभी के लिए चोर do……Hum फिर कभी कर लेंगे..

अमन- नहीं बहुत मुश्किल से मिली हो आज जिसे नॉक करना है करने दो..

अलका- प्लस अमन समझो बात को मई खुद आ जाउंगी तुमसे छोड़ने...

अब तो तुम्हारा ये लुंड अपनी छूट में लिए बिना मई भी नहीं रह पाऊँगी..

अमन- ok पर एक शर्त पे

ाललका- मुझे तुम्हारी साडी शर्त मंजूर है अभी के लिए जाने दो प्लीज

अमन- ok बहार जिस लेडी ने भी हमारे सेक्स को डिस्टर्ब किया है तुम उसे लिप किश करोगी

अलका- ok दोने अब जाने दो..

अमन- इस बात से शॉक हो गया की अलका एक hi बार में कैसे मान गयी...

अमन दूर ओपन कर के बिना उस लेडी को देखे बहार निकल जाता है.. क्यूंकि ये लेडीज वाशरूम था और उसमे से एक मर्द निकला था इसलिए...

उसके बाद अलका अपनी कपडे ठीक करने लगती है और अपनी बुलेट ट्रैन की रफ़्तार से

भाग रही सांसो पे कण्ट्रोल करते हुवे वाशरूम से निकलने लगती है ...तभी दूर खड़ा अमन उसे लड़की की तरफ इशारा कर के प्रॉमिस याद दिलाता है..

अलका की धड़कने और बढ़ जाती hai..kisi अनजान औरत को कैसे चूमे वो भी इतने लोगो के बिच..

अलका का चेहरा पूरा लाल हो चूका था जिसका एक कारन तो अमन के साथ अधूरा चुदाई था दूसरा अनजान औरत के होंटो को चूमने का एक्ससिटेमेंट था...

लेकिन उसकी हिम्मत नहीं होती और वो उस लड़की को क्रॉस कर के जाने लगती है तभी अमन उसे उसकी प्रॉमिस दोबारा से याद करता है अलका की धड़कने भोत hi ज्यादा तेज हो जाती है उसकी धड़कने इतनी बढ़ जाती है की उसकी चूचिया ऊपर निचे होने लगती है ऐसे जैसे अभी उसके ड्रेस से बहार निकल जाएगी... उसकी छूट इस बार पहले से कई ज्यादा फुदकने लगती है उसके बुर में बहुत तेज़ सनसनाहट हो रही होती hai..kyunki ये पहली बार था जब अलका किसी औरत को चूमने जा रही थी वो भी इतने लोगो के बिच...

अलका बढ़ते धड़कनो के साथ लड़की की तरफ बढ़ती है और इस से पहले वो वाशरूम में घुस पति उस से पहले उसका हाथ पकड़ अपनी और खींचती है और उसके कमर को पकड़ के अपनी और खींचते हुवे इस से पहले की लड़की संभल पति अलका एक डैम से अपने सुलगते होंठ उसके होंठो पे रख देती है...





और ये एहसास कुछ अजीब था वो चाहती तो छोटी किश करके चैलेंज कम्पलीट कर सकती थी पर उसे इतना मजा आया की की वो एक तगड़ी वाली इंटेंस किश करने लग जाती है.. लड़की थोड़ा उनकंफर्टबले होने लगती है पर इस बात की अलका को खान परवाह थी वो अपनी जुबान उसके मुँह में दाल के उसके होंटो को चूसे जा रही थी..





अलका इस किश में सब भूल जाती है की वो खा है लोग उसे देख रहे है.... तभी अलका के इस हिम्मत को देख पूरा क्लब तैलीय बजने लगता है तब जा के अलका को पता चला की वो अपनी जुबान किसी के मुँह में दाल के उसके जुबान को चूस रही है... तालियों की आवाज़ वो एक डैम से अलग होती है और अपने चेहरे को छुपाते हुवे तेज़ कदमो से बहार भागने लगती है तभी अमन स्लूस अपना कार्ड देता है और वो झेपते हुवे कार्ड ले के बहार आ जाती है..

वो अपने कार में बैठ hi रही थी की अमन दुबारा से आ क उसका नंबर लेता है

अमन- तुम तो बहुत डेरिंग हो यार..

