Incest Modern family - SexBaba
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Incest Modern family

hotaks

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Dec 5, 2013
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Hello एवरीवन, म अपनी एक और स्टोरी शुरू रहा हु, जोकि एक फॅमिली पर फोकस्ड होगी. इस स्टोरी मई सेक्स, थ्रिलर, धोखा सब कुछ होगा. ये स्टोरी म सिर्फ इसलिए शुरू कर रहा हु बकज़ मेने कल जो नयी स्टोरी स्टार्ट की है, उस स्टोरी मई ज्यादा सेक्स सन नहीं होंगे. तो जो सेक्स लवर्स है, उनके लिए म ये स्टोरी लिख रहा हु. म वादा करता हु की मेरी हर एक स्टोरी कम्पलीट होगी. लेकिन इस स्टोरी के अपडेट वीक मई 2 या 3 hi आया करेंगे. सो प्ल्ज़ मेरी इस स्टोरी को भी सपोर्ट करना.
 
इंट्रोडक्शन

मेरा नाम अविनाश मित्तल है. म लखनऊ सिटी से बिलोंग करता हु. मेरी फॅमिली बहुत रिच है, हमारी फॅमिली का नाम सिटी के टॉप अमीरो मई आता है. अब मई आपको अपनी फॅमिली का इंट्रोडक्शन देता हु. मेरी फॅमिली मई कुल मिलकर 6 मेंबर है.

1. सुनील मित्तल:: इनकी आगे लगभग 46 साल है, लेकिन ये दिखने मई अब भी काफी फिट एंड हेअल्थी है. ये अपना फॅमिली बिज़नेस चलते है. ये बहुत hi ठरकी किस्म का बाँदा है, अपने ऑफिस मई इसने हर एक लड़की को छोड़ा हुआ है.

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2. रेनू मित्तल:: ये इस घर की होम मिनिस्टर है, घर के हर फैसले ये hi करती है. इनकी आगे लगभग 42 साल है, लेकिन इन्होने अपने आपको इतना फिट रखा हुआ है की कोई भी इन्हे 4 बच्चो की माँ नहीं बता सकता. अगर ये कही भी अपने बच्चो के साथ जाती है तो देखने वाला यही सोचता है की ये इनकी बहिन होगी. इनका रंग दूध की तरह सफ़ेद है. और इन्हे जो चीज़ सबसे खतरनाक बनती है- वो है इनकी 36डी के बूब्स और 38 की गांड. इनका फिगर इतना कातिलाना है की जो कोई इन्हे एक बार देखले वो बस एक बार इनकी गांड मारने की दुआ करेगा. इनकी फॅमिली फिटनेस पर इतना ध्यान देती है की इन्होने घर मई hi गयम सेक्शन बनवा रखा है.

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3. अंकित मित्तल:: ये है इस घर का बड़ा बीटा. इसकी आगे 23 साल है. ये भी काफी हैंडसम है, लेकिन अवि जितना हैंडसम नहीं. इसे गयम वगैरह का कोई शोक नहीं है इसलिए बॉडी भी इतनी ख़ास नहीं है. ये अपनी फैक्ट्री संभालता है. ये भी अपने बाप की तरह hi ठरकी है.

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4. सोनल मित्तल: ये इस घर की बड़ी बेटी है, यानी की अंकित की जुड़वाँ बहिन. बस ये आधा घंटा लेट पैदा हुई थी. देखने मई एकदम बम लगती है. ये बिलकुल अपनी माँ की कॉपी है. भरी हुई भारी चूचिया, उभरी हुयी गांड, सफ़ेद रंग. हमेशा मॉडर्न कपडे पहनती है. ये पेशे से एक फैशन दिअग्नेर है और अपनी खुद की एक कंपनी चलती है. ये अपने छोटे भाई यानी की मुझसे बहुत प्यार करती है.

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5. अविनाश:: यानी की म, या यु कहे की इस कहानी का हीरो. मेरी आगे 22 साल है, मेने इसी साल ब मई एडमिशन लिया है. पापा मुझे अभी से hi बिज़नेस मई लगाना चाहते थे, बूत मुझे अभी अपनी लाइफ एन्जॉय करनी थी. देखने मई एक डैम गोरा, स्मार्ट, हैंडसम और मस्कुलर बॉडी. म गयम लवर हु. पता नहीं मेने अब तक कितनी लड़की छोड़ी है, लेकिन मुझमे एक ख़ास बात है. और वो ये की मेरा 8.5 इंच का लुंड हमेशा चुदाई के लिए तैयार hi रहता है. म कितनी भी चुदाई करलु, लेकिन ये कभी थकता hi नहीं है.

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6. रिया मित्तल: ये इस घर की सबसे छोटी सदस्य है. इसकी आगे 21 साल है. ये भी बिलकुल अपनी माँ और बहिन पर गयी है. पता नहीं भगवन ने साड़ी खूबसूरती इस घर की औरतो को hi दी है क्या. ये मब्ब्स कर रही है. इसका फिगर बिलकुल जीरो है. ये भी हमेशा मॉडर्न कपड़ो मई hi रहती है. ये अवि की साथ लड़ती झगड़ती hi रहती है .

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इसके अलावा सुनील का एक भाई और एक बहिन और है. जो दूसरी सिटी मई रहते है. उनका इंट्रोडक्शन आगे आगे आता रहेगा. और ये है हमारा प्यारा सा घर. वैसे तो इसमें बहुत से कमी है. लेकिन गेनेराल्ल्य 4 रूम hi उसे होते है. मम्मी पापा और अंकित भैय्या का रूम नीचे है. जबकि मेरा और मेरी दोनों बहनो के रूम ऊपर है. हमारी फॅमिली मई हमेशा से एक hi पार्था चली आ रही है की रसोई घर की बहु या बेटी hi संभालती है. इसलिए हमारे घर मई कोई नौकर नहीं है. जो 2 नौकर है वो बहार hi रहते है. वो घर से बहार की साफ़ सफाई और सब्ज़ी वगैरह लव का काम करते है.

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यार मेरा इस साइट ने दिमाग ख़राब कर दिया है, पता नहीं.. न तो एडिट होती, गलती से टच हो जाये पोस्ट, कलर जल्दी सेलेक्ट नहीं होते
 
अपडेट 1

एक रूम मई इस वक़्त एक लड़का बिलकुल नंगा खड़ा हुआ था. एक लड़की उसका लुंड चूस रही थी, जबकि दूसरी लड़की उसके गोते. और एक औरत थी जो उस लड़के को बहुत hi वाइल्ड स्मूच कर रही थी.

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ये और कोई नहीं अवि और उसकी दोनों बहने और मम्मी थी. वो उन्हें हटाता है और सोनल से कहता है.

अवि: दी आप घोड़ी बन जाओ, आज मई आपकी गांड मारूंगा.

सोनल घोड़ी बन जाती है तभी रिया अपनी छूट सोनल के मुँह के सामने फैला कर लेत जाती है. सोनल अपनी जीभ से रिया की छूट छोड़ने लगती है. अवि अपनी माँ को किश करने लगता है और अपना लुंड सोनल की गांड पर टिकता है.

Ttttttttrrrrriiinnnnggggggggggg

और तभी अलार्म की आवाज़ से अवि की नींद टूट जाती है, वो गुस्से से उसे उठाकर बंद करता है.

अवि: साला बस इतना अच्छा सपना आ रहा था, बस दी की गांड मई अपना लुंड डालने hi वाला था की इसकी माँ चुद गयी.

अवि अलार्म पर गुस्सा उतरता हुआ बोलै.

अवि: यर म क्या करू, ये मेरे घर की छूट और गांड मुझे बहुत परेशां कर रही है. साला सामने होते हुए भी इन्हे छोड़ नहीं सकता. मेरा लुंड हर वक़्त तना रहता है अपनी माँ और बहनो को देखकर. साला दी और माँ की गांड और बूब्स तो इतने बड़े है की मन करता है की दोनों का रपे करदु. और मेरी छोटी बहिन.. उसका फिगर तो कातिलाना है. साला म भी आज कसम खाता हु की जब तक म अपनी माँ और बहनो को नहीं छोड़ देता, तब तक म किसी और को छुंगा तक नहीं. जब घर मई ऐसे जबरदस्त आइटम है तो कोई नामर्द hi होगा जो बहार मुँह मरेगा.

अवि खुद से बाते करता हुआ वादा करता है. फिर वो उठता है और गयम जाने के लिए अपने रूम से बहार निकलता है. वो देखता है की उसकी माँ किचन मई काम कर रही थी. उसने आज ट्रांसपेरेंट साड़ी पहनी हुई थी. जिसमे से उसका सफ़ेद जिस्म साफ़ दिख रहा था.

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उसे देखकर अवि का लुंड लोअर मई hi तन जाता है. वो किचन मई जाता है और अपनी माँ को पीछे से बांहो मई भर लेता है.

अवि: गम माँ.

रेनू: गम बीटा, उठ गया तू.

अवि: है माँ बहुत देर से उठा हुआ hai...i मैं उठ गया हु.

अवि अनजाने मई पता नहीं क्या बोल देता है. उसका लुंड अपनी माँ की गांड से चिपका हुआ था.

रेनू: गयम जा रहा है क्या.

अवि: है माँ, आप भी चलो न साथ मई करेंगे.

रेनू: मेने काफी देर पहले hi अपना वर्कआउट कर लिया है समझे, तुझे तो पता hi है मेरा दिन बिना वर्कआउट के पूरा hi नहीं होता.

