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आर्यन कुछ देर पहले hi सोया था की उसे अपने होंठो पर कुछ गीला गीला फील हुआ, कच्ची नींद मई होने की वजह से जैसे hi उसने अपनी आँखे खोली, वो अपने चेहरे पर आशु को झुके हुए पाटा है. ये देख वो भी आशु का साथ देने लगा. धीरे धीरे उनकी ये किश वाइल्ड होती चली गयी, दोनों भाई बहिन एक दूसरे के मुँह मई अपनी जीभ डालकर उन्हें चूस रहे थे, वो दोनों जैसे एक दूसरे मई समां जाना चाहते थे.
जब उन दोनों की साँसे फूलने लगी तो दोनों ने अपने होंठ हटा लिए, और आशु आर्यन से लिपट गयी. आर्यन भी अपनी बहिन को और जोरो से चिपका लेता है.
आर्यन: किसी है मेरी जान.
आशु: अब बहुत ज्यादा अच्छी हु.
आशु उसे एक किश करते हुए कहती है.
आर्यन: क्या बात है आज बहुत खुश लग रही है.
आर्यन उसके बालो मई अपना हाथ फेरते हुए कहता है.
आशु: खुश होने की तो बात hi है ारु, mummy-papa हमारे रिश्ते के लिए मान गए है.
आशु खुशी से उसके गाल अपने दांतो से काट ते हुए बोली.
आर्यन: आह्ह्ह्ह बिल्ली, मुझे क्यों काट रही है.
आर्यन को उसके काटने से थोड़ा फील हुआ था.
आशु: तू काटने की बात कर रहा है, मेरा मन कर रहा है म तुझे आज खा जाओ.
आशु फिर उसके गाल पर अपनी जीभ फिरते हुए बोली.
आशु: ारु मेने तो आस hi छोड़ दी थी की क्या हमारे पेरेंट्स हमारे प्यार को कभी समझ पाएंगे ?
आशु ने उसकी आँखों मई आँखे डालते हुए कहा.
आर्यन: सच मई यर हनी, हमारे पेरेंट्स ने हमारे लिए बहुत बड़ा सैक्रिफाइस किया है.
ये सुनकर जैसे आशु कुछ सोचने लगती है, आर्यन अब ऐसा बिलकुल भी नहीं चाहता था.
आर्यन: वैसे मम्मी ने अभी हमें साथ रहने से मन किया था.
आर्यन अपनी बहिन की और आँख मारते हुए बोलै.
आशु: है कहा था, लेकिन मुझे अपने होने वाले हुब्बी की बहुत याद आ रही थी.
ये कहकर वो अपना सर अपने भाई के सीने मई छिपा लेती है.
उसकी बात सुनकर आर्यन को एक अजीब सी फीलिंग आयी.
आर्यन: क्या कहा तूने हुब्बी??
आशु: है तो...
आशु ऐसे hi उसके सीने मई सर छिपाये पड़ी रही.
आर्यन: अच्छा दादी तो नहीं जाग रही थी.
आर्यन ने उस से पूछा.
आशु: नहीं वो जाग रही है.
आर्यन: क्या?? वो जाग रही है.
आशु: तू दर मत, उन्होंने hi मुझे तेरे पास भेजा है.
आर्यन: क्या??
आर्यन को जैसे इसकी उम्मीद नहीं थी.
आशु: वैसे उन्हें पहले से hi पता था की म उनके सोने के बाद तेरे पास आती थी.
आशु अपना सर उठाकर कहती है.
आर्यन: तो अब हमारी शादी होगी.
आशु: है तो और, ऐसे hi थोड़ा न मेने तेरे साथ राते बीते है.
आर्यन: तो अपने पति को आप कहते है, समझी.
आर्यन उसकी नाक को पकड़ कर कहता है.
आशु: chal..chal अपना काम कर, म कोई aap-vaap नहीं कहने वाली तुझे.
आशु उसके बालो को फूँक से उड़ाते हुए बोली.
आर्यन: फिर मम्मी पापा hi कहेंगे की कितनी बद्तमीज़ बहु है उनकी, जो अपने हस्बैंड को भी तू कहती है.
आशु: ज्यादा मत बोल वर्ण तू पिटेगा अब मुझसे.
आशु बनावटी गुस्सा दिखते हुए बोली.
आर्यन: शादी होने से पहले जितना मारना है मार्ले, उसके बाद मेने एक एक करके बदला न लिया न तुझसे तो मेरा नाम भी आर्यन नहीं.
आशु: शादी के बाद क्यों, अब दर लगता है क्या मुझसे.
आशु हस्ते हुए कहती है.
आर्यन: नहीं दर नहीं लगता बस तू मुझसे बड़ी है न इसलिए, शादी होने के बाद म तुझसे बड़ा हो जाऊंगा.
आर्यन अपनी आँखे नाचते हुए कहता है.
आशु: तू ख्याली पुलाव पकता रह बस.
आर्यन: और तूने अपनी किसी हालत बना राखी है ये, देख मेरी हनी का चेहरा भी कैसे मुरझा सा गया है.
आर्यन उसके चेहरे को अपने हाथो मई लेता हुआ कहता है.
आशु: कोई बात नहीं अब खिल जाएगा.
आशु उसके हाथो को चूमते हुए बोलै. आर्यन ने अचानक उसे पलटा दिया और खुद उसके ऊपर आ गया, और अपने होंठ उसकी और बढ़ने लगा.
आशु: ारु देख मम्मी ने कुछ भी करने से मन किया था.
आशु उसे ऊँगली दिखते हुए बोलती है.
आर्यन: ये तुझे खुद सोचना था जब तू शेर के मुँह मई खून लगा रही थी.
