Incest Katha Chodampur Ki - Page 3 - SexBaba
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Incest Katha Chodampur Ki

लास्ट अपडेट मैं अपने देखा कैसे कर्मा पल्ली को माँ पापा की चुदाई करते देख लेता है और फिर उसे छोड़ देता hai...ab आगे

अपडेट 9

मैं पल्ली को छोड़ने के बाद रूम से निकलता हूँ और हॉल में पड़ी खाट पर बैठ जाता hun...or जो भी हुआ उसके बारे में सोचने लगता hun.....maine सोचा था के आज चची को छोडूंगा बूत चुद गयी Palli...Maa के लिए चाहा तो बेटी चुद gayi...but क्या माल है यार पल्ली मज़ा आ गया छोड़ kar...but अब क्या करूँ... चची के साथ कुछ करूँ या रहने du...beti के साथ तो karlia...tabhi जैसे मुझे अपना प्रॉमिस याद आ गया के मैं बस अपने लुंड को खुश रखूँगा और चची को छोड़ने के नाम से लुंड में थोड़ी हरकत फिरसे होने लगी thi...to मैंने लुंड से बोलै के तू यही चाहता है तो ये hi sahi...or उठ कर अपने रूम की तरफ बढ़ गया...

गेट खुला हुआ था और जीरो वाट का बल्ब ों था जिससे कमरे में रौशनी थी... चची सो रही थी उन्होंने अभी भी एक साड़ी पहन राखी thi...but सोने की वजह से उनका पल्लू नीचे था तो मुझे जो दिखा उससे मेरे लुंड तुरंत टाइट हो gaya...unki सारी नाभि से काफी नीचे हो गयी thi...to पूरा पेट नंगा दिख रहा था गहरी nabhi.....upar से ब्लाउज से बहार आते chuchhe...bas मैं खुद को रोक नहीं पाया और अपने सरे कपडे उतर दिए और बीएड पर चढ़ गया और उनके पेट और कमर को चाटने laga...unke मखमली स्किन पर जीभ फिरते हुए बड़ा मज़ा आ रहा tha...mera लुंड पूरी तरह टाइट हो चूका था.... मैंने फिर अपनी जीभ उनकी नाभि में डालके चूसने लगा तो वो नींद में hi थोड़ा सा kasmasai....main ऐसे hi थोड़ी देर तक उनके पूरे पेट पर चूमता रहा और ब्लाउज के ऊपर से उनकी छूछीयो को दबा रहा था... फिर मैंने उनके ब्लाउज के बटन खोल दिए और ब्रा को नीचे कर दिए तो उनके रसीले आम मेरी आँखों के सामने आ गए और मैंने झट से एक को अपने मुँह में भर लिए और चूसने lagaa...or दुसरे को मसल मसल कर दबाने लगा इतने में चच्ची की नींद भी खुल gayi...pahle तो थोड़ा सा घबराई फिरुझे देखा और कुछ सोचा और फिर रिलैक्स हो गई...

ममता च- पल्ली सो गयी क्या?

मैं अब भी उनके आम चूसे जा रहा tha....maine अपना मुँह कुछ सेकण्ड्स क लिए हटाया और हाँ बोलकर फिर से चूसने लगा उनकी छूछीयो को.. और फिर मैंने अपने होठ उठाकर उनके होंठो पर रख दिए...... और उनके होंठो के रास को पीने laga..wo भी मेरे होंठो को चूस रही thi...phir उन्होंने वो किआ जो ऐडा मुझे उनकी पसंद thi...Chachi ने अपनी जीभ मेरे मुँह में दाल दी और मैं उनकी जीभ को चूसने laga...phir वो मेरी जीभ अपने मुँह में लेकर चूसने lagi...mujhe बहुत मज़ा ा रहा था.... मैं साथ साथ उनकी छूछीयो को मसल रहा tha.....mujhe यकीं नहीं हो रहा था के अभी कुछ देर पहले मैं इनकी बेटी के छूछे मसल रहा था और अब inke...upar वाला देता है तो छप्पर पहाड़ के देता है मुझे तो छूट फाड़ के मिल रहा tha...phir किश करते करते hi मैंने उनका ब्लाउज और ब्रा उतर दी वो ऊपर से नंगी हो गयी





उनके बड़े बड़े छूछीयो को देखकर मेरा लुंड पूरी तरह से तन गया और मैं उन्हें मसलते हुए चूसने laga....apna मुँह में ज़्यादा से ज़्यादा चची के छूछे को लेकर चूस रहा था और दुसरे हाथ से दुसरे को मसल रहा था... चची मेरे बालों में हाथ फेर रही thi...maine दुसरे हाथ को उनके पेट पर रखा और उसे सहलाने laga....unki नाभि में ऊँगली डाली उनके हाथ मेरे सर पर टाइट हो gaye...phir मैंने अपना हाथ नीचे की और बढ़ाया... और साड़ी के ऊपर से hi छूट के ऊपर फिरने लगा उनकी बॉडी अकड़ने सी lagi...phir मैंने अपना मुँह छूछे से हटाकर उनके पेट को किश किआ और छठा , नाभि में जीभ डालकर छाती और फिर नीचे पहुंच गया पैरो से साड़ी ऊपर उठाते हुए उनके पैरो पर किश करने laga...har एक किश के बाद उनके मुँह से सिसकारी निकल जाती ...मैंने फिर उनको थोड़ा ऊपर करके साड़ी भी निकल दी अब वो बस पेटीकोट और पंतय में थी मैंने पेटीकोट को कमर तक उठा दिए ...उनकी पंतय साफ़ दिख रही थी जो आगे से पूरी तरह गीली हो चुकी थी.. मैंने उनकी मोती और चिकनी जाह्गो पर चूमा तो वो जैसे झटपटा uthi....mujhe उन्हें ऐसे तड़पाने में मज़ा आ रहा tha.....phir मैंने उनकी पंतय के ऊपर से hi उनकी छूट को चाट लिए वो तड़प uthi...phir मैं अपने हाथ ुबकि कमर पर ले गया और पंतय की साइड पकड़ कर नीचे उतर दिए ... चची ने भी झट से अपनी गांड उठा कर मेरी मदद ki...wo भी गरम हो चुकी thi...phir मैंने अपनी जीभ उनकी छूट पर फिरै वो तो जैसे पागल hi हो गई





अपने हाथो से अपनी छूछीयो को दबाने lagi...main भी जीभ से उनके छूट के दाने को छेड़ने लगा वो आअह्हह्ह्ह्ह कर उठी और साथ में बोली

ममता च- कर्मा खा जा मेरी छूट ko...poora रास निचोड़ ले iska...aaahhh बछ्ह...

मैंने छूट चेतना जारी रखा और साथ में एक उंगली भी उनकी छूट में घुसेड़ दी और अंदर बहार करने लगा वो मेरे बाल पकड़ कर मेरा सर अपनी छूट में दबाने lagi...maine उगंली बहार निकली वो पूरी तरह गीली थी और अपनी जीभ को नुकीला कर के उनकी छूट में घुसेड़ दिए वो झटपटाने lagi...main जीभ से उनकी छूट छोड़ने laga...wo एक मछली की तरह बीएड पर तड़प रही thi....thodi देर बाद मैंने जीभ बहार निकली और छूट में दो उंगलियां डाली और छूट और दाने को जीभ से चाटने लगा साथ में उंगलिअ भी अंदर बहार कर रहा tha.....phir जब मैंने थोड़ा सा सर नीचे किआ तो मेरी नज़र उनके गांड के छेद पर पड़ी वो मुझे बहुत आकर्षक laga...brown कलर का छोटा सा वो छेड़ बहुत hi सूंदर लग रहा था और मुझे अपनी और आकर्षित कर रहा था मैंने भी देर न करते हुए अपने होंठ उसपर रख दिए और उसे चूम लिए और फिर अपनी जीभ उसके छेद पर चलने laga....Chachi की पूरी बॉडी अकड़ गयी... और अजीब सी सिसकारी लेने लगी....

ममता च- आअह्ह्ह कर्मा क्या कर रहा है टूयूउऊउउउउउ bachhhhhuuuuuuuuuuaaaaaaa......meriii जान निकल jayegiiiiii....aaah ऐसा कभी नहीं हुआ pahle.....aaaahhhhhh मैं मर जाउंगी और फिर मैंने जीभ को नुकीली करके उनके गांड के छेद में घुसेड़ने लगा और ये करते hi उनकी पूरी बॉडी अकड़ gayiii....or वो झटके लेने लगी उनकी कमर बिलकुल ऊपर की तरफ उठ गयी thi....or उन्होंने मेरा सर अपनी छूट के ऊपर दबा dia...or फिर वो मेरी उंगलिओ पर झड़ने लगी मैंने उंगली बहार निकली और अपना मुँह उनकी छूट पर रख दिए और उनके रास की एक एक बूँद चाट li...kafi तगड़ा ओर्गास्म था चची का उनकी साँसे अभी भी बहुत तेज़ चल रही थी... जैसे hi वो थोड़ी शांत हुई वो फुर्ती से मेरे ऊपर आई और मेरे होंठों को चूसने lagi....meri जीभ चूसने लगी जैसे अपनी गांड और छूट का टास्ते मेरे मुँह से चकना चाहती हो 5 मिनट्स ऐसे hi होंठों और जीभ चूसने के बाद वो थोड़ी नीचे हुई और मेरे सीने पर पेट पर ...मेरे निप्पल्स इन सब को चाट रही thi...or थोड़ा नीचे होकर मेरी नाभि में जीभ डाली मेरा लुंड तो जैसे फटने को हो gaya...ye शायद उन्होंने भी समझा और नीचे होकर एक hi झटके में मेरे लुंड को मुँह में. भर लिए... और चूसने lagi....aaahhh क्या लुंड चूसती थी Chachi...agar थोड़ी देर पहले उनकी बेटी क मुँह में न झाड़ा होता तो अभी ज़रूर इनके मुँह में अपना रास ज़रूर उगल देता





वो लुंड चूसे जा रही thi...main आँखे बंद करके इस अद्भुत आनंद को महसूस कर रहा tha...wo कभी लुंड को मुँह में भर क्र चूसती तो कभी पूरे लुंड को ऊपर से नीचे तक chatati.....or फिर मेरे ाँद को अपने मुँह में भर कर choosti...main तो मज़े में डूबता जा रहा tha...thodi देर तक ये मज़े लेने के बाद मैंने चची से बोलै... चची मुझे तुम्हारी छूछीयो को छोड़ना है... चची ये सुनकर मुस्कुराई और बैठ गयी और अपने छूछीयो को हाथो से दोनों तरफ से पकड़ लिए और मेरा लुंड उनके बीच में फंसा लिए ....

और ऊपर नीचे करने लगी अह्ह्ह्हह क्या मज़ा था मेरा लुंड उन रसीले ामो के बीच जाकर तो धन्य हो गया था मुझे सच में ऐसा लग रहा था क मैं चुदाई hi कर रहा हूँ





मुझे लुंड की नसें टाइट होती दिखनी lagi...main समझ गया के अगर रुका नहीं तो झाड़ सकता हूँ और अभी मैं झड़ना नहीं चाहता tha...maine उठ कर उनको किश करने लगा... फिर मैंने उनको घोड़ी बनने को बोलै तो वो मेरी आँखों में देखने लगी जैसे थोड़ी असमंजस में हो की उन्हें आगे बढ़ना चाहिए या nahi...or कुछ पल ऐसे hi रुकने के बाद वो घूम गयी और मेरे सामने अपनी बड़ी गांड कर di....mere सामने उनकी बड़ी और कामुक गांड आ gayi...mera लुंड ये देखते hi फुंकारने laga....unke बड़े चूतड़ देख कर मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उन पर चूमने लगा चाटने लगा और एक बार फिर से उनकी गांड के छेद पर जीभ फिरने laga....wo ाःह अह्हह्ह्ह्ह कर उठी मैंने बोलै चची अपने चूतड़ों को फैलाओ तो उन्होंने अपने हाथ पीछे करके अपने दोनों चूतड़ पकडे और उन्हें फैलाया





उनकी गांड का भूरा chhed...unki छूट के लिप्स आह्हः क्या नज़ारा था मैंने फिर से एक बार जीभ फिरदी और उनके मुँह से निकला कर्मा मर जाउंगी main.....mujhse भी अब वेट नहीं हो रहा था मैंने लुंड के ऊपर थूका और उनकी छूट के दाने के ऊपर रखा और ऊपर नीचे घिसने लगा...

लुंड के टोपे को गांड के छेड़ से घिसता हुआ छूट के द्वार तक लता और रोकता और फिर बापिस दोबारा गांड के छेड़ तक ले जाता.... ऐसा कई बार किआ और फिर से लुंड को छूट तक ले गया और बापिस गांड के छेद पर लाया और तुरंत एक ज़ोर का झटका मारा और मेरे लुंड का टोपा चची की गांड में फँस gaya...chachi की इस अचानक हुए हमले से चीख निकल गयी और वो तड़प uthi...mere लुंड का टोपा उनकी गांड में फँस चूका tha...wo तड़प रही थी दर्द से....

ममता च- है मार डाला रे ...मेरी गांड फाड़ दी कर्मा तूने... madarchod...haaye ये तेरी माँ की गांड नहीं है जो लुंड पेल dia...aahhhhhhhh

उनकी आँखों से आंसू निकल रहे थे....

Me-ahhhhhh चची बहुत मज़ा आ रहा है तुम्हारी गांड बहुत मस्त है...

ममता च- अगर मारनी hi थी तो तेल लगा लेता bachua..aise hi ग़ुस्सा dia...ek तो इतना बड़ा गधे के जैसा लुंड लेके घूमता रहता है..... आअह्हह्ह्ह्ह मेरी गांड..

में- चची ये तुम्हारी सजा थी... तुमने मुझे छूट देने से मन किआ था न isliye....maine तुम्हारी सूखी गांड मारी है..

ममता च- तूने तो मेरी जान hi लेली...

मैं आगे हाथ बढाकर उनके छूछीयो को दबाने लगा और एक हाथ से उनकी छूट को रब करने लगा... थोड़ी देर ऐसा करने से चची का थोड़ा दर्द काम हुआ तो उन्होंने अपनी गांड थोड़ी हिलायी तो मुझे लगा अब वो तैयार हैं मरवाने क लिए तो मैंने उनकी कमर पकड़ कर एक आगे को झटका मारा जीससे मेरा आधा लुंड उनकी गांड में घुस गया... चची को फिर से तकलीफ हुई बूत उन्होंने कुछ बोलै नहीं...





मुझे बहुत मज़ा आ रहा tha....unki गांड मेरे लुंड को अंदर निचोड़ रही thi...butter जैसा फील हो रहा था उनकी गांड में... आआह्ह्ह्हह्ह और फिर मैंने एक और झटका मारा और पूरा लुंड gand...mein घुस gaya...mujhe जैसे जन्नत मिल गयी हो ऐसा फील हो रहा था.... गांड बहुत टाइट थी और उतना hi..maza मुझे मिल रहा था... मैंने अपनी कमर को पीछे करके एक और धक्का मारा और ऐसे hi करके चची की गांड मरने लगा... मेरे लुंड को बहुत सुकून मिल रहा था चची की गांड mein.....chachi भी अब मज़े से अपनी गांड पीछे कर करके अपनी गांड मरवा रही thi...or सिसक रही थी...

ममता च- आअह्हह्ह्ह्हह Karma....aaahhhhh मज़ा ा रहा है... इतना बड़ा लुंड है तेरा बिलकुल मुसल है... आअह्हह्ह्ह्ह इतना मज़ा कभी नहीं आया mujhe.......ahhhh बीटा मार अपनी चची की गांड...

में- आह्ह्ह्ह chachii....kya मस्त है गांड तुम्हारी बहुत टाइट hai...maza आ गया चची...... तुमने अपनी गांड पहले मरवाई है... आअह्हह्ह्ह्ह

ममता च- हाँ बीटा तेरे चाचा भी बहुत गांड मरते हैं मेरी उन्हें भी गांड मरने में मज़ा आता hai....par तेरे जैसा लुंड नहीं है उनका haaye....main तो दीवानी हो गयी तेरे लुंड की...

में- अब चिंता क्यों करती हो चची... अब ये लुंड तेरी गांड में hi घुसा रहेगा आह्हः....

फिर ऐसे hi थोड़ी देर गांड मरने के बाद चची थक गयी तो उन्होंने बोलै मुझसे तो मैंने उनकी गांड में लुंड डाले डाले साइड की तरफ लिटा lia...or उनके पीछे से उनकी गांड में लुंड पेलने लगा





चची भी आअह्ह्ह्ह करके अभी भी मज़े से गांड मरवा रहो थी मैंने अपने हाथ आगे बढाकर उनके छूछे मसलते huye...unki गांड तेज़ी से मरने लगा और एक हाथ से उनकी छूट को रब करने लगा ...

वो मेरा हाथ छूट पर पड़ते hi और कसमसाने lagi...or थोड़ी एग्रेसिव हो गयी

ममता च- आह्हः मार मेरी gaand..maaahhh फाड़ de...aaahhhh क्या लुंड है तेरा aahhhhhh...itna प्यारा और मज़बूत लुंड है आह्ह्ह्हह्ह इसे देखकर तो तेरी माँ भी खुद को रोक नहीं पायेगी और इसे अपनी गांड में ले लेगी तुरंत और उछाल उछाल कर marwayegi....aaahhhh मर गई ..हाय कर्मा...

मैं मेरी माँ के बारे में सुनकर खुद को रोक नहीं पाया और गांड में झाड़ गया.... और बिक्कुल उनसे चिपक gaya...or उनकी गांड में अपने लुंड की रास की धरो को छोड़ने लगा मैंने अपना सारा रूस उनकी गांड में भर dia...or फिर मैंने अपना लुंड उनकी गांड से निकला तो वो गुप्प से निकल गया और उनकी गांड का छेड़ खुला रह गया



बड़ा अलग सा लग रहा था उनकी गांड का छेड़ खुला sa...phir मैंने चची को पकड़ कर उनके होंठो पर अपने होंठ रख diye...or चूसा फिर मैं चची से पीछे से चिपक कर अपना सिकुड़ा लुंड उनके चूतड़ों में फंसा कर उन्हें पकड़ कर लेता रहा और फिर हम दोनों ऐसे hi नंगे सो गए ....

इसके आगे क्या हुआ जान्ने के लिए अगली अपडेट ज़रूर पढ़े और प्लीज रेविएवस देते रहे.. प्लीज आपके फीडबैक बहुत इम्पोर्टेन्ट हैं
 
लास्ट अपडेट में अपने देखा के कर्मा ने ममता चची की गांड मारी और फिर उन्ही के साथ नंगा सो gaya...Ab आगे...

अपडेट 10
सुबह मेरी आँख खुली मुझे ज़ोर से मूट आया tha...main जल्दी से मूतने गया और बापिस रूम में आया तो देखा सुबह के 4:30 हो रहे हैं पापा भी 5:30 तक उठते थे तो मेरे पास टाइम था... मैंने सोचा सो जाता हूँ और चची की और देखा तो वो साइड होकर लेती थी उनकी बड़ी गांड मेरी तरफ थी मैं उनसे पीछे से चिपक गया लुंड को उनकी गांड की दरार में सेट किआ और सोने laga...but उनके पास होने की वजह से और गांड से चिपके होने की वजह से मेरा लुंड टाइट होने लगा और अगले hi मिनट में पूरी तरह से टाइट होकर उनकी गांड पर ठोकर मर रहा था...

मैं अपनी कमर हिलाकर उसे ऊपर नीचे घिसने laga...unki चिकनी गांड पर घिसने की वजह से मुझे बड़ा आनंद मिल रहा tha.....chachi अभी भी सो रही थी बूत मेरा लुंड बस घिसने से मैंने वाला कहाँ tha...maine सोचा चची कुछ करना चाहिए और मैंने अपना हाथ पर थूका और अपने लुंड पर को गीला किआ ...और फिर दो उँगलियों को गीला करके चची की छूट के ऊपर फेरने लगा फिर उनकी छूट में वो दोनों उंगलिया घुसेड़ दी चची थोड़ा नींद में hi सकपकाई बूत वो अभी सो रही थी मैंने.. उंगलियां अंदर बहार करना जारी rakha...or थोड़ी देर बाद मुझसे कण्ट्रोल करना मुश्किल हो गया मेरा लुंड बहुत टाइट हो गया तो मैंने अपनी उंगली निकली और लुंड को छूट के द्वार पर रखा और चची की गांड को पकड़ कर झटका मारा तो लुंड सरसराता हुआ 3 इंच अंदर घुस गया... चची एक अह्ह्ह के साथ उठ गयी और अह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह करने लगी...

ममता च- अह्ह्ह्हह मार दलम... हाय राम कोई बचाओ मुझे ... कर्मा तूने मेरी जान लेली रात गांड फाड़ दी और अब छूट....

में- क्या करू चची तुम्हारी छूट देखकर रुका नहीं gaya....aaahhhhhhh

ममता च- तो बता कर तो घुसेड़ा कर रात गांड में भी बिना बताये घुसेड़ा था .....अपनी माँ की छूट में भी ऐसे hi घुसेड़ दे जाके ..आअह्ह्ह्हह मादरचोद.... चची छोड़....

मैं माँ को छोड़ने की बात सुनकर और एक्ससिटेड हो गया और एक करारे झटके के साथ पूरा लुंड छूट में दाल dia...chachi की फिर से आह्ह्ह्हह निकल गयी बूत कुछ बोली नहीं... बस सिसक रही thi..kuch देर रुकने के बाद मैंने थोड़ा लुंड बहार निकला और अंदर डाला उनकी तरफ से बास एक आह का रिएक्शन था तो मैं समझ गया के चाची अब छोड़ने के लिए तैयार hai...to मैं उन्हें पीछे लेते लेते कमर हिला गीलाकर छोड़ने लगा





वो अह्हह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह करने लगी...

ममता च- आह्हः कर्मा.... तेरे जैसा लुंड लाखो में एक होता है re....aaahhh क्या मज़ा ा रहा है.... छोड़ छोड़ अपनी चाची की छूट को और पहाड़ दे इसे बनादे मेरी छूट का भोसड़ा....

मैं चाची को और तेज़ छोड़ने लगा मेरा भी जोश बाद गया था मेरे हिप्स उनकी चूतड़ों से टकरा कर थप थप की आवाज़ कर रहे थे... मेरा एक हाथ उनकी छूछे पर था और एक हाथ से कमर पकड़ कर आगे पीछे कर रहा था...

