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Episode 22बी,
इधर रीत, मुझे मुस्कुराते हुए किचन से भेजी और वो अपनी सब्जी गैस से उतरने के बाद रोटी bana-ne के लिए आते का डब्बा खोली और खोलते hi 'हयो रब्बा'?? मैं कैसे भूल गई की इस डब्बे में तो आता hi नहीं है अब कैसे छज्जे से आते की डब्बे को उतारू और मुआ मजदुर लोग भी इतनी ऊपर रख कर चले गए है, रीत परेशां होते हुए अब कैसे रोटी बनूँगी राधे को हॉस्पिटल भी जाना है पिया को लेने अभी मजदूरों को कॉल करुँगी तो उन लोगो को आने में टाइम लगेगा ुर छज्जा इतना ऊपर क्यों soci-ety वाले ने बनाया है कोई औरत वह तक कैसे पहुंच सकती बिना बड़ी सीधी के तभी उसका दिमाग की घंटी बजी और मन में है सायद राधे जी छज्जे तक पहुंच जाये उनकी हाइट काफी बड़ी है ये सब सोचते हुए किचन की दरवाजे से hi.. राधे जी कहा है इधर आइये जरा?, वही मैं जैसे hi रीत की किचन आवाज़ किचन से सुनी वैसे hi सोफे से खड़े हो गया की ऐसे अचानक रीत क्यों मुझे
पुकार रही है, जब की अभी थोड़ी देर पहले hi वह से यहाँ पर आया हु, और मैं परेशां होते हुए किचन की और अपनी तेज कदम बढ़ा दी और कुछ सेकंड में जैसे hi वह पंहुचा वैसे hi है रीत जी क्या हुआ?, इधर रीत, मुझे दरवाजे पर खड़ा देख कर, थोड़ा स्माइल करते हुए वो ऊपर छज्जे में आते का डब्बा क्या उतर दीजियेगा माय वह तक नहीं पहुंच प् रही हु?, (वह किचन के ऊपर बने छज्जे पर मुझे दिखते हुए बोली), मैं, रीत की तरफ देखा तो वह पसीने पसीने हुई पड़ी थी सायद गैस की आंच से और उसकी सूट लगभग भीग hi चुकी थी जिसकी वजह से उसका सूट हल्का पतला होने के कारन उसकी ब्रा मुझे दिख रही थी, लेकिन दुपटा लिए होने के कारन माय उसकी क्लीवेज नहीं देख पाया वही मुझे अपने बदन को घूरता देख कर रीत, थोड़ा उनकंफर्टबले खुद को mah-sus करते हुए अरे भाई साहेब कहा खो गए आप?,
उसकी ब्रा में इतना खोया था की तभी मुझे रीत की आवाज़ ै और भाई साहब कहता सुन के माय जैसे नीद से जगा और इधर उधर देखते हुए है रीत जी अपने कुछ कहा क्या?, रीत, मुझे देखते हुए जल्दी से वो ऊपर छज्जे से डब्बा उतरिये मुझे रोटी बनानी है आपके लिए?, मैं, हकलाते हुए है.. है.. उतरता हु लेकिन इतनी ऊपर माय कैसे चदु कोई सीधी, विधि राखी है घर में क्या?, मेरी बात पर रीत एक बार मुझे ऊपर से निचे देखि जैसे वो मेरी हाइट नाप रही हो और जल्दी से किचन के बहार गई और कुछ मिनट्स के बाद एक लुम्बा सा स्टूल्स ले कर ै उसकी हाइट करीब 3 फ़ीट की रही होगी और किचन के बीचो बिच रख कर अब इस पर चढ़ कर उतरिये वैसे भी आपकी इतनी हाइट है की बिना स्टूल के आप ऊपर से डब्बा उतर सकते थे वो थोड़ा मज़ाक लहजे में बोलती है जिसे सुन कर मैं, अरे रीत जी इतनी भी हाइट लुम्बी नहीं है की आपके किचन के छज्जे पर रखे सामान को माय ऐसे hi निकल दू यह कहते हुए स्टूल पर चढ़ने लगता हु.
