Incest Story - Didi Ki Chinta - Page 2 - SexBaba
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Incest Story - Didi Ki Chinta

Part 10तो इस तरह दोनों के जोश और हिम्मत के सड़क ये मैच भी tie-breaker तक पहुँच गया और फिर कुछ ऐसा हुआ के रोहन देखता hi रह गया.

क्यूंकि जब मैच टाई ब्रेकर पर पहुंचा तो अस उसुअल रूही ने, जो के पसीने पसीने हुई पड़ी थी और उसे बहुत प्यास लगी थी, अपनी बहिन मेहुल से पानी की बोतल मांगी. मेहुल ने उसे पानी की बोतल दी और आंख मार दी. उसके आंख मरने पर रूही मुस्कुरा दी. रोहन बहुत कन्फ्यूज्ड था के ये इन दोनों लड़कियों में चल क्या रहा है.

आज रूही ने मेहुल की दी हुई एक टाइट सी वाइट कलर की शर्ट पहनी हुई थी. सुबह खेलते वक्त ये दोनों लड़कियां न hi ब्रा पहनती थी और ना hi पंतय. इस बात का रोहन को भी एहसास होता था. एक तो वैसे hi शर्ट टाइट थी और रूही के निप्पल उसमे से झांक रहे थे, जिन्होंने रोहन को मैच के दौरान बहुत परेशान किया था.

अब रूही ने दो घूंट पानी पिया और बाकि का पानी अपने ऊपर उड़ेल लिया. ऐसा करते hi जैसे क़यामत hi आ गयी. रोहन तो बेहोश होते होते बचा शायद क्यूंकि वो पतली सी शर्ट जो पानी में भीग चुकी थी अब पूरी तरह से ट्रांसपेरेंट हो चुकी थी और उसमे से न सिर्फ दोनों निप्पल बल्कि स्तनों और निप्पल्स के बीच का एरिया “अरेओला” साफ़ दिखाई दे रहा था.

रोहन तो उन्हें देखकर इतना उत्तेजित हो गया के उससे अपना लुंड संभालना मुश्किल हो गया. स्तनों को देखकर उसका लुंड हिचकोले खाने लगा. उसके शरीर पर जैसे उसका काबू hi न रहा हो. वो मन hi मन सोचने laga…sala इस हालत में जीतना तो दूर खेलना hi मुश्किल होगा.

उसका मन कर रहा था अभी बाथरूम में जाकर मुठ मार कर आये. वैसे उसे खुद पर हद से ज्यादा गुस्सा आ रहा था के अपनी hi बहिन को देखकर वो किस तरह से उत्तेजित हो रहा था.

वो रूही के बूब्स को देखते हुए ये सब सोच रहा था तो उसे इस बात का ध्यान नहीं था के दोनों बहने उसे देखकर मुस्कुरा रही हैं. रूही ने उसे उसके ख्यालों से बहार लाके के लिए kaha…..kyun भाई, हार मान ली क्या? आज तुम्हारी गेम वैसे भी पहले जैसी नहीं थी.

रोहन होश में आया. होश में आते hi पहले तो उसे शर्मिंदगी हुई. क्यूंकि रूही ने जब उसे बोलै तो वो उसके बूब्स को देख रहा था जो काफी हद तक ट्रांसपेरेंट हो चुके थे. वो सोचने लगा रूही क्या सोच रही होगी भाई उसको कैसे हवसी की तरह देख रहा है.

फिर सँभालते हुए bola….kyun मैं क्यों हार मानूंगा. मैं खेलूंगा. और हर रोज़ की तरह तुम्हे हराऊंगा भी.

Ruhi…ho जाये fir…..rohan…haan हो जाये.

रोहन ये बोल तो रहा था पर उसका आत्मविश्वास आज डगमगा चूका था और उसका ध्यान बार बार उस ब्राउन कलर के घेरे की और जा रहा था जो देखने में बहुत hi सुन्दर, बहुत hi उत्तेजक लग रहा था.

इन दोनों ने जैसे hi खेल शुरू किया तो रोहन बहुत ज्यादा देर तक नहीं टिक पाया. थोड़ी hi देर में रूही ने खेल ख़तम कर दिया. वो उछलती हुई आयी. वो चिल्ला रही thi..maine भाई को हरा diya…heeyyyyy…maine भाई को हरा diya…pehli बार भाई को हराया.

रोहन मन hi मन सोच रहा tha…tune मुझे कहाँ हराया तेरे बूब्स ने हराया मुझे तो. उधर मेहुल मन hi मन सोचते हुए मुस्कुरा रही thi…meri चल कामयाब हो hi गयी. जिस यौवन के आगे ऋषि मुनि नहीं टिक पाए. उस यौवन के आगे मेरा भाई कहाँ टिक पाटा.

रूही को बस इतना पता था के जैसे मेहुल ने कहा वैसे उसने किया. उसे तो ये भी नहीं पता था के रोहन को उसके बूब्स ने उत्तेजित किया है. उसे लगा पानी शरीर पर डालकर उसके अंदर नयी ताजगी आ गयी, और रोहन थका हुआ था, जिस वजह से वो हार गया. मतलब बेचारी अभी सेक्सुअल एहसासों से अनजान थी. उसे इतना थोड़े पता था के उसका खुद का भाई hi उसे प्रेमियों की ताड़ता है और उसी वजह से वो ये मैच जीत पायी है.

रूही भाग कर रोहन के गले लग गयी और उसकी गलों पर चुम्मियों की बारिश hi कर दी. रोहन से अब बर्दाश्त करना मुश्किल हो गया था क्यूंकि जिन बूब्स को वो दूर से देख रहा था वो अब उसके शरीर से चिपके हुए थे, चिपके क्या धंसे हुए थे क्यूंकि रूही उससे बुरी तरह से लिपटी हुई थी. अब जब उससे बर्दाश्त करना मुश्किल हो गया तो रोहन भगा अंदर की और. वो वैसे भी खुद को गलत समझ रहा था और उससे अलग होना hi चाहता था.

अब बाथरूम में जाकर उसने अपने सारे कपडे अपने शरीर से अलग कर दिए तो उसे अपना लुंड 90 डिग्री के कोण पर खड़ा नज़र आया. उसने उसे अपने हाथ में लिया और मुठ मरने लगा. न चाहते हुए भी बार बार उसे अपनी बहिन रूही के बूब्स नज़र आ रहे थे मुठ मारते वक्त.

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ऐसा नहीं था के रिशु को खाना बनाना नहीं आता था. पर वो ज्यादातर किचन में जाना पसंद नहीं करता था. इसलिए प्राची को लगता नहीं था के वो उसकी मनपसंद कड़ाही पनीर बना भी पायेगा या नहीं.

रिशु भी आज अपनी तरफ से कोई कसार नहीं छोड़ना चाहता था. आखिर उसे अपनी बहिन की और से पहला तोहफा मिलने वाला था. कुछ न कुछ तो उसे जरूर मिलना था आज. पर उसके लिए कंडीशन थी वो उसके पसंद की चीज बनता.

प्राची भी इंतज़ार में थी के उसका भाई उसके लिए कुछ बनाये और उनका प्यार का और वासना का खेल शुरू हो सके. प्राची को भी अब तक इस बात की समझ आ चुकी थी के रिशु भी उससे यही कुछ चाहता है तो वो अब अपने आप को हर चीज के लिए तैयार कर चुकी थी.

रिशु जी जान से अपनी प्यारी बहिन के लिए खाना बनाने में जूता था. उसने यूट्यूब पर भी एक दो वीडियोस देखि. वो कोई कसार नहीं छोड़ना चाहता था के कहीं कोई कमी ना रह जाए. वो हर चीज परफेक्ट तरीके से डालना चाहता था.

उसने साथ में दाल चावल और चपाती भी बनाई दोनों के लिए. प्राची बाउल्स में डालने के लिए उसकी हेल्प के लिए आयी तो रिशु ने उसे बिलकुल मन कर दिया और bola…bilkul नहीं दीदी. आज का खाना मेरी और से. प्राची को भला और क्या चाहिए था वो पीछे हैट गयी और डाइनिंग टेबल पर जाकर बैठ गयी.

खाने की खुशबु ने उसे मदहोश कर दिया था. अब उससे इंतज़ार नहीं हो रहा था. वो चाहती थी के जल्द से जल्द खाना सर्वे हो. इसके लिए उसको ज्यादा देर इंतज़ार नहीं करना पड़ा और खाना टेबल पर था.

ऑंखें बंद करके प्राची खाने की खुशबु सूंघ रही थी. वो नाक से दीर्घ सांस ले के boli…bhai खाने की खुशबु तो लाजवाब है. ये बोलते हुए उसके चेहरे पर डिवीने स्माइल थी.

रिशु ने खुद hi खाना सर्वे करने लगा. अभी इन दोनों ने खाना शुरू भी नहीं किया था के इनकी मम्मी आ गयी. अपनी मम्मी को देखते hi रिशु के चेहरे पर बारह बज गए. वो तो अपनी बहिन से अपनी की हुई म्हणत के बदले में गिफ्ट लेना चाहता था पर अब जब मम्मी आ गयी थी तो उसे ये सब कहते में पड़ता नज़र आ रहा था.

मम्मी आते hi बोली” वह क्या खुशबु है. प्राची तुम खाना बहुत अच्छा बनाने लगी हो.”

रिशु ने इतने में एक और प्लेट लगा दी उसमे भी खाना सर्वे कर दिया. मम्मी की बात सुनकर प्राची boli”mummy आज खाना मैंने नहीं रिशु ने बनाया है.”

मम्मी ने अभी सिर्फ खाने को सुंघा था उसे टास्ते नहीं किया था पर फिर भी उसे समझ आ गयी थी के खाना बहुत अच्छा बना है तो उसने उठकर अपने बेटे को गले से लगा लिया. रिशु तो पहले hi हरामी था. अपनी मम्मी के बूब्स का स्पर्श पाते hi उसे इतना सुख का एहसास हुआ के उसके लुंड ने एक झटका सा मारा.

मम्मी ने उसे जल्दी से छोड़ दिया क्यूंकि खाने की खुशबु hi इतनी अच्छी थी के उससे रुक पाना मुश्किल हो रहा था. मम्मी खाने का टास्ते करते hi बोली “तुम कब इतना टेस्टी खाना बनाने लगे रिशु.”

प्राची ने तना मारने वाले अंदाज़ में बोलै “मुम्मा आपको अपनी सहेलियों से फुर्सत कहाँ है जो आपको पता चले के आपके बचे क्या क्या करने लगे हैं.”

मम्मी ने चेहरा प्राची की और घुमाया और बड़े hi प्यार से बोली “ोोू मेरा बचा नाराज़ है क्या मुम्मा से. तुम्हे तो पता hi है पापा नहीं हैं. तो मुझे अपना टाइम पास करने के लिए अपना सर्किल चाहिए था. इसलिए मुझे जाना पड़ता है बचे.”

रिशु ने देखा के उसकी मम्मी उदास हो गयी है तो वो उनकी जांघ पर हाथ रखकर बोलै “कोई बात नहीं मुम्मा. हम दोनों समझते हैं. दीदी का वो मतलब नहीं था. हम दोनों तो आपसे बहुत प्यार करते हैं और दिन भर आपको मिस करते हैं.

Mummy…pyar से रिशु की और देखते hu…dekhte hi देखते तुम दोनों कब जवान हो गए पता hi नहीं चला और सच में तूने खाना बहुत hi लाजवाब बनाया है. है न प्राची.

Prachi…haan मुम्मा, आप सही बोल रहे हो इसने खाना वाकई बहुत लाजवाब बनाया hai…prachi ने मुस्कुराते हुए कहा और बड़े hi प्यार से अपने भाई की और देखा.

मम्मी बहुत थकी हुई थी खाना खा कर वो दोनों को गुड नाईट बोलकर सोने के लिए चली गयी. रिशु बर्तन उठाने लगा तो प्राची boli…ab इतना तो मुझे कर लेने दे यार.

रिशु को बहुत अच्छा लगा जब प्राची ने उसे भाई की जगह यार बोलै. वो मुस्कुरा दिया और अपने रूम में चला गया.

कोई एक घंटे बाद रिशु के दरवाजे पर नॉक हुआ. उसे पता था उसकी दीदी आयी होगी. तो वो bola…come इन दीदी.

प्राची अंदर आयी तो रिशु की नज़र सबसे पहले उसके छोटे छोटे कपड़ों पर पड़ी जो वो अक्सर रात को पहना करती थी. उसे देखकर रिशु खड़ा हो गया.

वो उसके एकदम करीब पहुंचकर उसके बालों पर अपना हाथ फेरते हुए boli….bolo मेरे भाई को चाहिए अपनी दीदी से.

रिशु को उसकी मुँह मांगी मुराद मिल रही थी. वो उसकी इस हरकत से इतना ज्यादा उत्तेजित हो गया था के उसकी बात का जवाब देने की बजाये उसने अपनी दीदी के होंठों पर होंठ भिड़ा दिए. प्राची जैसे इस हमले के लिए पहले से तैयार थी. उसने भी अपने भाई का भरपूर साथ देना शुरू कर दिया किश में.

रिशु ने अपनी बहिन के चूतड़ अपने दोनों हाथो में भर लिए. कब से वो ये सब करने को तड़प रहा था और आज वो दिन आ गया था जब वो अपनी बहिन से चिपक कर उसे स्मूच कर रहा था. प्राची के लिए भी तो ये सपना पूरा होने जैसा था. आज मेहुल की वजह से इन दोनों का मिलान संभव हो पाया था.

रिशु का मन कर रहा था के वो अपनी बहिन के बूब्स को दबाये पर अभी थोड़ी झिझक सी महसूस कर रहा था. वो उसके चूतड़ पकड़ कर उसे अपने शरीर से चिपटा रहा था. उसके ऐसा करने से प्राची को अपने भाई के लुंड की हार्डनेस का एहसास हुआ. वो और भी ज्यादा ुत्तेहित हो गयी थी.

एकदम गोरा चिट्टा चिकना शरीर, जवान बहिन उसे एक प्रेमिका की तरह प्यार कर रही थी. रिशु की ऑंखें लाल हो रही थी वासना की वजह से . पर अभी दोनों hi थोड़ा झिझक रहे थे कुछ और करने के लिए.

मम्मी की आवाज़ ने इन दोनों को किश करने से रोका. वो प्राची को आवाज़ लगा रही थी.

“बीटा प्राची तुम अपने रूम में नहीं हो. बाथरूम में भी नहीं हो. क्या रिशु के रूम में हो”

प्राची ने अंदर से आवाज़ lagayi…haan मुम्मा हम दोनों बातें कर रहे थे.

प्राची रिशु से boli…bhai मुझे अब जाना होगा. मम्मी धुंध रही है मुझे.

रिशु को उसे छोड़ना बिलकुल भी अच्छा नहीं लगा. रिशु सिर्फ निस्केर में था. प्राची की नज़र उसके खड़े हुए लुंड पर थी. पर वो अभी कुछ कर नहीं सकती थी. अपनी असमर्थतता दिखते हुए बोली …भाई कल मिलते हैं न. अभी के लिए इतना hi बहुत है.

रिशु ने एक बार फिर से अपनी बहिन को जफ्फी दाल के उसके होंठों पर किश कर दिया. जाते जाते जब प्राची ने उसकी और निगाह डाली तो रिशु ने निस्केर में hi अपना लुंड पकड़ा और bola…kal मुझे और चाहिए behan….prachi कुछ नहीं बोली बस मुस्कुरा कर रूम से निकल गयी.


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Part 11बात सिर्फ जीत हार की नहीं थी. मेहुल ने मेरे साथ धोखा किया है. रोहन मन hi मन सोच रहा था और अपनी दीदी से बहुत गुस्से था. उसे पूरा दिन मेहुल अकेली नहीं दिखी नहीं तो वो उससे जरूर लड़ता.

शाम को उसे मौका मिल hi गया. वैसे ये मौका खुद मेहुल ने hi उसे दिया.

“भाई आज मेरे साथ मार्किट चलोगे. मेरी एक फ्रेंड का बर्थडे आ रहा है. मुझे उसके लिए गिफ्ट लेना है.” मेहुल ने मुस्कुराते हुए अपने भाई से बोलै.

रोहन बिना कुछ बोले जाने के लिए तैयार हो आगे. उसके चेहरे को देखकर hi समझा जा सकता था के वो नाराज़ है और शायद बहुत ज्यादा नाराज़ है.

मेहुल सारे रस्ते मुस्कुराती रही. रोहन जो के अक्सर रस्ते में उसके साथ बातें किया करता था आज चुप hi रहा. मेहुल ने भी कोई बात नहीं छेड़ी.

दोनों एक गिफ्ट शॉप पर गए. मेहुल रोहन से boli…kya लूँ रिशु मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा.

रोहन ने रुखा सा जवाब diya…ab मुझे क्या पता लड़कियों के लिए क्या लेते हैं.

मेहुल ने स्पॉट सा मुँह बनते हुए kaha…ladki के लिए नहीं लड़के के लिए लेना है. वो मेरा क्लासमेट रोनी है na…ronit आहूजा, उसी के लिए लेना है गिफ्ट.

रोहन गुस्से में चेहरा दूसरी और घुमा लेता hai…mujhe कुछ नहीं पता. आपको लेना है तो लो नहीं तो घर वापिस चलते हैं. मेहुल को उसकी शकल देखकर हंसी आ रही आ रही थी पर उसने जाहिर नहीं होने दिया.

वो boli…tu इतना गर्म क्यों है भाई आज. पहले तो कभी नहीं हुआ ऐसे.

रोहन ने खुद को थोड़ा कण्ट्रोल करते हुए kaha….nahi कोई बात नहीं दी. मेरा मूड ठीक नहीं है. आप अपनी शॉपिंग कर लो. फिर घर चलते हैं.

मेहुल ने गिफ्ट ख़रीदा और उसे किसी रेस्टोरेंट में चलने को बोलै. हालाँकि रोहन ने मन किया पर मेहुल ने अपने बड़े होने का रुआब जताते हुए उसे रेस्टोरेंट में ले hi गयी.

आर्डर मेहुल ने hi किया. उसने एक एक पेट्टी और दो कप चाय का आर्डर दिया और boli…haan अब बता सुबह से तापा हुआ क्यों है तू?

रोहन तो जैसे सुबह से hi फटने को तैयार बैठा tha….wo बिफर pada….aapko जैसे पता hi नहीं है. वो सब आपका किया धरा है.

मेहुल ने अनजान बनते हुए kaha…maine क्या किया बोलो.

रोहन को अब और भी गुस्सा चढ़ गया क्यूंकि मेहुल जानबूझकर अनजान बन रही थी. …जान बूझकर भी आप अनजान बन रही हो. कल से hi आप प्लानिंग कर रही थी न. मुझे नहीं पता था आप इतनी गन्दी प्लानिंग करोगी.

मेहुल को मन hi मन हंसी आ रही थी पर प्रत्यक्ष में वो फिर से अनजान बनते हुए boli…tune उसे गंदे वे में ले लिया रोहन. वैसे तुझे गन्दा क्या लगा उसमे.

रोहन जल्दबाजी में बोल gaya….kyun जब उसने अपने शरीर पर पानी डाला तो उसके बूब्स दिखने लगे. मैं बेचैन हो गया और मैच हार गया. मैच हार गया वो मटर नहीं है. पर आपकी वजह से मैं अपनी बहिन के शरीर को देखकर उत्तेजित हो गया.

जब इंसान गुस्से में होता है तो उसे समझ नहीं आती के क्या कुछ बोल रहा है. अब वो share-aam अपनी बड़ी बहिन के आगे ये कुबूल कर रहा था के उसका अपनी छोटी बहिन के बूब्स देखकर खड़ा हो गया था. अब उस पर जल्द hi बज्रपात होने वाला था क्यूंकि उसकी बात सुनकर मेहुल ने झूठा गुस्सा दिखते हुए बोलै.

मेहुल ऑंखें निकलते हुए boli…oye ये बात सच है के मैंने कल प्लानिंग बनायीं थी. पर तूने मेरी प्लानिंग को कहाँ से कहाँ पहुंचा दिया. इसकी तो मुझे बिलकुल भी उम्मीद नहीं थी.

रोहन कन्फ्यूज्ड हो गया उसकी बात सुनकर और बस इतना hi बोल paya…matlab?

मेहुल गुस्से में boli…matlab के बचे. मैंने तो उसे अपने शरीर पर पानी डालने के लिए बोलै ताकि उसके अंदर ताजगी आ जाये और तारो तजा होकर वो दुगुने जोश से खेले. इसमें आखिर क्या बुराई है. मुझे थोड़े hi पता था मेरा भाई अपनी बहनो के शरीर को देखकर अपना शरीर अकड़ा लेगा. तुम्हे शर्म आणि चाहिए रोहन.

