Incest Story - Didi Ki Chinta - Page 4 - SexBaba
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Incest Story - Didi Ki Chinta

Part 27रोहन को अपने पेअर पर कुछ नरमाहट का सा एहसास हुआ तो उसकी आंख खुल गयी. उसने देखा उसके एक पेअर का अंगूठा उसकी दीदी की छूट पर था. अरे ऐसा कैसे हो गया क्या उसकी दीदी ऐसे hi बैठी बैठी सो गयी थी और वो भी वैसे hi सो गया था. और पता नहीं कब उसका अंगूठा दीदी की टांगों के बीच पहुँच गया और उसकी छूट को सहलाने लगा. हालाँकि उस स्पर्श के बहुत hi सुखद अनुभव हो रहा था पर फिर उसने जल्द hi अपना पेअर परे कर लिया के कहीं अगर दीदी को पता चल गया के उसका सागा भाई उसकी छूट पर जान बूझकर स्पर्श कर रहा है तो वो उसके बारे में क्या सोचेगी. यही सोचकर वो उससे दूर हो गया.

फिर वो खुद hi अपने बारे में सोचकर हैरान रह gaya…yaar साला मैं कर क्या रहा था वैसे. खुद अपनी hi बहिन की छूट को sparsh…fir अपने सर पर हाथ मारकर बोलता है. ये गलत है रोहन. तू ऐसा नहीं कर सकता.

पर उसके बाद उसका ध्यान बार बार मेहुल की छूट पर hi जा रहा था. उसके अंगूठे से रगड़ने की वजह से उसकी सलवार थोड़ा अंदर धस गयी थी. तो छूट की छवि नज़र आने लगी थी सलवार पड़ी होने के बावजूद. वो देखता hi रह गया. उसने दीक्षा की छूट का स्पर्श किया था चाहे कुछ पलों के लिए hi सही. आज उसे अपनी बहिन की छूट के स्पर्श में उससे भी ज्यादा मज़ा आया चाहे ये डायरेक्ट स्पर्श नहीं था.

वो मन hi मन हंसने लगा. यार मैं इतना कुछ सोच रहा हूँ इसका मतलब ये तो नहीं के मैं बहिन छोड़ हूँ. फिर धीरे से हंस diya…hahaha.

उसके विचारों में दुविधा के साथ साथ एक बात पर वो दृढ था के उसे ऐसा करने में मज़ा बहुत आया. और सबसे ज्यादा आया. वो रूही के साथ भी कुछ बातें कर चूका था पर असली मज़ा तो उसे आज आया था पानी दीदी के साथ.

चाहे ये थोड़ा सा hi मज़ा था पर असली मज़ा था. सोचते सोचते पता नहीं कब सुबह हो गयी और ये लोग पुणे पहुँच गए. रोहन ने बैग उठाया और उस होटल में चल दिए जिसे इन्होने ऑनलाइन बुक किया था.

रिसेप्शन पर पहुँच कर रोहन ने अपने ईद की कॉपी दी. उसने अपना और मेहुल का नाम बताया और रिलेशन पूछने पर उसने बोलै मेरी बहिन है. तो रिसेप्शन पर बैठी लड़की boli…sir आजकल डरने की जरुरत नहीं है. अगर गफ है तो आप गफ लिखवाओ. आप लीगली रूम ले सकते हो.

उसकी बात सुनकर रोहन को गुस्सा आ गया और bola…..arey मैडम जब हैं hi भाई बहिन तो गफ बर्फ क्यों लिखवाऊं. फिर उसने दोनों का ईद दिखाया और दोनों पर hi शामे फादर नाम और शामे एड्रेस देखकर रिसेप्शनिस्ट शर्मिंदा सी हो गयी और boli…sorry सर. वैसे मैं भी गलत नहीं हूँ बहुत कपल्स आते हैं यहाँ रूम लेने और आकर भाई बहिन बताते हैं.

रोहन को उसकी बात समझ में आ गयी थी वो मुस्कुरा कर bola…koi बात नहीं. गलती किसी से भी हो जाती है. आप हमें रूम की चाबी dijiye…wo रिसेप्शनिस्ट जिसका नाम पूजा था एक लड़के को boli…jao साहिब का लगेज लेकर रूम नंबर 205 ले जाओ. और चेक करो टॉवल सोप वगैरह है के नहीं. वो लड़का हाँ में गर्दन हिलाकर उनका सामान उठाकर उन्हें bola…chaliye साहिब.

रोहन और मेहुल एक साथ हो लिए. मेहुल से तो नज़रे भी नहीं मिले जा रही थी रोहन के साथ. वो अपने भाई के साथ पहली बार इस तरह से आयी थी और पहली बार hi उसे उसकी गफ बना दिया गया. वो मन hi मन बहुत ावक्वार्ड सा फील कर रही थी. के ऐसे कैसे कोई भाई को बर्फ बना dega.fir उसकी और देखकर मुस्कुराई और सोचने लगी. वैसे रोहन जिसका भी बर्फ होगा लड़की होगी बड़ी किस्मत वाली. कितना हैंडसम है ये. गोलू सा. चेहरे पर हर वक्त स्माइल . लड़कियों को ऐसे hi लड़के तो चाहिए होते हैं.

फिर सोचने lagi…maine भी तो सोचा था के इसे अपना सब कुछ सौंप दूंगी. अभी गफ कहने पर तो ऐसी बुरी फीलिंग आ रही है अगर सच में इसका लुंड मेरी छूट mein…fir खुद को आगे सोचने से रोकते हुए खुद hi अपने सर पर चपत लगाती है जैसे रोहन ने लगाई थी. और आ रहे विचारों को रोकने की कोशिश करती है.

रोहन उसे अपने जैसे hi सर पर चपत मारते देखता है तो बोलता hai….kya हुआ दीदी कोई गलती हो गयी क्या आपसे जो इस तरह मारा अपने खुद को. वो मुस्कुरा रहा था और मेहुल फंस चुकी थी. वो सोच रही थी क्या बहाना बनाये. जल्दबाजी में boli…main अपनी एक डॉक्यूमेंट की फोटोकॉपी घर पर hi भूल आयी.

रोहन bola…to क्या हुआ didi..original तो होगा आपके पास. मैं फोटोकॉपी करवा दूंगा.

मेहुल ने सोचा चलो जान बची. अब मैं इसे कोई भी डॉक्यूमेंट दे दूंगी कॉपी करवाने के लिए. Boli…haan ये सही रहेगा. पर मेरे पास ज्यादा टाइम नहीं है. जल्दी करवानी होगी. ब्रेकफास्ट के बाद मुझे निकलना भी होगा पेपर देने के लिए.

रोहन bola…main आपको छोड़ कर आऊंगा दीदी. Mehul…kyun फालतू में परेशान होगा. मैं कैब कर लुंगी. ज्यादा दूर नहीं है यहाँ से. बस पांच मिनट का रास्ता है.

रोहन बोलै ok फिर वो जल्द hi ब्रेकफास्ट का आर्डर दे देता है. आर्डर रिसेप्शन पर पूजा ने hi लिया था. वो अब उससे बड़े अच्छे से बात कर रही थी. उसे दर था के कहीं क्लाइंट को बुरा न लग गया हो. ब्रेकफास्ट के बाद मेहुल उसे दो डाक्यूमेंट्स दे देती है कॉपी करवाने के लिए.

रोहन निचे चला जाता है रिसेप्शन पर और पूछने लगता hai…madam यहाँ आस पास कोई फोटोकॉपी की शॉप है क्या?

Pooja…muskurate hue…photocopy तो हम आपकी यहीं कर देंगे पर उसके लिए एक शर्त है.

Rohan…thoda हैरान hokar…kya शर्त है?

Pooja…aap मुझे मैडम नहीं पूजा बोलोगे.

रोहन मुस्कुरा दिया उसकी नज़र लगातार पूजा के बड़े बड़े दुधुं पर थी. उसे उन्हें देखते हुए बड़ा मज़ा आ रहा था और शायद पूजा ने भी ये बात नोटिस कर ली थी. वो थोड़ी देर में bola…ohk पूजा जी,

Pooja…arey फिर wahi…pooja जी नहीं सिर्फ पूजा. पूजा नोटिस कर रही थी के इसकी नज़र लगातार उसके बूब्स पर है. इसलिए इसने देरी से जवाब दिया.

Rohan…ok pooja…yaar प्लीज मेरा ये मसला हल कर दो. दीदी को लेकर जाना है. उसका एग्जाम है आज.

Pooja…par रूम तो आपने दो दिन के लिए बुक किया है.

Rohan…muskurate hue…kal घूम लेंगे ना. आज तो शाम 6-7 बजे तक दीदी फ्री hi होंगी.

Pooja…ohk अच्छा रोहन जी आपने मुझे माफ़ तो कर दिया न. पूजा उसे फोटोकोपिएस पकड़ते हुए बोली.

Rohan…arey मैं तो कब का भूल गया उस बात को. आप ज्यादा टेंशन मत लो. मुस्कुरा कर रोहन बोलै, थैंक्स बोलै एक आखरी नज़र पूजा के बूब्स पर मारी और ऊपर अपने रूम में चला गया और एकदम से दरवाजा खोला तो देखा मेहुल पंत दाल रही थी. उसने पिंक कलर की पंतय पहनी हुई थी. वो एकदम से हड़बड़ा गयी और रोहन फाटक से बहार चला गया. ये सब इतना जल्दी हुआ के दोनों को पता hi नहीं चल पाया. रोहन बहुत शर्मिंदा था के उसने नॉक क्यों नहीं किया उधर मेहुल शर्मिंदा थी के उसने लॉक क्यों नहीं किया. दोनों अपनी अपनी जगह पर शर्मसार थे.

पर जो होना होता है वो होकर रहता है. रोहन तो डबल शर्मिंदा था क्यूंकि उसकी नज़र सबसे पहले अपनी दीदी की पंतय में मौजूद उसकी छूट पर hi गयी. वो सोच सोच कर परेशान था के वो अपनी बहिन के बारे में इतना गलत क्यों होता जा रहा है. थोड़ी देर में मेहुल ने खुद दरवाजा खोला. उसकी गर्दन झुकी हुई थी. रोहन ने कपीस मेहुल को पकड़े और धीरे से bola…sorry didi…to मेहुल ने भी उसी टोन में जवाब diya…sorry तो मुझे बोलना चाहिए रोहन मुझे लॉक करना चाहिए tha…rohan. पर दीदी मुझे भी तो नॉक करना चाहिए था.

फिर रोहन bola…chhodo न दीदी इन बातों को छोड़ते हैं, आप जाओ आपके एग्जाम का टाइम हो गया है. और हाँ पेपर अच्छा करके आना.

मेहुल मुस्कुरा दी. उसने भी सोचा के पेपर है. दिमाग पर फालतू बोझ डालने से क्या फायदा. वो रोहन को थैंक्स बोलकर एग्जाम के लिए निकल जाती है.

रोहन मेहुल के जाने के बाद नहाने चला जाता है. क्यूंकि उन लोगों को आते hi ब्रेकफास्ट करना था. मेहुल को देर हो रही थी तो वो तो बिना नहाये hi निकल गयी थी. रोहन ने सोचा अब नाहा ले.

रोहन का पीछे से मन नहीं लग रहा था तो उसने फ़ोन उठा लिया. आखिर फ़ोन भी इंसान कितना देख लेगा. वो सोने की कोशिश करने लगा तो सोया भी नहीं गया. क्यूंकि ट्रैन में hi नींद पूरी हो गयी थी. और सुबह सुबह कहाँ इंसान को नींद आती है. वो सोचने लग गया के क्या किया जाये. तभी उसे पूजा याद आयी.
 
Part 28

फिर उसे कोई एक घंटे बाद पूजा याद आयी और वो रिसेप्शन पर फ़ोन करके बोलता hai…hi pooja…pooja भी उसी गर्मजोशी के साथ जवाब देती hai…hi सर, कुछ चाहिए था क्या आपको.

Rohan…ye तो गलत बात है. खुद को तो पूजा कहलवाती हो और मुझे सर बोलती हो.

Pooja…hanste hue..ye तो हमारा काम है सर. Rohan…thik है अगर मुझे सर बोलोगी तो मैं भी तुम्हे मैडम बोलूंगा. या तो दोस्त होने के नाते एक दुसरे का नाम लेंगे या फिर sir/madam बोलेंगे.

पूजा खिलखिलाकर हंस देती है. Boli…waise रोहन आप हो बहुत मज़ेदार शख्स. अच्छा क्या खिदमत कर सकती हूँ मैं आपकी.

रोहन हंसने लगा और bola..ye भरी भरकम अलफ़ाज़ अपने पास hi रखो और हाँ मुझे एक कॉफ़ी भिजवा दो यार. अकेले बोर हो रहा हूँ.

Pooja…aisa क्यों नहीं करते यहीं रिसेप्शन पर आ जाओ. थोड़ी देर बातें भी कर लेंगे और आपको कॉफ़ी भी पीला देंगे.

Rohan…ye भी अच्छा आईडिया है. मैं आ रहा हूँ निचे. वो भी बोर hi हो रहा था और उसे पूजा मज़ेदार लड़की लगी. वो निचे आ जाता है.

पूजा किचन में दो कप कॉफ़ी आर्डर कर देती है. रिसेप्शन पर अभी कोई काम नहीं था तो दोनों रिसेप्शन के साथ hi वेटिंग में लगे सोफे पर बैठ जाते हैं. रोहन पूजा को देख रहा होता है तो पूजा मुस्कुरा कर पूछती hai…aap ये ऐसे घूरते क्यों रहते हो रोहन.

रोहन तो एकदम से हड़बड़ा जाता है. उसे लगता है उसकी चोरी पकड़ी गयी. वो बोलता hai…nahi नहीं कुछ नहीं. मैं तो बस ऐसे hi. बोलता है तो पूजा हंस देती है और बोलती hai…aap तो ऐसे घबरा गए जैसे आपकी बहुत बड़ी चोरी पकड़ी गयी हो. ये सब तो नार्मल चीजें हैं आप एक्सेप्ट करो न के हाँ देख रहा था.

