Vihaan Aur Ashita - Bhai Behen ki kahani - Page 6 - SexBaba
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Vihaan Aur Ashita - Bhai Behen ki kahani

अपडेट 31 समवन कॉल्ड अशिता

और अशिता ने सुना विहान की नार्मल आवाज़ ने कहा,

“फॉरगिवें”

अशिता रट रट हंस पारी और ज़ोरों से विहान के गालों पर हज़ारों चुम्बन देती गयी और लास्ट में उसस्के मुंह को अपने मुंह में लेकर एक लम्बी फ्रेंच किश किये….

और लास्ट में अशिता ने bye कहा उस्सको ज़ोर से हुग करते हुए कॉलेज के लिए निकल गयी.

अब आगे……..

विहान घर पर अकेला रहा. तो किआ उस्सको कोई तकलीफ हुई? किआ वो सब समझ रहा था के घर में अकेले किआ करना चाहिए? कहीं वो कुछ ग़लत तो नहीं कर जाता? इस्सकी फ़िक्र थी अशिता को कॉलेज में. सुबह के ब्रेक में उस्सने विहान को घर के लैंडलाइन पर फ़ोन किया तो विहान ने कॉल पिक उप किया और आराम से बात किया और अशिता से कहा के वो अपने स्टडीज में ध्यान दें उस्का फ़िक्र नाह करे. अशिता को ाचा लगा के विहान इतना रीजनिंग बातें कर रहा था, जैसे के बिल्कुल ठीक है, उसस्के बोलने से नहीं लगता था के उस्सको कोई ब्रेन का प्रॉब्लम है, बल्कि फ़ोन पर और भी बेहतर तरीके से बात कर रहा था अशिता ने फील किया.

लंच ब्रेक में जब अशिता ने उस्सको फिर फ़ोन किया तो विहान ने कहा के उस्सको सोने का मैं कर रहा मगर उस्सको नींद नहीं आरही है. तो अशिता को बहोत तःजब हुआ किनके जो सोने वाले ड्रग जैसा मेडिसिन आज सुबह को उस को दिया था रात की बजाए तो उस से तो विहान को गहरी नींद में होना चाहिए था बल्कि अशिता ने तो यह सोचा था के लंच ब्रेक में कोई फ़ोन नहीं उठाएगा क्यूंकि विहान गहरी नींद में होगा. मगर अशिता ने उस से इधर उधर के बातें किये और विहान को टीवी ों करके कुछ देखने के लिए कहा टाइम पास करने के लिए. अशिता ने उस से कहा के बुसस ढाई घंटे बाद वो घर वापस आजाएगी. तो विहान ने कहा ok, ठीक तभी अशिता के मोबाइल पर किसी ने संस किया जो उस्सने विहान को बताया, तो विहान ने कहा देखने को किश का संस है. कॉल को कट किया अशिता ने और संस रीड किया तो वो संस उस आदमी ने किया था जहाँ विहान काम करता था कीबेरसफ़े वाला जिसस्ने विहान को मोबाइल दिया था.

अशिता ने उस आदमी को रिप्लाई किया के विहान का एक्सीडेंट हुआ था वो बीमार है.

तो उस आदमी ने अशिता को फिर संस किया यह कहकर:

“ी क्नोव तहत हे हद हद ान एक्सीडेंट एंड वांटेड तो जो तो सी हिम ात थे हॉस्पिटल, ी वास् तू बिजी लास्ट फ्यू डेज सो कुड नॉट जो, नाउ वांट तो जो टुडे सो ी वांट तो क्नोव इन व्हिच वार्ड हे इस.

पहले रिप्लाई में अशिता ने उस्सको बता दिया था के वो विहान की बेहेन है और मोबाइल अभी उसस्के पास है, इसी लिए वो आदमी को पता था के वो विहान की बेहेन से बात कर रहा है. तो अशिता ने उस्सको रिप्लाई करके बताया के विहान घर पर अकेला है अगर वो चाहे तो उससे वहीँ देखने जा सकता है, तो उस्सने कहा के हाँ वो अभी जाएगा उस से मिलने.

तब अशिता ने वापस फ़ोन किया विहान को और उस्सको बताया के वो आदमी उस से मिलने ारः है. अशिता सोच रही थी के किआ विहान को उसस्के बारे में याद होगा या नहीं मगर विहान ने कहा हाँ ठीक है वो उस से मिल लेगा….

तो अशिता ने सोचा चलो ठीक है कोई तो विहान के पास होगा तब तक वो कॉलेज से घर वापस चली जाएगी विहान के पास.

कीबेरसफ़े वाले बॉस का नाम था, अमित. वो एहि कोई 29 यरस का था और इश्क में धोका खाया हुआ था. उस्सकी मेहबूबा ने उस्सको धोका देकर किसी और के साथ चली गयी थी 5 साल के रिलेशनशिप के बाद. और हर मुहबत में धोका खाये हुए लोगों की तरह यह भी मुहबत के नाम से अब चिढ़ता था मगर जब उस्सने अशिता से टेक्स्ट करके बात किया तो उस्सको लगा के वो अपनी मेहबूबा से बात कर रहा है और उस्का दिल मचल गया थोड़ी देर के लिए फिर उस्सको अशिता की आवाज़ सुनने का मैं किया.

एक बार फिर से उस्सको मुहबत की जाल ने घेरा, और अशिता की आवाज़ सुनने की चाह ने उस्सको अशिता की मुम्बर डायल करवाया.

अशिता ने जब देखा के वही नंबर अब कॉल कर रहा है तो यह सोचकर के वो आदमी शायद घर का पता जान्ने के लिए कॉल कर रहा होगा तो उस्सको एक्सप्लेन करने के लिए अशिता ने कॉल पिक उप किया.

अमित ने कहा,

“Hello सॉरी अगर डिस्टर्ब कर रहा हूँ, मैं बस यह जानना चाहता था के तुम भी किआ कहीं काम कर रही हो? किसी ऑफिस में हो किआ??”

अशिता को हंसी आयी और हस्ते हुए जवाब दिया,

“ओह no मैं स्टूडेंट हूँ और इस वक़्त कॉलेज में हूँ!”

अशिता की वो हंसी, इतनी चुलबुली थी और उस्सकी सुरीली आवाज़ तो कहने की ज़रुरत नहीं के कितनी प्यारी थी, और वो कितनी प्यार से बात करती है जिस पर खुद विहान मरता है, अब यह आवाज़ अमित ने सुना तो बुसस उस्सको इस आवाज़ से hi प्यार हो गया तुरंत.

अमित ने बिना झिझक कह दिया,

“तुम्हारी आवाज़ कितनी प्यारी है, खूबसूरत है, तुमको सुनने रहने को मैं करता है, मुझे नहीं पता था विहान की इतनी बड़ी बेहेन भी है.”

ाहिता ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया,

“किआ भाई ने कभी आप को नहीं बताया के उस्सकी एक बेहेन है? तःजब है, मैं सोच रही थी आप को पता होगा.”

अमित: “नहीं इस काम में इतना बिजी रहता है के और कोई बात करने का मौका hi नहीं मिलता किसी को भी, बुसस कंप्यूटर में ग़ुस्से रहते हैं वो भी और मैं भी. वैसे विहान ज़्यादा बात तो करता hi नहीं था, बुसस एक बार कहा था उस्सको मोबाइल खरीदने का मैं कर रहा है तो मैं ने अपनी वाली उस्सको दे दिया जो इस वक़्त तुम्हारे पास है हेहेहे!”

अशिता को अब यह जान्ने का मैं कर रहा था के जीन दिनों वो विहान से बेरुखी से पेश आरही थी तो उन् दिनों विहान का बेहेवियर कैसे था काम पर, इस लिए उस्सने पूछा,

“आप विहान को काफी करीब से जानते होंगे नाह? तो प्लीज बताइये के पिछले दिनों वो कैसा था काम पर, ी मैं पिछले एक साल तक उस्का रवैया कैसा था, किआ वो उदास दीखता था, उलझन में रहता था, किआ उसस्के हाव भाव से ऐसा लगता था के वो किसी से प्यार करता है और उसस्के ग़म में खोया खोया रहता था किआ?!”

अब एक धोके खाये हुए आशिक से अशिता ने ऐसे बातें किये के उस्सको तो खुद अपने बारे में बताने की बात कर रही थी अशिता. अशिता को किआ पता था के अमित खुद एक धोका खाया हुआ इंसान है और उस्सको इमोशनल सपोर्ट की ज़रुरत होगी, वो तो विहान के बारे में पूछ ताज कर रही थी.

मगर अमित को ऐसा लगा के यह उसस्के लिए एक मौका है. कहते है नाह मौका खुद चल कर हमारे पास एते हैं और अगर हम ने उस्का इस्तेकबाल नहीं किया तो वो मौका किसी और के पास चला जाता है. इतने दिनों से ग़म में डूबा अमित को लगा के उसस्के ज़ख्मों को मरहम लगाने के लिए ऊपर वाले ने उसस्के लिए इस लालड़की के ज़रिए एक मौका भेजा है जो उसस्के दुःख और इश्क के ग़म को मिटा कर उस्सको नयी ज़िन्दगी, नाये मुहबत की राह बना सकती है.

अब बुसस समझलो के अमित को उसी पल अशिता से इश्क हो गया, और जब कोई इश्क के ग़मों में डूबा होता है तो उस्सको भी किसी डूबते हुए की तरह एक तिनके की ज़रुरत पड़ती है डूबने से बचने के लिए. तो अमित के लिए अशिता वो तिनका था, वो सहारा था जो उससे डूबने से बचा सकती है. अमित अपने दिल की आह को संभालते हुए एक गहरी सांस लेकर खुद से कहता है,

“यह तो मेरे अपने बारे में पूछ रही है के मैं और मेरे दिल का हाल कैसा है किआ बताऊँ इससे उसस्के भाई के बारे में मैं खुद अपने हाल बयान कर देता हूँ इस लड़की को, अगर इस्सके पास दिल है तो खुद समझ जाएगी.”

