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दोनों ही फाइटर एक केज के अंदर अामने-सामने थे। दोनों एक दूसरे को देख रहे थे जहां ज़िकोब अपस्यु को देखकर उसके फाइटिंग स्टाईल और उसकी स्पीड को देखकर अंदाजा लगाने की कोशिश कर रहा था कि ये कितना तेज हो सकता है और उसे कितना डामेज दे सकता है। और वहीं अपस्यु उसे देखकर बस यही सोच रहा था.. "ओवर कॉन्फिडेंस ले डूबी। बिना रोड चलाए इससे जितना संभव नहीं।"…
पूरी भीड़ हूटिंग कर रही थी। ऊपर से देखने वालों में मेघा ग्रुप थोड़े शांत और थोड़े परेशानी में, वहीं धड़कने तो थॉमस ग्रुप की भी बढ़ी हुई थी, लेकिन अंदर से एक सुनिश्चित वाली फीलिंग भी थी कहीं ना कहीं। रिंग के अंदर दोनों ही मज़े हुए खिलाड़ी थे। जहां ज़िकोब एक प्रोफेशनल अंडरग्राऊंड फाइटर था और अपनी पूरी मेहनत वो रिंग के लिए ही करता था वहीं अपस्यु भी एक प्रोफेशनल फाइटर तो था लेकिन आज उसके भी फाइटिंग की परीक्षा हो जनी थी।
बिना जाने दुश्मन के बारे में, बिना कोई राय बनाए ज़िकोब बस पहले कुछ देर तक अपस्यु के फाइट को समझने की रणनीति बना रहा था वहीं अपस्यु आंख मूंदकर पहले अपने गुरु को नमन किया.. फिर युद्ध वंदना करते हुए उसी रिंग को रण समझ कर तिलक किया।
दोनों ही फाइटर बिल्कुल खामोश और बिना कोई प्रतिक्रिया दिए एक दूसरे को देख रहे थे… रेफ्री बीच स्टेज पर अाकर, दोनों फाइटर को बीच में बुलाया। फाइट के रूल समझते हुए सिर्फ इतना ही कहा कि "नो रूल और ये फाइट तब तक चलेगी जबतक कि या तो कोई एक हार ना मान ले या अचेत अवस्था में पूरा लेट ना जाए।
रूल समझाकर रेफरी बीच से हटा और रिंग के बाहर जाकर मैच शुरू करने का विसिल बजाया। विसिल बजते ही मैच का आरंभ हुआ और ज़िकोब ने अपस्यु को धक्का देकर 2 कदम पीछे हटा। दुश्मन को परखने कि एक तरकीब, जहां प्रतिद्वंदी को धक्का देकर उसे नीचा दिखाते हैं और उसके प्रतिक्रिया का इंतजार करते हैं।
अपस्यु जैसे ही धक्का खाया वो पीछे मुड़ा और खुद में गति देते हुए रिंग से जाल को दीवार की तरह इस्तमाल करते हुए, 3 फिट ऊंचा कूदकर अपने दोनों पाऊं रिंग पर जमाए और उसी गति का सहारा लेते हुए वह पीछे की ओर 6 फिट ऊंचा हवा में गया। अपस्यु ऊपर से नीचे गिरते हुए, अपने पंच से ज़िकोब की कनपटी पर निशाना साधा।
ज़िकोब अपने दुश्मन पर पूरा घात लगाए था, अपस्यु का पीछे मुड़ना और रिंग से कूद कर ऊंचाई प्राप्त करने में जितना वक्त लगा, इतने वक़्त में ज़िकोब अपनी जगह से थोड़ा सा और आगे बढ़ते हुए अपस्यु के सारे गणित को गलत साबित करते हुए उसे फसा चुका था।
जिस जगह अपस्यु का निशाना था, ज़िकोब ठीक उसके एक फिट आगे और अपस्यु कूद कर ज़िकोब के थोड़ा आगे पहुंच गया। ज़िकोब, अपस्यु के गति को उसी के खिलाफ इस्तमाल करते हुए पीछे से पीठ पर एक जोरदार लात जमा दिया। अपस्यु पहले से गति में था ऊपर से ज़िकोब का तेज प्रहार। अपस्यु सीधा जाकर केज से टकराया और इधर-उधर लुढ़कता हुआ नीचे गिरा।
इधर हवा में उड़ता हुआ अपस्यु को लात पड़ी और उधर मेघा की धड़कने तेज हो गई और इसी के साथ "येस येस" करते थोमस सेना खुशी के इजहार करने लगे। अपस्यु अपने उसी मुस्कुराहट के साथ उठकर खड़ा हुआ और ताली बजता हुआ ज़िकोब को बधाइयां देने लगा।