अलका- ये तुमने मुझसे क्या करवा दिया.. मेरे ऑफिस के किसी मेंबर ने देखा तो नहीं...?

अमन- अरे वो तो कब के चले गए..

अलका- ठीक है मई भी चलती हु यह ज्यादा देर रहना मुझे ठीक नहीं लग रहा है..

अमन- अरे अपना नंबर तो दे जाओ

अलका- मई घर पहुंच के टेक्स्ट करती हु bye... और जाते जाते अपनी पतली जालीदार झींणी जैसी गुलाबी पंतय भी उसके हाथो में दे देती है..





अलका- लो इसे उतरा तुमने है तो पहनूंगी भी तुम्ही से... ब्बये

अमन उसके इस हरकतों से इतना उत्तेजित हो जाता है की उसे पास के पिलर से चिपका के उसके ड्रेस को ऊपर उठा के उसके गांड में अपना लुंड रगड़ने लगता है…





पर ये मौका और समय दोनों सही नहीं था उन दोनों के मिलान के लिए....

अलका- aaaaaaaaaaahhhhhhhhhhh का कररहे हो छोड़ो कोई देख लेगा

और फिर अलका बड़ी मुश्किल से खुद को चुरा के भगति है और अपने सांसो पे कण्ट्रोल करते हुवे कार में बैठ के घर की और चल देती है…

 
Part-19

आज एक बार फिर से अमन ने अलका के छूट की आग को भड़का दिया था.. पर अलका के आज का अनुभव बिल्कल नया और भड़काऊ tha..pahle क्लब के रेस्ट्रुम में सेक्स करना फिर किसी अनजान लड़की को सब के सामने किश करना और बिष रोड पी मन का उसके गांड में लुंड रगड़ना… अलका की छूट अपना पानी चोर्ने लगी थी.. उसे खुद पे काबू कर पाना मुश्किल हो रहा था.. उसका मन हो रहा था वो वापस क्लब जाये और अमन के सामने नंगी हो जय और अपनी मखमली जंघे फैला दे और कह डेल की अपना लुंड मेरे इस छूट में भर दो लेक इस वक़्त क अक घर पहुंचना भी जरुरी था… क्यूंकि जो प्रोजेक्ट के सक्सेस पार्टी वो मन रही थी अब उसी प्रोजेक्ट के लिए उसे मेड्रिड (स्पेन) जाना था… पर साथ hi उसकी छूट उन मांग रही थी… वो jaldi-jaldi कार ड्राइव कर के घर पहुँचती है तभी उसके मन में एक ख्याल आता है क क्यों न वो विशाल को भी अपने साथ ले जाये.. इस से उसका काम भी हो जायेगा और विशाल के साथ 2ंद होनेमून भी मना लेगी.. वो अपनी साडी फंतासी पूरी कर सकेगी ज यहां अपने सहर में नहीं कर सकती अनजान सहर में उसे जनता hi कौन है जैसे मर्जी एन्जॉय कर सकती है…

घर आ के उसने विशाल को बताया की उसे 3-4 दिन के लिए स्पेन जाना hai…aur उसने विशाल को अपनी प्लानिंग भी बताई विशाल की तो मनो लॉटरी लग गयी हो..

Alka-vishu 3 दिन के लिए हमे मेड्रिड चलना है मुझे कुछ काम है तुम भी चलो

विशाल- आ तो काम करोगे मैं वहां क्या करूँगा माँ

Alka-are बुद्धू काम तो दिन में करुँगी रात में हम एन्जॉय करेंगे

Vishl-kaisa एन्जॉय माँ

अलका- तुम इसे हमारा होनेमून समझ सकते हो.

Vishal-fir तो आप मेरी माँ नहीं मेरी बीवी बन के चलोगे?

अलका- ब्लश करते हुवे ok और kuch?(aakhir अलका भी तो यही चाहती है)

विशाल- मेरे पसंद के ड्रेस पहनोगे और जो मैं कहूंगा वही करोगे

अलका- फिर तू मुझे वह माँ बोलेगा या मेरे नाम से?

