Incest Mere sasur ji - Page 3 - SexBaba
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Incest Mere sasur ji

ये क्या है ऐसे लग रहा है की ये इंसान का नहीं गधे का लुंड है

और अपनी मुट्ठी मैं भर लिया

ससुर: अच्छा लगा

में: बहुत

ससुर: फिर

में: आप चुप चाप लेते रहो अगर मुझे और आप को बताना पड़ा की एक दूसरे को कुश कैसे रखे तो हमारा एक साथ होने का कोई फायदा नहीं जान

और झुक क्र लुंड के सुपडे को पहले चूमा फिर मुँह मैं भर हे की कोशिश करने लगी

आया नहीं






ससुर: क्या हुआ जान

में: कुछ नहीं प्यार क्र रही हु अपनी जान को और लुंड को मुँह मैं भरने की कोशिश करने लगी पर मेरे मुँह मम नहीं आया तो

पापा जी ने खुद घुसा दिया

ऐसे





 
पापा जी ने अपना पूरा लुंड मेरी गले की घेरे मैं उतर दिया बिना मेरी चिंता के की मुझे दर्द होगा या नहीं

सायद अब हम एक दूसरे की ज़रूरत को लगे थे

और मैं साँस नहीं ले प् रही थी पर मुझे ये अच्छा लगा की लुंड गले की घेरे मैं

मेरा पूरा मुँह खुला हुआ था और लुंड अंदर और बहार आ जा रहा था

मेरी आँखों मैं आंसू थे पर जो मुँह मैं पापा जी के लुंड को लेने का एहसास था वो बता नहीं सकती मैं

मेरी गले की प्यास बुझ गई थे पर छूट का नंबर आना बाकि था

पर मैं अभी अपने मुँह से मज़े लेना चाहती थी इस लिए दर्द के बाबजूद लुंड को अपने मुँह की घेरे तक ले रही थी और पापा जी साथ से रही थी

sasur:such मैं बहुउउउउउ तुम जैसी कोई नहीं है इतने अंदर तो भाभी ने भी नहीं लिया था उनका तो आधे मैं हे मुँह दर्द करने लगा था

तुम स्पेशल हो और मेरे सर को पकड़ क्र लुंड पर मरने लगे जैसे मेरा मुँह न हो क्र मेरी छूट हो

अब उनको क्या बताऊ की कितनी परेशान थी पर अपनी खुश के लिए पूरा लुंड मुँह मन था

और पापा काफी देर तक मेरे मुँह को छूट समझ कट छोड़ते रहे और करीब 10 मिनट्स बाद मेरे मुँह मैं झाड़ गए

और मैंने उनका सारा पानी पि लिया

और लास्ट मैं उनके सुपडे को चाट क्र साफ़ क्र दिया

और उनकी आँखों मैं देखते हुए

में: अच्छा लगा पापा जी

ससुर ने मेरे चेहरे को अपने चेहरे के पास किया और मेरे होठों को चुम क्र

इतना की बता नहीं सकता तेरी तै सास आधा भी नहीं ले पाई थी और तेरी सास तो सूपड़ा भी नहीं ले पाई पर तुम

में: मैं अलग हु ससुर जी और उनके होठों को चूमा और फिर उनके बगल मैं लेट गई

और उनकी आँखों मैं देखते हुए अपनी बहु की प्यास बुझा दो पापा जी

ससुर: है ज़रूर मेरी जान और उठ क्र बैठ गए तो मैंने बेशरम बन क्र अपनी दोनों टंगे फैला दी

ससुर: काश हर औरत इतना मज़ा देती

में: तो ये बहु कैसे मिलती आप को

ी ऍम ओने एंड ओनली माया

ससुर: है ये तो है और मेरे उप्पर आ गए और मेरे मुम्मे मुँह मैं भर लिया

में: क्या हुआ खड़ा नहीं है

ससुर: है पर तुम क्र डौगी और मेरे उप्पर मेरी गर्दन पर बैठ गए और अपने हाथ से लुंड को पकड़ क्र मेरे मुँह मैं दाल दिया

लो चुसो





 
और पापा जी ने लुंड मेरे मुँह मैं दिया और मैं पागलो की तरह चूसने लगी

ये भूल गई की लुंड इस लिए चूस रही थी खड़ा हो जाये पर मैं तो ऐसे चूस रही थी की पानी पीना है

ससुर: या क्र रही हो पानी निकलना है क्या

में: कैसे बोलती तो लुंड को मुँह से निकल दिया और पापा जी की आँखों मैं देखते हुए

में: दाआल दो जहां

और ससुर जी लुंड को छूट के मुँह पर सेट. किया

और मेरी आँखों मैं देखते हुए

दालु

में: हाआआआ मेरी jaaaaaaaaaaaaaaan कोई रेहम मत करना मैं रौ या चुखु आप रुकना मत

मैं इस दर्द को महसूस करना चाहती हु

आज मेरी सुहागरात होनी चाहिए पापा जी

और पापा जी ने एक झटके मार दिया तो उसका सुपडे मेरे छूट के अंदर

में: aaaaaaaaaaaaaaahhjiiiiiiiiiiiiaaaaaa माहाआर oooooooooooo

और फिर पापा जी का दूसरा धक्का

aaaaaaaaaaaaaaahhjiiiiiiiiiiiiaaaaaa

और फिर टिअरा

aaaaaaaaaaaaaaahhjiiiiiiiiiiiiaaaaaa और मेरी आँखों से आंसू आ गए

मैं दोहरी हो गई अपने सर को बीएड पर पटक रही थी अपने दोनों हाथों से बेडशीट पकड़ राखी थी पर पापा से कुछ नहीं बोल रही थी और अपनी दोनों टंगे हवा मैं उठा राखी थी

और पापा जी का लास्ट धक्का औरर पूरा का पूरा लुंड मेरी छूट मैं मेरी बच्चेदानी मैं

aaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhmaaaaaaaaarrrrrrrrrrrrrrtdaaaaaaaallllllaaaaaaaaaaaaa पापा jiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiifaaaaaaaaadddddddddd दी meriiiiiiiiiiiiiiiiii xhuuuuuuuutttttttttttttttttttttttttttaj मेरी छूट को एहसास हुआ है की

असली लुंड का मज़्ज़ाआआआआ क्या होता है माआआआआ

आप को आप की बहु की छूट की सील मुबारक हो पापा जी

ससुर: इस्स्स्सस्स्स्स बहु तुम्हारी छूट ने तो मेरे लुंड को भीच लिया है बहुत टाइट है तेरी छूट बहु रानी बिलकुल कावेरी लड़की की तरह

