Usski Gali Mein Jaana Chorr Diya - Page 12 - SexBaba
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Usski Gali Mein Jaana Chorr Diya

बहोत बहोत शुक्रिया भाई, आप के रिव्यु पढ़ने के लिए बेताब रहता हूँ और पढ़ कर बड़ी ख़ुशी होती है यारा

रेज़ा चह्रॅक्टर वैसा hi था रियल में, थोड़ा फुटिया टाइप था, कम अक्कल था और जेलस भी था, उस से रूही की क्लोसनेस्स अभी के साथ नहीं देखा जाता था :लाफ:

जॉर्ज और सुनील के रोले बाद में भी थोड़ा बहुत आएंगे इस िये इनको यहाँ इंट्रो करवाना ज़रूरी था

ट्यूशन टीचर का बुसस उतना hi था बल्कि कुछ ज़रूरी था hi नहीं

3 पहली बार जब रूही ने कुछ कहना चाहा था मगर नहीं कह पायी थी फिलहाल मुझे खुद नहीं पता के किश उपदटेस में हैं वो सब मगर आप पढ़ चुके हो, ध्यान नहीं दिया होगा अभी मुझे hi ढूंढ़ने में मुश्किल होगा के कौन सी उपदटेस में रूही कुछ कहने जा रही थी मगर नहीं कह पायी थी... एक दिन रूही सब याद दिलवाएगी :डी
 
अपडेट 34 मंडे कॉन्टिनोएड….
सोच रहा था कल शायद आखरी दिन होगा रूही के आँगन में और उस्सको पता था के कल रूही के पिता आने वाला था, तो उस्सको दिख गया के कल का दिन और बुरा होगा क्यूंकि रूही अपने पिता के वापस आने की ख़ुशी में उस्सको और भी ज़्यादा इग्नोर करेगी…. फिर भी अभी ने सोच लिया था के अपने तरफ से जो उस्सको करना है वो कर के रहेगा, रूही के पिता से बात ज़रूर कर्जा यह तय था अभी के तरफ से….

अब आगे

सुबह को रूही किचन के पास नज़र आयी. अभी उस्सकी माँ से बात करने गया. मगर बिना कुछ कहे hi उस्सकी माँ ने अभी से कहा,

“नहीं नहीं कुछ नहीं हो सकता है!”

अभी हैरानी से उस्सको देखते हुए कहा,

“क्यों? किआ नहीं हो सकता? किआ कह रही हो आप?”

रूही वहीँ कड़ी सुन रही थी बिना अभी के तरफ देखे…

रूही की माँ ने कहा,

“मुझे पता है तुम रूही के लिए आये हो नाह? वो नहीं मान रही है हम किआ कर सकते हैं अब?!”

अभी का मुंह सुख गया, उस्सको जैसे पानी पिने की ज़रुरत महसूस हुई, और कहा,

“व्हाट? यह कैसे हो सकता है? मैं नहीं मंटा….”

फिर अभी रूही के तरफ देखते हुए उस्सकी माँ से कहा,

“मगर वो खुद क्यों नहीं कह रही है मुझे? क्यों खामोश है अगर ऐसी बात है तो?!”

तब रूही की मम्मी ने हँस्ते हुए जैसे अभी को ेन्सॉरगे करते हुए कहा,

“मगर कुछ भी हो हमको तुम्हारे पेरेंट्स से तो मिलना होगा नाह अभी?!”

जब उस्सकी माँ ने यह कहा तो रूही ने मुस्कुराते हुए अभी को देखा….

मगर अभी बहोत सीरियस था और रूही को गंभीरता के साथ देखा. और उस्सकी मम्मी को जवाब दिया,

“हाँ बेशक दोनों तरफ के पेरेंट्स को मिलना होगा.”

तब रूही की माँ ने अभी से कहा,

“हाँ तो इस्सके पिता को आजाने दो आज आरहे हैं वो तब देखा जाएगा”

अब इन् बातों से अभी का हौसला तो बढ़ेगा hi नाह?

फिर रूही की माँ ने अभी से कहा के जो काम वो करता है वो कुछ ढंग का नहीं है.

अभी ने सुनील को सोचा और उसस्के साथ जो हुआ था उसस्के बारे में सोचा अभी ने.

अभी ने पूछा,

“क्यों यह काम ढंग का नहीं है?”

रूही की माँ ने कहा,

“मेरी माँ जहाँ रहती है वहां कई ऐसे लोग हैं जो बेकार रहते हैं क्यूंकि वह लोग कार रिपेयर करते हैं और उनको कभी काम मिलता hi नहीं…. किआ होगा अगर तुम्हारे पास रेगुलर बेसिस पर काम नहीं होगा? तुमको पता है रूही मुझे मेरी जान से भी प्यारी है मैं उसस्के लिए बहोत फ़िक्र करती हूँ, मैं अपनी बड़ी बेटी से इतनी अटैच्ड नहीं थी, मगर मेरी रूही…. ”

अभी ने जवाब दिया,

“कार के बॉडी रिपेयर करना और मेरा काम दो बिल्कुल अलग बात है, कार की तीन रिपेयर करने वाले को पैनल बीटर कहते हैं बस की बॉडी को बनाने वाले को कोच बिल्डर कहते हैं दो बिल्कुल hi अलग काम होते हैं, हम वो गैस वाला वेल्डिंग बिल्कुल इस्तेमाल नहीं करते, हम एल्युमीनियम से काम करते हैं उस तीन से नहीं जो कार रिपेयर करने वाले इस्तेमाल करते हैं….”

तब अभी ने सोचा के उन् लोगों को पता hi नहीं के बस की कोच बिल्डिंग किआ होता है…. वह लोग कार की तीन रिपेयर करने वाला समझ रहे थे अभी को! मगर अभी को वो करना बिल्कुल भी नहीं अत था वो एकदम से अलग काम था…. और अभी समझने लगा के उस्सकी नौकरी की वजह से रूही के नानी के यहाँ बात चली होगी इसी लिए नानी वालों ने, मामू, ममी, मासी, सबने रूही की माँ और रूही को मन किया होगा इस रिश्ते को आगे बढ़ाने के लिए, रूही को उन् लोगों ने डिस्कुरागे किया होगा, इसी लिए उस दिन से रूही वैसे बेहवे करने लगी थी और दूरी रखने लगी थी अभी से….. ऐसा अभी सोच रहा था….

अभी सोच रहा था अब रूही के पिता के आने के बाद, रूही को उसस्के माँ बाप के सामने बिठा कर अपने काम के बारे में सब समझेगा, तब अपना प्रपोजल रखेगा. वह लोग शायद सोच रहे थे के जो काम अभी कर रहा है उस से अभी उनके बेटी को खुश नहीं रख पाएगा, उनके बेटी को साड़ी सुविधाएं नहीं दे पाएगा अभी. एहि सोच थे शायद रूही की माँ की. और अभी सुनील की कही हुई बात को सोचने लगा के उसस्के साथ भी एहि किया था इन् लोगों ने!

अभी ने फिर रूही की माँ से कहा,

“आप ज़रा सोचिये मैं कैसे रूही को तकलीफ दे सकता हूँ? आप के ख्याल से जिस से मैं इतना प्यार करता हूँ उस्सको किसी किस्सम की तकलीफ होने दूंगा? अगर खुदा नाह खास्ता मेरे पास यह काम नहीं रहा तो आप किआ समझती हो रूही के लिए मैं कुछ और नहीं करूँगा? ऐसा तो हो hi नहीं सकता… आप फ़िक्र नाह करें नाह!”

तो रूही की माँ हंससने लगी और कहा,

“ठीक है फिर उसस्के पिता को आजाने दो. धीरज रखो, आज वो आने वाला है शाम को.”

अभी को लग रहा था के सब ठीक हो जाएगा, कल जो खत लिखे था रूही को अभी ने उस में रूही को सब कुछ समझा दिया था के उस्सको अपने पिता से कह देना चाहिए के वो भी अभी से प्यार करती है, तब अभी को आसानी होगी अपने तरफ से बात करने को….

अब अभी रूही से बात करना चाहता था इस बारे में इस से पहले के उस्का बाप वापस आये. अभी सब कुछ आराम से रूही को समझाना चाहता था ताके रूही भी समझे. तो अभी ने रूही की माँ से कहा के वो रूही से उस्सको कुछ देर बात करने दें, रूही को बुलाने को कहा. रूही की माँ ने रूही को बुलाया. खिड़की के पास, उस्सकी माँ थी और अंदर से रूही आयी…..

और आज इतने दिनों में पहली बार अभी ने रूही को उससे एक अजीब नज़रों से देखते हुए देखा, जैसे उस्सको कोई इंटरेस्ट नहीं थी अभी से बात करने के लिए, रूही ने फ्रौं करते हुए अभी के तरफ देखते हुए कहा,

“किआ है? अब किआ कहना है आप को और?!”

रूही की उस तरह से बात करने से अभी को मैं किया के तुरंत वहां से वापस निकल जाए, उस्सको लगा के बेकार में बात करेगा….. अभी को वापस अपने घर तुरंत चले जाने का मैं किया…. उस्सको जैसे रूही की नज़रों में उसस्के लिए नफरत दिखा…. मगर ऐसा भी किआ हो गया के नफरत दिख गयी अभी को रूही की नज़रों में…. अभी समझ नहीं पा रहा था के अब रूही से कैसे बात करे और किआ कहे उस्सको जिस तरह से वो अभी को देख रही थी जैसे अभी उस्सको डिस्टर्ब कर रहा था उस्सको बुला कर.

जिस चेहरे पर इतने दिनों से अभी ने सिर्फ प्यार देखा था, जिस रूही के चेहरे पर हमेशा एक प्यारी सी मुस्कान हुआ करती थी, जिस में अभी ने सिर्फ और सिर्फ प्यार देखा था अपने लिए आज उस चेहरे में एक करवाहट देखा अभी ने. अभी रूही को इतना चाहता था के उस्सकी एक एक राग से वाकिफ था, उस्सकी हर एक अदा, उस्सकी हर एक चेहरे की बदलाव को पहचानता था मगर जो आज अभी ने देखा था रूही के चेहरे पर वो अभी ने कभी नहीं देखा था इतने दिनों में, और अभी को वो बिल्कुल भी पसंद नहीं था. उस रूही की रूप को डेस्क्रिबे करना मुश्किल है और उस्का अभी पर जो एस्सार हुआ वो भी बयां करना मुश्किल है…. फिर भी अभी बात करना चाहता था तो हिम्मत करके किया बात उस्सने. क्यूंकि दोनों इंग्लिश में बात करते थे हमेशा तो अभी ने इंग्लिश में सबसे पहले कहा,

“व्हाई अरे यू गिविंग सुच ा लुक? व्हाई यू अरे सो सीरियस, नॉट ा सिंगल स्माइल ों थे फेस? दीद ी डिस्टर्ब यू बी कालिंग यू हेरे?”

रूही के मुंह में जो अत था वही बक देती थी, उस्सने अभी को जवाब में बुसस इतना कहा,

“ी मस्ट बे सीरियस इन लाइफ that’s व्हाई!”

यह भी कोई जवाब था? अभी उदास था, परेशान था वो उसस्के चेहरे पर साफ़ दिखाई दे रहा था, और रूही को भी पता था; अभी ने अपने सय्यम रखते हुए कहा,

“लुक रूही, ी ऍम सफ्रिंग… यस ी ऍम सफ्रिंग एंड it’s बिकॉज़ ऑफ़ यू माय डिअर…”

रूही ने कहा,

“दो यू थिंक ी ऍम नॉट सफ्रिंग?!”

तो अभी ने कहा,

“थें टॉक तो यू फादर, वे कैन बे सक्सेसफुल रूही, फ्रॉम माय part ी विल दो आल तो कन्विंस हिम, बूत िफ़ यू दो नॉट प्ले योर रोले ी won’t बे अबले तो दो आईटी अलोन isn’t आईटी?!”

रूही ने कहा,

“ी can’t. माय लाइफ इस नॉट माइन”

अभी को ग़ुस्सा आने लगा था उस्सकी बेहूदा जवाब से. किआ बकवास जवाब दे रही थी!

अगर वो भी सुफ्फेर कर रही थी तो किआ सलूशन था सफ्रिंग को एन्ड करने की, वो था दोनों का मिलान….

तब तक मेहबूब टिया सर्वे कर रहा था, और मेहबूब ने अभी के तरफ आकर ट्रे को उस्सको दिखाते हुए कहा,

“हे अभी!”

रूही की माँ ने कहा,

“जाओ अपना चाय लेलो अभी.”

अभी ने कहा,

“वेट.”

तो रूही ने फिकरमंद दीखते हुए कहा,

“ओह माय गॉड वो हम लोगों को hi देख रहा है आप जाओ नाह!”

अभी ने रूही से कहा,

“मगर उस्सको सब पता है नाह यार!”

तब रूही ने कहा

“नहीं उसी ने हम्म हम्म हम्म हम्म्म” यह कहते हुए रूही मुस्कुरायी

तो अभी ने पूछा,

“किआ हम्म हम्म हम्म? हे विल नॉट एक्सेप्ट?”

रूही: “NO.”

अभी: “okay मीट में ात लंच टाइम.”

तब रूही और उस्सकी मम्मी दोनों ने कहा

“नहीं नहीं बिल्कुल नहीं”

अभी ने ज़िद किया, ज़ोर दिया के लंच टाइम में रूही उस से मिले. मगर रूही ने कहा,

“बे पेशेंट”

और उस्सकी माँ ने रिपीट किया,

“बे पेशेंट”

अभी ने कहा,

“That’s व्हाट ी ऍम दोंग!”

