- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 103,693
Part 86सुबह के 8 बज रहे थे.
दोनों अभी भी बीएड पे नंगे लिपटे हुए सोये से जागे थे. पसीना, लव बिट्स, और एक दुसरे के माल से दोनों के बदन चमक रहे थे. बीएड की चादर एक तरफ सर्कि हुई थी, फूल सब कुचले हुए.
मेहुल ने अपना फ़ोन उठाया और रूही को वीडियो कॉल लगा दी.
रूही ने तीसरी रिंग पे पिक किया. उसका चेहरा स्क्रीन पे आते hi चमक उठा.
रूही: “अरे वह! दोनों नंगे बैठ के कॉल कर रहे हो? लगता है रात भर खूब मज़ा लिया!”
मेहुल ने शर्माते हुए भी नॉटी स्माइल दी और रोहन के सीने पे सर रख कर बोली,
“हाँ रूही… कल रात हमारी पूरी सुहागरात हो गयी. तेरा भाई ने मुझे चार बार छोड़ा… और हर बार अंदर hi झाड़ा. मेरी सील टूट चुकी है अब… अब से मैं तेरी भाभी हूँ.”
रोहन ने कैमरा के सामने अपना लुंड थोड़ा हिलाया और बोलै,
“देख रूही, अभी भी खड़ा है तेरा भाई. तेरी दीदी ने इतना मज़ा दिया की नींद hi नहीं आयी पूरी रात.”
रूही की आँखें भर आयी ख़ुशी से. उसकी आवाज़ कम्प गयी,
“मैं बहुत खुश हूँ दीदी… सच में. मुझे तो लगा मेरा नंबर कभी नहीं आएगा, पर तुम दोनों ने जो किया, वह देख कर दिल को सुकून मिल रहा है. अब बस जल्दी घर आओ… मुझे भी अपने भाई से अपनी सुहागरात माननी है.”
मेहुल ने कैमरा को अपने लव बिट्स दिखाए (गले पे, मुम्मों पे, जाँघों पे) और बोली,
“देख रूही… तेरे भाई ने मुझे पूरा निशाँ लगा दिया है. अब तू भी तैयार रह… तेरी बारी भी जल्दी आएगी. मैं खुद तुझे सजाके भाई के पास भेजूंगी.”
रूही ने शर्मा कर नज़रें झुका ली और धीरे से बोली,
“बस अब जल्दी आओ… मैं इंतज़ार कर रही हूँ. और हाँ… अगली सुहागरात तीनों साथ मनाएंगे… प्रॉमिस?”
रोहन और मेहुल एक साथ हंस पड़े.
रोहन: “पक्की बात. अब हर महीने एक सुहागरात… कभी तेरी, कभी मेहुल दीदी की, कभी तीनो साथ.”
रूही ने फ्लाइंग किश दी और कॉल काट दी.
मेहुल ने फ़ोन साइड पे रखा और रोहन के ऊपर चढ़ गयी,
“अब सुबह का पहला राउंड भी तो बनता है न, मेरे पति?”
रोहन ने उसकी कमर पकड़ ली और बोलै,
“चल, अब सीधा बाथरूम में… शावर के नीचे छोडूंगा तुझे… फिर घर चलते हैं… रूही इंतज़ार कर रही होगी.”
दोनों हंस पड़े और एक दुसरे को किश करते हुए बाथरूम की तरफ बढे… सुहागरात अभी ख़तम नहीं हुई थी, बस नयी शुरुआत होने वाली थी.
बाथरूम का दरवाज़ा बंद होते hi मेहुल ने शावर ों कर दिया.
Garama-garam पानी ऊपर से बरसने लगा, दोनों के बदन पे गिरता हुआ नीचे जा रहा था.
मेहुल ने रोहन को दीवार से टिकाया, उसके गले पे पानी डालते हुए धीरे से कान में गुंजडी,
“अभी तक अंदर तेरी गरमी महसूस कर रही हूँ… अब यह शावर भी तुझे ठंडा नहीं कर पायेगा.”
रोहन ने उसकी कमर पकड़ कर पलट दिया और पीछे से चिपक गया.
