Incest Katha Chodampur Ki - Page 2 - SexBaba
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Incest Katha Chodampur Ki

लास्ट अपडेट में अपने देखा मैं और ममता चची साथ में बैठे हैं उनके घर में वो पेटीकोट और ब्लाउज में हैं और मेरा हाथ उनकी कमर पर है अब आगे

अपडेट 4
मैं जनता था उनकी आह्हः क्यों निकली बूत फिर भी जान बूझ कर पुछा

Me-kya हुआ chachi..aaap ठीक तो हैं न .... आपको दर्द हो रहा है kya...kahan दर्द है आपकी कमर में?

ये कहते हुए बिना उनके जवाब का इंतज़ार किये मैंने अब अपना दूसरा हाथ भी उनकी कमर पर लगा दिए और अब दोनों हाथो से उनके पेट को मसलने laga....mera लुंड झटके पर झटके खा रहा था मुझे पता था अगर मैंने लुंड पर हाथ भी लगा दिए तो मैं झाड़ jaunga...wo इतना टाइट हो चूका था...

चची की नज़र तो लुंड से हैट hi नहीं रही थी बड़ी मुश्किल से उन्होंने इतनी देर में लुंड से नज़र हटाकर मेरे चेहरे की तरफ देखा और कहा...

ममता स- बीटा दर्द नहीं है अभी पल्ली आती होगी चाय लेकर...

मैं तो ये भूल hi गया था क पल्लवी भी घर ने है चाय लेकर आती hi hogi...to मैंने अपने हाथ उनकी कमर से न चाहते हुए भी हटा लिए और अपना लुंड भी थोड़ा नीचे की तरफ दबाकर एडजस्ट किआ.... बूत मुझे इस बात की ख़ुशी भी हुई के अगर पल्लवी क आने का दर नहीं होता चची मुझे नहीं रोकती.

में- चची देखलो अगर कमर में दर्द हो तो मैं मालिश कर दूंगा..

ममता स- वो नहीं बच्चा मैं....

वो इतना hi बोल पाई थी क पल्लवी चाय लेकर आ गयी और हम दोनों को दी और खुद भी चाय लेकर बैठ गयी हमारे पास ....हम दोनों में से कोई नहीं बोल रहा tha...main चची और पल्लवी की और देख रहा था पल्लवी बस नोर्मल्ली चाय पि रही थी और चची बार बार चोर नज़रो से मेरे लुंड की और देख रही थी और कभी पल्लवी की और देखती की कहीं उसने तो नहीं देख लिए ऐसे hi हमने चाय ख़त्म की तो पल्लवी उठ गयी हम दोनों से हमारे कप लिए और बोली

पल्लवी- मम्मी मैं नहालु?

ममता C-kkkkya, हं बीटा नहले.....

वो थोड़ा अटकते हुए बोली उनका ध्यान अभी भी कहीं और hi था,

पल्लवी -ठीक मम्मी फिर नहाकर खाना बनाउंगी.

ममता स- ठीक जा तू....

पल्लवी कपडे लेकर बाथरूम में घुस गई गेट बंद होने की आवाज़ आई और मैं तुरंत hi उनसे दोबारा चिपक gaya..or अपने हाथो से फिर उनके नंगे सपाट पेट को दबाने लगा मसलने laga...wo भी मेरे इस अचानक किये हमले से शॉक हो गयी बूत शायद उनकी बॉडी को ये सब ाचा लग रहा था इसलिए वो सिसकने लगी अह्हह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह करके

में- चची ..

ममता स- Ahhhhhhhhhhh ह्म्म्मम्म्म्म

में- चची सुनो न मेरे दर्द हो रहा है...

ममता C-kkkkyaa ahhhhhhhhhh ककहांण बछायआ

मैंने एक स्टेप बढ़ते हुए उनका हाथ पाजामे के ऊपर से hi अपने लुंड पर रख diya...or बोलै

में- चची इसमें

लुंड पर हाथ पढ़ते hi चची की बॉडी में एक करंट सा दौड़ गया और उनकी बॉडी भी सिहर गए.... साँसे और भी तेज़ चलने लगी जिससे उनके बूब्स ऊपर नीचे हो रहे थे मैं लगातार उनके पेट को मसाले जा रहा था तो कभी नैवेल को छेद रहा tha.......maine भी अपने आप को कण्ट्रोल किआ लम्बी सांस ली मुझे पता था अगर मैं अभी झाड़ गया तो सारा खेल बिगड़ जायेगा मुजगे ज़्यादा से ज़्यादा देर खुद को रोकना होगा...

चची जैसे खयालो में hi थी मेरे लुंड को हाथ में महसूस कर रही थी और बस इतना बोली

ममता स- main....kyq....kaise....

में- चची मुझे नहीं पता बूत मुझे बहुत दर्द हो रहा है कुछ तो करो..

और मैं अपने कमर को आगे पीछे करके उनके हाथ पर दवाब डालने laga...ab वो भी पूरी तरह गरम हो चुकी थी और मेरे लुंड को सहलाने लगी और बोली

ममता स- बहुत दर्द हो रहा है बचुआ को... लेकिन बछ्ह मुझे दर्द सही करने क लिए इसे देखना होगा....

मैंने बिना उनका मतलब समझे उनकी नाभि से खेलते हुए बोलै

में- ठीक है चची

ये सुनते hi चची ने थोड़ा हाथ ऊपर करके एक hi झटके में पजामा और अंडरवियर खिसका कर मेरा लुंड बहार निकल लिए और नांगल लुंड को देखते hi चची की आँखों में एक चमक आ गयी और एक आअह्ह्ह निकल गए उनके मुँह se...main भी उनके इस कदम से शॉक रहा गया और उनके हाथ मेरे नंगे लुंड पर पढ़ते hi मैंने उनके पेट पर अपने हाथ गदा diye...or वैसे hi उनसे चिपक gaya....or बस इतना hi बोल पाया

में- अह्हह्ह्ह्ह चची..

ममता स- यूएई एई तो अब और बड़ा दिख रहा है....

वो बस लुंड को घूरे जा रही थी और अपना हाथ चलाये जा रही थी उनकी जीभ बार बार उनके होठो को गीला कर रही थी .





मैं भी अब अपने होश खो बैठा और मैं अपने हाथ ऊपर बढ़ाये और बड़े बड़े छूछीयो को ब्लाउज के ऊपर से hi मसलने laga...mere हाथ से चूचे मसले जाने पर चची और टाइट से मेरा लुंड हिलने लगी... मैंने भी देर न करते हुए उनके ब्लाउज के हुक्स को खोल दिए और ब्रा को नीचे करके एक कुछः बहार निकला और उसे दबाने लगा





मुझे तो जैसे जन्नत का मज़ा मिल गया tha.....chachi सिसकने लगी और अह्ह्ह बैझा धीरे आराम से आ अह्हह्ह्ह्ह कर्म lagi....or लुंड को मसलने लगी मैंने उनकी ब्रा नीचे करके दोनों छूछे निकल लिए और दबाने लगा क्या छूछे थे कसम से... इतने बड़े bade...or टाइट भी ...मैं उन्हें मसलने लगा और चची की आअह्ह्ह और बढ़ गए अब चची खुल कर मेरा साथ दे रही थी... और बोल रही थी..

ममता स- Ahhhhhhhhhhh बच्चा आराम से daba...ummmmmmm तेरा औज़ार बहुत बड़ा है re....ahhhhhh

मैंने अपने होठ उनकी गर्दन पर रख दिए और चूमने लगा वो हर चुम्बन पर सिसकी ले रही थी फिर मैंने गर्दन झुककर अपना मुँह उनकी राइट चुकी पर रख दिए और चूसने लगा.. चची तो जैसे पागल हो गयी... और अपना हाथ मेरे लुंड से हटा लिए और मेरा सर पकड़ कर अपने चुके पर दबाने lagi..main एक छुछु को दबा रहा था और दुसरे को चूस रहा था ज़ोर से...

ममता स- अह्ह्ह बछ्ह पीजा इन्हे चूस चूस कर खली कर दे इनका रास चूस मेरे ामो को....

मैं मममम आअह्हह्ह्ह्हम्म्म्म करके चुसे जा रहा tha...phir थोड़ी देर बाद मैंने दूसरा छूछा मुँह में ले लिए चची फिर से और गरम हो gayi...mujhe बहुत मज़ा आ रहा tha...aisa रास तो दुनिआ क किसी आम में नहीं होगा जो मुझे चची के छूछीयो को पीने में मिल रहा tha....phir थोड़ी देर और चूसने क बाद मैं अचानक से अपना मुँह उनके छूछे से हटाया और अपने होठ उनके होठो पर रख diye....or उन्हें चूसने laga....chachi पहले तो हड़बड़ाई बूत अगले कुछ hi पालो में मेरा साथ देने lagi...or मेरे होठो को चूसने lagi.....phir उन्होंने अपनी जीभ मेरे मुँह में दलदी मैं उसे चूसने लगा क्र हाथो से उनके छूछे मसल रहा tha....phir वो मेरी जीभ चूसने lagi....sach एक शादीशुदा औरत क साथ ये सब करने में. बहुत hi मज़ा आता है उनमे झिझक भी काम होती है और एक्सपीरियंस से बहुत कुछ सिखाती हैं

..अब मुझे लगने लगा मैं झड़ने वाला हूँ तो मैं ऐसे hi नहीं झड़ना चाहता था मैंने एक कदम िर बढ़ने की सोची... और मैंने होठ अलग किये चची के होठो से और उनके कंधे पकड़ क्र नीचे की तरफ दबा diye....wo बी समझ गयी मैं क्या चाहता हूँ और नीचे बैठ गयी... मेरा लुंड उनके चेहरे के सामने था और ऊसर पकड़ कर वो अपने हाथ आगे पीछे करने लगी फिर उन्होंने मेरी आँखों में देखते हुए अपना मुँह खोला और अपनी जीभ मेरे लुंड के टोपे पर फिरै......





मैं तो जैसे खो hi गया kahin....meri पूरी बॉडी अकड़ने lagi....kuch पल और रुकने के बाद मैंने उनके सर क पीछे हाथ लगाया और अपना लुंड उनके खुले मुँह में झटके के साथ घुसेड़ दिया और झटके मरने laga....wo बी पहले तो थोड़ा सकपकाई फिर घु घु करके जितना चूस सकती थी चूसने lagi....main उनके मुँह को छोड़ने लगा और कुछ 15 -20 झटको के बाद मैंने उनका मुँह अपने लुंड पर दबा दिया और अपने रास की धार उनके मुँह में hi छोड़ di....wo थोड़ा झटपटई फिर पता नहीं कैसे एडजस्ट करके वो गतल जातक के सारा रास पि gayi...thoda सा रास उनके होठों से बाह कर बहार ा रहा था वो अब भी मेरे लुंड को चूसे जा रही थी, मेरा लुंड अब धीरे धीरे सिकुड़ने लगा था और चची अब भी मेरे लुंड को चूस चूस कर साफ़ कर रही thi...unhone मेरे लुंड को चाट कर साफ़ kiaa...or लुंड पर एक किश करके अपने होठ उससे हटाए और अपनी जीभ बहार निकल कर होठो के आस पास लगे रास को जीभ से chaata...tabhi चची को जैसे कुछ याद ा गया हो तुरंत कड़ी हो गए...

ममता स- तू अपने पजामा ऊपर कर पल्ली बहार आती hi होगी...

उन्होंने भी अपनी ब्रा ठीक की और ब्लाउज के हुक बंद करने lagi...or मैंने अभी अपना अंडरवियर और पजामा ऊपर किआ और लुंड अंदर दाल कर बैठ गया....

में- चची आज तो मज़ा आ गया....

ममता C-(kuch सोचते हुए) कर्मा पता नहीं मैंने सही भी किआ या नहीं...

में- चची अपने बिलकुल सही kia..aap परेशां मत हो..

चची कुछ नहीं बोली, और तभी पल्लवी भी नहाकर बहार आ gayi....geele बालों में वो बहुत प्यारी लग रही thi....uske बूब्स भी उस टॉप में बहुत कैसे हुए लग रहे थे ..मन किआ की उसको अभी जाकर चूम्लूं...

तभी मैं सोचने लगा मुझे क्या हो गया है मैं हर किसी को बस छोड़ने का ख्याल क्यों आ रहा hai...abhi माँ से लुंड चुसवाया है और अभी बेटी को भी उसी नज़र से देख रहा hun...ye सोचते huye...maim चची को फिर कभी आने का बोल कर उनके घर से निकल गया.....

इसके आगे नेक्स्ट अपडेट में आप लोग प्लीज फीडबैक देते रहिये... शुक्रिया
 
मैं इस स्टोरी को हिंदी में पोस्ट करना चाहता हूँ बूत हिंदी में टाइप करना बहुत मुश्किल है और टाइम भी लगता है किसी के पास कोई सलूशन हो तो प्लीज सुग्गेस्ट.
 