ममता Ch-haaye कर्मा मैं तो तेरी दीवानी हो gayi...meri छूट और गांड हमेशः hi अब खुली है तेरे लिए कभी भी एके अपना ये मुसल लुंड घुसेड़ diyo....aahhhh

में - चाची तुम्हारी छूट है hi इतनी गरम के मैं रह hi नहीं पाया इससे दूर और अपना लुंड घुसेड़ दिए तुंहारी छूट में....

ममता च- अरे बचुआ मैं बस तेरे चाचा की वजह से रोक रही थी खुद को ..सच कहूं तो जब पहली बार देखा था तेरा लुंड तो मन किआ था के अभी इसे अपनी छूट में ले lun...ab सोच रही हूँ तभी ले लेना चाहिए tha...haaye ....बचुआ मार और तेज़ कर...

ये सुनकर मैं और जोश में ा गया और तुरंत पीछे से उठ गया उनको सीधा लिटाया और उनकी टैंगो के बीच जाकर बैठ गया और अपना लुंड पकड़ के दोबारा उनकी छूट में घुसा दिए वो आअह्ह्ह कर गयी और काईन फिर उन्हें छोड़ने लगा





वो सिसकारियां लेकर छुड़वाने लगी मेरे हर झटके के साथ उनके बड़ी छुछिया हिल रही थी मैंने आगे झुककर उन्हें चूसने laga...or साथ में उनकी चुदाई भी कर रहा था, फिर मैंने उनके होंठो पर अपने होंठो को रख दिए और उन्हें चूसने लगा हर झटके के साथ जैसे उनके मुँह से सिसक मेरे मुँह में आ जाती ...मैं उनके मुँह में जीभ दाल कर चूसने लगा और साथ में अपने लुंड से उनको छोड़ना जारी rakha...phir मैं सीधा होकर उन्हें कास कर छोड़ने लगा .पूरे रूम में बस थप थप की आवाज़ें ा रही थी... चची बस आअह्ह्ह आअह्ह्ह करे जा रही थी और बोली...

ममता च- है बचुआ मुझे रोज़ चाहिए तेरा लुंड अपनी छूट और गांड mein...bol पलेगा न रोज़ अपनी चची को...

में- हाँ चची रोज़ पेलुँगा तुम्हारी छूट को ...आह्हः इतनी मस्त छूट है चची .... हाय मज़ा ा रहा है....

ममता च- बचुआ तू जहाँ बोलेगा जब बोलेगा चुद जाउंगी बस ये लुंड मुझे देते रहना...

में - आह्ह्ह्ह चची रोज़ छोडूंगा तुम्हे अब तो हर जगह chodunga....ahhhh

चची की बातें सुनकर मैं और गरम हो रहा था और तेज़ झटके मार रहा और इन झटको की मार चची ज़्यादा देर न सह पाई और झाड़ गयी उनकी कमर अकड़कर बीएड से उठ कर झटके मरने लगी मेरी बॉडी पर चची के हाथ कास गए... और फिर उनका शरीर ढीला पद गया और वो बापिस बीएड पर गिर gayi...but मैंने अपने झटके चालू रखे कुछ मिनट बाद मैंने चची को पलट कर घोड़ी बना दिए और फिर पीछे से लुंड छूट में दाल dia...or तेज़ी से छोड़ने laga...wo अह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हब करने लगी.... मैंने फिर अपनी उंगली गीली की और छोड़ते हुए hi उनके गांड के छेद में घुसा दी वो थोड़ा सा कसमसाई और फिर बोली

ममता च- हाय कर्मा तू मुझे मार dalega....itna मज़ा मुझे कभी नहीं आया ...

उनकी छूट में लुंड लगातार अंदर बहार हो रहा था और गांड में मेरी उंगली वो इन दोहरे हमलो क्र आनंद में डूबी हुई अपनी गांड पीछे कर करके अपनी छूट मरवा रही thi...phir सडनली मैंने गांड से उंगली निकली और छूट से लुंड निकल कर एक hi झटके में गांड में घुसेड़ dia....chachi की चीख निकलने वलु थी उन्होंने अपना चेहरा तकिये में दबा लिए और उसी में चिल्लाने lagi....mera लुंड 4 इंच उनकी गांड में था ..

ममता च- है मादरचोद मार dala....meri गांड दोबारा फाड़ di...itna hi गांड में डालने का शौक़ है तो अपनी माँ की गांड में दाल जाके.... है मार डाला....

चची की बात सुनकर और माँ की गांड मरने के ख्याल से hi मैं बहुत गरम हो गया और मैंने एक झटका मारा तो पूरा लुंड चची की गांड में था .....

ममता च- एआईई huiiiiiii...uiiiiiiiiiiiiiiiiii माँ bachalo....ahhh मार दिए... कर्मा तू समझता क्यों नहीं क तेरा लुंड ोरो जैसा नहीं है... बिलकुल मुसल है जान ले लेता है और तू एक hi बार में घुसेड़ देता है....

में- तुम्हारी गांड hi ऐसी है चची.... रोक hi नहीं पाया खुद को और घुसेड़ दिए लुंड...

ममता च- फिर तेरी माँ की गांड तो मुझसे भी बड़ी है... इतने बड़े बड़े तरबूज़े लेकर चलती है उसे देख कर कैसे रुक जाता है ये तेरा lund....gaad दे जा के अपनी माँ की गांड में अपना मुसल...

चची क मुँह से अपनी माँ के बारे में ऐसा सुनकर मैं बहुत ज़्यादा उत्तेजित हो गया मेरा लुंड बिक्कुल लोहे का हो गया था मैंने झट से उनकी गांड से लुंड निकला और छूट में डालकर तूफानी झटके मरने लगा.... चची तो जैसे अब पागल हो गयी मेरे झटको se...or फिर सह न पाई और झड़ने लगी मैं भी ज़्यादा देर न रुक सका और अपने चरम पर पहुंच gaya....do तीन पिचकारी उनकी छूट में छोड़ दी फिर वो पलट गयी और मेरा लुंड पकड़ कर अपने चेहरे की तरफ कर लिए और लुंड को मुँह में भर लिए थोड़ा पि वो पि गई मेरा बाकि सारा रास मुँह से निकल कर उनके चेहरे और छूछीयो पर गिर gaya.....meri साँसे अभी भी तेज़ चल रही thi...meri नज़र चची पर गयी वो मेरे लुंड रास में भीगी हुई बड़ी कामुक लग. रही थी





फिर चची ने एक बार लुंड फिरसे मुँह में लिए और चाट कर साफ़ किआ और एक गंदे कपडेसे छूछीयो को साफ़ की मुँह पर लगा रास वो उंगलिओ से चाट कर पि गई.......... और बोली...

ममता च- बहुत टेस्टी है रे तेरा पानी....

में- आपके लिए hi है चाची जितना चाहे उतना पीओ....

ममता Ch-muskurate हुए- मुझे पेशाब करना है

ये कहते हुए वो अपने कपडे पहनने लगी मैंने भी जल्दी से कपडे पहने और चाची से बोलै

में- मैं एक बार बहार देखता हूँ कोई जाग तो नहीं रहा

और जैसे hi मैं मुदा तो मुझे गेट के नीचे से किसी के पैरो की छाया सी दिखाई दी... और मेरे आगे बढ़ते hi वो जो भी था हैट गया मैंने जल्दी से जा कर गेट खोला और हॉल मैं देखा तो कोई नहीं tha....main इतना तो कन्फर्म था के कोई तो था गेट पर इस बारे में मैंने चाची को कुछ नहीं बोलै और उन्हें इशारा किआ वो बाथरूम मैं चली गयी...

मैं सोचने लगा कौन हो सकता है यहाँ पर.. और वो कबसे tha...usne कुछ देखा या सुना क्या... मुझे थोड़ा दर भी tha...maine सोचा मुझे पता लगाना hi होगा की ये था kaun...or ये सोचते हुए मैं भी कमरे से बहार निकल गया...

कौन था कमरे के bahar...usne क्या देखा और क्या suna...kya कर्मा पता लगा पायेगा ये सब अगली उपदटेस mein...or आप प्लीज रिव्यु देते रहिये कमैंट्स करके बताते रहिये कैसी लग रही है आपको स्टोरी.. शुक्रिया.
 
लास्ट अपडेट में अपने देखा के कर्मा सुबह उठ कर ममता चची को छोड़ता है और फिर कर्मा को उनके कमरे के बहार किसी के होने का एहसास होता hai....ab आगे

अपडेट 11
मैं रूम से बहार निकला और चाची के निकलने के बाद बाथरूम में घुस गया... फ्रेश हुआ तो देखा माँ दुसरे वाशरूम से निकल रही thi...maine सोचा कहीं माँ ने तो नहीं देखा मुझे आज चाची के साथ ... चेक करना चाहिए...

और मैं सीधा माँ के पास पंहुचा और जाकर उनके पेअर छू liye...wo हैरान हो गयी और बोली

माँ- क्या बात है आज सूरज किस दिशा से निकला hai...aaj महाराज इतनी जल्दी कैसे उठ गए और ये पेअर चूना क्यों..

में- माँ पहली बात तो ये के अभी सूरज निकला hi नहीं है दिशा का कैसे bataun...or पेअर इसलिए क्यूंकि मैंने सुना है क माँ के पेअर सुबह उठ कर छूने से सुन्दर सी बीवी मिलती hai...he हे हे ...

माँ- बदमाश है तू एक नंबर ka...acha तो ये सब सुन्दर बीवी के लिए हो रहा hai...acha बता कैसी लड़की ढूँढू तेरे liye...bahu तो मुझे भी चाहिए...

ये कहते हुए वो अपने कमरे में जाने lagi...main भी उनके पीछे पीछे गया और देखा पापा रूम में नहीं थे तो माँ अपना बिस्तर ठीक करने लगी और मैं उनके बीएड के किनारे खड़ा हुआ उन्हें देख रहा था और बोलै....

में- माँ मुझे तो तुम्हारे जैसी बीवी चाहिए....

माँ- फिर से मज़ाक, बहुत बदमाश हो गया है तू किसी भी बात का जवाब सीधा नहीं दे सकता...

में- सीधा hi तो दे रहा हूँ maa....meri माँ बहुत अछि है और सुन्दर भी तो मुझे भी ऐसी hi बीवी चाहिए.

और ये कहकर मैंने उनको पीछे से हुग कर लिए और अपना फेस उनके कंधे पर टिका dia.par मेरा निचला हिस्सा अभी भी उनकी बॉडी से दूर hi रहने दिए.....

माँ- पागल है तू चल हैट अब मुझे अपना बिस्तर ठीक करने दे....

में - अरे आज आपको प्यार तो किआ hi नहीं... बिना प्यार किये मैं कैसे हेतु...

माँ ये सुनकर मुस्कुराई और चादर को छोड़ कर पलट गयी और फिर मेरे गले से लग गयी... Ahhhhhhhhhhh जैसे hi वो गले से लगी मुझे तो सुकून मिल गया उनकी बड़ी बड़े पापीती मेरे सीने से लग gaye...mere हाथ उनकी पीठ पर पहुंच कर रेंगने lage...unki बॉडी का एहसास होते hi मेरा लुंड फिर से टाइट होने लगा... और उनके पेट से टच होने लगा... माँ ने कुछ रियेक्ट नहीं किआ मैं उनसे थोड़ा अलग हुआ फिर मैंने उनके गालो को चूम लिए और रुक गया... माँ समझ गयी के मैं किसका वेट कर रहा हूँ और फिर उन्होंने भी पहले मेरे राइट गाल पर किश किआ फिर लेफ्ट पर... मैं फिर भी रुका रहा और सोचा क्या माँ फिर से वो करेगी... और वैसा hi हुआ माँ के होंठ मेरे होंठों से टच हुए 2 सेकण्ड्स के लिए और फिर हैट gaye...main खुश हो गया और मेरी ख़ुशी मेरे निक्कर में साफ़ दिख रही थी... मेरा मन था के माँ के होंठों को जी भर के चूस लूँ.. पर मैं कुछ भी ऐसा नहीं करना चाहता था जिससे सब बिगड़ jaaye...or जितना मिल रहा है उससे भी हाथ धो बैठूं...

माँ से बात करके मुझे ऐसा तो लग रहा था के वो माँ नहीं हैं जो मेरे कमरे के बहार था...

में - माँ पापा कहाँ हैं...

माँ- वाशरूम गए हैं

में- वो कब उठे थे...

माँ- पता nahi...jab मैं उठी तो वो बीएड पर नहीं थे...

मेरी ये सुनते hi गांड फटने lagi...ki कहीं पापा ने तो नहीं .....तभी रूम में पल्ली आई मुझे देखकर मुस्कुराई और माँ से बोली

पल्ली- तै जी चाय रख लूँ क्या ??

माँ- हाँ बीटा रख le...or ममता कहाँ है सो रही है क्या ... दिखी नहीं ...

पल्ली- वो नहाने गई हैं

माँ- ठीक है तू चाय रख ले...

पल्ली ये सुनकर चली gayi...usne कुछ इशारा किआ बूत मैं समझ नहीं paya...mera सारा ध्यान तो इस बात पर था क कहीं पापा ने तो नहीं देख लिए tha....tabhi माँ की आवाज़ आई

माँ- तू कहाँ खो गया...

में- वो मैं कहीं नहीं माँ.....

Maa-Chal जा फिर अनुज को उठा.

में- ठीक है माँ...

और ये कहकर मैं उनके रूम से बहार आ गया, हॉल में आकर आवाज़ लगाई अनुज को उसकी भी सोती आवाज़ आई... मैंने टेंशन दूर करने क लिए सोचा के जो भी था उसने कुछ नहीं बोलै अभी तक पापा होते तो तभी मेरी सहमत thi....ab जो होगा देखा jayega..abhi से टेंशन लेकर कोई फायदा nahi...main किचन में pahucha...wahan देखा तो पल्ली कड़ी होकर चाय बना रही thi...uski गांड मेरी तरफ थी.. मुझे ख्याल आने लगे की पल्ली की गांड मरने में कितना मज़ा आएगा माँ की तो मार ली अब बेटी की भी chahiye....kuch न कुछ तो करना पड़ेगा जल्द hi..usne एक स्कर्ट और टॉप पहना था जिसमे वो क़यामत ध रही थी...





मैं सीधे पल्लवी के पीछे जाकर खड़ा हो गया और उससे चिपक gaya....mera लुंड उसकी गांड से टच होने लगा ... उसने जैसे hi देखने के लिए अपना फेस पीछे किया मैंने अपने होंठो को उसके होंठों से मिला dia...or चूसने laga...wo दर रही थी बूत मेरा साथ भी देने लगी और मेरे होंठों को भी चूसने lagi....mera पूरा साथ देने लगी फिर थोड़ी देर तक किश करते रहे मेरा लुंड पूरी तरीके से टाइट होकर uski.gand से टच हो रहा tha...phir मैंने अपने होंठो को उससे अलग किआ तो तो वो हफ्ते हुए बोली

पल्लवी - भैया कोई देख लेगा क्या कर रहे हो...

में- कुछ नहीं होगा कोई आएगा तो पता चल जायेगा और ये कहकर मैंने अपने हाथ पीछे से hi उसके छूछीयो पर रख दिए और दबाने लगा ... वो आहे अहहह्क कर uthi...thodi देर t-shirt के ऊपर से दबाने के बाद मैंने उसकी टीशर्ट नीचे करके उसके चुच्चो को बहार निकल लिए





और उन्हें दबाने लगा.... सच में बहुत hi सॉफ्ट और रसीले छूछे हैं पल्लवी ke....aahhhh मज़ा आ रहा है....

पल्लवी- अह्ह्ह्ह भैया आराम से दबाओ न दर्द हो रहा है....

तभी किसी के आने की आहात हुई तो मैं तुरंत साइड हैट गया और पल्लवी ने अपने छूछीयो को अंदर कर लिए t-shirt के...

ममता चची किचन में आई thi....or बोली

ममता च- चाय बन गई Palli...aah ला पिलदे आज थोड़ी थकावट सी है...

ये कहते हुए मेरी तरफ देखकर मुस्कुराई... क्यूंकि हम दोनों hi जानते थे किस बात की थकावट थी....

पल्ली- क्यों मम्मी ठीक से नहीं सोइ क्या आप वैसे मेरा भी सर थोड़ा भरी है....

ममता च- क्यों तुझे क्या हुआ..?

पल्ली- वो भैया ने कल काफी देर रात तक पढ़ाया न इसलिए लेट सोये तो नींद पूरी नहीं हुई शायद...

इस बार पल्ली ये कहकर मेरी और देखकर मुस्कुराने लगी.... मैंने सोचा क्या किस्मत हैं meri...ek hi रात में माँ बेटी दोनों को छोड़ lia...or अब दोनों hi अपनी अपनी चुदाई की बात याद करके खुश हो रही hain..mujhe भी सुनकर मज़ा ा रहा tha...tabhi पापा की आवाज़ आई

पापा- अरे भाई चाय कहाँ है आज...

पल्ली- आई ताऊ जी..

और ये कहकर पल्ली ने पापा के लिए प्लेट में चाय और पकोड़े जो नाश्ते के लिए बनाये थे रखे और पापा को देने जाने लगी और बोली..

पल्ली- माँ आप सब के लिए नाश्ता लगा दो न...

ममता Ch-hn बीटा लगा रही हूँ तू ताऊ जी को दे आ...

पल्ली के जाते hi मैंने चची को पकड़ा और उनके होंठो को चूसने लगा... बूत कुछ सेकण्ड्स बाद hi छोड़ दिए क्यूंकि ये टाइम और जगह सही नहीं था और मैं भी किचन से निकल कर बहार हॉल में ा गया जहाँ पापा और अनुज बैठे the...papa का बेहेवियर बिलकुल नार्मल लग रहा था और अनुज का भी

..मुझे समझ नहीं ा रहा था के कौन हो सकता है फिर मैंने वो बात दिमाग से निकल दी जो भी होगा देखा jayega....tabhi माँ भी नहाकर आ गयी और पल्ली दोबारा आई तो मुझे और अनुज को नाश्ता दिए फिर ममता चची अपने और माँ के लिए ले aai...Palli भी अपने लिए ले आई और हम सब नाश्ता करने lage...thodi देर hi हुई थी की गेट नॉक हुआ तो अनुज ने खोला वो अंदर आई और सबको नमस्ते किआ...

तो माँ बोली...

माँ- अरे आओ beta...aaj सुबह सुबह कैसे...

लड़की- चची आज हमारे यहाँ कथा है तो आपको आना hai...abhi थोड़ी देर में शुरू हो जाएगी...

माँ- बहुत अचे बीटा मैं आ जाउंगी..

लड़की- ममता चची आपको भी आना है और पल्ली तू भी आना...

पापा - बीटा मुझे नहीं बुलाया..

लड़की - हँसते हुए हाँ चाचाजी आपको तो ज़रूर आना है... पापा बुला भी रहे थे आपको...

पापा- ाचा भाई शब् से मिलता चला जाऊंगा.

लड़की- ठीक chachaji...or चाचीजी तुम जल्दी आ जाना काम में मत लग jana...main दूसरो के घर में भी बुलावा दे दूँ...

और ये कहकर वो लड़की चली gayi...mujhe थोड़ी ख़ुशी हुई के सब चले जायेंगे मैं पल्ली को रोक लूंगा तो आज शायद उसकी गांड भी चखने को मिल jaye...phir सब ने नाश्ता ख़त्म किआ... पापा जाने लगे तो बोले...

पापा- अरे राजन की चाय दे दो उसे देता हुआ चला जाऊंगा...

पल्ली- हाँ ताऊ जी मैंने पैक करके राखी हुई है अभी लाइ...

और पल्ली ने उन्हें एक बर्तन में चाय और पकोड़े दिए जिसे लेकर पापा चले गए...

माँ- चलो निकलते हैं ममता हम भी कथा के लिए...

ममता च- दीदी कथा मैं तो jaun...par इन्होने बोलै था के सुबह ये तो काम में रहेंगे तो.. घर की पुताई के लिए रंग के aana...apani पसंद का वो नहीं आएगा तो वहां काम रुका रहेगा और जाना भी मुझे पड़ेगा ाचा सा देख के लाना है...

माँ- अरे तो ऐसा कर अनुज को ले जा ये तेरे साथ मोटरसाइकिल से चला जायेगा और तुम लोग रंग लेकर वहां छोड़ देना और तू फिर कथा मैं आ जाना और ये घर चला आएगा...

सबको ये आईडिया ठीक लगा ...अनुज को इसलिए क्यूंकि उसे बाइक चलना ाचा लगता था जैसे सभी लड़को को लगता है जब नयी मिले तो हमारे यहाँ भी बाइक इसी साल आई thi...or उसे बिना काम के चलने को नहीं मिलती थी इसलिए वो तुरंत रेडी हो गया...

मुझे पता था क अब माँ क्या पूछंर वाली है तो मैंने पल्ली को इशारा करके ना में सर हिला dia...tabhi माँ ने पुछा

माँ- पल्ली तू चलेगी

पल्ली- नहीं तै जी मेरे सुबह से hi सर में दिरद है मैं आराम करुँगी....

माँ- हाँ तू बेकार में वहां परेशां hoti...chalo फिर मैं निकलती हूँ तू आ जल्दी ममता काम निपटा कर...

फिर अनुज ने बाइक बहार निकली और चची को पीछे बिठाया और वो लोग भी चले गए...

अब घर पर मैं और पल्ली बचे थे मैंने

उनके जाते hi पल्ली को पकड़ा और किश करने लगा और किश करते करते मैं उसे अपने रूम में ले आया उसके जवान और रसीले होंठों को चूसने का अलग hi मज़ा hai...uske होंठ चूसने में एक उतावला पैन झलकता है जो मुझे ाचा लगता है.. और फिर मैंने उसका टॉप नीचे कर दिए और छूछे मसलने लगा वो आह्हः भैया आराम से दबाओ बोलने लगी





में- आह्हः पल्लवी क्या रसीले आम हैं तेरे और ये कहते हुए मैंने एक छुच्छी को मुँह में भर लिए और चूसने laga...Palli को मज़ा आने laga...wo आह्हः करके मेरा सर अपनी छूछीयो पर दबाने lagi....maine काफी देर तक उसकी छूछीयो को बदल बदल के चूसा और फिर उसे दोबारा होंठों पर चूसने लगा फिर बोलै..

में- पल्ली मुझे तुझसे कुछ चाहिए...

पल्ली- भैया सब तो दे दिए... अब क्या चाहिए....

में - मुझे तेरी गांड मारनी है..

पल्ली चौंक गयी और बोली...

