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Part 20रूही वैसे तो शायद न भी तैयार होती टाइम से पर क्यूंकि उसकी मम्मी और रोहन ने उसका मज़ाक उदय था तो वो ठीक 5.55 पर तैयार थी और उसने तैयार होते hi रोहन को आवाज़ lagayi…bhai चलना नहीं है क्या?
रोहन एकदम से रूम से बहार आया और मज़ाकिया ढंग से मुस्कुराते हुए bola…wah आज तो हमारी छिपकली टाइम से पहले hi तैयार हो गयी.
Ruhi…chidhte hue…bhai मैं छिपकली नहीं हूँ. आप ऐसा मत बोलै karo…chalen अब?
Rohan…haan नहीं bolta…chalo चलते हैं.
रोहन ने बाइक निकला तो रूही boli…kyun भाई कार में नहीं जाना क्या?
Rohan…arey हम दोनों तो हैं. और कार की घर पर जरुरत पद सकती है.
Ruhi…main तो बोल रही थी रात को देर हो जाएगी तो कार में सेफ रहता.
Rohan…nahi मुझे बाइक पर hi कम्फर्टेबले है. रात को दस बजे ट्रैफिक बहुत हो जाता है. आने में लेट हो जायेगा. अब देर मत करो, बैठो बाइक पर.
रोहन के पास अपाचे 180 बाइक थी. और वो हवा से बातें करने लगी. रूही को साथ पाकर वैसे भी रोहन का जोश दुगुना हो गया था. इसलिए 20-25 मिनट का सफर 15 मिनट में hi पास हो गया और ये लोग टाइम से बहुत पहले हॉल में पहुँच गए. अभी तो हॉल की सजावट चल रही थी.
दोनों एक दुसरे का मुँह ताकने लगे. अभी तो घर से भी कोई नहीं आया था. अब ये लोग मन hi मन पछता रहे थे. पर दोनों में से कोई भी एक दुसरे को कुछ कह नहीं प् रहा था. पर ऐसा कब तक चलता.
आखिर रोहन को hi बोलना pada….ruhi लगता है हम काफी पहले आ गए.
Ruhi…tunakte hue…haan आप hi को जल्दी पड़ी. Thi…waise रोहन महसूस कर रहा था अभी भी रूही उसकी और नहीं देख रही थी.
शायद अभी भी उसके अंदर झिझक सी थी. इसलिए वो उसके चेहरे की और देखकर बात नहीं कर रही थी.
रोहन ने इस बात को महसूस किया और उससे bola…haan क्यूंकि मैं तुम्हे लेट नहीं करवाना चाहता था. एक तो मुझे लगा शायद आधे घंटे का रास्ता होगा दूसरा मुझे लगा ट्रैफिक होगा तो मुझे तुम्हे टाइम पर पहुँचाना था. और हाँ यहाँ पर रेस्टोरेंट भी है. जब तक कोई आता नहीं हम लोग कुछ हल्का फुल्का ले लेते हैं.
रूही boli..arey भाई. पार्टी में कहाँ hi है तो रेस्टोरेंट में खाने का कोई फायदा नहीं न.
Rohan…chalo एक एक कप कॉफ़ी पि लेते हैं. टाइम भी पास हो जायेगा और बोर भी नहीं होंगे.
दरअसल रोहन का उसे रेस्टोरेंट में ले जाने के दो मकसद थे एक तो टाइम पास करना दुसरे और मैं रीज़न वो उससे उस दिन के बारे में डिसकस करना चाहता था.
रूही ने भी सोचा यहाँ खड़े होकर भी क्या करेंगे इससे तो अच्छा है रेस्टोरेंट में hi चलें और कॉफ़ी पिटे पिटे आधा घंटा तो आराम से बीत जायेगा.
दोनों रेस्टोरेंट में जाकर बैठ गए. बाँदा आर्डर लेने के लिए आया तो रोहन ने उसे जानबूझकर ताल diya…bolkar के दस मिनट बाद आर्डर देते हैं. उस बन्दे को भी पता था के अक्सर कपल्स आते हैं और ऐसे hi टाइम पास करते हैं इसलिए देरी से आर्डर देते हैं.
रोहन थोड़ी देर रूही की और देखता रहा जो उसके सामने बैठी थी. फिर थोड़ी देर बाद उसने उससे बात शुरू की.
