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अखिल सुकून से हो गया था. घर में छूट मिल जाने पर अखिल के मज़े थे. उसकी सोच में भी कुछ बदलाव आ गया था.
डिनर के बाद राज किसी काम से ऊपर गया तोह उसे रुपाली खेंच कर अपने रूम में ले गयी.
रुपाली-- तुम समझते क्या हो खुद को. हीरो हो क्या तुम. भाव तोह ऐसे खा रहे हो. जैसे तुम्हारे लिए लड़कियों की लाइन लगी हो. मुझसे जैसी लड़की खुद से तुम्हे भाव दे रही है और तुम हो---
राज ने रुपाली को कमर से पदक और दिवार के साथ सत्ता दिया. गरम साँसे रुपाली के फेस पे छोड़ने लगा तोह रुपाली अपनी साड़ी बातें, सरे भाव भूलने लगी. राज हरामी था साला, लड़कियों को पागल बनाने के सरे गुर जनता था.
रुपाली भी पल भर में hi मस्त होने लगी. उसकी आँखों में नशा उतरने लगा तोह राज एक फूंक उसके चेहरे पर मारता हुआ उसे छोड़ कर पीछे हैट गया.
रुपाली अभी भी राज के नशे में थी वह मदहोश नज़रों से राज को देखते हुए बोली.
रुपाली-- दुन्या देख चुकी हों मैं रघु. एक नज़र देख कर hi तुम्हे पहचान गई थी. तुम दूसरे से बहुत अलग हो. एक पल में hi तुमने मेरी सोच को सच सबत कर दिए. एक लम्हे की तुम्हारी कुर्बत ने hi मेरी ऐसी हालत कर दी है. तुम्हे पूरा पा लिया तोह क्या हालत हो जाएगी मेरी. अब तोह मैं तुमसे कभी दूर नहीं रह सकती रघु.
राज रुपाली को घोर से देखने लगा- मतलब तुम मेरे लिए कुछ भी कर जाओगी.
रुपाली-- कोई शक है क्या तुम्हे रघु.. मैं तुम्हे पूरी तरह पाने के लिए कुछ भी कर जाऊँगी.
राज- तोह तोह खूब खाई खेली लड़की हो. फिर भी मेरे लिए इतनी उतावली.
रुपाली-- में कोनसा तुमसे शादी के लिए बोल रही है. 2 3 साल में शादी कर लुंगी. तब तक लाइफ को एन्जॉय कर रही हों. तुम मिले हो तोह मुझे लगा, तुम अब तक मेरी लाइफ में आये मर्दों में सबसे बेस्ट हो. सच कहूं तोह तुम्हे देखने के बाद मेरा किसी और की और देखने को अब मैं नहीं कर रहा.
राज-- मुझसे प्यार करने लगी हो..
रुपाली-- हाहाहा.. प्यार.. नहीं प्यार नहीं कह सकते तुम. प्यार शब्द अपने अंदर कुछ समाये हुए है.. हाँ ये कह सकते हो. तुमपर आ कर मैं कुछ ठहर सी गई हों.
राज आगे बढ़ा और फिरसे रुपाली को अपनी बहन में भर लिया. तुम भी पूरी आग की बानी हो रुपाली डार्लिंग. बहुत सी सुंदर शरीर की मालिक हो तुम. बड़ी आग बरसती है तुम्हारे बदन से. मस्त आती खुशु किसी को भी डगमगाने पर मजबूर कर सकती है. पर भी इंसान हों, मैं भी डगमगा सकता हों. पर इतना कच्चा भी नहीं हों मैं.
तुम्हे अपनी बहन में भर कर भी देखो मैं डगमगा नहीं रहा. तुम मुझे पाना चाहती हो न तोह तुम्हे मेरे कुछ काम करने होंगे. मेरे कहे पर चलना होगा.
रुपाली राज के सीने पर हाथ फेरते हुए-- हेहेहे शादी के लिए न कह देना. बाकि सब ठीक है.
राज-- तुम्हे बहार मोह मारना बंद करना पडदा.
रुपाली-- मुझे मोह मरने की आदत भी नहीं रघु. हर लड़की अपनी लाइफ को ेनजोत करना चाहती है. जो मैं में आये, जो उसे सही लगे वह कर जाती है. मैं भी वही करती हों.
रेज ने एक किश करि और बोलै-- अर्चना मौसी मुझे बहुत भाई है. उसके साथ भी अगर मैं मज़ा करने मैं बना लूँ तोह क्या तुम मेरी मदद कर सकुंगी.
रुपाली हसने लगी-- कहा न मेरी अपनी लाइफ है तोह मैं अपनी मर्ज़ी से जीना चाहती हों. तुम्हारी अपनी लाइफ है तुम भी अपनी मर्ज़ी से जी सकते हो. मौसी अर्चना वैसी नहीं हाँ, जैसे तुम समझ रहे हो. और तुम्हारे दाम में नहीं आने वाली. wait..wait.. तुमने मेरी मौसी को मौसी क्यों कहा.
राज-- तुम्हारी मौसी है तोह कह भी सकता हों. चाचा की पत्नी है तोह चची भी तोह नहीं बोल सकता न.
