Romance भंवर (पूर्ण) - Page 36 - SexBaba
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Romance भंवर (पूर्ण)

Kamal ka imaginations wowww :roflbow: :roflbow:

Pagal samjha hai kya ... Matlab mujhe hi lapet rahe :slap:

Kacha hisab kitab hai :beee:

Matlab manta hai bete jaise ... Sasur ki bhi jamai daidi ji bolte hain .. iska matlab yah nahi ki wo pati patni bhai bahan ho gaye
 
Kya bat hai itni jyada khushi kahe kew Aarav ke naam par .. hehe .. kisi din Aarav tumhare khun oi jane hain ..

I am caring about everyone .. abhi story khatam kahan hui hai... Aage bahut kuch aane wala hai... Keep commenting and keep supporting
 
Aise hi dekhte rahne jai aur miss naina ji ko samjhate rahna .. aur wo bich bich kala jadoo .. lal pahadi aur ghanghor badal wale jaise upma dete rahna :D

:itsme: .. I am in love.. jour write .. aur usse bura lag raha hai
 
Galat .. is kahani me 2 log sabse jyada masoom hai 1) most energetic.. most handsome.. most demanding.. aur bhi bahut sare most wanted ke sath nain11ster .. aur 2) Aimee :declare:

Tum kahe tuti gardan hila rahe mera nam innocents me na liya gaya :slap:
 
Update:-73

"जैसा तुम्हे फील हो रहा है साची के लिए, ठीक वैसे ही मेरी भी फीलिंग है। मैंने एक पल के लिए सोचा की तुमने मुझ से रिश्ता तोड़ लिया.. बस उस एक पल को मैंने पूरे सिद्दत से मेहसूस की, और वो दर्द मै शायद बयां ना कर सकूं। उसका टूटा दिल मुझे भी चैन से सोने नहीं दे रही। हमने मिलकर उसे दर्द दिया है, हम मिलकर उसे खुशी भी देंगे।"….

अपस्यु:- मै थका हुआ सा मेहसूस कर रहा हूं..

ऐमी:- यहीं लेटते है आओ..

दोनों वहीं रेत पर लेट गए… अपस्यु अपनी बाहें फैलाए और ऐमी उसके हाथ के ऊपर सिर रखकर लेट गई। चांद की हल्की रौशनी में दोनों एक दूसरे को देखकर चैन की श्वांस ले रहे थे।

ऐमी:- पार्थ के साथ मिलकर तुमने प्लान किया था क्या आज सुंबह का।

अपस्यु:- नहीं मैंने नहीं किया था। पार्थ को लगा कि कहीं मै उसके सरप्राइज का स्त्यनाश ना कर दूं, इसलिए उसने मुझे पहले बुला लिया था।

ऐमी:- हां ये तो सही किया फिर उसने। तुम्हे याद है वो मेहंदी वाला किस्सा।

अपस्यु:- छोड़ो भी उन किस्से कहानियों को, मेरे पास आओ…

ऐमी अपने चेहरे को उसके थोड़ा और करीब लाकर अपने नाक को उसके नाक से लगाती हुई… दोनों आखें मूंद कर वहां लेटे रहें। बहुत कम ही ऐसे मौके होते है, जब दोनों इतने सुकून से एक दूसरे के करीब होते है।…

कुछ वक़्त बीतने के बाद….. "अपस्यु हमे चलना चाहिए।"…. "हम्मम ! चलतें हैं।".. दोनों हाथ में हाथ डाले बीच से उठकर सड़क तक चले आ रहे थे, इसी बीच नंदनी का भी फोन आ गया और वो दोनों से वापस लौटने के बारे में पूछने लगी… "कुछ देर और" कहकर अपस्यु ने कॉल डिस्कनेक्ट किया और अपस्यु टैक्सी का इंतजार करने लगा…

ऐमी:- 4 किलोमीटर ही तो है.. पैदल चलते है ना…

अपस्यु:- ये भी सही है..