रोहन अचानक से bola…mujhe तुमसे कुछ बात करनी थी रूही.
Ruhi…ekdam से मुँह उठाकर रोहन की और देखने लगी. क्यूंकि उसे समझ आ गयी थी के रोहन उससे कुछ खास बात करना चाहता hai..haan बोलो भाई.
Rohan…dekho मैं उस दिन के बारे में तुमसे साफ़ साफ़ बात करना चाहता हूँ. तुम उस दिन के बाद मुझसे खुलकर बात नहीं कर रही हो. बात करती भी हो तो मुझसे नज़रें नहीं मिलाती हो.
उस दिन जो भी हुआ एक्सिडेंटली हुआ. उसमे न तुम्हारी कोई गलती है और न hi मेरी. तो इतना क्यों सोच रही हो तुम.
रूही को समझ नहीं आये के क्या बोले. उसे थोड़ी उम्मीद थी के उसका भाई रोहन उससे एकदम से उस टॉपिक पर बात शुरू कर देगा. वो फिर भी झिझकते हुए boli…par भाई जिस तरह से मैं आपके सामने एकदम से बिना कपड़ों के हो गयी तो कोई भी बहिन शर्मिंदा हो जाएगी.
Rohan…chalo मान ली तुम्हारी बात. तो क्या तुम पूरी ज़िन्दगी ऐसे hi शर्मिंदगी में गुजर डौगी.
Ruhi,,,ne बोलै कुछ नहीं बस ना में गर्दन हिला di…abhi भी ऐसे hi लग रहा था के वो कन्फ्यूज्ड है.
Rohan…arey हमें एक hi घर में रहना है बहिन. इतना सोचोगी तो कैसे चलेगा.
Ruhi…main क्या करूँ भाई. मुझे अब आपसे शर्म आती रहती है.
रोहन को लगा अब थोड़ा सीधा होकर इसे समझाना पड़ेगा तो वो bola….achha एक बात बताना ruhi…sahi सही बताना.
Ruhi…haan भाई पूछो.
Rohan….ham दोनों में से कोई भी बचा नहीं है. क्या तुम्हे ऐसा लगता है के मुझे नहीं पता तुम्हारे शरीर में कौन कौन से अंग हैं या फिर क्या तुम्हे नहीं पता मेरे शरीर में कौन कौन से अंग हैं.
रूही को तो रोहन की बात सुनकर और भी ज्यादा शर्म आने लगी और वो boli…bas करो भाई. कैसे बेशर्मो जैसे बात कर रहे हो. चाहे हम दोनों को पता है एक दुसरे के अंगों के बारे में. फिर भी क्या कोई बहिन एक भाई के सामने नंगी हो सकती है?
Rohan…achha चलो यही तुम दो साल की होती तो क्या तुम्हे शर्म आती.
Ruhi…bilkul भी नहीं.
Rohan…to फिर क्या फर्क पड़ता है के तुम दो साल की हो या 17 की. ये एक फिगर है रूही. बात हमारी सोच की है बस, के हम किस चीज को किस तरह से लेते हैं. और फिर जब दो बहने एक दुसरे के सामने कपडे चेंज करते हुए नहीं शर्माती तो एक भाई के सामने एक्सिडेंटली आने से इतना क्या शर्माना बहिन. मुझे बिलकुल भी अच्छा नहीं लग रहा के तुम मुझसे दूरी बनाये हुए हो एक उस बात के लिए.
Ruhi…haan भाई बात तो आपकी सही है. पर मन से बात जा hi नहीं रही तो क्या करूँ.
Rohan…muskurate hue…iska एक hi हल है बस.
रूही भी मुस्कुराने लगी उसकी बात sunkar…kya हल है भाई.
Rohan…tum मुझे भाई के साथ साथ दोस्त भी समझना शुरू कर दो. बस फिर हर समस्या का हल मिल जायेगा. फिर कभी न तुम्हे ऐसी हालत से परेशानी होगी और ना hi कोई बात डिसकस करने से.
रूही सोचने lagi…bhai बात तो सही कह रहा है. पर क्या भाई बहिन दोस्त हो सकते हैं.
Rohan…ab ये न सोचने लग जाना के भाई बहिन तो दोस्त हो नहीं सकते,
रूही हंसने लगी उसकी बात सुनकर और boli…wah भाई तुम तो मन की बात भी जान लेते हो.
