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फिर ऐसे hi वक़्त गुजरता gaya.....kareeb 3 हफ्ते और निकल gaye...aur इस बीच गोलू ने 2 बार और मेरी रुखसार को सामने से देखा....
क्योकि जब भी रुखसार सिर्फ मेरी पड़ोसन आंटी के साथ बहार जाती thi....to मैं गोलू को हर बार बता देता था की रुखसार कहा जाने वाली hai...aur गोलू वह पहुंच जाता था.....
और 1 बार तो रुखसार को अकेले hi जाना pada...kyoki उसे कुछ जरूरी सामान लेना था और पड़ोसन आंटी सहर से बाहर गई हुई थी......
तब भी मुझे थोड़ी घबराहट हुई thi...par आखिरकार सब ठीक hi रहा था....
गोलू मुझे हर बार रुखसार का विडिओ बना कर भी भेजता tha......halaki वो रुखसार के aas-paas रहते हुए मुझसे बात नहीं करता tha....par बाद में सब बताता था.....
मैंने उससे इसकी वजह puchhi...to वो बोलै की उस वक़्त वो रुखसार पर hi पूरा फोकस रखता hai......baki कुछ नहीं सोचता....
उसकी बात मुझे खुश कर gai....aur फिर मैंने उससे इस बारे में कुछ नहीं पूछा
इसी बीच गोलू का बताया आईडिया भी मेरे काम आ gaya....maine रुखसार को कई बार गरम कर के रोल प्ले का bola....to आखिर उसने हां बोल di...par हफ्ते में सिर्फ एक बार के लिए hi....
मैं इतने में hi खुश tha...kyoki मुझे लगा की कुछ दिन बाद सायद वो ज्यादा बार रोलप्ले करने को है कह degi....aisa मुझे गोलू ने बोलै था....
इस बीच गोलू ने मुझे baar-baar कह कर मजबूर किया की मैं रुखसार को बोलू की वो घर के बाहर बिना बुर्के और नकाब के जाए....
क्योकि गोलू को पता था की रुखसार बुरका ज्यादा उसे करती hai....ghar पर bhi..aur बहार तो pakka....aur साथ में नकाब भी....
पहले मुझे नहीं लगा था की रुखसार manegi....par जब मैंने रोलप्लाइ के दौरान baar-baar गोलू बन कर उससे ये बात kahi...to रुखसार मान गई....( ये भी गोलू का hi आईडिया था )
ये देख कर मैं हैरान tha...ki गोलू के नाम से बात मान कर रुखसार अब बिना बुर्के के घर से बहार जाने लगी थी....
मुझे अब गोलू पर 100% यकीन हो चूका tha.....ki वह गोलू hi hai....jiski सोच मेरी बीवी को बदल कर मेरे ख्वाबो को पूरा करने में मदद कर सकती है.....
अब तो बस मैं यही चाहने लगा की जल्द से जल्द गोलू मेरी बीवी रुखसार को चोदे और मैं देख कर मज़ा ले सकू.....
पर ये इतना आसान नहीं tha.....maine रोलप्ले के दौरान 1-2 बार बात छेड़ने की कोसिस भी की thi....par रुखसार ने तुरंत उस बात को काट दिया था.....
रुखसार तो ये बात सुनने को भी तैयार नहीं thi.....isliye मैं और गोलू इसी बात पर बातें करते the...ki रुखसार को गोलू के लिए मनाया कैसे जाए.....
फिर एक दिन मैं शॉप पर बैठा हुआ सोच hi रहा था की अब क्या karu...kaise अपने ख्वाब को पूरा karu.....ki तभी गोलू का मश्ग आ गया....
( चाट पर )
गोलू- hello....kuch काम हुआ....
मैं- नहीं yaar...kuch भी नहीं hua....usne साफ़ मन कर diya....wo तो सुनने को भी तैयार nhi.....samjh नहीं आ रहा की अब क्या करू....
गोलू- एक रास्ता hai....agar तुम चाहो तो...
मैं- तो बताओ न....
गोलू- पर उसके लिए मुझे तुम्हारी बीवी को बदलना होगा.......
Main(hairani से) - मतलब....
गोलू- are.....ghabrao nhi...tum बस मुझे ये batao.....ki वो ज्यादातर क्या पहनती है......
मैं- ये सब तो तुम्हे बता चूका हु na....wo salwar-kameej hi पहनती hai...aur liwaas...jo abhi-abhi पहनना काम किया hai.....iske अलावा किसी करीबी की सदी में लगा भी पहन लेती hai....bas....
गोलू- ohk...ab ये भी मुझे फिर से batao....ki वो करती क्या hai...mera matlab...sara दिल क्या करती hai....kaha जाती hai....jati भी है की nhi...matlab की daily...bolo....
मैं- are...ye भी तुम्हे पता hai.....wo तो घर में hi रहती hai....bas किसी संडे को hi वो मेरे साथ बाहर जाती hai....aur kabhi-kabhaar मार्किट तक जाती hai...bas....jaisa तुम जानते hi ho...dekha है न तुमने....
गोलू- ha....ok...to अब suno.....asal में तुम्हारी बीवी को इतना शर्मीला बनाने की वजह तुम hi ho....isiliye वो रोलप्ले भी ठीक से नहीं करती.....
मैं- क्या matlab....main कुछ समझा नहीं....
गोलू- समझाता hu....ek बात बताओ shaan....tum अगर फूल को मुट्ठी में दवा कर rakhoge....to वो khilega....ya उसे खुला छोड़ने पर....
मैं- beshak....khula छोड़ने par....mutthi में तो वो मुरझा hi जायगा न...
गोलू- haa...bas यही तेरी बीवी के दिल का हाल है....
मैं- क्या matlab....main कुछ समझा नहीं....
गोलू- बताता hu....tumhari बीवी का दिल एक फूल की तरह hai.....jo तुम्हारे मजहबी लिवास और मजहबी सोच में कैद हो गया hai...isi वजह से वो कुछ सोच hi नहीं pata....ki जिंदगी में उसे और भी ख़ुशी मिल सकती hai...jis से वो खिल सकता है....
मैं- क्या matlab....saaf-saaf बोलो न...
गोलू- तो suno....ek तो तुम्हारी बीवी घर से निकलती nhi...aur निकलती भी है तो पूरा जिश्म धक् kar.....ab भले hi लिवास नहीं pahanti...fir भी ढकी हुई तो रहती hi hai....right...
Main(soch कर)- ha...sahi है...
गोलू - तो अब खुद hi socho....aise वो किसी गैर मर्द के लिए कैसे सोच सकती hai...are bhai...jab वो अपने जिश्म को दिखेगी hi nhi...to मर्द देखेंगे kya...aur जब कोई देखेगा nhi.....to कुछ बोलेगा nhi...aur बोलेगा nhi...to उसे पता hi नहीं चलेगा na...ki उसके पास क्या है....
मैं- बात तो तुम्हारी सही hai....khula हुआ माल hi लोग ज्यादा पसंद करते है....
गोलू- अब समझे na.....to अब सबसे पहले तुम अपनी बीवी को कुछ अच्छी ड्रेस ला कर do.....use बोलो की ये salwar-kameej और लिवास chhode....aur aaj-kal चलने वाले कपडे pahne....jeans, टॉप, स्कर्ट, ये sab....samjh रहे हो न....
मैं- ha...par वो मानेगी नहीं...
गोलू- ये तुम्हारा काम hai...tum सौहार हो uske.....tum ये कर सकते ho....aur suno....use कुछ भी कर के घर के बाहर जाने do.....matlab की कुछ ऐसा karo...jis से वो रोज घर से बहार निकले....
