The Story of a Bodyguard (by Naree) - Page 65 - SexBaba
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The Story of a Bodyguard (by Naree)

Episode 22बी,

इधर रीत, मुझे मुस्कुराते हुए किचन से भेजी और वो अपनी सब्जी गैस से उतरने के बाद रोटी bana-ne के लिए आते का डब्बा खोली और खोलते hi 'हयो रब्बा'?? मैं कैसे भूल गई की इस डब्बे में तो आता hi नहीं है अब कैसे छज्जे से आते की डब्बे को उतारू और मुआ मजदुर लोग भी इतनी ऊपर रख कर चले गए है, रीत परेशां होते हुए अब कैसे रोटी बनूँगी राधे को हॉस्पिटल भी जाना है पिया को लेने अभी मजदूरों को कॉल करुँगी तो उन लोगो को आने में टाइम लगेगा ुर छज्जा इतना ऊपर क्यों soci-ety वाले ने बनाया है कोई औरत वह तक कैसे पहुंच सकती बिना बड़ी सीधी के तभी उसका दिमाग की घंटी बजी और मन में है सायद राधे जी छज्जे तक पहुंच जाये उनकी हाइट काफी बड़ी है ये सब सोचते हुए किचन की दरवाजे से hi.. राधे जी कहा है इधर आइये जरा?, वही मैं जैसे hi रीत की किचन आवाज़ किचन से सुनी वैसे hi सोफे से खड़े हो गया की ऐसे अचानक रीत क्यों मुझे

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पुकार रही है, जब की अभी थोड़ी देर पहले hi वह से यहाँ पर आया हु, और मैं परेशां होते हुए किचन की और अपनी तेज कदम बढ़ा दी और कुछ सेकंड में जैसे hi वह पंहुचा वैसे hi है रीत जी क्या हुआ?, इधर रीत, मुझे दरवाजे पर खड़ा देख कर, थोड़ा स्माइल करते हुए वो ऊपर छज्जे में आते का डब्बा क्या उतर दीजियेगा माय वह तक नहीं पहुंच प् रही हु?, (वह किचन के ऊपर बने छज्जे पर मुझे दिखते हुए बोली), मैं, रीत की तरफ देखा तो वह पसीने पसीने हुई पड़ी थी सायद गैस की आंच से और उसकी सूट लगभग भीग hi चुकी थी जिसकी वजह से उसका सूट हल्का पतला होने के कारन उसकी ब्रा मुझे दिख रही थी, लेकिन दुपटा लिए होने के कारन माय उसकी क्लीवेज नहीं देख पाया वही मुझे अपने बदन को घूरता देख कर रीत, थोड़ा उनकंफर्टबले खुद को mah-sus करते हुए अरे भाई साहेब कहा खो गए आप?,

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उसकी ब्रा में इतना खोया था की तभी मुझे रीत की आवाज़ ै और भाई साहब कहता सुन के माय जैसे नीद से जगा और इधर उधर देखते हुए है रीत जी अपने कुछ कहा क्या?, रीत, मुझे देखते हुए जल्दी से वो ऊपर छज्जे से डब्बा उतरिये मुझे रोटी बनानी है आपके लिए?, मैं, हकलाते हुए है.. है.. उतरता हु लेकिन इतनी ऊपर माय कैसे चदु कोई सीधी, विधि राखी है घर में क्या?, मेरी बात पर रीत एक बार मुझे ऊपर से निचे देखि जैसे वो मेरी हाइट नाप रही हो और जल्दी से किचन के बहार गई और कुछ मिनट्स के बाद एक लुम्बा सा स्टूल्स ले कर ै उसकी हाइट करीब 3 फ़ीट की रही होगी और किचन के बीचो बिच रख कर अब इस पर चढ़ कर उतरिये वैसे भी आपकी इतनी हाइट है की बिना स्टूल के आप ऊपर से डब्बा उतर सकते थे वो थोड़ा मज़ाक लहजे में बोलती है जिसे सुन कर मैं, अरे रीत जी इतनी भी हाइट लुम्बी नहीं है की आपके किचन के छज्जे पर रखे सामान को माय ऐसे hi निकल दू यह कहते हुए स्टूल पर चढ़ने लगता हु.
 
तभी माय सहारे के लिए कुछ पकड़ने को कोशिश करता हु लेकिन किचन के बीचो बिच रखे स्टूल होने के कारन मुझे कुछ नहीं दीखता, मेरी परेशानी देख कर रीत समझ जाती है और वह मेरे करीब आ कर आप मुझे पकड़ कर स्टूल के ऊपर छाड़िये?, मैं, एक बार देखा और फिर बिना कोई रिएक्शन के उसके कंधे को अपने मजबूत हांथो से पकड़ा वैसे hi रीत के बदन मचल सी जाती है, कई दिनों से अपने पति से दूर होने के कारन वो अपने बदन की आग को संत नहीं कर पाई थी वैसे भी उसके पति ने कभी उसकी प्यास को नहीं बुझा पाया था लेकिन उसे मर्द का टच तो जरूर देता था वही आज जब मैने अपना हाँथ उसके कोमल कंधो पर रखा वैसे hi रीत अपने जिस्म में कुछ बदलाव महसूस करती है, लेकिन खुद को दिलासा देते हुए वह अपने मन को मार लेती है क्युकी माय उसका पति परमेश्वर नहीं था बल्कि गैर मर्द था,