दोनों एक दूसरे के हाथों में हाथ डालकर सड़क के चारो ओर के कतूहाल को देखते हुए कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने लगे। … "मै क्या सोच रहा था… मै क्या सोच रही थी"…

दोनों एक ही वक़्त में एक दूसरे के ओर मुड़कर एक ही जैसी बातें बोलने लगे.. और फिर जब ऐसा हुआ तो दोनों जोड़-जोड़ से हसने लगे… "मियामी ही ना"… "हां मै भी वहीं कहने वाली थी।"..

अपस्यु:- एंगेजमेंट खत्म हो जाने दो फिर एक हफ्ते की छुट्टी लेंकर मियामी में होंगे।

ऐमी:- नो, अभी वक़्त नहीं है मिस्टर, नो हॉलीडे..

अपस्यु:- वो 2 जुलाई के बाद मै तय कर लूंगा की हॉलीडे पर जाना चाहिए कि नहीं। 5 मिलियन यूएसडी की फाइट के लिए मुझे तैयार होना पड़ेगा..

ऐमी:- वक़्त नहीं मिलेगा सबके बीच… रात को ही एडजस्ट करना पड़ेगा..

अपस्यु:- हां यही मै भी सोच रहा था। टेस्टिंग सॉफ्टवेर तुम डेवलप कर लेना.. कुछ डिवाइस मै लेकर आया हूं, उसी से सभी टेस्ट कर लेंगे…

ऐमी:- 5 मिलियन की फाइट है अपस्यु.. तुम्हे इतने लंबे गेम नहीं उलझना चाहिए था… सामने वाला सबसे बेस्ट लेकर आएगा…

अपस्यु:- तभी तो मुझे भी अपना बेस्ट दिखाने का मौका मिलेगा…

"चॉकलेट आईसक्रीम प्लीज"… ऐमी कोने आइसक्रीम लेती हुई कहने लगी… "तुम तो पहले से अपना बेस्ट दे रहे हो। मै साथ हूं।…

दोनों हाथ में हाथ डाले और बात करते हुए होटल के बचे फासले तय करके वापस आ गए। दोनों अंदर से काफी खुश थे और सीधा जाकर अपने-अपने बिस्तर पर लेट गए। रात हसीन ख्यालातों में बीती और सुबह के 3 बजे अपस्यु के दरवाजे पर दस्तक होने लगी।

अपस्यु ने झट से दरवाजा खोला और ऐमी को अंदर खिंचते दरवाजा बंद कर लिया। ऐमी को बेहताशा चूमने लगा…. ऐमी कुछ दूर हटती… "शुरू हो गया रोमांस का चेप्टर, अब क्लोज करो इसे और चलो।"

अपस्यु वापस से ऐमी के कमर में हाथ डालकर, उसे खुद से चिपकाते हुए, ऐमी को देखकर कहने लगा…. "मेरी आखों में झांक कर देखो, क्या इस वक़्त मै रोमांस के मूड में लग रहा हूं।"

ऐमी, खिलखिला कर हंसते हुई.... "हां समझ गई, सर काफी हॉर्नी और वाइल्ड दिख रहे है। लेकिन एक बात भूलो मत…"

अपस्यु:- क्या ???

ऐमी:- आज शाम तुमने मेघा आंटी को वक़्त दे रखा है। अपना ये रूप उसके लिए संभाल कर रखो..

अपस्यु अपने चेहरे पर सिकन लाते हुए…. "अरे यार… ऐमी तुमने मुझे फसाया है उसके चक्कर में, मुझे बाहर निकालो इससे…"

ऐमी:- बहुत अहम कड़ी और शातिर है वो… क्लोज होने का मौका मिल रहा है, इसे हम जाने नहीं दे सकते…

अपस्यु:- शातिर तो बहुत है, ये तो मानना होगा। कार में ही पूरा सर्विलेंस लगा रखी थी।

ऐमी:- डिस्को में भी पिटाई खाने वालों में उस मेघा के भी 3 लड़के थे। कबीर ने मात्र 9 लोगों को उठाया था, 3 के लिए बाहर से लोग आए थे।