फिर अभी ने और कहा,

“देखो रूही हो सकता है आज यहाँ मेरा आखरी दिन है काम करने का…. और अगर काम पूरा नहीं हुआ शाम तक तो कल आखरी दिन होगा, मुझे तुमसे बहोत ज़रूरी बात करनी है”

रूही ने बस एक हलकी सी मुस्कुराहट से अभी को देखा और अब चेहरे में थोड़ा सा बदलाव और नरमी दिखायी दिया अभी को, और अभी वहां से वापस बस में चला गया.

कोई एक घंटे बाद रूही की माँ फिर बात कर रही थी अभी के साथ. उस्सने अभी से कहा,

“और यहाँ पर किसी ने यह भी कहा के तुम सिर्फ यहाँ हर रोज़ काम करने आते हो वार्ना हर जगह काम से बहोत एब्सेंट रहते हो, हर रोज़ काम नहीं करते हो, समझ रहे हो नाह वो लज़ी टाइप लोग जैसे….”

अभी को ज़बरदस्त झटका लगा वो बात सुनके और पूछा के किश ने उस्सको वो बात बताया, किआ मेहबूब ने वो सब कहा उस से? तो रूही की माँ ने कहा के नहीं मेहबूब ने नहीं. तो अभी के कहा तो फिर रेज़ा ने कहा होगा क्यूंकि वो शुरू से hi मुझसे जलता है, उस्सको नहीं पसंद के मैं रूही से प्यार कर रहा हूँ वो पता नहीं क्यों हमेशा मेरे पीछे पड़ा होता है… मेरे और रूही के बीच एक दीवार की तरह बना रहता है…”

अभी ने रूही की माँ से कहा के जो कुछ भी उस्सको बताया गया सब सरासर झूट है.

जबसे अभी ने 12तह चोर्रा तब से आज तक लगातार काम करते आया है, कभी यहाँ कभी वहां कभी यह काम कभी वो काम, किसान का बीटा मज़दूरी भी किया, गन्ने के खेत में भी काम किया, यह कभी नहीं कहा के पढ़ा लिखा है तो कोई ऑफिस में या कोई भी वाइट कालर जॉब करेगा मगर जो मिला जैसे मिला काम करता गया और यहाँ किसी लल्लू ने कह दिया के अभी काम नहीं करता ढंग से! कमाल है अभी सर हिलाते हुए खुद हंससने लगा….

कुछ देर बाद अभी ने रूही को किचन वाले स्तैर पर कड़ी देखा, तो उसस्के तोडा पास जाकर, 1 मीटर की डिस्टेंस से कहा,

“तुम्हारा फोटो कब डौगी मुझको? मुझे चाहिए ात लीस्ट 1 फोटो ऑफ़ योर्स प्लीज, ज़्यादा मिले तो बेहतर होगा.”

बदले में रूही ने जवाब तो नहीं दिया मगर अपने दोनों हाहों को एक कैमरा की तरह कर के अभी के तरफ किया और जैसे एक क्लिक किया अभी की फोटो को और हंससने लगी. (आज के दिन होते तो मोबाइल से कितने सारे फोटोज अभी ने ले लिया होता रूही की?!”)

और तभी किसी ने रूही को बुलाया बाहर मैं रोड के तरफ, शायद रूही के पापा का फ़ोन आया था उधर. आज उस्का पापा वापस आने वाला था… तो जब रूही गयी कॉल लेने तो अभी के पास से गुज़र कर गयी, और जब वापस आने लगी तो अभी ने उस्सको रुकने को कहा मगर रूही ने उस हिस्से को दौड़ कर तय किया जहाँ अभी था वहां से उस्सकी किचन तक ताके अभी उस्सको नहीं रोके, और जब रूही दौड़ते हुए अपनी किचन के स्टैर्स पर रीच हुई तो पलट कर अभी को देखा अपने मुंह में अपने जीब से अपने गाल को फुलाते हुए एक मुस्कराहट के साथ….

और फिर कुछ देर बाद रूही अपनी कजिन के घर गयी और वापस आते वक़्त अभी ने उस से कहा,

“रूही, रुको नाह सुनों तो प्लीज…”

रूही ने कुछ दररते हुए एक्सप्रेशन में अभी को देखते हुए कहा,

“मुझसे ऐसे बात मत कीजिये आप”

और वो भाग कर चली गयी अपनी किचन में.

और एक बार रूही ने अभी से कहा,

“आप अब मुझे भूल जाओ!”

और अभी ने रीप्ले किया,

“THAT’S इम्पॉसिबल”

और तब रूही हंसी थी.

एक बार फिर फ़ोन कॉल आया और रूही फिर गयी, और जब वापस आ रही थी तो अभी ने फिर उस्सको रुकने के लिए कहा, और इस बार रूही ने झूट मूठ के झुक कर एक पेपर का टुकड़ा उठाने का बहाना करते हुए रुकी और अभी से कहा,

“किआ है?”

अभी उसस्के करीब हुआ और कहा,

“उस दिन जब तुमने ने कहा था के तुम वर्जिन नहीं हो, तो मैं ने कहा था के तुम मुझको इतना प्यार करोगी के वो तुम्हारा प्यार सारे बीच के इश्यूज ख़तम कर देगा, विर्जिनिटी या कुछ भी हो बीच में सब मिट जाएगा तुम मुझको इतना प्यार करोगी, और तुमने हाँ कहा था रूही याद भी है के नहीं?”

अभी ने यह सब कहा रूही को अपने कही हुई बात को याद दिलाने के लिए, उस्सको याद दिलाने के लिए के उस्सने कहा था के वो अभी को बहोत प्यार करेगी…. अभी ने रूही को उस्का प्यार याद कराया, तो अभी यह उम्मीद कर रहा था के रूही शर्मिंदा होगी या अपनी कही हुई बात को याद करेगी मगर जो जवाब दिया रूही ने उस्सकी ज़रुरत hi नहीं थी, वो बात hi नहीं हो रही थी…. रूही ने कहा,

“वेल ी ऍम नॉट ा वर्जिन तहत डस नॉट मैं एनीथिंग तो यू?”

अभी ने गंभीरता से रूही के आँखों में देखते हुए रिप्लाई किया,

“No तहत मैक्स no डिफरेंस तो में बिकॉज़ ी लव यू दमन आईटी, दो यू अंडरस्टैंड? ी ऍम सफ्रिंग दमन आईटी!! दो यू हैवे ा हार्ट तो फील व्हाट ी ऍम गोइंग थ्रू, मेरे अंदर दर्द हो रहा है रूही, मैं तड़प रहा हूँ तुमको नहीं दिख रहा किआ?”

अभी के बातों का जैसे रूही पर कोई एस्सार नहीं हो रहा था, वो अपने पिता के वापस आने की ख़ुशी में गम थी शायद उस वक़्त. अभी ने सही मौका नहीं उसे किया था उस्सको अपने दिल की बात कहने के लिए, और रूही ने अभी से कहा,

“ी ऍम no ा व्, थिस शुड हैवे अफेक्टेड यू!”

और रूही ने यह कहा तब,

“मुझे एक प्रॉमिस कीजिये अभी इसी वक़्त, के अगर हमारी शादी नहीं भी हुई तो आप कभी भी किसी से भी मेरी व् वाली बात नहीं बताओगे.”

अभी ने प्रॉमिस किया तुरंत. अभी को उस पल जैसे कंफर्म हुआ के रूही उस्सकी कभी नहीं बनेगी इसी लिए रूही ने अभी से वो प्रॉमिस लिया. तो अभी ने कहा,

“अगर हमको नहीं मिलना है, अगर जुड़ा hi हो जाना है तो प्लीज एक फोटो देदो मुझे मैं उम्र भर तेरी तस्वीर से hi सही प्यार करता रहूँगा, एक तस्वीर देदे प्लीज रूही”

रूही ने नाह कहा और देखा के मेहबूब ारः था तो रूही भागने की राह देख रही थी तो लास्ट में अभी ने पूछा,

“वो व् किश ने किया तेरे साथ?”

रूही ने जाते जाते जवाब में यह कहा अभी को,

“नहीं, मैं तो कभी नहीं बताउंगी, मगर आप हो सके तो खुद पता लगा लेना!”

और रूही चली गयी.

तो बे कॉन्टिनोएड….(2778वर्ड्स)
 
थैंक्स सुनील भाई

अभी भी वैसा कुछ करने को सोचा मगर तब बात बिगड़ जाता नाह वो उस घर में रूही को अपनाने को सोच रहा था उस्सको लास्ट तक उमेद थी के वो कामयाब होगा :डी
 
अपडेट 35 Ruhi’s फादर केस बैक

“वो व् किश ने किया तेरे साथ?”

रूही ने जाते जाते जवाब में यह कहा अभी को,

“नहीं, मैं तो कभी नहीं बताउंगी, मगर आप हो सके तो खुद पता लगा लेना!”

और रूही चली गयी.

अभी सोचने लगा के क्यों रूही ने उस्सको खुद पता लगाने को कहा के किस्सने उस्सकी विर्जिनिटी ली है? अभी कैसे पता लगा पाएगा?

और अभी ने यह भी सोचा के रूही क्यों मेहबूब से इतना दरर्ति है? क्यों? मेहबूब ने कुछ किया होगा? कुछ कहा होगा अभी के खिलाफ? किआ मेहबूब ने रूही को अभी से मिलने और बात करने के लिए मन किया है? तो इस लिए, अभी ने मेहबूब से बात करने को डीडे किया. और वो गया उस से रूही के बारे में बात करने एक मर्द के बचे की तरह.

अभी ने सोचा जब मेहबूब से 75 हज़ार के बदले 3 लाख निकलवा सकता है तो कौन सी बड़ी बात है उस से रूही के बारे में बात करने को. यह मर्दानगी वाला बात हमेशा था अभी में, वो डरता तो बिल्कुल नहीं था किसी से भी जहाँ मर्दों वाली बा अत था तो, तो बे झिझक वो गया और मेहबूब से कहा,

“मेहबूब भाई, आप रूही के चाचा लगते हो नाह? हाँ पता है उसस्के पिता आप के लिए भाई से बढ़कर है और उस्सकी ग़ैर हाज़िरी में रूही आप की बेटी जैसी है और आप का हक़ बनता है उस्सकी देख भाल करना. तो उस हैसियत से उसस्के पिता नहीं है तो आप उसस्के पिता जैसे हुए है नाह?!”

मेहबूब को तो सब पता था के अभी उस से किआ कहने वाला है, और उसने बुसस हाँ में सर हिलाते हुए अभी से कहा,

“हाँ अभी सही कह रहे हो वो मेरी बेटी से बढ़कर है, और मुझे यह भी पता है के तुम मुझसे किआ कहने आये हो”

और यह कहकर मेहबूब हंससने लगा और अभी के कंधे पर हाथ रख कर आराम से कहा,

“बोलो अभी किआ कहना है, दर्रो मत बोलो!”

अभी: “डरता तो मैं बिल्कुल भी नहीं मेहबूब भाई, आप से फिर यह कहना है के मैं जल्द hi आप का रिश्तेदार बनने वाला हूँ, आप को पता चल गया होगा के मैं रूही की बात कर रहा हूँ!”

मेहबूब ने मुस्कुराते हुए कहा,

“क्यों नहीं अभी इंशा अल्लाह, क्यों नहीं, मुझे पता था तुम एहि कहने आये हो, मगर आज रूही के पिता ारः है नाह तो उसी से यह बात कहना बहुत बेहतर होगा है नाह?!”

अभी: “हाँ मेहबूब भाई उस से भी बात करूँगा ज़रूर, मगर वो तो इतने दिनों से यहाँ था नहीं तो उस्सको कुछ नहीं पता पर आप को तो सब पता है नाह? इतने दिनों से सब आप के आँखों के सामने तो हो रहा है नाह, तो इस लिए मुझे आप की मदद की ज़रुरत पड़ेगी मेहबूब भाई!”

मेहबूब: “हाँ ठीक है मगर कैसा मदद अभी?”

अभी: “अरे भाई रूही के पिता को नहीं पता के पिछले देर महीनों से मैं और रूही एक दूसरे से प्यार करते हैं, आप को तो पता है. तो आप को रूही के पिता से कहना होगा के हाँ दोनों एक दूसरे को चाहते हैं रिश्ता कर देनी चाहिए दोनों के; इतना तो कर सकते हो नाह भाई?!”

मेहबूब मुस्कुराते हुए अभी को सुन रहा था और कहा,

“बहुत दम है तुझ में अभी, खुद अपने शादी की बात कर रहे हो? वह. मगर मेरे नज़र से इस बात को देखो और समझो अभी, रूही के पिता ने मुझ पर एक ज़िम्मेदारी चोरर के गया था के मैं उसस्के बच्चों का ख्याल रखूं है नाह? तो जब मैं उस से कहूंगा के देर महीने तक तुम मेरे लिए काम करते हुए उस्सकी बेटी के साथ इश्क कर रहा था तो वो किआ सोचेगा मेरे बारे में? कहेगा नाह के मैं ने यह किश तरह का ख्याल रकह उस्सकी बेटी का?!”

अभी ने कहा,

“अरे भाई ग़लत ट्रैक पर क्यों लेजा रहे हो बात को? सही तरीके से सिर्फ हम दोनों को सपोर्ट तो कर सकते हो भाई यह कहते हुए के इन देर महीनों में यहाँ काम करते हुए मुझे प्यार हो गया रूही से और उस्सको मुझसे, तो मैं ने रूही का हाथ माँगा शादी के लिए, इतना तो कर सकते हो नाह आप मेहबूब भाई?!”

मेबूब: “अभी एहि बात तुमने मुझको पहले क्यों नहीं बताया? क्यों देर महीने तक छुपाया तुमने मुझसे? पहले कह दिया होता, 1 महीने पहले, कह देते मुझे तो मुझे पता होता पहले से, शायद मैं फ़ोन करके उस्सको बता चूका होता.. क्यों तुमने आज hi का दिन चुना मुझे यह बात बताने के लिए अभी?”