उसका सख्त लुंड मेहुल की गांड की दरार में घुस गया, पानी के साथ साथ रगड़ने लगा.
मेहुल ने अपना हाथ पीछे करके रोहन का लुंड पकड़ा और अपनी छूट पे सेट कर दिया.
पानी के नीचे hi रोहन ने एक ज़ोर का धक्का मारा… पूरा लुंड एक बार में अंदर.
“आआह्ह्ह्हह… रोहणं…!”
मेहुल की चीख बाथरूम में गूँज गयी, गूँज के वापस आयी.
रोहन ने उसकी कमर को पकड़ कर तेज़ी से धक्के मरने शुरू कर दिए.
पानी ऊपर से बरस रहा था, दोनों के बदन चिपके हुए थे, हर धक्के के साथ “phach-phach-phach” की आवाज़ आ रही थी.
मेहुल ने अपना एक हाथ आगे बढ़ाया और गिलास की दीवार पे टिक लिया, दूसरा हाथ पीछे करके रोहन की गांड पकड़ लिया, और ज़ोर से दबाया.
“छोड़… और ज़ोर से… ऐसे hi… मेरी suhaag-chut को रगड़… हाय!”
रोहन ने उसके बाल पकड़ के सर पीछे खींच लिया और गले पे काटने लगा.
पानी के नीचे उसका मुँह मेहुल के कान पे, गले पे, कंधे पे… हर जगह निशाँ छोड़ रहा था.
फिर उसने मेहुल को घुमाया, उसकी एक टांग उठा के अपने कंधे पे रख दी और सीधा अंदर दाल दिया.
अब दोनों face-to-face थे… पानी उनके चेहरे पे गिर रहा था, आँखों में, मुँह में… दोनों एक दुसरे को देख कर पागल हो रहे थे.
मेहुल की आँखें बंद, मुँह खुला हुआ,
“ाः… ाः… ाः… मर गयी… कितना गहरा जा रहा है… रोहन… आज पूरी अंदर तक भर दे मुझे!”
रोहन ने स्पीड और बढ़ा दी… हर धक्का इतना ज़ोर का की मेहुल की पीठ गिलास से टकरा रही थी.
उसके मुम्मे पानी के साथ उछाल रहे थे… रोहन ने एक हाथ से उनको मसलता रहा, दुसरे से टांग पकड़ के और ऊपर उठाया.
मेहुल झड़ने लगी… उसकी छूट ने लुंड को इतना जकड लिया की रोहन भी कण्ट्रोल नहीं कर पाया…
“आआह मेहुल… ले पूरा… अंदर…!”
दोनों एक साथ झाड़ गए… गरम माल पानी के साथ नीचे बहने लगा.
पर अभी ख़तम नहीं हुआ.
रोहन ने मेहुल को नीचे बिठा दिया.
मेहुल समझ गयी… उसकी नज़रों से… उसने पानी के नीचे hi लुंड मुँह में ले लिया… zor-zor से चूसने लगी.
रोहन का हाथ उसके सर पे, बाल पकड़ के मुँह छोड़ने लगा…
“चूस… पूरी रात तेरी छूट मारी… अब मुँह मारूंगा तेरा…”
मेहुल के मुँह से “glug-glug-glug” की आवाज़ आ रही थी… वह दो बार गले तक ले रही थी.
दो मिनट बाद रोहन ने उसके मुँह में hi झाड़ दिया… मेहुल ने एक बूँद भी बहार नहीं गिरने दी… सब पी गयी.
दोनों सांस फूलते हुए एक दुसरे से लिपट गए… पानी अभी भी बरस रहा था.
मेहुल ने रोहन के होठ पे लम्बी किश की और गुंजडी,
“अब हर सुबह ऐसे hi नहाएंगे हम… तेरी बीवी बन गयी हूँ मैं… अब रोज़ तेरी हूँ.”
रोहन ने उसको गॉड में उठा लिया और बोलै,
“चल अब बैडरूम में… अभी भी सूखा नहीं पाएंगे… और एक राउंड बाकी है अभी.”
दोनों हंस पड़े और बाथरूम से नंगे hi बैडरूम की तरफ भागे… पूरा कमरा अभी भी उनकी सुहागरात की खुशबू से भरा था.