विशाल- अलका

और दोनों एक दूसरे के होंटो को चुम लेते है…






दोनों hi एक दूसरे के साथ चुम्बन में खो जाते है अलका विशाल के लुंड मसल रही थी तो विशाल अपनी माँ अलका की गांड और छूट..





Vishal-maa तू तो अभी से गीली हो रही है ये बात विशाल ने उसके छूट के पानी को छत्ते हुवे कहा था..

अलका उसके हाथ को पकड़ के उसके उंगलिओ को उसके मुँह से निकल के अपने मुँह में भर लेती है






और एक कामुक स्वर के साथ कहती है- आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह विशु तू क्या जादू कर देता है मेरे ऊपर मेरा कण्ट्रोल hi नहीं रह पता है (अब वो विशाल को ये कैसे बताये की उसका ये हाल अमन ने किया था)

विशाल अलका के चुचिओ को मसलन लगता है और कहता है- माँ उंगलिओ को चूसने से वो मजा नहीं आएगा जो तुझे मेरा लुंड चूस के आएगा…

अलका- सही खा और झुक के उसके पंत को उतर देती है जिस से की विशाल का लुंड लहराते हुवे बहार निकल जाता है..






अलका बिना देर किये विशाल का लुंड मुँह में भर लेती है और चूसना सुरु कर देती hai..wo बहुत जोश में विशाल का लुंड चुने लगती है.. विशाल भी मस्ती के सागर में गोते लगाने लगता है…





अलका विशाल के लुंड को चूसना चोर के कभी उसके बॉल्स को चुस्ती तो कभी हलके दांतो से उसके लुंड को काट रही थी उसका ेके क हमला विशाल के अंदर के शैतान को जगा रहा था…

काफी देर लुंड चूसने के बाद विशाल अलका को बीएड पे लिटाता है और उसकी टंगे पकड़ के अपनी और खींचता है जिस से उसकी टंगे खुल जाती है और छूट विशाल के मुँह के करीब आ जाता है… विशाल अपनी जीभ अलका के छूट पे लगे देता है






अलका के छूट पे विशाल का जुबान लगते है अलका के मुँह से सिसकारी निकल जाती है

अलका- aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh ममअअअअअअअअ

विशाल अलका के छूट चाट रहा था तो उसकी बड़ी बड़ी गोल चुचिओ क भी मसल रहा था…

अलका मनो हवा में उड़ने लगी थी वो विशाल का सर अपने छूट पे दबाने लगती है मनो उसे अपने अंदर hi समां लेगी…






अलका- aaaaaaaaaaaahhhhhhhhh विशु ऐसे hi चाट मेरी छूट घुस जा इसी में aaaaaaahhhhhhhhhh चूस मेरे दानो को आअह्ह्ह बड़ा ाचा लग रहा है





विषा अलका के कमर को थोड़ा उठा देता है जिस से उसके गांड की तंग भूरी सुराख़ और छूट दोनों hi विशाल के सामने थे विशाल अपने पुरे जुबान को अलका के गांड के छेद से फेरते हुवे उसकी छूट में समां देता है.. अलका पे मनो कोई बिजली गिर रही हो वो मछली की तरह तड़पने लगती है… उसका नंगा बदन ऐसे अंगड़ाई ले रही थी मनो नागिन..





काफी देर तक ऐसे hi चूसने चाटने के बाद विशाल अलका से कहता है..

विशाल- माँ अपनी अपनी गांड मेरे मुँह पे रख के बैठ जाओ….. अलका भी अपनी भरी सी गांड लिए विशाल की तरफ बढ़ती है और दोनों टंगे फैलते हुवे अपने कूल्हे विशाल के चेहरे पे रख के बैठ जाती है






विशाल जितनी सिद्दत से अपनी माँ के छूट चूस रहा था उतनी hi बेदर्दी हो के अलका के चुचिओ को मसल रहा था.. लेकिन अलका को इस वक़्त दर्द का एहसास hi खान था उसे तो बस कैसे भी झड़ना था

