Sarjoo ki Incest Story - A family Incest Saga - Page 3 - SexBaba
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Sarjoo ki Incest Story - A family Incest Saga

अपडेट 21

अब यह सन तो भाइयों ने अब देखा, मगर जिस दौरान यह दोनों पायल को ढूंढ़ते उस के कमरे में गए थे तब पायल और ससुर के बीच कैसे गुज़रा के अब पायल ने ससुर को मुंह में लिया है, चलो यह देखते हैं….

हाँ तो बीएड पर पायल और ससुर के बीच एक छोटा सा तकरार के जैसा चल रहा था, हाथ बहिन हो रही थी, पायल इंकार कर रही थी (या इंकार करने की कोशिश कर रही थी), और इन् सब मुठबेड़ के बीच पायल की निघ्त्य कभी काँधे से स्ट्राप हाथ जाती, तो कभी जांघ के बिल्कुल ऊपर हो जाती और ससुर पायल की बदन का भरपूर मज़ा लेता वैसे में… ससुर का जीब कभी पायल के गाल पर तो कबि मुंह पर और कभी तो सीधा चूचियों पर, निप्पल्स पर, कभी ससुर का हाथ चूचियों को मसलता भी और कभी ससुर का हाथ पायल के ज़बरदस्त जाँघों पर फेरता… कभी पायल की छाती ससुर के छाती पर पूरा के पूरा दबा होता तो कभी ससुर के छाती पायल के जाँघों पर दबा होता…. पायल ज़रा नटखटी आवाज़ में कई बार कहा, “पिताजी! छोड़िये नाह! अभी कोई आगया तो किआ होगा! मैं किसी को मुंह नहीं दिखा पाउंगी, यह आप को किआ हो रहा है, अब बुसस भी कीजिये नाह पिताजी…”

तब हाथ बहिन करते हुवे ससुर ने रिप्लाई किया, “अरे कोई नहीं आएगा बहु मेरी…. कितने दिन से इस मौके के इंतज़ार में था मैं, ज़रा खुश कार्डो इस बूढ़े ससुर को भी… कितनी खूबसूरत हो तुम, जब भी सरजू को लेने आती हो और तुम्हारा जिस्म मुझसे टकराती है तो मुझ में आग भरक जाता है रे bahu…ab तो इस आग को बुझाने दे नाह!!” पायल कुछ हंसी ऐसे बातों को सुनकर और बूढ़े को लगा के बहु तो खुश है बुसस कुछ नखरें कर रही है, और उस्का हौसला बहरता गया… पायल की अदाएं hi कुछ ऐसे थी के वो इंकार करना नहीं जानती थी, बात बात पर मुस्कुराती और हंसती थी, तो ऐसे मौके पर नाराज़ होना चाहिए था मगर पायल को ग़ुस्सा बिल्कुल कभी भी नहीं अति थी, वह हमेशा मुस्कुराती और खुशाल रहती थी…

तो ससुर अपने मकसद को पूरा करने के लिए आगे बहरता गया, लुंगी तो उस के बदन से बिल्कुल उतर गया था, बिल्कुल नंगा था वो और पायल की निघ्त्य उतारने की कोशिश कर रहा था जब के पायल नहीं उतारने देती थी, पायल ने नखरें वाली आवाज़ में कहा, “और अगर माँ जी आगयी तो? दरवाज़ा भी लॉक नहीं hai…kia होगया है आप को pitaji…yeh ठीक नहीं है बिल्कुल” तब तक ससुर ने पायल को अपने गॉड में ले लिया था, पायल की चुतरर उसस्के लुंड पर बिल्कुल जैसे उसी पर बैठी हुवी है वह, ऊपर से हिल रही थी जैसे इंकार कर रही हो मगर बूढ़े को तो बहोत मज़ा ारः था पायल की जवान गांड अपने लुंड पर फील करते हुवे….. तो ससुर ने जवाब दिया, “तेरी सास तो कोई सुबह को 1 या 2 बजे hi वापस आएगी रे बहु जानी… अरे यार एक 18 साल की लड़की मेरी बहु, मेरे कमरे में , अध् नंगी, और मैं नंगा, अब कैसे कुछ किये बिना जाने दूँ तुझको मेरी जान… कितना मज़ा आएगा एक 60 साल की उम्र के मर्द को एक 18 साल की इतनी खूब सूरत लड़की को छोड़ते हुवे, ज़रा इस पर ध्यान दे न मेरी बहु, बहोत जल्दी झाड़ जावूंगा रे….. तू खुश करदे मुझको न मेरी बहु… तू भी देखना कितना खुश होगी एक अधेड़ आदमी के साथ karke..try तो करले जानी…”
 