दोनों अभी भी बीएड पे नंगे लिपटे हुए सोये से जागे थे. पसीना, लव बिट्स, और एक दुसरे के माल से दोनों के बदन चमक रहे थे. बीएड की चादर एक तरफ सर्कि हुई थी, फूल सब कुचले हुए.
मेहुल ने अपना फ़ोन उठाया और रूही को वीडियो कॉल लगा दी.
रूही ने तीसरी रिंग पे पिक किया. उसका चेहरा स्क्रीन पे आते hi चमक उठा.
रूही: “अरे वह! दोनों नंगे बैठ के कॉल कर रहे हो? लगता है रात भर खूब मज़ा लिया!”
मेहुल ने शर्माते हुए भी नॉटी स्माइल दी और रोहन के सीने पे सर रख कर बोली,
“हाँ रूही… कल रात हमारी पूरी सुहागरात हो गयी. तेरा भाई ने मुझे चार बार छोड़ा… और हर बार अंदर hi झाड़ा. मेरी सील टूट चुकी है अब… अब से मैं तेरी भाभी हूँ.”
रोहन ने कैमरा के सामने अपना लुंड थोड़ा हिलाया और बोलै,
“देख रूही, अभी भी खड़ा है तेरा भाई. तेरी दीदी ने इतना मज़ा दिया की नींद hi नहीं आयी पूरी रात.”
रूही की आँखें भर आयी ख़ुशी से. उसकी आवाज़ कम्प गयी,
“मैं बहुत खुश हूँ दीदी… सच में. मुझे तो लगा मेरा नंबर कभी नहीं आएगा, पर तुम दोनों ने जो किया, वह देख कर दिल को सुकून मिल रहा है. अब बस जल्दी घर आओ… मुझे भी अपने भाई से अपनी सुहागरात माननी है.”
मेहुल ने कैमरा को अपने लव बिट्स दिखाए (गले पे, मुम्मों पे, जाँघों पे) और बोली,
“देख रूही… तेरे भाई ने मुझे पूरा निशाँ लगा दिया है. अब तू भी तैयार रह… तेरी बारी भी जल्दी आएगी. मैं खुद तुझे सजाके भाई के पास भेजूंगी.”
रूही ने शर्मा कर नज़रें झुका ली और धीरे से बोली,
“बस अब जल्दी आओ… मैं इंतज़ार कर रही हूँ. और हाँ… अगली सुहागरात तीनों साथ मनाएंगे… प्रॉमिस?”
रोहन और मेहुल एक साथ हंस पड़े.
रोहन: “पक्की बात. अब हर महीने एक सुहागरात… कभी तेरी, कभी मेहुल दीदी की, कभी तीनो साथ.”
रूही ने फ्लाइंग किश दी और कॉल काट दी.
मेहुल ने फ़ोन साइड पे रखा और रोहन के ऊपर चढ़ गयी,
“अब सुबह का पहला राउंड भी तो बनता है न, मेरे पति?”
रोहन ने उसकी कमर पकड़ ली और बोलै,
“चल, अब सीधा बाथरूम में… शावर के नीचे छोडूंगा तुझे… फिर घर चलते हैं… रूही इंतज़ार कर रही होगी.”
दोनों हंस पड़े और एक दुसरे को किश करते हुए बाथरूम की तरफ बढे… सुहागरात अभी ख़तम नहीं हुई थी, बस नयी शुरुआत होने वाली थी.
बाथरूम का दरवाज़ा बंद होते hi मेहुल ने शावर ों कर दिया.
Garama-garam पानी ऊपर से बरसने लगा, दोनों के बदन पे गिरता हुआ नीचे जा रहा था.
मेहुल ने रोहन को दीवार से टिकाया, उसके गले पे पानी डालते हुए धीरे से कान में गुंजडी,
“अभी तक अंदर तेरी गरमी महसूस कर रही हूँ… अब यह शावर भी तुझे ठंडा नहीं कर पायेगा.”
रोहन ने उसकी कमर पकड़ कर पलट दिया और पीछे से चिपक गया.
उसका सख्त लुंड मेहुल की गांड की दरार में घुस गया, पानी के साथ साथ रगड़ने लगा.