ये कहते hi आर्यन उसके होंठो से अपने होंठ मिला देता है, और आशु भी उसका साथ देने लगती है. आशु के हाथ आर्यन के सर पर घूमने लगते है. आर्यन उसके मुँह मई अपनी जीभ डालता और आशु उसकी जीभ को चूसती. आर्यन का एक हाथ आशु की चूचियों को टीशर्ट के ऊपर से दबोच लेता है, आर्यन अपनी बहिन के बूब्स को सहलाने लगता है. आर्यन का लुंड टैंकर खड़ा हो चूका था, और आशु की जांघो मई टक्कर मार रहा था. आशु भी काफी उत्तेजित हो गयी थी. तभी आर्यन किश तोड़ता है और आशु की टीशर्ट निकल फेंकता है, आशु भी आगे बढ़कर उसकी टीशर्ट उतार फेंकती है. आर्यन अपनी बहिन की ब्रा को भी खेंच देता है.
आशु: आह्हः हनी.. आराम सीए.
और ये कहते hi दोनों वापस से किश मई डूब जाते है, आर्यन एक हाथ से उसके बूब्स को सेहला रहा था. फिर आर्यन अपना मुँह नीचे उसकी बड़ी चूचियों की और लाने लगता है. वो उसके बूब्स के लाल दाने को अपने मुँह मई भर लेता है और उन्हें चूसने लगता है, आशु बहुत ज्यादा गरम होने लगी थी.
आशु: आआह्ह्ह्हह्ह ीिस्स्सह्ह्ह्ह ाआरुणु प्लललज़्ज़ आराम सिर काअररर्र ना.
लेकिन आशु उसकी कोई बात सुने बगैर अपने काम मई लगा रहा. फिर आर्यन उसकी दूसरी चुकी को अपने मुँह मई भर लेता है, और दूसरी को अपने हाथ से दबाने लगता है. आशु के दोनों हाथ अपने भाई के सर पर घूम रहे थे. आर्यन उसके बूब्स को अपने मुँह मई पूरा लेने की कोसिस करता है, लेकिन उसकी बहिन के बूब्स काफी बड़े थे. कुछ देर बाद वो ऐसे hi नीचे बढ़ने लगता है और उसकी नाभि मई अपनी जीभ दाल कर घुमाने लगता है जिस से की आशु की सिसकारी निकल जाती है.
आशु: आअह्ह्ह्ह बहहहहाआईई, एई कययय्यआआ काअररर राहहहा हाई टूउउ, मम पागग्गाअल्ल होऊ ररराहहीइ हहहउ.
अब आर्यन अपना एक हाथ नीचे की और ले जाकर उसके लोअर के अंदर दाल देता है. पेंटी न पहने होने की वजह से उसका हाथ सीधा अपनी बहिन की छूट लगता है जिससे की आशु की सिसकारी निकल जाती है.
आशु: आआह्ह्ह्ह भठ्ठाईए
आर्यन पाटा है की आशु की छूट बुरी तरह से बह रही है, वो नीचे आता है और उसकी लोअर झट से उतार देता है और साथ hi खुद की भी. अब दोनों भाई बहिन बिलकुल नंगे हो चुके थे, आर्यन का लुंड तन कर खड़ा था.
आशु: ारु ये मुझे पहले से भी बड़ा क्यों लग रहा है.
आशु उसके लुंड की और इशारा करते हुए कहती है.
आर्यन: तेरी याद मई ये ऐसा हो गया है.
ये कहकर आर्यन अपनी बहिन की टांगो को घुटनो से मोड़ता है और अपना मुँह उसकी छोट पर टिका देता है.
आशु: आअह्ह्ह्ह ाअरररऊऊऊ.
आर्यन: हनी मरवायेगी क्या, इतनी आवाज़ क्यों कर रही है तू.
उसके इतने जोर से सिसकारने की वजह से आर्यन अपना मुँह उसकी छूट से हटाकर कहता है. और फिर से अपना मुँह उसकी छूट पर लगा देता है, आशु अपने मुँह पर हाथ रखकर सिस्याने लगती है. आर्यन अपनी बहिन की छूट के दाने को अपने मुँह मई लेकर चूस रहा था, जिस से की आशु पागल हो रही थी. फिर आर्यन अपनी जीभ को उसकी छूट के अंदर पेलने लगा, कुछ देर बाद hi आशु उसका सर अपनी छूट पर दबाने लगी.
आशु: आअह्ह्ह भैई औरर ज्जुऊररर सीए.
और फिर उसका शरीर झटके खाने लगता है, उसकी छोट अपना रास छोड़ देती है. आशु अपनी छूट को उसके मुँह पर मरने लगती है और पीछे की और गिर जाती है. आर्यन उसकी छूट से निकले पानी की एक एक बूँद पी जाता है. वो ऊपर उठता है और अपने होंठ उसके होंठो से लगा देता है. वो अपनी जीभ उसके मुँह मई डालने लगा और अपनी बहिन को उसकी छूट के पानी का स्वाद टास्ते करने लगा.
आर्यन: तो केसा लगा अपनी छूट का पानी.
कुछ देर बाद अलग होकर आर्यन उस से कहता है.
आशु: सालती सा था थोड़ा.
आशु मुँह बनाकर कहती है.
आर्यन: अब तेरा तो हो गया है, इसका भी तो कुछ कर.
आर्यन अपने लुंड की और इशारा करके कहता है.
आशु: ok म इसे हाथ से हिला देती हु.
ये कहकर वो अपना हाथ अपने भाई के लुंड पर रख देती है.
आर्यन: यार ये क्या बात हुई, मेने तेरा पानी मुँह से निकला न तो.
