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अपडेट 31 समवन कॉल्ड अशिता
और अशिता ने सुना विहान की नार्मल आवाज़ ने कहा,
“फॉरगिवें”
अशिता रट रट हंस पारी और ज़ोरों से विहान के गालों पर हज़ारों चुम्बन देती गयी और लास्ट में उसस्के मुंह को अपने मुंह में लेकर एक लम्बी फ्रेंच किश किये….
और लास्ट में अशिता ने bye कहा उस्सको ज़ोर से हुग करते हुए कॉलेज के लिए निकल गयी.
अब आगे……..
विहान घर पर अकेला रहा. तो किआ उस्सको कोई तकलीफ हुई? किआ वो सब समझ रहा था के घर में अकेले किआ करना चाहिए? कहीं वो कुछ ग़लत तो नहीं कर जाता? इस्सकी फ़िक्र थी अशिता को कॉलेज में. सुबह के ब्रेक में उस्सने विहान को घर के लैंडलाइन पर फ़ोन किया तो विहान ने कॉल पिक उप किया और आराम से बात किया और अशिता से कहा के वो अपने स्टडीज में ध्यान दें उस्का फ़िक्र नाह करे. अशिता को ाचा लगा के विहान इतना रीजनिंग बातें कर रहा था, जैसे के बिल्कुल ठीक है, उसस्के बोलने से नहीं लगता था के उस्सको कोई ब्रेन का प्रॉब्लम है, बल्कि फ़ोन पर और भी बेहतर तरीके से बात कर रहा था अशिता ने फील किया.
लंच ब्रेक में जब अशिता ने उस्सको फिर फ़ोन किया तो विहान ने कहा के उस्सको सोने का मैं कर रहा मगर उस्सको नींद नहीं आरही है. तो अशिता को बहोत तःजब हुआ किनके जो सोने वाले ड्रग जैसा मेडिसिन आज सुबह को उस को दिया था रात की बजाए तो उस से तो विहान को गहरी नींद में होना चाहिए था बल्कि अशिता ने तो यह सोचा था के लंच ब्रेक में कोई फ़ोन नहीं उठाएगा क्यूंकि विहान गहरी नींद में होगा. मगर अशिता ने उस से इधर उधर के बातें किये और विहान को टीवी ों करके कुछ देखने के लिए कहा टाइम पास करने के लिए. अशिता ने उस से कहा के बुसस ढाई घंटे बाद वो घर वापस आजाएगी. तो विहान ने कहा ok, ठीक तभी अशिता के मोबाइल पर किसी ने संस किया जो उस्सने विहान को बताया, तो विहान ने कहा देखने को किश का संस है. कॉल को कट किया अशिता ने और संस रीड किया तो वो संस उस आदमी ने किया था जहाँ विहान काम करता था कीबेरसफ़े वाला जिसस्ने विहान को मोबाइल दिया था.
अशिता ने उस आदमी को रिप्लाई किया के विहान का एक्सीडेंट हुआ था वो बीमार है.
तो उस आदमी ने अशिता को फिर संस किया यह कहकर:
“ी क्नोव तहत हे हद हद ान एक्सीडेंट एंड वांटेड तो जो तो सी हिम ात थे हॉस्पिटल, ी वास् तू बिजी लास्ट फ्यू डेज सो कुड नॉट जो, नाउ वांट तो जो टुडे सो ी वांट तो क्नोव इन व्हिच वार्ड हे इस.
पहले रिप्लाई में अशिता ने उस्सको बता दिया था के वो विहान की बेहेन है और मोबाइल अभी उसस्के पास है, इसी लिए वो आदमी को पता था के वो विहान की बेहेन से बात कर रहा है. तो अशिता ने उस्सको रिप्लाई करके बताया के विहान घर पर अकेला है अगर वो चाहे तो उससे वहीँ देखने जा सकता है, तो उस्सने कहा के हाँ वो अभी जाएगा उस से मिलने.
तब अशिता ने वापस फ़ोन किया विहान को और उस्सको बताया के वो आदमी उस से मिलने ारः है. अशिता सोच रही थी के किआ विहान को उसस्के बारे में याद होगा या नहीं मगर विहान ने कहा हाँ ठीक है वो उस से मिल लेगा….
