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उस दिन रवि खेतो में hi पूरा दिन गुजरता है और रेखा hi उसे खाना देने जाती है और झोपडी में अपनी दीदी की चुदाई करते हुए रवि अपनी दीदी के साथ आगे का प्लान बनता है
और उसी रात खाने के बाद रेखा प्लान के मुताबिक सबको एक साथ सोने के लिए बोलती है
रेखा की इस बात से कम्मो को थोड़ा सा दुःख होता है की आज रात वो अपने भाई का लुंड नहीं ले पायेगी
रवि को तो सब बाटे पहले से hi मालूम थी
सब प्लान के साथ साथ चल रहा था
बिस्तर लगते hi रेखा टपक से केशव के बगल में लेट जाती है
रेखा - अब तो मैं भैय्या के साथ hi सोया करुँगी कहे कुछ भी हो क्यों भैय्या
केशव अपनी बेहेन के बालो को सहलाता हुआ बोलता है
केशव - तुझे मना किया है क्या किसीने मेरे पास सोने से झा तेरी मर्ज़ी हो वह सो जाना बेहेन समझी
मल्टी केशव के दूसरी और लेट जाती है और बड़े hi मादक अंदाज में अपने देवर को आवाज लगती है
मल्टी - देवर जी अरे ोू देवरर जी
रवि - हां भाभी बोलो
मल्टी - देखो आपकी बेहेन अपने भैय्या के पास सो रही है तो क्यों न आज आप मेरे साथ सो जाओ
इतना बोलती हुई मल्टी केशव की और देखती है और इतराती हुई हलकी सी मुस्कान देती है
केशव इतना भी भोला नहीं था वो अपनी बीवी के इरादे भाप चूका था पर अब इन सब बातो से उसे कोई फरक नहीं पड़ता था कहे जो भी हो
रेखा - अरे रवि इतनी प्यार से बुला रही है तेरी भाभी तुझे जा सजा आज उनके साथ hi
रवि मल्टी की दूसरी और जाकर लेत जाता है
रेखा तो अब तक अपने भाई से चिपक चुकी थी
रेखा के बगल में बुआ और फिर लास्ट में कम्मो थी
मल्टी रेखा की हरकतों को देख कर अंदर hi अंदर उसे गालिया दे एही थी
मल्टी होना हाथ पीछे ले जाती हुई अपने देवर का हाथ पकड़ कर खुद hi अपने पेट पर रख देती है
रवि को तो बस इशारे का इन्तजार था जैसे hi मल्टी उसला हाथ आगे की और खींचती है वो अपने पुरे शरीर को आगे की और सरका देता है और देखते hi देखते रवि का खड़ा लुंड मल्टी की गांड में घुसने लगता है
अभी मल्टी ने सिर्फ एक पेटीकोट और ब्लाउज hi पहना हुआ था और रेखा का भी वही पहनावा था
लेते हुए अभी 5 मिंट hi हुए होंगे तब तक रेखा ने केशव का पायजामा निचे सरका दिया
काममो तो अपनी आदत के मुताबिक लेटते hi नींद में चली गयी थी
बुआ लेती लेती यही सोच रही थी की शायद आज रेखा और केशव के बिच कुछ नहीं होगा पर जल्द hi बुआ की सोच गलत साबित होने वाली थी ....
आगे की कहानी जल्दी hi
उस दिन रवि खेतो में hi पूरा दिन गुजरता है और रेखा hi उसे खाना देने जाती है और झोपडी में अपनी दीदी की चुदाई करते हुए रवि अपनी दीदी के साथ आगे का प्लान बनता है
और उसी रात खाने के बाद रेखा प्लान के मुताबिक सबको एक साथ सोने के लिए बोलती है
रेखा की इस बात से कम्मो को थोड़ा सा दुःख होता है की आज रात वो अपने भाई का लुंड नहीं ले पायेगी
रवि को तो सब बाटे पहले से hi मालूम थी
सब प्लान के साथ साथ चल रहा था
बिस्तर लगते hi रेखा टपक से केशव के बगल में लेट जाती है
रेखा - अब तो मैं भैय्या के साथ hi सोया करुँगी कहे कुछ भी हो क्यों भैय्या
केशव अपनी बेहेन के बालो को सहलाता हुआ बोलता है
केशव - तुझे मना किया है क्या किसीने मेरे पास सोने से झा तेरी मर्ज़ी हो वह सो जाना बेहेन समझी
मल्टी केशव के दूसरी और लेट जाती है और बड़े hi मादक अंदाज में अपने देवर को आवाज लगती है
मल्टी - देवर जी अरे ोू देवरर जी
रवि - हां भाभी बोलो
मल्टी - देखो आपकी बेहेन अपने भैय्या के पास सो रही है तो क्यों न आज आप मेरे साथ सो जाओ
इतना बोलती हुई मल्टी केशव की और देखती है और इतराती हुई हलकी सी मुस्कान देती है
केशव इतना भी भोला नहीं था वो अपनी बीवी के इरादे भाप चूका था पर अब इन सब बातो से उसे कोई फरक नहीं पड़ता था कहे जो भी हो
रेखा - अरे रवि इतनी प्यार से बुला रही है तेरी भाभी तुझे जा सजा आज उनके साथ hi
रवि मल्टी की दूसरी और जाकर लेत जाता है
रेखा तो अब तक अपने भाई से चिपक चुकी थी
रेखा के बगल में बुआ और फिर लास्ट में कम्मो थी
मल्टी रेखा की हरकतों को देख कर अंदर hi अंदर उसे गालिया दे एही थी
मल्टी होना हाथ पीछे ले जाती हुई अपने देवर का हाथ पकड़ कर खुद hi अपने पेट पर रख देती है
रवि को तो बस इशारे का इन्तजार था जैसे hi मल्टी उसला हाथ आगे की और खींचती है वो अपने पुरे शरीर को आगे की और सरका देता है और देखते hi देखते रवि का खड़ा लुंड मल्टी की गांड में घुसने लगता है
अभी मल्टी ने सिर्फ एक पेटीकोट और ब्लाउज hi पहना हुआ था और रेखा का भी वही पहनावा था
लेते हुए अभी 5 मिंट hi हुए होंगे तब तक रेखा ने केशव का पायजामा निचे सरका दिया
काममो तो अपनी आदत के मुताबिक लेटते hi नींद में चली गयी थी
बुआ लेती लेती यही सोच रही थी की शायद आज रेखा और केशव के बिच कुछ नहीं होगा पर जल्द hi बुआ की सोच गलत साबित होने वाली थी ....
आगे की कहानी जल्दी hi