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इधर मैं, रीत के कंधे के सहारे अब स्टूल पर खड़ा हो जाता हु और छज्जे से डब्बा उतरने लगा लेकिन स्टूल छोटा होने के कारन मेरा हाँथ वह तक नहीं पहुंच पा रहा था जिसे देख कर रीत, को हलकी सी हंसी आ जाती है और मैं उसकी हंसी को सुन कर क्या हुआ रीत जी??, रीत, अपनी हंसी को काबू में करते हुए कुछ नहीं भाई साहेब वैसे ऐसे कैसे निकलोगे आपका तो हाँथ भी वह तक नहीं पहुंच रहा है.. मेरे पति hi पागल है जो इतने ऊपर वो डब्बा रखवा दिए उस दिन बोल भी रही थी की आप इतनी ऊपर मजदूरों से मत रखवाइये नहीं तो मुझे निकलने म दिक्कत होगी लेकिन मेरी सुनते कहा है? वह तो अपने मन की hi करते है (वो थोड़ा मुँह बना कर ऐसा कुछ बोलती है) इधर मैं, अरे रीत जी आप अपने पति और उन बेचारो मज़दूरों को क्यों कोस रही है जिसने इतनी ऊपर आपके डब्बे रखे.. वैसे सच पूछिए तो मेरी हिघ्त इतनी ज्यादा होने के बावजूद भी आपके छज्जे पर रखे सामान को नहीं निकल प् रहा हु?,

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रीत, क्वेश्चन मार्क वाला एक्सप्रेशन देते हुए ओह्ह्ह रब जी अब वह से कैसे वो डब्बा निकलेगा अब मेरे पास तो इतनी बड़ी सीधी भी नहीं है कमीने वो मजदुर भी सीधी लगा के इतनी ऊपर तक रख दिए?, मैं, रीत की परेशां हुए चेहरे को देख कर वैसे मेरी इतनी हाइट होने के बाद भी छज्जे तक नहीं पहुंच प् रहा हु लेकिन मैं ऐसी ऐसी चीज़ें कर लेता हूँ जो अचे अचे मुस्टंडे लोग भी नहीं कर सकते? मेरी बात समझ नहीं अति रीत को जिसे सुन कर wo...kya मतलब.. आपका?? मैं, मेरे पास ऐसे ऐसे हतियार है के माय अचे ाचों का पानी निकल सकता हूँ ("अब मैं रीत को अपने जाल में फ़साने के लिए दाना डालने लगा हु अब देखना था की कबूतरी उस डेन को कितने वक़्त तक में अपने मुँह में लेती है") इधर रीत, टपक से बोल पड़ी क्या मतलब है आप का?, (रीत जो टोटली कन्फ्यूज्ड थी मेरी दुबले मैं िंग बातो से उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था के माय क्या बोल रहा हु इसलिए वो मेरी बातो को जैसे हंसी मज़ाक में ले रही थी),
 
मैं, रीत की तरफ देख के माय तो अचे ाचों को बेहाल कर देता हूँ अपने हथियार से मेरी हाइट पर मत जाइये.. जितना बड़ा दीखता हु उससे कही ज्यादा मेरा हथियार है (मैं ये बात रीत को ऊपर से निचे तक घूरते हुए बोलता हु साथ hi अब माय छज्जे से डब्बा निकलने की बारे में एक बार भी नहीं सोचता क्युकी मेरा मंद अब रीत को रिझाने पर चला गया था), इधर रीत.. मेरी बात पर थोड़ा हस्ते हुए हहहह.. ऐसा कोनसा हतियार है आप के पास? कोई मिसाइल है या कोई बूम?, मैं, भी थोड़ा मज़ाक लहजे में रीत की तरफ देख कर.. रीत जी वो ऐसा हतियार है उस जैसा आपके पति के पास भी होना असंभव है.. उधर अपने पति का ज़िकर होता देख रीत थोड़ा सीरियस होते हुए.. क्या मतलब है आपका?, आपको पता है मेरे पति ऐसे हैं के किसी को भी धूल छठा दें वो पहले कुस्ती लड़ते थे अपने गाओ में लेकिन सहर में आने के बाद भी वो बहुत ज्यादा फ़ीट ुर फाइन है?,

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मैं, हाहाहा धूल छठा कर क्या करना है रीत जी उसके अलावा भी ऐसी बहुत साडी चीज़ें है जो आपके पति में दावे के साथ बोल सकता हूँ नहीं कर सकते मेरी तरह?, रीत, यह क्या बकवास कर रहे हो? मेरे पति को देखा है? आपको वो आपको एक hi मिनट में चित कर देंगे... है है है, मैं, मान में (" साली बहुत बड़ाई कर रही है अपने पति की क्या मेरे से भी ज्यादा ताकत वॉर है क्या फिर अपने बीवी को एक बच्चा क्यों नहीं दे पाया") ये सोचने के बाद मैं, अरे रीत जी मैंने लड़ाई झगडे की बात hi कब की है आपसे?, (मेरी बातों को रीत समझ hi नहीं प् रही थी वो मेरे डबल मीनिंग बातिओं से अनजान थी उसको अब तक रीलीज़ नहीं हुआ था की माय उससे बोलना क्या चाहता हु), उसको सोचता देख मैं, अरे रहने दिज्ये रीत जी आप मेरी बात नहीं समझ पायँगी?, रीत, थोड़ा कन्फ्यूज्ड कड़ी थी वह पर इधर मैं, पकड़िए? यह बात माय जान बुझ कर अपना एक हाथ निचे पंत पर..