राज ने फ़ौरन hi बात संभल ली थी. रुपाली के मैं में कुछ और नहीं गया. रुपाली ने खुद से राज को किश करि..
राज-- कल हम जायेंगे उनकी और.. अब मुझे वहां भी रेगुलर जाना पड़ेगा. जा तोह मैं चची के साथ भी सकता हों. पर तुम्हारे साथ जाना चाहता हों.
रुपाली-- मुझे कोई आपत्ति नहीं है रघु. पर बात बिगड़ने मत देना. बात बिगड़ी तोह
राज-- कहा न कुछ नहीं होगा. बात बिगड़ने नहीं दूंगा. राज रुपाली को बहन में लिए हुए hi था. कह उसके मोबाइल के संस टोन बजी..
राज ने रुपाली को छोड़ा और साइड होकर मोबाइल निकल कर देखने लगा.
मोबाइल देखा तोह संस देख कर हैरान रह गया. नए नंबर पर सिमरन का संस था.
एक घंटे में मुझसे मिलो. मेरी कुछ फ़िरेन्द ने पार्टी राखी है तोह हम दोनों को वहां जाना होगा. वेल ड्रेस्ड होक मेरे घर पोहंचो..
राज तोह हैरान hi रह गया था. सिमरन का संस देख कर. मतलब.. सिमरन उसका नया नंबर जानती थी. तोह इसका मतलब है वह ये भी जानती thi,woh इस समय कहाँ है. राज जहाँ हैरान था. वहीँ वह बहुत खुश भी था. सिमरन हर लिहाज़ से उसकी टक्कर की थी.
राज-- हम फिर मिलते हाँ. अभी मुझे कहीं जाना है.
रुपाली-- कहाँ जा रहे हो रह..
राज दूर खोलता हुआ स्माइल से बोलै-- मूड हुआ तोह बता भी दूंगा. अब जा रहा हों. फिर मिलते हाँ.
राज निकल गया कमरे से तोह रुपाली बीएड पर गिर कर राज को सोचने लगी. रुपाली को अभी भी अपने शरीर में राज के जिस्म के गारकी महसूस हो रही थी. रुपाली अपने बदन पर हाथ फेरते हुए राज के स्पर्श को महसूस करने लगी.
1 घंटे में राज अपने ससुराल में था.. सीधा अंदर गया तोह सब उसे देख कर खुश हो गए.
राकेश वर्मा-- आओ आओ राज बीटा... बहुत दिनों बाद चक्कर लगाया तुमने तोह.
दादी राज को देख कर खुश हुई तोह राज का सब किया याद करके कुछ घबरा भी गई थी. बाकि सब राज को देख कर बहुत खुश हुए.
सिमरन वहां नहीं थी. वह अभी अपने कमरे में थी.
राज-- दाद्दु में एक दम फर्स्ट क्लास.. आप सुनाएँ, लगता है आपने जवानी फिरसे पाने के लिए कुछ उसे करने शुरू कर दिए है. बहुत हेअल्थी लग रहे हाँ आप.
सब है पड़े तोह वर्मा साब खुल कर हसने लगे.
वर्मा-- राज बीटा तुम हो न अब मेरी जवानी जीने क लिए. मुझे क्या ज़रूरत है अब, फिरसे जवान होने की.
राज आगे बढ़ा और दादी के दोनों हाथ थाम लिए. दादी अंदर से हिल गई. सोचने लगी पता नहीं राज अब उसके साथ क्या करने वाला है.
राज ने दादी के दोनों हाथ थामे और झुक कर चुम लिए. दादी को सुकून मिला तोह सब राज को प्यार से देखने लगे.
राज-- क्यों दादी आप को नहीं लगता, दाद्दु को एक बार फिरसे जवान हो जाना चाहिए..
हहहहहहहह सब ज़ोर से है पड़े राज की बात पर तोह दादी हाथ छुड़वा कर लाल पीली होने लगी.
सिमरन पापा-- राज बीटा क्यों पापा को जवान बनाने पर तुले हुए हो. ऐसा हुआ तोह हमें
फिरसे बच्चे बनना पड़ेगा..
चची-- न बाबा न. मैं जवान नहीं होना चाहती फिरसे.. फिरसे कुणाल मुझपर लट्टू हो जायेगा. फिरसे मुझे शर्माना पड़ेगा..
चची भी इस कोठी में एक इकलौती सैंपल थी. चची की बात सबसे अलग थी. सब पेट पकड़ कर हसने lage..ishita तोह राज को मीठी नज़रों से देख रही थी.
सांसी सिमरन की सीस-- पर मैं फिसरे बच्ची बनना चाहती हों चची.. मुझे फिरसे सबकी गॉड में खेलने को मिलेगा. मुझे ढेर साडी चॉकलेट मिलेंगी.
सिमरन के चाचा का बीटा संजय-- वह फिर तोह मेरी hi लाटरी लग जाएगी. सान्वी तुझे जो भी चॉकलेट मिलेंगी.. वह मैं पहले के जैसे फिरसे छीन लिया करूँगा. तुझे एक भी खाने को नहीं मिलेगी.
अमीता सिमरन की माँ-- और फिर मेरी बेटी रोटी हुई मेरे पास आएगी.. और संजय की शिकायत करेगी..
