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कानपूर सिटी के बहार सालो से बंद पड़ी एक फैक्ट्री मई एक 40-45 साल का तगड़ा, रोबदार आदमी एक चेयर पर सर टिकाये हुए बैठा था. उसके daaye-baaye 2 गार्ड हाथ मई गन लिए खड़े हुए थे जबकि और भी बहुत से आदमी चारो और गन लिए खड़े हुए थे. सामने यादव और खन्ना सर झुकाये खड़े हुए थे. ये आदमी कोई और नहीं ज़ोर था.
ज़ोर: तुम्हे किस बात के पैसे खिलता हु m,ye सुनने के लिए की तुम पर एक काम भी ठीक से नहीं होता. इतने दिन से झक मार रहे थे क्या तुम लोग जो उस कुत्ते का अब तक भी पता नहीं चला.
ज़ोर गुस्से से गुर्राता हुआ बोलै.
खन्ना: सर हमने बहुत कोसिस की है पता लगाने ki,lekin हमें लगता है की वो कही जाकर छुप गया है.
खन्ना सफाई देते हुए बोलै.
ज़ोर: भाड़ मई जाओ तुम sab,agar वो जहन्नुम मई भी छुपा होगा न तो म उसे वह से hi खींच कर ले आऊंगा. उसका वो हाल करूँगा की वो मौत की दवा मांगेगा. उसे ये तो जानना hi होगा की उसने किस से पन्गा लिया है.
ज़ोर की आँखों से जैसे अंगारे बरस रहे थे. फिर उसने अपने एक आदमी की और इशारा किया जोकि 6 फ़ीट lamba,takda आदमी था.
ज़ोर: कपाली जा और जाकर उस ैप को लेकर aa,wo खुद बताएगा की वो कुत्ता कोण था जिसने मेरे इस काले साम्राज्य को हिलने की कोसिस की है.
ये सुनकर खन्ना को थोड़ी गब्रहत सी हुयी अपनी बेटी की तरफ से.
कपाली: ठीक है बॉस, वो कल आपके सामने होगा.
------
यहाँ आर्यन आशु से बात करने की नाकाम कोसिस कर रहा था. शाम हो चुकी thi,khaana डाइनिंग टेबल पर लग चूका था.
आर्यन बैठा हुआ इंतज़ार कर रहा था की कब आशु नीचे आये.
निर्मला: अंजलि जा जाकर आशु को भी उठा de,usne तो दोपहर मई भी खाना नहीं खाया था.
अंजलि: जी maaji,abhi जाती हु. पता नहीं इस लड़की की भी रोज़ तबियत ख़राब रहने लगी है.
वो ऊपर आशु को बुलाने gayi,Aryan बड़ी hi बेसब्री से उसका वेट कर रहा था. थोड़ी देर बाद अंजलि वापस आती है.
निर्मला: क्या हुआ.
अंजलि: वो बोल रही है की उसके सर मई अभी भी दर्द है. वो खाना ऊपर hi खायेगी. आप लोग खाना स्टार्ट करो म उसे देकर आती हु. आर्यन का मुँह ये सुनकर उतर गया. उसने भी न के बराबर hi खाना खाया और घर से बहार चला गया. वो जाकर एक पार्क मई बेथ गया और जो कुछ भी उसके साथ हो रहा है उसके बारे मई सोचने लगा. उसे आशु की बहुत याद आ रही थी. देर रात वो घर आया तो आशु नीचे अपने पापा के साथ बैठी हुई थी. आर्यन उसकी और देख रहा था लेकिन उसे जैसे उसकी कोई परवाह hi नहीं थी. आशु की आँखे बिलकुल लाल हो रही थी जैसेकि वो तब से रो hi रही थी. आर्यन भी आकर वही बेथ गया.
आशु: पापा म सोने जा रही हु.
आर्यन के वह बैठते hi वो तुरंत बोली. आर्यन के दिल मई जैसे एक तीस सी उठी.
राजेश: ठीक है beta,tum जाकर आराम करो.
उसके जाते hi कुछ देर बाद आर्यन भी ऊपर चला गया. वो उसके कमरे मई जाने लगा लेकिन उसने गेट बंद किया हुआ था. आर्यन ने उस से दरवाजा खोलने के लिए बहुत रिक्वेस्ट की लेकिन वो तो जैसे गूंगी hi हो गयी थी. थक हारकर वो अपने रूम मई आकर लेत गया. उसकी आँखों मई आँशु आ गए the,wo अपने आपको ब्लामे कर रहा था की क्यों उसने शिल्पा से बात की. इस तरह वो दोनों पता नहीं कब सोये होंगे.
नेक्स्ट डे, आर्यन जल्दी hi ऑफिस के लिए रेडी हो गया था बकज़ उसे पता था की आज आशु का पेपर hai,aur वो उसके साथ नहीं जायेगी. जब आर्यन नीचे उतरा तो आशु डाइनिंग टेबल पर बैठी हुई नास्ता कर रही थी. लेकिन वो तो जैसे वह थी hi nahi,pata नहीं किन सोचो मई गम थी. आर्यन भी आकर उसके सामने वाली चेयर पर बेथ गया. लेकिन उसके आते hi वो कड़ी हो गयी.
आशु: मम्मी म चलती हु.
अंजलि: kyu,apne भाई के साथ hi तो जायेगी न तू. तो उसे तो नास्ता कर लेने दे.
आशु: नहीं मम्मी, मुझे आज जल्दी जाना है.
और इतना बोलकर वो वह से तुरंत निकल गयी.
निर्मला: मुझे ऐसा लगता है इन दोनों मई फिरसे झगड़ा हुआ है.
निर्मला अंदाज़ा लगते हुए बोली.
अंजलि: माजी मुझे तो कल से hi लग रहा था की इन दोनों के बीच कुछ न कुछ तो जरूर हुआ hai,warna ये दोनों तो एक दूसरे का पीछा hi नहीं छोड़ते है.
अंजलि रसोई से hi बोली.
आर्यन: मम्मी म भी चलता हु.
इतना बोल आर्यन भी तुरंत घर से बहार निकल गया.
निर्मला: पता नहीं ये दोनों कब बड़े होंगे.
