अपडेट 6
डिनर करने के बाद सभी हॉल मई बैठे हुए गपशप करते हुए टीवी देख रहे थे. तब अवि उठकर ऊपर चला जाता है.
सोनल: अवि म रूम मई आ सकती हु क्या.
सोनल उसके रूम मई आते हुए बोली.
अवि: डीई आप मुझे शर्मिंदा कर रही हो, आप जब चाहे मेरे रूम मई अपनी मर्ज़ी से aa-ja सकती हो.
अवि शर्ट निकल कर टी शर्ट पहनता हुआ बोलै. सोनल अपने भाई की बॉडी देख जैसे खो सी जाती है.
अवि: diii...diiii.
अवि उसे आवाज़ लगता है.
सोनल: haaa..ha वो मुझे तुझसे कुछ बात करनी थी.
सोनल उसके पास आते हुए कहती है.
अवि: है कहिया न.
अवि उसे बीएड पर बैठता हुआ बोलै. अब सोनल अपनी हाथ की उंगलियों मरोड़ने लगी, अवि समझ गया की सोनल नर्वस हो रही है.
अवि: डीई बोलिये न क्या बात है.
अवि उसका हाथ अपने हाथ मई लेकर कहता है.
सोनल: वो बात ये है की mmm...m.. देख तू मेरी बात सुनकर गुस्सा मत करना.
सोनल की टंग लड़खड़ा रही थी.
अवि: अरे डीई आप किसी बाते कर रही हो, म भला आप पर कभी गुस्सा हो सकता हु क्या.
अवि ने उसके गाल को सहलाते हुए कहा.
सोनल: वो अवि म तुझे बहुत टाइम से एक बात बोलना चाहती हु की wo...m...wo...
तृणणगगगगगगग
तभी सोनल का मोबाइल बज उठता है.
सोनल: मेरा फ़ोन आ गया, म तुझसे बाद मई बात करती हु.
सोनल जल्दी से उठती हुई बोली और जाने लगी. तभी अवि उसका हाथ पकड़ लेता है, वो समझ चूका था की उसे क्या बात करनी है.
सोनल बात करने से अब पीछा छुड़ाने के लिए जल्दी से जाना चाहती थी. लेकिन अवि उसके हाथ से मोबाइल ले लेता है और उसे स्विच ऑफ कर देता है.
सोनल: अवि मोबाइल ऑफ क्यों कर दिया तूने, मुझे अर्जेंट बात करनी थी.
अवि: पहले आप मुझसे बोलो की आप क्या बात करने आयी थी.
अवि उसके करीब आता हुआ बोलै.
सोनल: wo..m...ha तुझे गुड नाईट बोलने आयी थी.
सोनल से सच बोलने की हिम्मत नहीं हो रही थी इसलिए वो बात पलट ते हुए कहती है.
अवि: आप झूट बोल रही हो.
सोनल: नहीं म सच बोल रही हु.
अवि: ठीक है आप मेरी कसम खाओ की आप मुझे सिर्फ गुड नाईट कहने hi आयी थी.
अब सोनल बेचारी फस चुकी थी.
सोनल: इसमें कसम खाने वाली क्या बात है, तुझे मुझपर भरोषा नहीं है क्या.
अवि: डीई अप्प पर इस दुनिया म मुझे सबसे ज्यादा भरोसा है.
अवि उसके दोनों हाथो को अपने हाथो मई लेता हुआ बोलै.
सोनल: तो फिर..
अवि: तो इतना तो म भी अपनी डीई को जनता हु की वो गुड नाईट बोलने तो बिलकुल भी नहीं आयी थी, अब आप bataiye..kya कहना था आपको.
अवि अपनी बहिन की आँखों मई देखते हुए बोलै.
सोनल: वो म तुझसे बोलने आयी थी की m...wo...m...tujhse...wo...
अवि: आप मुझे चाहती है, यही न.
अवि को जब लगा की उसकी दी शर्म की वजह से नहीं बोल पायेगी तो वो खुद hi बोल देता है, जबकि सोनल उसे आँखे फाड़े देख रही थी.
सोनल: तुझे कैसे पता की म...
सोनल शर्म से गाड़ी जा रही थी.
अवि: डीई आप जब कल मोबाइल पर किसी से बात कर रही थी तो मेने आपकी साड़ी बाते सुनली थी.