किशन सिमरन के पापा-- फिर अपनी बेटी की शिकायत दूर करने के लिए मुझे गाड़ी में बिठा के चॉकलेट के साथ साथ आइस क्रीम में लेके देनी पड़ेगी..
राज सबको देखने लगा. एक बात करि थी उसने.. सब कैसे उस बात को बढ़ा कर मज़े लेने लगे थे. कितना सब अच्छा लग रहा था.
सब ऐसे hi बातों में कुछ देर बिजी रहे और हैप्पी फॅमिली के पुरे पुरे मज़े लेने लगे.
थक थक की आवाज़ आई तोह सब उधर देखने लगे.. सामने सिमरन को देख कर
अमीता-- भगवन हर बुरी नज़र से बचाये मेरी बेटी को. सिमरन बहुत बेऔतीफुल्ल ड्रेस के साथ आ रही थी. एक पारी दिखाई दे रही थी. सब लोग सब कुछ भूल कर अपनी सबसे चाहती बेटी को देखने लगे.
राकेश वर्मा राज के पास hi थे, वह बोले-- देखो राज बीटा. मेरी पोती है न इस पूरी दुन्या की सबसे सुंदर, सबसे क्यूट लड़की. कितनी खुश दिख रही है. मुझे इसके चेहरे की क्यूटनेस हमेशा देखनी है. अभी की दिख रही ख़ुशी और फ्रेशनेस हज़ारों गुना बढ़कर देखनी है. सिमरन मेरी सबसे लाड़ली बेटी है. इसे हमेशा खुश रखना.
राज भी सिमरन को पुरे मैं से निहार रहा था. वह बोलै-- दाद्दु सिमरन आपकी तरह मेरी भी जान है. सिमरन मेरे दिल में भी वहां है, जहाँ आज तक कोई नहीं पोहंच सकीय. सिमरन मेरी माँ और बहनो के बाद मेरे लिए सबसे ख़ास है. इसके लिए मैं कुछ भी कर जाऊँगा. इसे खुश रखने के लिए मुझे कुछ भी करना पड़े कर जाऊँगा.
राकेश वर्मा ने राज के कंधे को थपथपा दिए.
सिमरन की गिर्द सब hi इकठे हो गए थे.
अमीता-- सिमरन बेटी तुम और राज कहीं जा रहे हो क्या.
सिमरन-- हाँ माँ, आज मैंने सोचा राज के साथ एक फ्रेंड की पार्टी में हो आऊं.
दादी, माँ और चची उसकी बालाएं लेने लगीं.
दादी ने सिमरन के माथे पर किश करि और बोली-- ऐसे hi सदा अपने पति के साथ रहना. भगवन तुम दोनों की जोड़ी सलामत रखे.
अमीता ने वरि वरि जा रही थी अपनी चाहती बेटी के.
कुछ देर में राज और सिमरन सबसे मिलके वहां से जाने लगे.
राज भी आज बहुत खूब जांच रहा था. सिमरन के साथ उसकी जोड़ी कमल की थी. दोनों एक साथ बहुत जांच रहे थे.
सिमरन ने स्पोर्ट्स कार चूसे करि और उसमे बेथ के कोठी से निकल गए. रस्ते में दोनों हस्ते हुए बाते भी कर रहे थे.
राज ने सिमरन से ये नहीं पूछा था, उसे उसका नया नंबर कहा से प्राप्त हुआ. राज के दिमाग की बत्ती जाली तोह उसने सोचा कहीं न कहीं ये सब महेश का hi किया धरा हो सकता है. वह ग़ायब है तोह ज़रूर उसका hi काम होगा. सिमरन को सब बता दिए था. महेश राज से ग़ुस्से में हुआ था और सिमरन से डरता भी था. राज का दर काम था.
सिमरन ने भी राज से इस टॉपिक पर कोई बात नहीं करि. 20 मिंट में वह पार्टी प्लेस पर थे. एक बड़ी कोठी थी जहाँ पार्टी का इंतेज़ाम था.
बहुत बड़ी कोठी थी और बड़ी खूबसूरती से उसे डेकोरेट भी किया था.. सिमरन ने गाडी रोड पर hi एक जगा पार्क करि.. कोठी में जगा नहीं थी. बहार रोड की दोनों साइड्स एक लम्बी लाइन लगी हुई थी.
राज और सिमरन दोनों कार से उतरे तोह सब सिमरन और राज को देखने लगे. सिमरन तोह फेमस सेलिब्रिटी थी. राज कुछ चेंज्ड भी था. मौसी के घर जाने के लिए उसने अपने बाल कुछ छोटे करवा दिए थे.
फिर भी वह खूब जांच रहा था. सिमरन को जान्ने वाले राज को शोक से देखने लगे तोह सिमरन को हेरात से.. सिमरन राज के साथ पार्टी में आएगी, उसने सोचा नहीं था.
सिमरन राज का हाथ थामे सबकी स्माइल करती हुई कोठी में एंटर होने लगी.. सिमरन के आने की खबर उसकी फ्रेंड को हो गई थी. वह दौड़ती हुई आई और सिमरन के गले लग कर सिमरन के गाल पर किश कर दी..