अभी: “भाई मुझे पता था के आप को इस बात का आलरेडी पता है इसी लिए कुछ नहीं बताया, बल्कि मैं तो सोच रहा था के किसी दिन आप मुझसे इस बारे में सवाल करोगे…. अब आज या कल आखरी दिन है यहाँ काम करने का इस लिए अब बता रहा हूँ आप को, इस में किआ है भाई इतना तो बताओ नाह के मेरा सपोर्ट कर सकोगे नाह मेहबूब भाई?”

मेहबूब: “okay ठीक है सपोर्ट तो करना पड़ेगा, और कोई रास्ता चोर्रा hi नहीं तुमने… और हाँ तुम्हारे घरवालों का भी पता लगाना है नाह हमको अब?”

Abhi:”haan भाई, पहले रूही के पिता से बात करलूं तब अपने पेरेंट्स के साथ आऊंगा रूही का हाथ मांगने, तब मांगनी वग़ैरा को मिलकर डीडे करेंगे ठीक रहेगा नाह भाई?!”

मेहबूब ने मुस्कुराते हुए और सईद के तरफ देखते हुए हाँ कहा अभी को.

टोनी और सुनील ने सब सुना और जल्दी से अभी को आकर हाथ मिलाते हुए कॉंग्रट्स किये.

अभी को एक उम्मीद की किरण नज़र आयी और थोड़ा खुश फील किया के ात लीस्ट अब वो कामयाब होने जा रहा है.

और वो गया रूही को बताने के उस्सने मेहबूब से बात कर लिए और उस्सने okay कह दिया है.

जब अभी ने सब रूही को बताया तो रूही ने कहा,

“वो सिर्फ आप से ऐसे बात करता है आप के पीठ पीछे कुछ और hi कहता है आप के बारे में, ह्य्पोक्रिटे है वो उस्का यकीन मत कीजिये आप. वो तो खुद खिलाफ है हम दोनों से हे इस अगेंस्ट अभी”

अभी को और एक झटका लगा अब!! उस्का उलझन और बढ़ गया.

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अभी को कुछ लोहे को काटना था और लोहे रूही के किचन के पास थे. तो अभी गया काटने लोहों को. रूही और उस्सकी माँ उस्सको देख रहे थे. अभी रूही से बात करते हुए काम कर रहा था. रूही कभी उस से बात करती, कभी मुस्कुराती तो कभी छुप जाती.

रेडियो पर “आप की पसंद” प्रोग्राम चल रहा था जिस में फमाईश किये गानों को बजवाते थे चैनल वाले. रूही के किचन में रेडियो बज रहा था जिस्सको रूही सुन रही थी और बाहर अभी भी सुनते हुए काम कर रहा था और यह गण चल रहा था, “ेय गुलबदन फूलों की महक काँटों की चुभन तुझे देख के कहता है मेरा मैं कहीं आज किसी से मुहबत नाह हो जाए” रूही उस गाने को सात साथ गए रही थी…. और उस्सने अभी को देखा, शर्मायी, मुस्कुरायी और चेहरा छुपा लिया दरवाज़े के पीछे, तो अभी ने उस से कहा,

“हाँ तुम खुद सब कुछ कहोगी अब!” अभी का मतलब गाने से था के रूही कह रही थी “कहीं आज किसी से मुहबत नाह हो जाए”

तो रूही ने हँस्ते हुए अभी से कहा,

“मैं आप के लिए नहीं गए रही थी!”

अभी ने कहा,

“मैं ने इस गाने को उस दिन गया था जिस दिन तुमको पहली बार देखा था यहाँ – “कहीं आज किसी से मुबाहात नाह हो जाए”

तब रूही ने अभी से कहा,

“ी दीद नॉट तेल्ल यू तो फॉल इन लव विथ में!”

अभी ने जवाब दिया,

“no ओने फाल्स इन लव इंटेंशनली, आईटी जस्ट हप्पेंस…. प्यार किया नहीं जाता हो जाता है रूही डिअर!”

तब रूही ने हँस्ते हुए कहा,

“मुझे पता है मैं आप से जीत नहीं सकती आप बहोत तेज़ हो मानती हूँ!”

अभी ने कहा,

“और कौन बदनसीब लड़की होगी जो मुझ जैसे तेज़ लड़के की पत्नी नहीं बनना चाहेगी?!”

रूही: “वो बदनसीब मेरे सिवा कौन हो सकता है?!”

अभी: “जब मैं खुद तुमको खुशनसीब बनाना चाहता हूँ तो तुम कैसे बदनसीब हो सकती हो रूही?”

रूही: “मैं ने कहा था एक बार आप से के मुझको यह सब रास नहीं अति, मनहूस हूँ मैं देख लेना हम कामयाब नहीं होंगे!”

अभी: “रूही मैं बहोत पॉजिटिव इंसान हूँ, ी ऑलवेज एक्सपेक्ट थे बेस्ट तो हैपन, ी ऍम वैरी ऑपटिमिस्ट ऑलवेज, बुसस तुम साथ देते रहना फिर देखना के कैसे कामयाब नहीं होंगे, बुसस तुम्हारा साथ चाहिए, अकेला तो फ़ैल hi हो जाऊंगा, तुम साथ डौगी तो कोई हमको अलग नहीं कर सकता रूही”

रूही ने तब अपना सर निचे झुका लिया. और कुछ देर वहीँ कड़ी रही अपनी मम्मी के साथ अभी को देखते hue.Tab रूही गयी अपनी चूल्हे पर कुछ पका रही थी उससे देखने, और उधर अचानक अभी के ऊँगली में लग गयी हथोड़े se….Abhi ने एक हाथ में उस घायल ऊँगली को ज़ोर से दबाते हुए दर्द से तड़पने लगा. इस्स्स्सस्शह्ह्ह करते हुए…. तो रूही की माँ ने कहा,

“रूही देखो देखो किआ हुआ अभी को, उस वक़्त रूही एक पल के लिए चूल्हे पर कुछ करने गयी थी, तो जल्दी से रूही आयी और जब अभी के ऊँगली में खून देखा तो कहा,

“कहा नाह मैं मनहूस हूँ, मुझे यहाँ खड़ा होना hi नहीं चाहिए था आप को डिस्टर्ब कर रही हूँ काम करने से.”

अभी ने उस घायल ऊँगली को ज़ोर से अपने दूसरे हाथ में दबाया हुआ था और अब भी उस्सको दर्द हो रहा था, उस्सने अपने निचे वाले होंठ को ज़ोर से अपने दांतों में दबाया हुआ था और रूही उस्सको कुछ इस तरह से देख रही थी जैसे खुद रूही को दर्द हो रही थी, और रूही ने कहा,

“आप उस ऊँगली को ठन्डे पानी के निचे डालो तो, तब तक मैं दवा लाती हूँ उफ़!!”

अभी ने भुनभुनाते हुए कहा,

“क्यों केयर कर रही है अगर जुड़ा होना है तो, प्यार नहीं करती तो क्यों उस्सको दर्द हो रहा है मेरे लिए? अब क्यों मेहबूब से डर नहीं लग रहा उससे? अब क्यों सब भूल गयी? अब कैसे मेरा इतना ख्याल रख रही है….?? रूही तुम मुझसे बहोत प्यार करती हो रूही…. मगर मुझे नहीं पता क्यों छुपाने की कोशिश करने लगी हो कुछ दिनों से – कुछ तो बात हुई होगी…..”

यह सब अभी खुद से कहता रहा तब तक रूही आयी एक छोटी सी सीसी लेकर जिस में दवा था घाव पर लगाने के लिए.. अभी निचे बैठा हुआ था, तो रूही को भी निचे अपने टांगों पर बैठना पड़ा अभी के सामने, और अभी को उस ऊँगली को सामने करने को कहा रूही ने…. जब रूही बैठी तो अभी रूही के टांगों को देख रहा था अपने ऊँगली को उसस्के सामने करते हुए, रूही ने देखा के अभी की नज़र उसस्के ड्रेस के निचे गए, और अपने होंठ को रूही ने दांतों में दबाते हुए कहा,

“वो सब अब बूल जाओ आप, आप के किस्मत में वो सब नहीं था शायद, आप को मौका मिला भी था मगर आप ने उस मौके को गंवा दिया…”

और रूही ने अभी के घायल ऊँगली पर फूँका, दवा लगाने से पहले तो अभी उसस्के चेहरे में देखते हुए आँखों में भरे हुए आंसू से, दर्द भरी आवाज़ में कहा,

“रूही मेरे कलेजे में भी फूक मार दो नाह यार बहोत दर्द हो रहा है वहां, नहीं सहा जाता यार…”

रूही के आँखों से जहर जहर आंसू बहने लगे और सर निचे झुकाते हुए अपनी नज़रों को चुराने लगी अभी से तो अभी ने उस्का हाथ थाम कर उस्सको रोकते हुए कहा,

“बताओ अभी कैसे मेरे इतना करीब बैठी हो जबकि वहां बस के पास मेहबूब खड़ा देख रहा है, इस वक़्त क्यों तुमको उस से डर नहीं लग रहा? अभी क्यों तुम्हें उस्का कोई खौफ्फ़ नहीं है?”

रूही वहीँ बैठी रही और पीछे मूढ़ कर अपनी माँ को एक बार देखा और बहते आंसोओं में अभी के चेहरे में देखते हुए कहा,

“अभी, आप मुझे भूल जाओ प्लीज, आप को बहोत सारे खूबसूरत लड़कियां मिल जायेंगे, मैं आप के लिए सही लड़की नहीं हूँ…”

यह कहते हुए रूही इतना रोई के अभी उस से ज़्यादा रोने लगा. अभी से रहा नाह गया और रूही से लिपटना चाहा, मगर ठीक जब अभी के बाहें रूही के तरफ हुआ रूही एक कदम पीछे हो गयी और कहा,

“नहीं अभी यह सही नहीं है, अपनी ऊँगली इधर करो मैं दवा लगा दूँ…”

अभी के गाल पर आंसू बहने लगे थे, उसस्के नाक से पानी निकल पड़े थे और उसी हाल में अभी बोलै,

“दिल पर भी दवा लगा दो नाह रूही वहां तो इस से भी ज़्यादा चोट लगी है मुझे…. किआ यार अगर मेरा दर्द नहीं देखा गया तुमसे, इतनी केयरिंग हो तो क्यों तुमसे मेरा दिल का दर्द नहीं दिख रहा? केयर करती हो मेरा तो दिल का भी केयर करो नाह रूही…”

अभी की रोने की आवाज़ निकल गयी, तो रूही ने अपने हथेली को अभी के मुंह से लगाते हुए कहा,

“स्स्स्सह्ह्हह्ह किआ कर रहे हो आप सब लोग सुन लेंगे, स्स्स्सह्ह्ह्ह छुप हो जाओ नाह”

अभी ने रूही के हथेली को चुम लिया और कहा,

“लगता है एक ज़माना हुआ तुम्हारे किसी अंग को अपने होंठ से लगाए हुए…. मुझे ऐसे मत तड़पाओ रूही, मुझको अपने सीने से लागलो नाह रूही मुझको बहुत आराम मिलेगा, प्लीज रूही, तुम्हारे जिस्म की खुशभू को अब ख्यालों में बसाया हुआ हूँ, एक बार अपने जिस्म की खुस्भू लेने दो नाह मुझे….”

रूही ने तब अभी के ऊँगली पर दवा लगाते हुए कहा, और रट हुए hi कहा,

“मैं ने कहा नाह के आप मुझे भूल जाओ….”

अभी रोटा रहा , आंसू जारी रहे उसस्के आँखों से, रुक रुक कर रट हुए और रूही के चेहरे में देखते हुए टूटी आवाज़ में कहा,

“तो क्यों मुझे किश करने दिया था, क्यों मुझको इतने बार अपने बाहों में भरने दिया था, क्यों मुझको जीब से चिढ़ाती थी, क्यों मुझसे इतने मीठी मीठी बातें करती थी, क्यों मेरे सीने पर अपना सर रखती थी, क्यों मेरे चेस्ट के बाल से खेलती थी, और कहूं रूही? और बहोत कुछ कह सकता हूँ…….”

रूही की बारी थी अब रोने की, सर झुकाये रोने लगी थी और इस बार उस्सकी आवाज़ आयी रट हुए तब तक मेहबूब वहां आगया और रूही से नाराज़ होते हुए कहा,

“तमाशा बनाना है? सब को दिखाना है? किआ हुआ है तुम दोनों को बच्चों की तरह रोने लगे हो? अपने बाप को आने दो फिर अपना तमाशा बनाना, या घर के अंदर जा कर रो लो रोना है तो, सबके सामने क्यों तमाशा बना रही हो?!”

रूही फिल्मों की हेरोइनों की तरह उठ कर भागते हुए घर के अंदर चली गयी…..

और मेहबूब ने अभी से कहा,

“अभी मैं ने तुमसे अभी कुछ देर पहले बात किया नाह? उसस्के पिता से बात कर लेना भाई क्यों इतना तमाशा कर रहे हो सबके सामने तुम?! अपने काम पर ध्यान दो भाई मुझे कल बस चलना है, इस्को रोड पर लाना है कल!”

तब तक सुनील और टोनी वहां आगये थे अभी को संभालने, मगर सुनील ने जब रूही की माँ को वहां किचन में देखा तो उस से बात करने लगा रूही और अभी के बारे में.

और टोनी अभी को लगाया बस में और वो खुद उन् लोहों को काटने चला गया. उन् लोहों से बस के निचे एक सेपरेट बॉक्स बना के वेल्ड करना था क्यूंकि उस्सको एडिशनल मेहबूब ने लगाने को कहा वहां कुछ ख़ास रखने के लिए. वैसा काम शुरू में होता है, बस फिनिशिंग पर था फिर भी वो काम किया जा रहा था जो पहले दिन किया जाता है…. अभी बस के अंदर सीट पर बैठ कर रोटा रहा कुछ देर, बाकी के सारे लोग उस के पास गए पूछने के किआ हुआ, अभी बता नहीं पा रहा था, जॉर्ज ने कहा,

“रूही के फादर को आने दो हम सब उस से बात करेंगे”

तब सईद ने जॉर्ज से कहा,

“अरे नहीं जॉर्ज, हम लोग उस से नहीं कर सकते कोई बात, हम बाहर के लोग हैं, उसस्के फादर को ऐतराज़ हो सकता है….”

