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मैं, जबान के साथ साथ मेरा बहुत कुछ चलता है अभी दिखाऊ क्या सेल???, महिमा, बिच में रितेश तू चुप कर और यहाँ से जाओ अभी के अभी?, रितेश, लेकिन इस कमीने के साथ माय आपको अकेले नहीं रहने दे सकता भाभी जी?, मैं, वहहहह क्या याराना है तुम दोनों का, भाभी बोल रहा है लेकिन काम तो किसी अपनी बीवी जैसी है, महिमा, तुम जा रहे हो या नहीं?, वह रितेश के तरफ घूरते हुए बोली जिसे देख कर उसकी सिटी पित्ती गुल हो जाती है और वो अपने कपडे पहन कर दबे पाओ वह से निकल गया और मैं ऑफिस के दरवाजे को अंदर से लॉक कर दिया और महिमा ये देख कर डरते हुए ये क्यों कर रहे हो?, मैं, क्यों की माय नहीं चाहता की हम दोनों को बाते करने में कोई डिस्टर्ब करे?, महिमा, है तो बोलो क्या तुम्हे चाहिए हमारी वीडियो डिलीट करने के लिए?, मैं, मुझे तो बहुत कुछ चाहिए आप जैसी कातिल हसीना से (माय उसके
बदन को घूरते हुए बोलै हाला की वह अपने नग्गे बदन पर अभी भी अपनी साड़ी से ढकी थी उसकी हिम्मत नहीं हो रही थी मेरे सामने अपने कपड़ो को पहने की), वही महिमा, खुद को ऐसे घूरते पा कर वह थोड़ा गुस्से में मुझसे, ऐसे क्या घर रहे हो कमीने कभी औरत नहीं देखे क्या तुम?, मैं, कामिनी स्माइल करते हुए, देखा तो बहुत है लेकिन आप जैसी गदराई हुई औरत आज पहली बार देखा है? वैसे आप के जैसी गदराई हुई माल उस रितेश चुटिया.. हरामखोर के जाल में कैसे फास गई?, महिमा, इस पर कोई जवाब नहीं देती है, इधर मैं, वैसे आपके जैसी गदराई हुई माल को मेरे जैसे तगड़े मर्द की जरुरत है? जो आप के हर अंग को तोड़ के रख दे, मेरी इस बात पर महिमा, गुस्से से लाल होते हुए, जबान संभल के बात करो?, मैं, साली अभी सटी सावित्री बन रही है,
जब की थोड़े देर पहले एक गैर मर्द के नग्गे बहो में बहे दाल कर रोमांस चल रहा था तुम दोनों का?, इतनी hi हवस जाएगी थी तो किसी होटल में जा कर राश लीला रचा लेते लेकिन नहीं तुम दोनों को तो ऑफिस में hi ये सब करना था लेकिन ऑफिस में कर भी रहे थे तो दरवाज़ा तो बंद कर लेते?, माहि, एक बार मुझे देखि और अपनी नज़र निचे करके तुम्हे क्या चाहिए मेरा ये राज़ छुपाने के लिए?, मैं, फ़िलहाल तो अभी जो रितेश के साथ कर रही थी वो मेरे साथ करो?, महिमा, क्या बकवास कर रहे हो तुम.. माय ये तुम्हारे साथ बिलकुल भी नहीं कर सकती? इसके बदले में जितना पैसे चाहिए उतना माय दूंगी?, (मैं, महिमा जहा कड़ी थी वह गया लेकिन वो मेरे से दूर हो क्र कड़ी हो गई), इधर मैं, उसके गोर बदन जितना मुझे दिख रहा था उसे घूरते हुए थोड़ा और आगे जा कर क्यों मेरी कातिल हसीना?
बदन को घूरते हुए बोलै हाला की वह अपने नग्गे बदन पर अभी भी अपनी साड़ी से ढकी थी उसकी हिम्मत नहीं हो रही थी मेरे सामने अपने कपड़ो को पहने की), वही महिमा, खुद को ऐसे घूरते पा कर वह थोड़ा गुस्से में मुझसे, ऐसे क्या घर रहे हो कमीने कभी औरत नहीं देखे क्या तुम?, मैं, कामिनी स्माइल करते हुए, देखा तो बहुत है लेकिन आप जैसी गदराई हुई औरत आज पहली बार देखा है? वैसे आप के जैसी गदराई हुई माल उस रितेश चुटिया.. हरामखोर के जाल में कैसे फास गई?, महिमा, इस पर कोई जवाब नहीं देती है, इधर मैं, वैसे आपके जैसी गदराई हुई माल को मेरे जैसे तगड़े मर्द की जरुरत है? जो आप के हर अंग को तोड़ के रख दे, मेरी इस बात पर महिमा, गुस्से से लाल होते हुए, जबान संभल के बात करो?, मैं, साली अभी सटी सावित्री बन रही है,
जब की थोड़े देर पहले एक गैर मर्द के नग्गे बहो में बहे दाल कर रोमांस चल रहा था तुम दोनों का?, इतनी hi हवस जाएगी थी तो किसी होटल में जा कर राश लीला रचा लेते लेकिन नहीं तुम दोनों को तो ऑफिस में hi ये सब करना था लेकिन ऑफिस में कर भी रहे थे तो दरवाज़ा तो बंद कर लेते?, माहि, एक बार मुझे देखि और अपनी नज़र निचे करके तुम्हे क्या चाहिए मेरा ये राज़ छुपाने के लिए?, मैं, फ़िलहाल तो अभी जो रितेश के साथ कर रही थी वो मेरे साथ करो?, महिमा, क्या बकवास कर रहे हो तुम.. माय ये तुम्हारे साथ बिलकुल भी नहीं कर सकती? इसके बदले में जितना पैसे चाहिए उतना माय दूंगी?, (मैं, महिमा जहा कड़ी थी वह गया लेकिन वो मेरे से दूर हो क्र कड़ी हो गई), इधर मैं, उसके गोर बदन जितना मुझे दिख रहा था उसे घूरते हुए थोड़ा और आगे जा कर क्यों मेरी कातिल हसीना?