मैं- पर इससे क्या फायदा होगा....
गोलू- इससे ये hoga...ki जब वो घर से बहार jaygi...to कई लोगो से milegi...baaten karegi...jisse वो लोगो के सामने khulegi.....aur वो जब खुल जायगी na...to उसे ये रोलप्ले भी अच्छा lagega.....tum कोसिस तो karo....fir आगे देखते hai....ye तरीका काम किया तो theek...warna फिर और कुछ देखेंगे....
मैं- बात तो सही hai.....par मैं उसे किस तरह की ड्रेस खरीद कर दू....
गोलू- वो मुझ पर छोड़ do....main कुछ देर में hi तुम्हे कुछ ड्रेसेस के फोटोज bhejuga...waise hi लेना....
मैं- hmm...theek hai....bhej do....main आज hi उसे nai-nai ड्रेस ले jauga.....par उसे बहार कैसे bheju..kya बोलू उसे...
गोलू - तुम एक काम karo....aaj ड्रेस ले jao.....tab तक मैं कुछ सोचता hu....raat तक सोच कर batauga...ok...
मैं- hmm...chalo रात को बात karege....aur ड्रेस की फोटोज शाम तक भेज dena...ok...bye...
गोलू - ok....bye.....
गोलू की बातो से मुझे भी लगा की सायद रुखसार का इतना शर्मीला मिजाज उसके पहनावे और उसके दिन भर घर पड़े रहने का नतीजा है.....
इसलिए मैंने गोलू की बातों पर गौर किया और शॉप से जल्दी निकल कर रुखसार के लिए कुछ ड्रेसेस ले li.....jo की मुझे गोलू ने बताई thi.....aur फिर घर निकल गया.....
और घर जा कर जब मैंने रुखसार को वो ड्रेसेस dikhai...to वो भड़क गई.....
रुखसार - ये क्या ले आये aap....main ये सब नहीं पहन सकती....
मैं- पर kyo....are...main खुद बोल रहा hu...fir bhi.....aakhir परेशानी क्या है इसमें....
रुखसार- are....ye मैंने कभी पहनी nhi...aur हमारे यहाँ...
Main(beech में)- मजहब कभी नहीं कहता की अच्छे कपडे न pahno.....aur तुम अकेली थोड़ी hi ho....yaha सब पहनते hai...tumhari वो सहेली juhi...wo भी तो पहनती है na....kya वो हमारे यहाँ की नहीं....
रुखसार- आपकी बात सही hai....par कोई देखेगा तो क्या bolega.....ammi-abbu क्या कहेगे.....
मैं- वो हमारे साथ नहीं rahte....aur मैंने कब बोलै की तुम उनके सामने pahno.....par काम से काम यहाँ तो pahno....yaha कोई भी इसे गलत नहीं बोलेगा.....
रुखसार- पर....
Main(beech में)- प्ल्ज़ rukhsaar...meri khatir....plz...maan जाओ न...
Rukhsaar(muskura कर)- आप na...aap ऐसे बोलते है तो मैं न नहीं बोल पति....
मैं- तो फिर पहनोगी न.....
Rukhsaar(muskura कर)- hmm..sirf आपके लिए....
Main(gale लगा कर)- ओह्ह मेरी jaan...i लव यू.....
रुखसार- मैं bhi.....par ये kya....itni साड़ी ड्रेस क्यों ले aaye.....main ये पहन कर जाओगी kaha...sara दिन तो घर में रहती hu....to जरूरत क्या थी...1-2 ले आते बस....
मैं- are....kya मैं अपनी प्यारी बीवी के लिए इतना भी नहीं कर सकता....
रुखसार- क्यों nhi...par ऐसे तो ये rakhi-rakhi hi पुराणी हो जाएगी न....
मैं- नहीं hogi....hum कुछ न कुछ सोच lege...ok...
रुखसार- हम्म....
मैं- तो अब chalo....mujhe ek-ek कर के ये साड़ी ड्रेस पहन कर दिखाओ...
रुखसार- वो सब रात में dikhaugi....abhi मुझे खाना बनाने दो....
मैं- ok..raat को hi सही.....
Khair...raat को रुखसार ने शरमाते हुए hi sahi.....par ek-ek कर के साड़ी ड्रेसेस पहन कर देखि.....
और रुखसार को उन ड्रेसेस में देख कर मेरा बुरा हाल होने लगा....
मैं सोचने laga...ki आखिर क्यों मैंने आज तक रुखसार को मॉर्डन ड्रेस पहनने को नहीं bola..kyo उसे jesns-top तक पहनने को नहीं कहा....
मेरी रुखसार इन मॉर्डन कपड़ों में और ज्यादा खूबसूरत और हॉट नजर आ रही थी...
उसे देख कर मेरा तो बुरा हाल था hi....par मुझे यकीन tha...ki ऐसे मेरी रुखसार को कोई भी मर्द dekhega...to वो पक्का पागल हो जायगा.....
Khair...rukhsaar ने साड़ी ड्रेसेस तरय कर के एक तरफ रख di...aur फिर वो मेरे पास आ कर वो साड़ी फोटोज दरखने lagi....jo मैंने abhi-abhi क्लिक की थी...
अपने आपको उन ड्रेसेस में देख कर रुखसार शर्माने lagi....uper से मैंने उसकी और ज्यादा तारीफ ki...to वो शर्म से लाल होने लगी....
मैं- rukhsaar.....sach me.....tum इन कपड़ो में क़यामत दिखती ho.....bas...aaj से तुम यही कपडे पहना karo....samjhi न...
रुखसार- are....main ये सब पहन कर घर के काम karugi...to ये खराब हो jayegi....aur वैसे bhi.....aapke जाने के बाद मुझे किस को दिखाना hai....nhi....mere कपडे hi ठीक है....
मैं- ठीक hai....par तुम अब लिवास कभी नहीं pahnogi....ab इतना तो मान jao...plz....
रुखसार- फिर से plz....theek है baba....liwaas नहीं dalugi...kabhi bhi.....ab खुश....
रुखसार- haa....bahut khush...aur तुम फ़िक्र मत karo....main जल्दी hi तुम्हारे लिए कुछ ऐसा सोच luga...jis से तुम रोज बहार जा सको....
रुखसार- पर इसकी जरूरत क्या hai...main घर में hi ठीक हु....
मैं- क्या ठीक ho.....ghar में pade-pade साड़ी जिंदगी निकल डौगी kya...nhi....main नहीं चाहता की मेरी रुखसार घर में hi पड़ी rahe....main कुछ सोचता hu....taki तुम भी घर के बहार niklo...naye लोगो से milo....jindagi के मज़े लो....
रुखसार- मेरे मज़े आपके साथ hi ठीक hai...mujhe और किसी की जरूरत नहीं....
मैं- पर मैं ये कर के hi rahuga....main अपनी बीवी को एक शानदार जिंदगी duga.....samjhi न....
Rukhsaar(muskura कर)- अच्छा baba...jo सही लगे karna...main आपके हिसाब से hi chaloogi....ab सो भी jao...kal शॉप नहीं जाना क्या....
मैं- सोता hu....par पहले अपने छोटू को तो सुला du..jo इतना हसीं नजारा देख कर गरम हो चूका है....
मेरी बात पर रुखसार शर्मा gai...aur फिर हमारा प्यार सुरु हो गया......
और रुखसार की मस्त चुदाई कर ke.....hum दोनों सो गए.....
उसके बाद रुखसार 1-2 बार मेरी लाइ ड्रेस को पहन जार hi बहार gai.....par अभी भी उसे वो ड्रेसेस ज्यादा पसंद नहीं thi...khas कर की वो wali...jo ज्यादा हॉट दिखती थी....