दोनों ही फाइटर पुनः बीच रिंग में एक दूसरे को देखते हुए, पूरा एक गोल चक्कर काट चुके थे। पब्लिक की भीड़ पीछे से "मारो ज़िकोब मारो" की हूटिंग करते हुए। और एक राउंड घूमने के बाद ज़िकोब थोड़ा आगे बढ़ते हुए हवा में लेफ्ट से एक पंच चलाया, जिसके बचाव में अपस्यु झुककर अपने सर को राईट में ले गया और पलटवार करते हुए उसने अपना जोरदार पंच पसलियों पसलियों पर दे मारा।
पूरा एक जोरदार पंच उसके पसलियों पर लगा, लेकिन शायद यह लूप जानबुझ कर छोड़ा गया था, क्योंकि जबतक अपस्यु अपना पंच उसके लेफ्ट पसलियों पर मारा, तबतक राईट साइड से ज़िकोब अपना दूसरा पंच मार चुका था। बहुत ही क्षण भर का मामला और अपस्यु अपने कनपटी के उस हिस्से को अपने दाएं हाथ से पूरा कवर किया, जिसपर ज़िकोब पंच मार चुका था।
ज़िकोब के हमले का सिलसिला यहीं खत्म नहीं हुआ। ज़िकोब ने अपना एक लूप छोड़कर अपस्यु पर हमले कि वो बौछार करी, जिससे अपस्यु खुद को डिफनसिव मोड पर ले जाने के लिए मजबुर हो गया। पहले राईट कनपटी सेव किया, फिर तुरंत अपनी लेफ्ट हिस्से की पालियां और इसी बीच ज़िकोब उसपर और हावी होते हुए लगातार लेफ्ट और राईट से हमले किए जा रहा था।
उसका शरीर देखकर कोई भी धोखा खा जाए कि ज़िकोब में इतनी स्पीड भी हों सकती है। वो अपनी शरीर क्षमता और ऊर्जा का पूरा प्रदर्शन करते हुए लगातार हमला जारी रखा। ज़िकोब को बस एक छोटा सा मौका चाहिए था, हमले के बीच में एक शानदार मूव का और उसे वो मौका जल्द ही मिल गया।
हमले के क्रम में जब ज़िकोब ने बिल्कुल सेंटर से उसके चेहरे पर हमला किया तब मजबूरन अपस्यु को अपने दोनों हाथ बीच में लाकर चेहरे को सेव करना परा और अच्छा मौका देखकर ज़िकोब ने तुरंत एक लात अपस्यु के पेट पर चला दिया।
वो इतनी तेजी के साथ चलाया गया लात था, कि यदि अपस्यु उसके लात से बचने के लिए, दोनों पाऊं फैलाकर नीचे बैठते हुए उसे अपने दाएं कंधे पर नहीं झेलता तो शायद उसके पेट की आंत फट जाती। कंधे पर परे इस जोरदार प्रहार से अपस्यु झटका खाकर पीछे चीत गिर गया।
अपस्यु के पाऊं एक सीधी लाइन बनते हुए पूरे फैला था और उसपर से ये कंधे के ऊपर हुए हमले से जब अपस्यु पीछे जमीन पर गिरा, यह बिल्कुल सही अवसर बना ज़िकोब के लिए। हाथ में आए इस मौके को भुनाने और अपस्यु के कुछ सेकंड के उठने कि फर्क ने पूरे खेल को एकतरफा कर दिया।
अपस्यु किसी तरह उठकर बैठा ही था कि तबतक ज़िकोब, अपस्यु के ठीक पीछे बैठ चुका था। जैसे ही अपस्यु अपने पाऊं मोड़कर बैठा, ज़िकोब पीछे से उसके गर्दन को पकड़कर अपने मौत के सिकंजे में ले चुका था। ज़िकोब अपनी मजबूत भुजा उसकी गर्दन में फंसाकर अपस्यु को अपने ऊपर ले लिया और खुद वो नीचे लेटेते हुए, अपस्यु के दोनों पाऊं में अपना पाऊं फंसाकर, उसे पूरी तरह बेबस करने कि स्तिथि में ले जा रहा था।
इस मूव के लगते ही मेघा चौंककर खड़ी हो गई। मौत का सिकंजा अपस्यु के गले में फसा था और श्वांस मेघा की बंद होने लगी। इधर थॉमस एंड कंपनी लगभग जीत के सेलिब्रेशन में लगे थे।