अलका अपनी छूट अपने bête विशाल के चेहरे पे रगड़े लगती है और फिर जब उस से रहा नहीं गया वो आगे झुक के विशाल का लुंड मुँह में भर के चूसने लगती है…






tous les symboles clavier

दोनों माँ bête एक दूसरे के अंगो में खो गए थे… पुरे कमरे में दोनों की घुटी घुटी आवाजे गूंज रही थी





दोनों hi मनो एक दूसरे के भीतर समां जाना चाहते हो . एक तरफ विशाल झटके मार के अपनी माँ अलका के मुँह में लुंड पेल रहा था तो वही अलका भी अपनी छूट का दबाव विशाल के चेहरे पे बढ़ाये जा रही थी…

अलका उठा के विशाल की गोदी में बैठ जाती है और उसका लुंड अपने छूट में जातक जाती है






अलका का पूरा जिस्म विशाल के ऊपर था और उसके होंठ विशल के होंठो को जकड़े हुवे थी और छूट में विशाल का लुंड किसी पिस्टन की तरह तेजी से अंदर बहार हो रहा था

अलका- aaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhh maaaaaaaaaa ऐसे hi धक्के लगा तेज़ तेज़ मेरा होने वा है..

विशाल झटको की स्पीड बढ़ाते हुवे तेज़ी से अलका को चढ़ने लगता है दोनों माँ bête किसी सांप की तरह एक दूसरे में गुथे हुवे थे एक बहुत hi कामुक दृश्य था अलका के कमरे का जहां एक गोरी मांसल शरीर से भरी गदराई औरत अपने bête के लोडे पे उछाल के अपनी गर्मी निकलवा रही थी …






विशाल भी अलका को अपने पुरे बहो में भर के बड़े प्यार से उसके होंटो को चुम रहा था और उसके छूट में अपना लुंड पेल रहा था अलका भी एक तंग उठा के विशाल के जांघ पे रख के उसके पुरे लुंड को अपने अंदर ले रही थी…..

विशाल- माँ मेरा भी होने वाला है..

अलका- तेज़ तेज़ छोड़ फिर

विषा- ये ले फिर मेरी रैंड आआह्ह्ह्ह

और दोनों का शरीर एक साथ अकड़ जाता है और विशाल अलका के छूट से अपना लुंड निकल के उसके मुँह में दाल देता है और अलका का मुँह अपने पानी से भर देता है… जिसे अलका बड़े hi चौ से पिने लगती हो मनो उसे अमृत मिल गया हो






जब विशाल अलका के मुँह से अपना लुंड बहार निकलता है तो अलका का पूरा मुँह विशाल के लुंड से निकले गड़े पानी से भरा हुआ जिसे वो अपने bête विशाल को दिखते हुवे पूरा जातक जाती है…





दोनों माँ bête के जिस्म की गर्मी अब जा के कुछ शांत हुई थी उसके बाद दोनों पैकिंग करने लग जाते है क्यूंकि शाम की फ्लाइट थी जिस से उन्हें मेड्रिड जाना था

शाम हो गयी थी दोनों अपने सफर के लिए तैयार हो रहे थे विशाल जल्दी तैयार हो गया था और हॉल में बैठ के अलका का वेट करने लगता है

जब दरवाजा खुलता है और अलका सामने आती है तो विशाल को यकीं नहीं होता ये उसकी माँ अलका hi है






अलका सच्ची में विशाल की माँ न लग के उसकी गर्लफ्रेंड hi लग रही थी… हमेशा साड़ी या मैक्सी में बहार निकलने वाली अलका आज एक पिंक टॉप एंड एक शॉर्ट्स में अपने bête के साथ स्पेन जा जा रही थी टॉप इतनी टाइट थी की उसकी भरी चूचिया अलग से hi झलक रही थी उसपे इतना डीप नैक था की मनो अब उसकी चूचिया बहार hi निकला जाएगी…

शॉर्ट्स इतना शार्ट की ऊके चूतड़ झलक रहे the….uski मखमली चिकनी गोरी गोरी जंघे जिसे देख के के hi मसलने को जी कर रहा था आज कुछ ज्यादा hi चमक रत hi…

इन दिनों अलका में एक बदलाव ला दिया था विशाल ने अब वो अपने आपको विशाल की माँ नहीं उसकी गर्लफ्रेंड समझने लगी थी