Khair....ek din...subah-subah मैं अपनी शॉप पर gaya....to मुझे पता चला की मेरी चेकबुक ख़त्म हो गई hai...aur दूसरी चेकबुक घर पर थी.....
और मुझे आज hi एक जरूरी पेमेंट करना tha.....isliye मैं लंच के बाद रुखसार को बोना बताये hi घर पहुंच गया....
और जब दुर्बल बजने पर रुखसार ने गेट khola....to वो मुझे देख कर चौंक गई......
मैं- क्या hua....aise क्या देख रही हो.....
Rukhsaar(sakpaka कर)- kk..kuch nhi....wo आप इस waqt....kya हुआ....
मैं- अरे haa...wo चेकबुक भूल गया tha....to main....ek minute.....wah...ye तो मैंने देखा hi nhi...meri जान इतनी हॉट ड्रेस me....wah yaar....to तुमने मेरी बात मान hi ली....
Rukhsaar(muskura कर)- hh...ha....wo आपने hi तो बोलै था न........
मैं- hmm...to सही बोलै था na...tum इसमें कितनी मस्त दिख रही ho...hai न....
रुखसार- wo...wo आप कुछ बोल रहे the....wo checkbook...uska क्या हुआ....
मैं- अरे ha....main चेकबुक लेने आया tha....shop वाली ख़त्म हो gai...aur मुझे कुछ अर्जेंट पेमेंट करने थे....
रुखसार- तो मुझे कॉल कर dete....aap बिना कॉल किये क्यों आ गए....
Main(chounk कर)- क्या matlab.....main आ नहीं सकता क्या....
Rukhsaar(jhijhak कर)- अरे nhi...wo मैं बहार जाने वाली thi....agar आप थोड़ा लेट aate...to आपको घर लॉक मिलता na....to...
मैं- ओह accha....par मेरे पास चाबी थी na...aur तुम नहीं मिलती तो कॉल कर leta....waise कहा जा रही ho...aur साथ में कौन जा रहा hai.....aunty जी...
रुखसार- nhi...wo main....aaj मैं अकेली hi जा रही thi...wo आंटी है नहीं न......
Main(man में)- ये तो अच्छा hai....golu को बता दू kya.....hmm..batata हु....
रुखसार- क्या hua....mujhe जरूरी सामान लेना tha...to मैंने सोचा की अकेली hi.....kya मुझे अकेले नहीं जाना चाहिए......
मैं- huh...are nhi...tum jao.....main चेकबुक ले लेता hu....fir तुम्हे छोड़ duga....waise कहा जाना है तुम्हे....
रुखसार- अरे nhi....aap परेशान मत ho...main पास में hi जा रही hu.....aap अपना काम dekho........main आराम से चली जोगी...
मैं- ठीक hai....par बताओ तो की कहा जा रही हो.....
रुखसार- wo.....wo *** मॉल me....haa.....wahi जोगी....
मैं- ठीक hai....to मेरी चेकबुक निकाल do....fir नीचे तक साथ में चलते है....
रुखसार- हम्म..
फिर रुखसार बैडरूम में गई और थोड़ी देर बाद चेकबुक ले कर आ gai....aur फिर हम साथ में बिल्डिंग के बाहर आये और मैं वह से अपनी शॉप पर निकल gaya....aur रुखसार भी पैदल hi आगे बाद गई.....
रुखसार चली तो gai...par उसके haav-bhaav देख कर मुझे कुछ परेशानी हो रही thi.....isliye मैं शॉप पर बैठा हुआ रुखसार के बारे में hi सोचता रहा.....
वह रुखसार कुछ hi दूर आगे चली thi.....ki उसने किसी को कॉल kiya.....aur थोड़ी hi देर में एक शानदार कार उसके पास रुक gai....aur रुखसार तुरंत उस कार में बैठ गई.....
Rukhsaar(car में आते hi)- जल्दी चलो....
मर्द- क्या hua....itni घबराई हुई क्यों लग रही हो....
रुखसार- क्या batau....mere सौहार आ गए the.....wo भी बिना कॉल kiye....badi मुश्किल से उनके सामने नार्मल रही....
Mard(muskura कर)- ohh..to क्या बोलै use...usne पूछा nhi...ki तुम इतनी सेक्सी बन कर कहा जा रही हो....
रुखसार- पूछा tha...par मैंने बोल दिया की उनके कहने पर hi तो ये ड्रेस पहनी hai....aur मॉल का बहाना बोल दिया....
मर्द- ओह ho...waise सच में कहा जाना है madam....hmm...
ये बोल कर वो मर्द है पड़ा और रुखसार ने शर्मा कर नजरें झुका ली.....
मर्द- बोलो na....kaha चलना है मैडम को....
Rukhsaar(muh घुमा कर)- मुझे क्या pata....car आपकी hai...aap hi जानो....
मर्द- ओह ho...to आज मैडम हमारे हिसाब से chalegi...tab तो chalo...seedha वही चलते hai...jaha मुझे सबसे ज्यादा मज़ा आता है.....
Rukhsaar(sharma कर)- besharam....ab चलो भी.......
फिर यहाँ कार आगे निकल gai....aur वह मैं शॉप पर रुखसार के haav-bhaav के बारे में सोचता रहा........
मैंने रुखसार के बाहर जाने की बात बताने के लिए गोलू को भी मश्ग kiya....par उसने बताया की वो अभी काम में बिजी hai...baat नहीं कर पाएगा....
और फिर मैं यु hi baithe-baithe सोचने लगा की आखिर रुखसार अलग क्यों दिख रही thi...kyo.....
थोड़ी देर बाद hi रुखसार एक कमरे में कड़ी थी और उसी कमरे के बीएड पर बैठा हुआ मर्द उसे घूरे जा रहा था.....
Rukhsaar(sharma कर)- ऐसे क्या देख रहे हो....
मर्द- tumhe...aur तुम्हारी इस हॉट ड्रेस ko...sach me....is ड्रेस में तुम क़यामत लग रही ho.....thanks...ye ड्रेस पहनने के लिए...
रुखसार- थैंक्स तो मेरे सौहार को bolo....jinhone सामने से मुझे ये ड्रेस di...aur पहनने को फाॅर्स किया....
मर्द- hmm...use भी बोल duga...aur साथ में एक और थैंक्स boluga...jo इतनी हसीं बीवी मेरे लिए खुली छोड़ di....ab आजा मेरी jaan.....filhaal इस ड्रेस की जरूरत नहीं...
ये बोल कर उस मर्द ने रुखसार को पास खींचा और फिर choomte-chat ते हुए कुछ hi देर में दोनों पुरे नंगे हो गए....
और कुछ hi मिनटों बाद रुखसार बीएड पर उस मर्द की गॉड में लेती हुई thi....aur उसका तगड़ा लुंड सहला रही थी....
मर्द- अब कितना dekhogi....kuch करो भी.....
रुखसार- मुझे देखने do....aapka ये चांदीवाला लुंड देख कर hi मैं गरम हो जाती hu....uummmm...dekho to..kaise सूपड़ा बहार आता hai....uufff....
मर्द- अब देखना chhodo....ise तेरे प्यार की जरूरत है......
रुखसार- hmmm...wo तो करूगी hi...aaauuummmm...uuummmm...uuuummm..uuuuuuuummmmmmmmmmm.....
और कुछ hi सेकण्ड्स में रुखसार joor-joor से उसका लुंड चूसने लगी.....
मर्द लगातार रुखसार का सर सहला रहा था और रुखसार सटासट लुंड को मुँह में andar-baahar कर रही थी....