रोहन को उसके साथ से तो मज़ा आ hi रहा था पर उसका बोल्ड रूप देख कर और भी मज़ा आने लगता है. दो कप कॉफ़ी के साथ कुछ स्नैक्स भी थी. रोहन बोलै मैंने तो आर्डर नहीं किया था तो पूजा boli,,,rohan जी आप खाओ बस, आपको आर्डर से क्या मतलब.

फिर दोनों में थोड़ी बहुत बातें होने लगी. ये लड़की पूजा भी उसकी के शहर के नजदीक से थी और जॉब की वजह से यहाँ आयी थी. रोहन ने भी अपनी स्टडी के बारे में उसे बताया. और घर परिवार के बारे में भी.

दोनों में काफी देर बातें होती रही. दोपहर का टाइम था अभी कोई कस्टमर नहीं था. दोनों बातें कर hi रहे थे के एक यंग लड़का और लड़की आये. लड़का bola…ham दोनों भाई बहिन हैं. हमें एक रूम चाहिए.

पूजा ने तुरंत रोहन की और देखा तो रोहन मुस्कुरा दिया. उन्होंने उस कपल को शो नहीं होने दिया पर दोनों एक दुसरे को देखकर मुस्कुरा रहे थे. उनको रूम देने के बाद पूजा फिर से रोहन के पास आकर बैठ गयी और boli…dekha ऐसे बहुत केस आते हैं. ये लोग तीन चार घंटे में अपना काम निपटा लेंगे और रूम खली कर देंगे. हमारी भी कमाई ऐसे लोगों से ज्यादा है. तो हमें क्या दिक्कत.

Rohan…ok तो इसका मतलब ये दोनों भाई बहिन नहीं है.

Pooja…hanste hue…kahan. थोड़ी देर बाद इनके कमरे के पास जाकर देखना कैसी कैसी आवाज़ें आएँगी फिर बोलना भाई बहिन हैं या फिर kaun…pooja उसे आँख मरती है.

Rohan…hsnte hue…waise आईडिया बुरा नहीं है पूजा. मेरा 205 और उनका 204. क्या ख्याल है चला जाए.

पूजा हंसने lagi…aap पागल हो रोहन. उनकी प्राइवेसी का सवाल है. उन्होंने अगर दरवाजा खोल लिया तो मेरी नौकरी तो जाएगी hi साथ hi वो कोई करवाई भी कर सकते हैं.

Rohan…aise hi दर रही हो आप. एक तो उन्होंने खुद झूठ बोलकर रूम लिया है दुसरे साथ में है उनका रूम देखते हैं कुछ जुगाड़ बनता है तो.

Pooja…aap जाओ यार. मुझे नहीं देखना. पर अभी नहीं. दस पंद्रह मिनट में खेल शुरू होगा.

Rohan…hanste hue…waise तजुर्बा तुम्हे भी बहुत है.

पूजा उसे मरती है और बोलती hai…aisa कुछ नहीं है. एक दो बार बी चांस जाने का मौका मिला तब पता चला रूम में हलचल 15 मिनट बाद शुरू होती है.

कहाँ तो रोहन का मन नहीं लग रहा था. और कहाँ अब वो ऐसी मस्ती करने पर उतारू हो गया था. कुछ देर में hi कितना कुछ बदल गया था. खैर रोहन ऊपर चला गया. पहले उसने रूम no.204 के दरवाजे पर कान लगाकर देखा पर उसे कोई आवाज़ सुनाई नहीं दी.

फिर वो अपने कमरे में चला गया. बाथरूम में जाकर देखा कुछ मिल जाये जिससे दुसरे रूम में झाँका जा सके. पर उसे कुछ नहीं मिला. हालाँकि एक बात उसने देख ली थी के दोनों रूम्स में एक जगह ऐसी थी जहाँ पार्टीशन बोर्ड की थी. वो जगह थी अलमारी.

वो अलमारी में झांक कर देखने लगा कुछ मिल जाए पर उसे कुछ नहीं मिला.

थक हारकर वो अपने बीएड पर जाकर लेट गया. तभी उसकी निगाह दोनों कमरों के बीच एक रोशनदान पर पड़ी. लेकिन वो रोशनदान बंद था. पता नहीं उसे क्या हो गया था जो वो उन दोनों के सेक्स सन को देखने को इतना उतावला हो गया था.

उसने इधर उधर कोई स्टूल ढूंढा जो के उसे नहीं मिला. फिर उसने एक चेयर उठाई उस रोशनदान के निचे राखी और उस पर चढ़ गया. अभी भी उसका चेहरा वहां तक नहीं पहुँच पा रहा था. वो बाथरूम में गया जहाँ एक पीढ़ी पड़ी थी. जो नहाते समय बैठने के लिए थी उसने जैसे hi वो पीढ़ी कुर्सी पर राखी तो उसे आवाज़ आयी.

ऐसा करोगे तो तुम्हारे खिलाफ करवाई हो सकती है mister…usne मुड़कर देखा तो ये पूजा थी जो दरवाजे पर कड़ी मुस्कुरा रही थी. उसने जल्दबाजी में दरवाजा तक बंद नहीं किया था.

पूजा फिर हँसते हुए boli…yaar दरवाजा तो बंद कर लेते. सर से रोहन और रोहन से यार तक आ चुकी थी ये लड़ी.

एक बार को तो रोहन घबरा गया पर फिर सँभालते हुए bola…aao पूजा मुझे पकड़ो मुझे एक रास्ता मिल गया है उधर झाँकने का.

पूजा फिर से हँसते हुए boli…yaar तुम खुद तो मरोगे hi मुझे भी मरवाओगे. ये बोल तो गयी पूजा पर दरवाजा बंद करके उसके पास आयी. वो कुर्सी और पीढ़ी के ऊपर चढ़ा हुआ था और पूजा ने उसकी टैंगो को पकड़ लिया.

रोशनदान में रोहन को एक जगह मिल hi गयी जहाँ एक छोटा सा होल था और वो होल सीधा टारगेट पर था यानि के दुसरे कमरे के बीएड पर. वो लड़का उस लड़की जिसे वो अपनी बहिन बोल रहा था उससे अपना लुंड चुसवा रहा था.

रोहन धीमे से हँसते हुए धीरे से bola…wo भाई अपने बहिन से अपना लुंड चुसवा रहा है.

पूजा ने उसकी तंग पर मरते हुए bola…tumhe जरा भी शर्म है के नहीं. कैसी भाषा बोल रहे हो. रोहन ने कोई रियेक्ट नहीं किया थोड़ी देर देखने के बाद वो निचे उतर गया और अब पूजा को बोलै के ऊपर चढ़ो मैं तुम्हे पकड़ता हूँ. पूजा का मन तो था पर झूठ मुठ का मन करने lagi…mujhe नहीं देखना. रोहन जनता था वो ऊपर आयी है तो देखने के लिए hi आयी है. उसने उसे कमर से ऊपर उठा कर कुर्सी तक पहुंचा दिया. फिर बोलै चढ़ो ऊपर.

झिझकती सी हुई पूजा ऊपर चढ़ गयी. और अंदर का दृश्य देखकर उसकी ऑंखें खुली की खुली रह गयी. उसने उस लड़की को घोड़ी बनाया हुआ था और दनादन उसकी पिलाई का रहा था. उसकी छूट में खुजली सी मच गयी, दूसरी बात रोहन ने अपने हाथ कुछ इस तरह से रखे हुए थे के उसका अंगूठा उसके चूतड़ों के बिलकुल मध्य में था जो उसकी छूट से थोड़ी hi दुरी पर था. उसका मन तो कर रहा था रोहन के अंगूठे को अपनी छूट तक पहुंचा दे. पर नारी मन. पहल करने से डरता है हमेशा. वो तड़प उठी और फटाफट निचे आ गयी.

रोहन उसे आंख मारते हुए bola…kyon ठीक नहीं लगा क्या सन? पूजा नज़रें झुका कर boli…mujhe नहीं देखना ये सब. और दूसरी बात ये हमारे कस्टमर हैं हमें उनकी प्राइवेसी को भांग नहीं करना चाहिए.

रोहन हँसते हुए bola…yun कहो न तुम्हारा भी मन कर गया. हालाँकि रोहन कोई लाइन नहीं मार रहा था पर पूजा boli…achha तो क्या इसीलिए मुझे ऊपर बुलाया था के मुझ पर लाइन मार सको.

रोहन ऑंखें दिखते हुए bola…yaar पूजा तुम्हे मैं कोई ऐसा वैसा लगता हूँ? मैं तो तुम्हे चिढ़ा रहा था बस.

पूजा मुस्कुराते हुए boli…main भी चिढ़ा hi रही हूँ. अच्छा अब मैं निचे चलती हूँ. मुझे 2 बजे ऑफ भी करना है.

Rohan…arey यार तुम चली जाओगी तो मेरा मन कैसे लगेगा फिर. और हाँ दो बजे से पहले लंच भिजवा देना.

पूजा …मुस्कुराते hue…kya खाओगे.

Rohan…kuchh भी भेज देना अपनी पसंद का.

Pooja…ankh मारते hue..fir ठीक है. मेरा पसंद का खाओगे तो तुम्हे पछताना नहीं पड़ेगा. बोलकर वो निचे चली जाती है.



ठीक दो बजे बेल्ल बजती है. रोहन को समझ आ गया के खाना आया है. उसने बेल्ल मारी तो उसको बड़ी हैरानी हुई बहार का दृश्य देखकर.
 
Part 29ठीक दो बजे बेल्ल बजती है. रोहन को समझ आ गया के खाना आया है. उसने बेल्ल मारी तो उसको बड़ी हैरानी हुई बहार का दृश्य देखकर.

बहार खाने की ट्राली आयी थी और साथ में पूजा आयी थी जिसने कपडे बदले हुए थे. उसने झीना सा टॉप पहना हुआ था जिसके निचे पिंक कलर की स्लिप साफ़ नज़र आ रही थी और निचे उसने मिनी स्कर्ट पहनी हुई थी. इसका मतलब था के उसने ऑफ कर लिया था इस वजह से उसने चेंज कर लिया था.

पूजा हँसते हुए boli…pichhe हटो मिस्टर रोहन अंदर नहीं आने डोज क्या.

रोहन को होश सा आया वो तो उसके रूप रंग में खो सा गया था , वो एकदम से पीछे हटा. पूजा के साथ आया वेटर सर्वे करने लगा तो पूजा boli…tum जाओ शम्भू मैं सर्वे कर दूंगी.

वो लड़का शम्भू चला गया तो पूजा ने दरवाजा बंद कर लिया. रोहन अभी तक अचंभित था के पूजा यहाँ क्या करने आयी जबकि उसे तो घर चले जाना चाहिए था ऑफ करने के बाद.

Pooja…darwaja बंद करने के बाद मुस्कुराते हुए boli…to फिर और कितनी देर देखा रोहन आपने वो नज़ारा.

रोहन स्पॉट से चेहरे के साथ bola…uske बाद नहीं देखा. फिर मूड hi नहीं किया देखने का. और तुम्हारी तो छुट्टी हो गयी होगी न.

Pooja…ankhon के इशारे se…haan हो गयी. तो क्या मुझे तुम्हारे रूम में नहीं आना चाहिए था?

Rohan…arey मुझे भला क्या प्रॉब्लम होगी. रोहन की नज़र पूजा पर पड़ी जो सामने कुर्सी पर तंग पर तंग रखकर बैठ गयी थी और उसकी जंघे दृश्यमान हो गयी थी. गोरी गोरी जांघों के दर्शन से रोहन का दिन hi बन गया.

पूजा को समझ तो आ गयी थी पर वो उसे छेड़ना नहीं चाहती थी. वो boli…arey तुमने कहा था न के तुम बोर हो जाओगे. तो सोचा मैं भी तुम्हारे साथ hi लंच कर लूँ.

रोहन बड़ी सी स्माइल के साथ. ये तो बहुत अच्छी बात है. फिर बहुत hi धीरे से bola…didi सात बजे तक आएगी अगर तब तक रुक जाओ तो और भी अच्छा है.

Pooja…achhi बात तो है पर बाद में क्या बोलै. उसे थोड़ा थोड़ा सुन गया था कुछ नहीं भी.

रोहन हँसते हुए bola…nahi कुछ नहीं. आओ खाना कहते हैं. वो खुद hi सर्वे करने लगा तो पूजा हँसते हुए boli…waise तुम हो बहुत चालू रोहन.

Rohan…kam तो तुम भी नहीं हो. देखो कैसे आ गयी थी चुदाई कार्यक्रम देखने.

पूजा उसे मारते hue…tum इतनी गन्दी लैंग्वेज क्यों उसे करते हो यार.

Rohan….yaar हम लोग वो सब होते हुए देख सकते हैं तब तो ठीक है पर बोलने से ये गन्दा कैसे हो गया भला.

पूजा …हँसते hue…tumse कोई नहीं जीत सकता baba…hath जोड़ देती है.

फिर दोनों खाना खाने लगते हैं. रोहन का ध्यान कभी उसके बूब्स पर जाता है और कभी उसकी जांघों पर. एकदम गदराया हुआ बदन था पूजा का. पूजा भी मन hi मन खुश हो रही थी रोहन को उसके यौवन का आँखों से रसपान करते देखकर. वो ज़ाहिर नहीं होने दे रही थी के उसे पता है वो उसे किन नज़रों से ेख रहा है.

खाना ख़त्म होते hi रोहन शैतानी लहजे में bola…ab तो दो गुलाब जामुन मिल जाएँ तो खाने का मज़ा डबल हो जाये. उसने उसके बूब्स को देखते हुए बोलै.

पूजा भी सब समझ रही थी के क्या बोल रहा है. बोली. यहाँ तो ठंडी hi मिलती हैं गुलाब जामुन. गरम कहानी हैं तो मार्किट जाओ.

रोहन की नज़रें उसके बूब्स पर hi तिकी thi…jaisa भी है दे दो मुँह में जाकर अपने आप गर्म हो जायेंगे.

Pooja…abhi थोड़ी देर पहले बोल रहे थे गर्म चाहिए अब जैसा मर्जी. तुम्हारे तो कोई रूल hi नहीं है.

Rohan…jab किसी चीज की हसरत हो तो ज्यादा रूल नहीं देखने चाहिए बस चख लेना चाहिए.