अभी ने देखा के सुनील ने रूही की माँ के साथ कोई 15 मीन्स तक बात किया, और सुनील वापस बस में आया तो अभी ने उस से पूछा के किआ कहा उस्सकी मम्मी ने मगर अब सुनील बताना नहीं छह रहा था….

सुनील और अभी की इतनी अछि दोस्ती हो गयी थी, और सुनील ने कहा था के वो खुद अभी के लिए बात करेगा रूही के पेरेंट्स से, तो ऐसा किआ कह दिया था रूही की माँ ने सुनील से के अब सुनील अभी को बताना नहीं छह रहा था?

अभी सुनील से काम करते हुए पूछता गया बार बार मगर सुनील एहि जवाब देता के उसस्के और रूही के बारे में कोई बात नहीं हुई थी.

अभी को पता था के 15 मीन्स तक सिर्फ और सिर्फ अभी और रूही के बारे में hi बात किये थे सुनील और रूही की माँ ने मगर अभी नहीं समझ रहा था के अब सुनील क्यों उस्सको नहीं बता रहा था के रूही की माँ ने किआ कहा.

अभी ने पूछा,

“सुनील प्लीज बता नाह किआ उस्सकी माँ ने यह कहा के उस्सको खबर मिली के मैं निकम्मा हूँ, लज़ी हूँ, काम नहीं करता हूँ? ऐसा कहा किआ उस्सने? उस्सने मुझसे यह सब कह दिया है और मैं ने सफाई भी दे दिया है बता नाह मेरे दोस्त किआ कहा उस्सकी मम्मी ने यार!”

सुनील ने तब कहा,

“देख अभी यार, रूही की फादर ारः है नाह, तू उस से बात करना, एहि कहा उस्सकी माँ ने मुझे के बाप डिसिशन लेगा, और वो ाचा आदमी है तू आसानी से उस से बात कर लेगा मुझे यकीन है.”

अभी: “यार सुनील 15 मिनट्स तक किआ इतना hi बात किया उस्सने तुमसे? क्यों छुपा रहा है यार बता नाह? तू यह मत सोच के मेरा दिल टूट जाएगा, मुझ पर किआ बीतेगा, दिल आलरेडी चुर्र चुर्र हो चूका है मेरे भाई तू बता नाह किआ कहा रूही की माँ ने मेरे और रूही के रिश्ते के बारे में? यार रूही भी नहीं बता रही मुझको, उस्सने तो मुझे उस्सको भूल जाने को भी कह दिया यार, तो तू मत छुपा मुझसे मेरे दोस्त!”

सुनील: “रूही ने तुझको ऐसा कहा? उससे भूल जाने को कहा? अभी यह उस्सने नहीं कहा तुझे, उस से केहेलवाया गया है!”

अभी: “मुझे पता है यार रूही ऐसा नहीं कह सकती तो कौन है जो रूही को नचा रहा या रही है यार? किआ उस्सकी माँ ने रूही को मुझसे दूर किया? किआ वही नचा रही है रूही को? मगर क्यों यार?!”

सुनील ने बात बदलते हुए फिर कहा,

“तू रूही के पिता से बात करना भाई सब ज़रूर ठीक हो जाएगा, फ़िक्र मत कर तू अभी!”

अभी लापरवाह के जैसे काम करता गया. उस्सको लगता था वो गिर्र पड़ेगा, उस्सको खुद को संभालने की ताक़त नहीं थी…..

कुछ देर बाद रूही की बड़ी बेहेन और उस्सकी हस्बैंड आये, सब तैयार थे एयरपोर्ट से रूही के पिता को पिक उप करने के लिए. आज पहली बार अभी ने रूही की बड़ी बेहेन को देखा था. वो बिल्कुल भी रूही जैसी नहीं दिखती थी. थोड़ी खड़ूस दिखी वो अभी को. 2 छोटे बच्चों की माँ थी, थोड़ी सी मोती थी और नाती थी, रूही से भी कद में छोटी थी. अभी को नहीं पता था कौन हैं उस्सको सुनील ने बस में कहा के रूही की बड़ी बेहेन आरही है.

जिस वक़्त वो आयी तो अंदर रूही रो रही थी क्यूंकि वो अभी से दूर होने के बाद ऊँगली पर दवा देने के बाद अंदर रोटी रही, बड़ी बेहेन को पता चला सारे माजरा तो वो भी आयी थी स्टैर्स पर अभी को देखने. सुनील ने अभी से कहा,

“देख उस्सको सब पता चल गया, अब वो भी तुमको देखने आयी है वो जानना चाहती होगी के उस्का to-be brother-in-law कौन है कैसा है…..”

और वहां से बस में उतने सारे लोग थे तो बेहेन को कैसे पता चलता के इन सब में से अभी कौन है, तो उस्सने सुनील को बुलाया. सुनील गया उस से बात करने स्तैर के पास और वहां से सुनील ने अभी को इशारा किया बस के बाहर आने को ताके रूही की बेहेन उस्सको देख सके….

अभी बस से निकला और कुछ देर बाहर खड़ा रहा ताके रूही की बेहेन उस्सको देख सके… लगता था अभी की नुमाईश किया जा रहा था!

अब सोचने की बात है के अभी उस वक़्त अपने काम करने वाले गंदे कपड़ों में था, उस्का लुक एक ग़रीब नौकर जैसा दिख रहा होगा…. इम्प्रेस करने के लिए सिर्फ अभी का हाइट और गोरा रंग था… तो रूही की सिस्टर को बेशक अभी चाह नहीं दिखा होगा और उस्सकी राये लेना होता तो वो 100% नाह कहती यह सूरे था.

कुछ देर बाद रूही की सिस्टर और उस्सकी माँ बस के पास आये थे तो अभी ने रूही की माँ से पूछा

“यह आप की बेटी है!”

रूही की माँ ने मुस्कुराते हुए कहा,

“हाँ एहि है रूही की बड़ी बेहेन मेरी पहली बेटी”

तो अभी ने उस्सको सर झुकाते हुए hello किया

रूही की माँ ने उसस्के सामने अभी से कहा,

“और यह सिगरेट बिल्कुल चोरर्ण होगा हमेशा के लिए समझे?”

अभी ने कहा,

“इस बारे में रूही से बात हो चुकी है आप फ़िक्र नाह करें हमेशा के लिए hi चोर दूंगा, रूही से पूछ लेना के कब”

अभी को ाचा लगा के रूही की माँ ने जताते हुए उस से वो बात कही और वो भी रूही की बड़ी बेहेन के सामने, लग ऐसा रहा था उस वक़्त के माँ अपनी बड़ी बेटी को लेकर अपने नए होने वाले जमाई को मिलाने आयी थी…. वो अभी को बहोत अच्छा लगा…

फिर तुरंत मनोज, रूही की माँ और दामाद चले गए एक कार में एयरपोर्ट से रूही के पिता को पिक उप करने.

रूही, उस्सकी बड़ी बेहेन और महेश नहीं गए थे… अभी खुश था के रूही नहीं गयी और वो उस्सको कुछ देर और देख पाएगा अगर वो सामने आयी तो…. चिठ्ठी में अभी ने रूही से कहा था के अपने पिता के वापस आने की ख़ुशी में मुझको नाह भूल जाना…. और अब लग रहा था के बिल्कुल वही होने जा रहा था. सब वहां बहोत थ्रिल्लेद थे रूही के पिता को रिसीव करने के लिए, उस घर में काफी हलचल था उस वक़्त.

रूही की डैड शाम 6 बजे घर आये. सब एक एक करके उस से मिल रहे थे आँगन में hi….. अभी रूही को देख रहा था उस्सको पता था के रूही रोयेगी, और वो अपने पिता को सबके गले मिलते हुए देख कर कड़ी रो रही थी, और अभी उस्सको देखे जा रहा था…..

रूही के पिता अपने छोटे भाई, और बेटों से गले मिल रहा था, कोई रो रहा था तो कोई उसस्के पीठ थपथपा रहा था, महेश रोने लगा उस से गले मिलने से, वो आखरी छोटा बीटा जो था… और आयी बारी रूही की अपने पिता से गले मिलने की तो उसस्के चाँद आंसू के करते गिरे, अभी ने सोचा सिर्फ पिता के लौटने की वजह से रो रही है या अभी को भी याद कर रही है , अभी से जुड़ा होने के घूम में भी रो रही है….. और अभी ने देखा रूही अपने पिता के सीने से लगी हुई तो थी मगर कम से कम 7 बार रूही की नज़रें अभी पर गए थे उस दौरान….

तो बे कॉन्टिनोएड…. (3829 वर्ड्स)
 
अपडेट 36 ईव ऑफ़ थे लास्ट डे

अभी ने सोचा सिर्फ पिता के लौटने की वजह से रो रही है या अभी को भी याद कर रही है , अभी से जुड़ा होने के घूम में भी रो रही है….. और अभी ने देखा रूही अपने पिता के सीने से लगी हुई तो थी मगर कम से कम 7 बार रूही की नज़रें अभी पर गए थे उस दौरान….

अब आगे….

रूही का रोना जैसे रोना नहीं था, अभी ने सोचा के अगर वो रूही की जगह होता तो इतना रोटा अपने पिता से 3 साल बाद मिलने पर के रुकता hi नहीं, और रूही की उस तरह से रोने से अभी को लग गया के रूही उस से बहुत कम इमोशनल है, अभी रूही से बहुत ज़्यादा इमोशनल और सेंटीमेंटल था अभी ने खुद से कहा.. मगर फिर अभी ने याद किया के कितना रोई थी उस इन रूही जब अभी ने उस्सको बाहों में भाड़ा था….. और अभी कुछ देर पहले जब मेहबूब ने डांटा था दोनों को तब कितना रोई थी फुट फुट कर अभी के साथ… तो आज पिता से मिलने के बाद क्यों वो नहीं रोई? हाँ शायद बहोत रो चुकी थी कुछ देर पहले अभी के साथ और वापस घर में भाग गयी तो जाकर खूब रोई होगी, सारे आंसू सुख गए होंगे….

और थोड़ी देर बाद जब रूही के फादर घर के अंदर चला गया तो अभी ने देखा के रूही उस्सको देख रही है टेरेस पर कड़ी, उस्सकी बड़ी बेहेन उसस्के साथ थी. अभी ने सोचा अब कैसे उसस्के पास कड़ी है? सोचा के शायद उस्सकी बड़ी बेहेन साथ है इस लिए, अभी के पास आगयी है…. और अचानक रूही की बड़ी बेहेन ने अभी को इशारा किया…. अभी नहीं समझा तो पूछा किआ कह रही है तो बड़ी बेहेन ने कहा उस्सको मतलब रूही को कुछ कहना है… अभी बहोत खुश हुआ और टेरेस पर गया पूछने के रूही किआ कह रही है. रूही ने नार्मल तरीके से कहा,

“आज लास्ट दिन है आप का यहाँ या कल फिर आना होगा!”

अभी को एक बात याद आयी और कहा,

“क्यों बाला ताल जाएगा अगर मेरा आना एन्ड हुआ तो?!”

रूही ने कहा,

“आपने आज तक उस बात को दिल से लगाया हुआ है अभी?”

अभी ने एक गहरी सांस लेते हुए कहा,

“तुम्हारी कौन सी बात को मैं ने दिल से नहीं लगाया है रूही? किसी दिन तुमको दिखाऊंगा या पढ़ने को दूंगा तब पढ़ लेना के तुम्हारे किश किश चीज़ को मैं ने दिल से लगाया हुआ है”

रूही की बड़ी बेहेन अभी को ऊपर से निचे देख रही थी बिना मुस्कराहट के, बिना किसी भी फीलिंग या इमोशन के, लगता था वो समझने की कोशिश कर रही है के अभी सही लड़का है या नहीं रूही के लिए. तो रूही मूढ़ कर अपनी बड़ी बेहेन को देखते हुए उस से कहा,

“देखा न दी, ऐसे hi बात करता है, इतना तेज़ है के पूछो मत, माँ भी इनसे कभी नहीं जीत सकती, हे इस तू इंटेलीजेंट.”

तो अभी ने रूही से कहा,

“चाह थोड़ी देर में तुम्हारे पापा से बात करने आऊंगा, काम एन्ड होने के बाद, वाश कर लूंगा तब okay… तुम साथ डौगी नाह, कहीं तुम्हारे पापा यह नाह समझे के मेरा प्यार एक तरफ़ा है कहा था नाह मैं ने खत में?!”

रूही पहले अपनी बेहेन को देख कर मुस्कुरायी, तब अभी को देख कर हंसी, फिर अपने चेहरे पर एक सिकंजह लेट हुए कहा,

“उफ़ इसी लिए मैं पूछने आयी के आज काम एन्ड होगा या नहीं, no, अभी मेरे पापा से कुछ नहीं कहना है, मैं नहीं चाहती के आप उस से अभी कुछ भी कहो!”

अभी पूछने hi जा रहा था के क्यों तब तक रूही की बड़ी बेहेन ने अभी से कहा,

“वो अभी अभी आये हैं थके होंगे और इतनी बड़ी बात उन् से कहना चाह नहीं लगेगा, कल आप बात कर लेना!”

अभी ने कहा,

“और अगर आज काम एन्ड हो गया, तो मैं कल सिर्फ उन् से मिलने के लिए आ सकता हूँ नाह?!”

रूही ने खुद कहा,

यस ऑफ़ कोर्स आप आ सकते हो किश ने मन किया आप को?!”

