इन्सेस्ट आखिर क्यों? फ्रॉम हैट्रेड तो लव (कम्प्लेटेड) - Page 15 - SexBaba
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इन्सेस्ट आखिर क्यों? फ्रॉम हैट्रेड तो लव (कम्प्लेटेड)

अपडेट - 71



अब तक...

बाकी सभी लड़किया भी बस दोनों के होंठ और जीभ आपस में लिपटे हुए देख रही थी और धीरे धीरे वो भी गरम हो गयी और उनकी पकड़ भी राहुल पर ढीली हो गयी. उर्वशी भी अपने निचले होंठ को दांत से दबा कर राहुल और रूपा के हो रहे चुम्बन को देख कर के उसका एहसास लेने की कोशिश कर रही थी. ऐसे पहले उनके साथ कभी नहीं हुआ था.

सभी सामने हो रहे नज़ारे में घूम थे की इतने में राहुल ने मौका देख के रूपा को एकदम से घुमा दिया और अपनी खुद की चाकू जो उसके जेब में राखी हुई थी उससे निकाल कर रूपा के गले पर लगा दी.

अब आगे...

इस पल भर में जो बदलाव हुआ उस से उर्वशी के साथ साथ उसकी सहेलिया भी भौचक्की रह गयी. अब घबराने की बारी उनकी थी. क्युकी रूपा के गले पर छुरी की नोक जो लगी हुई थी.

"मेने कभी नहीं सोचा था की ये आम सा दिखने वाला लड़का इतना शातिर होगा. ऊपर से इसके पास चाक़ू भी है. ये कोई आम लड़का नहीं हो सकता. मुझ से बोहत बड़ी भूल हो गयी है. मेने न केवल खुद को खतरे में डाला है बल्कि साथ hi साथ रूपा और मेरी सहेलियों को भी जोखिम में दाल दिया है. क्या करू में? यदि मेने अभी कुछ नहीं किया तोह rupa...rupa",

उर्वशी ने सामने की स्थिति का जायज़ा लेते हुए मैं hi मैं सोचा.

ये बात तोह साफ़ थी की उसने ये बोहत बड़ी भूल कर दी जो राहुल को हलके में ले लिया. उर्वशी को लगा था की राहुल केवल एक आम लड़का है जो ख़ुशी के साथ रहने के लिए नियुक्त किया गया है पर ये उसकी सबसे बड़ी भूल थी. राहुल न केवल शातिर निकला साथ hi साथ एक फाइटर भी है जो की उर्वशी जेसो को कुछ hi पल में धुल छठा सकता है.

अब उर्वशी पचता रही थी. ये क्या हो गया उस से? मन की पैसो के लिए वो ये काम कर रही थी पर वो कभी भी अपने सहेलियों की जान डाव पर नहीं लगाती थी और न hi लगने देती थी.

उर्वशी (शांत होकर) : रूपा को जाने दो. में अपनी हार स्वीकार करती हु. तुम जो चाहे मेरे साथ कर सकते हो पर रूपा को चोरर दो.

राहुल (स्माइल्स) : वाह! अब जब अपने लोग को बचाने की बारी आयी तोह कह रही हो चोरर दो. ये भूल गयी क्या? की थोड़ी देरर पहले में भी इसी तरह तुम्हारे चंगुल में था?

कहते हुए राहुल चाक़ू को थोड़ा और गले के पास लगा देता है जिससे देख के उर्वशी की सिटी पित्ती गुल हो जाती है और बाकी कड़ी सभी सहेलिया भी दर्रे हुए राहुल को देखती रहती है. यदि उन्होंने एक कदम बढ़ाया तोह रूपा की जान जा सकती है.

उर्वशी की आँखों में ासु आ hi गए. उसने खुद को फिरसे कण्ट्रोल करते हुए कहा, "प्लीज!!! में तुम्हारे परर पड़ती हु. उससे जाने दो. चोरर दो उससे"

कहते हुए उर्वशी राहुल के पेर्रो पर गिर पड़ी और उसके परर पकड़ कर अपना सर झुका लिया.

रूपा (रट हुए) : दीदी! ये तुम क्या कर रही हो?? उठो... दुश्मन के पेर्रो पर क्यों गिर रही हो? आगे बढ़ो और सामना करो.

उर्वशी (गुस्से में) : शट ऊऊप्प्प!!! में जो कर रही हु अच्छे से जानती हु.

रूपा (मैं में) : बॉस मुझे बचाने के लिए... ये सब...

सभी लड़कियों की आँखों में ासु थे. इस से पहले कभी भी वो ऐसी सिचुएशन में नहीं फास्सी थी.

राहुल : तोह ठीक है! मेरी दो शर्त है.

उर्वशी : कहो!

राहुल : पहली ये... की तुम मुझ पर या मेरे साथ वालो पर कभी भी हमला नहीं करोगी. ख़ुशी भी मेरी साथ वाली hi है...

उर्वशी : मुझे मंज़ूर है.

रूपा : पर बॉस...

उर्वशी (चिल्ला कर) : शट ुप्प्प!!

रूपा बेचारी दांत सुन्न कर शांत हो जाती है.

राहुल : गुड!!

उर्वशी : दूसरी शर्त??

राहुल : वो में समय आने पर बताऊंगा. ये लो सम्भालो अपनी रूपा को...

कहते हुए राहुल रूपा को चोरर देता है तोह वो रट हुए दौड़ के उर्वशी और बाकी सभी सहेलियों के जाकर गले लग जाती है. कितना सुन्दर दृश्य था. सभी सुबक सुबक कर एक दूसरे को गले लगा रही थी.

राहुल (मैं में) : इतनी कोमल है ये सभी. और ये हरकते करने चली थी? मेरी समझ में नहीं आ रहा की इनकी मजबूरी क्या है?

राहुल : क्या कुछ सवाल पूछ सकता हु?

उर्वशी : हम्म!

राहुल : तुम सभी को देख के में दावे के साथ ये कह सकता हु की तुम लोगो ने आजतक किसी को नहीं मारा. तुम सब नाटक कर रही थी. और रही बात मुझे ठिकाने लगाने की तोह वो भी एक झूट था मुझे दर्राने के liye...hai न?

उर्वशी (शॉकेड) : tumhe?...kese??...

राहुल : कोई भी देख के बता सकता है.

राहुल : तोह ये सब करने की पीछे क्या मजबूरी है?

उर्वशी : .......

उर्वशी बिना कुछ कहे सर झुका लेती है,

रूपा : हम अनाथ है.

उर्वशी : rupa...tum...

रूपा : मुझे कहने दीजिये बॉस! वैसे भी अब हमारा मिशन फ़ैल हो चूका है और आप ने वादा भी किया है की आप इसके साथ वालो को और इससे चोट नहीं पहुचाएंगी तोह ये बताने में अब कोई हर्ज़ नहीं.

राहुल : अनाथ??

रूपा : हां!! हम सब अनाथ है. उर्वशी दीदी ने हम सबको रोड से तोह किसी मोहल्ले से िखहात्ता किया. हमको जीना सिखाया, हमको लड़ना सिखाया, हमको ज़िन्दगी का सच समझाया की ये दुनिया कितनी क्रूर है और यदि हमे ज़िंदा रहना है तोह कैसे... ये सब हमे हमारी दीदी ने hi सिखाया. हमारे पास रहने की कोई जगह नहीं थी, पहन ने के लिए कोई कपडे नहीं थे, खाने के लिए कोई खाना नहीं था, प्यार देने के लिए कोई माँ बाप नहीं थे, सहारा देने के लिए कोई भाई बहिन नहीं था, शिक्षा देने के लिए कोई गुरु नहीं, हमे अपनाने वाला hi कोई नहीं था. हम रस्ते पर भटकते भीक मांगते, और जो मिल जाता तोह उसमे अपने दिन काट रहे थे.

रूपा के कहते hi जैसे सभी लड़कियों को अपना अतीत याद आ गया और वो फुट फुट कर रोने लगी.

रूपा : हमारी उर्वशी दीदी hi हमारी सब कुछ है. हमने चोरी करना शुरू किया, जानकारी ढूंढ़ना, निगरानी करना, हम सब वो काम करते थे जिसमे जान लेने का विषय न हो. उर्वशी दीदी की नज़रो में ये काम बोहत गलत है, उन्हें पता था की वो जो हमे सीखा रही है वो एक गलत रास्ता था. पर उनके पास हमे देने के लिए उस वक़्त और कुछ भी नहीं था. वो नहीं चाहती थी की हम भूखे मरे. वो ज़रूर इस बात पे रातो रात शर्मिंदा होती रहती होंगी. रोटी भी होंगी... पर दीदी! हमे इस बात से कोई भी आपत्ति नहीं है, बल्कि हम सब आपके शुक्र गुज़ार है.