पूजा भी इस चर्चा का मज़ा लेने लगी thi….par सामने वाला चखने देगा तब न.

Rohan…arey हम तो रिक्वेस्ट hi कर सकते हैं. खाने और खिलने में दोनों का hi मज़ा है.

Pooja…tum खाओगे तुम्हे तो मज़ा है पर मैं खिलाऊंगी तो मुझे क्या मज़ा आएगा bhala…pooja का ये सोचकर hi बुरा हाल हो रहा था के वो उसके बूब्स को खाने की बात कर रहा है. बातों बातों में hi उसको नशा सा आने लगा था. छूट ने रास छोड़ दिया था. इस पर रोहन ने एक और हथोड़ा चला दिया के उसकी छूट ने रास छोड़ना शुरू कर दिया.

रोहन bola…un भाई बहिन की चुदाई की कौन सी शिफ्ट शुरू हो गयी होगी. आँख मारते हुए रोहन बोलै तो पूजा का दिल धक् धक् करने लगा. अभी बात उसके बूब्स से उस कपल की चुदाई तक पहुँच गयी थी और पूजा का हाथ एक बार को तो ऑटोमेटिकली अपनी छूट पर पहुँच गया चाहे खुजली के बहाने से hi सही.

रोहन bola..dekhna है तुम्हे? पूजा ना में सर हिलाते हुए boli…nahi.

रोहन ने उसकी बात नहीं सुनी उसे उठाया और bola…ab तुम्हे और hi ढंग से दिखाऊंगा. रोहन को समझ आ चुकी थी के पूजा पूरी गर्म हो चुकी है. उसने उसे इस बार कुर्सी पर चढाने की बजाये अपनी पीठ की तरफ उसकी टंगे करते हुए उठा लिया ुर उसको रोशनदान तक पहुंचा दिया.

वो उसको दूसरी तरह से भी बिठा सकता था. पर उसका मकसद उसका स्पर्श पाना था. पूजा भी अब मज़े ले रही थी. क्यूंकि उधर दनादन चुदाई चल रही थी. लड़के ने लड़की को अपने ऊपर बिठाया हुआ था और उसके बूब्स पकडे हुए थे दोनों हाथों से. वो लड़की उछाल उछाल कर चुदाई करवा रही थी.

पूजा की छूट के आस पास रोहन की ठुड्डी थी. छूट का ऊपरी हिस्सा उसकी ठुड्डी से टच कर रहा था. उसका टॉप ऊपर उठ चूका था और अब रोहन अपनी जीभ को हलके से उसकी नाभि पर फेरने लगा.

पूजा की तो छूट कण्ट्रोल से बहार होने लगी. दुसरे तरफ का दृश्य और इधर रोहन का उसकी नाभि पर जीभ फेरना, दोनों मिलकर उसको बेहाल किये हुए थे. वो धीरे से boli…rohan ये क्यों कर रहे हो. वो बेमन से ऐसा बोल रही थी जबकि उसे हटाने की कोशिश तक नहीं कर रही थी.

रोहन नहीं रुका और अच्छे से जीभ फेरने लगा. और अब तो पीठ पर हाथ भी फेरने लगा. वो दुसरे तरफ वाला कपल ठंडा पद चूका था पर पूजा रोहन को खुद को निचे उतरने को नहीं बोल रही थी क्यूंकि उसकी हरकतों से उसे बहुत hi ज्यादा मज़ा आ रहा था. पूजा एकदम कुंवारी छूट लिए हुए थे. उसने आज तक चुदाई का मज़ा नहीं चखा था.

थोड़ी देर बाद रोहन उसे खुद hi निचे उतरता है तो देखता है के उसकी ऑंखें बंद हैं. रोहन को समझ आ जाती है के पूजा अब मदहोश हो चुकी है. वो उसके चेहरे को अपने दोनों हाथों में लेता है और अपने मुँह को उसके मुँह के पास ले जाता है तो पूजा नशीली सी आवाज़ में बोलती है.

क्या कर रहे हो रोहन. तुम्हे ऐसा नहीं करना चाहिए….

रोहन उसके होंठों से अपने होंठ टच करके बोलता hai…mujhe क्या नहीं करना चाहिए पूजा? पूजा भी बिना कोई विरोध किये सेक्स के नशे में बोलती hai…ye जो तुम किश करने की कोशिश कर रहे हो ये नहीं करनी चाहिए न हमें.

रोहन उसके होंठों पर अपने होंठ रखकर बोलता hai,,,,to क्या सीधे चुदाई करनी chahiye…bolte वक्त अपने आप किश सी हो जाती है और पूजा की ऑंखें अपने आप बंद हो जाती हैं. रोहन उसके होंठों की दोनों फड़ियों को बरी बरी से चूसने लगता है. विरोध तो पूजा ने बिलकुल भी नहीं किया था. वो अब साथ देने लग जाती है उसका और बोलती है. ओह रोहन. आह रोहन.

रोहन के हाथ उसकी पीठ सेहला रहे थे. अब पूजा के हाथ भी रोहन की पीठ पर चले गए थे. दोनों के होंठ में जैसे लॉक लग गया था. रोहन ने अपने हाथ निचे लेजाकर पीछे से उसकी स्कर्ट में दाल दिए. उसके दोनों चूतड़ों को पकड़कर अपनी और खिंचा और अपने लुंड से सत्ता दिया.

पूजा तो उसकी हरकत का लुत्फ़ उठाने लाफ़ी. अब उसने पूजा की एक तंग उठाई और उसे अपने और भी करीब कर लिया. रोहन थोड़ा निचे आया और उसके बूब्स के एक तरफ किश करके bola…yahi तो हैं दो गुलाब जामुन जिन्हे मैं खाना चाहता हूँ. वो मुँह खोलकर बोलै और उसने एक तरफ का बूब पूरा अपने मुँह में ले लिया और डेंटन से काटने लगा तो पूजा boli…aah रोहन क्या पूरा का पूरा खा जाओगे इसे. छोड़ दो न.

रोहन नहीं रुकता वही वो दूसरी तरफ करता है. इसे भी पूरा hi मुँह में डालना है. उसके दोनों मम्मो पर बरी बरी दन्त मारने लगता है रोहन. पूजा boli..dekho कहीं मेरी टॉप hi ना फाड़ देना.

रोहन bola…iska हल है मेरे पास. उसने एक hi झटके में उसका टॉप hi उतर दिया और दोनों मम्मो को अपने दोनों हाथों में भर लिया. Bola…kaisa लग रहा है मेरी जान.

Pooja…lag तो अच्छा रहा है पर ये गलत है यार.

रोहन उसकी आँखों में देखकर बोलता hai…kyun? गलत क्यों है मेरी जान?

पूजा कुछ नहीं बोलती फिर सोचकर बोलती hai…ham किसी रिलेशनशिप में नहीं हैं यार.

rohan..to क्या ये सुख लेने के लिए किसी रिश्ते का होना जरुरी है? क्या ऐसे hi तुम्हे आनंद नहीं आ रहा.

पूजा ….आनंद तो आ रहा है रोहन. फिर भी मैंने कभी किया नहीं कुछ. इसलिए थोड़ा झिझक सी हो रही है.

रोहन उसे गॉड में उठाते हुए bola…kabhi तो शुरुआत होती है जानेमन. कभी तो पहली दफा होता है ना.

पूजा शर्मा सी गयी उसे महसूस गया था के उसका काम तमाम होने वाला है अब. रोहन ने पूजा को ऐसे hi उठाकर बीएड पर पटक दिया और उसकी टांगों को खोलकर उसकी मिनी स्कर्ट को ऊपर किया और हाथों से पंतय को परे करते हुए उसकी छूट पर हाथ फेरते हुए bola…oh पूजा रसधार बह रही है यहाँ तो और तुम मुझे मन कर रही हो.



पूजा ऑंखें बंद किये मंद मंद मुस्कुराती रही बोली कुछ नहीं. रोहन ऐसे hi थोड़ी देर उसकी छूट पर अपना हाथ चलता रहा पूजा लेती लेती आनंदित होती रही. उसके मन के मुताबिक hi तो हो रहा था सब कुछ तो उसने होने दिया.
 
Part 30पूजा ऑंखें बंद किये मंद मंद मुस्कुराती रही बोली कुछ नहीं. रोहन ऐसे hi थोड़ी देर उसकी छूट पर अपना हाथ चलता रहा पूजा लेती लेती आनंदित होती रही. उसके मन के मुताबिक hi तो हो रहा था सब कुछ तो उसने होने दिया.

कुछ hi पलों में पूजा की छूट ने अपना आप खो दिया और रसधार बहने लगी. वो रास छोड़ रही थी पर रोहन नहीं रुका. उसने उसे पूरी तरह से निचोड़ कर hi डैम लिया. जब छूट पूरी तरह से निचुड़ गयी तो पूजा ने उसका हाथ अपनी छूट पर से हटा दिया.

रोहन उसके बगल में आकर लेट गया और बोलै “कैसा लगा पूजा तुम्हे?”

पूजा की ऑंखें मैच रही थी आनंद के मारे बोली “यार पूछो mat.pehli बार किसी लड़के ने मेरे वहां पर छुआ है. मत पूछो कैसा रहा. पर थक गयी हूँ. ऐसा लग रहा है के सो जॉन”

रोहन bola….abhi तो बहुत कुछ होना बाकि है मेरी जान. अभी तो कुछ हुआ hi नहीं और तुम सोने की बातें कर रही हो. एक बार चुदाई हो जाये फिर सो लेना. मुझे भी अपने जीवन की पहली चुदाई करनी है.

पूजा हैरानी से उसकी और देख रही thi…tumhe देखकर लगता नहीं तुम पहली बार ये सब कर रहे हो. तुम तो बहुत खेले हुए नज़र आ रहे हो.

रोहन हँसते हुए bola…kabhi मौका hi नहीं मिला मेरी जान. आज तुम मिली हो और हम दोनों hi अब उस मोड़ पर पहुँच गए हैं जहाँ से पीछे मुड़ना मुश्किल है.

पूजा चुप सी हो गयी. वो अभी चुदाई करवाने से थोड़ा घबरा रही थी. पर उसकी छूट चीख चीख कर बोल रही थी के मुझे तो लुंड लेना hi है. तुम अपने दिमाग को गोली मारो. पूजा अपनी विर्जिनिटी ऐसे कैसे खो देती. एक बार तो उठ कर बाथरूम चली गयी सोचने के लिए.

वो बहुत ज्यादा दुविधा में थी. दिमाग बोल रहा था अभी रुक जाओ. दिल बोल रहा था एक न एक दिन तो होना hi है. रोहन अच्छा लड़का है कर ले. उससे सेहन नहीं हो रहा था तो उसने दिल की बात सुन्नी सही समझी और वो आकर रोहन के बगल में लेट gayi.aur अपनी टंगे उठा कर ऐसे लेती के स्कर्ट अपने आप निचे हो गयी और उसकी पंतय सामने आ गयी.

रोहन उसके इशारो को समझते हुए उस पर चढ़ गया और उसके होंठों को लगा चूसने. पूजा पूरा साथ दे रही थी उसका उसने भी अब सोच लिया था के जो होता है होने दो.

वो जोर जोर से उसके मुम्मे दबाने लगा. पूजा की सिसकारियां निकलने लगी. अब तो रोहन का लुंड फुफकारे मारने लगा था और उसे अब कोई कोम्प्रोमाईज़ नहीं करना था.

वो पूजा की दोनों टैंगो के बीच में था और उसका लुंड अभी कपड़ों में hi पूजा की छूट पर दबाव बना रहा था. पूजा भी अब आउट ऑफ़ कण्ट्रोल हुई जा रही थी. पूजा उसकी पीठ पर हाथ फेरती ऊऊह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्ह की आवाज़ें निकलती हुई उसे ये बताना छह रही थी के अब तू कपडे उतर और लुंड दाल दे इस कुंवारी छूट में.

रोहन उसके पूरे शरीर पर किश करने लगा. कभी गर्दन और कभी उसके बूब्स पर फिर थोड़ा निचे आकर ज्यूँ उसकी नाभि को चूसने लगा पूजा का एक बार फिर से पानी निकल hi गया. फिर उसके बाद थोड़ा और निचे आया और उसकी छूट को कच्ची में hi चाटने लगा. उसका निकला हुआ रास कच्ची के कपडे से छान के आ रहा था. रोहन को कपडे के साथ साथ उसके स्वादिष्ट माल का भी खूब मज़ा आ रहा था.

उसने फिर उसकी जांघों का रुख किया. पूजा ने तो कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा के चुदाई का आनंद इतना ज्यादा होता है. वो उछाल उछाल कर इस काम में उसको समर्थन दे रही थी के वो भी उसके साथ है पूरी तरह से.

रोहन से अब रहा न गया. उसने पहले पूजा के कपडे उतरने शुरू किये. उससे पूछे बिना hi टॉप उतर दी फिर उसकी पिंक कलर की ब्रा. फिर निचे आकर एक झटके में उसकी स्कर्ट और फिर एन्ड में पंतय तो बड़े hi स्टाइल में उतरी बीच में दो उँगलियाँ डालकर.

ऐसे hi करते करते उसने पूजा को पूरी तरह से वस्त्र विहीन कर दिया और फिर खुद के कपडे उतरने में उसे एक मिनट भी नहीं लगा. दोनों पूरे जोश में आ चुके थे. रोहन टेढ़ा होकर लेता और पूजा की गर्दन पकड़कर उसके मुँह को अपने लुंड की और ले गया.

इंसान को दुनिया में हर काम सीखना पड़ता है. पर चुदाई ऐसा काम है जो शायद भगवन सीखा कर hi भेजते हैं. पूजा को समझ आ गयी के इस नागराज को अब मुँह में लेकर अच्छे से चूसना है. उसने रोहन के इशारे को समझते हुए लुंड के टोपे पर अपना मुँह टिका दिया और धीरे धीरे उसके ऊपरी हिस्से को चूसने लगी.

रोहन के तो बस से बहार हो रहा था. वो bola..itna आराम से न कर जान मेरी जान निकली जा रही है. तू ऐसा कर तेजी से चूस इसको.