सोनल: kya..tune हमारी बाते सुनी.. तू मेरी जासूसी कर रहा था?
सोनल उस पर गुस्सा होते हुए कहती है.
अवि: दी म आपकी जासूसी नहीं कर रहा था, जब आप बात कर रही थी तो म अपने रूम मई आ रहा था. जब मेने आपके मुँह से अपना नाम सुना तो म आपकी बात सुनने लगा. और तब मुझे पता चला की मेरी डीई मुझे 2 सालो से प्यार करती है, एक भाई की तरह नहीं बल्कि लवर की तरह.
सोनल: तुझे ये जानकार अजीब नहीं लगा.
सोनल अभी खुद को नर्वस फील कर रही थी.
अवि: नहीं मुझे क्यों अजीब लगेगा, आप एक बहिन होने के साथ साथ एक लड़की भी तो हो. मुझे नहीं पता की आपको मुझसे कैसे प्यार हुआ. लेकिन इतना जरूर जनता हु की आप अकेली नहीं हो जो अपने भाई से प्यार करने लगी हो.
सोनल: जानती हु म अकेली नहीं हु, लेकिन तब भी ये गलत है न. मेने खुद को बहुत रोका था, लेकिन खुद को रोक hi नहीं पायी. ये जानते हुए भी की इस प्यार की कोई मंजिल नहीं होगी.
सोनल अब भी नजरे झुका कर बात कर रही थी.
अवि: डीई सबसे पहले तो आप इस तरह से रियेक्ट करना बंद करो, जैसे की आपने बहुत बड़ा गुनाह कर दिया हो.
अवि उसे बेटर फील करने के लिए कहता है.
सोनल: गुनाह तो किया hi है न मेरे भाई तुझसे प्यार करके.
सोनल उसका हाथ पकड़ते हुए कहती है.
अवि: दी प्यार करना गुनाह नहीं होता है.
सोनल: ये बात म समझ सकती हु, तू समझ सकता है. लेकिन इस घर के बहार कोई नहीं समझेगा.
सोनल की आँखे नाम सी हो गयी थी.
अवि: ok, आप सबसे पहले तो यहाँ बैठो.
अवि उसे बीएड पर बैठते हुए बोलै, फिर उसने एक चेयर खींची और उस पर बेथ गया.
अवि: पहले तो मुझे ये बताओ की ये सब कैसे शुरू हुआ.
सोनल: नहीं मुझे शर्म आती है.
अवि: दी इसमें शर्माना केसा, ok आप समझलो की म आपका भाई nahi,sirf वो लड़का हु जिस से आप प्यार करती हो.
सोनल: नहीं तुझे लगेगा की तेरी दी कितनी गन्दी है.
अवि: दी हम दोनों तो पहले से hi एक दूसरे से इतने फ्रैंक है, तो अब इतना क्यों झिजक रही हो आप.
सोनल: इसलय क्योंकि तू अब जान गया है की म तुझसे...
अवि: डीई , आप भी na..chalo बताओ अब मुझे.
सोनल: ok, लेकिन तू वादा कर म तुझे जो बताने वाली हु, वो तू किसी को भी नहीं बताएगा.
सोनल उसका हाथ पकड़ते हुए बोली.
अवि: डीई आप ऐसा सोच भी कैसे सकती हो की, म आपकी बाते किसी से शेयर करूँगा.
अवि थोड़ा गुस्से मई कहता है.
सोनल: मुझे पता है मेरे भाई, लेकिन जो बात म तुझे बताने वाली हु, वो किसी और से भी कनेक्टेड है.
सोनल उसका हाथ दबाते हुए कहती है.
अवि: ठीक है म प्रॉमिस करता हु, अब बताओ.
सोनल: तुझे पता है, 2 साल पहले हम सब चाचा के घर गए हुए थे.
सोनल उसकी और देखकर कहती है.
अवि: है याद है.
सोनल: एक रात जब हम सो रहे थे तो म पानी पीने के लिए उठी, मेने देखा की रूचि (चाचा की लड़की) बीएड पर नहीं थी. मेने सोचा वाशरूम गयी होगी, जब मेने वाशरूम चेक किया, तो वो वह भी नहीं थी. तब म बहार उसे देखने के लिए निकली, की कही उसे भूक तो नहीं लग गयी. इसलय कभी किचन मई गयी हो. और जब म किचन मई गयी तो मेने वह कुछ ऐसा देखा की जो सोच भी नहीं सकती थी.
