Incest Sex Story - Ghar (ulajhte riste) - Page 33 - SexBaba
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Incest Sex Story - Ghar (ulajhte riste)

अपडेट -301

जैसे hi रवि सलमा के घर में दाखिल होता है लेले उससे कास कर चिपक जाती है

रवि आस पास नजरे दौड़ता है पर सलमा वह नहीं थी

रवि- भाभी तुम्हारी सास खा गयी

लेले - वो बहार गयी है कुछ समय बाद आएंगी

लेले अपने सर को रवि की छाती से लगाए हुए hi बोलती है

लैली ने इस समय सिर्फ एक बुरखा डाला हुआ था जो इतना पतला था की उसके चुने भर से रवि को अहसास हो गया था की लेले अंदर से बिलकुल नंगी है

लैली - मेने कितना इन्तजार किया आज तुम्हारा

रवि- पर अब तो में आ गया न

लेले - हम्म आ तो गए हो पर फिर चले जाओगे न

रवि - तो आप क्या कहती है की में हमेशा आपके पास राहु

लेले - हम्म्म में ऐसा hi चाहती हु की हमेशा तुम्हारी बहो में राहु दिन रात तुम्हारी बहो में hi कटे मेरा

रवि - तो फिर आपके पति का क्या होगा भाभी

लेले - उसका मुझे नहीं पता पर में इतना जरूर जानती हु की औरत होने का अहसास अब तुम्हारे साथ मुझे हुआ है नहीं तो मेने आज तक ऐसा कभी कुछ खास महसूस नहीं किया था मेरे पति तो सिर्फ नाम के मर्द है असली मर्दानगी तो तुमने मुझे दिखाई है जिसके बाद से में तुम्हारी दीवानी हो गयी हु

रवि - वो तो ठीक है भाभी जान पर एक बार तो बताओ आपको मेरी दीदी और मेरे बारे में किसने बताया

लेले - अम्मी ने बताया था पर में सच कहती हु की मुझे तुम्हारे और तुम्हारी दीदी के इस रिश्ते से कोई भी परेशानी नहीं है बल्कि में तो खुद कहती हु की तुम मुझे भी अपनी बेहेन की तरह hi प्यार करो ताकि में भी वो प्यार पाना साखू जो एक बेहेन को भाई से मिल सकता है और दुनिया में शायद hi एक औरत को उसके भाई से बढ़ कर कोई प्यार कर सकता है

रवि - अच्छा तो ये बात है आपको भी वही प्यार चाहिए जो में अपनी दीदी को देता हु पर सोच लो भाभी इस प्यार को पाने के लिए आपको भरी कीमत चुकानी पड़ेगी

लेले - अब कहे मुझे कोई भी कीमत चुकानी पड़े पर उस अहसास को महसूस करने के लिए में किसी भी हद्द तक्क जा सकती हु

रवि - अच्छा तो ठीक है पर इससे पहले मुझे आपका इम्तेहान लेना पड़ेगा अगर आप उसमे पास हो गयी तो फिर में पक्का आपको भी उसी तरह से प्यार करूँगा जैसा की में अपनी दीदी को करता हु

रवि- पर एक बार और बता देता हु कीमत चुकानी पड़ेगी

लैली - अब तुम्हारी मर्ज़ी कहे अपनी इस भाभी से जो कीमत वसूल करलो बस प्यार में कोई कमी मत रखना औरत होने के सुख का असली अहसास तुमने hi कराया है और में कहती हु की मेरे अंदर की इस औरत को पूरी तरह से औरत भी तुम hi बना कहे आगे जो भी हो

रवि- में तो बस इतना बोल रहा हु की तुम जैसे परदे में रहने वाली औरत के लिए कहि वो सब करना मुश्किल न हो जाये

रवि लेले के बुरखे को ऊपर उठता हुआ उसकी ठुड्डी पकड़ कर उसकी आँखों में देखने लगता है

जिस लैली की आँखों में कभी रवि को शर्म दिखा करती थी उसमे आज उसे हवस दिख रही थी

लेले - बस एक बार अपनी इस भाभी को आजमा कर देख लो अगर में अपने इस इम्तेहान में फ़ैल हुई तो कभी अपना मुँह नहीं दिखाउंगी

बस तुम एक बार हुकुम तो करो फिर देखना तुम्हारी भाभी किसी से काम प्यार नहीं देगी तुमको

रवि - वो तो ठीक है पर बेहेन जैसा प्यार पाने के लिए बेहेन बनना पड़ेगा और मुझे आपको बेहेन बनाने के लिए उससे भी पहले बहुत कुछ बनाना पड़ेगा

लेले अपने हाथो से रवि की धोती खोलती हुई उसका लुंड थम लेती है और अपनी रसीली आँखो से रवि की आँखों में झक्ति हुई उसके लौड़े से खेलने लगती है

रवि - अह्ह्ह भाभी कितने नरम हाथ है तुम्हारे में खुद भी कहता हु की तुम मेरी दीदी बनो ताकि में अपनी दीदी बना कर तुम्हे प्यार दे साखू पर में मजबूर हु भाभी उससे पहले मुझे आपको कुछ और बनाना पड़ेगा ताकि में देख साखू की क्या आप उस काबिल हो जो में आपको दीदी बना कर प्यार कर साखू

लेले - तुम एक बार हुकुम तो करो ना फिर देखो

रवि - तो ठीक है अगर आप यही कहती है तो यही सही अब आपकी परीक्षा शुरू होती है

पहले तो रवि जी भर कर लेले के होठो को चूमता है उनपर लगी लाल सूखा लिपस्टिक लेले के चेहरे पर चार चाँद लगा रही थी

रवि जी भर कर लेले के होठो कर रास पिता है इससे लेले की प्यास और बढ़ चुकी थी अंतत में रवि लेले के कंधो को पकड़ कर निचे की और दबाता है

लेले अब अपने घुटनो के बल बैठी थी सामने रवि का लुंड था जिसे इतनी पास से देख कर उसकी प्यास और बढ़ गयी थी

लेले एक नजर लुंड को ताड़ती हुई उसके सुपडे को चुम लेती है

रवि - भाभी अब आपको इसे इस तरह प्यार करना होगा जैसा दुनिया में ये ाअखिरी लौड़ा है

लेले - मेरे लिए तो यही आखिरी है मुझे नहीं लगता की में इस जैसा लुंड फिर कभी अपनी जिंदगी में देख पाऊँगी

रवि - एक बात ध्यान से सुनो अगर पूरा प्यार चाहिए तो मेरी हर बात माननी पड़ेगी में जो कहु जब कहु करना पड़ेगा में जब साहू झा साहू वह तुम्हे छोडूंगा और तुम्हे बिना किसी सवाल जवाब के मेरे लौड़े की प्यास बुझनी पड़ेगी बिलकुल एक रंडी की तरह बिना किसी सवाल जवाब के

लेले को तो सिर्फ और सिर्फ लुंड चाहिए था जिसके लिए वो किसी भी हद्द तक जाने को तैयार थी

लेले - हम्म ठीक है मेरे मालिक आज से में आपकी रंडी हु और हमेशा hi इस हलब्बी लौड़े की इबादत करती हुई इससे चुदवाती रहूंगी कहे बारिश हो या धुप हो जब जब ये खड़ा होगा मेरा फ़र्ज़ है इसे अपनी छूट में घुसा कर प्यार देना और इसकी प्यास बुझाना

रवि - अह्ह्ह भाभी तुमने तो मेरा दिल खुस कर दिया मेरी रंडी भाभी आज छोड़ छोड़ कर में तुझे अपनी रखैल का दर्जा दूंगा ताकि टारे जिस्म की प्यास अच्छे से बुझा साखू

लैली - हां मी मालिक मुझे अपनी रंडी रखैल सब बनाइये

बस मेरे इस जिस्म को जी भर कर प्यार दीजिये ताकि उसे भी पता लगे की औरत होने का सुख क्या होता है

रवि अपने हाथो से लेले के रसीले लाल होठो को मसलता हुआ उसकी आँखों में देखता हुआ अपना लुंड आगे बढ़ता है

लैली - अहह मेरे मालिक क्या हलब्बी लौड़ा है आपका मेरी खुश्किस्मती है की ये मेरे सामने है और में इसके साथ खेल पास रही हु

रवि - अभी तो तुम देखती जाओ मेरी प्यारी लेले बेगम छोड़ छोड़ कर इतना मजा दूंगा की तुम जीवन भर नहीं भूल पाओगी

पर पहले मेरा लौड़ा चूस कर तो दिखाओ की इस रंडी के हौसले कितने बुलंद है

लैली बिना देर किये 2-3 बार चूमती हुई रवि का लौड़ा अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर देती है

लेले के लिए इतना बड़ा लुंड चूसना मुश्किल था पर हौसले उसके बुलंद थे वो अपने दर्द को किनारे करती हुई आधे से ज्यादा लुंड मुँह में भर कर चूसने लगती है

उसके होठो पर लगी लाल लिपस्टिक अब रवि के आधे से ज्यादा लुंड को लाल कर चुकी थी जिससे उसकी चमक और भी बढ़ गयी थी

इधर रवि को भी काफी मजा आ रहा था मनो लेले के जिस्म की गर्मी उसके मुँह और थूक में उतर आयी थी

रवि बिना किसी जबरदस्ती के सिर्फ लेले के बालो को सेहला रहा था

लेले के मुँह से थूक निचे गिर रहा था

कुछ देर बाद रवि लेले को पकड़ कर ऊपर उठता है और बिना देर किये उसके रसीले थूक को पिने लगता है

लेले भी अब रणदीपाने पर उतर रही थी वो समझ चुकी थी रवि को क्या पसंद है और उसे कैसे रिझाया जा सकता है

बिच बिच में लेले अपने पुरे मुँह को खोल कर रवि के मुँह से भिड़ा देती इधर रवि भी पागलो की तरह उसका मुँह चूस रहा था

लेले - कैसा लगा मेरे मालिक को

रवि - खुल कर बोल मेरी जान लेले शर्म कर कर नहीं तो रंडी कैसे बनेगी मेरी जान

लेले - कैसी लगी अपनी इस रखैल की मुँह चूसै मेरे मालिक को

रवि - अहह मजा आए गया मेरी जान तूने तो पहली बार में hi मेरा दिल जीत लिया

चल अब में भी तो तेरे छेड़ो को देख लू जरा कितना पानी गिरा चुकी है अब तक्क...
 