आशु: तो तू चाहता है म भी मुँह से karu..gande कही के.
आशु मुँह बनाते हुए कहती है.
आर्यन: प्ल्ज़ हनी कर न.
आशु: मुझसे नहीं होगा ारु.
आर्यन: प्ल्ज़्ज़्ज़्ज़.
आशु: ारु तेरा बहुत मोटा और लम्बा है, ये मेरे मुँह मई नहीं आएगा.
आशु: आ जायेगा यार, प्ल्ज़ कर न.
अब उसे ऐसे मिन्नतें करते देख वो पिघल गयी.
आशु: ok, म तरय करती हु.
ये बोलकर वो अपना मुँह उसके लुंड की और बढ़ने लगी, उसने अपनी जीभ उसके सुपडे पर फिरै तो आर्यन तो जैसे हवाओ मई उड़ने लगा.
आर्यन: आअह्ह्ह ऐसे hi कररर मेररीई बेहान्न.
फिर आशु उसके सुपडे को अपने होंटो मई दबा लेती है और उसे चाटने लगती है.
आर्यन: आह्ह्ह्ह आऔऊरर अंडरर्ड्र्र ली ना.
आर्यन सिसकारी भरते हुए बोलै तो आशु उसके सुपडे को अपने मुँह से बहार निकलते हुए बोली.
आशु: ारु म कर रही हु न, पहली बार कर रही हु म यर.
आशु ने ये कहकर फिर से उसके लुंड के सुपडे को अपने होंठो मई भर लिया. आशु उसके लुंड को और थोड़ा अंदर ले लेती है और उसे चूसने लगती है. आर्यन तो मानो किसी और hi दुनिया मई था.
आर्यन: आआह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह ेषु.
अब आशु उसका लुंड और अंदर लेते जा रही थी.
आर्यन: आअह्ह्ह ऑर्डर तेज़्ज़ज़ कररर.
ये कहकर आर्यन उसके सर को पकड़ कर अपने लुंड पर दबाने लगता है और खुद उसके मुँह मई धक्के मारने लगता है. वो मज़े से अपनी आँखे बंद कर लेता है. आर्यन का लुंड उसके मुँह मई अड़ने लगा था, और यहाँ आशु की हालत ख़राब होने लगी थी, लेकिन आर्यन जैसे किसी नशे मई था, वो तो बस उसके मुँह मई धक्के लगा रहा था. आशु की आँखों से आँशु आने लगे थे, और कुछ देर बाद आर्यन उसके मुँह मई hi झड़ने लगा. उसका सारा वीर्य आशु के गले मई उतरने लगा. जब आर्यन स्खलित हो गया तो वो अपनी आँखे खोलता है, जैसे hi वो आशु की और देखता है उसे करंट सा लगता है. आशु का मुँह बिलकुल लाल हो चूका था, और उसकी आँखों से आंसू नाम हो रही थी, उसका मुँह उसके वीर्य सा भर गया था. उसकी हालत देख आर्यन तुरंत अपना लुंड बहार खींचता है, और उसके सामने बेथ उसके गले लग जाता है.
आर्यन: i'm सो सो सॉरी हनी, प्ल्ज़ मुझे माफ़ करदे, मुझे जोश मई पता hi नहीं चला म क्या कर रहा हु. हनी प्ल्ज़ सॉरी.
आर्यन को उसकी हालत देख बहुत दुःख हो रहा था. फिर आर्यन उसे अलग करता है और उसका मुँह साफ़ करने लगता है.
आशु: ारु तू बहुत गन्दा है, तूने मेरे साथ ऐसे बेहवे किया जैसे म तेरी बहिन न होकर कोई रंडी हु.
आशु रोनी सी शक्ल बनाते हुए कहती है.
आर्यन: आशु प्ल्ज़ मुझे माफ़ करदे.
ये कहकर आर्यन अपना चेहरा नीचे कर लेता है, उसकी ऐसे देख आशु की हसी छोट जाती है. ये देख आर्यन हैरानी से उसकी और देखने लगता है.
आशु: हनी म तुझपे गुस्सा नहीं हु, म समझती हु जोश जोश मई ऐसे हो जाता है.
आशु उसे किश करते हुए कहती है.
आर्यन: आशु सच मई यर, मेने पिछले जन्म मई जरूर कोई अच्छे काम किये होंगे जो मुझे तुझ जैसी बहिन और अब बीवी मिलने वाली...
आर्यन अभी कुछ और कहता आशु उसे किश करने लगती है और थोड़ी देर बाद कहती है.
आशु: अब तू बता तुझे केसा टास्ते लगा तेरे स्पर्म का.
आर्यन: अजीब सा था.
आशु: पता है जब तू मेरे मुँह मई झटके मार रहा था, एक बार तो मुझे ऐसा लगा जैसे की मेरा डैम hi घुट जायेगा.
आर्यन ये सुनकर गिलटी सा फील करने लगा, आशु ये देखकर उसे पीछे की और गिरा देती है और खुद उसके ऊपर छोड़कर उसे किश करने लगती है. आर्यन उसके बूब्स को दबाने लगता है. फिर आशु नीचे की और आती है और उसके सीने को चूमने लगती है. अब आशु उसके टिट्स को अपने मुँह मई भर के चूसने लगती है. आर्यन तो फिर से गार्डन होने लगा और उसका लुंड फिर से टैंकर उसकी बहिन की गांड पर लगने लगा. अब आर्यन उसे पलटा लेता है और उसके ऊपर आकर उसके बूब्स पर झपट पड़ता है. दोनों फिर से गरम होने लगते है, आर्यन उठता है और उसके पेरो के बीच आकर उसके घुटनो को मोड़ देता है. आशु उसके अगले कदम का वेट करने लगी. आर्यन अपना लुंड हाथ मई लेकर उसके छूट के मुँह पर थपकने लगता है.