रूपा की बात सुन्न उर्वशी बोहत भावुक हो गयी और उस से गले लग के रोने लगी.

राहुल (मैं में) : जैसा की मेने सोचा था. ये वाक़ई बोहत कोमल है. अनाथ होने के कारण इन्होने ये सब किया. मजबूरी इंसान से क्या क्या नहीं करवाती...

राहुल : तोह अब क्या? फिरसे वही काम करोगे?

रूपा : में तोह वही करुँगी जो दीदी कहेंगी करने को चाहे वो गलत hi क्यों न हो. मुझे पता है दीदी कभी गलत काम नहीं करती. मतलब हम ने कभी भी किसी की हत्या नहीं करि. हां चोरी डकैती ये सब काम बुरे है पर यदि एक अमीर के घर कोई धन चुरा के गरीबो में बाँट रहा है तोह मेरी नज़रो में वह चोरी नहीं है.

राहुल : तोह उर्वशी जी! बताइये! अब आगे क्या?

उर्वशी : mein...mein और अपनी बहनो की जान जोखिम में नहीं दाल सकती. ये काम अब यही रोक दूंगी. पर इनके लिए मुझे कुछ न कुछ तोह करना hi होगा. वर्ण ये सब कहा जाएंगी?

राहुल : तोह क्या करोगी इनके लिए?

उर्वशी : मुझे नहीं पता...

राहुल आगे बढ़कर उर्वशी की चीन अपने हाथो में लेता है ठीक वैसे hi जैसे उर्वशी ने थोड़ी देरर पहले राहुल के साथ किया था.

राहुल : मेरे साथ काम करोगी??

राहुल को अपने इतना करीब पा कर बेचारी उर्वशी के गाल लाल पद जाते है, थोड़ी देरर पहले उसने भी यही किया था पर अब जब राहुल ने किया तोह ये एक अलग hi अनुभव था उसके लिए

उर्वशी और उसकी सहेलिया, हमेशा अपने आप में hi बड़ी हुई, लड़को से न ज़्यादा बात चीत, न ज़्यादा मिलाव हुआ उनका. ये सब उनके लिए नया था. और फिर राहुल जैसा भला चंगा स्मार्ट लड़का तोह उन्हें पहली बार मिला था, इतने करीब पाकर न जाने उर्वशी को क्या हुआ की वो ठीक से नज़रे hi नहीं मिला पायी. पर इस से भी खराब स्तिथि रूपा की थी, बेचारी की पहली किश भी हो गयी उससे समझ नहीं आ रहा था की वो केसा फील करे बस दिल में हल चल हो रही थी अजीब सी जिससे वो समझ नहीं पा रही थी.

उर्वशी (ब्लश) : ke..kesa काम?

राहुल : मेरा साथ देना है बस तुम्हे. में वादा करता हु जब में सक्सेसफुल हो जाऊंगा तोह तुम सभी को अपनी खुद की कंपनी में रख लूंगा. फिर तुम्हे ये सब करने की कोई ज़रुरत नहीं है.

उर्वशी (स्माइल्स) : और कब सक्सेसफुल होइगे तुम?

राहुल : बोहत जल्द. तोह बोलो...?

उर्वशी : ठीक है. मुझे मंज़ूर है.

राहुल : अच्छा पहले सभी से इंट्रोडस तोह करवाओ...

उर्वशी : में उर्वशी, ये रूपा, ये तारा है, सलोनी, मीनल, दीपाली, हिना, ज्योति, ऋतू, और ये पालक.

राहुल : मिलकर ख़ुशी हुई. में राहुल. उम्मीद करता हु अब से हमारे बीच कोई मैं मुटाव नहीं रहेगा और हम साथ में मिलकर अच्छे से काम कर पाएंगे.

उर्वशी : तोह? क्या करना है हमे?

राहुल : क्या आप लोगो के पास अभी रहने के लिए जगह, पैसे वगैरह है?

उर्वशी : हां! अभी तोह हमारे पास इतना है की हम करीब एक साल तक बिना कुछ किये आराम से बिता सकते है.

राहुल : बोहत बढ़िया. में चाहता हु अभी आप कुछ दिनों तक अंदर hi रहे. मतलब ज़्यादा बाहर न निकले.

उर्वशी : पर वो क्यों?

इस से पहले की राहुल जवाब देता उसका फ़ोन बजने लगता है. कॉलर थी प्रीती,

राहुल : hello?

जैसे hi राहुल hello कहता है वह दूसरी और से रोने की आवाज़ आती है,

राहुल : hello? प्रीती??

प्रीती (रट हुए) : राहुल्ल्ल... किधर हो तुम??

राहुल : hello? क्या हुआ प्रीती? में कॉलेज में hi हु, तुम रो क्यों रही हो?

प्रीती : ख़ुशी... ख़ुशी कही नहीं मिल रही है राहुल...

प्रीती की बात सुन्न के राहुल को एक तेज़्ज़ झटका लगता है. उसकी शरीर काँप उठता है. वो भी एक लड़का था, आज से पहले उसने कभी भी एक बॉडीगार्ड की नौकरी नहीं की थी. उसका मिशन था 3 महीने तक अपने गुरु की बेटी को प्रोटेक्ट करना जो की उसने गुरु दक्षिणा में करने का वादा किया था. पर अब क्या? बोल तोह दिया... असली खेल तोह अब शुरू हो रहा था. राहुल को पता था की इन् 3 महीनो में ऐसा कुछ न कुछ होक hi रहेगा पर ये सब इतनी जल्दी होएगा ये उसने नहीं सोचा था.

राहुल : क्या मतलब? तुमने सब जगह चेक किया?

प्रीती (रट हुए) : लंच चल रहा है राहुल. कहा जाएगी ख़ुशी? मेने हर्र वाशरूम चेक कर लिए, सब जगह ढूंढा कही नहीं मिली, फ़ोन भी नहीं उठा रही है. वो मुझसे कह के गयी थी की वाशरूम जा रही है पर वह नहीं है वह.

राहुल के शरीर के इस वक़्त रोंगटे खड़े हो चुके थे. यदि ख़ुशी को कुछ हो गया तोह क्या जवाब देगा वो मास्टर को?

राहुल : तुम कहा पर हो?

प्रीती : क्लास रूम में.

राहुल : में आता हु...

*चालक एंड्स*

इधर राहुल फ़ोन काटते hi गुस्से से उर्वशी को देखता है,

उर्वशी : k..kya हुआ?

राहुल (गुस्से में) : ख़ुशी कही नहीं मिल रही है.

उर्वशी : नहीं... इसमें... इसमें हमारा कोई हाथ नहीं है, यकीन मानो.

रूपा : दीदी सही कह रही है. इसमें हमारा कोई दोष नहीं है

राहुल (शांत होकर) : हम्म! ी बिलीव यू! मेरी हेल्प करो... और यहाँ फ्लोर पर सब जगह छान मारो. यदि वो मिले तोह मुझे बताना. में नीचे वाली फ्लोर पर हु.

उर्वशी हां में सर हिला देती है, और राहुल दौड़ते हुए भाग कर नीचे फुल स्पीड में जाता है, क्लास रूम में एंटर करते hi उससे प्रीती नज़र आ जाती है, राहुल को देख वो दौड़ कर उसके पास आ जाती है और अपने आसुओ को कण्ट्रोल करने की पूरी कोशिश कर रही थी.

राहुल : किसी को बताया?

प्रीती : अभी सिर्फ तुम्हे...

राहुल : हम पहले अच्छे से ढूंढ लेते है, हो सकता है वो कॉलेज में hi हो

प्रीती : हम्म!!

जब थोड़ी देरर ढूंढ़ने पर भी ख़ुशी का कोई अत पता नहीं लगा, तोह राहुल को यकीन हो गया की उसके साथ कुछ हुआ है, किसी ने उससे किडनैप कर लिया है और ये जो कोई भी है, ख़ुशी और मास्टर का शुभचिंतक तोह बिलकुल भी नहीं है.

ऊपर का फ्लोर पूरा देख लेने के बाद जब उर्वशी और बाकी सब राहुल के पास आयी तोह प्रीती थोड़ा चौंक गयी, अब एक साथ 10 लड़की को ऐसे यु आते देख तोह कोई भी चौक जाएगा.

प्रीती : ये सब k..kaun है?

राहुल : लम्बी कहानी है प्रीती... पर ये हमारे साथ वाली hi है.