अपडेट -302

लैली को अपनी गॉड में उठा कर रवि सीधा उसके कमरे में ले जाता है और उसके होठो को चुस्त हुआ उसके बुरखे को उसकी जिस्म से अलग कर देता है

लैली काफी गोरी थी जिस वजह से उसका मांसल गदराया जिस्म अलग hi चमक रहा था

रवि 2 कदम पीछे हटाता हुआ जी भर कर लेले को देखता है

लैली शर्म के मरे अपना चाँद सा मुखड़ा झुका लेती है

रवि - अहह मेरी जान मेरी बेगम कितना शर्माती है तू भूल गयी तूने मुझे क्या वडा किया था

लैली - में बिलकुल नहीं भूली हु मेरे मालिक आपकी रखैल आपकी बात कैसे भूल सकती है

रवि - अब तो बस तुझे घोड़ी बना कर छोड़ने का मन कर रहा है मेरा

लेले रवि की बात सुनते hi तुरंत बीएड पर झुकती हुई अपनी गांड बहार को निकल देती है

रवि की नजरो के सामने अब लेले की छूट और गांड थी

उसके फैले हुए चूतड़ इस कदर फ़ैल गए थे की बिच की घाटी और भी कामुक लग रही थी

रवि - मेरी जान तुझे इस तरह झुका हुआ देख कर तो अब मुझे लग रहा है की तुझे घोड़ी से ज्यादा मजा तो कुटिया बना कर छोड़ने में आएगा अहह क्या गांड है साली तेरी

चटक्क चटक्क

एक के बाद एक कई सरे थप्पड़ रवि लेले की गांड पर बरसा देता है

लेले को दर्द से ज्यादा मजा आ रहा था देखते hi देखते उसके गोर गोर चूतड़ लाल हो जाते है

लेले अपनी कमर को थोड़ा झुकाती हुई गांड और बहार को निकल देती है और अपनी टैंगो को भी थोड़ा फैला देती है

लैली - लीजिये मालिक बन गयी आपकी रखैल कुटिया अब छोड़िये ना अपनी रंडी को और बना लीजिये अपनी दीदी

रवि - बड़ी जल्दी है रे तुजे दीदी बनाने की तू चिंता मत कर बस एक बार तेरी ये छूट का भोसड़ा बना दू उसके बाद रोज इसी तरह छोडूंगा दिन रात वो भी दीदी बना कर

इतना बोलता हुआ रवि लेले के दोनों चूतड़ फैलता हुआ उसकी गांड का छेद चाटने लगता है

ये सब लेले के लिए न्य था पर मजा उसे काफी आ रहा था

लेले - अह्ह्ह मालिक मेरी बुरर्र निचे ही अह्ह्ह वो गन्दी जगह है मालिक वह से में संदाद करती हु

रवि - अह्ह्ह मेरी जान तेरे शरीर में गांड जगह कोई हो hi नहीं सकती देख तो जरा इस छेद को ये तो तेरी बुरर्र से भी ज्यादा खूबसूरत है

रवि अपनी उंगली गांड पर फिरता हुआ उसे अंदर दबाने लगता है

लेले - अह्ह्ह मालिक वो जगह बहुत छोटी है हमारे मजहब में वह कुछ नहीं करते उसे गन्दा मन जाता है

रवि - मेरी जान जिस जगह को गन्दा बोलते है न उसी जगह से होकर जन्नत का दरवाजा खुलता है और आज मेरी तेरी इस जन्नत का दरवाजा अपने इस हॉलबी लौड़े से खोलूंगा

लेले समझ गयी थी की उसे आज पानी गांड की क़ुरबानी देनी पड़ेगी बिना किसी परवाह के लैली अपनी कमर को थोड़ा और झुकाती हुई गांड को बहार की और निकल देती है

लेले - अहह रवि तुम्हारी ऊँगली मेरी गांड के छेद में है अह्हह्ह्ह्ह कैसे घुसस्स गयी अह्ह्ह अम्मी कितना सुकून मिल रहा है सच में इस छेद से भी जन्नत देखि जा सकती है क्या

रवि अपने दूसरे हाथ की 2 उंगलिया लेले की छूट में पेल देता है

अब तो लैली को दोगुना मजा मिल रहा था

रवि - तुम देखती जाओ भाभी में तुम्हे तुम्हारे हर एक छेद से जन्नत दिखाऊंगा

रवि अपनी उंगलियों को बहार निकलता हुआ लेले की गांड से लेकर छूट तक्क सब जगह चाटने लगता है बिच बिच में वो लेले के चूतड़ों पर थप्पड़ भी जड़ देता जिसके दर्द से लेले बिलकुल उठती

और चादर को अपने दोनों हाथो में दबाये हुए उस दर्द भरे लम्हे का लुफ्त उठती जिसमे उसे दर्द से ज्यादा मजा आ रहा था

करीब 10 मिंट तक रवि लेले की छूट और गांड चाटता है अंतत में लेले का जिस्म उस तूफ़ान को संभाल नहीं पता जो बहार आने वाला था

लेले का जिस्म कम्पनी लगता है उसकी छूट से पेशाब के साथ साथ सफेद गधा पानी गिरने लगता है

रवि अपना काम जारी रखते हुए सारा का सारा पानी छत्त कर जाता है

जैसे hi रवि लेले की कमर को छोड़ता है और आगे की तरफ बीएड पर गिर जाती है

अगले hi पल रवि उसकी कमर थमता हुआ उसे वापस से कुटिया बनता हुआ स्टॉक से अपना लुंड उसकी गरम गीली बुर्र में घुसा देता है

लैली का जिस्म अब भी काँप रहा था इधर रवि सटासट धक्के मरता हुआ उसे छोड़ना शुरू कर चूका था

लैली - हैए अम्मी मर्डर गयी अह्ह्ह रावी कितना मोटा हलब्बी लौड़ा है तुम्हारा जरा भी परवाह नहीं की अपनी दीदी की एक बम्हउ बार में पूरा लौड़ा मेरी बुर्र में उतार दिया अह्ह्ह कब से इस पल का इन्तजार कर रही थी में अह्ह्ह मेरे मालिक अह्ह्ह्हह छोड़ू मुझे बना लो छोड़ छोड़ कर मुझे अपनी रखैल अह्ह्ह्ह मेरे मालिक अपनी रंडी की बुर्र छोड़ छोड़ कर इसका भोसड़ा बना दो ताकि अगली बार से ये बिना दर्द दिए मजा दे सखे

आज मेने देख लिया की जब एक परदे में रहने वाली औरत को चुदाई का चस्का लग जाये तो वो एक वैस्य को भी पछाड़ सकती है

लैली - में सिर्फ आपकी वैस्य हु मेरे मालिक आप आपकी मर्ज़ी है मुझे कैसे रखो कैसे छोड़ो बस छोड़ते रहू अह्ह्ह

रवि - मुझे तो तेरी गांड का ढक्कन खोलना है मेरी जान लेले बेगम

लैली - में खा मना कर रही हु मेरे जनाब अब आपकी रखैल के साथ आपका जो मन आये वो करो बस पहले एक बार मेरी बुर्र को अच्छे से छोड़ कर शांत कार्डो उसके बाद मजे से मेरी गांड का लुफ्त उठाना

रवि - अहह कितना प्यारा है रे भाभी तेरी गांड का छेद

रवि अपने मुँह से थूक गिरता हुआ अपनी बिचलि ऊँगली को लेले की गांड में घुसा देता है

अब लेले के लिए भी मजा दोगुना हो गया था

हलाकि रवि की ऊँगली काफी मोती थी पर दर्द का भी एक अलग hi मजा आ रहा था लेले को

रवि - आह्हः मेरी जान मेरी लेले बेगम मेरी रखैल मेरी दीदी में झड़ने वाला हु

लेले - मुझे तुम्हारा बीज पीना है में उसका स्वाद लेना छाती हु

जहटत से रवि अपना लुंड बहार खींच लेता है इधर लेले बिस्तर पर पीठ के बल लेत कर अपना सर रवि की और घुमा देती है

लेले की छूट के रस से रवि का लुंड पूरी तरह भीगा हुआ था

रवि लेले के होठो पर लौड़े को रगड़ता हुआ उसके मुँह में घुसा कर आगे पीछे करने लगता है इस बार लेले को तकलीफ थोड़ी ज्यादा hi रही थी पर हिमायत काफी थी उसमे

वो वही डटी रहती है इधर रवि अपने आधे से ज्यादा लुंड से लेले का मुँह छोड़ता हुआ उसके गले तक उतार देता है

जूउउउउउ गूऊऊऊगगूउउउउ

कमरे में यही आवाजे गूंज रही थी रवि की रफ़्तार बढ़ती hi जा रही थी उसके टट्टे फूल कर किसी मोठे आलू के समान हो गए थे

अगले hi पल रवि अपना वीर्य लेले के गले से लेकर मुँह तक भर देता है

और हफ्ता हुआ लेले के बाजु में गिर जाता है

कुछ देर लेले भी अपनी आँखे बंद किये पड़ी रहती है और जब वो आँखे खोलती है तो सामने सलमा खड़ी थी

लेले - अम्मी आप कब आयी

रवि लेले की आवाज सुनकर सलमा को देखता हुआ मुस्कुराने लगता है

इधर सलमा काफी देर से इन दोनों को देख और सुन्न रही थी उसे अब अपने ऊपर hi गुस्सा आ रहा था

खा उसकी बहु एक नेक परदे में रहने वाली औरत थी और अब उसने खुद hi अपनी बहु को रंडी बना दिया है जो लुंड पाने के लिए किसी भी हद्द तक जा सकती है

इधर रवि की हसी में वो साफ़ देख पा रही थी की वो उसकी बहु के जिस्म का पूरा लुफ्त उठा रहा है

न तो अब लेले को बच्चे की कोई फ़िक्र थी और न hi अपनी सास से कोई शर्म लिहाज .....
 