सिमरन की फ्रेंड का नाम रकुल था..
रकुल-- ुम्मम्हा मेरी जान तुम आ गई. मुझे तोह लगा था तुम नहीं आओगी.. फिर राज को देख कर.. ये कोण.. ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ये.. रकुल फ़ौरन hi राज के गले भी लग गई और राज के गाल पर भी किश कर दी. नीस तोह मीट यू राज.. बड़े हैंडसम हो यार तुम तोह. पिछ में तोह तुम इतने हैंडसम नहीं दिख रहे थे. आज तोह बदले हुए भी दिख रहे हो और पिछ से कहीं बढ़कर हैंडसम भी..
राज सिमरन को देख कर-- जिसकी पत्नी इतनी हसीं हो, कैसे वह किसी से काम दिख सकता है. btw तुम भी कुछ काम नहीं हो. मेरी सिमरन के जैसी नहीं हो पर फिर भी बाकि सबसे क्योर एंड ब्यूटीफुल दिख रही हो तुम..
रकुल तोह राज की तारीफ पर खिल उठी.
रकुल-- सिमरन तुमने मुझे बताया नहीं, राज इतनी खूबसूरत बातें भी कर लेता है.
सिमरन मैं में.. ज़यादा मत उछाल कामिनी इसके सामने. उसका मैं बदला तोह कहीं भी धार के पेल देगा. बड़ा हरामी है ये..
सिमरन-- अब पता चल गया न. चल बाकियो से भी मिलने. देख कैसे ऑंखें पहाड़ पहाड़ क्र देख रहे हाँ..
सिमरन हसी तोह राज और रकुल भी है पड़े.. रकुल सिमरन का हाथ थाम कर उसे लेके आगे बढ़ने लगी. जहाँ उसकी फॅमिली कड़ी थी. वह भी सब सिमरन और राज को hi देख रहे थे.
वही कुछ फैसले पर खड़े हुए थे 3 लड़के..
एक लड़का-- साले की किस्मत अच्छी है, जो उसे सिमरन मिल गए..
तीनो में एक लड़का मुंबई से आया था. आया तोह किसी काम से था, उसके दोस्त ने पार्टी में शिरकत के लिए बोलै तोह वह मन नहीं कर पाया. लड़के का नाम दिनेश था. और मुंबई के टॉप तेन बिज़नेस मन के बीटा था. जैसे सिमरन परिवार दिल्ली में फेमस था. वैसे hi दिनेश परिवार भी मुंबई का फेमस परविअर था.
दिनेश भी सिमरन की सुंदरता को देख कर घायल हो गया था. वह टपोरी नहीं था. लड़कियों से दूर रहता था. मतलब बुरे लड़कों वाली आदतें उसमे नहीं थी. एक डेन्ट लड़का था, ब कर रहा था, स्टडी पूरी करके अपने खानदानी बिज़नेस में आना चाहता था. यही उसकी लाइफ थी और कुछ नहीं था उसकी लाइफ में.
अब सिमरन को देख कर उसके अंदर हलचल सी मच उठी थी.
दिनेश अपने दोस्त से बोलै-- कोण है वो लड़का.
उसका दोस्त-- राज नाम है उस लड़के का. सिमरन की बीच सड़क पर मांग भरी है उसने. सिमरन ने भी उसे एक्सेप्ट कर लिया है. ऐसा सुनने में आया है. अब देख के भी लगता है. सिमरन ने उसे एक्सेप्ट कर लिया है. पर जैसी लाइफ उसने जी है. लगता नहीं सिमरन ने राज को एक्सेप्ट किया होगा..
दिनेश कुछ हैरान हुआ सिमरन के बारे में जान कर. दिनेश अपने दोस्त से सिमरन के बारे में सब जान्ने लगा. सब जान कर दिनेश के अंदर की हलचल और भी बढ़ गई. वह जो अपनी स्टडी में बिजी रहने वाला लड़का था. स्टडी के बाद अपने खानदानी बिज़नेस को और भी आगे बढ़ाना चाहता था. सिमरन के लिए उसके अंदर फीलिंग्स आने लगी. उसे लगा सिमरन hi वह लड़की है, जो उसके लिए परफेक्ट हो सकती है. सिमरन के जैसा उसने पहले कभी किसी लड़की के बारे में सुना भी नहीं था.
वह बड़े धयान से सिमरन को देखने लगा. सिमरन की सुंदरता का तोह वह पहले hi कायल हो गया था. उसका लाइफ स्टाइल जान कर भी वह खुश हुआ था. अब सिमरन की परफेक्ट बॉडी लैंग्वेज और खिलता चेहरा उसके दिल में उतरने लगा. उसका दोस्त नहीं जान पाया दिनेश के बारे में.
पर दिनेश सिमरन को लेके बहुत कुछ सोचने लगा. राज की सिमरन से बीच रोड पर हुई शादी को वह नहीं मान रहा था. उसे कोई फर्क भी नहीं पड़ा था. राज और सिरमन की अजीब शादी से..
वह तोह बस खुद से एक hi वडा कर रहा था. कुछ भी हो, कैसे भी हो, सिमरन को पाना है. चाहे उसके लिए उसे कुछ भी करना पड़े..