Rohan…muskurate hue…dekha? तुम्हे मुझे दोस्त बना कर फायदा hi होगा. मुझसे आधी बात डिसकस करोगी तो आधी मैं खुद जान लूंगा.
अब तो रूही रोहन की बातें सुनकर खिलखिलाकर हंस पड़ी. रोहन ने कॉफ़ी का आर्डर दिया और अरुचि के आगे हाथ करके bola…bolo बनोगी मेरी दोस्त.
रूही में अब पता नहीं कहाँ से ऊर्जा आ गयी thi…wo उसका हाथ थामकर हिलाते हुए boli…bilkul बनूँगी dost…apne भाई की.
रोहन bola…tumhe एक बात पता है ruhi…bhai बहिन से बढ़िया दोस्त कोई हो नहीं सकते. अगर तुम खुलकर अपने भाई से बातें करने लग जाओ न. तो तुम्हे किसी दुसरे की जरुरत hi नहीं रहेगी.
Ruhi…sach कहूं भाई. मेरा मन भी था के किसी लड़के को अपना दोस्त बनाऊ.
रोहन स्टाइल में बालों पर हाथ फेरते हुए bola….dekha फिर से जान ली न तुम्हारी मन की बात.
रूही उसके हाथ पर हाथ मरते hue…hanste hue…bhai आप बहुत फनी हो.
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रोहित खुद hi अपने कंधो को दबा रहा था. सामने बैठी तान्या की कई बार नज़र गयी रोहित पर. अब पता नहीं वो सच में दर्द की वजह से ऐसा कर रहा था या फिर ये उसकी कमीनगी थी तान्या को पटाने के लिए.
पर बेचारी तान्या उसके जाल में फंसती नज़र आ रही थी क्यूंकि उसका ध्यान बार बार अपने सर की और जा रहा था. वो सर, जिन्होंने हमेशा उसे सपोर्ट किया. उसे इतना कुछ सिखाया. आज वो जो कुछ भी है उन्ही सर की वजह से है. ये बात तान्या अक्सर सोचा करती थी.
वो बार बार अपने कन्धों पर हाथ रखकर उन्हें दबाता तो तुरंत तान्या की नज़र उस पर पहुँच hi जाती.
कुछ देर बाद जब तान्या से रहा नहीं गया तो वो बोली…. सर फिरसे कंधो पर पैन हो रहा है क्या?
Rohit…aisa मुँह बनाकर जैसे उसे सच में दर्द हो रहा hai…haan तान्या बहुत दर्द हो रहा है.
Tanya…to सर आप स्पा क्यों नहीं चले जाते. सुना है वहां काफी एक्सपर्ट लोग होते हैं मस्सगे करने के लिए. तान्या ने लोग बोलै लड़कियां नहीं.
Rohit…arey नहीं नहीं tanya..spa परलौर्स में गलत काम होता है. बहुत बार राइड भी पद जाती है.
तान्या सकपका गयी उसकी बात सुनकर. उसे उम्मीद नहीं थी के उसका बॉस उसके साथ ऐसे भी बात करेगा. अरे सर आप किसी अच्छे होटल में जाओ वहां पर भी होते हैं स्पा. वहां कोई खतरा hi नहीं. और किसने कहा है आप लड़की से मस्सगे करवाओ. कई मेल एक्सपर्ट भी होते हैं.
रोहित को लगा उसका डाव hi उल्टा पद गया तो bola…haan देखूंगा न. जब ऑफिस से जाऊंगा,
तान्या भी चुप होकर अपना काम करने लग गयी. रोहित अपने कंधे को दबाता ऑफिस में hi बने अटैच्ड बाथरूम में गया और कोई 5-7 मिनट बाद कंधे दबाता hi बहार निकला.
तान्या को उस पर तरस आ रहा था. वो boli…sir आप घर क्यों नहीं चले जाते.
Rohit…tumhe तो पता है तान्या ये दो फाइल्स कम्पलीट करनी कितनी जरुरी हैं, ऐसे कैसे घर चला जॉन, तान्या को इस बात का पता था के ये जरुरी काम है. वैसे तो वो काफी कुछ कर लेती थी पर सभी कुछ करना उसके बस की बात नहीं थी.