अभी ने तुरंत कहा,

“याद रखूँगा इस बात को”

रूही ने हंस दिए तब अभी ने फिर कहा,

“अब अगले 24 हॉर्स के बीच तुम्हारे पापा के कान भरे जा सकते हैं मेरे खिलाफ, तो अगर उस्सको एक्सेप्ट भी करना होता तब न करेगा, और अगर अभी इस से पहले के उससे कोई कुछ कहे, मैं सीधा जा कर बात कर लूँ तो बहुत बेहतर होगा मेरे ख्याल से…”

रूही की बड़ी बेहेन ने कहा,

“आप ने किआ ग़लत किया है जो कोई आप के खिलाफ कुछ कहेगा? किआ आप ने कोई ग़लत काम किया है? नहीं नाह? तो कौन कुछ भी कह सकता है मेरे पापा को आप के खिलाफ?!”

अभी ने कुछ नहीं कहा तब तक टोनी ने अभी को हेल्प के लिए बुलाया तो उस्सको जाना पड़ा और दोनों अंदर चले गए.

मगर अभी को सही नहीं लग रहा था के कल तक बात को रोके, वो रूही के फादर से इसी वक़्त बात करना चाहता था, इस लिए कुछ देर बाद रूही की माँ दिखी तो अभी उस से पूछने गया और कहा,

“मैं अब अत हूँ रूही के पापा से बात करने आऊं किआ?!”

रूही की माँ ने कहा,

“अरे हम लोग रूही की नानी के यहाँ जा रहे हैं वो बीमार है नाह, रूही के पापा उस्सको देखने जा रहे हैं अभी इसी वक़्त.”

रात 7.30 को एक्सटेंशन इलेक्ट्रिक वायर में बल्ब लगा कर काम कर रहे थे अभी और टीम. सब समझ रहे थे के रात के बारह बजे तक सब काम एन्ड हो जायेंगे इस लिए कम्पलीट करना चाहते थे. ये पहली बार था के इतना देर रात को भी काम जारी था बस में. और अभी ने देखा के रूही का बाप और बाकी के लोग जा रहे हैं उसस्के नानी के घर कार में. रूही भी जा रही थी. उस्सने एक नयी ड्रेस पहनी थी जिस्सको आज पहली बार अभी देख रहा था, इस से पहले रूही ने कभी नहीं पहनी थी वो ड्रेस. कमाल की खूबसूरत दिख रही थी, क़यामत लग रही थी और अभी पागल होने लगा था उस्सको उस तरह देख कर…. रूही ने जाते जाते कई बार अभी के तरफ देखा, वार्ना उस्सको पता था शायद के अभी बाद में कहता के तुमने जाते हुए मुझको एक नज़र भी नहीं देखा. अभी भी उसी को गहरे जा रहा था, फिर ज़ोर से अभी “प्यार करते हैं हम तुम्हें इतना” विस्सल करने लगा.

फिर बस के अंदर मनोज पेंट कर रहा था छोटे छोटे जगहों पर एक पेंट ब्रश से. सुनील ने उस्सको वो करने को कहा था, जिस जिस जगह पर एयर होल्स जो सिलिंग्स में होता है, अभी फिक्स कर रहा था, सभी उन् जगहों के निचे मनोज पेंट कर रहा था, इस लिए मनोज और अभी एक साथ काम कर रहे थे. इतनी जल्दी थी सब कुछ फिनिश करने के लिए फॅमिली के सारे लोग हेल्प कर रहे the…To अभी ने मनोज से पूछा,

“तुम अपने नानी को देखने नहीं गए?”

मनोज ने मुस्कुराते हुए कहा,

“नहीं मैं नहीं गया, मेरी माँ, पापा और बेहेन गए…”

जब ‘बेहेन’ वर्ड कहा मनोज ने तो हँस्ते हुए अभी के चेहरे में देखा तब कहा, “रूही गयी है साथ”

अभी ने मुस्कुराते हुए सोचा,

“साले को पता है के मैं रूही को चाहता हूँ इसी लिए हंस कर रूही का नाम अलग से लिया बेहेन कहने के बाद”

तब अभी ने पूछा,

“काफी दूर गए हैं नाह? बहुत लेट वापस आएंगे नाह?”

मनोज ने फिर हँस्ते हुए कहा,

“नहीं ज़्यादा लेट नहीं आएंगे, तुम यहीं होंगे, उन् से मिल पाओगे, वह लोग वापस आजायेंगे देख लेना…”

अभी को पक्का यकीन हो गया के मनोज को सब कुछ पता है रूही और उसस्के बारे में.

और मनोज ने यह भी कहा अभी से,

“मैं ने बाकी के रोल्स डेवेलोप करने को दे दिया है, कल फोटोज मिल जाएंगे वो तुमको दे दूंगा कल hi, okay, और आखरी एकांत पिक्स जो लूंगा रोड पर वो फिर कभी किसी तरह तुम तक पहुंचा दूंगा.”

डिनर मेहबूब के घर किया अभी और टीम ने. और रात को काम जारी रहा बस में. अभी प्रे करने लगा के रूही वापस आजाये अभी के वापस जाने से पहले…. रात को आज तक कभी काम नहीं किया था उस आँगन में अभी ने…. और माहौल कुछ ऐसा था के अभी को वो रात याद आने लगी जिस रात को वो रूही के घर पर रुका था…. इस आँगन में इस बस के पीछे किश किये थे दोनों ने ऐसी hi रात के अँधेरे में…. वही फ़िज़ा थी, वही खुस्भू थी बाहर के हवाओं में, और अभी को रूही की बाहों की खुशभू याद आयी, उस्सकी जाकर में जो कोमलता था वो याद आया, किश तरह उस रात को रूही ने कपडे चेंज किये थे उसस्के सामने वो याद आया अभी को और वो तड़पने लगा रूही के लिए…..

अभी रूही को देखना चाहता था, उस्सको बाहों में फिर भरने की चाह जगी अभी के अंदर, उस्का दिल रूही को याद करने लगा और अभी ने आस्मां के तरफ सर उठा कर कहा,

“ेय ऊपर वाले, ेय ज़मीन आसमान बनाना वाले, ेय चाँद सितारे बनाने वाले, भेज दे मेरी रूही को मेरा पास, मेरा दिल मचलने लगा है उस्सको देखने के लिए”

दुः तुरंत क़ुबूल हुई और कार ने आँगन में एंट्री ली, रूही कार से उत्तरी अपने पेरेंट्स के साथ. रात के 10.30 हुए थे. कार ठीक अभी के बगल में रुकी, और जिस जगह रूही को कार से उतरना था वो ठीक अभी के साइड में था…. क्यूंकि अँधेरा था, किसी को दीखता नहीं तो अभी ने रूही का हाथ पाकर लिया…. रूही छुड़ाने की कोशिश कर रही थी मगर अभी चोरर नहीं रहा था इस लिए रूही को खामोश वही खड़ा रहना पड़ा वार्ना कोई भी देख लेता के वो अभी के हाथ से अपना हाथ छुरा रही है, मगर यह सिर्फ कोई 15 सेकण्ड्स तक हुआ क्यूंकि तब तक उस्सकी माँ भी कार से निकली और अभी को रूही का हाथ चोरर्ण पड़ा….

अस्सल में अभी ने सोचा था सबके सामने रूही को अपने बाहों में कस्सके भर लेने को, सबके सामने, मेहबूब के, उस्सकी माँ के, रूही के पिता के, मनोज के, महेश के, रूही की बेहेन और बेहनाय के सामने रूही को कसके अपने बाँहों भरकर एलान करने को के वो रूही से बेइंतेहा प्यार करता है और आज इसी वक़्त उसस्के पिता से उस्का हाथ मांगता है शादी के लिए…. अभी एक विज़न जैसे कर रहा था, जैसे फिल्मों में फ्लैशबैक आते है नाह, वैसे अभी खुद उस सन को अपने ख्यालों में देख रहा था उस वक़्त रूही का हाथ चौररने के बाद.

और जब रूही का हाथ चोरर दिया अभी ने, तब तक उस्सकी माँ निकली कार से, रूही ने अपनी कलाई मसलते हुए अभी को तिरछी नज़र से देखा और उस्सको जीब से चिढ़ाते हुए घर के तरफ जाने लगी, और रूही की माँ ने अभी से कहा,

“अभी इतना लेट काम कर रहे हो आज? फिनिश नहीं हुआ किआ?”

अभी ने जवाब दिया,

“हाँ देखा नाह रात के 11 बजने को है और काम कर रहा हूँ और पता नहीं कौन आप के कान भर रहे हैं के मैं निक्कम्मा हूँ… नहीं फिनिश नहीं हुआ लगता है कल भी आना पड़ेगा, और कल पक्का लास्ट डे होगा इस बस में काम की!!”

अभी को तो बहोत ख़ुशी हो रही था के उस्सको और आना पड़ेगा उस आँगन में काम करने को कल भी.

रूही की माँ ने टेरेस पर रुकते हुए अभी को हाथ के इशारे से बुलाया, वो गया उस से बात करने और बस के अंदर से मनोज अपनी माँ को अभी से बात करते हुए देख कर हंस रहा था, और रूही लाउन्ज में कढ़ी देख रही थी अब तक अपने कलाई को मसलते हुए जहाँ अभी ने ज़ोर से उस्सको पकड़ा था जब वो कार से निकली थी तो, और अभी को इशारे से दिखा रही थी के अभी के पंजे का निशाँ बन गया है रूही की कलाई पर, रूही ने मुंह बनाते हुए अपनी कलाई अभी को दिखाया और जैसे अपने नज़रों से कह रही थी, “देखो तुमने मेरे कलाई पर निशाँ बना दिया अपने पंजे का, कितना ज़ोर के पकड़ा था मेरी कलाई को!”

और रूही की माँ ने अभी से कहा,

“अभी मुझे अफ़सोस है के मैं तुमको नाह कहती हूँ अब रूही के लिए फाइनल वर्ड है NO!”

अभी की आवाज़ नहीं निकली…. वो खामोश रहा और रूही को देखता रहा लाउन्ज में, फुल लाइट्स थे रूही पर, चमक रही थी अपनी नयी ड्रेस में, चेहरे पर जैसे एक नूर थी रूही के, और अभी उसकसो देखते हुए सोच रहा था के किआ यह हूर, यह पारी मेरी नहीं होगी? ऐसा हो नहीं सकता, कल तो इस्सके पापा से मैं बात करके hi रहूँगा चाहे कुछ भी हो जाए.”

काम जारी रहा रात के 00.30 तक. अभी रात को भी रूही के घर के तरफ देख रहा था, और अपने गाने की तूने की सीटी बजा रहा था, इस उम्मीद से के रूही सोई नहीं होगी, इस लिए के वो इस वक़्त तक काम रहा थे और रूही सुनें और बाहर आकर उस्सको देखे….. मगर वो तो सपनों में अभी को सीटी बजाते हुए देख रही होगी उस वक़्त.

सुबह के 1 बजे अभी और टीम को एक कार घर वापस चौररने गया, कार को मेहबूब ने रेंट किया था.

सुबह 3 बजे तक अभी ने सब कुछ लिखा अपने डायरी में और लास्ट लाइन को बोल्ड में यह लिख ककर डायरी को बंद किया,

“टुमारो इस थे लास्ट डे ी विल वर्क तेरे. ी होप तो के बैक हेरे टुमारो एंड व्रिठे तहत RUHI’S पेरेंट्स एक्सेप्टेड एंड नाउ रूही इस माइन.”

तो बे कॉन्टिनोएड….
 
पता चल जाएगा भी नाह क्यों हो रहा hai....dhire धीरे सब समझ में आएगा....

मगर सब एक्सएक्ट और सही में किआ हुआ था वह सब लास्ट के उपदटेस में पता चलेगा

थैंक्स भाई अप्प्रेसिअशन के लिए
 
दिल की गहराई से आप का शुक्रिया ऐडा करता हूँ विक्रम भाई इतनी अछि और डिटेल्ड रिव्यु के लिए

मुझे ख़ुशी है के आप को अपडेट पसंद आया

और आप ने काफी हद तक सही सही अंदाज़ा लगाया है सिचुएशन का और अभी और रूही के बारे में जो लिखे आप ने क्लोज तो रियल है

बहोत शुइकरिया विक्रम भाई

आप के रेविएवस का इंतज़ार रहता है मुझे आप काफी पोइचे हो अभी :डी
 
अपडेट 37 थे लास्ट डे & नाईट इन Ruhi’s आँगन

वेडनेसडे 24तह दिसंबर – क्रिसमस ईव.

अभी ने इस दिन के लिए अपनी डायरी में लिखा है:

आईटी है बीन थे लास्ट एंड वर्स्ट डे एंड नाईट इन Ruhi’s यार्ड.

सुबह सुबह रूही की माँ अभी के साथ हंस रही थी. और अभी को रूही नज़र आयी किचन के अंदर. आज रूही एक नयी निघ्टड्रेस में थी. एक खूबसूरत निघ्टड्रेस जो सफ़ेद थी और उस पर बड़े बड़े रेड, ब्लैक और ग्रीन डॉट्स थे. रूही दादा जी के आर्मचेयर पर बैठी हुई थी.

अभी ने उस्सकी माँ से बात की. और उस औरत ने इस बार कहा,

“सॉरी अभी, रूही के पापा ने उस्सको इस बार अपने साथ सऊदी अरबिया लेजाने का फैसला किया है!!”

अभी को इतना ग़ुस्सा आया के उस्का मैं किया के उस्सको गालियों से नेहला दे उसी वक़्त. अभी ने सोचा इसी लिए वो कल hi रूही के बाप से बात करना चाहता था इस से पहले के रूही की माँ खुद कोई बहाना बना कर अपने पति के मुंह में कोई बात खुद नाह दाल दे…. अभी समझ गया के कल रात को रूही की माँ ने खुद सब कुछ बता दिया होगा अपने पति को के अभी रूही से प्यार करता है मगर उस्सको रिश्ता नहीं पसंद क्यूंकि उस्सको अभी का काम नहीं पसंद, तो अपने पति से कह दिया होगा के आज वो लड़का आप से रूही का हाथ मांगेगा तो आप मन कर देना…..

