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तो अब रमेश कामयाब होगया पायल को छोड़ने में. वह बहोत खुश था. ख़ुशी ख़ुशी नहाना जारी रखा और अपने लुंड को मज़े से करेस किया और उस से बाटें भी की, के ‘तू खुशनसीब है, छोटा भाई की पत्नी को छोड़ने को मिला तुझको, 18 साल की जवान खूब सूरत, हॉट पत्नी की छूट की दर्शन किया तुमने aaj..hahaha’… उधर, जब पायल बाथरूम से निकल कर कॉरिडोर में चली जा रही थी किचन के तरफ तो धानंद की पत्नी रास्ते में मिलगई, तो उस्सने पायल से पुछा, “आरी तेरे कपडे कैसे इतना भीग गयी हैं?” पायल के चेहरे से रंग ुध गए मगर जल्दी से उस ने कहा के वाश बसीं में मुंह धो रही थी तो पानी ज़्यादा ज़ोर से खोल दिया तो छींटें पड़े…
पायल किचन में वापस गयी और काम में मसरूफ हो गयी. रह रह कर याद कर रही थी के रमेश ने किआ किआ किया उस के साथ…. कुछ अजीब लग रहा है उस्सको और कुछ कुछ खुश भी thi….khud को समझ नहीं पा रही थी के खुश क्यों थी उस एनकाउंटर से वह?!!
रमेश नहाने के बाद नौजवानों की तरह फ़िल्मी गाने ज़ोर ज़ोर से गता चला जा रहा था. खुद सोच रहा था के ठीक तरह से पायल से मज़ा नहीं उदय मगर फिर भी एक पहला एनकाउंटर के लिए चाह था उस ने सोचा…. अब किआ वह धानंद को बताएगा? किआ पता….?
देर शाम को जब राजें काम से वापस आया तो पायल नाहा चुकी थी और ड्रेस चेंज कर लिया था. एक चूड़ीदार में थी अब वह. धानंद ने जब पायल को उस ड्रेस में देखा तो रमेश से कहा, “दिन भर पिताजी के साथ और सामने थी तो घागरा चोली में थी, जिस्म दिखती थी बूढ़े को, जब उस्का मरद आगया तो चूड़ीदार में है सटी सावित्री की तरह पूरा जिस्म ढाका हुवा है अब. रमेश तो दिल hi दिल में खुश था के उस ने तो उस्सकी घागरा चोली का खूब लुत्फ़ उठाया बाथरूम mein…apne आप मुस्कुरा रहा था…. धानंद ने अचानक उस से पुछा, “कुछ चांस मिला आज तुकजको पायल के साथ?” रमेश ने भोला बनते हुवे कहा, “नहीं तो, कैसे चांस मिलेगा यार!” तो अब दोनों एक दूसरे से छुपाना शुरू किया.. कब तक एक दूसरे को अँधेरे में रखेंगे देखना है. डिनर का वक़्त आया, और ससुर हमेशा की तरह उस मौके का फायदा उठाते हुवे पायल की शूटरों पर अपना हाथ फेरा जब वो सर्वे कर रही thi…Paayal को पता था वह उस्सको चुवेगा मगर और कोई चारा नहीं था पायल को उस के पास जाकर सर्वे करना hi था नहीं तो शके की गुंजाइश थी…. तो पायल ने बूढ़े को एन्जॉय करने दिया, जहाँ जहाँ बूढ़े का हाथ गया उस ने वहां वहां पायल को चुवा, ऊँगली डाला, टटोला और दबाया… पायल भोली बानी रही ताके किसी को कुछ शके न हो…. एक बार तो पायल को निचे बैठना पड़ा कुछ उठाने के लिए और बूढ़े ने जल्दी से ऊपर देखते हुवे के कोई नहीं देखता तो पायल का हाथ पाकर कर अपने लुंड के ऊपर rakha,…Paayal नीचे बैठी हुवी सर उठाकर ऊपर टेबल पर देखा के कोई उस्सको नहीं देख रहा तो उस ने कुछ देर के लिए ससुर का लुंड हाथ से दबाया और उस्सको खुश किया तब कड़ी हो गयी…
अब खाने खाने के बाद पायल सभी बर्तनों को धो रही थी खीचें में सिंक के paas…akeli थी उस वक़्त….. बाकी के लोग लाउन्ज में टीवी देख रहे थे. सेरिअल्स का वक़्त था. धानंद को पता था के उस्सकी पत्नी सीरियल को हरगिज़ मिस नहीं करेगी तो वह किचन में गया पायल के पास. लुंगी में था वह. और हाँ राजें बहोत थका हुवा था उस्सने पायल को केहड़िया के खाने के बाद hi वह सोने चला जाएगा. सुबह सरेह पांच बजे उठ कर काम को चला जाता है, दिन भर काम के बाद ओवरटाइम करके थका मारा घर अत है तो नींद तो लगेगी hi सवेरे!! तो राजें सोगया था आलरेडी.