उर्वशी : ऊपर तोह ख़ुशी नहीं है...

प्रीती : क्या???

एक बार फिरसे उसकी आँखों में ासु आ जाते है, ऐसा क्यों था? ऐसा इसलिए था क्युकी ख़ुशी केवल उसकी दोस्त नहीं थी. ख़ुशी उसकी सब कुछ थी. एक दोस्त, एक बहिन, एक साथी, सब कुछ.

प्रीती के माँ बाप का देहांत उसकी बचपन की उम्र में hi हो गया था. तब से मास्टर hi प्रीती का सब खर्चा उठाते है और प्रीती ख़ुशी के प्रति बोहत hi पोस्सेस्सिवे रहती है.

राहुल : उर्वशी! क्या एक बार प्लीज कैंपस में चेक कर सकती हो?

उर्वशी : ठीक है.

कहते हुए वो और बाकी सब चली जाती है, और इधर प्रीती की रुलाई फुट पड़ती है. वो सिसक सिसक का रोने लगती है.

राहुल : प्रीती देखो... रो मत!

प्रीती रट हुए राहुल की बाहो में चली जाती है और उससे कस के भींच लेती है. पता नहीं क्यों पर उससे अभी राहुल पर अटल विश्वाश था.

प्रीती (रट हुए) : ra..rahul... देखो! प्लीज!!! Mein...mein जानती हु की मेरा और ख़ुशी का रवैया तुम्हारे प्रति कोई ख़ास नहीं था... पर प्लीज! उससे बचा लो. में तुम्हारे आगे हाथ जोड़ती हु. प्लीज! उससे बचा लो... यदि उससे कुछ हो गया तोह में नहीं जी पाऊँगी...

प्रीती पैनिक कर रही थी. उसका शरीर काँप रहा था. पेर्रो से ताकत जा रही थी, और वो अपने होश खो रही थी...

राहुल : प्रीती लिसेन तो में.. प्रीती ...

राहुल ने प्रीती को झंझोरते हुए कहा पर इसका तोह जैसे कोई फायदा hi नहीं हुआ, वो अभी भी पैनिक कर रही थी. जब कोई और विकल्प नहीं मिला राहुल को तोह उसने प्रीती को जोरर से पकड़ा और अपने होंठ उसके होंठो से भिड़ा दिया.





अचानक हुए हमले से प्रीती की आँखें फटी की फटी रह गया, उससे प्रोसेस करने में hi समय लग गया की अभी अभी हुआ क्या, जब उससे समझ आया तोह उसकी आँखों से ासु फिरसे बहने लगे पर इस बार उसकी आँखें बंद हो गयी और उसका शरीर ढीला पद गया और साथ hi उसके हाथ जाकर राहुल की गर्दन के इर्द गिर्द लेपित गए.

उससे अंदर hi अंदर विश्वाश था की अब राहुल hi है जो कुछ कर सकता है और वो इस पल भर के लिए अपने आप को राहुल पर समर्पित कर देना चाहती थी.

करीब आधे मिनट की चुम्बन के बाद जैसे प्रीती शांत हुई और उसने अपनी आँखें खोली तोह सामने राहुल का चेहरा था.

राहुल : don't वोर्री! ी विल सेव हेर.

प्रीती हां में सर हिला कर राहुल के गले लग जाती है, और ऊपर वाले से दुआ करती है की जल्द से जल्द ख़ुशी उससे सही सलामत मिल जाए.

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आज के लिए इतना hi गाइस!!

धन्यवाद्!
 
में खुल के कृतिसक्म एक्सेप्ट करता हु बीआरओ.

और सुग्गेस्टियन्स पर भी ध्यान देता हु.

बोहत से लोग मुझे पर्सनली मैसेज करते है और कहानी के बारे में पूछते है और सुग्गेस्टियन्स भी देते है. में उनपर गौर भी करता हु. कुछ लोग को पसंद नहीं आता तोह में उससे और अच्छा बनाने की कोशिश भी करता हु.

पर कुछ लोग शुरू से अंत तक केवल बिगड़े लहज़े में hi बात करते है. उनके लिए मेरी रेस्पेक्ट जीरो रहती है. आप विनम्रता से बात करिये में 10 गुना विनम्रता से आपसे बात करूँगा. आप यदि बिगड़े लहज़े में बात करेंगे तोह में भी फिर भूल जाता हु की विनम्रता क्या होती है.
 
ऐसा. इसलिए है बीआरओ क्युकी में डिटेल्स डालता हु

में चाहु तोह सिर्फ डायलॉग्स hi लिख लिख के दिखा दू सीन्स बूत ऐसे में मज़ा नहीं आता.

ी मैं मुझे तोह नहीं आता. यदि आप सब बिना डिटेल्स के चाहते है तोह वह भी हो जाएगा.

में कोशिश करूँगा और बड़ा अपडेट देने की.
 
ये तोह आपको पूरी सच्चाई पता चलने पर समझ आ जाएगा भाई.

भाई! लड़कियों की एंट्री से आप उनको हीरो की पार्टनर्स मत समझिये. लड़किया कितनी भी आए, जब तक वो राहुल की तरफ से कन्फर्म नहीं हो जाती तब तक वो उसकी लाइफ में नहीं आएंगी. अभी केवल ऋचा और तनीषा hi है. ख़ुशी प्रीती उर्वशी ये तोह सिर्फ कहानी में है, हीरो की नहीं है. जब तक राहुल नहीं चाहेगा तब तक कुछ नहीं होगा.
 
निशा तोह माँ है तोह वो तोह रहेंगी hi पर अस ा वाइफ नहीं. अस ा माँ hi रहेगी.

वंशु और अंशु का रोले अभी गफ तक सीमित है.

तानिया का थोड़ा अलग है, वो प्रोपोज़ करने के बाद hi चली गयी थी इसलिए इनका रिलेशन इनकी अगली मुलाक़ात में साफ़ हो जाएगा.
 
एकदम सत्य वचन भाई.

लिखना और सिर्फ पढ़ना, इन् दोनों में ज़मीन आस्मां का अंतर होता है. एक अपडेट लिखने में कई बातो का ध्यान रखना पड़ता है, हर्र एक लाइन चेक करनी पड़ती है, हर्र एक लाइन में फील देना पड़ता है.
 
शुक्रिया भाई!

भाई गिफ्स का बोहत लफड़ा है, मेने पिछले 4-5 उपदटेस में जो पिक्स डाली है वो पिक्स नहीं है गिफ्स hi है. पर किसी कारणवश वो मूव नहीं हो रहे, पिछ की तरह hi शो हो रहे है. जब से पिष्बब गया है तब से ये दिक्कत शुरू हुई है.
 
अपडेट - 72

अब तक...


करीब आधे मिनट की चुम्बन के बाद जैसे प्रीती शांत हुई और उसने अपनी आँखें खोली तोह सामने राहुल का चेहरा था.

राहुल : don't वोर्री! ी विल सेव हेर.

प्रीती हां में सर हिला कर राहुल के गले लग जाती है, और ऊपर वाले से दुआ करती है की जल्द से जल्द ख़ुशी उससे सही सलामत मिल जाए.

अब आगे...

राहुल : let's जो

प्रीती : कहा?

राहुल : सिक्योरिटी कैमरा के चेकिंग रूम में

प्रीती : ओह्ह हां... गुड आईडिया.

दोनों वह से निकल के सिक्योरिटी कैमरा वाले रूम में जाते है जहा पर सारे सिक्योरिटी कामर्स को मॉनिटर से चेक कर सकते है. अंदर पॅहुचते hi उन्हें एक ऑपरेटर मिलता है जो एक्टिविटीज पर नज़र रखने के लिए था.

ऑपरेटर : कुछ काम है क्या?

राहुल : हां सर! क्या आप 2ंद फ्लोर के वाशरूम्स के बाहर वाले कामर्स चेक कर सकते है? 20-25 मिनट पहले की रिकॉर्डिंग.

ऑपरेटर : हम्म! Okay ठीक है.

ऑपरेटर राहुल की बात सुनकर वाशरूम के बाहर कॉरिडोर पर लगे कैमरा की रिकॉर्डिंग देखने लगता है तोह 1-2 मिनट तक तोह नार्मल सी प्रतिक्रिया hi दिखाई देती है, पर तभी कैमरा में ख़ुशी वाशरूम के अंदर जाती हुई दिखती है...

प्रीती : ख़ुशी...