पल्ली- भैया आप क्या बोल रहे ho...aapne अपने लुंड का साइज देखा है मेरी छूट में तो बड़ी मुश्किल से गया था मेरी गाब्द में जाते जाते कहीं मेरी जान hi न चली जाए...

में- देख दर्द तो होना hi है वो तो छूट में भी हुआ था और क्या तू नहीं चाहती इसे गांड में लेना

ये कहकर मैंने अपना निक्कर नीचे कर दिए जिससे मेरा लुंड बहार आ gaya...uski नज़र मेरव लुंड पर पड़ी और वहीं ठहर गयी... उसने हाथ आगे बढ़ा कर मेरे लुंड को पकड़ lia...or हिलने लगी...

में- बोल न पल्ली लेगी इसे अपनी गांड में...

पल्ली लुंड को घूरते हुए बोली ठीक है भैया पर उससे पहले आपको मेरी छूट शांत करनी होगी छोड़ छोड़ कर...

में- ठीक है तेरी छूट को शांत करने के बाद hi मैं तेरी गांड मरूंगा......

मैंने उसे दोबारा किश किआ और फिर उसको नंगी कर दिए और मैं भी नंगा हो gaya...usne मुझे बीएड पर लेटने को कहाँ और मैं लेट गया वो मेरी जांघों के बीच आई और मेरा लुंड पकड़ कर हिलने लगी .कुछ देर बाद उसने अपनी जीभ लुंड के टोपे पर फिरै फिर मुँह फाड़ कर मेरा लुंड अपने मुँह में ले लिए और चूसने लगी....





फिर ऐसे hi चूसती रही मुझे बहुत मज़ा आ रहा tha...kya मस्त चूसती है आअह्हह्ह्ह्ह बिक्कुल अपनी माँ की tarah...thodi देर चूसने के बाद मैंने उसकी गांड को घुमा लिए और अब उसकी छूट मेरे मुँह के ऊपर ा gayi...hum 69 पोजीशन में ा ा गए थे.. और मैंने फिर अपनी जीभ उसकी छूट पर फिरदी उसके होंठों की पकड़ मेरे लुंड पर टाइट हो गयी और चूसने lagi...hum दोनों एक दुसरे को मुँह से सुख दे रहे थे फिर तभी ज़्यादा एक्साइट होने की वजह से वो झाड़ gayi...par मैंने चूसना जारी rakha....phir wo.jab मेरे ऊपर से उठी और मैंने उसे बीएड पर लिटा दिए और उसके सीने पर आ कर बैठ गया और लुंड उसकी छूछीयो के बीच में फंसा दिए उसने भी अपनव हाथो से छूछीयो को पकड़कर मेरी मदद की और मैं उसके छूछीयो कप छोड़ने लगा





बड़ा मज़ा ा रहा था मुझे उसके चोचो को छोड़ते हुए फिर कुछ मं ऐसे hi करने के बाद मुझे लगा अब आगे बढ़ना चाहिए और मैं उसके पैरो के बीच आ गया और उसकी टंगे खोल कर अपना लुंड उसकी छूट पर रखा तो पल्ली बड़े सेक्सी अंदाज़ में मेरी आँखों में देखते हुए बोली...

पल्ली- छोड़ो न भैया

बस फिर मैंने एक झटका मारा और उसकी चीख निकल gayi...mera लुंड 3 इंच चला गया वो आह्हः भैया मार डालो कहने लगी





और फिर मैं उसे छोड़ने laga....bade बड़े झटको के साथ मैं अपना लुंड उसकी छूट की गहराई में पेलने laga.....woo आह्हः करने लगी और बोली और तेज़ भैया ये सुनकर

मैंने उसकी टैंगो को बहार की तरफ और अपना लुंड फीफ से उसकी छूट में लेकर ढककर तूफानी झटके मरने लगा





वो भी ाः भैया छोड़ो ाः आज पहाड़ दो मेरी छूट फिर गांड. भी तुमसे hi marwaungi.....aaaah भैया क्या लुंड है तुंहारा मज़ा आ रहा hai...aaahhhh अह्ह्ह्हह्हह मैं साथ में उसके छूछीयो को माल रहा था तो वो और ज़्यादा गरम हो गयी और थोड़ी देर में वो मेरे लुंड पर झाड़ gayi....main फिर भी उसे चोदे जा रहा था... थोड़ी देर बाद जब वो बोल पा तो बोली भैया रुक जाओ बस मर गई main....thodi देर ..

में- शांत हुई तेरी छूट?

पल्ली - हाँ भैया सही से चटनी बनादि... बहुत मचल रही थी शांत हो गयी...

Me-matlab अब तेरी गांड की बरी....

पल्ली- ठीक भैया मार लेना मेरी गांड बिना मारे आप छोड़ोगे भी nahi...but उससे पहले मैं पेशाब कर आऊं...

में- ठीक है जा करले ...

तो वो नंगी hi रूम से बहार निकली वाशरूम के लिए मैं भी निकला वो बाथरूम में घुस गयी ताभ्ही मेरी नज़र गेट प् gai...maine देखा गेट खुला था.. मैं सोच में. पढ़ गया के गेट कैसे खुला है कोई आ जाता तो इतना लापरवाह कैसे हो सकता हूँ main...maine झट से जाके गेट बसंद किया नंगे होकत... फिर मैंने देखा पल्ली और चची के रूम का गेट भी खुला है मुझे अजीब लगा के ये तो बंद था फिर तो फिर मैं उस रूम की तरफ बढ़ा और जब गेट तक पंहुचा और कमरे में अंदर झांककर देखा तो मैं शॉकेड रह gaya....meri आँखें जैम गई जैसे उस सन par...main शॉकेड हो कर बस देखता hi रह गया...

तो क्या देखा कर्मा ने ऐसा जिसे देखकर वो यूँ चौंक gaya...sab कुछ अगली अपडेट mein...tab टाक आप पढ़ते रहिये और प्लीज कमैंट्स करिये ... शुक्रिया
 
लास्ट अपडेट मैं अपने देखा.. कर्मा पल्ली को छोड़ रहा होता है.. फिर वो देखता है के ममता चाची और पल्ली के रूम का गेट खुला है तो वो अंदर झांक कर देखता है तो चौंक जाता hai...ab आगे

अपडेट 12
मैंने जो देखा वो मेरे लिए बहुत hi चौंकाने वाला था.... मैंने देखा जे चाची ऊपर से बिलकुल नंगी हैं और घोड़ी बानी हुई हैं बीएड पर उनका पेटीकोट कमर पर hai...or उनकी पीछे कोई नंगा खड़ा है और उसका लुंड चची की छूट में अंदर बहार हो रहा hai....wo आह्ह्हह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह करके अपनी गांड पीछे करके लुंड छूट में ले रही hai....or जो उन्हें छोड़ रहा है वो उनकी कमर पकड़ कर धक्के मार रहा है ...

और चची को जो छोड़ रहा था वो और कोई नहीं बल्कि अनुज hi tha....mera छोटा भाई Mamta-chachi को छोड़ रहा था जिन्हे सुबह hi मैंने छोड़ा था और जिसकी बेटी को मैं अभी छोड़ hi रहा था...





मैं नंगा hi खड़ा हुआ था मेरा लुंड तन के इतना टाइट हो गया था जैसे लोहा हो... वो. दोनों अपनी चुदाई में मस्त the....unka ध्यान मेरी तरफ अभी नहीं गया तभी मुझे मेरे लुंड पर कुछ टच होने का एहसास हुआ मैंने देखा तो वो हाथ था मैंने नज़रें उठा कर देखा तो वो पल्ली थी ... वो बिना पलके झपकाए कमरे के अंदर देखे जा रही थी... उसका हाथ मेरे लुंड को हिला रहा था... अपनी माँ की चुदाई देखकर वो गरम हो रही thi...maine भी बहुत गरम हो गया था मैंने उसे अपने आगे किआ और उसके छूछीयो को दबाने लगा.. उधर चची और अनुज ने अपनी पोजीशन चेंज कर ली thi...chachi अब एक तरफ करवट लेकर लेती हुई थी और अनुज भी वैसे hi उनके पीछे लेटकर उनकी छूट में लुंड पेल रहा था...





उनकी चुदाई देख कर मज़ा भी ा रहा था और रुका भी नहीं जा रहा था... उनकी थप थप की आवाज़ मेरे कानो में म्यूजिक की तरह लग रही थी... मेरा भाई ममता चाची को छोड़ रहा था जिन्हे कुछ टाइम पहले मैंने छोड़ा था ये फील करके मुझे और जोश ा गया मेरा बुरा हाल था और मुझसे भी रुका नहीं गया तो मैंने पीछे से पल्ली की छूट में अपना लुंड घुसेड़ दिए....





उसकी मेरा लुंड अंदर जाते hi चीख निकल गयी और जिससे अनुज और चची का ध्यान हम पर गया वो थोड़ा चौंक गए और उनके झटके वहीं रुक गए वो दोनों हमारी तरफ देख रहे the......meri आँखें अनुज और चची से mili...unki आँखों में थोड़ी कन्फूसिओं थी की अब क्या होगा... ममता चची अपनी बेटी की तरफ देख रही थी... पर मुझसे रुका नहीं जा रहा था तो मैंने धक्के लगाना चालू कर दिए और पल्ली को उनके hi बीएड पर लेजाकर झुका dia...or छोड़ने laga...maine अनुज की तरफ देखा तो वो मुझे hi देख रहा था मैंने सर हिला कर इशारा किआ तो उसने भी अपनी कमर हिलनी शुरू कर di...or चाची को छोड़ने laga....itni देर में भी हम में से कोई कुछ नहीं बोलै tha....bed पर इस समय एक बहुत hi अद्भुत दृश्य tha...jahan एक भाई बेटी को छोड़ रहा था तो दूसरा माँ ko....maa बेटी भी खूब मज़े लेकर अपनी छूट मरवा रही thi....or वो दृश्य hi इतना कामुक था के खुद को रोकना नामुमकिन tha...or फिर पल्ली मेरे लुंड पर झड़ने लगी....

पल्ली- Ahhhhhhhhhhh माहहह अह्हह्ह्ह्ह मैं मर गयीईइ.......

और वो झाड़ कर ढीली पद गयी पर मैंने उसे छोड़ना जारी रखा तभी ममता चची की चीख निकली

ममता च- आअह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्हह बचुआ ऐसे hi हैंण्ण्ण्ण्ण्न ओह मा मैं भी गयी....

ममता चची के झड़ते hi अनुज के झटके बेहद तेज़ हो गए और ोहिर उसने अपना लुंड छूट से निकला और उनके चेहरे और छूछीयो पर अपना रास गिरा दिए...

चची ने अपनी गर्दन आगे करके झट से अनुज का लुंड मुँह में भर लिए और चूसने लगी ...अपनी बेटी के सामने ऐसा करते देख मैं भी अपने शिखर पर पहुंच गया और अपना लुंड निकल कर पल्ली के मुँह में दाल दिए उससे जितना पूय गया रास पिया बाकि मैंने लुंड निकल कर बची हुई पिचकारियां उसके छूछीयो पर छोड़ दी...





मैं बीएड पर बैठ गया हम सब एक दुसरे की तरफ देख रहे थे क ये क्या हुआ... कैसे हुआ....

तो जब मैंने देखा कोई कुछ नहीं बोल रहा है तो मैंने कहा...

में- जो भी अभी हुआ... मैं जाहि कह सकता के बुरा hua...hum सभी को इसमें मज़ा आया और जब एक बार कर लिए है तो हमें अब ये झिझक छोड़ देनी चाहिए और एन्जॉय करना चाहिए....

सब मेरी बात से थोड़ा मंज़ूर होते हुए dikhe...to मैंने पुछा...

में- चची और अनुज आप लोग तो सामान लेने गए the...phir घर कैसे और फिर ये सब...

ममता च- ये सब तेरी वजह से hi hai...jab हम दोनों दूकान पर पहुंचे तो वो बंद mili...hum बापिस आने लगे तो अनुज मुझे कथा मैं छोड़ने वाला था तो मैंने जो साड़ी पहनी थी वो भरी थी तो मैंने बोलै के मुझे कथा में गर्मी lagegi...tu घर ले चल मैं दूसरी साड़ी पहनकर आ जाउंगी वहां... फिर हम घर आये तो dekha...gate खुला था बूत हमें तुंहरे करे से सिसकीओ की आवाज़ ा रही थी हम लोग तुम्हारे गेट पर पहुंचे तो देखा गेट तो बंद था बूत साइड वाली विंडो खुली थी तो उसमे से हमने अंदर देखा के तू और पल्ली एक दुसरे को चूस रहे थे पल्ली तेरे ऊपर thi...or तेरा लुंड चूस रही थी... और तू उसकी छूट चाट रहा था... पल्ली और अनुज चची के मुँह से ...लुंड और छूट सुनकर हैरान थे फिर मुस्कुराने lage...tabhi अनुज बोल पड़ा

अनुज- फिर भैया वो सब देख कर मेरा वो खड़ा हो गया ( थोड़ा झिझकते हुए बोलै) ललूंड़ड़ड़ड़ मुझे थोड़ा बुरा भी लग रहा था की पल्ली को मैं चाहता था और आप उसी के साथ ये सब कर रहे थे पर मेरा लुंड कुछ और hi भाषा बोल रहा था और पूरी तरह टाइट हो गया tha...waise मैं शायद कभी कुछ नहीं करता पर आज सुबह hi मैंने आपको और चाची को चुदाई करते सुना था तो मुझे लगा मेरा भी काम बन सकता है और आप जब छोड़ सकते हो तो मुझे भी चांस मिलना चाहिए मैं अपनी लुंड की गर्मी निकलना फहता था तो ...फिर मैंने चची के पल्लू को नीचे गिरा dia...or उनके नंगे पेट को सहलाने लगा उनकी नज़र बस अंदर hi तिकी हुई thi...maine भी देर न करते हुए उनके सामने बैठ गया और पेट पर चूमने लगा और ये hi करते हुए उनके ब्लाउज के हुक्स खोलने लगा ...धीरे धीरे मैंने सरे हुक खोल दिए... चची मुझे बिलकुल नहीं रोक रही थी मैंने फिर खड़ा हुआ और अपने होंठो को चची के होंठो से मिला dia...or चूसने laga...main उनके होंठो को चूसे जा रहा था उनका कोई रिएक्शन नहीं tha....phir मैंने उनकी छूछीयो को ब्रा से बहार निकला और चूसने लगा तो उनके हाथ मेरे सर पर आ gaye...main भी चूसता रहा और दबाता रहा फिर मैंने अपना लुंड निकला और चची के हाथ में दे दिए और दोबारा उनकी छूछीयो को चूसने लगा चची लुंड को पकड़ कर बहुत गरम हो गयी थोड़ी देर उसे हाथ में लेकर हिलाया और फिर तुरंत नीचे बैठ कर अपने मुँह में ले lia...or बुरी तरह से चूसने lagi...itni अचे से चूसा के एक बार तो मैं इनके मुँह में वहीं झाड़ गया और चची मेरा सारा रास पि गयी

ममता च- मैं क्या करती अपनी बेटी की चुदाई देखकर मैं खुद को रोक hi नहीं paai...mera शरीर जल रहा था इसका लुंड देखते hi मुझे लगा अब ये hi प्यास बुझा सकता है मेरी....

मैं और पल्ली बड़े ध्यान से सुन रहे थे मेरा लुंड उनकी कहानी से खड़ा होने लगा था और उधर अनुज के लुंड की तरफ देखा तो वो भी टाइट hi था ...

अनुज - फिर मैं चची को बोलै के चलो रूम में और मैं उन्हें यहां ले आया और सरे कपडे निकल दिए ...फिर झुकाके उनकी छूट chaati....meri जीभ पर चची भी झाड़ gayi...phir मैंने अपना लुंड चची की छूट पर रखा और घुसा दिए चची गरम थी तो मुझे ज़ोर से छोड़ने को कहने लगी और मैं छोड़ने laga....mujhe बड़ा मज़ा आया भैया मेरी पहली chudai...itni खूबसूरत और मेरी मस्त माल चची के साथ हुई..

ममता च- सच में बच्चा ये तेरी पहली चुदाई थी क्या...

अनुज- मुस्कुराते huye...haan चची और शर्मा गया

उसका शर्माना देख हम सब लोग भी हंसने लगे...

में- चल तुझे पहली बार छोड़ने को तो मिला और वो भी चाची के साथ इससे बढ़िया क्या हो सकता है सच में बड़ा मज़ा aaya...mujhe ये जानकार....

हम चारो बीएड पर नंगे hi बैठे the...main बीएड के सिरहाने टिक कर बैठा था मेरे सामने पल्ली और साइड में चची और फिर Anuj...chachi की नज़र मेरे लुंड पर गयी तो उन्होंने हाथ बड़ा कर पकड़ लिए और हिलने lagi...phir मुँह आगे बढाकर लुंड को मुँह में ले lia...ye देख कर पल्ली अपनी छूट को खुजाने लगी और अनुज भी अपने लुंड को आगे पीछे करने lagi....phir चची ने अपना मुँह हटाया और बोली देख karma...ab जब हम इस बारे में जानते hi हैं तो ये सही होगा के हमें सब कुछ पता ho...to तूने पल्ली को कब और कैसे छोड़ा..

अनुज- हाँ भैया मुझे भी जानना है

तो मैंने माँ पापा की चुदाई से लेकर पल्ली को छोड़ने तक की साडी कहानी बता दी ...चची अब भी मेरे लुंड से खेल रही थी तो पल्ली बोली

पल्ली- और भैया अपने माँ को कैसे किआ?

में- क्या किआ?

पल्ली- अरे भैया

इतना कहकर शर्मा गयी...

ममता च- अरे माँ के सामने चुद सकती है और माँ को छुड़ाते हुए देख सकती है पर अब छोड़ना बोलने में शर्मा रही ही पागल...

पल्ली- हाँ भैया अपने माँ को कैसे छोड़ा....

फिर मैं उन्हें बताने लग गया और चची मेरा लुंड मुँह में लेकर चूस रही थी मेरी कहानी ख़त्म होने तक सब बहुत गरम हो चुके थे...

पल्ली भी मेरे लुंड की तरफ बड़ी और अपनी मम्मी के साथ मेरा लुंड को चूमने और चूसने lagi...anuj ये देखकर गरम होता जा रहा था और चची की गांड जो उसकी तरफ थी उसमे उंगली कर रहा था और अपना लुंड हिला रहा था





चची मेरा लुंड चूस रही थी और पल्ली मेरे ाँद को मुँह में लेकर नीभ चला रही थी मुझे बहुत मज़ा आ रहा था थोड़ी देर ये hi सिलसिला चलता रहा बूत अब मुझे छूट चाहिए थी तो मैंने चची को अपने ऊपर की तरफ kia...chachi मेरी तरफ पीठ करके मेरी गॉड में बैठ गयी... पल्ली ने मेरे लुंड को चूस कर गीला किआ और फिर वो किआ जिसकी उम्मीद चाची ने नहीं की होगी उसने मेरे लुंड को मुँह से निकला और अपनी माँ की छूट पर अपने होंठ रख दिए और चाटने lagi...apni बेटी के होंठों को अपनी छूट पर और फिर उसकी जीभ को अपनी छूट में फील करती चची तो मनो पागल हो गयी और झटपटाने लगी मैंने उन्हें पकड़े rakha...or फिर वो पल्ली की जीभ पर झाड़ गयी... पल्ली ने उनका रास चाट लिए और जैसे चची थोड़ी शांत हुई पल्ली ने मेरा लुंड पकड़ कर चची की छूट में दाल dia...aaahhhh क्या मज़ा आया मुझे चची की छूट में लुंड घुसने से. .. शब्दों में बयां करना नामुमकिन है...





मैं चची को छोड़ रहा था पल्ली कभी मेरे लुंड को चाटती तो कभी चची की छूट par...maine अनुज की तरफ देखा तो वो बुरी तरह से अपना लुंड मसल रहा था...

में- तू वह क्यों बैठा है आके मज़े ले.....

जल्दी से इधर आया और पल्ली को हटके उसको बीएड पर लिटा दिए और उसकी छूछीयो को चूसने laga...phir उसके मुँह में अपना लुंड घुसेड़ दिए और 69 में आकर उसकी छूट चाटने laga....main अब भी चची को उसी पोजीशन में तेज़ तेज़ चोदे जा रहा tha...unke मुँह से आअह्ह्ह्ह आअह्ह्ह निकल रही थी...

ममता च-- अह्हह्ह्ह्ह बच्चा मर गयी मैं.... तुम दोनों कब तक चुम्मा छाती करते रहोगे ....अनुज जल्दी से दाल अपना लुंड मेरी बेटी की छूट में आह्ह्ह्हह्ह

चची की बात सुनकर दोनों अलग हुए और फिरनुज सीफा लेट गया और पल्ली ने उसके पैरो की तरफ मुँह करके अपने दोनों पेअर उसके साइड में राखी और हाथो से लुंड पकड़ कर छूट पर लगाया और नीचे बैठ gayi...uski चीख निकल गयी... अनुज का लुंड मेरे से छोटा था बूत फिर भी नार्मल लुंड की तुलना में काफी बड़ा था उसने अपने हाथ पल्ली की कमर पर रख दिए और पल्ली भी गांड उठा उठा कर अनुज का लुंड अपनी छूट में लेने लगी...

पल्ली- आअह्ह्ह मम्मी देखो तुम्हारी बेटी चुद रही hai...tum जिसे छोटा समझती थी वो hi अपनी छोटी सी छूट में बड़ा सा लुंड लेकर आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मुम्ममय तुम्हारी तरह hi बनना है mujhe...ek चुड़क्कड़...

ममता च- है मेरी बच्ची बड़ी हो गयी ab...ahhhhh चुद बेटी और मितले अपनी निगोड़ी छूट की खुजली हाय कर्मा ने तो मेरी छूट की चटनी banadi...beta...teri माँ छोड़ दी कर्मा ने ...

मैं और अनुज उनकी बातों से गरम होकर उन्हें चोदे जा रहे थे ज़ोर ज़ोर के झटको के साथ पल्ली बुरी तरह से कूद रही थी अनुज के लुंड पर





ममता च- Haaye...re कर्मा तेरी माँ ने क्या लुंड पैदा किये हैं देख कैसे दोनों एक साथ हम दोनों माँ बेटी की चुदाई कर रहे hain....choot कूट रहे हैं अपने मुसल se....aaahhh दीदी आयकर देखो कैसे लुंड हैं तुम्हारे लड़को के...

