Incest sex kahani - Meri Mast Bahane - Page 12 - SexBaba
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Incest sex kahani - Meri Mast Bahane

अपडेट-94

दीदी की छूट में 4”लुंड घुसने से दीदी को बहुत दर्द हो रहा था और वो बार बार लुंड बहार निकलने के लिए कह रही थी. दीदी की बात सुनकर मैं दीदी के होंठो को चूमने लगा. उनकी चूचियों को दबाते हुवे एक हाँथ से दीदी की छूट को सहलाता रहा. मैं जनता था की एक बार अगर मैंने लुंड दीदी की छूट से निकल लिया तो दोबारा फिर बहुत मुश्किल से दीदी अंदर डालने देंगी. इसीलिए मैं अपना लुंड अंदर डेल दीदी की जिस्म से खेलता रहा. थोड़ी देर बाद दीदी की दर्द जब काम हो गया तो मैंने दीदी की आँखों में देखा तो दीदी ने अंदर डालने के लिए कहा. मैंने अपना होंठ दीदी के होंठो से हटा लिया ताकि दीदी दिल खोलकर चिल्ला सके. मैंने दीदी की दोनों चूचियों को हथेली में भरकर अपने लुंड को सुपडे तक बहार खींचा और एक तेज़ झटके से अपना लुंड 6” चाट दीदी की छूट में पेल दिया. दीदी फिर से चीख पड़ी और अपने बदन को ैठने लगी.

सरिता di-ooooooooooooooooooooohhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii माआआं. माअरररररर गाएआइइइइइइइइइ mainnnnnnnnnnnnnnn. Koiiiiiiiiiii bachaaooooooooooo मुझीीीी मुझीीी. Aaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhh Bhaaiiiiiiiiiiiiiiii baharrrrrrrrrrrr निकाललललल लीईईई. मैंईईईई मररररर जाएङ्गीइइइइइ. पलज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ज़ bhaaiiiiiiiiiii रहममममममम कररररर अपनीईईई डीडीइइइइइइइ पाररररररर. Mujheeeeeeeeeeeee nahiiiiiiiiiii chuddwaaniiiiiiiiii अपनीई चूऊउत्तत्ततत्तत. Oooooooooooohhhhhhhhhhhhhh मुम्ममय…

दीदी चिल्लाती जा रही थी और रोटी जा रही थी. मैं दीदी को सांत्वना दिए जा रहा था. मैं अपनी जीभ से दीदी के बहते आंसुओ को पिने लगा. मैंने फिर से दीदी की एकक चुकी दबाते हुवे दूसरे हठः से दीदी की छूट पर रख दिया तो मेरे हाँथ में पन्नी जैसा कुछ लगा. मैंने हाँथ ऊपर करके देखा तो वो खून था. दीदी का कौमार्य मेरे लुंड ने लूट लिया था. अब दीदी काली से फूल बन चुकी थी. मैंने अपना हाँथ वापस दीदी की छूट पर रख दिया और उसे सहलाने लगा. चूचिया दबाने और छूट सहलाने से कुछ देर बाद दीदी नार्मल हो गई तो मैंने फिर से अपना लुंड सुपडे तक बहार खींचा और दीदी की दोनों चूचियों को दमलगाकर अपनी मुट्ठी में भरा और पूरी ताकत के साथ अपना लुंड दीदी की बुर में पेल दिया. दीदी दर्द से दोहरी हो गयी और जोर से चिल्लाई.

सरिता दी- aaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh mmuuummmmyyyyyyyyyyyyyyyyy मेंननननननन marrrrrrrrrr gaiiiiiiiiiiiiiiiii. Oooooooooohhhhhhhhhhhhhhhh कोइइइइइइइइइ मुझेईईईई बचाऊऊऊऊ इस्स्स्सस्स्स्स मदरररररररचाऊडड़डडडडड सीएएएएएएए ईईईई ाजजजजजजज मेरिइइइइइइइ जानननननननन लेईईंईई पर तुलाआआआ haiiiiiiiiiiii. Aaaaaaahhhhhhhhhhhhhh meriiiiiiiiiii छुटटटटटट faaaddddddddddddd diiiiiiiiiii सालेईईईई नीई. Ooooooooooohhhhhhhhhhh mummmmyyyyyyyyyyy रऊऊऊऊकूओ इस्स्स्सस्स्स्स जँवारररररररर कोऊ nahiiiiiiiiiii toooooooooo ईई तुम्हारररररईईईई बीटीईईई कोऊ ाजजजजजजज maarrrrrrrrrr डालीईएएगा. Mainnnnnnnnnn हीईई पागाललललल थीइइइइइ जोऊ इस्सस मदारचुदड़द्द सीए अपनीईई चूऊउत्त्त्तत चूडड़वाएंआआआ छाअहिततियई ठठीीी. Aaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhh अभीइइइइइइइ. मेरीए भाआईईई छूवोड्ढड्डड़ दिए मुझी नाहीइ तू मैंन मर्डर जौंगीई.

इस बार मेरे पूरा लुंड दीदी की छूट को चीरता हुवा दीदी की बच्चेदानी से जा टकराया. डीडीई लगतरर रो रही थी और छूटने की फरियाद कर रही थी. मैंने दीदी के आंसू अपनी जीभ से छत्ते हुवे कहा.

मैं- बस हो गया सरिता. मेरा पूरा लुंड तुम्हारी छूट में चला गया है. जो दर्द होना था वो हो चुक्का है अब तुम्हे मज़ा hi आएगा.

सरिता di(rote हुवे). मुज्ज्ज्ज्ज्जीीीे नाहीईई चुऊद्वानंन्ना टूउझह्सेई. टूउउ ीककदममममम जानवार हीी. तुझक्का राहामं नाहीइइइइइइ आता अपनीईई बहन पररर. मेररिई छुटिई सी छूटत पहाड़ डीई तुमंत्री… निकालल लिए अपना लुंदड़ बहार. मुझी बहुत ड़ड़ड़ड़ड़ड़ होऊ रहा हीी.

मैंने दीदी की बात को अनसुना करते हुवे अपना लुंड जब तक उनकी छूट से बहार निकला और दोनों चूचियों को कसकर पकड़कर अपना लुंड पूरी ताकत के साथ उनकी छूट में पेल दिया दीदी फिर से चीख पड़ी.



सरिता दी- ooooooooooooohhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh mummmmyyyyyyyyyyyy Faaaddddddddddd दलायआ reeeeeeeeeee. मैंनं मरररररर gaiiiiiiiiiiiii. कोइइइइइइइइ meriiiiiiiiiiii चुउत्त्तत्त को बच्चाआआआआउउउ aaaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii uuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii Abhiiiiiiiiiiiii mainnnnnnnnnn maarrrrrrrrrrrr gaiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii. Ooooooooooh muuummyyyyyyyyyy मुझेईईई बचाए ली. छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ हारामीइइइइइइ अपणीइइइइइइ bahaaannnnnnnnnn कीइइइइइइइ जांणण लीजाआ क्याआआआ कुत्तेईईई मदारचूडड़डडडडडडड. मेंनननननन मरररररर gaiiiiiiiiiii ooooooooooooooohhhhhhhhhhhhh.

दीदी की बात सुनकर मैं भी जोश मी आ चूका था. मैंने भी अपने लुंड non-stop दीदी की छूट में पेलना शुरू कर दिया और बड़बड़ाने लगा.

मैं- aaaahhhhhhhhhh ली सालललललईईईई मेरा लुंडडडड अपपनीइस हुउत्त्तत्त मई. बहुत्तट्ठ छुडाएसीईई थीइइइइइइ ना. मेरे लुँड्ड़डडडडड के लिएएएएए. तू ाभः क्यूओ रोऊ रहीए हैईईई. ाआजज टीएडीइइइइइइइ चुउत्त्तत छोड़ चूडड़ड करररर इसी भोसड़ा बनाआआआ दूंगा randiiiiiiiiii बहुत्तट्ठ तड़पाया हैई तुणीऐ मुझीीी. बिनाआआ टेरिइइइइइइइइ छुट्ट्ट्ट फडीईई तुझीये मरनीईईएनाहीइ दूंगा randiiiiiiiiii. यी ली औरर अंदर तक्क लीईई.

मेरा हर धक्के से दीदी का शरीर कम्प जाता था. मैं ताबड़तोड़ दीदी की चुदाई कर रहा था. दीदी के आँशु निकलना अब बंद हो गए थे. लेकिन उन्हें अभी भी दर्द हो रहा था. वो दर्द से कराहती हुई बोली.

सरिता दी- Aaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh भोस्स्डीइइइइवली. मैं मरररररररर जङ्गीइइइइइइ. रहमममम कररर मुझपरररररररर nalayakkkkkkkkkk. तेराआआ लुँड्ढड्डड़ बहुत्तट्ट्ट्ट बड़ा हैई मेराआ पेटट पहाड़ देगा. Oooooooooooohhhhhhhhhhhhhh टुनीईईई बेरहमीइइइइइइइ सीए पुरररा अंडरर्ड्र्र डालललललल दिया हिअआआअ. Aaaaaaauuuuuuuuuuuuuuuuuuu बहुत्तत्तत्त दररददददद होओओओओओओ राहाआआ हीईईआआआआ कोइइइइइइइइइ tooooooooooo बाछआआआआ looooooooooo मुझेईई िस्स्सस्स्स्स कामिनीईईए सीईए. Ooooooooooohhhhhhhhhhhhh ाभीईई निकाआआअललललललल ली bhaaiiiiiiiiii. Dardddddddddd हूँ राहाआआ हैईईई बहणणछोड़ड़ड़ड़.

मैं- लिए randdiiiiiiiiiiii लीईई मेराआ lundddddddddd . बहुत्तट्ट्ट्ट आग लगइईईईई थीई नाहा टेरिइइइइइ छुटत में. जूऊऊऊ अपनेईईई bhaaaiiiiiiiiiii सीईईई हीईईई चूड्डड्डड्डड़आआआ liyaaaaa.leeeee मेराआआआ लुँड्ड़डडडडडड पनीईई छुट्ट्ट्ट मीटीए मेरिइइइइइइइ सरिताआए. Aaaaaaaaaaaajjjjjjjj मेंनननननन तुझीये चूडड़डकररररररर बहणणछोड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ बनननननन गया होओओओ टूवू मइईईईईन्न्नण teriiiiiiiiii kunwariiiiiiiiii चूत्तत्ततत्तत फ़ाड़करररररररर ही दममममममम लूंगाआआ. लीईईई saliiiiiiiiiiiiii ऑररररररररलीीीीे अपनीई याआआआररररररररर काआआआ लुँड्ड़डडडडडड अपनीई छुटत मी.

इतना कहकर मैंने अपने लुंड को धीरे धीरे आगे पीछे करने लगा. दीदी का दर्द अब कुछ काम हो गया था. लेकिन अभी भी थोड़ा थोड़ा दर्द उन्हें हो रहा था. मैंने अपने मुंह में उनके होंठ भर लिए और जोर जोर से चूसने लगा. दीदी की चूचिया भी दबाने लगा. अब दीदी uuuuuuuuuuuuuuuhhhhhhhhhhhhhhh aaaaaaaaahhhhhhhhhhhh कर रही थी. तो मैंने फिर से दीदी की दोनों चूचियों को अपने हांथो में भर कर मसलते हुवे अपना लुंड दीदी की छूट में पेल दिया. दीदी के मुंह से फिर से आनंद की एक चीख निकल गई.

सरिता दी- ooooooooohhhhhhhhhhhhhh aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhh aaaaaaaaiiiiiiiiiiiiiiii मात्र Bhaiiiiiiiiiii निकाएआलललललल लीईई अब्बब्बबबबबब . मुझेईई दरद्धू राहाआआ हिअआ. चाहिएई तू फिरररररर दललल लेना अंडररररररर. Oooooooooooooohhhhhhhhhhhhh बाहँणछोड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ रहममममम काररररर मुझपरररररररर मेंननननननन टेरिइइइइइ बहनणनननननन होऊणननननननन सलेईईई कोइइइइइइइ रअंदड्डड्डीई नाहीईईई हूंणणन्न जोऊ इतनी बेरहमीईई सीईई छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ राहाआआ हैई.

मैं- चुप कररररररर सलीईई. टेरिइइइइइइइ चूत्तत्ततत्तत्त बहुत्तत्ततत्तत तिघटततततततत haiiiiiiiiiiiii. ईईईई धीरे धीरीईए छोड़नी की लिए नहीं baniiiiiiiiii हैई saliiiiiiiiiiii. ीसीईई टूऊंऊं जित्त्तत्तत्नीी बेरहमी सीईई चूऊऊऊडड़डडडआआआ जाएएएएएएए उतना हीई तुंही मज़ाआ aayeeegaaaaaaaaaa सरिताआआआ. सलीईईईई टूउउ कामाआलल्ल कोई haiiiiiiiiiiii. ायबबब टकककक कोइई ऑरररर लड़की होतीइइइइइ टूओ बेहूशा होऊ गईई हॉटटीईई ऑररररररर mujheeeeeeeeee बिछहहह मेई होई छुडाईइइइइइ बंदददद करणीय पडतीय. लेकीननननननन टूउउउउ अभीइइइइइइ भीईईई मेराआ लुँड्ढड्डड़ लेनी की बाडडडडडड होशूयओ हवाससससस मीटीए हैईईईई. टूउऊउउउउ कीसीईईईई रांदडीईई सीईई कम्मं नाहीईई है सरीयताआआआ. लीईई ऑरररररर anddddddarrrrrrrrrrrr टककक लेटी मेरेईईई लौंडडडडडडडडड मेरिइइइइ रनडीईईई बहनाआआआ.

मैं इतने रफ़्तार से दीदी को छोड़ रहा था की 10 सेकंड के अंदर मैं 24-25 बार अपना लुंड दीदी की छूट में पेलता था. इस ताबड़तोड़ चुदाई ने दीदी को झड़ने के करीब ला दिया था. जब दीदी झड़ने के करीब पहुंची तो अंत संत बड़बड़ाने लगी.



सरिता दी- oooooooooohhhhhhhhhh हराआमईईईई सलीईईई टूउउउ टूऊंऊं असलीईईई बहछोड़ड़ड़ड़ निकलाआआआआ. Aaaaaaaaaaahhhhhhhhh tuneeeeeeeeeee अपणीइइइइइइइ हीईई bahannnnnnnnnnki छुट्ट्ट्ट फाडड्ड डीई. Ooooohhhhhhhhhh माआआ की लौंडईईए और जुरररररररर सीईई choodddddddddd मुझीऐ हरामममममममजादेईएएए. बहुत्तट्ठ दम्मम हीी तेरी लुँड्ड्ड मीटीए. तू पुरीय दुनियाआआअआकू छोड़ड़ड़ड़ सकता हैईईई छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ सलीबी बहनणनननचोड़ड़ड़ड़ हरामीईई और जोरररररर सीईई छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ मेरीए यारररररररर. मेंनननननन झाड़नी वालीइइइइइ हूँण बहन की लौडी. ईईईई छुट्ट्ट्ट्ट ाजजज्जज सीए टेरिइइइइइइ होऊ गईइइइइइइ हैईईईई uuuuuuuuuuuuuuuufffffffffffff मेंनननननननन gaiiiiiiiiii bhaaiiiiiiiiiiiii मइईईईन्न्नन्नं झाआंआड़नईईईई waliiiiiiiiiii hoooonnnnnnnnnn. मुझीीीी कसकरररररररर पकाआअड़द्द लेटी भाईईईईई ऑरररररररर जोररररररर जोररररररररर सीईई ठोकककककककक लुँड्ढड्डड़ मेरिइइइइइइइ chutttttttttt मीटीए मदररररछोड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़…

इतना कहकर दीदी की छूट ने पनीई छोड़ड़ड़ड़ दिया और डीडीई हांफने लगी. लेकिन मैं नहीं रुखा. मैं अपनी स्पीड में दीदी की छूट छोड़ता रहा. मेरा लुंड अब्बब्बब्ब छुट्ट्ट्ट के पानी से चिकना हो गया था. इसलिए हर झक्के के साथ फुक्छःहःहःहः fuchhhhhhhhhhhhh की आवाज़ निकल रही थी. जब दीदी से बर्दास्त नहीं हुवा तो उन्होंने मुझसे हटने के लिए कहा.

सरिता दी- Oooooooooohhhhhhhhhh ाभ्ह्ह्हीईई अब्ब्ब मत्तट कररर मैं बहुत्त ताकक गयी हूँ थोड़ा आरम्म करनी लेनी दे भाई.

दीदी की बात सुनकर मैंने लुंड दीदी की छूट से निकल लिया और बिस्तर प् लेट गया और अपना लुंड सहलाते हुवे दीदी से कहा.

मैं- क्यों सरिता रानी मज़ा आया भाई से छुड़वाकर.

सरिता दी- Hhhhhhhhhhhhhmmmmmmmmmmmmmmmm

मैं- क्या यार अभी भी शर्मा रही हूँ. अब तू शर्म छोड़ दो और खुलकर बोलो.

सरिता दी- हाँ अभी. शुरू शुरू में तो तुमने मेरी जान hi निकल दी थी, लेकिन बाद में मुझे ऐसा लगा जैसे मैं जन्नत में हूँ. बहुत मज़ा आया भाई.

मैं- तो अब तुम भी मुझको मज़ा दो. चलो मेरे लुंड को चुसो.

इतना बोलकर मैंने हाँथ बढाकर दीदी के होंठो पर रख दिए और उनको होंठो पर हाँथ फेरने लगा.



दीदी मेरे हाँथ फेरने से मदहोश होने लगी और मेरी आँखों में देखने लगी. थोड़ी देर मेरी आँखों में देखने के बाद दीदी ने मेरे लुंड को अपने हांथो में भर लिया और सहलाने लगी. थोड़ी देर लुंड सहलाने के बाद दीदी ने मेरे लुंड को अपने चेहरे पर किया और उसे अपने चेहरे पर फिरने लगी. मेरे लुंड पर दीदी की छूट का पानी अभी भी लगा हुवा था तो लुंड चेहरे पर फिरने के कारन दीदी के चेहरे पर मेरे लुंड का पानी लग गया. जिससे दीदी का चेहरे चमकने लगा.



थोड़ी देर लुंड अपने चेहरे पर फिरने के बाद दीदी ने अपनी जीभ निकली और मेरे लुंड को चाटने लगी. दीदी अपनी जीभ पुरे लुंड पर ऊपर से निचे और निचे से ऊपर तक फिरने लगी. मेरे मुंह से आआआआअह्ह्ह्हह sssssssssssssssss uuuuuuuuuuuuuuuuuuhhhhhhhhhhhhh सरिता की आवाज़ निकलने लगी. थोड़ी देर लुंड पर जीभ फिरने के बाद दीदी ने मेरे लुंड को अपने मुंह में भर लिया और चूसने लगी. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था तो मैंने दीदी को उत्साहित करते हुवे कहा.

मैं- wwwwwwwwwwwwwaaaahhhhhhh सरितत्ता तुममम बहुतत्त अच्छा लुंड चुस्ती हूँ, और चुसो ऑर्डर जोरर सी चुसू पुर्रा मुंह में लेकर चुसोऊ.

मेरी बात सुनकर दीदी ने लुंड और अंदर लिया और चूसने लगी. लेकिन अभी भी मेरा लुंड पूरा उनके मुंह में नहीं गया था. तो मैंने दीदी के सर को पकड़ लिया और जोर जोर से कमर उठा उठाकर दीदी का मुंह छोड़ने लगा. दीदी के मुंह से gggguuuuuuuuuuu जूउउउउउउउ की आवाज़ निकलने लगी. कुछ देर तक दीदी को लुंड चुसवाने के बाद मैंने अपना लुंड दीदी के मुंह से निकल लिया और दीदी से बोलै.

मैं- सरिता अब हम दोनों एक साथ एक दूसरे का लुंड और छूट चूसेंगे.

इतना कहकर मैंने दीदी के पेअर पकड़कर अपने सर की तरफ खींच लिया और उनकी छूट को मुंह के सामने करके उनकी छूट पर अपने होंठ रख दिए और चूमने लगा. दीदी भी मेरे लुंड को चूसने लगी.



मैंने अपना एक हाँथ दीदी की गांड पर रख दिया और दबाने लगा. एक हाँथ से दीदी की छूट की क्लीट को रगड़ने लगा. मेरे इस 3 तरफ़ा हमले से दीदी गरम होने लगी और जूउउउउउउउ gggguuuuuuuuuuuuuu की आवाज़ के साथ लुंड चूसने लगी. मैं दीदी की गांड दबाते हुवे दीदी की छूट को सहलाते हुवे दीदी की छूट चाट रहा था. जब दीदी से बर्दास्त नहीं हुवा तो उन्होंने मेरा लुंड अपने मुंह से निकल लिया और मदहोशी के साथ बोली.

सरिता दी- बस कर अभी. अब बर्दास्त नहीं हो रहा है छोड़ मुझे.

दीदी की बात सुनकर मैं बिस्टेर से निचे उतर गया और दीदी को खींचकर बीएड के किनारे किया और डोगग्य स्टाइल में दीदी को खड़ा कर दिया. फिर मैंने अपने लुंड को हाँथ से पकड़कर दीदी की छूट पर सेट किया और एक धक्का मारा. दीदी की चीख निकल गई.

सरिता di-oooooooooooooohhhhhhhhhhhhhhhhh aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhh जाहाआलिममममम थुदाआआ धीरीईईई सीई. मुझीीीी डरडडडडडड होताआआआ haiiiiiiiiiiiii. ाजजजजजज पहलीयई बाररररररररर तुझ्सीईईई चूडड़वाआआआ रहीइइइइइइइ हूंणणंन्न. ाभीईई meriiiiiiiiiii चूत्तत्ततत्तत्त तिघटततततत haiiiiiiiiiiii Abhiiiiiiiiii. थोड़ड्डड्डा धीरीईई करररररर.

मैं- Saaaaaaliiiiiiiiii अभियई तू ऑररररररर तेज़ज़्ज़ज़्ज़ teezzzzzzzzzz छोडूँगाआआआ. टूउउ धीरीईई धिइरीटीए छोडनीयी वलियी maaallllllllll नाहीइ हीी. तुझीऐ तू हचहककक हाचायककक कररर छोड़ूँगा. टीएडीइइइइइइ छुट्ट्ट्ट मई बआहूतट ाजगगगग हैईईई. बहुउत्तत्त पाणीइइइइइइ भारा हैई टेरिइइइ चुउत्त्तत मेई. ाजजजजज मैएँणंसाराआआआ पानीईई पीई लुंगग्गाआँ टेरिइइइ चुउत्त्त का सारित्ताआ रानीई.

इतना बोलने के बाद मैंने अपना लुंड दीदी की छूट से टोपे तक बहार निकला और दीदी की गार्डन में अपने हाँथ डालकर उन्हें ऊपर उठाया और एक झटके में अपना पूरा लुंड दीदी की छूट में पेल दिया. दीदी दर्द से दोहरी हो गयी और जोर से चीख पड़ी.



सरिता दी- hhhhhhhhhhhhhhaaaaaaaaaaaayyyyyyyyyyyyyyyy mummmyyyyyyyyyyyyyyyyyyyyyy माहाअररर्र gaaiiiiiiiiiiiii miainnnnnnnnnn madarrrchooddddddddddd. Ooooooohhhhhhhhhhhhhhhhh छहददददद दिए mujheeeeeeeeee. मुझीीीी नाहीइ छुड़वाना. कोइइइइइइइ बचाओओओओओ मुझीीी इस्सस बहनंन के लौडीइए सीए. Kamineeeeeeeeeeee तूंबीएई मेरिइइइइइ chuuutttttttttt फाआआअड़ड्डड्डड्डड्ड दलीयई haiiiiiiiiiii अब्बब्बबबबबब tooooooooooo रहमममममममम कररर अपनीईई डीडीइइइइइइइ पारररररर chhhoodddddddddd डीएई bahannnncboodddddddddd. Kiiissssssssss janaaammmmmmmmmm काआआआआ बदललललललललाआआआआ निकललललललललल रहहाआआआआ haiiiiiiiiii saleeeeeeeeeeee. जूऊऊ ीत्नीईईई बेरहमीइइइइइइ seeeeeeeeeee छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ राहाआआ हैईईई.

मैंने दीदी की बात की कोई परवाह नहीं की और दीदी के बाल पकड़कर अपना लुंड ताबड़तोड़ दीदी की छूट में पेलने लगा मेरे ईद धक्के से दीदी की आँख बहार आने लगी मैं लुंड को पेलते हुवे दीदी से बोलै.



मैं- लिए सललीई ऑर्डर ली. बाडीई आएग लागीइइइइइइइ थीइइइइइ ना टेरिइइइइइइइ छुटत मेई. बहुत्तत्तत्त खुजलियी माछीइइइइइइ रहहटईइइइइइइइ थीइइइइइइ टेरिइइइइइइइ चुउत्त्त मीटीई इसीलिएईईई टूउऊउउउउ मुझीीी अपनाआआआआ न्नंगा बड़ननननन दिखाकरररर भाआयडडडकातीयईईई रहतत्तततत्तैईईईई थीईई ना लेईईई saaliiiiiiiiiiii Randddddddddd. आजजज मेंननननननन टीएडीइइइइइइइ सरीईईईई खुजलीइइइइइइइइ मिलाआआआ डूंगाआआ. तुझीीी पट्टाककक पाताककककक कररररर इतनाआए choodungaaaaaaaaaa की टेरिइइइइइइइ 7 जन्मूँऊऊओ कीई पयास्सस्सस्स ाजजजजज बुझ जाएगीइइइइइइइ. ाजजजजजज मेंननननननन मुझी छोड़ड़ड़ड़ड़ chooodddddddddd कररररर तेरी सरीईई छेदददददद रवा कर डूंगाआआ. लेटी saliiiiiiiiii ऑररररर अंडरर्ड्र्र लेटी मेराआ लुँड्ड्ड.

इसके आगे की कहानी अगले भाग में..
 
अपडेट-95

दीदी की लगातार चीख रही थी. मैं ताबड़ तोड़ दीदी की छूट कुत्ते जा रहा था. दीदी मुझसे रहम की भीख मांग रही थी. मैं दीदी को छोड़ते हुवे दीदी की गांड पर थप्पड़ भी मरने लगा. जिससे दीदी आआआह्ह्ह्ह आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह करने लगी. थोड़ी देर चुदाई के बाद दीदी का दर्द भी काम हो गया और वो भी मस्ती मी आ गई और बोलने लगी.

सरिता दी- ooooooooohhhhhhhhhhh Abhiiiiiiiiii चू बहुउत्त्तत्त कमीनाआ हैईईई अपनीई डीडीईई कोऊ चूड्डड्ड रहा हीीा. ऊऊऊह्ह्हह्हह्ह्ह्ह aaaaaaaaaaahhhhhhhhhh चूडड़ड अपनीइ बहाननं कोऊ अछहिए सीए चुड्ड्ढ. बाजूटत आग हैईईईई मेरी जिसमममममम मई उसी आज्ज बुझाए डीएई. अपनी बडी ऑरररर मोटी लुंडडडड सीईए छोडकरर अपंनीयी बहनंन की छूट कोऊ ठंडा कररर दी uuuuuuufffffffffffff किया मास्तत्त लुँड्ढड्डड़ हैई तेरा मेरे राजा. मेरे यारररर aaahhhhhhhhhhhh अपनीईईई बाहाआनंनंन्न कीईई छुट्ट्ट्ट कोऊ छूवोड्ढड्डड़ददकररररररररर एककककक बारररररररर ऑरररररर िस्कआआआ पानीय निकककाआआ दी मेरी bhaaiiiiiiiiii.

दीदी की बात सुनकर मैंने अपना लुंड दीदी की छूट से निकल लिया. दीदी चुदाई में एकदम मस्त थी. छूट से लुंड निकल जाने के कारन दीदी की मस्ती में बढ़ा पद गई तो उन्होंने मुझे देकते हुवे कहा.

सरिता दी- क्याआ हुवा अभीयी. बाहररररर क्यूंन निकालल लियाआआआ. डालू ना अंदर.

मैंने दीदी की बात का कोई जवाब नहीं दिया और दीदी को पलटकर सीधा किया और उन्हें उठाकर खड़ा कर दिया और अपने होंठ दीदी की होंठो पर रखकर किश करने लगा और अपने दोनों हाँथ निचे लेजाकर दीदी की गांड को दबाने लगा. दीदी ने भी मेरे होंठ चूसना चालू कर दिया. थोड़ी देर तक दीदी के होंठ चूसने के बाद मैंने दीदी को अपनी गॉड में उठा लिया. तो दीदी ने कहा.

सरिता दी- क्या कर रहा है अभी. उतर निचे नहीं तो मैं गिर जाउंगी. मुझको बाद में गॉड में उठा लेना. पहले छोड़कर मेरी प्यास को बुझा दे.

मैं- अब मैं तुम्हे इसी आसान में छोडूंगा. तुमको अपने लुंड पर इसी तरह झूला झुलाऊँगा.

मेरी बात सुनकर दीदी मेरी आँखों में देखने लगी और अपनी बहो का हर मेरी गार्डन में दाल दिया और मेरे होंटो को अपने मुंह में भरकर चूसने लगी.



दीदी उधर मेरा होंठ चूस रही थी इधर मैंने अपने एक हाँथ से अपने लुंड को पकड़ा और दीदी को थोड़ा सा और ऊपर उठाकर लुंड दीदी की छूट के मुंह पर सेट किया और दीदी को जितना ऊपर उठाया था उतना एक hi झटके में निचे चूड दिया. मेरा लुंड सरसराता हुवा पूरा एक hi बार में दीदी की छूट में घुस गया. दीदी मेरे होंठ छोड़कर जोर से चिल्लाई.