अपडेट -303

लेले के मुँह के भीतर और बहार सिर्फ रवि का वीर्य hi था

लेले एक hi सास में सारा का सारा वीर्य गटकती हुई अपनी सास की और देखती हुई अपने मुँह को अपने बुरखे से साफ़ करती है

लेले - अम्मी आप कब आयी

सलमा - में तो काफी देर से कड़ी हु बहु पर शायद तुझे छुड़वाने से फुर्सत hi नहीं है

लेले - अरे अम्मी आप कैसी बाते कर रही है भूल गयी आप आपने hi तो रवि को चुना था मेरे साथ हमबिस्तर होने के लिए ताकि आपको आपके परिवार का आने वाला चिराग मिल सखे जिसको पैदा करने का दम आपके इकलौते बेटे में नहीं है

सलमा- जुबान संभाल कर बात कर लैली बेगम भूल मत में तेरी सास हु और तू मेरे hi घर में रहती है

सच कहु तो अब लेले भी नहीं कहती थी की आज की शाम वो रवि को अपनी सास के साथ बाटे और ऊपर से वो हमेशा से hi अपनी सास से तंग रहती थी अब उसे मौका मिला था भड़ास निकलने का तो वो कैसे जाने देती

लेले बैठे हुई रवि का मुरझाया लुंड पकड़ कर ऊपर निचे करती हुई अपनी सास की और देखती है

आज सलमा को अपनी बहु की नजरो में खुद के प्रति बदलाव नजर आ रहा था

लेले - वहहह अम्मी वाह्ह मेरे लिए लौड़ा आप लायी मुझे छुड़वाया आपने क्या अपने मुझसे पूछा था की में क्या कहती हु मेने तो कभी आपसे नहीं खा की आपका बीटा मेरी प्यास नहीं बुझा पार रहा है मुझे भी छुड़वाना है अच्छे से एक औरत को तरह शुरू तो अपने hi किया है ना ये सब और अब आप hi मेरी कमिया गिनवाता रही है मुझे

सलमा - बहु में तो बस यह कह रही थी की तू जिस राह पर चल रही है उसमे घर बार सब बर्बाद हो जाता है

लेले - आपने hi सुबह खा था न की औरत को तो नसीब hi है छुड़वाना और अब जब मेने अपने नसीब को अपना लिया है तो आप मुझे hi खरी खोटी सुना रही है नहीं अम्मी नहीं में अब उसी रस्ते पर आगे चलूंगी जो राष्ट खुद आपने मुझे दिखाया है

लेले झुक कर रवि का लुंड चूसना शुरू कर देती है

और इस बार लेले का जोश दोगुना था देखते hi देखते वो पूरा का पूरा लुंड अपने गले तक्क उतार रही थी

रवि - क्यों गुस्सा करती हो खला मजे करो न में कौनसा हमेशा रहने वाला हु

रवि की बात सुनकर लेले मायूस हो जाती है वो नहीं कहती थी की रवि उसकी सास से ऐसे कोई भी बात आगे करे

अगले hi पल लेले अपनी टंगे खोलती हुई रवि के मुँह के आगे पानी छूट लगा देती है

रवि चुपचाप उसकी छूट चाटता हुआ उसकी गांड में अपनी एक ऊँगली घुसा कर आगे पीछे करने लगता है

सलमा ( हैए मेरे मालिक ये मेने क्या कर दिया मेने इसके बारे में क्यों नहीं सोचा की ऐसा भी हो सकता है क्या अब मेरी बहु हमेशा ऐसी hi रहने वाली है काश में रवि को कभी घर लायी hi न होती जो कुछ भी हो रहा है सब मेरी hi गलती है और अब इसे मुझे hi संभालना होगा नहीं तो मेरे बेटे का घर बर्बाद हो जायेगा जिसकी जिम्मेवार में खुद हु )

सलमा समझ चुकी थी उसकी बहु अब उसके हाथ से निकल रही है

सलमा चुपचाप घर का मैं दरवाजा बंद कर कमरे में आती है और अपने कपडे उतरने लगती है

सलमा - बेटा रवि भाभी की जवानी चखने के चक्कर में खला को भूल गया क्या तू

रवि - अरे खला कैसे बाटे करती हो आपका hi तो इन्तजार कर रहे थे हम लोग क्यों भाभी

लेले अपनी सास को अजीब नजरो से देख रही थी

इधर रवि आज सलमा को अच्छे से सबक सीखना कहता था ताकि वो भूल कर भी कभी किसी के सामने उसकी बेहेन और उसके रिश्ते के बारे में बात करे

सलमा बिस्तर पर चढ़ती हुई रवि का लुंड बहु बहु के हाथो से चींटी हुई चूसने लगती है

लेले को अपनी सास की ये हरकत अच्छी नहीं लगती वो कुछ करती उससे पहले रवि उसकी गर्दन पकड़ कर अपनी और खींचता हुआ उसके होठो को चुस्त हुआ उसकी गर्दन चाटने लगता है और आहिस्ता से उसके कानो में बोलता है

रवि - भाभी में जैसा बोलता हु तुम बस वैसा करती जाओ आज इस छिनाल को ऐसा सबक सीखना है की ये जीवन भर याद रखे और कभी किसी के सामने मेरी और मेरी दीदियो की बुराई न करे

तुम भी तो दीदी हो न मेरी अब

लेले मनो रवि के मुँह से थी सब्द सुन्ना कहती थी वो रवि की आँखों में देखती है उसकी आँखों में आंसू थे

रवि - रोऊ मत दीदी अब ये तुम्हारा भाई हमेशा तुम्हारा ख्याल रखेगा

लेले - मेरा प्यारा भाई

दोनों भाई बेहेन एक दूसरे को चूमने लगते है इधर सलमा दोनों की बातो से बेखबर लुंड चूसने में लगी हुई थी....
 
अपडेट -304

एक तरफ सलमा रवि का लुंड चूस रही थी वही दूसरी तरफ रवि उसकी आँखों के सामने लेले के जिस्म को बुरी तरह मसलता हुआ उसके होठो को पी रहा था

गरम तो अब तक्क सलमा भी काफी हो चुकी थी इस कारन वो बिना पानी बहु के परवाह लिए लुंड को चूसने जा रही थी

इधर रवि कभी लेले की चूचियों को मसाला देता तो कभी निप्पल को मुँह में भर कर बुरी तरह चाटने लगता है

लेले अह्ह्ह्ह रवि आराम से अह्ह्ह मैट करो ऐसा अह्ह्ह्ह अम्मीय

सलमा की नजर अपनी बहु की चूचियों पर पड़ती है जो बुरी तरह से लाल हो चुकी थी

सलमा इस खेल को जल्दी ख़तम करना छाती थी ताकि बस एक बार उसकी बहु की बच्चेदानी तक रवि का बीज पहुंच जाते उसके बाद वो रवि को इस घर के आस पास भी नहीं भटकने देगी

सोच तो खैर उसकी थी थी अब आगे का पता नहीं क्या होने वाला था

रवि - अह्ह्ह मेरी जान लेले कमाल की मिठास है तेरे जिस्म में तेरी ये होठ तेरी चूचिया तेरी छूट तेरी जिस्म का हर एक हिस्सा अलग अलग महक छोड़ता है

लेले - अह्ह्ह रावी आह्ह्ह्हह्ह उफ्फफ्फ्फ़ तुम्हे कोनसी महक पसंद आयी मेरे जिस्म की अह्ह्ह्हह्हह अम्मी

रवि - मेरा तो मन करता है तेरे पुरे जिस्म को hi चाटते राहु मेरी जान अहह देख तो जरा तेरी सास कैसे मेरा लौड़ा चूस रही है एक नंबर की छिनाल है साली अपनी hi बहु को गैर मर्द से छुड़वा रही है रैंड साली

सलमा को उम्मीद नहीं नहीं थी की रवि उसके साथ ऐसी भासा का परोग करेगा

सलमा एक तक लुंड छोड़ कर रवि को देख रही थी
 
अपडेट -305

सलमा एक तुक रवि को देख रही थी

लेले - रवि तुमने मेरी प्यारी अम्मी को अपनी रखैल क्यों बुलाया भूल गए रखैल तो में हु न तुम्हारी

सलमा कभी रवि की और देखती तो कभी लेले की और

लेले - देखो तो जरा बेचारी कितने अच्छे से तुम्हारा ये हलब्बी लौड़ा चूस रही थी

चुसो चुसो अम्मी ये तो इसकी आदत है छोड़ते वक़्त ऐसे hi बोलता है

लेले एक हाथ से रवि का लौड़ा सीधा करती हुई उसपर अपनी सास का सर पकड़ कर दबाने लगती है

और दूसरी और वो अपना मुँह रवि के मुँह से भिड़ा देती है

लेले अपनी सास के बालो को पकडे हुए उसके सर को लगातार लुंड पर ऊपर निचे मार रही थी

सलमा के लिए ये सब नया था

उसने कभी उस तरह की चुदाई नहीं की थी जो उसकी बहु उसे करवाने वाली थी

काफी देर तक्क रवि अपना लौड़ा सलमा को चुसवाते रहता है और अंतत में खड़ा होता हुआ सलमा को घोड़ी बनने का इशारा करता है

सलमा जैसे hi घोड़ी बनती है लेले पीछे आती हुई उसकी गांड को अपने हाथो से फैलाती हुई अपनी सास की गांड पर थूक देती है और उसे मलते हुए रवि को आँख मार कर कहती है

लेले - रवि आज तो तुम अम्मी की गांड छोड़ने वाले हो न

सलमा - नहीं नहीं रवि वह नहीं आअज मेरी तबियत भी सही नहीं है बीटा में बर्दास्त नहीं कर पाऊँगी

रवि - चुप कर साली रंडी चुटिया समझती है तेरी मेरी बात थी हुई थी न तो अब पीछे क्यों हट रही है क्या मेने तेरी बहु को नहीं छोड़ा क्या नहीं डाला मेने अपना बीज उसके अंदर

क्यों भाभी क्या मेने तुझे अच्छे से नहीं छोड़ा

लेले - अम्मी ये तो गलत बात है अगर आपने रवि को अपनी गांड देने का वडा किया है तो उसे अब निभाने का समय आ गया है

आपने तो आज खुद देखा था न कैसे उसने अच्छे से पटक पटक कर मुझे छोड़ा है

लेले रवि के गीले लुंड को अपनी सास की गांड के छेद पर लगती हुई दोनों हाथो से गांड को अच्छी तरह फिआला लेती है

इधर रवि एक अपने लुंड को अंदर की और दबाता हुआ एक जोरदार झटका मरता है

और लुंड आधे से ज्यादा सलमा की गांड में घुस जाता है

रवि - छिनाल साली नाटक कर रही थी देखो भाभी ये पहले से hi इसकी गांड का ढक्कन खुला हुआ है कितनी आसानी से मेरा लौड़ा इसकी गांड में घुस गया

