Incest Prem : Hunter or Prey ? - Page 6 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Incest Prem : Hunter or Prey ?

नेक्स्ट अपडेट ों सैटरडे ~

प्रेरणा , प्रतिभा और 1827

इसके बाद में 14 डेज के लिए वर्क ट्रिप पर जा रहा हु उसे अपनी टीम के साथ . सो ओफ़्कौर्से कुछ टाइम के लिए अपडेट नहीं आएंगे . उसके बाद वापस रेगुलरली आएंगे .

एंड येह , हे इस किंग

कोड नाम ~ 1827


images-23.jpg
 
अपडेट 27

प्रेरणा , प्रतिभा और 1827

[ प्रेम : आजाओ ब्रेकफास्ट करते है!

ममता : जी स्वामी !

प्रेम : ( मैं में ) इसकी माँ का स्वामी !! मेरे माँ न कितना ाचा नाम रखा मेरा प्रेम ! और यह बस स्वामी ! ]

अब आगे :

*कुछ देर बाद*

प्रेम : में कुछ घंटे में वापस आ रहा हु ! उसके बाद हम तुम्हारे गाँव चलेंगे ! ठीक है !

ममता : ( निचे देखते हुए ) जी स्वामी !

प्रेम : गुड !

प्रेम रूम के बाहर चला जाता है और बाहर से लॉक कर वृंदा के रूम की तरफ चल देता है .

प्रेम वृंदा के रूम के बाहर आ जाता है और नॉक करने लगता है . वृंदा गेट खोलती है .

प्रेम : चले ?

वृंदा : हाँ !

प्रेम वृंदा के साथ वह से जाने लगता है .

_____________________________________

लोकेशन : मुंबई , महाराष्ट्र

एक बड़े से लक्ज़री मेंशन में 2 लोग बेथ साथ में जाम लड़ा रहे थे .

आदमी 1 : नई यॉर्क से जो गन्स आयी है वह आगे एक्सपोर्ट हो गयी ?

आदमी 2 : हाँ ! सभी काम हो चूका है ! 1827 सारा काम खुद हैंडल कर रहा है!

आदमी 1 : 1827 !!! किसीको वो अपने मुँह से उसका नाम भी नहीं लेने देता ! सिर्फ 1827 !!

आदमी 2 : कुछ दिन पहले Hi एक शेर का शिकार करके आया है वह !

आदमी 1 : मेने भी किया था शिकार !

आदमी 2 : तूने गन के साथ किया ! वो सिर्फ अपने दो हाथ Hi लेकर गया ! शेर का जबड़ा फाड़ दिया उसने !

आदमी 1 : ये 1827 है बड़ा खतरनाक ! अकेला 100 पर भारी है !

आदमी 2 : ये साला इसके खून में Hi कुछ है ! पर इसके बाप की बात अलग थी ! उसका और Hi कुछ अलग था ! साला प्राइम मिनिस्टर को भी अपनी मुट्ठी में रखता था !

आदमी 1 : हाँ ! वो तो हैवान था !

*पर्सन ेंटेर्स थे रूम*

पर्सन : मुझे याद कर रहे हो ?

आदमी 1 : ( खड़े होते हुए ) हम आपको Hi याद कर रहे थे !

आदमी 2 : ( खड़े होते हुए ) वैसे ये आपके चेहरे पर खून कैसे लगा ?

1827 : ( गुस्से में ) तेरी अम्मा का है !! चाटेगा !!

AD_4nXfbQjhj9ZKmmWwIrDwOZendDU6h5T4A9P326xmeF8IP7riKkhiel0LlpwNq73GZtKStrdUi35kkc4fEpHo6uVGZukH3OGl7dAYQ39CsFrQ7Ur-_nRiY2_6sBnru0NexA1PqBGHfbKVIpifkmWmDfTlYKpc


आदमी 2 : S..Sorry !!

1827 : ( गुस्से में ) ये बताओ की उस मास्टर श्रुजित को किसने मारा ?

आदमी 1 : हमने पता लगाया है ! ह्यदेरबाद का एक बड़ा डॉन है ! त्रिविक्रम !

1827 : कन्फर्म है ?

आदमी 1 : हाँ !

1827 : अब ये पता लगाओ ये त्रिविक्रम कही किसी भी तरह से राजवीर महरा से कनेक्ट था क्या ?

आदमी 2 : हमने वह भी पता लगा लिया है सर ! त्रिविक्रम किसी भी तरह से राजवीर महरा से कनेक्ट नहीं ! उसने तो श्रुजित को किसी पर्सनल रीज़न की वजह से मारा !

1827 : हम्म ! में कल मेक्सिको जा रहा हु ! एक महीने बाद आ जाउगा !

आदमी 2 : जी सर !

_____________________________________

*2 ऑवर लेटर*

प्रेम और वृंदा दोनों फिलहाल कार में बैठे हुए थे . उन्होंने अपना सारा काम निपटा दिया था और अब वह होटल की तरफ Hi बढ़ रहे थे . प्रेम ने अपने कपडे भी चेंज कर लिए थे .

वृंदा : आगे का क्या प्लान है ?

प्रेम : किसके बारे में ?

वृंदा : बदले के बारे में !

प्रेम : हम्म ! फिलहाल उससे पहले हैदराबाद जाना है ! वह से काम निपटने के बाद शेखर की दूसरी पत्नी को अपने हाथ में लेना है ! उसके बाद शेखर Hi सबसे एहम कड़ी है !

वृंदा : OK !

प्रेम : ( गुस्से में ) में छोड़ूगा नहीं किसीको भी ! अपने हाथ से गाला काटूगा Sabka…Apne हाथ से !!!

वृंदा : कलम डाउन !

प्रेम : वैसे बड़े पापा की हेल्थ में कुछ सुधर ?

वृंदा : नहीं !

प्रेम : वैसे अभी चेक आउट करवा लेते है होटल से !

वृंदा : हाँ !

प्रेम : यहाँ से परमदा जायेगे और वह से सीधा चॉपर पद !

वृंदा : OK !

कुछ Hi देर में वो होटल पहुंच जाते है . होटल पहुंचते Hi प्रेम अपने रूम में आ जाता है . रूम में आते Hi प्रेम गेट बंद कर देता है .

प्रेम : चले अब ??

ममता : जी स्वामी !

प्रेम : गुड ! आओ !

ममता अपना बेग ले लेती है और चलने लगती है .

प्रेम : ये बैग मुझे दे दो !

प्रेम ममता के हाथो से उसका बैग ले लेता है .

प्रेम : सब कुछ रखा है न अंदर ! कुछ भूली तो नहीं ?

ममता : ( निचे देखते हुए ) जी नहीं स्वामी !

प्रेम : गुड !

ममता वापस घूँघट पेहेन लेती है .

प्रेम : इसको वापस क्यों लगा रही हो ?

ममता : जी स्वामी वो हमारे यहाँ मुँह सिर्फ अपने पति परमेश्वर को Hi दिखाया जाता है , किसी और को नहीं !

प्रेम : जैसा तुम चाहो !

प्रेम : ( मैं में ) अपने क्या लेना देना !

प्रेम गेट खोल देता है . वृंदा भी वह आ जाती है .

प्रेम : चलिए सब !

_____________________________________

लोकेशन : अननोन प्लेस

" बा अदब बा मुलाइज़ा होशियार महाराजा शशिवारघा पधार रहे है "

एक आदमी जो अपने हुलिए से किसी महाराजा की तरह लग रहा था वह काल कोठरी ( जेल ) की तरफ बढ़ रहा था .

जैसे जैसे वह आगे बढ़ रहा था वैसे वैसे जो आदमी खड़े थे वो जुक कर उसको सलाम कर रहे थे .

वो आदमी एक काल कोठरी के अंदर जाता है . वो बाकी सभी गार्ड्स को बाहर Hi रोक देता है.

शशिवारघा : ( स्माइल्स ) प्रेरणा ! प्रेरणा ! प्रेरणा ! कब तक यहाँ रहोगी ? तुम जैसी Husn-e-Malika हमारे साथ हमारे सिंघासन पर होनी चाहिए ! कब तक इस काल कोठरी में बैठी रहोगी ? कोई नहीं आने वाला तुम्हे यहाँ से बचने !

शशिवारघा के सामने जमीन पर एक औरत बैठी हुयी थी . उसके चेहरे पर कोई भाव नहीं था . बस चुपचाप वह वह बैठी हुयी थी जैसे आज भी वह किसी का इंतज़ार कर रही हो .

शशिवारघा : इतने साल बिट गए पर तुम्हारा पति कभी नहीं आया यहाँ ! वो तुम्हे कभी खोज Hi नहीं पाया ! क्यों अपनी पूरी ज़िन्दगी यही बिताना चाहती हो ? में तुम्हारे साथ कोई ज़बरदस्ती नहीं करने वाला ! न Hi मेने कभी ज़बरदस्ती की ! ज़रा एक बार सोचो इस बारे में ! रानी बना कर रखुगा तुम्हे ! मेरी तीसरी पत्नी बन जाओ प्रेरणा ! जो नूर तुम्हारे चेहरे पर सालो पहले था , वह आज भी बरक़रार है !

शशिवारघा आँखे जमाये उस औरत की तरफ देखता है पर वह औरत अपना चेहरा निचे झुकाये बैठी हुयी थी .

शशिवारघा कुछ देर वह रुकता है और वह से चला जाता है .

शशिवारघा के जाने के बाद वह औरत वह से कड़ी होती है और पास में पड़ी एक पानी की मटकी में से पानी पीने लगती है . वह एक छोटी सी खिड़की थी जिसमे से सूर्य की किरणे सीधा उसके मुँह पर पड़ती है .

AD_4nXdr69EdmpsAyORbO0xF79XYCA2GwOEU-eeLiimu2IkIA1XlA3vBCt7_051mJdB1oniSzJhfvtY2CGI5K1A7WYa8D01FH7hC7aTmrXjH71sLfYDrhwRiF8hFHbepxGbYUIyBT6hMoCb-mF5g_rj8UrYjwARM


_____________________________________

*7 हॉर्स लेटर*

प्रेम वृंदा और ममता के साथ वापस जयपुर लौट रहा था . प्रेम बहुत बोर हो चूका था . प्रेम फिलहाल कार चला रहा था और ममता और वृंदा पीछे बैठी हुयी थी .

[ कन्नड़ लैंग्वेज ट्रांसलेटेड ईंटो हिंगलिश ]

वृंदा : वैसे इसका चेहरा है केसा ? मेने तो अभी तक नहीं देखा !

प्रेम : किसी हुस्न की पारी तरह चेहरा है ! स्टिल आपसे ज्यादा सुन्दर नहीं !

वृंदा : नीस !

प्रेम : Don't कॉपी माय स्लैंग !

वृंदा : ( स्माइल्स ) तुमने क्या कॉपीराइट ले रखा है क्या नीस वर्ड पर !

प्रेम : हाँ !

वृंदा : ( स्माइल्स ) वैसे परिधि , पालक और सेल्वा को क्या कहोगे ? ये लड़की कौन है ?

प्रेम : जो भी सच है वही बताउगा !

वृंदा : ( स्माइल्स ) ओह ! OK ! अब तुम्हारे साथ रह कर सच बोलने की आदत Hi चली गयी है मेरी !

प्रेम : ( स्माइल्स ) नीस !

वृंदा : ( स्माइल्स ) और ममता को क्या बताओगे ? ये सब लोग कौन है ? तुम उसको छोड़कर वापस कहा जा रहे हो ? उसके कोई सास ससुर नहीं है क्या वगेरा वगेरा !

प्रेम : वो सब में देख लगा ! Don't वोर्री !

वृंदा : ( स्माइल्स ) ओफ़्कौर्से तुमने तो पीएचडी की है झूट बोलने मई !

प्रेम : OK स्टॉप आईटी दी !

कुछ Hi देर में कार प्रेम एक जगह पार्क कर लेता है .

*कुछ देर बाद*

आदमी : गुड इवनिंग सर !

प्रेम : रेडी तो जो !

आदमी : यस सर !

प्रेम : चलिए !

आदमी : जी सर !

वो आदमी एक बड़े से चॉपर की तरफ बढ़ता है . प्रेम भी ममता और वृंदा के साथ उसकी तरफ बढ़ते है .

वो आदमी चॉपर का पॉयलेट था. वो उसमे बैठ जाता है .

प्रेम : दी ! पहले आप बैठिये !

वृंदा : हाँ !

वृंदा चॉपर में बैठ जाती है.

प्रेम : तुम्हे इस घूंघट में नहीं दिख रहा हो तो हटा सकती हो ! वैसे चलो अब बैठो इसमें !

ममता आगे बढ़कर चॉपर में बैठ जाती है . उसको बहुत दर लग रहा था क्यूंकि वह कभी भी चॉपर में नहीं बैठी थी .

प्रेम भी चॉपर में बैठ जाता है .

प्रेम : ( क्लोज थे दूर ) Let's जो !

आदमी : यस सर !

_____________________________________

लोकेशन : देवगढ़ , राजस्थान

एक रूम में 3 लोग मौजूद थे . संध्या , इंद्रवर्धन और तिरुमला बैठे हुए थे . संध्या के चेहरे पर परेशानी साफ़ नज़र आ रही थी .

तिरुमला : कल हल्दी रस्म है ! आप इतनी परेशां क्यों है ?

संध्या : माँ हमे बस प्रेम की चिंता है ! पता नहीं आज कल वह क्या करता है ? पूरा बदल चूका है वह ! मेरा बच्चा पहले जो भी करता था , हमे सब बताता था पर अब हमसे बात करने के लिए भी उसके पास समय नहीं है ! पहले वह बहुत हसमुख था पर अब उसके मुँह पर वह मुस्कराहट नज़र Hi नहीं आती !

तिरुमला : अब वह बड़े हो गए है ! समय के साथ सब कुछ बदल Hi जाता है !

संध्या : माँ वो अपने पिता की तरह लड़ाई मार पीट करने लग गया है ! हम नहीं चाहते की वो अपने पिता की तरह बने !

इंद्रवर्धन : क्या बुराई है उनके अपने पिता जैसे बनने में ? उनके पिता इंडिया के सबसे ज़्यादा प्रभावशाली इंसान थे ! प्रधानमंत्री के साथ भी उनके बहुत अचे सम्भन्ध थे !

संध्या : पर कभी भी खुश नहीं रहते थे ! हर जगह बस दुश्मन Hi दुश्मन भरे पड़े थे !

तिरुमला : आपको ऐसा क्यों लगता है की प्रेम अपने पिता की तरह बनता जा रहा है ? अभी तो मेरा बच्चा कॉलेज की शिक्षा पूरी करके आया है !

संध्या : आपने सुना नहीं नीचे शीना ने क्या कहा ? वो अकेला भीड़ गया 50 लोगो के साथ और उनको जान से मार दिया !

इंद्रवर्धन : अगर वह नहीं मारते तो वह मर जाता ! अपने आप को बचने के लिए मारना जरुरी था उनको !

संध्या : आप लोग नहीं समझ पा रहे है ! उसका बर्ताव भी धीरे धीरे उसके पिता की तरह होते जा रहा है ! प्रेम अपने पिता को अपना हीरो मानता था , वो उन्ही की तरह बनना चाहता था और अब मुझे लगता है वह धीरे धीरे उन्ही की तरह बनता जा रहा है !

तिरुमला : आप बहुत ज़्यादा Hi विचार - विमर्श कर रही हो ! ज़्यादा मत सोचिये अब !

_____________________________________

प्रेम जिस चॉपर में बैठा हुआ था वह मुंबई में लैंड हो चूका था . प्रेम ने पहले Hi यहाँ कार मगवा ली थी . प्रेम वृंदा और ममता को लेकर उस कार में बैठ जाता है . प्रेम ने ड्राइवर को पहले Hi कहा जाना था वह की लोकेशन दे दी थी .

[ कन्नड़ लैंग्वेज ट्रांसलेटेड ईंटो इंग्लिश ]

वृंदा : वैसे गृहप्रवेश करना है की नहीं !

प्रेम : कोई जरुरत नहीं है !

वृंदा : वैसे काफी सुहाना मौसम है बाहर !

प्रेम : येह !

वृंदा : वैसे बिचारि क्या सोचती होगी , हम जो भी बोल रहे है उसको कुछ समझ Hi नहीं आ रहा होगा !

प्रेम : हम्म !

कुछ Hi देर में कार आकर एक मेंशन के बाहर आकर कड़ी हो जाती है .

यह वही मेंशन था जो प्रेम ने ख़रीदा था जिसमे फिलहाल परिधि , पालक और सेल्वा रह रहे थे .

तीनो कार से उतर जाते है . वह कार वह से चली जाती है .

______________________________________

लोकेशन : Pratibha's हाउस , मुंबई

" तू नूट्रिशनिस्ट है फिर भी बैठ कर आइस क्रीम थुश रही है "

ये शब्द थे नीलम के जो प्रतिभा के रूम में बैठी हुयी थी .

[ रीच आउट तो अपडेट 6 तो क्नोव अबाउट नीलम ]

प्रतिभा : तो ? किसने बोलै नूट्रिशनिस्ट आइस क्रीम नहीं खा सकते !

नीलम : खा बूत ये तेरा 5तह कप है !

प्रतिभा : नज़र मत लगा !

नीलम : वैसे तेरे पेरेंट्स कहा गए ?

प्रतिभा : वो शादी में गए है वड़ोदरा ! 3 दिन बाद Hi आएंगे ! मेने सोचा तुझे Hi घर पर नाईट आउट के लिए बुला लू !

नीलम : ( स्माइल्स ) नाईट आउट घर पर Hi ! नेटफ्लिक्स एंड चिल !

प्रतिभा : ( स्माइल्स ) नॉट तहत चिल ! वो तू शुभम के साथ Hi कर ! I'm ा स्ट्रैट गर्ल !

नीलम : तू भी धुंधले जिसके साथ चिल कर सके !

प्रतिभा : हम्म ! में भी सोच रही हु ! वैसे तुझसे एक बात पूछनी थी !

नीलम : ( स्माइल्स ) आने दो ! क्वेश्चन का ट्रक आने दो !

प्रतिभा : ( ब्लशेस ) मुझे प्रेम के बारे में जानना था ! तू तोह उसकी पुराणी फ्रेंड है !

नीलम : ( स्माइल्स ) ओह हो ! ब्लश एंड आल ! हम्म ! प्रेम ! ा वैरी नीस गाए ! हमारा क्लासमेट Hi था !

प्रतिभा : ठीक से बताना ! मेरी स्कूल में कभी उससे ज़्यादा बात नहीं हुयी ! तुम तो उसकी फ्रेंड हो ! तुम्हे तो सब पता होगा ! उसके और उसके फॅमिली एंड आल के बारे में !

नीलम : अरे यू किडिंग ? तुझे प्रेम की फॅमिली के बारे में नहीं पता ?

प्रतिभा : नहीं ! क्यों ?

नीलम : वो प्रेम महरा है ! ये तेरे मोबाइल में जो कंपनी की सिम है , वो इसकी Hi कंपनी है ! ये तो छोड़ , तू जिस हॉस्पिटल में काम करती है , वो हॉस्पिटल भी उसके परिवार का Hi है !

प्रतिभा : ( शॉक्स ) व्हॉट ????

नीलम : क्या व्हाट ? तेरे जितना बेवकूफ मेने कभी नहीं देखा ! इतना सा भी नहीं पता तुझे ?

प्रतिभा : तो मुझे कैसे पता होगा ? मुझे सपना थोड़ी आएगा!