आर्यन ने बाइक स्टार्ट की और आशु के पीछे जाने लगा. आशु स्ट्रीट से निकल कर एक और कड़ी हुई बस का वेट कर रही थी. आर्यन ने जाकर आशु के पास बाइक रोकी. जिसे देख आशु के चेहरे पर गुस्से के भाव आ गए. वो वह से आगे बढ़ने लगी तो आर्यन ने उसका हाथ पकड़ा और चिल्लाते हुए बोलै.
आर्यन: इतना गुस्सा क्यों दिखा रही है tu,kam से काम एक बार मेरी बात तो सुन.
आशु: क्या suno,teri रासलीला या ये की तूने मेरे प्यार की इंसल्ट की hai,mjhe चीट करके.
आशु भी उसका हाथ झटक कर चिल्लाते हुए बोली. जबकि उनसे थोड़ी दूर कुछ और लोग भी थे जो उन्हें देख रहे थे. लेकिन उन्हें सुनाई नहीं दे रहा था बकज़ आशु ने जब आर्यन को देखा तो वह से जाने लगी थी.
आर्यन: आशु प्ल्ज़ मेरी बात सुन.
आर्यन अब नरन पद चूका था.
आशु: मुझे कुछ नहीं सुन न.
ये बोलकर वो जाने लगी तो आर्यन का धैर्य अब जवाब दे गया. उसने बाइक कड़ी की और उसका हाथ पकड़ कर बाइक की और ले जाने लगा.
आशु: मेरा हाथ छोड़ Aryan,mujhe बेवजह यहाँ तमाशा नहीं करना.
आशु अपना हाथ छूटते हुए बोली.
आर्यन: मेने कहा न चुपचाप बाइक पर बेथ.
आर्यन को गुस्सा आ रहा था इसलय वो दांत भींचते हुए बोलै. इसका असर ये हुआ की वो भी तुरंत hi बेथ गयी. आर्यन ने बाइक स्टार्ट की और दौड़ा दी. जब आशु ने देखा की वो कॉलेज की बजाये कही और जा रहा है तो वो बोली.
आशु: ये कहा ले जा रहा है तू मुझे.
आर्यन: चुपचाप बैठी reh,ab बहुत दिमाग ख़राब कर लिया तूने मेरा.
आशु: मेरा पेपर है.
आर्यन: मुझे पता hai,abhi बहुत टाइम है पेपर मई. इसलय चुपचाप बैठी रह.
कुछ देर चलने के बाद आर्यन उस होटल मई गया जहा कल रात मई पार्टी थी. आशु को कुछ समझ नहीं आ रहा था की वो यहाँ क्या करने आया है. आर्यन ने उसका हाथ पकड़ा और अंदर जाने लगा. उसने गेट पर खड़े एक गार्ड से पूछा.
आर्यन: मुझे तुम्हारे मैनेजर से मिलना है.
गार्ड: वो अभी नहीं आये hai,kuch देर मई आने वाले hi होंगे.
आर्यन: कण्ट्रोल रूम कहा पर है.
गार्ड: उस तरफ.
उसने एक और इशारा करते हुए कहा. आर्यन गुस्से से उस तरफ बढ़ा. वो अंदर गया तो वह दो आदमी बैठे हुए थे. उन दोनों को वह देखकर एक आदमी बोलै.
मन1: कोण है भाई tu,aur यहाँ क्या कर रहा है.
आर्यन: म सीबीआई से हु, काल रात यहाँ एक बर्थडे पार्टी हुई थी मुझे उसकी कक्तव फुटेज देखनी है.
आर्यन ने उन्हें अपना ईद दिखते हुए कहा.
मन2: सॉरी sir,lekin हम हमारे मैनेजर की सहमति के बिना आपको कुछ नहीं दिखा सकते.
दूसरा आदमी आर्यन से नरम आवाज़ मई कहता है लेकिन आर्यन तो बहुत गुस्से मई था. उसने अपना बैग खोला और जो पिस्तौल उसे मिला हुआ था ,उसे निकलकर उस आदमी की कनपटी पर रख दिया.
आर्यन: चुपचाप मुझे कल की फुटेज दिखा, वर्ण कल के नेवसपपेर मई तेरा फोटो आएगा.
आर्यन को गुस्से मई देख उसकी फैट गयी.
मन2: दिखता हु.. दिखता हु.
और वो कल की रिकॉर्डिंग चलने लगा. आशु भी आकर देखने लगी थी.
आर्यन: स्किप करो.. और आगे... और आगे.. है अब वह ज़ूम करो.
उसने जब शिल्पा को एक वेटर के साथ देखा तो उसने उसे ज़ूम करने को कहा. शिला उस वेटर से कुछ बात कर रही thi,phir उसने एक पैकेट मई पाउडर जैसा कुछ निकला और एक ड्रिंक मई दाल दिया. और उस वेटर को कुछ समझने के बाद वापस आ गयी.
आर्यन: गोत आईटी.. ये कोण है. मुझे इस से अभी मिलना है.
आर्यन ने उस वेटर की और इशारा करते हुए कहा.
मन1: सर ये हमारे यहाँ वेटर hai,kya बात है.
आर्यन: मुझे इसके पास ले चलो खुद समझ जाओगे.
आर्यन ने अपनी कमर के पीछे गन लगाई और उस आदमी को साथ चलने के लिए कहा. आशु सब समझने की कोसिस कर रही थी. तब वो आदमी उन दोनों को उस वेटर के पास ले गया जोकि एक रूम की सफाई कर रहा था.
मन1: sushil,ye साहब तुमसे मिलने आये है.
उस आदमी ने आर्यन की और इशारा करते हुए कहा, आर्यन को देख कर उसकी फैट गयी.
आर्यन: मुझे तो पहचान hi गया होगा tu,ab चुपचाप ये बता मेरी ड्रिंक मई क्या मिलाया था और क्यों. वर्ण तेरा वो हाल काऊंगा की तू दोबारा जन्म लेने से भी डरेगा.
आर्यन दांत पीसते हुए बोलै. आशु को भी आज उस से दर लग रहा था क्योंकि आज से पहले उसने कभी भी आर्यन को इतने गुस्से मई नहीं देखा था.
सुशिल: साहब मेने कुछ नहीं किया, उस मेडम ने आपकी ड्रिंक मई वो पाउडर मिलाया था.
उसने डरते हुए कहा.
आर्यन: केसा पाउडर था वो.