धानंद आहिस्ते आहिस्ते दबे पाऊँ किचन में ग़ुस्सा. पीछे से पायल के कमर के निचे से अपना हाथ दाल कर उस्सको जकरा. पायल चाहुँहकी और एक आवाज़ निकल गयी उस के मुहं से, “आईये” धानंद ने उस्सको मसलना शुरू किया अपना लुंड पायल के गांड पर दबाया कपडे समेत, पायल की मुलायम चूड़ीदार पर धानंद का लुंड फिसलता हुवा रगड़े जा रहा था और पायल एक हाथ में एक बर्तन लिए दूसरे हाथ में पानी लिए पता नहीं किआ करती, बस उस्सकी आवाज़ निकली धीरे से होली से, “उफ़! चोरए भी नाह! कोई आसक्त है, मुझको मरवाना है किआ? इस घर से निकलवाना है मुझको! किआ कर रहे हो आप, बस चोरीé भी अब ाः!! Oouuiiie…bus कीजिये भी… हे भगवान्!! मैं किआ करूँ…” धानंद एक हाथ से पायल के पथ को थमा हुवा था पीछे के तरफ खड़े हुवे, और एक हाथ से पायल के गेसुओं को हटते हुवे अपना जीब उस्सकी गले के निचे वाले हिस्से पर फेर रहा था और कमर हिलाते हुवे लुंड को रगड़ता जा रहा था उस्सकी शूटरों पर… पायल चटपटा रही थी धानंद के मज़बूत बाहों में कैद…. धानंद ने कहा, “अपनी मुंह खोलो, जीब निकल जीब…” पायल मुंह नहीं खोल रही थी… धानंद ज़बरदस्ती पायल की मुंह को अपने मुंह में ले रहा था और उस्सकी होंठों को चूस रहा था… इतने में धानंद के पिता की आवाज़ बढ़ती अति है किचन के तरफ, “बहु एक गिलास पानी देना ज़रा….” अस्सल में वह भी एक मौके की तलाश में था पायल को पानी की मगर उस्सको पता नहीं था के धानंद पायल के साथ अंदर है. अपने पिता की आवाज़ को पास आते हुवे सुनकर धानंद ने तुरंत पायल को छोरा और बाहर निकलते हुवे अपने पिता से कहा जो उस वक़्त दरवाज़े ताका ा पोंहचा था, “अरे पिताजी मैं भी पानी के लिए hi आया था, पि लिया अब आप जाईये….”