इतना बोलकर मेहुल अपने मन में ठहाका मारकर हंसी. क्यूंकि उसने अपने भोले भाई को अपने जाल में इस तरह से फंसा लिया था के उसका निकलना मुश्किल था.

रोहन पर तो जैसे पूरा सागर पानी का गिर गया हो. उसने तो सोचा भी नहीं था के उसकी दीदी ने क्या सोच कर वो सब किया था और वो कितना कमीना है के वो शरीर देखता रह गया. उसे अब खुद पर बहुत गुस्सा आ रहा था. वो धीमी सी आवाज़ में bola…mujhe माफ़ कर दो दीदी. मुझे नहीं पता आपने क्या सोचकर ये किया था. मैं तो सोच रहा था आपने उसका शरीर दिखाकर मुझे गेम हवा दी.

मेहुल ने अपने माथे पर हाथ मरते हुए kaha…hey भगवन मैं अपनी hi बहिन के शरीर पर पानी डलवाकर अपने भाई को उत्तेजित करुँगी. ऐसा तूने सोचा भी कैसे रोहन. वैसे मैं कई दिनों से देख रही हूँ. तू मेरे साथ खेलते वक्त भी मेरे शरीर (मतलब चूचियों) को देखता है. जब तू अंदर से झांकता था तब भी तुम्हारा ध्यान हमारे शरीर पर hi होता था. मुझे तो तुम्हारे इरादे नेक नहीं लगते भाई.

रोहन को तो समझ hi नहीं आ रही थी वो अपनी बड़ी बहिन की बातों का क्या जवाब दे. वो किसी गुनहगार की तरह गर्दन झुककर बैठा था. मेहुल ने अपनी चल से सारा दोष रोहन की तरफ ट्रांसफर कर दिया था. वो तो अब धीमी आवाज़ में बात कर रहा tha….didi अब तो आप इलज़ाम लगा रही हो मुझ पर फिर भी मैं आगे से ध्यान रखूँगा के आप लोगों की और गलत तरीके से ना देखूं.

मेहुल मन hi मन मुस्कुरा रही थी पर अब उसे लगा के बहुत उल्लू बना लिया अपने भाई को तो वो उसे boli…arey भाई. ये सबके साथ होता है जवानी में. पर कुछ भी सोचने से पहले रिश्तों का ध्यान रखना चाहिए न. इसलिए आगे से ध्यान रखो और ज्यादा मत सोचो आप.

रोहन वैसे hi गर्दन झुकाये बैठा रहा और bola…thik है दीदी आगे से ध्यान रखूँगा.

खाने पिने के बाद मेहुल उठी और रोहन के कंधे पर हाथ रखकर boli…arey भाई इतना मत सोचो. ये कोई बहुत बड़ी बात नहीं है. चलो चलें.

रोहन अब तक अपने आप को थोड़ा रिलैक्स कर चूका था. फिर उसके बाद दोनों में कोई बात नहीं हुई और दोनों घर की और चल दिए.

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अगले दिन रोहन खेलने के लिए उठा hi नहीं. मेहुल को अब उस पर दया आ रही थी. रूही को तो अपने ऊपर घमंड हो रहा था के भाई उससे दर गया है कहीं फिर से ना हार जाए. वो मेहुल से बोले बिना भागकर रोहन के रूम की और गयी और दरवाजा खटखटाया.

रोहन ने अंदर से hi आवाज़ di…kaun है.

Ruhi…bhai मैं हूँ. खोलो न.

रोहन ने दरवाजा खोला तो सामने रूही को पाया जिसने आज एक टीशर्ट पहनी हुई थी और उसकी नज़र पहले सीधे उसकी क्लीवेज पर गयी पर उसने अपना ध्यान जल्दी hi वहां से हटा लिया और फिर वो साइड में हैट गया ताकि रूही अंदर आ सके.

रूही बिंदास अंदर गयी और चेयर पर बैठकर boli…kyun भाई मुझे इतने दिनों से हरा रहे थे. एक hi मैच हारकर आपकी बस हो गयी क्या?

Rohan..chehre पर तनाव के saath…aaj ताबियार कुछ ख़राब लग रही है. इसलिए नहीं aya…rohan बीएड पर बैठते हुए बोलै.

रूही कड़ी हुई, रोहन का हाथ पकड़ा और उसे जबरदस्ती खड़ा करते हुए boli….aap बहाना बना रहे हो भाई. चलो न. मुझे फिर से आपको हराना है.

रोहन अपना हाथ छुड़ाने लगा तो एक्सिडेंटली उसका हाथ रूही के बूब्स से टकरा गया. सॉफ्ट सॉफ्ट बूब्स से जब उसका हाथ टकराया तो वो बेचैन हो गया. पर उसने अब खड़ा होना hi सही समझा नहीं तो रूही पता नहीं क्या कर बैठती. वो बहुत एक्ससिटेड लग रही थी. क्यूंकि वो रोहन को फिर से हारने के लिए बेचैन थी. उसे खुद नहीं पता था के उसे हारने के लिए उसे क्या करना होगा.

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जिस दुविधा में रोहन था उसी दुविधा में मेहुल भी थी. वो समझ नहीं पा रही थी के वो क्या करे. एक बार खुद को तैयार कर रही मेहुल अब सोच रही थी के ये कितना गलत है के उसने अपने भाई को अपनी छोटी बहिन का सहारा लेकर उत्तेजित कर दिया. अब उसे ये बात गलत लग रही थी.

पर वो एक बात सोचकर मन hi मन खुश हो रही थी के कैसे उसने उस गलती को अपने भाई से कुबुलवा लिया जो उसने की hi नहीं थी. वो बेचारा तो अपने आप को दोषी समझ रहा था पर इस सबमे असली दोष तो मेहुल का था.

आज फिर रूही अपने भाई को खेलने के लिए लायी थी और आज तो मैच टाई ब्रेकर तक भी नहीं पहुंचा था और रोहन हार गया था. वो आज शायद जान बूझकर हारा था. ताकि रूही को कोई और हरकत ना करनी पड़े. मेहुल इस बात को समझ चुकी थी के रोहन जान बूझकर हारा है. उसे अपने भाई के लिए बहुत बुरा लग रहा था और खुद पर गुस्सा भी आ रहा था.

फिर उसने मेहुल के साथ मैच लगाया, मेहुल अब लटके झटके न दिखा कर असली खेल खेलना चाहती थी. उसने असली खेल खेला भी. और इस बार वो हार गयी. रोहन बहुत बढ़िया खेला था. वो शायद थोड़ा गुस्से में खेला था. पता नहीं क्यों. अब शायद उसने मन में hi मन ये निर्णय ले लिया था के वो कभी भी अपनी बहनो के साथ नहीं खेलेगा.

रूही बहुत खुश थी अपने भाई को दूसरी बार हराकर. वो आज फिर उसे जफ्फी डालना चाहती थी पर रोहन ने उसे परे कर दिया. उसे एहसास हुआ के उसने जो भी किया वो गलत किया है.

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रिशु कॉलेज से आकर अपने रूम में गया और किचन में जाकर अपनी बहिन को पीछे से जफ्फी दाल दी. प्राची को पहले hi पता चल गया था उसका भाई आया है. वो पहले से तैयार थी अपने भी की इस हरकत के लिए.

रिशु ने पीछे से hi उसकी गर्दन पर किश को तो प्राची boli…aa गए भाई. तुम चलकर बैठो, मैं तुम्हारे लिए खाना लगाती हूँ.

रिशु उसका मुँह घुमा कर bola…nahi, पहले मुँह मीठा कराओ.

प्राची ..मुस्कुराते hue…arey मेरे भोले भाई. पहले मैं कोर्स हो जाये उसके बाद मीठा ठीक रहेगा न.

Rishu…mera तो उल्टा है दीदी. मुझे खाने से पहले भी मीठा चाहिए और खाने के बाद भी.

प्राची को समझ आ गयी थी के ये मैंने वाला नहीं है तो वो उसकी और मुड़ी और boli…kar लो भाई जो करना है.

रिशु मुस्क़ुअरा कर bola…karna तो बहुत कुछ है दीदी पर अभी के लिए बस आपके ये स्वीट स्वीट होंठ hi काफी है.

ये कहते हुए उसने प्राची के मखमली लबों को चूसना शुरू कर दिया. प्राची भी तो यही चाहती थी. वो तो और भी बहुत कुछ चाहती थी. पर अभी के लिए इतना काफी था.

रिशु किश करते वक्त प्राची के चूतड़ों को बुरी तरह से भींच रहा था. जैसे पहले कभी ट्रक का हॉर्न बजाते वक्त भोंपू को दबाया जाता था. वो इसी तरह से उसके प्यारे प्यारे मुम्मों को भी दबाना चाहता था.

दोनों किश में इस कदर खोये थे के उन्हें दुनिया जहाँ की कोई फिरकर hi नहीं थी. दोनों के रास एक दुसरे में मिलकर एक हो चुके थे. प्राची ने अपनी जीभ रिशु के मुँह में घुसेड़ दी और रिशु ने उसे खूब जोरदार ढंग से चूसा. प्राची के दोनों हाथ अपने भाई के सर के पीछे थे. वो उससे इस तरह चिपकी थी जैसे उन दोनों के बीच में फेविकोल का जोड़ लगा हो.

रिशु के हाथ उसकी पीठ पर आ गए थे. पीछे से उसकी पीठ नंगी थी. वहां पर रिशु अपने हाथ जला रहा था. वो दोनों आनंद एक दुसरे से भरपूर आनंद ले रहे थे. वो जैसे भूल hi गए थे के उन्हें ये छोड़ना भी है. वो न भी छोड़ते अगर किसी ने दरवाजा न खटखटाया होता.

और आवाज़ भी aayi…beta प्राची दरवाजा खोलो. आवाज़ सुनकर दोनों एक दुसरे से अलग हो गए.

Rishu…is वक्त कौन मर गया.

Prachi…bhai की गाल पर हाथ फेरते hue…aisa मत बोलो भाई. ये चंचल ौंटी की आवाज़ है. तुम्हे तो पता है ये मम्मी की पक्की सहेली है.

Rishu…mummy की सौ सहेलियां होंगी शायद.

Prachi…pagla कहीं ka…hanskar बोली और दरवाजा खोलने चली गयी.


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Part 12प्राची ने देखा सामने चंचल ौंटी कड़ी है. उसने उन्हें अंदर आने के लिए बोलै. चंचल ौंटी अंदर आते hi बोली.

Chanchal…prachi की और dekhkar…..prachi तूने ये कौन सी लिपस्टिक लगाई है होंठों पर जो इतने लाल हो गए हैं.

प्राची उसकी बात सुनकर सकपका गयी. ऑटोमेटिकली उसकी नज़र सीधे रिशु पर गयी जो चंचल ौंटी के बूब्स की और डेस्पेराटेली देख रहा था. वो उन्हें ताड़ने में इतना बिजी था के उसने शायद ढंग से ौंटी की बात भी नहीं सुनी. प्राची ने ना में गर्दन हिलाई और ौंटी से boli…nahi ौंटी मैंने कोई लिपस्टिक नहीं लगायी . मैं तो कहीं बहार जाना हो या पार्टी वगैरह में hi लिपस्टिक लगाती हूँ.

Chanchal…oh अच्छा अच्छा. मैं तो तेरी मम्मी से मिलने आयी थी.

Prachi…koi जरुरी बात हो तो मुझे बता दो. मैं बता दूंगी उन्हें.

चंचल….. अरे नहीं ऐसी भी कोई जरुरी बात नहीं है. बस ऐसे hi उससे कुछ काम है.

Prachi…thik है ौंटी. वैसे आप थोड़ी देर बैठ जाती. मम्मी आने hi वाली हैं.

Chanchal…chal ठीक है कुछ देर इंतज़ार कर लेती हूँ. तुम शायद रिशु को खाना देने लगी थी. देखो कितना बड़ा हो गया है न. चंचल ने रिशु की और भेदपुराण मुस्कान के साथ देखा तो रिशु ने अपनी नज़रें उसके बूब्स से हटा दी.

रिशु का भी कुसूर नहीं था. चंचल के तरबूज़ 40 से काम तो नहीं होंगे. चंचल इनके पड़ोस में hi रहती थी और इनकी मम्मी की पक्की सहेली थी. कुसुम से भी पक्की. पर वो उनसे उम्र में काफी काम थी. चंचल के बचे अभी 10-12 साल के hi रहे होंगे. वो अभी जवान hi दिखती थी. इसलिए रिशु का उसके सामान की और ध्यान जाना स्वाभाविक hi था.

Prachi…haan ौंटी बस सर्वे कर hi रही थी खाना जब आप आयी.

रिशु के होंठों को देखकर शायद चंचल ौंटी को समझ आ गयी थी के इन दोनों में क्या चल रहा था. वो boli..haan खाने के साथ मीठा भी खिला दिया करो भाई ko…aur हहह करके अपनी hi बात पर हंसने लगती है जैसे कोई जोके मारा हो.

पर उसकी बात पर रिशु और प्राची दोनों hi सकपका जाते hain….prachi boli…auntie रिशु को मीठा पसंद है पर हम लोग कभी कभी hi मीठा बनाते हैं. वो भी मम्मी बनती हैं.

Chanchal…ajib सी मुस्कान के saath…haan तेरी मम्मी का मीठा तो दुनिया भर में मशहूर है. शायद कभी अपने बेटे को भी खिला दे. और आंख मार देती है. दोनों उसकी बात पर कन्फ्यूज्ड थे और कुछ पूछना चाहते थे पर इतने में इनकी मम्मी आ जाती है.

Mummy…hadbadi में आती है और चंचल के गले मिलकर बोलती hai…sorry सॉरी चंचल. मुझे देर हो गयी यार, तुम्हे इंतज़ार करना पड़ा.

Chanchal…muskurate hue…uthkar मम्मी के रूम में जाने लगती hai….koi बात नहीं मेरी जान. वैसे तेरी मीटिंग कैसी रही.

वो दोनों जैसे hi मम्मी के रूम में जाने लगते हैं चंचल पीछे मुड़कर प्राची को आंख मारती है. प्राची कन्फ्यूज्ड हो जाती है और रिशु की और देखती है जो खुद कन्फ्यूज्ड था.

मम्मी का रूम डाइनिंग एरिया से ज्यादा दूर नहीं था. दोनों की बातचीत की आवाज़ आ रही थी. वैसे भी इनकी मम्मी और चंचल ौंटी दोनों की आवाज़ ऊँची hi थी.

Mummy….yaar तुम बच्चों के सामने hi शुरू हो गयी.

Chanchal…ek बात कहूं dear..tere बचे अब बड़े हो गए हैं. उनसे कुछ भी छुपाना ठीक नहीं है.

Mummy…kya मतलब है तुम्हारा.

Chanchal…haye तेरा बीटा सच में जवान हो गया है डिअर. वो मेरे दुद्धूओं की और ऐसे देख रहा था जैसे इसमें से रास का एक एक कटरा निकल के पि जायेगा.

Mummy…shut उप चंचल अभी वो बचा है. सिर्फ 19 साल का है वो.

चंचल… अरे तू घर रहे तो तुझे पता चले न के वो अभी बचा है या बचा पैदा करने के काबिल हो गया hai…tumhe पता है जब वो मेरे मुम्मे ताड़ रहा था तो उसकी पंत में तनाव महसूस किया मैंने.

Mummy…chup कर यार. कुछ भी बोलती है तू. और हाँ थोड़ा धीरे बात कर. कहीं उनको सुन ना जाए.

इधर रिशु और प्राची उन दोनों की बातें सुनकर मुँह पर हाथ रखकर हंस रहे थे. प्राची रिशु से धीरे से boli…bhai मुझे तो लगता है चंचल ौंटी तुम्हारे निचे जाने को तैयार है.

Rishu…hanste hue…lag तो मुझे भी रहा है. पर हर्ज़ भी क्या है. कहते हुए उसने प्राची के साथ hi5 किया. उधर से फिर से आवाज़ आयी.

Chanchal…achha वो सब छोडो आज तुम और कुसुम जिन लड़कों को मिलकर आयी हो उनकी उम्र क्या थी.

Mummy…saali तू पागल है kya..tujhe बोलै ना धीरे बोल. बचे सुन लेंगे.

फिर उसके बाद उनकी आवाज़ नहीं सुनाई दी. पर बचे कन्फ्यूज्ड थे के उनकी माँ किन लड़को को मिलकर आयी है और क्यों. उन्हें तो लगता था के उनकी माँ जॉब पर जाती है या फिर अपनी फ्रेंड्स से मिलने. इसका मतलब मम्मी के कुछ राज़ भी हैं?

Rishu…yaar लगता है कुछ तो बात है दीदी.

Prachi…haan लग तो मुझे भी यही रहा है. तू ऐसा कर रात को मेरे रूम में आना. फिर बात करते हैं. क्यूंकि जैसे हमें मम्मी और ौंटी की बात सुन रही है वैसे hi उन्हें भी हमारी बात नहीं सुन्नी चाहिए न.

रिशु ok. वैसे भी वो खुश हो रहा था के रात को दीदी के रूम में जायेगा तो कुछ न कुछ तो प्राप्त करेगा वो.

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रोहन नाश्ते पर थोड़ा गुमसुम सा था. रूही मस्ती से अपना खाना खा रही थी. मेहुल महसूस कर रही थी के उसका भाई उसकी वजह से खुद को गिलटी फील कर रहा है तो उसे बहुत अफ़सोस हुआ इस बात कर. उसका भी मन ख़राब हो गया खाना कहते हुए.

इनकी मम्मी ने ये बात नोटिस की और boli…kya बात है रोहन, मेहुल, तुम दोनों का ध्यान कहीं और है क्या? खाना नहीं खा रहे हो ढंग से.

Mehul….nahi तो मम्मी ऐसी कोई बात नहीं है. मेहुल ने तो जवाब भी दे दिया पर रोहन तो अपने किन्ही ख्यालों में खोया हुआ था. उसको ऐसे देखकर उसकी चची उठी और उसके पास जाकर बोली.

Radha…beta रोहन. तुम्हे कोई परेशानी है तो हमें बताओ. हम उसका हल करेंगे.

अब जाकर रोहन को समझ आयी के वो लोग उससे बात कर रहे हैं. वो हड़बड़ाकर bola…nahi तो मसि. ऐसी कोई बात नहीं है. मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है. आप बैठो न खाना khao…muskuarakar बोलै rohan…fir bola..final एग्जाम आ रहे हैं न तो बस उसी की चिंता है.

ये दोनों समझ रही थी के ऐसे वक्त में किसी को भी चिंता हो रही है तो निधि और राधा दोनों boli…khane के वक्त खाने पर hi ध्यान दो बीटा नहीं तो सेहत ख़राब हो जाएगी.

Rohan..haan मम्मी, मसि… आप दोनों की बात सही है. फिर सभी मुस्कुराने लग जाते हैं. कितनी प्यारी फॅमिली थी इनकम सबको सबकी चिंता थी.

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रूही की तो गर्मियों की छुट्टियां पद गयी थी और रोहन के फाइनल एग्जाम शुरू हो गए थे. इसलिए कोई भी अब खेल नहीं प् रहा था. रोहन ने तो वैसे भी उस दिन के बाद खेलना बंद कर दिया था.

रूही अपने आप में मस्त रहती या फिर मेहुल के साथ कुछ न कुछ करने में बिजी रहती . पर रोहन अपनी पढाई में बिजी रहता. रोहन का ये फाइनल ईयर था तो उसे अपना बेस्ट देना था ताकि उसकी मार्क्स की एवरेज अच्छी हो जाए.

इधर इनके माँ बाप अपनी hi मस्तियों में गम थे. उन्हें बच्चों की और ज्यादा तवज्जो देने की इसलिए जरुरत नहीं थी क्यूंकि वो लोग काफी समझदार थे. न तो उन्हें कभी पढ़ने के लिए बोलने की जरुरत थी और न hi कभी वो झगड़ा करते थे के माँ बाप को उनके बीच दखल देना पड़े.

रूही थोड़ी गुस्सैल किसम की थी पर मेहुल और रोहन उसके गुस्से को मैनेज कर लेते थे और उसकी बातों को अपने बड़ों तक नहीं पहुँचने देते थे.

चरों बड़े अक्सर खाना खाने के बाद इकट्ठे लिविंग एरिया में बैठकर गपशप करते थे. उस वक्त बच्चों का या तो पढ़ने का टाइम होता या फिर ये लोग मोबाइल पर बिजी रहते. वो कभी अपने माँ बाप के बीच नहीं बैठते थे या उनकी बातों में कभी दखल नहीं देते थे.