अपडेट 22

पायल की नज़रें कभी ससुर की छाती के सफ़ेद बालों पर थी, और कभी नज़रें चुराते हुवे उस का मोटा लुंड भी देख लेती थी, और एकांत बार तो जब ससुर का जीब पायल के होंठ पर आती तो पायल भी जीब निकल देती थी और ससुर पायल की मीठी जीब का स्वाद चकने का मज़ा ले लेता था… और छोड़ने के लिए बूढ़ा बिल्कुल तैयार था मगर पायल बहोत नखरें कर रही थी….. बूढ़े ने एक बार पायल का हाथ खींच कर अपने लुंड पर पहुँचाया, पायल नहीं चुना चाहती थी और अपना हाथ एक तरफ ज़ोर से खिंच रही थी, मगर कमसीन नाज़ुक पायल को इतनी ताक़त कहाँ के ससुर के मज़बूत हाथों से तकरार कर सके, बूढ़े ने उस्सकी हाथ को अपने लुंड तक ला hi दिया और ज़बरदस्ती पायल को उस्का लुंड चुना pada…magar पायल ने मुठी बांध कर ली थी, बूढ़े ने बहोत इल्तेजा किये, गिरगिराय, तब पायल ने मुठी खोला और लुंड को अपने हथेली में chuwa…aur धीरे धीरे उस का हाथ वहीँ रह गयी ससुर के लुंड par…aur बूढ़े एक दम जोश में एते हुवे घुर्राया, “ज़रा अपने हाथ को रागढ न बहु, लुंड को मुठी में लेकर हाथ मार न उस par…dekh कितना बेचैन है मेरा लुंड….”

पायल ने एक हंसी छोड़ी और कहा, “नहीं, मैं कुछ नहीं karungi…mujhe आप से शर्म आरही hai…pita जी!!! अब बस, मुझे जाने दीजिये नाह प्लीज!!” बिल्कुल एक छोटी बची की तरह बेहवे कर रही थी पायल और ससुर को बहोत ज़्यादा hi मज़ा ारः था उस के बचपना अंदाज़ से…… तब ससुर ने कहा, “ज़रा इस्को मुंह में ले ले नाह बिटिया रानी…” पायल ने बिल्कुल नखरें वाली अंदाज़ में कहा, “हम्म्म!! नहीं!! नहीं लुंगी मैं मुहं में!!” बूढ़े ने कहा, “आज कल की तो सभी लड़कियां लेती है, किआ तुम राजें की नहीं लेती? हम्म, खुश करदे नाह ज़रा इस बूढ़े को!” पायल ने फिर एक छोटे बचे की तरह मुंह बनाते हुवे इंकार किया मगर उस वक़्त वो ससुर के लुंड हाथों में लिए खेल रही थी, और ससुर के जीब उस्सकी छाती पर फेर रहे थे, और पायल अपना सर पीछे के तरफ मूढ़ रही थी कमसाती हुवी….. पायल की ेंखें जैसे शराबी होगयी हो उस वक़्त, और वो जैसे अपना होश खो रही हो फिर भी उस ने धीरे से डेंटों को दबाते हुवे कहा, “और अगर राजें जग गया तो?” वो मुझको ढूंढ़ते यहाँ आगया तो? तब किआ होगा पिताजी?”
 