पूजा ने हां में सर हिलाया और उसको मुँह में लेकर अंदर बहार करने लगी. कोई आधा लुंड hi उसके मुँह में जा रहा होगा. रोहन ने जोश जोश में उसके सर पर ऐसा दबाव बनाया के लुंड का एक बड़ा हिस्सा उसके मुँह में इस तरह से घुसा के गले पे जा के टकरा गया और पूजा की खांसी शुरू हो गयी.

पूजा ने जोर लगाकर अपने सर को उसके हाथ से छुड़ाया क्यूंकि उसका डैम भी घुटने लगा था. वो बोली ….क्या करते हो रोहन. आराम से करने दो न. इस तरह जबरदस्ती क्यों कर रहे हो.

रोहन ने देखा पूजा की ऑंखें बहार आने को हो गयी थी उसका चेहरा उसकी जीभ सभी पर खून उतर आया था और लाल हो गए थे एकदम. रोहन bola…sorry यार. जोश जोश में ज्यादा hi कर गया. पूजा ने उसके बाद बहुत hi अच्छे ढंग से उसकी सकिंग को तो रोहन का प्रेकम निकल गया. यानि शुरुआती दौर वाला माल.

उसे लगा अब असली मज़ा लेना चाहिए. वो पूजा को लेता कर उसके ऊपर चढ़ गया और बोलै… अब तुम्हे असली जन्नत की सैर करवाता हूँ बोलकर उसने उसकी छूट पर अपने लुंड का टोपा रखा और जैसे hi धक्का मरने लगा पूजा उसे रोकते हुए boli….rohan, मैंने अपनी सहेलियों से सुना है के कैसे पहली बार बहुत ज्यादा पैन होता है और हमारी झिल्ली भी टूटती है जिस वजह से ब्लीडिंग भी बहुत होती है. तो ख्याल रखना. ज्यादा जोर मत लगाना. शुरुआत में थोड़ा धीमे करना.

रोहन ने हाँ में सर हिलाया और bola…chinta मत करो मेरी जान. तुम्हारी छूट को फटने नहीं दूंगा. पर हाँ तुम्हारी सील की गारंटी नहीं ले सकता उसका तो फटना तय है. कहते हुए उसने पूजा के किसी भी जवाब का इंतज़ार किये बिना धक्का मारा जिससे उसका लुंड अंदर जाने को हुआ पर जा नहीं पाया पर पूजा के असीम दर्द शुरू हो गया.

वो उसे रोकते हुए boli…nahi हो पायेगा रोहन. तुम रहने दो. ये तो अभी अंदर नहीं गया अभी से इतना दर्द दे रहा है. जब अंदर चला जायेगा तो क्या होगा.

रोहन उसे दिलासा देते हुए bola…tum चिंता क्यों कर रही हो मेरी जान. एक बार अंदर तो जाने दो. फिर देखना तुम खुद कहोगी के बहार मत nikalo….fir कुछ सोचते हुए वो bola…ek मिनट रुको.

वो बाथरूम में भगा. इधर पूजा ने बोल तो दिया था के बहार निकालो. पर उसका मन कर रहा था के वो फिर से उसकी छूट में अपना लुंड दाल दे. उसे दर भी लग रहा था पर साथ hi उसे जरुरत भी महसूस हो रही थी चुदाई की.

रोहन बाथरूम से अपने लुंड पर तेल लगता हुआ बोलै. अब देखना एकदम सटक से अंदर घुसेगा और दर्द भी नहीं होगा. पूजा ने हाँ में सर हिलाया. पर जैसे hi उसने धक्का मारा एक बात सही हो गयी और दूसरी गलत.

अंदर तो एकदम से घुस गया पर दर्द इतना हुआ के मानो बचा हो रहा हो. पूजा को तो चीख hi निकल गयी. रोहन ने ऐसी उम्मीद नहीं की थी. उसने जल्दी hi उसके होंठों को अपने होंठों की ग्रिफ्ट में ले लिया और धीरे धीरे धक्के मारने लगा. उसके दोनों हाथ पूजा के दोनों मम्मों पर चल रहे थे.

धक्के अब धीरे धीरे तेज होते जा रहे थे. रोहन और पूजा दोनों hi अब इस चुदाई का बहुत ज्यादा आनंद ले रहे थे. दोनों का hi ये पहली बार था.

कोई बीस पचीस मिनट तक रुक रुक कर रोहन ने इस चुदाई को आगे बढ़ाया. अब बहुत hi तेज धक्को से वो अपनी ताकत दिखा रहा था जिसका आनंद पूजा भी ले रही थी. वो कभी कभी बीच में अपना शरीर उठाकर अपनी उत्तेजना को जाहिर कर रही थी.

फिर एक समय आया के रोहन का लावा फुट गया. उससे पहले उसने समझदारी दिखते हुए अपने लुंड को पूजा की छूट में से निकल लिया था. और उस गरम दहकते लावे को पूका के शरीर पर उड़ेलना शुरू कर दिया. उसका मुँह छाती पेट और जांघें उस लावे से भर गयी पर लावा गिरना बंद नहीं हुआ.

पूजा को हालाँकि उबकाई सी आ रही थी पर फिर भी उसने उसे अपने शरीर पर आने दिया. इतने में रोहन को पता चल गया था के पूजा की काफी ब्लीडिंग हुई है. उसने पूजा को भी दिखाया के बीएड शीट ख़राब हो चुकी है उसकी ब्लीडिंग की वजह से.



हालाँकि पूजा को दर्द बहुत हो रहा था और अब जब पता चल के उसको ब्लीडिंग हुई है तो दर्द और बढ़ गया था पर अब उसे बीएड शीट की भी चिंता हो गयी थी. उसने सोचा अगर स्टाफ को बीएड शीट चेंज करने को बोलै तो उसकी पोल खुल जाएगी.
 
Part 31

उसको एक आईडिया आया. इस डिपार्टमेंट की हेड उसकी फ्रेंड दीप्ति थी. उसने दीप्ति को सब कुछ सच बताने की सोची और उसे सच बता भी दिया. वो खुद बीएड शीट लेकर आयी और आते hi पूजा को डांटने लगी boli…yaar तुझे टॉवल रख लेना चाहिए था निचे. फिर उसने देखा रोहन भी खड़ा है साथ तो थोड़ा शर्मा गयी.

रोहन bola…inki नहीं मेरी भी गलती है दीप्ति जी. तो दीप्ति उसको रिलैक्स करते हुए boli…oye ठण्ड रखो जी. कोई बात नहीं. मैं हूँ न हैंडल कर लुंगी. फिर हँसते हुए boli….Par यार एक बात तो बताओ तुम लोगों ने ऐसे कैसे किया के पूरी शीट hi तहस नहस कर दी. कहीं ब्लड और कहीं तुम्हारा पानी. क्या है ये. वो हँसते हुए दिखते बोली तो दोनों शर्मा गए. पूजा उसे धीरे से बोलने lagi…deepti यार….

दीप्ति उसके कंधे पर हाथ रखकर boli…relax पूजा. हम दोस्त हैं यार. किसी को कानो कान खबर नहीं होगी तूने क्लाइंट के साथ. वैसे यार तुझे कितने लड़कों से मिलाने की कोशिश की और तूने आज इन मिस्टर को कैसे चूसे कर लिया.

Pooja..sharmakar गर्दन jhukakar…pata नहीं. मुझे लगा मुझे इनके साथ सब कुछ कर लेना चाहिए.

Rohan…thanks पूजा. मुझे भी शायद इसकी बहुत जरुरत थी और मेरा भी पहली बार था ये.

दीप्ति हैरान hokar…tum दोनों कमल हो यार. आजकल तो सब लोग टीनएज में hi सब कुछ कर लेते हैं.

Rohan…pata है दीप्ति कुछ लोग बिना सोचे किसी से भी कुछ कर लेते हैं. पर कुछ लोग सही टाइम का इंतज़ार करते हैं. शायद हम दोनों ने वही किया.

Deepti…chalo तुम लोग एन्जॉय करो और हाँ अबकी बार करना हो तो निचे टॉवल जरूर रख लेना अब और शीट नहीं milegi…wo हंसने लगी.

Pooja…hanste hue…kya यार दीप्ति तुम भी न.

रोहन और पूजा कुछ देर ऐसे hi लेते रहे और अपने बारे में एक दुसरे को बताते रहे. वैसे दोनों का बातों में काम और सेक्स में ज्यादा मन लग रहा था तभी तो कुछ hi देर में फिर से पूजा रोहन की और मुड़ी और उसकी तंग पर अपनी तंग रखकर boli…chahe अभी भी पैन हो रहा है पर सच में जिंदगी का एक बेहतरीन तजुर्बा था ये.

रोहन मुस्कुराते हुए उसकी गाल पर हाथ रखकर bola…lagta है दुबारा मूड बन गया तुम्हारा.

पूजा मुस्कुराते हुए boli…aisa तो नहीं कहा मैंने बस अपने मन की बात बताई है.

रोहन के हाथ उसके बूब्स पर पहुचन गए वो धीरे से उन्हें दबाते हुए bola…tumhara शरीर एकदम परफेक्ट है पूजा. मुझे भी बहुत मज़ा आया सच में.

पूजा उसकी छाती पर हाथ फेरते हुए boli…Waise तुमने सही किया जो बहार निकल दिया ऐन वक्त पर नहीं तो काम ख़राब हो जाता.

रोहन उसके होंठों पर हलकी सी किश करते हुए bola…tumhari चिंता थी तभी तो बहार निकला. फिर उसकी स्कर्ट की हुक पर हाथ रखकर बोलै. एक बार और हो jaye…ankh मारते हुए.

पूजा मुस्कुरा दी और बोली कुछ नहीं उसने भी रोहन के होंठों पर हलकी सी किश कर दी. रोहन उसका मतलब समझ गया और उसकी हुक खोली तो पूजा ने अपने चूतड़ अपने आप ऊपर कर लिए ताकि रोहन उसकी स्कर्ट और पंतय निकल सके. रोहन ने दोनों तुरंत निकल दिए. पूजा अब निचे से नंगी थी और वो रोहन के कपडे उतरने लगी. शर्म तो उसकी पहले hi जा चुकी थी अब तो वो पक्की बेशरम बन चुकी थी. उसने एक एक करके रोहन के सरे कपडे उतरे और उसके बिना कहे hi उसका लुंड अपने मुँह में लिया और हौले हौले उसे चूसने लगी.

अब रोहन को भी कोई जल्दी नहीं लग रही थी. वो आराम से पूजा के लुंड चूसने का लुत्फ़ उठा रहा था. थोड़ी देर बाद उसने भी पूजा को बिलकुल नंगी कर दिया. और bola…ab तुम मेरे ऊपर आओ. हालाँकि पूजा को ये सब आता नहीं था पर रोहन किसी तरह पूजा को छूट को अपने लुंड के ऊपर लेकर आया और उस लोहे को रोड चुके डंडे पर बैठने को बोलै.

पूजा ने खुद को निचे दबाया और धीरे धीरे उछलने लगी. इतना आनंद के रोहन की तो ऑंखें hi बंद हो गयी. बिना कुछ किये hi उसे चुदाई का परम सुख मिल रहा था. पूजा को भी अब अलग किसम का मज़ा आ रहा था. रोहन ने उसके उछालते हुए बूब्ड पकड़ लिए और उन्हें दबाने लगा. इससे उसमे और भी जोश भर गया.

कुछ देर बाद रोहन ने पूजा को निचे आने को बोलै क्यूंकि वो पांचेक मिनट में झड़ने वाला था. ऐसे आसान बदल कर थोड़ा टाइम भी बढ़ना लाजमी था. पूजा भी ख़ुशी ख़ुशी निचे आ गयी क्यूंकि ऊपर रहकर वो थक चुकी थी. अब रोहन के धक्कों से पूजा आनंद के सागर में डूब जाती है.

रोहन झड़ने को हो रहा था वो अभी सोच hi रहा था के दरवाजे पर बेल्ल बजी. रोहन ने घबराकर एकदम से अपना लुंड दिया.

उसका पूरा मज़ा बीएड पर निकल गया हालाँकि इस बार इन लोगों ने दीप्ति के सुझाव की वजह से निचे टॉवल बिछा लिया था तो वो सारा माल टॉवल पर hi गिरा. पर असली प्रॉब्लम तो दरवाजे पर बजी बेल्ल की थी. पूजा भी एकदम से उठी और घबराकर कपडे पहनाने लगी. इतने में दो तीन बार और बेल्ल बज गयी. और दरवाजा भी पिता जाने लगा. रोहन को समझ नहीं आ रही थी के क्या करे. पूजा जो कपडे पहन चुकी थी बोली. कपडे पहनो जल्दी. रोहन ने उसे बाथरूम की और भागने को बोलै और खुद एक योजना दिमाग में लाते हुए उसने अपने गिर्द टॉवल लपेट लिया और जाकर दरवाजा खोला और वो भी थोड़ा सा.

रोहन ने दरवाजे से बहार झांककर देखा तो पाया के उसकी बड़ी बहिन मेहुल कड़ी थी. वो अंदर आना चाहती थी पर रोहन दरवाजे पर ऐडा हुआ था. उसने बेचारा सा चेहरा बनाया और bola…didi क्या आप थोड़ी देर निचे रिसेप्शन पर बैठ सकती हो. वो क्या है न के मैंने कुछ नहीं पहना है. प्लीज मुझे थोड़ा टाइम दीजिये कुछ पहनाने का.

Mehul…pehle से थकी हुई थी तो माथे पर त्योदियाँ चढ़ा कर बोली. मुझे रिसेप्शन पर क्यों भेज रहे हो. अपने कपडे उठाओ और बाथरूम में चले जाओ. मैं दो मिनट इंतज़ार कर लेती हूँ. पर रोहन फिर से पप्पी फेस बना के बोलता hai…please दीदी मान जाओ न. आप पांच मिनट में आ जाना. कुछ प्रॉब्लम है अभी.

मेहुल उससे बहस नहीं करती और बोलती hai…acha चल पर पांच मिनट से ज्यादा नहीं हाँ.

रोहन खुश होकर दीदे फाड़कर दिखता हुआ कहता hai…bas पांच मिनट दीदी.