लास्ट अपडेट में अपने पढ़ा कैसे कर्मा ममता चची क आम चूसता है और उनसे लुंड चुसवाते hai...or फिर वहां से निकल जाता Hai..ab आगे

अपडेट 5
ममता चची के घर से निकला तो मैं चहक रहा tha...itne सेक्सी माल से लुंड चुसवाकर मैं बहुत खुश था बूत साथ में ये बातें भी दिमाग में घूम रही थी.. क्या होगा अगर किसी को पता चल गया तो.. पल्लवी को देखकर भी मुझे वैसे hi ख्याल ा रहे the..kya ममता चची इसके बाद नोर्मल्ली रह payengi..kahin कुछ गड़बड़ न हो जाये...

फिर दिमाग ने खुद से hi लड़ना शुरू किया और फिर से वो लाइन दिमाग में aai...CHOOT तो छूट होती HAI...maine भी खुद को समझा लिए की छोटी सी तो ज़िन्दगी है इसमें क्या इतना सोचना और वैसे भी चची ने और मैंने वो hi किआ जो हम लोगो को ाचा लगा इसमें गलत क्या hai...waise भी मुझे इतना ाचा माल मिल गया मुझे तो खुश होना चाहिए बस अब चची को छोड़ना है जल्दी hi...

ये सोचते हुए मैं घर की और निकल gaya...ghar पंहुचा तो दोपहर हो चुकी थी... मैंने गेट खटखटाया तो माँ ने खोला... माँ का चेहरा पसीने से भीगा हुआ था मैंने पुछा

में- माँ क्या हुआ आप इतना पसीने से भीगी हुई क्यों हैं..

माँ- क्या करूँ इतनी गर्मी है और लाइट भी चली गयी है इसलिए गर्मी लग रही है...

मैं अंदर आते हुए

में- हाँ माँ गर्मी तो बहुत है...

इसके बाद मैं माँ के पीछे पीछे हॉल में पहुंच गया और एक तख़्त पर बैठ गया सामने माँ आई तो उन्होंने कहा

माँ- मुझसे तो ये गर्मी बर्दाश्त hi नहीं हो रही....

और इतना कहकर माँ ने अपनी साड़ी का पल्लू नीचे गिरा dia....main सोचने लगा आज मेरे साथ हो क्या रहा है ye...pahle चची को उस हालत में देखा और अब तो मेरी माँ....





Haaye....kya कहूं मेरा तो हाल hi ख़राब हो गया उन्हें देख kar....pallu के हटते hi..unki नंगी कमर, सेक्सी सपाट पेट, और ब्लाउज के बहार झक्ति छुछिया मेरे सामने आ गयी thi....meri नज़र उनसे हैट hi नहीं रही thi...or मेरा लुंड जो कुछ देर पहले hi झाड़ा था फिर से फुंकारने laga...or टाइट हो gaya....main भी पसीने से भीगने लगा कुछ गर्नी की वजह से और कुछ माँ के शरीर को देख कर आई गर्मी से मैं पसीना पसीना हो gaya....maa ने मेरी तरफ देखा और बोली

माँ- तू भी पूरा भीग गया है देख कितना पसीना ा रहा है..

मैंने बड़ी मुश्किल से उनके छूछीयो से नज़र हटाई और चेहरे की तरफ देखा और बोलै

में- हाँ माँ बहुत गर्मी लग रही है, क्या करूँ?

माँ- ये टीशर्ट उतर दे न शायद कुछ रहत मिले..

मैंने भी झट से हाथ ऊपर करके टी शर्ट निकल दी अब मैं ऊपर से नंगा था और माँ ने भी पल्लू नीचे कर रखा था तो मुझे एक अलग एक्ससिटेमेंट हो रहे थी माँ के साथ ऐसे रहने में मेरा लुंड पूरी तरह टाइट था वो तो मैंने उसे अपने पेअर की तरफ झुका रखा था तो माँ को दिख नहीं रहा था...

माँ हाथ वाले पंखे से हवा कर रही थी अपने upar...or मैं उनके छूछीयो को घूरे जा रहा tha..main सोच रहा था ीरर्र कर्मा माँ है तो बहुत खूबसूरत इतनी सेक्सी बॉडी है क मैं उनका अपना बीटा लुंड खड़ा होने से नहीं रोक pata..or उस रात की चुदाई देखकर ये भी कन्फर्म हो गया था की माँ छुडासी भी रहती hain...or आज चची के साथ हुए सन ने मेरा कॉन्फिडेंस भी थोड़ा बड़ा दिए था तो मैं सोचने लगा की क्या मैं माँ पर भी तरय कर सकता hun...kya कभी ऐसा भी हो सकता है क मैं माँ की इन छूछीयो को चूस पौन, उनकी कमर को चाट पौन, उनकी नाभि में जीभ दाल पौन, उनकी छूट को अपने मुँह में भरकर चूस पौन, वो मेरा लुंड चूसे , मैं उनको छोड़ paun...kya ये पॉसिबल hai...koi और टाइम होता तो मैं खुद को मन कर देता बूत आज हुए चची के साथ वाली घटना ने मुझे उम्मीद दिला दी थी, मैं सोचने लगा के मुझे तरय करना hi चाहिए माँ par...but बहुत सोच संभल कर नहीं तो एक गलत कदम सब कुछ बिगड़ सकता है...

में- माँ आपकी आगे कितनी है,

माँ- अरे तुझे आज मेरी आगे जानने की क्या पड़ी है,

में- बताओ न माँ..

माँ- ये hi होगी 42-43

में- सच कहूं माँ आपकी आगे इतनी बिलकुल नहीं लगती,

माँ- ाचा तो फिर कितनी लगती है तुझे....

में- मुझे तो आप बस 30 की लगती हो

माँ- चल और कोई नहीं मिला आज तो माँ से hi mazaak..pagal कहीं का...

में- नहीं माँ मज़ाक नहीं कर रहा, आप की बॉडी अभी भी बहुत फिट है.... इसलिए आप न बहुत खूबसूरत लगती हो..

माँ- ाचा तो तुझे अब अपनी माँ खूबसूरत लगने lagi..pagal.

में- सच्ची माँ आपकी पूरी बॉडी बहुत hi फिट एंड वो है जिससे आपकी आगे का पता hi नहीं लगता ...

माँ- फिट और वो क्या?

में- अम्म्म क्या bolun...haan भरी हुई...

माँ- ाचा तो मोती लगती हु मैं तुझे,

Me-offo माँ मोती नहीं आप तो फिट और wo...wo...sexy लगती हो,( मैंने सेक्सी वर्ड धीरे से बोलै बूत माँ ने सुना)

माँ- हट बदमाश कहीं का कैसी कैसी बातें बोल रहा है अपनी माँ के बारे में.... खूबसूरत तो तेरी उम्र की लड़किया हैं मैं तो बुद्धि हो गयी हूँ..

मैं ये सुन कर ओवर एक्टिंग करते हुए अपने हाथ कान पर रखते हुए बोलने लगा...

में- हे Bhagwaaaaaaaaaaan , ये सुनने से पहले मेरे कान खराब क्यों नहीं हो गए, ये धरती फैट क्यों नहीं गयी, ये आकाश गायब क्यों नहीं हो gaya.....meri माँ बुद्धि है....

माँ मेरी हरकत से चौंक गयी और फिर मज़ाक में गुस्सा दिखते हुए बोली

माँ- नालाआयाक डरा hi दिए मुझे ऐसे कोई चिल्लाता है achanak......meri तो जान hi निकाल दी... ड्रामेबाज़ है तू बहुत बड़ा..

य्ये कहते हुए माँ भी हंस पड़ी और मुझे पंखे से मरने लगी..

में- अरे माँ आप तो मेरी भी जान हो आपकी जान कैसे निकलने दूंगा

और ये कहकर मैंने उठ कर माँ को अपनी बाहों में भर lia...maa ये देख कर थोड़ा चौंक गयी क्यूंकि मुझे भी नहीं याद आखिरी बार कब मैंने उन्हें गले से लगाया होगा...

माँ- बड़ा प्यार ा रहा है अपनी बुद्धि माँ पर...

में- माँ मैं आपसे बहुत प्यार करता हूँ तो प्यार तो आएगा hi...or आप बुद्धि नहीं ho...or अब मैं ऐसे hi प्यार करूँगा आपको

ये कहकर मैंने अपने हाथ और कास लिए और उन्हें अपनी अंदर समां lia....kuch पल बाद जब मुझे अंदाज़ा हुआ के मेरा हाथ कहाँ है मेरा एक हाथ उनकी पीठ पर ब्लाउज के ऊपर था और एक hath..wo जगह जो मुझे बहुत पसंद थी नंगी कमर पर tha...mere सीने पर माँ के छूछे मुझे महसूस हो रहे थे .बस ये रीलीज़ होते hi क मेरी उंगलिया माँ की कमर पर हैं और उनके बद्र बड़े छुछियां मेरे सीने में समय हुई हैं.. मेरा लूणदा झटके मरने लगा और सीधा सामने की तरफ खड़ा हो गया तो मैंने अपनी कमर पीछे कर्ली जिससे माँ को ये टच न kare...or मैं माँ की कमर पर हाथ फिरने laga...mujhe बहुत मज़ा आ रहा tha...bahut चिकनी कमर थी माँ ki...main थोड़ा सा हाथ आगे की तरफ लाने लगा उनके पेट की taraf...maa ने अब तक कुछ नहीं बोलै tha..but कुछ देर बाद बोली...

माँ- कर्मा हैट अब बहुत हो गया प्यार

..गर्मी लग रही है...

मैंने भी कुछ नहीं बोलै और अपने आप को कण्ट्रोल करके अपने हाथ उनकी कमर से हटाए और अपनी बाहें खोलदी और फिर से अपनी जगह आकर बैठ gaya...maa फिर से पंखे से हवा करने लगी और अब मेरे पास आकर बैठ गयी

माँ- ले तू भी हवा खा ले थोड़ी पूरा भीग गया है पसीने में और मुझपे भी हवा करने लगी,

मैंने सोचा यार कितना प्यार करती है माँ mujhe...zara सी गर्मी में भी नहीं देख सकती मुझे.... ये hi होता ह माँ का दिल जो अपने बच्चे को ज़रा सी तकलीफ में नहीं देख sakta...ye सोचकर मेरा प्यार माँ की और और बढ़ गया....

इतनी गर्मी में पंखे की हवा बहुत सुकून दे रही थी तो मैं वहीं तखत के नीचे पेअर लटकाये हुए hi पीछे की तरफ लेट गया और अपनी आँखें बंद karli...or अपना सर अपने हाथो को पीछे करके उन पर रख लिए... मुझे कुछ जैसे याद आया हो अचानक से मेरी आँखें खुली और मुझे अपने पाजामे में बना तम्बू दिखा... मैंने सोचा मर gaya.iske बारे में तो मैं भूल hi gaya..ab क्या करूँ... माँ ने कहीं देख तो नहीं लिए अचानक से कुवह करूँगा तो माँ को पता चल jayega...phir मेरे दिमाग में कुछ सूझा और मैं ऐसे hi आँख बंद करके लेता रहा और एक हाथ से अपनी आँखें धक् ली जिससे माँ को मेरी आँखें न dikhein...or मैं उन्हें चोरी छुपे देखने लगा माँ पंखा हिलाये जा रही थी एक बार उन्होंने मेरी तरफ देखा तो उन्हें लगा शायद मैं सो रहा हूँ तो थोड़ी सी घूम कर मेरी तरफ हो कर बैठ गयी जिससे मुझे हवा ज़्यादा मिल sake....or फिर उनकी नज़र अचानक से मेरे लुंड के तम्बू पर gayi...to उनकी आँखों में एक ठहराव सा आ गया और फिर अचानक से मेरे चेहरे की तरफ देखा तो उन्हें अब भी ये hi लगा के मैं सो रहा हूँ और फिर उनकी नज़र मेरे लुंड पर आ gayi...or उसे थोड़ी देर तक घूरती रही और फिर मुझे भी समझ नहीं आया के उनके फेस पर एक स्माइल आ गयी लुंड को देखते हुए... तभी मेरी बुरी किस्मत के लाइट आ गयी और माँ मेरे पास से उठ कर कड़ी हो गयी मुद कर एक बार मुझे देखा और फिर मेरे लुंड को और अपनी साड़ी का पल्लू जो कबसे नीचे था उसे अपने सीने पर डाला और अपने रूम की तरफ चली gayi....mujhe कुछ समझ नहीं आया के माँ का क्या रिएक्शन था मेरे लुंड के उभर को देखने के baad...but ये भी सोचा कर्मा बीटा माँ को फंसना इतना आसान नहीं होने वाला hai...or ये सोचते सोचते मैं भी सो गया....

इसके आगे कर्मा माँ को पटाने के लिए और क्या क्या करता है वो सब अगली अपडेट mein...aap लोग प्लीज रेविएवस देते रहिये जिससे स्टोरी और अछि बने... शुक्रिया...
 