तो अशिता ने सोचा चलो ठीक है कोई तो विहान के पास होगा तब तक वो कॉलेज से घर वापस चली जाएगी विहान के पास.
कीबेरसफ़े वाले बॉस का नाम था, अमित. वो एहि कोई 29 यरस का था और इश्क में धोका खाया हुआ था. उस्सकी मेहबूबा ने उस्सको धोका देकर किसी और के साथ चली गयी थी 5 साल के रिलेशनशिप के बाद. और हर मुहबत में धोका खाये हुए लोगों की तरह यह भी मुहबत के नाम से अब चिढ़ता था मगर जब उस्सने अशिता से टेक्स्ट करके बात किया तो उस्सको लगा के वो अपनी मेहबूबा से बात कर रहा है और उस्का दिल मचल गया थोड़ी देर के लिए फिर उस्सको अशिता की आवाज़ सुनने का मैं किया.
एक बार फिर से उस्सको मुहबत की जाल ने घेरा, और अशिता की आवाज़ सुनने की चाह ने उस्सको अशिता की मुम्बर डायल करवाया.
अशिता ने जब देखा के वही नंबर अब कॉल कर रहा है तो यह सोचकर के वो आदमी शायद घर का पता जान्ने के लिए कॉल कर रहा होगा तो उस्सको एक्सप्लेन करने के लिए अशिता ने कॉल पिक उप किया.
अमित ने कहा,
“Hello सॉरी अगर डिस्टर्ब कर रहा हूँ, मैं बस यह जानना चाहता था के तुम भी किआ कहीं काम कर रही हो? किसी ऑफिस में हो किआ??”
अशिता को हंसी आयी और हस्ते हुए जवाब दिया,
“ओह no मैं स्टूडेंट हूँ और इस वक़्त कॉलेज में हूँ!”
अशिता की वो हंसी, इतनी चुलबुली थी और उस्सकी सुरीली आवाज़ तो कहने की ज़रुरत नहीं के कितनी प्यारी थी, और वो कितनी प्यार से बात करती है जिस पर खुद विहान मरता है, अब यह आवाज़ अमित ने सुना तो बुसस उस्सको इस आवाज़ से hi प्यार हो गया तुरंत.
अमित ने बिना झिझक कह दिया,
“तुम्हारी आवाज़ कितनी प्यारी है, खूबसूरत है, तुमको सुनने रहने को मैं करता है, मुझे नहीं पता था विहान की इतनी बड़ी बेहेन भी है.”
ाहिता ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया,
“किआ भाई ने कभी आप को नहीं बताया के उस्सकी एक बेहेन है? तःजब है, मैं सोच रही थी आप को पता होगा.”
अमित: “नहीं इस काम में इतना बिजी रहता है के और कोई बात करने का मौका hi नहीं मिलता किसी को भी, बुसस कंप्यूटर में ग़ुस्से रहते हैं वो भी और मैं भी. वैसे विहान ज़्यादा बात तो करता hi नहीं था, बुसस एक बार कहा था उस्सको मोबाइल खरीदने का मैं कर रहा है तो मैं ने अपनी वाली उस्सको दे दिया जो इस वक़्त तुम्हारे पास है हेहेहे!”
अशिता को अब यह जान्ने का मैं कर रहा था के जीन दिनों वो विहान से बेरुखी से पेश आरही थी तो उन् दिनों विहान का बेहेवियर कैसे था काम पर, इस लिए उस्सने पूछा,
“आप विहान को काफी करीब से जानते होंगे नाह? तो प्लीज बताइये के पिछले दिनों वो कैसा था काम पर, ी मैं पिछले एक साल तक उस्का रवैया कैसा था, किआ वो उदास दीखता था, उलझन में रहता था, किआ उसस्के हाव भाव से ऐसा लगता था के वो किसी से प्यार करता है और उसस्के ग़म में खोया खोया रहता था किआ?!”