नीलम : हां वैसे भी इंटरनेट पर प्रेम के सिवाए उसके पुरे परिवार की इनफार्मेशन है , बस उसकी Hi नहीं है !

प्रतिभा : पिछली बार जब हम मिले थे तब उसने मुझे बस इतना बताया था की वो मालाबार हिल्स में रहता है !

नीलम : हां तो सभी रिच लोग वही रहते है ! तुझे पता है तेरे हॉस्पिटल की डीन उसकी बुआ Hi है !

प्रतिभा : ारी !! फिर तो प्रॉब्लम हो गयी ! मेने उसी के सामने उसकी बुआ की बीटचिंग करदी थी ! शित्त्त !!!

AD_4nXcaFvFX4Tt_P9Cgfvmn-VC_SCFieYACLygKPqOhIZ1NqdIqwjPMm6fhejB63XkGiX3l6sRkpBYjpIpeWMt4uknBCacfAsp0V7AjHGk7CvRdMPisK0n4sTj8Mrv7kwjLQTJajIzGDdDwAo-dX_OHhmKWYYnh


नीलम : Don't वोर्री ! प्रेम इतना मंद नहीं करता ! ी क्नोव !

प्रतिभा : वैसे हम दोनों में एक चीज़ तो कॉमन है ! गुजरात !

नीलम : क्या ? कैसे ?

प्रतिभा : उसकी मदर भी गुजरात से है ?

नीलम : ( स्माइल्स ) Wtf ?? किसने बोलै ? उसकी माँ राजस्थान से है ! बहुत बड़े क्रोरेपति राजा की बेटी है वह !

प्रतिभा : क्या ?? बूत प्रेम ने Hi मुझे बोलै था की उसकी माँ गुजरात से है !

नीलम : तूने गलत सुना होगा !

प्रतिभा : शायद हो सकता है !

नीलम : वैसे तेरे केस में एक बात तो पॉजिटिव है ! प्रेम एक दम पागल है तेरे पीछे ! बिलकुल पागल ! तेरे पास आते Hi वो ययय करके बेहोश हो जाता है ! एंड It's स्ट्रेंज ! क्यूंकि तू इतनी भी खूबसूरत नहीं है !

प्रतिभा : ोई !!

नीलम : No ऑफेंस बूत तू 5 आउट ऑफ़ 10 है इन टर्म्स ऑफ़ एवरीथिंग ! न Hi तू बहुत ज़्यादा खूबसूरत है और न Hi ज्यादा हॉट ! तेरे बॉडी में सेक्स अपील एक दम 0 है ! न Hi तेरे बूब्स बड़े है और न Hi तेरी अस्स ! न Hi तेरा रिच फॅमिली बैकग्राउंड है ! और तेरी हाइट भी 5'2 Hi है !

प्रतिभा : बस ! तुझे यहाँ मेने अपनी बुराई करने के लिए नहीं बुलाया ! और हाइट कहा से बीच में आ गयी ? हम कोई हाइट कम्पटीशन में थोड़ी Hi पार्टिसिपेट कर रहे है !

नीलम : अपने बारे में सुन लिया ! अब प्रेम के बारे में सुन ले ! फॅमिली विथ अल्ट्रा रिच बैकग्राउंड ! दिखने में हैंडसम है ! हाइट 6' है ! उसे से ब करके आया है !

प्रतिभा : ( अपसेट ) मतलब उसका और मेरा कोई मैच नहीं है !

नीलम : Don't गेट अपसेट ! अभी तो बोलै ! तेरे लिए सबसे बड़ा पॉजिटिव है की प्रेम लाइक्स यू ! ेवेन्तुअल्ल्य हे लव्स यू ! उसमे हिम्मत नहीं है तुझे बोलने में ! वैसे यू आल्सो लिखे हिम नाह ?

प्रतिभा : ( ब्लशेस ) ी मैं ! जब वह मुझे रीयूनियन पर वापस दिखा था , तब में थोड़ा अवेस्ट्रोक हो गयी थी ! मुझे लगा नहीं था मई प्रेम को वापस देखूँगी !

नीलम : अन्य्वयस ! ी होप तुम दोनों साथ आ जाओ ! तुझसे से ज्यादा में प्रेम के लिए खुश होगी !

♡

♡

♡

आज के लिए बस इतना Hi , लिखे करना और अपना रिव्यु देना न भूले . नेक्स्ट अपडेट आने में बाहर समय है , उससे पहले में खुद 2 वीक्स के लिए उस जा रहा हु . मिलते है जल्द Hi , तब तक के लिए चियर्स 🍻
 
अपडेट 28

बीच रिटर्न्स ?????



[ प्रतिभा : ( ब्लशेस ) ी मैं ! जब वह मुझे रीयूनियन पर वापस दिखा था , तब में थोड़ा अवेस्ट्रोक हो गयी थी ! मुझे लगा नहीं था मई प्रेम को वापस देखूँगी !

नीलम : अन्य्वयस ! ी होप तुम दोनों साथ आ जाओ ! तुझसे से ज्यादा में प्रेम के लिए खुश होगी ! ]

अब आगे :

प्रेम फिलहाल एक रूम में खड़ा हुआ था , उसके साथ Hi परिधि , पालक , सेल्वा और वृंदा भी उस रूम में मौजूद थे .

प्रेम ममता को अंदर लेकर आ चूका था और सबसे मिलवाकर उसको एक रूम में बिठा कर इस रूम में आ जाता है .

तीनो के मैं में सवाल थे जो उनके चेहरे पर साफ़ झलक रहे थे .

पालक : कोण है यह ?

प्रेम : बताया तो था अभी बाहर ! ममता ! कुछ दिन अब यह यही रहेगी !

परिधि : वो तुम्हे स्वामी क्यों कह रही थी ? तुमने नाम चेंज कर दिया ?

प्रेम : मेने कोई नाम चेंज नहीं किया ! मेरा नाम प्रेम राजवीर महरा Hi था , है और रहेगा ! अब तुम लोग पूरी बात सुनो मेरी !

वृंदा : में बताती हु !

वृंदा साड़ी बात तीनो को बताती है . यही की किस हालत में प्रेम की ममता से शादी हुयी.

प्रेम : फिलहाल में वापस राजस्थान जा रहा हु ! उसके बाद आकर इसको डाइवोर्स दे दुगा और वापस छोड़ कर आ जाउगा ! तब तक बस वो तुम्हारे साथ रहेगी !

पालक : प्रेम मुझे तुमसे कुछ जरुरी बात करनी है ! हम कब तक यही हाथ पर हाथ धरे बैठे रहेंगे ???

AD_4nXcCzCP0MEPcULgV_yZvBh8PUv6_WK6_FksTsF2eO9KNXgTH6-RiGYQCLL70h1rnfn7r8nWeiy_eOoy93PpLqAqSmmdJRe7t5bn-HZg7g48LqJ16a6sKfBXvFkpE6GaDrKau4756xmX4tsvXbCagqLJrPu29


प्रेम : परिधि ! मेने किसी से कांटेक्ट किया है ! उसके इंडिया आने के बाद Hi हम कोई दूसरा स्टेप ले सकते है !

पालक : आखिर कौन है वह ?

प्रेम : वो तुम्हे जल्द Hi पता चल जायेगा ! और तुम लोग अपने हाथ पाँव ठन्डे मत पड़ने देना ! हमेशा सतर्क रहना ! इस मेंशन से ज्यादा बाहर मत निकलना !

सेल्वा : वैसे तुम क्या अभी वापस जा रहे हो ???

प्रेम : अभी रात ज्यादा बीत चुकी है !

वृंदा : अब सब सो जाते है ! प्रेम तुम जाओ ममता के पास !

पालक : क्यों ????

वृंदा : ( स्माइल्स ) ममता के लिए तो वो उसका पति है न ! वो तो चाहेगी न उसका पति उसके साथ सोये रात को !

परिधि : ( स्माइल्स )

AD_4nXf1tYrvF4BXB-fLbNggfrSjvzScM3AxVIRB4vJk1RjE9nJpuytxSA5sWZwn9Dh1Q45ignOjSfwSTgDq-NEw-_h-2Q8AWt4vNdAalaaHevs26OYZWejNJGJCgoZoEgEmoCWVSQvUgUjH4PJ5ZjUayzJv-hw


प्रेम : बस कुछ दिन की मेहमान है वह !

प्रेम वह से ऊपर एक रूम में आ जाता है जहा ममता थी . प्रेम रूम में आकर गेट बंद कर देता है .

प्रेम : सब कुछ बढ़िया ! कोई दिक्कत तो नहीं?

ममता : ( निचे देखते हुए ) जी नहीं !

प्रेम : गुड !

ममता : आप बुरा न मने तो आपसे एक बात पुछु ?

प्रेम : जरूर ! जो पूछना है पूछो !

ममता : ये आपका घर है ?

प्रेम : बिलकुल ! ये घर मेरा है ! अभी तुम जिससे मिली वो सभी मेरे दोस्त है !

ममता : आपका परिवार ??

प्रेम : हम्म ! समझ गया ! चलो में तुम्हे अपने बारे में बताता हु ! मेरे माँ और पापा बहुत पहले Hi इस दुनिया से चले गए ! में फिलहाल एक कंपनी में जॉब करता हु ! ये सभी लोग भी यही रहते है ! और कुछ ?

ममता : जी नहीं !

प्रेम : गुड ! अब सो जाओ बिना ज़्यादा सोचे !

ममता : जी स्वामी !

प्रेम : ाचा मेरी बात सुनो ! में कल कुछ काम से जा रहा हु ! एक हफ्ते बाद Hi आ पाउगा ! ठीक है !

ममता : जी स्वामी !

प्रेम : ( मैं में ) कुछ ज़्यादा Hi सुब्मिस्सिवे है !

*नेक्स्ट डे*

प्रेम सुबह जल्दी 4 बजे उठ जाता है . प्रेम बीएड से खड़ा होकर वाशरूम में चला जाता है और फ्रेश होकर बाहर आ जाता है . फिर वो बाथरूम में जाकर शावर ले लेता है और बाहर आ कर रूम के बाहर चला जाता है .

प्रेम निचे आ जाता है हॉल में . हॉल में Hi उसे परिधि मिल जाती है .

परिधि : गुड मॉर्निंग !

प्रेम : मॉर्निंग ! उठ गयी जल्दी ! गुड !

परिधि : ये तो डेली हैबिट है !

प्रेम : नीस !

परिधि : मई कॉफ़ी बनाकर लाती हु माय डिअर मैरिड बॉयफ्रेंड !

प्रेम : ( स्माइल्स ) येह ! वैसे तुम बहुत ब्यूटीफुल लग रही !

परिधि : ( स्माइल्स ) थैंक्स !

______________________________________

लोकेशन : अननोन लोकेशन

सुबह की पहली किरण निकल चुकी थी . खिड़की में से सूर्य की किरण सीधा एक औरत ले चेहरे पर पड़ती है .

कुछ Hi पल में उसकी नींद खुल जाती है और वो उठ कर बैठ जाती है . वो Kaal-Kothri में बैठी हुयी थी . उसमे होने के बावजूद भी उसके हाथ बंधे हुए थे .

पुरे दिन उसके हाथ बंधे हुए रहते थे सिवाए तब जब एक दासी आकर उसको गुसलखाने में लेकर जाए .

कुछ Hi देर में काल कोठरी का गेट खुलता है और उसमे एक दासी आती है .

प्रेरणा: आज इतनी जल्दी क्यों आ गयी ?

दासी : बस ऐसे Hi ! मुझे आपसे कुछ बात करनी है !

प्रेरणा : कहो !

दासी : आप कब तक ऐसे Hi यहाँ प्रतीक्षा करती रहेगी ? कितने वर्ष बिट चुके है !

प्रेरणा : मुझे पूरा विश्वास है मेरे पति जरूर आएंगे !

दासी : में रोज प्राथना करती हु की वो जरूर आये ! वैसे आपने कभी अपने परिवार के बारे में नहीं बताया ?

प्रेरणा : ( स्माइल्स ) मेरा परिवार ! मेरे परिवार में मेरे पति है , मेरा एक बीटा और एक बेटी है !

दासी : वो तो अब बहुत बड़े हो गए होंगे !

प्रेरणा : हाँ ! जब आखरी बार देखा था तब मेरा बीटा करीब 2-3 साल का था और मेरी बेटी 6-7 महीनो की !

दासी : अगर आप उनसे कभी मिली तो आप पहचान पाएगी ?

प्रेरणा : मेरे बेटे की आँखे बिलकुल मुझपर गयी है ! देखते Hi पहचान लगी !

दासी : आपके बच्चो का नाम क्या है ?

प्रेरणा : ( स्माइल्स ) मेरा बेटे का नाम शुभम और बेटी का नाम पीहू है !

______________________________________

सभी लोग उठ चुके थे . प्रेम फिलहाल अपने रूम में था जहा ममता भी थी . प्रेम वापस जाने के लिए रेडी हो गया था . उसने सभी प्रिपरेशन पहले Hi कर्ली थी .

प्रेम : अपना ध्यान रखना ! जो भी चाहिए हो बिना झिझक के किसी से भी मांग लेना !

ममता : जी !

प्रेम : गुड ! अब में चलता हु ! कुछ दिन बाद मिलेंगे अब !

प्रेम वह से निचे आ जाता है . प्रेम के पीछे पीछे ममता भी उसके साथ आ जाती है . वृंदा भी रेडी हो कर निचे Hi कड़ी थी .

वृंदा : चले !

प्रेम : सूरे !

परिधि : ध्यान रखना अपना !

प्रेम : यू तू ! टेक केयर ऑफ़ एवरीवन इन्क्लूडिंग नई लेडी ! मेक सूरे शी Doesn't फील लोनली !

परिधि : सूरे !

प्रेम क्या बोलता है वह ममता को कुछ भी समझ नहीं आता .

प्रेम और ममता वह से बाहर आ जाते है. वृंदा ने पहले Hi कैब बुक करवाली थी. प्रेम और वृंदा वह से कैब में बैठ जाते है .

*2.5 ऑवर लेटर*

प्रेम और वृंदा जयपुर चॉपर से पहुंच जाते है . वृंदा और प्रेम वह से वृंदा की कार में बैठ जाते है .

प्रेम कार ड्राइव करने लगता है और देवगढ़ के लिए निकल जाता है .

वृंदा : जल्दी चलना !

प्रेम : ओफ़्कौर्से !

वृंदा : वैसे तुम्हे तो पता Hi नहीं होगा की कोनसी सेरेमनी कब है ?

प्रेम : ये तो पता है की शाम को संगीत सेरेमनी है !

वृंदा : गुड ! बी थे वे माय बॉडी इस क्रेविंग नाउ !

प्रेम : किसी रेस्टोरेंट पर ले लेता हु !

वृंदा : भूख नहीं लग रही है मुझे ! में दूसरी क्रेविंग के बारे में बात कर रही हु !

प्रेम : ी सी !

वृंदा : क्या ी सी ?? आज के आज चाहिए मुझे !

प्रेम : ( स्माइल्स ) OK दी !

वृंदा : और अबसे तुम मुझे दी नहीं कहोगे जब हम अकेले हो !

प्रेम : आदत हो चुकी है !

वृंदा : तो बदलो अब आदत !

प्रेम : नीस ! ारी हाँ ! वो डीयू का क्या हुआ ? उसने किसीको कुछ बताया तो नहीं ? वर्ण फिर प्रेपरेड़ होकर जाते है !

वृंदा : में जब तक वह थी तब तक तो किसीको नहीं बताया था और मुझे नहीं लगता वो किसीको कुछ बताएगी !

प्रेम : नीस ! बूत स्टिल गेट लॉक कर देना चाहिए था हमे ! डीयू तो चलो मेरी बेहेन है , वो किसीको कुछ नहीं बताएगी ! मुझे उसपर थोड़ा भरोसा है !

वृंदा : बस थोड़ा भरोसा ?

प्रेम : ज्यादा भरोसा सा तो मई अपने आप पर भी नहीं करता ! बूत ी ट्रस्ट यू मोरे थान अन्य्बोद्य ! एक आप और दूसरा अमन !

वृंदा : थैंक्स !

प्रेम : उसके बाद मुझे सबसे ज्यादा ट्रस्ट मेरी माँ , डीयू और प्रेरणा पर है ! उसके बाद एलिसा एंड कटे पर है ! उसके बाद जितने भी लोग है वो सभी शामे ब्रैकेट में आते है !

वृंदा : मुझे लगा तुम परिधि , पालक और सेल्वा का नाम भी लोगे !

प्रेम : येह ! वो भी है वैसे तो ! पर दी इंसान को बदलने में कभी देर नहीं लगती !

वृंदा : क्या दी ?? अभी तो बोलै No दी ! ओनली वृंदा ! बोलो वृंदा !

प्रेम : ( स्माइल्स ) OK ! वृंदा डार्लिंग !

वृंदा : ( स्माइल्स ) बेटर !

AD_4nXdBusYoSIAfZNz-d58wXW_MC2IGc5VzxADELe1a6tx5k7bXRgOKj23hDlbzh0ejRxFBrGbI2rN2f6aCXiHNfZ6iVCGMNo-0nuu1ODRGQ7gdeoKCF8RET1uPtBUtgc1-dHGZaqQFEgenog26kp6fyKxYETeF


प्रेम : नीस !

वृंदा : वैसे में ऐसे Hi सोच रही थी ! तुम U.S. गए और किसी के लिए भी कोई गिफ्ट नहीं लाये !

प्रेम : भूल गया था ! आप भी क्या पुराणी बाते लेकर बैठ गयी !

वृंदा : अस यू से !

प्रेम : नीस !

कुछ Hi घंटे बाद दोनों देवगढ़ पहुंच जाते है .

वृंदा : कहा थे ये पूछेंगे तो क्या कहोगे ?

प्रेम : सभी लोग बिजी होंगे शादी की रस्मो में !

दोनों महल पहुंच जाते है . प्रेम कार को पार्क कर लेता है और दोनों साथ में अंदर जाते है .

घर के सभी लोग वही थे . सारे मेहमान वही थे . बड़े से हॉल में कई सरे लोग थे . कई मेहमान और सर्वेन्ट्स थे .

मैं गेट से कई मेहमान आ रहे थे जिसकी वजह से किसी की ख़ास नज़र नहीं जाती प्रेम और वृंदा पर .

" भैया !!!! "

प्रेम और वृंदा आगे जा Hi रहे थे तभी पीछे से आवाज़ सुन वो रुक कर पीछे मुद जाते है .

प्रेम : डीयू ! आल गुड !

दिया आकर प्रेम को हुग कर लेती है .

प्रेम : ( दिया को अलग करते हुए ) आल गुड !

दिया : ( गुस्से में ) पहले आप ये बताइये की आप कहा गए थे ?????

प्रेम : ( मैं में ) इसकी वॉल्यूम तो कुछ ज्यादा Hi बढ़ रही है आज कल !

प्रेम : वो ेलों मुश्क के पास गया था , पार्टी राखी थी उसने , जो बिडेन के रेसिग्नेशन देने पर !

दिया : बताइये न !!!

प्रेम : काम से गया था डीयू !

दिया : केसा काम ???

प्रेम : ( ्रान्त ) होता है काम ! सब चीज़े बताने के लिए नहीं होती ! ी हैवे माय ओन लाइफ !

AD_4nXdwe1D29NulHuZMIilP4f8RSrwl2ZciVqTahoglVe4z7saNM6VziE2foqQKEbTMo-fQ3_l-CWLsXI9vN2bBVS0AV9MqYnJ3gXAMZ7UUKi8jFWyjXqRNd02Y7Z7shlBNcPVFhY-y4D9AADfqHHy6WpzwOTUw


दिया : ( गुस्से में ) पर बताकर तो जा सकते थे ???