वो अंदर आता है और दरवाजा लॉक करके फटाफट कपडे पहनता है और पूजा को फटाफट बहार निकल देता है. उसे इस काम में कुल डेढ़ मिनट से ज्यादा नहीं लगा. पूजा चली जाती है और रोहन टॉवल को पानी में भिगो के साफ़ करने की कोशिश करता है. इतने में मेहुल भी आ जाती है.

वो जब अंदर आती है तो रोहन दन्त फाड़ता उसके सामने खड़ा था. वो उसे देखते hi bola…hehehe दीदी आप जल्दी नहीं आ गयी?

मेहुल माथे पर बल डालकर boli…kyun जल्दी नहीं आ सख्त. तुम्हे डिस्टर्ब कर दिया क्या? वैसे तू कर क्या रहा था जो इतना टाइम लगा दिया दरवाजा खोलने में.

रोहन को तो जवाब hi नहीं सूझ रहा था. बोलै अकेला था तो एक मूवी लगा ली मोबाइल पर बस वही देखते देखते…

उसकी बात को काटकर मेहुल boli…khana मेरी कसम के अकेला था तू?

रोहन हड़बड़ा गया bola…arey दीदी इतनी छोटी सी बात पर कसम क्यों कहानी भला.

Mehul…sidhe hi सवाल करती hai…wo पूजा तुम्हारे रूम में क्या कर रही थी और तुम नंगे थे रोहन. अब मान जाओ सीधे सीधे.

Rohan…nazar नीची kiye…aapko किसने कहा के कमरे में पूजा थी.

Mehul…gusse में…. मैं निचे गयी hi नहीं thi.thoda साइड हो गयी थी. क्यूंकि मुझे शक हो गया था के जरूर दाल में कुछ कला है. मैंने देखा दो मिनट बाद hi दरवाजा खुला. मैं फटाफट दूसरी गैलरी में चली गयी और छुपकर देखा तो पाया के रिसेप्शनिस्ट पूजा तुम्हारे कमरे से निकल रही है वो भी चोरी से. क्यूंकि नार्मल निकलना नहीं कह सकते हम उसे जैसे वो निकली.

रोहन की तो बोलती hi बंद हो गयी अपनी बहिन की बात सुनकर. वो किसी अपराधी की तरह अपनी बहिन के सामने खड़ा था. और उसे इस बात का एहसास नहीं था के उसकी बहिन अंदर hi अंदर हंस रही थी उसकी हालत पर. वो उसे और परेशान करने के लहजे से boli…lagta है तू ऐसे नहीं बताएगा मैं पापा को फ़ोन करके बोलती हूँ के ये लड़का ऐसे जिम्मेदारी निभा रहा है मेरे साथ आकर.

Rohan…nahi दीदी प्लीज पापा को कुछ नहीं बताना. मैं आपको साडी बात बताता हूँ. उसने पूजा के साथ साड़ी बात बताई बस सेक्स छोड़कर ऐसे बोलै हम किश कर रहे थे.

मेहुल … अब भी सच बोल ले रोहन के तुमने उसके साथ सेक्स किया है. मैं किसी को कुछ नहीं बताउंगी पर अगर तू अब भी नहीं बोलै तो मैं जरूर पापा को फ़ोन करुँगी.

रोहन सर निचे किये भोला सा चेहरा बना कर मान hi gaya….didi वो गलती हो गयी. अब मेहुल को उसकी शकल देखकर हंसी आ गयी. वो हँसते हुए boli….to भाई पहले hi बता देते. इतना भी क्या छुपाना. तुम दोनों एडल्ट हो. कुछ भी हुआ तुम दोनों में दोनों की रजामंदी से हुआ. मुझे भला क्या ऐतराज़ होगा. पर हाँ…

वो इतना कहकर रुकी तो मेहुल हंसकर boli…mujhe उम्मीद है तुमने कुछ गड़बड़ नहीं की होगी सेफ hi हुआ होगा सब कुछ.

रोहन अभी भी गर्दन झुकाये था bola…waise तो सेफ नहीं था पर फिर भी सेफ था.

मेहुल कन्फ्यूज्ड सी जो गयी उसकी बात सुनकर. boli..ab ये सेफ था भी और नहीं भी का क्या मतलब?

Rohan…sidhe बोलूं दीदी तो डिस्चार्ज बहार किया. अब इस शब्द पर मेहुल भी थोड़ा सा शर्मा गयी. उसके चेहरे से साफ़ पता चल रहा था. के उसको शर्म आ रही hai.to टॉपिक चेंज करने के लहजे से बोली. अच्छा कुछ मंगवा खाने को बहुत भूख लगी है यार.

रोहन आर्डर दे देता है और फिर से स्टार्टिंग वाला सवाल करता hai…waise तुम इतनी जल्दी क्यों आ गयी दीदी. तुम तो सात बजे तक आने वाले थी.

मेहुल boli…wo एक पेपर पोस्टपोन हो गया कल के लिए. हो सकता है हमें एक दिन और रुकना पड़े. वैसे अच्छा हुआ पेपर पोस्टपोन हो गया, नहीं तो तुम्हारी पोल कैसे खुलती.

रोहन उसको मरते हुए bola…kya दीदी आप भी बार बारी वही टॉपिक पर जा रही हो.



मेहुल हंसने लगी उसकी बात पर.
 
Part 32दोनों गहरी नींद में सोये हुए थे. रोहन ने पहली बार सेक्स किया था तो उसका मन नहीं भरा था अभी भी. इसलिए सोते सोते उसका लुंड फिर से खड़ा हो गया. वो सोया hi था और उसको ये एहसास तक नहीं था के उसकी वजहस से किसी को कितनी परेशानी हो रही है.

जी हाँ जिसको परेशानी हो रही थी वो कोई और नहीं उसकी सगी बड़ी बहिन मेहुल थी. दरअसल मेहुल दूसरी तरफ मुँह करके लेती थी और रोहन उसके बिलकुल पीछे लगा हुआ था. पहले तो मेहुल नींद में थी पर जब मुंसल जैसा लुंड किसी की गांड में धंस जाये तो भला नींद आ सकती है क्या.

एक झटके के साथ मेहुल की आंख खुली. और उसे माजरा समझ आने में थोड़ा टाइम लगा. अब उसे समझ आ रहा था के उसकी गांड नाम की ओखली में उसके भाई का लुंड नाम का मुसल घुसने की चेष्टा कर रहा है. वो तो भला हो उन दोनों के कपड़ों का जिन्होंने उस विशाल नाग को उसकी कोमल गांड में घुसने से रोक रखा है.

मेहुल दांग रह गयी ये इमेजिन करके के उसके भाई के लुंड का साइज कितना बड़ा है. उसने तो अभी सिर्फ अंदाजा hi लगाया था क्यूंकि उसकी तरफ उसकी पीठ थी और वो उसके लुंड को सिर्फ अपनी गांड की दरार में महसूस कर रही थी वो भी कपडे में.

वो सोचने लगी अगर ये सचमुच उसकी गांड में घुस गया तो उसकी गांड का तो कचूमर hi निकल जायेगा. फिर सोचने लगी यार ये मैं क्या सोच रही हूँ ये मेरा भाई है. एक दो बार उसके बारे में गलत सोचना ठीक है पर ये करना कितना गलत है. भाई बहिन के इस पवित्र रिश्ते को कलंकित करना होगा ये तो.

वो अभी ये hi सोच रही थी के रोहन ने मेहुल पर दूसरा केहर बरपा दिया. उसने अपने दाएं हाथ से उसके एक मुम्मे को पकड़ते हुए नींद में hi badabadaya….oh पूजा कितनी सेक्सी हो तुम. तुम्हारा एक एक अंग सेक्सी है. मेरी तरफ मुँह करो मुझे चूसना है तेरे मम्मो को. मुझे तुम्हारे निप्पल चूसने हैं.

मेहुल हैरान रह गयी नींद में कही गयी उसकी बातें सुनकर और उसकी हरकतें तो उसे बहुत परेशान कर रही थी और अब तो वो उसे अपनी और खींचने लगा था. मेहुल सोचने लगी के क्या किया जाये. एक बार तो उसके मन ने तुरंत उसे चेताया के कहीं उसका भाई अपनी सीमा ना लाँघ जाये इसलिए उसे रोहन को जगा देना चाहिए. पर दुसरे hi पल उस पर तरस भी आ गया के बेचारे को कितनी मुश्किल से छूट के दर्शन हुए हैं, बहुत प्यासा है मेरा भाई. क्या हुआ अगर थोड़ा बहुत हाथों से मज़े ले भी लेगा. ये सोचकर मेहुल ने अपना मुँह घुमा लिया अब मेहुल और रोहन का मुँह एक दुसरे के आमने सामने था.

जो लुंड उसकी गांड में घुसने को हो रहा था अब वो छूट से थोड़ी hi दूरी पर था. पर ये क्या रोहन ने नींद में कुछ बड़बड़ाते हुए उसकी गांड पर हाथ रखा और उसे अपनी और खिंचा अब लुंड बिलकुल अपनी सही जगह पर था यानि के छूट पर. अब लुंड महाराज को थोड़े पता है के ये बहिन की छूट है. उन्हें तो बस ये प्यारा सा छेड़ hi समझ में आता है और कुछ नहीं.

ुयी मम्मी …अचानक मेहुल के मुँह से निकला जब रोहन के लुंड ने उठक बैठक की. मेहुल सोच रही थी क्या उसे रोहन को जगा देना चाहिए. पर शायद उसके मन में बेईमानी आ गयी थी और उसे भी अब आनंद सा आने लगा था.

रोहन ने सपने की हालत में hi उसके अंगों को पकड़ कर सहलाना शुरू कर दिया. कई तरफ से हमला हुआ तो मेहुल से बर्दाश्त होना मुश्किल हो गया. उसकी छूट में हलचल सी मच गयी. वो अब पूरे मज़े ले रही थी. जीवन में पहली बार उसे ऐसा स्पर्श मिल रहा था. जैसे रोहन के लुंड को बस छूट नज़र आ रही थी ऐसे hi मेहुल की छूट को बस लुंड नज़र आ रहा था.

अब आग दोनों तरफ बराबर लगी हुई थी. फर्क ये था दोनों में के एक जग रहा था और उसे पूरी होश थी के वो क्या कर रही है, जबकि दूसरा सो रहा था और सपने में किसी और को समझकर ये हरकतें कर रहा था.

रोहन ने जोश जोश में मेहुल के लोअर में पीछे से हाथ दाल दिया और उसकी गांड पर हाथ फेरने लगा. मेहुल का जोश अपने चार्म पर पहुँच चूका था. पीछे से उसके हाथ चलते चलते उसकी गांड के दरार में पहुंच गए और रोहन ने सोये हुए hi उसकी गांड में ऊँगली दाल दी. वो उसने इतनी जोर से डाली थी के मेहुल की चीख hi निकल गयी, चीख इतनी तेज थी के रोहन की आंख खुल गयी.

अब दोनों जगती हुई अवस्था में आमने सामने थे. रोहन को माजरा समझने में थोड़ा वक्त लगा. वो जब थोड़ा होश में आया मतलब नींद से बहार आया तो उसे समझ में आया के वो जो पूजा के सपने ले रहा था वो पूजा नहीं थी उसकी दीदी मेहुल थी.

पर अब उसके लिए दूसरी उलझन ये पैदा हो गयी के अगर दीदी जाग रही है तो उसने मेरी किसी भी बात का विरोध क्यों नहीं किया. इसका मतलब जो भी हो रहा था वो दीदी की मर्जी से हो रहा था. उफ़ ये हो क्या रहा है. क्या दीदी मेरे saath…man hi मन सोचकर रोहन घबरा सा गया.

वो थोड़े hi टाइम में रूही के साथ काफी खुल चूका था अब आते वक्त उसका अंगूठा अपनी बहिन की छूट में चला गया था. पर फिर भी ये बाँदा अभी इस बात को एक्सेप्ट नहीं कर प् रहा था के वो अपनी किसी बहिन के साथ कुछ करे. उसको समझ नहीं आ रही थी के वो क्या करे.

स्थिति ये थी के उसका एक हाथ दीदी की गांड पर और ऊँगली गांड के अंदर. दोनों आमने सामने. दीदी जगी हुई और अब शर्म से पानी पानी. वो खुद शर्म से पानी पानी. उसका लुंड एकदम खड़ा. और उसकी दीदी की छूट में घुस hi जाता अगर बीच में कपडे ना होते. उसकी दीदी के बूब्स के ऊपर के शिखर यानि निप्पल उसकी छाती पर चुभ रहे. क्या स्थिति थी दोनों भाई बहिन की.

दोनों एकदम पत्थर की मूर्त hi बन गए थे एक स्टेचू. हाल तो मेहुल का रोहन से भी बुरा था, अगर रोहन ने कुछ गलत किया था तो मेहुल ने तो बहुत hi ज्यादा गलत किया था क्यूंकि वो जगी हुई थी. सबसे पहले मेहुल को hi होश आया. वो तो सोचने समझने की हालत में भी नहीं थी पर जब होश आया तो उठ कर भागी बाथरूम की और.

खुद को शर्मसार पाकर और पसीने से तर बतर पाकर उसने नल ों किया और कपड़ों से समेत hi खुद को शावर के नीचे खड़ा कर दिया. उसको दो काम करने थे. एक तो अपनी गर्मी दूर करनी थी दूसरा खुद को अच्छे से होश में लाना था. वो पागल हुई जा रही थी के उसने अपने भाई को वो सब करने दिया को उसे नहीं करने देना चाहिए था. कौन बहिन अपने भाई को इस तरह से सडके करने की इजाज़त देगी भला.

उधर बीएड पर लेता रोहन भी कुछ इसी तरह से सोच रहा था. वो सोच रहा था उसकी बहिन ने उसे इसलिए नहीं जगाया क्यूंकि वो उसे शर्मिंदा नहीं करना चाहती होगी. दुसरे वो उसकी थोड़ी बहुत इच्छाओं को पूरा होने देना चाहती होगी. ओह मैं कितना गलत इंसान हूँ जो अपनी hi बहिन के साथ ये सब कर रहा था. कुछ सोचना और बात है पर कुछ करना बहुत गलत बात.