अब एक धोके खाये हुए आशिक से अशिता ने ऐसे बातें किये के उस्सको तो खुद अपने बारे में बताने की बात कर रही थी अशिता. अशिता को किआ पता था के अमित खुद एक धोका खाया हुआ इंसान है और उस्सको इमोशनल सपोर्ट की ज़रुरत होगी, वो तो विहान के बारे में पूछ ताज कर रही थी.
मगर अमित को ऐसा लगा के यह उसस्के लिए एक मौका है. कहते है नाह मौका खुद चल कर हमारे पास एते हैं और अगर हम ने उस्का इस्तेकबाल नहीं किया तो वो मौका किसी और के पास चला जाता है. इतने दिनों से ग़म में डूबा अमित को लगा के उसस्के ज़ख्मों को मरहम लगाने के लिए ऊपर वाले ने उसस्के लिए इस लालड़की के ज़रिए एक मौका भेजा है जो उसस्के दुःख और इश्क के ग़म को मिटा कर उस्सको नयी ज़िन्दगी, नाये मुहबत की राह बना सकती है.
अब बुसस समझलो के अमित को उसी पल अशिता से इश्क हो गया, और जब कोई इश्क के ग़मों में डूबा होता है तो उस्सको भी किसी डूबते हुए की तरह एक तिनके की ज़रुरत पड़ती है डूबने से बचने के लिए. तो अमित के लिए अशिता वो तिनका था, वो सहारा था जो उससे डूबने से बचा सकती है. अमित अपने दिल की आह को संभालते हुए एक गहरी सांस लेकर खुद से कहता है,
“यह तो मेरे अपने बारे में पूछ रही है के मैं और मेरे दिल का हाल कैसा है किआ बताऊँ इससे उसस्के भाई के बारे में मैं खुद अपने हाल बयान कर देता हूँ इस लड़की को, अगर इस्सके पास दिल है तो खुद समझ जाएगी.”
और अमित ने अशिता को कहा,
“दिल के जो अरमान बहते हुए नज़र आने लगते हैं, तो ग़म में डूबे इंसान को और कुछ नहीं दीखता. वो बुसस उस बहाव में बहते चला जाता है जहाँ तक वो उसे लेजाता है, वही हाल था और है शायद अब भी”
अशिता ने सोचा यह सब उस्सने विहान के लिए और उसी के बारे में कहा, उसस्के आवाज़ में दर्द था, और अशिता ने सोचा के वो दर्द विहान के लिए था, और अपने भाई पर उस्सको बहोत ज़्यादा तरस आया. और उदास आवाज़ में अमित से कहा,
“आप उसस्के दिल के दर्द से वाकिफ थे? बहोत दुःख हुआ था विहान को नाह? किआ आप को पता था उस्सकी वो दुःख का कारण किआ था? किआ वो किसी से प्यार करता था और उस्सको वापस प्यार नहीं मिल रहा था?”
अमित के दिल के धड़कन बढ़ते गए और अब उस से रहा नहीं जा रहा था किनके उस्सको ऐसी hi एक लड़की चाहिए था जो दिल का हाल समझती हो और उसस्के लिए अशिता अब एक मसीहा बनकर आयी थी और वो उस्सको अब तो खोना नहीं चाहता था तो कहा,
“मैं तो अपने दिल का हाल बयां करने लगा जब आप ने पूछा, आप के भाई कहाँ से आगया बीच में, हम अपने खुद के ग़म बांटने लगे आप से, आप की आवाज़ मुझे एक मरहम की तरह सुख देने लगा है, समझी आप? वैसे आप का नाम किआ है?!”
अशिता ने सोचा में दूँ कर जवाब दिया,
“अशिता: "अशिता नाम है मेरा, आप को किआ ग़म है ?!”
अमित ने कहा,
“अशिता, जितनी खूबसूरत आवाज़ उतना hi खूबसूरत नाम. मुझे किआ ग़म है पूछ रही हो? बयान दिल कर डाला, आप ने सुन भी लिया और मरहम दे गयी फिर पूछ रही हो ग़म किआ है, किआ बात है!”