लेले - हैए अल

ये क्या देख रही हु अम्मी में आपके जैसे नेक पाकीज़ा खातून भी गांड मरवा चुकी है मतलब जवानी के मजे आपने भी पुरे लुटे है

वैसे किस्से खुलवाया था अम्मी आपने अपनी गांड का ढक्कन ससुर जी से या कोई बहार वाला hi काण्ड कर गया ससुर जी की पीठ पीछे

अपनी बहु की इन बातो पर सलमा को गुस्सा आ रहा था वो बिलकुल किसी बाजारू औरत की तरह सलमा से बर्ताव कर रही थी पर बेचारी कर भी क्या सकती थी आधे से ज्यादा लुंड उसकी गांड में जो फसा हुआ था

लेले - छोड़ो रवि वो सब छोड़ो अब तो तुम्हारा ये हलब्बी लौड़ा मेरी प्यारी अम्मी के अंदर घुस हु चूका है पहले से गांड फ़टी हुई है तो क्या हुआ छोड़ छोड़ कर आअज और फहाद दो

आखिर अम्मी को भी तो पता चले न की असली मर्द से गांड मरवाने का सुख क्या होता है

रवि अब तक्क झटके लगाना चालू कर चूका था

इधर लेले बिच बिच में अपनी सास की गांड पर थप्पड़ मारी जा रही थी और रवि पागलो की तरह अपना पूरा लुंड अंदर बहार कर रहा था

लेले के होठो का रस ोइते हुए रवि की रफ़्तार दोगुनी हो चुकी थी

रवि कुछ मिंट तक्क सलमा की गांड मरता है और अंतत में अपना लुंड निकाल कर उसके बालो को पकड़ता हुआ उसे सीधा लिटाता हुआ उसकी गर्दन को अपनी तरफ घुमा लेता है

सलमा संभाल पति उससे पहले रवि अपना लुंड उसे मुँह में डालता हुआ अपना एक पेअर बीएड पर टिकता है और दे डीएनए दान उसके मुँह की चुदाई करने लगता है

आधे से ज्यादा लुंड बार बार सलमा के गले को चीरता हुआ अंदर बहार हो रहा था

सलमा की आँखों से आंसू गिर रहे थे

इधर उसकी बहु अपनी रणदीपाने पर उतारू हो चली थी वो रवि का मुँह छोड़ने का नाम hi नहीं ले रही थी

रवि और लेले के मुख मिलान से थुक्क अब सलमा के ऊपर गिर रहा था पर दोनों एक दूसरे को छोड़ने का नाम hi नहीं ले रहे थी

आखिर में रवि लेले को सलमा के ऊपर लिटा देता है उसका सुर दूसरी तरफ था

रवि - मेरी जान लेले बेगम तू तो तैयार है न मुझसे अपनी गांड का ढक्कन खुलवाने के लिए

लेले - रखैल को भी पूछा जाता है क्या मेरी जान तुम्हारा झा मन करे वह दाल कर छोड़ो में सब बर्दास्त कर लुंड

रवि एक बार लिअल की गांड का छेद चूमता हुआ कुछ थूक उस पर माल्टा हुआ अपना लुंड सेट करता है

ये नजारा देख कर सलमा का दिल जोरो से धड़कने लगता है उसके आँखों के ठीक ऊपर उसकी बहु की गांड फटने वाली थी

रवि अपने लुंड को अंदर की और दबाने लगता है सूपड़ा जैसे तैसे अंदर चला जाता है

लेले का दर्द से बुरा हाल था पर वो किसी भी कीमत पर रवि को ना नहीं कहना कहती थी

वो अपनी गर्दन को झुकाती hi अपनी सास की टैंगो के बिच लगा देती है और किसी बाजारू रंडी की तरह सलमा की छूट चाटने लगती है

सलमा एक दम से चूका जाती है तभी रवि एक करारा झटका मरता है आधा लुंड लेले की गांड में उतार जाता है

दर्द के मरे लैली का जिस्म बिलकुल उठता है चिलाना तो वो छाती थी पर जान बुझ कर अपना मुँह अपनी सास की छूट पर दबा देती है

रवि - अहह कितनी तीते है लेले बेगम तुम्हारी गांड का ये छेद मेरा तो लौड़ा hi निचोड़ लेगी तुम्हारी गांड

रवि - देखो खला देखो तुम्हारी बहु ने अब तक्क इसे मेरे लिए बचा कर रखा था और एक तुम hi पहले से hi चूड़ी चुदाई कहि पहले तुम बाजारू रंडी तो नहीं थी ना

रवि सलमा से बात करता हुआ सलमा की कमर पकड़ कर एक और झटका मरता है लगभग पूरा लुंड सलमा की गांड में समा जाता है

दर्द इतना ज्यादा था की सलमा अपनी सास की छूट को डटी से करने लगती है

इधर सलमा का हाल भी बुरा होने लगता है वो निचे चटपटा रही थी और उसकी बहु ऊपर

कुछ पल रुकने के बाद रवि गांड चुदाई चालू कर देता है

अब तक्क लेले का दर्द भी काम हो चला था और अब उसे भी गांड मरवाने का सुख प्रपात हो रहा था

लेले - अह्ह्ह रविइइइ ऐसी hi छोड़ो मेरी गंड़द छोड़ो अह्ह्ह कितना मजा आ रहा है इसे तुमसे छुड़वाने में अहह तुम सही कहते थे जन्नत का दरवाजा गांड का छेद hi है ये तो बुर्र मरवाने से भी ज्यादा सुख दे रही है अह्ह्ह्ह अम्मी देखो मेने भी गंदे मरवाव ली आपकी नेक पाकीज़ा बहु भी रंडी बन गयी मेरे दोनों छेद रवि ने hi खोले है देखो अम्मी आह्ह्ह्हह

काफी देर तक रवि लेले की गांड मरता रहता है करीब 20 मिंट बाद वो झड़ने वाला होता है

रवि - अहह मेरी जान लेले में झड़ने वाला हु बोल खा लेगी मेरा पानी

लेले - अहह मुझे मेरी गांड में hi तुम्हारा पानी महसूस करना है अह्ह्ह कितना अच्छा लग रहा है तुम्हारा ये हलब्बी लौड़ा मेरी कुवारी गांड छोड़ता हुए

सलमा अपनी बहु की बात सुनकर डांग्ग रह जाती है

सलमा - नहीं रवि नहीं ऐसा मत करो हमारी बात हुई थी देखि मेने अपनी गांड भी देदी तुम्हे अब तो अपना पानी लेले की बुर्र में गिराओ ताकि जिस काम के लिए तुम आये थे वो पूरा हो सखे

रवि कुछ बोलता उसे पहले लेले बोल पड़ती है

लेले - चुप साली रंडी छिनाल इतनी देर से अम्मी अम्मी कह कर इज्जत दे रही हु तो हजम नहीं हो रही है क्या साली खुद तो पुरे मजे ले चुकी है और मेरी शादी करवा दी अपनी हिजड़े बेटे से चुप चाप लेती रह नहीं तो अभी उठ कर तेरी माँ छोड़ दूंगी

ravi-kyaa बात है भाभी मुझे नहीं पता था की इतना जोश है तुम्हारे अंदर

लेले - असली जोश तो अब दिखेगा रवि तुमको इस लेले का अहह

इतने में रवि का विरया लेले की गांड में गिरने लगता है

गरमा गरम वीर्य पानी गांड की गहराइयो में महसूस करते hi लेले की छूट भी जवाब दे जाती है

वो मुट्ठी हुई अपना सारा पानी अपनी सास के खुले मुँह पर गिराने लगती है

काफी देर तक तीनो यही पड़े रहते है अंतत में रवि अपना लुंड लेले की गांड से निकलता हुआ सलमा के मुँह पर लगाए देता है

तजा तजा गांड से निकला लुंड सलमा को चाटने में गांड लग रहा था

रवि सलमा की नाक बंद कर देता है अंततः में जैसे hi सलमा थोड़ा सा मुँह खोलती है रवि अपना लुंड उसके मुँह में थुश देता है

न कहते हुए भी सलमा अपनी बहु की गांड से निकला लुंड चाटने लगती है

इधर लेले एक बार फिर अपना मुँह रवि के मुँह से चिपका दिया था कुछ 5 मिंट तक यही सब चलता है फिर लेले रवि के होठो को छोड़ती हुई अपना थूक से भरा मुँह लेकर थी अपनी सास के ऊपर आ जाती है और अपना सास के मुँह से रवि का लुंड निकलती हुई उसे अपने मुँह में भर कर चूसने लगती है

जैसे जैसे लेले लुंड को अंदर ले रही थी उसके मुँह में जमा सारा थूक उसकी सास के चेहरे पर गिर रहा था कुछ 5 मिंट बाद रवि अपना लुंड खींच लेता है और अपने कपडे पहनाने लगता है

इधर लेले अपनी सास की आँखों में देखती हुई उसके होठो से अपने होठ मिला देती है

शायद सलमा को भी यही अच्छा लग रहा था की वो भी अब अपनी बहु का साथ दे नहीं तो कही अगर उसने बात बिगड़ी तो ये उसके घर को छोड़ कर छुड़वाने न निकल जाये

काफी देर तक्क दोनों सास बहु का मिलान चलता है

लेले - रूक जाओ न रवि ऐसे अपनी 2-2 रंडियो को छोड़ कर जाना अच्छी बात नहीं है

लेले सीधा सीधा सलमा की आँखों में देखती हुई बोलती है

रवि - दीदी इन्तजार कर रही होंगी भाभी फिर आऊंगा जा रहा हु तो इसका मतलब ये नहीं है की में फिर नहीं आऊंगा वैसे भी अभी तो खला का काम भी पूरा करना है तुम्हारी कोख को अपने वीर्य से लबालब भरना है ताकि तुम मेरे बचे को जनम से सस्खो को हमारे इस हवस भरे प्यार की निशानी होगा

सलमा रवि की बात सुनकर थोड़ा खुस होती है इधर रवि सलमा के घर से निकल कर वापस अपनी दीदी के घर जाने लगता है

सुबह से रवि कई बार झाड़ चूका था आज पहली बार उसे कमजोरी महसूस हो रही थी पर रात को उसे गिरजा मिलने वाली थी जिसके कभी उसने सपने देखे थे

अच्चानक रवि को याद आता है की नीलम की दी हुई गोलिया अब भी उसके पास hi है जिसकी मदद से वो गिरजा और अपनी दीदी को रात भर छोड़ सकता है

रवि तेज कदमो के साथ घर की और बढ़ने लगता है ....
 