अपस्यु:- वैसे शातिर होने के मामले में तुम तो उसकी भी मां हो….. खुद का मूड ना हो तो मुझे उलझाकर रख देती हो। जितनी बातें हुई उनमें कौन सी ऐसी बात थी जो मुझे पता ना हो, लेकिन फिर भी तुम्हे ये अभी ही डिस्कस करना था।

ऐमी, फिर से हंसती हुई…. "सुबह सुबह सेक्स करोगे तो तैयारी क्या तुम्हारे बदले मै करूंगी। वैसे मुझे कोई ऐतराज नहीं फाइट लेने में।

अपस्यु:- अच्छा ठीक है मै समझ गया, अब चलो…

दोनों तकरीबन सुबह के 7 बजे होटल वापस पहुंचे। दोनों फ्रेश होकर बुफे के पास पहुंचे जहां पहले से पूरे परिवार के बीच लंबी बातचीत का दौर शुरू था। अपस्यु आकर नंदनी के पास खड़ा हो गया और ऐमी कुंजल और स्वस्तिका के बीच थी।

नंदनी:- यहां कोई हल्ला नहीं करो। सब कमरे में पहुंचेंगे फिर इसपर बात होगी।.. नंदनी थोड़ी चिढी और खफा लग रही थी। अपस्यु किनारे से मां को गले लगाता हुआ पूछने लगा…. "कौन सी बात मां"

नंदनी थोड़ा पीछे हुई और एक थप्पड उसे लगाती हुई कहने लगी…. "देर से अाकर तुम्हे सबकुछ पहले समझना है। नाश्ता खत्म करके सब लोग मेरे कमरे में आओ। और हां केवल नाश्ता करना इन बाहरवालों के बीच कोई ड्रामा नहीं। 10 मिनट में से एक सेकेंड भी लेट लगा आने में तो फिर मै यहीं अाकर ड्रामा शुरू कर दूंगी।

नंदनी अपनी बात कहकर वहां से निकल गई। बाकी सब लोग थोड़ा बहुत नाश्ता करके 10 के बदले 5 मिनट में ही नंदनी के कमरे में इकट्ठा हो गए…. नंदनी कुर्सी लगाकर बैठी हुई थी और बाकी सभी बच्चे नीचे…

स्वस्तिका:- मां सब लोग तो आ गए फिर आप किसका इंतजार कर रही है। सभा शुरू कीजिए।

नंदनी:- तुम आगे आओ यहां मेरे पास..

स्वस्तिका:- सॉरी मां।

नंदनी:- उनकी हिम्मत कैसे हुई… आरव तुम बताओ क्या किया जाए इनका।

आरव:- गुस्सा थूक भी दो मां, जाने दो नादान लोग है, केवल उम्र बढ़ गई है इनकी… हमे तो बस लावणी से मतलब है ना…

नंदनी:- ये लड़का पक्का ससुरालियों का निकलेगा, वो मिश्रा अपनी बेटी की शादी करने जा रहा है और अभी वो नादान है। आरव तुम मेरे पास आकर ही बैठो।

आरव:- मैं यही सही हूं। मेरे बदला मेरा भाई आप के पास जाकर बैठेगा.. जा मेरे शेर मेरे चिते, मां के पास जाकर बैठ जा…

नंदनी:- एंगेजमेंट में भी तेरे बदले उसी को भेज देती हूं, यही अच्छा रहेगा…

नंदनी की बात सुनकर सभी लोग हसने लगे…. साथ में नंदनी को भी हसी आ गई.. वो हंसती हुई सब को चुप रहने का बोलकर पार्थ से पूछने लगी…. "पार्थ तुम क्या कहते हो।"

पार्थ:- जब बात शुरू हुई, मै तो तब से कह रहा हूं कि ये रिश्ता ही कैंसल करो आंटी, अभी इसकी उम्र ही क्या हुई है…

पार्थ अपनी बात खत्म ही कर रहा था कि आरव का एक उड़ता चप्पल सीधा पार्थ के मुंह पर लगा और वो गुस्से में आरव को देखने लगा…. "आंटी अभी नहीं होती ना छछूंदर, तो तुझे मै अभी बता देता। आंटी देख रही हो इसकी हरकते।"

आरव:- तू इसी लायक है पार्था, मां थी इसलिए उठ नहीं पाया वरना अभी तू हॉस्पिटल में होता।