अवि: दी क्या देखा आपने वह.
सोनल: किचन मई रूचि और रजत se...sexx कर रहे थे.
सोनल अटकते हुए कहती है, जबकि अवि भी चौंक जाता है.
अवि: व्हाट?? रजत और रूचि सेक्स कर रहे the..Bhai बहिन होकर.
सोनल: है और फिर रूचि ने मुझे देख लिया. म उस से बहुत गुस्सा हुयी, वो मेरी बेस्ट फ्रेंड थी. लेकिन अब मुझे उस से घिन्न आने लगी थी. मेने उस से बात करनी भी बंद करदी थी. लेकिन वो मेरी बचपन की सहेली थी तो मेने उस से उस बारे मई बात करने की सोची, और मुझे कुछ ऐसी बाते भी पता चली जो मेरे लिए बहुत शॉकिंग थी.
फ्लैशबैक:-
रूचि: किसी है सोनल.
सोनल: म ठीक हु.
वो दोनों एक पार्क मई मिले थे.
रूचि: मुझे लगा था की मुझे कोई और समझे या न समझे लेकिन मेरी बहिन, मेरी बेस्ट फ्रेंड जरूर समझेगी.
सोनल: ये समझना इतना आसान नहीं है रूचि, तू कैसे अपने hi सेज भाई के साथ चहहीइ.
सोनल गुस्से मई कहती है.
रूचि: तुझे तो पता है न सोनल की चाहे लड़का हो या लड़की सेक्स की चाहत सबको होती है. अगर तेरा वो बर्फ नामर्द न होता तो तू भी अब तक पता नहीं कितनी बार उससे छुड़वा चुकी होती.
सोनल: उसकी बात बीच मई कहा से आयी, और अगर म उसके साथ सेक्स भी करती तो इसमें कुछ गलत नहीं है.
रूचि: यही तो, जब किसी और के साथ सेक्स करना गलत नहीं है तो फिर भाई के साथ क्यों गलत है. भाई का हक़ तो एक बहिन के ऊपर सबसे ज्यादा होता है न.
सोनल: है सबसे ज्यादा हक़ होता है, लेकिन सेक्स नहीं, ये पाप है.
रूचि: तू मॉडर्न लड़की होकर भी अभी तक 19 सदी मई hi जी रही है. अरे भाई बहिन के बीच सेक्स अब नार्मल बात हो गयी है. बस फ़र्क़ इतना होता है की ये बात घर की चारदीवारी के अंदर hi रहती है.
सोनल: है नार्मल नहीं है, लेकिन यहाँ नहीं फॉरेन मई.
सोनल भी उसकी बात सही मानते हुए बोली.
रूचि: तुझे ग़लतफहमी है सोनल, हमारे यहाँ इन्सेस्ट.. फॉरेन से ज्यादा होता है. और ये सब करने वाली म अकेली नहीं हु.
रूचि मुस्कुराते हुए कहती है.
सोनल: मतलब क्या है तेरा.
रूचि: मतलब ये की तेरे पापा भी सरिता बुआ को छोड़ते है, और तेरी मम्मी मेरे पापा से चुदती है.
रूचि की बात सुनकर सोनल को जैसे करंट सा लगता है.
सोनल: क्या बकवास कर रही है तू, खुद को बचने के लिए सबको फसा रही है.
सोनल भड़कते हुए बेंच से कड़ी हो जाती है.
रूचि: मुझे पता था तू यकीन नहीं करेगी, ये देख.
रूचि उसके हाथ मई मोबाइल देते हुए बोली. जब सोनल ने देखा तो उसके पापा और बुआ के बीच सेक्स लाइव चल रहा था. ये देख जैसे उसके पेरो मई जान hi न रही हो. वो धप से नीचे बेथ गयी. फिर नेक्स्ट वीडियो मई उसकी माँ उसके चाचा से चुद रही थी.
रूचि: देखा तूने, ये करने वाले हम hi अकेले नहीं है. दुसरो को तो छोडो हमारे घर मई hi इन्सेस्ट चल रहा है.
रूचि मोबाइल लेते हुए कहती है.
सोनल: tu..tujhe ये सब कैसे पता.