इसलिए वो रोहित को boli…sir आप ऐसा करो शर्ट निकाओ. उस दिन का तेल पड़ा hi है. मैं आपके कन्धों पर मॉल देती हूँ.
रोहित ने तो एक मिनट भी नहीं लगाया और फाटक से शर्ट खोल दी. शर्ट खोलते वक्त अपने आप hi उसके चेहरे पर मुस्कान फ़ैल गयी.
तान्या ने आज पहली बार रोहित को शिरट्लेस्स देखा था. इस उम्र में भी उसकी बॉडी ठीक hi थी. उसके शरीर पर कहीं भी एक्स्ट्रा चर्बी नहीं थी.
तान्या ने सोफे पर बैठे hi उसे अपनी दोनों टांगों के बीच में बिठा लिया और धीरे धीरे उसके कंधो की मालिश करने लगी.
रोहित को तो ऐसे महसूस हो रहा था जैसे वो स्वर्ग में पहुँच गया है.
उधर रोहित के श्री से टच होने की वजह से तान्या के श्री में भी हलचल शुरू हो गयी थी. तान्या की जांघो से उसका नंगा शरीर टकरा रहा था जिसने तान्या की छूट में झुरझुरी फैला दी थी. पर उसने फिर भी रोहित की मालिश करना नहीं छोड़ा.
थोड़ी देर मालिश होने के बाद अचानक रोहित को पता नहीं क्या हुआ. वो उठकर तान्या के बगल में सोफे पर बैठ गया और उसके कंधे पर अपनी बाजु रखकर bola…thank यू सो मच तान्या. तुमने मेरा दर्द काफी काम कर दिया.
तान्या तो एकदम से घबरा सी गयी. वो ऐसे कैसे उसे साइड से हुग कर सकता था. तान्या की नाक में उसके शरीर की महक जा रही थी जो उसे मदहोश कर रही थी. वो घबराते हुए धीरे से boli…isme थैंक यू की क्या बात है सर. पर क्या आप मेरे कंधे से अपना हाथ हटा लोगे.
रोहित तो बेशर्म बना रहा bola…kyun कोई दिक्कत है क्या तुम्हे मेरे हाथ रखने से.
तान्या को अचानक soojha…wo आपके शरीर से तेल मेरे कपड़ों पर लग जायेगा. स्टाफ वाले क्या बोलेंगे सर.
रोहित ने एकदम से अपना हाथ उसके कंधे से हटा लिया. तान्या की नज़रें झुकी हुई थी. रोहित ने एक हाथ से उसका चेहरा ऊपर करते हुए kaha…tum मुझे नाराज़ हो क्या तान्या.
तान्या ने ना में गर्दन हिलाते हुए kaha….main भला आपसे कभी नाराज़ हो सकती हूँ
रोहित को लगा लोहा गर्म है और चोट करनी चाहिए तो वो bola…suno तान्या तुमसे एक बात करना चाहता हूँ. अगर तुम्हे बुरा न लगे तो.
तान्या boli…maine कहा न सर मुझे आपकी किसी बात का बुरा नहीं लगेगा आप बेहिचक बोलो.
Rohit…yaar तान्या मैं कुछ दिनों से तुम्हारी और अत्त्रक्ट हो रहा हूँ.
तान्या को उसकी बात सुनकर कोई आश्चर्य नहीं हुआ boli….sir मैं जानती हूँ ये बात. पर एक तो हमारी उम्र में बहुत फर्क है दूसरा आप शादीशुदा हो.
Rohit…pyar दोस्ती आकर्षण इन चीजों को नहीं मानते तान्या. तान्या ने चेहरा उठाकर उसकी और देखा और सीधे hi सवाल कर diya…to आप मुझसे क्या चाहते हो सर.
Rohit…muskurate हुए bola…chahta तो बहुत कुछ हूँ तान्या. पर क्या अभी मुझे एक किश मिल सकती है तुमसे?
तान्या सोच में पद गयी. रोहित उसे सोच में पड़े देखकर एक बार तो सचने लगा के मैंने गलत कर दिया है.
वो bola…its ok तान्या. ज्यादा सोचो मत. मैं अपने टेबल पर चलता हूँ.