प्रेम : अगली बार बता कर जाउगा डीयू ! रिलैक्स !

दिया : हम्फ !! OK ! अब आप जाकर रेडी हो जाइये , ट्रेडिशनल ड्रेस पेहेन लीजिये ! में सेलेक्ट कर के दू आपको ?

प्रेम : नहीं चलेगा ! वो मई करलुँगा !

दिया: आप जाकर माँ से मिल लेना!

प्रेम : हाँ ! सरे लोग है कहा ?

दिया : कुछ लोग यही वही होंगे ! और कुछ लोग डांस प्रैक्टिस कर रहे है ! आज संगीत है न !

प्रेम : नीस !

प्रेम और वृंदा वह से चले जाते है . प्रेम अपने रूम में आ जाता है और गेट लॉक कर देता है . प्रेम अपने बड़े से बैग के पास जाता है और उसे खोलता है .

प्रेम उसमे से सरे 1 डेबिट कार्ड और 1 क्रेडिट कार्ड निकल कर टेबल पर रख देता है और उसमे से कपडे निकलकर बैग को वापस बांध करके रख देता है .

प्रेम फिर अपने कपडे चेंज कर देता है . कपडे चेंज करने के बाद प्रेम अपने बाल बना लेता है और अपना प्रेसियस परफ्यूम लगा लेता है .

प्रेम : ( स्माइल्स ) येह माय बॉय प्रेम राजवीर महरा ! लुकिंग डोप !

प्रेम टेबल पर पड़े क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड को अपनी पॉकेट में रख रेता है और अपने रूम से बाहर आ जाता है और निचे हॉल में आ जाता है .

निचे हॉल में आते Hi प्रेम को इंद्रवर्धन मिल जाता है .

प्रेम : ननु !

इंद्रवर्धन : आ गए आप !

प्रेम : जी !

इंद्रवर्धन : कहा गए थे ?

प्रेम : कुछ काम से गया था ! जैसे Hi ख़तम हुआ यहाँ आ गया !

इंद्रवर्धन : हम्म ! हमे आपसे कुछ ज़रूरी बात करनी है !

प्रेम : हमे भी ! वो जब हम जयपुर से देवगढ़ आ रहे थे तब…

इंद्रवर्धन : पता चला हमे उसके बारे में ! आप निश्चिंत रहिये पुलिस की कोई प्रॉब्लम नहीं होगी ! परन्तु अबसे हर वक़्त जब भी महल से बाहर जाए , बोडीगार्ड्स साथ में लेकर जाना !

प्रेम : जी !

इंद्रवर्धन : आपके इत्र की खुशबू वाक़ई लाजवाब है !

प्रेम : थैंक यू ! हम माँ से मिल कर आते है !

प्रेम वह से संध्या के रूम की तरफ बढ़ता है . प्रेम रूम के अंदर आ जाता है पर वह संध्या नहीं थी .

प्रेम फिर वह से 3रद फ्लोर पर आ जाता है संध्या को ढूंढने पर वह भी उसको संध्या नहीं दिखती . वह सरे रिलेटिव्स एंड गेस्ट के रूम थे .

प्रेम वापस आ रहा था तब उसकी नज़र एक विंडो पर पड़ती है . विंडो के अंदर उसको एक लड़की दिखती है .

AD_4nXeE1kCuUvUb8e07gYWhtTNY4KBmJN-osQlKxeqk6c80jksVCgbIlsJexfU-Rt4TiUzwo0CPX3-UtMq-dGM_RMfCjzVT-YNghcHKQyA-W9VmtE2WbPog9bjcdRPZa-RAae_oM5jxru5D_Fe6XuK-gh4gdc_y


प्रेम : इस लड़की को कही तो देखा है मेने ! कही तो देखा है !

प्रेम निचे हॉल में आ जाता है .

प्रेम : कहा देखा था ? फुकककक पारी !!! ये यहाँ कैसे ???????? सोचा नहीं था ये भी कोई रिलेटिव या गेस्ट होगी ! एक सेकंड ! ी जस्ट होप वो यहाँ नहीं हो !

प्रेम वह से हॉल में आ जाता है . हॉल में उसे वापस दिया मिल जाती है .

दिया : भैया !

प्रेम : हाँ !

दिया : किसी लग रही हु मई ?

AD_4nXdPs5dzv4x9UViKkYReh7nS2JXkEhiT5lpI1UC2tq5_LQhCjv0Ye420enljlJSKScdDJ7RHJe22cbMzWXfUARlUz_TnuvkxRyIJ3aBsESqqx2HKFlhLXXwh_nDRcBHXv4B62wc_uZKIranWnSxEBw37GtS9


प्रेम : नीस ! माँ को देखा क्या ??

दिया : हां वह तो टेरेस पर है ! सभी बड़े लोग ऊपर टेरेस पर Hi है !

प्रेम : OK !

दिया : आपने लंच किया ?

प्रेम : बाद में करता हु !

दिया : चलिए दोनों साथ में करते है !

प्रेम : प्रेरणा कहा है ?

दिया : वो डांस प्रैक्टिस कर रहे है !

प्रेम : नीस !

दिया : भैया आप दिन में कितनी बार 'नीस' बोलते है ?

प्रेम : डीयू !! चल अब ! लंच करके आते है ! वृंदा दी को भी बुला लेना !

दिया : वृंदा दी अपने आप आ जाएगी ! हम दोनों चलते है ! बाहर बुफे लगा हुआ है गार्डन मई !

प्रेम : तू नहीं बुला रही है तो मई वृंदा दी को कॉल कर देता हु ! उन्होंने भी लंच नहीं किया !

प्रेम अपनी पॉकेट में से मोबाइल निकलता है और वृंदा को कॉल डायल करता है .

' थे नंबर यू अरे कालिंग इस कर्रेंटली स्वित्चेद ऑफ '

प्रेम : ये दी भी चार्ज नहीं करती !

प्रेम मुड़ता है और फर्स्ट फ्लोर पर जाने के लिए बढ़ता है . तभी उसकी नज़र फर्स्ट फ्लोर की बालकनी पर पड़ती है .

AD_4nXdaxb9HnpBqGmAdP9Z37OGFr1ddqdFrC-MhUQU5X6TKyX2Zdk2iDi6OKiL5Ila413MY1bX8ONs_mw1FRvtS97sMUjhQjQHsf3BS1MO7_-VR0-i3pVFyW0lw7RkmmDifQwUMhpq6QGyp7-qV1R30kQ7aDb4_


प्रेम : ( मैं में ) फकककक !!!! कुलगौरवी !!!!!!

♡

♡

♡

आज के लिए बस इतना Hi , लिखे करना और अपना रिव्यु देना मत भूलना . पारी , परिधि और परिणीता तीनो अलग इंसान है , इसमें कंफ्यूज मत हो जाना . अपडेट 4 में पारी और कुलगौरवी के बारे में थोड़ा सा बताया गया है तो वो वापस से रेविसित कर लेना . मिलते है जल्द Hi , तब तक के लिए चियर्स 🍻


 
अपडेट 29

चुदाई या फिर चुद गए गुरु ???

[ प्रेम : ये दी भी चार्ज नहीं करती !

प्रेम मुड़ता है और फर्स्ट फ्लोर पर जाने के लिए बढ़ता है . तभी उसकी नज़र फर्स्ट फ्लोर की बालकनी पर पड़ती है . ]

अब आगे :

प्रेम की नज़र ऊपर कड़ी कुलगौरवी पर पड़ती है . उसे देखते Hi प्रेम वापस मुद जाता है और महल के बाहर जाने लगता है .

दिया : कहा जा रहे है भैया ??

प्रेम : गार्डन में ! लंच करने !

प्रेम गार्डन की तरफ बढ़ता है . दिया भी उसके पीछे पीछे आ जाती है .

प्रेम : ( मैं में ) इसको न Hi फेस करना पड़े तो Hi बेहतर है ! उपरवाले मुझे फ़ालतू में अब इसके मुँह नहीं लग्न !

दिया : भैया स्टार्टर्स में क्या लगे आप ?

प्रेम : चल पहले इतालियन लेते है ! फिर वो सामने काठियावाड़ी का छोटा सा बुफेट लगा है वो तरय करेंगे !

दिया : OK !

वही दूसरी तरफ जब वृंदा रेडी होकर अपने रूम में से बाहर निकलती है तभी उसकी भिड़ंत कुलगौरवी से हो जाती है .

कुलगौरवी : बॉस !

वृंदा : िफ़ I'm नॉट रॉंग , कुलगौरवी ??

कुलगौरवी : यस बॉस !

वृंदा : अब हम कॉलेज में नहीं है और यहाँ में तुम्हारी सीनियर नहीं हु ! सो No बॉस ! यू कैन कॉल में वृंदा ! वैसे तुम यहाँ कैसे ?

कुलगौरवी : मेरे दादाजी के बेस्टफ्रेंड के बेटे की शादी है , इसलिए पूरी फॅमिली बेंगलुरु से आयी है !

वृंदा : तुम्हारे दादाजी के बेस्टफ्रेंड मेरी चची के डैड है !

कुलगौरवी : स्माल वर्ल्ड !

वृंदा : येह ! बाद में मिलते है !

कुलगौरवी : OK !

वृंदा वह से निचे हॉल में आ जाती है .

वृंदा : ( मैं में ) ये प्रेम की एक्स को भी यही मिलना था ! शायद प्रेम ने अभी तक देखा नहीं है इसे !

वृंदा बाहर गार्डन में आ जाती है जहा बुफेट लगा हुआ होता है . वह बहुत काम लोग मौजूद थे जिसमे से वृंदा बड़ी आसानी से प्रेम और दिया को धुंध लेती है . वृंदा उनके पास चली जाती है .

प्रेम : दी ! कॉन्टिनेंटल तरय करो ! यू वोउल्ड लव आईटी !

वृंदा : बाद में ! प्रेम जरा 2 मं साइड में आना !

प्रेम : ( नॉड्स इन एग्रीमेंट )

दिया : क्यों ? क्यों ? क्यों ? मेरे सामने बात करिये आप लोग !

प्रेम : OK !

प्रेम : ( इन कन्नड़ लैंग्वेज ) बोलिये क्या हुआ ???

[ कन्नड़ लैंग्वेज ट्रांसलेटेड ईंटो हिंगलिश ]

वृंदा : कुलगौरवी भी आयी है यहाँ !

प्रेम : हां देखा मेने ! मुझे उससे अब क्या लेना देना ??? It's बेटर वे Don't फेस एच इतर ! मुझे अब उसकी शकल भी नहीं देखनी है !

वृंदा : OK ! में तो बस तुम्हे बताने आयी थी !

प्रेम : आप मिले उससे ?

वृंदा : हाँ ! उसको थोड़ी पता है की हम रिलेटिव्स है !

प्रेम : हाँ !

[ कन्वर्सेशन इन हिंगलिश ]

दिया : आप लोग क्या बाते कर रहे है ? ये Namma…Kuda कुछ भी समझ नहीं आ रहा है !

प्रेम : नीस ! दी लंच कर लीजिये ! मेने भी कर लिया है !

वृंदा : हाँ !

प्रेम ने लंच कर लिया था . वह वह से महल के अंदर आ जाता है और अपने रूम में आ जाता है . रूम में आते Hi वह अपना गेट लॉक कर देता है .

प्रेम अपने बैग से अपना लैपटॉप निकलता है और इंटरनेट पर दरकवेब ओपन करता है . ओपन करते Hi वह सेशन ों करता है और चाट स्टार्ट करता है . कुछ Hi पल में सामने से भी एक व्यक्ति कनेक्ट करता है .

*इन चाट*

[ इंग्लिश चाट ट्रांसलेटेड ईंटो हिंगलिश ]

प्रेम : सब कुछ ठीक तरीके से जा रहा है ?

सामने से : हाँ ! एक दम स्मूथ ! काम बहुत Hi जल्दी हो रहा है ! मैक्सिमम एक वीक ी थिंक !

प्रेम : नीस ! मेक्सिको का क्या हुआ ?

सामने से : डील दोने ! वह फिलहाल गैंग वार्स बहुत बढ़ गए है ! सो डील्स भी बहुत बढ़ गयी है ! डिमांड बढ़ती Hi जा रही है !

प्रेम : तो सप्लाई भी इनक्रीस करवालो ! पिस्तौल की सप्लाई ज्यादा करवा दो एंड मास फर फ2 गन की सप्लाई काम कार्डो !

सामने से : OK ! यहाँ जैसे Hi काम कम्पलीट हो जायेगे , में इंडिया आ जोगी !

प्रेम : येह ! तुम्हारी Step-Daughter किसी है ?

सामने से : ठीक है !

प्रेम : नीस ! Bye !

*चाट एंड्स*

*सेशन एंड्स*

प्रेम लैपटॉप बांध कर लेता है और वापस बैग में रख देता है. प्रेम बैग में पड़ी पिस्तौल को निकलता है और उसे चेक कर वापस बैग में रख देता है .

प्रेम अपना नई मोबाइल निकलता है अपनी पॉकेट से और ड्राइव से सारा बैकअप डाटा रिस्टोर करता है . मोबाइल प्रेम के हाथो में Hi था जब उसको व्हाट्सप्प पर मैसेज आता है .

" यू अरे आल्सो नाउ ों व्हाट्सप्प ! ग्लैड "

प्रेम व्हाट्सप्प ों करता है और चाट करने लगता है .

[ इंग्लिश चाट ट्रांसलेटेड ईंटो हिंगलिश ]

प्रेम : नट ! तुम अभी क्यों जग रही हो ? अभी तो मेसाचुसेट्स में सुबह के 4-5 बज रहे होंगे !

नट : पार्टी में थी ! अभी घर आयी हु ! तुम क्या कर रहे हो ?

प्रेम : कुछ नहीं ! बस आराम से लेता हुआ हु !

नट : मुझे तुम्हारी याद आ रही है अब !

प्रेम : नीस !

नट : रुको ! में तुम्हे तुम्हारी गिफ्ट दी हुयी ड्रेस का फोटो भेजती हु !

प्रेम : रेहनो दो नट !

नट : रुको बस 2 मिनट !

*10 मिनट्स लेटर*

प्रेम : ( मैं में ) 2 मिनट करते करते आधा घंटा लगाएगी , इससे ाचा वीडियो कॉल पर Hi बात कर लेते !

प्रेम : मई फस्टिमे करता हु !

नट : नहीं ! आज नहीं ! आज पहली बार हम एक दूसरे से चाट कर रहे है !

*रेसिवेस ान इमेज*



AD_4nXddIulPQgNq9Jmg4NdxuZ0Rh8urfsahbM_3YzLsK_gpQK3EyOLYnJVX8kkI3lueHzX_K1SNRHH7qtOfu7Ux_1_JOE_yutOdNtCYGtvgoN5YeWBX832CyS1kRhiXkjIj5ald7HmIDDY0hEYul0MTBqsk2agQ




नट : किसी लग रही हु ?

प्रेम : नीस !

नट : सिर्फ नीस ??

प्रेम : फूकिंग हॉट ! चॉकलेट पेस्ट्री लग रही हो !

नट : तुम्हारा फ्लिर्टिंग गेम डिक्लाइन हो रहा है धीरे धीरे !

प्रेम : हाँ मुझे भी लग रहा है !

नट : वैसे कुछ दिनों बाद हॉलीडेज आ रहे है ! सोच रही हु इंडिया आ जाऊ !

प्रेम : तुम्हारी मर्ज़ी ! वैसे तुम्हारी स्टेप माँ किसी है ?

नट : अछि है ! तुम्हे तो पता Hi होगा ! वो अपने बिज़नेस में बिजी है !

प्रेम : येह ी क्नोव !

नट : चलो बेबी , में चलतु हु ! छोटी सी नाप ले लेती हु ! फिर यूनिवर्सिटी भी जाना है !

प्रेम : OK ! Bye !

नट : Bye ! लव यू !

*चाट एंड्स*

प्रेम मोबाइल को अपनी पॉकेट में रख देता है .

प्रेम : ( मैं में ) इसकी भी अजीब आदत है ! जब देखो तब सेल्फी पिक्स भेजती रहती है !

प्रेम बीएड से उठता है और सिगट फुक्ने लगता है .

प्रेम : ( मैं में ) कितना बोर हो रहा है यहाँ ! कितना टाइम हो गया सेक्स भी नहीं किया ! लाइफ बहुत बोरिंग लग रही है अब !

प्रेम अपने रूम से बाहर आ जाता है और टेरेस पर चला जाता है . टेरेस पर कई लोग मौजूद थे .

प्रेम : माँ कहा चली गयी अब ???

प्रेम टेरेस पर संध्या को ढूंढने लगता है तभी उसे तिरुमला मिल जाती है .

तिरुमला : आप आ गए ! कहा गए थे आप ?

प्रेम : वो हम कुछ काम से गए थे नानी !

तिरुमला : अब आप कही नहीं जायेगे ! शादी तक मुझे आप मेरी नज़र के सामने दिखने चाहिए !

प्रेम : जी बिलकुल ! आपने माँ को देखा ?

तिरुमला : हां वह निचे Hi होंगे !

प्रेम : में आता हु !

प्रेम टेरेस से निचे चला जाता है .

टेरेस से निचे आते Hi उसे फनी मिल जाती है .

फनी : भैया आप आ गए !

प्रेम : ओफ़्कौर्से !

फनी : तो चलिए न डांस प्रैक्टिस करते है ! रात को हम सब तो डांस करने वाले है !

प्रेम : मुझे इनसब से दूर Hi रखो ! तुम सब करो ! वैसे प्रेरणा कहा है ? उससे तो मिला Hi नहीं मई !

फनी : वो भी डांस प्रैक्टिस कर रही है !

प्रेम : नीस ! बाद में मिल लगा ! मेरी माँ को देखा ?

फनी : हां वह उनके रूम में Hi है !

प्रेम : नीस !

प्रेम वह से संध्या के रूम की तरफ चल देता है . रूम का गेट ओपन Hi था इसलिए प्रेम रूम के अंदर चला जाता है .

प्रेम : माँ !

संध्या : प्रेम ! कहा चला गया था तू ?

प्रेम : वो कुछ काम से गया था

संध्या : किस काम से ?

प्रेम : था कुछ काम माँ ! आप वो सब छोड़िये ! ये बताइये की आपका बर्थडे कब आता है ?

संध्या : मेरा बर्थडे ? तू बात मत दाल ! ये बता की तू किस काम से गया था ?

प्रेम : ( मैं मस ) स्मार्ट हो गयी है माँ !

प्रेम : माँ बस कुछ वर्क रिलेटेड काम था ! एक सरप्राइज है आपके लिए !

संध्या : केसा सरप्राइज ?

प्रेम : ( स्माइल्स ) वो मई आपको मुंबई जाने के बाद Hi बताउगा ! अभी मई प्रेरणा से मिल कर आता हु !

प्रेम : ( मैं में ) अब कुछ सरप्राइज भी सोचना होगा !

प्रेम वह से बाहर चला जाता है . प्रेम बस पुरे महल में आराम से घूम रहा था . उसे समझ नहीं आ रहा था की वो क्या करे .

प्रेम : ( मैं में ) वह मेसाचुसेट्स में मई सेक्स कर कर के देख रहा था , और यहाँ सेक्स Hi नहीं हो पा रहा ! समय समय की बात है ! वैसे बहुत टाइम हो गया , किसी से फ़्लर्ट भी नहीं किया !