रूचि: तुझे याद है 3 साल पहले जब हम फॅमिली ट्रिप पर गए थे. तब मेने इन सबको देखा था. और मुझे ये बिलकुल गलत नहीं लगता. जब एक बहिन के ऊपर सबसे ज्यादा हक़ उसके भाई का होता है तो फिर हमारे शरीर के ऊपर क्यों नहीं. तू hi बता अगर हम किसी बाहरवाले के साथ अपनी प्यास बुझाएंगे और यहाँ हमारा भाई खुद प्यासा है ,तो क्या ये अच्छी बात है. हम अगर किसी बाहरवाले के साथ सेक्स करते है तो पकडे जाने का दर होता है, अगर पकडे जाए तो पुरे जहा मई बदनामी होती है. छोड़ने के लिए टाइम निकलना पड़ता है ेट्स ेट्स. अब वही सोच अगर हम ये सब अपने भाई के साथ करते है तो किसी भी चीज़ का दर नहीं होता. अगर हम दोनों एक कमरे मई चुदाई भी कर रहे होंगे न तो कोई ऐसा सोच भी नहीं सकता. जब भी मन करे तभी अपने भाई के नीचे लेत जाओ. घरवालों की नजरो मई भी महान बने रहेंगे.
सोनल: उसकी बात मुझे ठीक भी लगी. लेकिन म उस वक़्त कुछ कहने सुनने की हालत मई नहीं थी. मेरे आँखों के सामने माँ डैड की वो वीडियोस hi घूम रही थी. और जब मेने घर आकर ठन्डे दिमाग से सोचा तो मुझे भी इसमें कोई ख़ास बुराई नजर नहीं आयी. जब तक ये बात सीक्रेट रहे. उसके बाद मेने उस से बात करनी शुरू करदी. वो हर रोज़ मुझे अपनी चुदाई की बाते बताती थी. मेरा भी सेक्स करने को बहुत मन करता था, लेकिन वो साला राहुल नामर्द निकल गया था. तब एक दिन रूचि ने मुझे तुझे फ़साने के लिए बोलै. मुझे भी उसकी बात अच्छी लगी, क्योंकि वैसे भी म तुझसे सबसे ज्यादा करीब थी. और मेने पहले भी कई बार तुझे माँ और मुझे घूरते हुए पाया था. और म भी रूचि की राह पर चल पड़ी. म हमेशा तेरे साथ गयम करने लगी, जान बूझकर अपने एसेट्स तुझे दिखने लगी. लेकिन मुझे कुछ टाइम बाद hi ये सब गलत लगने लगा. लेकिन म तुझे अपने जेहन से नहीं निकल प् रही थी. और तब मुझे एहसास हुआ की म तुझसे प्यार करने लगी हु. और उस वक़्त से लेकर आज तक मेने सिर्फ तुझे hi चाहा है और मेने डीडे कर लिया था की या तो मेरी लाइफ मई तू होगा या म ज़िन्दगी भर सिंगल hi रहूंगी.
सोनल उसका हाथ अपने हाथो मई लेकर कहती है. जबकि वो अभी तक अपनी बहिन की बातो मई hi खोया हुआ था. वो जान गया था की उसके लिए उसकी बहिन का प्यार बिलकुल सच्चा है.
अवि: तो आपको भी माँ डैड के बारे मई पता है.
अवि उसके हाथ को चूम कर कहता है.
सोनल: मुझे भी से क्या मतलब क्या तुझे भी पता है.
सोनल उसे देखती हुई बोली. अवि भी गर्दन है मई हिला देता है.
सोनल: तुझे ये सब कैसे पता.
अवि: दी म आपको सब कुछ बताऊंगा लेकिन पहले मुझे आपसे कुछ जान न है.
सोनल: क्या.
अवि: आपका बर्फ नामर्द था से क्या मतलब है.
सोनल: देख म तुझसे कुछ भी नहीं छिपाना चाहती. वो तुझे तो पता है सेक्स हर किसी की लाइफ का हिस्सा होता है. हम दोनों किसिंग, हग्गिंग ये सब तो कर लिए करते थे. एक दिन म कण्ट्रोल नहीं कर पायी और हम देखते hi देखते नेकेड हो गए. लेकिन जब उसने अपना टूल मेरे यहाँ टच hi किया था की वो स्खलित हो गया, उसने फिर से खड़ा किया लेकिन फिरसे यही हुआ. फिर एक दिन और ऐसा hi हुआ, और म समझ गयी की उसे कोई प्रॉब्लम है.