तान्या को पता नहीं क्या हुआ एकदम से उठी सोफे पर बैठे hi रोहित की तरफ मुँह करके उसकी गॉड में बैठी और उसके होंठों पर होंठ रख दिए और बेतहाशा चूसने लगी.
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रोहन एकदम से रूम से बहार आया और मज़ाकिया ढंग से मुस्कुराते हुए bola…wah आज तो हमारी छिपकली टाइम से पहले hi तैयार हो गयी.
Ruhi…chidhte hue…bhai मैं छिपकली नहीं हूँ. आप ऐसा मत बोलै karo…chalen अब?
Rohan…haan नहीं bolta…chalo चलते हैं.
रोहन ने बाइक निकला तो रूही boli…kyun भाई कार में नहीं जाना क्या?
Rohan…arey हम दोनों तो हैं. और कार की घर पर जरुरत पद सकती है.
Ruhi…main तो बोल रही थी रात को देर हो जाएगी तो कार में सेफ रहता.
Rohan…nahi मुझे बाइक पर hi कम्फर्टेबले है. रात को दस बजे ट्रैफिक बहुत हो जाता है. आने में लेट हो जायेगा. अब देर मत करो, बैठो बाइक पर.
रोहन के पास अपाचे 180 बाइक थी. और वो हवा से बातें करने लगी. रूही को साथ पाकर वैसे भी रोहन का जोश दुगुना हो गया था. इसलिए 20-25 मिनट का सफर 15 मिनट में hi पास हो गया और ये लोग टाइम से बहुत पहले हॉल में पहुँच गए. अभी तो हॉल की सजावट चल रही थी.
दोनों एक दुसरे का मुँह ताकने लगे. अभी तो घर से भी कोई नहीं आया था. अब ये लोग मन hi मन पछता रहे थे. पर दोनों में से कोई भी एक दुसरे को कुछ कह नहीं प् रहा था. पर ऐसा कब तक चलता.
आखिर रोहन को hi बोलना pada….ruhi लगता है हम काफी पहले आ गए.
Ruhi…tunakte hue…haan आप hi को जल्दी पड़ी. Thi…waise रोहन महसूस कर रहा था अभी भी रूही उसकी और नहीं देख रही थी.
शायद अभी भी उसके अंदर झिझक सी थी. इसलिए वो उसके चेहरे की और देखकर बात नहीं कर रही थी.
रोहन ने इस बात को महसूस किया और उससे bola…haan क्यूंकि मैं तुम्हे लेट नहीं करवाना चाहता था. एक तो मुझे लगा शायद आधे घंटे का रास्ता होगा दूसरा मुझे लगा ट्रैफिक होगा तो मुझे तुम्हे टाइम पर पहुँचाना था. और हाँ यहाँ पर रेस्टोरेंट भी है. जब तक कोई आता नहीं हम लोग कुछ हल्का फुल्का ले लेते हैं.
रूही boli..arey भाई. पार्टी में कहाँ hi है तो रेस्टोरेंट में खाने का कोई फायदा नहीं न.
Rohan…chalo एक एक कप कॉफ़ी पि लेते हैं. टाइम भी पास हो जायेगा और बोर भी नहीं होंगे.
दरअसल रोहन का उसे रेस्टोरेंट में ले जाने के दो मकसद थे एक तो टाइम पास करना दुसरे और मैं रीज़न वो उससे उस दिन के बारे में डिसकस करना चाहता था.
रूही ने भी सोचा यहाँ खड़े होकर भी क्या करेंगे इससे तो अच्छा है रेस्टोरेंट में hi चलें और कॉफ़ी पिटे पिटे आधा घंटा तो आराम से बीत जायेगा.
दोनों रेस्टोरेंट में जाकर बैठ गए. बाँदा आर्डर लेने के लिए आया तो रोहन ने उसे जानबूझकर ताल diya…bolkar के दस मिनट बाद आर्डर देते हैं. उस बन्दे को भी पता था के अक्सर कपल्स आते हैं और ऐसे hi टाइम पास करते हैं इसलिए देरी से आर्डर देते हैं.
रोहन थोड़ी देर रूही की और देखता रहा जो उसके सामने बैठी थी. फिर थोड़ी देर बाद उसने उससे बात शुरू की.
रोहन अचानक से bola…mujhe तुमसे कुछ बात करनी थी रूही.