थोड़ी hi देर बाद वो मर्द पूरा तैयार हुआ और उसने रुखसार को रोक कर कुटिया बना diya....aur एक hi झटके में पूरा लुंड रुखसार की छूट में पेल दिया.....
रुखसार- aaaaiiiiiiiiiii....maroge क्या.....
मर्द- ha....bas छूट maruga......yyyeehhh.....
और मर्द ने जोरदार धक्के सुरु कर दिए और रुखसार की चीखे कमरे में गूजने लगी.....
रुखसार- aaaahhhhh...aaahh.....aahh...aahhh...aaahhh....
मर्द- yeehhh....aaj तू ज्यादा hi गरम दिख रही hai....haa...
रुखसार- aaahhh....sach me.....aaj शान की आँखों में धुल झोक कर आई na....aaahhh....main तो अभी se....aaaahhhh....aaahh....aaaaaahhhhhhhhhhhhh......
और रुखसार एक जोरदार चीख के साथ झाड़ gai....par उसका जोश बिलकुल भी काम नहीं हुआ.....
फिर उस मर्द ने रुखसार को साथ में लिटाया और तेज धक्के मरने लगा.....
मर्द- तेरी गर्मी देख kar....main भी ज्यादा गरम हो गया जान.....
रुखसार- aaahhh......sach me.....saambe से झूठ बोल kar...aaahhh....mujhe भी मज़ा आ gaya....aaahh...
मर्द- तब तो तुम्हे हमेशा झूठ बोलना चाहिए na....haa...
रुखसार- aaahhh.....marwaoge kya....use भनक भी लग गई na....aaahh...ki तुम मुझे रोज छोड़ते ho....aaahhh...to पागल हो jayga....aaaiiii....main फिर se....aaahhh...aaah....
और रुखसार फिर से झाड़ कर पास्ट पद gai....aur वो मर्द उसे प्यार से सहलाने लगा....
मर्द- तो आगे क्या socha....kab तक यु hi छिपना पड़ेगा....
रुखसार- hamesha.....kyoki मैं शान को नहीं छोड़ sakti.....aur तुम्हारे इस लुंड को भी छोड़ नहीं सकती.....
Mard(doodh दवा कर)- मतलब रोज chudegi....par chhip-chhip kar.....aise hi मज़ा आता है tujhe....hai न....
रुखसार- hmm....mujhe ऐसे hi मज़ा आता hai.....din भर तुम छोड़ते raho....aur रात को शान भी खुश कर देता hai...aur क्या चाहिए.....
मर्द- wah...mast लाइफ है teri....aur मुझे भी यही पसंद है.....
रुखसार- तो रुक क्यों gaye...waise भी उसके आने का वक़्त हो गया hai....jaldi करो....
ये सुन कर उस मर्द ने रुखसार की नीचे लिटाया और उसकी टांगों को हवा में उठा कर चुदाई सुरु कर दी....
यहाँ रुखसार मज़े से चुद रही thi...aur वह मैं रुखसार की वजह से परेशान हो रहा था......
मैंने रुखसार को कॉल कर के परेशानी दूर करने की कोसिस भी ki...par 10 कॉल लगाने के बाद भी रुखसार ने कॉल नहीं लिया....
इसलिए मैं शॉप से जल्दी निकल aaya.....par दुर्बल बजने पर भी गेट नहीं khula...jis से मुझे लगा की रुखसार सायद अभी तक घर नहीं आई....
इसलिए मैंने अपनी चाबी से गेट खोला और जैसे hi अंदर दाखिल hua.......waise hi मुझे रुखसार की जोरदार चीख सुनाई दी....
वो चीख सुन कर मैं सीधा उस रूम में bhaga...jaha से मुझे आवाज आई थी....
और जैसे hi मैंने अंदर का नजारा देखा तो मेरी आँखे फटी रह gai......aur मेरे गले से सिर्फ एक hi सब्द निकला.......
मैं- "" रुखससआआरररररर..........""
मैं रुखसार को देखते हुए baar-baar उसका नाम बोले जा रहा tha...ki तभी मुझे किसी ने hilaya...to मैं चौंक उठा...
क्योकि मुझे हिलने वाला साक्ष मेरे सामने tha....aur वो था मेरी शॉप पर काम करने वाला लड़का.....
Main(chounk कर)- क्या हुआ....
लड़का- शान bhai...rukhsaar भाभी तो घर पर hai.....aapki आवाज उन तक नहीं pahchogi....hahaha...
और उसकी बात पर दूसरा लड़का भी हसने laga.....jise देख कर मुझे शर्मिंदगी महसूस हुई और मैंने दोनों को गदका कर काम करने को बोल दिया....
Main(man में)- या al**h.....ye kya...main फिर से ख्वाब देख रहा tha....wo भी aisa.....aakhir ये हो क्या रहा hai.....mujhe ऐसे hi ख्वाब क्यों आते hai....huh...accha हुआ की लड़के ने हिला diya...warna पता नहीं आगे क्या बक deta....uufff.....sabse पहले तो फ्रेश हो आता hu....tab कुछ सुकून मिलेगा....
फिर मैं फ्रेश हो कर आया और सबसे पहले रुखसार को कॉल kiya....aur उस से बात करने के बाद hi मेरे दिल को सुकून मिला....
Khair....main अपने टाइम पर घर aaya....aur जब मैं अपने फलते पर जा रहा था तो मुजगे मेरी पडोसी आंटी दिखी....
Main(man में)- आंटी तो यही hai....par रुखसार बोल रही थी की वो बहार गई hai.....ye क्या बात hui....chalo...rukhsaar से hi पूछता हु....
फिर जब मैं और रुखसार खाना कगा रहे the.....tab मैंने उससे आंटी के बारे में बात की...
मैं- rukhsaar...tum बोल रही थी की आंटी घर पर नहीं hai...par वो तो मुझे बहार hi दिखी.....
रुखसार- kya...matlab...kab दिखी...
मैं- abhi...jab मैं घर आया....
रुखसार- ohh...wo आ गई होगी saayad...tab नहीं थी...
रुखसार ने बड़े प्यार से मेरी बात का जवाब diya....halaki जवाब देते वक़्त उसने मेरी तरफ नहीं dekha...kyoki वो अपना खाना खाने में लगी थी....
और फिर मैंने भी वो सब छोड़ कर खाने पर फोकस kiya....aur फिर पर हम दोनों खाना खा कर सोने लगे.......
क्योकि आज रुखसार ने बोलै की वो थकी हुई hai.....to मैंने सेक्स भी नहीं kiya...aur गोलू ने भी थकान की बात boli.....to उससे भी बात नहीं हुई.......
पर मुझे नीड नहीं आ रही thi...isliye मैंने अपनी प्यारी बीवी को देखने लगा....
रुखसार सुकून के साथ सो रही thi...aur मैं उसके सुकून भरे चेहरे को देखते हुए खुश हो रहा था.....
Main(man में)- काश तुम मेरी बात मान जाओ rukhsaar....fir मैं भी इसी तरह सुकून से सो pauga.....uummm...good नाईट जान....
मैंने रुखसार के गाल को हलके से चूमा और आँखे बंद कर के लेट गया....
हम सब अपनी- अपनी जगह सुकून से सो रहे the...par इस सुकून का राज़ क्या tha....kya जो दिख रहा tha...wahi tha......ya इस सुकून के पीछे कुछ और hi था......???????
नोट - उपदटेस पोस्टेड frnds.....hope ु लिखे आईटी......
थैंक्स फ्रेंड्स....
कीप रीडिंग.....