देख कैसे खून बह रहा है






आप ने अपनी और मेरे मैं की क्र दी पापा जी

आज मेरी छूट की सील खुली है और मैं इतने दिनों से अपने आप को शादी सुदा समझ रही थी पर असली औरत तो मैं आज बानी हु

ससुर: है बहु है और धक्के मरना सुरु क्र दिया अपनी पूरी ताक़त से पूरी दम से कोई रेहम नहीं

और मैं भी कोई रेहम की भीक नहीं मांग रही थी और न चाहती थी की पापा अपनी स्पीड काम करे

में: ऊऊऊररररर माआआआ ऐसे हे फआयआयड दूऊऊ अपनी बहु को छूट को कोई रेहम मत krnaaaaaaaaaaaaa पापा जी कोई रेहम nahiiiiiiiiiiii कोई दया नहीं और तेज और तेज पापा जी और तेज मारो फआयआयड दो अपनी बहु की छूट को

फआयआयड क्र छूट का भोसड़ा बना दो पापा जी बना दो भोसड़ा

aaaaaaaaaaaaaaahhjiiiiiiiiiiiiaaaaaa aaaaaaaaaaaaaaahhjiiiiiiiiiiiiaaaaaa माहाआर डालो पापा जी माआआआ डालो

और पापा जी मेरी इस बात पर और कास कास धक्के मरने लगे

और मैं कमर उछाल उछाल क्र उनका साथ दे रही थी

अपने बूब्स खुद मसल रही थी

और पापा जी अपनी पूरी ताक़त से मुझे छोड़ रहे थे फआयआयड रहे थे मेरी छूट को

और तभी मेरे सरीर का लावा मेरी छूट मैं इक्कठा होने लगा और मैंने अपनी दोनों टंगे पापा जी की कमर मैं लपेट ली और अपनी कमर को पापा जी के कमर के साथ उछलने लगी

और

aaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhmaaaaaaaaarrrrrrrrrrrrrrtdaaaaaaaallllllaaaa

पापा जी उउउउउउफफ्फ्फ नया एहसास है ये पापा जी आप का लुंड मेरी बच्चेदानी को फ़ायद क्र उसेक अंदर घुस रहा है पापा जी

aaaaaaaaaaaaaaahhjiiiiiiiiiiiiaaaaaa और तेज और तेज और तेज और तेज ppppppaaaaaaaaajiiiiiiiiiiiiiiii

और मेरी छूट ने पानी छोड़ दिया मैं हाफने लगी और सुठिल पद गई

जैसे जान न हो सरीर मैं

पर पापा जी कहा मैंने वाले थे

मुज्जे अपनी गोदी मैं उठाया और







छोड़ने लगे

में: ाआअह पापा जी ऐसे हे मैं जानती थी आप अपनी बहु को कोई शिकायत का मौका नहीं डोज और अरे थे बेस्ट

और उनकी आँखों मैं देखते हुए

सुच मैं आप असली मर्द हो

अज्ज मेरे जिस्म असली मर्द के हाथों मैं आया है

ऊऊफफफफफ मायआ और तेज़ maaaaaaaaaaaaaaa मेरा फिर से निकलने वाला है

और ये सुन कट पापा जी और तेज मेरी कमर को पकड़ क्र उप्पर निचे करने लगे

में: aaaaaaaaaaaaaaahhjiiiiiiiiiiiiaaaaaa माहाआर डाला ससुर जी आप ने aaaaaaaaaaaaaaahhjiiiiiiiiiiiiaaaaaa देखो कैसे फिर से निकल रहा है मेरा

माआल पापा जी

और मैं पापा जी की गॉड मैं थी इस लिए ान मेरा पानी मेरी छूट से बह क्र पापा जी की टंगे गीली क्र रहा था

ससुर: बहु रानी मूतने लगी क्या

में: मुस्कुरा ते हुए नहीं जान मेरा माल है माल

और उनके गले से लिपट गई क्यों की अब ऐसा लग रहा था की मेरे सरीर मैं जान नहीं है

पापा जी बे मुझे बीएड पर घोड़ी बना दिया

और मेरे पीछे आ क्र छूट पर लुंड रखा और एक झटके मैं पूरा का पूरा लुंड मेरी छूट मैं दाल दिया

में: माआआआररररर दिया कुत्ते

ये क्या निकल गया

ससुर: क्या बोली बहु रानी

में: पापा जी की आँखों मैं देखते हुए

क्यों बुरा लगा जब अपनी कुत्तिया को छोड़ रहे है तो कुत्ते हुए न पापा जी

ससुर: है कुत्तिया बना कट छोड़ रहा हु तो कुत्ता हुआ

और पापा ने मेरे दोनों चूतड़ों पर थप्पड़ मार दिया

में' aaaaaaaaaaaaaaahhjiiiiiiiiiiiiaaaaaa

माआर दिया कुत्ते कमीने

Sasur:koi बात नहीं कुत्तिया ऐसा हे होगा और पूरी ताक़त से छोड़ने लगे

और मैं सिसक टी रही चीखती रही पर न पापा से धीरे छोड़ने को बोलै न और न पापा जी ने स्पीड काम की और

करीब 10 मिनट्स की नॉनस्टॉप चुदाई के बाद पापा जी

ससुर: मेरी कुत्तिया तेरा कुत्ता छूटने वाला है बोल कहा निकलू पानी अपना

में: ाआअह बाबू जी अपनी कुत्तिया की छूट मैं निकल दो aaaaaaaaaaaaaaahhjiiiiiiiiiiiiaaaaaa आप हे की है

ससुर: अगर बच्चा थार गया तो

में: वैसे मैं टेबल्स ले लंग पर अगर थेर गया तो कोई बात नहीं बच्चे तो अब आप से हे करुँगी मैं

इस खंडन को बारिश आप हे डोज मेरे राजा और

पापा जी ने और स्पीड भदई मैं समझ गई की उनका आने वाला है तो मैं भी अपनी कमर को पीछे की तरफ तेज तेज करने लगी जिसे पापा जी का लुंड अपना पानी मेरी बच्चेदानी के मुँह पैट छोड़े

और पापा जी एक चीख के साथ झझड़ने लार्ज और साथ मैं मैं भी एक साथ कितना अच्छा एहसास होता है