सुशिल: साहब मुझे नहीं पता म तो लालच मई आ गया था.. लेकिन मेरे पास वो पाउडर है.
उसे जैसे कुछ याद आया दरअसल हुआ ये था की जब शिल्पा ने पाउडर मिलाया था तो उसने वो पैकेट नीचे फेंक दिया था जिसमे की अभी थोड़ा बाकि था. तब उस वेटर ने वो वह से उठा लिया था.
आर्यन: मुझे do,abhi.
वो वेटर वह से गया और कुछ देर बाद आकर उसने वो पैकेट उसे दे दिया. जिसमे की थोड़ा सा पाउडर बाकि था.
आर्यन ने वो पाउडर लिया और तुरंत आशु का हाथ पकड़कर बहार ले गया. उसने उसे बाइक पर बैठाया और बाइक कॉलेज की और दौड़ा दी. कॉलेज पहुँचने के बाद आर्यन बोलै.
आर्यन: पेपर देकर जल्दी aa,m यही पर खड़ा हु.
आशु कुछ कहना चाहती थी लेकिन उसका मूड देखकर वो बिना कहे hi चली गयी. आर्यन जाकर उस कैफ़े मई बेथ गया. आशु पेपर देते हुए सोच रही थी की वो पाउडर केसा hai,aur शिल्पा ने आर्यन को क्यों दिया. पेपर देने के बाद वो बहार आयी तो आर्यन बहार hi खड़ा था. अदिति भी साथ hi थी.
आर्यन: आशु बेथ.
आशु: म खुद चली जाउंगी.
आर्यन: एक बार मई कहा हुआ समझ नहीं आता kya,beth.
अदिति: चली जा न यार, इन्हे क्यों गुस्सा दिला रही है.
अदिति हस्ते हुए आशु से कहती है. आशु उस की और घूरती है और जाकर बाइक पर बेथ जाती है. आर्यन बाइक दौड़ता है और कुछ देर बाद hi वो दोनों आर्यन के ऑफिस के बहार थे. आर्यन बाइक पार्क करता है और आशु को लेकर अंदर आ जाता है. आशु को समझ नहीं आ रहा था की वो उसे लेकर यहाँ क्यों आया है. लेकिन उसने कुछ न बोलना hi सही समझा. तभी उसे रवि मिलता है.
रवि: आर्यन कहा हो भाई tum,m अभी तुम्हे hi कॉल करने वाला था.
रवि ने उस से हाथ मिलते हुए कहा.
आर्यन: बस कही नहीं रवि bhai,thodi तबियत खराब थी.
रवि: तुम्हे सिंह सर याद कर रहे थे.
आर्यन: है मेने उन्हें कॉल किया था.
रवि: चलो ठीक hai,fir मिलते है. मुझे एक जगह इन्वेस्टीगेट करने जाना है.
फिर आर्यन वह से सीधा फॉरेंसिक लैब मई आया. वो लैब असिस्टेंट के पास गया. जोकि दिखने मई अच्छा खासा और लगभग 27-28 साल का था.
आर्यन: hello डॉ. रोहन कैसे हो.
आर्यन ने हाथ मिलते हुए kaha,lekin जब रोहन की नजर आर्यन के पीछे आती हुई आशु पर पड़ी तो वो जैसे सब कुछ भूल गया. वो तो बस एकटक आशु को hi देख रहा था. जबकि आशु वह राखी हर चीज़ का मुवायना कर रही थी.
आर्यन ने जब रोहन की निगाह का पीछा किया तो उसे एक पल को बहुत गुस्सा आया लेकिन अगले hi पल शांत होते हुए कहा.
आर्यन: रोहन..
तब वो होश मई आता हुआ बोलै.
रोहन: ha..ha सॉरी yr,aur बता कहा हो तुम आज कल.
आर्यन: तुमसे एक काम था.
रोहन: है बोलो न.
रोहन उस से बात कर रहा था जबकि वो बार बार आशु को भी एक निगाह देख लेता.
आर्यन: ये lo,mujhe टेस्ट करके बताओ की ये क्या है.
आर्यन ने वो पैकेट उसे देते हु कहा.
रोहन: ok, 5 मिंट दो अभी बताता हु.
रोहन वह से जाते हुए बोलै फिर कुछ सोचते हुए बोलै.
रोहन: वैसे भाई ये लड़की कोण है.
आर्यन: ये मेरी ग...
आर्यन अभी बोल hi रहा था की पीछे से आशु तुरंत बोली.
आशु: म इसकी बहिन हु.
ये सुनकर आर्यन को बहुत गुस्सा aaya,usne पीछे मुड़कर आशु को घूर कर देखा. जबकि रोहन के चेहरे पर ख़ुशी झलकी. फिर वो वह से चला गया. आशु वह राखी एक चेयर पर बेथ गयी जबकि आर्यन वही टहलने लगा. अब आशु समझ गयी थी की आर्यन उसे यहाँ क्यों लेकर आया है. कुछ देर बाद hi रोहन आता है.
आर्यन: पता चला ये क्या है.
रोहन: है..
आर्यन: तो batao,ye क्या है.
रोहन: लेकिन ये थोड़ा पर्सनल मतलब इनके सामने...
रोहन ने आशु की और इशारा करते हुए कहा.
आर्यन: कोई बात नहीं इसके सामने hi बताओ.
रोहन: ok, तो बात ये है की ये अफ्रोदिसिअस दोसे है मीन्स की ये इंसान के अंदर सेक्स उत्तेजना को भड़कती है. और ये तो है भी बहुत हैवी दोसे.
ये सुनकर आशु को एक झटका सा लगा. उसने आर्यन की और एक निगाह देखा.
रोहन: लेकिन तुम्हे ये कहा से...
आर्यन: एक केस के सिलसिले mai,achha म अब चलता हु.
आर्यन ने उसे kaha,to वो एक बार और आशु की और देखता है. आर्यन वह से निकलकर अपने केबिन मई आ जाता है. वो आशु को एक चेयर देता है और एक कॉल लगता है. उसने स्पीकर ों किया हुआ था. जैसे hi कॉल रिसीव होता है वो शिल्पा का था.
शिल्पा: Hello Aryan,kese हो.