अभी इसी लिए नहीं चाहता था के कोई और रूही के पिता से बात करे इसी लिए वो सबसे पहले बात करना चाहता था रूही के पिता से कल रात को…..

अभी सब कुछ अपने दिमाग़ में रिवाइंड करते हुए सोच रहा था और समझने की कोशिश कर रहा था के जिस दिन रूही गयी थी अपने नानी के घर तभी से रूही बेरुखी से पेश आने लगी अभी के साथ, और कल रात को इसी बात के लिए रूही के पापा को भी लगाए सब वहां और इसी बारे में बात किये गए होंगे और सबने मिलकर डीडे किया होगा के अभी को यह जवाब दे दिया जाए के रूही के पिता रूही को अपने साथ लेकर जा रहा है इस बार….. अभी को पूरी फिल्म दिख गयी उसस्के दिमाग़ में… तो अभी ने रूही की माँ से कहा,

“कोई मुझको लाखों रूपए भी देदे नाह तो मैं यकीन नहीं करूँगा? सऊदी अरबिया में कोई अपनी बेटी को लेजाता है? लड़की को? उन् वेह्शी, ठरकी अरब लोगों के बीच? आप मुझको उल्लू समझते हो नाह आंटी? ठीक है वही समझिये आप मुझे….”

रूही की माँ ने कहा,

“तुम खुद पुछलो अगर यकीन नहीं है तो!”

अभी: “पूछूंगा तो अब वो तो एहि कहेगा नाह? सब मिले हुए हैं इस में कोई शक नहीं, जो आप ने उस्सको कहने को कहा वही कहेगा वो…. ज़ाहिर सी बात है.”

दिन भर अभी रन्झ ो घूम में रहा. उस्सकी मानसिक स्तिथि नार्मल नहीं रहा दिन भर….. उस्सको सांस लेने में तकलीफ होता रहा बार बार….. रूही दिखी उस्सको कई बार मगर बात करना नामुमकिन था….

और दिन के 2.30 को अभी को पता चला के रूही की बड़ी बेहेन उस्सको अपने साथ लेकर जा रही है, रूही अपनी बेहेन के घर कुछ दिनों को बिताने के लिए जा रही थी…. अभी को ज़बरदस्त झटका लगा ये खबर सुनकर…. उस्का उस आँगन में आखरी दिन था और वो चाहता था के रूही को वो जी भर के देखे और मौका मिलने पर उस से बात करे अपना प्यार का वास्ता दे रूही को…. मगर जब सुना के रूही जा रही है तो अभी जैसे टूट गया… फ़र्ज़िना ने अभी को बताया के रूही अपनी बड़ी बेहेन के साथ जा रही है, अब पता नहीं के रूही ने खुद फ़र्ज़ीनः को यह कहने लिए भेजा था या नहीं, अभी को शक था के खुद रूही ने hi फ़र्ज़ीनः को कहा था अभी को जाकर बताने के लिए के वो जा रही है…. अभी को शकक लगा, शॉक पर शॉक, दर्द पर दर्द, अभी की सेहेन शक्ति कम होते दिखाई diye….magar उस्सको अभी और भी बड़ा शॉक झेलना बाकी था…

बस के अंदर से रूही की खिड़की दीखता था, और रूही बाल बनाते हुए दिख रही थी, जैसे रूही जान बुझ कर अभी तो दिखा रही थी ताके अभी को पता चले के वो जा रही है. अभी के पास एक hi मौका और एक hi रास्ता था के वो वहां जाए उस खिड़की के पास और एक आखरी बार वहां से रूही से बात करे…

अभी ने काम को मारा गोली और गया रूही के खिड़की के पास…. उस्सने देखा रूही ने उस येलो सूट को पहना हुआ था जिस में उस दिन अपनी माँ के साथ अपनी नानी के यहाँ गयी थी, हलकी सी मेक में थी और क़यामत लग रही थी… उस्सकी माँ वहीँ थी और रूही खुदको आईने में देख रही थी बाल बनाते हुए…. अभी ने एक बुक दिया था रूही को कोई 20 दिन पहले, तो अभी ने कहा,

“हे रूही, मेरा किताब….” अभी की आवाज़ नहीं निकल रही थी… रूही ने नहीं सुना और उस्सक्कि माँ ने रूही से कहा,

“वो अपना किताब मांग रहा है रूही”

रूही ने थोड़ा चहूंकते हुए कहा,

“अरे हाँ, मैं तो बिल्कुल hi भूल गयी थी के एक आप की किताब मेरे पास है इतने दिनों से, सॉरी अभी लायी!”

रूही ने उस बुक को अभी को वापस किया.

अभी बहोत बहोत उदास tha,wo कमज़ोर दिख रहा था, लगता था बीमार है. फिर भी अभी ने पूछा,

“रूही किआ डीडे किया तुमने?!”

रूही ने कहा,

“बे पेशेंट अभी!”

अभी ने एक गहरी सांस लेते हुए कहा,

“अभी इसी वक़्त तुम मुझसे ऐसे बात कर रही हो जैसे हम अजनबी हैं, तुम जैसे बदल गयी हो, जैसे तुम मेरी रूही नहीं कोई और हो, क्यों रूही, कल तो इतना रोई थी जब मुझे चोट लगी थी नाह, तब भी तुम नहीं समझी मेरे दिल का हाल रूही?”

रूही ज़ोर से हंसी…. वो एक हंसी नहीं थी कुछ और था, वो अभी को और ज़्यादा हर्ट करने की एक तमाचा था अभी के गाल पर.

रूही ने तब एक च्युइंग गम के दो टुकड़े किये और एक तड़का अभी को दिया और दूसरा टुकड़ा अपने मुंह में ले लिया….. वो च्युइंग वो था जो रूही चबाती थी जब अभी को पीछे किश करने जाती थी…. एक दिन रूही एक च्युइंग चबः रही थी और रूही को किश करते वक़्त, अभी ने रूही के मुंह से उस्सकी च्युइंग गम को अपने मुंह में ले लिया था….. उस रोज़ दोनों ने फिर च्युइंग गम पर बात किये थे और उस दिन को भी रूही ने ऐसे hi एक तड़का च्युइंग गम दिया था अभी को….. और आज अपनी माँ के सामने उस्सने वही किया…… क्यों ऐसा किया था रूही ने? क्यों पुराने यादों को ताज़ा कर रही थी अब?! मगर अभी को पसंद आया था के रूही ने उस्सको आधा च्युइंग गम दिया….

अभी का रूही के साथ यह आखरी कन्वर्सेशन हो रहा था. अभी के समझ में नहीं ारः था के अब वो रूही से किआ कहे. सब कुछ जैसे उलट फुलत हो गया था, सब बिगड़ गया था, जो कुछ अभी ने सोचा था कुछ भी वैसा नहीं हो रहा था सिर्फ इस लिए के रूही तो जा रही थी…. उल्टा अभी ने सोचा था आज वो खुद जाएगा, आज उस्का लास्ट दिन होगा वहां और उस्सने बहोत कुछ सोचा था के काम फिनिश करने के बाद वो रूही से बात करने जाएगा चाहे घंटों भर hi क्यों नाह सही मगर आज वो अपने दिल का हाल बयां करता रूही से, उसके पेरेंट्स से, सब से रोकर रूही का हाथ मांगता मगर अब रूही hi नहीं रहेगी तो किआ करेगा…. अभी के पास अब शब्द नहीं बाकी था कहने के लिए….

अभी सोच रहा थे के सिर्फ रूही यह कह देती के वो अभी से प्यार करती है और उस से शादी करना चाहती है तो कोई इंकार नहीं करते. मगर अब तो लग ऐसा रहा था के रूही खुद नहीं चाहती थी क्यूकने वो बुसस वो बुसस “नहीं, NO,” कहती जा रही थी.

अभी ने रूही से कहा,

“अब ‘NO’ कह रही हो रूही, किआ क्रिसमस का तोहफा दिया आज तुमने मुझको रूही!”

रूही ने चेहरे पर बिना कोई अफ़सोस या घूम दिखाते हुए कहा,

“ी ऍम वैरी सॉरी फॉर यू अभी”

अभी ने कहा,

“किआ तुम अपने पापा से नहीं कह सकती के तुम भी मुझे चाहती हो?!”

रूही ने फेक मुस्कान में जवाब दिया,

“मगर मैं खुद देश चोरर रही हूँ नाह अभी!”

अभी ने कहा,

“Okay मैं इंतज़ार करूँगा तुम्हारे लौटने का.”

तब रूही की बड़ी बेहेन ने कहा,

“कब तक? आप कब तक इंतज़ार करोगे इस्सके?”

अभी: “100 सालों तक!”

बड़ी बेहेन खामोश हो गयी.

अभी ने रूही की माँ से रूही की फादर को बुलाने को कहा. रूही की माँ ने उससे बुलाया, बाप आया और सच में एक हसमुख चेहरे वाला इंसान था, वो आकर रूही की बीएड पर बैठा अभी को देखते हुए, और अभी ने उस्सको समझाया, के वो और रूही कितना एक दूसरे से प्यार करते हैं….. जब अभी सब कह रहा था रूही के पिता से उस वक़्त रूही आईने के सामने कड़ी खुद को संवार रही थी मगर बार बार अभी को भी देख रही थी उस्सको उस्सकी पिता से बात करते हुए….

रूही के पिता ने अभी को जो जवाब दिया वो 100% फेक था, जिस्सको सुनकर अभी समझ गया के वो सारे बातें बनावटी थे और रूही की माँ ने वो सब कहने के लिए कहा था उस्सको. बाप ने अभी से कहा,

“देखो मैं पहले से प्लान कर चूका हूँ के रूही को अपने साथ लेजा रहा हूँ इस बार, और फिर उस लड़के को हम ने ज़ुबान दे दिया है वो फ्रांस में है और वापस आकर रूही को लेजाएगा!”

तब रूही ने अभी के तरफ देखते हुए कहा,

“देखा? मैं ने कहा था मगर आप यकीन नहीं कर रहे थे!”

अभी ने अपने दिल के अंदर खुद से कहा,

“तू भी झूटी है रूही, जिस दिन तुमने अपनी विर्जिनिटी वाली बात बतायी थी तब तो कहा था के वो सारे अब्रॉड वाले लड़के वाली बातें झूट थे, और अब कह रही हो के सच है…”

फिर अभी ने रूही के पिता से कहा,

“देखिये अगर मैं आप से कहूं के मैं वेट करूँगा, के इस बार जब आप रूही के साथ वापस आओ तब आऊंगा, चाहे और 3 साल लग जाये मैं रूही का इंतज़ार करूँगा तो?”

बाप ने कहा,

“मगर रूही को वो फ्रांस से लेने आएगा नाह, हम ने उस्सको पहले ज़ुबान दे दिए हैं!”

रूही ने तब अभी से अपने दोनों एएब्रोस उचकाया कुछ इस तरह के जैसे अभी हार गया और वो और उसस्के पिता जीय गए, और फिर रूही ने कहा,

“देखो अभी, आप को बहोत सारे खूबसूरत लड़कियां मिल जाएंगे, आप हैंडसम हो, इंटेलीजेंट हो, तेज़ हो, मैं कोई रानी महारानी नहीं, मुझ में कुछ ऐसा नहीं है के आप को सिर्फ मैं hi चाहिए, मैं बहोत बुरी हूँ पूछो मेरी माँ से के मैं कितनी बुरी लड़की हूँ!”

रूह की माँ ने तुरंत रूही की बात पर हामी भरते हुए कहा,

“हाँ रूही बहोत hi बुरी लड़की है”

अभी ने उस्सको तुरंत जवाब दिया,

“मैं रूही को किसी तरह से भी एक्सेप्ट करता हूँ!”

उस्सकी बड़ी बेहेन ने कहा,

“आप वेट करते करते थक जाओगे, बोर हो जाओगे और आप को कोई और मिल जाएगी देख लेना!”

अभी के होंठ थरथराने लगे थे क्यूंकि उस्सको अब दिख गया था के रूही तो हाथ से गयी अब…. उसस्के आँखों से पानी बहने hi वाला था, के अभी ने सर निचे झुकाया…. रूही को पता चल गया के अभी अब रोने वाला है, तो उस्सकी भी आँखें बढ़ आयी, माँ, बाप, बड़ी बेहेन सब अभी के चेहरे में खामोश ग़ौर से देख रहे थे, सब को पता था वो टूट चूका है और अब रो पड़ेगा…

अभी ने सर झुकाये हुए hi कहा,

“okay”

और मूढ़ गया जाने के लिए, तो रूही की माँ ने उस्सको आवाज़ दी, अभी वापस मुद्दा, अपने चेहरे को उस किताब से छुपाते और आँख पोंछते हुए,

रूही के पापा ने कहा,

“ग़ुस्सा मत होना, सॉरी.”

अभी ने कहा,

“कोई बात नहीं”

सब के नज़रें अभी के चेहरे पर थे, सब को पता था अभी को झटका लगा है और उस्सको बहोत दर्द हो रहा होगा, सब को अभी के चेहरे में वो घूम, वो दुःख दिख रहा था, सब को पता था अभी के आखें भर आये हैं, और सब को यह भी पता था के अभी अपने इमोशंस को छुपाने की कोशिश कर रहा है और बुक से अपना मुंह छुपा रहा है….. रूही का brother-in-law खुद अभी को उस तरह से टूटते हुए देख कर हैरान था और अभी के चेहरे में बहोत दर्द भरे चेहरे से देखे जा रहा था….. रूही की बड़ी बेहेन के आँखें भर आये, रूही की माँ के आँखें भर आये…. मगर इस बार रूही की आँखें नहीं बरी थी, और रूही ने अभी से कहा,

“लुक अभी, ी ऍम रियली वैरी सॉरी फॉर यू, ी मैंट आईटी, माय हार्ट फीलस आईटी फॉर यू अभी. विश यू मच करेज एंड पेशेंस अभी.”