और पापा जी मेरी पीठ पर लेट गए और हम दोनों हे अब लम्बी लम्बी सांसे ले रहे थे



 
जब सांसे दुरुस्त हुए तो पापा जी मेरे उप्पर से उठे और मेरे बगल मैं आ गए

और अब हम दोनों एक दूसरे की आँखों मैं देख रहे थे

पर कोई कुछ बोलै नहीं

थोड़ी देर बाद

में: मुझे मूतने जाना है

ससुर: क्यों उस दिन तो बाथरूम बोल रही थी

में: आप हे ने तो कहा था जैसा देश वैसे भेष

अब आप के पास हु तो जब आप मूतने जाये हो तो मैं मूतने जाउंगी

ससुर: ठीक है जाओ

में: क्यों आप नहीं ले जाओगे मुझे मूतने

ससुर: मेरी आँखों मैं देखते हुए

सोच लो

में: होठों को चूमते हुए

मैंने कहा था न की आप ने दस कदम आगे हु

आप सोच नहीं सकते मैं कितनी गन्दी हु

ससुर: मैं ये देखना चाहा हु

और मुझे अपनी गोदी मैं उठा लिया और बाथरूम मैं ले गए

और उतरने लगे

में: क्यों गोदी मैं नहीं मुता सकते मुझे

ससुर जी मेरी आँखों मैं देखने लगे

में: है मुझे अपने ससुर की गोदी मैं मूतना है

ससुर जी मुस्करा पड़े और मुझे इस तरह गोदी मैं ले लिया की मेरी पीठ उनकी छाती से किओकि हुए थी मेरी दोनों टंगे उनकी बाँहों मैं थी और बहन दोनों दूर तो इस बजह से मेरी छूट की फांके खुल गई थी

मैंने अपना सर पापा जी के कंधे पर रख दिए और धीरे से उनके कान मैं

शो सुरु कृ

पापा जी मुझे देख क्र सुरु करो






और मैं मूतने लगी

और धार सीधे बाथरूम की दिवार पर

ससुर: शै है बहु रानी

में: आप को अच्छा लग रहा है न अगर को प्रॉब्लम हो

ससुर बीच मैं

मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है जब तक तुम खुश हो जान

और मैंने पापा की गोदी मैं मुता और फिर पापा जी वही रखे टिश्यू से मेरी छूट को साफ़ करने लगे तो मैं

में: क्यों मेरे मूत का टास्ते अच्छा नहीं है क्या

ससुर जी मेरी आँखों मैं देखने लगे

में: हलके से मुस्कुरा पड़ी

तो पापा जी ने मुझे बीएड पर ला के बिठाया और खुद मेरी टैंगो के बीच निचे बैठ गए और मेरी दोनों टंगे खोल क्र अपनी जीभ निकल क्र मेरी छूट को फांके खोल के चाटने लगे

में: इस्स्स्सस्स्स्स शाबाश ऐसे हे मेरी जान तुम पक्का मेरे लिए बने हो मेरे लिए और उनके सर को अपनी छूट पर दबाने लगी

और ससुर जी ने मेरी मूत का एक एक कटरा मेरी छूट से चाट क्र साफ़ क्र दिया

और मेरी आँखों मैं देखने लगे

में: क्या देख रहे हो

ससुर': कुछ नहीं और मेरी छूट को फिर से चाटने लगे

और मैं सिसक पड़ी

में: ऊऊफफफफफ दूसरा राउंड सुरु क्र रहे हो क्या

ससुर: पूछने की ज़रूरत है

में,: न मैं गर्दन हिलाते हुए और उनके सर को अपनी छूट पर रख दिया

चुसो मेरे राजा अपनी रानी की प्यासी छूट को 60 मैं से 3 घंटे हो चुके है

ससुर ने बात नहीं उसनी और अपने मुँह मैं छूट को भर लिए और चूसने लगे
 
पापा जी की छूट चूसै से मैं सिसक रही थी और मैंने अपनी दोनों जितना हो सके टंगे खोल दी को पापा जी को कोई प्रॉब्लम न हो

और उनके बालो मैं उंगलिया फिर रही थी और कभी कास क्र छूट पर भीच लेती

इस्स्स्सस्स्स्स हआ ऐसे हे जाहां मेरी

थोड़ी देर बाद मैंने खुद अपने हाथों से अपनी छूट की फांके खोली और पापा जी की आँखों मैं देखते हुए

जीभ से छतो मेरी छूट को जाएं मेरी

आउट पापा जी बिना कुछ बोले मेरी छूट को कुत्ते की तरह चाटने लगे जैसे कोई कुत्ता दूध चाट चाट क्र पिता है

में:: aaaaaaaaaaaaaaahhjiiiiiiiiiiiiaaaaaa देखो कैसे एक कुत्ता एक कुत्तिया की छूट चाट रहा है

और मैं मुस्कुरा पड़ी

तो पापा जी ने मेरी छूट को मुँह मैं भाता और काट दिया

में: इस्स्स्सस्स्स्स बदमाश काट रहे हो

ससुर छूट को मुँह से निकल क्र

मैं कुछ भी क्र सकता हु अपनी कुत्तिया के साथ और अपनी जीभ निकली और मेरी छूट मैं घुसा दी और अंदर बहार करने लगे

में: saaaahaaaassssssssssssssss मेरे कुत्ते छोड़ अपनी छूट को अपनी जीभ से और तेज तेज छोड़ मेरे राजा मेरे होने वाले बच्चो के पिता

और उनके चेहरे को छूट पर भीच लिया

और सिसकती रही तड़पती रही और मेरी छूट ने पानी छोड़ दिया पापा के मुँह मैं और उन्होंने चाट क्र साफ़ किया

मैं हांफ रही थी और सही बीएड पर लेट गई

और पापा जी मेरे बगल मैं

ससुर': क्या हुआ

में: उनकी आँखों मैं देखते हुए

कुछ नहीं

ससुर : तो सुरु करे

में: आप की मर्ज़ी और अपनी दोनों टंगे खोल दी

ससुर जी ने देखा और मेरे उप्पेर आ गए

और लुंड को छूट पर रखा और मेरी आँखों मैं देख क्र

ससुर: दाल दू

में: मैंने उनके गले मैं बहन डाली और अपने तरफ खींचा और उनके होठों को चुम लिया

डालो पर के बार मैं

ससुर': दर्द होगा जान

में: मेरे दर्द की परवाह मत करो दाल दो मुझे ये एहसास करना है की 9 इंच के लुंड का दर्द क्या होता है ,

मज़ा क्या होगा है

मस्ती क्या होती है

प्लस दाल दो न प्लस

और पापा जी ने मेरे मुम्मे पकडे और

ले ये सम्हाल अपने ज़रूर के मुसल को और उन्होंने एक झटके मैं पूरा का पूरा मुसल मेरी बच्चेदानी मैं दाल दिया