उसके अंदर जाते hi एक लड़की सफाई कर्मचारी की ड्रेस में अंदर जाती है, उसका चेहरा मास्क से ढाका हुआ था और एक बड़ा सा कार्टून बॉक्स था जो वो एक ट्राली में रख कर अंदर hi ले गयी. उसके कुछ शान बाद hi वो वापस से उसी ट्राली को लेकर निकली और चली गयी.

ऑपरेटर : हम्म! क्या हो गया? क्या दिक्कत है?

राहुल : एक लड़की आपके सामने किडनैप हो गयी और आप पूछ रहे है की क्या दिक्कत है?

ऑपरेटर : क्या कहा?

राहुल : आपने देखा नहीं? वो सफाई करने वाली लड़की कोण थी? मेने तोह आज तक नहीं देखा किसी ऐसी लड़की सफाई कर्मचारी को. ट्राली में कार्टून बॉक्स लेकर अंदर क्यों गयी? ज़ाहिर सी बात है इसी में वो ख़ुशी को लेकर बाहर ले गयी.

ऑपरेटर फिरसे चेक करता है तोह वाक़ई वाशरूम से ख़ुशी बाहर hi नहीं निकली और वो घबरा जाता है.

ऑपरेटर : ye...ye तोह फौरन प्रिंसिपल सर को इन्फॉर्म करना पड़ेगा.

राहुल : उसकी टेंशन आप मत लो, वो हम देख लेंगे.

प्रीती : rahul...kya करे हम? ख़ुशी को कुछ हो गया तोह?... हम क्या करे??

राहुल : प्रीती! कलम डाउन... Don't पैनिक.

राहुल (मैं में) : यदि यही मास्टर का दुश्मन है, तोह अच्छी बात है. क्युकी में इससे एक बार में hi ख़तम करूँगा और फिर में ये बॉडीगार्ड वाली जॉब से फुर्सत. मास्टर से परमिशन लेके में सौरभ के साथ अपने करियर पे ध्यान दूंगा. पर फिर मेरे ऐसा करने से मुझे मेरी पूरी पेमेंट भी नहीं मिलेगी. पेमेंट तोह ज़रूरी है मुझे. अभी जितना मिल सकता है उतना अच्छा है. और साथ hi मेने गुरु दक्षिणा में 3 महीने प्रोटेक्ट करने का बोलै है तोह अब में पीछे नहीं हैट सकता. ख़ुशी... Don't वोर्री! I'll सेव यू!!

समय का ध्यान रखते हुए राहुल ने फौरन उन् 2 बोडीगार्ड्स को भी सब कुछ बता दिया की ख़ुशी गायब हो गयी है और उन्हें जल्द hi कुछ न कुछ करना होगा.

राहुल और प्रीती निकल कर बाहर आए hi थे ऑपरेटर रूम से की उर्वशी और बाकी सब भी वह आ गयी,

राहुल : कुछ पता चला?

उर्वशी : वो हमे कही भी नहीं मिली

राहुल : अस एक्सपेक्टेड.

तभी उर्वशी का फ़ोन बजता है और वो राहुल को देख के फ़ोन स्पीकर पर दाल देती है,

उर्वशी : hello?

आदमी : hello उर्वशी... Hello...hahahaha... तुमको थैंक यू कहने के लिए फ़ोन किया है. बॉस ने कहा था की में तुम्हारा उनकी तरफ से शुक्रिया ऐडा करू.

उर्वशी : ke..kesa थैंक यू?

आदमी : तुमने वह जाके उस लड़के को बिजी किया और यहाँ हमने अपना काम कर दिया. हाहाहा...

उर्वशी (गुस्से में) : कुत्ते कही के...

आदमी : न न न... अब तुम सोच रही होगी की प्लान में एकदम से चेंज कैसे आ गया?

उर्वशी : जो बोलना है जल्दी बोलो.

आदमी : बॉस ने तुम्हारा बैकग्राउंड पहले hi सर्च कर लिया था, उन्हें पता था तुम से कुछ नहीं हो पाएगा. आज तक तुमने एक आदमी नहीं मारा तोह किडनैप क्या करती तुम... तोह बॉस ने तुम्हे एक डिस्ट्रक्शन की तरह इस्तेमाल किया हाहाहा... वह तुमने प्लान के अकॉर्डिंग उस लड़के को बिजी किया पर वह से प्लान बदल गया ः.. हमने यहाँ ख़ुशी को किडनैप कर लिया. तोह उसके लिए थैंक यू.

उर्वशी (गुस्से में) : हराम खोर... तुमलोग... क्या करने की सोच रहे हो ख़ुशी के साथ?

आदमी : मुझे उस लड़के से बात कराओ, यदि प्लान के अकॉर्डिंग तुम लोग सफल हुई होगी तोह वह लड़का अभी तुम्हारी कस्टडी में hi होगा. मुझे उस से बात कराओ...

उर्वशी फ़ोन को राहुल की तरफ कर देती है,

राहुल कुछ सोच कर फ़ोन पर बात करने से पहले अपने एअरफोन्स जेब से निकालता है और फ़ोन में लगा के फिर बात करता है,

राहुल : hello?

आदमी : सुन्न!! मास्टर की बेटी ख़ुशी हमारे क़ब्ज़े में है, बदले में हमे सिर्फ एक hi चीज़ चाहिए है. चीन में स्थित वो मॉल हमे ज़मीन सहित हमारे बॉस को देदो और अपनी ख़ुशी वापस ले जाओ.

राहुल : ओह्ह??? पर मॉल क्यों चाहिए?

आदमी : जितना कहा है उतना कर. फ़ालतू के सवाल जवाब मत कर. तेरे पास सिर्फ शाम तक का hi वक़्त है, अपने मास्टर से बोल की मॉल और ज़मीन के पेपर्स लेके फौरन फ्लाइट से यहाँ आए और हमे देदे, और बदले में अपनी बेटी को ले जाए.

राहुल : पर मास्टर को पता कैसे चलेगा की पेपर्स लेके कहा आना है?

आदमी : पहले उससे मुंबई बुला. यदि वो नहीं आया तोह हम समझ लेंगे की उससे अपनी बेटी प्यारी नहीं है. शाम 7 बजे में एक बार फिरसे उर्वशी को कॉल करूँगा यदि वो मास्टर नहीं आया 7 के पहले तोह ये ख़ुशी गयी काम से.

राहुल : हम्म!! ठीक है ठीक है. में बात करता हु उनसे.

आदमी : हलके में मत लेना हमे छोकरे. यदि में चाहु तोह यहाँ इस ख़ुशी के साथ बोहत कुछ कर सकता हु. ः! अपना निर्णय सोच समझ कर लेना.

राहुल : बिलकुल.

*कॉल एंड्स*

प्रीती (रट हुए) : क्या हुआ? क्या हुआ राहुल? कहा है ख़ुशी??

राहुल : उनके क़ब्ज़े में है ख़ुशी, बदले में उन्हें चीन में मास्टर का मॉल वो भी ज़मीन सहित चाहिए.

प्रीती : तोह... तोह प्लीज! अंकल को बता दो न सब, उनसे कहो की वो मॉल वगैरह सब देदे और ख़ुशी को चुर्रा ले...

राहुल (स्माइल्स) : इस धंधे में ऐसे काम नहीं चलता प्रीती... हम यदि उन्हें सब कुछ दे भी देंगे तोह भी वो ख़ुशी के साथ कुछ न कुछ करेंगे hi. हो सकता है की वो ख़ुशी के साथ ज़बरदस्ती करने की सोचे.

प्रीती : नाहीईई... में क्या करू? क्या होगा अब?

उर्वशी सामने प्रीती को पागलो की तरह परवाह करते देख और भी मायूस हो जाती है और उससे अपने hi ऊपर और भी गुस्सा और घिन आने लगती है,

उर्वशी : सब मेरी गलती है... सब मेरा दोष है. यदि मुझे पहले पता होता की वो हमारे साथ गेम खेल रहा है तोह...

Rahul(urvashi के कंधो पर हाथ रखते हुए) : don't वोर्री!!! अब जो हो गया सो हो गया. प्रेजेंट की सोचो और फ्यूचर की. ी क्नोव हाउ तो सेव हेर. तुम सब साथ डौगी न मेरा?

उर्वशी (ब्लश) : mein...mein... haa...hum... हम तुम्हारे साथ है.

राहुल (स्माइल्स) : गुड! मुझे सिर्फ 5 मिनट देना.

राहुल 5 मिनट जाके अपने सर पर हाथ रख कर, आँखें बंद कर के कुछ सोचने लगता है

रूपा : क्या हुआ उससे?

उर्वशी : कुछ सोच रहा है. उससे डिस्टर्ब मत करना.