इस बात से हम दोनों और गरम हो गए और मैंने और अनुज दोनों ने चची और पल्ली को घोड़ी बना दिए और पीछे से छोड़ने लगे हाय क्या नज़ारा रहा होगा ये भी एक hi बीएड पर दो भाई माँ बेटी को एक साथ छोड़ रहे हैं.





वो दोनों आअह्ह्ह्हह मायआ ुह्ह्हह्हह्ह्ह्ह की आवाज़ निकल रही thi....poore रूम में बस ठप्प ठप्प की आवाज़ें आ रही थी... अनुज को देखकर ये नहीं लगता था के ये बस दूसरी बार चुदाई कर रहा है... मैंने सोचा शायद ये बड़े लुंड और मस्त चुदाई का वरदान मेरे घर में सब को मिला है.... थोड़ी देर में पल्ली ज़ोर ज़ोर से आअह्ह्ह अह्ह्ह ... मर गयी मैं मुम्ममय कहकर चिल्लाने लगी और झाड़ गयी अनुज के लुंड par....wo अनुज के ऊपर से हैट गयी और अपनी साँसे सँभालने के लिए साइड में लेट गयी... पल्ली थक भी गयउ थी कल रात से hi वो इतना चुद चुकी thi....mamta चची को एक्सपीरियंस था लुंड लेने का इसलिए वो लेटकर हमारी चुदाई देखने लगी...... फिर ममता चची ने अनुज को अपने सामने लेटने को कहा और अनुज उनके सामने लेट gaya...main पीछे से उनकी छूट में लुंड के धक्के लगाए जा रहा tha...chachi ने अनुज का लुंड पकड़ लिए और हिलने लगी





पीछे से मैं लगातार उनकी छूट की चटनी बना रहा था फिर उन्होंने. अनुज का लुंड अपने मुँह में ले लिया और चूसने lagi....Anuj आअह्हह्ह्ह्हह करके अपना लुंड चची से चुसवाने लगा, कितनी बड़ी रैंड थी चची एक भाई का लुंड चूस रही थी और एक भाई से अपनी छूट मरवा रही thi...Palli लेते हुए अपनी माँ को दो लुंड से खेलते हुए देख रही थी और थोड़ी थोड़ी मुस्कुरा रही थी...





बड़ा hi मज़ा ा रहा था बड़ा भाई छोड़ रहा था और छोटा भाई लुंड मुँह में दाल रहा था, फिर अनुज बोलै

अनुज- भैया मुझे भी छूट मारनी है...

मैं उसकी उत्सुकता समझ रहा था मैंने अपना लुंड चाची की छूट से निकल दिए और वो थोड़ा आगे बढ़कर अनुज के लुंड को पकड़कर अपनी छूट पर टीकाकार नीचे बैठ गयी... और लुंड सरसराता हुआ छूट में चला गया.... अनुज ने उनके बड़े रसीले ामो का बोझ अपने हाथो में ले लिए और मसल कर उन्हें निचोड़ने laga...sath में नीचे से धक्के भी मारने लगा...

मैंने पल्ली की तरफ देखा तो वो अभी भी लेती हुई थी और उसकी हालत नहीं लग रही थी कुवह कर पाने वाली तो मैं चची और अनुज के साइड जाकर खड़ा हो गया ोड चाची के होंठ पर अपना लुंड रगड़ने लगा चची ने तुरंत hi मेरा लुंड अपने मुँह में भर लिए और चूसने लगी.... अनुज उन्हें तगड़े झटको के साथ छोड़ रहा था...4-5 मीन्स की लुंड चूसै के बाद मेरा मन हुआ के लुक और करूँ तो मैंने लुंड निकला चची के मुँह से और उनके पीछे आ गया और अनुज के और चची के पैरो के बीच ा गया... मुझे अनुज का लुंड चची को छूट में आदत बाबर होता हुआ साफ़ दिख रहा था फिर मैंने अपने लुंड पर थूक लगाया और अनुज को इशारा किआ ...उसने चची को अपने ऊपर खींच लिए और उनके होंठो को चूसने लगा और कसकर उनकी कमर को पकड़कर अपने आप से चिपका liya...jisse चची के चूतड़ और खुल गए... मैंने एक बार और थूक लगाकर लुंड को चची के गांड के छेद पर रखकर एक झटका मारा और लुंड 3 इंच अंदर चला gaya....chachi झटपटाने लगी बूत अनुज ने पकड़ रखा था तो कुछ नहीं कर पाई और उनकी चीख अनुज के मुँह में hi दबकर रह गयी मैंने देर न करते हुए एक और झटका मारा और मेरा पूरा लुंड चाची की गांड में tha...or फिर चची की पूरी बॉडी अकड़ गयी और चची हम दोनों के लुंड पर झड़ने lagi...mujhe लगा यही सही टाइम है और मैं उनकी गांड में लुंड अंदर बहार करने लगा और अनुज को भी इशारा किआ तो वो भी नीचे से छोड़ने लगा





चची एक दो मिनट बाद शांत hui....but हमने छोड़ना जारी रखा... मुझे बहुत ाचा लग रहा था... चाची की गांड और ज़्यादा टाइट लग रही थी.. अनुज का लुंड छूट में होने की वजह से... मुझे इसलिए भी ाचा लग रहा था के कहाँ हम दोनों भाई आपस में झगड़ते रहते थे और आज एक साथ कितनी लगन से मिलकर चाची की छूट और गांड पेल रहे hain....chudai की वजह से अब हमारा रिश्ता पहले जैसा नहीं rahega...Hum लोग भाई है और अब भाई की तरह hi रहेंगे और छूट और गांड को बजाते रहेंगे... ऐसे hi हम चची को दोनों तरफ स्व छोड़ रहे थे...

ममता च- हाय मैं मर गयी Karma...haaye अनुज तुम दोनों ने तो मेरी जान hi leli.....aaahhhhhh इतना मज़ा मुझे कभी नहीं aaya...ahhhhhhh...ek साथ दोनों भाई मुझे छोड़ रहे हैं... छोटे का लुंड छूट में तो बड़े का लुंड गांड mein...aaahhhhhh पल्ली देख तेरी माँ ko..do दो लुंड लेकर बैठी hai...beti तू भी लेना दोनों को साथ में.... लगता है कामदेव ने अपना सारा आशीर्वाद इन्ही के परिवार में दिए है क्या लुंड हैं इन भाइयो के...

चची ये चिल्लाते हुए चुद रही थी और उनकी बातों से गरम होकर हम उन्हें चोदे जा रहे थे..... तभी अनुज बोलै

अनुज- भैया मैं भी गांड मरू क्या?

में- अरे बिक्कुल इसमें पूछना कैसा और ये कहकर मैंने अपना लुंड निकल लिए और अनुज के ऊपर से चची को उठाकर पलट कर बिठा दिए चची ने अनुज के लुंड का टोपा अपनी गांड के छेड़ पर रखा और नीचे बैठ gayi...Anuj का लुंड आसानी से चची की गांड में घुसता चला gaya...kyunki अभी गांड में मेरा लुंड था इसलिए गांड थोड़ी ढीली thi....phir चची अनुज के ऊपर लेट गयी और अनुज ने पीछे से उनके बूब्स पकड़ लिए और नीचे से अपनी गांड के झटके देकर चची की गांड मरने लगा मैंने भी अपना लुंड चची की छूट के ऊपर रखा और धक्का मारा लुंड अंदर घुस गया और एक दो झटको में लुंड पूरा अंदर था और हम फिर से चची को एक साथ छोड़ने लगे मैं छूट तो अनुज गांड को बजा रहा था





चची फिर से ोहममअअअअअअ मर गई आआह्ह्ह कहके छोड़ने lagi.....ab हम दोनों के hi झटके बहुत तेज़ थे जिससे चची को बड़ा मज़ा आ रहा था और वो ज़्यादा देर टिक नहीं पाई हम दोनों के झटको के आगे और झड़ने लगी मेरे लुंड par.....chachi के झड़ते hi अनुज भी आह्हः आह्हः करने लगा अनुज अपने जीवन में पहली बार गांड मार रहा था तो वो ज़्यादा देर तक टिक नहीं पाया और बोलै मैं झड़ने वाला हूँ तो ये सुनकर चची होश में आई और बोली मेरे चेहरे पर झड़ना bachua....or लुंड से उतर गयी दोनों के लुंड छूट और गांड से निकल गए और चची हम दोनों के सामने घुटनो पर बैठ गयी और हम दोनों खड़े थे फिर चची ने अनुज का लुंड मुँह में लिए और मेरा हिलने लगी... अनुज ने अचानक से चची का सर अपने लुंड पर दबा दिए और अपनी आँखें बंद कर ली और वो चची के मुँह में झड़ने लगा तो चची ने कुछ पिया बाकि उनकर मुँह से टपक कर गिरने लगा उनकी छूछीयो पर फिर उन्होंने अनुज का लुंड चाट कर साफ़ किआ और फिर मेरे लुंड के टोपे के निचले हिस्से पर जीभ फिरने लगी और मुझे भी बहु ाचा फील हुआ और मई. भी उनके मुँह में अपने रास की पिचकारी छोड़ने लगा और बाकि का रास उनके चेहरे और छूछीयो पर बिखेर दिए उन्होंने फिर मेरा लुंड चाट कर साफ़ किआ....





पल्ली ये सारा खेल बड़े ध्यान से देख रही thi...chachi ने चायत कर साफ़ कर दिए तो मैं और अनुज बीएड पर आराम से बैठ गए फिर चची उठकर पल्ली के पास गयी और बोली बीटा ये रास बहुत कीमती चीज़ है इसको ख़राब मत होने dena..or खासकर जब वो ऐसे दुमदार लुँडो का हो तो बिलकुल भी नहीं और ये कहकर चची ने एक उंगली से अपने छूछीयो पर लगा रास थोड़ा इकठा किआ और उस उंगली को पल्ली के मुँह में दाल दिए... पल्ली ने तुरंत वो उंगली चूस ली... फिर उठ कर बैठ गयी और झुककर अपनी माँ के छूछीयो पर लगे हम दोनों भाइयों के रास को चाटने लगी और चाटकर अपने मुँह में इकठा किआ और फिर अपने मुँह को माँ के मुँह पर रख दिए और चची बेटी के नूह में जीभ डालकर रास को पीने लगी...





वासना का ऐसा रूप देखकर मैं हैरान रह gaya..or ये माँ बेटी की एक दुसरे के मुँह से रास चाटने की प्रक्रिया तब तक चली जब तक सारा रास ख़त्म न हो गया....

फिर जब हम सबने एक दुसरे को देखा तो सबके चेहरे पर एक मुस्कान थी और आँखों में santushti...phir मैंने बोलै

में- काफी म्हणत हो गई बॉडी भी चिपचिपी हो गयी है चलो नाहा लेते हैं..

सब मेरी बात मान gaye....or पल्ली बोली...

पल्ली- भैया आज मैं तुम्हे नहलाऊंगी...

मैं उसकी बात पर मुस्कुरा दिए तो चची और अनुज एक बाथरूम में और मैं और पल्ली एक में घुस गए...

इसके आगे क्या हुआ जानने के लिए पढ़ें अगली उपदटेस और प्लीज कमैंट्स करते रहे... फीडबैक देते rahein...apki वजह से hi स्टोरी है... शुक्रिया.
 
लास्ट अपडेट में अपने देखा अनुज और कर्मा मिलकर ममता चची और पल्ली को छोड़ते हैं और फिर सब लोग नहाने जाते हैं अब आगे...

अपडेट 13

मेरे साथ बाथरूम में पल्ली घुस आई और अनुज और चाची एक बाथरूम में चले गए... घुसते hi पल्ली ने मुझे पकड़ा और अपने होठों को मेरे होंठों से लगा दिए और चूसने लगी..... मैं भी उसके होंठों को चूस रहा tha...phir अलग हुए हम मैं उसके बूब्स को दबाने लगा...

पल्ली- thank-you भैया...

में- ये किस लिए

Palli-bhaiya अपने एक दिन में मेरी ज़िन्दगी बदल दी...

में- मैंने क्या किआ बीटा?

पल्ली- भैया कल से पहले छूट में खुजली होती थी पर किसी से कुछ नहीं कह पति थी बस अपनी उंगलिओ का इस्तेमाल करती thi...samajh नहीं आता था किस्से बात karun...kya करूँ पर जबसे अपने छोड़ा है तो सब बदल गया मैं कभी भी चुद सकती हूँ आप से और अनुज से, मैंने कभी सोचा भी नहीं था की मेरी मम्मी इन सब चीज़ों के लिए राज़ी होंगी बूत आज वो खुद मेरे सामने छुड़वा रही थी दो लुँडो से मुझे चुसवाया उन्होंने, मुझसे प्यार किआ मेरे होंठों को choosa...mere लिए ये अब एक सपने जैसा है...

में- जो हुआ ाचा हुआ और अपने आप hua...isme सभी का भला है.

कहके मैं मुस्कुराने लगा...

पल्ली- एक बात तो है के मम्मी हैं बहुत बड़ी raand...mujhe भी उनकी तरह बनना है.... और पता है भैया आज पहली बार मैंने उनकी आँखों में एक संतुष्टि देखि जो पहले कभी नहीं दिखी...

में - बहुत समझदार हो गयी है तू तो...

ये कहके मैंने उसके छूछीयो को चूसने लगा...

पल्ली- भैया बस मेरी एक और विश पूरी कार्डो....

में- हाँ बोल न बच्ची...

पल्ली- मेरी गांड भी मार्लो भैया...

मैं ये सुनकर थोड़ा हैरान हुआ के ये खुद से गांड मरवाने को बोल रही है ..

में- बच्ची मैं भी तेरी गांड मारना चाहता hun...but तू जानती है न के गांड का छेद छोटा होता है और तूने मेरा लुंड तो देखा hi है तुझे बहुत तकलीफ होगी..

Palli-main सब सह लुंगी भैया बूत मैं गांड मरवाना चाहती हूँ मुझे भी माँ की तरह बनना hai...or मैं आपसे hi सबसे पहले मरवाना चाहती हूँ....

मन तो मेरा भी बहुत था पल्ली की गांड मरने का तो मैंने बोलै चल ठीक hai...or उसके होंठों को चूसने लगा और उसके चूतड़ों को मसलने लगा हाथो में लेकर





और फिर चूतड़ों को मसलते हुए मैंने उसकी चूचियों को मुँह में भर लिए और चूसने laga.....phir मैंने थोड़ी देर बाद उसे घुमा दिए और उसके पीछे बैठ गया और उसके चूतड़ और गांड का छेद मेरी आँखों के सामने थे उसकी छूट थोड़ी खुली सी लग रही thi...main उसके चूतड़ों को चूमने लगा चाटने लगा फिर दोनों हाथों से उसके चूतड़ों को फैलाया... उसकी गांड का छेद को देखने लगा बहुत प्यारा सा लग रहा tha...brown colour...ek डैम कैसा हुआ मुझसे रहा नहीं गया और मैंने अपनी जीभ छेद पर रख दी और चाटने लगा





वो आअह्हह्ह्ह्ह भैया करने लगी...

पल्ली- अह्ह्ह भैया मज़ा आ रहा hai...Aaasshhhhhhhh...chooso इसे...

मैं अंदर तक जीभ डालकर उसकी गांड में चाट रहा था और उसकी छूट गीली होती जा रही थी मैंने थोड़ी देर और छठा और फिर नहाने से पहले सरसो का तेल लगाने के लिए जो बोतल राखी थी उसमे से तेल लिए और उंगलिओ को उससे गीला किआ और एक उंगली को उसकी गांड में घुसेड़ दिए ..वो आह्हः कर गयी बूत ये दर्द वाली आह्ह्ह्ह नहीं thi...or हाथ से मैंने अपने लुंड पर भी बहुत सारा तेल लगा कर उसे चिकना कर लिए... फिर मैं खड़ा हो गया और लुंड को उसके चूतड़ों को बीच में रख दिए और ऊपर नीचे घिसने laga...or पल्ली से पुछा

में- तैयार है बच्ची?

पल्ली - हाँ भैया बस आराम से करना....

में- हाँ पल्ली बहुत आराम से करूँगा बस तू थोड़ी हिम्मत रखना...

पल्ली- ठीक है भैया तुम करो आगे...

मैंने अपना लुंड घिसते हुए नीचे ले गया और उसकी छूट में दाल dia...or झटके मरने laga...wo आह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह करने लगी और कुछ नहीं बोली... मैंने अगले 5 मीन्स तक उसकी छूट मारी और फिर लुंड निकल लिए मेरा लुंड उसके छूट रास में भीग कर और भी गीला हो गया tha...maine अपना लुंड उसकी गांड के छेद पर रखा और धक्क्क दिए तो लुंड ऊपर की तरफ फिसल gaya...maine दोबारा दिए तो दोबारा फिसल गया उसकी गांड का छेद बेहद टाइट था इसलिए लुंड नहीं घुस रहा था तो मैंने अपने लुंड को पकड़ा और उसके छेद पर रख कर आगे की तरफ ढाका दिए तो मेरे लुंड का टोपा पल्ली की गांड के छोटे से छेड़ में फँस गया पल्ली चीख पड़ी....





Palli-aaaaahhhhh maaaaaaaaaaa भैया बनत दर्द हो रहा hai....main मर जाउंगी अह्ह्ह्हह मेरी गांड पहात गयी...

मैं रुक गया और एक हाथ से उसके छूछे मसलने लगा और दुसरे हाथ की दो उंगलियां उसकी छूट में दाल di...wo कराह रही थी... 5 मीन्स बाद वो थोड़ी नार्मल हुई तो मैनेजर धक्का लगाया तो लुंड 3 इंच अंदर घुस gaya...wo फिर से चीखी और मैंने फिर से छूट मैं उंगली की और उसके नार्मल होते hi एक और झटका मारा लुंड पूरा उसकी गांड में चला gaya...aaaahhhhhh कितनी टाइट गांड थी uski...aaaahhhhhhh ऐसा लग रहा था मेरा लुंड काटके गिर जायेगा.. आअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह .... मेरा लुंड ऐसा लग रहा था जैसे किसी गरमा गरम भट्टी में ho.....gand मरना मुझे बहुत पसंद hai...or जब गांड ऐसी हो तो aaahhhhhhhhhh क्या hi कहना...

मैंने धीरे धीरे झटके मरने लगा और उसकी गांड मरने लगा .... धीरे धीरे पल्ली को भी मज़ा आने लगा और वो भी अपनी गांड पीछे करने लगी और मरवाने लगी





पल्ली- ओह्ह्ह maaa.....bhaiya बहुत ाचा लग रहा hai....maine सोचा नहीं था के गांड मरवाने में भी इतना मज़ा आता होगा.... Ahhhhhhhhhhh तभी माँ इतनी खुश होकर मरवा रही thi....ahhh भैया पहाड़ दो अपनी बहन की गांड....

में- हाँ पल्ली और मुझे भी गांड मरने में मज़ा आता hai...lund को सुकून मिलता hai.....aahhh बहुत मस्त गांड है रे तेरी पल्ली....

पल्ली- हाँ भैया मारो और मार मार के मेरी गांड बड़ी कार्डो... मुझे अपनी गांड बिलकुल तै जी जैसी करनी haii..kitni बड़ी और उभरी हुई गांड हैं unki...us दिन देखा था न भैया अपने भी...

माँ की गांड के बारे में सुनकर मैब बहुत ज़्यादा गरम हो गया ऑफ़ आँखें बंद करके पल्ली की गांड में तेज़ तेज़ धक्के मरने laga...wo आअह्हह्ह्ह्ह Ahhhhhhhhhhh करने lagi...meri आँखें बंद थी और मैं माँ की गांड को इमेजिन करने laga...or मेरे झटके तूफानी हो गए... पल्ली की चीख से मेरी आँखें खुली तो देखा वो आअह्हह्ह्ह्ह करके चिल्ला रही थी और अपने हाथ पीछे करके अपने दोनों चूतड़ों को फैला कर बोल रही थी...

Palli-dekho भैया कैसा लग रहा है आपका लुंड मेरी गांड में aaaaaaaaaaaaajhhhhhhhhh गांड में अंदर बहार होते हुए......



माइनर देखा तो सचमुच बड़ा hi कामुक दृश्य ttha....uska गांड का छेड़ मेरे लुंड के चारो तरफ से चिपका हुआ था ...पता नहीं चल रहा था ये इसमें फिट हुआ कैसे हैं or...phir पल्ली झड़ने लगी उसकी गांड कंपनी lagi....main भी ये सब देख कर टिक नहीं पाया और कमर पकड़कर उसकी गांड में दुमदार झटके मारे और लुंड अंदर तक घुसेड़ कर उसकी गांड में झड़ने लगा उसकी गांड को अपने रास से भर dia...phir थोड़ा शांत hua...to फिर अपना लुंड उसकी गांड से nikala.lund पॉप की आवाज़ के साथ निकल गया उसकी गांड का छेड़ पूरी तरह से खुला हुआ था और मेरा गाड़ा रास बहकर बहार आ रहा था और ज़मीन पर गिरने लगा फिर पल्ली से खड़ा नहीं रहा गया..... और पल्ली ज़मीन पर दीवार के सहारे बैठ gayi...maine अपना लुंड को पकड़कर पल्ली के होंठों पर रख दिए पल्ली बिना सर हिलाये उसे मुँह में लेकर चूसने लगी और चाट कर साफ़ कर दिए मेरा लुंड भी अब सिकुड़ गया था... फिर मैंने पल्ली के ऊपर पानी डाला और उसे नहलाने laga....dhhere धीरे वो भी नोर्केल हुई और कड़ी हुई और फिर मेरे हाथ से मग लेकर मुझपर पानी डालकर मुझे नहलाने लगी और हमने ऐसे hi साथ में मस्ती करते हुए नहाया और फिर बहार आकर मैं अपने कमरे में कपडे पहनने चला गया.. और पल्ली अपने...

फिर कपडे पहन कर बहार आया तो अनुज और चची हॉल में बैठे the...main भी उनके साथ बैठ gaya..anuj का हाथ चची के पेट को सहला रहा tha...tabhi दरवाज़े पर आवाज़ हुई अनुज ने हाथ हटा लिए और दरवाज़ा खोलने गया चची ने भी अपनी साड़ी सही की अनुज में गेट खोला तो दरवाज़े पर मा थी..

वो अंदर आई और हम लोगो के पास आकर बैठ गयी... और हम बात करने लगे...