और मैं किसी पागल कुत्तिया की तरह चीख पड़ी

क्यों की मेरी छूट सुच मैं फैट गई थी पापा जी ने पूरी ताक़त से एक बार मैं पूरा लुंड दाल दिया था

मैंने अपनी दोनों टंगे उनकी कमर से लपेट ली और उनके साथ अपनी कमर को उछलने लगी और पापा जी का साथ देने लगी

मेरी आँखों मैं आंसू थे दर्द था पर उतनी हे मस्ती थी मज़ा था

और मैंने पापा जी की पीठ पर अपने दोनों हाथों के नाख़ून चुभा दिए और मज़े लेने लगी

और ये मस्ती पुरे 1 घंटे चली जिसमे मैं 6 बार झड़ी और मेरी छूट ने पानी के साथ साथ खून भी छोड़ा और कसकर पापा जी लिपट है

मुझे एहसास नहीं था की मैं कितनी देर बेहोश रही या कहु अधचेतना मैं .

 
हम दोनों इतने थक गए की होश नहीं रहा की कब नींद आई

सुबह मेरी आंख तब खुली जब पापा जी आवाज़ दे रहे थे

आंख खोली तो पापा जी का लुंड खड़ा था

मैं उसको देख रही थी

ससुर: लेना है तो ले ले बहु रानी सुबह हो गई है मोहित और तेरी सास उठने वाले होंगे

पर मूत क्र आने दे

मैं करा दू इससे पेशाब

और पापा जी की आँखों मैं देखने लगी

ससुर: तेरी मर्ज़ी बहु

और मैंने बीएड से उठी और उनके लुंड को अपने हाथों मैं पकड़ क्र बाथरूम जाने लगी

लुंड को मैंने ऐसे पकड़ा था जैसे किसी डंडे को

बाथरूम मैं आ क्र उनके लुंड को पॉट की तरफ किया और अपने हाथ मैं लुंड पकड़ मूतने लगी जैसे कोई माँ अपने बच्चो को पेशाब कराती है

और पापा जी की आँखों मैं देख रही थी

ससुर: ऐसा लग रहा है की मैं फिर से छोटा हो गया हु और मेरी माँ मुझे पेशाब करा रही है

में: उनकी आँखों मैं देखते हुए

आप को याद है की आप की माँ ऐसे हे पेशाब कराती थी

ससुर: याद है मेरी माँ ने मुझे __ साल तक पेशाब कराया था

में: तो आप का लुंड उस टाइम छोटा होगा

नहीं तो आप की माँ भी इसकी दीवानी हो जाती

ससुर: मेरी आँखों मैं देखते हुए

बहुत गन्दी है तू और मेरे हाथ पर अपना हाथ रख क्र लुंड को हिलने लगे

मैं लुंड को देख रही थी उसमे से अब कुछ बुँदे टपक रही थी

में: बोलो न

ससुर': अपने लुंड को लास्ट झटका देते हुए

है सायद

मुझे याद है जब कभी मेरा लुंड खड़ा हो जाता तो बड़े प्यार से उससे स्नेहलती जैसे lol बच्चा हो

और मेरा जो लुंड आज इतना बड़ा है उनकी मेहरवानी है

में: क्यों उन्होंने भी मुँह मैं ले क्र चूसा था

ससुर: कुत्तिया चूसा नहीं था मालिश करती थी रोज इसकी जब तक वो मुझे अपने हाथों से मिलहाटी थी

में: तभी इतना विशाल मुसल हो गया है

आप ने अपनी बीवी को नहीं बोलै की मोहित के लुंड की भी ऐसे मालिश क्र देती

यह पापा जी ने मुझे वाशबेसिन पर झुकाया और अपना लुंड पीछे से मेरी छूट पर रख दिया

ससुर: बोलती थी ये गन्दी बात है बेटे के लुंड की मालिश करना .

और एक झटके मैं पूरा लुंड मेरी छूट मैं घुसा दिया

और मैंने चीख पड़ी

क्या करती पूरी रात चुद क्र मेरी छूट सूज गई थी पर पापा को मन नहीं क्र सकती थी

ससुर: धीरे चीख कुत्तिया कोई उठ जायेगा

में: aaaaaaaaaaaaaaahhjiiiiiiiiiiiiaaaaaa मेरे राजा क्या कृ तुम्हारा मुसल है हे इतना बड़ा की न चाहते हुए भी चीख निकल जाती है

ऊऊफफफफफ सुच मैं अब मेरी छूट मोहित के लुंड को लेने के हिसाब की नहीं रही अब इससे प् के जैसे मुसल हे shan't क्र सटका है

अब थोड़ी स्पीड भादो पापा जी

ससुर: तो ले न मन किसने किया है

में: aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhh माआआआ ऐसे हे

बताओ न अपनी बीवी को नहीं बोलै की मोहित के लुंड की मालिश करो नहीं तो बहु ोयसी रह जयएगी

ससुर: नहहीइइइइइइइ बोलै मुझे नहीं पता थे न की मोहित को तेरी जैसे प्यासी छूट मिलेगी

में: है प्यासी है पर अब ये छूट नहीं भोसड़ा बन गई है

ससुर: है पता है पर अपने ससुर का भोसड़ा

और दबा क्र छोड़ने लगे

में: ाआअह कबि अपनी माँ को पटाया है

ससुर ने मेरे चूतड़ों पर थप्पड़ मार दिया

में: aaaaaaaaaaaaaaahhjiiiiiiiiiiiiaaaaaa

क्या गलत बोलै मैंने

लुंड तो लुंड बाई

Sasur:wo तेरी तरह लुंड की प्यासी नहीं थी

समझी

और ताक़त से छोड़ने लगे

में: उउउउउउफफ्फ्फ

तुझे कैसे पता हरामी ससुर

ससुर: मेरे बालो को पकड़ क्र खींच लिया

मुज्जे लग रहा है तेरी माँ की छूट प्यासी है तेरी तरह

में: aaaaaaaaaaaaaaahhjiiiiiiiiiiiiaaaaaa कुत्ते बाल छोड़ लग रही है

आउट अगर मेरी माँ की छूट प्यासी होगी तो मेरा बाप है तू चिंता मत क्र और अपनी गर्दन घुमा क्र पापा जी के गाल को चुम लिया