लास्ट अपडेट में अपने देखा कर्मा अपनी माँ को अपने लुंड का उभर दिखता है और फिर सो जाता है अब आगे,

अपडेट 6
मैं सोया तो सीधा शाम को utha...phir कुछ देर ऐसे hi आँखें खोल कर लेता रहा और फिर वाशरूम में जाकर फ्रेश हुआ और बहार आ gaya..jab हॉल की तरफ बड़ा तो देखा अनुज हॉल में बैठा हुआ है और किचन की तरफ एक तक देखे जा रहा hai...main कुछ बोलने वाला था बूत सोचा इसे क्या हुआ ये क्या देख रहा hai...thoda आगे बड़ा तो मेरी नज़र ने उसकी नज़र का पीछा किआ और जब मेरी नज़र भी उस जगह पड़ी तो मुझे शॉक भी लगा गुस्सा भी आया काफी मिक्स्ड फीलिंग्स thi...maine देखा क माँ किचन में झुक कर कुछ निकल रही हैं और उनकी बड़ी सी गांड बहार की तरफ निकली हुई बड़ी कामुक लग रही thi...unke बड़े बड़े चूतड़ सारी में से साफ़ झलक रहे थे ऐसा लग रहा था के साड़ी में दो तरबूज़ रखे हो...





ये नज़ारा देख कर मेरा लुंड टाइट होने laga...but फिर मुझे आज का ध्यान aaya....or मैं सोचने laga....kya ये भी वो hi देख रहा है जो मैं देख रहा hun....kya ये भी माँ को उसी नज़र से देखता है जैसे मैं देखता hun..mujhe इस बात पर थोड़ा जलन और गुस्सा aaya....but मुझे समझ नहीं ा रहा था ये क्या फील कर रहा हूँ मैं abhi...but जब मेरा लुंड बस ये सोच कर के मेरा भाई भी माँ को उसी नज़र से देखता है बहुत टाइट हो गया tha...mujhe समझ नहीं ा रहा था क मुझे हो क्या रहा hai...mujhe लगा क मुझे इन सबके बारे में अकेले में कहीं जाकर सोचना चाहिए नहीं तो ऐसे तो मैं पागल हो jaunga...to मैं बिना कुछ बोले घर से निकल gaya...or सीधा बाघ में पंहुचा मुझे पता था के पापा अभी वहां नहीं होंगे तो मुझे अकेले में टाइम मिल jayega...to मैं वहां एक खाट पड़ी रहती थी पापा के लिए उस पर बैठ गया...

और फिर मैं साडी घटनाओ के बारे में सोचने laga...main अपनी hi माँ को छोड़ना चाहता हूँ, क्या ये सही hai...maine अपनी माँ जैसी ममता चची से अपना लुंड चुसवाया क्या वो सही था, मैं अपनी माँ को चुदाई की नज़र से देखता हूँ बूत जब आज मैंने अपने भाई को माँ की गांड देखते हुए देखा तो मुझे जलन क्यों hui...or अगर ये जलन थी तो मेरा लुंड ये सोचके के मेरा भाई भी मेरी तरह माँ कक गांड देख रहा है ये सोचके इतना टाइट क्यों हो gaya...main ये सब सोच रहा था और पूछ रहा था क कौन दे सकता है मेरे इन सब सवालों का जवाब....

तभी मुझे एक आवाज़ aai...to मैंने अपनी राइट साइड में देखा तो ये हमारा भैंसा tha...wo hi भैंसा जिसने अपनी माँ को खूब छोड़ा था पीछे से chadhkar...usko देखते hi मेरे मन में ख्याल आने lage...iski लाइफ कितनी मस्त है, अपनी माँ को छोड़ लिया और कोई टेंशन नहीं है... मज़े से रहता hai...koi फ़र्क़ नहीं पड़ा इसे की इसने अपनी माँ की छूट में अपना लौड़ा घुसाया था ये तो बस लुंड की प्यास जनता है... लुंड खड़ा हो छूट में डाल्दो और फिर खूब छोड़ो.... बस और फिर जैसे उस भैंसे ने hi मेरे सरे सवालों के जवाब दे दिए...

मैं अपनी माँ को छोड़ना चाहता हूँ क्यूंकि उनकी बॉडी इतनी सेक्सी है और उनके पास छूट है और मेरे पास lund...or जहाँ भी छूट मिलेगी लुंड तो जायेगा hi...to यही चची के साथ hua...or रही बात ावहि के सन की तो माँ की गांड ऐसी है क जिसे देखकर किसी नामर्द का लुंड भी खड़ा हो हाय अनुज तो एक 18 साल का जवान लड़का hai...to वो तो देखेगा hi..ho सकरा है उसकी नज़र चली गयी हो वो जैसा मैं सोचता हूँ वैसा न सोचता हो....

तो भैंसे ने मेरी साडी कन्फूसिओं को दूर कर diya...or मैंने सोच लिए क अब मैं बेकार की कन्फूसिओं में नहीं फसूंगा बस लुंड को खुश रखूँगा.... क्यूंकि मुझे उसी में मज़ा आता hai...maine प्यार से जाके भैंसे के सर पर हाथ फेरा और जैसे उसे शुक्रिया किआ हो मेरी टेंशन दूर करने क liye...phir अचानक पता नहीं मेरे दिमाग में क्या आया मैंने उसकी रस्सी को खूंटे से खोला और पकड़ कर आगे बड़ा वो भी मेरे साथ चलने laga...maine उसे उसकी माँ के पास जाकर खड़ा कर dia...wo अगले hi पल अपनी माँ के पीछे की और गया और उसकी छूट को सूंघने लगा और फिर अगले hi मिनट में उसके ऊपर चढ़ गया और उसे छोड़ने laga.....usko अपनी माँ को छोड़ता देख मुझे बहुत ख़ुशी हो रही थी मैंने भी सोच लिए था क मैं भी एक दिन ऐसे hi अपनी माँ को छोडूंगा फिर उनकी चुदाई के बाद मैंने उसे फिर से बाँध दिए और मुस्कुराता हुआ घर की तरफ चल dia....ghar पंहुचा तो देखा अनुज और पापा खाना खा रहे हैं, माँ ने मुझे देखा और बोली

माँ- कहाँ निकल गया था, जा बैठ जा हाथ पेअर धोके खाना लगा रही हूँ तेरे लिए भी..

में- ठीक माँ अभी आया मुझे भूख भी लग रही है...

माँ- जा जल्दी से आ फिर...

माँ ने मुझे खाना दिए मैं खाने लगा थोड़ी देर बाद अनुज और पापा उठ gaye...Anuj अपने रूम पढ़ने. को बोल कर निकल गया पापा कहीं बहार चले गए तो मैंने अपना खाना ख़त्म किआ और अपने झूठे बर्तन उठा कर किचन में ले gaya...to माँ तब बर्तन धो रही थी मैंने अपने बर्तन भी वहीं रख दिए और माँ से बोलै

में- माँ आपको कितना काम करना पड़ता है न..

माँ- हाँ बीटा अकेली औरत हूँ घर में मैं नहीं करुँगी तो कौन करेगा...

में- मैं हूँ न माँ आपकी हेल्प करने क लिए मैं धो देता हूँ बर्तन..

माँ- नहीं बीटा बस तू मेरे लिए एक बहु ला दे फिर मुझे हेल्प मिलेगी..

में- अरे माँ मैं बहु तो ले आऊं बूत वो आपसे जलेगी तो घर का माहौल ख़राब होगा...

माँ- ाचा ऐसा क्यों भला मुझसे क्यों जलेगी मेरी बहु...

में- जलेगी hi जिसकी सास इतनी सुन्दर हो to...bahu तो जलेगी hi ना....

माँ- हट नालाआयाक कहीं का तू फिर शुरू हो गया...

मैंने हंस के उन्हें पीछे से हग कर लिए और बोलै

में- सच माँ तुम सच में बहुत सुन्दर हो

और ये कहते हुए मैंने उनके गाल को चूम lia....mere चूमते hi माँ का हाथ बर्तन पर रुक गया मुझे लगा कहीं मैं कुछ ज़्यादा तो नहीं कर gaya...meri थोड़ी सी फटने lagi...tabhi माँ बोली

माँ- कर्मा क्या कर रहा है

में- अपनी माँ से प्यार

Maa-Acha और जो तूने अभी किआ वो

में- क्या किआ मैंने

माँ - मेरे गाल को चूमा..

में - तो क्या हुआ माँ क्या मैं अपनी माँ को पप्पी नहीं दे सकता?

माँ कुछ सोचते हुए बोली

माँ- हाँ दे सकता है बूत इससे पहले तूने कभी ऐसे नहीं किआ तो थोड़ा अजीब लगा..

में- माँ मैं पागल था इससे पहले जो नहीं किआ बूत अब से मैं ऐसे hi खूब प्यार करूँगा आपसे..

ये कहते hi मैंने उनके दुसरे गाल पर भी चूम लिए...

इस बार माँ ने कुछ रिएक्शन नहीं दिए और मुस्कुराने लगी और बोली...

माँ- पागल है तू बिलकुल...

में - माँ पागल वागल कुछ नहीं.. और अबसे आप भी मुझसे प्यार करोगी ऐसे hi...

माँ- मैं ऐसे कैसे...

में- जैसे मैंने किआ वैसे

और ये कहकर मैंने अपना राइट वाला गाल आगे कर दिए पहले तो कुछ सेकण्ड्स तक माँ ने कुछ नहीं किआ फिर अपने लिप्स मेरे गाल पर रख दिए और मुझे चूम लिए ....मुझे बहुत अछि वाली फीलिंग aai...or फिर तुरंत hi मैंने मुँह पलट क्र दूसरा गाल भी आगे कर दिए और इस बार माँ ने तुरंत hi मुझे चूम लिए दुसरे गाल par....main खुश हो गया के माँ धीरे धीरे कुछ तो खुल रही हैं...

फिर मैंने माँ के हाथ से बर्तन चीन लिए और बोलै...

में- अब लाओ आज मैं आपकी हेल्प करूँगा...

माँ- रहने दे धो लुंगी मैं...

ये कहते हुए मुस्कुराने लगी...

में- नहीं नहीं आज बर्तन खुद इस सल्तनत के महाराज कर्मा सिंह धोयेंगे और ये उनका आदेश है के उन्हें बर्तन धोने दिए जाएँ.. समझी महारानी माँ साहिबा...

माँ मेरी बातें सुन कर हंसने लगी और बोली

माँ- नौटंकी है पूरा तू भी...

और ये कहते उन्होंने इस बार खुद मेरे माथे पर चूम लिए... मुझे बहुत ाचा laga...ke माँ ने खुद से पहल की और किश करवाना भी बहुत ाचा laga...maa के होंठ जब भी बॉडी से छूटे तो एक सेंसेशन होती बॉडी में पूरे.... फिर माँ वहीं कड़ी रही और मैंने सरे बर्तन धो दिए, माँ ने जब सरे धुले बर्तन देखे तो मेरी तरफ देखते हुए बोली

माँ- हाय मेरा लाल कितना प्यारा है....

और ये कहकर माँ ने मुझे गले लगा लिए और उनके बड़े छुछियां मेरे सीने से चिपक गयी और मेरा हाथ उनकी कमर पर चला गया और मैं उंगलियां उनकी नंगी कमर पर फिरने laga...bas फिर क्यक था मेरा लुंड टाइट हो गया और अगले कुछ hi पालो में माँ के पेट मेइब लगने लगा.. क्यूंकि माँ की हाइट मुझसे काफी काम है मेरी 6 फ़ीट तो उनकी 5"2 hai....phir तुरंत hi माँ ने अपना हुग ख़त्म किआ और अलग हो गए...

मैं ये नहीं कह सकता था के वो मेरे लुंड के टच होने की वजह से अलग हुयी या नोर्मल्ली हुई... क्यूंकि सब कुछ इतनी जल्दी hua...but मैं खुश था क मैंने माँ को फिर भी काफी खोल दिए है उन्होंने खुद से मुझे हुग और किस kiaa...tabhi पापा आ गए, उनके साथ राजन चाचा भी थे (Mamta-chachi के पति) तो वो लोग कुछ बात करते हुए खाट पर बैठ गए तो मैं और माँ भी वहीं पहुंच गए...

में- नमस्ते चाचा

राजन च- नमस्ते बीटा और पढाई कैसी चल रही...

Me-achi चल रही है चाचा,

राजन च- क्यों भाभी ये पढता भी है या ऐसे hi बातें बना रहा है

ये बोलकर हंसने लगे...

माँ- पढता तो है भैया बाकि तो नंबर hi बताएँगे परीक्षा ke...aap बताओ खाना लगाऊं आपके लिए...

