Romance भंवर (पूर्ण) - Page 40 - SexBaba
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Romance भंवर (पूर्ण)

Krish rgcrazyboy se puch lena .. jab main page par count karke last 10th post par massage dalta hun ki update 1 minute ya 2 minute ya 5 minute me post karta hun .. tab main kitna serious hota hun posting ke liye...

Agar main is waqt me post nahi kar paya na update fir samjh lena chahiye ki main kisi emergency me hun ...

Story padhte hain to comment kijiye... Mere close hain to fun kijiye ... Aur what's group par kewal 5 massage ke adan pradan ke baad aap close feel karne lagte hain to shayad aap ki bhul hogi...

Main update bahut seriously likhta hun ..... Aur posting ke liye next page ke pahle ya dusre post par update post ho iska main khas khyal rakhta hun ...

Aap ka comment bilkul gair jimmedarana tha...
 
Update:-75 (A)

साची के जिस कन्फ्यूजन के चेप्टर को अपस्यु अभी-अभी क्लोज करके आ रहा था, उससे पार्थ और स्वस्तिका अंदर से काफी चिढ़े हुए थे और दोनों अपस्यु से काफी खफा नजर आ रहे थे।

अचानक से आए प्लान में इस बदलाव से पार्थ और स्वस्तिका इतने नाराज हुए की दोनों ने कुछ घंटे के अंदर आपातकालीन मीटिंग की योजना बनाते हुए सबको संदेश भेज दिया। आरव और ऐमी के बीच थोड़ी सी बातचीत के बाद रात के 12.30 बजे कमरा नंबर 806 में ही बैठक का स्थान तय हुआ।

रात के 12.30 बजे सभी लोग वहां पहुंच चुके थे, वहां का सर्विलेंस और सुरक्षा के सरा इंतजामात ऐमी के जिम्मे था। ऐमी उस जगह को पूरा परखनेंके बाद मीटिंग शुरू करने का इशारा की…

पार्थ ने मीटिंग की सुरवत करते साची और अपस्यु से जुड़े आज रात की बातचीत को लेकर जहां सवाल खड़े किए, वहीं योजना को बीच में ही बदलने के लिए स्वस्तिका ने अपस्यु से अपने गुस्से का इजहार किया।

अपस्यु एक-एक करके सारे सवालों का जवाब देता, उनकी सारी चिंता और गुस्से को दूर करते हुए, नए संभावनाओं कि ओर सबका ध्यान आकर्षित करवाया। इसी दौरान विक्रम सिंह और मयलो ग्रुप की भी पूरी जानकारी साझा की गई। बातों के दौरान यह भी पता चला की इस जिंदल के बेटे के एंगेजमेंट में लगभग सभी मुख्य टारगेट एक साथ इकट्ठा होंगे, जहां विक्रम सिंह के भी आने की पूरी संभावना है।

यहीं एक वजह थी कि, जिसकी सोच के साथ अपस्यु ने आरव का एंगेजमेंट जिंदल के बेटे के साथ नहीं होने दिया, ताकि नंदनी और विक्रम आमने-सामने ना हो। हालांकि अपस्यु ने यह भी साफ कर दिया कि जो खेल विक्रम ने खेला था, उसका पूरा न्याय करने के लिए नंदनी और विक्रम जल्द ही आमने-सामने जरूर होंगे, लेकिन उससे पहले कुछ तैयारियां पूरी होनी जरूरी है।

लगभग 2 घंटे चली इस मीटिंग में नए बदलाव के साथ सभी को अपने-अपने काम मिल चुके थे। स्वस्तिका को 3 महीने का वक्त मिला था, जिसमे वो कुंजल को इतना तो तैयार कर ही दे कि, मुसीबत में वो अपनी और अपने मां कि जान बचा ले। इसी प्रकार उतना ही वक़्त पार्थ को भी मिला था, ताकि वो वीरभद्र को शारीरिक और मानसिक रूप से परिपक्व बना दे।

2 भागों में टीम का विभाजन हो चुका था। स्वस्तिका, आरव, पार्थ और उसके साथ वीरभद्र मिलकर मायलो ग्रुप में सेंध लगाने के साथ-साथ नंदनी और कुंजल को सुरक्षित रखेंगे। वहीं अपस्यु और ऐमी का टारगेट जिंदल था। सभी को तैयारी के लिए 3 महीने के वक़्त दिया जा चुका था और सितंबर के आखिर में सब की दिल्ली वापसी तय हो चुकी थी।