आशु: ारु प्ल्ज़ अंदर दाल दे न क्यों तड़पा रहा है.
उसे अंदर न डालता देख वो कहती है. उसकी बात सुनकर आर्यन अपने लुंड को उसकी छूट पर सेट करता है और एक धक्का मरता है, उसका लुंड सन्न करता हुआ आधा अंदर चला जाता है.
आशु: आअह्ह्ह्ह ाअररूऊ.
उसे ऐसे सिसकते देख आर्यन को जोश आ जाता है और एक और जोरदार धक्का मरता है. धक्का लगते hi उसका पूरा लुंड अपनी बहिन की छूट मई घुस जाता है, आशु की छूट मई पूरा लुंड जाते hi वह ऊपर की और उठती जाती है.
आशु: आअह्ह्ह्हह ीीिस्स्सह्ह्ह कमिणी तू ाज़्ज़ज़ जंवरर कोई तर्रराहहह से क्योऊ बिठ्ठाआव्ववीए करररर रहा हीी.
आशु थोड़े दर्द और मिले जुले भाव से सिसकते हुए बोली.
आर्यन: आआह्ह्ह्ह जिस्किई तेरई जेसीई बहन हो वो अपनी आप्कोऊ केसीए सेंट्र्ल करीये.
आर्यन हलके हलके धक्के लगते हुए कहता है, कुछ देर बाद आशु भी अपनी कमर को हिलाकर अपने भाई का साथ देने लगती है. अब आर्यन का लुंड अपनी बहिन की छूट मई किसी पिस्टन की तरह से चलने लगा था.
आशु अपनी आँखे बंद किये हुए ाँहें भर रही थी. उसकी दोनों चूचिया फुटबॉल की तरह से हिल रही थी, आर्यन आगे बढ़कर उसकी चूचियों को दबाने लगता है.
आशु: आअह्ह्ह्ह भाआईई.
आशु को इतना मज़ा आ रहा था की वो ये भूल गयी थी की वो कहा है.
आर्यन: ाहः ाशुऊ कोई सुन लेगा यार.
ये कहते हुए वो उसकी चुकी छोड़ उसके होंटो से अपने होंठ लगा देता है. करीब 10 मिंट की चुदाई के बाद आशु अपनी कमर झटकने लगती है, आर्यन समझ गया की वो झड़ने वाली है. वो ऊपर उठकर जोरदार धक्के लगाने लगता है, आशु को अपने भाई का लुंड अपने बच्चेदानी पर लगता हुआ महसूस हो रहा था. और कुछ देर बाद hi आशु भरभराकर झड़ने लगती है.
आशु: आहहहहह बहहहहाआईई ममममम ताऊ गेयीईईईई.
और आशु अपने भाई की कमर पर अपने नाखून गदा देती है. उसकी छोट से आज बहुत ज्यादा पानी निकलता है, फिर आर्यन उसे पलटकर घोड़ी बना देता है और उसके पीछे आकर ताबड़तोड़ धक्के लगाने लगता है. उसके हर धक्के के साथ आशु मज़े से सिहर जाती है.
वो अपने मुँह पर अपने हाथ रख लेती है ताकि उसकी सिसकने की आवाज़ कोई सुन न ले. उसके चुत्तड़ फुटबॉल की तरह हिल रहे थे, और वह थप- थप का म्यूजिक सा चल रहा था. कुछ देर बाद आशु सिसकते हुए कहती है.
आशु: आअह्ह्ह्ह भईई मममम झाररररणनई वाललीई हु.
आर्यन: ममम भीई आए रहहह हूउउ.
और आर्यन कुछ देर तक दमदार धक्के लगते हुए उसकी छूट मई hi झड़ने लगता है. दोनों भाई बहिन मज़े की दुनिये मई डूब गए थे. झड़ने के बाद आशु और आर्यन दोनों आगे की और गिर जाते है. दोनों का शरीर पसीनो से tar-batar हो गया था, और वो दोनों हांफ रहे थे. आर्यन उसके ऊपर से उतर कर उसकी साइड मई सीधा होकर लेत जाता है. आशु भी सीधे होकर अपनी साँसे दुरुस्त करने लगती है.
आशु: ारु आज तो तूने मेरी जान hi निकल दी भाई.
आशु उसके कंधे पर अपना सर रखते हुए बोली.
आर्यन: तू अभी से hi बोलने लगी, अभी तो पूरी रात पड़ी है मेरी जान.
आर्यन उसे आँख मारते हुए कहता है.
आशु: न बाबा न, म तो अब सोने चली, म तो एक hi बार मई बहुत थक गयी हु.
आशु उसे चिढ़ाने केलिए बोलती है.
आर्यन: अब तू रात मई सोना भूल जा मेरी प्यारी बहिन.
आशु: आज हमने भाई बहिन सब्द का उसे कुछ ज्यादा hi नहीं किया है.
आशु उसकी आँखों मई झांकते हुए बोली.
आर्यन: तभी तो आज इतना ज्यादा मज़ा आया है.
आर्यन उसे पीछे की और गिरता हुआ खुद उसके ऊपर चढ़ जाता है.
आशु: ारु देख नहीं, अब और नहीं.
आर्यन: अभी तो मेने स्टार्ट किया है.
और आर्यन उसके ऊपर झुकता चला जाता है. पता नहीं वो कब तक एक दूसरे के बदन से खेलते रहे, और कब सोये होंगे. आर्यन ने आज अपनी बहिन को हर एक पोजीशन मई बदल बदल कर छोड़ा.