अवि: तभी तो आप आज भी इतनी हूँ.. मीन्स के हेअल्थी हो.

अवि अपनी माँ की गांड से चिपकता हुआ बोलै.

रेनू: चल ठीक है तू जा, अब मुझे काम करने दे.

रेनू समझ गयी थी की अवि का लुंड उसकी गांड से लग रहा है. इसलिए वो उस से अलग होते हुए बोली.

अवि: ठीक है म जाता हु.

अवि कहता हुआ वह से निकल गया.

अवि: साली कितने नखरे कर रही है, मेने भी इसे कुटिया की तरह नहीं छोड़ा तो मेरा नाम भी अवि नहीं.

अवि बड़बड़ाते हुए घर मई बने गयम सक्शन की और चल देता है. जैसे hi वो वह पहुँचता है तो वह पहले से hi सोनल मौजूद होती है. उसने एक ट्रैक सूट पहना हुआ था, जिसमे की उसकी गांड और चूचिया बहार आने के लिए मचल रही होती है.

अवि: ये माँ बेटी मुझे किसी दिन पागल कर देगी.

अवि अपने खड़े लुंड को एडजस्ट करते हुए बोलै.

सोनल: अरे अवि तू आ गया, आज पुरे 20 मिंट लेट है तू.

सोनल स्क्वाट करते हुए बोली.

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अवि: है दी, आज आँख थोड़ा देर से खुली है.

अवि अपनी पुलडाउन एक्सरसाइज करता हुआ बोलै.

अवि: साली हमेशा ये hi एक्सरसाइज करती रहती है, और कितनी बड़ी करेगी अपनी गांड को. मन करता है अभी पीछे से जाकर लुंड घुसडू.

अवि बड़बड़ाता हुआ कहता है.

अवि: दी सोनल तो योग hi कर रही होगी.

सोनल: है तुझे तो पता hi है की उसे योग hi पसंद है, वो gym-vym नहीं करती.

फिर वो दोनों चुपचाप अपना वर्कआउट करने लगते है. अवि तो बीएस उसकी गांड और चूचिया hi देख रहा था. वर्कआउट करने के फ़ौरन बाद वो बाथरूम की और भागता है. वो तुरंत लोअर निकल फेंकता है और मुठ मरना शुरू कर देता है.

अवि: अह्ह्ह दी, तुझे तो म अपनी रखैल बनाऊंगा. और माँ तुझे तो म रंडी की तरह छोडूंगा. अह्ह्ह्हह मेरी प्यारी छोटी बहिन तेरी तो छूट मई म अपना लुंड डालूंगा.. अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह.

और अवि बड़बड़ाता हुए बहुत देर बाद झड़ने लगता है. उसका ये रोज़ का काम था, अपनी बहिन को वर्कआउट करता देख, उसका लुंड आउट ऑफ़ कण्ट्रोल हो जाता था.

नास्ते के वक़्त पूरा परिवार डाइनिंग टेबल पर बैठा हुआ था.

सुनील: है भाई, केसा चल रहा है तेरा कॉलेज.

सुनील अवि से पूछता है.

अवि: अच्छा चल रहा है डैड.

सुनील: मुझे पता है बर्खुदार की तूने ऑफिस जाने से बचने के लिए एडमिशन लिया है, लेकिन अगर तेरे काम nno.aaye तो ध्यान रखना की तू मेरे साथ ऑफिस जाय करेगा.

उसकी बात सुनकर रिया की हसी छूट जाती है.

रिया: डैड आप इसे अपने साथ ले जाने की तैयारी करलो, इसके तो हमेशा hi काम no. आते है.

रिया उसकी टांग खींचती हुई बोली. वो अवि को नाम से बुलाया करती थी जबकि अंकित को भैय्या कहकर.

अवि: तू अपना देख समझी.

अंकित: अरे यर अब तुम दोनों लड़ना शुरू मत करो.

कुछ देर बाद पहले सुनील ऑफिस के लिए निकल जाता है, फिर अंकित और फिर सोनल और रिया भी.

रेनू: तुझे कॉलेज नहीं जाना है क्या.

अवि के कॉलेज का टाइम हो जाने के बाद भी उसे लेद देखते पाकर वो कहती है.

अवि: नहीं मम्मी मेरा मूड नहीं है.

रेनू: ये क्या बात हुयी, तू पूरा दिन घर मई रहकर क्या करेगा.

रेनू उसके सामने खड़े होते हुए बोली. अवि की नजर उसकी बड़ी बड़ी चूचियों पर पड़ती है.

रेनू: मेने कुछ पूछा है तुझसे.

अवि: अरे माँ मुझे नहीं जाना है आज.

रेनू: ठीक है म अभी तेरे पापा को कॉल करती हु.

रेनू अपना फ़ोन उठाते हुए बोली.

अवि: ठीक है जा रहा हु म, कॉल करने को कोई जरुरत नहीं है.

अवि गुस्से से उठता हुआ अपने रूम की और बढ़ने लगता है.

अवि: आज माँ को हुआ क्या है, मेरे सलग जाने या न जाने से तो इन्हे कभी प्रॉब्लम नहीं होती. है कभी कभी ये ऐसा बेहवे करती है, जबरदस्ती भेजती है.

अवि खुद hi बड़बड़ाता हुआ यूनिफार्म पहनने लगता है. वो रेडी होकर नीचे आता.

अवि: माँ म जा रहा हु.

वो अपनी माँ को किचन मई देखकर कहता है.

रेनू: ठीक है जा.

अवि जाने लगता है तो तभी उसे मोबाइल बजने की आवाज़ आती है.

अवि: ये किसका मोबाइल बज रहा है.

वो लिविंग रूम की और जाते हुए कहता है.

अवि: ये तो माँ का मोबाइल है.

उसे याद आता है की वो जब लिविंग रूम मई बैठा था और उसकी माँ उसके डैड को कॉल करने वाली थी.

अवि: पता नहीं किसका कॉल है, माँ को देकर आता हु.

वो जैसे hi मोबाइल को उठता है, तो उसकी नजर डिस्प्ले हो रही नाम पर पड़ती है.

अवि: अशोकक..

वो डिस्प्ले पर नाम लिखा हुआ पढता है. वो किचन मई जाता है और अपनी माँ को मोबाइल देता है.

अवि: माँ आपका मोबाइल कब से बज रहा है, ये लो.

रेनू उस से मोबाइल लेती है और सकपका सी जाती है.

रेनू: ये मुझे क्यों कॉल करेंगे.

रेनू उसकी और देखकर हड़बड़ाई सी कहती है.

अवि: मुझे क्या मालूम.

रेनू: ठीक है तू कॉलेज जा, म देखती हु.

रेनू उसे कहते हुए मोबाइल लेकर अपने रूम मई चली जाती है.

अवि: माँ भी न, कभी कभी तो ये बहुत hi वीयर्ड बेहवे करने लगती है.

अवि जाते हुए बोलता है, उसने अपनी कार निकली और जाने लगता है.

अवि: लेकिन वो मम्मी को क्यों कॉल कर रहे थे, वो तो आपस मई ज्यादा बात भी नहीं करते है. और फिर मम्मी ऐसे क्यों हड़बड़ाई. जरूर दाल मई कुछ काला है.

अवि ने ये कहते हुए अपनी कार कॉलेज के सामने से hi मोडली और घर की और दौड़ा ली. जैसे hi वो घर के बहार आता है, वो अंदर एक कार को कड़ी हुई पाटा है.

अवि: ये तो उनकी hi कार है, यहाँ चल क्या रहा है.

अवि अपनी कार घर के बहार hi पार्क करते हुए बोलै.
 
अपडेट 2

अवि कार पार्क करके अंदर आता है, वो देखता है की घर का दूर अंदर से लॉक होता है.

अवि: दूर भी लॉक है, तो मेरा अंदाज़ा शायद सही है, लेकिन माँ कैसे उनके साथ.. वो to....mujhe जासूसी करनी hi पड़ेगी.

अवि बोलता हुआ अपने घर के पीछे जो सर्वेंट रूम था वह जाता है. वो रूम उनके घर के पीछे से ातच था, लेकिन उस रूम की छत से उसके घर का टेर्रिस 10-12 फ़ीट ऊँची थी. तब उसे वह एक सीधी दिखाई देती है.

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वो पहले तो उस सीढ़ी को लगाकर सर्वेंट रूम्पार चढ़ता है, फिर उस सीडी को सर्वेंट रूम से अपनी छत तक लगा देता है. वो ऊपर छत पर पहुँच जाता है. फिर वो वह से फर्स्ट फ्लोर पर आता है, फिर ग्राउंड फ्लोर पर धीरे धीरे आता है. वो देखता है की गैलरी मई कोई नहीं होता. तब वो अपनी माँ के रूम के पास जाता है तो वह से अशोक और उसकी माँ के हसने की आवाज़ आती है. वो रूम विंडो के पास आता है तो पाटा है की कर्टेन थोड़ा सा खुला हुआ है, और वह से अंदर का पूरा नजारा साफ़ दुःख रहा था.

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जैसे hi अवि की अंदर नजर पड़ती है, उसका लुंड रोड की तरह खड़ा हो जाता है. अंदर उसकी माँ बिलकुल नंगी थी, और अशोक का 6 इंच लुंड अपने गले तक उतार रखा है. वो किसी एक्सपर्ट की तरह उसका लुंड अपने गले तक उतरती और फिर उसे बहार निकल देती.