लगभग 2 घंटे चली इस मीटिंग में सारे अहम फैसले लिए जा चुके थे, बस अब जरूरत थी खुद के तैयारियों को परखकर आगे बढ़ने की, जिसके लिए अपस्यु ने सबको 3 महीने का वक्त दिया था, और इसी के साथ उनकी सभा भी समाप्त हो चुकी थी।

मीटिंग के समाप्ति के बाद ही, सभी फिर से एक बार जोर से हूटिंग शुरू करने लगे और आरव को एक बार फिर सबने कल के लिए बधाई देते हुए वहां से निकल गए। रात के 2.30 बज चुके थे सब अपने-अपने कमरे में चल दिए आराम करने।

अगली सुबह, सुबह से ही कौतूहल का माहौल था, ना सिर्फ परिवारों में बल्कि पूरे होटल में भी। सुरक्षा के लिहाज से पूरे होटल के गेस्ट को एक दिन पहले ही शिफ्ट किया जा चुका था। 30 जून की सुबह से ही जैसे वहां का माहौल किसी जंग के माहौल में तब्दील हो चुका था। एंगेजमेंट में हाई प्रोफाइल गेस्ट की लिस्ट इतनी लंबी थी, उसमें भी इतने बड़े-बड़े पॉलिटीशियन आमंत्रित थे कि अमेरिका के कई सारे सुरक्षा एजेंसी के कई सारे प्रशिक्षित जवान वहां के चप्पे चप्पे की निगरानी कर रहे थे। उस होटल में रघुवंशी और मिश्रा फैमिली के लोगों को छोड़ कर केवल होटल के स्टाफ ही बचे थे।

खैर सुरक्षा के इंतजामात अपनी जगह थे और लोगों में एंगेजमेंट की उत्साह अपनी जगह, खासकर वहां मौजूद स्त्रियों में। लेकिन अभी सुबह की सबसे पहली प्रहर चल रही थी, यानी कि सुबह के 5 बज रहे थे और इतनी सुबह ऐमी के दरवाजे पर दस्तक होने लगी। 2.30 बजे सोई ही थी कुंजल ने 5 बजे जगा दिया। ऐमी आधी नींद में दरवाजा खोली और कुंजल कमरे के अंदर चली आयी।

कुंजल:- और कितना सोना है ऐमी, जाओ तुम्हें साची ने बुलाया है।

ऐमी:- कुंजल… सोने दो ना .. बाद में देखती हूं उसे।

कुंजल:- देखना तुम्हे नहीं है, देखेगी वो तुम्हे, जाओ..

ऐमी कुंजल को खींच कर बिस्तर में ले ली और उसके हाथ पाऊं जकड़ कर बोलने लगी…. "चुप चाप सो जाओ, और मुझे भी सोने दो।"

कुंजल:- ऐमी, ये सब क्या है, छोड़ो मुझे प्लीज।

"क्यों, कोई लड़का ऐसे जकड़ कर रखेगा तभी मज़ा आएगा क्या? कुंजल मेरी नींद खराब ना करो…" ऐमी अपनी बात कहती हुई कुंजल को अपने जकड़ से मुक्त कर दी। कुंजल लाख कोशिश करती रही लेकिन ऐमी अपने कानो में रुई डालकर सो गई।

थोड़े ही देर में वहां का माहौल शांत हो गया और ऐमी वापस से नींद की गहराइयों में चली गई। ऐमी नींद की गहराइयों में थी, तभी उसके गाल पर एक जोरदार तमाचा परा। अचानक से नींद में आए खलल से ऐमी चौंककर बैठ गई और अपनी ललाट चढ़ा कर आखें खोली…. "मेरी इतनी सारी नींद हराम करके खुद चैन से सो रहे मिस्टर क्रेज़ी बॉय।" … साची बिस्तर पर बैठी उसे घूरती हुई कहने लगी…

ऐमी:- साची मैं तुमसे हाथ जोड़ती हूं प्लीज़ अभी चली जाओ, सोने दो मुझे। बाद में जब आऊंगी तो जितने जी चाहे थप्पड मार लेना, लेकिन अभी प्लीज सोने दो।

ऐमी नींद के आलम में उसे कहती हुई वहीं बैठे बैठे अपनी आखें मुंदी ही थी कि तभी दूसरे गाल पर भी जोरदार तमाचा परा…. "पागल हो गई हो क्या साची, सुबह-सुबह मुझे गुस्सा मत दिलाओ।'..