माँ ने पुछा चची से के वो कथा में क्यों नहीं आई तो चची ने बहाना बना दिए के उनके बदन में दर्द था isliye...tabhi पापा और राजन चाचा घर भी आ गए... और राजन चाचा ने बताया के घर का काम पूरा हो गया है... कलर का बाद में करेंगे अभी बेकार का खर्चा क्यों बढ़ाना जब सब ठीक है तो.. दीपावली पर करवा लेंगे वो सब... पापा ने भी हामी भरी..

ये सुनकर मैं चची , अनुज और पल्ली को बुरा लगा के अब वो बापिस चली जायेंगे... पल्ली की शकल तो बिलकुल रोने जैसी हो gayi...wo कुछ नहीं boli...maa ने सबको प्रसाद दिए जो कथा में मिला था और सबने उसे खाया... फिर माँ जाने लगी...

माँ- चलो आप लोग बैठो... मैं खाना बनती हूँ

ये कहकर माँ किचन की तरफ जाने लगी

ममता च- मैं भी आई दीदी

और वो दोनों किचन ममें चली gayi..palli भी अपने रूम में चली गयी.

हम चारो लोग हॉल में बैठ कर बातें कर रहे थे.. मैंने अनुज की तरफ देखा तो वो भी थोड़ा उदास था मैंने सोचा के बेचारा सोच रहा होगा आज hi छूट मिली और आज hi जा रही hai...mujhe अनुज और पल्ली पर हंसी ा रही थी के पागल हैं दोनों... ऐसे रो रहे हैं जैसे पता नहीं कितने दूर जा रहे hain...chachi का घर है hi कितनी दूर कभी भी जाके छोड़ सकते हैं...

तभी फिर कुछ देर बाद माँ खाने की थाली लेकर aai..or चाचा और पापा को दी hi थी की तभी पापा का मोबाइल बजने लगा पापा ने उठाया और बात करने लगे..

पापा ने जब फ़ोन काटा तो माँ से खुश होकर बोले अरे सुनो...

पापा- शशि का फ़ोन था....

माँ- ( खुश होकर) ाचा कैसी है वो क्या कह रही थी?

पापा- वो ठीक है और शायद दो तीन दिन में वो और विनीत आ रहे हैं... उसके जेठ की लड़की का व्याह है अगले महीने पर लगन 4 हफ्ते भर बाद hai..to बोल रही थी सामान अभी देंगे लगन में hi, तो यहाँ अपने शहर से hi लेगी और जाते हुए हम लोग भी साथ में चले जायेंगे लगन के लिए..

शशि मेरी छोटी बुआ थी मेरे पापा के दो बहन हैं और मेरे पापा दो भाई हैं... मेरे पापा से बड़े एक भाई और बहन हैं शशि बुआ सबसे छोटी हैं, मेरे फूप जी और उनके पति का नाम राजेश है अपनी डेरी चलते hain...unke दो बच्चे हैं एक लड़की पूर्वी जिसकी शादी हो चुकी है और 1 महीने पहले hi एक बच्चा भी हुआ है और लकड़ा जो मेरी उम्र का है विनीत ...बाकि उनके ससुराल में कौन कौन है वो समय आने पर bataunga...or बड़ी बुआ और ताऊ जी की फॅमिली के बारे में bhi...tabhi bataunga...jab उनका कोई रोले होगा...

माँ- अरे वाह ये तो बहुत ख़ुशी की बात है.... शशि से मिले हुए भी टाइम हो गया और वो आ भी रही है...

माँ और पापा बुआ के आने की खबर से बहुत खुश the...main भी खुश हुआ मुझे भी शशि बुआ बहुत पसंद thi...par मैंने सोचा रिश्तेदारों की वजह से चुदाई थोड़ी काम हो जाएगी और माँ को भी पटना मुश्किल होगा तप मैंने सोचा देखते हैं कटा होता है ...सोच समझ कर काम करूँगा फिर सब खाना खाने लगे...

राजन चाचा- शशि दीदी ा रही हैं ये तो बहुत ख़ुशी की बात है... .

इतने में ममता चची भी रोटियां लेकर आई देने के लिए और बोली

ममता च- सही में शशि दीदी आ रही हैं क्या....

माँ- हाँ दो तीन दिन में वो और विनीत ा रहे हैं..

और माँ ने उन्हें साड़ी बात बतादि...

ममता च- अरे वाह didi...shashi दीदी को देखे हुए भी साल भर से ज़्यादा हो गया ाचा हुआ आ रही हैं उनसे मुलाकात हो जाएगी.....

फिर हम सब ने खाना खाया फिर माँ ने पल्ली को आवाज़ दी तो वो भी आ गयी फिर सब औरतों ने भी खाना khaya...phir राजन चाचा और ममता चची जाने लगी तो मैंने बोलै आप जाओ पल्ली को रात में तो पढ़ा नहीं पाउँगा तो अभी पढ़ा कर भेज दूंगा....

राजन च- हाँ बीटा वैसे भी तब तक हम सामान वगेरा जो बिखरा है वो समेत लेंगे तू पढ़ा कर भेज डीओ इसे....

ये सुनकर पल्ली और अनुज के चेहरे पर मुस्कान आ gayi...chachi ने भी मुझे एक मुस्कान दी आँखों में देखकर जैसे कहना छह रही हो मुझे पता है तू कितना padhayega...tabhi अनुज बोलै

अनुज- भैया मुझे भी कुछ सवाल पूछने हैं aapse...mujhe भी पढ़ा देना...

माँ- बिलकुल मैं तो कबसे कहती हूँ अपने भाई से पढ़ा क्र पर तुम दोनों लड़ते hi रहते हो...

में- ये लड़ता है maa...par कोई नई पढ़ा दूंगा अभी...

तभी चची और चाचा हँसते हुए निकल gaye...or पापा भी जाने लगे बाघ mein...to माँ बोली...

माँ- अरे 5 मिनट्स रुको मैं भी चलती हूँ थोड़ा बहुत मदद करवा दूंगी यहाँ बच्चे पढ़ेंगे तो मैं भी क्या करुँगी रुक कर...

पापा- थोड़ा मुस्कुराते huye....haan सही है चलो तुम मेरे साथ hi और थोड़ी देर में माँ पापा भी निकल गए...

मैंने अनुज को गेट बंद करने को बोलै और वो गेट बंद करने चला गया इतने में hi पल्ली मुझसे चिपक गयी और मुझ चूमने लगी मेरे होंठों को चूसने lagi...maine उसके टॉप को उतर दिए और होंठों को हटाकर उसके सर से निकल दिए और ब्रा भी खोल दी... अनुज ने उसके पीछे से आकर उसका लोअर भी निकल दिए वो अब सिर्फ एक पंतय में thi...hum दोनों उसके छूछीयो को चूसने लगे एक कुछः मेरे मुँह में था तो एक अनुज के.... पल्ली के मुँह से बस आठ आह्हः निकल रही थी ऐसे hi थोड़ी देर अपनी छूछीयो को चुसवाने के बाद वो नीचे बैठ गयी और मेरे लोअर से मेरा लुंड बहार निकल लिए जो खड़ा हुआ tha...or फाई अनुज का भी निकल lia...or हम दोनों के लुंड पर अपने हाथ चलने lagi...dono लुँडो को हिलने लगी फिर उसने मेरे लुंड को अपने मुँह में भरकर एक मिनट तक चूसा और फिर एहि अनुज के लुंड के साथ किआ





वो बरी बरी हम दोनों के लुंड चूस रही thi...ek साथ दोनों भाइयो के लुंड चूसकर उसको भी बड़ा आनंद मिल रहा था और हम दोनों को लुंड चुसवाने में मज़ा ा रहा था फिर मैंने उसका पैरो पर खड़ा किआ वो अभी भी झुककर अनुज का लुंड चूस रही थी मैंने अपने लुंड पर थोड़ा और गीला किआ और फिर उसके झुकने से उसकी गांड मेरी तरफ उठी हुई थी तो अपनी जीभ से मैं उसकी पंतय को एक साइड करके उसकी छूट और गांड को चाटने लगा... ऐसे करीब दो मिनट चाटने के बाद मैंने अपना लुंड uski.choot में दाल dia...or धक्के मर मर के उसे छोड़ने लगा वो अनुज के लुंड को और ज़ोरो से चूसने lagi....aise hi कुछ देर छूट को छोड़ने के बाद मैंने अपना लुंड निकला और उसकी गांड के छेड़ पर रखा और एक धक्का लगाकर तीन इंच अंदर दाल दिए उसका मुँह से अनुज का लुंड बहार आ गया और वो aaahhhhhhhhhh मार डाला बोलकर सिसकी पर फिर से अनुज ने अपना लुंड उसके मुँह में दाल दिए और वो चूसने लगी..





मैं अब तेज़ तेज़ झटको से उसकी गांड मार रहा था और वो उतनी तेज़ी से अनुज का लुंड चूस रही thi...phir वो थक गयी तो हम सब बीएड पर चले gaye...or अब अनुज उसकी छूट मार रहा था और वो मेरा लुंड चूस रही थी फिर अनुज में भी अपना लुंड उसकी गांड में दाल दिए और मरने लगा





ऐसे hi काफी देर तक हम बदल बदल कर पल्ली की छूट और गांड मरते रहे... पल्ली इस बीच दो बार jhadi...abhi अनुज नीचे लेता हुआ था और पल्ली उसका लुंड अपनी गांड में लेकर उछाल रही थी और मैं साइड में खड़ा होकर उससे अपना लुंड चुसवा रहा था...





काफी देर से हम पल्ली को छोड़ रहे थे और मैं सोचने लगा अभी से ये इतना चुदवाती है... अपनी माँ से भी बड़ी रांड बनेगी ye...or मैंने उसके मुँह से लुंड निकला और उन दोनों की टांगो के बीच आगया और अपना लुंड उसकी छूट पर रखकर एक झटका मारा तो लुंड अंदर घुस gaya...Palli की चीख निकल गयी... और वो बड़ी ज़ोर से चिल्लाने लगी....

पल्ली- aahhhhhhhhhh मर गयी.... bhenchod...meri छूट और गांड फाड़ दी... आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह भैया तू भेनचोद है pakka...dono भाई भेनचोद ho...or चची छोड़. भी.....

हम दोनों पहली बार उसके मुँह से गाली सुनकर हैरान थे फिर सोचा है तो Mamta-chachi की पैदाइश hi न कुछ तो माँ जैसा होगा hi....ye सोचके मैं मुस्कुराने लगा और उसकी छूट में झटके मरने लगा





अनुज और मैं एक रदम में उसकी छूट और गांड मार रहे the....mujhe अनुज का लुंड उसके शरीर में महसूस हो रहा था हम दोनों के लुंड के बीच एक पतली सी दीवार thi....phir मैंने लुंड निकल कर उसे उठा दिए और पलट दिए अब वो अनुज का लुंड छूट में लेकर बैठ gayiiii...or मैंने अपना लुंड पीछे से उसकी गांड में घुसा दिए और हम फिर से उसको एक साथ दुमदार तरीके से छोड़ने lage...woo अह्ह्ह्ह कर रही थी.....

पल्ली- अह्हह्ह्ह्ह माँ अब समझ आया के माँ दो लुँडो से क्यों छुड़वाया tumne...aaaahhhhhh क्या मज़ा आ रहा hai....ouiiiiiii माँ तुम दोनों हम माँ बेटी को ऐसे hi छोड़ते रहना हमेशा aaahhhhh.....bhaiya मेरी गांड में बाहर ाचा लग राजा है तुम्हारा लुंड आआह्ह्ह्हह और फिर हम दोनों ने अपनी स्पीड और बढ़ा दी और कुछ देर बाद पल्ली कांपने lagi....uski पूरी बॉडी हिलने लगी और वो कुछ बोल नहीं रही थी बस हिल रही थी और पूरी बॉडी अकड़ गयी uski....hum दोनों ने उसको अपने लुँडो पर बिठाये रखा और फिर एक चीख के साथ वो झाड़ गयी और अनुज के ऊपर गिर gayi....hum दोनों ने भी तेज़ी से छोड़ना जारी रखा और फिर पल्ली थोड़ी नार्मल हुई तो बोली बस भैया अब नहीं सह सकती main...itne में अनुज बोलै

अनुज- ाः रुक बस दो मिनट मेरा निकलने वाला है तो वो तुरंत उठ गयी और बोली मेरे मुँह में गिरा...

हमदोनो खड़े हो गए और वो हम दोनों के लुंड को चूसने लगी तभी अनुज उसके मुँह में झाड़ गया वो उसका रास पी गयी फिर मैंने भी अपना रास उसके होंठों के बीच उढेल दिए जो वो थोड़ा पि पाई बाकि उसके होंठों से निकलता हुआ उसके छूछीयो पर गिर गया





फिर हम तीनो hi थक गए थे और एक दुसरे से चिपक कर सो गए....

इसके आगे क्या होगा... कर्मा क्या करेगा अपनी माँ को पटाने के लिए और शशि बुआ के आने से क्या घटनाये होंगी वो सब अगली अपडेट mein...aap प्लीज पढ़ते रहिये और कमैंट्स करते रहिये प्लीज... शुक्रिया.
 
लास्ट अपडेट में अपने देखा के कर्मा और अनुज साथ मिलकर पल्ली को छोड़ते हैं और फिर तीनो साथ में hi सो जाते hain...ab आगे

अपडेट 14

मैं सो रहा था तो अचानक से मुझे महसूस हुआ के मैं हिल रहा hun...phir कोई हाथ से मुझे पकड़ कर हिला रहा है और मेरी आँखें खुली तो देखा पल्ली मुझे जगा रही थी...

पल्ली- भैया उठो न जल्दी उठो जल्दी प्लीज...

में- क्या हुआ सोने दे न ..

पल्ली- अरे भैया बहार तै जी और ताऊ जी आ गए हैं अनुज गेट खोलने गया hai..aap प्लीज उठो और कपडे पहन लो...

ये सुनकर मेरी नज़र नीचे गई तो चौंक गया. के मैं नंगा hun..mujhe झट से सब याद आ गया मैं जल्दी से भगा अपने कपडे लेकर और बाथरूम में घुस गया और थोड़ी देर में पहन कर निकला....

में- कोई आया तो नहीं कमरे में

पल्ली- नहीं चलो आप आओ बहार मैं घर जा रही हूँ...

में- सुन दुखी मत होना कोई प्रदेश में नहीं रहते हम यहीं रहती है जब मन करेगा आके तेरी गांड में लुंड पेल दूंगा..

पल्ली ये सुनकर शर्मा गयी और मेरे होंठों को चूमकर बहार चली गयी...

मैं भी बहार आ गया तो देखा पल्ली जा चुकी thi...Anuj माँ पापा को पानी दे रहा था...

माँ- बछ्ह पार्टी क्या बनाया जाए आज खाने में...

में- कुछ भी बनालो माँ

माँ- हाय आज सारा काम मुझे hi करना padega..kal तो सब ममता और पल्ली ने कर दिए था...

में- मैं हूँ न maa...aap बताओ क्या करना है मैं सब करूँगा...

माँ- रहने दे तू क्या करेगा मैं कर लुंगी सब

Papa-agar बोल रहा है तो कर लेने दो na...tumhari मदद hi हो जाएगी थोड़ी...

Maa-theek है चल बीटा...

फिर मैं और माँ किचन मेंना जाते हैं वहां काम करने लगते hain...to बहुत गर्मी लगाने लगती है तो मैं अपनी टीशर्ट उतर देता हूँ और ऊपर से नंगा हो जाता हूँ.. माँ एक बार मुझे देखती है..

माँ- बीटा अगर गर्मी लग रही है तो तू जा न मैं कर लुंगी...

में- माँ गर्मी तो आपको भी लग रही होगी तो आप hi क्यों करोगी...

माँ कुछ नहीं बोलती और मुस्कुराने लगती है माँ मुझे सब्ज़ी डेट है और बोलती है काट इसे, मैं सब्ज़ी काटने लगता हूँ और माँ आता निकल कर गूथने के लिए डालती hain...par माँ का भी गर्मी से बुरा हॉल था.. वो भी पसीने से भीग रही thi...unki चिकनी और सेक्सी कमर पर पसीने की बूंदे कहीं ठहरी हुई थी तो कोई ऊपर से नीचे की और भाग रही thi...mera मन कर रहा था के अपनी जीभ से उन बूंदो को कमर पर से चाट lun...or उनके सफर को रस्ते में hi. रोक dun...tabhi अनुज किचन में आता हाउ...

अनुज- माँ पापा पूछ रहे हैं खाना बनने में कितना टाइम लगेगा...

माँ- थोड़ा तो लगेगा hi क्यों क्या हुआ भूख लगो है क्या...

अनुज- नहीं माँ वो कल खेत में पानी लगाना है तो पाइप फटा हुआ है तो लेने जाना है अगर टाइम लगे तो ले आएं...

माँ- हाँ बोलदे ले आओ इतना तो लग hi जायेगा

अनुज- माँ मैं भी जा रहा हूँ... मोटरसाइकिल से जा रहे हैं न ...

अनुज ने बड़ा खुश होते हुए बताया उसको बाइक चलने में बहुत ख़ुशी मिलती थी...

माँ- हाँ तभी जा रहा है tu..or इतना खुश भी है...

फिर अनुज हँसते हुए चला जाता है...

माँ- कर्मा जा गेट बंद करदेना नहीं तो कुत्ता वगेरा घुस कर हुग देता है...

मैं जाकर मैं गेट बंद कर देता hunn.or बापिस किचन में आ जाता hun...peeche से माँ की बड़ी गांड देखता रहता हूँ खड़ा होकर तभी मेरे मन में एक ख्याल आता है के अभी घर पर मेरे और माँ के अलावा कोई नहीं hai....kyun न कुछ किआ jaaye...dekhta हूँ माँ आगे बढाती है या नहीं...

मैं अंदर जाकर सब्ज़ी काटने में फिर से लग गया और माँ से बोलै..

में- उफ्फो माँ आप तो पूरी भीगती जा रही हो पसीने में...

माँ- हाँ बीटा गर्मी भी तो बहुत hai...kya कर सकते हैं खाना तो बनाना hi पड़ेगा न...

में- आप बहार जाओ माँ मैं बना लेता हूँ खाना...

माँ- हँसते हुए ाचा तुझे बड़ा आता है खाना banana..aata गूंथना आता है....

में- आटा तो नहीं बूत कोशिश तो कर hi सकता हूँ...

माँ- नहीं रहने दे मुझे खाने का सत्यानाश नहीं karwana...garmi है तो साहनी तो पड़ेगी hi...

में- माँ गर्मी है नहीं जितनी आप को ये साड़ी वगेरा पहन कर लग रही है..

माँ- तो क्या करूँ साड़ी तो पहननी hi पड़ेगी न...

में- क्यों ज़रूरी है खाना बनाते हुए भी पहनना जब गर्मी लग रही है तो निकल दो...

माँ- नहीं ाचा नहीं lagta...or कोई देखेगा तो क्या सोचेगा...

में- माँ रात होने वाली है कोई यहाँ क्यों आएगा ऊपर से गेट भी बंद है तो कोई कैसे देख सकता hai...papa और अनुज को भी आने में बहुत टाइम लगेगा तब तक तो खाना बन जायेगा अपना..

माँ- क्यों तू भी तो यहाँ पर

में- माँ मुझे तो कोई प्रॉब्लम नहीं hai...waise भी तुम बहुत खूबसूरत हो मुझे तो देखने में ाचा hi lagega...maine मुस्कुराते हुए कहा...

माँ थोड़ा शर्मा गयी और मुस्कुरा कर बोली...

माँ- बेशरम माँ से भी ऐसी बातें करता है...

और फिर अपने पसीने को माथे से पोछने lagi...to मैं उनके करीब गया और बोलै माँ निकल दो देखो कितना पसीना ा रहा है apko...garmi तो माँ को भी लग रही थी तो वो कुछ सोचने लगी तो मैंने उनका पल्लू पकड़ कर नीचे कर dia...maa ने मेरी तरफ देखा और बोली..

माँ- चल ठीक बोल रहा है tu...par तुझे hi निकालनी padegi..mere हाथो में आता लगा है तो साड़ी ख़राब हो जाएगी...

मेरे तो जैसे मन की मुराद पूरी हो गयी और मुझे खुद माँ की साड़ी निकालनी थी ये तो और सोने पर सुहागा हो gaya..mera लुंड मेरी निक्कर मैं टाइट होने laga...main माँ के पल्लू को दोबारा पकड़ा और धीरे से उनकी साड़ी को उनके बदन के चरों तरफ घूमने laga..main बहुत उत्तेजित हो रहा था ये करते हुए मेरे हाथ थोड़े काँप

रहे the....aap लोग इमेजिन कर सकते हैं के अपने हाथों से अपनी माँ की साड़ी को utarna....kitma कामुक दृश्य होगा और जब माँ मेरी माँ जैसी... कामुकता की मूरत हो तो क्या hi कहना मेरा लुंड पूरी तरीके से खड़ा था मैंने उसको बस एक हाँथ से नीचे की तरफ दबा dia...or फिर ये काम जिसमे मुझे ऐसा लगा जैसे समय थोड़ा धीरे होकर चलने लगा था पूरा हो gaya..meri माँ की साड़ी मेरे हांथो में थी और माँ एक पेटीकोट और ब्लाउज में मेरे सामने thi...unki नंगी kamar...sexy नैवेल, और सपाट पेट... ब्लाउज से बहार झांकती chuchhiyan..sab मेरी आँखों के सामने tha...mera मन तो था की अभी इन सब पर अपनी जीभ से चाट लूँ... बूत अपने आप को रोक कर रखा... मेरा लुंड बिक्कुल लोहा बन चूका था... मैंने उनके बदन का आनंद उठाते हुए अपनी आँखें सकते हुए जल्दी जल्दी सब्ज़ी kAati....maa का आटा भी गुथने वाला था तो मैंने कहा

Me-maa मुझे भी आता गूंथना सिखाओ न...

माँ- तू क्या करेगा ये सीखकर

Me-apki madad..or फिर मैं उनके पास जाके खड़ा हो गया

माँ- देख इसको ऐसे इखट्ठा करके ऐसे दबाते रहते हैं..

में- हाँ माँ दिख तो रहा है पर मैं karun...kya?

माँ- ले कर के देख

और थोड़ी साइड हो गयी मैंने अपने हाथ आधे गुथे हुए आते में लगा दिए और जान बूझ कर हांथो को गलत तरीके से चलने लगा तो माँ बोली

माँ- कर्मा ैसर नहीं ऐसे...