अवि: क्या करू.. अभी दोनों को जाकर रेंज हाथ पकड़ लू क्या... nahi..nahi..idea.

अवि ने अपनी जेब से मोबाइल निकला और वीडियो बनाने लगा.

अशोक: आठ भाभी आप कमाल का लुंड चुस्ती हो, मन करता है आपसे रोज़ इस तरह hi लुंड चुस्वाए जाऊ. आअह्ह्ह्हह मुझे तो ये समझ नहीं आता की आप जैसी इतनी हॉट न खूबसूरत बीवी होते हुए भी सुनील आपको टाइम नहीं दे पता.

उसकी बात सुनकर रेनू अपने मुँह से उसका लुंड निकलती है और हाथ से मुतजियाते हुए बोली.

अशोक: नन्दोई जी, अगर वो मुझे टाइम देते तो फिर आप यहाँ हमारे सामने नंगे hi थोड़ा बैठे होते.

ये सुनकर अशोक उसकी मोती मोती छुकियो को मसलता है.

रेनू: आह्ह्ह्ह नन्दोई जी.

अशोक: म तो शुक्रगुज़ार हु सुनील का की उसकी वजह से hi सही, मुझे आपको छोड़ने का मौका तो मिला.

इधर अवि की हालत अपनी माँ को इस हाल मई देखकर ख़राब हो रही थी. उसने अपना लोहे जैसा लुंड अपनी ज़िप से बहार निकला और उसे सहलाने लगा.

अवि: बीटा बस कुछ और वक़्त, फिर तुझे तेरी खुराख मिल जाएगी.

अवि अपने लुंड को सहलाते हुए धीरे से कहता है.

अशोक: भाभी आज अपनी गांड मारने दो न.

उसकी बात सुनकर रेनू उठकर कड़ी हो गयी.

रेनू: देखो नन्दोई जी, मेने आपसे पहले भी बोलै है की मेने आज तक अपनी गांड नहीं मरै है, और न hi कोई इरादा है. इसलिए सिर्फ छूट से काम चलाइये.

उसकी बात सुनकर अवि के चेहरे पर मुस्कान तैर जाती है.

अवि: अबे ये तो कमाल हो गया, माँ की जो सबसे बम चीज़ है वो तो अभी वर्जिन है. बेटे तेरे तो मजे आ गए, माँ की वर्जिन गांड की सील तो तू hi खोलेगा.

अवि खुश होते हुए फुसफुसाता है. उसका एक हाथ लुंड पर था तो दूसरा वीडियो रिकॉर्ड करने पर.

अशोक: अरे भाभी जी आप गुस्सा क्यों होती हो, हम तो छूट से hi काम चला लेंगे.

अशोक कहता हुआ उसे अपनी और खींचता है, फिर अशोक रेनू को बीएड पर लेता देता है और खुद अपने लुंड पर कंडोम चढ़ाने लगता है.

अवि: लगता है अब फूफाजी, छूट मई लुंड डालने वाले है. वाओ यर ये कितना एक्ससिटिंग है, अपने सामने अपनी माँ को चुड़ते देखना.

अशोक रेनू की मोती मोती जांघो को फैलाता है और खुद उसकी टांगी के बीच आकर बेथ जाता है. वो अपना लुंड पकड़कर रेनू की छूट के मुँह पर लगता है और एक जोरदार धक्का मरता है.

रेनू: आह्ह्ह्ह.

इतने जोरदार धक्के मई भी अशोक का सिर्फ आधा लुंड hi अंदर घुसा था.

अशोक: भाभी जी आप तो अपने फिगर को hi नहीं, अपनी छूट को भी मेन्टेन करके रखती हो. दिन बी दिन किसी जवान लड़की की छूट की तरह टाइट होती जा रही है.

अशोक एक और धक्का लगते हुए कहता है. इस बार उसका पूरा लुंड अंदर घुस जाता है.

रेनू: आह्ह्ह्हह.

अशोक: अह्ह्ह भाभी जी, ये राज़ अपनी ननद को भी बता दो, उसकी छूट तो बहुत ढीली है.

अशोक अब उसकी छूट मई लुंड पेलते हुए कहता है.

रैना: अह्ह्ह्हह्हह नन्दोई जी, म जो लुब्रीकेंट उसे करती हु अपनी छूट को टाइट अह्ह्ह्ह रखने के लिए, वो मेने सरिता दी को बताया था.

अशोक: अच्छा लेकिन शायद वो उसे नहीं करती आह्हः कोई बात नहीं इस बार म ले जाऊंगा उसके लिए, आप मुझे बता देना.

रेनू: आह्हः और जोर से.

और अशोक और तेज़ी से उसकी छूट छोड़ने लगा. रेनू उस समय बहुत hi मादक आवाज़ निकाल रही थी. हर एक झटके के साथ उसके मोठे मोठे बूब्स उछाल रहे थे. कुछ देर बाद अशोक उसके बूब्स पकड़ कर तेज़ तेज़ धक्के मरने लगता है. कोई 10 मिंट बाद अशोक बोलता है.

अशोक: भाभी जी म झरने वाला हु.

रेनू: आअह्ह्ह्हह बस म अह्ह्ह भी गयी.

और दोनों भरभराकर झड़ने लगते है.

अवि: बस सिर्फ 10 मिंट की चुदाई, इतनी देर मई तो मेरा लुंड मुट्ठ मारने पर भी नहीं झाड़ता. लानत hai..itni हॉट और सेक्सी औरत को तो घंटो लगातार छोड़ना चाहिए.

अवि अपने लुंड पर हाथ चलते हुए बोलै. उसके बाद उनका एक और राउंड होता है. और अवि जिस तरह आया था उसी तरह वापस चला जाता है. वो आकर अपनी कार मई बेथ जाता है. अब वो अशोक के बहार आने के इंतज़ार मई था. जैसे hi उसे अशोक की कार जाते हुए दिखाई दी, उसने कार घर के अंदर दौड़ा दी. वो घर के अंदर आता है. वो अपनी माँ को देखकर उस से लिपट जाता है, वो शायद अभी अभी नहाकर निकली थी.

अवि: hello मेरी ब्यूटीफुल माँ.

उसे देख रेनू हड़बड़ा जाती है.

अवि: माँ अशोक फूफाजी आये थे क्या.

अवि अलग होकर कहता है.

रेनू: naaahhii...ha.. वो आये थे, क्यों तूने कहा देखा.

रेनू हड़बड़ाते हुए कहती है.

अवि: अरे माँ, आप पहले बैठो तो सही.

अवि अपनी माँ को बैठते हुए कहता है. इस वक़्त उसने एक लॉन्ग ड्रेस पहनी हुई थी, जिसमे उसकी चुकी और गांड उभर कर सामने आ रही थी.

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अवि: माँ मुझे आपसे बहुत कुछ कहना है, अबसे नहीं बल्कि बहुत टाइम पहले से. लेकिन कभी बताने की हिम्मत hi नहीं हुई. लेकिन आज आपको बता रहा हु, क्योंकि अब मुझसे और बर्दास्त नहीं होता.

रेनू: ऐसा क्या है बीटा.

अवि: माँ जिस तरह हर लड़के को लड़की पसंद होती है, लेकिन मुझे बड़ी उम्र की औरते पसंद है.

रेनू: ye..ye क्या बकवास कर रहा है तू.

रेनू उसकी बात सुन बबहादके हुए बोली.

अवि: माँ प्ल्ज़ मेरी बात सुनो तो. जब म 10तह क्लास मई था, तो मेरे एक दोस्त ने मुझे एक देसी फोरम की साइट बताई. जिसका नाम स्फोरम था. उस पर तरह तरह की सेक्स स्टोरीज लिखी और पढ़ी जाती है. और उनमे माँ और सिस्टर की स्टोरी भी शामिल होती है.

उसकी बात सुन रेनू उसे एक तमाचा जड़ देती है.

रेनू: बद्तमीज़ कोई अपनी माँ से इस तरह की बाते करता है.

रेनू कड़ी होती हुई बोली.

अवि: पहले मेरी बात सुनो.

अवि उसका हाथ पकड़ उसे बैठते हुए बोलै.

अवि: और उसके बाद मई हर रोज़ स्टोरीज पढ़ने लगा लेकिन सिर्फ माँ बेटे के बीच सेक्स की. और तब से hi म आपको पसंद करने लगा था. म उस बेटे की जगह खुद को और माँ की जगह आपको इमेजिन किया करता tha.Mujhe कभी किसी लड़की मई कोई इंटरेस्ट नहीं रहा. म सिर्फ आपको hi चाहने लगा था.

अवि झूट का सहारा लेते हुए उसे फ़साना चाहता था. तभी रेनू उसके गाल पर एक और चांटा रसीद कर देती है.

रेनू: हरामज़ादे तेरी हिम्मत कैसे हुई अपनी माँ के बारे मई ऐसा सोचने की, तू इतना गिर गया है ये तो म सोच भी नहीं सकती थी. मेरा मन कर रहा है तुझे अभी जान से मार्डू, लेकिन तेरे डैड को आ जाने दे, वो hi तुझे धक्के मार कर इस घर से बहार करेंगे.

रेनू गुस्से से चिल्लाते हुए बोली.

अवि: माँ डैड धक्के मारकर जरूर निकालेंगे लेकिन मुझे नहीं आपको.

अवि बेशर्मो की तरह हस्ता हुआ बोलै.

रेनू: mujhe..mujhe क्यों..

अवि: इसलिए.

