अपडेट 15
अवि के जाने के बाद अंकित अपने आपको रेडी करता है. वो कमरे मई जाता है तो रेनू दोबारा से नहाकर बहार निकली थी. उसने जो ड्रेस पहनी थी, वो गीले बालो की वजह से आगे से भीग गयी thi.aur वो मिरर के सामने कड़ी होकर दरिएर कर रही थी.
रेनू: अरे अंकित तुम आओ..
रेनू मिरर से उसे देखकर कहती है.
अंकित थोड़ी हिम्मत जुटाता है और जाकर अपनी माँ को पीछे से जकड लेता है.
रेनू: आअह्ह्ह क्या कर रहा बीटा तू.
रेनू उसे ऐसे चिपकते देख कहती है.
अंकित: आअह्ह्ह ी लव ु माँ, आप बाहय हॉट न सेक्सी ho..mujhse अब और कण्ट्रोल नहीं होता..
अंकित हवस मई डूबे हुए उसकी गर्दन को चूमकर कहता है, और अपना खड़ा लुंड रेनू की गांड से भिड़ाने लगता है.
रेनू: अंकित ये क्या अनाप सनाप बक रहा है तू, छोड़ मुझे.
रेनू उसके चंगुल से छूटने की कोसिस करते हुए बोली.
अंकित: क्यों माँ म आपका बीटा नहीं हु क्या, जब आप अपनी छूट का स्वाद अपने छोटे बेटे को चखा सकती हो तो बड़े बेटे को क्यों नहीं.
अंकित अपना लुंड उसकी गांड से सताते हुए बोलै.
रेनू: kyyy..kyyyaaa बोले जा रहा है, तुझे पता भी है.
रेनू थोड़ा नर्वस होते हुए बोली.
अंकित: माँ नाटक करने की जरुरत नहीं है, अभी कुछ देर पहले आपकी जो रासलीला चल रही थी, मेने वो खुद अपनी आँखों से देखि है.
अंकित अपने हाथ आगे ले जाकर उसके बूब्स पकड़ लेता है.
रेनू: क्याआ??
अंकित: आह्हः माँ क्या बूब्स है आपके, क्या गांड है... अवि तो फुल मज़े लेता है आपके साथ.. आठ मेरा भी तो हक़ है आप पर... आखिर आप मेरी भी तो माँ हो...
अंकित लजात से उसके बूब्स सहलाते हुआ बोलै.
रेनू: आअह्ह्ह बीटा छोड़,, अवि देख लेगा...
अंकित: आह्हः मॉम वो खुद मुझे आपको छोड़ने के लिए बोलकर बहार गया है.
अंकित उसके निप्पल दबाते हुए कहता है.
रेनू: ोोोूछह अच्छा तो ये तुम दोनों भाइयो की मिली भगत है.
रेनू भी उत्तेजित होने लगी थी.
अंकित: है, क्यों आप मुझे अपनी माँ की सेवा करने की परमिशन नहीं डौगी...
रेनू: आहहह बीटा, जब अवि को और तुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है तो म क्यों मन करुँगी. आखिर अपनी माँ की सेवा करना तो आह्हः एक बेटे का धर्म होता है. लेकिन बीटा अभी वक़्त सही नहीं hai...ahhhh.
अंकित: माँ अभी तो सिर्फ 4 बजे है, 2 हर से पहले आठ कोई नहीं आएगा.
अंकित अपनी पेण्ट से अपना लुंड निकालकर उसकी गांड से भिड़ाने लगता है.
रेनू: आह्हः बीटा म सुबह से 3 बार नाहा चुकी हु, अब मुझे खाना भी रेडी करना है और आज आह्हः तेरे डैड भी जल्दी आने वाले है.
रेनू भी अपनी गांड पीछे की और करते हुए बोली.
अंकित: माँ प्ल्ज़, ज्यादा वक़्त नहीं लगेगा अह्ह्ह्ह.
रेनू: आठ बीटा जब सेवा करनी hi है तो आराम से करना न, कल तू मेरी पूरा दिन सेवा कर लेना.. ठीक है.