आज ऐसा कुछ अचानक हुआ के मेहुल की तो सांस hi अटक गयी. उसके चाचा उसके पापा को बोल रहे the….bhaiya आज क्यों न वाइफ स्वैप कर लिया जाए. मैं निधि भाभी को ले जाता हूँ और आप राधा के साथ एन्जॉय करो.

मेहुल के लिए इससे बढ़कर हैरानी की बात क्या हो सकती थी. पहले उसने अपने मम्मी पापा से उसकी मसि और पापा के रिलेशन का पता चला तो उसने सोचा के चाचा को इस बारे में कुछ पता है या नहीं. पर यहाँ तो खुद चाचा अपनी पत्नी को बड़े भाई को सौंप रहे थे और बड़ा भाई उसकी पत्नी को छोड़ने को तैयार था. ये चल क्या रहा है यार घर में. सोचकर मेहुल बहुत बहुत ज्यादा हैरान थी. वो उन्ही पेअर से वापिस मुद जाती है.

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रिशु रात को अपनी दीदी के कमरे में गया तो देखा दरवाजा लॉक नहीं था. एक चल रहा था और दीदी ने एक वाला कम्बल ओढ़ा हुआ था. उसे देखते hi प्राची ने मुस्कुरा कर उसका स्वागत किया.

Prachi….arey आओ भाई. औ साथ में लेट जाओ. जैसे hi रिशु लेटने लगा तो प्राची फिर से boli…pehle दरवाजा लॉक कर दो.

रिशु दरवाजा लॉक करके आया और फिर से बीएड पर चढ़ने लगा तो प्राची फिर से boli….arey कितने कपडे पहने हैं भाई. इतनी गर्मी में इतने कपडे कौन डालता है. इन्हे उतर कर आओ न. प्राची ने ये मुस्कुरा कर कहा तो रिशु भी मुस्कुराने लगा और उसने अपनी टीशर्ट और लोअर उतर दिया अब सिर्फ कच्चा था वो उस कच्चे में अपनी बहिन के साथ लेता तो उसकी तंग अपनी बहिन की तंग से टकराई तो उसने महसूस किया के तंग नंगी थी. एक सेंसेशन एक झुनझुनाहट सी उसने अपने शरीर में और फिर लुंड में महसूस की और उसके लुंड ने एक झटका सा लिया.

अब रिशु को मस्ती सूझी और उसने कम्बल हटा दिया और bola…mujhe तो बोल रही थी इतने कपडे पहने हैं मैं भी देखूं मेरी दीदी ने कितने कपडे पहने हैं.

प्राची मुस्कुरा kar…dekh ले भाई. जो भी है तेरे सामने हैं. रिशु के लौड़े में जान आ गयी देखकर के उसकी बहिन से सिर्फ के तनियों वाली हलकी सी निघ्त्य और निचे कच्ची के नाम पर थोंग पहना था और उसमे से उसकी प्यारी सी पुसी साफ़ झांक रही थी. और वो थोंग उसे ढकने में भी नाकाम था.

रिशु के शरीर में आग लग गयी ये सब देखकर. वो प्राची के एकदम ऊपर आया और उसके होंठों में अपने होंठ डालकर उन्हें बेतहाशा चूसने laga.usne आज पहली बार एक और काम किया. होंठ चूसते चूसते उसके हाथ अपनी बहिन के मुम्मों पर पहुँच गए. वो उन्हें दबाने लगा.

प्राची ने उसका कोई विरोध नहीं किया बल्कि वो तो चाहती थी के वो ऐसा करे. आज प्राची को और भी ज्यादा आनंद आ रहा था क्यूंकि उसको निचे से अपनी छूट पर अपने भाई के लुंड का दबाव महसूस हो रहा था. उसकी आँखों में लाल डोरे तैर गए और वो वासना से सराबोर हो गयी. ऐसा hi कुछ हाल रिशु का भी था.


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Part 13उसकी आँखों में लाल डोरे तैर गए और वो वासना से सराबोर हो गयी. ऐसा hi कुछ हाल रिशु का भी था.

प्राची से जब बर्दाश्त नहीं हुआ तो उसने रिशु के चूतड़ों पर दबाव बनाया अपने हाथों से ताकि उसके लुंड को अच्छे से महसूस कर पाए.

रिशु ने उसके होंठों को छोड़ा और उसके चेहरे को बेतहाशा चूमने लगा. प्राची के पूरे चेहरे पर उसकी लार लग गयी थी और वो खुद को सातवे आसमान पर पहुंचा हुआ महसूस कर रही थी.

उसने प्राची की गर्दन पर जोरदार किस्सेस की. एक जगह तो दन्त वि गदा दिए. प्राची boli…aaram से भाई. और हाँ तुम तो माँ के बारे में बात करने वाले थे ये आते hi किस काम में लग गए. प्राची हँसते हुए बोली.

Rishu…masti की अधिकता mein….bhain छुड़ाए माँ. मुझे तो अभी अपनी बहिन को छोड़ना है.

Prachi…hanste hue..control रिशु control…kam से काम शब्दों चुनाव तो सही करो भाई..

Rishu…jab लुंड खड़ा हो और फुद्दी में पानी हो तो दोनों में से कोई भी कण्ट्रोल नहीं कर सकता मेरी बहिन अभी तू बता तुझे बातें करनी हैं या छोड़ना है.

प्राची को समझ में आ गया था के रिशु उससे भी ज्यादा उतावला है तो उसने चुप रहना hi बेहतर समझा और अपनी ऑंखें बंद कर ली. रिशु ने उसकी बंद आँखों की उसकी सहमति माना और कानो को और उसके इर्द गिर्द के इलाके को अच्छे से चूसने लगा. प्रहसि के मुँह से अब आह्हः आह्हः की आवाज़ें आणि शुरू हो गयी थी.

इसका मतलब वो अपने पूरे सुरूर में थी. प्राची के हाथ रिशु की नंगी पीठ पर चल रहे थे. वो कभी कभी उसकी पीठ पर अपने नाख़ून गदा देती तो रिशु और भी ज्यादा उत्तेजित हो जाता और फिर दुगुने जोश के साथ शुरू हो जाता. अब दोनों को लग रहा था के उनसे बर्दाश्त नहीं हो सकता तो एक दुसरे से बुरी तरह से चिपट गए.

प्राची और रिशु दोनों के लिए ऐसा पहली बार था के उसने पहली बार किसी लड़के के शरीर को इस कदर छुआ था और रिशु ने पहली बार किसी लड़की को इस तरह से छुआ था. दोनों के लिए hi ये पहली बार था. तो दोनों hi मदमस्त थे और इस खेल का पूरा लुत्फ़ उठाना चाहते थे.

रिशु उसके ऊपर से उठा और उसकी निघ्त्य की तनियों को दोनों हाथों से पकड़कर bola….didi ये नाइंसाफी नहीं है. मुझे सिर्फ एक कच्चे में रहने को बोलकर आपने ये कपडा फालतू पहना है. इसे अभी के अभी निकालो,

प्राची हंसने लगी उसकी बात सुनकर. उसे समझ में आ गया था के ये बाँदा आज नहीं मैंने वाला और वो खुद कहाँ चाहती थी के वो माने. पर फिर भी प्रत्यक्ष में वो boli…….bhai थोड़ा कण्ट्रोल करो माँ.

रिशु जिसकी ऑंखें वासना से लाल हो चुकी थी bola….apne आप को देखो दीदी. मुझे तो मन कर रही हो. खुद कण्ट्रोल कर प् रही हो क्या. अब ज्यादा नाटक मत करो और उठो ताकि मैं ये निघ्त्य उतर सकूँ.

प्राची को समझ आ गयी थी के अब अपने भाई को गुस्सा दिलाना ठीक नहीं है. इसलिए वो थोड़ा सा ऊपर उठी तो रिशु पहले से उसकी निघ्त्य उतरने को तैयार था तो उसने कुछ सेकण्ड्स में hi उसकी निघ्त्य को उसके शरीर से जुड़ा कर दिया. प्राची की दूधिया रंग की चूचियां रिशु की आँखों के सामने थी जिससे उसकी ऑंखें चौंधिया गयीं.

उनका साइज भी अच्छा खासा था और निप्पल के इर्द गिर्द जो ब्राउन कलर का घेरा था वो तो रिशु को और भी मस्त करने लगा. रिशु निचे झुका और उसकी दाहिनी चुकी को अपने मुँह में भर लिया और बायीं चुकी को अपने दाहिने हाथ से दबाने लगा. प्राची को जिंदगी में पहली बार ये सुख मिल रहा था और वो भी अपने सेज भाई से.

वो कभी एक चुकी को चुस्त तो कभी दूसरी को. कभी बूब्स को दबाने लगता तो कभी निप्पल्स को अपनी ऊँगली और अंगूठे से मसलें लगता. प्राची तो आह्हः bhai…uiii भाई. पता नहीं क्या क्या बोले जा रही थी. उसके मुँह से उत्तेजना वाश पता नहीं क्या क्या निकल रहा था. पर एक बात है के आज से पहले उसने अपने जीवन कभी इतना लुत्फ़ नहीं उठाया था.

वो उत्तेजना में इस कदर पागल हो गयी के उसने अपने सेज भाई का लुंड अपनी मुट्ठी में भर लिया. रिशु ने तो इसकी कल्पना भी नहीं की थी के उसकी बहिन इतना बोल्ड स्टेप खुद hi उठा सकती है. उसे तो लग रहा था के उसे hi सब कुछ करना पड़ेगा पर उसकी बहिन ने तो उससे भी बढ़कर कदम उठा लिया.

उसने निचे से जोर लगाया, अपने भाई को अपने ऊपर से हटाया और उसे निचे लेता दिया और एक झटके में hi उसका अंडरवियर उतर फेंका. रिशु देख रहा था, आनंद ले रहा था और एक सेंसेशन अपने अंदर महसूस कर रहा था.

प्राची थोड़ी देर उसके सख्त हो चुके लुंड को अपने एक हाथ में पकड़कर देखती rahi…rishu से जब बर्दाश्त नहीं हुआ तो वो bola…arey बहिन इसका कुछ करो ऐसे तदो मत इसे मुँह में ले लो.

प्राची कुछ नहीं बोली और पहले उस पर ढेर साड़ी किस्सेस शुरू कर दी. चुंबनों की बरसात कर दी उसने रिशु के लुंड पर. रिशु को तो पहली बार ये सौगात मिली थी तो वो उसका पूरा मज़ा लेना चाहता था. प्राची को उसका स्वाद इतना अच्छा लग रहा था के वो उसे चूमे जा रही थी. फिर उसने उसे अपनी गाल के दोनों तरफ लगाया और अपने बूब्स के बीच में लेकर झटके मारे.

Rishu…aahhh दीदी मार hi डालोगी क्या…. प्राची हँसते हुए boli…itni जल्दी नहीं मरने दूंगी मेरे भाई. अभी तो इस प्यारे से लुंड को बहुत सैलून तक आपकी बहिन के अंगों के साथ साथ छूट का मज़ा लेना है.

फिर रिशु कुछ नहीं बोलै और प्राची ने लुंड को मुँह में भरकर उसे जबरदस्त चूसना शुरू किया. रिशु का शरीर ऐसे अकड़ गया जैसे कमान हो. वो बीच से उठे जा रहा था. प्राची पूरे जोर से उसकी सकिंग कर रही थी.

कुछ देर चूसने के बाद रिशु के लुंड ने ऐसा गर्म गर्म लावा फेंका जो प्राची से कण्ट्रोल होना मुश्किल हो गया. उसका पूरा मुँह उस लावे से भर गया. उसको थोड़ी घिन सी आयी और वो बाथरूम में भागी. अपना चेहरा साफ़ किया और इतनी कुरली की के उसके मुँह से उसके मज़े का असर ख़त्म हो जाए. वो हांफ रही थी. आते hi रिशु के बगल में लेट गयी जो अब ढीला सा होकर लेता हुआ था.

Prachi…maza आया क्या मेरे भाई. रिशु ने उसकी और अपना चेहरे घुमाया और उसकी गाल पर एक किश करते हुए bola….ab भी मज़ा नहीं आएगा क्या दीदी.

फिर कुछ देर रूककर बोलै. पर अभी आपको भी मज़ा देना है मुझे. Prachi…mujhe भी मज़ा आया भाई.

रिशु उठकर खड़ा हो गया और bola…nahi आपका भी पानी निकलेगा आपको तभी मज़ा आएगा ना.

प्राची बस मुस्कुरा दी. रिशु ने उसकी पंतय उतर दी और देखा के सामने सफाचट छूट नज़र आ रही थी. जो के फूली हुई थी. उसको अभी तक किसी मर्द ने टच नहीं किया था. प्राची का भाई hi पहली बार उसे टच करने वाला था. रिशु ने उस पर एक किश की और प्राची की और देखकर bola…didi क्या आपने कभी…

प्राची समझ गयी के उसका भाई पूछना चाहता है के उसने कभी चुदाई की है? प्राची ने उसके सर पर हाथ मरते हुए kaha…hat pagal…main कभी से अपने भाई को अपने कौमार्य (विर्जिनिटी) की सौगात देना चाहती थी. मैं शुरू से सोचती थी के मेरे भाई का मेरी छूट पर पहला हक़ है.

रिशु का सीना गर्व से फूल गया अपनी बहिन की बात सुनकर और bola…thank यू दीदी और फिर उसकी छूट को चूमने लगा पागलों की तरह. प्राची भी आनंद लेने लगी अपने भाई की इस हरकत का. फिर उसने उसकी छूट की फैंको को हटाकर उसमे अपनी जीभ डालनी चाही तो वो बड़ी मुश्किल से घुसे. जीभ फेर फेरकर रिशु ने उसकी उत्तेजना का मीटर 100 पर पहुंचा दिया और प्राची बीच में से उछलने लगी और बहुत ज्यादा देर तक नहीं टिक पायी और झाड़ गयी.

आज दोनों बहिन भाई इस कदर झड़े थे के पहले कभी इतना रास नहीं निकला था.

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प्राची उनकी बात सुनकर एक बार अपने रूम में तो चली गयी थी पर उसे बहुत उत्सुकता हो रही थी अपने माँ बाप और चाचा चची के कारनामे देखने की. वैसे वो ये सब मज़े के लिए नहीं देखना चाहती थी. उसे तो उन सब पर बहुत गुस्सा आ रहा था.

वो देखना चाहती थी के ऐसे कैसे ये लोग किसी भी दुसरे के साथ कर सकते हैं और रिश्तों की इतनी बेकद्री कर सकते हैं. इसलिए उसने प्लान बनाया था के रूही के सोने के बाद वो बहार जाएगी किसी बहाने और उनके कारनामे देखेगी.

रूही तो दिन भर इतना दौड़ती भगति रहती थी के उसे 10 बजे hi नींद आ जाती थी. फिर भी मेहुल ने 10.30 बजे तक का इंतज़ार किया. उसने देखा रूही किसी मासूम बचे की तरह सो रही है. उसने उसके सर पर हाथ फेरा और कमरे से बहार निकल गयी.

बहार आकर अपने मम्मी पापा के बैडरूम की और गयी. वहां पर उसने खिड़की की दरार में से झाँका तो देखा के उसकी मौसी राधा और पापा रोहित ऐसे लगे हुए हैं जैसे उन्हें किसी की चिंता hi न हो.

उनकी आवाज़ ऐसे आ रही थी जैसे नोर्मल्ली कोई बात कर रहा है किसी की परवाह hi ना हो unhe.radha रोहित का लुंड चूस रही थी. मेहुल को न सिर्फ राधा पर बल्कि अपने पापा पर भी गुस्सा आ रहा था. उसका मन हुआ के एक बार दरवाजा खुलवाकर पूछे के ये सब कर क्या रहे हैं ये लोग. क्या अपने पार्टनर के साथ सटिस्फी नहीं हो सकते.

पर वो ऐसा कर नहीं सकती थी क्यूंकि बड़ों को शर्मिंदा करना कोई अच्छी बात नहीं है. इसलिए उसने सोचा वो वहां से चली जाए. पर फिर पता नहीं उसे क्या हुआ के वो थोड़ी देर ऐसे hi कड़ी रही और देखती रही के किस शिद्दत के साथ उसकी मौसी अपने जीजू यानि मेहुल के पापा का लुंड चूस रही थी. उसने ना में गर्दन हिलाई और सोचा चाचा और माँ को भी देख लिया जाये.

वो फिर चाचू के रूम की और गयी तो उसे कोई दरार नज़र नहीं आयी पर हाँ अपनी मम्मी की आवाज़ जरूर सुनाई दे गयी जिससे के वो अंदाज़ा लगा सकती थी के अंदर आखिर चल क्या रहा है.

Nidhi…rakesh लगता है तुझमे पहले जैसा जोश नहीं रहा सेल. एक तो अच्छे से खड़ा नहीं हुआ. ऊपर से तेरे धक्कों में भी अब पहले जैसा डैम नहीं है.

राकेश ,....हँसते हुए …. भाभी जैसे जैसे तुम्हारी उम्र बढ़ती जा रही है. तुम्हारी चुदाई की इच्छा भी तीव्र होती जा रही है. तुम्हे कोई लड़का ढूँढना चाहिए. भाई हम्मे तो पहले जैसा जोश नहीं है ये स्वाभाविक hi है. उम्र का तकाज़ा है.

Nidhi…bahut ज्यादा उम्र नहीं है तुम्हारी राकेश. अच्छा अब बातें ना बना साले. जोर लगा. आह्हः हाँ ऐसे hi…wow…rakesh मेरी जान मज़ा आ रहा है.

Rakesh…saali कुटिआ अब मज़ा आया न. Nidhi…haan rakesh…aahhh ऐसे hi.. लगा रह बस साड़ी raat..aahh जानू. मज़ा आ गया.

Rakesh…ab चुपचाप चुदती जाओ भाई नहीं तो मुझे मज़ा नहीं आएगा.

उसके बाद बस निधि की आहें hi सुनाई दे रही थी. या फिर थप थप की आवाज़. मेहुल समझ सकती थी के अंदर क्या हो रहा है. उसकी छूट में चींटियां सी लड़ने लगी. उसने मन hi मन सोचा मुझे ये क्या हो रहा है. मुझे तो गुस्सा आना चाहिए. पर यहाँ तो उल्टा हो रहा है.

सोचते सोचते जब मेहुल पागल सी होने लगी तो वापिस अपने रूम में गयी और लेट गयी. पर उसे आज नींद नहीं आ रही थी और वो सोचे जा रही थी के ये आखिर चल क्या रहा है घर में. पता नहीं कब ये सोचते सोचते उसका हाथ अपनी छूट पर चला गया. क्यूंकि छूट में चींटियां जो लड़ रही थी.

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रोहन आधी रात को पेशाब करने के लिए उठा. उसने बहार से अपने बाथरूम की लाइट जलाई तो नहीं जाली. उसने सोचा शायद बल्ब न फ्यूज हो गया हो. वो ऐसे hi अंदर चला गया. वो पेशाब करके जैसे hi निकलने लगा तो देखा के एक सुराख़ में से लाइट आ रही है.

बात दरअसल ये है के मेहुल और रोहन के रूम्स के बाथरूम एडजॉइनिंग हैं. हाँ कॉमन नहीं हैं. पर दोनों के बीच में एक खिड़की टाइप है. हालाँकि उसका होने का कोई लॉजिक नहीं है. शायद पहले ये बाथरूम कॉमन रहे होंगे और फिर दरवाजे को हटाकर खिड़की लगा दी गयी होगी फ्यूचर पर्पस के लिए. तो उसी खिड़की में से एक सुराख़ में से लाइट आ रही थी.

उसने देखा लाइट है. इसका मतलब बाथरूम में कोई है. इंसान कई चीजें बस उत्सुकता वश करता है. रोहन ने भी ऐसा hi किया. हालाँकि उसे पक्का मालूम था के अंदर उसकी दोनों बहनो में से कोई होगी.

उसने सुराख़ पर अपनी आंख लगाई तो देखा के सामने टॉयलेट सीट पर उसकी बहिन मेहुल बैठी थी. उसने जल्दी से अपनी आंख वहां से हटाई और हैरान रह गया के उसके और मेहुल के बैठरूम के बीच में एक होल भी है. और ये होल उसके हिसाब से गलत है. क्यूंकि ऐसे तो वो अगर कभी फ्यूचर में देखे तो उसको उसकी बहने यहाँ नंगी hi दिखेंगी.

ये सोचकर उसने सोचा के कल वो इस सुराख़ को बंद कर देगा.


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Part 14 मम्मी ने दरवाजा खटखटाया तो दोनों को सम्भलना पड़ा. ये तो अच्छा था के ये दोनों पहले hi कपडे दाल चुके थे. प्राची ने दरवाजा खोला तो रिशु बीएड के साथ पड़ी चेयर पर बैठ चूका था.