आर्यन कुछ देर पहले hi सोया था की उसे अपने होंठो पर कुछ गीला गीला फील हुआ, कच्ची नींद मई होने की वजह से जैसे hi उसने अपनी आँखे खोली, वो अपने चेहरे पर आशु को झुके हुए पाटा है. ये देख वो भी आशु का साथ देने लगा. धीरे धीरे उनकी ये किश वाइल्ड होती चली गयी, दोनों भाई बहिन एक दूसरे के मुँह मई अपनी जीभ डालकर उन्हें चूस रहे थे, वो दोनों जैसे एक दूसरे मई समां जाना चाहते थे.
जब उन दोनों की साँसे फूलने लगी तो दोनों ने अपने होंठ हटा लिए, और आशु आर्यन से लिपट गयी. आर्यन भी अपनी बहिन को और जोरो से चिपका लेता है.
आर्यन: किसी है मेरी जान.
आशु: अब बहुत ज्यादा अच्छी हु.
आशु उसे एक किश करते हुए कहती है.
आर्यन: क्या बात है आज बहुत खुश लग रही है.
आर्यन उसके बालो मई अपना हाथ फेरते हुए कहता है.
आशु: खुश होने की तो बात hi है ारु, mummy-papa हमारे रिश्ते के लिए मान गए है.
आशु खुशी से उसके गाल अपने दांतो से काट ते हुए बोली.
आर्यन: आह्ह्ह्ह बिल्ली, मुझे क्यों काट रही है.
आर्यन को उसके काटने से थोड़ा फील हुआ था.
आशु: तू काटने की बात कर रहा है, मेरा मन कर रहा है म तुझे आज खा जाओ.
आशु फिर उसके गाल पर अपनी जीभ फिरते हुए बोली.
आशु: ारु मेने तो आस hi छोड़ दी थी की क्या हमारे पेरेंट्स हमारे प्यार को कभी समझ पाएंगे ?
आशु ने उसकी आँखों मई आँखे डालते हुए कहा.
आर्यन: सच मई यर हनी, हमारे पेरेंट्स ने हमारे लिए बहुत बड़ा सैक्रिफाइस किया है.
ये सुनकर जैसे आशु कुछ सोचने लगती है, आर्यन अब ऐसा बिलकुल भी नहीं चाहता था.
आर्यन: वैसे मम्मी ने अभी हमें साथ रहने से मन किया था.
आर्यन अपनी बहिन की और आँख मारते हुए बोलै.
आशु: है कहा था, लेकिन मुझे अपने होने वाले हुब्बी की बहुत याद आ रही थी.
ये कहकर वो अपना सर अपने भाई के सीने मई छिपा लेती है.
उसकी बात सुनकर आर्यन को एक अजीब सी फीलिंग आयी.
आर्यन: क्या कहा तूने हुब्बी??
आशु: है तो...
आशु ऐसे hi उसके सीने मई सर छिपाये पड़ी रही.
आर्यन: अच्छा दादी तो नहीं जाग रही थी.
आर्यन ने उस से पूछा.
आशु: नहीं वो जाग रही है.
आर्यन: क्या?? वो जाग रही है.
आशु: तू दर मत, उन्होंने hi मुझे तेरे पास भेजा है.
आर्यन: क्या??
आर्यन को जैसे इसकी उम्मीद नहीं थी.
आशु: वैसे उन्हें पहले से hi पता था की म उनके सोने के बाद तेरे पास आती थी.
आशु अपना सर उठाकर कहती है.
आर्यन: तो अब हमारी शादी होगी.
आशु: है तो और, ऐसे hi थोड़ा न मेने तेरे साथ राते बीते है.
आर्यन: तो अपने पति को आप कहते है, समझी.
आर्यन उसकी नाक को पकड़ कर कहता है.
आशु: chal..chal अपना काम कर, म कोई aap-vaap नहीं कहने वाली तुझे.
आशु उसके बालो को फूँक से उड़ाते हुए बोली.
आर्यन: फिर मम्मी पापा hi कहेंगे की कितनी बद्तमीज़ बहु है उनकी, जो अपने हस्बैंड को भी तू कहती है.
आशु: ज्यादा मत बोल वर्ण तू पिटेगा अब मुझसे.
आशु बनावटी गुस्सा दिखते हुए बोली.
आर्यन: शादी होने से पहले जितना मारना है मार्ले, उसके बाद मेने एक एक करके बदला न लिया न तुझसे तो मेरा नाम भी आर्यन नहीं.
आशु: शादी के बाद क्यों, अब दर लगता है क्या मुझसे.
आशु हस्ते हुए कहती है.
आर्यन: नहीं दर नहीं लगता बस तू मुझसे बड़ी है न इसलिए, शादी होने के बाद म तुझसे बड़ा हो जाऊंगा.
आर्यन अपनी आँखे नाचते हुए कहता है.
आशु: तू ख्याली पुलाव पकता रह बस.
आर्यन: और तूने अपनी किसी हालत बना राखी है ये, देख मेरी हनी का चेहरा भी कैसे मुरझा सा गया है.
आर्यन उसके चेहरे को अपने हाथो मई लेता हुआ कहता है.
आशु: कोई बात नहीं अब खिल जाएगा.
आशु उसके हाथो को चूमते हुए बोलै. आर्यन ने अचानक उसे पलटा दिया और खुद उसके ऊपर आ गया, और अपने होंठ उसकी और बढ़ने लगा.
आशु: ारु देख मम्मी ने कुछ भी करने से मन किया था.
आशु उसे ऊँगली दिखते हुए बोलती है.
आर्यन: ये तुझे खुद सोचना था जब तू शेर के मुँह मई खून लगा रही थी.
