- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 145,354
अपडेट 28
बचपन की यादें
मनु ने जब यह सुना तोह उसने पुष्पी को अपने गले से लग आलिया और बोलै “दीदी सॉरी मैं नहीं जनता था आप इतने दर्द में रही हैं अब से मैं आपका ध्यान रखूँगा.”
इस पैर पुष्पी को मनु पैर खूब प्यार आया तोह उसने मनु को और कस्ते हुए kaha”acha जी मेरा भाई मेरे साथ है मेरे लिए इतना काफी hai,waise मुझे नहीं पता था की मेरा भाई रोटा भी है…???”
मनु ने कहा” मैं कहाँ रो रहा हूँ,”
पुष्पी ने इस बात पैर उसकी ऑंखें से अपने हाथ लगये और उसके आंसू दिखाए मनु को खुद नहीं पता चला था को हु रो रहा था..
पुष्पी ने जब उसके आंसू दिखये तोह हु भी हैरत में padgya..jisper पुष्पी ने उसे प्यार से कहा “जब इंसान को कोई अपना लगता है तोह उस इंसान का दर्द भी अपना लगता hai,yahi वजह है किट ु मेरी वजह से रो पड़ा”
मनु जो अब तक शर्मिदा हो रहा था अपने रोने से उसने जब यह सुना तोह उसके दिल को सुकून मिला की दीदी को उसका रोना बुरा या अजीब नहीं लगा..
पुष्पी अब थोड़ी नार्मल लग रही thi,,toh दोनों अब नार्मल हैकर अलग होगये तब मनु ने पूछा”
दीदी एक बात पुछु आप ने मुझमे क्या dekha,jo मुझे इतना प्यार करती हैं,”?
पुष्पी ने kaha”main जानती हूँ किट ु यही पूछना चाहता है की मेरे खुद के सेज दो भाई हैं पैर उनकी जगह मैं तुझे अपना भाई मानती hun,,,ho सकता है आगे जाकर तुझे लगे श्याद में भी तेरा उसे कर रही हूँ,,??
मनु ने न में सर हिला दिया..
पुष्पी boli”main जानती हूँ की तुझे अजीब लगे पैर जो अपना पैन और इज़्ज़त तुझसे मुझे मिली और जैसे तू मेरी ख़ुशी के बारे में सोचता hai,or आज तोह देख भिलिया की मेरे दुःख पैर रॉब hi पड़ता है मेरे लिए तू hi मेरा सागा भाई hai,or इस बात से निचिंत रहना की तेरी बहिन कभी तुझे धोखा degi,mere भाई तू मेरे बारे में जो भी सोच पैर एक बात हमशा याद रखना की इस दुनिआ में जब कोई भी तेरी बात न मने तोह तू सिर्फ मुझे केहडेना बिना किसी शक के तेरी यह बहिन हमशा तेरे साथ रहेगी…”
उसपर फिर दोनों इमोशनल हो गए ,,,
मनु ने कहा “दीदी आप मुझे गलत समझ रही ho,,maine ऐसा सोचा नहीं .”
जिसपर पुष्पी बोली “मेरे भाई यह हम लड़कियों को गॉड गिफ्ट होता hai,humhe अचे से पता लगजाता hai,ki कोई लड़का हमारे बारे में क्या सोचता hai,or फिर यहां इतना सब हुआ तोह अगर तूने सोचा भी होगा तोह क्लियर करना मेरा काम hai.ek बात याद रकना अगर कभी भी ऐसा कोई टाइम आया की मुझे अपने घरवालों या तुझे चुनने का कोई ऑप्शन मिला तोह मेरा वोट हमशा तुझे hi milega..or एक बात ध्यान रखना आगे से मैं तेरे घर आया करुँगी वहीँ तुझसे बात करुँगी और आगे से तेरी पड़े का जिम्मा मेरा “
मनु बोलै “मतलब दीदी की टीचर का पहला बकरा मैं hi हूँ”
पुष्पी झूठ मुठ गुस्सा होकर मरते हुए boli”tu बकरा है से क्या मतलब है तेरा ाचा तुन यही चाहता तोह नहीं आउंगी तेरे घर और नहीं पड़ूँगी ...”