अपडेट -306

घर पहुंचते hi रवि को न तो कामो दिखाई देती है और न hi गिरजा

रवि - दीदी दीदी खा हो

तभी कामो गिरजा के कमरे से बहार निकलती है

कामो - क्यों रे रवि खा चला गया था तू दोपहर में जो अब आ रहा है

रवि - अरे दीदी कुछ काम था बस उसी के लिए गया था वैसे आपकी सासु माँ खा है

कामो- क्यों तुजे क्या काम है रे मेरी सासु माँ से

रवि- अरे दीदी काम तो रात को है अभी तो बस ऐसे hi पूछ रहा हु

कम्मो- हां तो ठीक है रात को hi पूछना जा अभी खाना खा ले वैसे भी अभी रात होने में टाइम बाकि है

रवि - क्यों तड़पा रही हो दीदी बड़ा मन कर रहा है

काम से काम बता hi दो खा है वो गदराई घोड़ी

कामो- चुपचाप ये खाना खा ले जा में बाद में मिलती हु तुझसे तब तक कमरे में hi इन्तजार कर मेरा

रवि अपनी दीदी के कमरे में चला जाता है और इधर कामो वापस से अपनी सास के कमरे में घुस कर दरवाजा लगा लेती है

रवि - पता नहीं दीदी का क्या प्लान है पर जो भी होगा अच्छा hi होगा चलो पहले ये खाना खा कर नीलम दीदी की दी हुई दवाई लेलेता हु

तभी तो रात भर गिरजा की छूट और गांड फाड़ सकहुँगा

रवि खाना खा कर अपने बैग से गोली निकल कर एक साथ 2 गोलिया खा लेता है और वही अपनी दीदी के बिस्तर पर लेट जाता है

इधर दूसरी और -:

कम्मो-- हम्म मम्मी जी अब लग रही है आप एक दम हेरोइन के जैसे मस्त माल

अपनी बहु के मुँह से ऐसे सब्द सुन्न गिरजा शर्मा रही थी

गिरजा- ऐसे मत बोल बहु

कामो- अरे मेरी प्यारी और प्यासी सासु माँ अब हीरोइन लग रही हो तो वही कहूंगी ना

और वैसे मेरी मनो तो ये शर्माना आज के लिए छोड़ hi दो आप

क्योंकि जब मेरा भाई आपके बदन को प्यार करेगा तो वो बिलकुल भी नहीं शरमाएगा और न hi आपको शर्माने का मौका देगा

गिरजा- चुप चाप अपनी बहु की बाटे सुन्न रही थी

कामो- मम्मी जी में तो बस यही कहती हु की आज की रात अप्प अपने अंदर की उस औरत को बहार आने दो जो न जाने कब से प्यासी है

और बुझ जाने दो उसकी प्यास

गिरजा- बहु तेरे जैसे बहु पाकर में धन्या हो गयी हु

कामो- में तो न जाने कब से hi अपने छोटे भाई से छुड़वा रही हु और न जाने कितनी hi बार उसने मेरी छूट और गांड अपने लौड़े से छोड़ी है पर अब में कहती हु की जो सुख मुझे मिला है वही सुख मेरी प्यारी सासु माँ भी भोगे

कामो के मुँह से ऐसी खुली बाटे सुन्न कर गिरजा की छूट पानी पानी हो चुकी थी

कामो- तो मम्मी जी आप तैयार है न

गिरजा-- हम्म

पर एक बार अपने ससुर को देख कर आ जा की वो सोये है या नहीं अभी

कम्मो- जिसकी बीवी दूसरे मर्द से छुड़वाने वाली हो उसे नींद खा आएगी मम्मी जी

कामो अपनी सास को छेड़ती हुई बहार देख टी है झा सुखिया पहले से hi सो चुका था

कामो- मम्मी जी रास्ता साफ़ है बिलकुल

चलिए अब वो भूखा भेड़िया इन्तजार कर रहा है

कामो अपनी सास को अपने साथ लेकर अपने कमरे की और जाने लगती है

और जैसे hi दोनों सास बहु कमरे में पहुंचते है रवि उठ कर बैठ जाता है

रवि को विस्वास नहीं हो रहा था की गिरजा उससे छुड़वाने के लिए इतना सज सवार कर आएगी

कम्मो- क्यों रे रवि बड़ा पूछ रहा था न की खा है मेरी सास ले देख ले थी है

रबी- क्या बात है दीदी आज तो कयामत लग रही हो दोनों सास बहु

कामो- चलिए सासुमा आप बिस्तर पर बैठिये

कम्मो गिरजा को बिस्तर पर बैठा देती है

गिरजा किसी नई दुल्हन की तरह बिस्तर पर घूँघट डेल बैठी थी

कामो- ले भाई अब मेरी सासुमा तेरे हवाले है जो करना कहता है वो कर पर ध्यान रहे ये मेरी सासुमा है जो करना प्यार से करना

कामो रवि को आँख करती हुई कहती है

और उसकी बाद कम्मो कमरे से बहार जाने लगती है

रवि - दीदी आप खा जा रही हो

कामो- अब मेरा काम तो ख़तम हो गया न आज की रात तुम दोनों करो जो करना है में नहीं कहती की मेरी वजह से मेरी प्यारी सास को प्यार मिलने में कोई भी कमी रहे

रवि- दीदी पर में तो कहता हु की तुम दोनों सास बहु को एक hi बिस्तर पर एक साथ प्यार दू

असल में कामो अपनी सास के मुँह से एहि बात सुन्ना कहती थी ताकि इस खेल को वो और भी कामुक और गन्दा बना सखे

कामो बिना कुछ बोले मुँह कर जाने लगती है तभी गिरजा उसका हाथ पकड़ लेती है

गिरजा- ृक्क जा न बहु थी

कामो - पर मम्मी जी

गिरजा- रुक जा बहु अगर तू चली गयी तो न जाने ये क्या क्या करेगा मेरे साथ बर्बाद कर देगा तेरा ये जालिम भाई मुझे

कामो- ठीक है मम्मी जी

गिरजा की बात सुनकर दोनों भाई बेहेन के चेहरे चमक उठाते है

कामो आगे बढ़ती हुई दरवाजा अंदर से बंद कर देती है

इधर रवि गिरजा का घूँघट उठा कर उसकी ठुड्डी पकड़ कर ऊपर उठता हुआ उसकी आँखों में देखता हुआ बोलता है

रवि- आखिर चिड़िया आ hi गयी मेरे हाथ आज की रात तो में इस चिड़िया को हड्डी समेत सभा जाऊंगा

रवि गिरजा की आँखों में देखता हुआ उसके पल्लू को उसकी छाती से अलग कर देता है अब तक कामो भी दरवाजा बंद कर चुकी थी ...
 
अपडेट -307

रवि- देखो तो दीदी कैसे शर्मा रही है ये तुम्हारी सासुमा

कामो- तेरे जैसा आदमी हो तो किसी को भी शर्म आ जाये

रवि- आप भी शर्माती हो क्या

कामो- रोज रात को मेरी गांड में लुंड दाल के सोता है कमीने तू तुझे क्या लगता है इसके बाद भी तेरी दीदी के अंदर शर्म नाम की कोई चीज़ बची होगी

रवि - हहहह बात तो सही कह रही हो दीदी रात को मेरे लौड़े को ठण्ड लगती है तो सोचता हु की इसे तुम्हारी गर्म गांड में hi रहने दू ताकि इसकी गर्मी बरकरार रहे

कामो- हआ हां सब जानती हु में तेरे और तेरे इस लौड़े के नाटक

रवि गिरजा का घूँघट तो पहले hi उठा चूका था

गिरजा अपनी बहु और उसके भाई की इतनी गन्दी बाटे सुनकर गरम होना भी शुरू हो गयी थी

पर दिल उसका अब भी ज़ोरो से धड़क रहा था क्योंकि वो रवि से अपनी बहु को कई बार छुड़वाते हुए देख चुकी थी और वो जानती थी की रवि औरत को कैसे छोड़ता है

और उसपर तो काफी समय से रवि की नजरे गाड़ी हुई थी

रवि - अरे मम्मी जी कब तक शरमाओगी एक बार जब ये लौड़ा तुम्हारी बूर में घुसा कर भोसड़ा बनाना चालू कर दूंगा न तो खुद hi नंगी घूमोगी मेरे आगे पीछे

कामो जानती थी की उसकी सास शर्मा रही है आखिर अपनी बहु के सामने छुड़वाने में कोनसी सास नहीं शर्माती

और ऊपर से वो काफी धार्मिक औरत भी थी

कामो- मम्मी जी मेरी बात मनो तो आप इस शर्म के घूँघट को आज की रात उतार फूको ताकि मेरा ये भाई आपको औरत होने के सुख से स्वागत करा सखे जिससे आप इतने सालो से वंचित थी

कामो गिरजा का चेरा उठा कर उसकी आँखों में देखती है जो अब तक लाल होना शुरू हो चुकी थी

कामो- बाकि आप की मर्ज़ी है मेरा काम तो बताना था

तो मेने बता दिया

कम्मो आगे बढ़ कर रवि के होठो पर अपने होठ रख देती है

रवि अपनी दीदी के होठो को कुछ देर चुस्त है और उसके बाद अपनी दीदी की आँखों में देखता हुआ अपने लुंड की और इशारा करता है

रवि - दीदी देखो न मेरा लौड़ा कैसे परेशान कर रहा है इसका कुछ करो ना

कामो गिरजा की और देखती हुई कहती है

कामो- मेरे भाई का मस्त लौड़ा उसको परेशान कर रहा ृक्क में इसका अभी इलाज करती हु

कम्मो अपनी सास के सामने hi बिना किसी शर्म के अपने भाई का लुंड धोती से बहार निकल कर किसी लॉलीपॉप की तरह चूसने लगती है

रवि - आठ मम्मी जी आपकी बहु के मुँह में जादू है जादू

रवि आगे बढ़ता हुआ गिरजा के बालो को उसकी गर्दन से हटाता हुआ गर्दन को चूमने लगता है