सरिता di-oooooooooooooooooooohhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh aaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhh mammyyyyyyyyyyyyyy मरररररररर gaiiiiiiiiiiiiiiii. ाभःहःहःहीीीी maadarchooddddddddddd सलीईई. मेरी जाआआआंत्र लेगाआआ क्याआआआआ. धीरीई से नाहीई डाललललललल सकता थाआआआ क्याआआ. मेरिइइइइइइ चूऊउत्तत्तत्त phaaddddddddddd diiiiiiiiiii सलीईई तूंबीएई. मुफफ्फफ्फ्फ्टटटटट मइईईई बहनणननणणन कोई छुट्ट्ट्ट मिललल rahiiiiiiiiii हैईईई टूऊंऊं तुझीीी इसकीइइइइइ koiiiiiiiiii कदरररररररर होई नाहीइइइइइइ हैईईईई. कुत्ते saaleeeeeeeeeeee agarrrrrrrrrr मेंननननननन तुझसेएईईए नाआआआ chuddddwatiiiiiiiiii तूऊऊऊ लुंडडडड हिलटीईई हुववीएएए साहारेईईईई शहरररररर मी छुट्ट्ट्ट धूऊधतआआआ रहताआआ. छोड़ड़ड़ सलीईई धीरीईईए dhireeeeeeeeeee छोड़ड़ड़ड़ड़.

दीदी की बात सुनकर मैंने ताबड़तोड़ दीदी को छोड़ने लगा. दीदी भी अपनी बहे मेरे गले में डेल उछाल उछाल कर मेरे लुंड को अपनी छूट में पेलवाती राहीईई.



थोड़ी देर तक दीदी को खड़े खड़े छोड़ने के बाद मैंने दीदी को दीवाल के सहरी खड़ायआ कर दिया और उनकी एक तंग उठाकर अपने कंडे पर रख ली और एक hi झटके में लुंड उनकी छूट में पेल दिया. दीदी मस्ती में बड़बड़ाने लगी.

सरिता दी- ooooooooooohhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh aaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhh मरररररर गाइइइइइइ मेंननननन बहुत्तत्त अछ्हा लग रहहाआआ हीी AAAAAAAAAHHHHHHHHHHHH ohhhhhhhhhhhhhhh aaaaaayyyyyyyyyyiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii मररररररररर gaiiiiiiiiiiii धीरीईई सीईई ohhhhhhhhhhh oooooooooohhhhhhhhh aahhhhhhhhhhhh bhaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii oohhhhhhhhhhhhhhhh धीरीईई सीईए bahiiiiiiiiiiiiii मेरिइइइइइइइइ चूत्तत्ततत्तत फातटटटटटट गईइइइइइइइ hiaiiiiiiiiiii. ऑररररररररजोरररररर सी चूड़ूऊऊओ मुझेईईईई. चूऊदूऊऊ mujjheeeeeeeeee.

Main-(didi की छूट ठोकते हुवे) leeeeeeeeeeeee सलीईईई randiiiiiiiiiii aajjjjjjjjjj टेरिइइइइइइइइ चूत्तत्ततत्तत्त कुओ छोड़ड़ड़ड़ कुड्डड्डड्डड़करर भोसड़ाए बणायआ डूंगाआआ. तूंबीएए मुझेईईई बहुत्तत्त तडपायाआ हिअआअ. वाआआह्ह्हह्ह्ह्ह aaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh ककयाआआआ चूठ्टटट हैई टेरिइइइइइइइ. बूललललललललल saaliiiiiiiiiiiiiiiii तुझीीी कैसा लग राहाआआ haiiiiiiiiiiiiik.

सरिता दी- aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhh ooooooooooohhhhhhhhhhhh Abhiiiiiiiiiiiiiiii. Mereeeeeeeeee bhaaiiiiiiiiiiiii बहुत्तत्ततत्तत्त अछ्हाआअ लग राहाआआ हैई मुझे तूंबीएई मुझीऐ पहली क्यूँनंन्न नहह्ह्ह्हहीी छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ाआ बाहँणछोड़ड़ड़. ऑरररररर छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ अपनी लुंडडडड सीईई अपनीइ बहनंन को. Uuuffffffffffffff कितना मास्स्सस्स्स्ट्ट्ट्ट लुँड्ड़डडडड हैईईई तेरा ऑरररररररर chodddddddddd bhaaiiiiiiiiii. खूबबबबबबबब छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ मुझीीी तकीए जब मेंननननन इस्स्स्सस्स कामरीईई सी बहररररररर निकलऊऊऊ तू टेरिइइइइइ रखाईइललललललल बनकररररररर निकलउऊउउउउ. छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ mujheeeeeeeeee. मेंनननन टेरिइइइइ गुलाआममममममम होऊं और हचक हेचाक्क्क्क कररर छोड़ड़ड़ड़ मुझी. Aaaaaahhhhhhhhhh ohhhhhhhhhhh टेरिइइइ रुंडीइइइइइइ झाड़नी वलियी ाहीइइइइइइक. ऑरररररररर दममममम लगाआकाररररररर choodddddddddd.oooooooooohhhhhhhh भाईईईईई मेंनननननन gaiiiiiiiiiiiiiik. Sambahaloooooooooo मुझेईई.

इतना कहने के बाद दीदी की छूट ने भलभलाकर पानी छोड़ दिया. मैं भी अब झड़ने के बहुत करीब था तो मैंने 5-6 जबरदस्त धक्के दीदी की छूट में जमा दिया और अपना लुंड बहार खींच लिया. और दीदी को पकड़कर दीवाल के सहारे निचे बैठा दिया. और अपना लुंड दीदी के मुंह में डालकर जोर जोर से दीदी का मुंह छोड़ने लगा. 7-8 धक्के लगाने के बाद मैं भी बड़बड़ाते हुवे दीदी के मुंह में झड़ने लगा.



मैं- ले रनडीईईईई saliiiiiiiiiiiii क्या मस्तट्ठत छुटत हैईईई टेरिइइइइइइइ. मेरा लुंडडडड पिघल गयाए हैईईई टेरिइइइ छुट्ट्ट्ट की गर्मीं मीटी. ले मेरी रआईईईई मेराआआ लौड़ा पानी मुंह मीटी ऑरररर पी जाआआआ मेरा अमृतततत. लेटी और लिए मेरिइइइ ranndiiiiiiiiiiii ाअजज्जजज सीईए एई लौड़ा तेरा हैईईई. तुझ्कूऊऊओ जबबबब मन कररीई. लेटी लेना मेरीए लुंड. Oooooooooohhhhhhhhhh aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhh मेंनननननननन झाड़नीयी वलायआ होऊणन. मैं गयाआआआ मेंननननन गयाआ. टेरेईईईई गारररररररररममममम मुंह मेई. लेईईई पीईईईई लीईई ooooooooooohhhhhhhhhh Saritaaaaaaaaaaaaaaaaaaa.

इतना बोलकर मैं दीदी के मुंह में झाड़ गया और तबतक अपना लुंड बहार नहीं निकला जब तक मेरी एक एक बूँद दीदी के मुंह में नहीं निकल गई. झड़ने के बाद मैंने लुंड बहार निकला तो दीदी ने बचा हुवा लुंड का पानी बहार थूक दिया और खांसने लगा. मैंने दीदी के गाल पर एक थप्पड़ मर दिया और मैं भी वही दीदी के पास जमीन में बैठ गया.



हम दोनों पास पास बैठे एक दूसरे की आँखों में देखते हुवे मुस्कुरा रहे थे. थोड़ी देर बाद ऐसे hi रहने के बाद दीदी उठकर कमरे से बहार बाथरूम जेने लगी तो उनकी चाल बिगड़ गई थी. वो लंगड़ा रही थी. मैं वही कमरे में बैठा दीदी का इंतज़ार करता रहा थोड़ी देर बाद दीदी अपना मुंह धोकर लंगड़ाते हुवे कमरे में आई तो मैंने दीदी को छेड़ते हुवे कहा.

मैं- क्या हुवा सरिता. तुम्हारी चल क्यों बिगड़ी हुई है. तुम लंगड़ा कर क्यों चल रही थो.

मेरी बात सुनकर दीदी मेरे पास आई और तेरी पीठ पर मुक्का मरने लगी. 8-10 मुक्का मरने के बाद मैंने दीदी से कहा.

मैं- तुम मुझे क्यों मार रही हो. मैंने क्या किया है.

सरिता दी- मुझे इतनी बुरी तरह छोड़ने के बाद पूछ रहा है की मैंने क्या किया है. तेरे अंदर बिलकुल भी रहम नहीं है. एकदन जानवर है तू. थोड़ा भी रहम नहीं किया मेरे ऊपर और छोड़ छोड़ कर मेरी चल बिगड़ दी और अब पूछ रहा है की मेरी चाल क्यों बिगड़ी हुई हैं.

दीदी की बात सुनकर मैंने दीदी से पूछा.

मैं- मज़ा तो तुमको भी बहुत आ रहा था. कैसे उछाल उछाल कर लुंड लील रही थी. अच्छा सच बताओ मज़ा आया की नहीं.

सरिता di(meri आँखों में देखकर)- शुरू शुरू में तो बहुत दर्द हुवा लेकिन बाद में बहुत मज़ा आया. किसी लड़की को कैसे मज़ा दिया जाता है तू बहुत अच्छी तरह से जनता है.

मैं- तो क्या इरादा है सरिता. एक राउंड और हो जाये.

सरिता दी- न बाबा न. एक hi राउंड में hi मेरा ये हाल कर दिया है तुमने पता नहीं दूसरे राउंड में मैं मर hi न जाओ. और वैसे भी मुझे बहुत दर्द हो रहा है. बाद में करेंगे.

Main-Acchha ठीक है छूट नहीं देनी है तो अपनी गांड hi दे दे मुझे.

सरिता दी- क्या. तू पागल हो गया है. तेरे लुंड ने मेरी छूट को hi कबाड़ा कर दिया है. अगर ये गधे जैसा लुंड मेरी गांड में गया तो मैं तो महीने भर बिस्तर से नहीं उठ पाऊँगी. नहीं वो नहीं दूंगी तुझे.

मैं- चलो ठीक है. जैसी तुम्हारी मर्जी. तो अब क्या करना है.

सरिता दी- अच्छा एक बात सच सच बता अभी.

मैं- हाँ दीदी पूछो.

सरिता दी- (नज़ारे निचे करके परेशानी के सेहत धीरे से) वो तुम बोल रहे थे की तुम मुझे अपनी पर्सनल रखैल बनाकर रखना चाहते हो. मुझे अपनी रंडी बनाना चाहते हो. क्या सच में अपनी बहन को अपनी रखैल बनाना चाहते हो.

मैं- तुम्हारा क्या इरादा है सरिता.

सरिता दी- देख अभी. अभी मैं मज़ाक के मूड में नहीं हूँ. I’m सीरियस

मैं- क्या बात करती हो तुम. मेरे मन में ऐसा कुछ नहीं है दीदी. वो क्या है की चुदाई के समय मैं थोड़ा वाइल्ड और रफ़ हो जाता हूँ. मुझे नार्मल चुदाई पसंद नहीं है, इसलिए मैं चुदाई को और इंट्रेस्टिंग बनाना के लिए मैंने ऐसा बोलै था. और जो चुदाई करते समय गन्दी गन्दी गालिया दी थी. वो बस चुदाई के समय तक hi थी. भले hi हम हम दोनों ने चुदाई कर ली हो. लेकिन तुम मेरी बहन हो और हमेशा रहोगी.

मेरी बात सुनकर दीदी का चेहरा खिल गया. उनके चेहरे पर एक मुस्कान आ गई. उन्होंने मुझे गले लगा लिया और बोली.

सरिता दी- तू बहुत अच्छा है मेरे भाई. मैं तो दर hi गई थी.

मैं- क्या यार दीदी. तुम कंफ्यूज हो क्या. कभी कमीना बोलती हो तो कभी अच्छा बोलती हो. पहले डीडे कर लो की मैं कमीना हूँ या अच्छा होऊं.

सरिता di(muskura कर). नहीं तू कमीना hi अच्छा लगता है.

दीदी की बात सुनकर मैं भी फ्रेश होने के लिया बहार जाने लगा तो दीदी ने कहा.

सरिता दी- अभी कहा जा रहा है. यही मेरे पास सो जा आज.

मैं- सो तो जाऊंगा दीदी. लेकिन कही अगर तुम्हारी कातिल गांड देखकर मेरी नियत ख़राब हो गयी तो फिर मुझे दोष मत देना.

सरिता di-(muskurakar). मुझे तुम पर पूरा भरोषा है. तुम मेरे साथ जबरदस्ती नहीं करोगे.

दीदी की बात सुनकर मैं मुस्कुराते हुवे कमरे से बहार चला गया. थोड़ी देर बाद मैं फ्रेस होकर दीदी के कमरे में आया थो दीदी ने ब्रा और पैंटी पहन ली थी और लोअर पहनने जा रही thi.maine दीदी से कहा.



Main-kya दीदी. अब इसकी क्या जरूरत है. अब काम से काम अपनी इस जालिम जवानी को कपड़ो में तो कैद न करो. तुम्हारा आशिक आज तुम्हारे साथ सोने वाला है तो उसे अपने इस अप्रतिम सौंदर्य से महरूम मत करो. ऐसे hi लेट जाओ मेरे साथ.

मेरी बात सुनकर दीदी ने अपनी लोअर वापस रख दी और ब्रा पंतय में hi आ कर बिस्तर पर लेट गई. मैं भी दीदी के पास जाकर लेट गया. थोड़ी देर लेते रहने के बाद मैंने दीदी की आँखों में देखते हुवे अपने होंठ दीदी के होंठो पर रख दिए और चूसने लगा. दीदी भी मेरा साथ देने लगी. मैंने अपने एक हाँथ से दीदी की चुकी पर रख दिया और दबाने लगा. थोड़ी देर दीदी के होंठ और चुकी चूसने और दबाने के बाद मैंने दीद को छोड़ दिया और दीदी से पूछा.

मैं- अच्छा दीदी एक बात सच सच बताइये. आपको मेरी कसम,

सरिता दी- तुमको कसम देने की जरुरत नहीं है जो भी पूछने है सच सच पूछो.

मैं- तुम मुझसे हमेशा झगड़ा करने वाली, मेरी शिकायत करने वाली और मेरी पिटाई पापा से करवाने वाली इतनी स्ट्रिक्ट नेचर की थी तो ऐसा क्या हो गया जो आज तुमने मुझसे छुड़वा दिया.

में बात सुनकर दीदी ने पहले काफी देर सोचा फिर मुझे सब कुछ बता दिया जो मुझे पहले से पता था. दीदी की बात सुनाने के बाद मैंने दीदी से कहा.

मैं- ओह्ह मय्यै गॉड. तुम कितनी छुडासी हो दीदी. तुम्हारी शादी नहीं हुई इसलिए तुमने मुझसे छुड़वा लिया. और वो तुम्हारी दोस्त मीरा को तो मैं बहुत दवा दूंगा. जिसने इतने कड़क मॉल का जुवाद मेरे लिए किया. थैंक्स मीरा.

मेरी बात सुनकर दीदी शर्मा गई और अपनी नज़ारे दूसरी तरफ घुमा ली. मैंने दीदी का चेहरा पकड़कर अपने सामने किया और उनकी आँखों में देखते हुवे कहा.

Main-koi बात नहीं दीदी. तुमने अच्छा hi किया जो मुझसे hi छुड़वा लिया. क्योंकि नताशा के जाने के बाद मुझे भी किसी की जरुरत थी. थैंक्स दीदी. आपने मेरी जरुरत को पूरा किया.

सरिता दी- (शर्माकर) चल hat.Achha तू भी मुझे सच सच बता जो मैं पूछती हूँ.

मैं- हाँ दीदी पूछो.

सरिता दी- अच्छा ये बता तुम्हारी अभी तक कितनी गिर्ल्फ्रेंड है. और तुमने कितनो के साथ इंटरकोर्स किया है.

मैं- वाह दीदी इंग्लिश. अच्छा है. अभी तक मेरी आपको लेकर 3 गिर्ल्फ्रेंड हुई है और मैंने तीनो को छोड़ा है.

सरिता दी- एक नताशा है और दूसरी मैं hoon,lekin ये तीसरी कौन है.

मैं- अभी मैं उसके बारे में आपको कुछ नहीं बता सकता. बस इतना बता सकता हूँ की वो शादी शुदा है.

सरिता दी- क्या शादी शुदा है फिर भी वो तुम्हारी गिर्ल्फ्रेंड बन गई. कौन है वो. बता मुझे.

मैं- वो मैं अभी नहीं बता सकता. सही समय आने पर मैं आपको बता दूंगा.

सरिता दी- और वो सही समय कब आएगा.

मैं- जिस दिन तुम मुझसे अपनी गांड मरवाओगी. उसी दिन मैं तुम्हे उसका नाम बता दूंगा और उसके साथ एक और राज़ है. जो तुम्हारे लिए जानना बहुत जरूरी है. वो भी उसी दिन तुमको बताउगा.

सरिता दी- क्या. कौन सा राज़ है. बता न अभी.

मैं- बता तो रहा हूँ की सही समय आने पर मैं तुम्हे खुद बता दूंगा दोनों बाटे. चलो मैं थोड़ा छत पर टहलकर आता हूँ. तुम सो जाओ.

मैंने ये बात इसलिए बोली. क्योंकि मुझे पता था की दीदी मीरा से बात जरूर करेंगी. और उससे बात करने के बाद hi अपनी गांड मुझे देंगी. क्योंकि मीरा hi दीदी की सेक्स गुरु है और वो उसकी बात जरूर मानेंगी, इसलिए मैं बहाना बनाकर छत पर चला गया.

इसके आगे की कहानी अगले भाग में.
 
अपडेट-96

मैं- बता तो रहा हूँ की सही समय आने पर मैं तुम्हे खुद बता दूंगा दोनों बाटे. चलो मैं थोड़ा छत पर टहलकर आता हूँ. तुम सो जाओ.

मैंने ये बात इसलिए बोली. क्योंकि मुझे पता था की दीदी मीरा से बात जरूर करेंगी. और उससे बात करने के बाद hi अपनी गांड मुझे देंगी. क्योंकि मीरा hi दीदी की सेक्स गुरु है और वो उसकी बात जरूर मानेंगी, इसलिए मैं बहाना बनाकर छत पर चला गया.

अब आगे.

थोड़ी देर बाद hi मीरा वाली ईद पर दीदी का मश्ग आया.

सरिता दी- होई, कैसी हूँ.

म- ही सेक्सी. मैं ठिक्क हूँ , तुम अपना बताओ.

सरिता दी- मैं बहुत hi ज्यादा अच्छी हूँ.

म- क्या बात है आज बड़ा चहक रही हो. कोई खुशखबरी है क्या.

सरिता दी- हाँ खुसी की बात hi है आज. आज मेरे मिशन भाई पटाओ पूरा हो गया है.

म- क्या. ये तो बहुत खुसी की बाबत है. कोंग्रटुलतिओं यार. लेकिन ये सब हुवा कैसे.

फिर सरिता दीदी कल से लेकर आज तक की पूरी कहानी बताती चली गई. फिर कुछ सोचकर बोली.

सरिता दी- एक बात और है. जो अभी ने मुझे बताई.

म- क्या बताया उसने. और कौन सी बात.

सरिता दी- मैं तो सोचती थी की नताशा के बाद मैं hi उसकी लाइफ में हूँ लेकिन उसने बताया की मुझसे पहले hi वो किसी शादी शुदा और के साथ इंटरकोर्स कर चुक्का है. इसके आलावा एक और राज़ की बात है उसके पास.

म- तो कौन है वो औरत. और कौन सी राज़ की बात. क्या बताया उसने.

सरिता दी- यही तो नहीं बता रहा है वो. बोल रहा है की जिस दिन मैं उससे अपनी गांड मरवा लुंगी. उस दिन वो मुझे बताएगा दोनों बात.

म- तो सोच क्या रही है. अगर तुझे दोनों बाटे जननी है तो उसकी बात मन ले.

सरिता दी- तुम पागल हो गई हो. उसका लुंड इतना बड़ा है की उसने मेरी छूट का आज कबाड़ा कर दिया. अगर मैंने उससे अपनी गांड मरवा ली तो मैं महीने तक बिस्तर से उठ नहीं पाऊँगी. मुझे ये रिक्स नहीं लेना.

म- देखो सरिता. तुम्हारे भाई की बातो से लग रहा है की उसे तुम्हारी गांड बहुत पसंद आ गयी है. और पसंद भी क्यों न आये. जिसकी नजरो के सामने 24 हॉर्स इतनी कातिल गांड लेकर घूमोगी तो वो तो मरना hi चाहेगा. तो वो आज नहीं तो कल तुम्हारी गांड जरूर मरेगा. और तुम ज्यादा देर करोगी तो हो सकता है वो अपनी बात से मुकर जाये. इसलिए मेरी बात मनो आज नहीं तो कल तुम अपनी गांड तो मरवाओगी hi. ये मैं अपने एक्सपीरियंस से बोल रही हूँ. तो अगर तुम्हारी गांड मार्के वो तुम्हे वो 2 बाटे बता दे तो ये कोई घाटे का सौदा नहीं है.

सरिता दी- हाँ मैं भी वो 2no बाटे जानना चाहती हूँ, लेकिन उसका बहुत बड़ा है. मैं कैसे ले पाऊँगी उसे अपनी गांड में.

म- तुम अपने आपको काम क्यों समझती हो. तुम सब कर लोगी और बहुत अचे से. मेरी बात मनो तो कल hi वो बाटे जान लो. हो सकता है की तुम्हारे hi फेवर की कोई बात हो. मुझे जो सही लग रहा है वो मैं तुमको बता रही हूँ. बाकि करना या न करना तुम्हारी मर्जी.

सरिता दी- मुझे तो बहुत दर लग रहा है. फिर भी सोचती हूँ. चलो अब रखती हूँ.

म- (हँसते हुवे) क्यों तुम्हे भी तुम्हारा भाई बुला रहा है क्या.

सरिता di-(hanste हुवे) चल हट. मेरा भाई तुम्हारी भाई की तरह गन्दा नहीं है. चल bye.

इतना कहकर दीदी ने फ़ोन रख दिया. मैं भी मीरा वाली ईद से लोग आउट हो gaya.maine एक पैन किलर ली और 15 मिनट बाद दीदी के कमरे में आया तो दीदी बिस्टेर पर बैठी हुई थी. मैंने दीदी को पेनकिलर दी खाने के लिए. जब दीदी ने पैन किलर खा ली तो मैंने दीदी को देखते हुवे कहा.

मैं- क्या बात है दीदी. तुम सोइ नहीं.

सरिता दी- नहीं बस तेरा hi इंतज़ार कर रही थी.

मैं- क्या बात है दीदी. तुम्हारी बातो से एकदम वाइफ वाला लुक आ रहा है.

सरिता दी- (शर्माकर) तो काम भी तो तुमने हस्बैंड वाला किया है. चल अब ज्यादा बाटे मत बना. मुझे नींद लग रही है. चल जल्दी आ बिस्टेर पर सोते हैं.

दीदी की बात सुनकर मैं बिस्टेर पर आ गया और दीदी को अपनी बहो में भरकर लेट गया. पता नहीं कब हम दोनों को नींद आ गई और हम सो गए.

सुबह जब मैं सोकर उठा तो दीदी सो रही थी. दीदी नींद में बहुत hi प्यारी लग रही थी. मैंने दीदी के गाल पर किश किया और गल्ल चाटने लगा. गीलापन के एहसास से दीदी की नींद खुल गई. तो उन्होंने मुझे देखते हुवे कहा.



सरिता दी- शुबह शुबह hi शुरू हो गया.

मैं- तू हो hi ऐसी की की तुम्हे देख कर मन पे काबू नहीं रहता. आज एक्सेरसीज़े नहीं करनी है क्या.

सरिता दी- (मुस्कुराकर) जिस मिशन के लिए एक्सेरसीज़े कर रही थी वो रात में पूरा हो चुक्का है. अब एक्सेरसीज़े की कोई जरुरत नहीं है.

दीदी की बात सुनकर मैं हसने लगा और दीदी के ऊपर आ gaya.maine दोनों हांथो से दीदी की चूचियों को दबाने लगा और दीदी को किश करने लगा. सुबह के समय मेरा लुंड खड़ा hi था. दीदी के जिस्म की लम्स ने मेरे लुंड को और तीते कर दिया. मैंने दीदी को होंठो पर जीभ फिरने लगा तो दीदी ने अपना मुंह खोलकर मेरी जीभ अपने अंदर ले ली और चूसने लगी. मैंने अपना एक हाँथ दीदी की चूचियों से हटाकर दीदी की छूट पर रख दिया. और पंतय के ऊपर से दीदी की छूट को सहलाने लगा. दीदी की पंतय धीरे धीरे गीली होने लगी. थोड़ी देर तक दीदी की छूट सहलाने के बाद मैंने अपना हाँथ उनकी छूट से हटा लिया और उनकी चूचियों को फिर से दबाने लगा. मैंने अपने होंठ दीदी के होंठो से अलग कर लिया और दोनों चूचियों को मुठी में भरकर कसकर दबा दिया. दीदी की चीख निकल गई.

सरिता दी- ooooooooooooooooohhhhhhhhhhhh Aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhh Abhiiiiiiiiiii क्याआ कररर रहहा haiiiiiiiiiiiii. थोड़ाआआआ धीरीई कारररररर. मेंननननन कहींईईईई भागीइइइइइइइइ नाहीईईई जायआ रहियी हूँ.

दीदी के चीखने के बाद मैंने दीदी को कमर से पकड़कर उठाया और हाँथ पीछे ले जाकर दीदी की ब्रा का हुक खोल दिया और ब्रा नोचकर जमीन पर फेंक दी और दीदी को फिर से लिटा दिया और दीदी की नंगी चूचियों पर टूट पड़ा.



दीदी की चूचिया रात में मसले जाने के कारन लाल हो गयी थी. जिसका निशान कही कही दिख रहा था. मैं एक हाँथ दे दीदी की चुकी दबाने लगा और एक चुकी को मुंह में लेकर पिने लगा. दीदी की चुकी को पिटे हुवे मैंने चूचियों की दरम में थूक दिया. जिससे दीदी मेरा मुंह देखने लगी. तो मैंने दीदी की आँखों में देखते हुवे सरक कर अपने दोनों पेअर दीदी की कमर के दोनों बगल रख दिया और झुककर दीदी की दोनों चूचियों को पकड़कर अपने लुंड उनकी चूचियों को दरार में फंसा दिया और दीदी से कहा.

मैं- तुम्हारी चूचिया बहुत जबरदस्त हैं सरिता. मैं आज तुम्हारी चूचियों को भी छोड़ दूंगा.

सरिता दी- तू ये सब कहाँ से सीखता है अभी.

मैं- जिसकी तुम्हारे जैसे रसीली बहन हो उसे कुछ सिखने की जरूरत नहीं होती. उसे अपने आप hi सब जानकारी हो जाती है. अब तुम अपने जीभ निकल कर लुंड को चूसने की कोशिश करो. तुमको बहुत मज़ा आएगा.

इतना बोलकर मैंने दीदी की चूचियों में फिर से थूक दिया और दीदी ने दोनों चूचियों को मुठ्ठी में भरकर आपस में सत्ता दिया और लुंड अंदर बहार करने लगा.



दीदी भी मेरी आँखों में देखते हुवे जीभ निकलकर लुंड को चाटने लगी. मैं दीदी की चूचियों को बहुत तेज़ तेज़ से छोड़ रहा था. ऐसे लग रहा था की जैसे मैं दीदी की छूट छोड़ रहा हूँ. थोड़ी देर तक अपनी जीभ से लुंड चाटने के बाद दीदी ने अपना मुंह खोल दिया. जिससे मेरा लुंड का सूपड़ा हर धक्के के साथ दीदी के मुंह में घुस जाता.

कुछ देर दीदी की चुकी छोड़ने के बाद मैंने उनकी चुकी छोड़ दी और दीदी के सर के पास बैठकर दीदी के सर को तीरछहा करके अपना लुंड दीदी के मुंह में दाल दिया. दीदी मेरे लुंड को चूसने लगी. थोड़ी देर तक लुंड चूसने के बाद मैंने दीदी के सर को पकड़ लिया और एक झटके में लुंड उनके मुंह में पेल दिया और जोर जोर से दीदी का मुंह छोड़ने लगा.



दीदी के मुंह से ggggggggguuuuuuuuuu ggggggggggggguuuuuuuuu की आवाज़ निकलने लगी. थोड़ी देर दीदी का मुंह छोड़ने के बाद मैंने अपना लुंड दीदी के मुंह से निकल लिया और उठकर दीदी के पैरो के पास आकर बैठ गया और हाँथ बढाकर दीदी की छूट को पंतय के ऊपर से सहलाने लगा.

थोड़ी देर पंतय के ऊपर से छूट सहलाने के बाद मैंने दीदी की पंतय एक झटके में उतर कर जमीन पर फेंक दी. और दीदी की छूट को देखने लगा. कल रत की ताबड़तोड़ चुदाई के बाद दीदी की छूट फूल गाइट hi. छूट का मुंह थोड़ा सा खुल गया था. मुझे अपनी छूट को एकटक देखता पाकर दीदी ने कहा.

सरिता दी- ऐसे क्या देख रहा है बड़े ध्यान से.

मैं- तुम्हारी छूट तो कल के मुकाबले बड़ी हो गई है.

सरिता दी- जब तू अपना गधे जैसा लुंड उसमे डालेगा तो वो बड़ी नहीं होगी तो क्या वैसे hi रहेगी.

दीदी की बात सुनकर मैंने उनकी टैंगो को पकड़कर अपनी तरफ खींचा और उनकी छूट पर अपना मुंह रख दिया. और जोर जोर से उनकी छूट चाटने लगा. साथ hi अपना हाँथ बढाकर दीदी को चूचियों को पकड़ लिया और कसकर दबाने लगा. दीदी सीसीएनए लगी.

सरिता दी- aaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhh uuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuiiiiiiiiiiiiiiiiii maammmyyyyyyyyyyyy. आईसीएएएएए हीईई abhiiiiiiiiiiiiiiii बहुत्तट्ट्ट्ट achhhhhaaaaaaaaaa चुसस्स राहाआआ haiiiiiiiiii. ऑरररर जोररर सीई चुस्स्स meriiiiiiiiii छुट्ट्ट्ट्ट. Piiiiiiiiiii jaaaaaaaaaaa िस्कआआआ रास. और जोर से daabaaaaaaaaaa मेरिइइइ चूचियोओओओओओओओ कुओ. निचुऑडडडडडडडड डीएई इनकुओ.

दीदी की सिसकारी सुनकर मैं और जोर जोर से दीदी की चूचियों को दबाने लगा और अपने मुंह में दीदी की छूट भरकर खींच खिच्च कर चूसने लगा. दीदी एकदम मस्ती में बड़बड़ाने लगी.