आर्यन: शिल्पा तूने ये मेरे साथ अच्छा नहीं kiya,tune मुझे फ़साने के लिए इतनी बड़ी प्लानिंग की हुई थी.
आर्यन गुस्से से बोलता है.
शिल्पा: मेने कहा न Aryan,mene कुछ नहीं किया है.
आर्यन: अपनी बकवास बंद kar,mene तेरे उस वेटर से सब कुछ उगलवा लिया है. म जान गया हु तूने मुझे अफ्रोदिसिअस दिया था ताकि तू मुझे सडके कर सके. और फिर तूने उसे रिकॉर्ड करके मेरी गफ को सेंड कर दिया ताकि वो मुझसे दूर हो जाए. कॉंग्रट्स वो मुझसे दूर हो गयी है.
आर्यन ने भारी स्वर मई आशु की और देखते हुए कहा.
शिल्पा: चलो अच्छा है तुम्हे पता चल गया. वैसे तुमने ये सोच भी कैसे लिया की तुम मुझे ठुकराकर किसी और के साथ मजे करोगे. मेने प्यार किया है तुमसे. अगर तुम मेरे नहीं हो सकते तो म तुम्हे किसी और का भी नहीं होने दूंगी. वैसे प्यार बहुत करते हो तुम उस कामिनी se,itni हैवी दोसे देने के बाद भी तुमने अपने आपको कण्ट्रोल किया हुआ था. मेने तुम्हे इतना सडके kiya,nangi हुई तब जाकर काम बना.
वो हस्ती हुई कह रही थी.
आर्यन: शिल्पा तूने बहुत बड़ी गलती kardi,iski सजा तो तुझे हार हल मई मिलेगी लेकिन याद रख अगर वो मुझस दूर चली गयी न तो म तेरी ज़िन्दगी नरक बना दूंगा.
गुस्से मई कहते हुए आर्यन ने कॉल कट करदी.
आर्यन: आशु प्ल्ज़ यार अब तो मेरी बात सुनले. म सिर्फ तुझसे प्यार करता हु सिर्फ तुझसे. म तेरे सिवा किसी और के बारे मई सोच भी नहीं सकता. तू यकीन कर जब मेने वो ड्रिंक पी थी तो मुझे सेक्स करने की इतनी तालाब हो रही थी की म बता भी नहीं सकता. मेरे दिमाग की नेर्वेस जैसे फटने लगी थी. फिर वो कामिनी शिल्पा मेरे सामने नंगी हो गयी. तब भी मेने अपने आपको बहुत रोका हुस tha,lekin पता नहीं कैसे मेरे दिमाग ने मेरा साथ देना बंद कर दिया और ये सब हो गया. म खुद तुझसे नजरे मिलाने के काबिल नहीं रहा.
आर्यन की आँखे ये कहते हुए भर आयी thi,wo बहुत टूट सा गया था. आशु को भी उसकी फ़िक्र होने लगी थी.
आशु: आर्यन मेने जब वो वीडियो देखा मुझे तब भी उसपर यकीन नहीं था. लेकिन जब तूने मुझे बताया की वो सच है मानो मेरी तो साँसे hi रुक गयी थी. फिर जब तूने मुझे बताया की ड्रिंक पीने के बाद तुझे पता नहीं क्या हुआ जिसकी वजह से तू बहक गया. तब मुझे भी तुझपे यकीन था की तू मुझे धोका नहीं दे सकता. लेकिन मुझे दुःख इस बात का नहीं है की तूने ये kiya,mujhe दुःख इस बात का है की तूने मुझसे ये बात छिपाई की तू शिल्पा से बात कर रहा है.
आशु भी आँखों मई आँशु लिए बोली.
आर्यन: आशु म मंटा हु मुझसे गलती हुई लेकिन प्ल्ज़ एक बार मेरी गलती माफ़ karde,m तुझसे कुछ भी छिपाना नहीं चाहता था लेकिन क्या करू मेरा बुरा वक़्त था जो म भूल जाता था.
अभी उनकी बाते चल hi रही थी की गेट पर सिंह ने नॉक किया. दोनों ने अपने आपको सही किया.
आर्यन: सर प्ल्ज़ आ जाइये.
सिंह: मुझे तो अभी hariom(peon) ने बताया की तुम आये हुए हो.
सिंह अंदर आते हुए बोलै.
आर्यन: जी अभी कुछ देर पहले hi आया था.
आर्यन ने उसे चेयर देते हुए कहा.
सिंह: क्या बात है bhai,sab ठीक है.
सिंह को जैसे लगा की उन दोनों के बीच कोई गड़बड़ है.
आर्यन: नहीं sir,sab ठीक है.
सिंह: और बीटा तुम किसी हो.
उसने आशु की और देखकर कहा.
आशु: जी ठीक हु.
आर्यन: चलो bhai,m अपने केबिन मई हु मुझसे मिलकर जाना.
सिंह वह से चला जाता hai,ab वो दोनों वह चुप चाप बैठे हुए थे. तभी आर्यन का फ़ोन बजता है तो वो उसकी मम्मी का था.
अंजलि: आर्यन इतना टाइम हो गया है लेकिन आशु अब तक घर नहीं आयी . उसका फ़ोन भी नहीं लग रहा है.
अंजलि फ़िक्र करते हुए बोली.
आर्यन: मम्मी आशु मेरे साथ hai,ham आते है अभी.
अंजलि: तेरे saath...lekin तू तो ऑफिस गया था न.
आर्यन: है लेकिन मेरी छूती जल्दी हो गयी तो म उसे साथ लेकर आता हु.
फिर कॉल कट हो गयी.
आर्यन: प्ल्ज़ हनी एक बार मुझे माफ़ करदे.
आशु: मुझे घर जाना है.
आशु का ताका सा जवाब सुनकर उसका दिल टूट सा गया था.
आर्यन: ok,m सर से मिलके आता हु फिर चलते है.
उसके बाद आर्यन सिंह से मिलने चला gaya,kuch देर बाद hi वो दोनों वह से निकल गए. आशु बैठी हुई सोच रही थी.
आशु: मुझे पता है ारु तू मेरे सिवा किसी और से प्यार नहीं karta,lekin तूने गलती तो की है. और उसकी सजा तुझे जरूर मिलेगी. जितना मई रोई हु न तेरे liye,thoda तो तुझे भी तड़फना बनता है.