बूढ़े ने कुछ ग़लत नहीं सोचा क्यों के उस्सने बिल्कुल वैसा नहीं सोचा था अपने बेटों के बारे mein…Ab ससुर अंदर पहुंचा तो उस्सने भी पायल को जकरा अपनी बाहों में, और पायल इंकार कर रही थी.. मगर बूढ़े ने धीरे धीरे हौले हौले पायल को सहलाते हुवे, एक बचे को जैसे दुलार करते हैं वैसे करते हुवे आहिस्ते आहिस्ते बहोत प्यार से मीठी मीठी बातें करते हुवे पायल को मनवा लिया और जल्द hi पायल की बाहें ससुर के कांधों के ऊपर थे और ससुर का जीब पायल की मुंह में, इस वक़्त पायल ससुर की जीब का रस निचोड़ रही थी, और खुद अपनी बदन को ससुर के जसम पर ज़ोर से दबाये अपनी चूचियों को बूढ़े के छाती पर रागढ रही थी और उस्सकी दोनों ेंखें बिल्कुल बांध पायल एक अलग दुन्या में खो गयी थी ससुर के निचे वाला हिस्सा अपनी जिस्म पर फील करते हुवे……. बूढ़े अपने लुंगी पर पायल के हाथ लेकर रखा और पायल ने ससुर के लुंड को अपनी कोमल हाथों से सहलाने लगी किश करते हुवे hi…. बस तब hi सास ने फुकरा, “ाजी सुनते हो! देखो बेचारी हस्पताल चली गयी सीरियल में….”
पायल चाहुँहकी सास जी की आवाज़ सुनकर और किश ब्रेक किया और ससुर से कहा, “जाईये अब आप….” ससुर ने कहा, “ठीक है जी, एक प्लान करता हूँ तुम उस में पार्टिसिपेट करना… मैं अपने कमरे में से तुमको आवाज़ दूंगा के मेरे पेयर में दर्द है ज़रा दबाने को तब तुम आना जब टीवी देखने जाओगी तब. ठीक है? सब के सामने hi तुझको अपने कमरे में बुलाउंगा, किसी को पता भी नहीं चलेगा और हम अपना काम आराम से करलेंगे”…. पायल उस्सको अपने हाथों से धकेल रही थी , “हाँ ठीक है ठीक है अब जाईये आप प्लीज”
तो बे कॉन्टिनोएड………………….
तो अब रमेश कामयाब होगया पायल को छोड़ने में. वह बहोत खुश था. ख़ुशी ख़ुशी नहाना जारी रखा और अपने लुंड को मज़े से करेस किया और उस से बाटें भी की, के ‘तू खुशनसीब है, छोटा भाई की पत्नी को छोड़ने को मिला तुझको, 18 साल की जवान खूब सूरत, हॉट पत्नी की छूट की दर्शन किया तुमने aaj..hahaha’… उधर, जब पायल बाथरूम से निकल कर कॉरिडोर में चली जा रही थी किचन के तरफ तो धानंद की पत्नी रास्ते में मिलगई, तो उस्सने पायल से पुछा, “आरी तेरे कपडे कैसे इतना भीग गयी हैं?” पायल के चेहरे से रंग ुध गए मगर जल्दी से उस ने कहा के वाश बसीं में मुंह धो रही थी तो पानी ज़्यादा ज़ोर से खोल दिया तो छींटें पड़े…
पायल किचन में वापस गयी और काम में मसरूफ हो गयी. रह रह कर याद कर रही थी के रमेश ने किआ किआ किया उस के साथ…. कुछ अजीब लग रहा है उस्सको और कुछ कुछ खुश भी thi….khud को समझ नहीं पा रही थी के खुश क्यों थी उस एनकाउंटर से वह?!!
रमेश नहाने के बाद नौजवानों की तरह फ़िल्मी गाने ज़ोर ज़ोर से गता चला जा रहा था. खुद सोच रहा था के ठीक तरह से पायल से मज़ा नहीं उदय मगर फिर भी एक पहला एनकाउंटर के लिए चाह था उस ने सोचा…. अब किआ वह धानंद को बताएगा? किआ पता….?