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रखते हुए बोलता हु जिसे रीत अनजाने में hi देखती है साथ hi अनजाने में hi पूछ भी बैठती है वो.. क्या पकडू मैं??, Main..kya पकड़ा दूँ रीत जी आपको... रीत मुझे देखती है और मेरे चेहरे पर एक गन्दी सी स्माइल थी जिसे देखते हुए क्या कहाँ अपने भाई साहेब?, मैं, बात को बदलते हुए वो.. वो स्टूल पकड़िए थोड़ा ऊपर है न कहीं इतनी ुचे से गिर न जाऊ?, रीत, ठीक है.. ये कहते हुए वो थोड़ा झुक कर स्टूल को तितली से पकड़ती है, वही उसके झुकने से मुझे उसकी सूट के गले से उसकी गोरी क्लीवेज दिखने लगती है आज तक मैने इतनी गोरी क्लीवेज कभी नहीं देखि थी हाला की रीत पिया से भी गोरी थी उसकी स्किन में एक अलग hi चमक और गोरे थी, इधर मेरी नज़र वह पड़ते hi मेरा कालू अब जग चूका था हाला की पूरा तित नहीं था लेकिन शार्ट पंत पर एक उठाओ जरूर बन गया था वही मैं थोड़ी मस्ती करने की सोची और जहा रीत स्टूल को पकड़ी थी वह मेरा नग्गा कला पाओ था,
 
उसे माय रीत के बदन पर हलके से सहलाता हु, जिसके अहसास रीत को तुरंत हो जाता है और वो झटके से ऊपर मेरे चेहरे की और देखती है वही मैं अनजान बनते हुए छज्जे के और देखता हु और डब्बा निकलने का बहाना बनता हु, ये देख कर रीत सोचती है सायद अनजाने में राधे का पाओ मेरे बदन से टकराया होगा, इधर मैं, सोचता हु आज ज्यादा मस्ती नहीं करता वर्ण ये रीत कही भीचक न जाये डर से ऐसा सोचते हुए माय अपने काम में लग जाता हु और अपनी आगे वाली पंजे पर खड़े होक ऊपर से अंता का डब्बा निकल देता हु फिर अपने हाँथ में वो डब्बा लेके ये रही आपकी चीज, रीत, थैंक यू बही साहेब?, मैं, अरे इसमें कैसा धन्यवाद् रीत जी ये बोल के मैं फिर से रीत को ऊपर से निचे एक बार देखता हु जो एक सूट में कड़ी थी और दुपट्टा ओढ़े हुई लेकिन उसकी बड़ी बड़ी चूचियां को छुपा नहीं प् रही थी फिर मैं उससे थोड़ी नज़रें चुराकर उतरने..

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के बाद मैं किचन के दूर से जा hi रहा था के तभी रीत सुनिए भाई साहेब ये स्टूल तो रख दो मैं बार बार उठा नहीं पाऊँगी ये बहुत भरी स्टूल है ये सुन के मैं, अरे हाँ रखता हूँ एक गिलास पानी मिलेगा क्या आज कुछ ज्यादा hi गर्मी है?, Reet..haan क्यों नहीं.. इधर मैं स्टूल को हॉल रूम के एक साइड में रख के अत हु और किचन के दूर पर जाकर खड़ा हो जाता हु फिर रीत, फ्रिज से पानी निकल के गिलास भर के मुझे वो गिलास को पकड़ा के किचन से बहार जाने लगती है कुछ काम से वही मेरे दूर पर खड़े होने की वजा से जगह थोड़ी काम थी इस लिए जब रीत जाने लगती है तो मैं थोड़ा पीछे एक पल के लिए होता हूँ, लेकिन पता नहीं कहाँ से हिम्मत जोड़ कर रीत के दूर से जाते हुए hi थोड़ा आगे हो जाता हूँ रीत जो थोड़ा मेरी तरफ पीठ किये हुए मेरे सामने से जाती है तो उसको अपने बड़ी गांड पे मेरा कुछ टच होता है लेकिन टच के साथ रीत कुछ ऐसा फील

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करती है जिससे उसकी जैसा रोह hi हिल जाती है वो एक शादीशुदा औरत थी और उसे पता था वो क्या चीज़ थी रीत एक बार रुकने का सोचती है लेकिन सिचुएशन कितनी ावक्वार्ड हो सकती है और ये अनजाने में हुवा सोच कर जाने लगती है लेकिन मेरे काळा लुंड ने जब उसकी गांड की सॉफ्टनेस और मुलायम गद्दे दर गांड को फील किया तो मेरा लौड़ा चाट पटाने लगा जैसे तालाब से मछली को बहार निकलते है वैसे मेरे लुंड का हाल अभी होने लगा था, उधर रीत का मेरे खड़े लुंड का अहसास होने भर से hi उसे अपने बदन में कुछ फर्क नज़र आने लगता है और पिछली रात जब मैने पिया को बड़ी hi बुरी तरह से गांड मरी थी वो रात रीत को याद आ जाती है और दूर से मेरे लौड़े को देखा भी था जिसकी वजह से अब उसकी आँखों में वही लुंड घूमने लगता है ुर उसकी छूट गीली होने लगती है वही रीत मेरे सामने कड़ी थी जैसे उसे सोक लग गया था मेरा लुंड अपनी गांड पर टच होते hi,
 