कानपूर सिटी के बहार सालो से बंद पड़ी एक फैक्ट्री मई एक 40-45 साल का तगड़ा, रोबदार आदमी एक चेयर पर सर टिकाये हुए बैठा था. उसके daaye-baaye 2 गार्ड हाथ मई गन लिए खड़े हुए थे जबकि और भी बहुत से आदमी चारो और गन लिए खड़े हुए थे. सामने यादव और खन्ना सर झुकाये खड़े हुए थे. ये आदमी कोई और नहीं ज़ोर था.
ज़ोर: तुम्हे किस बात के पैसे खिलता हु m,ye सुनने के लिए की तुम पर एक काम भी ठीक से नहीं होता. इतने दिन से झक मार रहे थे क्या तुम लोग जो उस कुत्ते का अब तक भी पता नहीं चला.
ज़ोर गुस्से से गुर्राता हुआ बोलै.
खन्ना: सर हमने बहुत कोसिस की है पता लगाने ki,lekin हमें लगता है की वो कही जाकर छुप गया है.
खन्ना सफाई देते हुए बोलै.
ज़ोर: भाड़ मई जाओ तुम sab,agar वो जहन्नुम मई भी छुपा होगा न तो म उसे वह से hi खींच कर ले आऊंगा. उसका वो हाल करूँगा की वो मौत की दवा मांगेगा. उसे ये तो जानना hi होगा की उसने किस से पन्गा लिया है.
ज़ोर की आँखों से जैसे अंगारे बरस रहे थे. फिर उसने अपने एक आदमी की और इशारा किया जोकि 6 फ़ीट lamba,takda आदमी था.
ज़ोर: कपाली जा और जाकर उस ैप को लेकर aa,wo खुद बताएगा की वो कुत्ता कोण था जिसने मेरे इस काले साम्राज्य को हिलने की कोसिस की है.
ये सुनकर खन्ना को थोड़ी गब्रहत सी हुयी अपनी बेटी की तरफ से.
कपाली: ठीक है बॉस, वो कल आपके सामने होगा.
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यहाँ आर्यन आशु से बात करने की नाकाम कोसिस कर रहा था. शाम हो चुकी thi,khaana डाइनिंग टेबल पर लग चूका था.
आर्यन बैठा हुआ इंतज़ार कर रहा था की कब आशु नीचे आये.
निर्मला: अंजलि जा जाकर आशु को भी उठा de,usne तो दोपहर मई भी खाना नहीं खाया था.
अंजलि: जी maaji,abhi जाती हु. पता नहीं इस लड़की की भी रोज़ तबियत ख़राब रहने लगी है.
वो ऊपर आशु को बुलाने gayi,Aryan बड़ी hi बेसब्री से उसका वेट कर रहा था. थोड़ी देर बाद अंजलि वापस आती है.
निर्मला: क्या हुआ.
अंजलि: वो बोल रही है की उसके सर मई अभी भी दर्द है. वो खाना ऊपर hi खायेगी. आप लोग खाना स्टार्ट करो म उसे देकर आती हु. आर्यन का मुँह ये सुनकर उतर गया. उसने भी न के बराबर hi खाना खाया और घर से बहार चला गया. वो जाकर एक पार्क मई बेथ गया और जो कुछ भी उसके साथ हो रहा है उसके बारे मई सोचने लगा. उसे आशु की बहुत याद आ रही थी. देर रात वो घर आया तो आशु नीचे अपने पापा के साथ बैठी हुई थी. आर्यन उसकी और देख रहा था लेकिन उसे जैसे उसकी कोई परवाह hi नहीं थी. आशु की आँखे बिलकुल लाल हो रही थी जैसेकि वो तब से रो hi रही थी. आर्यन भी आकर वही बेथ गया.
आशु: पापा म सोने जा रही हु.
आर्यन के वह बैठते hi वो तुरंत बोली. आर्यन के दिल मई जैसे एक तीस सी उठी.
राजेश: ठीक है beta,tum जाकर आराम करो.
उसके जाते hi कुछ देर बाद आर्यन भी ऊपर चला गया. वो उसके कमरे मई जाने लगा लेकिन उसने गेट बंद किया हुआ था. आर्यन ने उस से दरवाजा खोलने के लिए बहुत रिक्वेस्ट की लेकिन वो तो जैसे गूंगी hi हो गयी थी. थक हारकर वो अपने रूम मई आकर लेत गया. उसकी आँखों मई आँशु आ गए the,wo अपने आपको ब्लामे कर रहा था की क्यों उसने शिल्पा से बात की. इस तरह वो दोनों पता नहीं कब सोये होंगे.
नेक्स्ट डे, आर्यन जल्दी hi ऑफिस के लिए रेडी हो गया था बकज़ उसे पता था की आज आशु का पेपर hai,aur वो उसके साथ नहीं जायेगी. जब आर्यन नीचे उतरा तो आशु डाइनिंग टेबल पर बैठी हुई नास्ता कर रही थी. लेकिन वो तो जैसे वह थी hi nahi,pata नहीं किन सोचो मई गम थी. आर्यन भी आकर उसके सामने वाली चेयर पर बेथ गया. लेकिन उसके आते hi वो कड़ी हो गयी.
आशु: मम्मी म चलती हु.
अंजलि: kyu,apne भाई के साथ hi तो जायेगी न तू. तो उसे तो नास्ता कर लेने दे.
आशु: नहीं मम्मी, मुझे आज जल्दी जाना है.
और इतना बोलकर वो वह से तुरंत निकल गयी.
निर्मला: मुझे ऐसा लगता है इन दोनों मई फिरसे झगड़ा हुआ है.
निर्मला अंदाज़ा लगते हुए बोली.
अंजलि: माजी मुझे तो कल से hi लग रहा था की इन दोनों के बीच कुछ न कुछ तो जरूर हुआ hai,warna ये दोनों तो एक दूसरे का पीछा hi नहीं छोड़ते है.
अंजलि रसोई से hi बोली.
आर्यन: मम्मी म भी चलता हु.
इतना बोल आर्यन भी तुरंत घर से बहार निकल गया.
निर्मला: पता नहीं ये दोनों कब बड़े होंगे.