अपडेट 23

ससुर ने जवाब दिया, “अरे राजें एक बार सोता है तो सुबह को hi उस्सकी ेंख खुलता है, मेरा बीटा है वह मैं उस्सको तुम से ज़्यादा जानता हूँ, वह नहीं अन्य वाला यहाँ!” तब तक ससुर ने पायल की निघ्त्य की स्ट्रैप्स काँधे से उतार दिया था, और पायल की नाज़ुक चूचियों को अपने मुंह में लिए चूस रहा था और निप्पल्स पर अपने जीब से गोआल गोआल चाकर कर रहा था जिस से पायल दीवानी होती जा रही थी, और ससुर के लुंड को जोश में ज़ोर से दबा रही थी…… फिर धीरे धीरे ससुर ने पायल की मुहं को अपने मुंह में लिया, पायल न चाहते हुवे भी अपने मुहं को खोल दिया और पायल की जीब और बूढ़े के जीब मिले, और दोनों एक दूसरे को एक लम्बी किश करने में खो गए, और उसी दौरान बूढ़े ने धीरे धीरे, किश करते वक़्त पायल की निघ्त्य पूरा जिस्म से निकाल utara…..Paayal बिल्कुल नंगी हो गयी और ससुर भी बिल्कुल नंगा था….. फिर धीरे धीरे पायल ने खुद अपनी बाहों को ससुर के कन्धों के ऊपर फेरा और ज़ोर से अपने ससुर को बाँहों में जाकर लिया और किश को खूब रेस्पोंद करती gayi….aur अपनी छाती को ससुर के छाती पर, उसस्के सफ़ेद बालों पर मसलती gayi…Paayal को एक अजीब मज़ा ारः था ससुर के सफ़ेद छाती के बालों से जब वह उस्सकी चूचियों पर रागढ रहे थे…..

ससुर ने पायल की जीब का रस चूसते हुवे एक हाथ से पायल की बूब्स मसलते गए और एक हाथ से पायल की चुतर पर अपनी उँगलियों को गड़ता गया…. और पायल ससुर के जीब को चूसते वक़्त एक हाथ में उस्का लुंड मसल रही थी, उसी वक़्त ससुर ने किश चोर कर फिर से पायल से इल्तेजा की, “एक बार ज़रा चूस न मेरे लुंड को पायल बिटिया, यह दया कर दे मुझ बूढ़े par….please रे पायल….” पायल को सच में दया आगयी ससुर को यूँ तड़पते देख कर और यह वही वक़्त था जब पायल घुटनों पर गयी और बूढ़ा भी घुटनों पर खड़ा हुवा और पायल झुकी और उसस्के लुंड को मुहं में लिया…. तभी धानंद और रमेश ने दरवाज़ा थोड़ा सा खोला और एहि नज़र आयी उन् दोनों को……
 
अपडेट 24

अब धानंद और रमेश, वहीँ खड़े फुसफुसा रहे थे और पायल की जिस्म को निहार रहे the…donon भाइयों के लुंड बिल्कुल खड़ा और दोनों ने अपना अपना लुंड हाथ में लिए अपने बाप को पायल से चुस्स्वते देख रहे थे…..

धानंद ने रमेश से बिल्कुल धीमी आवाज़ में कहा, “इस का वेट करेंगे, जब यह निकले सरजू को लेकर तो हम भी इस को उठा के छोड़ेंगे अभी hi! किआ कहते हो?” रमेश ने कहा, “बिल्कुल भाई, मुझसे तो रहा नहीं जाता मेरा तो मैं करता है अभी hi पापा के बिस्तर पर जावून और वहीँ छोड़ना शुरू करूँ इस साली को…. किआ गरम माल है यार… इस को ज़िन्दगी भर छोड़ना है अब!!” धानंद मुस्कुराया और कहा, “नहीं पापा को पता नहीं चलना चाहिए के हम भी इस्को छोड़ेंगे….. हम एक तरफ करेंगे… और हाँ अब तो हमेशा hi छोड़ेंगे इस्को…. बहोत प्यारी है yaar…aur अब तो पूरा यकीन है के हम कामयाब होंगे…. साला मैं ने hi देर kardi….main बहोत घबराता tha…bahot पहले hi छोड़ देना चाहिए था issko….do महीने पहले hi मैं इस्को छोड़ देता… कितनी नखरें करती thi…kia मुस्कुराती है yaar…kia फिगर है, किआ बूब्स है, वो देख कैसे लटकी hi दोनों boobs..dekh देख…. किआ जवान, नाज़ुक चीज़ है रे बाप!!”