अपस्यु:- एक मिनट सब थोड़े शांत हो जाइए। इस पूरे प्रकरण में मै दोषी हूं।

चर्चा का माहौल सब एक साथ बोलने लगे… "जब वो और ऐमी कल रात उनसे मिले ही नहीं फिर मामला क्या है उसे कैसे पता.. बात घुमा रहा है.. झूट बोल रहा है.. ब्ला ब्ला ब्ला !!"… बुफे के जैसे यहां पर भी माहौल बिल्कुल मछली बाजार जैसा था…

"खामोशशशशशशशशशशशशशशशशशशशशश !…" नंदनी की तेज गरज और सब लोग खामोश होकर बैठ गए…. "हद है इतना हल्ला कौन करता है। सोनू ये तुम क्या कह रहे हो, तुम्हे पता भी है कि हम लोग किस बात की चर्चा कर रहे है।"

अपस्यु:- हां पता है, आरव की एंगेजमेंट अलग हॉल में होगी मुझे पता है।

नंदनी:- इसका मतलब सारी बात तुमने ही फाइनल की थी और वो राजीव केवल मुझे फैसला बताने आया था।

अपस्यु:- हां सही कहा आपने मां।

नंदनी:- और क्या मै पूछ सकती हूं कि मेरे रहते तुमने ये अकेले फैसला कैसे ले लिया।

अपस्यु:- उस दिन फैमिली डिनर पर जिंदल की बेटी और दामाद के नखरे देखकर, मैंने ही उन लोगों से कहा था कि यदि एंगेजमेंट वाले दिन ऐसे कोई सीन हुए तो सभी दोस्तों और रिश्तेदारों के बीच काफी माहौल क्रिएट हो जाएगा। इसलिए बेहतर यही होगा कि हम एंगेजमेंट अलग-अलग रखे।

नंदनी:- शाबाश क्या फैसला लिया है। अच्छा किया। चल अब 100 बार उठक बैठक कर।

अपस्यु:- ये कैसी शाबाशी है, इनाम के बदले सजा…

नंदनी:- फैसला अच्छा हैं, इसमें कोई 2 राय नहीं, किंतु फैसला लेने का तरीका बिल्कुल गलत। चल अब शुरू हो जा…

एंगेजमेंट सर पर थी और सभी लड़कियां साथ और उसके साथ में नंदनी भी टूट परी थी शॉपिंग, ब्यूटीपार्लर और अन्य सजो समान के लिए। पूरे परिवार के अनुरोध पर स्वस्तिका भी अपने रूप सज्जा के लिए हामी भारती हुई सब के साथ वो भी ब्यूटीपार्लर में पूरा समय दे रही थी। इधर पार्थ भी आरव के साथ घूम-घूम कर उसके छोटी बड़ी फैंटेसी पर हंसते हुए बिल्कुल एक कमिने दोस्त की तरह उसके साथ रहा।

शाम के तकरीबन 6 बजे अपस्यु तैयार होकर निकला। मेघा के बताए जगह पर वो पहुंचने ही वाला था कि इसी बीच ऐमी का संदेश उसके पास आया जिसमें "2 किस्स इमोजी" उसने भेजा था। ऐमी का संदेश देखकर वो मुस्कुराते हुए आगे बढ़ा और दरवाजे पर खड़ा होकर बेल बजाने लगा।

एक लड़की दरवाजा खोलती हुई उसे अंदर बुलाई और उसे बैठने के लिए बोलने लगी। कुछ देर बाद वो अपस्यु को ड्रिंक सर्व करने लगी। अपस्यु उस ड्रिंक को लिया और सामने के टेबल पर रख दिया और उस लड़की को वहां से जाने के लिए बोल दिया। इसके बाद उसने ऐमी को वापस एक "टीज" वाली इमोजी भेजकर मुस्कुराने लगा।

अपस्यु ड्रिंक देखकर मुस्कुराया और एक ही घूंट में पूरा पी गया। बस पीने के कुछ पल बाद ही उसका सर गोल घूमने लगा और आखों के सामने थोड़ा अंधेरा छाने लगा.. अपस्यु लंबी श्वांस खिंचते हुए अपनी आखें खोला और उसके कान पूरा चौकन्ना था।