आर्यन ने बाइक स्टार्ट की और आशु के पीछे जाने लगा. आशु स्ट्रीट से निकल कर एक और कड़ी हुई बस का वेट कर रही थी. आर्यन ने जाकर आशु के पास बाइक रोकी. जिसे देख आशु के चेहरे पर गुस्से के भाव आ गए. वो वह से आगे बढ़ने लगी तो आर्यन ने उसका हाथ पकड़ा और चिल्लाते हुए बोलै.
आर्यन: इतना गुस्सा क्यों दिखा रही है tu,kam से काम एक बार मेरी बात तो सुन.
आशु: क्या suno,teri रासलीला या ये की तूने मेरे प्यार की इंसल्ट की hai,mjhe चीट करके.
आशु भी उसका हाथ झटक कर चिल्लाते हुए बोली. जबकि उनसे थोड़ी दूर कुछ और लोग भी थे जो उन्हें देख रहे थे. लेकिन उन्हें सुनाई नहीं दे रहा था बकज़ आशु ने जब आर्यन को देखा तो वह से जाने लगी थी.
आर्यन: आशु प्ल्ज़ मेरी बात सुन.
आर्यन अब नरन पद चूका था.
आशु: मुझे कुछ नहीं सुन न.
ये बोलकर वो जाने लगी तो आर्यन का धैर्य अब जवाब दे गया. उसने बाइक कड़ी की और उसका हाथ पकड़ कर बाइक की और ले जाने लगा.
आशु: मेरा हाथ छोड़ Aryan,mujhe बेवजह यहाँ तमाशा नहीं करना.
आशु अपना हाथ छूटते हुए बोली.
आर्यन: मेने कहा न चुपचाप बाइक पर बेथ.
आर्यन को गुस्सा आ रहा था इसलय वो दांत भींचते हुए बोलै. इसका असर ये हुआ की वो भी तुरंत hi बेथ गयी. आर्यन ने बाइक स्टार्ट की और दौड़ा दी. जब आशु ने देखा की वो कॉलेज की बजाये कही और जा रहा है तो वो बोली.
आशु: ये कहा ले जा रहा है तू मुझे.
आर्यन: चुपचाप बैठी reh,ab बहुत दिमाग ख़राब कर लिया तूने मेरा.
आशु: मेरा पेपर है.
आर्यन: मुझे पता hai,abhi बहुत टाइम है पेपर मई. इसलय चुपचाप बैठी रह.
कुछ देर चलने के बाद आर्यन उस होटल मई गया जहा कल रात मई पार्टी थी. आशु को कुछ समझ नहीं आ रहा था की वो यहाँ क्या करने आया है. आर्यन ने उसका हाथ पकड़ा और अंदर जाने लगा. उसने गेट पर खड़े एक गार्ड से पूछा.
आर्यन: मुझे तुम्हारे मैनेजर से मिलना है.
गार्ड: वो अभी नहीं आये hai,kuch देर मई आने वाले hi होंगे.
आर्यन: कण्ट्रोल रूम कहा पर है.
गार्ड: उस तरफ.
उसने एक और इशारा करते हुए कहा. आर्यन गुस्से से उस तरफ बढ़ा. वो अंदर गया तो वह दो आदमी बैठे हुए थे. उन दोनों को वह देखकर एक आदमी बोलै.
मन1: कोण है भाई tu,aur यहाँ क्या कर रहा है.
आर्यन: म सीबीआई से हु, काल रात यहाँ एक बर्थडे पार्टी हुई थी मुझे उसकी कक्तव फुटेज देखनी है.
आर्यन ने उन्हें अपना ईद दिखते हुए कहा.
मन2: सॉरी sir,lekin हम हमारे मैनेजर की सहमति के बिना आपको कुछ नहीं दिखा सकते.
दूसरा आदमी आर्यन से नरम आवाज़ मई कहता है लेकिन आर्यन तो बहुत गुस्से मई था. उसने अपना बैग खोला और जो पिस्तौल उसे मिला हुआ था ,उसे निकलकर उस आदमी की कनपटी पर रख दिया.
आर्यन: चुपचाप मुझे कल की फुटेज दिखा, वर्ण कल के नेवसपपेर मई तेरा फोटो आएगा.
आर्यन को गुस्से मई देख उसकी फैट गयी.
मन2: दिखता हु.. दिखता हु.
और वो कल की रिकॉर्डिंग चलने लगा. आशु भी आकर देखने लगी थी.
आर्यन: स्किप करो.. और आगे... और आगे.. है अब वह ज़ूम करो.
उसने जब शिल्पा को एक वेटर के साथ देखा तो उसने उसे ज़ूम करने को कहा. शिला उस वेटर से कुछ बात कर रही thi,phir उसने एक पैकेट मई पाउडर जैसा कुछ निकला और एक ड्रिंक मई दाल दिया. और उस वेटर को कुछ समझने के बाद वापस आ गयी.
आर्यन: गोत आईटी.. ये कोण है. मुझे इस से अभी मिलना है.
आर्यन ने उस वेटर की और इशारा करते हुए कहा.
मन1: सर ये हमारे यहाँ वेटर hai,kya बात है.
आर्यन: मुझे इसके पास ले चलो खुद समझ जाओगे.
आर्यन ने अपनी कमर के पीछे गन लगाई और उस आदमी को साथ चलने के लिए कहा. आशु सब समझने की कोसिस कर रही थी. तब वो आदमी उन दोनों को उस वेटर के पास ले गया जोकि एक रूम की सफाई कर रहा था.
मन1: sushil,ye साहब तुमसे मिलने आये है.
उस आदमी ने आर्यन की और इशारा करते हुए कहा, आर्यन को देख कर उसकी फैट गयी.
आर्यन: मुझे तो पहचान hi गया होगा tu,ab चुपचाप ये बता मेरी ड्रिंक मई क्या मिलाया था और क्यों. वर्ण तेरा वो हाल काऊंगा की तू दोबारा जन्म लेने से भी डरेगा.
आर्यन दांत पीसते हुए बोलै. आशु को भी आज उस से दर लग रहा था क्योंकि आज से पहले उसने कभी भी आर्यन को इतने गुस्से मई नहीं देखा था.
सुशिल: साहब मेने कुछ नहीं किया, उस मेडम ने आपकी ड्रिंक मई वो पाउडर मिलाया था.
उसने डरते हुए कहा.
आर्यन: केसा पाउडर था वो.