सरिता दी- ooooooooooooohhhhhhhhhhhhhh Abhiiiiiiiiiiiiiii मीरीईए bhaiiiiiiiiiiiiiii. Kyaaaaaaaaaa चुस्सस्स्स्सस्त्ता हीी टूउउउउ. अगाररररररररर मुझीीीी पहलीबीएई पाताआए होताहा तू कबबबबब काआआआआ तुझसेएई अपणीइइइइइइ छुट्ट्ट्ट चूसावाआ letiiiiiiiiiiiiii. ऑररररर जोररररर सीई चुस्स्सस्स्स्स अभीइइइइइ.

दीदी की बात सुनकर मैं एक हाँथ दीदी की छूट से हटा लिया और दीदी की छूट पर रख दिया. मैंने बिछ वाली उंगली दीदी की छुट्ट्ट्ट के मुंह पर रखी और एक झटके में पेल दिया. दीदी uuuuuuuuuuuuuuuuuuuiiiiiiiiiiiiiiiiiii sssssssssssssssssssssshhhhhhhhhhhhiiiiiiiiiiiiiiii की आवाज़ निकलने लगी. ऊँगली से दीदी की छूट छोड़ते हुवे मैं उनकी छूट की क्लीट खेच कहैछ कर पिने लगा और अपने अंगूठे को दीदी की गांड के छेद पर रख दिया. दीदी की गांड का छेड़ भूरा था और बहुत hi छोटा था. मुझे तो समझ में hi नहीं आ रहा था की मेरे इतना मोटा लुंड इतने छोटे छेड़ में घुसेगा भी या नहीं. बहरहाल मैंने अपना अंगूठा दीदी की गांड के छेड़ पर रखकर दबाने लगा. जब दीदी ने मुझे अपनी ासशोले पर मेरा अंगूठा महसूस किया तो वो अपनी कमर इधर उधर करने लगी और बोली.

सरिता दी- क्या कर रहा है अभी. वह से हाँथ हटा अपना.

मैं- तुम्हारी गान बहुत hi मस्त है सरिता. मुझे तुम्हारी गांड मारनी है.

सरिता दी- पागल मत बन अभी. पहले तू अपना लैंड देख और मेरी गांड देख. तू मेरी गांड का कबाड़ा करना चाहता है. मैं मर जाउंगी अभी अगर तूने मरी गांड में अपना लुंड डाला तो.

मैं- कुछ नहीं होगा सरिता. मैं बड़े प्यार से तुम्हारी गांड मरूंगा. प्ल्ज़ मन जाओ न.

सरिता दी. नहीं मतलब नहीं. तू मुझसे तनिक भी प्यार नहीं करता न. इसीलिए तू मुझे दर्द देता रहता है. मैं तेरा लुंड अपनी गांड में नहीं झेल पाऊँगी. वह रहने दे भाई.

दीदी की बात सुनकर मैंने फिर से एक हाँथ से दीदी की चुकी दबाने लगा और एक ऊँगली से दीदी की छूट छोड़ते हुवे दीदी की क्लीट चाटने लगा. ऐसा करने से दीदी बहुत गरम हो गयी और मेरे सर पर अपना हाँथ रखकर उसे अपनी छूट पर दबाने लगी. मैंने मौका देखकर अपना अंगूठा जोर लगाकर दीदी की गांड में पेल दिया. जिससे दीदी मज़े और दर्द से चीख पड़ी.

सरिता दी- Aaareeeeeeeeeeeeeeeeeeeee mmmuuuuuummmyyyyyyyyyyyyyyyyyyy मैंन मररररररर गईइइइइइइइ. अपनीईई ऊंगलीईई निकलललललल kamineeeeeeeeeee. मैंनं मररररररर jaungiiiiiiiiiiiii. बहुत्तट्ठ डरडडडडडडड होऊ रहहाआआआ haiiiiiiiiiiiii. राहाआआआं करररररररर bhaiiiiiiiiiiii मुझपरररर.

मैंने दीदी के चेहरे की तरफ देखा तो दीदी के चेहरे पर दर्द की लकीर दिख रही थी. तो मैंने अपना अंगूठा दीदी की गांड से निकल लिया और दीदी की छूट को छोड़ने लगा. बहुत देर तक छूट छोड़ने और चाटने के कारन दीदी एकदम छुडासी हो गई और बोलने लगी.

सरिता दी- Oooooooohhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh Abhiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii mereeeeeeeeee bhaaiiiiiiiiiii. अब्ब्ब्ब bassssssssss karrrrrrrrrrr chatnaaaaaaaaaa और मुझीीीी छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ डीएई. बहुत्त आग लगीई हैईईई मेरिइइइइइइ छुट्ट्ट्ट मीटीई ीसीईई बुझाआआ डीईई.

मैंने दीदी की बात सुनकर अपना मुंह और ऊँगली दीदी की छूट से हटा लिया और दीदी की बगल में जाकर लेट गया और अपने होंठ दीदी के होठो पर रख कर चूसने लगा तथा अपने एक हाँथ से दीदी की चुकी दबाने लगा. फिर मैंने अपने हाँथ से थूक निकलकर अपने लुंड पर लगाया. मैंने दीदी की एक तंग उठाकर अपने ऊपर रख ली और अपने लुंड को पकड़कर दीदी की छूट से सत्ता दिया और दीदी के होंठ छोड़कर दीदी की आँखों में देखते हुवे एक जोरदार धक्का मार्कर अपना पूरा लुंड एक hi बार में दी की छूट में पेल दिया. दीदी दर्द से दोहरी हो गई और जोर से चीख पड़ी.

सरिता दी- aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh mummmyyyyyyyyyyyyy maiiiiiiiiii marrrrrrrrrr gaiiiiiiiiiiiiiiiiiii. Saleeeeeeeeee kuttteeeeeeeeeeeeee. ीत्नीईईईई jorrrrrrrrrr सीएएएएएएए पेल्नईईटी की क्याआआआ jaruratttttttttt thiiiiiiiiiii saleeeeeeeeeeee. धीरीईईए धैईईईई नाहीीडालललललललल सकतत्तता था क्याआआआ. ईईईई टीईईडीईईईई बहनणननणणन कोई छुट्ट्ट्ट haiiiiiiiiii कीसीईई रनडीईई की nahiiiiiiiiiii.joooooo ीत्नीईईई बेरहमीईई सीईई peeeeeelllllllllll दियाआआआ.

मैंने दीदी की चीख की कोई परवान न करते हुवे उनकी तंग को पकड़ लिया और अपना लुंड जड़ तक बहार खींचा और पूरी तकर से दीदी की छूट में पेल दिया. दीदी की चीख निकल गई.



सरिता दी- Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh oooooooooooooooooooooohhhhhhhhhhhhhhhh madarchooodddddddddd bhossdiiiiiiiiiiwaleeeeeeeee. Chhhoodddddddddd मुझेईईईई. मुझेईईईई nahiiiiiiiiii चूडड्ढड़वाना तुझससीएएएएए. Bahannnnnnnchooddddddddddd. मेरेईईई छुट्ट्ट्ट phaaaatttttttttt gaiiiiiiiiiiiii. Oooooooohhhhhhhhhhhhhh mummmyyyyyyyyyyyyyy. Bhachaaaaoooooooooo apniiiiiiiiii सरिताआआआ कूऊऊओ. तुम्हाराआआआ betaaaaaaaaaa tumhariiiiiiiiiiiiii Saritaaaaaaaaaa कूऊऊ रनडीईईईई कीई तारायःहःहःहः छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ राहाआआआ हैईईईई hhhhhhhheeeeeeyyyyyyyyyyyyyyyh.

मैं भी दीदी की बात सुनकर जोश में भर गया और ताबड़तोड़ धक्के मरते हुवे बड़बड़ाने लगा.

मैं- leeeeeeeeeeee सालीइइइइइइइ chhiiiinaaalllllllllllll. बहुत्तत्ततत्तत्त गार्मीीीी haiiiiiiiiiii तेरी अंडररर. Aajjjjjjjjjj छोड़ड़ड़ड़ड़ छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ करररररर टेरिइइइइइ सरीईईई garmiiiiiiiiii निकाआआ लूंगाआआ. ले सलीईईईई ऑर्डर अंडररररररर टकककक लेईईई बहनचूड्डड्डड़. मेरिइइइइ randiiiiiiiiii सरिताआ. बहुत्तट्ट्ट्ट छुडाआआअसीईईईई माहाआललललल haiiiiiiiiiii रईईईई टूउउ.

इतना बोलकर मैंने अपना लुंड दीदी की छूट से बहार निकल लिया..

इसके आगे की कहानी अगले भाग में..
 
अपडेट-97

दीदी के चिल्लाने से मैंने भी दीदी की छूट से बहार निकल कर दीदी को पलटकर उनकी कुटिया बना दिया और उनके पीछे आकर अपना लुंड पीछे से दीदी की छूट पर रखकर एक करारा धक्का मर दिया. जिससे मेरा लुंड दीदी की छूट चीरता हुवे जड़ तक छूट में समां गया. और दीदी चीखते हुवे तड़पने लगी.

सरिता दी- Aaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhh भाइयाआआआ. मैंनं मरररररर जोगीइइइइइइइ. अपनाआआआआ लुँड्ढड्डड़ बहरररररर निकलललललल लो. मुझपररररर रहमममममममम करूऊओ मेरी मालिकककककककक. मुझेईई छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ दोऊ. Oohhhhhhhhhhhhhhhhhh aaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhh थोड़ाआआ धीरीईईए करूऊऊ. Uuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii mummyyyyyyyyyyyyyy. तेरा बेताआआआआ ekdammmmmmmmmm जँवाररररररर कीई tarahhhhhhhhhh छोड़ताआए हैईईई. अपना लुँड्ड्ड बहारररररररर निकालूऊऊऊओ मैं मरररररररर ाहीईई होऊणननननन. मुझेईईई नाहीइइइइइइ छुडवानाआआ.

मैंने दीदी की बात की कोई परवाह नहीं की और लगभग 5 मिनट तक दीदी की छूट को ताबड़तोड़ छोड़ता रहा. 5 मिनट बाद मुझे दीदी पर रहम आ गया तो मैंने अपनी स्पीड काम कर ली और दीदी की गार्डन में हाँथ डालकर उनका चेहरा ऊपर किया और दीदी की आँखों में देखने लगा. दीदी की आँखे दर्द और वासना से एकदम लाल हो गाइट hi. उनकी आँखों में हलके हलके आँशु भी निकल आए थे. थोड़ी देर धीरे धीरे छोड़ने के बाद दीदी को कुछ रहत महसूस हुई तो दीदी बोलने लगी.



सरिता दी- oooooooooooooooooooohhhhhhhhhhhhh Bhaaiiiiiiiiiiii. तूंबीएई तू जननननन होई निकलल डीई थीई मेरिइइइइइइइइ. Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhh अभीयी. मुझेईईई दिन्न्नन्न्न्नन राततततततततत आईसीईई हीईईई छोड़ड्डीीीी rahoooooooooo. बहुत्तट्ठ माज़आआआ aaaaaaaaaa रहा हैईईई. तुम्हाररररररीीे लुँड्ड़डडडड मइईईई जादू हैईईईई. मुझेईईई तुम्हारायआ लुँड्ढड्डड़ दिन्नं रातततततततत अपनीईई छुट्ट्ट्ट मी चहियीईइ. Aaaaaaaaaaaahhhhhhhhh मरीईईई सईइइइइइइयाआ. छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ूऊऊऊ अपणीइइइइइइइ badiiiiiiiiiiii bahannnnnnnnnn koooooooooo ऑरररररररर बनाआआआ लोओओओओ मुझेईईईई अपनीईई पत्नीइइइइइइइ.

मैं- वहह्ह्ह्हह्ह्ह्ह सरिताआए टूउउ गजाआबबबब काआआआ maallllllllll हैईईईई. टूउउ बहुत्तत्तत्त बडीइइइइइइ चुड़क्कड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ हैईईईई. ागरररररर मुझीीी पहलीबीए हीईईई पताआआआ होताआआ कीई tuuuuuuuuuu आजीबीए चलललकाररररररर ीत्नीईईईई chudasiiiiiiiiiii होऊ जाइयेगीइइइइइइइ तूऊऊओ मैंनं तुझेईईईई सॉललललललल भररररररर पहली jabardastiiiiiiiiii हीइइइइइइइ छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ देताऑ. ऊऊऊऊओह्ह्ह्हह्ह मेरिइइइइइइ बहनणनननननाआआआ.

सरिता दी- हांण अभीइइइइइ टूवू तूंबीएई छोड़ड़ड़डायआ क्यों nahiiiiiiiiiiiii. टूउऊउउउउउ मुझीीी अब्बब्बब्बब रोजजजजजजज छोडनाआ. बिनाआआआआ तुझ्सीईए चूडीएएएए अब्ब्ब्ब मुझेईई नींदड़ड्ढ नाहीईई आईएईजीईईईई. Ooooooooooohhhhhhhhhhhh bhaiiiiiiiiiiiiii थोड़द्दाआआआआ ऑरररररररर तेज़ज़्ज़ज़्ज़ज़ चूऊउड़ूऊऊऊ मुझीीीी. दममममममम लगाआआआ करररररर choddddddddddd सलेटी.

दीदी की बात सुनकर मैंने फिर से दीदी की छूट तेज़ तेज़ कूटने लगा. दीदी अब झड़ने के करीब पहुछः चुकी थी इसलिए वो चिलगे हुवे बड़बड़ाने लगी.

सरिता दी- ooooooohhhhhhhhhhhhhh aaaaaaaahhhhhhhhhhhh छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ सलीईईई ऑरररररररर जोरररररर सी छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ ohhhhhhhhhhhhh छोड़ड़ड़ड़ड़ अपणीइइइइइइ इस्स्स्सस्स्स्स रअंदड्डड्डड्डड़ बहनंन को. फुकककककककक मई हरड्ड्ढड. Bassssssssss इतनाआ हीई दममममम हैईईई सलेईईई टेरिइइइइ गंडड meeeeeee.ohhhhhhhhhhhh Ahhhhhhhhhhhh सलेईईईई tuuuuuuuuuu कितत्तत्नीीी पर्फेक्टटटटटटटट तरिकीये सीई मुझीऐ छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ राहाआआ हैईईईई. ऑररररररररर तेज़ज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ सलीईई भदेवीएएए पुरीईईई तकततततत लगाआआ केईएएएएए chodddddddddd मादरर्चोड़ड़ड़ड़ड़.

दीदी की ब्बात सुनकर मैंने और जोर जोर से दीदी की छूट ठोकने लगा और बोलने लगा.

मैं- हाआनं randiiiiiiiiiii लेईईईई ऑररररररर लीईई सलीईई टूउउ एकदममममम काममंडेवी है और मेंनननन तेरा कंमंमदेववव hoonnnnnnnnnn. तुझीऐ मैं रोज चुदुँगा. टेरीए छुट्ट्ट्ट मीटी ीत्नीईई आगा लगइईईई हैईईई की अपनीईई भईईई सीए छुडवाटीईई है. ले. अब सीईए तुझेईईईई लुँड्ड़डडडडकीयी लीईई तरसना नाहीई पडेगाआआ. ली और अंदर टकककक लिए सरिता.



मैं ताबड़तोड़ दीदी को कुटिया बनाकर छोड़ रहा था. अब दीदी झड़ने के एकदम करीब थी. तो मैंने अपने हाँथ से दीदी की क्लीट सहलाने लगा और दीदी की छूट को जोर जोर से छोड़ने लगा. दीदी का बदन ैठने लगा और वो बड़बड़ाने लगी.

सरिता दी- aaaaaaaahhhhhhhhhhhhh ooooooooooooohhhhhhhhhhhhh अभीइइइइइइ तू बहुत्तत्त बड़ाआ चुड़क्कड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ हैईईईई. अपनीईई हीईइईडीडीइइइइइइइइ को छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ दियाआआ. छोड़ड़ड़डुओं मेरे राजआआआ भैयाआआ. मेरिइइइ बुररररररर भीईई कमममममम नाहीईईई हैईईईई दिन्ननननन ृत्त जलटीई रहतीई हीी. कास कस्सस कर धक्के मरूवू मेरे चूड्डड्डड़क्कड्डड्डड्डड्ड राजआआआ भैईया. बुझाए दू अपनीई बहनणननणणन कोई पयास्सस्सस्स्स्स मैंनं झाड़नीयी वालीए hoooo.aaaaaaaaaaahhhhhhhh फर्रर्रर्र डालू मेरिइइइइ िस्स्सस्स्स्स निगोड़ीईईई छुट्ट्ट्ट को. जो शरररररर समयययययय छुड़नीयी की लिएएएएए बचाईंनं रहीटीईईइहईईई. छोड़ड़ड़ बहनचोड़ड़ड़ड़ड़ ऑर्डर जोर जोरररर सी छोड़ड़ड़ड़. मेरिइइइइइ हररररररर कुओ faarrrrrrrrrrr डीईईई ऑरररररर अपणायआ पनीईई मेरिइइइइइ बुरररररररर मइईईई हीई डालनाआए मेरी भईईई. मेंननननन तुम्हारीयी पणीइइइइइइइ कूऊऊ पणीइइइइइइ छुट्ट्ट्ट मीटी महसुसस्सस करनननननना चाआहिततीीीिहूंण. ऊऊऊओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मरीईईई राजआआआआ बहुत्तट्ट्ट्ट अछाअअअ लगगगगग राहाआआ हैईईईई . छोड़ड़ड़ड़ड़ बहनचोद oooooooooooooohhhhhhhhhhhhhh ujuuuuuuuuuuuiiiiiiii maammmyyyyyyyyyy. ऑरररररररर छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ूऊऊऊओ मरीईईई राजआआआआ bhaiyaaaaaaa.tummmmmm भीईई मरीईईई sathhhhhhhhhh हीईईई अपनाआआआ पनीईई निकलनाआआ मरीईई भाईईईईई. aaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhh मेरेईईई छोड़ूऊऊऊ सनममममममम. मरीईईई छोड़ूऊऊऊ yaaaaarrrrrrrrrr. अब्बब्बब मैं नाहीईई रुक्खक्क्क्क पोंगीइइइइइइ मेंनननननन aaneeeeeeeeeee वालीइइइइइइ होऊणंन्न कुत्तेईईई. मेरेईईई साठहहहहहहह टूउउउउ भीईईई आए jaaaaaaaaaaaaa सलीबी.

इतना कहकर दीदी भलभलाकर झड़ने लगी. दीदी की बात सुनकर मैंने भी अपने धक्के तेज़ कर दिए. मैं भी अब किसी भी वक्त डिस्चार्ज हो सकता था. इसलिए मैंने दीदी के दोनों हांथो को पकड़कर पीछे खींछहहह लिया और हचक हचक कर दीदी को छोड़ने लगा.

मैं- Ooooooooooooooohhhhhhhhhhhh सरिताआआ meriiiiiiiiii raniiiiiiiiiiiiiii लेटी सँभालललल मेरे धक्क्कीीी. बहुत्तट्ट्ट्ट chudasiiiiiiiiii हैईईईई टूउऊउउउ kutiyaaaaaa.kyaaaaa छुट्ट्ट्ट हीी टेरिइइइइइइइइ. तुझेईईई chodneeeeeeeeeeee मइईईई टूऊंऊं ुण्णं दोनोंओओओओओओओ रंडियोओओओ सीए ज्यादा मज़ाआ आ रहा है. लेईईई बहनणनननननन को लाउदीईई. ले सलीईईई अपनीई भाई का मोटा lndddddddddddd अपनीईईईचुट्ट्ट्ट mainnnnnnnnnnnnn. मेंनननननन भीइइइइइइइ आईएईए वालाआआअह hoonnnnnnnnnnn aoooooooooooohhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh मेंननननननन gayaaaaaaaaaaa लेईईई randiiiiiiiiiiiiii मेरा पणीइइइइइइ अपनीईई छुट्ट्ट्ट मीटीए. Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh

इतना कहर मैं भी दीदी की छूट में hi झाड़ गया और दीदी के ऊपर hi लेट गया. लगभग 10 मिनट तक लेते रहने के बाद मैं दीदी के ऊपर से लुढ़ककर बिस्तर पर लेट गया और दीदी की आँखों में देखने लगा. मुझे दीदी की आँखों में एक सुकून नजर आया. दीदी भी मेरी तरफ देख रही थी. मैंने दीदी से पूछा.

मैं- क्यों सरिता मज़ाआ आया.

सरिता दी- बहुत ज्यादा मज़ा आआआआ. वैसे एक बात कहूँ.

मैं- हाँ सरिता बोलो.

सरिता दी- देख अभी मैंने तुझे कितना मज़ा दिया है. अपनी कुंवारी छूट भी तुझसे hi छुडवाइइइइइ है मैंने. वो 2 बाटे कौन सी हैं बता दे भाई. मैं बहुत बचें हूँ उसे जानने के लिए.

मैं- वो तो मैं आपको बताऊंगा hi दीदी. लेकिन तुमको पता है की उसके बदले में मुझे क्या चाहिए.

सरिता दी- तू बहुत कमीना है. बताने के लिए रिश्वत मांग रहा है अपनी दीदी से.

मैं- अब तुम चाहे जो समझो. रिश्वत hi समझकर दे दो अपनी गांड.

सरिता दी- ऐसा क्या है उसमे तो तू उसके पीछे पड़ा है.

मैं- अब क्या बताऊउ तुम्हे. तुम्हारे शरीर में 2 hi चीज़ हैं जो मुझी पागल कर देते हैं. एक तो हैं तुम्हारी राशबाहृ और जालिम चूचिया और दूसरी है तुम्हारी कातिल और गद्देदार गांड. जब तुम चलती हो तो तुम्हारी गांड ऐसे हिलती है जैसे भूकंप आ गया हो. तुम्हारी इस बहार निकली गांड मेरे दिल पर छुरिया चलती हैं. तुम्हारी इस गांड में मेरा जीना हराम कर रखा है. सोते समय भी ये सपने में आ कर मुझे परेशां करती हैं. मैं तब तक चैन की नींद नहीं सो सकूंगा जब तक मैं तुम्हारी गांड का ढक्कन न खोल दू. तुम्हारी गांड मुझे बहुत पसंद है.



दीदी अपनी गांड की तारीफ सुनकर बहुत खुश हुई. और शर्माने भी लगी. उसके बाद मुझसे बोली.

सरिता दी- क्या इतनी ज्यादा पसंद आ गयी है मेरी गांड तुझको.

मैं- बहुत ज्यादा सरिता. मेरी बात मन जाओ. बहुत धीरे धीरे करूँगा. तुमको तनिक भी दर्द नहीं दूंगा. क्या तुम मेरी ये इच्छा पूरी नहीं कर सकती.

सरिता दी- मुझे पता है को तू कितना धीरे धीरे करेगा. इसीलिए मुझको दर लग रहा है. लेकिन तू मेरा प्यारा भाई है. तुझे मन भी नहीं कर सकती. (कुछ देर सोचते हुवे). ठीक है मैं तेरी बात मन लेती हूँ. लेकिन एक शर्त पर.

मैं- मुझे तुम्हारी साडी शर्त मंजूर है.

सरिता दी- पहले शर्ट तो सुन ले. एक बात तू मुझे पहले बताएगा और एक बात बाद में.

मैं- (थोड़ा मुंह बनाकर). रहने दो. मुझे नहीं चाहिए तुम्हारी गांड. मैं किसी और को पाटकर उसकी गांड मर लूंगा. अब तो मैं तुमको कोई भी बात नहीं बताऊंगा.

सरिता दी- अरे क्या भाईई तू नाराज़ हो गया. चल ठीक है. तू बाद में hi दोनों बात बताना. अब खुश हो जा.

मैं- (खुश होते हुवे). सच में दी. तुम सच बोल रही हूँ न.

सरिता di-Haan अभी मैं तुझे नाराज़ नहीं कर सकती. अगर तुझे मेरी गांड मर कर hi ख़ुशी मिलती है तो मैं तैयार हूँ. लेकिन उसके बाद तू मुझे पूरी बात सच सच बताएगा.

मैं- ठीक है दीदी. आपकी कसम मैं सब सच सच बताऊंगा. तो चलो मेरा लुंड खड़ा करो फिर.

सरिता दी- तू पागल है क्या. मैं थक गई हूँ. अभी मुझमे तेरे मुसल को झेलने की ताकत नहीं है. अब जॉब hi करना है वो रत में hi होगा. चल उठ अब जाने दे मुझे. किचन भी संभालना है मुझे.

फिर दीदी ने मुझे धक्का देखर अपने कमरे से बहार निकल दिया और दरवाज़ा बंद कर लिया. मैं भी ख़ुशी ख़ुशी अपने कमरे में आ गया और कपडे लेकर बाथरूम में घुस गया. लगभग 1 हॉर्स बाद मैं निचे आया और हॉल में बैठकर t.v. देखने लगा. दीदी किचन में खाना बना रही थी. थोड़ी देर बाद दीदी ने मुझे आवाज़ देखर अंदर बुलाया.

जब मैं अंदर गया तो देखा दीदी ने स्नान करके अपने आपको अचे से संवारा हुवा है. और एक निघ्त्य पहकर किचन में काम कर रही थी. जो बिलकुल पारदर्शी थी



मैंने जाकर दीदी को पीछे से बहो में भर लिया और उनकी कंधे को चूमने लगा. दी भी कुछ नहीं बोली और अपना काम करती रही. मैंने हाँथ बढाकर दीदी की दोनों चूचियों को हथेली में भरकर जोर से मसल दिया तो दीदी ने पलटकर मेरी तरफ हो गई और मुझे धक्का देखर अपने से दूर करती हुई बोली.

सरिता दी- दूर हटो अभी. हर वक्त ये सब अच्छा नहीं लगता. मैंने तुम्हे यहाँ काम के लिए बुलाया है मस्ती के लिए नहीं. इस डिब्बे में दाल ख़तम हो गई है तो ऊपर वाले डिब्बे से दाल निकलकर इसमें दाल दे.

मैंने भी दीदी की बात मानते हुवे डिब्बे से दाल निकलकर दूसरे डिब्बे में डाली और वही दीदी के पास सेल्फ पर तक लगाकर खड़ा हो गया. थोड़ी देर तक जब मैं वह से नहीं गया तो दीदी ने मुझसे कहा.

सरिता दी- यहाँ क्या कर रहा है. जा हाल में बैठ मैं नाश्ता लेकर वही आ रही हूँ.

मैं- नहीं मैं यही रहूँगा आप बनाइये नाश्ता फिर साथ में hi करते है.

थोड़ी देर बाद जब नाश्ता बन गया तो मैंने और दीदी ने वही खड़े होकर नशा किया. उसके बाद दीदी खाना बनाना लगी तो मैं वही खड़ा दीदी को देखता रहा. मेरी दीदी सभ में बहुत hi गदराई हुई मॉल थी. उनको देखकर तो बुद्धो के लुंड में भी उछाल आ जाये. लगभग 1 हॉर्स बाद दीदी ने खाना बना लिया और जूठे बर्तन सिंक में रखकर उसके साफ करने लगी तो मैंने दीदी से कहा.

मैं- दीदी मैं भी ाको हेल्प करता हूँ.

इतना बोलकर मैं बिना दीदी की बात सुने सीधे जाकर दीदी से सक्कर खड़ा हो गया. मेरा लुंड जो दीदी को देख देख कर टाइट हो गया था वह सीधा दीदी की गांड में निघ्त्य समेत घुस गया. मैंने भी अपना हाँथ सिंक में दाल लिया और दीदी के हाँथ को पकड़कर मसलने लगा. दीदी बार बार अपना हाँथ छुड़ाने की कोशिश कर रही थी. जब मैं बार बार दीदी के हाँथ को मसलता रहा तो दीदी ने कहा.

सरिता दी- क्या कर रहा है अभी. मुझे बर्तन तो साफ करने दो.

मैं- (अपनी कमर को उनकी गांड पर मरते हुवे) तो मैं कहाँ मन कर रहा हूँ आपको आप बर्तन साफ करिये और मैं बर्तन साफ करने पर आपके गंदे हुवे हाँथ साफ कर रहा हूँ.

दीदी मेरी बात सुनकर मुस्कुराने लगी तो मैंने अपना हाँथ उनके हाँथ से उठकर दीदी की कमर पर रख दिया और सहलाने लगा. जिससे दीदी को भी मस्ती छाने लगी. मैं अपना हाँथ उनकी कमर को सहलाते हुवे उनके पेट पर रख दिया और पेट सहलाने लगा. दीदी बर्तन साफ करती रही. कुछ देर पैट सहलाने के बात मैं दीदी के पेट को मुट्ठी में भरकर दबा दिया.



दीदी uuuuuuuuuuuuuuiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii मायआ कर के सिसकी. फिर मैंने उनके पेट से हाँथ उठाकर उनकी चूचियों को थम लिया और उनको दबाने लगा.

तब तक दीदी ने बर्तन साफ कर लिए थे. दीदी ने जैसे hi बर्तन साफ करके अपना हाँथ और मुंह धोया. मैंने दीदी की चूचियों को मुठी में भरकर जोर से दबा दिया और पीछे से अपने लुंड को एक जोरदार धक्का मार्कर दीदी की गांड की दरार में पेल दिया. जो सीधा जाकर दीदी की गांड की छेड़ से टकराया. दीदी दर्द से चीख पड़ी.

सरिता दी- Oooooooooohhhhhhhhhhhhhhhhhhh Abhiiiiiiiiiiiiiiii. क्याआआआ कररररररररर राहाआआ हैई. छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ मुझीीी. राततततत सीईए परेशानननननन कररररर राहाआआ हैईईई.

मैंने दीदी की बात सुनकर दीदी को पलटकर अपने सामने कर लिया और उनकी आँखों में देखने लगा. दीदी की आँखों में एक नशा छ गया था. दीदी भी मेरे आँखों में देखने लगी. दीदी की आँखों में देखने के बाद मैं दीदी को छोड़कर दो कदम पीछे हैट गया. तो जैसे ये दीदी से बर्दास्त नहीं हुवे. उन्होंने आगे बढ़कर मेरा हाँथ पकड़कर मुझे अपनी तरफ खींच लिया. जिससे मैं एकदम दीदी से सात गया. मेरे साइन से दीदी की चूचिया एकदम पीस गई और मेरा लुंड दीदी की छूट पर ठोकर मरने लगा. दीदी मेरी आँखों में देखते हुवे अपने होंठ मेरे होंठो पर रख दिए और चूसने लगी.