ये कहते hi आर्यन उसके होंठो से अपने होंठ मिला देता है, और आशु भी उसका साथ देने लगती है. आशु के हाथ आर्यन के सर पर घूमने लगते है. आर्यन उसके मुँह मई अपनी जीभ डालता और आशु उसकी जीभ को चूसती. आर्यन का एक हाथ आशु की चूचियों को टीशर्ट के ऊपर से दबोच लेता है, आर्यन अपनी बहिन के बूब्स को सहलाने लगता है. आर्यन का लुंड टैंकर खड़ा हो चूका था, और आशु की जांघो मई टक्कर मार रहा था. आशु भी काफी उत्तेजित हो गयी थी. तभी आर्यन किश तोड़ता है और आशु की टीशर्ट निकल फेंकता है, आशु भी आगे बढ़कर उसकी टीशर्ट उतार फेंकती है. आर्यन अपनी बहिन की ब्रा को भी खेंच देता है.
आशु: आह्हः हनी.. आराम सीए.
और ये कहते hi दोनों वापस से किश मई डूब जाते है, आर्यन एक हाथ से उसके बूब्स को सेहला रहा था. फिर आर्यन अपना मुँह नीचे उसकी बड़ी चूचियों की और लाने लगता है. वो उसके बूब्स के लाल दाने को अपने मुँह मई भर लेता है और उन्हें चूसने लगता है, आशु बहुत ज्यादा गरम होने लगी थी.
आशु: आआह्ह्ह्हह्ह ीिस्स्सह्ह्ह्ह ाआरुणु प्लललज़्ज़ आराम सिर काअररर्र ना.
लेकिन आशु उसकी कोई बात सुने बगैर अपने काम मई लगा रहा. फिर आर्यन उसकी दूसरी चुकी को अपने मुँह मई भर लेता है, और दूसरी को अपने हाथ से दबाने लगता है. आशु के दोनों हाथ अपने भाई के सर पर घूम रहे थे. आर्यन उसके बूब्स को अपने मुँह मई पूरा लेने की कोसिस करता है, लेकिन उसकी बहिन के बूब्स काफी बड़े थे. कुछ देर बाद वो ऐसे hi नीचे बढ़ने लगता है और उसकी नाभि मई अपनी जीभ दाल कर घुमाने लगता है जिस से की आशु की सिसकारी निकल जाती है.
आशु: आअह्ह्ह्ह बहहहहाआईई, एई कययय्यआआ काअररर राहहहा हाई टूउउ, मम पागग्गाअल्ल होऊ ररराहहीइ हहहउ.
अब आर्यन अपना एक हाथ नीचे की और ले जाकर उसके लोअर के अंदर दाल देता है. पेंटी न पहने होने की वजह से उसका हाथ सीधा अपनी बहिन की छूट लगता है जिससे की आशु की सिसकारी निकल जाती है.
आशु: आआह्ह्ह्ह भठ्ठाईए
आर्यन पाटा है की आशु की छूट बुरी तरह से बह रही है, वो नीचे आता है और उसकी लोअर झट से उतार देता है और साथ hi खुद की भी. अब दोनों भाई बहिन बिलकुल नंगे हो चुके थे, आर्यन का लुंड तन कर खड़ा था.
आशु: ारु ये मुझे पहले से भी बड़ा क्यों लग रहा है.
आशु उसके लुंड की और इशारा करते हुए कहती है.
आर्यन: तेरी याद मई ये ऐसा हो गया है.
ये कहकर आर्यन अपनी बहिन की टांगो को घुटनो से मोड़ता है और अपना मुँह उसकी छोट पर टिका देता है.
आशु: आअह्ह्ह्ह ाअरररऊऊऊ.
आर्यन: हनी मरवायेगी क्या, इतनी आवाज़ क्यों कर रही है तू.
उसके इतने जोर से सिसकारने की वजह से आर्यन अपना मुँह उसकी छूट से हटाकर कहता है. और फिर से अपना मुँह उसकी छूट पर लगा देता है, आशु अपने मुँह पर हाथ रखकर सिस्याने लगती है. आर्यन अपनी बहिन की छूट के दाने को अपने मुँह मई लेकर चूस रहा था, जिस से की आशु पागल हो रही थी. फिर आर्यन अपनी जीभ को उसकी छूट के अंदर पेलने लगा, कुछ देर बाद hi आशु उसका सर अपनी छूट पर दबाने लगी.
आशु: आअह्ह्ह भैई औरर ज्जुऊररर सीए.
और फिर उसका शरीर झटके खाने लगता है, उसकी छोट अपना रास छोड़ देती है. आशु अपनी छूट को उसके मुँह पर मरने लगती है और पीछे की और गिर जाती है. आर्यन उसकी छूट से निकले पानी की एक एक बूँद पी जाता है. वो ऊपर उठता है और अपने होंठ उसके होंठो से लगा देता है. वो अपनी जीभ उसके मुँह मई डालने लगा और अपनी बहिन को उसकी छूट के पानी का स्वाद टास्ते करने लगा.
आर्यन: तो केसा लगा अपनी छूट का पानी.
कुछ देर बाद अलग होकर आर्यन उस से कहता है.
आशु: सालती सा था थोड़ा.
आशु मुँह बनाकर कहती है.
आर्यन: अब तेरा तो हो गया है, इसका भी तो कुछ कर.
आर्यन अपने लुंड की और इशारा करके कहता है.
आशु: ok म इसे हाथ से हिला देती हु.
ये कहकर वो अपना हाथ अपने भाई के लुंड पर रख देती है.
आर्यन: यार ये क्या बात हुई, मेने तेरा पानी मुँह से निकला न तो.