विशाल- वाओ माँ यू अरे दमन हॉट…


अलका- तेरे लिए hi ये गेटउप बदला है bête… अब तू अपनी माँ नहीं अपनी गर्लफ्रेंड के साथ टूर के मजे ले.. जैसे चाहे पेश आ अपनी गर्लफ्रेंड के साथ जहां मन करे किश कर या छोड़ दे कोई रोकने वाला नहीं वहां.. और दोनों एक लिप किश करते है और एयरपोर्ट की तरफ चल देते है…

अब देखते है दोनों माँ बीटा मेड्रिड यानि स्पेन में क्या गुल खिलते है... एक तो इनदिनों अलका से अपनी जवानी नहीं संभल रही उसके ऊपर विदेशी धरती पे बुसिनेस डील ऊपरवाला hi जाने अलका का क्या होगा
 
क्लाइंट के साथ बिज़नेस मीटिंग करती हुई अलका





क्लाइंट तो प्रोडक्ट का डेमो देती हुई अलका



 
Part-20

मेड्रिड पहुंच का दोनों माँ bête होटल में चेक इन करते है.. होटल काफी आलीशान था दोनों अपने रूम में जा इ फ्रेश होते है और थोड़े आराम के बाद अलका अपने काम के लये निकल जाती है जहां उसका ाचा खासा टाइम निकल जाता है काम फिनिश कर के अलका वापस होटल आती है और फिर थोड़े देर की अड़ वो विशाल के साथ आज की प्लानिंग करने लगती है


अलका- तो विशु क्या प्लान है आज का?

विशाल- माँ कही क्लब षाले ै यहां की नाईट लाइफ बहुत अछि है मैंने सुना है

अलका- ok फिर रेडी हो जाओ हम थोड़ी देर में निकलेंगे

और अलका रेडी होने के लिए चली जाती है..

थोड़ी देरबाद अलका रेडी हो के बहार आती है तो वोट क बहुत hi भड़काऊ ड्रेस में होती है








ड्रेस इतना सॉर्ट था की आगे से उसकी आधी चूचिया तो पीछे से उसके चूतड़ साफ़ झलक रहे थे…

विशाल- वाओ माँ यू अरे लॉकिंग सो हॉट

अलका- थैंक यू बीटा अब चले…

विशाल षाले है पर उस से पहले एक जरुरी काम तो कर लू और इतने कहते hi वो अलका को अपनी और खींचता है और उसके होंटो को चूमने लग जाता है और उसके चूतड़ों को मसलना सुरु कर देता है.. अलका भी इसमें उसका साथ देने लगती है मनो जुंग में जाने से पहले दोनों वार्मअप कर रहे हो…






फर जल्दी hi अलका विशाल से अलग हो जाती है और अपने ड्रेस पस निचे की और खचते हुवे अपने चूतड़ ढकने की नाकाम कोशिश करने लगती है क्यूंकि ड्रेस था hi इतना छोटा और अलका की गांड इतनी बड़ी की ड्रेस के बस की बात नहीं उसके बड़े गांड को धक् पाना

दोनों माँ bête टैक्सी करते है और मेड्रिड के गलियों में निकल पड़ते है… माहौल काफी रंगीन था हर तरफ कपल चूमने चाटने में लगे हुवे थे तो कही एक दूसरे के अंगो को मसलने में…. ये माहौल दोनों को उत्तेजित करने के लिए काफी था

टैक्सी से उतरने के बाद दोनों मेड्रिड के गलियों में घूमने लगते है विशाल का हाथ कभी अलका के कमर पे होता तो कभी वो उसके चूतड़ों को सेहला देता है मसल देता …

तभी विशाल अलका से कहता है

विशाल- अलका ी डरे यू

अलका- कैसा डरे?

विशाल- किश meeeeeeeeeee

अलका- यहाँ सब के सामने?

विशाल- हाँ क्यों फैट गयी?

अलका बिना देरी किये विशाल के होंटो पे अपना होंठ रख देती है और एक डीप किश करने लग जाती है..