फिर दोनों खिस्के वहां से दरवाज़ा को बांध करते हुवे और लाउन्ज में जा बैठे इंतज़ार करने को.

उधर ससुर ने दोनों हाथों को पायल के सर थमा हुवा था जब पायल उस्सको चूस रही थी….. और थोड़ी देर के बाद पायल ने अपनी बचपने आवाज़ में कहा, “बस पिताजी, मेरा मुहं दुःख गया ab…bahot मोटा आप का….” यह कहकर मुस्कुरायी कुछ लज्जे से…” तो ससुर ने पायल को बाहों से पकड़ते हुवे उठाया और उस्सकी मुहं को फिर से अपने मुंह में लिया और पुछा, “क्यों मेरे bête का मोटा नहीं है?” पायल सर झुका कर हंसी और नाह में सर हिलाये…… तब बूढ़े ने कहा, “तो फिर अब इस्को अपनी अंदर लेगी तो देखना कितना मज़ा आएगा tujhko…jitna ज़्यादा मोटा होगा उतना ज़्यादा मज़ा आएगी तुझको, क्यों उस मज़े को नहीं चखना है अब ? » पायल कुछ शर्माती हुवी सर नीचे झुकाये हाँ में सर हिलाये और अपने आप बिना कहे ससुर की लुंड को अपने हाथों में सहलाने लगी…. बूढ़े को बेहद मज़ा ारः था और उस्सने पायल को बिस्तर पर लेटाया और अपने लुंड को उस्सकी खूबसूरत प्यासी जांघ पर रगड़ना शुरू किया….
 
अपडेट 25


और पायल ने भी अब ससुर को पूरी तरह चकना chaahi…usski चाह बढ़ गयी सब होने के बाद और वह बेपरवाह होकर ससुर के साथ बिस्तर पर लेथ गयी और छुड़वाने को बिल्कुल तैयार होगयी…. जैसे के अपने पति के साथ hi हो बिस्तर पर… देखने से तो लगता था के वह बूढ़ा उस्का आदमी hi है उस वक़्त….

पायल ने अपने दोनों नाज़ुक मुलायम बाहों को अपने ससुर के जिस्म के दोनों तरफ लपेटा और ससुर धीरे से पायल पर गया, अपनी टांगों पर और हाथों पर सपोर्ट करते हुवे उस्सने एक हाथ से पायल की जाँघों को एक तरफ किया, या फैलाया, और पायल ने दोनों पेयर ऊपर की तरफ उठा ली, और जांघों को खोल दिया बिल्कुल ताके ससुर को डालने में आसानी हॉवे….. कहँरते हुवे ससुर ने अपने लुंड को पायल की पुसी पर रगड़ा… रगड़ते गया ऊपर ऊपर कई बार अपने कमर को हिलाते हुवे और पायल ने जब ससुर का मोटा लुंड अपनी छूट पर फील किया तो एक तृप्ति हुवी आवाज़ छोड़ी, “aaaahahah!..ishshshsh…. ह्म्मम्म्म्म” पायल ने अपनी ेंख मुंध ली और ससुर के गले पर अपनी डेंटन को दबाने लगी जोश में…. पायल भीग गयी थी बिल्कुल निचे वहां पर… ससुर ने भी फील किया के वह भीगी है वहां और वक़्त आया जब वह अपना लुंड को पायल की जवान छूट के अंदर डेल…. मगर इस से पहले वह पेनेत्रते करता पायल ने खुद अपने हाथों से लुंड पकड़ा और खुद उस्सको अपनी छूट में दाल दिया और ेंख मुंढ़ें हुवे ससुर से कहा «अब आप अपना काम कीजिये पिता ji…aaaah…kitna बड़ा hai…uuufffffff ोीीमाआ !! अहहहहहहह !!! »