सुशिल: साहब मुझे नहीं पता म तो लालच मई आ गया था.. लेकिन मेरे पास वो पाउडर है.
उसे जैसे कुछ याद आया दरअसल हुआ ये था की जब शिल्पा ने पाउडर मिलाया था तो उसने वो पैकेट नीचे फेंक दिया था जिसमे की अभी थोड़ा बाकि था. तब उस वेटर ने वो वह से उठा लिया था.
आर्यन: मुझे do,abhi.
वो वेटर वह से गया और कुछ देर बाद आकर उसने वो पैकेट उसे दे दिया. जिसमे की थोड़ा सा पाउडर बाकि था.
आर्यन ने वो पाउडर लिया और तुरंत आशु का हाथ पकड़कर बहार ले गया. उसने उसे बाइक पर बैठाया और बाइक कॉलेज की और दौड़ा दी. कॉलेज पहुँचने के बाद आर्यन बोलै.
आर्यन: पेपर देकर जल्दी aa,m यही पर खड़ा हु.
आशु कुछ कहना चाहती थी लेकिन उसका मूड देखकर वो बिना कहे hi चली गयी. आर्यन जाकर उस कैफ़े मई बेथ गया. आशु पेपर देते हुए सोच रही थी की वो पाउडर केसा hai,aur शिल्पा ने आर्यन को क्यों दिया. पेपर देने के बाद वो बहार आयी तो आर्यन बहार hi खड़ा था. अदिति भी साथ hi थी.
आर्यन: आशु बेथ.
आशु: म खुद चली जाउंगी.
आर्यन: एक बार मई कहा हुआ समझ नहीं आता kya,beth.
अदिति: चली जा न यार, इन्हे क्यों गुस्सा दिला रही है.
अदिति हस्ते हुए आशु से कहती है. आशु उस की और घूरती है और जाकर बाइक पर बेथ जाती है. आर्यन बाइक दौड़ता है और कुछ देर बाद hi वो दोनों आर्यन के ऑफिस के बहार थे. आर्यन बाइक पार्क करता है और आशु को लेकर अंदर आ जाता है. आशु को समझ नहीं आ रहा था की वो उसे लेकर यहाँ क्यों आया है. लेकिन उसने कुछ न बोलना hi सही समझा. तभी उसे रवि मिलता है.
रवि: आर्यन कहा हो भाई tum,m अभी तुम्हे hi कॉल करने वाला था.
रवि ने उस से हाथ मिलते हुए कहा.
आर्यन: बस कही नहीं रवि bhai,thodi तबियत खराब थी.
रवि: तुम्हे सिंह सर याद कर रहे थे.
आर्यन: है मेने उन्हें कॉल किया था.
रवि: चलो ठीक hai,fir मिलते है. मुझे एक जगह इन्वेस्टीगेट करने जाना है.
फिर आर्यन वह से सीधा फॉरेंसिक लैब मई आया. वो लैब असिस्टेंट के पास गया. जोकि दिखने मई अच्छा खासा और लगभग 27-28 साल का था.
आर्यन: hello डॉ. रोहन कैसे हो.
आर्यन ने हाथ मिलते हुए kaha,lekin जब रोहन की नजर आर्यन के पीछे आती हुई आशु पर पड़ी तो वो जैसे सब कुछ भूल गया. वो तो बस एकटक आशु को hi देख रहा था. जबकि आशु वह राखी हर चीज़ का मुवायना कर रही थी.
आर्यन ने जब रोहन की निगाह का पीछा किया तो उसे एक पल को बहुत गुस्सा आया लेकिन अगले hi पल शांत होते हुए कहा.
आर्यन: रोहन..
तब वो होश मई आता हुआ बोलै.
रोहन: ha..ha सॉरी yr,aur बता कहा हो तुम आज कल.
आर्यन: तुमसे एक काम था.
रोहन: है बोलो न.
रोहन उस से बात कर रहा था जबकि वो बार बार आशु को भी एक निगाह देख लेता.
आर्यन: ये lo,mujhe टेस्ट करके बताओ की ये क्या है.
आर्यन ने वो पैकेट उसे देते हु कहा.
रोहन: ok, 5 मिंट दो अभी बताता हु.
रोहन वह से जाते हुए बोलै फिर कुछ सोचते हुए बोलै.
रोहन: वैसे भाई ये लड़की कोण है.
आर्यन: ये मेरी ग...
आर्यन अभी बोल hi रहा था की पीछे से आशु तुरंत बोली.
आशु: म इसकी बहिन हु.
ये सुनकर आर्यन को बहुत गुस्सा aaya,usne पीछे मुड़कर आशु को घूर कर देखा. जबकि रोहन के चेहरे पर ख़ुशी झलकी. फिर वो वह से चला गया. आशु वह राखी एक चेयर पर बेथ गयी जबकि आर्यन वही टहलने लगा. अब आशु समझ गयी थी की आर्यन उसे यहाँ क्यों लेकर आया है. कुछ देर बाद hi रोहन आता है.
आर्यन: पता चला ये क्या है.
रोहन: है..
आर्यन: तो batao,ye क्या है.
रोहन: लेकिन ये थोड़ा पर्सनल मतलब इनके सामने...
रोहन ने आशु की और इशारा करते हुए कहा.
आर्यन: कोई बात नहीं इसके सामने hi बताओ.
रोहन: ok, तो बात ये है की ये अफ्रोदिसिअस दोसे है मीन्स की ये इंसान के अंदर सेक्स उत्तेजना को भड़कती है. और ये तो है भी बहुत हैवी दोसे.
ये सुनकर आशु को एक झटका सा लगा. उसने आर्यन की और एक निगाह देखा.
रोहन: लेकिन तुम्हे ये कहा से...
आर्यन: एक केस के सिलसिले mai,achha म अब चलता हु.
आर्यन ने उसे kaha,to वो एक बार और आशु की और देखता है. आर्यन वह से निकलकर अपने केबिन मई आ जाता है. वो आशु को एक चेयर देता है और एक कॉल लगता है. उसने स्पीकर ों किया हुआ था. जैसे hi कॉल रिसीव होता है वो शिल्पा का था.
शिल्पा: Hello Aryan,kese हो.