और अमित ने अशिता को कहा,

“दिल के जो अरमान बहते हुए नज़र आने लगते हैं, तो ग़म में डूबे इंसान को और कुछ नहीं दीखता. वो बुसस उस बहाव में बहते चला जाता है जहाँ तक वो उसे लेजाता है, वही हाल था और है शायद अब भी”

अशिता ने सोचा यह सब उस्सने विहान के लिए और उसी के बारे में कहा, उसस्के आवाज़ में दर्द था, और अशिता ने सोचा के वो दर्द विहान के लिए था, और अपने भाई पर उस्सको बहोत ज़्यादा तरस आया. और उदास आवाज़ में अमित से कहा,

“आप उसस्के दिल के दर्द से वाकिफ थे? बहोत दुःख हुआ था विहान को नाह? किआ आप को पता था उस्सकी वो दुःख का कारण किआ था? किआ वो किसी से प्यार करता था और उस्सको वापस प्यार नहीं मिल रहा था?”

अमित के दिल के धड़कन बढ़ते गए और अब उस से रहा नहीं जा रहा था किनके उस्सको ऐसी hi एक लड़की चाहिए था जो दिल का हाल समझती हो और उसस्के लिए अशिता अब एक मसीहा बनकर आयी थी और वो उस्सको अब तो खोना नहीं चाहता था तो कहा,

“मैं तो अपने दिल का हाल बयां करने लगा जब आप ने पूछा, आप के भाई कहाँ से आगया बीच में, हम अपने खुद के ग़म बांटने लगे आप से, आप की आवाज़ मुझे एक मरहम की तरह सुख देने लगा है, समझी आप? वैसे आप का नाम किआ है?!”

अशिता ने सोचा में दूँ कर जवाब दिया,

“अशिता: "अशिता नाम है मेरा, आप को किआ ग़म है ?!”

अमित ने कहा,

“अशिता, जितनी खूबसूरत आवाज़ उतना hi खूबसूरत नाम. मुझे किआ ग़म है पूछ रही हो? बयान दिल कर डाला, आप ने सुन भी लिया और मरहम दे गयी फिर पूछ रही हो ग़म किआ है, किआ बात है!”

अशिता को उस्सकी आवाज़ में दर्द मालूम हुआ और समझ गयी के वो भी दिल का मारा इंसान है. तो उसस्के दर्द को कम करने के लिया अशिता सच में बहोत नरमी से और प्यार से बात कर रही थी उसस्के साथ, और अशिता ने तब पूछा,

“और आप का नाम जान सकती हूँ?!”

“नाचीज़ को अमित कहते हैं, हूँ तो ज़ुल्म -इ - इश्क का मारा मगर अब भी दिल की तमन्ना है के कोई आप जैसी ज़िन्दगी में आजाये तो बात बन जाए.”

अशिता ने एक हलकी हंसी में कहा,

“आप का अंदाज़ बड़ा शायराना लगता है किआ आप एक शायर हो?!”

अमित: “हूँ तो नहीं, मगर िस्ख बना देता है, किआ पता बन गया हूँ खुद को खबर नहीं हुज़ूर.”

अशिता ने कहा,

“मगर मुझको अब क्लास ज्वाइन करना है अमित, तो बाद में बात करते हैं, फिलहाल आप विहान से मिलने चले जाइये, शायद आप के ग़म वही बाँट लें!”

अमित ने कहा,

“रुको नाह प्लीज अपना चेहरा दिखती जाओ प्लीज, बुसस एक तमन्ना बाकी रह गयी तुमसे बात करने के बाद, के दीदार हो जाता तो किआ जाता, एक सेल्फी या तस्वीर हो अगर मोबाइल पर एक झलक दिखा जाओ नाह, दिल को राहत आजाएगी.”

और अशिता ने तो आज तक कभी फ़ोन से किसी से चाट नहीं किया था और पिछ वग़ैरा नहीं शेयर किया था तो उसस्के लिए एक नयी बात थी तो उस्सको तरय करने का मैं किया और एक ऐसा पिछ सेंड किया अमित को bye कहते हुए.

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अमित अशिता के पिछ देखते हुए दीवाना हो गया और अपने सपनों की दुन्या में फिर महल बनाने लगा प्यार की. सोचने लगा के अब, इस बार कोई तो आगयी उसस्के दिल को संभालने के लिए.

तो बे कॉन्टिनोएड इन नेक्स्ट पोस्ट इम्मेडिएटली….
 
अपडेट 32 व्हेन अशिता रिटर्न्ड फ्रॉम कॉलेज

अमित विहान को मिलने पहुंचा. विहान उस से मिला. घर में बैठ कर दोनों ने कुछ बातें किये और अमित ने उस से कहा के 8 कम्प्यूटर्स बिगरे हुए हैं और कस्टमर्स को दिकत हो रहे हैं. अमित ने विहान से रिक्वेस्ट किया के कम से कम उन् में 2 या 3 को वो फिक्स कर देता तो आज रात के कस्टमर्स के लिए आसानी हो जाती. और विहान रेडी हो गया उसस्के साथ जाकर उन् में कोई 2 या 3 कम्प्यूटर्स को फिक्स करने के लिए. मगर विहान ने कंडीशन किया के 3.30 से पहले उस्सको घर वापस अजना है, मतलब अशिता के लौटने से पहले.

तो विहान कीबेरसफ़े चला गया अमित के साथ. किआ वो काम कर पता? किआ वो समझ रहा था के उस्सको किआ करना है? किआ अमित को नहीं लगा के विहान एब्नार्मल है? किआ विहान ने उस से ठीक से बात किया?

विहान ने एक कंप्यूटर को फिक्स कर दिया वो ठीक से काम करने लगे, दूसरे को ठीक किया, मतलब आधे घंटे में दो कंप्यूटर को फिक्स कर दिया, 3.30 से पहले उस्सने 5 कंप्यूटर को फिक्स कर दिया और वापस भागते हुए घर आगये अशिता के वापस आने से पहले. वो सोच रहा था के रास्ते में hi अशिता से मिल जाएगा मगर ठीक 4 मीन्स पहले वो घर आया तो अशिता नहीं आयी थी और उस्सने चैन की सांस ली.

अब विहान ने सोचा के किआ होता अगर अशिता घर आती और विहान को घर पर नहीं पाती, तब किआ होता? फिर विहान ने देखना चाहा के अशिता किआ करेगी अगर उस्सको घर में नहीं मिलती. तो विहान घर के छत्त पर जाकर छुप गया और ऊपर से किसी तरह अशिता को देखने लगा के वो किआ करती है उस्सको घर में नाह पा कर.

अशिता घर के अंदर दाखिल होते hi सीधे विहान के रूम में गयी कुछ यूँ कहते हुए,

“भाई आप का बॉस आया था मिलने आप से किआ?”

मगर जब विहान नज़र नहीं आया तो जल्दी से वो बाकी के रूम्स में, किचन में चारों तरफ ढूंढा विहान को फ़िक्र करते हुए और परेशां हो गयी यह सोचते के विहान किधर होगा. तब तक विहान छुपके से निचे आकर अशिता के पोजीशन देख कर उसस्के पीछे से अचानक ज़ोर से भाव कहा एक बचे की तरह जैसे उस्सको दर्राते हुए. सच में अशिता चाहूँकि और मूढ़ कर विहान के गले लगते हुए उसस्के सीने में हलके से मुठी बांध करके मारने लगी यह कहते हुए,

“भाई आप क्यों इतने शरती हो गए हो, मैं डर गयी थी के आप कहाँ चले गए, मैं रोने वाली थी अभी…”

फिर होना किआ था वैसे hi खड़े होते हुए अशिता ने खुद अपने मुंह को विहान के मुंह में दिया और दोनों ने एक लम्बे फ्रेंच किश किये. अशिता अपनी कॉलेज यूनिफार्म में बहोत सेक्सी दिख रही थी और विहान को उससे वैसे देखना और बाहों में भरना बेहद पसंद था. बहोत प्यार चालक रहे थे उस वक़्त दोनों के बीच.

उस वक़्त दोनों लाउन्ज में खड़े थे और विहान अशिता के सामने अपने घुटनों पर आगया, अशिता के स्कर्ट जो ठीक उसस्के घुटनों तक थी, उस्सको विहान ने बुसस थोड़ा सा अपने सर से ऊपर करके अपने चेहरे को अशिता के जाँघों पर दबाया वहां चूमते हुए, अशिता को वहीँ दोनों बाहों में भरते हुए. अशिता सिहर गयी विहान के होंठों को अपने जाँघों पर उस तरह अचानक महसूस करते हुए. क्यूंकि विहान के बाहें अशिता के निचे वहीँ थामे हुए था तो विहान का हाथ उसस्के नितम्बों पर था, और अशिता ने फील किया के उस्का हाथ उसस्के नितम्बों को दबा रहे थे. तब अशिता ने थोड़ा सा झुक कर विहान के काँधे पर अपने हाथ करते हुए उस्सको ऊपर उठाने की कोशिश करते हुए थोड़ा सा नखरें वाली अंदाज़ में कहा,

“ोफो भाई, आते hi शुरू हो गए तुम, चलो चाय बनानी है, कुछ खाना पीना हो जाए फिर प्यार करना!”