प्रेम आखिर में वापस अपने रूम में आ जाता है . कुछ Hi देर में वृंदा भी प्रेम के रूम में आ जाती है और गेट लॉक कर देती है .

वृंदा : बोर हो रहे हो ???

प्रेम : ओफ़्कौर्से ! ये आप अपने हाथ में ड्रेस क्यों लेकर आये ?

वृंदा : ( 😉 ) जस्ट 2 मिनट्स !

वृंदा बाथरूम में चली जाती है .

प्रेम : इनका भी अजीब है !

वृंदा कुछ Hi पल में बाथरूम से बाहर निकलती है .

वृंदा : तांडव !!

AD_4nXe-qoXzPMOB6HM9LkvUdSXZi--lcMkgzp9fiir7KDbKdb6t-fCTpj2n6AGrHUgsU8LlMz9iiMiXUax3dI9IS8O4lWiuDYyT9vLTbWkeMPSpjeYjbMaLxrAwq7QWwzlh8mnPU9ljpOHiJmFWS9AjjJ6d4Kg




प्रेम : ( स्माइल्स ) ये क्या है ?

वृंदा : ( स्माइल्स ) क्या लगता है तुम्हे ?

प्रेम वृंदा का हाथ पकड़ कर अपने पास खींच लेता है .

प्रेम : ( स्माइल्स ) दी मई होनेस्त्ली…

वृंदा : वृंदा !!! दी नहीं , सिर्फ वृंदा ! बेबी , डार्लिंग जो चाहो वह कह सकते हो बूत अब दी नहीं!

प्रेम : OK वृंदा ! मई होनेस्त्ली बता रहा हु ये क्या ड्रेस है ? टेम्पटिंग तो है बूत बूब्स भी अनकवर्ड है और वागिना भी ! फ़ालतू में आप ये पेहेन के आयी ! ये तो अब मई यही फाड़ने वाला हु !

वृंदा : ( गुस्से में ) में इतनी म्हणत से तुम्हारे लिए पेहेन कर आयी हु , पता है ये कितनी मुश्किल से मिली है !!

प्रेम : ( स्माइल्स ) OK ! OK ! सॉरी ! कलम डाउन!

प्रेम वृंदा को खिंच कर बीएड पर लिटा देता है और किश करने लगता है .

दोनों एक दूसरे के ऊपर टूट पड़े थे . दोनों Hi एक दूसरे को बस खा जाना चाहते थे आज . प्रेम किश को बिच में तोड़ता है .



AD_4nXdFMmYic7zzQzu0QkLc4BVayhgNI8eudXQn_fyTf3Q2o0yhH6sgGEDMcOm5A3EC_oFHhI0Lz0aRv0itIA5AEXbp6OaURS9yHfdhJIlis15w1DM7kmlF-cYTSpXuzF1aO-g7fNZ0VUU8gnaOnLSSVFTGoYyP




प्रेम : कुछ भी बोलो ! आपके हाथ सच में बहुत मुलायम है ! बस पुरे दिन इन्हे निचोड़ता Hi राहु !

प्रेम फिर से वृंदा को किश करने लगता है . किश करते करते प्रेम एक हाथ से वृंदा की ड्रेस फाड़ देता है .

प्रेम : ( किश तोड़ते हुए ) बेटर !

प्रेम के सामने अब वृंदा बिलकुल नंगी थी .



AD_4nXcCaMNSM9-xTxYPikNV1C0VONT1mRP_3GNZAZzczqYop8PlrRGaCL6-JQhghx3CEEUcuI74jdK1QYKzIcFP_Tn5WX9nqI014SIOpe9gZmIvz-bOy6aqbWSCW6uwiPRTi3T4bVk7B7KIsQHw5a-d5AMXbTE




प्रेम : ( स्माइल्स ) अब तो मुझसे भी कण्ट्रोल नहीं हो रहा है !

प्रेम अपना कुरता निकल लेता है और साइड में रख देता है . प्रेम वृंदा के बूब्स को पकड़ता है और उन्हें मसलने लगता है .



AD_4nXfXePClPtn0_meK98iQfiy77agEsUhYClyzPyke4yd2XHluzjQhUZt_WPJjpaYyonAt2xjBjz1bS2qEm40Yrsuv0zjqnu929-efCdDrGxnAeAq5fU9oLVLGzH0MHhalX0JNcUF9wpyv_oI0cR-TNcbqh8w




प्रेम वृंदा की छूट पर हाथ रक्त है तभी ज़ोरो से गेट नॉक होता है .

वृंदा : ( धीरे से ) अब कोण है ?

प्रेम : ( चिल्लाकर ) बाद में आना ! मुझे सोना है अभी !

शकुंतला : ( चिल्लाकर ) प्रेम ! हमे अभी तुमसे बात करनी है !

वृंदा : ( धीरे से ) OH….SHITTTT !!! दादी !!! फकक ऑफ याररर !!

प्रेम : ( धीरे से ) लगातार तीसरी बार कलपद हो गया मेरा ! ये दादी नहीं मानने वाली ! आप इस फटी हुयी ड्रेस को अपने साथ बाथरूम में लेकर जाइये और कुछ देर के लिए वही रहिये !

वृंदा : ( इर्रिटेट्स ) हम्फ !!!

प्रेम : ( धीरे से ) जल्दी जाइये !

वृंदा फटी हुयी ड्रेस लेकर बाथरूम में चली जाती है और अंदर से गेट लॉक कर देती है . प्रेम भी फटाफट वापस कुरता पेहेन लेता है और जाकर गेट खोल लेता है .

शकुंतला : मई ये पूछने आयी थी की शेखर बता रहा था सरे बोर्ड मेंबर्स से बात हो गयी है ! अब तुम जल्द Hi सीईओ की पोस्ट ज्वाइन करलो ! ज्यादा देर मत करो !

प्रेम : जी !

शकुंतला : यहाँ से जाते Hi ज्वाइन कर लेना !

प्रेम : जी !

शकुंतला : आगे तुम्हे इस कंपनी को संभालना है ! तुम्हे हमारे भरोसे पर खड़ा उतरना है ! हम तुम्हे सीधे Hi सीईओ बना रहे है क्यूंकि हमे तुमपर भरोसा है

प्रेम : जी !

शकुंतला : में चलती हु अब !

प्रेम : जी !

शकुंतला वह से चली जाती है

प्रेम : ( मैं में ) इस शेखर बेवर्सी लौड़े को इतनी जल्दी क्यों है मेरे सीईओ बनने की ? कुछ तो गड़बड़ है !

प्रेम गेट बंद कर देता है .

प्रेम : ( चिल्लाकर ) आ जाइये बाहर !

वृंदा बाथरूम से बाहर आ जाती है . वो अभी भी नंगी Hi थी .

प्रेम वृंदा को पकड़ कर बीएड पर दाल देता है और अपना कुरता खोल लेता है . प्रेम वृंदा की तरफ बढ़ता है तभी ,

*नॉक* *नॉक*

गेट पर कोई नॉक करता है .

वृंदा : ( धीरे से ) ारररग्गहह !!! फुककक ओफ़्फ़्फ़्फ़ !!!!!!!

प्रेम : ( चिल्लाकर ) कोण है ???

संध्या : प्रेम !

प्रेम : ( धीरे से ) फिरसे प्रस्थान कीजिये अब !

वृंदा गुस्से में वापस बाथरूम में चली जाती है . प्रेम वापस अपना कुरता पेहेन लेता है और जाकर गेट खोल लेता है .

प्रेम : हां माँ !

संध्या प्रेम को एक गोल्ड की चैन देती है .

संध्या : ये में तेरे लिए लायी हु ! तुझपर अछि लगेगी !

प्रेम : ( स्माइल्स ) थैंक्स माँ !

संध्या : अभी Hi पेहेन ले !

प्रेम : बिलकुल !

संध्या : ाचा तू अभी फ्री है न ?

प्रेम : हाँ ! लगता तो ऐसा Hi है

संध्या : वो महल के दूसरी तरफ जो छोटा सा स्टोर रूम है न !

प्रेम : हां वह ! बहुत सालो पहले देखा था ! उसमे तो शायद मेरी बाइसिकल भी होगी !

संध्या : हां वह सुबह में अपना मोबाइल वही भूल गयी ! पहले में वही जा रही थी पर मुझे अब और भी काम है ! तुम लेकर आ जाओगे ?

प्रेम : बिलकुल ! आप जाइये ! में लेकर आता हु !

संध्या वह से चली जाती है . प्रेम रूम का गेट लॉक कर देता है .

प्रेम : ( छिलके ) आ जाइये !

वृंदा बाथरूम से बाहर आ जाती है . उसने अपने सरे कपडे वापस पेहेन लिए थे जो वह पहले पेहेन कर आयी थी .

वृंदा : ( गुस्से में ) पुरे मूड की वाट लग गयी ! प्राइवेसी नाम की कोई चीज़ नहीं है इस घर मई !

वृंदा गुस्से में रूम से बाहर चली जाती है .

प्रेम : मेरी किस्मत Hi खराब है !

प्रेम अपने रूम से बाहर आ जाता और लॉक कर स्टोर रूम की तरफ जाने लगता है .

स्टोर रूम महल की दूसरी तरफ था जहा ज्यादातर सुनसान Hi रहता है . प्रेम स्टोर रूम के बाहर आ जाता है . एक बड़ा सा आयरन का गेट था रूम का .

प्रेम उसको खोलकर अंदर चला जाता है . प्रेम लाइट ों कर देता है . गेट अचानक अपने आप बांध हो जाता है .

प्रेम उसपर ध्यान दिए बिना संध्या का मोबाइल ढूंढने लगता है .

प्रेम अपना मोबाइल निकल कर संध्या के मोबाइल को ढूंढने की सोचता है पर उसे उसका मोबाइल अपनी पॉकेट में मिलता Hi नहीं है.

प्रेम : ( मैं में ) फकक यार ! मोबाइल तो रूम में Hi रह गया !

प्रेम वापस से मोबाइल ढूंढने लगता है . थोड़ी Hi देर में प्रेम को मोबाइल मिल जाता है.

प्रेम : नीस ! माँ को नया मोबाइल दिलवाना पड़ेगा ! ये तो पुराण हो गया है और अब ये ध्यान भी नहीं रखती !

प्रेम मोबाइल लेकर गेट के पास आ जाता है और उसे खोलने लगता है पर वो गेट नहीं खुलता .

प्रेम : ( मैं में ) अब इसको क्या हुआ ?

प्रेम ज़ोर से गेट को खोलने की कोशिश करता है पर कुछ नहीं होता . प्रेम ज़ोर से गेट को किक भी मारता है पर कुछ फ़र्क़ नहीं पड़ता.

प्रेम : ( चिल्लाकर ) कोई है ?????????

प्रेम संध्या के मोबाइल से कॉल करने का तरय करता है बूत उसमे रिचार्ज Hi नहीं था .

प्रेम : ये माँ भी क्या है ? इन्हे न मोबाइल का ध्यान है न रिचार्ज का !

रूम में कोई विंडो भी नहीं थी और न Hi कोई फैन था . प्रेम साइड में जाकर बेथ जाता है .

प्रेम : क्या Hi दिन जा रहा है मेरा ? सुबह से बस हादसे Hi हो रहे है !

*2 हॉर्स लेटर*

2 घंटे बीत चुके थे पर कोई फायदा नहीं हुआ . प्रेम गेट खोलने की बहुत कोशिश करता है पर गेट नहीं खुलता . ये गेट सिर्फ बाहर से Hi खुलता था . प्रेम वही उस स्टोर रूम में अलग अलग सामन देखने लगता है .

प्रेम सरे सामन देख रहा था तभी गेट खुलता है और कोई अंदर आता है .

कृतिका : प्रेम ! यहाँ कैसे ?

AD_4nXeQwws1KNBEYssVUMeG0LsSYvGF1UiLbyqL2jA-1iqURKUDR-xd1n52XH1HdPCg3whbGVRusLocs2JbOOLIcB20QPd4x__MoA_Otaz3vhJpuIcW6uQ-4yq1F_jbzCP0UM7SjBWLHl9SrT9JBf2FCYSV7kc




कृतिका ये कहती है तभी गेट वापस बांध होने लगता है .

प्रेम : ( चिल्लाकर ) जस्ट फूकिंग होल्ड तहत !!!! गेट पकड़ो !!!

कृतिका अपने पीछे मुद कर देखती है तब तक गेट बांध हो जाता है .

प्रेम : शीट्ट्ट्ट !!!!!!!!

♡

♡

♡


आज के लिए बस इतना Hi , लिखे करना और अपना रिव्यु देना मत भूलना . मिलते है जल्द Hi तब तक के लिए चियर्स 🍻
 
अपडेट 30

ब्रेकडाउन ऑफ़ Kritika's पास्ट



[ प्रेम : ( चिल्लाकर ) जस्ट फूकिंग होल्ड तहत !!!! गेट पकड़ो !!!

कृतिका अपने पीछे मुद कर देखती है तब तक गेट बांध हो जाता है .

प्रेम : शीट्ट्ट्ट !!!!!!!! ]

अब आगे :

प्रेम : ( लैशेस आउट ) अरे यू डेफ ??? सुनाई नहीं दे रहा है , बोल रहा हु होल्ड तहत !

प्रेम और कृतिका दोनों अब रूम में फास चुके थे. कृतिका जाकर गेट खोलने की कोशिश करती है पर गेट नहीं खुलता . प्रेम दिवार के पास जाकर निचे बैठ जाता है .

कृतिका : ये गेट तो खुल Hi नहीं रहा !

प्रेम : नीस !

प्रेम : ( मैं में ) आज का दिन तो बुरे से वाहियात होते जा रहा है !

कृतिका : नीस ????

प्रेम : चुप रहो न !

कृतिका वापस गेट खोलने की तरय करती है पर कुछ नहीं फ़र्क़ नहीं पड़ता .

प्रेम : चुप चाप बैठ जाओ अब ! कुछ नहीं होने वाला , जब तक कोई बाहर से नहीं खोलेंगे तब तक नहीं खुलेगा ! अपना मोबाइल निकालो और कॉल करो किसीको !

कृतिका : Umm…Mobile तो मई लायी नहीं !

प्रेम : नीस !

कृतिका : तुम वापस आ गए !

प्रेम : आँखे खराब है क्या ? दिख नहीं रहा!

कृतिका : तुम बस हमेशा मेरे साथ Hi क्यों इतना रूडली बात करते हो ?

प्रेम : चुपचाप बैठ जावा ! क्यों दिमाग खराब कर रही हो ?

कृतिका : नहीं ! आज मई जानकार रहूगी की तुम मुझसे Hi क्यों ऐसे रूडली बात करते हो ? तुम अपने सारे सिब्लिंग्स और कौसिन्स से प्यार स पेश आते हो पर मुझसे Hi बस गुस्से में बात करते हो ! आखिर मेने ऐसा किया क्या है ?

प्रेम : मेरा दिमाग मत खराब करो!

कृतिका : आज मई जानकार रहूगी की तुम बस मुझसे Hi क्यों ऐसे बात करते हो ? आज तो तुम्हे बताना Hi होगा !

प्रेम : तो सुनो ! कई वजह है ! छोटी छोटी वजह है पर धीरे धीरे वो बस बड़ी होती गयी और मेरे आँखों में तुम्हारे लिए गुस्सा बढ़ता Hi गया !

कृतिका : पर आखिर मेने किया क्या है ?

प्रेम : इस किस्से की शुरुवात तब होती है जब हम बहुत छोटे थे ! बचपन से Hi में हमेशा Hi प्रेरणा और दिया के लिए ओवरप्रोटेक्टीवे था जो की मई आज भी हु ! तुम हमेशा से Hi प्रेरणा को परेशान करती रहती थी , उससे लड़ाई करती रहती और उसपर हाथ उठती थी !

कृतिका : पर तब तो हम बच्चे थे ! और ये बात भी कोई बात है ! इतनी छोटी वजह से तुम मुझे बाहरवालों जैसे ट्रीट करते हो !

प्रेम : ये बात कुछ ख़ास नहीं है पर ये तो सिर्फ एक चिंगारी थी ! आग तो बाद में लगी !

प्रेम कृतिका को साड़ी वारदात बताने लगता है .

[ *फ्लैशबैक*

8 इयर्स एगो :

लोकेशन : महरा मेंशन

प्रेरणा : भाई आप अभी तक हॉल में क्या कर रहे हो ? रात की 11 बज चुकी है!

प्रेम : पापा नहीं आये अब तक ! बस उन्ही का वेट कर रहा हु !

प्रेरणा : कबतक वेट करेंगे आप ? पापा का तो रोज का है ! नशे की हालत में होंगे कही !

प्रेम : प्रेरणा मंद योर टंग ! पापा के खिलाफ कुछ नहीं ! तेरा सिवा कोई दूसरा होता तो सरे डाट तोड़ देता !

प्रेरणा : सॉरी !

प्रेम और प्रेरणा दोनों हॉल में मौजूद थे . कृतिका भी दोनों को देख वह आ जाती है .

कृतिका : इस वक़्त यहाँ क्या कर रहे हो?

प्रेरणा : पापा का वेट कर रहे है !

प्रेम : प्रेरणा तुम जाकर सो जाओ ! में वेट करता हु !

प्रेरणा : मई भी वेट करती हु !

कृतिका : में भी यही हु !

तीनो वही हॉल में मौजूद थे . कुछ देर तीनो वही इंतज़ार करते है .

थोड़ी देर बाद राजवीर महरा मेंशन में एंटर करता है . उसके पैर लड़खड़ा रहे थे . प्रेम राजवीर को देखते Hi उसकी तरफ दौड़ते हुए जाता है और उसको संभालता है .

प्रेम : आराम से पापा !

प्रेम राजवीर को पकड़ कर अंदर लेकर आता है . राजवीर नशे में धुत था , उसको बिलकुल भी होश नहीं था . वो तो बस अपनी यादो में घूम था .

प्रेम राजवीर को पकड़ कर धीरे धीरे अंदर लेकर जा रहा था . प्रेरणा और कृतिका भी साथ में Hi आ रही थी , पर तभी राजवीर प्रेम के ऊपर वोमिट कर देता है .

प्रेम का पूरा शर्ट खराब हो गया था . ये देखकर कृतिका को गुस्सा आ जाता है .

कृतिका : ( गुस्से में ) इनका Roj-Roj बस यही चलता रहता है ! पुरे घर को खराब करके रखा है ! पता नहीं दादी इनको निकाल क्यों नहीं देती !

कृतिका की बात सुनकर प्रेम का खून उबलने लगता है , पर वो कोई जवाब नहीं देता है क्यूंकि उसने राजवीर को पकड़ के रखा था .

प्रेम वह से राजवीर को उसके रूम में लेकर जाता है . एक अकेला रूम जहा सिर्फ राजवीर रहता था संध्या नहीं . दोनों के अलग अलग कमरे थे.

प्रेम अपने पिता से ऑब्सेस्सेड था , बेहद प्यार करता था वो अपने पिता से . वो अपने पिता के बारे में एक शब्द भी बुरा नहीं सुन सकता .

*फ्लैशबैक एंड्स* ]

प्रेम : याद आया !

कृतिका : हाँ !

प्रेम : अगर तुम मेरी कजिन नहीं होती तो उसी वक़्त में तुम्हारी जुबां खींच लेता ! में अपने पापा के खिलाफ एक शब्द भी नहीं सुनुँगा कभी भी !

कृतिका : उसको लेकर तुम मुझसे आज तक खफा हो !