Ruhi…ekdam से मुँह उठाकर रोहन की और देखने लगी. क्यूंकि उसे समझ आ गयी थी के रोहन उससे कुछ खास बात करना चाहता hai..haan बोलो भाई.
Rohan…dekho मैं उस दिन के बारे में तुमसे साफ़ साफ़ बात करना चाहता हूँ. तुम उस दिन के बाद मुझसे खुलकर बात नहीं कर रही हो. बात करती भी हो तो मुझसे नज़रें नहीं मिलाती हो.
उस दिन जो भी हुआ एक्सिडेंटली हुआ. उसमे न तुम्हारी कोई गलती है और न hi मेरी. तो इतना क्यों सोच रही हो तुम.
रूही को समझ नहीं आये के क्या बोले. उसे थोड़ी उम्मीद थी के उसका भाई रोहन उससे एकदम से उस टॉपिक पर बात शुरू कर देगा. वो फिर भी झिझकते हुए boli…par भाई जिस तरह से मैं आपके सामने एकदम से बिना कपड़ों के हो गयी तो कोई भी बहिन शर्मिंदा हो जाएगी.
Rohan…chalo मान ली तुम्हारी बात. तो क्या तुम पूरी ज़िन्दगी ऐसे hi शर्मिंदगी में गुजर डौगी.
Ruhi,,,ne बोलै कुछ नहीं बस ना में गर्दन हिला di…abhi भी ऐसे hi लग रहा था के वो कन्फ्यूज्ड है.
Rohan…arey हमें एक hi घर में रहना है बहिन. इतना सोचोगी तो कैसे चलेगा.
Ruhi…main क्या करूँ भाई. मुझे अब आपसे शर्म आती रहती है.
रोहन को लगा अब थोड़ा सीधा होकर इसे समझाना पड़ेगा तो वो bola….achha एक बात बताना ruhi…sahi सही बताना.
Ruhi…haan भाई पूछो.
Rohan….ham दोनों में से कोई भी बचा नहीं है. क्या तुम्हे ऐसा लगता है के मुझे नहीं पता तुम्हारे शरीर में कौन कौन से अंग हैं या फिर क्या तुम्हे नहीं पता मेरे शरीर में कौन कौन से अंग हैं.
रूही को तो रोहन की बात सुनकर और भी ज्यादा शर्म आने लगी और वो boli…bas करो भाई. कैसे बेशर्मो जैसे बात कर रहे हो. चाहे हम दोनों को पता है एक दुसरे के अंगों के बारे में. फिर भी क्या कोई बहिन एक भाई के सामने नंगी हो सकती है?
Rohan…achha चलो यही तुम दो साल की होती तो क्या तुम्हे शर्म आती.
Ruhi…bilkul भी नहीं.
Rohan…to फिर क्या फर्क पड़ता है के तुम दो साल की हो या 17 की. ये एक फिगर है रूही. बात हमारी सोच की है बस, के हम किस चीज को किस तरह से लेते हैं. और फिर जब दो बहने एक दुसरे के सामने कपडे चेंज करते हुए नहीं शर्माती तो एक भाई के सामने एक्सिडेंटली आने से इतना क्या शर्माना बहिन. मुझे बिलकुल भी अच्छा नहीं लग रहा के तुम मुझसे दूरी बनाये हुए हो एक उस बात के लिए.
Ruhi…haan भाई बात तो आपकी सही है. पर मन से बात जा hi नहीं रही तो क्या करूँ.
Rohan…muskurate hue…iska एक hi हल है बस.
रूही भी मुस्कुराने लगी उसकी बात sunkar…kya हल है भाई.
Rohan…tum मुझे भाई के साथ साथ दोस्त भी समझना शुरू कर दो. बस फिर हर समस्या का हल मिल जायेगा. फिर कभी न तुम्हे ऐसी हालत से परेशानी होगी और ना hi कोई बात डिसकस करने से.
रूही सोचने lagi…bhai बात तो सही कह रहा है. पर क्या भाई बहिन दोस्त हो सकते हैं.
Rohan…ab ये न सोचने लग जाना के भाई बहिन तो दोस्त हो नहीं सकते,
रूही हंसने लगी उसकी बात सुनकर और boli…wah भाई तुम तो मन की बात भी जान लेते हो.