मैं भी भी अपना हाँथ दीदी की चूचियों पर रख कर उन्हें दबाते हुवे दीदी के होंठो का रसपान करने लगा. दीदी मेरे होंठ चुस्ती हुई अपना एक हाँथ निचे बढाकर मेरे लुंड को लोअर के ऊपर से पकड़ लिया और दबाने लगी. मैं तो मज़े के सातवे आसमान पर पहुंच गया. मैं जोर जोर से दीदी की चूचिया दबाने लगा और दीदी के होंठो को चूसने लगा. दीदी अब वाइल्ड तरीके से मेरा होंठ चूस रही थी और मेरे लुंड को मरोड़ रही थी जिसमे कारन कभी कभी मेरा शरीर झटके खा रहा था. कुछ देर दीदी की चूचिया दबाने के बाद मैंने दीदी को अपने से अलग किया और पूछा.

मैं- क्या बात है सरिता. बड़े जोश में लग रही हो.

सरिता दी- ये सब तेरा hi किया धरा है. तूने पता नहीं मुझपर कैसा जादू कर दिया है की मैं अनायास hi तेरी तरफ खींची चली जाती हूँ.

मैं- ये मेरा जादू नहीं है सरिता. ये मेरे लुंड का जादू है जो तुम्हारे सर चढ़कर बोल रहा है.

इतना कहकर मैंने दीदी को पकड़कर निचे बैठा दिया और उनके सामने जाकर खड़ा हो गया. मेरा खड़ा लुंड लोअर में दीदी की आँखों के सामने था. दीदी मेरे लुंड को hi देख रही थी तो मैंने दीदी से कहा.

मैं- अब देखती hi रहोगी ये इसकी सेवा भी करोगी.

मेरी बात सुनकर दीदी ने मेरी आँखों में देखा और अपनी जीभ निकल कर लुंड को चाटने लगी. दीदी का मुंह लुंड पर लगते hi मेरे मुंह से aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhh निकल गई और मैंने अपना हाँथ दीदी सर पर रख दिया. दीदी ने पुरे लुंड को चाट चाट कर गिला कर दिया था. थोड़ी देर लुंड चाटने के बाद दीदी ने मेर लुंड को मेरे पेट से सटाकर अपने हाँथ से पकड़ लिया और लुंड चाटते हुवे दीदी निचे मेरे pellhar(Balls, गोटी) की तरफ बढ़ने लगी. चाँद लम्हो में दीदी मेरे पेल्हर को चाटने लगी. दीदी की जीभ पलहर पर लगते hi मेरे मुंह से सिसकी निकल गई.



मैं- aaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh सरिता. मेरिइइइइइइइइ जायंनननननननन लोगीइइइइइइइ क्या.

सरिता di-(munh उठाकर) क्यों राजा भैया. मज़ाहा आ रहा है न.

मैं- बहुत मज़ाआ आ रहा हैई सरिता. बस ऐसे hi करती रहो.

इसके आगे की कहानी अगले भाग में..
 
अपडेट-98

थोड़ी देर लुंड चाटने के बाद दीदी ने मेर लुंड को मेरे पेट से सटाकर अपने हाँथ से पकड़ लिया और लुंड चाटते हुवे दीदी निचे मेरे pellhar(Balls, गोटी) की तरफ बढ़ने लगी. चाँद लम्हो में दीदी मेरे पेल्हर को चाटने लगी. दीदी की जीभ पलहर पर लगते hi मेरे मुंह से सिसकी निकल गई.

मैं- aaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh सरिता. मेरिइइइइइइइइ जायंनननननननन लोगीइइइइइइइ क्या.

सरिता di-(munh उठाकर) क्यों राजा भैया. मज़ाहा आ रहा है न.

मैं- बहुत मज़ाआ आ रहा हैई सरिता. बस ऐसे hi करती रहो.

अब आगे

मेरी बात सुनकर दीदी ने फिर से मेरे पेल्हर को चेतना शुरू कर दिया. जब मेरा पेल्हर दीदी के थूक से पूरा गिला हो गया तो दीदी न अपना मुंह खोला और मेरे पेल्हर को पूरा अपने मुंह में भर लिया और चूसने लगी फिर छोडने लगी. फिर चूसने लगी फिर छोड़ने लगी.



दीदी के बार बार चूसने और छोड़ने से पकक्क पोक्कक्क की आवाज़ निकल रही थी. मैं तो मज़े के आसमान पर सैर कर रहा था. थोड़ी देर तक मेरे पेल्हर को चूसने और चाटने के बाद दीदी ने फिर से अपनी जीभ ऊपर की तरफ फिरना शुरू कर दी और मेरे लुंड को छोड़ दिया. दीदी ने अपना मुंह खोला और मेरा लुंड मुंह में ले लिया और चूसने लगी. मुझे भी मज़ा आने लगा. मैं दीदी की सर को पकड़कर अपना लुंड अंदर बहार करने लगा. कुछ देर तक धीरे धीरे दीदी का मुंह छोड़ता रहा. कुछ देर बाद मैंने दीदी के सर को मजबूती से पकड़कर पूरा लुंड दीदी के मुंह में घुसेड़ दिया और अंदर बहार करने लगा. दीदी भी अब इस झटके की आड़े हो चुकी थी तो उन्हें ज्यादा तकलीफ नहीं हुई. मैं दीदी के मुंह को छोड़ते हुवे बोलै.



मैं- Aaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh सरिता मेरिइइइइ डार्लिंगगगग. और अंदर तक ले अपने खसम का लुंदड़. तुझे लुंड की बहुत प्यास है. ले और अंदर तक मेरा लुंड. Aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh

थोड़ी देर तक दीदी का मुंह छोड़ने के बाद मैंने दीदी को पकड़कर सेल्फ पर बैठा दिया और दीदी को उनकी चूचियों के उभर पर किश करने लगा. किश करते हुवे मैं दीदी की गार्डन और कंधे को भी किश करता रहा. थोड़ी देर बाद मैंने अपने होंठ उनकी गार्डन से उठाकर दीदी के होंठो पर रख दिए और उनके होंठ चूसने लगा. दीदी ने दोनों हांथो से मेरे सर को पकड़ लिया और किश में मेरा सहयोग करने लगी. किश करते करते मैंने दीदी को सेल्फ पर लिटा दिया और उनके होंठो में मुंह में भर भर कर चूसने लगा. थोड़ी देर होंठ चूसने के बाद मैंने उनके होंठो को छोड़ा और उनकी आँखों में देखते हुवे निघति चूचियों के पास से दोनों हांथो में पकड़कर जोर से खींचा जिससे chhhhhaaaaaaaaaarrrrrrrrrrrrrrrrrr chhhhaarrrrrrrrrrr की आवाज़ के साथ निघति फैट कर उनकी चूचियों से अलग हो गई. दीदी ने शॉक होकर मुझसे कहा.



सरिता- ये क्या किया तुमने अभी. इसको भी फाड़ दिया. दो दिन भी नहीं हुवे और तुमने 2 कपडे फाड़ दिए मेरे.

मैं- क्या करू सरिता. मुझे अब तेरे जिस्म पर कपडे बिलकुल भी अचे नहीं लगते. इसलिए जब भी तुम कपडे पहनोगी मैं उन्हें फाड़ दूंगा.

मेरी बात सुनकर दीदी मुस्कुराने लगी. मैंने दीदी को कमर से उठाकर उनकी निघ्त्य निकल कर जमीन पर फेंक दी. और दीदी को देखने लगा. दीदी ने निघ्त्य के निचे ब्रा और पंतय नहीं पहनी थी. इसलिए दीदी मेरे सामने सेल्फ पर एकदम नंगी लेती हुई थी. दीदी की चूचिया एकदम लाल थी रक् को मसले जाने के कारन. उन पर जगह जगह मेरे दांतो के निशान बने हुवे थे. मैंने झुककर दीदी की चूचियों को प्यार से चाटने लगा और अपना हाँथ निचे ले जाकर छूट पर रखकर सहलाने लगा. दीदी भी अब मस्ती में आती जा रही थी. थोड़ी देर चूचियों को चाटने के बाद मैं दीदी की चूचियों को बरी बरी से मुंह में लेकर चूसने लगा. तो दीदी कहने लगी.

सरिता दी- aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhh ooooooooooooohhhhhhhhhhhhhh मेरे राजा भैया चूस लो मेरी चूचियोऊ कोऊ. इसी तुम्हारीयी लियी hi बचाकररररर रख्हा थाआ मैंने. आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह भाआआआईइइइइइइइ. मीररररईईईईई जाआआआआआईइइइइइइइ कूऊऊऊ पुररररराआआ निचोड्ड्ढड कररररररर खालीइइइइइइइ करररररर दोओओओओओ ीसीईए. कात्तट्ट्ट्ट करररररर कहाआआ जाऊओऊ मेरिइइइइ चूचियोओओओ कोऊ.

दीदी की बात सुनकर मैंने अपनी बिच वाली ऊँगली दीदी की छूट में पेल दी और अंदर बहार करने लगा और दीदी की चूचियों को चूसने लगा.



थोड़ी देर चूचिया चूसने के बाद मैंने अपना मुंह दीदी की चूचियों से हटाया और दीदी की छूट पर रखकर चाटने लगा. दीदी मस्ती में कैंप गईइइइइइइ और अपना सर उठाकर मुझे देखने लगी. मैंने उनकी आँखों में देखा तो वो नशीली हो गाइट hi. मैं तेज़ तेज़ अपनी ऊँगली उनकी छूट में अंदर बहार करता रहा और उनकी छूट को मुंह में भरकर चुस्त रहा. थोड़ी देर बाद दीदी एकदम गरम हो गई और कहने लगी.

सरिए di-ooooooooooooooooohhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh Abhiiiiiiiiiiiiiiiiiii aaaaaaaaaaaaahhhhhhhh मररररररर गईइइइइइइइ मेंनननननननन. मेररररररीईईईई छुटटटटटट मेई कुछःह होऊ रहा हीी. अब्ब्ब ऑरररर ना tadpaaaoooooooooo मेरी सैया. पीईएलललललल दोऊ अपनाआ मोटा लुंदड़ मेरी छूट मीटी ऑर्डर मेटीईईई तदप्तीईईईई जवाणीइइइइइ कोऊ शानात्तट करररर दोओओओ. Aaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhh ooooooooooohhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh मममममियययय.

दीदी की बात सुनकर मैंने दीदी की छूट से अपना मुंह और ऊँगली हटा ली और दीदी को उठाकर सेल्फ पर बैठा दिया. मैंने दीदी की एक तंग उठाकर अपने कंधे पर राखी और थोड़ा सा थूक अपने मुंह से निकल कर अपने लुंड पर माला और अपना लुंड दीदी की छूट के मुंह पर रख दिया, लेकिन लुंड अंदर नहीं डाला तो दीदी अपनी कमर आगे की तरफ उचकने लगी. लेकिन मैं लुंड पीछे कर लेता. तो दीदी ने गुस्से से कहा.

सरिता दी- aaaaaaaaaaoooooooohhhhhhhhhhhh सलीईई. क्यों ताडपाआ रहा हैईईई मुझी. दललललल नाआआ अंडरररर. अब्बब्बब्बब्ब किस्कीईई परमिशन कहा इन्तेजारररर कररररर रहा है. दल ना.

मैं- क्या बात ही सरिता. बड़ीईई जल्दी है तुझीये छुडवानीयी की. बहुत ागगगगगगग लगइईईई हैईईई तेरी छूट मेई. मैं उसे ाजजज बुझायआ डूंगाआ. ले सँभाललललललल मेराआआ लुँड्ड्ड.

इतना कहकर मैंने अपना लुंड थोड़ा और पीछे किया और रुक गया. जब दीदी ने देखा की मैं रुक गया हूँ तो उन्होंने अपनी कमर आगे की उसी समय मैं ीक जोरदार धक्का मारा. जिससे मेरा लुंड दीदी की छूट को चीरता हुवा जड़ तक अंदर घुस गया. जिससे सरिता दीदी चीख पड़ी.



सरिता दी- Aaaaaaaaaoooooooooohhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh oohhhhhhhhhh सलेटी. मेईं मरररररररर गईइइइइइइइ. Aaaaaaaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii माररररररररर दलाआआआ रईईईई. Uuuuuuuuuuuuuuuuuiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaa. पातततततत gaiiiiiiiiiiiii meriiiiiiiiiiiiiii चूठ्टटट. बहुत्तत्तत्त जलइईईईईमममममममम हैईईई तेरा लुँड्ढड्डड़ कमीनेईईईई.

Main-(tez तेज़ झटका मरते हुवे)- लीईईई मरीईई राणीइइइइइइइ लेईईई मेरा लुंडडडड अपनीइ पयासीइइइइइइ छूट में. बढाएआ तदड्पाया हीी तूंबीएए मुझीीीी अपनाआ गडरायाआआआआ बदंन दिखाए की. ाआज्जज्जज्ज मइईईईई टीरररररररीईई इस गडराआईई बड़ननननन की नस नस ढीली कर dungaa.yeeeeee ली मेरिइइइइ raniiiiiiiiiii. Abbbbbbbbbb सीईई उईईई लुंडडडड टेररररररा होओओओओ गयाआआ हैईईई. ऑरररररर लीईईई अपनीईई अंडरररररर.

थोड़ी देर दीदी को उसी पोज़ में छोड़ने के बाद मैंने दीदी को अपनी गॉड में उठा लिया. गॉड में उठाते समय मैंने अपना लौड़ा दीदी की छूट से निकलने नहीं दिया. गॉड में उठाकर मैं दीदी के होंठ चूमने laga.didi ने भी अपनी बांह मेरे गार्डन में लप्पेट दी. और मेरा होंठ चूसने लगी. मैं दीदी को हल्का हल्का उठा उठाकर अपने लुंड पर पटक रहा था. थोड़ी देर उनके होंठ चूसने के बाद मैंने दीदी को अपने लुंड पर तेज़ तेज़ पटकने लगा और निचे से अपनी कमर भी चलने लगा. अब मेरा लुंड सटासट दीदी की छूट में जा रहा था. दीदी इस पोज़ में एकदम बंदरिया की तरह मुझसे लिपटकर अपनी चुदाई करवा रही थी और बोल रही थी.



सरिता दी- aaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhh bhaaaaaaaiiiiiiiiiiii oooooooohhhhhhhhhhhhhhhhh क्याआ छुडाईइइइइ करता हैईईई चू. चू तूऊऊओ बहुत्तट्ठ एक्सपर्टटत ही छुडाईइइइ करनी मई. और तेज़ छोड़ bhaiiiiiiiiii. बड़ा मज़ाआ आए राहाआआ हीी. मैं तो टेरिइइइइइ गुलामममममम बननननन गईइइइइइइ होऊणणन्न मेरी भाआईईईईई. और जोर सी छोड़ूऊओ mujhee.faaddddd डालूऊओ मेरी छूट कोऊ.

मैं दीदी को गॉड में उठाये छोड़ते हुवे दीदी को किचन से बहार हॉल में लेकर आ गया और वही सोफे पर लेटकर उनकी छूट जोर जोर से पेलने लगा और बोलै.

मैं- आआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह सरिताआआ. टूउउ बाहूउत्त्तत्त गराममम जवानीई हैईईई सलीईईई. ीत्नीईई गरमममम गरामममममम छुट्ट्ट्ट मेरीए घर्रर मई थीई ऑरररर मैंन चूऊत्त की लियी बहारररर भातकातत्ता था. तुणीऐ पहली क्यूओ नाहीइ कद्द्वया मुझी. टेरिइइइ छूट बहुउट्ठ ही टीटी हैईईई. मेनन तू तेरई छूठ का गुलाम होऊ गया हूँ. अब्ब्ब मैं तुझी रोज़ज छोडूंगा.

मैंने दीदी को हचक हचक कर छोड़ने लगा. पूरा सोफे बुरी तरीके से हिल रहा था. दीदी की आधी गांड सोफे में घुस गाइट hi. तोड़ी देर तक्क दीदी को सोफे पर हचक हचक कर छोड़ने के बाद मैंने अपना लुंड दीदी की छूट सीए निकल लिया और सोफे पर बैठ गया. मैंने दीदी को पकड़कर अपनी जांघो पर उल्टा लिटा लिया और दीदी की गांड को सहलाने लगा. दीदी ने पलटकर मुझे देखा और कहा.

सरिता दी- अभी क्या कर रहा है. लुंड क्यों बहार निकल लिया. ये सब बाद में कर लेना. पहले इसे अंडाल दाल.

मैंने दीदी की बात अनसुना करते हुवे उनकी आँखों में देखते हुवे उनकी गांड पर एक जोर का थप्पड़ लगा दिया. जिससे चटक की आवाज़ आई और दीदी के मुंह से aaaaaaaaaaahhhhhhhh अभी निकल गई. मैं तुरंत झुककर थपाद वाली जगह को चाट लिया. मैंने फिर से एक थप्पड़ दीदी की गांड पर लगाया दीदी फिर से aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhh अभीइइइइइइ करने लगी मैंने फिर झुककर दीदी की गांड को उस जगह चाट लिया. इसी तरह मैंने 14-15 थप्पड़ दीदी की गांड पर तेज़ तेज़ मरे और हर बार उस जगह को चाट लेता. जब दीदी से और बर्दास्त नहीं हुवा तो उन्होंने कहा.



सरिता दी- बस कर भईई. दर्द होता हैईईई. कुछ तो रहम कर. अब और बर्दास्त नहीं होता. छोड़ मुझे.

दीदी की बात सुनकर मैंने दीदी को अपनी जांघो से उठाकर जमीन में दोगी स्टाइल में खड़ा कर दिया और उनके पीछे आकर अपना लुंड पीछे से उनकी छूट पर रखते हुवे पूछा.

मैं- मज़ा आ रहा है सयरता. डॉल दू अंदर.

सरिता दीदी- अभी इस समय तू बकचोदी मैट कर और छोड़ मुझे.

दीदी की बात सुनकर मैंने अपने लुंड एक hi जटके में दीदी की छूट में पेल दिया जिससे दीदी के मुंह से aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh Abhiiiiiiiiiiiiiiii धीरीईईई सीए.

मैं दीदी की बात सुने बगैर हचक हचक कर दीदी की छूट छोड़ने लगा. छूट छोड़ने से साथ साथ मैं दीदी की गांड पर थप्पड़ भी मरता जा रहा था. जिससे दीदी uuuuuuuuuuuuuuhhhhhhh आआआहहहहह करती हुई कराह रही थी. मैं और तेज़ तेज़ दीदी को पेलने लगा. दीदी अब मस्ती के चरम पर पहुंच चुकी थी तो वो बड़बड़ाने लगी.

सरिता दी- aaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh ohhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh सलेईईईई ाभीईई और तेज़्ज़ज़ छोड़ड़ड़ड़ड़ मुझेईईई फाड्ड्ढ डीई मेरिइइइइइइइइ छुट्ट्ट्ट को मेरीए राजाआआआ. अब्बब्बब सीईई मेररररीईईई छुट्ट्ट्ट परररर टेरररररायआ हीईईई हककककक हैईईई heeeeeeeeeyyyyyyyyyy और तेज़ज़्ज़ज़्ज़ज़ chodddddddddd बाहाआनंणछोड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़. इतनाआआआआ हीई दममममममम हैईईईई क्याआ सलेटी तरीईई अंडरररररर. छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ हरामीईईईई apniiiiiiiiiiiiii गंडीई बहनणनननननन को aaaaaahhhhhhhhhh mereeeeeeeeeee rajaaaaaaaaaaaaaaa bhaaaiiiiiiiyaaaaaaaaaaaa. Mujhheeeeeeeeee kyaaaaaaaaaa होऊ rahhaaaaaaaaaaa हैईईईई. मेरिइइइइइइइइ चुउत्त्तत्त मीटी चीटियाआआ चालललललल रहीइइइइइइइ haiiiiiiiiii. राहागाडडडडडडड रगडढ़डडडडडडड केईएए छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ मेरिइइइइइइइ चूऊउत्तत्ततत्तत्त aurrrrrrrrrr maarrrrrrrrrr dallllllllll िन्ननननन चीटियोओओओओओ कूऊऊऊओ. Chodddddddddddddd हरामीईईईई ऑररररररर जोररररररर सीईए छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ मेंनननननन झाड़नीीीे वालीइइइइइइइ होऊणननननन.

दीदी की बात सुनकर मैंने दीदी के बाल कसकर पकड़ लिया और उन्हें पीछे की तरफ खींच खींचह कर हचक हचक कर छोड़ने लगा. अब मैं भी झड़ने के करीब था तो मैं दीदी को बोलने लगा.

मैं- aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh Saaliiiiiiiiiiiiiiiiiiii सरिताआआआ. Ooooooooooooohhhhhhhhhhhhhhhhhh लेटी मेराआआआआ पुराआआ लुँड्ड़डडडडड अपनीइ छुट्ट्ट्ट मेई. ले रनडीईईई बहुत्तत्त Badiiiiiiiiiii चुदाआयककादददददददद हैईईई tuuuuuuuuuu सरिताआआआ. तुंबीईईई अपनीई भइईईई कुओ bhiiiiiiiiii nahiiiiiiiiii छोड़ड़ड़ड़ड़डाआआआ. लीईईई मेराआआआ लुँड्ड़डडडडड मेरिइइइइइइइइ प्यारीइइइइइइ बाहाआआआआ. Oooooooooooooooooohhhhhhhhhhhhhh meriiiiiiiiiiii Rundiiiiiiiiiiiiiii चीलललललआआआ ऑरररररर जोररररररर सीईए चिल्लाआआ Saliiiiiiiiii kutiyaaaaaaaaaa tuuuuuuuuuu रनडीईईईई हैईईई मेरिइइइइइइइइ. लेईईई meriiiiiiiiii bulbulllllllllllllllllll अपनीईई यरररररर काआअ laudddddddddddaaaaaa. मेंननननन भीईई ानाईईई वालाआ होऊणणन्न. सम्भाएललललललल मेराआआआ paniiiiiiiiiii मेंनननननन गयाआआआ.

इतना बोलकर मैं दीदी के बाल पकड़कर 5-6 जोर जोर से धक्के मार्कर झाड़ गया.



दीदी भी मेरी सठह hi झाड़ गयी. झाड़ कर मैं डीडीई के बगल में बैठ गया और दीदी को देखने लगा. दीदी भी हांफ रही थी और लम्बी लम्बी सांसे ले रही थी. थोड़ी देर बाद वो नार्मल हुई और मेरी तरफ देखा. मुझे अपनी तरफ देखते पाकर वो थोड़ा सरमाई और मुझसे बोली.

सरिता दी- ऐसे क्या देख रहा है अभी.

मैं- देख रहा हूँ की तुम दिखने में कितनी मासूम हो. कोई तुमको देख कर अंदाज़ा भी नहीं लगा सकता की इस मासूम चेहरे के पीछे एक चुड़क्कड़ औरत है.

सरिता दी- तो मुझे चुड़क्कड़ बनाया किसने है. तुमने. और तू भी तो देखने में इतना सीधा दीखता है. लेकिन तू इतना बड़ा कमीना है की तूने अपनी बहन को भी नहीं छोड़ा. उसकी भी इज़्ज़त लूट ली.

मैं- (हँसते हुवे). अभी पूरी कहा लूटी ही. रात में पूरी लूटूँगा.

मेरी बात सुनकर दीदी मुझे मरने लगी और बोली.

सरिता दी- तू सच में बहुत बड़ा कमीना है.

मैं- अगर मैं कमीना नहीं होता न तो घूमती रहती तुम गरम जवानी लेकर अपनी नाथ उतरवाने के लिए. वो तो शुक्र मनाओ की मैं कमीना हूँ. इसलिए तुम्हारी गरम जवानी की नाथ मैंने उतर दी. और देखो तुम कितनी खुश हो अपनी नाथ उतरवाके.

सरिता दी- चल भाग यहाँ से. और जा जाकर िपिल की गोली ले कर आ. तब तक तूने ये जो नरक मचाया है उसकी साफ सफाई कर लू.

दीदी की बात सुनकर मैंने आगे बढ़कर दीदी के माथे पर एक सॉफ्ट किश किया और हँसते हुवे अपने कमरे में चला गया. थोड़ी देर बाद मैं फ्रेस होकर निचे आया तो दीदी सोफे पर बैठी हुई थी. मैंने उन्हें देखकर आँख मरी और घर से निकल गया.

मैंने बाइक स्टार्ट की और मार्किट में चला गया. मार्किट पहुंच कर मैं सबसे पहले मेडिकल स्टोर पर जाकर िपिल की 5 गोलिया और कुछ पैन किलर ली और पेमेंट करके एक कपडे की दुकान में गया और वह लेडीज सेक्शन में जाकर दीदी की लिए एक ब्रा पंतय का सेट लिया. तभी मेरी नज़र वह एक शामे वैसे hi कपडे पर पड़ी जो मैंने दोनों दीदियो को चुदाई के समय पहनने के लिए दिया था. लेकिन उसकी देसिने थोड़ी डिफ्रेंट थी. तो मैंने उसे मनीषा के लिए खरीद लिया. क्योंकि बहुत जल्द मनीषा का भी नंबर लगने वाला था. मैंने कपडे लेकर पेमेंट किया और शॉप से बहार निकल गया.

शॉप से बहार आने के बाद मैंने थोड़ी देर इधर उधर तफरी मरी और फिर घर के लिए निकल पड़ा. घर पहुंचकर मैंने बेल्ल बजे थोड़ी देर बाद दीदी ने गेट खोला तो मैं दीदी को देखता रह गया. दीदी नहाकर खूब अचे से मेकअप करके तैयार हुई थी. दीदी ने अपनी आँखों में काजल, होंठो पर लिपिस्टिक, माथे पर एक छोटी सी बिंदी. गले में एक पतली सी चैन. उन्होंने अपने बाल खुले हुवे छोड़ रखे थे. दीदी ने सलवार शूट पहना हुवा था. आज 2 महीने बाद मैंने दीदी को इस संस्कारी रूप में देखा था. नहीं तो जिस दिन से दीदी की शादी पोस्टपोन हुई थी उसके 1 हफ्ते बाद hi दीदी ने अपने संस्कारी रूप को त्याग दिया था. दीदी सच में बहुत प्यारी लग रही थी. दीदी मुझे अपने आप को एकटक देखते हुवे पाकर मुझसे पुछा.



सरिता दी- ऐसे क्या देख रहे हो अभी.

मैं- सच में दीदी आप बहुत प्यारी और खूबसूरत हैं. मैंने आप का ऐसा रूप लगभग 2 महीने बाद देखा है.

दीदी मेरी बात सुनकर समझ गई की मैं क्या कहना चाहता हूँ. तो वो शर्माने लगी. थोड़ी देर बाद उन्होंने मेरी तरफ देखते हुवे कहा.

सरिता दी- वो क्या है अभी की मैं दो महीने से एक इम्पोर्टेन्ट मिशन पर थी. इसलिए मैंने इस रूप को त्याग दिया था.

Main-(shararat के साथ) तो अब क्यों इस रूप को धारण किया किया है.

सरिता दी- वो मिशन कल रत को पूरा हो गया है तो अब मैंने अपने इस रूप को धारण कर लिया है.

मैं- चलो अच्छी बात है. लेकिन कभी कभी आप को अपने इस रूप को त्यागना पड़ेगा दीदी.

सरिता दी- चलो कोई बात नहीं. जब जरूरत पड़ेगी तो मैं ये रूप त्याग दूँगी. अब यही खड़े रहकर बात करने का इरादा है क्या. चल अंदर आजा.

दीदी के बात सुनकर मैं अंदर आ गया तो दीदी ने दरवाज़ा बंद किया और मेरे साथ hi सोफे पर आकर बैठ गई.

इसके आगे की कहानी अगले भाग में..
 
अपडेट-99

अंदर आकर अभी मैं दीदी से कुछ कहता की तभी मेरे फ़ोन बजा. मैंने देखा तो मनीषा का फ़ोन था. तो मैंने फ़ोन स्पीकर पर करके दीदी को दे दिया और उनकी बात सुनाने लगा.

सरिता दी- हाँ मनीषा कैसी हो और वह सब कैसा चल रहा है.

मनीषा- हाँ दीदी मैं ठीक हूँ और यहाँ सब ठीक चल रहा है. बस सोनम दी आपसे नाराज़ हैं. जो आप नहीं आई.

सरिता दी- मैं जरूर आती, लेकिन तुझे तो पता है की मुझे कितना इम्पोर्टेन्ट काम था यहाँ.

मनीषा- हाँ दीदी मुझे पता था की क्या इम्पोर्टेन्ट काम था आपका इसीलिए तो मैं यहाँ चली आई. अच्छा मेरे प्यारे भैया को भूखा तो नहीं रखा आपने. सब कुछ दिया न आपने जो उनको चाहिए था.

मनीषा की बात सुनकर मैं मुस्कुराने लगा. दीदी भी मेरी आँखों में देखकर मुस्कुराने लगी. दीदी तो समझ रही थी की मनीषा ये सब नार्मल पूछ रही है. उसे कुछ मालूम नहीं है. तो दीदी उसके साथ खेलने लगी. लेकिन उन्हें नहीं पता था की खेल वो नहीं बल्कि मनीषा रही है उनके साथ.

सरिता दी- हाँ मनीषा. मैंने अभी को भूखा नहीं रखा. उसने जो माँगा मैंने उसे सब दिया. बस एक चीज़ नहीं दे पायी हूँ अभी तक. वो रात में उसे देने का सोच रही हूँ.

मनीषा- अच्छा दीदी सब दे दिया आपने. अभी और क्या मांग रहे हैं भैया जो आपने उन्हें नहीं दिया.

सरिता दी- अभी का मन बड़े बड़े तरबूज खाने का है. तो सोच रही हूँ रात में इसे तरबूज खिला hi दूँ.

मनीषा- देख कर खिलाना दी. कही भैया आपका ज्यादा तरबूज़ न खा ले, नहीं तो आपको hi दिक्कत होगी.

उसकी बात सुनकर दीदी शाकपका गई और उससे पूछा

सरिता दी- क्या ज्यादा खा लेगा और मुझे क्या दिक्कत होगी.