"तुम्हारा लवर मुझे ताने देकर कहता है कि, क्या वर्चुअल आईडी थी तो उसका इमोशन भी वर्चुअल होगा? यहां तुम्हारी अननॉन गर्ल तुमसे मिलने आयी है और तुम्हारे ये गुस्से से भड़ा इमोशन देखने मिल रहा। कहां है तुम्हारा वो चाहत वाला इमोशन क्रेज़ी बॉय"…. साची अपनी बात खत्म करके फिर एक जोरदार थप्पड लगा दी ऐमी को…

इस बार वाकई में मज़ाक-मज़ाक में कुछ ज्यादा ही जोड़ का मार गई साची। इसका प्रमाण इस बात से भी लगाया जा सकता था कि ऐमी के दाएं गाल पर पंजे के निशान छप गए थे और मारने के बाद साची की कलाई में झटके के साथ दर्द होने लगा था।

ऐमी झुंझलाकर अपनी आखें खोली… "अरे पागल, कितना जोड़ की चिपका गई। साची स्टॉप इट प्लीज।"

साची फिर से एक थप्पड बाएं गाल में चिपकती…. "यहां साची नहीं बल्कि, अननोन गर्ल है। और इस अननोन गर्ल का क्रेज़ी बॉय कभी उससे गुस्सा नहीं हो सकता।"…

"तेरी तो"….. कहती हुई ऐमी ने साची को दबोचकर बिस्तर पर लिटाया और उसके दोनों हाथ जकड़कर उसके ऊपर चढ़ गई…. "कामिनी रुको तुम्हे अभी क्रेज़ी बॉय की चाहत भी दिखाती हूं।"…

"नहीं नहीं बस इतना ही मिलना था मुझे अपने क्रेज़ी बॉय से तुम अब सो जाओ।"… साची अपनी हालत पर हड़बड़ा कर बोलने लगी…

"तेरा क्रेज़ी बॉय तुझे थप्पड नहीं मार सकता ना, लेकिन जब उसके कमरे में आयी तो ये भी सोच कर ही आयी होगी की क्रेज़ी बॉय के अरमान क्या है।"… ऐमी, अपनी पकड़ और मजबूत बनाती हुई कहने लगी।

"अरे प्लीज, प्लीज, प्लीज, छोड़ो मुझे, अननोन गर्ल का भूत उतर गया मेरे दिमाग से।"… साची लगभग मिन्नतें करती हुई कहने कहीं..

"बेबी अब तो तुम्हे बताना ही होगा कि सुबह-सुबह बिना ब्रश के मुंह चबाने में कैसा लगता है।"… इतना कहती हुई ऐमी, साची को जबरदस्ती किस्स करने लगीं। साची नीचे से "उम्म्म, उम्म्म" करती अपने चेहरे को दाएं बाएं हिलाती रही लेकिन ऐमी आज तो पूरा मूड बना कर आयी थी, बिना ब्रश कैसे मुंह कैसे चबाते है वो दिखाने।

साची किसी तरह उसे झटका देकर उठी और गुस्से से लाल होती ऐमी को देखने लगी। साची के बाल बिखरे, आखें लाल और अजीब सा चेहरे का एक्सप्रेशन, उसकी इस हालत पड़ ऐमी जोर-जोर से हसने लगी। उसे हंसते देख साची गुस्से में उसके बाल नोचने के लिए उसपर झपटी… ऐमी पीछे हटती हुई कहने लगी… "ओह माय क्रेज़ी बॉय… आह्हः, उफ्फ.. प्रेस माय"…. "ऐमी की बच्ची चुप हो जाओ वरना।"…

ऐमी:- हीहीहीहीहीही… क्यों अपने क्रेज़ी बॉय के एरोटिक इमोशन संभल नहीं रहे…

साची भी ऐमी की बात सुनकर जोर-जोर से हंसने लगी।… "कामिनी लेस्बो".. साची हंसती हुई ऐमी से कहने लगी।

"और इसका क्रेडिट जाता है मिस साची उर्फ अननोन गर्ल को। वैसे तुझसे चैटिंग के चक्कर में मैंने अपनी उंगली बहुत घीसी है, यहां भी घिस लेंगे, आदत तो तेरी ही दिलाई हुई है।"… ऐमी, साची को आंख मारती हुई बोलने लगी..