Rohan…muskurate hue…dekha? तुम्हे मुझे दोस्त बना कर फायदा hi होगा. मुझसे आधी बात डिसकस करोगी तो आधी मैं खुद जान लूंगा.
अब तो रूही रोहन की बातें सुनकर खिलखिलाकर हंस पड़ी. रोहन ने कॉफ़ी का आर्डर दिया और अरुचि के आगे हाथ करके bola…bolo बनोगी मेरी दोस्त.
रूही में अब पता नहीं कहाँ से ऊर्जा आ गयी thi…wo उसका हाथ थामकर हिलाते हुए boli…bilkul बनूँगी dost…apne भाई की.
रोहन bola…tumhe एक बात पता है ruhi…bhai बहिन से बढ़िया दोस्त कोई हो नहीं सकते. अगर तुम खुलकर अपने भाई से बातें करने लग जाओ न. तो तुम्हे किसी दुसरे की जरुरत hi नहीं रहेगी.
Ruhi…sach कहूं भाई. मेरा मन भी था के किसी लड़के को अपना दोस्त बनाऊ.
रोहन स्टाइल में बालों पर हाथ फेरते हुए bola….dekha फिर से जान ली न तुम्हारी मन की बात.
रूही उसके हाथ पर हाथ मरते hue…hanste hue…bhai आप बहुत फनी हो.
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रोहित खुद hi अपने कंधो को दबा रहा था. सामने बैठी तान्या की कई बार नज़र गयी रोहित पर. अब पता नहीं वो सच में दर्द की वजह से ऐसा कर रहा था या फिर ये उसकी कमीनगी थी तान्या को पटाने के लिए.
पर बेचारी तान्या उसके जाल में फंसती नज़र आ रही थी क्यूंकि उसका ध्यान बार बार अपने सर की और जा रहा था. वो सर, जिन्होंने हमेशा उसे सपोर्ट किया. उसे इतना कुछ सिखाया. आज वो जो कुछ भी है उन्ही सर की वजह से है. ये बात तान्या अक्सर सोचा करती थी.
वो बार बार अपने कन्धों पर हाथ रखकर उन्हें दबाता तो तुरंत तान्या की नज़र उस पर पहुँच hi जाती.
कुछ देर बाद जब तान्या से रहा नहीं गया तो वो बोली…. सर फिरसे कंधो पर पैन हो रहा है क्या?
Rohit…aisa मुँह बनाकर जैसे उसे सच में दर्द हो रहा hai…haan तान्या बहुत दर्द हो रहा है.
Tanya…to सर आप स्पा क्यों नहीं चले जाते. सुना है वहां काफी एक्सपर्ट लोग होते हैं मस्सगे करने के लिए. तान्या ने लोग बोलै लड़कियां नहीं.
Rohit…arey नहीं नहीं tanya..spa परलौर्स में गलत काम होता है. बहुत बार राइड भी पद जाती है.
तान्या सकपका गयी उसकी बात सुनकर. उसे उम्मीद नहीं थी के उसका बॉस उसके साथ ऐसे भी बात करेगा. अरे सर आप किसी अच्छे होटल में जाओ वहां पर भी होते हैं स्पा. वहां कोई खतरा hi नहीं. और किसने कहा है आप लड़की से मस्सगे करवाओ. कई मेल एक्सपर्ट भी होते हैं.
रोहित को लगा उसका डाव hi उल्टा पद गया तो bola…haan देखूंगा न. जब ऑफिस से जाऊंगा,
तान्या भी चुप होकर अपना काम करने लग गयी. रोहित अपने कंधे को दबाता ऑफिस में hi बने अटैच्ड बाथरूम में गया और कोई 5-7 मिनट बाद कंधे दबाता hi बहार निकला.
तान्या को उस पर तरस आ रहा था. वो boli…sir आप घर क्यों नहीं चले जाते.
Rohit…tumhe तो पता है तान्या ये दो फाइल्स कम्पलीट करनी कितनी जरुरी हैं, ऐसे कैसे घर चला जॉन, तान्या को इस बात का पता था के ये जरुरी काम है. वैसे तो वो काफी कुछ कर लेती थी पर सभी कुछ करना उसके बस की बात नहीं थी.
इसलिए वो रोहित को boli…sir आप ऐसा करो शर्ट निकाओ. उस दिन का तेल पड़ा hi है. मैं आपके कन्धों पर मॉल देती हूँ.