आर्यन: शिल्पा तूने ये मेरे साथ अच्छा नहीं kiya,tune मुझे फ़साने के लिए इतनी बड़ी प्लानिंग की हुई थी.
आर्यन गुस्से से बोलता है.
शिल्पा: मेने कहा न Aryan,mene कुछ नहीं किया है.
आर्यन: अपनी बकवास बंद kar,mene तेरे उस वेटर से सब कुछ उगलवा लिया है. म जान गया हु तूने मुझे अफ्रोदिसिअस दिया था ताकि तू मुझे सडके कर सके. और फिर तूने उसे रिकॉर्ड करके मेरी गफ को सेंड कर दिया ताकि वो मुझसे दूर हो जाए. कॉंग्रट्स वो मुझसे दूर हो गयी है.
आर्यन ने भारी स्वर मई आशु की और देखते हुए कहा.
शिल्पा: चलो अच्छा है तुम्हे पता चल गया. वैसे तुमने ये सोच भी कैसे लिया की तुम मुझे ठुकराकर किसी और के साथ मजे करोगे. मेने प्यार किया है तुमसे. अगर तुम मेरे नहीं हो सकते तो म तुम्हे किसी और का भी नहीं होने दूंगी. वैसे प्यार बहुत करते हो तुम उस कामिनी se,itni हैवी दोसे देने के बाद भी तुमने अपने आपको कण्ट्रोल किया हुआ था. मेने तुम्हे इतना सडके kiya,nangi हुई तब जाकर काम बना.
वो हस्ती हुई कह रही थी.
आर्यन: शिल्पा तूने बहुत बड़ी गलती kardi,iski सजा तो तुझे हार हल मई मिलेगी लेकिन याद रख अगर वो मुझस दूर चली गयी न तो म तेरी ज़िन्दगी नरक बना दूंगा.
गुस्से मई कहते हुए आर्यन ने कॉल कट करदी.
आर्यन: आशु प्ल्ज़ यार अब तो मेरी बात सुनले. म सिर्फ तुझसे प्यार करता हु सिर्फ तुझसे. म तेरे सिवा किसी और के बारे मई सोच भी नहीं सकता. तू यकीन कर जब मेने वो ड्रिंक पी थी तो मुझे सेक्स करने की इतनी तालाब हो रही थी की म बता भी नहीं सकता. मेरे दिमाग की नेर्वेस जैसे फटने लगी थी. फिर वो कामिनी शिल्पा मेरे सामने नंगी हो गयी. तब भी मेने अपने आपको बहुत रोका हुस tha,lekin पता नहीं कैसे मेरे दिमाग ने मेरा साथ देना बंद कर दिया और ये सब हो गया. म खुद तुझसे नजरे मिलाने के काबिल नहीं रहा.
आर्यन की आँखे ये कहते हुए भर आयी thi,wo बहुत टूट सा गया था. आशु को भी उसकी फ़िक्र होने लगी थी.
आशु: आर्यन मेने जब वो वीडियो देखा मुझे तब भी उसपर यकीन नहीं था. लेकिन जब तूने मुझे बताया की वो सच है मानो मेरी तो साँसे hi रुक गयी थी. फिर जब तूने मुझे बताया की ड्रिंक पीने के बाद तुझे पता नहीं क्या हुआ जिसकी वजह से तू बहक गया. तब मुझे भी तुझपे यकीन था की तू मुझे धोका नहीं दे सकता. लेकिन मुझे दुःख इस बात का नहीं है की तूने ये kiya,mujhe दुःख इस बात का है की तूने मुझसे ये बात छिपाई की तू शिल्पा से बात कर रहा है.
आशु भी आँखों मई आँशु लिए बोली.
आर्यन: आशु म मंटा हु मुझसे गलती हुई लेकिन प्ल्ज़ एक बार मेरी गलती माफ़ karde,m तुझसे कुछ भी छिपाना नहीं चाहता था लेकिन क्या करू मेरा बुरा वक़्त था जो म भूल जाता था.
अभी उनकी बाते चल hi रही थी की गेट पर सिंह ने नॉक किया. दोनों ने अपने आपको सही किया.
आर्यन: सर प्ल्ज़ आ जाइये.
सिंह: मुझे तो अभी hariom(peon) ने बताया की तुम आये हुए हो.
सिंह अंदर आते हुए बोलै.
आर्यन: जी अभी कुछ देर पहले hi आया था.
आर्यन ने उसे चेयर देते हुए कहा.
सिंह: क्या बात है bhai,sab ठीक है.
सिंह को जैसे लगा की उन दोनों के बीच कोई गड़बड़ है.
आर्यन: नहीं sir,sab ठीक है.
सिंह: और बीटा तुम किसी हो.
उसने आशु की और देखकर कहा.
आशु: जी ठीक हु.
आर्यन: चलो bhai,m अपने केबिन मई हु मुझसे मिलकर जाना.
सिंह वह से चला जाता hai,ab वो दोनों वह चुप चाप बैठे हुए थे. तभी आर्यन का फ़ोन बजता है तो वो उसकी मम्मी का था.
अंजलि: आर्यन इतना टाइम हो गया है लेकिन आशु अब तक घर नहीं आयी . उसका फ़ोन भी नहीं लग रहा है.
अंजलि फ़िक्र करते हुए बोली.
आर्यन: मम्मी आशु मेरे साथ hai,ham आते है अभी.
अंजलि: तेरे saath...lekin तू तो ऑफिस गया था न.
आर्यन: है लेकिन मेरी छूती जल्दी हो गयी तो म उसे साथ लेकर आता हु.
फिर कॉल कट हो गयी.
आर्यन: प्ल्ज़ हनी एक बार मुझे माफ़ करदे.
आशु: मुझे घर जाना है.
आशु का ताका सा जवाब सुनकर उसका दिल टूट सा गया था.
आर्यन: ok,m सर से मिलके आता हु फिर चलते है.
उसके बाद आर्यन सिंह से मिलने चला gaya,kuch देर बाद hi वो दोनों वह से निकल गए. आशु बैठी हुई सोच रही थी.
आशु: मुझे पता है ारु तू मेरे सिवा किसी और से प्यार नहीं karta,lekin तूने गलती तो की है. और उसकी सजा तुझे जरूर मिलेगी. जितना मई रोई हु न तेरे liye,thoda तो तुझे भी तड़फना बनता है.