प्रीती : क्या होगा अब?

उर्वशी : तुम ज़रा भी फिक्र मत करो. में अपनी पूरी जान लगा दूंगी तुम्हारी दोस्त को सही सलामत लाने में

प्रीती : थैंक यू.

प्रीती के मुँह से खुद के लिए थैंक यू सुनकर उर्वशी और भी गिलटी फील करने लगती है. वो सारा का सारा दोष खुद को hi दे रही थी. न वो ये काम लेती और ना hi ऐसा कुछ होता. पर अब क्या फायदा? ख़ुशी तोह क़ब्ज़े में जा hi चुकी थी. अब जो भी करना था वो राहुल को hi करना था.

करीब 5 मिनट हो जाने पर प्रीती ने गौर किया की राहुल 5 मिनट तक कुछ सोचता रहा और फिर अपना फ़ोन निकाला, उससे चलाया और फिर अंदर रख दिया.

5 मिनट बाद राहुल उठ के आया, उसके चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान थी.

प्रीती : राहुल!! हमे फौरन पुलिस को कॉल करना चाहिए. वो उस मोबाइल नंबर को ट्रेस कर लेंगे.

राहुल : और यदि उन् गुंडों को इस बात का पता चल गया और उन्होंने ख़ुशी को कुछ कर दिया तोह??

प्रीती (घबराते हुए) : तोह फिर हम क्या करे राहुल? मुझे बोहत डर लग रहा है.

तभी अचानक से राहुल की टोन एकदम से बदल जाती है और वो कहता है,

राहुल : रजनीश अंकल से कहो की ख़ुशी किडनैप हो गयी है, और वो जितने आदमी भेज सकते है मुझे क्सक्सक्सक्सक्सक्स चौराहे पर भेज दे.

उसकी एकदम से बदली हुई टोन से सभी चकित थे. नम्र भाव से बोलने वाला राहुल अभी इतना सीरियस था, ऐसा रूप उसका आज तक प्रीती ने नहीं देखा था.

प्रीती : o..ok!

प्रीती के मुँह से सिर्फ यही निकला. इस वक़्त राहुल उस राजा के भाति था जिसका निर्देश सुनते hi लोगो के परर काँप जाते. उसमे एक अलग hi प्रकार का कॉन्फिडेंस और और था. ऐसा लग रहा था इस वक़्त राहुल किसी का भी सामना अकेला कर लेगा.

प्रीती के कॉल करने के बाद hi वो राहुल को कह देती है की रजनीश अंकल 15 आदमी भेज रहे है राहुल की बताई हुई लोकेशन पर. और वो उनको लेने खुद hi आ रहे है.

राहुल (प्रीती के गालो पर हाथ रखते हुए) : प्रीती! यू विल स्टे हेरे. Okay???

Preeti(naa में सर हिलाते हुए) : नहीं!! नहीं राहुल... प्लीज! मुझे भी ले चलो. प्लीज! ी बेग यू!!

राहुल : दो यू ट्रस्ट में?

प्रीती एक नज़र राहुल की आँखों में देखती है जिसमे उसको एक अलग hi तेज नज़र आ रहा था और फिर हां में सर हिलाते हुए कहती है,

"यस!! ी दो!!"

राहुल : तोह ट्रस्ट में. में तुमसे वादा करता हु की शाम तक ख़ुशी सही सलामत तुम्हारे सामने होगी.

प्रीती : सच?

प्रीती की आँखों में बने ासु राहुल करीब से भली भाति देख पा रहा था, देख पा रहा था की कितनी चिंता में है वो.

राहुल (मैं में) : ये बिलकुल मेरी अंशु की तरह है. और वो ख़ुशी बिलकुल तानिया की तरह...

राहुल प्रीती को अपनी बाहो में ले लेता है. प्रीती के उभरे हुए स्तनों का आभास उससे भली भाति हो रहा था. ख़ुशी के स्तनों से बड़े प्रीती के स्तन थे, ये तोह राहुल को पहले दिन hi दिख गया था. पर अभी राहुल वो सब ख़याल साइड में रखता है और प्रीती को सांत्वना देता है की वो ख़ुशी को सही सलामत लेके hi आएगा.

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एक अजीब सा विश्वाश था प्रीती में राहुल के लिए. उसने भी राहुल को कस के भींच लिया.

थोड़ी hi देरर में रजनीश गाडी को लेकर कॉलेज में एंटर हुआ और बोहत hi टेंशन में था. उसने फौरन राहुल से पूरी जानकारी विस्तार में ली और राहुल ने फिर कार में अपने साथ रजनीश, उर्वशी, रूपा और तारा को अपने कार में बैठाया और रजनीश से उस चौराहे पर चलने कहा जहा पर बाकी 15 आदमी आने वाले थे.

राहुल ने पहले के 2 बोडीगार्ड्स को भी उस चौराहे पर आने के लिए कह दिया और प्रीती और बाकी लड़कियों को वही कॉलेज में hi रहने दिया. ऑपरेटर ने ये बात प्रिंसिपल को भी बता दी तोह प्रिंसिपल ने सिक्योरिटी दुगनी कर दी और रजनीश से पुलिस के लिए कॉल करने को कहा. पर रजनीश ने पुलिस के लिए फिलहाल मन कर दिया.

इधर कार में आगे वाली सीट पर बैठे हुए राहुल आगे के बारे में सोच रहा था और बीच बीच में उर्वशी तोह कही रजनीश राहुल को hi देख रहे थे की राहुल ने आखिर क्या प्लान किया है? ये चौराहे पर सबको क्यों इखट्ठा करवा रहा है.

तभी राहुल का फ़ोन बजने लगता है और कॉलर थी मोनिका...

राहुल : hello??

मोनिका : hello के बच्चे... ये में क्या सुन्न रही हु? ख़ुशी किडनैप हो गयी? तुम कहा थे उस वक़्त? कहा पर हो अभी?

राहुल : और आपको कैसे पता चला?

मोनिका : अंकल रजनीश ने बताया...

राहुल : हम ख़ुशी को hi चुर्राने जा रहे है

मोनिका : ओह्ह अच्छा?? कैसे? जाके मिन्नत करोगे वह? की ख़ुशी को चोरर दो और वो चोरर देंगे?

राहुल : don't वोर्री!! भले hi मेरी जान को खतरा क्यों न हो जाए पर ख़ुशी को में बचा के रहूँगा.

करीब 10 सेकण्ड्स तक दूसरी साइड से कोई आवाज़ hi नहीं आयी.

राहुल : hello?

मोनिका (धीमी सी आवाज़ में) : इडियट... बे सेफ! यदि तुम्हे कुछ हो गया न तोह...

राहुल : तोह??

मोनिका : तोह में तुम्हे कभी माफ़ नहीं करुँगी

राहुल (स्माइल्स) : हम्म!!

मोनिका (टेंशन में) : बे सेफ!! मुझे खबर देते रहना बीच बीच में.

राहुल : हम्म! मास्टर को पता है?

मोनिका : हम्म!!

राहुल : क्या रिएक्शन था उनका?

मोनिका : उन्होंने बस सर हिलाया और फिर मेडिटेट करने लगे अपने रूम में.

राहुल : हम्म! में आपसे बाद में बात करता हु.

मोनिका : बे सेफ राहुल!! प्लीज!!

राहुल : बिलकुल!!

*कॉल एंड्स*

जब चौराहे पर कार रुकी तोह अगले hi पल कुछ और स्कार्पियो आके कड़ी हुई और उसमे से टोटल 15 आदमी हट्टे काटते निकले.

रजनीश : ये लो. मिस्टर राहुल आपके अकॉर्डिंग सब कुछ इंतज़ाम हो गया है. प्लीज! अब आगे बताइये की क्या करना है? मुझे बोहत hi टेंशन हो रही है.

राहुल : अंकल रजनीश यदि आप ये सोच रहे है की में मात्र एक 21 साल का लड़का, क्या ख़ुशी को गुंडों से बचा पाएगा? क्या ये कुछ कर भी पाएगा? कही मिस ख़ुशी को कुछ हो न जाए, क्या ये लड़का इसकी ज़िम्मेदारी ले पाएगा? यदि आप ये सब सोच रहे है तोह आप गलत है.

रजनीश (सकपका के) : mein...wo...

क्या कहता रजनीश? इस वक़्त वाक़ई वो यही सोच रहा था. उससे जैसे गिलटी फील हुआ और उसने फौरन माफ़ी मांगी. बदले में राहुल ने सांत्वना दी की ख़ुशी को वो बचा के hi रहेगा.