और अवि अपनी पॉकेट से मोबाइल निकलकर वो वीडियो प्ले कर देता है. रेनू का शरीर ये देख पीला पड़ने लगता है, उसके पेरो के नीचे से मानो जमीन खिसक जाती है.

रेनू: यी... एई... क्या है.

रेनू किसी तरह से अपने शब्द पुरे करती है.

अवि: ये.. ये आपकी रंगरलियों का सबूत है, अब आप बताइये की घर से बहार कोण निकला जायेगा.

रेनू का सर तो चकराने लगा था, वो अपना सर पकड़ कर सोफे पर बेथ जाती है, और रोने लगती है.

अवि: माँ प्ल्ज़ रोईए मत, म आपको रट नहीं देख सकता. हाहाहा.

अवि उसके पास बैठते हुए कहता है और फिर हसने लगता है.

अवि: यहाँ खुद का बीटा आपके बारे मई सोच सोचकर मुठ मारकर काम चलता है और आप किसी और के साथ अपनी आग ठंडी कराती हो. अरे जब इतनी hi आग लगी है तो आपके बेटे मई क्या कमी है, उस अशोक के लुंड से बड़ा लुंड है आपके बेटे का, ये देखो...

और अवि अपना लुंड अपनी पंत से बहार निकल लेता है, उसका 9 इंच के लगभग लुंड किसी रोड की तरह बिलकुल सीधा खड़ा हुआ था. रेनू की नजर जैसे hi उसके लुंड पर पड़ती hai,uski आँखे फ़ैल जाती है. लेकिन जल्द hi वो अपने आपको कण्ट्रोल करती है और फिरसे अवि को एक थप्पड़ जड़ देती है.

रेनू: अरे कुछ तो शर्म कर म तेरी माँ हु, अपनी माँ के बारे मई ऐसा सोचना hi पाप है.

अवि: पाप तो अपने पति के होते हुए भी किसी दूसरे से छुड़वाना भी है. देखो मुझे आपसे कोई बहस नहीं करनी, मेने हमेशा आपको छोड़ने का सपना देखा है और म उसे हर हाल मई पूरा करके रहूँगा. और इसमें आपको परेशानी क्या है, आप जब चाहे मुझसे चुद सकती है, न hi किसी को शक होगा, और घर की बात भी घर मई hi रहेगी.

रेनू: चुप कर बेशर्म, और कितनी गंदगी भरी है तेरे मन मई.

अवि: माँ सोचलो, आपके पास कल सुबह तक का वक़्त है. वर्ण कल ये वीडियोस म पापा के व्हाट्सप्प पर सेंड कर दूंगा. और उसके बाद जो कुछ भी होगा, वो सब आपकी गलती होगी.

अवि वह से उठकर अपने रूम मई चला जाता है, जबकि रेनू वही बैठी सोचती रहती है. कुछ देर बाद रिया भी कॉलेज से वापस आ जाती है.

शाम का वक़्त हो चूका था, अवि सोकर उठता है और नीचे आता है. वो किचन मई देखता है तो वह सोनल खाना बना रही थी. वो जाकर पीछे से अपनी दी से चिपक जाता है.

अवि: दी आप कब आयी, और आप किचन मई क्यों हो, माँ कहा है.

अवि पीछे से उसके गाल को किश करते हुए कहता है. ये उनमे कॉमन बात थी. सोनल की गांड का एहसास पाते hi, उसका लुंड खड़ा हो जाता है. उसने इस वक़्त एक छोटी सी ड्रेस पहनी हुयी थी. जो वो अक्सर घर आकर पहनती थी.

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उसे अवि का लुंड अपनी गांड पर साफ़ महसूस हो रहा था.

सोनल: wo..wo माँ के सर मई थोड़ा दर्द है तो वो आराम कर रही hai...chal तू जाकर बेथ, म डिनर लगाती हु.

अवि बेमन सा बहार आकर बेथ जाता है. तब तक सब आ जाते है और सब साथ मई डिनर करते है. रेनू भी वही बैठी खाना खा रही थी, वो सर झुकाये हुए चुप चाप थी. फिर रात मई सब सोने चले जाते है.

अवि: बीटा बस थोड़ा सा सब्र और, कल तू जिस छूट से निकला है, वापस उसी छूट मई घुसेगा. आह्हः माँ आपकी गांड.

वो अपने लुंड को मसलता हुआ अपनी माँ की गांड मई खो सा जाता है.
 
अपडेट 3

अवि पूरी रात एक्ससिटेमेंट की वजह से सो hi नहीं पाया. उसकी आँख सुबह hi खुल गयी थी. वो अपने रूम मई लेता रहा. फिर वो गयम के लिए नीचे आता है, वो देखता है की उसकी माँ किचन मई है. रेनू की काम करते हुए मोती गांड इधर से उधर थिरक रही थी. अवि का लुंड तो वैसे भी फुल मूड मई खड़ा hi था, अब तो उस से कण्ट्रोल करना और मुश्किल हो गया. उसकी माँ ने इस वक़्त एक ड्रेस पहनी हुयी थी, जिसमे उसकी गांड बहार निकल रही थी.

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वो जाकर पीछे से अपनी माँ से चिपक जाता है.

अवि: आह्हः माँ गम.

रेनू: गम बीटा अह्ह्ह्ह.

अवि का लुंड अपनी गांड पर महसूस करते hi रेनू के मुँह से अपने आप hi आह निकल गयी.

अवि: माँ क्या सोचा फिर आपने उस बारे मई.

वो अपने लुंड का दबाव अपनी माँ की गांड पर बढ़ता हुआ बोलै.

माँ: किस बारे मई बीटा.

रेनू अपना काम करते हुए बोली.

अवि: माँ आप इतनी जल्दी भूल भी गयी, ी वांट तो सेक्स विथ ु.. अह्ह्ह.

अवि बोलता हुआ अपना लुंड उसकी गांड की दरार मई घूमता हुआ बोलै.

रेनू: अह्ह्ह्ह तू ये क्या कर रहा है, अपनी माँ के साथ भी भला कोई ऐसा करता है.

रेनू से अब बर्दास्त नहीं हो प् रहा था.

अवि: जिसकी माँ आप जैसी हो, वो अपनी माँ के साथ सेक्स न करे तो वो नामर्द hi होगा.

अब अवि के हाथ उसके मोठे मोठे बूब्स पर आ जाते है.

रेनू: आह्ह्ह्ह प्ल्ज़ बीटा, कोई देख लेगा. ये ठीक नहीं है, म तेरी माँ हु.

अवि: माँ मेने आपको माँ के साथ साथ एक सेक्सी औरत के रूप मई भी चाहा है. और म अब पीछे नहीं हैट सकता. चाहे कुछ भी हो जाए, अब तो आप मेरे नीचे आकर hi रहोगी.

अवि ने ये कहते हुए उसके बूब्स को ज़ोर से दबा दिया.

रेनू: अह्ह्ह्ह बदमाश, अपनी माँ को अपने नीचे लाने की बात करता है. अगर किसी को पता चल अह्ह्ह्हह गया तो.

अब अवि उसके टिट्स को ड्रेस के ऊपर से hi उमेठ रहा था.

अवि: माँ न तो म किसी को बताऊंगा और न hi आप, और आप खुद सोचो फिर आपको चोरी छिपे किसी से भी चुदाई करने की जरुरत नहीं है. आप का जब भी मन करेगा, आपका बीटा आपकी सेवा मई हाज़िर हो जाएगा.

अवि अपना लुंड उसकी गांड पर चलता हुआ बोलै.

रेनू: तो तू बिलकुल नहीं मानेंगे आह्ह्ह्ह.

अब अवि अपने दोनों हाथो से उसके दोनों बूब्स दबाने लगता है.

अवि: बिलकुल भी नहीं.

रेनू: ठीक है तो कल तुणी कंफेस्स किया था, आज मुझे करना है.

रेनू उसके हाथ अपने बूब्स से हटाकर, उसके सामने आ जाती है.

रेनू: तू क्या समझता है जब तू हर रोज़ आकर अपना लुंड मेरी गांड से रगड़ता था, तो मुझे कुछ पता नहीं चलेगा. बीटा म तेरी माँ हु, और मुझे बहुत पहले से पता था की तू अपनी माँ को ठोकना चाहता है.

अपनी माँ के मुँह से सीधे ऐसे वर्ड्स ऑन अवि का मुँह खुला का खुला रह जाता है.

रेनू: पहले तो मेने सोचा की तुझे दांतु, लेकिन फिर मुझे एहसास हुआ की तेरा लुंड काफी तगड़ा मोटा लगता है. और फिर म खुद भी चाहने लगी की तू मुझे कसकर चोदे.

रेनू अवि की आँखों मई आँख डालते हुए, बहुत hi नशीले अंदाज़ मई कहती है.

रेनू: म ये सोचकर hi रोमांचित हो जाती थी की मेरा बीटा मुझे छोड़ना चाहता hai,lekin न hi तेरी हिम्मत हो रही थी और न hi मेरी. तू क्या समझता है जब तू हमारी वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था, तो मुझे पता नहीं था. जब तू दूर के सामने से निकलकर विंडो के पास गया था, मेने तुझे तब hi देख लिया था मेरे बेटे.

रेनू उसकी छीन पकड़ कर बड़े प्यार से कहती है.

अवि: तो फिर आपने मुझे इतने थप्पड़ क्यों मारे.

अवि अपने गाल पर हाथ रखते हुए बोलै.