और ये कहकर अपने हाथ से मेरे हाथ पकड़ कर दबाने लगी अब हम दोनों बेहद करीब थे वो मेरी राइट साइड में खड़े होकर बता रही थी तो उनकी बॉडी मेरे नंगे बदन से टच हो जाती थी... पर साइड में होने से वो ठीक से बता नहीं प् रही थी...

में- माँ आप मेरे पीछे खड़े हो जाओ न ऐसे दोनों हाथो से बता पाओगी..

माँ मेरी बात मानते हुए मेरे पीछे आ कर कड़ी हो गयी और मेरे दोनों तरफ से हाथ करके मेरे हाथो पर हाथ रख लिए और बताने लगी उनकी पूरी बॉडी पीछे से मेरे बदन से टच हो रही thi..ubka चेहरा और ब्लाउज में कैद छुछियां और नंगा पेट मेरी पीठ से टच हो रहा था.. पर कहाँ मैं लगबघ 6 फ़ीट का और माँ की हाइट सिर्फ 5"2 थी तो उन्हें बहुत परेशानी हो रही thi...to माँ बोली

माँ- ऐसे तो मेरे हाथ hi नहीं पहुंच रहे तो बताउंगी कैसे...

में- अरे हाँ माँ मैं आपसे लम्बा हूँ मैं आपके पीछे आ जाता हूँ

और फिर माँ के पीछे जाकर खड़ा हो गया.. और माँ की कमर को छूटे हुए अपने हाथ आते पर ले gaya...jiski वजह से मैं पीछे से बिलकुल माँ से टच हो गया क्या मनमोहक दृश्य था दोस्तों ...माँ सिर्फ पेटीकोट और ब्लाउज में कड़ी hai...beta उसके पीछे से चिपक कर खड़ा है ऊपर की तरफ से बिलकुल नंगा hokar...phir हम दोनों आता गूंथने लगे.. माँ मुझे सिन्हा रही थी... मैंने अपने घुटने थोड़े से बेंड कर लिए थे जिससे मैं उनकी हाइट के बराबर लागु... और माँ के हाथो को दबा कर आता घूंठ रहा tha...par एक चीज़ के बारे में मैंने सोचा hi nahi...mera खड़ा lund...mere झुके होने कारन अब वो सीधे माँ की गांड पर था और पीछे से उनकी गांड पर घिसने laga...maa को भी कुछ hi पालो में इसका एहसास hua...or वो तुरंत चुप हो gayi...main ऐसे रियेक्ट करता रहा जैसे कुछ नहीं हुआ hai...ab आता गूंथने की वजह से हम दोनों के हाथ हिल रहे थे आपको भी पता है की उसके साथ पूरी बॉडी हिलती है तो हम दोनों की पूरी बॉडी आगे पीछे हो रही थी और जिस वजह से मेरा लुंड अब माँ के चूतड़ों की दरार में उनके पेटीकोट के ऊपर से घिस रहा tha..mere लुंड और उनकी गांड के बीच बस कुछ पतले से कपडे थे... लुंड के गांड में घिसने की वजह से अब माँ भी थोड़ी गरम हो रही थी... क्यूंकि अब तक भी उन्होंने मुझे हटने को नहीं बोलै था.. हमारी सिचुएशन से हम और गरम हो गए थे... मेरी और माँ की साँसे बहुत तेज़ चल रही थी... मैंने देखा के माँ का ब्लाउज पूरा भीगा हुआ tha...maine कूबड़ घिसते हुए hi बोलै..

में- माँ आपका ब्लाउज तो पूरा भीग गया है इसे भी निकल दो...

माँ तो जैसे होश में hi नहीं थी और बस हम्म्म kia...maine वेट न करते हुए अपने हाथ आते दे हटाकर उनकी कमर पर रख लिए और फिर पेट को सहलाता हुआ आगे ले गया और धीरे धीरे ब्लाउज के हुक्स की तरफ ले गया... और फिर मैंने अपने दोनों हाथो की उंगलिओ को उनके ब्लाउज के हुक खोलने में लगा dia...par ये काम बड़ा मुश्किल हो रहा था एक तो हम दोनों हिल रहे थे साथ में उत्तेजना से मेरे हाँथ काँप रहे the...phir भी कहते हैं न कोशिश जरने वालो की हार नहीं hoti...to मैं एक हुक खोलने में कामयाब हुआ और फिर दूसरा और ऐसे करके सरे हुक्स खोल्दिए

और माँ का ब्लाउज आएगी से खुल गया माँ ब्रा और खुले ब्लाउज में बहुत सेक्सी लग रही थी





उनकी बड़ी छुछिया देखकर तो मेरा बुर्रा हाल हो रहा था... उनके ब्लाउज के दोनों चोर अलग हो गए थे और मैं बस उस खूबसूरती में खो गया था





उनके बड़े बूब्स ब्रा में समां नहीं रहे the...mera लुंड और टाइट हो गया था और मेरी कमर भी अब पूरा हिल रही थी और उनकी गांड पर लुंड को रगड़ रही thi...maa ने कुछ नहीं बोलै बस आता गूंथे जा रही thi...mere लिए अब काम था ब्लाउज को पूरी तरह से उनके शरीर से अलग karna...to मैंने ब्लाउज को धीरे धीरे एक तरफ से नीचे सरकना शुरू किआ और बिना किसी जल्द बाज़ी के उनका हाथ धीरे से आते से hataya...main नहीं चाहता था के मैं आउच भी ऐसा करूँ जिससे माँ को ये अचानक से कुछ गलत लगने लगे और मैंने फिर उनके एक हाथ से ब्लाउज की बाज़ू को निकल दिए.. और फिर शामे प्रक्रिया उसी गति से दुसरे बाजु जे साथ अपनाई और उनके ब्लाउज ने उनके शरीर का साथ छोड़ dia...or मेरे तो जैसे लुंड में लोहा भर गया हो इतना टाइट हो गया माँ मेरे सामने अब बस ब्रा और पेटीकोट में थी मेरा लुंड उनकी गांड की दरार में घिस रहा था... इससे ज़्यादा सुखद अनुभव शायद hi मेरी ज़िन्दगी में कोई रहा हो अब तक...





ब्रा उनकी बड़ी छूछीयो को संभल नहीं प् रही थी और माँ की छुछिया बहार आने का पूरा प्रयास कर रही thi...maa मुझे एक काम की देवी लग रही thi....maine अपने आपकी पूरी तरीके से उनके पीछे चिपका किआ उनकी नंगी पीठ मेरे पेट पर और छाती पर टच हो रही thi...mera लुंड उनके पेटीकोट में छेड़ करने को व्याकुल हो रहा था.... मैंने अपने हाथ अब आते पर रखने की जगह सीधे उनकी पेट पर रखे और उसको सहलाने laga...haaye उनके नरम पेट और कमर पर हाथ चलने में बहुत मज़ा आ रहा tha...main अब बिना किसी दर से अपने लुंड को उनके पेटीकोट के ऊपर उनकी गांड क दरार में चला रहा tha...or जब sahan.nahi हुआ क्यूंकि पजामा थोड़ा टाइट पद रहा था क्यूंकि लुंड भी बहुत बड़ा था तो मैंने अपने लुंड को बहुत सावधानी से जिससे माँ को पता न चले बहार निकल लिए और फिर से उनकर पेटीकोट पर रख दिए ान सिर्फ मेरे लुंड और उनकी गांड के बीच पंतय और पेटीकोट the...maine फिर लुंड को घिसना जारी rakha...or मैंने अपने हाथो को भी थोड़ा आगे बढ़ाते हुए पेट सहलाते हुए उनको छूछीयो की साइड में टच करने लगा नीचे की taraf...main हर बार हाथ को नीचे ले जाता और बापिस ऊपर लता तो थोड़ा और आगे बढ़ा देता अब करीब करीब मैं पेट के साथ ुबकि छूछीयो पर भी हाथ फेर रहा tha...jab मुझे माँ की तरफ से कोई विरोध नहीं दिखा तो मैंने अपने हाथो को उनके ब्रा से कैसे हुए छूछीयो पर पूरी तरह रख दिए और धीरे धीरे दबाने laga..or फिर मेरे हाथो का दबाब थोड़ा सा बढ़ने लगा...





मेरे हाथो को ऐसा लग रहा था जैसे वो किसी माखन की चीज़ को सहला रहे हैं बस मैं ये ब्रा की बढ़ा को अपने हाथो और माँ के छूछीयो के बीच से हटाना चाहता था मैं और माँ दोनों बहुत उत्तेजित हो गए थे फिर अचानक से हॉल में मेरे मोबाइल की घंटी बजी और माँ के हाथ मेरे दोनों हाथों पर आ गए और उन्होंने मेरे हाथो को कसकर अपनी छूछीयो पर दबा दिए ...और उनकी गांड और पीछे हो गयी जैसे मेरे लुंड को अंदर लेना चाहती हो बिलकुल चिपक गयी और झटके लेने lagi...maa की बॉडी अकड़ सी रही थी पहले तो मुझे समझ भी आया के क्या हो रहा है पर अगले hi पल मुझे रीलीज़ हुआ... के माँ झाड़ रही hai...meri वजह से और ये सोचते hi मेरा काबू भी मुझपे न रहा और मेरी कमर भी माँ से चिपक गयी मेरा लुंड पेटीकोट के ऊपर से hi उनके चूतड़ों में घुस गया और मैंने उनकी छूछीयो को दबा दिया कसकर दबाया और मैं झड़ने laga..mere लुंड से रास की पिचकारियां निकले जा रही थी .. और शायद hi कभी मेरे लुंड से इतना रास निकला ho...mere रास से पीछे से माँ का सारा पेटीकोट भीग गया tha...or उनकी गांड से चिपक गया tha....jab मेरा झड़ना ख़त्म हुआ तो मेरी साँसे नार्मल हुई तो पहली बार माँ बोली...

माँ- जा तेरा फ़ोन बज रहा है..

मुझे तो कोई होश hi नहीं था main...samajh hi नहीं प् रहा था ये फ़ोन क्या होता है फिर धीरे धीरे कुछ समझ आया तो बहार गया और फ़ोन उठाया तो पापा का था तो उन्होंने बोलै के अपनी माँ से बात कराओ

मैं फ़ोन लेकर बापिस किचन में आया माँ उसी अवस्था में थी पर खाना बना रही थी मैंने बोलै माँ पापा को बात करनी hai...or माँ को फ़ोन दे दिए...

माँ पापा से बात करने लगी मैं देख कर हैरान था के माँ ने ब्लाउज भी दोबारा नहीं पहना था और. न hi पेटीकोट को उतरा था वो अभी भी गीला होकर उनकी गांड से चिपका हुआ था... उन्होंने बात करते हुए पीछे घूमकर एक नज़र पेटीकोट पर डाली और फिर उसे देखकर एक बार मेरी तरफ देखा और बात करती rahi....mera लुंड फिर से ठोकरे मरने लगा के एक माँ अपने पति से बात कर रही थी जबकि वो सिर्फ ब्रा और पेटीकोट पहन कर किचन में कड़ी थी अपने बेटे के सामने जो अभी अभी उसके पेटीकोट के ऊपर उसकी गांड पर झाड़ा tha...bahut hi कामुक दृश्य लग रहा था ...मेरी तो समझ नहीं ा रहा था क्या bolu...maa ने फ़ोन कट करके मुझे दे dia...or बोली जा तू नहले मैं भी खाना बनाकर नाहा लेती हु और मैंने कुछ नहीं बोलै बस उन्हें देखे जा रहा. था वो उसी अवस्था में रोटियां बनाने lagi...bahut hi सेक्सी लग रही थी फिर माँ ने एक बार और मेरी तरफ देखा और बोली जा बीटा नहले तेरे पापा आते hi honge...t

में- मा वो आपको भी नाहा लेना चाहिए फिर तो...

माँ- हाँ नहालुंगी main...tu जा अब...

मैं माँ को नाराज़ नहीं करना चाहता था तो मैं निकल गया किचन से और नहाने चला गया....

इसके आगे क्या होगा ये सब जानने के लिए अगली उपदटेस पढ़ते रहे और प्लीज कमैंट्स करते रहे अपने रेविएवस देते rahein..kaisi लग रही है आपको स्टोरी... शुक्रिया..
 
लास्ट अपडेट में अपने देखा कर्मा किचन में अपनी माँ का ब्लाउज और सारी उतर देता है और फिर उसकी गांड पर पेटीकोट के ऊपर झाड़ जाता hai...ab आगे...

अपडेट 15

जब मैं नहाकर बहार निकला तो तो सीधा किचन में गया और देखा की माँ वहां नहीं thi...khana बना हुआ रखा था, मैं समझ गया माँ नहाने चली गयी hai...phir मैं वो सोचने लगा जो अभी किचन में हुआ tha...maine माँ की साड़ी और ब्लाउज उतर दिए था अपना लुंड निकल कर उनकी गांड पर लुंड घिसा था और इससे माँ झाड़ भी गयी थी इसका मतलब माँ भी बहुत उत्तेजित हो गयी thi...or मैंने सबसे अंत में उनकी गांड के ऊपर झाड़ा tha...unki पूरी गांड को अपने रास से भीगा दिए था, पूरा पेटीकोट रास से भीग कर उनकी गांड से चिपक गया था इतना रास तो शायद hi ाकभी मेरा निकला होगा माँ ने कुछ बोलै भी नहीं था उस बारे में वो गुस्सा तो नहीं होगी न देखते हैं माँ का क्या रिएक्शन होता hai.....yahi सोच रहा था के गेट खटखटाने की आवाज़ आई तो मैं गेट खोलने चला गया और गेट खोला तो अनुज और पापा आ गए the...wo दोनों अंदर aaye..or हॉल मैं बैठ गए...

पापा- माँ कहाँ है तेरी दिख नहीं रही कहीं...

में- वो गर्मी बहुत है न तो माँ खाना बनाने के बाद नहाने गयी है...

पापा- चलो ठीक hai...aa जाये तो खाना कहते हैं सब...

फिर थोड़ी देर में माँ बहार आ gayi....dekhne से तो बिलकुल नार्मल लग रही thi..par बहुत सुन्दर भी दिख रही थी गीले baal...meri नज़र उनकी गांड पर फिर से चली गयी मैं सोचने लगा अभी इसी के ऊपर झाड़ा था मैं और ये सोचकर hi मुझे एक ख़ुशी का एहसास हुआ और मेरा लुंड ठुमके मरने laga....tabhi मेरा ध्यान बापिस एक आवाज़ से आया...

माँ- अरे सब बैठे हैं बहुत बढ़िया चलो सबके लिए खाना लगा देती हूँ...

में- हाँ माँ और आप अपने लिए भी ले आना आज आप भी हमारे साथ खाओ कहाँ बाद में अकेले अकेले खाओगी...

माँ- नहीं बीटा खा लुंगी मैं...

Papa-sahi तो कह रहा hai..sab साथ में hi खा लेंगे...

माँ ने कुछ नहीं कहा जिससे मुझे लगा शायद माँ गुस्सा hain..isliye कुछ नहीं बोल rahi...khair माँ किचन से बापिस आई तो सब को खाना दिए और खुद भी साथ में बैठ कर खाने lagi...main बस ये देखना चाहता था के माँ के दिमाग में क्या चल रहा hai...to मैंने कहते हुए कहा...

में- आज खाना बड़ा टेस्टी बना है...

पापा- हाँ खाना तो मज़ेदार बना है...

अनुज- हाँ कल ममता चाची की सब्ज़ी मुझे अछि नहीं लगी थी आज मस्त बानी है...

माँ- हाँ बनना hi था आज कर्मा ने जो मदद की है मेरी..

माँ ने ये थोड़ा मुस्कुराते हुए कहा और मेरी आँखों में dekha...or इस मुस्कराहट से मेरी साडी टेंशन गायब हो gayi...matlab माँ नाराज़ नहीं thi..or उन्होंने मुस्कुराते हुए जिस तरह से ये बोलै के मैंने उनकी मदद की मतलब वो जो भी हुआ उसको लेके उन्हें कोई भी गिल्ट नहीं tha...mujhe बड़ा चैन मिला ये जानकार फिर सब ने ख़ुशी ख़ुशी खाना khaya...to पापा टीवी देखने लगे और माँ बर्तन लेकर किचन में चली gayi...to अनुज मुझसे बोलै..

अनुज- भैया कुछ करो न पल्ली या चची की मरते हैं बड़ा मन कर रहा है...

में- बहुत बड़ा हो गया है तू...( हँसते हुए) मतलब अब तो हर वक़्त छूट चाहिए तुझे...

अनुज- कहाँ भैया दोपहर के बाद से कहाँ मारी है..

में- पर अभी कैसे करेगा यहाँ वो आएंगी नहीं कोई रीज़न नहीं है और घर पर रहन चाचा होंगे, इस वक़्त बड़ा मुश्किल hai...or अगर हम दोनों जायेंगे तो और भी अजीब lagega..padhai का बहाना तो दोपहर में hi बना दिए था...

अनुज- कुछ नहीं हो सकता क्या भैया?

Me-kismat के ऊपर है ....एक काम कर उनके घर जा और पल्ली से किसी बुक मांगने के बहाने से चची और पल्ली समझ hi जाएँगी तो शायद कुछ जुगाड़ हो जाये..

अनुज-. और आपका क्या...

में- अभी दोनों का जाना ठीक नहीं रहेगा तू चलजा तेरा ज़्यादा मन है न...

अनुज- भैया आप बहुत अचे ho...main जाता हूँ...

ये कहकर अनुज निकल गया मैंने किचन में देखा तो माँ बर्तन साफ़ कर रही तभी बूत सामने पापा थे तो मैं उनके पास नहीं gaya...or पापा के पास hi बैठ gaya..thoda उनके लिए बुरा लग रहा था के मैं माँ के साथ ये सब कर रहा हूँ कहीं पापा को पता चला जो तो उन्हें बुरा लगेगा... और फिर मैं उनके साथ टीवी देखने laga...thodi देर बाद अनुज बापिस आ गया उसके चेहरे पर ख़ुशी दिख रही थी और आकर उसने मुझे आँखों में इशारा भी kia...jaise बोलना छह रहा हो क काम हो गया मैं भी उसकी तरफ देख कर मुस्कुरा dia..maine सोचा इससे बाद में पूछूंगा की क्या हुआ वहां पर फिर माँ भी ा गयी और सब टीवी देखने lage..phir जो मूवी हम देख रहे थे वो ख़त्म हुई तो मैं अपने रूम में चला गया और अपन पजामा और टीशर्ट उतर कर बस एक शार्ट निक्कर पहना और लेट gaya...main सोचने लगा के अगर माँ को बुरा नहीं लगा तो सिर्फ यहीं तक क्यों रुका jaye...main तो माँ को छोड़ना चाहता हूँ उनके छूछीयो को पीना चाहता हूँ, उनकी छूट चेतना चाहता hun...unki गांड में लुंड डालना चाहता hun...ye सब सोचते hi मेरा लुंड टाइट होने laga...or कुछ अगले hi मिनट मेरे निक्कर में तम्बू बन गया मैंने सोचा के कुछ न कुछ तो आगे करना होगा मुझे माँ को और गरम करना hoga...jisse माँ मुझसे जल्दी से चुद जाये मुझे पता था माँ मुझे दूध देने ज़रूर ayegi...to इस बार क्या किआ jaye...phir मेरे दिमाग में एक आईडिया aaya...or मैंने झट से अपना शार्ट निक्कर उतर कर फेंक दिए अब मेरे शरीर पर बस एक कच्चा था और वो मेरा लुंड छुपाने में बिक्कुल भी सक्षम नहीं tha..usme तो ऐसा लग रहा था के न जाने कब लुंड कछहा पहाड़ कर बहार आ jayega...phir मैं गया और गेट की सिर्फ फेर दिए कुण्डी नहीं लगाई जिससे वो हाथ लगते hi खुल जाये और बीएड पर आकर लेट गया और अपना कच्चा नीचे करके लुंड को आज़ाद कर दिए लुंड सीधा चाट पर निशाना लगा रहा था और ऐसे देखने पर और भी बड़ा लग रहा tha...mera प्लान ये hi था के मैं माँ को अपना लुंड दिखाना चाहता था ...और माँ को दिखने के ख्याल से hi मेरा लुंड बिलकुल लोहे जैसा टाइट हो गया tha...mujhe पता था माँ किसी भी वक़्त आती hi होंगी तो मैंने अपने दोनों हाथ अपने सर पर रख लिए और अपना चेहरा धक् लिया जिससे माँ को लगे मैं सो रहा हूँ और मैं उन्हें चुपचाप देख भी sakun...mera लुंड बिलकुल तना हुआ खड़ा tha..to सब कुछ प्लान के अकॉर्डिंग चल रहा था बस अब माँ का इंतज़ार tha...phir मुझे कदमो की आहात मेरे कमरे की और आते हुए महसूस हुयी मैं समझ गया माँ ा रही है मैं सीधा होकर लेट गया बिना किसी हरकत के.