विहान बहोत नटखट कर रहा था और अशिता को चोरर hi नहीं रहा था और उस छिना झपटी में अशिता की स्कर्ट बिल्कुल ऊपर हो गया तो विहान का चेहरे उस्सकी पंतय पर नज़र आये, वाइट पंतय थी जिस पर अब विहान के होंठ फेरर रहे थे जो अशिता को बेकाबू करने लगे थे. अशिता ने कुछ ांसाते हुए धीमी आवाज़ में रोनी आवाज़ बनाते हुए कहा,

“प्लीज भाई रुको नाह, यह सब रात में करेंगे नाह अभी नहीं नाह भाई…. ह्म्म्मम्म”

विहान ने उसस्के जाँघों को किश करते हुए कहा,

“रात को तुम थोड़े hi यूनिफार्म में होती हो!”

अशिता: “हीहीहीहीहीहीहीही, तो मेरे यूनिफार्म की वजह से यह सब कर रहे हो भाई, ठहरो मैं चेंज करके आती हूँ, चोर्रो नाह भाई उफ़!”

और विहान ने उससे जाने दिया.

अब, जब अशिता कपडे बदल रही थी तो, विहान उसस्के पीछे आया अपने रूम में और अशिता को देखते हुए पूछा,

“मोबाइल कहाँ है दो, मैं तुम्मो वैसे hi पहले की तरह पिक्स लेता हूँ चेंज करते हुए!”

अशिता के चेहरे में एक चमक आयी और पूछा,

“तुमको सब याद आगया भाई? हम्म? पिक्स लोगे वेट मोबाइल देती हूँ.”

उस वक़्त अशिता की यूनिफार्म में से स्कर्ट निकल दिया था और ब्लाउज पहनी हुई थी, वो चल कर अपने बैग से मोबाइल लेकर विहान को दिया और विहान उस्सको रिकॉर्ड करने लगा… वो रिकॉर्ड करता रहा जब तक के अशिता ने अपनी घर वाली ड्रेस नाह पेहेन लिया.

तब अशिता उसस्के पास आकर कहा,

“दिखाओ किआ रिकॉर्ड किया तुमने”

और दोनों वो क्लिप देखने लगे तो अशिता ने कहा,

“छी देखो मैं ब्लाउज और पंतय में चल रही हूँ कितना गन्दा दिख रहा है!”

विहान ने देखते हुए कहा,

“मुझे तो बहोत सेक्सी दिख रही हो तुम!”

अशिता ने एक नार्मल ड्रेस पहनी हुई थी उस वक़्त जो उस्सकी ठीक घुटनों तक hi और वो किचन के तरफ बढ़ने लगी टिया बनाने के लिए और विहान मोबाइल हाथ में लिए कुछ देखने लगा.

कुछ देर बाद विहान किचन में आया और पूछा,

“तुमने बॉस को अपनी पिछ सेंड किया है?!”

अशिता ने मुस्कुराते हुए कहा,

“हाँ उस्सने माँगा, मुझे कभी नहीं देखा है नाह तो मुझको देखना चाहता था तो मैं ने सेंड कर diya,pehle कभी भी यह सब नहीं किया था तो सोचा एक पिछ सेंड करके तरय करती हूँ… हाँ तुम बताओ नाह वो आया था नाह तुमसे मिलने, किआ कहा उस्सने तुमको, काम पर आने को कहा किआ? तुमने कह दिया नाह के तुम अभी नहीं आ सकते?!”

विहान ने अशिता को नहीं बताया के वो कीबेरसफ़े गया था. बल्कि अपने फब पर लॉगिन किया और कुछ देखने लगा. विहान उस वक़्त कुछ दूरी पर था, अशिता किचन में से उसस्के तरफ देख रही थी और पूछा,

“किआ कर रहे हो मोबाइल पर, कहीं कुछ बिगाड़ मत देना okay?”

कुछ देर बाद जब विहान ने अशिता को अपने तरफ आते हुए देखा तो जल्दी से फब से लॉगआउट होते हुए उसस्के तरफ देखते हुए कहा,

“तुमको कोई आईडिया है के मेरा बॉस कैसा है? तुमने उस्सकी पिछ क्यों नहीं मांगी?”

अशिता ने मुस्कुराते हुए कहा,

“ी don’t क्नोव मैं ने नहीं सोचा उस से पिछ मांगने की. क्यों? मांगना चाहिए था किआ? और कैसा है वो? एक बॉस कैसा होता है पापा की तरह तो होगा नाह?”

विहान: “पापा की तरह हाहाहाहा, अरे वो यंग है. शादी भी नहीं हुई उस्सकी, मुझसे कोई 5/7 साल बड़ा होगा.!”

अशिता: “व्हाट? मुझे किआ पता मैं ने सोचा बड़ा आदमी होगा, एनीवे, no इश्यूज, मुझे उस से किआ लेना देना है?!”

विहान ने उस पिछ को देखा जो अशिता ने अमित को सेंड किया है और कहा,

“तुमने उस्सको एहि पिछ क्यों सेंड किया? कोई और भी तो सेंड कर सकती थी नाह?!”

अशिता ने पिछ को मोबाइल पर देखते हुए कहा,

“हम्म इस में तुमने जीतनेय मेरे सेक्सी और सेमि नुदेस पिक्स रखे हैं उस में से किआ एक सेक्सी पिछ सेंड करती मैं? कितना ढूंढ़ना पड़ा मुझे तब यह वाला दिखा सेंड करने को!”

विहान ने सोचते हुए कहा,

“हाँ यू अरे राइट. यह भी ठीक है….”

और आशिता ने याद करते हुए कहा,

“अरे भाई तुम फब पर हो नाह तो लॉगिन करो ी वांट तो सी तुम्हारे कितने फ्रेंड्स हैं और कैसे पोस्ट्स किये हुए हो वहां?”

विहान ने कहा,

“पासवर्ड याद नहीं अभी!”

अब विहान ने झूट क्यों कहा यह वही जाने या बाद में पता चलेगा.

अशिता ने फिर विहान के गॉड में बैठते हुए कहा,

“भाई अब तुम बहोत ज़्यादा ठीक लगने लगे हो, लगता है तुम बहोत जल्द बिल्कुल ठीक हो जाओगे, परसों सैटरडे है और तुम्हारा अपॉइंटमेंट है डॉक्टर के साथ याद है नाह?!”

क्यूंकि अशिता विहान के गॉड में बैठी hi थी, तो विहान ने मोबाइल को रख कर उस्सको बाहों में भरके किश करते हुए कहा,

“हाँ याद है परसों डॉक् से मिलना है, मगर अभी तुम मुझे बहोत सारे किसी दो नाह!”

और अशिता उसस्के चेहरे पर किश करने लगी चारों तरफ.

अशिता बहोत खुश थी विहान को उस तरह से बातें करते हुए देख कर, वो बच्चों जैसे नहीं काफी नार्मल से बात कर रहा था और अशिता बेहद खुश दिख रही थी के उस्का प्यार अब ठीक होने लगा है.

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सुमन अपने काम में से लंच टाइम के वक़्त हॉस्पिटल गयी उस डॉक्टर से मिलने जिस ने अशिता का हाथ माँगा था शादी के लिए. वो बात को आगे बढ़ाना चाहती थी. मगर सुमन को झटका लगा यह जान कर के डॉक्टर ने उस हॉस्पिटल से ट्रांसफर ले लिया और किसी को पता नहीं के वो किश हॉस्पिटल में गया है काम करने, कहा गया के किसी बहोत दूर के शहर में चला गया वो.

सुमन को ग़ुस्सा आया और खुद से कहा,

“धत, एक इतना अच्छा रिश्ता आया था उस लड़की के लिए यह भी हाथ से गयी!”

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अशिता अपने कुछ होमवर्क्स करने बैठी तो विहान ने उस्सको डिस्टर्ब नहीं करना चाहा और वो चला गया टीवी देखने. मोबाइल अशिता के पास hi था, तो उस में एक मैसेज आया. वो अमित का था.

अशिता ने लिया और रीड किया,

“तेरी तस्वीर को सीने से लगा रखा है”

अशिता मुस्कुरायी और रिप्लाई किया,

“मतलब के आप ने अपने मोबाइल को अपने कमीज़ के पॉकेट में रखा है हीहीहीही”

अमित का रिप्लाई आया,

“वह! किआ रिप्लाई है. सही कहा मेम साहब, और उस मोबाइल में आप की तस्वीर है”

अशिता ने टाइप किया,

“मुहे होमवर्क्स करनी है डिस्टर्ब मत करो.”

अमित ने जवाब दिया:

“तो कब बात कर सकते हैं एहि बता दो प्लीज”

अशिता ने पीछे मुड़कर लाउन्ज के तरफ देखा फिर टाइप किया,

“आप पागल हो किआ? मैं घर पर हूँ, मोबाइल विहान का है, अगर इस वक़्त मोबाइल उसस्के पास होता तो वो यह सब मेस्सगेस रीड कर लेता प्लीज टेक्स्ट मत करो अब!”

अमित ने एब लिख कर सेंड किया,

“अरे यार यह तो बता दो फिर कब टेक्स्ट करूँ? Ok इस मेसज के बाद नहीं करता हूँ मगर एक रिप्लाई करके बता दो के कब बात कर सकते हैं प्लीज.”

अशिता ने जल्दी से लाउन्ज के तरफ देखते हुए टेक्स्ट किया,

“कल कॉलेज जाउंगी तब. अब no मोरे टेक्स्ट्स. भाई किसी भी वक़्त मेरे पास होता है ी दो नॉट वांट ट्रबल्स”

अशिता ने फिर सारे मेस्सगेस को डिलीट कर दिया. अशिता अपने लाइफ में पहली बार किसी को टेक्स्ट कर रही थी, यह उसस्के लिए एक नया एक्सपीरियंस था. कॉलेज में सभी लड़कियों के पास मोबाइल थे और सबके बॉयफ्रैंड्स थे तो वो देखती रहती थी के सब कैसे एक दूसरे को टेक्स्ट करते हैं, और अभी अशिता को फर्स्ट टाइम किसी को टेक्स्ट करने का मौका मिला था. उसस्के लिए ये एक नयी अनुभव थी लाइफ की.