रेनू: म सिर्फ ये देखना चाहती थी की तू सिर्फ जवानी के जोश मई hi ये करना चाहता है, या फिर ये तेरा अटल फैसला है.

अवि: तो आपको फिर क्या पता चला.

रेनू: यही की मेरा बीटा कितना तड़प रहा है अपनी माँ के लिए.

रेनू अपने बेटे के गले मई बाहे डालते हुए कहती है.

अवि: वाओ माँ आपने तो मेरा दिल खुश कर दिया है, म तो सोच रहा था की अगर आप नहीं मानी तो म आपके साथ जबरदस्ती तो नहीं कर पाउँगा.

अवि अपने माँ के गुलाबी होंटो पर एक किश करता हुआ बोलै.

रेनू: बस बीटा.. अभी इतना जोश दिखने की जरुरत नहीं है.. कही ऐसा न हो की तेरी माँ के सामने तेरा डैम निकल जाए.

अवि: माँ अभी आप अपने बेटे को नहीं जानती हो, एक बार मेरे नीचे आ जाओगी तो खुद hi जान जाओगी की म भी आपका बीटा हु.

तभी रेनू को सोनल गयम की और जाती हुई दिखाई दी.

रेनू: Avi...sonal..

और वो दोनों अलग हो जाते है.

सोनल: गम माँ, गम मेरी जान.

सोनल वह आती हुई उन्हें विश करती है, और अवि को गले लगा लेती है.

अवि: गम दी.

सोनल: तू यहाँ क्या कर रहा है, चल वर्कआउट करते है.

अवि: ठीक है.

और अवि बेमन सा वह से जाने लगता है, वो पीछे मुड़कर देखता है तो उसकी आँखे बड़ी हो जाती है. उसकी माँ अपने दोनों बूब्स को बहुत ज़ोरो से दबा रही थी. अब सोनल वर्कआउट करने लगती है, उसे इतने टाइट गयम सूट मई देखकर अवि की और ज्यादा हालत ख़राब होने लगती है. वो किसी तरह बहाना बनाकर अपने रूम मई भाग जाता है.

अवि: साला आज तो हद hi हो गयी, मेरी माँ मुझसे आलरेडी छुड़वाना चाहती है और म समझा hi नहीं. और ऊपर से सोनल डीई.. उफ्फ्फ क्या मस्त चीज़ है यर. ऊपर से लेकर नीचे तक बिलकुल क़यामत है. अगर ये मेरी बहिन नहीं होती तो इसे तो म अपनी बीवी बना लेता. लेकिन बहिन हुई तो क्या हुआ, छुड़ेगी तो सोनल दी भी मुझसे hi.

और फिर अवि नाहा धोकर रेदय हुआ और नास्ते के टाइम नीचे आया. सब डाइनिंग टेबल पर पहले से hi बैठे हुए थे. अवि आकर एक चेयर पर बेथ गया. उसने जैसे hi अपनी माँ को देखा, उसका लुंड फिर से झटके मारने लगा. लेकिन वो चुपचाप नास्ता करने लगा. तभी सोनल का मोबाइल रिंग होता है.

सोनल: मेरा हो गया, मुझे ऑफिस निकलना है.

और ये बोलकर वो बहार जाने लगी.

सोनल: ओह्ह्ह मेरा पर्स तो ऊपर hi रह गया.

और उसने ऊपर जाते हुए अपना फ़ोन भी पिक कर लिया.

अवि: मेरा भी हो गया.

और वो भी अपने रूम मई जानी लगा. उसकी दी का रूम उसके रूम से पहले hi पड़ता है. जब वो अपने रूम मई जा रहा था, तो उसे अचानक अपना नाम सुनाई दिया, वो रुक कर अपनी दी के रूम से कान लगाकर सुन ने लगा, जोकि फ़ोन पर बात कर रही थी.

सोनल: नहीं यर, अवि वैसा लड़का नहीं है. वो मुझसे बहुत प्यार करता है, मेरी बहुत इज़्ज़त करता है.

अवि का अपना नाम सुनकर कान खड़े हो गए. उसे नहीं पता था की दूसरी और कोण है.

अननोन:...........

सोनल: अरे नहीं यर, भाई बहिन वाला प्यार.

अननोन:...........

सोनल: तू पागल हो गयी है, म अपने छोटे भाई से बोलू की म उसे एक भाई की तरह नहीं, बल्कि एक लवर की तरह उस से प्यार करती हु.

अवि तो ये सुनकर जैसे अपनी सुध बुध hi खो देता है. उसे तो अपने कानो पर विस्वास hi नहीं हो रहा था.

अननोन:.........

सोनल: नहीं यर म नहीं बोल सकती उसे.

अननोन:........

सोनल: है वो तो है, जब भी वो मुझसे गले मिलता है उसका पेनिस मुझसे टच होता है.

अननोन:..........

सोनल: पता नहीं यर, ये सब तेरी वजह से हुआ है. न hi म तेरी बात को अपने मंद मई लाती, और न hi मुझे उस से प्यार होता. मुझे तो अब और कोई अच्छा hi नहीं लगता है.

अननोन: ..........

सोनल: ये तो वक़्त hi डीडे करेगा, चल म अब फ़ोन रखती हु, म लेट हो रही हु.

अननोन:.........

सोनल: हैट पागल, तुझे तो पता है अब मेरा कोई बर्फ नहीं है. राहुल से मेने 2 साल पहले hi ब्रेक उप कर लिया था. जब तेरी लगायी हुई चिंगारी भड़की थी. और तबसे hi अवि मेरी लाइफ मई अस ा लवर शामिल हो गया.

अननोन: .........

सोनल: तू hi चुदाई करा अपने भाई से, तू तो सिर्फ अपने भाई का उसे कर रही है. लेकिन म अपने भाई को दिलसे पसंद करती हु.

अननोन:.....

सोनल: ठीक अब म रखती हु, बाद मई बात करते है.

और सोनल बहार आने लगती है. उसके आने से पहले hi अवि अपने रूम मई आ जाता है.

अवि: साला ये हो क्या रहा है मेरे साथ, कहा तो म माँ को छोड़ने का सपना देखा करता था, और अब मुझे पता चला है की वो तो खुद मुझसे छुड़वाना चाहती थी. और अब सोनल दी... वो मुझे पसंद करती है.. एक बर्फ की तरह.. कहा तो मेने सिर्फ सोचा था की अगर वो मेरी बहिन न होती तो म उन्हें अपनी वाइफ बना लेता. लेकिन वो तो खुद ये hi चाहती है. और दी आखिर बात किस्से कर रही थी. जो भी हो, लेकिन उनकी बात से लगता है की वो भी अपने भाई से चुदाई कराती है. लेकिन अब म क्या करू...... पहले माँ से निपट ता हु, दी का बाद मई सोचूंगा. अब तो वैसे भी सब जा चुके होंगे.
 
अपडेट 4 & 5(शार्ट सुम्मेरी)

अपडेट 4--अवि सुबह जागता है तो वो नीचे आता है. नीचे आकर अपनी माँ को ढूंढने लगता है, लेकिन वो उसे कही नहीं दिखाई देती. फिर वो उसे बहार से आते हुए दिखाई देती है. अवि उसे अपनी बांहो मई भर लेता है. वो उसे बताती है की उसने अपने सर्वेंट्स की छुट्टी करदी है और अब उन दोनों को कोई भी डिस्टर्ब करने वाला नहीं है. तब अवि उसे उठाकर उसके hi बैडरूम मई ले जाता है. वो पहले उसके साथ बहुत वक़्त तक फोरप्ले करता है, रेनू बहुत ज्यादा उत्तेजित होने लगती है. फिर वो उसका लुंड देखकर चौक जाती है. उसके बाद अवि उसकी बहुत hi दमदार तरीके से चुदाई करता है. वो दोपहर तक रेनू को छोड़ता है. इन 4 हर मई उसने 2 राउंड किये थे, जिसमे रेनू 4-5 बार झड़ी थी. रेनू खुद अपने मुँह से कहती है की उसकी ऐसी चुदाई आज तक कभी नहीं हुई. पहले उसका पूरा एक राउंड 30 मं या उस से काम का होता था. वो बताती है की अवि ने उसे थका डाला जबकि वो सेक्स करते हुए कभी नहीं थकती.