और मेरी छूट मैं झनझनाहट होने लगी

ससुर': वो तो बुद्धा हो गया है अपनी माँ को बोल की मेरे ससुर का मुसल लेले

मज़े आ जायेंगे

में: aaaaaaaaaaaaaaahhjiiiiiiiiiiiiaaaaaa और तेज पापा जी

बुला दूंगी पहले उसकी बेटी की छूट की प्यास बुझा दो मेरे राजा फिर माँ की सोचना

ससुर: मेरी एक तंग को पॉट पर रखते हुए

तेरी तो बुझा हे रहा हु मेरी कुत्तिया रानी

और मेरे चूतड़ों पर थप्पड़ मरने लगे

में: aaaaaaaaaaaaaaahhjiiiiiiiiiiiiaaaaaa माहाआर डाला कुत्ते कमीने मादरचोद कही के

तेरी माँ का नाम लिया तो कैसे स्पीड भाड़ा तू अपनी माँ को छोड़ने का मैं क्र रहा है तो अपनी बहु को हे अपनी माँ समझ क्र छोड़ ले मादरचोद हरामी सेल

aaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhmaaaaaaaaarrrrrrrrrrrrrrtdaaaaaaaallllllaaaa माआआआररररर दिया भें के लोडे

ससुर: अब तो मैं तेरी माँ की छूट मैं हे झाड़ूंगा मेरी समधाम मेरी रानी

झूल अपने समधी के लुंड पर

और मुझे पलट क्र अपनी गोदी मैं उठा लिया और उछलने लगे

में: है है तो छोड़ न अपनी समधाम की लोनदया को

माँ को बाद मैं छोड़ लिया भड़वे

aaaaaaaaaaaaaaahhjiiiiiiiiiiiiaaaaaa माहाआर डाला कुत्ते कमीने ससुर

maaaaaiiiiiiiiiii haiiiiiiiiiiiiiiiiii माआआआआ तेरे समधी ने तेरी लोनदया छोड़ दी मायआ

और मेरी छूट ने पानी छोड़ दिया

और सायद ससुर ने मेरी माँ को सोच मैं छोड़ क्र अपना पानी भी छोड़ दिया

हूँ दोनों बाथरूम के फर्श पर लेट गए

और एक दूसरे की आँखों मैं देखते हुए

एक साथ

ज़बरदस्त चुदाई

और मुस्कुरा पड़े

 
थोड़ी देर वही लेते रहे फिर

ससुर': अब यही नंगी लेती रहोगी या उठना भी है मोहित और मनोरमा उठने वाले होंगे

में: उनके होठों को चुम ते हुए मैं तो नहीं है पर उठना पड़ेगा पापा जी

पर ज्यादा देर दूर नहीं रह सकती अब क्यों की 60 घंटे मैं से 9 घंटे ख़तम हो. गए है

ससुर: मेरे बूब्स पर किश करते हुए

मैं भी दूर नहीं रह सकता जान

में: ाआअह क्या करते हो कण्ट्रोल नहीं होगा अब मुझ से छोडो इन्हे

ससुर: छोड़ दू क्या

में: मैं बहुत है पर मैंने छोड़ने को बोलै है छोड़ने को नहीं और

दोनों मुस्कुरा पड़े और उठ गए

और मैं लड़खड़ा गई

ससुर: क्या हुआ

में: अपनी छूट की और इसरा करते हुए देखो क्या किया है






ससुर: तेरा भोसड़ा तो सूज गया है

में: और क्या इसी बजह से चला नहीं जा रहा

ससुर': मोहित को क्या बोलोगी

में: बोल दूंगी फिसल गई

ससुर': छूट पर हाथ फेरते हुए

किस पर अपने सरूर के लुंड पर

में: इस्स्स्सस्स्स्स मत करो न दर्द हो रहा है

है पर उनको बोलूंगी की बाथरूम मैं समझे

ससुर: पर तुम तो कह रही थी की कुछ इंतज़ाम करो अब कैसे चुड़ोगी

में: वो मुझ पर छोड़ दो जान आप है इंतज़ाम करो मेरी छूट मरने का

और मैंने उनके लुंड को अपने हाथों मैं पकड़ा और झटका देते हुए इसको और धार देना

ससुर: इतनी हे धार से सूज गई है और धार की बात क्र रही है

में: लुंड को अपनी सूजी छूट पर फेरते हुए

आप धार दो इस पर बाकि मुझ पर छोड़ दो राजा

और उनके होठों को चुम क्र बहार आ गई साथ मैं पापा जी भी क्यों की काफी टाइम हो गया था और मोहित कभी भी उठ सकते थे

मैं नंगी हे अपने रूम मैं गई और कपडे पापा जी के रूम मैं थे पर पंतय तो. फाड़ दी थी और पेटीकोट का नाडा तोड़ दिया था तो वो अभी मेरे किसी काम का नहीं थे

तो रूम मैं आ क्र ब्रा और निघ्त्य पहनी

पेंटी पहनने की हिम्मत नहीं हुए सूजी हुए छूट की बजह से

और मोहित के बगल मैं लेट गई लैब आंख लगी पता नहीं
 
मुझे एहसास हुआ की कोई मेरे बोओब्स मसल रहा है

में: मोहित सोने दो न

और हाथ पर हाथ रखा तो मोहित का हाथ नहीं लगा आंख खोली तो ससुर थे

मेरी ऑंखें फैट गई क्यों की मैं मोहित के बगल मैं सोइ थी

में: क्या क्र रहे हो आप मोहित है छोडो

और बगल मैं देखा तो मोहित नहीं थे

sasur'aur कास क्र बूब्स मसलते हुए

कोई नहीं है मेरी रानी

में: कहा गए उठने की कोशिश करते हुए

ससुर : दोनों मंदिर गए है तेरी सास ज़िद करने लगी तो मोहित ले गया है

में: इसका मतलब: 3 घंटे कोई नहीं

ससुर: है मेरी रानी 3 घंटे कोई नहीं आज

तुझे तेरे सुहागरात वाले बीएड पर छोडूंगा

और बूब्स मसल दिए

में: इस्स्स्सस्स्स्स है है छोड़ क्र आप भी सुहागदिन मन लो पर छूट को छोड़ क्र

ससुर: मतलब

में: उनके गले मैं बहन दाल क्र

आज सुहागदिन है न तो सील तोड़ो चूड़ी हुए छूट मैं क्या रखा है

ससुर: मतलब

में: मेरे बुद्दू साजन मतलब

मैं आज आप को अपनी कावेरी गांड का उद्घाटन करुँगी

आप भी क्या याद रखोगे की सुहागदिन मैं कवर सुराख़ मिला था

ससुर मेरी आँखों मैं देखते हुए

बर्दास्त क्र लोगी

में: आप छोड़ने की हिम्मत रखो मेरी छोड़ दो मेरे राजा

मैंने कहा था न की आप से आप की दोस्त 10 कदम आगे होगी

और बीएड से उठ क्र अपने पर्स को खोला और उसमे से क य जेली की बोतल निकली और पापा जी के हाथ मैं रख दी