कुछ देर बाद अशिता भी लाउन्ज में गयी और विहान से पूछा,

“भाई तुमने बताया नहीं के तुम्हारे बॉस आया तो किआ बातें किये तुम लोगों ने? किआ उस्सने तुमको काम पर वापस आने को नहीं कहा?”

विहान ने रिमोट से टीवी की चलती प्रोग्राम को पॉज किया और रिप्लाई किया अशिता को,

“नाह, उस्सने वो तो नहीं कहा और अभी मुझे याद भी नहीं ारः के हमने किआ बातें किये मगर हाँ उस्सने कुछ दिया है मुझे जो मैं ने कीबेरसफ़े में रखा था और वापस आते वक़्त उस दिन को लेना भूल गया था जिस रात को मेरा एक्सीडेंट हुआ था….. अस्सल में हाँ एक छोटा सा प्लास्टिक बैग दे गया था अमित ने विहान को जो उस रात को वो कीबेरसफ़े में भूल गया था. उस प्लास्टिक बैग में एक गिफ्ट व्राप्पेड था, जो विहान ने कमरे के अलमारी में रख दिया था बिना खोले…. तो जल्दी से अशिता ने उस्सको दिखने को कहा.

दोनों कमरे में गए और अशिता ने खुद उस प्लास्टिक बैग को निकला, और उस में से एक गिफ्ट पेपर में व्राप्पेड कुछ था जो अशिता ने अपने हाथ में लिए और विहान के पास बीएड पर बैठ कर पूछा,

“इस में किआ है भाई? किस्सके लिए गिफ्ट लिया था तुमने? मैं खोलूं इस्को किआ?”

तो मुस्कुराते हुए विहान ने कहा,

“खोल कर देखो तुमको पता चल जाएगा किश लिए गिफ्ट है”

जब अशिता ने पेपर खोला तो उस में वही ब्रा और पंतय निकले जो एक बार कॉलेज से विंडो शॉपिंग करते वक़्त विहान ने अशिता को दिखाया था और कहा था के वो उस में कितनी अछि दिखेगी…… अशिता का मुंह खुला रह गया उन् कपड़ों को देख कर और हकबकाई सी दिखी और कहा,

“भाई यह तो वही हैं नाह जो लास्ट ईयर या उस से भी पहले उस मॉल में तुमने मुझको दिखाया था? कितनी मंहगी थी आप ने इससे मेरे लिए ख़रीदा? ओह no भाई!!”

अशिता खुश भी हो रही थी और उदास भी हो गयी के उस रात को तो वो विहान से दूरी बरख रही थी फिर भी विहान ने तब उसस्के लिए गिफ्ट ख़रीदे थे, और ेंसू भरे ेंखों से अशिता ने बहोत ज़ोर से विहान को अपने बाँहों में जकरा, और बहोत सारे किस्सेस दिए विहान को चारों तरफ उस्सने चेहरे में और दोनों किश करते हुए बीएड पर लेट गए…….

काफी देर बाद अशिता यह सोचने लगी किआ अमित ने उस पंतय और ब्रा को देखा होगा जो उस्सने विहान को लाकर दिया? किआ उस्सको पता होगा के विहान ने अपनी बेहेन के लिए ब्रा और पंतय ख़रीदा है? अगर हाँ तो किआ सोचा होगा उस्सने? कैसे पता चलेगी उससे के अमित ने देखा उन् कपड़ों को या नहीं? गिफ्ट खोलते वक़्त अशिता इतनी एक्ससिटेड थी उस्सको खोलने में के उस ने देखा तक नहीं ग़ौर से के पहले से रेपर खोला गया था के नहीं… अशिता ने तब सोचा सिर्फ कल उस्सको टेक्स्ट करने के बाद hi पता चलेगा के अमित को पता भी है या नहीं…..

तो बे कॉन्टिनोएड…. (4400 वर्ड्स फ्रॉम बोथ उपदटेस)
 
भाई कहानी की इंट्रोडक्शन पढ़ी है आप ने?

उस में किआ लिखा है भाई?

लिखा गया है किआ इन् दोनों क ज़िन्दगी में कोई और आएगा? सवाल है.

दूसरी बात ये के एक जवान लड़की पर सेंकरों लड़के फ़िदा होते हैं तो किआ वो लड़की उन् सेंकरों क बीएड पर जाती है किआ? अभी कोई उस पर या विहान पर आशिक हुआ तो किआ मतलब वो उनके बीएड पर चले गए? किआ भाई आप खुद एक लेखक होकर कहानी नहीं समझते? किआ अशिता अमित क बीएड पर चली गयी? किआ अशिता ने विहान को चोरर दिया.

अरे भाई कहानी जब तक ख़तम नहीं होगी आप ये अपना पर्सनल और फाइनल ओपिनियन कैसे दे सकते हो यार. कमाल है.
 
थैंक्स मेहर. सबसे पहले ुंबन होने की मुबारकबाद. मैं ने दुर्रानी भाई से कहा था 24हरष बाद ज़रूर ुंबन हो जाओगे :डी

आप का पहला सवाल या डाउट का जवाब= कहानी पढ़ते चलिए, कोई उपदटेस मत मिस कीजिये सब पता चल जाएगा. Ok? :डी

डाउट नंबर 2 का आंसर= अशिता ने लाइफ में कभी भी किसी से संस से या किसी भी तरह मोबाइल पर नाह बात न चाट किया है. ये उसस्के लिए एक नई एक्सपीरियंस है. एक क्यूरोसिटी है क कैसा फील होता है ये सब करना. इस्सके बारे में अपडेट में ज़िक्र किया गया है... फिर भी आप को कुछ और बता दूँ जो आने वाले अपडेट में खुलासा होता. आप रीडर्स लोग बहुत जल्दी सब कुछ जानना चाहते हो. Ok no प्रोब. सुनों. राइटर का काम hi होता है रीडर्स को डाउट करना, और बाद में उपदटेस में खुलासा करना. मैं ने जान बुझ कर वैसा लिखा है और उस्का खुलासा जानना चाहते हो अभी hi तो हेरे यू जो.... अशिता को अपने सभी कॉलेज फ्रेंड्स से पता चलता है क कैसे घरवालों से छुप कर चाट करना परता है क्यूंकि घर वालों से प्रोब्लेम्स होती हैं ये अशिता क ज़हन में बात बैठी है फ्रेंड्स क ज़रिए. ये एक रीज़न है. दूसरा ये क अमित विहान का बॉस है और कुछ देर पहले hi विहान ने अशिता को टोका था क क्यों उस पिछ को सेंड किया अमित क पास तो अशिता को लगा क विहान को पसंद नहीं आएगा अगर उस्सको पता चलेगा क वो अमित से चाट कर रही है. इसी लिए मेसज को डिलीट किया और उस से छुप कर टक्स किया अमित को. ये उस्सकी ज़िन्दगी की पहली चाट है वो एक्सपीरियंस करना चाहती है क कैसा फील होता है किसी से चाट करना वही तरय कर रही है. अव्वल तो उस्सको पहले पता नहीं था क अमित यंग है. वो तो उस्सको एक अधेड़ बॉस समझता था. वो तो विहान ने अभी बताया क अमित यंग है. तो अशिता ने सोचा क विहान जेलस हो सकता है क अशिता किसी यंग मन से चाट करे इस लिए छुपा रही है.

ये अशिता को नहीं पता क इस्सके अंजाम किआ हो सकता है क्यूंकि उस्सने लाइफ में कभी ऐसा किया hi नहीं है...... लो मैं ने तुमको अगले अपडेट का एक हिस्सा लिख कर दे दिया.

अब ठीक है? अंडरस्टुड? ी होप सो.

थैंक्स
 
अच्छा शुरू से पढ़ रहे हो मगर कमेंट 32 अपडेट के बाद 1 करते हो?

बाकी के स्टोरीज पर हर अपडेट पर कमैंट्स करते हो और वेटिंग वेटिंग का नैरा लगाते हो?

समझता हूँ भाई ,और मुझे तुमको कोई जवाब नहीं देना है, कहानी अभी और बहोत सारे अपडेट में ढलने वाले हैं और अगर कुछ जानना है तब जान लेना, अगर तुम मेरे रेगुलर रीडर होते तब मैं तुमको जवाब देता.

हर राइटर एक एक अपडेट पर रिलीज का वेट करते हैं, और तुम पढ़ते हो और कमेंट करने में कंजूसी करते हो? तो तुम्हारा कमेंट होना नाह होना मेरे लिए बराबर है.
 
भाई बुरा लगा हो तो सॉरी...

यार अभी कहानी में बहोत कुछ होना बाकी है अगर अभी से तुमको सब बताने कजिन तो लिखने का किआ फायदा, सबर नहीं तुमको बाई कहानी को बढ़ने तो दो तब समझ में आएगा के कितना इमोशन, कितना लस्ट और कितना प्यार है.,...... रही बात विहान की केयर की तो तुम ने तो मेरे बताने से पहले, सब कुछ ज़िक्र करने से पहले सवाल कर दिया तो किआ बताऊँ जो आने वाले अपडेट में लिखने वाला हूँ वो सब अभी लिख कर जवाब दे दूँ तुम्कमो?