अपस्यु के पीछे हटने की कोशिश, लेकिन तबतक फ्लॉवर पोट अपस्यु के इतने करीब आ चुकी थी कि उसे हाथो से अपने साइड फेस को कवर करना परा…. "नाइस मूव मेघा, लेकिन एक जाम मुझे बेहोश नहीं कर सकती। सॉरी जानेमन अंधेरे कमरे में मेरी पिटाई का तुम्हारा प्लान फ्लॉप करने के लिए।"..

शरीर की गति पूरी कमजोर पर चुकी थी, सर इतना ज्यादा चक्कर दे रहा था कि ध्यान लगाने में थोड़ी परेशानी तो आ रही थी लेकिन वो दिमाग को अब भी केंद्रित किए हुए था… स्वाद और गंध रहित नींद की गोलि और साथ ने हल्का मात्रा में ब्राउन सुगर, डेडली कॉक्तैल अपस्यु जान बूझ कर पी चुका था।

नशे से बेहोशी की हालत हुई जा रही थी… कुछ देर और वो खड़ा नहीं रह सकता था। काफी तेजी के साथ वो अपनी शरीर के गतिविधियों का आकलन कर ही रहा था कि तभी एक जोरदार लात उसके कंधे पर लगी, और वो लड़खड़ा कर गिरता हुआ, दीवाल से जा टकराया…

किसी तरह दीवाल के सहारे वो उठा ही था कि इतने में तेज बेसबॉल डंडा चला और निशाने पर उसका कंधा। अपस्यु खुद को तेजी से पीछे खिंचा, बेसबॉल का डंडा दीवाल पर लगा और मारनेवाला का पुरा हाथ अपस्यु के ठीक सामने… अपस्यु अपने दोनो हाथ से उसका हाथ पकड़ा और तेजी से अपने घुटने ऊपर करके उसके ज्वाइंट के ठीक बीच में निशाना। ज्वाइंट उल्टा होकर ऊपर के ओर आ गया और वो मारनेवाला कर्राहते हुए नीचे जमीन पर।

डगमगाते कदम के साथ वो हॉल के बिल्कुल बीचों-बीच खड़ा था। धुंधली सी रौशनी में उसे 3 और लोग नजर आ रहे थे… अपस्यु के दाएं खड़ा आदमी ने उसके सर को निशाना बनाते हुए तेज बेसबॉल डंडा चलाया, उसी वक़्त बाएं खड़ा आदमी ने अपने पंच से उसके पसलियों को निशाना बनाया.. एक आदमी जो ठीक सामने था, उसी वक़्त सामने से अपस्यु के सीने पर लोहे का पंच लगा कर वार कर दिया।

बस छन भर का समय और अपस्यु ने अपने पूरे बदन को पीछे ले जाते गर्दन को ऊपर उठाए रखा और खुद को पीछे के ओर गिरने दिए। गिरने के क्रम में ही सामने वाला आदमी जो लोहे का पंच इस्तमाल कर रहा था, उसके दोनों पाऊं से अपस्यु का पाऊं नीचे से टकराया और वो आदमी अपस्यु के ऊपर जैसे ही गिरने लगा, अपस्यु अपना दायां पाऊं उठा कर उसके मुंह पर एक लात मारते खुद को लेफ्ट रोल किया और वो आदमी धड़ाम से अपस्यु के पास आकर गिरा।

वो आदमी छटपटा कर नीचे कर्राहने लगा। इधर दाएं खड़ा आदमी का बेसबॉल डंडा हवा में चक चुका था और बाएं वाले का पसलियों के निशाना वाला पंच भी खाली जा चुका था।

अपस्यु पास गिरे उस आदमी के हाथ से को लोहे का पंच निकला। इधर सीन ऐसा था कि अपस्यु जब लोहे के पंच को निकाल रहा था तब उसका सर बाएं वाले आदमी के पास था और उसका आधा बदन बेसबॉल डंडे वाले के सामने था। एक ओर से बयां वाला अपने पाऊं से अपस्यु के चेहरे पर अपने लात उठाकर मारने कि कोशिश करने लगा, तो दूसरी ओर से उसके बदन पर बेसबॉल डंडा चल चुका था।