विशाल भी अलका के होंटो को अपने होंटो में दबा के उसके रास को पिने लग जाता hai…is दौरान उसके हाथ अलका के चूतड़ों को सेहला रहे थे अलका भी मदहोश हो रही थी …

तभी अलका किश तोड़ते हुवे विशाल से कहती है…

अलका- मेरी फटती नहीं है और तुझे वैसे भी खा है न ये टूर तेरे नाम का जो मर्जी कर मैं नहीं रोकूंगी जो कहेगा वो करुँगी…

विशाल- ok मेरी जान चलो क्लब के अंदर षाले है…

दोनों क्लब में जाते है और अंदर में जो माहौल था ो बिलकुल नशीला था हर तरफ स्मोक दारू की महक हवाओ में फैली हुई थी…

अलका- चल पहले 2-2 शॉट लगते है फिर मजे लेंगे

विशाल- सूरे माँ

और दोनों बार टेंडर के पास जा के वोडका के शॉट्स लगाने लगते है… अलका वोडका के पिने के बाद सिगरेट के दो काश लगाती है और डांस फ्लोर की तरफ गांड उचकते हुवे दौड़ जाती हैपीचे पीछे विशाल भी अलका के जाने लगता है.. डंके फ्लोर पे काफी क्राउड होने के वजह से अलका और विशाल बिलकुल चिपक के डांस कर रहे थे. विशाल अलका से इतना चिपका हुआ था की उसके होंठ रह रह के अपनी माँ अलका के होंठो से मिल जा रहे the…dono डांस के बिच बिच में एक दूसरे को चूमना और सहलाने का कोई मौका नाह ऐकोर रहे थे… अलका जैसी कामुक औरत को इस हाल में देख के क्लब के बाकि लोगो की भी हालत टाइट हो रही थी उनमे से एक ग्रुप जिसमे को 4-5 लड़क थे आ के अलका को चारो तरफ से घेर लेट है और उसके साथ चिपक के डांस करने लगते है








अलका की ड्रेस छोटी होने के कारन उसकी गांड पूरी खुल के बहार आ गई थी लेकिन वो नशे और डांस में इतना खो गयी थी की इसका उसे कोई होश नहीं था…. विशाल आगे से अपनी माँ के मजे ले रहा था तो पीछे खड़ा दूसरा लड़का अलका कैग एंड में अपना लुंड मसलने लगता है… अलका के तरफ से उसका कोई विरोध न प् कर उसने अपना लुंड अपने पंत से बहार निकल लिया और अलका कैग एंड में मसलने लगता है अलका भी अपने नंगे गांड पे लुंड के स्पर्श से hi अलका की शरीर में बिजली दौड़ जाती है… शराब और कामवासना के नशे में वो इतनी कामातुर हो जाती है की वपणी गांड उस अनजान लड़के के लुंड पे रगड़ने लगती है.. उसे इस बात की कोई परवाह नहीं थी की सामने hi उसका बीटा भी है जो उसे ऐसा करते देख सकता है…





अलका की भरी मखमली गांड के आगे वो बेचारा ज्यादा देर टिक नहीं पाटा और अलका के गांड पे hi अपना पैन ऐकोर देता है… अपने गांड पे गीलापन महसूस होते hi अलका पीछे मुद के देखती है तो व लड़का शर्मा रहा होता है… पर अलका के आँखों में वासना साफ़ साफ़ दिख रहा tha…wo फ़ौरन विशाल की तरफ अपनी गांड कर लेती है और उसके हाथ पकड़ के अपने पेट पे रख के अपनी गांड विशाल के लोड पे रगड़ने लगती है… विशाल भी अलका के गांड में लुंड रगड़ना सुरु कर देता है. तभी उनमे से दूसरे लड़का अलका की आगे आ के खड़ा हो जाता है और अलका से चिपक के डांस करना शुरू कर देता है





डांस करते हुवे वो अलका के गार्डन को चुम लेता है अलका भी गार्डन उठा के उसके चूमीओ का आनंद लेने लगती hai…aur उसके मुँह से हलकी सी आअह्ह्ह निकल जाती है