अपडेट 5- अवि शाम के वक़्त सोकर उठता है. वो नीचे आता है तो वह उसे रिया टीवी देखते हुए मिलती है, उसकी नजर उसकी चूचियों पर पड़ती है तो वो थोड़ा गरम हो जाता है. और खुद से कहता है की उसके परिवार मई सबकी इतनी बड़ी चूचिया और गांड क्यों होती है. फिर वो अपनी माँ को देखता हुआ किचन मई आ जाता है, किचन मई उसकी माँ कुछ काम कर रही होती है. जिस से उसकी गांड थिरक रही थी, उसने एक शार्ट ड्रेस पहनी हुई थी. अवि जाकर उसके पीछे से चिपक जाता है. अपने बेटे के खड़े लुंड को एहसास कर वो उसकी तुलना गधे से कर देती है. फिर वो कहती है की उसने आज तक किसी ने नहीं थकाया, तब अवि उस से पूछता है की आपको किस किस ने छोड़ा है. तब अवि उसे कॉन्फिडेंस मई लेता है. उसके बाद जब वो उसे नाम बताने लगती है तो अवि के तोते उड़ जाते है. रेनू को पहले उसके बड़े भाई ने छोड़ा था, फिर उसके छोटे भाई ने, उसके बाद अवि के डैड ने, उसके बाद अवि के चाचा ने, उसके बाद अवि के फूफा ने. रेनू उसे बताती है की अपने करीबी रिश्ते मई छोड़ने का अलग hi मज़ा आता है. फिर वो अवि को उसके बाप का ठरकीपन भी बताती है, की उसने अपने ऑफिस मई हर एक औरत को छोड़ा है. यहाँ तक की उसने अपनी बड़ी बहिन और भाभी को भी छोड़ा है. अवि ये सुनकर कहता है की आप दोनों ने तो घर मई hi मजे लूट लिए. फिर वो भी अपनी माँ से पूछता है की फिर तो वो भी अपनी बहनो को छोड़ सकता है. ये सुन उसकी माँ कहती है की उसे कोई प्रॉब्लम नहीं है, चाहे वो किसी को भी चोदे. बस उसे उसके हिस्से का प्यार मिलता रहना चाहिए. उसके बाद से उनकी रासलीला सुनकर बर्दास्त नहीं होता और वो किचन मई hi अपनी माँ को छोड़ने लगता है. रेनू चुड़ते हुए उसे बताती है की उसकी ये भी एक फंतासी थी. फिर जब अवि उस से उसकी फंतासी पूछता है तो वो उसे बताती है. रेनू को एडवेंचर्स बहुत पसंद था, उसकी फंतासी मई उसे पब्लिक प्लेस मई छोड़ना, शॉपिंग मॉल या सिनेमा हॉल मई छोड़ना, घर के हर कोने मई छोड़ना, हर एक पोजीशन मई छोड़ना, घंटो लगातार छोड़ना और गैंग बंग पसंद थे. अवि उस से उसकी हर फंतासी को पूरा करने का वादा करता है. उसे छोड़ कर अवि किचन से आ जाता है तभी उसे उसकी दी आती हुई दिखती है. सोनल उसे गले से लगा लेती है और वो भी पहली बार बिना किसी हवस के उसे गले लगता है. सोनल उसे एक शॉपर देती है, जिसमे अवि के लिए 2 बहुत प्यारी शर्ट्स होती है. सोनल मार्किट गयी थी तो उसे ये शर्ट्स पसंद आ गयी और उसने अपने भाई के लिए ले ली. ये देख रिया छिड़ जाती है की वो कभी उसके लिए तो कुछ नहीं लायी. तब सोनल उसे याद दिलाती है की वो लास्ट वीक hi उसके लिए ड्रेस लायी थी, और उस से पहले उसे शॉपिंग पर लेकर गयी थी. फिर वो सब डिनर करते है.

नोट:- साइट मई कुछ प्रॉब्लम हो जाने की वजह से लास्ट कुछ उपदटेस डिलीट हो गए है, अब उन्हें अगेन व्रिठे करना बहुत मुश्किल है. इसलिए मेने लास्ट 2 उपदटेस की शार्ट सुम्मेरी दे दी है. ी होप आपको स्टोरी समझने मई कोई प्रॉब्लम नहीं आएगी.
 
अपडेट 6

डिनर करने के बाद सभी हॉल मई बैठे हुए गपशप करते हुए टीवी देख रहे थे. तब अवि उठकर ऊपर चला जाता है.

सोनल: अवि म रूम मई आ सकती हु क्या.

सोनल उसके रूम मई आते हुए बोली.

अवि: डीई आप मुझे शर्मिंदा कर रही हो, आप जब चाहे मेरे रूम मई अपनी मर्ज़ी से aa-ja सकती हो.

अवि शर्ट निकल कर टी शर्ट पहनता हुआ बोलै. सोनल अपने भाई की बॉडी देख जैसे खो सी जाती है.

अवि: diii...diiii.

अवि उसे आवाज़ लगता है.

सोनल: haaa..ha वो मुझे तुझसे कुछ बात करनी थी.

सोनल उसके पास आते हुए कहती है.

अवि: है कहिया न.

अवि उसे बीएड पर बैठता हुआ बोलै. अब सोनल अपनी हाथ की उंगलियों मरोड़ने लगी, अवि समझ गया की सोनल नर्वस हो रही है.

अवि: डीई बोलिये न क्या बात है.

अवि उसका हाथ अपने हाथ मई लेकर कहता है.

सोनल: वो बात ये है की mmm...m.. देख तू मेरी बात सुनकर गुस्सा मत करना.

सोनल की टंग लड़खड़ा रही थी.

अवि: अरे डीई आप किसी बाते कर रही हो, म भला आप पर कभी गुस्सा हो सकता हु क्या.

अवि ने उसके गाल को सहलाते हुए कहा.

सोनल: वो अवि म तुझे बहुत टाइम से एक बात बोलना चाहती हु की wo...m...wo...

तृणणगगगगगगग

तभी सोनल का मोबाइल बज उठता है.

सोनल: मेरा फ़ोन आ गया, म तुझसे बाद मई बात करती हु.

सोनल जल्दी से उठती हुई बोली और जाने लगी. तभी अवि उसका हाथ पकड़ लेता है, वो समझ चूका था की उसे क्या बात करनी है.

सोनल बात करने से अब पीछा छुड़ाने के लिए जल्दी से जाना चाहती थी. लेकिन अवि उसके हाथ से मोबाइल ले लेता है और उसे स्विच ऑफ कर देता है.

सोनल: अवि मोबाइल ऑफ क्यों कर दिया तूने, मुझे अर्जेंट बात करनी थी.

अवि: पहले आप मुझसे बोलो की आप क्या बात करने आयी थी.

अवि उसके करीब आता हुआ बोलै.

सोनल: wo..m...ha तुझे गुड नाईट बोलने आयी थी.

सोनल से सच बोलने की हिम्मत नहीं हो रही थी इसलिए वो बात पलट ते हुए कहती है.

अवि: आप झूट बोल रही हो.

सोनल: नहीं म सच बोल रही हु.

अवि: ठीक है आप मेरी कसम खाओ की आप मुझे सिर्फ गुड नाईट कहने hi आयी थी.

अब सोनल बेचारी फस चुकी थी.

सोनल: इसमें कसम खाने वाली क्या बात है, तुझे मुझपर भरोषा नहीं है क्या.

अवि: डीई अप्प पर इस दुनिया म मुझे सबसे ज्यादा भरोसा है.

अवि उसके दोनों हाथो को अपने हाथो मई लेता हुआ बोलै.

सोनल: तो फिर..

अवि: तो इतना तो म भी अपनी डीई को जनता हु की वो गुड नाईट बोलने तो बिलकुल भी नहीं आयी थी, अब आप bataiye..kya कहना था आपको.

अवि अपनी बहिन की आँखों मई देखते हुए बोलै.

सोनल: वो म तुझसे बोलने आयी थी की m...wo...m...tujhse...wo...

अवि: आप मुझे चाहती है, यही न.

अवि को जब लगा की उसकी दी शर्म की वजह से नहीं बोल पायेगी तो वो खुद hi बोल देता है, जबकि सोनल उसे आँखे फाड़े देख रही थी.

सोनल: तुझे कैसे पता की म...

सोनल शर्म से गाड़ी जा रही थी.

अवि: डीई आप जब कल मोबाइल पर किसी से बात कर रही थी तो मेने आपकी साड़ी बाते सुनली थी.

सोनल: kya..tune हमारी बाते सुनी.. तू मेरी जासूसी कर रहा था?

सोनल उस पर गुस्सा होते हुए कहती है.

अवि: दी म आपकी जासूसी नहीं कर रहा था, जब आप बात कर रही थी तो म अपने रूम मई आ रहा था. जब मेने आपके मुँह से अपना नाम सुना तो म आपकी बात सुनने लगा. और तब मुझे पता चला की मेरी डीई मुझे 2 सालो से प्यार करती है, एक भाई की तरह नहीं बल्कि लवर की तरह.

सोनल: तुझे ये जानकार अजीब नहीं लगा.

सोनल अभी खुद को नर्वस फील कर रही थी.

अवि: नहीं मुझे क्यों अजीब लगेगा, आप एक बहिन होने के साथ साथ एक लड़की भी तो हो. मुझे नहीं पता की आपको मुझसे कैसे प्यार हुआ. लेकिन इतना जरूर जनता हु की आप अकेली नहीं हो जो अपने भाई से प्यार करने लगी हो.

सोनल: जानती हु म अकेली नहीं हु, लेकिन तब भी ये गलत है न. मेने खुद को बहुत रोका था, लेकिन खुद को रोक hi नहीं पायी. ये जानते हुए भी की इस प्यार की कोई मंजिल नहीं होगी.

सोनल अब भी नजरे झुका कर बात कर रही थी.

अवि: डीई सबसे पहले तो आप इस तरह से रियेक्ट करना बंद करो, जैसे की आपने बहुत बड़ा गुनाह कर दिया हो.

अवि उसे बेटर फील करने के लिए कहता है.

सोनल: गुनाह तो किया hi है न मेरे भाई तुझसे प्यार करके.

सोनल उसका हाथ पकड़ते हुए कहती है.

अवि: दी प्यार करना गुनाह नहीं होता है.

सोनल: ये बात म समझ सकती हु, तू समझ सकता है. लेकिन इस घर के बहार कोई नहीं समझेगा.

सोनल की आँखे नाम सी हो गयी थी.

अवि: ok, आप सबसे पहले तो यहाँ बैठो.

अवि उसे बीएड पर बैठते हुए बोलै, फिर उसने एक चेयर खींची और उस पर बेथ गया.

अवि: पहले तो मुझे ये बताओ की ये सब कैसे शुरू हुआ.