मनीषा- अरे दीदी रात को जो आप तरबूज़ खिलने वाली हो. तो देख कर खिलाना भैया को. कही वो ज्यादा तरबूज न खा ले और अगर उनकी तबियत ख़राब हो गई तो ाको बहुत परेशानी होगी इतनी रात में.

मनीषा की बात सुनकर दीदी ने रहत की साँस ली और मैं उन्स्की बात सुनकर हल्का हल्का मुस्कुरा रहा था. थोड़ी देर और बात करने के बाद मनीषा ने कहा.

मनीषा- अच्छा दीदी भैया कहाँ हैं. उन्हें फ़ोन दो.

मैं- (फ़ोन लेकर स्पीकर ऑफ करते हुवे)- हाँ मनीषा कैसी है तू और वह सब कुछ ठीक चल रहा है न.

मनीषा- हाँ भैया मैं ठीक हूँ और यहाँ सब ठीक चल रहा है. जहाँ तक मुझे लगता है वह भी सब ठीक hi होगा.

मैं- हाँ यहाँ क्या होना है सब ठीक hi है.

मनीषा- पक्का भैया वहां कुछ नहीं हुवा है.

मैं- हाह कुछ नहीं हुवा है. लेकिन तू ऐसा क्यों बोल रही है.

मनीषा- मुझे तो लगता है की वह बहुत कुछ हो चुक्का होगा और जो कमी रह गई होगी वो आज पूरी हो जाएगी.

मैं- (अनजान बनते हुवे)- तू क्या कहना चाहती है. मुझे समझ में नहीं आ रहा है.

मनीषा- आप इतने नासमझ तो हो नहीं भैया. जो मेरी बात न समझ सको आप. मैं तो ये पूछ रही थी की हम सब के आने के बाद आप दोनों का समय अचे से कटा होगा न.

मैं- तो ऐसे पूछ न. समय तो बहुत अचे से कटा (दीदी की आँखों में देखते हुवे) दीदी ने मुझे भरपेट खिलाया जो मैं खाना चाहता था. और कल दीदी ने मुझे दूध भी पिलाया. बहुत मज़ा आया कल. उसके बाद हम दोनों सो गए.

मनीषा- चलो अच्छा है. आपको मज़ा तो आया (फिर धीरे से) पता नहीं मुझे ये दिन कब नसीब होगा.

Main-(sunkar भी अनजान बनते हुवे) कुछ कहा तुमने मनीषा

मनीषा- नहीं भैया. अच्छा अब मैं फ़ोन रख रही हूँ. बाद में बात करेंगे. और हाँ दीदी को ज्यादा परेशां मत करना मेरी एब्सेंस में.

मैं- ठीक है मेरी मान. चल bye.

इतना कहकर मैंने फ़ोन रख दिया और दीदी की तरफ देखने लगा तो दीदी मुस्कुरा रही थी. दीदी ने मुझसे कहा.

सरिता दी- देखा अभी. मैंने मनीषा हैंडल किया. उसे कुछ समझ में hi नहीं आया होगा.

मैं- हाँ दीदी आपने अच्छी तरह हैंडल किया उसे.

मैं अपने मन में सोचने लगा. अरे बैल बुद्धि सरिता. तुमने उसे नहीं हैंडल किया बल्कि उसने तुम्हे हैंडल किया है. तुम उसे सीधी सदी समझती हो, लेकिन वो बहुत खतरनाक है, तुम्हे पता भी नहीं की वो हमारी राश्लीला के बारे में सब जानती है. वो तो मेरी भी बाप निकली. मैं यही सब सोचकर मुस्कुरा रहा था. दीदी ने जग मुझे मुस्कुराते हुवे देखा तो मुझसे पूछा.

सरिता दी- क्या हुवा अभी. ऐसे क्यों मुस्कुरा रहा है.

मैं- कुछ नहीं दीदी वो तरबूज़ कैसे खाना है यही सोच रहा हूँ.

मेरी बात सुनकर दीदी दूसरी तरफ देखने लगी और मुस्कुराने लगी. थोड़ी देर बाद मैंने दीदी से कहा.

मैं- दीदी ये लो िपिल्ल रत में सोते समय खा लेना और ये लो पैन किलर इसको अभी खा लो और थोड़ा आराम कर लो. (फिर ब्रा पंतय निकलकर) ये लो दीदी रात में आप इसे hi पहनना. मुझे अच्छा लगेगा.



सरिता दी- इसको पहनने से क्या फायदा तू इसे फिर से फाड़ देगा.

मैं- (दीदी की गांड को दबाकर) रात को मैं ब्रा पंतय के साथ साथ इसको भी फाड़ दूंगा.

मेरी बात सुनकर दीदी का चेहरा लाल हो गया मैं उनकी आँखों में देखने लगा. थोड़ी देर दीदी की आँखों में देखने के बाद मैंने अपना चेहरा दीदी के चेहरे की तरफ बढ़ाया और दीदी के माथे को चुम लिया. दीदी मेरी आँखों में देखने लगी. फिर मैंने दीदी को दोनों कजरारी और नशीली आँखों को चूमा और दीदी से कहा.

मैं- दीदी अब आप पैन किलर खा कर आराम कर लीजिये. मैं भी अपने कमरे में जा रहा हूँ. शाम को मिलते हैं.

इतना कहकर मैं सीढ़ियों की तरफ चल दिया. दीदी भी दवा लेकर किचन में चली गयी और दवा खाकर अपने कमरे में जाकर सो गयी. मैं भी अपने कमरे में आकर बीएड पर लेट गया. थोड़ी देर बाद मुझे भी नींद आ गयी.

शाम को मैं सो कर उठा और अपने कमरे से बहार आया तो बहुत hi अच्छी हवा चल रही थी तो मैं बाथरूम में फ्रेस होकर छत पर टहलने गाला. थोड़ी देर टहलने के बाद मैं निचे आया और हाल में बैठ गया और t.v. देखने लगा. कुछ देर बाद दीदी अपने कमरे से निचे आती हुई दिखी. दीदी दोपहर की hi तरह एकदम सज संवर के उसी तरह को एकदम शूट पहनकर एकदम संस्कारी बैंकर आ रही थी.



दीदी भी मेरे पास आ कर बैठ गई और t.v. देखने लगी. मैं बस दीदी को hi देख रहा था. थोड़ी देर बाद ने मुझे देखा और मुस्कुराने लगी. कुछ देर मुस्कुराने के बाद दीदी हॉल से किचन में चली गई और रात के खाने की तयारी करने लगी.

थोड़ी डेट मैं t.v. देखता रहा. फिर मैं उठकर दीदी के पास किचन में चला गया और उनके पीछे से सत्कार खड़ा हो गया और दीदी के बाल उनके कंधे से हटाकर कंधे पर किश कर दिया और दीदी को छोड़कर उनके पास खड़ा हो गया. दीदी मेरी तरफ देखकर मुस्कुराते हुवे खाना बनाना लगी. 1 हॉर्स में खाना बैंकर तैयार हो गया तो दीदी के कहने पर मैं फ्रेस होकर डाइनिंग टेबल पर बैठ गया. थोड़ी देर में दीदी ने खाना लेकर वह रखा और दोनों खाना खाने लगे. मैं खाना काम खा रहा था और दीदी को ज्यादा ताड रहा था. दीदी को भी ये बात मालूम थी, इसलिए वो अपना सर निचे करके मुस्कुरा रही थी. मैंने अपना खाना फिनिश किया और उठकर दीदी के पीछे जाकर खड़ा हो गया.

दीदी के पीछे खड़े होने के बाद मैंने एक हाँथ दीदी के कंडे पर हाँथ रख दिया और उसे सरकते हुवे दीदी की चूचियों तक ले गया और एक हाँथ दीदी की चूचियों के निचे रख दिया. मैंने उनके कंधे से हाँथ सरकते हुवे उनके कंधे से दीदी का कपडा खिसका कर निचे किया और दीदी की चूचिया बहार निकल कर सहलाने लगा. जिससे दीदी को भी अच्छा लगने लगा और उन्होंने अपनी गार्डन पीछे घुमाकर मुझे किश करने लगी. मैं भी दीदी को किश करते हुवे दीदी की चूचियों को दबाते हुवे दूसरे हाँथ से उनकी चूचियों के निचे सहलाने लगा.



थोड़ी देर तक दीदी की एक चुकी को दबाने के बाद मैंने चुकी के निचे वाला हाँथ सहलाते हुवे दीदी के पेट तक ले गया और उनका पेट सहलाने लगा. साथ hi दीदी की एक चुकी जोर जोर से दबाते हुवे अपना होंटो से दीदी के कंडे और गरदन को चूमने और चाटने laga.didi भीअब मदहोश हो गई थी और अपने एक हाँथ से मेरे सर को पकड़कर अपनी गार्डन पर बढ़ाने लगी और एक हाँथ को अपनी चुकी पर मेरे हाँथ के ऊपर रखकर मेरे हाँथ को अपनी चुकी पर दबाने लगी. मैंने उनकी चुकी दबाते हुवे उसे मुठी में भर लिया और अपने मुंह में उनकी गर्दन को भरकर जोर से दबाया और चुकी को सख्ती के साथ मसल दिया. दीदी एकदम सीसिया गई.

सरिता दी- aaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh uuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuiiiiiiiiiiiiiii मरीईई राजाआआआ भैयाआआआ. Dhireeeeeeeeee सीई dabaoooooooooo.



दीदी की सिसकारी सुनकर मैंने दीदी को छोड़कर पीछे हैट गया तो दीदी ने पलटकर मुझे देखा तो उनकी आँखे वासना के कारन लाल हो गई थी. मैंने उनकी आँखों में देखते हुवे कहा.

मैं- मैं जा रहा हूँ अपने कमरे में. एक हॉर्स बाद तुम्हारे रूम में आऊंगा. मैंने तुम्हे जो दिया है उसे पहनकर खूब अचे से तैयार होना. लग्न चाहिए की तुम अपने यार के लिए तैयार हुई हो.

इतना बोलकर मैं दीदी की आँखों में देखते हुवे अपने कमरे की तरफ चल पड़ा. दीदी मुझे जाता हुवा देखती रही. मैं अपने कमरे में आकर सविता दीदी से थोड़ी देर बात की. फिर अपना लोअर उतारकर बैठ गया. आज मैं दीदी के पास सिर्फ उव पहनकर जाने वाला था. 1 हॉर्स बिट जाने के बाद भी मैं दीदी के कमरे में नहीं gaya.lagbhag 1.15 हॉर्स बाद दीदी को ने मुझे फ़ोन किया और कहा.

सरिता दी- क्या हुवा अभी. क्या कर रहा है अभी तक आया क्यों नहीं.

मैं- इतनी बेताबी. ठीक है तुम कह रही हो तो आ रहा हूँ.

इतना कहकर मैंने दीदी की और बात सुने बिना hi फ़ोन काट दिया. और उव में hi दीदी के कमरे की तरफ चल पड़ा. मैंने दरवाज़े पर पहुंचकर हल्का सा धक्का दिया तो दरवाज़ा खुलता चला गया. मेरे आने की आहात पर दीदी ने मेरी तरफ देखा और शर्माकर अपनी नज़र निचे कर ली. मैं दीदी को देखा तो बस देखता hi रह गया. दीदी ने मेरी दी हुई ट्रांसपेरेंट ब्रा पंतय पहनी हुई थी. साथ hi दीदी ने पूरा श्रृंगार किया हुवा था. आँखों में माथे पर बिंदी, आँखों में काजल, होंठो पर हलके लाल रंग की लिपिस्टिक, गलो पर ग्लो करने वाली क्रीम. दीदी कुर्सी पर बैठी थी. कुल मिलकर दीदी इस गातुप में एकदम रंडी लग रही थी. थोड़ी देर तक जब मैं कुछ नहीं बोलै तो दीदी ने कहा.



सरिता दी- अब ऐसे आँखे फाड़ फाड़ के देखता hi रहेगा क्या. तुझे शर्म नहीं आती.

मैं- मैं तो बेशरम हूँ सरिता. और आज तुमको भी पूरी बेशरम बना दूंगा.

सरिता दी- बड़ा आया बेशरम बनाना वाला. अच्छा तुमने बताया नहीं की मैं कैसी लग रही हूँ

मैं- मत hi पूछो तो ज्यादा अच्छा रहेगा सरिता. मैं बता नहीं सकता.

सरिता दी- इतने भाव क्यों खा रहा है. जो भी है बिंदास होकर बोल दे.

मैं- इस गेटउप में तुम एकदम छुडासी रंडी लग रही हो.

सरिता दी- वो तो तुझे मैं हमेशा लगती हूँ.

इन बातो के दौरान दीदी मेरे लुंड को hi प्यासी नज़रो से देख रही थी जो दीदी को इस रूप में देखकर उव में खड़ा हो गया था. थोड़ी देर लूँ देखने के बाद दीदी ने मेरी आँखों में देखते हुवे कहा.

सरिता दी- तुझे शर्म तो नहीं आती. अपनी बड़ी बहन के रूम में उव में hi चला आया.

मैं- अब तुमसे कैसे शर्म सरिता. मैं तुमसे ज्यादा म्हणत नहीं करवाना चाहता था इसलिए मैंने पहले hi तुम्हारा आधा काम कर दिया है. अब आधा तुमको करना है.

मेरी बात सुनकर दीदी अपनी गार्डन झुककर मुस्कुराने लगी.



मैं चलता हुवा दीदी के पीछे जाकर खड़ा हो गया और अपने हाँथ दीदी की चूचियों पर रख दिया और हल्का हल्का दबाने लगा. मैंने अपनी कमर को दीदी की कमर से अभी तक नहीं सताया था. माने अपने होंठ भी दीदी के कंधे पर रखकर चूमने लगा. दीदी ने भी अपना एक हाँथ पीछे करके मेरे लुंड को उव के ऊपर से hi पकड़ लिया और मसलने लगी. दीदी शुरू में तो धीरे धीरे लुंड को मसल रही थी, लेकिन कुछ देर बाद दीदी ने मेरे लुंड को तेज़ तेज़ मसलना शुरू कर दिया. मैं तो aaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhh सरिताआआ ऊऊऊऊह्ह्हह्हह्ह्ह्ह सरिता करता रहा.

मैंने भी दीदी की चूचियों को मुठी में भरकर मसलने लगा और दीदी की गार्डन और कन्धा चूमने लगा. थोड़ी देर कन्धा और गार्डन चूमने के बाद मैंने दीदी की पीठ चूमने लगा. पीठ चूमने के साथ साथ मैं कभी कभी जीभ निकल कर उनकी पीठ को चाट भी लेता था. दीदी के मुंह से सिसकारी निकलने लगी फिर मैं पूरी जीभ निकलकर दीदी की पीठ चाटने लगा और कभी कभी बाईट भी करने लगा. मैंने लगभग 5 मिनट तक दीदी की पीठ चाट चाट कर अपने थूक से गीली कर दी. फिर मैंने दीदी की दोनों चूचियों को मुट्ठी में पकड़कर और दीदी की पीठ को मुंह में भरकर काट लिया और चूचियों को जोर से मसल दिया. दीदी दर्द से चीख पड़ी.

सरिता दी- Aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhh ohhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh uuuuuuuuuuuuuuuiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii munmmyyyyyyyyyyyy. धीरीईईईई दबाआआ bhaaiiiiiiiiiiiiii डरडडडडडडड होताआ haiiiiiiiiiiiiii.

दीदी की बात सुनकर मैंने दीदी को पकड़कर अपने सामने किया और अपने होंठ दीदी के होंठो पर रख दिया. मैं दीदी के होंठ चूमते हुवे अपने एक हाँथ से दीदी की चूचियों को मसलते हुवे एक हाँथ दीदी की छूट पर रख दिया और पंतय के ऊपर से दबाने लगा. दीदी की आँखे माधोसी में बंद हो गई और वो जोर जोर से मेरे होंठ चूसने लगी. मैं भी दीदी की चूचियों को बरी बरी से दबा दबा कर मज़ा लेने लगा. मैंने दीदी की छूट को पंतय के ऊपर से मुठी में भरा और जोर से दबा दिया दीदी sssssssssssssssssss सीसिया उठी और मेरे होंठ काल लिए. मैं कुछ देर तक दीदी की चूचियों से खेलता रहा फिर मैंने अपने होंठ दीदी के होंठ से अलग किया और दीदी को कंडे से दबाव देखर निचे बैठा दिया.

अब मेरा लुंड उव में दीदी के आँखों के सामने खड़ा था. जिसे दी देख रही थी. थोड़ी देर लुंड देखने के बाद दीदी ने मेरी तरफ देखा तो मैंने दीदी को इशारा किया लुंड चूसने का. मेरे इशारे के बाद दीदी ने अपनी जुबान निकली और उव के ऊपर से लुंड को चाटने लगी. थोड़ी देर उव के ऊपर से लुंड चाटने के बाद दीदी ने ढेर सारा थूक अपने मुंह में जमा किया और मेरी उव पर थूक दिया और मेरी आखो में देखते हुवे अपना मुंह खोला और मेरा लुंड उव सहित मुंह में भरकर चूसने लगी. दीदी के मुंह में मेरा लुंड जाते hi मेरा शरीर शहर गया. मैं दीदी के सर पर हाँथ फिरने लगा. दीदी पुछठ पूक्कछहः करके मेरा लुंड उव सहित चूस रही थी. मेरा उव दीदी की चूक से गिला हो गया था.



थोड़ी देर बाद दीदी ने अपना मुंह पीछे किया और मेरी उव एक झटके में निचे खिसका दी. जिसे मैंने अपने पैरो से निकल कर जमीन पर फेंक दी.

इसके आगे की कहानी अगले भाग में..
 
अपडेट-100

Ab mera lund UW me didi ke ankho ke samne khada tha. jise dii dekh rahi thi. thodi der lund dekhne ke baad didi ne meri taraf dekha to maine didi ko ishara kiya lund chusne ka. Mere ishare ke baad didi ne apni juban nikali aur UW ke upar se lund ko chatne lagi. thodi der UW ke upar se lund chatne ke baad didi ne dher sara thook apne munh me jama kiya aur meri UW par thook diya aur meri aakho me dekhte huwe apna munh khola aur mera lund UW sahit munh me bharkar chusne lagi. didi ke munh me mera lund jate hi mera sharer shihar gaya. main didi ke sir par hanth firane laga. didi pucchhhh pucccchhhh karke mera lund UW sahit chus rahi thi. mera UW didi ki chuk se gila ho gaya tha. thodi der baad didi ne apna munh pichhe kiya aur meri UW ek jhatke me niche khiska di. jise maine apne pairo se nikal kar jameen par fenk di.

अब आगे.

UW utarneke baad Ab mera lund puri tarah se nanta tana huwe didi ki aakho ke samne tha. didi ne apne hontho par jeebh firate huwe mere lund ko apne munh me bhar liya aur jor jor se chusne lagi. main bhi kamar hilakar apna lund didi ke munh me dalne laga. thodi der tak mere lund ko chatne ke baad didi ne meri jangh pakdi aur jor jor se chodne ka ishara kiya. Main didi ka ishara pakar apne lund ko tope tak pichhe kheecha aur ek jhatke ke sath didi ke munh me pel diya. didi ki aankhe bahar nikal aai. Fir main didi ke sir ko pakadkar hachak hachak kar didi ka munh chodne laga aur bolne laga.

Main- Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhh Sarita. Kya garamm munhhhh haiii teraaa. Tuuuu ekdammmmmmm garammm aur tanch maal haiiii. Tera munhhh bhiii teriiii chutttt seee kammmm nahiiii haiii. Maiiin too dhaannyya hoo gayaaaa tujheee choddkarrrr. Kaashhhh saabhiii bhaaiiyooo ko teereee jaisiii gaaarammm bahaaannn milleee. Leee aurrr andaaa takkk leee meraa lunddd.

Aise hi bolte huwe main didi ke munh ko 5 minut tak jor jor se chodta raha. aur didi pure samay ggggggggguuuuuuuuuuuuuu ggggggggggggguuuuuuuuuu karti rahi. fir maine apna lund didi ke munh se nikala aur didi ko dekha to unke chehre par ek muskan thi maine didi se kaha.

Main- Kyooo Sarita maza aa raha hai is jawani ke khel mee.

Sarita di- Haaan bhaiiiii bahut mazaa aa raha hai. ab to main ye khell roj khelna chahti hoon.

Main- kyon nahi meri jaan. Main bhi tere jaisi garam jawani ko roj chodna chahta hoon. achha chalo ab mera lund apni chuchiyo ke bich me lo. Mujhe tumhari chuchi chodni hai.

Meri baat sunkar didi apni bra utarne lagi to maine unhe mana kar diya. fir didi ne mere lund ko pakadkar apni bra me dalne lagi, lekin bra size me didi ki chuchiyo ke mukable chhoti thi isliye bahut kasi hui thi. thodi der me didi ne mete lund ka topa bra ke andar apni chuchiyo ki ghati me dal liya. aur meri taraf dekhte huwe apni dono chuchiyo ko apas me dabakar boli.



सरिता दी- अभी. अब अपना काम शुरू करो.

दीदी ने इतना बोलकर अपने मुंह में ढेर सारा थूक इकठा करके अपनी चूचियों की गहराई में थूक दिया जिससे उनकी गहराई चिकनी हो गई. मैंने भी अपने लुंड को दबाव देखर उनकी चूचियों में आगे की तरफ सरकारया. मेरा लुंड बहुत तीते तरीके से चूचियों के अंदर घुस रहा था. मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मैं कोई कुंवारी छूट छोड़ रहा हूँ. मैंने पहले धीरे धीरे दीदी की चूचियों को छोड़ा. कुछ देर बाद मैंने लुंड को तेज़ी से दीदी की चूचियों में पेलने लगा. दीदी थोड़ी थोड़ी देर बाद थूक गिराकर अपनी चूचियों को चिकना करती रही. मैंने दीदी की चूचियों को छोड़ते हुवे कहा.



मैं- कैसा लग रहा है सरिता तुमको अपनी चूचिया छुड़वाकर अपने भाई से.

सरिता दी- कुछ मत पूछो बस छोड़ते रहो. बहुत मज़ा आ रहा है थोड़ा और तेज़ तेज़ धक्के मारो और छोड़ छोड़ कर लाल कर दो इन्हे.

दीदी की बात सुनकर मैंने और तेज़ धक्का लगाना शुरू कर दिया. अब दीदी ने अपना मुंह खोलकर मेरे लुंड को टोपे तक अपने मुंह में भी ले रही थी. थोड़ी देर तक दीदी की चूचिया छोड़ने के बाद मैंने अपना लुंड उनकी चूचियों से निकल लिया और दीदी की पकड़कर बीएड पर लिटा दिया. और उनके सर को पकड़कर तिरछा कर अपने लुंड को दीदी के मुंह में पेल दिया और तेज़ तेज़ धक्के मरने लगा. मेरे हर धक्के के साथ दीदी का शरीर हिलने लगा. तिरछा लेते होने के कारन दीदी को शायद दर्द हो रहा था. तो मैंने अपना लुंड दीदी के मुंह से निकला और दीदी से कहा.

मैं- क्या हुवा सरिता दर्द हो रहा है क्या.

सरिता दी ने मेरी बात सुनकर न में गार्डन हिलाई तो मैंने फिर से दीदी का सर पकड़कर अपना लुंड एक hi बार में पूरा दीदी के मुंह में पेल दिया और अंदर बहार करने लगा. मैं अब झड़ने के करीब था दो मैंने हचक हचक कर दीदी के मुंह को छोड़ने शुरू कर दिया और बड़बड़ाने लगा.

मैं- oooooooooooooooooohhhhhhhhhhh Saritaaaaaaaaaa merrrriiiiiiiiiii गंडईईईई didiiiiiiiiiiiiiii. लोओओओओओ और अंदर तक लो मेरा लुंड अपने मुंह मइईईई. तेरा मुँहहहह भीई टेरिइइइइ छुटत की तरह्ह्ह्हह्ह्ह्ह एकदमममममम आग हैईईईई. मेराआ लुँड्ढड्डड़ बहुत्तट्ठ जल्दीई पिघलललललललल जाएगा. Hhhhhhhhhhhhhhheeeeeeeeeeeeeyyyyyyyyy बहनाआआ अपनी भईईई कोऊ मज़्ज़ज़आआआ डीई uuuuuuuuuuuuiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii aaaaaaaaaaahhhhhhhh.

मेरे स्ट्रोक की स्पीड बहुत तेज़ थी. दीदी के पुरे शरीर के साथ पूरा बीएड भी हिल रहा था. मैं हचक हचक कर दीदी का मुंह छोड़ रहा था. मेरा लुंड अब पानी छोड़ने के तिये तैयार था तो मैंने 3-4 तगड़े धक्के दीदी के मुंह में लगा कर अपना लुंड उनकी हलक में उतर दिया और बड़बड़ाते हुवे झड़ने लगा.

मैं- aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhh मैं गयाआ सरिता. तू कमलललल कीई हैईईईई saliiiiiiiiiii. तेरे सामनेईएएए तू रनडीईईई भीईई पनीइ मंगीऐ. तेरे जैसीईई गरममममममम ौराएअटट्ट्ट maineeeeeeeeee ाजजज टकककककक नाहीईई dekhiiiiiiiiiiiiii. टूउऊउउउझीीीे toooooooooo नंगाआआ कारकीबीए दीननननननन ृत्तत्ततत्तत्त छोडनाआआआआ चाहिएईईए. मैंनं गयाआआआ reeeeeeeeee सरिताआ. पीईईई जाआआआ पुराआआआ अमृततततततततत. Aaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh.

इतना कहकर मैं दीदी के मुंह में झाड़ गया. दीदी ने मेरा पानी एक बूँद भी वेस्ट नहीं किया और पूरा पि गयी. मैंने दीदी की आँखों में देखते हुवे पूछा.

मैं- कैसे लगा तुमको अपने भाई के लौड़े का पानी.

सरिता दी- बहुत hi टेस्टी. शुरू शुरू में बहुत hi बेकार लगता था, लेकिन अब बहुत स्वादिस्ट लगता है.

दीदी की बात सुनकर मैं उठा और दीदी के पैरो को पकड़कर अपनी तरफ किया और दीदी की छूट पर टूट पड़ा. पहले मैं पंतय के ऊपर से छूट को मुंह में भर भर कर चूसने लगा और हाँथ ऊपर बढाकर दीदी की चूचियों को दबाने लगा. थोड़ी देर बाद मैं दीदी की पंतय पकड़कर उतरने लगा तो दीदी ने खुद अपनी गांड उठाकर पैंटी उतरने में सहयोग किया. पंतय उतर कर मैंने अपना मुंह उनकी छूट पर रख दिया और चूसने लगा. मैंने एक हाँथ से चुकी दबाते हुवे. एक हाँथ से दीदी की छूट पर रखकर उसे मसलने लगा. जिससे दीदी मचलने लगी अब दीदी बहुत गरम हो गाइट hi. वो बोलने लगी.

सरिता di-aaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhh ooooooooooooooohhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh मेरे राजा. Ooooooooooohhhhhh एसीएएएएए हीईई. चाटू मेरीए छूट को कहा जावू इन्ही. तुम्म बहुउट्ठ ाछह चूस रही हूँ. चूस लू इसक्का रॉस. निगोड़ीई बहुउत्त्तत्त परिष्भान करतीय हीी. Aaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh bhaaiiiiiiiiiiiik.

मैं- (छूट से मुंह उठाते हुवे). बस सरिता तुम इसी तरह मेरा हमेशा साथ देती रहो. फिर देखो मैं तुम्हारी ज़िन्दगी को कितनी रंगीन बनता हूँ.

इतना कहकर मैं फिर से दीदी की छूट चाटने लगा. मैंने अपने हाँथ की मिडिल फिंगर दीदी की छूट में दाल दी और पेलने लगा. 5 मिनट तक छूट चाटने और छूट में ऊँगली करने से दीदी भी अब मस्ती के सिखर पर पहुंच गई. अब वो झड़ने के करीब थी तो वो मस्ती में बड़बड़ाने लगी.

सरिता दी- ooooooooooooohhhhhhhhhhhhhh Uuuuuuuuuuuiiiiiiiiiiiiiiiiiiii mummmyyyyyyyyyyyyyy. ईईई मेरिइइइइइइइइ चूऊउत्तत्तत्त मई क्या होऊ रहा haiiiiiiiiii. मेरिइइइइ चूऊउत्तत्तत्त बाह राहीईई haiiiiiiiiii. पीईईई जाआआआ मेराआ पनीईई अभीइइइइइइइ. चुस्स्स मेरी bhaaiiiiiiiiiiiii ऐसी होई चायतत्तत अपनीइ डीडीई कीई छूटत कोऊ. Ooooooooohhhhhhhhhhhhh टीएडीइइइइइइ जीभहहहहहह भीईई कमाललळ की हैईईई. Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh ैसाआ मज़ाआ तू कभी नाहीइ मिला मुझी. मेरा होने वाला हैईईई ऑर्डर जोरर सी चुस्स्सस्स स्सालेईईई. मेंननननन gaiiiiiiiiiiii कुत्त्तीीीी मुझीऐ सम्भाएललललललल मैं jhaddddddddddd रहीइइइइइइइ hooonnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह.

इतना बोलकर दीदी भलभलाकर झाड़ गई. और निढाल होकर बिस्तर पर पद गई. 5 मिनट बाद मैं उठकर दीदी 69 की पॉसिटिओं में लेट गया और अपना मुंह दीदी की छूट पर रख दिया और दीदी की छूट चाटने लगा. दीदी भी मुंह खोलकर मेरे लुंड को लॉलीपॉप की तरह चाटने लगी. लुंड चाटते हुवे दीदी मेरे बोललस के साथ भी खेल रही थी. मैंने दीदी की छूट चाटते हुवे अपनी एक उंगली दीदी की छूट में डालकर गीली कर ली और उसे छूट से निकलकर दीदी की गांड के छेद पर रखकर फिरने लगा. कुछ देर दी के ासशोले पैर ऊँगली फिरने के बाद मैंने फिर से ऊँगली दीदी की छूट में डालकर गीली की और ऊँगली दीदी की ासशोले पर रखकर अंदर डालने के लिए दबाव बनाना लगा. दीदी ने जब ये महसूस किया तो अपने मुंह से मेरा लुंड निकलकर बोली.