मम्मी ने रिशु से poochha…arey रिशु तो प्राची के रूम में क्या कर रहा है.

रिशु मुस्कुराते hue…kyun मुम्मा मैं अपनी बहिन के रूम में नहीं आ सकता क्या?

मम्मी भी मुस्कुराते हुए boli….aa सकते हो बचे पर अपनी बहिन के रूम में आने के बाद दूर लॉक कौन करता है और वो भी तब जब घर में तुम दोनों के इलावा सिर्फ मम्मी हो.

अब प्राची और रिशु से कुछ बोलै नहीं जा रहा था. प्राची ने बात को सँभालते हुए bola…wo बात ऐसे है मम्मी रिशु ने मुझसे कुछ पर्सनल इशू डिसकस करना था. वो ऑब्वियस है के आपसे छुपकर करना था तो इसने लॉक लगा दिया. अब आप पूछने मत बैठ जाना के क्या था.

रिशु उसे झूठा गुस्सा दिखते हुए bola…maine मन किया था ना मम्मी से डिसकस नहीं करना.

मम्मी मुस्कुराते hue…beta मैं तुम दोनों की माँ हूँ. इस उम्र में ज्यादा से ज्यादा गर्ल फ्रेंड की hi बात करनी होगी इसने. कोई बात नहीं मुझे जब बताना हो बता देना. वैसे ये अच्छी बात है तुम दोनों आपस में सब कुछ शेयर कर लेते हो. वैसे मुझे भी तुम दोनों से कुछ डिसकस करना था.

प्राची और रिशु एक sath…haan बोलो न मुम्मा.

Mummy…mujhe एक हफ्ते के लिए तुम्हारे मां के यहाँ जाना है. ममी छुट्टियों में मायके गयी है तो मुझे उनकी देखभाल करनी होगी.

Prachi…muskurate hue…arey मम्मी तो इसमें इतना डिसकस करने जैसी क्या बात है. आप दोनों बहिन भाई hi तो एक दुसरे का सहारा हो. मां ने पापा के बाद हमारी कितनी मदद की है. आज के ज़माने में कोई भी इतना नहीं करता. आप जरूर जाओ मम्मी.

Rishu…haan मम्मी हम दोनों यहाँ मैनेज कर लेंगे.

Mummy…muskurakar. मुझे तुम दोनों से यही उम्मीद थी. और haan…ankh मरते hue…kar लो अपनी बातें अपनी बहिन से discuss…lock लगा लो.

वो बहार जाने लगी तो रिशु भी निकल गया. बोलते hue…mummy अब तो सोना है, बातें डिसकस करने के लिए मेरे और दीदी के पास अब पूरा हफ्ता है. क्या बोलते हो.

मम्मी उसकी पीठ पर हाथ मरते hue…bahut शैतान हो गए हो तुम. हँसते हुए अपने रूम में चली जाती हैं. रिशु भी अपने रूम में चला जाता है. फिर सब लोग सो जाते हैं.

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नाश्ते पर चरों बड़े डिस्कशन कर रहे थे. तीनो बचे आज बहार गए थे. कुछ शॉपिंग करनी थी और उन लोगों ने बहार hi खाना खाना था.

Rakesh…nidhi se…..bhabhi लगता है आपका अब हमारी उम्र के आदमी से काम नहीं चलता आपको तो लड़का चाहिए सेक्स के लिए.

निधि.. चेहरे पर असमर्थतता liye…kya करूँ राकेश मैं पूरी तरह से सटिस्फी नहीं हो पाती हूँ. ना तुम्हारे भैया से और ना hi तुमसे.

Rohit…aisa भी क्या चस्का चढ़ा है तुम्हे निधि. देखो हम लोग अपना पूरा जोर लगते तो हैं. खड़ा भी पूरा होता है. सख्त भी होता है. लड़को जैसा तो होता है फिर भी तुम्हारा मन नहीं भर रहा.

Radha….jiju…mere पास एक आईडिया है. अगर आप लोग मानो तो सभी एन्जॉय कर सकते हैं.

Nidhi…jaldi बताओ राधा. मेरी छूट की खुजली मिटटी hi नहीं है यार.

Radha…dekho बात ऐसा है ये बात सिर्फ निधि दीदी की नहीं है. हम सब की है, हमें चेंज चाहिए. अपने से काम उम्र के लोग चाहिए सेक्स के लिए. दीदी ने ये बात महसूस कर ली और हम सब अभी महसूस नहीं कर पा रहे पर चाहते हम सब हैं. इसलिए मेरे पास एक आईडिया है.

कल सैटरडे है. क्यों न हम लोग कल रात को डिस्को नाईट क्लब चलें. वहां पर बहुत से यंग लड़के लड़कियां आते हैं. जिन्हे अपने से बड़े मर्द औरतों के साथ सटिस्फैक्शन मिलता है. ऐसे लड़के लड़कियां हमारे काम आ सकते हैं.

Rakesh…josh mein….ye बहुत अच्छा आईडिया है. क्या कहती हो भाभी.

Nidhi…dekho अगर इन्हे कोई परेशानी नहीं है मुझे कोई ऐतराज़ नहीं है. बल्कि शायद मैं भी यही चाहता हूँ.

Rohit…arey भला मुझे क्या ऐतराज़ हो सकता है. मेरा तो आजकल काम उम्र लड़कियों को देखकर खड़ा हो जाता है. मेरी सेक्रेटरी तो मेरे लुंड के नीचे आ भी जाये. पर फिर इस तरह की लड़कियां ब्लैक मेल करने लग जाती हैं. इसलिए उसको कभी भाव नहीं दिया. वर्ण निधि बेचारी ने कभी नहीं रोका मुझे बहार सेक्स करने से. इसलिए मुझे लगता है ये गुड आईडिया है.

Rakesh…fir ठीक है हम चरों शहर के फेमस नाईट क्लब “पुष्ष्ले” में चलेंगे कल.

सभी एक saath..YEAHHHH!!! ये सब खुद को योंग्सटर महसूस कर रहे थे आज,

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रूही की रोहन से किसी बात पर लड़ाई हो गयी थी. इसलिए दोनों बहिन भाई उसे मानाने पर लगे थे. रूही बहुत ज्यादा कीमत की ड्रेस लेना चाहती थी अपनी फेयरवेल पार्टी के लिए. रोहन ने उसे थोड़ा काम रेट वाली पसंद करने को बोलै तो वो रूठ गयी और बोली के मुझे नहीं चाहिए अब.

हालाँकि मेहुल ने रोहन को डांटा और बोलै के उसे उसकी पसंद की hi ड्रेस दिलवाओ. इसलिए अब उसे मानाने की कोशिश चल रही थी.

Rohan…gudia अब मैंने बोल तो दिया के वही ड्रेस ले लो. फिर भी तुम मान नहीं रही हो. ये अच्छी बात नहीं है.

Ruhi…kya अच्छी बात नहीं भाई. आपने तो अपनी पार्टी के लिए इतना अच्छा सूट ले लिया मुझे रोक रहे हो.

Rohan..hanste hue..arey मेरी झल्ली बहिन उसकी कीमत तुम्हारी ड्रेस से फिर भी काम है. तुम समझती क्यों हो.

Mehul…rohan को डांटते hue…rohan जब उसे वो ड्रेस पसंद है तो कीमत क्यों देख रहे हो. देख नहीं रहे कैसे दुखी हो गयी है हमारी गुड़िया.

Rohan….didi मैं तो बस इसलिए मन कर रहा था के कहीं मम्मी पापा गुस्सा न हों. पर जब आप साथ हो तो मुझे किस बात की चिंता. फिर कान पकड़ते hue…achha बाबा गलती हो गयी. अब तो ले लो वो ड्रेस. नहीं देखूंगा प्राइस बस खुश.

Ruhi…nahi बस अब तो मैं 500/- रूपए वाली ड्रेस देखूंगी कोई.

Mehul….arey गुडिअ भाई बोल सकते हैं तुम्हे. इतनी ज़िद नहीं करते.

Rohan…shararti अंदाज़ mein…gudia अब अगर तुम नहीं उठी ड्रेस लेने के लिए तो मैं तुम्हे गॉड में उठा के ले जाऊंगा.

रूही उसकी बात सुनकर हंसने लगी और उठते हुए boli…bhai आप भी न. पहले नाराज़ कर देते हो फिर मानाने भी लग जाते हो.

रोहन उसकी गाल पर किश करते hue…achha अब कभी नाराज़ नहीं करूँगा मेरी गुडिअ को.

मेहुल और रूही ड्रेस तरय करने लगते हैं तो रोहन इतने में इलेक्ट्रिक सेक्शन में जाता है और एक ब्लैक टेप का छोटा सा रोल खरीदता है. उसे वो सुराख़ जो बंद करना था.

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रिशु और प्राची की मम्मी जैसे hi बहार गयी तो दोनों ने पागलों की तरह नाचना शुरू कर दिया. दोनों बुरी तरह से डांस कर रहे थे जैसे कोई खजाना मिल गया हो. दोनों कभी कपल डांस करने लगते तो कभी ऐसे hi हाथ पांव मारते हुए डांस करने लगते. बहुत देर वो ऐसे hi डांस करते रहे.

फिर रिशु ने प्राची को बुरी तरह से जकड लिया और गन्दा सा डांस करने लगा. उसको धक्के लगाने लगा जैसे छोड़ रहा हो. इस चक्कर में उसका लुंड खड़ा हो गया और उसने जोश में आकर डांस करते करते hi प्राची की टीशर्ट उतर दी.

प्राची जैसे पहले hi तैयार थी उसने बहन ऊपर कर दी. निचे उसने कुछ नहीं पहना था तो उसके दोनों कबूतर अब आज़ादी की सांस ले रहे थे. प्राची को उससे भी ज्यादा जोश चढ़ा था तो उसने भी अपने भाई की टीशर्ट उतर दी.

Prachi…wah भाई तूने भी टीशर्ट के निचे कुछ नहीं पहना.

Rishu…prachi के बूब्स को दबाते hue…jab मेरी बहिन ने कुछ नहीं पहना तो भला मेरी क्या हिम्मत. वो दोनों अभी तक डांस कर रहे थे. ये डांस और भी गन्दा होता जा रहा था.

रिशु ने प्राची का मुँह मोड़ कर उसकी गांड पर लुंड टिका दिया डांस करते वक्त और एक हाथ से उसके एक बूब को पकड़ा हुआ था और दुसरे हाथ से उसकी छूट को दबा रहा था. प्राची ने भी अपना एक हाथ पीछे करके रिशु के चूतड़ पर रखा ताकि उसका दबाव बन सके.

ऐसे करते करते दोनों मस्ती में भर गए. अब प्राची की सांसे बहुत तेज़ हो गयी thi.uske चेहरे की लाली को देखकर महसूस किया जा सकता था के उसे अब सेक्स की जरुरत है.

रिशु ने ये बात महसूस करते हुए अपना हाथ अपनी दीदी की लोअर में डालते हुए उसकी छूट को सहलाने लगा और bola…didi आपकी छूट तो गीली है पूरी तरह से.

प्राची मस्ती में अपना मुँह पीछे करके अपने भाई के मुँह से सताते hue…hogi क्यों नहीं मेरे भाई के लुंड के बारे में सोचकर हुई है ये ऐसी.

रिशु छूट में एक ऊँगली डालते hue…to दीदी आपकी छूट सुहागरात कहाँ मानना पसंद करेगी.

Prachi…lambi सांस लेते hue…mere भाई ये तो इस कालीन पर भी आत्मसमर्पण करने को तैयार है. आप अपने हथियार को तैयार करो बस.

रिशु ने प्रहसि को छोड़ा और अपना लोअर निकलते हुए अपना विशालकाय लुंड दिखाया जो एकदम स्ट्रैट खड़ा था. वो bola…dekho बहिन मेरा लुंड अपनी बहिन की छूट में घुसने के लिए पूरी तरह से तैयार है.

प्राची मुड़ी उसने उसका विकराल लुंड देखा , वो मुस्कुराई नजदीक आकर उसे अपने एक हाथ में लिया और घुटनो के बल बैठ गयी. रिशु का लुंड थोड़ा थोड़ा रास छोड़ रहा था. प्राची ने पहले उसे सुंघा और जैसे hi सुंघा तो उसके अंदर जैसे जोश भर गया उसने उसे बुरी तरह से चूसना शुरू कर दिया. रिशु की ऑंखें बंद हो गयी अपनी बहिन के हमले से.

उसने अभी थोड़ी देर hi चूसा होगा तो रिशु bola…didi ये चूसने चूसने वाला कार्यक्रम बहुत हुआ अब चुदाई कार्यक्रम शुरू करना चाहिए. मुझे आपकी कुंवारी छूट में अपना कुंवारा लुंड डालने दो अब.

प्राची तो पहले से तैयार थी उसने पूछा कहाँ तो रिशु बोलै. आपकी छूट को hi कालीन पर छोड़ना पसंद आ रहा था तो कालीन hi सही रहेगा सुहागरात मानाने के लिए.

प्राची ने अपनी लोअर उतर कर हँसते हुए kaha…par भाई ये सुहागरात नहीं. सुहागदिन होगा.

रिशु हँसते हुए bola..din हो या रात मेरी बहिन को तो छोड़ना hi है न.

प्राची भी हँसते हँसते लेट गयी. वो बिलकुल तैयार थी अब छोड़ने के लिए. रिशु अपने लुंड को उसकी टांगों के बीचो बीच ले जाता है और उसकी छूट के द्वार पर हलके हलके से रगड़ता है. प्राची की छूट की खुजली बहुत ज्यादा बढ़ जाती है.

रिशु ऊपर से स्मूच करने लगता है और उसके होंठों को बुरी तरह से चूसने लगता है. प्राची अपना मुँह छुड़वाकर बोलती hai…niche रगड़े क्या जा रहा है बहनचोद. दाल भी दे अब.

रिशु को अपनी बहिन की बेसब्री पर हंसी आ जाती है पर वो उसको और नहीं तड़पना चाहता था, उसकी मासूम सी छूट पर लुंड रखकर एक प्रहार करता है. अब तक प्राची जो बेसब्री हो रही थी लुंड को छूट में सामने के लिए चिल्ला कर boli…aye कुत्ते कितना जोर से डाला. फाड़ के रख दी तूने.

रिशु हँसते hue….aapko hi अपने भाई के लुंड को लेने की जल्दी थी. मैं तो अभी तयारी कर रहा था. अब आप आराम से लेती रहो. शुरू में थोड़ा दर्द होगा फिर मज़ा hi मज़ा है.

प्राची ने भी सोचा ये इंजेक्शन सेहन करना hi पड़ेगा. फिर तो हमेशा के लिए मज़े hi मज़े हैं.

रिशु के धक्के अभी स्लो थे. प्राची को दर्द तो बहुत हो रहा था पर उसे एक अलग hi स्वर्गीय सुख की अनुभूति हो रही थी. रिशु ने साथ साथ उसके बूब्स भी चूसने शुरू कर दिए एक एक करके.

वो उसे मज़े देने के लिए अपने हाथों का भी इस्तेमाल कर रहा था. कभी उसकी गलों पर फेरता तो कभी कानो में उलझा देता. जब किश करता तो दोनों हाथों से उसकी चूचियों को पकड़ लेता. इस तरह ये दोनों चुदाई के परम सुख को प्राप्त कर रहे थे.

अब धक्के थोड़े तेज़ करने थे तो रिशु ने वारं करते हुए bola….didi अब ज्यादा फाॅर्स के साथ लुंड अंदर जायेगा आपकी छूट में . तैयार रहना आप.

Prachi…jo करना है कर ले मेरे भाई. फाड़ दाल इसे.

रिशु को बस इसी इशारे की जरुरत थी. वो शुरू हो गया और जोरदार धक्को के साथ प्राची का बुरा हाल कर दिया. पहले पहल तो उस बेचारी की चीखें nikli…oh कमीने dhire…ohhh aaahhh…fir वही चीखें आहों में badli…aaahhh….fir धीरे धीरे मस्ती mein…aaahhh भाई. मेरी छूट के अंदर तुम्हारा मुसल फिर रहा है उसे बहुत अच्छे से महसूस कर रहा था.

कमरे में अब इन दोनों की तेज़ सांसे और चुदाई की थपाथप की आवाज़ आ रही थी. कोई और आवाज़ अगर थी तो वो प्राची के कभी कभी प्राची की आहों की. दोनों पहली बार इस सुख को अनुभव कर रहे थे. ये चुदाई का सुख अलौकिक है, इसमें इंसान को जितना आनंद मिलता है उतना किसी भी चीज में नहीं. इसलिलये हर कोई इसी के पीछे भागता रहता है हर डैम.

रिशु और प्राची अपनी चुदाई के चार्म पर पहुँच चुके थे, रिशु के मुँह में प्राची का डायन बूब था जब वो ऊपर की और उठने लगी. रिशु भी अब झड़ने को तैयार था. उसने दुसरे हाथ से प्राची के बाएं बूब को जोर से पकड़ा और अपनी बहिन की छूट में hi झड़ने लगा. ठीक इसी समय प्राची ने भी झड़ना शुरू कर दिया. दोनों के रास इकट्ठे hi कालीन पर गिर रहे थे.

बहुत देर तक झड़ने के बाद रिशु उसके ऊपर hi लेट गया और कितनी hi देर वैसे hi लेता रहा. फिर जब ये दोनों उठे तो देख कर हैरान रह गए के कालीन पर उनके रास के इलावा भी कुछ था. प्राची की छूट से निकला हुआ खून. दोनों hi घबरा गए. अब उन्हें ये कालीन अच्छे से साफ़ करना था.

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रोहित को ऑफिस में अपनी 24 साल की सेक्रेटरी तान्या पसंद तो थी पर उसे दर था के कहीं वो उसका गलत इस्तेमाल न कर ले. इसलिए वो कभी उसकी और नहीं बढ़ा. हालाँकि वो लड़की काफी शालीन थी. काम में भी तेज तर्रार थी पर रोहित की हिम्मत नहीं होती थी उसकी और बढ़ने की.

आज तान्या ने गोल्डन कलर का टॉप पहना था. उसमे वो किसी पारी से काम नहीं लग रही थी. रोहित की नज़र बार बार तान्या के मध्यम साइज बूब्स पर जा रही थी. तान्या थोड़ा उनकंफर्टबले महसूस कर रही थी. क्यूंकि लड़कियों की 6तह सेंस उन्हें बता देती है के कोई चुटिया तुम्हारे बूब्स को घर रहा है. तो वो अलर्ट हो जाती हैं. पहले ज़माने में तो लड़कियां अपना दुपट्टा सेट कर लेती थी पर अब तो दुपट्टा होता hi नहीं तो बेचारी लड़कियां बेबस होती हैं और उन्हें लड़को को देखने देना होता है.

वैसे तान्या अपने बॉस रोहित की बहुत रेस्पेक्ट करती थी. उसने इनसे बहुत कुछ सीखा था. पहले कभी किसी ने उसे इस तरह से नहीं सिखाया था जिस तरह से रोहित ने दिल लगाकर उसे सिखाया था. हालाँकि रोहित को यकीं था अगर वो कभी कहेगा तान्या को सेक्स के लिए तो वो इंकार नहीं करेगी. पर फिर भी लड़कियां कौन सा छूट को हथेली में लेकर घूमती हैं के हर किसी को गिफ्ट में दे दें.

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रोहन ने घर आकर सोचा के वो बाथरूम की खिड़की पर टेप लगा दे. वो जैसे hi टेप लगाने लगता है तो उसे शावर चलने की आवाज़ आती है. वैसे तो ये आवाज़ पहले भी आती थी पर उसने कभी ध्यान नहीं दिया था. आज उसका मन किया के एक बार बस देख ले के कौन है.

वो आंख लगा कर देखता है. उसे थोड़ा तिरछा होना पड़ता है. जैसे hi उसकी नज़र रूही पर जाती है जो एकदम नंगी होकर शावर के निचे कड़ी थी और अपने अंगों को मॉल रही थी, उसके होश फाख्ता हो जाते हैं. वो एकदम से वहां से हैट जाता है.



उसको रूही के अंगों की ऊपर से लेकर निचे तक झलक मिल चुकी थी. उसकी छूट पर बाल थे. और उसकी काँछ में भी बाल थे. ये सोचकर पता नहीं क्यों उसके लंग ने झटका सा मारा. ब्लू फिल्मो में तो उसने ऐसा कई बार देखा था पर आज सामने अपनी आँखों से पहली बार ऐसा दृश्य देखा था उसने.
 