आशु: तो तू चाहता है म भी मुँह से karu..gande कही के.
आशु मुँह बनाते हुए कहती है.
आर्यन: प्ल्ज़ हनी कर न.
आशु: मुझसे नहीं होगा ारु.
आर्यन: प्ल्ज़्ज़्ज़्ज़.
आशु: ारु तेरा बहुत मोटा और लम्बा है, ये मेरे मुँह मई नहीं आएगा.
आशु: आ जायेगा यार, प्ल्ज़ कर न.
अब उसे ऐसे मिन्नतें करते देख वो पिघल गयी.
आशु: ok, म तरय करती हु.
ये बोलकर वो अपना मुँह उसके लुंड की और बढ़ने लगी, उसने अपनी जीभ उसके सुपडे पर फिरै तो आर्यन तो जैसे हवाओ मई उड़ने लगा.
आर्यन: आअह्ह्ह ऐसे hi कररर मेररीई बेहान्न.
फिर आशु उसके सुपडे को अपने होंटो मई दबा लेती है और उसे चाटने लगती है.
आर्यन: आह्ह्ह्ह आऔऊरर अंडरर्ड्र्र ली ना.
आर्यन सिसकारी भरते हुए बोलै तो आशु उसके सुपडे को अपने मुँह से बहार निकलते हुए बोली.
आशु: ारु म कर रही हु न, पहली बार कर रही हु म यर.
आशु ने ये कहकर फिर से उसके लुंड के सुपडे को अपने होंठो मई भर लिया. आशु उसके लुंड को और थोड़ा अंदर ले लेती है और उसे चूसने लगती है. आर्यन तो मानो किसी और hi दुनिया मई था.
आर्यन: आआह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह ेषु.
अब आशु उसका लुंड और अंदर लेते जा रही थी.
आर्यन: आअह्ह्ह ऑर्डर तेज़्ज़ज़ कररर.
ये कहकर आर्यन उसके सर को पकड़ कर अपने लुंड पर दबाने लगता है और खुद उसके मुँह मई धक्के मारने लगता है. वो मज़े से अपनी आँखे बंद कर लेता है. आर्यन का लुंड उसके मुँह मई अड़ने लगा था, और यहाँ आशु की हालत ख़राब होने लगी थी, लेकिन आर्यन जैसे किसी नशे मई था, वो तो बस उसके मुँह मई धक्के लगा रहा था. आशु की आँखों से आँशु आने लगे थे, और कुछ देर बाद आर्यन उसके मुँह मई hi झड़ने लगा. उसका सारा वीर्य आशु के गले मई उतरने लगा. जब आर्यन स्खलित हो गया तो वो अपनी आँखे खोलता है, जैसे hi वो आशु की और देखता है उसे करंट सा लगता है. आशु का मुँह बिलकुल लाल हो चूका था, और उसकी आँखों से आंसू नाम हो रही थी, उसका मुँह उसके वीर्य सा भर गया था. उसकी हालत देख आर्यन तुरंत अपना लुंड बहार खींचता है, और उसके सामने बेथ उसके गले लग जाता है.
आर्यन: i'm सो सो सॉरी हनी, प्ल्ज़ मुझे माफ़ करदे, मुझे जोश मई पता hi नहीं चला म क्या कर रहा हु. हनी प्ल्ज़ सॉरी.
आर्यन को उसकी हालत देख बहुत दुःख हो रहा था. फिर आर्यन उसे अलग करता है और उसका मुँह साफ़ करने लगता है.
आशु: ारु तू बहुत गन्दा है, तूने मेरे साथ ऐसे बेहवे किया जैसे म तेरी बहिन न होकर कोई रंडी हु.
आशु रोनी सी शक्ल बनाते हुए कहती है.
आर्यन: आशु प्ल्ज़ मुझे माफ़ करदे.
ये कहकर आर्यन अपना चेहरा नीचे कर लेता है, उसकी ऐसे देख आशु की हसी छोट जाती है. ये देख आर्यन हैरानी से उसकी और देखने लगता है.
आशु: हनी म तुझपे गुस्सा नहीं हु, म समझती हु जोश जोश मई ऐसे हो जाता है.
आशु उसे किश करते हुए कहती है.
आर्यन: आशु सच मई यर, मेने पिछले जन्म मई जरूर कोई अच्छे काम किये होंगे जो मुझे तुझ जैसी बहिन और अब बीवी मिलने वाली...
आर्यन अभी कुछ और कहता आशु उसे किश करने लगती है और थोड़ी देर बाद कहती है.
आशु: अब तू बता तुझे केसा टास्ते लगा तेरे स्पर्म का.
आर्यन: अजीब सा था.
आशु: पता है जब तू मेरे मुँह मई झटके मार रहा था, एक बार तो मुझे ऐसा लगा जैसे की मेरा डैम hi घुट जायेगा.
आर्यन ये सुनकर गिलटी सा फील करने लगा, आशु ये देखकर उसे पीछे की और गिरा देती है और खुद उसके ऊपर छोड़कर उसे किश करने लगती है. आर्यन उसके बूब्स को दबाने लगता है. फिर आशु नीचे की और आती है और उसके सीने को चूमने लगती है. अब आशु उसके टिट्स को अपने मुँह मई भर के चूसने लगती है. आर्यन तो फिर से गार्डन होने लगा और उसका लुंड फिर से टैंकर उसकी बहिन की गांड पर लगने लगा. अब आर्यन उसे पलटा लेता है और उसके ऊपर आकर उसके बूब्स पर झपट पड़ता है. दोनों फिर से गरम होने लगते है, आर्यन उठता है और उसके पेरो के बीच आकर उसके घुटनो को मोड़ देता है. आशु उसके अगले कदम का वेट करने लगी. आर्यन अपना लुंड हाथ मई लेकर उसके छूट के मुँह पर थपकने लगता है.