ससुर को ज़्यादा मज़ा आया जब पायल को यूँ तड़पते हुवे सुना और देखा to…usski छह और ख़ुशी का इन्तहा नहीं था, उस्सने ढाका देना शुरू किया एक से बढ़ कर एक बाध्य ढाका… कमर को ज़ोरों से हिलाते हुवे अंदर बाहर करता गया और पायल चिक्ति गयी डब्बे आवाज़ में सांप की तरह बिस्तर पर अपनी जिस्म को रेंगती गयी कसमसाती, अंगराती हुवी और कसके ससुर को बाँहों में जाकर, दीवानी की तरह ससुर को चुम रही थी, कभी गालों पर, कभी गले पर तो कभी ससुर के छाती पर… अपनी जीब फेरती गयी बूढ़े के जिस्म पर जिस दौरान बूढ़ा अंदर बाहर ढाका दे रहा था अपने मोठे लुंड से पायल की छूट में जो अपना रस चोर रही थी और वह रस बह रही थी पायल के दोनों जाँघों के बीच…. ससुर के लुंड से और छूट से निकलते huwe….Budhe ने आवाज़ देनी शुरू की, « आघ्घ्घ » » माआईईएन झड़ने वाला hoon…aaahahahahahahaaaaaa बहोत मज़ा ारहाआआआ haiiiiiiiiiii » पायल भी एक साथ hi झाड़ गयी और चिल्लाई, « आआआआआ, अंदर मत झड़ने देना pitajiiiiiiiiiiiiiiii बाआआहार nikalooooooooooooo..aaaaaaaaaaa !!!!» बूढ़े ने जल्दी से अपना लुंड बाहर निकाला और सरे मणि को पायल की पथ पर से छाती पर और मुहं पर भी चिररका…….

दोनों हांफ रहे थे और एक दूसरे के ेंखों में देखते रहे, ख़ुशी भरी नज़र से…. ससुर ने ज़ोर से पायल को बाहों में लिया और दोनों एक लम्बी किश में फिर खो गए, बिस्तर पर लेते हुवे दोनों के जिस्म एक दूसरे के जिस्म से जुड़े !!!!!

तो बे कॉन्टिनोएड…………….
 
अपडेट 26

दोनों भाई लाउन्ज में इंतज़ार करते वक़्त पायल की तड़पने की आवाज़ और अपने पिता की गहराने की आवाज़ें सुन्न रहे थे और मज़्ज़ा ले रहे थे. पायल की पतली, सेक्सी आवाज़ सुनकर उन् दोनों की छह और बढ़ गयी उस से करने के लिए और दोनों इंतज़ार में थे के कब वह बाहर आएगी और उन् दोनों के किस्मत का टाला खुलेगा. दोनों प्लान बना रहे थे के कैसे पायल को लेतायेंगे, किश सोफे प्, कौन पहले उस्सको letaega…kahan और कैसे दोनों पायल को लेंगे, बड़ी बड़ी प्लानिंग हो रही थी दोनों भयों में.

धानंद ने कहा, « मगर वह तो सरजू को साथ लेकर निकलेगी, और अगर पिताजी भी साथ में निकला उस्सको द्वार तक ैकपेनी करने को तो ? » तो रमेश ने कहा, हम यहाँ अँधेरे में बैठे हैं एक कोने में वहां से नज़र नहीं आएगा इधर, और अगर हम ने देखा के पिताजी निकलेगा तो सोफे के पीछे चुप जाएंगे nah!”To धानंद ने पुछा, « फिर कैसे पायल को लेंगे ? » रमेश ने जवाब दिया, « अरे भाई मेरे, हम उसस्के कमरे में जाएंगे नाह ! जब वह सरजू को पालने में दाल देगी तब उस्सको वहां से उठा कर लाएंगे यहाँ. » धानंद बोलै, « और राजें ?! » रमेश ने रिप्लाई किया, «वह तो अगर एक बम भी फटेगा तब भी उस्सकी नींद नहीं टूटेगी जब तक सुबह न ho…tum उस्का सोना नहीं जानते किआ?” दोनों ने खूब फुल प्रूफ प्लान बनाया, और इंतज़ार करते गए.