ससुर': ये क्या है

में: आप देसी जुगाड़ लगते इस लिए पहले हे मैं ले गई अपनी गांड के सुराख़ को चिकना करने के लिए

ससुर: वाह बहु तू सुच मैं कमल की है

में: बोलै था न आप की तरह हु

और बीएड पर उलटी लेट गई

और अपनी कमर को हल्का सा उप्पर उठाया और गांड को निकल क्र

में: लो मन लो अपनी बहु की गांड के साथ सुहागदिन मेरे राजा बलमा

पापा जी झुके और मेरे चूतड़ों को चूमा और दोनों बट को पकड़ क्र खोला तो मेरी गांड का सुराख़ दिखने लगा

में: क्या देख रहे हो पापा जी बिलकुल अनछुए है

ससुर: है मंटा हु जान बस देकज रहा था की मेरे लुंड के लिए जगह है या नहीं

में: जगह नहीं है पापा जी आप को अपने लुंड से मेहनत करनी पड़ेगी घुसने के लिए

ससुर: ये तो है और तभी एक ऊँगली मेरी गांड मैं दाल

में: चेक क्र रहे हो क्या की मुझे दर्द होगा या नहीं

दर्द होगा मैं भी इंसान हु और जिसको आप के जैसा लुंड लेना पड़ेगा दर्द तो होगा

पर मुझे लेना है आप का लुंड अपने जार सुराख़ मैं फिर कितना भी दर्द क्यों न हो

ससुर: वाह बहु काश हर औरत तेरे जैसे सोचती तो गांड मरना कितना आसान हो जाता

में: हर औरत मेरे जैसी नहीं हो सकती पापा जी कोई की आप की बहु दुनिया मैं एक हे है

और अपनी गांड को और उप्पेर किया

डालो पर थोड़ी जेली लेना

ससुर: ok बाबा

और फिर पापा जी ने अपने लुंड पर जेली लगाई और फिर मेरी गांड के सुराख़ पर

और अपने लुंड को मेरी गांड के सुराख़ पर रख क्र

ससुर: दालु

में: लम्बी साँस लेते हुए है अब डालो और किटमि चिखु आप रुकना मत मेरे राजा फाड़ क्र अपना झंडा गाड़ देना अपनी की गांड पर

ससुर बड़ी हिम्मत वाली है मेरी बहु रानी और दोनों बगल से हाथ दाल क्र दोनों बूब्स पड़के

और

ले सम्हाल अपने ससुर के लुंड को और पूरी ताक़त से झटका दिया

और मैं

में: aaaaaaaaaaaaaaaaaammmmmmmmmaaaaaaaaaaaafaaaaaaaaaaddddddddddddddiiiiiiiiiiiiiiiiiiimmmmmmmmmmeeeeeeeeerrrrrrrrriiiiiiiiiiiiiiiiii गाआआआंन्नन्नन्नड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़

और मेरी आँखों से आंसू आ गए पर पापा जी यही नहीं रुके

ससुर: ले सम्हाल दूसरा झटका

और इस बार आधा लुंड मेरी गांड मैं था

में: uuuuuuuuuuuuuuuufffffffffffffffffffmmmmmmmmmmmmaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

देखा तेरा समधी कैसे तेरी बेटी की गांड फआयआयड रहा है maaaaaaaaaaaaaaa मैं मर गई माआआआ बचा ले अपनी बेटी को

ससुर: है है बुला ले उससे भी उसकी भी गांड ऐसे हे फाड़ूंगा मेरी चैनल बहु रानी

दोनों माँ बेटी को एक हे बीएड पर लिटा क्र एक साथ छोडूंगा

और टिअरा झटका मारा तो पूरा लुंड मेरी गांड मैं

में: aaaaaaaaaaaaaaahhjiiiiiiiiiiiiaaaaaa पहले अपनी बहु की गांड तो मार लो फिर उसकी माँ की माआर लेना मेरे भड़वे ससुर मादरच्छोद चल लुंड तो दाल दिया अब धक्के भी तो मार

ससुर जी ने धक्को की बारिश क्र दी

ससुर: तो ले न मन किसने किया है देख कैसे खून छोड़ रही है तेरी गांड

में: इस्स्स्सस्स्स्स माआआआ ऐसे हे मारो छोड़ने दो जो छोड़ रही है आप रुकना मत बिलकुल भी फिर मेरी जान हे क्यों न निकल जाये

और तेज़ मार ो अपनी मा की गांड

ससुर: माँ मतलब

में: संधान तो है नहीं अपनी बहु को माँ समझ क्र गांड मारो बड़ा मज़ा आएगा

ससुर: पहले बहु की गांड से मेरा लुंड तो बच जाये कितनी टाइट गांड है तेरी मेरी बहु रानी

में : सील जो खोल है बाद मैं इतनी टाइट नहीं रहेगी

ससुर: है है है है है आज खोल दूंगा इससे

फिर तेरी माँ की

में: aaaaaaaaaaaaaaahhjiiiiiiiiiiiiaaaaaa माहाआर डाला कुत्ते कमीने ससुर

अपनी माँ की खोल लो

ससुर: aaaaaaaaaaaaaaahhjiiiiiiiiiiiiaaaaaa खोल देता पर वो तो नहीं है इस दुनिया मैं तेरी माँ है उसकी सील खोल दूंगा

जैसे मोहित के है का तुझे खश रखना नहीं है वाइज हे तेरा बाप भी है

में: ऊऊऊररररर ममममममम पापा है मुझे मेरी मा भी मेरी तरह ग्राम माल है पर मेरा बाप मेरी माँ को ठंडा नहीं क्र पता

ससुर: मुझे पहले हे शक था तेरी माँ की भरी बूब्स और गांड को देख क्र की ये औरत प्यासी है

में: issssssssssssssssddssddsssssssss ऐसे हे डालो मेरी गांड मैं अपना लुंड पापा जी

मेरी माँ भी प्यासी है

पहले बेटी की प्यास बुझा दो फिर माँ की बुझा देना

ये सुन क्र पापा जी की स्पीड धड़ गई तो मैंने

और मुझे तो शक है आप की दोनों बेतिया भी प्यासी है दोनों कितनी ज़बरदस्त माल है भरे हुए जिस्म की मल्लिका है