साची:- छी, बेशर्म.. वैसे देखा जाए तो तुम दोनों ने पहल करने में इतनी देर कर दी, वरना हम अब तक मिलकर धमाल मचा सकते थे। साथ में मै इतनी परेशान भी नहीं रहती।

ऐमी:- अब तो खुश हो ना साची, या अब भी कोई गिला-शिकवा है।

साची:- नहीं बाबा बिल्कुल नहीं, तुम क्यों अपना मुंह छोटा कर रही।

ऐमी:- नहीं बस ऐसे ही। हमारे वजह से बहुत दर्द तुमने झेले है। अफसोस होता है उन गुजरे वक़्त के लिए।

साची:- कोई बात नहीं है ऐमी, इन बुरे वक़्त ने मुझे इतना तो सीखा दिया है कि आप कितने भी बुरे वक़्त से क्यों ना गुजरे हो, कुछ अच्छा आप के लिए जरूर छोड़ जाता है। मेरी इतनी उम्र में बस लावणी ही थी एक, जिसे दोस्त कह लो, बहन कह लो या पूरा संसार। लेकिन अब देखो, ऐसा लगता है एक पूरी दुनिया है मेरी फ़िक्र के लिए। तुम्हारा और अपस्यु का शुक्रिया। मुझे खुशी है कि मै ही वो बीच की कड़ी थी जो तुम्हारे मिशन के रास्ते में था।

ऐमी:- बस भी करो अब, क्यों अपस्यु बनने पर तुली हो।

साची:- अच्छा सुन ऐमी मेरी एक छोटी सी ख्वाहिश है?

ऐमी:- क्या?

साची:- मै चाहती हूं तुम दोनों आज कि रात ठीक वैसे ही मेरे एंगेजमेंट में आग लगा दो जैसा उस रात वहां डिस्को में लगाया था।

ऐमी:- अरे बुद्भू डिस्को की बात अलग है वहां तो हर कोई नाचता है, लेकिन एंगेजमेंट में वैसा नाचना मुझसे ना हो पाएगा। वैसे भी आज शाम मै शाड़ी पहनने वाली हूं।

साची:- हम्मम ! कोई बात नहीं, लेकिन ऐसा नहीं कि दोनों एंगेजमेंट अलग-अलग हॉल में है तो तुम सब आना ही नहीं।

ऐमी:- कैसी बातें कर रही हो। हम सब वहां होंगे। अब तुम जाओ और अच्छे से सजो सवरो, और प्लीज मुझे नींद पूरी कर लेने दो।

साची:- अच्छा सुन, तुम दोनों उड़ते पंछी, आज जरा कम सज संवर कर आना, वरना कहीं ऐसा ना हो कि पूरे शो का मुख्य आकर्षण तुम दोनों ही हो।

ऐमी:- हीहीहीही.. पागल, ठीक है ऐसा ही करूंगी, खुश।

दोनों कुछ देर और वहां पर बातें करती रही, उसके बाद साची वापस लौट आयी और ऐमी फिर से जाकर सो गई। दिन के करीब 2 बज रहे थे। पहला एंगेजमेंट साची और ध्रुव का था, शाम के 5 बजे से 7 बजे के बीच। कई सारे गेस्ट आने शुरू हो चुके थे, इसी बीच अपस्यु के पास मेघा का संदेश आया।

मेघा का संदेश मिलते ही अपस्यु उससे मिलने उसके स्वीट में गया, जहां सिक्यूरिटी ने उसे दरवाजे पर ही रोक लिया। अपस्यु ने जब उन्हें मेघा का संदेश दिखाया, तब जाकर कहीं उसे अंदर जाने दिया गया…
 
Úpdate:- 75 (B)

स्वीट के अंदर धीमी रौशनी जल रही थी और मेघा का कोई पता नहीं था। तभी अंदर के कमरे के बाथरूम से आवाज़ आयी, "यहीं चले आओ"… अपस्यु भी अंदर चल दिया और बाथरूम के दरवाजे पर खड़ा होकर मेघा से कहने लगा… "नहा धो कर बुला लिया होता, अब ऐसे कैसे बात हो पाएगी।"

मेघा:- मैंने कहा अंदर चले आओ, बाहर मत खड़े रहो। वैसे भी जबतक नहा रही हूं तभी तक का वक़्त है मेरे पास, उसके बाद मै एंगेजमेंट के लिए तैयार होने वाली हूं।

अपस्यु भी दरवाजा खोलकर अंदर दाखिल हो गया और वहीं लगी एक छोटे से टेबल पर बैठ गया।… "हां तो शुरू करो।"..

मेघा:- तुम्हे क्या हर बात समझानी पड़ती है अपस्यु, कपड़े उतारो और टब में आ जाओ।

अपस्यु:- माफ़ करना फाइट से 5 दिन पहले मै अपनी एनर्जी वेस्ट नहीं करता। एक इंच दर फासला हार के कगार पर ले जा सकता है।

मेघा:- व्हाट द फक, तुम क्या पागल हो जो मुझे मना कर रहे हो?