राजन च- अरे नहीं भाभी खाना तो खा कर निकला हूँ, ममता ने मोरटीएन मंगाई thi...raat को मछहर बहुत लगते hain...are ये लो मैं कबसे मोरटीएन लिए घूम रहा हूँ ममता भी गुस्सा karegi....ab चलना चाहिए...

पापा- अरे कहाँ चल दिया अभी इतनी jaldi...baith कुछ देर..

माँ- हाँ भैया अभी आये और अभी चल दिए कुछ देर रुकिए...

राजन च- पर ये मोरटीएन...

पापा- तू भी मोरटीएन के लिए परेशां hai...Karma जा ये मोरटीएन चची को दे आ भाग कर और बोल भी देना क हमारे यहाँ हैं थोड़ी देर हो जाएगी....

मैं तो मन hi मन में खुश हो गया के चची के पास जाने का मौका मिल गया....

में- ठीक है पापा अभी जाता हूँ.

राजन च- चलो कर्मा जा hi रहा है तो फिर तो साडी परेशानी ख़तम ये ले बीटा जा...

और मैं मोरटीएन लेकर निकल गया ...उनके घर पंहुचा तो गेट चची ने खोला...

मुझे देख कर चौंक गयी और बोली..

ममता स- कर्मा तू इस वक़्त यहाँ क्या क्र रहा है...

मैंने मोरटीएन का पैकेट आगे बढ़ाया और बोलै

में - वो चची ये चाचा ने भिजवाया है वो पापा के साथ बैठ कर बात कर रहे हैं थोड़ी देर में आ जायेंगे...

ममता च- ाचा तभी मैं सोचूं ये कहाँ रह gaye...kitni देर से गए hain....tu अंदर आ बहार क्यों खड़ा hai...bachha ... चची बिलकुल नार्मल लग रही थी जैसे आज कुछ हुआ hi नहीं है हम दोनों के बीच मैंने चची से पुछा खत पर बैठते हुए वो नीचे बैठ कर मोरटीएन जलने में लगी हुई थी

में- पल्लवी कहाँ है चची...

ममता स- वो अपने कमरे में पढ़ रही होगी...

ये सुनते hi मैं खुश हो गया क रास्ता क्लियर है और चची मोरटीएन जला कर जैसे hi मुड़ी मैंने अपने होंठ उनके होंठो पर रख दिए और चूसने laga....wo मेरे अचानक इस स्टेप से चौंक गयी और पीछे हटने की कोशिश की बूत मैंने उनका सर पकड़ लिए था पीछे से और उनके होंठो को चूसे जा रहा था फिर कुछ मिनट्स बाद चची भी मेरा साथ देने लगी....

ममता स- uhmmmmmmmmmmmmmmmm उम्मठ

में- मुउउउउठ्हह्हह्म्मम्म्म्म

फिर हम एक दुसरे के मुँह में जीभ डालकर चूसने लगे मैंने अपना हाथ उनके सर से हटाया और नीचे लेकर उनकी साड़ी का पल्लू नीचे गिरा दिए और अपने हाथ उनकी कमर पर और पेट पर चलने laga.....phir सडनली जाने क्यों चची मुझसे धक्का देकर अलग हो गयी...

मुझे कुछ समझ नहीं आया के सब ाचा चल रहा था तो फिर अभी क्या हुआ मैं उनकी तरफ देख रहा था मेरी आँखों में सवाल थे मेरा लुंड पूरी तरह टाइट था...

ममता च- कर्मा हम ये गलत कर रहे hain...main बहक गयी थी पर अब ये नहीं होगा bachua...tu मेरे बेटे जैसा है और मैं तेरे चाचा के साथ धोखा नहीं दे सकती...

मैं खड़े लुंड पर धोखा नहीं खाना चाहता था मुझे गुस्सा ा गया मैंने सोचा सब अचे से चल रहा हो तभी अपने संस्कार घुसेड़ने थे चची को मैं कुछ बोलै nahi...chachi मेरी तरफ देखे जा रही थी और मेरी नज़र चची की छूछीयो और नंगे पेट पर hi thi...phir मुझसे कुछ बर्दाश्त नहीं हुआ तो मैंने एक hi झटके मैं घुटनो पर बैठ गया और चची के पिछवाड़े को अपनी बाहों में भर कर अपना मुँह उनके नंगे पेट पर लगा दिए और जगह चूमने laga...chatne laga....chachi के मुँह दे एक सिसकारी nikli...aaaaahhhh karke...pahle तो चची ने मुझे अलग करना चाहा पर मेरी पकड़ मजबूत थी फिर मैंने अपनी जीभी उनकी नाभि में दाल दी तो फिर तो उनका विरोध बहुत कमज़ोर पद gaya....wo मेरे बालों में हाथ फिरने lagi....main उनके चिकने पेट को चूमे और कहते जा रहा tha...mujhe उनका पेट मक्खन जैसा लग रहा था फिर मैंने हाथ ऊपर करके उनका ब्लाउज खोल दिए उन्होंने अंदर ब्रा नहीं पहनी thi....unke रसीले आम सामने आ गए.. मैंने एक दो मिनट और उनकी नाभि को चूसा फिर खड़ा हो gaya...or उनके पीछे जाकर खड़ा हो गया और अपना खड़ा लुंड उनकी गांड पर रगड़ने लगा और हाथ आगे लेजाकर उनके छूछीयो से खेलने लगा



मैं उनकी छूछीयो को मसले जा रहा था और उनके मुँह से धीरे ाःह अह्ह्ह निकल रही थी मेरा लुंड पूरी तरह टाइट होकर उनकी गांड पर हमला कर रहा था... वो बोले जा रही थी...

ममता स- बस कर्मा aaahhhhhhhhhhhhh आराम से बछायआ....

में- चची आराम तो अब मिला है.... क्या छुछिया है तुम्हारी बहुत hi टेस्टी...

ये कहकर मैंने उन्हें घुमाया और उनके छूछे चूसने laga....ek को मसलता और एक को choosta...maine उनका हाथ पकड़ कर अपने लुंड पर रख दिए जो पाजामे के अंदर परेशां हो रहा tha...chachi उसे सहलाने lagi....maine चुके से मुँह हटाया और बोलै Me-chachi तुम्हे छोड़ने में बड़ा मज़ा आएगा...

ममता चची थोड़ा सोचने लगी और मेरा लुंड सहलाते हुए hi बोली





ममता स- बछ्ह तूने बाकि सब कर लिए है पहले भी तो वो तू अभी करले पर छूट तुझे हम नहीं दे payenge...ispar सिर्फ तेरे चाचा का हक़ है...

मैंने कुवह सोचा के अभी वैसे भी चाचा भी आते hi होंगे छोड़ तो वैसे भी नहीं पाउँगा... छोडूंगा तो ज़रूर चची को बूत आज बात मान लेता हूँ....

में- ठीक चची बूत बाकी सब तो करने डौगी न...

ममता C-haan बच्चा तू कुछ भी करले बाकि तो...

मैंने उनकी सारी उतर दी और पेटीकोट का नाडा भी पकड़ कर खींच दिए तो वो खुल कर नीचे गिर गया...

ममता स- ये क्या कर रहा है तू कर्मा कोई देख लेगा तो

में- चची गेट बंद hai...or अपने बोलै मैंने छोड़ने के अलावा सब कर सकता हूँ तो अब मत रोको...

ये बात चची को भी समझ आ गयी तो वो कुछ नहीं बोली और अब चची एक खुले हुए ब्लाउज और पंतय में थी... उन्होंने मेरा लुंड पाजामे से बहार निकाल lia...or हिलने लगी मैंने भी अपना हाथ उनको छूट पर रख दिया..





हाय क्या गरम छूट थी उनकी पूरी गीली thi....main उसे रब करने लगा चची की आह्हः ाआहजहहह करने lagi....phir चची बोली बीटा तेरे चाचा आते hi होंगे जल्दी कर जो करना hai....to मैंने बिना कुछ बोले उनका ब्लाउज और पंतय भी उतार दी अब वो बिलकुल नंगी मेरे सामने थी और मैंने अपने भी कपडे उतार दिए और नंगा हो गया और बोलै चची अब आपको करना है जो करना hai....isr शांत करो अपने लुंड की तरफ इशारा करते हुए बोलै... चची मेरे सामने घुटनो पर बैठ गयी और लुंड को आगे पीछे करने लगी फिर जीभ से उसे चाटने लगी हेड पर तो कभी पूरे लुंड par...or फिर अपने छुछियां पकड़ कर मेरा लुंड बीच में फसकर आगे पीछे करने लगी... मुझे बहुत मज़ा आने लगा....





वो जीभ बहार निकल कर मेरा लुंड जैसे hi ऊपर आता तो उसे chatati.....mujhe तो धरती पर स्वर्ग दिख रहा tha...mera लुंड बहुत टाइट हो चूका tha.....phir उन्होंने मुझे खत पर लेटने का इशारा किआ मैं लेट gaya....or अब वो मेरा लुंड अपने मुँह के काफी अंदर तक लेकर चूसने लगी...





मुझे बहुत मज़ा आ रहा था चची मर्रा लुंड बड़ी शिद्दत के साथ चूस रही थी...... मेरा भी अब निकलने को हो गया tha....tabhi किसी ने गेट खत खतया तो मैं खत से उठ कर खड़ा हो गया, मेरी तो जैसे गांड. Hi किलास गयी के इनको भी अभी आना tha....but वो लास्ट मोमेंट था तो मैंने चची को उठने न दिए और खड़े होकर उनके मुँह में अपना लुंड डालकर झटके मरने लगा उनके गले से घू घू की आवाज़ ा रही thi...mera लुंड बड़ा होने की वजह से उन्हें काफी तकलीफ हो रही thi....unki आँखों से आसूं बी निकल रहे थे क तभी मेरे साबरा का बांध टूट गया और मैंने अपना लुंड रास उनके मुँह में उढेल dia....wo जितना पि सकती थी जातक gayi...baki मैंने अपना लुंड निकल कर उनके चेहरे पर लुंड रास बिखेर dia....unka चेहरा बहुत सेक्सी लग रहा था





मेरा स्पर्म उनकी चीन पर से गिरता हुआ बूब्स ोै बी गिर रहा tha.....tabhi हमें गेट खत खतने की आवाज़ फिर से आई....

इसके आगे क्या हुआ कौन था गेट पर कैसे बचे ये सब अगली अपडेट में आप लोग पढ़ते रहिये एंड प्लीज रिव्यु दीजिये..... शुक्रिया.....
 
गाइस प्लीज शेयर reviews...ye मेरी फर्स्ट स्टोरी है सो प्लीज लेट में क्नोव .....मैं सही लिख रहा हूँ या nahi...apke फ़ीडबैक्स बहुत इम्पोर्टेन्ट हैं...
 
लास्ट अपडेट में अपने देखा कैसे कर्मा चची के घर जाकर उनके छूछे चूसता है और फिर लुंड चुसवाते है बूत तभी गेट खटखटाने की आवाज़ आती hai...ab आगे...

अपडेट 7

जैसे hi मेरे लुंड का रास निकलना बंद होता है दोबारा गेट खटखटाने की आवाज़ आती है... चची दर जाती है मेरी तरफ घबराहट में देखने लगती है

ममता स- अब क्या करें कर्मा बुरे फंस gaye...tere चाचा hi होंगे गेट पर..

में- आप परेशां मत हो आप ये पेटीकोट और ब्लाउज पहन लो बस और ये चेहरा साफ़ करके गेट खोल दो..

ममता च- बूत तेरा क्या...

मैंने अपने कपडे पहनने हुए बोलै

में- वो hi बता रहा हूँ मैं यहाँ सोने का नाटक करता हूँ आप बोल्डेन कर्मा को मैंने hi रोक लिए था आपके आने tak..wo सो gaya..or मैं वाशरूम में थी इसलिए लेट हो गयी...

चची ने भी जल्दी से ब्लाउज और पेटीकोट डाला और गेट की तरफ चली गयी मैंने भी कपडे पहन लिए the...or खाट पर लेट gaya...chachi ने गेट खोलने से पहले मुझे एक बार देखा और गेट खोला...

राजन च- क्या कर रही थी इतनी देर गेट खोलने में..

ममता च- मैं वाशरूम में थी मुझे लगा कर्मा खोल देगा पर वो देखो खुद hi सो गया आपका इंतज़ार करते karte...he हे हे .

राजन च- मेरा इंतज़ार क्यों भाई..

ममता च- मैंने hi उसे रोक लिया था आपके आने तक, पल्लवी भी पढ़ रही थी रूम में तो मैं अकेले क्या करती...

राजन च- ाचा ये तो सही किआ... चलो अब जगाओ इसे वहां घर पर सब इंतज़ार कर रहे हैं इसका...

फिर उन्होंने मुझे jagaya...or चाचा बोले...

राजन च- बीटा आराम से जाना घर अब और सुन पल्लवी की परीक्षा होने वाली है और तेरी अंग्रेजी बहुत अछि है तो उसे भी पढ़ा दिए कर...