प्रेम : खफा तो अपनों से होते है ! उस दिन के बाद से Hi तुम मेरे अपनों की लिस्ट से बाहर हो चुकी थी ! मुझे तुमसे कोई लेना देना नहीं रखना था !

ये बात सुनकर कृतिका का दिल टूट जाता है .

AD_4nXdu38yV8nkkzBRjerA9YAvtlENXILKyyuDF-o6hNz1HajWAP8v3131-QVKH8RFWi74mROmx-7Ru6ZKwNuoIG2nDCWWgu2X-xovH9dHBweswyZHMpLnIXFyPV_0NsA-oC5NBGwAE-60DB6S_FBkET5hjLu5-


कृतिका आकर प्रेम के पास बैठ जाती है .

कृतिका : तुम्हे कहा की मई प्रेरणा को परेशां करती थी जब हम छोटे थे ! पर क्यों करती थी वो नहीं पूछा !

प्रेम : नॉट इंटरेस्टेड !

कृतिका : तुम्हारे लिए ! तुम हमेशा से Hi बचपन में ज्यादातर बस प्रेरणा के साथ Hi रहते थे ! जहा तुम होते , वह प्रेरणा हमेशा होती ! इतनी काम उम्र में भी जलन होती थी मुझे प्रेरणा से !

प्रेम : मेरे लिए ? क्यों ? कोई और नहीं मिला परेशान करने के लिए !

कृतिका प्रेम की बाते सुनकर रोने लगती है . प्रेम उसकी तरफ देखता है .

AD_4nXfBtCjTO0ql9Fgfi5QCwGJrrnMlkT8qEN9qQ6f2vqWWGXCl5GZXdmxeaDKgamAi6BKTJPck1OpTKYmy3R0XIViBEvqbKbgBMKcEIWYKsVkiuZyUFh8_dbDlm5pZPCIY8Sstp9MxUnV8N9Mxc-YYuitd4ena


प्रेम : क्या हुआ ?

कृतिका : ( रट हुए ) बिकॉज़ ी ऑलवेज लिकेड यू !!!! हमेशा HI तुम्हे पसंद किया है !! सिर्फ पसंद HI नहीं , प्यार भी किया है बस तुम्ही से !!!

प्रेम : ( स्पीचलेस )

कृतिका : ( रट हुए ) मुझे बस हमेशा से Hi तुम्हारा अटेंशन चाहिए था ! पर हर बार तुम मुझे बस इग्नोर कर देते ! फिर तो जैसे तुमने मुझसे बात Hi करना बंद कर दिया !

प्रेम : एहम !

कृतिका : ( रट हुए ) दर्द होता है मुझे ! कई राते मेरी बस आंसुओ से भरी है ! बहुत दर्द होता है दिल पर जब तुम पराये जैसा बर्ताव करते हो मुझसे ! चुभता है मेरे दिल को !

एक तरफ़ा मोहब्बत में थी कृतिका , जिसे प्रेम ने कभी आँख उठाकर देखा भी नहीं था , कभी सही थांग से बात भी नहीं करि थी . कृतिका चाहती थी की प्रेम उसको देखे , उसको निहारे और उससे अचे से बात करे . पर ऐसा कभी नहीं हुआ .

कृतिका : ( रट हुए ) तुम्हारे बेंगलोरे जाने के बाद से तुम्हारी हर चीज़ में मेने बस यादें बसाई है ! तुम्हारी बाइक का अपनी जान से भी ज़्यादा ख्याल रखा ! उसके लिए बाइक चलना सीखी ! गयम ज्वाइन किया ताकि तुम्हारे लियस कम्पेटिबल हु ! मुझे लगा था आने के बाद तुम मेरे साथ अचे से बातचीत करोगे पर वो दिन कभी आया Hi नहीं !

प्रेम : Umm..I थिंक…..

कृतिका : ( रट हुए ) बहुत दर्द होता है प्रेम ! बहुत दर्द होता है !

कृतिका फुट फुटकर रोने लगती है . लेहरो की तरह उसकी आँखों से आंसू बहने लगते है .

प्रेम बस कृतिका की तरफ देख रहा था . आज पहली बार उसको कृतिका की शकल इर्रिटेटिंग नहीं लग रही थी . प्रेम को समझ नहीं आ रहा था की वो क्या बोले .

प्रेम : Umm..Kritika..Woh

*दूर ओपेनस*

प्रेरणा : भाई !

प्रेम : ( चिल्लाकर ) गेट को पकड़ कर रखना !!

प्रेरणा ने गेट को पकड़ कर रखा हुआ था .

प्रेरणा : हाँ ! आप यहाँ क्या कर रहे है ?

प्रेम अपनी जगह से खड़ा हो जाता है . वो अपनी नज़र कृतिका की तरफ करता है . कृतिका बस अपने आंसू रोकने की नासफल कोशिश कर रही थी .

प्रेरणा : कृत , क्या हुआ ? भाई ?

प्रेम प्रेरणा के पास जाता है और गेट पकड़ता है .

प्रेम : तू इसको लेकर जा ! में गेट पकड़कर रखता हु !

प्रेरणा : पर हुआ क्या ?

प्रेम : मच्चर काट रहे है उसको ! तू लेकर जा इसको !

प्रेरणा कृतिका के पास जाती है .

प्रेरणा : क्या हुआ कृत ?

प्रेम : माय डिअर स्वीट सिस्टर ! बाते बाद में करलेना ! अभी इसको लेकर जा ! चिल्ड कोल्ड कॉफ़ी पीला ! पर अभी लेकर जा !

कृतिका अपनी जगह से कड़ी हो जाती है और प्रेरणा के साथ जाने लगती है .

प्रेम बाहर आकर गेट बंद कर देता है और दोनों को जाते हुए देखता है . प्रेम को बहुत बुरा लग रहा था .

प्रेम : लड़की ब्रेव तो है ! में तो उसको भादवी समझ रहा था ! अगर मई उसकी जगह होता और प्रतिभा मेरे साथ ऐसा बर्ताव करती तो मई तो मर Hi जाता !

प्रेम वह से बाहर आ जाता है और अपने रूम में आ जाता है . रूम में आते Hi प्रेम अपने मोबाइल को अपनी पॉकेट में रख लेता है . प्रेम के दिमाग में अभी भी कृतिका की बाते Hi गूंज रही थी .

प्रेरणा : भैया !

प्रेरणा प्रेम के रूम में एंटर करती है .

प्रेम : हाँ !

प्रेरणा : वह कृत क्यों रो रही थी ??

प्रेम : उससे Hi पूछ !

प्रेरणा : वो कुछ नहीं बता रही ! आप बताइये न!

प्रेम : मुझे नहीं पता ! और ये जो भी हुआ किसीको बताना मत !

प्रेरणा : प्लीज बताइये न !

प्रेम : प्रेरणा मुझे हेडाचे हो रहा है ! प्लीज लीव !

प्रेरणा : OK ! में मेडिसिन लेकर आती हु !

प्रेम : कोई जरुरत नहीं है ! यू मई लीव !

प्रेरणा वह से चली जाती है . प्रेम का सर दर्द कर रहा था . उसके दिमाग में बस कृतिका की बाते चल रही थी जिसकी वजह से उसको और भी ज़्यादा दर्द हो रहा था .

प्रेम अपने बैग के पास जाता है और उसमे से हेडाचे की पिल्स निकलकर ले लेता है . बैग को वापस रख वो गेट को अंदर से लॉक कर बीएड पर सो जाता है .

*3 ऑवर लेटर*

प्रेम नींद से उठता है . प्रेम का जब भी हेडाचे होता है तो वो बस सो जाता है . प्रेम बीएड से उठकर बाथरूम में जाता है और फेस वाश करके रूम के बाहर चला जाता है.

रूम के बाहर आकर वो निचे हॉल में चला जाता है . हॉल में कई लोग मौजूद थे .

प्रेम : जिसको पहचान सके वो दीखता Hi नहीं अब तोह ! सब पता नहीं Kaha-Kaha घूमते रहते है !

प्रेम बस साइड में खड़ा सब को देख रहा था. तभी दूर से उसको देख अदिति उसके पास आती है .

अदिति : भैया ! आप आ गए !

प्रेम : लगता तो यही है ! वैसे ये संगीत सेरेमनी कब चालू होगी ?

अदिति : अभी तो 1 घंटा बाकी है ! आप डिनर कर लीजिये !

प्रेम : हाँ ! बाकी सब कहा है ? कोई दिख Hi नहीं रहा !

अदिति : कई लोग बाहर है और कई लोग ऊपर ! यहाँ तो बस नए गेस्ट है जो पास के Hi जगह से आये हुए है !

प्रेम : हम्म !

अदिति : भैया हमने सुना आप सीईओ बनने वाले है !

प्रेम : किसने बताया ?

अदिति : प्रेरणा दी !

प्रेम : नीस !

अदिति : तो भैया हम आपकी कंपनी में जॉब कर सकती हु ?

प्रेम : अभी आप अपनी स्टडीज पर ध्यान दीजिये ! इन सब के बारे में ज्यादा मत सोचो ! जस्ट स्टडी एंड एन्जॉय !

अदिति : OK ! में आती हु !

प्रेम : हाँ !

अदिति वह से चली जाती है .

प्रेम : ( मैं में ) में भी क्लोथ्स चेंज कर लेता हु !

प्रेम वह से ऊपर जाने लगता है अपने रूम में . तभी उसकी भिड़ंत पारी से हो जाती है .

AD_4nXfdFvJBAhlOwBQrPEzPQA-1crDDjWKv4lzRY4W47Gw8eXj9GT7VHwPzf8wlyrBJNqXJgG5uvmYuGFJ_HTNBWkICzloA1MfSYWfj3uhXCPi-4DU4_DXupoWH3e8pQi7PyY9-fYOBIRaq96FVNk1dXmqs4VkI


पारी प्रेम को देख चौक जाती है .

पारी : ( एक्सकॉट्स ) प्रेम !!!!

प्रेम : ( स्माइल्स ) धीरे ! Hi पारी !

पारी प्रेम को हुग कर लेती है .

प्रेम : ( स्माइल्स ) पारी ! लोग गलत समझेंगे !

प्रेम पारी को अपने से दूर करता है .

पारी : प्रेम ! तुम यहाँ कैसे कैसे ?

प्रेम : मेरे मां की शादी है ! मुझे तो यहाँ होना Hi था !

पारी : ( स्माइल्स ) प्रेम मेने सोचा नहीं था हम वापस मिल पाएंगे ! स्टार्स हैवे रियली अलीग्नेद !

प्रेम : ( स्माइल्स ) येह !

पारी : आवा कही बैठ कर बाते करते है !

प्रेम : बाद में पारी ! अभी में थोड़ा बिजी हु ! अभी तो हम दोनों Hi यही है ! आराम से बाद में बात करते है न !

पारी : ( अपसेट ) Umm…OK !

प्रेम : ( स्माइल्स ) नीस !

पारी : ( फेक स्माइल ) नीस !

पारी के चेहरे पर जो ख़ुशी थी वो अचानक गायब हो चुकी थी . प्रेम उसको नज़रअंदाज़ कर वह से चला जाता है . पारी बस उसको जाते हुए देख रही थी .

प्रेम जाते जाते मुड़ता है और वापस पारी के पास आता है .

प्रेम : पारी ! I'm सॉरी ! मेने जो तुम्हारे साथ किया था वो नहीं करना चाहिए था ! तुम फ़ालतू में बिच में फास गयी ! Bye !

प्रेम वह से ऊपर चला जाता है . रस्ते में Hi उसको रोहित मिल जाता है .

प्रेम : ोये हीरो ! कहा घूम रहा है आजकल !

रोहित : Woh…Bhaiya बस यही ! बस आप Hi नहीं दिख रहे !

प्रेम : हाँ ! तू िपद केकर आया ?

रोहित : हाँ !

प्रेम : रात को मुझे देने आना ! मुझे चाहिए!

रोहित : ठीक है भैया !

प्रेम वह से जाने लगता है . प्रेम 2ंद फ्लोर की बालकनी में आ जाता है और वह बस टाइमपास करता है .

प्रेम : ( मैं में ) कपडे चेंज कर लेता हु अब! संगीत सेरेमनी भी स्टार्ट होने वाली है !

प्रेम अपने पीछे मुड़ता है . प्रेम की नज़र कुलगौरवी पर पड़ती है . कुलगौरवी जो प्रेम से कुछ Hi दूर कड़ी थी उसकी नज़र भी प्रेम पर पड़ती है .

AD_4nXeGF7O195emAXIWTALbZVdQS3c2hRCCqp_oOOrEQdIf4IDStvozhlHJRWfHdTbhKPTAqA2G1LQjdYdKPh7ONOWeSc1RwyEQKXpqSAJLR6WTVubIdesoN_H0ASBaF16V9phVO-_5rLA6CoICTchwdw-gG_SF


♡

♡

♡



आज के लिए बस इतना Hi , लिखे करना और अपना रिव्यु देना मत भूलना . मिलते है जल्द Hi , तब तक के लिए , चियर्स 🍻
 
अपडेट 31

कल कोर्ट की डेट है



[ प्रेम अपने पीछे मुड़ता है . प्रेम की नज़र कुलगौरवी पर पड़ती है . कुलगौरवी जो प्रेम से कुछ Hi दूर कड़ी थी उसकी नज़र भी प्रेम पर पड़ती है. ]

अब आगे :

कुलगौरवी : ( मैं में ) P..Prem ????

AD_4nXeG1d4ON1TsMpuN7C9zndypnOPgzDO2xf-5UqDL4LUHkfpMmyG2gBJUQDGcOjU0KWQoiGwu3Zj9G8TNLXWGMSeh360lmg54Pex4W1aj-q393MEt_Dss9SowtddnjNMDjYmRs3k6T38GgjXo_-Ez9_qq_ZI


कुलगौरवी के आँखों के सामने पूरा फ्लैशबैक चल रहा था . कैसे वो प्रेम से उसकी पहली मुलाक़ात हुयी , कैसे वो दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगे , कैसे प्रेम ने आखिर में उसके साथ ब्रेकअप कर लिया था जिसका अंत उसके आंसुओ से हुआ था .

प्रेम की नज़र जैसे Hi कुलगौरवी पर पड़ती है वो वह से अपनी नज़र हटाकर कुलगौरवी को इग्नोर कर वह से चला जाता है .

प्रेम अपने रूम में आ जाता है .

प्रेम : ( मैं में ) मुझे ऐसे बर्ताव नहीं करना चाहिए था ! मुझे तो अब घंटा कुछ फ़र्क़ नहीं पड़ता ! मैडिटेशन और गैमिंग किये भी बहुत दिन हो गए !

प्रेम अपने बीएड पर बैठ जाता है .

प्रेम : ( मैं में ) कपडे बदलने की जरुरत तो नहीं है ! एक तो मई डेस्पेरेट हो रहा हु , इतने टाइम से सेक्स भी नहीं किया !

प्रेम अपने रूम से बाहर आ जाता है और हॉल में आ जाता है . प्रेम को यहाँ समझ नहीं आ रहा था की वो क्या करे . लोगो की भीड़ में भी वो बस अकेला खड़ा था .

हॉल से वह बाहर आ जाता है जहा एक तरफ संगीत सेरेमनी के लिए स्टेज लगा हुआ था तो वही दूसरी तरफ डिनर चल रहा था .

प्रेम : ( मैं में ) भूख भी नहीं लग रही ! न Hi ये फ़ालतू डांस देखना है !

प्रेम एक जगह जाकर चेयर पर बैठ जाता है .

प्रेम : ( मैं में ) ये वृंदा दी भी पता नहीं कहा घूमती रहती है !

फनी : भैया !

फनी प्रेम के पास आती है और उसके साइड में बैठ जाती है .

प्रेम : हां फनी !

फनी : भैया आपको नहीं लगता आप बदल गए हो ?

प्रेम : ( समीरकस )

फनी की बात सुन प्रेम के चेहरे पर एक मुस्कराहट आ जाती है .

प्रेम : इंसान और समय दोनों बदलते है फनी ! सबको बदलना बड़ा जरुरी है !

फनी : Hmm…Deep ! वैसे आपने डिनर कर लिया ?

प्रेम : Umm…Mood नहीं है !

फनी : ( स्माइल्स ) मई किसी लग रही हु ?

AD_4nXcrUC_TddUEY6Elx36AkYgnb9b4AZiS9YqFXV2LH8nt0hIwKJBI9N5X26V-cifh5alNoy2rOyO28tc_oJmWdtTVT7EfCDDeUZgiVHjmT3EOg7VdqDlB7yNnCBYhpfgUujF8jpnTFBaeN5Tcbo6iB6i6EdMK


प्रेम : फनी हमारे परिवार में एक डिज़ाइनर है ! वो अचे से बता सकते है की कोण कोनसी ड्रेस पर केसा लगता है !

फनी : ( स्माइल्स ) ऐसे Hi गेनेराल्ल्य बताइये न !

प्रेम : नीस !

फनी : ( स्माइल्स ) आप भी हैंडसम लग रहे है!

प्रेम : ी क्नोव !

फनी : वैसे आप गए कहा थे जयपुर के बाद ?

प्रेम : फनी तेरी आगे क्या है ?

फनी : क्यों भैया ?

प्रेम : सोचा याद दिला दू ! बुजुर्गो जैसे सवाल करने लग गयी है !

फनी का मुँह उतर जाता है .

प्रेम : ये सब कब तक ख़तम होगा ?

फनी : पता नहीं !

प्रेम : नीस !

फनी : आप बहुत बदल गए है भैया !

फनी वह से कड़ी होकर चली जाती है .

प्रेम : ( मैं में ) इसको क्या हुआ अब ??

प्रेम भी वह से खड़ा हो जाता है और आगे चला जाता है . प्रेम की नज़र 4 लड़को पर पड़ती है जो लड़कियों को घर रहे थे .

प्रेम : ( मैं में ) सही है ! आजकल शादियों में आँखे सेकने Hi आते है लोग !

प्रेम वह से मेंशन के अंदर आ जाता है .

प्रेम : अमन को साथ में लाना चाहिए था ! साथ में कोई तो रहता बात करने के लिए !

प्रेम अपना मोबाइल निकलता है और डीएलपड खोलता है.

प्रेम : ( मैं में ) 17 मिस्ड कॉल्स बी अमन ! नीस ! साले ने मैसेज भी किया है " कॉल में ुरगेंटली " ! अब ऐसा क्या हो गया ??

प्रेम अमन को कॉल करता है पर मोबाइल स्विच ऑफ बताता है .

प्रेम : ( मैं में ) आखिर हुआ क्या है ? इसका मोबाइल तो कभी भी स्विच ऑफ नहीं बताता ! लगता है इसको भी कोई लड़की मिल गयी है राते साथ बिताने के लिए ! पर उसने ऐसा क्यों लिखा की अर्जेंट काम है ? अब पता कैसे लागू ? हां शुभम !

प्रेम शुभम को कॉल करता है .

*ों कॉल*

प्रेम : Hello शुभम ! मई प्रेम बोल रहा हु !

शुभम : Hello…Haa प्रेम ! इस वक़्त कॉल किया ?

प्रेम : वो मई अमन को कॉल कर रहा था पर उसका कॉल नहीं लग रहा था ! उसके किसी फॅमिली मेंबर का नंबर हो तो दे दो मुझे , में कॉल कर बात कर लगा उसे !

शुभम : मेरे पास तो सिर्फ उसी का नंबर है ! बिचारा अभी बहुत टेंशन में भी है इसलिए शायद कॉल नहीं उठाया होगा !