मेहुल ने अपना हाथ पीछे करके रोहन का लुंड पकड़ा और अपनी छूट पे सेट कर दिया.
पानी के नीचे hi रोहन ने एक ज़ोर का धक्का मारा… पूरा लुंड एक बार में अंदर.
“आआह्ह्ह्हह… रोहणं…!”
मेहुल की चीख बाथरूम में गूँज गयी, गूँज के वापस आयी.
रोहन ने उसकी कमर को पकड़ कर तेज़ी से धक्के मरने शुरू कर दिए.
पानी ऊपर से बरस रहा था, दोनों के बदन चिपके हुए थे, हर धक्के के साथ “phach-phach-phach” की आवाज़ आ रही थी.
मेहुल ने अपना एक हाथ आगे बढ़ाया और गिलास की दीवार पे टिक लिया, दूसरा हाथ पीछे करके रोहन की गांड पकड़ लिया, और ज़ोर से दबाया.
“छोड़… और ज़ोर से… ऐसे hi… मेरी suhaag-chut को रगड़… हाय!”
रोहन ने उसके बाल पकड़ के सर पीछे खींच लिया और गले पे काटने लगा.
पानी के नीचे उसका मुँह मेहुल के कान पे, गले पे, कंधे पे… हर जगह निशाँ छोड़ रहा था.
फिर उसने मेहुल को घुमाया, उसकी एक टांग उठा के अपने कंधे पे रख दी और सीधा अंदर दाल दिया.
अब दोनों face-to-face थे… पानी उनके चेहरे पे गिर रहा था, आँखों में, मुँह में… दोनों एक दुसरे को देख कर पागल हो रहे थे.
मेहुल की आँखें बंद, मुँह खुला हुआ,
“ाः… ाः… ाः… मर गयी… कितना गहरा जा रहा है… रोहन… आज पूरी अंदर तक भर दे मुझे!”
रोहन ने स्पीड और बढ़ा दी… हर धक्का इतना ज़ोर का की मेहुल की पीठ गिलास से टकरा रही थी.
उसके मुम्मे पानी के साथ उछाल रहे थे… रोहन ने एक हाथ से उनको मसलता रहा, दुसरे से टांग पकड़ के और ऊपर उठाया.
मेहुल झड़ने लगी… उसकी छूट ने लुंड को इतना जकड लिया की रोहन भी कण्ट्रोल नहीं कर पाया…
“आआह मेहुल… ले पूरा… अंदर…!”
दोनों एक साथ झाड़ गए… गरम माल पानी के साथ नीचे बहने लगा.
पर अभी ख़तम नहीं हुआ.
रोहन ने मेहुल को नीचे बिठा दिया.
मेहुल समझ गयी… उसकी नज़रों से… उसने पानी के नीचे hi लुंड मुँह में ले लिया… zor-zor से चूसने लगी.
रोहन का हाथ उसके सर पे, बाल पकड़ के मुँह छोड़ने लगा…
“चूस… पूरी रात तेरी छूट मारी… अब मुँह मारूंगा तेरा…”
मेहुल के मुँह से “glug-glug-glug” की आवाज़ आ रही थी… वह दो बार गले तक ले रही थी.
दो मिनट बाद रोहन ने उसके मुँह में hi झाड़ दिया… मेहुल ने एक बूँद भी बहार नहीं गिरने दी… सब पी गयी.
दोनों सांस फूलते हुए एक दुसरे से लिपट गए… पानी अभी भी बरस रहा था.
मेहुल ने रोहन के होठ पे लम्बी किश की और गुंजडी,
“अब हर सुबह ऐसे hi नहाएंगे हम… तेरी बीवी बन गयी हूँ मैं… अब रोज़ तेरी हूँ.”
रोहन ने उसको गॉड में उठा लिया और बोलै,
“चल अब बैडरूम में… अभी भी सूखा नहीं पाएंगे… और एक राउंड बाकी है अभी.”
दोनों हंस पड़े और बाथरूम से नंगे hi बैडरूम की तरफ भागे… पूरा कमरा अभी भी उनकी सुहागरात की खुशबू से भरा था.