गिरजा तो मनो इसी पल के इन्तजार में बैठी थी की कब रवि शुरुवात करे

ऊपर से उसकी बहु का रान्दीपना उसके बदन में एक अलग hi आग भड़का रही थी

गिरजा- अह्हह्ह्ह्ह

रवि बिना रूल गिरजा की गर्दन को चूमता चाटता हुआ उसके चूचियों को ब्लाउज के ऊपर से hi दबाने लगता है

गिरजा - अह्ह्ह्ह सीईईई

गिरजा लगातार सिसकिया भर रही थी

इधर कामो कभी अपनी सास की और देखती तो कभी पूरा लुंड अपने गले तक उतार कर चूसने लगती

रवि काफी देर तक गिरजा की चूचियों को ब्लाउज के ऊपर से hi मसलता रहा

जिस कारन गिरजा काफी गरमा भी गयी थी

अब रवि अपने हाथो से एक एक कर ब्लाउज के सरे हक्क खोल देता है

गिरजा बिना किसी विरोध के मजे लूट रही थी

मनो उसका सपना आज सच होने वाला था

इधर रवि गर्दन से होता हुआ गिरजा की आँखों की गहराइयो में झांकता हुआ उसके मस्त गुलाबी होठो का रस पीना चालू कर देता है

गिरजा पागल हुई जा रही थी उसे समझ hi नहीं आ रहा था की आखिर वो करे तो करे क्या इसी कारन उसने खुद को भी रवि के हवाले कर दिया था

रवि गिरजा के निचे होठ को चबाने लगता है और अपने हाथो से गिरजा के दोनों निप्पल पकड़ कर मरोड़ने लगता है

ये पहली दफा था की कोई मर्द गिरजा को इस तरह प्यार कर रहा था

गिरजा के लिए ये सब न्य था वो अंदर hi अंदर मजे से पागल हुई जा रही थी

अब तक रवि गिरजा के बदन से उसका ब्लाउज निकाल कर उसे अधनंगी कर चूका था

दूसरी और कम्मो को आज अपने छोटे भाई का लुंड कुछ ज्यादा hi मोटा लग रहा था जो ठीक से उसके मुँह में भी नहीं घुस रहा था

रवि- अहह क्या चूचिया है गिरजा तेरी

रवि बिना देर किये एक एक कर दोनों चूचियों को पिने लगता है

गिरजा रवि की इस हरकत से तड़प उठती है और उसका हाथ खुद बा खुद hi रवि के सर को अपनी छाती पर दबाने लगता है

काफी देर तक रवि उसकी चूचियों को पिता रहता है

कामो भी अब तक रवि का लुंड hi चूस रही थी अच्चानक से रवि उसे खड़ा करता हुआ एक एक कर उसके सरे कपडे उतार देता है

कामो- अहह मम्मी जी देखो न कितना हरामी भाई है मेरा मेरी सास के सामने hi मुझे नंगी कर रहा है

रवि - ठीक है दीदी लो तुम्हारी सास को भी नंगा कर देता हु

रवि गिरजा को पकड़ कर उठा देता है

गिरजा तो खुद को पहले hi रवि को शॉप चुकी थी

गिरजा बिना किसी विरोध के खड़ी हो जाती है और रवि उसकी सदी को पकड़ कर खींचने लगता है

गिरजा गोल गोल घूम रही थी जब तक की उसकी सदी उसके बदन से अलग नहीं हो गयी

रवि आगे बढ़ता हुआ एक झटके में उसका पेटीकोट भी उतार देता है और जैसे hi उसकी नजर गिरजा की पहली हुई छूट पर पड़ती है मनो वो पागल हो जाता है

रवि गिरजा को लिटा कर उसके ठीक ऊपर अपनी दीदी को लिटा देता है और बरी बरी दोनों सास बहु की छूट चाटने लगता है

गिरजा - अह्ह्ह्हह ाममममममममअअअअ

कामो- अह्ह्ह्हह सासु माआ देखा मेरा छोटा भाई कितना मजा देता है

गिरजा- सछह खा था बहु तूंबीए तेरा भाई अलग किसम का मर्द है इसे पता है की औरत को कैसे अपनी मुट्ठी में करना हैई अह्ह्ह्हह मेरी बूर

अच्चानक से कामो अपनी सास के होठो पर अपने होठ रख देती है

गिरजा भी अपनी बहु की जीभ को अपने मुँह में घुसने की अनुमति देती हुई अपना मुँह उसकी जीभ के लिए खोल देती है

इधर दोनों सास बहु एक दूसरे के मुँह में अपनी जीभ घुमा रही थी और उधर दूसरी और रवि अपनी जीभ को दोनों सास बहु की छूट पर घुमा रहा था

काफी देर तक यही चलता रहता है

अच्चानक से रवि उठ कर अपनी दीदी और सास के मुँह की और अपना लुंड ताने खड़ा हो जाता है

रवि - अह्ह्ह्ह क्या बात है दोनों सास बहु एक से बढ़ कर एक है कैसे रंडियो की तरह एक दूसरे का मुँह चूस रही है मजा आ जायेगा तुम दोनों सास बहु को एक hi बिस्तर पर लिटा कर छोड़ने में

रवि की बाटे सुन गिरजा शर्मा जाती है

कामो- मम्मी जी अब शर्माने का नहीं रान्दीपना दिखने का समय है आप जितना शरमाओगी ये हरामी आपको उतना hi जलील कर कर के छोड़ेगा जब चुना hi है तो मजे लेकर चूड़ो न ताकि ये मेरे भाई का थोड़े जैसा लुंड आपके शरीर के साथ साथ आपकी आत्मा को भी छोड़ सखे

इतना बोलते hi कामो रवि का लुंड पकड़ कर चूसने लगती है

सुद्डुडुप सुद्डुडुप एक एक झटके में कामो पूरा का पूरा लुंड अपने गले तक उतार रही थी

इधर कामो के मुँह से थूक अब सीधा गिरजा के चेहरे पर गिर्र रहा था कुछ हद्द तक ठीक उसके मुँह में भी जा चूका था जिसका ावाद उसे अजीब लगा पर कहते है न हवस की आग में जब एक बार इंसान जलने लगता है तो वो जलता hi जाता है

यही गिरजा के साथ भी हुआ उसके जिस्म की गर्मी इस कदर बढ़ गयी थी की अपनी बहु की बातो को मानते हुए वो भी अपने गर्दन उठा कर रवि के लौड़े के निचले हिस्से को चुम चाट रही थी

इधर कामो के मुँह से थूक अब सीधा गिरजा के मुँह के भीतर जा रहा था जिसे वो किसी बाजारू रंडी की तरह घुट घुट पिए जा रही थी ......
 
अपडेट -308

कामो के मुँह से थूक की धार गिरती हुई सीधा उसकी सास के मुँह के भीतर जा रही थी

जिसका स्वाद गिरजा को भले hi थोड़ा अजीब लग रहा था पर हवस की आग में गिरजा वो सब कर रही थी जो शायद उसके अपने जीवन में कभी न किया था

दोनों सास बहु लगातार रवि का लुंड चूस रही थी

इधर रवि भी अपनी दीदी और गिरजा के मुँह में धक्के लगता हुआ दोनों के गरम मुँह को लगातार चोदे जा रहा था

रवि का लुंड आज दवाई की वजह से कुछ ज्यादा hi फूल चूका था जिस

ऊपर से उसका जोश दोगुना था आज

रवि बिना समय गवाए अपनी दीदी के पीछे आता हुआ उसकी छूट में लुंड घुसा कर छोड़ना चालू कर देता है

कामो अब भी अपनी प्यारी सास के ऊपर hi लेती हुई थी

कामो के शरीर को लग रहे झटकी गिरजा को साफ़ महसूस हो रहे थे वो अपनी बहु के बालो को सहलाती हुई उसके प्यार को दोगुना कर रही थी

इधर रवि अपनी दीदी की छूट से लुंड निकल कर गिरजा की छूट पर भिड़ा देता है

जैसे hi लुंड का सूपड़ा गिरजा की छूट को छूटा है उसकी आँखे चौड़ी हो जाती है

रवि लगातार अपने लुंड को गिरजा की छूट पर मसल रहा था वो अपने विशाल लुंड से अपनी दीदी की सास की छूट के बड़े बड़े होठो से खेल रहा था जोकि उम्र के साथ कुछ ज्यादा hi बहार को निकल गए थे

रवि से बर्दाश्त नहीं हो रहा था इधर गिरजा भी यही दवा कर रही थी की रवि जल्दी से उसकी छूट में लुंड दाल कर उसे छोड़ना चालू करे

आखिर कार दोनों को जो चाहिए था वही हुआ रवि एक जोरदार झटका मरता है

काफी समय से न छुड़वाने की वजह से गिरजा की छूट कुछ हद्द तक तीत हो चुकी थी पर सील पैक नहीं थी

जिस वजह से एक hi झटके में रवि का आधे से ज्यादा लुंड गिरजा की पहली हुई बुर्र में समा गया

गिरजा - अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह maaaaaaaaaaaaaaaiyaaaaaaaa मार डाला से जाळींममम ने

कामो तुरंत अपनी सास के होठो को चूसना चालू कर देती है

इधर रवि दूसरे झटके की तैयारी करता हुआ अपने लुंड को थोड़ा बहार खींच कर पूरा का पूरा लुंड एक झटके में hi गिरजा की छूट में घुसा देता है

और छोड़ना चालू कर देता है दर्द तो गिरजा को काफी हुआ था पर उसकी बहु उसके मुँह को अपने मुँह से दबाये हुए थी जिस कारन उसकी चीख बहार न निकल सखी

दूसरी और रवि अब गहराइयो तक गिरजा की छूट को अपने लुंड से पेल रहा था हर एक झटका पहले वाले से दमदार होता जा रहा था

गिरजा को भी अब काफी मजा आ रहा था उसने जीवन में भी कभी न तो ऐसी चुदाई करवाई थी और न hi अपनी छूट के अंदर इतना मोटा तगड़ा लुंड महसूस किया था

तभी कामो अपनी सास का मुँह छोड़ कर अपनी गर्दन उठती हुई उसकी आँखों में देखती है जो पूरी तरह से लाल हो चुकी थी

गिरजा के चेहरे पर दर्द के भाव थे पर वो भाव उसे सुकून को नहीं छुपा सकते थे जो आज वो अपनी सास की आँखों में देख रही थी

कामो उठ कर दूसरी और मुँह घुमा देती है और अपनी सास की चुदाई काफी करीब से देखती हुई अपने भाई के होठो से अपने होठ मिला देती है