रेनू उसे समझते हुए बोली, हालाँकि उसका दिल भी छोड़ने को करने लगा था.
अंकित: ठीक है माँ, फिर मेरे इस नाग का क्या होगा.
अंकित अपनी माँ के हाथ को पकड़कर अपने लुंड पर रख देता है.
रेनू: आठ बीटा, तेरे नाग को तो बहुत तेज़ बुखार है. ये तो गरम हो रहा है.
रेनू उसके लुंड को सहलाते हुए बोली.
अंकित: है माँ इसे बुखार है, और इसका इलाज़ सिर्फ आपकी छूट है आह्ह्ह्ह मॉम.
अंकित मज़े से सिसकारी भरते हुए बोली.
रेनू: बस कल तक का सब्र और करले बीटा, कल इसकी तबियत खुश कर दूंगी.
रेनू अब उसकी और पलट ते हुए बोली. अंकित उसके पलटते hi उसके होंठ चूमने लगता है.
रेनू: चल बीटा अब हैट, मुझे घर के बहुत काम करने है.
रेनू उसे हटते हुए बोली.
अंकित: माँ इसका तो कुछ करो न.
अंकित अपने खड़े लुंड को दिखते हुए बोलै.
रेनू: चल ठीक है म तुझे हैंडजॉब दे देती हु.
और रेनू घुटनो के बल बैठकर उसके लुंड को अपने हाथ से सहलाने लगती है. अंकित मज़े से अपनी आँखे बंद कर लेता है. और रेनू उसके लुंड को मुठियाने लगती है. 7- 8 मिंट बाद hi अंकित फ़ारिग़ हो जाता है. फिर रेनू अपने काम मई लग जाती है और अंकित अपने रूम मई जाकर आज जो कुछ भी हुआ, उसके बारे मई सोचने लगता है.
इधर अवि घर से निकलकर सीधे सोनल के ऑफिस आ जाता है. जैसे hi वो दूर ओपन करता है, सोनल अपना काम कर रही होती है.
अवि: hello माय ब्यूटीफुल लेडी.
अवि अंदर आते हुए बोलै.
सोनल: किसी है मेरी जान, तू यहाँ ...
सोनल उसे देखते hi हुग करके कहती है.
अवि: है आपको देखने का बहुत मन कर रहा था रो आ गया.
अवि चेयर पर बैठते हुए कहता है.
सोनल: बस बस मस्का मत लगा.. कॉफ़ी पियेगा..
सोनल टेबल पर बैठते हुए कहती है.
अवि: है..
और सोनल पियोन को कॉफ़ी लाने के लिए बोल देती है.
सोनल: तो आज तो तेरा मैच था न रिया के साथ.
सोनल अवि से कहती है.
अवि: है था, और म रिया को क्लीन बोल्ड कर चूका हु.
अवि स्माइल करते हुए बोलै, जबकि सोनल का चेहरा वैसा hi था.
अवि: वैसे मुझे आपको कुछ बताना है.
सोनल: क्या.
तभी वह पियोन कॉफ़ी लेकर आ जाता है, सोनल उस से कॉफ़ी लेकर अवि को दे देती है.
अवि: आपके पीछे सिर्फ भैय्या hi nahi....dad भी है...
अवि के इतने सुनते hi सोनल ने जो कॉफ़ी का सिप लिया था, वो धक् से बहार आ जाता है.
सोनल: क्या बकवास कर रहा है तू.
सोनल रौदे होकर कहती है.
अवि: डीई ये बकवास नहीं सच है और ये बात मुझे रिया ने खुद बताई है.
अवि के बात सुनते hi सोनल अपना सर पकड़ कर चेयर पर बेथ जाती है.
सोनल: मुझे यकीन नहीं होता, कैसे एक baap...ufff.. हे भगवन मुझे इस परिवार मई hi जन्म क्यों दिया. जहा रिश्ते नाटो की परवाह किये बिना, सबके दिलो मई सिर्फ हवस भरी पड़ी है.
सोनल का दिल इस वक़्त बहुत साद था.
सोनल: और tu...tu क्यों मुस्कुरा रहा है, तेरे दिल मई भी तो सबके लिए हवस hi है.