ससुर: चुप क्र कुत्तिया चैनल बेटी है मेरी

में: तो क्या हुआ मैं भी जेरी जैसी हु तेरी मादरचोद छोड़ और तेज छोड़

ससुर: हाआआआ ज़रूर भें की लौड़ी

पर तू बेटी जैसी है बेटी नहीं

में: है है बेटी जैसे हु क्यों की बहु हु

सही है बहु बहु होती है

ससुर: ऐसा नहीं है बहु पर मेरी पैदा क हुए बेटी है

में : अपनी गांड को लुंड पर पटकते हुए

है है तो क्या हुआ लुंड और छूट कोई रिश्ता नहीं मानते

ससुर: और तेज मेरी गांड मरते हुए

है पता है रानी छोड़ उनको अपनी गांड के मज़े ले

में: वो तो मैं ले रही हु

पापा जी अपनी ऊँगली से मेरी क्लीट को मसलो न मेरा छूटने वाला है

और सरूर जी ने मेरी क्लीट मसली और मैं सीसिया पड़ी

थोड़ी देर मैं सरीर अकड़ने लगा और मेरी छूट ने पानी छोड़ा और उधर पापा जी के लुंड ने मेरी गांड मैं अपना पानी छोड़ दिया

मेरी गांड भी पापा जी के लुंड के पानी से भर गई

और मेरी पीठि पर लेट गए

ससुर': सुच मैं बहु इत्जा मज़ा किसी मैं नहीं आया जितना तेरी गांड मैं

मेरी कमर एक दम अकड़ गई थी मैं पलट नहीं पाई

तो पापा जी ने मुझे पलटा और मेरी गांड को मैंने देखा तो ऐसे हो गई थी





 
मैं चल नहीं प् रही थी इस लिए ससुर जी ने खुद मुझे नास्ता बना क्र कराया बीएड पर हे मैं नहीं भी नहीं थी

और नास्ता करने के नाद मुझे ससुर जी ने आराम करने को बोलै मैंने मन किया था पर ससुर जी बोले की मोहित और सास आने वाले होंगे इस लिए रात को मिलते है

मैं भी सोना चाहती थी इस लिए कुछ नहीं बोली

और मेरी आंख खुली जब खाना बन चूका था

पापा जी ने मोहित को बता दिया की मेरी तबियत ख़राब है इस लिए टेबलेट ले क्र सोइ है

इस लिए किसी ने नहीं उठाया और अब जब खाना बन गया तो उठा लिया

उसके बाद हम सुब ने खाना खाया

तभी मुझे पता चला की मेरी दोनों नंनद आ रही है हम से मिलने के लिए क्यों की दोनों एक जयपुर से और दूसरी आगरा मैं हे रहती थी इस लिए और हम दोनों भी काफी दिनों बाद आये थे

मैं ससुर जी को देख क्र इसरो मैं उनको क्यों बुलाया अब हम कैसे चुदाई करेंगे

ससुर जी भी इसरो मैं की कोई बात नहीं आने दो रात तक चली जाएँगी

फिर मैं और तुम

मैंने ok मैं सर हिला दिया

थोड़ी देर मैं मेरी दोनों नंनद आ गई

दुनिया सुच कहती है की जब औरत को मर्द का पानी मिलता है तो उसका जिस्म निखार जाता है

जैसे मेरी दोनों ननदो का

भरे हुए जिस्म की मालकिन थी दोनों .

पूर्वी की शादी तो मेरे आने के बाद हुए थी और उसका जिस्म कुछ ज्यादा हे निखार गया था

मुझे सासु माँ ने काम करने के लिए मन क्र दिया क्यों की उनको लग रहा था की मुझे फीवर है पर सुच

ये था की मुझे चलने मैं प्रॉब्लम हो रही थी

सारा काम सासु माँ ने हे क्र लिया था और हम नंनद और भाभी मेरे रूम मैं बात करती रही

और जब ससुर जी आते तो मैं इसरो मैं पूछ लेती

दोनों मैं कौन मस्त लग रही है

तो पापा जी गुस्सा हो जाते पर फिर मुस्कुरा क्र इसरो मैं की अपनी माँ की पूछ फिर बताता हु की कैसी लगती है

मैं भी ऑंखें बड़ी करके उनको गुस्सा होने का नाटक करती पर सायद हम दोनों को हे इसमें मज़ा आ रहा था

तभी तो इसरो मैं बात करने के बाद भी मैंने ससुर जी को मश्ग भेजा

में: बताओ न कौन मस्त लग रही है

मनोरमा दीदी या पूर्वी

ससुर: चुप क्र बेशरम बेटी है मेरी अपनी माँ के बारे मैं पूछ न

में: उनको तो काफी दिन से आप ने देखा नहीं है फिर कैसे बताओगे

ससुर: तो उसकी भी फोटो माँगा न मैं भी देखु कैसी लगती है आज कल तेरी माँ

में: ok अपने बालम के लिए माँगा लेती हु फिर तीनो मैं से बताना की कौन सी पसंद है

ससुर': है माँगा पर ये सुन ले तेरे जैसी मस्त कोई नहीं है

में : मक्खन लगा रहे हो

ससुर: सुच बोल रहा हु मेरी कुत्तिया रानी

में: ok रुको

और पता नहीं क्यों मुझे अपनी माँ की प्यासी छूट नज़र आ रही थी

औरत होने के नाते बोल सकती हु की मेरी माँ फिजिकली सटिस्फीएड नहीं थी पापा के साथ

मैं माँ से बात करके उनको पिछ सेंड करने को बोलै उनने पूछा तो बोल दिया है इस काफी दिन हो गए है आप को देखे हुए

और जब नुको पता चला की मैं आगरा आई हु तो वो भी आने को बोलने लगी

मेरा मायका मथुरा मैं था तो वो बोली रात तक आ जाउंगी

मैंने मन किया पर नहीं मणि

मैं नहीं चाहती थी की कोई आये क्यों की फिर मैं और ससुर मस्ती नहीं क्र पते

पर क्या करती पर पिछ भी सेंड क्र दी

और उसमे जो माँ की सेक्सी पिछ थी माने ससुर जी को सेंड क्र दी साथ मैं मनोरमा और पूर्वी की भी

में: अब बोलो कौन हॉट है

ससुर: क्या बोलू

तुन हो हॉट

में: शर्मा क्यों रहे हो मेरे ससुर बालम

ससुर: क्यों की मुझे सुच मैं तू हे ज़बरदस्त माल लगती है

में: अच्छा बाबा नोर्मल्ली पूछ रही हु

इसमें सीरियस क्यों हो रहे है

ससुर: यार सेक्स मैं बात करना अलग बात है उस टाइम ठरक होती है इस लिए ये सुब बात क्र लेते है