अपस्यु:- तुम्हारी अक्ल क्या घुटनों में है। मैं 5 मिलियन की बेटिंग की फाइट लड़ने जा रहा हूं, ना की किसी सड़कछाप को मारने। मैंने कल ही बताया था तुम्हे मै फैक्ट्स पर काम करता हूं।

"व्हाटएवर, 5 मिलियन क्या 10 मिलियन मै गवां दू, फर्क नहीं पड़ता। लेकिन अगर कोई मुझे ना कहे वो मुझे मंजूर नहीं।"… मेघा अपनी बात कहती हुई टब से बाहर निकली और शावर के नीचे खड़ी हो गई।

पहले पीछे से पूर्ण नग्न रूप दिखाने के बाद अपस्यु के सामने खड़ी होकर वो सावर लेने लगी और अपस्यु को टीज करने लगी। लेकिन अपस्यु उसकी हरकतों पर बिना ध्यान दिए वहीं बैठ, उसे नहाते हुए देख रहा था।

मेघा शावर को बंद करके अपस्यु से कहने लगी…. "अपस्यु मेरा ईगो हर्ट करके, तुम कल का सूरज नहीं देख पाओगे।"

अपस्यु अपनी जगह से उठा और तेजी के साथ मेघा के ओर बढ़ते हुए उसका गला पकड़कर उसे दीवाल से पूरा चिपकाते हुए, उसे फ्लोर से 1 फिट ऊपर उठा दिया। इधर अपस्यु अपने अंदर 30 की उल्टी गिनती शुरू कर चुका था और उधर मेघा छटपटाती हुई, अपस्यु के गुस्से से लाल हुई आखों को देख रही थी, जिसमे उसे साक्छातप किसी शैतान के दर्शन हो रहे थे। उसके गले से आवाज़ निकालना बंद हो चुका था और पाऊं छटपटाने लगे थे। भय किसे कहते है उससे मेघा का आज सामना हो चुका था।

30 की उल्टी गिनती खत्म होने के साथ ही वो नीचे फ्लोर पर आयी और तेज-तेज श्वांस लेती वो कांप रही थी। अपस्यु किसी साइको की भांति पूरे पागलपन में बोलना शुरू किया…

"मैंने तुम्हारी डील एक्सेप्ट की है, तुम्हारी गुलामी नहीं। मै फाइट से ठीक 10 मिनट पहले भी किसी के साथ सेक्स कर सकता हूं, वो मेरी मर्जी होगी। ये बार-बार मुझे धमकी देकर मेरे ईगो को भड़काने कि कोशिश मत करो वरना मै सोचने तक का वक़्त नहीं देता।"…

अपनी बात खत्म करके अपस्यु ने मेघा के होंठ से अपने होंठ लगाकर कुछ देर तक उसके पूरे जोश से चूसने के बाद अलग हुआ और सामान्य आवाज़ में कहने लगा….

"तुम्हारा फिगर कमाल की है। और जिस्म आह दिल में आग लगाता हैं। तुम्हारे इस प्रदर्शन का इनाम मैंने तुम्हे दे दिया। आज की अपनी मीटिंग मै यहीं खत्म करता हूं, फाइटर की डिटेल आज रात तक भेज देना। आज भी चलते चलते एक बात कहता जाता हूं… मेरे ईगो के सामने तुम्हारा घमंड मात्र हाथी के आगे चूहे बराबर है, हाथी अपनी मस्ती में जा रहा है, उससे छेड़ने की कोशिश भी मत करना।"

अपस्यु अपनी बात कहता, बिना मुड़े वहां से चलता बना और मेघा अपने आखों के सामने से किसी ऐसे को जाते हुए देख रही थी, जिसने उसे भय से सामना करवा दिया और अपस्यु के सामने उसकी आवाज़ तक नहीं निकली।

अपस्यु वहां से बाहर निकलकर सीधा तैयार होने पहुंच गया और तैयार होकर वो सीधा होटल के बार में बैठा और कॉकटेल का मज़ा लेने लगा। 2 पेग को कॉकटेल का पीने के बाद अपस्यु अाकर हॉल में बैठा ही था कि सामने से बहुत बड़ा हुजूम चला आ रहा था। कई बड़े-बड़े अधिकारी और कुछ बड़े पॉलिटिकल चेहरों के बीच से उसे जाना पहचाना चेहरा नजर आने लगें।

उसके आव-भगत में तो जिंदल भी इतना गुलामों की तरह लगा हुआ था कि मानो उसके आगे जिंदल की कोई हस्ती ही नहीं। वो जिंदल और कुछ अन्य अमेरिकन राजनेताओं के साथ बात करते हुए आगे बढ़ रहे थे, तभी उसके कदम अपस्यु को देखकर रुक गए। होम मिनिस्टर अपने बढ़ते कदम मोड़कर सीधा अपस्यु के पास आकर बैठे…. "मुझे समझना चाहिए था कि तुम यहीं मिलोगे।"..