अवि को मुस्कुराता देख सोनल भड़क जाती है.
अवि: दी ये सच है पहले मेरे दिल मई आप सबके लिए सिर्फ हवस थी, लेकिन अब म आपसे सच्चा प्यार करता हु....
अवि उसके पास आकर उसका हाथ पकड़कर कहता है.
सोनल: अगर म बोलू की तू अब किसी के साथ भी सेक्स नहीं करेगा तो.....
सोनल उसे देख कहती है.
अवि: आपकी कसम डीई, अगर आप चाहती हो तो किसी और के साथ सेक्स तो दूर की बात है, म इस बारे मई सोचूंगा तक नहीं.
अवि उसका हाथ चूमते हुए बोलै.
सोनल: मुझे तुझ पर पूरा भरोषा है अवि, लेकिन जब म अपने परिवार की ये नीच हरकते याद करती हु तो पता नहीं मुझे खुद पर hi गुस्सा आने लगता है.
अवि: डीई ये सब जीन्स का इफ़ेक्ट है, हम सब अपने पेरेंट्स के ऊपर hi गए है. सिवाए आप को छोड़कर.
अवि उसके सामने बैठता हुआ कहता है. जबकि सोनल अपना चेहरा हाथो मई छिपाये हुए थी.
अवि: यर दी आप प्ल्ज़ टेंशन मत लो.
सोनल: क्यों टेंशन न लू म, मेरे डैड और मेरा बड़ा भाई मेरे बारे मई इतना गन्दा सोचते है, मुझे सोच कर hi घिन्न आती है.... लेकिन शयद तू ठीक कह रहा है, ये सब जीन्स का hi नतीजा है... म भी तो तुझसे प्यार करती हु न.. और ये भी गलत है न...
अवि: दी अब अगर आप सही गलत के बारे मई सोचोगी, तो भगवन के सिवा कोई सही नहीं है. और दूसरे लोग हमारे बारे मई क्या सोचते है, हमें इस बात से फ़र्क़ नहीं पड़ना चाहिए. बल्कि हमारी सोच किसी है, उस से फ़र्क़ पड़ना चाहिए.
सोनल: क्या बात है मेरी जान फिलोसोफर बन गया है क्या??
सोनल स्माइल करते हुए बोली.
अवि: डीई आप हमेशा ऐसे hi मुस्कुराती हुई रहा करो, अच्छी लगती हो...
और फिर उनमे और बाटें होने लगी. शाम के वक़्त दोनों साथ hi घर आये. जैसे hi वो दोनों अंदर आते है तो पूरी फॅमिली हॉल मई hi बैठी हुई थी. सोनल उन्हें देखकर बिना कुछ कहे अपने रूम मई चली गयी. अवि ने देखा की सुनील उसकी और घूर रहा है और पास मई hi रिया बैठी हुई थी. उसकी आँखे अब भी लाल हो रही थी. अवि उन्हें अवॉयड करता हुआ अपने रूम मई आ गया. डिनर के वक़्त अवि और सोनल दोनों साथ hi आकर बेथ गए.
रेनू: आप भी आ जाइये...
रेनू सुनील की और देखकर कहती है. तब सुनील उठता है और आकर बेथ जाता है. जैसे hi रिया सोफे से उठने लगी, उसके मुँह से तुरंत एक आह निकली. और वो लंगड़ाते हुए धीरे धीरे डाइनिंग टेबल पर आकर बेथ गयी. सोनल ने एक बार अवि की और देखा, लेकिन वो नीचे नजरे किये हुए खाना शुरू कर चूका था.
सोनल: रिया तुझे क्या हुआ, ऐसे क्यों चल रही है.
सोनल उस से पूछती है.
रेनू: ये लड़की न पागल है, आज कॉलेज मई फ्लावर पॉट से टकरा कर गिर गयी, और इसके पेअर मई चोट लग गयी.
सोनल: ओह अच्छा.
फिर सब चुपचाप नास्ता करने लगे. नास्ते के दौरान अंकित की नजर रेनू पर थी, सुनील की नजर गुस्से से अवि को घूर रही थी और सोनल की नजरे रिया और अवि पर थी.