इधर मैं, अपने आगे ऐसे रीत को खड़ा देख कर सोचने लगा की रीत को हुआ क्या की ऐसे मेरे सामने कड़ी हो गई लेकिन मेरे लिए ये सिग्नल आगे बढ़ने का था और ये सोचते हुए मैं अपने खड़े लुंड को और दबाओ दिया रीत की गांड में हाला की अभी भी हम दोनों के बिच कपड़ो की देवर थी लेकिन मेरे दबाओ देने से रीत की कोमल गांड दबने लगती है साथ hi मेरा लौड़ा अंदर की और जाने लगता है.. वही रीत, को भी यह अहसास होता है की उसके पीछे कोई शाक्त चीज अंदर की और जाने की कोशिश कर रही है और शाक्त चीज भली भाटी पता थी की क्या है और रीत तो अभी सोक में थी की ये क्या हो रहा है ुर आज तक किसी गैर मर्द के साथ कुछ ऐसा फील नहीं की थी इस लिए उसे पता नहीं था की वो क्या रियेक्ट करे इधर मैं, पानी पिने के बाद बगल में गिलास को रख कर अब अपने लौड़े को थोड़ा दबाओ दिया और इस बार कुछ ज्यादा hi दबाओ दिया जिसकी वजह से मेरा लौड़ा इस बार उसके गांड की सुराख़ पर जा लगा इसके अहसास होते hi..

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रीत डर कर अचानक पलट कर मेरी और देखि लेकिन मैने ऐसा शो किया जैसे मुझे कुछ पता hi नहीं था वही रीत, ये देख कर जल्दी से मेरे आगे से निकल कर हॉल से होते हुए दूसरे बैडरूम में चली जाती है इधर मैं, अपने लौड़े को दिलासा देते हुए अरे तू बार बार क्यों खड़ा हो जाता है अभी ये चिड़िया हाँथ में नहीं ै है लेकिन तू फ़िक्र मत कर मेरे शेर बहुत जल्द तेरे सामने इसकी छूट और गांड होगी ये वादा है मेरा तुझसे? ये सोचते हुए मैं हॉल में गया और सोफे पर बैठ गया वही रीत थोड़ी देर बाद ै और मुझे सोफे पर बैठा कर टीवी देखता हुआ पा कर कुछ नहीं बोली और किचन में चली जाती है उसे अब बहुत ज्यादा ावक्वार्ड फील हो रहा था बात करने में और मैं भी समझ गया की वो क्या फील कर रही है इस लिए बात नहीं किया, थोड़ी देर बाद मुझे अपने मोबाइल में कॉल बजता है और स्क्रीन पर देखा तो?
 
थोड़ी देर बाद मुझे अपने मोबाइल में कॉल बजता है और स्क्रीन पर देखा तो पिया का no. था जिसे देख के जल्दी से है पिया जी क्या हुआ अभी तो 3 नहीं बजा कोई दिक्कत तो नहीं हो गई बोल क्यों नहीं रही है, पिया, हलकी स्माइल करते हुए अरे अरे क्यों परेशां हो रहे है माय ठीक हु?, माय, उसकी हसी को सुन कर संत हो जाता हु इधर पिया, क्या कर रहे है अभी आ सकते है क्या मुझे लेने मेरा काम ख़तम हो गया है हॉस्पिटल में?, मैं, ऐसे क्यों पूछ रही है की माय लेने आ सकता हु आप बस मुझे ोडेर दीजिये?, पिया स्माइल करते हुए है तो राधे जी आप मुझे लेने आइये?, मैं, ये हुई न बात आप ठाकुर खंडन की बेटी है आपके खून में पावर है इस लिए आप किसी के आगे कभी नहीं झुकेंगी बस मुझे छोड़ कर क्युकी मेरे सामने तो आप हर रात झुकेंगी?, पिया, शर्मा कर चुप रहिये बहुत मज़ाक करने लगे है आप अब रख रही हु जब तक आप आते ह, तब तक माय अपनी फाइल मानतें कर लेती हु,

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वही मैं, बस 20 मिनट्स लगेंगे आने में?, पिया, आराम से ाइयेगा कार तेज चलने की जरुरत नहीं है आपको समझे?, मैं, जैसा आप कहे पिया जी ये कह कर माय अपना कॉल कटा उधर सायद किचन से मेरी बात रीत ने सुन ली थी वही मैं, सोफे से खड़ा हो कर किचन में गया और देखा तो रीत किचन के स्लैब पर झुक कर रोटी बिल रही थी साथ hi अपने दुपट्टे को कमर में बंधी हुई थी जिसकी वजह से उसकी बड़ी बड़ी चूचियां सूट के ऊपर से कुछ ज्यादा hi बड़ी लग रही थी साथ hi झुके होने के कारण उसकी सूट उसकी गांड से हैट गई थी जिसकी वजह से रीत की बड़ी गांड की उभर कुछ ज्यादा hi दिख रही थी उधर रीत अपनी कनखी आँखों से मुझे घर रही थी इधर मैं, उसके गांड को देखते हुए रीत जी मैं जा रहा हु पिया का कॉल आया था उसे लेने?, रीत, और खाना का क्या करू?, मैं, आ के खा लूंगा आप मुझे पैक कर के दे दीजिये माय ले जाऊंगा अपने फ्लैट में?, रीत,