Part 15

रोहन ने सुबह सोचा रात को टेप लगा दूंगा. फिर रात को लगाने लगा तो वहां से लाइट आ रही थी. उसकी दीदी सुसु करने आयी थी. उसने थोड़ी देर इंतज़ार किया के वो उठे और कुछ दिख जाये. हालाँकि वो ये सब दिल से नहीं कर रहा था पर अंदर से कोई शक्ति उसे ऐसा करने के लिए उकसा रही थी.

उसकी दीदी उठी और उसे अपनी दीदी की प्यारी सी छूट के दर्शन भी हुए. मेहुल शुरू से hi सफाई पसंद रही है तो मेहुल ने एक मुँह में पानी लेकर अपनी छूट को अच्छे से साफ़ किया. रोहन हिल गया ये सब देखकर. उसके लुंड ने फिर से झटका मारा.

टेप तो क्या लगनी थी वो अपना लोअर उतर कर मुठ मारने लगा. अपनी दोनों बहनो के अंगों को याद करके मारने लगा. ऐसा मज़ा आया के खूब झाड़ा उसका लुंड. फिर झड़ने के बाद खुद को धिक्कारने लगा. तुम बहुत हरामी हो रोहन जो अपनी बहनो के अंगों को देखकर hi खड़ा कर लेते हो. मुठ मारने लग जाते हो. धिक्कार है तुम पर.

ये सोचते सोचते hi वो अपने बीएड पर लेट जाता है और नींद की आगोश में चला जाता है. पर उसने टेप अभी भी नहीं लगाई थी. कैसा धिक्कारना था ये खुद को, ना तो एक्सेप्ट कर प् रहा था और ना hi नकार रहा था.

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चरों अधेड़ लोग जब फूंकी कपडे पहन कर निकले तो किसी योंग्सटर से काम नहीं लग रहे थे. चरों ने पार्किंग में hi कपडे बदले थे. बच्चों को बोलकर आये थे के सुबह hi आएंगे. इसलिए उधर बच्चों ने भी सोचा लिविंग एरिया में तब तक मूवीज देखनी है जब तक नींद ना आ जाए.

पहले इन चरों पर कंसन्ट्रेट करते हैं.

Rohit…black कलर की टीशर्ट. बिना बाजु की और साथ में ब्लैक कलर की hi पंत. कपडे ऐसे के लाइट में चमके.

Nidhi…isne शामे लाइट में चमकने वाले रेड कलर के रेवेलिंग कपडे पहने थे.

Rakesh…white कलर के कपडे पहने थे. पंत बीच में से पूरी तरह से फटी हुई थी. एक जगह तो अंडरवियर के ऊपर से भी फटी हुई थी.

Radha…blue कलर की ऐसी ड्रेस पहनी थी जो ओने पीेछे थी और कहीं कहीं से तो उसके अंडर गारमेंट्स भी झलक रहे थे साफ़ साफ़.

ये चरों कुछ इस तरह तैयार होकर आये थे के जैसे कोई बहुत बड़ा सपना पूरा करने आये हों. वैसे तो हर इंसान का सपना hi होता है के ज़िन्दगी के किसी मोड़ पर बिना किसी रूल्स के कुछ करे, जैसे डांस, मस्ती, सेक्स. ऐसा hi इन चरों को महसूस हो रहा था आज.

क्लब में एंट्री तो चरों ने इकट्ठे ली थी पर इन लोगों ने पहले hi डीडे कर लिया था के अंदर जाकर सब लोग अलग हो जायेंगे और अपने हिसाब से अपना पार्टनर चुनेंगे अगर कोई ढंग का मिला तो.

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रोहन , रूही और मेहुल इस तरह से बैठे थे के रोहन बीच में, मेहुल उसके दायी और और रूही उसके बायीं और बैठी थी. ये बचे जब टीवी देखते थे तो सोफे से निचे पड़े कालीन पर बैठते थे.

जब ये लोग मूवी देखने बैठते थे तो थिएटर की फीलिंग लेने के लिए काफी सारे पॉप कॉर्न बना लेते थे और उसे बाउल्स में रखकर अपने अपने सामने रख लेते थे. इस तरह से ये लोग मूवीज का फुल मज़ा लेते थे.

पहली मूवी मेहुल की पसंद की लगी. उसे हमेशा hi डलज देखनी होती थी. स्मार्ट टीवी था तो हॉटस्पॉट से आत्ताच करके ये लोग ऑनलाइन कोई भी मूवी निकल लेते थे. मेहुल ने डलज लगायी. हालाँकि रोहन ने बहुत बार देखि थी मूवी मेहुल के साथ पर अभी उसकी पसंद की मूवी लगनी थी तो सभी ने देखनी थी ये पहले से तय था.

रूही ने भी देख तो राखी थी ये मूवी पर उसने बहुत इंटरेस्ट के साथ इसे देखा. कुछ जगह रोहन ने अननेसेसरी सीन्स को मेहुल की मर्जी से फ़ास्ट फॉरवर्ड करके निकल दिया पर फिर भी 3 घंटे से ऊपर की मूवी को देखने में ढाई घंटे लग गए.

अब बारी आयी रूही की तो उसने कहा मेरी क्लासमेट जाह्नवी ने मुझे रणदीप हूडा और नंदना सेन की रंग रसिया मूवी सुग्गेस्ट की थी, मुझे लगता है हमें वही देखनी चाहिए. मेहुल तुरंत boli…nahi रंग रसिया नहीं. कोई और बोलो हम वो देखेंगे.

रूही को खीझ चढ़ गयी. वो तो पहले से hi गुस्सैल थी और छोटी छोटी बात पर गुस्सा हो जाती थी. बोली अच्छा आपने अपनी मूवी तो देख ली चाहे सौ बार देखि हुई थी अब जब मेरी बरी आयी तो आप ऐसे कर रहे हो.

Rohan…arey दीदी देख लेने दो न, बेचारी का मन है.

Mehul…gusse में रोहन की और देखते hue..tumhe पता भी है ये एक एडल्ट मूवी है. रूही अभी 18 की नहीं हुई है. नहीं ये मूवी नहीं चलेगी.

रूही गुस्से में उठकर जाने लगती है. रोहन उसका हाथ पकड़कर उसे बिठाता है और मेहुल से बोलता hai…didi उसको 18 का होने में कितना टाइम है. दो महीने बाद हो hi रही है 18 की. उसका मन है देखने दो न. और फिर हम तीनो समझदार हैं. ऐसा कुछ नहीं होगा.

मेहुल अभी भी गुस्से में thi…thik है तुम लोगों को देखना है देखो. मैं चलती हूँ सोने. कहकर वो कड़ी हो जाती है तो रोहन उसका हाथ पकड़कर भी उसे बिठा देता है और बोलता है.

Rohan…ye अच्छा है तुम दोनों का. एक मिनट में उठकर बोल देते हो मैं चली.

Ruhi…rehne दो भाई जाने दो दीदी को. इन्हे हमेशा अपनी hi पड़ी रहती है. दुसरे की कोई परवाह hi नहीं है और बेचारी उदास सा मुँह बना लेती है और कहती है. अच्छा दी से hi पूछ लो इन्हे कौन सी मूवी देखनी है. वही लगा लो आप.

रोहन मेहुल की और देखता है. रूही ने जो लास्ट में बोलै उसे सुनकर मेहुल पिघल गयी और boli…thik है लगाओ मूवी. पर कोई ऐसा वैसा सन आ गया तो मुझे मत कहना.

रोहन हँसते हुए bola..offo दीदी आपको सही नहीं लगेगा तो आप ऑंखें बंद कर लेना. रूही और मेहुल उसकी बात सुनकर हंसने लगते हैं और फाइनली रूही की पसंद की मूवी लग जाती है.

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ये सब रूटीन में तो कभी पिटे नहीं थे. पर ोक्सासिओं पर पिने से हिचकते भी नहीं थे. रोहित ने अभी अभी काउंटर पर एक ड्रिंक का आर्डर दिया था. सबसे पहले रोहित के पास hi एक लड़की आयी और बिंदास स्वर में boli….tum रोहित हो न?

रोहित हैरान था इतनी काम उम्र की लड़की उसके साथ ऐसे बिंदास बात कर रही थी. खैर उसे कौन सा उसे अपनी बेटी बनाना था. वो भी उसी तरह खुलकर bola…haan मैं रोहित हूँ पर तुम मुझे कैसे जानती हो.

Ladki…mera नाम अलीशा है. मेरे पापा तुम्हारे ऑफिस में hi काम करते हैं. कई बार रात को घर छोड़ के गए हो उसे. तो देखा तुम्हे.

वो उससे ऐसे बात कर रही थी जैसे वो उसका दोस्त हो. रोहित थोड़ा सकपका गया के ये उसके दोस्त की बेटी थी. वो उससे ज्यादा नहीं खुलना चाहता था और bola…kitna समझाता हूँ सुरेश को के इतनी मत पिया करो. मेरा बचपन का दोस्त है तो कभी कभी उसकी ज्यादा हो जाती है तो मुझे फ़ोन कर देता है तो उसे घर छोड़ आता हूँ.

अब मैं लड़की को अलीशा लिखूंगा………………

Alisha…….mujhe पता है वो तुम्हारे साथ नहीं पिता है. अगर जवानी में वो तुम्हारी बात मान लेता तो आज उसकी ये हालत ना होती.

Rohit….khair क्या कर सकते हैं. हरेक का अपना अपना नसीब होता है. कुछ लोगी.

Alisha…haan मेरे लिए भी यही वाला एक ड्रिंक आर्डर कर दो जो तुम पि रहे हो.

रोहित उसके बिंदास स्वाभाव को देखकर बहुत हैरान था. उसके लिए रोहित ने दो तीन ड्रिंक लिए और खुद भी उसका साथ दिया. रोहित उससे थोड़ा झिझक रहा था. आखिर उसके बहुत hi करीबी दोस्त की बेटी जो थी वो. अलीशा इस बात को समझ रही थी. अब उसे थोड़ा सुरूर चढ़ गया था. बिंदास तो वो पहले hi थी अब थोड़ी बोल्ड होकर बोली.

Alisha…yaar रोहित मुझे अपनी फ्रेंड hi समझो. इतना उनकंफर्टबले मत फील करो. एक तो तुम शायद जीवन में पहली बार डिस्क आये होंगे. ऊपर से तुम्हे तुम्हारे दोस्त की बेटी मिल गयी तो उसे अपनी बेटी की तरह ट्रीट मत करो दोस्त समझो दोस्त. वो उससे चिपकते हुए बोली.

रोहित को बहुत हैरानी हो रही थी उसके व्यवहार से. पर वो प्रत्यक्ष में कम्फर्टेबले होकर bola…arey नहीं यार अलीशा मैं पहली बार नहीं आया हूँ. हाँ इतना जरूर है के एक लम्बे आरसे बाद आया हूँ.

अलीशा उसका हाथ पकड़कर boli….chal डांस करेगा.

रोहित को भला और क्या चाहिए था. वो ये भूल गया के ये उसके दोस्त की बेटी है. वो तुरंत उसके साथ डांस करने लगा. वो डांस का मांजा हुआ खिलाडी था. अलीशा उसका डांस देखकर इम्प्रेस हो गयी और boli…bhainchod rohit…yaar तू तो जबरदस्त डांस करता है. कोई योंग्सटर भी न कर सके ऐसा डांस तो. ये सही भी था कितने hi लोग रोहित और अलीशा का डांस देख रहे थे. इनमे बाकि तीनो भी थे और वो लोग खुश थे के चलो किसी को तो पार्टनर मिला.

कुछ देर डांस करने के बाद रोहित थक गया तो वो अलीशा को साइड में ले गया और बोलै कहीं बैठकर बात करते हैं. अलीशा boli…chal ठीक है चल उधर साइड में बेंच पड़ा है वहीँ चलते हैं.

दोनों वहां जाकर बैठे तो रोहित की नज़र साथ वाले बेंच पर बैठे एक कपल पर पड़ी जो स्मूच करने में इस कदर खोये हुए थे के उन्हें दीं दुनिया की खबर hi नहीं थी. बल्कि लड़का लड़की की एक चुकी को बुरी तरह से निचोड़ रहा था और लड़की को इस बात की कटाई परवाह नहीं थी के कोई उन्हें देख रहा है.

उसको इस तरह ताड़ते देख अलीशा उसकी जांघ पर हाथ मरते हुए boli…bhainchod तू ऐसे hi तो नहीं आया. तू भी चुदाई के मज़े लेने आया होगा. के कोई न कोई मिल जाएगी और तू रात भर ऐश करेगा उसके साथ.

रोहित हंसने लगा उसकी बात सुनकर और bola…..yaar अलीशा तुम्हे इस बार की जरा भी परवाह नहीं है के तुम्हारे साथ तुम्हारे पापा का बचपन का दोस्त है.

Alisha…na में गर्दन हिलाते hue…nahi मुझे तो बिलकुल भी नहीं है और तू भी जितनी जल्दी इस बात को भूल जाये उतना अच्छा है यार. वो अपना हाथ दबा रही थी उसकी जांघ पर.

उसके ऐसा कहते hi रोहित का भी हाथ अलीशा की जांघ पर चला जाता है. जो के नंगी थी क्यूंकि अलीशा ने छोटी सी निस्केर पहनी हुई थी. ऊपर टॉप भी छोटा hi था उसका. अलीशा ने भी निधि की तरह रेड कलर की ड्रेस पहनी हुई थी जो उसकी सेक्सी फिगर को और भी सेक्सी बना रही थी.

Alisha…rohit तू ना होता न तो मेरा बाप कबका मर जाता शायद. इसलिए तूने बहुत पहले मेरा दिल लूट लिया था. तुझे किश विस्स चाहिए क्या?

रोहित उसकी और मुस्कुराते हुए bola…tu मुझे किश करेगी क्या?

Alisha..hanste hue…nahi भें के लोडे ये जो लड़की उस लड़के से अपने मुम्मे दबवा रही है वो किश करेगी tumhe…bhosdi के ऑफकोर्स मैं करुँगी तुम्हे किश.

Rohit…yaar यहाँ मुझसे नहीं होगा.

अलीशा फिर से हंसने लगती है और boli…mujhe पता था तेरी गोटियों में इतना डैम नहीं के तू यहाँ मुझे किश कर सके. ऐसा करते हैं. पहले दो दो पेग मार लेते हैं. उसके बाद तुम प्राइवेट रूम ले लेना. मैं तुम्हारे साथ चलती हूँ वहां.

Rohit…hairani से उसकी और देखते hue…kya तुम मेरे साथ प्राइवेट रूम में चलोगी?

Alisha…nahi भें छोड़ इस लड़की को hi ले जा तू. दरअसल अलीशा का बोलने का अंदाज़ hi बहुत बोल्ड था.

रोहित के ख़ुशी के मारे पांव hi जमीन पर नहीं पद रहे थे. उसे तो बिना किसी म्हणत के एक लड़की मिल गयी थी. वो उसे काउंटर पर लेकर गया. दोनों ने दो दो पेग लगाए. इस दौरान उसने बरी बरी से तीनो को देखकर आंख मरी. उन्होंने भी आंख मारकर और अंगूठे के साथ उसे गुड लक बोलै. फिर रोहित ने एक रूम बुक किया और रोहित अलीशा को लेकर रूम में चला गया.

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रोहन ने अपने दोनों हाथ अपनी दोनों बहनो के कंधे के ऊपर रखे हुए थे. दोनों को कोई ऑब्जेक्शन hi नहीं थी. वैसे मूवी में इतने कोई सेक्स सन तो है नहीं. बस ो कामिनी सांग में hi बोल्ड सन आता है. जब वो सन आया तो तीनो शर्म से पानी पानी हो गए.

मेहुल थोड़ा झिझकते हुए धीमे से स्वर में boli…rohan इसे फ़ास्ट फॉरवर्ड क्यों नहीं कर देते.

पर रूही अड़ gayi…nahi दीदी आप वाली मूवी तो इतनी लम्बी थी मेरी तो दो घंटे की भी नहीं है. प्लीज चलने दो न. और मुझे ये गण भी पसंद है.

मेहुल को पता था के रूही जिद्दी है और मैंने वाली नहीं है. इस गाने में उन दोनों का एक स्मूच भी दिखते हैं. रोहन का तो बुरा हाल होना शुरू हो गया था. उसका मन कर रहा था के वो अपने लुंड को सहलाये. पर अपनी बहनो के सामने ऐसा नहीं कर रहा था.

पर उसने पहले अपनी बहिन मेहुल की और देखा और सोचने laga….maine अपनी इस सुन्दर सी बहिन की प्यारी सी छूट के दर्शन किये आज. कितनी प्यारी छूट है इसकी. कैसे धो रही थी. एकदम साफ़ है, चाटने में मज़ा आ जायेगा.

फिर अपने दिमाग को झटका देता है. ये क्या है रोहन. तू क्यों गलत बात सोचता है. तेरी बहिन है. इसकी छूट पर इसके बॉय फ्रेंड या हस्बैंड का हक़ है न के तेरा. अपने दिमाग को शांत कर.

उसके बाद उसका ध्यान अपने आप hi अपनी छोटी बहिन रूही की और गया. उसने उसे देखकर सोचा के इसका एक एक अंग देखा. कितना गठीला बदन है इसका. अंग अभी डेवेलोप हो रहे हैं. लेकिन फिर भी फीचर्स बहुत hi शानदार हैं. काम से काम 34 तो होगी छाती 28 कमर और बट साइज भी 34 होगा. एकदम परफेक्ट बॉडी है उसकी. ये सोचकर उसके लुंड ने झटके मारने शुरू कर दिए.

शायद मेहुल की नज़र चली गयी थी रोहन पर. वो उसे देखकर मन hi मन बोल रही thi…tabhi तो मैं ऐसी फिल्म लगाने को मन कर रही थी. देखो कैसे इंसान का अपने आप से कण्ट्रोल hi ख़तम हो जाता है. कमीना ये भी नहीं सोच रहा के खुद की बहने हैं.

रोहन भी फिर से सोचने लगा. दीदी सही कह रही थी के ये मूवी मत लगाओ. देखो मैं कितना गन्दा सोचने लगा. अब जब हम सब अंदर जायेंगे तो मैं जरूर उस सुराख़ पर वो टेप लगा दूंगा.

यानि दोनों भाई बहिन शामे hi सोच रहे थे. अभी ये दोनों बहिन भाई ऐसा सोच hi रहे थे के उस गाने में एक जबरदस्त स्मूच सन आया. रोहन का ध्यान गया के मेहुल ने तो अपनी ऑंखें hi बंद कर ली और रूही का तो मुँह खुला का खुला hi रह गया ये सन देखकर. और रोहन का तो बुरा हाल था. उसका मन कर रहा था के वो उठकर बाथरूम जाकर अपने लुंड को निकाले और शांत कर दे. पर वो ऐसा नहीं कर सका.
 
Part 16राधा दूसरी थी जिसके पास कोई आया था. ये कोई बीस साल का नौजवान था जिसने उसे ड्रिंक ऑफर किया जब वो काउंटर पर अपने लिए ड्रिंक आर्डर करने गयी.

उसने bola…hi स्वीट lady…Can ी ऑफर यू ा drink…(kya मैं आपके लिए एक ड्रिंक आर्डर कर सकता हूँ.)

राधा boli….and व्हाई? (और वो क्यों?)

लड़का bola…sweet लेडीज की खिदमत करना हर जवान लड़के का फ़र्ज़ है.

उसकी बात पर राधा बड़ी ऐडा से मुस्कुराई और boli…baaten तो बहुत बनाना जानते हो.

लड़का …मुस्कुराते hue…sirf बातें hi नहीं. मैं और भी बहुत कुछ करना जानता हूँ.

Radha…tumhara नाम जान सकती हूँ मैं?

Ladka….uske आगे हाथ करते hue…bande को जोहनी बोलते हैं.

राधा ने कर्टसी के कारन अपना हाथ उसे पकड़ते हुए kaha…john जोहनी जनार्दन वाला? और हंसने लगी तो जोहनी भी मुस्कुरा दिया और बोलै.

Johny…aap जो कहें वो सब सही है. तो अब हमारी दोस्ती हो गयी है. क्या मैं आपके लिए ड्रिंक ले सकता हूँ?

Radha…tum वाकई ऊँचे दर्जे के फ़्लर्ट हो. क्या सभी लेडीज के साथ ऐसे hi करते हो? राधा को जोहनी में इंटरेस्ट आ रहा था और वो उसकी आँखों में ऑंखें दाल कर बात कर रही थी. यूँ कह सकते हैं के राधा को मज़ा आ रहा था.