मैं क्या करूँ इसका क्या हल है. फिर दूसरा मन सोचता है कितना आनंद आ रहा था दीदी के साथ. काश ये सब पूरा हो गया होता. फिर असली मन उसे धिक्कारता अरे चुप बे नामुराद क्यों अपनी hi बहिन के बारे में इतना गलत सोच रहा है. और दुनिआ काम है क्या इस सबके लिए जो उसको इस तरह से सडके करने लगा तू.

पर ये क्या शर्मिंदा तो हूँ पर फिर भी क्यों मन कर रहा है के अपनी दीदी के साथ वो सब करूँ जो मैंने पूजा के साथ किया है. कहीं ऐसा तो नहीं के मुझे सेक्स की लत लग गयी पूजा के साथ करने के बाद.

फिर उसे अचानक ध्यान आया के उसकी दीदी को अंदर गए हुए कोई बीस मिनट हो चुके हैं. वो थपाथप दरवजा खटखटाने लगा. पर उसकी दीदी ने दरवाजा नहीं खोला. वो अब जोर जोर से दरवाजा खटखटाने लगा और bola….didi दरवाजा खोलो. आप दरवाजा क्यों नहीं खोल रहे हो. रोहन बहुत परेशान हो चूका था. उसे लग रहा था के उसकी दीदी कहीं कुछ कर न ले.



कितनी hi देर जब उसने दरवाजा नहीं खोला तो रोहन घबराकर बोलै. दीदी अगर आप दरवाजा नहीं खोलोगे तो मैं रूम सर्विस वालों को बुला कर किसी और तरह से दरवाजा खुलवाऊंगा. वो अभी मुड़ने hi लगा था के जोर से दरवाजा खुलने की आवाज़ आयी और दरवाजा खुलते hi जो उसने मेहुल की हालत देखि उसे देखकर वो हक्का बक्का रह गया.
 
Part 33वो गचगच पानी में भीगी हुई थी. पानी नुचड़ रहा था उसके कपड़ों से, उसके बालों से और वो रोये जा रही थी. कितनी hi देर दोनों उसी अवस्था में खड़े रहे . न रोहन कुछ बोलै और ना hi मेहुल. मेहुल बस सुबुक सुबुक कर रोये जा रही थी.

फिर अचानक क्या हुआ के वो बड़ी तेजी के साथ आगे बढ़ी और रोहन से चिपक गयी बुरी तरह से. इसके बाद तो जो हुआ उस पर रोहन को बिलकुल भी विश्वास नहीं हुआ.

हुआ ये के जफ्फी डाले डाले पता नहीं मेहुल को क्या हुआ के उसने अपने कंपकंपाते हुए होंठ रोहन के होंठो पर रख दिए. रोहन को तो कुछ समझ hi नहीं आयी के ये हो क्या रहा है. पहले तो वो हैरान रह गया. पर फिर जब उसने अपनी दीदी के नरम मुलायम होंठों का स्पर्श महसूस किया तो वो भी लग गया चूसने.

मेहुल इतनी जोर से चूस रही थी लग रहा था जैसे उसे कोई दौरा पद गया हो. रोहन को जब थोड़ा होश आया तो जोश अपने आप आ गया. उसने आज पूजा के होंठो को भी चूसा था पर जो मज़ा उसे अपनी बहिन के होंठों को चूस कर आ रहा था वो पूजा के होंठों को चूसकर नहीं आया था.

दोनों आपस में चिपके हुए थे तो रोहन के कपडे भी मेहुल के कपड़ों की वजह से गीले हो गए थे. अब जाकर मेहुल को होश आया के ये मुझे क्या हो गया. वो एकदम से रोहन से अलग हुई और भाग कर अलमारी की और गयी झट से अपने कपडे निकले और फटाक से बाथरूम में घुस गयी.

अब जाकर रोहन को भी होश आया के ये क्या हो गया. वो बूत बना खड़ा रहा और मेहुल को कपडे लेकर भागते हुए बाथरूम में घुसते हुए देखा. कितनी hi देर वो वापिस नहीं आयी. रोहन को अच्छे से चेतना आने पर उसने भी अपने कपडे बदले क्यूंकि वो भी तो गीला हो गया था, मेहुल के गीले कपड़ों की वजह से.

अब शुरू होता है सोचने का दौर. रोहन अब जाकर सोचने लगा उसने ये क्या कर दिया. आज से पहले उसने थोड़ा बहुत अपनी बहनो के बारे में कुछ सोचा हो शायद पर ये सब उसकी असल ज़िन्दगी में होगा ऐसा तो शायद उसने कभी सोचा hi नहीं था.

वो कपडे बदलकर बिस्तर पर आ गया था और लेते लेते वो एक तरफ मुँह किये सोचता जा रहा था. उसे नहीं पता चला कब मेहुल बाथरूम से वापिस आयी. और आकर बीएड के सामने पड़ी कुर्सी पर बैठ गयी.

उसका तो दिमाग ख़राब हो रखा था सोचते सोचते. उसकी हिम्मत नहीं हो रही थी अब रोहन से नज़रे मिलाने की. इतने में दूर बेल्ल बजी तो दोनों चौंक गए के कौन आया होगा.

सुबह हो चुकी थी. मेहुल ने ये सोचकर रूम सर्विस वाला कोई आया होगा दूर खोला तो देखा एक सफाई वाला था. उसने मेहुल को गुड मॉर्निंग बोलने के बाद poochha…madam रूम क्लीन कर दूँ क्या?

मेहुल ने भी सोचा के हो hi जाना चाहिए clean…to उसने एक तरह हटकर उसे अंदर आने की परमिशन दे दी और वो बाँदा रूम क्लीन करने लगा.

दोनों में तनाव इस कदर हैवी हो गया था के उन्हें महसूस हो रहा था के उन दोनों के इलावा भी कोई तो होना चाइये. दोनों शर्मसार थे. रोहन जागते हुए भी दूसरी और मुँह किये हुए लेता था. उसे पता था के बहिन ने सफाई कर्मी को अंदर बुलाया है. पर वो चुपचाप लेता रहा.

उस कर्मी ने सफाई की और बाथरूम में सामान को बदला. उसने बीएड शीट बदलने के लिए बोलै. तो रोहन उठकर काउच पर जाकर लेट गया फिर से दूसरी और मुँह किये. मेहुल शर्मसार थी खुद की हरकत पर. के उसका भाई कैसे दूसरी और मुँह किये हुए पड़ा है.

सफाई वाला सफाई करके चला गया था. अब तो दोनों को एक दुसरे का सामना करना hi था. रोहन खुद तो शर्म कर hi रहा था और उसे इस बात का भी एहसास था के उसकी दीदी मेहुल भी शर्मसार है.

वो अब शर्मा हाय को भूलकर इसको फेस करने के लिए रेडी था इसलिए वो मेहुल के सामने बैठकर उसके दोनों हाथों को अपने हाथों में पकड़कर bola…..didi आप इतना क्यों सोच रहे हो. जो होना था हो गया. अब आप इस बारे में ज्यादा मत सोचो.

मेहुल ने ऑंखें झुका कर bola…kaise न सोचूं भाई. तुम मेरे सेज भाई हो. तुम्हारे साथ ये सब करने से पहले मैंने सोचा क्यों नहीं. मुझे तो खुद पर hi गुस्सा आ रहा है.

रोहन bola…didi अब इतना सोचने से क्या फायदा. हो होना था वो हो गया. क्यों आप ये सब सोचकर अपने मन को दुखी कर रहे हो.

मेहुल की ऑंखें आंसुओं से भीग गयी thi…wo सुबकते हुए boli….tum तो मुझसे छोटे हो. मुझे तो इतनी समझ होनी चाहिए थी के मैं क्या कर रही हूँ. कहते हुए वो वो कड़ी हो गयी तो रोहन भी खड़ा हो गया और अपनी प्यारी बहिन को गले से लगा लिया.

उससे उसकी ये हालत देखि नहीं जा रही थी. वो उसे गले लगे हुए hi bola…didi पहली बात तो ये अपने मन में बिठा लो के हमने जो भी किया वो गलत नहीं किया. जब तक आपके मन में ये बात बैठी रहेगी तब तक आपके मन को चैन नहीं मिलेगा.

मेहुल उससे थोड़ा अलग हुई और उसकी और हैरानी से देखते हुए boli…ye तुम क्या कह रहे हो भाई. हमने गलत नहीं किया? अगर ये गलत नहीं है तो फिर गलत है क्या.

रोहन उसे समझाते हुए bola…didi, गलता तब होता अगर आपने कुछ मेरी मर्जी के या मैंने कुछ आपकी मर्जी के बिना किया होता. क्या हमने ऐसा कुछ किया.

मेहुल ने तेजी से ना में गर्दन हिलाते हुए kaha…nahi ऐसा तो हमने कुछ नहीं किया. जो भी हुआ दोनों की मर्जी से hi हुआ.

Rohan…to फिर दीदी इतना क्यों सोचना जब, जो कुछ हुआ उसमे दोनों राजी थे, तो फिर ये sab,jo हुआ, उसे आप गलत क्यों बोल रहे हो.

मेहुल सोचने लगी. उसे रोहन की बातें अच्छी लग रही थी. रोहन भी समझ रहा था के दीदी के दिमाग से गिल्ट निकल रहा है. तो उसने उसे आगे समझते हुए bola…jis वक्त आपने मेरे साथ तसल्ली से किश किया, क्या किसी ने फाॅर्स किया था आपको? या फिर आपका खुद का मन था.

मेहुल boli…khud का hi मन था और मन तो कर hi नहीं रहा था के तुमसे अलग होऊं.

रोहन ने गर्म लोहे पर हथोड़ा मारते हुए puchha…..us वक्त जब हम वो शिद्दत वाली किश कर रहे थे आपके मन को सुकून मिल रहा था के कुछ गलत महसूस हो रहा था.

मेहुल boli…kya बताऊँ भाई कितना सुकून मिल रहा था. सच में कोई गिल्ट जैसी चीज नहीं थी उस वक्त मन में.

रोहन मुस्कुराते हुए bola…didi एक बात समझ लीजिये. अगर कुछ भी मन से हो रहा है तो वो सही है और अगर मन के खिलाफ हो रहा है वो गलत है. हमें उस वक्त का सोचना है जब हम कुछ कर रहे होते हैं. अगर हमें उस वक्त वो सही लगता है तो वो सही hi होता है.

मेहुल हाँ हाँ किये जा रही थी और उसको समझ आ रही थी जो बातें रोहन उसे समझा रहा था. मेहुल को समझते हुए खुद रोहन के दिमाग से भी गिल्ट पूरी तरह से निकल चूका था.



दोनों अब बड़े hi आराम से बातें कर रहे थे मुस्कुराते हुए एक दुसरे की नज़रों में नज़रें डालकर.
 
Part 34बातें बातें करने के बाद मेहुल जल्दी से तैयार हुई. उसे एग्जाम के लिए निकलना था. वो अब नार्मल हो चुकी थी और इस दौरान एक और बार इन दोनों के बीच किश हो चुकी थी और न मेहुल को और ना hi रोहन को इस बात का मलाल था. बल्कि दोनों खुश थे एक दुसरे से.

दोनों ने एक साथ ब्रेकफास्ट किया. रोहन को महसूस हो रहा था जैसे ये दोनों कपल हों. ब्रेकफास्ट करके मेहुल ने रोहन के लिप्स पर एक हलकी सी किश करते हुए अपना बैग उठाया और जाने लगी के रुक गयी. अभी रोहन उसी की और देख रहा था.

मेहुल एकदम से पलटी और आंख मारते हुए boli…agar टाइम पास न हो तो निचे से पूजा को बुला लेना. और दोनों मिलकर खूब धमाल मचाना.

मेहुल की बात सुनकर रोहन शर्मा सा गया और bola…kya दीदी आप भी न. मेहुल हंसती हुई चली गयी तो रोहन को लगा के दीदी ने बात तो सही बोली है. पूछता हूँ पूजा को पर इस वक्त तो उसकी ड्यूटी होगी. फिर रोहन सोचता है के एक बार पूछने में क्या हर्ज है. वो पूजा को कॉल लगा देता है तो उधर से पूजा की प्यारी प्यारी आवाज़ आती hai…hotel reception…how मई ी असिस्ट यू?

इधर से रोहन मज़ाकिया अंदाज़ में बोलता hai…madam रूम no. 205 में बहुत ज्यादा इमरजेंसी आ गयी है. आग लगी हुई है जिसे आप hi बुझा सकती हो.

पूजा को हंसी आ गयी उसकी बात सुनकर वो boli…reception को पहले hi मालूम हो गया था के आपका फ़ोन आने वाला है क्यूंकि रिसेप्शन ने मेहुल दीदी को बहार जाते हुए देख लिया था पर रिसेप्शन अभी आपकी इस बारे में कोई मदद नहीं कर सकता. उसके लिए आपको दो बजे तक का इंतज़ार करना पड़ेगा.

रोहन का मुँह सा बन जाता hai…yaar पूजा अभी तो सिर्फ दस बजे हैं. मैं दो बजे तक कैसे इंतज़ार करूँगा.

पूजा बेबसी भरे स्वर mein…par यार मैं भी क्या कर सकती हूँ. ड्यूटी छोड़कर नहीं आ सकती ना.

रोहन भी एकदम बेताब हुआ पड़ा था bola…kuchh करो न स्वीट हार्ट.

(मेरे पाठक भी कहेंगे के अपनी hi चलता है हमारी नहीं मानता तो मैं ये दीप्ति वाला part कुछ पाठकों के आग्रह पर दाल रहा हूँ, उम्मीद है आप लोगों को पसंद आएगा)

पूजा boli…chalo कुछ करती हूँ मैं. वो ये बोल hi रही थी के सामने से दीप्ति आ गयी. पूजा उसे boli…deepti यार तू मेरा एक काम कर सकती है.

Deepti….haan यार बोल न क्या काम hai..tere लिए तो जान भी हाजिर है मेरी jaan…usne आंख मारते हुए बोलै.

तो पूजा ने उसके चपत लगते हुए kaha…hat yaar..main यहाँ प्रॉब्लम में हूँ और तुझे मज़ाक सूझ रहा है.

दीप्ति मुस्कुराते हुए boli…to बता न रोका किसने है. मेरे लायक कुछ हो तो बोलो न.