अपस्यु खुद को बचाते हुए रोल करके अपना सर बेसबॉल वाले आदमी के पास ले आया और धर बाएं खड़े आदमी के पास। जैसे ही वो बेसबॉल वाले के पास पहुंचा उसने लोहे के पंच लगाकर 4 जोरदार पंच उसके पाऊं पर चला दिए। रोल होने के कारन बेसबॉल वाला अपने शॉट मिस कर गया और जो पाऊं चेहरे पर लगना चाहिए था वो पाऊं अपस्यु के पाऊं के ऊपर पड़ा। और इतने देर में अपस्यु बेसबॉल वाले पर हमला कर उसके डंडे को अपने हाथ में लिया। इधर बाएं खड़ा आदमी जबतक अपस्यु के करीब आकर एक बार फिर उसके चेहरे पर अपने बुट के छाप छोड़ने की कोशिश किया .. अपस्यु ने उसके पाऊं पर, आगे से बेसबॉल का डंडा चला कर उसे गिरा चुका था। सभी टारगेट नीचे जमीन पर और अपस्यु चैन की श्वास लेते धीरे-धीरे नींद कि गहराइयों में चला गया।
 
Ye bhi ek daur hai, wo bhi ik daur tha..

Kisi ke sath hi raushan thi ye jagah..

Kisi ke hone se hi aati thi khushiyan yahan..

Ye bhi ek daur hai, wo bhi ek daur tha..

Koi dastan jo chali thi aashiyane me

Ik najm sa bikhra tha unhi fizaon me..

Ye bhi ek daur hai, wo bhi ek daur tha..

Baki aage pura likhkar pm kar dunga .. abhi itna hi soch paya tha..
 
Bus aa hi raha hai.. aage kya hoga .. parde ke piche parda hai.. aur khel khelne wale shayad isliye khel rahe kyonki use khelne diya ja raha ho... Ab to ye baten aage hi clear hogi ... Filhaal ke liye to .. abhi khel ka maza lijiye :yo: :yo:

Nana kamdev babu.. Mishra pariwar ko purposal Apasyu ne hi diya tha.. jise wo log maan gaye .. khair sab aayega.. abhi aage ke scene me...

Aareee arree areeee .. aap to sachi aur Lavni par kafa ho gaye... Pahle benquet wale scene me bechari sachi royi to thi Aarav ke liye .. dekha jaye to na to dost tha Aarav na pyar.. aur ladkiyon ko pariwar me bolne kahan diya jata hai.. fir wo Aarav ke liye boli thi... Aur Lavni ne to apne bhai ka hath hi pakad liya tha... :) Chhod do gussa thuk do aur dono ladkiyon ke chhod dijiye... By my request :)
 
Aage hoga party .. sab daur khatam hone ke baad party hoga rg isliye to sushree Naina ji ne beer pahle rakh diya tha :lol:
 
Aimee ko kuch nahi bolne ka... Sachi apne gurur me chur thi isliye uska relation gaya hai... use bhi to baat karke claer karna tha .. chun lo .. jab Apasyu chunne me asamarth hota tab doshi.. ye kya sach batane wale ko sidha bol diya dur ho jao... Hamesa Ladke Bure Kyon Ho ... :yesss:
 
Kiska sexy badan kahan dekh liya.. ek najar uske badan ko dekhne ka matlab kitni dur tak le jate ho... Dimag hi kharab hua ja raha hai tumhara ab to...

Aur kahin bhi kuch bhi dal raha hun yadi aisa lag raha ho to main sidha kah deta hun .. update likhte likhte ab thakne laga hun .. I want a break warna aise hi nashe ki haalat wala update aayega :D..

Baki niche ka nahi padhna kya likhe comment ne kyonki niche jo tumne likha hoga wo upar ke galat dharna se hi connect karke likha hoga ..isliye wo bina padhe hi main galat karar deta hun :D
 
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