वहां ससुर के कमरे में, पायल अपने ससुर के छाती के सफ़ेद बालों से खेल रही था, अपना मुलायम हाथ उन् बालों में फेर रही थी और मीठी मीठी बातें कर रही थी ससुर के साथ और अब तक नंगी भी थी. ससुर अपने पीठ पर लेता हुवा था और पायल उस के ऊपर, उस्सकी छाती बूढ़े के छाती पर आधा और पायल की जांग ससुर के जांघ पर, और पायल अपने एक पेयर की उँगलियों से ससुर के एक पेयर पर रागढ रही थी जैसे के और एक बार करने का मैं कर रहा हो… अगर कोई जवान मर्द होता तो एक बार और ज़रूर करता पायल के साथ मगर उस उम्र में दोबारा तुरंत करना नामुमकिन था बूढ़े के लिए हालां के वह समझ गया था के पायल को और ज़रुरत है जिस्म की प्यास बुझाने को….
 
अपडेट 27

पायल एक नटखटी आवाज़ में बोली, «अगर मैं आप को करने नहीं देती तो ? » ससुर ने कहा, “कैसे नहीं करने देती? तू भी तो चाहती थी एहि!” पायल चॉहोंकती हुवी कही, “किआ? मैं भी चाहती थी? नहीं तो! मैं तो सोचा भी नहीं था बिल्कुल यह सब आप के साथ” ससुर ने हँसते हुवे, पायल को सीने से लगते हुवे और उस के गालों को चूमते हुवे कहा, “मेरी छोटी सी जानेमन, तू खुद नहीं जानती थी के तू यह सब चाहती thi..agar तू नहीं चाहती तो रात रात को मेरे कमरे में ऐसी निघ्त्य पहने कभी नहीं अति तू, बिना ब्रा पहने, सेक्सी घुटने से ऊपर निघ्त्य, तेरा पति नींद में और तू एक दूसरे मर्द के कमरे में सरजू को लेते हुवे मेरे जिस्म से चुना यह सब इतने दिनों से चलता ारः है और तू नहीं जानती के यह होना था?! तेरा जिस्म यह चाहता था और तुमको पता भी नहीं था जानेमन!” पायल ने मुस्कुराते हुवे ससुर को कसके अपनी बाहों दबाया और उसस्के गले में एक चुम्बन दिया. तो ससुर ने पुछा, “चाह तू यह बता इतने रातों को तुम ने मेरे जिस्म के साथ अपना, पथ, या जांघ, या किसी और हिस्से को चूहा या महसूस किया तब तुझको कभी भी कुछ नहीं हुवा था?”

पायल थोड़ा शर्मायी फिर पुछा, “आप को हर रात की पता है? आप कभी भी नींद में नहीं होते थे जब भी मैं सरजू को लेने अति थी?” ससुर ने कहा, “एक भी रात को मैं नींद में नहीं था, मैं तो तुम्हारा इंतज़ार करता रहता था हर रात और नींद का बहाना किया करता था!” पायल ने एक बहोत खूबसूरत जान लेवा मुस्कुराहट दी और पुछा, “इस का मतलब आप को सब पता है, जिस जिस दिन मेरे जिस्म आप के जिस्म से कहाँ कहाँ चुवा है सब बिलककोल पता है आप को?!” हाँ हर एक बार का पता है mujhko…magar तू तो बता तुमको किश रात की पसंद है उन् सभी रातों में se..aur किआ तुमको कुछ होता था के नहीं?” पायल थोड़ा शरमाते थोड़ा मुस्काते एक ेंख से ससुर को देखते और एक ेंख से एक तरफ देखते हुवे कहा, “जिस रात को सरजू दीवार के उस कोने में चला गया था और मेरा हाथ नहीं पोहोंच रही थी उस्सको उठाने को और मेरी छाती आप के छाती पर परे थे उस रात को मुझको कुछ हुवा था, जी करता था के वैसे hi लेती रहूँ आप के upar….magar मैं ने सोचा था के आप नींद में थे…” और ससुर के छाती पर कुछ घूंसे मरे पायल ने!!”