प्रेम : क्यों ? टेंशन में क्यों होगा ?

शुभम : क्या तुम्हे सच में नहीं पता ?

प्रेम : आखिर बात क्या है ? और ऐसा क्या है जो मुझे पता होना चाहिए था ?

शुभम : अमन की बेहेन का R@pe हुआ है ! जिन लोगो ने किया उसके खिलाफ उसने कोर्ट केस किया है ! कल कोर्ट की डेट है !

प्रेम : क्या ???????? R@PE ??????

शुभम : हां ! अमन बहुत ज़्यादा डिप्रेशन में है अभी !

प्रेम : मतलब पता चल गया की R@pe किसने किया है ?

शुभम : सस्पेक्ट्स में है वह ! अमन की बेहेन ने तो कहा है की वही है ! बस अभी कोर्ट में ये कहना है और उन लोगो को फ़ासी हो जायेगी ! अभी वो सभी जेल में है !

प्रेम : में बाद में कॉल करता हु !

शुभम की साड़ी बाते सुनकर प्रेम का दिमाग चक्र जाता है .

प्रेम : ( मैं में ) में सिर्फ ये सुनकर Hi पागल हो रहा हु ! उसपर क्या बिट रही होगी !

प्रेम अमन को मैसेज करता है ,

" मुझे अर्जेंट कॉल कर "

प्रेम मोबाइल का धनद ऑफ कर देता है .

प्रेम : अमन को अभी मेरी जरुरत होगी ! पर में प्रेमाखिर यहाँ से जाऊ कैसे ? कल रात को शादी होते Hi रात को निकल जाउगा !

की नज़र दूर से जाते हुए दिया पर पड़ती है और वो अपनी सोच में Hi खो जाता है .

प्रेम : ( मैं में ) अगर मेरी बेहेन के साथ कोई ऐसा करे तो फिर मुझे भी नहीं पता मई क्या कर बेतहु ! नहीं मुझे ये सब नहीं सोचना चाहिए ! मुझे अपनी सिस्टर्स के साथ ज़्यादा टाइम स्पेंड करना चाहिए पहले की तरह !

प्रेम वापस से बाहर चला जाता है . बाहर Hi उसको वृंदा मिल जाती है .

प्रेम : ग्लैड आप मिल गयी ! सुनिए कल रात को Hi में वापस निकल जाउगा ! जस्ट शादी के बाद !

वृंदा : क्यों ??

प्रेम वृंदा को साड़ी बात बताता है .

प्रेम : अमन को उसके बेस्टफ्रेंड की जरुरत है अभी ! मुझे जभी भी जरुरत चाहिए होती है वो हमेशा मेरे साथ होता है ! में आज तक उसके लिए कुछ भी कर नहीं पाया ! पर इसमें में उसके साथ खड़ा रहना चाहता हु , कंधे से कन्धा मिला कर !

वृंदा : OK ! में भी ाउगि !

प्रेम : नहीं ! कोई जरुरत नहीं है !

वृंदा : में भी ाउगि ! मुझे आना है !

प्रेम : OK ! वो पागल कोर्ट केस लड़ रहा है ! वैसे तो मुझे जुडिशरी पर ज्यादा भरोसा नहीं है बूत स्टिल , दी आप इंडिया के बेस्ट लॉयर के साथ मेरी अपॉइंटमेंट करवा सकती है ?

वृंदा : दी का तो नहीं पता बूत वृंदा कर लेगी !

प्रेम : OK वृंदा ! प्लीज परसो सुबह Hi में और अमन लॉयर से मिलना चाहेंगे ! में अमन से बात करलुँगा ! लॉयर की जो भी अपॉइंटमेंट फीस होगी मुझे इन्फॉर्म कर देना !

वृंदा : वो मई देख लगी !

प्रेम : नीस !

प्रेम की नज़र वृंदा के पीछे दिया पर पड़ती है जो दौड़ते हुए महल में जा रही थी . प्रेम बस उसको पीछे से जाता हुआ देख पा रहा था .

प्रेम : ये लड़की भी न !

वृंदा : ( पीछे देखते हुए ) क्या हुआ ?

प्रेम : डीयू ! हाई हील्स में दौड़ रही है ! कही Gir-Wir गयी तो चोट आ जाएगी !

वृंदा : शादी का माहौल है चलता रहता है !

प्रेम : हां ! में ज़रा उससे मिलकर आता हु ! मेरी उससे अचे से बात नहीं हुयी बहुत दिनों से !

वृंदा : OK ! तुम जाओ ! प्रेम डार्लिंग !

प्रेम : बड़ा Hi वाहियात साउंड कर रहा है प्रेम डार्लिंग ! जस्ट कॉल में प्रेम राजवीर महरा !

वृंदा : ( स्माइल्स ) OK प्रेम राजवीर महरा !

प्रेम वह से महल में चला जाता है और दिया के रूम की तरफ जाने लगता है .

पर बिच में Hi ,

पारी और कुलगौरवी की भिड़ंत एक साथ प्रेम के साथ हो जाती है . पर प्रेम का वह रुकने का कोई इरादा नहीं था.

पारी : Hi प्रेम !

प्रेम : ( चलते हुए ) Hi पारी ! बाद में मिलते है ! अभी कुछ काम है ! Btw यू अरे लुकिंग गॉर्जियस !

प्रेम वह से चला जाता है .

प्रेम : ( मैं में ) ये दोनों साथ मई ??? दोनों में सुलह हो गयी लगता है !

वही दूसरी तरफ ,

पारी : वो ताल रहा है !

कुलगौरवी : तुम मिली थी ?

पारी : हां मिली थी ! ज्यादा बात नहीं हुयी बस Hi , Hello !

कुलगौरवी : उसकी आँखे ! वो अभी भी शामे है ! पर बदल गयी है !

पारी : मतलब ?

कुलगौरवी : नज़र वही खूबसूरत है बस नज़राना बदल चूका है !

पारी : मुझे अभी भी समझ नहीं आया!

कुलगौरवी : लीव आईटी !

वही दूसरी तरफ ,

प्रेम दिया के रूम के अंदर एंटर करता है . किसीके अंदर आते Hi दिया एक दम चौक जाती है और कड़ी हो जाती है .

दिया की आँखों से आंसू बह रहे थे जिसको वोज प्रेम को देखते Hi रोकने की कोशिश करती है . प्रेम की नज़र दिया के बहते हुए आंसुओ पर पड़ती है .

प्रेम : डीयू क्या हुआ ?

दिया : ( हेसिटतेस ) K..Kuch नहीं भैया!

प्रेम : ( शॉट्स ) डीयू मई पूछ रहा हु न !!!

प्रेम दिया के पास जाता है और उसके आंसू पोछने लगता है .

प्रेम : डीयू क्या हुआ ? देख में तेरे आंसू नहीं देख सकता ! तू बता क्या हुआ ? किसीने कुछ बोलै ? दादी ने कुछ बोलै ?

डीयू : नहीं भैया !

प्रेम : डीयू तो मुझको बता क्या बात है ?

डीयू : Wo..Bhaiyaa…Woh बाहर !

दिया ये कहकर रोने लगती है .

प्रेम : डीयू !

दिया Fut-Futkar रोने लगती है .

प्रेम : ( मैं में ) जिसकी वजह से भी दिया की आँख में आंसू आये , आज उसकी मौत आने वाली है !!!

प्रेम अपनी पॉकेट में से अपना मोबाइल निकलता है और प्रेरणा को कॉल करता है

*ों कॉल*

प्रेम : प्रेरणा !

प्रेरणा : भाई ! आप कहा है ?

प्रेम : प्रेरणा जल्दी से डीयू के रूम में आजाओ ! अकेला ! ी वांट यू हेरे क्विकली !

प्रेरणा : ठीक है !

*कॉल कट*

2 मिनट बाद प्रेरणा रूम में आ जाती है . प्रेम गेट अंदर से लॉक कर देता है . प्रेरणा की नज़र दिया पर पड़ती है जो Fut-Futkar रो रही थी .

प्रेरणा : ( शॉकेड ) डीयू !! क्या हुआ ?????

प्रेम : पता नहीं ! तू प्लीज पहले इसको शांत करा और पूछ क्या हुआ ?

प्रेरणा डीयू के पास जाती है और उसके पास बैठती है .

प्रेरणा : डीयू क्या हुआ ? मुझे बता !

दिया प्रेरणा के गले लगकर रोने लगती है .

प्रेरणा : Diyu…Shaant होगा बच्चा !!

प्रेम : Prerna..Let हेर टेक हेर टाइम !

प्रेरणा : डीयू आखिर हुआ क्या ?

दिया : ( रट हुए ) Dii…Woh..Woh…

दिया को हिचकिचाहट देखते हुए प्रेरणा प्रेम को कहती है ,

प्रेरणा : भाई ! आप थोड़ी देर के लिए बाहर जाइये न !

प्रेरणा की बात समझते हुए प्रेम रूम के बाहर चला जाता है और बाहर से गेट लॉक कर देता है .

प्रेरणा : बता डीयू क्या हुआ ? तू मुझसे सब कुछ शेयर कर सकती है ! सब कुछ !

दिया : ( रट हुए ) Wo…Dii…

[ *फ्लैशबैक*

कुछ समय पहले ,

दिया : रोहित ! कार की कीस लेकर आना !

रोहित : हां ! क्यों ?

दिया : वो कार में मेरा मोबाइल रह गया है ! शायद शाम को जब घूमने गए थे तो कार में Hi रह गया !

रोहित : में लेकर आता हु !

रोहित अंदर से कार की कीस लेकर आता है और दिया को दे देता है . दिया वह कीस लेकर पार्किंग एरिया की तरफ चल देती है .

पार्किंग एरिया में कई कार्स कड़ी हुयी थी . वह 4 लड़के खड़े खड़े सिगट फुक रहे थे और बाते कर रहे थे .

साहिल : इतना सीरियस क्यों है ? तेरी माँ भाग गयी क्या ?

अदनान : नहीं रे ! वो साली रांड कहा भागेगी ! वो तो पुरे दिन बस अपनी गांड हिलती रहती है पुरे दिन और मेरा खड़ा करवाती रहती है पुरे दिन ! एक दिन तो साली को जरूर पटक के पहाड़ डालूगा !

साहिल : तो इतना सीरियस क्यों है ?

अदनान : साला कितना टाइम हो गया चुदाई नहीं की ! लास्ट टाइम वो पुलिस वाले की बेटी की गांड मारी थी वो भी उसकी आँखों के सामने ! साले ने मेरा कालर पकड़ा था !

फ़िरोज़ : बात तो सही कह रहा है ! अंदर का नज़ारा नहीं देखा ! एक से बढ़कर एक बम थी ! साला मेरा लुंड तो बस देखकर Hi पागल होये जा रहा है !

डेनिश : हां मैं तो मेरा भी कर रहा है की पटक के छोड़ दू किसी को !

अदनान : हां ! अब साली कोई मिल गयी तो वही पटक के छोड़ देंगे ! हमारा कोई क्या बिगड़ सकता है !

चारो लोग बाते कर रहे थे तभी वह उनकी नज़र दिया पर पड़ती है . दिया कार के पास जाती है और झुककर कार में से अपना मोबाइल निकलने लगती है .

अदनान की नज़र दिया की अस्स पर पड़ती है जो झुकने की वजह से बड़ी Hi अछि तरह से झलक रही थी . अदनान अपनी चारो तरफ देखता है जहा उनके सिवाए और कोई नहीं था .

अदनान : कुवा खुद आया है प्यासे के पास !

डेनिश : क्या Hi फिगर है साली का ! क्या Hi गांड है ! इसकी तो लेनी Hi होगी !

अदनान : अब जल्दी चलो ! इसको पकड़ कर मेरी कार में लेकर चलते है ! फिर कार यहाँ से कही दूर लेकर जायेगे !

साहिल : हाँ !

दिया : ( मैं में ) मोबाइल तो नहीं है यहाँ ! कहा गया अब यह ???

दिया अपने पीछे मुड़ती उससे पहले Hi उसके मुँह पर एक हाथ आता है और उसको पकड़ लेता है .

दिया झटपटाकर अपने आप को छुड़ाने की कोशिश करती है पर कोई फायदा नहीं होता .

तब तक 2 लड़के दिया के दोनों हाथ पकड़ लेता है और एक लड़का दिया के दोनों पाँव पकड़ लेता है .

दिया चिल्ला भी नहीं सकती थी क्यूंकि अदनान ने पहले Hi उसका मुँह दबा कर रखा था . वो लोग दिया को अपनी कार में लेकर Hi जाने वाले थे की 2 सिक्योरिटी गार्ड्स की नज़र उनपर पड़ती है .

एक लड़की को ऐसे पकड़ कर ले जाते देख वो दौड़ते हुए उसके पास आने लगते है .

डेनिश : ये लोग तो यही आ रहे है ! अभी यहाँ कोई सन नहीं करना चाहिए वर्ण दिक्कत आ जाएगी !

अदनान : हाँ ! इसको छोडो और भागो जल्दी ! इस लौड़ी को तो हम बाद में छोड़ देंगे !

वो चारो लोग दिया को वही छोड़कर भागने लगते है . निचे गिरते Hi दिया के सर पर चोट लगती है . वो सिक्योरिटी वाले आकर दिया को खड़ा करते है . दिया वह से Rote-Rote भागने लगती है और अपने रूम में आ जाती है .

*फ्लैशबैक एंड्स* ]

दिया Rote-Rote साड़ी बात प्रेरणा को बताती है . प्रेरणा दिया को शांत करने लगती है . वही बाहर प्रेम चुपचाप खड़ा था . उसको नहीं पता था की अंदर क्या चल रहा है और न Hi कुछ सुनाई दे रहा था .

तभी उसको वह देख वृंदा भी आ जाती है .

वृंदा : यहाँ क्यों खड़े हो ??

प्रेम : डीयू अंदर रो रही थी जब में आया रूम में ! शांत Hi नहीं हो रही थी इसलिए बाद में मेने प्रेरणा को कॉल करके बुलाया ! वो अंदर बात कर रही है उससे !

वृंदा : तो बाहर क्यों खड़े हो ? अंदर चलो ?

प्रेम : नहीं ! रुकिए थोड़ी देर ! प्रेरणा ने Hi कहा है !

प्रेम और वृंदा दोनों बात कर रहे थे तभी प्रेरणा बाहर आ जाती है .

प्रेम : क्या हुआ प्रेरणा ? दिया क्यों रो रही थी ? दादी ने कुछ कहा डीयू ? अभी दादी का गाला पकड़ता हु !

प्रेरणा : Bhai...Aap किसी बाते कर रहे है ? पहले मेरी बात तो सुनिए !

प्रेरणा प्रेम को साड़ी बात बताती है . इन सब के दौरान वृंदा की नज़र प्रेम के ऊपर थी . प्रेम की आँखों में गुस्सा उबाल रहा था .

प्रेम वह से फ़ौरन अपने रूम की तरफ जाने लगता है .

वृंदा : ( मैं में ) ओह शीट !!!

♡

♡

♡


आज के लिए बस इतना Hi , लिखे और अपना रिव्यु देना मत भूलना . मिलते है जल्द Hi , तब तक के लिए , चियर्स 🍻
 
अपडेट 32

एवरीथिंग इस फारे इन लव , वॉर एंड फॅमिली



[ प्रेरणा प्रेम को साड़ी बात बताती है . इन सब के दौरान वृंदा की नज़र प्रेम के ऊपर थी . प्रेम की आँखों में गुस्सा उबाल रहा था .

प्रेम वह से फ़ौरन अपने रूम की तरफ जाने लगता है .

वृंदा : ( मैं में ) ओह शीट !!! ]

अब आगे :

प्रेम अपने रूम के अंदर आ जाता है और अपना बैग खोलने लगता है . वह Aag-Babula होये जा रहा था .

वृंदा प्रेम के रूम में आ जाती है और गेट बंद कर लेती है . वृंदा प्रेम के हाथो में गन देखती है और समझ जाती है प्रेम क्या करने वाला था .

प्रेम पिस्तौल में मैगज़ीन दाल कर बाहर जाने लगता है परन्तु वृंदा उसका रास्ता रोक लेती है.

वृंदा : प्रेम प्लीज स्टॉप ! अभी नहीं !

प्रेम : ( गुस्से में ) DON'T इवन फूकिंग डरे तो के इन माय वे !!

AD_4nXcopheX03A05-rhAPnSAYZ7wyCTHSgkag2ih0N3NFGuMNCrjdUpr59fX6dekwaPWef8tqPFYak1oi_HeZ1SZpbKlPWxw8mqF-SY3rLELo8VI-hSzgN60M-W5KCDYGwB-fquQxOhctMU1wCc4NfXhsvMerxg


वृंदा समझ गयी थी की प्रेम बहुत ज्यादा Hi गुस्से में था .

वृंदा : प्रेम प्लीज कलम डाउन ! देखो अभी निचे शादी का माहौल है ! तुम ऐसे गन लेकर नहीं जा सकते ! प्लीज कलम डाउन !

वृंदा : ( गुस्से में ) चुपचाप मेरे रास्ते से हैट जाइये !!! भेनचोद जिसने भी डीयू को हाथ लगाया उसको यही ज़िंदा गाडूगा !

वृंदा : ( प्रेम का हाथ पकड़ते हुए ) प्रेम ी अंडरस्टैंड ! पर तुम अभी बहुत ज़्यादा गुस्से में हो ! और जब तुम बहुत ज़्यादा गुस्से में होते हो तो तुम्हारा दिमाग काम नहीं करता ! प्लीज शांत हो जाओ ! सोच समझ कर जो करना है वो करो !

प्रेम : ( गुस्से में ) आज मेरे रास्ते में मत आइये !!

प्रेम वृंदा को साइड में धक्का देकर गेट खोलने लगता है .

वृंदा : प्रेम प्लीज स्टॉप !! तुम्हे तुम्हारे पापा का वास्ता !! प्लीज स्टॉप !

प्रेम वृंदा की बाते सुनकर वही रुक जाता है . प्रेम अपने पीछे मुड़ता है . प्रेम को रुकता देख वृंदा उसके पास जाती है और उससे गन चीन लेती है .

प्रेम : ( गुस्से में ) आगे से ये कभी कहा तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा !

वृंदा : OK सॉरी ! पर पहले प्लीज बैठो और मेरी बात सुनो !

AD_4nXdl6fhtSFha9_gWglCSFaOue82sHdYhtG1xhZTiYwbALZ8hetAtO_jC0Lvfd_rJX5f3g3-EdVrtgOnlsWa_0wci-xHSxV6dt2stn8_ZGY9qy530WEFNpFKOG9IlUwILgx6RLfimsx1HU9q10OWNPcLkTqzH


वृंदा प्रेम को पकड़ कर बीएड पर बिठाती है पर वही प्रेम गुस्से में पागल होये जा रहा था.

वृंदा : ी क्नोव तुम क्या सोच रहे हो पर पहले शांत हो जाओ !

प्रेम : ( गुस्से में ) कैसे शांत हो जाऊ ??? डीयू को खरोच भी आती है तो मुझे दर्द होता है ! और आज किसीने उसको आँख उठाकर उसके साथ…

प्रेम बोलते बोलते Hi बीच में शांत हो जाता है . प्रेम अपनी पॉकेट में से सिगरेट निकलता है और उसको फुक्ने लगता है .

प्रेम : पापा के जाने के बाद मेरे परिवार के साथ कुछ भी होता है तो उसकी ज़िम्मेदारी मुझपर है ! मेरी माँ और मेरी दोनों बहनो की ज़िम्मेदारी मुझपर है !