(दोस्तों कहीं आप लोग ये न सोचने लग जाना के मैंने बीच में अधुलतरी दाल दी है. अभी कहानी का बेस बन बारे है. ये कहानी जल्द hi एक महा इन्सेस्ट गाथा में बदल जाएगी जिसमे रोहन मैं करैक्टर रहेगा. सब चीजों का इन्केस्टरी से सामान्य रहेगा. कहानी का आनंद लेते रहें)

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अलीशा boli…Kya सोच रहे हो. इतने पेग लगाने के बाद भी तुम्हारी हिम्मत नहीं हुई के ऐसी लड़की को किश करो जो खुद तुम्हे किश करने को तैयार हो.

Rohit…thoda गंभीर होते hue…ek बात बताओ अलीशा. मुझे समझ नहीं आयी के तुम एकदम से मेरे साथ इतना कैसे खुल गयी.

अलीशा पहले तो खूब हंसी फिर boli….yar तुम मलेस की यही प्रॉब्लम होती है. तुम्हे कुछ आसानी से मिल जाये तो तुम्हे विश्वास नहीं होता. यार ऐसे hi मैंने देखा के तुम क्लब आये हो. जिस तरह से फूंकी बनकर ए थे तो मैं समझ गयी थी तुम यहाँ चेंज के लिए आये हो. कोई लड़की चाहिए थी तुम्हे. सोचा यही वक्त है तुम्हारे लिए भी कुछ करूँ. तुमने तो मेरे लिए बहुत कुछ किया है.

रोहित अभी और भी गंभीर हो गया और bola…iska मतलब तुम सिर्फ अपना एहसान उतरना चाहती हो. तुम्हे मुझमे कोई इंटरेस्ट नहीं है.

Alisha…saale तुम न एक नंबर के गांडू हो. ऑफकोर्स मुझे तुझमे इंटरेस्ट है तभी तो खुद बोलकर तुम्हे प्राइवेट रूम में बुलाया सोचा क्वालिटी टाइम स्पेंड करुँगी तुम्हारे साथ. वर्ण वही हॉल से hi किश करके दफा कर देती तुम्हे. अब कुछ चाहिए क्या तुम्हे या मैं निचे जॉन साला नशा भी ख़त्म कर दिया तूने.

रोहित को अब महसूस हुआ के जितना उत्सुकता उसे है उतनी hi इस लड़की को भी है. वो bola…yaar नहीं मुझे ऐसे महसूस हुआ के कहीं मैं तुम्हारा फायदा तो नहीं उठा रहा. और जहाँ तक नशे का सवाल है, मैं और आर्डर कर देता हूँ.

अलीशा ने जेब से सिगरेट निकली उसे जलाया और काश लगते हुए boli…ghunchu मेरा कोई इस्तेमाल नहीं कर सकता और हाँ यार साला तूने सारा नशा ख़तम कर दिया है आर्डर कर वही वाला ब्रांड जो निचे पिया था.

उसकी हर ऐडा रोहित को मोह रही थी. चाहे वो उसे मन कर रहा था पर पंत में उसका लुंड अकड़ कर एकदम सीधा हो रखा था. वो अब छह रहा था के अपने लुंड को अलीशा की छूट में डाले पर उसमे हिम्मत नहीं थी अभी ये बात कहने की तो उसने सोचा जिस काम के लिए रेडी है वो तो किया जाए.

अलीशा सिगरेट के काश लगा रही थी तो रोहित ने भी पकड़ कर एक दो काश लगाए और उसे पकड़ाते हुए bola….waise मुँह से सिगरेट की खुशबु आएगी तो किश करने में भी मज़ा आएगा.

रोहित बीएड के एक तरफ बैठा था अलीशा थोड़े फर्क में बैठी थी. अलीशा उसे सिगरेट पकड़ने उसके पास आयी और उसके कंधे पर सर रखकर boli..yaar पहले ड्रिंक आ जाने दो अब उसके बाद hi किश करेंगे. अगर हमारे किश करते हुए बाँदा ड्रिंक्स लेकर आ गया तो मुझे अच्छा नहीं लगेगा. रोहित ने ड्रिंक्स आर्डर कर दिए.

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स्मूच के सन के बाद मेहुल और रोहन का तो कन्फर्म है दोनों उनकंफर्टबले थे. चाहे दोनों के रीज़न अलग थे. मेहुल को तो गुस्सा आ रहा था पर रोहन को तो मस्ती चढ़ी थी. वो अपने लुंड को शांत करने के चक्कर में था. पर रूही को देखकर ऐसा लग नहीं रहा था के उसे इस बात से कोई फर्क पद रहा है के कैसा सन है.

इतने में गाने में लड़की लड़के के ऊपर लेट जाती है. रोहन के लिए तो अब बर्दाश्त करना मुश्किल हो गया था. उसके दोनों हाथ अपनी दोनों बहनो के कंधे पर थे. वो सन देखकर वो इतना मदहोश हो गया के उसने जोर से दोनों बहनो के कंधो को दबा दिया.

मेहुल को तो पहले से hi गुस्सा चढ़ा था. रोहन की इस हरकत से उसे और भी ज्यादा गुस्सा आ गया वो एकदम से उठ गयी और boli…BASSS बहुत हुआ ये ड्रामा. अब और नहीं. बंद करो इसे.

उसके इस तरह से भड़कने से रूही तो सेहम hi गयी बल्कि रोहन भी दर गया. वो चुपचाप खड़ा हो गया. रूही ने फटाफट टीवी ऑफ किया और वो भी कड़ी हो गयी. मेहुल अपने रूम में जा चुकी थी. रोहन भी अपने रूम में चला गया और पीछे पीछे रूही भी चली गयी.

रोहन अंदर जाके सीधा बाथरूम गया. हालाँकि पहले वो अपने लुंड को शांत करना चाहता था पर जब मेहुल ने जोर से बोलै तो वो अपने आप शांत गया था. सो उसे अब सिर्फ पेशाब करने जाना था. वो पेशाब करके सोचने लगा क्यों न वो टेप लगा hi दूँ.

पर फिर देखा उधर से भी कोई पेशाब करने आया है. आंख लगा कर देखि तो ये रूही थी. वो कोड पर बैठकर पेशाब करने लगी. उसके वापिस जाते hi मेहुल आयी. उसने भी पेशाब किया और उसने पेशाब करने के बाद वैसे hi निचे बैठकर धोया. रोहन ने बड़े hi मज़े से ये दृश्य देखे. उसका बैठा हुआ लुंड फिर से खड़ा हो गया.

और वो उसे हिलने लगा. आंख सुराख़ पर और हाथ में लुंड. वो पूरे जोश के साथ मुठ मार रहा था. उसकी सांसें एकदम से तेज़ हो गयी. रोहन ने देखा के मेहुल भी उठने का नाम नहीं ले रही वो अपने हाथ से छूट को धोये जा रही थी. धोये जा रही थी. पता नहीं आज इतना क्यों धो रही थी.

रोहन को मस्ती इतनी चढ़ी ये सब देखकर के उसका जल्द hi छूट गया. उसके मुँह से एक सिसकारी निकली तो शायद ये आवाज़ कुछ ज्यादा थी. मेहुल ने मुँह उठा कर देखा जैसे उसने वो आवाज़ सुन ली हो. रोहन फटाफट अपने लुंड को धोकर बीएड पर आ गया. मेहुल भी अपने रूम में चली गयी. दोनों लेते हुए थे पर नींद दोनों की आँखों में नहीं थी.

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2-3 पेग के बाद जोहने ने राधा को डांस की ऑफर की तो उसने झट से मान ली. वो दोनों एक दुसरे की बाँहों में बहन डालकर डांस करने लगे. राकेश इनके साथ hi एक लड़की के साथ डांस कर रहा था. उस लड़की का नाम मोना था.

वो राकेश के मिलने से पहले hi बहुत सारे पेग लग चुकी थी. अभी उसकी हालत डांवाडोल थी. उसने बातों hi बातों में राकेश को बता दिया था के वो पहली बार डिस्क आयी थी और उसने पहले बहुत hi काम दारू पि थी. इसलिए उसे जल्दी hi बहुत ज्यादा सुरूर हो गया.

अभी वो लोग डांस कर hi रहे तो के मोना को वोमिटिंग होने लगी. राकेश उसे पकड़कर फटाफट वाशरूम की और लेकर गया. उसे वोमिट करवाया और जब सब हो गया तो उसे साइड में लेजाकर बोलै.

Rakesh…jab तुझे हजम नहीं होता तो क्यों पीती हो. किसी ने जबरदस्ती बोलै क्या पिने को.

मोना… बस ग़म को भुलाने के लिए.

Rakesh…kaisa gham…rakesh देख रहा था के उसके चेहरे पर दुःख साफ़ झलक रहा था.

वो boli…kya हम कहीं अकेले में बात कर सकते हैं. राकेश को लगा के अकेले में तो प्राइवेट रूम में hi बात हो सकती है पर ये लड़की क्या मेरे साथ जाना चाहेगी.

फिर भी उसने poochha….agar तुम्हे ठीक लगे तो हम प्राइवेट रूम में जा सकते हैं.

Mona..thik है. चलो चलते हैं. कुछ खाने को भी आर्डर कर dena…aur हाँ ओनली वेग.

राकेश को लगा लड़की काफी अच्छी है बस चोट खाई है. उसने सोच लिया था के वो इसका कोई नाजायज़ फ़ायदा नहीं उठाएगा.

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अलीशा और रोहित के होंठों से होंठ भिड़े हुए थे. स्थिति ये थी के दोनों बीएड पर थे. अलीशा निचे थी और रोहित ठीक उसके ऊपर था. जो रोहित पहले झिझक रहा था अब वो उस पर पूरे हक़ के साथ चढ़ा हुआ था. किश करते वक्त वो कभी कभी उसकी छूट पर अपने लुंड का दबाव भी बना देता. अलीशा बिलकुल भी मंद नहीं कर रही थी.

उसके बाद रोहित ने उसकी गलों पर और गर्दन पर काफी किस्सेस की. अलीशा उससे boli…main तुमसे कई बार मिलना चाहती थी रोहित. देखो किस्मत ने हमें मिला hi दिया.

रोहित मुस्कुरा दिया और उसकी गर्दन पर किश करके bola…tum बहुत hi स्वीट लड़की हो.

अलीशा boli…itni गलियां बकने वाली लड़की को तुम स्वीट बोल रहे हो.

रोहित मुस्कुराते हुए उसके होंठों को चुम कर bola…ye गलियां तो तुम्हारी पहचान हैं. तुमपर जांच रही हैं. वैसे बहुत स्वीट हो.

अलीशा मुस्कुराते hue..hamesha सोचती थी के काश तुम मेरे बाप होते तो तुमसे चुद भी जाती मैं.

रोहित …हैट पागल. कोई बाप भी भला अपनी बेटी को छोड़ता है क्या?

Alisha…bahut कुछ होता है जनाब दुनिया में . इतने भोले मत बनो. वैसे तुम भोले तो नहीं हो. अच्छा यहाँ सिर्फ डांस करने आये थे या फिर चुदाई भी करने ए थे.

Rohit..tumse दोस्ती की है तो झूठ नहीं बोलूंगा. मैंने सोचा था के अगर कोई यंग लड़की मिली तो जरूर छोडूंगा.

Alisha…uski पीठ पर अपने हाथ फेरते hue…achha तुम्हे मैं जवान लड़की नहीं लगती.

Rohit…jawan हो. पर हर चीज हरेक को नहीं बोली जाती न.

Alisha…hanste hue…apne दोस्त की बेटी होने के कारन तुम मुझे बेटी मान रहे हो न.

Rohit…sochte hue…ammm बेटी तो नहीं बेटी सामान. अगर बीटा समझता तो इस तरह पैशनेट किश करता क्या?

Alisha…ye बात भी सही है. तो फिर अगर मैं मान जॉन तो क्या तुम मुझे छोड़ सकते हो?

रोहित को तो झटके पर झटके मिल रहे थे इस लड़की से. Bola…ye तुम कैसी बातें कर रही हो ऐसा.

Alisha….tum मुझे छोड़ सकते हो रोहित पर हाँ एक बेटी समझ कर hi. मैं तुम्हे पापा बोलना चाहती हूँ.

रोहित को तो कुछ समझ hi नहीं आ रहा था. वो bola..agar तुम मुझे पापा बोलोगी और मैं तुम्हे बेटी तो मेरा खड़ा hi नहीं होगा.

Alisha…ye सब तुम मुझ पर छोड़ दो रोहित. ये बोलकर उसने उसकी ड्रेस की टॉप उतारकर फेंक दी.

रोहित को एक जोरदार झटका लगा. शादी से पहले उसने चाहे दो तीन लड़कियों के साथ सेक्स किया था पर शादी के बाद पहले उसने अपनी बीवी निधि और फिर अपनी साली राधा के साथ hi सेक्स किया था. ये तीसरी थी जो उसके कपडे उतर रही थी और वो भी बाप बोलकर.

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मोना को एक का भी असर नहीं हो रहा था इसलिए उसने अपने कपडे उतर फेंके वो सिर्फ ब्रा और पंतय में थी. वो राकेश के सामने बिलकुल भी झिझक नहीं रही थी. राकेश ने उसे कहा भी के ऐसा मत करो तो वो मुस्कुरा कर boli…ladke होकर शर्मा रहे हो. ाजो तुम भी कपडे उतर कर.

अब तो मोना को नशा नहीं था इसलिए राकेश को लगा के सब कुछ उसकी मर्जी से hi हो रहा है. उसने कच्चे के इलावा अपने सारे कपडे उतर दिए और बीएड पर जाकर मोना के साथ लेट गया. दोनों ने एक दुसरे की और चेहरा किया और जफ्फी दाल दी.

Mona…tum तो शादीशुदा लग रहे हो. फिर यहाँ क्या करने आये थे.

राकेश थोड़ा बेशर्म होकर bola…sex karne…aur आंख मार दी.

Mona…achha बड़े फ्रैंक हो तुम तो. बीवी कुछ नहीं कहेगी तुम्हारी तुम्हे.

राकेश हँसते हुए bola…hahahaha biwi…wo तो मेरे भाई से भी चुदती है और आज वो भी इसी क्लब में थी और किसी लड़के के साथ वो भी प्राइवेट रूम में गयी है.

मोना को उसकी बात सुनकर हंसी आ गयी boli…tum लोगों का सही है यार. मतलब सब कुछ ओपन. शर्म नई आती यार.

Rakesh…hanste हुए जिसने की शर्म उसके फूटे कर्म. कहते हुए उसने अपना एक हाथ पीछे से मोना की कच्ची में डाला और उसके चूतड़ों को अपनी मुट्ठी में भर लिया और उसके होंठों को अपने होंठों से चूसने लगा.

मोना ने बिलकुल भी विरोध नहीं किया. बल्कि उसके बहुत ज्यादा जोश से किश करने पर मोना ने उसके लुंड को अपनी मुट्ठी में भर लिया और उसे मसलने लगी. राकेश बहुत ज्यादा जोश में आ गया था.

उसने मोना के दोनों कपडे भी उतर दिए और अपना अंडरवियर भी. उसका सनसनाता हुआ लुंड मोना की आँखों के सामने था. उसने मोना को उसे चूसने का इशारा किया तो उसनी एक आज्ञाकारी बची की तरह उसे हाथ में पकड़ा और चूसने लगी. थोड़ी hi देर में वो एकदम टाइट हो चूका था.

राकेश से रहा नहीं गया तो वो bola….daal दूँ तुम्हारी छूट में?

Mona…jhijhakte hue….yaar कंडोम तो है नहीं. कहीं बच्चा न ठहर जाए.

Rakesh…chitna मत करो मैं ध्यान रखूँगा. मैं बहार hi झाड़ूंगा तुम बेफिक्र रहो.

मोना ने हाँ में गर्दन हिला दी. राकेश को बहुत जल्दी थी चुदाई की उसने जल्दी से अपना लुंड उसकी छूट में डाला और लगा धक्के मारने. उसके बूब्स भी उसने चूसने शुरू किये. राकेश को मोना की छूट टाइट महसूस हुई क्यूंकि उसे बहुत पैन हो रहा था.

उसने पूछा. तुम्हारा पहली बार है क्या.

Mona…nahi ये दूसरी बार. है. मेरे एक्स बर्फ ने मेरी सील तोड़ी थी. उसके बाद उस साले ने मुझे छोड़ दिया.

राकेश bola…chal उसके बारे में बाद में बात करेंगे. पहले चुदाई कर लेते हैं.

मोना ने फिर से आज्ञाकारी बची की तरह हाँ में गर्दन हिलाई. और चुदाई का आनंद लेने लगी.


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Part 17आह्हः पापा पूरा नहीं gaya….alisha घोड़ी बानी हुई थी और सिसकारियां भर रही थी और चिल्ला रही थी.

मेरी बची चिंता मत करो और जोरदार धक्के लगाऊंगा और तुम्हारे गले तक पहुंचा दूंगा देखा न मेरा कितना बड़ा है मेरी beti…rohit मस्ती के साथ बोल रहा था. ठीक वैसे जैसे अलीशा ने उसे बोलने को कहा था.

वो तो सोच रहा था बाप बेटी की चुदाई के नाम पर उसका खड़ा hi नहीं होगा पर यहाँ तो मामला उल्टा था. बेटी बेटी बोलकर तो उसने अपने लुंड को रोड बना महसूस किया.

पहले अलीशा ने चूसा पर उसकी छूट में इतनी खुजली थी के जल्द hi उसने चुदाई कार्यक्रम शुरू करने को बोल दिया. रोहित उसके सामने पालतू कुत्ता बना हुआ था. जो वो बोल रही थी वैसे hi रोहित करता जा रहा था.

एक लम्बी चुदाई के बाद रोहित अलीशा की छूट में hi झाड़ता है. ऐसा करने के लिए भी अलीशा ने hi उसे बोलै था.

फिर उसने लेट कर उसे जोरदार जफ्फी डालते हुए kaha…oh पापा आप सच में बहुत hi जोरदार चुदाई करते हो. आज की रात आप मेरे हो बस.

रोहित को तो जैसे दुनिया जहाँ की खुशियां मिल गयी थी अलीशा जैसी बेटी पाकर. वो उससे bola….tum जॉब करती हो या स्टडीज.

Alisha…main जॉब कर रही hun.par अभी कोई प्रॉपर जॉब नहीं मिली.

रोहित …उसके माथे पर किश करते hue…tum चिंता मत करो मेरी जान. तुम्हारी जॉब का इंतज़ाम मैं करूँगा.

Alisha…thank यू पापा.

फिर आगे boli…achha पापा कैसा लगा आपको अपनी बेटी को छोड़कर.

रोहित …सच कहूं बेटी. मुझे ऐसा मज़ा ज़िन्दगी में कभी नहीं आया था.

Alisha…main अपने बेटीचोद पापा के लिए बहुत खुश हूँ.

रोहित …ये गलियां hi तुम्हारी पहचान हैं beta…kehte हुए वो हंसने लगा. आधे घंटे बाद दोनों फिर से तैयार थे चुदाई के लिए.

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जोहनी राधा को बुरी तरह से पेल रहा था. उसे तो जन्नत के नज़ारे आ रहे थे. राधा की सील तो उसके जीजा यानि रोहित ने तोड़ी थी. पर उसके बाद उसके कुछ लड़को से रिलेशन भी रहे. पर आज जैसा मज़ा उसे कभी नहीं आया था.

जोहनी पूरा एक्सपर्ट था चुदाई में. आप लोग ये तो समझ hi गए होंगे जोहनी रोहन के ग्रुप के चार मेंबर्स में से एक था. ये लोग इसी तरह से लड़कियों और ाउंटियों को पटटे थे और उनके साथ चुदाई करते थे.

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जिस वजह से इन लोगों का चुदाई कार्यक्रम हुआ था यानि निधि को लड़के के साथ सेक्स की जरुरत थी. उस बेचारी का अभी तक कुछ नहीं हुआ था. वो पेग लगा रही थी और साथ hi मोबाइल पर टाइम देखे जा रही थी. वो काफी निराश हो चुकी थी. उसे लगा शायद उसका दिन ख़राब hi जायेगा क्यूंकि उसने देखा बाकि तीनो अपने अपने पार्टनर्स के साथ प्राइवेट रूम्स में चले गए हैं. पर उसे तो अभी तक कोई लड़का नहीं मिला था.

इतने में उसके कानो में किसी की आवाज़ सुनाई di…kya हुआ. किसी का इंतज़ार कर रही हैं क्या आप?

निधि ने साइड में देखा. एक उसके बेटे की उम्र का लड़का उससे बात करने की कोशिश कर रहा था.

निधि ने मुस्कुराते हुए bola…aapki तारीफ.

ये रोहन का दोस्त विमल था और ये तीनो एक hi स्टाइल में औरतों को पटटे the….tarif उस खुदा की जिसने मुझे बनाया. वैसे बन्दे को विमल कहते हैं.