किआ कहानी पढ़ना भी नहीं अत यार? जब कोई नावेल पढ़ते हो तो बिच में रुक कर किताब बांध कर देते हो या लास्ट तक पढ़के तब अपनी राये देते हो? :डेड:
 
अपडेट 33- विहान अशिता हद ग्रेट टाइम

काफी देर बाद अशिता यह सोचने लगी किआ अमित ने उस पंतय और ब्रा को देखा होगा जो उस्सने विहान को लाकर दिया? किआ उस्सको पता होगा के विहान ने अपनी बेहेन के लिए ब्रा और पंतय ख़रीदा है? अगर हाँ तो किआ सोचा होगा उस्सने? कैसे पता चलेगी उससे के अमित ने देखा उन् कपड़ों को या नहीं? गिफ्ट खोलते वक़्त अशिता इतनी एक्ससिटेड थी उस्सको खोलने में के उस ने देखा तक नहीं ग़ौर से के पहले से रेपर खोला गया था के नहीं… अशिता ने तब सोचा सिर्फ कल उस्सको टेक्स्ट करने के बाद hi पता चलेगा के अमित को पता भी है या नहीं…..

अब आगे…..

उस रात को करीब 11.30 को विहान ने अशिता को उस ब्रा और निघ्त्य को पेहेन कर दिखाने को कहा.

अशिता सोच रही थी फिर से के जिस्सको उसने उन् दिनों को इग्नोर किया था, दूरी रख रही थी, उस शख्स ने इतने प्यार से उसस्के लिए उस चीज़ को खरीद कर रखा था जिस्सको एक साल पहले उस्सने पसंद किया था जब वो उसस्के साथ थी. उस पर अशिता को विहान पर बहुत hi प्यार ारः था इस लिए वो उस में उससे दिखाने के लिए रेडी थी.

अशिता ने उसस्के सामने अपनी निघ्त्य को उतरा, रात को तो वो बिना ब्रा के hi निघ्त्य में सोती थी, तो जब अपनी निघ्त्य उतरे अशिता ने तो उसस्के बूब्स विहान के सामने थे जिस्सको विहान बार बार छह रहा था और अशिता ांसा रही थी उस्सकी उस तरह से छूने से. कई बार उस ने कहा,

“भाई ऐसा मत करो नाह प्लीज, मुझे ाचा नहीं लगता जब तुम ऐसे बेहवे करते हो तो!”

विहान ने जल्दी से मोबाइल लिया और अशिता को उस तरह शूट करने लगा. तो अशिता ने कहा,

“भाई इस हालत में मत शूट करो नाह, पता नहीं कब किआ हो जाए, मोबाइल किसी और के हाथ लग जाए तो बहोत बड़ी मुसीबत हो सकती है मेरे लिए यह कभी सोचा है आप ने?”

अशिता को शूट करते हुए hi विहान ने पूछा,

“इस में तो मेरा फिंगरप्रिंट्स था अनलॉक करने को तुमने क्यों निकला मेरे फिंगरप्रिंट्स वाले ऑप्शन को?”

तब तक अशिता ने उस नयी ब्रा को पेहेन लिया था जो लाल रंग के थे और पतली पतली स्ट्रैप्स थे और फाइन देसिग्नेड के ब्रॉयड्स थे कप पर, और ठीक जहाँ निप्पल होती है वहां और भी महीन थे जिस में अशिता की निप्पल्स निखार कर आ रहे थे और बहुत ज़्यादा सेक्सी दिख रहे थे उसस्के बूब्स.

विहान अशिता के बूब्स को ज़ूम करके रिकॉर्ड कर रहा था तो अशिता ने कहा,

“तुम समझते हो के अगर फिंगरप्रिंट्स से लॉक करते हो तो कोई भी तुम्हारे मोबाइल को अनलॉक नहीं कर सकता? एक बात बताती हूँ सुनों, मैं ने कैसे तुम्हारे फिंगर प्रिंट्स से इस्को अनलॉक किया और फिंगरप्रिंट्स के सेटिंग से चेंज किया? तुम तो बेहोश थे फिर भी मैं ने इस को अनलॉक किया नाह? तो मेरी जगह किसी और ने वो किया होता तो किआ होता मेरे सभी पिक्स अभी इंटरनेट पर होते तब किआ होता भाई?!”

विहान ने पूछा,

“मेरा मोबाइल कहाँ था जब मैं बेहोश था तब? मेरे पास hi था? तुमने कहाँ से लिए इससे?”

नई पंतय को पेहनत्ते हुए अशिता ने कहा,

“वो एक लम्बी कहानी है किसी और दिन बताउंगी तुझे भाई, अभी तो मूड नहीं ख़राब करना मुझे.”

विहान उस्सको पंतय पेहेनते हुए रिकॉर्ड कर रहा था, उस्सकी टांगों को, उस्सकी जांघो को, फुल बॉडी को और अशिता को टर्न होने को कहा विहान ने, राउंड राउंड घूमने को कहा और रिकॉर्ड करता गया उससे उस तवपिस में. पंतय भी लाल थी और शामे ब्रोकेड और डिज़ाइन की थी…… कमाल के लिंगेरी थे.

फिर विहान ने अशिता को आहिस्ते आहिस्ते एक मॉडल की तरह चलने को कहा थोड़ा कमर मटकते हुए, लेफ्ट तंग को राइट में करके और राइट लेग को लेफ्ट में करके, और वो शूट करते गया अशिता को रूम में उस तरह से चलते हुए. बार बार अशिता को स्माइल करने के लिए कहता रहा विहान ने वाक के दौरान और लास्ट में अशिता ने सच में एक मॉडल की तरह चल कर, अदाओं को सेक्सी और हॉट करके, अपने चेहरे में सेक्सी लुक लाकर, नज़रों को कुछ एक्ससिटिंग करके अशिता ने अपने भाई को ऐसे ऐसे सेक्सी पोज़ दिए के विहान देखता रह गया और उस्का जमके खड़ा हुआ…..

तो विहान ने मोबाइल को रखते हुए उसस्के तरफ बढ़ा और उस्सको गॉड में एक बचे की तरह उठा कर बीएड पर लेटाया और उसस्के ऊपर चढ़ गया. तब झट से अशिता ने उसस्के मुंह पर अपना हाथ रखते हुए कहा,

“रुको, रुको, रुको नाह भाई एक बात पूछनी थी. तुम्हारे ख्याल से तुम्हारे अमित सर ने इन् कपड़ों को तुम्हें देने से पहले देखा नहीं होगा? और किआ होगा अगर उस ने देख लिया होगा तो?”

विहान ने अशिता के गर्दन पर जीब चलाते हुए कहा,

“हरगिज़ नहीं, बिल्कुल भी नहीं”

और अशिता उसस्के नंगे पीठ पर अपने उँगलियाँ चलाते हुए पूछा,

“तुमको कैसे यकीन से कह सकते हो के उस्सने नहीं देखा होगा?”

“क्यूंकि वो वैसा नहीं है. अगर उस ने देखा होता तो उस्का पहला सवाल यह होता के किश के लिए ब्रा और पंतय ख़रीदा है तुमने! – उस्सने तो सिर्फ एक पार्सल की तरह मुझको देने आया जो मैं वहां बूल आया था उस रात को. वैसे एक लाकर है मेरा वहां, मैं लाकर में रखना भूल गया था, और उस्सको इस लिए पता है के यह मेरा है क्यूंकि जब मैं इससे खरीद कर वहां पहुंचा था तो काउंटर पर hi रखा था के किसी का पक में फाल्ट आया था और अमित ने hi इस के प्लास्टिक बैग को काउंटर के निचे रखा था और वो वहीँ रह गया था उस दिन से.”

अस्शिता ने विहान के गर्दन में दांत काटते हुए कहा,

“तुमको तो अब सब चीज़ें अछि तरह से या आने लगे हैं भाई!”

और विहान अशिता के पथ को चाटते हुए उसस्के नैवेल से होकर उस नई पानी के तरफ बढ़ता गया. जबकि अशिता ने जैसे एक अंगराई लेते हुए अपने जिस्म को थोड़ा ऐंठा बीएड पर और कहा,

“और मान लो के अमित ने देख लिया है इस तवपिस को और इस लिए के मुझसे बात कर लिया था तुमसे मिलने आने से पहले और समझ गया था के यह तुम ने मेरे लिए ख़रीदा है तो किआ होगा यह सोचना ज़रा!”

विहान ने अपने जीब को उस पंतय पर चलाते हुए कहा,

“no वे, इम्पॉसिबल!”

और यह कहकर विहान ने अपने दांतों से पंतय को निचे करना चाहा, तो झट से अशिता ने अपने हाथ को वहां किया और पंतय को थाम लिया विहान को मन करते हुए!

विहान ने तरसते अंदाज़ में कहा,

“निकालने दो नाह, प्लीज”

अशिता बोली,

“क्यों पेहेन्ने को कहा था उतारने के लिए?!”

विहान: “हाँ यह उतारने के लिए hi पहनी जाती है!”

अशिता: “नाह, मैं नहीं उतारूंगी, तुम वैसे hi इस्सके ऊपर करना अगर करना है तो!”

विहान ने तब अपने ऊँगली को पंतय के सेंटर में दबाते हुए, जैसे पंतय समेत अपने ऊँगली को अशिता के अंदर डालेगा, अशिता के चेहरे में देखा. अशिता ने ेंखें मुंध लिए थे और बांध ेंखों में hi कहा,

“ससष्ठ उफ़ किआ कर रहे हो भाई मत करो नाह वैसे!”

तब विहान ने देखा के उसस्के ऊँगली में कुछ गीलापन आगया उस तरह से ऊँगली को पंतय पर धँसाते हुए. वो समझ गया के अशिता भीग चुकी है निचे, और उस्सको पता चल गया के अशिता को मैं कर रहा है करने को, मगर फिर भी पंतय नहीं उतारने दे रही है.