रवि को अब तीन तरफ़ा मजा आ रहा था

एक तो वो गिरजा की पनियाई बुर्र को छोड़ रहा था दूसरी और जैसे hi उसने अपनी दीदी के मुँह को चूसना चालू किया उसे अपनी दीदी के साथ साथ गिरजा के थूक का भी स्वाद मिल रहा था

काफी देर तक इसी पोजीशन में गिरजा चुस्ती रहती है

अंतत में रवि अपना लुंड निकल कर अपनी दीदी के होठो से अपने होठ अलग करता है

कामो अपने छोटे भाई की नजरो में देखती हुई उसके लुंड को देखती है

जो उसकी सास की छूट से निकले हुए सफेद पानी से पूरी तरह सना हुआ था

गिरजा अपनी साँसे दुरुस्त कर रही थी इधर कामो की गर्मी अपने चरम पर पहुंच चुकी थी

वो आगे बढ़ती हुई अपने छोटे भाई का लुंड मुँह में भर का चूसने लगती है

साथ hi साथ अपनी सास की छूट से निकली हुई सफ़ेद मलाई का स्वाद भी लेती है जो उसके भाई के लुंड पर लगी हुई थी

इधर रवि गिरजा के काफी करीब जाता है और उसकी आँखों में देखता अपनी कमर हिलता हुआ गिरजा की भौ का मुँह छोड़ने लगता है

रवि - क्यों मेरी गिरजा रवि मजा आया की नहीं आज तुझे अपनी बहु के छोटे भाई से छुड़वा कर

एक hi बार की चुदाई में गिरजा रवि की दीवानी हो गयी थी

गिरजा एक पल के लिए अपनी नजरे एक पल के लिए निचे झुका लेती है

तभी रवि अपना हाथ निचे ले जाता हुआ गिरजा की छूट को मसलता हुआ पानी 2 उंगलिया उसकी छूट में घुसा कर छोड़ने लगता है

गिरजा एक बार फिर मशीन लगती है

रवि - बोल न साली रंडी मजा आया की नहीं तुझे मुझसे अपनी बहु के सामने छुड़वा कर

गिरजा की सहराम लाज आज तार तार हो चुकी थी अब वो खुद इस बोझ को उतार फेंका कहह रही थी जिसकी वजह से नजाने वो कितने hi समय से औरत होने के अहसास से भी वंचित थी

गिरजा-- अह्ह्ह्हह बहुत मजा आ रहा है रवि अब मुझे समझ आया की तेरी दीदी तेरी दीवानी क्यों है

रवि - दीवानी के साथ साथ वो मेरी रंडी भी है तभी तो खुल कर मजा लेती है तूने तो देखा hi है न कैसे मस्त होकर चुदवाती है तेरी बहु मुझसे

गिरजा - अह्ह्ह्ह देखा है तभी तो में भी तेरी दीवानी हो गयी और दीवानी के साथ साथ आज तेरी रंडी भी हो गयी एक hi बार में तूने मुझे अहसास दिलाए दिया रवि की जीवन का सबसे बड़ा सुख तो खुद हमारा शरीर हमे दे सकता है अह्ह्ह्हह में गयी अह्ह्ह्हह

गिरजा दूसरी बाद झड़ने लगती है उसकी छूट की दीवारे तीत हो जाती है पर रवि अपनी 3 उँगलियों को लगातार उसकी छूट में पेले जा रहा था

आखिर कार गिरजा अपने रणदीपाने का प्रदर्शन करती हुई अपनी गर्दन उठा कर अपनी होठ रवि के होठो से मिल देती है और झड़ने लगती है

उसका शरीर लगातार झटकी खा रहा था इधर कामो अपने भाई को चाट चाट कर पूरा साफ़ कर चुकी थी

दूसरी और उसकी सास अपनी छूट से कॉमर्स बरसाती हुई उसके छोटे भाई के मुँह को पागलो की तरह चूस रही थी

अपनी जीभ वो कभी रवि के मुँह में डालती तो कभी रवि अपनी जीभ उसके मुँह में डाटा और कभी गिरजा के निचले होठो को अपने हाथो से छठा हुआ चूसने लगता

गिरजा तो मनो पागल हो रही थी

तभी रवि अपनी उंगलिया छूट से निकलता हुआ गिरजा को दिखता है जिसपर उसकी छूट से निकला सफेद गधा कॉमर्स लगा हुआ था

गिरजा एक पल के लिए तो शर्मा जा टी है

तभी रवि उसकी छूट से निकले सफेद पानी को उसके होठो पर लगाने लगता है

गिरजा बिना ापात्त्ति के अपनी होठो को बंद कर लेती है ताकि रवि अपना काम अच्छे से कार सखे

जैसे hi रवि सारा सफेद पानी उसके होठो पर लगा लेता है वो अपनी दीदी के मुँह से लुंड निकल कर सीधा गिरजा की छूट पर सेट कर हुआ एक जोरदार झटके में पूरा का पूरा अंदर पेल देता है

गिरजा- अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह माहाइयआआअ

अभी गिरजा कुछ और बोलती उससे पहले रवि उसके होठो को चबान शुरू कर देता है और गिरजा की छूट का स्वाद उसके मुँह के होठो से लेने लगता है

रवि की ये गन्दी हरकते उसे और पागल कर रही थी

इधर अपनी सास की ताबड़तोड़ चुदाई देख कर कामो की सांसे भी उखड़ने लगी थी वो भी अपनी भाई के पीछे आती हुई कभी उसकी गांड को चाटने लगती तो कभी अपने सास की छूट को चाटने लगती जिसमे उसके छोटे भाई का विशाल लुंड लगातार पेले कर रहा था....
 
अपडेट -309

रवि लगातार झटकी मरता हुआ गिरजा की छूट को अंदर तक्क छोड़ रहा था इधर उसकी दीदी कभी लुंड को बहार निकल कर लॉलीपॉप की तरह चूसने लगती तो कभी अपनी सास की छूट को चाटने लगती और अगले hi पल अपने भाई का लुंड छूट पर रखती हुई उसे अंदर धकेल देती

काफी देर तक रवि गिरजा को छोड़ता रहा अब तक गिरजा 3 बार झाड़ चुकी थी पर रवि की रफ़्तार थी की काम होने का नाम hi नहीं ले रही थी

अच्चानक से रवि लुंड बहार निकल कर गिरजा की छूट चाटने लगता ह

गिरजा तड़प रही थी उसकी छूट से कामर्स बहना बंद hi नहीं हो रहा था

दूसरी और कामो अपने भाई के लुंड को अपने गले में अंदर तक उतार चुकी थी

कुछ देर बाद रवि कम्मो की टैंगो को पकड़ कर बीएड के किनारे खींच लता है और अपनी दीदी की गांड में लुंड पेलने लगता है

कामो- अहह हरामी आखिर आ hi गयी तुझे तेरी दीदी की ये गांड याद

रवि - क्या करू दीदी तुम्हरी सास इतनी चुड़क्कड़ है मुझे मालूम hi नहीं चला की पिछले 2 घंटे से इसे छोड़ रहा रहा हु

कामो - ः हआ तो मेरी सासुमा की hi गांड मार लेना क्यों मेरी गांड के पीछे पड़ा है हरामी

रवि - देख रही हो गिरजा क्या कह रही है तुम्हारी ये चुड़क्कड़ बहु

गिरजा- सब देख रही हु में और सब सुन रही हु तू अभी मेरी बहु के ऊपर hi ध्यान से पहले अपनी दीदी की गांड फाड़ उसके बाद मेरी गांड के बारे में सोचना

समझा

कामो- हहहह देखा सासु माँ नहीं देने वाली तुझे अपनी गांड

रवि - हहहह दीदी तुम गलत सोच रही हो आज से तुम्हारी सास वही करेगी हो में बोलूंगा यकीन नहीं होता न रुको

रवि - मेरी प्यारी गिरजा जरा मेरा लुंड चूस कर अपनी बहु को तो बताओ की तुम भी अब मेरी रखैलों में से एक hi

रवि की बात कानो तक पड़ते hi गिरजा सीधा कामो के ऊपर आ जाती है और अपनी बहु का मुँह बंद करने के लिए सबसे पहले अपनी छूट उसके मुँह पर दबती हुई रवि का गिला लुंड चूसने लगती है

जिसमे से उसे अपनी बहु की गांड की महक आ रही थी

पर कहते है न प्यार और जुंग में सब जायज़ होता है

यह तो चुदाई चल रही थी वो भी रिश्तो को तार तार कर देने वाली चुदाई जिसमे एक सास अपनी hi बहु को अपनी छूट चुस्वाति हुई उसकी गांड से निकले उसके छोटे भाई के लुंड को चूस रही थी

रवि - अह्ह्ह मजा आ गया रे गिरजा तुझे पा कर तो तुम दोनों सास बहु को एक hi बिस्तर पर छोड़ने का मजा hi कुछ और है अह्ह्ह्हह

अब तो मन कर रहा है तेरी बहु की hi तरह तेरी गांड भी मार लू

गिरजा लुंड मुँह से बहार निकल कर कहती है

गिरजा- गांड hi मारनी है तो मार ले न इसमें क्या सोचना है पर आज नहीं आज में कहती हु की तू सिर्फ मेरी छूट की प्यास बुझाये कल तेरे लिए में अपनी गांड के दरवाजे खोल दूंगी बस आज की रात मेरी छूट की प्यास बुझा दे रवि

रवि - कोई बात नहीं मेरी जान में आज भी यही हु और कल भी यही हु कल इसी घर में दिन धड़े तेरी गांड मरूंगा तब देखना तुझे कितना मजा आता है

रवि अपनी कमर को हिलता हुआ ाआधे से ज्यादा लुंड गिरजा के मुँह में पेल चूका था और अब उसके मुँह की चुदाई कर रहा था

वो कभी अपना लुंड कामो की छूट में डाल कर 2-3 झटके मार कर निकल लेता और सीधा गिरजा के मुँह में पेल देता तो कभी कम्मो की गांड में लुंड पेलता हुआ गिरजा के मुँह में लुंड भर देता जिससे की गिरजा को अपनी बहु के दोनों छेड़ो का स्वाद मिल रहा था

अंतत में रवि गिरजा को खड़ा करता हुआ उसके होठो का रास चूसने लगता है जो की लुंड चूसै की वजह से पूरी तरह समभग गए थे ऊपर से उसके मुँह में भी काफी सारा रस जमा हो चूका था