सोनल: नहीं मुझे शर्म आती है.

अवि: दी इसमें शर्माना केसा, ok आप समझलो की म आपका भाई nahi,sirf वो लड़का हु जिस से आप प्यार करती हो.

सोनल: नहीं तुझे लगेगा की तेरी दी कितनी गन्दी है.

अवि: दी हम दोनों तो पहले से hi एक दूसरे से इतने फ्रैंक है, तो अब इतना क्यों झिजक रही हो आप.

सोनल: इसलय क्योंकि तू अब जान गया है की म तुझसे...

अवि: डीई , आप भी na..chalo बताओ अब मुझे.

सोनल: ok, लेकिन तू वादा कर म तुझे जो बताने वाली हु, वो तू किसी को भी नहीं बताएगा.

सोनल उसका हाथ पकड़ते हुए बोली.

अवि: डीई आप ऐसा सोच भी कैसे सकती हो की, म आपकी बाते किसी से शेयर करूँगा.

अवि थोड़ा गुस्से मई कहता है.

सोनल: मुझे पता है मेरे भाई, लेकिन जो बात म तुझे बताने वाली हु, वो किसी और से भी कनेक्टेड है.

सोनल उसका हाथ दबाते हुए कहती है.

अवि: ठीक है म प्रॉमिस करता हु, अब बताओ.

सोनल: तुझे पता है, 2 साल पहले हम सब चाचा के घर गए हुए थे.

सोनल उसकी और देखकर कहती है.

अवि: है याद है.

सोनल: एक रात जब हम सो रहे थे तो म पानी पीने के लिए उठी, मेने देखा की रूचि (चाचा की लड़की) बीएड पर नहीं थी. मेने सोचा वाशरूम गयी होगी, जब मेने वाशरूम चेक किया, तो वो वह भी नहीं थी. तब म बहार उसे देखने के लिए निकली, की कही उसे भूक तो नहीं लग गयी. इसलय कभी किचन मई गयी हो. और जब म किचन मई गयी तो मेने वह कुछ ऐसा देखा की जो सोच भी नहीं सकती थी.

अवि: दी क्या देखा आपने वह.

सोनल: किचन मई रूचि और रजत se...sexx कर रहे थे.

सोनल अटकते हुए कहती है, जबकि अवि भी चौंक जाता है.

अवि: व्हाट?? रजत और रूचि सेक्स कर रहे the..Bhai बहिन होकर.

सोनल: है और फिर रूचि ने मुझे देख लिया. म उस से बहुत गुस्सा हुयी, वो मेरी बेस्ट फ्रेंड थी. लेकिन अब मुझे उस से घिन्न आने लगी थी. मेने उस से बात करनी भी बंद करदी थी. लेकिन वो मेरी बचपन की सहेली थी तो मेने उस से उस बारे मई बात करने की सोची, और मुझे कुछ ऐसी बाते भी पता चली जो मेरे लिए बहुत शॉकिंग थी.


फ्लैशबैक:-

रूचि: किसी है सोनल.

सोनल: म ठीक हु.

वो दोनों एक पार्क मई मिले थे.

रूचि: मुझे लगा था की मुझे कोई और समझे या न समझे लेकिन मेरी बहिन, मेरी बेस्ट फ्रेंड जरूर समझेगी.

सोनल: ये समझना इतना आसान नहीं है रूचि, तू कैसे अपने hi सेज भाई के साथ चहहीइ.

सोनल गुस्से मई कहती है.

रूचि: तुझे तो पता है न सोनल की चाहे लड़का हो या लड़की सेक्स की चाहत सबको होती है. अगर तेरा वो बर्फ नामर्द न होता तो तू भी अब तक पता नहीं कितनी बार उससे छुड़वा चुकी होती.

सोनल: उसकी बात बीच मई कहा से आयी, और अगर म उसके साथ सेक्स भी करती तो इसमें कुछ गलत नहीं है.

रूचि: यही तो, जब किसी और के साथ सेक्स करना गलत नहीं है तो फिर भाई के साथ क्यों गलत है. भाई का हक़ तो एक बहिन के ऊपर सबसे ज्यादा होता है न.

सोनल: है सबसे ज्यादा हक़ होता है, लेकिन सेक्स नहीं, ये पाप है.

रूचि: तू मॉडर्न लड़की होकर भी अभी तक 19 सदी मई hi जी रही है. अरे भाई बहिन के बीच सेक्स अब नार्मल बात हो गयी है. बस फ़र्क़ इतना होता है की ये बात घर की चारदीवारी के अंदर hi रहती है.

सोनल: है नार्मल नहीं है, लेकिन यहाँ नहीं फॉरेन मई.

सोनल भी उसकी बात सही मानते हुए बोली.

रूचि: तुझे ग़लतफहमी है सोनल, हमारे यहाँ इन्सेस्ट.. फॉरेन से ज्यादा होता है. और ये सब करने वाली म अकेली नहीं हु.

रूचि मुस्कुराते हुए कहती है.

सोनल: मतलब क्या है तेरा.

रूचि: मतलब ये की तेरे पापा भी सरिता बुआ को छोड़ते है, और तेरी मम्मी मेरे पापा से चुदती है.

रूचि की बात सुनकर सोनल को जैसे करंट सा लगता है.

सोनल: क्या बकवास कर रही है तू, खुद को बचने के लिए सबको फसा रही है.

सोनल भड़कते हुए बेंच से कड़ी हो जाती है.

रूचि: मुझे पता था तू यकीन नहीं करेगी, ये देख.

रूचि उसके हाथ मई मोबाइल देते हुए बोली. जब सोनल ने देखा तो उसके पापा और बुआ के बीच सेक्स लाइव चल रहा था. ये देख जैसे उसके पेरो मई जान hi न रही हो. वो धप से नीचे बेथ गयी. फिर नेक्स्ट वीडियो मई उसकी माँ उसके चाचा से चुद रही थी.

रूचि: देखा तूने, ये करने वाले हम hi अकेले नहीं है. दुसरो को तो छोडो हमारे घर मई hi इन्सेस्ट चल रहा है.

रूचि मोबाइल लेते हुए कहती है.

सोनल: tu..tujhe ये सब कैसे पता.

रूचि: तुझे याद है 3 साल पहले जब हम फॅमिली ट्रिप पर गए थे. तब मेने इन सबको देखा था. और मुझे ये बिलकुल गलत नहीं लगता. जब एक बहिन के ऊपर सबसे ज्यादा हक़ उसके भाई का होता है तो फिर हमारे शरीर के ऊपर क्यों नहीं. तू hi बता अगर हम किसी बाहरवाले के साथ अपनी प्यास बुझाएंगे और यहाँ हमारा भाई खुद प्यासा है ,तो क्या ये अच्छी बात है. हम अगर किसी बाहरवाले के साथ सेक्स करते है तो पकडे जाने का दर होता है, अगर पकडे जाए तो पुरे जहा मई बदनामी होती है. छोड़ने के लिए टाइम निकलना पड़ता है ेट्स ेट्स. अब वही सोच अगर हम ये सब अपने भाई के साथ करते है तो किसी भी चीज़ का दर नहीं होता. अगर हम दोनों एक कमरे मई चुदाई भी कर रहे होंगे न तो कोई ऐसा सोच भी नहीं सकता. जब भी मन करे तभी अपने भाई के नीचे लेत जाओ. घरवालों की नजरो मई भी महान बने रहेंगे.


सोनल: उसकी बात मुझे ठीक भी लगी. लेकिन म उस वक़्त कुछ कहने सुनने की हालत मई नहीं थी. मेरे आँखों के सामने माँ डैड की वो वीडियोस hi घूम रही थी. और जब मेने घर आकर ठन्डे दिमाग से सोचा तो मुझे भी इसमें कोई ख़ास बुराई नजर नहीं आयी. जब तक ये बात सीक्रेट रहे. उसके बाद मेने उस से बात करनी शुरू करदी. वो हर रोज़ मुझे अपनी चुदाई की बाते बताती थी. मेरा भी सेक्स करने को बहुत मन करता था, लेकिन वो साला राहुल नामर्द निकल गया था. तब एक दिन रूचि ने मुझे तुझे फ़साने के लिए बोलै. मुझे भी उसकी बात अच्छी लगी, क्योंकि वैसे भी म तुझसे सबसे ज्यादा करीब थी. और मेने पहले भी कई बार तुझे माँ और मुझे घूरते हुए पाया था. और म भी रूचि की राह पर चल पड़ी. म हमेशा तेरे साथ गयम करने लगी, जान बूझकर अपने एसेट्स तुझे दिखने लगी. लेकिन मुझे कुछ टाइम बाद hi ये सब गलत लगने लगा. लेकिन म तुझे अपने जेहन से नहीं निकल प् रही थी. और तब मुझे एहसास हुआ की म तुझसे प्यार करने लगी हु. और उस वक़्त से लेकर आज तक मेने सिर्फ तुझे hi चाहा है और मेने डीडे कर लिया था की या तो मेरी लाइफ मई तू होगा या म ज़िन्दगी भर सिंगल hi रहूंगी.

सोनल उसका हाथ अपने हाथो मई लेकर कहती है. जबकि वो अभी तक अपनी बहिन की बातो मई hi खोया हुआ था. वो जान गया था की उसके लिए उसकी बहिन का प्यार बिलकुल सच्चा है.

अवि: तो आपको भी माँ डैड के बारे मई पता है.

अवि उसके हाथ को चूम कर कहता है.