अशिता को उस्सकी आवाज़ में दर्द मालूम हुआ और समझ गयी के वो भी दिल का मारा इंसान है. तो उसस्के दर्द को कम करने के लिया अशिता सच में बहोत नरमी से और प्यार से बात कर रही थी उसस्के साथ, और अशिता ने तब पूछा,
“और आप का नाम जान सकती हूँ?!”
“नाचीज़ को अमित कहते हैं, हूँ तो ज़ुल्म -इ - इश्क का मारा मगर अब भी दिल की तमन्ना है के कोई आप जैसी ज़िन्दगी में आजाये तो बात बन जाए.”
अशिता ने एक हलकी हंसी में कहा,
“आप का अंदाज़ बड़ा शायराना लगता है किआ आप एक शायर हो?!”
अमित: “हूँ तो नहीं, मगर िस्ख बना देता है, किआ पता बन गया हूँ खुद को खबर नहीं हुज़ूर.”
अशिता ने कहा,
“मगर मुझको अब क्लास ज्वाइन करना है अमित, तो बाद में बात करते हैं, फिलहाल आप विहान से मिलने चले जाइये, शायद आप के ग़म वही बाँट लें!”
अमित ने कहा,
“रुको नाह प्लीज अपना चेहरा दिखती जाओ प्लीज, बुसस एक तमन्ना बाकी रह गयी तुमसे बात करने के बाद, के दीदार हो जाता तो किआ जाता, एक सेल्फी या तस्वीर हो अगर मोबाइल पर एक झलक दिखा जाओ नाह, दिल को राहत आजाएगी.”
और अशिता ने तो आज तक कभी फ़ोन से किसी से चाट नहीं किया था और पिछ वग़ैरा नहीं शेयर किया था तो उसस्के लिए एक नयी बात थी तो उस्सको तरय करने का मैं किया और एक ऐसा पिछ सेंड किया अमित को bye कहते हुए.
अमित अशिता के पिछ देखते हुए दीवाना हो गया और अपने सपनों की दुन्या में फिर महल बनाने लगा प्यार की. सोचने लगा के अब, इस बार कोई तो आगयी उसस्के दिल को संभालने के लिए.
तो बे कॉन्टिनोएड इन नेक्स्ट पोस्ट इम्मेडिएटली….
और अशिता ने सुना विहान की नार्मल आवाज़ ने कहा,
“फॉरगिवें”
अशिता रट रट हंस पारी और ज़ोरों से विहान के गालों पर हज़ारों चुम्बन देती गयी और लास्ट में उसस्के मुंह को अपने मुंह में लेकर एक लम्बी फ्रेंच किश किये….
और लास्ट में अशिता ने bye कहा उस्सको ज़ोर से हुग करते हुए कॉलेज के लिए निकल गयी.
अब आगे……..
विहान घर पर अकेला रहा. तो किआ उस्सको कोई तकलीफ हुई? किआ वो सब समझ रहा था के घर में अकेले किआ करना चाहिए? कहीं वो कुछ ग़लत तो नहीं कर जाता? इस्सकी फ़िक्र थी अशिता को कॉलेज में. सुबह के ब्रेक में उस्सने विहान को घर के लैंडलाइन पर फ़ोन किया तो विहान ने कॉल पिक उप किया और आराम से बात किया और अशिता से कहा के वो अपने स्टडीज में ध्यान दें उस्का फ़िक्र नाह करे. अशिता को ाचा लगा के विहान इतना रीजनिंग बातें कर रहा था, जैसे के बिल्कुल ठीक है, उसस्के बोलने से नहीं लगता था के उस्सको कोई ब्रेन का प्रॉब्लम है, बल्कि फ़ोन पर और भी बेहतर तरीके से बात कर रहा था अशिता ने फील किया.