में: मुझे पता है जान तभी तो कुछ नहीं बोलती सेक्स के टाइम पर सायद मेरे दिल जानना चाहता है की इस टाइम इन सुब मैं कौन हॉट है

ससुर': तुम

में: और मेरे बाद

ससुर: तेरी माँ

में: पता है पर सुच बोलो न प्लस

ससुर: बोलै न तेरी माँ

में: सुच

ससुर: है

में: क्यों

ससुर: तेरी मशीन भी तो तेरी माँ है

में: कुत्ते कमीने माँ मशीन है

ससुर: है तू उसी की पैडिश है न

तो मशीन हुए न

में: अच्छा तो मैं माँ की बेटी हु तो माँ मुझ से ज्यादा हॉट है

ससुर : अपनी उम्र मैं रही बोगी तेरे से हॉट

में: अच्छा अच्छा अब माँ के बाद

ससुर: पूर्वी

में: क्यों

ससुर: पहले मनोरमा थी पर आज पूर्वी को देखा तो उससे ज्यादा इसका जिस्म भर गया है

में: है गांड ज्यादा भरी हो गई है

ससुर: मुझे नहीं पता

में: बोलो न

ससुर: है

में: लगता है उसका पति उसकी गांड मरता होगा

ससुर: चुप हो जा अब

में: बोलो न

ससुर: नहीं ज़रूरी नहीं है क्यों की जब मर्द का पानी औरत के बच्चेदानी मैं जाता है तो उसका सरीर फुल जाता है सायद इसके साथ भी ऐसा होगा

में: है हो सकता है मेरी जान

और लास्ट मैं मनोरमा

ससुर: नहीं लास्ट नहीं कहूंगा पर तीनो का बोलै

पर काम वो भी नहीं है

में: ओहो क्या बात है मतलब तीनो माल है क्यों

ससुर: हस्ते हुए तीनो नहीं चारो माल है मेरी जान

में: एक खुसखबरी दू

ससुर': क्या

में: आप का माल आ रहा है

ससुर: मतलब संधान

में: ओहो समझ गए माल का मतलब

है माँ आ रही है रात तक आ जाएगी

ससुर': अच्छी बात है पर हम दोनों

में: है मैंने भी मन किया पर नहीं मणि

ससुर: कोई बात नहीं कल की तरह सब को नींद की गोली दे देंगे

और सायद पूर्वी चली हे जाएगी

में: ok देखते है

और तभी मोहित रूम मैं आये तो मैंने चैटिंग बंद क्र दी

और मैं माँ के आने का इंतज़ार करने लगी

क्यों की आप लोगो को भी पता है की लड़की अपनी माँ से कितना प्यार करती है

नंनद सासु माँ के पास चली गई और मैं नहाने चली गई
 
अब बात मेरी माँ की

उनका नाम सोभा है उम्र अब उनकी 36 साल और वो ऐसी लगती थी

उनका फिगर साइज 36 27 37

और ब्रा साइज 36बी






करीब 7 बजे वो आ गई पापा भी साथ आये थे

और जब पापा ने माँ को देखा तो उनका मुँह खुला रह गया

मैंने तुरंत मश्ग किया

में: क्या हुआ मुँह क्यों खुल गया

और सायद अब पापा जी को भी मज़ा आ रहा था तभी तो

ससुर: तेरी माँ तो पूरी माल लग रही है

में: अच्छा तो इसका मतलब तुम ने मेरी शादी मोहित से इस लिए नहीं कराइ की मैं पसंद थी बल्कि मेरी माँ के लिए की

की वो और कुछ लिखा

ससुर: व् नहीं ऐसा नहीं था पर दिन से तेरे से बात करने के बाद इस नज़र से देख रहा हु

में: ok तो इस वक़्त असली माल कौन है माँ या बेटी

ससुर': मेरे लिए दोनों

अगर दोनों साथ मिल जाये तो मज़ा आ जाये

में: अच्छा जी

ससुर : है

में: और मुझे अपने साश्रु पर पूरा ट्रस्ट है की वो हम दोनों माँ बेटी की प्यासी छूट की प्यास एक साथ बुझा देंगे

ससुर: इतना कॉन्फिडेंस

में: आप पर नहीं आप के मुसल पर

ससुर: है भाई इस बुड्ढे मैं क्या है असली बजह तो मेरा मुसल है

में: है ये तो है और मुस्कुरा ने लगी

बात करना अलग बात थी पर रियलिटी मैं कुछ करना अलग बात

मैं भी पापा से इतनी जल्दी नहीं पति थिस टाइम लगा था

और मैं प्यासी थी इस लिए

रात का खाना हम सुब से मिल क्र बनाया और साथ मैं खाया

माँ ने भी पूछा की मैं लंगड़ा क्यों रही हु

तो पापा को देकते हुए बता दिया की फिसल गई थी

तो पापा जी मुस्कुरा पड़े

फिर रात को

पूर्वी जाने की बोल रही थी पर सासु माँ ने रोक लिया

माँ पापा भी जाना चाहहते थे पर मोहित ने रोक लिया

तो मतलब ये हुआ की सुब रुक गए और मैं और ससुर जी सोचने पर मज़बूर हो गए की अब क्या होगा

वो बाद की बात थी हम सुब रात के 12 बजे तक बात करते रहे थे

मैं और पापा मश्ग पर बात करते रहे और मैं बीच बीच मैं ननद और माँ की पूछती रही

तो फाइनली पापा तीनो को छोड़ने को राज़ी थे पर कैसे ये सवाल था क्यों की सायद कल वो सुब जाने वाले थे और मैं ट्यूसडे की मॉर्निंग मैं

करीब 12 के बाद सासु माँ सोने की बोलने लगी तो

मैं मोहित अपने रूम मैं मम्मी और सासु माँ एक रूम मैं दोनों भेने एक. रूम मैं और पापा जी और मेरे पापा अलग रूम मैं.

अब क्या कृ पापा जी ने दिन मैं कहा था की नींद की गोली दे देना पर इतने लोगो को कैसे रिस्क था

तो मैंने पापा जी को मश्ग किया

में: आप तीनो को छोड़ने को राज़ी हो पर यहाँ तो आप अपनी बहु को हे नहीं छोड़ प् रहे हो मुझे नहीं पता मुझे अपने नए भोसड़े मैं अपने ससुर का लुंड चाहिए बस

क्या करते हो मुझे नहीं पता

और मोबाइल आइडें मैं रख दिया और पापा के मश्ग का वेट करने लगी
 
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