मेरा दिल ज़ोरो से धड़क रहा tha...tabhi गेट खुला मैं हांथो क्र नीचे से थोड़ी सी आँखें खोल कर देख रहा tha..maa अंदर आई उनके हाथ में दूध का गिलास tha...or घुसने के बाद उन्होंने मेरे बीएड की तरफ देखा और उनकी आँखें एक जगह रुक gayi..main समझ गया माँ ने मेरे लुंड को देख लिए है ...माँ कुछ पल वहीं कड़ी होकर ऐसे hi लुंड को घूरे जा रही थी फिर वो पीछे मुड़ी और जाने लगी और गेट के बहार तक पहुंच गयी मैं निराश हो गया के मेरा प्लान फ़ैल हो गया माँ तो जा रही hain...phir माँ ने गेट बंद करने से पहले एक बार मुद कर बापिस देखा और कुछ सोचने लगी और फिर गेट के अंदर आ गयी मैं बापिस खुस हो गया माँ ने अंदर आ कर गेट बंद कर dia...main खुश हो गया के चलो प्लान फ़ैल नहीं hua...maa धीरे धीरे हलके कदमो से बढ़ते हुए मेरे बीएड तक aai...or गिलास को साइड में टेबल पर रख dia...or मेरी तरफ देखने लगी इस बार उनकी नज़र मेरे चेहरे की तरफ थी शायद देखने के लिए के कहीं मैं जाग तो नहीं raha...or फिर माँ धीरे से बिना कुछ ज़्यादा हरकत किये बीएड पर बैठ gayi...or मेरी और देखने लगी कभी मेरे लुंड की तरफ देखती तो कभी मेरी तरफ फिर अचानक माँ को क्या हुआ के वो कड़ी हो गयी और जाने lagi...mujhe समझ नहीं ा रहा था के माँ को हो क्या रहा hai...or माँ गेट पर जाकर फिर से रुक गयी उन्होंने गेट खोला nahi...or कुछ वहीं पर कड़ी होकर सोचने लगी इस वक़्त उनका चेहरा गेट की तरफ था.. एक बार वो फिर से पलटी और मुझे देखा फिर एक लम्बी सांस ली और एक बार फिर से वो मेरे बीएड के करीब आई और फिर आकर बैठ गयी मेरे बगल mein...meri जान में जान आई ...ाचा हुआ माँ बापिस आ gayi...phir माँ मुझे देखती रही और फिर उन्होंने अपना हाथ मेरी तरफ बढ़ाया और उनका हाथ थोड़ा आगे बढ़ा और बापिस चला gaya...maa मुझे अब भी कन्फ्यूज्ड लग रही thi...phir माँ ने एक नज़र मेरे लुंड पर डाली और फिर हाथ बढ़ाया और मेरे सीने पर रख दिए और और वहीं पर फिरने lagi...wo मेरी चेस्ट को सहला रही थी मुझे ाचा लग रहा rha...or उनकी नज़र अब मेरे लुंड पर hi थी बहुत ध्यान से उसे देख रही थी जैसे लम्बाई और मोटाई को आँखों से hi नाप रही ho...mere लुंड की नस को देख रही ho...tope की बनावट ko....jaise मेरा लुंड किसी कलाकार की तरसी हुई कोई मूर्ति ho....phir माँ का हाथ सहलाना जारी रहा और सहलाते सहलाते हुए पेट तक पहुंच gaya...or कुछ देर माँ ने पेट पर सहलाया और फिर उनका हाथ थोड़ा और नीचे बढ़ा जैसे जैसे उनका हाथ नीचे बाद रहा था मेरी धड़कने तेज़ होती जा रही thi....or उनके हाथ लुंड क जितने करीब आता जा रहा था लुंड उतना और टाइट होता जा रहा था... मेरा खुद पर से कण्ट्रोल ख़तम होने को था मैं चाहता था के माँ लुंड को जल्दी से पकड़ lein....or आखिर एक लम्बे इंतज़ार के बाद कुछ ाचा हुआ अब माँ की उंगलियां मेरे लुंड से टच होने lagi...phir धीरे से उन्होंने मेरा लुंड अपने हाथ में पकड़ लिए और जैसे मुझे थोड़ा सुकून mila....maa के हाथ का मेरी चेस्ट से लुंड तक का सफर मुझे इतना लम्बा लगा tha...phir माँ ने मेरे लुंड पर अपने हाथ की पकड़ थोड़ी टाइट ki...or बड़े आराम से ऊपर नीचे करने लगी.. मेरा तो जैसे सारा खून लुंड में दौड़ने laga...or मेरे टोपे के छेद से एक दो बूँद रास की निकल पड़ी माँ की नज़र उन पर पड़ी तो उन्होंने कुछ रिएक्शन नहीं दिए और अब अपना दूसरा हाथ आगे लाइ और मेरे लुंड के टोपे पर अपनी उंगली राखी और मेरे रास की बूँद को धीरे धीरे पूरे टोपे पर फैलाने लगी मैं तो जैसे जन्नत में था ...माँ अपने दोनों हाथो को इस्तेमाल मेरे लुंड पर कर रही thi...mera हद्द से ज़्यादा बुरा हाल था मुझे लग रहा था के मैं अभी झाड़ न जॉन माँ के हाथो mein...par मैं झड़ना नहीं चाहता tha...jhadne का मतलब होगा खेल यहीं ख़त्म इसलिए मैं खुद पर कण्ट्रोल किये हुए था बूत कितनी देर और कर सकता था ये मुझे नहीं पता tha...maine सोचा के मुझे भी कुछ करना चाहिए ऐसा चने कब aayega...or अगर झाड़ गया तो बेकार सब इसलिए मैंने जैसे मैं नींद में hi hun....aaahhha आअह्ह्ह्ह की आह भर ने लगा और बोलै

में- आअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह maaaaaaaaaaa

माँ अपना नाम सुनकर मेरी और देखने लगी और फिर थोड़ा मुस्कुराई उन्हें लगा मैं सपना देख रहा हूँ... मैंने फिर अचानक से अपना हाथ बढ़ाया और उनकी कमर में डालकर उन्हें अपनी और kheencha.....ma अचानक की गयी मेरी इस हरकत से चौंक gayi...or मेरे ऊपर गिर गयी... पर मैंने अपने नींद में होने का नाटक जारी rakha...or उन्हें खुसे चिपकने लगा अब माँ मेरी तरफ करवट कर के लेते हुई थी मुझसे चिपक कर उनका लेफ्ट हाथ अब भी मेरे लुंड पर था और राइट मेरे खींचने की वजह से हैट गया tha...but उनका लेफ्ट हैंड अब भी मेरे लुंड पर चल रहा tha...maine एक हाथ माँ के सर के पीछे ले गया और उनके चेहरे को अपने करीब ले आया और उन्हें चूमने लगा बूत मुह्हे ये भी शो करना था क मैं नींद में हूँ इसलिए मैं उन्हें हर जगह चूम रहा tha...kabhi बालों में तो कभी गर्दन पर, कभी कान के ऊपर कभी माथे पर और फिर मेरे honth...maa के होंठों पर जाकर टिक गए और फिर मुझसे भी कण्ट्रोल नहीं हुआ और मैं उनके होंठो को चूसने laga...agale hi मिनट माँ भी मेरा साथ दे रही thi...ab हम दोनों बिना किसी झिझक के एक दुसरे के होंठों को चूस रहे the...jaise होड़ लगी हो की कौन पहले होंठों के रास को चूस jayega....maa की पकड़ मेरे लुंड पर और टाइट हो गयी thi...or अब तेज़ी से ऊपर नीचे कर रही thi...mera भी एक हाथ माँ के पेट पर चल रहा tha...maine उनका पल्लू साइड कर दिए था और उनके चिकने नंगे पेट को मसल रहा था... मुझे बहुत मज़ा ा रहा था

अब माँ ने फिर अपनी जीभ मेरे मुँह में दाल दी और मैं उसे चूसने लगा ...मेरा मज़ा और बढ़ gaya...phir माँ मेरी जीभ चूसने लगी ... अब मैंने अपना दूसरा हाथ जो उनके सर के पीछे था उसे हटाया ीोर धीरे धीरे नीचे की तरफ ले gaya...or उनके बड़े चूतड़ों पर रख दिया और धीरे धीरे उन्हें सहलाने laga....or जो हाथ पेट पर था use...upar लेकर ब्लाउज के ऊपर से hi उनकी बड़ी बड़ी छूछीयो को दबाने laga...phir मैं अपने दोनों हाथो को उनके ब्लाउज पर लाया और हुक खोलने लगा माँ बस मेरे होंठों को चूसने में लगी थी और हाथ से लुंड हिला रही thi....kuch hi पालो में मैंने सरे हुक्स खोल दिए और ब्रा के ऊपर से छूछीयो को दबाने लगा माँ के होंठों का चूसना और तेज़ हो gaya....ab मैंने माँ को लिटा दिए और मैं उनके साइड में लेटने की पोजीशन में ा गया... अब वो सीधे लेती थी और मैं उनके राइट में उनका राइट हाथ मेरे लुंड पर tha...mere होंठ उनके होंठों पर थे... मेरा एक हाथ उनके सर पर था और एक उनके छूछीयो पर था और उन्हें ब्रा के ऊपर से hi मसल रहा था..





उनका हाथ अब भी मेरे लुंड पर चल रहा tha...phir मैंने उनकी ब्रा को पकड़ कर थोड़ा नीचे खींच दिए जीससे उनका एक कुछः बहार ा गया और मैं उसे दबाने laga...mere हाथ में वो नंगा चूचा मुझे बेहद मज़ा दे रहा था और फिर मैंने तुरंत दूसरा भी बहार निकल लिए अब मेरे सामने माँ के दोनों चुके नांगव the...jinke कभी मैं सपने देखा करता था वो मेरे सामने मेरे हाथो में थे मैं उन्हें दबा रहा था





उनकी कोमलता और साथ में hi उनका इतना बड़ा साइज मुझे बहुत उत्तेजित कर रहा tha...maa की छुछिया मुझे दुनिआ की सबसे खूबसूरत चीज़ लग रही थी और वो थी bhi...main बस उनमे खो सा गया था और पागलो की तर्ज उन्हें दबा रहा था फिर मैंने उनके होंठो से अपने होंठों को हटाया और अपना चेहरा नीचे कीर और फिर उनके एक चुच्चू को अपने मुँह में भर लिए... जीवन में जितना भी कुछ खाया था स्वाद लिए था सबका टास्ते इसके आगे फीका पद gaya...maa की छुछिया चूसने में मुझे जो आनंद मिल रहा था वो शब्दों में नहीं कहा जा sakta...or मेरे होंठ जैसे hi माँ के छूछीयो पर पड़े थे मास ने भी अपना दूसरा हाथ मेरे सर पर रख दिए था और मुझे अपने छूछीयो पर दबा रही थी... जैसे कहना छह रही हो के खा जा कर्मा inhe...or माइनर भी अपना मुँह बड़ा कर के जितना मेरे मुँह में ा सकता था उतना पूरा लिए और ज़ोर से चूसने लगा माँ के मुँह से एक आह्ह्ह्ह निकल gayi....main और ज़ोर से चूसने laga....phir ये hi मैंने दुसरे छूछे के साथ किआ माँ की आह्हः फिर से निकल gayi...mera मन नहीं भर रहा था माँ की छूछीयो se...phir मैंने आप ा एक हाथ उनके पेट को सहलाते हुए नीचे ले गया और साड़ी के ऊपर से hi उनकी छूट के ऊपर घूमने laga...maa ने तुरंत मेरा हाथ पकड़कर अलग कर दिए ...मैंने एक मिनट बाद फिर से वो hi किआ तो माँ ने फिर से अलग कर दिए... फिर मैं मास के छूछे को ज़ोर से चूसने लगा और इस बार अपना हाथ फिर से वहीं रखा काफी तिघ्टलय मुझे पता था एक बार अगर छूट को कब्ज़े में. ले लिए या गरम कर दिए तो आज माँ चुद कर hi जाएगी यहाँ se...isliye इस बार मैंने हाथ को काफी ताकत से रखा और मैं उनकी साड़ी के ऊपर से hi उनकी छूट को दबाने laga..maa बिलकुल चौंक सी फाई और .माँ ने कोशिश की हाथ से हटाने की बूत मैंने नहीं हटाया माँ ने थोड़ा और कोशिश की तो उन्होंने मेरा सर अपने छूछीयो से हटाया और फिर बोलै कर्मा रुक पर मैं नहीं रुका तो फिर अचानक से मेरे गाल पर एक चांटा pada....tadaaaaaakkkkkkkkkk

मेरी पकड़ उनकी छूट पर से ढीली हो gay...par मेरी टाइमिंग शायद इतनी गलत थी क जैसे hi मेरे गाल पर चांटा पड़ा मैंने वैसे hi झड़ना चालू कर दिए और मेरा रास माँ के पेट और छूछीयो पर गिरने लगा ...इतने सरे इमोशंस थे एक sath...gaal पर चांटे का दुःख और हैरानी के आखिर ये पड़ा क्यों ऊपर से झड़ने का relief...jaise hi मेरा झड़ना बंद हुआ माँ तुरंत उठ कर कड़ी हो गयी और मुझे बिना देखे आपने ब्लाउज बंद करते हुए रूम से बहार निकल gayi...ye सब इतना जल्दी हुआ के मैं कुछ कर hi नहीं saka...mera हाथ अब भी मेरे गाल पर tha...main सोच रहा था के आखिर ये हुआ kya...maa ने मुझे क्यों mara...ab तक तो मेरा कितना साथ दे रही thi...or अचानक ये chaanta....kya मैंने कुछ गलत किआ था मैं हाथ गाल पर रख कर ये hi सोच रहा था....

तो माँ ने क्यों चांटा मारा और अब आगे इस चांटे की वजह से क्या डिफरेंस आएगा माँ बेटे के बीच ये जान्ने के लिए प्लीज अगली अपडेट padhein...or अपने कमैंट्स देते रहे... शुक्रिया
 
लास्ट अपडेट में अपने देखा कैसे कर्मा अपनी माँ को अपना लुंड दिखता है और फिर वो एक दुसरे को चूसने चाटने में लग जाते हैं पर फिर माँ कर्मा को चांटा मर के चले जाती hain...ab आगे

अपडेट 16

मुझे गुस्सा भी ा रहा था के माँ ने मुझे क्यों maara...maine तो नहीं बोलै था उन्हें मेरा लुंड पकड़ने को और जब छुछिया दबाऊंगा और चूसूंगा तो छूट पकड़ ली तो क्या हो gaya...khud से लुंड पकड़ा और खुद hi चांटा मार कर चली gayi...main ये सब सोच सोच कर परेशां होता रहा काफी देर तक बूत एक ख़ुशी भी थी क मैंने माँ की छूछीयो को तो चूस लिए... था मस्त छुछियां हैं unki....mast मस्त मज़ा hi ा गया tha...or ये सब सोचते सोचते मैं सो गया.....

सुबह अपने आप hi मेरी आँख खुली तो कुछ देर लेता रहा फिर रात वाली साडी बात याद आ गयी और मेरा माँ पर गुस्सा दोबारा ा गया... मैं रूम से निकला और फ्रेश होने चला गया फिर फ्रेश होकर हॉल में ा गया तो देखा अनुज और पापा चाय पि रहे hain...to पापा बोले

पापा-. उठ गया जा तू भी माँ से नाश्ता ले ले...

मैं उनकी बात सुनकर किचन में गया तो देखा माँ कुछ बना रही थी उनकी पीठ मेरी तरफ thi...phir मुझे पता नहीं क्या हुआ के उन्हें देखते hi मेरा लुंड टाइट हो गया... पर मुझे गुस्सा भी था उनपर... मैं अपने hi इमोशंस को समझ नहीं प् रहा था.. दिमाग में गुस्सा था और लुंड कह रहा था की अभी पीछे से उनकी साड़ी उठा कर लुंड दाल दूँ उनकी बड़ी गांड में और खूब छोड़ू.... पर मैंने खुद को खयालो की दुनिया से बहार निकला और jakar...ek कप लिए और और अपने लिए चाय निकलने लगा... शायद माँ मेरी तरफ देख रही थी पर मैंने माँ की और नज़र भी नहीं ki...or अपनी चाय लेकर बिना माँ को देखे बापिस हॉल में ा गया और चाय पीने लगा...

अनुज- भैया परांठे नहीं खाओगे...

में- अरे भूल hi gaya...laa तू hi खिलाड़ी अपने में से..

तो फिर अनुज की प्लेट से hi परांठे खाने लगा और तभी माँ भी आ गयी और मेरे सामने आकर बैठ गयी खत पर पापा के पास... मैंने उनकी तरफ अब भी नहीं देखा और अपने खाने में लगा रहा..

में- पापा बाघ में कोई काम आज?

पापा- नहीं अभी तो ऐसा कुछ नहीं मैं भूपेंद्र भाईसाब के साथ जा रहा हु शहर तक एक दो घंटे के liye...tu चला जा बाघ में...

में- ठीक पापा...

.फिर माँ पापा बात करने lage.mera ध्यान कहीं और hi था ोहिर खाना ख़त्म हुआ तो मैं उठा और मैंने सोचा मुझे अपना दिमाग शांत करना पड़ेगा तभी मैं कुछ सोच पाउँगा और दिमाग शांत तभी होगा जब लुंड शांत होगा तो मैंने बोलै अनुज को की मैं बहार जा रहा हूँ और घर से निकल gaya..subah से hi एक भी बार मैंने माँ के चेहरे की तरफ नहीं देखा tha...mujhe नहीं पता था के वो कैसा फील कर रही थी मगर इस वक़्त मुझे मेरा गुस्सा जायज़ लग रहा tha...main सीधा घर से निकल कर Mamta-chachi के यहाँ pahucha...rajan चाचा ने गेट खोला... मैंने पेअर चुकार नमस्ते किया और उन्होंने मुझे अंदर आने को बोलै...

राजन च- कर्मा बीटा क्या हुआ कोई काम था...

में- हाँ chacha...wo चची ने बोलै था के उनको केले के पत्ते और जड़ चाहिए थी तो मुझे समझ नहीं आया कैसे लाना कहीं गलत न काट जाये... इसलिए सोचा उन्हें hi साथ ले चालू और कटवा दूँ...

तभी ममता चाची आ गयी और बोली

ममता च- कर्मा क्या हुआ तू यहाँ...

राजन च- अरे तुमने इससे केले के पत्ते और जड़ मंगाए थे तो बोल रहा है के समझ नहीं आया कितने काटने है तो तुम्हे hi साथ लेने आया है...

ममता चची मेरी बात को समझते huye-are हाँ वो पूजा के लिए मंगाए थे...

में- तो चलो चची ले लो चलकर...

ममता च- थोड़ी देर रुक बचुआ तेरे चाचा को नाश्ता करवा दूँ...

Me-Theek चची तो आप बाघ में आ जाना तब तक मैं बाकि काम निपटा लूंगा...

ममता च- थोड़ा सोचकर ठीक है बचुआ..

मैं जैसे hi मुड़ने को हुआ तभी पल्ली आई मैंने पल्ली को एक बार देखा और निकल गया..

मैं बाघ में पंहुचा हमारा बाघ बहुत घाना था तो बहार से जब तक कोई बिलकुल अंदर न आ जाये नहीं दीखता tha....or बाघ के चारो तरफ हमारे hi खेत the...bagh के बीचो बीच एक झोपडी दाल राखी थी जो तीन तरफ से बंद thi...usi में एक खाट पड़ी रहती थी... झोपडी कभी बारिश हो तो उसके किये थी नहीं तो हम सब पेड़ की छाँव में hi बैठते the...main वहीं जाकर बैठ gaya....mere अंदर अब बी गुस्सा था... फिर थोड़ी देर बाद आवाज़ aai..ohh कर्मा बछ्हः...

ये आवाज़ Mamta-chachi की thi...phir वो वहीं आ गयी जहाँ मैं बैठा था...

ममता च- हाँ बच्चा क्यों बुलाया तूने बाघ में आज सुबह subah...aaj इतनी जल्दी चची की याद कैसे आ गयी....

मैंने कुछ नहीं बोलै और खड़ा होकर उनको पकड़ा और अपने होंठ उनके होंठो से टिका दिए और चूसने laga...wo थोड़ा सा चौंकी और फिर मेरा साथ देने लगी... उनके होंठो चूसते हुए मेरे हाथो ने भी हरकतें शुरू की और उनकी कमर को सहलाने और मसलने लगा... वो अब अपनी जीभ मेरे मुँह में. दाल चुकी थी और मैं अब उनकी जीभ को चूस रहा था फिर मेरे हाथ उनकी कमर से नीचे होकर उनके चूतड़ों पर the....or उन्हें दबा रहे थे साड़ी के ऊपर से hi मसल रहे थे... पर माँ का गुस्सा और लुंड की प्यास सब मेरे अंदर भरा हुआ था तो और देर न करते हुए मैंने उनके होंठो से होंठ हटाए और उनकी सारी का पल्लू नीचे गिरा गिरा दिए और फिर जल्दी से घुमा कर उनकी साड़ी उतर दी...

ममता च- क्या कर रहा है यहीं नंगा करेगा क्या...

ममता चची की बात को अनसुना करते हुए मैं उनके अब ब्लाउज के हुक्स को खोलने लग गया

और अगले hi मिनट में मैंने उसे उतर भी दिए अब चची एक वाइट पेटीकोट और रेड ब्रा में मेरे सामने थी.... मैंने एक बार फिर उनके होंठो को चूसने लगा और फिर उनकी ब्रा के ऊपर से hi छूछीयो को दबाने laga...wo आअह्ह्ह करने लगी... मैं छूछीयो को मसल रहा था आज मैं अपनी माँ का गुस्सा चाची पर निकल रहा tha...phir मेरा लुंड बहुत टाइट हो गया था उसको भी कुछ चाहिए था तो मैंने चची के कंधे पकड़ कर उन्हें नीचे बिठा दिए ओर अपना पजामा नीचे कर diya...pazame के नीचे होते hi लुंड स्प्रिंग की तरह बहार निकला और चची जो के अब मेरे सामने घुटनो पर बैठी थी उनके चेहरे से टकरा gaya...chachi ने जल्दी से उसे अपने हाथो में लिए और बिना किसी देरी के अपनी जीभ लुंड के टोपे पर फिरने लगी.... मुझे सुकून mila...phir चच्ची ने मेरे लुंड को अपने मुँह में भर लिए और चूसने लगी





पहले तो चची आराम से चूस रही थी बूत आज मैं आराम के मूड में नहीं था तो मैंने अपने हाथ उनके सर के पीछे किये और उन्हें अपने लुंड पर दबाने लगा मेरा लुंड चची के मुँह में आधे से ज़्यादा घुस गया और उन्हें तकलीफ होने lagi...wo झटपटाने lagi...par मैं उनके सर पकड़ कर अपना लुंड आगे पीछे किये जा रहा था इतना बड़ा लुंड उनके गले तक पहुंच रहा था उनकी आँखों से आंसू ा रहे the...or मैं उनका मुँह छोड़ रहा था फिर मैंने उनके मुँह से लुंड बहार nikala...wo गु गु करके खांसने लगी फिर बोली.