वृंदा : में समझ रही हु ! पर गुस्से में सिर्फ गलत फैसले Hi होंगे ! शान्ति से यहाँ बैठकर सोचो की क्या करना है !

प्रेम : मुझे अब समझ आ रहा है की मेने अपनी साड़ी बहनो के बिच एक दिवार कड़ी करदी है !

वृंदा : क्यों ? ऐसा क्यों बोल रहे हो ?

प्रेम : मेने जब डीयू से पूछने का तरय किया तो उसने मुझे कुछ भी नहीं बताया पर जैसे Hi मई बाहर गया , उसने साड़ी वारदात प्रेरणा को बता दी ! जो ट्रस्ट था हमारे बिच में वो अब वैसा नहीं रहा ! वो घबरा रही थी मुझे बताने में !

वृंदा : तुम ज्यादा Hi सोच रहे हो ! पहले थोड़ी चैन की सांस लो और फिर डीडे करो की क्या करना है !

प्रेम : हम्म !

वृंदा गन को वापस बैग में रख लेती है . प्रेम अपनी सिगरेट साइड में फेक देता है और रूम से बाहर चला जाता है .

बाहर निकलते Hi प्रेम डीयू के रूम के बाहर पहुंच जाता है जहा प्रेरणा कड़ी हुयी थी .

प्रेम : डीयू किसी है अब ?

प्रेरणा : वो तो अब सो चुकी है !

प्रेम : सो भी गयी ???

प्रेरणा : हां ! पर जो भी हुआ ाचा नहीं हुआ !

प्रेम : हां ! होना भी नहीं चाहिए था और आगे से होगा भी नहीं ! ध्यान रहे प्रेरणा , ये बाद बस हमारे बिच Hi रहे !

प्रेरणा : हाँ !

प्रेम : कुछ हफ्ते बाद हम चारो एक ट्रिप पर जायेगे ! माँ , डीयू , तुम और मैं ! डीयू को ाचा लगेगा !

प्रेरणा : आज का दिन ाचा नहीं गया ! आज कृत भी रो रही थी और डीयू भी !

प्रेम : हां वो कृतिका किसी है ??

प्रेरणा : वो ठीक है पर उसका मूड बहुत ऑफ है ! सॉरी में फिर से पूछ रही हु बूत कुछ हुआ था क्या ??

AD_4nXde_99WunRwtQwOAt9KAxZeVrCLL-UKuNSXqclMhrLHESFOoKgACSrf2gk6wtJvM1MN58-8cyP8JHmiG1FWQmSuPehttIYEQo3cTDuHg9ovqSSzVkPVHb4z1dNCugZrPnThIguUv4UWxS3_yF92uPAVyNvA


प्रेम : नहीं बस कुछ पुराणी नाराज़गी दूर कर रहे थे बूत आईटी जस्ट Didn't एन्ड उप वेल !

प्रेरणा : कृत को मेने इतना उदास पहले कभी नहीं देखा मेने !

प्रेम : प्रेरणा आज डीयू के रूम में Hi सो जाना !

प्रेरणा : हाँ !

प्रेम : कुछ चाहिए हो तो जस्ट कॉल में !

प्रेरणा : हाँ !

प्रेम वह से बाहर निचे चला जाता है .

*15 मिनट्स लेटर*

प्रेम के हाथो में पार्किंग एरिया की कक्तव की रिकॉर्डिंग थी जिसने उसको सिक्योरिटी से ली थी और उनके बेस से वो डिलीट करवा ली थी .

प्रेम पूरी रिकॉर्डिंग देख कर उन लोगो की शकल देखता है की वो कौन लोग थे और आखिर में क्लिप डिलीट कर लेता है .

*नेक्स्ट डे*

आज शादी का दिन था , सब जगह उल्हास का माहौल था . प्रेम सुबह जल्दी Hi उठ जाता है और तैयार होकर अपने रूम से बाहर निकल जाता है . बाहर Hi उसको फनी मिल जाती है .

प्रेम : नीस ! सुबह 5 बजे Hi उठ गयी उनलीके ओठेर्स !

फनी : हैबिट है वो तो ! वैसे भैया कल तो आप संगीत स्टार्ट होने के बाद दिखे Hi नहीं ! ना Hi आप दिखे , न Hi प्रेरणा दी और न Hi दिया !

प्रेम : तेरी आँखे खराब है बस !

फनी : नहीं , कल प्रेरणा दी का डांस परफॉरमेंस था बूत वो आयी Hi नहीं !

प्रेम : लीव आईटी ! बाद में मिलते है !

*1 ऑवर लेटर*

प्रेम दिया के रूम में आ जाता है जहा दिया और प्रेरणा दोनों थी . दोनों की नींद खुल चुकी थी . प्रेम रूम के अंदर आ जाता है .

प्रेरणा : गुड मॉर्निंग ! डीयू , ब्रेकफास्ट किया ?

दिया : नहीं !

प्रेम : ( मैं में ) गुड ! लगता है अब यह ठीक है !

प्रेरणा : इस वक़्त ब्रेकफास्ट रेडी नहीं हुआ होगा !

प्रेम दिया के पास बैठता है .

प्रेम : डीयू ! आल गुड ?

दिया : हां भैया !

प्रेम : ( स्माइल्स ) नीस ! आज शादी है ! रेडी हो जाओ !

दिया : हाँ !

प्रेम : नीस ! वैसे मेरे सुनने में आया है की कल रात 4 लड़के जो संगीत सेरेमनी में आये थे उनकी मौत हो गयी है ! रेस्ट इन हेलल !

प्रेरणा : ( हेसिटतेस ) Umm…..Bhai Don't तेल्ल में तहत….

प्रेम : ( स्माइल्स ) तुम दोनों जल्दी से रेडी हो जाओ ! में भी कपडे चेंज कर लेता हु !

दिया और प्रेरणा दोनों समझ गयी थी की प्रेम क्या कह रहा था .

प्रेम रूम से बाहर आ जाता है . प्रेरणा भी उसके पीछे पीछे Hi आ जाती है .

प्रेरणा : भैया आपने ???.... भैया ये गलत है !

प्रेम : क्या ???? क्या गलत है ??? कोई मेरी प्यारी सी डीयू को टच भी करेगा तो मई उसको ऐसे Hi थोड़ी जाने दुगा !

प्रेरणा : वायलेंस गलत है भैया !

प्रेम : ( स्माइल्स ) प्रेरणा ऑलवेज रेमेम्बेर ! एवरीथिंग इस फारे इन लव , वॉर एंड फॅमिली ! और ये मेरे लिए तो एक छोटी सी वॉर Hi थी ! अब इसके बारे में ज्यादा मत सोचो !

प्रेरणा : OK !

प्रेम वह से चला जाता है . प्रेरणा वापस रूम के अंदर आ जाती है .

दिया : Dii…Wo भैया ने…

प्रेरणा : हे इस वैरी प्रोटेक्टिव टुवर्ड्स यू ! पहले भी जब तुझे कोई छोटी सी खरोच भी आ जाती थी तो भैया सबसे पहले दौड़ कर बैंडेज लगते थे , तुझे कभी रोने Hi नहीं देते थे ! मेरे लिए भी वो यही करते थे ! हे इस वैरी प्रोटेक्टिव टुवर्ड्स बोथ ऑफ़ उस !

डीयू : उनलीके हमारे पापा की तरह !

प्रेरणा : पापा को कभी हमारा ध्यान था Hi नहीं ! यु कहे की उनको किसीका ध्यान नहीं था सिवाए भैया के ! पापा सिर्फ भैया के साथ Hi ज्यादातर टाइम अपना स्पेंड करते थे , हमपर तो उनका कभी ध्यान Hi नहीं गया !

दिया : डेस्टिनी !

प्रेरणा : वैसे कल भैया बता रहे थे की यहाँ से जाने के बाद हम चारो कही ट्रिप पर जायेगे !

दिया : सच में ?

प्रेरणा : हाँ !

वही दूसरी तरफ प्रेम अपने रूम में जाकर कपडे चेंज कर लेता है और वह से निचे आ जाता है . वह से प्रेम बाहर गार्डन में चला जाता है और एक बेंच पर बेथ जाता है .

प्रेम एक दम शान्ति से बैठा हुआ था . क्या पता क्या चल रहा था उसके दिमाग में पर उसके चेहरे पर शान्ति की भाव तो बिलकुल नहीं दिख रहे थे . कुछ था जिसकी वजह से पुरे परिवार के साथ मौजूद होने के बाद भी उसको Akela-Akela सा लग रहा था .

कुछ देर बाद प्रेम के पास गुनगुन आती है और बेथ जाती है .

गुनगुन : Hi प्रेम !

प्रेम : (अपने खयालो से निकलते हुए) Oh.....Hi दी !

गुनगुन : यहाँ अकेले क्या कर रहे हो ?

प्रेम : कुछ नहीं ! ऐसे Hi !

गुनगुन : उसे से कब आये ?

प्रेम : अभी तो ाचा ख़ासा टाइम हो चूका है ! वैसे आजकाल आप क्या कर रही है ? स्टडी , वर्क या फिर इंगगमेंट हो चुकी है ??

गुनगुन : नहीं ! अभी ग्रेजुएशन कम्पलीट कर चुकी है ! उपस्क का माईनस एंड प्रीलिम्स का पेपर क्लियर कर लिया है मेने ! अगले वीक इंटरव्यू की डेट है ! Let's सी क्या होता है !

प्रेम : ( स्माइल्स ) Wow…Congrats !

गुनगुन : ( स्माइल्स ) अभी इंटरव्यू बाकी है !

प्रेम : होपिंग फॉर थे बेस्ट ! वैसे मेने सोचा नहीं था की आप सिविल सर्विसेज में जायेगी ! 1सत वुमन फ्रॉम योर फॅमिली तो गेट इन तेरे !

गुनगुन : प्रेसिसेली 1सत मेंबर ऑफ़ थे फॅमिली ! ना Hi किसी मन और ना Hi किसी वुमन ने जॉब की है हमारे फॅमिली में और वो भी सिविल सर्विसेज में !

प्रेम : ( स्माइल्स ) I'm क्यूरियस एक्चुअली हाउ दीद यू कन्विंस्ड योर पेरेंट्स ?? क्यूंकि मुझे नहीं लगता की मां ने Khushi-Khushi आपको बोलै होगा की जाओ जॉब करो !

गुनगुन : ( लौघ्स ) करेक्ट ! पापा तो खिलाफ थे और जल्द Hi मेरी शादी करवाना चाहते थे पर मेने दादू को मन लिया था और बड़ी माँ ने भी मेरी बहुत हेल्प करि !

AD_4nXcMCJYacS9RWn3YG0bbaTnDKNtllXGEODtYzNPL-BmqVJPrd75ajTBeylpZkjRSOkZ0hUVS0HJBMk8IU-D73BcIlvrIZEeSwAIVT84ti8_F4mYBUMcDAGFPUmfoOpIb-1Yvpo04RMtZH_2ICxASB6WibXCj


प्रेम : नीस ! मुझे आपसे एक बात पूछनी थी िफ़ यू Don't मंद !

गुनगुन : बिलकुल पूछो !

प्रेम : कभी अजीब लगता है क्यूंकि आपकी 2 माँ है ??? क्यूंकि बचपन से आप उनको बड़ी माँ Hi कहती है ! आप समझ रहे है मई क्या कहना छह रहा हु ?

गुनगुन : Umm..Listen प्रेम ! मेरे लिए मेरी दोनों माँ एक सामान है ! कभी कभी किसी बात पर मेरी माँ मुझपर गुस्सा कर सकती है पर बड़ी माँ कभी हम तीनो बच्चियों पर गुस्सा नहीं करती ! हर जगह हमारा स्टैंड लेती है ! यहाँ तक की कभी भी हमसे ुचि आवाज़ में बात भी नहीं करि ! उनको बस एक Hi चीज़ देनी आती है और वो है सेल्फलेस लव ! इसलिए मुझे तो कभी अजीब नहीं लगा ! ी लव माय बोथ मोठेर्स !

प्रेम : सेल्फलेस लव ! हम्म ! वैसे लव तो हमेशा सेल्फलेस Hi होता है !

गुनगुन : किसने कहा ? लव सेल्फिश भी होता है और सेल्फलेस भी ! सेल्फिश वो जहा आप देखते हो की आपको उस प्यार में क्या मिल सकता है और सेल्फलेस लव वो जिसमे आप ये सोचते है की आप उस प्यार में क्या दे सकते है !

प्रेम : हां बूत इन गेनेराल्ल्य ज्यादातर लोग सेल्फलेस लव Hi करते है !

गुनगुन : गलत ! ज्यादातर लोग सेल्फिश लव करते है और उनमे से बहुत लोगो को तो पता भी नहीं होता की उनका प्यार सेल्फिश है !

प्रेम : हम्म्म ! लव इस ा कॉम्प्लिकेटेड थिंग !

गुनगुन : ( स्माइल्स ) वैसे हम क्या बात कर रहे थे और कहा से कहा Hi निकल गए बूत Let's कंटिन्यू थिस ! लव इस नॉट ा थिंग !

प्रेम : येह ी क्नोव ! लव एक फीलिंग है ! पूरी लाइफ चेंज हो जाती है इसकी वजह से ! में यह कह रहा था की लव कॉम्प्लिकेटेड तो है !

गुनगुन : ( स्माइल्स ) सही कहा ! लव इस कॉम्प्लिकेटेड ओनली िफ़ अगर तुम्हे क्लैरिटी नहीं हो ! क्लैरिटी होना बड़ा ज़रूरी है !

प्रेम : क्लैरिटी ! सही बात की आपने ! में ये याद रखुगा !

गुनगुन : चलो मई आती हु ! बाद में मिलते है !

प्रेम : बिलकुल !

गुनगुन वह से चली जाती है . प्रेम फिर से अपने खयालो में खो जाता है

_______________________________________

रोहित महल के अंदर अपने रूम में बैठा हुआ था . उसके सिवा और कोई भी नहीं था रूम में . रोहित ने सारे गेट बंद कर लिया थे अपने रूम के . उसका पूरे शरीर पसीने से लटपट था .

तालाब मची हुयी थी उसके पुरे शरीर में . वो अपने आप को रोक के बैठा हुआ था . अपने दिमाग में वो अपने आप से Hi जुंग लड़ रहा था . जब से रोहित राजस्थान आया था तबसे उसने अपने ऊपर कण्ट्रोल करके रखा था पर अब वो अपने आखरी चरम पर था .

रोहित हार मानकर अपने बैग के पास जाता है और एक इंजेक्शन और एक सीरम बोतल निकलता है . इंजेक्शन को फइलल कर रोहित अपने अंदर इंजेक्ट कर लेता है .

रोहित की आँखे बड़ी हो जाती है . वह एक अलग Hi दुनिया में पहुंच चूका था . जो तालाब उसके शरीर में मच रही थी वो अब शांत हो चुकी थी . कुछ देर बाद रोहित वही बेहोश होकर लेट जाता है .

_______________________________________

बहुत देर से प्रेम वही गार्डन में बैठा हुआ था . बाहर तेज़ धुप निकल चुकी थी परन्तु प्रेम वही बैठा हुआ था .

प्रेम को कभी भी चैन नहीं मिल रहा था . उसको पता नहीं चल रहा था की उसको क्या चाहिए पर कुछ था जिसके न होने की वजह से प्रेम खुश नहीं था .

प्रेम खुश नहीं था . हज़ारो लोगो से भरे रूम में भी वह अपने आप को अकेला महसूस कर पा रहा था .

प्रेम अपने खयालो में खोया हुआ Hi था की तभी उसको कॉल आता है . प्रेम अपना मोबाइल निकलता है और स्क्रीन पर नाम देख कॉल पिक कर लेता है .

साक्षी : Hello !

प्रेम : हाँ साक्षी !

साक्षी : क्या कर रहे हो ?

प्रेम : Umm….Bharatnatyam सिख रहा हु !

साक्षी : सच में ??

प्रेम : किसी काम से कॉल किया था साक्षी ??

साक्षी : वो इतने दिनों से बात नहीं हुयी इसलिए कॉल किया ! तुम तो कॉल भी नहीं करते और कई बात कॉल पिक भी नहीं करते !

प्रेम : नीस !

साक्षी : कहा हो अभी ??

प्रेम : राजस्थान ! एक शादी में आया हुआ हु !

साक्षी : ओह ! तो वापस कब मिल रहे हो ??

प्रेम : मिलते है बाद में ! ज़रूर मिलेंगे !

साक्षी : ( स्माइल्स ) ी विल बे वेटिंग !

प्रेम : ओह हो ! अब तो आना Hi पड़ेगा ! चलो Bye!

साक्षी : ( स्माइल्स ) Bye !

AD_4nXdAdc47ap_4ITbXxOMTn2M0WIP1XI0MevYgdk9X6kX7CsLksY-RJpV1fMee4LL0S1heCWYOkbq9tGGEbGXq7tQi2Ivs0gPBsj28RqBt0ATDFB9D1I5XgY65I5hFc_aeRjtsDnNTDTQKxH1Nn1podwY12YLz


प्रेम कॉल कट कर देता है और अपनी जगह से खड़ा हो जाता है और महल के अंदर चला जाता है .

*2 हॉर्स लेटर*

प्रेम कृतिका के रूम के बाहर खड़ा था . गेट बांध था . प्रेम अंदर तो जाना चाहता था पर उसको समझ नहीं आ रहा था की वो उसे क्या बात करे ?

प्रेम अपने आप से लड़ते हुए गेट नॉक करता है .

कृतिका आकर गेट खोलती है . प्रेम और कृतिका दोनों की नज़र एक दूसरे से टकराती है .

कृतिका : प्रेम !!!

♡

♡

♡



आज के लिए बस इतना Hi , लिखे और रिव्यु देना न भूले . मिलते है जल्द Hi . तब तक के लिए चियर्स 🍻
 
अपडेट 33

ी गेस यू विल नेवर क्नोव !!!

[ प्रेम अपने आप से लड़ते हुए गेट नॉक करता है .

कृतिका आकर गेट खोलती है . प्रेम और कृतिका दोनों की नज़र एक दूसरे से टकराती है .

कृतिका : प्रेम !!! ]

अब आगे :

कृतिका के सामने Hi प्रेम खड़ा हुआ था . दोनों Hi ावक्वार्ड फील कर रहे थे .

कृतिका : प्लीज के !

प्रेम रूम के अंदर आ जाता है .

कृतिका : कुछ चाहिए ??

प्रेम : नहीं ! कुछ बात करनी थी !

कृतिका : हाँ !

प्रेम : Umm….Woh…..

वृंदा : प्रेम !!!

प्रेम कृतिका से कुछ बात करने Hi वाला होता है पर तभी वृंदा वह आ जाती है .

वृंदा : Umm…Prem जरा 2 मिनट आना !

प्रेम : हाँ !

प्रेम वृंदा के साथ रूम से बाहर चला जाता है . वृंदा प्रेम को थोड़ा और दूर लेकर जाती है .

वृंदा : अपॉइंटमेंट फिक्स हो चुकी है ! टुमारो 2 पं !

प्रेम : नीस !

वृंदा : वैसे I'm सूरे तुमने उन लड़को के बारे में जरूर कुछ सोचा होगा !

प्रेम : ( समीरकस ) स्वः !

वृंदा : व्हाट ?? कब ?

प्रेम : समय समय की बात है ! समय समय का खेल !

वृंदा : ओह गॉड ! अन्य्वयस ! में आती हु !