तब विहान ने अपने अंडरवियर निकला और अशिता के ऊपर चढ़ गया…. एक बार अशिता ने अपने बाहों को विहान के कांधों पर करके उस्सको किश करने लगी के उस्सकी ेंखें दरवाज़े पर पड़ी तो झट से अशिता विहान को ढाका देकर उठ बैठी और शॉक में कहा,

“उफ़ भाई तुमने दरवाज़े का लॉक नहीं लगाया है उफ़ मेरी माँ अगर मम्मी या पापा ने अचानक दरवाज़ा खोला होता तो?! उफ़!!! किआ यार मुझे hi सब कुछ चेक करना होगा हर रात को अब?! इतनी सी भी तुम नहीं कर सकते भाई?! अब देख किआ रहे हो जल्दी जा कर लॉक करो नाह!!”

विहान बिल्कुल नंगा बीएड से चलते हुए दूर को लॉक करने गया. उस वक़्त अशिता उस्सको उस तरह से नंगे चलते हुए देख कर हंस रही hi… सोचा उस्सको रिकॉर्ड करे मगर सब कुछ एक पल में कर दिया विहान ने, के रिकॉर्ड करना नामुमकिन था.

बीएड पर आते hi विहान अशिता पर टूट पड़ा जैसे एक भूका भेद्य था…. उसस्के ऊपर नंगा चढ़ गया उस्सकी ब्रा निकल फेंका ॉर्फ उसस्के बूब्स चुस्सने लगा. अशिता पंतय में थी मगर दोनों टांगों को फैला कर विहान को अपने बीच ले लिया था उस्सने, और विहान का मोटा तन्ना हुआ लुंड ठीक उस्सकी पंतय के ऊपर दबा हुआ था… विहान ने अशिता की उस गीलेपन को अब अपने लुंड पर फील किया….

अशिता जोश में थी लग रहा था उस्सको बहोत सख्त ज़रुरत थी विहान को अपने अंदर फील करने की, मगर विहान सिर्फ ऊपर ऊपर करने से काम चला लेता था हर बार. तो अशिता की प्यास तो बुझती नहीं थी कभी इन थे रियल सेंस. मगर अच्छा बहुत लगता था अशिता को भी वो सब करना और अब आदत होने लगी थी.

तो जिस वक़्त विहान का मुस्सल उस्सकी पंतय पर दबा विहान ने रागढ देना शुरू कर दिया और ऊपर विहान का जीब अशिता के कभी गर्दन चाटता तो कभी उसस्के बूब्स तक जाता. अशिता बेहाल होती गयी और खुद अपने हाथ से अपनी पंतय को निचे करते हुए एक तड़पती आवाज़ में हंफटे हुए विहान से कहा,

“भाई मैं तुमको अपने अंदर फील करना चाहती हूँ अब!”

विहान अचानक रुक गया और अपने लुंड को अशिता की गीली, नंगी सेक्स पर फील करते हुए और भी ज़ोर से दबाते हुए एक गहरी सांस लेकर कहा,

“ओह no! अभी अभी तो तुमने मुझे उपदर करने को कहा, वे can’t दो तहत बेबी, अभी हम वो नहीं कर सकते नाह?”

अशिता एक सांप की तरह विहान के निचे रेंग रही थी अपने जिस्म को विहान के जिस्म के निचे उसस्के काँधे पर दांत काटते और चूस्ते हुए फिर बोली,

“क्यों नहीं कर सकते जब इतना कुछ कर चुके हैं भाई? ी नीड आईटी नाउ! तुम तो ेजकुलाते करके प्लैसेड हो जाते हो मगर मेरा किआ? मैं ऐसे hi रह जाती हूँ हम्म्म्म, करो नाह भाई!”

विहान उठ बैठा. अशिता को उस तरह देखते हुए उस्सको झटका लगा और सोचने लगा के सच है के वो तो प्लैसेड हो जाता है मगर अशिता को तो ओर्गास्म नहीं आती, तो विहान ने कहा,

“ठहरो मैं तुमको प्लीज करता हूँ बिना पेनेत्रते किये, okay?!”

अशिता ने उदास चेहरा बनाते हुए पूछा,

“कैसे? बिना पेनेत्रते किये कैसे मुझको प्लीज करोगे तुम?!”

मुस्कुराते हुए विहान ने कहा,

“बस तुम देखती जाओ और फील करती जाओ जो मैं करने जा रहा हूँ, पूरा यकीन है के झाड़ जाओगी बहोत hi जल्द, जस्ट वेट स्वीटहार्ट.”

तो बे कॉन्टिनोएड इन थे नेक्स्ट पोस्ट इम्मेडिएटली…
 
अपडेट 34- थे नेक्स्ट डे

विहान अशिता के टांगों के बीच ग़ुस्सा और अशिता के जाँघों पर जीब फरते हुए आहिस्ते आहिस्ते ऊपर तक रीच हुआ….. अशिता का पूरा जिस्म कांपने लगा था और जब विहान का मुंह उसस्के ठीक छूट के ऊपर हुआ तो अशिता की आह निकली और सिहर सी गयी विहान के सर के बालों को अपनी मुठी में जकरते हुए.

विहान ने अपनी बेहेन की छूट का रस छाता फिर, अपने जीब को उस्सकी पंखुरियों के बीच आराम से हौले हौले फिस्सलाते हुए किया और उस्सकी नमकीन टास्ते अपने जीब पर फील करते हुए विहान ने अपने उँगलियों से उस्सकी पंखुरियों को हलके से सेपरेट करते हुए अपने जीब को उस्सकी छूट के चढ़ के बीच घुमाया जिस से अशिता और भी बेहाल होने लगी थी और उस्सकी तड़पती आवाज़ कमरे में गूंजने जैसे लगी थी तो खुद अशिता अपने हथेली को अपने मुंह पर रख कर खुद को दांत काट रही थी, और कभी दोनों तलवे पर ज़ोर लगा कर कमर को ऊपर उठा लेती फिर अपने नितम्बों को थक से निचे बिस्तर पर कर देती और दोबारा तलवे पर ज़ोर देकर कमर को ऊपर उठाती जैसे उसस्के ऊपर एक भूत सवार हो गया था अशिता कुछ इस तरह से रिएक्शंस देने लगी थी. विहान एकांत बार रुक कर उस्सको कण्ट्रोल करने के लिए कह रहा था और आवाज़ को दबाने को कहता के कहीं पेरेंट्स नाह सुन लें.

अशिता ज़ोरों से हांफने लगी थी और उस्सकी आवाज़ कुछ बदल सी गयी थी, जैसे रोनी आवाज़ में उस्सकी तड़प निकल रही थी और विहान को उस्सको उस हालत में देख कर मज़ा आने लगा था….

विहान समझ रहा था के अशिता एक्सटेसी में डूबी हुई है और अपनी ओर्गास्म रीच होने की करीब है, तो विहान ने अपना मुंह नहीं हटाया उस्सकी छूट से, चुस्ता गया और अपने उँगलियों को ज़ोरों से रगड़ता गया पंखुरियों के करीब….. अशिता की नदी बहने लगी थी और उस्का रस उसस्के जाँघों के बीच पिछवाड़े के तरफ जाते हुए देख रहा था विहान और आखिर में अशिता की आवाज़ ज़ोर से निकल hi गयी जब वो झड़ने लगी, और कमर को पूरी तरह से ऊपर उठा लिया अशिता ने, विहान के सर के समेत और सिसकियों के साथ हांफते हुए अशिता की आवाज़ कुछ ऐसी आयी उस वक़्त,

“स्स्स्सस्हशशशशशश आआअह्हह्हआआह्ह्ह्ह, उउउउउइइइइइइइइइ ाघग्घ्घग्घ्घघघघ ह्म्म्मम्म्म्म”

और फाइनली अशिता बीएड पर अपने जिस्म को कुछ इस तरह किया के जैसे बेजान हो गयी थी, या कुछ ऐसा अनुमान हो रहा था के बेहोश हो गयी थी वो जिस्म झटके खाते हुए दिख रहे थे….. यह उस्सकी आज पहली बड़ी, रियल ओर्गास्म थी!!

विहान उसस्के जांघों के बीच बैठा अपने मुहं को पोंछते हुए एक मुस्कराहट के साथ अशिता के चेहरे में देखते हुए कहा,

“क्यों डार्लिंग सीस? अब किआ कहोगी? ओर्गास्म हुई के नहीं? पूरी तरह से झाड़ गयी नाह?!”

अशिता को अब बहोत शर्म आने लगी थी और अपने दोनों हथेली से अपना चेहरा छुपाते हुए उँगलियों के बीच से विहान को देख रही थी शर्माते हुए.

तब विहान उसस्के ऊपर गया और उस्सको चुम्मते हुए अपने लुंड को उसस्के जाँघों के बीच किया और रगड़ना शुरू किया ज़ोर से उस्सकी छूट के ऊपर दबाते हुए. वो इतनी गीली थी के लुंड फिसल कर कभी लेफ्ट तो कभी राइट को चला जाता था. और खुद विहान को डर था के उस तरह से फिसलते हुए कहीं वो अष्ट के अंदर नाह घुस जाए…. मगर विहान ने कण्ट्रोल किया और बहोत hi जल्द उस्का भी पानी निकला अपनी बेहेन के पथ से पिचकारी उस्सकी चूचियों तक गए, जिस पर अशिता ने अपने उँगलियाँ फरते हुए अपने बूब्स पर रगड़ा…. तब विहान ने लुंड को उसस्के तरफ बढ़ाते हुए कहा,

“आज तुमने इस्को मुंह में नहीं लिया बिल्कुल नाह?! अब लेले नाह!”