अभी ने रूही को हलकी सी मुस्कान से देखा और टपकते आंसूओं से उसस्के चेहरे में देखते हुए कहा.

“थे डिसेप्शन डस एक्सिस्ट राइट? सो, इतस okay, नेवर मंद रूही, यू बे हैप्पी ऑलवेज, that’s आल ी कैन विश फॉर यू!”

अभी वापस बस में जा बैतह और रोने लगा, रोकना नामुमकिन था….. एक बार तो ज़ोर से रोया…. बस के सभी काम करने वाले अभी के पास आ गए, कोई उसस्के सर थपथपा, कोई उसस्के पीठ पर हातीह फरता, कोई उस्सको पानी देता, सब उस्सको शांत कराने में लगे हुए था…. मेहबूब भी वहीँ था, और वो भी अभी को सपोर्ट करने का ढोंग कर रहा था….. अभी खुद को रोकने की कोशिश में लगा हुआ था मगर नहीं कर पा रहा था, रोना रुक hi नहीं रहा था उस्का

कोई 30 मीन्स बाद अभी छुप हुआ और जो काम करना बाकी था उस में लग गया फिर भी बार बार रो देता था काम करते हुए…. पता नहीं किआ किआ सोच सोच कर रोने लगता…..

और आयी वो वक़्त जो अभी के लिए क़यामत से कम नहीं था….

तो बे कॉन्टिनोएड इन थे नेक्स्ट पोस्ट इम्मेडिएटली….
 
अपडेट 38 रूही लीव्स – कम्पलीशन ऑफ़ थे बस

रूही और बाकी के जाने वाले लोग घर से निकले; उस्सकी बड़ी बेहेन, बेहनाय, उनके दो बचे….. रूही बस के पास से गुज़रते हुए तीन बार बस के अंदर अभी को ढूंढा अपने नज़रों से… बस में करीब 10 लोग थे उस वक़्त तो रूही को ढूंढ़ना पारा, और जब उस्सकी नज़र अभी पर पारी तो उस्सने तुरंत सर निचे झुका लिया. उस्सकी हाथ में एक हलकी सी बैग थी और काँधे पर उस्सक्कि हैंडबैग.... अभी से देखा नहीं जा रहा था, उसस्के दिल पर उस वक़्त किआ गुज़र रहा था बयान करना मुश्किल था….

रूही की बड़ी बेहेन और बेहनाय बच्चों के साथ रुक गए किसी से बात करने को, और रूही अपनी कजिन के घर तक रीच हुई थी और रुक कर अपने बड़ी बेहेन का वेट करने लगी…. उस वक़्त रूही की नज़रें बस में अभी को ढूंढ रहे थे; और अभी ने खुद को सुनील के पीछे छुपाये हुए रूही को देख रहा था, सुनील ने कहा,

“अभी वो तुमको ढूंढ रही है सामने तो आ!”

अभी ने सुनील के पीछे से कहा,

“किआ फायदा यार?!”

सुनील: “अरे यार किआ पता उस्सको कुछ कहना है इधर आ”

और सुनील हट गया ताके रूही अभी को देख सके, अब दोनों आमने सामने थे… अभी का चेहरा उतरा हुआ था, आँखें सूझ गए, साफ़ दिख रहा था… रूही बहोत उदास चेहरे से अभी के चेहरे में देखती रही, फिर रूही से देखा नाह गया, उस्सने आसमान में देखा, फिर नज़रें निचे कर लिया और उसस्के आंसू बहने लगे अभी के लिए…. अभी रूही को नहीं देख पा रहा था अगर देखता रहता तो खुद रोने लगता तो अभी ने चेहरे मूढ़ लिया, और खुद को फिर से सुनील के पीछे कर लिया तब देखा रूही के तरफ तो देखा के रूही उस्सको फिर ढूंढ रही है रट हुए….. अभी ने सुनील से पूछा,

“मैं जॉन उस से पूछने के अब क्यों रो रही है जब मुझको टुकड़ा दिया?!”

सुनील ने कहा,

“हाँ जा, जा अभी और थोड़ा सुना दे उस्सको जाने से पहले”

और अभी बस के पीछे वाले दूर से जम्प मारा और रूही के पास पहुंचा, रूही ने अपना चेहरा दूसरी तरफ मोड़ लिया जब देखा के अभी उसस्के तरफ बढ़ रहा है….

सिर्फ कोई 3 मिनट्स मिला अभी को रूही से बात करने की क्यूंकि तब तक रूही की बेहेन और बेहनाय ने देख लिया के अभी रूही के पास गया है तो वह लोग बढ़ने लगे दोनों के तरफ और रूही की माँ भी आने लगी थी अभी और रूही के तरफ…… जो अभी ने किया उस वक़्त किसी ने भी सोचा नहीं था के वो सबके सामने ओपन में वैसा करेगा… और रूही ने भी विरोध नहीं किया और अभी को करने दिया जो वो करना चाहता था, मगर सिर्फ 3 मिनट में सब हुआ…. ऐसा लगा के जैसे 3 सेकण्ड्स में सब कुछ हो गया जैसे एक पल में सब हुआ….

अभी ने पहले रूही का हाथ थामा, वो रो रही थी, बिना कुछ कहे अभी ने रूही के दोनों बाज़ू को उस्सकी बैग समेत अपने काँधे पर किया, रूही ने अपने बाहों को लपेट लिया अभी के काँधे पर और अभी ने रूही से कहा,

“ी वांट तो हुग यू फॉर ा लास्ट टाइम, don’t स्टॉप में प्लीज, सेंड आल ओठेर्स तो हेलल, लाइव थिस मोमेंट फॉर में फॉर ा लास्ट टाइम ी बेग ऑफ़ यू रूही, िफ़ यू एवर लव्ड में फॉर ओने सेकंड don’t स्टॉप में….”

रूही रोटी गयी और अभी ने रूही को ज़ोर से अपने बाहों में जकरा, और बस से और रूही के फॅमिली मेंबर्स से पीठ कर लिया रूही को बाहों में जाकर हुए और रूही के थोड़ी को अपने चेहरे के तरफ उठाया अभी ने, उस पल को रूही ने खुदको कम्प्लीटली समर्पण कर दिया अभी को और अपने आखों को बंद कर लिया…. रूही के आंसूओं ने बहते हुए उस्सकी गाल पर एक लकीर जैसे खिंच चुकी थी, अभी ने रूही के होंठों पर अपना होंठ रखा और दोनों ने एक दूसरे को किश किया सरे आम सबके सामने, यहाँ तक के मैं रोड से कोई जा रहा था तो सब देखा होगा के एक लड़का और लड़की खड़ा किश कर रहे हैं…..

मगर एक बात थी, बुसस में से किसी को वो किश नज़र नहीं आया नाह hi रूही के किसी भी पैरेंट को किश करते हुए दिखे. वो इस लिए के अभी ऊंचे कद का था और उस्सने पीठ कर लिया था उन् सब लोगों से और उस्का सर झुका हुआ था रूही के चेहरे पर बुसस पीछे से सिर्फ ऐसा लग रहा था के अभी रूही को बाहों में भर के हुग कर रहा है…..

किश करते वक़्त अभी के मुंह में रूही के आंसू भी जा रहे थे और उस्सको नमकीन टास्ते हो रहा था और रूही अभी के ांसो टास्ते कर रही थी, दोनों एक दूसरे के आंसू पी रहे थे उस पल ko….Abhi ने उन् सब के पास आते हुए क़दमों को सुन रहा था तो जैसे जैसे उन् सब के चलते हुए कदम पास आने लगे तो अभी ने किश रोक दिया, और सब सामने आये तो दोनों सिर्फ एक दूसरे के बाहों मैकन जाकर हुए थे….

जिस वक़्त रूही का जीब अभी के मुंह में आगया था, रूही का रोना स्टॉप हो गया था बिल्कुल, और वो अभी का किश एन्जॉय करने लगी थी और उस्सने खुद अभी को अपने बाहों में भर लिया था.

मगर जब रूही की बड़ी बेहेन पास आगयी, और रूही की माँ भी पास आयी और कहा,

“रूही तू इतनी बेशरम कैसे हो सकती है चोरर उस्सको!”

रूही जैसे कुछ नहीं सुन्न रही थी, और उसस्के आँखों से फिर आंसू बहने लगे तो अभी ने उसस्के चेहरे में देखते हुए धीरे से कहा,

“थिस वास् योर क्रिसमस गिफ्ट, यू विल रेमेम्बेर थिस ों आल थे नेक्स्ट क्रिसमस व्हिच विल के इन योर लाइफ, एंड ी क्नोव तहत यू लव में ा लोट बूत समथिंग इस हिन्डरिंग यू तो एक्सेप्ट माय लव… दो नॉट फॉरगेट यू विल रिसीव ा नई ईयर कार्ड फ्रॉम में बिफोर थे नई ईयर, ी विल no लॉन्गर बे हेरे आफ्टर टुडे, इतस माय लास्ट डे हेरे…. सो प्लीज बे बैक बिफोर 30तह तो रिसीव माय लेटर विथ थे पोस्टमैन. ी लव यू एंड विल ऑलवेज दो टिल थे एन्ड ऑफ़ माय लाइफ नेवर फॉरगेट तहत. इवन िफ़ यू गेट मैरिड तो समवन ेल्स माय लव फॉर यू विल रेमें थे शामे – इवन िफ़ ी गेट मैरिड तो समवन ेल्स स्टिल माय लव फॉर यू विल नेवर चेंज, ऑलवेज रेमेम्बेर थिस रूही. फेयरवेल माय लव, don’t क्नोव िफ़ ी विल एवर सी यू अगेन, बूत ी प्रे ी दो! Bye रूही”

जब अभी अपना लास्ट, लाइन बोल रहा था उसस्के आंखों से थमने का नाम नहीं ले रहा था, अभी के होंठ थरथरा रहे थे और रूही भी जहर जहर बहते आंसू से अभी के चेहरे में देखते हुए उस्सको सुन रही थी…. और उस्सकी बड़ी बेहेन दोनों के बाहों को एक दूसरे से छुर्रा रही थी यह कहते हुए,

“चोर्रो नाह एक दूसरे को देखो सब लोग देख रहे हैं क्यों ऐसे तमाशा बना रहे हो तुम दोनों!!”

रूही की माँ ने कहा,

“किआ फिल्म की शूटिंग चल रही है यहाँ?!”

और रूही बोली… अभी ने नहीं सोचा था के वो कुछ जवाब देगी; रूही ने अपने आँख को पोंछते हुए अपनी माँ को एक तिरछी नज़र से देखते हुए कहा,

“हाँ शूटिंग चल रही थी, आप ने नहीं देखा?!”

तब तक दोनों एक दूसरे के बाहों से अलग हो गए थे मगर दोनों एक दूसरे के नज़रों की गहराई में देख रहे थे और फिर रूही की आँखें भर आयी और कांपते हुए होंठों से रूही ने बिलक बिलक कर अभी से कहा,

“Bye अभी, मेर्री क्रिसमस एंड हैप्पी नई ईयर तो यू, एंड ी ऍम रियली वैरी वैरी सॉरी फॉर यू, माय हार्ट विल क्राई फॉर यू अभी bye ी ऍम गोइंग अभी!!”

रूही बहोत ज़ोर से रट हुए चल कर मैं रोड के तरफ बढ़ी और अभी वहीँ बैठ गया ज़मीन पर रट हुए अपने चेहरे को अपने हाथ में थाम कर, और जब भी रूही मुड़कर अभी को देखती तो वो और ज़ोर से रोटी गयी….

अभी को ऐसा फील हो रहा था के रूही भाग कर वापस उसस्के पास आएगी, अभी सोच रहा था के क्यों रूही वैसा नहीं कर रही, अभी लास्ट मोमेंट तक एक आस लगाए बैठा रहा के रूही वापस आएगी, नहीं जाएगी अपने बेहेन के साथ…. मगर अभी ने तब खुद से कहा के यह किसी मूवी की क्लाइमेक्स सन नहीं है जो रूही भाग कर उसस्के पास वापस आती, यह हकीकत था, और रूही बिल्कुल वापस नहीं आयी बल्कि चली गयी बस में अपनी बेहेन के साथ, उसस्के घर जिस्का पता अभी को बिल्कुल नहीं था….

अभी ने तब सोचा के जान बुझ कर उसस्के घर वालों ने उस्सको कहीं और भेज दिया वार्ना रूही टूट जाती अभी के प्यार में, अगर वो यहाँ रहती तो अभी उस्सको कन्विंस कर लेता और सबको मन लेता हाँ करने के लिए…..

अभी काम नहीं कर पा रहा था, उस्सने सईद से कहा के उस्सको रेस्ट लेना होगा वो कमज़ोर फील करने लगा था, तो सईद ने उस्सको जा कर बस के अंदर एक सीट पर आराम करने को कहा.

सुनील ने पूछा,

“अभी उसस्के पिता ने की कहा तुमसे? तुम उस से बात करने गए थे नाह कुछ देर पहले?”

अभी ने अपने सर को थामे हुए दबे आवाज़ में जवाब दिया,

“रूही को अपने साथ लेकर जाएगा S.Arabia”

सुनील ने कहा,

“नामुमकिन, नहीं हो सकता, झूट कहा उस ने तुमसे.”