पूजा रिक्वेस्ट करते हुए boli…yaar तू आधे घंटे के लिए यहाँ रिसेप्शन पर बैठ सकती है क्या? …फिर थोड़ा झिझकते हुए boli…wo मुझे रोहन ने बुलाया है यार.

दीप्ति आंख मारते हुए boli…ooo ोू तो ये बात है. चुदाई करवाने जाना है ये बोलो न.

पूजा नाराज़ होते हुए boli…mazak छोड़ यार. तुझे मेरी मदद करनी है तो बोल. नहीं तो उसे जवाब दे दूँ.

दीप्ति पूजा की बात सुनकर थोड़ा गंभीर सी हो गयी और boli…sun यार. ऐसा कभी हुआ है क्या के तुझे मेरी जरुरत हो और मैं पीछे हैट जॉन. पर तुझे तो अपने खड़ूस मैनेजर का पता है न. वो मुझे यहाँ देखकर पागल हो जायेगा और अगर उसे पता चल गया के तू किसी रूम में गयी है तो तू समझ सकती है के तेरी जॉब भी जा सकती है और मुझे पता है ये जॉब तेरे लिए कितनी जरुरी है. बाकि तू कहे तो मैं रुक जाती हूँ मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है.

पूजा उदास सा मुँह बना कर boli…nahi बात तो तुम्हारी सही है दीप्ति. वो साला है hi खड़ूस. लगता है कोई हल नहीं है.

दीप्ति भी बेबसी वाले स्वर में boli…haan यार कोई हल नहीं है इसका. और तू इस तरह से उदास मत हो मैं कुछ सोचती हूँ.

जब वो सोच रही थी तो पूजा उसके गठीले बदन को नाप रही थी. वो उसके शरीर को ऐसे ताड़ने लगी जैसे एक मदहोश लड़का सेक्सी लड़की को देखता है.

जल्दी hi दीप्ति ने ये नोटिस कर लिया क्यूंकि पूजा बड़े hi सेक्सी अंदाज़ में उसके शरीर पर अपनी एक ऊँगली चलने लगी thi….bahut सेक्सी है तेरा शरीर.

दीप्ति ने डरते हुए bola…dekh जैसा तू सोच रही है, मैं वैसी लड़की नहीं हूँ. मुझे सिर्फ और सिर्फ लड़के पसंद हैं और बहुत ज्यादा पसंद हैं. मुझे पता है रोहन से मिलने के चक्कर में तू बदहवास हुई पड़ी है. कहीं इस चक्कर में मुझे hi मत छोड़ देना.

उसकी बात सुनकर पूजा की हंसी छोट gayi…wo ऊँगली को उसके बूब्स पर चलाते हुए boli…bahut बड़े बड़े हैं तेरे ये बूब्स. अगर रोहन इन्हे चूसेगा तो कितना मज़ा आएगा तुझे.

दीप्ति को लग रहा था के शायद पूजा हवस के मारे पागल हो गयी है. वो वहां से जाने लगी और boli…mujhe छोड़ दे बहिन, लगता है तू पागल हो गयी है. मैं बिलकुल भी इस तरह की लड़की नहीं हूँ. और ये तू क्या उल्टा सीधा बोले जा रही है.

जैसे hi वो जाने लगी तो पूजा ने उसका हाथ पकड़कर bola…yaar सुन तो. मैं तो मज़ाक कर रही थी. दरअसल मैं तुझसे ये कहना चाहती हूँ के मैं सिर्फ रोहन के लिए जाना चाहती थी. मैं सेक्स के लिए मरी नहीं जा रही. और फिर हँसते हुए कहती hai…aur तेरी तरह मैं भी बिलकुल स्ट्रैट हूँ. मुझे भी लड़के hi पसंद हैं. वैसे भी मेरी सील अभी अभी टूटी है और एक लड़के ने hi तोड़ी है..

दीप्ति अब पागल हो गयी थी उसकी बकवास sunkar…tu सीधे सीधे क्यों नहीं बोल देती मेरी माँ तू कहना क्या चाहती hai…deepti ने झुंझलाकर बोलै.

पूजा जो के अभी भी हंस रही थी उसे इस हाल में देखकर boli…yaar अच्छा रुक मैं ये कहना चाहती हूँ के क्यों न तू hi उससे चुदाई करवा ले. तू तो जा सकती है न उसके रूम में. तुझे तो वो शर्मा का बचा भी नहीं रोक सकता. मुझे बेचारे पर बड़ा तरस आ रहा है. उसकी मदद करते हैं न.

दीप्ति एकदम से उछाल पड़ी उसकी बात sunkar….arey यार तूने मुझे क्या गश्ती समझ रखा है जो उसे जेक बोल dungi…aao रोहन मेरे कपडे उतरो और मेरी चुदाई करो.

पूजा उसे आंख मारते हुए boli…mujhe पता था तू यही कहेगी. तू शुरुआत बिलकुल भी नहीं कारगी. पर थोड़ा तो तुझे भी करना पड़ेगा न. कुछ ऐसा पहन कर जा जिससे तेरे बूब्स नज़र आएं उसे और बन थान कर जा. यार मेरी बात रख ले. वो अगर कुछ भी कहे तू मन नहीं करेगी.

दीप्ति उसे ऑंखें तरेरती हुई boli…waise ये भी वही हुआ पर तेरे लिए कुछ तो करना पड़ेगा mujhe…jaate जाते boli…bhutni कहीं की.

पूजा हंसने लगी और उसे जाते हुए देखने लगी जो कॉमेडी स्टाइल में अपनी कमर हिलाते हुए जा रही थी. उसने जोर से bola…I लव you…deepti उसकी और गेस में देखकर boli…but ी हेट यू.

अब दीप्ति को पूजा के कहे अनुसार तैयार होकर रोहन के कमरे में जाना था. जो के उसे बहुत मुश्किल लग रहा था. पर इन दोनों लड़कियों की दोस्ती इतनी गहरी थी के कभी भी एक दुसरे की बात नहीं मोड़ती थी.

कोई आधे घंटे बाद दीप्ति ने पूजा को अपनी एक रीसेंट फोटो सेंड ki…jise देखकर पूजा के होंठो से सीटी अपने आप बज गयी और पंजाबी स्टाइल में boli…oye होये तोतिया…

दीप्ति ने ब्लैक कलर की ट्रांसपेरेंट ओने पीेछे ड्रेस पहनी थी. जो उसकी नीज तक hi पहुँच रही थी मुश्किल से. गहरे लाल रंग की लिपस्टिक लगाई हुई थी और आँखों में काजल के साथ मस्कारा और पता नहीं क्या क्या लगाया था. कहने का मतलब पूरी सलूट लग रही थी दीप्ति.

उसने पिक को लिखे किया और हार्ट की इमोजी भेजी. जिससे दीप्ति खुश हो गयी.



वो उस हाल में रोहन के रूम पर गयी और दूर नॉक kiya….wo एक हाथ दिवार पर लगाए और एक हाथ कमर पर रखे कड़ी थी. जैसे hi रोहन ने दरवाजा खोला तो एक बाला की खूबसूरत लड़की को देखते hi उसके होश hi उड़ गए.
 
Part 35सर आपके रूम की सफाई की इंस्पेक्शन करने आयी थी. सब ठीक तो है na….Deepti ने ये बोलै तो एक बार को तो रोहन को सुना hi नहीं. क्यूंकि वो तो उसके यौवन में इतनी गहराई से खो गया था के उससे बहार निकलने में उसे शायद जन्मो लग जाते.

रोहन को ऐसे खोया देख दीप्ति को हंसी आ गयी और उसने मन hi मन सोचा के आखिर उसके रूप का जादू चल hi गया रोहन पर. चले भी क्यों न, भावे फिगर वाली जवान लड़की जिसका यौवन छलक छलक कर बहार गिर रहा हो. उसे देखकर भला बाँदा क्यों न उस माया में फंस जाए.

रोहन को देखकर उसके चेहरे के पास लेजाकर दीप्ति ने चुटकी मारकर फिर से bola….sir कहाँ खो गए आप. अंदर से तो उसे हंसी आ रही थी पर बहार दिखावे के तौर पर गंभीर बानी हुई थी.

रोहन एकदम से जैसे होश में आया और साइड में होते हुए bola…ji जी अंदर आइये. आप तो वही हो na…pooja की दोस्त.

दीप्ति अंदर आयी और इस बार हँसते हुए boli…ji आप दोस्त कह सकते हो पर हम लोग कलगुएस हैं. हाँ हम दोनों के बीच कुछ भी छुपा हुआ नहीं है. अंदर आकर दीप्ति बोली और बोलते hi आंख मार दी रोहन को. रोहन तो पहले hi घायल हुआ पड़ा था. अब तो उसके अंग फड़कने लगे थे. रोम रोम जाग उठे थे.

वो जानबूझकर अपने रूप का प्रदर्शन कर रही थी. थोड़ा सा हिलती तो उसके टाँगें उसकी जांघों तक नंगी हो जाती. वो पहले बाथरूम में गयी. फिर बहार आकर बेडशीट को सँवारने लगी. वो ऐसे hi कर रही थी ये सब.

रोहन bola…waise मैडम रूम सर्विस वाले पूरा चेंज कर गए थे सुबह hi. आपने ऐसे hi कष्ट किया.

दीप्ति कुर्सी पर पसरते हुए boli…kyun मेरा आना आपको अच्छा नहीं लगा? ऐसा करते वक्त उसने जानबूझकर अपनी ड्रेस को इस तरह से हटाया के टाँगें तो क्या उसकी पिंक कलर की पंतय भी नज़र आने लगी. रोहन की नज़र hi टिक गयी उसकी पंतय पर.

कैल्विन क्लीन hai…usne हँसते हुए कहा तो रोहन बुरी तरह झेंप गया और बोलै

Rohan…sorry?

दीप्ति हँसते हुए boli…jis पंतय को आप इतनी शिद्दत से देख रहे हो मैं उसका ब्रांड दिखा रही हूँ

Roahn…oh सॉरी मेरा वो मतलब नहीं था.

दीप्ति उसे रिलैक्स करते हुए boli…arey आप इस तरह मत शर्माइये. कल hi तो मैंने आपको और अपनी सहेली ko….fir से आंख मारते हुए boli…kis हाल में देखा है. वो मन hi मन खुद को कोस रही thi….kya दीप्ति तू क्यों ऐसे सलूट की तरह बेहवे कर रही है. पर उसे ये सब करना था अपनी दोस्त पूजा के लिए करना था.

रोहन झिझकते हुए bola…wo तो ठीक है पर मुझे ऐसे नहीं देखना चाहिए था.

दीप्ति अपनी पंतय के एक कोने को पकड़ते हुए boli…kasam से बड़ी कम्फर्टेबले है रोहन सर ये. मेरे प्राइवेट part को बिलकुल भी तकलीफ नहीं hoti…doosri कोई पंतय से रशेस हो जाते थे साइड्स में. पर जब से ये ब्रांड उसे करना शुरू किया है कसम से बहुत अच्छा फील होता है.

वो मुस्कुराते हुए बोली तो रोहन के भी प्राइवेट part में हलचल होने लगी. उसका लुंड हिचकोले खाने लगा. दीप्ति को ये बात महसूस होने लगी थी. रोहन संभल hi नहीं प् रहा था क्यूंकि दीप्ति अपनी हरकतों और बातों से उस पर ऐसे हमले किये जा रही थी के अब उसका मन करने लगा था के वो दीप्ति के साथ सेक्स करे.

वो बेकाबू हो चूका था और उसके दिमाग पर सेंसेस की जगह सेक्स हव्य हो गया था. वो ऐसे hi बेकाबू सा हुआ पता नहीं क्या बोल gaya…waise आपका रंग रूप आपका शरीर कमाल का है दीप्ति जी.

उसकी बात सुनकर दीप्ति खिलखिलाकर हंस पड़ी. और boli….arey कोई नयी बात कीजिये साहिब. ये तो हर कोई बोलता है मुझे.

रोहन bola…aapki जांघों के बीच झांकते हुए मन करने लगा के इनमे प्रवेश hi कर जॉन.

दीप्ति फिर हंसने लगी और boli..main तो आपको शरीफ आदमी समझती थी रोहन सर पर आप तो एकदम दिलफेंक आशिके की तरह व्यवहार कर रहे हो. फिर अपनी पंतय के एकदम बीच में हाथ रखते हुए boli….yahan तो उसी को प्रवेश मिलता है जिसका मेरे दिल में प्रवेश हो जनाब.

वो उसकी इज़्ज़त भी दे रही थी और साथ hi साथ बहका भी रही थी. रोहन की आँखों में लाल डोरे साफ़ देखे जा सकते थे. दिमाग पर सेक्स की अधिकता की वजह से उसकी जुबान थरथराने lagi…aaapko दद्दील में जागाह ड्डड्डेणे के लिए मुझे क्या करना होगा रोहन जी.

दीप्ति ने अपने समिलिंग फेस के साथ एक आंख मारते हुए bola…aapko मेरे साथ सेक्स करना है क्या? खुलकर boli…uska एक हाथ अभी भी अपनी पंतय पर था. और वो उसे धीरे धीरे रब कर रही थी वहां.

मन तो रोहन का कर रहा था के वो अभी के अभी दीप्ति को बीएड पर पटक कर पेल दे. पर वो एक जेंटलमैन था बिना उसकी रजामंदी के वो कुछ भी नहीं करना चाहता tha….rohan भी अपने लुंड पर हाथ रखकर bola…ji दीप्ति जी. अभी के अभी मन कर रहा है आपसे सेक्स करने के liye….bechare ने जो बात मन में थी सच्ची सच्ची जुबान पर ला di….fir bola..aap बोलिये न मुझे क्या करना होगा उसके लिए.

दीप्ति मुस्कुरा रही थी. वो ार्मलेस चेयर पर बैठी थी. वो मुस्कुराते हुए उसे आँखों से इशारा करके boli…yahan आओ और मेरी गॉड में बैठ जाओ.

रोहन किसी आज्ञाकारी बालक की तरह आगे बढ़ा और ठीक वैसे उसको फेस तो फेस करके बैठ गया जैसे लड़कों की गॉड में लकड़ियां बैठती हैं. दीप्ति मुस्कुरा कर उसे हुग करते हुए boli…arey वह रोहन आप तो बहुत अच्छे हो. दुसरे की बात सुनते हो. यही लक्षण होते हैं मन में प्रवेश पाते हैं.