अपस्यु के गिनती के हिसाब से 12 सेकंड हुए थे। अपस्यु उसकी इस मूव पर मुस्कुराया और पहली बार उसे ऐसा लगा जैसे सब पहले से पूर्वानुमान हो। वक़्त था एक छोटे से सरप्राइज का। अपस्यु अपना हाथ फरफराते हुए ऊपर गर्दन कि ओर लाया और बड़े ही शातिराना अंदाज़ में ज़िकोब के हाथ के ऊपर अपना हाथ मारते हुए उसकी छोटी उंगली ढूंढ़ने लगा। जैसे ही छोटी उंगली मिली, वक़्त था पूरे जोर से एक छानिक हमला करने का। अपस्यु ने तेजी के साथ झटका दिया और उसकी छोटी उंगली उल्टी घूम गई।
ज़िकोब को इस प्रकार के हमले कि कतई उम्मीद नहीं थी, उसे तो लग रहा था अपस्यु अपने केव्नी से उसके पेट के लेफ्ट और राईट साइड हमला करेगा। अचानक इस सरप्राइज मूव से ज़िकोब अपने हाथ खोलते हुए उंगली को झटकने लगा और इधर अपस्यु फुर्ती के साथ उठकर खड़ा हो चुका था।
ज़िकोब भी अपनी उंगली झटकते हुए खड़ा हुआ। इतना वक़्त काफी था अपस्यु में लिए और जबतक वो उंगली झटककर सामने देखता, अपस्यु थोड़ा पीछे होकर गति लेते हुए हवा में कुछ फिट ऊंचा उछला और अपना फाइनल पंच उसके कनपटी के नीचे चला दिया।
फाइनल पंच के लगते ही ज़िकोब को ऐसा झटका लगा कि उसका सर थोड़ा घूम गया। अपस्यु अपने पूरे क्षमता के साथ हमला शुरू कर चुका था। लेफ्ट और राइट दोनों ओर से तेजी के साथ प्रहर शुरू थी। ज़िकोब पहली बार उसकी गति और मारने कि क्षमता को मेहसूस कर रहा था। अपस्यु पूरे अटैकिग मोड पर चल रहा था और ज़िकोब खुद को डिफेंस कर रहा था।
ज़िकोब समझ चुका था कि यहां अपस्यु टारगेट उसका ना तो चेहरा कर रहा है और ना ही उसकी पसलियां। बल्कि वो बचने के लिए जो हाथों का कवर बना रहा था, अपस्यु उसी पर हमले कर रहा है, ताकि पलटवार के वक़्त उसके हाथों के वार की गति धीमी पर जाए। अंत में ज़िकोब खुद के चेहरे पर अपस्यु की मार झलने को तैयार हुआ और अपने हाथों का कवर खोलकर अपस्यु के 2 लेफ्ट और 2 राईट पंच उसने अपने चेहरे पर झेला।
इसी क्रम में ज़िकोब का जबड़ा भी थोड़ा टूटा और खून भी हल्के-हल्के आने शुरू हो चुके थे, लेकिन जो वो मौका तलाश रहा था उसे वो मौका मिल गया और ज़िकोब ने अपस्यु के कमर को पकड़कर तेजी के साथ दौड़ लगता हुआ, उसे लेजाकर जाल के टकरा दिया। वो तो जाल थी और टक्कर के साथ ही कुछ फोर्स जाल के पीछे धसने से कम पर गई, वरना लगभग 110 किलो का आदमी, 20-25 की रफ्तार से दौरते हुए किसी को दीवार से अपस्यु को टकरा देता तो काम लग जाने थे।
उतार चढाव के इस मैच में ज़िकोब ने इस बार पूरी बाजी मारते हुए, अपस्यु के होश उड़ा चुका था। टकराने के साथ अपस्यु हल्का बेसुध हुआ। उसके हाथों की गति कम पर गई और जबतक वो हाथों का कवर बनता तब तक लिफ्ट और राईट से उसे पंच पड़ने शुरू हो चुके थे। चेहरा पूरा लाल हो चुका था। मुंह से खून निकलना शुरू हो गया और श्वांस धीमी होकर अपस्यु बेजान पड़ने लगा था।
लगातार पंच मारते हुए ज़िकोब की श्वांस फूलने लगी थी। जब ज़िकोब, अपस्यु के पास से हटा, अपस्यु फिसलता हुआ नीचे जमीन में बैठकर मध्यम-मध्यम श्वांस ले रहा था। उसका चेहरा बिल्कुल खून में सना और कुछ भी पहचानने जैसा नजर नहीं आ रहा था। थॉमस और उसकी सेना खुशी मनाने लगे और मेघा से वह जीत कि रकम का इंतजाम करने के लिए कहने लगे।