मंत्री जी को देखकर अपस्यु आदर से उठकर उनका सम्मान किया और उनकी बात पर मुस्कुराते हुए कहने लगा… "सर आप अभी पूरे प्रोटोकॉल के साथ है, अच्छा नहीं लग रहा मुझे आप का यहां रुकना।"

मंत्री जी… अरे जिंदल, हमारा बच्चा भी यहां है। इससे मुलाकात हुई की नहीं तुम्हारी।

जिंदल:- हुई थी सर, लेकिन कभी इसने जिक्र नहीं किया की ये आप को जनता है।

मंत्री जी:- तुम गलत कह गए जिंदल, मुझे जानने वाले तो बहुत है लेकिन अपस्यु उनमें से है जिसे मै जानता हूं।

अपस्यु:- सर अब जब आप यहां आ ही गए है तो आप को मै अपने भाई के एंगेजमेंट के लिए आमंत्रित करता हूं, क्या आप के पास 10 मिनट का वक़्त होगा।

मंत्री जी:- कितने बजे है एंगेजमेंट अपस्यु…

अपस्यु:- 8 बजे शाम से शुरू है सर।

मंत्री जी अपने पीए को देखते हुए पूछे…. "शुक्ला जी क्या 10 मिनट का वक़्त निकला जा सकता है।"

शुक्ला जी:- सर, हमे शाम को 6.40 में ही निकालना होगा।

मंत्री जी वहीं अपस्यु के पास बैठते हुए… "तब 10 मिनट का वक़्त नहीं मिला तो क्या हुआ, अभी तो है ना मेरे पास पूरा समय। अपस्यु मै तुम्हारे भाई और होने वाली भाभी के साथ-साथ तुम्हारे पूरे परिवार से मिलना चाहूंगा। शुक्ला जी राजीव के साथ जाइए और सबको आदर पूर्वक बुला लाइए, जबतक मै अपस्यु से बात करता हूं। और हां जाते जाते कुछ सिटिंग आरेंगेमेट भी यहां करवाते जाइएगा।

मंत्री जी अपनी बात पीए से समाप्त करके, भीड़ से थोड़ा दूर हटकर अपस्यु के साथ खड़े होकर बातें करने लगे। दोनों के बीच ऐसा लगा जैसे कुछ गहन बातें चल रही थी। जबतक इनकी बातें खत्म हुई, परिवार के सभी लोग वहां पहुंच चुके थे।

मंत्री जी आरव और लावणी दोनों से मिले साथ में रघुवंशी के संपूर्ण परिवार से एकएक करके मिलते चले गए। तकरीबन 15 मिनट का वहां वक़्त देने के के बाद सबसे विदा लेकर मंत्री

उनके जाते ही लॉबी से पूरी भीड़ भी हट गई और साथ ने वहां से अपस्यु भी कट लिया। साची के बुलावे पर अपस्यु उसकी एंगेजमेंट में पहुंचने वाला सबसे पहला गेस्ट था, क्योंकि मंत्री जी के 15 मिनट के उस शैडयूल चेंज ने सबका शेड्यूल चेंज कर दिया था।

अपस्यु हॉल में पहुंचकर एक बार फिर बार काउंटर कर पहुंचा और वहीं बैठकर अपने फेवरेट कॉकटेल का मज़ा लेने लगा… "वन एटॉमिक शैम्पेन कॉकटेल"… ऐमी अपस्यु के कंधे पर हाथ रखकर अपस्यु की फेवरेट कॉकटेल का ऑर्डर की।

अपस्यु थोड़ा दूर हटकर ऐमी को देखा और देखने ही लगा। वो वापस से उसके पास आकर बैठा और कमर पर चिकोटी काटते हुए प्यार भड़ा चुम्मा अपने होटों से भेजा। ऐमी भी अपने होटों से वापस चुम्मी भेजती हुई अपना ग्लास टोस्ट के लिए बढ़ाई…

अपस्यु ग्लास से ग्लास टकराते हुए…. "ऐमी आज तुम कमाल कि लग रही हो। तुम साड़ी मत पहना करो मेरे इमोशन कंट्रोल नहीं होते।

"अच्छा मेघा के साथ मीटिंग करके आए फिर भी इमोशन्स जाग रहे है।"… ऐमी ड्रिंक की सिप लेती हुई कहने लगी…

अपस्यु:- अभी हम दोनों है ना फिर ये तीसरे की क्या जरूरत। अभी बात करना है क्या उसके बारे में।

ऐमी:- हीहीहीहीही… सर अपस्यु अपना यहां आपा खोते हुए..