फिर ऐसे hi वक़्त गुजरता gaya.....kareeb 3 हफ्ते और निकल gaye...aur इस बीच गोलू ने 2 बार और मेरी रुखसार को सामने से देखा....
क्योकि जब भी रुखसार सिर्फ मेरी पड़ोसन आंटी के साथ बहार जाती thi....to मैं गोलू को हर बार बता देता था की रुखसार कहा जाने वाली hai...aur गोलू वह पहुंच जाता था.....
और 1 बार तो रुखसार को अकेले hi जाना pada...kyoki उसे कुछ जरूरी सामान लेना था और पड़ोसन आंटी सहर से बाहर गई हुई थी......
तब भी मुझे थोड़ी घबराहट हुई thi...par आखिरकार सब ठीक hi रहा था....
गोलू मुझे हर बार रुखसार का विडिओ बना कर भी भेजता tha......halaki वो रुखसार के aas-paas रहते हुए मुझसे बात नहीं करता tha....par बाद में सब बताता था.....
मैंने उससे इसकी वजह puchhi...to वो बोलै की उस वक़्त वो रुखसार पर hi पूरा फोकस रखता hai......baki कुछ नहीं सोचता....
उसकी बात मुझे खुश कर gai....aur फिर मैंने उससे इस बारे में कुछ नहीं पूछा
इसी बीच गोलू का बताया आईडिया भी मेरे काम आ gaya....maine रुखसार को कई बार गरम कर के रोल प्ले का bola....to आखिर उसने हां बोल di...par हफ्ते में सिर्फ एक बार के लिए hi....
मैं इतने में hi खुश tha...kyoki मुझे लगा की कुछ दिन बाद सायद वो ज्यादा बार रोलप्ले करने को है कह degi....aisa मुझे गोलू ने बोलै था....
इस बीच गोलू ने मुझे baar-baar कह कर मजबूर किया की मैं रुखसार को बोलू की वो घर के बाहर बिना बुर्के और नकाब के जाए....
क्योकि गोलू को पता था की रुखसार बुरका ज्यादा उसे करती hai....ghar पर bhi..aur बहार तो pakka....aur साथ में नकाब भी....
पहले मुझे नहीं लगा था की रुखसार manegi....par जब मैंने रोलप्लाइ के दौरान baar-baar गोलू बन कर उससे ये बात kahi...to रुखसार मान गई....( ये भी गोलू का hi आईडिया था )
ये देख कर मैं हैरान tha...ki गोलू के नाम से बात मान कर रुखसार अब बिना बुर्के के घर से बहार जाने लगी थी....
मुझे अब गोलू पर 100% यकीन हो चूका tha.....ki वह गोलू hi hai....jiski सोच मेरी बीवी को बदल कर मेरे ख्वाबो को पूरा करने में मदद कर सकती है.....
अब तो बस मैं यही चाहने लगा की जल्द से जल्द गोलू मेरी बीवी रुखसार को चोदे और मैं देख कर मज़ा ले सकू.....
पर ये इतना आसान नहीं tha.....maine रोलप्ले के दौरान 1-2 बार बात छेड़ने की कोसिस भी की thi....par रुखसार ने तुरंत उस बात को काट दिया था.....
रुखसार तो ये बात सुनने को भी तैयार नहीं thi.....isliye मैं और गोलू इसी बात पर बातें करते the...ki रुखसार को गोलू के लिए मनाया कैसे जाए.....
फिर एक दिन मैं शॉप पर बैठा हुआ सोच hi रहा था की अब क्या karu...kaise अपने ख्वाब को पूरा karu.....ki तभी गोलू का मश्ग आ गया....
( चाट पर )
गोलू- hello....kuch काम हुआ....
मैं- नहीं yaar...kuch भी नहीं hua....usne साफ़ मन कर diya....wo तो सुनने को भी तैयार nhi.....samjh नहीं आ रहा की अब क्या करू....
गोलू- एक रास्ता hai....agar तुम चाहो तो...
मैं- तो बताओ न....
गोलू- पर उसके लिए मुझे तुम्हारी बीवी को बदलना होगा.......
Main(hairani से) - मतलब....
गोलू- are.....ghabrao nhi...tum बस मुझे ये batao.....ki वो ज्यादातर क्या पहनती है......
मैं- ये सब तो तुम्हे बता चूका हु na....wo salwar-kameej hi पहनती hai...aur liwaas...jo abhi-abhi पहनना काम किया hai.....iske अलावा किसी करीबी की सदी में लगा भी पहन लेती hai....bas....
गोलू- ohk...ab ये भी मुझे फिर से batao....ki वो करती क्या hai...mera matlab...sara दिल क्या करती hai....kaha जाती hai....jati भी है की nhi...matlab की daily...bolo....
मैं- are...ye भी तुम्हे पता hai.....wo तो घर में hi रहती hai....bas किसी संडे को hi वो मेरे साथ बाहर जाती hai....aur kabhi-kabhaar मार्किट तक जाती hai...bas....jaisa तुम जानते hi ho...dekha है न तुमने....
गोलू- ha....ok...to अब suno.....asal में तुम्हारी बीवी को इतना शर्मीला बनाने की वजह तुम hi ho....isiliye वो रोलप्ले भी ठीक से नहीं करती.....
मैं- क्या matlab....main कुछ समझा नहीं....
गोलू- समझाता hu....ek बात बताओ shaan....tum अगर फूल को मुट्ठी में दवा कर rakhoge....to वो khilega....ya उसे खुला छोड़ने पर....
मैं- beshak....khula छोड़ने par....mutthi में तो वो मुरझा hi जायगा न...
गोलू- haa...bas यही तेरी बीवी के दिल का हाल है....
मैं- क्या matlab....main कुछ समझा नहीं....
गोलू- बताता hu....tumhari बीवी का दिल एक फूल की तरह hai.....jo तुम्हारे मजहबी लिवास और मजहबी सोच में कैद हो गया hai...isi वजह से वो कुछ सोच hi नहीं pata....ki जिंदगी में उसे और भी ख़ुशी मिल सकती hai...jis से वो खिल सकता है....
मैं- क्या matlab....saaf-saaf बोलो न...
गोलू- तो suno....ek तो तुम्हारी बीवी घर से निकलती nhi...aur निकलती भी है तो पूरा जिश्म धक् kar.....ab भले hi लिवास नहीं pahanti...fir भी ढकी हुई तो रहती hi hai....right...
Main(soch कर)- ha...sahi है...
गोलू - तो अब खुद hi socho....aise वो किसी गैर मर्द के लिए कैसे सोच सकती hai...are bhai...jab वो अपने जिश्म को दिखेगी hi nhi...to मर्द देखेंगे kya...aur जब कोई देखेगा nhi.....to कुछ बोलेगा nhi...aur बोलेगा nhi...to उसे पता hi नहीं चलेगा na...ki उसके पास क्या है....
मैं- बात तो तुम्हारी सही hai....khula हुआ माल hi लोग ज्यादा पसंद करते है....
गोलू- अब समझे na.....to अब सबसे पहले तुम अपनी बीवी को कुछ अच्छी ड्रेस ला कर do.....use बोलो की ये salwar-kameej और लिवास chhode....aur aaj-kal चलने वाले कपडे pahne....jeans, टॉप, स्कर्ट, ये sab....samjh रहे हो न....
मैं- ha...par वो मानेगी नहीं...
गोलू- ये तुम्हारा काम hai...tum सौहार हो uske.....tum ये कर सकते ho....aur suno....use कुछ भी कर के घर के बाहर जाने do.....matlab की कुछ ऐसा karo...jis से वो रोज घर से बहार निकले....