निधि ने उसका हाथ थम लिया फटाफट के कहीं ये भी न निकल जाये. क्यूंकि डिस्क में भीड़ भी काम हो गयी थी. हाथ हिलाते हुए boli…kya चाहते हो.

विमल सीधे hi bola…aapko.

निधि मुस्कुराते हुए boli…tumhari मम्मी की उम्र की हूँ..

Vimal…ada के sath…yakin मानिये मैं अपनी मम्मी को भी बहुत चाहता hun…aur हाँ अपने पापा की तरह hi…usne आंख मारते हुए कहा.

निधि मुस्कुरा दी और boli…bade बेशर्म हो.

Vimal…aapka एक बूब लगभग पुरा hi ड्रेस से बहार झांक रहा है और बेशर्म हम हैं जनाब. ये तो नाइंसाफी है.

निधि को हंसी आ गयी. उसने उसकी किसी बात का बुरा नहीं मन. Boli…drink चाहिए?

उसने उसके सामने बैठते हुए kaha…mangwa लो हुज़ूर बन्दे की खिदमत करने का मौका बार बार नहीं मिलेगा आपको.

Nidhi…waise हो बहुत मज़ेदार तुम.

Vimal…aankh मारते hue…chaliye बदमाश से मज़ेदार तक तो पहुंची आप, अब देखते हैं कहाँ तक पहुँचती हो.

निधि भी सीधी hi हो gayi…kahan पहुँचाना चाहते हो.

Vimal…ab इतनी भी सीधी नहीं हो. डिस्क में आयी हो. रेवेलिंग कपडे पहने हैं. मुझे पता है तुम्हे जवान लड़के का लुंड डरकर है. उसने सीधा निधि की आँखों में ऑंखें डालकर बोलै तो निधि अंदर तक हिल गयी. उसकी छूट में एकदम खुजली सी मच गयी.

उसे सुन्न देखकर विमल bola…kyun झूठ बोलै क्या मैंने मोहतरमा.

निधि ने ना में गर्दन हिलाई तो bola…bas फिर एक प्राइवेट रूम का इंतज़ाम kijiye…banda अभी स्टूडेंट hai.itna खर्चा नहीं कर सकता और फिर आंख मार दी.

निधि ने तुरंत उसकी आज्ञा का पालन किया और दोनों दस मिनट में बीएड पर नंगे लेते थे.

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रोहन ने दरवाजा खटखटाया तो दरवाजा मेहुल ने खोला. इस वक्त रोहन को देखकर उसके चेहरे पर सवालिया निशान थे.

Rohan…mujhe जैसी उम्मीद थी दीदी आप भी नहीं सोई हो.

Mehul…haan भाई मुझे नींद नहीं आ रही थी.

रोहन… चलिए मेरे रूम में चलकर बात करते हैं. यहाँ रूही को डिस्टर्ब होगा.

रूम में जाकर मेहुल चेयर पर बैठते हुए boli…bhai आज जो भी हुआ वो गलत है. वो नहीं होना चाहिए था.

Rohan…dekho दीदी मैंने वो जो कंधे पर दबाव बनाया जान बूझकर नहीं बनाया. पता नहीं कैसे हो गया,

मेहुल नज़रें निचे करके बैठी थी boli…main ये नहीं कह रही के कुसूर तुम्हारा है. मेरा तो बस इतना hi कहना है के जो भी हुआ गलत हुआ.

Rohan…haan गलत तो हुआ बहिन. बस इतना hi कह पाया और चुप हो गया.

Mehul….tum इतना दुखी भी मत होवो. उसको परेशान देखकर मेहुल बोली. वो खुद सोच रही थी के कहाँ तो एक दिन ऐसा था के वो खुद अपने भाई के आगे खुद को प्रस्तुत करने को तैयार थी और कहाँ आज अपने भाई को छोटी सी बात के लिए दोषी बनाकर उसकी क्लास ले रही है. इसलिए मेहुल को अब खुद पर गुस्सा आ रहा था.

Rohan…shayad ऐसा नहीं होना चाहिए था दीदी.

मेहुल ने उसके बालों में हाथ फेरते हुए kaha…chal अब इतना मत सोच भाई और आराम से सो जा. मम्मी पापा और चाचा चची शायद किसी फंक्शन में गए हैं. वो लोग तो सुबह hi आने वाले हैं. मुस्कुराते हुए मेहुल ने कहा और उठ गयी अपने रूम में जाने के लिए. रोहन को भी अब चैन मिल गया था के उसकी दीदी नाराज़ नहीं है. वो भी अब चैन से सो सकता था. सोने से पहले उसने डीडे किया के वो सुबह जरूर वो छेड़ बंद कर देगा. अब ये तो रोहन को hi पता है या मेरे पाठकों को के वो छेड़ बंद कर सकता है या नहीं.

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निधि किसी प्रोफेशनल की तरह विमल का लुंड चूस रही थी. वो उसकी टांगों के बीचो बीच थी और लुंड चूसते हुए वो उसकी आँखों में देख रही थी. विमल उसे ऐसा करते देखकर मुस्कुरा रहा था और सकिंग का भरपूर लुत्फ़ उठा रहा था.

और जैसे hi उसका लुंड फर्राटे मारने लगा उसने निधि को फटाफट निचे लिटाया और उसके पूरे शरीर पर चुंबनों की बौछार कर दी. निधि तो पागल hi हो गयी उसके इस तरह से चुम्बन लेने से. फिर वो ज्यूँ hi उसकी छूट पर पहुंचा तो निधि तो जैसे जन्नत में hi पहुँच गयी. उसने ऊँगली घसेड कर पहले उसे अच्छे से कुरेदा. चाहे निधि की उम्र ज्यादा थी पर फिर भी वो उतनी ज्यादा उम्र की नहीं लहटी थी. किसी किसी औरत का शरीर ज्यादा उम्र में भी कुंवारे जैसा hi रहता है. विमल तो जैसे पागल हो गया उसकी इतनी प्यारी छूट देखकर.

उसने अपनी जीभ को सख्त करके उसमे घुसा दिया. और लगा फेरने दाने पर. निधि तो उछाल उछाल जाए और बोले ओह विमल तूने तो कमल कर दिया. उसकी सिसकारियां विमल के अंदर और भी ज्यादा जोश भर रही थी तो उसने दुगुने जोश के साथ जीभ चलनी शुरू कर दी.

जब उसके लुंड ने बगावत कर दी तो वो उठा और लुंड को फुद्दी की दरार पर रखकर एक जोरदार धक्का लगा. विमल के कुंवारे 7” लुंड ने जब एक जोरदार धक्का मारा तो एक बार निधि को हिलाकर रख दिया. वो बोली धीरे मेरी जान.

विमल बस मुस्क़ुए दिया और खूब जोरदार धक्के मारने लगा. आज उसे स्पेशल माल मिला था जो उसने पहले कभी नहीं भोगा था तो वो उसका पूरा मज़ा लेना चाहता था. निधि के बड़े बड़े चुके उसे लुभा रहे थे वो कभी एक तो कभी दुसरे को चुस्त और कभी पकड़ कर मसल देता. कोई बीस मिनट की चुदाई के दौरान निधि का दो बार माल निकल चूका था और आखिर विमल भी झाड़ hi गया. वो गलती से अंदर hi झाड़ गया.

निधि ने उसे bola…ye क्या किया विमल तूने अंदर hi दाल दिया.

विमल मुस्कुराते hue…koi बात नहीं मेरी जान अनवांटेड72 ले lena…aur हंसने लगा. निधि भी हंसने लगी.

तो भाई लोगो चार अलग अलग कमरों में ये चरों लोग लगे हुए थे अपने अपने पार्टनर के साथ सेक्स का नंगा नाच करने. रोहित अलीशा से, राधा जोहनी से, राकेश मोना से और निधि विमल के साथ चुदाई कर रहे थे. इन चरों का जो मकसद था वो पूरा हो गया था.

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वैसे यहाँ एक और बात सामने आती है दोस्तों के आज के ज़माने में चुदाई करना कोई मुश्किल काम नहीं है. मैं अपना अभी रीसेंट का hi किस्सा बताता हूँ, मेरी एक रिलेटिव भाभी हॉस्पिटल में एडमिट थी. उनकी किड्नेस की कोई प्रॉब्लम थी. नाईट ड्यूटी वाली डॉक्टर मुझे बहुत पहले से जानती थी क्यूंकि वो हमारे मोहल्ले में hi रहती थी मेरे बचपन में. मुझसे तो छोटी hi है. उसकी वजह से हर रात वहां रुका मैं और छुट्टी होने के दो दिन पहले वो मान गयी और उसकी छोड़ डाला मैंने. ये अभी रिसेंटली हुआ. अगर आप लोग चाहते हो उसे डिटेल में बताऊँ तो मुझे बस बोल देना आप मैं वो सब लिखकर यहीं रिप्लाई में दाल दूंगा.

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सबसे ज्यादा जो आनंद लिया था वो लिया था रोहित ने. वो लड़की अलीशा तो उसे छोड़ hi नहीं रही थी. हर एक घंटे बाद उसे चुदाई को बोल दे. वो बेचारा 50 साल का बाँदा आखिर कितना करता. अभी चौथी बार थी.

सुबह के पांच बज रहे थे. अलीशा का हाथ फिर से रोहित के लुंड पर पहुँच गया था. रोहित को मज़ा तो बेशक बहुत आ रहा था. पर अभी लुंड थोड़ा दुखने भी लगा था. क्यूंकि पिछली तीन बार जो चुदाई हुई थी वो बहुत जबरदस्त हुई थी. खैर रोहित तैयार था एक बार फिर चुदाई के लिए.

अलीशा आज जन्मो जन्मो के भूखे जैसा बर्ताव कर रही थी. उसे रोहित का लुंड शायद ज्यादा hi पसंद आ गया था या फिर रोहित या फिर उसका रोहित को पापा कहना, जो भी था वो रोहित को छोड़ने का नाम hi नहीं ले रही थी.

रोहित ने एक इशारा किया और अलीशा ने रोहित का लुंड अपने मुँह में ले लिया और उसे चूसना शुरू किया थोड़ी hi देर में जो लुंड दुःख रहा था अभी आनंद में सराबोर था. एकदम खड़ा हो गया था उसका लुंड.

अलीशा उसके ऊपर आयी और खड़े लुंड पर अपनी छूट रखकर अपने आप को निचे की और धकेला और ऊपर निचे होना शुरू कर दिया. चुदाई करते हुए अलीशा की ऑंखें बंद हो गयी.

रोहित ने उसके उछाल रहे दोनों चुचों को दोनों हाथों से पकड़ा और उन्हें दबाना शुरू कर दिया. अलीशा boli…kasam से बोल रही हूँ पापा, चुदाई का ऐसा मज़ा पहले कभी नहीं आया.

रोहित उसकी बात सुनकर मुस्कुरा दिया और bola…mujhe तो ऐसा लग रहा है बिटिया रानी आज पहली बार चुदाई कर रहा हूँ. पहले तो मैं ऐसे hi छूट से खेल रहा था.

अलीशा उसकी बात सुनकर boli…papa आप बहुत बड़े बेटीचोद हो. साले हरामी भोसड़ी के इतना मज़ा दे रहा है अपनी बेटी को जैसा मैं सोच भी नहीं सकती थी कभी.’

Rohit….maza क्यों नहीं आएगा, मेरी बेटी रंडी जो है,

अलीशा एक मिनट के रूकती है और अपने पापा को किश करके बोलती hai…haan अपने पापा की रंडी हूँ. मैं आपकी रखैल बनना चाहती हूँ मेरे स्वीट पापा.

Rohit…haan तू रखैल hi तो है मेरी कुटिआ है तू.

रोहित को समझ आ गयी थी के उसे गलियों से hi मज़ा आता है तो वो उसे भरपूर गलियां दे रहा था.

अलीशा ने झड़ते हुए रोहित का सारा माल अपनी छूट में hi ले लिया. और उसके ऊपर लेट के boli…papa आपने तो मुझे अपना गुलाम hi बना लिया. आप बहुत अच्छे हो कह कर उसने रोहित के शरीर पर चुम्बन hi चुम्बन जड़ने शुरू कर दिए और नंगी hi उसके ऊपर लेट गयी तो रोहित को उसके सॉफ्ट बूब्स महसूस करके बहुत hi मज़ा आया और वो अलीशा से bola…achha स्वीटहार्ट अब हमें सोना चाहिए थोड़ी देर. पर तुम ऐसे hi लेती रहो.

Alisha…jaisi आपकी आज्ञा पापा जी. वो एकदम फ्री होकर अपने पापा के शरीर पर पसर जाती है.

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Part 18रोहन और मेहुल के दिमाग ना जाने कितनी बार बदले. पर एक बात है के इन दोनों का दिमाग अब पहले से थोड़ा बदल गया था. जैसे पहले इन लोगों ने एक दुसरे को लेकर कोई गलत भावनाएं आयी थी अब थोड़ा बदलाव आया था इस बात को लेकर.

आज रोहन जब घर वापिस आया तो सोचा के नाहा लूँ. इसलिए वो सीधे अपने रूम में गया और धड़क से दरवाजा खोला तो दृश्य देखकर हक्का बक्का रह गया. उसकी ऑंखें और मुँह दोनों खुले के खुले रह गए.

ऐसा क्या हुआ था.

वो जैसे hi अंदर गया रूही बाथरूम में से नाहा कर निकल रही थी. और वो टॉवल में थी. पर जैसे hi रोहन ने जोर से दरवाजा खोला तो हड़बड़ाहट में वो लड़खड़ा गयी और उसका टॉवल निकल कर निचे गिर गया. अब रूही एकदम नंग धडंग कड़ी थी रोहन के सामने और वो एकदम स्टेचू बन गयी थी.

रोहन भी वैसे स्टिल हो गया था पर सिचुएशन को समझते हुए वो आगे बढ़ा और टॉवल निचे से उठा कर उसे लपेट दिया. रूही धीरे से रोनी सी आवाज़ में बोली ….सॉरी भाई.

रोहन ने वैसे तो उसे कुछ नहीं कहा, बस इतना hi bola…tu अपने रूम में नहीं नाहा सकती थी.

रूही भोलेपन से boli…wo दीदी घुस गयी थी बाथरूम में आपको तो पता hi है के वो एक घंटे से पहले नहीं निकलती. वैसे भी आप अभी देरी से आने वाले थे तो मैंने सोचा आपके बाथरूम में नाहा लेती हूँ.

Rohan…to इडियट दरवाजा लॉक करना चाहिए था न. चलो अब अपने रूम में.

रूही फिर भी सर झुकाये कड़ी रही.

Rohan…jhallate hue…ab क्या है..

रूही ने बीएड की और इशारा करते हुए kaha…wo मेरे कपडे पड़े हैं भाई. रोहन को उसकी मासूमियत पर हंसी आ गयी और bola…to कह नहीं सकती के बहार जाओ. अच्छा बहार जा रहा हूँ अंदर से लॉक कर लो और कपडे पहन कर hi दरवाजा खोलना.

रूही ने हाँ में बड़े जोर से गर्दन हिलाई. रोहन फाटक से बहार चला गया और रूही ने दरवाजा लगा लिया.

अब ना चाहते हुए भी रोहन के सामने रूही का नंगा शरीर घूम रहा था. बड़े बड़े मोठे मोठे गोल मटोल से मुम्मे. उसकी हलके बालों वाली छूट. उसने एक hi नज़र में उसके पूरे शरीर का अवलोकन कर लिया था. हालाँकि वो अभी छोटी hi थी पर उसकी टंगे एकदम केले के तने की तरह गोल गोल और देखने में hi नरम मुलायम सी लग रही थी एकदम मखमली.

गोरा रंग ऊपर से नवयौवन, सोचते hi रोहन का लुंड झटके मारने लगा. वो एक बार को भूल hi गया था के रूही उसकी बहिन है, उसे तो केवल एक नंगा शरीर नज़र आ रहा था. उसे अपने शरीर में झुनझुनाहट सी महसूस होने लगी. लुंड में ऐसी हलचल जो उसने पहले कभी महसूस नहीं की.

लेकिन जल्द hi उसने खुद को संयमित करने की कोशिश की. वो खुद को मन hi मन कोसने लगा के कितना गलत फायदा उठा रहा है. वो किस हाल में थी और तू किस तरह से सोच रहा है. ऐसे hi सोचते सोचते वो किचन में चला गया पानी पिने.

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उस नाईट आउट से आने के बाद सभी बड़े बहुत hi रिलैक्स महसूस कर रहे थे. हालाँकि ये सब उन्होंने जिंदगी में पहली बार किया है और उन सबने इसका पूरा लुत्फ़ भी उठाया पर फिर आपस में डिसकस करने लगे के वो ये सब रेगुलरली नहीं करेंगे. क्यूंकि इससे बदनामी हो सकती है.

ऐसे hi सब लोग उसके बाद अपने अपने पार्टनर्स के साथ बिजी हो गए थे. इनमे से रोहित था जिसे तान्या अब बहाने लगी थी. पर मन में एक दर तो बैठा hi हुआ था के अगर इस लड़की से रिलेशन बना लिया तो कहीं ये गलत फायदा न उठा ले.

अब रोहित की नज़र तान्या की हर एक्टिविटी पर रहती. हालाँकि घर पर इन लोगों की स्पेशलय डिस्कशन हुई थी के बहार ऐसे रेगुलरली मुँह नहीं मरना पर उस लड़की अलीशा की चुदाई करने के बाद रोहित को जैसे चुदाई का कीड़ा hi काट गया था. उसे नहीं पता था जवान लड़कियों से चुदाई का इतना ज्यादा मज़ा है.

वैसे तो तान्या का अपना खुद का अलग केबिन था पर उसे ज्यादातर रोहित के साथ hi रहना पड़ता था. वो रोहित की रिपोर्ट्स तैयार करती रहती थी उसके ऑफिस में hi बैठकर. उसके सोफे पर बैठकर वो लैपटॉप पर काम करती रहती थी.

आजकल जब वो काम कर रही होती तो उसे पूरा एहसास रहता था के उसका बॉस रोहित उसके शरीर की स्कैनिंग करता रहता है. पर वो कर भी क्या सकती थी क्यूंकि जब भी वो नज़र उठाकर रोहित को देखती तो उसे किसी न किसी फाइल को देखता हुआ पाती.

ऐसा hi तो करते हैं अक्सर मर्द लोग. पहले लड़की के शरीर को देखते रहेंगे जैसे hi लड़की उन्हें देखती है उनकी नज़र बिजली की सी तेजी से दूसरी तरफ घूम जाती है. वैसे लड़की मन hi मन उन्हें गली देती hai..dekho सेल कमीने को अभी मुझे देख रहा था और अभी कैसे दूसरी तरफ देखने लग गया.

खैर हम बात कर रहे थे रोहित की. जो तान्या के शरीर को उसके अंगों को उसके मध्यम साइज बूब्ज़ को और उसकी कुंवारी छूट को महसूस कर रहा था इन दिनों. उसे लगता था के तान्या अभी कुंवारी है. क्यूंकि उसे काम का भूत सवार रहता था और रात को देर तक तो वो ऑफिस में hi रहती थी तो ऐसी लड़की का बॉय फ्रेंड होना तो मुश्किल है.

जैसे hi तान्या उसके ऑफिस के साथ अटैच्ड वाशरूम में जाती तो रोहित इमेजिन करता के वो अभी अपनी पंत और कच्ची निचे करके छूट से पेशाब कर रही होगी. फिर शायद छूट को धोती भी होगी. काश मैं भी उसके साथ खड़ा होकर पेशाब करते हुए उसे दिखाऊं और उसे देखूं. पर ऐसा होना उसे नामुमकिन hi लग रहा था. उसको डायरेक्ट कुछ भी बोलकर वो अपनी इज़्ज़त मिटटी में नहीं मिलाना चाहता था.

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रिशु और प्राची आज की दूसरी शिफ्ट लगा रहे थे. आज इनकी मम्मी को गए चौथा दिन हो गया था. प्राची रिशु को बोल रही thi…rishu भाई बहार hi डिस्चार्ज करना कहीं मुझे माँ hi बना डालो.

रिशु हँसता हुआ उसके बूब्स पर काटते हुए bola…arey मेरी प्यारी बहना अगर तुम्हे माँ बना दिया तो दो दो रिश्ते एक साथ बन जायेंगे न. पापा भी और मां bhi…hahahah

प्राची को भी उसकी बात पर हंसी आ गयी पर अभी वो अपनी छूट में फिर रही लोहे की रोड को महसूस करना चाहती थी. वो आज घोड़ी बानी हुई थी और रिशु पीछे से उसे छोड़ने लगा हुआ था. ये आजकल यही करते रहते थे. दिन भर पोर्न मूवीज देखते. कपडे काम hi पहनते थे. उन पोर्न मूवीज में से सन चूसे करते, उनका एक्शन कॉपी करते और वैसे hi करने की कोशिश करते.