रोहन का मन गदगद हो गया ये सुनकर. उसे आस होने लगी के उसे अब इस खूबसूरत सी और गुदाज शरीर की मालकिन की छूट मरने का मौका मिलेगा.

रोहन ने अब बिना कुछ सोचे समझे अपने होंठ दीप्ति के होंठों पर रख दिए जिसका उसने एक बार भी विरोध नहीं किया. उसने उन्हें ऐसे चूसना शुरू कर दिया जैसे संतरे की फांकों को चूस रहा हो. और यकीं मानिये उनमे संतरे से काम रास नहीं था.

दीप्ति एक माझे हुए खिलाडी की तरह रोहन के होंठों को चूस रही थी. रोहन को हर बार अलग hi मज़ा आ रहा था होंठों को चूसने में. आज एक बात जो अलग थी वो ये थी के एक लड़की ने उसे डोमिनाते किया हुआ था, वर्ण तो रोहन hi हमेशा डोमिनेटिंग रहा है.

दीप्ति ने किश करते करते hi रोहन के दोनों हाथों को अपने बूब्स पर रखकर अपना इरादा जताया और रोहन ने उसके इरादे को समझते हुए उसके बूब्स को स्क्वीज़ करना शुरू कर दिया और दीप्ति की आहें इतनी तेज़ थी के बहार से भी आसानी से सुनी जा सकती थी और उसे अपने बॉस मिस्टर शर्मा का ज़रा भी दर नहीं था.



रोहन को भी अब थोड़ा थोड़ा तजुर्बा होने लगा था. उसने होंठों को छोड़कर गाल माथे और कानो पर किश करना शुरू कर दिया. दीप्ति की उत्तेजना उसे बेकाबू किये जा रही थी. जब रोहन ने उसके कानो को धीरे धीरे चबाना शुरू किया तो दीप्ति उत्तेजना के मारे उछलने लगी. फिर उसने उसकी गर्दन पर अपने होंठ रखे जो दीप्ति को सातवें आसमान पर ले गए. अब दोनों की स्थिति कुछ ऐसी हो गयी थी के किसी भी पल कुछ भी हो सकता था.
 
Part 36दोनों hi उत्तेजना के शिखर पर थे. रोहन एकदम से उठा और दीप्ति को उठा कर उसने बीएड पर पटक दिया. दीप्ति इस बात के लिए पहले से तैयार थी. अब रोहन को चुदाई के लिए उसे पूछने की जरुरत नहीं थी. उसे तो बस अब कुछ करना था.

वो उसके एकदम से ऊपर आ गया और अपने दोनों हाथों से उसके बूब्स पकड़कर दबाने लगा. दीप्ति आह आह की आवाज़ें निकलने लगी. उसे बहुत मज़ा आ रहा tha..boli…aur जोर से रोहन. रोहन ने मुस्कुरा कर उन पर अपना मुँह रखकर उन्हें चूसना शुरू किया तो दीप्ति आहें भर्ती हुई boli…arey पागल ऐसे मत चुसो नहीं तो इस ड्रेस में मेरा बहार जाना मुश्किल हो जायेगा. ऐसा करो ये कपडे उतर दो. फिर जो करना है करो.

रोहन ने इंतज़ार न करते हुए तुरंत दीप्ति के कपडे उसके तन से जुड़ा कर दिए और अपने कपडे भी थोड़े रहने देने थे उसने, उन्हें भी उतर कर उसने एक hi बार में सारा काम निपटा दिया. उसके कपडे उतारते hi दीप्ति की नाराज़ तुरंत उसके लगभग खड़े हुए लुंड पर पड़ी. वो अपना काम करने को तैयार लग रहा था पर उस असली काम से पहले उसे और बहुत कुछ मिलने वाला था.

दीप्ति ने एक बार उसे छूने की कोशिश की तो लुंड ने झटका मारा. रोहन ने उसे इशारा करते हुए bola….deepti इसे मुँह में लेकर चुसो जानेमन.

दीप्ति जो के अभी तक डोमिनेटिंग बानी हुई थी अब रोहन की आज्ञा का पालन करते हुए आगे को हुई और एक प्यारी सी किश उसके लुंड पर जड़ दी. ऐसे इन दोनों के बीच ऑफिशियली सेक्स की शुरुआत हुई.

दीप्ति ने अपने नरम मुलायम होंठों से उसके लुंड के चरों और लगातार दस बारह किस्सेस कर दी. उसकी लिपस्टिक रोहन के लुंड के टोपे के चरों और लगी उसे एक गुलाबी फूल का रूप दे रही थी जिसके रूप को देख दीप्ति और भी ज्यादा मदहोश हो गयी और उसने उस टोपे को अपने मुँह में ले लिया और लगी चूसने.

रोहन ने अपनी आँखें hi बंद कर ली जब उसने उसे चूसने शुरू किया. मंज़र ये था के रोहन खड़ा हुआ था और दीप्ति घुटनो के बल बैठी उसके खड़े हुए लुंड को मुँह में लिए आगे पीछे कर रही थी और रोहन ने जोश में आकर उसके बाल पकडे हुए थे और वो उसके मुँह को लुंड की जड़ की और ऐसे धकेल रहा था के वो उसे पूरा का पूरा ले ले.

लुंड ने थोड़ा थोड़ा रास छोड़ना शुरू किया था जिससे चाप चाप की आवाज़ें आने लगी. और कभी कभी जब जोश में रोहन उसके सर को अंदर तक धकेल देता तो गन गन की आवाज़ें आती दीप्ति के मुँह से. न सिर्फ रोहन बल्कि दीप्ति भी इस बोल्ड चुदाई का आनंद ले रहे थे.

उसके मुँह का नरम सा स्पर्श रोहन को ऐसा आनंद दे रहा था के उसे लग रहा था अब उसका छूट hi ना जाये. इसलिए उसने उसे रोक दिया और अपने निचे लेते हुए तुरंत उसकी छूट में लुंड को दाल कर ठुकाई की जोरदार शुरुआत की.

उसने पहला hi धक्का इतनी बेरहमी से मारा के दीप्ति के मुँह से गाली nikli…saale…maar डालोगे क्या. थोड़ा तो रेहम करो.

पर रोहन तो जोश में आकर और जोर से धक्के मारने लगा और bola…show तो ऐसे कर रही हो जैसे पहली बार कर रही हो. मुझे तो तुम खेली खाई लगती हो.

पैन और मज़ा दोनों को सेहन करती हुई दीप्ति boli…uui माँ, पहली बार तो नहीं करवा रही हूँ. पर इस तरह बेदर्दी से पहली बार करवा रही हूँ. एक और तो तुम्हारा लोहे जैसा सख्त लुंड मेरी नरम मुलायम छूट में घुसा मुझे मज़ा दे रहा है पर दूसरी और तुम इतनी जोर से कर रहे हो के मुझे दर्द भी हो रहा है.

रोहन ने कातिल स्माइल के साथ bola…isme कोई शक नहीं के तुम्हारी नरम और गरमा गर्म छूट मेरे लुंड और मुझे असीम सुख दे रही है. यही तो मुझे भड़का रही है जोरदार चुदाई के लिए. अब जानेमन मज़ा लेना है तो थोड़ा दर्द तो सहना hi पड़ेगा न. इस दर्द में भी मज़ा है मेरी जान.

दीप्ति को समझ आ गयी थी के ये ऐसे hi चुदाई करने वाला है. इसलिए उसने सोचा के थोड़े बहुत दर्द के साथ असीम सुख का आनंद लेना hi बेहतर है. वो सातवें आसमान तक पहुँच चुकी थी और जब रोहन ने चुदाई करते करते उसके बूब्स को चूसना शुरू किया तो दीप्ति की छूट में उत्तेजना इस कदर हव्य हुई के उसने एक बार में ढेर सारा पानी उड़ेल दिया. जिससे वातावरण में चाप चाप की आवाज़ किसी भी और आवाज़ से बहुत तेज आ रही थी.

दीप्ति को थोड़ा ावक्वार्ड भी लग रहा था पर अभी चुदाई नहीं रुकी थी क्यूंकि रोहन का लुंड अभी झाड़ा नहीं था. इस वक्त दीप्ति को एक और चीज याद आयी. उसने मन hi मन socha…oh बहिन छोड़ कंडोम तो लगाया hi नहीं. पर अब इस वक्त वो रोहन को कहती के अपना लुंड निकल के कंडोम लगा ले तो वो गुस्से में उसकी गांड में hi धकेल देता. इसलिए उसने चुप रहना hi बेहतर समझा.

रोहन मन hi मन सोच रहा था के वह क्या लड़की है. कितने जबरदस्त स्टाइल से छूट दे रही है मुझे. उसके लिए ये दूसरी लड़की थी जिसके साथ वो छूट लुंड वाला खेल खेल रहा था. पर उसे अबकी बार पहले के मुकाबले बहुत अच्छा महसूस हो रहा था. या फिर अब उसके पास कपरिसों के लिए कुछ था.

दीप्ति का छूटने के बाद भी रोहन की रफ़्तार चुदाई में काम नहीं हुई वो कभी उसके होंठों को चूसने लगता कभी कानो को लिप्स में ले लेता तो कभी गर्दन पर. लेकिन ज्यादातर टाइम वो उसके बूब्स को चूस रहा था.

आखिर उसका भी छूटना hi था. रोहन से बर्दाश्त hi नहीं हुआ उसने दीप्ति की छूट में hi पिचकारियां छोड़नी शुरू कर दी. दीप्ति मन hi मन सोचने lagi…ab तो ये मुझे प्रेग्नेंट करके hi छोड़ेगा.

पर उसने उन पलों का भरपूर आनंद लेते हुए उसने भी दूसरी बार अपना पानी छोड़ दिया. उसके बाद दोनों ढीले होकर ऐसे गिरे मानो जान hi निकल गयी हो दोनों की.

रोहन ने दीप्ति की और मुस्कुरा कर देखा तो दीप्ति भी मुस्कुरा कर उसमे समां गयी. लग रहा था के ये दोनों दूसरी पाली भी खेलने वाले हैं. पर रोहन की किस्मत खराब. दीप्ति को एक फ़ोन आया और उसे तुरंत वहां से निकलना पड़ा एक जरुरी मीटिंग के लिए.

उसके जाने का रोहन को अफ़सोस तो बहुत हुआ पर वो आखिर कर भी क्या सकता था. उसने सिर्फ अंडरवियर पहना और बीएड पर लेट गया. लेटते hi उसे गहरी नींद आ गयी.

उसकी आंख खुली तो घडी देखि. दोपहर के तीन बज गए थे. रोहन badbadaya…oh भें छोड़. बहुत ज्यादा टाइम हो गया. उसने खाने का आर्डर दिया जो जल्द hi आ गया. रोटी खाई तो ऐसे hi थोड़ी देर के लिए फ़ोन पर लग गया.

फ़ोन में तो उसका मन लग नहीं रहा था. ध्यान तो आज की दीप्ति के साथ चुदाई में था. उसके चेहरे पर मुस्कान सी आ गयी दीप्ति को और उसके साथ हुई चुदाई को याद करके. कितनी जोरदार चुदाई की थी उसने आज.

सोचते सोचते उसका लुंड फिर से खड़ा हो गया. पर अब वो दीप्ति को तो बुला नहीं सकता था तो उसने पूजा को फ़ोन मिला दिया. पूजा सॉरी बोलते हुए बोली के मुझे आज जल्दी घर जाना पद गया मम्मी की तबियत ख़राब थी. रोहन ने socha…ye तो खड़े लुंड पर सोता बज gaya…aur हंसने लगा.

फिर उसने लुंड को अंडरवियर में से निकला और मुठ मारनी शुरू कर दी. क्यूंकि उसे शांत करना भी तो जरुरी था. वो ऑंखें बंद किये मुठ मरने लगा. सामने पहले तो दीप्ति का चेहरा आ गया उसमे जोश भर गया.

लुंड भी पूरे जोश में था. फिर पता नहीं कैसे दीप्ति के चेहरे ने मेहुल को रेप्लस कर लिया. इतना मज़ा उसे दीप्ति के साथ चुदाई में नहीं आया होगा जितना उसे मेहुल के साथ उस लिप किश में आया था. तो उसने दुगुने जोश के साथ मुठ मारनी शुरू कर दी अपनी दी को इमेजिन करके. उसके लिप्स उसके बूब्स उसकी हिप उसके हर इक अंग को याद करके वो पूरी रफ़्तार से मुठ मरने लगा. अबकी बार टाइम लग्न था क्यूंकि ये दूसरी बार जो था.

वो अभी मुठ मार hi रहा था के दूर बेल्ल बजी. उसे पता था ये उसकी प्यारी बहिन मेहुल थी. उसने लुंड को उसी हल में अंडरवियर के अंदर किया और दरवाजा खोलने चल पड़ा क्यूंकि कपडे पहनने का टाइम तो अब उसके पास नहीं था.

उसने जैसे hi दरवाजा khola…aur मेहुल ने उसे उस हाल में देखा. पहले तो उसकी हंसी छूट गयी उसे नंग धडंग देखकर. फिर उसे शर्म भी आ गयी के उसका भाई किस हाल में उसके सामने खड़ा है. रोहन तो किसी और hi फ़िराक में था. मेहुल को स्टिल खड़ा देखकर वो bola…ander आओ दीदी. क्या बहार खड़े रहने का इरादा है. खड़े शब्द को सुनकर तो मेहुल के गाल गलबी हो गए क्यूंकि उसने अंडरवियर में खड़ा उसका लुंड जो देख लिया था.



वो अंदर आयी और जैसे hi आगे बढ़ने लगी तो रोहन दरवाजा बंद करने के बाद उसकी और लपका और पीछे से उसे अपनी बाँहों में भर लिया. रोहन का खड़ा लुंड मेहुल की गांड में धस गया और रोहन पीछे से उसकी गर्दन को चूसने लगा. उसके चूसने में सेक्स का आभास हो रहा था. मेहुल का मन कर रहा था धक्का मारे अपने भाई को.
 
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