Abhi:”mujhe पता है सब झूट कहा यार, कल उस्सकी माँ ने यह सब कहा था मुझे, इसी लिए कल मुझे नहीं मिलने दिया रूही के बाप से ताके वह लोग उस्सको सीखा सके के उस्सको किआ बोलना है मुझे. मतलब साफ़ है के मुझको इंकार करना था सो कर दिया सब ने रूही के इलावा!!! अगर रूही मुझसे प्यार नहीं करती तो अभी उस तरह से मुझसे सबके सामने लिपट कर नहीं रोटी, मुझे किश नहीं करती ओपन में ऐसे!”

तब सुनील ने कहा,

“एक बात बोलूं भाई, यह फॅमिली ऐसे hi हैं, ख़ास कर रूही की माँ, मेरे टाइम में भी उसने एहि किया था, यहाँ से रूही की बेहेन को भेज दिया था अपनी नानी के यहाँ, उस्का मांगितर उस से वहां मिलने जाता था यहाँ नहीं…. रूही की माँ किसी पर भरोसा नहीं करती, उस्सको डर थी के कहीं मैं रूही की बेहेन को उदा न ले जॉन कभी! अब देखो उस्सने तुमसे रूही को भी अलग कर दिया, यहाँ से दूर कर दिया ताके तुम उस्सको और नाह अपने प्यार में जाकर सको. इस्सके मतलब साफ़ है के रूही तुमसे प्यार करती है और घर में रूही ने आवाज़ उठायी होगी और कहा होगा के वो तुमसे शादी करेगी इसी लिए उस्सकी माँ ने उसको यहाँ से हत्ता दिया!”

बैठे बैठे अभी रूही को याद करते हुए फिर रोने लगा…. सईद ने और बाकी के लोगों ने देखा, सब उदास थे, सबको खुश होना चाहिए ता क्यूंकि आखरी दिन था काम पर, सब ख़ुशी के साथ फिनिश करना था मगर अभी के रोने से, और रूही के चले जाने से एक मातम जैसा छह गया था वहां….. जिस दिन से उस बस में काम शुरू हुआ उस दिन से अभी रूही की लव स्टोरी शुरू हुई…. जैसे जैसे बस बनता गया वैसे वैसे अभी रूही का प्यार बढ़ता गया बस के साथ… होना यह चाहिए थे के जब बस बन गयी तब अभी और रूही की मांगनी या शादी होनी चाहिए थे मतलब दोनों का प्यार ऑफिसियल होना चाहिए था – यह अभी ने ऐसा hi लिखा था अपने डायरी में.

सईद ने अभी को फिर रट सुना तो कहा, “अभी फिर से? अरे रुक जा देख सब लोग तुमको देख रहे रहे हैं, इधर आ मेरी मदद कर इस्को फिक्स करने में… यार आज भी लेट रात तक काम करना है किआ, चल आ ख़तम करते हैं नाह!”

मेहबूब ने कहा,

“अरे मुझे नहीं पता था तू तो बड़ा रोटलु निकला अभी, मैं तुझे मर्द समझता था!”

अभी को मेहबूब से नफरत हो गया था जब से रूही ने उस्सको बताया था के वो उसस्के प्यार के खिलाफ है, तो मेहबूब को अभी ने जवाब दिया,

“क्यों मर्द को दर्द नहीं होता? मर्द के आंसू नहीं होते तो ऑंखें फोड़ देना चाहिए बिना आंसू के आँख हैं तो!!”

रूही चली गयी, अभी की खुशियों को अपने साथ लेकर, और चोरर गयी थी अभी के लिए, दर्द, उदासी, ग़म, तन्हाई, अकेलापन, और आंसू.

अभी को काम जारी रखना था और आसान नहीं था उसस्के लिए उस हाल में काम करना, उस हालात को फेस करना…. अभी ने खुद को बहोत मुश्किलों से संभालते हुए अपने काम में ध्यान दिया, काम करना शुरू तो किया मगर रह रह कर रूही की यादों में चलाजाता और अचानक से रो पढता…. उस्सने उस दिन को अचानक याद किया जिस दिन रूही के छाती में अपने सर डालकर उस्सकी खुशभू सूंघ रहा था, अब भी उस्सको रूही की वो खुशभू महक रहे थे… हमारा ज़हन भी अजीब ो ग़रीब कंप्यूटर है जो सब अपने मेमोरी में सेव रखता है यहाँ तक के एक खुशभू जो कितने दिन पीछे नाक से सूंघ कर ज़हन में गया था आज भी याद करने से वो खुशभू याद अत है…. सिर्फ रूही की जिस्म की उस खुशभू को याद करके अभी रो बैठा…. फिर संभाला खुदको और काम करने लगा…..

रूही की माँ को अफ़सोस हो रहा था अभी के लिए. वो अभी को काफी देर से देख रही थी, और वो खुद इमोशनल हो गयी थी अभी को देख कर और उसस्के दर्द को समझ कर…. वो जानती थी के अभी इस वक़्त किश दर्द से गुज़र रहा होगा…..

शाम के 6 बज चुके थे, काम जारी था, रूही की माँ ने अभी से पूछा,

“नाराज़ हो?

अभी ने कहा,

“बिल्कुल नहीं, उदास हूँ हाँ, घूम में डूबा हुआ हूँ हाँ मगर नाराज़ नहीं हूँ”

और रूही की माँ ने कुछ ऐसे बातें कहे अभी से जिस से अभी को थोड़ा सुकून मिला, उस्सको एक उम्मीद की किरण फिर से दिखाई दिए…

रूही की माँ ने कहा,

“हम ने ख़ास कर इस लिए आप की प्रपोजल को एक्सेप्ट नहीं किया क्यों के आप जो काम कर रहे हो यह परमानेंट काम नहीं है, यह काम आज है तो कल नहीं, आज यहाँ से काम एन्ड होगा तो किआ करोगे? जब तक दूसरा काम नहीं मिलता बेकार रहोगे नाह? इसी लिए! मेरे कौसिन्स और नेफेब्स हैं जो यह काम करते हैं और अक्सर बेकार रहते हैं, ुनम्पलॉयड हैं, मुझे अपनी रूही की फ़िक्र है अभी.”

अभी ने हैरत से उस्सको देखा और कहा,

“ओह माय गॉड! एहि वजह थी की आप ने एक्सेप्ट नहीं किया?”

रूही की माँ: “हाँ अभी बुसस इसी लिए”

अभी के दिमाग़ में कुछ चल रहा था उस वक़्त और उस्सने पूछा,

“और अगर मैं कल कोई और बेहतर काम कर रहा हूँगा तब?!”

रूही की माँ: “देखो अभी, कल को अगर तुम कोई बेहतर काम कर रहे हो और तब तक रूही की शादी नहीं हुई होगी तब हम ज़रूर कंसीडर करेंगे तुम्हारे प्रपोजल को!”

अभी को बहोत आराम मिला और पूछा,

“रूही आज वापस नहीं आएगी?”

रूही की माँ ने कहा,

“नहीं वो अपने चाचा के घर रहेगी और सुपरमार्केट में हेल्प करेगी क्यूंकि तुमको पता hi होगा के शहर में कितने भीड़ बाढ़ होते हैं क्रिसमस और नई ईयर के मौके पर, लेट नाईट शॉपिंग होते हैं तो काम बहुत ज़्यादा होते हैं तो रूही हेल्प करेगी अपने चाचा को, मनोज भी वहीँ काम करता है नाह हर रोज़…”

अभी ने याद किया के हाँ एक बार मनोज ने उससे बताया था के वो एक सुपरमार्केट में काम करता है, एक छोटा सा सेल्फ सर्विस था नाम था सुपरमार्केट. तो अभी ने पूछा,

“तो रूही कब घर वापस आएगी अब?”

जवाब दिया उस्सकी माँ ने,

“संडे को आएगी, मगर नई ईयर को वहीँ रहेगी शायद.”

अभी ने तब पूछा,

“और वो सुपरमार्केट किधर है एक्साक्ट्ली?”

रूही की माँ ने एक्सएक्ट एड्रेस दे दिया के रॉयल सिनेमा के पास है….

अब वो शहर अभी के घर से ज़्यादा दूर नहीं था और अभी उधर अक्सर जाता था और उस्सको एक्साक्ट्ली पता था रॉयल सिनेमा कहाँ है क्यूंकि उस सिनेमा हॉल में अभी कई बार मूवी देखने गया है, अभी उस जगह को बहोत अच्छी तरह पहचानता था…

अभी ने सोचा के क्यों रूही की माँ ने उस्सको सारे इनफार्मेशन दे दिए रूही के बारे में के कहाँ रह रही है, कहाँ सुपरमार्केट है, मतलब वो चाहती है के अभी उस से उधर मिलने जाए…. जब उस्सकी बेटी और अभी मिलकर रोने लगे थे तो उस से देखा नाह गया और शायद अब पचता रही थी दोनों को जुड़ा करके और अब चाह्हती थी के अभी उस से उधर जा कर मिले….

अभी बहोत खुश हुआ और अब रिलैक्स फील करने लगा था. तो फिर अभी अब नार्मल काम करने लगा.

आज भी कल रात की तरह मेहबूब के घर डिनर किया गया. अभी कितना चाहता था के रूही वहां होती, कल भी रात को डिनर किये थे सब तो रूही नहीं थी और आज भी नहीं है….

जब अभी वाशरूम जा रहा था वाश करने डिनर से पहले तो महेश ने अभी को आवाज़ दिया,

“हे अभी?!”

अभी ने मुड़कर देखा तो महेश ने कहा,

“उधर अँधेरा है इधर आओ हमारे किचन के बेसिन के पास हाथ धो लो”

मगर अभी ने कहा के ठीक है चलता है, पर महेश ने ज़िद किया के वो वहां आकर हाथ धोए… तो अभी गया रूही की किचन में आज दूसरी बार गया था, मगर आज रूही के बिना गया था वहां… बेसिन के पास साबुन से अपने हाथ धोया अभी ने, और ख्यालों में सोचने लगा के कितने बार उस्सने रूही को उस बेसिन के पास बर्तन धोते हुए देखा है… कितना खुश होता वो अगर आज रूही यहीं होती, तो कितनी खुश वो भी होती अभी को अपने किचन में एक बार और देख कर….

हाथ धोने के बाद अभी ने उस टेबल को किश किया और टेबल से बात किया, एक संदेसा चोर्रा अभी ने उस टेबल से के वो रूही को बता दे के अभी आया था इधर और उस्सको किश सेंड किया है.

डिनर के बाद काम चालू रहा और अभी रूही को बहोत मिस करने लगा…. रातों में िस्ख का भूत ज़्यादा चढ़ता है, कल रात भी रूही नहीं थी आज भी नहीं और अभी पर इश्क का भूत सवार tha…tadap रहा था वो रूही को याद करते हुए….

जब से अभी क्रिसमस ईव की नाईट सेलिब्रेट करना शुरू किया है दोस्तों के बीच आज पहली बार था के इस रात को अभी काम कर रहा था जिस वक़्त उस्सको शहर में घूमना, मौज मस्ती करना चाहिए था…. और अभी ने सोचा इस वक़्त रूही सुपरमार्केट में होगी क्यूंकि लेट नाईट शॉपिंग होता था इस रात को….

रात को 12 बजे काम फिनिश हुआ… बस कम्पलीट हो गया… और स्टार्ट किया गया और खुद मेहबूब ने ड्राइव किया… जॉर्ज साथ था, सुनील, और बाकी के सब साथ थे बस में….

अभी ने रहीम के पास एक मैसेज चोर्रा रूही के लिए, अभी ने रहीम से कहा,

“प्लेए रूही को मेरा संदेसा पंहुचा देना, कहना के मैं ने उस्सको मेर्री समास विश किया और कहना के जैसे के उस्सने मुझे कहा मैं बहोत पेशेंस रखूँगा”

मनोज वापस आगया था काम से, और वो भी बस में आया. अभी को और 40 बस के फोटोज दिए…., अभी ने उस्सको पाय किया… और रोड पर बस की कई और फोटोज लिया उस्सने जो अभी को बाद में देगा उस्सने कहा.

मेहबूब खुद ड्राइव करते हुए अभी के टीम को वापस घर चौररने जा रहा था, बस ऑलमोस्ट भरा हुआ था, बस में रहीम, फ़र्ज़िना, रेज़ा, सुनील, जॉर्ज, सुनील का असिस्टेंट, मनोज, महेश, जॉर्ज का अपरेंटिस, और रेज़ा के बहनें भरे हुए थे सिर्फ रूही की कमी थी बस में…. कमाल है अभी ने सोचा, अगर आज वो होती तो वो भी साथ बैठती अभी के साथ बस में वहां से 40 कंस तक ड्राइव करते हुए अभी के घर तक जाती और अभी का घर भी देख लेती….. मगर अफ़सोस!

जब बस अभी के घर के सामने रुका तो मेहबूब और रेज़ा ने कहा

“चाह तो अभी यहाँ रहता है वो रहा उस्का घर… हम्म्म!!”

सुबह के 1 बज चूका था जब अभी ने अपना डायरी खोला और लिखना शुरू किया….. फिर सोने गया तो उस्का तकिया भीग गया इतना वो रो रहा था रूही को सोचते हुए ……

तो बे कॉन्टिनोएड….. (5700 वर्ड्स फ्रॉम बोथ उपदटेस)
 
ग्लैड तो सी यू राइटिंग गुड इंग्लिश बीआरओ :हैप्पी:

बीइंग थे क्रिएटर ऑफ़ थे स्टोरी ी क्नोव आईटी डिपेंडस ों में तो डीडे ऐथेर थे गेट टुगेदर और नॉट.....

बूत यू विल हैवे तो वेट टिल थे एन्ड ऑफ़ थे स्टोरी फॉर तहत बीआरओ..... मैंवहीले मान्य थिंग्स हैपन इन थे लिव्स ऑफ़ बोथ एंड थे डे विल के व्हेन थे विल सी एच इतर बूत आफ्टर ा वैरी लॉन्ग टाइम सपं
 
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