वैसे डोगग्य स्टाइल में तो रिशुर और प्राची दोनों hi एक्सपर्ट हो गए थे. प्राची को तो अब मज़ा hi डोगग्य स्टाइल में आता था.

तो प्राची की नरम गर्म मुलायम छूट में रिशु की रोड अपना काम कर रही थी. रिशु भी ऑंखें बंद करके उसकी गर्मागर्म गुफा के अंदर चल रहे अपने रोड को महसूस करके उसका पूरा लुत्फ़ उठा रहा था. अब इनकी चुदाई क्लाइमेक्स पर पहुँचने वाली थी तो प्राची की आहें थोड़ी तेज़ हो गयी थी. आअह्ह्ह्ह rishu…ooohhh bhai..wo भी ाःह दीदी वगैरह वगैरह बोले जा रहा था.

ऐसे hi करते करते उसके लुंड से जैसे hi पानी निकलने को हुआ उसने अपना लुंड प्राची की छूट में से निकल कर एक कपडे में दाल दिया और लुंड पिचकारियां मारने लगा. प्राची तो बेचारी पता नहीं कितनी बार झाड़ चुकी थी.

जैसे hi ये दोनों रिलैक्स हुए दरवाजे पर बेल्ल बजी. ये दोनों तो एकदम भागे अंदर कपडे डालने के लिए. प्राची ने फटाफट कपडे दाल कर दरवाजा खोला तो सामने वही चंचल ौंटी कड़ी थी. प्राची ने मन में तो उसे गली निकाली पर सामने से मुस्कुरा कर kaha…arey ौंटी आप आओ अंदर आओ.

इतने में रिशु भी कपडे पहन कर आ गया था. ौंटी उसे देखकर मुस्कुराने लगी. जैसे कुछ समझने की कोशिश कर रही हो. या कुछ समझाने की.

प्राची ने ौंटी को सोफे पर बिठाया और खुद रसोई में पानी लेने चली गयी. रिशु चंचल के सामने बैठकर उसे घूरने लगा. उसे इसका आना बिलकुल भी अच्छा नहीं लगा था. हाँ एक चीज जो उसे उसकी अच्छी लगती थी वो था उसका गदराया हुआ शरीर.

प्राची पानी लेकर आयी. चंचल ने पिया तो प्राची boli…auntie चाय पियोगे.

Chanchal…haan बना ले beta…usne रिशु से भी पूछा तो वो bola…bana लो दीदी.

वैसे भी उसे चुदाई के बाद कुछ न कुछ चाहिए होता था. एनर्जी जो डाउन हो जाती थी. प्राची चाय बनाने गयी तो चंचल रिशु से boli…beta तुम कॉलेज नहीं जा रहे.

रिशु जो उसके शरीर में खोया हुआ था एकदम से झटका सा लगा उसके सवाल से. Bola…nahi ौंटी वैसे भी फाइनल एग्जाम होने वाले हैं. तो जाने का कोई फायदा नहीं सब लोग घर पर hi स्टडी कर रहे हैं.

Chanchal…bhedpoorn मुस्कान के saath….haan वैसे भी तुम्हारे घर रहने से प्राची का भी मन बेहाल जाता है. बेचारी अकेला महसूस नहीं करती.

रिशु को लग रहा था ये जो बातें बोल रही है उसका कुछ तो मतलब है. वो bola…haan जी ौंटी बिलकुल ठीक कहा आपने. मन में उसे गलियां निकल रहा था. कहाँ से आ गयी साली. मज़ा hi ख़राब कर दिया.

इतने में प्राची चाय लेकर आयी तो चंचल boli…thank यू बेटे. वैसे तो तुम अब सब कुछ बनाने लगी हो. पर क्या मम्मी के जाने के बाद खाना घर hi बनती हो या फिर ज़मातो स्विग्गी कर रही हो. तुम बचे आजकल यही सब करते हो न.

प्राची बोलती इससे पहले hi रिशु बोल pada….bahar से क्यों मंगवाएंगे जब दीदी से hi इतना स्वादिष्ट खाना मिल जाता है.

चंचल ..अर्थपूर्ण ढंग se….haan भाई जब घर से hi सब कुछ मिल जाए तो बहार क्यों जाना. वैसे तो मैं पूछने आयी थी के घर का भी कई बार स्वादिष्ट नहीं लगता तो मुझे भी अपना मान कर मेरे घर से मंगवा सकते हो. आखिर मैं भी तो तुम दोनों की कुछ लगती hun…pata नहीं चंचल को क्या हुआ उसने ये बोलते वक्त आंख मार दी.

रिशु सकपका गया क्यूंकि उसे देखकर hi आंख मारी थी चंचल ने. प्राची boli…arey नहीं ौंटी आप कहाँ परेशां होंगी हम दोनों मैनेज कर लेते हैं. प्राची ने बात ख़तम करने के लहजे से बोलै.

चंचल फिर से अर्थपूर्ण ढंग से boli…arey दो से भले तीन होते हैं. किसी दिन मुझे भी बुला लो तीनो मिलकर बनाएंगे खाएंगे तो और भी ज्यादा मज़ा आएगा. क्यों रिशु.

Rishu…use तो कुछ समझ hi नहीं आ रहा था ौंटी क्या बोले जा रही है. Bola…arey ौंटी ऐसी कभी आपको लगा हमारे साथ खाना है तो आप आ जाना. वैसे दीदी अच्छा बना लेती है मुझे उसी का बनाया हुआ पसंद है.

चंचल …हाँ भाई हम बूढ़ों का खाना तुम्हे कहाँ अच्छा लगेगा. तुम तो जवान लड़की का परोसा hi खाओगे न.

रिशु को लगा ये ौंटी कुछ ज्यादा hi चालक बन रही है. समझ तो प्राची भी गयी थी के इस औरत को कुछ महसूस हो गया है. पर दोनों अपनी तरफ से कुछ बोलना नहीं चाहते the….rishu bola…arey ौंटी खाना खाने या बनाने में जवान या बूढ़े का क्या मतलब भला.

चंचल हँसते hue…achha जवानो को नए नए अंदाज़ से खाना बनाना आता है. नयी नयी डिशेस और हम बूढ़ों को तो एक hi डिश आती है na…aur हाहाहा करके खुद hi हंसने लगी. फिर अचानक उसकी निगाह एक और gayi….arey ये कपडा ऐसे क्यों गिरा रखा है तुमने प्राची. और काफी गिला सा लग रहा है.



उसकी नज़र उसी कपडे पर पड़ी जिस पर रिशु ने अपना माल डाला था और प्राची ने भी अपनी छूट साफ़ की थी. प्राची और रिशु एक दुसरे की और देखने लगे. उन्हें अब खुद पर गुस्सा आ रहा था. वो लोग अचानक बेल्ल बजने से खुद के कपडे डालने में बिजी हो गए और ये कपडा उठाना भूल hi गए. उन्हें लग रहा था के शायद उनकी पोल खुल गयी अब.
 
Part 19तान्या को समझ आ रही थी के सर को जरूर कुछ न कुछ हो गया है. ऐसा नहीं के पहले कभी रोहित ने उसे घर कर नहीं देखा. पर अभी आजकल वो उसके अंगों का अवलोकन करने लगा है. तान्या ने ये चेक करने के लिए एक दिन लौ कट टॉप पहना. उस दिन रोहित की पूरा दिन उसकी क्लीवेज पर hi निगाह रही.

अभी आज भी हालाँकि तान्या को पता था के रोहित बहाना बना रहा है पर वो उसे किसी भी बात के लिए कभी मन नहीं करती थी इसलिए वो उसका सर दबाने को तैयार हो गयी. तान्या उसकी चेयर के बैक साइड कड़ी होकर उसका सर दबा रही थी. फिर उसने सोचा के कहीं सचमुच न हो रहा हो तो चपरासी को भेज कर नवरत्न तेल मंगवा लिया.

वो जल्द hi ले आया तो तान्या ने रोहित की शर्ट पर टॉवल सेट करके उसके सर की अच्छे से मालिश कर दी. रोहित को तो बहुत मज़ा आया. हालाँकि सर दर्द तो बहाना था पर फिर भी उसके सर को बहुत ज्यादा रहत मिली. उसने हँसते हुए कहा. सर तो एकदम ठीक हो गया तान्या अगर कन्धों की भी कर दो तो सर्वाइकल का दर्द भी दूर हो जाये.

तान्या हँसते हुए boli…sir इसे कहते हैं ऊँगली पकड़ा कर हाथ पकड़ना. आप तो बाजु पकड़ने की फ़िराक में हो.

रोहित भी उसकी बात सुनकर हंसने लगा और मन hi मन सोचने लगा मैं तो तेरे मुम्मे पकड़ने की फ़िराक में हूँ पर bola…arey कैसी बातें करती हो तान्या. मैं तो मज़ाक कर रहा था. अच्छा तुम जाकर अपना काम कर लो.

तान्या ऑंखें मटकते हुए boli…pakka सर, या फिर आपको सच में अपने कंधे भी दबवाने हैं.

Rohit…thoda गंभीर मुद्रा बनाते hue…are यू सूरे तुम मेरे कंधे बढ़ाओगी क्यूंकि उसके लिए मुझे अपनी शर्ट उतरनी पड़ेगी.

तान्या सोचों में डूब गयी. रोहित भी कोई काम जल्दबाजी में नहींकरना चाहता था तो bola…rehne दो तान्या, कन्धों में उतना ज्यादा दर्द नहीं हो रहा है. तुम अपना काम कर लो.

तान्या ने भी और ज्यादा बात न करते हुए अपनी जगह पर जाना hi सही समझा, फिर वो काम पर लग गयी.

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रिशु और प्राची दोनों hi चंचल ौंटी की बात सुनकर घबरा गए थे. पर प्राची ने बात सँभालते हुए bola…is रिशु से भी कोई काम ढंग से नहीं होता. इसने यहाँ चाय गिरा दी थी मैं इससे वही साफ़ कर रही थी. इतने में बेल्ल बजी मैंने दरवाजा खोला तो इस कपडे को रखना hi भूल गयी.

चंचल ने अजीब ढंग से मुस्कुराते हुए kaha…..achha चाय गिर गयी थी. ठीक है फिर तो कालीन को अच्छे से साफ़ करना पड़ेगा न. क्यूंकि मीठे से चींटियां वगैरह आ सकती हैं.

अब तो प्राची के चेहरे की हवाइयां hi उड़ गयी. पर फिर भी वो सँभालते हुए boli…aap चाय पीजिये न ौंटी क्यों उस कपडे के पीछे पद गयी हो आप.

चंचल मन hi मन सोच रही थी. कहीं मैं जो सोच रही हूँ वो सही तो नहीं है. मुझे तो लग रहा है ये दोनों अपनी मम्मी की गैर मौजूदगी का भरपूर फायदा उठा रहे हैं.

चाय पीकर चंचल वापिस तो चली गयी पर उसके मन में ये बात बैठ गयी थी के इन दोनों भाई बहिन में कुछ तो जरूर चल रहा है.

उसके जाने के बाद प्राची सोच रही थी के ौंटी को जरूर कुछ शक हो गया है. वो रिशु से boli….lagta है ौंटी को हमारे बारे में पता चल गया है.

Rishu…tum ऐसा कैसे कह सकती हो दीदी.

Prachi…ek तो उसका उस कपडे पर नज़र पड़ना और दूसरा जब हम कर रहे थे और मेरे मुँह से आवाज़ें निकल रही थी तो मुझे एहसास हुआ था के बहार कोई आया है, मुझे लगता है ौंटी पहले hi आ गयी थी और उसने हमारा सेक्स ख़तम होने के बाद hi बेल्ल बजे.

रिशु लापरवाही से bola…ab पता चलता है तो चल जाने दो दीदी. क्या फर्क पड़ता है.

प्राची गंभीर मुद्रा में boli…fark पड़ता है भाई. वो मम्मी की पक्की सहेली है. वो उन्हें बता देगी.

Rishu…par क्या मम्मी उनकी बात का भरोसा करेंगी. वो तो वही मानेगी जो हम कहेंगे.

Prachi…kuchh सोचते hue…pata नहीं. चलो खैर. आगे से अपने रूम में hi करेंगे.

Rishu…arey दीदी इतना डरने से काम नहीं चलेगा. हम भला क्यों दरें किसी बहार वाले से. ये हमारा भाई बहिन का पर्सनल मटर है. कह कर रिशु ने प्राची को अपनी तरफ खिंचा और उसके होंठों पर होंठ रख दिए. प्राची फिर से मस्त हो गयी अपनी भाई के साथ किश करने में.

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रोहन अब खुद को कितना भी कण्ट्रोल करने की कोशिश करे उसके दिमाग में रूही का नंगा शरीर hi घूमता रहता. उसे जरा भी एहसास होता के उनके बाथरूम में कोई हो सकता है वो चला जाता छेड़ पर आंख गाड़ने के लिए.

कई बार तो उसका वहां hi निकलता पर कई बार सच में दोनों में से कोई एक बहिन होती. वो या तो पेशाब करने आयी होती या फिर नहाने. अब तक उसे केवल रूही का hi पूरा शरीर दिखा था मेहुल का नहीं. पर अब वो उसका शरीर भी देखना चाहता था. उसने पूरा मन बनाया था के वो उसको भी देखेगा.

मेहुल आज उसके कमरे में आयी तो वो लेता हुआ था. वो उठकर बैठ गया और bola…arey दीदी आप. कुछ चाहिए था क्या?

मेहुल मुस्कुराते हुए boli…kuchh चाहिए होगा तभी अपने भाई के रूम में आउंगी क्या?

Rohan…muskurate hue…arey नहीं कैसी बात कर रही हो दीदी मैं तो ऐसे hi बोल रहा था. अगर कोई काम था तो मुझे बुला लेना था आपने.

Mehul…arey नहीं. तुम्हे तो पता hi है. पंद्रह दिन बाद मम्मी पापा की 25तह एनिवर्सरी है. मैं सोच रही थी उन्हें कुछ अच्छा सा गिफ्ट दें.

Rohan…oh हाँ मैं तो भूल hi गया था. आप सही सोच रही हो दीदी. क्या सोचा है आपने.

Mehul…mera तो दिमाग hi काम नहीं कर रहा. कपडे पहले hi बहुत हैं. दोनों के पास मोबाइल भी बढ़िया वाले हैं. सब कुछ तो है उनके पास.

Rohan…di…mere पास एक आईडिया है. अगर आप ठीक समझो.

Mehul…arey मेरे भाई तभी तो तुम्हारे पास आयी हूँ.

Rohan…muskurate hue…aapko पता है 25तह एनिवर्सरी को लोग दूसरी शादी के तौर पर मानते हैं. और जब शादी होती है तो क्या होता बोलो.

मेहुल शर्मा hi गयी उसकी बात सुनकर क्यूंकि शादी के बाद तो सेक्स hi होता है पर वो उसी से कन्फर्म करना चाहती थी वो क्या कहना चाहता है.

मेहुल boli…kya होता है शादी के बाद. शादीशुदा लाइफ शुरू होती है जो उनकी पहले से चल रही है.

रोहन अपने माथे पर हाथ मारकर bola…arey मेरी भोली didi..shadi के बाद लोग हनीमून पर जाते हैं. तो 25तह एनिवर्सरी पर हम उन्हें 2ंद हनी मून पर भेज सकते हैं.

Mehul…dhyan से उसकी बात सुनने के baad…baat तो तुम्हारी ठीक है भाई. पर उन्हें भेजना कहाँ चाहते हो.

Rohan…aajkal हनीमून के लिए लोगों की फर्स्ट चॉइस मॉरिशस hi है. तो क्यों न उन्हें वहां भेजा जाये.

Mehul…wo तो ठीक है पर अगर जायेंगे तो 4-5 दिन तो लगाने hi चाहिए उन्हें. जाना भी बी एयर hi होगा. तो खर्चा कितना आएगा.

Rohan…kharcha 2.5 से 3 लाख आएगा. मेरे सेविंग अकाउंट में 2-2.25 लाख पड़े हैं. आपके पास है कुछ.

Mehul…haan एक डेढ़ लाख तो होगा hi. वैसे तुमने बहुत सही सोचा है भाई. मेरे अकाउंट से चाहे सरे पैसे ले लेना.

Rohan…arey कोई बात नहीं मैं अपने वाले सारे उसे कर लूंगा. जितने काम होंगे आपसे ले लूंगा.

Mehul…jaisa तुम्हे ठीक लगे. मैं तुम्हे अपनी चेक बुक दे दूंगी. भर लेना जितना चाहिए. वैसे वाकई भाई तुम्हे बहुत सही सोचा है. अच्छा वैसे मम्मी बोल रहे थे के ज्यादा लोगों को तो नहीं बुला रहे , बस दोनों मां और उनका परिवार होगा या फिर पापा के कुछ दोस्त और फॅमिली फ्रेंड्स hi.

Rohan…achha है न छोटा सा फंक्शन होगा तो मज़ा भी खूब आएगा.

मेहुल …हाँ भाई. मुस्कुराते हुए वो उठ जाती है और अपने रूम में चली जाती है.

जिस दिन रोहन ने रूही को नंगा देखा था उस दिन से रूही रोहन से आँख hi नहीं मिला रही थी. रोहन ने सोचा था के फंक्शन भी आ रहा है तो वो उससे बात करेगा इस बारे में.

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अगले hi दिन मौका आ गया जब रूही ने अपनी मम्मी से बोलै के उसे शाम को अपनी फ्रेंड की बर्थडे पार्टी पर जाना है.

Ruhi…mumma आज सोनाली का बर्थडे है. उसके मम्मी पापा ने उसका बर्थडे सेलिब्रेशन होटल शेराटन में रखा हुआ है.

Radha…hotel शेरेटन तो शहर से बहार है बीटा. तुम्हारे पापा की जॉब नयी है. उन्हें आने में लेट भी हो जाता है कैसे जाओगी.

रूही सोच में पद जाती है. उसकी मम्मी की बात भी सही थी. रूही boli…main अमायरा के साथ चली जाउंगी.

Radha…beta कोई घर का मेंबर तुम्हारे साथ होना चाहिए. ऐसे अकेले भेजने को मेरा मन नहीं मान रहा.

Ruhi…muh बनाते hue…to क्या मैं अपनी फ्रेंड का बर्थडे कैंसिल कर दूँ. बड़ी मुश्किल से नयी जगह मेरे फ्रेंड्स बने थे और आप लोग वो भी नहीं बनने दे rahe…..ruhi गुस्से से बोली

रोहन दूर बैठा उनकी बातें सुन रहा था. उसे लगा यही मौका है वो रूही से बात भी कर लेगा. क्यों न वही चला जाए रूही के साथ.

वो उनके पास आया और अपनी मसि से bola…masi अगर आपको बुरा न लगे तो मैं रूही को ले जाता हूँ.

Radha…arey इसमें बुरा लगने वाली कौन सी बात है rohan….fir वो रूही की और देखते हुए बोलती hai…ruhi तुम्हे तो कोई परेशानी नहीं है भाई के साथ जाने में.

अब रूही तो पहले से उससे नज़रें नहीं मिला पा रही थी, उसके साथ इतना टाइम कैसे बिता सकती थी वो. पर दूसरी तरफ एक तो वो क्या कहती क्यों नहीं जाना चाहती रोहन के साथ दुसरे उसकी फ्रेंड्स गुस्सा हो जाती अगर वो नहीं आती तो उसे झट से डिसिशन लेना पड़ा और boli…mummy मुझे भला क्या ऑब्जेक्शन हो सकती है भाई के साथ जाने में.

रोहन खुश हो गया के चलो अब सब कुछ क्लियर हो जायेगा. वो उससे bola…to रूही शाम को हमें कितने बजे निकलना है.

Ruhi…bhai 7 बजे का प्रोग्राम है तो हमें 6 बजे तो निकलना hi चाहिए न.

Rohan…muskurate hue…thik है मैं तुम्हे 6 बजे तैयार मिलूंगा. फिर हँसते hue…par तुम तैयार रहना क्यूंकि तुम लड़कियों को टाइम लगता है रेडी होने में.

Ruhi…muh बनाते hue…kya भाई आप भी न.

Radha…hanste hue…baat तो सही कह रहा है रोहन. तुम तैयार रहना.

Ruhi…aap भी मम्मी. हाँ भाई, हाँ मम्मी मैं तैयार रहूंगी, आप लोग चिंता मत करो.


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