तो बे कॉन्टिनोएड………
 
अपडेट 28


बूढ़े ने कहा, “और उस रात को मेरा लुंड पूरा के पूरा खड़ा होगया था, मेरा मैं करता था के मैं अपनी बाहों में जकरलूं तुमको और जाने न दूँ…. मगर तुम बहोत जल्दी उठ गयी थी….” पायल ने पुछा “और किश रात को आप खुश हुवे थे?” ससुर ने जवाब दिया, “जिस रात को तेरा हाथ मेरे जंग पर फिसला था, और तेरी चुतरर मेरे लुंड से रगड़ा था उस रात को भी मैं करता था के उसी वक़्त छोड़ूँ तुझको….” यह सुनकर पायल हंसी और कहा, “लो आप ने कर दिया जो आप चाहते थे अब मैं चली…. मेरा निघ्त्य किधर है?!”

लाउन्ज में दोनों भाई बेकरार हो रहे थे और बूढ़े को कोस रहे थे….. और ठीक कुछ पल बाद उन्हों ने देखा बूढ़े के कमरे का दरवाज़ा खुला और पायल निकली सरजू को बाहों में लिए और बूढ़ा भी निकला दरवाज़े तक. पायल को अपने कमरे तक जाने का इंतज़ार किया ससुर ने और जब पायल अपनी कमरे में चली गयी तो बूढ़े ने अपने कमरे का दरवाज़ा बांध किया और अंदर चला गया….

ठीक जब दोनों भाई सोफे के कोने से निकले तब hi उन् की माँ पूजा से वापस आयी और लाउन्ज का लाइट्स ों करदिया!!” धानंद और रमेश एक दूसरे को हक्का बक्का देखते रहे और माँ ने पुछा, “अरे…. किआ हुवा!!”

दोनों सोच hi रहे थे के किआ जवाब दे अपनी माँ को, पसीने छूट गए दोनों के माथे से मगर माँ ने खुद कहा, “तुम दोनों अभी तक टीवी देख रहे थे, किआ चल रहा था?” तब दोनों के जान में जान आयी और दोनों ने कहा, “हाँ डाक्यूमेंट्री था….” बूढी ने कहा, “हैट तेरी की!! यह भी कोई देखने की चीज़ है, मैं ने सोच कोई फिलम विलम होगा!! » यह कहकर माता जी चले गए अपने कमरे के अवर…….. और दोनों से कहा, «बत्तियां बुझा देना जब जाने लगो दोनों ! »

धानंद और रमेश दोनों ने लम्बे सांस लिए और कहा, « बाल बाल बच गए !! किआ होता अगर इस वक़्त पायल को हम छोड़ रहे होते ?!!!! »

तो बे कॉन्टिनोएड…………….
 
अपडेट 29

कुछ देर अपनी माँ के जाने के बाद दोनों भाई पायल के कमरे तक पोंहचे और दरवाज़े का हैंडल घुमाया…… मगर लॉक था !!! रमेश अपना सर पीटने लगा और कहा, « अरे यार यह तो लॉक करदिया पायल ne…ab किआ करें yaar….bahot उस्सको छोड़ने को मैं है बाप कुछ कर अब !! » धानंद हंसा और कहा, अबे रुक तो !! शोर मत मचा माँ सोई नहीं है अभी….. श्श्श्श”