मैं ऐसा ऑफर कैसे ठुकरा सकता था?

में- ग चाचा बिलकुल कल से hi पढ़ता हूँ.

ममता च- हाँ बीटा पढ़ा दे उसे तभी अचे नंबर आएंगे और अब जा तू टाइम काफी हो गया है...

Me-G चची चलता हूँ...

ये कहकर मैं निकल गया और रस्ते में आटे हुए सोचने लगा के आज तो चची को छोड़ दिए बूत नेक्स्ट टाइम पक्का छोडूंगा hi... पल्लवी को पढ़ने के टाइम पर hi कुछ हो सकता है... फिर मैं घर पहुंच गया... घर पर सबने पुछा के लेट कैसे हो गया तो मैंने वो hi कहानी बता di...phir मैं अपने रूम में आ गया और कपडे चेंज किये और बस एक शॉर्ट्स पहन लिए जो मेरी तइस तक आता था और ऊपर से नंगा था main...phir थोड़ी देर फ़ोन चलाया क तभी माँ दूध लेकर आ गयी...

माँ- ये फ़ोन में काम घुसा कर नहीं तो अँधा हो जायेगा..

में- अभी तो चलाया है माँ...

माँ हमेशा की तरह सारी में hi thi..or बहुत खूबसूरत लग रही थी वैसे मुझे वो हमेशः hi खूबसूरत लगती हैं

माँ- चल अब दूध पि और जल्दी सो जा नहीं तो लेट उठता है सुबह..

में- सो रहा हूँ माँ बूत आप कुछ भूल रही हैं,

माँ- क्या

में- आप पहले बैठो फिर बताता हूँ...

माँ मेरे पास बैठ गयी बीएड पर, मैं बीएड की सिरहाने से टिक कर बैठा था और माँ मेरे बगल में मेरी तरफ फेस करके बैठ गयी... उनके हाथ से दूध लेकर मैंने साइड में रख दिया..

माँ- अब बता क्या भूली मैं..?

में- ओफ्फो माँ आज hi बात हुई थी के आप और मैं अबसे प्यार करेंगे बहुत सारा तो बिना प्यार किये कैसे सो जॉन...

और ये कहते हुए मैंने अपनी बाहें फैला di..maa मुझे देख कर मुस्कुराने लगी और फिर मेरे गले लग gayi...ye एक नार्मल माँ बेटे का हुग था बूत इसका फायदा ये हुआ के मेरा एक हाथ उनके पीछे hi रह गया उनकी पीठ के ऊपर और जब माँ मुझसे अलग हुई तो मैंने ये हाथ वहीं रहने दिए...

माँ- अब हो गया प्यार अब सो जा...

में- अभी कहाँ अभी तो पप्पी भी करनी है....

ये कहकट मैंने उनके एक एक करके दोनों गाल चूम लिए और वो मुस्कुरा रही थी....

फिर मैंने बोलै

में- अब आप करो

तो माँ ने कुछ जवाब नहीं दिए और मेरे लेफ्ट चीक पर चूम लिए मुझे पता था माँ मेरी तरह राइट वाले पर भी करेगी इसलिए पहले मैंने अपना राइट चीक आगे किआ और जैसे hi माँ के होंठ मुझे छूने वाले थे.. मैंने अपना चेहरा सीधा कर लिए जिससे उनके होंठ सीधे मेरे होंठो से टकरा गए और जैसे hi हम दोनों के होंठ टच हुए मैंने भी उनके लिप्स को चूस लिए और मेरे हाथ जो उनकी पीठ पर थे वो कमर पर चले gaye...maa ने ये रीलीज़ होते hi की उन्होंने मेरे लिप्स पर किश किआ है तुरंत अपना फेस पीछे कर लिए और मेरी और देखने lagi...main ऐसे रियेक्ट कर रहा था जैसे मुझसे वो अनजाने में हुआ था और कोई इतनी बड़ी बात नहीं है..... माँ बिलकुल चुप thi...or फिर वो हुआ जिसकी उम्मीद मैंने कभी नहीं की थी...

माँ ने अपना फेस आगे करके अपने होंठ फिर से मेरे होंठो पर रख दिए और मेरे होंठो को चूसने लगी...





मैं बिलकुल शॉकेड हो gaya....mere पूरे शबीर में एक करंट सा दौड़ gaya...main कुछ पल ऐसे hi बूत बना बैठा रहा, कोई हरकत नहीं कर रहा था , माँ मेरे होंठो को अपने होंठो में लेकर चूस रही थी क्या बताऊँ क्या कामुक दृश्य था ये फिर जब मुझे थोड़ा रीलीज़ हुआ के कर्मा ये वो hi हो रहा है जो तू कबसे सपनो में देखता था और जब आज सचमे हो रहा है तो बूत बना हुआ बैठा hai....phir मैं भी हरकत में आया और माँ के लिप्स को चूसने laga..itne मीठे और रसभरे लिप्स थे माँ के, मैंने पहले भी बहुत किश किआ था, बूत ऐसे होंठ कभी नहीं चूसे the...itne सॉफ्ट और टेस्टी थे की इनके आगे दुनिआ में कोई टास्ते बना hi nahi...main कभी ऊपर वाले होंठ को लेकर चूसता तो कभी नीचे वाले और माँ भी ऐसा hi कर रही थी मेरे होंठों के साथ...





मेरा लुंड तो इस होंठो के मिलान से बिलकुल हार्ड जो गया था इतना हार्ड शायद hi कभी हुआ होगा आज से pahle....mere हाथों ने भी हरकत करनी शुरू कर दी थी... और मैं उनकी नंगी कमर पर अपने हाथ फिरा रहा tha..main तो जैसे जन्नत में tha...agar कहीं स्वर्ग होगा तो शायद ऐसा hi होगा.... फिर मैंने अपने हाथ आगे की तरफ लाने लगा उनके पेट की तरफ और ज़ोर से उनके होंठो को चूसने laga...lekin जैसे हर अछि चीज़ का अंत होता है वैसे hi इसका भी hua...maa ने अपने होंठ पीछे खींच liye...or झट से उठकर कड़ी हो gayi....main फिर से उन्हें शॉकेड रहकर देखने लगा... मेरी हालत ऐसी थी जैसे बच्चे से आइसक्रीम चीन ली हो... माँ मुझे घूरे जा रही थी फिर माँ ने एक गहरी सांस ली और बोली...

माँ- तू सचमे मुझसे बहुत प्यार करता है न?

में- मैं वो हाँ मा बहुत करता हूँ ...

माँ- तो मेरी एक बात मानेगा..

में - हाँ माँ बिलकुल आप कहो तो सही...

माँ- तो तुझे मेरी कसम है तू अभी जो हुआ उसके बारे में कभी दोबारा बात नहीं करेगा और न hi मुझसे कुछ poochega....or न hi कुछ करने की कोशिश करेगा....

मैं ये सब सुन कर दांग रह गया कहाँ अभी कुछ पल पहले मैं माँ के होंठो को चूस रहा था और कहाँ अब ये कसम जब सोचा था सब मिल gaya...tabhi हाथ खाकी रह gaye....maine कुछ नहीं bola...phir माँ ने कहा

माँ- चल अब सो जा

और इतना कहकर उन्होंने एक बार मुझे देखा और एक नज़र मेरे शॉर्ट्स में बने लुंड के उभर पर डाली और चली गयी......

मैं बस जैसा बैठा था वैसा बैठा hi रह gaya...samajh hi नहीं ा रहा था क्या हुआ है अभी ये sab....but मुझे ख़ुशी भी थी की आज मुझे माँ के होंठों को चूसने का चमके मिला फिर मैंने सोचा शायद माँ अपने आप को रोक रही हैं या उन्हें बुरा लगा के उन्होंने अपने बेटे के साथ hi ये kia....but मुझे उन्होंने उम्मीद दिखा दी hai...ab वो दिन दूर नहीं जब वो मेरे लुंड पर उछाल रही होगी ये सोचते हुए मैंने अपना लुंड बहार निकल लिए और माँ क्व बारे में सोच कर हिलने लगा और झाड़ gaya....main ये सोचते हुए के मुझे बहुत hi सावधानी से सब करना होगा तभी मुझे माँ मिल सकती है ज़रा सी लापरवाही सब कुछ बिगड़ देगी और ये सोचते सोचते मैं सो गया...

तो क्या करेगा कर्मा अपनी माँ को छोड़ने के liye...chachi का क्या होगा और भी कई नै cheezein...apko देखने को मिलेगी अगली अपडेट mein....aap लोग प्लीज पढ़ते रहे और रेविएवस देते रहे.... शुक्रिया
 
लास्ट अपडेट में अपने देखा कैसे कर्मा और माँ के बीच में किश होती है और फिर माँ कर्मा को इस बारे में बात न करने की कसम देकर चली जाती hai...ab आगे

अपडेट 8

मैं अगली सुबह जब सोकर उठा तो देखा 8 बज गए, मैंने सोचा आह तो लेट तक सोता रहा, गाँव में लोग जल्दी उठ जाते हैं सूरज निकलने से पहले... मैं उठा और बाथरूम में घुस गया फ्रेश होकर बहार आया तो देखा पापा और अनुज चाय पि रहे थे मैं किचन की तरफ बड़ा तो पापा बोले,

पापा- कर्मा इतना लेट तक कौन सोता है, जल्दी उठा कर थोड़ा, व्यायाम किआ कर सेहत अच्छी रहेगी..

में- ग पापा कल से करूँगा

अनुज - पापा भैया कुछ नहीं करने वाले, एक नंबर के आलसी हैं ye...he हे हे

में- अपना काम कर, माँ अपने इस नाली साफ़ करने वाले को घर में क्यों आने दिए बदबू ा रही है.....

ये सुनकर अनुज का मुँह बन गया और पापा से बोलै

Anuj-dekho पापा क्या बोल रहे हैं...

पापा हँसते हुए बोले- तुम दोनों hi पागल जैसे जैसे बढ़ते जा रहे हो और पागलपन बढ़ रहा है तुम्हारा...

मैं किचन में चला गया जहाँ माँ खाना बना रही thi...maine माँ के मूड को चेक करने के लिए मज़ाक करना शुरू किआ क कहीं रात वाली बात से माँ में कोई चेंज तो नहीं आया...

में- बा मुलाइज़ा होशियार, सल्तनत के महाराज खुद किचन में पधार चुके hain.....unki शाही चाय किधर है पेश की जाए,

माँ मेरी बात सुनकर मुस्कुराने लगी और मुझे बिलकुल नार्मल लग रही थी मुझे ये देखकर और ख़ुशी हुई...

माँ- महाराजा चुपचाप अपनी चाय उठाओ नहीं तो शाही थप्पड़ खा जाओगे..

मैं और माँ हंसने लगे फिर मैंने बोलै

में- अभी लेता हूँ थोड़ा माँ को प्यार तो करलूं..

मैं ये देखना चाहता था क्या माँ मुझे रोकेंगी, कुछ चेंज आया है या नहीं? बूत माँ ने कुछ नहीं बोलै और मैंने उन्हें साइड से हुग कर लिए और साड़ी के ऊपर से hi पेट पर हाथ फिरने laga....maa ने भी कुछ नहीं बोलै और एक सेकंड के लिए मेरे कंधे पर सर को टिका दिए जैसे वो भी मेरा साथ दे रही हो हुग में बूत हाथ में आता था इसलिए हाथ नहीं लगा सकती thi...phir मुझे मेरा लुंड हार्ड होता हुआ फील हुआ मैं पीछे हैट गया... और माँ के गाल को चूम लिए और फिर दूसरी तरफ भी चूम लिए, माँ मुस्कुरा रही थी फिर मैंने अपने गाल पर इशारा किआ तो माँ ने अपने रसीले होंठ मेरे गाल पर रख दिए, और फिर मैंने फेस घुमाया तो ऐसा hi उन्होंने दुसरे गाल पर किआ... फिर मुझे शरारत सूझी तो मैंने अपने होंठो को भी आगे करदिअ... मुझे लगा माँ मुझे डाँटेंगी बूत जैसा उन्होंने मेरे गाल पर किआ था वैसे hi अपने होंठ मेरे होंठों पर रखे और हटा लिए . मेरे शरीर में फिर से करंट दौड़ गया.... बूत माँ के चेहरे पर मुझे कहीं भी अलग भाव नहीं दीखते थे वो hi थे जो एक माँ के अपने बेटे के लिए होते हैं मैं समझ नहीं प् रहा था माँ के बेहेवियर ko...phir सोचा बीटा वो तेरी माँ hai...usne तुझे जन्म दिए है इतनी आसानी से नहीं समझ पायेगा तू फिर माँ ने थोड़ा मुस्कुराया और बोली

माँ- जा अब नाश्ता कर....