अशिता ने कहा,

“नहीं छेईई!! इस में वो लगा हुआ है!”

विहान: “तो किआ हुआ स्वीटहार्ट लेले नाह मुझको बहोत ज़्यादा प्लेअसुरे आएगा प्लीज….”

अशिता एक तरफ देखते हुए नाह में सर हिलाती गयी मगर अपने हाथ से थामा लुंड को, और अपने उँगलियों से जैसे पांच रही थी बाकी के बहते वीर्य को, और विहान के इतने मिनतें करने पर आखिर अशिता ने अपने मुंह में ले लिया अपने भाई को और चुस्सने लगी, फिर होना किआ था, विहान का जिस्म कुछ इस तरह से सीधा हुआ के जैसे उस्सको करंट लगा था….. उस्सको चूस्ते हुए अशिता नज़रों को ऊपर उठाकर विहान के चेहरे में देख रही थी अपने भाई को उस ख़ुशी को महसूस करते हुए.

विहान ने कहा, “इस वक़्त तुमको रिकॉर्ड करना चाहिए था यह करते हुए….”

दोनों बेहद खुश थे और उसस्के बाद दोनों ने एक दूसरे को बाहों में ज़ोर से जाकर के नींद के आगोश में खो गए वैसे hi नंगे.

***********************************************************

सुबह को सब कुछ तेज़ी के साथ गुज़रा, अशिता नहाने गयी उसस्के बाद विहान नहाया, पेरेंट्स के जाने के बाद दोनों ने कुछ देर फिर प्यार किये, एक दूसरे को जाकर कर बहोत सारे किश किये और आखिर में अशिता कॉलेज के लिए तैयार हुई.

ठीक जब यूनिफार्म पेहेन्ने के बाद अशिता बैग लेकर निकलने वाली थी तो विहान ने कहा,

“अब तो मोबाइल वापस करदे, अब मैं उसे करूँगा नाह!”

अशिता के मैं में एक साथ हज़ार सिचुएशन नज़र आये. वो सोचने लगी के अमित उस्सको टेक्स्ट करेगा और विहान देख लेगा, और वो अमित से बात नहीं कर पाएगी… सोचने लगी के प्रिय के फ़ोन से जाते hi अमित को टेक्स्ट करके बता देगी के उस्सको टस्ट नाह करें क्यूंकि मोबाइल विहान के पास है…… मगर फिर सोचा उस्सको तो अमित का नंबर याद नहीं, वो तो मोबाइल में है, तो अब किआ करती… ये सब सोचते हुए अशिता ने उदास चेहरे से विहान को उस्का मोबाइल वापस करदी और घर से निअक्लने से पहले विहान को ज़ोर से हुग और किश करते हुए निकली.

चाँद कदम hi चली थी के विहान उसस्के पीछे झपट के गया और कहा,

“लेले ऐसा चेहरा मत बना मोबाइल के बिना अब, रख ले मगर अगले हफते मुझको मेरी मोबाइल वापस चाहिए समझी नाह?!”

अशिता बहोत hi खुश दिखने लगी और हस्ते हुए मोबाइल वापस लिया और फिर से विहान को हुग करके किश किया अपने गेट के पास. कोई गुज़र रहा था बाइक पर और हॉर्न करता गया दोनों को देखते हुए उस पोजीशन में. जब बाइक चला गया तब अशिता मुड़कर देखते हुए कहा,

“पता नहीं कौन था, अगर यहीं कहीं का रहने वाला होगा तो? उस्सने हम दोनों को किश करते हुए देकेः!”

विहान ने कहा,

“अरे गोली मारो उस्का किआ जाता है. Okay चलो दो हैवे ा वैरी नीस डे माय बेबी. मुउउउउआअह.”

अशिता चली गयी और विहान घर के अंदर गया. मगर बुसस 15 मिनट्स के बाद hi विहान घर से निकला और कीबेरसफ़े पहुँच गया बाकी के पक को ठीक करने के लिए.

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कॉलेज में सब ठीक चल रहे थे के एक बार जब अशिता क्लास में थी तो अमित का मैसेज आया;

“किआ हाल है जानेमन, दिल का कुछ तो ख्याल किया होता”

अशिता ने चुपके से मेसज को पढ़ा और मुस्कुराने लगी. फिर थोड़ी देर बाद रिप्लाई किया,

“मैं जानेमन कबसे बन गयी?!”

अमित ने ों थे स्पॉट रिप्लाई किया,

“अब इतनी खुबसुआरत लड़की तो इस्सके सिवा कुछ हो hi नहीं सकता!”

अशिता ने जवाब दिया,

“क्यों? मैं किसी की बेहेन नहीं हूँ किआ? किसी की बेटी नहीं हूँ किआ? सिर्फ जानेमन कैसे हो सकती हूँ?”

अमित ने रिप्लाई भेजा,

“जानेमन, वो अपने घरवालों के लिए हो, मेरे लिए तो जान हो और तुझसे अब मिलने की बड़ी तमन्ना है!”

जिस वक़्त अमित अशिता को टेक्स्ट कर रहा था विहान वहीँ कंप्यूटर ठीक कर रहा था. अमित को लग रहा था के वो विहान से कुछ चुरा रहा था उस वक़्त क्यूंकि उस्सको विहान से छुप कर अशिता को टेक्स्ट करना पर रहा था.

अशिता ने जवाब में सिर्फ यह लिखा,

“मैं इस वक़्त क्लास में हूँ कन्नोत चाट! सी यू लेटर”

अमित ने मेसज सेंड किया,

“कितने बजे ब्रेक है यह तो बता दो तुम्हारी आवाज़ सुनने को तरस गया हूँ”

अशिता ने सेंड किया,

“15 मीन्स बाद. Bye.”

अमित ने सोचा के 15 मीन्स बाद उस्सको वहां से कहीं दूर जाकर अशिता से बात करना होगा क्यूंकि विहान वहीँ था…….

उधर अशिता सोच रही थी के अमित से जान्ने की कोशिश करेगी के किआ उस्सको पता था के जो पार्सल उस्सने विहान को दिया था उस के अंदर किआ था… और सोचने लगी के अगर अमित ने हाँ में जवाब दिया तब किआ जवाब देगी वो अमित को? मतलब तब अमित को सब पता चल गया होगा के अशिता और विहान के बीच किआ सम्बन्ध है!!…..

तो बे कॉन्टिनोएड……(3350 वर्ड्स फ्रॉम बोथ उपदटेस)
 
सॉरी फ्रेंड्स, आज अपडेट लेट आएगा, आफ्टरनून में अपडेट पोस्ट करूँगा,

ी हैवे रियली बीन वैरी बिजी टुडे एंड ओनली part ऑफ़ थे अपडेट हैवे बीन रिटेन सो फार, ी विल कम्पलीट थे उपदटेस इन थे आफ्टरनून एंड बी 5 पं विल पोस्ट आईटी इतस ा प्रॉमिस......

थे किंग उपदटेस विल सरप्राइज आल ऑफ़ यू ी बेट ों तहत एंड यू आल विल लव तहत
 
अपडेट 35 प्रिय ास्क्स अशिता….

अमित ने सोचा के 15 मीन्स बाद उस्सको वहां से कहीं दूर जाकर अशिता से बात करना होगा क्यूंकि विहान वहीँ था…….

उधर अशिता सोच रही थी के अमित से जान्ने की कोशिश करेगी के किआ उस्सको पता था के जो पार्सल उस्सने विहान को दिया था उस के अंदर किआ था… और सोचने लगी के अगर अमित ने हाँ में जवाब दिया तब किआ जवाब देगी वो अमित को? मतलब तब अमित को सब पता चल गया होगा के अशिता और विहान के बीच किआ सम्बन्ध है!!…..

अब आगे….

ब्रेक में अशिता ने खुद अमित को फ़ोन किया क्यूंकि उस्सको जानना था के किआ अमित को उन् कपड़ों के बारे में कुछ पता था.

अमित ने जब अशिता का कॉल देखा तो वो बहोत खुश हुआ और बाहर निकला उस से बात करने के लिए क्यूंकि अंदर विहान मौजूद था. अमित को अशिता की सुरीली आवाज़ और उस्सकी बोलने की अदाएं भ गया था और वो सच में आशिक हो गया था अशिता का तो उसस्के लिए यह एक बहोत बड़ी बात थी के खुद अशिता उस्सको फ़ोन कर रही थी तो ख़ुशी से उस्सने कॉल लिया और पहला लाइन यह बोलै,

“हाय रे मेरी किस्मत, लगता है ऊपर वाला अब मुझ पर मेहरबान होने लगा के इतनी खूबसूरत लड़की ने मुझ ग़रीब को याद किया. सुनाओ हाउ अरे यू स्वीटहार्ट?”

अशिता ने अपनी चुलबुली हंसी में जवाब दिया,

“आप यह मुझको जानेमन और स्वीटहार्ट मत बुलाओ प्लीज”

अमित ने मुस्कुराते हुए बड़े खुश मिज़ाज से कहा,

“ाजी चोररये नाह जी, किआ रखा है नाम लेकर बुलाने में, यह तो बुसस इरादे पर देपेंद करता है के किश नियत से बुलाया जा रहा है!”

अशिता ने भी उसी टोन और ऐडा में कहा,

“ाचा? तो आप की नियत किआ है जान सकती हूँ ज़रा?!”

अमित: “नियत तो बड़ा नेक है जी बुसस आप की रज़ामंदी की ज़रुरत है इस्को पूरा करने के लिए.”

अशिता ने हँस्ते हुए कहा,

“मेरी रज़ामंदी? क्यों इस में मैं कहाँ से आगयी जब नियत आप की है तो?!”