लंच ब्रेक में जब अशिता ने उस्सको फिर फ़ोन किया तो विहान ने कहा के उस्सको सोने का मैं कर रहा मगर उस्सको नींद नहीं आरही है. तो अशिता को बहोत तःजब हुआ किनके जो सोने वाले ड्रग जैसा मेडिसिन आज सुबह को उस को दिया था रात की बजाए तो उस से तो विहान को गहरी नींद में होना चाहिए था बल्कि अशिता ने तो यह सोचा था के लंच ब्रेक में कोई फ़ोन नहीं उठाएगा क्यूंकि विहान गहरी नींद में होगा. मगर अशिता ने उस से इधर उधर के बातें किये और विहान को टीवी ों करके कुछ देखने के लिए कहा टाइम पास करने के लिए. अशिता ने उस से कहा के बुसस ढाई घंटे बाद वो घर वापस आजाएगी. तो विहान ने कहा ok, ठीक तभी अशिता के मोबाइल पर किसी ने संस किया जो उस्सने विहान को बताया, तो विहान ने कहा देखने को किश का संस है. कॉल को कट किया अशिता ने और संस रीड किया तो वो संस उस आदमी ने किया था जहाँ विहान काम करता था कीबेरसफ़े वाला जिसस्ने विहान को मोबाइल दिया था.
अशिता ने उस आदमी को रिप्लाई किया के विहान का एक्सीडेंट हुआ था वो बीमार है.
तो उस आदमी ने अशिता को फिर संस किया यह कहकर:
“ी क्नोव तहत हे हद हद ान एक्सीडेंट एंड वांटेड तो जो तो सी हिम ात थे हॉस्पिटल, ी वास् तू बिजी लास्ट फ्यू डेज सो कुड नॉट जो, नाउ वांट तो जो टुडे सो ी वांट तो क्नोव इन व्हिच वार्ड हे इस.
पहले रिप्लाई में अशिता ने उस्सको बता दिया था के वो विहान की बेहेन है और मोबाइल अभी उसस्के पास है, इसी लिए वो आदमी को पता था के वो विहान की बेहेन से बात कर रहा है. तो अशिता ने उस्सको रिप्लाई करके बताया के विहान घर पर अकेला है अगर वो चाहे तो उससे वहीँ देखने जा सकता है, तो उस्सने कहा के हाँ वो अभी जाएगा उस से मिलने.
तब अशिता ने वापस फ़ोन किया विहान को और उस्सको बताया के वो आदमी उस से मिलने ारः है. अशिता सोच रही थी के किआ विहान को उसस्के बारे में याद होगा या नहीं मगर विहान ने कहा हाँ ठीक है वो उस से मिल लेगा….
तो अशिता ने सोचा चलो ठीक है कोई तो विहान के पास होगा तब तक वो कॉलेज से घर वापस चली जाएगी विहान के पास.
कीबेरसफ़े वाले बॉस का नाम था, अमित. वो एहि कोई 29 यरस का था और इश्क में धोका खाया हुआ था. उस्सकी मेहबूबा ने उस्सको धोका देकर किसी और के साथ चली गयी थी 5 साल के रिलेशनशिप के बाद. और हर मुहबत में धोका खाये हुए लोगों की तरह यह भी मुहबत के नाम से अब चिढ़ता था मगर जब उस्सने अशिता से टेक्स्ट करके बात किया तो उस्सको लगा के वो अपनी मेहबूबा से बात कर रहा है और उस्का दिल मचल गया थोड़ी देर के लिए फिर उस्सको अशिता की आवाज़ सुनने का मैं किया.
एक बार फिर से उस्सको मुहबत की जाल ने घेरा, और अशिता की आवाज़ सुनने की चाह ने उस्सको अशिता की मुम्बर डायल करवाया.
अशिता ने जब देखा के वही नंबर अब कॉल कर रहा है तो यह सोचकर के वो आदमी शायद घर का पता जान्ने के लिए कॉल कर रहा होगा तो उस्सको एक्सप्लेन करने के लिए अशिता ने कॉल पिक उप किया.
अमित ने कहा,
“Hello सॉरी अगर डिस्टर्ब कर रहा हूँ, मैं बस यह जानना चाहता था के तुम भी किआ कहीं काम कर रही हो? किसी ऑफिस में हो किआ??”
अशिता को हंसी आयी और हस्ते हुए जवाब दिया,
“ओह no मैं स्टूडेंट हूँ और इस वक़्त कॉलेज में हूँ!”