सरिता दी- ये क्या कर रहा है अभी. वह नहीं हाँथ हटा उधर से.

मैं- तुम्हारी गांड एकदम तीते है सरिता. रास्ता बना रहा हूँ अंदर घुसने का. ताकि तुमको दर्द न हो.

इतना बोलकर मैंने एक जटके में अपनी ऊगली दीदी की गांड में पेल दी. जिससे दीदी का बदन ऐंठ गया और वो जोर से चिल्लाकर बोली.

सरिता दी- ooooooooooooooohhhhhhhhhhhhhhhhhh mummmyyyyyyyyyyy. ऊँगली निकल वह से भाईईईई. बहुतत्त ड़ड़ड़ड़ड़ हूँ रहा ahiiiiiiiiiii.

दीदी के कहने पर मैंने ऊँगली दीदी की गांड से निकल ली और दीदी की अपना सर आगे बढाकर दीदी की गांड चाटने लगा. मेरी जीभ अपनी गांड पर लगते hi दीदी के शरीर में झनझनाहट हुई. दीदी ने फिर से मेरे लुंड को चूसने शुरू कर दिया. दीदी मेरे लुंड को चूस रही थी और मेरे बोललस के साथ खेल रही थी. थोड़ी देर दीदी से लुंड चसवाने के बाद मैंने अपना लुंड दीदी के मुंह से निकला और दीदी की छूट के पास बैठ गया. मैंने एक तकिया उठाई और दीदी की गांड के निचे लगा दी जिससे दीदी की गांड और ऊपर उठ गई. मैं निचे झुका और पानी जीभह दीदी की गांड पर फिरने लगा. दीदी के शरीर में गुदगुदी होने लगी और वो अपना सर इधर उधर करते हुवे बोली.

सरिता दी- क्या कर रहो हो अभी. वह से मुंह हटाओ बहुत गुदगुदी हो रही है.

मैं- बस तुम लेटकर मज़ा लो सरिता. आज तुमको वो मज़ा दूंगा किट ुम साडी ज़िन्दगी आज की रत नहीं भूल पाओगी.

इतना कहकर मैं फिर से दीदी की गांड को चैहटन लगा और अपनी बिच वाली ऊँगली उनकी छूट में डालकर अंदर बहार करने लगा. अपनी गांड और छूट पर दो तरफ़ा हमले से दीदी एकदम मचलने लगी. दीदी की छूट से पानी रिसने लगा. जो उनकी गांड तक पहुंच गया था. मैंने दीदी की छूट में अपने दूसरे हाँथ की ऊँगली डालकर उसे गिला किया और दीदी की छूट को फिर से छोड़ने लगा और गीली ऊँगली को दीदी की ासशोले पर रखकर उसे अंदर करने लगा. दीदी का शरीर दर्द के कारन अकड़ने लगा. मैंने अपनी ऊँगली का दबाव काम कर लिया और जब दीदी ठीक हुई तो मैंने एक झटके में अपनी ऊगली दीदी की गांड में घुसा दी जिससे दीदी के मुंह से चीख निकल गई.

सरिता दी- uuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii mummmyyyyyyyyyyyyyy. निकल अपनी ऊगली वह से. दर्द होता है.

मैंने अपनी गांड की ऊँगली को कोई हारकर नहीं की, लेकिन छूट वाली ऊँगली से उनकी छूट छोड़ता रहा. कुछ देर बाद जब दीदी फिर से गरम होने लगी तो मैंने गांड वाली ऊँगली को हल्का सा बहार निकला और फिर से अंदर कर दिया. इस बार भी दीदी का बदन थिरका लेकिन ज्यादा दर्द दीदी को नहीं हुवा. इसी तरह कई बार धीरे धीरे ऊँगली अंगार बहार करने के बाद उंगली आसानी से अंदर बहार होने लगी तो मैंने छूट और गांड में एक स्पीड से ऊँगली अंदर बहार करने लगा.

अब दीदी को दोनों तरफ दे गांड और छूट में ऊँगली करने पर मज़ा आ रहा था. दीदी मस्ती में अपने हांथो से अपनी दोनों चूचियों को दबा रही थी. मैंने थोड़ी देर गांड में ऊँगली करने के बाद अपनी ऊँगली बहार निकल ली और अपनी बिच वाली ऊँगली अपने मुंह में रखकर थूक से गिला की और उसे दीदी की गांड के छेड़ में लगा दी और एक झटके में दीदी की गांड में पेल दी. दीदी की आह निकल गई.

सरिता di-OOOOOOOOOOOOOOOOHhhhhhhhhhhhhhhhhhhh अभीइइइइइइ. धरीईईई dallllllllllll डरडडडडड होताआआआ haiiiiiiiiiiiii मेररररररीईईए राहाजाआआआ.

दीदी की बात सुनकर मैंने छूट वाली ऊँगली तेज़ तेज़ और गांड वाली ऊँगली धीरे धीरे अंदर बहार करने लगा. दीदी एकदम मदहोश हो गई और अपने सर को इधर उधर करने लगी साथ hi अपनी चूचियों को भी जोर जोर से दबाने लगी. थोड़ी देर तक धीरे धीरे ऊँगली गांड में पेलने के बाद मैंने तेज़ी से ऊँगली दीदी की गांड में पेलने लगा. दीदी मस्ती में बोलने लगी.

सरिता दी- Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh Abhiiiiiiiiiiii मेरी bhaiiiiiiiiiiiii. बहुतत्त अछ्हाआअ लग रहा haiiiiiiiiiii. और रर कररररररर bhaaiiiiiiiiiiiiiiii. मज़ाआ आए राहाआआआ हैईईई टेरिइइइइइइइइ बहनणननं को.

दीदी की बात सुनकर मैंने अपना मुंह दीदी की छूट पर रख दिया और गांड तथा छूट में ऊँगली पेलते हुवे दीदी की छूट को चाटने लगा और क्लीट क दांतो से खींचने लगा. दीदी एकदम चरम पर पहुंच चुकी थी अब वो छोड़ना चाहती थी तो उन्होंने कहा.

सरिता di-oooooooooooooohhhhhhhhhhhhh bhaaiiiiiiiiiiiii अब्बब्बब्बब बर्दास्तत्तत्त नाहीई होऊ रहा हैईईई अब अपनीईई ऊंगलीई निकललललल लो मेरिइइइइ छुटत सी और अपना लुंड डालकर छोडोऊ मुझे. खूब कास कास कर चूड़ूऊऊ मुझी. मैंनं छुडनाआ चाहतीईईई होओओओ मेरेईईई राजायआ. ऑर्डर मैट तडपाआआ अपनीईई डीडीईई कूऊऊ. छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ दे मुझे.

दीदी की नशीली आवाज़ सुनकर मैंने अपनी ऊँगली दीदी की छूट और गांड से निकल ली और दीदी के एक पेअर को अपने कंधे पर रखकर अपने लुंड पर थूक लगाकर दीदी की छूट पर सेट किया और झुककर दीदी के कण में कहा.

मैं- छोड़ने से पहले अपनी छूट का स्वाद तो चक लो सरिता.

इतना कहकर मैंने अपनी ऊँगली दीदी की मुंह में दाल दी. दीदी बिना किसी न नुकुर के मेरी आँखों में देखती हुवी मेरी ऊँगली चूसने लगी. ऊँगली चूसते हुवे दीदी बड़ी छुडासी लग रही थी. मैंने दीदी की आँखों में देखते हुवे काना.



मैं- तैयार हो सरिता मेरा लुंड लेने के लिए.

मेरी बात सुनकर दीदी ने हां में अपना सर हिलाया तो मैंने थोड़ा सा थूक निकल कर अपने लुंड पर लगाया और दीदी की आँखों में देकते हुवे अपनी कमर को हल्का सा धक्का दिया. मेरा लुंड का टोपा दीदी की छूट में चला गया. मेरा लुंड अंदर जाते hi दीदी के मुंह से aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhh की आवाज़ निकली. मैंने अपना मुंह दीदी के होंठो पर रख दिया और चूसने लगा. होंठ चूसते हुवे मैंने एक और धक्का हलके से मारा तो मेरा लुंड 3”उनकी छूट में घुस गया. दीदी guuuuuuuuuuuuuuugggggguuuuuuuu करने लगी मैं कुछ देर दीदी को ऐसे hi धीरे धीरे उनको होठो को चुसंते हुवे छोड़ता रहा. दीदी बोलने लगी.

सरिता दी- AAAAAAAAAaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh अभियई. बससससस ऐसे ही छुड़ड्डड्डड्डता रह. बहुत्त अच्छा लाआआज रहा ही. Sssssssssssssssssssiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii. खूबबबब चूड़ूऊ मुझीऐ भाईईई रात्तत्त दींन मेरिइइइइइ छुट्ट्ट्ट्ट कोऊ छोड़ूऊऊ. ीसीईए आरामममममममम मत्तत्तत्त करने देना. बहुत्तट्ट्ट्ट तडपाटीईईईई हैई यी मुझीीी अभीइइइइइइ.

मन दीदी की बात सुनकर दीदी के होंठो से खुद को अलग किया और दोनों हांथो में दीदी की चूचियों को पकड़कर एक धक्का मारा. मेरा लुंड सरसराता हुवा दीदी की छूट में चला गया. दीदी चीखः पड़ी.

सरिता दी- Aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhh abhiiiiiiiiiiii. धीरीईए भाईईईई दर्द होता hai.ooooohhhhhhh

दीदी की आवाज़ सुनकर मैंने अपने हाँथ दीदी की चुकी से हटा लिया और दीदी के एकक निप्पल को मुंह में लेकर चूसने लगा और अपने एक हाँथ से दीदी को होंठो को सहलाने लगा. होंठ सहलाते हुसे मैंने अपनी ऊँगली दीदी के मुंह में दाल दी. जिसे दीदी चूसने लगी.



फिर मैं दूसरी चुकी को मुंह में बाहरकर चूसने लगा. जब दीदी कुछ नार्मल हुई तो मैंने अपने दोनों हांथो से दीदी की चूचियों को पकड़ा और लुंड सुपडे तक दीदी की छूट से बहार खींच लिया. दीदी मेरी आँखों में देखने लगी. मैं भी दीदी की आँखों में देखते हुवे हचक कर लुंड दीदी की छूट में पेल दिया. दीदी का बदन ऐंठ गया और वो जोर से चिल्ला पड़ी.

सरिता दी- aaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhh maarrrrrrrrrrrr ागीइइइइइइ मैं. Ooooooooooooohhhhhhhhhhhh जानननननननन थोड़ड़ा धीरीईईए कररररओओओओओ पलज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़. मैं मर्डर जङ्गीइइइइइइ. तेराआआ लुँड्ड्ड बहुतत्त बड़ाआ हीी

मैं- aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhh सरिताआए बहुत्तत्तत्त मजेईएएडाआयररररररर छुट्ट्ट्ट हैई teriiiiiiiiii. मेरा लुँड्ड़डडडड बहुत्तत्तत्त कसाअअअअअ हुवाआआआ अंडरररर जाए रहा है. बससससस डीडीइइइइइ थोड़दद्दाआ बरदस्तटटटट करररर लो फिरररर तू मजेईई हीई माज़ी हीीिन्न्न.

इतना कहकर मैंने दीदी के दोनों पैरो को उनकी दोनों चूचियों को पर दबाकर टाबड़ोद धक्के मरने लगा. मेरे हर धक्के के साथ दीदी चीख रही थी. पूरा बीएड हिल रहा था. दीदी बड़बड़ाये जा रही थी.



सरिता di-ooooooooooooooohhhhhhhhhhhhhhhhhhhh mummmyyyyyyyyyyyy. फाततटत गाइइइइइइइइइ रईईईई मेरिइइइइ chutttttttttttt. Aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh. तेराआआआ बेताआआआआ जँवाररररररर हैईईई. इस्नेईईई मुझीीीी कहींईईईई मुह्हह्ह्ह्ह दीखनेईई लयककककककक नही छुडाआआ. मेंनननननन हीईई पगलललललललल थीइइइइइइइ जूऊऊ इस्सस gadheeeeeeeeeee सीई चूडड्ढड़नी कोऊ तैयाररररररररर होऊ गईइइइइइइइ. Kuchhhhhhhhhh तूऊऊऊ रहममममममम करररररर पनीइ बहानंन्न पररररररर हरामीईई.

दीदी की बात सुनकर मुझे और जोश आ gaya.maine दीदी की दोनों चूचियों को अपनी मुठी में जोरदार तरीके से दबाकर पकड़ा. और दीदी की छूट को जबरदस्त तरीके से ठोकने लगा. थोड़ी देर बाद दीदी को भी चुदाई में मज़ा आने लगा और वो बड़बड़ाने लगी.

सरिता di-aaaaaaaaaaannnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn zalimmmmmmmmmmm भइईईई. राउंड दो मेरिइइइइइ फुली हुई छूटत, मेरिइइइइइइ मुलायमममम चूठ्टटटट को अपनी स्टीललललल रोड सी. मेरिइइइ चूठ्टटटट रसससस सीईई भारीई हैईईईई. इसका पुराआ रसससससस निकलललललल दी सलीबी. Haaaaaaaaaann राजाआं भैइयाआ आईसीईई होई छोडीईईएई अपनीइ डीडीई को. घुस्सस्स jaaaaaaaooooooooooo मेरिइइइ छुट्ट्ट्ट कोई गहराईईई मेई. फ़ाड़ड़ड़ड़ड़ डालूऊऊओ िस्स्सस्स छुट्ट्ट्ट्ट कोऊ जोऊ तेरी लुंडडडड केईएएए लिए होई बांयी हैईईई.

मैं- aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh सरिताआए. फाड्ड़डडडड डालुंगगोआ टेरिइइइ छुट्ट्ट्ट कूऊऊ aajjjjjjjjjj. अअअअअअअअअगरररर मुझी पता होताकी टेरिइइइइ चूऊउत्त्त्तत मेरेईईई लिएएएएए बनीईईई हैईईई ऑररररर तू मुझ्सीईए छुड़नीीी केईएए लीईई हीईई पैदा हुइइइइइइइइइ हैईईई तूऊऊओ मेंनननननन. तुझेईईई बहुत्तट्ट्ट्ट पहलीबी हीई पटकककककक पटकककककक करररररर छोड़ड़ड़ चुका होताआ. मेरिइइइइइइइ raniiiiiiiiiiii ईई लेईईई मेरी लुँड्ड़डडडडड अपनीईईई छुट्ट्ट्ट्ट मीटीए.

मैंने अपने धक्के की स्पीड और बढ़ा दी. दीदी अब झड़ने के बहुत निकट थी. इसलिए वो मेरे सर पर हाँथ रख कर मेरे सर पर हाँथ फेरते हुवे मेरी पीठ पर हाँथ फिरने लगी वो अब अपनी चरर पर पहुंच गाइट hi इसलिए बोलने लगी.

सरिता दी- oooooooooooooooohhhhhhhhhhhhhhh Saleeeeeeeeee ABhiiiiiiiiii छोड़ड़ड़ड़ ऑर्डर जोरररर सीए छोड़ड़ड़ड़. बिलकुल भी राहाम्म्म मत्तट करना मेरिइइइइ निगोड़ीईई चुउत्त्त पररररर. ीसीईई की कारण मुझेईईईई इतना dardddddddddd सहनाआए पाडडडडडड राहाआआ ऑररररररररर ऑररररररररर अपनी भईई सीए छुडवानाआ पड़ा. ऑर्डर हचक्क हचकककक के छोड़ड़ड़ड़ड़ सलेटी भहाननचोूड़ड़ड़ड़ड़. मेंनननन झाड़नी वालीए होऊं. चुस्सस्स्स्स लूओ मेरिइइइइइ जवानीीीिकाऊओऊ सलीबी निचुऑडडडड लूओ इसकूओ. शांत कर दे मेरिइइइइइइ tadapatiiiiiiiiiiiii जवाणीइइइइइइ कोऊ बाहँणचूड़ड़ड़ड़ड़ड़ अभियई. Oooooooooohhhhhhhhhhhhhhhh मेंननननन gaiiiiiiiiiii bhaiiiiiiiiiiii मेंननननननन gaiiiiiiiiiiiii. संभालललललल मुझीीी सलेईईईई.

इतना बड़बड़ाते हुवे दीदी झाड़ गई और मुझको कसकर अपने साइन से लिप्त लिया और लम्बी लम्बी सांसे लेने लगी.

इसके आगे की कहानी अगले भाग में.
 
अपडेट-101

दीदी के झड़ने के बाद भी मैं नहीं रुका और तेज़ तेज़ धक्के लगता रहा. दीदी की छूट से फाछह फूछहःछःह, फुछ्ह फूछहःछःह की आवाज़ निकल रही थी. थोड़ी देर तक दीदी को इसी पोजीशन में छोड़ने के बाद मैंने दीदी को पलटकर कुटिया बनाकर खड़ा कर दिया. फिर मैंने अपने मुंह से थोड़ा थूक निकलकर अपने लुंड पर लगाया और दीदी की छूट पर लुंड को सेट किया और एक झटके के साथ दीदी की छूट में पेल दिया. दीदी कराह उठी.

सरिता दी- Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh Bhaiiiiiiiiiiiiii. थोड़ा धीरे कर.

मैंने हाँथ बढाकर दीदी की चूचियों को पकड़ लिया और चूचियों को लगाम की तरह खींचते हुवे दीदी की छूट को ठोकने लगा. थोड़ी देर बाद दीदी को फिर से मज़ा आने लगा था. दीदी भी अपनी गांड पीछे की तरफ धकेल कर चुदाई में मेरा साथ देने लगी. मैं दीदी की चूचियों को खींच खींच कर चुदाई ताबड़तोड़ धक्के मरने लगा. दीदी पूरी तरह से गरम हो गई थी और चिल्लाते हुवे चुद रही थी.

सरिता di-aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhh Abhiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii सेल और रर जुरर्रर्रर्र सीईए छोड़ड़ड़ड़ड़ मुझेईई oooooooooohhhhhhhhh हरामीईई. टूउउउ तूऊऊओ पकक्काआआ बहनन छोड़ड़ड़ड़ निक्रा saleeeeee.tuneeeeeeee अपनीई डीडीइइइइइइ कोऊ छोड़ड़ड़ दियाआ. Uuuuuuuuiiiiiiiiiiiii मुम्ममइय्य्य्यय्य. देखीएएएएए tumhariiiiiiiiiii saritaaaaaaaaaa क्याआआआ seeeeeeeeeee क्याआआआ बन्न गइईईई haiiiiiiiiiii. ईई sabbbbbbbbbb issssssssss haramiiiiiiiiii कीई वाजआआह्ह्ह्हह्ह सीई हुवाआआ हैईईईई. Oooooooooooohhhhhhhh ऑररररररर जोरररररर सीए छोड़ड़ड़ड़ड़ सलीबी.

दीदी की बात सुनकर मैं और जोस में आ गया. मैंने दीदी की चूचिया छोड़ डीई और दीदी के गर्दन को पकड़कर दीदी के सर को उपर उठा लिया और दीदी के होंठो को चूमते हुवे दीदी की छूट ठोकने लगा. थोड़ी दररर दीदी की होंठ चूसने की बाद मैनीई डीई की अँखुओं मी देखती हुवे कहा.



मैं- aaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh सरिताआआआ. सलीईईईई मेंनननननननन हुन्न हरामीईईई. ागररररर मैंनं हरामीईईई नाहीईई होताआआ तूऊऊऊ आजजज टूउऊउउउ कीसीईई ऑररररररर मादरर्चोड़ड़ड़ड़ड़ सीई छुडवाआआ राहीईई hotiiiiiiiiii. मैनीईईए जबबबबब देखाआ कोई टूउउउउ dinnnn-b-diiiiiiinnnnnnnnn छुडासीइइइइइइइ होतीयी जायआ रहीइइइइइइइ हीी टूवू मैनी सोचायआ कीईई टूउउउ काहीईईई बाहाआररर चूडीएएएए उससीईई पहलीबीए मेंननननननन होई तुझीऐ पताककककक पताकक करररर छोड़ड़ड़ड़ड़ दुननननन. तुझीीी अछ्हा नाहीईई लगाआआ क्याआ कुटिया कीईई तुझेईईई तरीईई भैई नीई छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ दियाआआअ

सरिता दी- aaaaaaaahhhhhhhhhhhhh Saleeeeeeeeee Abhiiiiiiiiiiiiii. मैनीई जिससससस दिईन्न्नन्नन्न तेराआ लुंडडडड देखाआ, ूसीईईई दिन्न्नन्नन्न सीएएएएएएए तुझ्सीईई ooooooooohhhhhhhhhhhhhh तुझसेएई छुडनाआआ चाहाहतीईई थीइइइइइइ. अछाअअअअ हुवाआ तूंबीएई मुझी चूड्डड्ड दिया नही टूओ मैं तेरा लुँड्ड्ड कटकररररर अपनी छुट्ट्ट्ट मीटी ले लेटीईई. Ooooooohhhhhhhhhhhhh mummyyyyyyyyyyh. ऑरररर जोररर सी छोड़ड़ड़ड़ साली.

दीदी की बात सुनकर मैं और तेज़ तेज़ धक्के लगाने लगा. मैंने अपने हांथो का दबाब उनकी गार्डन पर काम कर दिया जिससे दीदी की गार्डन निचे हो गई लेकिन मैं उनकी गार्डन में अपना हाँथ लप्पेट कर अपनी तरफ खींचते हुवे उनकी छूट हचक हचक कर छोड़ने लगा. थोड़ी देर बाद दीदी एक्सिटमेंट में बोलने लगी.



सरिता di-aaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh oohhhhhhhhhhhhhhhh आईसीईईई होई चुड़ूऊऊ मुझी रज्जजा भईया. ढिल्लीई कररर दोऊ मेरिइइइ छूट तट कोऊ दिईन्न्नन्नं रायतत्तत चुड़ड़ड़ड़ड़ चुड्द karrr.oooooooooooohhhhhhhhhh सलीईई ऑररररर तेज़्ज़ज़ कररर बहुत्त मज़ाआ आए रहहहहह है. ऐसी हीई रुऊजजजजजज मुज्झी हचकककक हचककक कर छोड़ना अभी. ऑर्डर जुर्ररर सीई पेलू भइया मेरीए बुरर्र कोऊ. मुझी पाटकक पट्टाककक की चूडड़ड अभी औरर बनाना लिए मुझी अप्पपणीइ रआनंददददददद.. oooooooooohhhhhhhhhhh आआआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह अभी मीरीईई छूटत मई कुछ होऊ रहहा हैईईई. Aooooooooohhhhhhhhhhhhhh.

मुझे पता चल गया की अब दीदी झड़ने वाली हैं तो मैंने अपना लुंड दीदी की छूट से निकल लिया और एक झटके में पूरा जड़ तक उनकी छूट में पेल कर फिर से लुंड बहार निकल लिया. मेरे लुंड निकलने से दीदी तड़प उठी. क्योंकि वह झड़ने वाली थी. और मेरे लुंड निकल लेने से वह झाड़ नहीं पाई. दीदी ने गर्दन घुमाकर मेरी तरफ देखते हुवे पूछा.

सरिता दी- क्या हुवा अभी. क्यों तड़पा रहा हैई डॉल दे अंदर. मेरी छूट में चीटिया रेंग रही है.

मैं- अब मैं तुम्हारी छूट नहीं छोडूंगा. मुझे तुम्हारी गांड मारनी है.

जब मैंने उनकी गांड मरने के लिए कहा तो दीदी मुझे घूर घूर के देखने लगी. थोड़ी देर तक मैं दीदी को देखता रहा. फिर मैंने दीदी की छूट पर अपना लुंड रखकर एक झटके में पूरा लुंड अंदर पेल दिया और तुरंत बहार नीलाल लिया. दीदी फिर से तड़प उठी और बोली.

सरिता दी- पलज़्ज़ज़्ज़ज़ न कर ऐसा भैई. मैं झड़ने वाली हूँ क्यों तड़पा रहा है मुझे. छोड़ दे मुझे. मेरी प्यास बुझा दे मेरे राजा भैया.

मैं- मैं तुम्हारी प्यास बुझा दूंगा सरिता. लेकिन उसके पहले मुझे तुम्हारी गांड मारनी है.

इतना कहकर मैंने फिर से लुंड एक झटके में दीदी की छूट में पेल दिया और दो जबरदस्त धक्के लगाकर लुंड बहार निकल लिया. दीदी फिर से तड़प गई और बोली.

सरिता दी- प्लललललज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ भईई. मैं मर्डर जौंगीई. मुझसे अब अपनी छूटत की ाग्ग सहनन नाहीइ हो रहीए हीी. प्ल्ज़ चूड दे मुझी. क्यों तड़पा रहा है मुझको तू.

मैं- (दीदी की आँखों में देखते हुवे). मुझे तुम्हारी गांड मारनी है. जब तक तुम गांड नहीं मरवाओगी तब तक मैं तुमको नहीं छोडूंगा.

इतना बोलकर मैंने फिर से लुंड एक झटके में दीदी की छूट में पेल दिया और 3 जबरदस्त धक्के लगाकर लुंड बहार निकल लिया. दीदी तड़पते हुवे एकदम रुवासी होकर मिन्न्नत करती हुई बोली.

सरिता दी- प्ल्ज़ अभियई. चूड दे मुझीऐ अब और बर्दास्त नहीं कर पाऊँगी भईई. मर जाउंगी मैं. मेरी छूट जल रही haiiiiiiiiii. इसे छोड़कर ठंडा कर दे.

लेकिन मैंने दीदी की बात को अनसुना करते हुवे फिर से अपने लुंड को दीदी की छूट में डालकर दो धक्के जोरदार मार्कर लुंड बहार निकल लिया. ऐसा मैंने कई बार किया. आख़िरकार दीदी अपनी छूट के हांथो हर गई और मेरी बात मानते हुवे बोली.

सरिता दी- ठीक है अभी. तुझे मुझपर तनिक भी तरस नहीं आ रहा. तो ठीक है तुझे मेरे साथ जो करना है वो कर. जैसे छोड़ना है वैसे छोड़. लेकिन प्ल्ज़ अब मुझपर रहम कर दे. छोड़ दे मुझे. बहुत जलन हो रही है मेरी छूट में. छोड़ के फाड़ दल मेरी छूट को.

दीदी की बात सुनकर मैंने दीदी की आँखों में देखते हुवे शरारत से कहा.

मैं- तुम सच कह रही हो न. बाद में मुकर तो नहीं जाओगी.

सरिता di(thoda नाराज़गी के साथ). अब क्या तुझे स्टाम्प पेपर पर लिख कर दू. तुझे मुझपर तनिक भी भरोषा नहीं है क्या. अब और देर मत kar.chod मुझे.

दीदी की बात सुनकर मैंने फिर से अपने मुंह से थूक निकल कर दीदी की छूट पर और अपने लुंड पर मॉल दिया और अपना लुंड दीदी की छूट पर रखकर एक झटके में hi दीदी की छूट में पेल दिया और तेज़ तेज़ दीदी की छूट छोड़ने लगा. मेरा लुंड अब आसानी से दीदी अपनी छूट में ले रही थी. दीदी भी अपनी गांड पीछे कर कर के मेरा लुंड अपनी छूट में डलवा रही थी. दीदी फिर से मस्त होकर छुड़वाने लगी. थोड़ी देर बाद दीदी एकदम गरम होकर बोलने लगी.

सरिता दी- Aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhh अभियई और तेज़्ज़ज़ और तेज़्ज़ज़. दाहाम लगाए कररर छोड़ड़ड़ड़ अपनी दिड़दी को फाड़ दे ुस्सस्स्स्की चूऊउउउत. छोड़ साहाले. दिखहहह दे अपपपपपने लुंड की तकततटत. उठा उठाए कार चूड्डड्ड मुझी. जब टूओ इतना बाड़ा छोडऊ हैई टूओ आअज्ज्ज्ज ताककक क्यूओन नाहीइ चुद्दआ mujhee.faad डायललललललल मेरिइइइ चूऊत्त कोऊ.

मैं- aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh hhhhhhhhaaaaaaaaaa. हांण सारितत्ताआ मैंनंन बहुत्त बाड़ा चूड़ूऊऊऊ होऊणननननन. तभीई तू टूउउ नंगई मेरी लुंदड़ की निछ्छी आए गयी. कामिनीईई. टेर्री तू चूऊउत्तत्त फादककररर इसका काछुमारर्र बांणना दूंगा सल्लीइ. बड्डीए मस्त्त लौंडिया हैई चू सरिताआ. लिए औरर अंडर ताकककक लिए मेरे लुंड को.

मैंने दीदी की छूट से अपना लुंड निकल लिया अउ बिस्तर पर लेट गया और दीदी को अपने ऊपर आने का इशारा किया. दीदी मेरे ऊपर दोनों तरफ पेअर करके झुक गई और अपने एक हाँथ से लुंड पकड़कर अपनी छूट में लगाया. और निचे बैठने लगी. जब आधा लुंड दी की छूट में चला गया तो मैंने निचे से एकक जोरदार धक्का मारा जिससे मेरा पूरा लुंड दीदी की छूट में चला गया. दीदी की सिसकारी निकल गई.

सरिता दी- aaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh bhaaiiiiiiiiiiiiii. टूउउ बहुत्त मसस्त्त चुडआईईईई करता हैई साली. टीरी जैसा भाई साब्ब को मिली तकीए कीसीई बहाननं की चूऊत्त पयासीय ना रही. ऐसे हीई छोड़ड़ड़ मेरे भाईईईई. चू बहुत्त अछ्हा छोड़ता हैई. मेरी चूऊछीियोऊ को मसअल मास्स्सालललल कर चूडड़ड मुझी oooooooooohhhhhhhhh aaaaaaaaaaahhhhhhhh.

दीदी की बात सुनकर मैंने अपना हाँथ बढाकर दीदी की चूचियों को पकड़ लिया और दबा दबा कर मसलने लगा. दीदी sssssssssssssssss sssssssssssssssssss ooooooooooohhhhhhhhhhh oooooohhhhhhhhhh करने लगी. थोड़ीई देर तक दीदी की चुकी मसलने के बाअद मैंने दीदी को अपने ऊपर लिटा लिया और अपने हाँथ को दीदी की गार्डन में लप्पेट कर ताबड़तोड़ दकके दीदी की छूट पर लगाने लगा और बोलै.