मैं- पर इससे क्या फायदा होगा....
गोलू- इससे ये hoga...ki जब वो घर से बहार jaygi...to कई लोगो से milegi...baaten karegi...jisse वो लोगो के सामने khulegi.....aur वो जब खुल जायगी na...to उसे ये रोलप्ले भी अच्छा lagega.....tum कोसिस तो karo....fir आगे देखते hai....ye तरीका काम किया तो theek...warna फिर और कुछ देखेंगे....
मैं- बात तो सही hai.....par मैं उसे किस तरह की ड्रेस खरीद कर दू....
गोलू- वो मुझ पर छोड़ do....main कुछ देर में hi तुम्हे कुछ ड्रेसेस के फोटोज bhejuga...waise hi लेना....
मैं- hmm...theek hai....bhej do....main आज hi उसे nai-nai ड्रेस ले jauga.....par उसे बहार कैसे bheju..kya बोलू उसे...
गोलू - तुम एक काम karo....aaj ड्रेस ले jao.....tab तक मैं कुछ सोचता hu....raat तक सोच कर batauga...ok...
मैं- hmm...chalo रात को बात karege....aur ड्रेस की फोटोज शाम तक भेज dena...ok...bye...
गोलू - ok....bye.....
गोलू की बातो से मुझे भी लगा की सायद रुखसार का इतना शर्मीला मिजाज उसके पहनावे और उसके दिन भर घर पड़े रहने का नतीजा है.....
इसलिए मैंने गोलू की बातों पर गौर किया और शॉप से जल्दी निकल कर रुखसार के लिए कुछ ड्रेसेस ले li.....jo की मुझे गोलू ने बताई thi.....aur फिर घर निकल गया.....
और घर जा कर जब मैंने रुखसार को वो ड्रेसेस dikhai...to वो भड़क गई.....
रुखसार - ये क्या ले आये aap....main ये सब नहीं पहन सकती....
मैं- पर kyo....are...main खुद बोल रहा hu...fir bhi.....aakhir परेशानी क्या है इसमें....
रुखसार- are....ye मैंने कभी पहनी nhi...aur हमारे यहाँ...
Main(beech में)- मजहब कभी नहीं कहता की अच्छे कपडे न pahno.....aur तुम अकेली थोड़ी hi ho....yaha सब पहनते hai...tumhari वो सहेली juhi...wo भी तो पहनती है na....kya वो हमारे यहाँ की नहीं....
रुखसार- आपकी बात सही hai....par कोई देखेगा तो क्या bolega.....ammi-abbu क्या कहेगे.....
मैं- वो हमारे साथ नहीं rahte....aur मैंने कब बोलै की तुम उनके सामने pahno.....par काम से काम यहाँ तो pahno....yaha कोई भी इसे गलत नहीं बोलेगा.....
रुखसार- पर....
Main(beech में)- प्ल्ज़ rukhsaar...meri khatir....plz...maan जाओ न...
Rukhsaar(muskura कर)- आप na...aap ऐसे बोलते है तो मैं न नहीं बोल पति....
मैं- तो फिर पहनोगी न.....
Rukhsaar(muskura कर)- hmm..sirf आपके लिए....
Main(gale लगा कर)- ओह्ह मेरी jaan...i लव यू.....
रुखसार- मैं bhi.....par ये kya....itni साड़ी ड्रेस क्यों ले aaye.....main ये पहन कर जाओगी kaha...sara दिन तो घर में रहती hu....to जरूरत क्या थी...1-2 ले आते बस....
मैं- are....kya मैं अपनी प्यारी बीवी के लिए इतना भी नहीं कर सकता....
रुखसार- क्यों nhi...par ऐसे तो ये rakhi-rakhi hi पुराणी हो जाएगी न....
मैं- नहीं hogi....hum कुछ न कुछ सोच lege...ok...
रुखसार- हम्म....
मैं- तो अब chalo....mujhe ek-ek कर के ये साड़ी ड्रेस पहन कर दिखाओ...
रुखसार- वो सब रात में dikhaugi....abhi मुझे खाना बनाने दो....
मैं- ok..raat को hi सही.....
Khair...raat को रुखसार ने शरमाते हुए hi sahi.....par ek-ek कर के साड़ी ड्रेसेस पहन कर देखि.....
और रुखसार को उन ड्रेसेस में देख कर मेरा बुरा हाल होने लगा....
मैं सोचने laga...ki आखिर क्यों मैंने आज तक रुखसार को मॉर्डन ड्रेस पहनने को नहीं bola..kyo उसे jesns-top तक पहनने को नहीं कहा....
मेरी रुखसार इन मॉर्डन कपड़ों में और ज्यादा खूबसूरत और हॉट नजर आ रही थी...
उसे देख कर मेरा तो बुरा हाल था hi....par मुझे यकीन tha...ki ऐसे मेरी रुखसार को कोई भी मर्द dekhega...to वो पक्का पागल हो जायगा.....
Khair...rukhsaar ने साड़ी ड्रेसेस तरय कर के एक तरफ रख di...aur फिर वो मेरे पास आ कर वो साड़ी फोटोज दरखने lagi....jo मैंने abhi-abhi क्लिक की थी...
अपने आपको उन ड्रेसेस में देख कर रुखसार शर्माने lagi....uper से मैंने उसकी और ज्यादा तारीफ ki...to वो शर्म से लाल होने लगी....
मैं- rukhsaar.....sach me.....tum इन कपड़ो में क़यामत दिखती ho.....bas...aaj से तुम यही कपडे पहना karo....samjhi न...
रुखसार- are....main ये सब पहन कर घर के काम karugi...to ये खराब हो jayegi....aur वैसे bhi.....aapke जाने के बाद मुझे किस को दिखाना hai....nhi....mere कपडे hi ठीक है....
मैं- ठीक hai....par तुम अब लिवास कभी नहीं pahnogi....ab इतना तो मान jao...plz....
रुखसार- फिर से plz....theek है baba....liwaas नहीं dalugi...kabhi bhi.....ab खुश....
रुखसार- haa....bahut khush...aur तुम फ़िक्र मत karo....main जल्दी hi तुम्हारे लिए कुछ ऐसा सोच luga...jis से तुम रोज बहार जा सको....
रुखसार- पर इसकी जरूरत क्या hai...main घर में hi ठीक हु....
मैं- क्या ठीक ho.....ghar में pade-pade साड़ी जिंदगी निकल डौगी kya...nhi....main नहीं चाहता की मेरी रुखसार घर में hi पड़ी rahe....main कुछ सोचता hu....taki तुम भी घर के बहार niklo...naye लोगो से milo....jindagi के मज़े लो....
रुखसार- मेरे मज़े आपके साथ hi ठीक hai...mujhe और किसी की जरूरत नहीं....
मैं- पर मैं ये कर के hi rahuga....main अपनी बीवी को एक शानदार जिंदगी duga.....samjhi न....
Rukhsaar(muskura कर)- अच्छा baba...jo सही लगे karna...main आपके हिसाब से hi chaloogi....ab सो भी jao...kal शॉप नहीं जाना क्या....
मैं- सोता hu....par पहले अपने छोटू को तो सुला du..jo इतना हसीं नजारा देख कर गरम हो चूका है....
मेरी बात पर रुखसार शर्मा gai...aur फिर हमारा प्यार सुरु हो गया......
और रुखसार की मस्त चुदाई कर ke.....hum दोनों सो गए.....
उसके बाद रुखसार 1-2 बार मेरी लाइ ड्रेस को पहन जार hi बहार gai.....par अभी भी उसे वो ड्रेसेस ज्यादा पसंद नहीं thi...khas कर की वो wali...jo ज्यादा हॉट दिखती थी....