मैंने भी अपनी प्लेट उठाई और किचन से बहार पापा और अनुज के पास जाकर बैठ गया और नाश्ता करने laga....main इस बात से खुश था क रात की वजह से माँ में कोई चेंज नहीं आया है और उन्होंने अभी मेरे होंठों को चूमा bhi...isi ख़ुशी ख़ुशी में मैंने नाश्ता कर लिए... तभी पापा बोल पड़े...

पापा- कर्मा आज चेरे साथ चल आज बाघ में और खेत पर बहुत काम hai...teri गर्मियों की छुट्टिया भी चल रही हैं तो मदद हो जाएगी...

मैं भी क्या बोलता मैंने भी हाँ में सर हिला dia...or फिर थोड़ी देर बाद पापा के साथ निकल गया....

वहां पहुंच कर हम लोग काम पर लग gaye..maine सोचा ाचा हुआ मैं आ गया या सब पापा अकेले कैसे karte...to काम करते करते दोपहर हो gayi...anuj खाना लेकर आज्ञा... मैंने और पापा ने खाना खाया फिर अनुज को पापा ने भेज दिए और हम काम में लगने वाले hi थे के राजम चाचा ा गए...

राजन च- क्या बात है आज तो बाप बेटे बहुत म्हणत कर रहे हैं....

पापा ने मुस्कुराते हुए उनकी तरफ देखा और बोले

पापा- बाप के बाद बाप की हर चीज़ पर बीटा hi तो म्हणत करेगा तो अभी से क्यों नहीं...

मेरे मन में ये सुनकर माँ का ख्याल आ गया और सोचने लगा माँ भी तो पापा की हैं तो मुझे उनपर भी म्हणत करनी चाहिए.....

राजन च- बिक्कुल भाईसाब ये तो लाख टेक की बात कही apne....chalo आप काम करो मुझे भी काम है...

पापा- क्या काम है परेशां लग रहा है...

राजन च- अरे भाईसाब वो हमारी छत से मिटटी झाड़ रही है चूहों ने दीवारों को खोद खोद के खोखला बना दिए है तो उसी की मरम्मत करवा रहा tha...ab वो घनश्याम बोल रहा है के कल तक hi ठीक हो पायेगा काम पूरी तरह se...to बच्चों के सोने की व्यवस्था कहाँ की जाए सोच रहा था......

पापा- तू बड़ा बेवकूफ है, मेरा घर तेरा नहीं है जो तू सोच रहा था कहाँ की jaaye...ja ममता और पल्ली को घर छोड़कर आ... बिना बात के उन्दोनो को भी परेशां कर रखा होगा....

राजन च- हँसते हुए अरे भाई साब ...हे हे he.....tum सही कह रहे हो अभी उन्हें घर भेज देता hun...mujhe तो रात को रुकना पड़ेगा के आदमी कोई सामान न उठा लें और भैंस भी हैं वो दोनों कहाँ परेशां होंगी मेरे साथ.....

पापा- और क्या पागल था तू जब काम शुरू हुआ तब भी भेज दिए होता...

राजन च- हाँ भाई साब भेजता हूँ abhi...or ये तो और ाचा hua...Karma बीटा तू आज से hi पल्ली बिटिया को अंग्रेजी पढ़ना भी चालू कर देना...

मैं तो ये सुनकर वैसे भी बहुत खुश था के चची आज की रात हमारे साथ रुकने वाली hai....maine ख़ुशी ख़ुशी कहा...

में - ग chacha....aaj hi पढ़ाऊंगा ..

पापा- अरे क्यों नहीं ...ये बढ़ा है छोटो को पढ़ना इसका फ़र्ज़ बनता है...

फिर ये सुनकर और पापा को बोलकर राजन चाचा चले gaye...main और पापा शाम तक काम करते रहे...

शाम को जब घर पहुंचे तो गेट पल्ली ने khola....or मज़ाक में बोली...

पल्लवी- हाँ जी किस्से काम है....

मैं भी उसके मज़ाक में साथ देने लगा...

में- ग मेम साब आपसे hi था आपका पार्सल आया था...

पल्लवी- सच्ची कहाँ है पार्सल लाओ दिखाओ मुझे....

मैंने अपना हाथ जेब से निकला और ऐसे कुछ हो उसमे और फिर आगे बढ़ा कर उसके कान पर चपत मार di...or बोलै

में- ये रहा आपका parcel...apke पार्सल में थप्पड़ था....

पल्लवी हंसने लगी और बोली

Pallavi-bhaiya आप भी न बहुत ख़राब हैं....

फिर हम दोनों अंदर आये तो देखा माँ और चची बैठ कर बातें कर रही हैं... मुझे देखते hi चची और माँ दोनों मुस्कुराने लगी और फिर माँ बोली आ गया तू पापा कहाँ है....

में- आ रहे hain...bhainso को बांध कर...

माँ- चल बैठ tu...main चाय बनती हूँ तेरे लिए...

ममता च- अरे दीदी आप क्यों banayengi...are पल्ली ज़रा सबके लिए चाय तो बना....

पल्ली- अभी लाइ माँ बनाकर....

और ये कहकर पल्ली किचन में चली गयी अनुज हॉल में बैठा tha...maine चुपचाप से देखा तो वो बार बार किचन में देख कर मुस्कुरा रहा tha...main समझ गया दोनों की आशिक़ी चल रही hai...main मुस्कुरा दिए और सोचा करने दो सबका हक़ है......

फिर मैं वहीं माँ और चची के पास खाट पर लेट गया और उनसे बातें करने laga...itne में पल्ली चाय लेकर आ gai...sabko दी पापा भी आ गए थे तो वो भी पिने लगे... फिर चाय ख़तम करके मैं फिर से लेट गया इस बार अपना सर माँ की गॉड में रख lia...or आज इतना काम किआ था के थका होने की वजह से मुझे माँ की गॉड में कब नींद आ गयी पता hi नहीं चला...

मुझे अचानक से रीलीज़ हुआ के कोई मुझे हिला रहा है और कुछ आवाज़ दे रहा hai...phir मेरी आँखें खुली तो देखा के पल्ली मेरे कंधे पकड़ कर मुझे हिला रही thi...or बोल रही थी...

पल्ली- उठो भैया चलो खाना खा लो बहुत सो लिए...

में- सोने दे न प्लीज

पल्ली- नहीं बिलकुल नहीं उठो अभी खाना खाओ और मुझे पढ़ना भी है तुम भूल गए.

और इतना कहकर उसने मेरा हाथ खींचकर मुझे बिठा dia...main उठा मुँह हाथ धोकर आया हॉल में तो देखा पापा, अनुज और राजन चाचा खाना खा रहे हैं...

राजन च- आज तो थका दिए तुझे तेरे पापा ने कर्मा जल्दी सो गया तभी...

पापा- अरे थकना तो था hi बहुत म्हणत की आज बेचारे ने सरे काम खुद hi किये मुझे तो हर काम में रोक देता था क लाओ पापा आप बैठो मैं करता हूँ...

ममता च- है hi हमारा बच्चा इतना samajhdaar...isko तो चाँद जैसी बहु मिलेगी...

इसे सुनकर सब मुस्कुराने lage....to फिर मैंने भी मज़ाक करते हुए बोलै अरे चची बूत आपने तो शादी कर्ली अब कहाँ से मिलेगी....

ममता च- हैट बदमाश अभी बताती हूँ तुझे..

.ये कहते हुए मुझे सर पर मारा सब हंसने लगे और फिर मुझे खाना दिए और मैं भी खाने laga...or फिर मैंने मज़ाक करते हुए कहा...

में- आज कुछ ख़ास है क्या

माँ - नहीं तो क्यों क्या हुआ

में- फिर ये भिखारी को हमारे साथ खाना क्यों खिलाया जा रहा है....

अनुज मेरी बात समझ कर बोलने laga...maa देखलो इन्हे फिर से बोल रहे हैं....

सब हंसने लगे पल्ली तो बहुत हंस रही thi...maine बोलै

में- मैंने तेरा नाम लिए अब तू खुद को hi समझता है तो मैं क्या करूँ?.

माँ- हँसते हुए- चलो चलो अब लड़ना बंद और खाने पर ध्यान दो...

फिर सबने खाना खाया.... माँ चची और पल्ली ने भी.... राजन चाचा फिर घर चले गए वो वहीं सोने वाले थे...

माँ ने पल्ली और चची को अपने से बगल वाला रूम जो खली था वो दिए tha...maine सोचा अगर पल्ली चची के साथ होगी तो मैं कुछ नहीं कर पाउँगा तो मुझे कुछ सोचना होगा ...इतने में पल्ली बोल पड़ी

Palli-bhaiya मुझे पढ़ना भी है तुम्हे

मुझे भू याद ा गया मैंने कुछ सोचते हुए कहा

में- हाँ बिलकुल अभी पढ़ाऊंगा पर चची जब तक मैं पल्ली को पढाउन तब तक आप मेरे रूम में सो jaogi..mere रूम का बल्ब ख़राब है मैं यहाँ जिस रूम में आप हो उसमे पढ़ा दूंगा जब पढाई ख़त्म होगी तो आपको बापिस भेज दूंगा

माँ- अरे तो बता देता बल्ब चेंज करा देती और तुम दोनों मेरे कमरे में पढ़ लो न चची को क्यों परेशां करते हो...

ममता च- अरे दीदी इसमें परेशानी क्या और वैसे भी भाईसाब भी थके हुए होंगे उनको और आप आराम से sona...main सो जाउंगी...

माँ ने अनुज की तरफ देखा तो बोलै

अनुज- माँ सोचना भी मत मुझे ये चिढ़ाते रहेंगे और न खुद उसे पढ़ाएंगे न मुझे पढ़ने देंगे ..

सब उसकी बात सुनकर मुस्कुरा दिए फिर चची ने बोलै

ममता च- अरे कोई बात nahi..main सो जाउंगी कर्मा के कमरे में तुम लड़ो मत दोनों..

ये कहकर चची हंसने लगी तो फिर मैं उठकर अपने रूम में गया और बल्ब को थोड़ा ढीला कर दिया जिससे वो जले न ताकि किसी को शक न ho..or फिर एक निक्कर और टीशर्ट पहन कर चची के रूम में गया तो वो खली था फिर माँ पापा के रूम में जाकर देखा तो माँ पापा और चची बातें कर रहे थे.... मैंने पुछा

में,- पल्ली कहाँ है

ममता च- यहीं तो थी शायद बाथरूम होगी आती hi होगी ....

में- ठीक है...

इतना कहकर उनके रूम से निकल गया और देखा दोनों बाथरूम का गेट खुला है...

फिर मैंने अनुज का रूम देखा तो वो भी खली था मैंने सोचा कहाँ गए ये तो फिर मैं छत पर गया सीढ़ियों से झाँक कर देखा तो चौंक गया वैसा hi हो रहा था जैसा मैंने सोचा था...

अनुज और पल्ली एक दुसरे के होंठों को चूस रहे थे और मैंने ध्यान से देखा तो अनुज t-shirt के ऊपर से hi पल्ली के बूब्स दबा रहा tha..phir अपने होंठ अलग करके अनुज पल्ली के पीछे जाकर खड़ा हो गया और उसकी t-shirt से बूब्स निकल कर दबाने लगा...





मुझे चांदनी रात मैं ये नज़ारा बड़ा कामुक लग रहा था ...देखते hi मेरा लुंड तुरंत टाइट हो gaya...chandni में चमकते उसके बड़े बूब्स बहुत रसीले लग रहे थे पहली बार पल्ली को मैंने ऐसे देखा था socha...ye चची जैसी hi मस्त माल है हर चीज़ में मैं अपने लुंड को निक्कर के ऊपर से मसल रहा था मैंने भी सोच लिए आज छोटा भाई बेटी को मसल रहा है तो बड़ा भाई भी आज माँ को छोड़ कर rahega........but मुझे उनके लिए दर भी था की किसी को डाउट हो जायेगा ये यहाँ ऐसे लगे हुए हैं तो मैं सीढ़ियों से नीचे आया और आवाज़ लगाई

में- Pallllliiiiiiiiii कहाँ है तू अगले hi मिनट मैं पल्ली नीचे आते हुए दिखी थोड़ा सा हांफ रही थी थोड़ा दर भी था उसकी आँखों में... मैंने सोचा इससे अभी कुछ बोलना बेकार hi होगा मैंने बोलै..

में- चल पढ़ने चल...

पल्ली- हाँ भैया चलो.....

फिर हम रूम में आये तो पल्ली आगे झुक कर बीएड पर बैठ कर बीएड पर पढ़ी अपनी किताबें उठाने लगी मुझे उसके झुकने से उसकी स्कर्ट ऊपर उठ गयी और उसकी मोती जाह्गे दिखने लगी मेरा लुंड और टाइट हो gaya..wo तो निक्कर ढीला था जिससे ज़्यादा कुछ पता नहीं चला...