अलका- आआआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

अलका अब दोनों के बिच सैंडविच बन गयी थी जहां उसके छूट पे किसी अनजान लड़के का लुंड ठोकर मार रहा था तो पीछे उसका सागा बीटा उसकी गांड में घुसने की कोशिश कर रहा tha…is दोहरे हमले में अलका बहुत ी ज्यादा गरम हो जाती है वो इतनी ज्यादा गरम हो गयी थी की अभी दोनों में से कोई उसे छोड़ना चाहते तो वो ख़ुशी ख़ुशी घोड़ी बन जाती… जहां पीछे से विशाल उसकी गार्डन चुम रहा था तो आगे से वो अनजान लड़का उसके मुँह में अपनी जुबान दाल देता है जिसे अलका बिना किसी हिचकिचात के चूसने लगती है….






अलका अभी उन्दोनो के बिच सैंडविच बानी अपने मखमली जिस्म के रगड़ने का मजा ले hi रही थी की दोनों ने मिल के उसकी चूचिया बहार निकल दी और दोनों hi उसके गोर गोर बदन को मसल के लाल करने लग गए…





विशाल आज किसी अनजान मर्द के साथ मिल के अपनी माँ के जिस्म के मजे ले रहा था तो अलका भी अपने bête के सामने कसी दूसरे मर्द को किश कर रही थी और अपनी चूचिया पीला रही थी ये दोनों माँ बेटो के लिए नया अनुभव के साथ साथ काफी उत्तेजना भर देने वाला पल था..





अलका इस दोहरे हमले से इतना उत्तेजित हो गयी थी की उसका हाथ खुद से hi उस लड़के के लुंड पे चला जाता है और उसके लुंड को जीन्स से निकल के मसलने लगती है… पर तभी वो लड़का अलका के हाथ में hi झाड़ जाता है… अलका का मूड hi जैसे ऑफ हो जाता है दो अनजान लड़के उसके बदन की गर्मी न संभाल पाए और थोड़ी hi देर में सिर्फ ऊपरी मजे में hi झाड़ गए अगर इसकी छूट या मुँह की गर्मी मिल जाती तो बचारो का क्या होता… अलका उस बन्दे को धक्का मार के अपने से दूर कर देती है और उसकी सांसे बहुत्तेज चलने लगती है वो वापस बार काउंटर पे जा के 2 शॉट लगाती है फिर दोनों माँ bête क्लब के बहार आ जाते है…

विशाल- माँ मेरा दिल आपको छोड़ने का कर रहा है यही बिच रोड पे

अलका- तेरे छोड़ने के चक्कर में तेरी माँ को कोई और भी छोड़ देगा बीटा…

विशाल को कुछ शरारत सूझती है और वो अलका को एक और डरे दे देता है

विशाल- माँ तुमने खा था जो मैं कहूंगा

अलका- हेंक है तो है

तो वो देखो सामने वाले क्लब में स्ट्रिप डांस

Alka-to तुजे स्ट्रिप डांस देखनी है?

विशाल- नहीं

अलका- तो

विशाल- आज तू करेगी स्ट्रिप डांस यहां पे

अलका- तू पागल हो गया है इतने लोगो के सामने न बाबा न मेरे से नहीं होगा

विशाल – अरे माँ तुम कर लोगी बहुत मजा आएगा

अलका- अरे तू क्या करवा रहा है मेरे से मैं नहीं कर पाऊँगी

पर विशाल उसका हाथ पकड़ के स्ट्रिपकलूब में ले के चला जाता है… अलका की धड़कन बुलेट ट्रैन की तरह भागने लगती है…

अलका कांपते आवाज़ में बोलती है नहीं विशु कुछ और करा ले ये नहीं हो पायेगा मेरे से मैं कोई रंडी नहीं हु

विशाल- तू रंडी hi है मेरी रंडी आज तू वही करेगी जो मैं कहूंगा और ये कहते हुवे वो अलका को पोल की तरफ धकेल देता है..