सिमरन और राज दिनेश से अनजान सबसे खूब चहक चहक कर बातें कर रहे थे.
डिनर के बाद राज किसी काम से ऊपर गया तोह उसे रुपाली खेंच कर अपने रूम में ले गयी.
रुपाली-- तुम समझते क्या हो खुद को. हीरो हो क्या तुम. भाव तोह ऐसे खा रहे हो. जैसे तुम्हारे लिए लड़कियों की लाइन लगी हो. मुझसे जैसी लड़की खुद से तुम्हे भाव दे रही है और तुम हो---
राज ने रुपाली को कमर से पदक और दिवार के साथ सत्ता दिया. गरम साँसे रुपाली के फेस पे छोड़ने लगा तोह रुपाली अपनी साड़ी बातें, सरे भाव भूलने लगी. राज हरामी था साला, लड़कियों को पागल बनाने के सरे गुर जनता था.
रुपाली भी पल भर में hi मस्त होने लगी. उसकी आँखों में नशा उतरने लगा तोह राज एक फूंक उसके चेहरे पर मारता हुआ उसे छोड़ कर पीछे हैट गया.
रुपाली अभी भी राज के नशे में थी वह मदहोश नज़रों से राज को देखते हुए बोली.
रुपाली-- दुन्या देख चुकी हों मैं रघु. एक नज़र देख कर hi तुम्हे पहचान गई थी. तुम दूसरे से बहुत अलग हो. एक पल में hi तुमने मेरी सोच को सच सबत कर दिए. एक लम्हे की तुम्हारी कुर्बत ने hi मेरी ऐसी हालत कर दी है. तुम्हे पूरा पा लिया तोह क्या हालत हो जाएगी मेरी. अब तोह मैं तुमसे कभी दूर नहीं रह सकती रघु.
राज रुपाली को घोर से देखने लगा- मतलब तुम मेरे लिए कुछ भी कर जाओगी.
रुपाली-- कोई शक है क्या तुम्हे रघु.. मैं तुम्हे पूरी तरह पाने के लिए कुछ भी कर जाऊँगी.
राज- तोह तोह खूब खाई खेली लड़की हो. फिर भी मेरे लिए इतनी उतावली.
रुपाली-- में कोनसा तुमसे शादी के लिए बोल रही है. 2 3 साल में शादी कर लुंगी. तब तक लाइफ को एन्जॉय कर रही हों. तुम मिले हो तोह मुझे लगा, तुम अब तक मेरी लाइफ में आये मर्दों में सबसे बेस्ट हो. सच कहूं तोह तुम्हे देखने के बाद मेरा किसी और की और देखने को अब मैं नहीं कर रहा.
राज-- मुझसे प्यार करने लगी हो..
रुपाली-- हाहाहा.. प्यार.. नहीं प्यार नहीं कह सकते तुम. प्यार शब्द अपने अंदर कुछ समाये हुए है.. हाँ ये कह सकते हो. तुमपर आ कर मैं कुछ ठहर सी गई हों.
राज आगे बढ़ा और फिरसे रुपाली को अपनी बहन में भर लिया. तुम भी पूरी आग की बानी हो रुपाली डार्लिंग. बहुत सी सुंदर शरीर की मालिक हो तुम. बड़ी आग बरसती है तुम्हारे बदन से. मस्त आती खुशु किसी को भी डगमगाने पर मजबूर कर सकती है. पर भी इंसान हों, मैं भी डगमगा सकता हों. पर इतना कच्चा भी नहीं हों मैं.
तुम्हे अपनी बहन में भर कर भी देखो मैं डगमगा नहीं रहा. तुम मुझे पाना चाहती हो न तोह तुम्हे मेरे कुछ काम करने होंगे. मेरे कहे पर चलना होगा.
रुपाली राज के सीने पर हाथ फेरते हुए-- हेहेहे शादी के लिए न कह देना. बाकि सब ठीक है.
राज-- तुम्हे बहार मोह मारना बंद करना पडदा.
रुपाली-- मुझे मोह मरने की आदत भी नहीं रघु. हर लड़की अपनी लाइफ को ेनजोत करना चाहती है. जो मैं में आये, जो उसे सही लगे वह कर जाती है. मैं भी वही करती हों.
रेज ने एक किश करि और बोलै-- अर्चना मौसी मुझे बहुत भाई है. उसके साथ भी अगर मैं मज़ा करने मैं बना लूँ तोह क्या तुम मेरी मदद कर सकुंगी.
रुपाली हसने लगी-- कहा न मेरी अपनी लाइफ है तोह मैं अपनी मर्ज़ी से जीना चाहती हों. तुम्हारी अपनी लाइफ है तुम भी अपनी मर्ज़ी से जी सकते हो. मौसी अर्चना वैसी नहीं हाँ, जैसे तुम समझ रहे हो. और तुम्हारे दाम में नहीं आने वाली. wait..wait.. तुमने मेरी मौसी को मौसी क्यों कहा.
राज-- तुम्हारी मौसी है तोह कह भी सकता हों. चाचा की पत्नी है तोह चची भी तोह नहीं बोल सकता न.
राज ने फ़ौरन hi बात संभल ली थी. रुपाली के मैं में कुछ और नहीं गया. रुपाली ने खुद से राज को किश करि..