मैं- AAAAAAAAaaaaahhhhhhhhhhhhhh सरिताआ लेटी मेराआ लैंडडडडडडड अपनी ी चुउत्त्त मई. चू बहुत्त बड़ीई चुड़क्कड़ हीी. टीरियइ प्यास छूती लुंड सीए कभी नाहीइ बूझीजीईई. मुझी टीरियइ होई जैसीई बीबीई चाहिए थिई. मान तू करता हैई की सर्जरी ज़िन्दग़गग्गीइ तुझीऐ अपनीइ बीबीई बनाकर राखूँन. बोलल सरिता बनेगीइ मेरीए बीबीई. बोलल सलीई.

सरिता दी- oooooooooooooohhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh सल्ली कुट्टी क्या छुडाईइ करता हीी चू. टेरी लुंदड़ की लिये तू मैं टीरियइ बीवीए क्या सारीय ज़िंदगीई टेरिइइइ रखैल बनाने के लिये भी तैयार होऊणन. बॉस चू मुझी ऐसे होई छोडट्टा रह. मैंन अब शआदिई नाहीइ करूंगीयी. मुझे अब सिर्फ़्फ़ तुझसे ही छोड़ना हैई. औरर तेज़ छोड़ मुझी मैंन आने वालीए होऊणन्न ऑर्डर दम्मम लगा कर छोड़.

दीदी की बायत सुनकर मैंने दीदी को और जोर से अपने साइन से चिपका लिया और फुल स्पीड में उनकी छूट ठोकने लगा. मैं भी अब झड़ने की कगार पर पहुंच गया था इसलिए मैं भी दीदी को छोड़ते हुवे हुवे बड़बड़ाने लगा.

मैं- aaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhh सरिता मैंन भी ांनी वाला हूँ. चू बहुत्त छुडासीई हैई रे सालिई. आज तुझी छोड़ड़ड़ कररर मैं तुझी अपनीई गुल्लाम्म्म बनाऊंगा. ले सलीई लिए अपनी खासमंम का लौड़ा. बाआआअदाए तड़पाया ही तुणीऐ. यी लिए मेरीए रांदडीई अब्ब सी यी लौड़ा तेरा hi हैई. Aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhh सरिता मेरा होनी वाला हैई मेईं गया तीवू छूट मई आअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह oooooooooohhhhhhhhhh.

सरिता दी- aahhhhhhhhhhhhhhh oooooohhhhhhhhhhhhhhhh बहनचूड्डड्डड्ड मेंनननन भीई गइईईई साम्बाअलल मुझीऐ कुत्त्तीये. Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhh uuuuuuuuuuiiiiiiiiii mummyyyyyyyyyyyy. मैं gaiiiiiiiiii.

इसके बाद मैं और दीदी साथ में झाड़ गए. मैंने दीदी को कसकर अपने साथ लगैया हुवा था. दीदी भी झड़ने के बाद मुझसे कसकर लिपट गई थी. थोड़ी देर ऐसे लेते रहने के बाद दीदी मेरे ऊपर से हटकर मेरे बगल लेट गई. दोनों एक दूसरे की आँखों में देख कर मुस्कुरा रहे थे. थोड़ी देर तक एकदूसरे को देखने के बाद मैंने दीदी से पूछा.

मैं- तुमको मज़ा आया सरिता.

सरिता दी- सच बताऊ तो बहुत ज्यादा मज़ा आया. मुझे तो पता hi नहीं था की चुदाई के खेल में इतना ज्यादा मज़ा आता है.

मैं- और मेरे छोड़ने का तरीका कैसा है सरिता.

सरिता दी- एकदम लाजवाब. तू दर्द देखर छोड़ता है लेकिन दर्द से कही ज्यादा तू मज़ा भी देता है. तू चुदाई में बहुत एक्सपर्ट है भाई.

थोड़ी देर इधर उधर की बाते करने के बाद मैंने दीदी से कहा.

मैं- तो अपनी गांड मरवाने के बारे में क्या ख्याल है सरिता.

सरिता दी- तू तो इसके पीछे हाँथ धो कर पद गया है.

मैं- हाँथ धोकर नहीं सरिता. लैंड हाँथ में लेकर इसके पीछे पड़ा हूँ.

सरिता di-lekin तू सोच की तेरा लुंड कितना बड़ा है वो मेरी गांड में जाएगा kaise.aur चला भी गया तो मुझे बहुत दर्द होगा.

मैं- तुम्हारी गांड इतनी कातिल है की मेरे से दो गुना मोटा और लम्बा लुंड इसमें घुस जाए. बस थोड़ा सा दर्द होगा जो टुनको बर्दास्त करना होगा. उसके बाद तुम खुद गांड उछाल उछाल कर मेरा लुंड लोगी.

सरिता दी- फिर भी अभी मुझे बहुत दर लग रहा है.

मैं- तुम बिलकुल भी चिंता मत करो. बस मरे साथ दो. तुम्हे बहुत मज़ा आएगा.

सरिता दी- ठीक है अभी. देख ले कैसा करना है लेकिन मुझे दर्द मत देना. मैं बर्दास्त नहीं कर पाऊँगी.

दीदी की बात सुनकर मैंने उठकर बीएड पर बैठ गे और मैंने दीदी को उठाकर अपनी गॉड में बिथा लिया. मैंने दीदी के होंठो को अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगा. दीदी भी मेरा साथ देने लगी. मैंने होंठ चूसते हुवे अपने दोनों हांथो से दीदी की चूचियों को दबाने लगा. मेरा लुंड दीदी की गांड के निचे दबा हुवा था उसमे अब जान आने लगी थी. वो दीदी की गांड के निचे hi अपना सर उठाने लगा था. मैंने दीदी के होंठ चूसते हुवे दीदी के मुंह में अपनी जुबान दाल दी और उनके मुंह में घूमने लगा. दीदी भी अपनी जीभ मेरी जीभ से लड़ने लगी और चूसने लगी. थोड़ी देर जीभ चूसने के बाद दीदी ने अपनी जीभ मेरे मुंह में दाल दी. मैं भी दीदी की जीभ चूसने लगा. दीदी की जीभ चूसते हुवे मैं दीदी की चूचियों को बरहनी से दबाता रहा. दीदी को भी अब इस बेरहमी में मज़ा आने लगा. इसलिए वो कोई विरोध नहीं कर रही थी.



थोड़ी देर दीदी की जीभ चूसने के बाद मैं अपना होंठ उनके होंठो से अलग किया और उनकी आँखों में देखा. जहा मुझे वासना के लाल डोरे नज़र आ रहे थे. थोड़ी देर उनकी आँखों में देखने के बाद मैंने अपनी जीभ निकल कर उनके गलो को चाटने लगा. गाल चाटते हुवे दीदी की चुकी दबाता रहा. जिससे दीदी aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhh uuuuuuuuuuuuuuiiiiiiiiiiiiii करती रही. गाल चाटते चाटते मैं निचे आया और दीदी की गार्डन और चूचियों के ऊपरी हिस्से को चूसने लगा. दीदी की मस्ती में आँखे बंद हो गई. उन्होंने मेरे सर को पकड़कर अपनी तरफ दबा लिया और मेरे बालो में हाँथ फेरने लगी. थोड़ी देर उनकी गार्डन और उभर चाटने के बाद मैंने अपने एक हाँथ उठाकर दीदी के सर पर रख दिया और दीदी की एक चुकी को मुंह में भरकर चूसने लगा. दीदी मस्ती में ssssssssssssssssssss sssssssssssssssssssss करने लगी. फिर मैंने दीदी की गुंडियो को अपने दांतो से दबाकर उनकी चुकी को जोर से मसल दिया. दीदी की सिसकी निकल गई.

सरिता दी- Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhh Abhiiiiiiiiiiiii. दांत से मात काट. निसान पद जाएंगी. धीरे दबा दर्द होता है.

दीदी की बात सुनकर मैंने दीदी की दूसरी चुच्ची को मुंह में भर लिया और पिने लगा. और दोनों हाँथ पीछे ले जाकर दीदी की गद्देदार गांड पर रख दिया और दबाने लगा.



मैं बदल बदल कर बरी बरी दीदी की चूचियों को पिता रहा और दीदी की गांड के दोनों पतों को दबाता रहा. जब थोड़ी देर तक दीदी की चुकी पिने के बाद मैंने दीदी की एक चुकी को पूरा मुंह खोलकर अंडा ले लिया और दोनों हांथो से दीदी की गांड को पकड़कर जोर से दबाया और दीदी की चुकी पर दांतो का दबाव देखर अपना मुंह बहार खींचने लगा. जिससे चुकी बहार निकलते समय उनकी घुंडी दांतो में फंस गई तो मैंने जोर से दन्त गदा दिया. दीदी की चीख निकल गई.

सरिता दी- oooooooooooooooohhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh aaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhh Abhiiiiiiiiiiii. दन्त मत काटट्ट्ट. ड़ड़ड़ड़ड़ड़ होता ाहीइइइइइइ. थोड़ा धीरी धीरीईए कररर जो भी करना हूँ. Aaaaaaaaaaaahhhhhhhh.

दीदी की बात सुनकर मैं दीदी को अपनी गॉड में लिए बिस्तर से उठकर खड़ा हो गया और दीदी से कहा.

मैं- तुम्हारे कमरे में आयल है या किचन से लाना पड़ेगा.

सरिता दी- आयल है मेरे डरोएर में.

ये सुनकर मई दीदी को डरोएर के पास ले गया और अपने हाँथ की पकड़ उनकी गांड से ढीली कर ली. जिससे दीदी अपनी छूट मेरे लुंड पर रगड़ती हुई निचे उतर गई.

इसके आगे की कहानी अगले भाग में.
 
अपडेट-102

Didi ki baat sunkar main didi ko apni god me liye bistar se uthkar khada ho gaya aur didi se kaha.

Main- tumhare kamre me oil hai ya kitchen se lana padega.

Sarita di- oil hai mere droyer me.

Ye sunkar mai didi ko droyer ke pas le gaya aur apne hanth ki pakad unki gand se dhili kar li. jisase didi apni chut mere lund par ragadti hui niche utar gai.

अब आगे.

Maine didi ko droyer ke paas apani god se niche utara. To didi ne oil ki shishi nikal kar mujhe de di. maine wo shishi le kar use bed par fek diya aur didi ko pakadkar bed ke paas laya aur niche baitha diya. didi ne mera lund apne hanth me le liya aur apni jeebh nikalkar use upse upar se niche aur niche se upar chatne lagi. mujhe bhi bahut masti chadh gai to maine didi ko lund chusne ke liye kaha. Didi ne apna munh kholkar use munh me lekar chusna shuru kar diya. didi ab lund chusne me expert ho chuki thi. wo pura lund munh me lekar puri siddat se jor jor se chus rahi thi. main didi ke sir ko sahla raha tha. thodi der lund chusne ke baad didi ne lund apne munh se bahar nikala aur lund par thook diya aur hantho se lund par thookk malne lagi fir meri aankho me dekhti hui lund ko apne munh me le liya.

maine bhi der na karte huwe didi ke sir ko pakda aur ek jhatke ke sath lund unke munh me dal diya aur tez tez jhatke marker lund ander bahar karne laga.



दीदी के मुंह से सिर्फ गूऊऊऊ जूउउउउउ की आवाज़ निकल रही थी. थोड़ी देर दीदी का मुंह छोड़ने के बाद मैं उनसे अपना लुंड दीदी के मुंह से निकल लिया और दीदी को पलटकर बीएड पर पैर के बल लिटा दिया और उनकी तंग खींचकर बीएड के निचे कर दी और दीदी के पेट के निचे दो तकिया लगा दिया. जिससे दीदी की छूट और गांड दोनों उभर कर बहार की तरफ आ गयी. दीदी को लिटाने के बाद मैंने झुककर दीदी की छूट पर अपना मुंह रख दिया और उनकी छूट चाटने लगा. जो बहुत गीली हो गाइट hi. मैंने अपनी बिच वाली ऊँगली दीदी की छूट के अंदर डालकर गीली की और शीशी उठाकत थोड़ा तेल दीदी की गांड पर गिराया और गीली ऊँगली से दीदी तेल को दीदी की गांड के चीड़ पर मलने लगा. निचे से मैं दीदी की छूट भी चाट रहा था.

थोड़ी देर मलने के बाद तेल सुख गया थो मैंने फिर से थोड़ा तेल दीदी के ासशोले पर गिराया और आयल को ऊँगली के सहर दीदी की गांड में डालने लगा. दीदी की गांड सच में बहुत टाइट थी. थोड़ी देर उनकी गांड उनका ासशोले के चारो तरफ तेल मलने के बाद मैंने अपनी बिच वाली ऊँगली दीदी की गांड में एक झटके में दाल दी. दीदी के मुंह से आह निकल गए

सरिता दी- Aaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhh अभियई. ुङ्गीइइइइइ निकालल वहाआआ सीए. मुझे थोड़ा थोड़ा डरडडडडडड होऊ राहाआआ haiiiiiiiiiii. मेरिइइइइ गँड्ड़डडडड कोऊ चूड दो. मैं तुम्हाला लुंड नहीं झेल पाऊँगी.

दीदी की बात सुनकर मैंने दीदी की छूट और तेज़ से चूसना शुरू कर दिया और तेल दीदी की गांड पर गिराकर अपनी ऊँगली अंदर बहार करने लगा. थोड़ी देर तक ऊँगली अंदर बहार करने के बाद तेल की चिकनाहट के कारन दीदी को अब दर्द नहीं हो रहा था. थो मैंने ढेर सारा तेल दीदी की गांड पर गिराया और बिच वाली ुंली को अंदर पेलकर एक और ऊँगली दीदी की गांड में एक झटके से दाल दिया. दीदी फिर से चीख पड़ी.

सरिता दी- oooooooooooooohhhhhhhhhhhhhhh munmmmyyyyyyyyyyyyy. बहररररर निकाआलल्ल लिए ाभीईई मायी मर्डर जौंगीई मुझी बहुतत्त ड़ड़ड़ड़ड़ होऊ रहा हैईईई. मुझी छोड़ड़ड़ दी.

मैं जनता था की दीदी की गांड में दो ऊँगली जाने से उन्हें दर्द हो रहा होगा. लेकिन उनकी गांड मरने के लिए मुझे अपने लुंड के लिए रास्ता तो बनाना hi था. इसलिए मैंने उनकी बातो पर ध्यान न देते हुवे दीदी की छूट चूसना जारी रखा और थोड़ा तेल और उनकी गांड के होल में डालकर दोनों ऊँगली अंदर बहार करता रहा. थोड़ी देर इसी तरह करने के बाद दीदी का दर्द काम हो गया. और वो मूवीएननननन करने लगी. और अपनी गांड पीछे की तरफ करके छूट चटवाने लगी.

थोड़ी देर छूट चाटने से दीदी बहुत गरम हो गाइट hi. अब उनको लुंड चाहिए था इसलिए उन्होंने मुझसे कहा.

सरिता दी- Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhh अभीयी अब्ब्ब बास कररर. अपना मुंह हटा वह से और मुझे छोड़ दे.

मैं- नहीं सरिता मैं पहले तेरी गांड मरूंगा. उसके बाद hi तेरी छूट को छोडूंगा.

सरिता दी- नाहीई अभीयी ऐसा मैट काअररर मेरीए गाँणनंददददद फाटत जाएगीइ. चू मेररीई चुउत्त्तत चाही तू जीतनी भी तेजीइ सीए मर्डर लिए. लेकिंन मेरीए गानंदड को छोड़ दी. तेरा बहुतत्त बाड़ा और मत्तता हैई मैं मार जजौऊंगी.

Main-(didi की छूट चाटते हुवे और उनकी गांड को दो अंगुली से छोड़ते हुवे). कुछ नहीं होगा तुमको सरिता. बहुत आरम्म से तुम्हारी गण्ड मरूंगा. बस थोड़ा सा दर्द होगा जो तुम्हे बर्दास्त करना होगा. उसके बाद तुमको बहुत मज़ा आएगा.

सरिता दी- 00000000000hhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh मैं जानती हूँ की तू बहुत्त बेरहमी सीए मेरी गणनंददद मरेगा. चू मेरीए चूठ्टटट चाहीये जित्तणा छोड़ड़ड़ लिए. Aaaaaaaaaahhhhhhhh छोड़ भाआईईई. बहुत्त जलनननन होऊ रहीए हीी मेरीए छूट मई. िस्किई प्यास बुझा दी.

मैं- मैं पहले तुम्हारी गंड़द मरूंगा उसके बाद hi तुम्हारी छूट छोडूंगा. अब तुम बताऊओं मुझसे छुड़वाना चाहती हूँ या मैं अपने कमरे में जाऊं.

मेरी बात सुनकर सरिता दीदी के चेहरा रुंआसा हो गया. वो इस समय एकदम छुडासी हो चुकी थी और छुडास की आग में जल रही थी. उनके बार बार कहने पर भी जब मैंने उन्हें नहीं छोड़ा तो एकदम छुडासी होकर दीदी ने कहा.

सरिता दी- Aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh Saaaleeeeeeeeee कुत्त्तीीी. तुझेईईई मेरिइइइइइइ बिल्कूललल परवाहहहहहहह नाहीई haiiiiiiiiiiiiiii. ठीककक हीी बहनचोड़ड़ आजजज चू भीई क्या यादददद करेगा कीई तुझीऐ कैसीई दिलदड़दररररर बहनन मिली थी. चू मेरीए गणनंदददद मररररणा चाह्हता हैई ना तू चुड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ मादरचोड़द्द मेरीए गणनन कोऊ. धजज्जिया उदा दी मेरीए गणनन की. मईंण भी टूओ देखूउउ किटन्ना दम्मम हैई तेरे लौड़ी में. बहुत्तत्तत्त गुमाननननन तुझीऐ अपनी लौंडी पररर. ईसीई की बॉल पारर तू अकड़ता हैई ना.

दीदी की बात सुनकर मैंने दीदी की गांड पर देर सारा आयल गिराया और अपनी दोनों उंगलियों से उनकी गांड के अंदर तक तेल डाला और गांड को अच्छी तरह तेल से तर किया. उसके बाद मैंने अपने लुंड पर भी तेल लगाकर चिकना किया और दीदी की कमर को पकड़कर थोड़ा बहार खींचकर डौगी स्टाइल में खड़ा किया और अपने लुंड पकड़कर दीदी की गांड के छेड़ पर रख दिया और अपने एक हाँथ से दीदी की कमर को बांह में भरकर पकड़ लिया. मेरा लुंड अपनी ासशोले पर लगते hi दीदी का शरीर कैंप गया और उन्होंने पीछे मुड़कर मुझे देखते हुवे मिन्नत भरे स्वर में बोली.

सरिता दी- अभियई. धीरे धीरे अंदर डालना. मुझे दर्द मत देना. मैं बहन हूँ तुम्हारी.

दीदी की बात सुनकर मैंने दीदी को इशारे से हां कहा और अपने लुंड को एक हाँथ से पकड़ लिया और दीदी की गांड के चीड़ पर टीकाकार अपनी कमर का दबाव बनाना लगा. दीदी की गांड बहुत तीते थी और लुंड आयल लगने के कारन चिकना हो गया था तो लुंड अंदर जाने के बजाय ऊपर की तरफ फिसल गया. मैंने फिर से थोड़ा तेल दीदी की गांड पर गिराया और फिर से लुंड का दबाव ासशोले पर diya,lund हल्का सा अंदर जाने लगा तो दीदी ने अपनी गांड तीते कर ली जिससे लुंड फिर से फिसल गया. ऐसा मैंने 3-4 बार कोशिश की, लेकिन हर बार दीदी गांड तीते कर लेती तो लुंड ऊपर की तरफ फिसल जाता. ये देखकर मैंने दीदी से कहा.

मैं- तुम अपनी गांड को बार बार तीते क्यों कर लेती हो सरिता. तुम्हारी गांड पहले से hi तीते है. मैं बहुत प्यार से तुम्हारी गांड मरूंगा, लेकिन तुम्हारी गांड तीते होने के कारन मुझे थोड़ा जोर लगाना पड़ेगा. इसलिए तुम अपनी गांड एकदम ढीली छोड़ दो. ताकि लुंड आसानी से अंदर चला जाये.

दीदी ने मेरी बात सुनकर मेरी तरफ देखा. उनकी आँखों में मुझे दर साफ देखे दे रहा था. मैंने दीदी की आँखों में देखते हुवे उन्हें आँखों से hi रिलैक्स रहने का इशारा किया. इसके बाद दीदी ने अपने गार्डन सीधी कर ली. मैंने फिर से कुछ बांड आयल दीदी की गांड पर गिराकर अपने लुंड को खूब अचे से दीदी की ासशोले पर रखा और उनकी कमर को मज़बूती से पकड़कर थोड़ा तेज़ दबाव लुंड पर दिया. जिससे एक पकककककक की आवाज़ आई और लुंड का टोपा गांड में घुस गया. टोपा घुसने से hi दीदी की चीख निकल गई. वो मुझसे छूटने के लिए अपनी गांड इधर उधर करने की कोशिश करने लगी, लेकिन मेरी पकड़ बहुत मज़बूत थी इसलिए वो अपने आपको छुड़ा न सकीय. वो चीखते हुवे बोली.

सरिता दी- Aaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhh uuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii mummyyyyyyyyyyy. मेरिइइइइइइइ गड्ड्ढड. Mainnnnnnnnnnn मररररररररर gaiiiiiiiiiiiiiiii. Ooooooooooohhhhhhhhhhhh बाहाआआअआरररररररर nikallllllllllll haramiiiiiiiiiiiiiiii. Maineeeeeeeeee maaannnnnnnnnnaaaa कियाआ थाआ. लेकिनननननन तुझीीी टूओ मेरिइइइइइइइ गड्ड्ढड चहियीईइ थी. Ohhhhhhhhhhhhhhhhh बहरररररर निकललललल सलीईई.

मैं- अब दीदी थोड़ी देर तकलीफ होगीयी उसके बाद तुमको अच्छा लगेगा. यही सबसे कठिन काम था अब टोपा अंदर घुस गया है. अपनी गांड को रिलैक्स छोड़ दो. तीते बिलकुल मत करना नहीं तो और ज्यादा दर्द होगा.

इतना बोलकर मैं निचे झुक गया और दीदी की पीठ को चाटने लगा और अपना लुंड वाला हाँथ उठाकर दीदी की एक चुकी से खेलने लगा. थोड़ी देर दीदी की चुकी से खेलने और चूमने से दीदी थोड़ा नार्मल हुई तो मैंने थड़ा सा तेल फिर से दीदी की गांड में डाला और अपना लुंड दीदी की गांड में दबा दिया. मेरा लुंड दीदी की गण्ड में 3”चला गया थाहा. दीदी दर्द के मरे दोहरी हो गई और मुझसे छहोटने की कोशिश करती हुवी चीखते हुवे बोली.

सरिता दी- oooooooooooohhhhhhhhhhhhhhhhhhh mummmyyyyyyyyyyyyyy. बहररररर निकाअल्ल सलेटी मेरिइइइइइ गँड्ड़डडड परपरानी लगइईईई हैई. सलीबी हरामीईईई कुत्त्तीीीे. मेंनननन बोलल रहीए थिई कीई गड्ड्ढड मैट मारररर. लेकिनननन मादरचोड़ड़ड़ड़ड़ इसकी पीछ्हे पैदा हुवाआ थाआआ. Oooooooooohhhhhhhhhhh ABhiiiiiiiiiiiii. अब्ब्ब्ब बरदासत्तत्ततत्तत नाहीई होऊ रहहाआ हीी. अपनाआ लुँड्ढड्डड़ बहरररररर निकलललललल लिए सलेईईई. मैं मरररररर जाउँगीीी.

मैंने अपने लुंड को हरकत देनी बंद कर दी और दीदी की चुकी को दबाने लगा और उनकी पीठ को चूमने और चाटने लगा. थोड़ी देर बाद दीदी कुछ नार्मल हो गई तो मैंने थोड़ा आयल दीदी की गांड पर गिराया और अपने लुंड को टोपे तक बहार खींचह जिससे दीदी के मुंह से aaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh की आवाज़ निकल गई. लुंड को टोपे तक बहार खींचने के बाद मैंने दीदी को जकड़कर पकड़ा और जोर लगाकर लुंड दीदी की गांड में पेल दिया, इस झाके से मेरा लुंड 5”दीदी की गांड में घुस गया. दीदी दर्द से अपने आपको छुड़ाने की कोशिश करने लगी दीदी की आंखों में आँशु भर गए और वो सिसकते हुवे रट हुवे चीखते हुवे बोली.

सरिता दी- Ooooooooooooooooooooohhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh mummmyyyyyyyyyyyyyyyy. बचाऊऊऊ मुझेईई. Aaaaaaaahhhhhhhhhhhh कोइइइइइइइ तू बचाईये मुझीीी इस्सस बाहण के लौड़ी से. सलाआ कमीनाआआआ.. निकललललल बहरररररर अपना लुंदड़. मेरिइइइइइइ गड्ड्ढड फाटत गयी हीी मदररर छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ कुछ्ह तू रहममममम करररर सलेटी अब्ब टूओ छोड़ड़ड़ड़ड़ दिए. बहनणननं हुन्न मैंनं टेरिइइइइइ बहनचोड़ड़ड़ड़ड़ड़. Uuuuuuuuuuuuuuiiiiiiiiiiiiiiiiiiii मम्मीयियय.

दीदी मेरे निचे किसी चिड़िया की तरह फड़फड़ा रही थी. रो रही थी और छूटने की कोशिश कर रही थी लेकिन मैं एकदम बहरा हो गया था. मुझे इस समय कुछ सुनाई नहीं पद रहा था. मेरी नज़रो के सामने इस वक़्त सिर्फ और सर्फ दीदी की गद्देदार और कातिल गांड hi घूम रही थी. ये सुनहरा मौका बड़ी म्हणत के बाद मेरे हाँथ आया था. मैं इसे किसी भी कीमत पर गंवाना नहीं चाहता था. इसलिए मैंने दीदी की चीख की कोई परवाह न करते हुवे उसी पोजीशन में दीदी की गांड में थोड़ा सा और आयल गिराकर अपने लुंड को उनकी गांड से टोपे तक बहार निकलकर अपनी कामर उचककर हचक कर एक करारा धक्का दीदी की गांड पर थस दिया. जिससे मेरा लुंड दीदी की गांड के सभी खिड़की दरवाज़ा तोड़ते हुवे pallhar(bolls) तक उनकी गांड में घुस गया. मेरा धक्का इतना जोरदार था की दीदी मुंह के बल बिस्टेर पर गिर पड़ी और रोने लगी. रट रट वो अपने आपको छुड़ाने की कोशिश करने लगी. और रट हुवे बोली.

सरिता दी- uuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii mummyyyyyyyyyyyyyyy aaaaahhhhhhhhhhhhhhhh Saleeeeeeeeee भोसड़ीवालेईईई मादरचोड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़. Chhoodddddddddd मुझेईईई haramiiiiiiiiii मेंननननन मरररररर जङ्गीइइइइइइ. निकलललललललल अपना लुँड्ढड्डड़ मुझीऐ नाहीई मरवाणीइइइइइ अपनी गांडडडडड. Hhhhyyyyyyyyyyyyyeeeeeeee didiiiiiiiiiiiiiiiii मुझेईई बचाआ लूओ मइईईई मरररररर gaiiiiiiiiiiiiiii. ारी हरामीईईईई chhoddddddddddd डीईईई अब्ब्ब. Meriiiiiiiiii gandddddddddd buriiiiiiiiiiii taraaaaaahhhhhhhhhhhhhh फातटटटट गईइइइइइइ हैईईई ैस्स्साआ लगगग राहाआआ हैईईईई कीसीईई नीई मेरिइइइइइइ गड्ड्ढड मीटीए गरममममममम सरिययाअ डायलललललल दिया होऊ. छोड़ड़ड़ड़ड़ दी बहनचोड़ड़ड़ड़ छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ डीईई. अब्बब्बब क्याआ अपनाआआ लुँड्ड्ड मेरिइइइइइइ गँड्ड़डडड सीए दललकाररररर मुँहहह सीए निकललिएगाआ क्याआआ सलीबी. कुछःह तूऊऊओ रहमममममम करररर. मेरिइइइइ गँड्ड़डडड परपरा रहियी हैईईईई. मररररररर जौंगीयी भईई. निकललललल लो.

दीदी लगातार रो रही थी और बुरी तरह चिल्ला रही थी. दीदी की गांड फैट गयी थीईई. उसमे से खूँन निकल रहा थाआ. शायदद डीडीई को जलन भी हो रही थिई. लेकिन मैं जनता था की अगर एक बार मैंने उन्हें छोड़ दिया तो वो फिर अपनी गांड कभी नहीं मरने देंगी. मैंने उनकी गण्ड मार्कर उन्हें इतना मज़ा देना चाहता था की वो हमेशा गांड मरवाने के लिए तैयार रहे. और इस समय उनकी चीखे मेरे सिवाय और कोई सुनने वाला नहीं है. इसलिए मैं निश्चिन्त होकर उनको कमर से उठाकर फिर से डॉगिस्टीले में किया और दीदी की चीखो की परवाह किये बिना दीदी की गांड बेरहमी से ठोकने लगा. दीदी फिर से चीखने लगी.

सरिता दी- Aaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhh haramiiiiiiiiiiiiiii. टेरिइइइइ मा कीई छुट्ट्ट्ट सेल. मैट दलललल्ल अब्ब्ब. निकललललल लेटी बहररररर. टूउउ मेरिइइइइ गड्ड्ढड फदनाआआ चाहतअआआअ थाआ वो तू तूंबीएए फाडड्ड दी. अब्ब्ब टूवू रहमममममममम कररर मुझपेररर. Oooooooooohhhhhhhhhh राजाआभाइयआआअ मेरिइइइइइ छुट्ट्ट्ट माअरररररर लेईईई टूउऊउउउ. अपनीईई बहनणननं कोई गांड माररकाररर तुंझेटीएई क्याआ मिल जाएगाआआआआ. Sssssssssssssssshhhhhiiiiiiiiiiii Aaaaaaaaaaaaiiiiiiiii ooooooohhhhhhhhhhhh मररररररररर गईइइइइइ maiiiiiiiiiiiiii. Aaaaaaaaaaahhhhhhhhh

मैं- ooooooohhhhhhhhhhhh सरिताआआआआ. बसससससससस जो दर्द्द होना था वो हो गया. अब तुम्हे मज़ाआ होई आएगा. टेरिइइइइइइइइ गँड्ड़डडडडड नीबी मुझ्कूऊऊ बहुत्तत्त तडपायाआ हैईईई. बहुतत्त गंडड मटका मत्काआ कर चलटीई थी चू. बस्सस सरिता थोड़ीई देर और उसके बाद मेरा लुंड तुम्हारी गांड मी सेटट हूँ जाएगा. फिर तुमकोऊ भी बहुत मज़ा आएगा. मैं खुद्द तुम्हे दर्द देना नही चाहता था. लेकिननं तुम्हारिई गंड़द इतनीई टीटी थिई की मुझी जोरर लगाकर्र लुंड अंदर घुसना पड़ा. इस्लियीईइ तुम्हे ड़ड़ड़ड़ड़ हुवा. लेकिंन अभी कुछ दररर बाद तुमकोऊ भी मज़ा ानी लगेगा. बस तुम अपनी गण्ड तीते मत करना.