आशु: ारु प्ल्ज़ अंदर दाल दे न क्यों तड़पा रहा है.
उसे अंदर न डालता देख वो कहती है. उसकी बात सुनकर आर्यन अपने लुंड को उसकी छूट पर सेट करता है और एक धक्का मरता है, उसका लुंड सन्न करता हुआ आधा अंदर चला जाता है.
आशु: आअह्ह्ह्ह ाअररूऊ.
उसे ऐसे सिसकते देख आर्यन को जोश आ जाता है और एक और जोरदार धक्का मरता है. धक्का लगते hi उसका पूरा लुंड अपनी बहिन की छूट मई घुस जाता है, आशु की छूट मई पूरा लुंड जाते hi वह ऊपर की और उठती जाती है.
आशु: आअह्ह्ह्हह ीीिस्स्सह्ह्ह कमिणी तू ाज़्ज़ज़ जंवरर कोई तर्रराहहह से क्योऊ बिठ्ठाआव्ववीए करररर रहा हीी.
आशु थोड़े दर्द और मिले जुले भाव से सिसकते हुए बोली.
आर्यन: आआह्ह्ह्ह जिस्किई तेरई जेसीई बहन हो वो अपनी आप्कोऊ केसीए सेंट्र्ल करीये.
आर्यन हलके हलके धक्के लगते हुए कहता है, कुछ देर बाद आशु भी अपनी कमर को हिलाकर अपने भाई का साथ देने लगती है. अब आर्यन का लुंड अपनी बहिन की छूट मई किसी पिस्टन की तरह से चलने लगा था.
आशु अपनी आँखे बंद किये हुए ाँहें भर रही थी. उसकी दोनों चूचिया फुटबॉल की तरह से हिल रही थी, आर्यन आगे बढ़कर उसकी चूचियों को दबाने लगता है.
आशु: आअह्ह्ह्ह भाआईई.
आशु को इतना मज़ा आ रहा था की वो ये भूल गयी थी की वो कहा है.
आर्यन: ाहः ाशुऊ कोई सुन लेगा यार.
ये कहते हुए वो उसकी चुकी छोड़ उसके होंटो से अपने होंठ लगा देता है. करीब 10 मिंट की चुदाई के बाद आशु अपनी कमर झटकने लगती है, आर्यन समझ गया की वो झड़ने वाली है. वो ऊपर उठकर जोरदार धक्के लगाने लगता है, आशु को अपने भाई का लुंड अपने बच्चेदानी पर लगता हुआ महसूस हो रहा था. और कुछ देर बाद hi आशु भरभराकर झड़ने लगती है.
आशु: आहहहहह बहहहहाआईई ममममम ताऊ गेयीईईईई.
और आशु अपने भाई की कमर पर अपने नाखून गदा देती है. उसकी छोट से आज बहुत ज्यादा पानी निकलता है, फिर आर्यन उसे पलटकर घोड़ी बना देता है और उसके पीछे आकर ताबड़तोड़ धक्के लगाने लगता है. उसके हर धक्के के साथ आशु मज़े से सिहर जाती है.
वो अपने मुँह पर अपने हाथ रख लेती है ताकि उसकी सिसकने की आवाज़ कोई सुन न ले. उसके चुत्तड़ फुटबॉल की तरह हिल रहे थे, और वह थप- थप का म्यूजिक सा चल रहा था. कुछ देर बाद आशु सिसकते हुए कहती है.
आशु: आअह्ह्ह्ह भईई मममम झाररररणनई वाललीई हु.
आर्यन: ममम भीई आए रहहह हूउउ.
और आर्यन कुछ देर तक दमदार धक्के लगते हुए उसकी छूट मई hi झड़ने लगता है. दोनों भाई बहिन मज़े की दुनिये मई डूब गए थे. झड़ने के बाद आशु और आर्यन दोनों आगे की और गिर जाते है. दोनों का शरीर पसीनो से tar-batar हो गया था, और वो दोनों हांफ रहे थे. आर्यन उसके ऊपर से उतर कर उसकी साइड मई सीधा होकर लेत जाता है. आशु भी सीधे होकर अपनी साँसे दुरुस्त करने लगती है.
आशु: ारु आज तो तूने मेरी जान hi निकल दी भाई.
आशु उसके कंधे पर अपना सर रखते हुए बोली.
आर्यन: तू अभी से hi बोलने लगी, अभी तो पूरी रात पड़ी है मेरी जान.
आर्यन उसे आँख मारते हुए कहता है.
आशु: न बाबा न, म तो अब सोने चली, म तो एक hi बार मई बहुत थक गयी हु.
आशु उसे चिढ़ाने केलिए बोलती है.
आर्यन: अब तू रात मई सोना भूल जा मेरी प्यारी बहिन.
आशु: आज हमने भाई बहिन सब्द का उसे कुछ ज्यादा hi नहीं किया है.
आशु उसकी आँखों मई झांकते हुए बोली.
आर्यन: तभी तो आज इतना ज्यादा मज़ा आया है.
आर्यन उसे पीछे की और गिरता हुआ खुद उसके ऊपर चढ़ जाता है.
आशु: ारु देख नहीं, अब और नहीं.
आर्यन: अभी तो मेने स्टार्ट किया है.
और आर्यन उसके ऊपर झुकता चला जाता है. पता नहीं वो कब तक एक दूसरे के बदन से खेलते रहे, और कब सोये होंगे. आर्यन ने आज अपनी बहिन को हर एक पोजीशन मई बदल बदल कर छोड़ा.