अमित ने फ़्लर्ट करते हुए कहा,

“चलो चोर्रो नाह, यह बताओ के हम मिल कब सकते हैं, बड़ी तमनाः है आप से मिलके कुछ गुफ्तगू करने की, आप को ेंखों के सामने देख कर दिल को आराम मिलेगा इस्सके बड़ा यकीन है मुझे.”

अशिता ने हँस्ते हुए कहा,

“आप बहोत अजीब हो जी, मेरे तो समझ में नहीं अत के आप मुझसे मिलना क्यों चाहने लगे जबकि हम एक दूसरे को जानते तक नहीं, आप को तस्वीर तो भेज दिया तो आप तो मुझसे मिल चुके हो नाह?!”

जिस वक़्त अशिता अमित से बात कर रही थी प्रिय उस्सको दूर से घुर्र रही थी. शुरू में तो प्रिय ने सोचा के वो विहान से बात कर रही होगी मगर अशिता के हाव भाव से प्रिय को दिख गया के वो किसी और से बात कर रही है, तो धीरे धीरे वो उसस्के करीब आने लगी और सुनने की कोशिश करना चाहि के अगर विहान से बात कर रही है तो इतना शर्मा क्यों रही है अशिता. और फिर प्रिय ने उस्सको टेक्स्ट करते हुए भी देखा था क्लास में तब प्रिय ने सोचा के किआ विहान के पास और एक मोबाइल है जो अशिता उस्सको टेक्स्ट कर रही थी, इस लिए प्रिय को ज़्यादा डाउट हुआ के शायद अशिता किसी और से बात कर रही है. वैसे प्रिय उस वक़्त अपने किसी फ्रेंड से बात कर रही थी ब्रेक में इसी लिए अशिता के साथ नहीं थी वार्ना अशिता बात भी नहीं कर पाती अमित से.

अशिता ने अमित से कहा,

“कल जब आप विहान से मिलने गए थे तो कुछ दिया था उस्सको किसी प्लास्टिक बैग में? किआ था वो मुझे बताओगे आप?”

अमित: “लो कल्लो बात! किआ यार मैं हम दोनों के बारे में बात कर रहा हूँ और आप है के अपने भाई की बात लेकर बैठ गयी, हाँ कल उस्का एक पार्सल रह गया था यहाँ वही देने गया था क्यों?!”

अशिता: “ऐसे hi मुझे जानना था के किआ आप को पता था उस पार्सल में किआ था? मतलब आप ने खोल कर नहीं देखा था के भाई ने किआ व्रैप किया हुआ था अस गिफ्ट उस में?!”

अमित: “दिल तो कर रहा था के देखूं मगर इतनी हिम्मत नहीं हुई किसी और की व्रैप किये हुए गिफ्ट को खोलूं, आप hi बता दो किआ था उस में? किआ आप के लिए कुछ ख़रीदा था आप के भाई साहब ने?”

अशिता ने कुछ नटखटी आवाज़ में कहा,

“मुझे यकीन नहीं हो रहा क्यूंकि एक हफ्ते तक वो गिफ्ट आप के पास रहा, भाई तो हॉस्पिटल में था, तो एक हफ्ते तक आप उस्सको वैसे hi देखते रहे, नहीं खोला था? आप झूट भी बोलते हो?”

तब तक प्रिय अशिता के पीठ पर कड़ी थी और सब सुन रही थी.

अमित ने अशिता को जवाब देते हुए कहा,

“आप क्यों यकीन नहीं कर रहे हो मेरा? किआ मैं झूठा लग रहा हूँ आप को? अरे यह तो मेरे लिए एक दुविधा हो गयी के मैं आप से मिलना चाहता हूँ और आप ने तो अभी से hi मुझको लिएर् बना दिया किआ यार?!”

अशिता ने कहा,

“नहीं वो बात नहीं है, आप सिर्फ इतना बता दो के उस में किआ था क्यूंकि भाई ने मुझको नहीं दिखाया, मैं सोच रही हूँ किआ चीज़ था उस में के भाई छुपा रहा है मुझसे वो मुझसे तो कुछ भी नहीं छुपता है!”

यह अशिता ने ाचा गेम खेला ऐसे बता कर, फिर खुद सोचने लगी के अब अगर उस्सने उस ब्रा पंतय को देखा भी होगा तो उस्सको पता चलेगा के मेरे लिए तो नहीं ख़रीदा गया था वो गिफ्ट.”

तब तक प्रिय ने अशिता को पीछे से छह कर डरा दिया, अशिता का चेहरे लाल हो गया प्रिय को देखते हुए और उसस्के समझ में नहीं आया के वो अब कॉल एन्ड करे या बात कंटिन्यू करे अमित से. इशारे से प्रिय ने पूछा कौन है? मतलब किश से बात कर रही है, तो अशिता ने अपने ऊँगली को होठों पर रख कर उस्सको साइलेंट रहने को कहा और अमित ने जवाब दिया,

“नहीं मैं ने नहीं देखा था उस में किआ है, अगर विहान आप से छुपा रहा है तो शायद किसी और के लिए कुछ ख़रीदा होगा, या अगर आप के लिए होगा तो शायद आप की बर्थडे के दिन देगा, या आप की मम्मी या पापा के लिए कुछ लिया होगा!”

तब जाकर अशिता को तस्सली हुई के सच में अमित ने नहीं देखा होगा वार्ना वो यह तो नहीं कहता के उसस्के मम्मी के लिए गिफ्ट होगा. अशिता की जान में जान आयी और एक लम्बी सांस चोररटे हुए कहा,

“हाँ शायद मम्मी के लिए कुछ लिया होगा इसी लिए मुझे नहीं दिखाना चाहता है भाई. चाह तो फिर रखती हूँ अब क्लास में वापस जाना है okay bye.”

मगर अमित ने कहा,

“अरे रुको तो जानेमन, यह बताते जाओ के हम मिलेंगे कब? बड़ी ख्वाहिश है तुमको देखने की, मिलने को, प्लीज बता दो नाह कब देख सकता हूँ तुमको माय डिअर!”

अशिता ने सिर्फ इतना कहा, “पता नहीं bye” और उस्सने कॉल डिसकनेक्ट कर दिया और प्रिय के तरफ देखते हुए अपने छाती पर हाथ रख कर उफ़ कहा!

प्रिय ने पूछा,

“कौन था ऋ? तुझसे कोई फ़्लर्ट करने लगा है किआ अब?”

अशिता ने ब्लश करते हुए कहा,

“अमित था यार, विहान जहाँ काम करता है नाह उस्का बॉस, मुझसे कल विहान की खबर लेने के लिए टक्स किया था क्यूंकि यह मोबाइल तो भाई की है नाह? तो उस्सने सोचा भाई रिप्लाई करेगा मगर मोबाइल तो मेरे पास थी नाह, तो मुझे रिप्लाई करना पड़ा तो अब इस्को मुझसे बात करने का चस्का लग गया है हीहीहीहीहीही”

दोनों सहेली हंससने लगे मगर प्रिय ने कहा,

“मगर तू कौन सी चीज़ के बारे में पूछ रही थी उस से के किसी और के लिए लिया होगा वग़ैरा?”

अब अशिता ने यह बताना मुनासिब नहीं समझा प्रिय को के विहान ने उसस्के लिए लिंगेरी ख़रीदा है तो बुसस कह दिया के विहान ने कुछ सामान खरीद कर रखे थे कीबेरसफ़े में जो अमित ने वापस किया कल और विहान नहीं दिखाना चाहता के उस में किआ है वही पूछ रही थी अमित से के किआ उस्सको पता है किआ है उस बैग में. फिर तभी मोबाइल की मेसज वाला टोन बजा.

अशिता ने मेसज को ओपन नहीं किया प्रिय के सामने. प्रिय से कहा के वाशरूम जा रही है और उधर जाकर मेसज को रीड किया, अमित ने लिखा था,

“जानेमन यह तो बता दो नाह के कब तुमको अपने सामने देख सकता हूँ? प्लीज एक बार मिलना तो है तुमसे माय डिअर.”

अशिता ने रिप्लाई किया,

“आज शाम को कॉलेज से वापस जाते वक़्त देख लेना मुझे, मैं आप के कीबेरसफ़े के पास से गुज़रूंगी.”

अमित ने लिख कर सेंड किया,

“अरे मगर सिर्फ देखने से ख़ुशी नहीं होगी, एक दो बात तो कर सकते हैं नाह कम से कम जानेमन?

अशिता ने रिप्लाई किया,

“हाँ तो तभी बात कर लेना नाह मुझसे!”

अमित ने रिप्लाई किया,

“के ों यार, वैसा मिलना भी कोई मिलना होता है किआ? किसी रेस्टोरेंट में या साफé में मिलते हैं नाह?”

अशिता ने हँस्ते हुए रिप्लाई किया,

“आप मुझसे फ़्लर्ट कर रहे हो किआ जी?”

अमित: “जैसा आप को सूट करे वही समझ लीजिये नाह!”

अशिता ने फिर टाइप किया,

“तो फिर आप के hi कीबेरसफ़े में मिलते हैं ठीक है?”

अमित खुश हुआ और हाँ में रिप्लाई किया.

जब अमित ने रिप्लाई सेंड कर दिया तब सोचा के पता नहीं तब तक विहान वहीँ होगा तब किआ होगा…. फिर मैसेज लिख hi रहा था के अशिता की मेसज आयी,

“मैं अब क्लास में हूँ टक्स मत करो प्लीज, bye.”

फिर भी अमित ने टक्स भेजा,

“okay आप की लंच ब्रेक में टक्स करता हूँ okay?”

अशिता ने रिप्लाई भेजा, “OKAY”

तो बे कॉन्टिनोएड इन नेक्स्ट पोस्ट इम्मेडिएटली….
 
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