काफी देर तक रवि अपनी दीदी की गांड की धज्जीया उडाता हुआ उसकी सास के मुँह से मादक रास पिता है

रवि - अहह अब सब्र नहीं होता मेरी गिरजा रानी जल्दी से अपनी बहु के ऊपर आजा एक साथ छोड़ने का मन कर रहा है तुम दोनों सास बहु को

अब आलम यह था की कामो निचे चाट की और मुँह किये पड़ी थी तो उसकी सास उसके ऊपर उसकी और मुँह करे पड़ी थी

दोनों की विशाल चूचिया एक दूसरे की चूचियों से रगड़ खा रही थी

दूसरी और रवि एक साथ दोनों सास बहु को छोड़ना चालू कर चूका था

कभी वो कामो की छूट छोड़ने लगता तो कभी गिरजा की छूट तो कभी अपनी दीदी की गांड

आज रवि के सामने एक साथ तीन तीन छेद थे जिनका वो भरपूर मजी ले रहा था

दोनों सास बहु इतनी गरम हो गयी थी की अब तक वो दोनों एक दूसरे के होठो के साथ खेलना शुरू कर दी थी

पीछे से रवि ताबड़तोड़ दोनों को बरी बरी छोड़ रहा था

बिच बिच में वो गिरजा की गांड में अपनी ऊँगली पेल देता जो पहले से hi काफी खुली हुई थी शायद सुखिया को भी अपनी बीवी की गांड मरने का शौक़ था

रवि इतना तो समझ चूका था की गिरजा की गांड कुवारी नहीं है पर उसका रूप रंग देख कर उसकी आखो में खून उतर आया था

बिच बिच में वो चारो छेड़ो को चाटने लगता और अगले hi पल उन्हें अपने लुंड से छोड़ना चालू कर देता

काफी देर चली चुदाई में दोनों सास बहु न जाने कितनी hi बार झड़ी अंततः में रवि भी अपनी मंजिल तक्क पहुंच चूका था वो अपने लुंड को बहार खींचता हुआ दोनों सास बहु के सिरहाने आ जाता है और अपना लुंड तेजी से मुठियाता हुआ अपना पानी दोनों के मुँह में गिराने लगता है

दोनों सास किसी बाजारू रंडी की तरह अपना मुँह खोले रवि के विरया का स्वाद ले रही थी

काफी ज्यादा वीर्य दोनों के मुँह में भरने के बाद रवि काफी ज्यादा थक्क चूका था वो साइड में लेत जाता है इधर दोनों सास बहु अब भी इतनी गरम थी की दोनों एक दूसरे के मुँह में रवि का वीर्य थूक थूक कर उसे और गधा बना रही थी

कामो- मजा आया न मम्मी जी अपनी बहु के साथ बिस्तर बात कर

गिरजा - बहुत मजा आया बहु में बता नहीं सकती की आज मेने क्या पाया है अगर तू न होती तो शायद में एक दिन ये भी भूल जाती की में एक औरत हु

कामो - आप चिंता मत कीजिये मम्मी जी अब आप की ये बहु कभी आपको प्यासी नहीं रहने देगी लुंड नहीं तो ऊँगली से hi आपको छोड़ेगी

कामो अपने हाथ निचे लती हुई अपनी सास की छूट उंगलियों से छोड़ने लगती है

दोनों के मुँह में अब भी रवि का वीर्य रहा था दोनों एक बार फिर अपना मुँह एक दूसरे से जोड़ती हुई वही काम करने लगती है एक दूसरे के मुँह में वीर्य उगलने का

इधर गिरजा अपनी कमर उठती हुई अपनी बहु से अपनी छूट छुड़वा रही थी

अच्चानक से गिरजा पलट जाती है जिसकी वजह से कम्मो उसके ऊपर आ जाती है

गिरजा उसकी आँखों में देखती हुई हाथ पीछे ले जाती है उसका हाथ सबसे पहले कामो की गांड के छेद पर पड़ता है जो चुदाई के बाद काफी खुल गया था

गिरजा बिना देर किये अपनी बहु की गांड में उंगलिया उतरती हुई उसे अपने हाथो से छोड़ने लगती है

देखते hi देखते गिरजा की 4 उंगलिया उसकी बहु की गांड को छोड़ रही थी

दोनों सास बहु एक नजर रवि पर डालती है जो थक्क कर सो गया था

पर शायद कामो और गिरजा वो मजा प् चुकी थी जिसमे लुंड के बिना भी देह सुख का आनंद लिया जा सकता है

रात तीन बजे तक दोनों एक दूसरे के ाँगो से ऐसे hi खेलती रहती है

एक दूसरे की छूट चाटती है तो कभी एक दूसरे के छेड़ो को अपनी उंगलियों से छोड़ती है

रात भर यही सिलसिला जारी रहता है और नट में भोर होने के समय दोनों एक दूसरे से लिपट कर सो जाती है .....
 
अपडेट -310

सुबह रवि की जैसे hi आँख खुली उसकी आँखों के सामने सबसे पहला चेहरा गिरजा का आता है जो मजे से उसका लुंड चूस रही थी

रवि के जिस्म में हरकत होती देख मुँह में लुंड घुसाए हुए hi वो रवि को देखती है दोनों की आँखे मिलती है पर इस बार गिरजा पूरी बेशर्मी के साथ रवि का लुंड उसकी आँखों में देखती हुई चूस रही थी

इधर रवि मजे से गिरजा के बालो को सहलाता हुआ उसका सर अपने लुंड पर दबा रहा था

काफी देर तक लुंड चूसने के बाद रवि गिरजा की बहो को पकड़ कर ऊपर की और खींचता है गिरजा उसके ऊपर आती हुई खुद hi उसका लुंड अपनी छूट पर शता कर एक hi झटके में उसे अपनी छूट में समा लेती है

रवि - अह्ह्ह्हह्हह गिरजा कितनी गरम है रे तेरी ये बुरर्र

गिरजा चुप चाप किसी बाजारू रंडी की तरह अपनी कमर की हिलती हु रवि से छुड़वा रही थी

इधर रवि एक बार फिर गिरजा का मुँह चूसने लगता है

काफी देर चली चुदाई के बाद रवि गिरजा की बुर्र में hi झाड़ जाता है

गिरजा अब भी उसके ऊपर थी और रवि का लुंड अब भी गिरजा की बुर्र में hi घुसा हुआ था

तब तक कम्मो की आँख भी खुल जाती है वो उठ कर एक मादक अंगड़ाई लेती हुई अपने छोटे भाई और सास को इस अवस्था में देख कर दांग रह जाती है और जैसे hi वो थोड़ा निचे झुक कर उसकी छूट देखती है उसकी आँखे चौड़ी हो जाती है

क्योंकि उसकी सुशिल पतिवर्ता सास की बुर्र में अब भी उसके भाई का लुंड फसा हुआ था जिसके साइड से उसका विरया बहार की और बह रहा था

कामो - क्या बात है सासु माँ मेरे भाई का लौड़ा इतना पसंद आ गया क्या की मेरे उठने का भी इन्तजार नहीं किया आपने

girja-are भौ तू सो रही थी और तेरे भाई का ये मुसल जाग रहा था तो मेने सोचा की तुझे क्यों तकलीफ दी खुद hi इसे सुला देती हु

वैसे भी तू इसे सुलाए या में सुलावू बात तो एक hi है न

इतना बोलती हुई गिरजा उठ खड़ी होती है

पुककककक ी आवाज के साथ रवि का लुंड उसकी छूट से बहार आ जाता है

गिरजा दरवाजे की और जा रही थी रस्ते भर उसकी छूट से पानी गिरता रहा जिसे दोनों भाई बेहेन देख रहे थे

गिरजा नंगी hi बाथरूम में मोटने चली जाती है

इधर कामो अपनी भाई की आँखों में देखती हुई पूछती है

कामो- देखा रवि जो तेरी दीदी ने तुझसे वडा किया था आज वो पूरा कर दिया

रवि - मुझे पूरा यकीन था दीदी आप पर आप अपनी बात पर खरी उतरेगी

कामो- तुझे कैसा लगा मेरे प्यारे भाई मेरी सास को छोड़ कर

रवि - बहुत मजा आया दीदी पर उसकी गांड अब भी करनी बाकि है

कम्मो- जब देखो तब सिर्फ गांड मरने की hi बात करता है मेरी गांड फाड़ कर तुझे सुकून नहीं मिला क्या हो अब मेरी सास की गांड को भी फाड़ने पर तुला है

रबी- देखो दीदी सीधी सी बात है तुम्हारी और रेखा दीदी की गांड की टक्कर की गांड तो इस दुनिया में नहीं है और रही बात तुम्हारी सास की तो दीदी सच खु तो मुझे तब तक मजा नहीं आता जब तक में सामने वाली औरत के सरे छेद न छोड़ लू पता नहीं क्यों कुछ खली खली सा लगता है अभी देखो अभी थोड़ी देर पहले hi तुम्हारी सास की छूट में झडा हु फिर भी उसकी गांड का नाम सुनते hi कैसे मेरा ये लौड़ा खड़ा हो गया

कामो एक नजर अपने छोटे भाई के लुंड पर डालती है जो वाकई में खड़ा हो चूका था

कम्मो- अच्छा तो ये बात है मुझे नहीं पता था चल कोई बात नहीं अब गांड का नाम सुनकर खड़ा हुआ है तो गांड मारने के बाद hi बैठेगा पता नहीं मेरी सास की गद्देदार गांड मरने को कब तेरा नसीब होगा तब तक अपनी दीदी की इस फटी हुई गांड से hi काम चला ले

कामो उठ कर अपना थोड़ा सा थूक अपनी गांड पर लगती हुई रवि के लुंड पर बैठ जाती है

एक hi बार में बिना किसी दिक्कत के पूरा लुंड उसकी गांड के घुस जाता है

दोनों भाई बेहेन की चुदाई एक बार फिर से शुरू हो चुकी थी

इधर गिरजा आज काफी खुस थी उसकी बरसो की सोई हुई तमन्नाह अब फिर से जाग उठी थी

लगातार उसकी बुर्र में एक मुठी सी खुजली हो रही थी जो उसे ये अहसास दिला रही थी की वो भले hi बूढी हो रही है पर उसकी छूट अब भी जवान है और लुंड खाने के लिए पूरी तरह से तैयार है .....
 
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