राज-- कल हम जायेंगे उनकी और.. अब मुझे वहां भी रेगुलर जाना पड़ेगा. जा तोह मैं चची के साथ भी सकता हों. पर तुम्हारे साथ जाना चाहता हों.
रुपाली-- मुझे कोई आपत्ति नहीं है रघु. पर बात बिगड़ने मत देना. बात बिगड़ी तोह
राज-- कहा न कुछ नहीं होगा. बात बिगड़ने नहीं दूंगा. राज रुपाली को बहन में लिए हुए hi था. कह उसके मोबाइल के संस टोन बजी..
राज ने रुपाली को छोड़ा और साइड होकर मोबाइल निकल कर देखने लगा.
मोबाइल देखा तोह संस देख कर हैरान रह गया. नए नंबर पर सिमरन का संस था.
एक घंटे में मुझसे मिलो. मेरी कुछ फ़िरेन्द ने पार्टी राखी है तोह हम दोनों को वहां जाना होगा. वेल ड्रेस्ड होक मेरे घर पोहंचो..
राज तोह हैरान hi रह गया था. सिमरन का संस देख कर. मतलब.. सिमरन उसका नया नंबर जानती थी. तोह इसका मतलब है वह ये भी जानती thi,woh इस समय कहाँ है. राज जहाँ हैरान था. वहीँ वह बहुत खुश भी था. सिमरन हर लिहाज़ से उसकी टक्कर की थी.
राज-- हम फिर मिलते हाँ. अभी मुझे कहीं जाना है.
रुपाली-- कहाँ जा रहे हो रह..
राज दूर खोलता हुआ स्माइल से बोलै-- मूड हुआ तोह बता भी दूंगा. अब जा रहा हों. फिर मिलते हाँ.
राज निकल गया कमरे से तोह रुपाली बीएड पर गिर कर राज को सोचने लगी. रुपाली को अभी भी अपने शरीर में राज के जिस्म के गारकी महसूस हो रही थी. रुपाली अपने बदन पर हाथ फेरते हुए राज के स्पर्श को महसूस करने लगी.
1 घंटे में राज अपने ससुराल में था.. सीधा अंदर गया तोह सब उसे देख कर खुश हो गए.
राकेश वर्मा-- आओ आओ राज बीटा... बहुत दिनों बाद चक्कर लगाया तुमने तोह.
दादी राज को देख कर खुश हुई तोह राज का सब किया याद करके कुछ घबरा भी गई थी. बाकि सब राज को देख कर बहुत खुश हुए.
सिमरन वहां नहीं थी. वह अभी अपने कमरे में थी.
राज-- दाद्दु में एक दम फर्स्ट क्लास.. आप सुनाएँ, लगता है आपने जवानी फिरसे पाने के लिए कुछ उसे करने शुरू कर दिए है. बहुत हेअल्थी लग रहे हाँ आप.
सब है पड़े तोह वर्मा साब खुल कर हसने लगे.
वर्मा-- राज बीटा तुम हो न अब मेरी जवानी जीने क लिए. मुझे क्या ज़रूरत है अब, फिरसे जवान होने की.
राज आगे बढ़ा और दादी के दोनों हाथ थाम लिए. दादी अंदर से हिल गई. सोचने लगी पता नहीं राज अब उसके साथ क्या करने वाला है.
राज ने दादी के दोनों हाथ थामे और झुक कर चुम लिए. दादी को सुकून मिला तोह सब राज को प्यार से देखने लगे.
राज-- क्यों दादी आप को नहीं लगता, दाद्दु को एक बार फिरसे जवान हो जाना चाहिए..
हहहहहहहह सब ज़ोर से है पड़े राज की बात पर तोह दादी हाथ छुड़वा कर लाल पीली होने लगी.
सिमरन पापा-- राज बीटा क्यों पापा को जवान बनाने पर तुले हुए हो. ऐसा हुआ तोह हमें
फिरसे बच्चे बनना पड़ेगा..
चची-- न बाबा न. मैं जवान नहीं होना चाहती फिरसे.. फिरसे कुणाल मुझपर लट्टू हो जायेगा. फिरसे मुझे शर्माना पड़ेगा..
चची भी इस कोठी में एक इकलौती सैंपल थी. चची की बात सबसे अलग थी. सब पेट पकड़ कर हसने lage..ishita तोह राज को मीठी नज़रों से देख रही थी.
सांसी सिमरन की सीस-- पर मैं फिसरे बच्ची बनना चाहती हों चची.. मुझे फिरसे सबकी गॉड में खेलने को मिलेगा. मुझे ढेर साडी चॉकलेट मिलेंगी.
सिमरन के चाचा का बीटा संजय-- वह फिर तोह मेरी hi लाटरी लग जाएगी. सान्वी तुझे जो भी चॉकलेट मिलेंगी.. वह मैं पहले के जैसे फिरसे छीन लिया करूँगा. तुझे एक भी खाने को नहीं मिलेगी.
अमीता सिमरन की माँ-- और फिर मेरी बेटी रोटी हुई मेरे पास आएगी.. और संजय की शिकायत करेगी..