अपस्यु:- मिस अवनी, आप कृपया करके मेरी कमजोर नब्ज पर वार करने से बाज आएंगी…

"भाई की कमजोर नब्ज.. क्या है प्लीज मुझे भी बताओ ना, आज तक मैंने इन्हे वो गुस्से में कभी नहीं देखा जैसा हमलोग आम तौर पर हो जाते है।"… कुंजल उन दोनों के बीच आती हुई पूछने लगी..

ऐमी:- अपने भैय्या से पूछ लो, मुझे बताने में कोई हर्ज नहीं।

कुंजल:- उनसे क्या पूछना तुम बताओ ऐमी।

अपस्यु:- कुंजल तुझे साची शायद ढूंढ रही है, देखो वहां से तुम्हे ही हाथ दिखा रही।

कुंजल:- मुझे क्यों हाथ दिखाएगी, गौर से देखो वो आप को हाथ दिखा रही है।

कुंजल अपनी बात कहकर हसने लगी, और उसकी बात सुनकर ऐमी भी हंस पड़ी। अपस्यु अपनी ड्रिंक हाथ में लिए ही स्टेज पर चढ़ गया।… "जी मैम कहिए, क्या सेवा की जाए।"..

साची:- कैसी लग रही हूं बताओ…

अपस्यु:- मस्त लग रही हो, और ये नीला रंग तुम पर बहुत अच्छा लगता है।

साची:- अच्छा ऐमी से तुलना करके बताओ की उसके मुकाबले मै कैसी लग रही।

अपस्यु:- अब इसमें तुलना जैसा क्या करना है। मै कुछ समझा नहीं।

साची:- तुम्हे समझना भी नहीं है… ये हम लड़कियों का कुछ सीक्रेट बातें होती है, अब बताओ मुझे।



अपस्यु:- नो डाउट, आज तुम ऐमी को भी मात दे रही हो। 10 में से 9 मार्क तुम्हे मिलते हैं।

साची:- और मेरे एक मार्क कहां काट लिए..

अपस्यु:- आखों पर हल्की काजल होती ना तो बिल्कुल तुम किसी कातिल हसीना से कम नहीं लगती।

साची:- ओह थैंक्स, चल लावणी। ओके बाय अपस्यु मै आयी जल्दी।

अपस्यु उसकी बात पर हंसते हुए वापस आया और अाकर ऐमी के पास बैठ गया और उसे घूरते हुए पूछने लगा… "आज तुमने मेकअप क्यों नहीं किया।"

ऐमी:- जिसके लिए मेकअप करती उसने मुझे देखकर ही उत्साह से जब चिकोटि काट ली तो आगे इतना बनना संवरना क्यों?

अपस्यु:- छोड़ो जाने देते हैं इस बात को। कितनी ड्रिंक पी गई।

ऐमी:- तुम्हारी बकवास कॉकटेल अब तक बस 2 ली है।

अपस्यु:- जब बकवास था तो दूसरा पेग क्यों ली।

ऐमी:- कुछ पागलपन के लिए थोड़ा नशा भी जरूरी है। वो छोड़ो, हम जिसके लिए बैठे हैं वो लोग पहुंच गए क्या?

अपस्यु:- नहीं वो लोग अभी तक नहीं पहुंचे हैं। वैसे लोग तो अपने भी नहीं पहुंचे है। सबको कहां 5.30 बजे बुलाया था, अब 6 बजने को आए हैं।

ऐमी:- सब आते ही होंगे। तुम्ही ने तो सबको बीच तैयारियों से उठवा दिया, वरना अब तक तो आ भी चुके होते।

अपस्यु और ऐमी कुछ देर और बातें करते रहे की तभी वहां पर आरव, स्वस्तिका और पार्थ भी पहुंच गए। तीनों पहुंचते ही बार टेंडर को बोलने लगे… "वन एटॉमिक शैम्पेन कॉकटेल"

अपस्यु उन तीनों के ऑर्डर को सुनते ही हंसने लगा और वापस से अपनी कॉकटेल उठाई। उसके साथ-साथ बाकियों ने भी अपने-अपने जाम उठाया और साची के ओर ग्लास दिखाकर पांचों ने एक साथ टोस्ट किया। टेस्ट करके ग्लास जैसे ही नीचे लाए, सामने से वो लोग भी नजर आने लगे जिसका इतंजार सब कर रहे थे।

जैसा अंदाजा था ठीक वैसा ही हुआ। विक्रम सिंह राठौड़ अपने परिवार समेत जिंदल के साथ महफ़िल में शिरकत करते हुए नजर आने लगा। जिंदल और विक्रम के साथ कुछ और जाने पहचाने से चेहरे.. और हर एक के चेहरे को पांचों जैसे अपने दिमाग के हार्ड डिस्क में पूरे डाउनलोड करना शुरू कर दिया था।
 
Aur kitna clear karun .. Apasyu aur Aimee ke bare me .. ek pura update to diya tha .. tumhe chhod kar sab ko pata hoga :doh:... Pata nahi aaj kal to ye update chhod kar bhi padhne laga hai 😠..