Khair....ek din...subah-subah मैं अपनी शॉप पर gaya....to मुझे पता चला की मेरी चेकबुक ख़त्म हो गई hai...aur दूसरी चेकबुक घर पर थी.....
और मुझे आज hi एक जरूरी पेमेंट करना tha.....isliye मैं लंच के बाद रुखसार को बोना बताये hi घर पहुंच गया....
और जब दुर्बल बजने पर रुखसार ने गेट khola....to वो मुझे देख कर चौंक गई......
मैं- क्या hua....aise क्या देख रही हो.....
Rukhsaar(sakpaka कर)- kk..kuch nhi....wo आप इस waqt....kya हुआ....
मैं- अरे haa...wo चेकबुक भूल गया tha....to main....ek minute.....wah...ye तो मैंने देखा hi nhi...meri जान इतनी हॉट ड्रेस me....wah yaar....to तुमने मेरी बात मान hi ली....
Rukhsaar(muskura कर)- hh...ha....wo आपने hi तो बोलै था न........
मैं- hmm...to सही बोलै था na...tum इसमें कितनी मस्त दिख रही ho...hai न....
रुखसार- wo...wo आप कुछ बोल रहे the....wo checkbook...uska क्या हुआ....
मैं- अरे ha....main चेकबुक लेने आया tha....shop वाली ख़त्म हो gai...aur मुझे कुछ अर्जेंट पेमेंट करने थे....
रुखसार- तो मुझे कॉल कर dete....aap बिना कॉल किये क्यों आ गए....
Main(chounk कर)- क्या matlab.....main आ नहीं सकता क्या....
Rukhsaar(jhijhak कर)- अरे nhi...wo मैं बहार जाने वाली thi....agar आप थोड़ा लेट aate...to आपको घर लॉक मिलता na....to...
मैं- ओह accha....par मेरे पास चाबी थी na...aur तुम नहीं मिलती तो कॉल कर leta....waise कहा जा रही ho...aur साथ में कौन जा रहा hai.....aunty जी...
रुखसार- nhi...wo main....aaj मैं अकेली hi जा रही thi...wo आंटी है नहीं न......
Main(man में)- ये तो अच्छा hai....golu को बता दू kya.....hmm..batata हु....
रुखसार- क्या hua....mujhe जरूरी सामान लेना tha...to मैंने सोचा की अकेली hi.....kya मुझे अकेले नहीं जाना चाहिए......
मैं- huh...are nhi...tum jao.....main चेकबुक ले लेता hu....fir तुम्हे छोड़ duga....waise कहा जाना है तुम्हे....
रुखसार- अरे nhi....aap परेशान मत ho...main पास में hi जा रही hu.....aap अपना काम dekho........main आराम से चली जोगी...
मैं- ठीक hai....par बताओ तो की कहा जा रही हो.....
रुखसार- wo.....wo *** मॉल me....haa.....wahi जोगी....
मैं- ठीक hai....to मेरी चेकबुक निकाल do....fir नीचे तक साथ में चलते है....
रुखसार- हम्म..
फिर रुखसार बैडरूम में गई और थोड़ी देर बाद चेकबुक ले कर आ gai....aur फिर हम साथ में बिल्डिंग के बाहर आये और मैं वह से अपनी शॉप पर निकल gaya....aur रुखसार भी पैदल hi आगे बाद गई.....
रुखसार चली तो gai...par उसके haav-bhaav देख कर मुझे कुछ परेशानी हो रही thi.....isliye मैं शॉप पर बैठा हुआ रुखसार के बारे में hi सोचता रहा.....
वह रुखसार कुछ hi दूर आगे चली thi.....ki उसने किसी को कॉल kiya.....aur थोड़ी hi देर में एक शानदार कार उसके पास रुक gai....aur रुखसार तुरंत उस कार में बैठ गई.....
Rukhsaar(car में आते hi)- जल्दी चलो....
मर्द- क्या hua....itni घबराई हुई क्यों लग रही हो....
रुखसार- क्या batau....mere सौहार आ गए the.....wo भी बिना कॉल kiye....badi मुश्किल से उनके सामने नार्मल रही....
Mard(muskura कर)- ohh..to क्या बोलै use...usne पूछा nhi...ki तुम इतनी सेक्सी बन कर कहा जा रही हो....
रुखसार- पूछा tha...par मैंने बोल दिया की उनके कहने पर hi तो ये ड्रेस पहनी hai....aur मॉल का बहाना बोल दिया....
मर्द- ओह ho...waise सच में कहा जाना है madam....hmm...
ये बोल कर वो मर्द है पड़ा और रुखसार ने शर्मा कर नजरें झुका ली.....
मर्द- बोलो na....kaha चलना है मैडम को....
Rukhsaar(muh घुमा कर)- मुझे क्या pata....car आपकी hai...aap hi जानो....
मर्द- ओह ho...to आज मैडम हमारे हिसाब से chalegi...tab तो chalo...seedha वही चलते hai...jaha मुझे सबसे ज्यादा मज़ा आता है.....
Rukhsaar(sharma कर)- besharam....ab चलो भी.......
फिर यहाँ कार आगे निकल gai....aur वह मैं शॉप पर रुखसार के haav-bhaav के बारे में सोचता रहा........
मैंने रुखसार के बाहर जाने की बात बताने के लिए गोलू को भी मश्ग kiya....par उसने बताया की वो अभी काम में बिजी hai...baat नहीं कर पाएगा....
और फिर मैं यु hi baithe-baithe सोचने लगा की आखिर रुखसार अलग क्यों दिख रही thi...kyo.....
थोड़ी देर बाद hi रुखसार एक कमरे में कड़ी थी और उसी कमरे के बीएड पर बैठा हुआ मर्द उसे घूरे जा रहा था.....
Rukhsaar(sharma कर)- ऐसे क्या देख रहे हो....
मर्द- tumhe...aur तुम्हारी इस हॉट ड्रेस ko...sach me....is ड्रेस में तुम क़यामत लग रही ho.....thanks...ye ड्रेस पहनने के लिए...
रुखसार- थैंक्स तो मेरे सौहार को bolo....jinhone सामने से मुझे ये ड्रेस di...aur पहनने को फाॅर्स किया....
मर्द- hmm...use भी बोल duga...aur साथ में एक और थैंक्स boluga...jo इतनी हसीं बीवी मेरे लिए खुली छोड़ di....ab आजा मेरी jaan.....filhaal इस ड्रेस की जरूरत नहीं...
ये बोल कर उस मर्द ने रुखसार को पास खींचा और फिर choomte-chat ते हुए कुछ hi देर में दोनों पुरे नंगे हो गए....
और कुछ hi मिनटों बाद रुखसार बीएड पर उस मर्द की गॉड में लेती हुई thi....aur उसका तगड़ा लुंड सहला रही थी....
मर्द- अब कितना dekhogi....kuch करो भी.....
रुखसार- मुझे देखने do....aapka ये चांदीवाला लुंड देख कर hi मैं गरम हो जाती hu....uummmm...dekho to..kaise सूपड़ा बहार आता hai....uufff....
मर्द- अब देखना chhodo....ise तेरे प्यार की जरूरत है......
रुखसार- hmmm...wo तो करूगी hi...aaauuummmm...uuummmm...uuuummm..uuuuuuuummmmmmmmmmm.....
और कुछ hi सेकण्ड्स में रुखसार joor-joor से उसका लुंड चूसने लगी.....
मर्द लगातार रुखसार का सर सहला रहा था और रुखसार सटासट लुंड को मुँह में andar-baahar कर रही थी....