इधर रीत, मुझे मुस्कुराते हुए किचन से भेजी और वो अपनी सब्जी गैस से उतरने के बाद रोटी bana-ne के लिए आते का डब्बा खोली और खोलते hi 'हयो रब्बा'?? मैं कैसे भूल गई की इस डब्बे में तो आता hi नहीं है अब कैसे छज्जे से आते की डब्बे को उतारू और मुआ मजदुर लोग भी इतनी ऊपर रख कर चले गए है, रीत परेशां होते हुए अब कैसे रोटी बनूँगी राधे को हॉस्पिटल भी जाना है पिया को लेने अभी मजदूरों को कॉल करुँगी तो उन लोगो को आने में टाइम लगेगा ुर छज्जा इतना ऊपर क्यों soci-ety वाले ने बनाया है कोई औरत वह तक कैसे पहुंच सकती बिना बड़ी सीधी के तभी उसका दिमाग की घंटी बजी और मन में है सायद राधे जी छज्जे तक पहुंच जाये उनकी हाइट काफी बड़ी है ये सब सोचते हुए किचन की दरवाजे से hi.. राधे जी कहा है इधर आइये जरा?, वही मैं जैसे hi रीत की किचन आवाज़ किचन से सुनी वैसे hi सोफे से खड़े हो गया की ऐसे अचानक रीत क्यों मुझे
पुकार रही है, जब की अभी थोड़ी देर पहले hi वह से यहाँ पर आया हु, और मैं परेशां होते हुए किचन की और अपनी तेज कदम बढ़ा दी और कुछ सेकंड में जैसे hi वह पंहुचा वैसे hi है रीत जी क्या हुआ?, इधर रीत, मुझे दरवाजे पर खड़ा देख कर, थोड़ा स्माइल करते हुए वो ऊपर छज्जे में आते का डब्बा क्या उतर दीजियेगा माय वह तक नहीं पहुंच प् रही हु?, (वह किचन के ऊपर बने छज्जे पर मुझे दिखते हुए बोली), मैं, रीत की तरफ देखा तो वह पसीने पसीने हुई पड़ी थी सायद गैस की आंच से और उसकी सूट लगभग भीग hi चुकी थी जिसकी वजह से उसका सूट हल्का पतला होने के कारन उसकी ब्रा मुझे दिख रही थी, लेकिन दुपटा लिए होने के कारन माय उसकी क्लीवेज नहीं देख पाया वही मुझे अपने बदन को घूरता देख कर रीत, थोड़ा उनकंफर्टबले खुद को mah-sus करते हुए अरे भाई साहेब कहा खो गए आप?,
उसकी ब्रा में इतना खोया था की तभी मुझे रीत की आवाज़ ै और भाई साहब कहता सुन के माय जैसे नीद से जगा और इधर उधर देखते हुए है रीत जी अपने कुछ कहा क्या?, रीत, मुझे देखते हुए जल्दी से वो ऊपर छज्जे से डब्बा उतरिये मुझे रोटी बनानी है आपके लिए?, मैं, हकलाते हुए है.. है.. उतरता हु लेकिन इतनी ऊपर माय कैसे चदु कोई सीधी, विधि राखी है घर में क्या?, मेरी बात पर रीत एक बार मुझे ऊपर से निचे देखि जैसे वो मेरी हाइट नाप रही हो और जल्दी से किचन के बहार गई और कुछ मिनट्स के बाद एक लुम्बा सा स्टूल्स ले कर ै उसकी हाइट करीब 3 फ़ीट की रही होगी और किचन के बीचो बिच रख कर अब इस पर चढ़ कर उतरिये वैसे भी आपकी इतनी हाइट है की बिना स्टूल के आप ऊपर से डब्बा उतर सकते थे वो थोड़ा मज़ाक लहजे में बोलती है जिसे सुन कर मैं, अरे रीत जी इतनी भी हाइट लुम्बी नहीं है की आपके किचन के छज्जे पर रखे सामान को माय ऐसे hi निकल दू यह कहते हुए स्टूल पर चढ़ने लगता हु.