प्रेम : हाँ !

वृंदा वह से चली जाती है .

प्रेम : ( मैं में ) अमन से बातचीत नहीं हुयी मेरी अभी तक ! उसको कॉल करके देखता हु !

प्रेम अमन को कॉल करता है पर अमन का मोबाइल स्विच ऑफ Hi बताता है . प्रेम मोबाइल को अपने पॉकेट में रख देता है .

प्रेम की नज़र दूर से जाते हुए प्रेरणा और दिया पर पड़ती है . दिया को देख प्रेम को कल रात जो भी हुआ वो सब याद आने लगता है

[ *फ्लैशबैक*

प्रेम के हाथो में पार्किंग एरिया की कक्तव की रिकॉर्डिंग थी जिसने उसको सिक्योरिटी से ली थी और उनके बेस से वो डिलीट करवा ली थी .

प्रेम पूरी रिकॉर्डिंग देख कर उन लोगो की शकल देखता है की वो कौन लोग थे और आखिर में क्लिप डिलीट कर लेता है .

प्रेम वह से बाहर चला जाता है और वह आ जाता है जहा संगीत सेरेमनी चल रही थी , परन्तु प्रेम की नज़र उन चार लड़को को धुंध रही थी .

कुछ Hi देर में ढूंढने पर प्रेम को वह चार लड़के मिल जाते है पर प्रेम उनके पास नहीं जाता . प्रेम दूर से Hi उन सब को देखे जा रहा था .

करीब 15 मिनट बाद वो लड़के वह से पार्किंग एरिया में आ जाते है और कार में बैठ कर जाने लगते है .

प्रेम भी एक कार की कीस लेकर कार में बैठ उन लड़को का पीछा करने लगता है . जहा आगे - आगे उन लड़को की कार चल रही थी तो वही उनसे थोड़ा दूर कार में प्रेम भी उनका पीछा कर रहा था .

अदनान : साड़ी बॉटल्स और सारा माल पड़ा है न कार में ! एक बार चेक कर ले ट्रंक में !

डेनिश : चेक कर लिया है मेने ! सब कुछ रेडी है ! बस यहाँ से हाईवे का रास्ता पकड़ 11 कम दूर एक होटल है वह जाना है ! मेने 8 रुस्सियन एस्कॉर्ट हिरे की है ! वो सीधा वह पहुंच जायेगी !

अदनान : पर रुस्सियन में वो बात नहीं जो इंडियन में है ! आज उस साली का फिगर देख के Hi मेरा खड़ा हो गया ! इतने बड़े चुके , बड़ी सी गांड ! साली अगली बार जहा भी दिखेगी , वही खड़े - खड़े उसकी गांड मारुंगा !

डेनिश : वो काम हम कल कर लगे ! पर आज रुसिअन्स की गांड मारते है !

रास्ता एक दम सुनसान था . आसपास बस ट्रीज और जंगल थे और बिच में एक सुनसान रास्ता . प्रेम मौका देख कार की स्पीड मैक्स. कर देता है और अदनान की कार को ओवरटेक कर उसके सामने रोक देता है .

अचानक कार को अपने सामने रोकता देख फ़िरोज़ अचानक ब्रेक मारता है जिसकी वजह से सभी रेस्टलेस हो जाते है .

अदनान : क्या हुआ ? गाडी क्यों रोकी ?

फ़िरोज़ : ये सामने देखना ! कोई कार वाले ने अपने सामने Hi कार रोक दी !

अदनान : जा फ़िरोज़ ! इसको 2 लगाके आ !

फ़िरोज़ : हाँ ! रुक जा इसको थोड़ा डरा के आता हु!

फ़िरोज़ कार की कीस निकलता है क्यूंकि उसके चले में Hi एक छोटा और तीखा सा नाइफ भी लगा हुआ था .

फ़िरोज़ ड्राइविंग सीट से उठ कार से बाहर निकलता है. वही प्रेम भी कार से बाहर निकल चूका था और अपनी कार के पास खड़ा था .

अदनान के कार की हेडलाइट उसके तरफ Hi अपना फ़्लैश मार रही थी .

फ़िरोज़ : अँधा है क्या लौड़े ??

फ़िरोज़ प्रेम की तरफ बढ़ता है और उसे नाइफ दिखता है . प्रेम बस चुपचाप खड़ा उसको देखे जा रहा था .

फ़िरोज़ जैसे Hi उसके पास जाता है प्रेम उसको हाथ पकड़ कर मोड़ देता है और वो कीस अपने हाथ में ले लेता है और

फ़िरोज़ : आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह !!!!

प्रेम फ़िरोज़ का गाला पकड़ता है और कीस के चले में से नाइफ निकल कर ,

*कछहहहहह*

*कछहहहहह*

*कछहहहहह*

*कछहहहहह*

*कछहहहहह*

*कछहहहहह*


image28.gif


अदनान और उसके दोस्त अपनी आँखों के सामने हो रहे है दृश्य को देखकर दर जाते है . प्रेम चाकू को फ़िरोज़ की आँखों में आर पार करते जा रहा था . फ़िरोज़ की चींखे निकल रही थी और वो झटपटा रहा था . आखिर में प्रेम वो नाइफ फ़िरोज़ के गले में घुसा देता है . प्रेम का मुँह खून से लटपट हो जाता है .

images-60.jpg


कार में बैठे तीनो लोगो की जान हलक में आ गयी थी ये देखकर . फ़िरोज़ वही निचे गिर अपनी आखरी साँसे ले लेता है .

अदनान : जल्दी गाडी चालू कर !!!

साहिल : इसमें चाबी नहीं है !! फ़िरोज़ साथ में लेकर गया था !!!

डेनिश : तो भागो यहाँ से !!! ये कोई साइको किलर है !! तीनो अलग अलग भागो !!!

प्रेम अपनी जगह से एक कदम भी आगे नहीं बढ़ा था . वो तीनो लोग कार से उतर कर अलग अलग डायरेक्शन में जंगल की तरफ भागने लगते है .

प्रेम वही खड़ा हुआ अपनी पॉकेट में से सिगरेट निकलता है और लइते से उसको जलाकर फुक्ने लगता है .

प्रेम : लेट माय रागे के ईंटो प्ले !!!!


images-61.jpg


वही साहिल जंगल में दौड़ रहा था . वो करीब 10 मिनट से बस दौड़े Hi जा रहा था . आखिर में वो थक हार के वही एक बेथ जाता है .

साहिल अपनी पॉकेट में हाथ घूमता है पर उसमे उसका मोबाइल नहीं था .

साहिल : फुकक !!!

प्रेम : Yeah……..You अरे फुकेद उप !!!

साहिल अपने पीछे मुद कर देखता है .

प्रेम : ( समीरकस )

साहिल प्रेम को मारने की कोशिश करता है पर प्रेम उसका हाथ पकड़ कर मरोड़ देता है और उसके मुँह पर एक जोरदार पंच मारता है .

साहिल की नाक में से खून निकलने लगता है . साहिल की हाइट प्रेम से बहुत छोटी थी जिसकी वजह से बड़े Hi आराम से प्रेम साहिल का गाला पकड़ता है और एक हाथ से Hi उसको हवा में उठा देता है .

साहिल झटपटाने लगता है . उसकी आँखे बड़ी होने लगती है . प्रेम और भी जोर से साहिल का गाला दबाने लगता है . साहिल अपने हाथ पाँव मारने लगता है पर कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता .

2 मिनट बाद साहिल अपनी आखरी साँसे गईं रहा था .प्रेम उसकी पल्स चेक करता है और उसकी मौत कन्फर्म करने के बाद उसको घसीट ते हुए वह से लेकर जाने लगता है .

10 मिनट बाद प्रेम कार के पास पहुंच साहिल की लाश को अदनान की कार में रख देता है .

*10 मिनट्स लेटर*

डेनिश आराम से चलकर आगे बढ़ रहा था . हर जगह बस अँधेरा Hi चाय हुआ था .

डेनिश : ( मैं में ) शायद अब वापस मुद कर जाना चाहिए ! वो आदमी चला गया होगा !

डेनिश जैसे Hi अपने पीछे मुड़ता है उसके मुँह पर एक जोरदार पंच पड़ता है .

डेनिश अपने आप को संभलके जैसे Hi प्रेम पर अपना वार करता है , प्रेम उसके गले पर ेओ जोरदार किक मारता है .

किक खाते Hi डेनिश वही गिर जाता है और साथ में Hi प्रेम का पजामा भी गलत जगह से फट जाता है .

प्रेम : ( मैं में ) ओह शीट !!

प्रेम जाकर डेनिश की पल्स चेक करता है .

प्रेम : ( मैं में ) ये तो शुरू होते Hi ख़तम हो गया ! काम से काम 2 मिनट तो टिकता !

प्रेम डेनिश को घसीट ते हुए लेकर जाने लगता है .

*कुछ देर बाद*

प्रेम डेनिश को लेकर जा रहा था परन्तु बिच रस्ते में Hi पीछे से उसके सर पर एक जोरदार वार होता है

प्रेम : ( गुस्से में ) भैंचोड़ !!!!

प्रेम के हाथ से डेनिश का पाँव छूट जाता है . प्रेम अपने पीछे मुद कर देखता है तो वह अदनान खड़ा हुआ था एक रोड पाकर कर .

प्रेम अपने सर के पीछे हाथ टच करके देखता है जहा उसके हल्का हल्का खून निकल रहा था .

अदनान वापस से प्रेम के ऊपर हमला करने लगता है पर इस बार प्रेम उसकी रोड एक हाथ से पकड़ लेता है और उसकी चेस्ट पर एक किक मारता है .

अदनान वही निचे गिर जाता है और प्रेम के हाथ में उसकी रोड आ जाती है .

अदनान : ( डरते हुए ) आखिर तुम हमारे पीछे क्यों पड़े हो ???

प्रेम : ी गेस यू विल नेवर क्नोव !!!

प्रेम अदनान के मुँह पर उस रोड से लगातार वार करने लगता है . आखिर में प्रेम अपने पास पड़े एक बड़े से पत्थर को उठता है और वो सीधा जोर से अदनान के सर पर फेक देता है .

अदनान का सर फुट जाता है और अदनान की आँखे बंद हो जाती है . परन्तु प्रेम को उससे भी चैन नहीं मिला था . प्रेम उस पत्थर को लेके बार बार अदनान के सर पर मारने लगता है .

प्रेम ये तब तक करता है जब तक उसको चैन नहीं मिलता . इसी बिच अदनान के सर से बहुत खून निकल चूका था जिसमे से बहुत खून प्रेम के कपड़ो पर लग चूका था .

आखिर में प्रेम एक हाथ से अदनान का पाँव और एक हाथ से डेनिश का पाँव पकड़ता है और उन दोनों को घसीट ते हुए लेकर जाने लगता है.

करीब 10 मिनट बाद प्रेम कार के पास पहुंच जाता है और उन दोनों को भी कार के अंदर दाल देता है .

प्रेम ने चारो लड़को को कार में दाल दिया था. प्रेम की नज़र बहुत पहले Hi कार के ट्रंक में पड़ी अल्कोहल बॉटल्स पर पद गयी थी .

प्रेम बाहर से एक बड़ी सी लकड़ी लेता है और अपनी पॉकेट में से रुमाल निकल कर उसके आगे की तरफ बाँध लेता है . उसके बाद प्रेम अल्कोहल की बोतल लेता है और उस लकड़ी के मुँह पर दाल देता है .

आखिर में प्रेम अपनी पॉकेट से लाइटर निकलता है और उस लकड़ी को जला लेता है .

प्रेम कार के पेट्रोल इन्टेक कैप के पास जाता है और उसको ओपन कर लेता है . फिर प्रेम थोड़ा सा दूर जाता है और वो लकड़ी सीधा उसके अंदर फेक देता है .

*BOOOOOOOOOOMMMMMMMMMM*

एक बड़ा सा धमाका होता है जिसमे वह कार पूरी तरह से तबाह हो चुकी थी.


200w.gif


प्रेम : स्वः !!

*फ्लैशबैक एंड्स* ]

प्रेम अपने रूम में आ जाता है और बीएड पर लेट जाता है .

*नॉक* *नॉक*

शीना : में अंदर आजौ ??


images-62.jpg


प्रेम : बिलकुल !

प्रेम बीएड से खड़ा हो जाता है .

शीना : उस दिन के बाद हम मिले Hi नहीं !

प्रेम : येह !

शीना : तुम अचानक से कहा चले गए थे उस दिन?

प्रेम : कुछ जरुरी काम था इसलिए जाना पड़ा !

शीना और प्रेम Baat-chit कर रहे थे पर बिच में Hi आराध्य वह आ जाती है .

आराध्य : वो दादू आपको बुला रहे है !

प्रेम : आया में !

आराध्य : जल्दी आना !

आराध्य वह से चली जाती है .

शीना : मुझे ये पूछना था की उस रात को कुछ हुआ था क्या ??

प्रेम : ओह ! ओफ़्कौर्से !

शीना : K..Kya ???

प्रेम : आप भूल गए ? हमारी कार का एक्सीडेंट हो गया था , कुछ लोगो ने हमे पकड़ लिया था !

शीना : वो सब याद है मुझे ! उसके बाद हम एक छोटी सी झोपडी में गए थे , उसके बाद क्या हुआ मुझे ठीक से याद नहीं ! में जब सुबह उठी थी तो तुम वह नहीं थे और मेरे बालो की भी छोटी बानी हुयी थी !

प्रेम : ( स्माइल्स ) हाँ ! ेवेन्तुअल्ल्य आपने पानी समझ कर एक बोतल में से शराब पि ली थी ! वो भी एकदम स्ट्रांग ! और आपको चढ़ गयी थी ! आपकी छोटी मेने Hi बनायीं थी आपके कहने पर , और उसके बाद आप सो गए थे ! That's आईटी !

शीना : शराब ??? Oh..No

प्रेम : कभी अल्कोहल का सेवन नहीं किया आपने ?

शीना : नहीं !

प्रेम : नीस ! Karna….It's नॉट सो बाद ! अन्य्वयस बाद में मिलते है !

*कुछ देर बाद*

प्रेम अपने नाना से मिल कर महल के बाहर आ जाता है . बाहर Hi उसको उसके साहित्य मां मिल जाते Hi जिनकी शादी हो रही थी . प्रेम उनके पास की चेयर पर बेथ जाता है .

प्रेम : और Mama….Sab बढ़िया !

साहित्य : तू कहा घूम रहा है ? दिखा Hi नहीं मुझे तो !

प्रेम : ( स्माइल्स ) मेरा Chodo…Aap बताओ ! अभी भी गाओ में शराब पीकर घूमते रहते हो क्या ?

साहित्य : ( स्माइल्स ) पंचायत बहुत है तुझे !

प्रेम : ( स्माइल्स ) वैसे आने वाली ममी को तो पता है न की एक दिन आपके रूम से 3 लड़किया मिली थी वो भी नग्न अवस्था में !

साहित्य : चुप होजा भाई ! गड़े मुर्दे मत उखाड़ !

प्रेम : ( स्माइल्स ) में तो बस पूछ रहा था !

साहित्य : ( स्माइल्स ) तू Bata…..Teri कोई गफ ??

प्रेम : ( स्माइल्स ) आपके जैसी किस्मत सब की कहा होती है

साहित्य : ( स्माइल्स )

प्रेम : मुझे भी तो फोटो दिखाओ होने वाली ममी का ! मेने तो चेहरा Hi नहीं देखा अभी तक !

साहित्य : मेरा मोबाइल तो चार्जिंग पर रखा है ! आज रात को देख लेना शादी के फेरो के वक़्त !

प्रेम : हाँ ! वैसे हनीमून पर कहा जाने का सोच रहे हो ?

साहित्य : बाद में सोचेंगे वो तोह ! शायद स्विट्ज़रलैंड ! पर बाद में जायेगे , अभी नहीं !

प्रेम : नीस ! वैसे वेडिंग तो डेस्टिनेशंस भी हो सकती थी ! ये बारात लेकर जाओ एंड आल अब तो बहुत पुराण स्टाइल हो चूका है !

साहित्य : हाँ बूत लड़की वाले यही चाहते थे और तेरे नाना भी यही चाहते थे ! चल तू तैयार होजा ! आधे घंटे बार यहाँ से 51 कार निकलेगी जाने के लिए ! यहाँ से प्रीतमपुरा जाने में 1 घंटा तो लग Hi जायेगा !

प्रेम : हाँ में रेडी होकर आता हु !

प्रेम वह से खड़ा होकर आराम से पुरे महल में घूमने लग जाता है . अकेलापन सत्ता रहा था प्रेम को अब . प्रेम घूम रहा था वह बिच में Hi उसको आराध्य मिल जाती है.

आराध्य : रेडी ?

प्रेम : नहीं ! क्लोथ्स चेंज करने है !

आराध्य : तो जल्दी चेंज करलो !

प्रेम : हाँ !

आराध्य : एवरीथिंग Okay ?

प्रेम : ओफ़्कौर्से ! क्यों ?

आराध्य : तुम अपने आप में Hi गुमसुम हो ! चुपचाप यहाँ से वह घूमते रहते हो !

प्रेम : नहीं बस ऐसे Hi ! अन्य्वयस ये बताओ तुम क्या अभी कॉलेज में हो ?

आराध्य : नहीं ! मेरी ग्रेजुएशन हो चुकी है !

प्रेम : नीस ! तो अब क्या ? बिज़नेस या जॉब ? या फिर सीधा हाथ पीले ?

आराध्य : जॉब ! में सोच रही हु जॉब करने की ! पर उसके लिए मुझे दादा , दादी , पापा और मुम्मा की भी परमिशन लेनी पड़ेगी ! एंड I'm सूरे वो अल्लोव नहीं करेंगे बूत स्टिल में अपनी पूरी कोशिश करुँगी !

प्रेम : Don't वोर्री , में बात करुगा उनसे ! और वो मुझे मन नहीं करेंगे ! बूत ी थिंक तुम उनको ैसिलय कन्विंस कर लोगी ! तुम्हारी आईज बहुत इंटिमीडेटिंग है ! किसीकी भी आँखों में आँखे दाल कर कुछ कहोगी , वो चुपचाप हाँ बोल देंगे ! ी बेट !

आराध्य : ( ब्लशेस ) तुम्हे लगता है ऐसा ?


images.jpg


प्रेम : ( समीरकस ) ओफ़्कौर्से ! चलो में आता हु कपडे चेंज करके !

प्रेम वह से अपने रूम में जाने लगता है परन्तु बिच में Hi प्रेम के मोबाइल पर कॉल आने लगता है .

प्रेम : ( मैं में ) सांस लेता हु तो मोबाइल पर कॉल आने लग जाता है !

प्रेम कॉलर का नाम चेक करता है .

प्रेम : शुभम का कॉल ???

प्रेम कॉल रिसीव करता है.

*ों कॉल*

प्रेम : हाँ भाई शुभम ! कोई जरुरी खबर ?

शुभम : Woh..Prem…Woh

प्रेम : सुनाई दे रहा Hai…..Behra नहीं हूँ मैं

शुभम : अमन इस NO मोरे !!!!!

♡

♡

♡


 आज के लिए बस इतना Hi , लिखे करना और अपना रिव्यु देना न भूले अपडेट पर . मिलते है जल्द Hi , तब तक के लिए चियर्स 🥂
 
वो तो अब प्रेम के ऊपर है ! अभी तो वो बस उसको जल्दी से डाइवोर्स देना चाहते है !

13364.gif
 
Back
Top