मैं दीदी का दर्द देखकर पिघल गया इसलिए अपनी स्पीड मैंने बहुत धीमी कर ली और धीरे धीरे लुंड अंदर बहार करने लगा. इसके साथ hi मैंने एक हाँथ दीदी की छूट पर रख दिया और उनकी क्लीट को सहलाने लगा. इतनी तीते गांड में लौड़ा घुसाने के और इतना बड़ा लौड़ा अपनी गांड में झेलने से हम दोनों को बहुत म्हणत करनी पड़ी थी इसलिए हम दोनों पसीने से पूरी तरह से भीग गए थे. मैं अपनी जीब निकल कर दीदी की पीठ का पसीना चेतना लगा. 10 मिनट क्लीट सहलाने और लुंड अंदर बहार धीरे धीरे करने से दीदी का दर्द कर हो गया था. अब वो भी हल्का हल्का ssssssssssssshhhhhhhhhhhh कर रही थी. इसलिए मैंने आप दीदी की छूट को सहलाते हुवे और पीठ को चाटते हुवे अपना लुंड टोपे तक बहार खींचा और एक जोरदार धक्के के साथ लुंड दीदी की गांड में पेल दिया. दीदी की मदहोशी में चीख निकल गई, लेकिन पहले से काम.

सरिता दी- aaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh oooooooohhhhhhhhhhh कुट्टी. आज्ज क्या तू मेरी साड़ी छेड़ को फाड़कर ही डैम लेगा क्या कमीने मदारचोड़. मुझसेइ तेरई क्या दुस्मणीय ही जो इतनी बेरहमी सी थोकक रहा haiii.yee भी तू देख ली कोई किस्कु छोड़ड़ड़ रहहहहआ हीी. Ooooooooooohhhhhhhhh मेरीए गांडडडडडडड saaleeeeeeeeee मेरिइइइ गणनंददद फाडड्ड डीई सल्ल्ली

तुणीऐ.

मैं- ooooooohhhhhhhhhhhh सरित्तट्ठाआआंआ. टूउउ चिंता मात्त कर मेरीए रणीय आजजज मैंनं तेरे सारी छिड़ अपनी लुंड सी खोल दूंगा. तेरी सरई कोई सरीरियइ खुजली मिटता dungaa.teeriii छूछीयो को पूरा निचोड़ड़ दूंगा. आजजज मैंन तुझीऐ रैललळ बनाकररर छोडूंगा.

सरिता दी- Aaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhh बहनचूड्डड्डड्डड़ सल्ली ाआज्जज्जज्ज तू टुन्नी सचहहहह मई मेरीए गंड़द की सर्रे नट बोल्ट ढीली कररर डीएई कामिनी. Aaaooooooohhhhhhhhhhhhhh ohhhhhhhhhhh अब्ब बहुतत्त अच्छआ लग रहा ही. टुन्नी अपनी मात्र की कर ली न. अब्ब्ब तू मेरीए छूटत का भी ख्याल कर वो काब सी ाजगगगग मई जालल रही हैई ऑर्डर काब सीए पनीइ छोड़ रहीए ही उसकीय भी प्यास बुझा दी भईई.

दीदी की बात सुनकर मैंने अपने हाँथ आगे बढाकर दीदी की दोनों चूचियों को कसकर मसलते हुवे हचक हचक कर दीदी की गांड में 10-12 धक्के लगाए और अपना लुंड उनकी गांड से बहार खींच लिया. मैं भी अब कभी भी झाड़ सकता था इसलिए मैंने उनकी गांड से लुंड बहार निकला और थोड़ा तेल दीदी की छूट पर लगाया और अपना लुंड दीदी की छूट पर रखकर दीदी से कहा.

Main-Sochh लो सरिता. एक बार अगर मैंने लुंड तेरी छूट में घुसाया तो जब तक तेरी छूट नहीं फाड़ दूंगा तब तक मैं लुंड बहार नहीं निकलूंगा. बाद में ये मत कहना की मैं जानवर हूँ और बेरहमी से छोड़ता हूँ.

सरिता दी- ठीक है सेल. फाड़ देना मेरी छुटत. मैं चाहे जितना भी चीखु चिल्लाओ. बिलकुल भी मत रुकना. मैंने अपनी छूट आज तेरे नम्म कर दी है. तुझे मेरे साथ जितनी भी दरिंदगी करनी है कर ले ooooooooohhhhhhhhhhh मेरा किसी भी समययी होने वाला हैई अब और देर मत कर फाडड्ड डाल मेरी छूट को. क्यों तड़पा रहा है.

दीदी की बात सुनकर मैं अपने आप से बहार हो गया और एक करारा शॉट मार्कर अपना पूरा लुंड एक hi बार में दीदी की छूट में थोक दिया. दीदी दर्द और मज़े से दोहरी हो गई और बड़बड़ाते हुवे बोलने लगी दीदी के साथ मैं भी बोलने लगा.



सरिता दी- Aaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh mummyyyyyyyyyyyyyyyyy. ऊऊऊऊओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह चूड्डड्ड छोड़ड़ड़ड़ मा के लौड़े. और जोर से छोड़ कुत्ते. मैं तुझसे रूजज छुडवाऊंगीए. और जोर से छोड़ सेल. Aaaaaaaaaaahhhhhhhhhh hhhheeeeeeyyyyyyyyyy हैंण्ण्ण्ण्ण्न मेरिइइइ जांणण फाड्ड्ढड की रक्खह दिए मेरीए छूटत को ाजजजजजज हरामी aaahhhhhhhhhhh oohhhhhhhhhh मैंनं झाड़नी वलियी होओओओ. मैं गयी अभियई सँभाललळ मुझीऐ. Aaaaaaaaaahhhhhhhhh.

मैं- oohhhhhhhhhhhhh सरिता रणीय चू बहुउट्ठ मसस्त्त माल हैई ऊऊह्ह्हह्ह मेरीए जननं मैंन तुझपररर क़ुर्बांनंन होऊ गैय्या हूँ सरिता. टुन्नी तू मुझी अपना दिवांना बना दिया हैई. चू बहुत्त हसींन औरर छुडासीय ही कुटिया. तीरे जैसीई चुड़क्कड़ घोडीई मैंने आजतकक नाहीइ देखी. मादरचोड़द्द रअंदड्डड्ड. तुझी तू मैं नंगी करके पुरे घर्र में दौड़ा दौड़ा कर छोडूंगा. तू लड़की नाहीइ ही सलिई तू स्वर्ग से उतरी हुयी कोई अप्सरा है हैई मेरीए जननं मेरा डीई तू करता हैई की मैं 24 घंटे तेरी छूट में अपना लुंदड़ दिल्ली पड़दा रहूँ बहनचूड्डड्ड. ोोोूंणंन्न मैं गैय्याहा सरिताआआ मैंण्ण्ण्न गयाआ.

इतना बोलकर दीदी और मैं एक साथ झाड़ गए और बीएड पर एक दूसरे के ऊपर सुस्त होकर लेट गए.

इसके आगे की कहानी अगले भाग में.
 
अपडेट-103

झड़ने के बाद कुछ देर मैं दीदी के ऊपर hi पड़ा रहा. थोड़ी देर उनकी ऊपर लेटने के बाद मैं उनकी ऊपर से लुढकर उनकी बगल में लेट गया. मेरे ऊपर से हैट जाने के बाद दीदी भी सीधी लेट गई. और मेरी तरफ देखकर मुस्कुराने लगी. मैं भी दीदी की तरफ देखकर मुस्कुराने लगा. मैंने दीदी की आँखों में देखा तो वह पूर्ण संतुस्ती दिखाई दे रही थी. थोड़ी देर बाद मैं दीदी के ऊपर चढ़ गया और उनको किश करने लगा. दीदी ने जोर देकर मुझे अपने ऊपर से हटाया और कहा.

सरिता दी- बस बहुत हो गया अभी. पिछले 2 घंटे से छोड़ रहा है. मेरे जिस्म से खेल रहा है अभी तेरा मन नहीं भरा.

मैं- क्या बात करती हो सरिता. तुम इतनी गरम जवानी हो की तुम्हे तो मैं 24 घंटे छोड़ सकता हूँ. चलो एक बार और करते है.

सरिता दी- ख़बरदार जो अब मेरे जिस्म को हाँथ लगाया. तूने छोड़ छोड़ कर मेरी छूट और गांड का कबाड़ा कर दिया. तुझे क्या पता की मुझे कितना दर्द हो रहा है. तू तो बस बेरहमी से छोड़ना जनता है. तुझे मेरे दर्द से क्या लेना देना. चाल हैट इधर से और ख़बरदार जो कल दिन भर तूने मुझे छूने की कोशिश भी की तो.

मैं- अच्छा ठिक्क है मेरी मान जैसा तुम कहो, लेकिन ये बताओ गांड मरवाने में मज़ा आया की नहीं.

सरिता दी- तू तो एकदम जानवर है. तूने तो मेरी फाड़ कर रख दी है. पहले मुझे बहुत दर्द हुवा. मेरी तो जान hi निकल गई थी. लेकिन थोड़ी देर बाद बहुत अच्छा लगा. लेकिन अब फिर से थोड़ा थोड़ा दर्द हो रहा है.

Main-pahli बार में ऐसा होता है. अच्छा जाओ फ्रेस होकर आओ और दवा खा लो. तुम्हे आराम मिलेगा.

मेरी बात सुनकर दीदी बाथरूम जाने के लिए बीएड से निचे उतरी, लेकिन चिल्लाते हुवे बीएड पर धड़ाम में गिर गई.

सरिता दी- oooooooooooooohhhhhhhhhhhhh मुम्ममइय्यययययय. मर gaiiiiiiiiii मैंन.

मैं- क्या हुवा दीदी. सब ठिक्क तो है. आप चीची क्यों?

सरिता दी- क्या ख़ाक ठिक्क है. कमीने मैंने मन किया था की मेरी गांड मत मार. लेकिन तुम नहीं मने और मेरी गांड छोड़ छोड़ कर इसके सरे दरवाज़े और खिड़किया सब तोड़ डाला. तूने कोई भी छिड़ नहीं छोड़ा हरामी जिसमे तुमने अपना लुंड न पेला हो और अब पूछह रहा है क्या हुवा दीदी.

ये बोलते हुवे दीदी के चेहरे पर एक दर्द था. मैंने दीदी का हाँथ पकड़कर उन्हें दिलासा देते हुवे कहा.

मैं- अरे दीदी अब जो हो गया वो हो गया. आज तुम्हारी गांड के नसीब में मुझसे छोड़ना लिखा था तो मैंने छोड़ ली और वैसे भी मज़ा तो तुमने भी भरपूर लिया था चुदाई का. और आपने सुना होगा की कुछ पाने के लिए कुछ खोना hi पड़ता है. तो तुमने मज़ा पाने के लिया अपनी गांड की विर्जिनिटी खो दी. पर तुम चिंता मत करो दीदी. चलो मैं आपको बाथरूम ले कर चलता हूँ. तुम फ्रेस होकर पैन किलर खा लो. सुबह तक तुम फिर चुदाई करवाने के लायक हो जाओगी.

सरिता दी- कल अगर तूने मुझे हाँथ भी लगाया तो मैं तेरा मुंह नोच लुंगी. मुझे यहाँ इतना दर्द हो रहा है और तुझे मस्ती सूझ रही है. अब देख क्या रहा है मुझे बाथरूम लेकर चल.

दीदी के कहने के बाद मैंने दीदी को सहारा देकर बाथरूम में ले गया. दीदी ने अपनी छूट और गांड अचे से साफ की. अपना चेहरा धुला और अपने बालो को सही किया. फिर दीदी बहार निकल आई तो मैं भी अंदर जाकर फ्रेश हुवा और दीदी को लेकर कमरे में आ गया और उन्हें बीएड पर बैठकर दीदी को िपिल्ल और पेनकिलर की दवा दी. जिसे दीदी ने खा लिया. उसके बाद दीदी बीएड पर लेट गई. मैं भी आकर दीदी के बगल में लेट गया. दीदी मेरी तरफ सरक कर मुझसे सत्कार लेट गई और मेरे बाले में ऊँगली फिरने लगी. थोड़ी देर बाद जैसे दीदी को कुछ याद आया तो उन्होंने मुझसे पूछा.

सरिता दी- अच्छा अभी. अब मैंने तुम्हारी शर्त भी पूरी कर दी तो मुझे वो दोनों बात बताओ

मैं- कौन सी बात दीदी.

सरिता दी- वही बात जो तूने कहा था की जब मैं अपनी गांड तुझे दूंगी तब तू मुझे बताएगा.

मैं- ऐसी तो कोई बात नहीं थी दीदी. मैंने आपसे झूठ कहा था.

सरिता दी- तूने मुझसे झूठ बोलकर मेरी गांड मांगी थी. तू बहुत बड़ा कमीना है. आज के बाद मुझसे बात करने की कोशिश भी मत करना.

दीदी इतना बोलकर पलट कर दूसरी तरफ मुंह कर के लेट गई. मुझे लगा की शायद अब कुछ ज्यादा hi हो रहा है अउ दीदी गुस्सा भी हो गई हैं तो मैंने उन्हें बताना hi बेहतर समझा और दीदी से कहा.

मैं- क्या हुवा रानी. मुझसे नाराज़ हो. इधर देखो, सुनो तो.

सरिता दी- मुझे परेशां मत करो. सोने दो मुझे.

मैं –अच्छा सुनो. मैं तुमको वो बात बता तो दूंगा, लेकिन शायद तुम वो बात जानकर मुझसे नाराज़ हो जाओगी.

सरिता दी- इतना सबकुछ हम दोनों के बिछ में हो चुक्का है. तुझे अब भी लगता है की मैं तुझसे नाराज़ हो जाउंगी.

मैं- क्योंकि बात hi ऐसी है की शायद आपको लगी की मैंने आपके साथ गलत किया है. इसलिए मैं नहीं बताना छह रह रहा हूँ आपको.

सरिता दी- तुझे अपनी दीदी के ऊपर भरोषा नहीं रहा क्या अब. जिसने अपने जिस्म तुझको दे दिया है वो तुझसे नाराज़ हो सकती है क्या. लेकिन अगर तुझको थोड़ा भी शक है तो मैं तेरी कसम कहती हूँ की मैं तुझसे नाराज़ नहीं होऊंगा.

दीदी की बात सुनकर मैंने अपना मोबाइल उठाया और मीरा वाली ईद ओपन कर दीदी को एक मश्ग भेज दिया.

म- ही सेक्सी.

उधर दीदी के फ़ोन में मश्ग टोन बजा तो दीदी ने अपना फ़ोन उठाकर देखा तो उनके चेहरे पर मुस्कराहट आ गई. तो उन्होंने मश्ग किया.

सरिता दी- हीई कैसी हो तुम

अब मश्ग टोन मेरे मोबाइल में बजा. जिसे दिदिने भी सुना मगर उन्होंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया तो मैंने दीदी से कहा.

मैं- तुम मुझे मश्ग क्यों कर रही हो.

सरिता दी- मैंने तुझे मश्ग क्यों करुँगी. मैंने तो मीरा को मश्ग किया है.

मैं- लेकिन मश्ग मेरे मोबाइल पर आया है.

इतना कहकर मैंने अपना मोबाइल दीदी को पकड़ा दिया. दीदी ने मोबाइल लेकर जैसे hi मश्ग देखा. दीदी की आँखे फटी की फटी रह गई. वो स्क्रीन ड्रैग कर देखने लगी. जैसे जैसे दीदी स्क्रीन ड्रैग करती जा रही थी वैसे वैसे दीदी की आँखे फैलती जा रही थी और उनके चेहरे के भाव बदलते जा रहे थे. दीदी फटी फटी आँखों से कभी मेरी तरफ देखती तो कभी मोबाइल की स्कीन में. दीदी को अपनी आँखों पर विश्वास नहीं हो रहा था की वह जो देख रही हैं वो सही है. दीदी तुरंत उछलकर बीएड पर बैठ गई और एक जोर का थप्पड़ मेरे गाल पर जड़ दिया मुझे देखते हुवे गुस्से से कहा.

सरिता दी- ये सब क्या है अभी. तू इतना कमीना कैसे हो सकता है. तूने अपनी hi बहन को मनुपलते किया. ऐसा क्यों किया तुमने अभी.

मैं अपना सर झुकाये एक मुजरिम की भांति दीदी के सामने खड़ा रहा. मैं चाहता तो दीदी को भी एक थप्पड़ लगा सकता था क्योंकि अगर मैं गलत था तो दीदी मुझसे भी ज्यादा गलत थी. लेकिन मैं अभी बात को बिगड़ना नहीं चाहता था. मैं दीदी को समझकर वापस उनका मूड ठिक्क करना चाहता था. मेरे कुछ न बोलने पर सरिता दी ने मुझे झिझोड़ते हुवे फिर पूछा.

सरिता दी- मैंने तुझसे कुछ पूछ रही हूँ. जवाब क्यों नहीं देता.

मैं- अब क्या जवाब दूँ मैं. इसीलिए मैं नहीं बता रहा था. लेकिन आप नाराज़ हो गई और मेरी कसम भी खाई की मुझसे नाराज़ नहीं होंगी आप. इसलिए मैंने बताया आपको. मैं चाहता तो ये बात आपसे छुपा सकता था. आपको साडी ज़िन्दगी इस बात का पता नहीं चलता की वो मीरा बैंकर मैं hi आपसे बात करता था. लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया. क्योंकि मुझे लगता था की आपको अब सब सच बता देना चाहिए. अगर इसके बाद भी आपको लगता है की गलती सिर्फ मेरी hi है तो मैं अपनी गलती मंटा हूँ. जिसके लिए मैं आपसे माफ़ी मांगता हूँ और मुझसे एक गलती ये भी हो गयी जो मैंने आपको सच बताया. इन सब के लिए मैं आपसे माफी मांगता हूँ. अब मैं कभी भी आपके पास नहीं आऊंगा. (ये कन्वर्सेशन बहुत बड़ा है. मतलब थोड़ी नाराजगी भरा. इसलिए मैं पूरा कन्वर्सेशन नहीं लिख रही हूँ, क्योंकि इस नाराज़गी भरे कन्वर्सेशन में काम से काम 3 अपडेट लिखने पड़ेंगे. जिससे कहानी ज्यादा लम्बी हो जाएगी, इसलिए इन शार्ट में इस कन्वर्सेशन को ख़तम करती हूँ और कहानी को आगे लिखती हूँ)

इतना कहकर मैं दीदी के हाँथ से अपना मोबाइल लेकर उनके कमरे से बहार चला गया और निचे जाकर सोफे पर लेट गया और सोचने लगा की शायद मैंने ये राज़ ओपन करके गलती कर दी है. लेकिन जो भी था आज नहीं तो कल दीदी को बताना hi था, और मुझे ये भी पता था की दीदी ज्यादा दिन मुझसे नाराज़ नहीं रह सकती. क्योंकि उनकी छूट की आगे उन्हें खींचकर मेरे निचे ले आती. लेते लेते मुझे लगभग आधा हॉर्स हो गए थे और मुझे हलकी हलकी नींद भी आ रही थी. की तभी सरिता दीदी लंगड़ाते हुवे मुझे आवाज़ देती आ रही थी. जब मैंने आँखे खोलकर देखा तो दीदी सीढ़ियों से निचे उतर रही थी. मुझे दर लगा की कही दीदी सीढ़ियों से गिर न जाये. इसलिए मैं दौड़कर दीदी के पास गया और उन्हें पकड़कर सहारा देकर निचे उतारकर सोफे पर लेकर बैठा दिया और उनसे कहा.

मैं- ये सब क्या है दीदी. तुमको निचे नहीं आना चाहिए था. ठीक से चल भी नहीं प् रही. तुम गिर जाती तो.

इतना कहकर मैं दूसरे सोफे पर जाकर लेट गया. जब मैं थोड़ी देर कुछ नहीं बोलै तो दीदी ने कहा.

सरिता दी- अभी. नाराज़ हो क्या मुझसे.

मैंने दीदी की बातो का कोई जवाब नहीं दिया तो दीदी ने फिर पूछा.

सरिता दी- अभी. बोल न मुझसे नाराज़ हो क्या?

मैं- भला मैं क्यों आपसे नाराज़ होऊंगा दीदी. गलती मेरी है तो नाराज़ आपको होना चाहिए.

इतना कहकर मैं फिर चुप हो गया. कुछ देर बाद दीदी ने एकदम सॉफ्ट वौइस् में कहा.

सरिता दी- अभी. तुमने मेरी बातो का जवाब नहीं दिया अभी तक.

मैं- क्या जवाब दूँ मैं आपको. मैं फिर कुछ बोलूंगा तो आप फिर नाराज़ हो जाओगी.

सरिता दी- अच्छा तू बता. मैं नाराज़ नहीं होउंगी. तेरे सर की कसम.

मैं- ऊपर भी आपने मेरी झूठी कसम खाई थी. अपने मेरी झूठी कसम खाई है. ज्यादा से ज्यादा क्या होगा मैं मर जाऊंगा बस इतना hi न.

मेरी बात सुनकर दीदी तुरंत सोफे से उठी और मेरी तरफ लंगड़ा कर आने लगी और मेरे पास आकर जमीन में मेरे सर के पास बैठ गई. दीदी ने मेरे सर पर अपना हाँथ रख दिया और मेरे बालो में उंगलिया फेरते हुवे बोली.

सरिता दी- कैसी बात करता है अभी. मरे तेरे दुसमन. मैं तुझसे नाराज़ थी. लेकिन अब नहीं हूँ. मुझे पूरी बात जानना है की तुमने ऐसा क्यों किया. मैं सच में अब नाराज़ नहीं होउंगी.

मैं- अच्छा ठीक है बताता हूँ. आपको याद है की जब नताशा मुझे छोड़कर जा रही थी तो मैंने आपसे गलत लैंग्वेज में बात की थी उसके बाद मैं बहार गया और अपने दोस्तों के साथ बैठा तो उन्होंने हफ्ते-10 दिन में मेरे दिमाग में भाई बहन की चुदाई की इतनी ज्यादा बाटे भर दी थी की मेरा मन भी इस तरफ घूमने लगा. और नताशा के जाने के बाद मुझे एक लड़की की जरूरत महसूस होने लगी तो मैंने सोचा की आप पर hi थोड़ा तरय करो शायद मुझे आपकी hi छूट मिल जाये.

सरिता di(mujhe बिच में hi रोककर)- मुझपर hi क्यों. घर में मेरे अलावा सविता दी और मनीषा भी तो थी.

मैं- पहले मेरी पूरी बात तो सुन लो. इसका जवाब भी बाद में दूंगा. हाँ तो मैं भाई बहन की गन्दी गन्दी कहानिया पढ़कर आपको पटाने के लिए उसमे से hi आईडिया निकल कर मीरा नाम से फब पर फेक ईद banai.aur आपको रक्स्ट भेजी. लेकिन आपने जब 1हफ्ते रक्स्ट एक्सेप्ट नहीं की तो मैंने आपकी तरफ से अपना मन बदल लिया था. लेकिन अगले दिन अपने मेरी रक्स्ट एक्सेप्ट की तो मैं फिर से आप पर तरय करने का सोचा. आपको याद है एक दिन आप जीजा से बात करने के लिए छत पर आई थी तो मैं जग गया था और आपकी बाते और सब कुछ देखा और सुना था.

सरिता दी( मुंह खोलकर) तो तुमने मुझे तुम्हरे जीजा को ब्रा में चूचिया दिखते हुवे भी देखा था.

मैं- हाँ देखा था. उसके बाद अगले दिन मैं तुम्हारे कमरे की खिड़की से तुमको देखा और तुम्हारी बाते भी सुनी. उस दिन मैंने तुम्हारी चूचिया नंगी देखि थी. तुम्हारी बात सुनकर मुझे लगा की तुम जवानी की आग में जल रही हो. लेकिन जब तुम्हारी शादी पोस्टपोन हुई तो उस दौरान 4-5 दिन मेरे मन में तुम्हारे लिए कोई गलत विचार नहीं आया, लेकिन जब तुमने मीरा वाली ईद पर कहा की तुम्हारी चुदाई का सपना अधूरा रह गया तो मैंने सोचा की यही मौका है. शायद मेरा काम बन जाये. इसीलिए मैंने तुम्हे भाई बहन वाली कहानियो का लिंक और कहानिया भेजी. लेकिन तुम्हारा उस समय नाराज़ हो जाने और 3-4 दिन बात न करने से मुझे लगा की शायद तुमको मैं नहीं पता पाउँगा. लेकिन जब तुम्हारा फिर से मश्ग आया तो मुझे लगा. बहुत जल्द मैं तुमको छोड़ने में सफल हो जाऊंगा.

सरिता di(ek मिनट)- मैंने तुन्हे जब तुम्हारे कमरे से वापस आने के बाद तुमसे बोलै था की मैं अभी जाकर तुमसे छुड़वा लून तो तुमने मन क्यों कर दिया था. ये जानते हुवे भी की मैं तुमसे छुड़वाना चाहती हूँ तुमने इतना नाटक क्यों किया.

मैं- ये बहुत जरूरी था दीदी. अब तुम्ही देखो. दो दिन से मैं तुमको छोड़ रहा हूँ. तुम्हारे हर छेड़ में मैंने लुंड दाल चुक्का हूँ और तुम बोल रही हो की तुमको बहुत अच्छा भी लगा. लेकिन जैसे hi मैंने मेरे वाली ईद के बारे में बताया तुम नाराज़ हो गई. इसलिए मैंने उस समय तुमको रोका था. मुझे मालूम था की तुम अभी जोश में बोल रही हो और हो सकता था की तुम जवानी की आग के कारन मुझसे छुड़वा भी लेती. लेकिन आग ठंडी होने के बाद क्या. तुम कोई गलत कदम भी उठा सकती थी. और मैं तुमको केवल एक बार नहीं छोड़ना चाहता था. बल्कि मैं तुमको साडी ज़िन्दगी छोड़ना चाहता था. इसलिए मैंने मन किया. उसके बाद का तो तुमको सब पता hi है.

इतना कहकर मैं शांत हो गया और दीदी की तरफ देखने लगा. दीदी भी मेरी hi तरफ देख रही थी. मैंने सोफे पर लेता हुवा था और दीदी मेरे सर के पास जमीन में बैठी हुई थी. दीदी ने मेरी तरफ देखते हुवे कहा.

सरिता दी- वैसे मानना पड़ेगा तेरे प्लान को. कितना अचे से तूने मुझे मोहरा बनाकर अपनी चाल चली और मैं उसमे फस्ती चली गई. मुझे तनिकक भी आभास नहीं हुआ की मैं अपने दिल की हर बात अपनी हर एक इच्छा अपने hi भाई के साथ शेयर कर रही हूँ.

दीदी की बात सुनकर मैं मुस्कुराने लगा तो दीदी ने आगे कहना शुरू किया.

सरिता दी- वैसे तू है तो बहुत बड़ा कमीना. तुमने तो प्लान बनाकर अपनी बहन को hi चूड दिया. इतने दिन तो मैं इस भ्रम में थी की मैंने तुझे अपना अध्नंगा जिस्म दिखाकर तुझे अपनी तरफ आकर्षित किया है. तुझे मैंने सडके किया है. मैंने तुझे इतना मज़बूर कर दिया की तू मुझे चोदे बिना न रह रेक. लेकिन तू तो मुझसे भी बड़ा खिलाडी निकला. तूने खुद अपनी दीदी को अपना अधनंगा जिस्म दिखने के लिए उकसाया. तूने मुझसे खुद को सडके करवाया. और मुझसे अपने आप को मजबूर करवाया. मुझे छोड़ने के लिए. मन गए तुझको.

मैं- अब क्या करू दीदी. जब बहन इतनी ज्यादा गरम हो जाये की उसके बहार छुड़वाने का खतरा दिखने लगे तो उसके बहार छोड़ने से पहले हर भाई को अपनी बहन को रगड़कर छोड़ देना चाहिए. वही मैंने भी किया. मेरी नज़र तो पहले से hi तुमपर थी. लेकिन तुम खुद hi कटी पतंग की तरह मेरे लुंड पर आकर बैठ गई.

सरिता दी- मैं नहीं बैठ. तूने मुझे बैठने के लिए मजबूर किया.

मैं- चलो मान लेते हैं मैंने hi तुमको मजबूर किया अपने लुंड पर बैठने के लिए. लेकिन सच सच बताना. तुमको मज़ा तो बहुत आया होगा मेरे लुंड पर बैठने पर.

अभी मैंने इतना hi कहा था की दीदी के जोर का थप्पड़ मेरे दोनों गलो पर रसीद कर दिया. मैं उनकी तरफ देखकर अपने गाल सहलाता हुवा बोलै.

मैं- अब मैंने क्या किया. जो थप्पड़ मारा.

सरिता di-pahla थप्पड़ इसलिए था की तुमने मुझे धोखा देकर छुड़वाने पर मज़बूर किया और दूसरा थप्पड़ इसलिए था की जब तुझको पता था की मैं तुझसे छुड़वाने के लिए इतनी तड़प रही हूँ तो तुमने मुझको छोड़ने में इतनी देरी क्यों की.

दीदी की बात सुनकर मैं हंसने लगा और दीदी भी अपने कण पकड़कर सॉरी का इशारा करते हुवे मुस्कुराने लगी.



इसके आगे की कहानी अगले भाग में.
 
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