किशन सिमरन के पापा-- फिर अपनी बेटी की शिकायत दूर करने के लिए मुझे गाड़ी में बिठा के चॉकलेट के साथ साथ आइस क्रीम में लेके देनी पड़ेगी..
राज सबको देखने लगा. एक बात करि थी उसने.. सब कैसे उस बात को बढ़ा कर मज़े लेने लगे थे. कितना सब अच्छा लग रहा था.
सब ऐसे hi बातों में कुछ देर बिजी रहे और हैप्पी फॅमिली के पुरे पुरे मज़े लेने लगे.
थक थक की आवाज़ आई तोह सब उधर देखने लगे.. सामने सिमरन को देख कर
अमीता-- भगवन हर बुरी नज़र से बचाये मेरी बेटी को. सिमरन बहुत बेऔतीफुल्ल ड्रेस के साथ आ रही थी. एक पारी दिखाई दे रही थी. सब लोग सब कुछ भूल कर अपनी सबसे चाहती बेटी को देखने लगे.
राकेश वर्मा राज के पास hi थे, वह बोले-- देखो राज बीटा. मेरी पोती है न इस पूरी दुन्या की सबसे सुंदर, सबसे क्यूट लड़की. कितनी खुश दिख रही है. मुझे इसके चेहरे की क्यूटनेस हमेशा देखनी है. अभी की दिख रही ख़ुशी और फ्रेशनेस हज़ारों गुना बढ़कर देखनी है. सिमरन मेरी सबसे लाड़ली बेटी है. इसे हमेशा खुश रखना.
राज भी सिमरन को पुरे मैं से निहार रहा था. वह बोलै-- दाद्दु सिमरन आपकी तरह मेरी भी जान है. सिमरन मेरे दिल में भी वहां है, जहाँ आज तक कोई नहीं पोहंच सकीय. सिमरन मेरी माँ और बहनो के बाद मेरे लिए सबसे ख़ास है. इसके लिए मैं कुछ भी कर जाऊँगा. इसे खुश रखने के लिए मुझे कुछ भी करना पड़े कर जाऊँगा.
राकेश वर्मा ने राज के कंधे को थपथपा दिए.
सिमरन की गिर्द सब hi इकठे हो गए थे.
अमीता-- सिमरन बेटी तुम और राज कहीं जा रहे हो क्या.
सिमरन-- हाँ माँ, आज मैंने सोचा राज के साथ एक फ्रेंड की पार्टी में हो आऊं.
दादी, माँ और चची उसकी बालाएं लेने लगीं.
दादी ने सिमरन के माथे पर किश करि और बोली-- ऐसे hi सदा अपने पति के साथ रहना. भगवन तुम दोनों की जोड़ी सलामत रखे.
अमीता ने वरि वरि जा रही थी अपनी चाहती बेटी के.
कुछ देर में राज और सिमरन सबसे मिलके वहां से जाने लगे.
राज भी आज बहुत खूब जांच रहा था. सिमरन के साथ उसकी जोड़ी कमल की थी. दोनों एक साथ बहुत जांच रहे थे.
सिमरन ने स्पोर्ट्स कार चूसे करि और उसमे बेथ के कोठी से निकल गए. रस्ते में दोनों हस्ते हुए बाते भी कर रहे थे.
राज ने सिमरन से ये नहीं पूछा था, उसे उसका नया नंबर कहा से प्राप्त हुआ. राज के दिमाग की बत्ती जाली तोह उसने सोचा कहीं न कहीं ये सब महेश का hi किया धरा हो सकता है. वह ग़ायब है तोह ज़रूर उसका hi काम होगा. सिमरन को सब बता दिए था. महेश राज से ग़ुस्से में हुआ था और सिमरन से डरता भी था. राज का दर काम था.
सिमरन ने भी राज से इस टॉपिक पर कोई बात नहीं करि. 20 मिंट में वह पार्टी प्लेस पर थे. एक बड़ी कोठी थी जहाँ पार्टी का इंतेज़ाम था.
बहुत बड़ी कोठी थी और बड़ी खूबसूरती से उसे डेकोरेट भी किया था.. सिमरन ने गाडी रोड पर hi एक जगा पार्क करि.. कोठी में जगा नहीं थी. बहार रोड की दोनों साइड्स एक लम्बी लाइन लगी हुई थी.
राज और सिमरन दोनों कार से उतरे तोह सब सिमरन और राज को देखने लगे. सिमरन तोह फेमस सेलिब्रिटी थी. राज कुछ चेंज्ड भी था. मौसी के घर जाने के लिए उसने अपने बाल कुछ छोटे करवा दिए थे.
फिर भी वह खूब जांच रहा था. सिमरन को जान्ने वाले राज को शोक से देखने लगे तोह सिमरन को हेरात से.. सिमरन राज के साथ पार्टी में आएगी, उसने सोचा नहीं था.
सिमरन राज का हाथ थामे सबकी स्माइल करती हुई कोठी में एंटर होने लगी.. सिमरन के आने की खबर उसकी फ्रेंड को हो गई थी. वह दौड़ती हुई आई और सिमरन के गले लग कर सिमरन के गाल पर किश कर दी..
सिमरन की फ्रेंड का नाम रकुल था..