फिर बैठ पर बैठ गयी और मैं bhi...or मैं उसे पढ़ने लगा पढ़ते पढ़ते मैं उसके बूब्स को देख रहा था ...काफी बड़े थे मन कर रहा था चूस लूँ abhi....tabhi करीब 1:30 घंटे बाद पल्ली बोली...

पल्ली- भैया मैं टॉयलेट होकर आती हूँ...

में- हाँ होकर आए...

फिर वो चली गयी मैंने भी अपने लुंड को थोड़ हिला दुला कर एडजस्ट किआ और लेट गया मैं भी सोच रहा था जल्दी से पढाई ख़त्म हो और मैं चची के साथ कुछ मज़े karun...tabhi मैंने देखा के 5 मीन्स से ज़्यादा हो गए और पल्ली नहीं आई thi...maine सोचा कहीं ये और अनुज फिर से तो नहीं शुरू हो गए और मैं रूम के बहार निकला तो हॉल में अँधेरा था बूत राइट साइड से थोड़ी रौशनी ा रही thi..Maa पापा के रूम का जो बाथरूम था उससे मैंने देखा तो मुझे दिखा गेट थोड़ा सा खुला हुआ है और पल्ली वहीं कड़ी हुई है इसके आगे का मुझे नहीं दिख रहा था.... मुझे कुवह अजीब लगा और मैं धीरे धीर कदम बढ़ाते हुए गेट तक पहुंच गया मैंने गेट को थोड़ा खोला तो जो देखा उसे देखकर चौंक गया पल्ली बाथरूम के दुसरे गेट से जो माँ पापा के रूम में खुलता था उसके अंदर देख रही hai...uske बूब्स बहार हैं और उसका हाथ उसकी छूट पर है.....





ये देखकर मेरा लुंड तन गया और मैं उसके बड़े बड़े बूब्स को देखता hi रह gaya...waise तो मैं सारा मामला समझ गया क पल्ली यहाँ वाशरूम में आई होगी और यहाँ उसे माँ पापा की आवाज़ सुनाई दी होगी और उसे देखकर ये गरम हो गयी है वैसे भी छत पर भी ये गरम होकर आई thi....main बाथरूम के अंदर घुसा और गेट बंद कर लिए पल्ली अभी भी बेसुध सी अंदर देखे जा रही थी उसे पता hi नहीं था के मैं वाशरूम में हूँ. मैं उसके पीछे खड़ा हो गया िर एक बार नज़र उठा कर मैंने भी माँ पापा के रूम के अंदर देखा तो क्या नज़ारा था





माँ और पापा 69 पोजीशन में थे... माँ की गांड हमारी तरफ thi.maa ने बस एक ब्रा पहन राखी थी बूत उनके बूब्स उसके बहार hi थे और पापा बिलकुल नंगे थे.. बड़े बड़े तरबूज़ों के बीच पापा अपनी जीभ घुसा रहे थे. माँ भी अपनी गांड घुमा घुमा कर अपनी छूट चटवा रही thi......udhar माँ मममममहंममम करके अपना मुँह पापा के लुंड पर ऊपर नीचे कर रही थी.. पूरे चाव से चूस रही thi...mera लुंड फटने को तैयार था मुझसे सहन नहीं हुआ और मैंने अपना लुंड बहार निकल लिया... और फिर अपने हाथ पल्ली की कमर पर रख दिए मेरे हाँथ लगते hi उसने पलट कर देखा और मुझे देख थोड़ा घबरा गयी मुझे लगा के ये चीखने वाली है तो जैसे hi उसने अपना मुँह खोला मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए और उसकी चीख बंद कर दी और धीरे धीरे उसके होंठों को चूसने लगा... पहले तो वो थोड़ा झटपटई पर वो इतनी गरम थी के अगले hi मिनट में मेरा साथ देने लगी और मेरे होंठों को चूसने lagi...main उसे किश करते हुए अपना हाथ उसकी पूरी नंगी कमर पर फिरने लगा और उसके पेट को मसल ने लगा और उसकी नैवेल को छेड़ने लगा वो और गरम हो gayi...wo थोड़ा और पीछे हो गयी उसकी बॉडी मुझसे चिपक गयी मेरा नंगा लुंड उसकी गांड से चिपक गया जिसे उसने भी फील किआ और मैं अपनी कमर हिलाकर लुंड को उसकी गांड पर घिसने लगा, वो बहुत गार्डन हो गए थी मैं भी ऐसे मौके को जाने नहीं देना चाहता था ....मैंने अपने होंठो को उसके होंठों से हटाया और उसकी गर्दन पर चूमने लगा उसके फेस फिर से आगे गया वो माँ पापा को देखने लगी मैंने देखा तो उन्होंने भी अपनी पोजीशन चेंज कर ली थी





अब पापा माँ की साइड में लेट कर उनकी छूट में अपना लुंड पेल रहे थे... मुझे माँ की छूट में उनका लुंड आता जाता साफ़ दिख रहा tha...maa अपने एक हाथ से अपने छूछीयो को मसल रही थी और अह्हह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह कर रही थी और पापा को और तेज़ छोड़ने को बोल रही थी... पापा उनकी गर्दन पर चूम रहे the....or सततत छूट में लुंड पेले जा रहे the...ye देखकर मैं और पल्ली का हाल और ज़्यादा बुरा हो गया मेरा लुंड तो जैसे पत्थर का हो गया था और पल्ली की गांड पर ठोकरे मार रहा था जैसे कपड़ो को चीयर कर घुस जायेगा अभी andar...maine भी कमर से हाथ ऊपर करके उसके बूब्स पर ले गया और उसकी t-shirt को उठाकर बूब्स बहार निकल लिए और उन्हें दबाने लगा वो भी अपनी सिसकीओ को दबती हुई माँ पापा की चुदाई देखे जा रही थी और अपने छुछियां दबाने दे रही thi....kya मस्त छुछियां थी उसकी जवानी से भरी हुई बड़ी बड़ी और सॉफ्ट सॉफ्ट जैसे उनके अंदर बटर भरा गया ho....mere लुंड की हालत बहुत ख़राब थी मैंने सोचा ये hi सही मौका है अभी मुझे कुछ न कुछ तो करना चाहिए ..मैंने अपनी कमर पीछे karke...Palli की स्कर्ट को उसके चूतड़ों के ऊपर उठा दिए ... उसके पंतय में कैसे हुए चूतड़ मेरे सामने आ gaye....jinhe देख कर मैं पागल हो गया और फिर से अपना लुंड उसकी गांड की दरार में फंसकर आगे पीछे करने लगा मुझे बहुत मज़ा ा रहा tha...Palli भी अपनी गांड ऊपर नीचे करके मेरे लुंड पर अपने चूतड़ों को घिस रही thi....mujhe बड़ा मज़ा ा रहा था थोड़ी देर और लुंड को घिसने के बाद मैं पीछे हैट गया और पल्ली को थोड़ा आगे की तरफ झुकने के लिए पीछे से धक्का दिया उसने अपने हाथ गेट की वागल वाली दीपर पर टिका लिए मैं उसके पीछे घुटनो के बल बैठ गया और उसके चूतड़ों को चूमने लगा चाटने laga...uski पंतय के ऊपर से किश कर रहा था ...उसकी काले कलर की पंतय पूरी गीली हो चुकी thi...maine पंतय के ऊपर से hi उसकी छूट वाली जगह पर अपनी जीभ phirai...to पल्लवी झटपटाने lagi....aisa कई बार किआ और पल्ली का रिएक्शन हर बार वही था मैंने फिर उसकी पंतय को साइड किआ और उसकी छूट को देखा क्या छूट थी उसकी mast...honth आपस में मिले हुए the...poori गीली होकर रास बहा रही thi...mere मुँह में पानी आ गया और मैंने अपनी जीभ उसके छूट पर रख दी और और ऊपर नीचे करते हुए चाटने लगा वो तो पागल हुए जा रही थी ऐसा लग रहा था वो कभी भी गिर जाएगी उसकी टाँगे काँप जाती thi...phir मैं अपनी जीभ पूरा ऊपर नीचे फिरने लगा जिससे मेरी जीभ उसकी गांड के छेद से भी टच होकर आ रही थी वो अपने एक हाथ से अपने बूब्स मसल रही थी मैं उसकी छूट और गांड को छाते जा रहा था





फिर मैंने एक दो मिनट और छूट छाती और फिर खड़ा हो गया और अब मैं बहुत एक्साइट हो गया था सही गलत से मुझे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ना था अब मैंने झट से अपना हाथ आगे बढाकर उसकी टी शर्ट को उतर दिए वो ऊपर से नंगी हो गयी और मैंने भी अपनी टी शर्ट निकल दी और उसकी पर्थ से चिपक गया और उसके बड़ी छुछिया दबाने लगा





वो बस आआह्ह्ह्हह्ह अह्हह्ह्ह्ह भैया कर रही थी बहुत धीरे से मैंने एक हाथ नीचे लेजाकर अपना निक्कर निकल दिया और उसकी पंतय की साइड में हाथ दाल कर उसे भी नीचे सरका दिए वो अब भी माँ पापा के रूम में देख रही thi...maine भी अंदर झाँका तो देखा क माँ पापा अब भी चुदाई कर रहे थे वो भी ज़ोरों से बस पोजीशन चेंज थी...





पापा माँ को घोड़ी बना कर छोड़ रहे the....maa के मुँह से ाः ाः ाः की सिसकारी निकल रही थी... पापा के झटके बहुत तगड़े थे ..माँ के छूछे लटके हुए झटके खा रहे the...ye सन देखते hi मेरे लुंड में भी जैसे खून उतर आया हो ...वो दर्द करने लगा.... मैंने भी सोचा क अब बर्दाश्त नहीं हो रहा फिर क्या मैं तो पूरा नंगा था hi पल्ली के शरीर पर भी बस एक स्कर्ट thi....maine देर न करते हुए अपने हाथ पर थूक लगाकर लुंड के सिरे पर लगाया और अपने लुंड को पकड़ा और पल्ली की गांड की दरार में ऊपर से लेके नीचे तक घिसा पल्ली भी अपनी गांड हिला रही थी फिर मैंने देखा के उसका ध्यान अभी माँ पापा की चुदाई पर है तो मैंने एक हाथ से उसकी चूतड़ों को पकड़ा और एक हाथ में लुंड लेकर उसकी जवान छूट क होंठो पर रखा और एक कतरा झटका लगा dia...jisse मेरे लुंड का टोपा पुछ्ह से उसकी छूट के अंदर घुस गया.... पल्ली की तो जैसे आँखें बहार आने को हो gayi....maine झट से हाथ उसके मुँह पर रख लिए और उसको चीखने से roka...mera लुंड का टोपा छूट के अंदर था... उसकी छूट बेहद टाइट थी बूत मुझे एक चीज़ रीलीज़ हुई की उसकी सील टूटी हुई thi...maine सोचा के ये तो पहले भी चूड़ी हुई hai...maine सोचा ये सब बाद में सोचूंगा अभी ओर ध्यान देता हूँ..... पल्ली बुरी तरह दर्द से झटपटा रही थी अगर मैंने उसे पकड़ा हुआ न होता तो वो गिर चुकी होती मैं उसको शांत करने क लिए उसके छूछे दबाने लगा थोड़ी देर बाद उसका थोड़ा दर्द शांत हुआ तो उसने अपना हाथ मेरे हाथ पर रख दिया जो क उसके चुके पर था शायद ये बताने क लिए वो तैयार है आगे लेने क लिए बूत मैंने उसके मुँह से हाथ नहीं हटाया था मुझे पता था मेरा लुंड काफी बड़ा है और मोटा भी अभी इसे और तकलीफ होगी क्यूंकि अबगी तक तो बस टोपा hi अंदर गया है.... मैंने धीरे से झटका मारा तो दो इंच और अंदर चला gaya...mujhe ऐसा महसूस हो रहा था जैसे मेरा लुंड किसी भट्टी में है जो उसे निचोड़ रही hai..lund और अंदर जाते hi पल्ली ने मेरा हाथ फिरसे पकड़ कर दबा दिया

मैं एक मिनट के लिए और रुक गया बूत अब मुझसे भी रुका नहीं जा रहा tha...agali बार पल्ली जैसे hi रेडी हुई मैंने ज़ोर का झटका दिए और मेरा लुंड उसकी छूट की दीवारों को चीरता हुआ पूरा उसकी छूट में समां gaya....mujheek अलग hi सुकून का आनंद मिल रहा था जो एक बिलकुल टाइट छूट में लुंड डालने से मिलता hai......Palli की तो गांड hi पहात गयी थी इतना बड़ा लुंड lekar...wo बहुत तेज़ तेज़ साँसे ले रही thi...bas भैया भैया कह कर फुसफुसा रही थी ...मेरा लुंड उसकी छूट में था िर वो मुझे भैया कह रही थी ये सुनकर मुझे ाचा लग रहा था... शायद रिश्तो में चुदाई का ये hi मज़ा होता hai.....khair छूछे मसलते हुए पल्ली एक बार फिर से थोड़ा ठीक हुई तो मैंने भी धीरे से लुंड बहार खींचा और फिर अंदर कर दिए पल्लवी की हम भैया आआह करके एक और आह nikli...main पल्ली को अब धीरे धीरे करके छोड़ने लगा





मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था और अब पल्ली भी ाः आह्हः करके मज़े ले रही थी.... मुझे उसकी छूट में लुंड डालके बहुत ाचा लग रहा tha...uski छूट में ऐसा लग रहा था जैसे मेरा लुंड किसी गरम माखन की पोटली में hai....main अपनी कमर आगे पीछे करके छूट में लुंड सततत पेल रहा tha...Palli भी अब बहुत मज़े लेकर अपनी कमर आगे पीछे करके छुड़वा रही thi...or एक बड़े और मोठे लुंड से छुड़वाने का. जो मज़ा है वो ले रही thi....par अब मेरा मन उसको अचे से तेज़ तेज़ छोड़ने का tha...jo की यहाँ मुमकिन नहीं था मैंने पल्ली के कान में कहा चलो अपने रूम में चलते hain...usne भी हाँ में सर हिला दिए... मैंने लुंड छूट में डाले डाले hi हम दोनों के कपड़ो को उठाया और पल्ली के हाथो में पकड़ा दिया और फिर उसकी कमर को पकड़ कर उसे अपने लुंड पर तंग सा लिए उसकी दोनों पेअर हवा में the....main उसकी छूट से लुंड नहीं निकलना चाहता था मुझे पता था इतनी मुश्किल से घुसा है अभी निकलना फिर से तकलीफ dega...maine उसे उठा लिए और अपने रूम की तरफ बढ़ने से पहले एक नज़र माँ पापा के रूम में डाली तो लगा जैसे वहां तूफ़ान थम चूका था बूत जो नज़ारा था वो अब भी जानलेवा था



माँ लेती हुई थी और पापा का लुंड उनके हाथ में tha...maa के पूरे चेहरे पर पापा के लुंड का रास बिखरा हुआ tha...maa इस रूप में एक सेक्स की देवी लग रही थी.. इतना कामुक नज़ारा देख कर मेरे लुंड ने ऐसा लगा कुछ बूंदे पल्ली की छूट में अपने रास ki.chod di...maa उनके लुंड को जीभ से चाटकर साफ़ कर रही थी मैंने भी वहां और रुकना ठीक न समझा और बाथरूम से पल्लवी को उठाकर निकल gaya....mere हर कदम के साथ पल्लवी मेरे लुंड पर ऊपर नीचे होती और हम दोनों की hi एक ाः nikal.jaati...phir ऐसे hi मज़े लेते हुए हम दोनों पल्ली और चची के रूम में पहुंचे जहाँ मैं उसे पढ़ा रहा था और फिर मैंने गेट बंद किआ और बीएड के सहारे झुकाके उसको तेज़ और ज़ोरदार झटको के साथ छोड़ने laga...palli भी सिसकिया ले कर बोल रही थी हाँ छोड़ो भैया और तेज़ chodo..jaise ताऊ जी अभी तै जी को छोड़ रहे थे वैसे hi chodo...aaahhhhh मज़ा आ गया भैया तुम्हारा हथियार तो बहुत बड़ा hai....meri तो फाड़ के रख दी... आअह्ह्ह्हह... मुझे उसकी बातें सुनकर और तेज़ जोश ा गया और मई. उसे बुरी तरह छोड़ने लगा और फिर ऐसे hi दो चार मिनट्स छोड़ने का बाद पल्ली की पूरी बॉडी अकड़ गति और वो मेरे लुंड पर झाड़ गयी ...और आगे की तरफ बीएड पर गिर गयी मेरा लुंड उसकी छूट से निकल gaya...maine uski.choot को देखा तो उसके होंठ खुले हुए the...aisa लग रहा था जैसे इसमें किसी ने कोई डंडा घुसेड़ा है पर मेरा काम अभी नहीं हुआ tha....maine झुक कर फिर से uski.choot को चाटने लगा ऐसे hi चाटते हुए मैं उसकी छूट में उंगली करने लगा ...5 मीन्स ऐसे छूट चटवाने के बाद वो फिर से गरम हो गयी.... तो मैंने उसे घुमा दिए अब वो बीएड पर झुक कर बैठी थी मेरी तरफ मुँह करके और मैं बीएड के किनारे पर खड़ा था.... वो मेरी तरफ देख रही थी.. जैसे पूछ रही हो क क्या करना है अब मैंने उसके बालो में हाथ फेरा और अपने लुंड जी तरफ हाथ करके बोलै

में- पल्ली इसे प्यार करना...

पल्ली- भैया मैं वो..

वो इतना hi बोल पाई क मैंने उसके लिप्स से अपना लुंड टच कर dia...uski जीभ अपने आप निकल आई और वो मेरे लुंड को चाटने lagi....kabhi टोपे को तो कभी पूरे लुंड पर जीभ phirati...ab मैंने उससे लुंड को मुँह में लेने को बोलै तो उसने कोशिश की बूत लुंड मुँह में घुस hi नहीं प् रहा था ...फिर एक और और उसने लुंड को छठा और दोबारा से मुँह बड़ा सा खोल कर लुंड के टोपे को अपने मुँह में घुसेड़ lia....aahhhhhhhhhh कि फीलिंग थी ye...uske छोटे से मग में मेरा लुंड देकर मैं तो धन्य हो गया tha..wo अब थोड़ा आगे पीछे अपना चेहरा हिला कर लुंड को चूस रही thi...aisa लग hi नहीं रहा था के वो ये सब पहली बार कर रही hogi...maine सोचा ये अपनी माँ से भी आगे niklegi....wo मेरा लुंड शिद्दत से चूस रही थी





ऐसे hi कुछ देर लुंड चूसने के बाद मुझे लगा कहीं मैं झाड़ न जॉन इसलिए उसको रोका और अपना लुंड उसके मुँह से बहार निकल लिए और झुक कर उसके चुके चूसने लगा आह्ह्ह्ह मलाई दार छूछीयो से मलाई निकल रही थी... एक को चूसता तो एक को मसलता ऐसे hi अगले 10 मीन्स तक उनसे खेलता raha...phir थोड़ा और नीचे झुक कर उसके पेट पर पर किश करने लगा उसे चाटने लगा वो मेरे बालों में हाथ फेर रही थी उसके पेट की स्किन बहुत मुलायम थी जैसे सिल्क का कपडा ho...main उसे छत्ता तो कहीं masalta...phir उसकी नाभि में जीभ डालकर उसे चाटने लगा वो आह्हः भैया करने lagi...aise hi थोड़ी देर तक चाटने के बाद मैं बीएड पर बैठ गया और वो मेरी तरफ पीठ करके मेरी गॉड में बैठने लगी उसने अपने हाथसे मेरे लुंड को सीधा खड़ा किआ और अपनी छूट के द्वार से भिड़ा दिए और थोड़ी सी नीचे हो gayi..jisse मेरे लुंड का टोपा एक बार फिर से उसकी छूट में tha...uske मुँह से है माँ मार डाला निकल gaya....main माँ सुनते hi सोचमे lga...teri माँ भी छुड़ेगी इसी लुंड से तू बस देखती ja...phir मैंने अपने हाथ उसकी कमर पर रख लिए और उसे नीचे की तरफ दबाया और अपनी गांड उठा कर नीचे से लुंड पेल दिए उसकी छूट mein...ek बार फिर से नेरा लुंड पल्लवी की छूट में था...

पल्लवी - आअह्ह्ह्हह भैया तुम्हारा तो बहुत बड़ा hai...pata नहीं कैंसर चला गया ये मेरी छोटी सी छूट में .. और ये कहते हुए वो अपनी गांड गोल गोल घूमने लगी बैठे बैठे hi बड़ा मज़ा ा रहा था... मैंने बोलै

में- बीटा ये hi तो बात होती है छूट ki..lund चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो छूट ले hi लेती है poora....or ये कहकर मैं नीचे से झटके लगते हुए उसे छोड़ने लगा





पल्ली- ाः भैया मज़ा आ रहा है chodo....chod छोड़ के अपनी बहन की छूट पहाड़ दो... हाय क्या लुंड है भैया apka.....ahhhhhhhhhhhh... भैया मुझे अब हमेशा छोड़ते रहना.... जहाँ जैसे bologe...aaahhh अह्ह्ह चुद जाउंगी बस मुझे ये लुंड चाहिए अपनी छूट में....

में- ये ली अपनी छुडासी छूट में... खा जा मेरा पूरा lund....han बीटा तुझे मैं हमेशा छोडूंगा अब तेरी. जैसी छूट को कहाँ भूल पायेगा मेरा loda...haaan हननननन... ऐसे hi ज़ोरदार चुदाई चल रही thi.....tthap थप की आवाज़ ा रही थी रूम mein...phir पल्ली इस पोजीशन में उछाल उछाल कर थम gayi....ab मैंने उसे बीएड पर लिटाया और उसके पैरो के बीच ा गया और एक तंग अपने कंधे पर रखली और एक hi झटके में फिर से लुंड उसकी छूट में घुसेड़ dia...or अपनी कमर हिला कर ज़ोर ज़ोर से छोड़ने लगा....





वो आह्ह्हह्ह्ह्ह भैया आह्ह्ह्हह्ह bhaiyaaaaaaaaaaaaaaa chodo........main आगे झुका और उसके होंठों पर अपने होंठ रख diye...or चूसने laga....to वो भी मेरे होंठो को चूसने lagi......phir उसके बाद मैं उसके छूछे को मुँह में लेकर चूसने लगा और ताबड़ तोड़ चोदे जा रहा था उसकी छूट ko...ab मेरा भी लुंड झड़ने को तैयार tha....buri तरीके से मैं उसकी छूट का कचूमर बनाये जा रहा था और वो हाय bhaiya....haaye भैया छोड़ो बोले जा रही थी....





और छोड़ते छोड़ते मैं बहुत तेज़ हो गया जिससे पल्ली भी एक बार फिर मेरे लुंड के झटको को सह नहीं पाई और दोबारा झाड़ gayi...or मैं भी खुद को चाहते हुए भी रोक नहीं पाया झड़ने से और झड़ने लगा मैंने अपना लुंड छूट से निकला और आगे जाकर उसके मुँह में दाल दीऔर सारा रास उसके मुँह में उगल dia...mere लुंड से इतना रास निकला के उसका पूरा मुँह भर गया ... जितना वो पि सकती थी पि गयी बाकि उसके मुँह से बहार निकक आया और उसके छूछे पर गिर gaya.....phir मेरा लुंड सिकुड़ने लगा उसने अपने मुँह में लेकर पूरा लुंड चाट चाट कर साफ़ kia...badi कामुक लग रही थी वो इस वक़्त चेहरे पर और छूछीयो पर मेरा पानी tha...bade hi सिंपल भाव से उसने पुछा

पल्लवी- भैया फिर कब छोड़ोगे?

मैं उसके इस सवाल से हैरान हो गया... बूत फिर मुझे हंसी भी आई की कितनी सिम्पली इसने ये पूछ लिए... मैंने प्यार से उसके सर पर हाथ फेरा और बोलै अपनी छूट को देख ...

उसने अपनी छूट की तरफ देखा वो सूज सी गई थी छेद भी खुला बुआ था मैंने बोलै जैसे hi ये ठीक हो जाएगी मैं पुण्ड पेल दूंगा ये सुनकर वो भी हंसने लगी फिर मैंने अपने कपडे पहने उसने भी एक गंदे कपडे से मेरे रास की चिकनाहट को. साफ़ किआ अपने छूछीयो से और जो मुँह पर लगा था उसे उँगलियों से इकठा करके चाट गयी... और बोली....

पल्लवी- भैया आपके पानी का टास्ते मुझे बहुत ाचा लगा ...

में- अब तो बहुत मिलेगा तुझे ये पीने को ...मेरी raani....ye सुनकर वो हंसने लगी और मैंने उसे बोलै क तू सो जा मैं जाता हूँ ..चची न आये तो तू टेंसन मत lio...main उन्हें जगाउंगा नहीं क्यूंकि यही आई तो यहाँ की खुशबु से उन्हें शक हो सकता है वो बोली

पल्लवी- ठीक है भैया

और अपनी स्कर्ट और पंतय पहन li...iske बाद मैंने उसके होठों को चूमा थोड़ी देर हम एक दुसरे के होंठों को चूसते रहे फिर मैं रूम से निकल गया...

आगे की कहानी उगली अपडेट mein....aap लोग प्लीज रेविएवस देते रहे और पढ़ते रहे... शुक्रिया
 
जो भी साइलेंट रीडर्स हैं प्लीज गिव रेविएवस... it's रियली वर्थ राइटिंग समथिंग व्हेन यू गाइस गिव फ़ीडबैक्स... प्लीज रीड एन्जॉय...
 
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