धानंद बहोत धीरे से अपने नाख़ून से दरवाज़े पर खटखटाया और धीमी आवाज़ में फुकरा, “पायल!” रमेश बचें ो बेताब था और सर खुजा रहा था. धानंद रमेश को देख कर हँसता जा रहा था और धीरे से उस से कहा, “तो अगर नहीं छोड़ पायेगा आज तो कल छोड़ लेना भाई किआ ग़म है?” रमेश ज़िद पर आ पड़ा और कहा, “नहीं कल नहीं मुझको आज hi छोड़ना है और अभी इसी वक़्त चाहे उस के बीएड पर राजें के सामने hi क्यों न छोडूं मगर अभी इसी वक़्त छोड़ना है पायल हो…… बेचारा मेरा लुंड तैयार का पायल के छूट में घुसने को हाय रे हाय!!! खुलवा इस दरवाज़े को, अरे हो Paaaaaaaayall!!”Dhanand रमेश को उस हालत में देख कर ज़ोर से हंस पड़ा और रमेश ने कहा, “मेरा मज़ाक उदा रहे हो? हंस रहे हो मुझ पर? मैं सच कहता हूँ मैं अंदर घुसके छोडूंगा पायल को और तू देखेगा!!” धानंद ने उस को खामोश होने को कहा और पायल को फुंकारता गया धीरे धीरे…… कोई 10 मिनट्स टो यह दोनों इंतज़ार करते रहे और पायल को फुँकारते गए मगर पायल ने दरवाज़ा नहीं खोला…..

धानंद ने कहा, “अब तक तो उस्सको नींद भी आगयी होगी!! तो वह हमारी आवाज़ कैसे सुनेगी?” तब रमेश ने ग़ुस्से में आकर दरवाज़े पर एक ज़ोर से घूंसा मारा! और उधर पायल की ेंख अभी अभी लगी थी और वह चाहोंक उठ बैठी अपने बिस्तर पर…….

तो बे कॉन्टिनोएड………………………
 
अपडेट 30


पायल ने सोचा उस्सकी ेंख लग गयी थी इस लिए शायद उस ने नॉक सुनी, तो वह फिर से लेथ गयी सोने के लिए….. और मैं hi मैं ससुर से गुज़रे वक़्त को सोच सोच कर मुस्कुरा रही थी और शर्मा भी रही थी….. खुद सोच रही थी के जो प्लेअसुरे उस्सको ससुर से हासिल हुवा वह बिल्कुल अलग था, एक ख़ास किसम की कशिश थी, एक अजीब सनसनी थी बदन में और एक अलग hi मज़ा था….. जिस डैम ससुर ने प्रोपोज़ किया उस वक़्त से लेकर चुम्मा छाती तक पायल बिल्कुल एक अलग दुन्या में खो गयी थी और इंकार और इकरार दोनों का मेल था साथ में, उस्सकी जिस्म हाँ कहती थी, मगर मैं दोल रहा था, पता नहीं था करने दे या इंकार करे हालां के जिस्म में आग थी और करने को मैं कर रहा था…. यह सब सोचते सोचते पायल को नींद लग गयी……

दोनों भाई लाचार, बेबस, अपने अपने कमरे में लौट गए… रमेश ग़ुस्सा कर रहा था, उस्सको बहोत hi मैं था पायल से करने को….. रात भर दोनों ने सपने में पायल को choda….Udhar पायल ने सपने में देखा के उस का ससुर पायल की बिस्तर पर उस के पति राजें के मौजूदगी में उस्सको छोड़ रहा है और राजें देख रहा है और एन्जॉय कर रहा है अपने पिता को उस्सकी पत्नी को छोड़ते हुवे !! पायल भी एन्जॉय कर रही है के पति और पिता दोनों hi उस्सको ले रहे हैं….

जब पायल ने देखा के ससुर पीठ पर लेता हुवा है और वह ससुर पर है और पुसी में ससुर का मोटा ऑर्गन है और पीछे से राजें अपना लुंड उस्सकी चुतर की होल में डालने जा रहा है तो वह चीखी और उस्सकी नींद टूट गयी और देखा के सवेरा होगया है…..

इस दिन को पायल की टर्न थी किचन में रहने की… तो वह जल्दी से उठी, किचन में चé उबलने के लिए केतली में दाल कर गयी एक शावर लेने बाथरूम में.

तो बे कॉन्टिनोएड………..
 
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