रकुल-- ुम्मम्हा मेरी जान तुम आ गई. मुझे तोह लगा था तुम नहीं आओगी.. फिर राज को देख कर.. ये कोण.. ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ये.. रकुल फ़ौरन hi राज के गले भी लग गई और राज के गाल पर भी किश कर दी. नीस तोह मीट यू राज.. बड़े हैंडसम हो यार तुम तोह. पिछ में तोह तुम इतने हैंडसम नहीं दिख रहे थे. आज तोह बदले हुए भी दिख रहे हो और पिछ से कहीं बढ़कर हैंडसम भी..
राज सिमरन को देख कर-- जिसकी पत्नी इतनी हसीं हो, कैसे वह किसी से काम दिख सकता है. btw तुम भी कुछ काम नहीं हो. मेरी सिमरन के जैसी नहीं हो पर फिर भी बाकि सबसे क्योर एंड ब्यूटीफुल दिख रही हो तुम..
रकुल तोह राज की तारीफ पर खिल उठी.
रकुल-- सिमरन तुमने मुझे बताया नहीं, राज इतनी खूबसूरत बातें भी कर लेता है.
सिमरन मैं में.. ज़यादा मत उछाल कामिनी इसके सामने. उसका मैं बदला तोह कहीं भी धार के पेल देगा. बड़ा हरामी है ये..
सिमरन-- अब पता चल गया न. चल बाकियो से भी मिलने. देख कैसे ऑंखें पहाड़ पहाड़ क्र देख रहे हाँ..
सिमरन हसी तोह राज और रकुल भी है पड़े.. रकुल सिमरन का हाथ थाम कर उसे लेके आगे बढ़ने लगी. जहाँ उसकी फॅमिली कड़ी थी. वह भी सब सिमरन और राज को hi देख रहे थे.
वही कुछ फैसले पर खड़े हुए थे 3 लड़के..
एक लड़का-- साले की किस्मत अच्छी है, जो उसे सिमरन मिल गए..
तीनो में एक लड़का मुंबई से आया था. आया तोह किसी काम से था, उसके दोस्त ने पार्टी में शिरकत के लिए बोलै तोह वह मन नहीं कर पाया. लड़के का नाम दिनेश था. और मुंबई के टॉप तेन बिज़नेस मन के बीटा था. जैसे सिमरन परिवार दिल्ली में फेमस था. वैसे hi दिनेश परिवार भी मुंबई का फेमस परविअर था.
दिनेश भी सिमरन की सुंदरता को देख कर घायल हो गया था. वह टपोरी नहीं था. लड़कियों से दूर रहता था. मतलब बुरे लड़कों वाली आदतें उसमे नहीं थी. एक डेन्ट लड़का था, ब कर रहा था, स्टडी पूरी करके अपने खानदानी बिज़नेस में आना चाहता था. यही उसकी लाइफ थी और कुछ नहीं था उसकी लाइफ में.
अब सिमरन को देख कर उसके अंदर हलचल सी मच उठी थी.
दिनेश अपने दोस्त से बोलै-- कोण है वो लड़का.
उसका दोस्त-- राज नाम है उस लड़के का. सिमरन की बीच सड़क पर मांग भरी है उसने. सिमरन ने भी उसे एक्सेप्ट कर लिया है. ऐसा सुनने में आया है. अब देख के भी लगता है. सिमरन ने उसे एक्सेप्ट कर लिया है. पर जैसी लाइफ उसने जी है. लगता नहीं सिमरन ने राज को एक्सेप्ट किया होगा..
दिनेश कुछ हैरान हुआ सिमरन के बारे में जान कर. दिनेश अपने दोस्त से सिमरन के बारे में सब जान्ने लगा. सब जान कर दिनेश के अंदर की हलचल और भी बढ़ गई. वह जो अपनी स्टडी में बिजी रहने वाला लड़का था. स्टडी के बाद अपने खानदानी बिज़नेस को और भी आगे बढ़ाना चाहता था. सिमरन के लिए उसके अंदर फीलिंग्स आने लगी. उसे लगा सिमरन hi वह लड़की है, जो उसके लिए परफेक्ट हो सकती है. सिमरन के जैसा उसने पहले कभी किसी लड़की के बारे में सुना भी नहीं था.
वह बड़े धयान से सिमरन को देखने लगा. सिमरन की सुंदरता का तोह वह पहले hi कायल हो गया था. उसका लाइफ स्टाइल जान कर भी वह खुश हुआ था. अब सिमरन की परफेक्ट बॉडी लैंग्वेज और खिलता चेहरा उसके दिल में उतरने लगा. उसका दोस्त नहीं जान पाया दिनेश के बारे में.
पर दिनेश सिमरन को लेके बहुत कुछ सोचने लगा. राज की सिमरन से बीच रोड पर हुई शादी को वह नहीं मान रहा था. उसे कोई फर्क भी नहीं पड़ा था. राज और सिरमन की अजीब शादी से..
वह तोह बस खुद से एक hi वडा कर रहा था. कुछ भी हो, कैसे भी हो, सिमरन को पाना है. चाहे उसके लिए उसे कुछ भी करना पड़े..
सिमरन और राज दिनेश से अनजान सबसे खूब चहक चहक कर बातें कर रहे थे.