राहुल : आप सभी से मिलकर ख़ुशी हुई. अब अभी इंट्रोडक्शन का टाइम तोह नहीं है पर मेरा नाम राहुल है. में यही कहना चाहता हु की हम सभी को जल्द से जल्द क्सक्सक्सक्सक्सक्स पार्क चलना है.

रजनीश : क्सक्सक्सक्सक्सक्स पार्क? पर वह क्यों?

राहुल : कार में बैठिये रजनीश अंकल और ध्यान रहे. हमे कार को पार्क पहुचने से लगभग 300 मीटर पहले रोक देनी है. जल्दी कीजिये!!

सभी जल्दबाज़ी में कार में बैठते है और किसी की कुछ समझ में नहीं आता. आखिर चल क्या रहा था? ये अचानक पार्क जाने का क्यों कह दिया राहुल ने? और कार को पार्क से 300 मीटर पहले रोकने का क्या चक्कर है?

रजनीश कार को ों करके स्टीयरिंग व्हील को थामे हुए एक नज़र राहुल पे मारता है, तोह बदले में राहुल सर हिला के उसका हुअसला बांधता है की टेंशन न लो वो सब कुछ सही कर देगा.

और रजनीश अपने माथे पर आए पसीने को पॉच के कार आगे बढ़ा देता है, साथ hi साथ बाकी कार्स भी राहुल की कार के पीछे चलने लगती है.

राहुल (मैं में) : ी होप जैसा मेने सोचा है सब कुछ वैसा hi निकले वर्ण में पूरी तरह से हार जाऊंगा...

कुछ hi शान बाद सभी की सभी कार्स पार्क से 300 मीटर पहले hi रोक दी गयी थी. सभी लोग कार से बाहर निकले, लगभग शाम हो चुकी थी और सूरज ढलने को आ गया था.

उर्वशी : क्यों न हम उसी नंबर पर दुबारा कॉल करे?

राहुल : नहीं! वो इतने बेवक़ूफ़ नहीं है. उसने वो सिम हमे कॉल करने के बाद hi निकाल में फेक दी होगी.

रजनीश : तोह अब हमे क्या करना है?

राहुल : पार्क की एंट्रेंस पे चलना है पहले, पर ध्यान रहे की आप किसी की नज़र में ना आओ. मेरे पीछे चलना बस.

वह पर कार्स पार्क करके राहुल और बाकी सभी पार्क की एंट्रेंस की और चल देते है, पर चौकाने वाली बात ये थी की पार्किंग बिलकुल भी भीड़ नहीं थी, बस 8 से 10 आदमी थे पूरे पार्क में और 2 आदमी एंट्रेंस पे खड़े हुए थे.

रजनीश और बाकी सभी ये सन देखते hi चौक गए.

रजनीश : ये तोह मुझे गुंडे लग रहे है

उर्वशी (चौकते हुए) : ये toh...ye तोह...

राहुल : हम्म???

उर्वशी : वो झूले पर... जो बैठा है... वो तोह वो तोह वही इमरान है... जिसका कॉल आया था हमे.

राहुल (स्माइल्स) : जैकपोट!!!

उर्वशी : हँ??

राहुल : सभी अपने फ़ोन्स साइलेंट पर कर लो. हमे उनसे एकसाथ फाइट नहीं लेनी है. पहले एंट्रेंस क्लियर करनी होगी.

राहुल अपने साथ 1 बॉडीगार्ड को लेकर एंट्रेंस की तरफ घूम के जाता है और दोनों चूतिये जो नकली गार्ड्स बन कर खड़े हुए थे उन्हें पीछे से गर्दन पर एक एक वार कर के वही बेहोश कर देता है. ये तकनीक उससे मास्टर ने hi सिखाई थी. ों थे स्पॉट बेहोश करने के लिए किस पॉइंट पर वार करना होता है ये उससे भली भाति ज्ञात था.

राहुल इशारे से बाकी सभी को एंट्रेंस के पास छुपने के लिए इशारा कर देता है.

राहुल (मैं में) : अब मैं काम बचा है. अंदर करीब 8 से 10 लोग है और हम टोटल है 21 लोग. पर अंदर एक कार भी है जिसमे पक्के से ख़ुशी hi होगी. कमाल है!! साला क्या दिमाग लगाया है इनलोगो ने. पार्क में अपने hi गार्ड्स लगा दिए नकली सिक्योरिटी यूनिफार्म दाल के और किसी और को पार्क में घुसने hi नहीं दे रहे. पेड़ पौधे इतने है की किसी को कुछ पता hi नहीं चल रहा क्या चल रहा है अंदर. यदि हम एक साथ अंदर गए तोह कोई मतलब hi नहीं है. मतलब मुझे बैत बांके जाना होगा. हो सकता है की मेरी जान भी खतरे में आ जाए... पर जाना तोह पड़ेगा hi...

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आज के लिए इतना hi गाइस!!

धन्यवाद्!

अब हे मत कहना की ये छोटा अपडेट था.

15 हज़ार कीवर्ड्स के ऊपर का था ये अपडेट. ಥ‿ಥ
 
में गिफ्स डालने की कई अपडेट से कोशिश कर रहा हु पर पता नहीं क्यों वो पिक्स के फॉर्म में hi अपलोड हो रहे है. ये िंगबब का चक्कर तोह मेरी समझ से बाहर है इसलिए जब तक पिष्बब नहीं आ जाता तब तक आप सभी पिक्स से hi काम चलाइये.

अपडेट है बीन पोस्टेड!!

दो लीव योर रेविएवस!! (◍•ᴗ•◍)
 
अपडेट 73



अब तक...

राहुल इशारे से बाकी सभी को एंट्रेंस के पास छुपने के लिए इशारा कर देता है.

राहुल (मैं में) : अब मैं काम बचा है. अंदर करीब 8 से 10 लोग है और हम टोटल है 21 लोग. पर अंदर एक कार भी है जिसमे पक्के से ख़ुशी hi होगी. कमाल है!! साला क्या दिमाग लगाया है इनलोगो ने. पार्क में अपने hi गार्ड्स लगा दिए नकली सिक्योरिटी यूनिफार्म दाल के और किसी और को पार्क में घुसने hi नहीं दे रहे. पेड़ पौधे इतने है की किसी को कुछ पता hi नहीं चल रहा क्या चल रहा है अंदर. यदि हम एक साथ अंदर गए तोह कोई मतलब hi नहीं है. मतलब मुझे बैत बांके जाना होगा. हो सकता है की मेरी जान भी खतरे में आ जाए... पर जाना तोह पड़ेगा hi...

अब आगे...

राहुल : हम आगे ऐसे नहीं बढ़ सकते. एक प्लान चाहिए.

रजनीश : सही कहा. पर प्लान केसा?

राहुल : उनके कुछ लोगो के पास गन्स है. हमारे पास सिर्फ दो hi फोकस है

रजनीश : क्या?

राहुल : पहला ये की हम किसी तरह उनके लीडर को अपने क़ब्ज़े में लेले तोह वो हम पर फायर नहीं करेंगे. दूसरा ये की किसी भी तरह ख़ुशी को चुर्राना होगा.

उर्वशी : सही कहा.

राहुल : मेरे पास एक आईडिया है.

उर्वशी : केसा आईडिया?

राहुल : आईडिया बताने से पहले मुझे ये बताओ की हमारे में से किसके पास गन है?

तोह राहुल के बुलाए हुए आदमियों से 2 लोग हाथ उठा देते है.

राहुल : मुझे एक गन की आवश्यकता पड़ेगी. घबराइए नहीं! में इससे चलाऊंगा नहीं. इसके ज़रिये hi हमारा काम हो पायेगा.

राहुल की बात सुनकर वो आदमी राहुल को अपनी गन दे देता है पर एक बार फिर से राहुल को गन न चलाने के लिए कह देता है.

राहुल फिर अपना प्लान सभी को विस्तार से समझाता है और कैसे आगे बढ़ना है, और आगे किसी परिस्थितिया बन्न सकती है और उनका सामना कैसे करना है ये सब राहुल समझा देता है.

उसके बाद राहुल आगे बढ़ के पार्क के अंदर जाने लगता है. अंदर पॅहुचते hi सभी गुंडे उससे घर के देखने लगते है और कुछ लोग उसपे अपना रिवाल्वर तान देते है. इमरान राहुल को देख के मुस्कुराता है और हस्सन लगता है राहुल को यु अकेला देख कर.