थोड़ी hi देर बाद वो मर्द पूरा तैयार हुआ और उसने रुखसार को रोक कर कुटिया बना diya....aur एक hi झटके में पूरा लुंड रुखसार की छूट में पेल दिया.....
रुखसार- aaaaiiiiiiiiiii....maroge क्या.....
मर्द- ha....bas छूट maruga......yyyeehhh.....
और मर्द ने जोरदार धक्के सुरु कर दिए और रुखसार की चीखे कमरे में गूजने लगी.....
रुखसार- aaaahhhhh...aaahh.....aahh...aahhh...aaahhh....
मर्द- yeehhh....aaj तू ज्यादा hi गरम दिख रही hai....haa...
रुखसार- aaahhh....sach me.....aaj शान की आँखों में धुल झोक कर आई na....aaahhh....main तो अभी se....aaaahhhh....aaahh....aaaaaahhhhhhhhhhhhh......
और रुखसार एक जोरदार चीख के साथ झाड़ gai....par उसका जोश बिलकुल भी काम नहीं हुआ.....
फिर उस मर्द ने रुखसार को साथ में लिटाया और तेज धक्के मरने लगा.....
मर्द- तेरी गर्मी देख kar....main भी ज्यादा गरम हो गया जान.....
रुखसार- aaahhh......sach me.....saambe से झूठ बोल kar...aaahhh....mujhe भी मज़ा आ gaya....aaahh...
मर्द- तब तो तुम्हे हमेशा झूठ बोलना चाहिए na....haa...
रुखसार- aaahhh.....marwaoge kya....use भनक भी लग गई na....aaahh...ki तुम मुझे रोज छोड़ते ho....aaahhh...to पागल हो jayga....aaaiiii....main फिर se....aaahhh...aaah....
और रुखसार फिर से झाड़ कर पास्ट पद gai....aur वो मर्द उसे प्यार से सहलाने लगा....
मर्द- तो आगे क्या socha....kab तक यु hi छिपना पड़ेगा....
रुखसार- hamesha.....kyoki मैं शान को नहीं छोड़ sakti.....aur तुम्हारे इस लुंड को भी छोड़ नहीं सकती.....
Mard(doodh दवा कर)- मतलब रोज chudegi....par chhip-chhip kar.....aise hi मज़ा आता है tujhe....hai न....
रुखसार- hmm....mujhe ऐसे hi मज़ा आता hai.....din भर तुम छोड़ते raho....aur रात को शान भी खुश कर देता hai...aur क्या चाहिए.....
मर्द- wah...mast लाइफ है teri....aur मुझे भी यही पसंद है.....
रुखसार- तो रुक क्यों gaye...waise भी उसके आने का वक़्त हो गया hai....jaldi करो....
ये सुन कर उस मर्द ने रुखसार की नीचे लिटाया और उसकी टांगों को हवा में उठा कर चुदाई सुरु कर दी....
यहाँ रुखसार मज़े से चुद रही thi...aur वह मैं रुखसार की वजह से परेशान हो रहा था......
मैंने रुखसार को कॉल कर के परेशानी दूर करने की कोसिस भी ki...par 10 कॉल लगाने के बाद भी रुखसार ने कॉल नहीं लिया....
इसलिए मैं शॉप से जल्दी निकल aaya.....par दुर्बल बजने पर भी गेट नहीं khula...jis से मुझे लगा की रुखसार सायद अभी तक घर नहीं आई....
इसलिए मैंने अपनी चाबी से गेट खोला और जैसे hi अंदर दाखिल hua.......waise hi मुझे रुखसार की जोरदार चीख सुनाई दी....
वो चीख सुन कर मैं सीधा उस रूम में bhaga...jaha से मुझे आवाज आई थी....
और जैसे hi मैंने अंदर का नजारा देखा तो मेरी आँखे फटी रह gai......aur मेरे गले से सिर्फ एक hi सब्द निकला.......
मैं- "" रुखससआआरररररर..........""
मैं रुखसार को देखते हुए baar-baar उसका नाम बोले जा रहा tha...ki तभी मुझे किसी ने hilaya...to मैं चौंक उठा...
क्योकि मुझे हिलने वाला साक्ष मेरे सामने tha....aur वो था मेरी शॉप पर काम करने वाला लड़का.....
Main(chounk कर)- क्या हुआ....
लड़का- शान bhai...rukhsaar भाभी तो घर पर hai.....aapki आवाज उन तक नहीं pahchogi....hahaha...
और उसकी बात पर दूसरा लड़का भी हसने laga.....jise देख कर मुझे शर्मिंदगी महसूस हुई और मैंने दोनों को गदका कर काम करने को बोल दिया....
Main(man में)- या al**h.....ye kya...main फिर से ख्वाब देख रहा tha....wo भी aisa.....aakhir ये हो क्या रहा hai.....mujhe ऐसे hi ख्वाब क्यों आते hai....huh...accha हुआ की लड़के ने हिला diya...warna पता नहीं आगे क्या बक deta....uufff.....sabse पहले तो फ्रेश हो आता hu....tab कुछ सुकून मिलेगा....
फिर मैं फ्रेश हो कर आया और सबसे पहले रुखसार को कॉल kiya....aur उस से बात करने के बाद hi मेरे दिल को सुकून मिला....
Khair....main अपने टाइम पर घर aaya....aur जब मैं अपने फलते पर जा रहा था तो मुजगे मेरी पडोसी आंटी दिखी....
Main(man में)- आंटी तो यही hai....par रुखसार बोल रही थी की वो बहार गई hai.....ye क्या बात hui....chalo...rukhsaar से hi पूछता हु....
फिर जब मैं और रुखसार खाना कगा रहे the.....tab मैंने उससे आंटी के बारे में बात की...
मैं- rukhsaar...tum बोल रही थी की आंटी घर पर नहीं hai...par वो तो मुझे बहार hi दिखी.....
रुखसार- kya...matlab...kab दिखी...
मैं- abhi...jab मैं घर आया....
रुखसार- ohh...wo आ गई होगी saayad...tab नहीं थी...
रुखसार ने बड़े प्यार से मेरी बात का जवाब diya....halaki जवाब देते वक़्त उसने मेरी तरफ नहीं dekha...kyoki वो अपना खाना खाने में लगी थी....
और फिर मैंने भी वो सब छोड़ कर खाने पर फोकस kiya....aur फिर पर हम दोनों खाना खा कर सोने लगे.......
क्योकि आज रुखसार ने बोलै की वो थकी हुई hai.....to मैंने सेक्स भी नहीं kiya...aur गोलू ने भी थकान की बात boli.....to उससे भी बात नहीं हुई.......
पर मुझे नीड नहीं आ रही thi...isliye मैंने अपनी प्यारी बीवी को देखने लगा....
रुखसार सुकून के साथ सो रही thi...aur मैं उसके सुकून भरे चेहरे को देखते हुए खुश हो रहा था.....
Main(man में)- काश तुम मेरी बात मान जाओ rukhsaar....fir मैं भी इसी तरह सुकून से सो pauga.....uummm...good नाईट जान....
मैंने रुखसार के गाल को हलके से चूमा और आँखे बंद कर के लेट गया....
हम सब अपनी- अपनी जगह सुकून से सो रहे the...par इस सुकून का राज़ क्या tha....kya जो दिख रहा tha...wahi tha......ya इस सुकून के पीछे कुछ और hi था......???????
नोट - उपदटेस पोस्टेड frnds.....hope ु लिखे आईटी......
थैंक्स फ्रेंड्स....
कीप रीडिंग.....