बचपन की यादें
मनु ने जब यह सुना तोह उसने पुष्पी को अपने गले से लग आलिया और बोलै “दीदी सॉरी मैं नहीं जनता था आप इतने दर्द में रही हैं अब से मैं आपका ध्यान रखूँगा.”
इस पैर पुष्पी को मनु पैर खूब प्यार आया तोह उसने मनु को और कस्ते हुए kaha”acha जी मेरा भाई मेरे साथ है मेरे लिए इतना काफी hai,waise मुझे नहीं पता था की मेरा भाई रोटा भी है…???”
मनु ने कहा” मैं कहाँ रो रहा हूँ,”
पुष्पी ने इस बात पैर उसकी ऑंखें से अपने हाथ लगये और उसके आंसू दिखाए मनु को खुद नहीं पता चला था को हु रो रहा था..
पुष्पी ने जब उसके आंसू दिखये तोह हु भी हैरत में padgya..jisper पुष्पी ने उसे प्यार से कहा “जब इंसान को कोई अपना लगता है तोह उस इंसान का दर्द भी अपना लगता hai,yahi वजह है किट ु मेरी वजह से रो पड़ा”
मनु जो अब तक शर्मिदा हो रहा था अपने रोने से उसने जब यह सुना तोह उसके दिल को सुकून मिला की दीदी को उसका रोना बुरा या अजीब नहीं लगा..
पुष्पी अब थोड़ी नार्मल लग रही thi,,toh दोनों अब नार्मल हैकर अलग होगये तब मनु ने पूछा”
दीदी एक बात पुछु आप ने मुझमे क्या dekha,jo मुझे इतना प्यार करती हैं,”?
पुष्पी ने kaha”main जानती हूँ किट ु यही पूछना चाहता है की मेरे खुद के सेज दो भाई हैं पैर उनकी जगह मैं तुझे अपना भाई मानती hun,,,ho सकता है आगे जाकर तुझे लगे श्याद में भी तेरा उसे कर रही हूँ,,??
मनु ने न में सर हिला दिया..
पुष्पी boli”main जानती हूँ की तुझे अजीब लगे पैर जो अपना पैन और इज़्ज़त तुझसे मुझे मिली और जैसे तू मेरी ख़ुशी के बारे में सोचता hai,or आज तोह देख भिलिया की मेरे दुःख पैर रॉब hi पड़ता है मेरे लिए तू hi मेरा सागा भाई hai,or इस बात से निचिंत रहना की तेरी बहिन कभी तुझे धोखा degi,mere भाई तू मेरे बारे में जो भी सोच पैर एक बात हमशा याद रखना की इस दुनिआ में जब कोई भी तेरी बात न मने तोह तू सिर्फ मुझे केहडेना बिना किसी शक के तेरी यह बहिन हमशा तेरे साथ रहेगी…”
उसपर फिर दोनों इमोशनल हो गए ,,,
मनु ने कहा “दीदी आप मुझे गलत समझ रही ho,,maine ऐसा सोचा नहीं .”
जिसपर पुष्पी बोली “मेरे भाई यह हम लड़कियों को गॉड गिफ्ट होता hai,humhe अचे से पता लगजाता hai,ki कोई लड़का हमारे बारे में क्या सोचता hai,or फिर यहां इतना सब हुआ तोह अगर तूने सोचा भी होगा तोह क्लियर करना मेरा काम hai.ek बात याद रकना अगर कभी भी ऐसा कोई टाइम आया की मुझे अपने घरवालों या तुझे चुनने का कोई ऑप्शन मिला तोह मेरा वोट हमशा तुझे hi milega..or एक बात ध्यान रखना आगे से मैं तेरे घर आया करुँगी वहीँ तुझसे बात करुँगी और आगे से तेरी पड़े का जिम्मा मेरा “
मनु बोलै “मतलब दीदी की टीचर का पहला बकरा मैं hi हूँ”
पुष्पी झूठ मुठ गुस्सा होकर मरते हुए boli”tu बकरा है से क्या मतलब है तेरा ाचा तुन यही चाहता तोह नहीं आउंगी तेरे घर और नहीं पड़ूँगी ...”