कार के अंदर बैठी ख़ुशी जो की कुछ देरर पहले होश में आ चुकी थी वो बाहर का नज़ारा भली भाति देख पा रही थी. कार में ब्लैक फिल्म लगे होने के कारण कार के अंदर का दृश्य नहीं दिख रहा था परन्तु कार के अंदर से बाहर का दृश्य पूरा साफ़ साफ़ नज़र आ रहा था.

ख़ुशी का मुँह इस वक़्त रुमाल से बंधा हुआ था और हाथ और परर रस्सियों से बंधे हुए थे. जब उसने देखा की राहुल अकेला यु अंदर आया है उससे बचाने तोह न जाने उसकी आँखों में अचानक hi ासु आ गए. उसके दिल में जैसे कुछ हो रहा था. अजीब सी फीलिंग थी, वो इस वक़्त यही सोच रही थी की उसने राहुल के साथ कितनी ज़्यादती की पर फिर भी राहुल उससे बचाने यहाँ तक आया. उससे ज़रा भी यकीन नहीं था की राहुल उससे बचाने आएगा.

अब जब वो राहुल को अपनी आँखों के सामने लोगो की रिवाल्वर के सामने खड़े देख रही थी तोह उससे बेहद घबराहट हो रही थी. मैं hi मैं वो दुआ कर रही थी की राहुल को कुछ न हो.

इमरान : तोह तू अकेला आया है? वो मास्टर कहा है?

राहुल : तुम्हे मास्टर से मतलब है या चीन के मॉल और ज़मीन के पेपर्स से?

इमरान : हाहाहा!! मुझे तोह पेपर्स से hi मतलब है.

राहुल : तोह बस फिर! पेपर्स मेरे पास है.

इमरान : हम्म! अच्छा है!! तोह पेपर्स मुझे दे.

राहुल : पहले ख़ुशी...

इमरान : खुद को शाना समझ रहा है क्या? पहले पेपर्स. उसके बाद लड़की...

अब भला क्या करता राहुल? इमरान की बात मान ने के अलावा उसके पास कोई ऑप्शन hi नहीं था. अपनी बॉहे सिकोड़ते हुए राहुल परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए धीरे धीरे आगे बढ़ा.

इमरान ने इशारे से अपने एक आदमी को राहुल की चेकिंग करने कहा तोह आदमी आगे आकर राहुल की बाज़ू और हाथ परर पर हाथ टटोल कर चेक किया और फिर राहुल को आगे जाने के लिए कहा.

किसी ने गौर किया हो या न किया हो, पर राहुल के चेहरे पर एक मुस्कान थी जो केवल एक शान के लिए hi थी. आगे आगे hi उसने अपनी शर्ट के अंदर से कुछ पेपर्स निकाले और इमरान को देखने लगा.

इमरान : अब दे bhi...khade खड़े घूर क्या रहा है?

राहुल : यहाँ पे एक दिक्कत है...

कहते हुए राहुल ने पेपर्स खोले और कुछ दिखाने लगा

इमरान : क्या दिक्कत?

इस से पहले की इमरान आगे बढ़ के राहुल के पास आया, राहुल ने अपनी पीठ को एडजस्ट किया और एक रिवाल्वर सीधे उसकी पीठ से सरक के उसकी शर्ट के अंदर से पीछे से गिरा और उसने अपना एक हाथ पीछे ले जाकर उससे पकड़ लिया.

उस आदमी ने राहुल की बाज़ू, पेर्रो और हाथो और पेट को चेक किया पर बेचारा राहुल की बैक चेक नहीं किया, मोस्टली सभी लोग यही गलती करते है.

जब तक इमरान चल के आगे बढ़ के राहुल के पास आया की वो क्या दिखाना चाह रहा है पेपर्स में तब तक राहुल के हाथ में आलरेडी गन आ चुकी थी पीछे, अगले hi पल राहुल ने वो पेपर्स सीधे इमरान के मुँह पे चिपका दिए और उसके पीछे आके उससे दबोच के गन उसकी कनपट्टी पर तान दी.

ये सब कुछ इतनी तेज़्ज़ी में हुआ की वह खड़े लोगो को कुछ समझ में hi नहीं आया बस सामने दिख रहा था तोह केवल राहुल उनके बॉस की कनपट्टी पर गन लेकर खड़े हुए.

और उस से भी बड़ा झटका सबको तब लगा जब पीछे की झाड़ियों से राहुल के साथ वाले निकल कर एक एक आदमियों को घेर लिए और उन्हें दबोच लिया. सब कुछ इतनी जल्दी हुआ की कुछ पता hi नहीं चला. एकदम से पूरी पारी hi पलट दी जैसे राहुल ने.

अंदर बैठी ख़ुशी इतना खुश हो रही थी की उसकी आँखों से आसुओ की धराये बहने लगी.

इमरान : साले... मुझे पहले hi समझ जाना चाहिए था की तू कुछ न कुछ ज़रूर हरकत करेगा... पर मुझे नहीं पता था की तू ऐसा कुछ करेगा.

राहुल : कभी भी किसी को हलके में नहीं लेना चाहिए. सुनो तुम सब, अपने हथियार फेक दो, वर्ण तुम्हारा बॉस गया.

अपने लीडर को चंगुल में देख सभी गुंडे अपनी गन्स नीचे फेक देते है. राहुल इमरान के जेब से के निकाल कर उर्वशी की और फेक देता है तोह उर्वशी कार को अनलॉक करके ख़ुशी को बाहर निकलती है और उसकी रस्सियों से उससे आज़ाद करती है.

उतारते hi ख़ुशी की नज़र राहुल पे जाती है और राहुल की ख़ुशी पर. बदले में राहुल केवल स्माइल कर देता है और ख़ुशी भी रट हुए स्माइल कर देती है. पर इन् दोनों के हसीं लम्हे का गलत फायदा इमरान उठा लेता है, जहा राहुल का ध्यान ख़ुशी पर था, इमरान ने फौरन अपनी एक कोहनी से राहुल के पेट पर वार किया और फिर पलट कर उसके गाल पर एक पंच दिया जिस से राहुल के हाथ से गन छूट कर पीछे दूर जा गिरी.

Khushi(chillate हुए) : रहललललल....

इमरान की पलटी हुई बाज़ी देख उसके गुंडे भी मचलने लगते है पर इमरान को तोह जैसे कोई फ़र्क़ hi नहीं पद रहा था.

इमरान : ये बात तोह मान नई पड़ेगी की तुझमे दम तोह है. वह नीचे क्या पड़ा है? न तेरे पास गन है, न मेरे पास. दम है तोह मर्द की तरह लड़. खड़े हो...

इमरान एक फाइट फ्रिक था. मतलब एक ऐसा बाँदा जिससे लड़ाइयों से अलग hi तरह का लगाव था. वो लड़ता और उससे आनंद मिलता. यही कारण था की वो ऐसे काम करता था. लड़ाई जैसे उसका जीवन था. आज राहुल ने उससे फसा के कुछ ज़्यादा hi उकसा दिया था और अब तोह जैसे इमरान लड़ाई के बिना मान ने वाला hi नहीं था. उससे कोई मतलब नहीं था की ख़ुशी को चंगुल से चुर्रा लिया गया है, और उसके खुद के गुंडे भी घिरे हुए है. उसकी आँखों के सामने तोह बस जैसे राहुल hi था.

इमरान लड़ाई की तालाब में अपनी शर्ट उतार दिया. उसकी शकल और बॉडी कुछ नील नितिन मुकेश की तरह थी. वही दूसरी तरफ राहुल बस उससे देख रहा था और उसने उठते हुए अपने होंठ से निकला खून साफ़ किया. इमरान का पंच वाक़ई बोहत तेज़्ज़ था.





राहुल ने उठते हुए उससे आने का इशारे किया जैसे उससे बुला रहा हो, ये इमरान को और उकसा दिया और वो चिल्लाते हुए राहुल की तरफ आगे बढ़ा और एक पंच ज़ोरदार उसकी मुँह की और फेका, जो राहुल ने डॉज कर लिया.

पर राहुल के डॉज करते hi इमरान ने फौरन अपनी लात उठा के सीधे राहुल के पेट पर फोकस कर दी. राहुल भी इस हमले से सुरप्रीसेड था, उसने फौरन अपने हाथ बीच में लाके उसकी लात को ब्लॉक किया और पीछे हट गया.

चारो तरफ ऐसा माहौल था जैसे मानो किसी मूवी की शूटिंग चल रही हो. बाकी सभी सिर्फ बिना कुछ बोले सामने हो रही लड़ाई को देख रहे थे. सभी इतने तेनसेद थे और सभी के मैं में चिंता थी की आखिर इस फाइट का परिणाम क्या होएगा?