सोनल आँखे नीची करती हुई बोली.
अवि: दी प्ल्ज़्ज़ ये कोई गिल्ट फील करने वाली बात नहीं है, ok एक और बात. मानलो अगर माँ डैड आपकी शादी करने वाले हो तो.
सोनल: मेने तुझे अभी बताया था न की अगर मेरी लाइफ मई तू नहीं तो म कभी भी शादी नहीं करुँगी.
सोनल ने दृढ़ता के साथ कहा.
अवि: सच मई आप इतना प्यार करती हो मुझे.
सोनल: खुद से भी ज्यादा.
और वो दोनों भाई बहिन गले लग जाते है.
अवि: दी म भी आपको अपने बारे मई कुछ बताना चाहता हु. म बचपन से hi आपको और माँ को अपने सेक्स पार्टनर के रूप मई इमेजिन करता आया हु. ये कोई प्यार नहीं थी सिर्फ हवस थी. म सिर्फ ये चाहता था की किसी भी तरह से म आपके साथ सेक्स कर सकू. और कल मेने माँ के साथ सेक्स कर भी लिया.
अवि नजरे नीची करते हुए कहता है. जबकि सोनल हेरात से मुँह खोले हुए थी.
सोनल: क्या तूने माँ के साथ सेक्स किया.
अवि: हां, आपको पता है की म सबसे ज्यादा प्यार बचपन से hi आपसे करता हु. और अब जब म जान चूका हु की आप मुझे अस ा लवर प्यार करती है. तो म भी आपसे कुछ छिपाना नहीं चाहता.
अवि नजरे नीचे करके बोलता रहा.
सोनल: तो तू मुझसे भी हमेशा से सेक्स करना चाहता था.
अवि: है, लेकिन कल से मेरी फीलिंग्स आपके लिए चेंज हो चुकी है. कल पहली बार मेने आपको सच्चे मन से हुग किया था, वर्ण हर बार आपको हुग करने के पीछे मेरी इंटेंसिव कुछ और होती थी, म बस आपसे झूट नहीं बोलना चाहता.
सोनल: सच म, तो तुझे माँ ने बताया है अपने और डैड के बारे मई.
अवि: है.
फिर कुछ देर वह ख़ामोशी छायी रही.
सोनल: तो मेरे परपोसल का क्या जवाब है.
सोनल सरमाते हुए अवि से पूछती है.
अवि: डीई म हमेशा से hi आपसे इस दुनिया मई सबसे ज्यादा प्यार करता हु. लेकिन ये नहीं पता की बहिन के रूप मई या एक लड़की के रूप मई. क्योंकि मेने आपको हमेशा सेक्स गॉडेस के रूप मई इमेजिन किया है न. और ये भी सच है की मेने हमेशा भगवन से कहा है की काश आप मेरी दी न होती तो म अपनी पूरी लाइफ आपके नाम कर देता.
सोनल: तो मतलब म तुझे पसंद हु.
सोनल खुश होकर पूछती है.
अवि: है दी म आपका परपोसल एक्सेप्ट करता हु लेकिन..
अवि कुछ सोचते हुए कहता है.
सोनल: लेकिन क्या..
अवि: दी म कसम खाता हु की म पूरी लाइफ सिर्फ आपसे hi प्यार करता रहूँगा. लेकिन... m...wo.. अब माँ...
अवि को समझ नहीं आ रहा था की वो अपनी दी से कैसे कहे.
सोनल: मुझे पता है तू क्या कहना चाहता है. तू फ़िक्र मत कर, म तुझे किसी और के साथ सेक्स करने से बिलकुल नहीं रोकूंगी. बस तू मुझे हमेशा प्यार करते रहना और कभी भी धोका मत देना.
सोनल उसका हाथ पकड़ते हुए, उसके मन की बात कहती है. अवि खुश होकर उसे जोरो से बांहो मई भर लेता है.
अवि: डीई आप सचमे ग्रेट हो, आपको कोई प्रॉब्लम तो नहीं होगी न..
अवि अलग होकर पूछता है.
सोनल: मेने कहा न मुझे सिर्फ तू और तेरा प्यार चाहिए.