Baki crazy boy ya girl ka mamla tu khud nipat le bhai main na kuch kahunga... Kyonki RG moti chamri wala hai... Mujhe blood pressure ho jayega lekin use kuch asar na hona.. to kya fayda tease ka :D
 
Are wo reaction bus chhota sa tha aur sochne ka najariya thoda badla hai.. baki sachi sachi hai aur sachi hi rahegi .. u tensayayo mat...

Do tarfa sacchi mohabbat :hehe: .. are a.b script ki demand thi to kya kar sakta hun bata do .. aur shuru se kaun tease kar raha tha .. PGK ki copy... kNTb ki copy .. writer majboor hai.. tum log koi purana chij accept nahi karte to aise naye naye concept sochne parte hain :D ..

Baki shukriya kuch to likha hai aaj comment me dhang ka :D ..
 
Han han samjh gaya ..... Waise ye ilzam nahi tha aasanaka jatayi thi... Jis din ilzam lagaunga.. mahol kuch ajib hi hoga . Aap ke hathon me talwar hogi aur main ghode se jaan bacha kar bhag raha hounga ;)
 
Ye upar kya tha :eek: aur ye nothing personal itni bar likha gaya hai ki na chahte huye bhi sochna par raha hai ki, mujhe hi jalakar aage muh na kholne ka koi upay to nahi likha ja raha ... Nothing personal :hehe: ..

baiharhal jo bhi ho, jale dil padhkar maine to enjoy kiya .. main dekh pa raha tha .. koi reader apne pale bache ko dusre kheme me jate dekh jali kati suna rahi hai .. aur mere dil ko sukoon mil raha hai... aur mera bhi ek chhota sa... "Nothing personal just a counter reply" :D

Thanks a lot for such a lovely comment ... I really enjoyed and appreciate your affort :thanks:
 
Hahaha .. agge to usi ke sath chhap diya hun .. jakar padhne ka man .. sachi ka ek lamba chepter tha aur main ise saste me niptane nahi chahta tha .. isliye bade aaram se likhkar post kiya tha ... :thanks: a lot aadi
 
Last me jo hua hai usi se surwat hogi .. don't worry ....

:doh: kitna besharmi ka pardarshan karega sukr hai dusre teri ye khushi na dekhe jo tum abhi aimee aur Apasyu ka sun kar uchhal rahe wo kab ka a chuka hai... Khumari se bahar nikli mere bhai.. bahar aapko .. aa bhi jao :lol:
 
Yahan bhi hey bhagwan hi hua hai.. aise meri mehnat ko itni aasani se nahi aap kalpnik kah sakte ...

1) .. aimee aur Apasyu ki ek emotinal story ke baad Apasyu ne apna realation bataya .. lekin sachi ko back story se matlab nahi thi use bus jo samjh me aaya wo ki ..

2) break up ke baad logon ne dhire dhire todna shuru kiya .. lekin use kuch na samjhna tha... Pyar bhi karungi aur nafrat bhi lekin kisi ki baat na samjhungi ... Aisa sachi ka nara tha..

3) videsh jane se pahle Lavni ki baat oar sachi ne kaha tha wo ab Apasyu ke sath apne relation ko normal legi .. lekin ye sirf kahi thi .. vastav me hua nahi tha...

4) back story me crazy boy slow slow samjhate huye uski life patri pa la raha tha...

5) Us me kunjal na chahte huye bhi usi ke wajah se ruki thi..

Ab kya mere pran lekar manoge ki ye ladki bhi aap ke wali ki catogary ki hi hai... Maine jitni kosis ki hai aur jitne logon ko bhidaya hai samjhane ke liye sath me dhairya se jitna waqt liya hai samjhate huye lagbhag dedh mahine .. itni mehnat kijiye wo samjh jayegi ..

Agli baar aisi baat mat likhna .. bus ek do special charecter build up wali ladki ko chhod kar mere story me ladkiyan usi catogray ki hoti hai... Aur jaise main samjhane ki kosis karta hun waise karoge patients ke sath to manegi :D ..
 
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