राहुल (मैं में) : ये तेज़्ज़ है. काफी तेज़्ज़. मुझे सीरियसली लेना पड़ेगा इससे. चलो फिर...

एकदम से पता नहीं राहुल को क्या हुआ उसने अपनी आखें बंद करि, एक गहरी सास ली, उसके बाद उसने फिर अपनी शर्ट उतार दी. अब भला राहुल की बॉडी देख के कोई उसकी प्रशंसा न करे, ऐसा कही हो सकता है?





उर्वशी, रूपा, तारा और ख़ुशी की आँखें hi फटी की फटी रह गयी राहुल की बॉडी देख के.

राहुल न ज़्यादा फुला हुआ था न ज़्यादा पतला. उसका शरीर एकदम श्रेडेड था, हर्र जगह परफेक्ट मॉस और परफेक्ट कट्स. ये सालो की म्हणत का नतीजा था आखिर. यही थोड़ी न बन्न जाती है बॉडी. म्हणत लगती है.

ख़ुशी के मैं में न जाने क्या चल रहा था जो वो सामने के नज़ारे देख के लाल टमाटर हुए जा रही थी. उर्वशी और रूपा का भी कुछ ऐसा hi हाल था.

इस बार राहुल ने अटैक किया पहले और वो जैसे बिलकुल hi अलग मोड में था. ऐसा लग रहा था की उससे फाइटिंग मोड पे दाल कर उसकी पावर 50% कर दी हो. जी हां! राहुल इस से भी आक्रामक है. ऐसा इसलिए क्युकी जब वो पूरी 100% पावर पे होता है तोह वो सिर्फ जानलेवा और चोट पहुचाने वाले हमले hi करता है. पर फिलहाल राहुल के जीवन में ऐसी स्थिति अभी तक नहीं आयी थी जहा उससे पूरा 100% देना पड़ा हो

इमरान भी अपने हाथ परर पूरी ताक़त से चलाने लगा पर कोई असर नहीं, उसके सारे मूव्स या तोह ब्लॉक हो जाते या तोह डॉज कर लिए जाते. राहुल के हर्र वार को वो अपने हाथो से रोक रहा था पर अब उसका हाथ जैसे दुखने लगा था, और बोहत दर्द कर रहा था. अंत में बोहत से हमले इमरान ब्लॉक नहीं कर पाया और नतीजा उसका सूजा हुआ मुँह और गाल सब बया कर रहे थे. काफी देरर पीटने के बाद जब इमरान पूरी तरीके से एग्जॉस्ट हो गया तोह वो थक के गिर पड़ा और बेहोश हो गया.

उसके बेहोश होते hi राहुल ने अपनी शर्ट उठायी पर इस से पहले की वो पहन पाटा ख़ुशी दौड़ के आयी और उसकी बाहो में घुस गयी. ख़ुशी को इस वक़्त इस से कोई मतलब नहीं था की राहुल पसीने में भीगा हुआ है, वो तोह बस राहुल को जितना कस के हो सकता था उतना कस के जकड़ी हुई थी और रोये जा रही थी.

राहुल (स्माइल्स) : मिशन ैकप्लिशद! अब हम चले?

ख़ुशी (रट हुए) : हम्म्म... थैंक यू एंड सॉरी...

रजनीश (मैं में) : मास्टर वाक़ई सही थे.

राहुल अपनी शर्ट पहन बाकियो से बात करने के लिए आगे बढ़ता है.

राहुल : अंकल रजनीश! हमे इन् सभी को कस्टडी में रखना पड़ेगा. इमरान hi हमे मास्टर के असली दुश्मन के बारे में बता सकता है.

रजनीश : आप टेंशन मत लो मिस्टर राहुल. यहाँ से पूरा काम में देख लूंगा. अब आप और मिस रेस्ट करिये... में फ़ोन करके मास्टर को भी सब कुछ बता देता हु.

राहुल ने एक गाडी में उर्वशी रूपा तारा और ख़ुशी को बैठाया और वापस से कॉलेज की और चल दिया. क्युकी कॉलेज में अभी भी प्रीती, और बाकी सभी उसका वही वेट कर रही थी.

कॉलेज की एंट्रेंस पर hi प्रीती और बाकी सभी कड़ी हुई थी, कार देख के वो सभी दौड़ के उसके पास आयी और जैसे hi प्रीती ने ख़ुशी को कार से निकलते देखा बेचारी रो पड़ी.

ख़ुशी भी रोटी हुई अपने हाथ फैलाये जैसे प्रीती को आमंत्रण दे रही थी, प्रीती दौड़ के ख़ुशी के गले लग गयी.

प्रीती (रट हुए) : यदि तुझे कुछ हो जाता न तोह में तुझे कभी भी माफ़ नहीं करती.

ख़ुशी रट रट प्रीती की बात पर हस्ती है और उससे और कस के बाहो में ले लेती है.

राहुल (स्माइल्स) : कहा था न? शाम तक ख़ुशी सही सलामत तुम्हारे सामने होगी...

राहुल की बात सुनकर प्रीती पलट के उससे देखती है, और फिर अचानक दौड़ के उसकी बाहो में चली जाती है.

प्रीती (रट हुए) : थैंक यू... थैंक यू सो मच राहुल. में तुम्हारा ये एहसान ज़िन्दगी भर नहीं bhulungi...thank यू फॉर सेविंग हेर.

राहुल (स्माइल्स) : इसमें एहसान की कोई बात hi नहीं. ये तोह छोटा सा काम था...

प्रीती अपना सर उठा के राहुल के चेहरे को निहारती है, तोह नोटिस करती है की उसके होंठ के साइड से खून का दाग लगा हुआ है. ये देखते hi उसकी आँखों में फिरसे ासु आ जाते है की राहुल कितनी hi आसानी से सब कुछ छिपा रहा था, और कह रहा था की ये छोटा सा काम था. न जाने किसी सिचुएशन रही होगी वह पर. पर राहुल जैसे प्रीती को टेंशन में नहीं डालना चाह रहा था. ये बात प्रीती भली भाति भांप गयी.

उसने जाने अजनाने में hi राहुल के गाल को वह खड़े सभी के सामने चूम लिया. ये देख के उर्वशी समेत ख़ुशी सभी दांग रह गयी. ख़ुशी के मैं में कुछ कुछ चल रहा था जब उसने प्रीती को राहुल को किश करते हुए देखा.





उर्वशी : में कुछ पूछना चाहती हु.

राहुल : हम्म???

उर्वशी : तुम्हे पता कैसे चला की ख़ुशी पार्क में है?

राहुल : ओह्ह्ह!!!

प्रीती : हां राहुल ! तुम्हे कैसे पता चला.

राहुल : वेल!! थैंक्स तो माय एअरफोन्स.

उर्वशी : मतलब?

राहुल : मेने एअरफोन्स पर बात की थी, बात करते टाइम कुछ आवाज़ें आयी थी वह से जिसने पूरी लोकेशन को मेरे सामने कर दिया.

उर्वशी : किसी आवाज़ें...!?

राहुल : वो कुछ ऐसी थी... "यात्री गैन कृपया ध्यान दे. मुंबई सेंट्रल स्टेशन से चलने वाली क्सक्सक्सक्सक्सक्सक्स ट्रैन कुछ hi देरर में रवाना होने वाली है"

उर्वशी (शॉकेड) : ये toh...ye तोह... स्टेशन की आवाज़ थी.

राहुल (स्माइल्स) : हम्म!! और दूसरी आवाज़ थी उस झूले की...

उर्वशी : झूले की??

राहुल : हां! झूला झूलते टाइम जो आवाज़ आती है... मुंबई आते टाइम में उस पार्क में घूमने गया था. अंकल रजनीश को पता है ये बात. मुझे इतना तोह पता था की वो इमरान सेंट्रल रेलवे स्टेशन के पास है. और उस झूले की आवाज़ ने सब कुछ क्लियर कर दिया. पर हां... वो मेरी गेस्सिंग थी. यदि गलत निकलती तोह बोहत बुरा हो सकता था...

कहते हुए राहुल ख़ुशी और प्रीती को लेके कॉलेज से लेके चला जाता है और इधर उर्वशी आँखें फाड़े उसको जाते हुए उसकी पीठ को देखती रहती है...

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आज के लिए इतना hi गाइस!!

अगले अपडेट से अलग अर्च शुरू होगा और यहाँ पे थोड़ा टाइम स्किप दिखाया जाएगा. उसके बाद वाले अर्च में तानिया से मिलान होगा.

धन्यवाद्!!
 
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