ममता च- है बचुआ मार hi डाला आज tune...aaj तो लग रहा था मेरी साँसे hi न रुक जाएं कहीं ... आअह्हह्ह्ह्ह Ahhhhhhhhhhh

मैंने दोबारा लुंड उनके मुँह में घुसेड़ दिए और वो फिर से चूसने लगी बूत इस बार इतनी अंदर नहीं था बूत चाची खुद hi बहुत अंदर ले लेकर चूस रही thi...phir मैंने उनको खड़ा किआ और उन्हें खत पकड़ कर झुका दिए और पीछे से उनका पेटीकोट कमर तक चढ़ा दिए और पंतय साइड करके अपने होंठ उनकी छूट पर रख दिए और चूसंर लगा वो आह्हः अह्ह्ह करते हुए मेरे मुँह पर अपनी गांड घिसने लगी फिर मैंने देर न लरते हुए अपने लुंड को उनकी छूट के छेद पर रखा और झटका मारा लुंड आधा घुस गया... चाची के मुँह से आह्हः निकल गयी.... और मैं फिर एक और झटका मार के पूरा लुंड अंदर किआ और ताबड़ तोड़ तरीके से छोड़ने लगा चची ko...jaise माँ का गुसा सारा चाची की छूट पर निकलना ho....chachi भी मज़े से छुड़वा रही thi...aise है करीब 5 मीन्स छोड़ने के बाद... मैंने लुंड निकला और नीचे लेट गया चची ने झट से झुक कर एक बार मेरा लुंड चूसा और फिर मेरी तरफ पीठ करके मेरे लुंड पर बैठने लगी मेरे लुंड को हाथ से पकड़ा और अपनी छूट के द्वार पर रखा और नीचे बैठती चली gayi...lund सनसनाता हुआ अंदर घुस गया और चची उछाल उछाल कर अपनी छूट को लुंड पर पटकने lagi...maine हाथ लेजाकर उनकी ब्राको नीचे करके उनके बड़े बड़े रसीले ामो को बहार निकल किआ और दबाने लगा और इधर चची आअह्ह्ह्ह बचुआ फाड़ दे मेरी छूट ाः कहके चुद रही थी फिर मैं उनकी कमर पकड़ कर जोर जोर से उन्हें लुंड पर पटकने लगा





मुझे बेहद आनंद मिल रहा tha...mere लुंड को उनकी छूट में जन्नत का मज़ा मिल रहा tha...unki छूट अंदर से बिलकुल गरम थी जिससे मज़ा और बढ़ रहा था मैंने भी अपनी स्पीड बढ़ा दी और छोड़ने lagaa...aise चची को खुले में छोड़ने में बहुत मज़ा ा रहा था पेड़ो के नीचे ज़मीन पर... चची भी बहुत गरम हो कर छुड़वा रही hi....aise hi करीब 5 मीन्स और ताबड़ तोड़ छोड़ने के बाद मैंने चची की छूट से लुंड nikala...or उन्हें ऐसे hi अपने साइड में लिटा लिए और फिर उनका पेटीकोट जो कमर में अटका हुआ था और उनकी पंतय दोनों उतर di...ab चाची के ऊपर बस एक ब्रा थी बूत उसमे से भी दोनों छुछिया बहार thi...maine उसे नहीं उतरा वो मुझे ऐसे अछि लग रही thi......or फिर मैंने ऍबे हाथ पर थूक कर लुंड के टोपे पर लगाया और फिर उसे. चाची की गांड पर रखा और धक्का मारा जिससे थोड़ा सा लुंड अंदर चला गया....

ममता च- है aaaaaaaaaaaaajhhhhhhhhh bachhhhhuuuuuuuuuuaaaaaa....mita दे मेरी गांड की खुजली को ....आअह्हह्ह्ह्हह ..

और मैं फिर पीछे से कमर हिलाकर चची की गांड मरने लगा....





उनकी गांड बहुत टाइट thi...or गांड के अंदर ऐसा लग रहा था जैसे मेरा लुंड किसी बटर की गुफा में हो और मैं तेज़ी से उनकी गांड में लुंड पेले जा रहा tha...chachi गांड मरवाते हुए काफी उत्तेजित हो जाती हैं और फिर खूब बोल बोलकर मरवाती hain...chachi को गांड मरवाना बहुत पसंद था...

ममता च- मार फाड़ दे मेरी गांड मादरचोद... कर्मा... आअह्हह्ह्ह्ह तूने तो मेरी ज़िन्दगी hi बदल दी रे... माँ और बेटी दोनों को ठोकता है तू अपने मुसल से...

ुंल्की बातें सुनकर मैं भी गरम हो गया और तेज़ धक्के लगते हुए बोलै

में- अह्ह्ह तू रैंड है एक नंबर ki....tabhi तो देख कैसे उछाल उछाल कर छुड़वा रही hai...or तेरी बेटी तुझसे भी बड़ी रैंड है ज़रा सी उम्र में दो दो लुंड एक साथ ले लेती है.... चुड़क्कड़ माँ की चुड़क्कड़ बेटी...

चची मेरी बातों से थोड़ी शॉक थी क्यूंकि पहली बार मैं उनसे ऐसे बात कर रहा tha...par वो सुनकर गरम भी हो रही थी....

ममता च- तो क्या हुआ छूट है खुजली होती है मरवायेगी nahi...jab खुजली होगी न तेरी माँ भी तेरे लुंड के नीचे नंगी होकर लेट जाएगी....

Me-jab लेट जाएगी तो उसे भी छोड़ दूंगा जैसे तुझे छोड़ रहा हूँ....

चची मेरी माँ को छोड़ने की बात सुनकर खुद को संभल न सकीय और झड़ने lagi...unki कमर बार बार झटके खा रही थी मैंने अपने झटके उनकी गांड में जारी रखे और जब उनका झड़ना बंद हुआ तो उन्हें उठा कर घोड़ी बना दिए और पीछे से उनकी गांड में लुंड पेल dia....or पूरी जान से गांड मरने लगा





अब मैं भी बहुत गरम हो चूका था मैं बहुत तेज़ झटको से चाची की गांड मर रहा था... चची के मुँह से बस अब आह्ह्ह्हह्ह uuuuiiiiiiii....hn हं हं निकल रहा था....

Me-aaaahajah ले chinal...bahut गर्मी है न तेरी गांड में आज सब शांत कर dunga...tujhe और तेरी बेटी को अपनी रखैल बना के रखूँगा sali...jab चाहूंगा जैसे चाहूंगा छोडूंगा और छुडवाउंगा....

चची बस hnnnnnnnnnnnnnn मर गयी बोले जा रही थी ... बस मेरे धक्को की बहुत तेज़ आवाज़ ा रही thi....thap थप की... फिर मुझसे भी ज़्यादा देर तक बर्दाश्त नहीं हुआ. और मैं भी अपने शिखर ओर पहुंच gaya...mere धक्के बिक्कुल मशीन जैसे हो गए और चची वो बर्दाश्त नहीं कर पाई िर झड़ने lagi...or मैंने उनकी गांड से लुंड निकला और उन्हें पलटा दिए और वो लेट बगई और मैं उनके छूछीयो पर झड़ने लगा

..मेरे लुंड से धार के बाद धार निकल कर उनकी छूछीयो पर गिर रही थी फिर मैंने अपना लुंड उनके मुँह में दाल दिए उन्होंने भी कोहनी उठाकर अपना चेहरा उठाया और मेरा लुंड मुँह में ले लिए और बाकि बचा रास मैंने उनके मुँह में दाल दिए और वो सारा पि गयी और चाट चाट के साफ़ कर dia....mere लुंड मुँह में लेकर पूरी नंगी... मेरे रास से अपने छूछीयो को भिगाये हुए लेकर मेरे सामने थी...





फिर हम दोनों ने थोड़ी साँसे अपनी नार्मल की और चची अपने कपडे पहनते हुए बोली...

ममता च- मज़ा आ गया कर्मा आज to...tu बोले तो रोज़ यहीं आ जाया करूँ...

मैं भी अपने कपडे पहनने लगा...

में- चची चाहता तो मैं भी यहीं हूँ ...

फिर हम दोनों ऐसे hi मज़ाक करने लगे और मैंने उनके केले का पत्ता दिए की अगर कहीं चाचा पूछे तो और वो उसे लेकर मेरे होंठों को चूमकर चली गयी... मैं अब थोड़ा शांत महसूस कर रहा tha...chachi की छूट और गांड बजने के बाद मेरा लुंड अब शांत था और दिमाग भी तो थोड़ी देर में वहीं आँखें बंद करके लेट gaya...or मेरी आँख लग gayi...kareeb एक घंटे बाद मेरी आँखें खुली तो फिर मैंने नल पर जाके मुँह धोया और घर की तरफ निकल गया.....

मैं जब घर पंहुचा तो गेट के बहार तक हंसने की और बातों की आवाज़ ा रही थी मैंने सोचा शायद कोई आया है क्यूंकि ये आवाज़ माँ की तो नहीं थी...

मैंने गेट खटखटाया तो अनुज ने गेट खोला और मैंने हॉल में देखा तो मैं भी खुश हो गया......

मेरे सामने खाट पर शशि बुआ बैठी थी वहीं उनके बगल वाली खत पर विनीत था बुआ ने अपना चेहरा घूमता और मेरी तरफ देखते hi बोली .. हाय मेरा लाल कर्मा आ gaya...tujhe देखने को तो मैं तरसती हूँ...

यहाँ मैं अपनी अपनी शशि बुआ के बारे में बता दूँ.. चारो भाई बहनो में सबसे छोटी हैं और पापा से सिर्फ एक साल.. थोड़ी गदरा गयी hain...or गदराने से उनका शरीर और सेक्सी और कामुक बन गया है बड़ी बड़ी छुछियां 38 की तो होंगी hi...unki बॉडी अछि इसलिए और भी लगती है की उनकी हाइट अछि hai...to मैं उनका इंट्रो डिटेल में दे देता हूँ...





छोटी बुआ

शशि

आगे- 44

ब्रैस्ट साइज 38

अस्स 38

तो अब आप समझ hi गए होंगे के शशि बुआ कैसी दिखती है...

और मैं दौड़कर बुआ के पास गया और बुआ कड़ी हो गयी और मुझे गले से लगा लिए उनके बड़े बड़े छूछे मेरे सीने से लग गए मुझे बड़ा ाचा लगा... फिर बुआ ने मेरे माथे और गालों को चूम लिए... मैं बहु खुश हुआ बुआ से मिलके... फिर वो मुझसे अलग हुई और खत पर बैठ gayi...phir मैंने विनीत की तरफ देखा..

विनीत मुझसे 5 महीने छोटा tha..or वो भी 20 साल का hi था... हाइट मेरे से थोड़ी काम थी.. और शरीर में भी पतला hi सा था जैसे नोर्मल्ली लड़के होते hain...uska नेचर थोड़ा शांत था काम बात करता था और अपने में hi रहता था.

में- और विनीत कैसा है..

विनीत - मैं मस्त हूँ कर्मा तू सुना कुछ नई पुराणी....

में- सब सुनाऊंगा और तुझसे भी सुनूंगा

तभी माँ आई शरबत लेकर और सबको देने lagi...papa को और बुआ को दिए फिर झुक कर मेरे और विनीत के आगे ट्रे कर दी तो मैंने उनकी तरफ बिना देखे ट्रे से गिलास उठा lia...meri नज़र विनीत पर गयी तो वो माँ की तरफ देख रहा था मैंने उसकी नज़र का पीछा किआ तो देखा वो माँ के छूछीयो की घाटी में देख रहा है माँ का पल्लू थोड़ा साइड है तो उनका क्लीवेज साफ़ दिख रहा tha.wo उसी मैं आंखें सेक रहा था..... मैंने सोचा साला हरामी है आते hi मेरी माँ को ताड़ने लगा मुझे थोड़ा ...अजीब भी laga...but मेरा लुंड कुछ और hi सोचता था वो ये जानकर के विनीत माँ की छूछीयो को देख रहा था ...लुंड टाइट हो gaya...main समझ नहीं प् रहा था क मैं क्या फील कर रहा हूँ .. मुझे उसका माँ की छूछीयो को घूरना ाचा लगा... लेकिन अगर लुंड की माने तो ये hi tha...khair मैंने वो सोच छोड़ दी और बोलै...

में- बुआ जी अपने पहले क्यों नहीं बताया के आप आज hi आने वाली hain...main आपको लेने ा जाता...

बुआ- अरे वैसे तो कल आने वाले थे बीटा फिर सोचा जितनी जल्दी काम निपटे उतना ाचा और तुमसे जल्दी मिल भी लेंगे...

Me-ye तो बहुत ाचा किआ बुआ जी अपने...

मैं बुआ जी से बात कर रहा था और माँ सामने बैठी थी मैंने एक भी नज़र उनकी तरफ नहीं देखा था...

पापा- तो सामान की लिस्ट लाये हो न

बुआ- हाँ भैया विनीत के पास है...

माँ- अरे ये तो बताया नहीं जिससे लड़की का ब्याह हो रहा है वो कहाँ का है...

फिर उनकी ये साड़ी बातें शुरू हो गयी ...मैं विनीत को देख रहा था वो चोर नज़रों से कभी माँ की तरफ देखता तो कभी बुआ की taraf...phir बुआ ने बोलै मैं वाशरूम होकर आती हूँ और उठकर जाने लगी तो वो जब जा रही थी उनकी बड़ी गांड बड़ी मस्त लग रही थी मैंने विनीत को देखा तो उसकी नज़र भी उसकी माँ की गांड पर thi...or उसने अपना लुंड पंत के ऊपर से hi थोड़ा एडजस्ट किआ....

मैंने सोचा ये भी उसी नाव का मुसाफिर है जिसमे मैं सफर कर रहा हूँ पर संभल के चलना ऐ दोस्त ये नाव पार बड़ी मुश्किल से होती hai...meri तो पलट गयी है.. वैसे विनीत की गलती भी नहीं थी बुआ की गांड थी hi ऐसी.....

अब बुआ भी आ गयी है तो कर्मा आगे क्या गुल खिलता hai...or उसका और उसकी माँ के रिश्ते में क्या नए मोड़ आते हैं सब अगली उपदटेस mein....aap लोग पढ़ते रहिये कमैंट्स करते रहिये... शुक्रिया...
 
लास्ट अपडेट में अपने देखा की कर्मा बाघ में लेजाकर ममता चची को छोड़ता hai...or फिर घर आकर देखता है के शशि बुआ और विनीत आये हुए हैं अब आगे...

अपडेट 17

तो मैंने फिर विनीत से बातें की विनीत चुपके चुपके कभी माँ को तो कभी अपनी माँ को ताड़ रहा tha...mujhe देख कर मज़ा ा रहा tha...matlab और भी लोग हैं ऐसे जो अपनी माँ को पटक कर छोड़ना चाहते hain...uski गांड में लुंड पेलना चाहते hain...phir लंच का टाइम हो गया तो माँ ने सबके लिए खाना banaya...or सबने मिलकर khaya....phir आराम करने की बात हुई तो बुआ जी को माँ पापा के बगल वाला रूम और विनीत को मेरे रूम में ठहरा दिए. ...तो फिर पापा ने बोलै के वो बाघ जा रहे हैं तो बुआ बोली भैया मैं भी चलूंगी...

पापा- अरे अभी तो तू आई है आराम कर बाद में घूम लेना बाघ...

माँ- हाँ अभी रुक जाओ शशि बाद में चली जाना बाघ कौन सा भगा जा रहा है...

बुआ- चाको ठीक है तो भैया आप भी बाद में hi chalna...tum भी आराम करलो साथ में hi चल लेना...

पापा- ( हँसते हुए) इसका बचपना अभी तक नहीं gaya...nani बन गयी है फिर भी...

Bua-are बचपना क्या भैया बस ऐसे hi तुम्हे भी आराम मिल जायेगा..

माँ-. अरे तुम बाद में hi चले जाना आराम करलो...

पापा- जैसा तुम लोग kaho...he हे हे...

फिर सब लोग अपने अपने रूम में चले गए आराम karne...main और विनीत साथ में आ गए...

मैं बीएड पर बैठ गया और फिर विनीत भी कमरे में चारो तरफ देखता हुआ बैठ गया...

में- और विनीत क्या हाल हैं...

व्- मस्त hi हूँ यार तू बता...

में- और कोई माल पटाया या नहीं....

व्- (थोड़ा उनकंफर्टबले होते हुए..) नहीं यार कोई माल नहीं है...

मैंने सोचा इसको थोड़ा खोलना पड़ेगा अगर इसके मन की बात जननी है तो...

में- अबे कोई तो होगी अपने पप्पू को शांत कैसे करता है तू...

व्- क्या पप्पू?

में- देख इतना भोला बनने की एक्टिंग तो कर मत

व्- ाचा नहीं करता (हंसने लगा) नहीं यार कर्मा कोई नहीं hai...hath से काम चल रहा hai...sali कोई लड़की घास hi नहीं डालती...

में- अबे लड़की के पीछे जायेगा तो ऐसा hi होगा...

व्- तो किसके पीछे जॉन ीरर्र लड़की के पीछे नहीं तो...

में- देख हमें क्या chahiye....chudai और अगर लड़की को छोड़ेगा तो लाख चोचले क शादी करोगे या नहीं वगेरा wagera...isse लड़की को छोड़

व्- कह तो सही रहा है तू बूत फिर क्या करें...

में- अबे औरतों को पकड़ chachiya..bhabhiya, aunty...ye सब बहुत मज़े करवाती hai...khoob उछाल उछाल कर चुदवाती है और कोई दर भी नहीं hota...upar से उनका एक्सपीरियंस भी और नखरे बिलकुल नहीं...

व्- ( मेरी बातों से पूरी तरह एग्री करते हुए) हाँ यार कर्मा सही बोल रहा है तू मुझे भी सच बताऊँ तो शादीशुदा औरतें hi बहुत पसंद hain...tu बता तूने कुछ जुगाड़ कर रखा है क्या...

Me-abe हाँ मेरे गाओं की hi एक चची पता राखी है आज सुबह hi उसकी छूट और गांड मारी है...

व्- क्या सच mein....yarrr मज़े हैं तेरे to...gand भी मरवाती है तुझसे...

Me-or क्या ये hi तो फायदा है औरतो को पटाने का... तू बता तूने डाला दाना किसी को..

व्- थोड़ा हिचकिचाता हुआ bola...nahi य्र्र किसी पर नहीं...

Me-to दाल न कब dalega...lund को छूट की सैर करा...

व्- कैसे कराऊँ यार कोई पते तो...

Me-abe मुझे पता है के कैसे पटना होता है तुझे कोई पसंद हो तो बता मैं पटवा दूंगा...

व्- तू सच में पटवा देगा?

में- अबे भाई के टैलेंट पर शक मत कर तू बस नाम बोल...

व्- ( थोड़ा झूठी हंसी हँसते हुए) अरे नहीं अभी तो कोई नहीं है जैसे hi आएगी कोई तुझे बता दूंगा...

मैंने सोचा आज नहीं तो कल ये मुँह ज़रूर खोलेगा..

में- चल ठीक है

और फिर हम ऐसे hi बातें करने लगे और थोड़ी देर में वो सो gaya...maine भी कोशिश की पर मैं दिन में सो चूका था तो नींद नहीं आई तो मैंने सोचा चलो बुआ जी से बात कर लेता hun...kya पता कुछ जुगाड़ भी हो jaye..waise भी है तो बुआ मस्त maal...or मेरे चेहरे पर एक मुस्कान आ गयी...

मैं बुआ के रूम में पंहुचा तो देखा बुआ वहां नहीं thi...phir मैंने माँ पापा का रूम देखा तो खुला था मैंने बहार से hi झाँका तो माँ सो रही थी पापा नहीं the...maine सोचा लगता है दोनों लोग बाघ में चले gaye...phir मैंने सोचा घर पर भी क्या करूँगा मैं भी वहीं चलता hun...wahan पर hi बुआ से अचे से बातें कर paunga...or मैं बाघ की और निकल पड़ा मुझे बहार कोई नहीं दिखा तो मैंने सोचा अंदर बैठे honge...main अंदर बढ़ने लगा तो मुझे कुछ आवाज़ सुनाई दी मुझे लगा वो लोग झोपडी के पास hain...but थोड़ा आगे बढ़ा तो आवाज़ बिलकुल बंद हो गयी मैं आगे बढ़ता गया और झोपडी के पास पंहुचा और तभी मेरी नज़र जहाँ पड़ी उसे देखकर तो मेरे पैरों के टेल की ज़मीन खिसक gayi...aise नज़ारे की तो कल्पना भी मैंने कभी सपने में भी नहीं की थी... मुझे लगा के नहीं ये सब सपना है मैं बस ऐसा सोच रहा hun...par जो भी मैं देख रहा था वो सच था...

मैंने देखा की बुआ पूरी मादरजात नंगी होकर नीचे घास पर लेती हुई है उनके पेअर मुड़े हुए उनके सीने से लगे हुए hain...unki छूट ऊपर की और उठी हुई है और उसमे पापा का लुंड अंदर बहार हो रहा है पापा भी पूरे नंगे hain....Papa बुआ को बुरी तरह से छोड़ रहे हैं...





पापा अपनी छोटी बहन की छूट मार रहे हैं मेरा लुंड पाजामे में फटने को तैयार था... मुझे यकीं नहीं हो रहा अपनी आँखों par...mere पापा मेरी बुआ यानि अपनी बहिन को छोड़ रहे hain....unka लुंड उनकी बहिन की छूट से अंदर बहार हो रहा hai...or साथ में कुछ बोले भी जा रहे हैं...

बुआ- आअह्ह्ह्ह भैया फाड़ दो अपनी बहिन की छूट आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह तुम्हारा लुंड बहुत सुख देता है भैया..... आअह्हह्ह्ह्ह भेनचोद....

Papa-hmmm ले मेरी चुड़क्कड़ बहिन तू फ़ो बद्ध बड़े बच्चो की माँ है, नानी भी बन गयी है फिर भी तेरी छूट की खुजली ख़तम नहीं hoti....aaahhhhh le....apni छूट के अंदर अपने भाई का लुंड....

ोमैने बुआ के नंगे बदन को ध्यान से देखना शुरू kia...unke पापीती जैसे छुछियां पापा के लुंड के हर धक्के के साथ ऊपर नीचे हो रहे थे उनका गदराया हुआ पेट गहरी नाभि .... बड़े बड़े चूतड़ों के बीच छुपा गांड का भूरा छेड़ और उसके ऊपर छूट थोड़ी फूली हुई thi...jisme इस समय उनके भाई का लुंड अंदर बहार होकर चुपकम छुपाई खेल रहा था... भाई और बहिन का मिलान देख कर मेरा लुंड बिलकुल लोहे का हो गया था तभी पापा ने अपना लुंड बुआ की छूट से निकल लिए पर बुआ उसी पोजीशन में लेती रही और फिर पापा ने जो किआ वो देखकर मुझे और हैरानी हुई पापा ने अपना लुंड बापिस लिए और इस बार बुआ की गांड में घुसेड़ दिए और लुंड आराम से बुआ के गांड के छोटे से दिखने वाले छेद में चला gaya...to पापा अपनी बहिन की गांड भी मरते hain..or पापा फिर ज़ोरो से बुआ की गांड में लुंड अंदर बहार करने lage...bua ने अपने दोनों पेअर मोड़ कर अपने सर के पीछे कर लिए थे जिससे उनकी गांड बिलकुल ऊपर की और उठी थी और उसमे पापा का लुंड अंदर बहार हो रहा था



 
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