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कुछ नहीं बोली और जितने रोटी वो बनाई थी अब तक वो पैक की और साथ में सब्जी भी उसके बाद मैं अपने फ्लैट में आया और किचन में रख कर अपने कपडे चेंज किया उसके बाद हॉस्पिटल की और निकल गया, करीब 20 मिनट्स में hi पहुंच गया क्युकी ट्रैफिक नहीं था दोपहर का वक़्त होने के कारन और जैसे hi वह पंहुचा वैसे hi कॉल किया पिया को और पिया तो बस मेरे कॉल का वेट कर रही थी वो एक रिंग बजते hi कॉल पिक करते hi.. है बोलिये आप चले फ्लैट से या नहीं?, मैं, पिया जी माय तो आपको पार्किंग में वेट कर रहा हु आपका?, पिया, सोक होते हुए आप इतनी जल्दी यहाँ पहुंच गए कैसे पहले तो 30 से 35 मिनट्स लगते थे ये कहते हुए वो अपना हैंड बैग उठाई और अपने ऑफिस से निकल गई इधर मैं, वो क्या है न ट्रैफिक काम थी इस लिए इतनी जल्दी आ गया, पिया, माय बोली थी न कार ज्यादा तेज नहीं चलने को लेकिन आप मेरी सुनते कहा है ये कहते हुए वो कॉल कट की और कोई 5 मिनट्स में पार्किंग में ै..
 
और माय कार में hi बैठा था वो कार का गेट खोली और अंदर बैठ कर चलिए चलते है, और मैं, एक बार पिया की तरफ देखा तो पिया एक दम थकी हुई थी उसके चेहरे पर नज़र आ रहा था जिसे देख कर क्या हुआ आप इतनी थकी क्यों है ये कह कर मैं कार सोसाइटी की और बढ़ा देता हु, वही पिया, मेरी और देख कर आज बहुत मरीज ए हुए थे क्युकी ये गवर्नमेंट हॉस्पिटल है न यहाँ लोग बहुत आते है और सब को देखने में मेरी हालत ख़राब हो गई अब तो मुझे बस सोना है नाहा धो के तभी चैन आएगा, मैं, स्माइल करते हुए.. मैने कहा था न की आप मत जाइये इस हॉस्पिटल में लेकिन आप मेरी सुनती कहा है, पिया, माय ये सोचती हु की मेरी वजह से कोई पेशेंट बीमार न रहे.. और माय चाहती हु की हर पेशेंट ठीक हो जाये वही मेरे लिए पुण्य का काम होगा घर में बैठ कर तो माय सब को ठीक नहीं कर सकती हु और न hi पुण्य कमा सकती हु, मैं, आप बहुत सोचती है दुसरो के बारे में लेकिन आपके बारे में कोई नहीं सोचता..

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इवन आपके घर के लोग भी जब से आपके पापा इस दुनिया से गए है तब से आपका साथ कोई नहीं दे रहा है आपके दोनों भाई तो बस प्रॉपर्टी के पीछे भाग रहे है?, पिया, फ़िक्र दिखते हुए है ये बात तो अपने सही कही लेकिन मुझे किसी दूसरे से कोई लेना देना नहीं है आप मेरे साथ है वही मेरे लिए काफी है ये कह कर वो शरमाते हुए मिरर से दूसरी और देखने लगी वही मैं, अब तो हमारा बचा आने वाला है उसके बारे में कुछ सोची है?, मेरी बात पर पिया, शरमाते हुए आप उसकी फ़िक्र न करे माय उसके लिए सब कुछ कर के राखी हु, साथ hi उस बच्चे को कभी पैसे की फ़िक्र नहीं करनी होगी उसके बैठे बैठे hi उसकी 7 पुस्ते खायेगी?, मैं, ये सुन कर चौकते हुए इतना पैसा अपने कब कमा लिया?, पिया, फिर कभी बताउंगी और है आप कह रहे थे न की बॉडीगार्ड की एजेंसी खोलनी है इस लिए मैं सोच रही हु की आप वो करे और माय सारा खर्चा दूंगी ये सब बात चल hi..