अवि: दी म वादा करता हु की आज से म और मेरा दिल पूरी तरह से आपका हुआ.
अवि उसकी आँखों मई देखते हुए कहता, वो अपनी बहिन के लाल होंठ देखकर मचलने लगता है. उसके होंठ धीरे धीरे आगे बढ़ने लगते है. तभी सोनल अपना हाथ उसके होंठो पर रख देती है.
सोनल: lekin...lekin तुझे पहले ये साबित करना होगा की तुझे मेरे शरीर से नहीं बल्कि मुझसे प्यार है.
सोनल उसके मुँह से हाथ हटते हुए कहती है.
अवि: ठीक है तो म भी आपको साबित करूँगा की म आपके शरीर से नहीं बल्कि आपसे प्यार करूँगा.
अवि अपने गले पर हाथ रखते हुए कहता है.
सोनल: और है.. म वो सब कुछ करना चाहती हु जो लवर्स करते है जैसे डेटिंग, घूमना फिरना, मूवी देखना, शॉपिंग करना और भी बहुत सी चीज़े.
अवि: ok मेडम, आपका ये बाँदा हमेशा आपकी सेवा मई हाज़िर रहेगा.
अवि इस तरह से कहता है की उन दोनों की हसी छूट जाती है.
सोनल: ok, तो अब म चलती हु. टाइम काफी हो गया है.
सोनल वह से उठते हुए बोली.
अवि: डीई रुक जाओ न थोड़ी देर और..
अवि उसका हाथ पकड़ते हुए बोलै.
सोनल: तू मुझे अब नाम से बुला सकता है.
अवि: नहीं मुझे दी कहना hi अच्छा लगता है, और फिर हमें इस से याद भी रहेगा की हम लवर्स होने के साथ साथ भाई बहिन भी है.
सोनल: अच्छा जी, और जब हम डेट पर जायेंगे तब भी दी hi बुलाया करेगा.
सोनल उसकी और देखकर कहती है.
अवि: नहीं डीई नहीं, म आपको सोना कहकर बुलाया करूँगा.
अवि उसके करीब आता हुआ बोलै.
सोनल: ववव कितना प्यारा नाम है न सोनल से सोना.
सोनल उसके गले मई बांहे डालकर कहती है.
अवि: है एक प्यारी सी लड़की के लिए प्यारा सा नाम.
अवि भी उसकी कमर मई हाथ दाल लेता है.
सोनल: अच्छा बीटा मस्का लगा रहा है.
रिया: diii...diii..kaha हो आप.
तभी उन दोनों को रिया की आवाज़ सुनाई दी, वो दोनों झट से अलग हो गए.
रिया: दी म कबसे आपको बुला रही हु, अब तक आपकी बाते खत्म नहीं हुई है क्या. चलो सोने का टाइम हो गया है.
रिया अंदर आते हुए बोली.
सोनल: तू चल म आती हु.
सोनल उसे कहती है और रिया वह से चली जाती है.
सोनल: हमने दूर भी बंद नहीं किया था, अगर कोई हमें देख लेता तो.
अवि: दी आप भूल गयी हो हम भाई बहिन भी है, और ये हमारे बीच नार्मल है.
सोनल: ok जी, म अब जाती हु. अच्छा एक बात और, क्या तू रिया के बारे मई भी वैसा कुछ सोचता है.
सोनल जाते हुए वापस मुड़कर पूछती है.
अवि: पहले नहीं लेकिन अब कभी कभी, क्योंकि मुझे बड़े बड़े बूब्स और गांड वाली औरते पसंद है न.
अवि आँख मारते हुए कहता है.
सोनल: अह्ह्ह बेशर्म, किसी को तो छोड़ दे घर मई. और अब इसलिए सोचता होगाब्कोंकी उसकी भी दोनों चीज़े दिन बी दिन बढ़ती जा रही है.
अवि: है आपने सही कहा.
सोनल: पागल, चल म जाती हु. गुड नाईट.
सोनल जाते हुए कहती है.
अवि: कहे की गुड नाईट दी, आज तो मुझे नींद hi नहीं आएगी.
सोनल: अच्छा तो फिर जागता रह.
सोनल ये बोलकर वह से चली जाती है. जबकि अवि को ये सब बिलकुल सपने जैसा लग रहा था. वो भी सोनल के खयालो मई खोया हुआ सो जाता है.