देर शाम को जब राजें काम से वापस आया तो पायल नाहा चुकी थी और ड्रेस चेंज कर लिया था. एक चूड़ीदार में थी अब वह. धानंद ने जब पायल को उस ड्रेस में देखा तो रमेश से कहा, “दिन भर पिताजी के साथ और सामने थी तो घागरा चोली में थी, जिस्म दिखती थी बूढ़े को, जब उस्का मरद आगया तो चूड़ीदार में है सटी सावित्री की तरह पूरा जिस्म ढाका हुवा है अब. रमेश तो दिल hi दिल में खुश था के उस ने तो उस्सकी घागरा चोली का खूब लुत्फ़ उठाया बाथरूम mein…apne आप मुस्कुरा रहा था…. धानंद ने अचानक उस से पुछा, “कुछ चांस मिला आज तुकजको पायल के साथ?” रमेश ने भोला बनते हुवे कहा, “नहीं तो, कैसे चांस मिलेगा यार!” तो अब दोनों एक दूसरे से छुपाना शुरू किया.. कब तक एक दूसरे को अँधेरे में रखेंगे देखना है. डिनर का वक़्त आया, और ससुर हमेशा की तरह उस मौके का फायदा उठाते हुवे पायल की शूटरों पर अपना हाथ फेरा जब वो सर्वे कर रही thi…Paayal को पता था वह उस्सको चुवेगा मगर और कोई चारा नहीं था पायल को उस के पास जाकर सर्वे करना hi था नहीं तो शके की गुंजाइश थी…. तो पायल ने बूढ़े को एन्जॉय करने दिया, जहाँ जहाँ बूढ़े का हाथ गया उस ने वहां वहां पायल को चुवा, ऊँगली डाला, टटोला और दबाया… पायल भोली बानी रही ताके किसी को कुछ शके न हो…. एक बार तो पायल को निचे बैठना पड़ा कुछ उठाने के लिए और बूढ़े ने जल्दी से ऊपर देखते हुवे के कोई नहीं देखता तो पायल का हाथ पाकर कर अपने लुंड के ऊपर rakha,…Paayal नीचे बैठी हुवी सर उठाकर ऊपर टेबल पर देखा के कोई उस्सको नहीं देख रहा तो उस ने कुछ देर के लिए ससुर का लुंड हाथ से दबाया और उस्सको खुश किया तब कड़ी हो गयी…
अब खाने खाने के बाद पायल सभी बर्तनों को धो रही थी खीचें में सिंक के paas…akeli थी उस वक़्त….. बाकी के लोग लाउन्ज में टीवी देख रहे थे. सेरिअल्स का वक़्त था. धानंद को पता था के उस्सकी पत्नी सीरियल को हरगिज़ मिस नहीं करेगी तो वह किचन में गया पायल के पास. लुंगी में था वह. और हाँ राजें बहोत थका हुवा था उस्सने पायल को केहड़िया के खाने के बाद hi वह सोने चला जाएगा. सुबह सरेह पांच बजे उठ कर काम को चला जाता है, दिन भर काम के बाद ओवरटाइम करके थका मारा घर अत है तो नींद तो लगेगी hi सवेरे!! तो राजें सोगया था आलरेडी.