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रहा था की हमारा सोसाइटी आ जाता है, मैं, कार पार्किंग में लगा कर हम अपने फ्लैट में पहुंचे और पिया बैडरूम में घुस जाती है इधर मैं भी दूसरे रूम में जा कर अपने कपडे बदल कर शार्ट पंत और टीशर्ट में आ जाता हु और किचन में जा के जो रीत ने कहना पैक करके दी थी उसे गरम करके वही रख दिया और हॉल के सोफे पर बैठ के टीवी देखने लगा, थोड़ी देर बाद पिया नाहा धो कर एक पतली सी टीशर्ट और लेग्गी पहन कर ै उसके बालो में टॉवल थे वही हॉल में आते hi माय कहना बना देती हु कुछ मिनट्स में ये कह के वो जाने hi वाली थी की मैं, अरे खाना बनाने की जरुरत नहीं है रीत जी ने कहाँ बना के मुझे दे दिया था दोपहर में वो आपको पूछने ै थी क्युकी आप सुबह से उन्हें दिखी नहीं तो वो परेशां हो गई थी की कही पिया की तबियत फिर से तो नहीं ख़राब हो गई इस लिए जब फ्लैट में ै तो मैने उन्हें सब बता दिया की आप..

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हॉस्पिटल चली गई है ये जान के वो खुद hi खाना बना के दे गई है और दूसरी बात मैने एक माइड को परसो बुलाया है अगर आपको वो सही लगे तो रख लीजियेगा, पिया, ये जान को उसे ाचा लगा की राधे को मेरी फ़िक्र कितनी है ये सोचते हुए आप ने देख लिया उसका बैकग्राउंड न अगर वो सही है तो मुझे रखने में क्या दिक्कत होगी ये कह कर वो किचन में चली गई और थोड़ी देर में वो खाना ले कर हॉल में रखे डाइनिंग टेबल रख दी और हम दोनों बैठ के खाना खाये और पिया थक चुकी थी हॉस्पिटल से आ कर और साम भी हो चुकी थी इस लिए खाने के बाद पिया सो गई और मैं इधर उधर किया घर म ुर रात के 10 बज गए देखा तो पिया अभी भी नहीं उठी थी तो सोचा आज इसे सोने देता हु मेरा मन तो कर रहा था उसे छोड़ने का लेकिन पिया को गहरी नीद में होने से मैं उसे नहीं utha-ya और मैं भी उसके बगल में जा कर सो गया.
 
Episode 23

अगले साम को पिया जी हद बड़ा कर उठी जब फ्लैट की बेल्ल बजी ुर उठ कर जल्दी से फ्लैट का दूर खोली तो सामने रीत कड़ी थी, रीत, मुस्कुराते हुए और पिया तू अब तक सो रही थी देख 6 बज गए है, पिया, है दी आज बहुत थक गई थी हॉस्पिटल में जाके आइये आप बहार क्यों कड़ी है ये कह कर वो रास्ता दी और रीत भी बे धड़क हॉल में जैसे hi एंटर हुई वैसे hi सोफे पर सोया राधे उसे दिखा और उसकी नज़र अचानक एक जगह आ कर रुक गई और वो अपने मुँह पर हाँथ रख के एक तक वही देखने लगी वही पिया, फ्लैट का गेट बंद करके जैसे hi उसकी नज़र रीत पर गई तो वो भी ऐसे एक तक रीत को कही और देख रही थी और जब उसके नज़रों को फॉलो की तब उसकी भी नज़र एक जगह आ कर रुक गई ये दोनों एक तक वही देखे जा रही थी (लेकिन ये दोनों ऐसा क्या देख लिया), वो था मेरा खड़ा लुंड जो शार्ट पंत के साइड से मोटा सूपड़ा भर निकल कर उन दोनों को झक रहा था जैसे कोई कोबरा सांप

अपने बिल से निकल कर झटका है शामे वैसे hi मेरा कला लौड़ा उन दोनों को झांक रहा था, कुछ पल पिया ने मेरे लौड़े को घुरि और फिर जल्दी से रीत की तरफ देख कर सॉरी दी वो आज टीवी देखते hi यही पर राधे जी सो गए मैं उन्हें अभी जगती हु रुकिए जरा?, रीत, रहने दे हम दोनों तेरे बालकनी में चलते है?, पिया, है ये ठीक रहेगा चलिए.. फिर दोनों बालकनी में चली जाती है ुर वह दोनों चेयर पर बैठ कर रीत जो अभी भी लौड़े के खयालो में थी वो आज तक इतना कला और फुला हुआ सूपड़ा नहीं देखि थी जी 'है' रीत और पिया मेरा बस लौड़े का टोपा भर hi देख पाई थी, इधर पिया ख़ामोशी को तोड़ते हुए सॉरी दी राधे जी के तरफ से वो ऐसे hi सोते है माय कितनी बार समझे हु की सोते वक़्त थोड़ा धयान दे अपने सरीर पर लेकिन वो मेरी एक नहीं सुनते?, रीत, थोड़ा स्माइल करते हुए अरे उसमे उनकी क्या गलती वैसे भी जब कोई गहरी नीद में सोता है तब उन्हें कोई खबर नहीं होती है अब तू अपना

मूड ऑफ मत कर मैं भी कभी कभी ऐसे hi गहरी नीद के सोती हु जब मेरे हस्बैंड यहाँ होते है और जब वो मेरे ऐसे कपडे खुले देख के बोलते है तू कैसे अकेले में सोती है तेरे सरे कपडे इधर उधर हो जाते है ये बोल कर दोनों हसने लगी पिया, भी रीत की बात पर जो पहले ावक्वार्ड फील कर रही थी वो थोड़ा रिलैक्स हो गई वही पिया, दी आप बैठिये माय चाय रख कर आती हु गैस पर ये कह कर बालकनी से पिया जल्दी से ै और हॉल में जहा माय सोया था वह आ के थोड़ा झुक कर वो मेरे सर को सहलाते हुए राधे जी उठिये रीत दी ै है?, पिया की आवाज़ जब मेरे कानो तक पहुंची वैसे hi मेरी आंख खुल गई और पिया का मासूम चेहरा अपने इतने करीब देख कर अपना एक हाँथ उसके गर्दन पर रख कर अपना कला होंठ पिया के लाल लाल होंठो पर रख कर चूमने और चूसने लगा वही पिया मेरे छाती पर हाँथ रख कर वह मुझे अपने से दूर करने लगी.
 