अशिता की वो हंसी, इतनी चुलबुली थी और उस्सकी सुरीली आवाज़ तो कहने की ज़रुरत नहीं के कितनी प्यारी थी, और वो कितनी प्यार से बात करती है जिस पर खुद विहान मरता है, अब यह आवाज़ अमित ने सुना तो बुसस उस्सको इस आवाज़ से hi प्यार हो गया तुरंत.
अमित ने बिना झिझक कह दिया,
“तुम्हारी आवाज़ कितनी प्यारी है, खूबसूरत है, तुमको सुनने रहने को मैं करता है, मुझे नहीं पता था विहान की इतनी बड़ी बेहेन भी है.”
ाहिता ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया,
“किआ भाई ने कभी आप को नहीं बताया के उस्सकी एक बेहेन है? तःजब है, मैं सोच रही थी आप को पता होगा.”
अमित: “नहीं इस काम में इतना बिजी रहता है के और कोई बात करने का मौका hi नहीं मिलता किसी को भी, बुसस कंप्यूटर में ग़ुस्से रहते हैं वो भी और मैं भी. वैसे विहान ज़्यादा बात तो करता hi नहीं था, बुसस एक बार कहा था उस्सको मोबाइल खरीदने का मैं कर रहा है तो मैं ने अपनी वाली उस्सको दे दिया जो इस वक़्त तुम्हारे पास है हेहेहे!”
अशिता को अब यह जान्ने का मैं कर रहा था के जीन दिनों वो विहान से बेरुखी से पेश आरही थी तो उन् दिनों विहान का बेहेवियर कैसे था काम पर, इस लिए उस्सने पूछा,
“आप विहान को काफी करीब से जानते होंगे नाह? तो प्लीज बताइये के पिछले दिनों वो कैसा था काम पर, ी मैं पिछले एक साल तक उस्का रवैया कैसा था, किआ वो उदास दीखता था, उलझन में रहता था, किआ उसस्के हाव भाव से ऐसा लगता था के वो किसी से प्यार करता है और उसस्के ग़म में खोया खोया रहता था किआ?!”
अब एक धोके खाये हुए आशिक से अशिता ने ऐसे बातें किये के उस्सको तो खुद अपने बारे में बताने की बात कर रही थी अशिता. अशिता को किआ पता था के अमित खुद एक धोका खाया हुआ इंसान है और उस्सको इमोशनल सपोर्ट की ज़रुरत होगी, वो तो विहान के बारे में पूछ ताज कर रही थी.
मगर अमित को ऐसा लगा के यह उसस्के लिए एक मौका है. कहते है नाह मौका खुद चल कर हमारे पास एते हैं और अगर हम ने उस्का इस्तेकबाल नहीं किया तो वो मौका किसी और के पास चला जाता है. इतने दिनों से ग़म में डूबा अमित को लगा के उसस्के ज़ख्मों को मरहम लगाने के लिए ऊपर वाले ने उसस्के लिए इस लालड़की के ज़रिए एक मौका भेजा है जो उसस्के दुःख और इश्क के ग़म को मिटा कर उस्सको नयी ज़िन्दगी, नाये मुहबत की राह बना सकती है.
अब बुसस समझलो के अमित को उसी पल अशिता से इश्क हो गया, और जब कोई इश्क के ग़मों में डूबा होता है तो उस्सको भी किसी डूबते हुए की तरह एक तिनके की ज़रुरत पड़ती है डूबने से बचने के लिए. तो अमित के लिए अशिता वो तिनका था, वो सहारा था जो उससे डूबने से बचा सकती है. अमित अपने दिल की आह को संभालते हुए एक गहरी सांस लेकर खुद से कहता है,
“यह तो मेरे अपने बारे में पूछ रही है के मैं और मेरे दिल का हाल कैसा है किआ बताऊँ इससे उसस्के भाई के बारे में मैं खुद अपने हाल बयान कर देता हूँ इस लड़की को, अगर इस्सके पास दिल है तो खुद समझ जाएगी.”