अलका किसी पत्थर की मूर्ति की तरह जैम जाती है उसे समझ नहीं आ रहा था क्या करे…

अलका जैसी हॉट और कामुक औरत आज सब के सामने इस क्लब में अपने कपडे उतारेगी ये दृश्य सच में बहुत hi कामुक हने वाला था लेकिन वो भाग के निचे आ जाती है और कहती है नहीं मेरे से नहीं हो पायेगा चल यह से पर विशाल वापस से उसे फ्लोर पे ले जाता है और उसके साथ डांस करने लगता hai..vishal अलका से बिलकुल चिपक के डांस कर रहा था मनो उसका लुंड उसकी गड में घुस गया हो और दोनों के बिच कोई फैसला न बचा हो और उसके होंटो को चूमने लगता है.. धीरे धीरे अलका भी साथ देने लगती है और जब विशाल को लगता है अब काम हो जायेगा वो अलका के होंटो को चूमते हुवे उसका टॉप निकल देता है






अलका कुछ समझ पति उस से पहले उसके जिस्म से उसका ड्रेस उतर चुक्का था और वो सिर्फ ब्रा और पंतय में पोल से चिपक के कड़ी थी और विशाल उकसी ड्रेस ले के निचे उतर जाता है





अलका को भी लगने लगता है यह कौन देख रहा है और इतना हो गया तो बाकि के भी मजे ले hi लेने चाइये और वो फिर अपना जादू दिखने लग जाती है … वो पोल को पकड़ के पीछे मुद जाती है और अपनी गोरी मखमली गांड का जादू बिखरने लगती है





इसके बाद वो अपनी ब्रा उतर के विशाल के ऊपर फ़ेंक देती है और उसके मोठे मोठे चुके हवा में लहराने लगते





है जिसे देख पूरी पब्लिक सिटी बजने लगती है… माहौल काफी गरम आता जा रहा था और अलका को भी काफी एक्ससिटेड कर रहा था फिर वो डांस करते करते अपनी पंतय भी उतरने लगती है उसका वैक्स किया हुआ संगमरमर सा शरीर क्लब के लाइट में चमकने लगता है





अब अलका के शरीर पे कपडे का नमो निशान नहीं था आज जिंदगी में पहली बार वो इस तरह सब के सामने नंगी हुई थी और वो भी उसके सेज bête ने किया था .

अलका- देख विशाल तेरी माँ नंगी हो गयी तेरे लिए सब के सामने… देख सब कैसे भुकी नजरो से तेरी माँ छोड़ने के लिए तेरी माँ को देख रहे है यही चाहता थान ा तू और फिर अलका वही फ्लोर पे बैठ के अपनी टंगे और छूट खोल देती है…






ाःजहहहह विशु देख मेरी छूट बह रही है तूने इसमें आज फिर आग भड़का दी है आज इसे शांत करना होगा तुझे hi

फिर वो कड़ी हो के पोल से टिक जाती है और अपनी छूट खोल के दिखने लगती है और जोर से चिल्लाती है






अलका- hello मेड्रिड हु वांट तो टास्ते माय पुसी और वो विशाल के गॉड में जा के बैठ जाती है और उसके लुंड पे अपनी गांड मसलने लगती है.. तबभी पब्लिक में से कुछ बन्दे उसकी तरफ उठ की एते है और उसे बदन को चुने लगते है अलका को भी डार्क इ साथ मजे का अनुभव हो रहा था ो आगे झुक जाती है और विशाल के चेहरे के बिलकुल सामने अपनी गांड खोल के कहती है स्लैप me..uski तंग भूरी सुराख़ देख विशाल के मुँह में पानी आ जाता है लेकिन





माहौल काफी गरम हो गया था अगर यह थोड़ी देर और रुक जाते तो अलका का आज गैंग बंग हो जाने वाला था इस चीज को विशाल ने भांप लिया था और वो कपडे उठा के अपनी माँ लाक को पकड़ के क्लब से तेज़ कदमो से भाग nikla….alka की सांसे बहुत तेज़ चल रही थी जोश जोश में उसने क्या कर दिया उसे hi खबर न थी… वो जल्दी से कपडे डाली और होटल की तरफ चल दी दोनों में जो आग लगी थी वो अब तगड़ी चुदाई hi बुझा सकती थी जिसके लिए उन्हें होटल जाना था पररस्ते से होटल काफी दूर है और आग कुछ ज्यादा ह भड़क गयी है….
 




लुंड लेने के लिए मचलती अलका
 
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