रोहित ने तो एक मिनट भी नहीं लगाया और फाटक से शर्ट खोल दी. शर्ट खोलते वक्त अपने आप hi उसके चेहरे पर मुस्कान फ़ैल गयी.
तान्या ने आज पहली बार रोहित को शिरट्लेस्स देखा था. इस उम्र में भी उसकी बॉडी ठीक hi थी. उसके शरीर पर कहीं भी एक्स्ट्रा चर्बी नहीं थी.
तान्या ने सोफे पर बैठे hi उसे अपनी दोनों टांगों के बीच में बिठा लिया और धीरे धीरे उसके कंधो की मालिश करने लगी.
रोहित को तो ऐसे महसूस हो रहा था जैसे वो स्वर्ग में पहुँच गया है.
उधर रोहित के श्री से टच होने की वजह से तान्या के श्री में भी हलचल शुरू हो गयी थी. तान्या की जांघो से उसका नंगा शरीर टकरा रहा था जिसने तान्या की छूट में झुरझुरी फैला दी थी. पर उसने फिर भी रोहित की मालिश करना नहीं छोड़ा.
थोड़ी देर मालिश होने के बाद अचानक रोहित को पता नहीं क्या हुआ. वो उठकर तान्या के बगल में सोफे पर बैठ गया और उसके कंधे पर अपनी बाजु रखकर bola…thank यू सो मच तान्या. तुमने मेरा दर्द काफी काम कर दिया.
तान्या तो एकदम से घबरा सी गयी. वो ऐसे कैसे उसे साइड से हुग कर सकता था. तान्या की नाक में उसके शरीर की महक जा रही थी जो उसे मदहोश कर रही थी. वो घबराते हुए धीरे से boli…isme थैंक यू की क्या बात है सर. पर क्या आप मेरे कंधे से अपना हाथ हटा लोगे.
रोहित तो बेशर्म बना रहा bola…kyun कोई दिक्कत है क्या तुम्हे मेरे हाथ रखने से.
तान्या को अचानक soojha…wo आपके शरीर से तेल मेरे कपड़ों पर लग जायेगा. स्टाफ वाले क्या बोलेंगे सर.
रोहित ने एकदम से अपना हाथ उसके कंधे से हटा लिया. तान्या की नज़रें झुकी हुई थी. रोहित ने एक हाथ से उसका चेहरा ऊपर करते हुए kaha…tum मुझे नाराज़ हो क्या तान्या.
तान्या ने ना में गर्दन हिलाते हुए kaha….main भला आपसे कभी नाराज़ हो सकती हूँ
रोहित को लगा लोहा गर्म है और चोट करनी चाहिए तो वो bola…suno तान्या तुमसे एक बात करना चाहता हूँ. अगर तुम्हे बुरा न लगे तो.
तान्या boli…maine कहा न सर मुझे आपकी किसी बात का बुरा नहीं लगेगा आप बेहिचक बोलो.
Rohit…yaar तान्या मैं कुछ दिनों से तुम्हारी और अत्त्रक्ट हो रहा हूँ.
तान्या को उसकी बात सुनकर कोई आश्चर्य नहीं हुआ boli….sir मैं जानती हूँ ये बात. पर एक तो हमारी उम्र में बहुत फर्क है दूसरा आप शादीशुदा हो.
Rohit…pyar दोस्ती आकर्षण इन चीजों को नहीं मानते तान्या. तान्या ने चेहरा उठाकर उसकी और देखा और सीधे hi सवाल कर diya…to आप मुझसे क्या चाहते हो सर.
Rohit…muskurate हुए bola…chahta तो बहुत कुछ हूँ तान्या. पर क्या अभी मुझे एक किश मिल सकती है तुमसे?
तान्या सोच में पद गयी. रोहित उसे सोच में पड़े देखकर एक बार तो सचने लगा के मैंने गलत कर दिया है.
वो bola…its ok तान्या. ज्यादा सोचो मत. मैं अपने टेबल पर चलता हूँ.
तान्या को पता नहीं क्या हुआ एकदम से उठी सोफे पर बैठे hi रोहित की तरफ मुँह करके उसकी गॉड में बैठी और उसके होंठों पर होंठ रख दिए और बेतहाशा चूसने लगी.
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