सोनल: मुझे भी से क्या मतलब क्या तुझे भी पता है.

सोनल उसे देखती हुई बोली. अवि भी गर्दन है मई हिला देता है.

सोनल: तुझे ये सब कैसे पता.

अवि: दी म आपको सब कुछ बताऊंगा लेकिन पहले मुझे आपसे कुछ जान न है.

सोनल: क्या.

अवि: आपका बर्फ नामर्द था से क्या मतलब है.

सोनल: देख म तुझसे कुछ भी नहीं छिपाना चाहती. वो तुझे तो पता है सेक्स हर किसी की लाइफ का हिस्सा होता है. हम दोनों किसिंग, हग्गिंग ये सब तो कर लिए करते थे. एक दिन म कण्ट्रोल नहीं कर पायी और हम देखते hi देखते नेकेड हो गए. लेकिन जब उसने अपना टूल मेरे यहाँ टच hi किया था की वो स्खलित हो गया, उसने फिर से खड़ा किया लेकिन फिरसे यही हुआ. फिर एक दिन और ऐसा hi हुआ, और म समझ गयी की उसे कोई प्रॉब्लम है.

सोनल आँखे नीची करती हुई बोली.

अवि: दी प्ल्ज़्ज़ ये कोई गिल्ट फील करने वाली बात नहीं है, ok एक और बात. मानलो अगर माँ डैड आपकी शादी करने वाले हो तो.

सोनल: मेने तुझे अभी बताया था न की अगर मेरी लाइफ मई तू नहीं तो म कभी भी शादी नहीं करुँगी.

सोनल ने दृढ़ता के साथ कहा.

अवि: सच मई आप इतना प्यार करती हो मुझे.

सोनल: खुद से भी ज्यादा.

और वो दोनों भाई बहिन गले लग जाते है.

अवि: दी म भी आपको अपने बारे मई कुछ बताना चाहता हु. म बचपन से hi आपको और माँ को अपने सेक्स पार्टनर के रूप मई इमेजिन करता आया हु. ये कोई प्यार नहीं थी सिर्फ हवस थी. म सिर्फ ये चाहता था की किसी भी तरह से म आपके साथ सेक्स कर सकू. और कल मेने माँ के साथ सेक्स कर भी लिया.

अवि नजरे नीची करते हुए कहता है. जबकि सोनल हेरात से मुँह खोले हुए थी.

सोनल: क्या तूने माँ के साथ सेक्स किया.

अवि: हां, आपको पता है की म सबसे ज्यादा प्यार बचपन से hi आपसे करता हु. और अब जब म जान चूका हु की आप मुझे अस ा लवर प्यार करती है. तो म भी आपसे कुछ छिपाना नहीं चाहता.

अवि नजरे नीचे करके बोलता रहा.

सोनल: तो तू मुझसे भी हमेशा से सेक्स करना चाहता था.

अवि: है, लेकिन कल से मेरी फीलिंग्स आपके लिए चेंज हो चुकी है. कल पहली बार मेने आपको सच्चे मन से हुग किया था, वर्ण हर बार आपको हुग करने के पीछे मेरी इंटेंसिव कुछ और होती थी, म बस आपसे झूट नहीं बोलना चाहता.

सोनल: सच म, तो तुझे माँ ने बताया है अपने और डैड के बारे मई.

अवि: है.

फिर कुछ देर वह ख़ामोशी छायी रही.

सोनल: तो मेरे परपोसल का क्या जवाब है.

सोनल सरमाते हुए अवि से पूछती है.

अवि: डीई म हमेशा से hi आपसे इस दुनिया मई सबसे ज्यादा प्यार करता हु. लेकिन ये नहीं पता की बहिन के रूप मई या एक लड़की के रूप मई. क्योंकि मेने आपको हमेशा सेक्स गॉडेस के रूप मई इमेजिन किया है न. और ये भी सच है की मेने हमेशा भगवन से कहा है की काश आप मेरी दी न होती तो म अपनी पूरी लाइफ आपके नाम कर देता.

सोनल: तो मतलब म तुझे पसंद हु.

सोनल खुश होकर पूछती है.

अवि: है दी म आपका परपोसल एक्सेप्ट करता हु लेकिन..

अवि कुछ सोचते हुए कहता है.

सोनल: लेकिन क्या..

अवि: दी म कसम खाता हु की म पूरी लाइफ सिर्फ आपसे hi प्यार करता रहूँगा. लेकिन... m...wo.. अब माँ...

अवि को समझ नहीं आ रहा था की वो अपनी दी से कैसे कहे.

सोनल: मुझे पता है तू क्या कहना चाहता है. तू फ़िक्र मत कर, म तुझे किसी और के साथ सेक्स करने से बिलकुल नहीं रोकूंगी. बस तू मुझे हमेशा प्यार करते रहना और कभी भी धोका मत देना.

सोनल उसका हाथ पकड़ते हुए, उसके मन की बात कहती है. अवि खुश होकर उसे जोरो से बांहो मई भर लेता है.

अवि: डीई आप सचमे ग्रेट हो, आपको कोई प्रॉब्लम तो नहीं होगी न..

अवि अलग होकर पूछता है.

सोनल: मेने कहा न मुझे सिर्फ तू और तेरा प्यार चाहिए.

अवि: दी म वादा करता हु की आज से म और मेरा दिल पूरी तरह से आपका हुआ.

अवि उसकी आँखों मई देखते हुए कहता, वो अपनी बहिन के लाल होंठ देखकर मचलने लगता है. उसके होंठ धीरे धीरे आगे बढ़ने लगते है. तभी सोनल अपना हाथ उसके होंठो पर रख देती है.

सोनल: lekin...lekin तुझे पहले ये साबित करना होगा की तुझे मेरे शरीर से नहीं बल्कि मुझसे प्यार है.

सोनल उसके मुँह से हाथ हटते हुए कहती है.

अवि: ठीक है तो म भी आपको साबित करूँगा की म आपके शरीर से नहीं बल्कि आपसे प्यार करूँगा.

अवि अपने गले पर हाथ रखते हुए कहता है.

सोनल: और है.. म वो सब कुछ करना चाहती हु जो लवर्स करते है जैसे डेटिंग, घूमना फिरना, मूवी देखना, शॉपिंग करना और भी बहुत सी चीज़े.

अवि: ok मेडम, आपका ये बाँदा हमेशा आपकी सेवा मई हाज़िर रहेगा.

अवि इस तरह से कहता है की उन दोनों की हसी छूट जाती है.

सोनल: ok, तो अब म चलती हु. टाइम काफी हो गया है.

सोनल वह से उठते हुए बोली.

अवि: डीई रुक जाओ न थोड़ी देर और..

अवि उसका हाथ पकड़ते हुए बोलै.

सोनल: तू मुझे अब नाम से बुला सकता है.

अवि: नहीं मुझे दी कहना hi अच्छा लगता है, और फिर हमें इस से याद भी रहेगा की हम लवर्स होने के साथ साथ भाई बहिन भी है.

सोनल: अच्छा जी, और जब हम डेट पर जायेंगे तब भी दी hi बुलाया करेगा.

सोनल उसकी और देखकर कहती है.

अवि: नहीं डीई नहीं, म आपको सोना कहकर बुलाया करूँगा.

अवि उसके करीब आता हुआ बोलै.

सोनल: ववव कितना प्यारा नाम है न सोनल से सोना.

सोनल उसके गले मई बांहे डालकर कहती है.

अवि: है एक प्यारी सी लड़की के लिए प्यारा सा नाम.

अवि भी उसकी कमर मई हाथ दाल लेता है.

सोनल: अच्छा बीटा मस्का लगा रहा है.

रिया: diii...diii..kaha हो आप.

तभी उन दोनों को रिया की आवाज़ सुनाई दी, वो दोनों झट से अलग हो गए.

रिया: दी म कबसे आपको बुला रही हु, अब तक आपकी बाते खत्म नहीं हुई है क्या. चलो सोने का टाइम हो गया है.

रिया अंदर आते हुए बोली.

सोनल: तू चल म आती हु.

सोनल उसे कहती है और रिया वह से चली जाती है.

सोनल: हमने दूर भी बंद नहीं किया था, अगर कोई हमें देख लेता तो.

अवि: दी आप भूल गयी हो हम भाई बहिन भी है, और ये हमारे बीच नार्मल है.

सोनल: ok जी, म अब जाती हु. अच्छा एक बात और, क्या तू रिया के बारे मई भी वैसा कुछ सोचता है.

सोनल जाते हुए वापस मुड़कर पूछती है.

अवि: पहले नहीं लेकिन अब कभी कभी, क्योंकि मुझे बड़े बड़े बूब्स और गांड वाली औरते पसंद है न.

अवि आँख मारते हुए कहता है.

सोनल: अह्ह्ह बेशर्म, किसी को तो छोड़ दे घर मई. और अब इसलिए सोचता होगाब्कोंकी उसकी भी दोनों चीज़े दिन बी दिन बढ़ती जा रही है.

अवि: है आपने सही कहा.

सोनल: पागल, चल म जाती हु. गुड नाईट.

सोनल जाते हुए कहती है.

अवि: कहे की गुड नाईट दी, आज तो मुझे नींद hi नहीं आएगी.

सोनल: अच्छा तो फिर जागता रह.

सोनल ये बोलकर वह से चली जाती है. जबकि अवि को ये सब बिलकुल सपने जैसा लग रहा था. वो भी सोनल के खयालो मई खोया हुआ सो जाता है.
 
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