वही मैं, थोड़ी देर उसके लाल लाल होंठो का राश पान करने के बाद छोड़ा तो पिया अपने सांसो को कण्ट्रोल करते हुए आप एक दम पागल हो माय आपको उठाने ै और आप ये सब करने लगे पता है रीत दी बालकनी में बैठी है माय जा रही हु उनके लिए चाय बनाने आप जा के उनको कंपनी दो तब तक माय थोड़ा फ्रेश हो जाऊ आज बहुत सो गई माय ये कह कर वो जाने लगी तभी माय सोफे से खड़ा हो कर पिया को पीछे से पकड़ लिया वही ऐसे पकड़ने से पिया, मेरी बहो से आज़ाद होने की कोशिश करते हुए छोड़िये न प्लीज रीत दी घर में hi है वो क्या सोचेंगी हम दोनों के बारे में? इधर मैं अपना खड़ा लुंड जो शार्ट पंत के अंदर एक दम पत्थर जैसा खड़ा था वो पिया के पतली लेग्गी में घुसते हुए उसकी गांड के छेद पर जा लगा क्युकी पिया अंदर पंतय नहीं पहनी थी, वही पिया को मेरा खड़ा लुंड अब साफ़ साफ़ महसूस होने लगा इधर मैं, पिया क गोरी गर्दन को चूमने लगा साथ hi अपना थूक वह..

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छोड़ने लगा साथ hi साथ उसकी गर्दन से लेकर उसके कानो तक अपनी जुबान चलने लगा वही पिया मेरे ऐसे हमले से अब वासना की आग में जलने लगी उसकी छूट पानी छोड़ने लगी वो जैसे अब भूल गई थी की रीत बालकनी में है, इधर पिया का विरोध न देख कर मैं अपना खड़ा लुंड शार्ट पंत के बहार निकल लिया और पिया की लेग्गी भी पीछे से निचे खिसका दिया ये सब इतना जल्दी हुआ की पिया कुछ कर hi नहीं पाई और उसे तब अहसास हुआ जब मेरा गरम लुंड उसके पीछे से छूट के मुहाने पर लगा और अहसास होते hi पिया मेरे बहो में से निकलने की कोशिश करते हुए नहीं नहीं राधे प्लीज अभी नहीं रीत दी बालकनी में है ये कहते हुए वह एक धक्का मरी और राधे के बहो से निकल कर थोड़ा दूर पर कड़ी हो के वो राधे के दम खड़ा लौड़ा घूरते हुए.. आप बिलकुल पागल है ये कह कर वो हल्का स्माइल करते हुए किचन में चली गई,
 
इधर मेरा खड़ा लुंड एक दो बार झटका मारा और उसे अपने शार्ट पंत के अंदर किसी तरह करते हुए मन hi मन में ( ये साली रीत कामिनी को सोच कर hi मेरा लुंड जैसे पानी गिरा देगा जब उसे नग्गी करूँगा तब क्या होगा मेरे लौड़े का हाल साली रण्डी कितनी गदराई हुई है), ये सोचते हुए मैं हॉल से बालकनी की और जाने लगा वही पिया, किचन से मुझे जाते हुए देखि और स्माइल करते अपने से बात करते हुए (अब मज़ा आया न इनको बस वही सूझता है करने को, जब भी माय उनके आस पास होती हु. एक मेरा पति रितेश था जिसे माय कभी खूबसूरत नहीं लगती थी, दूसरी तरफ राधे जी को देखो वो मेरे पास आते hi उनकंट्रोल हो जाते है, अगर मैं खूबसूरत नहीं होती तो क्या राधे जी ऐसा मेरे साथ करते क्या? और तो और उनका मिजाज कह रहा है की जैसे आज रात वो मुझे छोड़ेंगे नहीं प्यार करना..