धानंद आहिस्ते आहिस्ते दबे पाऊँ किचन में ग़ुस्सा. पीछे से पायल के कमर के निचे से अपना हाथ दाल कर उस्सको जकरा. पायल चाहुँहकी और एक आवाज़ निकल गयी उस के मुहं से, “आईये” धानंद ने उस्सको मसलना शुरू किया अपना लुंड पायल के गांड पर दबाया कपडे समेत, पायल की मुलायम चूड़ीदार पर धानंद का लुंड फिसलता हुवा रगड़े जा रहा था और पायल एक हाथ में एक बर्तन लिए दूसरे हाथ में पानी लिए पता नहीं किआ करती, बस उस्सकी आवाज़ निकली धीरे से होली से, “उफ़! चोरए भी नाह! कोई आसक्त है, मुझको मरवाना है किआ? इस घर से निकलवाना है मुझको! किआ कर रहे हो आप, बस चोरीé भी अब ाः!! Oouuiiie…bus कीजिये भी… हे भगवान्!! मैं किआ करूँ…” धानंद एक हाथ से पायल के पथ को थमा हुवा था पीछे के तरफ खड़े हुवे, और एक हाथ से पायल के गेसुओं को हटते हुवे अपना जीब उस्सकी गले के निचे वाले हिस्से पर फेर रहा था और कमर हिलाते हुवे लुंड को रगड़ता जा रहा था उस्सकी शूटरों पर… पायल चटपटा रही थी धानंद के मज़बूत बाहों में कैद…. धानंद ने कहा, “अपनी मुंह खोलो, जीब निकल जीब…” पायल मुंह नहीं खोल रही थी… धानंद ज़बरदस्ती पायल की मुंह को अपने मुंह में ले रहा था और उस्सकी होंठों को चूस रहा था… इतने में धानंद के पिता की आवाज़ बढ़ती अति है किचन के तरफ, “बहु एक गिलास पानी देना ज़रा….” अस्सल में वह भी एक मौके की तलाश में था पायल को पानी की मगर उस्सको पता नहीं था के धानंद पायल के साथ अंदर है. अपने पिता की आवाज़ को पास आते हुवे सुनकर धानंद ने तुरंत पायल को छोरा और बाहर निकलते हुवे अपने पिता से कहा जो उस वक़्त दरवाज़े ताका ा पोंहचा था, “अरे पिताजी मैं भी पानी के लिए hi आया था, पि लिया अब आप जाईये….”
बूढ़े ने कुछ ग़लत नहीं सोचा क्यों के उस्सने बिल्कुल वैसा नहीं सोचा था अपने बेटों के बारे mein…Ab ससुर अंदर पहुंचा तो उस्सने भी पायल को जकरा अपनी बाहों में, और पायल इंकार कर रही थी.. मगर बूढ़े ने धीरे धीरे हौले हौले पायल को सहलाते हुवे, एक बचे को जैसे दुलार करते हैं वैसे करते हुवे आहिस्ते आहिस्ते बहोत प्यार से मीठी मीठी बातें करते हुवे पायल को मनवा लिया और जल्द hi पायल की बाहें ससुर के कांधों के ऊपर थे और ससुर का जीब पायल की मुंह में, इस वक़्त पायल ससुर की जीब का रस निचोड़ रही थी, और खुद अपनी बदन को ससुर के जसम पर ज़ोर से दबाये अपनी चूचियों को बूढ़े के छाती पर रागढ रही थी और उस्सकी दोनों ेंखें बिल्कुल बांध पायल एक अलग दुन्या में खो गयी थी ससुर के निचे वाला हिस्सा अपनी जिस्म पर फील करते हुवे……. बूढ़े अपने लुंगी पर पायल के हाथ लेकर रखा और पायल ने ससुर के लुंड को अपनी कोमल हाथों से सहलाने लगी किश करते हुवे hi…. बस तब hi सास ने फुकरा, “ाजी सुनते हो! देखो बेचारी हस्पताल चली गयी सीरियल में….”
पायल चाहुँहकी सास जी की आवाज़ सुनकर और किश ब्रेक किया और ससुर से कहा, “जाईये अब आप….” ससुर ने कहा, “ठीक है जी, एक प्लान करता हूँ तुम उस में पार्टिसिपेट करना… मैं अपने कमरे में से तुमको आवाज़ दूंगा के मेरे पेयर में दर्द है ज़रा दबाने को तब तुम आना जब टीवी देखने जाओगी तब. ठीक है? सब के सामने hi तुझको अपने कमरे में बुलाउंगा, किसी को पता भी नहीं चलेगा और हम अपना काम आराम से करलेंगे”…. पायल उस्सको अपने हाथों से धकेल रही थी , “हाँ ठीक है ठीक है अब जाईये आप प्लीज”
तो बे कॉन्टिनोएड………………….