और अमित ने अशिता को कहा,
“दिल के जो अरमान बहते हुए नज़र आने लगते हैं, तो ग़म में डूबे इंसान को और कुछ नहीं दीखता. वो बुसस उस बहाव में बहते चला जाता है जहाँ तक वो उसे लेजाता है, वही हाल था और है शायद अब भी”
अशिता ने सोचा यह सब उस्सने विहान के लिए और उसी के बारे में कहा, उसस्के आवाज़ में दर्द था, और अशिता ने सोचा के वो दर्द विहान के लिए था, और अपने भाई पर उस्सको बहोत ज़्यादा तरस आया. और उदास आवाज़ में अमित से कहा,
“आप उसस्के दिल के दर्द से वाकिफ थे? बहोत दुःख हुआ था विहान को नाह? किआ आप को पता था उस्सकी वो दुःख का कारण किआ था? किआ वो किसी से प्यार करता था और उस्सको वापस प्यार नहीं मिल रहा था?”
अमित के दिल के धड़कन बढ़ते गए और अब उस से रहा नहीं जा रहा था किनके उस्सको ऐसी hi एक लड़की चाहिए था जो दिल का हाल समझती हो और उसस्के लिए अशिता अब एक मसीहा बनकर आयी थी और वो उस्सको अब तो खोना नहीं चाहता था तो कहा,
“मैं तो अपने दिल का हाल बयां करने लगा जब आप ने पूछा, आप के भाई कहाँ से आगया बीच में, हम अपने खुद के ग़म बांटने लगे आप से, आप की आवाज़ मुझे एक मरहम की तरह सुख देने लगा है, समझी आप? वैसे आप का नाम किआ है?!”
अशिता ने सोचा में दूँ कर जवाब दिया,
“अशिता: "अशिता नाम है मेरा, आप को किआ ग़म है ?!”
अमित ने कहा,
“अशिता, जितनी खूबसूरत आवाज़ उतना hi खूबसूरत नाम. मुझे किआ ग़म है पूछ रही हो? बयान दिल कर डाला, आप ने सुन भी लिया और मरहम दे गयी फिर पूछ रही हो ग़म किआ है, किआ बात है!”
अशिता को उस्सकी आवाज़ में दर्द मालूम हुआ और समझ गयी के वो भी दिल का मारा इंसान है. तो उसस्के दर्द को कम करने के लिया अशिता सच में बहोत नरमी से और प्यार से बात कर रही थी उसस्के साथ, और अशिता ने तब पूछा,
“और आप का नाम जान सकती हूँ?!”
“नाचीज़ को अमित कहते हैं, हूँ तो ज़ुल्म -इ - इश्क का मारा मगर अब भी दिल की तमन्ना है के कोई आप जैसी ज़िन्दगी में आजाये तो बात बन जाए.”
अशिता ने एक हलकी हंसी में कहा,
“आप का अंदाज़ बड़ा शायराना लगता है किआ आप एक शायर हो?!”
अमित: “हूँ तो नहीं, मगर िस्ख बना देता है, किआ पता बन गया हूँ खुद को खबर नहीं हुज़ूर.”
अशिता ने कहा,
“मगर मुझको अब क्लास ज्वाइन करना है अमित, तो बाद में बात करते हैं, फिलहाल आप विहान से मिलने चले जाइये, शायद आप के ग़म वही बाँट लें!”
अमित ने कहा,
“रुको नाह प्लीज अपना चेहरा दिखती जाओ प्लीज, बुसस एक तमन्ना बाकी रह गयी तुमसे बात करने के बाद, के दीदार हो जाता तो किआ जाता, एक सेल्फी या तस्वीर हो अगर मोबाइल पर एक झलक दिखा जाओ नाह, दिल को राहत आजाएगी.”
और अशिता ने तो आज तक कभी फ़ोन से किसी से चाट नहीं किया था और पिछ वग़ैरा नहीं शेयर किया था तो उसस्के लिए एक नयी बात थी तो उस्सको तरय करने का मैं किया और एक ऐसा पिछ सेंड किया अमित को bye कहते हुए.
अमित अशिता के पिछ देखते हुए दीवाना हो गया और अपने सपनों की दुन्या में फिर महल बनाने लगा प्यार की. सोचने लगा के अब, इस बार कोई तो आगयी उसस्के दिल को संभालने के लिए.
तो बे कॉन्टिनोएड इन नेक्स्ट पोस्ट इम्मेडिएटली….