पिछली वाली रात की तरह आज भी वो मेरा हॉल बुरा करने वाले है?), ये सोचते हुए पिया के चेहरे पर एक स्माइल आ जाती है, इधर मैं, अपने खड़े लौड़े को लिए हुए बालकनी में जैसे hi पंहुचा वैसे hi रीत मुझे देख कर हलकी स्माइल करते हुए आप उठ गए ये कहते हुए उसकी नज़र निचे होने लगी और मेरे तम्बू पर आ कर रूकती है इधर मैं बालकनी से बहार का रोमांटिक नज़ारा देखते हुए वह क्या रोमांटिक मौसम है मज़ा आ गया?, मेरी आवाज़ से रीत का ध्यान टुटा और वो मेरे तम्बू पर से अपनी नज़र हटा कर एक बार मेरे चेहरे की और देखि और फिर हटा कर है बहुत ाचा मौसम है आज लेकिन आप दोनों तो अभी तक सो रहे है अगर मैं यहाँ नहीं आती तो पता नहीं कितने बजे आप लोग उठते क्यों है न, मैं, ऐसा नहीं है रीत जी जब पिया के बिल में मुझे अपना अज़गर डालना होता है तब

खुद बा खुद हम दोनों उठ जाते है.. रीत, मेरे कहने का मतलब इस बार समझ जाती है की माय कहना क्या चाहता हु और उसे थोड़ा ावक्वार्ड भी फील हुआ लेकिन वो कुछ नहीं बोलती और अपने सर को घुमा के बालकनी के सामने वाले ब्लॉक में देखने लगती है सामने भी लोग अपने बालकनी में बैठ कर साम का मज़ा ले रहे थे वही मैं, रीत को कुछ बोलता न देख समझ गया की सायद मेरी बात उसे समझ में आ गई है इस लिए वो चुप चाप है वही मैं, ये सोच कर रीत जी आपको मेरी बात से बुरा लगा तो आइंदा से ऐसी कोई मज़ाक नहीं करूँगा जिससे आपको बुरा लगे?, रीत, देखिये राधे जी मज़ाक उतना hi चलता है जितना चल सके लेकिन आप पर्सनल बाते भी मेरे से बोलने लगे ये कैसी मज़ाक मेरे से कर रहे है, मैं, अपनी कान पकड़ के सॉरी बोलते हुए वैसे आप है hi इतनी खूबसूरत की जब भी

आपको देखता हु तब मैं क्या बोलता हूँ, वो मुझे भी पता नहीं चलता, रीत अपनी खूबसूरती मेरे मुँह से सुन के जो थोड़ा गुस्सा था वो हल्का दूर हो जाता है लेकिन रीत को मेरी सकल बिलकुल भी नहीं पसंद थी इस लिए जो भी मैं बोल रहा था उसको बुरा hi लग रहा था, वही रीत, मेरे सामने कुछ बोल भी नहीं सकती थी? मेरे सकल के बारे में.. नहीं तो पिया उससे नाराज़ हो जाती और पिया को वो नाराज़ नहीं करना चाहती थी, क्युकी? उसे पिया में अपनी छोटी बहन दिखने लगी थी, ये सब सोच कर रीत, देखिये राधे जी आप मेरे से ज्यादा फ्रेंक होने की जरुरत नहीं है मैं बस पिया से मिलने आती हु आपसे नहीं और आपकी दोस्त नहीं की माय आपके सरे मज़ाक चुप रह कर सुन लू? ये सब बाते हो hi रही थी की तभी पिया चाय की तरय लेकर ै इधर माहौल गम नुमा होने पर पिया, इतनी ख़ामोशी क्यों है यहाँ दीदी, ये सुन

कर रीत, कुछ नहीं पिया वो राधे बता रहे थे अपने बिज़नेस के बारे में, इधर मैं, रीत को पिया से झूट बोलता देख के ये तो समझ गया की रीत पिया को जो कुछ हमारे बिच होगा वो कभी नहीं बताएगी ये मेरे लिए ाचा साइन था अब माय रीत के साथ खुल क्र गेम खेल सकता हु लेकिन ये औरत थोड़ी नकचीदी है मुझे संभलकर अपना कदम आगे रखना होगा नहीं तो ये चिड़िया मेरे फंदे से उड़ सकती है और माय अपना लौड़ा मसलते रह जाऊंगा.. ये सब सोच hi रहा था रीत के बारे में उधर दोनों चाय पि के अपने में बात करने लगी और मैं बालकनी से आ कर दूसरे रूम के बाथरूम में जा के फ्रेश हुआ और उसके बाद हॉल में बैठ के न्यूज़ सुनाने लगा करीब 30 मिनट्स बाद रीत और पिया हँसते हुए वह ै और मुझे टीवी में खोया देख के पिया, सुनिए न रीत दी जा रही है वो बोल रही

थी जब आप मार्किट कुछ सामान लेने जाये तो उनका भी राशन ले आएंगे क्या दीदी पूछ रही है, मैं, इसमें पूछने वाली क्या बात है रीत जी आप मुझे लिस्ट बना के दे दीजिएगा और माय जब अपने सामान लेने जाऊंगा तो आपका भी ले आऊंगा, रीत, हम दोनों के कुछ देर पहले बात से वो सोच रही थी की (सायद राधे से ज्यादा बोल गई थी इस लिए वो अंदर hi अंदर खुद को गिल्टी फील कर रही थी और सॉरी पिया के सामने वो बोलना नहीं चाहती थी नहीं तो पिया पूछेगी की आप सॉरी क्यों मांग रही हो इनसे फिर पिया को राधे के कही पूरी बात बतानी पड़ेगी और मेरी वजह से इनके रिश्ते में दरार पैदा हो सकता है इस लिए राधे से सामान मांगने के बहाने उसे अपने घर बुलाने का प्रोग्राम बनती है), और इसी प्रोग्राम के तहत रीत, ठीक है राधे जी ये कह कर रीत चली जाती है,
 
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