यह मैच लगभग हाथ से निकाल चुका था और यदि अपस्यु ने हार नहीं मानी तो लगभग उसका खेल समाप्त ही था। ज़िकोब अपस्यु के ठीक विपरीत दूसरे कोने में बैठा बस यही सोच रहा था कि अब एक फाइनल मूव देना है। जिस पोजिशन में अपस्यु बैठा है, तेज दौड़ते हुए घुटने कि एक पूरी चोट उसके सीने पर और कहानी खत्म।
अपस्यु आंख मूंदे अब भी मध्यम-मध्यम श्वांस ले रहा था। वहां से ज़िकोब ने दौड़ लगा दी। पब्लिक उत्साह में चीखने लगे। अपस्यु अब भी अपनी जगह से हिल नहीं रहा था। कानो में उसके हवा का परिवर्तन समझ में आ रहा था। अपस्यु ने गहरी श्वांस ली, चोट खाए खून से लथपत चेहरे पर अब एक विजई मुस्कान जैसे आयी हो, और ज़िकोब अपनी दौड़ लगाकर गलती कर चुका था।
बिल्कुल नजदीक ज़िकोब हमले के लिए बिल्कुल बढ़ता हुआ और ठीक उसी वक़्त अपस्यु ने अपने दोनो हाथ जाल से टिकाया। हाथों के ऊपर जोर लगाकर अपस्यु ने अपने शरीर को गति प्रदान किया। लेटकर वो जमीन में फिसला और अपस्यु का पाऊं ज़िकोब के पाऊं से टकरा गया। अपस्यु ज़िकोब की गति और वजन का पूरा फायदा ले चुका था। पाऊं के टक्कर के साथ ही ज़िकोब बहुत ही बुरी तरह से जाल से जाकर टकराया। यह टक्कर अपस्यु के टक्कर से भी ज्यादा तेज और घातक थी।
श्वांस रोक मेघा जो खुद को हारती हुई देख रही थी, अचानक से उसके अंदर भी जोश पैदा हो गया। अपस्यु भी अपने अंदर की ऊर्जा को समेट कर खड़ा हुआ। और तेजी के साथ ज़िकोब के बाएं ओर कुछ दूरी पर खड़ा हो गया।
ज़िकोब जाल पकड़ कर खड़ा हो रहा था और अपस्यु उसके बाएं ओर से दौर लगाते, अपने घुटनों पर फिसलते हुए ज़िकोब के दोनों पाऊं को पकड़कर आगे तक फिसल गया। ज़िकोब सीधा मुंह के बल गिरा और अपस्यु के साथ एक फिट तक खिंचते हुए चला गया। अपस्यु तेजी दिखाते हुए उसका दायां पाऊं पकड़ा और निचले हिस्से जहां घुट्टी होती है वहां से पकड़ कर तेजी के साथ गोल घुमा दिया। जबर्दस्त मोच के साथ हड्डियों में हल्की क्रैक भी आ चुकी थी, और इसी मूव के साथ मेघा भी उछल परी।
मेघा का सुकून और अब अपस्यु पर हो रहे विश्वास को उसके चेहरे से साफ पढ़ा जा सकता था। बेटेल अब अपने आखरी मुकाम पर था। ज़िकोब पूरा भन्नाया जाल को पकड़ कर खड़ा हो गया और अपने दोनों हाथ खोलकर वो अपस्यु को मारने का खुला निमंत्रण देने लगा।
अपस्यु भी उसकी ख्वाहिश पूरी करने पहुंच गया। किसी पंचिंग बैग की तरह वो ज़िकोब को धुन्ना शुरू कर दिया। एक हाथ जाल को पकड़कर संतुलन बनाना और दूसरे हाथ से खुद को सेव करके, हमला भी करना वो भी अपस्यु जैसे तेज फाइटर के सामने असंभव सा काम था, लेकिन ज़िकोब के अंदर मार झेलने की अभूतपूर्व क्षमता थी और वो झेल रहा था।
ज़िकोब अपना दर्द बर्दास्त करते हुए खुद में संतुलन बनाया और जैसे ही उसके दोनों हाथ हमले के लिए तैयार हुए, उसने मौका देखा और अपस्यु के गले पर झपट्टा मारते हुए उसे अपने चौड़े पंजो के बीच दबोच लिया। अपस्यु को गर्दन से पकड़कर उसने हवा में उठा लिया। एक पाऊं ज़िकोब का घायल था इसलिए संतुलन बनाने के लिए वो अपस्यु को हवा में ही उठाए, जाल के ऊपर टिकाया और उसके गर्दन को अपने गिरफ्त में लेते हुए पूरे गुस्से से उसका गला घोंटने लगा।